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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आगमन 2025 पर प्रदेश के नागरिकों को बधाई और शुभकामनाएँ दी

आगमन : 2025 पर नागरिकों को बधाई भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आगमन : 2025 पर प्रदेश के नागरिकों को बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत निरंतर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में वर्ष-2024 भारत के साथ मध्यप्रदेश समग्र विकास का पर्याय बना। आने वाला वर्ष-2025 निश्चित ही विकसित भारत के ध्येय को गति देगा, भारत की विकास यात्रा को नया आयाम मिलेगा और नया अध्याय गढ़ा जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष-2024 प्रदेश में जनकल्याण की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा। राज्य सरकार आने वाले वर्ष में भी जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देते हुए प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने का भरसक प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय नव वर्ष के साथ ही अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार नव वर्ष को मनाने की परंपरा है, यह अवसर प्रदेश के विकास में भागीदारी के संकल्प का भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आशा व्यक्त की है कि विकास के प्रयासों में निश्चित ही प्रदेश के नागरिकों का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा।  

जन-जागृति लाने में महर्षियों की बड़ी भूमिका, महर्षि बालीनाथ जी परम संत थे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सांस्कृतिक वैविध्य ही हमारी पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव योग, तप, साधना और साहचर्य से जीना सिखाती है हमारी संस्कृति: मुख्यमंत्री डॉ. यादव जन-जागृति लाने में महर्षियों की बड़ी भूमिका, महर्षि बालीनाथ जी परम संत थे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री, उज्जैन में बैरवा जयंती में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत विभिन्न धर्मों, समाजों, भाषाओं और संस्कृतियों का देश है। सब मिलकर यहां सद्भावपूर्वक रहते हैं। सांस्कृतिक वैविध्य ही हमारी संस्कृति की पहचान है। हमारी आस्था और जीवन मूल्य हमें विकास की ओर ले जाते हैं। योग, तप, साधना और साहचर्य से जीवन का समग्र विकास की शिक्षा सिर्फ भारतीय संस्कृति ही सिखाती है। समाज में जनजागृति लाने में महर्षियों की बड़ी अहम भूमिका रही है। महर्षि बालीनाथ जी बैरवा उन्हीं में से एक थे। वे परम संत थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को उज्जैन में महर्षि बालीनाथ जी बैरवा जयंती कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जो असंभव दिखता है, वो केवल सनातन धर्म में ही संभव है। महर्षि बालीनाथ जी ने समाज की कुरीतियों, रूढ़ियों और बुराइयों को खत्म किया और सबको सद्मार्ग की ओर ले जाने का काम किया। उन्होंने बालीनाथ जी की स्मृति में देश के दूरदराज से आए बैरवा समाजजन का अभिनंदन करते हुए कहा कि इस प्रदेश स्तरीय सामाजिक कार्यक्रम में आकर वे बेहद प्रसन्न है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अखिल जूनवाल द्वारा लिखित पुस्तक भीम वंदना का विमोचन भी किया। इसके बाद बैरवा समाज की बाईक रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कौशल विकास एवं रोजगार विभाग एवं उज्जैन जिले के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, अखिल भारतीय बैरवा समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश जारवाल, लालाराम बैरवा, राधेश्याम बैरवा, मुकेश टेटवाल, सी.एल. बैरवा, प्रभुराम सहित अन्य समाजजन उपस्थित थे।  अगले साल होगी राज्य स्तरीय पंचायत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार अगले साल बैरवा समाज की राज्य स्तरीय पंचायत का आयोजन करेगी। इसमें देश के विभिन्न अंचलों में रह रहे बैरवा समाजजनों को आमंत्रित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में हो रहे औद्योगिक विकास में बैरवा समाज के उद्योगपति और व्यवसायियों को जोड़कर बैरवा समाज का सर्वांगीण विकास करेगी। उन्होंने कहा कि बैरवा समाज के बच्चे खूब पढ़ें, लिखें और आगे बढ़ें, इसके लिए सरकार हर जरूरी प्रयास और सहयोग भी करेगी। सरकार पूरे ब्याज सहित मिल मजदूरों को उनका हक दिलाएगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महर्षि बालीनाथ जी के बताए मार्ग से प्रेरणा लेकर हमारी सरकार गरीबों के जीवन में उजाला लाने और उनके कष्टों का निवारण करने का प्रयास कर रही है। हमारी सरकार ने उज्जैन की विनोद मिल के मजदूरों का संकट खत्म किया, उन्हें उनके सभी हक दिलाए। इंदौर की हुकुमचंद मिल के मामले का भी समाधान किया। हम ग्वालियर की जेसी मिल्स के मजदूरों को भी उनका हक दिलाने की ओर आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की ऐसी सभी बंद मिलों, जिनके मजदूरों को उनका हक अब तक नहीं मिल पाया है, सरकार पूरे ब्याज सहित उन मिल मजदूरों को उनका वाजिब हक दिलाएगी। मिशन मोड में किया जा रहा गरीब, युवा, किसान और नारी कल्याण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में हमारी सरकार प्रदेश में गरीब, युवा, किसान, महिला और सभी जरूरतमंदों का कल्याण अभियान मिशन मोड में चलाया जा रहा है। प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए हमारी सरकार कटिबद्ध होकर प्रयास कर रही है। विकास के लाभ से किसी को भी वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। सबके सपने साकार करने के लिए हम हर जरूरी कदम उठाएंगे।  

मंत्रीगण अपना इनकम टैक्स स्वयं भरेंगे, वह शासन से कोई वित्तीय सहायता नहीं लेंगे:मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश के समग्र विकास और जनकल्याण के लिए समर्पित रहा वर्ष-2024  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राजस्व प्रकरणों का ऑनलाईन निराकरण साइबर तहसीलदार के माध्यम से सुनिश्चित, ऐसी पहल करने वाला मध्यप्रदेश,देश का पहला राज्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रीगण अपना इनकम टैक्स स्वयं भरेंगे, वह शासन से कोई वित्तीय सहायता नहीं लेंगे:मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वर्ष – 2024 प्रदेश के समग्र विकास के साथ जनकल्याण के लिए समर्पित रहा है। राज्य सरकार ने अनेक ऐसे निर्णय लिये जो सीधे जनता से जुड़े थे। इन निर्णयों से प्रदेश की जनता के जीवन में खुशहाली लाने और शासकीय सेवाएँ सहज रूप से उपलब्ध कराने के समुचित प्रयास किये गये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा मध्यप्रदेश को दी गईं देश की पहली राष्ट्रीय नदी लिंक परियोजनाओं केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल से वर्ष 2024 ऐतिहासिक तौर पर यादगार बन गया, जो आने वाले समय में मध्यप्रदेश की समृद्धि का आधार बनेगा।  सरकार की प्रमुख  उपलब्धियाँ एवं महत्वपूर्ण निर्णय         साइबर तहसील परियोजना प्रदेश के सभी 55 जिलों में लागू। इसके माध्यम से नामांतरण, बंटवारा आदि विभिन्न राजस्व प्रकरणों का ऑनलाईन निराकरण साइबर तहसीलदार के माध्यम से सुनिश्चित होगा। ऐसी पहल करने वाला मध्यप्रदेश, देश का पहला राज्य है।         प्रदेश सरकार की अभिनव पहल साइबर तहसील 2.0 का शुभारंभ, नामांतरण प्रक्रिया कार्य 25 दिवसों के भीतर पूर्ण किया जा सकेगा। नागरिकों को दावा-आपत्ति संबंधी लिंक, आदेश प्रति, अद्यतन खसरा और नक्शों की प्रतियां एसएमएस, व्हाट्सअप या ईमेल के माध्यम से घर बैठे प्राप्त होंगी।         ध्वनि विस्तारक यंत्रों के अनियंत्रित एवं असीमित आवाज के प्रयोग को किया प्रतिबंधित।           प्रदेश में खुले में मांस-मछली की बिक्री पर लगाया गया प्रतिबन्ध।         यातायात की सुगमता के लिए भोपाल में बीआरटीएस कॉरिडोर हटाया गया।         राजस्व महाभियान के तीन चरणों में 80 लाख राजस्व प्रकरणों का निराकरण।         राज्य सरकार द्वारा जिलों, संभागों, तहसीलों आदि की सीमाओं  के पुनः निर्धारण एवं नियुक्तिकरण के एक पृथक प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग बनाया।         उज्जैन शहर के केडी गेट से इमली तिराहा मार्ग चौड़ीकरण के लिये 23 धार्मिक स्थलों को हटाने के लिये व्यवस्थापकों, पुजारियों और नागरिकों द्वारा सहयोग कर साम्प्रदायिक सौहार्द का उल्लेखनीय उदाहरण प्रस्तुत किया गया।         मंत्रीगण अपना इनकम टैक्स स्वयं भरेंगे, वह शासन से कोई वित्तीय सहायता नहीं लेंगे।         मध्यप्रदेश की अन्तर्राज्यीय सीमाओं पर 1 जुलाई, 2024 से परिवहन जांच चौकियों के स्थान पर रोड सेफ्टी एंड इंफोर्समेंट चेकिंग प्वाइंट की व्यवस्था शुरू की।         इंदौर में एक दिन में वृहद पौधारोपण का बना वर्ल्ड रिकॉर्ड। एक दिन में रोपे गए 12 लाख पौधे।         प्रदेश में जल स्रोतों के संरक्षण एवं पुनर्जीवन के लिए 5 जून से 30 जून तक जल-गंगा संवर्धन अभियान चलाया गया। इसमें जनभागीदारी से जलाशयों की सफाई के साथ पौधरोपण भी किया गया।         विकसित भारत संकल्प यात्रा में 54 लाख से अधिक लोगों को मिला योजनाओं का लाभ।           इंदौर की हुकुमचंद मिल के 4 हजार 800 श्रमिक परिवारों को 224 करोड़ की राशि का सरकार ने भुगतान किया ।         प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के माध्यम से 36 लाख के लक्ष्य के विरुद्ध लगभग 24 लाख लोगों को स्वामित्व अधिकार पत्र वितरित।         मुख्यमंत्री जन-कल्याण (संबल) योजना 2.0′ के अंतर्गत 1 करोड़ 73 लाख से अधिक श्रमिकों का पंजीयन। वित्तीय वर्ष 2023-24 में  30 हजार 500 से अधिक श्रमिक परिवारों को 895 करोड़ रुपये से अधिक की अनुग्रह सहायता राशि का अंतरण।         मजदूरों की दिव्यांगता और मृत्यु के आधार पर मिलने वाली सहायता राशि बढ़ाकर 4 लाख रुपये की।         तेंदूपत्ता संग्राहकों का संग्रहण पारिश्रमिक 3000 रुपये प्रति मानक बोरा  से बढ़कर 4000 हजार रुपये हुआ।         30 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों को वर्ष 2023 के तेदूपत्ता संग्रहण के लाभांश 115 करोड़ रुपए की बोनस राशि का वितरण।         पीएम जन-मन मिशन में प्रदेश के बैगा, भारिया और सहरिया परिवारों के अविद्युतीकृत घरों तक बिजली पहुँचाने की कार्य योजना स्वीकृत।         छात्रावासों के विद्यार्थियों की समस्याओं के निराकरण एवं मार्गदर्शन हेतु 24×7 मित्र हेल्पलाइन प्रारंभ की गई।         विमुक्त, घुमन्तू एवं अर्द्ध-घुमन्तु वर्ग के बालकों को मिलने वाली स्कॉलरशिप 1230 रुपए से बढ़ाकर 1550 रुपए की गई। बालिकाओं को मिलने वाली स्कॉलरशिप 1,270 रुपए से बढ़ाकर 1,590 रुपए प्रतिमाह की गई।         विशेष पिछड़ी जनजातीय के युवाओं को पुलिस, सेना एवं होमगार्ड में भर्ती कराने के लिये प्रशिक्षण हेतु  बैगा, भारिया एवं सहरिया बटालियन का गठन।         विशेष सशस्त्र पुलिस बल (SAF) की 35वीं बटालियन, मण्डला का नामकरण वीरांगना रानी दुर्गावती के नाम पर किया जाएगा।         पेसा मोबिलाइजर्स का मानदेय 4 हजार रुपए प्रतिमाह से बढ़ाकर 8 हजार रुपए  प्रतिमाह करने का निर्णय।         छिंदवाड़ा में बादल भोई जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय एवं जबलपुर में राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का लोकार्पण किया।         ग्वालियर-बेंगलुरू, ग्वालियर-अहमदाबाद और ग्वालियर-दिल्ली-अयोध्या विमान सेवा का शुभारंभ।         350 करोड़ रुपये की लागत से इंदौर में एलिवेटेड कॉरिडोर का भूमि-पूजन हुआ। इसके अलावा भोपाल, देवास, ग्वालियर, जबलपुर एवं सतना में भी बन रहे हैं एलिवेटेड कॉरिडोर।         प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 2 अलग-अलग कार्यक्रमों में 24 हजार 500 (17000+7500) करोड़ रुपये की अधोसंरचना परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया।         प्रधानमंत्री मोदी द्वारा अमृत भारत स्टेशन योजनांतर्गत मध्यप्रदेश के 33 स्टेशनों के पुनर्विकास कार्य का शिलान्यास एवं 133 रेल ओवर ब्रिज  एवं अंडरपास का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया।         मध्यप्रदेश को 364 विभिन्न रेल परियोजनाओं की सौगात। प्रदेश की चौथी सेमी-हाई स्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस (खजुराहो से हजरत निजामुद्दीन) ट्रेन की सौगात मिली।           निशातपुरा-संत हिरदाराम नगर रेल खण्ड का लोकार्पण।         भोपाल, इन्दौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन एवं सागर में प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के अंतर्गत 550 से अधिक शहरी ई बसों का संचालन करने का निर्णय।         जबलपुर में 485 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से मध्यप्रदेश राज्य न्यायिक अकादमी के लिये नवीन भवन निर्माण की स्वीकृति।         उज्जैन-जावरा के मध्य 4-लेन ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल्ड हाई-वे निर्माण के लिए 5 हजार 17 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति। इस मार्ग के निर्माण से उज्जैन, इंदौर एवं आस-पास के क्षेत्र मुम्बई-दिल्ली 8 लेन इण्डस्ट्रीयल कारीडोर (एक्सप्रेस-वे) से जुड़ जाएंगे।         1540 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर एवं चंबल संभाग की बैठक लेकर दिए निर्देश

सरकार की जन हितैषी योजनाओं का मिले सबको लाभ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव विकास के लिए विधायक अपनी विधानसभा का बनाएं मास्टर प्लान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर एवं चंबल संभाग की बैठक लेकर दिए निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सभी विधायक अपनी-अपनी विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए समर्पित होकर कार्य करें। जनता के काम समय पर हों, हम सबको इसकी चिंता करनी होगी। इसलिए सभी विधायक अपनी विधानसभा का अगले 5 साल का मास्‍टर प्लान बनाएं, जिससे क्षेत्र का योजनाबद्ध विकास हो सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में ग्वालियर एवं चंबल संभाग की समीक्षा बैठक में वर्चुअली जुड़े स्थानीय जन-प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। बैठक में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांग जन कल्याण, उद्यानिकी तथा खाद्य प्र-संस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, क्षेत्रीय विधायिका सुसरला रावत, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, ग्वालियर संभाग के प्रभारी अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल, चंबल संभाग के प्रभारी अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव सहित अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन, प्रमुख सचिव संजय शुक्ल, प्रमुख सचिव दीपाली रस्तोगी, प्रमुख सचिव विवेक पोरवाल सहित अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए जनता को बेहतर सेवाएं देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसमें किसी प्रकार की उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने दोनों संभागों में चल रहे एवं लंबित विकास कार्यों की गहनता से समीक्षा कर कहा कि निर्माण कार्य तय वक्त पर ही पूरे करें, जिससे आमजन को समय पर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। जनकल्याण अभियान को जन-जन तक पहुंचाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 11 दिसम्बर से 26 जनवरी, 2025 तक जनकल्याण अभियान चलाया जा रहा है। ‘आपकी सरकार-आपके द्वार’ की भावना को अंगीकृत कर सरकार ने जन-जन तक पहुंचने का अभियान चलाया है। सभी विधायक और अधिकारी सुनिश्चित करें कि सरकार की जन हितैषी योजनाओं का लाभ प्रभावितों पर पहुंचे। इसके लिए सभी विधायक और अधिकारी घर-घर तक जाएं और अभियान की प्रगति का स्वयं अवलोकन करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने विभागीय मैदानी अमले को सतर्क करें और सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकार की सेवाओं, सुविधाओं, योजनाओं एवं विकास कार्यक्रमों का लाभ पाने से वंचित न रहे। ग्वालियर की जेसी मिल्स के मजदूरों का लंबित भुगतान तुरंत कराएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर के जेसी मिल्स के मजदूरों का भुगतान लंबित होने की जानकारी मिली है। कलेक्टर ग्वालियर एवं संबंधित राजस्व अधिकारी जल्द से जल्द जरूरी कार्यवाही पूरी कर इन मजदूरों को उनका लंबित भुगतान प्रदान करें। उन्होंने कहा कि जेसी मिल्स का कोई भी मजदूर उसके वाजिब हक या दावा भुगतान पाने से वंचित न रहे। सभी कलेक्टर सावधानी रखें, लापरवाही बर्दाशत नहीं की जाएगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुना जिले के राघौगढ़ में हुई बोरवेल दुर्घटना पर संज्ञान लेकर कलेक्टर गुना से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि बोरवैल में गिरने से बालक की मृत्यु बेहद दु:खद है। सभी कलेक्टर यह सुनिश्चित करें कि इस प्रकार की दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति न होने पाए। सरकार किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने सभी कलेक्टर को निजी परिसर में भी खुले पड़े बोरवैलों को बंद करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि अपने मैदानी अमले को मुस्तैद करें और बोरवेल खुले न छोड़े जाएं इसके लिए समाज में जन-जागरूकता का प्रसार भी करें। गौ-शालाओं का करें समुचित प्रबंधन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिये हैं कि गौ-वंश के लिए चारे की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करें। नगरपालिका एवं नगर निगम अपनी-अपनी सीमा क्षेत्र में छोटी गौ-शालाओं का समुचित प्रबंधन करें। बड़ी गौ-शालाओं के लिए राज्य सरकार प्रबंधन की व्यवस्था करेगी। प्रभारी अपर मुख्य सचिव 8 जनवरी को ग्वालियर में करेंगे समीक्षा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर संभाग के जन-प्रतिनिधियों द्वारा रखे गये सुझाव पर बताया कि ग्वालियर संभाग के प्रभारी अपर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल 8 जनवरी 2025 को ग्वालियर में बैठक करेंगे। सभी जन-प्रतिनिधि लिखित में अपना मांग-पत्र सौंप दें। सभी की मांगों पर विचार कर सरकार समुचित निर्णय लेगी। उन्होंने कहा कि अब संभाग स्तरीय बैठकों में वित्त विभाग के संभागीय अधिकारी भी शामिल होंगे। यह अधिकारी वित्तीय मामलों में अपनी पक्ष और सुझाव रख सकेंगे।  

ताल दरबार, कत्थक कुंभ, उज्जैन डमरू वादन, गीता पाठ और शास्त्रीय बैंड के बने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड

पांच गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड ने प्रदेश की संस्कृति और कला को दिलाई वैश्विक पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश की संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन का रचा जा रहा नया इतिहास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ताल दरबार, कत्थक कुंभ, उज्जैन डमरू वादन, गीता पाठ और शास्त्रीय बैंड के बने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश सांस्कृतिक अभ्युदय के नए युग में प्रवेश कर रहा है। आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के द्वारा स्थानीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन का नया इतिहास रचा जा रहा है। सांस्कृतिक संवहन के क्रम में प्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय खजुराहो नृत्य समारोह का स्वर्ण जयंती वर्ष और तानसेन समारोह का शताब्दी वर्ष का गौरवशाली आयोजन किया गया। हमारे देश में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परम्परा के गौरव को अक्षुण्ण बनाए रखने की परम्परा निरंतर विद्यमान रही है। सांस्कृतिक आयोजनों और धरोहरों को आज की पीढ़ी से जोड़ते हुए ताल दरबार, कथक कुंभ, उज्जैन डमरू वादन, गीता पाठ और शास्त्रीय बैंड में बने पांच गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड ने प्रदेश की संस्कृति और कला को वैश्विक पहचान दिलाई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि संगीत सम्राट तानसेन की नगरी ग्वालियर में तानसेन समारोह के अवसर पर भारत के राष्ट्रगीत वंदे मातरम की धुन पर ग्वालियर किले की प्राचीर पर ‘ताल दरबार’ में 1282 तबला साधकों ने मध्यप्रदेश के शास्त्रीय संगीत को वैश्विक पहचान दिलाई है। यूनेस्को द्वारा चयनित संगीत नगरी में राष्ट्रीयता का उद्घोष करते हुए कला साधकों ने प्रदेश के इतिहास, संस्कृति और संगीत की त्रिमूर्ति को 25 दिसंबर 2023 को पहली बार गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल खजुराहों के कंदरिया महादेव मंदिर के विशाल प्रांगण में अन्तर्राष्ट्रीय खजुराहो नृत्य समारोह के दौरान ‘राग बसंत’ की लय पर 20 फरवरी 2024 को 1484 कथक नृत्य साधकों के थिरकते कदमों ने दूसरा गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड रच दिया। कथक कुंभ में हाथों में दीपक लेकर जब लय और ताल के साथ घुंघरू साधकों के कदम मिले तब भारतीय संस्कृति और परंपरा एक साथ मुस्कुरा उठीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि पवित्र श्रावण मास में उज्जैन में भगवान श्रीमहाकालेश्वर चंद्रमौलेश्वर के रूप में पालकी में, हाथी पर मनमहेश के रूप में और गरूड़ रथ पर शिव-तांडव स्वरूप में विराजित होकर नगर भ्रमण पर निकले। उनका स्वागत करते हुए 5 अगस्त 2024 को महाकाल लोक के शक्तिपथ पर 1500 से अधिक डमरू वादकों ने एक साथ एक समय-समय में लयबद्ध डमरू वादन कर तीसरा विश्व कीर्तिमान रचा। यह सिर्फ गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड नहीं था बल्कि बाबा महाकाल की नगरी से देश के आध्यात्मिक पुनरुत्थान का शंखनाद था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि भगवान श्रीकृष्ण ने जन्म से लेकर मृत्यु तक अपनी लीलाओं और आदर्शों के माध्यम से समूचे समाज को प्रेरणा दी है। भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और पवित्र धर्मग्रंथ “गीता” की कर्म पथ, भक्ति मार्ग और शांति का संदेश से जन जन को आलोकित करते हुए 1721 आचार्य और बटुकों ने इतिहास रच दिया। 11 दिसंबर 2024 को गीता जयंती के अवसर पर श्रीमद्भगवद गीता के तीसरे ध्याय कर्मयोग का सस्वर पाठ कर चौथा गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का पावन कार्य किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि भारतीय संस्कृति में विद्यमान संगीत की लंबी प्राचीन विरासत की परंपरा को जीवंत रखते हुए तानसेन संगीत समारोह का गौरवशाली शताब्दी समारोह मनाया गया। स्वर सम्राट तानसेन को स्वराजंलि अर्पित करते हुए एक बार फिर ऐतिहासिक ग्वालियर किले के प्राचीर से शास्त्रीय बैंड के 546 कला साधकों ने 9 शास्त्रीय वाद्यों क्रमश: वायलेन, हारमोनियम, सारंगी, बांसुरी, सरोद, संतूर, शहनाई, पखावज, तबले पर समवेत प्रस्तुति कर पांचवॉ विश्व कीर्तिमान रच दिया। भारतीय शास्त्रीय संगीत की सुर, लय और ताल को विश्व पटल पर अंकित करने का यह अनूठा संगीतमय प्रयास रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी का मानना है कि यह विश्व रिकॉर्ड प्रदेश की उपलब्धियों का साधन मात्र नहीं है, अपितु भारत की सांस्कृतिक विरासत की वैश्विक स्थापना का पुण्य प्रवाह है। प्रधानमंत्री मोदी के आध्यात्मिक-सांस्कृतिक अभ्युदय के संकल्प सि‌द्धि की दिशा में हमारी मध्यप्रदेश सरकार भी ठोस कदमों से आगे बढ़ रही है। मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासतों की ओर दुनिया भर से खिंचे चले आते संस्कृति और कला प्रेमी मध्यप्रदेश के सांस्कृतिक अभ्युदय के अंतर्राष्ट्रीय संवाहक बन रहे हैं। निश्चित है आने वाले समय में मध्यप्रदेश न सिर्फ देश का सांस्कृतिक केंद्र बनेगा बल्कि सारथी बन देश को सांस्कृतिक अभ्युदय के नए युग में प्रवेश कराएगा।  

फसल उपार्जन के लिए जो छोटे किसान नहीं आते, उन्हें भी सरकार सहयोग देने पर कर रही विचार

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्राकृतिक आपदा से फसलों की क्षति के प्रावधान के अनुसार किसानों को राहत राशि दी जाएगी। देश के साथ प्रदेश में भी मौसम बदला है। किसानों के किसी भी संकट में सरकार संवेदनशील होकर उनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को किसी भी माध्यम से फसल बेचे जाने की सुविधा देती है। ऐसे छोटे किसान जिनकी फसलों का उपार्जन नहीं हो पाता और वे अपने स्तर से फसल बेच देते हैं, उन्हें प्रति हैक्टेयर राशि प्रदान करने अथवा बोनस के संबंध में आवश्यक सहायता के लिए शीघ्र निर्णय लिया जाएगा। इस संबंध में विचार कर उन किसानों को लाभान्वित करने का निर्णय लिया जाएगा जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं अथवा अपेक्षाकृत सक्षम नहीं हैं। ओला,पाला आदि से फसलों के नुकसान पर जिला स्तर पर आवश्यक निर्देश दिये गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से आहवान किया कि विपरीत मौसम में फसलों के साथ स्वयं की सुरक्षा के लिए समस्त ऐहतियात बरतें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्रामीण या शहरी क्षेत्र में ट्यूब बैल खुले नहीं रहना चाहिए। ट्यूब वेल खुले रखना प्रतिबंधित है। ऐसे मामलों में जानकारी मिलते ही क्षेत्र के थाने में जानकारी दी जाए। ऐसी लापरवाही पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के नागरिकों को भी असमय वर्षा, शीत आदि से बचाव के लिए सावधानियां बरतने का आग्रह किया है।  

नए साल में नया फॉर्मूला लेकर चलेगी मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार, होगी बड़ी प्रशासनिक सर्जरी!

भोपाल मोहन सरकार नए साल में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की तैयारी में है। मंत्रालय से लेकर जिलों तक बदलाव होंगे। विकसित मध्य प्रदेश के लक्ष्य को इसका आधार बनाया जाएगा। सरकार के स्तर पर खाका तैयार हो रहा है। बीते साल में पिछड़ने वाले अधिकारियों से नए फार्मूले के आधार पर निपटा जाएगा। मध्य प्रदेश का विजन डॉक्यूमेंट तैयार हो रहा है।  सरकार इसमें उद्योग, कृषि-वनोत्पाद, अद्योसंरचनाएं एवं नगरीय विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सेवाएं, सुशासन एवं नागरिक सेवाएं और वित्तीय नियोजन एवं संवर्धन जैसे 8 कार्य समूह तय किए हैं। माना जा रहा है कि इन समूहों में पहले से कुछ काबिल अफसर हैं लेकिन कुछ का परफार्मेंस बिल्कुल भी ठीक नहीं है। यहां बदली जा सकती है प्रशासनिक जमावट -प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग व राज्य निर्वाचन आयोग में आयुक्त की पदस्थापना। जिलों में विवादित हो चुके कलेक्टरों पर गाज गिरनी तय है, उनको भी वापस बुलाया जाना है जो 3 साल पूरे कर चुके हैं। -ऐसे जिले जहां पक्ष-विपक्ष के विधायकों ने सदन में गंभीर मुद्दे उठाए और शासन-प्रशासन को किरकिरी झेलनी पड़ी, वहां कलेक्टरों पर गाज गिरनी तय। -राजस्व महाभियान में खराब परफार्मेंस वाले कमिश्नर- कलेक्टर भी निशाने पर होंगे। खाद संकट के दौरान जिलों में बेहतर वितरण व्यवस्था नहीं बना पाने, किसानों को नहीं समझा पाने वाले कुछ कलेक्टर भी राडार पर बताए जा रहे हैं। -ऐसे जिले जहां से सीएम हेल्पलाइन व अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों का ग्राफ कम करने के लिए बगैर वैधानिक निराकरण के बंद करने की दोबारा शिकायतें मिल रही हैं, उन संबंधित अधिकारियों को भी बदला जा सकता है।

दोनों प्रदेशों के निर्माण विभाग के अधिकारियों ने नवीन तकनीकों पर विस्तार से की चर्चा

भोपाल लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के नेतृत्व में गुजरात अध्ययन यात्रा पर गए दल ने दूसरे दिन गांधीनगर स्थित भास्कराचार्य संस्थान (BISAG-N) एवं अहमदाबाद साबरमती रिवर फ्रंट परियोजना का दौरा किया। अध्ययन दल ने गुजरात सड़क एवं भवन विकास विभाग के अधिकारियों के साथ निर्माण क्षेत्र में उपयोग की जा रही नवीनतम तकनीकों पर भी विस्तार से चर्चा की। भास्कराचार्य संस्थान की सेवाओं की सराहना  मंत्री सिंह ने भास्कराचार्य संस्थान द्वारा प्रदान की जा रही आईटी सेवाओं की सराहना करते हुए इन्हें अनुकरणीय बताया। मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग में इन्हें लागू करने के लिए आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने भास्कराचार्य संस्थान की तकनीकी क्षमताओं और सेवाओं को बेहतरीन बताया। मंत्री सिंह ने मुख्य अभियंता एवं अधिकारियों को एक दिन और रुककर संस्थान में प्रशिक्षण लेने और इन तकनीकों को बेहतर तरीके से समझने के निर्देश दिए। भू-सूचना विज्ञान संस्थान संस्थान के प्रमुख टीपी सिंह ने प्रतिनिधि मंडल को संस्थान की विभिन्न गतिविधियों और जी.आई.एस तकनीक पर आधारित पीएम गतिशक्ति परियोजना की विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस दौरान BISAG-N संस्थान ने मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग को विभिन्न प्रकार के आईटी समाधानों और जीआईएस बेस्ड एप्लीकेशन की सेवाएं कम लागत पर प्रदान किए जाने की जानकारी दी। साबरमती रिवर फ्रंट परियोजना का दौरा  मंत्री सिंह ने अहमदाबाद स्थित साबरमती रिवर फ्रंट परियोजना का भी दौरा किया। उन्होंने 1200 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस परियोजना को शहरी विकास, नदी संरक्षण, पर्यावरण सुधार और सौंदर्य के साथ नवीनतम निर्माण तकनीकों का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना ने शहरी विकास और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित किया है।  भ्रमण के दौरान रिवर फ्रंट निर्माण के लिये गठित कंपनी के कार्यालय में दिये गये प्रेजेंटेशन में रिवर फ्रंट की शुरुआत, निर्माण में आने वाली चुनौतियां, चरणबद्ध निर्माण प्रक्रिया, और भविष्य की योजना के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में साबरमती रिवर फ्रंट की कुल लंबाई 22 किलोमीटर से भी अधिक होगी और यह दुनिया का सबसे लंबा रिवर फ्रंट बनेगा।  मंत्री सिंह ने साबरमती नदी पर बने अटल ब्रिज की भी सराहना की। उन्होंने इसे निर्माण तकनीक का एक अनूठा उदाहरण बताते हुए कहा कि 80 करोड़ रुपये की लागत से बना यह ब्रिज आधुनिक तकनीकी, अद्भुत सौंदर्य और कलाकृति का शानदार नमूना है। गुजरात सड़क एवं भवन विकास के अधिकारियों के साथ की मीटिंग  दूसरे दिन सत्र की शुरुआत मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग के प्रेजेंटेशन से हुई। लोक निर्माण विभाग ने अपने संक्षिप्त प्रस्तुतीकरण में प्रदेश में अपनाई गयी नई तकनीकों, नवाचारों और आईटी परियोजनाओं की जानकारी दी। गुजरात सड़क एवं भवन विकास के अधिकारियों ने भी मध्यप्रदेश में नियोजित एवं क्रियान्वित नवाचारों को सफल बनाने के लिए अपने सुझाव दिए। सड़क पुल एवं भवन निर्माण के दौरान आने वाली सामान्य समस्याओं पर दोनों राज्यों के अधिकारियों ने चर्चा कर अपने समाधान एक-दूसरे से साझा किये।  मंत्री सिंह ने गुजरात के दो दिवसीय अध्ययन के अनुभवों और तकनीकों को मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में प्रदेश में लागू करने की बात कही। उन्होंने कहा इस तरह की अध्ययन यात्राओं और परिचर्चाओं को भविष्य में भी निरंतर जारी रखा जाएगा, जिससे प्रदेश में विकास कार्यों में नई तकनीकों और सर्वोत्तम प्रेक्टिसेज़ का समावेश हो सके।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार रात भोपाल के रैन बसेरों का निरीक्षण किया

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देर रात भोपाल के रैन बसेरों में पहुँचकर जरूरतमंदों और महिलाओं को वितरित किए कंबल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर को सभी रैन बसेरों में राम-रोटी प्रारंभ करने के दिए निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार रात भोपाल के रैन बसेरों का निरीक्षण किया भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार रात भोपाल के रैन बसेरों का निरीक्षण किया। उन्होंने रैन बसेरों में राहगीरों, गरीबों, निराश्रितों से चर्चा की, उनके हालचाल जाने और सभी को कंबल वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव यादगार-ए-शाहजहांनी पार्क स्थित रैन बसेरा पहुंचे। उन्होंने रैन बसेरे में मौजूद कुरवाई के करोड़ीलाल प्रजापति, हशीब खान, संजु कुशवाहा, रवि शर्मा और पथरिया दमोह के दिव्यांग प्रताप मालवीय से चर्चा कर उनके हालचाल जाने और रैन बसेरे की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। राहगीरों ने बताया कि यहां की सभी व्यवस्थाएं ठीक हैं। भोजन की व्यवस्था भी होनी चाहिए। इस पर मुख्यमंत्री ने कलेक्टर भोपाल को निर्देशित किया कि सभी रैन बसेरों में राम-रोटी की व्यवस्था करें। दिव्यांग प्रताप मालवीय ने बताया कि वह हर एक-दो दिन में आ जाते हैं, उनकी चार बेटियां हैं, गुजारे की कोई व्यवस्था नहीं है, इसलिए वे यहां आकर रहते हैं। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर को प्रताप की हरसंभव मदद करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सभी को कंबल प्रदान किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इसके बाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 6 के पास स्थित रैन बसेरा पहुंचे। रैन बसेरे का निरीक्षण कर उन्होंने वहां मौजूद सभी राहगीरों और गरीब व्यक्तियों से चर्चा कर उन्हें भी कंबल वितरित किए। मुख्यमंत्री ने यहां विशाल मालवीय, शंकर मालवीय, ओमराज, आशीष तिवारी, दिव्यांग विजय आईना (गुनावा) सभी से चर्चा कर उनके यहां आकर रूकने की वजह पूछी। बताया गया कि सब आगे के सफर के लिए यहां रूके हैं। महिलाओं से चर्चा की, उन्हें भी कंबल दिए रैन बसेरे का निरीक्षण कर लौटते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्लेटफार्म नंबर 6 के सामने ही कुछ महिलाओं को बैठे देखा। उन्होंने वाहन रूकवाकर महिलाओं के पास जाकर चर्चा की और वहां बैठने की वजह पूछी। महिलाओं ने बताया कि वे सब्जी बेचने आती हैं। रात कहां बिताओगी, मुख्यमंत्री ने पूछा तो महिलाओं ने बताया कि यहीं पर। खुले आसमान के नीचे रात बिताने की बात जानकार मुख्यमंत्री सभी महिलाओं को कंबल वितरित किए और कलेक्टर से कहा कि इन सभी के लिए भी व्यवस्थाएं की जाएं। उन्होंने कहा कि सरकार गरीब और महिलाओं के कल्याण के लिए हर जरूरी कदम उठा रही है। किसी भी गरीब को सरकार की योजनाओं से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। सर्दी के इस मौसम में कंबल वितरण से जरूरतमंदों को बड़ी राहत मिली। मुख्यमंत्री ने राहगीरों से संवाद किया और उनकी समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के वंचित वर्गों के लिए हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए तत्पर है। किसी भी व्यक्ति को बेसहारा नहीं रहने देंगे। गरीब कल्याण मिशन के तहत समाज के कमजोर तबकों को समर्थ बनाने के लिए हम हर कदम उठायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार का मुख्य उद्देश्य समाज के हर व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना है। ठंड के इस मौसम में किसी को भी परेशानी का सामना न करना पड़े, यही हमारी प्राथमिकता है। राहगीरों और गरीबों ने मुख्यमंत्री की इस संवेदनशीलता की सराहना करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने अपनी संवेदनशीलता का परिचय देते हुए सभी जरुरतमंदों को कंबल एवं गर्म कपड़े देकर सर्दी से जितना हो सके, बचने की अपील की। इस दौरान कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, नगर निगम कमिश्नर हरेन्द्र नारायण सहित सुमित पचौरी, जन-प्रतिनिधि एवं अधिकारी भी उपस्थित रहे।  

मोहन भागवत का 6 दिवसीय छत्तीसगढ़ दौर, सांय और प्रातः शाखा में शामिल होंगे

रायपुर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत आज से 6 दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर रहेंगे. मोहन भागवत शाम 6 बजे रायपुर पहुंचेंगे. प्रवास के दौरान टोली बैठक, सांय और प्रातः शाखा में शामिल होंगे. 6 दिवसीय दौरे पर मोहन भागवत आएंगे छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत आज 6 दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ आएंगे. आज शाम 6 बजे रायपुर पहुंचेंगे मोहन भागवत. प्रवास के दौरान टोली बैठक, सांय और प्रातः शाखा में शामिल होंगे. डॉ मोहन भागवत एक जनवरी 2025 को दोपहर रायपुर से दिल्ली रवाना होंगे. संघ के सौ साल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अगले साल सौ साल पूरे हो रहे हैं। इस शताब्दी वर्ष में आरएसएस देशभर में कार्यक्रम करेगा। किस तरह के कार्यक्रम होने हैं, इसको लेकर लगातार सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत का राज्यों का दौरा चल रहा है। इसी कड़ी में उनका 27 से 31 दिसंबर तक रायपुर प्रवास होगा। इस दौरान वे अलग-अलग सत्र में कार्यकर्ताओं व वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संगठन को मजबूत करने पर चर्चा करेंगे। शताब्दी वर्ष में आरएसएस का बड़ा फोकस पंच परिवर्तन पर है। इसके बारे में जानकारी देकर बताया जाएगा, क्या-क्या करना है। स्थापना का शताब्दी वर्ष मना रहा RSS 1925 में स्थापित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इस वर्ष अपनी स्थापना का शताब्दी वर्ष मना रहा है। इसके लिए देश के अलग-अलग प्रांतों में सरसंघचालक मोहन भागवत का प्रवास हो रहा है। इस प्रवास में संबंधित प्रांत में संगठनात्मक कार्यों पर वह चर्चा करते हैं। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संगठनात्मक विषयों व शताब्दी वर्ष पर चलने वाले कार्यक्रमों पर वह संगठन के अधिकारियों व कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे। विभिन्न सत्र में लेंगे बैठक सरसंघचालक डॉ. भागवत अपने प्रवास के दौरान विषय आधारित विभिन्न बैठकों में संगठनात्मक कार्यों की चर्चा करेंगे। सरसंघचालक की इन बैठकों में कार्य विस्तार के साथ कार्यकर्ताओं व स्वयंसेवकों के गुणात्मक विकास पर विशेष रूप से चर्चा होगी। संघ ने शताब्दी वर्ष में प्रत्येक गांव व शहरी क्षेत्र तक शाखा के माध्यम से पहुंचने का लक्ष्य रखा है। सरसंघचालक का प्रवास छत्तीसगढ़ में संघ कार्य को सर्वव्यापी एवं सर्वस्पर्शी बनाने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगा। नगर पंचायत रामानुजगंज को नगर पालिका का दर्जा नगर पंचायत रामानुजगंज को नगर पालिका का दर्जा मिला है. नगर वासियों में खुशी की लहर,चौक चौराहों पर पटाखा फोड़कर खुशियां मनाई. रामानुजगंज, जिले सबसे ज्यादा आबादी वाला शहर है. वर्तमान नगर पंचायत के अध्यक्ष रमन अग्रवाल के प्रयास से संभव हुआ. लंबे समय से रामानुजगंज को नगरपालिका का दर्जा दिलाने मांग की जा रही थी. छत्तीसगढ़ राजपत्र में प्रकाशित होने के बाद क्षेत्रवासियों में दिखी खुशी.

प्रधानमंत्री मोदी की अपेक्षाओं पर निरंतर खरा उतरेगा मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

विचार मंथन द्वितीय सत्र सार्थक रहा मंथन: 2024, मंत्रीगण के मिले महत्वपूर्ण सुझाव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश को अनेक क्षेत्रों में हब बनाने पर हुआ गंभीर विचार-विमर्श प्रधानमंत्री मोदी की अपेक्षाओं पर निरंतर खरा उतरेगा मध्यप्रदेश अगला मंथन शिविर विभागीय स्तर पर होगा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पूरे दिन चला मंथन-2024 का आयोजन सार्थक रहा। मुख्य रूप से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा युवा, गरीब, महिला और किसान, इन चार प्रमुख वर्गों के कल्याण के लिए निर्धारित की गई प्राथमिकता के अनुसार कार्य किया जाएगा। इसके लिए शीघ्र ही चार मिशन कार्य करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने सुशासन का महत्व प्रतिपादित किया है। सुशासन को दृष्टिगत रखते हुए आज सम्पन्न मंथन शिविर बैठक में विस्तृत विचार- विमर्श किया गया है। आज लिए गए निर्णय के अनुसार इस तरह की विमर्श बैठकें अब विभाग स्तर पर की जाएंगी। मध्यप्रदेश को अनेक क्षेत्रों में हब बनाने पर गुरूवार को गंभीर विचार-विमर्श हुआ है। मंत्रि-परिषद के सदस्यों को विभागीय कार्यों की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिक से अधिक जनकल्याण राज्य सरकार का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए मध्यप्रदेश सरकार निरंतर प्रयास करेगी। प्रदेश में अस्पतालों में वरिष्ठ रोगियों को सम्मान और सुविधा प्राप्त हो, इस दृष्टि से उनकी पृथक पंक्ति और बैठक का प्रबंध किया जाएगा। प्रदेश में चिकित्सा सुविधाओं ओर चिकित्सा शिक्षा संस्थाओं की संख्या निरंतर बढ़ रही है। प्रदेश में मेडिकल टूरिज्म की दृष्टि से भी प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश को औद्योगिक हब बनाने के लिए रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की जो शुरूआत की गई, उसके सफल परिणाम मिल हैं। उन्होंने बतायया कि प्रधानमंत्री फरवरी 2025 में भोपाल में होने वाली ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में आयेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योगों को भूमि प्रदान करने के लिए उदार नीति का पालन करते हुए अधोसंरचना विकास के प्रयास बढ़ाए जाएंगे। उद्योग स्वयं विभिन्न विकास कार्यों को आवंटित भूमि के अनुसार क्रियान्वित करेंगे, इससे राज्य की अपनी सम्पदा के विकास और सुविधाओं में वृद्धि संभव होगी। प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यप्रदेश की प्रशंसा की गई , प्रदेश विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ेगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. अटल जी की 100वीं जयंती पर खजुराहो में 25 दिसम्बर को केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के भूमि-पूजन के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मध्यप्रदेश ने एक वर्ष में प्रगति के नए आयाम स्थापित किए हैं। मध्यप्रदेश के पर्यटन की उन्होंने सराहना की और विश्व के 10 बड़े पर्यटन संभावनाओं से भरे क्षेत्रों में मध्यप्रदेश के शामिल होने का विशेष उल्लेख किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा किए गए मध्यप्रदेश के इस विशेष उल्लेख का सदैव सम्मान करेगी। मध्यप्रदेश पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश मेडिकल टूरिज्म के क्षेत्र में भी निरंतर कार्य करेगा। प्रदेश में 30 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। आने वाले एक वर्ष में इनकी संख्या 50 से अधिक हो जाएगी। पांच नए आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज प्रारंभ करने की पहल हुई है और शीघ्र ही प्रदेश में इनकी संख्या 60 हो जाएगी। प्रदेश में 55 जिले हैं, जिलों से इससे अधिक मेडिकल कॉलेज प्रदेश में हो जाएंगे, जिससे मध्यप्रदेश चिकित्सा का हब भी बनेगा। विभिन्न क्षेत्रों में मध्यप्रदेश बनेगा सिरमौर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के प्रतिभाशाली युवा कार्य और रोजगार के लिए अन्य प्रदेशों में जाते हैं। सूचना प्रौद्योगिकी आधारित उद्योगों के विकास, नए मेडिकल कॉलेजों के प्रारंभ होने से उत्पन्न होने वाले रोजगार के अवसर, शिक्षा के क्षेत्र में कार्य की संभावनाओं और कृषि एवं नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में विभिन्न कार्यों को गति मिलने से बड़ी संख्या में युवाओं को काम मिलेगा। मध्यप्रदेश पर्यटन क्षेत्र में हब भी बनेगा। इसके साथ ही चिकित्सा क्षेत्र और आईटी में भी हब बनेगा। संभाग स्तर पर हुई रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के प्रस्ताव क्रियान्वित होंगे। हरित अर्थ व्यवस्था, स्वच्छता, सुशासन के ठोस प्रयासों से राज्य के विकास को गति मिलेगी। मध्यप्रदेश सौर ऊर्जा के उपयोग में आगे है। ओंकारेश्वर में प्रारंभ फ्लोटिंग सोलर प्लांट एक उदाहरण है। नर्मदापुरम जिले के मोहासा-बावई में नवकरणीय ऊर्जा उपकरण निर्माण की इकाइयों को स्थापित करने वाला मध्यप्रदेश पहला राज्य है। किसानों को सस्ती ही नहीं मुफ्त बिजली देने का कार्य नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन के उपायों से संभव हो रहा है। यह क्रांतिकारी परिर्वतन है। मंथन शिविर में मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने क्या कहा     टीम भावना से कार्य करने का प्रयास आवश्यक है।     युवा, महिला, किसान और गरीब कल्याण पर आज मंथन हुआ है।     मंथन शिविर मंत्रीगण और विभागों को कार्यों से यश-प्राप्ति का अवसर भी है।     प्रदेश का बजट पांच वर्ष में दोगुना करने का प्रयास है।     इस मंथन बैठक के बाद आगामी मंथन विभागीय स्तर पर होगा।     ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्रधानमंत्री मोदी जी ने फरवरी माह में मध्यप्रदेश आने की सहमति दी है। यह समिट अपेक्षा से अधिक सफल होगी।     मंत्रीगण पूरे वर्ष के कार्यों की समीक्षा करें।     विभाग स्तर की समीक्षा से यह ज्ञात होगा कि किस क्षेत्र में प्रयास बढ़ाने हैं।     समान स्वरूप के कार्य विभाग किस तरह संयुक्त रूप से कर सकते हैं, यह विचार-विमर्श भी किया गया है।     कुपोषण कम करने के अभियान और 23 जिलों में टीबी नियंत्रण के अभियान सफल हों, ऐसे प्रयास हों।     मंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारी पूर्व की महत्वपूर्ण घोषणाओं और निर्णयों के क्रियान्वयन पर ध्यान दें।     सायबर अपराध नियंत्रण के प्रयास बढ़ाने की आवश्यकता है, इसके लिए निर्धारित रणनीति के अमल पर ध्यान दिया जाए।     मध्यप्रदेश राज्य परिवहन निगम को प्रदेश में पुन: प्रारंभ करने के संबंध में प्रक्रिया प्रारंभ की गई है।     नगरों के विकास के लिए टियर-2 और टियर 3 श्रेणी के अनुसार आबादी के आधार पर अधोसंरचना विकास के लिए भारत सरकार से अधिकतम सहयोग प्राप्त करने के लिए भी मार्ग निकाले जा रहे हैं।     वृंदावन ग्राम और नगरों में गीता भवनों की योजना को शीघ्र क्रियान्वित किया जाएगा।     कृष्ण पाथेय के विकास और राम वन गमनपथ के कार्यों को गति दी जाएगी।     दीर्घ अवधि की योजना … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत प्रेजेंटेशन देखने के बाद जरूरी निर्देश भी दिए

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में हुए मंथन शिविर में विभिन्न प्रेजेंटेशन देखे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत प्रेजेंटेशन देखने के बाद जरूरी निर्देश भी दिए।     मंथन: 2024 के अंतर्गत किसान कल्याण के संबंध में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि सचिव के प्रेजेंटेशन के पश्चात कहा कि किसान संगठनों से भी चर्चा कर सुझाव प्राप्त किए जाएं। मत्स्य-पालन और पशुपालन के लिए किस तरह सुविधाएं बढ़ाई जा सकती हैं।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों के लिए संभाग स्तर पर मेले लगाकर कई कृषि तकनीक और लाभकारी फसलों की जानकारी दी जाए।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बेस्ट प्रैक्टिसेज अपनाई जाएं। अन्य राज्यों में कृषि क्षेत्र के श्रेष्ठ कार्यों का अध्ययन कर राज्य में लागू करें।     आदर्श,श्रेष्ठ और नवाचार आधारित कृषि कार्यों में संलग्न कृषक सम्मानित भी किए जाएं।     मंथन:2024 के अंतर्गत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रमुख सचिव संजय शुक्ला के प्रेजेंटेशन के बाद कहा कि मध्यप्रदेश में बड़े नगरों और महानगरों में अधोसंरचना विकास की दृष्टि से भारत सरकार से अधिकतम सहयोग प्राप्त करने के प्रयास हों।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव के नवकरणीय ऊर्जा के प्रेजेंटेशन के बाद निर्देश दिए कि एक लाख किसानों को सौर ऊर्जा पम्प के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अभियान संचालित करें। योजना को जमीन पर उतारें।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रमुख सचिव उद्योग के प्रेजेंटेशन के बाद कहा कि संभाग स्तर की अगली कॉन्क्लेव 16 जनवरी को शहडोल में होगी। पूर्व में हुए कॉन्क्लेव में निवेश से संबंधित निर्णयों और प्रस्तावों का फॉलो-अप लिया जा रहा है।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में मध्यप्रदेश आने की सहमति दी है। यह समिट अपेक्षा से अधिक सफल होगी।     मुख्य सचिव‍ अनुराग जैन ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने सामूहिकता की शक्ति का उपयोग कार्यशैली में करने, संवेदनशीलता बरतते हुए, क्रियान्वयन पर जोर दिया है। सुशासन प्राथमिकता हो, कानून-व्यवस्था की स्थिति मजबूत हो। प्रधानमंत्री मोदी ने आधारभूत संरचना को भी सशक्त करने पर बल दिया है।     मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा रिफार्म, परफार्म, ट्रांस्फार्म और इन्फार्म की प्रक्रिया का महत्व बताते हुए त्वरित प्रतिक्रिया और निर्णय की जरूरत बताई।     मुख्य सचिव ने चक्रीय अर्थ-व्यवस्था और अपशिष्ट प्रबंधन और प्रदूषण नियंत्रण की प्राथमिकता की भी जरूरत बताई।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया साहिबजादों के बलिदान का स्मरण, वीर बाल दिवस पर बच्चों ने संभाली गुरूद्वारे की व्यवस्था

वीर बाल दिवस, देश-धर्म और समाज के लिए बलिदान होने की अद्वितीय घटना है – मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी ने करतारपुर साहिब के दर्शन और वीर बाल दिवस मनाने जैसी अनेक सौगातें दीं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया साहिबजादों के बलिदान का स्मरण, वीर बाल दिवस पर बच्चों ने संभाली गुरूद्वारे की व्यवस्था मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हमीदिया रोड स्थित गुरुद्वारा पहुंच कर टेका मत्था भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने “वीर बाल दिवस” पर दिन की शुरूआत हमीदिया रोड के गुरुद्वारे में मत्था टेककर, साहिबजादों के बलिदान के स्मरण के साथ की। उन्होंने गुरबाणी का श्रवण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने “जो बोले सो निहाल-सत् अकाल” के उद्घोष के साथ अपना संबोधन आरंभ करते हुए कहा कि आज का दिन भारत ही नहीं, संपूर्ण विश्व के लिए विशेष है। गुरु गोविंद सिंह ने अपना संपूर्ण जीवन, धर्म-समाज और देश के लिए समर्पित कर दिया। ऐसे महान व्यक्तित्व का यह सौभाग्य था कि उनके परिवार ने भी स्वयं को देश पर बलिदान किया। यह इतिहास की अद्वितीय घटना है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने करतारपुर साहब के दर्शन की व्यवस्था और आज के दिन को वीर बाल दिवस के रूप में मनाने जैसी अनेकों सौगातें समाज को प्रदान की हैं। आने वाली पीढ़ियों को वीर बालकों की शहादत से अवगत कराना जरूरी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी के जीवन के विविध पक्षों को पाठ्यक्रम में सम्मिलित किया जा रहा है। आने वाली पीढ़ियों को वीर बालकों की शहादत से अवगत कराने के लिए उनके दृढ़ संकल्प, वीरता और बलिदान का उल्लेख भी पाठ्य पुस्तकों में होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी हमीदिया रोड द्वारा वीर बाल दिवस पर गुरुद्वारे की सभी व्यवस्थाएं बच्चों को सौंपने की पहल और बच्चों द्वारा पूरी जिम्मेदारी से किए जा रहे हैं दायित्व निर्वहन की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहादत की गाथा पुस्तक का किया विमोचन मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी हमीदिया रोड द्वारा प्रकाशित पुस्तक “साहिब गुरु गोविंद सिंह जी के लख्ते जिगर चार साहिबजादे एवं माता गुजरी जी की लासानी शहादत की गाथा” का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लघु फिल्म “शहीदी गाथा” भी देखी। इस अवसर पर भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, सांसद आलोक शर्मा, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि सुनेहा बग्गा तथा सिख समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे।  

पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी लिंक परियोजना की लागत 28 हजार 798 करोड़ और सैंच्य क्षेत्र 04 लाख 72 हजार 970 हेक्टेयर होगा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी लिंक परियोजना के अंतर्गत प्रशासकीय स्वीकृति से शेष रही 16 परियोजनाओं के समूह को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इनकी लागत 28 हजार 798 करोड़ और सैंच्य क्षेत्र 04 लाख 72 हजार 970 हेक्टेयर होगा। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने बताया कि स्वीकृत परियोजना से मध्यप्रदेश में मालवा एवं चंबल क्षेत्र के 10 जिले गुना, शिवपुरी, मुरैना, उज्जैन, सीहोर, इंदौर, देवास आगर मालवा, शाजापुर एवं राजगढ़ के 1865 ग्रामों के 4 लाख 73 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में नवीन सिंचाई क्षमता निर्मित होगी। साथ ही चंबल दाईं मुख्य नहर प्रणाली के आधुनिकीकरण से भिंड, मुरैना एवं श्योपुर जिलों के 1205 ग्रामों में 3 लाख 62 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा सुनिश्चित होगी। मंत्री सिलावट ने बताया कि संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी लिंक परियोजना सह पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार करने के लिए सचिव भारत सरकार एवं दोनों राज्यों के अपर मुख्य सचिव के बीच मध्यप्रदेश और राजस्थान के मुख्यमंत्री की उपस्थिति में 28 जनवरी 2024 को समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। यह परियोजना केंद्र द्वारा वित्त पोषित है, जिसकी लागत का वहन 90% केंद्र और 10% राज्यों द्वारा किया जाएगा। अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा ने बताया कि प्रयोजन अंतर्गत मध्यप्रदेश की परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए कुल अनुमानित लागत 35 हजार करोड़ आकलित की गई है। परियोजना के अंतर्गत मध्य प्रदेश में कुल 21 परियोजना प्रस्तावित थी, जिनमें से पाडोन-एक एवं पाडोन-दो सिंचाई परियोजना के कमांड क्षेत्र को इकजाई कर पाडोन वृहत सूक्ष्म सिंचाई परियोजना एवं पावा सिंचाई परियोजना तथा कटीला सिंचाई परियोजना के कमांड क्षेत्र को इकजाई कर कटीला पावा वृहत सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, इस प्रकार 19 परियोजनाओं का कार्य सम्मिलित है। इनमें से 2 परियोजना उज्जैन जिले की चितावद वृहत सिंचाई परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति 2066.93 करोड़ रूपये 5 अक्टूबर 2023 को और सेवरखेड़ी, सिलारखेड़ी सिंचाई परियोजना के लिये 614.53 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी जा चुकी है। मंदसौर जिले की मल्हारगढ़ (शिवना) सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति प्रक्रियाधीन है। शेष 16 परियोजनाओं को मंत्रि-परिषद द्वारा प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इन परियोजनाओं को मिली प्रशासकीय स्वीकृति मध्यप्रदेश राज्य की परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिये कुल अनुमानित लागत 35000 करोड़ आकलित की गई है। मंत्रि-परिषद द्वारा स्वीकृत परियोजनाओं में धनवाडी वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, नैनागढ बैराज वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, सोनपुर वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, कटीला-पवा वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, श्यामपुर बैराज वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, पार्वती कॉम्प्लेक्स वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, जेठला (वैलेंसिंग रिजरवायर) वृहद सूक्ष्म उदवहन सिंचाई परियोजना, कुम्भराज वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, पाडोन वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना (पाडोन-1 एवं पाडोन-2 बैराज), रंजीत सागर काम्पलेक्स वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, कालीसिंध कॉम्पलेक्स वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, लखुंदर काम्पलेक्स वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, बछौड़ा देपालपुर वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, सीकरी सुल्तानपुर मध्यम सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, सोनचिरी मध्यम सूक्ष्म सिंचाई परियोजना एवं चम्बल नहर प्रणाली के नवीनीकरण और आधुनिकीकरण शामिल है।  

प्रदेश में स्थापित 11 के.वी. फीडर्स को सौर ऊर्जा से ऊर्जीकृत किये जाने की स्वीकृति

मध्यप्रदेश जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियम, 2024 लागू किये जाने की स्वीकृति क्षिप्रा नदी के तट पर घाट निर्माण की स्वीकृति 11 के.वी. फीडर्स को सौर ऊर्जा से ऊर्जीकृत किये जाने की स्वीकृति संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल नदी लिंक परियोजना का हुआ प्रशासकीय अनुमोदन मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक गुरूवार को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियम, 2024 लागू किये जाने की स्वीकृति दी है। महा-रजिस्ट्रार कार्यालय, भारत सरकार से प्राप्त प्रारूप नियम के अनुरूप मध्यप्रदेश जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियम, 2024 तैयार किया गया है। इसके अंतर्गत मध्यप्रदेश जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियम, 1999 की विभिन्न धाराओं में संशोधन किया गया है। मध्यप्रदेश जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियम, 2024 के मुख्य बिंदुओं में जन्म और मृत्यु प्रमाण-पत्र के डिजिटल रजिस्ट्रीकरण और इलेक्ट्रॉनिक परिदान का उपबंध, रजिस्ट्रीकृत जन्म और मृत्यु का राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय डाटाबेस तैयार करना, दत्तक ग्रहण किये गये, अनाथ, परित्यक्त, सरोगेट बच्चे और एकल माता-पिता या अविवाहित माता से बच्चे के रजिस्ट्रीकरण प्रक्रिया को सुगम बनाया जाना आदि शामिल है। जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) अधिनियम, 2023 के प्रारंभ की तारीख को या उसके पश्चात् जन्म लेने वाले किसी व्यक्ति के जन्म की तारीख और स्थान को प्रमाणित करने के लिए जन्म प्रमाण-पत्र उपयोगी है। किसी आपदा या महामारी में मृत्यु के त्वरित रजिस्ट्रीकरण और प्रमाण पत्र जारी करने के लिये विशेष “उप-रजिस्ट्रार” की नियुक्ति का उपबंध किया गया है। किसी जन्म या मृत्यु के 30 दिन के पश्चात् किंतु एक वर्ष के भीतर विलंबित सूचना की दशा में नोटरी या राज्य सरकार द्वारा प्राधिकृत किसी अन्य अधिकारी के समक्ष किसी शपथ-पत्र के स्थान पर स्व-अनुप्रमाणित दस्तावेज को प्रस्तुत करने का उपबंध किया गया है। किसी जन्म या मृत्यु के एक वर्ष के पश्चात् रजिस्ट्रार को विलंबित सूचना की दशा में आदेश करने वाले प्राधिकारी प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट के स्थान पर जिला मजिस्ट्रेट या उपखंड मजिस्ट्रेट या जिला मजिस्ट्रेट द्वारा प्राधिकृत कार्यपालक मजिस्ट्रेट का उपबंध किया गया है। लोकहित में जन शिकायत निवारण के लिए रजिस्ट्रार/जिला रजिस्ट्रार द्वारा की गई कार्यवाही से व्यथित होने पर अपील का प्रावधान है और उपबंधित शास्तियों में वृद्धि की गई हैं। प्रदेश में स्थापित 11 के.वी. फीडर्स को सौर ऊर्जा से ऊर्जीकृत किये जाने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश के कृषकों की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए प्रदेश में स्थापित 11 के.वी. फीडर्स को सौर ऊर्जा से ऊर्जीकृत (सोलराईजेशन) किये जाने की स्वीकृति दी गई। इसके क्रियान्वयन से किसान को सिंचाई के लिये दिन में बिजली उपलब्ध होगी, जिससे उनकी जीवन शैली व्यवस्थित हो सकेगी। सौर संयंत्र से 33/11 किलोवॉट विद्युत वितरण उप केन्द्रों पर स्थापित पॉवर ट्रांसफार्मर पर ओवर-लोडिंग और परिणामतः लो-वोल्टेज एवं पावर कट की समस्या कम होगी। साथ ही विद्युत उप केन्द्रों के उन्नयन पर आने वाले वित्तीय भार को बचाया जा सकेगा। उल्लेखनीय है कि कृषकों की सिंचाई आवश्यकताओं की प्रतिपूर्ति, उनके करीब सौर ऊर्जा का उत्पादन एवं आय के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए केन्द्रीय नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, (MNRE) द्वारा प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम- कुसुम) योजना लागू की गयी है। योजना के अंतर्गत सोलर संयंत्र स्थापना के लिए 1.05 करोड़ रूपये प्रति मेगावाट केन्द्रीय सहायता राशि दी जानी प्रावधानित है। प्रदेश में कुसुम-सी के अंतर्गत पृथक कृषि फीडर्स पर स्थापित कृषि पंप को विद्युत प्रदाय करने के लिए सौर ऊर्जा से ऊर्जीकृत (सोलराईजेशन) किया जायेगा। मंत्रि-परिषद द्वारा आगामी सिंहस्थ में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए क्षिप्रा नदी के तट पर शनि मंदिर से नागदा बायपास तक 29.215 कि.मी. लंबाई के घाट-निर्माण कार्य के लिये 778 करोड़ 91 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रि-परिषद द्वारा संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल नदी लिंक परियोजना के अंतर्गत परियोजना समूह की लागत 28,798 करोड़ 02 लाख रूपये, सैंच्य क्षेत्र 4 लाख 72 हजार 970 हेक्टेयर का प्रशासकीय अनुमोदन प्रदान किया गया। स्वीकृति परियोजनाओं से मध्यप्रदेश में मालवा एवं चम्बल क्षेत्र के 10 जिले गुना, शिवपुरी, मुरैना, उज्जैन, सीहोर, इन्दौर, देवास, आगर-मालवा, शाजापुर एवं राजगढ़ में कुल 4.73 लाख हेक्टेयर नवीन सिंचित क्षेत्र और चम्बल की दाईं मुख्य नहर प्रणाली के आधुनिकीकरण से भिण्ड, मुरैना एवं श्योपुर के 1205 ग्रामों में 3.62 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। जनजातीय क्षेत्रों में धरती आबा-जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान प्रारंभ करने की सैधान्तिक स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में पंचायत एवं ग्रामीण विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, ऊर्जा, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, महिला एवं बाल विकास, स्कूल शिक्षा, आयुष, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, तकनीकी शिक्षा कौशल विकास एवं रोजगार, किसान कल्याण तथा कृषि विकास, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास, पशु पालन एवं डेयरी, पर्यटन एवं जनजातीय कार्य विभाग की चिन्हित योजना अंर्तगत शत-प्रतिशत सेचुरेशन के लिए नवीन योजना धरती आबा- जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (DAJGUA) प्रारंभ करने की सैधान्तिक स्वीकृति प्रदान की गई है। अन्य निर्णय मंत्रि-परिषद द्वारा आयुष विभाग के अंतर्गत संचालित शासकीय और स्वशासी आयुर्वेद/यूनानी/होम्योपैथी के 9 महाविद्यालयों में स्नातक प्रशिक्षु (इंटर्नशिप) एवं स्नातकोत्तर अध्येताओं की शिष्यवृत्ति एवं गृह चिकित्सकों के समेकित वेतन की वृद्धि को उपभोक्ता मूल्य सूचकांक से जोड़े जाने की सैद्धांतिक सहमति प्रदान की है।  

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