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हरिद्वार के आचार्य ने मध्यप्रदेश प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव से की भेंट

भोपाल हरिद्वार से मध्यप्रदेश प्रवास पर आए आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद जी गिरि महाराज ने गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भेंट की। स्वामी जी निरंजनी अखाड़ा के प्रमुख हैं। आचार्य स्वामी कैलाशानंदने कहा कि उज्जैन में साधु संतों को स्थाई आश्रम के लिए भूमि आवंटित करने का निर्णय प्रशंसनीय है। आचार्य महामंडलेश्वर ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से कहा कि आप जन कल्याण के लिए निरंतर महत्वपूर्ण निर्णय ले रहे हैं। आचार्य स्वामी कैलाशानंद ने कहा कि वे उज्जैन में गौशाला स्थापित करेंगे। स्थाई आश्रम होने से साधु संतों का अब आगमन आसानी से होता रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर आचार्य स्वामी कैलाशानंद को शॉल और श्रीफल से सम्मानित किया एवं उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया। आचार्य स्वामी कैलाशानंद ने बताया कि वे उज्जैन में महाकाल दर्शन के लिए आए हैं। आचार्य जी ने भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव का शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया। आचार्य स्वामी कैलाशानंद ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रयागराज कुंभ में आने का आमंत्रण भी दिया।  

एमपी का सिंचाई रकबा बढ़ेगा, सौ फीसदी सिंचाई रकबा बनाने प्लान

भोपाल मोहन सरकार की साल 2024 की आखिरी कैबिनेट मीटिंग गुरुवार को आयोजित हुई है। बैठक में मोहन कैबिनेट ने फैसला किया है कि प्रदेश में बिजली की डिमांड में कमी लाने के लिए 11 केवी फीडर्स को सोलराइज किया जाएगा। सरकार ने यह भी तय किया है कि एमपी में सौ फीसदी एरिया को सिंचित बनाया जाएगा। इसके लिए अधिकारियों को प्लान बनाने के निर्देश दिए गए हैं। नगरीय विकास और आ‌वास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि किसानों की डिमांड को देखते हुए 11 केवी फीडर्स को सोलराइज किया जाएगा। इन्हें सोलर प्लांट से जोड़ना है। प्राइवेट सेक्टर भी इन्वेस्ट कर सकता है। भारत सरकार की ओर से प्रति मेगावाट एक करोड़ की सहायता दी जाएगी। इस काम में प्रति मेगावाट 4 करोड़ का खर्च आएगा। योजना में सौ फीसदी लोन मिल जाता है। इसके बाद किसानों को दिन में भी पर्याप्त बिजली दी जा सकेगी। साथ ही कार्बन क्रेडिट का लाभ प्रदेश को मिल सके। इस पर भी काम कर रहे हैं। एमपी में सौ फीसदी सिंचाई रकबा बनाने प्लान बनेगा केन बेतवा और पार्वती कालीसिंध चंबल नदी परियोजना से प्रदेश का सिंचाई रकबा बढ़ने की स्थिति को देखते हुए मोहन कैबिनेट ने तय किया है कि एमपी को सौ फीसदी सिंचित एरिया बनाया जाएगा। केन बेतवा और पार्वती चंबल कालीसिंध परियोजना से सिंचाई और पीने के लिए पानी मिलेगा। एमपी का सिंचाई रकबा बढ़ेगा। इन परियोजनाओं में 90 फीसदी राशि केंद्र और दस फीसदी राज्य सरकार राशि देगी। नदी परियोजनाओं को मिली मंजूरी मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि पार्वती कालीसिंध चंबल नदी जोड़ो परियोजना में 13 जिलों को लाभ मिलेगा। 6.13 लाख हेक्टेयर में नई सिंचाई क्षमता बढे़गी। कैबिनेट में प्रस्ताव आया है। इसमें बताया गया कि केन-बेतवा और पार्वती कालीसिंध से जुड़ी हुई 19 परियोजनाएं हैं, उसमें से 16 को आज कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। दो को पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है। एक परियोजना पर काम चल रहा है जिसे जल्द ही मंजूरी दी जाएगी। वीर बाल दिवस मनाने के फैसले पर पीएम मोदी का अभिनंदन कैबिनेट मीटिंग में वीर बाल दिवस मनाने की पीएम नरेंद्र मोदी ने घोषणा की है। दसवें गुरु गोविन्द सिंह के बच्चों ने सनातन धर्म के लिए आहुति दी है। इस पर पीएम मोदी का अभिनंदन किया गया है। उधम सिंह का जन्म दिन है जिन्होंने जलियां वाला बाग कांड के आरोपी जनरल डायर को लंदन में जाकर मारा था। उन्हें भी श्रद्धांजलि अर्पित की गई है। उज्जैन में शिप्रा नदी के किनारे 29 किमी लंबा घाट कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि उज्जैन में सिंहस्थ की तैयारियों के मद्देनजर सरकार ने तय किया है कि शिप्रा नदी के किनारे 29 किमी का घाट बनाएंगे। चूंकि सिंहस्थ के दौरान एक दिन में दो करोड़ लोग आएंगे। इसलिए श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान रख 29 किमी का घाट बनाया जाएगा। जो शनि मंदिर उज्जैन से शुरू होगा। इसकी लागत 771 करोड़ होगी। यह शिप्रा नदी से दाए साइड में शनि मंदिर से नागदा बायपास तक बनेगा। धरती आबा योजना को कैबिनेट में मंजूरी विजयवर्गीय ने बताया कि, ट्राइबल एरिया के लिए समेकित योजना के माध्यम से धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष योजना में पंचायत भवन, आंगनबाड़ी स्कूल भवन का पंजीयन और शत प्रतिशत लाभ दिलाने के लिए काम करना है। केंद्र सरकार की योजना के अंतर्गत प्रदेश में 52 जिलों के आदिवासियों को इसका लाभ मिलेगा। इन गांवों में आदिवासियों की संख्या 50 फीसदी से अधिक है। कैबिनेट में इन पर भी हुए फैसले – पॉलिटेक्निक, यूनानी कालेज के डॉक्टर्स को इंटर्नशिप मिलती है। इसमें लाभ देने के लिए महंगाई सूचकांक से जोड़ा है। महंगाई बढ़ने के साथ इन्टर्नशिप बढ़ती जाएगी। – जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र जल्दी मिले, इस व्यवस्था को ऑनलाइन करेंगे। खुद सर्टिफाइड कर लोग प्रमाण पत्र हासिल कर सकेंगे। इसके लिए भटकना नहीं पड़ेगा। गलत सर्टिफाइड करने पर संबंधित व्यक्ति दंडित होगा। – पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत अटल ग्रामीण सेवा सदन सभी पंचायतों में बनाया जाएगा। जिसमें गांवों की सभी समस्याओं का निराकरण हो सके। – मोहन सरकार के एक साल पूरे होने पर प्रदेश के 70 फीसदी जिलों में जन कल्याण शिविर लगाए गए हैं। इस दौरान सबसे अधिक 94 हजार फॉर्म योजनाओं के लिए उज्जैन में मिले हैं।

पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल जी की 100वीं जयंती पर ग्वालियर में लगा मानव सेवा का मेला

एम्स के सहयोग से नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन अटलजी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि – मुख्यमंत्री डॉ. यादव शिविर में पहले दिन 13,800 मरीजों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल जी की 100वीं जयंती पर ग्वालियर में लगा मानव सेवा का मेला उद्घाटन समारोह में विधानसभा अध्यक्ष तोमर और सांसद शर्मा भी हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अटल जी जब भारत के प्रधानमंत्री थे तब उन्होंने दिल्ली के एम्स की तर्ज पर भोपाल सहित देश के अन्य राज्यों में एम्स खोलने की शुरूआत की थी, खुशी की बात है उसी भोपाल एम्स की टीम आज ग्वालियर में आयोजित तीन दिवसीय नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर में जरूरतमंद मरीजों का इलाज करने आई है। यह अटल जी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को ग्वालियर के एलएनआईपीई में पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की शताब्दी जयंती के अवसर पर एम्स के सहयोग से आयोजित हो रहे नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का उदघाटन कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वास्थ्य शिविर में बड़ी तादाद में आए मरीजों को ध्यान में रखकर कहा कि ग्वालियर में एम्स खोलने के लिये राज्य सरकार गंभीरता से पहल करेगी। साथ ही यह भी प्रयास किए जायेंगे कि प्रदेश के सरकारी मेडीकल कॉलेज एम्स की तरह स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में सक्षम हों। उन्होंने ग्वालियर में अटल जी की जयंती पर एम्स के सहयोग से विशाल नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने की संरचना तैयार करने के लिये क्षेत्रीय सांसद भारत सिंह कुशवाह की सराहना की। साथ ही चिकित्सकों की बड़ी टीम लेकर शिविर में आने के लिये एम्स प्रबंधन के प्रति भी आभार जताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा पिछले 20 साल में स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी विस्तार किया गया है। वर्ष 2003 तक प्रदेश में केवल 5 मेडीकल कॉलेज और प्रथम वर्ष में सीटों की संख्या मात्र 400 थी। वर्ष 2024 तक प्रदेश में मेडीकल कॉलेज की संख्या 50 हो गई है, जिनमें 17 सरकारी मेडीकल कॉलेज शामिल हैं। साथ ही एमबीबीएस प्रथम वर्ष में सीटों की संख्या 400 से बढ़कर 5 हजार हो गई है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश के सभी 55 जिलों में मेडीकल कॉलेज खोलने के लिये पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार नए मेडीकल कॉलेज खोलने के साथ जिला चिकित्सालयों, प्राथमिक एवं सामुदायिक अस्पतालों को भी अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से सुसज्जित कर रही है। सरकार द्वारा एलोपैथी के साथ आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक पद्धति को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा केन-बेतवा नदी जोड़ो राष्ट्रीय परियोजना का शुभारंभ कर पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल जी को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा आयुष्मान भारत योजना में अब 70 साल से अधिक आयु के बुजुर्गों को भी शामिल किया गया है। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद जन-प्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों से कहा कि 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी बुजुर्गों को इस योजना से जुड़वाएं, जिससे उन्हें भी 5 लाख रूपए तक नि:शुल्क इलाज की सुविधा मिल सके। विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा प्रसन्नता की बात है कि श्रद्धेय अटल जी गाँव, गरीब और किसान के प्रति अत्यंत संवेदनशील थे। हम सबके प्रेरणास्त्रोत स्व. वाजपेयी की जयंती पर मानवता की सेवा के लिये स्वास्थ्य शिविर लगाकर क्षेत्रीय सांसद भारत सिंह कुशवाह ने सराहनीय पहल की है। अटल जी ने देश भर में एम्स का विस्तार करने का जो निर्णय लिया था उसका फायदा आज ग्वालियर और चंबल सहित अन्य समीपवर्ती जिलों के निवासियों को मिल रहा है, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के जो मरीज दिल्ली व भोपाल जाकर एम्स या अन्य बड़े अस्पतालों में इलाज नहीं करवा पाते हैं उनका इलाज करने के लिये एम्स भोपाल ग्वालियर आया है। विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से ग्वालियर में एम्स खोलने के लिये राज्य सरकार की ओर से केन्द्रीय स्तर पर पहल करने का आग्रह किया, जिसे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सहर्ष स्वीकार कर भरोसा दिलाया कि प्रदेश सरकार इस दिशा में गंभीरता के साथ प्रयास करेगी। सांसद वी.डी. शर्मा ने कहा कि ग्वालियर की माटी के सपूत अटलजी ने देश का नेतृत्व कर पूरी दुनिया में ग्वालियर का नाम रोशन किया। उनके सपनों को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में साकार किया जा रहा है। सांसद शर्मा ने ग्वालियर में एम्स के सहयोग से विशाल स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने की सराहना की। सांसद भारत सिंह कुशवाह ने ग्वालियर में एम्स के सहयोग से विशाल नि:शुल्क शिविर आयोजित करने में भरपूर मदद के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार जताया। साथ ही कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश विकास की ऊँचाईयाँ छू रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्पों को मुख्यमंत्री डॉ. यादव पूरी शिद्दत के साथ धरातल पर ला रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सहयोग से ग्वालियर में यह शिविर आयोजित हो सका है। उन्होंने कहा कि इस शिविर में ग्वालियर-चंबल संभाग के सभी जिलों सहित मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश व राजस्थान के समीपवर्ती जिलों के मरीजों को लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मरीजों के हालचाल जाने मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वास्थ्य शिविर की व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया। उन्होंने विभिन्न काउण्टर पर जाकर एम्स के चिकित्सकों को शाबाशी दी। साथ ही मरीजों से भेंट कर उनके हालचाल जाने। उन्होंने लीवर की बीमारी से पीड़ित बाबूलाल को आश्वस्त किया कि आप चिंता न करें एम्स के चिकित्सक आपका हर संभव इलाज करेंगे। हजारों मरीज हुए लाभान्वित एलएनआईपीई में आयोजित हो रहे तीन दिवसीय शिविर में बड़ी संख्या में मरीज स्वास्थ्य परीक्षण कराने आ रहे हैं। पहले ही दिन विभिन्न बीमारियों से ग्रसित लगभग 13 हजार 800 मरीजों का एम्स के चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। साथ ही उन्हें नि:शुल्क दवाएं उपलब्ध कराई गईं। स्वास्थ्य परिसर में ईको, ईसीजी, अल्ट्रासाउण्ड व लीवर की जाँच सहित अन्य प्रकार की बीमारियों की पैथोलॉजिकल जाँच भी की जा रही है। शिविर में अब तक लगभग 40 हजार मरीज पंजीकृत हो चुके हैं। यह शिविर 26 व 27 दिसम्बर को भी प्रात: 10 बजे से सायंकाल 5 बजे तक … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर गौरव दिवस पर किया प्रतिभाओं का सम्मान

ग्वालियर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी का व्यक्तित्व विराट था। उन्होंने विकास के लिए समग्र दृष्टिकोण अपनाया। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से गांव-गांव तक पक्की सड़कें बनवाई गईं। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश की धरती पर देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना का भूमि-पूजन कर स्व. वाजपेयी के स्वप्न को साकार किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को ग्वालियर में आयोजित ग्वालियर गौरव दिवस समारोह’ को संबोधित कर रहे थे। ग्वालियर गौरव दिवस स्व. वाजपेयी की सौवीं जयंती पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न विभूतियों को ग्वालियर गौरव सम्मान से विभूषित किया। स्व. वाजपेयी की स्मृतियों को संजोएंगे, समिति बनेगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. वाजपेयी जी की स्मृतियां सिर्फ ग्वालियर से ही नहीं जुड़ी हैं। अटल बिहारी वाजपेयी ने बड़नगर में प्रारंभिक स्कूली शिक्षा प्राप्त की थी। अटल स्मारक के अलावा प्रदेश में स्व. वाजपेयी के जीवन से जुड़े स्थानों पर उनसे जुड़ी स्मृतियों को संजोने के लिए एक समिति गठित की जाएगी। समाधान निकालने वाले कुशल नेता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. वाजपेयी ने युवा अवस्था में ही एक जनप्रतिनिधि के तौर पर अपने व्यक्तित्व से सभी को चमत्कृत कर दिया था। वे शब्दों के जादूगर थे। हिन्दी के बड़े प्रचारक थे। उन्होंने जय विज्ञान का नारा भी दिया। शिक्षा के क्षेत्र में बच्चों को स्कूल चलें हम अभियान के माध्यम से प्रेरित किया। वे कठिनाईयों के बीच समस्याओं के समाधान का मार्ग निकालते थे जो एक कुशल नेता का कार्य होता है। स्व. वाजपेयी जी असाधारण प्रतिभा के धनी थे, अनेक भूमिकाएं निभाईं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह स्व. वाजपेयी की असाधारण प्रतिभा का ही प्रमाण था जो उन्हें देश के पहले प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू जैसे व्यक्ति अन्य राष्ट्रों में जाने वाले प्रतिनिधि मंडल में शामिल कर दायित्व सौंपते थे। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़कर सेवा का मार्ग अपनाया था। उन्होंने अनेक भूमिकाओं का निर्वहन किया। इनमें कवि, सम्पादक, समाजसेवी आदि शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. वाजपेयी ने परमाणु विस्फोटों के माध्यम से राष्ट्र की शक्ति के प्रदर्शन और राष्ट्र के नागरिकों का मनोबल बढ़ाया। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जैसे राष्ट्रभक्त वैज्ञानिक को महत्वपूर्ण भूमिका में लेकर आए। वे ऐसे फैसले लेते थे जो उनकी एक कविता “पत्थर की छाती में उग आया नवांकुर….” को चरितार्थ करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नदी जोड़ो परियोजना पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की कल्पना थी। प्रधानमंत्री मोदी ने बुंदेलखण्ड अंचल की तस्वीर बदलने वाली केन -बेतवा परियोजना की मंजूरी दी और आज ही खजुराहो में भूमिपूजन सम्पन्न हुआ है। पानी की उपलब्धता मनुष्य का जीवन बदल देती है। परियोजना की बाधाएं दूर हुई हैं। पार्वती-कालीसिंध -चंबल नदी जोड़ो परियोजना भी चंबल और मालवा अंचल में विकास की रफ्तार को बढ़ा देगी। विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि ग्वालियर गौरव दिवस स्व. वाजपेयी जी को समर्पित है। सम्मानित होने वाली विभूतियां सौभाग्यशाली हैं। ग्वालियर की यह पावन धरा तपोभूमि है। यह तानसेन की जन्म स्थली है। इसके साथ ही स्व. वाजपेयी की जीवन यात्रा में ग्वालियर महत्वपूर्ण है। स्व. वाजपेयी ने ने देश और ग्वालियर को गौरवान्वित किया है। वे सदैव ग्वालियर को प्रतिष्ठित करते रहे। वे ग्वालियर के लिए अपने थे और अपने रहेंगे। वे बहुत सरल व्यक्ति थे और उनकी ऊंचाई हिमालय जैसी थी। उनकी तुलना किसी से नहीं की जा सकती, वे अद्भुत व्यक्ति थे। वे प्रधानमंत्री थे इसलिए वे बड़े व्यक्ति नहीं थे बल्कि वे बड़े थे इसलिए प्रधानमंत्री थे। वे दूरदृष्टा थे। उन्होंने कई गांवों को सड़कों से जोड़ा। हाईवे बनाने की शुरूआत स्व. वाजपेयी के शासन काल में हुई। सांसद वीडी शर्मा ने कहा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी दुनिया के लोकप्रिय नेता थे। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र संघ में भारतीय दल का नेतृत्व किया। वे देश के सर्वमान्य नेता थे। वे विपक्ष में रहकर भी विदेश जाते थे। उन्होंने सुशासन पर कार्य किया। इन विभूतियों का हुआ सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर गौरव दिवस में गायन प्रस्तुति के लिए आए प्रख्यात गायक सुरेश वाडेकर, साहित्य क्षेत्र से जगदीश तोमर, खेल क्षेत्र से सुकरिश्मा यादव , योग क्षेत्र से अखिलेश पचौरी, चिकित्सा सेवा क्षेत्र से डॉ. एस.एन. आयंगर, शिक्षा और पर्यावरण क्षेत्र से बाबा सेवा सिंह, समाज सेवा क्षेत्र से विकास गोस्वामी, लेखन और कला संस्कृति क्षेत्र से केशव पांडे, शोध और अकादमिक क्षेत्र से सुआद्या दीक्षित को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समस्त प्रतिभाओं को बधाई दी। कार्यक्रम में हितानंद शर्मा, सांसद भारत सिंह, पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया, पूर्व महापौर विवेक शेजवलकर और अन्य जन प्रतिनिधि उपस्थित थे। प्रारंभ में कलेक्टर ग्वालियर ने ग्वालियर गौरव दिवस की रूपरेखा की जानकारी दी।  

मोहन यादव सरकार पर लगातार बढ़ रहा कर्ज का बोझ, आज फिर कर्ज ले रही सरकार

भोपल मध्य प्रदेश की मोहन सरकार एक बार फिर 5 हजार करोड़ का कर्ज लेने जा रही है। इस कर्ज के मिलते ही मोहन सरकार एक साल के कार्यकाल में 52.5 हजार करोड़ की कर्जदार हो जाएगी। बता दें कि दिसंबर 2023 से अब तक राज्य सरकार ने 47.5 हजार करोड़ का कर्ज लिया है। वहीं आज  26 दिसंबर को 5 हजार करोड़ का नया कर्ज लेने के बाद ये आंकड़ा और बढ़ जाएगा। राज्य सरकार ने आरबीआई के माध्यम से सिक्योरिटी बेचकर दो किश्तों में 5 हजार करोड़ के कर्ज की मांग का नोटिफिकेशन जारी किया है।  बता दें कि मोहन सरकार पिछले 6 महीने से लगातार 5-5 हजार करोड़ का कर्ज ले रही है। अब तक 8 बार ये कर्ज ले चुकी मोहन सरकार एक बार फिर 9वीं बार 5 हजार करोड़ का कर्ज लेने जा रही है। पिछले 6 महीने में 8 बार लिए 5-5 हजार करोड़ साल 2024 के अंत तक राज्य पर कुल कर्ज 4 लाख करोड़ से भी ज्यादा हो जाएगा। बता दें कि पिछले 6 महीने से राज्य की मोहन यादव सरकार हर महीने 5-5 हजार करोड़ का कर्ज ले रही है। वित्त वर्ष 2024-25 में अब तक 30 हजार करोड़ का कर्ज लिया जा चुका है। मार्च 2025 तक 4.21 लाख करोड़ की कर्जदार होगी सरकार जानकारी के मुताबिक 31 मार्च 2025 तक मध्य प्रदेश सरकार का कर्ज 4.21 लाख करोड़ तक पहुंच जाएगा। मौजूदा वित्त वर्ष- 2024-2025 में सरकार अपनी जरूरतों के मुताबिक करीब-करीब 25 हजार करोड़ का अतिरिक्त कर्ज लेगी। साढ़े चार साल में दोगुना हुआ कर्ज पिछले साढ़े चार साल में मध्य प्रदेश सरकार पर कर्ज का बोझ सबसे तेजी से बढ़ा है। मार्च 2020 की स्थिति में सरकार पर लगभग 2.01 लाख करोड़ का ही कर्ज था, लेकिन पिछले साढ़े चार साल में यह दोगुना हो गया। साढ़े चार साल में सरकार अब तक करीब 2 लाख करोड़ का कर्ज ले चुकी है। मोहन सरकार ने एक साल के कार्यकाल में लिया कर्ज     26 दिसंबर 2023 को लिया 2 हजार करोड़ का कर्ज     24 जनवरी 2024 को लिया 2.5 हजार करोड़ का कर्ज     7 फरवरी 2024 को लिया 3 हजार करोड़ का कर्ज     20 फरवरी 2024 को लिया 5 हजार करोड़ का कर्ज     28 फरवरी 2024 को लिया 5 हजार करोड़ का कर्ज     27 मार्च को 2024 को लिया 5 हजार करोड़ का कर्ज     6 अगस्त 2024 को लिया 5 हजार करोड़ का कर्ज     28 अगस्त 2024 को लिया 5 हजार करोड़ का कर्ज     24 सितंबर 2024 को लिया 5 हजार करोड़ का कर्ज     8 अक्टूबर 2024 को लिया 5 हजार करोड़ का कर्ज     26 नवंबर को लिया 5 हजार करोड़ का कर्ज आमजन पर पहले से 3 लाख 75 हजार करोड़ से ज्यादा का कर्ज बता दें कि मोहन यादव सरकार लगातार कर्ज ले रही है। जबकि मध्य प्रदेश सरकार पर पहले से ही कर्ज का बोझ है। 31 मार्च 2024 को खत्म हुए वित्त वर्ष में प्रदेश की जनता पर 3 लाख 75 हजार 578 करोड़ रुपए का कर्ज था। अप्रैल 2023 से 31 मार्च 2024 तक एक साल में सरकार 44 हजार करोड़ का कर्ज ले चुकी है। जबकि इससे पहले 31 मार्च 2023 में भी मध्य प्रदेश सरकार पर 3 लाख 31 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज था।

एमपी में स्वास्थ्य विभाग में 46491 भर्तियों पर कैबिनेट की लगी मोहर

भोपल  मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं में इजाफा करने के लिए मोहन सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार राज्य स्तरीय मानक अनुसार स्वास्थ्य संस्थाओं में नए पदों के सृजन को मंजूरी दे दी है। पदों का सृजन होते ही इन पर भर्ती प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी। बता दें कि स्टाफ की कमी के कारण आए दिन मरीजों को परेशानी और मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी तथा सुलभ बनाया जा सके। मोहन कैबिनेट ने ये फैसला लिया है। 46 हजार से ज्यादा नए पदों का सृजन मध्य प्रदेश सरकार अब अस्पतालों में स्टाफ की कमी दूर करने में लग गई है। मोहन कैबिनेट ने स्वास्थ्य सुविधाओं को सशक्त करने के लिए संशोधित मानव संसाधन मानदंडों (आईपीएचएस) को मंजूरी दी। इसके तहत राज्य स्तरीय मानक अनुसार स्वास्थ्य संस्थाओं में 46491 नवीन पदों (नियमित, संविदा, आउटसोर्स) के सृजन की स्वीकृति दी गई है। दो साल में भरे जाएंगे पद डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने स्वास्थ्य संस्थानों और चिकित्सा सेवाओं की स्थिति की समीक्षा के दौरान जानकारी देते हुए बताया कि 27 हजार 838 पदों की पूर्ति एनएचएम के और शेष 18 हजार 653 पदों की पूर्ति स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जाएगी। इन पदों पर आगामी दो वित्तीय वर्षों में की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने IPHS मानकों के अनुरूप नए पदों पर भर्ती प्रक्रिया को समय सीमा में पूरा करने के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही उन्होंने नवीन जिला चिकित्सालयों में रिक्त पदों की पूर्ति और निर्माणाधीन कार्यों की सतत निगरानी करने की बात की है। स्वास्थ्य संस्थानों में पूर्व में 47 हजार 949 नियमित पद स्वास्थ्य संस्थानों में पूर्व में 47 हज़ार 949 नियमित पद स्वीकृत थे. कैबिनेट द्वारा स्वास्थ्य संस्थानों के लिए नए 18 हज़ार 653 (जो लगभग 39 प्रतिशत की वृद्धि है) पदों की स्वीकृति से कुल 66 हज़ार 602 नियमित पद हो जाएंगे. प्रदेश के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में 7 हज़ार 182, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में 5 हज़ार 346, सिविल अस्पतालों में 2 हज़ार 712 और जिला चिकित्सालयों में 3 हज़ार 458 नवीन पद की स्वीकृति कैबिनेट द्वारा प्रदान की गयी है. स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करने के हैं प्रयास आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश विज़न में भारतीय लोक स्वास्थ्य मानकों के आधार पर स्वास्थ्य संस्थाओं में मानव संसाधन की पूर्ति करना प्रदेश की सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा गया है. सशक्त आत्मनिर्भर प्रदेश के लिए नागरिकों का स्वास्थ्य आधारशिला है. गुणवत्तापूर्ण लोक स्वास्थ्य सेवाओं को प्रदान सुनिश्चित करना इसके लिए महत्वपूर्ण है. इन उद्देश्यों को पूरा करने के लिए आई.पी.एच.एस. मानक निर्धारित किए गए हैं. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के विजनरी नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल की प्रतिबद्धता से प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करने के लगातार प्रयास हो रहे हैं. इसी क्रम में कैबिनेट ने स्वास्थ्य सुविधाओं को सशक्त करने के लिए संशोधित मानव संसाधन मानदंडों (आईपीएचएस) को मंजूरी दी है. 24 घंटे क्रियाशील होंगे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र समस्त स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य जांच सुविधा के प्रदाय में सहूलियत होगी. आई.पी.एच.एस. की अनुसंशा के अनुसार मानव संसाधन की उपलब्धता से मध्यप्रदेश में समस्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों को पूरे समय क्रियाशील रखा जा सकेगा. समस्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में पूरे 24 घंटे प्रसव सुविधाएं मिल सकेगी. समस्त स्वास्थ्य केन्द्रों में आवश्यक औषधियां एवं आवश्यक पैथोलॉजी जांचे और आवश्यक प्राथमिक उपचार और रेफरल सेवाएं सुनिश्चित हो सकेंगी. बीमारियों को समय से पहचाना जाएगा मरीज के स्वास्थ्य पर प्रभाव होने से पहले इलाज करने में सहायता होगी एवं बीमारियों की पहचान करने के लिए स्क्रीनिंग तथा निदान के बाद बीमारी के संक्रमण को रोकने के लिए प्रबंध करना संभव हो सकेगा. संचारी एवं असंचारी रोग तथा अन्य गंभीर बीमारी जैसे मल्टीप्ल स्क्लेरोसिस, हार्ट अटैक, पैरालिसिस आदि का गुणवत्तापूर्ण इलाज संभव हो सकेगा. नवजात एवं शिशु मृत्यु दर में आएगी कमी  गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व जांच, टीकाकरण, हाईरिस्क प्रेगनेंसी की शीघ्र पहचान एवं प्रबंधन, सुरक्षित प्रसव एवं परिवार कल्याण संबंधी परामर्श/पीपीआईयूसीडी की सुविधा सुलभ होगी. इससे लंबे समय में मातृ मृत्यु दर में गिरावट लाने में सफलता हासिल होगी. आवश्यक नवजात शिशु देखभाल, शीघ्र स्तनपान, टीकाकरण, कमजोर/बीमार शिशु की शीघ्र पहचान एवं प्रबंधन समुदाय के समीप उपलब्ध होगा. प्रदेश में नवजात एवं शिशु मृत्यु दर तथा सकल प्रजनन दर में कमी लाई जा सकेगी. मेडिकल रिकॉर्ड का डिजीटाईजेशन समस्त स्वास्थ्य संस्थाओं में डाटा डिजीटाईजेशन की दिशा में ई-हॉस्पिटल सॉफ्टवेयर संचालित किया जाने में नवीन पद सहायक होंगे. रोगियों का ऑनलाईन पंजीकरण की सुविधा मिल सकेगी साथ ही मरीजों का रिकॉर्ड (डिस्क्रिपशन, जांच तथा अन्य) का भी डिजिटल संग्रहण किया जा सकेगा. साथ ही रोगियों के मेडिकल रिकॉर्ड का डिजीटाईजेशन का कार्य किया जा सकेगा. समस्त स्वास्थ्य संस्थाओं में ई-फाईलिंग सिस्टम, सी.सी.टी.वी., पी.एस. सिस्टम इत्यादि जैसे आई.टी. टूल्स का उपयोग किया जा सकेगा.

बाबा साहब वंचित, शोषित व गरीबों की बात करते थे, कांग्रेस को यह खलता था- डॉ. मोहन यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकार-वार्ता को किया संबोधित – बाबा साहब को चुनाव हराने वाले को पद्म भूषण देने जैसे अनेकाें अन्याय कांग्रेस ने किए – बाबा साहब वंचित, शोषित व गरीबों की बात करते थे, कांग्रेस को यह खलता था – कांग्रेस ने बाबा साहब को न भारत रत्न दिया, न स्मारक बनवाएं, सिर्फ अपने परिवार का ध्यान रखा – बाबा साहब कांग्रेस के लिए सिर्फ वोट बैंक, उनके विचारों की वाहक भाजपा – अमित शाह जी के भाषण को एडिट कर कांग्रेस झूठ प्रसारित कर रही है – पं. नेहरू के जमाने से आज तक कांग्रेस अंबेडकर विरोधी रही, जनता के सामने उसका दोहरा चरित्र उजागर – डॉ. मोहन यादव भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत रत्न स्व. डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के प्रति कांग्रेस पार्टी के दोहरे रवैये को लेकर मंगलवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में पत्रकार-वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर वंचित, शोषित व गरीबों की बात करते थे, कांग्रेस पार्टी और उनके नेता जवाहरलाल नेहरू इसी कारण बाबा साहब का विरोध करते थे। कांग्रेस ने बाबा साहब को पहले 1952 का लोकसभा चुनाव हरवाया, इसके बाद उपचुनाव में भी हराने का कार्य किया। जवाहरलाल नेहरू और कांग्रेस का बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के प्रति दोहरा चरित्र इसी बात से उजागर होता है कि जिन काजरोलकर ने बाबा साहब को उपचुनाव में कांग्रेस की मदद से हराया, उन्हें कांग्रेस की सरकार ने पद्म भूषण दे दिया। बाबा साहब की वैश्विक स्तर पर पहचान और नाम होने के बाद भी उन्हें भारत रत्न व कोई सम्मान नहीं मिला। डॉ. अंबेडकर जी के मामले में कांग्रेस का दोहरा चरित्र उजागर जनता के सामने उजागर हो चुका है। कांग्रेस बाबा साहब को सिर्फ वोट बैंक मानती है, चुनावों के समय याद करती है। कांग्रेस को देश से माफी मांगना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस चुनावों में मिल रही लगातार हार से बौखला रही है और वह केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के भाषण को एडिट कर जनता के बीच झूठ प्रसारित कर षड्यंत्र कर रही है। कांग्रेस को मध्यप्रदेश की जनता ने पहले विधानसभा फिर लोकसभा चुनाव में नकार कर बता दिया है कि बाबा साहब के विचारों का सच्चा सम्मान करने वाली भाजपा के साथ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहब के विचारों का सच्चा सम्मान भाजपा ने किया है। कांग्रेस को विपक्ष में रहकर जनता के विश्वास हासिल करने के लिए कार्य करना चाहिए। कांग्रेस ने बाबा साहब को देश के कानून मंत्री के पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया। कांग्रेस को अपने नेताओं और पं. नेहरू द्वारा किए गए बाबा साहब अंबेडकर के अपमान के लिए पूरे देश से बिना शर्त माफी मांगना चाहिए। कांग्रेस ने बाबा साहब को परेशान किया, मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस की सोच हमेशा अंबेडकर विरोधी रही है। जब भी कोई व्यक्ति मंत्रिपरिषद से इस्तीफा देता है, तो सदन में उसे बोलने का मौका दिया जाता है। लेकिन बाबासाहब अंबेडकर जी के इस्तीफे के बाद सदन में उन्हें बोलने तक नहीं दिया गया। अपने त्याग पत्र में बाबा साहब अंबेडकर ने पंडित नेहरू के खिलाफ लिखा था कि “मैं वित्त और उद्योग क्षेत्र में शिक्षित था, मगर मुझे उससे जुड़ा एक भी विभाग नहीं दिया गया और न ही संसदीय कमेटी का हिस्सा बनाया गया। मुझे कानून मंत्रालय दिया मगर ईमानदारी से काम नहीं करने दिया गया। मुझे हिंदू कोड बिल के कार्य को पूरा नहीं करने दिया गया। केवल मुसलमानों की चिंता की गई, लेकिन एससी और एसटी को उचित संरक्षण प्रदान नहीं किया गया। प्रधानमंत्री का सारा ध्यान सिर्फ मुस्लिम समुदाय पर केंद्रित रहता है। मुसलमानों के संरक्षण से मुझे कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन क्या देश में केवल मुसलमानों को ही सुरक्षा की आवश्यकता है? बाबा साहब के इस सच से घबराई कांग्रेस पार्टी और पं. नेहरू ने उनके त्यागपत्र को जनता के बीच नहीं आने दिया। उन्होंने कहा कि बाबा साहब देश के विभाजन के पक्ष में नहीं थे, धारा 370 थोपने के भी पक्ष में नहीं थे। पूर्वी बंगाल में हिंदुओं पर हुए अत्याचारों पर भी बाबा साहब अंबेडकर ने टिप्पणी की थी। सम्मान तो दूर, बाबा साहब का मजाक उड़ाती थी कांग्रेस मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बाबा साहब का सम्मान करना तो दूर की बात है, कांग्रेस के नेता और पं. नेहरू उनका मजाक उड़ाया करते थे। बाबा साहब ने जब इस्तीफा दिया था, तो पं. नेहरू ने डॉ. बी.सी. राय को लिखे पत्र में कहा था कि भीमराव अंबेडकर जी के इस्तीफे से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। यही नहीं, बल्कि पंडित जवाहरलाल नेहरू ने तो एडविना माउंटबेटन को पत्र लिखकर बाबा साहब अंबेडकर के कैबिनेट में न रहने की खुशी जाहिर की थी। डॉ. यादव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने बाबा साहब को तो भारत रत्न, पद्म भूषण या पद्मश्री नहीं दिया, लेकिन बाबा साहब अंबेडकर को चुनाव में हराने वाले नारायण सदोबा काजरोलकर को 1970 में पद्म भूषण देकर सम्मानित किया। काजरोलकर के पक्ष में पंडित नेहरू भी प्रचार भी किया था। ये है कांग्रेस की असली हकीकत। उन्होंने कहा कि ऐसी सोच और चरित्र वाली कांग्रेस पार्टी आज बाबा साहब के सम्मान की बात कर रही है, जो एक बहुत ही शर्मनाक है। कांग्रेस पार्टी को अपना यह ढोंग बंद करना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिस तरह से पंडित नेहरू और कांग्रेस के नेताओं ने बाबा साहब अंबेडकर के साथ बदसलूकी की, उनका अपमान किया, जिसके साक्ष्य भी मौजूद हैं, उसके लिए कांग्रेस को बिना शर्त माफी मांगी मांगनी चाहिए। कांग्रेस ने की उपेक्षा, भाजपा सरकार ने दिया सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब भी कोई बड़ा नेता जाता है, तो उनकी विरासत को संजोया जाता है। लेकिन कांग्रेस की सरकार ने बाबा साहब का एक भी स्मारक बनाने की अनुमति नहीं दी। कांग्रेस ने खुद तो बाबा साहब की स्मृतियाँ संजोने के लिए कोई कदम नहीं उठाए, अड़चनें डालती रही। कांग्रेस पार्टी तो देश में सैकड़ों स्मारक, अस्पताल, सड़कों के नाम पं. नेहरू, इंदिरा गांधी, संजय गांधी और राजीव गांधी के … Read more

टोल बैरियर हमारी सरकार ने खत्म किए, भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति – डॉ. मोहन यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कार्यालय में मंगलवार को श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्म शताब्दी वर्ष पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन कर अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कहा कि हम सबके लिए और सौभाग्य की बात है कि जनसंघ के जमाने से पूरे देश में श्रद्धेय अटल जी ने अपनी बड़ी भूमिका निभाई। मध्यप्रदेश में संविद सरकार के समय श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी, श्रीमती राजमाता विजयाराजे सिंधिया, श्रद्धेय कुशाभाऊ ठाकरे के साथ राष्ट्रवादी विचारधारा को आगे बढ़ाने में अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। राष्ट्र धर्म के वैचारिक अनुष्ठान के लिए पूर्णकालिक बनकर भारत रत्न श्रद्धेय अटल जी जब संयुक्त राष्ट में पहुंचे तो हिंदी में अपनी बात रखकर वैश्विक स्तर पर हिंदी व भारत का मान बढ़ाने का कार्य किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में हमारी सरकार ने टोल बैरियर खत्म किए। मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार भ्रष्टाचार को लेकर सख्त है। कोई भी भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमारी सरकार लगातार कार्रवाई कर रही है। ऐसी कार्रवाई की जाएगी कि नजीर बनेगी। अटल जी ने समाज सेवा के साथ कुशल विचारक की भूमिका निभाई मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने राजनीति में रहते हुए समाज सेवा, देश सेवा के साथ एक कुशल विचारक की भूमिका निभाई है। अटल जी जब विदेश मंत्री बने तो उनका कार्यकाल अद्भुत रहा। इसके बाद संयुक्त सरकार चलाकर परमाणु परीक्षण करके दुनिया के सामने अपनी प्रतिबद्धता को भी रखा। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की बात करते हैं तो देश का नाम आता है। हमें याद रखना होगा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने पड़ोसी धर्म निभाते हुए पाकिस्तान के साथ रिश्ते अच्छे रखने का पूरा प्रयास किया, लेकिन जब उसने गलत किया तो तत्काल कार्रवाई कर दुश्मन देश व दुनिया के सामने अपनी दृढ़ता को भी स्पष्ट कर दिया। यह प्रदर्शनी श्रद्धेय अटल जी के व्यक्तित्व व कृतित्व को लेकर एक प्रयास है। अटलजी के सपने को पूरा कर रहे मोदी जी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी के नदियों को जोड़कर सूखाग्रस्त क्षेत्रों में पानी पहुचाने के सपने को पूर्ण करने का बीड़ा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने उठाया है, जो अब साकार होने वाला है। श्रद्धेय अटलजी के जन्मदिवस 25 दिसम्बर को प्रधानमंत्री मोदी जी इस परियोजना की आधारशिला रखेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब में इस परियोजना की आधारशिला के लिए प्रधानमंत्री जी से मिला तो उन्होंने कहा कि यह परियोजना श्रद्धेय अटल जी को समर्पित होगी और उनकी जन्म शताब्दी पर 25 दिसंबर को किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना छतरपुर, पन्ना जिले में केन नदी पर बनाई जा रही है। इस परियोजना से मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश में सिंचाई एवं पेयजल की सुविधा प्रदाय करते हुये केन नदी के जल को बेतवा नदी तक पहुंचाया जाएगा। इस परियोजना से मध्यप्रदेश के पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, सागर, रायसेन, विदिशा, शिवपुरी एवं दतिया सहित कुल 10 जिलों के लगभग 2000 ग्रामों में 8.11लाख हेक्टेयर क्षेत्र में लगभग 7 लाख किसान परिवारों को सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी। वहीं,  उत्तरप्रदेश में 59 हज़ार क्षेत्र में वार्षिक सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी एवं 1.92 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में मौजूदा सिंचाई का स्थिरीकरण किया जाएगा। इससे उत्तरप्रदेश के महोबा, झांसी, ललितपुर एवं बांदा जिलों में सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी। उन्होंने बताया कि परियोजना से मध्यप्रदेश की कुल 44 लाख एवं उत्तरप्रदेश की 21 लाख आबादी को पेयजल की सुविधा उपलब्ध होगी। इस दौरान भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती सीमा सिंह जादौन, प्रदेश महामंत्री व विधायक भगवानदास सबनानी, रणवीर सिंह रावत, विधायक रामेश्वर शर्मा, प्रदेश मंत्री राहुल कोठारी, लोकेन्द्र पाराशर, प्रदेश कार्यालय मंत्री डॉ. राघवेन्द्र शर्मा, प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष उषा अग्रवाल, जिला अध्यक्ष सुमित पचौरी, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी सहित पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

मध्य प्रदेश सरकार फिर बाजार से पांच हजार करोड़ रुपये का कर्ज लेगी, बजट से ज्यादा हुआ लोन

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार फिर रिजर्व बैंक के माध्यम से बाजार से पांच हजार करोड़ रुपये का कर्ज लेगी। यह कर्ज दो हिस्सों में लिया जाएगा। पहला कर्ज ढाई हजार करोड़ रुपये का होगा, जिसे 21 साल बाद चुकाया जाएगा। दूसरा कर्ज भी ढाई हजार करोड़ रुपये का रहेगा, पर इसे 17 साल में चुकाया जाएगा। इसके लिए गवर्नमेंट सिक्योरिटीज का विक्रय किया जाएगा, जिस पर साल में दो बार ब्याज का भुगतान भी किया जाएगा। बता दें कि राज्य सरकार वर्तमान वित्तीय वर्ष में 25 हजार करोड़ रुपयों का कर्ज ले चुकी है। नया कर्ज मिलाकर यह 30 हजार करोड़ रुपये हो जाएगा। मध्य प्रदेश सरकार पर कर्ज चार लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। कर्ज की राशि और अवधि: कुल कर्ज: 30,000 करोड़ रुपये पहला कर्ज: 2,500 करोड़ रुपये (21 साल बाद चुकाया जाएगा) दूसरा कर्ज: 2,500 करोड़ रुपये (17 साल में चुकाया जाएगा) जीडीपी का तीन प्रतिशत तक ऋण ले सकती है सरकार राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम के प्रविधान के अनुसार, सरकार राज्य सकल घरेलू उत्पाद का तीन प्रतिशत तक ऋण ले सकती है। इस वित्तीय वर्ष 2024-25 में सरकार 65 हजार करोड़ रुपये तक कर्ज ले सकती है। इसका उपयोग विकास परियोजना और आर्थिक गतिविधियों को गति देने के लिए किया जा सकता है। राज्य सरकार ने वित्तीय स्थिति ठीक बताई वहीं, बाजार से कर्ज लेने के लिए राज्य सरकार ने अपनी वित्तीय स्थिति ठीक बताई है। आधा प्रतिशत ऋण ऊर्जा सहित अन्य क्षेत्रों के लिए विशेष परिस्थिति में लिया जा सकता है। राज्य सरकार द्वारा लिए जाने वाले कर्ज का एक बड़ा हिस्सा मुफ्त की योजनाओं को पूरा करने में ही चला जाता है। कुल कर्ज: अब तक लिया गया कर्ज: 25,000 करोड़ रुपये नया कर्ज: 5,000 करोड़ रुपये (कुल 30,000 करोड़ रुपये) कुल कर्ज: 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक सरकार पर कुल चार लाख करोड़ रुपये से अधिक कर्ज प्रदेश पर अब चार लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज हो गया है। इसके साथ मध्य प्रदेश का प्रत्येक व्यक्ति 50 हजार रुपये से अधिक का कर्जदार होगा। स्थिति यह है कि मध्य प्रदेश का कुल बजट 3.65 लाख करोड़ रुपये का है, लेकिन इससे अधिक मध्य प्रदेश सरकार पर कर्ज है।

चित्तौड़ा गौशाला की भूमि होगी श्रीमद्भागवत गौशाला के नाम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

कथा श्रवण से मिलती है जीवन दर्शन की राह : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सत्कर्म से मनुष्य अपने जीवन को बना सकते हैं सार्थक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव चित्तौड़ा गौशाला की भूमि होगी श्रीमद्भागवत गौशाला के नाम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव चित्तौडा में श्रीमद्भागवत कथा में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सनातन संस्कृति का अपना विशेष महत्व है। मनुष्य जीवन सत्कर्म के लिए प्राप्त हुआ है। कथा श्रवण के माध्यम से हमें जीवन दर्शन की राह मिलती है, जो हमें सदमार्ग की ओर चलने के लिए सदैव प्रेरित करती है। गौमाता की सेवा भगवान की सेवा के समान है। संत कमल किशोर नागर महाराज गौसेवा के एक बड़े संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे है। संत के प्रयासों से मालवा, निमाड़, जनजाति अंचल सहित प्रदेश भर में गौमाताओं के पालन का दायित्व निस्वार्थ भाव से किया जा रहा है, जो प्रशंसनीय और वंदनीय है। भगवत गीता से हमें कर्म के प्रति आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है, इसलिए आवश्यक है कि प्रत्येक व्यक्ति ऐसे सदकर्म करें, जिससे उनकी भावी पीढ़ी पुण्य के मार्ग पर चले और मनुष्य जीवन को सार्थक बनाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को इंदौर जिले के सांवेर स्थित चित्तौडा में श्रीमद्भागवत गौशाला में आयोजित भागवत कथा में उपस्थित श्रृद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीमद्भागवत गौशाला चित्तौडा की भूमि को गौशाला के नाम करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा गीता जयंती के आयोजन से पूरे प्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण के कर्म के संदेश को पहुंचाने का कार्य किया गया है। संत कमल किशोर जी नागर के द्वारा निस्वार्थ भाव से गौशाला संचालन के लिए जो पुनीत कार्य की अलख जगाई गई है, वह वंदनीय है। संत ने गौशाला संचालन के साथ कई आदर्श निर्मित किए हैं, जो समाज को एक नई दिशा देने का कार्य कर रहे है। उन्होंने प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट के प्रयासों की भी सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में नदी जोड़ो अभियान विकास को एक नई दिशा देने का काम करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 दिसम्बर को केन-बेतवा नदी जोड़ो अभियान  के माध्यम से विकास को एक नई दिशा देंगे। उन्होंने कहा प्रदेश में दो नदी जोड़ो अभियान से लगभग 25 जिलों के बडे़ क्षेत्रों में सिंचाई का रकबा बढे़गा, जिससे मालवा और बुंदेलखंड क्षेत्र की तस्वीर और तकदीर बदलेगी। नदी जोड़ो अभियान से प्रदेश का बड़ा क्षेत्र लाभान्वित होगा।   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने गोवंश पालन को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष प्रयास किए हैं। घर-घर गोपाल और गांव-गांव वृंदावन बने, इसके लिए प्रदेश के 313 ब्लॉक के एक-एक गांव में जहां 500 से अधिक गोवंश होगा, उनको वृंदावन गांव बनाकर आदर्श रूप में विकसित करेंगे। वहीं 10 से अधिक गौमाता पालने वाले पशुपालकों को अनुदान देकर प्रोत्साहित करेंगे ताकि घर-घर गोपाल बने। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में दूध खरीदी पर बोनस भी दिया जाएगा। हमारा लक्ष्य कि जिससे घर-घर दूध उत्पादन बढ़े और प्रदेश दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में गोपालन के प्रति लोगों में रुचि बढे़, इसके लिए विशेष प्रयास किए जा रहे है। उन्होंने संत कमल किशोर जी नागर द्वारा गोवंश संरक्षण एवं गौशाला के लिए किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने व्यास पीठ का पूजन कर संत नागर का शाल भेंट कर अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का साफा बांधकर सम्मान किया गया। इस अवसर पर विधायक रमेश मेंदोला, चिंदू वर्मा सहित श्रीमद्भागवत गौ-शाला चित्तौडा के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में धर्मावलंबी उपस्थित थे।  

आज केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना का शिलान्यास एक ऐतिहासिक घटना बन रही है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कर कमलों से बुधवार को केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के भूमिपूजन का ऐतिहासिक कार्यक्रम होने वाला है। यह सच्चे अर्थों में भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी की 100 वीं जयंती को सार्थक करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल में मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में केन-बेतवा नदी जोड़ों परियोजना से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. वाजपेयी ने जब नदी जोड़ो से संबंधित विषय रखा था उस समय उन्हें एनजीटी संस्था पर्यावरण से जुड़ी अन्य संस्थाओं का सामना करना पड़ा। लेकिन अब सारे समाधान हो गए हैं। अब नदी जोड़ो परियोजना का शिलान्यास एक ऐतिहासिक घटना बन रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उनका सभी मित्रों से भी आग्रह है कि यह एक प्रकार से देश के विकास के उत्सव का माहौल है, इसमें दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सबका स्वागत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केन-बेतवा नदी जोड़ो अभियान की शुरूआत से सिंचाई, पेयजल और उद्योग को पर्याप्त पानी देने की महत्वपूर्ण पहल हुई है। यह एक तरह से ऐतिहासिक घटना है। इससे बुंदेलखंड के 10 जिले लाभान्वित होंगे। इन जिलों में पानी की कमी की वजह से रोजगार की तलाश में पलायन होता था। दूसरी नदी जोड़ो परियोजना पार्वती-कालीसिंध और चंबल (पीकेसी) है, जो चंबल और मालवा क्षेत्र को लाभान्वित करेगी। चंबल क्षेत्र कष्ट में इसलिए था क्योंकि वहां पर खेती के अवसर कम थे। परियोजना से मुरैना, ग्वालियर, भिण्ड, गुना,शिवपुरी, राजगढ़ और उसके आगे पश्चिमी मालवा तक रतलाम, नीमच और मंदसौर तक कुल 11 जिलों में पानी की पर्याप्त उपलब्धता हो सकेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर और उज्जैन को पीकेसी के माध्यम से लाभ मिलेगा। इस परियोजना की शुरूआत के साथ न केवल हमारे लिए पीने का पानी, उद्योग और 8 लाख हैक्टेयर से अधिक का रकबा इससे सिंचित होगा। यह प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसके साथ ही ओंकारेश्वर में फ्लोटिंग सोलर परियोजना से सौर ऊर्जा प्राप्त करने के लिए नवकरणीय ऊर्जा का संयंत्र स्थापित हुआ है। भविष्य में बनने वाले बड़े-बड़े जलाशय और डेम प्रदेश की उन्नति में सहायक होंगे। ऊर्जा उत्पादन की संभावनाएं बढ़ेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एक ऐतिहासिक कार्यक्रम होने वाला है, जो यह सच्चे अर्थों में भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के प्रति सच्ची आदरांजलि होगी।  

मुख्यमंत्री यादव ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी की 100वीं जयंती पर उनका पुण्य स्मरण किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी की 100वीं जयंती पर उनका पुण्य स्मरण किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. वाजपेयी ने नदी जोड़ो परियोजना का स्वप्न देखा था, जिसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने साकार करने का कार्य किया है। स्व. वाजपेयी की 100वीं जयंती पर महत्वाकांक्षी केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना का शिलान्यास प्रधानमंत्री मोदी के कर-कमलों से हो रहा है। मध्यप्रदेश का बुंदेलखंड अंचल इस परियोजना के क्रियान्वयन का लाभ प्राप्त कर संपूर्ण अंचल ही नहीं, प्रदेश की अर्थव्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन लाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. वाजपेयी की जयंती के एक दिन पहले भोपाल में मंत्रालय के पास सरदार वल्लभ भाई पटेल उद्यान में सुशासन दिवस मनाया गया। अधिकारियों-कर्मचारियों ने इस अवसर पर प्रदेश में सुशासन के उच्चतम मापदंड स्थापित करने, शासन की व्यवस्थाएं पारदर्शी, जनकल्याण के हित में और जवाबदेही से ओत-प्रोत करने की शपथ ली है। निश्चित ही प्रदेश के नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए स्व. वाजपेयी के संकल्प को मध्प्रदेश ज्यादा से ज्यादा कार्य कर योगदान देगा। यही स्व. वाजपेयी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। प्रदर्शनी का अवलोकन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म शताब्दी वर्ष पर चित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चित्र प्रदर्शनी में प्रदर्शित चित्रों की प्रशंसा की। उन्होंने पं. दीनदयाल परिसर में स्व. वाजपेयी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर केंद्रित प्रदर्शनी का दीप प्रज्जवलित कर उद्घाटन किया।  

अटल जी के नदी जोड़ो स्वप्न से मिली जनगण को सौगात: डॉ. मोहन यादव

भोपाल उजियारे में, अंधकार में, कल-कछार में, बीच धार में, क्षणिक जीत में दीर्घ हार में, जीवन के शत-शत आकर्षक, अरमानों को ढलना होगा, कदम मिलाकर चलना होगा।। कदम मिलाकर चलने का उद्गोष करने वाले भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी की आज 100वीं जयंती है। भारत निर्माण के दृष्टा श्रद्धेय अटल जी को शत-शत नमन। श्रद्धेय अटल जी ने संघ के स्वयंसेवक से लेकर राष्ट्रधर्म के संपादक, जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी के दायित्वों के बीच कार्यकर्ताओं की पीढ़ियां निर्मित कीं। व्यक्ति निर्माण, समाज निर्माण, राष्ट्र निर्माण की उनकी परिकल्पना के सभी पक्षों ने देश को आधार प्रदान किया। धरती को सुजलाम् सुफलाम् करने और समृद्धि के नये आयाम स्थापित करने के लिये श्रद्धेय अटल जी ने लगभग 20 वर्ष पूर्व नदी जोड़ो अभियान की संकल्पना की थी। उन्होंने देशभर की नदियों को जोड़कर बिखरी पड़ी जलराशि के समुचित प्रबंधन का सपना देखा था।उनका सपना था, देशभर की नदियां आपस में जुड़ें और जल की एक-एक बूंद का उपयोग समाज और राष्ट्र के लिये हो। श्रद्धेय अटल जी 100वीं जयंती पर आज मध्यप्रदेश में केन-बेतवा से विश्व की पहली नदी जोड़ो परियोजना द्वारा जल सुरक्षा का स्थायी समाधान करने की दिशा में महती कदम उठाया जा रहा है। मुझे यह बताते हुये प्रसन्नता है कि आज हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री और वर्तमान पीढ़ी के भागीरथ नरेन्द्र मोदी जी खजुराहो में देश की पहली, महत्वाकांक्षी केन-बेतवा नदी जोड़ो राष्ट्रीय परियोजना का शिलान्यास करेंगे। इसी के साथ श्रद्धेय अटल जी का नदियों को आपस में जोड़ने का संकल्प और समृद्धि का सपना मूर्तरूप लेगा।मध्यप्रदेश नदियों का मायका है, सैकड़ों नदियों की विपुल जलराशि से समृद्ध है। प्रदेश की नदियों के आशीर्वाद से यह बहुउद्देशीय परियोजना बुंदेलखंड की जीवन रेखा साबित होगी। यह परियोजना छतरपुर और पन्ना जिले में केन नदी पर विकसित की जा रही है। इसमें पन्ना टाइगर रिजर्व में केन नदी पर 77 मीटर ऊंचाई एवं 2.13 किलोमीटर लंबाई के दौधन बांध एवं 2 टनल का निर्माण होगा। बांध में 2 हजार 853 मिलियन घन मीटर जल का भंडारण किया जायेगा। इसमें दाब युक्त सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के माध्यम से मध्यप्रदेश के 10 जिले पन्ना, दमोह, टीकमगढ़, छतरपुर, निवाड़ी, सागर, रायसेन, विदिशा, शिवपुरी और दतिया के लगभग 2 हजार ग्रामों में 8.11 लाख हेक्टेयर में सिंचाई हो सकेगी और लगभग 7 लाख किसान परिवार लाभान्वित होंगे। मध्यप्रदेश की 44 लाख और उत्तर प्रदेश की 21 लाख आबादी को पेयजल की सुविधा मिलेगी और 103 मेगावॉट जल विद्युत एवं 27 मेगावॉट सौर ऊर्जा का उत्पादन होगा। इसका लाभ संपूर्ण मध्यप्रदेश को मिलेगा। केन-बेतवा नदी जोड़ो राष्ट्रीय परियोजना से बुंदेलखंड के हर खेत तक सिंचाई के लिये पानी पहुंचेगा। प्रदेश में बिजली, कृषि, उद्योग और पेयजल के लिये भरपूर पानी उपलब्ध होगा। खेत को पानी मिलने से फसलों का अमृत बरसेगा। किसानों के जीवन में खुशहाली आयेगी और बुंदेलखंड की तस्वीर तथा तकदीर बदलेगी। इस परियोजना से खेती-किसानी, उद्योग, व्यवसाय और पर्यटन को गति मिलेगी जिससे पलायन रुकेगा और नागरिकों का जीवन खुशहाल होगा। जलराशि की विपुलता के साथ बाढ़ तथा सूखा, दोनों समस्याओं का समाधान होगा। हमारा संकल्प है विरासत के साथ विकास। इसी लक्ष्य की ओर आगे बढ़ते हुएपरियोजना में ऐतिहासिक चंदेलकालीन 42 तालाबों को सहेजने का कार्य किया जायेगा।यह तालाब वर्षाकाल में जल से भर जायेंगे। इससे धरती का जल स्तर बढ़ेगा जिसका लाभ लोगों को मिलेगा। मध्यप्रदेश कृषि बाहुल्य प्रदेश है। प्रदेश में सिंचाई का रकबा 50 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर एक करोड़ हेक्टेयर तक पहुंचाने का हमारा लक्ष्य है। मुझे विश्वास है कि केन-बेतवा नदी जोड़ो राष्ट्रीय परियोजना से हम इस लक्ष्य को पूर्ण करने में सफल होंगे और बुंदेलखंड की प्रगति के नये द्वार खुलेंगे। इसी विश्वास के साथ मैंने बुंदेलखंड के किसानों से यह आग्रह किया था कि यहां के सूखे का तोड़ निकल जायेगा, किसी भी हाल में अपनी जमीन मत बेचना। मुझे खुशी है कि मेरा वह विश्वास सही साबित हुआ। यह हमारे लिये प्रसन्नता का विषय है कि मध्यप्रदेश, इस समय जनकल्याण पर्व मना रहा है। अटल जी के 100वीं जयंती पर त्रिपक्षीय अनुबंध से केन-बेतवा नदी जोड़ो राष्ट्रीय परियोजना की सौगात प्रदेशवासियों को मिलना अद्भुत संयोग है। मुझे बताते हुए हर्ष है कि कुछ दिनों पूर्व हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री जी ने पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना की सौगात दी थी। इस परियोजना में 21 बांध, बैराज निर्मित किये जाएंगे। परियोजना से प्रदेश के 3217 ग्रामों को लाभ मिलेगा। मालवा और चंबल क्षेत्र में 6 लाख 13 हजार 520 हेक्टेयर में सिंचाई होगी और 40 लाख की आबादी को पेयजल उपलब्ध होगा। एक साथ प्रदेश में दो नदी जोड़ो परियोजनाओं का शिलान्यास किया जाना ऐतिहासिक अवसर है। यह हमारे लिये गर्व की बात है कि इतिहास में बुंदेलखंड शौर्य, पराक्रम, वीरता और बलिदान का प्रतीक है। वीरों की भूमि बुंदेलखंड अब नदी परियोजना से विकास की भूमि के रूप में जानी जायेगी। मुझे बताते हुये आनंद है कि आज ही के दिन प्रदेश में ऊर्जा आत्मनिर्भरता और ग्रीन ऊर्जा के प्रति किये गये प्रयास धरातल पर उतरने वाले हैं। पुण्य सलिला मां नर्मदा पर विकसित ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सौर परियोजना का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लोकार्पण करेंगे। परियोजना के प्रथम चरण में इस वर्ष अक्टूबर माह से पूर्ण क्षमता से विद्युत उत्पादन प्रारंभ हो गया है। लोकतंत्र की प्रथम इकाई, ग्राम पंचायत से आरंभ होती है। अटल जी ने गांव को सुशासित और सशक्त बनाने का अभियान चलाया था। प्रधानमंत्री मोदी ने, श्रद्धेय अटलजी के स्वप्न को साकार करने के लिये गांव को आत्मनिर्भर, स्वच्छ, समृद्ध और सुशासित बनाने का संकल्प लिया है। प्रत्येक ग्राम पंचायत का अपना भवन हो, इसके लिये प्रधानमंत्री आज मध्यप्रदेश में 1153 अटल ग्राम सुशासन भवनों का भूमि-पूजन करेंगे। श्रद्धेय अटल जी की 100वीं जन्म जयंती पर आज शुरू होने वाली ऐतिहासिक परियोजनाओं और कार्यों से प्रगति के नये द्वार खुलेंगे। बुंदेलखंड जलशक्ति से संपन्न हो जायेगा और किसान समृद्ध होंगे। इससे समूचे क्षेत्र में खुशहाली आयेगी और युवाओं को नौकरी के लिये पलायन नहीं करना पड़ेगा। सौभाग्य से यह सब संभव हुआ है प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व और डबल इंजन की सरकार से। हमारी सरकार ने पहली बार रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित कर उद्योगों को छोटे शहरों तक पहुंचाने का नवाचार किया है। … Read more

उज्ज्वला योजना में 24 लाख लाड़ली बहनों के खातों में 26 करोड़ की राशि अंतरित: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

केन-बेतवा लिंक परियोजना से बुन्देलखंड की तस्वीर और तकदीर बदलेगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सागर की भूमि और यहां के लोगों का मेरे जीवन में विशेष स्थान: उत्तराखंड मुख्यमंत्री धामी उज्ज्वला योजना में 24 लाख लाड़ली बहनों के खातों में 26 करोड़ की राशि अंतरित लाखा बंजारा झील जीर्णोंद्धार एवं पुनर्विकास, निगम के नए भवन सहित 642 करोड़ के विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन गौरझामर नगर परिषद, बंडा बरा नगर पंचायत और नरयावली नगर पंचायत होगी सागर में कैंसर अस्पताल एवं विधि संकाय होगा शुरु मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सागर के गौरव दिवस पर दीं शुभकामनाएँ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सागर के गौरव दिवस एवं जनकल्याण पर्व पर कहा है कि सागर में कैंसर अस्पताल एवं रानी अवंतीबाई विश्वविद्यालय में विधि संकाय शुरु होगा। बुधवार 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती पर शुरु होने जा रही केन-बेतवा लिंक परियोजना से बुन्देलखंड की तस्वीर और तकदीर बदलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सागर का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने वालीं विभूतियों को सम्मानित करने पर प्रसन्नता जताई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाखा बंजारा ने यहाँ झील का निर्माण कर लोगों को पेयजल की समस्या से निजात दिलायी। उनके यह महान कार्य सदा स्मरणीय हैं। मैं उनकी इस महानता को नमन करता हूँ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सागर के गौरव दिवस एवं जनकल्याण पर्व पर नागरिकों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी। इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महाराजा छत्रसाल और आल्हा-ऊदल के शौर्य और बलिदान के लिए यह बुंदेलखंड की धरा जानी जाती है। अब बुंदेलखंड क्षेत्र का नया इतिहास लिखा जाएगा जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 25 दिसम्बर को छतरपुर जिले के खजुराहो में भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी की नदी जोड़ने की परिकल्पना को साकार करने के लिए केन-बेतवा लिंक परियोजना का भूमिपूजन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में मौजूद जनसमुदाय को मुट्ठी बांधकर परियोजना के भूमि-पूजन कार्यक्रम में आने का संकल्प दिलाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गौरझामर नगर परिषद, बंडा बरा नगर पंचायत, नरयावली नगर पंचायत का दर्जा देने की घोषणा भी की। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा सरकार द्वारा सागर के विकास के लिए कायाकल्प के कई कार्य किए गए हैं जिसमें लाखा बंजारा झील का जीर्णोद्धार, पुनर्विकास एवं सौंदर्यीकरण का कार्य भी शामिल है। इससे सागर शहर का जल स्तर संतुलित बना रहेगा। मुख्यमंत्री डॉं यादव और उनकी पूरी टीम ने प्रदेश के विकास को एक नई दिशा प्रदान की। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आज यहां 100 करोड़ रूपये से भी ज्यादा की विकास योजनाओं का पुनर्विकास और सौंदर्यीकरण कार्य पूरा हो रहा हैं। इन सभी कार्यों से डॉ. यादव की सरकार ने अपने पहले ही वर्ष में मध्य प्रदेश के उज्जवल भविष्य की मजबूत नीव स्थापित कर ली है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आने वाले अपने आगामी कार्यकाल में डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश और तेजी से विकास करेगा। मुख्यमंत्री धामी ने कहा जब मुझे मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ कार्यक्रम में सम्मिलित होने का निमंत्रण प्राप्त हुआ तो मेरे मन में सागर में बिताए मेरे बचपन के दिन याद आ गए। यहां की अनेक स्मृतियां मेने मन में है, आज वे सारी यादें ताजा हो गई। उन्होंने कहा मैं अपने पैतृक स्थान पर आया हूं। सागर मेरे लिए केवल एक शहर नहीं बल्कि मेरे जीवन का एक अविभाज्य हिस्सा हैं। मेरे पिताजी यहाँ महार रेजीमेंट में पदस्थ थे और उस दौरान उनकी पोस्टिंग सागर में थी। इस भूमि से मेरा अटूट रिश्ता रहेगा। मुख्यमंत्री धामी ने कहा आज पूरे देश में डबल इंजन की सरकार है, जो बहुत तेजी से विकास कर रही हैं। विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि सागर के गौरव दिवस उपलक्ष्य पर यहां दो मुख्यमंत्रियों की उपस्थिति सागर के गौरव को और बढ़ा रही है। इस भूमि के सच्चे सपूत डॉ. सर हरिसिंह गौर का योगदान इस क्षण को और अधिक महत्वपूर्ण बना देता है। यह उनके योगदान और गौरवशाली इतिहास को याद करने का पल है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा सागर की पहचान “लाखा बंजारा झील” का वर्तमान स्वरूप सागरवासियों का दिल हर्ष से भर देता है। पहले यह झील अपेक्षाकृत रूप से उपेक्षित थी, जिसे राज्य सरकार ने विकास कार्यों की सौगात देते हुए झील का सौंदर्यीकरण और पुनरुद्धार कराया। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से सागर संभाग के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में कैंसर डिपार्टमेंट खोलने, महिला रोग चिकित्सकों की नियुक्ति और हेड इंजुरी के संबंध में न्यूरो सर्जरी डिपार्टमेंट खोले जाने की मांगे रखी। विधायक एवं पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि सागर शहर को पहले लोग बड़ा कस्बा कहा करते थे। स्मार्ट सिटी योजना से यहां कई विकास कार्य हुए और सागर सहित समूचे बुंदेलखंड को नई दिशा मिली है। इस क्षेत्र में पहले फोरलेन रोड नहीं थी अब नये-नये पहुंच मार्ग बना रहे हैं, रेल लाइनें बिछ रहीं हैं। शिक्षा, चिकित्सा के क्षेत्र में लगातार विकास कार्य किये गए हैं। इस अवसर पर विधायक एवं पूर्व मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2016 में स्मार्ट सिटी मिशन की शुरूआत की। उस समय मध्यप्रदेश की 7 स्मार्ट सिटी का चयन किया गया, जिसमें सागर भी शामिल था। इसमें सागर को स्मार्ट सिटी के लिए एक हजार करोड़ रुपए मिले थे। स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत एलिवेटेड कोरिडोर बनाया गया और भी बहुत से विकास के कार्य किये गए। सिंह ने कहा 20 साल के दौरान सरकार ने विकास की अनेक सौगातें दी हैं। विधायक शैलेंद्र जैन ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि सागरवासियों को मुख्यमंत्री डॉ. यादव के पिछले एक वर्ष के नेतृत्व में विकास कार्यों की अनेक सौगात मिलीं हैं। आज हम सभी अभिभूत हैं और उनका नागरिक अभिनंदन करते हैं। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री एवं सागर के प्रभारी मंत्री राजेन्द्र शुक्ल सहित विधायकगण, जन-प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे। नगर निगम महापौर श्रीमती संगीता सुशील तिवारी ने आभार व्यक्त किया। सागर की विभूतियों का गौरव दिवसपर किया गया सम्मानित सागर … Read more

भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा : सरकार हर स्तर पर करेगी प्रभावी कार्यवाही

प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत-अभिनंदन है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश को मिलेगी केन-बेतवा लिंक परियोजना की सौगात : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा : सरकार हर स्तर पर करेगी प्रभावी कार्यवाही मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री डॉ. धामी का स्वागत भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी केन-बेतवा लिंक परियोजना की सौगात देने मध्यप्रदेश पधार रहे हैं, उनका प्रदेश की धरती पर स्वागत अभिनंदन है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में नदी जोड़ो अभियान बड़े स्वरूप में आकार लेगा। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती पर प्रदेश को मिल रही इस सौगात से सागर, दतिया सहित सम्पर्ण बुंदेलखण्ड को पर्याप्त सिंचाई और पेयजल सुविधा उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनकल्याण पर्व में सागर गौरव दिवस में क्षेत्र को सौगातें प्रदान करने के कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल की भी सहभागिता होगी। इन सौगातों से सम्पूर्ण क्षेत्र का आने वाला कल बेहतर होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजकीय विमान तल पर मीडिया से चर्चा में यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने कई कठोर निर्णय लिए हैं, जिनमें टोल बैरियर पर वसूली बंद करने का निर्णय भी एक है। राज्य सरकार किसी भी तरह के भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेगी। इसके लिए जिस भी स्तर पर आवश्यक होगा सरकार द्वारा कार्यवाही की जाएगी। सुशासन के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में विकास और जनकल्याण की दिशा में हम निरंतर गतिशील है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजकीय विमानतल पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री डॉ. पुष्कर सिंह धानी का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। साथ ही चंदेरी का अंगवस्त्र और राजभोज की प्रतिमा भेंट की। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री डॉ. धामी ने भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पुष्पगुच्छ और शाल भेंट कर अभिवादन किया।  

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