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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं को दी बधाई

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं को दी बधाई 71 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का माना आभार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में सोमवार को रोजगार मेले के माध्यम से देश के 71 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। युवाओं के सामर्थ्य एवं प्रतिभा से विकवित भारत का संकल्प साकार होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं को नई दिशा देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार मानते हुए, नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले युवाओं को बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं।

खजुराहो में 25 दिसम्बर को केन-बेतवा लिंक परियोजना कार्यक्रम के लिए किया आमंत्रित

टीकमगढ़ के माथे पर लग रहा है विकास का तिलक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना से टीकमगढ़ के साथ पूरे बुन्देलखण्ड की बदलेगी तस्वीर और तकदीर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 105 करोड़ रूपये से अधिक के विकास कार्यों दी सौगात खजुराहो में 25 दिसम्बर को केन-बेतवा लिंक परियोजना कार्यक्रम के लिए किया आमंत्रित मुख्यमंत्री जतारा में जनकल्याण पर्व सह किसान सम्मेलन कार्यक्रम में शामिल हुए भोपाल जन-कल्याण पर्व मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि टीकमगढ़ के माथे पर विकास का तिलक लग रहा है। जिले में अब कभी सूखे की समस्या नहीं होगी। देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना से टीकमगढ़ ही नहीं बल्कि पूरे बुन्देलखण्ड की तस्वीर और तकदीर बदलेगी। बहुप्रतीक्षित केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना से वृहद स्तर पर सिंचाई एवं पेयजल सुविधा मिलेगी। साथ ही बिजली उत्पादन, फसलों की पैदावार एवं पर्यटन क्षेत्र में विकास से नागरिकों का जीवन खुशहाल होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को टीकमगढ़ जिले की जतारा तहसील में आयोजित जन-कल्याण पर्व सह किसान सम्मेलन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टीकमगढ़ जिले के लिये 105 करोड़ 63 लाख रूपए की लागत के 120 विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण किया। साथ ही कार्यक्रम में उपस्थित किसानों को लड्डू खिलाकर 25 दिसम्बर को खजुराहों में आयोजित होने वाले केन-बेतवा लिंक परियोजना के भूमि-पूजन कार्यक्रम के लिये आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश उन्नति के पथ पर अग्रसर है। केन-बेतवा लिंक परियोजना के लिए एक लाख करोड़ रूपए की राशि स्वीकृत की गई है। भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के नदी जोड़ने की परिकल्पना को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 25 दिसम्बर को राष्ट्रीय महत्व की केन-बेतवा लिंक परियोजना का छतरपुर जिले के खजुराहो में भूमिपूजन करेंगे। परियोजना के साकार रूप लेने पर बुन्देलखण्ड हरा-भरा और समृद्धशाली बनेगा और इससे क्षेत्र में होने वाला पलायन भी रूकेगा। मुख्यमंत्री ने आमजनों को वृहद परियोजना के शुभारंभ अवसर पर खजुराहो में आमंत्रित किया और सभी उपस्थितजनों को मुट्ठी बांधकर परियोजना के भूमिपूजन कार्यक्रम में आने का संकल्प दिलाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर केन-बेतवा लिंक परियोजना का मॉडल और जन-कल्याण एवं विकास पर केन्द्रित प्रदर्शनी और विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल का अवलोकन किया। महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली और पुष्प-वर्षा कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। कार्यक्रम में वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार, विधायक जतारा हरिशंकर खटीक, अमित नुना, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती उमिता राहुल सिंह, पूर्व मंत्री राहुल सिंह, जन-प्रतिनिधि, लाड़ली बहनें और बड़ी संख्या में कृषक बंधु उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव सागर में लाखा बंजारा झील के जीर्णोद्धार कार्य का करेंगे लोकार्पण

मुख्यमंत्री डॉ. यादव सागर में लाखा बंजारा झील के जीर्णोद्धार कार्य का करेंगे लोकार्पण उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी भी होंगे शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार 23 दिसम्बर को सागर में जन-कल्याण पर्व अंतर्गत विकास की अनेक सौगातें देंगे। इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी भी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नगर पालिका निगम एवं स्मार्ट सिटी लिमिटेड सागर द्वारा गौरव दिवस एवं लाखा बंजारा झील के जीर्णोद्धार एवं पुनर्विकास, सागर सिटी गवर्नेंस नगर पालिका निगम कार्यालय एवं दो जोनल सेंटर का लोकार्पण करेंगे। बुंदेली माटी के सपूत डॉ. हरिसिंह गौर की नगरी सागर की पहचान लाखा बंजारा झील के जीर्णोद्धार उपरांत लोकार्पण कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, नागरिक एवं खाद् आपूर्ति उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, सांसद श्रीमती लता वानखेड़े, विधायक शैलेंद्र जैन, नगर पालिका निगम महापौर श्रीमती संगीता तिवारी, नगर पालिक निगम अध्यक्ष वृंदावन अहिरवार सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भव्य प्रस्तुति भी होगी।  

मुख्यमंत्री यादव की मौजूदगी में मध्य प्रदेश की नई ड्रोन नीति पर एक दिवसीय एक्सपर्ट पैनल वर्कशॉप आज

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में मध्य प्रदेश की नई ड्रोन नीति पर एक दिवसीय एक्सपर्ट पैनल वर्कशॉप आज 23 दिसम्बर को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर भोपाल में होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा ड्रोन केंद्रित सूचना पोर्टल (drone.mp.gov.in) भी लॉन्च किया जाएगा। इस दौरान प्रशासन और नागरिक सेवाओं के लिए ड्रोन तकनीक के बढ़ते उपयोग और राज्य को देश का ड्रोन हब बनाने पर विचार विमर्श होगा।  इस अवसर पर मुख्य सचिव अनुराग जैन कार्यशाला को संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार लोक कल्याणकारी सेवाओं, नवाचार, उत्कृष्टता और उत्पादकता को बढ़ाने के लिए ड्रोन टेक्नालॉजी का उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ड्रोन सेक्टर के मिशन से प्रेरित होकर हमने ड्रोन क्षेत्र के लिए आगे बढ़ने का संकल्प लिया है। मध्य प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम लिमिटेड और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित कार्यशाला में सर्वे ऑफ इंडिया (एसओआई), डीजीसीए (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय), केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय, भारतीय सर्वेक्षण विभाग, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी, नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अधिकारी, आईआईटी इंदौर, पुलिस, स्टार्टअप, ड्रोन फेडरेशन ऑफ इंडिया, नाबार्ड और मध्य प्रदेश सरकार के सभी विभागों के प्रमुख सहित ड्रोन इंडस्ट्री के प्रमुख आइडियाफोर्ज, एसटेरिया एयरोस्पेस, ड्रोन फेडेरेशन आदि के प्रमुख उपस्थित रहेंगे। क्या है ड्रोन नीति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में ड्रोन नीति का निर्माण किया जाए. उच्च शिक्षा, उद्योग, कृषि और अन्य संबंधित विभागों में ड्रोन के उपयोग और प्रशिक्षण के संबंध में रणनीति बनाकर कार्य किया जाए. विमानन एवं आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस जैसे विषयों में युवाओं की रूचि बढ़ रही है, अत: ऐसे विषयों की बेहतर शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. हाल ही में देश का पहला हेलीकॉप्टर पायलट ट्रेनिंग स्कूल खजुराहो में आरंभ किया गया है. राज्य सरकार का प्रयास है कि जहां-जहां हवाई पट्टियां हैं, वहां-वहां पायलट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, निकटवर्ती विश्वविद्यालय के माध्यम से डिग्री और डिप्लोमा कोर्स की व्यवस्था करें.  

इंदौर में होगी आईटी समिट, नेहरू स्टेडियम का होगा पुनर्निर्माण :मुख्यमंत्री डॉ. यादव

नदी जोड़ो परियोजनाएं प्रदेश में विकास की लिखेगी नयी इबारत:मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर को हर क्षेत्र में बनाया जायेगा नम्बर-वन इंदौर में होगी आईटी समिट, नेहरू स्टेडियम का होगा पुनर्निर्माण नगर निगम का बनेगा नया भव्य भवन मुख्यमंत्री ने इंदौर को दी 1249 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इंदौर, माँ देवी अहिल्या की नगरी है, जो विकास का पर्याय रहीं है। उनके कार्यकाल में देव स्थानों का पूरे देश में अद्भुत विकास हुआ है। इंदौर वर्तमान में देश का सबसे स्वच्छ शहर है। यह आईटी, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्मार्ट सिटी के कार्यों आदि में देश में भी अव्वल है। अब इंदौर को हर क्षेत्र में अव्वल बनाने के कार्य तेजी से होंगे। इंदौर का संर्वागीण विकास कर इंदौर को देश के प्रमुख महानगरों के समकक्ष खड़ा किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इंदौर के नेहरू स्टेडियम का पुनर्निर्माण किया जायेगा। यहाँ आईटी के विकास की अपार संभावनाएं है, इसको देखते हुए इंदौर में जल्द ही आईटी समिट आयोजित की जायेगी। इंदौर नगर निगम का नया भव्य भवन भी बनाया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को इंदौर में जनकल्याण पर्व के तहत आयोजित लोकार्पण एवं भूमि-पूजन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर के लिये 1249 करोड़ रूपये से अधिक की लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि नदी जोड़ो परियोजना प्रदेश में विकास की नयी इबारत लिखेंगी। मध्यप्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य है जहां 2 नदी जोड़ो परियोजनाओं पर एक साथ कार्य हो रहा है। यह परियोजनाएं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मूर्तरूप ले रही हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से नदियों को आपस में जोड़कर पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के सपनों को साकार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में हो रहे विकास की सराहना करते हुए कहा कि इंदौर को अब हर क्षेत्र में नम्बर-वन बनाया जायेगा। इंदौर को देश के प्रमुख महानगरों की तरह विकसित किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर का स्मरण करते हुए कहा कि उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। वे हमेशा से सम्मानीय है। उनका सम्मान हमेशा कायम रहेगा। बाबा साहेब की स्मृतियों को चिरस्थाई बनाने और उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिये पंच तीर्थ विकसित किये गये है। उनके जीवन से जुड़े 5 प्रमुख स्थलों को तीर्थ-स्थल का दर्जा दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनकल्याण पर्व और मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान में की जा रही गतिविधियों की जानकारी देते हुए नागरिकों से उनका लाभ लेने का आहवान किया। उन्होंने बताया कि जनकल्याण अभियान के माध्यम से शासन की 76 योजनाओं और सेवाओं का लाभ आमजन तक घर-घर जाकर पहुंचाया जा रहा है। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव हमारे इंदौर जिले के प्रभारी भी है। उनके नेतृत्व में इंदौर शहर हर क्षेत्र में नंबर वन होगा। सफाई में नंबर वन है, जल-संरक्षण में हम नंबर वन है। अब पर्यावरण में भी इंदौर को नंबर वन बनाने के प्रयास शुरू किये गये है। इंदौर में 51 लाख पौधे लगाये गये है। साथ ही यह संकल्प भी लिया गया है कि आगामी 5 साल तक हर साल 51 लाख पौधें लगाये जायेंगे। हम सब मिलकर प्रयास करेंगे कि शहर के तापमान को 5 डिग्री तक कम करें। उन्होंने कहा कि इंदौर को ट्रैफिक समस्या से भी निजात दिलाने के लिए प्लानिंग की जा रही है। इंदौर के ट्रैफिक में सुधार कर नंबर वन बनायेंगे। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि इंदौर जो भी करता है अद्भुत करता है। इंदौर में यह पहली बार हो रहा जब एक ही दिन में एक साथ मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा 1249 करोड़ रूपये के विकास की सौगात दी गई है। इंदौर, विकास का मॉडल बन गया है। यहां विकास एवं प्रगति की नयी बुनियाद रखी जा रही है। नदी जोड़ो परियोजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में अब सिचाई और पेयजल की सुविधा में आशातित वृद्धि होगी। इन परियेाजनाओं को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मूर्तरूप देकर पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेई के संकल्पों को पूरा किया जा रहा है। कार्यक्रम में महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने स्वागत भाषण देते हुए इंदौर शहर के विकास के लिये किये जा रहे कार्यों की जानकारी दी। सांसद शंकर लालवानी, विधायक रमेश मेंदोला, श्रीमती मालिनी गौड़, महेन्द्र हार्डिया, मनोज पटेल, गोलू शुक्ला, मधु वर्मा, अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम के अध्यक्ष सावन सोनकर, सफाई कामगार आयोग के अध्यक्ष प्रताप करोसिया, गौरव रणदिवे, चिंटू वर्मा, नगर निगम के सभापति मुन्नालाल यादव सहित महापौर परिषद के सदस्य, पार्षदगण व बडी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। इंदौर को मिली 1249 करोड़ रूपये के विकास कार्यों की सौगात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर को 1249 करोड़ रूपये लागत के विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने इंदौर शहर में 511.12 करोड़ रूपये लागत के एसटीपी निर्माण एवं सीवर लाइन डालने के कार्य का भूमि-पूजन किया। साथ ही इंदौर शहर में 442 करोड़ रूपये लागत से बनने वाली मास्टर प्लान की 22 नवीन सड़कों, 43 करोड़ रूपये लागत से बनने वाली एमआर-10 से एमआर-12 लिंक रोड़ विकास कार्य, लगभग 8 करोड़ रूपये लागत से बनने वाले कस्तूरबा गार्डन के पीछे स्पोटर्स कॉम्पलेक्स, प्रतीक सेतु के नीचे 1.20 करोड़ रूपये की लागत से बनने वाले शहीद स्मारक, वार्ड क्रमांक-34 में 1.15 करोड़ रूपये लागत के चौराहे के सौंदर्यीकरण एवं चौड़ीकरण कार्य का भूमिपूजन किया। उन्होंने 21 करोड़ रूपये लागत के नवीन जल वितरण पाइप लाइन, 5.50 करोड़ रूपये लागत के स्मार्ट सिटी एबीडी एरिये में नवीन सीवर लाइन और 100 टन क्षमता के ग्रीन वेस्ट प्लांट सहित शहर के विकास से जुड़े अनेक विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगर निगम इंदौर के डॉक्युमेंट डिजिटाइजेशन का लोकार्पण कर विभिन्न शासकीय योजनाओं में चयनित हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किये।  

लिट चौक के रूबरू कार्यक्रम में युवाओं ने जाने मुख्यमंत्री के व्यक्तित्व के पहलू

इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार शाम इंदौर के गाँधी हाल में आयोजित लिट चौक कार्यक्रम में पहुंचे। यहां उन्होंने कला, साहित्य, विकास, फिल्म आदि के बारे में एंकर जयदीप कर्णिक द्वारा पूछे गये सवालों का सिलसिलेवार उत्तर दिया। इस दौरान उपस्थित युवा, मुख्यमंत्री डॉ. यादव की हाजिर जवाबी और विषयों में विशेषज्ञता के कायल हुए। मुख्यमंत्री ने अपनी शिक्षा, राजनीति और मालवा से भोपाल तक के सफर पर पूछे गये सवालों का बेबाकी से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सुशासन को समझने के लिये विक्रमादित्य और राजा भोज के बारे में युवाओं को जानकारी होना चाहिये। हमारी विरासत और इनके काल के दौरान हुए विकास और धार्मिक स्थल किस तरह साइंस से जुड़े थे। यह आज की युवा पीढ़ी को बताने की जरूरत है। उज्जैन के काल भैरव मंदिर जहां शराब का प्रसाद चढ़ता है और उसकी गंध नहीं आती। निकट के गुगरेश्वर महादेव शिवलिंग पर जल चढ़ाने के बाद जल का बाहर न आना, ग्रीनविच स्टैंण्डर्ड टाइम के काफी समय पहले से उज्जैन में की जाने वाली काल गणना इसका उदाहरण है। सरकार ने तय किया है कि इस तरह के स्थानों पर महाकाल लोक जैसे 13 लोक बनाये जाएंगे। कॉलेज के छात्र संघ चुनाव करवाने संबंधी प्रश्न पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चुनाव कराने में कोई दिक्कत नहीं है, पर आपको समझना होगा कि विधानसभा और लोकसभा चुनाव के पहले छात्र संघ चुनाव ही युवाओं के लिये लोकतंत्र को समझने का जरिया हुआ करता था। संविधान के 74वें संशोधन के पश्चात जब से नगरीय निकाय और पंचायतों के चुनाव हो रहे हैं तब से देखने में आ रहा है कि 22-25 साल का युवा सरपंच, पार्षद आदि का चुनाव लड़ विकास में अपना योगदान दे रहा है। आज लोकतंत्र को समझने के लिये युवाओं के पास अधिक मौके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं से आह्वान किया कि वे रोजगार मांगने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें। सरकार की नीति स्वरोजगार, उद्योग स्थापना के लिये सहयोगी हैं। नई शिक्षा नीति के माध्यम से यह धारणा भी बदलने का प्रयास किया जा रहा है कि कॉलेज में पढ़ाई करने के बाद नौकरी मिलना मुश्किल है। शिक्षा वही जो भविष्य को संवारे, इसलिये नई शिक्षा नीति में कौशल ज्ञान को संवारने के सभी प्रबंध किये गये हैं, क्योंकि स्वाभिमान के साथ जीवन जीना सबका हक है। उन्होंने कहा कि इंदौर रोल मॉडल है। मैं संपूर्ण प्रदेश को इंदौर की तरह बनाना चाहता हूं और इंदौर को मुंबई-दिल्ली से भी आगे ले जाना चाहता हूं। उन्होंने स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मस्तिष्क होने की बात कह युवाओं से आग्रह किया कि जीवन काल में सबको समय दें, परिवार, व्यापार के साथ शरीर को स्वस्थ रखना सबसे महत्वपूर्ण है। नदी जोड़ने की योजना पर उन्होंने कहा कि इससे सभी नदियों को प्रवहयान बनाया जा सकेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 25 दिसम्बर को केन-बेतवा लिंक परियोजना का शुभारंभ करेंगे।  

एक लाख सोलर पम्प देकर किसानों को ऊर्जा उत्पादन में बनाया जाएगा आत्म-निर्भर- मुख्यमंत्री

मध्यप्रदेश अपनी आवश्यकता की आधी बिजली वर्ष 2030 तक सौर ऊर्जा से करेगा प्राप्त : मुख्यमंत्री डॉ. यादव एक लाख सोलर पम्प देकर किसानों को ऊर्जा उत्पादन में बनाया जाएगा आत्म-निर्भर मुख्यमंत्री ने 3520 करोड़ की 880 मेगावॉट की आगर-नीमच सौर परियोजनाओं का किया लोकार्पण सुसनेर में 49.81 करोड़ के विकास कार्यों का हुआ लोकार्पण एवं भूमि-पूजन भोपाल मुख्यमंत्री जनकल्याण पर्व मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सूर्य ऊर्जा का महत्वपूर्ण स्त्रोत है। सौर ऊर्जा सबसे अच्छी ऊर्जा है। आने वाले वर्ष-2030 तक मध्यप्रदेश अपनी आवश्यकता की बिजली का आधा हिस्सा सौर ऊर्जा से प्राप्त करेगा। सौर ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार का प्रयास उद्योग, धन्धे, कृषि के लिए सस्ती दर पर बिजली उपलब्ध करवाना है। आगर में बनने वाली सौर ऊर्जा रेल विभाग को दी जाएगी, जिससे 7 राज्यों में रेलगाड़ियाँ संचालित होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को आगर-मालवा जिले के सुसनेर में 3520 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित 880 मेगावॉट आगर और नीमच सौर परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इसमें आगर-मालवा जिले की लगभग 2200 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित 550 मेगावॉट सौर परियोजना एवं नीमच जिले की 1320 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित 330 मेगावॉट सौर परियोजना शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगर-मालवा जिले में 49.81 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिये संकल्पित है। किसानों को समृद्ध बनाने सम्मान निधि और कृषि सिंचाई विद्युत बिल पर 53 हजार रुपए की सब्सिडी दी जा रही है। किसानों को सिंचाई के लिये सौर ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में आत्म-निर्भर बनाया जाएगा इसके लिये 1 लाख सोलर पम्प दिये जाएंगे, जिससे किसान अपनी आवश्यकता की बिजली स्वयं उत्पादित कर सकेंगे। प्रदेश के प्रत्येक किसान के खेत तक पानी पहुंचाने का काम सरकार कर रही है। प्रदेश में सिंचाई का रकबा 50 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 1 करोड़ हेक्टेयर तक ले जाया जाएगा, मध्यप्रदेश फसल उत्पादन के क्षेत्र में हरियाणा-पंजाब को पीछे छोड़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की आय में वृद्धि करने के लिए खेती के साथ पशुपालन को प्रोत्साहित करने के लिये दूध खरीदी पर बोनस देंगे, इसके लिए सरकार काम कर रही है। देश में दूध उत्पादन का लगभग 9 प्रतिशत आपूर्ति मध्यप्रदेश द्वारा की जाती है। अगले 5 साल में नेशनल डेयरी डेवलेपमेंट बोर्ड के माध्यम से 20 प्रतिशत आपूर्ति कर प्रदेश को देश में अग्रणी बनाना है। सरकार इसके लिए प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगर-मालवा जिले में उत्पादित दूध की गुणवत्ता की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार युवा, महिला, गरीब, एवं किसान के विकास और कल्याण के लिए कृत संकल्पित है। सभी वर्गों के कल्याण के लिये अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई गई। महिलाओं को लाड़ली बहना योजना के माध्यम से आत्म-निर्भर बनाया जा रहा है। प्रदेश में सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान और जनकल्याण पर्व मनाया जा रहा है। जनकल्याण पर्व में प्रतिदिन विकास कार्यों की सौगात दी जा रही है। मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान 26 जनवरी तक चलेगा, जिसमें अधिकारी घर-घर आकर शासन की योजनाओं का लाभ देंगे। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ प्राप्त करने से वंचित पात्र हितग्राही अपना आवेदन देकर लाभ लें। मुख्यमंत्री ने सरकार द्वारा चलाए जा रहे, जन कल्याण अभियान में सभी को सहयोग करने का संकल्प भी दिलाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 17 दिसम्बर को जयपुर में 20 वर्षों से लम्बित पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना का भूमि-पूजन किया। इस परियोजना से चंबल एवं मालवांचल में खुशहाली आएगी। उन्होंने कहा कि 25 दिसम्बर को पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेई की 100वीं जयंती पर मध्यप्रदेश में नया इतिहास लिखा जाएगा। इस दिन प्रधानमंत्री मोदी केन-बेतवा लिंक परियोजना के रूप में प्रदेश को एक बड़ी सौगात देंगे। उन्होंने छतरपुर जिले में आयोजित इस भूमि-पूजन कार्यक्रम में शामिल होने के लिये सभी को आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के समग्र विकास के लिये विभिन्न अंचलों में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित किए गए हैं। उद्योगों के माध्यम से रोजगार के अवसर में बढ़ोत्तरी का प्रयास भी किया जा रहा है। आने वाले समय में आगर-मालवा जिले में बड़े-बड़े उद्योग धन्धे स्थापित होंगे और युवाओं को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी झालावाड़-आगर-उज्जैन रेल लाईन की सौगात दी गई है, माँ बगलामुखी धाम को रेल लाइन से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। आगर-मालवा जिले को लॉ कॉलेज की सौगात देकर उसका भूमि-पूजन भी किया गया। उन्होंने कहा कि आगर जिले के विकास में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में जन-कल्याणकारी योजनाओं में हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण किया। उन्होंने आगर एवं नीमच जिलों के कलेक्टर्स को सौर ऊर्जा विकास के लिए ढाई-ढाई करोड़ रुपए की राशि के चैक प्रदान किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनकल्याण पर्व पर कृषि, उद्यानिकी, महिला एवं बाल विकास आदि विभागों द्वारा शासन की जन-कल्याणकारी योजनाओं पर लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम को विधायक मधु गेहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा जिले में पिछले एक वर्ष में दी गई सौगातों के लिए आभार माना। कार्यक्रम में विधायक सुसनेर भैरूसिंह बापू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मुन्ना बाई चौहान, नगर पालिका अध्यक्ष निलेश जैन पटेल, पूर्व विधायक गोपाल परमार, राणा विक्रम सिंह श्रीमती रेखा रत्नाकर, लालजीराम मालवीय, बद्रीलाल सोनी फूलचंद वेदियां, चिंतामन राठौर, सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री ने खजराना गणेश के दर्शन कर प्रदेश की समृद्धि, उन्नति और विकास की प्रार्थना की

सेवा के भाव से किये गये कार्य सदैव रहतें हैं याद : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सेवा के लिये धन से बड़ा मन जरूरी मुख्यमंत्री ने खजराना गणेश मंदिर परिसर में नवनिर्मित भक्त निवास, संत निवास, अन्न क्षेत्र विस्तार एवं उद्यान का किया लोकार्पण मुख्यमंत्री ने खजराना गणेश के दर्शन कर प्रदेश की समृद्धि, उन्नति और विकास की प्रार्थना की भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि  धन तो सबके पास होता है, लेकिन सेवा के लिये धन से बड़ा मन होना चाहिए। पूरे मन से सेवा के लिए किये गये कार्य सदैव याद रखें जाते हैं।  खजराना गणेश मंदिर में भक्त निवास, संत निवास, अन्न क्षेत्र विस्तार एवं उद्यान का निर्माण दर्शनार्थियों के लिए लाभकारी होगा। सेवा का यह विशिष्ट भाव समाज को एक नई दिशा देने का काम करता है, जो प्रशंसनीय है। मंदिर परिसर में किया गया यह निर्माण एक सौगात है। राज्य सरकार ऐसे सेवा कार्य करने वालों का सदैव अभिनंदन करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को इंदौर के खजराना गणेश मंदिर में आयोजित लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान खजराना गणेश के दर्शन कर प्रदेश के विकास और समृद्धि की प्रार्थना की। मंदिर के पुजारियों ने विधि-विधान से पूजन करवाया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदिर परिसर में 20 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित भक्त निवास, संत निवास, अन्न क्षेत्र विस्तार एवं उद्यान का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन कार्यों के लिये दानदाता बालकृष्ण छावछरिया के प्रति आभार व्यक्त किया। उल्लेखनीय है कि इंदौर के   प्रख्यात खजराना गणेश मंदिर परिसर में देश-विदेश से आने वाले भक्तों की सेवा और सुविधा के लिए श्रीमती सूठीबाई दौलतराम छावछरिया पारमार्थिक ट्रस्ट द्वारा माता-पिता, पत्नी और पुत्र की स्मृति में प्रवचन हाल, संत निवास, भक्त निवास, अन्न क्षेत्र विस्तार एवं उद्यान बनवाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर दानदाता एवं ट्रस्ट के प्रमुख बालकृष्ण छावछरिया का शाल एवं पुष्प माला से सम्मान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का ट्रस्ट पदाधिकारियों द्वारा प्रतीक चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर ललवानी, महापौर पुष्पमित्र भार्गव, विधायकगण श्रीमती मालिनी गौड़, महेन्द्र हार्डिया, मधु वर्मा, रमेश मेंदोला  तथा गोलू शुक्ला, गौरव राणदिवे, जन-प्रतिनिधि, ट्रस्ट के प्रमुख विनोद अग्रवाल, प्रमुख परामर्शदाता प्रेमचंद गोयल, ट्रस्टी डॉ. कुलभूषण मित्तल  सहित अधिकारी एवं बड़ी संख्या में भक्तजन उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री ओमनी स्कूल के वार्षिकोत्सव में हुए शामिल

इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को इंदौर के ओमनी स्कूल के वार्षिक उत्सव को संबोधित करते हुए कहा है कि भगवान श्रीकृष्ण अवतारी पुरुष थे फिर भी उनका जीवन विविध कठिनाइयों से भरा रहा है। उन्होंने सांसारिक जीवन जीते हुए मानव कल्याण के लिए एक मार्ग प्रशस्त किया है। विद्यार्थी भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से शिक्षा ग्रहण करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सामाजिक कार्यों सहित गीता भवन के संचालन में सूरी परिवार के योगदान को सराहा। कार्यक्रम में सुमित सूरी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिनंदन किया और स्मृति स्वरूप श्रीनाथजी की प्रतिमा का चित्र भेंट किया। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, विधायक श्रीमती मालिनी गौड़ और गोलू शुक्ला, गौरव रणदीवे, सावन सोनकर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं विद्यालय के संचालकगण सुमित सूरी, हेमंत सूरी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं अभिभावक गण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने म.प्र. आईएएस एसोसिएशन के सिविल सर्विस मीट -2024 का किया शुभारंभ

भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी, जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव और व्यवस्थाओं को सुव्यवस्था में बदलने में सक्षम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव विश्व में देश की विशिष्ट पहचान बनाने में आईएएस अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सर्विस मीट का विचार मंथन नए दौर के नए मध्यप्रदेश के निर्माण में सहायक मुख्यमंत्री ने म.प्र. आईएएस एसोसिएशन के सिविल सर्विस मीट -2024 का किया शुभारंभ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत जैसे विशाल और विविधताओं वाले देश की विश्व में विशिष्ट छवि बनाने में भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। आज भारत की अलग पहचान बनी है और देश को आदर-सम्मान के साथ देखा जाता है। भारतीय प्रशासनिक सेवा का स्वरूप अन्य सेवाओं से भिन्न है। कठोर परिश्रम के साथ-साथ ईश्वर प्रदत्त भाग्य से ही मनुष्य को भारतीय प्रशासनिक सेवा से जन सेवा का अवसर प्राप्त होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश आईएएस ऑफिसर्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित सिविल सर्विस मीट-2024 का प्रशासन अकादमी में शुभारंभ कर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अंगवास्त्रम् भेंट कर स्वागत किया गया। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रतीक चिन्ह भेंट किया। दक्षता से लिए गए निर्णयों से ही अधिकारी इतिहास बनाते हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पौराणिक संदर्भ का उल्लेख करते हुए कहा कि ईश्वर प्रदत्त यश का सदुपयोग जनहित में करना ही श्रेष्ठतम है। भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी, लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और व्यवस्थाओं को सुव्यवस्था में बदलने में सक्षम हैं। व्यक्तिगत स्तर पर की गई ऐसी पहल, सुख और संतोष प्रदान करती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अनुसार बेहतर अवसरों के साथ अपनी दक्षता और सूझ-बूझ से लिए गए निर्णय और उनके बेहतर क्रियान्वयन से ही अधिकारी इतिहास बनाते हैं। निर्णयों के क्रियान्वयन में आईएएस अधिकारियों की दक्षता प्रशंसनीय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि व्यवस्था संचालन में विधायिका, न्यायपालिका और कार्यपालिका के अलग-अलग दायित्व हैं। उनके निर्वहन की अपनी-अपनी विशेषज्ञता भी है। इन सभी संस्थाओं ने लोकतंत्र को बनाए रखने में अपने-अपने स्तर पर योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि निर्णय लेना या एक विचार देना सरल है, लेकिन बड़े फलक पर उसका क्रियान्वयन चुनौती पूर्ण होता है। भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की निर्णयों के क्रियान्वयन में दक्षता प्रशंसनीय है। सेवाकाल के बाद भी देश की उन्नति और जनकल्याण में दें योगदान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिविल सर्विस मीट का विचार मंथन नए दौर के नए मध्यप्रदेश के निर्माण में सहायक होगा। प्रशासनिक अधिकारियों के लंबे अनुभवों को साझा करने के लिए किसी संस्था की संरचना करने पर विचार होना चाहिए। इससे अलग-अलग क्षेत्र के व्यक्तियों के साथ विचारों के आदान-प्रदान तथा सेवाकाल के बाद भी देश की उन्नति और जन कल्याण में अपना योगदान देने के लिए मंच उपलब्ध हो सकेगा। वैश्विक परिदृश्य में हो रही घटनाओं की दृष्टि से भारत का वर्तमान समय बहुत अनुकूल और सकारात्मक है। पड़ौसी देशों में हो रहे घटनाक्रम से इसका आंकलन किया जा सकता है। विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में भारत की व्यवस्थाएं विश्व में आदर्श प्रस्तुत कर रही हैं। इसमें भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का योगदान महत्वपूर्ण है। सर्विस मीट, टीम भावना विकसित करने और नवाचारों को जानने व सीखने में सहायक एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहम्मद सुलेमान ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव से परिवार के मुखिया के रूप में सदैव मार्गदर्शन प्राप्त होता है। तीन दिवसीय सर्विस मीट से एसोसिएशन के सदस्यों में टीम भावना विकसित करने, नवाचारों को जानने और सीखने तथा बेहतर परिणाम देने के लिए स्वयं को तैयार करने का अवसर प्राप्त होता है। जी-20 इंडिया के शेरपा तथा नीति आयोग के पूर्व अध्यक्ष अमिताभ कांत रहे उपस्थित कार्यक्रम में मुख्य सचिव अनुराग जैन, जी-20 इंडिया के शेरपा तथा नीति आयोग के पूर्व अध्यक्ष अमिताभ कांत, प्रशासन अकादमी के महानिदेशक जे.एन. कंसोटिया, एसोसिएशन के पदाधिकारी अनुपम राजन, विवेक अग्रवाल सहित भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी उपस्थित थे।  

डॉ. बी.आर. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय महू का हुआ छठवाँ दीक्षांत समारोह

महू राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने सम्मानपूर्वक जीवन जीने के लिए समरस, समावेशी राष्ट्र के संविधान निर्माता डॉ. बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर को नमन करते हुए कहा कि बाबा साहेब ने अपनी अद्भुत दूरदृष्टि से हमें संविधान के रूप में जाति, लिंग, भाषा, धर्म, धन और शक्ति बल आदि के भेदभावों से मुक्त समावेशी, समरस समाज की धरोहर सौंपी है। राज्यपाल पटेल शुक्रवार को महू में डॉ. बी.आर. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय के 6वें दीक्षांत समारोह में अध्यक्षीय उद्बोधन दे रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में आयोजित समारोह में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय लखनऊ के पूर्व कुलाधिपति डॉ. प्रकाश सी बरततूनिया, विधायक सुउषा ठाकुर उपस्थित थे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि हमारा संविधान प्रेरणादायक जीवंत दस्तावेज और स्वतंत्र भारत का आधुनिक धर्म ग्रंथ है, जिसका समर्पित भाव से पालन, हर भारतीय का परम कर्तव्य है। विद्यार्थियों का दायित्व है कि संविधान का अपने आचरण, व्यवहार में समर्थन और संरक्षण करें। समाज के तुलनात्मक रूप से वंचित, पिछड़े वर्गों, समुदायों के भाई बहनों के विकास की जवाबदारी, जिम्मेदारी के साथ स्वीकार करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने बाबा साहेब के सपनों के अनुरूप राष्ट्र निर्माण के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति के द्वारा शिक्षण संस्थानों को ऐसे नागरिकों को तैयार करने का अवसर दिया है। यह जरूरी है कि विश्वविद्यालय और शिक्षक, हमारी संस्कृति के अनुरूप देश और समाज की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए सामाजिक समृद्धि और समानता के प्रति समर्पित युवा ध्वज वाहक तैयार करें। राज्यपाल ने शिक्षकों से अनुरोध किया कि शिक्षण प्रणाली को वह विद्यार्थियों की उद्यमिता को बढ़ावा देने, नवाचार की प्रेरणा देने, चिंतन, नेतृत्व के गुणों के साथ सामाजिक सरोकारों में सहभागिता के संस्कार प्रदान करने वाली बनाएं। युवा ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है, देश जब आजादी की 100वीं सालगिरह मनाएगा, देश का नेतृत्व युवा कर रहे होंगे, उस समय विकसित भारत का स्वरूप कैसा हो उसके लिए युवाओं को आज से ही कार्य करना होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि बाबा साहेब अंबेडकर ने विपरीत परिस्थितियों में शिक्षा दीक्षा ग्रहण करने को गौरव की बात बताते हुए अनुकरणीय बताया। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने जो सीखा, वो समाज को समर्पित किया। देश का संविधान इस बात का प्रमाण है जिसमें भारत की विविधता भरी संस्कृति, जनजाति नागरिक आदि को एक साथ जोड़ा गया है। बाबा साहेब ने चित्रों के संयोजन से संविधान को गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री रहने के दौरान इस विश्वविद्यालय में कई संकाय शुरू किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जरूरत के मुताबिक और नए संकाय खोले जाएँगे। जनवरी माह में राज्यपाल की अध्यक्षता में कुलगुरूओं की बैठक में इस पर निर्णय लिए जाने का मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि युवाओं के कौशल विकास और स्पष्ट दिशा देने के साथ ही विश्वविद्यालय की आत्मनिर्भरता के लिए प्रयास किए जाएँगे। मुख्यमंत्री ने दीक्षांत समारोह के माध्यम से विद्यार्थियों को उपाधि देने के सिलसिले को आरम्भ करने में राज्यपाल की पहल का अभिनंदन भी किया। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा दीक्षा के ज़रिए अपना भविष्य उज्जवल बनाने की शुभकामनाएं भी दीं। समारोह को सारस्वत अतिथि बरतूनिया ने भी संबोधित किया दीक्षांत समारोह में संस्थान के 16 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। अम्डेकर विश्वविद्यालय के द्वारा विगत 5 वर्षों में 100 से अधिक शोधार्थियों ने पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है। वहीं बीते सत्र में विश्वविद्यालय से 851 विद्यार्थियों ने डिग्री हासिल की है। इसमें से पीएचडी करने वाले विद्यार्थियों को मंच पर डिग्री प्रदान की गई। आरंभ में अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती, भगवान बुद्ध और बाबासाहेब की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। स्वागत उद्बोधन विश्वविद्यालय के कुलगुरु रामलाल अत्राम ने दिया। आभार कुलसचिव ने माना।  

अजयगढ़ में खुलेंगे 100 सीटर कन्या और 50 सीटर बालक छात्रावास

भोपाल जनकल्याण पर्व मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पन्ना में आयोजित जल कलश यात्रा, संत सम्मेलन और लोक कल्याण शिविर में 98 करोड़ रूपये के 13 विकास कार्यों की सौगात देते हुए कहा कि 25 दिसम्बर से बुन्देलखण्ड क्षेत्र की प्रगति के नये द्वार खुल रहे हैं। उन्होंने कहा कि बुन्देलखण्ड का हर व्यक्ति खुशहाल होगा। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेई की 100वीं जयंती पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना का खजुराहो में शिलान्यास करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पन्ना क्षेत्र के अजयगढ़ में 100 सीटर कन्या और 50 सीटर बालक छात्रावास बनाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का कार्यक्रम में बुन्देलखण्डी पगड़ी पहनाकर सम्मान किया गया। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को भगवान जुगल किशोर की पेंटिंग भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बुन्देलखण्ड विकास की बदौलत अब नये दौर में पहुंच रहा है। देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना के क्रियान्वयन से बुन्देलखण्ड की तस्वीर और तकदीर बदलेगी। बहुप्रतीक्षित केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना से वृहद स्तर पर सिंचाई एवं पेयजल सुविधा मिलेगी। साथ ही बिजली उत्पादन, कई फसलों की पैदावार एवं पर्यटन क्षेत्र में विकास से नागरिकों का जीवन खुशहाल होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को पन्ना के शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय के खेल मैदान में जल कलश यात्रा, संत सम्मलेन एवं जनकल्याण पर्व में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर जनकल्याण पर्व मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गत 20 वर्ष से लंबित पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना से चंबल एवं मालवांचल में खुशहाली आएगी। 70 हजार करोड़ रूपए लागत की इस परियोजना का निर्माण भी अब निर्बाध रूप से होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गरीब कल्याण के लिए कृत संकल्पित है। धार्मिक क्षेत्र में भी विकास की अपार संभावना है। इसके लिए सरकार प्रयासरत है। तीर्थ क्षेत्रों के विकास के साथ सर्वसमाज एवं सर्वहरा वर्ग के कल्याण के लिए योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उद्योगों के माध्यम से रोजगार के अवसर में बढ़ोत्तरी का प्रयास भी किया जा रहा है। गत दिनों में संभाग स्तर पर सफलतापूर्वक रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित किए गए हैं। इंग्लैंड और जर्मनी की यात्रा के दौरान भी निवेशकों को आगामी फरवरी माह में भोपाल में प्रस्तावित इंवेस्टर समिट के लिए आमंत्रित किया गया है। खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना बुन्दलेखण्ड की जीवन रेखा साबित होगी। इससे क्षेत्र के लाखों लोगों को पेयजल सुविधा और किसानों को सिंचाई के लिए भरपूर पानी मिलेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के विजन एवं सकारात्मक सोच के फलस्वरूप अन्य विकास योजनाएं भी क्रियान्वित होंगी। पूर्व मंत्री एवं विधायक बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार का भागीरथी प्रयास सराहनीय है। विभागीय प्रदर्शनी रही आकर्षण का केन्द्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव के पन्ना प्रवास के दौरान कार्यक्रम स्थल पर जनकल्याण एवं विकास पर केन्द्रित प्रदर्शनी भी लगाई गई थी। जिला प्रशासन के निर्देशन में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर सराहना की। साथ ही आजीविका मिशन के स्टॉल में समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों का अवलोकन कर व्यंजन भी चखे। हीरा कार्यालय द्वारा यहां हीरा प्रदर्शनी भी लगाई गई। इस मौके पर गत दिवस प्राप्त 17 कैरेट के हीरे का प्रदर्शन भी किया गया। कार्यक्रम में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष मीना राजे, विधायक प्रह्लाद लोधी, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती मीना पाण्डेय सहित अधिकारीगण तथा बड़ी संख्या में आमजन भी उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री यादव शुक्रवार को आगर-मालवा के सुसनेर में 880 मेगावॉट आगर और नीमच सौर परियोजना का लोकार्पण करेंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को आगर-मालवा के सुसनेर में 880 मेगावॉट आगर और नीमच सौर परियोजना का लोकार्पण करेंगे। साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव आगर-मालवा के विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमि-पूजन करेंगे। इंदौर में 1000 करेाड़ रूपये लागत के विकास कार्यों का करेंगे लोकार्पण एवं भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर में 1000 करोड़ रूपये लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन करेंगे। यह कार्यक्रम अटल बिहारी वाजपेयी कॉलेज इंदौर में होगा।  

प्रधानमंत्री मोदी 25 दिसंबर 2024 को करेंगे केन-बेतवा लिंक परियोजना का भूमि-पूजन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा केन बेतवा लिंक परियोजना के 25 दिसंबर 2024 को खजुराहो में प्रस्तावित भूमि-पूजन के मद्देनजर तैयारियों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम स्थल खजुराहो मेला ग्राउण्ड का निरीक्षण भी किया। बैठक में भोजन की व्यवस्था, बस व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था, हितग्राहियों की संख्या, आसपास के जिले के लोगों को शामिल करने की व्यवस्था की गहन समीक्षा की गई। खजुराहो सांसद वी.डी. शर्मा, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि जल अभियान से आमजन जनता को जोड़ने के लिए संकल्प पत्र बांटे जाएं। उन्होंने एसपीजी की बैठक के उपरान्त समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा सांस्कृतिक कार्यक्रम जो म.प्र. के लोकल सांस्कृतिक कार्यक्रमों को प्रदर्शित करें। बैठक में कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने पीपीटी के माध्यम से कार्यक्रम के रूट चार्ट, कार्यक्रम स्थल एवं अन्य तैयारियों के ऊपर बिंदुवार प्रस्तुतीकरण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खजुराहो के मेला ग्राउंड कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर तैयारियों एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री मोदी इतिहास में विश्व की नई इबारत लिखने जा रहे। जो नई घटना होगी और बुंदेलखंड के पूरे इलाके को सूखामुक्त करने के लिए भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेई ने जो सपना देखा था उसे पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी अटल जी की जयंती पर आ रहे है। इस परियोजना से साढ़े आठ लाख से अधिक हेक्टेयर जमीन को सिंचाई का लाभ मिलेगा और लाखों लोगों को पेयजल की सुविधा उपलब्ध होगी।  

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 57वां प्रांतीय अधिवेशन का शुभारंभ CM डॉ. मोहन यादव ने किया

गुना अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का 57वां प्रांतीय अधिवेशन गुना में गुरुवार से शुरू हुआ। तीन दिन चलने वाले इस अधिवेशन का शुभारंभ CM डॉ. मोहन यादव ने किया। इस मौके पर ABVP के राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान भी मौजूद रहे। CM डॉ. यादव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि परिषद के अधिवेशन में आकर बोलना रोमांच पैदा करता है और आनंद देता है। इसका एहसास अलग प्रकार का होता है। हमारे अतीत के कालक्रम पर जो बात कही है, वह एक, एक बात एकदम सही है। दुनिया के कई देश अपनी शिक्षा को लेकर गौरवान्वित होते हैं कि हमारे पास सब है, लेकिन हम कहते हैं कि आपके कैंपस में विद्यार्थी परिषद नहीं है, तो सब फेल है। देश की आजादी के समय सत्ता के लालच में राष्ट्रवादी विचारधारा का दमन किया गया। इसके लिए उन्हें कभी माफ नहीं किया जाएगा। विद्यार्थी परिषद सिखाता है कि सच्चा देशभक्त बनना। अपने अतीत के गौरव से जुड़कर भविष्य के लिए सोचना, इसी दृष्टि से हम आगे बढ़ेंगे। सर्वे भवन्तु की सोच के साथ जीवन गुजारे, केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि व्यावहारिक ज्ञान के साथ हम आगे बढ़ें, इसी सोच के साथ विद्यार्थी परिषद काम करती है। दुनिया में आज भारत का मान बढ़ रहा सीएम ने कहा- दुनिया में आज भारत का मान बढ़ रहा है। आने वाले समय में जल की उपलब्धता के आधार पर मध्यप्रदेश इस नई पीढ़ी के माध्यम से आगे बढ़ेगा। सरकार का प्रयास है कि एक एक इंच जमीन पर सिंचाई का रकबा बढ़ना चाहिए। नदी जोड़ने की कल्पना अटल बिहारी वाजपेयी ने की थी। मोदी जी के नेतृत्व में इस योजना का अमल शुरू हो गया है। हमारी युवा पीढ़ी केवल रोजगार मांगने वाली नहीं, बल्कि रोजगार देने वाली बननी चाहिए। इसी सोच के साथ हमारी सरकार काम कर रही है, इसलिए जगह-जगह इंडस्ट्रियल कॉनक्लेव किए हैं। आज की स्थिति में प्रदेश में 30 मेडिकल कॉलेज हैं। अगले एक साल में 52 मेडिकल कॉलेज हमारे यहां होंगे। केवल एलोपैथी में ही नहीं, आयुर्वेदिक में भी पांच मेडिकल कॉलेज जल्द शुरू हो रहे हैं। गुना में एग्रीकल्चर की सीट होगी, ये घोषणा यहीं से करते हैं, जो भी रोजगार देने वाले कोर्स हैं, वो खोलने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। यह वीरों की धरती है – आशीष चौहान राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान ने कहा कि यह बहुत सुंदर अवसर है। यह जगह चंबल और मालवा का द्वार कहा जाता है। यह टेकरी सरकार की धरती है। यह वीरों की धरती है। विद्यार्थी परिषद ने मांग उठाई कि देश का नाम भारत होना चाहिए। संविधान की चर्चा हिंदी में भी होना चाहिए। हम सभी को जोड़ने की कोई एक भाषा होनी चाहिए। अपने शैशव काल में ही विद्यार्थी परिषद ने इस पर चर्चा की। पहली विचार बैठक में ही शिक्षा परिवार का कॉन्सेप्ट लेकर आए। देश के सुदूर कोनों तक विद्यार्थी परिषद की पहुंच है। आज हम IIT, IIM, NIT सहित मेडिकल कॉलेजों के बीच में काम कर रहे हैं। हम कार्यकर्ता निर्माण का काम कर रहे हैं। अधिवेशन की स्वागत समिति के अध्यक्ष राजेश मोहन अग्रवाल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री यहां उपस्थित इस छात्र शक्ति को ऐसा कोई मूल मंत्र दें कि गुना में आयोजित ये अधिवेशन राष्ट्र के निर्माण में मील का पत्थर साबित हो। मुख्यमंत्री का शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। हाल ही में तात्या टोपे यूनिवर्सिटी की सौगात गुना जिले को मिली है। उन्होंने उपस्थित जन समुदाय से निवेदन किया कि हमारी भावी पीढ़ी को दूषित वातावरण से बचाते हुए विद्यार्थी परिषद की राष्ट्रवादी विचारधारा से जोड़ने के लिए पुरजोर प्रयास करें। प्रांत मंत्री संदीप वैष्णव ने कहा कि विद्यार्थी परिषद ने कई आंदोलनों का नेतृत्व किया है। छात्र शक्ति, राष्ट्र शक्ति के विचार के साथ विद्यार्थी परिषद आगे बढ़ता है। पहली बार ABVP का प्रांत सम्मेलन गुना अपनी स्थापना के बाद से पहली बार ABVP का प्रांत सम्मेलन गुना में आयोजित किया गया है। इसको लेकर दो महीने से तैयारियां शुरू हो गई थीं। तीन दिन तक यह सम्मेलन चलेगा। अधिवेशन स्थल से 20 दिसंबर को दोपहर बाद एक भव्य शोभा यात्रा शहर के विभिन मार्गों से होते हुए शास्त्री पार्क तक जाएगी। यह शोभा यात्रा लगभग 3 किमी लंबी रहेगी, जिसका स्वागत विभिन्न स्थानों पर शहर के नागरिकों द्वारा किया जाएगा। इसके समापन पर एक खुला अधिवेशन भी होगा। इस संपूर्ण व्यवस्था को संभाल करने के लिए अभाविप गुना विभाग के कार्यकर्ता लगे हुए हैं। इस अधिवेशन की व्यवस्था को 15 गट में विभाजित किया है, 15 गटों में 59 विभाग बनाए गए है। इन संपूर्ण व्यवस्था में 200 से अधिक वर्तमान कार्यकर्ता लगे हुए थे। इसके बाद डेलीगेट सत्र शुरू होंगे। इसमें कई प्रस्ताव पेश किए जाएंगे 20 दिसंबर की सुबह भी प्रस्ताव पेश होंगे और उन पर चर्चा होगी। 20 दिसंबर को दोपहर 3 बजे से जुलूस निकाला जाएगा। स्टेडियम से शुरू होकर जुलूस शास्त्री पार्क पहुंचेगा। यहां एक मंचीय कार्यक्रम होगा। इसके बाद जुलूस वापस स्टेडियम पहुंचेगा, शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। 21 दिसंबर को सुबह के सत्र में पेश किए गए प्रस्तावों पर चर्चा होगी और उन्हें पारित किया जाएगा। शाम के सत्र में संगठनात्मक घोषणाएं होंगी। इसमें कार्यकारिणी की घोषणा की जाएगी।

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