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मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज छकतला में करेंगे 1700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत की सोंडवा उद्वहन सिंचाई परियोजना का भूमि-पूजन

अलीराजपुर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 12 दिसम्बर 2024 को अलीराजपुर के प्रथम प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव छकतला में सोंडवा उद्वहन सिंचाई परियोजना का भूमि-पूजन कर जिले को सौगात देंगे। 1700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार होने वाली इस परियोजना के माध्यम से जिले के 169 ग्रामों की 55 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि सिंचित होगी एवं पीने के पानी की उपलब्धता बढ़ेगी। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव जल संसाधन विभाग, लोक सेवा यांत्रिकी विभाग सहित कई अन्य विभागों की योजनाओं का भूमि-पूजन भी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव छकतला में कृषि विकास केंद्र द्वारा मोटे अनाज (अन्न) के प्रचार-प्रसार एवं जिले में उत्पादन के लिए किए जा रहे प्रयासों की प्रदर्शनी, उद्योग विभाग द्वारा डायमंड पोलिसिंग कार्य प्रदर्शनी का भी अवलोकन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव अलीराजपुर प्रवास के दौरान कृष्ण प्रणामी संप्रदाय के कार्यक्रम में भी सम्मिलित होंगे।  

लेपा में आयोजित ग्रामीण प्रौद्योगिकी राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों पर चलकर ही गांवों का विकास हो सकता है। भगवान श्रीकृष्ण ने गौपालन को प्रोत्साहन दिया था और गौधन के बगैर खेती का कार्य संभव नहीं है। गौपालन हमारी पुरातन संस्कृति रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार को खरगोन जिले की कसरावद तहसील के ग्राम लेपा में निमाड़ अभ्युदय संस्थान द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ग्रामीण प्रौद्योगिकी राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने माकड़खेड़ा से पीपलगोन रोड पर टिगरियाव से बम्हनगांव के बीच वेदा नदी पर पुल बनाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निमाड़ अभ्युदय संस्थान द्वारा आयोजित ग्रामीण प्रौद्योगिकी सम्मेलन की सराहना करते हुए कहा कि तीन दिनों के अमृत मंथन से निकले विचार गांवों में ग्रामीण तकनीक के विकास को प्रोत्साहित करेंगे और इसे गांवों में नियोजित करेंगे। इस संस्थान की संचालक भारती दीदी द्वारा 19 वर्ष पहले शिक्षा का जो पौधा रोपा गया था, वह आज वट वृक्ष बन गया है। ऐसे संस्थान को आगे आकर काम करने की जरूरत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ग्रामीण तकनीक को बढ़ावा देने के पक्षधर रहे हैं। विश्व के 200 से ज्यादा देशों की व्यवस्थाओं में उथल-पुथल हो रही है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व के कारण भारत की पताका और ऊंची होती जा रही है। हमारा देश विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। इतना ही नहीं हमारा देश विश्व की सबसे अधिक आबादी और सबसे अधिक युवाओं वाला देश भी है। आज हमारे देश का स्वर्णिम काल है। आर्थिक रूप से संपन्न ब्रिटेन को पीछे छोड़कर भारत विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संत सियाराम बाबा ने गीता जयंती के दिन सूर्योदय के समय देह का त्याग किया है। संत सियाराम बाबा का हम सब पर सदैव आशीर्वाद बना रहे, ऐसी कामना करते हैं। इस अवसर पर सांसद गजेंद्र सिंह पटेल, विधायक सचिन यादव, सचिन बिरला, राजकुमार मेव, बालकृष्ण पाटीदार, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अनुबाई तंवर, हितानंद शर्मा, संस्थान की अध्यक्ष ललिता देशपांडे, संचालक भारती दीदी, मुंबई के उद्योगपति मौलिक शाह एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।  

CM यादव 14 दिसंबर को करेंगे सरसी आइलैंड रिसोर्ट का उद्घाटन

शहडोल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 14 दिसंबर को पर्यटन विभाग द्वारा नवनिर्मित सरसी आइलैंड रिसॉर्ट का उद्घाटन करेंगे। शहडोल जिले में बाणसागर डैम के बैकवाटर पर निर्मित यह रिसॉर्ट प्रमुख पर्यटन स्थल बांधवगढ़ नेशनल पार्क और मैहर के समीप स्थित है। यहां पहुंचने वाले पर्यटकों के लिए यह एक अनूठा अनुभव होगा। इको-सर्किट परियोजना के तहत विकसित यह स्थल क्षेत्रीय पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पर्यटकों के ठहरने के लिए 10 इको हट्स तैयार प्रमुख सचिव, पर्यटन और संस्कृति विभाग एवं प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि, सरसी आइलैंड रिसॉर्ट में पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाओं का ध्यान रखा गया है। यहां तीन बोट क्लब बनाए गए हैं, जो वाटर स्पोर्ट्स के रोमांचक अनुभव का अवसर देंगे। पर्यटकों के ठहरने के लिए 10 इको हट्स तैयार किए गए हैं, जहां से प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लिया जा सकता है। खाने-पीने के शौकीनों के लिए एक आकर्षक रेस्टोरेंट की व्यवस्था की गई है। 14 दिसंबर को होने वाले इस भव्य उद्घाटन के साथ शहडोल और इसके आसपास का क्षेत्र देशभर के पर्यटकों के लिए एक नया आकर्षण बन जाएगा।  

मध्य प्रदेश में जिलों की संख्या बढ़ी, प्रशासनिक इकाई सुधार आयोग का भी गठन किया गया, पहली बार बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई हुई

 भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सुशासन का मंत्र है- आम आदमी के काम सरलता से हो। पात्रों को योजनाओं का लाभ मिले। मोहन यादव सरकार ने कई नवाचार किए। यही वजह है कि वर्ष में सुशासन के प्रयासों से जनविश्वास जागा है। मुख्यमंत्री ने स्वयं संभागीय मुख्यालयों पर जाकर विकास योजनाओं की समीक्षा की। पहली बार अपर मुख्य सचिव और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक को संभागीय प्रभारी बनाकर भेजा तो वरिष्ठ अधिकारियों पर कार्रवाई कर यह संकेत भी दिए कि सुशासन से कोई समझौता नहीं होगा। कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, एसडीएम सहित अन्य अधिकारियों को मैदान में उतारा तो नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन सहित राजस्व से जुड़े मामलों का निराकरण कराने महाअभियान चलाया। 80 लाख मामलों का हुआ निराकरण ग्रामीण क्षेत्रों में राजस्व से जुड़े प्रकरण बड़ी संख्या में सामने आते हैं। लाखों प्रकरण लंबित थे। इसके निराकरण के लिए पहला महाअभियान 15 जनवरी से 15 मार्च तक चलाया, जिसमें 30 लाख राजस्व मामलों का निपटारा हुआ। दूसरा महाअभियान 18 जुलाई से 31 अगस्त तक चला, जिसमें 50 लाख राजस्व मामलों का निपटारा हुआ। इनमें 18 लाख 95 हजार 239 नामांतरण प्रकरणों का निराकरण किया। सीमाओं का होगा पुनर्निधारण प्रदेश में जिलों की संख्या बढ़कर 55 हो गई है। नए जिलों की मांग भी है। तहसील के पुनर्गठन के प्रस्ताव भी मिल रहे हैं। कई कस्बे अव्यावहारिक रूप से उन जिलों में शामिल हैं, जिनका मुख्यालय दूर है। इससे जहां आमजन को परेशानी होती है, वहीं, प्रशासनिक नियंत्रण में परेशानी आती है। प्रशासनिक इकाई सुधार आयोग का भी गठन किया गया। अधिकारियों को दिया कड़ा संदेश सामान्यत: जब भी कोई दुर्घटना होती है तो छोटे अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए उन पर कार्रवाई कर दी जाती है। प्रदेश की मोहन सरकार में पहली बार छोटे नहीं बड़े अधिकारियों पर गाज गिरी। मुख्यमंत्री ने गुना बस हादसे में 13 लोगों के निधन पर कड़ी कार्रवाई करते हुए परिवहन आयुक्त, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को हटाया। इसी तरह ट्रांसपोर्टर की देशव्यापी हड़ताल के दौरान शाजापुर में ट्रक ड्रायवर को औकात दिखाने की बात कहने वाले कलेक्टर को भी हटाया गया। व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि सरकारी दफ्तरों में चक्कर लगाना ना पड़े     आमजन को सुविधा देने के लिए जो नवाचार किए गए हैं, वे तो अच्छे हैं पर प्रक्रियाओं का सरलीकरण आवश्यक है। जब तक यह नहीं होगा, आमजन परेशान होते रहेंगे। व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि लोगों को अपना काम कराने के लिए ऑफिसों के चक्कर ही न लगाने पड़ें। संभागों में कमिश्नर तैनात हैं तो उन्हें सशक्त बनाना चाहिए ताकि छोटे-मोटे कामों के लिए मंत्रालय तक प्रकरण ही न पहुंचें। अधिकारों का विकेंद्रीकरण हो और अधिकारी संवेदनशील रहें। – शरद चंद्र बेहार, पूर्व मुख्य सचिव  

राज्य सरकार प्रदेश की विद्युत वितरण कंपनियों की माली हालत सुधारने बड़ा कदम उठाने जा रही, देंगी अंशपूंजी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भारत सरकार द्वारा जारी रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के तहत बिजली कंपनियों को राज्यांश 40 प्रतिशत राशि लगभग 6 हजार करोड़ रुपये ऋण के स्थान पर अंशपूंजी/अनुदान के रूप में देने की स्वीकृति दी है। निर्णय अनुसार राज्य की विद्युत वितरण कंपनियों को वितरण अधोसंरचना के उन्नयन, वितरण हानियों में कमी तथा वितरण प्रणाली सुदृढीकरण एवं आधुनिकीकरण से संबंधित बुनियादी अधोसंरचना के निर्माण/विकास कार्यों के लिए राज्यांश की राशि ऋण के स्थान पर राज्य शासन द्वारा अंश पूंजी के रूप में प्रदान की जाएगी। योजनांतर्गत बिजली कंपनियों को अद्यतन ऋण के रूप में दिए गए राज्यांश को भी अंश पूंजी में परिवर्तित किया जाएगा। योजनांतर्गत केंद्रांश पर देय एसजीएसटी की राशि भी राज्य शासन द्वारा वितरण कंपनियों को अनुदान के रूप में उपलब्ध करवाई जाएगी। इससे प्रदेश में स्थापित होने वाले स्मार्ट मीटर के कार्य में तेजी आएगी। यह राशि 6 हजार करोड़ से अधिक होती है। योजना में 60% राशि केंद्र सरकार देती है। इस फैसले से बिजली कंपनियों को कर्ज और उसके ब्याज का बोझ कम होगा। सीएम डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार शाम को मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया।  धान की मिलिंग करने वाले धान मिल मालिकों को राहत देते हुए वर्ष 2023-24 खरीफ में की बकाया प्रोत्साहन राशि और अपग्रेडेशन राशि के भुगतान को मंजूरी दे दी। प्रोत्साहन राशि 300 करोड़ और अपग्रेडेशन राशि 238 करोड़ है। यह भुगतान पिछले एक साल से अटका था। फायदा 1050 धान मिलर्स को मिलेगा। फैसले के मुताबिक, धान मिलर्स को मिलिंग राशि 10 रु./प्रति क्विंटल और प्रोत्साहन राशि 50 रु. की दर से दी जाएगी। कैबिनेट बैठक के बाद डिपटी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने बताया कि सेंट्रल पूल में एफसीआई को 20 फीसदी धान की आपूर्ति पर 40 रुपए और सेंट्रल पूल में 40 फीसदी धान देने पर 120 रुपए प्रति क्विंटल की दर से अपग्रेडेशन राशि राज्य सरकार मिलर्स को देगी। सरकार के इस फैसले से किसानों से खरीदी जा रही धान की मिलिंग में तेजी आएगी साथ ही पीडीसी के तहत गरीबों को बांटे जाने वाले चावल की आपूर्ति भी सुनिश्चित हो सकेगी। गौरतलब है कि पीडीसी के तहत मप्र अपनी जरूरत का चावल राज्य पूल में रख लेगा, इसके अतिरिक्त जितना अतिरिक्त चावल होगा, उसे केंद्र सरकार के फूड कार्पोरेशन ऑफ इंडिया (एफसीआई) को भेज देगा। पीएम ऊषा और रूसा के लिए दी सैद्धांतिक मंजूरी केबिनेट ने केन्द्र सरकार की दो योजनाओं पीएम ऊषा (उच्चतर शिक्षा अभियान) और रूसा (राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान) के प्रदेश में स‌ंचालन को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। अब प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों को अपग्रेडेशन, रिसर्च, जेंडर इक्वेलिटी और सभी को समान अवसर देने वाले काम करने के लिए केंद्र सरकार से वित्तीय मदद मिल सकेगी। जन विश्वास विधेयक और सप्लीमेंट्री बजट प्रस्ताव को भी मंजूरी केबिनेट ने मंगलवार को विधानसभा के शीत सत्र में पेश किए जाने वाले राज्य सरकार के सप्लीमेंट्री (अनुपूरक) बजट को भी मंजूरी दे दी है। यह लगभग 15 हजार करोड़ के आसपास हो सकता है। इसके साथ ही ईज ऑफ डूइंग के तहत जन विश्वास विधेयक, नगर पालिक व नगर पालिका संशोधन विधेयक, निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक को भी मंजूरी दे दी गई। अब नगर निगमों में अध्यक्ष और नगर पालिका व नगर परिषदों में अध्यक्ष को हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव लाने की अवधि 2 साल से बढ़ाकर 3 साल की जाएगी। इसके साथ ही अविश्वास प्रस्ताव के लिए तीन चौथाई बहुमत की जरूरत होगी।  

मुख्यमंत्री यादव ने 1.29 करोड़ लाडली बहनों के खातों में ट्रांसफर की राशि, गीता पाठ का बना वर्ल्ड रिकॉर्ड

भोपाल भोपाल (Bhopal) के मोतीलाल नेहरू स्टेडियम (Motilal Nehru Stadium) में जन कल्याण पर्व के अंतर्गत महिला सम्मेलन (Women’s Conference) और गीता महोत्सव (Geeta Festival) का आयोजन किया गया। गीता जयंती के अवसर पर बुधवार को मोतीलाल नेहरू स्टेडियम के लाल परेड ग्राउंड में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें सात जार से अधिक लोगों ने भाग लिया। इसमें 3721 आचार्यों ने गीता के तृतीय अध्याय का सस्वर पाठ किया। यह रिकॉर्ड गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड्स (Guinness Book of Records) में दर्ज किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) भी उपस्थित रहे। गिनजी बुक ऑफ ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के एजुकेटर विश्वनाथ ने विश्व रिकॉर्ड की घोषणा की। जिसके बाद मुख्यमंत्री को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड का सर्टिफिकेट सौंपा गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लाड़ली बहना योजना के तहत 1250 रुपये की राशि प्रदेश की 1.29 करोड़ लाड़ली बहनों के खातों में भेजी। इस राशि का वितरण मुख्यमंत्री जन-कल्याण पर्व के शुभारंभ के साथ किया गया। लाड़ली बहना योजना को मध्य प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2023 में शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। पहले योजना के तहत 1000 रुपये दिए जाते थे, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 1250 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गैस रिफलिंग के करीब 350 करोड़ रुपये भी महिलाओं के खातों में ट्रांसफर किए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राजभोज की इस धरती पर एक साल पहले कला और संस्कृति की धारा आनंद में डुबकी लगा रही थी। आज फिर यहां आनंद का कार्यक्रम हो रहा है। उन्होंने कहा कि पांच हजार साल पहले एक रिकॉर्ड बना था, उस समय गिनीज बुक नहीं थी, लेकिन वह वाणी परमात्मा की दी हुई थी, जो गीता के पवित्र ग्रंथ के रूप में आज भी हमको कर्मवाद की शिक्षा देती है और भक्तिवाद की ओर ले जाती है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के बारे में बोलते हुए कहा कि यह एक अनूठा कार्यक्रम है। उन्होंने गीता पाठ के गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड बनने पर सभी को बधाई दी और कहा कि वह कामना करते हैं कि इस तरह के रिकॉर्ड बनाने वाले कार्यक्रम आगे बढ़ते जाएं और आने वाले समय में कोई इससे बड़ा कार्यक्रम करें, जिससे हमारा पूरा मंच और देश आनंद में डूबे। मुख्यमंत्री ने कहा कि गीता के तीसरे अध्याय में कर्मवाद और कर्मयोग की जो बात की गई है, वह हमारे जीवन में आदर्श आचार्य संहिता के रूप में प्रकट होती है। हमारी धर्म संस्कृति में सब कुछ है और पूजा पद्धतियों के प्रति कोई विरोध नहीं है, लेकिन हमें धर्म आधारित आचार संहिता का पालन करना चाहिए, जो हमारे परिवारों और रिश्तों को आदर्श रूप में स्थापित करती है। मुख्यमंत्री ने लाड़ली बहनाओं को भी बधाई दी और कहा कि आज उनके खाते में बड़ी राशि डालने का कार्य किया गया है। साथ ही, आज सरकार के एक साल पूरे होने पर दो कार्यक्रम भी जुड़े हैं। एक कार्यक्रम 11 से 26 दिसंबर 2024 तक प्रदेश में जन-कल्याण पर्व के रूप में मनाया जाएगा, जिसमें विभिन्न विकास कार्यों का शुभारंभ और लोकार्पण होगा। इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन सरकार के एक वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियों का भी जश्न मनाया जाएगा। जन-कल्याण पर्व के दौरान प्रदेशभर में विभिन्न सरकारी योजनाओं और विकास परियोजनाओं की शुरुआत की जाएगी, जो प्रदेश की जनता के लिए लाभकारी साबित होंगी। महिलाओं को सालाना 15 हजार की आर्थिक सहायता दरअसल, लाड़ली बहना योजना को मध्य प्रदेश सरकार द्वारा साल 2023 में शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। पहले योजना के तहत 1000 रुपये दिए जाते थे, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 1250 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। इससे महिलाओं को सालाना 15 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है।    अबतक 18 किस्तें जारी हो चुकी है और अब 19वीं किस्त का इंतजार है। आमतौर पर हर महीने की 10 तारीख को योजना की किस्त जारी की जाती है, हालांकि त्यौहारों को देखते हुए समय से पहले भी किस्त जारी कर दी जाती है, लेकिन इस बार एक दिन की देरी से जारी हो रही है। क्या नए साल में बढ़ेगी राशि? नए साल से पहले चर्चा ये भी है कि बजट 2025 में मोहन सरकार लाड़ली बहना योजना की राशि में इजाफा कर सकती है। यह कयास हाल ही में बुधनी और विजयपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के दौरान सीएम मोहन यादव के उस बयान से लगाए जा रहे है जिसमें उन्होंने कहा था कि योजना की शुरूआत में पात्र लाड़ली बहनों को 1000 रुपये दिए गए। इसके बाद यह राशि बढ़ाकर 1250 रुपये की गई। इस राशि में आगे और भी वृद्धि की जायेगी। अभी सरकार 1,250 रुपये जमा कर रही है, इसे (मासिक सहायता) तीन हजार रुपये से बढ़ाकर 5 हजार रुपये भी किया जाएगा, यह सरकार की नीति है। सीएम के इसी बयान के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या नए वर्ष में मोहन सरकार लाड़ली बहनों के लिए योजना की राशि में वृद्धि करेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में नवीन यात्री बस सेवा संचालन के संबंध में ली बैठक

बस सेवा संचालन में यात्री सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्रामीण क्षेत्र के प्रत्येक यात्रियों की आवश्यकता और इंटर सिटी मार्गों के महत्व को ध्यान में रखते हुए बसों का संचालन सुनिश्चित करें  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में नवीन यात्री बस सेवा संचालन के संबंध में ली बैठक आईटी के सभी लाभ यात्रियों को सरलता से प्राप्त हों भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में नवीन यात्री बस सेवा के संचालन में यात्री सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। ग्रामीण क्षेत्र के यात्रियों की आवश्यकता और इंटरसिटी मार्गों के महत्व को ध्यान में रखते हुए बसों का संचालन किया जाए। टिकट बुकिंग, बस ट्रैकिंग जैसे टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म के समस्त लाभ यात्रियों को सरलता से प्राप्त हों, इसका विशेष रूप से ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि समस्त आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए समयसीमा निर्धारित करें तथा जल्द से जल्द प्रदेश में नवीन यात्री बस सेवा का संचालन आरंभ करना सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जो बस ऑपरेटर परमिट में उल्लेखित नियम शर्तों का पालन नहीं कर रहे हैं, उन पर कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में नवीन यात्री बस सेवा आरंभ करने और इसकी संगठनात्मक संरचना, दायित्व तथा संचालन के संबंध में समत्व भवन में हुई बैठक में अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे। बैठक में अन्य राज्यों में संचालित व्यवस्था की जानकारी भी दी गई। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बस सेवा संचालन में लगे स्टॉफ के प्रशिक्षण के लिए संभाग स्तर पर बनेंगे ट्रेनिंग सेंटर बैठक में जानकारी दी गई की शहरी, ग्रामीण परिवहन सेवा के साथ-साथ अंतर शहरी अन्तर्राज्यीय नवीन यात्री परिवहन सेवा का प्रबंधन मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गठित राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी द्वारा किया जाना प्रस्तावित है। क्षेत्रीय स्तर पर कंपनियां होंगी और जिला स्तर पर निगरानी के लिए भी परिवहन समितियां का गठन होगा। राज्य स्तरीय और संभाग स्तरीय कार्यालय में कंट्रोल एवं कमांड सेंटर स्थापित किए जाएंगे। नोटिफाईड रूटस पर निविदा प्रक्रिया से ऑपरेटर का चयन तथा अनुबंध होगा। कंपनी, अनुबंधित ऑपरेटर्स को परमिट और संचालन में सहयोग प्रदान करेगी। यात्री बस सेवा संचालन में लगे स्टाफ के प्रशिक्षण के लिए संभाग स्तर पर ट्रेनिंग सेंटर भी स्थापित किए जाएंगे। अद्यतन आईटी टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस का होगा उपयोग यात्रियों की सुविधा और बेहतर बस सेवा संचालन के लिए अद्यतन आईटी टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस का उपयोग किया जाएगा। यात्रियों के लिए ई-टिकट, मोबाइल एप, बस ट्रैकिंग, ऑक्युपेंसी देखने और भुगतान की सरलतम सुविधा उपलब्ध होगी। अनुबंधि ऑपरेटर्स के लिए ऑपरेटर ऐप, वीडियो ऑडिट सॉफ्टवेयर, फील्ड ऑडिट डैशबोर्ड आदि की व्यवस्था होगी। राज्य एवं संभाग स्तरीय कंपनियां ,कंट्रोल कमांड सेंटर सॉफ्टवेयर, बस- ऑटो-टैक्सी-मेट्रो आदि के लिए एक बुकिंग प्लेटफार्म, ऑनलाइन ई-बुकिंग तथा बसों की संपूर्ण मॉनिटरिंग के लिए बोर्ड का उपयोग करेंगी। बैठक में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, एसएन मिश्रा, प्रमुख सचिव संजय शुक्ला, मनीष रस्तोगी प्रमुख सचिव, विधि एन.पी. सिंह उपस्थित थे।  

गीता जयंतीः सद्कर्म, स्व-धर्म और सच्चे कर्तव्य पथ की प्रेरणा

गीता जयंतीः सद्कर्म, स्व-धर्म और सच्चे कर्तव्य पथ की प्रेरणा         डॉ. मोहन यादव     आज गीता जयंती का अवसर अद्भुत और अलौकिक ऊर्जा से परिपूर्ण है। मध्यप्रदेश में पहली बार ऐतिहासिक अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। आप सभी को गीता जयंती की मंगलकामनाएं…।     यह हमारा सौभाग्य है कि 8 से 11 दिसंबर 2024 की अवधि में चलने वाले इस महोत्सव में हमें गीता के ज्ञान और इसके महत्व को जानने तथा व्यवहार में आत्मसात करने का अवसर मिला है। विरासत से विकास की संकल्‍पना के मूल विचार में सनातन परम्‍पराएं, मान्‍यताएं और उसके कल्‍याणकारी सामाजिक परिणाम रहे हैं। इसी क्रम में गीता जयंती के अवसर पर मध्‍यप्रदेश में अंतर्राष्‍ट्रीय गीता महोत्‍सव का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य भगवान श्रीकृष्ण के जीवन के विविध पक्षों और श्रीमद्भागवद गीता के सार्थक संदेशों से नागरिकों को अवगत करवाना है। सौभाग्य की बात है कि मध्यप्रदेश गीता के सस्वर पाठ का विश्व रिकार्ड स्थापित कर रहा है। इसी श्रृंखला में विद्यालयों में गीता पर केन्द्रित क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में लाखों विद्यार्थियों ने सहभागिता की। भगवान श्रीकृष्ण ने जीवन के रहस्य की जो बात श्रीमद्भगवद गीता में समझाई है वह हम सभी के लिये पाथेय के रूप में है जो व्यक्ति, समाज और राष्ट्र निर्माण के लिये प्रासंगिक है।     भगवान श्रीकृष्ण ने पांच हजार साल पहले महाभारत की युद्ध भूमि कुरूक्षेत्र में कौरवों और पांडवों के बीच अर्जुन को कर्मयोग की शिक्षा दी जिससे पवित्र गीता का अवतरण हुआ। भगवान श्रीकृष्ण द्वारा जो बातें कही गईं वह आज भी सम-सामयिक है। लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने जिस गीता भाष्य की रचना की थी उसे क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद, शहीद भगत सिंह, राजगुरु आदि क्रांतिवीर अपने पास रखते थे। गीता भाष्य से प्रेरणा लेकर क्रांतिकारियों ने देश की स्वतंत्रता के लिये संघर्ष किया। गीता हमारे लिये न केवल पवित्र ग्रंथ है बल्कि जीवन की सार्थकता सिद्ध करने का मार्ग भी है।     गीता का मध्यप्रदेश से गहरा संबंध है। भगवान श्रीकृष्ण विद्याध्ययन के लिये मध्यप्रदेश की उज्जैन नगरी आये थे। यहां महर्षि सांदीपनि आश्रम में उनकी शिक्षा-दीक्षा हुई थी, इसी धरती पर उन्हें सुदर्शन मिला। श्रीमद्भगवद गीता आज भी पूरे संसार के लिये एक अद्भुत ग्रंथ है। संसार के लगभग प्रत्येक देश ने अपनी स्वभाषा में गीता का अनुवाद किया और विश्वविद्यालयों ने शोध किया। व्यक्तित्व विकास की आधुनिक पुस्तकों में ऐसा कोई सूत्र नहीं जिसका वर्णन श्रीमद्भगवद गीता में न हो। श्रीमद्भगवद गीता भारतीय दर्शन और चिंतन का मूल आधार है, जो सत्कर्म के माध्‍यम से मनुष्‍य को अपने में ही दिव्‍यता का अनुभव करा देती है। यह समस्‍त मानव समाज को स्‍व-धर्म का आत्‍मबोध देती है और सच्‍चे कर्तव्‍य पथ की ओर प्रशस्‍त करती है।     मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की प्रेरणा से प्रदेश के प्रत्येक नगरीय निकाय में गीता भवन केन्द्र स्थापित किये जा रहे हैं। यह भवन गीता के ज्ञान को साझा करने का महत्वपूर्ण स्थान होगा। यहां होने वाले विचार-विमर्श से लोगों के जीवन और व्यवहार में बदलाव आयेगा। हमने प्रदेश के सभी विकासखण्डों में एक गांव को चयनित कर वृंदावन गांव के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। इन गांवों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों और सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाया जायेगा। वृंदावन गांव में जहां एक ओर प्राचीन संस्कृति को पुष्पित और पल्लवित किया जायेगा, वहीं दूसरी ओर जैविक खेती और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा दिया जायेगा।     रामायण और श्रीमद्भगवद गीता हमारी राष्ट्रीय धरोहर हैं। हमारी युवा पीढ़ी को इन धर्म ग्रंथों के बारे में जानना आवश्यक है। इनके ज्ञान से अपने व्यक्तित्व और भविष्य को परिष्कृत किया जा सकता है। भारतीय ज्ञान परंपरा का समावेश करते हुए पाठ्यक्रमों में रामायण और गीता वैकल्पिक विषय के रूप में शामिल की गई हैं। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों को गीता का ज्ञान भी दिया जा रहा है, जो धरातल पर भी दिखाई दे रहा है। प्रदेश के स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के एक हाथ में श्रीमद्भगवद गीता है तो दूसरे हाथ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की पुस्तकें। यह बदलाव बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण से लेकर भविष्य निर्माण की महत्वपूर्ण कड़ी है।     श्रीमद्भगवद गीता में कुल 700 श्लोक हैं। इनमें 574 श्रीकृष्ण उवाच अर्थात् भगवान श्रीकृष्ण ने कुल 574 श्लोकों में जीवन का संदेश दिया है। व्यक्ति, परिवार, समाज और राष्ट्र के साथ संपूर्ण प्रकृति और सृष्टि के जीवन के सभी विषय,हर समस्या का समाधान इन श्लोकों के सूत्रों में है। भगवान श्रीकृष्ण ने जीवन की सफलता केलिये अपने धर्म के पालन और एकाग्रता के साथ कर्मशीलता पर ही बल दिया है।                 कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।         मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि॥          अर्थात् तुम्हारा अधिकार केवल कर्म पर है, कर्म के फल पर नहीं… इसलिए फल की चिंता किये बिना कर्म को ही कर्तव्य मानकर कार्य करो, उसी पर तुम्हारा अधिकार है।     गीता के अध्याय दो के इस श्लोक में किसी व्यक्ति के जीवन की सफलता का ही नहीं, समाज और राष्ट्र के विकास का भी यही सूत्र है। मनुष्य को अपना पूरा ध्यान अपने कर्म और कर्तव्य पर ही लगाना चाहिए। यदि व्यक्ति का समर्पण कर्तव्य के प्रति है तो उससे कोई अनुचित कार्य नहीं होगा और यदि पूरी आयोजना के साथ कर्म आरंभ किया है तो उसकी शत-प्रतिशत सफलता निश्चित है तब क्यों परिणाम के प्रति चिंतित होना चाहिए।     मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि श्रीमद्भगवद गीता की प्रेरणा से मध्यप्रदेश ने अपनी विकास यात्रा आरंभ की है। मध्यप्रदेश सरकार का संकल्प है “विकास के साथ विरासत”। इसीलिए एक ओर जहां विकास के लिये बहुआयामी योजनाओं पर काम हो रहा है वहीं भावी पीढ़ी के निर्माण और उन्हें अपने कर्म-कर्तव्य की प्रेरणा देने के लिये विरासत को भी संजोया जा रहा है। मध्यप्रदेश के विभिन्न स्थानों में योगेश्वर और कर्मेश्वर भगवान श्रीकृष्ण की स्मृतियां बिखरी हुई हैं। उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में शिक्षा ग्रहण, महू के पास जानापाव में भगवान परशुराम से भेंट, धार जिले के अमझेरा में रुक्मणी वरण और शौर्य का प्रदर्शन आदि स्थानों में उनके स्मृति चिन्ह हैं। मध्यप्रदेश सरकार ने श्रीकृष्ण पाथेय निर्माण करने … Read more

26 जनवरी 2025 तक चलेगा मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

गीता जयंती से आरंभ होगा जनकल्याण पर्व और मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव विभिन्न योजनाओं में पात्र हितग्राहियों को चिन्हित कर किया जायेगा लाभान्वित  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 26 जनवरी 2025 तक चलेगा मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव गरीब, युवा, किसान और महिलाओं पर केन्द्रित रहेंगे कार्यक्रम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत 2047 के स्वप्न को साकार करने के लिये राज्य सरकार निरंतर प्रतिबद्धतापूर्वक कार्य कर रही है। प्रदेश सरकार एक वर्ष पूर्ण होने पर गीता जयंती के पावन पर 11 दिसम्बर से दो कार्यक्रम प्रारंभ किये जा रहे है। “जनकल्याण पर्व” 11 दिसम्बर से 26 दिसम्बर 2024 तक और 11 दिसम्बर 2024 से 26 जनवरी 2025 तक “मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान” चलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 11 दिसम्बर से 26 दिसम्बर आयोजित किये जा रहे जनकल्याण पर्व में विभिन्न विभागों की गतिविधियां, विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन के साथ जन-कल्याण के कार्य प्रमुखता से किये जायेंगे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित नागरिकों को लाभान्वित करने के लिए मौके पर ही शिविर लगाकर जन समस्याओं का निराकरण किया जायेगा। इसमें केन्द्र और राज्य सरकार की 34 चिन्हित शत‌प्रतिशत सैचुरेशन की हितग्राही मूलक योजनाओं और 11 लक्ष्य आधारित योजनाओं के साथ विभिन्न विभागों से संबंधित 63 सेवाएं आमजन तक पहुँचाकर उन्हें लाभान्वित किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन कार्यक्रमों में आमजन की सहभागिता भी रहेगी। जन-कल्याण पर्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में 11 से 26 दिसम्बर 2024 तक मनाये जाने वाले मुख्यमंत्री जन-कल्याण पर्व में विभिन्न विकास गतिविधियाँ होंगी। पर्व का शुभारंभ 11 दिसम्बर को भोपाल में लाड़ली बहना योजना की राशि वितरण से किया जायेगा। साथ ही हजारों आचार्यों के द्वारा गीता का सस्वर पाठ कर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड का दावा प्रस्तुत किया जायेगा। 12 दिसम्बर को अलीराजपुर जिले के चंद्रशेखर आजाद नगर (भाबरा) में सोंडवा माइक्रो सिंचाई परियोजना का भूमि-पूजन किया जायेगा। 13 दिसम्बर को भोपाल में सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा एक वर्ष की उपलब्धियों पर आधार प्रदर्शनी लगेगी। इसके अतिरिक्त भोपाल, सीहोर एवं रायसेन से युवाओं की रातापानी अभयारण्य तक बाइक रैली निकलेगी। भोपाल संभाग में 630 करोड़ रूपये से अधिक विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन होगा। 14 दिसम्बर को बच्चों को पोषण आहार किट‍वितरण (अक्षयपात्र) कार्यक्रम, तानसेन समारोह अंतर्गत सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा। ग्वालियर में कन्वेंशन सेंटर का लोकार्पण और महाराजा जीवाजी राव सिंधिया की मूर्ति का अनावरण होगा। युवा संवाद एवं विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का वितरण होगा। ग्वालियर संभाग में 242.26 करोड़ रूपये से अधिक विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन होगा। 15 दिसम्बर को उमरिया में गौ-शाला का भूमि-पूजन और जबलपुर में सरदार वल्लभ भाई पटेल की मूर्ति का अनावरण करेंगे। 16 दिसम्बर को वृहद युवा संवाद (स्व-रोजगार, रोजगार केन्द्रित कार्यक्रम), पुलिस बैण्ड द्वारा प्रस्तुतिकरण होगा। 17 दिसम्बर को वन मेले के शुभारंभ के साथ पार्वती-कालीसिंध नदी जोड़ो परियोजना का शुभारंभ भी किया जायेगा। 18 दिसम्बर को शहडोल में साधु-संतों के साथ संवाद का आयोजन किया जायेगा। शहडोल संभाग 477.39 करोड़ रूपये से अधिक के विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण होगा। 19 दिसम्बर को बैतूल में राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के समूहों और प्रधानमंत्री स्व-निधि योजना के हितग्राहियों का सम्मेलन होगा। नर्मदापुरम संभाग में 151 करोड़ रूपये से अधिक विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन होगा। जनकल्याण पर्व में 20 दिसम्बर को इंदौर में डॉ. बी.आर. अम्बेडकर यूनिवर्सिटी इंदौर का दीक्षांत समारोह होगा। साथ ही इंदौर संभाग के 10 हजार 474 करोड़ रूपये से अधिक विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन होगा। इसी दिन खण्डवा में फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट का लोकार्पण और खण्डवा में अन्य विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण होगा। 21 दिसम्बर को उज्जैन के डोंगला वैद्यशाला का भ्रमण आईटीआई उज्जैन का भूमि-पूजन और उज्जैन संभाग में 3 हजार 361 करोड़ रूपये का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन होगा। 22 दिसम्बर को खेल प्रोत्साहन कार्यक्रम में खिलाड़ियों को किट वितरण, खिलाड़ियों का सम्मान एव अन्य खेल प्रोत्साहन की गतिविधियां होगी। 24 दिसम्बर को विभिन्न योजनाओं में हितलाभ वितरण अंतर्गत पोषण आहार की राशि का वितरण एवं गैस सिलेण्डर सब्सिडी का वितरण किया जायेगा। इसके साथ सागर संभाग में एक हजार 146 करोड़ रूपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन होगा। इस दिन तालाब सोंदर्यीकरण का लोकार्पण भी होगा। जनकल्याण पर्व में 25 दिसम्बर को भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर सुशासन दिवस कार्यक्रम होगा। पचमढ़ी में चिंतन शिविर का आयोजन होगा। साथ ही राजा भभूत सिंह स्मृति में पचमढ़ी में ही केबिनेट बैठक होगी। जनकल्याण पर्व के आखरी दिन 26 दिसम्बर को भोपाल के रवीन्द्र भवन में छात्र-छात्राओं से संवाद होगा।  

ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट सहित अन्य कार्यक्रमों में PM मोदी आने के लिए दी सहमति

प्रदेश में 11 दिसंबर से प्रारंभ होगा जनकल्याण अभियान और जन कल्याण पर्व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 24 फरवरी को आएंगे मध्यप्रदेश ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट सहित अन्य कार्यक्रमों में PM मोदी आने के लिए दी सहमति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रियों को दी जानकारी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में सरकार के गठन के 1 वर्ष पूर्ण होने पर 11 दिसंबर से 26 जनवरी 2025 तक जनकल्याण अभियान और 11 से 26 दिसम्बर तक जनकल्याण पर्व मनाया जाएगा। प्रदेश के मंत्रीगण अपने प्रभार और गृह जिलों में विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लेंगे। जिलों में लगने वाले शिविरों में भी आवश्यक व्यवस्थाएं मंत्रीगण द्वारा सुनिश्चित की जाएं। सांसद एवं अन्य जनप्रतिनिधि भी जनकल्याण अभियान और जनकल्याण पर्व की गतिविधियों से जुड़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी से मंगलवार को नई दिल्ली में भेंट हुई। भेंट के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को मध्यप्रदेश आने का आमंत्रण दिया गया, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार कर लिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने आगामी 24 फरवरी 2025 को भोपाल में हो रही ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में आने की सहमति दी है। प्रधानमंत्री मोदी को मध्यप्रदेश में अन्य कार्यक्रमों के लिए भी आमंत्रित किया गया है। इसके लिए भी वे अपने कार्यक्रम निर्धारित कर अवगत करवाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रालय में राज्य मंत्रि-परिषद की बैठक के पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यप्रदेश में जनकल्याण से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल के लिए मध्यप्रदेश की सराहना की है। इन परियोजनाओं के भूमि-पूजन कार्यक्रमों के लिए भी प्रधानमंत्री मोदी को आमंत्रित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आगामी 26 दिसंबर को पचमढ़ी में चिंतन शिविर का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने मंत्रीगण को जानकारी दी कि केंद्र सरकार द्वारा मध्य प्रदेश के लिए 11 केंद्रीय विद्यालय की स्वीकृति दी गई है। इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री का आभार व्यक्त किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि नर्मदापुरम में हाल ही में संपन्न रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव सफल रहा, जिसमें 31 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। साथ ही लगभग 40 हजार व्यक्तियों को रोजगार की संभावना भी सरकार होगी। प्रदेश में शहडोल में अगली रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की तैयारी की जा रही है। मंत्रि-परिषद की बैठक शुरू होने के पहले राष्ट्रगीत वंदे-मातरम का सामूहिक गान हुआ।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय, प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (पी.एम. उषा) संचालन की स्वीकृति

खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में धान की मिलिंग के लिए प्रोत्साहन और अपग्रेडेशन राशि की स्वीकृति विद्युत वितरण कम्पनियों को रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम में 40% राशि अंशपूंजी के रूप में प्रदान करने की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय, प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (पी.एम. उषा) संचालन की स्वीकृति भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार शाम को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में प्रदेश में उपार्जित धान की मिलिंग के लिए दी जाने वाली प्रोत्साहन और अपग्रेडेशन राशि की स्वीकृति दी है। निर्णय अनुसार मिलिंग राशि 10 रूपये प्रति क्विंटल और प्रोत्साहन राशि 50 रूपये प्रति क्विंटल प्रदाय की जायेगी। साथ ही 20 % परिदान एफ.सी.आई को करने पर 40 रूपये और 40 % परिदान एफ.सी.आई को करने पर 120 रूपये प्रति क्विंटल अपग्रेडेशन राशि प्रदाय की जायेगी। इससे किसानों से उपार्जित धान की मिलिंग में तेजी आयेगी। सार्वजनिक वितरण प्रणाली एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं अंतर्गत चावल की आपूर्ति सुनिश्चित किये जाने के साथ राज्य की आवश्यकता के अतिरिक्त अतिशेष चावल की मात्रा को केंद्रीय पूल में त्वरित गति से परिदान किया जायेगा। मंत्रि-परिषद द्वारा भारत सरकार द्वारा जारी रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के अंतर्गत विद्युत वितरण कम्पनियों को राज्यांश 40% राशि लगभग 6 हजार करोड़ रूपये ऋण के स्थान पर अंशपूंजी/अनुदान के रूप में प्रदान करने की स्वीकृति दी गयी है। निर्णय अनुसार राज्य की विद्युत वितरण कंपनियों को वितरण अधोसंरचना के उन्नयन, वितरण हानियों में कमी तथा वितरण प्रणाली सुदृढीकरण एवं आधुनिकीकरण से संबंधित बुनियादी अधोसंरचना के निर्माण/विकास कार्यों के लिए राज्यांश की राशि ऋण के स्थान पर राज्य शासन द्‌वारा अंश पूंजी के रूप में प्रदान की जायेगी। योजनांतर्गत वितरण कंपनियों को अ‌द्यतन ऋण के रूप में दिये गये राज्यांश को भी अंश पूंजी में परिवर्तित किया जायेगा। योजनांतर्गत केन्द्रांश पर देय एसजीएसटी की राशि भी राज्य शासन ‌द्वारा वितरण कंपनियों को अनुदान के रूप में उपलब्ध करवाई जाएगी। इससे प्रदेश में स्थापित होने वाले स्मार्ट मीटर के कार्य में तेजी आयेगी। उल्लेखनीय है कि उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण व विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति के उ‌द्देश्य से वित्तीय रूप से साध्य एवं परिचालन में दक्ष वितरण क्षेत्र विकसित करने के लिए “रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (RDSS) लागू की गयी है। योजना में केन्द्र सरकार ‌द्वारा विद्युत वितरण कंपनियों को प्री-पेड स्मार्ट मीटर व सिस्टम मीटरिंग के लिए 15% राशि और विद्युत अधोसंरचनात्मक विकास के लिए 60% राशि अनुदान के रूप में प्रदान किये जाने का प्रावधान है। शेष 40 प्रतिशत राशि राज्य शासन द्वारा अंश पूंजी के रूप में प्रदान की जायेगी। मंत्रि-परिषद द्वारा केन्द्र प्रवर्तित योजना ‘प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (पी.एम. उषा)’ के संचालन की सैद्धांतिक सहमति दी गयी है। उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार, शिक्षा मंत्रालय, उच्चतर शिक्षा विभाग, द्वारा वर्ष 2013 से राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) चरण 1.0 एवं रूसा चरण 2.0 केंद्र प्रवर्तित योजना के रूप में लागू कर प्रारम्भ की गई थी। योजना में प्रदेश के उच्च शैक्षणिक संस्थानों को चरणबद्ध तरीके से वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। पी.एम. उषा योजना को 4 घटकों पर केन्द्रित किया गया है। जिसमें बहुसंकायी शिक्षा एवं शोध विश्र्वविद्यालय, विश्र्वविद्यालय के सुदृढ़ीकरण के लिए अनुदान, महाविद्यालयों के सुदृढ़ीकरण के लिए अनुदान और लैंगिक समावेशिता एवं साम्यता पहल शामिल है।  

मध्यप्रदेश में फिल्मांकन के लिए अनुकूल वातावरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश में फिल्मांकन के लिए अनुकूल वातावरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री से मिले पंचायत वेब सीरीज के कलाकार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से आज शाम मुख्यमंत्री निवास में लोकप्रिय वेब सीरीज पंचायत के कलाकार दल ने भेंट की। प्रदेश में सीहोर जिले में यह कलाकार फिल्मांकन के लिए आए थे और अब वापसी के पूर्व उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से सौजन्य भेंट कर संस्मरण साझा किए। प्रख्यात अभिनेता रघुवीर यादव और अभिनेत्री नीना गुप्ता ने अपने कलाकार दल के साथ मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मुलाकात की और उन्हें मध्यप्रदेश में फिल्म और वेब सीरीज निर्माण के सुखद अनुभवों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में फिल्मांकन की दृष्टि से काफी अनुकूल वातावरण है। राज्य सरकार द्वारा फिल्म और वेब सीरीज के निर्माण में एवं कलाकारों को पूर्ण प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलाकारों का सम्मान भी किया। कलाकारों द्वारा शासन प्रशासन से मिले सहयोग के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया।

मध्यप्रदेश में 11 दिसम्बर से मनाया जाएगा “जन कल्याण पर्व” और “मुख्यमंत्री जन-कल्याण अभियान”

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश को नदी जोड़ो अभियान अंतर्गत 2 बड़ी परियोजनाएं दी है। इसमें बुंदेलखण्ड क्षेत्र की केन-बेतवा वृहद परियोजना और पार्वती- कालीसिंध-चंबल परियोजना है। इन दोनों परियोजनाओं से मध्यप्रदेश के साथ उत्तरप्रदेश और राजस्थान भी लाभान्वित होंगे। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही केन-बेतवा परियोजना का भूमि-पूजन प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किया जायेगा। केन-बेतवा परियोजना से मध्यप्रदेश के बुंदेलखण्ड क्षेत्र में वृहद स्तर पर सिंचाई होगी। साथ ही पेयजल भी उपलब्ध होगा। इससे पूरे क्षेत्र में समृद्धि आयेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गत् दो दशकों से लंबित पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना का हल निकालकर प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यप्रदेश के 10 और राजस्थान के 13 जिलों को अनूठी सौगात दी है। साथ ही भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की नदी जोड़ो परियोजना के स्वप्न को साकार किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को नई दिल्ली में मीडिया प्रतिनिधियों से मध्यप्रदेश में 11 दिसम्बर से शुरू हो रहे मुख्यमंत्री जन कल्याण अभियान और जनकल्याण पर्व में संचालित होने वाली गतिविधियों और राज्य सरकार एक वर्ष के कार्यकाल में हुए जनहित एवं विकास के कार्यों को साझा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार विभिन्न क्षेत्रों में विकास कार्यों और नवाचारों के माध्यम से नागरिकों का कल्याण सुनिश्चित कर रही है। प्रदेश में शुरू किये जा रहे जन कल्याण अभियान और पर्व के दौरान नगरों और ग्रामों में 18 हजार करोड़ से अधिक लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन, शासकीय योजनाओं से वंचित रहे पात्र नागरिकों को लाभान्वित करने के साथ आमजन से जुड़ी 63 शासकीय सेवाओं से संबंधित समस्याओं का शिविर लगाकर मौके पर निराकरण किया जायेगा। ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर संयंत्र एवं आईटी पार्क मध्यप्रदेश की पहचान, समृद्धि के प्रयास तेज मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में ओंकारेश्वर में फ्लोटिंग सोलर पॉवर प्लांट स्थापित किया गया है। यह देश में अनोखा है। नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश अलग पहचान बना रहा है। इसके साथ ही कई आईटी पार्क युवाओं को रोजगार दे रहे हैं। मध्यप्रदेश की खनिज संपदा, जल संपदा का उपयोग कर समृद्धि की संभावनाएं साकार कर रहा है। हाल ही में संभाग स्तर पर सम्पन्न उद्योग कॉन्क्लेव रोजगार वृद्धि और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दृष्टि से उपयोगी सिद्ध होंगी। प्रदेश के बजट को साढ़े तीन लाख करोड़ से बढ़ाते हुए 4 वर्ष में 7 लाख करोड़ रूपए तक ले जाने का लक्ष्य है। यह प्रयास है कि जीडीपी में वृद्धि हो और मध्यप्रदेश भारत को विश्व की महत्वपूर्ण अर्थव्यवस्था बनने के संकल्प में सहयोगी हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में कृषि उत्पादन बढ़ाते हुए किसानों और नागरिकों के हित में निरंतर कार्य किया है। कृषि के साथ अब पशुपालन को बढ़ावा दे रहे हैं। मध्यप्रदेश सरकार दुग्ध उत्पादन पर बोनस प्रदान करेगी। हाल ही में राष्ट्रीय डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के साथ करारनाम हुआ है। प्रदेश का दुग्ध उत्पादन देश के दुग्ध उत्पादन का 9 प्रतिशत है जिसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत किया जाएगा। इससे किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ेगी। प्रदेश में किसानों के हित में सायबर तहसील व्यवस्था प्रारंभ की गई है, जो देश में अनूठी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में लाड़ली बहनों को 450 रुपए में रसोई गैस सिलेंडर की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। लाड़ली बहना योजना में प्रतिमाह 1250 रुपए की राशि प्रदान की जा रही है। नारी सशक्तिकरण के अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। महिलाओं को विभिन्न पदों पर 35 प्रतिशत आरक्षण का निर्णय लिया गया है। साहस की प्रतीक वीरांगना रानी दुर्गावती के नाम से अन्न प्रोत्साहन योजना प्रारंभ की गई है। वीरांगना की स्मृति में दमोह जिले के सिंग्रामपुर में मंत्रि-परिषद की बैठक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश में रीवा एयरपोर्ट का उद्घाटन हुआ है। कई नगरों से भोपाल तक सस्ती हवाई सेवा प्रारंभ की गई है। आयुष्मान योजना के हितग्राहियों को अनेक सुविधाएं दी जा रही हैं। पीएमएयर एम्बुलेंस भी प्रारंभ की गई हैं जो गंभीर रोगियों को एयर लिफ्ट कर बड़े चिकित्सा संस्थानों में पहुंचाने का कार्य करती हैं। मनुष्य ही नहीं पशुओं के लिए भी पृथक एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश में पर्यावरण के क्षेत्र में काफी कार्य हो रहा है। “एक पेड़ माँ के नाम अभियान” के अंतर्गत वृहद पौध-रोपण हुआ है। पुराने जल स्रोतों को उपयोगी बनाने और जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत नागरिकों की भागीदारी करवाकर जागरूकता बढ़ाई गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि उज्जैन में सिंहस्थ-2028 के लिए व्यापक प्रबंध किए जा रहे हैं। सड़कों के निर्माण से लेकर श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक स्नान व्यवस्था से जुड़े कार्य हो रहे हैं। क्षिप्रा के लिए गंगा जी की तरह हिमालय के ग्लेशियर नहीं हैं और पूर्व के सिंहस्थ में गंभीर और नदियों से क्षिप्रा में जल लाने के कार्य हुए हैं। पहली बार शिप्रा के जल से ही श्रद्धालु स्नान का पुण्य लाभ ले सकेंगे। इसके लिए अनेक कार्य संचालित हैं, जिनसे सिलार खेड़ी में वर्षा जल संग्रहित होगा। विभिन्न परियोजनाओं से शिप्रा को प्रदूषण से बचाकर स्वच्छ निर्मल जल के प्रवाह वाली नदी बनाने के कार्य हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण के जीवन में शिक्षा का विशेष महत्व रहा। उन्होंने कंस को मारने के बाद उज्जैन आकर शिक्षा ग्रहण करने का कार्य किया। भगवान श्रीकृष्ण के संदेश और गीता की शिक्षाओं को नागरिकों तक पहुंचाने के लिए 11 दिसम्बर को प्रदेश स्तर पर गीता जयंती के कार्यक्रम हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाचार पत्र प्रतिनिधियों को प्रदेश के सभी जिलों में की गई पुलिस बैंड व्यवस्था, कुलपति पद का नाम कुलगुरू करने, पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज प्रारंभ करने, स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग के एकीकरण, सुशासन और श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में कपड़ा मिलों में कार्यरत रहे श्रमिकों की बरसों से लंबित बकाया राशि उन्हें दिलवाने, विभिन्न पर्व त्योहार में सरकार की सहभागिता बढ़ाने और विश्व धरोहर स्थल खजुराहो और तानसेन की नगरी ग्वालियर में कलात्मक गतिविधियों के साथ विभिन्न विश्व रिकार्ड बनाने की उपलब्धियों की जानकारी भी प्रदान की।  

सीएम मोहन यादव से ज्योतिरादित्य सिंधिया की मुलाकात

भोपाल  विजयपुर उपचुनाव में हार के बाद केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बयानों में मतभेद सामने आया था. इसके बाद पहली बार दोनों दिग्गज नेताओं की मुलाकात दिल्ली में हुई. दोनों ने एक दूसरे का अभिनंदन किया और यह तस्वीर भी सबके सामने आई. केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के निवास पर हुई मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने आधे घंटे तक बातचीत की. उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश में हाल ही में हुए विजयपुर उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा. इसके बाद यह सवाल उठा कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया स्टार प्रचारक में शामिल होने के बावजूद विजयपुर प्रचार प्रसार करने नहीं पहुंचे. दूसरी तरफ केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि उन्हें पार्टी ने विजयपुर उपचुनाव में प्रचार के लिए नहीं बुलाया था, इसलिए वे नहीं पहुंचे. वहीं, पार्टी की ओर से भगवानदास सबनानी ने स्पष्ट रूप से कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने केंद्रीय मंत्री को आमंत्रित किया था, मगर व्यस्तता की वजह से वे नहीं जा पाए थे. दोनों दिग्गज नेताओं की ओर से चल रही बयानबाजी में साफ तौर पर मतभेद देखने को मिला. इस बयानबाजी के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की पहली बार दिल्ली में मुलाकात हुई. वरिष्ठ पत्रकार सुनील जैन के मुताबिक, इस मुलाकात के दौरान भले ही विजयपुर उपचुनाव की हार पर मंथन ना हुआ हो लेकिन दोनों नेताओं की आमने-सामने आई तस्वीर इतना बताने का जरूर प्रयास कर रही है कि उनके बीच कोई मतभेद नहीं है. सिंधिया ने गुलदस्ता दिया तो सीएम ने पहनाया दुपट्टा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की आधे घंटे तक वार्तालाप हुई. जब मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और सिंधिया की मुलाकात हुई तो केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने गुलदस्ता देकर डॉक्टर मोहन यादव का अभिनंदन किया, जिसके बाद मुख्यमंत्री डॉ यादव ने सिंधिया को दुपट्टा पहन कर उनका स्वागत किया. मुख्यमंत्री मोहन यादव बताई मुलाकात की वजह मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से बताया कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से उनकी मुलाकात के दौरान क्या बात हुई है? उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से लिखा है, “केंद्रीय संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से नई दिल्ली स्थित उनके निवास पर सौजन्य भेंट की, इस अवसर पर समसामयिक एवं मध्य प्रदेश के विकास संबंधित विषयों पर सार्थक चर्चा हुई”.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने “राईजिंग राजस्थान – ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट” के लिए दी शुभकामनाएं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में सभी राज्य औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए कदम उठा रहे हैं। राजस्थान में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के लिए 9, 10 और 11 दिसम्बर 2024 को जयपुर में अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में हो रहा है। राजस्थान और मध्यप्रदेश सगे भाईयों के समान हैं। दोनों राज्यों की अधिकांश जनसंख्या में सांस्कृतिक समानता होने के परिणामस्वरूप संबंधों में प्रगाढ़ता भी है। सौभाग्य का विषय है कि प्रधानमंत्री मोदी की गरिमामय उपस्थिति भी इस कार्यक्रम में रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राईजिंग राजस्थान – ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की तीसरी आर्थिक महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर है। इस लक्ष्य की प्राप्ति में सभी राज्यों को समान रूप से अपने प्रयत्नों की आहूति देनी है। मध्यप्रदेश में संभाग स्तर पर आरंभ की गई रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की श्रृंखला में अगली कॉन्क्लेव शहडोल में जनवरी-2025 में होगी। इसके बाद फरवरी-2025 में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन भोपाल में किया जाएगा। हमारे लिए गौरव का विषय है कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में हम भारत की प्रगति में सहभागी होंगे।  

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