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हीरा पॉलिसिंग एवं कटिंग से होगा रोजगार सृजित, रूकेगा पलायन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

अलीराजपुर के हर गाँव तक पहुंचेगा नर्मदा मैया का जल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने किया सोंडवा माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना का भूमि-पूजन हीरा पॉलिसिंग एवं कटिंग से होगा रोजगार सृजित, रूकेगा पलायन  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भगोरिया के नृत्य एवं ढोलक की थाप देवताओं को भी करती है आकर्षित अगले वर्ष विश्व प्रसिद्ध भगोरिया मेले में सम्मिलित होने का करेंगे प्रयास भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सोंडवा माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना क्षेत्र में सिंचाई के लिये महत्वपूर्ण साबित होगी। इससे किसानों को सिंचाई के लिये पर्याप्त जल मिलेगा। छकतला में हीरा पॉलिसिंग एवं कटिंग का कार्य होने से क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। इससे अन्य क्षेत्रों में रोजगार के लिये होने वाला पलायन भी रूकेगा। उन्होंने कहा कि सोंडवा क्षेत्र के 169 गाँवों के लिये शीघ्र ही नर्मदा जल भी उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव अलीराजपुर जिले के छकतला में 1732.45 करोड़ की लागत की सोंडवा माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना के भूमि-पूजन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मथवाड़ हाई स्कूल से हॉयर सेकेंडरी उन्नयन एवं कट्ठीवाड़ा से सोंडवा से लेकर कुल 13 सड़कों के निर्माण को मंच से ही स्वीकृति प्रदान की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सोंडवा सिंचाई परियोजना से क्षेत्र को एक से अधिक उपज देने में मदद मिलेगी। जिससे आर्थिक सशक्तिकरण के द्वार खुलेंगे। रोजगार की तलाश में अन्य क्षेत्रों में होने वाले पलायन को रोकने में भी इस परियोजना से मदद मिलेगी। सोंडवा परियोजना से पानी की कमी की समस्या भी दूर होगी। आज का दिन अलीराजपुर जिले के लिये एतिहासिक दिन है। आज छकतला में 15.14 करोड़ रूपये छकतला हीरा पॉलिसिंग एवं कटिंग कार्य की परियोजना का भूमि-पूजन किया गया है। इससे भी युवाओं के लिये रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। अलीराजपुर के युवा भी हीरा तराशने का कार्य कर सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि क्षेत्रवासियों को मिली सौगात से उत्साहित लोगों को देखकर ऐसा लग रहा है जैसे भगोरिया का पर्व मन रहा है। उन्होंने कहा कि भगोरिया के नृत्य एवं ढोलक की थाप देवताओं को भी आकर्षित करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यहां का भगोरिया पर्व विश्व प्रसिद्ध है। वे अगले वर्ष इसमें शामिल होने का प्रयास करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सोंडवा माइक्रो उदवहन सिंचाई परियोजना से जिले के 169 गाँव की 55013 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। इससे आर्थिक समृद्धि भी आएगी, आमजन का जीवन सुधरेगा, लोगों जीने का अंदाज बदलेगा और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अलीराजपुर कलेक्टर को बिजली की आवश्यकता का सर्वे का प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्रतिवेदन की समीक्षा कर आवश्यकता अनुसार बिजली उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हाल ही में गीता जयंती का भी आयोजन किया गया। इसके साथ ही 11 दिसम्बर से 26 दिसम्बर तक पूरे प्रदेश में जन कल्याण पर्व एवं 11 दिसम्बर से 26 जनवरी 2025 तक जन कल्याण अभियान आयोजित किया जाएगा। इसमें 76 प्रकार की योजनाएं एवं 63 प्रकार की सेवाएं नागरिकों को ग्राम ग्राम जाकर उनके घर पर उपलब्ध करवाई जाएगी। जिले में 81000 प्रधानमंत्री आवास का निर्माण हुआ है। जिले के 87000 कृषकों को 12000 रुपए की राशि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि एवं मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना में प्राप्त होती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अलीराजपुर के गौरवशाली इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि क्रांतिकारी शहीद चंद्रशेखर आजाद जिन्होंने नारा दिया किया था कि आजाद हूं, आजाद रहूंगा, ऐसी पावन धरा पर आकर स्वयं को भाग्यशाली अनुभूत कर रहा हूँ। उन्होंने क्रांतिसूर्य टंट्या मामा का जिक्र करते हुए कहा कि अंग्रेजों से धन लेकर गरीब लोगों में वितरित कर दिया करते थे। उन्होंने कहा कि टंट्या मामा के नाम पर खरगोन में विश्वविद्यालय प्रारंभ किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लाड़ली बहना योजना की हितग्राही को उद्यानिकी विभाग की पीएमएफएई योजना में ऑयल मिल के लिये 24 लाख का ऋण स्वीकृत कर चेक दीपांशु पिता अशोक थेपड़िया को सौंपा। उन्होंने गमरिया चौहान को आयुष्मान कार्ड प्रदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा तैयार की गई ’जनहित के प्रयास’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। इस बुक में जिले में पिछले वर्ष में किए गए नवाचारों की चित्रावली है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान, सांसद श्रीमती अनिता नागर सिंह चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हजरीबाई खरत, सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में क्षेत्र के नागरिक मौजूद थे।  

मुख्यमंत्री यादव आज गोल जोड़, कोलार रोड भोपाल में प्रदेश के 8वें टाइगर रिजर्व रातापानी टाइगर रिजर्व का लोकार्पण करेंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में 13 दिसम्बर को गोल जोड़, कोलार रोड भोपाल में प्रदेश के 8वें टाइगर रिजर्व रातापानी टाइगर रिजर्व का लोकार्पण करेंगे। इसमें विशिष्ट अतिथि राज्य वन पर्यावरण मंत्री दिलीप अहिरवार होंगे। लोकार्पण अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव और अभिनेता, लेखक, निदेशक रणदीप हूड्डा रातापानी टाइगर रिजर्व की जागरूकता के लिये “विरासत से विकास की अनूठी दौड़” बाईक रैली को हरी झण्डी दिखाकर रवाना करेंगे। यह रैली गोल जोड़ चौराहे से एकांत पार्क तक निकाली जाएगी। रातापानी टाईगर रिजर्व का लोकार्पण 13 दिसम्बर 2024 को सुबह 10:30 बजे होगा। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव वन अशोक बर्णवाल, मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और आमजन भी उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल और मार्गदर्शन पर 2 दिसम्बर, 2024 को रातापानी को प्रदेश का 8वाँ टाइगर रिजर्व घोषित कर दिया गया है। राज्य शासन द्वारा इसकी अधिसूचना जारी कर दी गयी है। रातापानी टाइगर रिजर्व के कोर एरिया का रकबा 763.812 वर्ग किलोमीटर तथा बफर एरिया का रकबा 507.653 वर्ग किलोमीटर है। इस प्रकार टाइगर रिजर्व का कुल रकबा 1271.465 वर्ग किलोमीटर होगा। रातापानी टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र की सीमा के अंदर स्थित राजस्व ग्राम झिरी बहेड़ा, जावरा मलखार, देलावाड़ी, सुरई ढाबा, पांझिर, कैरी चौका, दांतखो, साजौली एवं जैतपुर का रकबा 26.947 वर्ग किलोमीटर राजस्व भूमि इन्क्लेव के रूप में बफर क्षेत्र में शामिल है। टाइगर रिजर्व में भौगोलिक रूप से स्थित, उक्त 9 ग्राम अभयारण्य की अधिसूचना में कोर क्षेत्र में शामिल नहीं हैं। रातापानी टाइगर रिजर्व बनने से टाइगर रिजर्व का सम्पूर्ण कोर क्षेत्र रातापानी टाइगर अभयारण्य की सीमा के भीतर है। इससे ग्रामीणों के वर्तमान अधिकार में कोई परिवर्तन नहीं होगा। इससे स्थानीय ग्रामीणों को पर्यटन से नये रोजगार सृजित होंगे, जिससे आर्थिक लाभ होगा। टाइगर रिजर्व गठित होने से भारत सरकार के राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण से बजट प्राप्त होने से वन्य-प्राणियों का और बेहतर ढंग से प्रबंधन किया जा सकेगा। इसके साथ ही स्थानीय ग्रामीणों को पर्यटन बढ़ने से लाभ प्राप्त होगा। टाइगर रिजर्व बनने से रातापानी को अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिलेगी तथा भोपाल की पहचान “टाइगर राजधानी’’ के रूप में होगी।  

विरासत के साथ विकसित मध्यप्रदेश निर्माण के संकल्प का एक वर्ष

डॉ. मोहन यादव भोपाल देश का ह्दय प्रांत मध्यप्रदेश गौरवशाली इतिहास और विश्वविख्यात सांस्कृतिक परंपराओं के लिये प्रसिद्ध है। सृष्टि के आरंभ से लेकर अब तक मानव सभ्यता के कई चिन्ह मध्यप्रदेश की धरती पर हैं। यहां पर्याप्त भू-संपदा, वन-संपदा, जल-संपदा, और खनिज-संपदा है। हम विगत एक वर्ष में विकसित मध्यप्रदेश निर्माण के साथ प्रदेश की विरासत को सहेजने के संकल्प को लेकर आगे बढ़े हैं। यह हमारा सौभाग्य है कि डबल इंजन की सरकार का लाभ मध्यप्रदेश और प्रदेशवासियों को मिल रहा है। इस विशेष संयोग में प्रदेश ने नवाचारों के साथ विकास के कई कीर्तिमान स्थापित किये हैं। इन दिनों प्रदेश में जनकल्याण पर्व मनाया जा रहा है। यह प्रदेश की समृद्धि का उत्सव है। इसमें भविष्य की कई संभावनाएं आकार लेंगी। शासन-प्रशासन और प्रदेशवासी सभी मिलकर विकास की गंगा बहाएंगे। आपकी सरकार, आपके द्वार होगी और जनता के हित जनता तक पहुंचेंगे। इसमें नई सौगातें भी शामिल होंगी। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के नदी जोड़ो के स्वप्न को मध्यप्रदेश में धरातल पर उतारा जा रहा है। 17 दिसंबर को पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना तथा 25 दिसंबर को केन-बेतवा लिंक परियोजना का शिलान्यास प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किया जायेगा। यह आनंद का विषय है कि मध्यप्रदेश देश में पहला ऐसा राज्य है जहां 2 नदी जोड़ो परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। इससे जलस्रोत परस्पर जुड़ेंगे तो धरती का जल स्तर सुधरेगा, हमारे गांव और क्षेत्रों को पानी सुलभ होगा तथा अन्नदाता को सिंचाई के लिये पर्याप्त पानी मिलेगा। प्रदेश में जिस तरह कृषि, उद्योग, पर्यटन और आध्यात्मिक पर्यटन के लिये संभावनाएं विकसित हो रही हैं। इसमें औद्योगिक क्रांति, हरित क्रांति और पर्यटन क्रांति की त्रिवेणी से गरीबी पूर्णतः समाप्त हो जायेगी। पिछले दिनों रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित करके मध्यप्रदेश के गांव-गांव को औद्योगीकरण और आधुनिक उत्पाद से जोड़ने का प्रयत्न किया गया है। भविष्य में जिला स्तर पर भी इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित होंगी। हैदराबाद, कोयंबटूर तथा मुंबई में रोड-शो और यूके-जर्मनी के उद्योगपतियों को निवेश के लिये प्रदेश में आमंत्रित करना उद्योग विस्तार का उपक्रम है। क्षेत्रीयता से लेकर ग्लोबल स्तर तक उद्योग के लिये किया गया यह पहला नवाचार है। प्रधानमंत्री जी ने विकसित भारत निर्माण के लिये ज्ञान (GYAN) गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी के सम्मान की बात कही है। हमने इन्हीं 4 आधार स्तंभों पर केंद्रित समग्र विकास का रोडमैप तैयार किया है। प्रदेश सरकार गरीब कल्याण, युवा शक्ति, किसान-कल्याण और नारी शक्ति मिशन लागू करने जा रही है। हमारा लक्ष्य है अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति का कल्याण हो, उन्हें बेहतर भविष्य निर्माण का अवसर मिले। प्रदेश में हर गरीब की पढ़ाई, लिखाई, दवाई, नौकरी और रहने-खाने से लेकर जीवन की हर जरूरत को सरकार पूरा कर रही है। अब गरीब-कल्याण मिशन में होने वाली गतिविधियों और कार्यों से हर गरीब के जीवन-स्तर में सुधार आयेगा, उनकी समृद्धि से प्रदेश के विकास को गति मिलेगी। यह गरीबों के प्रति हमारी संवेदनशीलता ही है कि हुकुमचंद मिल के 30 साल पुराने विवाद से लेकर श्रमिकों की मिल से जुड़ी हर समस्या का हल निकाला और उन्हें उनका अधिकार दिलाया है, वहीं गंभीर बीमारी के गरीब मरीजों के लिये एयर एंबुलेंस सेवा भी शुरू की है। राष्ट्र को समृद्ध बनाने की शक्ति युवाओं में है। आवश्यक है कि युवा कर्मशील हो, विचारशील हो और अपनी परंपराओं से जुड़ा हुआ हो। इसी अनुरूप युवाओं को शिक्षण और प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में तैयार राष्ट्रीय शिक्षा नीति सबसे पहले मध्यप्रदेश में लागू हुई। यहां स्किल्ड युवा तैयार हो रहे हैं। प्रदेश के सभी जिलों में पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस से उत्कृष्ट शिक्षा मिलेगी, भारतीय ज्ञान परंपरा और युगानुकूल शिक्षा के समावेश से युवाओं को अपनी समृद्ध विरासत का ज्ञान होगा और बेहतर भविष्य निर्माण के द्वार खुलेंगे। हर विकासखंड में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण से गांव-गांव से खेल प्रतिभाएं उभरकर आएंगी। युवा शक्ति मिशन में प्रदेश के युवाओं की शिक्षा, आधुनिक तकनीकी में योग्यता और कौशल निर्माण के साथ सर्वांगीण विकास की लक्ष्य प्राप्ति शामिल है। प्रदेश में स्किल्ड युवा अपना स्व-रोज़गार स्थापित कर रहे हैं। वहीं शासकीय सेवाओं में लगभग ढाई लाख युवाओं की भर्ती का अभियान भी शुरू हो गया है। मध्यप्रदेश कृषि प्रधान प्रांत है। किसान कल्याण मिशन में कृषि की उपज बढ़ाने की दिशा में ठोस प्रयास किये जायेंगे। अगले 5 वर्ष में सिंचाई का रकबा 50 लाख हेक्टेयर से 1 करोड़ हेक्टेयर किया जायेगा। अन्नदाता को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण देने के साथ खाद, बीज से लेकर उपज की बिक्री तक की व्यवस्था की गई है। किसानों के खेत में सोलर पंप लगाए जाएंगे, जिससे वे अपने उपयोग के लिये अपनी बिजली स्वयं बनायेंगे। हम प्रयासरत हैं कि जल की एक-एक बूंद का लाभ किसानों को मिले। हम चाहते हैं कि किसान चिंता मुक्त होकर खेती करें और खुशहाल जीवन जियें। हर किसान को गौ-पालक और हर घर को गौ-रक्षक बनाने का प्रयास है। मध्यप्रदेश न केवल कृषि उत्पादन में देश में शीर्ष पर हो, बल्कि दुग्ध उत्पादन और दुग्ध निर्यातक प्रदेश बने इसीलिये मध्यप्रदेश में गौ-वंश पालन के लिये अनुदान दिया जा रहा है। परिवार, समाज, राष्ट्र और सृष्टि निर्माण के केन्द्र में है नारी भारतीय दर्शन में नारी के महत्व का उल्लेख है। महिला कल्याण के लिये नारी शक्ति मिशन में महिलाओं का आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक और राजनीतिक सशक्तिकरण किया जायेगा। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जहां शासकीय सेवाओं में महिलाओं का आरक्षण 33 प्रतिशत से बढ़ाकर 35 प्रतिशत किया गया है। बहनों के मान-सम्मान और स्वाभिमान के लिये लाड़ली बहना योजना से महिलाओं को और सेनिटेशन एवं हाइजीन योजना से प्रदेश की लाखों बालिकाओं को आर्थिक संबल दिया है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पिछले एक दशक से सांस्कृतिक पुनरुत्थान का कार्य हो रहा है। प्रदेश में समृद्ध और गौरवशाली विरासत को सहेजने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। श्रीराम वन गमन पथ, श्रीराम के कर्तव्य पालन और राष्ट्र निर्माण का समर्पण संपूर्ण भारत को एक सूत्र में बांधने का आधार देगा। श्रीकृष्ण पाथेय में उन सभी स्थानों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है जहां श्रीकृष्ण के स्मृति चिन्ह हैं। उन … Read more

मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र 16 से 20 दिसंबर तक, वित्त मंत्री देवड़ा सत्र के दूसरे दिन अनुपूरक बजट पेश करेंगे

भोपाल मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र 16 से 20 दिसंबर तक चलने वाला है. इसी सत्र के दौरान अनुपूरक बजट भी पेश किया जाएगा. मोहन कैबिनेट ने भी बजट को मंजूरी दे दी है. जिसके बाद वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा सत्र के दूसरे दिन ही मध्य प्रदेश का अनुपूरक बजट पेश करेंगे. इसके अलावा भी इस सत्र में मोहन सरकार से चार से पांच अहम प्रस्ताव भी ला सकती है, जिनकी सदन से मंजूरी मिल सकती है. बता दें कि इस बार विधानसभा के सत्र के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन मिलाकर 1700 से भी ज्यादा प्रश्न लगे हुए हैं. 17 दिसंबर को पेश होगा सप्लीमेंट्री बजट मोहन कैबिनेट ने हाल ही में हुई बैठक में सप्लीमेंट्री बजट को मंजूरी दे दी थी, जिसके बाद वित्तमंत्री और राज्य के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा अनुपूरक बजट पेश करेंगे. इस बार का सप्लीमेंट्री बजट 15 हजार करोड रुपए से ज्यादा होगा. 3 महीने के लिए योजनाओं को गति देने के लिए सरकार शीतकालीन सत्र में बजट पेश करेगी, जबकि साल 2025-26 में पूर्ण बजट पेश करने के लिए वित्त विभाग ने 15 जनवरी तक सभी विभागों से सुझाव मांगे हैं. पांच दिन का इस बार सत्र मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र इस बार पांच दिन तक चलेगा. जिसमें कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है. वहीं कांग्रेस सत्र की अवधि बढ़ाए जाने की मांग कर रही है. इसके अलावा सदन में कई मुद्दों पर कांग्रेस और बीजेपी में तीखी बहस देखने को मिल सकती है. माना जा रहा है कि विधानसभा सत्र के दौरान सरकार तकरीबन 11 विधेयक लेकर आ सकती है, जिन पर चर्चा होगी. तीन नए विधायक लेंगे शपथ वहीं विधानसभा के शीतकालीन सत्र में तीन नए विधायक भी शपथ लेंगे, जिसमें अमरवाड़ा उपचुनाव में चुने गए बीजेपी के कमलेश शाह, बुधनी उपचुनाव में चुने गए बीजेपी के रमाकांत भार्गव और विजयपुर उपचुनाव में चुने गए कांग्रेस के मुकेश मल्होत्रा को विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर शपथ दिलाएंगे. 

प्रदेश के शासकीय विभागों के लिए तकनीकी प्रगति का ऐसा सिस्टम विकसित किया है, जो पूरे देश के लिए एक मिसाल बन गया है

 सोनिया परिहार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में, आईटी और डिजिटल नवाचार के क्षेत्र में मध्यप्रदेश हर दिन नए आयाम स्थापित कर रहा है। आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करते हुए, प्रदेश ने अपने शासकीय विभागों और नागरिकों के लिए तकनीकी प्रगति और डिजिटल सुविधाओं का ऐसा सिस्टम विकसित किया है, जो पूरे देश के लिए एक मिसाल बन गया है। राज्य डिजिटल भारत के सपने को साकार करते हुये डिजिटल क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की ओर अग्रसर है। इसमें मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रोनिक विकास निगम (एमपीएसईडीसी) और मध्यप्रदेश विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद (एमपीसीएसटी) अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। म.प्र. में विकसित सॉफ्टवेयर ने देश में बनाई पहचान मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम (एमपीएसईडीसी) की अगुवाई में प्रदेश ने डिजिटल प्रौद्योगिकी में कई उल्लेखनीय कदम उठाए हैं। संपदा 2.0 और साइबर तहसील जैसे प्लेटफॉर्म नागरिक सेवाओं को सरल बना रहे हैं और राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश की पहचान को भी मजबूत कर रहे हैं। संपदा 2.0 ने संपत्ति पंजीकरण की प्रक्रिया को डिजिटल बनाकर ई-पंजीकरण, ई-स्टाम्प, स्टाम्प शुल्क की गणना और दस्तावेज़ खोज जैसे कार्यों को घर बैठे संभव बनाया गया है। साइबर तहसील ने राजस्व न्यायालयों की प्रक्रियाओं को पारदर्शी और सुव्यवस्थित करते हुए भ्रष्टाचार को कम करने और जनता को त्वरित सेवाएं प्रदान करने का सफल प्रयास किया गया है। निवेश और स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहन सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), सूचना प्रौद्योगिकी-सक्षम सेवाएँ (आईटीईएस), इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिज़ाइन और विनिर्माण (ईएसडीएम) और डेटा केंद्रों की परिवर्तनकारी क्षमता को स्वीकार करते हुए, राज्य में दूरदर्शी “आईटी, आईटीईएस और ईएसडीएम निवेश प्रोत्साहन नीति 2023” बनाई गई है। राज्य के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के लिए यह नीति डिज़ाइन की गई है। जबलपुर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस पॉलिसी के दिशा निर्देश लॉन्च किए थे। नीति में निवेशकों को वित्तीय और गैरवित्तीय सहायता प्रदान करने के प्रावधान किए गए है। सभी वित्तीय सहायता, आवश्यक अनुमतियाँ, अनुमोदनों, आवेदनों और किसी भी अन्य संबंधित प्रक्रियाओं के लिए पूर्ण रूप से डिजिटल सिंगल विंडो सिस्टम भी बनाया गया है। राज्य के युवाओं को स्वरोजगार के लिये प्रोत्साहित करने और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए स्टार्ट-अप नीति-2022 लागू है। राज्य में एवीजीसी नीति-2024 भी लागू की जा रही है, जिससे एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (एवीजीसी) क्षेत्र में नई संभावनाओं का द्वार खुला है। राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सुरक्षा आदि को ध्यान में रखते हुए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) नीति 2024 भी तैयार की गई है। विकसित डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर वर्तमान में प्रदेश में 2 हजार से अधिक आईटी/आईटीईएस एवं ईएसडीएम इकाइयां कार्यरत हैं, जिनमें एमपीएसईडीसी में पंजीकृत 650 इकाइयां हैं, जिन्हें राज्य की नीतियों का लाभ मिला है। इन इकाइयों का टर्न ओवर 10 हजार करोड़ रुपए प्रतिवर्ष से अधिक है। देश की 50 से अधिक बड़ी आईटी एवं आईटीईएस इकाइयां मध्यप्रदेश में स्थापित हैं। प्रदेश से हर वर्ष 500 मिलियन डॉलर का निर्यात आईटी से जुड़ी कंपनियों के माध्यम से होता है। राज्य में 5 आईटी स्पेशल इकोनॉमिक जोन हैं। राज्य सरकार द्वारा 15 आईटी पार्क बनाए गए हैं, जिनसे डेढ़ लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। राज्य में 1200 से अधिक तकनीकी स्टार्ट-अप स्थापित हैं, जिनमें से दो “नीव क्लाउड और शॉप किराना” यूनिकॉर्न कंपनी हैं। आईटी/आईटीएस/ईएसडीएम और डेटा सेंटर क्षेत्र में बढ़ता निवेश राज्य में निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए आयोजित रीजनल इंडस्ट्री कॉनक्लेव और इंटरैक्टिव सेशन में आईटी/आईटीएस/ईएसडीएम और डेटा सेंटर क्षेत्र में निवेशकों ने विशेष उत्साह दिखाया। इस क्षेत्र में निवेश से रोजगार से नए अवसर सृजित होंगे। सागर में 1700 करोड़ से अधिक निवेश से डेटा स्थापित किया जा रहा है। बेंगलुरु में आयोजित इंटरएक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट के दौरान, एमपीएसईडीसी ने भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर संघ,, इलेक्ट्रॉनिक इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ इंडिया, एसोसिएशन ऑफ जिओस्पेशल इंडस्ट्रीज और टाई ग्लोबल जैसे प्रमुख राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय उद्योग संघों के साथ समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। जबलपुर, नर्मदापुरम, मुंबई, कोयंबटूर, बेंगलुरु में कई बड़ी कंपनियों से करोड़ों के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। यूके-जर्मनी से एसआरएएम-एमआरएएम ग्रुप द्वारा 25000 करोड़ रूपये निवेश से सेमी कंडक्टर और साइंस टेक्नोलॉजी पार्क विकसित करने का प्रस्ताव प्राप्त हुआ। जीआईएस तकनीक का बढ़ता उपयोग राज्य में जियोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम (जीआईएस) तकनीक का भी व्यापक उपयोग हो रहा है। 5G के लिए योजना, अनुमोदन और जीआईएस आधारित सेवाएं प्रदान करने के लिए “गति-शक्ति संचार पोर्टल” विकसित किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में पीने के पानी की आपूर्ति के लिए सर्वेक्षण, निगरानी और कार्यान्वयन के लिए “जल रेखा” जैसे पोर्टल कार्य कर रहे है। जीआईएस द्वारा तैयार किये गये लोकपथ मोबाइल ऐप और वेब एप्लिकेशन से पूरे राज्य में सड़कों से संबंधित शिकायतों को दर्ज करने एवं उनके निराकरण को मॉनिटर करने की सुविधा दी जा रही है। शोध और शिक्षा के क्षेत्र में नया अध्याय मध्यप्रदेश विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद (एमपीसीएसटी) के अंतर्गत राज्य में विज्ञान और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। उज्जैन तारामंडल में 3डी-4K प्रोजेक्शन सिस्टम का अपग्रेडेशन और वराह मिहिर खगोलीय वेधशाला डोंगला का ऑटोमेशन इस दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धियां हैं। प्रशासनिक डिजिटलीकरण और पारदर्शिता सरकार ने ई-एचआरएमएस पोर्टल और अन्य डिजिटल मंचों के जरिए मानव संसाधन और सरकारी प्रक्रियाओं को डिजिटाइज्ड किया है। मुख्यमंत्री प्रगति पोर्टल ने विभिन्न योजनाओं और निर्माण कार्यों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग को सुगम बनाया है। आईटी क्षेत्र में विगत एक वर्ष में प्राप्त उपलब्धियों ने डिजिटल प्रौद्योगिकी से प्रशासनिक दक्षता बढ़ाई है और नागरिकों के जीवन को भी सरल और सुविधाजनक बनाया है। इन नवाचारों ने राज्य को आईटी निवेशकों के लिए एक आदर्श स्थान बना दिया है। प्रदेश डिजिटल भारत के सपने को साकार करते हुये वैश्विक आईटी मानचित्र पर अपनी अलग पहचान स्थापित कर रहा है।  

मुख्यमंत्री मोहन यादव का निवेश पर फोकस- 6 रीजनल इंडस्ट्रियल सम्मिट में करीब 3 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव

भोपाल मध्य प्रदेश की मोहन सरकार को आज  13 दिसंबर को एक साल पूरा हो रहा है. सरकार का फोकस समर्पण, सेवा, सुशासन, संस्कृति, त्योहार पर रहेगा. सीएम यादव घोषणापत्र में किए वादे भी बताएं. जानें सीएम मोहन यादव के 12 बड़े फैसले     निवेश पर फोकस- 6 रीजनल इंडस्ट्रियल सम्मिट में करीब 3 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव     स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़े कदम- एमपी में 30 मेडिकल कॉलेज, जल्द संख्या 50 होगी     संस्कृति और धर्म से जोड़ा- जन्माष्टमी, गीता जयंती , गोवर्धन पूजा जैसे त्यौहार सरकार ने धूमधाम से मनाए     पर्यावरण के लिए- तेज लाउड स्पीकर, खुले में मांस की बिक्री पर रोक     हरे भरे होंगे खेत खलिहान- बुंदेलखंड क्षेत्र की केन-बेतवा वृहद परियोजना और पार्वती- कालीसिंध-चंबल परियोजना मंजूर     महिला सशक्तिकरण- मध्य प्रदेश में सिविल सेवाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत की जगह 35 प्रतिशत पदों पर आरक्षण मिलेगा     युवाओं को रोजगार- प्रदेश में जल्द अलग-अलग विभागों में करीब एक लाख सरकारी पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी, तैयारी पूरी हो चुकी है     दिग्गजों से तालमेल- सीएम बनने के बाद प्रहलाद पटेल, कैलाश विजयवर्गीय जैसे केंद्र की राजनीति करने वाले दिग्गज सरकार में मंत्री बने, मोहन यादव ने तालमेल बैठाया     सियासत में भी 100% रिजल्ट- 2023 में सरकार बनने के बाद सीएम मोहन के सामने सबसे बड़ी चुनौती 2024 का लोकसभा चुनाव था, सभी 29 सीट जीती     उपचुनाव में परचम लहराया- डॉ मोहन यादव के सीएम बनने के बाद 3 उपचुनाव हुए बुधनी और अमरवाड़ा बीजेपी तो विजयपुर कांग्रेस जीती     महाराष्ट्र-हरियाणा में भी जलवा- मोहन यादव ने जिन 5 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव प्रचार किया, उनमें से चार सीटों पर बीजेपी ने जीत दर्ज की     अफसरशाही पर सख्ती- लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिला तत्काल एक्शन- गुना हादसे के बाद कलेक्टर, एसपी बदले, शाजापुर कलेक्टर को विवादित बयान के बाद हटाया

चहुँमुखी विकास के साथ उपलब्धियों भरा रहा एक वर्ष

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ‘देश का हृदय प्रदेश’ अपने वन, जल, अन्न, खनिज, कला, संस्कृति और परंपराओं की समृद्धि के लिए प्रसिद्ध है अपना मध्यप्रदेश। पुण्य सलिला माँ नर्मदा और भगवान श्रीमहाकालेश्वर की पावन छाया अनगिनत बलिदानियों और महापुरुषों की कर्मभूमि एवं तपोभूमि रहा हमारा प्रदेश ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और धार्मिक रूप से समृद्ध है। आज, मध्यप्रदेश अपने सांस्कृतिक वैभव को संरक्षित करते हुए विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “विकसित भारत” के संकल्प के तहत, प्रदेश GYAN (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी के सशक्तिकरण) पर आधारित चार मुख्य स्तंभों पर कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए नवाचारी पहल करते हुए रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और रोड शो के माध्यम से हर क्षेत्र के औद्योगिक विकास को बल दिया जा रहा है। राज्य सरकार के प्रतिबद्ध प्रयासों का ही यह सुखद परिणाम है कि नए निवेश प्रस्तावों से मध्यप्रदेश का औद्योगिक परिदृश्य सुदृढ़ होने और नए रोज़गार के अवसर सृजित होने की राहें खुल रही हैं। सांस्कृतिक पुनर्जागरण के क्रम में श्रीराम वन गमन पथ, श्रीकृष्ण पाथेय और विक्रम संवत की पुनर्स्थापना जैसे अनेक प्रयास हमारी ऐतिहासिक धरोहर को नई ऊर्जा दे रहे हैं। यह समय आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक प्रगति का है। मध्यप्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता के सहयोग और संकल्प से हम आत्मनिर्भर प्रदेश का निर्माण करके विकसित भारत के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए कृत संकल्पित हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर गुरूवार को भोपाल में मीडिया प्रतिनिधियों से संवाद करते हुए कहा कि हर्ष का विषय है कि प्रधानमंत्री मोदी आगामी 25 दिसम्बर को छतरपुर में केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना का शिलान्यास करने आ रहे हैं। साथ ही फरवरी-2025 में भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में भी प्रधानमंत्री मोदी पधारेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया प्रतिनिधियों के साथ प्रदेश में एक वर्ष में हुए विकास और उपलब्धियों को साझा किया। मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान और जनकल्याण पर्व प्रदेश में 11 दिसम्बर से मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान और राज्य सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर जनकल्याण पर्व शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित नागरिकों को लाभान्वित करने और जन समस्याओं का मौके पर शिविर लगाकर निराकरण किया जायेगा। इसमें केन्द्र और राज्य सरकार की शत-प्रतिशत सैचुरेशन की चिन्हित-34 हितग्राही मूलक योजनाओं में और 11 लक्ष्य आधारित योजनाओं के साथ विभिन्न विभागों से संबंधित 63 सेवाएं शिविर लगाकर आमजन को लाभान्वित किया जाएगा। जन-कल्याण पर्व में विभिन्न विभागों की गतिविधियां, विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन के साथ जन-कल्याण के कार्य प्रमुखता से किये जायेंगे होंगे। इन कार्यक्रमों में आमजन की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाएगी। 1. गरीब कल्याण के लिए:-             इंदौर के हुकुमचंद मिल के 4 हजार 800 श्रमिक परिवारों की लंबित राशि 224 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।             संबल 2.0 के अंतर्गत 1 करोड़ 73 लाख से अधिक श्रमिकों का पंजीयन। 40 हजार से अधिक श्रमिक परिवारों को 895 करोड़ रुपये से अधिक की अनुग्रह राशि का अंतरण।             सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं में प्रतिमाह 55 लाख हितग्राहियों को 3 हजार करोड़ रुपये से अधिक राशि का अंतरण।             प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में 36 लाख से अधिक परिवारों और प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में 8 लाख से अधिक परिवारों का साकार हुआ घर का सपना।             स्वामित्व योजना में 24 लाख लोगों को भू-अधिकार पत्र वितरित कर मध्यप्रदेश देश में प्रथम बना।             वोकल फॉर लोकल के तहत धनतेरस से देवउठनी ग्यारस तक शिल्पकार और छोटे व्यवसायियों को कर से मुक्त रखा।             पीएम स्वनिधि योजना में 11 लाख से अधिक हितग्राहियों को 10 से 50 हजार रूपये तक के ऋण सहायता उपलब्ध कराई गई। 2. किसान कल्याण के लिए:-             प्रत्येक ग्राम पंचायत में पीएम किसान समृद्धि केंद्र की स्थापना होगी।             रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना में किसानों को 1 हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम 3900 रूपये प्रति हेक्टेयर की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी।             किसानों को समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूं पर प्रति क्विंटल 125 रुपये बोनस का भुगतान।             सोयाबीन का समर्थन मूल्य 4,892 रुपये प्रति क्विंटल की दर से उपार्जन करने का निर्णय लिया।             मुख्यमंत्री किसान कल्याण सम्मान निधि में 6 हजार रूपये प्रति वर्ष का भुगतान सीधे किसानों के खातों में किया जा रहा है।             फसल की बोनी के सही आंकलन के लिये डिजिटल क्राप योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है।             राजस्व महाअभियान के दो चरणों में 80 लाख से अधिक लंबित प्रकरणों का निपटारा किया गया। राजस्व महाअभियान 3.0 शुरू हुआ। 3. युवाओं के लिए:–             प्रदेश के विश्वविद्यालयों के कुलपति अब कुलगुरु कहलाएंगे।             राज्य स्तरीय रोज़गार दिवस के अवसर पर रिकॉर्ड 7 लाख युवाओं को 5 हजार करोड़ रुपये का स्व-रोज़गार ऋण वितरित हुआ।             सभी शासकीय विभागों में लगभग 1 लाख पदों पर भर्तियां की जा रही। आगामी 5 वर्ष में 2.50 लाख सरकारी नौकरियां उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।             गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के उद्देश्य से 55 जिलों में पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस प्रारंभ।             विश्वविद्यालयों में छात्र-छात्राओं की अंकसूची एवं उपाधियों को डीजी लॉकर में अपलोड करने की व्यवस्था लागू की गई।           4. महिला सशक्तिकरण के लिए:-             शासकीय सेवाओं में महिलाओं को अब 35 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा।             लाड़ली बहना योजना में 1.29 करोड़ बहनों को जनवरी 2024 से अब तक 19 हजार 212 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का अंतरण किया गया। रक्षाबंधन पर बहनों को 250-250 रूपये अतिरिक्त राशि नेग के रूप में दी गई।             प्रदेश की लगभग 26 लाख लाड़ली बहनों को 450 रुपये में गैस सिलेंडर की रीफिलिंग के लिए वर्ष 2024 में 715 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का अंतरण किया गया।             एक लाख से अधिक दीदीयां बनी लखपति बनी हैं।             महिला उद्यमियों के प्रोत्साहन के लिए 850 एमएसएमई इकाइयों को 275 करोड़ रुपये का अंतरण।             सेनिटेशन एवं हाईजीन योजना में 19 लाख से अधिक बालिकाओं को 57 करोड़ 18 लाख रुपये की राशि अंतरित।             आहार अनुदान योजना में विशेष पिछड़ी जनजातीय बहनों के खाते में … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में 91.76 करोड़ रूपये की लागत से बनने वाले नए फ्रीगंज आरओबी का किया भूमि-पूजन

फ्रीगंज एवं आस-पास के क्षेत्र को प्रमुख व्यापारिक, सांस्कृतिक केन्द्र के रूप में विकसित किया जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान में “आपकी सरकार, आपके द्वार” से 76 से अधिक योजनाओं व सेवाओं का लाभ मिलेगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में 91.76 करोड़ रूपये की लागत से बनने वाले नए फ्रीगंज आरओबी का किया भूमि-पूजन मुख्यमंत्री ने उज्जैन में जनकल्याण शिविर का शुभारंभ किया उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हम प्रदेश के चहुँमुखी विकास के लिए दिन रात कार्यरत है। उज्जैन के लिए होने वाले कार्य, संपूर्ण प्रदेश व देश का मान बढ़ाने वाले काम है। बारह ज्योर्तिलिंग में से सबसे प्रमुख ज्योतिर्लिंग बाबा महाकाल के मंदिर में देश विदेश से आने वाले भक्तों की आने-जाने, रूकने की सुविधा, सिंहस्थ एवं जनता जनार्दन के लिए यह कार्य किए जा रहे हैं। वर्ष-2024 के सावन माह में देश विदेश से एक करोड़ से अधिक संत-महंत-श्रध्दालुओं ने भगवान महाकालेश्वर के दर्शन लाभ लिए। उज्जैन में विकास के कार्य इतनी अधिक संख्या में आने वाले श्रध्दालुओं की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए किया जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ.यादव उज्जैन में फ्रीगंज रेलवे ओवर ब्रिज के भूमि पूजन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनकल्याण पर्व में सार्वजनिक कार्यक्रम 11 से 26 दिसम्बर तक होंगे। इसके साथ हर दिन नागरिकों को सौगात व हितग्राहियों को सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं से लाभान्वित किया जाएगा। मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान में गीता जयंती से 26 जनवरी 2025 तक विभिन्न कार्यक्रम होंगे। अब नागरिकों को आयुष्मान कार्ड, संपत्ति कर, बिल्डिंग परमिशन, आधार कार्ड एवं इसके साथ 76 से अधिक सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ ‘आपकी सरकार आपके द्वार’ आकर देगी। पहले ‘आपका विधायक-आपके द्वार’ से कार्य हमने किया अब ‘आपकी सरकार-आपके द्वार’ आकर एवं शिविरों के माध्यम से आपकी समस्याओं का समाधान करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान’ गीता जयंती से शुरू हुआ है। गीता भक्ति,ज्ञान एवं योग का मार्ग प्रशस्त करती है। आज भगवान श्रीराम अयोध्या में विराज कर संपूर्ण विश्व के भक्तों को दर्शन दे रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी की सरकार अब रामराज्य की परिकल्पना साकार कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने फ्रीगंज के नए रेलवे ओवरब्रिज के भूमि-पूजन के प्रस्तावित नए रेलवे ओवरब्रिज के ले-आउट का निरीक्षण भी किया। उन्होंने कार्य को शीघ्रता से पूर्ण करने के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए। यह ब्रिज चामुंडा चौराहे से फ्रीगंज को जोड़ेगा। फ्रीगंज रेलवे ओवर ब्रिज उज्जैन की आबादी एवं सिंहस्थ -2028 को दृष्टिगत रखते हुए बनाया जा रहा है। इसकी कुल लागत 91.76 करोड़ रुपए होगी। ब्रिज 21.40 मीटर चौड़ा एवं 633 मीटर लंबा होगा। यातायात के लिए 9-9 मीटर चौड़े कैरेज वे होंगे। इसी के साथ 1.5-1.5 मीटर चौड़ा फुटपाथ एवं डिवाइडर 0.4 मीटर का होगा। ब्रिज निर्माण के साथ-साथ फ्रीगंज एवं आस-पास के क्षेत्र को प्रमुख व्यापारिक, सांस्कृतिक केन्द्र के रूप में विकसित किया जाएगा। कार्यक्रम में उज्जैन महापौर मुकेश टटवाल ने स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने गीता भवन के लिए 128 करोड़ की सौगात देने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को धन्यवाद दिया। समारोह में विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, पूर्व केंद्रीय मंत्री सत्यनारायण जाटिया, संजय अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी उपस्थित रहे।  

बीते साल में मुख्यमंत्री यादव ने अपनी एक मज़बूत पहचान बनाई, पहले ही फैसले में लाउड स्पीकरों की आवाज़ कम कर दी

भोपाल डॉ. मोहन यादव को ‘मुख्यमंत्री’ मोहन यादव बने एक साल हो गया है। एक दिन बाद उनके मुख्यमंत्री-काल की फर्स्ट एनिवर्सरी है और आज वो बीते एक साल का लेखा जोखा पेश करेंगे। वहीं, मोहन सरकार के एक साल पूर्ण होने पर प्रदेश में 11 दिसंबर से 26 जनवरी 2025 तक जनकल्याण अभियान और 11 से 26 दिसंबर तक जनकल्याण पर्व भी मनाया जा रहा है। इस दौरान प्रदेश के मंत्री अपने प्रभार और गृह जिलों में विभिन्न गतिविधियों में भाग लेंगे और जिलों में आयोजित शिविरों के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करेंगे। साथ ही, सांसद और अन्य जनप्रतिनिधि भी इन आयोजनों की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाएंगे। वहीं, 26 दिसंबर को पचमढ़ी में चिंतन शिविर का आयोजन किया जाएगा। पीछे मुड़कर देखने का दिन ये एक साल पुरानी बात है जब मध्य प्रदेश में सबसे बड़ा सस्पेंस था ‘कौन बनेगा मुख्यमंत्री’। केबीसी के अंतिम सवाल से ज्यादा ये सवाल पूछा जा रहा था और सबसे अपने अपने कयास थे। यकीन मानिए..ज़्यादातर मीडिया हाउस ने तो चर्चित छह-आठ नामों के ‘सीएम’ बनने के टेम्पलेट भी बना रखे थे..ताकि जिस भी नाम की घोषणा हो, तुरंत उसे ब्रेक किया जा सके। लेकिन जब नाम की घोषणा हुई तो सारे ‘व्योमकेश बक्षी’ फेल साबित हुए। सारी पड़ताल, सारे अंदाज़े, सारे अनुमान, सारे तुक्के धम्म से जा गिरे और मुख्यमंत्री बना एक ऐसा व्यक्ति..जो विधायकों की पंक्ति में तीसरी कतार में बैठा हुआ था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का एक साल इस वाकये को एक साल हो चुका है। 13 दिसंबर को डॉ. मोहन यादव को मुख्यमंत्री बने एक साल हो जाएगा और बीते साल में उन्होंने अपनी एक मज़बूत पहचान बनाई है, इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता। ‘सबसे पढ़े लिखे राजनेता’ ने अपने पहले ही फैसले में लाउड स्पीकरों की आवाज़ कम कर दी। उस दौर में जब विपक्ष बार बार ये बात कह रहा था कि सरकार की लाड़ली बहना योजना को खत्म करने की मंशा है..उस समय डॉ मोहन यादव ने दृढ़ता से कहा कि ये योजना न सिर्फ जारी रहेगी बल्कि लाड़ली बहनों की राशि में बढ़ोत्तरी और आवास योजना से भी जोड़ा जाएगा। बीआरटीएस कॉरिडोर हटाना उनके बड़े फैसलों में से एक रहा है और ऐसे ही अनगिनत फैसले हैं जो एक साल में लिए गए। अब लंबे समय से मुख्यमंत्री का फोकस प्रदेश में निवेश लाने पर है। इसके लिए लगातार अलग अलग स्तर पर इन्वेस्टर समिट हो रहे हैं और आगामी फरवरी में भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का आयोजन किया जाएगा, जिसमें पीएम मोदी के आने की भी संभावना है। जारी है उम्मीदों का सफर संघ की पृष्ठभूमि से आने वाले डॉ. मोहन यादव को जिस समय मुख्यमंत्री पद का दायित्व सौंपा गया..ये वो समय था जब प्रदेश के लोकप्रिय ‘मामा’ को सीएम न बनाए जाने पर लाड़ली बहनें फूट-फूटकर रोई थीं। कई बार ये सवाल भी कहे सुने गए कि आखिर किस आधार पर बड़े और अनुभवी नामों को छोड़कर डॉ मोहन यादव को सीएम बनाया गया। चुनौतियां कई थीं। पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान की लोकप्रियता को मैच करना और उनके लंबे कार्यकाल के बाद प्रदेश की बागडोर संभालना आसान नहीं था। अगर किसी विरोधी पार्टी के नेता के बाद कुर्सी मिले तो दीगर तुलना होती है। लेकिन अपनी ही पार्टी के बेहद लोकप्रिय दिग्गज नेता की विरासत मिलने पर जिस तरह की तुलना और उम्मीदें होती है..उनका दबाव भी कम नहीं होता। लेकिन पिछले एक साल में सीएम डॉ. मोहन यादव ने खुद को पूरी तरह साबित किया है। अपनी एक मज़बूत पहचान बनाई है और अपने फैसलों से दिल्ली के फैसले को सही साबित किया है। मोहन सरकार का ये एक साल निश्चित तौर पर कई उपलब्धियों से भरा रहा है और मध्य प्रदेश को उम्मीद है कि बीजेपी के संकल्प पत्र के आधार पर वे आगे भी प्रदेश हित के लिए नई रोशनी जुटाते रहेंगे।

विवाद रहित ग्राम पंचायतों को पांच-पांच लाख रुपए मिलेंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

ग्राम पंचायतों को क्रियाशील बनाया जाए : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्राम पंचायतों में किसी भी तरह की कोई समस्या शेष न रहे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव विवाद रहित ग्राम पंचायतों को पांच-पांच लाख रुपए मिलेंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव आगामी 26 जनवरी तक ग्राम पंचायतों में आयोजित किया जाएगा मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीसी से उज्जैन दक्षिण विधान सभा की ग्राम पंचायतों के सरपंचों से चर्चा की उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहां है कि जिन ग्राम पंचायत में कोई विवाद नहीं होगा , जिन ग्राम पंचायत में कोई झगड़ा नहीं होगा , एक ग्राम पंचायतों को पांच – पांच लाख रुपए दिए जाएंगे। इन ग्राम पंचायतों को वृंदावन ग्राम योजना से भी लाभान्वित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को उज्जैन के एनआईसी कक्ष से वीसी द्वारा उज्जैन दक्षिण विधानसभा की ग्राम पंचायतों के सरपंचों से चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने वीसी में कहा कि मुख्यमंत्री जन कल्याण अभियान आगामी 26 जनवरी 2025 तक चलेगा। इसमें शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से ग्रामीण जनों को अवगत कराया जाएगा तथा हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें सभी पंचायतों को क्रियाशील बनाना है वीसी में उज्जैन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह द्वारा बताया गया कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप जिले की 589 ग्राम पंचायतों में निरंतर कैंप लगाए जा रहे हैं। दक्षिण विधान सभा की सभी पंचायतों में वीडियो कॉन्फ्रेंस की सुविधा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के द्वारा लैकोड़ा ग्राम पंचायत, तालोद ग्राम पंचायत के सरपंच से चर्चा की गई। बताया गया कि तालोद में फतेहाबाद तक की सड़क का निर्माण हो चुका है। मुख्यमंत्री ने वीसी में कहा कि सरपंच , ग्राम पंचायतों में निरंतर भ्रमण करें। हितग्राहियों से चर्चा करें और उनकी समस्याओं को सुनकर , समय सीमा में उनका समाधान करें। वीसी में जानकारी दी गई की ग्राम पंचायतों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने का कार्य भी प्रारंभ हो चुका है। मुख्यमंत्री ने ग्राम टंकारियापंथ के सरपंच और पटवारी से चर्चा की। ग्राम पंचायत उमरिया खालसा में जैन मुनियों के लिए अतिथि कक्ष भी बनवा दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी ग्राम पंचायतों में अतिथि कक्ष बनवाया जाए। वर्तमान में जो वेब सीरीज बनाई जा रही है उनमें उज्जैन की ग्राम पंचायतों में भी शूटिंग के लिए की जाए। ग्राम पंचायत करोहन के सरपंच से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचकोशी यात्रा मार्ग में आने वाली सभी ग्राम पंचायतों को पंचकोशी राशि दिलवाई जाए। मुख्यमंत्री ने वीसी में कहा की सभी पटवारियों को याद रहना चाहिए कि उनके पटवारी हल्के की ग्राम पंचायतों में बंजर भूमि, रकबे की जमीन, आबादी की जमीन कितनी है? उन्होंने निर्देशित किया कि ग्राम पंचायत में स्थित शासकीय जमीन का रिकॉर्ड निकाला जाए तथा वहां भविष्य को ध्यान में रखते हुए क्या विकास के कार्य किया जा सकते हैं इस पर परियोजनाएं बनाई जाएं। सभी ग्राम पंचायतों में बेरोजगार पुरुष और महिलाओं की सूची बनाई जाए। कितने लोग पढ़े लिखे हैं, कितने अनपढ़ हैं, वहां पर थानों की क्या स्थिति है, इसकी जानकारी अप-टू-डेट रखी जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उन्नत किसानो की जानकारी, महिला पुरुष की शिक्षा, रोजगार संब्ंधि, मेरिट मे आये बच्चो की जानकारी, अस्पताल, स्कूल, जमीन का रकबा, फसलों के सम्बन्धी भी जानकारी भी अपडेट रखने को कहा। मुख्यमंत्री ने वीसी में निर्देश दिए की ग्राम पंचायतों में सामूहिक विवाह के आयोजन कराए जाएं। आगामी वसंत पंचमी पर भव्य स्तर पर सामूहिक विवाह का आयोजन किया जाए। लोगों को जागरूक किया जाए कि वे शादी और मृत्यु भोज पर अनावश्यक रुपया बर्बाद ना करें, बल्कि इनका उपयोग अपने बच्चों की पढ़ाई लिखाई में करें ।मुख्यमंत्री के द्वारा ग्राम पंचायत पंथपिपलाई, खेमासा के सरपंचों से चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में किसी भी तरह की कोई समस्या स्थानीय नागरिकों को नहीं आनी चाहिए। वीसी में जानकारी दी गई की असलाना ग्राम पंचायत में बिजली के तार टूट रहे हैं ,इस पर मुख्यमंत्री ने तुरंत इनकी मरम्मत करवाए जाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रशासनिक संकुल भवन में 1 वर्ष की उपलब्धि पर आधारित जनसंपर्क विभाग की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और प्रदर्शनी की प्रशंसा की।  

CM मोहन यादव के एक साल कहा- अटल जी का नदी जोड़ो का सपना साकार होगा

भोपाल सीएम डॉ मोहन यादव ने अपने कार्यकाल का एक साल पूरा होने पर रिपोर्ट कार्ड पेश किया। भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने बीजेपी सरकार की उपलब्धियां गिनाई। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने बताया कि नगरीय निकाय उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने सात में से छह सीटों पर जीत दर्ज की है जिससे पार्टी की नीतियों और जनता के भरोसे की एक बार फिर पुष्टि हुई है। मुख्यमंत्री ने अपने एक वर्ष के कार्यकाल को प्रदेश की प्रगति और नागरिकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए समर्पित बताया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने बीते वर्ष में न सिर्फ मौजूदा चुनौतियों का समाधान किया, बल्कि जनकल्याण और विकास के लिए कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की नींव भी रखी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा भी उपस्थित रहे। सीएम डॉ. मोहन यादव के एक साल पूर्ण, सरकार की उपलब्धियों पर बात की मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने अगले पाँच साल में मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने एक साल पूरे होने पर अपनी बात की शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए की। उन्होंने कहा कि अटल जी ने देशभर की नदियों को जोड़कर सिंचाई से लेकर बाढ़ जैसी समस्याओं के समाधान का स्वप्न देखा था। उनके इस विजन को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश में नदी जोड़ो अभियान की सफलता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के 11 जिलों को जोड़ने वाली केन-बेतवा लिंक परियोजना पर कार्य प्रारंभ है। इस परियोजना से मध्य प्रदेश के 10 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होगी और पेयजल की समस्या का भी समाधान होगा। इस योजना के तहत चंबल बेल्ट में पानी की उपलब्धता से औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर 25 दिसंबर को नदी जोड़ो अभियान का उद्घाटन छतरपुर में करेंगे। इसी के साथ पार्वती-कालीसिंध-चंबल प्रस्ताव (पीकेसी) की 70 हज़ार करोड़ की परियोजना भी शुरु होने जा रही है। ‘हर क्षेत्र में विकास के लिए प्रतिबद्ध’ किसानों की बात करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि जिनके पास भी बिजली के टेंपरेरी कनेक्शन हैं..ऐसे एक लाख किसानों को सोलर पंप दिए जाएंगे जिससे उन्हें पूरे साल बिजली मिलेगी। सोलर पंप और सस्टेनेबल ऊर्जा पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में आर्थिक प्रगति के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। महिलाओं को 35% आरक्षण देने और 26 लाख लाड़ली बहनों को गैस रिफलिंग की राशि प्रदान करने की योजना को मुख्यमंत्री ने एक बड़ी उपलब्धि बताया। डॉ. मोहन यादव ने बताया कि युवाओं को एक लाख सरकारी नौकरी तो दी ही जाएगी, इसी के साथ ढाई लाख नौकरियों के अवसर सृजित किए गए हैं। इसी के साथ युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है और इस दिशा में लगातार काम किए जा रहे हैं। छात्रों के लिए अंकसूची और टीसी को अब डीजी लॉकर के माध्यम से ऑनलाइन कर दिया गया है। इसके अलावा, रोजगारपरक कोर्स और स्किल डेवलपमेंट पर जोर दिया गया है। पीएम एक्सीलेंस कॉलेज में आने जाने के लिए बस की सुविधा दी है। ‘उज्जैन में साधु संतों को दिए जाएंगे स्थायी भूखंड’ मुख्यमंत्री ने पर्यटन क्षेत्र में किए गए प्रयासों का उल्लेख करते हुए उज्जैन को धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने और आगामी कुंभ मेले को लेकर सरकार की तैयारियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हरिद्वार की तर्ज पर उज्जैन में साधु संतों को स्थायी रूप से बसाने के लिए भूखंड दिए जाएंगे। महेश्वर और चंदेरी जैसे ऐतिहासिक स्थानों को पर्यटन मानचित्र पर उभारने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसी के साथ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने लिए भी तमाम प्रयास हो रहे हैं। सीएम ने बताया कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए 17 सरकारी और 13 निजी मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए हैं। मेडिसिटी की अवधारणा को लागू किया जा रहा है और आयुर्वेदिक कॉलेज भी स्थापित किए जा रहे हैंमोहन सरकार के एक साल पूर्ण होने पर प्रदेश में 11 दिसंबर से 26 जनवरी 2025 तक जनकल्याण अभियान और 11 से 26 दिसंबर तक जनकल्याण पर्व भी मनाया जा रहा है।। इसके अलावा, अधोसंरचना विकास के तहत इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन और वंदे मेट्रो प्रोजेक्ट जैसी योजनाएं प्रस्तावित हैं। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की विकास यात्रा को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प लिया और सरकार के एक साल पूर्ण होने पर 11 दिसंबर से 26 जनवरी 2025 तक जनकल्याण अभियान और 11 से 26 दिसंबर तक मनाए जाने वाले जनकल्याण पर्व के बारे में भी जानकारी दी। वीडी बोले- ये तुरंत एक्शन लेने वाली सरकार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि, एक साल पहले आज के ही दिन 13 दिसंबर को मोहन यादव जी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। सरकार के साथ भाजपा के संगठन ने प्रधानमंत्री मोदी जी की नीति और डबल इंजन की सरकार ने दोगुना काम किया है। मध्य प्रदेश की सरकार तुरंत एक्शन करने वाली सरकार है। महिला, किसान, गरीब, युवा इन चार वर्गों पर सरकार ने फोकस किया है। पीएम श्री एम्बुलेंस के माध्यम से सरकार ने संवेदनशीलता प्रदर्शित की है। महिलाओं को 35% आरक्षण देने का काम डॉक्टर मोहन यादव जी के नेतृत्व की संवेदनशील सरकार ने किया। मध्य प्रदेश के समग्र विकास के लिए रीजनल इंडस्ट्रियल समिट के माध्यम से लोकल उद्योगपतियों को अवसर देने के लिए शुरुआत की गई है। शहरों के समग्र विकास के लिए देश में मध्य प्रदेश कैसे आगे जाएगा उसके लिए मेट्रोपोलिटन सिटी डेवलप करने का प्रयास सरकार ने किया है। आने वाले समय में केन बेतवा नदी जोड़ो परियोजना जो अटल जी का सपना है भी जल्द पूरी होने वाली है। तीन नदियों के जुड़ने से प्रदेश के 11 जिलों को फायदा सीएम यादव ने आगे कहा कि तीन नदियों पार्वती, काली सिंध, चंबल को जोड़ने का मामला राजस्थान में विरोधी विचारधारा की सरकार होने के चलते अटका हुआ था। राजस्थान की कांग्रेस सरकार को यह मंजूर नहीं था। लेकिन अब … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि योग मनोयोग से होता है, सहयोग से नहीं, योग मार्ग पर सब चले

योग मनोयोग से होता है, सहयोग से नहीं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव योग मार्ग पर सब चले, योग हमारे जीवन की बदलता है दिशा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि योग मनोयोग से होता है, सहयोग से नहीं, योग मार्ग पर सब चले फ्रीगंज का नवीन ब्रिज 21 मी. चौड़ा बनेगा मुख्यमंत्री ने योग शिविर में भाग लेकर किया योग उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को प्रात: उज्जैन में योग ऋषि स्वामी रामदेव बाबा के शिष्य डॉ. स्वामी परमार्थ देव महाराज के सानिध्य में होमगार्ड मैदान में निशुल्क (इंटीग्रेटेड) योग शिविर में शामिल होकर योग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि योग मनोयोग से होता है, सहयोग से नहीं। योग मार्ग पर सब चले। योग हमारे जीवन की दिशा बदलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फ्रीगंज का नवीन ब्रिज 21 मी. चौड़ा बनाया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने योग करने के बाद संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन निवासी बड़े भाग्यशाली हैं, जो भगवान श्रीमहाकाल, भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली में निवास करते हैं। उन्होने कहा कि परमात्मा ने हमें जो मनुष्य देह दी है उसे सम्भालना अवश्यक है। हमारे देश में प्राचीन काल से ही योग का बड़ा महत्व रहा है। रामदेव बाबा ने योग को हमारे देश में ही नहीं विदेशों में भी अत्यंत लोकप्रिय बनाया है। उन्होंने कहा कि 21 जून को योग दिवस और 21 दिसम्बर को ध्यान दिवस मनाया जायेगा, दोनों तिथियां उत्तरायण एवं दक्षिणायान के लिए महत्व रखती है। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भौतिकवाद के साथ-साथ प्राचीन विरासत को सम्हालते हुए देश का निरंतर विकास हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार का एक वर्ष पूर्ण होने जा रहा है। प्रदेश के विकास के साथ-साथ उज्जैन का भी निरंतर विकास जारी है। योग, कुविचार एवं कुरीतियों को खत्म करता है। विधाता ने जन्म दिया है तो सबकी मृत्यु का समय भी नियत किया है, इसलिए हमें अच्छे कार्य करना चाहिए। प्रदेश के साथ-साथ उज्जैन को एक के बाद एक नई नई सौगाते मिल रहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ-2028 को देखते हुए होमगार्ड के लिए नवीन जगह उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने होमगार्ड जवानों के सेवा कार्यों की सराहाना करते हुए कहा कि न्यूनतम साधन के बाद भी बेहतर काम किया जा रहा है। सबकी समस्याओं का समाधान किया जायेगा। इस अवसर पर भारत स्वाभिमान के प्रांतीय प्रभारी राजेन्द्र आर्य, होमगार्ड के जवान, एसडीइआरएफ के जवान, उनके परिजन, सिविल डिफेन्स वालेंटियर, आपदा मित्र, अनेक समाजिक संगठन तथा वरिष्ठ जन उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा योग मनोयोग से होता है, सहयोग से नहीं, योग के मार्ग पर सभी को चलना चाहिए, योग हमारे जीवन की दिशा बदलता है

उज्जैन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार सुबह योग ऋषि स्वामी रामदेव महाराज के शिष्य डॉ. स्वामी परमार्थ देव महाराज के सानिध्य में नागझिरी चौराहा स्थित होमगार्ड मैदान में निशुल्क (इंटीग्रेटेड) योग शिविर में भाग लेकर योगाभ्यास किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि योग मनोयोग से होता है, सहयोग से नहीं। योग के मार्ग पर सभी को चलना चाहिए। योग हमारे जीवन की दिशा बदलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने योग के बाद संबोधित करते हुए कहा कि उज्जैन के निवासी बड़े भाग्यशाली हैं, जो भगवान श्री महाकाल और भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली में रहते हैं। परमात्मा ने हमें जो यह मनुष्य देह दी है, उसका संरक्षण करना आवश्यक है। हमारे देश में प्राचीन काल से योग का बड़ा महत्व रहा है। बाबा रामदेव ने योग को न केवल भारत में बल्कि विदेशों तक प्रसिद्ध किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 21 जून को योग दिवस और 21 दिसंबर को ध्यान दिवस मनाया जाएगा, जो उत्तरायण और दक्षिणायन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण तिथियां हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के भौतिकवाद के साथ-साथ प्राचीन विरासत को सहेजते हुए विकास की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि होमगार्ड के मैदान से सरकार का एक वर्ष पूरा हो रहा है। प्रदेश के विकास के साथ-साथ उज्जैन का भी निरंतर विकास हो रहा है। योग करने से कुविचार और कुरीतियां समाप्त होती हैं। विधाता ने जन्म दिया है, तो मृत्यु का समय भी निर्धारित किया है। इसलिए हमें अच्छे कार्यों पर ध्यान देना चाहिए। कार्यक्रम में होमगार्ड के कमांडेंट संतोष कुमार जाट ने मुख्यमंत्री से सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए होमगार्ड में नई भर्ती और होमगार्ड के लिए नए स्थान की आवश्यकता की मांग की। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया और जिला प्रशासन को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने होमगार्ड के जवानों के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि न्यूनतम साधनों के बावजूद बेहतर कार्य किया जा रहा है। सभी समस्याओं का समाधान किया जाएगा।  

श्रीकृष्ण का जीवन प्रशासनिक दक्षता का श्रेष्ठ उदाहरण है – मुख्यमंत्री डॉ.यादव

शिक्षा की परंपरा से प्रदेश व उज्जैन का बहुत पुराना नाता है- मुख्यमंत्री डॉ.यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव कालिदास अकादमी में अंतराष्ट्रीय गीता महोत्सव में शामिल हुए श्रीकृष्ण का जीवन प्रशासनिक दक्षता का श्रेष्ठ उदाहरण है – मुख्यमंत्री डॉ.यादव इस्कॉन का प्रचार रथ संपूर्ण भारतवर्ष में करेगा श्रीमदभगवद् गीता का प्रचार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन, जो सदा से ही धार्मिक और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बिन्दु है, आज श्रीमद्भगवद्गीता के पाठ से और अधिक भव्य, दिव्य और ऊर्जामयी लग रही है। अर्जुन को माध्यम बनाकर मुक्ति के तीनों मार्गों – भक्तियोग, ज्ञानयोग और कर्मयोग की गूढ़ता को स्पष्ट रूप से समझाने के लिए मोक्षदा एकादशी के दिन ही कुरूक्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण ने अपना विराट स्वरूप प्रकट किया था और श्रीमद्भगवद्गीता के रूप में ज्ञान का संदेश दिया। वेदों का सार उपनिषदों में है और उपनिषदों का निचोड़ श्रीमदभगवद्गीता में है। इस लिहाज से विश्व की प्राचीनतम और समृद्धतम आध्यात्मिक ज्ञानकोष का क्रैशकोर्स है श्रीमदभगवद्गीता। आजकल धर्म का अर्थ केवल पूजा-पद्धति से जोड़ा जाता है, लेकिन सनातन संस्कृति में धर्म का वास्तविक अर्थ था आदर्श आचरण संहिता। श्रीमद्भगवद्गीता जीवन जीने के उसी आदर्श आचरण का प्रकटीकरण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को उज्जैन में अन्तर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा भगवान श्रीकृष्ण का मध्यप्रदेश व उज्जैन से गहरा नाता है। भगवान श्रीकृष्ण ने कंस वध के बाद महाराजा उग्रसेन को पुन: राजा बनाया और स्वयं उज्जैन के सांदीपनी आश्रम में आकर 64 कलाओं की शिक्षा प्राप्त की। यह मनुष्य के जीवन में शिक्षा के महत्व को दर्शाती है और शिक्षा की सनातन परंपरा से मध्यप्रदेश व उज्जैन का गहरा नाता जोड़ती है। महाभारत युद्ध में भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी नारायणी सेना कौरवों को दी और स्वयं पाण्डवों के पक्ष में रहे। भगवान श्रीकृष्ण की नारायणी सेना इतनी अनुशासित थी कि उसके सैनिकों ने युद्ध भूमि से पलायन नहीं किया और अंत तक युद्ध में डटे रहे। भगवान श्रीकृष्ण के मुखारविंद से निकली श्रीमद्भगवद् गीता से कर्मयोग की शिक्षा प्राप्त होती है। भारत ही नहीं सम्पूर्ण विश्व में लोग गीता की शिक्षा का अनुसरण कर रहे हैं। श्रीमद्भगवद् गीता प्राणियों के जीवन में शांति, सहनशीलता, न्यायोचित, आदर्श जीवन मूल्य, मर्यादा का संदेश देती है। इसी कारण सनातन संस्कृति हजारों वर्ष के बाद भी अपने सम्पूर्ण गौरव के साथ विद्यमान है। गीता के संदेश से मानव मात्र के कल्याण के लिए अपने जीवन का क्षण-क्षण समर्पित कर देने की प्रेरणा मिलती है। चाहे आप छात्र हों, गृहिणी हों, व्यवसायी हों, नौकरीपेशा हों, या अधिकारी हों, चाहे आप हिन्दू हों, बौद्ध, जैन, सिख, ईसाई या मुस्लिम हों, श्रीमद्भगवद्गीता आपको अपने-अपने क्षेत्र में, अपने-अपने पंथ में रहते हुए बेहतर प्रोफेशनल, बेहतर पिता, बेहतर पुत्र, बेहतर नागरिक और बेहतर नेतृत्वकर्ता बनने का मार्गदर्शन करेगी। इसलिए जीवन में लक्ष्य पाने के लिए हम सभी को श्रीमदभगवद् गीता का दिव्य पाठ करना चाहिए। गीता का ज्ञान सभी के लिए है, गीता साक्षात देववाणी है, गीता दिव्यवाणी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज भोपाल में भगवत भक्तों ने गीता पाठ कर एक अनूठा विश्व रिकार्ड बनाया है। हम मध्यप्रदेश में गीता जी को पाठ्यक्रम में भी सम्मिलित कर रहे हैं। श्रीमदभगवद गीता पर आधारित स्कूली छात्रों की प्रतियोगिता में 45 लाख से अधिक बच्चों ने भाग लिया व पुरस्कार जीतें। श्रीकृष्ण पाथेय अंतर्गत जहां भगवान कृष्ण के चरण पड़े वहां बनेंगे तीर्थ प्रदेश में कृष्ण पाथेय का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें अंतर्गत प्रदेश में विद्यमान भगवान श्रीकृष्ण से संबंधित सभी स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जाएगा। राज्य शासन द्वारा प्रदेश में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का आयोजन धूमधाम से किया गया। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर शैक्षणिक संस्थाओं में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से संबंधित विभिन्न प्रसंगों पर शैक्षिक कार्यक्रम आयोजित हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अकादमी परिसर में ‘श्रीमद्भागवत पुराण’ की पहाड़ी शैली में निर्मित चंबा के कलाकार विजय शर्मा की चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने इस्कॉन मंदिर के श्रीमद्भगवद गीता प्रचार रथ को पूजा-अर्चना कर रवाना किया। यह प्रचार रथ संपूर्ण भारत में श्रीमदभगवद् गीता का प्रचार करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीमदभगवद् गीता एवं मूल्य आधारित शिक्षा पर आयोजित छात्रों की प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार दिए। पुरस्कार वितरण कर मुख्यमंत्री डॉ यादव ने क्रिस मार्टिन से चर्चा कर प्रथम आने पर शुभकामनाएं प्रेषित की। क्रिस मार्टिन ने बताया कि वह ईसाई परिवार से संबंध रखने के बावजूद श्रीमदभगवद् गीता अध्ययन करते हैं एवं उसका सम्मान करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गणेश गीता, श्रीराम गीता, श्रीदेवी गीता, श्रीशिव गीता, श्रीयम गीता, भारतीय ज्ञान परंपरा, समय का भारतीयकरण पुस्तकों का विमोचन किया। सम्राट विक्रमादित्य शोध पीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी द्वारा स्वागत भाषण देकर अतिथियों का स्वागत किया गया। राजेश कुशवाह द्वारा कार्यक्रम का आभार माना गया। इस अवसर पर विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, महापौर मुकेश टटवाल, महामंडलेश्वर स्वामी अनंतपूर्ण गिरी जी महाराज, परम पूज्य भक्तिप्रेम स्वामी महाराज, स्वामी रंगनाथाचार्य महाराज, रामनाथ महाराज उपस्थित थे।  

एक साल बेमिसाल- मोहन का उद्योग-जाल 

सत्येंद्र जैन मध्य प्रदेश में महाराजा विक्रमादित्य की भाँति परम प्रतापी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के कार्यकाल का पहला साल पूर्ण हुआ है।उद्यमशीलता के पर्याय यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव मध्य प्रदेश में निवेश और उद्यमों को संवर्धित करने के लिए सर्वस्व उद्यम अर्पण कर रहे हैं।एक समय वर्ष 2003 में प्रदेश की औद्योगिक विकास दर माइनस में थी।भाजपा की शिवराज सिंह चौहान , उमा भारती और स्वर्गीय बाबूलाल गौर की सरकार के परिश्रम और उद्योग हितैषी नीतियों के माध्यम से आज प्रदेश की औद्योगिक विकास दर लगभग 24 प्रतिशत है।मध्य प्रदेश में औद्योगिक निवेश विकास के पथ पर सरपट दौड़ रहा है। आज मध्य प्रदेश में औद्योगिक निवेश लगभग 4 लाख करोड़ रुपए है।आज औद्योगिक क्षेत्र भी सैकड़ों हैं।भाजपा की मोहन सरकार का भविष्य में इस निवेश को 20 लाख करोड़ रुपए तक ले जाने का संकल्प है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने गहन अनुसंधान कर मध्य प्रदेश के विकास के रोडमैप को, ब्लू प्रिंट को तैयार किया है।यह भलीभांति अनुभव किया है कि प्रदेश के तीव्र आर्थिक विकास के लिए उद्योगों को,व्यापार वाणिज्य को बढ़ावा देना आवश्यक है।उद्यम क्षेत्र में अपार संभावनाएं विद्यमान हैं।इनका समुचित दोहन कर अर्थव्यवस्था को, औद्योगिक विकास को तीव्र गति प्रदान करेगा।यही कारण है कि उद्यमी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव,प्रदेश में उद्योगों का जाल बिछाने के लिए संकल्पित हैं।प्रदेश को औद्योगिक हब बनाने के लिये यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने पहली बार संभाग स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के साथ ही देश के बड़े महानगरों में रोड-शो किए।विदेशों से भी उद्योगपतियों को आकर्षित कर निवेश लाने की पहल की। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के इन प्रयासों से मध्यप्रदेश आर्थिक रूप से सशक्त होगा और युवाओं को रोजगार के अधिकतम अवसर मिलेंगे। मध्यप्रदेश को औद्योगिक हब,मैन्युफैक्चरिंग केंद्र बनाने और रोजगार के अवसर सृजित करना मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रदेश में हुई रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव उज्जैन, ग्वालियर, रीवा, जबलपुर, सागर और देश के महानगर मुंबई, कोयंबटूर, बैंगलुरू और कोलकाता में हुए रोड-शो से 2,76,070 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इससे 3,28,670 रोजगार सृजन होगा। मध्यप्रदेश में निवेश लाने के लिये डॉ मोहन यादव हर जगह जाने को तैयार हैं। चाहे वह देश के अंदर हो या देश के बाहर हो। उनका प्रयास है कि मध्यप्रदेश आर्थिक रूप से सबल हो और देश की अर्थव्यवस्था में महती भूमिका निभाए।आज भारत दुनिया की पांचवी बड़ी अर्थव्यवस्था में मध्य प्रदेश महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।देश की जीडीपी में योगदान 3.5 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 5 प्रतिशत हो गया है। भाजपा की मोहन सरकार देश की पाँच ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था में 550 बिलियन डॉलर के योगदान की लक्ष्य पूर्ति हेतु संकल्पित है।मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की यूके और जर्मनी यात्रा के दौरान विभिन्न सत्रों, वन-टू-वन मीटिंग्स और राउंड-टेबल मीटिंग्स में चर्चा के अनुसार लगभग 78,000 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। नर्मदापुरम में रि‍जनल इंडस्‍ट्री कॉन्क्लेव से 31,800 करोड से निवेश प्रस्‍ताव मिले जिससे 40 हजार रोजगार मिलेंगे। मोहन सरकार को प्रदेश में औद्योगिक निवेश हेतु लगभग 4.5 लाख करोड़ रुपए के निवेश के प्रस्ताव उद्यमियों से प्राप्त हुए हैं।वह दिन दूर नहीं जब मध्य प्रदेश का औद्योगिक निवेश वर्तमान में लगभग 4 लाख करोड़ रुपए है,बढ़कर शीघ्र ही दस लाख करोड़ होगा।खनिज क्षेत्र में भी राजस्व वर्तमान में 10 हजार करोड़ रुपए से 50 हजार करोड़ रुपए अर्जित करने के लिए संकल्पित हैं।विभिन्न प्रकार की औद्योगिक सब्सिडी भी उद्योगों को प्रदान की जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के औद्योगिक लक्ष्यों की पूर्ति हेतु सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री चेतन कश्यप भी कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग कर रहे हैं। कुशल प्रशासक महाराजा विक्रमादित्य की भाँति यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव उद्यमेन हि सिध्यन्ति कार्याणि न मनोरथैः अर्थात परिश्रम से कार्य सिद्ध होते हैं, मनोरथ से नहीं इस मंत्र को आत्मसात कर मध्य प्रदेश में उद्योगों का जाल बिछा ,समृद्धि और सुख के सहस्रों प्रवेशद्वार खोल रहे हैं।भाजपा सरकार के यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को एक साल बेमिसाल की हार्दिक बधाई।आप जनकल्याण क्षेत्र में नित नए कीर्तिमान गढ़ते जाएं। इति श्री।

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