LATEST NEWS

मुख्यमंत्री ने एक करोड़ से अधिक मध्यान्ह भोजन प्रदाय के अवसर पर भोजन वितरण वाहन को झंडी दिखाकर किया रवाना

बेहतर स्वास्थ्य और शुद्ध मानसिकता का आधार है आहार – मुख्यमंत्री डॉ. यादव अक्षय पात्र फाउंडेशन स्कूली बच्चों को पौष्टिक भोजन से परोस रही है नवजीवन – मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने एक करोड़ से अधिक मध्यान्ह भोजन प्रदाय के अवसर पर भोजन वितरण वाहन को झंडी दिखाकर किया रवाना मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्वों का स्त्रोत आहार ही है। आहार की शुद्धता इसकी महत्ता को कई गुना बढ़ा देती है। आहार की शुद्धता का महत्व बताते हुए भगवान श्रीकृष्ण ने श्रीमद्भगवद् गीता में कहा है कि शुद्ध आहार से ही विचार की शुद्धता संभव है। अक्षय पात्र फाउंडेशन इस दृष्टि से स्कूली बच्चों को मध्यान्ह भोजन के माध्यम से नवजीवन परोस रही है। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा शिक्षा के लिए भरपूर भोजन के अंतर्गत संचालित गतिविधियों की प्रशंसा की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के अंतर्गत भोपाल नगरीय क्षेत्र में एक करोड़ से अधिक मध्यान्ह भोजन प्रदाय अवसर पर रोहित नगर स्थित परिसर में अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री भोजन बनाने और वितरित करने की प्रक्रिया में हुए सहभागी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अक्षय पात्र परिसर में आयोजित कार्यक्रम का दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने झंडी दिखाकर भोजन वितरण वाहनों को रवाना किया तथा 10 स्कूली बच्चों को प्रतीक स्वरूप मध्यान्ह भोजन वितरित भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अंगवस्त्रम तथा स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिवादन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अक्षय पात्र फाउंडेशन के केंद्रीकृत किचन में पहुंचकर भोजन बनाने की स्वचालित प्रक्रिया का अवलोकन किया। वे दाल-रोटी बनाने की प्रक्रिया में सहभागी भी हुए। प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के अंतर्गत भोपाल नगरीय क्षेत्र की शासकीय शालाओं को इस बेस किचन से ही मध्यान्ह मध्यान भोजन सप्लाई होता है। कार्यक्रम में पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल, परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह, पंचायत और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्रीमती राधा सिंह उपस्थित थीं। इस अवसर पर अक्षय पात्र फाउंडेशन की गतिविधियों पर लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। भोपाल के 645 स्कूलों को उपलब्ध कराया जा रहा है शुद्ध, पौष्टिक और गुणवत्तायुक्त मिड-डे मील मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा 76 कर्मचारियों की टीम और 38 वाहनों के माध्यम से भोपाल के 645 स्कूलों को शुद्ध, पौष्टिक और गुणवत्तायुक्त मिड-डे मील उपलब्ध कराया जा रहा है। एक साथ 40 हजार रोटियां तैयार करना, दाल और सब्जी बनाने में भी मशीनीकृत प्रक्रियाएं अपनाना अभिभूत करने वाला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संतवृंद के माध्यम से भोजन बनाने की इस प्रक्रिया से पवित्र भाव का संचार भी होता है। अक्षय पात्र फाउंडेशन का यह संकल्प आने वाले समय में बेहतर स्वास्थ्य और शुद्ध मानसिकता वाले समाज के निर्माण में सहायक होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एचइजी लिमिटेड के चेयरमेन और मैनेजिंग डायरेक्टर रवि झुनझुनवाला, अक्षय पात्र फाउंडेशन के संस्थापक और चेयरमेन पद्ममधु पंडित दासा और भोपाल कलस्टर के अध्यक्ष आचार्य रतन दासा सहित फाउंडेशन के सभी सहयोगियों और कर्मचारियों का इस पुनीत सेवा के लिए अभिवादन किया। पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री ने किया संबोधित पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा शालाओं में विद्यार्थियों को पौष्टिक और स्वादिष्ट आहार उपलब्ध करा रहा है। फाउंडेशन द्वारा बच्चों की रूचि अनुसार भोजन से बच्चों को शालाओं से जोड़े रखने में भी मदद मिल रही है।  

हिन्दुत्व के विकास मॉडल पर अग्रसर मोहन सरकार

-अनुज प्रताप सिंह भाजपा संगठन के कुशल सिपाही प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कार्यकाल का पहला वर्ष पूर्ण हो गया है। मोहन के मन में मोदी ही मोदी  की लाइन पर चलते मोहन यादव मध्य प्रदेश के लिए पारस बनकर उभरे हैं। हिन्दुत्व एवं सनातन के नए चेहरे के रुप में मोहन सरकार स्थायित्व की ओर बढ़ रही है। तमाम अशंकाओं को नकारते हुए डॉ. मोहन यादव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं भाजपा आलाकमान की अपेक्षाओं पर खरे उतरे हैं। मोदी के मन में मध्यप्रदेश और मोहन के मन में मोदी की परिकल्पना डबल इंजन की मोहन सरकार के चेहरे पर साफ झलकती है। शुरुआत में यह कहा जा रहा था कि तमाम दिग्गजों के मोहन कैबिनेट में होने से मुख्यमंत्री मोहन यादव को परेशानी होगी परंतु मुख्यमंत्री ने सभी के साथ बेहतर तालमेल बिठाते हुए, सरकार का सफल संचालन कर दिखाया। केंद्रीय भाजपा संगठन से लेकर प्रदेश संगठन के साथ भी उनका बेहतर समन्वय रहा, जो उनकी असली ताकत बना। मुख्यमंत्री तमाम आयोजनों में प्रदेश भाजपा कार्यालय जाते रहते हैं। प्रदेश अध्यक्ष वी.डी. शर्मा एवं संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा तथा विधानसभ अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के साथ उनका बेहतर समन्वय रहा है। तमाम सरकारी ताम-झाम से दूर मुख्यमंत्री मोहन यादव सहज और सरलता से एक आम आदमी की तरह चलना पसंद करते हैं। उनकी साधारण मानवी की शैली ने सभी का ध्यान आर्कर्षित किया। जमीन से जुड़ कर राजनीति करने वाले डॉ. मोहन यादव ने सरकार चलाकर यह साबित कर दिया की यदि आपके इरादे सच्चे और मजबूत हैं तो आप बड़ी से बड़ी बाधा को पार कर सकते हैं। सरकार के कार्यकाल के शुरुआत में उनकी शैली से कभी-कभी ऐसा भी लगा की मुख्यमंत्री अकेले ही सरकार की गाड़ी खींच रहे हैं, परंतु समय के साथ मुख्यमंत्री के रुप में वे परिपक्व होते चले गए और आज उनकी स्वीकार्यता सभी के सामने है।     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के एक वर्ष के कार्यकाल की सबसे बड़ी खूबी यह रही है कि उन्होंने अपने हर भाषणा में यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र अवश्य किया है। आने वाले समय में यह भी एक रिकार्ड बनेगा कि मुख्यमंत्री के रुप में सबसे अधिक बार अपने भाषणों में प्रधानमंत्री का जिक्र करने वाले मुख्यमंत्रियों में उनका नाम पहले नंबर पर होगा। मुख्यमंत्री की यह खूबी रही है कि वे प्रधानमंत्री की उपलब्धियों को गिनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। वे हमेशा डबल इंजन की भांति ही सरकार चला रहे हैं, यह संदेश अवश्य देते हैं। एैसा कोई कार्यक्रम नहीं होगा जब मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के नाम का उल्लेख ना किया हो और उनका अभिनंदन जनता से तालियां बजबाकर ना किया हो। उनका यह भाव बताता है कि वे अपने उच्च नेत्तृव के पद चिन्हो पर चल रहे हैं । उनकी सौम्यता और सहजता और अति साधारण शैली उन्हे अन्य नेताओ से अलग बनाती है।     13 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठते ही डॉ. मोहन यादव ने पहला आदेश जारी कर मस्जिद एवं अन्य धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर की तेज आवाज पर अंकुश लगा दिया था, इसके तहत अगर निर्धारित डेसिबल से अधिक आवाज में लाउडस्पीकर बजाया गया तो इस पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री के इस कदम को चौतरफा सराहा गया और देशभर में इसकी चर्चा हुई। इसके साथ ही उन्होंने खुल में मास-मच्छी की बिक्री पर भी प्रतिबंध लगाया। कार्यकाल की शुरुआती अंदाज में मुख्यमंत्री ने जनता का मन मौह लिया। मुख्यमंत्री यादव अपनी कार्यशैली को लेकर लगातर चर्चा में रहे, उन्होंने ने कैबिनेट की बैठक को लेकर भी नवाचार किया और नव वर्ष 2024 की पहली बैठक जबलपुर में रखी गई थी। इसके बाद प्रदेश के बजट में भी उनकी सरकार ने परिपक्वता दिखाई, 3 लाख 65 हजार करोड़ का बजट पेश किया गया जो की अब तक का सबसे अधिक है। जन्माष्टमी, गोवर्धन पूजा को संस्कृति से जोड़कर सरकारी स्तर पर मनाने, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना और गाय पालने वालों और गोशला में गाय चारे की राशि में बढ़ोतरी कर मुख्यमंत्री मोहन यादव हिन्दुत्व की लाइन पर आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने मझे हुए खिलाड़ी के नाते ना केवल विधानसभा के अंदर अपने दल एवं सरकार का नेत्तृव किया बल्कि सभी मुद्दों पर धारा प्रवाह बोलते हुए सबके सामने रखा। इससे पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मामले में यह कहा जाता था तथा ऐसा लगता भी था कि उनसे अच्छी सरकार कोई चला नहीं सकता, अब आगे क्या होगा। भाजपा के अंदर भी यह प्रश्न उठता था कि तमाम दिगगजों से सजी नई सरकार का नेत्तृव मोहन यादव कैसे करेंगे? शिवराज सिंह चौहान जैसी भाषण शैली का अभाव भी सामने था परंतु तमाम बातों को धीरे-धीरे मुख्यमंत्री ने समाधान कर दिया और एक साल सरकार का पूरा कर अपनी स्वीकार्यता को सिद्ध कर दिया। चाहे बात प्रशासनिक दक्षता की हो या राजनैतिक हो सभी मोर्चों पर मुख्यमंत्री ने अपनी पकड़ साबित कर दी है। मुख्यमंत्री प्रतिदिन सक्रिय रहते हैं, प्रदेश भर में वे निरंतर दौरे करते हैं, प्रतिदिन वे कार्यक्रमों और शासकीय बैठकों में शामिल होकर जनकल्याण के कार्यों को अंजाम देते नजर आते हैं। अपने पिता के देहांत के बाद भी उन्होंने राजधर्म को प्राथमिकता दी थी।     भाषण शैली के मामले में भी मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री की कमी खलने नहीं दी है, हर विषय पर उनकी पकड़ उनकी भाषणों में दिखाई पड़ती है। भोपाल के नूतन कॉलेज में ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री का वह भाषण जिसमें उन्होंने इतिहास पर धारा प्रवाह बोलते हुए सबको हैरत में डाल दिया था, वहां जिन लोगों को लगता था कि मोहन यादव में शिवराज जैसी बात नहीं वो भी कहने लगे वाह! मान गए मोहन जी को, भाजपा के तमाम मंत्री एवं विधायक इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का भाषण सुन एक-दूसरे का मुंह देखते नजर आए थे।  इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री यादव ने धर्म के आधार पर हुआ देश के विभाजन को भारतीय इतिहास का एक काला अध्याय बताया था।     लोकसभा चुनाव में प्रदेश की सभी 29 सीटों पर चुनाव जीतकर मुख्यमंत्री यादव ने अपनी राजनैतिक कौशल का परिचय भाजपा नेत्तृव को दिखाया और सिद्ध किया की वे उनके निर्णय पर फिट बैठते … Read more

मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव और मुख्‍य न्‍यायाधीश जस्टिस सुरेश कुमार कैत का हुआ अभिनंदन

लोकतंत्र की खूबसूरती न्यायालयों से है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सेवाकाल में सर्वाधिक सम्मान मिला जबलपुर में : जस्टिस कैत मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव और मुख्‍य न्‍यायाधीश जस्टिस सुरेश कुमार कैत का हुआ अभिनंदन जबलपुर महाधिवक्‍ता कार्यालय ने किया अभिनंदन समारोह आयोजित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय न्याय पालिका ने अपने फैसलों से दुनिया में एक विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की खूबसूरती न्यायालयों से ही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को मील का पत्थर निरूपित करते हुये कहा कि कार्यरत प्रधानमंत्री के विरूद्ध फैसला करने का जज्बा केवल भारतीय न्याय पालिका में ही है। उन्होंने न्याय करने में मेरिट के साथ मोरेलिटी को भी ध्यान में रखने की बात कही। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर में महाधिवक्‍ता द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह में यह बात कही। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति जस्टिस सुरेश कुमार कैत ने कहा कि उन्हें अपने सम्पूर्ण सेवाकाल में जितना सम्मान नहीं मिला, उससे अधिक सम्मान मात्र तीन महिने की अल्पावधि में ही जबलपुर में मिला है। अधिवक्ता अभिनंदन समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव और मुख्य न्यायाधिपति जस्टिस कैत के साथ वरिष्ठ अधिवक्ताओं का अभिनंदन भी किया गया। कार्यक्रम में मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित विभिन्न न्यायाधीश, वरिष्ठ अधिवक्ता मौजूद रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि न्‍यायपालिका भारतीय लोकतंत्र की प्रहरी है। देश की न्‍याय व्‍यवस्‍था विश्‍व में भारत को अलग पहचान देती है और गौरव भी बढ़ाती है। न्‍यापालिका ने कई ऐसे ऐतिहासिक फैसले लिये हैं जो आज भी अपनी प्रासंगिकता बनाए हुए हैं। यही हमारे लोकतंत्र की खूबसूरती है। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विधायिका, कार्यपालिका और न्‍याय पालिका यह तीनों लोकतंत्र के अहम हिस्‍से हैं। कानून निर्माण का काम कार्यपालिका करती है तो उसकी व्‍याख्‍या करने का काम न्‍यायपालिका द्वारा किया जाता है। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समय के साथ कई बदलाव आते हैं, बदलते हुए युग में अपनी प्रासंगिकता बनाए रखना ही हमारी न्‍याय पालिका की विशिष्ट पहचान है। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश की न्‍याय व्‍यवस्था ने ऐसे कई फैसले लिये हैं जिनमें योग्‍यता के साथ-साथ नैतिकता और जीवन मूल्‍यों को भी तरजीह दी गई है। महाभारत काल में पांडवों और कौरवों में यही अंतर था कि पांडव जीवन मूल्‍य एवं नैतिकता समाहित किये हुए थे। ठीक उसी तरह कर्ण की योग्‍यता किसी से कम नहीं थी किन्‍तु उनमें नैतिकता के स्थान पर प्रतिशोध की भावना प्रबल होने के साथ जीवन मूल्‍यों का अभाव था। मुख्‍य न्‍यायाधिपति जस्टिश कैत ने कहा कि जबलपुर में ज्वाइनिंग के पहले दिल्‍ली हाईकोर्ट, तेलंगाना और अन्‍य हाईकोर्ट में अपनी सेवाएं दी है। सम्पूर्ण सेवाकाल की अवधि में जितना सम्‍मान प्राप्‍त हुआ उससे भी अधिक सम्‍मान मध्‍यप्रदेश उच्‍च न्‍यायालय के मुख्‍य न्‍यायाधीश के रूप में मिला है। यहां पर वरिष्‍ठ एवं सेवानिवृत्‍त न्‍यायाधीशों से न्‍यायिक व्‍यवस्‍था को और बेहतर बनाने के सुझाव भी मिले हैं। हम पूरी तरह आशान्वित हैं कि बेहतर न्याय व्यवस्था के लिये हमें प्रदेश सरकार का भी भरपूर सहयोग मिलेगा। वरिष्ठ अधिवक्ताओं का किया अभिनंदन अभिनंदन समारोह में मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव, मुख्‍य न्‍यायाधीश मध्‍यप्रदेश उच्‍च न्‍यायालय कैत एवं अन्‍य अधिवक्‍ताओं द्वारा सतीशचंद्र दत्‍त, राजेन्‍द्र प्रसाद जायसवाल, रवीशचंद्र अग्रवाल, वी रमेशराव, रविनंदन सिंह, गणेश नारायण पुरोहित, त्रिलोचन सिंह रूपराह, इम्तियाज हुसैन, श्रीर वी.एस. श्रोत्रीय एवं मोहनलाल जायसवाल को अभिनंदन पत्र भेंट कर सम्‍मानित किया। लोक नर्तक दल को मिलेंगे एक लाख इक्यावन हज़ार रुपये मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभिनंदन समारोह में प्रदेश के प्रसिद्ध अहीर नृत्य की प्रस्तुति देने वाले शैलेंद्र पांडेय के दल की सराहना की। उन्होंने नर्तक दल को पुरस्‍कार स्‍वरूप एक लाख इक्यावन हज़ार रुपये देने की घोषणा भी की। समारोह में न्‍यायाधीश सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी, मुख्य सचिव अनुराग जैन, राज्य अधिवक्ता परिषद के अध्यक्ष एड. राधेलाल गुप्ता, हाईकोर्ट एडवोकेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एड संजय अग्रवाल, उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष एड धन्य कुमार जैन, जिला अधिवक्ता परिषद के अध्यक्ष एड मनीष मिश्रा एवं सीनियर एडवोकेट काउंसिल के महासचिव एड आदित्य धर्माधिकारी समारोह में मंचासीन थे। महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने स्वागत उदबोधन दिया। समारोह का संचालन उप महाधिवक्‍ता हरप्रीत सिंह रूपराह ने किया। आभार प्रदर्शन उप महाधिवक्‍ता विवेक शर्मा ने किया। समारोह में मध्‍यप्रदेश उच्‍च न्‍यायालय के न्‍यायाधीशगण, अधिवक्‍तागण एवं प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा आयोजित मिड-डे मिल के कार्यक्रम में शामिल हों

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 19 दिसम्बर को अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा आयोजित मिड-डे मिल के कार्यक्रम में शामिल होंगे। कार्यक्रम में फाउंडेशन द्वारा एक करोड़ वीं थाली में भोजन परोसने का कीर्तिमान बनेगा। कार्यक्रम का आयोजन बावड़ियां कलां भोपाल में सुबह 9 बजे होगा। अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा बच्चों को मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम अंतर्गत भोजन परोसा जाता है। बावड़ियां कलां के किचन में प्रतिदिन 50 हजार छात्रों के लिये भोजन तैयार होता है। भोपाल के 645 स्कूलों में 38 गाड़ियों के द्वारा पहुँचाया जाता है। यहां पर आधुनिक मशीनों से भोजन तैयार किया जाता है। कुछ ही घंटों में एक लाख 20 हजार रोटियां और 30 हजार पूड़ियों के साथ अन्य खाद्य सामग्री भी तैयार होती है  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव छतरपुर में किसान सम्मेलन सह जनकल्याण पर्व में होंगे शामिल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरूवार 19 दिसंबर 2024 को छतरपुर जिले के सटई स्टेडियम प्रांगण में केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत आयोजित किसान सम्मेलन में शामिल होंगे। उल्लेखनीय है कि 11 से 26 दिसम्बर तक जन-कल्याण पर्व मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दोपहर 1 बजे आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दोपहर 3 बजे पन्ना के पॉलिटेक्निक ग्राउण्ड में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। पन्ना में जल-कलश यात्रा, संत सम्मेलन और लोक कल्याण शिविर होंगे।  

अनुपूरक बजट में केन-बेतवा परियोजना को 900 करोड़ रुपए, लाड़ली बहना योजना के लिए 465 करोड़

भोपाल मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में डॉ मोहन यादव सरकार ने वर्ष 2024-25 के लिए अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया है। यह 22,460 करोड़ रुपये का है। उप मुख्यमंत्री (वित्त) जगदीश देवड़ा ने विधानसभा में वर्ष 2024-25 में विभागों को आवश्यक अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराने के लिए प्रथम अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया। इस अनुपूरक बजट में केन-बेतवा परियोजना के लिए 900 करोड़ रुपए, लाड़ली बहना योजना के लिए 465 करोड़ और पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना के लिए 600 करोड़ रुपये का प्रावधान है।   अनुपूरक बजट क्या होता है? सरकार कभी-कभी साल के बीच में एक्स्ट्रा पैसे खर्च करने के लिए अनुपूरक बजट लाती है। यह बजट पहले से तय बजट से अलग होता है। इसमें उन खर्चों का हिसाब-किताब होता है जो पहले बजट में नहीं थे या फिर कोई नई ज़रूरत पड़ने पर इसे लाया जाता है। मान लीजिए किसी मंत्रालय को अपनी योजना के लिए और पैसा चाहिए, तब सरकार अनुपूरक बजट के जरिए यह पैसा देती है।   आसान भाषा में ऐसे समझें मान लीजिए किसी आपदा के लिए राहत कार्य चलाने के लिए ज़्यादा पैसे की ज़रूरत है। या फिर किसी योजना को बीच में ही और धनराशि देनी पड़ रही है। ऐसी स्थिति में सरकार अनुपूरक बजट पेश करती है। इसमें यह बताया जाता है कि कहां और कितना पैसा खर्च किया जाएगा। सोचिए जैसे घर का बजट होता है, वैसे ही सरकार का भी बजट होता है। और कभी-कभी घर के बजट में भी एक्स्ट्रा खर्चा आ जाता है। ठीक उसी तरह सरकार के बजट में भी अतिरिक्त खर्चों के लिए अनुपूरक बजट की व्यवस्था है। इससे सरकार अपने कामकाज को सुचारू रूप से चला सकती है।   केन बेतवा के लिए 900 करोड़ इसके साथ ही विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों के लिए धन आवंटित किया गया है। सरकार की महात्वाकांक्षी केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के 900 करोड़ रुपये का प्रावधान है। गौरतलब है कि इसका भूमिपूजन करने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 25 दिसंबर को मध्य प्रदेश आएंगे। वहीं, पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना के लिए 600 रुपए का प्रतीकात्मक प्रावधान रखा गया है।   लाडली बहना को 456 करोड़ रुपए लाडली बहना योजना के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग को 456 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आवंटन दिया गया है। इस अनुपूरक बजट से ऊर्जा विभाग को 8,763 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इस राशि में 280 करोड़ रुपये टैरिफ अनुदान और अटल कृषि ज्योति योजना के लिए प्रावधान हैं। वहीं, जल जीवन मिशन के अंतर्गत नल से जल पहुंचाने के कार्यक्रम को गति देने और ग्रामीण समूह जल प्रदाय के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को 3,515 करोड़ रुपये अतिरिक्त मिलेंगे।   चार्ट से समझें पूरा बजट:   इन विभागों के लिए भी आवंटित हुई राशि नवीन प्रधानमंत्री आवास शहरी के लिए 1,600 रुपये, संबल योजना के लिए 200 करोड़, लाड़ली लक्ष्मी योजना में छात्रवृत्ति और आर्थिक सहयोग के लिए 85 करोड़, निकायों का ऋण और ब्याज चुकाने 204 करोड़, दीनदयाल रसोई के लिए 10 करोड़, बड़े पुलों के निर्माण के लिए 400 करोड़, ग्रामीण सड़क और जिला मार्गों के लिए 400 करोड़ दिए जाएंगे।   यहां देखें पूरी लिस्ट- विभाग/योजना आवंटित राशि (करोड़ में) केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना 900 पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना 600 लाडली बहना योजना (महिला एवं बाल विकास) 456 ऊर्जा विभाग 8,763 लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग 3,515 प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना 1,600 संबल योजना 200 लाडली लक्ष्मी योजना (छात्रवृत्ति और आर्थिक सहायता) 85 निकायों का ऋण और ब्याज चुकाने 204 दीनदयाल रसोई योजना 10 बड़े पुलों का निर्माण 400 ग्रामीण सड़क और जिला मार्ग 400 मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना 50 सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहन 400 सहकारी बैंकों के माध्यम से किसानों को ब्याजरहित ऋण 50 स्वास्थ्य सेवाएं 290 सिंचाई परियोजनाएं 1,515 नर्मदा घाटी विकास 2,090 सड़क, पुल और अन्य निर्माण कार्य 1,050 ग्रामीण विकास 1,161 उच्च शिक्षा विभाग 144 SC/ST और OBC छात्रवृत्ति (11वीं-12वीं और कॉलेज) 360 जनजातीय कार्य विभाग (छात्रवृत्ति) 130 OBC और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग (छात्रवृत्ति) 180 SC/ST विद्यार्थियों को आवास सहायता 130 विशिष्ट व्यक्तियों के आगमन पर निर्माण कार्य 50 मुख्यमंत्री निवास परिसर में एनेक्सी निर्माण 47 भोपाल में सरकारी भवनों के रख-रखाव 55 सतपुड़ा और विंध्याचल भवन के रख-रखाव 3 पर्यटन अधोसंरचना विकास 131 कुल 22,460

22 फरवरी को PM MITRA पार्क की आधारशिला रखेंगे प्रधानमंत्री मोदी, टेक्सटाइल उद्योग को बढ़ावा देना है लक्ष्य

भोपाल फरवरी में भोपाल में होने वाली मोहन यादव सरकार की पहली ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट की तैयारी जारी है, दूसरी ओर पीएम मित्रा पार्क को लेकर भी हलचल बढ़ गई है। उद्योग विभाग ने पीएम के हाथों भूमिपूजन के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। केंद्र और राज्य सरकार के इस संयुक्त प्रोजेक्ट के विकास को लेकर मास्टर प्लानर की भूमिका एमपीआईडीसी (मप्र इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन) को मिलना तय है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के पास इसका प्रस्ताव पहुंच गया है। इसी के साथ विभाग ने इस प्रोजेक्ट के इंटरनल डेवलपमेंट के लिए भी तैयारी कर ली है। यहां 400 करोड़ से ज्यादा की लागत में इंटरनल डेवलपमेंट होगा। सूत्रों की मानें तो दिसंबर अंत या जनवरी में पीएम नरेंद्र मोदी इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का भूमिपूजन करेंगे। भूमिपूजन के दिन ही 50 से 60 प्रतिशत इंडस्ट्री को जमीन का आवंटन भी कर दिया जाएगा, ताकि वे भी समय से अपने प्रोजेक्ट शुरू कर सकें। एमपीआईडीसी के कार्यकारी संचालक राजेश राठौर का कहना है कि पीएम मित्रा पार्क का बाहरी डेवलपमेंट जारी है। केंद्र की हरी झंडी मिलते ही इंटरनल डेवलपमेंट भी शुरू हो जाएगा। यहां जितनी भी बाधाएं थीं, वे पहले ही खत्म कर ली गई हैं। दरअसल, पीएम मित्रा पार्क में बाहरी विकास राज्य सरकार के जिम्मे है। इसमें एप्रोच रोड से लेकर पानी और बिजली की उपलब्धता राज्य सरकार को सुनिश्चित करना है। प्रोजेक्ट में कच्चे माल की प्रोसेसिंग से कपड़ा बनने तक की इंडस्ट्रियां होंगी।     1563 एकड़ का यह प्रोजेक्ट भैंसोला में विकसित हो रहा     500 करोड़ रुपए की फंडिंग दो चरणों में केंद्र सरकार करेगा     100 करोड़ से अधिक के निवेश वाली इकाइयों को टर्न ओवर का तीन प्रतिशत 3 वर्षों तक दिया जाएगा इंदौर के बाद दूसरा आईटी पार्क उज्जैन में बनेगा, 21 को सीएम करेंगे भूमिपूजन इंदौर में तीन तैयार हो चुके और दो निर्माणाधीन आईटी पार्क के बाद अब उज्जैन में नया आईटी पार्क बनने जा रहा है। यहां बिल्डिंग में एक लाख वर्ग फीट का स्पेस मिलेगा। 46 करोड़ की लागत से यह काम होगा। 21 दिसंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इसका भूमिपूजन करेंगे। दरअसल, उज्जैन में हुई रीजनल इन्वेस्टर्स कॉन्क्लेव में इसकी डिमांड सामने आई थी। 15 हजार करोड़ का निवेश प्रस्तावित : देश के 7 सात राज्यों में बनने वाले पीएम मित्रा मेगा टेक्सटाइल पार्क प्रोजेक्ट के तहत इंदौर संभाग के धार जिले के भैंसोला में बन रहा है। अभी यहां बेसिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के काम चल रहे हैं। एमपीआईडीसी को यहां की 881.25 हेक्टेयर क्षेत्र की प्लानिंग करना होगी। इसका डेवलपमेंट भी करवाना होगा। यहां 15 हजार करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। अब तक 9 हजार 462 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश पर बात हो चुकी है। इस प्रोजेक्ट से 50 हजार लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।  

मुख्यमंत्री इंदौर में हुए एनआरआई समिट से वर्चुअली जुड़े

इंदौर मॉडल को पूरे प्रदेश में पहुंचाने का प्रयास: मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी ने 2 नदी जोड़ो परियोजनाओं को दी है मंजूरी, मध्यप्रदेश दोनों में शामिल मुख्यमंत्री इंदौर में हुए एनआरआई समिट से वर्चुअली जुड़े भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि व्यापार, वाणिज्य, उद्योग क्षेत्र के साथ ही अन्य क्षेत्रों में इंदौर की महत्वपूर्ण भूमिका है। सूचना प्रौद्योगिकी से लेकर निवेश के विभिन्न क्षेत्रों में इंदौर में आने वाले कल की आहट सुनकर विकास पथ पर कदम बढ़ाए हैं। इसलिए इंदौर मध्यप्रदेश का सिरमौर है। इंदौर एक ग्लोबल सिटी है। चाहे यहां खान-पान की बात हो, कला जगत की बात हो, परम्पराओं को सहेजने की बात हो या फिर स्वच्छता में सबसे आगे रहने की। इंदौर एक मॉडल है। इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और समिट के इंदौर मॉडल को पूरे प्रदेश में पहुंचाया गया है। प्रदेश के विभिन्न संभागों में इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित कर मध्यप्रदेश के तीव्र विकास को गति देने की पहल हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) से वर्चुअली जुड़कर इंदौर में एनआरआई फोरम द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया। इस समिट में 29 देशों के 128 प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रधानमंत्री मोदी ने बनाया रिकार्ड मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नदी जोड़ो परियोजनाओं का पहला प्रयोग कर एक रिकार्ड बनाया है। मध्यप्रदेश दोनों परियोजनाओं में शामिल है। केन-बेतवा परियोजना और पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना से मध्यप्रदेश के बड़े इलाके में पेयजल और सिंचाई के लिए बेहतर व्यवस्थाएं होंगी। समृद्धि के नए मार्ग खुलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज जयपुर में पार्वती-काली सिंध-चंबल परियोजना संबंधित त्रिपक्षीय अनुबंध हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा परियोजना के लिए 70 हजार करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। इसी तरह केन-बेतवा परियोजना पर लगभग एक लाख करोड़ रुपए व्यय होंगे, जिसकी स्वीकृति केन्द्र सरकार द्वारा दी गई। एशिया से लुप्त हो चुके चीतों की प्रजाति का संरक्षण करते हुए उन्हें मध्यप्रदेश में बसाया गया। अब तो भोपाल देश की एकमात्र ऐसी राजधानी है जिसमें शहर से चंद दूरी पर टाइगर घूमते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से भारत का 700 टन से अधिक सोना जो ब्रिटेन में था उसमें से 500 टन से अधिक वापस स्वदेश आ चुका है। प्रधानमंत्री मोदी गुटनिरपेक्षता की नीति का पालन करते हुए वैश्वविक स्तर पर भारत की साख बढ़ाने में सफल हुए हैं। उन्होंने भारत को एक बड़ी अर्थ व्यवस्था बनाने का कार्य किया है। भारत की ग्रोथ अनेक क्षेत्रों में सर्वाधिक है। इंदौर की पहचान भारत ही नहीं विश्व तक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर की अलग पहचान है। हाल ही में यूके और जर्मनी के दौरे में उन्हें अनेक अप्रवासी भारतीय मिले जिन्होंने इंदौर के छप्पन्न दुकान इलाके से लेकर अन्य विशेषताओं की चर्चा की। देश और विदेश की श्रेष्ठ बातों को इंदौर अंगीकार करता है। भविष्य की दृष्टि से इंदौर में अनेक संभावनाएं मौजूद हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एनआरआई समिट के प्रतिभागियों को बधाई और शुभकामनाएँ दीं। एनआरआई फोरम के प्रतिनिधियों से चर्चा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एनआरआई फोरम के पदाधिकारियों से चर्चा की और फोरम की गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने जापान के रोहन अग्रवाल,न्यूजीलैंड की सुस्नेहा लड्ढा, यूएस की सुचांदनी के अलावा सिंगापुर और अन्य देशों के एनआरआई से भी संवाद किया। एनआरआई फोरम की ओर से इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि फोरम से 45 देशों के करीब 1800 से प्रतिनिधि जुड़े हैं। इस तरह की समिट का यह तीसरा वर्ष है। फोरम द्वारा इंदौर में एक बड़ी लाइब्रेरी प्रारंभ करने का विचार है। एनआरआई के सहयोग से इंदौर के यातायात में आवश्यक सुधार का प्रस्ताव भी मिला है। अन्य क्षेत्रों में भी एनआरआई बंधु सहयोग के लिए तत्पर हैं। अनेक जनप्रतिनिधि समिट में हुए शामिल इंदौर में हुई एनआरआई समिट में पूर्व लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, मधु वर्मा एवं अन्य अनेक जनप्रतिनिधि शामिल हुए।  

राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने किया 7 दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय वन मेले का शुभारंभ

मध्यप्रदेश वन संपदा की दृष्टि से समृद्ध राज्य : राज्यपाल पटेल मध्यप्रदेश के वन, वनोपज और वन्य-प्राणी प्रदेश की पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने किया 7 दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय वन मेले का शुभारंभ लाल परेड ग्राउंड में 23 दिसंबर तक होगा मेले का आयोजन भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि मध्यप्रदेश वन संपदा की दृष्टि से समृद्ध राज्य है। यहां पर औषधीय जड़ी-बूटियों का समृद्ध भंडार है। कोविड महामारी ने विश्व को आयुर्वेद के महत्व से पुन: परिचित कराया है। उन्होंने महामारी के दौरान मरीजों के ईलाज के लिए आयुर्वेदिक काढ़ा वितरण कार्य के लिए प्रदेश सरकार की सराहना की। राज्यपाल पटेल ने कहा कि वन मेले का आयोजन, वन संसाधनों की महत्ता, उनके संरक्षण और संवर्धन की जागरूकता प्रसार की दिशा में सुखद संकेत है। राज्यपाल पटेल 10वें अंतर्राष्ट्रीय वन मेले के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल पटेल ने शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ हितग्राहियों को लघु वनोपज संघ अंतर्गत प्रोत्साहन पारिश्रमिक राशि का वितरण किया। वन एवं राज्य लघु वनोपज (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ द्वारा 10वां अंतर्राष्ट्रीय वन मेले का लाल परेड ग्राउंड भोपाल में 17 से 23 दिसंबर तक आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान का अपना महत्व है, लेकिन वनों से प्राप्त औषधियों की विशेष उपयोगिता है। कोरोना के कठिन समय में आयुर्वेद ने लोगों के जीवन बचाने में मदद की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा दिया है। अब चिकित्सा जगत में फिर से आयुष का महत्व बढ़ा है। वन मेले जैसे आयोजन इस नाते बहुत महत्व रखते हैं। वास्तव में यह अंतर्राष्ट्रीय वन मेला अनोखा है। इस मेले की शुरूआत 2001 से हुई और धीरे-धीरे यह प्रदेश से आगे बढ़कर देश तक और फिर वैश्विक हो गया। मेले ने अपनी अलग पहचान बनाई है। आम तौर पर वन और वन-सम्पदा से मेलों का इतना विस्तार होना हम सब के लिए गौरव की बात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में 10वें अंतर्राष्ट्रीय वन मेले को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे प्रदेश की वन सम्पदा विशिष्ट है। हम तो सौभाग्यशाली हैं कि हमारे यहां वन सम्पदा, वनों का आंतरिक वातावरण भी विशेष है और प्रदेश के वनों की अलग पहचान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वन्य प्राणी हमारे जंगल के आभूषण होते हैं, जिनके कारण जंगल की शोभा होती है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश चीतों को पुनर्स्थापित करने में सफलता प्राप्त हुई है। वन्य जीव परम्परा में सभी प्रकार के टाइगर, तेंदुआ, चीता का महत्व है। टाइगर में हम देश में नम्बर वन पर है। वास्तव में पुनर्स्थापना में मध्यप्रदेश की भूमि का चयन होना हमारे लिये गर्व की बात है। जो चीते सम्पर्णू एशिया से ही गायब हो गए थे। इसके लिए वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी बधाई के पात्र हैं। वन विभाग ने यह अनोखा प्रयोग किया है। इस प्रयोग के अच्छे परिणाम उनके लिये आ रहे हैं। धीरे-धीरे हमारे यहाँ नए-नए मेहमान आ रहे हैं। ऐसा लग रहा है वे कि मध्यप्रदेश का वातावरण अनुकूल हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के वनवासी भी वनों की रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच सिंचाई, उद्योग क्षेत्र और पेयजल की दृष्टि से महत्वपूर्ण पार्वती-काली सिंध-चम्बल परियोजना के लिए आज जयपुर में त्रिपक्षीय अनुबंध का अवसर दिया। केंद्र सरकार द्वारा परियोजना के लिए 90 प्रतिशत राशि प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 11 दिसम्बर से प्रारंभ हुए जनकल्याण पर्व की गतिविधियां 26 दिसम्बर तक चलेंगी। प्रतिदिन प्रदेशवासियों को एक नई सौगात दी जा रही है। हाल ही में राजधानी के निकट लोकार्पित अभ्यारण का नाम पुरातत्वशास्त्री डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर के नाम पर किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागरिकों से आहवान किया कि वे वन मेले में प्रदर्शित औषधियों को खरीदें और लाभ प्राप्त करें। उन्होंने वन विभाग को श्रेष्ठ आयोजन के लिए बधाई दी। प्रारंभ में राज्यपाल पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रायसेन, विदिशा, सिवनी और अन्य जिलों से आए 9 तेंदूपत्ता संग्राहकों को वर्ष 2023 के तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य की बोनस राशि के चेक प्रदान किए। वन्य राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार ने कहा कि यह मेला दिव्यता और भव्यता का प्रतीक है। राज्य सरकार ने तेंदूपत्ता संग्राहकों का मानदेय तीन हजार रुपए से बढ़ाकर 4 हजार रुपए प्रति मानक बोरा किया है। विभाग में अनुकंपा नियुक्ति, दुर्घटना पर राहत राशि के महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। कार्यक्रम में विधायक भगवान दास सबनानी, अपर मुख्य सचिव वन अशोक बर्णवाल और प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव भी उपस्थित थे। प्रारंभ में लघुवनोपज संघ के एमडी विभाष ठाकुर ने स्वागत भाषण दिया। अतिथियों को बांस की टोकरी एवं अन्य वन्य उत्पाद, स्मृति चिन्ह के रूप में दिए गए। राज्यपाल पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन मेले में विभिन्न स्टाल्स का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय समाज के पारम्परिक वाद्य यंत्रों को बजाते हुए जनजातीय लोक कलाओं से जुड़े कलाकार दल से भेंट एवं चर्चा की।  

स्थानीय बुनकरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से अपने उत्पाद बेचने के लिए किया जा रहा है प्रशिक्षित – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को सशक्त बनाने की दिशा में 16 दिसंबर से दिल्ली स्थित भारत मंडपम में होने वाला ‘फ्लेवर्स ऑफ इंडिया कार्यक्रम’ एक अद्भुत पहल है। उन्होंने कहा कि हमारे देश की समृद्ध विरासत में निहित स्थानीय खानपान, शिल्पकला और वस्त्र उद्योग की पहचान को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने की यह एक अनूठी कोशिश है। इसमें भारतीय मूल अनाजों, विशेष रूप से मिलेट्स – जिन्हें ‘अन्न’ के रूप में भी जाना जाता है,  पोषण लाभों और उनकी महत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यह कदम आने वाली पीढ़ियों को हमारे पारंपरिक खानपान की ओर प्रेरित करेगा और स्वास्थ्य के प्रति एक नई जागरूकता लाएगा। केन्द्रीय खाद्य प्र-संस्करण मंत्रालय द्वारा दिल्ली के भारत मंडपम में 16 दिसम्बर को “फ्लेवर्स ऑफ इंडिया-2024” का आयोजन केन्द्रीय वस्त्र मंत्रालय, नीति आयोग, सर्व रिथु सेवा फाउंडेशन के सहयोग से किया जा रहा है। भारतीय खान-पान और परंपरागत परिधानों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने की दिशा में यह एक प्रयास है। राज्य सरकार कर रही है वोकल फॉर लोकल में प्रदेश के हर जिले की विशेषताओं को प्रोत्साहित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने वोकल फॉर लोकल के तहत अपने स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। खान-पान क्षेत्र में, प्रदेश के हर जिले की विशेषताओं को प्रोत्साहित करने के लिए स्थानीय व्यंजन महोत्सव आयोजित किए हैं। चंदेरी, भोपाल, और मालवा क्षेत्रों के खास व्यंजनों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए उन्हें फूड फेस्टिवल्स और अन्तर्राष्ट्रीय मंचों पर प्रदर्शित किया गया है। मुख्यमंत्री ने स्थानीय उत्पादों और परंपराओं को प्रोत्साहित करने का किया आव्हान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वस्त्र उद्योग में, चंदेरी और महेश्वरी जैसे पारंपरिक वस्त्रों को बढ़ावा देने के लिए हस्तशिल्प विकास योजनाएं शुरू की गई हैं। स्थानीय बुनकरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपने उत्पाद बेचने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है, जिससे वे सीधे अपने ग्राहकों से जुड़ सकें। हमने लोकल-टू-ग्लोबल के दृष्टिकोण के साथ इंटरनेशनल टेक्सटाइल एक्सपो भी आयोजित किए हैं। फ्लेवर्स ऑफ इंडिया जैसे आयोजनों के माध्यम से, स्थानीय कारीगरों, किसानों और बुनकरों की कला और परिश्रम को राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान दिलाने में मदद मिलती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी आयोजकों को इस प्रयास के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह पहल भारतीय खानपान और वस्त्र उद्योग को एक नई ऊंचाई पर ले जाने में मदद करेगी और वोकल फॉर लोकल को एक सशक्त दिशा प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी को इस पहल में शामिल होकर अपने स्थानीय उत्पादों और परंपराओं को प्रोत्साहित करने का आहवान किया।  

विश्व के पहले वाद्य यंत्र की प्रेरणा का स्रोत वर्षा की बूंद है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

तानसेन संगीत समारोह भारतीय संगीत की विरासत को जीवंत करने का माध्यम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव हमारे सभी देवी देवताओं की पहचान किसी न किसी वाद्य यंत्रों से जुड़ी है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव विश्व के पहले वाद्य यंत्र की प्रेरणा का स्रोत वर्षा की बूंद है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्वालियर में बना हिन्दुस्तानी क्लासिकल संगीत का विश्व रिकार्ड गिनिज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज हुई 546 कलाकारों द्वारा 9 वाद्य यंत्रों पर दी गई वृहद समवेत वाद्य यंत्र प्रस्तुति वायलेन, हारमोनियम, सारंगी, बांसुरी, सरोद, संतूर, शहनाई, पखावज, तबले पर शास्त्रीय बैंड द्वारा दी गई प्रस्तुति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर में किया तानसेन संगीत समारोह 2024 का शुभारंभ ग्वालियर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तानसेन संगीत समारोह 2024 के शुभारंभ और वृहद समवेत वाद्य यंत्र प्रस्तुति में हिन्दुस्तानी क्लासिकल बैंड द्वारा बनाए गए गिनिस बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में सहभागी कलाकारों को इस उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि तानसेन संगीत समारोह और विश्व रिकार्ड की यह उपलब्धि संगीत सम्राट तानसेन, महारानी लक्ष्मी बाई, महादजी सिंधिया, स्व. राजमाता सिंधिया और जैन तीर्थंकर सहित भारतीय संस्कृति में विद्यमान संगीत की लंबी प्राचीन विरासत को जीवंत करने का माध्यम है। उल्लेखनीय है कि 546 कलाकारों द्वारा 9 वाद्य यंत्रों की मनमोहक प्रस्तुति से हिन्दुस्तान क्लासिकल संगीत का विश्व रिकार्ड बनाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्वालियर में आयोजित तानसेन संगीत समारोह 2024 एवं वृहद समवेत वाद्य यंत्र प्रस्तुति का शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। ग्वालियर संगीत सम्राट तानसेन की साधना स्थली और ख्याल गायकी का रहा उद्गम स्थल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि ग्वालियर संगीत सम्राट तानसेन की साधना स्थली और ख्याल गायकी का उद्गम स्थल रहा है। राजा मानसिंह तोमर से लेकर सिंधिया घराने तक संगीत की विरासत को सहजने के यहां हर संभव प्रयास हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संगीत सग्राट तानसेन के 100वें उत्सव के अवसर पर 9 शास्त्रीय वाद्यों क्रमश: वायलेन, हारमोनियम, सारंगी, बांसुरी, सरोद, संतूर, शहनाई, पखावज, तबले पर शास्त्रीय बैंड द्वारा दी गई प्रस्तुति के लिए कलाकारों का अभिवादन किया। विश्व का कोई भी वाद्य, भारतीय शास्त्रीय रचना से बाहर नहीं हो सकता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस चराचर जगत के रोम-रोम में संगीत है। महार्षि पतंजलि द्वारा 5 मुख्य प्राण, 5 सहायक प्राण के साथ ही उप प्राणों का भी उल्लेख किया गया है। इसमें एक उपप्राण संवेदना (सैंसेशन) है, जो संगीत से हमें जोड़ता है। रोम-रोम से संगीत की अनुभूति और जीवंतता की पहचान होती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान श्रीकृष्ण द्वारा धनुधारी वीर अर्जुन को दिखाए गए विराट स्वरूप का उल्लेख करते हुए कहा कि रोम-रोम के माध्यम से जीवन की चेतना आती है। शास्त्रीय संगीत की साधना व्यक्ति के रोम-रोम को पुल्कित करती है। भारतीय संस्कृति में शास्त्रीय वाद्यों के आधार पर प्रकृति से तालमेल बनाने की परम्परा आरंभ की गई। विश्व का कोई भी वाद्य, शास्त्रीय रचना से बाहर नहीं हो सकता, यह भारतीय शास्त्रीय संगीत की विशेषता है। भारतीय संगीत परम्परा सभी से तालमेल कर आनंद की यात्रा को आगे बढ़ाने में हमें सक्षम बनाती है। महादेव के लिए डमरू और भगवान श्रीकृष्ण के लिए बांसुरी आनंद का स्रोत रहे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे सभी देवी देवताओं की पहचान किसी न किसी वाद्य यंत्रों से जुड़ी है। विश्व के पहले वाद्य यंत्र की प्रेरणा का स्रोत वर्षा की बूंद है। तालाब या नदी में पहली बार पड़ने वाली पानी की बूंद की ध्वनि डमरू की ध्वनि से जुड़ती है। इसी का परिणाम है कि डमरू विश्व का पहला वाद्य यंत्र है जो भगवान शिव से जुड़ा है। भगवान श्रीकृष्ण के लिए बांसुरी, आनंद का स्रोत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर तानसेन संगीत समारोह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, जल संसाधन मंत्री तथा ग्वालियर के प्रभारी तुलसीराम सिलावट, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, संस्कृति एवं पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी, सांसद भारत सिंह कुशवाह, प्रमुख सचिव संस्कृति एवं पर्यटन शिव शेखर शुक्ला सहित बड़ी संख्या में संगीत प्रेमी उपस्थित रहे। सुरों की साधना को समर्पित 9 मिनट तक शास्त्रीय वाद्यों का वादन सुरों की साधना को समर्पित समवेत प्रस्तुति में देश और प्रदेश के 546 कलाकारों ने 9 शास्त्रीय वाद्य यंत्रों का वादन एक साथ किया। समवेत प्रस्तुति के माध्यम से स्वर सम्राट तानसेन को स्वरांजली अर्पित की गई। यह प्रस्तुति तानसेन रचित तीन राग जिनमें मल्हार, मियां की तोड़ी एवं दरबारी कान्हड़ा में निबद्ध थी। इस प्रस्तुति का संयोजन सुप्रसिद्ध बांसुरी वादक पंडित रोनू मजूमदार ने किया। समवेत प्रस्तुति में वाद्य यंत्रों के साथ ही गायन भी शामिल था। निरन्तर 9 मिनट तक वाद्यों का वादन करने पर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड रचा गया। विगत वर्ष ताल दरबार से रचा था इतिहास विगत वर्ष संगीत सम्राट तानसेन की नगरी ग्वालियर में अपराजेय भारतीयता के विश्व गान राष्ट्रगीत वंदे-मातरम की धुन पर “ताल दरबार” ने मध्यप्रदेश के संगीत को एक वैश्विक पहचान दिलाई थी। यूनेस्को द्वारा चयनित संगीत नगरी में राष्ट्रीयता का उद्घोष करते हुए 1500 से अधिक संगीत साधकों ने प्रदेश की ऐतिहासिकता, सांस्कृतिकता और संगीत की त्रिवेणी को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराया था।  

प्रधानमंत्री मोदी ने कलाकारों के मान-सम्मान की प्रेरणादायी परंपरा कायम की : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

ग्वालियर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि संगीतधानी ग्वालियर की उत्सवधर्मिता की देश भर में विशेष पहचान है। साथ ही संगीत और कलाओं का प्रोत्साहन एवं कलाकारों का मान-सम्मान बढ़ाने की यहाँ की रिवायत भी अद्वितीय है। इस धरा पर जन्मे तानसेन और बैजू बावरा जैसे महान संगीतज्ञों को वर्तमान संगीत साधक भगवान की तरह पूजते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्वालियर में आयोजित हो रहे 100वें “तानसेन संगीत समारोह” के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि संगीत शिरोमणि तानसेन की स्मृति में आयोजित हो रहे शताब्दी आयोजन में शामिल होकर मुझे विशेष खुशी की अनुभूति हुई है। रविवार की सांध्य बेला में तानसेन समाधि परिसर में महेश्वर के ऐतिहासिक किला की थीम पर बने भव्य एवं आकर्षक मंच पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में देश एवं दुनिया के सर्वाधिक प्रतिष्ठित महोत्सव “तानसेन समारोह” का केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया व विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर तथा अन्य जनप्रतिनिधिगणों के साथ दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी अतिथियों के साथ सुर सम्राट तानसेन की समाधि पर पहुँचकर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तानसेन समारोह के शताब्दी आयोजन में अपने देश के संगीत के शीर्षस्थ साधकों के साथ चार अन्य देशों के संगीत कलाकार सुर सम्राट तानसेन को स्वरांजलि देने आए हैं। मध्यप्रदेश सरकार देश और विदेश के सभी कलाकारों का अभिनंदन करती है। उन्होंने कहा कि ग्वालियर संगीत एवं कला की अद्भुत नगरी है। मेरा सौभाग्य है कि यहाँ महान संगीतज्ञ तानसेन की याद में आयोजित होने वाले संगीत समारोह में दो बार आने का मुझे मौका मिला। पिछली बार जब मैं आया था तब ग्वालियर दुर्ग पर ताल दरबार के वृहद आयोजन से गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बना था। इसी तरह इस बार कला साधकों ने वाद्य यंत्रों का समवेत वादन कर विश्व रिकॉर्ड बनाया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कलाकारों के मान-सम्मान की प्रेरणादायी परंपरा कायम की मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र और राज्य सरकार कलाकारों के मान-सम्मान का पूरा ध्यान रख रहीं हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी भारत रत्न स्वर कोकिला लता मंगेशकर के निधन पर पैदल चलकर श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुँचे थे। उन्होंने कलाकारों के मान-सम्मान की जो प्रेरणादायी परंपरा कायम की है, प्रदेश सरकार उसका पूरा ध्यान रख रही है। प्रकृति से तालमेल बिठाने की क्षमता रखता है संगीत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शास्त्रीय संगीत के राग प्रकृति से तालमेल बिठा लेते हैं। साथ ही संसार के सभी प्राणियों से संगीत संवाद स्थापित करने में सक्षम होता है। भगवान श्रीकृष्ण के बांसुरी वादन से सम्पूर्ण गौधन का एकत्रित हो जाना इस बात का प्रमाण है। इसी तरह संगीत सम्राट तानसेन ने राग मल्हार के जरिए बरसात कराकर साबित किया कि राग प्रकृति से तालमेल बिठाने में सक्षम है। ग्वालियर को संगीत हब बनाने के लिये हर संभव प्रयास किए जायेंगे – केन्द्रीय मंत्री सिंधिया केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि संगीत के क्षेत्र में ग्वालियर के लिये यह वर्ष अलौकिक वर्ष है। वर्ष 1924 में सिंधिया राज्यकाल में शुरू हुए तानसेन समारोह का इस साल शताब्दी वर्ष है। यह वर्ष ग्वालियर के इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जायेगा। उन्होंने कहा कि ग्वालियर की पहचान संगीत के शहर के रूप में होती है। ग्वालियर को संगीत का हब बनाने का काम मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सहयोग से हम सब लोगों द्वारा मिलजुलकर किया जायेगा। सिंधिया ने तानसेन समारोह की तर्ज पर बैजू बावरा की स्मृति में चंदेरी संगीत महोत्सव को भव्य बनाने का आग्रह मुख्यमंत्री डॉ. यादव से किया। प्रदेश में हो रहे सांस्कृतिक अभ्युदय के प्रयास सराहनीय – विधानसभा अध्यक्ष तोमर विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि खुशी की बात है राज्य सरकार द्वारा सांस्कृतिक अभ्युदय का काम समूचे प्रदेश में किया जा रहा है। ग्वालियर में तानसेन समारोह के विस्तार के रूप में पिछले साल ताल दरबार और इस साल वृहद शास्त्रीय बैंड की समवेत प्रस्तुति का आयोजन इसका उदाहरण है। इन दोनों आयोजनों से गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बना है, जिससे ग्वालियर की ख्याति संगीत के क्षेत्र में दुनियाभर में और बढ़ी है। उन्होंने इसके लिये मुख्यमंत्री एवं संस्कृति विभाग के प्रति ग्वालियरवासियों की ओर से आभार जताया। साथ ही कहा कि महाराजा मानसिंह तोमर के राज्यकाल में संगीत और कलाओं को आश्रय देने का जो सिलसिला शुरू हुआ उसे महादजी सिंधिया से लेकर सम्पूर्ण सिंधिया राज्यकाल में पूरी शिद्दत के साथ आगे बढ़ाया गया। वर्तमान में प्रदेश सरकार भी संगीत एवं कलाओं के संरक्षण एवं संवर्धन में जुटी है। 100वें तानसेन समारोह के उपलक्ष्य में डाक टिकिट का विमोचन तानसेन समारोह के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में डाक विभाग द्वारा पाँच रूपए का डाक टिकिट जारी किया गया है। तानसेन समारोह के उदघाटन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं अन्य अतिथियों ने इस डाक टिकिट का विमोचन किया। तानसेन समारोह की 100 वर्षीय यात्रा पर केन्द्रित पुस्तक और स्मारिका का किया विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं अन्य अतिथियों ने तानसेन समारोह की 100 वर्षीय यात्रा पर केन्द्रित पुस्तक और इस साल के आयोजन पर तैयार की गई स्मारिका का विमोचन भी किया। कार्यक्रम के अंत में संस्कृति एवं पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।    

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजनाएं सरकार के अथक प्रयासों का परिणाम

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजनाएं सरकार के अथक प्रयासों का परिणाम हैं। इन महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय परियोजनाओं के लिए गत 20 वर्षों से निरंतर प्रयास किया जा रहे थे। यह प्रदेश के लिए अत्यंत सौभाग्य का विषय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इन परियोजनाओं को स्वीकृत किया और वे स्वयं इनका शिलान्यास करने आ रहे हैं। इन परियोजनाओं से बुंदेलखंड और मालवा क्षेत्र की तस्वीर एवं तकदीर बदलेगी। सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र में इनसे बड़ा परिवर्तन आएगा। प्रधानमंत्री मोदी केन-बेतवा लिंक परियोजना का शिलान्यास 25 दिसंबर को खजुराहो, छतरपुर में आयोजित कार्यक्रम में और पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना का शिलान्यास जयपुर (राजस्थान) में करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम की तैयारी की समीक्षा की। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, अपर मुख्य सचिव जल संसाधन डॉ. राजेश राजौरा एवं सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। परियोजना से जुड़े संभागों के आयुक्त तथा जिलों के कलेक्टर्स वीडियो कॉफ्रेंस के माध्यम से शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश में सबसे ज्यादा नदियां मध्यप्रदेश में हैं और यहां अपार जल राशि भी है। हमें इसका अधिक से अधिक उपयोग किसानों के हित में करना है। उन्होंने कहा कि 2 बड़ी राष्ट्रीय परियोजनाओं में मध्यप्रदेश की हिस्सेदारी होना बहुत बड़ी उपलब्धि है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जन-जन तक जल के महत्व और सदुपयोग का संदेश जाना चाहिए। गांव-गांव में किसान सम्मेलन हों, कलश यात्रा निकाली जाएं, प्रभात फेरिया हों, भजन मंडलियां और लोक कलाकार प्रस्तुतियां दें, विद्यालय और महाविद्यालय में चित्रकला, निबंध, वाद-विवाद प्रतियोगिताएं हों। कार्यक्रमों में जन-प्रतिनिधि, स्व-सहायता समूह और समाज सेवी संगठन की सहभागिता हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नदी जोड़ो की राष्ट्रीय परियोजनाओं के साथ ही राज्य के भीतर भी नदियों को जोड़ने का कार्य निरंतर किया जाएगा। उज्जैन में कान्ह नदी को 20 किलोमीटर डक्ट बनाकर गंभीर नदी से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। सीवरखेड़ी- सिलारखेड़ी परियोजना भी प्रारंभ हो रही है। हम निरंतर जल की दृष्टि से प्रदेश को समृद्ध बनाएंगे। हर खेत तक सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराना हमारा संकल्प है। जल संसाधन मंत्री सिलावट ने बताया कि संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना से प्रदेश के मालवा और चंबल क्षेत्र में 6 लाख 13 हजार 520 हेक्टेयर में सिंचाई होगी और 40 लाख की आबादी को पेयजल उपलब्ध होगा। इसके अतिरिक्त लगभग 60 वर्ष पुरानी चंबल दाईं मुख्य नहर एवं वितरण-तंत्र प्रणाली के आधुनिकीकरण कार्य से भिंड, मुरैना एवं श्योपुर जिलों के 1205 ग्रामों में 3 लाख 62 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में कृषकों की मांग अनुसार पानी उपलब्ध कराया जाएगा। परियोजना से प्रदेश के गुना, मुरैना, शिवपुरी, भिंड, श्योपुर, उज्जैन सीहोर, मंदसौर, इंदौर, देवास, आगर मालवा, शाजापुर और राजगढ़ जिलों के 3217 ग्रामों को लाभ मिलेगा। केन-बेतवा लिंक परियोजना के अंतर्गत दौधन ग्राम में बांध का निर्माण कर केन नदी के जल को 221 किलोमीटर लंबी लिंक कैनाल के द्वारा मार्ग में दोनों ओर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराते हुए अधिशेष जल को बेतवा नदी में छोड़ा जाएगा। परियोजना से प्रदेश के कुल 8 लाख 11 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी। इससे छतरपुर, पन्ना, दमोह, टीकमगढ़, शिवपुरी, निवाड़ी, दतिया रायसेन, विदिशा और सागर जिलों के लगभग 2013 ग्राम लाभान्वित होंगे। परियोजना से प्रदेश की 44 लाख आबादी को पेयजल की सुविधा प्राप्त होगी और 103 मेगावॉट जल विद्युत एवं 27 मेगावाट सोलर विद्युत का उत्पादन भी किया जाएगा। अपर मुख्य सचिव डॉ. राजौरा ने बताया कि परियोजनाओं के लिए जन-जागरण अभियान 25 दिसंबर तक चलाया जाएगा। अभियान के दौरान ग्रामों में कलश-यात्रा एवं प्रभात फेरियां निकाली जाएंगी, किसान सम्मेलन, जल के महत्व को बताते हुए नुक्कड़ नाटक भजन, सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। शैक्षिक संस्थानों में भी जल-संरक्षण और संवर्धन से संबंधित विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। परियोजनाओं के भूमि-पूजन शिलान्यास कार्यक्रमों का सभी ग्राम पंचायत में सीधा प्रसारण भी किया जाएगा।  

गायिका सुस्वस्ति मेहुल ने भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन और सुदामा-कृष्ण की मैत्री पर केन्द्रित लोकप्रिय भजन सुनाए

विरासत के साथ विकास के सिद्धांत पर कार्य कर मध्यप्रदेश को बनाएंगे समृद्ध: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में प्रकृति, संस्कृति और विकास का अद्भुत समन्वय: अभिनेता रणदीप हुड्डा गायिका सुस्वस्ति मेहुल ने भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन और सुदामा-कृष्ण की मैत्री पर केन्द्रित लोकप्रिय भजन सुनाए “मध्यप्रदेश : स्वर की समता नृत्य-नाटिका” का हुआ मंचन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश की समृद्धि की दिशा में केन-बेतवा लिंक और पार्वती-काली सिंध-चंबल परियोजनाएं मील का पत्थर सिद्ध होंगी। मध्यप्रदेश सरकार विरासत के साथ विकास में विश्वास रखते हुए नागरिकों का जीवन समृद्ध बनाने के लिए सक्रियता से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार रवीन्द्र भवन सभागार में “कलाओं की विविधता का उत्सव : विरासत” को संबोधित कर रहे थे। प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रवीन्द्र भवन में “कलाओं की विविधता का उत्सव “विरासत” का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर विरासत कार्यक्रम में प्रस्तुति देने आए कलाकारों को सम्मानित किया और संस्कृति विभाग द्वारा प्रकाशित विभिन्न पुस्तकों का विमोचन किया। कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, सभापति भोपाल नगर निगम किशन सूर्यवंशी, विधायक भगवानदास सबनानी, सुमित पचौरी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड और चंबल अंचल के साथ ही मालवा क्षेत्र में समृद्धि लाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 2 महत्वपूर्ण नदी जोड़ो परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इन परियोजनाओं में से पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना का शिलान्यास आगामी 17 दिसम्बर को जयपुर में और केन-बेतवा परियोजना का 25 दिसम्बर को खजुराहो (छतरपुर) में होने जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने इन कार्यक्रमों में आने की सहमति दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रतन स्व. अटल बिहारी वाजपेई ने नदी जोड़ो परियोजना का स्वप्न देखा था। इसे साकार करने का अवसर प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार और साथ ही मध्यप्रदेश, राजस्थान और उत्तरप्रदेश 3 राज्य सरकारों को मिला है। यह पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेई की जयंती का 100वां वर्ष है। स्व. वाजपेई के जन्म के 100वें वर्ष में इन परियोजनाओं का शिलान्यास इस माह किया जाना पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेई को संपूर्ण राष्ट्र की आदरांजलि भी है। मध्यप्रदेश के बड़े इलाके को सिंचाई और पेयजल का लाभ मिलेगा। जब पानी की उपलब्धता पर्याप्त हो तो, कार्य के लिए पलायन की प्रवृत्तियां भी थम जाती हैं। प्रधानमंत्री मोदी की निर्धनों, किसानों, महिलाओं और युवाओं के कल्याण की प्राथमिकता के अनुसार मध्यप्रदेश सरकार ने इन क्षेत्रों में योजनाओं के क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया है। युवाओं के स्वप्न सच करने के लिए, उन्हें हुनरमंद बनाने के लिए और राष्ट्र की प्रगति में बेहतर योगदान देने के लिए मध्यप्रदेश सरकार गतिशील रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी एक ऐसे राजनेता हैं, जिन्होंने 50 वर्ष की आयु तक कोई चुनाव नहीं लड़ा था। इस आयु के पश्चात उन्होंने 3 बार गुजरात के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के रूप में विकास के नए आयाम रचे हैं। उन्होंने केन्द्र में एक‍दल के बलबूते पर सरकार बनाने में सफलता अर्जित की है। प्रधानमंत्री मोदी ने प्रत्येक वर्ग के कल्याण की चिंता की है। मध्यप्रदेश जो गत दशक में कृषि के विकास, अधोसंरचना विकास की दृष्टि से आगे बढ़ा है, अब महत्वपूर्ण परियोजनाओं के माध्यम से समृद्धि के नए आयाम स्थापित करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में उपस्थित अभिनेता रणदीप हुड्डा का उल्लेख करते हुए उनकी अभिनय प्रतिभा की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रणदीप हुड्डा ने अभिनय का मार्ग चुना और वीर सावरकर के चरित्र को परदे पर प्रभावशाली ढंग से निभाया। वीर सावरकर जी के इस योगदान को सिनेमा के माध्यम से राष्ट्र के सम्मुख लाना प्रशंसनीय है। कार्यक्रम में रणदीप हुड्डा ने कहा कि वे मध्यप्रदेश में प्रकृति, संस्कृति और विकास का अद्भुत समन्वय देखकर प्रसन्न हुए हैं। उन्होंने कहा कि उनकी जन्मभूमि हरियाणा और कर्मभूमि मुम्बई है, लेकिन वे भगवान श्रीकृष्ण के मध्यप्रदेश में शिक्षा ग्रहण करने के ऐतिहासिक तथ्य और वर्तमान में पर्यटन एवं वन्य जीव संरक्षण में प्रदेश की प्रगति के कारण इसे सुकून-भूमि मानते हैं। उन्होंने मध्यप्रदेश में फिल्म संस्थान एवं फिल्म सिटी के विकास की संभावनाओं को साकार करने का आग्रह किया। हुड्डा ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को मध्यप्रदेश में प्रकृति, संस्कृति और विकास के शानदार तालमेल के लिए उनकी महत्वूपर्ण भूमिका के लिए बधाई दी। विरासत कार्यक्रम में सुस्वस्ति मेहुल, मुंबई ने अपने कलाकार दल के साथ लोकप्रिय भजन मेरी झोपड़ी के भाग्य आज खुल जाएंगे राम आयेंगे… प्रस्तुत किया। सुस्वस्ति मेहुल ने भगवान कृष्ण की स्तुति में भी कर्णप्रिय भजन प्रस्तुत किए। उन्होंने कृष्ण-सुदामा की मैत्री की थीम पर भजनों की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। “मध्यप्रदेश : स्वर की समता नृत्य नाटिका” की मनमोहक प्रस्तुति सुजयलक्ष्मी ईश्वर नई दिल्ली के निर्देशन में कलाकार दल द्वारा दी गई। कार्यक्रम में कलाकार दल ने मध्यप्रदेश के प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर केन्द्रित विशेष नृत्य-गीत कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी कलाकारों की प्रस्तुति की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर गौ एवं गौपाल तथा श्रीमद्भागवत पुराण आधारित चित्र प्रदर्शनी देखी। संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव शिव शेखर शुक्ला ने अतिथियों का स्वागत करते हुए संस्कृति और पर्यटन विभाग की गतिविधियों का विवरण दिया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश गान भी प्रस्तुत किया गया।  

प्रधानमंत्री मोदी 25 दिसंबर को मप्र में केन-बेतवा नदी जोड़ो project की आधारशिला रखेंगे

भोपाल  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती मौके पर मध्यप्रदेश में केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना की आधारशिला रखेंगे।  यादव ने कहा, “देश की नदियों के जल संसाधनों को बढ़ाने के लिए नदियों को जोड़ने का सपना देखने वाले पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती पर प्रधानमंत्री मोदी 25 दिसंबर को मप्र के छतरपुर जिले में महत्वाकांक्षी केन-बेतवा राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना की आधारशिला रखेंगे।” इन जिलों को मिलेगा लाभ उन्होंने कहा कि केन और बेतवा नदियों को जोड़ने की परियोजना से राज्य के छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़, निवाड़ी, दमोह, शिवपुरी, दतिया, रायसेन, विदिशा और सागर जिलों को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे मध्यप्रदेश (8.11 लाख हेक्टेयर) और उत्तर प्रदेश (2.51 लाख हेक्टेयर) में फैले बुंदेलखंड क्षेत्र में 10.62 लाख हेक्टेयर में सिंचाई के लिए पानी मिलेगा, साथ ही मध्यप्रदेश में 41 लाख और उत्तर प्रदेश में 21 लाख लोगों को पीने का पानी मिलेगा। यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना को भी लागू करने का फैसला किया है, जिससे राज्य के गुना, शिवपुरी, सीहोर, देवास, राजगढ़, उज्जैन, आगर-मालवा, इंदौर, शाजापुर, मंदसौर और मुरैना जिलों को लाभ मिलेगा। यादव ने कहा कि इस परियोजना से मध्यप्रदेश में 6.13 लाख हेक्टेयर में सिंचाई के लिए पानी मिलेगा और प्रधानमंत्री मोदी 17 दिसंबर को जयपुर में इसकी आधारशिला रखेंगे। यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश 2025 को ‘उद्योग वर्ष’ के रूप में मनाएगा और मोदी 24-25 फरवरी को भोपाल में आयोजित होने वाले वैश्विक निवेशक सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। उन्होंने कहा कि निवेशकों के सम्मेलन से पहले राज्य सरकार मध्यप्रदेश में क्षेत्रीय उद्योग सम्मेलन आयोजित कर रही है और राज्य तथा विदेश में रोड शो तथा सम्मेलन आयोजित कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन संयुक्त प्रयासों के कारण राज्य को चार लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे तीन लाख रोजगार सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार के एक वर्ष पूरे होने पर उनके प्रशासन के विकास कार्यों को उजागर करने तथा अधिक पात्र लोगों को कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए दो कार्यक्रम शुरू किए गए हैं। दिसंबर और जनवरी में ‘जनकल्याण पर्व’ तथा ‘मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान’ चलाया जाएगा। दिसंबर में कई परियोजनाओं का लोकार्पण मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की लोकप्रिय ‘लाडली बहना’ योजना के तहत 1.29 करोड़ महिलाओं को 19,212 करोड़ रुपये दिए गए हैं। सरकार ने 1,450 किलोमीटर लंबे ‘राम वन गमन पथ’ के अलावा भगवान कृष्ण से जुड़े सभी स्थानों को जोड़कर ‘श्रीकृष्ण पथ’ विकसित करने का भी फैसला किया है, जिसमें संदीपनी आश्रम, नारायण गांव, उज्जैन, जानापाव (इंदौर) और अमझेरा (धार) शामिल हैं। कार्यक्रम को मध्यप्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा और उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ला ने भी संबोधित किया।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet