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प्रधानमंत्री मोदी ने प्रदेश में दो नदी जोड़ो अभियान के लिए एक लाख 75 हजार करोड़ की धनराशि उपलब्ध कराई : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

चैतन्य है मां नर्मदा की धारा, इसके दर्शन से होते हैं सभी धन्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के कुल 48 लाख हैक्टेयर सिंचित क्षेत्र में से 40 लाख हैक्टेयर माँ नर्मदा है सिंचित प्रधानमंत्री मोदी ने प्रदेश में दो नदी जोड़ो अभियान के लिए एक लाख 75 हजार करोड़ की धनराशि उपलब्ध कराई राज्य जल्द ही प्राप्त करेगा एक करोड़ हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का लक्ष्य सिंचाई के लिये जल से सोना ऊगलेंगे सूखे खेत वर्ष 2028 तक 70 प्रतिशत युवाओं को स्वावलंबी बनाएंगे मुख्यमंत्री ने की नई आईटीआई स्वीकृत और 316 करोड़ के विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन गोंद गाँव में खुलेगी सर्व सुविधा युक्त गौशाला मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छीपानेर, हरदा में वेदगर्भा घाट का किया लोकार्पण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मां नर्मदा की धारा चैतन्य है, इसके दर्शन मात्र से ही सभी धन्य होते हैं। माँ नर्मदा प्रदेश की जीवन रेखा है। प्रदेश का सिंचाई रकबा 48 लाख हेक्टेयर से अधिक है, जिसमें से 40 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में मां नर्मदा के जल से सिंचाई होती है। पारस पत्थर जैसे लोहे को सोना कर देता है, वैसे ही जल के पहुंचते ही सूखे खेत भी सोना ऊगलने लगते हैं। राज्य सरकार प्रदेश में सिंचाई के रकबे का तेजी से विस्तार कर रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सिंचाई सुविधा के विस्तार के लिए एक लाख 75 हजार करोड़ की धनराशि उपलब्ध कराई है, इससे प्रदेश में केन-बेतवा और पार्वती-काली सिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजनाएं आरंभ होंगी। इन परियोजनाओं से एक करोड़ हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का लक्ष्य पूरा होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव हरदा जिले के छीपानेर में नर्मदा तट पर वेदगर्भा घाट के लोकार्पण अवसर पर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हरदा जिले में एक नई आईटीआई संस्था स्वीकृत करने और गोंदागांव में सरकारी खर्चे पर सर्वसुविधा युक्त गौशाला स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने 316 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन भी किया। कार्यक्रम में डारा इंजीनियरिंग प्रायवेट लिमिटेड के मेनेजिंग डायरेक्टर डॉ. पप्पू राम विश्नोई ने इस अवसर पर वैदिक विद्या पीठम् चिचोट के विकास के लिये 1 करोड़ रूपये देने की घोषणा की। इस अवसर पर प्रख्यात विचारक सुरेश सोनी, प्रदेश के सहकारिता तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री व जिले के प्रभारी मंत्री विश्वास सारंग, राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया, नर्मदापुरम् सांसद दर्शन सिंह चौधरी, पूर्व मंत्री कमल पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष गजेन्द्र शाह, नगर पालिका अध्यक्ष भारती राजू कमेडिया, जिला पंचायत उपाध्यक्ष दर्शन सिंह गहलोत पूर्व विधायक संजय शाह, प्रेम कुमार, स्वामी नित्य चैतन्य दास जी महाराज सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हरदा में हुई अग्नि दुर्घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी विपदा में फंसे व्यक्तियों को तत्काल समुचित इलाज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस दुर्घटना के एक माह बाद ही राज्य सरकार द्वारा दूरदराज के घायल व्यक्तियों के लिए नि:शुल्क एयर एंबुलेंस संचालित करने का निर्णय लिया गया। प्रदेश में जहां हवाई पट्टी है, वहां विमान से और अन्य स्थानों पर हेलीकॉप्टर के माध्यम से एयर एंबुलेंस उपलब्ध कराने की व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा की गई। गरीबों को भी समय पर इलाज मिले इसके लिए नि:शुल्क हवाई जहाज/हेलीकॉप्टर सेवा प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार हर वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। इसके अंतर्गत ही प्रदेश में गरीब, महिला, किसान और युवा कल्याण मिशन प्रारंभ किए जा रहे हैं। युवा कल्याण मिशन से हम वर्ष-2028 तक प्रदेश के 70 प्रतिशत युवाओं को स्वावलंबी बनाएंगे। नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के माध्यम से घर-घर गौपालन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। गौपालन से किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में भी कार्य जारी है। प्रख्यात विचारक सुरेश सोनी ने इस अवसर पर कहा कि माँ नर्मदा हमारे लिये जीवनदायिनी है, इसे प्रदूषित न करें। नर्मदा नदी प्रदूषण मुक्त बनी रहें, यह हम सभी का दायित्व है। उन्होने कहा कि नर्मदा नदी के दोनों तटों के आसपास अधिक से अधिक पौधे लगाये जाने चाहिए क्योंकि वृक्ष ही नर्मदा नदी को पोषित करते हैं। सोनी ने कहा कि हमारे देश में नदियों को माँ का दर्जा दिया जाता है। 316.20 करोड़ रूपये के निर्माण कार्यों का हुआ लोकार्पण/भूमि पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में 316.20 करोड़ रूपये के निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया। इसमें 130.32 करोड़ रूपये लागत 21 कार्यों का भूमि-पूजन तथा 185.87 करोड़ रूपये लागत के 97 कार्यों का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्राम चिचोट कुटी में नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा नर्मदा नदी के तट पर 11.07 करोड़ रूपये लागत से बनवाये गये घाट निर्माण का अवलोकन कर लोकार्पण किया। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग के 3, लोक निर्माण विभाग के 2, पीआईयू के 6, स्वास्थ्य विभाग के 3, नगरीय प्रशासन विभाग के 3 तथा विद्युत वितरण कम्पनी के 4 कार्य सहित 21 कार्यों का भूमि-पूजन हुआ। इसी तरह जिन 97 कार्यों का लोकार्पण किया गया, उनमें महिला एवं बाल विकास विभाग के 3, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 4, लोक निर्माण विभाग के 29, पीआईयू के 6, सेतु विकास निगम का 1, लोक स्वास्थ यांत्रिकी विभाग के 52 तथा विद्युत वितरण कम्पनी व नर्मदा घाटी विकास विभाग के 1-1 कार्य शामिल है।  

उचित समय पर जांच और इलाज से कैंसर को परास्त किया जा सकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

उचित समय पर जांच और इलाज से कैंसर को परास्त किया जा सकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने दिया जागरूकता फैलाएं – कैंसर को हराएं – जीवन को जिताएं का संदेश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व कैंसर दिवस पर कहा है कि सही जानकारी, उचित समय पर जांच और इलाज से कैंसर जैसी बीमारी को परास्त किया जा सकता है। उत्तम स्वास्थ्य ही खुशहाल जीवन का आधार है। उन्होंने कैंसर दिवस पर जागरूकता फैलाएं-कैंसर को हराएं-जीवन को जिताएं का संदेश देते हुए प्रदेशवासियों से कैंसर के संबंध में स्वयं जागरूक रहते हुए समाज को जागरूक करने और स्वस्थ भारत के संकल्प की सिद्धि में सहभागी होने का आव्हान किया है।  

वर्ष 2025 में सरकार आर्थिक प्रगति और पर्यावरणीय स्थिरता के बीच संतुलन बना कर आगे बढ़ेगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल भारत का हृदय-प्रदेश मध्यप्रदेश, प्राकृतिक सौंदर्य, बहुरंगी पारिस्थितिकी तंत्र और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोये है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकासशील चिंतन के मार्गदर्शन में प्रदेश डॉ. मोहन यादव के कुशल और आत्मविश्वास से भरे नेतृत्व में विकास के पथ पर अग्रसर है। वर्ष 2025 में सरकार आर्थिक प्रगति और पर्यावरणीय स्थिरता के बीच संतुलन बना कर आगे बढ़ेगी। स्वच्छ और हरित मध्यप्रदेश मात्र विमर्श नहीं है, अपितु वर्तमान और भावी पीढ़ियों की महती आवश्यकता है। स्वच्छ और हरित मध्यप्रदेश बनाए रखने के लिए सरकार, निजी क्षेत्र और जनभागीदारी के सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। नागरिकों में प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देने के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए रोडमैप तैयार कर निरन्तर आगे बढ़ रही है। नवकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देना मध्यप्रदेश ने सौर और पवन ऊर्जा के उपयोग में महत्वपूर्ण प्रगति की है। रीवा में अल्ट्रा मेगा सोलर पावर प्रोजेक्ट नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में प्रदेश को देश के अन्य राज्यों के लिए रोल-मॉडल बनाने के लक्ष्य का प्रतीक है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए प्रदेश सरकार ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के साथ ही पवन ऊर्जा परियोजनाओं का विस्तार करने पर भी फोकस कर रही है। नवकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं में सरकारी के साथ ही निजी निवेश को भी बढ़ावा दिये जाने की रणनीति बना रही है। प्रदेश के आम नागरिकों को उनकी आवश्यकताओं के लिए आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों के अंतर्गत घरों और व्यवसायिक संस्थानों के लिए रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। यहां तक कि प्रदेश के सबसे बड़े ऊर्जा उपभोक्ता अर्थात किसानों को भी सिंचाई के लिए सोलर-पंप जैसी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रदेश सरकार के इन प्रयासों से नागरिक तो ऊर्जा के क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर बनेंगे ही, उनका अतिरिक्त उत्पादन ग्रिड से जुड़ कर प्रदेश को विद्युत सर-प्लस राज्यों के शीर्ष पर बनाए रखने में सहयोगी होगा। इस तरह मध्यप्रदेश देश को क्लीन-एंड-ग्रीन एनर्जी सेक्टर में विश्व में अग्रणी बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकेगा। कचरा प्रबंधन प्रणाली में सुधार प्रदेशवासियों के लिए गर्व का विषय है राज्य बीते कई वर्षों से लगातार देश के स्वच्छतम प्रदेशों में सम्मिलित बना हुआ है। इंदौर देश का स्वच्छतम शहर और भोपाल देश की स्वच्छतम राजधानी बनी हुई है। प्रदेश की इस क्लीन-एंड-ग्रीन लिगेसी को बनाए रखने के लिए पहले से सक्रिय कचरा-प्रबंधन प्रणाली को और प्रभावी बनाए जाने के लिए प्रदेश सरकार रणनीतिक स्तर पर काम कर रही है। स्थानीय निकायों में सूखा-गीला कचरा पृथक्करण के साथ ही इलेक्ट्रॉनिक कचरा, चिकित्सालयों एवं लेबोरेटरीज का कचरा और सीवेज-वेस्ट के पृथक्करण एवं निष्पादन के लिये हाईटेक प्रणालियां विकसित करने की रणनीति पर काम कर रही है। इसके अंतर्गत प्रदेश की स्मार्ट-सिटी परियोजना में सम्मिलित शहरों के साथ ही दूसरे शहरों में भी आधुनिक री-साइक्लिंग प्लांट स्थापित किए जाने की योजना है। गांवों और कस्बों में जैविक कचरे की कंपोस्टिंग को प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही सिंगल-यूज प्लास्टिक के उपयोग को कम करने के लिए भी आम नागरिकों को जागरूक बनाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जनभागीदारी से बढ़ाई जायेगी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रीनरी सबसे अधिक वनावरण और वृक्षावरण के साथ प्रदेश लगातार देश में प्रथम स्थान पर बना हुआ है। इस तरह हम जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करने की दिशा में सबसे आगे हैं। इससे हमारी जैव-विविधता में भी सुधार हो रहा है। हम इससे संतुष्ट होकर नहीं बैठे है प्रदेश की इस परंपरा को आने वाले वर्षों में भी बनाये रखने के लिए सरकार सामुदायिक भागीदारी के साथ बड़े पैमाने पर वनीकरण अभियान चलाती रहेगी। इसके साथ ही शहरों में ग्रीन-बेल्ट और पार्कों का विकास किया जा रहा है। विकास कार्यों के कारण वन भूमि को संभावित क्षति के दृष्टिगत उसकी सुरक्षा और पुनर्स्थापना के लिए भी योजनाबद्ध रूप से सरकार काम कर रही है। किसानों के बीच भी कृषि वानिकी की परंपरा बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। वर्ष 2025 में मिले उपहार प्रदेश को बनाएं जल-समृद्ध कृषि, उद्योग और घरेलू आवश्यकताओं के लिए सतत जल प्रबंधन महत्वपूर्ण है। इसके लिए मध्यप्रदेश को वर्ष के आरंभ में ही प्रधानमंत्री मोदी की ओर से पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी लिंक और केन-बेतवा नदी लिंक परियोजनाओं का उपहार मिला है। ये परियोजनाएं प्रदेश की सिंचाई आवश्यकताओं के साथ ही नागरिकों के लिए पेयजल और उद्योगों को उनकी जरूरतों के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराएंगी। इसके साथ ही प्रदेश सरकार भूगर्भ में संचित जल स्तर को बढ़ाने के लिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रेन-वाटर हार्वेस्टिंग प्रणालियों का विस्तार कर रही है, पारंपरिक जल-निकायों (कुएं, बावड़ी एवं तालाब) और नदियों को पुनर्जीवित किए जाने की योजनाओं पर भी काम कर रही है। खेती में पानी की बर्बादी को रोकने के लिए स्प्रिंकलर-सिस्टम और ड्रिप-इरिगेशन जैसी माइक्रो-इरिगेशन तकनीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है। एकीकृत कृषि के साथ ही जैविक खेती को बढ़ावा, अर्थव्यवस्था बनेगी मजबूत पर्यावरण भी रहेगा संरक्षित देश के साथ ही मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाली कृषि के क्षेत्र में भी उत्पादन बढ़ाने के लिए इस तरह की तकनीकों पर जोर दिया जा रहा है जो पर्यावरण के अनुकूल हों। इसके अंतर्गत जैविक खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे किसान रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशक के रूप में रसायनों का प्रयोग कम से कम करने के लिए प्रोत्साहित होंगे और खेतों की मिट्टी भी उर्वर एवं शस्य-श्यामला बनी रहेगी। इसके लिए किसानों को गांवों में पर्यावरण संरक्षण और प्रिसिजन फार्मिंग संबंधी प्रशिक्षण दिये जाएंगे। किसानों को समृद्ध बनाने की रणनीति के अंतर्गत बाजारों की जरूरतों के अनुरूप फसल विविधीकरण, उद्यानिकी और पशुपालन से एकीकृत खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। वाहन-जनित प्रदूषण कम करने की रणनीतियों पर फोकस वर्ष 2025 में मध्यप्रदेश सरकार यातायात के साधनों की पर्याप्तता बनाए रखते हुए पर्यावरण प्रदूषण को कम करने के लिए विशेष नीतियों पर काम कर रही है। इसके लिए सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों का विस्तार किया जा रहा है। सार्वजनिक परिवहन के लिए मध्यप्रदेश परिवहन निगम को पुनर्जीवित किया जा रहा है। प्रदेश में इंटर-सिटी कनेक्टिविटी और शहरी सार्वजनिक परिवहन के लिए इलेक्ट्रिक बसें प्रारंभ की … Read more

भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के विजन को मूर्त रूप दिए जाने के उद्देश्य से प्रदेश में तेज गति से कार्य किया जा रहा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के विजन को मूर्त रूप दिए जाने के उद्देश्य से प्रदेश में तेज गति से कार्य किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में फ्यूचर रेडी इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है, जिससे यहां अधिक से अधिक निवेश आएं, उद्योग धंधे स्थापित हों और बड़ी संख्या में रोजगार सृजित हो। मध्यप्रदेश में रेल, सड़क और हवाई सेवाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य के आंतरिक मार्गों के साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क का भी विस्तार किया जा रहा है। प्रदेश के शहरों में सड़क यातायात के सुधार के लिए इंदौर, भोपाल, देवास, ग्वालियर, जबलपुर और सतना में एलिवेटेड कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं। इनमें से इंदौर एलिवेटेड कॉरिडोर पर 350 करोड़, ग्वालियर में 1100 करोड़, जबलपुर में 660 करोड़ और भोपाल में 306 करोड़ रुपए की लागत आएगी। साथ ही राज्य सरकार ने 724 किमी लंबी 24 सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया है, जिनकी कुल लागत 10 हजार करोड़ रूपये है। ये परियोजनाएं प्रदेश के शहरों की रोड-कनेक्टिविटी को बढ़ाएंगी, यात्रा समय को कम करेंगी और व्यापार को बढ़ावा देंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में मजबूत राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का निर्माण और उन्नयन केन्द्र सरकार से मिले 3,500 करोड़ रुपए से किया जा रहा है। विशेष रूप से उज्जैन-जावरा 4-लेन ग्रीनफील्ड हाइ-वे परियोजना को 5 हजार करोड़ रूपये से अधिक के निवेश के साथ मंजूरी दी गई है। यह हाइ-वे उज्जैन, इंदौर और आस-पास के क्षेत्रों को मुंबई-दिल्ली इंडस्ट्रियल कॉरीडोर से जोड़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव में बताया कि प्रदेश में ग्रामीण यातायात को सुगम करने के लिए मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना चलाई जा रही है, जिसका उद्देश्य 8,565 गांवों को 19,378 किमी लंबी सड़कों के नैटवर्क से जोड़ना है। यह पहल ग्रामीण कनेक्टिविटी को सुधारने के लिए महत्वपूर्ण है, जिससे गांवों को मुख्य सड़कों से जोड़ा जा सके और यात्री व वस्तुओं की आवाजाही सुगम हो सके। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत प्रदेश में 2024-25 के वित्तीय वर्ष के दौरान 1 हजार किमी नई सड़कों का निर्माण और लगभग 2 हजार किमी सड़कों की नवीनीकरण किया जाएगा ताकि ग्रामीण यातायात नेटवर्क को और भी मजबूत किया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के रेलवे नेटवर्क को आधुनिक बनाने के लिए महत्वपूर्ण परियोजनाएं शुरू की गई हैं। प्रदेश में 133 रेलवे ओवरब्रिज और अंडरपास का निर्माण किया गया है, इससे यातायात की गति में सुधार होगा एवं यात्रा सुगम और सुरक्षित होगी। वंदे भारत एक्सप्रेस का शुभारंभ मध्यप्रदेश में हाई-स्पीड ट्रेन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसके अलावा, भोपाल में 100 करोड़ रुपए की लागत से एक नया कोच कॉम्प्लेक्स बन रहा है, जो राज्य की रेलवे सुविधाओं को और बेहतर बनाएगा और यात्रियों को बेहतर सेवाएं प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के अन्य राज्यों और विदेशों के साथ संपर्क में सुधार के लिए हवाई सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। रीवा में हवाई अड्डे का निर्माण और ग्वालियर में राजमाता विजयराजे सिंधिया हवाई अड्डे का विस्तार एवं आधुनिकीकरण राज्य की हवाई कनेक्टिविटी को बढ़ाने के महत्वपूर्ण कदम हैं। इनसे निवेशकों को सुविधाएं मिलेंगी और निवेश आकर्षित होगा। हवाई सेवाओं के विस्तार से मध्यप्रदेश में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।  

मुख्यमंत्री 5 फरवरी को स्कूलों के प्रतिभाशाली 7,900 बच्चों को नि:शुल्क स्कूटी प्रदान करेंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 5 फरवरी बुधवार को प्रात: 11 बजे भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में शासकीय स्कूलों के प्रतिभाशाली 7,900 बच्चों को नि:शुल्क स्कूटी प्रदान करेंगे। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह एवं जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह भी उपस्थित रहेंगे। प्रदेश में संचालित शासकीय हायर सेकण्डरी विद्यालयों में सर्वोच्च अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान पाने वाले विद्यार्थी को नि:शुल्क ई-स्कूटी प्रदान करने की योजना स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित की जा रही है। योजना में मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल की कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा में शासकीय विद्यालय में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी को स्कूटी प्रदान की जाती है। शैक्षणिक सत्र 2023-24 में शासकीय विद्यालय के किसी भी संकाय में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले करीब 7 हजार 900 विद्यार्थियों को नि:शुल्क ई-स्कूटी वितरित की जायेगी। कार्यक्रम का ईलेक्ट्रॉनिक चैनल के माध्यम सीधे प्रसारण की व्यवस्था भी की गई।  

प्रधानमंत्री मोदी से उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने की शिष्टाचार भेंट

प्रधानमंत्री मोदी से उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने की शिष्टाचार भेंट ऐतिहासिक, सर्वसमावेशी एवं लोक कल्याणकारी बजट के लिये व्यक्त किया आभार भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने संसद भवन नई दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में शिष्टाचार भेंट की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने ऐतिहासिक, सर्व समावेशी एवं लोक कल्याणकारी बजट के लिये आभार व्यक्त किया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रधानमंत्री मोदी का पुष्प-गुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से राज्य के विकास के विभिन्न विषयों में मार्गदर्शन प्राप्त किया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का मार्गदर्शन सदैव प्रेरणादायक होता है। जनहित के कार्यों में समर्पण के भाव और नव ऊर्जा का संचार करता है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी से मध्यप्रदेश के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की और मार्गदर्शन प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में “विकसित भारत” के संकल्प को साकार करने के लिए मध्यप्रदेश निरंतर कार्य कर रहा है। उनके नेतृत्व में प्रदेश सरकार विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण के लिये प्रतिबद्ध है।  

मुख्यमंत्री से मिले राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा-2025 पर आए विद्यार्थी

मध्यप्रदेश, देश की सांस्कृतिक एकता का संवाहक है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव अन्तर्राज्यीय छात्र जीवन दर्शन यात्रा पर आये पूर्वोत्तर के छात्रों का प्रदेश में हुआ आत्मीय स्वागत मुख्यमंत्री से मिले राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा-2025 पर आए विद्यार्थी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्वोत्तर राज्यों से भारत एकात्मता यात्रा पर आए विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश केवल भौगोलिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी देश की एकता और अखंडता को दर्शाता है। उन्होंने प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रप्रेम की भावना को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को इस विविधता का सम्मान करने और भारतीय संस्कृति को आत्मसात करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की संस्कृति अपनी अनूठी विविधता और समृद्ध परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है। यहां विभिन्न प्रांतों, वर्गों और भाषाओं के लोग सौहार्दपूर्वक निवास करते हैं। मध्यप्रदेश, देश के उस गौरवशाली इतिहास और संस्कृति का संवाहक है, जो देशभक्ति, राष्ट्र रक्षा और सम्मान के मूल्यों को संजोकर रखता है। स्टूडेंट एक्सपीरियंस इन इन्टर-स्टेट लिविंग (SEIL) द्वारा सांस्कृतिक आदान-प्रदान की मंशा से आयोजित राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा -2025 पर आये पूर्वोत्तर राज्यों के छात्र दल का मध्यप्रदेश में आत्मीय स्वागत किया गया। यह यात्रा 22 जनवरी से प्रारंभ होकर 13 फरवरी तक जारी है, इसमें पूर्वोत्तर के विद्यार्थी देश के विभिन्न हिस्सों का दौरा कर रहे हैं। पूर्वोत्तर राज्यों के विद्यार्थियों का यह दल 1 से 5 फरवरी तक मध्यप्रदेश के भ्रमण पर है। इस छात्र दल ने सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मुख्यमंत्री निवास पर सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों के अनुभव सुने, उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया और उन्हें मध्यप्रदेश की सदभाव और समरसता से भरपूर संस्कृति से परिचित कराया। मुख्यमंत्री ने सभी विद्यार्थियों का देश का हृदय प्रदेश मध्यप्रदेश में स्वागत करते हुए शुभकामनाएं दी। भोपाल अपनी झीलों और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है। यह देश की ऐसी अनूठी राजधानी है, जहां रात के समय बाघ भी सड़क किनारे दिखाई दे सकते हैं, क्योंकि रातापानी वन अभयारण्य भोपाल शहर के समीप ही स्थित है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को जनजातीय संग्रहालय, मानव संग्रहालय, वन विहार और अन्य पर्यटन स्थल जरूर देखने का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री के साथ ग्रुप फोटो खिंचवाने के बाद विद्यार्थियों ने इस यात्रा को अपने जीवन का एक अविस्मरणीय अनुभव बताया। विद्यार्थियों ने कहा कि वे पहली बार किसी प्रदेश के मुख्यमंत्री से मिले हैं। यह रोमांच वे कभी नहीं भूलेंगे। उन्होंने मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, यहां के ऐतिहासिक स्थलों और अतिथि-सत्कार की विशेष रूप से सराहना की। अन्तर्राज्यीय छात्र दर्शन जीवन यात्रा के आयोजन का उद्देश्य राष्ट्र की एकता और अखंडता को सुदृढ़ करना है, जिसमें युवाओं को देश की विविधता से परिचित कराने का विशेष प्रयास किया जा रहा है। राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा भारतीय युवाओं को एकजुट करने और उनके बीच आपसी समझ एवं भाईचारे की भावना को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। पूर्वोत्तर राज्यों के इस छात्र दल में 28 विद्यार्थी एवं 2 समन्वयकों सहित कुल 30 प्रतिभागी भारत के विभिन्न राज्यों की यात्रा पर हैं। इनमें दो-दो विद्यार्थी असम, नागालैंड व सिक्किम राज्य से, चार-चार त्रिपुरा, मिजोरम व अरुणाचल प्रदेश से तथा पांच-पांच विद्यार्थी मणिपुर एवं मेघालय राज्य से आए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी विद्यार्थियों एवं समन्वयकों को स्मृति-चिह्न के रूप में शॉल, मध्यप्रदेश शासन की डायरी, कैलेंडर और एक विशेष उपहार भेंट किया। कार्यक्रम में शिवम जाट, चेतस सुखाड़िया, रोहित दुबे, दीपक पालीवाल, कमन सिबोह, राहुल मोग सहित अन्य विद्यार्थी एवं नागरिक उपस्थित थे।  

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 इस बदलाव का सबसे बड़ा प्रमाण बनेगी राजधानी: मुख्यमंत्री

जी.आई.एस-2025 भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 इस बदलाव का सबसे बड़ा प्रमाण बनेगी। पहली बार राजधानी भोपाल में हो रहे इस आयोजन को लेकर यह न सिर्फ एक निवेश सम्मेलन है, अपितु भोपाल को औद्योगिक राजधानी के रूप में स्थापित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजधानी के पास पहले से ही औद्योगिक विकास के लिए मजबूत आधार मौजूद है। जीआईएस-2025 से भोपाल का प्रमुख औद्योगिक केंद्र बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ेगा। भोपाल न केवल मध्यप्रदेश का प्रशासनिक केंद्र है, बल्कि भौगोलिक रूप से भी एक आदर्श औद्योगिक हब बनने की पूरी क्षमता रखता है। यह प्रदेश के केंद्र में स्थित है, जिससे लॉजिस्टिक्स और आपूर्ति श्रृंखला के लिए यह एक महत्वपूर्ण स्थान है। भोपाल के चारों ओर कई प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र पहले से विकसित हैं, जो इस समिट के माध्यम से नए निवेश को आकर्षित करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। मंडीदीप, बगरोदा, पीलुखेड़ी, मक्सी, गोविंदपुरा, अचारपुरा और फंदा औद्योगिक क्षेत्र न केवल छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि यहां स्थापित इकाइयां प्रदेश की औद्योगिक शक्ति को मजबूती भी देती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार औद्योगिक बुनियादी ढांचे के व्यापक विकास पर काम कर रही है और भोपाल में निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं लागू की जा रही हैं। राजधानी के पास पहले से ही सुपर कॉरिडोर, आईटी पार्क और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर जैसी परियोजनाएं चल रही हैं, जो इसे निवेशकों के लिए एक पसंदीदा स्थान बना रही हैं। इसके अलावा, भोपाल में उत्कृष्ट शैक्षिक और अनुसंधान संस्थानों की उपस्थिति इसे कुशल मानव संसाधन का केंद्र भी बनाती हैं, जो औद्योगिक विकास के लिए आवश्यक है। जीआईएस-2025 में इस बार एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सेक्टर-विशेष सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें निवेशकों को उनके क्षेत्र के अनुसार सीधे संबंधित विभागों के साथ संवाद करने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह समिट पहली बार 20 से अधिक निवेश और उद्योग नीतियों को प्रस्तुत करने जा रही है, जो देश में अपनी तरह की अनूठी पहल होगी। सरकार ने निवेश प्रक्रिया को तेज़ और सुगम बनाने के लिए नीति सुधार, अनुकूल औद्योगिक वातावरण और व्यापार सुगमता पर विशेष ध्यान दिया है। भोपाल की औद्योगिक क्षमता को सशक्त करने के लिए सरकार बुनियादी सुविधाओं को भी लगातार विस्तार दे रही है। राजधानी से जुड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग, आधुनिक लॉजिस्टिक्स सेंटर, एयर कनेक्टिविटी और रेल नेटवर्क के विस्तार से यह औद्योगिक दृष्टि से और भी अधिक प्रभावी बन रहा है। हाल ही में रीवा हवाई अड्डे के शुरू होने से प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी को और मजबूती मिली है, जिससे उद्योगों को तेज़ी से अपने बाजारों तक पहुंचने में सुविधा होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीआईएस-2025 केवल बड़े निवेशकों के लिए ही नहीं, बल्कि स्थानीय उद्योगों, स्टार्ट-अप्स और एमएसएमई के लिए भी नए अवसर लेकर आएगी। भोपाल के पास स्थित परंपरागत उद्योगों को वैश्विक बाजार से जोड़ने और उन्हें नई तकनीक व पूंजी से सशक्त करने की दिशा में भी यह समिट एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीआईएस-2025 के बाद भोपाल केवल मध्यप्रदेश का प्रशासनिक केंद्र ही नहीं, अपितु यह व्यवसाय, नवाचार और निवेश के प्रमुख गंतव्य के रूप में उभरेगा। साथ ही भोपाल को एक औद्योगिक राजधानी के रूप में स्थापित करने की दिशा में निर्णायक कदम होगा, जो प्रदेश के आर्थिक परिदृश्य को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।  

स्वतंत्रता के बाद मध्यप्रदेश को रेल सुविधाओं के लिए पहली बार हुआ बड़ी राशि का आवंटन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में पेश केन्द्रीय बजट में मध्यप्रदेश के लिए रेलवे सुविधाओं के लिए 14 हजार 745 करोड़ रुपए के बजट आवंटन के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त कर मध्यप्रदेश के नागरिकों की ओर से धन्यवाद दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद पहली बार मध्यप्रदेश को रेलवे से संबंधित विकास कार्यों के लिए इतनी अधिक राशि का अवंटन हुआ है। केन्द्रीय रेल मंत्री ने मध्यप्रदेश में शत-प्रतिशत रेल विद्युतिकरण पर प्रसन्नता व्यक्त की है। मध्यप्रदेश से रेल मंत्रालय को पूरा सहयोग मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गत वर्ष मध्यप्रदेश को इंदौर- मनमाड रेल लाइन और इंदौर से दाहोद गुजरात तक धार होकर जाने वाली रेल परियोजना की स्वीकृति के कार्य हुए हैं। मध्यप्रदेश के नागरिकों को सभी दिशाओं में रेल नेटवर्क, यात्रियों के लिए माल भाड़े से जुड़ी सुविधा, रेल्वे ब्रिज और स्टेशनों के विकास की सौगात निरंतर मिल रही है। यह उत्साहवर्धक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है रेल बजट 2025-26 प्रदेश के सामाजिक और आर्थिक विकास के साथ यात्री सुविधाओं के विस्तार में मील का पत्थर साबित होगा। इस वर्ष मध्य प्रदेश को रेलवे बजट में अभूतपूर्व सौगातें मिली हैं। इस बजट से न केवल रेलवे नेटवर्क का विस्तार होगा बल्कि राज्य में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। रेलवे के आधुनिकीकरण और यात्री सुविधाओं के विस्तार से मध्यप्रदेश के आर्थिक विकास को एक नई दिशा मिलेगी। इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी और केन्द्रीय रेल मंत्री वैष्णव का मैं हृदय से धन्यवाद एवं आभार व्यक्त करता हूं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के लिए घोषित रेल बजट 2025-26 में राज्य को रेल अवसंरचना विकास के लिए अभूतपूर्व सौगातें दी गई हैं। इस बजट में 14,745 करोड़ रुपये का भारी भरकम बजटीय आवंटन किया गया है, जो राज्य के रेल नेटवर्क के विस्तार और आधुनिकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रेल बजट 2025-26 में 31 नई रेल परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है, जिनकी कुल लंबाई 5,869 किलोमीटर है और इन पर 1,04,987 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से राज्य के विभिन्न क्षेत्रों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलेगी और यात्री सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार होगा। 80 रेलवे स्टेशन विकसित होंगे अमृत स्टेशन के रूप में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए मध्य प्रदेश के 80 स्टेशनों को ‘अमृत स्टेशन’ के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिन पर 2,708 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन स्टेशनों में अकौड़िया, आमला, अनुपपुर, अशोकनगर, बालाघाट, बनापुरा, बरगवां, ब्योहारी, बेरछा, बैतूल, भिंड, भोपाल, बिजुरी, बीना, ब्यावरा, छिंदवाड़ा, डबरा, दमोह, दतिया, देवास, गाडरवारा, गंजबासौदा, घोड़ाडोंगरी, गुना, ग्वालियर, हरदा, हरपालपुर, इंदौर जंक्शन, इटारसी जंक्शन, जबलपुर, जुन्नारदेव, करेली, कटनी जंक्शन, कटनी मुड़वारा, कटनी साउथ, खाचरोद, खजुराहो जंक्शन, खंडवा, खिरकिया, लक्ष्मीबाई नगर, मैहर, मक्सी जंक्शन, मंडला फोर्ट, मंदसौर, एमसीएस छतरपुर, मेघनगर, मुरैना, मुलताई, नागदा जंक्शन, नैनपुर जंक्शन, एमसीएस छतरपुर, मेघनगर, मुरैना, मुलताई, नागदा जंक्शन, नैनीपुर जंक्शन, नर्मदापुरम (होशंगाबाद), नरसिंहपुर, नेपनागर, नीमच, ओरछा, पांढुर्ना, पिपरिया, रतलाम, रीवा, रुथियाई, सांची, संत हिरदाराम नगर, सतना, सागर, सीहोर, सिवनी, शहडोल, शाजापुर, श्यामगढ़, श्योपुर कलां, शिवपुरी, श्रीधाम, शुजालपुर, सिहोरा रोड, सिंगरौली, टीकमगढ़, उज्जैन, उमरिया, विदिशा और विक्रमगढ़ आलोट स्टेशन शामिल हैं। स्टेशन पुनर्विकास परियोजनाओं के तहत रानी कमलापति, ग्वालियर, खजुराहो, सतना, इंदौर, बीना और जबलपुर जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों के पुनर्विकास पर 1,950 करोड़ रुपये की लागत से कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में रेलवे सुरक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। ‘कवच’ तकनीक के अंतर्गत 3,572 किलोमीटर रेल मार्ग पर सुरक्षा कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 1,422 किलोमीटर पर कार्य प्रगति पर है। यह तकनीक ट्रेन संचालन के दौरान दुर्घटनाओं को रोकने में मदद करेगी और यात्रियों की सुरक्षा को और मजबूत बनाएगी। मध्यप्रदेश में विद्युतीकरण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की गई है। राज्य में 2,808 किलोमीटर रेल मार्ग का विद्युतीकरण पूरा किया जा चुका है, जिससे मध्यप्रदेश 100 प्रतिशत विद्युतीकृत राज्य बन चुका है। इसके अलावा, राज्य में 2,456 किलोमीटर नई पटरियों का निर्माण किया गया है, जो डेनमार्क के पूरे रेल नेटवर्क के बराबर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यात्रियों के बेहतर अनुभव के लिए मध्यप्रदेश में 4 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है, जो राज्य के 14 जिलों को जोड़ती हैं और इन जिलों में 18 स्टॉपेज हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए 69 लिफ्ट, 41 एस्केलेटर और 408 स्टेशनों पर वाई-फाई की सुविधा भी प्रदान की गई है।  

दिल्ली की जनता केजरीवाल सरकार को उखाड़ फेंकेगी :सीएम डॉ मोहन यादव

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज राजधानी भोपाल में “दत्तोपन्त ठेंगड़ी शोध संस्थान” के नवीन भवन का भूमिपूजन किया, उन्होंने कहा जिस प्रकार दीपक स्वयं जलकर प्रकाश देता है, उसी प्रकार हमारे प्रचारक परंपराओं में श्रद्धेय दत्तोपन्त ठेंगड़ी जी उज्ज्वल नक्षत्र के समान हैं। मुख्यमंत्री ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि दिल्ली की जनता ने ठान लिया है कि अब वो केजरीवाल की सरकार को बर्दाश्त नहीं करेंगे मुख्यमंत्री ने आज बसंत पंचमी के अवसर पर भोपाल में “दत्तोपन्त ठेंगड़ी शोध संस्थान” के नवीन भवन के भूमिपूजन एवं कार्यारम्भ कार्यक्रम में सहभागिता की। इस अवसर पर उन्होंने  पौधरोपण कर राष्ट्रीय शोधार्थी समागम पोस्टर का विमोचन कर शुभकामनाएं दीं। दत्तोपन्त ठेंगड़ी जी उज्ज्वल नक्षत्र के समान हैं उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा, सत्य है कि शोध से ज्ञान केवल संरक्षित नहीं होता है, अपितु मानव कल्याण के दीप को भी दीर्घ काल के लिए प्रदीप्त कर देता है। भारतीय विचार, संस्कार एवं श्रद्धेय दत्तोपन्त ठेंगड़ी जी के विचारों पर शोध एवं उनके विचारों को जन-जन तक पहुँचाने का यह प्रयास अभिनंदनीय है। उन्होंने कहा जिस प्रकार दीपक स्वयं जलकर प्रकाश देता है, उसी प्रकार हमारे प्रचारक परंपराओं में  दत्तोपन्त ठेंगड़ी जी उज्ज्वल नक्षत्र के समान हैं। दिल्ली की जनता केजरीवाल सरकार को उखाड़ फेंकेगी मीडिया से बात करते हुए सीएम ने दिल्ली विधानसभा चुनाव से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए कहा, मैंने भी प्रचार किया है सच में दिल्ली के लोगों ने ठान लिया है कि अब केजरीवाल सरकार को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं करेंगे। जिस तरह से केजरीवाल की सरकार ने दिल्ली को बर्बाद किया है यमुना जी को गंदा किया है, हर कोई दुखी है, अब तो इनके गठबंधन की साथी कांग्रेस भी इनपर हमलावर हैं। मुख्यमंत्री ने कहा केजरीवाल के वादों को सुनकर जनता ने भरोसा किया था लेकिन ये झूठ की मशीन निकले। ग्लोबल इन्वेस्टर समिट रिकॉर्ड बनाएगी मुख्यमंत्री ने फरवरी में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के सवाल पर कहा, हमने 7 रीजनल इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव  आयोजित की जिसका असर मुझे विदेशी दौरों में दिखाई दिया है, पीएम मोदी के नेतृत्व में जिस तरह से भारत आर्थिक प्रगति कर रहा है उसे देखते हुए बाहर के निवेशकों में बहुत उत्साह है मुझे लगता है ग्लोबल इन्वेस्टर समिट रिकॉर्ड बनाएगी। बोले हमें भरोसा पूरा महाकुंभ निर्विघ्न संपन्न होगा डॉ मोहन यादव ने प्रयागराज महाकुंभ से जुड़े सवाल पर कहा कि बसंत पंचमी पर आज लाखों श्रद्धालुओं ने आनंद के साथ स्नान किया है, सभी अखाड़ों ने निर्विघ्न स्नान किया है, श्रद्धालुओं को भी कोई परेशानी नहीं है। लेकिन पिछले स्नान पर जो घटना हुई उससे मन दुखी है हमें उम्मीद है कि 24 फरवरी महा शिवरात्रि तक आयोजित ये महाकुंभ अच्छे से संपन्न होगा।

मध्यप्रदेश सरकार ने सभी वर्गों के लिए निरंतर योजनाएं बनाने का काम किया : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार ने सभी वर्गों के लिए निरंतर योजनाएं बनाने का काम किया है। सरकार की किसी भी योजना के मूल ढांचे में बदलाव नहीं होने दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विशेष रूप से विद्यार्थियों को राज्य सरकार द्वारा जल्द ही लैपटॉप की राशि देने का कार्य किया जाएगा। साथ ही उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों से स्कूल स्तर पर जो विद्यार्थी प्रावीण्य सूची में सूची में शामिल हुए हैं उनको स्कूटी भी प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि जो हमारी मूल योजना है उसके अनुसार हम अपने बच्चों को यह सौगात देंगे। जनकल्याणकारी योजनाओं के स्वरूप में किसी तरह का परिवर्तन नहीं किया गया है।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आने वाले समय में आर्थिक क्षेत्र में मध्यप्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आने वाले समय में आर्थिक क्षेत्र में मध्यप्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की महत्वपूर्ण आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा है। प्रधानमंत्री के कार्यभार ग्रहण करने के पूर्व, दस वर्ष पहले भारत विश्व में अर्थव्यवस्था की दृष्टि से 11वें नंबर पर था। अब भारत विश्व में 5वीं बड़ी आर्थिक शक्ति है और इससे आगे बढ़ाने का भारत का प्रयास है। राष्ट्र के इन प्रयासों में मध्य प्रदेश महत्वपूर्ण योगदान देगा। प्रधानमंत्री मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो उन्होंने जापान के साथ आर्थिक संबंधों को सशक्त बनाने पर ध्यान दिया। इन प्रयासों का लाभ हमारे देश को प्राप्त हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सफल जापान यात्रा से स्वदेश आगमन पर भोपाल विमान तल में आयोजित कार्यक्रम’ को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हाल ही में संपन्न अपनी जापान यात्रा के संदर्भ में कहा कि प्रधानमंत्री के पूर्व वर्षों के प्रयासों से मध्यप्रदेश को काफी महत्व मिला। जापान यात्रा के दौरान भी हमें काफी महत्व मिला। अनेक महत्वपूर्ण और बड़ी जापानी कंपनियों ने मध्यप्रदेश में निवेश में रुचि दिखाई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे भोपाल की 24 और 25 फरवरी को हो रही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आमंत्रण देने जापान गए थे, लेकिन उन्हें निवेश प्रस्ताव भी प्राप्त हुए हैं, जो मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था को बदलने का कार्य करेंगे। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि बौद्ध धर्म और सम्राट अशोक के कारण जापान भारत के नजदीक अनुभव करता है। जापान के नागरिक कर्म में विश्वास रखते हुए आर्थिक प्रगति के हिमायती हैं। जापान के ऐसे आदर्श को हम मध्यप्रदेश में भी अपनाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि जापान का भारत से गहरा संबंध है। जापान और हमारी संस्कृति दोनों में आपस में सह-संबंध है। जापान के नागरिक कार्य निष्ठा, ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ काम करते हैं। जापान के लोग विन्रमता के साथ झुककर नमस्कार करते हैं। वहां रिटायरमेंट की कोई सीमा नहीं होती। जब तक शरीर चले तब तक काम चलता रहेगा। मध्यप्रदेश के विकास के लिए जापान से हमारे रिश्ते अच्छे होना चाहिए। स्वाभाविक रूप से जापान के सहायोग से मध्यप्रदेश में विकास की बहुत संभावनाएं हैं, जिससे मध्यप्रदेश देश का नम्बर वन राज्य बन सकता है। मध्यप्रदेश में 55 जिले हैं और हमें सभी में विकास करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जापान यात्रा के संबंध में विस्तार पूर्ण विवरण दिया। इसके पूर्व मुख्यमंत्री डॉ.यादव की जापान यात्रा को सफल बताते हुए वरिष्ठ सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के अग्रणी प्रांतों में स्थान बनाएगा। उन्होंने कहा कि भोपाल में ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट होने वाली है, जिसमें भाग लेने के लिए प्रधानमंत्री जी पधार रहे हैं। आमंत्रण पर जापान के लोग बड़ी संख्या समिट में पधारेंगे। भोपाल स्टेट हेंगर आगमन पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का भव्य स्वागत किया गया। मंत्री, विधायक सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पुष्पहारों से स्वागत किया।  

सीएम मोहन यादव ने कहा वित्त मंत्री सीतारमण का बजट 2025-26 विकसित भारत के संकल्पों को सिद्ध करने वाला

भोपाल वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज आम बजट 2025 पेश कर दिया। इस बजट में मिडिल क्लास को सबसे बड़ी खुशी दी गई है। टैक्स छूट की सीमा 12 लाख तक करने के साथ मोबाइल फोन, चार्जर समेत कईव चीजें भी सस्ती होने वाली हैं। बजट के बाद राजनीतिक गलियारे से तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने बजट की दिल खोलकर तारीफ करते हुए इसे विकसित भारत के संकल्पों को सिद्ध करने वाला बताया। मोहन यादव ने इसके साथ वित्त मंत्री और पीएम मोदी का भी आभार जताया। सीएम मोहन यादव ने अपनी एक्स पोस्ट में कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2025-26 विकसित भारत के संकल्पों को सिद्ध करने वाला है। यह कल्याणकारी, सर्वस्पर्शी और समावेशी बजट देश के गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति के समग्र विकास के साथ स्टार्टअप्स, इनोवेशन तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विभिन्न क्षेत्रों को समाहित करते हुए, अंत्योदय की भावना और नवोन्मेष की नव-दृष्टि से परिपूर्ण है। उन्होंने आगे कहा कि 140 करोड़ देशवासियों के कल्याण तथा भारत को आत्मनिर्भर बनाने वाले इस बजट के लिए प्रधानमंत्री जी और केंद्रीय वित्त मंत्री जी का हार्दिक अभिनंदन! मिडिल क्लास को टैक्स छूट में बड़ी सौगात का जिक्र करते हुए मोहन यादव ने कहा कि मध्यम वर्ग के लिए बड़ी सौगात, केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी द्वारा आज लोकसभा में प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2025-26 में 12 लाख रुपए तक की वार्षिक आय को कर मुक्त करने का निर्णय अभिनंदनीय है। मोहन यादव ने आगे कहा कि बीते एक दशक में पीएम मोदी जी के नेतृत्व में भारत ने जो समृद्धि के नए आयाम स्थापित किए हैं,उसमें देश के मध्यम वर्ग का परिश्रम और सामर्थ्य सम्मिलित है। निश्चित ही प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में किया गया यह निर्णय मध्यम वर्ग की आशाओं और आकांक्षाओं को उड़ान देने के साथ उन्हें सशक्त बनाने में निर्णायक सिद्ध होगा। मध्यम वर्ग को आयकर में राहत देने वाले इस क्रांतिकारी कदम के लिए मध्यप्रदेश वासियों की ओर से आदरणीय प्रधानमंत्री जी का आभार-अभिनंदन।

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सोनिया गांधी के इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें माफी मांगने की बात कही

भोपाल 18वीं लोकसभा के बजट सत्र के पहले दिन शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा के जॉइंट सेशन में 59 मिनट का अभिभाषण दिया। उनके इस अभिभाषण पर कांग्रेस नेताओं की टिप्पणी पर विवाद खड़ा हो गया। सोनिया गांधी ने द्रौपदी मुर्मू को “बेचारी” कहा। वहीं राहुल ने भाषण को बोरिंग बताया। वहीं, राष्ट्रपति भवन के प्रेस सेक्रेटरी ने भी सोनिया गांधी के बयान पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा- विपक्षी सांसदों का बयान दुर्भाग्यपूर्ण और राष्ट्रपति की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला है। सीएम बोले- सोनिया गांधी ने हल्की टिप्पणी की, माफी मांगें सीएम डॉ मोहन यादव ने सोनिया गांधी के इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें माफी मांगने की बात कही है। सीएम ने अपने बयान में कहा- दुनिया के सबसे बडे़ लोकतंत्र में हमारे संविधान के मुखिया के नाते से राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल को लेकर बजट भाषण में विस्तार से अपनी बात कही। बडे़ गर्व का विषय था। देश के लिए उत्साह और उमंग का वातावरण था। सीएम ने आगे कहा- ऐसे में कांग्रेस के लोगों ने हमेशा की तरह और सोनिया गांधी ने जो हल्की टिप्पणी की है ये पूरे देश के लिए अपमानजनक है। खासकर आदिवासी बहन राष्ट्रपति के रूप में शोभायमान हैं। ऐसे में उनका अपमान करना ये सर्वथा निंदनीय है। मैं इसकी निंदा करता हूं और सोनिया गांधी से मांग करता हूं कि वे अपने कथन के लिए माफी मांगें। कांग्रेस का चरित्र है वो कदम कदम पर इस प्रकार की हरकतें करती है जिससे पूरा लोकतंत्र लज्जित होता है। राष्ट्रपति जी ने जितने अच्छे ढंग से अपनी बात रखी है वो पूरा देश जानता है। सोनिया जी को माफी मांगना चाहिए।

भारत लौटते ही मुख्यमंत्री मोहन यादव दिल्ली के केशवपुरम में जनसभा को संबोधित करेंगे

भोपाल/ दिल्ली मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव 4 दिवसीय जापान यात्रा से आज वापस लौटेंगे। सीएम टोक्यो के हानेडा हवाई अड्डे से रवाना हो गए हैं, शाम तक मुख्यमंत्री मोहन यादव दिल्ली पहुंचेंगे। स्वदेश लौटते ही सीएम बिना आराम किए दिल्ली विधानसभा चुनाव की बागडोर संभालेंगे। दिल्ली में मुख्यमंत्री मोहन यादव जनसभा को करेंगे संबोधित भारत लौटते ही मुख्यमंत्री मोहन यादव दिल्ली के केशवपुरम में जनसभा को संबोधित करेंगे। रात 8 बजे दिल्ली के दादा देवता मंदिर, शकूर गांव के विधानसभा टीआरआई नगर, केशवपुरम में जनसभा करेंगे। मुख्यमंत्री पार्टी कार्यकर्ताओं से भी मुलाकात करेंगे। जापान दौरे से प्रदेश में आएगा बड़ा निवेश मुख्यमंत्री का जापान दौरे से प्रदेश में बड़ा निवेश आएगा। यात्रा में मध्यप्रदेश में निवेश, नवाचार और सतत विकास को बढ़ावा देने की पहल हुई है। प्रतिष्ठित जापानी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने निवेश की सहमति दी है। निवेशकों के साथ One-to-One बैठक हुई, कृषि, डेयरी एवं फूड प्रोसेसिंग, फिनटेक, आईटी/आईटीईएस और रोबोटिक्स, फार्मास्युटिकल्स, मेडिकल डिवाइस, इलेक्ट्रिक वाहन, ऑटोमोबाइल, शहरी एवं औद्योगिक बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों पर बैठकें केंद्रित रहीं। प्रदेश के बजट का आधार बनेगा आम बजट आज देश का आम बजट पेश होने जा रहा है। लेकिन इससे प्रदेश को भी काफी आशाएं हैं क्योंकि यह एमपी के बजट का आधार बनेगा। राज्य को विभिन्न योजनाओं में 50 हजार करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है। वित्त विभाग ने सभी विभागों से बजट भाषण सुनने और रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। केंद्रीय योजनाओं के प्रावधानों के साथ नए अवसरों पर विभाग रिपोर्ट तैयार करेंगे। 15 फरवरी से पहले सीएम डॉ मोहन यादव मप्र के बजट को लेकर बैठक करेंगे। गरीब, नारी, युवा और किसानों के लिए होंगे विशेष प्राविधान।   MP जीसीसी नीति लागू करने वाला पहला राज्य मध्यप्रदेश सरकार ने देश की पहली समर्पित ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स नीति-2025 लागू कर दी है। इससे राज्य नवाचार और तकनीकी उत्कृष्टता का केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर होगा। यह नीति भोपाल, इंदौर और ग्वालियर जैसे टियर-2 शहरों को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर के रूप में विकसित करने का मार्ग प्रशस्त करेगी। सरकार इन शहरों में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) और सायबर सुरक्षा के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करेगी। इसके साथ इनोवेशन क्लस्टर विकसित किए जाएंगे। ये क्लस्टर आधुनिक तकनीकों में नवाचार के साथ रिसर्च एंड डेवलपमेंट के लिए मंच प्रदान करेंगे। खजुराहो बाल नृत्य महोत्सव 20 से 26 फरवरी तक मध्यप्रदेश के खजुराहो में बाल नृत्य महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। नृत्य महोत्सव में हिस्सा लेने के लिए 10 से 16 वर्ष के मध्यप्रदेश के मूल निवासी बाल नृत्य कलाकार ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। चयनित होने वाले कलाकारों को 20 से 26 फरवरी तक ऐतिहासिक नगरी खजुराहो में आयोजित होने वाले विश्वप्रसिद्ध खजुराहो नृत्य समारोह के दौरान एक पृथक मंच पर प्रस्तुति देने का अवसर प्राप्त होगा। इस महोत्सव में आवेदन करने के लिए 3 फरवरी को रात 12 बजे तक संस्कृति संचालनालय की वेबसाइट culturemp.in अथवा talent.khajurahodancefestival.com पर आवेदन किया जा सकता है।

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