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कांग्रेस MLA मुकेश मल्होत्रा की विधायकी रद्द, बीजेपी के रामनिवास रावत होंगे नए विधायक, हाईकोर्ट ने सुनाया फैसला

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gwalior congress mla mukesh malhotra membership cancelled bjp ram niwas rawat to be the ग्वालियर। मध्य प्रदेश की विजयपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव ग्वालियर हाईकोर्ट ने शून्य (रद्द) घोषित कर दिया है। हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच के जस्टिस जीएस अहलूवालिया ने यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने निर्वाचन प्रक्रिया में गड़बड़ी और तथ्यों को छुपाने के आधार पर यह निर्णय लिया है। आपराधिक रिकॉर्ड छुपाने का आरोपमुकेश मल्होत्रा के खिलाफ यह याचिका भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी और पूर्व मंत्री रामनिवास रावत ने दायर की थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि मुकेश मल्होत्रा ने अपने चुनावी हलफनामे में अपने आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी छुपाई थी। कोर्ट ने याचिका के तथ्यों को सही पाया और माना कि जानकारी छुपाना चुनाव नियमों का उल्लंघन है। रामनिवास रावत घोषित हुए विजयपुर के विधायकचुनाव शून्य घोषित करने के साथ ही हाईकोर्ट ने एक और महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। चुनाव के दौरान दूसरे नंबर पर रहने वाले भाजपा प्रत्याशी रामनिवास रावत को विजयपुर विधानसभा सीट से विधायक घोषित कर दिया गया है। इस फैसले के बाद अब विजयपुर सीट पर भाजपा का प्रतिनिधित्व हो गया है।

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा का राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया

To save their lives in the 1984 riots, people of the Sikh community shaved their beards and took off their turbans: VD Sharma

1984 के दंगों में अपनी जान बचाने सिख समुदाय के लोगों ने दाढ़ी कटवाई,पगड़ी उतारी: वीडी शर्मा To save their lives in the 1984 riots, people of the Sikh community shaved their beards and took off their turbans: VD Sharma भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा अपनी अमेरिकी यात्रा के दौरान सिख समुदाय को लेकर देश के खिलाफ दिए गए बयान की आलोचना करते हुए निंदा की है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद शर्मा ने कहा कि अमेरिकी यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने भारत में रहने वाले सिखों के बारे में गलत बयान देकर अमेरिका में रहने वाले सिख समुदाय को गुमराह किया है। शर्मा ने कहा कि राहुल गांधी ने अमेरिका में कहा है कि भारत में सिख समुदाय तनाव में जीते हैं। उन्हें पगड़ी, कड़ा-कृपाण पहनने में दिक्कत होती है। जबकि सच्चाई यह है कि भारत में रहने वाले सिख समुदाय के लोग हमेशा से कड़ा-कृपाण पहन कर गर्व महसूस करते हैं और देश के हर हिस्से में भ्रमण करते हैं। शहरों से लेकर देश के दूरदराज इलाकों में भी सिख भाईयों को पगड़ी पहन कर अपना-अपना काम करते हम देखते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जब भी गुरूद्वारा गए हैं, तब वे पगड़ी पहनकर गुरूद्वारा गए। सिख समुदाय को गर्व है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व की सरकार में सिख समुदायों की लंबित मांगों को पूरा करते हुए करतारपुर साहिब जाने का रास्ता खुलवाया। दशम गुरू गोविंद सिंह के शहजादों के बलिदान को “वीर बाल दिवस” के रूप में मनाने का निर्णय लिया।कांग्रेस शासनकाल में अपनी जान बचाने सिख समुदाय ने पगड़ी उतारी व दाढ़ी कटवाई थीभाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि वर्ष 1984 में राहुल गांधी के पिता राजीव गांधी के प्रधानमंत्री रहते सिख समुदाय का सामूहिक नरसंहार किया गया, जिसमें करीब 3000 से अधिक सिख भाई-बहनों का कत्लेआम किया गया था। उस समय आगजनी की गयी थी और सिखों को घरों से खींचकर जिंदा जला दिया गया था। उस वक्त कई सिख भाईयों ने जिंदा रहने के लिए अपनी पगड़ी तक उतार दी थी और दाढ़ी-बाल कटवा लिए थे। राजीव गांधी ने कहा था कि “बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती हिलती है।“ सिखों के नरसंहार में संलिप्त लोगों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की गयी थी और लंबे समय बाद सिख दंगे के दोषियों को तब सजा हुई, जब माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की सरकार बनी।दुनिया को सिख दंगों की सच्चाई बताना चाहिए, लेकिन वे सिखों को गुमराह कर रहे हैंभाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि राहुल गांधी विदेशी धरती पर देश को बदनाम करने का अभियान चला रहे हैं। वे दुनिया के समक्ष भारत की यह सच्चाई नहीं रखते हैं कि भारत में मजबूत लोकतंत्र है। भारत लोकतंत्र की जननी है। दुनिया को सच्चाई बताने के बदले राहुल गांधी अमेरिका में रहने वाले सिख समुदाय को गुमराह कर रहे हैं। कभी राहुल गांधी कहते हैं कि भारत में बेरोजगारी बहुत बड़ी समस्या है, जबकि भारत विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। राहुल गांधी अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों को देश के प्रति भ्रमित कर रहें हैं। राहुल गाँधी को थोड़ा ज्ञान होता तो देश पर जब-जब मुसीबत आयी है, तब आगे बढ़कर देशहित में कार्य करने वाले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जैसे संगठन के खिलाफ बयानबाजी नहीं करते। राहुल गांधी अब एक आम नागरिक नहीं हैं, बल्कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं, फिर भी वे विदेशी धरती पर भारत के खिलाफ बयानबाजी करते रहते हैं। राहुल गांधी भारत की न्यायिक व्यवस्था, निर्वाचन आयोग, प्रशासनिक व्यवस्था समेत देश के सभी संवैधानिक संस्थानों के खिलाफ बोलते रहते हैं। राहुल गांधी ने अपनी पार्टी के एकाउंट फ्रीज होने पर देश के प्रशासनिक तंत्र पर हमला बोला था, लेकिन उसकी सच्चाई लोगों के सामने नहीं बताई।राहुल गांधी देश की एकता व अखंडता के खिलाफ खतरनाक नैरेटिव सेट कर रहेराहुल गांधी के बयान के पीछे उनके सलाहकार सैम पित्रोदा हैं। पित्रोदा कहते हैं कि राहुल गाँधी अब पप्पू नहीं रहे। वे पप्पू रहें या न रहें, उनको क्यों इस तरह से अलंकृत किया गया, हमें इसमें कोई रूचि नहीं है, लेकिन चिंता का विषय यह है कि राहुल गांधी के सलाहकार कहते हैं कि भारत एक देश नहीं है। उनके अनुसार, जो लोग नार्थ से आते हैं, वे अफगानिस्तान से आते हैं और नार्थ-ईस्ट के लोग चाइनीज के समकक्ष हैं। जिस तरह के विचार वाले लोगों के साथ राहुल गांधी रहते है, इसलिए जब राहुल गाँधी ओछी बातें करते हैं, तो आश्चर्य नहीं होता। पिछले कई सालों में राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयान को एक दूसरे से जोड़कर देखें, तो उससे स्पष्ट होता है कि राहुल गांधी को कई बातों की समझ नहीं है। कई ऐसे मुद्दे हैं, जिसमें राष्ट्र की पहचान, विविधता के साथ एकता और अखंडता के विषय शामिल होते हैं। राहुल गांधी देश की विविधता के साथ एकता और अखंडता के मुद्दों पर बहुत ही खतरनाक नैरेटिव सेट करने की कोशिश कर रहे हैं।

युवा कांग्रेस का हल्लाबोल, मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने निकले

Youth Congress's ruckus, came out to surround the Chief Minister's residence

Youth Congress’s ruckus, came out to surround the Chief Minister’s residence भोपाल। मध्य प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी, नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता घोटाला सहित युवाओं की समस्याओं को लेकर मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस ने शुक्रवार को भोपाल में जंगी प्रदर्शन किया। प्रदेशभर से आए यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता रोशनपुरा चौक पर एकत्र हुए और मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने निकले। युवा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष मितेंद्र सिंह की अगुआई में यह प्रदर्शन हो रहा है। संगठन द्वारा चलाए गए ‘क्या हुआ तेरा वादा’ अभियान के तहत प्राप्त साढ़े चार लाख पोस्टकार्ड मुख्यमंत्री को सौंपे जाएंगे। युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीवी श्रीनिवास, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए। जीतू पटवारी ने कहा कि युवाओं के साथ भारतीय जनता पार्टी की सरकार धोखेबाजी कर रही है। नर्सिंग कॉलेज घोटाला सबके सामने है। ना तो युवाओं को रोजगार मिला है और ना ही स्वरोजगार। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए रास्ते में बैरिकेडिंग कर दी है। भारी पुलिसबल मौके पर तैनात है। भाजपा सरकार पर वादाखिलाफी का आरोपयुवा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष मितेंद्र सिंह ने कहा कि लाड़ली बहनों को आवास देने की घोषणा की, पर उसकी योजना तक नहीं बनी। सरकारी नौकरी की परीक्षा फॉर्म फीस माफ नहीं की गई और न ही नर्सिंग घोटाले के आरोपितों के विरुद्ध ठोस कार्रवाई की गई। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी भी नहीं मिली है। इन सभी मुद्दों को लेकर ‘अब युवा करेगा क्रांति’ कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा।

बुधनी उपचुनाव को लेकर कांग्रेस की तैयारियां तेज, जीतू पटवारी ने बनाई जीत की रणनीति

Congress preparations intensified for Budhni by-election, Jitu Patwari made strategy for victory

Congress preparations intensified for Budhni by-election, Jitu Patwari made strategy for victory प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधनी विधानसभा सीट छोड़े जाने के बाद उपचुनाव को लेकर तैयारियां शुरू हो गई है. शिवराज के गढ़ बुधनी में अब कांग्रेस भी एक्टिव मोड में आ गई है. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शुक्रवार को बुधनी विधानसभा में कार्यकर्ताओं के साथ टिफिन पार्टी में शामिल हुए.बता दें बुधनी विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए कांग्रेस की तरफ से प्रभारी व सह प्रभारी की नियुक्ति की जा चुकी है. कांग्रेस ने पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह को प्रभारी और इछावर से पूर्व विधायक शैलेन्द्र पटेल को सह प्रभारी बनाया है. वहीं बीजेपी ने प्रदेश सरकार के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा को प्रभारी बनाया है और पूर्व मंत्री रामपाल सिंह को सह प्रभारी बनाया है. पटवारी ने कार्यकर्ताओं के साथ किया संवादसलकनपुर में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बुधनी विधानसभा के कार्यकर्ताओं के साथ संवाद किया. इस अवसर पर बड़ी संख्या में उपस्थित रेहटी, बुधनी ब्लॉक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पार्टी को मजबूत करने के लिए अपनी भावना प्रदेशाध्यक्ष के सामने रखी. संवाद कार्यक्रम के बाद टिफिन पार्टी कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें घर से टिफिन लेकर आये बूथ के कार्यकर्ताओं के साथ प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भोजन किया. इस अवसर पर बुधनी विधानसभा सह प्रभारी शैलेंद्र पटेल, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजीव गुजराती, पूर्व मंत्री राजकुमार पटेल, डॉ. बलवीर तोमर, जिला संगठन मंत्री गणेश तिवारी, दिनेश मेघवानी, महेश राजपुत, विक्रम मस्ताल, रेहटी ब्लॉक अध्यक्ष प्रेमनारायण गुप्ता, भैरूंदा ब्लॉक अध्यक्ष देवीसिंह थारोल, लाडक़ुई ब्लॉक अध्यक्ष चंदर मीणा, गोपालपुर ब्लॉक अध्यक्ष अशोक सिंह भाटी, बुधनी ब्लॉक अध्यक्ष राजेंद्र यादव, शाहगंज ब्लॉक अध्यक्ष बहादुर सिंह, मंगलसिंह ठाकुर, विष्णु ठाकुर, उमाशंकर नागर, राधेकिशन नागर, रामकरण यादव, इसरार खां, अर्जुन गौर एवं कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्तागण मौजूद रहे. देवीधाम सलकनपुर मंदिर में पूजा-अर्जनाउपचुनाव की तैयारियों के बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी बुधनी विधानसभा के दौरे पर थे. इस दौरान वे प्रसिद्ध देवी धाम सलकनपुर मंदिर पहुंचे. जहां उन्होंने मां बीजासन माता के दरबार में पूजा अर्चना की और प्रदेश की खुशहाली की कामना की.

नोटा ने तोड़ा रिकॉर्ड : इन्दौर में नोटा को 70,000 वोट मिले काउंटिंग जारी

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NOTA broke record: NOTA got 70,000 votes in Indore, counting continues इंदौर में BJP के Shankar Lalwani, बसपा के संजय सोलंकी और जनहित पार्टी के अभय जैन के बीच मुख्य मुकाबला है। नोटा Nota भी रिकॉर्ड बनाने की ओर है।

विधायक जी ने अपनी फॉर्च्यूनर से दुल्हा-दुल्हन को पहूंचाया घर,घर वालों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

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The MLA took the bride and groom to their home in his Fortuner, the happiness of the family members knew no bounds. राघोगढ़ ! दूल्हा-दुल्हन को महंगे फॉर्च्यूनर वाहन में आता देखकर परिजन भी हैरान रह गए. कांग्रेस विधायक जयवर्द्धन सिंह ने खुद ही गाड़ी का दरवाजा खोलकर नवदंपती को घर पर उतारा. जयवर्द्धन ने दुल्हन को अपनी बहन बताया. गुना जिले के राघोगढ़ में शादी सम्मेलन के बाद दूल्हा-दुल्हन बाइक पर सवार होकर घर जा रहे थे. इसी दौरान क्षेत्र में जनसंपर्क कर रहे .कांग्रेस विधायक जयवर्द्धन सिंह ने जब नवदंपती को देखा तो उन्होंने अपने वाहन को रोका और दूल्हा-दुल्हन को फॉर्च्यूनर कार में बैठाकर उनके घर तक पहुंचाया , अब इस पूरे वाकए का वीडियो अब वायरल हो रहा है. नवल धाकड़ नवविवाहिता पत्नी को साथ लेकर पूजा-पाठ करने गया था. भीषण गर्मी में बाइक सवार नवल धाकड़ और उसकी पत्नी को जब क्षेत्रीय विधायक ने देखा तो अपने फॉर्च्यूनर वाहन को रोककर  बैठने को कहा. जयवर्द्धन के साथ विधायक पंकज उपाध्याय भी मौजूद थे. दूल्हा-दुल्हन को महंगे फॉर्च्यूनर वाहन में आता देखकर नवल के परिजन भी हैरान रह गए.  जयवर्द्धन सिंह ने खुद ही गाड़ी का दरवाजा खोलकर नवदंपती को घर पर उतारा. जयवर्द्धन ने दुल्हन को अपनी बहन बताया. दूल्हा बने नवल धाकड़ ने बताया कि जयवर्द्धन सिंह शादी सम्मेलन में भी पहुंचे थे. नवल के परिजन साफा बांधकर सम्मान करने के लिए आगे बढ़े तो जयवर्द्धन ने कहा, “मैं तो आपके परिवार का हूं. पंकज उपाध्याय का सम्मान कीजिए.” जयवर्द्धन सिंह का ये वीडियो वायरल हो रहा है. महंगे वाहन में बैठकर घर तक पहुंचे नवदंपती की खुशी का ठिकाना नहीं है.

प्रदेश में दूसरे चरण में 6 सीटों पर होगी वोटिंग, कहां किससे मुकाबला?

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Voting will be held on 6 seats in the second phase in the state, where will there be competition with whom? प्रदेश में लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में 6 सीटों पर 80 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला होना है. इसके लिए मतदान 26 अप्रैल 2024 (शुक्रवार) को होगा. इस बार चुनाव मैदान में 75 पुरुष उम्मीदवार, 4 महिला उम्मीदवार और एक थर्ड जेंडर प्रत्याशी हैं. साल 2019 की तुलना में होशंगाबाद (नर्मदापुरम) छोड़ कर सभी सीटों पर उम्मीदवारों की संख्या कम हुई है. टीकमगढ़ में सबसे कम सात प्रत्याशी मैदान में हैं. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा की सीट खजुराहो पर भी सेकंड फेज में ही वोटिंग होनी है. विधानसभा चुनाव में हारे सांसद इस बार मैदान मेंहोशंगाबाद सीट से कांग्रेस प्रत्याशी संजय शर्मा के पास सबसे ज्यादा संपत्ति है. नवंबर 2023 में विधानसभा चुनाव हार चुके सांसद गणेश सिंह को सतना सीट से पार्टी ने एक बार फिर से मैदान में उतारा है. उनकी किस्मत का फैसला भी 26 अप्रैल को ईवीएम (EVM) में कैद होगा. बता दें, लोकसभा चुनाव के पहले चरण में मध्य प्रदेश की जबलपुर, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला, सीधी और शहडोल संसदीय सीट पर मतदान 19 अप्रैल को हो चुका है. दूसरे चरण की 6 सीटों दमोह, टीकमगढ़, खजुराहो, सतना, रीवा और होशंगाबाद में 26 अप्रैल को मतदान होना है. इन सीटों पर कुल 80 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं. दूसरे चरण की 6 लोकसभा सीटों पर ये नेतादूसरे चरण की 6 सीटों में चुनाव लड़ने वाले प्रमुख नेताओं में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा भी शामिल हैं. खजुराहो सीट पर उनका मुकाबला फॉरवर्ड ब्लॉक (AIFB) के राजा भैया प्रजापति से है. शर्मा पहली बार साल 2019 में खजुराहो सीट से चुनाव जीतकर लोकसभा में पहुंचे थे. इसी तरह केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र खटीक टीकमगढ़ (एससी आरक्षित) सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. साल 2008 में परिसीमन के बाद अलग हुए इस निर्वाचन क्षेत्र में हुए सभी तीन चुनावों में खटीक ने जीत हासिल की है. कांग्रेस ने इस सीट से पंकज अहिरवार को मैदान में उतारा है. बीजेपी ने सतना से गणेश सिंह और रीवा से जनार्दन मिश्रा को फिर से टिकट दिया है. होशंगाबाद लोकसभा सीट से दर्शन सिंह और दमोह से राहुल लोधी जैसे नए चेहरों को मैदान में उतारा है. कांग्रेस ने सतना से मौजूदा विधायक सिद्धार्थ कुशवाह, रीवा से पूर्व विधायक नीलम मिश्रा, होशंगाबाद से पूर्व विधायक संजय शर्मा और दमोह से पूर्व विधायक तरवर सिंह लोधी को मैदान में उतारा है. सतना में सबसे ज्यादा निर्दलीय उम्मीदवारनिर्वाचन आयोग के आंकड़े बताते हैं कि साल 2019 की तुलना में इनमें होशंगाबाद छोड़ सभी सीटों पर उम्मीदवारों की संख्या कम हुई है. टीकमगढ़ में सबसे कम सात प्रत्याशी मैदान में हैं, जबकि पिछले चुनाव में यहां से 14 कैंडिडेट अपनी किस्मत आजमा रहे थे. रीवा, सतना, खजुराहो और होशंगाबाद सीट पर एक-एक महिला प्रत्याशी भी चुनाव मैदान में हैं. इसी तरह दमोह से एक ट्रांसजेंडर दुर्गा मौसी भी चुनौती दे रही हैं. सबसे अधिक नौ निर्दलीय उम्मीदवार सतना में हैं. साल 2019 के लोकसभा चुनाव में 101 उम्मीदवार इन छह सीटों पर मैदान में उतरे थे.इस बार इनकी संख्या 80 है,जबकि पहले चरण की छह सीटों जबलपुर, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला, सीधी और शहडोल पर 88 उम्मीदवार मैदान में थे.साल 2019 में इनमें भाजपा-कांग्रेस के प्रत्याशी छोड़ बाकी सभी की जमानत जब्त हो गई थी. 80 में से 26 उम्मीदवार करोड़पतिनिर्वाचन आयोग में कैंडिडेट द्वारा दिए गए हलफनामे से पता चला है कि दूसरे चरण की 6 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ने वाले 26 प्रत्याशी करोड़पति हैं. जबकि,17 प्रत्याशी 10वीं पास भी नहीं हैं. होशंगाबाद सीट से कांग्रेस प्रत्याशी संजय शर्मा के पास सबसे ज्यादा 232 करोड़ की संपत्ति है. दूसरे नंबर पर रीवा से कांग्रेस प्रत्याशी नीलम मिश्रा हैं, जिनकी संपत्ति 34 करोड़ रुपये है. सतना से सांसद और बीजेपी प्रत्याशी गणेश सिंह के पास 9 करोड़ रुपये की संपत्ति है. दूसरे चरण में दो डॉक्टर भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. कुल 80 में से 9 प्रत्याशियों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं. वहीं, पांच पर गंभीर आपराधिक केस हैं. इसके अलावा, तीन प्रत्याशी सिर्फ पांचवीं पास हैं. 9 उम्मीदवार ऐसे हैं जो 12वीं पास हैं. 8 कैंडिडेट 10वीं पास हैं.13 प्रत्याशी स्नातक, 21 प्रत्याशी स्नातकोत्तर हैं. सात ग्रेजुएट प्रोफेशनल हैं.

प्रदेश में आज थम जाएगा पहले चरण का प्रचार, 19 अप्रैल को होगी वोटिंग

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Campaigning for the first phase will end in the state today, voting will take place on April 19. मध्य प्रदेश की 6 सीटों पर पहले चरण में होने वाले मतदान का प्रचार आज थम जाएगा। भोपाल। मध्य प्रदेश की 6 सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए चुनाव प्रचार आज शाम 6 बजे थम जाएगा, लिहाजा इन क्षेत्रों में रोड शो और रैलियां नहीं की जाएगी। जबकि बालाघाट लोकसभा क्षेत्र के बैहर, लांजी और परसवाड़ा विधानसभा क्षेत्रों में यह प्रतिबंध चार बजे से लागू होगा। ऐसे में उन सभी लोगों को निर्वाचन क्षेत्र छोड़ना होगा, जो वहां के मतदाता नहीं हैं। इसके लिए होटल, लाज और धर्मशालाओं की जांच होगी। जहां राजनीतिक दलों का प्रचार थमने जा रहा है वहीं पहले चरण के मतदान के लिए प्रशासनिक तैयारियां भी अंतिम दौर में हैं। सुरक्षा एवं जांच समग्र रूप से की जा रही है। चुनाव आयोग के निर्देश हैं कि मतदान पूरी तरह से निष्‍पक्ष एवं पारदर्शी होना चाहिये, इसी को ध्‍यान में रखते हुए मैदानी अमला पूरी तरह से जुटा हुआ है। गौरतलब है कि 19 अप्रैल को सीधी, शहडोल, मंडला, जबलपुर, बालाघाट और छिंदवाड़ा लोकसभा क्षेत्रों में मतदान होगा। जिसके चलते बुधवार को शाम पांज बजे के बाद रोड शो, रैली और सभाओं पर प्रतिबंध लग जाएगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने बताया है कि प्रचार-प्रसार समाप्त होने की समय-सीमा के बाद बाहरी क्षेत्र के व्यक्तियों को जो उस निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता नहीं हैं, उन्हें वह क्षेत्र छोड़ना होता है। इसके लिए सघन अभियान चलाया जाएगा। पुलिस प्रशासन द्वारा होटल, लाज, धर्मशालाओं की जांच कर ऐसे लोगों को चिन्हित कर बाहर भेजा जाएगा, जो वहां के मतदाता नहीं हैं। संवेदनशील केंद्रों पर केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल तैनात किया गया है तो अन्य केंद्रों पर जिला पुलिस बल रहेगा। गुरुवार को रवाना होंगे मतदान दल मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि पहले चरण का मतदान संपन्न कराने के लिए मतदान दल गुरुवार को रवाना होंगे। रात में ही मतदान को लेकर सभी व्यवस्थाएं कर ली जाएंगी। अभ्यर्थियों की उपस्थिति में स्ट्रांग रूम से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन मतदान केंद्रों में पहुंचाई जाएंगी। यहां मतदान से एक घंटे पहले अभ्यर्थी या उसके अधिकृत प्रतिनिधि की उपस्थिति में माकपोल होगा। 50-50 वोट डलवाए जाएंगे। बालाघाट के तीन विधानसभा क्षेत्रों में चार बजे तक ही होगा मतदानबालाघाट लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत तीन विधानसभा क्षेत्र ऐसे आते हैं, जो नक्सल प्रभावित हैं। इनमें बैहर, लांजी और परसवाड़ा शामिल हैं। तीनों में सुबह सात से चार बजे तक मतदान होगा। बाकी निर्वाचन क्षेत्रों में शाम छह बजे तक मतदान कराया जाएगा।

ग्राउंड रिपोर्ट: विकास को लेकर असंतोष, भाजपा को प्रत्याशी की कट्टर हिंदू नेता की छवि से फायदा

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Ground report: Dissatisfaction over development, BJP benefits from candidate’s image of hardline Hindu leader मालवा अंचल की अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित देवास लोकसभा सीट से भाजपा ने अपने सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी को लगातार दूसरी बार मौका दिया है। क्षेत्र में महेंद्र की पहचान कट्टर हिंदूवादी नेता की है। वे अपने आसपास या मंच पर भी किसी मुस्लिम की मौजूदगी पसंद नहीं करते। कहा यहां तक जाता है कि यदि कोई पत्रकार मुस्लिम है तो वे उसको भी इंटरटेन नहीं करते। इसीलिए िवकास को लेकर असंतोष होने के बावजूद देवास में माहौल भाजपा के पक्ष में है। इसके विपरीत कांग्रेस के राजेंद्र मालवीय की पहचान मात्र इतनी है कि वे पार्टी के वरिष्ठ नेता रहे स्व राधाकिशन मालवीय के बेटे हैं। राजेंद्र का व्यवसाय इंदौर में है। इस नाते उनका संपर्क इंदौर में ही ज्यादा है। देवास से उनका कोई लेना-देना नहीं है। उनका प्रचार भी दो-चार दिन पहले ही प्रारंभ हुआ है। पार्टी के वरिष्ठ नेता सज्जन सिंह वर्मा ही उनके लिए मेहनत करते दिख रहे हैं।           भोपाल। देवास लोकसभा सीट का गठन 2008 में हुए परिसीमन के बाद हुआ। परिसीमन में शाजापुर सीट को खत्म किया गया था। शाजापुर भी अजा वर्ग के लिए आरक्षित थी। यहां 1996 से लगातार भाजपा के दिग्गज दलित नेता थावरचंद गहलोत जीतते आ रहे थे। लेकिन देवास के गठित होने के बाद 2009 में हुए पहले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के सज्जन सिंह वर्मा ने थावरचंद गहलोत को एक लाख से ज्यादा वोटों से हराकर जीत दर्ज की थी। इसके बाद 2014 में भाजपा के सत्यनारायण जटिया और 2019 में भाजपा के ही महेंद्र सिंह सोलंकी ने जीत दर्ज की। इस लिहाज से सीट भाजपा के दबदबे वाली है।लगातार भाजपा का कब्जा होने के बावजूद विकास को लेकर यह क्षेत्र पिछड़ा माना जाता है। नौकरी और रोजगार के लिए देवास के लोग इंदौर पर आश्रित हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए भी यही स्थिति है। हर किसी को इंदौर की ओर देखना पड़ता है। ट्रेन के स्टापेज कम हैंे और देवास से इंदौर के व्यस्ततम रोड के आरओबी का काम अटका पड़ा है। मेट्रो इंदौर से महू पहुंच गई लेकिन देवास की ओर किसी का ध्यान नहीं। क्षिप्रा की सफाई और स्वच्छ करने की योजना उज्जैन और अन्य शहरों में बन रही है लेकिन देवास में कुछ नहीं हो रहा।  आज भी फैक्ट्रियों की गंदगी क्षिप्रा में आकर मिलती है। इन तमाम मुद्दों को लेकर लोगों में भाजपा के प्रति नाराजगी है। प्रत्याशी महेंद्र सिंह सोलंकी की कट्टर हिंदू नेता की छवि विकास काे लेकर पैदा असंतोष पर भारी पड़ रही है। महेंद्र के अंदर कट्टरता इस कदर है कि वे कह चुके हैं कि उन्हें मुस्लिमों के वोट नहीं चािहए। एक बार उन्होंने यह भी कहा था कि भाजपा के मुस्लिम से अच्छा तो कांग्रेस का हिंदू है। पहले तो वे चाहते नहीं कि उनके कार्यक्रम में कोई मुस्लिम आए और आ गया तो उसका परिचय जरूर पूछते हैं। इसकी वजह से भाजपा देवास में इस बार रिकार्ड जीत का सपना देख रही है। दूसरी तरफ कांग्रेस के राजेंद्र मालवीय इंदैारी नेता हैं। देवास में उनका कोई बैकग्राउंड नहीं। भाजपा के साेलंकी का प्रचार काफी पहले प्रारंभ हो गया था क्योंकि वे पहली सूची में ही प्रत्याशी घोषित हो गए थे जबकि कांग्रेस के राजेंद्र ने अभी पांच दिन पहले अपना कार्यालय खोल कर प्रचार प्रारंभ किया है। मालवीय के तुलना में सोलंकी प्रखर वक्ता भी हैं। विकास पर भारी हिंदू-मुस्लिम के बीच ध्रुवीकरण  चुनाव के जो मुद्दे होते हैं वे देवास के लोगों के बीच भी हैं। भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ रही है। अयोध्या में राम मंदिर का प्रचार हो रहा है। केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा किए गए कार्य गिनाए जा रहे हैं। इसके विपरीत कांग्रेस अपने घोषणा पत्र के 5 न्याय और 24 गारंटियों का प्रचार कर रही है। स्थानीय स्तर पर कांग्रेस बता रही है कि विकास के मामले में इंदौर और दूसरे शहरों की तुलना में किस तरह देवास को उपेक्षित कर रखा गया है जबकि देश और राज्य में लगातार भाजपा की सरकार है। इन मुद्दों से अलग हटकर भाजपा प्रत्याशी महेंद्र सिंह सोलंकी की कट्टर हिंदू नेता की छवि के कारण देवास में हिंदू-मुस्लिम के बीच ध्रुवीकरण बड़ा मुद्दा बन रहा है। हिंदू साेलंकी के पक्ष में लामबंद हो रहा है जबकि मुस्लिम शत प्रतिशत कांग्रेेस के मालवीय के पक्ष में खड़ा है। इसकी वजह से पूरा चुनाव भाजपा की ओर झुका दिखाई पड़ रहा है। विधानसभा की सभी सीटों पर भाजपा काबिज चार माह पहले हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने देवास लोकसभा क्षेत्र के तहत आने वाली सभी 8 सीटों में एकतरफा जीत दर्ज की थी। इनमें एक शाजापुर सीट ही ऐसी थी जिसमें भाजपा मात्र 28 वोटों के अंतर से जीती। इसके खिलाफ कांग्रेस प्रत्याशी पूर्व मंत्री हुकुम सिंह कराड़ा कोर्ट भी गए हैं, पर जीत तो जीत है। भाजपा की सभी 8 सीटों में जीत का अंतर 1 लाख 2 हजार 893 वोटों का है। पिछले लोकसभा चुनाव से पहले 2018 में कांग्रेस ने 8 में से 3 विधानसभा सीटों में जीत दर्ज की थी। फिर भी 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा लगभग पौने चार लाख वोटों के अंतर से जीती थी जबकि कांग्रेस के उम्मीदवार क्षेत्र के चर्चित सख्श प्रहलाद सिंह टिपानिया थे। इस बार तो भाजपा के पक्ष में माहौल ज्यादा है। कांग्रेेस प्रत्याशी भी अपेक्षाकृत कमजोर और बाहरी है। ऐसे में भाजपा यदि रिकार्ड जीत का दावा करती है तो गलत नहीं। देवास क्षेत्र में तीन जिलों की विधानसभा सीटें देवास संसदीय सीट का भौगोलिक क्षेत्र तीन जिलों को छूता है। ये जिले देवास के अलावा शाजापुर और सीहोर हैं। शाजापुर जिले की सबसे ज्यादा 4 विधानसभा सीटें आगर, शाजापुर, शुजालपुर और कालापीपल देवास क्षेत्र में हैं। सीहोर जिले की एक सीट आष्टा इसमें शामिल है। इसके अलावा देवास जिले की तीन विधानसभा सीटें सोनकच्छ, हाटपिपल्या और देवास इस लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा हैं। जहां तक सीट के राजनीतिक मिजाज का सवाल है तो सभी विधानसभा सीटों में भाजपा का कब्जा है ही, लोकसभा सीट में आमतौर पर भाजपा ही जीतती है। 2009 में एक ही बार कांग्रेस के सज्जन वर्मा जीते हैं वर्ना लगातार भाजपा का कब्जा है। पहले … Read more

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार को मध्य प्रदेश के पिपरिया और 17 अप्रैल को दमोह में करेंगे सभा

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Prime Minister Narendra Modi will hold meetings in Pipariya, Madhya Pradesh on Sunday and Damoh on April 17. एक सप्ताह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मध्य प्रदेश में तीसरा दौरा। भोपाल। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चुनाव प्रचार के लिए सप्ताह में तीसरी बार रविवार को प्रदेश में आएंगे। वे होशंगाबाद लोकसभा क्षेत्र में आने नर्मदापुरम जिले के पिपरिया में जनसभा को संबोधित करेंगे। यहां से भाजपा के किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष दर्शन सिंह चौधरी प्रत्याशी हैं, जो पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं। यहां 26 अप्रैल को मतदान होना है। वहीं, दूसरे चरण के ही चुनाव में शामिल दमोह लोकसभा सीट के लिए 19 अप्रैल को दमेाह के इमलाई में सभा करेंगे। यह सभा पहले रहली विधानसभा के गढ़ाकोटा में प्रस्तावित थी, लेकिन शुक्रवार को स्थल परिवर्तन कर दमोह किया गया। यहां से राहुल लोधी को प्रत्याशी बनाया गया है। वह भी पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसके पहले सात अप्रैल को जबलपुर में रोड-शो किया था। इसके बाद बालाघाट में उनकी सभा हुई थी। पिपरिया में उनकी सभा से होशंबाद सीट के अतिरिक्त इससे लगी जबलपुर लोकसभा सीट को भी साधने की कोशिश है। वहीं, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे रतलाम आ सकते हैं। प्रचार थमने के एक दिन पहले छिंदवाड़ा में रोड-शो करेंगे अमित शाह प्रचार थमने के एक दिन पहले 16 अप्रैल को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह छिंदवाड़ा में रोड-शो करेंगे। इसके पहले यहां 12 अप्रैल को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की सभा हो चुकी है। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव पांच बार चुनाव प्रचार के लिए छिंदवाड़ा पहुंच चुके हैं। पिछली बार एकमात्र इस सीट पर कांग्रेस के नकुल नाथ जीते थे जो फिर मैदान में हैँ। कांग्रेस अपने इस गढ़ को बचाने के लिए पूरी ताकत से जुटी है।

छिंदवाड़ा में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की जन सभा

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Public meeting of BJP National President JP Nadda in Chhindwara लोकसभा चुनाव 2024 : छिंदवाड़ा से बंटी विवेक साहू को चुनाव मैदान में उतारा है। छिंदवाड़ा। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा शुक्रवार को सीधी व छिंदवाड़ा में भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में चुनावी सभा करेंगे। छिंदवाड़ा के दशहरा मैदान में संबोधित कर रहे हैं। छिंदवाड़ा से बंटी विवेक साहू को चुनाव मैदान में उतारा है।

लोकसभा चुनाव 2024: ग्राउंड रिपोर्ट ग्वालियर संसदीय क्षेत्र से, सहारा समाचार टीम

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Lok Sabha Elections 2024: Ground report from Gwalior parliamentary constituency, Sahara News Team ग्वालियर। ग्वालियर की लोकसभा सीट शुरू से ही काफी अहम रही है, क्योंकि विजयाराजे सिंधिया सहित राजघराने का हर सदस्य राजनीति से जुड़ा रहा। पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने भी अपनी राजनीतिक करियर की शुरुआत यहीं से की थी। कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार की घोषणा अभी हाल ही में की है, जबकि भाजपा पहले ही कर चुकी थी, लेकिन खास बात यह है कि कांग्रेस और बीजेपी दोनों ने ही ऐसे उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है, जो हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में हार चुके हैं। भाजपा ने भारत सिंह कुशवाहा को उम्मीदवार बनाया है। उन्हें विवेक नारायण शेजवलकर के स्थान पर मैदान में उतारा गया है। भारत सिंह कुशवाहा अभी हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में ग्वालियर ग्रामीण से चुनाव हारे थे। दूसरी तरफ कांग्रेस ने प्रवीण पाठक को उम्मीदवार बनाया है, जो विधानसभा चुनाव में ग्वालियर दक्षिण से पराजित हुए थे। दोनों उम्मीदवार पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा की कुशवाह समाज के साढ़े तीन लाख वोटरों पर नजर है। वहीं वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के करीबी होने का भी लाभ भारत सिंह कुशवाहा को मिला है। जबकि कांग्रेस ने प्रवीण पाठक को उम्मीदवार बनाकर शहर के वोटरों को साधने की कोशिश की है। क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र से कांग्रेस को विश्वास है कि विधानसभा चुनाव जीत दिलाने वाले लोकसभा में भी सहयोग करेंगे। इसलिए भाजपा को है जीत की उम्मीदग्वालियर लोकसभा क्षेत्र में सिंधिया परिवार के अलावा ठाकुर क्षत्रिय वोटर की अहम भूमिका रही है और 19 लोकसभा चुनाव में से सिंधिया परिवार के सदस्यों ने 8 बार जीत दर्ज की है। जबकि इसमें भी ठाकुर क्षत्रिय वोटर ने सहयोग किया है। इस बार भी ज्योतिरादित्य सिंधिया भाजपा में हैं और नरेंद्र सिंह तोमर के समर्थक को ही उम्मीदवार बनाया गया हैं। यहां से माधवराव सिंधिया कांग्रेस और मध्य प्रदेश विकास कांग्रेस के उम्मीदवार के तौर पर पांच बार निर्वाचित हुए, जबकि भाजपा के उम्मीदवार के तौर पर यशोधरा राजे सिंधिया दो बार यहां से निर्वाचित हुईं। इसके अलावा विजयाराजे सिंधिया भी एक बार यहां से चुनाव जीती हैं। कांग्रेस ने अंतिम बार 2004 में जीत दर्ज की थी। जब रामसेवक सिंह निर्वाचित हुए थे। यह बात अलग है कि सवाल पूछने के बदले पैसे लेने के आरोप में उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था लोकसभा चुनाव में दोनों नए चहरेलोकसभा चुनाव की दृष्टि से देखा जाए तो इस बार कांग्रेस व भाजपा दोनों ने ही नए चेहरे मैदान में उतारे हैं। दोनों के समीकरण भी एक समान हैं। क्योंकि विधानसभा चुनाव हारने के तुरंत बाद ही दोनों अपने लिए लोकसभा के लिए वोट मांग रहे हैं। भारत सिंह कुशवाहा राममंदिर और हमारा परिवार मोदी परिवार को लेकर आगे चल रहे हैं। वहीं प्रवीण पाठक लोकतंत्र बचाओ के साथ ही राहुल गांधी की यात्राओं में उठाए गए मुद्दों का वोटर के सामने रख रहे हैं। जातीय समीकरणभाजपा ने ग्वालियर में अपनी जीत के लिए जातिगत समीकरण पर दांव खेला है। इस संसदीय क्षेत्र से पूर्व मंत्री भारत सिंह कुशवाह को अपना उम्मीद्वार बनाया है। तकरीबन साढ़े तीन लाख कुशवाह वोटर के सहारे भाजपा जनाधार मजबूत करेगी। जबकि कांग्रेस ब्राह्मण व क्षत्रिय के गणित लेकर चल रही है। प्रवीण पाठक का मानना है कि 19.59 प्रतिशत अनुसूचित जाति और 5.5 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति के वोटर हैं, जिनका कांग्रेस पर पूरा भरोसा है। जबकि ब्राह्मण समाज के 18 प्रतिशत से ज्यादा वोटर पर भी उन्हें पूरा विश्वास है। वहीं 25 प्रतिशत से ज्यादा पिछड़ा वर्ग भी कांग्रेस का समर्थन देगा। क्योंकि इसका प्रभाव विधानसभा चुनावो में देखने को मिला है। इस जातीय समीकरण के कारण ही भाजपा के द्वारा पूरी ताकत लगाने के बाद भी आधी सीटें विधानसभा की तीने में सफलता मिली थी। ग्वालियर संसदीय सीट में 8 विधानसभाग्वालियर संसदीय क्षेत्र में आने वाली आठ विधानसभाओं में से कांग्रेस व भाजपा के पास चार-चार विधायक हैं। यदि विधानसभा चुनाव का ट्रेंड रहता है तो भाजपा व कांग्रेस के बीच मुकाबला काफी कड़ा होगा और हार जीत का अंतर बड़ा नहीं होगा। इस क्षेत्र में विधानसभा चुनाव में भाजपा को 6 लाख 96 हजार 246 वोट मिले हैं, जबकि कांग्रेस को 6 लाख 82 हजार 233 वोट मिले हैं। इस हिसाब से मुकाबला कड़ा है। इसके अनुसार भाजपा को 14 हजार 13 वोट ही अधिक मिले हैं। ग्रामीण क्षेत्र की तीन सीटें कांग्रेस के पास हैं, जबकि भाजपा के पास दो सीट हैं। कांग्रेस ग्रामीण क्षेत्र में ज्यादा मजबूत है। वोट भी अधिक मिला है, लेकिन शहरी मतदाताओं के बीच भाजपा मजबूत है। शहर में तीन सीटे हैं, जिनमें कांग्रेस के पास एक सीट है। पोहरी विधानसभा में कांग्रेस प्रत्याशी ने 49 हजार 481 वोट से भाजपा के मंत्री को हराया था। जबकि भाजपा भितरवार और ग्वालियर विधानसभा में मजबूत है। इन विधानसभा को भाजपा ने बड़े अंतर से जीता था। डबरा, ग्वालियर दक्षिण व करैरा में मुकाबले करीबी रहे हैं। ग्वालियर संसदीय चुनाव में मुद्देइस संसदीय सीट की खास बात यह रही है कि यहां विकास के कोई मुद्दे नहीं रहे हैं। चाहे माधव राव सिंधिया ने विकास के नाम पर वोट मांगे हों। उस समय व्यक्ति के चेहरे पर लोगों ने वोट दिया था। क्योंकि मुद्दे विधानसभा चुनावो में ही इतने उठ जाते हैं कि लोकसभा में लोग सिर्फ चेहरे देखते हैं। यहां ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के मुद्दे को लेकर ही वोटिंग होती रही है। इस बार प्रवीण पाठक शहर से और भारत सिंह कुशवाह ग्रामीण क्षेत्र से आते हैं। भाजपा हमेशा शहरी क्षेत्र से उम्मीदवार बनाती रही है और लगातार जीतती रही है। इस बार ग्रामीण क्षेत्र से भाजपा ने और शहरी क्षेत्र से कांग्रेस ने टिकिट दिया। यही सबसे बड़ा मुद्दा रहेगा, लेकिन यह मुद्दा कितना कारगर रहेगा यह तो चुनाव बाद ही मालुम होगा। क्योंकि माहौल इस समय भाजपा के पक्ष में है।

लोकतंत्र को नोटतंत्र के जरिए खरीदना चाह रहे नकुलनाथ : विजयवर्गीय

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Nakulnath wants to buy democracy through demonetization: Vijayvargiya भोपाल। कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं का चरित्र ही रहा है कि वह जनमत पर भरोसा नहीं करते। यही कार्य छिंदवाड़ा लोकसभा क्षेत्र में कांग्रेस और कांग्रेस के लोकसभा प्रत्याशी नकुलनाथ कर रहे हैं। कांग्रेस छिंदवाड़ा में लोकतंत्र को नोटतंत्र के जरिए खरीदने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस सोचती है अब भी बांटो और राज करो चलेगा। कांग्रेस ने पहले देश बांटकर राज किया, अब छिंदवाड़ा को अपना गढ़ समझने वाले नकुलनाथ पैसा बांटकर राज करना चाहते हैं। मतदाता भगवान है और भगवान को खरीदने की सोचने वाली कांग्रेस रंगे हाथ पकड़ी गई है। यह बात प्रदेश शासन के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने छिंदवाड़ा में जिला कांग्रेस महामंत्री गिरीश साहू के बिसापुर गांव में रूपए बांटते पकड़े जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कही। विजयवर्गीय ने कहा कि न्याय-पत्र के झूठे वादे चले नहीं तो सोनिया गांधी और राहुल गांधी के नेता पैसों से बोली लगाकर लोकतंत्र के भगवान को खरीदने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं। भाजपा इस मुद्दे को लेकर चुनाव आयोग पहुंचकर शिकायत दर्ज करायेगी और कांग्रेस और नकुलनाथ के ठिकानों की जांच करने की मांग करेगी। कांग्रेस का लोकतंत्र पर विश्वास ही नहीं: मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि कांग्रेस पार्टी धनबल के आधार पर चुनाव को प्रभावित करने का प्रयास कर रही है। नोट बांटने का खुलासा होने से यह सिद्ध हो गया है कि कांग्रेस ने अपनी हार स्वीकार कर ली है और वह लोगों को पैसों का लालच देकर खरीदने में जुटी है। कांग्रेस का लोकतंत्र पर विश्वास ही नहीं है। कांग्रेस पार्टी पहले नोट देकर वोट खरीदने का प्रयास करती है, जब चुनाव हार जाती है तो ईवीएम पर ठीकरा फोड़ती है।

ग्राउंड रिपोर्ट: जबलपुर में भाजपा के आशीष लैंड लार्ड, कांग्रेस के दिनेश मांग रहे ‘एक नोट-एक वोट’

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Ground report: BJP’s Ashish Land Lord, Congress’s Dinesh are demanding ‘one note-one vote’ in Jabalpur भोपाल। जबलपुर लोकसभा सीट में भाजपा-कांग्रेस के बीच मुकाबला तो है लेकिन पलड़ा भाजपा का भारी है। ऐसा पहली बार नहीं है, भाजपा यहां लगातार जीत भी दर्ज करती आ रही है। 1991 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के श्रवण पटेल पहली बार मामूली अंतर 6 हजार 722 वोटों के अंतर से भाजपा के बापूराव परांजपे को हरा कर चुनाव जीते थे। इसके बाद से सीट पर भाजपा का कब्जा है और कांग्रेस एक अदद जीत के लिए तरस रही है। 1996 और 1998 के दो चुनाव बापूराव परांजपे ने जीते और 1999 में जयश्री बनर्जी ने जीत दर्ज की। इसके बाद 2004, 2009, 2014 और 2019 में भाजपा की ओर से लगातार राकेश सिंह ने कमल खिलाया। राकेश सिंह ने पिछला चुनाव साढ़े 4 लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से जीता। मौजूदा माहौल देखकर कहा जा रहा है कि जीत का यह आंकड़ा और बढ़ने वाला है। लगातार चार जीत दर्ज करने वाले राकेश सिंह इस बार जबलपुर से मैदान में नहीं हैं। पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर वे विधानसभा का चुनाव लड़े थे और इस समय राज्य सरकार में पीडब्ल्यूडी मंत्री हैं। उनके स्थान पर भाजपा ने बिल्कुल नए चेहरे आशीष दुबे को प्रत्याशी बनाया है। वे तीन बार से विधानसभा का टिकट मांग रहे थे लेकिन मिला नहीं। उन्होंने ज्यादा संगठन में काम किया है और अब लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं। अपनी छवि के कारण आशीष भाजपा की पसंद बने हैं। वे कभी विवादों में नहीं रहे। उनकी बेदाग और निर्विवाद छवि है। आशीष की पारिवारिक पृष्ठभूमि भाजपाई है। उनकी गिनती जबलपुर के लैंड लार्ड के तौर पर होती है। कांग्रेस के दिनेश यादव भी पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ रहे हैं। वे प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री हैं। इससे पहले वे पार्षद और नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष रहे हैं। कांग्रेस की ओर से वे महापौर का चुनाव भी लड़ चुके हैं। उनकी छवि भी अच्छी है लेकिन वे भाजपा के आशीष से काफी पिछड़ते दिखाई पड़ रहे हैं। जबलपुर में भाजपा जैसी जीत दर्ज करती है, उसे देखकर स्पष्ट है कि यहां जातीय और सामाजिक गणित फेल हो जाते हैं। बावजूद इसके कांग्रेस को जातीय आधार पर ही वोट मिलने की संभावना है। भाजपा द्वारा कराए गए काम बने चुनाव का मुद्दाजबलपुर प्रदेश का महानगर है, इसलिए यहां राष्ट्रीय और प्रादेशिक मुद्दो ंका खासा असर है। इसके साथ यहां सरकार द्वारा कराए गए काम भी मुद्दा बने हुए हैं। गांव-गांव तक सड़कों की कनेक्टिविटी अच्छी हुई है। सड़कों का जाल बिछा है। 4-5 फ्लाई ओवर बन कर तैयार हुए हैं। एक बड़ा फ्लाई ओवर बन रहा है। अन्य क्षेत्रों में भी केंद्र और राज्य सरकार ने काफी काम किए है। भाजपा मोदी और राम लहर के साथ इन कामों को मुद्दा बना रही है। भाजपा के आशीष पारिवारिक संबंधों का हवाला देकर भी समर्थन मांग रहे हैं। कांग्रेस अपनी 19 माह की सरकार के कार्यों को गिना रही है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस किस तरह सभी किसानों का कर्ज माफ करने जा रही थी लेकिन भाजपा ने इसे रोक दिया। केंद्र एवं राज्य सरकार की महंगाई और रोजगार को लेकर नाकामिंया भी बताई जा रही है। कांग्रेस के 5 न्याय और 24 गारंटियों का प्रचार प्रसार किया जा रहा है। कांग्रेस के दिनेश को यादव समाज से भी काफी उम्मीद है। विधानसभा में भाजपा को हासिल है बड़ी बढ़तप्रदेश की कई अन्य सीटों की तरह जबलपुर में भी भाजपा को विधानसभा में बड़ी बढ़त हासिल है। लोकसभा क्षेत्र की 8 में से 7 विधानसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा है जबकि कांग्रेस के पास सिर्फ एक सीट है। 4 माह पहले हुए चुनाव में भाजपा ने पाटन, बरगी, जबलपुर उत्तर, जबलपुर कैंट, जबलपुर पश्चिम, पनागर और सिहोरा विधानसभा क्षेत्रों में बड़े अंतर से जीत दर्ज की है जबकि कांग्रेस सिर्फ जबलपुर पूर्व सीट ही जीत सकी है। जबलपुर पूर्व में कांग्रेस के लखन घनघोरिया 27 हजार 741 वोटों के अंतर से जीते हैं जबकि सातों सीटों में भाजपा की जीत का अंतर 2 लाख 36 हजार 359 वोट है। साफ है कि भाजपा को विधानसभा चुनाव से ही 2 लाख से ज्यादा वोटों की बढ़त हासिल है। कांग्रेस के लिए इस अंतर को पाटना बड़ी चुनौती है। जबलपुर जिले को मिलाकर बनी लोकसभा सीटजबलपुर लोकसभा सीट का भाैगोलिक एरिया बाहर नहीं गया। इसके तहत आने वाली सभी 8 विधानसभा सीटें जबलपुर जिले की ही हैं। जातीय आधार पर जरूर हर विधानसभा सीट की अलग-अलग स्थिति है। किसी सीट में दलित और आदिवासी ज्यादा हैं तो किसी में पिछड़े और ब्राह्मण। कुल मिलाकर दबदबा भाजपा का ही है। 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने अच्छा प्रदर्शन किया था। तब भाजपा और कांग्रेस को बराबर 4-4 सीटें मिली थीं। बावजूद इसके 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा के राकेश सिंह 4 लाख 54 हजार 744 वोटों के बड़े अंतर से जीते थे। अब तो विधानसभा में भी भाजपा का पलड़ा भारी है। माहौल भी भाजपा का है। ऐसे में यदि भाजपा के जीत का अंतर और बढ़ने की संभावना व्यक्त की जा रही है तो गलत नहीं है। वैसे भी जबलपुर में भाजपा की जीत का अंतर हर चुनाव में बढ़ता ही गया है। क्षेत्र में ब्राह्मण, दलित, पिछड़े वर्ग का दबदबाजबलपुर लोकसभा सीट में आमतौर पर जातीय आधार पर मतदान नहीं होता। सामाजिक समीकरण फेल होने की वजह से यहां हार-जीत का अंतर ज्यादा होता है। लोकसभा क्षेत्र में ब्राह्मण, पिछड़ा वर्ग और दलित वर्ग के मतदाताओं का दबदबा है। ब्राह्मण एकमुश्त भाजपा के खाते में जा सकते हैं जबकि पिछड़े वर्ग का एक हिस्सा कांग्रेस को मिल सकता है। भाजपा प्रत्याशी ब्राह्मण और कांग्रेस प्रत्याशी पिछड़े वर्ग से हैं। क्षेत्र में मुस्लिम और आदिवासी वर्ग के मतदाताओं की तादाद भी काफी है। इनमें मुस्लिम का अधिकांश वोट कांग्रेस के पक्ष में जा सकता है जबकि दलित और आदिवासी मतों में बंटवारा होगा। हालांकि इनका ज्यादा हिस्सा भी भाजपा के पक्ष में ज्यादा जाने की संभावना है। क्षेत्र के वैश्य, क्षत्रिय एवं अन्य जाितयों में भाजपा का दबदबा देखने को मिल रहा है।

भाजयुमो ने प्रदेश के सभी मंडलों पर मनाया भाजपा स्थापना दिवस

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BJYM celebrated BJP Foundation Day in all the divisions of the state भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस के अवसर पर भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री वैभव पवार ने भोपाल में वार्ड क्रमांक 50 के बूथ क्रमांक 202 पर महापुरुषों की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यकर्ताओं को मिठाई खिलाई व कार्यकर्ताओं के यहां घर-घर पार्टी का झंडा लगाया। इस अवसर पर उन्होंने युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं के साथ संगठन के माइक्रो डोनेशन अभियान में सहभागिता कर नमो ऐप के माध्यम से डोनेशन किया।उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सेवा ही संगठन के भाव को समर्पित संगठन है। राष्ट्र सेवा और जन सेवा ही हमारे मूल सिद्धांत हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि 5 रुपये से लेकर 2000 रुपये तक यथा संभव माइक्रो डोनेशन अभियान में सहभागी बनकर संगठन को और अधिक सशक्त बनाने में अपना योगदान दें।उन्होंने कहा कि युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं ने पूरे उत्साह के साथ प्रदेशभर में स्थापना दिवस मनाया है और माइक्रो डोनेशन अभियान में सहभागिता की। उन्होंने कहा कि यह स्थापना दिवस हम सभी कार्यकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भाजपा को निरंतर मिल रहे अपार जनसमर्थन के साथ हम सभी को मिलकर मोदी जी के विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करने के लिए अपनी भूमिका निभाना है। प्रदेश अध्यक्ष ने इंदौर संभाग में की बैठक मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष श्री वैभव पवार शनिवार को इंदौर पहुंचे और उन्होंने इंदौर संभाग के युवा मोर्चा पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। उन्होंने बैठक में कहा कि युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं ने बीते चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। जिसका उल्लेख हमारी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने भी पूरे मन से किया था। हमें इस बार भी लोकसभा चुनाव में दोगुनी ताकत के साथ संगठन कार्यों को सिद्धि तक पहुंचाना है।उन्होंने कहा कि हम सभी कार्यकर्ताओं को इस बात का गर्व होना चाहिए कि हमें माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के रूप में एक सशक्त नेतृत्व मिला है। आज विदेशों में भी भारत का डंका बज रहा है। उन्होंने कहा कि जिस अंत्योदय की बात हमारे महापुरुषों ने सोची थी आज उसे मोदी जी के नेतृत्व में हम पूरा होते देख रहे हैं। इसलिए हम सभी मोर्चा कार्यकर्ताओं का भी ये दायित्व बनता है कि हम लाभार्थियों से संपर्क करें उन तक मोदी जी की राम राम भी पहुंचाएं और बदलते भारत की चर्चा युवाओं के साथ करें। उन्होंने कहा कि नवमतदाताओं को इस बात से जरूर अवगत कराएं कि कांग्रेस शासन में देभ की स्थिति क्या थी और मोदी जी के नेतृत्व में आज स्थिति कितनी बदल गयी है।

विदिशा संसदीय क्षेत्र में 3 दशक में बहुत कुछ कबाड़ा हो चुका है, उसे ठीक करना है

A lot of junk has happened in Vidisha parliamentary constituency in last 3 decades, it has to be rectified. विदिशा-रायसेन लोकसभा से कांग्रेस प्रत्याशी प्रतापभानु शर्मा से ‘पुष्पेन्द्र अहिरवार’ का ‘चुनावी साक्षात्कार’ ये भी बोले शर्मा? पुष्पेन्द्र अहिरवार.भोपाल/विदिशा। विदिशा-रायसेन संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस पार्टी ने दो बार सांसद रहे प्रतापभानु शर्मा को फिर से प्रत्याशी बनाकर उतारा है। यह सीट आजादी के बाद से ही कांग्रेस के लिए मुश्किल भरी रही है। यहां कुल 15 लोकसभा चुनाव में से कांग्रेस दो बार जीतने में कामयाब रही। यह सीट पर अटल विहारी वाजपेयी और रामनाथ गोयनका, जैसी शंखसियत को संसद भेज चुकी है। इस सीट से शिवराज सिंह चौहान भी जननेता के रूप में अपनी पहचान बनाने में कामयाब रहे हैं। हालही में तथाकथित राजनैतिक वनवास खत्म कर शिवराज सिंह चौहान फिर से मैदान में हैं। उनके मुकाबले के लिए कांग्रेस से पूर्व सांसद प्रतापभानु शर्मा हैं। शर्मा इस सीट पर 33 साल बाद चुनावी मैदान में उतरे हैं। वे 1980 और 1984 में सांसद चुने गए थे। अब वादाखिलाफी बहुत हो चुकी है। इसके चलते बदलाव बेहद जरूरी है। विदिशा संसदीय क्षेत्र में 3 दशक में बहुत कुछ कबाड़ा हो चुका है। उसको ठीक करने के लिए प्रताप भानू को फिर हथियार उठाने पड़ंेगे। वे हरिभूमि और आईएनएच चैनल के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी से ‘चुनावी संवाद’ कार्यक्रम में अपनी बात रख रहे थे। उनसे सीधी बात सवाल: आप लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं, आपकी क्या है चुनावी रणनीति?जवाब: मैं कांग्रेस पार्टी का अिधकृत प्रत्याशी हूं। पूरी दमखम से चुनाव लड़ रहा हूं और जीतूंगा भी। भाजपा ने जिस प्रत्याशी को मेरे सामने उतारा है, उन्होंने अपने संसदीय और मुख्यमंत्रित्व काल में ऐसा कुछ भी नहीं किया, जिसका उल्लेख किया जाए। उनकी कथनी और करनी में कितना अंतर है, यह जनता समझ चुकी है। लोकल मुद्दे इतने हो गए हैं कि उसका कोई सही प्रतिनिधित्व नहीं कर रहा है। बेतवा नदी की शुद्धि के लिए शिवराज ने 20 साल पहले कहा था, जो आज तक नहीं हुआ। उद्योग आएंगे, वे भी नहीं आए। मनमोहन सिंह के कार्यकाल में यहां की सांसद सुषमा स्वराज को रेल कारखाना दिया था, जिसका अिस्तत्व नहीं दिख रहा। रोजगार का मुद्दा वहीं का वहीं है। किसानों को फसल के दाम नहीं मिल रहे। महंगाई का मुद्दा तो बना ही हुआ है। ये सब स्थानीय मुद्दे हैं जिनसे लोग परेशान हैं। सवाल: जब शिवराज के प्यादे चुनाव जीत जाते हैं तो अब वजीर खुद मैदान में हैं, कैसे आप जीतेंगे?जवाब: क्षेत्र की जनता जनार्दन को समझने की जरूरत है। 30 साल के सांसद या मुख्यमंत्री के रूप में शिवराज ने हमारे क्षेत्र को क्या दिया। नौजवाब को रोजगार के लिए कितने उद्योग लगाए। नेता तो आते-जाते रहते हैं, लेकिन जनता तो वहीं की वहीं खड़ी है। जनता के आशीर्वाद से हम जीतेंगे। नेता तो स्वार्थ की सौदेबाजी करते रहते हैं। भाजपा ने तो ‘दलबदल सेल’ खोल दिया है, यह कितना शर्मनाक है। भ्रष्टाचार के आवरण में भाजपा ढकी हुई है। लोगों को लालच देकर खरीद रही है। हो सकता है कि शशांक भार्गव हारने के बाद टेंशन आए हों तो वे भाजपा में फोटो खिंचाने चले गए। 50 साल के अनुभव से कह सकता हूं कि जिस तरह की गंदी राजनीति चल रही है, ऐसी कभी नहीं हुई। जब जनता ने ही तय कर लिया कि हमें बदलाव लाना है तो नेताओं के आने-जाने से कुछ नहीं होगा। सवाल: विधानसभा चुनाव के दौरान भी उतना ही आत्मविश्वास था, जितना आज है, इतना आत्मविश्वास कहां से लाते हैं?जवाब: हम वक्त की कसौटी पर खरे उतरे हैं। क्षेत्र की कसौटी पर खरे उतरे हैं। मप्र में हमारी सरकार रही है। अभी हमारा प्रयास सरकार बनाने का था, लेकिन किसी कारणवश नहीं बना पाए। इसके कई कारण रहे हैं। प्रत्याशियों ने कई शिकायतें की। सबसे ज्यादा ईवीएम की शिकायतें की, जिनपर चुनाव आयोग मौन रहा है। परिणामों में हेराफेरी की शिकायतें भी आई हैं। यह सब आपने भी देखा है। ईवीएम पर नजर रखना बहुत जरूरी है। क्योंकि पूरा खेल और हेराफेरी इसी से संभव है। ईवीएम का मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर उठ रहा है, यह हमें कहने की जरूरत नहीं है। सवाल: उसी ईवीएम से ही चुनाव हो रहे हैं तो आपके लिए गुंजाइश कहां बची है?जवाब: ईवीएम पर कड़ी निगाह रखेंगे। अब ईवीएम में हेराफेरी बिल्कुल नहीं होने देंगे। यदि हुआ तो उसके लिए कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। अब हाथ पर हाथ धरे कांग्रेस नहीं बैठे रहेगी। क्योंकि अब नेता और जनता इस बात को अच्छी से समझ चुकी है। पार्टी ने चुनाव आयोग से लेकर सुप्रीम कोर्ट में मुद्दे उठाए हैं। आगे भी लड़ाई लड़ंेगे। हमने चुनाव आयोग से कहा है कि ईवीएम से परिणाम दे रहे हैं, उसके साथ वीवीपेट की पर्ची की भी काउंटिंग की जाए, भले ही दो दिन लग जाएं, तभी परिणाम आएं। इससे डिजीटल टेक्नोलॉजी के दुरुपयोग को लेकर लोगों में जो शंका है, वह दूर हो जाएगी। अगर मैं कांग्रेस को वोट दे रहा हूं, वो हमें नहीं मिल रहा है तो यह हमारे मताधिकार का हनन है। सवाल: आपके नेता तो पार्टी छोड़ रहे हैं, फिर कैसे जीत रहे हैं आप?जवाब: देखिए, भाजपा सारे साम-दाम-दंड अपनाकर हमारे नेताओं को तोड़ रही है। ईडी, सीबीआई का डर दिखाया जा रहा है। यह भाजपा का छलकपट जनता देख रही है, वही इसका इस बार जवाब देगी। मेरा मानना है कि इस चुनाव के बाद दलबदलुओं की कोई औकात नहीं रहेगी। कोई 17 हजार कार्यकर्ता या नेता भाजपा में नहीं गए। मेरा दावा है कि भाजपा इन 17 हजार लोगों की लिस्ट प्रकाशित करे, तभी सच्चाई सामने आएगी। कुछ लोग पद या कमाने के लालच से सौदेबाजी करके गए हैं। यदि इस बार दिल्ली में सरकार बदली तो यही जाने वाले नेता उल्टी नाक से पांव रगड़ेंगे, ये मेरा दावा है। सवाल: शिवराज 10 लाख वोटों से जीतने का दावा कर रहे हैं तो आपका क्या होगा?जवाब: उनकी हवाहवाई बात करने की, घोषणावीर होने की पुरानी आदत है। मेरा दावा है कि वे 1 लाख से ज्यादा वोटों से हारेंगे। मप्र का इतिहास देख लीजिए कोई 10 लाख मतों से नहीं जीता। इसी से अंदाजा लगा लीजिए यह कितनी फर्जी … Read more

कांग्रेस को लग सकता है बड़ा झटका, सीएम मोहन से मिलने पहुंचे विधायक कमलेश शाह

Congress may face a big blow, MLA Kamlesh Shah arrives to meet CM Mohan लोकसभा चुनाव 2024 : छिंदवाड़ा में कांग्रेस को बड़ा झटका लग सकता है. अमरवाड़ा विधायक कमलेश शाह शुक्रवार को सीएम मोहन यादव से मिलने के लिए भोपाल पहुंचे हैं.कमलनाथ के गढ़ छिंदवाड़ा में कांग्रेस को बड़ा झटका लग सकता है. मुख्यमंत्री निवास में सीएम डॉ. मोहन यादव से मुलाकात करने अमरवाडा विधानसभा के विधायक कमलेश शाह भोपाल पहुंचे हैं. वे आज बीजेपी में शामिल हो सकते हैं.

शिवराज मामा को निपटाने में लगे हैं CM मोहन यादव ,नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार

CM Mohan Yadav is busy in settling Shivraj uncle, Leader of Opposition Umang Singhar दोनों के बीच कबड्डी चल रही…MP में नेता प्रतिपक्ष का बयान मंडला ! नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा, शिवराज मामा अभी बड़े परेशान हैं. अभी मोहन यादव शिवराज मामा की कबड्डी चल रही है. CM मोहन यादव, शिवराज मामा को निपटाने में लगे हैं. एक-दूसरे की फाइल ढूंढने-छानने में लगे हैं. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव मंडला में कांग्रेस प्रत्याशी ओंकार सिंह मरकाम के पक्ष में जनसभा करने पहुंचे. इस दौरान नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी और BJP पर जमकर हमला किया. वहीं, नेता प्रतिपक्ष ने मंच से कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज चौहान के बीच कबड्डी चल रही है. दोनों एक दूसरे को निपटाने में लगे हुए हैं.  नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने कहा, कोई घोटाले छिपाने के लिए वल्लभ भवन में आग लगवा रहा है तो कोई नए घोटाले तैयार कर रहा है. इसके साथ ही उन्होंने पिछले दिनों महाकाल में भस्म आरती के दौरान लगी आग को लेकर भी तंज करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री उज्जैन से ही आते हैं लेकिन महाकाल के गर्भगृह में ही आग लग गई. यह प्रकोप महाकाल बाबा उज्जैन से देना ही चालू कर रहे हैं. जीतू पटवारी ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री मोदी पर जमकर हमला बोला और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 के पहले जो भी वादे किए थे, उनमें से एक भी नहीं किया . साथ ही मंडला लोकसभा क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी और केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते पर भी आरोपों की झड़ी लगा दी.

दीपक सक्सेना के घर पहुंच विजयवर्गीय CM मोहन ने बंद कमरे में की गुफ्तगू

Vijayvargiya CM Mohan reached Deepak Saxena’s house and chatted in a closed room. बुधवार को भाजपा प्रत्याशी विवेक बंटी साहू की नामांकन रैली के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव नगरी प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय मंत्री प्रहलाद पटेल और अन्य नेताओं ने पूर्व मंत्री दीपक सक्सेना से मुलकात की। छिंदवाड़ा। लोकसभा चुनाव में पूर्व मंत्री दीपक सक्सेना का गृह ग्राम रौहना राजनीति का केंद्र बन चुका है। बुधवार को भाजपा प्रत्याशी विवेक बंटी साहू की नामांकन रैली के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव नगरी प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय मंत्री प्रहलाद पटेल और अन्य नेता मौजूद रहे। पूर्व मंत्री दीपक सक्सेना ने काफी देर तक मुख्यमंत्री मोहन यादव से चर्चा की। बीते दिनों पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ भी रोहना गए थे और काफी देर तक चर्चा की थी। दीपक सक्सेना ने हाल ही में कांग्रेस के सभी पदों से इस्तीफा दिया था। जिसके बाद से ही उनकी स्थिति स्पष्ट नहीं है

छिंदवाड़ा में सांसद नकुल नाथ ने दाखिल किया नामांकन

MP Nakul Nath filed nomination in Chhindwara लोकसभा चुनाव 2024 : नामांकन रैली व मानसरोवर कॉम्प्लेक्स के सामने आयोजित जनसभा में कमल नाथ के अलावा मां पूर्व सांसद अलका नाथ, जीतू पटवारी और उमंग सिंघार मौजूद रहेंगे। दीपक सक्‍सेना ने कहा कि वे नकुल नाथ की नामांकन रैली में मौजूद रहेंगे। छिंदवाड़ा। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के बेटे और सांसद नकुल नाथ आज नामांकन केे पहले पूजा अर्चना की। इस दौरान कमल नाथ की पत्नी और पूर्व सांसद अलका नाथ भी मौजूद रहीं। पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी , विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार और पूर्व मंत्री दीपक सक्सेना शामिल होंगे। दीपक सक्सेना ने हाल ही में कांग्रेस से सभी पदों से इस्तीफा दिया है और उनके बेटे अजय सक्सेना ने भाजपा की सदस्यता ली है। लेकिन कमल नाथ ने सोमवार को दीपक सक्सेना से मुलाकात की जिसके बाद अब वो रैली में शामिल होंगे। मानसरोवर कॉम्प्लेक्स के सामने आयोजित जनसभा में उपस्थित होने के उपरांत सांसद नकुलनाथ कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर नामांकन पत्र जमा करेंगे। सांसद कार्यालय द्वारा प्रदत्त जानकारी के अनुसार 26 मार्च को सांसद नकुल नाथ व पूर्व सीएम कमल नाथ नामांकन रैली व मानसरोवर कॉम्प्लेक्स के सामने आयोजित जनसभा में उपस्थित होंगे। तदोपरांत सांसद नकुलनाथ कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। तत्पश्चात पूर्व सीएम कमल नाथ जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा निर्धारित कार्यक्रमों में सम्मिलित होंगे।

कांग्रेस की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है पूर्व विधायक मनोज चावला ने कांग्रेस छोड़ी भाजपा की सदस्यता ग्रहण कि

Congress’s troubles are showing no signs of abating; former MLA Manoj Chawla left Congress and joined BJP. आलोट के पूर्व विधायक मनोज चावला कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हो गए। उनके साथ ही कांग्रेस नेता प्रमोद गुगलिया ने भी भाजपा की सदस्यता ली। रतलाम। लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस नेताओं का पार्टी छोड़ने का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में शनिवार को कांग्रेस नेता व आलोट विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक मनोज चावला और कांग्रेस नेता प्रमोद गुगलिया ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा ज्वाइन कर ली। दोनों नेता होटल रूद्र पैलेस स्थित भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक में पहुंचे। जहां मुख्यमंत्री मोहन यादव की उपस्थिति में दोनों को भाजपा की सदस्यता ग्रहण करवाई गई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया विरोधमनोज चावला के कांग्रेस छोड़ने के बाद पार्टी में उनका विरोध भी शुरू हो गया है। रतलाम के नामली नगर में कांग्रेस नेताओं ने पोस्टर में लगे मनोज चावला के मुंह पर कालिख पोतकर विरोध दर्ज करवाया। नामली में कांग्रेस नेताओं ने पोस्टर में लगे आलोट के पूर्व विधायक मनोज चावला के फोटो पर पोती कालिख बड़े पद पर रहे हैं गुगालियाइधर, कांग्रेस नेता प्रमोद गुगलिया कई अहम पदों पर रहे हैं। वे मप्र कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव और पूर्व प्रदेश मीडिया प्रभारी रहे हैं। साथ ही केन्द्र सरकार के सूचना प्रसारण मंत्रालय, रेल मंत्रालय व कपड़ा मंत्रालय के बोर्ड में डायरेक्टर व सदस्य की जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

महा रण 2024 … सोशल मीडिया ने बिगाड़ा प्रचार का स्तर

Maha Ran 2024… Social media spoiled the level of publicity भोपाल। वर्तमान लोकसभा चुनाव में सबसे बड़ी भूमिका सोशल मीडिया की दिखाई दे रही है। जबकि इस समय सोशल मीडिया की सत्यता की न तो किसी प्रकार से जांच की जा रही है और न ही उस पर किसी प्रकार का एक्शन। जबकि इस समय जो सूचना प्रोद्योगिकी चल रही है, उससे लाभ ज्यादा हैए लेकिन चुनाव प्रचार में उसका उपयोग कई राजनीतिक दल गलत जानकारी देकर या असत्यता पर आधारित खबर देकर भ्रम की स्थिति पैदा कर देते हैं। इससे मतदाता किसी के बारे में सही और गलत का आंकलन नहीं कर पाता है। चुनाव से सबंधित जो लोग व्यवस्था देख रहे हैं, उन्हें इस पर नजर रखना चाहिए। वर्ना चुनाव का ढांचा बिगड़ता चला जाएगा और सोशल मीडिया का उपयोग करना लोग छोड़ देंगे। सोशल मीडिया का लाभ भी इतना है कि किसी भी जानकारी के लिए दूसरे दिन का इंतजार नहीं करना पड़ता। पूरे देश में एक पल में खबर इधर से उार हो जाती है। 25.30 साल पहले की बात ही अलग थीसोशल मीडिया का जब दौर नहीं था, तब आपसी चर्चा और अखबार और पर्चों को पढ़कर ही चुनाव प्रचार का अंदाजा लगाया जाता था। उम्मीदवार भी शलीनता से मिलने और अखबार वालों को अपनी बात समझाने आते थे। उस दौरान झूठ और सही के बीच भेद मालुम पड़ जाता था और लोग भी ध्यान रखते थे। इस समय सोशल मीडिया पर झूठ इस प्रकार परोसा जा रहा है कि लोगों को समझ नहीं आ रहा कि क्या करें।

देश में लोकतंत्र का गला घोटा जा रहा है, दिग्विजय , जहां से पार्टी कहेगी वहां से चुनाव लडूंगा

Democracy is being strangled in the country, Digvijay, I will contest elections from wherever the party asks. पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने केंद्र की भाजपा सरकार पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश में अघोषित आपातकाल है। साथ ही ईवीएम और इलेक्टोरल बांड को लेकर भी सवाल उठाए। भोपाल ! प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने शुक्रवार को मीडिया को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार और भाजपा पर जमकर हमला बोला। पूर्व सीएम ने कहा कि देश में लोकतंत्र का गला घोटा जा रहा है। देश में अघोषित आपातकाल है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के अकाउंट फ्रीज किए गए ताकि कांग्रेस चुनाव न लड़ पाए। कांग्रेस पंपलेट न छाप पाए। कांग्रेस के प्रत्याशियों को पैसा ना दे पाए। पूर्व सीएम ने कहा कि अन्य किसी पार्टी को इनकम टैक्स नहीं देना है। सिर्फ कांग्रेस पार्टी से इनकम टैक्स लेने का प्रावधान हुआ है। पूर्व सीएम ने इलेक्टोरल बांड को लेकर भाजपा पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि मोदी की गारंटी हफ्ता वसूली है। चंदा दो धंधा लो। कोविड में नकली दवाई बनाने वालों से भी चंदा लेकर उन्हें छोड़ा गया।

कांग्रेस को एक और झटका, BJP में शामिल होने कई बड़े नेता पहुंचे भोपाल

Another blow to Congress, many big leaders reached Bhopal to join BJP लोकसभा चुनाव के पहले चरण की नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। राजनीतिक पार्टियों के प्रत्याशी समेत अन्य उम्मीदवार 27 तक नामांकन कर सकेंगे। जानिए, इससे पहले मप्र में क्या हो रहा है? लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को मप्र में आज एक बार फिर बड़ा झटका लगने वाला है। कांग्रेस के कई बड़े नेता भाजपा में शामिल होने के लिए भोपाल पहुंच गए हैं। इनमें पूर्व सांसद देवराज सिंह पटले और पूर्व विधायक यादवेंद्र सिंह समेत कई नेता शामिल हैं। सतना के ये नेता भाजपा में होंगे शामिल

प्रदेश कांग्रेस उपाध्‍यक्ष लालचंद गुप्‍ता भाजपा में शामिल

Madhya Pradesh Congress Vice President Lalchand Gupta joins BJP मध्‍य प्रदेश कांग्रेस के उपाध्‍यक्ष लालचंद गुप्‍ता ने सीएम डॉ मोहन यादव की मौजूदगी में भाजपा की सदस्‍यता ली। सीधी। मध्‍य प्रदेश कांग्रेस के उपाध्‍यक्ष लालचंद गुप्‍ता भाजपा में शामिल हो गए हैं। उनके साथ ही नागौद सतना से कांग्रेस के विधायक रहे यादवेंद्र सिंह के भी भाजपा की सदस्‍यता लेने की अटकलें चल रही हैं।लालचंद गुप्‍ता ने सीधी में मुख्‍यमंत्री डॉ मोहन यादव की सभा के दौरान अपने 150 समर्थकों के साथ भाजपा की सदस्‍यता ली। यादवेंद्र सिंह के भी जल्‍द भाजपा का दामन थामने की अटकलें चल रही हैं। उल्‍लेखनीय है कि 2023 के मप्र विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का टिकट नहीं मिलने के बाद उन्‍होंने बहुजन समाज पार्टी की सदस्‍यता ले ली थी। यादवेंद्र सिंह बसपा के टिकट पर नागौद सीट से चुनाव मैदान में उतरे, लेकिन उन्‍हें हार का सामना करना पड़ा था।

प्रत्येक बूथ पर 370 मतों की वृद्धि के संकल्प के साथ आमला सारणी विधानसभा चुनाव प्रबंधन समिति की बैठक संपन्न

Amla Sarani Assembly Election Management Committee meeting concluded with the resolution of increasing 370 votes at each booth. आमला सारणी विधानसभा चुनाव प्रबंधन समिति की बैठक में लोकसभा प्रभारी भरत सिंह राजपूत ने दिए बूथ प्रबंधन , मत प्रतिशत वृद्धी एवम बूथ जनसंपर्क के मंत्र हरिप्रसाद गोहे आमला । जैसे जैसे लोकसभा चुनाव नज़दीक आ रहे है वैसे ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज होती जा रही है। रणनीतिक रूप से बढ़त लेते हुए भारतीय जनता पार्टी के द्वारा संगठनात्मक कसावट की शुरुआत कर दी गई है इसी श्रृंखला में भाजपा आमला सारणी विधानसभा की चुनाव प्रबंधन समिति की बैठक आमला स्थित विधायक सह कार्यलय में संपन्न हुई। भाजपा मीडिया प्रभारी गोपेन्द्र सिंह ने बताया कि वरिष्ट भाजपा नेता एवम लोकसभा प्रभारी भरत सिंह राजपुत, आमला सारणी विधायक डॉ योगेश पंडाग्रे के मार्गदर्शन में लोकसभा विस्तारक सोहन सिंह विधानसभा प्रभारी देवीदास खाड़े विधानसभा संयोजक किशोर बरर्दे जिला महामंत्री कमलेश सिंह जिला महामंत्री सुधाकर पवार जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र गढ़ेकर वरिष्ठ नेता रंजीत सिंह भाजपा नेत्री वर्षा गढ़ेकर की उपस्थिति में आहुत चुनाव प्रबंधन समिति सदस्यों की बैठक में आगामी लोकसभा चुनाव में विभिन्न व्यवस्थाओं एवम बूथ स्तर पर प्रबंधन के निमित व्यापक कार्ययोजना पर चर्चा एवं क्रियान्वयन की रूपरेखा प्रस्तुत की गई।लोकसभा प्रभारी भरत सिंह राजपुत ने विधानसभा प्रबंधन समिति को संबोधित करते हुए कहा कि लोकसभा चुनावों में बैतूल संसदीय क्षेत्र में भाजपा की लगतार विजय श्री के रिकार्ड को न सिर्फ बरकरा रखना है बल्कि बूथ पर लाभार्थी संपर्क अभियान, बूथ विजय अभियान एवम संगठनात्मक गतिविधियों को पूर्ण समर्थ के साथ सतत् निर्वहन कर चुनावों में एतिहासिक मतों से विजय प्राप्त करना है। इस अवसर पर लोकसभा प्रभारी राजपुत ने आगामी दिनों में त्रीस्तरीय संगठनात्मक प्रवास एवम जनसंपर्क कार्यकर्म की रूपरेखा पर मार्गदर्शन देते हुए चुनाव पूर्व बूथ प्रबंधन के लिए आवश्यक बिंदुओ की विस्तार पूर्वक जानकारी दी । एवम जनसंपर्क के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग विशेषकर नव मतदाता बंधुओ से सम्पर्क कर प्रत्येक बुथ पर 370 मतों की वृद्धि का संकल्प दिलाया। विधायक का पूर्ण समर्पण के लिया आवाहन विधायक डॉ योगेश पंडाग्रे ने अपने संबोधन में कहा कि सम्पूर्ण देश ,विशेषकर मध्यप्रदेश का प्रत्येक जन मानस , भाजपा की गरीब कल्याण को समर्पित अंत्योदय केंद्रिय , लोककल्याणकारी योजनाओ के धरातल पर क्रियान्वयन एवम उससे प्राप्त लाभ से प्रभावित होकर भाजपा के पक्ष में मतदान के लिए संकल्पित एवं उत्साहित है। हम सभी कार्यकर्ताओ को आगामी एक माह तक पूर्ण शक्ति एवम समर्थ के साथ चुनाव रूपी यज्ञ में संगठनात्मक कार्यों एवम समर्पण की आहुति दे कर 4 जून को विजय श्री रूपी फल प्राप्त करना है एवम बैतूल लोकसभा से एक कमल का फूल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेट करना है । प्रभारियों का बूथ प्रबंधन एवम जनसंपर्क कौशल पर जोर विधानसभा प्रभारी देवीदास खाड़े ने अपनें सम्बोधन में शक्ति केंद्र पर पंच परमेश्वर एवं बूथ समिति पन्ना समिति सदस्यों को सक्रिय करने एवम बूथ पर करणीय कार्यों की जानकारी दी एवं पिछले चुनावो में हारे बूथों पर विशेष ध्यान दे का आग्रह किया।लोकसभा विस्तारक सोहन सिंह ने चुनाव प्रबंधन एवम जनसंपर्क कौशल के आवश्यक अवयवों पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि , हम सभी को बूथ पर अपने कार्यों का दक्षतापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित कर बुथ पर मत वृद्धि का लक्ष्य प्राप्त करना है । विधानसभा संयोजक किशोर बरर्दे ने चुनाव प्रबंधन समिति सदस्यों को विभिन्न दायित्वों की जानकारी दी ।महामंत्री गणों ने कि संगठनात्मक कार्यों कि चिंता जिला महामंत्री कमलेश सिंह ने बूथ विजय अभियान के माध्यम मतदाता संपर्क एवम युवा संवाद के माध्यम से नव मतदाता को जोड़ने पर जोर दिया ,तो जिला महामंत्री सुधाकर पवार ने लाभार्थी जनसंपर्क अभियान की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि कार्यकर्ताओ को अधिक से अधिक लाभर्थियों से संपर्क कर भाजपा के पक्ष में मतदान करने का आग्रह करना है । जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र गढ़ेकर ने संचालन एवम आभार व्यक्त किया। आमला सारणी विधानसभा की चुनाव प्रबंधन समिति की बैठक में लोकसभा प्रभारी भरत सिंह राजपुत, आमला सारणी विधायक डॉ योगेश पंडाग्रे विस्तारक सोहन सिंह जिला महामंत्री कमलेश सिंह सुधाकर पवार विधानसभा प्रभारी देवीदास खाड़े विधानसभा संयोजक किशोर बरर्दे रंजीत सिंह वर्षा जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र गढ़ेकर गणेश यादव वरिष्ठ नेता जिला मंत्री भगवंत सिंह सुधाचंद्रा मंडल अध्यक्ष रामकिशोर देशमुख यशवन्त यादव नागेंद्र निगम यदुराज सिंह रघुवंशी , मोहन मोरे, किसन सिंह रघुवंशी, हरी यादव , अशोक नागले महेश मस्कोले जगदीश पंवार समेत आमला सारणी विधानसभा के चुनाव संचालन समिति सदस्य गण उपस्थित रहे।

कांग्रेस उपाध्यक्ष लालचंद गुप्ता का इस्तीफा, बोले- अध्यक्ष के पास जाने पर देना पड़ता था परिचय

Congress Vice President Lalchand Gupta resigns, says he had to give introduction when he went to the President विंध्य में कांग्रेस को फिर लगा झटका, लालचंद गुप्ता बोले- 5 साल उपाध्यक्ष रहा, आज तक एक भी बैठक नहीं हुई।भोपाल। प्रदेश के विंध्य क्षेत्र में कांग्रेस को एक बड़ा झटका लगा है, कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष लालचंद गुप्ता ने कांग्रेस पार्टी और उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। प्रदेश उपाध्यक्ष लालचंद गुप्ता ने आरोप लगाया कि 5 साल उपाध्यक्ष रहने के बाद आज तक नहीं हुई एक भी बैठक। प्रदेश अध्यक्ष के पास जाने पर अपना परिचय बताना पड़ता था। वे प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष के पद पर 5 साल तक रहे है। इसके पहले वे भाजपा जिला अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस कर यह जानकारी साझा की। गौरतलब है कि प्रदेश में कांग्रेस नेताओं के पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने का सिलसिला लगातार जारी है। कमल नाथ के गढ़ सहित प्रदेश के कई इलाकों से कांग्रेस के बड़े नेता, पूर्व विधायक भाजपा में शामिल हो चुके हैं। बड़े नेताओं को पार्टी छोड़कर जाने से लगातार झटके लग रहे हैं।

कमलनाथ का फेक सोशल मीडिया अकाउंट , कांग्रेस ने की सावधान रहने की अपील

Kamal Nath’s fake social media account, Congress appeals to be cautious कमलनाथ ने कहा कि वह यह बात स्पष्ट करना चाहते हैं कि ‘टीम कमलनाथ’ नाम का हमारा कोई संगठन नहीं है. उनका फेक अकाउंट बना कर गलत खबर फैलाने की कोशिश की जा रही है. चुनावों से पहले सोशल मीडिया तेजी से एक्टिव हो जाता है बाजार में फर्जी खबरें आने लगती हैं. फेक अकाउंट बनाकर लोग जनता का ध्यान खींचने की कोशिश करते हैं. ऐसा ही कुछ मध्य प्रदेश में कांग्रेस के सीनियर नेता कमलनाथ के साथ हुआ. उनके नाम से किसी ने झूठा अकाउंट बना कर गलत खबर फैलाने की कोशिश की. जैसे ही यह बात कांग्रेस नेता के संज्ञान में आई, उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट से स्ष्टीकरण जारी किया. हाल ही में, कमलनाथ ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘मुझे आज सोशल मीडिया के माध्यम से ज्ञात हुआ है कि कुछ लोग टीम कमलनाथ नाम का संगठन बनाकर भ्रामक एवं आधारहीन पोस्ट डालने व लोगों को गुमराह करने का कृत्य कर रहे हैं. मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि टीम कमलनाथ नाम का हमारा कोई संगठन नहीं है कमलनाथ ने कही सावधान रहने की बातकमलनाथ ने स्पष्ट करते हुए कहा कि उन्होंने ऐसे किसी संगठन या सोशल मीडिया अकाउंट बनाने अनुमति नहीं दी है. साथ ही, उन्होंने लोगों से ऐसे लोगों से सावधान रहें और इनके किसी भी धोखे का शिकार होने से बचें. गौरतलब है कि आदर्श आचार संहिता लगते ही चुनाव आयोग और प्रशासन की टीम अलर्ट हो जाती है और ग्राउंड के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर रखी जाती है. इस पर कमलनाथ ने सोशल मीडिया पोस्ट लिखकर ‘टीम कमलनाथ’ को भ्रामक बताया है.उन्होंने X पर लिखा कि, “मुझे आज सोशल मीडिया के माध्यम से ज्ञात हुआ है कि कुछ लोग टीम कमलनाथ नाम का संगठन बनाकर भ्रामक एवं आधारहीन पोस्ट डालने व लोगों को गुमराह करने का कृत्य कर रहे हैं.मैं स्पष्ट करना चाहता हूँ कि टीम कमलनाथ नाम का हमारा कोई संगठन नहीं है, न ही इस तरह का कोई संगठन/सोशल मीडिया अकाउंट बनाने की मैंने किसी को अनुमति दी है.ऐसे लोगों से सावधान रहें व इनके किसी भी धोखे का शिकार होने से बचें.

कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक में पार्टी के घोषणापत्र पर बातचीत , जीतू पटवारी

Discussion on party’s manifesto in Congress Working Committee (CWC) meeting, Jitu Patwari कांग्रेस का घोषणापत्र 1926 से ही देश के राजनीतिक इतिहास में “विश्वास और प्रतिबद्धता का दस्तावेज” माना जाता है। ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के दौरान हमने न्याय के 5 स्तंभों की बात की है, जिनकी स्थापना हमारे देश को मजबूती देगी। युवा न्याय, नारी न्याय, किसान न्याय, श्रमिक न्याय,हिस्सेदारी न्याय इन 5 न्याय स्तंभों के तहत कांग्रेस पार्टी ने कुल 25 गारंटियां दी हैं, जो देश को ‘BJP के अन्याय काल’ से मुक्ति दिलाएंगी। आने वाले चुनावों में जनता मोदी सरकार की घोषणाओं को नकार देगी, क्योंकि देश अब बदलाव चाहता है। हमें एकजुट होकर अपने घोषणापत्र को देश के हर घर तक पहुंचाना है और जनता को न्याय दिलाना है।

कैलाश विजयवर्गीय को मिली कमलनाथ का गढ़ भेदने की जिम्मेदारी

Kailash Vijayvargiya got the responsibility of breaching Kamal Nath’s stronghold. बीजेपी ने कैलाश विजयवर्गीय को कमलनाथ का गढ़ भेदने की जिम्मेदारी दी है. इसी जिम्मेदारी के तहत विजयवर्गीय आज से छिंदवाड़ा के तीन दिवसीय दौरे पर रहेंगे. भोपाल ! हरियाणा, पश्चिम बंगाल के चुनाव प्रभारी रहे कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) की नजर अब कमलनाथ के अभेद गढ़ छिंदवाड़ा पर है. भारतीय जनता पार्टी ने कैलाश विजयवर्गीय को महाकौशल क्लस्टर प्रभारी बनाया है. विजयवर्गीय आज (19 मार्च) से तीन दिन छिंदवाड़ा के प्रवास पर रहेंगे. इस दौरान वह कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे. मध्य प्रदेश की छिंदवाड़ा लोकसभा सीट बीते 72 साल से (एक साल छोड़ कर) कांग्रेस का गढ़ बनी हुई है. कांग्रेस के इस अभेद किले को भेदने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने तमाम तरह की कोशिश कर ली, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी. साल 1980 से छिंदवाड़ा सीट पर कमलनाथ परिवार का कब्जा चला रहा है. हालांकि, 1998 में उपचुनाव में बीजेपी के सुंदरलाल पटवा ने यहां कमलनाथ को हराया था और एक साल के लिए सांसद चुने गए थे. विजयवर्गीय भेदेंगे कांग्रेस का अभेद्य किला?इसके बाद फिर से इस सीट पर कमलनाथ परिवार ही काबित होता आ रहा है. वर्तमान में भी कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ यहां से सांसद हैं, जबकि अब फिर से कांग्रेस ने नकुलनाथ को ही अपना प्रत्याशी बनाया है. बीजेपी में कैलाश विजयवर्गीय संकटमोचक के रूप में काम संभालते नजर आ रहे हैं. कैलाश विजयवर्गीय को बीजेपी ऐसे प्रदेशों में भेजती आ रही है, जो कहीं न कहीं बीजेपी के प्रभाव वाले नहीं हैं. विजयवर्गीय को इससे पहले पश्चिम बंगाल का प्रभारी बनाया गया था. यहां पहली बार बीजेपी ने अच्छा प्रदर्शन किया और विधानसभा चुनाव में उनकी सीटें बढ़ी. इसी तरह विजयवर्गीय को हरियाणा का प्रभारी बनाया गया था. अब बीजेपी ने विजयवर्गीय को कमलनाथ का गढ़ भेदने की जिम्मेदारी दी है. इसी जिम्मेदारी के तहत विजयवर्गीय आज से छिंदवाड़ा के तीन दिवसीय दौरे पर रहेंगे. इस दौरान वह बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे.

गोपाल भार्गव ने निर्वाचन आयोग को लिखा पत्र, जानें क्यो लिखा पत्र

Gopal Bhargava wrote a letter to the Election Commission, know why he wrote the letter भोपाल ! रहली विधायक गोपाल भार्गव ने मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान और उसकी मंजूरी को लेकर भारत निर्वाचन आयोग को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान स्वीकृति को मानवीय आधार पर प्रतिबंध से मुक्त करने या वास्तविक स्थिति को स्पष्ट करने की बात लिखी है। बता दें कि लोकसभा चुनाव की आदर्श आचार संहिता लागू होते ही राज्य सरकार और जनप्रतिनिधियों के कोष से मिलने वाली सहायता राशि लोगों को मिलना बंद हो गई है। पूर्व मंत्री और रहली विधायक गोपाल भार्गव ने मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान और उसकी मंजूरी को लेकर भारत निर्वाचन आयोग को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान स्वीकृति को मानवीय आधार पर प्रतिबंध से मुक्त करने या वास्तविक स्थिति को स्पष्ट करने की बात लिखी है। बता दें कि गोपाल भार्गव ने लिखा है कि मेरे विधानसभा क्षेत्र रहली जिला सागर समेत संपूर्ण मध्यप्रदेश में आम चुनाव-2024 की आदर्श आचार संहिता लागू हो जाने के कारण मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान स्वीकृति की प्रकिया पिछले तीन दिनों से बंद है। इस कारण बहुत से जरूरतमंद लोग इलाज के लिए आर्थिक मदद के लिए भटक रहे हैं। इस संबंध में मेरा आपसे अनुरोध है कि चूंकि बीमारियां चुनाव और आचार संहिता देखकर नहीं आती हैं। इसलिए यदि मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान की स्वीकृति को आदर्श आचार संहिता में प्रतिबंधित किया गया है तो मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए इसे प्रतिबंध से मुक्त करने का कष्ट करें और यदि प्रतिबंधित नहीं किया गया है तो मध्यप्रदेश राज्य शासन को इस संबंध में तत्काल स्पष्ट दिशा निर्देश जारी करने का कष्ट करें। इस संबंध में मैं यह भी स्पष्ट करना चाहता हूं कि मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से सिर्फ राशि स्वीकृत की जाती है। गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए ही सहायता राशि स्वीकृत की जाती है। स्वीकृत राशि अस्पताल द्वारा मरीज को दिए गए इलाज के अनुमानित प्राक्लन के आधार पर अस्पताल के खाते में ट्रांसफर की जाती हैं न कि बीमार व्यक्ति के खाते में।

कांग्रेस को फिर झटका, कमलनाथ के करीबी सैयद समेत 65 नेता भाजपा में शामिल

Shock to Congress again, 65 leaders including Syed, close to Kamal Nath, join BJP लोकसभा चुनाव से पहले प्रदेश में कांग्रेस नेताओं का पार्टी छोड़ने का सिलसिला जारी है। छिंदवाड़ा जिले में पूर्व सीएम कमलनाथ के करीबी सैयद जाफर कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हो गए। इसके अलावा 64 कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने भी भाजपा की सदस्यता ली। छिंदवाड़ा ! प्रदेश में नेताओं के कांग्रेस छोड़ने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को छिंदवाड़ा से पूर्व सीएम कमलनाथ के करीबी और कांग्रेस प्रवक्ता सैयद जाफर समेत 64 नेता भाजपा में शामिल हो गए। मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने अंगवस्त्र पहनाकर उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा, पार्टी के लोकसभा चुनाव के सह प्रभारी सतीष उपाध्याय एवं न्यू ज्वॉइनिंग टोली के प्रदेश संयोजक डॉ. नरोत्तम मिश्रा के समक्ष प्रदेश कार्यालय में सोमवार को कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता सय्यद जाफर, पथरिया के वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिनेश श्रीधर, कांग्रेस महामंत्री डॉ. मनीषा दुबे, रतलाम जिला पंचायत सदस्य संतोष पालीवाल, बसपा के प्रदेश प्रभारी व प्रदेश महासचिव डॉ. रामसखा वर्मा, पूर्व प्रचारक अभयराज सिंह, रतलाम के मध्यप्रदेश आई.टी.सेल महामंत्री अंकित पोरवाल, जिला कांग्रेस कमेटी महामंत्री विरेन्द्र नायमा, आलोट विधानसभा युवक कांग्रेस के अध्यक्ष सुरेश डागी, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश मैनूखेड़ी, ब्लॉक अध्यक्ष दुर्गालाल अटोलिया, एनएसयूआई के जिला प्रभारी गोपाल सिसोदिया सहित 64 से अधिक जनपद सदस्य, सरपंच, पूर्व सरपंच, कांग्रेस पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं ने भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के विकास कार्यों से प्रभावित होकर पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष ने अंगवस्त्र पहनाकर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष चिंतामणि मालवीय, प्रदेश महामंत्री व विधायक भगवानदास सबनानी, प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल एवं छिदंवाड़ा लोकसभा प्रत्याशी विवेक बंटी साहू उपस्थित रहे।

मप्र में चार चरणों में मतदान, पहले फेज की वोटिंग 19 अप्रैल को ,तारीखों का एलान

Voting in four phases in Madhya Pradesh, first phase voting on April 19, dates announced लोकसभा चुनाव के लिए मध्य प्रदेश में मतदान कब होगा, इसके लेकर चुनाव आयोग तारीख का एलान कर दिया है। जानिए, क्या है चुनाव कार्यक्रम? किस जिले में कब कहां मतदान पहले चरण यानी 19 अप्रैल को सीधी, शहडोल, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, छिंदवाड़ा में मतदान होगा। दूसरे चरण में 26 अप्रैल को टीकमगढ़, दमोह, खजुराहो, सतना, रीवा, होशंगाबाद और बैतूल वोटिंग होगी। तीसरे चरण में सात मई को मुरैना, भिंड, ग्वालियर, गुना, सागर, विदिशा, भोपाल और राजगढ़ मतदान होगा। चौथे और आखिरी चरण में 13 मई को देवास, उज्जैन, मंदसौर, रतलाम, धार, इंदौर, खरगोन और खंडवा जिले में वोटिंग होगी। चार चरण में मतदानमुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने लोकसभा चुनाव की तारीखों का एलान कर दिया है। मध्य प्रदेश में चार चरणों में मतदान होगा। पहले फेज की वोटिंग 19 अप्रैल को होगी, जबकि दूसरे चरण का मतदान 26 अप्रैल को होगा। तीसरे चरण में सात और चौथे चरण में 13 मई को वोटिंग होगी। नतीजे चार जून को घोषित किए जाएंगे।

बीजेपी को बड़ा झटका, राज्यसभा सांसद अजय प्रताप सिंह ने दिया इस्तीफा, निर्दलीय लड़ेंगे चुनाव

Big blow to BJP, Rajya Sabha MP Ajay Pratap Singh resigns, will contest elections as an independent भोपाल। मध्यप्रदेश में लोकसभा चुनाव की तैयारी शुरू हो गई है। चुनाव के आदर्श आचार संहिता भी लागू होने वाली है। लोकसभा चुनाव में टिकट कटने और नहीं मिलने से नाराज नेताओं के पार्टी छोड़ने का क्रम जारी है। कोई कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हो रहे तो कोई बीजेपी छोड़कर निर्दलीय चुनावी मैदान में उतरने का ऐलान कर रहे हैं। इसी कड़ी में टिकट वितरण से नाराज बीजेपी भाजपा के दिग्गज नेता और राज्यसभा सांसद अजय प्रताप सिंह ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के भेज दिया है। उनके इस्तीफे के बाद सियासी गलियारों में निर्दलीय चुनाव लड़ने की चर्चा जोरों पर है। बता दें कि सीधी से बीजेपी ने लोकसभा चुनाव के लिए डॉक्टर राजेश मिश्रा को उम्मीदवार बनाया है। राजेश मिश्रा को उम्मीदवार बनाए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई है। अजय प्रताप सिंह सीधी से लोकसभा का चुनाव निर्दलीय लड़ सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो अजय प्रताप सिंह के चुनावी मैदान में उतरने से बीजेपी का सियासी समीकरण बिगड़ सकता है। वे अभी बीजेपी से राज्यसभा सांसद हैं।

कमलनाथ ने कि एमपी के लोगों से बड़ी अपील, बीजेपी पर लगाए आरोप

Kamal Nath made a big appeal to the people of MP, accused BJP चुनाव आचार संहिता लगने की घोषणा किसी भी वक्त हो सकती है. ऐसे में कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने एक्स पर पोस्ट करके एमपी के लोगों से बड़ी अपील की है. लोकसभा चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग किसी भी वक्त चुनाव आचार संहिता लगा सकता है. ऐसे में अब कांग्रेस और बीजेपी अपनी चुनावी रणनीतियों को जल्द अंजाम तक पहुंचा देना चाहती हैं. इसलिए कांग्रेस और बीजेपी के बड़े नेता जनता से कई तरह की अपील करते दिख रहे हैं. ताजा मामला कांग्रेस के दिग्ग्ज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एमपी की जनता के नाम एक भावुक अपील की है. कमलनाथ ने अपनी इस पोस्ट में लिखा है कि “मध्य प्रदेश के सम्मानित नागरिको, लोक सभा चुनाव में कुछ ही हफ़्ते बचे हैं. प्रदेश और देश के भविष्य का निर्माण करने के लिए आवश्यक है कि यह चुनाव जनता के मुद्दों पर लड़ा जाए, ना कि मुद्दों से भटकाने वाले जुमलों पर. एक तरफ़ कांग्रेस पार्टी है जिसने स्पष्ट वादा किया है कि किसानों को MSP की गारंटी दी जाएगी”. ‘ कमलनाथ लिखते हैं कि “नौजवानों के लिए केंद्र सरकार में 30 लाख सरकारी नौकरियां दी जाएंगी. ग़रीब महिलाओं को हर साल एक लाख रुपये आर्थिक सहायता दी जाएगी. अग्नि वीर योजना समाप्त कर सेना में नियमित नियुक्ति दी जाएगी. सामाजिक न्याय के लिए जातिगत जनगणना कराई जाएगी”. कमलनाथ ने लगाए बीजेपी पर ये आरोपकमलनाथ आगे लिखते हैं कि “दूसरी तरफ़ भारतीय जनता पार्टी है, जिसने एक भी वादा ऐसा नहीं किया है जो समाज और जनता के हालात बदलने का वादा करता हो. 10 साल की मोदी सरकार की नाकामी छुपाने के लिए भाजपा सिर्फ़ समाज को बाँटने की राजनीति कर रही है. हम सबको भाजपा की इस चालबाज़ी से सावधान रहना है और ख़ुशहाल भारत का निर्माण करने वाले मुद्दों को पहचानना है. जय कांग्रेस, विजय कांग्रेस”.

बीजेपी की दूसरी लिस्ट में 72 उम्मीदवारों का एलान, छिंदवाड़ा से विवेक बंटी साहू को मिली टिकट

72 candidates announced in BJP’s second list, Vivek Bunty Sahu gets ticket from Chhindwara भारतीय जनता पार्टी ने आगामी लोकसभा चुनाव के लिए 72 उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट जारी कर दी है। मध्य प्रदेश से पांच उम्मीदवारों के नाम का एलान किया गया है। ईइसमें बालाघाट से भारती पारधी को टिकट दिया गया है। छिंदवाड़ा से विवेक बंटी साहू उज्जैन से अनिल फिरोजिया धार से सावित्री ठाकुर और इंदौर से शंकर लालवानी को टिकट दिया गया है। बीजेपी की दूसरी लिस्ट में 11 राज्यों के उम्मीदवारों का एलान किया गया है।

मंत्री विजयवर्गीय बोले- मध्य प्रदेश में सभी 29 सीट जीतेंगे

Minister Vijayvargiya said- Will win all 29 seats in Madhya Pradesh जबलपुर। मध्यप्रदेश की सभी 29 सीट जीतने के साथ ही एनडीए देश में चार सौ से ज्यादा सीटें जीतेगा। यह कहना है प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का। वे मंडला जाते समय अल्पप्रवास पर जबलपुर में रुके, जहां उन्होंने मीडिया से चर्चा की। विजयवर्गीय का यह भी कहना रहा कि प्रदेश की सभी 29 सीटों पर अबकी लोकसभा चुनाव में भाजपा जीत हासिल करने वाली हैं। नकुल नाथ को उम्मीदवार बनाए जाने पर कटाक्षकेबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने छिंदवाड़ा से नकुल नाथ की उम्मीदवारी को लेकर कहा कि नकुल लड़ें या कमल नाथ, भाजपा को कोई फर्क नहीं पड़ता। कांग्रेस ऐसे ही लोगों को टिकट दे रही है, जो करोड़पति हैं। भाजपा ने 400 सीटों का संकल्प लिया है और वो इसी लक्ष्य को लेकर प्रयास में जुट गई है। उन्होंने देश में हाल में लागू सिटीजन अमेंडमेंट बिल यानि, सीएए लागू किए जाने को प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का साहसिक निर्णय बताया।

मानहानि के मामले में दिग्विजय सिंह दोषमुक्त करार

Digvijay Singh acquitted in defamation case पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के खिलाफ दायर मानहानि के मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने उन्हें दोषमुक्त करार दिया है। ग्वालियर। जिला अदालत की एमपी एमएलए कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के खिलाफ चल रहे मानहानि के दावे की सुनवाई के दौरान मंगलवार को उन्हें दोषमुक्त करार दिया है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान माना कि जिन तथ्यों को आधार बनाकर यह केस दायर किया गया है उनके हिसाब से मानहानि का दावा चलाए जाने योग्य नहीं है। जिला अदालत ने मामले में फैसला सुनाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री को दोषमुक्त कर दिया। दरअसल, एडवोकेट अवधेश सिंह भदौरिया ने स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भाजपा काे लेकर दिए गए विवादित बयान को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह पर मानहानि का मामला दायर किया था। आरोप यह था कि 31 अगस्त 2019 को भिंड प्रवास के दौरान दिग्विजय सिंह ने मीडिया से संवाद करते हुए बजरंग दल,आरएसएस और भाजपा के कार्यकर्ताओं पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से पैसे लेकर जासूसी करने का आरोप लगाते हुए विवादित टिप्पणी की थी। जिसके बाद इस बयान को आधार बनाकर एडवोकेट अवधेश ने पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ मानहानि का दावा पेश किया था। यह थी विवादित टिप्पणी31 अगस्त 2019 को दिग्विजय सिंह ने भिंड के एक राजनीतिक कार्यक्रम में टिप्पणी करते हुए कहा था ‘कि एक बात मत भूलिए जितने भी पाकिस्तान के लिए जासूसी करते पाए गए हैं, वह भाजपा, आरएसएस व बजरंग दल से पैसे ले रहे हैं। एक बात और बताता हूं कि पाकिस्तान की आईएसआई के लिए जासूसी मुसलमान कम, गैर मुसलमान ज्यादा कर रहे हैं।’ दिग्गी बोले – नरोत्तम मिश्रा के यहां सीजीएसटी छापे में डेढ़ करोड़ मिले, सैकड़ों करोड़ मिलने थे ग्वालियर की एमपी एमएलए कोर्ट में फैसला आने के बाद दिग्विजय सिंह ने ग्वालियर में रिसोर्ट में सीजीएसटी छापे के सवाल पर कहा कि यह तौहीन की बात है। नरोत्तम मिश्रा के यहां डेढ़ करोड़ मिले हैं सैकड़ों करोड़ मिलने थे। इस रिसोर्ट में मिश्रा के बेटे भी डायरेक्‍टर हैं।

राहुल गांधी की रैली से 6 विधायक गायब, सभी कमलनाथ के गढ़ के; क्या संकेत

6 MLAs missing from Rahul Gandhi’s rally, all from Kamal Nath’s stronghold; what sign भोपाल। भारतीय जनता पार्टी ने राज्य की 29 में से 25 सीटों पर नामों का ऐलान कर दिया है। अभी छिंदवाड़ा समेत 5 सीटों पर उम्मीदवार घोषित होने बाकी हैं। कांग्रेस की तरफ से नामों का ऐलान बाकी है । कांग्रेस दिग्गज और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के गढ़ छिंदवाड़ा को लेकर अटकलों का दौ खत्म होता नजर नहीं आ रहा है। खबर है कि वायनाड सांसद राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा में छिंदवाड़ा छेत्र के 6 विधायक गैरमौजूद रहे। इतना ही नहीं खबरें हैं कि राज्य में एकमात्र सांसद नकुलनाथ भी यात्रा में सिर्फ पहले ही दिन शामिल हुए। साथ थे कमलनाथ लेकिन… बुधवार को बदनावर में रैली से कमलनाथ समेत सभी विधायक नदारद रहे। हालांकि, मंगलवार को कमलनाथ उज्जैन महाकाल मंदिर में राहुल के साथ थे। रिपोर्ट के मुताबिक, उनका कहना है कि वह सीईसी बैठक के लिए गए हुए थे। खास बात है कि भारतीय जनता पार्टी ने राज्य की 29 में से 25 सीटों पर नामों का ऐलान कर दिया है। अभी छिंदवाड़ा समेत 5 सीटों पर उम्मीदवार घोषित होने बाकी हैं। खबर है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल ने एमपी के सभी 66 विधायकों के साथ बैठक तय की थी। अखबार से बातचीत में कमलनाथ ने कहा, ‘मुझे सीईसी बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली बुलाया गया था।’ अन्य 6 विधायकों को लेकर उन्होंने कहा, ‘वे दिल्ली में क्या करते? उन्होंने जानकारी दी कि सिर्फ छिंदवाड़ा विधायक ही नहीं, बल्कि कई अन्य क्षेत्र के नेता भी बदनावर रैली में शामिल नहीं हो सके थे। उन्होंने कहा, ‘छिंदवाड़ा के विधायक पहली रैली में भी शामिल नहीं हुए थे।’ खास बात है कि एमपी में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का गढ़ माना जाता है और आदिवासी बहुल क्षेत्र है। रिपोर्ट के मुताबिक, छिंदवाड़ा क्षेत्र के सभी 6 विधायक न्याय यात्रा के सभी 6 दिन गायब रहे। वहीं, नकुलनाथ सिर्फ एक ही दिन शामिल हुए थे। अखबार से बातचीत में सिंघार ने बताया, ‘विधायकों के पास अपने कुछ कारण हैं। वे निजी कारणों के चलते नहीं आए। कमलनाथ जी कल उज्जैन में थे।’ इधर, मंगलवार को ही छिंदवाड़ा से 7 कांग्रेस पार्षदों ने भाजपा का दामन थाम लिया था।

हमारी सरकार बनने पर पास करेंगे भूमि अधिग्रहण बिल ,राहुल गांधी

Rahul Gandhi will pass land acquisition bill if our government is formed कांग्रेस नेता राहुल गांधी से बुधनी-इंदौर रेलवे लाइन के लिए अपनी जमीन अधिग्रहित करवा रहे किसान भी मिले। इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि हमारी सरकार बनी तो भूमि अधिग्रहण बिल पास करेंगे। उज्जैन। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को इंगोरिया से अपना रोड शो प्रारंभ करने के पहले कार्यकर्ताओं और कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक की। इस दौरान उनसे बुधनी-इंदौर रेलवे लाइन के लिए अपनी जमीन अधिग्रहित करवा रहे किसान भी मिले। मुआवजे संबंधी समस्या बताई। इस पर राहुल ने मौजूद कार्यकर्ताओं से कहा कि किसानों पर होने वाले अत्याचार के खिलाफ न्याय योद्धा बनें। हमारी सरकार बनी तो भूमि अधिग्रहण बिल पास करेंगे। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार जबरदस्ती फसलों पर बुलडोजर चलवा रही है। 3 घंटे देरी से प्रारंभ हुआ रोड शोराहुल गांधी का रोड शो तय कार्यक्रम से करीब तीन घंटे देरी से प्रारंभ हुआ। 11 बजकर 50 मिनट पर राहुल गांधी के काफिले से पहले डोम से बाहर उनके साथ चल रहे चार बड़े कंटेनर निकले। इसके बाद बड़नगर की ओर रवाना हुए।

धार के बदनावर में बोले राहुल गांधी- आप वनवासी नहीं हिंदुस्तान के असली मालिक हैं

Rahul Gandhi said in Badnawar of Dhar – You are not a forest dweller but the real owner of India. धार जिले के बदनावर में हुई जनसभा में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी शामिल हुए। धार। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की भारत जोड़ो में यात्रा बुधवार को धार जिले के बदनावर तहसील में पहुंची। यहां पर राहुल गांधी ने उद्योगपति, युवा बेरोजगारी और जाति जनगणना के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार और मोदी पर निशाना साधा। राहुल के स्वागत को लेकर कांग्रेस में खासा उत्साह देखा गया। सुरक्षा के मद्देनजर बदनावर नगर के चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा। गांधी ने सभा में 16 मिनट का भाषण दिया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा की विचारधारा गरीब और दलितों को अपमान करने की हैं। भाजपा ने आदिवासियों को वनवासी कहना शुरू कर दिया। जो व्यक्ति जमीन का सबसे पहला मालिक था। वे आपको आदिवासी नहीं कहना चाहते हैं। यदि वे आपको आदिवासी कहेंगे तो आपको जल, जंगल और जमीन का हक देना पड़ेगा। वनवासी का मतलब वो लोग जो जंगल में रहते हैं। आदिवासी, वनवासी नहीं है जबकि हिंदुस्तान के ओरिजनल मालिक हो। हमने ट्राइबल बिल, जमीन हक, पैसा कानून और जंगल में हक दिया। क्योंकि हम आपको आदिवासी मानते हैं। भाजपा का कहना है कि आप वनवासी है। हम आपको ना जल, जंगल और जमीन देंगे। मध्य प्रदेश में 24 प्रतिशत हैं और देश में आठ प्रतिशत हैं, लेकिन हिंदुस्तान की सबसे बड़ी कंपनियों के मालिकों की लिस्ट निकालें। 200 मालिकों में से आपको एक भी आदिवासी मालिक नहीं मिलेंगे। यदि हमारी सरकार बनती है तो जाति जनगणना और किसानों की फसल पर एमएसपी लागू करेंगे। इसके लिए कानून भी बनाएगे। नोटबंदी और जीएसटी से बंद हुए छोटे व्यापार उन्होंने कहा कि आप अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए स्कूल कालेज को फीस टाइम पर जमा करते हैं, लेकिन रोजगार मिलने का टाइम आता है तो कहते हैं कि रोजगार नहीं हैं। नोटबंदी के कारण छोटे बिजनेस बंद हो गए। देष में पूरा काम दो-तीन अरबपतियों के लिए हो रहा है। यदि सब कुछ बदलना हैं तो देष में जाति जनगणना की जाना चाहिए। जनगणना, हरित क्रांति और सफेद क्रांति जितना बड़ा कदम हैं। हम चाहते हैं कि इस देश में सामाजिक, आर्थिक और किसानों के साथ न्याय हो।कार्यक्रम में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी शामिल हुए। उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विकास नहीं चाहते हैं। वो ईडी और सीबीआई से कांग्रेस को कुचलते हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष खरगे ने कहा कि भाजपा के नेता जब भी भाषण देते हैं, कांग्रेस के बारे में उल्टा-सीधा बोलते हैं। कुछ दिन पहले शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि राहुल गांधी जी और खरगे मिलकर कांग्रेस को खत्म करने के लिए काम कर रहे हैं। लेकिन सवाल ये उठता है कि भाजपा ने शिवराज सिंह चौहान को सत्ता से क्यों निकाल दिया? देश में 45 साल में आज सबसे ज्यादा बेरोजगारी है। महंगाई बढ़ गई है- ये सब मोदी जी के जमाने में हुआ। पीएम मोदी नहीं चाहते कि देश में अमीर और गरीब के बीच की खाई खत्म हो जाए। मोदी जी की मंशा है कि अमीर और अमीर हो जाए, गरीब और गरीब हो जाए।

उत्तर भोपाल की हार ने तय किया आलोक शर्मा का भोपाल लोकसभा सीट से टिकट

The defeat of North Bhopal decided Alok Sharma’s ticket from Bhopal Lok Sabha seat! प्रधानमंत्री मोदी की नाराजगी प्रज्ञा ठाकुर पर पड़ी महात्मा गांधी और नाथूराम गोडसे के बयान ले डूबे प्रज्ञा का टिकट सांसद रहते हुए भोपाल को नहीं दे सकीं कोई खास उपलब्धियां अक्सर विवादों में रहीं भेापाल। कांग्रेस अगर कोई खास चमत्कार नहीं कर पाई तो संभवत: भोपाल लोकसभा सीट से आलोक शर्मा का संसद में पहुंचना तय माना जा रहा है। वजह है भोपाल सीट का भाजपा के गढ़ के रूप में तब्दील हो जाना। सूत्र बताते हैं कि आलोक शर्मा उत्तर भोपाल विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए तैयार नहीं थे। उत्तर भोपाल मुस्लिम बाहुल्य होने के कारण कांग्रेस खासकर अकील परिवार का गढ़ बन चुकी है। भाजपा का कोई दांव यहां नही चलता। पहले भी आलोक यहां से चुनाव हार चुके थे। बाद में वे इसी शर्त पर भोपाल उत्तर से विधानसभा का चुनाव लड़े कि यदि वे पराजित हुए तो इस बार भोपाल लोकसभा सीट से उनके नाम की सिफारिश की जाएगी। बताते हैं कि आलोक को यह भरोसा तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने दिलाया था। इस तरह विधानसभा चुनाव के दौरान ही भोपाल सीट से आलोक का चुनाव लड़ना लगभग तय हो गया था। आलोक के सामने अब आलोक का ही रिकार्ड तोड़ने की चुनौती है। जी हां, हम बात कर रहे हैं पूर्व सांसद आलोक संजर की। भोपाल सीट से उनके नाम ही सर्वाधिक मतों से जीतने का रिकार्ड दर्ज है। गांधी और गोडसे के बयान ले डूबे टिकटसाध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने पिछले चुनाव में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह को बड़े अंतर से हराया था। बावजूद इसके इस बार उनका टिकट कटने की संभावना थी। वजह थे उनके बयान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उनसे नाराजगी। साध्वी प्रज्ञा द्वारा महात्मा गांधी और नाथूराम गोडसे को लेकर दिए गए एक बयान पर प्रधानमंत्री मोदी ने सार्वजनिक तौर पर नाराजगी व्यक्त की थी। उन्होंने कहा था कि इस बयान के लिए वे प्रज्ञा ठाकुर को कभी माफ नहीं कर पाएंगे। उनके कुछ अन्य बयान भी विवादों में रहे थे। इसकी वजह से प्रज्ञा ठाकुर का टिकट कटना लगभग तय था। इसी संभावना के आधार पर ही आलोक शर्मा को भोपाल लोकसभा सीट से टिकट की सिफािरश का आश्वासन दिया गया था। शिवराज, वीडी, उमा जैसे दिग्गज दावेदारों का नहीं चला जोरभेापाल लोकसभा सीट से भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के नाम चल रहे थे। कहा जा रहा था कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती भी यहां से दावेदार हैं। भोपाल जिलाध्यक्ष सुमित पचौरी सहित कई अन्य स्थानीय नेता तो कतार में थे ही। आलोक, विधानसभा का चुनाव हार चुके थे, इसलिए दावेदारों में उनका नाम चलाया ही नहीं जा रहा था। पर बाजी उनके हाथ ही लगी। पार्टी नेताओं ने उन्हें दिया आश्वासन पूरा किया। आलोक को टिकट दिलाने में सबसे बड़ी भूमिका शिवराज सिंह चौहान की ही बताई जा रही है। आलोक प्रारंभ से उनके निकटस्थ हैं। आलोक संजर के नाम 3 लाख 71 हजार मतों से जीत का रिकार्डभोपाल लोकसभा सीट से लगातार भाजपा जीत दर्ज कर रही है, लेकिन सबसे ज्यादा लगभग 3 लाख 71 हजार मतों से जीत का रिकार्ड आलोक संजर के नाम दर्ज है। संजर ने भोपाल में कांग्रेस के लोकप्रिय नेता पीसी शर्मा को हराया था। इसलिए आलोक के सामने आलोक का ही रिकार्ड तोड़ने की चुनौती है। आलोक शर्मा भोपाल के महापौर रहे हैं और शहर के ही रहने वाले हैं। इस नाते वे यहां की नब्ज से परिचित हैं। इसके अलावा वे भाजपा के दो बार जिलाध्यक्ष रहे हैं, इसकी वजह से भोपाल का हर कार्यकर्ता उन्हें जानता है और संगठन में भी उनकी पकड़ अच्छी है। लिहाजा, आलोक से जीत का नया रिकार्ड बनाने की उम्मीद की जा रही है। टिकट घोषित होने से पहले शुरू कर चुके थे प्रचारआलोक को टिकट मिलने का पहले से अहसास था, संभवत: इसीलिए उन्होंने विधानसभा चुनाव के बाद से ही लोकसभा क्षेत्र में प्रचार शुरू कर दिया था। वे खुद को प्रत्याशी तो नहीं बात रहे थे, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की नीतियों को लेकर लोगों के पास घर-घर जा रहे थे। भगवान राम को लेकर वे मोदी का संदेश में भी लोगों तक पहुंचा रहे थे। कांग्रेस ने अब तक अपना प्रत्याशी घाेषित नहीं किया है। इसलिए भी आलोक के सामने बढ़त लेने का मौका है।

विधायक रामेश्वर शर्मा का घर हुआ “मोदी का परिवार”MLA Rameshwar

Sharma’s house became “Modi’s family” कार्यालय और आवास की दीवारों “मैं हूँ मोदी का परिवार” के पोस्टर लगवाए अपने खानदान को देश मानने वाले परिवारवादियों को मोदी से पीढ़ा होना स्वाभाविक है। – रामेश्वर शर्मा भोपाल। अपने नवाचार, रचनात्मकता और कलपज्ञ बुद्धि के लिए प्रसिद्ध भोपाल की हुजूर विधानसभा के विधायक रामेश्वर शर्मा एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं। एक ओर जहां लालू प्रसाद यादव के मोदी के परिवार पर टिप्पणी के बाद मोदी समर्थकों ने अपनी सोशल मीडिया पर नाम के साथ मोदी का परिवार लिखा तो वहीं दूसरी ओर विधायक रामेश्वर शर्मा ने अपनी सोशल मीडिया पर नाम परिवर्तन के साथ ही रचनात्मक बुद्धि का परिचय देते हुए एक और नवाचार किया है। श्री शर्मा ने मालवीय नगर स्थित अपने कार्यालय ‘युवा सदन’ एवं अपने पत्रकार कॉलोनी स्थित निवास के बाहर “मैं हूँ मोदी का परिवार” का पोस्टर लगवाया है। जो कि तिराहे से आवागमन करने वाले के आकर्षण का केन्द्र बन रहा है। विधायक रामेश्वर शर्मा का यह नवाचार लोगों द्वारा खूब पसंद किया जा रहा है। राहगीर यहां रुककर पोस्टर के साथ अपनी सेल्फी ले रहे हैं।पोस्टर कैंपेन से सुर्खियों में आए विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि – जिन्होंने अपने परिवार को ही देश मानकर परिवार पोषण के लिए देश को ताक पर रख दिया था, आज उन्हें संपूर्ण देश को अपना परिवार मानने वाले मोदी जी से दिक्कत होना तय है। मोदी जी के कारण उनकी परिवारवादी राजनीति का खात्मा हो रहा है, भ्रष्टाचार में डूबे परिवारों की दुकान बंद हो गई है, इसलिए वह बौखला गए हैं। और मोदी जी के परिवार पर सवाल उठा रहे हैं। लेकिन कल से आज तक पूरा देश देख रहा है कि मोदी का परिवार कितना बड़ा है। देश का हर जवान, किसान, महिलाओं और बुजुर्गों ने सामूहिकता के साथ दिखा दिया कि मोदी जी अकेले नहीं है। यह देश उनका परिवार है। जिस तरह मोदी जी अपने परिवार की सेवा के लिए दिनरात परिश्रम पर उन्हें सुविधा दिलाते हैं, उसी तरह देशवासी भी मोदी जी के हाथ मजबूत करने के लिए तन-मन-प्राण से खड़े हैं। इसी का परिणाम है कि आज मोदी का परिवार बढ़ता जा रहा है और परिवारवादियों का सफाया होता जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि – मोदी जी के परिवार ने ठान लिया है कि इस बार मोदी जी को 400 पार का आशीर्वाद देना है।

न्याय यात्रा आज दोपहर करीब 3 बजे उज्जैन पहुंचेगी

Nyaya Yatra will reach Ujjain at around 3 pm today. राहुल गांधी की यात्रा में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के साथ वरिष्ठ नेता कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, अरुण यादव, उमंग सिंघार आदि के भी शामिल होने की संभावना है। उज्‍जैन। राहुल गांधी की न्याय यात्रा ने सारंगपुर के बाद आज शाजापुर शहर में प्रवेश किया। शहर के धोबी चौराहा से यात्रा रोड शो के रूप में पुराने हाईवे से गुजरते हुए टंकी चौराहा पहुंची जहां राहुल गांधी ने नुक्कड़ सभा को संबोधित किया। इसके बाद यात्रा मक्सी की ओर रवाना होगी। इस दौरान दर्जनों स्थानों पर कांग्रेस कार्यकर्ता राहुल गांधी का स्वागत कर रहे हैं। युवाओं से संवाद में राहुल गांधी ने कहा कि देश में पहले युवा सेना में जाते थे तो सेना उनकी रक्षा करने की गारंटी देती थी। यदि कोई जवान शहीद होता था तो उसे शहीद का दर्जा मिलता था।अब मोदी सरकार सेना में अग्निवीर ले आई है, इससे सैनिकों में भेदभाव पैदा हो गया है। उन्‍होंने कहा कि कोरोना के समय देश के 1.5 लाख युवा सेना में चयनित हुए थे, लेकिन 3 साल भटकने के बाद भी उन्हें जॉइनिंग नहीं दी गई। अब उनके सारे रास्ते बंद हो गए हैं। आखिर इन 1.5 लाख युवाओं की क्या गलती थी? शाजापुर जिले के यात्रा प्रभारी और पूर्व मंत्री सुखदेव सिंह पांसे ने बताया कि राहुल गांधी की न्याय यात्रा ने सुबह 10 बजे शाजापुर जिले में प्रवेश किया। शहर में कई जगहों पर बैनर और पोस्टर लगाए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने भी पुख्ता इंतजाम किये हैं।

मोहन यादव ने बदला X का बायो, नाम के आगे लिखा ‘मोदी का परिवार’

Mohan Yadav changed X’s bio, wrote ‘Modi’s family’ in front of his name अमित शाह, नितिन गडकरी, जेपी नड्डा समेत अब राज्य स्तर पर भी बीजेपी के बड़े नेता अपना एक्स बायो बदल रहे हैं और अपने नाम के आदे ‘मोदी का परिवार’ जोड़ रहे हैं. लालू यादव के आरोपों का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक नया नारा दे दिया. पीएम मोदी ने कहा, ‘पूरा देश ही मेरा परिवार है’. इसके बाद से बीजेपी नेताओं ने एक नया अभियान ही शुरू कर दिया. गृह मंत्री अमित शाह समेत कई बड़े नेताओं ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर बायो बदल लिया है. उन्होंने अपने नाम के आगे (मोदी का परिवार) जोड़ लिया है. इसी कड़ी में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी अपना बायो चेंज किया.

न्याय यात्रा में बोले राहुल- मनरेगा का बजट बंद कर उद्योगपतियों को दिया; ‘अग्निवीर’ पर भी उठाया सवाल

Rahul said in Nyay Yatra – MNREGA budget was closed and given to industrialists; Questions raised on ‘Agniveer’ also शिवपुरी में माधव चौक पर युवाओं को संबोधित करते वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी Bharat Jodo Nyaya Yatra Shivpuri: कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा सोमवार को एमपी के शिवपुरी में पहुंची। यहां उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। साथ ही उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, अग्निवीर योजना, मनरेगा और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर युवाओं से संवाद किया। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा सोमवार को मध्य प्रदेश के शिवपुरी पहुंची। इस दौरान राहुल गांधी का रोड शो हुआ। उसके बाद शहर के माधव चौक चौराहे पर एक आमसभा हुई। कार पर ही बैठकर राहुल गांधी ने आमसभा को संबोधित किया। इस दौरान कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने मनरेगा का बजट बंद कर दिया और यह बजट देश के 15-20 बड़े उद्योगपतियों को दे दिया। राहुल गांधी ने कहा कि मनरेगा के बजट से आम लोगों व ग्रामीणों को रोजगार मिलता, लेकिन मोदी जी कहते हैं कि बेकार योजना है। लेकिन मैं पूछता हूं कि जिन 15-20 लोगों को 16 लाख करोड़ रुपये दे दिया गया है, उनको (आम लोगों को) यह रुपया क्यों दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, शिवपुरी में राहुल गांधी का रोड शो सुबह नौ बजे होना था, जिसके लिए उन्हें ग्वालियर से हेलीकॉप्टर के माध्यम से शिवपुरी आना था। लेकिन ग्वालियर से हेलीकॉप्टर उड़ने की अनुमति प्रशासन द्वारा नहीं दी गई। इसके बाद राहुल गांधी ग्वालियर से शिवपुरी सड़क मार्ग से आए। इस मामले में शिवपुरी कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष श्रीप्रकाश शर्मा ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने जान-बूझकर ग्वालियर से शिवपुरी के लिए हेलीकॉप्टर को उड़ने की अनुमति नहीं दी। हेलीकॉप्टर की वजह रोड से आने के कारण राहुल गांधी का पूर्व नियोजित रोड शो सुबह 9:00 बजे की बजाय करीब 10:30 बजे शुरू हुआ। इसके बाद 11:00 बजे शिवपुरी के माधव चौक चौराहे पर आमसभा को राहुल गांधी ने कार पर बैठकर ही संबोधित किया।सरकारी कंपनियों का किया जा रहा निजीकरण’मनरेगा का बजट बंद किए जाने को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार केवल बड़े उद्योगपति जिनमें अदानी और अंबानी शामिल हैं, को ही लाभ पहुंचा रही है। गांधी ने कहा कि भारत में पुलिस फोर्स के लिए बनाए जाने वाली आर्म्स (बंदूकें) पहले सरकारी फैक्ट्री में बनती थीं, लेकिन इनका निजीकरण कर दिया गया। आज अदानी की कंपनी ने इजरायल की एक कंपनी के साथ ज्वाइंट कंपनी बनाकर बंदूक बनाने का काम शुरू कर दिया है। लेकिन बंदूक बनाने का काम इजराइल और चीन की कुछ कंपनियां करती हैं। टैग लगाकर इंडिया में यह बंदूक बना दी जाती है। इसका फायदा केवल कुछ चिह्नित उद्योगपतियों को मिल रहा है। पहले इससे सरकारी कंपनियों में काम करने वाले लोगों को रोजगार मिलता था। लेकिन आज निजीकरण किया जा रहा है और लोगों से रोजगार छीना जा रहा है। ‘जानबूझकर नहीं की जा रही है जातिगत जनगणना’वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शिवपुरी के माधव चौक चौराहे पर आयोजित भारत जोड़ो न्याय यात्रा को संबोधित करते हुए कहा कि देश में जानबूझकर जातिगत जनगणना नहीं की जा रही है। मैं हर बार कहता हूं कि जातिगत जनगणना कराएं, जिससे पिछड़ा वर्ग, एससी, एसटी और आदिवासी लोगों की संख्या साफ तौर पर निकलकर सामने आ सके। लेकिन इस पर केंद्र सरकार द्वारा कुछ नहीं बोला जा रहा है। ‘बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को नहीं दिखाया जाता है’राहुल गांधी ने कहा कि देश में तीन बड़े मुद्दे हैं। पहला बेरोजगारी, दूसरा महंगाई और तीसरा भ्रष्टाचार। लेकिन इन तीनों मुद्दों को गायब कर दिया गया है। मीडिया पर बड़े उद्योगपतियों का कब्जा है। मीडिया में बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को नहीं दिखाया जाता है। वहां पर बॉलीवुड स्टार, फिल्म, क्रिकेट और भारत-पाकिस्तान के संबंधों को ज्यादा दिखाया जाता है, जिससे आपका ध्यान मुख्य मुद्दों से हट जाए। कांग्रेस नेता गांधी ने जीएसटी पर निशाना साधते हुए कहा कि जीएसटी का पैसा निकालकर गरीबों की जेब से बड़े उद्योगपतियों और अमीरों की जेब में जा रहा है। इसे रिग्रेसिव टैक्सेशन (प्रतिगामी कराधान) कहते हैं। उन्होंने कहा कि सामान की खरीदी पर अमीर-गरीब को बराबर जीएसटी देना पड़ता है। लेकिन अमीर के लिए बड़ा हिस्सा उसके लिए कोई मायने नहीं रखता, लेकिन गरीब की आय का एक बड़ा हिस्सा निकलकर टैक्स के रूप में जीएसटी में चला जाता है। ‘अग्निवीर में न पेंशन मिलेगी, न शहीद का दर्जा देंगे’कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आगे कहा कि निजीकरण करके नौकरियां समाप्त की जा रही हैं। युवाओं को बेरोजगार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अग्निपथ योजना युवाओं पर थोपी जा रही है। उन्होंने सभा को संबोधित कर कहा कि अग्निवीर की नौकरी में जवान को गोली लग जाती है तो मौत पर न तो पेंशन मिलेगी और न ही शहीद का दर्जा मिलेगा। राहुल गांधी ने पेपर लीक को लेकर कही ये बातइसके साथ ही उन्होंने कहा कि युवाओं के कंपटीशन (प्रतियोगी परीक्षाओं) की तैयारी के दौरान पेपर लीक किए जा रहे हैं। पेपर लीक करने वाले कौन हैं, अमीर लोगों के बेटे हैं। गरीब व्यक्ति का बेटा कंपटीशन की तैयारी करता है, घंटों पढ़ाई करता है। लेकिन जब पेपर देने जाता है तो पेपर लीक हो जाता है। वहीं, दूसरी ओर अमीर का बेटा पेपर लीक कर उससे परीक्षा दे देता है।

Bharat Jodo Nyay Yatra;सिंधिया के गढ़ में राहुल गांधी की यात्रा

Bharat Jodo Nyay Yatra; Rahul Gandhi’s visit to Scindia’s stronghold हेलीकॉप्टर की नहीं मिली इजाजत, अब ऐसे करेंगे सफर Rahul Gandhi in Madhya Pradesh: शिवपुरी में डेढ़ किलोमीटर चलने के बाद यात्रा रुकेगी. यहां से राद्यौगढ़ के साडा कॉलोनी चौराहा पहुंचे. दोपहर में राहुल गांधी न्यू बस स्टैंड पर सभा करेंगे. Rahul Gandhi Bharat Jodo Nyay Yatra: कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी द्वारा निकाली जा रही भारत जोड़ो न्याय यात्रा का सोमवार (4 मार्च) को तीसरा दिन है. राहुल गांधी आज केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के गढ़ में दस्तक देंगे. हेलिकॉप्टर की परमिशन नहीं मिलने की वजह से राहुल गांधी ग्वालियर से खुली जीप में रोड शो कर शिवपुरी पहुंचेंगे. कांग्रेस प्रवक्ता अजीत भदौरिया के अनुसार राहुल गांधी विशेष विमान से दिल्ली से ग्वालियर आएंगे. मध्य प्रदेश शासन ने ग्वालियर से शिवपुरी तक के लिए हेलिकॉप्टर की परमिशन नहीं दी, इसलिए राहुल गांधी ग्वालियर बायपास से खुली जीप में सवार होकर रोड शो करेंगे. यहां से हेलिकाप्टर से गुना पहुंचेंगे. दिग्विजय के गढ़ में लंच ब्रेक तय शेड्यूल के अनुसार शिवपुरी में डेढ़ किलोमीटर चलने के बाद यात्रा रुकेगी. यहां से राद्यौगढ़ के साडा कॉलोनी चौराहा पहुंचे. दोपहर में राहुल गांधी न्यू बस स्टैंड पर सभा करेंगे. जेपी यूनिवर्सिटी के पास लंच होगा. यहां से दोपहर 2.30 बजे यात्रा बीनागंज के लिए रवाना होगी. दोपहर 3 बजे यात्रा बीनागंज से चलेगी. 4.15 बजे ब्यावरा के पीपल चौराहा पर जनसभा आयोजित की जाएगी. जबकि शाम 5.15 बजे भाटखेड़ी में राहुल गांधी किसानों से संवाद करेंगी. भाटखेड़ी में पेट्रोल पंप के पास रात्रि विश्राम होगा. 5 मार्च का कार्यक्रम पांच मार्च को सुबह 8.00 बजे राजगढ़ जिले के पचोर में यात्रा का स्वागत होगा. सुबह 9.30 बजे सारंगपुर में स्वागत होगा. दोपहर 11.30 बजे शाजापुर के टंकी चौराहे से एचपी पेट्रोल पंप तक रोड शो होगा. दोपहर 12 बजे मक्सी में स्वागत होगा. मक्सी में दोपहर का भोजन होगा. यही पर राहुल गांधी परीक्षार्थियों संवाद करेंगे. शाम 5 बजे राहुल गांधी उज्जैन में उज्जैन गेट से देवास गेट तक रोड शो करेंगे. रात 8 बजे इंगोरिया पहुंचने के बाद यहां रात्रि विश्राम होगा.

रामलला के दर्शन करने सरकार होगी रवाना

Government will leave to visit Ramlala देवड़ा बोले-मोदी जी की 400 सीट से सरकार बनने की कामना करेंगे मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन कैबिनेट के सदस्य सपत्नीक सोमवार को कैबिनेट की बैठक के बाद अयोध्या भगवान श्रीराम के दर्शन करने अयोध्या रवाना होंगे। भोपाल ! अयोध्या रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक होगी। इसके बाद मंत्रालय से ही सभी मंत्री सपत्नीक वाल्वो बस से एयरपोर्ट रवाना होगी। इससे पहले मंत्रालय पहुंचे उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि आज मंत्रिमंडल अयोध्या पहुंचकर रामलला के दर्शन करेगा। यह सभी के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खुशहाली की कामना के साथ ही 400 सीट के साथ मोदी जी की सरकार बनने की कामना करेंगे। वहीं, राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा कि आज अयोध्या यात्रा जाने पर गर्व हो रहा है। कार सेवा में मैं माजूद था। मेरे साथ के दो साथियों का कार सेवा में निधन हो गया था। आज रामलला के दर्शन करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। बता दें सरकार अयोध्या में मध्य प्रदेश की जनता के लिए भवन बनाकर धर्माशाला और सरयू नदी के किनारे सम्राट विक्रमादित्य घाट बनाने की संभावनाओं पर भी विचार कर रही है। रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा था कि फरवरी माह में अयोध्या में अधिक भीड़ होने और अन्य व्यस्तताओं के कारण मध्यप्रदेश मंत्रि-मंडल के सदस्यों ने मार्च माह में अयोध्या में भगवान श्री राम के दर्शन करने जाने का निर्णय लिया था। यह हमारी भगवान श्री राम के प्रति श्रद्धा है, हम सनातन संस्कृति को मानने वाले भी हैं। हमारी आस्था का केंद्र आज जब सबकी श्रद्धा के रूप में उभरकर सामने आया है, तो स्वाभाविक रूप से सबकी भावना भी जुड़ गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 22 फरवरी, 2024 को अयोध्या में भगवान श्री राम की प्राण-प्रतिष्ठा हुई, यह सभी देशवासियों के लिए सौभाग्य की बात है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य महत्वपूर्ण हस्तियों की उपस्थिति में अयोध्या में भगवान श्रीराम की प्राण-प्रतिष्ठा हुई। मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों से अपनी सुविधानुसार अयोध्या में भगवान श्री राम के दर्शन करने अवश्य जाने का आव्हान किया ।

राहुल गांधी का एमपी में ‘ग्रैंड वेलकम’, सड़कों पर बिछाई गुलाब की पंखुडियां

Rahul Gandhi’s ‘Grand Welcome’ in MP, rose petals spread on the roads राजघाट पुल पर कांग्रेसी दिग्गजों का जमावड़ा कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व वाली ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ मुरैना जिले के माध्यम से मध्य प्रदेश में प्रवेश करने वाली है। कांग्रेस महासचिव संचार प्रभारी जयराम रमेश ने बताया कि पांच दिनों के आराम मुरैना: कांग्रेस नेता राहुल गांधी राजस्थान के धौलपुर पहुंचे, जहां उनका हेलीकॉप्टर पुलिस लाइन में उतरा। कुछ ही देर बाद भारत जोड़ो न्याय यात्रा शुरू होने वाली है, जो मध्य प्रदेश के मुरैना जिले से शुरू होगी। कांग्रेस नेताओं ने चंबल नदी पर बने राजघाट पुल पर राहुल गांधी के स्वागत के लिए सड़क पर गुलाब की पंखुड़ियां बिछा दी हैं। राजस्थान के धौलपुर जिले में राहुल गांधी का रोड शो शुरू हो गया है। चंबल राजघाट पर राहुल गांधी का स्वागत करने के लिए पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और राज्यसभा सांसद अशोक सिंह समेत कई नेता पहुंचे। शुक्रवार को मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के राज्य में प्रवेश से पहले उसकी तैयारियों का जायजा लेने मुरैना पहुंचे थे। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बताया कि राहुल गांधी की यह यात्रा नीमच के रास्ते राजस्थान में एंट्री करेगी। वह 7 मार्च को बांसवाड़ा (दक्षिणी राजस्थान में स्थित शहर) में एक सार्वजनिक बैठक को संबोधित करेंगे और उसके बाद यह यात्रा गुजरात में प्रवेश करेगी और 9 मार्च तक रहेगी। इससे पहले शुक्रवार को मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और दिग्गज कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के राज्य में प्रवेश से पहले तैयारियों का जायजा लेने मुरैना पहुंचे थे। पार्टी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के बाद कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ का लक्ष्य 15 राज्यों से होकर 6,700 किलोमीटर की दूरी तय करना है, क्योंकि लोकसभा चुनाव नजदीक हैं। इस साल अप्रैल-मई में लोकसभा चुनाव होने हैं।

बीजेपी विधायक ने दी आत्मदाह की चेतावनी, 5 मार्च से देंगे धरना

BJP MLA warns of self-immolation, will protest from March 5 बीजेपी विधायक मोहन शर्मा ने आरोप लगाते हुए कहा कि विद्युत मंडल के अधिकारी-कर्मचारी बिजली बिल जमा नहीं करने पर हमारे क्षेत्र के गांवों में किसानों और गरीबों को परेशान करते हैं. मध्य प्रदेश में राजगढ़ जिले की नरसिंहगढ़ विधानसभा (Narsinghgarh Assembly) से विधायक मोहन शर्मा (Mohan Sharma) अपनी ही सरकार में सिस्टम से नाराज दिख रहे हैं. बीजेपी विधायक ने आत्मदाह की चेतावनी दे दी है. उन्होंने बढ़े हुए बिजली बिलों के विरोध में पांच मार्च से धरने पर बैठने की भी बात कही है. मोहन शर्मा ने विद्युत विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों पर गरीबों को परेशान करने का भी आरोप लगाया. मोहन शर्मा राजगढ़ जिले के औद्योगिक क्षेत्र पीलूखेड़ी में नवीन औद्योगिक इकाई मेसेस ज्योलो पैक प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी के भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए. आयोजन में राजगढ़ कलेक्टर हर्ष शर्मा, एसपी धर्मराज मीणा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक मोहन शर्मा ने कहा कि विद्युत मंडल के अधिकारी-कर्मचारी बिजली बिल जमा नहीं करने पर हमारे क्षेत्र के गांव में जाते हैं, किसानों के घरों के गेट खोलते हैं और उनकी मोटर साइकिल निकाल कर ले जाते है. बीजेपी विधायक ने दी आत्मदाह की धमकी मोहन शर्मा ने आगे कहा कि बिजली विभाग के कर्मचारी बारवा खुलम गांव से तो एक गरीब मजदूर, लोहा पीटने वाले की बाइक उठा ले गए. कानून हाथ में लूंगा तो 353 लग जाएगी. विधायक शर्मा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आक्रोशित हो गए. उन्होंने कहा कि कानून हाथ में लेना नहीं चाहता हूं, अगर अधिकारियों से झगड़ा किया तो 353 लग जाएगी. अब मेरे पास एक ही हथियार है, आमरण अनशन पर आत्मदाह करने को मजबूर हो जाऊंगा. मैं 5 तारीख को बिजली विभाग के डीई ऑफिस के बाहर धरने पर बैठने वाला हूं. बिजली विभाग का अत्याचार स्वीकार नहीं- मोहन शर्मा विधायक मोहन शर्मा ने कहा- ”मैं आपसे पहले भी निवेदन कर चुका हूं, अब मेरा अंतिम निर्णय हो चुका है क्योंकि मैं बहुत दुखी हूं. मेरी जिंदगी से मुझे मोह भी नहीं है. मेरी उम्र पूरी हो चुकी है, मुझे मौत स्वीकार है पर जनता के ऊपर विद्युत मंडल का अत्याचार स्वीकार नहीं है”. कार्यक्रम के दौरान विधायक शर्मा ने एक किसान को खड़ा होने को कहा और अधिकारियों से कहा कि इसके पिता को मरे 30 साल हो गए, तभी से गांव में डीपी नहीं है और इसके 30 हजार रुपए का बिल दे दिया. जब गांव में डीपी नहीं है तो बिल कैसे दे दिया. विधायक ने कहा कि ऐसा एक उदाहरण नहीं है, कई उदाहरण हैं.

मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग इंदौर व कर्मचारी चयन मंडल को लेकर, जीतू पटवारी ने पूछें सवाल

Jitu Patwari asked questions regarding Madhya Pradesh Public Service Commission, Indore and Staff Selection Board. मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग इंदौर व कर्मचारी चयन मंडल भोपाल द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षा में 87% रिजल्ट घोषित किया जा रहा है और ओबीसी आरक्षण के नाम पर 13% रिजल्ट HOLD किया जा रहा है! मीडिया रिपोर्ट्स बता रही है कि इस मामले में मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने कहा है कि “यह जो कुछ भी हो रहा है वह हमारे आदेश पर नहीं हो रहा है! यदि सामान्य प्रशासन विभाग ने कोई आदेश दिया है और किसी उम्मीदवार द्वारा उसे चैलेंज किया जाता है, तो हम उसका भी परीक्षण करेंगे!” याचिकाकर्ताओं में पटवारी भर्ती परीक्षा, शिक्षक भर्ती परीक्षा, इंजीनियर भर्ती परीक्षा सहित एमपीपीएससी और एमपीईबी द्वारा आयोजित लगभग सभी भर्ती परीक्षाओं के उम्मीदवार शामिल हैं! माननीय उच्च न्यायालय ने आज कहा है कि “कोर्ट की तरफ से इस प्रकार का कोई आदेश नहीं दिया है! संस्थाओं ने परीक्षाएं आयोजित की है, तो उन्हें 100% रिजल्ट घोषित करना चाहिए!” यह निर्णय सरकार की मंशा पर उठा एक ऐसा सवाल है, जिसका जवाब अब न केवल न्यायालय, बल्कि प्रदेश के हजारों-लाखों बेरोजगार युवाओं को भी देना ही होगा! अव्वल तो सरकार भर्ती परीक्षा करने की नीयत ही नहीं रखती! यदि परीक्षाएं होती भी हैं, तो फर्जीवाड़ा शुरू हो जाता है! फिर जांच की औपचारिकता होती है! अंततः परिणाम सामने नहीं आ पाता है! सरकार को तत्काल न्यायालय के निर्देश का पालन करना चाहिए और प्रदेश के प्रतिभाशाली युवाओं के साथ न्याय करना चाहिए! यदि भाजपा सरकार ने फिर से गुमराह करने का प्रयास किया, तब @INCMP युवाओं के अधिकारों के लिए सड़क पर उतरेगी और निर्णायक संघर्ष करेगी!

आज मुरैना से मध्य प्रदेश में प्रवेश करेगी यात्रा, 8 लोकसभा क्षेत्रों से गुजरेंगे राहुल गांधी

Today the Yatra will enter Madhya Pradesh from Morena, Rahul Gandhi will pass through 8 Lok Sabha constituencies. कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा आज मध्य प्रदेश में प्रवेश करेगी। यात्रा आठ लोकसभा क्षेत्रों से गुजरेगी। भोपाल। राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा आज मुरैना के रास्‍ते मध्य प्रदेश में प्रवेश करेगी। इसको लेकर कांग्रेस की तैयारियां पूरी हो गई है। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, पूर्व सीएम कमल नाथ और दिग्विजय सहित कई कांग्रेस नेता मुरैना पहुंचेंगे। यात्रा आठ लोकसभा क्षेत्रों (मुरैना, ग्वालियर, गुना, राजगढ़, देवास, उज्जैन, धार और रतलाम) से गुजरेगी। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ, दिग्विजय सिंह, कांतिलाल भूरिया, अरुण यादव, जीतू पटवारी, उमंग सिंघार सहित सभी वरिष्ठ नेता पूरे समय साथ रहेंगे। उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन करेंगेराहुल गांधी पांच मार्च को उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन करेंगे। मुरैना, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, राघोगढ़, शाजापुर और उज्जैन में रोड शो होगा। यात्रा शनिवार को राजस्थान के धौलपुर से मुरैना में लगभग दो बजे प्रवेश करेगी। यहां अंडर ब्रिज के पास रोड शो होगा। शाम पांच बजे ग्वालियर शहर में चार शहर नाका से जीरा चौक तक रोड शो और फिर राहुल गांधी का संबोधन होगा। स्वागत…वंदन…अभिनंदन, हृदय प्रदेश करता स्वागत वंदन। भारत जोड़ो न्याय यात्रा आज मध्यप्रदेश में प्रवेश कर रही है। चुनाव अभियान भी होगा शुरूभारत जोड़ाे न्‍याय यात्रा के मध्य प्रदेश में प्रवेश होते ही प्रदेश में पार्टी का चुनाव अभियान भी प्रारंभ हो जाएगा। यात्रा के माध्यम से आदिवासी, किसान, महिला और युवाओं को साधने का प्रयास है। इसके लिए अलग-अलग लोकसभा क्षेत्रों में संवाद के कार्यक्रम रखे गए हैं। साथ ही रोड शो, रथ सभा और धार जिले के बदनावर में बड़ी आदिवासी न्याय सभा होगी। भारत जोड़ो यात्रा का नहीं मिला था फायदाराहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा विधानसभा चुनाव से करीब एक वर्ष पूर्व मध्य प्रदेश में हुई थी। उस समय माहौल तो खूब बना था पर वह परिणाम में परिवर्तित नहीं हो पाया था। इस बार लोकसभा चुनाव से ठीक पहले यात्रा हो रही है। इसमें ग्वालियर-चंबल के साथ मालवांचल क्षेत्र में छह दिन रहेगी। जिन आठ लोकसभा क्षेत्रों से यह गुजरेगी, वहां विधानसभा चुनाव परिणाम के हिसाब से देखें तो अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए सुरक्षित धार और रतलाम सीट को छोड़कर बाकी जगह कांग्रेस की स्थिति ठीक नहीं है। सैलना होते हुए राजस्‍थान जाएगी यात्राभारत जोड़ो न्याय यात्रा तीन मार्च को घाटीगांव से होती हुई बदरवास पहुंचेगी। चार मार्च को गुना से शुरू होकर ब्यावरा भाटखेड़ी पहुंचेगी। पांच मार्च को पचौर से होती हुई उज्जैन पहुंचेगी। छह मार्च को बड़नगर से रतलाम के सैलाना से होते हुए राजस्थान पहुंचेगी।

मुरैना के रास्ते कल MP में एंट्री लेंगे राहुल गांधी, जानें- ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ का पूरा कार्यक्रम

Rahul Gandhi will enter MP tomorrow via Morena, know the complete program of ‘Bharat Jodo Nyay Yatra’ राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ों न्याय यात्रा’ कल धौलपुर से एमपी के मुरैना में प्रवेश करेगी. यह यात्रा में मध्य प्रदेश में पांच दिनों तक रहेगी. मुरैना ! कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी की (Rahul Gandhi) ‘भारत जोड़ों न्याय यात्रा’ शनिवार (2 मार्च) को मुरैना से मध्य प्रदेश में प्रवेश करेगी. राहुल गांधी की यात्रा को लेकर प्रदेश के कांग्रेस नेताओं ने मुरैना में डेरा जा दिया है. यात्रा की व्यवस्थाओं को लेकर 23 कमेटियां बनाई गई हैं, जिनका कांग्रेस नेताओं को प्रभार दिया गया है. बता दें कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ों न्याय यात्रा’ कल धौलपुर से एमपी के मुरैना में प्रवेश करेगी. यह यात्रा में मप्र में पांच दिन रहेगी. वहीं पांचवें दिन रतलाम के सैलाना से राजस्थान के बाड़मेर जिले की सीमा में प्रवेश करेगी. न्याय यात्रा दोपहर 1.30 बजे मुरैना जिले की सीमा में प्रवेश करेगी, जबकि दो बजे पिपरई में देवपुरी बाबार के पास जेबी ढाबे पर योगेश यादव और सतेंद्र यादव को भारत जोड़ों न्याय यात्रा का ध्वज हस्तांतरण किया जाएगा. दोपहर ढाई बजे मुरैना में अंडर ब्रिज के पास रोड शो होगा. यात्रा शाम 5 बजे ग्वालियर पहुंचेगी. ग्वालियर में हजरी चौक तक रोड शो होगा फिर हजारी चौक पर ही राहुल गांधी नुक्कड़ सभा को संबोधित करेंगे. ग्वालियर के गोल्डन लोटस गार्ड में रात्रि विश्राम होगा. अगले दिन 3 मार्च का कार्यक्रमअगले दिन 3 मार्च को ग्वालियर में अग्रिवीर संवाद होगा. सुबह 8.30 बजे घाटीगांव और 10 बजे मोहना गांव में स्वागत होगा. सुबह 11.30 बजे मोरखेड़ा में आदिवासियों के साथ राहुल गांधी संवाद करेंगे. दोपहर 12.30 बजे सतनवाड़ा में स्वागत होगा और यही लंच होगा. दोपहर 2 बजे बाबू क्वार्टर शिवपुर से झांसी रोड तिराहा शिवपुर तक रोड शो होगा. इसके बाद शाम 4 बजे कोलारस, 5 बजे लुकवासा में स्वागत होगा. शाम 6.30 बजे बदरवास में नुक्कड़ सभा होगी. बदरवास के पास ईश्वरी में यात्रा का रात्रि विश्राम होगा. 4 मार्च को गुना से शुरू होगी यात्रा4 मार्च को सुबह 8.30 बजे गुना जिले के म्याना से यात्रा शुरू होगी. सुबह 9.30 बजे हनुमान चौराहा से एचपी पेट्रोल पंप तक रोड शो होगा. सुबह 11 बजे रुठियाई में स्वागत होगा. दोपहर 12.30 बजे राद्योगढ़ में साड़ा कॉलोनी से नए बस स्टैंड तक रोड शो होगा. इसके बाद जेपी यूनिवर्सिटी राद्यौगढ़ में यात्रा का लंच होगा. दोपहर 2 बजे बीनागंज में स्वागत होगा. शाम 5 बजे ब्यावरा के पीपल चौराहे पर आमसभा होगी. शाम 6 बजे रजागढ़ के भाटखेड़ी में राहुल गांधी किसानों संवाद करेंगे. ग्राम भाटखेड़ी में ही रात्रि विश्राम होगा. 5 मार्च का कार्यक्रमपांच मार्च को सुबह 8 बजे राजगढ़ जिले के पचोर में यात्रा का स्वागत होगा. सुबह 9.30 बजे सारंगपुर में स्वागत होगा. दोपहर 11.30 बजे शाजापुर के टंकी चौराहे से एचपी पेट्रोल पंप तक रोड शो होगा. दोपहर 12 बजे मक्सी में स्वागत होगा. मक्सी में दोपहर का भोजन होगा. यही पर राहुल गांधी परीक्षार्थियों संवाद करेंगे. शाम 5 बजे राहुल गांधी उज्जैन में उज्जैन गेट से देवास गेट तक रोड शो करेंगे. रात 8 बजे इंगोरिया पहुंचने के बाद यहां रात्रि विश्राम होगा. आखिरी दिन का यह प्लानप्रदेश के यात्रा के आखिरी दिन 6 मार्च को सुबह 9 बजे बड़नगर में राहुल गांधी महिलाओं के साथ संवाद करेंगे. सुबह 10 बजे बड़नगर में रोड शो होगा. दोपहर 12 बजे बदनावर में राहुल गांधी जनसभा को संबोधित करेंगे. दोपहर 3 बजे यात्रा रतलाम पहुंचेगी, यहां नुक्कड़ सभा को संबोधित करेंगे. शाम 4 बजे यात्रा सैलानी पहुंचेगी. यहां नुक्कड़ सभा के बाद राजस्थान में प्रवेश करेगी. यात्रा के लिए बनाए अलग-अलग प्रभारीयात्रा को लेकर अलग-अलग प्रभारी बनाए गए हैं, जिसमें 2 मार्च को मुरैना ध्वज हस्तांतरण का प्रभारी योगेश यादव और सतेंद्र यादव को बनाया गया है. जबकि 3 मार्च को ग्वालियर में अग्निवीर और पूर्व सैनिकों से संवाद के लिए प्रभारी पंकज उपाध्याय, रिटायर मेजर जनरल श्याम श्रीवास्तव, रिटायर विंग कमांडर अनुमा आचार्य को बनाया है. वहीं बोरखेड़ा में आदिवासी संवाद के लिए मीनाक्षी (एकता परिषद), इसी तरह 4 मार्च को भाटखेड़ी में किसान संवाद के लिए दिनेश गुर्जर, रामचंद्र दांगी को प्रभारी बनाया है. 4 मार्च को मक्सी में पटवारी परीक्षार्थी संवाद के लिए स्वप्रिल कोठारी, विक्रांत भूरिया और आशुतोष चौकसे जबकि आखिर दिन 6 मार्च के लिए बडऩगर के इंगोलिया ढाबे पर पीएससी के परीक्षार्थियों के साथ संवाद, उज्जैन में मुल्लापुरा कैंप के पास महिलाओं के साथ संवाद के लिए विभा पटेल, माया त्रिवेदी, बदनावर में जनसभा के लिए उमंग सिंघार, सज्जन सिंह वर्मा, सैलाना में नुक्कड़ सभा के लिए राजेश रघुवंशी को प्रभारी बनाया गया है.

सैलाना विधायक पर एक करोड़ वसूली के आरोप

Sailana MLA accused of extorting Rs 1 crore भोपाल। रतलाम जिले के सैलाना विधानसभा से निर्दलीय विधायक कमलेश्वर डोडियार के खिलाफ सैलाना थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। उन पर 323, 294, 506, 327, 384, 34 के तहत शिकायत दर्ज की गई है। दरअसल, उन पर डॉक्टर द्वारा 1 करोड़ रुपए मांगने का गंभीर आरोप लगाया गया था। जिसके बाद वह लगातार मीडिया में चर्चा का विषय बने हुए थे। बता दें कि क्लीनिक और मेडिकल स्टोर चलाने वाले डॉक्टर तपन ने विधायक पर 1 करोड़ रुपए मांगने का आरोप लगाया था। इसके लिए डॉक्टर ने वीडियो भी जारी किया था, जिसमें उन्होंने बताया था कि 19 फरवरी को विधायक ने बुलाकर उनसे यह रकम मांगी थी। जिसे विधायक द्वारा खारिज कर दिया गया था। साथ ही यह कहा गया था कि यह मेरे विरोधियों का षड्यंत्र है और अपने क्षेत्र में वह कोई भी गैर कानूनी काम नहीं होने देंगे। हो सकती है गिरफ्तारीवहीं, अब मामले में उन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। गैर जमानती धाराओं में केस दर्ज होने के चलते अब उनकी गिरफ्तारी भी हो सकती है। बता दें कि कमलेश्वर डोडियार यहां से निर्दलीय चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचने वाले इकलौते विधायक हैं जोकि भारत आदिवासी पार्टी के नेता हैं। सोशल मीिडया पर पैसे मांगने का एक कथित वीिडयो भी वायरल हुआ था, जिसकी जांच चल रही है।

नकुलनाथ बोले- न मैं, न कमलनाथ भाजपा में जा रहेः BJP में जाने की अटकलों को किया खारिज, बोले- अफवाहें फैलाई जा रही

Nakul Nath said – Neither I nor Kamal Nath are joining BJP: Rejected the speculations about joining BJP, said – rumors are being spread पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के बाद अब उनके सांसद बेटे नकुलनाथ ने भी भाजपा में जाने की अटकलों को खारिज कर दिया है। नकुलनाथ ने कहा- ‘भाजपा के लोग अफवाहें फैला रहे हैं कि कमलनाथ जी भाजपा में जा रहे हैं। मैं भाजपा में जा रहा हूं। मैं आज इस सभा में स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि ना ही कमलनाथ जी भाजपा में जा रहे हैं और ना ही नकुलनाथ भाजपा में जा रहा है। छिंदवाड़ा सांसद नकुलनाथ गुरुवार को जुन्नारदेव विधानसभा के नवेगांव में आयोजित जनसभा और कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान मंच पर पूर्व सीएम कमलनाथ भी मौजूद थे। नकुलनाथ ने विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली जीत का धन्यवाद देते हुए कहा कि सभी कार्यकर्ताओं की मेहनत के कारण हम जुन्नारदेव विधानसभा में चुनाव जीते हैं। मैंने कभी कहा मैं भाजपा में जा रहा हूं। मैं क्या पागल हो गया हूं इससे पहले बुधवार को कमलनाथ ने भी भाजपा में जाने की अटकलों को खारिज किया था। वे चौरई विधानसभा क्षेत्र के चांद में ब्लॉक कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा- भाजपा वाले भड़काने आएंगे। तरह-तरह की अफवाहें। कमलनाथ आ रहे हैं भाजपा में। अरे, कभी मैंने कहा मैं भाजपा में जा रहा हूं। मैं क्या पागल हो गया हूं।

कांग्रेस का आरोप: स्कूल शिक्षा विभाग में टैक्सी घोटाला, इनोवा के नाम पर दिया स्कॉर्पियो का किराया

Congress alleges: Taxi scam in School Education Department, Scorpio fare given in the name of Innova भोपाल। कांग्रेस ने स्कूल शिक्षा विभाग में वाहन बिल घोटाले का आरोप लगाया है। लाइट नहीं होने पर कैंडल लाइट प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाते हुए बताया कि तत्कालीन विभागीय मंत्री इंदर सिंह परमार के स्टाफ के लिए इस्तेमाल छह वाहनों के बिल में फर्जीवाड़ा किया गया। एक वाहन के लिए 13 महीने में 8 लाख 62 हजार 236 रुपए का भुगतान किया गया। राज्य शिक्षा केंद्र में इस गाड़ी का नाम मारुति सियाज और रजिस्ट्रेशन नंबर एमपी04-सीडब्ल्यू-9950 दर्ज है। परिवहन विभाग से पता करने पर यह रजिस्ट्रेशन नंबर हुंडई क्रेटा को अलॉट मिला। यही नहीं मंत्री के नाम पर आवंटित एक अन्य वाहन को 11 महीने में कुल 17,92,133 रुपए का भुगतान किया गया। इस मामले में लोकायुक्त को संज्ञान लेकर कार्रवाई करने की मांग की है। मप्र कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष केके मिश्रा, मप्र कांग्रेस के उपाध्यक्ष जेपी धनोपिया और मप्र कांग्रेस सूचना का अधिकार प्रकोष्ठ के अध्यक्ष पुनीत टंडन ने बताया कि राज्य शिक्षा केंद्र से सूचना के अधिकार में मिली जानकारी के अनुसार केंद्र में लगे प्राइवेट वाहनों के नाम पर 13 महीनो में करीब 1 करोड़ 75 लाख रुपए का भुगतान श्री ट्रैवल एजेंसी को किया गया। स्कार्पियों को एक माह का 1.80 लाख रुपए का भुगतानस्कूल शिक्षा मंत्री के नाम पर आवंटित वाहन क्रमांक एमपी 04 बीसी 7480 बिल में गाड़ी इनोवा किस्टा दर्ज है, जबकि परिवहन विभाग में संबंधित नंबर की गाड़ी स्कार्पियों दर्ज है। उक्त वाहन का एक माह का बिल भुगतान 01 अप्रैल 2023 से 30 अप्रैल 2023 तक का 1,80,628 रू. का भुगतान किया गया। जबकि वाहन स्कार्पियों है। अनुबंध के अनुसार इनोवा किस्टा को प्रतिमाह लगभग 75,000 रू. प्रतिमाह किराया एवं अतिरिक्त चलने पर 18.50 रू. प्रति किलोमीटर की दर से भुगतान किया गया, जो बिल में उल्लेखित है। सरकार के निर्देशों का खुला उल्लंघनकांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार के वित्त विभाग की तरफ से जारी सर्कुलर के अनुसार विभाग और कार्यालय क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में टैक्सी कोटे में रजिस्टर्ड वाहन ही किराए पर ले सकते है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत राज्य शिक्षा केंद्र ने वाहन कार्यालय/ स्कूल शिक्षा मंत्री और मंत्री के स्टाफ के लिए ट्रेवल एजेंसी से टैक्सी कोटे की जगह प्राइवेट वाहन लिए गए।

प्रधानमंत्री मोदी आज वीसी से करेंगे आंवलिया एवं पारसडोह सिंचाई परियोजनाओं का लोकार्पण

Prime Minister Modi will inaugurate Anwalia and Parsdoh irrigation projects today with VC. भोपाल ! प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 29 फरवरी को “विकसित भारत, विकसित मध्यप्रदेश” कार्यक्रम में वीसी के माध्यम से मध्यप्रदेश जल संसाधन विभाग की 809.67 करोड़ रूपए की 2 मद्यम-सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं आंवलिया एवं पारसडोह का लोकार्पण करेंगे। मुख्य कार्यक्रम लाल परेड ग्राउंड में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में अपरान्ह 4 बजे से आयोजित होगा।

भोपाल जिला पंचायत की मीटिंग में हंगामा: DEO के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव; पीएचई से जुड़े मुद्दों पर सदस्यों की नाराजगी

Uproar in Bhopal District Panchayat meeting: No-confidence motion against DEO; Displeasure of members on issues related to PHE भोपाल जिला पंचायत की साधारण सभा की मीटिंग में हंगामा हो गया। अध्यक्ष रामकुंवर बाई गुर्जर, उपाध्यक्ष मोहन जाट समेत सदस्यों ने डीईओ एके त्रिपाठी के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पास किया। सभी का कहना है कि डीईओ उनकी कॉल रिसीव नहीं करते। पीएचई से जुड़े मुद्दों पर भी सदस्यों ने नाराजगी जताई। मीटिंग बुधवार दोपहर 1 बजे से शुरू हुई। करीब 15 महीने के बाद हो रही मीटिंग में स्वास्थ्य, शिक्षा, पीएचई, कृषि, पीडब्ल्यूडी, आदिम जाति, वन, महिला एवं बाल विकास विभागों की योजनाओं की समीक्षा की गई। उपाध्यक्ष जाट ने कई विषयों पर नाराजगी जताई। सदस्य विनय मेहर ने कहा कि पीएचई में ठेकेदारी प्रथा है। कई गांवों में नल-जल योजना शुरू नहीं हुई है। लोग पानी को तरस नहीं है। गांवों में ट्यूबवेल खनन के लिए कहते हैं, लेकिन अफसर काम नहीं करते। मेहर ने बताया कि मीटिंग में डीईओ त्रिपाठी के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव भी पारित किया है। स्कूल से जुड़े मुद्दे पर किससे बात करें? इसलिए उनके विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पारित किया है। इससे पहले सामान्य प्रशासन समिति की मीटिंग भी हुई। जिसमें प्रतिनिधियों की एंट्री नहीं की गई। बता दें कि बता दें कि 29 जुलाई 2022 को जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के लिए चुनाव हुए थे। इसके बाद पहली मीटिंग हुई थी। फिर मीटिंग नहीं हुई। बीच में बैठक की तारीख भी प्रस्तावित भी की गई, लेकिन मीटिंग टल गई थी। अब यह मीटिंग बुधवार को हुई। इसलिए जरूरी है मीटिंग जानकारी के अनुसार, मीटिंग ही एक ऐसा प्लेटफार्म होता है, जब सभी विभागों के अफसरों से जिपं अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य रूबरू होते हैं। पिछली बैठक में तो उपाध्यक्ष और सदस्यों की अधिकारियों पर भड़ास भी निकली थी। इसके बाद कामों में थोड़ी तेजी आई, लेकिन मीटिंग नहीं होने से गांव के विकास से जुड़े काम अटक गए। सदस्यों का कहना है कि मीटिंग नहीं होने से वे गांव से जुड़े पानी, सड़क, नाला-नाली निर्माण, बिजली कनेक्शन समेत जनता से जुड़े अन्य विषय नहीं उठा पा रहे थे। दो महीने में होनी चाहिए मीटिंग पिछली मीटिंग को एक साल से भी अधिक समय हो गया है। नियमानुसार मीटिंग हर दो महीने में होनी चाहिए।

कांग्रेस में फूट को भाजपा रही लूट, लोकसभा चुनाव से पहले फिर एक बड़ा झटका

BJP looted the split in Congress, again a big blow before Lok Sabha elections उज्जैन संभाग के शाजापुर जिले से कांग्रेस के कद्दावर नेता योगेंद्र सिंह बंटी बना ने भी कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया है। इस दौरान उनके साथ सैकड़ो समर्थकों ने भी भाजपा की सदस्यता ले ली है। मध्य प्रदेश में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने की लिस्ट लंबी होती जा रही है। ऐसे में उज्जैन संभाग के शाजापुर जिले से कांग्रेस के कद्दावर नेता योगेंद्र सिंह बंटी बना ने भी कांग्रेस छोड़कर भाजप का दामन थाम लिया है। इस दौरान उनके साथ सैकड़ो समर्थकों ने भी भाजपा की सदस्यता ले ली है। लोकसभा चुनाव के पहले भाजपा में जाने से कांग्रेस को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। योगेंद्र सिंह कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष रहे हैं और उनका परिवार 51 सालों से कांग्रेस में शामिल रहा था। शाजापुर जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष बंटी बना सहित सैकड़ों पदाधिकारी भाजपा में शामिल होने से कांग्रेस को बहुत बड़ा झटका लगा है। मंगलवार की शाम को पूर्व विधायक स्व. मनोहर सिंह के बेटे एव जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष योगेंद्र सिंह बंटी बना ने भोपाल प्रदेश कार्यालय पर पार्टी के सैकड़ों पदाधिकारियों के साथ भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। बताया जा रहा है कि योगेंद्र सिंह बंटी बना व परिवार 51 सालों तक कांग्रेसी रहा। उनके पिता और परिवार के सदस्यों ने कांग्रेस को मजबूत करने काम किया। योगेंद्र ने कहा, “15-20 वर्षों से कांग्रेस में पट्ठावाद हावी हो गया है। जमीनी नेताओं को पार्टी में तवज्जो नहीं दी जा रही है। पैसों के बल पर राजनीति करने वालों को महत्व दिया जा रहा है इसलिए कांग्रेस छोड़ने का निर्णय किया।” भाजपा जिला मीडिया प्रभारी विजय जोशी ने जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कार्यालय भोपाल में मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद विष्णुदत्त शर्मा एवं वरिष्ठ नेता व न्यू ज्वाइनिंग टोली के प्रदेश प्रभारी डॉ. नरोत्तम मिश्रा, प्रदेश शासन के मंत्री इंदरसिंह परमार के समक्ष कांग्रेस के शाजापुर पूर्व जिला अध्यक्ष श्री योगेन्द्र सिंह जादौन बंटी बना, आगर नगरपालिका अध्यक्ष श्री निलेश पटेल, पूर्व मंडी अध्यक्ष श्री चंदरसिंह मेवाड़ा, सहित 2500 कांग्रेस पदाधिकारियों, पार्षदों, सरपंचों, एवं पूर्व सरपंचों ने पार्टी की विचारधारा और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विकास कार्यों से प्रभावित होकर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। भाजपा में शामिल होने वाले नेताओं को प्रदेश अध्यक्ष एवं वरिष्ठ नेताओं ने अंगवस्त्र पहनाकर स्वागत किया।

राममंदिर का पट्टा क्या सिर्फ BJP के पास है, ये हमें पाठ पढ़ाएंगे धर्म का ,, कमलनाथ

Is the lease of Ram temple only with BJP, they will teach us the lesson of religion, Kamal Nath मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ इन दिनों छिंदवाड़ा दौरे पर हैं. बुधवार को अपने दौरे के दूसरे दिन कमलनाथ आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र हर्रई पहुंचे. यहां आयोजित कार्यकर्ताओं सम्मेलन में संबोधित करते हुए कमलनाथ ने बीजेपी पर हमला बोला.  छिन्दवाड़ा ! मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ इन दिनों छिंदवाड़ा दौरे पर हैं. बुधवार को अपने दौरे के दूसरे दिन कमलनाथ आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र हर्रई पहुंचे. यहां आयोजित कार्यकर्ताओं सम्मेलन में संबोधित करते हुए कमलनाथ ने बीजेपी पर हमला बोला. पूर्व पीसीसी चीफ कमलनाथ ने कहा, ”क्या राम मंदिर का पट्टा बीजेपी के पास है? ये तो आपका और मेरा है. आपके पैसों से बना है. कोर्ट ने अपना जजमेंट दिया .और सरकार ने बनाया. अब ये चीख-चीखकर राम कहते हैं. अरे भाई! क्या हम राम को राजनीतिक मंच पर ले आएं? राम जी की तो हम सब पूजा करते हैं. 14 साल पहले मैंने तो सबसे बड़ा हनुमान मंदिर बनवाया. कोई सरकारी जमीन पर नहीं, मैंने अपनी जगह पर बनवाया. ये हमें पाठ पढ़ाएंगे धर्म का? हम सब धार्मिक हैं. हमारी धार्मिक भावनाएं हैं.  हमारी संस्कृति धार्मिक है. हम अपनी संस्कृति का पालन करते हैं. हमारी संस्कृति भाईचारे की है. इसको सुरक्षित रखें.’

पटवारी भर्ती रद करने की मांग को लेकर भोपाल में प्रदर्शन, पुलिस ने प्रदर्शनकारी युवाओं को हिरासत में लिया

Demonstration in Bhopal demanding cancellation of Patwari recruitment, police detained protesting youth. प्रर्दशनकारी युवाओं की मांग है कि पटवारी भर्ती परीक्षा में हुई गड़बड़ी की जांच के लिए विशेष जांच दल ( एसआइटी) का गठन किया जाए। नियुक्ति प्रक्रिया रद हो। भोपाल। एक तरफ जहां पटवारी भर्ती परीक्षा में उत्तीर्ण प्रतिभागियों की नियुक्ति के लिए प्रक्रिया जारी है, वहीं इसका विरोध एक बार फिर शुरू हो गया है। पटवारी भर्ती रद करने की मांग को लेकर बुधवार को राजधानी में प्रदेशभर से अभ्यर्थी पहुंचे। बड़ी संख्या में युवा एमपी नगर में ज्योति टाकीज के पास स्थित शेड में एकत्र हुए और यहां से रैली की शक्ल में वल्लभ भवन (मंत्रालय) का घेराव करने निकले। इन प्रर्दशनकारी युवाओं में अनेक महिला अभ्यर्थी भी शामिल हैं। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोका, हिरासत में लियायुवाओं के इस प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने कर्मचारी चयन मंडल कार्यालय की ओर जाने वाले मार्ग पर बैरिकेडिंग कर लोगों की आवाजाही रोक दी। ये प्रदर्शनकारी युवा बोर्ड आफिस चौराहे से होते हुए जैसे ही व्यापमं चौराहे तक पहुंचे, पुलिस ने उन्हें रोक लिया। ये युवा मप्र कर्मचारी चयन बोर्ड के दफ्तर से वल्लभ भवन की ओर कूच रहे थे। पुलिस उन्हें गाड़ियों में भरकर थाने ले गई। नेशनल एजुकेडेट यूथ यूनियन के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे युवाओं की मांग है कि बगैर निष्पक्ष जांच के की जा रही पटवारियों क नियुक्तियों पर रोक लगाई जाए क्योंकि सरकार ने भ्रष्टाचार किया है। उनका कहना है कि पूर्ववर्ती सरकार ने शंका को सही ठहराते हुए जांच के आदेश दिए थे। अभ्यर्थियों ने छात्रों ने जांच आयोग को सबूत ले जाकर दिए थे। किंतु बिना जांच रिपोर्ट जारी किए नियुक्ति की जा रही है। पटवारी भर्ती में जमकर धांधलीउनका आरोप है कि बिना जांच रिपोर्ट जारी किए सरकार पिछले दरवाजे से 10 से 15 लाख में पेपर खरीदने वालों को नियुक्ति दे रही है। इस पूरी परीक्षा में 45 से 50% घोटाला हुआ है। यदि निष्पक्ष जांच होती तो यह तमाम लोग जेल में होते। सरकार डाक्युमेंट वेरिफिकेशन के नाम पर चंद फर्जी प्रमाण पत्र बनाने वाले अभ्यर्थियों पर कार्रवाई की बात कर रही है, लेकिन प्रदेश में फर्जी प्रमाण पत्र बनाने का जो गोरख धंधा जो अलग- अलग जिलों में जारी है, उन एक भी अधिकारियों के ऊपर कोई कार्रवाई नहीं की गई। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा का रिजल्ट जारी करने और ओबीसी आरक्षण मुद्दे का समाधान जैसी कुछ अन्य मांगें भी कर रहे हैं। कमल नाथ ने बोला सरकार पर हमलाराजधानी में बेरोजगार युवाओं के इस प्रदर्शन को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमल नाथ ने प्रदेश सरकार पर हमला बोला। उन्होंने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर पोस्ट करते हुए लिखा कि मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी की भर्तियों में हो रहे भ्रष्टाचार और बहुत से सरकारी पदों पर भर्ती न होने के खिलाफ प्रदेश के नौजवान आज भोपाल में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। इन युवकों की मांग है कि पटवारी भर्ती परीक्षा को दी गई क्लीन चिट सही नहीं है और गलत तरीके से पास हुए लोगों पर कार्रवाई की जाए। प्रदेश में शिवराज सरकार के दौरान लगातार नौजवान यह मुद्दे उठाते रहे और डा. मोहन यादव सरकार में भी युवाओं को सरकारी नौकरियों में होने वाले इस भ्रष्टाचार और सरकार के उदासीन रवैये से जूझना पड़ रहा है। मध्य प्रदेश का नौजवान बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और सरकारी उदासीनता की तिहरी मार से परेशान है। लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि भाजपा सरकार ने युवाओं को नौकरी न देने का मन बना लिया है और प्रदेश को भ्रष्टाचार के रास्ते पर धकेल दिया है। बता दें कि बीते दिनों ऐसी ही मांग को लेकर इंदौर पटवारी भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन करते हुए कलेक्टर कार्यालय तक रैली भी निकाली थी।

मोहन कैबिनेट बैठक में जनता से जुड़े करीब दर्जनभर प्रस्तावों पर चर्चा

About a dozen proposals related to the public discussed in Mohan cabinet meeting मप्र में पीपीपी माडल पर शुरू होगी पर्यटन विमान सेवा, उज्जैन समेत पांच शहरों में चलेंगी पीएम ई-बसेंमंत्रालय में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक। इस बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। भोपाल। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने मंगलवार को कैबिनेट बैठक बुलाई। दोपहर 12 बजे मंत्रालय में सीएम डा. मोहन यादव की अध्यक्षता में बैठक आरंभ हुई, जिसमें कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। कैबिनेट बैठक में सर्वसम्मति से यह तय किया गया कि मध्य प्रदेश में पीपीपी माडल पर पर्यटन विमान सेवा शुरू की जाएगी। यानी हवाई मार्ग के जरिए प्रदेश के प्रमुख पर्यटन केंद्रों को आपस में जोड़ा जाएगा। 20 सीटर तक होंगे विमान। पांच शहरों की सड़कों पर दौड़ेंगी ई-बसेंइसके साथ-साथ कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को भी मंजूरी दी कि प्रदेश के भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन जिले में प्रधानमंत्री ई-बस सेवा शुरू होगी। इन शहरों की सड़कों पर ई-बसें दौड़ेंगी। इसके लिए केंद्र सरकार ई-बस उपलब्ध कराएगी। 17000 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यउप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कैबिनेट बैठक में हुए महत्वपूर्ण निर्णयों के बारे में मीडियाकर्मियों को जानकारी देते हुए यह भी बताया कि 29 फरवरी को प्रदेश में 17000 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण, शिलान्यास किया जाएगा। विकसित भारत संकल्प यात्रा के समापन अवसर पर विशेष कार्यक्रम होंगे। इस खास मौके पर मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को अपने-अपने गृह जिले में रहने के निर्देश दिए हैं।

सीहोर में मुख्‍यमंत्री मोहन यादव ने किया रोड शो, जगह-जगह मंच से किया गया स्‍वागत

Chief Minister Mohan Yadav did a road show in Sehore, welcomed from the stage at many places. कार्यक्रम से पहले मुख्‍यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सीहोर में रोड शो किया। सीहोर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुछ ही देर में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत मध्य प्रदेश के 33 रेलवे स्टेशन के कायाकल्प कार्य की वर्चुअली आधारशिला रखी। इसको लेकर मध्यप्रदेश के सीहोर में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्‍यमंत्री मोहन यादव भी शामिल हुए । मुख्‍यमंत्री यादव रोड शो कर कार्यक्रम स्‍थल तक पहुंचे।यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत आज देशभर के 553 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास का शिलान्यास एवं 1500 रोड ओवर ब्रिज/अंडरपास का शिलान्यास व लोकार्पण किया। अपने तय समय पर मुख्यमंत्री डा मोहन यादव हेलीकॉप्टर से अल्हादखेड़ी हेलीपैड से सैकड़ाखेड़ी, नया बस स्टैंड,आनंद डेयरी होते हुए कोतवाली चौराहा पहुंचे और कोतवाली चौराहा से लीसा टॉकीज होते हुए तहसील चौराहे तक रोड शो किया गया। इस दौरान जगह-जगह मंच से उनका स्वागत किया गया। वहीं सीएम तहसील चौराहे से कार द्वारा शुगर फैक्ट्री लुनिया चौराहा होते हुए रेलवे स्टेशन पहुंचे। जहां वे कार्यक्रम में शामिल हुए।

प्रवक्ता साथी पूरे मनोबल के साथ मीडिया में अपना पक्ष रखें : जीतू पटवारी

Spokesperson should present his/her position in media with full morale: Jitu Patwari भाजपा के जनविरोधी मुद्दों को पूरी मुखरता से उठाये : जीतू पटवारी भारत जोड़ों यात्रा को सफल और प्रभावी बनाने के लिए मीडिया में ज्यादा से ज्यादा प्रचार-प्रसार करे : जीतू पटवारी भोपाल । प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आज प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के पदाधिकारियों, प्रवक्तागणों और संभागीय प्रवक्ताओं के साथ लोकसभा चुनाव, भारत जोड़ो न्याय यात्रा, संगठनात्मक गतिविधियों के साथ साथ मीडिया में पुरजोर तरीके से अपना पक्ष रखने संबंधी विभिन्न मुद्दों बैठक कर चर्चा की। जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी विषम परिस्थितियों के दौर से गुजर रही है। वहीं भारतीय जनता पार्टी ने जिस प्रकार से विभिन्न हथकंडों को अपनाकर सरकार बना ली, उससे जहां एक ओर पार्टी के लाखों-करोड़ों कार्यकर्ताओं का मनोबल टूटा हैं, वहीं दूसरी और प्रदेश की जनता भी इस बात को जरा भी समझ नहीं पा रही है कि विधानसभा चुनाव के जो परिणाम आये हैं वह भाजपा के इतने पक्ष में आयेंगे। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव हो चुके हैं, लेकिन पार्टी के एक-एक कार्यकर्ता का मनोबल मजबूत करने की जबावदारी हम सभी की है। खासकर मीडिया के माध्यम से बाते जनता तक जाती है वह एक ठोस आधार स्तंभ होता है। हमें विपक्ष की भूमिका अनुशासनात्मक तरीके से पूरी निष्ठा, ईमानदारी और ताकत के साथ निभाना है। जीतू पटवारी ने मप्र कांग्रेस मीडिया विभाग के साथियों से कहा कि हमें अपना मनोबल बनाये रखना है, मीडिया में अपनी बात पूरी मुखरता के साथ करना है, भाजपा हमें समाप्त करना चाहती है, लेकिन कांग्रेस पार्टी वह पार्टी है जो न तो कभी डरी है न डरेगी। भाजपा कितने ही प्रपोगंडा रच ले, जनता के सामने उसकी हकीकत एक दिन सामने आ ही जायेगी। हमारे प्रवक्ता साथी पूरी दृढ़ता के साथ के साथ भाजपा के जनविरोधी मुद्दों को उठाये। भाजपा ने जो घोषणा पत्र जनता और प्रदेश के विकास को लेकर जारी किया है, हर मुद्दों को मीडिया के माध्यम से पूरी मुस्तैदी से उठायें। जीतू पटवारी ने कहा कि 2 मार्च को माननीय राहुल गांधी जी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा मप्र में प्रवेश कर रही है, हम सभी को यात्रा को सफल और प्रभावी बनाने के लिए अधिकाधिक प्रचार-प्रसार करें। लोकसभा चुनाव के लिए मीडिया के समक्ष अपनी बात रखने के लिए मुद्दों पर चर्चा साथ ही संगठन की गतिविधियों पर भी मुखरता से अपना पक्ष रखें।  प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष के.के. मिश्रा ने पूरी टीम पर विश्वास जताते हुए कहा कि प्रदेश कांग्रेस की मीडिया टीम पूरे जोश के साथ काम कर रही है और आगे भी करती रहेगी।  इस अवसर पर बैठक में प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष संगठन प्रभारी राजीव सिंह, मीडिया सलाहकार पीयूष बबेले सहित मीडिया विभाग के पदाधिकारीगण, प्रवक्ता और संभागीय प्रवक्तागण उपस्थित थे।

शाह के दौरे पर जीतू पटवारी बोले- PM मोदी की गारंटी पूरी करें

Jitu Patwari said on Shah’s visit – Fulfill PM Modi’s guarantee, if you lie to ask for votes, thank you केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह मध्य प्रदेश के दौरे पर है। इस पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि अमित शाह जी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को पूरी करें। मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने रविवार को कहा कि अमित शाह जी मोदी गारंटी पूरी करो। प्रबुद्धजनों से मिलना अच्छी बात है। देश के गृहमंत्री है उनको मिलना चाहिए। साथ में इस बात को भी व्यक्त करना होगा कि 2014 की मोदी गारंटी पूरी नहीं हुई है। 2023 में मध्य प्रदेश की जनता से किए वादे तभी पूरे हो सकते है, जब प्रदेश को एक लाख करोड़ रुपए दें। यदि झूठ बोलकर फिर वोट लेने आ गए है तो उनको धन्यवाद। अब मध्य प्रदेश की जनता जाग गई है। जनता से अनुरोध है कि इनके झूठ को समझो। भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा हुई। इससे सिर्फ देश या सिर्फ मध्य प्रदेश में खुशी नहीं है। पूरे ब्रह्माण में खुशी है। लेकिन भगवान राम के भक्तों से सरकार ने जो वादे किए उनको पूरा करें।

जीतू पटवारी ने लोकसभा चुनाव एवं भारत जोड़ो न्याय यात्रा को देखते हुए ऑनलाइन बैठक ली

Jitu Patwari took online meeting of leaders in view of Lok Sabha elections and Bharat Jodo Nyay Yatra. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी जी के नेतृत्व में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में लोकसभा चुनाव एवं भारत जोड़ो न्याय यात्रा के संबंध में ऑनलाइन बैठक जारी। इस अवसर पर मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रभारी महासचिव जितेंद्र सिंह जी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार जी, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ जी, राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह जी एवं विवेक तन्खा जी सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेतागण मुख्य रूप से बैठक में उपस्थित।

कमलनाथ का BJP पर हमला कहा, ”रोजगार की बातें सिर्फ विज्ञापन और पोस्टर तक सीमित Kamal Nath’s attack on BJP said, “Talks about employment are limited only to advertisements and posters.” कांग्रेस नेता कमलनाथ ने आरोप लगाया कि इस समय देश और प्रदेश के सामने सबसे बड़ी चुनौती है बेरोजगारी. केंद्र और राज्य सरकार नौजवानों को रोजगार देने में विफल रही हैं. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने बीजेपी सरकार पर जमकर निशाना साधा है, उन्होंने देश में हो रही भर्ती परीक्षाओं और बेरोजगारी को लेकर केंद्र पर हमला बोला है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर कहा ”इस समय देश और प्रदेश के सामने सबसे बड़ी चुनौती है – बेरोजगारी. केंद्र और राज्य सरकार न सिर्फ नौजवानों को रोजगार देने में विफल रही हैं बल्कि उससे भी बड़ा दुर्भाग्य यह है कि रोजगार देने की उनकी कोई नियत ही नहीं है.” कमलनाथ ने कहा, ”रोजगार की बातें सिर्फ विज्ञापन और पोस्टर तक सीमित रह गई है. प्रदेश का हाल यह है कि पहले तो कोई भर्ती परीक्षा नहीं होती और अगर भर्ती परीक्षा होती है तो उसके रिजल्ट घोषित नहीं किए जाते और जब रिजल्ट घोषित होते हैं तो उसमें भर्ती घोटाले के आरोप लग जाते हैं और जब यह आरोप लग जाते हैं तो सरकार घोटाले को दबाने की कोशिश करने लगती है.” कमलनाथ ने कहा, ”नतीजा यह होता है कि कोई प्रत्यक्ष बेरोजगार होता है तो कोई चयनित अभ्यर्थी के रूप में बेरोजगार होता है तो कोई नियुक्ति प्रक्रिया शुरू न होने के कारण बेरोजगार रह जाता है.” कमलनाथ ने राहुल गांधी की तारीफ की कांग्रेस नेता कमलनाथ ने राहुल गांधी की तारीफ करते हुए कहा, ”देश और प्रदेश के नौजवानों की यही आवाज श्री राहुल गांधी भारत जोड़ो न्याय यात्रा के रूप में उठा रहे हैं और जनता का ध्यान समाज के असली मुद्दों की तरफ ले जा रहे हैं ना कि उन मुद्दों की तरफ जो समाज को विभाजित करते हैं. समाज को जोड़ने की इसी पहल का नाम है भारत जोड़ो न्याय यात्रा. हम सबको इस यात्रा को सफल बनाना है ताकि खुशहाल मध्य प्रदेश और खुशहाल भारत का निर्माण संभव हो सके.”

मुख्‍यमंत्री मोहन यादव की जन आभार यात्रा की शुरुआत, नीमच को देंगे कई सौगात

Chief Minister Mohan Yadav’s public gratitude journey begins, will give many gifts to Neemuch विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के हितग्राहियों को मुख्यमंत्री डॉ यादव द्वारा लाभ पत्र भी वितरित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री यादव 23 फरवरी को शहर में आयोजित जन आभार यात्रा एवं विशाल रोड शो में भाग लेंगे। नीमच में 151.78 करोड के विकास कार्यो का लोकार्पण एवं शिलान्यास होगाजनकल्याणकारी योजनाओं के हितग्राहियों को लाभ पत्र भी वितरित किए जाएंगे नीमच । मध्‍य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की नीमच में जन आभार यात्रा शुरू हो गई है। रोड शो के बाद मुख्‍यमंत्री दशहरा मैदान पर आयोजित कार्यक्रम में 151.78 करोड़ की लागत के विभिन्न 17 विकास एवं निर्माण कार्यो का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। इनमें 143.48 करोड़ के तीन विकास एवं निर्माण कार्यो का भूमिपूजन एवं शिलान्यास तथा 8.30 करोड़ लागत के विभिन्न 14 निर्माण कार्यो का लोकार्पण करेंगे। कुल 752 करोड़ की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया जाएगा। जनआभार यात्रा और रोड शो भी इस मौके पर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के हितग्राहियों को मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा लाभ पत्र भी वितरित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री यादव 23 फरवरी को शहर में आयोजित जन आभार यात्रा एवं विशाल रोड शो में भाग लेंगे। तदपश्चात मुख्यमंत्री दशहरा मैदान पर आयोजित विशाल जन आभार कार्यक्रम को सम्बोधित करेंगे तथा कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न कार्यो का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी करेंगे। 135 करोड की कपड़ा एवं परिधान निर्माण ईकाई का भूमिपूजन आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम में औद्योगिक क्षेत्र झांझरवाड़ा में 135 करोड़ की लागत से स्थापित हो रही। इसमें डॉ. यादव कपड़ा एवं परिधान निर्माण औद्योगिक इकाई का भूमिपूजन भी करेंगे। इन कार्यो का होगा लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव नीमच में सेतु निगम द्वारा 1.93 करोड की लागत से रतलाम नसीराबाद मार्ग पर ग्वालटोली नाले पर निर्मित उच्च स्तरीय पुल 1.10 करोड़ की लागत से पुलिस कल्याणकारी योजना के तहत पुरानी पुलिस कालोनी में पुलिस वेलफेयर फिलिंग स्टेशन एवं मोडी, खातीखेडा, धनगांव, कौज्या, बरवाडा, देवरान एवं पलासिया में 0.49 लाख लागत से नवनिर्मित उप स्वास्थ्य केंद्र भवन एवं सीएचओ आवास के कार्यो का लोकार्पण भी करेंगे। साथ ही आजीविका मिशन के तहत ग्राम मेढकी में 0.44 लाख की लागत से निर्मित, रोजगार के लिए वर्कशाप एवं 0.37 लाख की लागत से ग्राम जुनापानी, बधावा एवं लुहारिया जाट में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत निर्मित कृषक सुविधा केंद्रों का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री पुलिस लाईन कनावटी में 0.29 लाख की लागत के लान टेनिस खेल मैदान का भी लोकार्पण करेंगे।

कमलनाथ के मुद्दे पर एक्शन के मूड में कांग्रेस, बयान देने वालों पर क्या गिरेगी गाज?

Congress in mood for action on Kamal Nath issue, what punishment will fall on those who make statements? कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और उनके बेटे नकुलनाथ के बीजेपी में जाने की खबरों के बीच कमलनाथ समर्थक नेताओं ने पार्टी के खिलाफ जमकर बयानबाजी की. अब पार्टी ऐसे नेताओं को सबक सिखाने के मूड में है.मध्य प्रदेश कांग्रेस में अब भी सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. तीन-चार दिन मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और उनके बेटे नकुलनाथ के बीजेपी में जाने को लेकर जमकर चर्चा चली. आग लगी थी, तभी धुआं भी निकला. कमलनाथ के समर्थकों ने कांग्रेस पार्टी के खिलाफ जमकर बयानबाजी की थी. किसी ने कहा कि कमलनाथ ने पार्टी को जीवन दे दिया, मगर पार्टी ने उनको अपमानित किया. किसी ने कहा कि अगर कमलनाथ बीजेपी जाते हैं तो हम भी बीजेपी उनके साथ जॉइन करेंगे.इस बयानबाजी में सबसे आगे पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, पूर्व विधायक दीपक सक्सेना और कमलनाथ के मीडिया कॉर्डिनेटर सैयद जफर सबसे आगे थे. मामला भले ही शांत हो गया हो, मगर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस बयानबाजी को अनुशासनहीनता में लिया है. जीतू  पटवारी गुस्से में हैं. लिहाजा कठोर शब्दों में चेतावनी दी है. बता दें कि कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ द्वारा ट्विटर हैंडर में चेंज करने और उनके समर्थकों के बयानबाजी के बाद यह अटकलें लगी थी कि कमलनाथ राज्यसभा की सीट नहीं दिए जाने से नाराज हैं और वह बीजेपी में शामिल होंगे. हालांकि बाद में उनकी राहुल गांधी से बातचीत हुई. उसके बाद मामला फिलहाल शांत है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने दी चेतावनीजीतू  पटवारी ने कहा कि इस मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी गंभीर है.अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. हालांकि बीजेपी जीतू  पटवारी की इस बात का मजाक ही उड़ा रही है. जीतू  पटवारी के ही सामने चुनाव लड़ने वाले बीजेपी नेता जीतू  जिराती का कहना है कि अगर वाकई ऐसा जीतू  पटवारी कह रहे हैं तो ये बड़ी बात है. कमलनाथ थोड़ा सा इधर-उधर हुए और कांग्रेस की हालत खराब हो गई. जीतू पटवारी उनका बाल भी नहीं बांका कर सकते. उनके समर्थकों पर कार्रवाई तो छोड़ दीजिए. कांग्रेस नेताओं की बयानबाजी से विवादहालांकि अब भी कमलनाथ समर्थकों के सुर नहीं बदले है. राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा की बैठक में शामिल होने पहुंचे सज्जन वर्मा से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा छिंदवाड़ा के विधायकों की दुनिया ही अलग है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू  पटवारी भले ही कह चुके हैं कि अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं होगी, मगर ये देखना भी दिलचस्प होगा कि कमलनाथ समर्थकों पर कार्रवाई होती है या नहीं.

जीतू पटवारी ने मोहन सरकार पर दागें जनता के कई महत्वपूर्ण सवाल,

Jitu Patwari raised many important questions of the public on Mohan government, भोपाल ‌। मध्यप्रदेश सरकार 20 फरवरी को बाजार से पांच हजार करोड़ रुपये का कर्ज लेने जा रही है! आरबीआई के माध्यम से गवर्मेन्ट सिक्युरिटीज का विक्रय कर यह कर्ज कुल तीन हिस्सों में लिया जाएगा! पहला कर्ज ₹1,500 करोड़ 16 वर्ष और इतनी ही राशि का दूसरा कर्ज 20 वर्ष के लिए लिया जाएगा! ₹2000 करोड़ का तीसरा कर्ज 21 वर्ष में चुकाया जाएगा! तीनों ही कर्ज पर साल में दो बार कूपन रेट पर ब्याज का भुगतान भी किया जाएगा! वित्तीय वर्ष 2023-24 में भाजपा सरकार अब तक कुल 27 हजार 500 करोड़ रुपए का कर्ज ले चुकी है! ₹5000 करोड़ के इस कर्ज को मिला लिया जाए, तो यह राशि 32 हजार 500 करोड़ हो जाएगी! 31 मार्च 2023 की स्थिति में सरकार पर तीन लाख 31 हजार करोड़ रुपए से अधिक कर्ज है! उल्लेखनीय यह भी है कि इसी माह 06 फरवरी को मोहन सरकार ने तीन हजार करोड़ रुपए का कर्ज लिया था! नरेन्द्र मोदी के चुनावी वादे और “मोदी की चुनावी गारंटी” के बावजूद लाड़ली बहनों को ₹3000 प्रतिमाह नहीं दिए जा रहे! धान का समर्थन मूल्य ₹3100 प्रति क्विंटल घोषित करने के बावजूद नहीं दिया गया! वहीं गेहूं को लेकर भी ₹2700 प्रति क्विंटल सिर्फ “चुनावी जुमला” ही साबित हो रहा है! सरकारी भर्तियों में खुलेआम धांधली चल रही है! सरकार की जांच रिपोर्ट संदिग्ध साबित हो रही है! युवा सड़कों पर उतरकर भाजपा सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं! इसके बावजूद भी प्रदेश की भाजपा सरकार बेपरवाह है! एक ओर आर्थिक अराजकता का बढ़ता दायरा प्रदेश को कर्जदार बना रहा है, वहीं दूसरी तरफ युवा, गरीब, किसान और महिलाएं सरकारी वादे की पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं! लोकसभा चुनाव में उतरने की तैयारी कर रही है । भाजपा पहले जनता के सवालों के जवाब दे! ताकि, झूठे वादे करने वाले मुंह से, फिर कोई नया झूठ निकल नहीं पाए!

पार्टी पलायन: 5 साल में कांग्रेस से भाजपा पहुंचे 62 नेता, 7 का भविष्य हुआ उज्जवल, बांकी मुंह ताक रहे

Party exodus: 62 leaders moved from Congress to BJP in 5 years, 7 have a bright future, the rest are staring at them भोपाल। पिछले पांच साल में कांग्रेस से भाजपा में 62 नेता पलायन कर गए। इसमें दावा किया है कि भाजपा में शामिल सिर्फ 7 नेताओं की ही किस्मत चमकी है। शेष पूर्व विधायक, जिलाध्यक्ष राजनीति में हाशिये पर हैं। भाजपा ने भले ही टिकट दिया लेकिन चुनाव नहीं जीत सके हैं। अब भाजपा में भी उनकी पूछ परख नहीं हो रही है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और उनके सांसद बेटे नकुलनाथ के कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल होने की अटकलें हैं। दोनों नेता दिल्ली में हैं। रविवार को दिनभर अटकलें लगती रहीं कि कमलनाथ और नकुलनाथ रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात कर भाजपा में शामिल होंगे, लेकिन देररात तक ऐसा कुछ नहीं हुआ। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के कांग्रेस छोड़ने की चर्चाओं के बीच प्रदेश कांग्रेस में खलबली मच गई है। अब पिछले 5 साल में कांग्रेस छोड़ने वाले नेताओं के करियर पर भी चर्चा शुरू हो गई है। पिछले पांच साल में जिन 62 कांग्रेस नेताओं ने पार्टी छोड़ी। इनमें सिर्फ 7 नेता ही चांदी काट रहे है, बाकी पूर्व विधायक और जिलाध्यक्ष अब तक बैकबेंचर्स ही बने हुए हैं।  इनकी चमकी किस्मत   मध्य प्रदेश में 2018 में कमलनाथ ने भाजपा के विजय रथ को रोक कर कांग्रेस की सत्ता में वापसी कराई थी। हालांकि, 15 माह की सरकार के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने समर्थक विधायकों के साथ कांग्रेस में शामिल हो गए थे। इससे कांग्रेस की सरकार गिर गई थी। ज्योतिरादित्य सिंधिया को भाजपा ने राज्यसभा में भेजा और उनके साथ आए समर्थक विधायकों को प्रदेश सरकार में मंत्री बनाया। सिंधिया केंद्र सरकार में उड्डयन मंत्री है। उनका कद भाजपा में लगातार बढ़ रहा है। उनके समर्थक विधायक तुलसी सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत, प्रद्घुमन सिंह तोमर समेत अन्य नेता भाजपा सरकार में मजबूत हुए।  55 नेताओं का भविष्य भाजपा में खत्म   कांग्रेस नेताओं का दावा है कि कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए 62 में से 55 नेताओं का भविष्य खत्म हो गया या राजनीति के हाशिये पर चले गए। अब वह भाजपा में बैकबैंचर्स की भूमिका में हैं। कांग्रेस के नेताओं का दावा है कि भाजपा उनका उपयोग करने के बाद उनकी राजनीति ही खत्म कर देगी। जानकारों का कहना है कि कांग्रेस अब अपने विधायक और बड़े नेताओं को भाजपा में शामिल होने के लिए इस तरह के हथकंडे अपना रही है। इन नेताओं का संकट में राजनैतिक भविष्य – पूर्व विधायक रघुराज सिंह कंसाना, गिर्राज डंडोतिया, कमलेश जाटव, राकेश मावई, उम्मेद सिंह बना, ओपीएस भदौरिया, रणवीर सिंह जाटव, मुन्नालाल गोयल, इमरती देवी, रामवरण सिंह गुर्जर, प्रदीप जायसवाल, अजय चौरे, सविता दीवान, लोकसभा प्रत्याशी मोना सुस्तानी, विजय सिंह सोलंकी सहित कई और भी नेता हैं। जिनके राजनैतिक भविष्य पर संकट आ गया है।

बीजेपी में जाने के सवाल पर कमलनाथ ने नहीं किया इनकार; बोले- आप उत्साहित क्यों?.. बता दूंगा

Kamal Nath did not deny the question of joining BJP;  Said- Why are you excited?..I will tell you भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ और उनके सांसद बेटे नकुलनाथ के बीजेपी में शामिल होने को लेकर अटकलें तेज हैं। इस बीच कमलनाथ, नकुलनाथ के साथ दिल्ली पहुंच गए हैं। दिल्ली पहुंचने पर कमलनाथ ने बीजेपी में जाने के मीडिया के सवाल पर इनकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि आप सभी उत्साहित क्यों हो रहे हैं? ऐसा कुछ होता है तो मैं आप सभी को सूचित करूंगा’ पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि कमलनाथ और उनके बेटे नकुलनाथ दोनों का भाजपा में जाना लगभग तय ही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा- ‘ये खबरें निराधार हैं। क्या आप सपने में भी सोच सकते हैं कि इंदिरा जी का तीसरा बेटा कांग्रेस छोड़ सकता है। वहीं पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने कहा कि कमलनाथ के भाजपा में जाने की उम्मीद ही नहीं करनी चाहिए।  हाइलाइट्स

लोकसभा चुनाव से पहले बाबा महाकाल की शरण मे पहुंचेंगे राहुल गांधी, 25 फरवरी को लेंगे सभा

Before the Lok Sabha elections, Rahul Gandhi will reach Baba Mahakal’s shelter, will hold the meeting on 25th February. भोपाल। कांग्रेस पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी इन दिनों भारत जोड़ो न्याय यात्रा पर हैं। इसके साथ राहुल 25 फरवरी 2024 को उज्जैन आएंगे। जहां पर वे बाबा महाकाल के दर्शन करेंगे और उसके बाद यहां पर सभा को संबोधित भी करेंगे। लोकसभा चुनाव के पहले राहुल गांधी के उज्जैन आने की इस यात्रा को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि मालवा निमाड़ क्षेत्र मे कई संसदीय सीट हैं, जिन पर राहुल गांधी के आने और सभा लेने से काफी प्रभाव पड़ सकता है।  कांग्रेस पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी भारत जोड़ो न्याय यात्रा को लेकर 25 फरवरी की शाम 5 बजे उज्जैन आने वाले हैं, जहां पर वे मक्सी से उज्जैन पहुंचेंगे और सीधे बाबा महाकाल के दर्शन करने जाएंगे। उन्होंने बताया कि बाबा महाकाल के दर्शन करने के बाद राहुल इंदौर गेट पर पहुंचेंगे जहां कार्यकर्ता अभिनंदन करेंगे। इसके बाद यात्रा शुरू होगी।  यह यात्रा दौलतगंज, देवासगेट पर रुकेगी, जहां राहुल गांधी द्वारा सभा को संबोधित किया जाएगा। उसके बाद यह यात्रा मोहनपुरा पहुंचेगी जहां पर भी एक सभा का आयोजन होगा। राय ने बताया कि यह यात्रा इस सभा के बाद लगभग पांच दिनों तक यहां स्टे करेगी और उसके बाद यात्रा मुरलीपुरा क्षेत्र से 2 मार्च को फिर से शुरू होगी जो कि बड़नगर, बदनावर, झाबुआ होते हुए गुजरात जाएगी। 2022 को उज्जैन आए थे राहुल गांधी- राहुल गांधी 29 नवंबर 2022 को भारत जोड़ो यात्रा लेकर उज्जैन आए थे, जहां उन्होंने बाबा महाकाल के दर्शन कर आगर रोड पर आमसभा को संबोधित भी किया था। इस यात्रा के बाद अब कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी फिर यात्रा लेकर उज्जैन आ रहे हैं।

भाजपा ने सब मोर्चों को साधा, अब युवा मोर्चा की बारी

BJP addressed all fronts, now it is Yuva Morcha’s turn भोपाल। लोकसभा चुनाव का पारा धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। मध्यप्रदेश में भी राजनीतिक सरगर्मी बढ़ती जा रही है। लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा अपने राज्यसभा उम्मीदवारों के नाम जारी कर रही है। 14 फरवरी को जारी हुए नामों में सामाजिक और राजनीतिक संतुलन देखने को मिला। महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष और नर्मदापुरम संभाग से आने वाली महिला नेत्री माया नारोलिया को राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाकर भाजपा महिला वोट साधेगी तो वहीं उज्जैन संभाग के मंदसौर से आने वाले किसान नेता और वर्तमान में किसान मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बंसीलाल गुर्जर को राज्यसभा भेजकर भाजपा किसानों के वोट साधेगी। इससे पहले ग्वालियर संभाग से आने वाले ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष नारायण सिंह कुशवाह को भाजपा सरकार में मंत्री बनाया गया। वहीं एसटी मोर्चा से कलसिंह भाबर को विधानसभा टिकट देकर एसटी मोर्चा कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित किया। गौर करने वाली बात है कि विधानसभा, राज्यसभा में मोर्चा अध्यक्षों को आगे लाकर भाजपा ने निश्चित ही कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरने का काम किया। अब लोकसभा चुनाव की बारी है ऐसे में सूत्रों की मानें तो युवा कार्यकर्ताओं और युवाओं के वोट साधने के लिए युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष वैभव पवार को भाजपा लोकसभा चुनाव लड़ा सकती है क्योंकि वैभव पवार सामान्य परिवार से छात्र राजनीति में आए और फिर विद्यार्थी परिषद में लंबे समय तक कार्य किया वहीं मोर्चा अध्यक्ष रहते हुए नव मतदाताओं को भाजपा से जोड़ने के लिए विभिन्न अभियान चलाए। मोर्चा में लगातार गतिविधियों को सक्रिय रखने वाले वैभव पवार बालाघाट लोकसभा से आते हैं। इस बार वैभव पवार को युवा चेहरे के तौर पर लोकसभा चुनाव के मैदान में लाकर भाजपा युवाओं को साध सकती है और ये संदेश दे सकती है कि भाजपा में युवाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व भी मिलता है और युवाओं को आगे भी बढ़ाया जाता है। कहा जा रहा है कि जिस तरह भाजपा की रणनीति सभी वर्गों को साथ लेकर चलने है कि उससे वैभव पवार युवा वर्ग में बड़े चेहरे के तौर पर देखे जा रहे हैं। वैभव पवार कैसे बन सकते हैं संगठन की पंसद सिवनी के सामान्य परिवार से निकलकर विद्यार्थी परिषद में रहते हुए छात्र राजनीति की। लंबे समय बाद युवा मोर्चा में प्रदेश अध्यक्ष की कमान मिली। बतौर प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए कार्यकर्ताओं को गतिविधियों में सक्रिय रखा। युवा चौपालों के माध्यम से नव मतदाताओं के बीच में पहुंचे। विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय नव मतदाताओं का सम्मान कर उन्हें प्रोत्साहित किया। भाजपा संगठन ने कई बड़े अभियान और कार्यक्रम युवा मोर्चा को सौंपे, जिनमें सबसे बड़ा अभियान रहा ‘हर-भरा मध्यप्रदेश’ जिसमें देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी श्योपुर में वृक्षारोपण किया था। वहीं युवा मोर्चा द्वारा आयोजित किए युवा सम्मेलनों में से एक जबलपुर का युवा सम्मेलन जिसमें भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा भी सम्मिलित हुए। वैभव पवार ने इन अभियानों में पाई सफलता वन बूथ-20 यूथ, संगठन ही सेवा, युवा सम्मेलन, हरा-भरा मप्र, पंचायत समिति गठन, समय-समय पर रक्तदान कैंप, खेलेगा मप्र, खिलते कमल, युवा चौपाल, बाइक रैली, तिरंगा यात्रा, बूथ सशक्तिकरण अभियान जैसे अभियानों और कार्यक्रमों में युवा मोर्चा ने प्रदेश अध्यक्ष वैभव के नेतृत्व में बड़ी जिम्मेदारी निभाई है। इसी आधार पर कहा जा सकता है कि भाजपा लोकसभा चुनाव में बालाघाट सीट से वैभव पवार को मैदान में उतार सकती है।

बजट की माया, कौन समझ पाया… साहित्य की भाषा में समझें

The illusion of the budget who could understand… understand in the language of literature भोपाल। मध्यप्रदेश का वित्त बजट 3 लाख, 14, हजार, 25 करोड़ के लिए वित्त मंत्री श्री जगदीश देवड़ा द्वारा प्रस्तुत किया गया है, वह वास्तव में पूर्ण बजट न होकर 31 जुलाई 2024 तक के लिए लेखानुदान है। इस बजट में यह समझदारी तो परिलक्षित होती ही है कि आगत लोकसभा के चुनाव को देखते हुए कोई कड़वी दवा न दी जाए। अत: इसको चुनावी बजट तो कहा ही जा सकता है। बड़ी बात यह कि जैसा विपक्षी दल यह दुष्प्रचार कर रहे थे, कि मामाजी के जाते ही लाडली बहनों को मिलने वाली राशि बंद कर दी जाएगी, उस आशंका और दुष्प्रचार को मोहन सरकार ने यथावत रखने हेतु वित्तीय प्रावधान रखकर, निर्मूल कर दिया। दूसरी बात यह कि भाजपा की नए वोटर पर पैनी दृष्टि है अत: 12 कक्षा में अच्छे नंबरों से पास होने वाली छात्राओं को अब साइकिल के स्थान पर ई स्कूटी देने हेतु बजट में प्रावधान रखना चतुराई का प्रमाण है। पहली बार पेपरलेस ई बजट प्रस्तुत करना डिजिटल इंडिया की ओर बढ़ता हुआ एक कदम है। देश की जीडी पी में मध्यप्रदेश का योगदान 3.6 से बढ़कर 4.8 हो जाना आर्थिक स्थिरता और समृद्धि का परिचायक है।  इस बार का बजट युवा, महिला, बेटी और जनजातीय वर्ग को समर्पित है। साथ ही मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर को गति देने वाला है भोपाल, इंदौर मेट्रो को गति देने हेतु फंड का आवंटन इसका प्रमाण है। सरकार द्वारा 1000 वाहनों को अपने बेड़े में से कम करके उनकी जगह प्रदूषण रहित ई वाहन चलाने की घोषणा करना जहां पर्यावरण प्रदूषण को कम करने की स्वागत योग्य पहल है वहीं केंद्र सरकार की योजनाओं से तालमेल स्थापित करने का प्रयास भी है। मिलेट्स को बढ़ावा देने हेतु सब्सिडी की योजना से किसानों की आय बढ़ेगी, सीएम राइज स्कूलों के लिए बजट में वृद्धि निश्चित ही शिक्षा के क्षेत्र में एक सराहनीय पहल है। गरीबों को मकान की रजिस्ट्री की दर 5 प्रतिशत से 0 प्रतिशत कर देना भी राहत देने वाला कदम है। अनुसूचित जनजाति का बजट 37 प्रतिशत बढ़ा देना बताता है कि आदिवासी वोटों को सरकार अगले चुनावों में हाथ से नहीं जाने देना चाहती। भले ही बजट में कोई नया कर नहीं लगाया परंतु किसी तरह की कोई राहत भी नहीं दी गई। कुल मिलाकर नई सरकार मोदी के फुट प्रिंट पर चलती दिखाई दी। पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस की कीमतों में कमी होने की अपेक्षा थी जो पूरी नहीं हुई। मैं चूंकि साहित्यकार हूं तो अपनी बात कहूंगा कि अधिकांश राज्यों में सरकार द्वारा पुस्तक खरीदी योजना चलाई जाती है, जिससे सत्साहित्य को एवम साहित्यकारों को बढ़ावा मिलता है तथा सामाजिक उत्थान होता है। मध्यप्रदेश में भी यह योजना लागू थी परंतु कुछ वर्षों से पुस्तक खरीदी योजना बंद होने से साहित्यकारों में निराशा और आक्रोश है। साहित्यकार कई वर्षों से यह मांग करते आ रहे हैं परंतु इस बार भी सरकार ने निराश किया। आशा है मुख्यमंत्री इसपर ध्यान देंगे।

हरदा में आमने-सामने प्रशासन और दिग्विजय : सोशल मीडिया पर लिखा भारत रत्न, राम मंदिर और ईवीएम भाजपा के राजनीतिक हथियार

Administration and Digvijay face to face in Harda: Bharat Ratna, Ram Temple and EVM are political weapons of BJP, written on social media  फिर पीएम मोदी : बहन जी को खुश करने के लिए काशीराम को और उद्धव को खुश करने के लिए बाला साहेब ठाकरे को क्यों नहीं: राज्य सभा सांसद भोपाल। हरदा में पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट मामले में घटनास्थल पर जा रहे पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह को पुलिस और प्रशासन ने रोक दिया। इस दौरान बहस जैसी स्थिति भी बनी, दोनों ही आमने-सामने हो गए। बाद में कलेक्टर आदित्य सिंह से मोबाइल फोन पर चर्चा के बाद उन्हें जाने दिया गया। दिग्विजय सिंह के साथ पूर्व मंत्री पीसी शर्मा और हरदा विधायक डॉ. आरके दोगने भी मौजूद रहे। उन्होंने कुछ पीड़ित परिवारों के सदस्यों के साथ क्षतिग्रस्त मकानों का निरीक्षण किया।वहीं दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा कि भारत रत्न, राम मंदिर और ईवीएम भाजपा के राजनीतिक हथियार है।  इस पर भाजपा विधायक सिद्धार्थ तिवारी ने पलटवार किया। उन्होंने दिग्विजय सिंह से पूछा कि क्या कमलनाथ ने छिंदवाड़ा फजीर्वाड़े से जीता। उन्होंने दिग्विजय को रीवा संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ने की चुनौती भी दी। पीएम मोदी को लेकर लिखा कि क्या यह आपके राजनीतिक खेल का एक और हथियार है। इसमें कोई संदेह नहीं कि सभी का राष्ट्रीय राजनीति और भारत की प्रगति में बहुत बड़ा योगदान था, तो फिर बहन जी को खुश करने के लिए काशीराम को और उद्धव को खुश करने के लिए बाला साहेब ठाकरे जी को क्यों नहीं।  राजनीतिक शस्त्रागार में राम और ईवीएम दिग्विजय सिंह ने आगे लिखा कि यह 2024 के संसद चुनावों के लिए आपके एजेंडे में फिट होगा। आप इतने हताश क्यों हो। आपके राजनीतिक शस्त्रागार में पहले से ही प्रभु राम और ईवीएम हैं। आप ऐसे शक्तिशाली मुद्दों के साथ, 2024 का संसद चुनाव मतपत्र के माध्यम से कराने का साहस रखें। विदेशों में संदिग्ध संगठनों के कुछ प्रमाणित सर्वेक्षणों के अनुसार आपकी दुनिया में सबसे अधिक लोकप्रिय रेटिंग है। पुतिन, बाइडेन, शी जिनपिंग से भी ऊपर। फिर आपको किस बात का डर है। आगे बढ़ें और मतपत्र के माध्यम से 2024 के संसद चुनावों की घोषणा करें। अब तो पाकिस्तान ने भी ऐसा कर दिया है।

केंद्र सरकार के इशारे पर आयकर विभाग कार्यवाही के नाम पर कांग्रेस नेताओं पर दबाव डाल रहा है : जीतू पटवारी

At the behest of the Central Government, the Income Tax Department is putting pressure on Congress leaders in the name of action: Jitu Patwari भोपाल । मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों से अनौपचारिक चर्चा के दौरान कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार के इशारे पर आयकर विभाग द्वारा हाल ही में कांग्रेस पार्टी के देश एवं प्रदेश के सैकड़ों नेताओं व कार्यकर्ताओं को समन जारी किये जाने की खबरें सामने आ रही हैं। आयकर विभाग द्वारा कांग्रेस नेताओं पर की जा रही यह कार्यवाही केंद्र सरकार के इशारे पर आयकर विभाग द्वारा केवल दबाव डालने और राजनैतिक उद्देश्यों से प्रेरित होकर की जा रही है। जब-जब चुनाव आते हैं सत्ता में बैठी भाजपा का यह घिनौना कृत्य करने का तरीका सामने आने लगता है।   पटवारी ने कहा कि इससे पूर्व भी 2019 में लोकसभा चुनाव के ठीक पहले ऐसी ही कार्यवाही राजनैतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए केंद्र सरकार के दबाव में आयकर विभाग द्वारा कांग्रेस नेताओं पर की गई थी, अवैधानिक तरीके से छापे मारी की गई थी, इस कार्यवाही को लेकर न्यायालय में भी चुनौती दी गई थी जो आज भी लंबित है। आयकर विभाग इस न्यायालयीन प्रक्रिया में न्यायालय के समक्ष दस्तावेज तक पेश नहीं कर सकी। इसी तरह अब 2024 में भी निकट भविष्य में लोकसभा चुनाव होना है तो फिर आयकर विभाग ने केंद्र सरकार के इशारे पर उसी तरह की कार्यवाही को दोहराना शुरू कर दिया है। कांग्रेस से जुड़े नेताओं, कार्यकर्ताओं को कभी समन तो कभी नोटिस देकर प्रताड़ित किया जा रहा है। आयकर विभाग से जारी नोटिस एवं समन में किसी भी करदाता से कोई दस्तावेज नहीं मांगा गया, केवल उनकी उपस्थिति के आदेश जारी किये गये हैं। इनता ही नहीं समन जारी होने पर उनके विधिक जबाव भी पेश किये गये, जिसमें समन जारी करने के विधिक कारण भी चाहे गये हैं। आयकर विभाग द्वारा केवल एक पंक्ति का आदेश दिया गया है जिसमें कोई दस्तावेज नहीं, बल्कि कांग्रेस के पूर्व मंत्रियों, वर्तमान एवं पूर्व विधायकों को दिल्ली स्थित आयकर विभाग के कार्यालय में उपस्थित होने के लिए कहा गया है। वहीं पटवारी ने यह भी कहा कि जो हमारे पूर्व साथी आज भाजपा में चले गये हैं, जो मौजूदा सरकार में मंत्री, विधायक हैं उनमें से किसी भी व्यक्ति को आयकर विभाग द्वारा एक भी समन अथवा नोटिस जारी नहीं किया गया है। इस तरह की पक्षपातपूर्ण राजनीति से स्पष्ट है कि आयकर विभाग स्वयं एक राजनैतिक पार्टी की तरह हर चुनाव के पूर्व मात्र सनसनी पैदा करने व राजनैतिक प्रतिद्धंदियों की मानहानि के उद्देश्य से काम करता है। पटवारी ने पत्रकारों से पूछे गए सवाल में कहा कि मैं राज्यसभा सदस्य की दौड़ में शामिल नहीं हूं। एक व्यक्ति एक पद की गरिमा पर कायम हूं और रहूंगा। वहीं प्रदेश सरकार द्वारा किसानों, महिलाओं के साथ किये जा रहे धोखे पर कहा कि किसानों को 2700 और 3100 रू. धान एवं गेहूं पर समर्थन मूल्य दे सरकार। वहीं महिलाओं को 3000 रूपयें और 450 रू. में सिलेण्डर देने की जो राज्य सरकार ने अपने घोषणा पत्र में बात कही भी, उस पर भी सरकार अमल करें। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार जितनी कोशिश आंदोलन को असफल बनाने में कर रही है, यदि उससे आधे प्रयास भी किसानों की मांगों व समस्याओं को सुनने में लगा दे तो बहुत हद तक असलियत समझ आ जाएगी। पटवारी ने कहा कि भाजपा द्वारा कांग्रेस के लोगों पर ईडी और आयकर का दबाव बनाकर उन्हें भाजपा में शामिल करने का दबाव बनाया जा रहा है। वहीं कुछ स्वार्थी प्रकार के नेता ईडी आयकर के डर से अपने धंधा बचाने स्वयं भाजपा में शामिल हो रहे हैं।

कमलनाथ की जिद के आगे बौने पड़े प्रदेश प्रभारी जितेंद्र सिंह और जीतू

State in-charge Jitendra Singh and Jitu were dwarfed by Kamal Nath’s stubbornness. भोपाल। ‘वक्त है बदलाव का’ यह स्लोगन कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के दरमियान जारी किया था। स्लोगन का असर न तो मतदाताओं पर पड़ा और न ही कांग्रेस जनों पर दिखाई दे रहा है । अलबत्ता बदलाव के नाम पर विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हुई अप्रत्याशित हार के बाद पार्टी हाई कमान ने प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ को हटाकर जीतू पटवारी को नया अध्यक्ष मनोनीत कर दिया। नेताओं और कार्यकर्ताओं को उम्मीद थी कि अब कांग्रेस में बदलाव होगा पर ऐसा नहीं हो रहा है। कमलनाथ के जमाने के वही पदाधिकारी आज भी महत्वपूर्ण पदों पर काबिज हैं। यही कारण है कि प्रदेश प्रभारी महामंत्री भंवर जितेंद्र सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी एआईसीसी सदस्य को बहाल नहीं करवा पा रहे हैं। दरअसल, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद एआईसीसी सदस्य सिवनी के राजा बघेल को निष्कासित कर दिया था। यह बात अलग है कि एआईसीसी के सदस्य को निष्कासित करने का अधिकार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को नहीं है पर कमलनाथ का का कद कांग्रेस में इतना ऊंचा है कि पार्टी हाई कमान से लेकर प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी तक बौने नजर आते हैं। सूत्रों का कहना है कि पार्टी हाई कमान से लेकर प्रदेश के मुख्य प्रभारी जितेंद्र सिंह तक ने प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को लिखित और मौखिक आदेश देने के बाद भी आज तक राजा बघेल की बहाली नहीं हो पाई है। हद तो तब हो गई, जब प्रदेश अध्यक्ष पटवारी ने कुछ पदाधिकारी की उपस्थिति में स्पीकर ओपन कर टेलीफोन पर संगठन प्रभारी राजीव सिंह को बहाली के निर्देश दिए। बघेल को बहाल करने के निर्देश देते समय पटवारी ने एआईसीसी पदाधिकारी और प्रभारी जितेंद्र सिंह के लिखित और मौखिक फरमानों का संदर्भ दिया। पटवारी को उनके निर्देश पर दो-टूक जवाब मिला कि कमलनाथ ने निष्कासित किया है, इसलिए बहाल का आदेश जारी नहीं करेंगे। यह जवाब सुनकर पटवारी के पास बैठे कतिपय सीनियर पदाधिकारी स्तब्ध रह गए। स्वाभाविक तौर पर उनके मन में एक यक्ष प्रश्न उठने लगा है कि क्या कमलनाथ के आगे प्रदेश अध्यक्ष की कोई भी साथ नहीं है? राजनीतिक गलियारों में यह सवाल भी यूं ही नहीं गूंज रहा है। दरअसल प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अभी तक अपनी कोई नई टीम नहीं बना पाए हैं। यहां तक कि पटवारी के सबसे नजदीकी पूर्व विधायक कुणाल चौधरी को ही कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नहीं दे पा रहे हैं। मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष पटवारी को पूर्व प्रदेश अध्यक्षों कमलनाथ, दिग्विजय सिंह और सुरेश पचौरी के समर्थक पदाधिकारियों के सहारे संगठन का संचालन करना पड़ रहा है। दिलचस्प पहलू यह है कि पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के मुख्य सिपहसालार रहे सज्जन वर्मा आज जीतू पटवारी के राइट हैंड माने जाते हैं। वैसे राजनीति में नेताओं की आस्था और निष्ठा बदलती रहती है।

आदिवासी,दलित एवं वंचित समाज के साथ न्याय करें प्रधानमंत्री : जीतू पटवारी

Prime Minister should do justice to tribal, Dalit and deprived society: Jitu Patwari कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पूछे प्रधानमंत्री से 5 प्रश्न भोपाल । मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का मध्य प्रदेश में स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से पांच प्रश्न किए हैं। पटवारी ने कहा कि मध्यप्रदेश में 22% से अधिक आबादी वाला आदिवासी समुदाय डबल इंजन की सरकार से बहुत सारी उम्मीदें रखता है एवं यह अपेक्षा भी रखता है कि उसकी सुनवाई तत्काल हो परंतु प्रदेश सरकार एवं केंद्र सरकार उनकी उम्मीदों पर खरी नहीं उतर रही है।  पटवारी ने पहला प्रश्न करते हुए पूछा कि अब तक  वन अधिकार अधिनियम के तहत पट्टे वितरित क्यों नहीं किए गए, जबकि राज्य में आदिवासी और अन्य परंपरागत वन निवासी, पीढ़ियों से वन भूमि पर खेती करते आ रहे हैं। कई साल पहले उन्हें इसका अधिकार देने वाला क़ानून – वन अधिकार अधिनियम – भी बन गया है। फिर भी ये लोग बीते कई सालों से अपने वन अधिकारों के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। ऐसा क्यों?  पटवारी ने दूसरे प्रश्न में पूछा कि  एससी/एसटी के रिक्त बैकलॉग पदों की संख्या बढ़कर 1 लाख 50 हजार के करीब हो चुकी है तथा अनुमान के मुताबिक करीब 40 हजार पद सिर्फ शिक्षक पात्रता परीक्षा के वर्ग-1, वर्ग -2 और वर्ग तीन में खाली हैं, इसके अलावा सामाजिक न्याय, महिला बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में हजारों की संख्या में पद रिक्त पड़े हैं इन पर भर्ती क्यों नहीं की जा रही? तीसरे प्रश्न में श्री पटवारी ने पूछा कि मध्य प्रदेश में पिछले आठ वर्ष से सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नतियां नहीं हुई हैं। वर्ष 2016 में हाई कोर्ट जबलपुर ने पदोन्नति नियम 2002 को निरस्त कर दिया था। तब से अब तक  कई बार भाजपा सरकार आ चुकी है, लेकिन अब तक सरकार पदोन्नति का रास्ता क्यों नहीं निकाल पाई हैं? चौथे प्रश्न में पटवारी ने पूछा कि यूपीए सरकार द्वारा शुरू की गई मनरेगा योजना ने आदिवासी क्षेत्र से बड़े पैमाने पर पलायन को रोक दिया था परंतु आदिवासी मजदूरों को आजकल मनरेगा योजना के तहत भुगतान प्राप्त करना क्यों मुश्किल हो रहा है, 10 साल की आपकी सरकार और 20 साल की प्रदेश सरकार ने पलायन रोकने के लिए कोई निर्णायक प्रयास क्यों नहीं किए?  पटवारी ने प्रधानमंत्री से पांचवे प्रश्न में पूछा कि क्या यह सच नहीं है कि  देशभर में आदिवासियों पर सर्वाधिक अत्याचार मध्यप्रदेश में ही होते हैं? एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2022 में आदिवासियों के खिलाफ 2979 मामले सामने आए, जो कि पिछले साल के मुकाबले में 13% अधिक हैं! क्या आप प्रदेश के गृहमंत्री का पद संभालने वाले मुख्यमंत्री को आदिवासी अत्याचार रोकने को लेकर कोई प्रभावी निर्देश देकर जाएंगे?  पटवारी ने कहा कि उम्मीद है झाबुआ के जरिए प्रधानमंत्री जी भाजपा सरकारों के योगदान का आत्म विश्लेषण जरूर करेंगे और वंचित वर्ग के साथ न्याय करेंगे।

महिला अपराधों को लेकर विधानसभा में गरजें , जौरा पंकज उपाध्याय

Roar in the assembly regarding crimes against women, Jaura Pankaj Upadhyay भोपाल । प्रदेश में महिलाओं पर घटित अपराधों पर विधायक जौरा पंकज उपाध्याय ने विधानसभा में उठाया मुद्दा सरकार ने दिया आधी अधूरी जानकारी प्रदेष में तेज से बढ रहे है अपराध  श्री पंकज उपाध्यायः- धन्यवाद, माननीय अध्यक्ष जी पहली बार ही सदन में आया हूं और पहली बार ही बोलने का मौका मिला है. आप जब अध्यक्ष बने थे, जब भी मैंने सोचा था कि बोला जाये, परंतु पता नहीं था कि सदन में किस तरह से बोला जाता है. आप जब अध्यक्ष बने थे तो हमें बडी प्रसन्नता हुई थी कि आप हमारे क्षेत्र के हैं और बडा गौरव है कि आप इस स्थान पर विराजित         अशोधित ध् प्रकाशन के लिए नहीं हैं बडा गरिमामय सदन है और उच्चकोटि के ज्ञानी यहां पर बैठे हुए हैं. श्री प्रहलाद सिंह पटेल जी हैं, हमारे संसदीय कार्य मंत्री आदरणीय कैलाश जी यहां पर हैं, पहली बार सदन में आया हूं, समझता हूं कुछ सीखने के लिये मिलेगा, कुछ गलती करूं तो आप मुझे क्षमा करियेगा. मैंने प्रश्न उठाया था उसका कोई यथोचित उत्तर नहीं दिया गया है, मेरा प्रश्न था कि प्रत्येक थाने में क्षेत्र में कितनी आबादी होनी चाहिये ? जब थाना बनता है और कितनी आबादी पर कितना पुलिस बल होना चाहिये. इसको कोई उचित जानकारी नहीं दी गयी है. मैंने खण्ड (ग) में पूछा था कि एससीएसटी महिला अपराधों की संख्या कितनी हुई है और अपराधों में किन-किन लोगों को सजा दी गयी है. उसकी भी अधूरी जानकारी दी गयी है. मैं जानकारी चाहता हूं. श्री पंकज उपाध्याय  माननीय अध्यक्ष जी, मैंने जानकारी चाही थी कि 7 थानों में वर्ष 2015 से 2023 तक कितनी एससीएसटी महिलाओं के खिलाफ अपराध दर्ज हुए और कितने लोग बरी हुए, यह तो साधारण सी जानकारी है, जिसको आप दे सकते थे. दूसरा कि मेरे विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत 7 थाने हैं. एक थाना 90 किलोमीटर वर्ग क्षेत्र में आता है और दूसरा 900 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में आता है. बागचीनी में 2 एसआई, 4 थाना प्रभारी और 14 आरक्षक हैं. जबकि निरार थाने में जो 500 स्क्वेयर मीटर में मात्र 1 एसआई, 3 प्रधान आरक्षक और 11 आरक्षक हैं और कोई अपराधों की जानकारी भी नहीं दी गयी है. महिला स्टॉफ की भी जानकारी नहीं दी गयी है. सम्पूर्ण विधान सभा क्षेत्र में स्टॉफ की मात्रा बहुत कम है. जैसा कि इन्होंने जो जानकारी दी है, उसमें देवगड में 14 आरक्षक होना चाहिये, लेकिन 4 हैं. चिन्नौनी में 22 आरक्षण होना चाहिये, परंतु वहां 11 आरक्षण हैं. हमारे जौरा में 22 आरक्षक होना चाहिये, लेकिन 20 हैं. लगभग आधा स्टॉफ है हम अपेक्षा करते हैं कि आप सुशासन लेकर आयेंगे. तो इस आधे स्टॉफ से तो हम सुशासन नहीं ला सकते हैं. क्योंकि हमारा क्षेत्र बडा अपराधों का क्षेत्र है, वहां पर बडे अपराध होते हैं. ऐसी ही महिलाओं के प्रति अपराधों में लगातार वृद्धि हो रही है, बलात्कार हो रहे हैं, वर्ष 2021 में इसमें 400 प्रतिशत की वृद्धि हुई, वर्ष 2023 में तो इन्होंने जानकारी देना भी उचित नहीं समझा तो जो लूट हो रही हैं. मैंने एक चीज और पूछी थी कि चेन श्रेचिंग की घटनाएं लगातार बढती जा रही हैं. हमारे विधान सभा क्षेत्र में पिछले 3 दिन में 2-3 घटनाएं हो गईं. एक एफआईआर हुई है. श्रीमती पुष्पा गोयल नाम की हमारी चाची लगती हैं, श्री केशव गोयल जी की पत्नी हैं, उनकी सरेआम दिन दहाडे चेन लूट ली गई, लेकिन उस पर आज तक कोई कार्यवाही नहीं की गई. ऐसी कई सारी घटनाएं हैं जो चर्चा में भी नहीं आ पाती हैं. एफआईआर भी थानों में लिखाने में लोग हिचकिचाते हैं. (’क्र. 750) श्री पंकज उपाध्याय क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुरैना जिला में महिलाओं के विरूद्ध घटित अपराधों की शीर्षवार सूची वर्ष 2015 से दिसम्बर 2023 तक की वर्षवार, विधान सभावार देवें तथा बतायें कि 2019 की तुलना में 2023 में किस- किस शीर्ष में कितने प्रतिशत वृद्धि तथा कितने प्रतिशत कमी हुई? (ख) जौरा विधानसभा क्षेत्र में कितने थाने हैं? प्रत्येक थाने का क्षेत्र एरिया कितना है तथा कितनी आबादी शामिल है? उक्त थानों में स्वीकृत पद किस-किस प्रकार के कितने हैं तथा नियुक्ति कितनी है तथा खाली पद कितने हैं? दिसम्बर 2023 अनुसार बतावें। (ग) प्रश्नांश (ख) के थानों के अनुसार महिलाओं, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के विरूद्ध घटित अपराधों की शीर्षवार वर्ष 2015 से 2023 तक की जानकारी देवें तथा बतावें कि वर्ष 2019 से 2023 तक प्रतिवर्ष किस-किस शीर्ष में कितने प्रतिशत वृद्धि तथा कमी हुई? (घ) जौरा विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2015 से 2023 तक में महिलाओं, अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के विरूद्ध घटित अपराधों में शीर्षवार, वर्षवार, थाने अनुसार बतायें कि सजायाबी की दर कितने प्रतिशत है? (ड.) जौरा विधानसभा क्षेत्र में 2018 से दिसम्बर 2023 तक नाबालिग बालक-बालिका तथा महिलाओं के गुम होने के कितने प्रकरण हुए तथा कितने नाबालिग बालक-बालिका तथा महिलाएं दस्तयाब की गईं?

मप्र से राज्यसभा को मिलेगी एक सीट, दावेदारों ने बढ़ाई कांग्रेस की मुसीबत

Rajya Sabha will get one seat from MP, claimants increase Congress’s troubles सोनिया गांधी से मिले कमलनाथ, राज्यसभा जाने जोर अजमाइश शुरू कमलनाथ ने 13 फरवरी को भोपाल में निवास पर विधायकों को डिनर पर बुलाया मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के आला नेता कमलनाथ ने सोनिया गांधी से मुुलाकात की। सूत्रों की माने तो मुलाकात के दौरान मप्र की राज्यसभा सीट को लेकर उनकी चर्चा हुई है। हालांकि अभी ऐसा कोई ऐलान नहीं हुआ है।  भोपाल। कांग्रेस के आला नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शुक्रवार को दिल्ली में सोनिया गांधी से मुलाकात की है। कमलनाथ ने सोनिया गांधी से खुद के लिए राज्यसभा टिकट की मांग की है। मध्य प्रदेश से कांग्रेस को एक राज्यसभा सीट मिलनी है। मध्यप्रदेश से स्थानीय उम्मीदवार देने की सूरत में आलाकमान ओबीसी उम्मीदवार पर दांव लगाने के मूड में है, जिसमें पूर्व अध्यक्ष अरुण यादव और वर्तमान अध्यक्ष जीतू पटवारी के नाम की चर्चा है। इस बीच, 13 फरवरी को कमलनाथ ने कांग्रेस विधायकों को डिनर पर बुलाया है। ये डिनर पहले से प्रस्तावित है। बता दें कि अपने बेटे नकुलनाथ को छिंदवाड़ा से लड़ाने का ऐलान कर चुके कमलनाथ खुद के लिए राज्यसभा चाहते हैं। कमलनाथ के करीबी सूत्रों के मुताबिक, अगर पिछड़ों को आरक्षण का कार्ड खेल रहे राहुल गांधी के चलते आलाकमान ओबीसी या एससी एसटी को राज्यसभा देने पर अड़ता है तो कमलनाथ आखिरी मौके में अपने करीबी पूर्व सांसद सज्जन (एससी) पर दांव लगा सकते हैं, लेकिन फिलहाल तो वो खुद के लिए राज्यसभा की जुगत में हैं। ऐलान: नकुलनाथ फिर लड़ेंगे छिंदवाड़ा से चुनाव बता दें कि इसके पहले कमलनाथ ने कहा था कि उनके बेटे नकुल एआईसीसी द्वारा सीट के लिए नामांकित किए जाने के बाद आगामी चुनाव में मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे। कमलनाथ का बयान नकुल के बयान के एक दिन बाद आया था, जो वर्तमान में छिंदवाड़ा लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, उन्होंने घोषणा की थी कि वह आगामी चुनावों में इस सीट से फिर से चुनाव लड़ेंगे। एआईसीसी द्वारा औपचारिक घोषणा से पहले कमलनाथ के बेटे द्वारा छिंदवाड़ा लोकसभा सीट के लिए अपनी उम्मीदवारी की घोषणा ने कांग्रेस सर्कल में कई लोगों की भौंहें चढ़ा दी थी, जिससे पूर्व मुख्यमंत्री को इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण देने के लिए मजबूर होना पड़ा था। कमलनाथ की सफाई: एआईसीसी करेगी नामांकित, तो बेटा लड़ेगा पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा था, कांग्रेस ने आगामी लोकसभा चुनाव के लिए तैयारी शुरू कर दी है और नकुल नाथ एआईसीसी द्वारा नामांकित किए जाने के बाद छिंदवाड़ा से फिर से चुनाव लड़ेंगे। बेटे नकुलनाथ की घोषणा के बाद कमलनाथ की सोनिया गांधी से मुलाकात राजनीतिक रूप से काफी अहम मानी जा रही है। इस बीच, कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि वह आगामी लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे, क्योंकि राज्यसभा सदस्य के रूप में उनके पास अभी भी दो साल बाकी हैं।

विधानसभा: लाइसेंस पटाखे का, बन रहे थे बम: बरैया

Assembly: License of firecrackers, bombs were being made: Baraiya भोपाल। हरदा विस्फोट मामले को लेकर गुरूवार को कांग्रेस विधायकों ने सरकार को घेरते हुए जमकर हंगामा किया। कांग्रेस विधायक राम किशोर दोगने ने दोषियों को फांसी देने की बात कही, तो दूसरी ओर से विधायक फूल सिंह बरैया ने कहा कि लाइसेंस जरूर पटाखे का था, लेकिन वह इसमें बम बनाने लगे थे, क्योंकि पटाखों से इतना बड़ा विस्फोट नहीं हो सकता। बरैया ने कहा कि यदि सरकार से इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच करनी है तो कलेक्टर और एसपी पर एफआईआर करके जेल भेजा जाना चाहिए। क्योंकि यदि वह लोग समय-समय पर जांच करते रहते तो यह घटना नहीं होती। बरैया ने कहा कि मृतकों को एक-एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए। अधिकारियों की मिलीभगत से चल रही थी बम फैक्ट्री  कटारेकांग्रेस के विधायक और उपनेता हेमंत कटारे ने आरोप लगाया कि अधिकारियों की मिलीभगत से ही हरदा में वह फैक्ट्री संचालित हो रही थी, जो कई लोगों की मौत का कारण बनी। कटारे ने कहा कि कई लोग अपने परिचितों को तलाश रहे हैं। ट्रांसफर करना यह हटाना कोई कार्रवाई नहीं है। विधायक रामेश्वर ने किया पलटवारकांग्रेस विधायकों के आरोपों को लेकर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि बम, पटाखा, आतंकवाद इनकी जड़ कांग्रेस ही है। विपक्ष के विधायकों को चाहिए कि इस तरह का आचरण न करें और सदन की कार्यवाही में सहयोग करें।

भारत जोड़ों न्याय यात्रा, डोनेट फॉर न्याय अभियान के तहत कांग्रेसजनों ने किया डोनेशन

Congressmen made donations under Bharat Jodo Nyay Yatra, Donate for Nyay campaign भोपाल। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा निकाली जा रही है भारत जोड़ो ने यात्रा के लिए डोनेट फॉर न्याय अभियान के माध्यम से मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में आज अभा कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष अजय माकन, महासचिव मप्र प्रभारी जितेन्द्र सिंह प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और उपनेता हेमंत कटारे की उपस्थिति में एक कांग्रेस नेताओं को डोनेट फॉर न्याय योजना के अंतर्गन में डोनेशन देने के प्रमाण पत्र और भारत जोड़ो न्याय यात्रा की प्रिंटेड टी-शर्ट प्रदान की। पटवारी, सिंघार सहित वरिष्ठ नेताओं ने योजना के तहत 6700 रूपये तथा उससे अधिक की राशि जमा की। इस दौरान कुछ ही मिनिटों में सैकड़ों कांग्रेसजनों ने राशि जमा कर योजना में अपनी सहभागिता दर्ज करायी और वरिष्ठ नेताओं द्वारा सर्टिफिकेट और टी-शर्ट प्राप्त की।  पटवारी ने इस दौरान कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए डोनेट फॉर न्याय योजना कांग्रेस पार्टी चलायी गई है। हम सभी का दायित्व है कि वह इस अभियान में शामिल होकर देश और लोकतंत्र की रक्षा करने में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें। अजय मकहा बहुत ही कम समय में इस अभियान से काफी लोग जुड़े है। मध्य प्रदेश में तीसरे नंबर पर है। उन्होंने कहा कि जानकर हैरानी होगी कि इस तरह की शुरुआत आजादी की लड़ाई के दौरान महात्मा गांधी ने 1920 में 25-25 पैसे पूरे देश की जनता से एकत्र कर शुरुआत की थी और क्राउड फंडिंग से राशि जमा हुई थीं महात्मा गांधी के नेतृत्व में उस समय कुछ ही समय में एक करोड़ रूपया एकत्रित हो गया था, जिसका उपयोग देश की आजादी के लिए किया गया।  उन्होंने कहा कि उस समय तो हमें ज्यादा फंडिंग की जरूरत नहीं पड़ती थी क्योंकि लेकिन पार्टी को चलाने के लिए अब हमें उनकी आवश्यकता होती है। हम धनाण्य पूंजीपतियों के सामने अपनी झोली नहीं फैला रहे हैं, बल्कि कांग्रेस के एक छोटे से सिपाही से देश और लोकतंत्र को बचाने के लिए यह अभियान चला रहे है। मौजूदा स्थिति में आज कांग्रेस के सामने दो विकल्प हैं, या तो हम पूंजीपतियों के सामने झोली लेकर खड़ें हों या देश की जनता और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से ही धनराशि प्राप्त करें, लिहाजा राहुल गांधी जी ने जनता और कार्यकर्ताओं के सामने झोली फैलाना उचित समझा। इस अभियान में जो 67 रूपये दे रहा है वह पूंजीपतियों से ज्यादा महत्व रखेगा। इस अभियान से हमारा उद्देश्य कार्यकर्ताओं को जोड़ना है। वहीं उन्होंने कहा कि जो संगठन जितनी राशि एकत्र करेगा उसकी आधी राशि उस संगठन को दी जायेगी।

विधानसभा में आज पेश होगा द्वितीय अनुपूरक बजट, हरदा की दुर्घटना को लेकर हंगामे के आसार

Second supplementary budget will be presented in the assembly today, chances of uproar over Harda accident वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा पेश करेंगे अनुपूरक बजट। हरदा हादसे को लेकर कांग्रेस विधायकों ने दी काम रोककर चर्चा कराने की सूचना। राज्यपाल के अभिभाषण पर होगी चर्चा। भोपाल। मप्र विधानसभा का बजट शत्र बुधवार से शुरू हो गया है। गुरुवार को यानी आज सत्र के दूसरे दिन वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा वर्ष 2023-24 के लिए द्वितीय अनुपूरक बजट प्रस्तुत करेंगे। इसमें अधोसरंचना विकास के लिए निर्माण विभागों को अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं, कांग्रेस के सदस्यों द्वारा हरदा की दुर्घटना को लेकर काम रोको सूचना पर चर्चा कराने की मांग को लेकर सदन में हंगामे के आसार हैं। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी की है। कांग्रेस विधायक दल की ओर से रामनिवास रावत, हेमंत कटारे सहित अन्य विधायकों ने हरदा में पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट को लेकर सदन का काम रोककर चर्चा कराने की सूचना विधानसभा सचिवालय को दी है। सदन में विपक्ष द्वारा गुरुवार को इस विषय को उठाने की तैयारी की गई है। कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में भी इस विषय को उठाया गया। उधर, राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा की शुरुआत ध्यानाकर्षण के बाद होगी। इस दौरान तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री गौतम टेटवाल मध्य प्रदेश माल और सेवा कर (संशोधन) अध्यादेश 2024 पटल पर रखेंगे।

मोदी 11 फरवरी को झाबुआ में जनजातीय सम्मेलन से आदिवासी वर्ग को साधेंगे, प्रचार का करेंगे शंखनाद

Modi will appeal to the tribal community at the Tribal Conference in Jhabua on 11th February, and will blow the trumpet for publicity. भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 फरवरी को झाबुआ में जनजातीय सम्मेलन को संबोधित करेंगे। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद प्रधानमंत्री पहली बार एमपी आ रहे हैं। सम्मेलन से प्रधानमंत्री लोकसभा चुनाव प्रचार का शंखनाद करेंगे। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की भाजपा ने तैयारी शुरू कर दी है। भाजपा ने आदिवासी वर्ग को साधने के लिए दो साल पहले से तैयारी शुरू कर दी थी। पेसा एक्ट से लेकर कई पहल आदिवासी वर्ग को साधने के लिए की गई थी। इसके बावजूद विधानसभा चुनाव में अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित 47 सीट में से 24 सीट ही भाजपा जीत पाई। 22 सीट कांग्रेस और एक सीट पर भारत आदिवासी पार्टी ने कब्जा जमाया। अब लोकसभा चुनाव में फिर भाजपा ने आदिवासी वर्ग को साधने की रणनीति बनाई है। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 फरवरी को झाबुआ में जनजातीय सम्मेलन को संबोधित करेंगे। यहां से पीएम मध्य प्रदेश और गुजरात दोनों राज्यों के आदिवासी वर्ग को साधेंगे। रैली को सफल बनाने के लिए भाजपा कार्यकर्ता घर-घर संपर्क करेंगे। इसकी तैयारियों को लेकर सोमवार को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा, प्रदेश चुनाव प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह ने तैयारियों का जायजा लिया। प्रदेश में लोकसभा की 29 सीटें है। इसमें से 6 सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं। अभी छिंदवाड़ा सीट छोड़कर बाकी सभी सीटों पर भाजपा का कब्जा है। रैली को सफल बनाने में जुट जाएं कार्यकर्ता प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने निरीक्षण के बाद कार्यकर्ताओं का कहा कि रैली में हर मन में भी भगवा नजर आना चाहिए। प्रधानमंत्री की रैली में जनजातीय समाज के अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करें। 15 विधानसभाओं में लोगों से संपर्क करना है। हमें जनजातीय समाज के प्रमुख लोगों, संत-महात्माओं को भी इन कार्यक्रमों से जोड़ना है और जनजातीय भाई-बहनों के बीच विशेष रूप से प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का प्रचार-प्रसार करना है। हर घर में जाना है, हर कुंडी खटकाना है लोकसभा चुनावों के लिए प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह ने कहा कि हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है कि भगवान श्रीराम को अयोध्या लाने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 तारीख को झाबुआ पधार रहे हैं। हम सभी कार्यकर्ताओं को पूरे प्राण प्रण से तैयारी में जुटना है और कार्यक्रम को सफल बनाना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों में सभी की सहभागिता सुनिश्चित हो, इसके लिए हमें घर-घर जाना है और हर घर कुंडी खटखटाना है। जनजातीय संस्कृति के अनुरूप हो प्रधानमंत्री का स्वागतप्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद ने उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि हमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्वागत गौरवशाली जनजातीय परंपराओं और संस्कृति के अनुरूप करना है। उनके स्वागत के लिए जनजातीय संस्कृति के प्रतीकों तीर-कमान, ढोल, फालिया आदि का प्रयोग होना चाहिए।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को तीन माह से वेतन नहीं, कमलनाथ ने सरकार को घेरा

Anganwadi workers and assistants have not been paid for three months, Kamal Nath cornered the government महिला एवं बाल विकास विभाग की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को तीन माह से वेतन नहीं मिला है। इसको लेकर पूर्व सीएम कमलनाथ ने भाजपा सरकार को घेरा है। मध्य प्रदेश के महिला एवं बाल विकास विभाग में बजट की कमी के चलते आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को तीन माह से वेतन नहीं मिला है। वहीं, दो माह से सुपरवाइजर और सीडीपीओ को भी मानदेय नहीं मिल पा रहा है। इसका कारण विभाग में बजट की कमी बताई जा रही है। वहीं, विभाग के जिस मद में पैसा रखा है, उसको वेतन में देने के लिए वित्त विभाग ने कैबिनेट से मंजूरी के लिए लिखा है। यही वजह है कि विभाग के प्रदेशभर की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाओं, सुपरवाइजर और सीडीपीओ का वेतन अटक गया है। वहीं, इस मामले में विभाग के जिम्मेदारों का कहना है कि वेतन देने की कार्रवाई चल रही है। सभी को जल्द ही भुगतान हो जाएगा। पूर्व सीएम कमलनाथ ने सरकार को घेरावहीं, इस मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सरकार पर सवाल खड़े किए है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमंते तत्र देवता। अर्थात, जहां नारियों की पूजा होती है, वहां देवताओं का वास होता है। यह हमारी भारतीय संस्कृति का शाश्वत उद्घोष है। लेकिन मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार ने कसम खा रखी है कि महिलाओं का किसी रूप में सम्मान तो क्या सामान्य जीवन भी व्यतीत न हो सके। प्रदेश के 35 जिलों में कार्यरत 60000 से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को पिछले 3 महीने से मानदेय नहीं मिला है। एक तरफ केंद्र सरकार बजट में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए बड़ी-बड़ी बातें कर रही है तो दूसरी तरफ मध्य प्रदेश में उन्हें उनके बुनियादी अधिकार से भी वंचित कर रही है। पूर्व सीएम बोले मैं मुख्यमंत्री से जानना चाहता हूं कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रति इस तरह का उपेक्षापूर्ण और सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है? जब मुख्यमंत्री बार-बार कहते हैं कि प्रदेश में बजट की कमी नहीं है तो फिर मानदेय न देने की और क्या वजह है? उन्होंने कहा कि मैं मुख्यमंत्री से मांग करता हूं कि समस्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को तत्काल वेतन का भुगतान किया जाए।

लोकसभा चुनाव की तारीख और आचार संहिता को लेकर यह है नया अपडेट

This is the new update regarding Lok Sabha election date and code of conduct विधानसभा चुनाव के बाद अब लोकसभा चुनाव 2024 की तारीखों का ऐलान होने वाला है। मध्यप्रदेश में लोकसभा की 29 सीटों पर चुनाव होने वाले हैं। इनमें से एक सीट कांग्रेस के पास है, जबकि 28 सीटें भाजपा के पास है।देश में लोकसभा चुनाव 2024 की तारीखों का ऐलान कब होगा, चुनाव कितने चरण में होंगे। कौन से राज्य में कब चुनाव होंगे और आचार संहिता कब लगेगी। इसे लेकर ज्यादातर लोग अनुमान लगा रहे हैं। चुनाव आयोग ने भी तैयारी तेज कर दी है। विधानसभा चुनाव के बाद अब लोकसभा चुनाव 2024 की तारीखों का ऐलान जल्द होने वाला है। राजनीतिक दलों से जुड़ा व्यक्ति हो या सरकारी कर्मचारी सभी यह जानना चाहते हैं कि लोकसभा चुनाव कब होने वाले हैं। क्योंकि आचार संहिता लग जाने के बाद कई सरकारी कर्मचारी अवकाश नहीं ले पाएंगे। मध्यप्रदेश में लोकसभा की 29 सीटों पर चुनाव होने वाले हैं। इनमें से एक सीट कांग्रेस के पास है, जबकि 28 सीटें भाजपा के पास है। देशभर में नए मतदाताओं को जोड़ने का काम किया जा रहा है। मध्यप्रदेश निर्वाचन आयोग 8 फरवरी तक मतदाता सूचा का काम पूरा कर देगा। इसके बाद आचार संहिता लगने के कयास लगाए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक आचार संहिता फरवरी अंत में या मार्च के प्रथम सप्ताह तक लग सकती है, यानी चुनाव आयोग इन दिनों में तारीखों का ऐलान कर सकता है। अप्रैल से जून के बीच होंगे चुनाव पिछले चुनावों के दौरान आचार संहिता और मतदान की तारीखों को देखा जाए तो तो 2014 और 2019 में लोकसभा के चुनाव अप्रैल से लेकर मई के बीच हुए थे। यह करीब 7 चरणों में आयोजित किए गए थे। मई के अंत में केंद्र में मंत्रियों ने शपथ ले ली थी। चुनाव आयोग भी इसी तैयारी में है चुनाव अप्रैल और मई माह के बीच करा लिया जाए। हालांकि हाल ही में चुनाव आयोग ने स्कूली बच्चों और कॉलेज के विद्यार्थियों की परीक्षा का भी अवलोकन करने के लिए शिक्षा विभाग से जानकारी मांगी है। मार्च में लग सकती है आचार संहिता सूत्रों के मुताबिक 10 मार्च तक लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लग सकती है। यानी चुनाव की तारीखों का ऐलान हो सकता है। पहले फरवरी अंत तक आचार संहिता लगने की उम्मीद व्यक्त की जा रही थी। लेकिन स्कूल-कॉलेजों की परीक्षा होने के कारण इसे थोड़ा देरी से किया जा सकता है। गौरतलब है कि 2019 में चुनाव की घोषणा 10 मार्च हो हुई थी। तब देशभर में 11 अप्रैल से 19 मई के बीच 7 चरणों में चुनाव हुए थे। 25 मार्च को होली के साथ ही स्कूल-कॉलेज के बच्चों की परीक्षाएं, किसानों की स्थिति, अफसरों के तबादले, सरकारी अवकाश को देखते हुए चुनाव आयोग इन सब परिस्थितियों के अध्ययन में जुटा हुआ है। मध्यप्रदेश में कितने मतदाता मध्यप्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या 5 करोड़ 59 लाख 98 हजार 370 है। इनमें 28790967 पुरुष मतदाता हैं और 27206136 महिला मतदाता है। थर्ड जेंडर की संख्या 1267 है। इसके साथ ही राज्य में 75 हजार 326 सेवा मतदाता हैं। राज्य में कुल 5 लाख 03 हजार 564 दिव्यांग मतदाता भी हैं।

कैंपा फंड के फायर प्रोटेक्शन मद से उपकरणों की खरीदी में गड़बड़ झाला

Jhala: Irregularities in purchasing equipment from fire protection item of Campa Fund. उदित नारायण भोपाल। जंगल महकमे में कैंपा फंड से फायर प्रोटक्शन के लिए 11 करोड़ रूपए रिलीज किए गए हैं। 11 करोड़ रूपया रिलीज होते ही सप्लायरों का एक सिंडिकेट सक्रिय हो गया है। इस सिंडिकेट में वित्तीय सेवा के एक अधिकारी के शामिल होने की खबर विभाग में सुर्खियों में है। हालांकि शासन की ओर से अधिकारी की पदस्थापना अभी मंत्री स्टाफ में नहीं हो पाई है। बावजूद इसके, इनके द्वारा फील्ड में पदस्थ वन संरक्षक और डीएफओ पर दबाव बनाया जा रहा है। दिलचस्प पहलू यह है कि सिंडिकेट के संचालक कर्ता धार, अलीराजपुर और झाबुआ से जुड़े हैं। फायर प्रोटेक्शन के लिए कैंपा फंड से 11 करोड़ रूपया रिलीज किए गए हैं, क्योंकि 15 मार्च तक खर्च किया जाना है। 11 करोड़ रूपये से ब्रशयुक्त कटर, ब्लोअर, अग्निरोधी किट  और पानी की जैरीकेन की खरीदी होनी है। इन उपकरणों मार्केट रेट से दुगना और डेढ़ गुना दाम पर हो रही है। मसलन, ब्रशयुक्त कटर की बाजार दर 12000 से लेकर 14000 रुपए तक है किंतु विभाग 45000 रुपए में खरीद रहा है। इसी प्रकार ब्लोअर की बाजार दर अधिक से अधिक 14000 रुपए है। जबकि विभाग ₹60000 प्रति ब्लोअर की दर से भुगतान करने जा रहा है। 5000से ₹6000 में मिलने वाला अग्निरोधी किट वन विभाग ₹12000 में खरीद रहा है। सूत्रों का कहना है यह है कि यह डर इसलिए निर्धारित किए गए हैं क्योंकि अधिकारियों का सिंडिकेट संचालक कर्ता द्वारा सप्लायरों से 15% कमीशन की डिमांड किये जाने की खबर है। सूत्रों ने बताया कि वन मंत्री के नाम से सिंडिकेट में शामिल अनाधिकृत अफसर फील्ड के अफसरों (डीएफओ- सीएफ) को धमकाया जा रहा है कि वर्क ऑर्डर इन्हीं फर्मों को ही दिया जाय। यह फॉर्म में भी सिंडिकेट में शामिल सदस्यों की ही है। सूत्रों की माने तो  खंडवा सतना और दक्षिण शहडोल के अलावा किसी भी अधिकारी ने टेंडर नहीं बुलाए हैं।  एक सीनियर अधिकारी की सलाह है कि विभाग में जो भी खरीदी हो उसके टेंडर अथवा बिड विभाग की साइट पर अपलोड किए जाएं। इससे अधिक से अधिक फर्म पार्टिसिपेट कर सकेंगी और विभाग को वित्तीय फायदा भी होगा। फील्ड के अवसर दबाव में आकर बीट के द्वारा खरीदी की जाती है, जिसकी जानकारी सिर्फ सिंडिकेट के सदस्यों को ही रहती है। फायर प्रोटक्शन के लिए खरीदी होने वाली उपकरण  नाम                   संख्या            मद (करोड़)  ब्रशयुक्त कटर      4400            1.98  ब्लोअर                440             2.64  अग्निरोधी किट    4400           5.28 पानी जैरीकेन       4400           1.10

BJP ने महेंद्र सिंह को बनाया मध्य प्रदेश का लोकसभा चुनाव प्रभारी

BJP made Mahendra Singh in-charge of Lok Sabha elections of Madhya Pradesh सतीश उपाध्याय सह प्रभारी नियुक्त भोपाल। भाजपा ने आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारियों शुरू कर दी है। शनिवार को भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने लोकसभा चुनाव के लिए प्रभारियों की नियुक्ति कर दी है। जिसमें महेंद्र सिंह को मध्य प्रदेश का लोकसभा चुनाव प्रभारी और सतीश उपाध्याय को सह प्रभारी नियुक्त किया है। भाजपा ने आगामी 2024 लोकसभा चुनाव के मद्देनजर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए चुनाव प्रभारियों और सह-प्रभारियों की नियुक्ति की।

भाजपा ने चार जिलों के अध्यक्ष बदले

BJP changed presidents of four districts भोपाल ! मध्यप्रदेश में भाजपा ने चार जिलों में नए जिला अध्यक्ष नियुक्त किए हैं। बालाघाट में पूर्व मंत्री रामकिशोर कांवरे, बुरहानपुर में मनोज भाने, रतलाम में प्रदीप उपाध्याय और छतरपुर में चंद्रभान सिंह गौतम को जिला अध्यक्ष बनाया गया है।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के बंगले की मांग की,

Leader of Opposition Umang Singhar demanded the bungalow of former CM Shivraj Singh Chauhan, उमंग ने मांगा मामा का घर: सीएम मोहन यादव से की शिवराज सिंह के बंगले की मांग, कहा- बुआ से जुड़ी हैं यादें भोपाल ! मध्य प्रदेश में कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के घर की मांग की है. नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को एक पत्र लिखा है और पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान को आवंटित B – 9 बंगले की मांग की है. उन्होंने कहा कि इस बंगले से उनकी बुआ जमुना देवी की यादें जुड़ी हैं. इसलिए यह बंगला उन्हें दिया जाए. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सीएम डॉ. मोहन यादव को पत्र में लिखा कि शासकीय आवास क्रमांक बी-9, 74 बंगला म.प्र. के आदिवासी वर्ग की महान नेता एवं प्रदेश की पहली महिला उपमुख्यमंत्री स्व.जमुना देवी को नेता प्रतिपक्ष होने के नाते वर्षों आवंटित रह. वे आदिवासी समुदाय की नेता होने के साथ-साथ मेरी बुआ भी थी और बचपन से ही इस बी-9 शासकीय आवास में मैंने उनको दिन-रात प्रदेश के सर्वहारा वर्ग की सेवा में प्राणप्रण से जुटे देखा है. भावनात्मक रूप से मेरा इस शासकीय आवास से लगाव भी है. अतः आपसे अनुरोध है कि नेता प्रतिपक्ष होने के नाते मुझे उक्त शासकीय आवास आवंटित कर अनुग्रहित करने का कष्ट करें. बता दें कि वर्तमान में यह बंगला मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान को आवंटित है. हाल ही में उन्होंने इसकी जानकारी देते हुए बताया था कि अब से उन्हें घर ‘मामा का घर’ के नाम से जाना जाएगा.

दिग्विजय सिंह ने शेयर की भगवान राम की तस्वीर, प्राण प्रतिष्ठा की मंगलकामना के साथ बीजेपी को दिया ये मैसेज

Digvijay Singh shared the picture of Lord Ram, gave this message to BJP with good wishes for his life. दिग्विजय सिंह राम मंदिर का पूरा निर्माण हुए बिना ही प्राण प्रतिष्ठा कराए जाने को लेकर लगातार हमलावर रहे. उन्होंने इसके लिए ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य के तर्कों का भी जिक्र किया. भकांग्रेस पार्टी के कद्दावर नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के ठीक पहले भगवान राम के बाल स्वरूप की तस्वीर शेयर की है. उन्होंने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर ट्वीट कर देशवासियों को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की मंगलकामनाएं दीं. उन्होंने इसी के साथ भारतीय जनता पार्टी नीत सरकार को भी मैसेज दिया और कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सरकार अब ये सुनिश्चित करेगी कि रामराज में किसी भी तरह की नफरत की कोई जगह न हो और सब मर्यादा में रहकर अपने धर्मों का पालन करें.  आशा है अब बीजेपी सरकार सुनिश्चित करेगी…’ दिग्विजय सिंह ने रविवार रात ट्वीट करते हुए रामलला के बाल स्वरूप की तस्वीर शेयर की है, जिसपर लिखा है, ‘धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो. प्राणियों में सद्भावना हो, विश्व का कल्याण हो.’ इस फोटो के साथ किए गए ट्वीट के कैप्शन में दिग्विजय सिंह ने लिखा, ‘समस्त देशवासियों को अयोध्या में निर्माणाधीन मंदिर में रामलला के विग्रह के प्रतिष्ठित होने की मंगलकामनाएं. आशा है भाजपा सरकार अब ये सुनिश्चित करेगी कि रामराज में नफरत-हिंसा की कोई जगह नहीं होगी. सब प्रेम से मर्यादा में रहकर अपने धर्मों का पालन करेंगे.’  दरअसल दिग्विजय सिंह कांग्रेस पार्टी के उन प्रमुख नेताओं में रहे, जिन्होंने अयोध्या में बन रहे राम मंदिर के निर्माण कार्य का पूरा होने के पहले ही प्राण प्रतिष्ठा कराए जाने की खूब आलोचना की है. उन्होंने इसको लेकर उत्तराखंड स्थित ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के तर्क का भी खूब जिक्र किया.

पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने सीएम मोहन यादव की सरकार पर कई गंभीर सवाल खड़े किए

भोपाल ! मध्यप्रदेश में बीते दो दिन में पुलिसकर्मियों की हत्या की तीन बड़ी वारदात हुईं. इसमें दो मामलों में अपराधियों को पकड़ने और उनको रोकने के दौरान हुई मुठभेड़ में पुलिसकर्मी मारे गए. सिवनी और छिंदवाड़ा में ये घटनाएं हुईं. अब इन घटनाओं को लेकर पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने सीएम मोहन यादव की सरकार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. हालांकि सीएम मोहन यादव ने दोनों मृतक पुलिसकर्मियों को शहीद का दर्जा देकर परिजनों को एक-एक करोड़ रुपए की राशि देने का ऐलान किया है. जीतू पटवारी ने एक्स पर पोस्ट करके लिखा है कि “मुख्यमंत्री जी, पिछले दो दिन का ही अनुपात निकाला जाए, तो प्रतिदिन ड्यूटी कर रहे एक पुलिसकर्मी की हत्या हो रही है! अपराधियों के हौसले बुलंद हैं! लेकिन, आप ‘मौन’ हैं! मध्य प्रदेश में रोजगार के लिए सरेआम बेटी की आबरू मांगी जा रही है! लेकिन, आप ‘मौन’ हैं! “मोदी की गारंटी” वाले वादे के बाद लाड़ली बहनें ₹3000 प्रतिमाह की मांग कर रही हैं! लेकिन, आप ‘मौन’ हैं! पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज जी के प्रतिमाह 1 लाख नौकरियां के वादे पर युवा जवाब मांग रहे हैं! लेकिन, आप ‘मौन’ हैं! महिलाओं को महंगाई से निजात दिलाने के लिए ₹450 रुपए में सिलेंडर देने का वादा भाजपा ने ही किया था! महिलाएं उम्मीद लगाए बैठी हैं! लेकिन, आप ‘मौन’ हैं! डॉ. मोहन यादव जी “मोहन” ही बने रहें, “मौन” में न रहें! क्योंकि, आपका “मौन-व्रत” अब मध्यप्रदेश की मुसीबत बढ़ा रहा है”! जीतू पटवारी जब से प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बने हैं, तभी से वे लगातार बीजेपी और मोहन यादव सरकार पर हमलावर हैं. पहले उन्होंने शिवराज सिंह चौहान को चुनाव जीतने के बाद साइडलाइन करने को लेकर भी बीजेपी पर सवाल उठाए थे. लेकिन अब पहली बार वे खुलकर सीएम मोहन यादव के खिलाफ बोलना शुरू किए हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबों और वंचितों की सहायता के लिए सरकार प्रतिबद्ध

The Chief Minister said that the government is committed to helping the poor and the deprived. भोपाल। मुख्यमंत्री पद का शपथ लेने के करीब सवा महीने बाद डॉ. मोहन यादव आज शुक्रवार को शुभ मुहूर्त में विधि- विधान से पूजन अर्चन के बाद मुख्यमंत्री निवास में प्रवेश किए। उन्होंने मुख्यमंत्री निवास में बने समत्व भवन में गरीबाें और वंचिताें की सहायता के मुद्दे पर पहली बैठक ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का प्रयास है कि प्रधानमंत्री मोदी सरकार की ओर से लागू जनकल्याण और विकास कार्यों का हर जरूरतमंद व्यक्ति लाभ लें। गरीबों और वंचितों को सहायता व सम्बल दिलाने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत बड़वानी जिले के सेंधवा और सिंगरौली जिले की ग्राम पंचायत ओड़गड़ी के हितग्राहियों से वर्चुअली चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गरीब, युवा, किसान और महिलाओं के जीवन में प्रगति और उन्नति लाने के लिए इन्हें सभी जरूरी सहायता और सहयोग दिलाने की बात कही है। महिलाओं को सहयोग की सर्वाधिक आवश्यकता है। इस यात्रा के दौरान जीवन ज्योति कैम्प के तहत एक लाख 37 हजार लोग, हेल्थ कैम्प के अंतर्गत 27 लाख 68 हजार लोग लाभान्वित हुए हैं। 2 लाख 37 हजार व्यक्तियों का सुरक्षा बीमा कराया गया है। विकसित भारत संकल्प यात्रा के दौरान अब तक 41 लाख 35 हजार 788 हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा चुका है। 19 हजार 500 ग्राम पंचायतों में हुआ शिविरों का आयोजन-मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत प्रदेश में अब तक 19 हजार 500 से अधिक ग्राम पंचायतों में शिविरों का आयोजन हुआ है। इस यात्रा में एक करोड़ 69 लाख 22 हजार से अधिक लोग शामिल हुए हैं। एक करोड़ 24 लाख 23 हजार से अधिक लोगों ने विकसित भारत बनाने का संकल्प लिया है। यात्रा के तहत 6 लाख 99 हजार 672 लोगों को आयुष्मान योजना तथा एक लाख 81 हजार 762 लोगों को उज्जवला योजना का लाभ दिलाया गया है। इसीप्रकार किसान क्रेडिट कार्ड एक लाख 11 हजार से अधिक लोगों को उपलब्ध कराए गए हैं। किसान क्रेडिट कार्ड के अतहत प्रत्येक किसान को केन्द्र व राज्य सरकार की ओर से हर साल 12 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। योजनाओं के लाभ से जीवन में आया सकारात्मक बदलाव- मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेंधवा के भालेराव तथा राहुल वाडिले से आत्मीय चर्चा की। भालेराव की चाय की दुकान है, जो उन्होंने मुद्रा लोन से मिली राशि से आरंभ की है। राहुल वाडिले ने बताया कि वे मोबाइल रिपेयरिंग करते हैं और प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वनिधि योजना, आयुष्मान कार्ड सहित उज्जवला योजना का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। उनके परिवार की महिलाओं को लाड़ली बहना योजना का भी लाभ मिला है। राहुल ने बताया कि सरकार की योजनाओं से ही पक्के मकान में रहना, घरेलू गैस से खाना बनाना और आयुष्मान कार्ड की सहायता से परिजनों का प्रायवेट अस्पताल में इलाज कराना संभव हो पाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से सिंगरौली की ग्राम पंचायत ओड़गड़ी के रामसूरत साकेत, श्रीमती अनीता सिंह तथा गंगाराम वैश्य ने योजनाओं के लाभ से स्वयं और परिवार के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों के संबंध में बात की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हितग्राहियों को दी गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं-मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य योजनाओं के हितग्राहियों को आगे चलकर इनका लाभ लेने के लिए बधाई दी। साथ ही अपील की कि 22 जनवरी को रामलला की मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह में उत्साह और उमंग के साथ वर्चुअली सम्मिलित हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी हितग्राहियों को गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) की शुभकामनाएं भी दीं।

मोहन सरकार के मंत्रियों को सरकारी बंगले अलाट किए

13 मंत्रियों व राज्य मंत्रियों को सरकारी बंगले अलाट किए भोपाल। राज्य सरकार ने गुरूवार को 13 मंत्रियों व राज्य मंत्रियों को सरकारी बंगले अलाट कर दिए। उन्हें हालांकि यह बंगले खाली होने की प्रत्याशा में अलाट किया गया है। मंत्रियों को बंगले आवंटित करने का यह पहला आदेश है। बाकी मंत्रियों व राज्य मंत्रियों को जिनके पास बंगले आवंटित नहीं हैं, उनके लिए भी जल्दी ही आदेश जारी किया जाएगा।सामान्य प्रशासन विभाग जीएडी से जारी आदेश के अनुसार मंत्री प्रह्लाद पटेल को बी-7 सिविल लाइन में बंगला अलाट किया गया है। यह बंगला अभी ओमप्रकाश सखलेचा के पास था। इसीतरह मंत्री सम्पतिया उईके को बी-17 ए पूर्व मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह के पास था। इसी तरह बी-2 काशियाना बंगला चैतन्य काश्यप को अलाट किया गया है। यह बंगला पहले राजवर्धन सिंह दत्तीगांव काे अलाट किया गया है। अन्य मंत्रियों को भी बंगला अलाट किया गया है। बताते हैं कि ज्यादातर बंगले चुनाव हार चुके मंत्रियों के हैं। मंत्रियों को नए आवास आवंटितप्रहलाद सिंह पटेल बी-7 सिविल लाइन, करण सिंह वर्मा बी-22 चार इमली, उदय प्रताप सिंह बी-17, 74 बंगला, सम्पतिया उइके बी-12ए 74 बंगला, निर्मला भूरिया बी-10, 74 बंगला, नारायण सिंह कुशवाह बी-11 चार इमली, नागर सिंह चौहान बी-12बी 74 बंगला, राकेश शुक्ला बी-19 74 बंगला, चैतन्य कश्यप बी-2 काशियाना बंगला, धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी बी-11, 74 बंगला, दिलीप जायसवाल बी-2 चार इमली, गौतम टेटवाल सी-1, 74 बंगला और लखन पटेल सी-14 शिवाजी नगर।

आमजन के जीवन में बदलाव लाने और नई पीढ़ी को संस्कारित करना मप्र सरकार की प्राथमिकता

It is the priority of Madhya Pradesh government to bring change in the lives of common people and to educate the new generation. भोपाल ! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरूवार को बिहार की राजधानी पटना पहुंचें थे। वहां उनका जोरदार स्वागत हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव चूंकि भगवान श्रीकृष्ण के प्रबल अनुयायी हैं और बिहार में यादव समाज की संख्या अच्छी खासी है। पटना में मुख्यमंत्री श्री कृष्ण चेतना विचार मंच के कार्यक्रम में शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के प्रसंगों को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने की पहल के साथ ही नई शिक्षा नीति में सनातन संस्कृति का समावेश हमारा संकल्प है। मप्र में मुख्यमंत्री का दायित्व संभालने के बाद उन्होंने आम जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प लिया है। इस पर काम चल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पटना के गांधी मैदान स्थित श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल में कार्यक्रम का शुभारंभ किया। हजारों साल से मध्यप्रदेश और बिहार का रिश्ता हैमुख्यमंत्री ने कहा कि माता सीता की जन्मस्थली बिहार आकर मैं स्वयं को सौभाग्यशाली मानता हूं। ऐसी पवित्र धरती को मैं प्रणाम करता हूं। यह भगवान महावीर स्वामी की धरती है, जिससे बिहार की पहचान है। साथ ही सम्राट अशोक की भी धरती है। सम्राट अशोक का मप्र उज्जैन से खासतौर पर अलग तरह का रिश्ता रहा है। हजारों साल से मध्यप्रदेश और बिहार का रिश्ता है। आज के इस दौर में लोकतंत्र को जिंदा रखने में हमारे समाज की भूमिका बहुत बड़ी है। हमें प्रदेश और देश की सेवा के साथ-साथ भारत का मान दुनिया में बढ़े उस दिशा में हमें आगे बढ़ने की आवश्यकता है। यही तो हम हजारों से साल से करते आए हैं और यही हमारा कर्तव्य भी है। परमात्मा ने हमें जहां जिस जगह जन्म दिया है एक अनूठा संयोग हमारे साथ जुड़ता है।

कमलनाथ ने कांग्रेस की सेवा अपने यौवनकाल की शुरुआत से ही की थी, कांग्रेस

Kamal Nathji had served Congress since the beginning of his youth. भोपाल: विधान सभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने पूर्व सीएम कमलनाथ पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि कमलनाथ की वजह से हम एमपी में चुनाव हार गए हैं। साथ ही उनपर बीजेपी से सांठ गांठ के आरोप लगाए थे। आलोक शर्मा ने यह भी कहा था कि कमलनाथ के घर ईडी और सीबीआई क्यों नहीं पहुंचती है। उन्होंने कहा था कि मैं राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के सामने अपनी बात रखूंगा। उनके इस बयान पर दो सप्ताह तक पार्टी चुप रही थी। यह मामला जब तूल पकड़ने लगा तो कांग्रेस पार्टी एक्टिव हुई है। इंदिरा गांधी के वक्त से ही वे भारत के नवनिर्माण अभियान के साथ जुड़े हैं। संजय गांधी, राजीव गांधी, सोनिया गांधी के बाद प्रियंका गांधी और राहुल गांधीजी के साथ वे कंधे से कंधे मिलाकर डटे हुए हैं।जब भाजपा सरकारी एजेंसियों के साथ संपूर्ण विपक्ष को खत्म करने पर आमादा है, तब कमलनाथ ही हैं, जिनके निर्विवाद नेतृत्व में सभी कांग्रेस जनों ने मिलकर 2018 में मध्य प्रदेश से भाजपा के किले को ढहाकर कांग्रेस की सरकार बनाने का लक्ष्य हासिल किया। अब भी कई लोग कमलनाथ जैसे कांग्रेस के आधारभूत स्तंभों के खिलाफ भाजपाई षड़यंत्र के शिकार हो जाते हैं। AICC ने ऐसे ही षड़यंत्र के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी कर कमलनाथजी की निष्ठा का सम्मान किया है। जब भाजपा अपनी सारी सरकारी एजेंसियों के कंधों पर हथियार रखकर संपूर्ण विपक्ष को उखाड़ने और खत्म करने पर आमादा हो, तब भी कमलनाथ अपने तजुर्बों के साथ पार्टी वर्करों के साथ खड़े हैं।

केंद्रीय राज्य मंत्री कुलस्ते ने आईएएस अनय द्विवेदी पर लगाया जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने का आरोप

Union Minister of State Kulaste accused IAS Anay Dwivedi of insulting him with caste based words. भोपाल। केंद्रीय राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते आईएएस अधिकारी अनय द्विवेदी से नाराज हैं। उन्होंने द्विवेदी के व्यवहार को लेकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से शिकायत दर्ज कराई है। कुलस्ते का आरोप है कि द्विवेदी ने सार्वजनिक रूप से उनके एक रिश्तेदार अधिकारी को जाति सूचक प्रताड़ित किया है।प्रदेश में अधिकारियों के व्यवहार को लेकर लगातार शिकायतें मुखर हो रही है। पहले शाजापुर कलेक्टर किशोर कन्याल, उसके बाद देवास में सोनकच्छ की तहसीलदार और अब एक आईएएस अधिकारी अनय द्विवेदी के व्यवहार पर सवाल उठे हैं। अनय द्विवेदी वर्तमान में पूर्व विद्युत वितरण क्षेत्र कंपनी जबलपुर में एमडी के पद पर कार्यरत हैं। केंद्रीय राज्य मंत्री कुलस्ते का आरोप है कि उनके बहनोई अशोक धुर्वे, जो पूर्व विद्युत वितरण क्षेत्र कंपनी में अधिकारी हैं, को अनय द्विवेदी ने जाति सूचक शब्द कहे और अपमानित किया।कुलस्ते का कहना है कि द्विवेदी ने अशोक धुर्वे के लिये यहां तक कहा कि अब तो फग्गन सिंह चुनाव हार गए हैं, इन्हें यहां से हटा दो। अनय द्विवेदी के इस व्यवहार से मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते काफी नाराज हैं और उन्होने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से की है। इतना ही नहीं, कुलस्ते ने तो यहां तक कहा है कि हमारे आदिवासी वर्ग के भाइयों के समर्थन के चलते सरकार बनी है और खुद केंद्र सरकार उनके उत्थान के लिए लगातार प्रयास कर रही है। ऐसे में इस तरह की भाषा का प्रयोग ठीक नहीं। फग्गन ने यह भी कहा कि द्विवेदी जैसे अधिकारियों की जगह फील्ड में नहीं बल्कि दफ्तर में होनी चाहिए। अब इस मामले में सरकार क्या कार्रवाई करेगी, यह देखने वाली बात है। लेकिन यह बात तो सही है कि मोहन यादव की सरकार बनने के साथ-साथ अब अधिकारियों की बदमिजाजी की शिकायतें भी तेजी के साथ सार्वजनिक हो रही है और सरकार की उनपर की जा रही कार्रवाई से अब अधिकारी भी संयमित भाषा पर जोर दे रहे हैं।

शिवराज के साउथ दौरे का दूसरा राउंड 

Second round of Shivraj’s South tour केरल के दौरे पर जाएंगे और लोकसभा बैठकों में होंगे शामिल भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अब साउथ इंडिया में बीजेपी को मजबूत करने के अभियान में जुट गए हैं। बीजेपी ने उन्हें दक्षिण भारत के राज्यों की जिम्मेदारी दी है। पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान 18 और 19 जनवरी को केरल के दो दिवसीय प्रवास पर रहेंगे, और कोच्चि, कोट्टयम और पाला में वे विकसित भारत संकल्प यात्रा के कार्यक्रमों, मंदिरों में स्वच्छता अभियान और बीजेपी की लोकसभा स्तरीय बैठकों में शामिल होंगे। इससे पहले शिवराज सिंह चौहान तेलंगाना के दौरे पर जा चुके हैं।  9-10 जनवरी को तेलंगाना में विकसित भारत संकल्प यात्रा के कार्यक्रमों में शामिल हुए थे। शिवराज तेलंगाना के हैदराबाद, करीम नगर और वारंगल में विकसित भारत संकल्प यात्रा के कार्यक्रमों में सहभागिता कर चुके हैं। पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान अगले हफ्ते तमिलनाडु की यात्रा पर जाएंगे। केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही विकसित भारत संकल्प यात्रा के कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान तमिलनाडु के तीन-चार जिलों में जाएंगे। लोकसभा चुनाव की दृष्टि से बीजेपी के कार्यकतार्ओं की बैठकें भी लेंगे।

मोहन कैबिनेट बैठक सम्पन्न, इन प्रस्तावों पर लगी मुहर

Mohan Cabinet meeting concluded, these proposals approved भोपाल ! सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि श्रीराम वन पथ गमन के विकास की कार्य योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। प्रथम चरण में पथ के अयोध्या से चित्रकूट तक के विकास के लिए मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सरकारों द्वारा अपने-अपने क्षेत्र में गतिविधियां संचालित की जायेंगी।मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में कैबिनेट की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई , बैठक के बाद उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। बैठक में आज इसमें पीएम जनमन योजना को लेकर प्रस्तुतीकरण दिया गया। वही तय किया गया कि सभी मंत्री अपने गृह जिले में 26 जनवरी को झंडा वंदन करेंगे। कैबिनेट में इन प्रस्तावों को मिली मंजूरी

पूर्व सीएम भारती ने ली विदा

Former CM Bharti took leave भोपाल। पूर्व सीएम उमा भारती ने माता बेटी बाई सोशल फाउंडेशन के कार्यक्रम में अयोध्या के घटनाक्रम सुनाए और भावुक हो गईं। उन्होंने राम मंदिर और कार सेवा के संस्मरण सुनाते हुए कहा कि समर्थकों से अंतिम बार मिल रही हूं। शायद यह मेरी आपसे विदाई है। 17 से 21 जनवरी के बीच कभी भी अयोध्या जाऊंगी। इसके बाद अपने गांव में रहूंगी। उन्होंने कहा कि मुझे लग रहा है कि शायद सबसे अब मैं अंतिम बार विदा ले रही हूं। उन्होंने अब तक साथ देने वालों का सम्मान भी किया। पूर्व सीएम ने कहा कि आजकल सीएम की पत्नी आए जाए तो कलेक्टर, आईजी, डीआईजी सलामी की मुद्दा में खड़े हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि मैंने सीएम मोहन यादव से कहा कि बंगले में तोड़फोड़ व नवीनीकरण पर भारी भरकम खर्चा कराते हैं। पत्नी के कहने पर डिजाइन सोफे लाते हैं। उमा भारती ने कार सेवा का अनुभव साझा करते हुए कहा कि 1992 में ही मथुरा और काशी का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा कि हमने आज उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम स्व. कल्याण सिंह को भुला दिया है। उन दिनों देवराहा बाबा ने भविष्यवाणी की थी कि विवादित ढांचे की एक-एक ईंट लोग ले जाएंगे। उनकी बात सच साबित हुई। पूर्व सीएम ने कहा कि आंदोलन के दौरान एक बार तो आडवाणी जी ने मंदिर के लिए मरने की इच्छा तक जता दी थी। असली लड़ाई अब शुरू होगीपूर्व सीएम ने कहा कि कांग्रेस को आस्था की अवहेलना भारी पड़ी। जिनको गोली चलाने भेजा था, वो लोग अब रामलला की आरती उतार रहे हैं। उन्होंने कहा कि असली लड़ाई अब शुरू होगी। राम मंदिर के बाद अब देश को राम राज्य की ओर ले जाएंगे। देश राममय हो गया है। पूर्व सीएम ने कहा कि देश में महिला, बच्चों की सुरक्षा हो, पढ़ाई स्वस्थ हो, हर व्यवस्था अच्छी हो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को राम राज्य की ओर ले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राम राज्य लाना तो सबको साथ आना होगा। किसी एक प्रयास से रामराज्य नहीं आएगा। पाक अधिकृत कश्मीर से शुरू करें राहुल यात्राराम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा आमंत्रण को अस्वीकार करने पर पूर्व सीएम उमा भारती ने कहा कि यह कांग्रेस का अशोभनीय कृत्य है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के जिन नेताओं को आमंत्रण मिला है, उनहें जाना चाहिए था। राम के नाम पर राजनीति नहीं करना चाहिए। राहुल की भारत जोड़ो न्याय यात्रा पर पूर्व सीएम ने कहा कि भारत टूटा कब था, जो राहुल गांधी उसे जोड़ने चले हैं। राहुल को पाक अधिकृत कश्मीर से यात्रा शुरू करनी चाहिए। भाजपा तो भारत को जोड़ रही है। न मैं भाजपा की प्रवक्ता ना शिवराज कीपूर्व सीएम शिवराज के होर्डिंग से फोटो गायब होने वाले बयान पर उमा भारती ने कहा कि यह शिवराज की सहज भाव अभिव्यक्ति है। न भाजपा ने उनका अपमान किया ना शिवराज ने भाजपा का विरोध किया। उन्होंने कहा कि वो बिल्कुल सही है। न भाजपा कुछ गलत कर रही है न शिवराज कुछ गलत कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि ना मैं भाजपा और ना शिवराज की प्रवक्ता हूं। उन्होंने कहा कि जब तक मैं भाजपा से बाहर नहीं हुइ थी। तब तक मेरा सम्मान था, मंत्री-विधायक ट्रेन के आगे लेट जाते थे। भाजपा से निकलने के बाद ही मेरे साथ गलत किया गया था।

460 स्थानों पर युवा कांग्रेस शुरू करेगी ‘न्याय दो, रोजगार दो’ अभियान

Youth Congress will start ‘Justice Do, Employment Do’ campaign at 460 places. भोपाल। लोकसभा चुनाव की तैयारी में भारतीय जनता युवा मोर्चा प्रदेश में 460 स्थानों पर नवमतदाता सम्मेलन आयोजित करने जा रहा है तो युवा कांग्रेस भी इसके मुकाबले की तैयारी में जुट गया है। युवा कांग्रेस पूरे प्रदेश में इसी माह से ‘न्याय दो, रोजगार दो’ अभियान शुरू करने जा रहा है। इसमें युवा कांग्रेस कार्यकर्ता घर-घर पहुंचकर पोस्टकार्ड बांटेंगे। इसके माध्यम से वह लोगों से संपर्क कर बेरोजगारी के मुद्दे को उठाएंग अभियान में युवा कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदेश में अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचकर केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर लोगों से बात करेंगे। यह सभी विषय पोस्टकार्ड में भी उल्लेखित रहेंगे। इसके लिए हर जिले में अलग से टीम बनाई जाएगी, जिसमें जिले कांग्रेस कमेटी के प्रमुख पदाधिकारी भी शामिल होंगे। संपर्क के दौरान प्रदेश में 15 माह की कमल नाथ सरकार की उपलब्धियों के बारे में भी बताया जाएगा। इसके अतिरिक्त युवा कांग्रेस भारत जोड़ो न्याय यात्रा में युवाओं की सहभागिता बढ़ाने के लिए इंटरनेट मीडिया पर अभियान चलाएगा।

29 लोकसभा प्रभारी देंगे दावेदारों के नाम, गुटबाजी खत्म करने प्रभार के क्षेत्रों में करेंगे दौरे

29 Lok Sabha in-charges will give names of contenders, will tour the areas of their in-charge to end factionalism भोपाल। प्रदेश की 29 लोकसभा सीटों के प्रभारियों की शुक्रवार को हुई दिल्ली में बैठक के बाद अब उन्हें अगले सप्ताह से अपने-अपने प्रभार वाले लोकसभा क्षेत्रों में जाना होगा। यहां से दावेदारों के नामों के पैनल तैयार करना होगा। ये नाम 30-31 जनवरी तक एआईसीसी को वे देंगे। इस बैठक से यह साफ हो गया है कि अब टिकट चयन का मामला एआईसीसी ही अपने हाथ में रखेगी।इसके चलते ही उसने ही लोकसभा प्रभारियों को बनाया और सीधे ही उनकी बैठक ली। खासबात यह है कि इस बैठक में प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी सहित कोई भी पदाधिकारी शामिल नहीं था। सभी प्रभारियों से कहा गया है कि वे 18 से 24 जनवरी के बीच अपने प्रभार के क्षेत्र में जाएं और यहां की व्यापक रूप से रिपोर्ट तैयार करें। इसके साथ यह भी पता करें कि बेहतर उम्मीदवार कौन-कौन हो सकते हैं। इनमें से तीन नाम छांट कर एआईसीसी को भेजने का भी कहा गया है। कांग्रेस के सीनियर नेता ने बताया कि 30-31 तक लोकसभा प्रभारियों को रिपोर्ट देनी है। इसके बाद स्क्रीनिंग कमेटी नामों पर पीसीसी में ही मंथन करेगी। इस बार युवा चहेरों के साथ बुजुर्ग नेताओं को भी उतारा जा सकता है। हालांकि दर्जन से अधिक जिलों में कांग्रेस का खाता विधानसभा चुनाव में नहीं खुला है। अनुशासन कमेटी कब करेगी फैसलाकांग्रेस में होने वाली बैठकों में एक ही मुद्दा बार बार उठाया जा रहा है। कांग्रेस के नेताओं ने भितरघात का आरोप कार्यकर्ताओं पर लगाया था। पार्टी ने मांग की थी कि उन्हें बाहर किया जाए। इसके लिए अनुशासन कमेटी फैसला करेगी। हालांकि अभी तक बैठक कमेटी की नहीं हुई है। इसलिए नेताओं की नाराजगी भी उजागर हो रही है। खुलकर बैठकों पर नेताओं से सांप पाले हुए हैं। ऐसे आरोप तक लगा चुके हैं।

मणिपुर पहुंचे एमपी कांग्रेस के नेता- दिग्विजय, पटवारी, उमंग ने फ्लाइट में लगाया नारा’ न्याय का हक-मिलने तक

MP Congress leaders reached Manipur – Digvijay, Patwari, Umang raised slogan in the flight ‘Till the right to justice is given’ भोपाल। मणिपुर से शुरू होने वाली भारत जोड़ो न्याय यात्रा में शामिल होने के लिए मप्र कांग्रेस के नेता भी दिल्ली से इंफाल के लिए रवाना हुए। दिल्ली से रवाना हुई स्पेशल फ्लाइट में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, अभिषेक मनु सिंघवी, अशोक गहलोत, भूपेन्द्र सिंह हुड्डा के साथ एमपी के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी इंफाल पहुंचे। फ्लाइट टेक आॅफ के पहले कांग्रेस नेताओं ने न्याय का हक मिलने तक का नारा लगाया। हालांकि राहुल गांधी की इस यात्रा के शुरूआती कार्यक्रम में पूर्व सीएम कमलनाथ नहीं पहुंचे। मध्य प्रदेश में यात्रा सात दिनों में 698 और 9 जिलों को कवर करेगी। भारत जोड़ो यात्रा राजस्थान के धौलपुर से मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में प्रवेश करेगी। इसके बाद मुरैना, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, राजगढ़, आगर मालवा, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ से होते हुए राजस्थान के बांसवाड़ा तक जाएगी. राहुल करीब 7 दिन तक मध्य प्रदेश में यात्रा करेंगे। इस दौरान वह 9 जिलों को कवर करेंगे। इसका समापन 20 या 21 मार्च को मुंबई में होगा।

लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी कांग्रेस, प्रत्येक विधानसभा में 18 से 24 जनवरी के बीच होंगे सम्मेलन ,जीतू पटवारी

Congress busy preparing for Lok Sabha elections, conferences will be held in every assembly between 18th and 24th January, Jitu Patwari भोपाल ! मध्य प्रदेश कांग्रेस पार्टी लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट गई है। इसी कड़ी में कांग्रेस अब 18 से 24 जनवरी के बीच प्रत्येक विधानसभा स्तर पर सम्मेलन करेंगी। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी की विधानसभा प्रभारियों की आवश्यक बैठक प्रदेश कार्यालय में शनिवार को हुई। इसमें कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी शामिल हुए। बैठक में आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारी को लेकर चर्चा हुई। इसके लिए पहले 18 से 24 जनवरी तक प्रत्येक विधानसभा में सम्मेलन कराने का निर्णय लिया गया। इसमें जिला स्तर के पदाधिकारियों के साथ ज्यादा से ज्यादा लोगों को जुटाने को कहा गया। इसके जरिए काबिज भाजपा के की जनविरोधी नीतियों को जनता तक पहुंचाने और पार्टी कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जाएगा। प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष, संगठन प्रभारी राजीव सिंह ने बताया कि पार्टी लोकसभा चुनाव से पहले विधानसभा स्तर पर सम्मेलन करेगी। कांग्रेस पार्टी लगातार लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी हुई है। इसी सिलसिले में आज की पूरी बैठक हुई। विधानसभा प्रभारी जो बनाए गए हैं उनका संगठनात्मक दायित्वों की जानकारी भी दी गई है। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची को लेकर काम चल रहा है। इसको लेकर भी कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को सक्रिय रहने को कहा गया है। ज्यादा से ज्यादा लोगों के नाम जुड़वाने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस के डोनेशन ड्राइव को लेकर भी दिशा निर्देश दिए गए हैं। वहीं, राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा को लेकर भी बैठक में चर्चा की गई है। यात्रा प्रदेश के 9 जिलों से होकर गुजरेगी। सिंह ने बैठक में कई प्रभारियों के अनुपस्थित रहने पर बताया कि शुक्रवार दोपहर में भी बैठक को लेकर सूचना दी गई, जिससे कई दूर रहने वाले साथी शामिल नहीं हो सकें। अलग-अलग कारणों से प्रभारी नहीं आए। उन सभी ने जानकारी दी है।

5 साल बाद मिलेंगे नए डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी

New Deputy Collector, DSP will meet after 5 years भोपाल। प्रदेश में पांच साल के इंतजार के बाद डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी, नायब तहसीलदार अधिकारी मिलने जा रहे हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में सभी विभागीय अधिकारियों की गुरुवार को बैठक की है। हालांकि अभी ज्वाइनिंग की तारीख तय होगी। साल 2019 व 2020 के राज्य सेवा परीक्षा में अंतिम रूप से चयनित उम्मीदवारों को दी जाएगी। इनकी संख्या 650 से ज्यादा है। माना जा रहा है कि अगले सप्ताह ही यह ज्वाइनिंग दे दी जाएगी, क्योंकि 10 से 15 जनवरी तक सीएम की मंशा के अनुसार महिला सशक्तीकरण और युवा उर्जा केंद्रित कार्यक्रमों के आयोजन हो रहे हैं। इसी के तहत यह आयोजन कर युवाओं को ज्वाइनिंग लैटर दिए जाएंगे। दरअसल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के हाथों इन नए चयनितों को ज्वाइनिंग पत्र दिए जाने हैं। इसके लिए ही सभी विभागों की बैठक हुई है। ताकि इसमें उनकी तैयारियों को देखा जा सके और यह तैयारी और औपचारिकता कब तक पूरी हो जाएगी, इसके बाद तारीख तय कर भोपाल स्तर पर आयोजन कर एक साथ सभी चयनितों को ज्वाइनिंग पत्र दिया जा सके। मंत्रालय अधिकारियों का कहना है कि सीएम के प्लान के अनुसार ही कार्यक्रम तय किया जाएगा। बहरहाल, अभी तारीख तय नहीं हुई है। 2019,2020 के चयनितों की भी नियुक्ति रूकी थीसाल 2020 के चयनितों का रिजल्ट तो साल 2023 में ही आ चुका था, लेकिन साल 2019 की परीक्षा में आए कानूनी विवाद के चलते उनका रिजल्ट रूका हुआ था। बाद में वरिष्ठता को लेकर विवाद नहीं हो, इसके चलते सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने 2020 में चयनितों की भी नियुक्ति रोकी हुई थी। लेकिन अब दोनों बैच के चयनितों को एक साथ ज्वाइनिंग दी जा रही है। इन सभी विभागों के साथ हुई बैठकमप्र शासन सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, मप्र शासन के तहत सामान्य प्रशासन विभाग (कार्मिक), गृह, वित्त, वाणिज्यिक कर, श्रम, नगरीय प्रशासन व आवास, जनसपंर्क, जनजातीय कार्य, खाद्य नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण, स्कूल शिक्षा, औद्योगिक नीति और निवेश विभाग, राजस्व, पंचायत और ग्रामीण वाकस, जेल विभाग, सहकारिता विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक हुई है।650 से ज्यादा नए युवा अधिकारी मिलेंगे- मप्र शासन को इन दोनों भर्तियों से 650 से ज्यादा नए युवा अधिकारी मिलेंगे। साल 2019 में 571 पद और 2020 में 260 पद थे। हालांकि 87-13 फीसदी के फामूर्ले के चलते केवल 87 फीसदी पदों पर ही अंतिम रिजल्ट जारी हुआ है। इन 87 फीसदी पदों पर ही नियुक्ति की जा रही है।

लड़ेगी सभी 29 सीटें, लेकिन 10 लोकसभा सीटों में ध्यान केंद्रित करेगी कांग्रेस

Will contest all 29 seats, but Congress will focus on 10 Lok Sabha seats भोपाल। विधानसभा चुनाव में हार से उबर कर कांग्रेस लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट गई है। नतीजा जो भी आए, लेकिन तैयारी के लिहाज से भाजपा की तुलना में कांग्रेस आगे दिखने लगी है। कांग्रेस लड़ेगी तो सभी 29 लोकसभा सीटें, लेकिन 10 सीटों पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करेगी। इनमेंे से 9 सीटों में विधानसभा चुनाव में मिले वोटों के कारण पार्टी को उम्मीद है। 10 वीं सीट राजगढ़ है। विधानसभा चुनाव में भाजपा ने यहां अच्छा प्रदर्शन किया है लेकिन कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि यदि यहां से दिग्विजय सिंह अथवा उनके परिवार का सदस्य चुनाव लड़े तो यहां भी जीत दर्ज की जा सकती है। छिंदवाड़ा से आगे बढ़ना चाहती है कांग्रेसकांग्रेस की बैठकों में प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी कह चुके हैं कि लगभग 100 विधानसभा सीटें ऐसी हैं, जहां कांग्रेस प्रत्याशी 1 या 2 फीसदी के अंतर से चुनाव हारे हैं। 5 लोकसभा क्षेत्र तो ऐसे हैं, जहां कांग्रेस को भाजपा से ज्यादा वोट मिले हैं। इसके अलावा 4 लोकसभा क्षेत्रों में कांग्रेस ने भाजपा को अच्छी टक्कर दी है। जीतू पटवारी का मानना है कि यदि व्यवस्थित चुनाव लड़ा जाए और प्रत्याशी अच्छे हों तो पांसा पलटते देर नहीं लगेगी। कांग्रेस का टारगेट छिंदवाड़ा के साथ ये 9 सीटें हैं, जहां के लिए कांग्रेस पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में है। पांच क्षेत्रों में ज्यादा विधानसभा सीटें जीती कांग्रेसविधानसभा चुनाव में बंपर जीत के बावजूद 5 लोकसभा क्षेत्र ऐसे हैं जहां, कांग्रेस ने भाजपा से ज्यादा विधानसभा सीटें जीतीं। छिंदवाड़ा में 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने तीन विधानसभा सीटों में बढ़त बनाई थी लेकिन विधानसभा चुनाव में वह सभी सीटें हार गई। मुरैना में नरेंद्र सिंह तोमर ने लोकसभा के चुनाव में सभी सीटों में बढ़त बनाई थी लेकिन विधानसभा चुनाव में भाजपा 5 सीटें हार गई जबकि तोमर यहां से विधानसभा का चुनाव लड़ रहे थे। धार में 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 6 सीटों में बढ़त ली थी लेकिन विधानसभा चुनाव में वह कांग्रेस से 5 विधानसभा सीटों में पिछड़ गई। खरगोन के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने सभी विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त ली थी लेकिन विधानसभा चुनाव में वह सिर्फ 3 सीटें जीत सकी। पांचवी सीट है रतलाम-झाबुआ। यहां भी 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 5 सीटों पर बढ़त बनाई थी लेकिन विधानसभा चुनाव में वह सिर्फ एक सीट जीत सकी। चार लोकसभा क्षेत्रों में रही बराबरी की टक्करप्रदेश के चार लोकसभा क्षेत्र ऐसे हैं, विधानसभा चुनाव में जहां भाजपा-कांग्रेस के बीच लगभग बराबरी की टक्कर हुई। कांग्रेस इन सीटों में भी ध्यान केंद्रित करने की तैयारी में है। इनमें भिंड, ग्वालियर और बालाघाट लोकसभा क्षेत्रों में दोनों दलों भाजपा- कांग्रेस को 4-4 विधानसभा क्षेत्रों में जीत मिली है। जबकि 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने भिंड की सभी 8, ग्वालियर की 6 और बालाघाट की 7 विधानसभा सीटों में बढ़त बना कर जीत दर्ज की थी। टीकमगढ़ में भी लोकसभा चुनाव में भाजपा ने क्षेत्र की सभी विधानसभा सीटों में बढ़त बनाई थी लेकिन विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 3 सीटें गंवा दीं। कांग्रेस नेताओं का मानना है कि यदि यहां जोर लगाया जाए तो सफलता मिल सकती है। तैयारी ठीक, लेकिन पिछली बार जैसा हाे सकता हश्रलोकसभा चुनाव की दृष्टि से कांग्रेस की तैयारी अच्छी है लेकिन उसे यह भी याद रखना होगा कि 2018 के विधानसभा चुनाव के बाद तो कांग्रेस ने प्रदेश में सरकार तक बना ली थी। उसकी सरकार रहते 2019 का लोकसभा चुनाव हुआ था, इसमें कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया था। किसी तरह छिंदवाड़ा में कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ चुनाव जीत सके थे। जब सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में एक सीट तक के लाले पड़ गए थे तो अब जब प्रदेश में भाजपा बंपर जीत के साथ सत्ता में है तो कांग्रेस का हश्र पिछले लोकसभा चुनाव जैसा हो सकता है। तैयारी में भाजपा से आगे दिख रही कांग्रेसइसमें कोई संदेह नहीं कि लोकसभा चुनाव की तैयारी में इस बार भाजपा की तुलना में कांग्रेस आगे दिख रही है। प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन में देरी किए बगैर कांग्रेस आलाकमान चुनाव घोषणा पत्र समिति पहले ही गठित कर चुका था, अब प्रदेश की सभी 29 लोकसभा सीटों के लिए प्रभारी और संयोजक नियुक्त किए जा चुके हैं। तैयारी के सिलसिले में कांग्रेस पार्टी विधायकों, विधानसभा चुनाव हारे प्रत्याशियों, प्रभारियों, जिलाध्यक्षों की बैठकें कर चुकी है। इनमें लोकसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा हुई है। तय किया जा चुका है कि पार्टी के सभी बड़े नेताओं को लोकसभा का चुनाव लड़ाया जाएगा और प्रत्याशियों की घोषणा भी जल्दी कर दी जाएगी ताकि प्रत्याशियों को चुनाव लड़ने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।

राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा पर कांग्रेस नेताओं का आरोप – चंपत राय ने जमीन घोटाला किया, उन्हें ही बनाया प्रमुख

Congress leaders’ allegation on Ram Mandir Pran Pratistha – Champat Rai did land scam, made him the chief भोपाल। कांग्रेस के सीनियर लीडर व पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया ने बीजेपी और आरएसएस पर बड़ा आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ राम मंदिर का पैसा खा गए। शुरूआती राम मंदिर आंदोलन में अरबों रुपए इकट्ठा हुए। ऐसे में भूरिया ने सरकार से चंदे का पूरा हिसाब मांगा है।मुरैना दौरे पर आए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी बुधवार रात राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बहाने बीजेपी और आरएसएस को जमकर घेरा है। साथ ही उन्होंने कहा, कि जब शंकराचार्य को नहीं बुलाया जा रहा है तो फिर कांग्रेस निमंत्रण कैसे स्वीकार कर ले। दिग्विजय का कहना है कि हमारी ये घोर आपत्ति है कि हमारे शंकराचार्य को अपमानित किया जा रहा है। विश्व हिंदू परिषद ने कौन-सा धर्म का ठेका ले लिया है, क्या अधिकार है राम मंदिर पर चंपत राय कौन हैं। ये संघ के प्रचारक हैं और जमीन का घोटाला किया है और इन्हीं को प्रमुख बना दिया गया है।राम मंदिर आंदोलन में आए पैसे का हिसाब रखे बीजेपीरतलाम में मीडिया से बातचीत के दौरान भूरिया ने कहा कि जनता हिसाब मांग रही है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर देश के सभी लोगों का पैसा लगा है। हर वर्ग के व्यक्ति ने राम मंदिर के लिए पैसा दिया है। बीजेपी ऐसे प्रचार कर रही है कि राम सिर्फ बीजेपी के ही हैं। भगवान राम सभी के हैं। उनका भव्य मंदिर बनना चाहिए। अयोध्या में श्री राम का मंदिर बनाने के लिए सालों से आंदोलन चल रहा था। सरकार से हमारी मांग है कि मंदिर बनाने के लिए सालों से जो आंदोलन हुआ और जो अरबों का पैसा आया है, उसका एक- हिसाब रखे। इस पैसे से मंदिर को भव्य बनाएंदेश में अब जातियों को लड़ा रही बीजेपीदिग्विजय सिंह का कहना है कि पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव के समय से वहां की पूजा निर्मोंह अखाड़ा करता था। उसे क्यों छीना गया। बीजेपी ने सिर्फ राम मंदिर को एक इवेंट बना लिया है, इसलिए वह अपने, आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद के लोगों को धर्म के नाम पर आगे करती है। उनका कहना है कि बीजेपी ने हमेशा पहले हिंदू – मुसलमानों को लड़ाया है। अब देश के अंदर रहने वाली सभी जातियों को लड़ाने का काम कर रही है। इन्होंने पहले धर्म के नाम पर हिंदू – मुसलमान को बांटा, अब भगवान राम को बांटने की कोशिश कर रहे हैं। फूट डालो शासन करो, जो ब्रिटिश हुकूमत की पॉलिसी थी, उस पर बीजेपी संघ और हिंदू परिषद चल रही है। अयोध्या में श्री रामलला प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के बयान भी सामने आ चुके हैं।

दो लाख बहनों के काटे नाम मोहन सरकार ने, नेता प्रतिपक्ष

Mohan government deleted names of two lakh sisters Leader of Opposition भोपाल ! नेता प्रतिपक्ष ने लगाया आरोप, कहा- सरकार ने घटाई लाडली बहना की संख्या, दो लाख बहनों के काटे नाम शिवराज सरकार के कार्यकाल की महत्वपूर्ण योजना लाडली बहना एक बार फिर सवालों के घेरों में है। कांग्रेस ने योजना को लेकर सूबे की नई नवेली मोहन सरकार पर निशाना साधा था। लाडली बहना योजना को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर लाडली बहना योजना में दो लाख नाम घटाए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। इधर, मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन सरकार यादव ने बुधवार को लाडली बहना योजना के तहत सातवीं किस्त डाली। इसमें 1250 रुपए की धन राशि लाभार्थी बहनों के खाते में डाली गई। इसमें 1.29 करोड़ बहनों को 1576 करोड़ ट्रांसफर किए गए हैं। नेता प्रतिपक्ष का वार योजना को लेकर सोशल मीडिया साइट एक्स पर नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने लिखा कि नई सरकार ने घटाई 2 लाख लाडली बहना, झूठे विज्ञापनों की सच्चाई। कर्ज का बोझ नहीं ढो पा रही विज्ञापन से बनी भाजपा सरकार। प्रदेश की लाखों लाडली बहनों से झूठ बोल कर वोट ले लिए और अब उन्हीं में से 2 लाख बहनों की छंटनी कर दी। नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि जब सितंबर में शिवराज सीएम थे, तब लाडली बहनों की संख्या 1.31 करोड़ थी, अब नए सीएम मोहन यादव जी ने इस संख्या को छांटकर 1.29 करोड़ कर दिया है यानी 2 लाख तो नई सरकार बनते ही घटा दी। सरकारी विज्ञापन इसका प्रमाण है, जनता खुद देखे लोकसभा चुनाव के बाद ये संख्या कितनी बचेगी, ये तो नए सीएम ही तय करेंगे।

विधायकों का दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम शुरू ,सदन में बात रखते समय जोश दिखाएं, पर वो होश से नियंत्रित हो ,विस अध्यक्ष

विधायकों का दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम शुरू, विस अध्यक्ष नरेंद्र तोमर ने कहा- सदन में बात रखते समय जोश दिखाएं, पर वो होश से नियंत्रित हो नवनिर्वाचित विधायकों के लिए मप्र विधानसभा में आज से शुरू हो रहे दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला।भोपाल। सदन में भूमिका और आचरण कैसा हो, जनहित के मुद्दों को कैसे नियम-प्रक्रिया के अंतर्गत उठाया जाए, बजट चर्चा में किस तरह बात रखें और अन्य विधायी कार्यों की क्या प्रक्रिया है? ऐसे कई पहलुओं को मध्य प्रदेश के विधायक जानेंगे। इसके लिए विधायकों का दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम मंगलवार सुबह 11 बजे विधानसभा के मानसरोवर सभागार में शुरू हुआ। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव, उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। जनप्रतिनिधि को नियम-प्रक्रिया की जानकारी हो : तोमरविधायकों के प्रबोधन कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मप्र विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि अच्छा जनप्रतिनिधि बनने के लिए जरूरी है कि उसे नियम-प्रक्रिया की जानकारी हो। आज यह प्रचलन हो गया है कि सदन में चिल्ला कर बोलो तो अच्छा समझ जाएगा। सदन में बात रखते समय जोश दिखे पर वह होश से नियंत्रित हो। गुस्सा आचरण में झलक में नहीं चाहिए। सार्वजनिक हितों के प्रश्नों का अध्ययन होना चाहिए। प्रशिक्षण से आपके व्यक्तित्व में निखार आएगा। इस कार्यक्रम में शिरकत करने लोकसभा अध्यक्ष मंगलवार सुबह कोटा से भोपाल पधारे। यह सत्र “ प्रभावी विधायक कैसे बनें, संसदीय शिष्टाचार एवं आचरण विषय पर केंद्रित होगा, जिसमें नवनिर्वाचित विधायकों को संसदीय आचरण व व्यवहार के टिप्स दिए जाएंगे। इस सत्र में लोकसभा स्पीकर के अलावा विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, उप्र विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, नेता प्रतिपक्ष मंग सिंघार भी अपने विचार रखेंगे। सत्र के प्रारंभ में लोकसभा महासचिव श्री उत्पल कुमार सिंह का संबोधन होगा।

मोहन सरकार के लाउडस्पीकर नियम को शिवराज ने बताया लोगों से उनकी रोजी-रोटी छीनना

शिवराज बोले- ढोल-ताशे बजाएं, कोई रोकेगा तो मैं देख लूंगा, सीहोर ! मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री की ओर से राज्य में तेज आवाज वाले उपकरणों पर रोक के बाद से प्रदेश में डीजे मालिक के साथ ही शादी विवाह में बैंड-बाजे का काम करने वाले लोग काफी नाराज है. इन लोग कई बार राज्य सरकार से ये बैन हटाने की मांग कर चुके हैं. इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लोगों के आहत भावना पर मरहम लगाने वाला बयान दिया है. शिवराज बोले- ढोल-ताशे बजाएं, कोई रोकेगा तो मैं देख लूंगा पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने डीजे-बैंड वालों से कहा- ‘आप ढोल बजाओ, ताशे बजाओ, आप बैंड बजाओ… कोई रोक नहीं है, कोई रोकेगा तो मैं देख लूंगा।‘ यह बात उन्होंने शनिवार शाम सीहोर के भैरुंदा में कही। पूर्व सीएम के इस बयान के बाद बैंड-बाजा संचालकों में खुशी देखने को मिली। भैरुंदा के डीजे, बैंड और ढोल-ताशों के संचालक मप्र सरकार के कोलाहल नियंत्रण नियम को लेकर उनसे मिलने पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि इस घटनाक्रम से ठीक एक दिन पहले यानी शुक्रवार को बुदनी विधानसभा क्षेत्र के डीजे संचालक भोपाल स्थित 74 बंगला पूर्व सीएम शिवराज से मिलने पहुंचे थे, जहां उन्होंने सरकार के लगाए गए प्रतिबंध से रोजी-रोटी छीनने की बात कही थी। पूर्व मुख्यमंत्री ने इन्हें आश्वस्त किया था कि आपके साथ कोई अन्याय नहीं होगा। डीजे संचालकों के मुताबिक उनकी मांग के बाद पूर्व सीएम ने कलेक्टर से मोबाइल पर बात भी की थी।

पटवारी होंगे प्रदेश चुनाव समिति के अध्यक्ष,

पटवारी होंगे प्रदेश चुनाव समिति के अध्यक्ष, पॉलिटिकल अफेयर्स देखेंगे प्रदेश प्रभारी जितेंद्र सिंह लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने किया चुनाव समिति और पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी का गठन भोपाल। लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी कांग्रेस ने मध्यप्रदेश के लिए प्रदेश चुनाव समिति और पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी का गठन किया है। प्रदेश चुनाव समिति में जीतू पटवारी को अध्यक्ष बनाया है। इसके साथ ही 34 सदस्य शामिल किए गए हैं। जबकि पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी का अध्यक्ष प्रदेश प्रभारी जितेंद्र सिंह को बनाया गया है। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी इस समिति के कन्वीनर होंगे। खास बात यह है कि पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी में पूर्व सीएम कमलनाथ, उनके बेटे नकुलनाथ, पूर्व दिग्विजय सिंह और उनके बेटे जयवर्धन सिंह शामिल है। ये है कांग्रेस की प्रदेश चुनाव समितिजीतू पटवारी (अध्यक्ष), कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, उमंग सिंघार, सुरेश पचौरी, कांतिलाल भूरिया, अरुण यादव, अजय सिंह राहुल, विवेक तनखा, रामनिवास रावत, सज्जन सिंह वर्मा, कमलेश्वर पटेल, राजेंद्र कुमार सिंह, फूल सिंह बरैया, हेमंत कटारे, डॉ. गोविंद सिंह, एनपी प्रजापति, आरिफ मसूद, दिनेश गुर्जर, संजय उइके, यादवेंद्र सिंह बुंदेला, फुन्दे लाल मार्को, महेश परमार, पीसी शर्मा, दिलीप सिंह गुर्जर, प्रवीण पाठक, संजय शर्मा, रवि जोशी, तरबर सिंह लोधी, अजय मिश्रा बाबा, जगत बहादुर सिंह अनु, अशोक सिंह और राजीव सिंह।ये है पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटीजितेंद्र सिंह (अध्यक्ष), जीतू पटवारी (कन्वीनर), कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, उमंग सिंगार, कांतिलाल भूरिया, सुरेश पचौरी, अरुण यादव, अजय सिंह राहुल, विवेक तन्खा, नकुलनाथ, कमलेश्वर पटेल, ओमकार सिंह मरकाम, डॉ. गोविंद सिंह, मीनाक्षी नटराजन, बाला बच्चन, रामनिवास रावत, सज्जन सिंह वर्मा, लखन घनघोरिया, विजयलक्ष्मी साधौ, जयवर्धन सिंह, हिना कांवरे, आरिफ मसूद, फूल सिंह बरैया, सिद्धार्थ कुशवाह, सुखदेव पांसे, तरुण भनोट, झूमा सोलंकी, प्रियव्रत सिंह ,शेख अलीम, शोभा ओझा और मुकेश नायक ।

सड़क किनारे सो रहे लोगों को सीएम मोहन यादव ने वितरित किए कंबल

CM Mohan Yadav distributed blankets to people sleeping on the roadside प्रदेश में पड़ रही कड़ाके की ठंड, प्रशासन के साथ सड़क पर निकले मोहन यादव, की ये पहल उज्‍जैन। मध्य प्रदेश में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है, जिससे आम जनजीवन बेहाल है। इसी बीच उज्‍जैन में मुख्यमंत्री मोहन यादव अधिकारियों के साथ रात में सड़कों पर निकले और सड़क किनारे सो रहे लोगों को कंबल वितरित किए। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने कहा, कि ‘ठंड में कोशिश कर रहे हैं कि सभी को रैन बसेरों तक पहुंचाएं। प्रशासन के साथ आज रात कंबल बांटने निकला था। सभी अधिकारियों से कहना चाहूंगा कि ठंड में प्रशासन संवेदनशीलता दिखाते हुए लोगों की मदद करें।’

बड़े नेताओं पर फूटा कांग्रेस के हारे प्रत्याशियों का गुस्सा, बोले- पाल रखे हैं आस्तीन के सांप

The anger of the defeated Congress candidates erupted on the big leaders and said that they have kept snakes in their sleeves. – तो लोकसभा चुनाव में भी होगा विधानसभा जैसा हश्र – बैठक में उठी भितरघाती नेताओं पर कार्रवाई की मांग भोपाल। विधानसभा चुनाव लड़े कांग्रेस प्रत्याशी अपनी हार को भुला नहीं पा रहे हैं, जबकि प्रदेश कांग्रेस पराजय से उबर कर लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी है। इसी संदर्भ में शनिवार को विधानसभा चुनाव हारे प्रत्याशियों की बैठक बुलाई गई थी। यहां पार्टी के बड़े नेताओं पर इनका गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने कहा कि इन बड़े नेताओं ने आस्तीन के सांप पाल रखे हैं। यदि इनके खिलाफ कार्रवाई न हुई तो लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस का हश्र विधानसभा चुनाव जैसा ही होगा। कई प्रत्याशियों ने चुनाव के दौरान भितरघात करने वाले नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बैठक में पार्टी के प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, सज्जन सिंह वर्मा, पीसी शर्मा, एनपी प्रजापति तथा विजयलक्ष्मी साधौ आदि मौजूद थे। खुले घूम रहे हैं आस्तीन के सांप गुना से विधानसभा का चुनाव लड़े पंकज कनेरिया ने कहा कि कांगेेस के बड़े नेताओं ने आस्तीन के सांप पाल रखे हैं। इन्होंने विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को हराने का काम किया है। ये खुले आम घूम रहे हैं। इनकी शिकायत हम करें तो कहां? मुंगावली से चुनाव लड़े राव यादवेंद्र सिंह ने कहा कि भितरघात करने वाले ऐसे नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाना चाहिए वर्ना लोकसभा चुनाव में भी विधानसभा चुनावों जैसा हश्र होगा। कई अन्य प्रत्याशियों ने भी बताया कि किस तरह हम कांग्रेसियों के कारण विधानसभा का चुनाव हार गए। आश्वासन के साथ आगे बढ़ने की नसीहत प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सभी की शिकायतें गंभीरता से सुनी और जरूरी कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में अब ज्यादा समय नहीं है। फरवरी अंत तक चुनावाें की घोषणा हो सकती है। इसलिए विधानसभा चुनाव की हार भूलकर लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट जाएं। उन्होंने कहा कि हमें ज्यादा से ज्यादा लोकसभा सीटें जीतने की कोशिश करना है। यह काम इसलिए कठिन नहीं है क्योंकि कांग्रेस लगभग 100 विधानसभा सीटें एक से दो फीसदी के अंतर से ही हारी है। बजी पलटते देर नहीं लगेगी। बैठक में इन बातों पर भी रहा फोकस बैठक में जीतू ने कांग्रेस की फंडिंग के लिए ब्लाक से लेकर जिला और प्रदेश के पदाधिकारियों के लिए रािश फिक्स कर दी है। चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के लिए भी रािश तय की गई है। उन्होंने कहा कि फंडिंग पर खासतौर पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मैं प्रदेश का दौरा करूंगा और कार्यकर्ताओं के घरों में ही रुकूंगा। उन्होंने कहा कि हमें कार्यकर्ताओं में जोश भरने का काम करना है।

कांग्रेस सोशल मीडिया टीम की बैठक रविवार को

Congress social media team meeting on Sunday पीसीसी चीफ करेंगे सभी लोकसभा, विधानसभा और जिला प्रभारियों से संवाद भोपाल ! लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी कांग्रेस अब सोशल मीडिया पर फोकस करेगी। सोशल मीडिया के जरिए कांग्रेस बीजेपी के संकल्प पत्र को जनता तक पहुंचाने का काम करेगी और उसे पूरे नहीं करने पर सरकार को घेरेगी। इसके साथ ही कांग्रेस अपनी रणनीति के जरिए सोशल मीडिया से संगठन को मजबूत करने की भी तैयारी कर रही है। इसको लेकर कांग्रेस ने प्रदेश भर के सोशल मीडिया प्रभारियों की बैठक रविवार को बुलाई है। कांग्रेस सोशल मीडिया विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिनव बारोलिया ने कहा है कि कांग्रेस के सोशल मीडिया विभाग की प्रदेश स्तरीय बैठक 7 जनवरी 2024, रविवार को सुबह 10:30 बजे प्रदेश कांग्रेस कार्यालय भोपाल में बुलाई गई है। बैठक में सोशल मीडिया विभाग के प्रदेश, लोकसभा, ज़िला एवं विधानसभा स्तर के सभी पदाधिकारियों को अनिवार्य रूप से शामिल होने के लिए कहा गया है। इस प्रदेश स्तरीय बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी विशेष तौर पर शामिल होंगे व सोशल मीडिया विभाग की आगामी कार्ययोजना पर आप सभी से चर्चा करेंगे। उधर सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस विधानसभा चुनाव में करारी हार से उबरने के लिए सभी को साथ लेने की कोशिश कर रही है। इसलिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी सभी वरिष्ठ नेताओं से मेल मुलाकात करने का काम कर रहे हैं। साथ ही संभागीय दौरे कर बैठकें भी शुरू कर दी हैं। इन बैठकों में पार्टी जनता के जनादेश के स्वीकार करने के साथ आगामी चुनाव में पूरी ताकत से बीजेपी को घेरने का काम करने के लिए कहा जा रहा है ताकि जनता के बीच खोए हुए विश्वास को हासिल किया जा सके। खासतौर पर जनहित के मामलों के त्वरित और गंभीरता से उठाने के लिए पार्टी संगठन तत्पर है और सोशल मीडिया की भूमिका इसमें सबसे अधिक है क्योंकि सोशल मीडिया के माध्यम से ही सरकार की कमजोरियों की जानकारी मिलेंगी और उसे जनता के पास तक पहुंचाया जा सकेगा।

जम्बो नहीं, छोटी होगी कांग्रेस की प्रदेश कार्यकारिणी, 15 जनवरी के बाद घोषणा

Not jumbo, Congress state executive will be small, announcement after January 15 भोपाल। कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अपनी टीम को लेकर गुरुवार को दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात कर चर्चा की। पार्टी आलाकमान चाहता है कि प्रदेश कांग्रेस की जड़ता खत्म हो और हार से उबर कर वह मैदान में दिखाई पड़े। इसके लिए ही युवा जीतू पटवारी के हाथों प्रदेश संगठन की कमान सौंपी गई है। उनकी मदद के लिए नेता प्रतिपक्ष भी युवा आदिवासी चेहरे उमंग सिंघार को बनाया गया है। अब प्रदेश कार्यकारिणी को लेकर कसरत हो रही है। तय किया है कि यह जम्बों नहीं छोटी होगी और इसमें जमीन से जुड़े सक्रिय नेताओं को ही जगह दी जाएगी। पार्टी के नए प्रदेश प्रभारी नेताओं से बात कर कार्यकारिणी को अंतिम रूप दे रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष खरगे की हरी झंडी के बाद यह माहे के दूसरे पखवाड़े अर्थात 15 जनवरी के बाद कभी भी घोषित की जा सकती है। जितेंद्र सिंह ने भोपाल के अपने पहले दौरे के दौरान ही कांग्रेस की भारी भरकम प्रदेश कार्यकारिणी भंग कर दी थी। युवा होंगे ज्यादा, वरिष्ठों को भी मिलेगी जगहजानकारी के अनुसार नेतृत्व के पीढ़ीगत बदलाव के दौर में कांग्रेस की कार्यकािरणी में भी युवा नेताओं को ज्यादा जगह मिलने की संभावना है। इसका मतलब यह कतई नहीं कि इसमें वरिष्ठ नहीं होंगे, कार्यकारिणी में कुछ अनुभवी वरिष्ठ नेताओं को भी महत्वपूर्ण जवाबदारी दी जाएगी। दरअसल, कार्यकारिणी के गठन में वरिष्ठों और युवाओं के बीच उसी तरह संतुलन बनाने की कोशिश हो रही है जिस तरह भाजपा ने मंत्रिमंडल के गठन में किया है। जितेंद्र सिंह के पास पहुंचने लगे नामकांग्रेस के प्रदेश प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह के पास कार्यकारिणी मे शामिल होने वाले दावेदारेां के नाम पहुंचने लगे हैं। खबर है कि प्रदश अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा संभावित पदािधकारियों की सूची जितेंद्र के पास ही भेजी जा रही है। इसके अलावा जितेंद्र द्वारा कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, सुरेश पचौरी कैम्प सहित अजय सिंह, अरुण यादव, कांतिलाल भूरिया, डॉ गोविंद आदि नेताओं से भी कहा है कि वे ऐसे नेताओं के नाम भेजें जो सक्रिय होकर संगठन की मजबूती के लिए काम करने की क्षमता रखते हों। इन नेताओं द्वारा सुझाए नामों में से कुछ को जगह दी जाएगी। तीन पदों में होंगे जीतू के भरोसे के नेताकार्यकारिणी में सभी नेताओं के समर्थकों को जगह दी जाएगी ताकि असंतोष पैदा न हो लेकिन तीन महत्वपूर्ण पदों पर जीतू पटवारी अपने भरोसे के नेताओं को ही रखेंगे। यह पद संगठन प्रभारी महामंत्री, कोषाध्यक्ष और प्रभारी प्रशासन के हैं। कुणाल चौधरी सहित इन पदों पर रखे जाने वाले नेता लगभग तय बताए जा रहे हैं। अनुशासन समिति का प्रमुख भी जीतू की ही पसंद का हाे सकता है। बहरहाल, कार्यकारिणी के लिए नेताओं के नाम छांटने का काम जारी है। यह जनवरी के दूसरे पखवाड़े तक घोषित कर दी जाएगी।

जीतू की टीम में भर्ती होंगे नए चेहरे- फ्रंट में खड़े नजर आएंगे गोर्की, गौरव और कुणाल

जीतू की टीम में भर्ती होंगे नए चेहरे- फ्रंट में खड़े नजर आएंगे गोर्की, गौरव और कुणाल – लोकसभा चुनाव के पहले जनवरी में ही टीम बनाने की चुनौती, बुजुर्गों से सिर्फ पटवारी लेंगे मार्गदर्शन भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस में विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद प्रदेश नेतृत्व की कमान जीतू पटवारी को मिलने के बाद अब उनकी टीम को लेकर कई तरह की चचार्एं हैं। उनकी टीम में बिलकुल नए चेहरों के सामने आने की संभावना है और इनमें वे चेहरे होने की संभावना जताई जा रही है जो युवा के साथ तकनीकी रूप से समृद्ध होंगे।मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को करारी हार मिलने के बाद बुजुर्ग नेताओं को मुख्य धारा से अलग करते हुए कांग्रेस हाईकमान ने युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने की रणनीति अपनाई है। इसके तहत प्रदेश अध्यक्ष जहां युवा कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके पूर्व मंत्री जीतू पटवारी को कमान सौंपी तो नेता प्रतिपक्ष के रूप में अपनी बुआ से विधानसभा में सरकार को घेरने के गुर सीखने वाले पूर्व मंत्री उमंग सिंगार को कमान दी है। उनके साथ विधानसभा में उप नेता की जिम्मेदारी भी अपने पिता से सरकार को सदन के भीतर घेरने की बारीकियां सीख चुके दो बार के विधायक हेमंत कटारे को हाईकमान ने आगे बढ़ाया है। अब प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी अपनी नई टीम बनाने के लिए कवायद कर रहे हैं और उनका कहना है कि जल्द ही पूरी पीसीसी बदली हुई नजर आएगी। पटवारी की टीम में तकनीक, हुनरमंद युवा नजर आएंगे – बताया जा रहा है कि जीतू पटवारी अपने जैसे ऊजार्वान युवाओं की टीम को लेकर प्रदेश में लोकसभा चुनाव 2024 की तैयारी करेंगे और इसके बाद प्रदेश में टीम के साथ मिलकर भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे। इसके लिए उनकी टीम में तकनीक के जानकारों के साथ संगठन को चलाने वाले हुनरमंद युवाओं की टीम नजर आएगी। कहा जा रहा है कि पूर्व सांसद स्व. बालकवि बैरागी के पुत्र गोर्की बैरागी की पटवारी की टीम में महत्वपूर्ण भूमिका दिखाई देगी। वे कंप्यूटर की तकनीक में पारंगत हैं और उनके इस अनुभव को पटवारी लोकसभा चुनाव में विशेष तौर पर लाभ लेंगे। उन्हें संगठन प्रभारी जैसे किसी महत्वपूर्ण पद पर पीसीसी में लाया जा सकता है। इसी तरह अरुण यादव की टीम में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल चुके गौरव रघुवंशी को भी पटवारी की टीम में अहम भूमिका में देखा जा सका है। पटवारी के विश्वस्थ साथियों में शामिल पूर्व विधायक और युवा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कुनाल चौधरी भी पीसीसी की नई टीम में प्रमुख भूमिका में दिखाई।

मोदी जी के नेतृत्व में श्रीराम का मंदिर निर्माण हुआ और ग़रीब का घर भी – रामेश्वर शर्मा 

Under the leadership of Modi ji, Shri Ram’s temple was built and also the house of the poor – Rameshwar Sharma विकसित भारत संकल्प यात्रा में सम्मिलित हुए विधायक रामेश्वर शर्मा  भोपाल। 500 वर्षों की प्रतीक्षा, संघर्षों एवं बलिदान के बाद अयोध्या जी में प्रभु श्रीराम का भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण हो रहा है।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह संभव हुआ प्रधानमंत्री जी ने श्रीराम मंदिर निर्माण के साथ साथ काशी और बाबा महाकाल की नगरी को तो संवारा ही साथ ही उन्होंने भारत के करोड़ों ग़रीब परिवारों के पीएम आवास बनाकर उनका भी कल्याण किया। यह बात विधायक रामेश्वर शर्मा ने कही ज्ञात हो विधायक रामेश्वर शर्मा बुधवार को बंगरसिया, झागरिया एवं कोलार के वार्ड 80 व 81 में पहुँची विकसित भारत संकल्प यात्रा में सम्मिलित हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि यह भारत के इतिहास में पहली बार हो रहा है जब श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारत सरकार नागरिक के द्वार द्वार जाकर शासन की योजनाओं का लाभ दे रही है। नहीं तो पहले की सरकारों के द्वार पर नागरिकों को जाना पड़ता था। श्री शर्मा ने कहा कि विकसित भारत संकल्प यात्रा नागरिकों के जीवन में ख़ुशहाली लाने की नागरिकों के जीवन को बदलने की यात्रा है। इस यात्रा से जुडकर केंद्र एवं प्रदेश सरकार को योजनाओं का लाभ लें।श्री शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश के विकास के पथ पर अग्रसर है। विकास और सुशासन के साथ मोहन सरकार निरंतर आगे बढ़ रही है।   विकसित भारत संकल्प यात्रा को लेकर भारी उत्साह मोदी जी के साथ सेल्फ़ी ड्रोन बना आकर्षण का केंद्र  विकसित भारत संकल्प यात्रा को लेकर हुजूर विधानसभा में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है । यात्रा में लोग विभिन्न विभागों के अधिकारियों को आवेदन देकर योजना का लाभ ले रहें है तो दूसरी ओर युवा और बच्चे मोदी जी के साथ सेल्फ़ी बूथ पर उनके साथ सेल्फ़ी ले रहे है। विकसित भारत संकल्प यात्रा में ड्रोन के माध्यम से दबाई छिड़काव के लिए ड्रोन का प्रदर्शन एवं प्रशिक्षण भी दिया जाता है जिसके प्रति विशेषकर युवाओं में उत्साह, उमंग एवं उत्सुकता को साफ़ देखा जा रहा है।

पूर्व सीएम शिवराज ने अपने आवास का नाम,मामा का घर, रखा

Former CM Shivraj named his residence as maternal uncle’s house. पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा कि पता बदल गया है, लेकिन मामा का घर तो मामा का घर है। आपसे भैया और मामा की तरह ही जुड़ा रहूंगा। भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एक हफ्ता पूर्व श्यामला हिल्स पर बने मुख्यमंत्री आवास को छोड़कर शहर में लिंक रोड क्रमांक एक पर स्थित B-8, 74 बंगला में परिवार के साथ शिफ्ट हो चुके हैं। अब यही उनका नया पता है।यहां आने के बाद भी शिवराज की सक्रियता लगातार बरकरार है। उन्होंने मुख्यमंत्री रहते हुए प्रदेशवासियों के मन में अपनी ‘मामा’ की जो छवि बनाई है, उसे वह बरकरार रखना चाहते हैं। यही वजह है कि उन्होंने अपने नए आवास को नाम दिया है- ‘मामा का घर’। उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर एक पोस्ट लिखते हुए खुद इस बात की सूचना दी। मेरे प्यारे बहनों-भाइयों और भांजे-भांजियों, आप सबसे मेरा रिश्ता प्रेम, विश्वास और अपनत्व का है।पता बदल गया है, लेकिन “मामा का घर” तो मामा का घर है। आपसे भैया और मामा की तरह ही जुड़ा रहूँगा। मेरे घर के दरवाजे सदैव आपके लिए खुले रहेंगे। मेरी जिंदगी बेटा-बेटियों, बहनों के लिएगौरतलब है कि मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ने के बाद शिवराज जनता और खासकर लाड़ली बहनों व भांजी-भांजियों के बीच जाकर कह रहे हैं कि पद तो आते-जाते रहते हैं, लेकिन आप लोगों ने जो मुझे ‘भैया’ और ‘मामा’ का पद दिया है, उसे कोई नहीं छीन सकता। मैं हमेशा आपके बीच रहूंगा। मेरी जिंदगी आपके लिए है, जनता-जनार्दन के लिए है, बेटा-बेटियों के लिए है, मेरी बहनों के लिए है।

रामलला की वास्तविक मूर्ति कहां है, दिग्विजय सिंह

रामलला की मुख्य मूर्ति कहां है, उन्हें क्यों नहीं स्थापित किया जा रहा है, जबकि अयोध्या जन्मभूमि का पूरा विवाद ही वह था। इंदौर। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अयोध्या में बन रहे भव्य श्रीराम मंदिर को लेकर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने इंदौर प्रवास के दौरान कहा कि अयोध्या में बन रहे राम मंदिर के लिए नई मूर्तियां बनवाने की क्या जरूरत आ पड़ी। रामलला की मुख्य मूर्ति कहां है, उन्हें क्यों नहीं स्थापित किया जा रहा है, जबकि अयोध्या जन्मभूमि का पूरा विवाद ही वह था। सरकार को इस पर सवाल खड़ा करना चाहिए था।

हिट एंड रन कानून के विरोध में मध्य प्रदेश में सड़कों पर उतरे चालक

यात्री परेशान, पेट्रोल की किल्लत शुरू पेट्रोल टैंकर चालक भी रविवार से हड़ताल पर हैं कई पंपों पर शुरू हुई किल्लत। रोजना सफर करने वाले लाखों लोगों को बड़ी मुश्किल का सामना करना पड़ा। हिट एंड रन के नए कानून को वापस लेने की मांग। केंद्र सरकार द्रारा लाये जा रहे हिट एंड रन के नए कानून को लेकर ड्राइवरों में रोष व्याप्त है। मध्य प्रदेश में चालक इसके विरोध में सड़कों पर उतर आए हैं। पेट्रोल टैंकर चालकों की हड़ताल के बाद सोमवार को नादरा बस स्टैंड चौराहे पर बस ड्राइवरों ने चक्का जाम कर चौराहा जाम कर दिया। चौराहे पर वाहनों को खड़ा कर दिया गया। इससे चौराहा से आवागमन पूरी तरह बंद हो गया। ड्राइवर इस कानून को लाने का विरोध कर रहे हैं। इसमें में एक्सीडेंट होने पर ड्राइवर को 10 साल की सजा और 7 लाख के जुर्माने का प्रविधान किया गया है। आल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने भी 2 जनवरी को बैठक बुलाई। ड्राइवरों की हड़ताल का कर सकते हैं समर्थन। ड्राइवरों की तीन दीनी हड़ताल से ट्रक और बसों के थमे पहिए। जरूरी सामान की भी किल्लत हो सकती है। मध्यप्रदेश के इन जिलों में जारी है हड़तालखंडवा- यहां नए कानून के विरोध में ड्राइवर सड़क पर उतर आए हैं। खंडवा के धर्मकांटा क्षेत्र में कर रहे ड्राइवरों ने चक्काजाम कर दिया है। इस हड़ताल में बस, ऑटो और लोडिंग वाहन चालक भी शामिल हैं। इसके अलावा खंडवा के पुनासा में संत सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना के अफसरों को खुद ही अपनी गाड़ी चलाकर ऑफिस पहुंचना पड़ रहा है। देवास- देवास में भी ड्राइवरो की हड़ताल का असर देखने को मिल रहा है। यहां बायपास चौराहे पर ड्राइवरों ने जाम लगा दिया है। इससे इंदौर-देवास मार्ग जाम हो गया है। भोपाल- राजधानी भोपाल में भी ट्रक हड़ताल का असर देखने को मिल रहा है। करोंद मंडी रोड पर ड्राइवरों ने चक्काजाम कर दिया है। उज्जैन- साल के पहले दिन उज्जैन में भी ट्रक चालकों की हड़ताल का असर देखने को मिल रहा है। शहर में ट्रक और बस के पहिए थम गए हैं। नरसिंहपुर- नरसिंहपुर जिले में इस हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। हड़ताल के चलते जिले में डीजल-पेट्रोल की किल्लत हो गई है। हिट एंड रन के नए प्रस्तावित कानून को लेकर भारी वाहन चालकों में आक्रोश है। इसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ रहा है। नए कानून को लेकर ट्रक ड्राइवर हड़ताल कर रहे हैं। रविवार को पेट्रोल डीजल के टैंकरों के ड्राइवर ने विरोध स्वरूप अपना आंदोलन शुरू कर दिया। जिसके चलते पेट्रोल-डीजल की किल्लत शुरू हो गई है

विकास के नये आयाम गढ़ते सिंधिया

53वें जन्म दिवस पर विशेषदेश का दिल कहे जाने वाले मध्य प्रदेश में एक ऐसा नेता है जो लोगों के दिलों पर राज करता है। ज्योतिरादित्य सिंधिया राजनीति का एक ऐसा ही चमकता चेहरा है, जो कभी भुलाए भी न भूले। हंसता-मुस्कराता चेहरा, बातचीत का विनम्र लहजा और अंदाज ऐसा कि जो भी एक बार मिलता है वह उनका मुरीद हो जाता है। अजनबी भी अपनेपन का एहसास करता है। क्योंकि उनका राजनीतिक जीवन यह साबित कराता है कि वह जनसेवा के लिए समर्पित हैं। वे उन लोगों के दिलो-दिमाग में भी बसते हैं, जो उन्हें कभी व्यक्तिगत रूप से मिले भी नहीं हैं। अजनबी भी उनके बारे में गर्मजोशी से बात करते हैं और परिचित उनका जिक्र आदर से करते हैं। आज उनका 53वां जन्म दिवस हैं। इस खास मौके पर जानते हैं व्यक्तित्व और कृतित्व से जुड़े अनेक पहलू और 53 बड़ी उपलब्धियॉ, जिन्होंने बदली, गॉव, शहर, प्रदेश और देश की तस्वीर। डॉ. केशव पाण्डेय अतिथि संपादक सियासी नजरिए से देखा जाए तो ज्योतिरादित्य सिंधिया पिछले पॉंच साल में काफी महत्वपूर्ण रहे हैं। प्रदेश में किसी राजघराने का सबसे ज्यादा प्रभाव रहा है तो वह है ग्वालियर का सिंधिया परिवार। इसी परिवार की तीसरी पीढ़ी के ज्योतिरादित्य मध्य प्रदेश के सबसे बड़े राजनेताओं में से एक तो हैं ही, केंद्र्र में भी उनका रुतबा दिन ब दिन बढ़ता ही जा रहा है।ज्योतिरादित्य सिंधिया के बारे यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी कि उन्होंनें अपनी अलग पहचान स्थापित की और जो भी पद मिला उसकी गरिमा को बढ़ाया। इसके पीछे उनका कठोर परिश्रम, स्व-अनुशासन, परोपकार का भाव, करुणा से ओत-प्रोत व्यक्तित्व और राग-द्वेष के बिना हर तबके की भलाई के लिए तेजी से कार्य करने की विशिष्ट शैली उनकी पहचान बन गई। इसी कारण उनके हर कार्यकाल यादगार बन गए। उन्होंने विकास के नये आयाम गढ़े। कारण स्पष्ट है कि ज्योतिरादित्य स्वयं अध्ययनशील, मननशील और कर्मशील होने की वजह से अपने हर संकल्प को आसानी से पूरा कर लेते हैं।2002 में पहली बार गुना से चुनाव जीतकर संसद की देहरी पर कदम रखा।…फिर लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर के ऐसे पुजारी बने कि जनसेवा के मंत्र को आत्मसात कर लिया। वे विकास के नये रोल मॉडल बनकर उभरे।ग्वालियर-चंबल अंचल के लिए उनके विकास के विजन को इस तरह भी समझा जा सकता है कि एक बार उनके पिता “माधवराव सिंधिया“ ने उनसे कहा था कि तुम अपनी जिंदगी में कुछ भी करो.. लेकिन अंचल के लिए तुम्हे योगदान करना होगा। चाहे तुम व्यवसाय करो या समाज सेवा…तय तुम्हे करना है! पिता की नसीहत और प्रेरणा का ऐसा असर हुआ है कि जब 2008 में पहली बार संचार और सूचना तकनीकी मंत्री बने तो उन्होंने विकास की ललक की झलक को दिखा दिया। केंद्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री बनने के बाद डाक विभाग का नवीनीकरण और आधुनिकीकरण कर डाकघरों का कायाकल्प किया। प्रोजेक्ट ऐरो के जरिए उन्होंने 2009 तक देशभर के 4500 डाकघरों को अत्याधुनिक और जनउपयोगी बनाया। दूरसंचार सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए देशभर में एक हजार नये टॉवर स्थापित कर डिजिटल पंचायत की अवधारणा को साकार किया। 2012 मेंं ऊर्जा मंत्री बने। कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मंत्रालय भी संभाला और उद्योग मंत्रालय को नई पहचान दिलाई।2018 में उन्होंने अपने अथक परिश्रम से प्रदेश में कांग्रेस को सत्ता दिलाई। लेकिन उनके श्रम का मोल नहीं मिला। उन्होंने समय की वास्तविकताओं को खुली ऑंखों से देखा और भविष्य को अतीत के हाथों गिरवी नहीं रखने दिया। 2020 में मध्य प्रदेश की सियासत में सत्ता परिवर्तन कराकर सत्तालोलुपों को सबक सिखा दिया और अपनी धमक को बरकरार रखा। 18 साल तक कांग्रेस में रहने के बाद 11 मार्च 2020 को भाजपा में शामिल हुए। उनका यह निर्णय राजनीतिक इतिहास में दर्ज हो गया। भाजपा में शामिल होने के बाद सिंधिया के सितारे बुलंदियों पर हैं। उनका कद तेजी से बढ़ता जा रहा है।राजनीति में परिवारवाद पर करारा प्रहार करते हुए उन्होंने कहा था कि मेरे परिवार का एक ही सदस्य राजनीति में रहता है। पिछले 30-40 साल से सिंधिया परिवार ने इसे अपनाया भी है। उन्होंने आमजन की नब्ज के मर्म को समझा और राजश्रय को लोकाश्रय में समाहित कर राजनीतिक इतिहास को नया पर्याय प्रदान किया है। इसीलिए आज वे सच्चे जननायक के तौर पर छवि गढ़ने में कामयाब हो सके। सिंधिया मौजूदा परिवेश की राजनीति में कनेक्टिविटी पर ध्यान देने और इस्पात के क्षेत्र को बढ़ावा देने के साथ एक जीवंत विमानन क्षेत्र सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं।आज जब भारत वैश्विक पटल पर अपनी नई छवि गढ़ रहा है तब दुनिया का नजरिया भी तेजी से बदल रहा है। इजी ऑफ ट्रेवल के साथ ही वीजा ऑन अराइवल जैसी अनेक योजनाओं के माध्यम आमजन तक सुविधाएं पहुचांने का हर संभव प्रयास कर विकास के नये आयाम स्थापित कर रहे हैं। उनकी लोकप्रियता का अंदाज इसी से लगाया जा सकता है कि उनके जन्म दिन पर जब प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया था तो महज कुछ ही घंटो में हजारों लाइक मिले थे।उन्होंने दो दशक के अपने राजनीतिक कॅरियर में ऐसे कार्य कर दिखाए जो नजीर बन गए। गुना-बीना रेल लाइन का विद्युतीकरण कराया। ग्वालियर-इंदौर एक्सप्रेस की शुरूआत कराई। ग्वालियर-भोपाल इंटरसिटी की सौगात दी। गुना देश का पहला ऐसा संसदीय क्षेत्र बना जिसके प्रत्येक गांव तक इंटरनेट की पहुंच हो गई थी। साड़ी बुनकरों व पुरातत्वमहत्व के स्थलों के लिए देशभर में मशहूर चंदेरी को केंद्रीय योजनाओ ंसे विशेष पैकेज दिलाए। गुना, ग्वालियर व शिवपुरी में लाइफ लाइन एक्सप्रेस लाए। अशोक नगर, गुना व शिवपुरी में दो हजार 482 किलोमीटर पक्की सड़क का निर्माण। ग्वालियर में नवीन हवाई अड्डा, एलिवेटेड रोड, भव्य एवं विशाल स्टेडियम, अंतरराष्ट्रीय स्तर का खेलगांव जैसी अनेक सौगातें उनके विजन का हिस्सा बनेंगी। बीते वर्ष उन्होंने 60 नये आरसीएस मार्ग शुरू किए। 91 लाख से अधिक हवाई यात्रियों को डिजी यात्रा की सौगात दी। तीन ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे शुरू किए गए। डीजीसीए ने 1562 कॉमर्शियल पायलट के लाइसेंस जारी किए। 2023 में करीब 150 मिलियन यात्रियों ने हवाई सेवा का लाभ उठाया। यह आमजन को सुलभ हवाई यात्रा सुनिश्चित करने की दिशा में उनकी प्रतिबद्धता का ही प्रमाण है। 2025 तक देश में 250 हवाई अड्डों का लक्ष्य रखा गया है। ड्रोन … Read more

इंतजार की घड़ी खत्म,विभागो का हुआ बटवारा।

मध्य प्रदेश में डॉ. मोहन यादव मंत्रिमंडल विस्तार के 5 दिन बाद मंत्रियों को विभागों का बंटवारा हो गया है। कैलाश विजयवर्गीय को नगरीय प्रशासन और प्रहलाद पटेल को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मिला है। डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा को वित्त, डिप्टी सीए‌म राजेंद्र शुक्ला को लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गृह, जनसंपर्क और सामान्य प्रशासन विभाग अपने पास रखा है। कैबिनेट मंत्रियों को मिले यह विभाग • कुंवर विजय शाह – जनजातीय कार्य, लोक परिसंपत्ति प्रबंधन, भोपाल गैस त्रासदी- राहत एवं पुनर्वास • कैलाश विजयवर्गीय नगरीय विकास एवं आवास, संसदीय कार्य • प्रहलाद सिंह पटेल पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम • राकेश सिंह – लोक निर्माण विभाग • करण सिंह वर्मा – राजस्व • उदय प्रताप सिंह – परिवहन और स्कूल शिक्षा • संपतिया उइके – लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी • तुलसी सिलावट – जल संसाधन • एदल सिंह कंषाना – किसान कल्याण एवं कृषि विकास • निर्मला भूरिया – महिला एवं बाल विकास • गोविंद सिंह राजपूत – खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण • विश्वास सारंग – खेल एवं युवा कल्याण, सहकारिता • नारायण सिंह कुशवाह सामाजिक न्याय एवं दिव्यांग जन कल्याण, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण • नागर सिंह चौहान – वन, पर्यावरण, अनुसूचित जाति कल्याण • प्रद्युम्न सिंह तोमर – ऊर्जा • राकेश शुक्ला – नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा • चेतन काश्यप – सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम • इंदर सिंह परमार – उच्च शिक्षा, आयुष, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) को इन विभागों का जिम्मा • कृष्णा गौर – पिछड़ा वर्ग एंव अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त, घुमंतु और अर्धघुमंतु कल्याण • धर्मेंद्र लोधी – संस्कृति, पर्यटन एवं धार्मिक न्यास • दिलीप जायसवाल – कुटीर एवं ग्रामोद्योग • गौतम टेटवाल – तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार • लखन पटेल – पशुपालन एवं डेयरी • नारायण सिंह पंवार – मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विभाग राज्य मंत्री को इन विभागों का प्रभार • नरेंद्र शिवाजी पटेल लोक स्वास्थ्य एवं परिवाण कल्याण • प्रतिमा बागरी – नगरीय विकास एवं आवास • दिलीप अहिरवार – वन एवं पर्यावरण • राधा सिंह – पंचायत एवं ग्रामीण विकास

जबलपुर धान खरीदी घोटाला जिम्मेदार कौन

Who is responsible for Jabalpur paddy purchase scam धान खरीदी में फर्जीवाड़े से नाराज किसानों ने घंटों लगाया जाम उदित नारायणभोपाल ! आज जबलपुर में सैकड़ो किसान धान खरीदी के भुगतान के लिए सड़क पर चक्का जाम कर रहे हैं. जिला प्रशासन की नाक के नीचे हुए धन उपार्जन घोटाले के लिए जबलपुर से लेकर भोपाल तक हड़कंप मचा हुआ है. इस पूरी प्रक्रिया में जिला प्रशासन की लापरवाही सर्वाधिक है, परंतु जिला कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ जयंती सिंह ने सारा ठीकरा जिला फूड कंट्रोलर कमलेश ताडेकर, जिला विष्णन अधिकारी रोहित सिंह बघेल, एमपी वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन डी के हवलदार, सिहोरा ब्रांच मैनेजर बीके पाठक, पाटन ब्रांच मैनेजर आनंद पांडे, शाहपुर ब्रांच मैनेजर ऋतिक सिनाटिया, रिछाई ब्रांच मैनेजर एम.के उपाध्याय को निलंबित किया गया है. कल जिला प्रशासन द्वारा आनन फानन में 36 वेयरहाउस संचालकों को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया. वही प्रदेश शासन ने वेयरहाउसिंग के सहकारिता प्रमुख सचिव श्री उमाकांत उमराव को ट्रांसफर कर दिया है. हजारों किसानों की फसल की बंदरवाट करने के लिए दोषियों को जिस प्रकार संरक्षण दिया जा रहा है उससे यह स्पष्ट है कि इस पूरे घोटाले को सत्ता पक्ष का संरक्षण प्राप्त है. जमीनी हकीकत यह है कि जिले में धान के उपार्जन के लिए कमेटी के अध्यक्ष जिला कलेक्टर होते हैं. जिला प्रशासन द्वारा उपार्जन केन्द्रो की सूची खरीद के निर्धारित व घोषित तिथि 3 दिसंबर के पूर्व जारी क्यों नहीं की, धान खरीदी के लिए प्रभारी अधिकारी जिला पंचायत सीईओ उपार्जन तिथि से शिकायत की तिथि तक क्या कर रही थी, 36 केन्द्रो व तीन तहसीलों के क्षेत्र में जब उपार्जन का व्योरा तक अपलोड नहीं किया, तो प्रदेश शासन के जिम्मेदार अधिकारी की नींद क्यों नहीं खुली जिला कलेक्टर के द्वारा धान खरीदी जैसे कृषक हित के कार्यों में घनघोर लापरवाही किसके दबाव में की इन सभी सवालों के बीच किसान अपनी फसल के भुगतान के लिए सड़कों पर है. जिला कलेक्टर सारे घोटाले पर पर्दा डालने में सक्रिय है. वेयरहाउसिंग संचालकों को ब्लैक लिस्ट करने के जगह उनके विरुद्ध एफ.आई.आर की कार्यवाही कब तक की जाएगी. हजारों किसानों का यही सवाल है लगभग जबलपुर जिले की 75% उपज पर डाका डालने की साजिश पर खुद को किसान हितैषी बताने वाली भाजपा सरकार के लिए कठिन कार्य साबित होता जा रहा है. “अब देखना यह है कि जन हितैषी भाजपा सरकार दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करतीं हैं या फिर कर्मचारियों की ग़लती मानकर सारे मामले को रफा-दफा करतीं हैं ! साथ ही हितग्राही किसानों को भुगतान कैसे किया जाऐगा ?

सीएम दिल्ली दौरे पर, केंद्रीय नेताओं से करेंगे चर्चा, आज हो सकता है मंत्रियों को विभाग का बंटवारा.

CM on Delhi tour, will discuss with central leaders, departments may be distributed among ministers today भोपाल ! मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार के मंत्रियों को आज विभाग का बंटवारा हो सकता है। सीएम आज दिल्ली दौरे पर हैं। वहां केंद्रीय नेताओं के साथ विभाग के बंटवारे को लेकर फाइनल चर्चा कर सकते हैं। मध्य प्रदेश में डॉ. मोहन यादव सरकार के मंत्रियों को शुक्रवार को विभाग का बंटवारा हो सकता है। मुख्यमंत्री गुरुवार को दिल्ली पहुंचे। दिल्ली दौरे पर सीएम केंद्रीय नेताओं के साथ मुलाकात कर मंत्रियों के विभाग बंटवारे को लेकर अंतिम चर्चा कर सकते हैं। सीएम शुक्रवार दोपहर में दिल्ली से भोपाल लौटेंगे।दिल्ली दौरे पर जाने से पहले सीएम ने संगठन महामंत्री हितानंद से उनके निवास पर चर्चा की। इसके बाद सीएम दिल्ली रवाना हो गए। सीएम शुक्रवार को दोपहर में दिल्ली से भोपाल लौटेंगे। सीएम के दिल्ली दौरे को लेकर अटकलें लगाई जा रही है कि वह दिल्ली में केंद्रीय नेताओं से मुलाकात कर सकते है और विभाग के बंटवारें को लेकर चर्चा कर सकते हैं। इसके बाद प्रदेश के मंत्रियों को विभाग का बंटवारा कर दिया जाएगा। बता दें डॉ. मोहन यादव कैबिनेट का 12 दिन चले विचार मंथन के बाद 25 दिसंबर को विस्तार हो गया, लेकिन तीन दिन बाद भी मंत्री खाली हाथ हैं। उन्हें विभागों का आवंटन नहीं हो सका है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि मंत्रियों के नाम के साथ ही विभागों का आवंटन भी दिल्ली से होना है। इसको लेकर सीएम ने सूची बनाकर आलाकमान को भेज दी है। अब इस पर केंद्रीय नेताओं की तरफ से अंतिम मुहर लगना है। प्रदेश में मुख्यमंत्री के अलावा दो डिप्टी सीएम और 28 मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली है। प्रदेश में 11 दिसंबर को मुख्यमंत्री और दो डिप्टी सीएम का चयन किया गया। इसके बाद 13 दिसंबर को सीएम और दोनों डिप्टी सीएम ने शपथ ली। इसके 12 दिन बाद 25 दिसंबर को मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ, लेकिन अब तक मंत्रियों को विभाग का बंटवारा नहीं हुआ है।

कैलाश विजयवर्गीय ने BJP राष्‍ट्रीय महासचिव पद से दिया इस्‍तीफा

Kailash Vijayvargiya resigns from the post of BJP National General Secretary कैलाश विजयवर्गीय ने पार्टी के राष्‍ट्रीय महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी के सिद्धांत एक व्यक्ति एक पद के अनुसार मैंने महासचिव पद से उन्हें इस्तीफा सौपा। उन्होंने दिल्‍ली में पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से मिलकर उन्‍हें अपना इस्‍तीफा सौंपा। इस आशय का पोस्‍ट विजयवर्गीय ने एक्‍स हैंडल पर भी किया है। नई दिल्ली। मोहन यादव मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री बनाए गए कैलाश विजयवर्गीय ने पार्टी के राष्‍ट्रीय महासचिव पद से त्‍यागपत्र दे दिया है। उन्होंने इस मामले की जानकारी देते हुए कहा,”आज मैं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रकाश नड्डा जी से मिला। हमारी पार्टी के सिद्धांत ‘एक व्यक्ति एक पद’ के अनुसार मैंने महासचिव पद से उन्हें इस्तीफा सौपा।उन्होंने दिल्‍ली में पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जगत प्रसाद नड्डा से मिलकर उन्‍हें अपना इस्‍तीफा सौंपा। उन्होंने इसकी जानकारी सोशल मीडिया हैंडल एक्स के जरिए दी। पार्टी ने मध्यप्रदेश में एक नई भूमिका के लिए भेजा है: कैलाश विजयवर्गीयउन्होंने एक्स हैंडल पर लिखा,”आज मैं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रसाद नड्डा जी से मिला। हमारी पार्टी के सिद्धांत ‘एक व्यक्ति एक पद’ के अनुसार मैंने महासचिव पद से उन्हें इस्तीफा सौपा। मेरा सौभाग्य रहा कि मैंने 9 वर्ष तक पहले श्री अमित शाह जी फिर श्री जेपी नड्डा जी के मार्गदर्शन में देश के विभिन्न स्थानों पर संगठन को गढ़ने में प्राणप्रण से कार्य किया। अब मुझे पार्टी ने मध्यप्रदेश में एक नई भूमिका के लिए भेजा है। मैं प्रधानमंत्री जी का संकल्प वर्ष 2047 में भारत, विश्व का शक्तिशाली देश बने। इस दिशा में मध्यप्रदेश को शक्तिशाली बनाने के लिए हम माननीय प्रधानमंत्री श्री जी के नेतृत्व में कार्य करेगें

योगी की राह पर मोहन

Mohan on the path of Yogiफैसलों मे दिख रहा है आत्मविश्वास. उदित नारायण मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के फैसलों मे उत्तरप्रदेश के फायरब्रांड मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की छवि नजर आने लगी है ! गुना बस हादसे पर तुरंत संज्ञान लेते हुए एक कड़े फैसले मे उन्होंने तत्काल प्रभाव से परिवहन आयुक्त संजय कुमार झा, पुलिस अधीक्षक विजय कुमार खत्री और कलेक्टर तरुण राठी का तबादला करते हुए यह साफ सन्देश देने का प्रयास किया है कि प्रदेश मे अब कोई भी प्रशासनिक लापरवाही बर्दास्त नही की जाएगी ! एक तरफ जहाँ उन्होंने मुख्यमंत्री मंत्री बनते ही बुलडोज़र कार्यवाही को अंजाम दिलाया हो या धान खरीदी तथा तेंदुपत्ता खरीदी का मूल्य सुनिश्चित करना हो, या गुना हादसे पर ताबड़तोड़ प्रशासनिक कार्यवाही हो इन सभी फैसलों मे मुख्यमंत्री के आत्मविश्वास, और कड़े फैसले की झलक दिखाई देती है मुख्यमंत्री के ये कदम प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी को पूर्ण करने का एक मजबूत कदम है..

धान उपार्जन में लापरवाही एक और अफसर पर पड़ी भारी: जबलपुर के प्रभारी फूड कंट्रोलर के बाद अब प्रबंधक व जिला विपणन अधिकारी भी सस्पेंड

Negligence in paddy procurement fell heavily on another officer: After the food controller in-charge of Jabalpur, now the manager and district marketing officer are also suspended. सहाकारिता उपायुक्त डॉ. अखिलेश निगम पिक्चर से ही गायब हैं जबकि उपार्जन समिति में वे जिम्मेदार पद पर हैं। उदित नारायण भोपाल ! राज्य शासन ने जिला विपणन अधिकारी और मंडल प्रबंधक जबलपुर रोहित सिंह बघेल को भी सस्पेंड कर दिया है। यह कार्यवाही मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ के प्रबंध संचालक आलोक कुमार सिंह ने की है। प्रबंध संचालक द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि विपणन वर्ष 2023-24 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए जारी नीति के अनुसार धान उपार्जन का कार्य नहीं कराया गया है। अधिकारी की लापरवाही के चलते शासन के समक्ष संघ की छवि धूमिल हुई है। इसलिए बघेल को जिम्मेदार मानते हुए उन्हें सस्पेंड किया गया है। निलंबन अवधि में बघेल का मुख्यालय विपणन संघ भोपाल तय किया गया है। मंगलवार को प्रभारी फूड कंट्रोलर हुए थे सस्पेंड इससे पहले मंगलवार को खाद्य, नागरिक और उपभोक्ता संरक्षण विभाग के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव ने जबलपुर में पदस्थ प्रभारी जिला आपूर्ति नियंत्रक कमलेश टांडेकर को धान उपार्जन केंद्रों के मामले में गंभीर लापरवाही पर सस्पेंड किया था। निलंबन अवधि में टांडेकर का मुख्यालय खाद्य विभाग संचालनालय भोपाल तय किया है। आदेश में कहा था कि जबलपुर जिले में कुल 121 केंद्रों के विरुद्ध 85 उपार्जन केंद्र स्थापित किए हैं। बाकी 36 उपार्जन केंद्र महिला स्व सहायता समूहों को देने का प्रस्ताव 21 दिसंबर को भेजा गया जो काफी देरी से भेजा गया। इन उपार्जन केंद्रों के तय न होने से किसानों भेजा गया। इन उपार्जन केंद्रों के तय न होने से किसानों को उपज बेचने में परेशानी हुई है। साथ ही महिला स्व सहायता समूह उपार्जन केंद्र के लिए तय गोदामों का सत्यापन प्रक्रिया का पालन किए बगैर किया गया। सहकारी सेवा समितियों को दो-दो उपार्जन केंद्रों की जिम्मेदारी दिए जाने के विपरीत उपार्जन नीति का पालन नहीं करते हुए 27 सहकारी समितियों को केवल एक-एक उपार्जन केंद्र का जिम्मा सौंपा है। इसलिए जिले में आवश्यक उपार्जन केंद्र स्थापित नहीं किए जा सके। इसे व्यापक लापरवाही मानते हुए विभाग ने टांडेकर को सस्पेंड कर दिया है। राज्य शासन ने जबलपुर के फूड कंट्रोलर को सस्पेंड कर दिया है। मोहन यादव कैबिनेट के गठन के बाद शासकीय काम में लापरवाही के मामले में की गई यह पहली कार्रवाई है। खाद्य, नागरिक और उपभोक्ता संरक्षण विभाग के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव ने जबलपुर में पदस्थ प्रभारी जिला आपूर्ति नियंत्रक कमलेश टांडेकर को धान उपार्जन केंद्रों के मामले में गंभीर लापरवाही पर सस्पेंड किया है। निलंबन अवधि में टांडेकर का मुख्यालय खाद्य विभाग संचालनालय भोपाल तय किया है।विभाग के अनुसार खरीफ सीजन में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी करने के लिए जारी की गई नीति के मुताबिक ई-उपार्जन पोर्टल पर रजिस्टर्ड किसानों से एक दिसंबर 2023 तक उपार्जन कार्य कराया जाना था। इसके लिए सहकारी समितियों के साथ एनआरएलएम में रजिस्टर्ड महिला स्व सहायता समूहों को भी उपार्जन केंद्र के संचालन का काम देने के निर्देश 29 नवंबर को जारी किए गए थे। इसमें जिला उपार्जन समिति के माध्यम से महिला स्व सहायता समूहों को उपार्जन केंद्र की अनुमति का प्रस्ताव खाद्य संचालनालय को भेजा जाना था। जबलपुर जिले में कुल 121 केंद्रों के विरुद्ध 85 उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए हैं। बाकी 36 उपार्जन केंद्र महिला स्व सहायता समूहों को देने का प्रस्ताव 21 दिसंबर को भेजा गया जो काफी देरी से भेजा गया। इन उपार्जन केंद्रों के तय न होने से किसानों को उपज बेचने में परेशानी हुई है। साथ ही महिला स्व सहायता समूह उपार्जन केंद्र के लिए तय गोदामों का सत्यापन प्रक्रिया का पालन किए बगैर किया गया। इस संबंध में न तो प्रभारी फूड कंट्रोलर द्वारा संचालनालय को जानकारी दी गई और न ही स्थानीय स्तर पर जनहित का काम किया गया। सहकारी सेवा समितियों को दो-दो उपार्जन केंद्रों की जिम्मेदारी दिए जाने के विपरीत उपार्जन नीति का पालन नहीं करते हुए 27 सहकारी समितियों को केवल एक-एक उपार्जन केंद्र का जिम्मा सौंपा है। इसलिए जिले में आवश्यक उपार्जन केंद्र स्थापित नहीं किए जा सके। इसे व्यापक लापरवाही मानते हुए विभाग ने टांडेकर को सस्पेंड कर दिया है। आजीविका समिति की जाँच कराने की माँग कांग्रेस सहकारिता प्रकोष्ठ के अध्यक्ष शित्रकुमार चौबे ने जिले में कुछ आजीविका समितियों का फर्जी तरह से कार्य करने का आरोप लगाया है। इनका कहना है कि पंजीयन के 6 माह के अंदर समितियों के निर्वाचन के प्रस्ताव चले जाने चाहिए मगर पिछले 2 साल से किसी भी एक समिति का चुनाव प्रस्ताव कार्यालय उपायुक्त सहकारिता से नहीं गया है। नियम तो यह भी है कि यदि निर्वाचन नहीं होता है तो तत्काल विभाग को किसी शासकीय कर्मचारी को प्रशासक बना देना चाहिए, मगर कार्यालय के स्तर पर इस तरह की भी कार्रवाई नहीं हो रही है। इन्हें क्यों छोड़ा गया धान खरीदी की जाँच का जिम्मा तमाम एसडीएम को दिया गया था, खाद्य विभाग के अधिकारी भी इसमें शामिल थे, वहीं वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन और मार्कफेड के अधिकारियों का कहीं जिक्र तक नहीं किया जा रहा है। डिप्टी कलेक्टर, अपर कलेक्टर और सीईओ जिला पंचायत भी खरीदी केन्द्र की जाँच के लिए जिम्मेदार हैं लेकिन 1 दिसम्बर से अभी तक केवल लोकायुक्त ने ईमानदारी से कार्य किया और रिश्वत लेते कम्प्यूटर ऑपरेटर को पकड़ा, बाकी किसी ने भी किसी केन्द्र में कोई जाँच नहीं की। सहाकारिता उपायुक्त डॉ. अखिलेश निगम पिक्चर से ही गायब हैं जबकि उपार्जन समिति में वे जिम्मेदार पद पर हैं। रातों-रात गायब हुई धान जानकारों का कहना है कि जैसे ही वेयरहाउस संचालकों को यह पता चला कि जाँच दल आ रहा है तत्काल ही बिना अनुमति खरीदी करने वाले वेयरहाउसों से धान को गायब करवाया गया। यहाँ तक की कई वेयरहाउसों में जाँच दल पहुँच भी गया था लेकिन एप्रोच लगाकर जाँच दल को रोका गया और उनकी मौजूदगी में ही धान गायब करवाई गई। सबसे चौंकाने वाली बात तो यह है कि सरकारी बारदानों यानी बोरों में बिना अनुमति खरीदी हुई, यह कैसे हुआ कोई बताने तैयार नहीं। रातभर बाहर किया धान, फिर भी अंदर रखा मिला 30 हजार क्विंटल प्रमुख सचिव … Read more

सामाजिक जनजागरण है, राहुल गांधी की “भारत न्‍याय यात्रा “- जीतू पटवारी

Rahul Gandhi’s “Bharat Nyay Yatra” is social awareness – Jitu Patwari मध्‍य प्रदेश कांग्रेस के अध्‍यक्ष जीतू पटवारी ने मीडिया में बातचीत में कहा कि भारत न्‍याय यात्रा का मध्‍य प्रदेश में स्‍वागत है। अब राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी ‘भारत न्याय यात्रा’ निकालने वाली है।मध्‍य प्रदेश कांग्रेस के अध्‍यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि भारत न्‍याय यात्रा का मध्‍य प्रदेश में स्‍वागत है।राहुल गांधी ने इससे पहले देश में भारत जोड़ो यात्रा की थी। भोपाल। भारत जोड़ो यात्रा’ के बाद अब राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी ‘भारत न्याय यात्रा’ निकालने वाली है।मणिपुर से मुंबई तक क़रीब 6200 किलोमीटर की यह लंबी यात्रा 14 जनवरी से लेकर 20 मार्च तक निकाली जाएगी। यह यात्रा 14 राज्यों से होकर निकलेगी। इनमें मध्‍य प्रदेश और छत्‍तीसगढ़ भी शा‍म‍िल है। भारत न्याय यात्रा का मुद्दा आर्थिक न्याय, सामाजिक न्याय और राजनीतिक न्याय रखा गया है।मध्‍य प्रदेश कांग्रेस के अध्‍यक्ष जीतू पटवारी ने मीडिया में बातचीत में कहा कि भारत न्‍याय यात्रा का मध्‍य प्रदेश में स्‍वागत है। उन्‍होंने कहा कि राहुल जी ने इससे पहले देश में भारत जोड़ो यात्रा की थी। आधुनिक भारत के पहले शख्‍स थे जिन्‍होंने देश में भाईचारे के लिए, प्रेम के लिए, प्‍यार के लिए भगवान राम-कृष्‍ण और भारत वर्ष के जो मूल विचार हैं, इंसानियत की रक्षा के लिए, प्राणियों में सद्भावना हो इस विश्‍वास के लिए यात्रा निकाली थी। पूरे देश ने उसे आत्‍मसात किया था। अब न्‍याय यात्रा निकाली जा रही है।पटवारी बोले-वोट की ताकत को कम किया जा रहा पटवारी ने यह भी कहा कि राजनीतिक रूप से जो तानाशाही देश में चल रही है, लोकतंत्र की हत्‍या करने का जो दुष्‍चक्र चल रहा है। विधायकों और सांसदों को अपने अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। वोट की ताकत को कम किया जा रहा है। व्‍यापक रूप से दलबदल किया गया। इसके खिलाफ और सामाजिक जनजागरण के लिए न्‍याय यात्रा है।

चेतन्य कश्यप, सरकार को वेतन वापिस करने के बजाय उस राशि को अभावग्रस्त लड़कियाँ की शिक्षा पर खर्च करें : उमा

Instead of returning the salary to the Government, the amount should be spent on the education of underprivileged girls, according to Uma Bharti. भोपाल। उमा भारती ने लिखा है कि हाल ही में मंत्री बने रतलाम के एक संपन्न जैन व्यवसायी चेतन्य काश्यप ने अपनी संपत्ति 296 करोड़ घोषित की हैं। अभी कुछ दिनों पहले मध्यप्रदेश के अखबारों में उनकी तारीफ़ लिखी गई थी कि वो अपना विधायक का वेतन नहीं लेते जोकि साल भर का क़रीब 12 लाख होता हैं । 296 करोड़ वाला व्यक्ति अगर सरकार के 12 लाख छोड़ देता है तो इसमें कौनसी बड़ी बात हैं । उन्होंने लिखा है कि चेतन्य काश्यप सरकार को वेतन वापिस करने के बजाय वह राशि अभावग्रस्त लड़कियों की शिक्षा पर खर्च करें ।उमा ने आगे लिखा है कि हमें यह याद रखना पड़ेगा कि सभी विधायक बड़े व्यवसायी नहीं होते और न वो राजनीति से अपना व्यवसाय बढ़ाते हैं।एक बार सांसद वरुण गांधी ने कहा था कि सांसदों को तनखा एवं पेंशन नहीं लेना चाहिए। वरुण गांधी ऐसा कर सकते है क्यूँकि वो हज़ारों-करोड़ों की पैतृक संपत्ति के मालिक है । अपना सर्वस्व त्यागकर राजनीति के माध्यम से जनसेवा करने वाले जनप्रतिनिधियों को हर तरह की सहूलियत सरकार से मिलनी चाहिए ।अगर विधायकों और सांसदों को ईमानदारी की राह पर चलना आसान बनाना है तो चेतन्य काश्यप जैसे पूंजीपति विधायकों को छोड़कर सभी विधायक की तनखा एवं अन्य भत्ते आज की सभी परिस्थितियों को देखकर मिलना चाहिए

श‍िवराज सिंह चौहान ने सीएम आवास खाली किया, खाली करने से पहले पूजा अर्चना की

Shivraj Singh Chouhan vacated the Chief Minister’s residence, performing a puja and ritual before the evacuation. सीएम आवास खाली करने से पहले श‍िवराज ने किए गौ माता के दर्शन, सुरक्षाकर्मियों ने दी विदाई श‍िवराज सिंह चौहान ने परिवार सहित सीएम हाउस स्थित मंदिर में की पूजा .भोपाल। मध्‍य प्रदेश के पूर्व मुख्‍यमंत्री श‍िवराज सिंह चौहान सीएम आवास खाली कर रहे हैं। पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान कुछ देर में सीएम हाउस छोड़कर B8 74 बंगले में शिफ्ट हो गए।इससे पहले श‍िवराज सिंह चौहान ने परिवार सहित सीएम हाउस स्थित मंदिर में पूजा अर्चना की और गौशाला में गौ माता के दर्शन किए । इस अवसर पर सीएम हाउस में पदस्थ सुरक्षा कर्मियों ने उन्हे विदाई भी दी। धर्मपत्‍नी साधना सिंह ने भी श‍िवराज को तिलक कर और आरती उतारकर स्‍वागत किया।इस दौरान श‍िवराज ने मीडिया के सवालों के जवाब भी दिए। उन्‍होंने नए दायित्‍व के बारे में पूछे गए सवाल पर कहा कि पार्टी उन्‍हें जो भी जिम्‍मेदारी देगी वे उसे निभाएंगे।उल्‍लेखनीय है कि दिल्‍ली में श‍िवराज भाजपा के वरिष्‍ठ नेताओं से मुलाकात के बाद यह स्‍पष्‍ट हो गया है कि पार्टी उन्‍हें लोकसभा चुनाव के मद्देनजर राष्‍ट्रीय स्‍तर पर कोई महत्‍वपूर्ण दायित्‍व सौंपेगी। श‍िवराज ने भी यह कहा है कि वे फ‍िलहाल दक्षिण के राज्‍यों का दौरा करेंगे।

मंत्री बनने के बाद अब मोहन सरकार को विभाग बंटवारे में आ रहा पसीना.

After becoming a minister, Mohan Sarkar is now breaking a sweat over the departmental allocations. भोपाल। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मोहन कैबिनेट की पहली बैठक मंत्रालय में हुई। बैठक में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सभी वरिष्ठ और अनुभवी हैं। हमें मिलकर काम करना है। संकल्प पत्र प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी है। अधिकारियों को संकल्प पत्र की प्रक्रिया की जा चुकी है और सबसे कार्य योजना बनाने के लिए दे दिया है। सोमवार को 28 मंत्रियों की शपथ के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने कैबिनेट के सहयोगियों के साथ मंगलवार को मंत्रालय में बैठक की। हालांकि यह बैठक बिना एजेंडे की भी, इसमें सभी ने एक दूसरे को बधाई दी। इस बैठक के साथ ही यह सुगबुगाहट तेज हो गई है कि मंत्रियों के विभागों को बंटवारा मंगलवार शाम तक हो सकता है। सीनियर मंत्रियों को नहत्वपूर्ण विभाग की जिम्मेदारी दिए जाने की भी चर्चा जोरों पर हैं।जानकारी के मुताबिक बैठक में प्रदेश के विकास और विकसित भारत संकल्प यात्रा पर चर्चा हुई। विकसित भारत संकल्प यात्रा प्रदेशभर में शुरू हो चुकी है। अब मंत्रयों की जिम्मेदारी तय होगी कि वे जिलों में विकसित भारत संकल्प यात्रा को सफल बनाने के लिए काम करें। इसके लिए लोगों से संवाद और उनको केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए कहा जाएगा, ताकि चुनाव के पहले सभी लोकसभा क्षेत्रों में शतप्रतिशत हितग्राहियों को लाभ मिल सके।

बदलाव की राह पर भाजपा ने लगाई मुहर

On the path of change, the BJP has stamped its approval. उदित नारायण भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मंत्रिमंडल में जिस तरह लगभग दो तिहाई नए चेहरों को पहली बार शामिल किया, वह भाजपा द्वारा बदलाव की राह लाने जैसा है। विजय शाह, विश्वास सारंग प्रदुम्न तोमर तुलसी सिलावट ,करण सिंह वर्मा को छोड़कर किसी ऐसे मंत्री को मौका नहीं दिया गया है, जो लंबे समय तक मंत्रिमंडल में रहा हो। भाजपा का यह बदलाव नए नेतृत्व को उभारने का प्रयोग है। जिसका प्रभाव आने वाले वर्षों में देखने को मिलेगा। इस बदलाव से कुछ अनुभवी और वरिष्ठ मंत्री मौका पाने से चूक गए, तो डेढ़ दर्जन नए चेहरों को मौका मिला। परंपरागत राजनीति करने और देखने वालों को इससे हैरत हुई होगी, लेकिन यथास्थिति में बदलाव किसी भी राजनीतिक दल के जीवंत रहने के लिए आवश्यक होता है। भाजपा ने 2023 के विधानसभा चुनाव में जीत के बाद मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ व राजस्थान में जिस तरह नेतृत्व परिवर्तन और मंत्रिमंडल में जो बदलाव किया, वह नए तरह की राजनीति है। बदलाव तो हार के बाद किया जाता रहा है और बंपर जीत के बाद यथास्थितिऔर मजबूत होती आई है। भाजपा ने जीत के बाद बदलाव कर भविष्य में हार की आशंका को खारिज करने का प्रयास किया है। मध्यप्रदेश में भाजपा थोड़े अंतराल से दो दशक लगातार सत्ता में है और अगले पांच साल का सफर जारी है। मंत्रिमंडल में लगातार लंबे समय तक मंत्री रहने वालों को बदलकर नए चेहरों को मौका देने से एकतरफ जहां एकरसता टूटती है, वहीं पार्टी कैडर में यह विश्वास जागता है कि उन्हे भी आने वाले समय में मौका मिल सकेगा।

मंत्रिमंडल विस्तार में सभी को साधने की कोशिश

Efforts to accommodate everyone in cabinet expansion मंत्रिमंडल विस्तार में सभी को साधने की कोशिश, 50 फीसदी नए विधायकों को मिला मौका— प्रथम पेज मंत्रिमंडल विस्तार में सात सामान्य, 12 ओबीसी व बाकी एससी-एसटी विधायक बने मंत्री भोपाल। माेहन कैबिनेट में आज से 28 मंत्री और जुड़ गए। मंत्रिमंडल विस्तार में 18 कैबिनेट, 6 स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री व 4 राज्य मंत्री बनाए गए हैं। इन मंत्रियों में 11 ऐसे हैं, जो मंत्री रह चुके हैं। इसमें से 6 मंत्री ऐसे हैं, जो पिछली भाजपा सरकार में भी मंत्री थे। मंत्रियों की कुल संख्या के हिसाब से 50 फीसदी नए विधायकों को मंत्री बनाया गया है। करीब 20 फीसदी यानी कुल 5 महिलाएं कैबिनेट व राज्य मंत्री बनी है। तीन ऐसे मंत्री भी हैं, जो लोकसभा सांसद या केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। ग्वालियर, भोपाल, इंदौर व दमोह से दो-दो मंत्री व बाकी जिलों से एक-एक मंत्री बने हैं।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रिमंडल विस्तार में क्षेत्रीय, जातीय व जिलेवार संतुलन को साधने की पुरजोर कोशिश की है। मंत्रिमंडल विस्तार में 7 सामान्य, 12 ओबीसी व बाकी एससी-एसटी विधायकों को मंत्री बनाया गया है। इसके लिए हालांकि स्थानीय संगठन व संघ पदाधिकारियों से लेकर नई दिल्ल्ाी में राष्ट्रीय अध्यक्ष, केंद्रीय मंत्रियों से चर्चा की गई। इस विस्तार में मप्र से मुख्यमंत्री यादव के अलावा किसी की नहीं चली। पुराने मंत्रियों को दरकिनार करने की मुख्य वजह क्षेत्रीय संतुलन व उनके पुराने परफारमेंस व अंदरूनी रिपोर्ट को देखा गया। इसमें भी क्षेत्रीय संतुलन भारी रहा। सूची फायनल करने में तीन बार दिल्ली के चक्कर लगाने पड़े-मंत्रियों के नाम फायनल करने में मुख्यमंत्री को पिछले 12 दिनों में तीन बार दिल्ल्ाी के चक्कर लगाने पड़े। कैबिनेट, स्वतंत्र प्रभार व राज्यमंत्रियों के चयन में दोनों उप मुख्यमंत्रियों के साथ ही संघ नेताओं व प्रदेश अध्यक्ष को तवज्ज्ाों दी गई। सूत्रों के मुताबिक पिछले 48 घंटे में ही कई तरह के बदलाव करने पड़े। कुछ मामलों में तो वरिष्ठ नेताओं के दबाव को भी दरकिनार कर दिया गया। संगठन का स्पष्ट कहना था कि चूंकि सभी को मंत्री नहीं बनाया जा सकता। ऐसे में नए विधायकों पर ज्यादा भरोसा जताया गया।  कई मामलों में चौकानें वाले निर्णय लिए गए-भोपाल जिले से चार दावेदार थे। किंतु दो को ही मंत्री बनाया जा सकता था। मुख्यमंत्री ने वही निर्णय लिया। रायसेन जिले से पिछली बार डॉ. प्रभुराम चौधरी मंत्री थे, इस बार उन्हें मौका नहीं दिया गया। जबकि पुराने भाजपाई, पहली बार के विधायक नरेंद्र शिवाजी पटेल को मंत्री बनाया गया। नरेंद्र के पिता शिवा जी पटेल करीब 20 वर्ष पहले भाजपा के जिलाध्यक्ष रह चुके हैं। वे अब हालांकि नहीं हैं, किंतु उन्ाके बेटे को मौका दिया गया। सागर जिले में दो कद्दावर मंत्रियों गोपाल भार्गव व भूपेंद्र सिंह को मंत्रिमंडल में स्थान नहीं मिला, जबकि इनमें से भूपेंद्र सिंह को मंत्री बनाने की पूरी संभावना थी। हो सकता है लोकसभा चुनाव में इस पर ध्यान दिया जाए। इसीतरह बैतूल जिला पूरी तरह से अछूता रहा। यहां से एक भी विधायक को मंत्री नहीं बनाया गया। नए विधायकों पर बड़ी जवाबदारी -मंत्रिमंडल में 50 फीसदी नए विधायकों को मंत्री पद दिया गया है। इस हिसाब से मुख्यमंत्री यादव ने पुरानाें के साथ ही नए विधायकों पर भरोसा जताया है। हालांकि इनमें से कई ऐसे हैं, जो दो-दो बार के विधायक हैं। कैबिनेट मंत्रियों में चार विधायक ऐसे हैं, जो पहली बार मप्र विधानसभा का टिकट लेकर चुनाव लड़े और विधायक बने। हालांकि यह सभी केंद्र में जरूर सांसद और मंत्री थे। अब उन्हें प्रदेश में भी बड़ी जिम्म्ोदारी दी गई है। अभी भी हालांकि विधानसभा की कुल संख्या के हिसाब से 15 फीसदी यानी कुल 34 मंत्री बनाए जा रहे हैं। इस तरह से तीन मंत्री और बनाए जा सकते हैं। मंत्रिमंडल में यह बने कैबिनेट, स्वतंत्र प्रभार व राज्य मंत्री बने-राजभवन में आज सोमवार को गरिमामय माहौल में दोपहर बाद 3.30 बजे राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने मंत्रियों को शपथ दिलाई। मंत्रिमंडल शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन राजभवन के सांदीपनि सभागार में किया गया था। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव व वरिष्ठ भाजपा व संघ के नेता मौजूद थे। शपथ विधि का संचालन मुख्य सचिव श्रीमती वीरा राणा ने किया। शपथ ग्रहण समारोह को काफी सीमित रखा गया था। इसीलिए काफी लोगों को आमंत्रण नहीं दिया गया। इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल, सांसद एवं प्रदेश अध्यक्ष भाजपा वीडी शर्मा एवं अन्य जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।कैबिनेट मंत्री -1-प्रदुम्न सिंह तोमर, ग्वालियर2-तुलसी सिलावट, इंदौर3- एंदल सिंह कसाना, मुरैना4-नारायण सिंह कुशवाह, ग्वालियर5-विजय शाह, खंडवा6-राकेश सिंह, जबलपुर7-प्रह्लाद पटेल, नरसिंहपुर8-कैलाश विजयवर्गीय, इंदौर-19-करण सिंह वर्मा, इछावर, सीहोर10-संपतिया उईके, मंडला11-राव उदय प्रताप सिंह, गाडरवारा, नर्मदापुरम12-निर्मला भूरिया, पेटलावद झाबुआ13-विश्वास सारंग, नरेला भोपाल14-गोविंद सिंह राजपूत, सुरखी सागर15-इंदर सिंह परमार, शाजापुर16-नागर सिंह चौहान, अलीराजपुर17-चैतन्य कश्यप, रतलाम18-राकेश शुक्ला, मेहगांव भिंड। राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार )19-कृष्णा गौर, गोविंदपुरा भोपाल20-धर्मेंद्र लोधी, जबेरा दमोह21-दिलीप जायसवाल22-गौतम टेटवाल23- लखन पटेल, दमोह24- नारायण पवार, राजगढ़। राज्यमंत्री -25–राधा सिंह, चितरंगी सीधी26-प्रतिमा बागरी, रैगांव सतना27-दिलीप अहिरवार, चंदला छतरपुर28-नरेन्द्र शिवाजी पटेल, उदयपुरा, रायसेन।

पटवारी ने एनएसयूआई को दिया टारगेट

Patwari gave target to NSUI भोपाल। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोमवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में सेवादल और एनएसयूआई की बैठक ली। पटवारी ने सबसे पहले मप्र भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के जिला अध्यक्षों से संवाद किया। सुबह 11 बजे शुरू हुई यह चर्चा 2 बजे तक चली। इसमें पीसीसी चीफ ने एनएसयूआई की आगामी गतिविधियों और लोकसभा चुनाव पर रणनीति बनाई। कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए हैं कि कालेज और विश्वविद्यालय में कांग्रेस की विचारधारा के साफ फर्स्ट टाइम वोटर्स को जोड़ा जाए। वहीं एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाते हुए कहा कि सड़कों पर प्रदर्शन में शामिल होंगे। भले ही सड़क लाठियां खानी पड़े, इसके लिए भी वो तैयार हैं। पटवारी ने सेवादल के प्रदेश पदाधिकारियों, जिला मुख्य संगठकों के साथ बैठक की। इसमें सेवादल की गतिविधियों और लोकसभा चुनाव पर बातचीत हुई। पटवारी ने कांग्रेस के दोनों विभागों से उनके पिछले कामों का भी हिसाब लिया। बता दें, पटवारी संगठन में कसावट के लिए लगातार चार दिनों तक बैठक करेंगे। 24 दिसंबर से शुरू ये बैठकें 27 तक चलेंगी। पटवारी मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में ही प्रदेश कांग्रेस के सभी जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी और प्रदेश पदाधिकारियों के साथ बैठक की है। इस दौरान वे सभी से विधानसभा चुनाव में हुई गड़बड़ियां और काम काज का हिसाब लिया। इसके साथ आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर भी बातचीत की। सभी जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी और पदाधिकारियों के साथ अध्यक्ष बनने के बाद पटवारी की यह दूसरी बैठक है। इस लिहाज से इस बैठक को अति महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा की 24वीं पुण्यतिथि

मंत्रिमंडल की पहली बैठक जारी, जल्द हो सकता है विभागों का बंटवारा

The first cabinet meeting is underway; the distribution of departments among ministers may happen soon. 2024 मार्च में लोकसभा चुनाव की घोषणा हो सकती है, ऐसे में नई सरकार के पास काम करने के लिए अब केवल दो महीने का समय है। भोपाल। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मोहन कैबिनेट की पहली बैठक मंत्रालय में हो रही है। इसमें मंत्रियों का अधिकारियों से परिचय कराया जा रहा है। 18 विधायक पहली बार मंत्री बने हैं। बैठक में अपर मुख्य सचिव सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित हैं। बैठक से पहले सुबह सीएम मोहन यादव ने पूर्व मुख्‍यमंत्री श‍िवराज सिंह चौहान से मुलाकात की। माना जा रहा है कि जल्द ही मंत्रियों को विभागों का बंटवारा भी किया जा सकता है। मुख्यमंत्री सचिवालय के अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री, मंत्रियों के साथ बैठक में संकल्प पत्र को प्राथमिकता में रखकर लक्ष्य की पूर्ति के संबंध में चर्चा करेंगे। वह पहले ही सभी विभाग प्रमुखों को कार्ययोजना बनाने के निर्देश दे चुके हैं। लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए मंत्रियों को समन्वय के साथ लक्ष्य बनाकर काम करना है।अगले साल 2024 मार्च में लोकसभा चुनाव की घोषणा हो सकती है, ऐसे में नई सरकार के पास काम करने के लिए अब केवल दो महीने का समय है। भाजपा के संकल्प पत्र की घोषणाओं को पूरा किया जाएगा।

पोस्टिंग के लिए, अफसरों ने तेज की मंत्रियों की ‘बंगला परिक्रमा’ यात्रा. 

For postings, officers conducted a ‘bungalow inspection’ tour of ministers with speed. गुलदस्ते के साथ पहुंचे, भरोसा जीतने के लिए कई ने पुराने के कामों का ब्यौरा, वरिष्ठ आईएएस और पुलिस मुख्यालय में पदस्थ वरिष्ठ आईपीएस अफसरों की धड़कने तेज, पोर्टफोलियों के बाद नेता पोस्टिंग के लिए करेंगे सिफारिश . उदित नारायण भोपाल। प्रदेश नई सरकार के गठन के साथ ही ब्यूरोक्रेट्स की धड़कनें तेज हो गई है। जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों से लेकर मंत्रालय में पदस्थ वरिष्ठ आईएएस और पुलिस मुख्यालय में पदस्थ वरिष्ठ आईपीएस अफसरों की भी धड़कने तेज हो गई कि उन्हें मलाईदार पोस्टिंग मिलेगी या नहीं मिलेगी। हालांकि कुछ अफसरों ने बंगला परिक्रमा शुरू कर दी है। अफसर गुलदस्ते के साथ मंत्रियों के बंगलों पर पहुंचने लगे हैं। कई अफसरों ने अपनी उपब्धियों की भी ब्यौरा भी पेश किया है। मंत्रियों ने भी अफसरों का मान रखा है और भरोसा दिलाया है। मध्य प्रदेश में ऐसे कई ब्यूरोक्रेट्स हैं, जो पिछल कई समय से सत्ता के बहुत करीबी थे, इसके चलते उन्होंने लगातार अच्छी पोस्टिंग मिल रही थी। अब जब मुख्यमंत्री बदल गए हैं तो ऐसे सभी अफसरों की बैचेनी बढ़ गई है। ऐसे अफसर अब नए मुख्यमंत्री की टीम में अपनी अच्छी पोस्टिंग को लेकर सक्रिय होने के रास्ते खोज रहे हैं। इसमें इन्हें कितनी सफलता मिलेगी यह तो उनकी प्राशसनिक सर्जरी में स्पष्ट हो जाएगा। हालांकि पिछले दिनों आधा दर्जन अफसरों के तबादले से जाहिर है कि बड़े स्तर पर फेरबदल किया जाएगा। जानकारी है कि अब पोर्टफोलियो मंत्रियों के बाद भी पोस्टिंग के लिए सिफारिश शुरू हो जाएगा।  लूप लाइन के अफसरों को दिन फिरने की उम्मीद – लंबे अरसे से लूप लाइन में पदस्थ आईपीएस-आईएएस को अब अपने दिन फिरने की उम्मीद जागी है। प्रदेश में ऐसे कई अफसर हैं, जो पिछली सरकार में अपनी पैठ नहीं बना सके थे, नतीजे में वे अच्छी पोस्टिंग से दूर थे। अब वे भी अच्छी पोस्टिंग पाने के प्रयास में लग गए हैं। पिछले साल में पूर्व सीएस की गुड लिस्ट शामिल नहीं थे। इसलिए बड़े जिलों से हटाकर निगम और मंडलों में बैठा दिया था। एसीएस, पीएस से लेकर कलेक्टर्स में पोस्टिंग को लेकर बैचेनी- एक दर्जन कलेक्टर ऐसे हैं जो पिछली सरकार के करीबी थे, अब इस सरकार में उनकी ट्यूनिंग कैसी होगी, इसे लेकर ब्यूरोक्रेसी में जमकर चर्चा है। इन्हें जिलों से हटाया जाएगा या इन्हें फिलहाल पदस्थ रखा जाएगा इसे लेकर अफसरों की धड़कने तेज हो चली है। ये सभी आईएएस अधिकारी नई सरकार में अपने कनेक्शन को तलाश रहे हैं। साथ ही अफसर नए हुकुमरानो को यह भी समझा रहे हैं कि वे पार्टी की विचारधारा से कितने प्रभावित है और किस हद तक जुड़े हुए हैं।

मध्य प्रदेश में 18 कैबिनेट मंत्री, 6 राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार और 4 राज्य मंत्रियों ने ली शपथ.

In Madhya Pradesh, 18 Cabinet Ministers, 6 Ministers of State with independent charge, and 4 State Ministers took the oath. राज्यपाल ने सबसे पहले विजय शाह, कैलाश विजयवर्गीय, पहलाद सिंह पटेल, राकेश सिंह, करण सिंह वर्मा और राव उदय प्रताप सिंह को मंत्री पद की शपथ दिलाई। प्रहलाद सिंह पटेल, कैलाश विजयवर्गीय, राकेश सिंह बने कैबिनेट मंत्री। तुलसीराम सिलावट, एंदल सिंह कंसाना, निर्मला भूरिया, गोविंद सिंह राजपूत कैबिनेट मंत्री। पहली बार की विधायक कृष्णा गौर भी बनीं मंत्री। भोपाल। मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल राजभवन में मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलवा रहे हैं। राज्यपाल ने सबसे पहले विजय शाह, कैलाश विजयवर्गीय, पहलाद सिंह पटेल, राकेश सिंह, करण सिंह वर्मा और राव उदय प्रताप सिंह को कैबीनेट मंत्री पद की शपथ दिलाई। इनके बाद संपतिया उइके, तुलसीराम सिलावट, एंदल सिंह कंसाना, निर्मला भूरिया, गोविंद सिंह राजपूत और विश्वास सारंग, नागर सिंह चौहान, नारायण सिंह कुशवाह, प्रद्युमन सिंह तोमर, राकेश शुक्ला, चेतन काश्यप और इंदर सिंह परमार को कैबीनेट मंत्री पद की शपथ दिलाई। इन्हें मिला स्वतंत्र प्रभारकृष्णा गौर, धर्मेंद्र लोधी, दिलीप जायसवाल, गौतम टेटवाल, लखन पटेल और नारायण सिंह पवार ने राज्य मंत्री स्वत्रंत प्रभार की शपथ ली।ये बने राज्य मंत्रीनरेश शिवाजी पटेल, प्रतिमा बागड़ी, राधा सिंह और दिलीप अहिरवार को राज्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। करण सिंह वर्मा और विजय शाह आठवीं बार चुनाव जीते हैं जबकि कैलाश विजयवर्गीय सात बार चुनाव जीते हैं, प्रहलाद सिंह पटेल पहली बार विधानसभा चुनाव जीते हैं। तुलसीराम सिलावट छठवीं, एंदल सिंह कंसाना और निर्मला भूरिया पांचवीं बार विधायक बने हैं। सीएम मोहन यादव ने कहा कि आज राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मुलाकात हुई। उन्होंने कहा, महामहिम हमारे नए मंत्रीमंडल को शपथ दिलाएंगे। पीएम नरेंन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के नेतृत्व में और सभी वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन में नया मंत्रिमंडल गठन के साथ प्रदेश के बेहतरी के लिए काम करेगा।

मध्यप्रदेश की नवनिर्वाचित सरकार के मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समारोह

मध्यप्रदेश की नवनिर्वाचित सरकार के मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समारोह Swearing in ceremony of the cabinet of newly elected government of Madhya Pradesh

मप्र में डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में नई भाजपा सरकार बनने के 12 दिन बाद आज मंत्रिमंडल का विस्तार होने जा रहा है.

After 12 days of the formation of the new BJP government under the leadership of Dr. Mohan Yadav in MP, today, the expansion of the cabinet is set to take place. विस्तार को लेकर पिछले कई दिनों से मंथन व अटकलों का दौर चल रहा था। नए मंत्रियों को सोमवार दोपहर तीन बजे बाद शपथ दिलाई जाएगी। मोहन सरकार के मंत्रिमंडल की शपथ साढ़े तीन बजे होने वाली है। इसमें 18 कैबिनेट मंत्री, छह राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और चार राज्यमंत्री बनाए जा रहे हैं। यहां देखें लिस्ट कैबिनेट मंत्री –1-प्रदुम्न सिंह तोमर2-तुलसी सिलावट3-एदल सिंह कसाना4-नारायण सिंह कुशवाहा5-विजय शाह6-राकेश सिंह7-प्रह्लाद पटेल8-कैलाश विजयवर्गीय9-करण सिंह वर्मा10-संपतिया उईके11-उदय प्रताप सिंह12-निर्मला भूरिया13-विश्वास सारंग14-गोविंद सिंह राजपूत15-इंदर सिंह परमार16-नागर सिंह चौहान17–चैतन्य कश्यप18-राकेश शुक्लाराज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार )19-कृष्णा गौर20-धर्मेंद्र लोधी21-दिलीप जायसवाल22-गौतम टेटवाल23- लेखन पटेल24- नारायण पवारराज्यमंत्री –25–राधा सिंह26-प्रतिमा बागरी27-दिलीप अहिरवार28-नरेन्द्र शिवाजी पटेल

राजभवन से मंत्री पद की शपथ लेने के लिए विधायकों को पहुंचने लगे फोन

माना जा रहा है कि करीब 28 विधायक मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं, इनमें 20 कैबिनेट, 6 को राज्य मंत्री और 2 को स्वतंत्र प्रभार दिया जा सकता है। भोपाल। मध्य प्रदेश में आज दोपहर 3.30 बजे मंत्रिमंडल का विस्तार होने जा रहा है। सुबह सीएम डा मोहन यादव राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मिलने पहुंची और उन्हें शपथ लेने वाले मंत्रियों की सूची सौंप दी। इसके बाद से राजभवन से विधायकों को मंत्री पद की शपथ लेने के लिए फोन आने का सिलसिला शुरू हो गया है। दिसंबर को सीएम मोहन यादव के साथ दो डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला और जगदीश देवड़ा ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली थी।माना जा रहा है कि करीब 28 विधायक मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं, इनमें 20 कैबिनेट, 6 को राज्य मंत्री और 2 को स्वतंत्र प्रभार दिया जा सकता है। हालांकि इसको लेकर सरकार द्वारा कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है। आज दोपहर में होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार में जिन विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई जानी हैं उनमें ये नाम शामिल हैं। 1 एंदल सिंह कंसाना 2 इंदर सिंह परमार 3 नारायण सिंह कुशवाहा 4 विश्वास सारंग 5 प्रद्युम्न सिंह तोमर 6 कृष्णा गौर 7 तुलसी सिलावट 8 नागर सिंह चौहान 9 कैलाश विजयवर्गीय 10 प्रतिमा बागरी 11 प्रहलाद पटेल 12 राकेश शुक्ला 13 राकेश सिंह 14 नरेंद्र शिवाजी पटेल 15 संपतिया उईके 16 राधा सिंह चितरंगी 17 हेमंत खंडेलवाल 18 अजय विश्नोई 19 चेतन कश्यप 20 लखन पटेल 21 गोविंद सिंह राजपूत

मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार के मंत्रिमंडल का आज विस्तार होने जा रहा है।

The expansion of the Madhya Pradesh Mohan Yadav government’s cabinet is set to take place today. भोपाल में दोपहर साढ़े तीन बजे नए मंत्रियों को शपथ दिलाई जाएगी। माना जा रहा है कि आज 15 से 18 विधायक मंत्रीपद की शपथ ले सकते हैं। 13 दिसंबर को सीएम पद की शपथ लेने के बाद मोहन यादव को कैबिनेट मंत्रियों के नाम फाइनल करने के लिए तीन बार दिल्ली का दौरा करना पड़ा। सीएम यादव ने प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह, जेपी नड्डा से लेकर बीजेपी के तमाम नेताओं से मुलाकात की और जब सभी मंत्रियों के नाम फाइनल हो गए तो कल वो भोपाल लौट गए।15 से 18 मंत्री ले सकते हैं शपथबीजेपी सूत्रों का कहना है कि आलाकमान ने मंत्रियों के सभी पदों पर नामों को हरी झंडी दे दी है। संभावना है कि पहले विस्तार में इनमें से 15 से 18 मंत्री शपथ ले सकते हैं। हालांकि मंत्रिमंडल में कौन-कौन विधायक शामिल होंगे, इसकी आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। सीएम मोहन यादव ने आज सुबह 9 बजे राज्यपाल से मिलने का समय लिया है। जहां वो उन्हें वे नाम सौंपेंगे जो मंत्री के रूप में शपथ लेने वाले हैं। शपथ ग्रहण राजभवन में होगा, जिसकी तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव मंत्रियों की शपथ से पहले इंदौर जाएंगे। जहां वे कनकेश्वरी धाम परिसर में हुकुमचंद मिल के मजदूरों के बकाया भुगतान कार्यक्रम में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस कार्यक्रम में वर्चुअली जुड़ेंगे। इस दौरान वे श्रमिकों को संबोधित भी करेंगे। मध्य प्रदेश के नए मंत्रिमंडल में ये हो सकते हैं संभावित मंत्री-कैलाश विजयवर्गीयप्रहलाद पटेलराकेश सिंहराव उदय प्रतापविश्वास सारंगतुलसी सिलावटरीति पाठकसंजय पाठकरामेश्वर शर्मागोविंद सिंह राजपूतप्रद्युम्न सिंह तोमरबृजेन्द्र सिंह यादवकृष्णा गौररमेश मेंदोलाअर्चना चिटनीसऊषा ठाकुरसीतासरन शर्माचेतन्य कश्यपघनश्याम चंद्रवंशीबता दें कि मध्यप्रदेश में मंत्रिमंडल के सदस्यों की अधिकतम संख्या मुख्यमंत्री समेत 35 हो सकती है। पिछले महीने हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 163 और कांग्रेस ने 66 सीटें जीती थीं।

एमपी में मंत्रिमंडल का विस्तार कल, सीएम मोहन यादव.

Cabinet expansion in MP tomorrow, announces CM Mohan Yadav. मध्यप्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार सोमवार दोपहर में हो सकता है। करीब 20 मंत्री दोपहर में शपथ ले सकते हैं। इसमें नए चेहरे के साथ ही कुछ पूर्व मंत्रियों को मौका देने की बात सामने आ रही है। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री की केंद्रीय नेताओं से मुलाकात के बाद मंत्रिमंडल के नाम पर अंतिम मुहर लग गई है। अधिकारिक सूत्रों की मानें सीएम मोहन यादव ने राज्यपाल मंगुभाई पटेल से सोमवार सुबह मुलाकात का समय मांगा है। बताया जा रहा है कि वे राज्यपाल से भेंट कर संभावित मंत्रियों की सूची सौंप सकते हैं।  बता दें सीएम का एक सप्ताह में यह तीसरा दौरा है। सीएम के दिल्ली दौरे के चलते भोपाल में आयोजित होने वाली बैठकों को रद्द कर दिया गया। देर शाम सीएम भोपाल लौट सकते हैं। बताया जा रहा है कि सीएम केंद्रीय नेतृत्व के साथ मंत्रिमंडल को लेकर फाइनल चर्चा हो गई है। अब सोमवार को मंत्रिमंडल में तकरीबन 20 मंत्री शपथ ले सकते है।

देश के विख्यात संगीत समारोह में शिरकत करेंगे, सीएम. 

Chief Minister will participate in the country’s renowned music festival. ग्वालियर । देश के विख्यात संगीत समारोह में शिरकत करने के लिए सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ग्वालियर आएंगे। इस दौरान वे कई कार्यक्रमों में भाग लेंगे। सोमवार को ही भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई का जन्मदिन भी है। इसे लेकर महाराज बाड़े पर गौरव दिवस का आयोजन किया गया है। मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। वह तानसेन संगीत समारोह में इस साल के तानसेन अलंकरण के लिए पंडित गणपति भट्ट हासणगि को सम्मानित करेंगे। इसके अलावा मुख्यमंत्री किले पर जाएंगे जहां तबला वादक रिकॉर्ड के लिए एक साथ 1650 कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे ।कलेक्टर ने रविवार को तानसेन समारोह महाराज वाडा़ और मुख्यमंत्री के सभी कार्यक्रम स्थलों का दौरा किया और आवश्यक तैयारियों के निर्देश दिए। कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह ने कहा कि जिस तरह से इंटक मैदान में रात को रिचा शर्मा के प्रोग्राम में संगीत प्रेमियों ने बढ़-चढ़कर का हिस्सा लिया। उन्हें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में भी तानसेन संगीत समारोह को यादगार बनाने के लिए शहर वासी बड़ी संख्या में यहां पहुंचेंगे।

आत्मनिर्भरता के युग की शुरुआत,सशक्त भारत के सशक्त कानून

The beginning of the era of self-reliance, empowered laws for a strong India. विष्णुदत्त शर्मा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद के दोनों सदनों में आपराधिक न्यायिक प्रणाली में सुधार के तीन विधेयक प्रस्तुत किये एवं दोनों सदनों में यह विधेयक ध्वनिमत से पारित होने के पश्चात् एक नए युग की शुरुआत हो गयी है। (1) भारत में अब भारतीय न्याय संहिता विधेयक 2023 जो आईपीसी, 1860 को प्रतिस्थापित करेगा। (2 ) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता विधेयक 2023 जो सीआरपीसी, 1898 को प्रतिस्थापित करेगा। (3) भारतीय साक्ष्य विधेयक, 2023 जो साक्ष्य अधिनियम, 1872 को प्रतिस्थापित करेगा। इन विधेयकों की शुरूआत ऐसे समय में हुई है जब विश्व तेजी से तकनीकी प्रगति, सामाजिक परिवर्तन और विकसित हो रहे वैश्विक मानकों को देख रहा है। ब्रिटिश काल के दौरान बनाए गए मौजूदा कानूनों कि अक्सर पुराने होने और समकालीन जरूरतों के अनुरूप नहीं होने के कारण आलोचना की जाती रही है। नए कानून 21वीं सदी के साथ कानूनी प्रणाली को संरेखित करने की मोदी सरकार कि मंशा को दर्शाते हैं, जिसमें नागरिक-केंद्रित कानूनी संरचनाओं, लिंग तटस्थता, डिजिटल परिवर्तन और सजा के बजाय न्याय पर ध्यान केंद्रित करने पर जोर दिया गया है। इन परिवर्तनकारी कानूनी सुधारों का उद्देश्य भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली को नया आकार देना, नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा और न्याय के कुशल प्रशासन को सुनिश्चित करना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व एव हमारे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प शक्ति का परिणाम था कि सभी हितधारकों के साथ व्यापक चर्चा के बाद इन कानूनों को लाया गया है। स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश के नाम अपने सम्बोधन में कहा था कि “ये समय गुलामी की मानसिकता से मुक्त होकर, अपनी विरासत पर गर्व करने का है“ और आजादी के अमृतकाल में भारत ने संकल्प लिया है कि उन सभी गुलामी के प्रतीकों से मुक्ति पाना है। वास्तव में भारत की प्राचीन सभ्यता में अपराधियों को दंड देने के बजाय पीड़ित को न्याय देने का प्रचलन था किन्तु औपनिवेशिक काल में अंग्रेजों ने अपनी सत्ता स्थायी रखने के उद्देश्य से भय प्रस्थापित करने हेतु दंड को प्राधान्य दिया था। इन कानूनों के प्रमुख प्रावधानों में राजद्रोह को निरस्त कर देशद्रोह को स्थापित करना, मॉब लिंचिंग के खिलाफ एक नया प्रावधान, नाबालिगों के बलात्कार के लिए मृत्युदंड, आतंकवाद की परिभाषा और छोटे अपराधों के लिए पहली बार सामुदायिक सेवा को दंड के रूप में सम्मिलित किया है। इसमें महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध, हत्या और राज्य के खिलाफ अपराधों को प्राथमिकता दी गई है। अलगाववादी गतिविधियों या भारत की संप्रभुता और एकता को खतरे में डालने वाले कृत्यों पर नए अपराध जोड़े गए हैं। मुख्यतः यह विधेयक मानव केंद्रित न्याय प्रणाली सुनिश्चित करने का कार्य करेंगे और अब लोगां को “तारीख पर तारीख“ से मुक्ति मिलेगी। यह नए कानून भारतीय आत्मा से ओत-प्रोत हैं और इनका उद्देश्य संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना और न्याय प्रदान करना है। भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य विधेयकों की शुरूआत भारत की कानूनी प्रणाली के लिए अत्यधिक महत्व रखती है जिससे निम्नलिखित संकल्प पूर्ति का लक्ष्य है – आधुनिकीकरणः यह कानून औपनिवेशिक विरासत से प्रस्थान का प्रतिनिधित्व करते हैं, ऐसे प्रावधान प्रस्तुत करते हैं जो समकालीन सामाजिक मूल्यों और तकनीकी प्रगति को दर्शाते हैं। डिजिटल अपराधों और साक्ष्यों को मान्यता देकर, नए कानून 21 वीं सदी की वास्तविकताओं को दर्शाते हैं, जिससे भारत की कानूनी प्रणाली का आधुनिकीकरण होता है। दक्षताः कानूनी प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने और डिजिटल साक्ष्य को मान्यता देकर, इन कानूनों का उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया की दक्षता को बढ़ाना, देरी को कम करना और त्वरित न्याय को सुनिश्चित करना है। नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोणः नागरिकों के अधिकारों की रक्षा और जीवन में सुगमता सुनिश्चित करने पर जोर देने के साथ ही इनका लक्ष्य दंड से न्याय पर लक्ष्य केंद्रित करना है। वैश्विक मानकों के अनुरूपः यह आपराधिक न्यायिक प्रणाली के सुधार भारत की कानूनी प्रणाली को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाते हैं, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि यह कानून अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम क़ानूनी प्रथाओं के अनुरूप हैं। गौरतलब है आपराधिक न्यायिक प्रणाली में सुधार की यह प्रक्रिया वर्ष 2019 में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में गृह मंत्रालय द्वारा शरू की गई जिसमें विभिन्न हितधारकों से इस संदर्भ में सुझाव मांगे गए। गृह मंत्री जी ने सितम्बर 2019 में सभी राज्यपालों, मुख्यमंत्रियों, उपराज्यपालों/प्रशासकों को पत्र लिखा था। जनवरी 2020 में भारत के मुख्य न्यायाधीश, उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों, बार काउंसिलों और विधि विश्वविद्यालयों और दिसम्बर 2021 में संसद सदस्यों से भी सुझाव मांगे गए। बीपीआरडी ने सभी आईपीएस अधिकारियों से सुझाव मांगे। मार्च 2020 को नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, दिल्ली के कुलपति की अध्यक्षता में एक समिति भी गठित की गई जिसे कुल 3200 सुझाव प्राप्त हुए थे। साथ ही 18 राज्यों, 06 संघ राज्य क्षेत्रों, भारत के सर्वोच्च न्यायालय, 16 उच्च न्यायालयों, 27 न्यायिक अकादमियों-विधि विश्वविद्यालयां, पुलिस बलों ने भी अपने सुझाव दिए है। गृह मंत्री अमित शाह ने 158 व्यक्तिगत बैठकें की, तत्पश्चात इन सुझावों पर गृह मंत्रालय में गहन विचार-विमर्श किया गया और इसी के परिणाम स्वरूप यह तीन कानून बने हैं। हम यह कह सकते हैं कि सरकार ने व्यापक चर्चा उपरांत जनआकांक्षाओं का सम्मान कर इन कानूनों को लाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार पिछले साढ़े 9वर्षों में, हमारी संस्थाओं और प्रणालीगत कानूनों को पुनर्जीवित करने के मिशन पर कार्य रही है, जो 19 वीं शताब्दी में ब्रिटिश शासन और उनके प्रतिनिधियों द्वारा हमारे प्राचीन सभ्यतागत सोच विचार को ब्रिटिश शासन के अधीन एवं राज्य चलाने के उद्देश्य से बनाये गए थे। निश्चित रूप से यह नए कानून हमारी कानूनी आत्मनिर्भरता के युग की शुरुआत है एवं इन कानूनों के पारित होने का सुखद अनुभव वास्तव में हमें दासता से मुक्ति का बोध कराता है। नोट – लेखक भाजपा मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष हैं।

विकसित भारत संकल्प यात्रा पहुंच रही गांव-गांव

Developed India Sankalp Yatra reaching every village ग्यारसपुर ! जनपद ग्यारसपुर की ग्राम पंचायत पथरई, इमलावदा मे विकसित भारत संकल्प यात्रा पहुंची जहां पर ग्रामीणों को केंद्र सरकार के द्वारा संचालित योजनाओं के बारे में ग्रामीणों को जानकारी दी गई जिसमें सरकारी विभागों के कर्मचारियों अधिकारियों के द्वारा स्टॉल लगाकर शासन की योजनाओं से वंचित परिवारों के आवेदन लिए गए उनके नाम जोड़े गए , यात्रा में सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया जिसमें जीते हुए प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया, पथरई ग्राम पंचायत में छोटी-छोटी छात्राओं के द्वारा मतदाता जागरूकता नुक्कड़ नाटक का भी प्रदर्शन किया गया जिसमें सभी अतिथियों के द्वारा उनकी सराहना की गई । इमलावदा मैं बुजुर्ग दादा के द्वारा नृत्य किया गया । ग्राम पंचायत का 100% ऑनलाइन रिकॉर्ड राजस्व का किया गया जिसके चलते ग्राम पंचायत इमलावदा को अभिनंदन पत्र दिया गया, कार्यक्रम में पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष राजेंद्र मीणा प्रताप सिंह रघुवंशी, लक्ष्मण सिंह रघुवंशी, मुन्नालाल रघुवंशी, रामनारायण रघुवंशी, रामशरण सिंह रघुवंशी, बरेलाल लोधी, विजय कुमार जैन, गोविंद सिंह रघुवंशी, संजय सिंह रघुवंशी, नीरेंद्र दांगी स्थानीय सरपंच मनोज रघुवंशी, संजीव रघुवंशी, समग्र सुरक्षा अधिकारी महेश कुशवाहा नोडल अधिकारी शानू जैन सचिव कौशल कुमार जैन नर्मदा प्रसाद श्रीवास्तव, रोजगार सहायक सरिता रघुवंशी, रविंद्र मेटोलिया, मुख्यमंत्री जन सेवा मित्र सहित ग्रामीण जन मौजूद रहे ।

हुकुमचंद मिल मजदूरों को 25 दिसंबर को मिलेगी राहत राशि, मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव

Hukumchand Mill workers will receive relief funds on December 25, says Chief Minister Dr. Mohan Yadav. इंदौर के कनकेश्वरी धाम में आयोजित होगा कार्यक्रम। लंबित देनदारियों के भुगतान से हुकुमचंद मिल के 4 हजार 800 श्रमिकों से जुड़े परिवारों के लगभग 25 हजार लोगों को लाभ मिलेगा। भोपाल। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव 25 दिसंबर को इंदौर की हुकुमचंद मिल के मजदूरों को 464 करोड़ रुपये की राशि वितरण करेंगे। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर सुशासन दिवस पर इंदौर के कनकेश्वरी धाम में आयोजित हितलाभ वितरण के इस कार्यक्रम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वर्चुअली जुड़ेंगे। इस सिलसिले में मुख्यमंत्री ने शनिवार सुबह मंत्रालय में अधिकारियों के साथ बैठक की और इस कार्यक्रम के लिए चल रही तैयारियों की समीक्षा करते हुए जरूरी दिशा-निर्देश दिये। मजदूरों को संबोधित करेंगे पीएम मोदीयहां पर यह बता दें कि हुकुमचंद मिल के मजदूरों की 30 साल से देनदारियां बकाया हैं। देनदारियों के इस भुगतान से हुकुमचंद मिल के 4 हजार 800 श्रमिकों से जुड़े परिवारों के लगभग 25 हजार लोगों को लाभ मिलेगा। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी मजदूरों को संबोधित भी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इंदौर जिला प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि यह राशि सीधे मजदूरों को ही मिले। इस संदर्भ में उन्होंने मजदूर संघों से बात करने के भी निर्देश अधिकारियों को दिए। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बैठक में अधिकारियों से प्रदेश की अन्य बंद मिलों और उनके मजदूरों को होने वाले भुगतान की लंबित जानकारी भी तलब की।

हुजूर विधानसभा के मुण्डला गांव पहुंची ‘मोदी की गारण्टी’ वाली गाड़ी, विधायक शर्मा ने विकसित भारत का संकल्प दिलाया

The vehicle carrying ‘Modi’s Guarantee’ reached Mundla village of Huzur Assembly, हुजूर विधानसभा के मुण्डला गांव पहुंची ‘मोदी की गारण्टी’ वाली गाड़ी, विधायक शर्मा ने विकसित भारत का संकल्प दिलाया 2047 तक विकसित भारत केवल मोदी जी का सपना नहीं, जन-जन का संकल्प है। – विधायक रामेश्वर शर्मा 2047 में विकसित भारत का संकल्प हर राष्ट्रप्रेमी के लिए मिशन की तरह है। – रामेश्वर शर्मा भोपाल। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार की गरीब कल्याण की योजनाओं का लाभ जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से देशभर में विकसित भारत संकल्प यात्रा निकाली जा रही है। इस यात्रा के माध्यम से मोदी की गारण्टी वाली गाड़ी गांव-गांव जाकर नागरिकों को योजनाओं से जोड़ रही है। भोपाल की हुजूर विधानसभा में भी विकसित भारत संकल्प यात्रा को लेकर लगातार कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को हुजूर विधानसभा के मुण्डला गांव में मोदी की गारण्टी वाली गाड़ी पहुंची। यहां विधायक रामेश्वर शर्मा ने विकसित भारत के संकल्प लेकर स्थानीय नागरिकों को संबोधित किया। इस दौरान सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े अधिकारियों ने भी स्टॉल लगाकर नागरिकजनों का विभिन्न योजनाओं में पंजीयन कराया। विकसित भारत संकल्प यात्रा के तारतम्य में मुण्डला के नागरिकों को संबोधित करते हुए विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि – हम सभी देशवासियों को आज गर्व होता है कि हमारे देश का नेतृत्व प्रधानमंत्री श्रीमान नरेन्द्र मोदी जी के हाथों में है, जिसका लोहा पूरा विश्व मानता है। पूरे विश्व में सर्वाधिक लोकप्रियता की बात हो या देश के हर गरीब की चिंता करने की बात हो, प्रधानमंत्री श्रीमान नरेन्द्र मोदी सदैव अग्रणी रहते हैं। अपने प्रधानमंत्री काल में मोदी जी ने जो जो वादे किए थे वे सब आज गारंटी बन गए हैं। चाहे आवास हो या उज्ज्वला, आयुष्मान हो या अन्न योजना जैसे अनेकों कल्याणकारी प्रयास, मोदी जी हर क्षेत्र में देश के नागरिकों की सेवा और सुविधा में तत्पर रहते हैं। इसलिए आज देश के जन-मन को मोदी जी की हर गारंटी पर भरोसा है। इसी भरोसे और दृढ़ करने के लिए देशभर में विकसित भारत संकल्प यात्रा निकाली जा रही है। जिसके माध्यम से समाज के हर वर्ग को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए मोदी की गारण्टी वाली गाड़ी गांव-गांव जा रही है। उन्होंने आगे कहा कि जिस तरह मोदी जी हर नागरिक को सशक्त बनाने का प्रयास कर रहे हैं उसी तरह हम सब भी 2024 में पुनः मोदी जी को सशक्त बनाएंगे। ताकि जनकल्याण के साथ राष्ट्रीय गौरव भी निरंतर बढ़ता रहे। विकसित भारत के लिए योगदान देने की शपथ दिलाईविधायक रामेश्वर शर्मा ने अपने संबोधन में पहले मुण्डला गांव के रहवासियों को विकसित भारत के संकल्प से अवगत कराया। इसके बाद उन्होंने नागरिकों को विकसित भारत बनाने के लिए अपना योगदान देने की शपथ दिलाई। विधायक शर्मा ने कहा कि भारत तभी 2047 के लक्ष्य को प्राप्त कर सकेगा जब हम सब इसके लिए आगे आकर अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे।

मोहन सरकार का टारगेट लोकसभा 29-0 कैंपेनिंग जल्द शुरू करेगी बीजेपी

Mohan government’s target is Lok Sabha 29-0; BJP will start campaigning soon भोपाल ! मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान विधानसभा चुनाव में बंपर जीत के बाद बीजेपी लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गई है। लोकसभा चुनाव में बीजेपी इस बार भी पीएम नरेंद्र मोदी के चेहरे पर लड़ेगी। साथ में होंगे सीएम डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा। बीजेपी प्रदेश की सभी 29 लोकसभा सीटों पर जीत हासिल करने का टारगेट लेकर चुनाव में उतरेगी। यानी बीजेपी 29-0 से क्लीन स्वीप करने कैपेनिंग करेगी। यहां बता दें, इससे पहले के लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी के साथ शिवराज सिंह चौहान प्रमुख चेहरा थे। 2019 के चुनाव में बीजेपी ने 29 लोकसभा सीटों में 28 पर जीत दर्ज की थी। बीजेपी को केवल छिंदवाड़ा संसदीय सीट पर हार मिली थी। यह सीट कमलनाथ का गढ़ है, जहां से उनके बेटे नकुलनाथ जीते थे। बीजेपी लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी मप्र की 29 लोकसभा सीटों के लिए बीजेपी ने मंथन शुरू कर दिया है। बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को एक बार फिर से नए काम दिए जा रहे हैं। बीजेपी ने लोकसभा चुनाव में जीत के लिए पांच पॉइंट में अपनी रणनीति तैयार की है और लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट गई है। इन 5 पॉइंट से समझें बीजेपी की तैयारी 51 प्रतिशत वोट का टारगेट लोकसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने राज्य में 51 फीसदी वोट का टारगेट तैयार किया है। बीजेपी इसके लिए प्लान कर रही है। विधानसभा चुनाव में बीजेपी का वोट शेयर 48.55 फीसदी था। अब बीजेपी लोकसभा चुनाव में 51 फीसदी वोट शेयर का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है। हारे हुए बूथों पर फोकस विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 163 सीटों पर जीत मिली है। बीजेपी को विधानसभा चुनाव में जिन बूधों पर पार्टी की हार हुई है। उसे देखते हुए बीजेपी ने तैयारी शुरू कर दी है। हारे हुए बूथ के कार्यकर्ताओं से बीजेपी संगठन जल्द मीटिंग करने की योजना बना रहा है। हारी हुई सीटों पर अलग तैयारी विधानसभा चुनाव में बीजेपी को जिन विधानसभा सीटों पर हार का सामना करना पड़ा है। वहां, पार्टी अलग तरह की रणनीति बना रही है। बीजेपी यहां नए नेताओं को जिम्मेदारी दे सकती है। इसके लिए नेताओं की लिस्ट तैयार की जा रही है। फिलहाल अभी किसी नेता को इसके लिए जिम्मेदारी नहीं दी गई है।हर माह तय होंगे कार्यक्रम लोकसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने हर महीने बूथ स्तर पर बड़े कार्यक्रम आयोजित करने की प्लानिंग कर रही है। लोकसभा चुनाव से पहले संपर्क अभियान चलाया जाएगा। इसके माध्यम से आम लोगों तक केंद्र सरकार की योजनाओं को पहुंचाया जाएगा। उन योजनाओं पर फोकस किया जाएगा जिसमें आम लोगों को सीधा फायदा मिल रहा है। नई जोड़ी ने थमाई जिम्मेदारी सीएम मोहन यादव ने बीजेपी विधायक दल की बैठक की थी। इस बैठक में लोकसभा चुनाव को लेकर भी चर्चा हुई। सीएम और वीडी शर्मा की नई जोड़ी ने विधायकों को लोकसभा चुनाव के लिए टारगेट दिए हैं। सभी विधायकों को अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र में वोट प्रतिशत बढ़ाने का टारगेट दिया गया है।

142 सांसदों के निलंबन के विरोध में, जिला कांग्रेस कमेटी कटनी द्वारा धरना और फूका पुतला.

In protest against the suspension of 142 MPs, a district Congress committee staged a demonstration and burnt an effigy. कटनी, संवाददाता, सहरा सामाचारकटनी। संसद के सुरक्षा में चूक मामले पर सवाल पूंछनें और सदन में गृहमंत्री के वक्तव्य की मांग करने पर भाजपा सरकार द्वारा लोकसभा एवम राज्यसभा से 142 सांसदों का अलोकतांत्रिक तरीके से निलंबन लोकतंत्र पर तानाशाही के हावी होने का प्रमाण है।लोकतंत्र बचाने के लिए जिला कांग्रेस कमेटी कटनी शहर एवं ग्रामीण के तत्वाधान में समस्त पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन किया।इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष विक्रम खम्परिया ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा अलोकतांत्रिक तरीके से लोकतंत्र को तार-तार कर संसद के दोनों सदनों से विपक्ष के 142 सांसदों को निलंबित कर दिया गया है जो लोकतंत्र के इतिहास में पहली बार हुआ है जो देश के लिए अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं निंदनीय है इनके निलंबन को बहाल कर लोकतंत्र के ऊपर हो रहे ऐसे घिनौनी कृत को रोकने की मांग कांग्रेस करती है lजिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण अध्यक्ष करण सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा विपक्ष के आवाज को कुचलने का जो कार्य किया जा रहा है यह देश के प्रत्येक नागरिक के हक अधिकार के विरुद्ध है,लोकतंत्र पर अब के इतिहास में सबसे बड़ा कुठारा घात है l कांग्रेस पार्टी ऐसा कतई होने नहीं देगी हम सभी पदाधिकारी कार्यकर्ता ऐसे ही विरोध प्रदर्शन करते रहेंगे l विधानसभा के कांग्रेस प्रत्याशी मिथलेश जैन ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से जनता के हित और देश हित के लिए आवाज उठाना नहीं छोड़ेंगे जरूरत पड़ी तो देश एवं प्रदेश की कांग्रेस कमेटी के एक आवाज पर एकजुट होकर आगे और जोरदार प्रदर्शन हम लोग करेंगे।जिला समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष इंजी यदुवेंद्र सिंह यादव ने कहा कि लोकतंत्र की हत्या कर केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा जो यहां विपक्ष की आवाज को दबाने का कार्य किया जा रहा है इससे सपा डरने वाली नहीं है हम सड़कों पर जनता के बीच उनके अधिकार के लिए लड़ाइयां लड़ते रहेंगे।प्रदेश उपाध्यक्ष विजेंद्र मिश्र ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा देशहित के लिए कार्य किया है जनता के हक अधिकार के लिए कार्य की है और देश हित के लिए हम सभी एकत्रित होकर लड़ाईया लड़ेंगे lजिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष अंशु मिश्रा ने कहा कि आज इस भ्रष्ट भाजपा सरकार का जो चरित्र सामने आ रहा लोकतंत्र को शर्मसार करने वाले दृश्य पर जिसने जनता की आवाज उठाने वाले विपक्ष के 142 सांसदों का निलंबित किया जाना लोकतंत्र पर कुठाराघात हमला किए जाने का प्रमाण है जिसका जिला युवा कांग्रेस घोर निन्दा करती है। जिला महिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष रजनी वर्मा ने कहा कि देश हित में लोकतंत्र को बचाने के लिए आवाज बुलंद करती है आगे भी जरूरत पड़ी तो आम जनता के हक अधिकार के लिए आवाज बुलन्द करते हुए उग्र आंदोलन भी करेंगे।इस अवसर पर मप्र कांग्रेस शिक्षा एवं शिक्षक प्रकोष्ठ का अध्यक्ष रामनरेश त्रिपाठी प्रदेश महामंत्री राकेश जैन कक्का राजा जगवानी देवीदीन गुप्ता डॉ बीके तोमर शशि शेखर भारद्वाज ने भी धरना में संबोधन दिया।धरने के उपरांत देश की सत्ता में बैठकर देश के लोकतंत्र की हत्या कर रही भाजपा के अध्यक्ष जेपी नड्डा का पुतला जलाया गया। सैकड़ो कार्यकर्ता उपस्थित रहे

कांग्रेस में हलचल तेज़, लोकसभा चुनाव के लिए बनी, कांग्रेस मेनिफेस्टो कमेटी.

There is a buzz in the Congress, as a manifesto committee has been formed for the Lok Sabha elections. नई दिल्ली ! MP से ओमकार सिंह मरकाम को मिली बड़ी जिम्मेदारी ! लोकसभा चुनाव 2024 के लिए कांग्रेस ने तेज की तैयारियां !एआईसीसी ने लोकसभा इलेक्शन के लिए घोषणा पत्र कमेटी का किया गठन !मध्य प्रदेश से विधायक ओमकार सिंह मरकाम को मिली जगह !वहीं पी चिदंबरम को कमेटी का चेयरमैन और छत्तीसगढ़ से टीएस सिंहदेव को बनाया संयोजक !देखिए सूची…पी. चिदंबरम – अध्यक्ष, टी.एस. सिंहदेव – संयोजक , सिद्धारमैया , प्रियंका गांधी वाड्रा , आनंद शर्मा , जयराम रमेश , डॉ. शशि थरूर , गायखंगम , गौरव गोगोई , प्रवीण चक्रवर्ती , इमरान प्रतापगढ़ी ,के. राजू , ओमकार सिंह , मरकाम , रंजीत रंजन , जिग्नेश मेवाणी , गुरदीप सप्पल

मोहन कैबिनेट जल्द लेंगा शपथ , दिल्ली दरबार बैठक सम्पन्न

The Mohan Cabinet will soon take the oath, and the Delhi meeting has concluded. नई दिल्ली । मध्यप्रदेश के डॉ मोहन यादव मंत्रिमंडल की सारी अड़चनें दूर कर ली गई। मंत्रियों की लिस्ट को शुक्रवार रात अंतिम रूप दे दिया गया। फार्मूले के तहत तीन बार मंत्री रहे चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया जा रहा। इस बार ऐसे विधायकों को कैबिनेट में जगह दी जा रही है, जो तीन या पांच बार विधायक बने पर कभी मंत्री नहीं बन पाए। जानकारी के मुताबिक 23 या 24 दिसंबर को मंत्रिमंडल शपथ लेगा। मंत्रियों की संख्या भी शायद 20 से ज्यादा नहीं होगी। भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व मुख्यमंत्री की तरह मंत्रिमंडल में भी नए चेहरों को शामिल करना चाहता है। यही कारण है कि तीन से पांच बार विधायक बनने के बाद भी मंत्री नहीं बन सके चेहरों को इस बार मौका देना तय किया गया। अपनी दो दिन की दिल्ली यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के अलावा और भी कई नेताओं से अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के अलावा और भी कई नेताओं से मुलाकात की। बताते हैं कि सिंधिया से मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई। हाईकमान के साथ हुई बैठक में डॉ मोहन यादव ने मंत्रिमंडल की लिस्ट को अंतिम रूप दिया। संभावना है कि 23 या 24 दिसंबर को मंत्रिमंडल विस्तार होप्नाएगा। पार्टी सूत्रों ने बताया कि मंत्रिमंडल शपथ में अधिक विलंब नहीं किया जाएगा। क्योंकि, फिर सभी सांसदों और विधायकों को नरेंद्र मोदी की संकल्प यात्रा के साथ जनता के बीच जाना है। ऐसे में केबिनेट गठन में देरी नहीं की जा सकती। भाजपा हाईकमान ने तय किया है कि मंत्रिमंडल का विस्तार 23 या 24 दिसंबर को कर ही दिया जाए। अभी करीब 20 मंत्रियों को शपथ दिलाई जा सकती है। इनमें ज्यादातर कैबिनेट और कुछ को राज्य मंत्री बनने का मौका मिलेगा। इनके मंत्री बनने की संभावना डॉ मोहन यादव ने जिन संभावित मंत्रियों के नामों पर भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के साथ चर्चा की उनमें सभी गुटा, जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने की कोशिश की गई। इसके अलावा सबसे ज्यादा ध्यान लोकसभा चुनावों को देखते हुए भी किया गया है। इसके तहत हर लोकसभा क्षेत्र से कम से कम एक विधायक को मंत्री बनने की कोशिश की गई। जिन नामों पर मंत्री बनाए जाने को लेकर चर्चा हुई उनमें विश्वास सारंग, रमेश मेंदोला (या मालिनी गौड़), इंदरसिंह परमार, निर्मला भूरिया, मंजू दादू, एदल सिंह कंसाना, कुंवर टेकाम, संपतिया उइके, ओमप्रकाश धुर्वे, रामेश्वर शर्मा, विष्णु खत्री, कृष्णा गौर, गोविंद राजपूत, प्रद्युम्न सिंह तोमर, तुलसी सिलावट, अंबरीश शर्मा गुड्डू, बृजेंद्र यादव, नीना वर्मा, भगवानदास सबनानी, राकेश सिंह, राजेश सोनकर, रीति पाठक, राजकुमार मेव, दिव्यराज सिंह, ललिता यादव, प्रदीप लारिया, बृजेंद्र प्रताप सिंह, हरिशंकर खटीक, देवेंद्र कुमार जैन, प्रियंका मीणा के नाम शामिल हैं। इनमें से भी कुछ नाम बाहर हो सकते हैं। बड़े नामों पर ये हुआ फैसला सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कैलाश विजयवर्गीय को मंत्रिमंडल में शामिल न करके उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाने का फैसला किया गया है। यह काम भी मंत्रिमंडल गठन के साथ ही होगा। वीडी शर्मा को केंद्र में मंत्री बनाया जाएगा। राकेश सिंह और रीति पाठक को मंत्री बनाया जा रहा है, जबकि, प्रहलाद पटेल को फिर लोकसभा चुनाव लड़ाया जाएगा। नरेंद्र तोमर को पहले ही विधानसभा अध्यक्ष बनाया जा चुका है।

आधुनिक देशों ने ईवीएम को त्याग दिया, लेकिन भारतीय चुनाव आयोग का इससे बड़ा मोह : जीतू पटवारी.

Modern countries have abandoned EVMs, but the Indian Election Commission is more attached to it: Jitu Patwari. भाजपा सरकार ने पिछले विधानसभा सत्र में मुझे भी गलत तरीके से किया था निलंबित प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर पटवारी के नेतृत्व में पहला धरना भोपाल। संसद से निलंबित किए गए सांसदों की लड़ाई अब सड़क पर पहुंच गई है। कांग्रेस ने सांसदों के निलंबन पर शुक्रवार को प्रदेश व्यापी धरना प्रदर्शन किया। राजधानी भोपाल के रोशनपुरा चौराहे पर भी धरना प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस के नव-नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इसे संबोधित किया। उनके अध्यक्ष बनने के बाद ये पहला प्रदर्शन है। इस मौके पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव, पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा और उप नेता हेमंत कटारे सहित कई नेता मौजूद रहे। पटवारी ने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि भारत के लोकतंत्र की दुनिया में मिसाल दी जाती है। इसका अनुशरण कई देशों में किया जाता है। सत्ता और विपक्ष देश की उन्नति के लिए दो पटरियां हैं। आज भारत की चुनाव प्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। आधुनिक देशों ने ईवीएम को त्याग दिया है। आज देश में जिस तरह के चुनाव परिणाम आते हैं, उस पर लोगों को भरोसा नहीं होता है। आज लोकतंत्र खतरे में है। पटवारी ने कहा कि मोदी के आने के बाद जनप्रतिनिधियों का दल-बदल बढ़ गया है। पिछले सत्र में विधानसभा में मुझे गलत तरीके से निलंबित किया था। ये लोकतंत्र की हत्या है। भाजपा में अंदर भी लोकतंत्र नहीं बची है। वहां भी मोदी की तानाशाही चल रही है। भाजपा का पिछला घोषणा पत्र ही पूरा नहीं हुआ। 18 हजार से अधिक घोषणा अधूरा है, हम लोकतंत्र के लिए लड़ते रहेंगे।

कैलाश विजयवर्गीय की भूमिका पर आज लग सकती है मुहर.

Today, the seal could be placed on Kailash Vijayvargiya’s role. मंत्रिमंडल में शामिल होंगे या फिर संगठन की कमान संभालेंगे भोपाल । आज या कल में प्रदेश के मंत्रियों का फैसला हो जाएगा। इस बीच यह भी खबरें आइंर् कि प्रदेश के कद्दावर नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। इनमें इंदौर से विधायक और भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय भी शामिल हैं। हमेशा से पार्टी कहती आई है कि विजयवर्गीय को बड़ी जवाबदारी मिलेगी और विजयवर्गीय भी इसकी ओर इशारा करते आए हैं। अब उन्हें संगठन में कोई बड़ी जवाबदारी सौंपी जा सकती है या फिर मंत्रिमंडल में लिया जा सकता है, इस पर संभवत: आज फैसला हो सकता है। कैलाश विजयवर्गीय जैसे कद्दावर नेता का नाम पहले मुख्यमंत्री के लिए चला था और इसी फेहरिस्त में प्रहलाद पटेल, नरेन्द्रसिंह तोमर जैसे नाम भी शामिल थे। तोमर को तो विधानसभा अध्यक्ष बना दिया गया है, वहीं अब प्रहलाद पटेल और कैलाश विजयवर्गीय को बड़ी जवाबदारी देने की बात कही जा रही है। ये जवाबदारी क्या हो सकती है, इस बारे में आज और कल होने वाली संगठन की बैठक में फैसला हो सकता है। फिलहाल तो भोपाल से यही खबर उड़ रही है कि विजयवर्गीय और पटेल को मंत्रिमंडल में कोई बड़ा विभाग दिया जा सकता है। यह फैसला भी आज-कल में हो जाएगा, क्योंकि मुख्यमंत्री मोहन यादव मंत्रिमंडल पर चर्चा के लिए दिल्ली पहुंच गए हैं। दिल्ली से होने वाले फैसले के बाद विजयवर्गीय जैसे नेता की भूमिका पर चल रही गाहे-बगाहे भी समाप्त हो जाएगी। सूत्रों का कहना है कि उन्हें संगठन में कोई बड़ी जवाबदारी दी जा सकती है। संभवत: उन्हें प्रदेश संगठन में लिया जा सकता है। हालांकि यह भी बड़े नेताओं के कयास है, लेकिन यह तो तय है कि अब विजयवर्गीय कद बढ़ना तय है।

यह मोदी सरकार है जो जनता के द्वार-… रामेश्वर शर्मा

This is Modi government which is at the door of the public-… Rameshwar Sharma विधायक रामेश्वर शर्मा ने उड़ाया ड्रोन, खेत में किया दबाई का छिड़काव विकसित भारत संकल्प यात्रा पहुँच रही है गाँव-शहर भोपाल। शुक्रवार को हुजूर विधानसभा के नरेला एवं खारपा में विकसित भारत संकल्प यात्रा पहुँची नरेला में विधायक रामेश्वर शर्मा विकसित भारत संकल्प यात्रा में सम्मिलित हुए। यहाँ विधायक रामेश्वर शर्मा किसानों के साथ ड्रोन से खेतों में दवाई का छिड़काव करते हुए दिखे । विधायक रामेश्वर शर्मा का ड्रोन से दवाई छिड़काव का वीडियो सोशल मीडिया में तेज़ी से वायरल हो रहा है। नरेला पहुँचे विधायक रामेश्वर शर्मा ने उपस्थित नागरिक बंधुओं को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत संकल्प यात्रा हुज़ूर विधानसभा के गाँव गाँव पहुँच रही है, इस यात्रा में बड़ी संख्या में नागरिक शामिल होकर भारत सरकार एवं प्रदेश सरकार की योजनाओं का लाभ ले रहें है। विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि पहले जनता सरकार के पास जाती थी परंतु यह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारत सरकार है जो जनता के द्वार द्वार जा रही है। विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि मोदी सरकार ने उज्ज्वला योजना, हर घर नल से जल, आयुष्मान भारत योजना, किसान सम्मान निधि, घर घर शौचालय का निर्माण कराकर देश के गाँव, ग़रीब, किसान, युवाओं का जीवन बदलने का काम कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पूरी दुनिया में भारत का स्वाभिमान बढ़ाया है । अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण हो, कश्मीर से धारा 370 को समाप्त करने का काम हो सब कुछ मोदी जी ने करके दिखाया । श्री शर्मा ने कहा कि विकसित भारत संकल्प यात्रा का अधिक से अधिक प्रचार करें इस यात्रा से जुड़े और नागरिकों को जोड़ें। यात्रा के दौरान लगने वाले लोक कल्याण शिविर में आवेदन देकर शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लें। साथ ही भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं से जुड़ कर आप अपना और अपने परिवार का जीवन कैसे बदल सकतें यह भी जाने। विधायक रामेश्वर शर्मा आत्मनिर्भर और विकसित भारत की शपथ दिलायी विकसित भारत संकल्प यात्रा में उपस्थित नागरिक बंधुओं को विधायक रामेश्वर शर्मा ने 2047 तक आत्मनिर्भर भारत एवं विकसित भारत के सपने को साकार करने की शपथ दिलाई। 25 जनवरी तक चलेगी यात्रा 15 नवंबर से बिरसा मुंडा की जयंती पर झारखंड के उलिहातु गांव से विकसित भारत संकल्प यात्रा की शुरुआत प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने किया था ।25 जनवरी तक विकसित भारत संकल्प यात्रा देशभर के सभी जिलों से गुजरेगी।

क्राउड फंडिंग होगी जीतू की पहली परीक्षा.

Crowd funding will be done for Jitu’s first exam. कांग्रेस के प्रतिनिधि, मोर्चा संगठनों के अध्यक्ष को पत्र लिखकर ज्यादा से ज्यादा क्राउड फंडिंग करने के कहा भोपाल – मध्यप्रदेश कांग्रेस के नवनियुक्त अध्यक्ष जीतू पटवारी की पहली परीक्षा क्राउड फंडिंग में होगी। दरअसल, संगठन को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व ने प्रति व्यक्ति 138 रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। मध्यप्रदेश के संगठन को भी ये जिम्मेदारी दी गई है। ऐसे में पटवारी ने प्रदेश के सभी जिला, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों, कांग्रेस विधायकगण, प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारी, निर्वाचित जनप्रतिनिधि, अभा कांग्रेस एवं प्रदेश कांग्रेस के प्रतिनिधि, मोर्चा संगठनों के अध्यक्ष को पत्र लिखकर ज्यादा से ज्यादा क्राउड फंडिंग करने के कहा है। राजीव सिंह ने बताया कि यह अभियान कांग्रेस पार्टी की 138 साल की यात्रा की याद दिलाता है। इस अभियान के तहत हम सभी समर्थकों को 138 रुपये से लेकर 1380 रुपये या इससे अधिक की राशि दान करने के लिए कहेंगे। 28 दिसम्बर को कांग्रेस स्थापना दिवस तक यह कार्यक्रम आॅनलाइन होगा। उसके बाद जमीनी अभियान शुरू कर घर-घर जाकर प्रत्येक बूथ में कम से कम दस घरों से न्यूनतम निर्धारित राशि का योगदान लिया जाएगा। वहीं प्रदेश पदाधिकारियों, निर्वाचित जनप्रतिनिधियों, जिला कांग्रेस अध्यक्ष, अभा और प्रदेश कांग्रेस के प्रतिनिधियों को 1380 रुपये का योगदान अभियान के तहत अनिवार्य है। 18 दिसंबर को लांच हुआ अभियान- अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आॅनलाइन क्राउड फंडिंग कार्यक्रम 18 दिसम्बर को लांच किया। इस संबंध में अभा कांग्रेस कमेटी के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने एक पत्र प्रदेश अध्यक्षों को जारी किया है। इसमें उन्होंने क्राउड फंडिंग के कार्यक्रम को अधिक से अधिक प्रचारित-प्रसारित कराने और अभियान को सशक्त बनाने के लिए कहा है।

2 हजार करोड़ का सरकार ने लिया कर्ज, अब प्रदेश में पौने चार लाख करोड़ वित्तीय भार.

The government has taken a loan of 2 trillion rupees, resulting in a financial burden of around 4 lakh crore rupees on the state now. उदित नारायण भोपाल – मध्य प्रदेश की नई सरकार के सामने वित्तीय स्थिति से जूझना बड़ी चुनौती है। नई सरकार के गठन के बाद राज्य शासन 2 हजार करोड़ का लोन लेने जा रही है। यह नई सरकार का पहला ऋण होगा। वित्त विभाग ने इसके लिए रिजर्व बैंक आॅफ इंडिया को विलिंगनेस लेटर लिखा है। राज्य सरकार पिछले 7 माह में 25 हजार करोड़ का कर्ज ले चुकी है। राज्य सरकार पर मार्च 2023 की स्थिति में 3 लाख 50 हजार करोड़ का कर्ज है। मध्यप्रदेश की पूर्व भाजपा सरकार साढ़े तीन लाख करोड़ के कर्ज का भार छोड़कर गई है। स्थिति यह है कि राज्य सरकार को सरकारी कामकाज चलाने के लिए लगातार कर्ज लेना पड़ रहा है। राज्य शासन पिछले 7 माह के दौरान 25 हजार करोड़ से ज्यादा का कर्ज बाजार से उठा चुकी है। राज्य सरकार ने चुनाव के पहले सितंबर माह में ही 12 हजार करोड़ का कर्ज लिया था। यही नहीं आचार संहिता के दौरान भी अक्टूबर और नंवबर माह में कर्ज लिया गया। प्रदेश में नई सरकार के गठन के बाद एक बार फिर सरकार दो हजार करोड़ का कर्ज लेने जा रही है। राज्य सरकार पर मार्च 2023 की स्थिति में 3 लाख 50 हजार करोड़ का कर्ज था, जो बढ़कर अनुमानत: पौने चार लाख करोड़ से ज्यादा का हो जाएगा।

जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव छत्तीसगढ़ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त

Jagdalpur MLA Kiran Singh Dev appointed as the Chhattisgarh BJP State President. रायपुर। भाजपा नेता और जगदलपुर से विधायक किरण सिंह देव को भाजपा छत्तीसगढ़ का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया। उनकी नियुक्ति राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की सहमति से राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने की है। किरण देव जगदलपुर विधानसभा सीट से भाजपा के विधायक भी हैं। उन्होंने विधानसभा चुनाव 2023 में कांग्रेस प्रत्याशी जतिन जायसवाल को 29834 वोट से चुनाव हराया हैं।  61 वर्षीय किरण सिंह देव रियासत कालीन जमींदार परिवार से ताल्लुकात रखते हैं। वे महापौर भी रह चुके हैं। पेशे से अधिवक्ता किरण सिंह देव ने भारतीय जनता युवा मोर्चा से अपने राजनीति की शुरुआत की है। वे भाजयुमो के जिला अध्यक्ष रहने के अलावा भाजपा पार्टी के जिला अध्यक्ष, प्रदेश मंत्री, प्रदेश महामंत्री भी रह चुके हैं। वर्तमान में चुनाव लड़ने से पहले बिलासपुर संभाग के भाजपा के प्रभारी के तौर पर दायित्व संभाल रहे थे।

अवैध मांस दुकानों को कराया बंद, 10 दुकानों का कब्जा हटाया

Illegal meat shops shut down, possession removed from 10 shops. नगर निगम अमले ने खजूरी मार्ग और गांधीनगर क्षेत्र में की कार्रवाई। जोन क्रमांक 14, 15 और 16 में नियमों का उल्लंघन कर मांस दुकान संचालकों के खिलाफ कार्रवाई। भोपाल। नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग के अमले ने अवैध मांस- मछली की दुकानों और अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की। अमले ने बुधवार को खजूरी मार्ग और गांधी नगर क्षेत्र से अतिक्रमण हटाए हैं। बता दें कि सरकार ने आदेश जारी किए हैं कि धार्मिक स्थल के आसपास मांस-मछली की दुकानें संचालित नहीं की जाएंगी। साथ ही मांस विक्रेताओं को अपारदर्शी कांच लगाने सहित साफ-सफाई के नियमों का पालन करना होगा। नगर निगम से मिली जानकारी के अनुसार जोन क्रमांक 14, 15 और 16 में स्वास्थ्य विभाग के अमले द्वारा संयुक्त रूप से मंदिरों के समीप बिना लाइसेंस और गंदगी में मांस बेचने वाली दुकानों के मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की है। इनमें जोन क्रमांक 14 और 15 के क्षेत्रों मे खजूरी मार्ग इलहाबाद बैंक से एसओएस बालग्राम, पूर्वांचल, खजूरी होते हुए पिरिया गांव हाइवे तक मांस दुकान को बंद करने की कार्रवाई की गई। खजूरी कलां स्थित ख्वाजा गरीब नवाज मांस दुकान मंदिर के पास थी, उसे बंद कराया गया।इसके साथ ही वार्ड 61 के तहत सभी दुकानों को बंद कराकर जुर्माना की कार्रवाई की गई और 15 किलो 500 ग्राम अनुपयोगी मांस को खत्म कराया गया। निगम के अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई के दौरान गुमठी संचालक, मांस-मछली के कारोबारी दुकान बंद कर भाग गए थे।

लाड़ली लक्ष्‍मी सहित कोई योजना बंद नहीं होगी – मोहन यादव

No scheme including Ladli Lakshmi will be closed – CM Dr Mohan Yadav. भोपाल। प्रदेश में नवगठित 16 विधानसभा के पहले सत्र का आज चौथा और अंतिम दिन है। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू की। सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर सत्तापक्ष और विपक्ष के मध्य चर्चा के मुख्‍यमंत्री मोहन यादव ने संबोधित किया। यादव ने अपने संबोधन में सरकार का विजन बताया। उन्‍होंने यह भी कहा कि सरकार की सभी योजनाएं जारी रहेंगी। मप्र में लाड़ली लक्ष्‍मी सहित कोई भी योजना बंद नहीं की जाएगी।मोहन यादव ने राज्‍यपाल के अभिभाषण का स्‍वागत करते हुए कहा कि केंद्रीय नेतृत्‍व का मैं धन्‍यवाद करता हूं। नेतृत्‍व ने एक मजदूर के बेटे को सीएम बनाया। उन्‍होंने कहा कि भाजपा में चाय बेचने वाले भी पीएम बनते हैं। मैं बहुत सौभाग्‍यशाली हूं। वरिष्‍ठ नेता मेरे साथ हैं। राज्यपाल के अभिभाषण पर कृतज्ञता ज्ञापन करते हुए सीएम मोहन यादव ने अपने संबोधन में सरकार की प्राथमिकता भी गिनाई। उन्‍होंने नई शिक्षा नीति के साथ सम्राट विक्रमादित्‍य का भी एकाधिक बार उल्‍लेख किया। उन्‍होंने कहा कि हमारा प्रयास शिक्षा से विकास को जोड़ना है। शिक्षा विकास का मार्ग प्रशस्‍त करेगी।

राज्यपाल मंगुभाई पटेल के अभिभाषण में लाड़ली बहना योजना का उल्लेख नहीं ,विपक्ष ने की टोकाटाकी.

Governor Mangubhai Patel’s address, there was no mention of the Ladli Behna Yojana, prompting criticism from the opposition. मप्र के राज्‍यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विगत साढ़े नौ वर्षों में भारत में सेवक सरकार के युग का प्रारंभ हुआ है। संकल्प पत्र 2023 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी भी है और विकसित मध्य प्रदेश के निर्माण का विजन डाक्यूमेंट भी है। सरकार ने संकल्प पत्र के बिंदुओं को धरातल पर उतरने का काम प्रारंभ भी कर दिया है। तेंदूपत्ता संग्रहण की दर तीन हजार प्रति मानक बोरा से बढ़कर चार हजार कर दी गई है। मध्य प्रदेश के मन में बसे मोदी की हर गारंटी को पूरा करने के उद्देश्य से संकल्प पत्र के प्रत्येक बिंदु को समय सीमा में क्रियान्वित करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। यह बात राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने मध्‍य प्रदेश विधानसभा में अपने अभिभाषण के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि सरकार के लिए सुशासन केवल एक शब्द नहीं बल्कि उसके हर अक्षर को सच्चे अर्थों में चरितार्थ करने का मंत्र है। एक जनवरी 2024 से साइबर तहसील की व्यवस्था को प्रदेश के सभी 55 जिलों में लागू करने का क्रांतिकारी निर्णय लिया गया है। संपदा 2 साफ्टवेयर भी प्रदेश में शीघ्र लागू किया जा रहा है, जिसके माध्यम से डिजिटल रजिस्ट्री की प्रक्रिया सरल और सुगम बनेगी। इस दौरान विपक्ष ने लाड़ली बहन योजना का उल्लेख न किए जाने पर टोकाटाकी की।

नरेंद्र सिंह तोमर निर्विरोध चुने गए मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष.

Narendra Singh Tomar has been unanimously elected as the Speaker of the Madhya Pradesh Legislative Assembly. नरेंद्र सिंह तोमर के रूप में पहली बार मध्य प्रदेश में विधानसभा का अध्यक्ष ग्वालियर-चंबल अंचल से बना है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और नव निर्वाचित विधायक नरेंद्र सिंह तोमर आज मप्र निर्विरोध विधानसभा अध्यक्ष चुने गए। विधानसभा के सामयिक अध्यक्ष गोपाल भार्गव ने नए अध्यक्ष को शपथ दिलाई। सामयिक अध्यक्ष गोपाल भार्गव में अध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया शुरू की। अध्यक्ष के निर्वाचन के लिए साथ सूचनाओं प्राप्त हुई है। पहला प्रस्ताव मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रखा की नरेंद्र सिंह तोमर को विधानसभा का अध्यक्ष चुना जाए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नरेंद्र सिंह तोमर को विधानसभा अध्यक्ष चुने जाने का प्रस्ताव रखा प्रहलाद सिंह पटेल ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया। कैलाश विजयवर्गी में नरेंद्र सिंह तोमर को अध्यक्ष चुने जाने का प्रस्ताव रखा जिसका समर्थन उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने किया। कांग्रेस विधायक राजेंद्र कुमार सिंह ने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को चुने जाने का प्रस्ताव रखा जिसका समर्थन कांग्रेस विधायक दल के उप नेता हेमंत कटारे ने किया। इसी तरह भूपेंद्र सिंह ने नरेंद्र सिंह तोमर को विधानसभा अध्यक्ष चुने जाने का प्रस्ताव रखा जिसका समर्थन तुलसीराम सिलावट ने किया कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने नरेंद्र सिंह तोमर को अध्यक्ष चुने जाने का प्रस्ताव रखा जिसका समर्थन कांग्रेस विधायक दल के उप नेता हेमंत कटारे में किया।

कमलनाथ पर भारी जीतू पटवारी, उमंग को स्वभाव, व्यवहार बदलने की चुनौती.

Jitu Patwari scores a significant win over Kamal Nath, challenging Umang to change his nature and behavior. वक्त बदला लेकिन कांग्रेस नहीं बदली. कभी युवा पीढ़ी को दरकिनार कर बुजुर्ग नेतृत्व को कमांड देने वाले कांग्रेस हाईकमान ने अब पीढ़ी परिवर्तन के नाम पर एकतरफा बिना सोचविचार के वरिष्ठ नेताओं को किनारे करते हुए युवा नेतृत्व के हाथ में पार्टी दे दी. कभी युवा नेताओं पर कमलनाथ भारी पड़ रहे थे और अब कमलनाथ पर जीतू पटवारी भारी साबित हो गए हैं. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को अपना स्वभाव, संगत और व्यवहार बदलना होगा. नेता-प्रतिपक्ष के स्टॉफ में ऐसे तत्व शामिल हो जाते है, जो सरकार से अप्रत्यक्ष रूप से उपकृत होते है. यही विपक्ष की रणनीति को लीक करते आ रहे है. ऐसे घुसपैठियों को रोक पाना, उमंग के लिए बड़ी चुनौती है. मध्यप्रदेश में कांग्रेस हारी तो कमलनाथ का कांग्रेस में भविष्य डूब गया. लेकिन जीतू पटवारी अपना विधानसभा चुनाव हार कर भी कांग्रेस अध्यक्ष पद जीत गए. कांग्रेस हाकमान पहले भी वही था, आज भी वही है. पहले का निर्णय भी इसका था और आज का निर्णय भी उसी का है. दोनों निर्णय का लक्ष्य तो बदलाव का था लेकिन अप्रोच अहंकारी थी. जब निर्णय का अप्रोच अहंकार से भरा होगा तो फिर इंप्लीमेंटेशन में तो यही एटीट्यूड ही दिखाई पड़ेगा. मध्यप्रदेश में कांग्रेस की पराजय अहंकार, तानाशाही और कार्यकर्ताओं को दरकिनार करने के कारण हुई है. कांग्रेस पार्टी नेतृत्व में कितना भी बदलाव कर ले लेकिन जब तक संगठन की कार्यपद्धति में सामूहिकता का ईमानदारी से पालन नहीं होगा तब तक पार्टी के भविष्य पर सवाल खड़े होते रहेंगे. जीतू पटवारी और उमंग सिंगार को संगठन और विधायक दल की कमान सौंपी गई है. इन दोनों नेताओं को संगठन और वरिष्ठ नेताओं की कार्य प्रणाली से समस्या थी. मध्यप्रदेश में कमलनाथ के जाने के बाद कांग्रेस उनकी कार्यप्रणाली की समस्या से तो निजात पा सकती है लेकिन कांग्रेस के संगठन का डीएनए बदलाव के इस निर्णय में भी दिखाई पड़ रहा है. कई वरिष्ठ नेताओं की उपेक्षा की गई है जिन चेहरों पर भरोसा जताया गया है, उन पर कई तरह के सवाल उछलते रहे हैं. मसलन, जीतू पटवारी के बड़बोलापन से कई बार कांग्रेस की किरी- किरी हो चुकी है. अब उन्हें अपनी जुबा पर लगाम लगानी होगी. वहीं कांग्रेस में कुंडली मारकर बैठे पदाधिकारियों को हटाने की बड़ी चुनौती होगी. वैसे बदलाव हमेशा अच्छा होता है. नया नेतृत्व हमेशा स्वागतयोग्य होता है. जब भी कोई निर्णय होता है तब उसका विश्लेषण इस आधार पर होता है कि निर्णय के पीछे हाईकमान ने किस सोच और चिंतन के आधार पर निष्कर्ष निकाले हैं. यह दोनों नेता ऊर्जावान हैं, सक्रिय हैं. कांग्रेस के सामने युवा ऊर्जावान और सक्रिय नेताओं के असफल होने का सबसे बड़ा उदाहरण राहुल गांधी स्वयं हैं. उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया. कांग्रेस लगातार राजनीतिक चुनौतियों में असफल होती ही दिखाई पड़ी. अब कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष संभवत सबसे बुजुर्ग नेता हैं. *बदलाव के पीछे गांधी परिवार* मध्यप्रदेश में नेतृत्व बदलाव का जो फैसला हुआ है उसमें गांधी परिवार का रोल साफ देखा जा रहा है. मध्यप्रदेश में राजनीतिक क्षेत्र में यह स्पष्ट धारणा लंबे समय से बनी हुई है कि यह दोनों युवा नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के करीबी रहे हैं. चुनाव में पराजय के कारण भले ही कमलनाथ को अपमानजनक परिस्थितियों में विदा किया गया हो लेकिन राज्य के राजनीतिक हालातों को कमलनाथविहीन करने में दोनों नेताओं को लंबा वक्त लगेगा. पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को लेकर भी ऐसी ही राजनीतिक चर्चाएं हैं कि उन्हें भी मुख्य भूमिका से विश्राम दिया गया है. सियासत में हमेशा वही चेहरे सफल होते हैं जिन पर कोई विवाद नहीं होते हैं. हाईकमान द्वारा नामित नेतृत्व का पार्टी और विधायक दल में बहुमत का समर्थन शायद तौला नहीं गया है. हाईकमान द्वारा निर्णय को थोपा गया है. कमलनाथ के अध्यक्ष के कार्यकाल में पार्टी का परफॉर्मेंस जिस स्तर पर पहुंच गया है, उसके पीछे भी निर्णय को एकतरफा लेने और थोपने की प्रवृत्ति काम कर रही थी. ऐसी प्रवृत्ति संगठन के लिए लाभप्रद नहीं होती है. *जमीन पर साबित करने की बड़ी चुनौती*  नए नेतृत्व को राहुल गांधी और कांग्रेस हाईकमान का भले ही संपूर्ण समर्थन हो लेकिन दोनों नेताओं को जमीन पर अपना नेतृत्व साबित करना होगा. जिस तरह तेज और डिजिटल पॉलिटिक्स बढ़ती जा रही है उसमें केडर मैनेजमेंट के साथ ही पार्टी के लिए फंड मैनेजमेंट भी महत्वपूर्ण पक्ष होता है. कमलनाथ के साथ यह भी माना जा रहा था कि उनका बीजेपी सरकार और नेतृत्व के साथ मिला-जुला राजनीतिक गणित चल रहा था. विपक्षी दल के सामने सबसे बड़ी समस्या यही रहती है कि जनहित के मुद्दों पर जमीन पर संघर्ष किया जाए. अक्सर ऐसा देखा गया है कि विपक्षी राजनीति सरकार के साथ एडजस्टमेंट करके आगे बढ़ने लगती है. ऐसी परिस्थितियां दूरगामी रूप से पार्टी के लिए हानिकारक साबित होती हैं. *क्या कमलनाथ-दिग्विजय के बिना कांग्रेस का उड़ान सम्भव* मध्यप्रदेश में कांग्रेस आलाकमान ने कमलनाथ और दिग्विजय सिंह को भले ही अलग-थलग करने के संदेश और संकेत स्पष्ट कर दिए हों लेकिन वास्तविक रूप से जमीन पर ऐसा करना फिलहाल संभव नहीं दिखाई पड़ रहा है. इन दोनों नेताओं की जड़ें मध्यप्रदेश की राजनीति में दूर-दूर तक फैली हुई हैं. उनको अलग-थलग करके पार्टी बहुत लंबी दूरी तय नहीं कर पाएगी. इन दोनों नेताओं की जड़ों का इस्तेमाल कर कांग्रेस अपनी नई शाखाओं को मज़बूत कर सकती है. कांग्रेस के नए नेतृत्व को बीजेपी के मजबूत संगठन और नेतृत्व का मुकाबला करना है. बिना वरिष्ठ नेताओं के समन्वय और सहयोग के हो-हल्ला और मीडिया अटेंशन भले पाया जा सके लेकिन पार्टी की जड़ों को मजबूत करना संभव नहीं होगा. राज्य के नए नेतृत्व को पांच साल तक संघर्ष की स्थिति में रहना होगा. इसके लिए जनता के मुद्दों को चिन्हित करना, उसके लिए सतत संघर्ष करना होगा. अब सियासत सुविधा से आगे निकलकर संघर्ष की चौखट पर पहुंच गई है. जो पार्टी और नेता केवल सुविधा को राजनीति का लक्ष्य बनाएंगे उनको तो भविष्य में निराश होना निश्चित है.

आज MP कांग्रेस अध्यक्ष का पदभार ग्रहण करेंगे ,जीतू पटवारी.

Jitu Patwari will assume the position of the Congress President in Madhya Pradesh. उज्जैन में महाकाल दर्शन के बाद आएंगे भोपाल; रोड शो कर पहुंचेंगे। कांग्रेस दफ्तर भोपाल! मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में जीतू पटवारी मंगलवार को कार्यभार संभालने जा रहे हैं। वे रोड शो के साथ भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचेंगे। इसके पहले वे सुबह उज्जैन में भगवान महाकाल के दर्शन करेंगे। कमलनाथ ने पटवारी को नई पारी के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से जीतू पटवारी के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की। जीतू पटवारी मंगलवार शाम करीब 4 बजे प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (PCC) पहुंचकर पदभार ग्रहण करेंगे। इस कार्यक्रम के लिए पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी समेत तमाम सीनियर लीडर्स को आमंत्रित किया गया है। ऐसा रहेगा जीतू पटवारी के इंदौर से भोपाल आने का प्रोग्राम बैरागढ़ से शुरू होगा रोड शो जीतू पटवारी बैरागढ़ से रैली के रूप में इमामी गेट, बुधवारा, लिली टॉकीज चौराहा, रोशनपुरा और लिंक रोड होते हुए प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पहुंचेंगे, जहां वरिष्ठ नेताओं एवं कांग्रेसजनों की उपस्थिति में पदभार ग्रहण करेंगे। स्वागत रैली में मप्र विधानसभा में नवनियुक्त नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे भी मौजूद रहेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दी बधाई जीतू पटवारी के पदभार ग्रहण के पहले पूर्व सीएम कमलनाथ ने X पर लिखा- मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के नवनियुक्त अध्यक्ष जीतू पटवारी कल (मंगलवार) अपराह्न 3:00 बजे प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पदभार ग्रहण करेंगे। मैं जीतू पटवारी को नई पारी के लिए पुनः शुभकामनाएं देता हूं। कांग्रेस के सभी कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों से अपील करता हूं कि भोपाल पहुंचकर पदभार ग्रहण कार्यक्रम में अवश्य शामिल हों। कांग्रेस को मजबूती प्रदान करें।

गरीबों के गेहूं की कालाबाजारी करने वाले बीजेपी नेता को 5 साल की जेल, पत्नी सहित 11 दोषी.

BJP leader involved in black-marketing wheat meant for the poor sentenced to 5 years in prison, along with 11 other offenders, including his wife. भोपाल। मंदसौर के बीजेपी नेता और उनकी सहित 11 लोगों को गेहूं और राशन की कालाबाजारी करने पर कोर्ट ने कैद की सजा सुनायी है। इस मामले में बीजेपी नेता राजेन्द्र सिंह गौतम, उनकी पत्नी सहित 11 लोगों को कोर्ट ने दोषी पाया। इन 11 लोगों में महिला और पुरुष सभी शामिल हैं। पुरुषों को 5 साल और महिलाओं को 4 साल की सजा सुनायी गयी है। मंदसौर में भारतीय जनता पार्टी के नेता राजेंद्र सिंह गौतम उनकी पत्नी योगेश देवी गौतम सहित 11 दोषियों को न्यायालय ने गरीबों के नाम पर मिलने वाले गेहूं और राशन की कालाबाजारी करने के मामले में दोषी पाया। पुरुषों को पांच-पांच साल और महिलाओं को चार साल की कारावास की सजा सुनाई है। मामला 2002 का है। राजेंद्र सिंह गौतम उस समय कांग्रेस में थे। वो जिला पंचायत और जिला कांग्रेस अध्यक्ष भी रहे। वर्ष 2002 में सरकारी बाजार उपभोक्ता भंडार अध्यक्ष पद पर रहते हुए राजेंद्र सिंह गौतम, उनकी पत्नी योगेश देवी गौतम और अन्य आरोपियों ने मिलकर राशन का गेहूं, केरोसिन और अन्य सामान गरीबों को न देकर उसकी कालाबाजारी कर बाजार में बेच दिया। मामला उजागर हुआ और न्यायालय में लगभग 20 साल तक यह मुकदमा चला। इसमें16 आरोपी बनाए गए थे।

सूट बूट में दिखे बाइक वाले विधायक डोडियार, परिवार संग पहुंचे लेने शपथ.

MLA Dodiyar, seen in a suit-boot, with his family to take the oath. इस बार वे बाइक की जगह कार से विधानसभा पहुंचे, कहा – विधायक की सैलरी से चुकाउंगा कर्ज भोपाल। बाइक से रतलाम जिले के सैलाना से भोपाल की 350 किलोमीटर दूरी तय करके चचार्ओं में आए विधायक कमलेश्वर डोडियार एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार उनकी चर्चा उनके पहनावे को लेकर है। बाप पार्टी से विधायक बने कमलेश्वर सोमवार को विधानसभा सत्र में भाग लेने के लिए भोपाल पहुंचे थे।वे विधानसभा में सूट बूट में नजर आए है। उनके पहनावे को देखकर सभी चकित थे। इससे पहले जब वे कागजी कार्यवाही के लिए विधानसभा पहुंचे थे तो वे साधारण शर्ट पैंट और चप्पल में थे, लेकिन इस बार वे बंद गले के कोर्ट में दिखाई दिए। इतना ही नहीं इस बार वे बाइक की जगह कार से विधानसभा पहुंचे। उनका परिवार भी उनके साथ मौजूद रहा। बता दें, कमलेश्वर डोडियार निर्वाचित होने के बाद विधानसभा की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए अपने मित्र के साथ बाइक से भोपाल पहुंचे थे। उन्होंने करीब 9 घंटे में यह सफर पूरा किया था। हवाई जहाज में सफर करते उनके फोटो वायरल होने पर भी कमलेश्वर चर्चा का विषय बन गए थे। विधायक बन गए है। सैलरी से सारा कर्ज चुका देंगे। ये है बैक ग्राउंड- कमलेश्वर ने शुरू में अपनी पढ़ाई उज्जैन के विक्रम विश्वविद्यालय से की। इसके बाद उन्होंने वकालत दिल्ली यूनिवर्सिटी से की है। वे एक गरीब परिवार से आते हैं। उनकी पूरी फैमली सैलाना के गांव राधाकुंवा में एक छोटी सी झोपडी में रहती है। तंग हाल कमलेश्वर के पास चुनाव लड़ने तक के पैसे नहीं थे उन्होंने 12 लाख का कर्ज लेकर ये चुनाव लड़ा है। 33 साल के कमलेश्वर के माता पिता मजदूरी करते हैं। उन्होंने खुद लोगों के घर झूठे बर्तन साफ किए हैं। मंत्री बनने की जताई थी इच्छा- कमलेश्वर ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात करके वन मंत्री बनने की इच्छा भी जताई थी। उनका कहना था कि उन्हें मंत्रिमंडल में स्थान दिया जाए। इसके साथ ही उन्हें वन मंत्रालय दिया जाए। इसके पीछे उनका तर्क था कि वे वनवासी हैं और वे वनवासियों की समस्याओं को बहुत अच्छे समझते हैं।

मध्य प्रदेश विधानसभा में नेहरू की तस्वीर हटाकर आंबेडकर की तस्वीर लगाई.

The picture of Nehru was removed from the Madhya Pradesh Legislative Assembly and replaced with a picture of Ambedkar. भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा में आज विधायकों का शपथ ग्रहण जारी है। इस बीच आसंदी के पास लगी तस्वीरों में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला यहां जवाहर लाल नेहरू की तस्वीर की जगह डा. भीमराव आंबेडकर की तस्वीर लगाई गई। मध्‍य प्रदेश की 16वीं विधानसभा का पहला सत्र प्रारंभ हो गया है। चार दिवसीय इस सत्र में पहले दो दिन निर्वाचित सदस्यों को सामयिक अध्यक्ष गोपाल भार्गव द्वारा शपथ दिलाई जा रही है। बुधवार को अध्यक्ष का चुनाव होगा। भाजपा ने नरेंद्र सिंह तोमर के नाम इस पद के लिए तय किया है। विधानसभा में दलीय स्थिति को देखते हुए निर्विरोध निर्वाचन होगा। सरकार वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए द्वितीय अनुपूरक बजट प्रस्तुत कर सकती है।

विधानसभा में नहीं नजर आएंगे 12 भाजपा के पूर्व मंत्री और कांग्रेस की ओर से हंगामा मचाने वाले पटवारी-कुणाल.

The 12 former ministers of the BJP, who caused a commotion on behalf of the Congress, will not be visible in the Legislative Assembly, says Patwari-Kunal. पूर्व सांसद रीति, राकेश सिंह, और उदय राव पहली बार विधानसभा में लेंगे 230 विधायकों के साथ शपथ भोपाल। 16 वीं विधानसभा का पहला सत्र सोमवार से शुरू होने जा रहा है। इस बार का सत्र पहले से विशेष है। क्योंकि पूर्व संसदीय मंत्री नरोत्तम मिश्रा सहित कई चर्चित चेहरे इस बार चुनाव हारने के चलते यहां नहीं दिखाई देंगे। इसके साथ ही इस बार कुछ नाम ऐसे हैं जो पहली बार विधायक के तौर पर यहां एंट्री लेंगे। पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा समेत 12 मंत्री ऐसे हैं जो विधानसभा का चुनाव हार गए हैं। इनमें कमल पटेल, महेंद्र सिसोदिया, गौरीशंकर बिसेन, सुरेश राजखेड़ा, राज्यवर्धन दत्तिगांव, भारत सिंह कुशवाह, रामखिलावन पटेल, राहुल सिंह लोधी, प्रेम सिंह पटेल, अरविंद भदौरिया और राम किशोर कांवरे के नाम शामिल हैं। ये सभी इस बार विधान सभा सत्र में नहीं दिखाई देंगे। वहीं कांग्रेस से पूर्व नेताप्रतिपक्ष डॉक्टर गोविंद सिंह, कांग्रेस के नव नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, कुणाल चौधरी, पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह, पूर्व मंत्री तरुण भनोट, केपी सिंह कक्का जी, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति और लक्ष्मण सिंह जेसे कांग्रेस के कई दिग्गज नेता इस बार सत्र में नहीं होंगे। खास बात है कि इनमें से कई ऐसे नेता हैं। जो विधानसभा में कार्रवाई के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा में रहे। इसके पीछे कारण रहा कि कई मुद्दों पर सरकार को घेरने के लिए काफी ज्यादा हंगामा भी किया। इसके अलावा पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा और विजय लक्ष्मी साधौ भी नजर नहीं आएंगी।कई युवा भी लेंगे शपथ, पहले दिन सिर्फराज्यपाल का अभिभाषण- इधर, पूर्व सांसद रीति पाठक, पूर्व सांसद राकेश सिंह, और पूर्व सांसद उदय राव प्रताप सिंह जेसे कई वरिष्ठ नेता ऐसे हैं जो पहली बार विधायक के तौर पर विधानसभा सत्र में शामिल होंगे। इनके अलावा कई युवा चेहरे भी पहली बार चुनाव जीतकर विधानसभा में पहुंचे हैं। यह उनका पहला सत्र होगा। 21 दिसंबर तक चलने वाले इस चार दिवसीय सत्र में नव निर्वाचित विधायकों को शपथ दिलवाई जाएगी। सत्र के पहले दिन प्रोटेम स्पीकर गोपाल भार्गव 230 विधायक गणों को शपथ दिलवाएंगे। इसके बाद राज्यपाल का अभिभाषण होगा। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का निर्वाचन किया जाएगा। चयन होने पर उन्हें शपथ दिलवाई जाएगी।

लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की विचारधारा को घर-घर पहुंचाएंगे – पटवारी.

Before the Lok Sabha elections, the Congress will propagate its ideology to every household, says the party spokesperson. दिल्ली में राहुल गांधी से मिले नेता प्रतिपक्ष उमंग और हेमंत कटारे भोपाल – मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बाद जीतू पटवारी ने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की विचारधारा को घर-घर पहुंचाएंगे। सभी वरिष्ठ नेताओं से मार्गदर्शन लेकर कांग्रेस को मजबूत करेंगे। पटवारी ने कहा कि सक्रिय युवाओं को भी प्राथमिकता दी जाएगी। नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार को पार्टी वाला कमाने नई जिम्मेदारी देते ही दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकाअर्जुन खड़गे और मध्य प्रदेश के चुनाव प्रभारी रणदीप सुरजेवाला से हुई। वहीं इन दोनों नेताओं ने राहुल गांधी से मुलाकात की है। बताया जा रहा है कि पार्टी आलाकमान की ओर से दोनों नेताओं को मध्यप्रदेश के लिए आगमी रणनीति और दिशा निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही लोकसभा चुनाव को लेकर भी प्लान बताया है। जीतू पटवारी 19 दिसंबर से प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी संभालेंगे। वह मंगलवार को पूरे विधि विधान के साथ भोपाल स्तिथ कांग्रेस मुख्यालय इंद्रा भवन पहुंच कर प्रदेश अध्यक्ष का पदभार ग्रहण करेंगे। पीसीसी में इसके लिए तैयारियां शुरू हो गईं हैं। जानकारी के अनुसार वे सबसे पहले इंदौर से उज्जैन पहुंच कर भगवान महाकाल का आशीर्वाद लेंगे। इसके बाद से यहां से देवास सोनकच, आष्टा, सीहोर होते भोपाल पहुचेंगे। यहां दोपहर तीन बजे वे प्रदेश के तौर पर कार्यभार ग्रहण करेंगे। बता दें कि, कांग्रेस हाईकमान ने मध्य प्रदेश के संगठन में बड़ा उलट फेर करते हुए कमलनाथ से प्रदेश की कमान वापस ले ली है। उनके स्थान पर जीतू पटवारी को प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व सौंपा गया है। उनके साथ ही उमंग सिंघार को नेताप्रतिपक्ष और हेमंत कटारे को उप नेताप्रतिपक्ष बनाया गया है।

कंगाली से गुजर रही नई सरकार, योजनाओं के फंड में रोक, विकास कार्य ठप ही रहेंगे.

The new government, struggling with poverty, has imposed a halt on funds for projects, and development activities will remain stalled. उदित नारायणभोपाल। मध्य प्रदेश की नई सरकार के साथ ही वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में सरकार ने महाकाल परिसर विकास और तीर्थ दर्शन जैसी योजनाओं में व्यय करने पर रोक लगा दी है। इतना ही नहीं वित्तीय संकट से जूझ रही मध्य प्रदेश सरकार ने 38 विभागों की योजनाओं पर ब्रेक लगा दिया है। सरकार ने इसके आदेश भी विभागों को भेज दिए हैं। बता दें, वर्तमान स्थिति में मध्यप्रदेश सरकार पर 331000 करोड रुपये से अधिक का कर्ज है। हालांकि राज्य सरकार की वित्तीय स्थिति के अनुसार वे अभी भी 15000 करोड़ रुपये का कर्ज ले सकती है। इधर, बताया जा रहा है कि जरूरी योजनाओं को पूरा करने के लिए सरकार जल्द ही अनुपूरक बजट भी ला सकती है। वित्तीय संकट से उबारने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने सभी विभागों को खर्च पर कटौती करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही विभागों राजस्व संग्रहण बढ़ाने के लिए भी कहा गया है। सरकार के निर्देश के अनुसार विभागों को हर हाल में राजस्व संग्रहण का निर्धारित लक्ष्य समय से पूरा करना है। इसके साथ ही विभागों को राजस्व एकत्रित करने के लिए अन्य नए सोर्स भी विकसित करने के लिए कहा गया है। इन कामों पर नहीं किया जाएगा बिना अनुमति खर्च अनुग्रह राशि देने की योजना भी समाप्त

क्षेत्रीय विधायक उमाकांत शर्मा ने विभिन्न स्थानों का किया भ्रमण एवं अधिकारियों को दिए निर्देश.

Regional legislator Umakant Sharma issued instructions to Brahmins and officials at various locations. अलताफ खान सिरोंज सिरोंज! सिरोंज विधायक उमाकांत शर्मा ने रविवार को सिरोंज के विभिन्न स्थानों का भ्रमण किया सिरोंज बलेजा पेट्रोल पंप से लेकर छत्री नाके तक किए गए रोड निर्माण चोडी कारण का भ्रमण किया एवं दोनों और नाली बनाए जाने के आदेश दिए! साथ ही मुख्य बाजार एवं केथन डेम का भी प्रशासनिक अधिकारियों के साथ भ्रमण कर सुधार करने हेतु दिशा निर्देश दिए! सिरोंज के मुख्य बाजार में यातायात की समस्याओं को दूर करने के लिए अधिकारियों को हर संभव प्रयास करने को कहा! एवं क्षेत्र वासियों से संवाद कर आशीर्वाद भी प्राप्त किया! वहीं दूसरी ओर आगामी अप्रैल, मई, जून तथा वर्तमान के जल अभाव तथा जल संकट को देखते हुए आवश्यक तैयारी हेतु अनुविभागीय अधिकारी सिरोंज हर्षल चौधरी, अनुविभागीय अधिकारी जल संसाधन जयेश विजयवर्गीय, अनुविभागीय अधिकारी लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी जे.एस. सिरोही , प्रभारी CMO रामप्रकाश साहू के साथ जल संयंत्र केंद्र एवं केथन डेम में इन्टेक वेल आदि स्थानों का निरीक्षण किया! तथा जल समस्या के निराकरण हेतु आवश्यक निर्देश दिए।आगामी 10 दिन में केथन डेम में संचित जल उपलब्ध्ता के साथ अन्य महत्वपूर्ण जल स्त्रोतों को दुरुस्त करने के, स्वच्छ करने के, गहराई बढ़ाने के, वैकल्पिक रूप से तैयारी करने हेतु आवश्यक निर्देश दिए। हम आपको बता दें इस साल वर्षा सिरोंज क्षेत्र में बहुत कम मात्रा में हुई है जिसके कारण क्षेत्र में जल संकट की स्थिति बन सकती है इसी को ध्यान में रखते हुए क्षेत्रीय विधायक उमाकांत शर्मा ने महत्त्वपूर्ण दिशा निर्देश प्रशासनिक अधिकारियों को दिए हैं जिससे कि सिरोंज में जल संकट दूर किया जा सके

कांग्रेस के मीडिया सलाहकार पीयूष बबेले की नेम प्लेट तोड़ी.

Congress media advisor Piyush Babel’s nameplate was broken. भोपाल। कांग्रेस में कमलनाथ के कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटने और नए अध्यक्ष के रूप में जीतू पटवारी की नियुक्ति के बाद कमलनाथ के समर्थकों के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के दफ्तर में कांग्रेस की मीडिया सलाहकार पीयूष बबेले की नेम प्लेट तोड़ दी गई है।पीयूष बबेले कमलनाथ के करीबी हैं। उन्होंने चुनाव में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष कमलनाथ का मीडिया कैंपेन संभाला था। पीयूष बघेले पत्रकार हैं और उन्हें पंडित जवाहरलाल नेहरू बाल साहित्य अकादमी ने पुरस्कृत भी किया था। अभी तक यह ज्ञात नहीं हो पाया है कि पीयूष बबेले की नेम प्लेट तोड़ने का मकसद क्या है और नेम प्लेट तोड़ने वाले कौन से तत्व हैंं।

जहां दूसरों की उम्मीदें खत्म होती हैं, वहीं से शुरू हो मोदी की गारंटी.

Where others’ hopes end, that’s where Modi’s guarantee begins. प्रधानमंत्री ने विकसित भारत संकल्प यात्रा का वर्चुअली शुभारंभ किया, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उज्जैन में राज्य स्तरीय कार्यक्रम में शामिल Udit Narayan, Sahara Samachaar.भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जहां दूसरे की उम्म्ाीदें खत्म हो जाती है, वहीं से मोदी की गारंटी शुरू हो जाती है। यह कहिए कि मोदी की गारंटी वाली गाड़ी, सरकार की हर योजना का लाभ देगी। उन्होंने कहा कि सरकार न केवल हर व्यक्ति को भोजन, स्वास्थ्य, आवास आदि की गारंटी दे रही है, अपितु सामाजिक सुरक्षा भी प्रदान कर रही है। गांवों के विकास के साथ ही शहरों का भी तेज गति से विकास किया जा रहा है। पहले केवल बड़े शहरों का विकास होता था, अब भारत के टू-टियर और थ्री-टियर शहरों का भी विकास हो रहा है।प्रधानमंत्री मोदी ने आज शनिवार को मप्र सहित देश के 5 राज्यों में विकसित भारत संकल्प यात्रा का हरी झण्डी दिखाकर वर्चुअली शुभारंभ किया। जबकि उज्जैन में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विशेष रूप से उपस्थित थे। प्रधानमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों से वर्चुअली संवाद भी किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत विकसित देश होगा। विकसित भारत संकल्प यात्रा का भी यही उद्देश्य है। हम सभी अच्छा करें और देश को अच्छा बनाएं। उन्होंने कहा कि संकल्प यात्रा के माध्यम से हर झुग्गी-झोपड़ी तक शासन की सभी योजनाओं का लाभ पहुंचे, सब मिलकर ऐसे प्रयास करें। संकल्प यात्रा में जाने वाली मोदी की गारंटी वाली गाड़ी, जनता को हर योजना का लाभ देगी। शहरों के छोटे व्यवसायियों को सरकार की गारंटी पर व्यवसायप्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में 6 करोड़ छोटे शहर हैं। अमृत मिशन और स्मार्ट सिटी मिशन जैसी योजनाओं के माध्यम से इनका भी समग्र विकास किया जा रहा है। शहरों में जलापूर्ति, ड्रेनेज, सीवेज, सीसीटीवी, स्वच्छता के साथ ही ईज ऑफ लिविंग, ईज ऑफ डूईंग बिजनेस, ईज ऑफ ट्रेवल पर भी पूरा ध्यान दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री स्व-निधि योजना में शहरों के छोटे व्यवसायियों को सरकार की गारंटी पर व्यवसाय के लिए ऋण दिया जा रहा है। इनमें 45 प्रतिशत महिला हितग्राही हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कोरोना संकट में सरकार ने 20 करोड़ महिलाओं के खाते में सहायता राशि दी। सभी को मुफ्त में वेक्सीन लगाया गया। नि:शुल्क राशन योजना प्रारंभ की गई। 17 हजार करोड़ रुपए पहुंच चुके हैंप्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार की पेंशन और सुरक्षा योजनाओं से जुड़ें। अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना का लाभ लें। इन योजनाओं के माध्यम से हितग्राहियों के खाते में 17 हजार करोड़ रुपए पहुंच चुके हैं। आयुष्मान भारत योजना में अभी तक हितग्राहियों को एक लाख करोड़ रुपए का नि: शुल्क इलाज उपलब्ध कराया जा चुका है। जन औषधि केन्द्रों के माध्यम से 80 प्रतिशत कम कीमत पर दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार गांव से शहरों में काम के लिए आए व्यक्तियों का पूरा ध्यान रखती है। वन नेशन-वन राशन कार्ड योजना के माध्यम से कहीं भी राशन प्राप्त किया जा सकता है। इन योजनाओं का लाभ लें। मोदी के विकसित भारत के सपने को साकार करेगी यात्रामुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह यात्रा प्रधानमंत्री के विकसित भारत के सपने को साकार करेगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने कई क्षेत्रों में विश्व में उत्कृष्ट छवि निर्मित की है। जनकल्याण और विकास के क्षेत्र में देश व प्रदेश में और बेहतर कार्य हो तथा प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति को शासकीय योजनाओं और कार्यक्रम का लाभ मिल सके, इस उद्देश्य से प्रधानमंत्री मोदी की परिकल्पना के अनुरूप विकसित भारत संकल्प यात्रा आरंभ की जा रही है। य़ात्रा के माध्यम से जनकल्याण की योजनाओं और कार्यक्रमों का अधिक प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा, साथ ही यह प्रयास होगा कि इन योजनाओं और कार्यक्रमों के लाभ से कोई भी वर्ग वंचित न रहे। भारत में संकल्प यात्रा को शुरू हुए एक महीना पूरा हो चुकाप्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में संकल्प यात्रा को शुरू हुए एक महीना पूरा हो चुका है। अभी तक यह यात्रा हजारों गांव एवं लगभग डेढ़ हजार शहरों में पहुंच चुकी है। आचार संहिता के कारण 5 राज्यों मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, राजस्थान और मिजोरम में यह यात्रा आज से शुरू हो रही है। इस यात्रा का अपने राज्य में तेजी से विस्तार करें। देश का जन-मन यात्रा को लेकर उत्साहित है। लोग ‘नमो एप’ डाउनलोड कर विकसित भारत के एम्बेसडर बन रहे हैं। प्रश्न-उत्तर प्रतियोगिता के माध्यम से अपनी व दूसरों की जानकारी बढ़ा रहे हैं। संकल्प यात्रा की गाड़ियां जनता को हर योजना की जानकारी और लाभ दे रही है। यात्रा का रहेगा यह स्वरूपप्रदेश में विकसित भारत संकल्प यात्रा 16 दिसंबर से 26 जनवरी 2024 तक आयोजित की जा रही है। भारत सरकार से इस यात्रा के लिए सभी जिलों को 366 आईईसी वेन उपलब्ध कराई गई है। आईईसी वैनों को सभी नगरीय निकाय एवं ग्राम पंचायत में ले जाया जाएगा और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वैन के साथ ही एग्री ड्रोन को भी प्रदर्शित किया जाएगा। किसानों की सुविधा के लिए उक्त ड्रोन का निर्माण किया गया है। किसानों के समय की बचत और उनके स्वास्थ्य की रक्षा करने के लिए एग्री ड्रोन का निर्माण किया गया है। ड्रोन के इस्तेमाल से खेतों में खाद या दवा का छिड़काव कम समय में किया जा सकेगा। साथ ही एक एकड़ फसल में खाद या अन्य कीटनाशकों का छिड़काव लगभग 15 मिनट में किया जा सकेगा। कृषि क्षेत्र में ड्रोन के प्रयोग से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इसका अनुमानित मूल्य लगभग पांच लाख रुपए से 10 लाख रुपए के मध्य है।

MP में जल्द तय हो सकते हैं कैबिनेट के चेहरे: कल दिल्ली जाएंगे CM.

MP में जल्द तय हो सकते हैं कैबिनेट के चेहरे: कल दिल्ली जाएंगे CM. The faces of the cabinet in Madhya Pradesh could be decided soon; the CM will go to Delhi tomorrow. डॉ. मोहन यादव; शाह और नड्डा के साथ होगी बैठकभोपाल! मध्यप्रदेश में नई सरकार में जल्द ही मंत्रिमंडल विस्तार हो सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को दिल्ली जा रहे हैं। उनके साथ प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा और प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा भी जाएंगे। इन्हें बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बुलाया है। ऐसा माना जा रहा है कि अगले 24 घंटे में कैबिनेट के सदस्यों के नाम फाइनल हो जाएंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में ये भी तय हो जाएगा कि पहले विस्तार में कौन और कितने विधायक मंत्री बनेंगे। रविवार शाम को दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में बैठक होगी। इस बैठक में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल भी शामिल हो सकते हैं। वे कल बनारस होकर दिल्ली पहुंचेंगे। मंत्रिमंडल पर केंद्रीय नेतृत्व करेगा फैसला: डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर कहा था कि इसका फैसला यशस्वी केंद्रीय नेतृत्व ही करेगा। इसके बाद शनिवार को पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने मुख्यमंत्री यादव, प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा और प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा को दिल्ली बुलाया है। इस बैठक में बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल समेत जीते हुए सांसदों को मंत्री बनाने पर भी फैसला होना है। इसलिए बैठक पर सभी की निगाहें हैं। संगठन सूत्रों का इस बैठक में बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल समेत जीते हुए सांसदों को मंत्री बनाने पर भी फैसला होना है। इसलिए बैठक पर सभी की निगाहें हैं। संगठन सूत्रों का कहना है कि रविवार को होने वाली बैठक के बाद 20 दिसंबर के पहले किसी भी दिन डॉ. मोहन यादव कैबिनेट का गठन कर लिया जाएगा।

विधायक मोहन राठौड़ ने भारत संकल्प विकसित यात्रा को हरी झंडी दिखाई.

Legislator Mohan Rathore showed support for the Bharat Sankalp Vikasit Yatra by displaying the green flag. ग्वालियर! नगर निगम के बाल भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल रूप से भारत संकल्प विकसित यात्रा को हरी झंडी दिखाई गई। विकसित भारत संकल्प यात्रा का चार राज्यों में शुभारंभ किया गया है। स्थानीय बाल भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में जिला प्रशासन के अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए। विकसित भारत संकल्प यात्रा में विशेष रथ शहरी और ग्रामीण हर वार्ड और ग्राम पंचायत को कवर करेंगे। शहरी क्षेत्र में 46 कैंप लगाए जाएंगे। ये कैंप दस जनवरी तक संपन्न हो जाएंगे। जबकि 263 ग्राम पंचायत में भी यह कैंप 19 जनवरी तक पूरे कर लिए जाएंगे। हर रोज करीब दो से तीन वार्ड और ग्राम पंचायतों में यह रथ जाएंगे। इसके साथ ही वहां पर जन समस्या निवारण शिविर भी लगाए जाएंगे। विकसित भारत संकल्प यात्रा का प्रमुख मकसद केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का फीडबैक लेने के साथ ही इन योजनाओं से वंचित लोगों को इसका लाभ दिलाना भी है।

जीतू पटवारी बने MP कांग्रेस अध्यक्ष.

Jeetu Patwai is appointed as the President of Madhya Pradesh Congress Committee. उमंग सिंघार नेता प्रतिपक्ष, हेमंत कटारे को उप नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव में हार के बाद प्रदेश कांग्रेस संगठन में बड़ा बदलाव किया गया है। जीतू पटवारी को प्रदेश कांग्रेस का नया अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं उमंग सिंघार को नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हेमंत कटारे उप नेता प्रतिपक्ष बनाए गए हैं। उमंग सिंघार धार जिले के गंधवानी से विधायक हैं। उन्हें नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

सड़क हादसे में घायल हुए युवक की पूर्व सीएम शिवराज ने मदद की और उसे अस्‍पताल पहुंचाया।

Former Chief Minister Shivraj extended help to the youth injured in the road accident and ensured that he was taken to the hospital. भोपाल। शहर के रवींद्र भवन क्षेत्र में शुक्रवार को सड़क हादसे में घायल हुए युवक को पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अस्पताल भिजवाया। जानकारी के अनुसार एक बाइक सवार युवक शनिवार रात को 11 बजे रवींद्र भवन के सामने से गुजर रहा था। इस दौरान उसकी बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई और वह हादसे में घायल हो गया। इसी बीच वहां से पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का काफिला गुजर रहा था। युवक को अस्पताल पहुंचाया पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने घायल युवक को देखकर अपना काफिला रुकवाया। इसके बाद घायल युवक को लोगों की मदद से काफिले के वाहन द्वारा एक निजी अस्पताल पहुंचाया। साथ ही युवक को आश्वासन दिया कि उसका अच्छा उपचार होगा, चिंता करने की बात नहीं है, मामा उसके साथ है।

क्राइम ब्रांच पुलिस ने रामगोविंद बघेल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया.

The Crime Branch police filed a case against Ramgovind Baghel. ग्वालियर! ग्वालियर ब्राह्मण महासभा के पदाधिकारी ओमप्रकाश शर्मा की शिकायत पर आखिरकार क्राइम ब्रांच पुलिस ने रामगोविंद बघेल के खिलाफ आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। दो दिन पहले सोशल मीडिया पर अयोध्या के नवनियुक्त पुजारी मोहित पांडे की अश्लील और फेक तस्वीर शेयर करने पर पुलिस प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा गया था।जिसमें राम गोविंद बघेल एवं कन्हैयालाल गर्ग के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की मांग की गई थी। दरअसल पिछले दिनों ही सरकार ने अयोध्या में निर्माणाधीन राम मंदिर के नवनियुक्त पुजारी मोहित पांडे को नियुक्त किया है लेकिन कुछ लोगों ने उनकी एक युवती के साथ अश्लील तस्वीरें सोशल मीडिया पर जारी कीं। जिन्हें पुलिस ने फेक करार देते हुए अहमदाबाद के कांग्रेस से जुड़े हितेंद्र पिथाड़िया को गिरफ्तार किया है। सोशल मीडिया पर जारी यह अश्लील तस्वीरें ग्वालियर में भी कुछ लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर शेयर की गई थीं।बाइट निरंजन शर्मा… एएसपी ग्वालियर

नगर निगम प्रशासन ने शहर की मीट मार्केट चावड़ी बाजार और माधवगंज में संघन चेकिंग अभियान चलाया.

The Municipal Administration conducted a crackdown operation on the meat market in Chawari Bazaar and Madhav Ganj as part of the city’s cleanliness drive. ग्वालियर! ग्वालियर नगर निगम प्रशासन ने शुक्रवार से शहर में खुले में मांस एवं मछली की बिक्री पर रोक लगाने और नियमानुसार ही इसके विक्रय को सुनिश्चित करने के लिए अभियान छेड़ दिया है। निगम का यह अभियान 31 दिसंबर तक जारी रहेगा। शहर की प्रमुख मीट मार्केट चावड़ी बाजार और माधवगंज में नगर निगम के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी अनुज शर्मा के नेतृत्व में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। इसमें नगर निगम के अमले को देखकर कई दुकानदार अपनी दुकानें बंद करके गायब हो गए। जबकि वहीं दुकानें निगम प्रशासन को खुली मिलीं जो नियमानुसार चल रही थीं।ये दुकानदार विधिवत शीशे को लगाकर उसके पीछे से मछली या मीट की बिक्री कर रहे थे। ओपन स्पेस में मुर्गा बकरा या अन्य किसी जानवर को काटने की मनाही है।इसे सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम ने अभियान छेड़ दिया है। इसके साथ ही नगर निगम मीट विक्रेताओं के लाइसेंस को भी चेक कर रहा है कुछ लोगों को नोटिस दिए गए हैं ।जबकि कुछ लोगों के यहां दस्तावेज और अन्य शर्तों का पालन होता हुआ मिला है। डॉ अनुज शर्मा… मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी नगर निगम ग्वालियर

मंत्रियों के नामों पर मंथन, ऐसी हो सकती है मोहन कैबिनेट.

A Brainstorming on the names of ministers, this could be the Mohan Cabinet. मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री का फेस तय करने के बाद भाजपा अब मंत्रियों के नामों पर मंथन कर रही है। भोपाल। मुख्यमंत्री का कार्यभार संभालने के बाद डा. मोहन यादव ने कैबिनेट विस्तार के लिए मंत्रियों के नाम तय करने की कवायद आरंभ कर दी है। ऐसा माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव तक कैबिनेट में मंत्रियों की संख्या सीमित रहेगी। नियमानुसार 35 सदस्यों की कैबिनेट हो सकती है लेकिन पहले विस्तार में इसमें 18-20 मंत्रियों को ही शामिल किया जाएगा। दरअसल, इसकी वजह यह है कि लोकसभा चुनाव के बाद रिक्त पद विधायकों के प्रदर्शन के आधार पर भरे जाएंगे। मुख्यमंत्री चयन की तरह समानांतर रूप से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दिग्गज नेता अपनी कवायद कर रहे हैं। वे अपनी सूची भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश को सौंपेंगे। मुख्यमंत्री और संगठन की पसंद की भी सूची तैयार होगी। इसके बाद हाईकमान इसकी हरी झंडी देगी। चर्चाओं का दौर जारीपार्टी हाईकमान दो विकल्पों पर विचार कर रहा है कि मंत्रिमंडल का विस्तार मलमास के पहले किया जाए या फिर उसके बाद। संगठन के स्तर पर राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश, प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा आदि के बीच इस मुद्दे पर चर्चाओं का दौर चला है। दावेदार भी इनसे मिल रहे हैं। हालांकि, माना यही जा रहा है कि मंत्रियों के नाम दिल्ली से ही तय होंगे। कुछ लोग यह भी अनुमान लगा रहे हैं कि मलमास की वजह से अभी नए मंत्रियों की शपथ नहीं होगी। क्या बोले प्रदेश अध्यक्ष?भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा भी फिलहाल नए मंत्रियों की शपथ के कार्यक्रम से अनभिज्ञ हैं। वे कहते हैं कि पार्टी सामूहिक निर्णय पर भरोसा करती है और इस बारे में भी आगे बातचीत होगी।

संसद मामला : पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने किया हमलावरों का समर्थन, भाजपा ने किया विरोध.

Parliament Case: Former Minister Sajjan Singh Verma expressed support for the attackers; BJP opposed the statement. कहा-देश की युवाओं की बात को संसद तक पहुंचाने की कोशिश की भोपाल। पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने संसद में हुए हमले को लेकर हमलावरों का समर्थन किया है। सज्जन सिंह वर्मा का कहना है कि जो हमलावर सदन के अंदर दाखिल हुए थे उन्होंने अपने विरोध की आवाज उठाई थी। बेरोजगारी सहित कई मुद्दों को लेकर अब उनके पास कोई चारा नहीं था। इसलिए सदन के अंदर दाखिल होकर ऐसा कदम उठाया है। आज देश की यही स्थिति बन रही है। उन्होंने देश की युवाओं की बात को संसद तक पहुंचाने की कोशिश की है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी ने कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा के बयानों पर किया पलटवारभाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व विधायक सज्जन सिंह वर्मा के संसद के सुरक्षा घेरे को तोड़कर उत्पात मचाने वालों का समर्थन करने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कांग्रेस नेता को नसीहत देते हुए कहा कि कांग्रेसी सदैव जिहादी, अपराधी और अराजक मानसिकता का समर्थन करते हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या इनके विचारों का समर्थन सोनिया गांधी व राहुल गांधी भी करते हैं, इसे स्पष्ट करना चाहिए। अग्रवाल ने अपने ट़्वीटर एक्स हैंडल पर किए गए ट्वीट में कहा कि इनके दुर्जन विचारों को सुनिए…। उन्होंने लिखा कि वर्मा संसद के सुरक्षा घेरे को तोड़कर उत्पात मचाने वालों का समर्थन कर रहे हैं। आखिर क्यों कांग्रेसी सदैव जिहादी, अपराधी और अराजक मानसिकता का समर्थन करती है। क्या इनके विचारों का समर्थन सोनिया गांधी और राहुल गांधी भी करते हैं उन्हें स्पष्ट करना चाहिए।

मप्र के विपक्ष का नेता दिल्ली में तय करेगा पार्टी सुप्रीमो, रिपोर्ट भेजी.

The opposition leader of Madhya Pradesh will decide the party supremo in Delhi, as per the sent report. उदित नारायण भोपाल। मध्यप्रदेश में कांग्रेस विधायक दल की पहली बैठक भोपाल स्थित प्रदेश कार्यालय में गुरुवार को हुई। चुरहट विधायक अजय सिंह ने कहा कि बैठक में एक लाइन का प्रस्ताव पारित हुआ है कि नेता प्रतिपक्ष का फैसला दिल्ली हाईकमान करेगा। करीब 40 मिनट की बैठक में दिग्विजय सिंह ने लोकसभा चुनाव के बारे में विधायकों को सक्रिय होने के लिए कहा। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला और स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने विधायकों से वन टू वन चर्चा की। सुरजेवाला ने कहा कि आर्ब्जवर भंवर जीतेंद्र सिंह ने बैठक में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ शामिल नहीं हुए।कांग्रेस के एक पदाधिकारी ने बताया कि कमलनाथ का कार्यक्रम छिंदवाड़ा जिले में पहले से तय है। पार्टी के प्रदेश प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला, स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष भंवर जितेंद्र सिंह, पूर्व उट दिग्विजय सिंह बैठक में पहुंचे। दिग्विजय सिंह ने मीडिया के सवालों पर बस इतना कहा कि कैबिनेट का गठन हो गया क्या। भाजपा के ओबीजी मुख्यमंत्री बनाने के साथ ही सामान्य और अनुसूचित जाति वर्ग से एक-एक डिप्टी सीएम बनाए हैं। ऐसे में कांग्रेस में आदिवासी विधायक को नेता प्रतिपक्ष पद देने पर विचार हो रहा है। हालांकि, कांग्रेस में ओबीसी चेहरे के तौर पर विजयपुर विधायक रामनिवास रावत और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष व सतना विधायक सिद्धार्थ कुशवाह के नाम भी चर्चा में हैं। वहीं, संसदीय मामलों में अनुभवी नेताओं के तौर पर पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल भैया, पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष और अमरपाटन से विधायक राजेंद्र कुमार सिंह को लेकर भी अंदरखाने विचार हो रहा है। भाजपा को विधायक याद दिलाएंगे संकल्पबैठक के बाद रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि हाईकमान का संदेश विधायकों को दिया गया है। उन्हें लोकसभा चुनाव की तैयारी के लिए कहा गया है। साथ ही विपक्ष में बैठने वाले विधायक जनता के प्रहरी के तौर पर काम करेंगे। सदन के भीतर जनता के मुद्दों को उठाने की जिम्मेदारी निभाएंगे। जनता के लिए सरकार का समर्थन भी करेंगे। इसके अलावा भाजपा को विधायक संकल्प पत्र को पूरा करने के लिए भी आगाह करते रखेंगे। आदिवासी नेताओं में इनके नाम शामिल

मुख्यमंत्री की घोषणा पर भोपाल में अमल शुरू, कानून का उल्लंघन करने वालों की होगी धरपकड़.

Implementation begins in Bhopal following the Chief Minister’s announcement; those violating the law will face arrests. नगर निगम आयुक्त ने दिए खुले में मांस व मछली बेचने के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा खुले में व बिना अनुमति के मांसए मछली के विक्रय को पूर्णतः प्रतिबंधित करने संबंधी निर्देशों के परिपालन में नगरीय विकास व आवास विभाग द्वारा जारी आदेशों के परिपालन में नगर निगम भोपाल की सीमांतर्गत खुले व बिना अनुमति के मांस विक्रय को प्रतिबंधित करने हेतु अभियान 15 दिसम्बर से चलाया जाएगा।निगम आयुक्त फ्रैंक नोबल ए ने निगम के स्वास्थ्य एवं पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों की गुरुवार को बैठक आयोजित की। इसमें उन्होंने शहर में खुले में व बिना अनुमति के मांस विक्रय को पूर्णतः प्रतिबंधित करने का आदेश दिया। साथ ही मध्यप्रदेश निगम पालिक निगम अधिनियम 1956 के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। निगम आयुक्त ने निर्देशित किया कि शहर में कहीं भी खुले तौर पर व बिना अनुमति के मांस विक्रय करने वालों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई भी की जाए। 15 दिसम्बर से 31 दिसम्बर तक विशेष अभियान चलाया जाए और मांसए मछली विक्रेताओं को अपने प्रतिष्ठानों पर नियमानुसार अपारदर्शी दरवाजेए कांच लगानेए साफ.सफाई रखने व लायसेंस की शर्तों का कड़ाई से पालन कराया जाना सुनिश्चित करें। साथ ही जो भी मांसए मछली विक्रेता लायसेंस की शर्तों का उल्लंघन करता पाया जाता है तो उसके विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। निगम आयुक्त ने यह भी निर्देशित किया कि शहर के सभी क्षेत्रों में यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी धार्मिक स्थल के मुख्य द्वार के सामने 100 मीटर के दायरे में मांसए मछली आदि सामग्री का विक्रय या प्रदर्शनन हो।

विधानसभा में सुरक्षा घेरा सख्त. (M.P)

Tight security cordon in the Legislative Assembly Madhya Pradesh. अब विधायक केवल एक बाहरी व्यक्ति को दिलवा सकेंगे दीर्घा में प्रवेश विधानसभा में बगैर पास और वैध पहचान पत्र के कोई बाहरी व्यक्ति प्रवेश नहीं कर सकता। गेट के अलावा दीर्घा में प्रवेश से पहले जांच। बिना पहचान पत्र नहीं कर सकता कोई प्रवेश।खान-पान की सामग्री भी दीर्घा में ले जाना मना है।गेट पर होती है तगड़ी सुरक्षा जांच। भोपाल। देश की राजधानी दिल्ली में संसद पर आतंकी हमले की बरसी के दिन ही दो युवक सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए लोकसभा की दर्शक दीर्घा से सदन में कूदकर स्मोक बम सरीखी सामग्री से धुआं छोड़ने की घटना को देखते हुए विधानसभा सचिवालय भी हरकत में आ गया है। गुरुवार को प्रमुख सचिव एपी सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और निर्देश दिए कि अब विधायक केवल एक ही बाहरी व्यक्ति को दर्शक दीर्घा में प्रवेश दिला पाएंगे। दो स्तर पर जांच होगी और कोई भी ऐसी सामग्री ले जाने की अनुमति नहीं होगी, जिसे सुरक्षा को कोई खतरा हो। इसी माह होगा विधानसभा सत्र मध्य प्रदेश में 16वीं विधानसभा का गठन हो चुका है। दिसंबर में पहला सत्र प्रस्तावित है। लोकसभा की सुरक्षा में सेंध की घटना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर समीक्षा की गई। अभी विधानसभा अध्यक्ष या सदस्य अपने क्षेत्र के लोगों को विधानसभा की कार्यवाही देखने के लिए प्रवेश पत्र जारी करवाते हैं। इसमें बैठक व्यवस्था के अनुसार सदस्यों की अनुशंसा पर प्रवेश पत्र जारी किए जाते हैं, लेकिन अब विधायक के स्वजन के अलावा वे केवल एक बाहरी व्यक्ति की ही अनुशंसा कर सकेंगे। विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह ने बताया कि सत्र के पहले एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। विधानसभा परिसर और दीर्घा में प्रवेश से पहले जांच होगी। अभी ऐसी व्यवस्था मप्र विधानसभा में आगंतुकों के लिए विधानसभा सचिवालय द्वारा प्रवेश पत्र जारी किए जाते हैं। यह विधानसभा अध्यक्ष या विधायक की अनुशंसा पर ही जारी किए जाते हैं। इसके अतिरिक्त उनके पास आधार कार्ड या अन्य फोटोयुक्त पहचान पत्र होना अनिवार्य रहता है। प्रवेश पत्र में ही इस बात का उल्लेख होता है कि संबंधित व्यक्ति किस दीर्घा में जाकर बैठ सकता है। दो जगह सुरक्षा जांच विधानसभा में पहुंचने वाले व्यक्ति को दो जगहों पर सुरक्षा जांच से गुजरना होता है। पहले परिसर के बाहरी द्वार पर तैनात सुरक्षाकर्मी उनकी जांच करते हैं। इसके बाद दीर्घा में प्रवेश से पहले फिर उनकी जांच होती हैं। यहां उनके जूते-चप्पल, बेल्ट उतरवा रखवा लिए जाते हैं। खाने-पीने की कोई चीज अपने साथ नहीं ले जा सकते हैं। मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति तो रहती है, पर उसे बंद करके रखना होता है। सत्र के दौरान राज्य पुलिस के अधीन होती है सुरक्षा व्यवस्था विधानसभा के अपर सुरक्षा सचिव उमेश शर्मा ने बताया कि सत्र के दौरान विधानसभा परिसर की पूरी सुरक्षा व्यवस्था राज्य पुलिस बल के हवाले रहती है। सामान्य दिनों में राज्य के विशेष सशस्त्र बल के 27 जवान तैनात रहते हैं। वहीं, विधानसभा का सुरक्षा अमला, जिसमें लगभग सौ जवान हैं, भी परिसर के भीतर तैनात रहता है।

बुंदेलखंड में भाजपा के सभी दिग्गज जीते, कांग्रेस 5 सीटों में सिमटी.

In Bundelkhand, all stalwarts of the BJP emerged victorious, while Congress was confined to 5 seats. हारते-हारते सुरखी में जीत गए गोविंद राजपूत ,राजनगर में 302 के प्रकरण के बावजूद जीते अरविंद. Amidst setbacks, Govind Rajput secured victory, while Arvind emerged triumphant in Rajnagar despite the 302 case. भोपाल। विधानसभा चुनाव के नतीजों ने पूरे प्रदेश की तरह बुंदेलखंड में भी सभी को चौंका दिया। यहां भाजपा के सभी दिग्गज चुनाव जीत गए। प्रदेश के परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पिछड़ रहे थे लेकिन अंतत: उन्होंने लगातार तीसरी जीत दर्ज कर ली। छतरपुर जिले के राजनगर भाजपा प्रत्याशी अरविंद पटैरिया के खिलाफ मतदान के दिन ही हत्या का प्रकरण दर्ज हो गए था। उनकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने राजनगर थाने के सामने रात भर धरना दिया था लेकिन अरविंद भी चुनाव जीतने में सफल रहे। हालात ये है कि कांग्रेस 26 में से मात्र 5 सीटें हासिल कर सकी जबकि भाजपा ने 21 सीटें जीत कर सबको चौंका दिया। सागर में मंत्रियों की तिकड़ी जीतीसागर जिले की 8 विधानसभा सीटों में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन किया। सरकार में शामिल जिले के तीनों मंत्री गोपाल भार्गव, भूपेंद्र सिंह और गोविंद सिंह राजपूत जीत दर्ज करने में सफल रहे। गोपाल और भूपेंद्र ने बड़े अंतर से जीत दर्ज की। भार्गव क्षेत्र में प्रचार के लिए निकले तब भी लगभग 73 हजार वोटों के अंतर से चुनाव जीते। कांग्रेस ने भाजपा से बीना सीटी छीनी तो भाजपा ने कांग्रेस की दो सीटें देवरी और बंडा छुड़ा लीं। देवरी में कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे हर्ष यादव चुनाव हार गए। कुल मिलाकर भाजपा 7 सीटें जीती जबकि कांगेस एक सीट पर सिमट गई। छतरपुर में कांग्रेस के तीनों विधायक हारेछतरपुर जिले की 6 में से 5 सीटेँ भाजपा ने जीत लीं। यहां कांग्रेस के तीनों विधायक छतरपुर से आलोक चतुर्वेदी, महाराजपुर से नीरज दीक्षित और राजनगर से विक्रम सिंह नातीराजा चुनाव हार गए। कांग्रेस सिर्फ एक सीट जीती। कांग्रेस को यहां पूर्व विधायक और जिले के कद्दावर नेता शंकरप्रताप सिंह मुन्ना राजा को अलग-थलग करने का नुकसान हुआ। मलेहरा में कांग्रेस की रामसिया भारती ने भाजपा के प्रद्युम्न सिंह लोधी को हरा दिया। मुन्ना राजा ने सिर्फ रामसिया का प्रचार किया था। प्रद्युम्न 2018 का चुनाव कांग्रेस के टिकट पर जीते थे लेकिन बाद में वे भाजपा में शामिल हो गए थे। टीकमगढ़, निवाड़ी में कांग्रेस का बेहतर प्रदर्शनबुंदेलखंड अंचल के टीकमगढ़ और निवाड़ी जिले ही ऐसे रहे जहां कांग्रेस ने पांच में से तीन सीटें जीत कर बेहतर प्रदर्शन किया। टीकमगढ़ जिले की जतारा में ही हरिशंकर खटीक भाजपा के टिकट पर चुनाव जीते शेष दो सीटें टीकमगढ़ और खरगापुर कांग्रेस ने छीन लीं। टीकमगढ़ में पूर्व मंत्री यादवेंद्र सिंह ने भाजपा के राकेश गिरि को हरा दिया। यहां भाजपा को पार्टी के बागी केके श्रीवास्तव ने नुकसान पहुंचाया। खरगापुर में पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के भतीजे राहुल लोधी चुनाव हार गए। उन्हें कांग्रेस की चंदारानी गौर ने शिकस्त दी। निवाड़ी की दो सीटों में से प्रथ्वीपुर में कांग्रेस के नितेंद्र सिंह राठौर जबकि निवाड़ी में भाजपा के अनिल जैन चुनाव जीते। इस तरह यहां मुकाबला बराबरी का रहा। पन्ना, दमोह में नहीं खुला कांग्रेस का खातापन्ना और दमोह जिले में कांग्रेस का खाता ही नहीं खुला। भाजपा ने सभी 7 सीटें जीत लीं। दमोह में जयंत मलैया बड़े अंतर से जीते और पन्ना में सरकार के खनिज मंत्री ब्रजेंद्र प्रताप सिंह भी चुनाव जीत गए। पन्ना जिले की पवई सीट में कांग्रेस के पूर्व मंत्री मुकेश नायक को पराजय का सामना करना पड़ा। गुनौर सीट पिछली बार कांग्रेस के पास थी जिसे इस बार भाजपा के राजेश वर्मा ने छीन लिया। इस तरह बुंदेलखंड में एक तरह से कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया।

मुख्यमंत्री की ताजपोशी के बाद नए मुख्य सचिव को लेकर चर्चाएं शुरू.

Discussions have commenced on the appointment of the new Chief Secretary following the swearing-in of the Chief Minister. अनुराग जैन, विवेक अग्रवाल व हरिरंजन राव मप्र लौटेंगे, मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी. Anurag Jain, Vivek Agrawal, and Hariranjan Rao will return to Madhya Pradesh, taking on significant responsibilities. भोपाल। प्रदेश के नए मुख्यमंत्री के रूप में डॉ. मोहन यादव की ताजपोशी के साथ नए मुख्य सचिव को लेकर चर्चाएं प्रारंभ हो गई है। इसके साथ ही यह चचर्चा भी है कि केंद्रीय भूतल परिवहन सचिव अनुराग जैन प्रदेश लौट सकते हैं। यदि अनुराग जैन प्रदेश लौटते हैं तो श्रीमती बीरा राणा के बाद उन्हें प्रदेश का मुख्य सचिव बनाया जाएगा। अतिविश्वसनीय सूत्रों के अनुसार श्रीमती राणा का कार्यकाल पूरा होने के एक माह पूर्व यानी फरवरी 2024 के अंतिम या मार्च के प्रथम सप्ताह में राज्य सरकार किसी वरिष्ठ अधिकारी को मंत्रालय मेंओएसडी नियुका कर देगी। ओएसडी ही श्रीमती राणा की सेवानिवृत्ति पर 31 मार्च 2024 को राज्य के प्रशासनिक मुखिया का पदभार संभाल लेगा। सूत्रों का कहना है कि अनुराग जैन यदि प्रदेश नहीं लौटते तो अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य च चिकित्सा शिक्षा मोहम्मद सुलेमान, अपर मुख्य सचिव गृह डॉ. राजेश राजौरा या अपर मुख्य सचिव नर्मदा घाटी विकास एसएन मिश्रा में से किसी एक को मुख्य सचिव बनाया जा सकता है। अंतिम फैसला मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को लेना है। सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ अतिरिक्त सचिव वित्त विवेक अग्रवाल तथा प्रधानमंत्री कार्यालय में पदस्थ अतिरिक्त सचिव हरिरंजन राव भी प्रदेश लौट सकते हैं। यदि अग्रवाल व राव प्रदेश लौटते हैं तो उन्हें महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। दोनों मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के गृह जिले उजजैन में कलेक्टर रह चुके हैं। मुख्यमंत्री यादव जब पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष थे, तब हरिरंजन राव निगम के एमडी थे।

गोपाल भार्गव बने एमपी के प्रोटेम स्पीकर.

Gopal Bhargav becomes the Protem Speaker of Madhya Pradesh. राज्यपाल ने दिलाई शपथ; सबसे सीनियर और नौ बार के विधायक हैं भार्गव The Governor administered the oath; Bhargav is the most senior and a nine-time legislator. भाजपा के सबसे सीनियर व रहली से नौ बार के विधायक गोपाल भार्गव ने गुरुवार को प्रोटेम स्पीकर पद की शपथ ली। सुबह 11 बजे राजभवन में गवर्नर मंगुभाई पटेल उनको शपथ दिलाई। बाद में विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर विधायकों को शपथ प्रोटेम स्पीकर दिलाएंगे। यहां स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर भी शपथ लेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार को कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस करेंगे। इसके बाद एसीएस की बैठक लेंगे। वे इससे पहले विधानसभा स्पीकर और प्रोटेम स्पीकर के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में शामिल हुए। सीएम ने पहली कैबिनेट बैठक में बुधवार को खुले में मांस की बिक्री और तेज आवाज में बजने वाले लाउड स्पीकर को लेकर अहम फैसले किए। पूर्व सीएम उमा भारती ने गुरुवार को इनकी तारीफ की है। ऐसी है प्रोटेम स्पीकर की व्यवस्था प्रोटेम स्पीकर का जिक्र संविधान के अनुच्छेद 180(1) में है। इसमें प्रावधान है कि जब विधानसभा अध्यक्ष या उपाध्यक्ष का पद रिक्त हो तो कार्यालय के कर्तव्यों का पालन ऐसे विधानसभा सदस्य द्वारा किया जाना चाहिए जिसे राज्यपाल नियुक्त कर सकते हैं। आमतौर पर सदन के सबसे वरिष्ठ सदस्य को प्रोटेम स्पीकर चुना जाता है। इस मामले में वरिष्ठता सदन में सदस्यता से देखी जाती है न कि सदस्य की उम्र से तय की जाती है। संवैधानिक परंपरा के अनुसार प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति के लिए कोई विशिष्ट संवैधानिक या वैधानिक प्रावधान नहीं है।

मंत्रिमंडल विस्तार में नहीं चलेगा पट्ठावाद, चौंकाने वाले हो सकते मंत्रियों के नाम.

The expansion of the cabinet, here are the names of the ministers who could be surprising. हर अंचल से बनाए जाएंगे 4 से 6 तक मंत्री- खाली रखे जा सकते हैं आधा दर्जन मंत्री पद, मंत्रिमंडल में जातीय संतुलन साधने की तैयारी उदित नारायण भोपाल। जिस प्रकार मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्रियों के चयन में रसूखदार नेताओं की नहीं चली, ठीक इसी तर्ज पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के मंत्रिमंडल का गठन होगा। लोकसभा चुनाव की दृष्टि से इसमें क्षेत्रीय और जातीय संतुलन तो साधा जाएगा लेकिन पट्ठावाद बिल्कुल नहीं चलेगा। अर्थात रसूखदार नेताओं का समर्थक होने के कारण किसी को मंत्री नहीं बनाया जाएगा। सूत्रों के अनुसार पहले चरण में 26-27 मंत्रियों को शामिल कर शपथ दिलाई जाएगी और आधा दर्जन से ज्यादा मंत्री पद खाली रखे जाएंगे। हमेशा की तरह नेतृत्व मंत्रिमंडल के गठन में भी सभी को चौंका सकता है। मोहन-वीडी लेकर जाएंगे संभावित मंत्रियों की सूचीमंत्रिमंडल के गठन पर भी केंद्रीय नेतृत्व की मुहर लगेगी। जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ यादव और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा संभावित मंत्रियों की सूची लेकर दिल्ली जाएंगे। वहां नेतृत्व के साथ सूची पर डिस्कशन होगा। नाम जोड़े और घटाएं जाएंगे। इसके बाद फायनल सूची के अनुसार मंत्रियों को शपथ दिलाई जाएगी।वरिष्ठ और नए के बीच होगा संतुलनमंत्रिमंडल के गठन में भी मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्रियों का फार्मूला अपनाया जा सकता है। इसके तहत वरिष्ठ और नए विधायकों के बीच संतुलन साधा जा सकता है। कुछ वरिष्ठों के साथ नए मंत्री ज्यादा बनाए जा सकते हैं। जैसे 8-9 वरिष्ठ मंत्रियों के साथ 16-18 नए विधायकों को मंत्री बनाया जा सकता है। चंबल-ग्वालियर अंचल से ये बन सकते मंत्रीभाजपा सूत्रों के अुनसार अंचलों में मिली सीटों के संख्या के आधार पर मंत्रियों की संख्या तय हो सकती है। इस आधार पर चंबल- ग्वालियर, बुंदेलखंड, विंध्य और मध्य अंचल से 4-4 मंत्री बनाए जा सकते हैं। इनमें जातीय संतुलन भी साधा जाएगा। जैसे, चंबल-ग्वालियर से नेता प्रतिपक्ष को हराने वाले अंबरीश शर्मा, जनता के बीच सक्रिय प्रद्युम्न सिंह तोमर, केपी सिंह को हराने वाले देवेंद्र कुमार जैन और घनश्याम सिंह को हराने वाले प्रदीप अग्रवाल को मंत्री बनाया जा सकता है। नरेंद्र सिंह तोमर पहले ही विधानसभा अध्यक्ष घोषित किए जा चुके हैं। बुंदेलखंड, विंध्य में ये हो सकते चेहरेबुंदेलखंड और विंध्य से मंत्रिमंडल में वरिष्ठ और कनिष्ठ के बीच संतुलन के तहत चेहरे तय किए जाएंगे। बुंदेलखंड से नरयावली विधायक प्रदीप लारिया, छतरपुर की ललिता यादव और जबेरा के धर्मेंद्र लोधी को मौका मिल सकता है। इनके अलावा वरिष्ठों में गोपाल भार्गव, भूपेेंद्र सिंह, गोविंद सिंह राजपूत, जयंत मलैया और बृजेंद्र प्रताप सिंह में से 1 अथवा 2 को मौका मिल सकता है। विंध्य अंचल से सीधी की रीति पाठक, जयसिंह नगर की मनीषा सिंह, मऊगंज से प्रदीप पटेल और रामपुर बघेलान से जीते विक्रम सिंह को मौका मिल सकता है। इस अंचल के राजेंद्र शुक्ला पहले ही उप मुख्यमंत्री बन चुके हैं। महाकौशल से बनाए जा सकते हैं 5 मंत्रीमहाकौशल अंचल में भाजपा को इस बार 38 में से 21 सीटें मिली हैं। यह कमलनाथ का भी इलाका है। इसलिए यहां से 5 मंत्री बनाए जा सकते हें। इनमें बहोरीबंद के प्रणव पांडे, नरसिंहपुर के प्रहलाद पटेल और बैतूल के हेमंत खंडेलवाल को मौका मिल सकता है। इनके अलावा जबलपुर के राकेश सिंह और गाडरवारा के उदयप्रताप सिंह में से किसी एक को मौका मिल सकता है। ये दोनों पूर्व सांसद हैं। इसी प्रकार शहपुरा के ओम प्रकाश धुर्वे और मंडला की संपतिया उइके में से किसी एक को मंत्री बनाया जा सकता है। मालवा-निमाड़ से बन सकते सर्वाधिक मंत्रीमालवा- निमाड़ अंचल में सर्वाधिक 66 सीटें हैं। भाजपा ने इनमें से 48 सीटें जीती हैं। इसलिए यहां से सर्वाधिक मंत्री बनाए जा सकते हैं। इंदौर से तुलसीराम सिलावट के अलावा कैलाश विजयवर्गीय और रमेश मैंदोला में से किसी एक काे मंत्री बनाया जा सकता है। इनके अलावा सज्जन सिंह वर्मा को हराने वाले राजेश सोनकर, दीपक जोशी को हराने वाले आशीष शर्मा, हरसूद के विजय शाह, नेपानगर की मंजू राजेंद्र दादू मंत्री बन सकते हैं। भोपाल के आसपास भी कम दावेदार नहींप्रदेश के मध्य अंचल अर्थात भोपाल के आसपास मंत्री पद के दावेदारों की संख्या कम नहीं है। इस बार रामेश्वर शर्मा, विश्वास सारंग, कृष्णा गौर, विष्णु खत्री में से दो मंत्री बन सकते हैं। रायसेन जिले में प्रभुराम चौधरी और सुरेंद्र पटवा में से किसी एक को मंत्री बनाया जा सकता है। इनके अलावा सीहोर के सुदेश राय और खिलचीपुर में पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह को हराने वाले हजारीलाल दांगी मंत्री बनाए जा सकते हैं। संभावित मंत्रियों की यह सूची सूत्रों पर आधारित है क्योंकि नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी क्या करेगी, कोई नहीं जानता।

आखिरी सांस तक आपके साथ खड़ा रहूंगा.

I will stand by you until my last breath. कमलनाथ ने कांग्रेस अध्यक्ष पद के इस्तीफे को लेकर किया खुलासा छिंदवाड़ा। भले ही प्रदेश में कांग्रेस की सरकार नहीं बन पाई है, लेकिन पूर्व सीएम कमलनाथ अपने गढ़ छिंदवाड़ा में अपना किला बचाने में कामयाब रहे। लगभग 43 सालों से कमलनाथ छिंदवाड़ा की पहचान बनकर राजनीति में छाए हुए हैं। ऐसे में इस बार भी विधानसभा चुनाव में छिंदवाड़ा की सातों सीटों पर कांग्रेस को जीत मिली है। कमलनाथ अब छिंदवाड़ा दौरे पर हैं और वे हर विधानसभा क्षेत्र में जाकर आभार सभा कर रहे हैं। पांढुर्णा और सौंसर में बुधवार को कमलनाथ ने आभार सभा में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने पांढुर्णा में कहा कि वे आखिरी सांस तक छिंदवाड़ा की जनता के बीच रहेंगे, वह रिटायरमेंट नहीं ले रहे है। नहीं लेगें रिटायरमेंट कमलनाथ का यह बयान ऐसे समय में आया है जब उनकों लेकर राजनीतिक गलियारो में यही चर्चा चल रही थी कि विधानसभा चुनाव में मिली हार के कारण उन्हें पीसीसी चीफ पद से इस्तीफा देना पड़ सकता है। हालांकि आला कमान ने नाथ को दोबारा लोकसभा चुनाव तक की जवाबदारी दी है। ऐसे में कमलनाथ ने अपने गढ़ छिंदवाड़ा से आज इसको लेकर एक बड़ा बयान देकर यह साफ कर दिया है कि वे आने वाले समय में भी पूरी सक्रियता के साथ जनता के बीच रहेंगे और रिटायरमेंट नहीं लेंगे।आखिरी सांस तक जनता के साथ उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपनी आखिरी सांस तक जनता के साथ खड़े है। वह रिटायरमेंट नहीं ले रहे है। उन्होंने कहा कि छिंदवाड़ा की जनता का प्यार उन्हे पिछले 43 सालों से मिलता आ रहा है। आगे भी यह प्यार और स्नेह उन्हे मिलता रहेगा। उन्होंने कहा कि जिले के विकास के लिए वह कोई भी कोर कसर नहीं छोड़ेंगे। लोकसभा चुनाव का फूंका बिगुल कमलनाथ ने छिंदवाड़ा में मिली बंपर जीत के बाद अब लोकसभा चुनाव की तैयारियों का बिगुल फूंक दिया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से छिंदवाड़ा की जनता ने विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का साथ दिया है। इसी तरह से लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस को यही प्यार और विश्वास लोकसभा चुनाव में भी मिलेगा। इस दौरान उनके साथ उनके बेटे नकुलनाथ भी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री बनते ही प्रदेश में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी के आसार।

As soon as becoming the Chief Minister, signs of significant administrative changes in the state. सचिवालय से सबसे पहले हटाए जाएंगे पीएस रस्तोगी, मुख्य सचिव के लिए तीन नाम का भेजा जाएगा डीओपीटी में पैनल – मंत्रालय स्तर पर सचिव सेक्रेट्री सहित कई अन्य विभागों के अधिकारियों के भी होंगे ट्रांसफर – प्रदेश में कानून व्यवस्था की समीक्षा के साथ कई जिलों के पुलिस अधीक्षकों के भी होंगे तबादले।  *उदित नारायण*  भोपाल। मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने वल्लभ भवन में अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक के साथ ही प्रशासनिक हमले में हड़कंप मच गया है। इसके पीछे की वजह है कि जनता से जुड़े हुए कामकाज करने वाले अधिकारियों की पूछ परख ज्यादा होगी। मुख्यमंत्री यादव ने स्पष्ट अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बिना भ्रष्टाचार की जनता से जुड़े हुए काम किए जाएं। सीएम के फरमान के बाद जरूर जल्द ही सर्जरी होगी सबसे पहले मुख्यमंत्री सचिवालय में लंबे समय तक पदस्थ रहे मनीष रस्तोगी को किसी और विभाग में पदस्थित किया जाएगा। मुख्यमंत्री सचिवालय में अनुभवी प्रमुख सचिव की पोस्टिंग होगी। जिन्हें कई विभागों में कामकाज का अनुभव रहा है। ऐसे में कई नाम सामने आ रहे हैं। वही मार्च में 2024 मौजूदा मुख्य सचिव वीरा राणा भी रिटायर होगी। इससे पहले सरकार की कोशिश होगी कि तीन सीनियर आईएएस अधिकारियों के नाम का पैनल डीओपीटी भेजा जाएगा। जिससे मध्य प्रदेश में 2 से 3 साल तक फिक्स मुख्य सचिव की पोस्टिंग हो सके। मंत्रालय सूत्रों का कहना है कि दो से तीन विभाग में प्रमुख सचिव के पद खाली हैं अवसरों को प्रमोशन के साथ नई पोस्टिंग भी दी जाएगी मंत्रालय स्तर पर सचिव, डिप्टी सेक्रेटरी भी ट्रांसफर किए जाएंगे। कई सीनियर अधिकारियों की मीटिंग के बाद मंत्रालय में पदस्थ सक्रिय अधिकारियों को फ्रंट में लेकर आया जाएगा।  सबसे पहले नपेंगे बड़े जिले की कलेक्टर – सूत्र बताते हैं कि तत्कालीन कलेक्टर ने जनता की कई मांगों को लेकर तत्कालीन उच्च शिक्षा मंत्री और मौजूदा मुख्यमंत्री मोहन यादव को काफी परेशान किया था मोहन यादव ने इस बात की जानकारी संगठन को भी दी थी लेकिन सीनियर आईएएस अधिकारी के दबाव में कलेक्टर को नहीं हटाया गया अब सरकार के हाथ में कमान मोहन यादव के हाथ में है ऐसे में माना जा रहा है कि एक बड़े जिले के कलेक्टर को भी सबसे पहले हटाया जाएगा। सूत्र बताते हैं कि सीएम बनने के बाद कलेक्टर और सीएम सचिवालय में पदस्थ रहे मनीष रस्तोगी तक उनसे मिलने नहीं गए। हालांकि मंत्रालय आने के बाद प्रमुख सचिव औपचारिकता के तौर पर मुलाकात की।  सचिवालय में शिफ्ट होंगे उच्च शिक्षा विभाग के कई ओएसडी – उच्च शिक्षा विभाग से जुड़े हुए अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा मुख्यमंत्री पहले इसी विभाग के मंत्री थे। ऐसे में अपने भरोसेमंद और काबिल ओएसडी को सचिवालय में जगह देंगे। इसके पीछे का कारण है कि कैबिनेट की पहली बैठक में ही उच्च शिक्षा विभाग से जुड़े हुए कई फैसलों पर अमल किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शिक्षा से जुड़े हुए कार्यों को पूरा करने के लिए उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों को पदस्थ सीएम सचिवालय में किया जाएगा।

राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के चेयरमैन डॉ. कुसमरिया ने संभाला कामकाज, अक्टूबर में हुई थी नियुक्ति.

Dr. Kusmariya assumed office as the Chairman of the State Backward Classes Commission, appointed in October. डॉ. कुसमरिया को राज्य शासन ने मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया था. कार्यभार ग्रहण करने के बाद डॉ. कुसमरिया ने आयोग की गतिविधि के बारे में जानकारी प्राप्त की. आयोग मुख्य रूप से प्रदेश में पिछड़ा वर्ग के लिये हितप्रहरी के रूप में कार्य करता है! मध्य प्रदेश में डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया ने आज भोपाल के श्यामलाहिल्स हिल्स मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग पहुंचकर अध्यक्ष पद का कार्यभार ग्रहण किया. इस मौके पर पिछड़ा वर्ग से जुड़े जन-प्रतिनिधि भी मौजूद थे डॉ. रामकृष्ण कुसमारिया (जन्म 30 जुलाई 1942) उनका जन्म सकोर में एक किसान परिवार में हुआ था। वह 8 फरवरी 2019 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हुए, फिर भारतीय जनता पार्टी10वीं, 11वीं के सदस्य थे। , 12वीं, 13वीं और 14वीं लोकसभा भारत की। 10वीं, 11वीं, 12वीं और 13वीं लोकसभा में उन्होंने दमोह निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया और 14वीं लोकसभा में उन्होंने खजुराहो निर्वाचन क्षेत्र मध्य प्रदेश राज्य का। 2008 में, वह मध्य प्रदेश विधानसभा के लिए पथरिया विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए। के अध्यक्ष भी हैं।। बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण में किसान कल्याण और कृषि विकास मंत्री बने। वर्तमान में उन्हें वर्ष 2023 में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया है!

भाजपा: अचर्चित चेहरों के हाथ कमान सौंपने में जोखिम मे नि:संदेह.

BJP: Taking the risk in entrusting key responsibilities to lesser-known faces without hesitation. उदित नारायण इन अप्रत्याशित फैसलों के भीतर कई राजनीतिक संदेश छुपे हैं, जो भाजपा के स्वयंभू नेताओं के लिए तो हैं ही, उन विपक्षी नेताओं के लिए भी हैं, जो मात्र सीट बंटवारे और वोटों के कागजी गणित के भरोसे आगामी लोकसभा चुनाव में मोदी को पटखनी देने का अरमान पाले हुए हैं। भारतीय जनता पार्टी और उसके शीर्ष नेतृत्व ने हिंदी भाषी तीन राज्यों में भारी जीत के बाद जिन अचर्चित चेहरों के हाथों में सत्ता की कमान सौंपी है, उससे ‘चौंकना’ शब्द भी फीका लगने लगा है। यह कुछ वैसा ही था कि कोई जादूगर अपनी जेब में हाथ डाले और नोट किसी भीड़ में छिपे शख्स की जेब से निकले।मोदी- शाह ने मीडिया के तमाम अटकलों को बेकार साबित कर दिया है। लेकिन इन अप्रत्याशित फैसलों के भीतर कई राजनीतिक संदेश छुपे हैं, जो भाजपा के स्वयंभू नेताओं के लिए तो हैं ही, उन विपक्षी नेताओं के लिए भी हैं, जो मात्र सीट बंटवारे और वोटों के कागजी गणित के भरोसे आगामी लोकसभा चुनाव में मोदी को पटखनी देने का अरमान पाले हुए हैं। विधानसभा चुनावों में भाजपा के जीते हुए मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ राज्यों में ‘कौन बनेगा मुख्यमंत्री’ की रेस असली हार्स रेस से भी ज्यादा रोमांचक होने लगी थी। दावेदारी और राजयोग में अदृश्य मुकाबला चल रहा था। मीडिया की आंखें और राजनीतिक भविष्यवाणियां उन्हीं चंद चेहरों के आसपास मंडरा रही थीं, जिन्हें परंपरागत रूप से कुर्सी की दौड़ में प्रथम पंक्ति में माना जाता रहा था। ऐसे कुछ नाम जो सीएम या फिर वो भी नहीं तो कम से कम डिप्टी सीएम पद की शपथ लेने के लिए नए सूट सिलवा चुके थे। लेकिन हाय री किस्मत!भाजपा आलाकमान ने इन फैसलों से छह संदेश दिए हैं। पहला तो कोई खुद को पार्टी से ऊपर न समझे, दूसरा भाजपा में संघ अभी भी पूरी तरह ताकतवर है, तीसरा भाजपा में कोई साधारण कार्यकर्ता भी शीर्ष पद तक पहुंच सकता है, चौथा भाजपा ने आने वाले 15 साल तक राजनीति करने वाले नए खून की फौज तैयार कर दी है, पांचवां सोशल इंजीनियरिंग में भाजपा सभी राजनीतिक दलो से मीलों आगे है और छठा, इस बदलाव के जरिए भाजपा ने आगामी लोकसभा चुनाव की जमीन भी तैयार कर दी है और तकरीबन मुद्दे भी तय कर दिए हैं। मप्र में डा. मोहन यादव, छग में विष्णुदेव साय और राजस्थान में भजनलाल शर्मा बाकी दुनिया के लिए भले ही अचर्चित चेहरे रहे हों, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा को उनकी कार्यक्षमता पर भरोसा है। अब यह इन तीनो पर है कि मिले हुए अवसर को कामयाबी में वो कितना बदल पाते हैं। खुद को कितना साबित कर पाते हैं। हालांकि यह जोखिम तो हर उस प्रयोग में रहता है, जो राजनीति की प्रयोगशाला में पहली बार किया जाता है। मप्र में जब पहली बार शिवराज को मुख्यमंत्री पद की कमान सौंपी गई थी तब कई लोगों ने उनकी नेतृत्व क्षमता और देसी छवि पर तंज कसा था, लेकिन वक्त के साथ शिवराज ने खुद को न सिर्फ साबित किया बल्कि अपरिहार्य बन गए। उन्होंने अपनी राजनीति की नई इबारत लिखी। इमोशनल पॉलिटिक्स का नया सिलेबस तय किया और पूरे 18 साल तक सीएम पद पर जमे रहे।हालांकि, पहली पारी के सीएम शिवराज और चौथी पारी के सीएम शिवराज में काफी अंतर था । उनका अपना आभा मंडल और काकस तैयार हो गया था। इस दौरान उन्होंने अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को भी यथासंभव किनारे लगाया और शायद इसकी इंतिहा हो चुकी थी। यही स्थिति राजस्थान में वसुंधरा राजे की थी। राजे तो पहले से राज परिवार से हैं। लिहाजा कुर्सी पर विराजना उनके लिए नैसर्गिक अधिकार था। उन्होंने खुद को पार्टी और राज्य का भाग्य विधाता मान लिया था। अलबत्ता छग के 15 साल सीएम रहे और बाद में भाजपा में ही हाशिए पर डाल दिए गए डॉ रमनसिंह ने खुली बगावत के रास्ते पर जाने से खुद को बचाया और कुछ बेहतर पाने की आस जिंदा रखी।कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा में इस तरह क्षत्रप संस्कृति को समाप्त पर ‘ एक हाईकमान कल्चर’ को लागू कर भाजपा ने बहुत बड़ा जोखिम लिया है, जो भविष्य में आत्मघाती भी हो सकता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चेहरे पर ही पार्टी का पूरी तरह आश्रित हो जाना संगठन की आंतरिक कमजोरी को दर्शाता है। यानी जब मोदी भी नहीं रहेंगे, तब क्या होगा? इसके अलावा इन तीन राज्यों में बिल्कुल ताजा चेहरों की ताजपोशी के साथ राजनीतिक और जातीय समीकरण भी साधने की कोशिश है। छग में आदिवासी चेहरे विष्णुदेव साय को सीएम बनाकर समूचे आदिवासी समुदाय को यह संदेश दिया गया है कि आदिवासी भी हिंदू ही हैं और वो हमारे लिए उतने ही महत्वपूर्ण हैं। इसी तरह मप्र में बिल्कुल अप्रत्याशित चेहरे डॉ. मोहन यादव को सीएम बनाकर यूपी और बिहार के यादवों को भी संदेश दिया गया है कि वो क्षेत्रीय पार्टियों के मोह से उबरें और भाजपा से जुड़ें। मप्र और राजस्थान में दलित डिप्टी सीएम बनाकर बहनजी मायावती और उनकी पार्टी के समर्थकों को संदेश है कि भाजपा में दलितों के लिए भी पूरी जगह है। दिलचस्प बात यह है कि विस चुनाव के दौरान तीनों राज्यों में कांग्रेस पूरे समय ओबीसी जातिजनगणना का मुद्दा उठाती रही, लेकिन जिस तेलंगाना में वह स्पष्ट बहुमत के साथ चुनाव जीती, वहां उसने किसी ओबीसी के बजाए रेवंत रेड्डी के रूप में एक अगड़े को ही मुख्यमंत्री बनाया। 26 विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन की आगामी बैठक 19 दिसंबर को होनी है। उसमें लोकसभा सीटों के बंटवारे के किसी फार्मूले पर बात होती है या नहीं, यह देखने की बात है। लेकिन हो भी गया तो थके चेहरों और सतही जोश से लोकसभा चुनाव की जंग कैसे जीती जाएगी, यह देखने की बात है। बहरहाल चुनाव रणविजय शास्त्र की क्लास में भाजपा से कुछ तो सबक लेने ही चाहिए।

शपथ के दौरान स्टेडियम के बाहर Shivraj के चाहने वालों ने काफिला रोका, मामा मामा के नारे लगाए.

During the swearing-in ceremony, supporters of Shivraj outside the stadium stopped the procession, chanting slogans in favor of Mama (referring to Shivraj Singh Chouhan).

प्रदेश के नए उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला, शपथ ग्रहण समारोह, मोतीलाल नेहरू स्टेडियम भोपाल.

The new Deputy Chief Minister of the state, Rajendra Shukla, will take the oath at the Motilal Nehru Stadium in Bhopal during the swearing-in ceremony.

प्रदेश के नए उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, शपथ ग्रहण समारोह, मोतीलाल नेहरू स्टेडियम भोपाल.

The new Deputy Chief Minister of the state, Jagdish Devda, will take the oath at the Motilal Nehru Stadium in Bhopal during the swearing-in ceremony.

प्रदेश के नए मुख्यमंत्री मोहन यादव लेंगे शपथ, मोतीलाल नेहरू स्टेडियम भोपाल.

The new Chief Minister of the state, Mohan Yadav, will take the oath at the Motilal Nehru Stadium in Bhopal.

नव नियुक्त मुख्यमंत्री मोहन यादव , क्या रहा अभी तक का उनका सफर.

Newly appointed Chief Minister Mohan Yadav Political journey. आइये जानते हैं मध्यप्रदेश के नव नियुक्त मुख्यमंत्री मोहन यादव के बारे में , क्या रहा यहां तक का उनका सफर जीवन परिचयनाम – डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री, मप्र शासनजन्म – 25 मार्च 1965 उज्जैनशिक्षा – बीएससी, एलएलबी, एमबीए, पीएचडी (राजनीति शास्त्र))तीसरी बार उज्जैन दक्षिण विधान सभा से लगातार निर्वाचित,पूर्व दायित्व: केबिनेट मंत्री, उच्च शिक्षा विभाग, जुलाई 2020 सेउच्च शिक्षा मंत्री के रूप में देश में पहली बार मप्र में राष्ट्रीय शिक्षा नीति का सफल क्रियान्वयन, 54 नए महाविद्यालय खोलेसन् 2004-2010 में उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष (राज्य मंत्री दर्जा)।सन् 2011-2013 में मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम, भोपाल के अध्यक्ष (केबिनेट मंत्री दर्जा)।भा.ज.पा. की प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य. सन् 2013-2016 में भा.ज.पा. के अखिल भारतीय सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के सह-संयोजक। उज्जैन के समग्र विकास हेतु अप्रवासी भारतीय संगठन शिकागो (अमेरिका) द्वारा महात्मा गांधी पुरस्कार और इस्कॉन इंटरनेशनल फाउंडेशन द्वारा सम्मानित। मध्यप्रदेश में पर्यटन के निरंतर विकास हेतु सन् 2011-2012 एवं 2012-2013 में राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कृत. सन् 2013 में चौदहवीं विधान सभा के सदस्य निर्वाचित। सन् 2018 में दूसरी बार विधान सभा सदस्य निर्वाचित. दिनांक 2 जुलाई,. 2020 को मंत्री बने। 2023 में तीसरी बार विधानसभा सदस्य निर्वाचित और मुख्यमंत्री बने। छात्र राजनीति – अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में प्रदेश के विभिन्न पदों पर रहे, राष्ट्र्रीय महामंत्री के पद के दायित्वों का निर्वाहन, माधव विज्ञान महाविद्यालय में 1982 में छात्र संघ के संयुक्त सचिव तथा 1984 में छात्रसंघ अध्यक्ष निर्वाचित। सामाजिक क्षेत्र- 2006 में भारत स्काउट एवं गाइड के जिलाध्यक्ष, मध्यप्रदेश ओलंपिक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष, 2007 में अखिल भारतीय कुश्ती महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष, वर्ष 1992, 2004 एवं 2016 सिंहस्थ उज्जैन केन्द्रीय समिति के सदस्य,वर्ष 2000-2003 तक विक्रम विश्वविद्यालय के कार्यपरिषद (सिंडीकेट) सदस्य के दायित्व का निर्वाहन तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, विकलांग पुर्नवास केन्द्रों में सक्रिय भागीदारी।राजनैतिक क्षेत्र – सन् 1982 में माधव विज्ञान महाविद्यालय छात्रसंघ के सह-सचिव एवं 1984 में अध्यक्ष. सन् 1984 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद उज्जैन के नगर मंत्री एवं 1986 में विभाग प्रमुख। सन् 1988 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद मध्यप्रदेश के प्रदेश सहमंत्री एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य और 1989-90 में परिषद की प्रदेश इकाई के प्रदेश मंत्री तथा सन् 1991-92 में परिषद के राष्ट्रीय मंत्री. सन् 1993-95 में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, उज्जैन नगर के सह खण्ड कार्यवाह। सायं भाग नगर कार्यवाह एवं 1996 में खण्ड कार्यवाह और नगर कार्यवाह। सन् 1997 में भारतीय जनता युवा मोर्चा की प्रदेश कार्य समिति के सदस्य। सन् 1998 में पश्चिम रेलवे बोर्ड की सलाहकार समिति के सदस्य. सन् 1999 में भारतीय जनता युवा मोर्चा के उज्जैन संभाग प्रभारी, सन् 2000-2003 में भा.ज.पा. के नगर जिला महामंत्री एवं सन् 2004 में भा.ज.पा. की प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य। सन् 2004 में सिंहस्थ, मध्यप्रदेश की केन्द्रीय समिति के सदस्य। सन् 2008 से भारत स्काउट एण्ड गाइड के जिलाध्यक्ष। धार्मिक क्षेत्र – विक्रमोत्सव-चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य द्वारा आरंभ विक्रम संवत पर प्रारंभ होने वाले भारतीय नववर्ष मनाने की परंपरा, विगत 11 वर्षों से प्रतिवर्ष भव्य उत्सव शिप्रा तट पर आयोजित किया जाता है, धार्मिक आयोजनों में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए भारतीय संस्कृति, तीज, त्यौहार, रीति-रिवाज के पारंपरिक आयोजनों में शामिल होकर साहित्यिक, सांस्कृतिक, कला, विज्ञान, पुरातत्व, वेद ज्योतिष से जुडने हेतु जनमानस को अभिप्रेरित किया।साहित्य: विक्रमाँदित्य शोधपीठ का गठन,लेखन: उज्जैयनी का पर्यटन, विश्वकाल गणना के केंद्र डोंगलाप्रकाशन: संकल्प शुभकृत, क्रोधी, विश्वावसु, पराभव आदि पुस्तकों का प्रकाशनविदेश यात्रा: अमेरिका, इंग्लैंड, जर्मनी, जापान, बैंकाक, थाईलैंड, चीन, नेपाल, बर्मा, भूटान, म्यांमार, अरब देशों की यात्रा।इतना ही तलवारबाजी इनके शौक में शुमार है, दोनो हाथों से एक साथ तलवार भांजने में महारथ हासिल है।

नौ दिन से जारी सियासी उथल-पुथल पर लगा विराम, भजन लाल शर्मा होंगे राजस्थान के मुख्यमंत्री।

The political turmoil that has been ongoing for nine days has come to a halt, and Bhajan Lal Sharma will be the Chief Minister of Rajasthan. भाजपा विधायक दल की बैठक में भजनलाल शर्मा के नाम पर सर्वसम्मति से लगी मुहर। राजस्थान में भी बने दो उप मुख्यमंत्री, दीया कुमारी और प्रेमचंद्र बैरवा के नाम का एलान। अजमेर से विधायक वासुदेव देवनानी को राजस्थान विधानसभा का स्पीकर चुना गया। संतोष सिंह तोमर जयपुर। राजस्थान में मुख्यमंत्री पद के लिए जारी सस्पेंस आखिरकार खत्म हो गया। तीन दिसंबर को विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से कई नामों को लेकर चर्चा चल रही थी। इस बीच भाजपा ने पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की और विधायक दल की बैठक में सांगानेर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीतकर विधानसभा में पहुंचे भजनलाल शर्मा के नाम पर मुहर लगी। राजस्थान के लिए भी दो उप मुख्यमंत्री के नाम का भी एलान किया गया है। उप मुख्यमंत्री के लिए विधाधर नगर सीट से विधायक दीया कुमारी और विधायक प्रेमचंद्र बैरवा का नाम फायनल कर दिया गया है। इसके साथ ही अजमेर से विधायक वासुदेव देवनानी को राजस्थान विधानसभा का स्पीकर चुन लिया गया है। इससे पहले पार्टी ने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, सरोज पांडे और विनोद तावड़े को बतौर पर्यवेक्षक जयपुर भेजा था। हम आपको याद दिला दें कि राजस्थान में करणपुर विधानसभा सीट को छोड़कर बाकी सभी 199 सीटों पर 25 नवंबर को चुनाव कराए गए थे। इसके नतीजे 3 दिसंबर को आए। राजस्थान विधानसभा चुनाव के सियासी घमासान में कांग्रेस को पछाड़ कर भाजपा ने 115 सीटें जीतीं। वहीं कांग्रेस को 69 सीटें ही मिल सकीं। इसके अलावा 15 सीटें अन्य के खाते में गईं हैं। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को मनाने में लगा समय इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की थी। वसुंधरा ने चुनावी नजीतों के बाद पार्टी के कई विधायकों को डिनर पार्टी दी थी, जिसे दबाव की राजनीति के तौर पर देखा गया था। इसके साथ ही वसुंधरा राजे के समर्थक विधायक वसुंधरा राजे को पुनः राजस्थान का मुख्यमंत्री बनाने के लिए प्रयासरत थे। पार्टी नेतृत्व को उन्हें मनाने के लिए भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ी है। हालांकि, नड्डा से मुलाकात के बाद वसुंधरा के सुर बदले-बदले नजर आए थे और उन्होंने खुद को पार्टी का अनुशासित कार्यकर्ता बताया था। विधायक दल की बैठक में चुना गया नेता इसके बाद पार्टी ने राज्य के लिए केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, सरोज पांडे और विनोद तावड़े के रूप में पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी थी। उन्हें राज्य में मुख्यमंत्री पद को लेकर जारी सस्पेंस पर विराम लगाने और विधायक दल का नेता चुनने के लिए सभी की सहमति बनाने का जिम्मा सौंपा गया था। इसके बाद मंगलवार को हुई विधायक दल की बैठक में भजनलाल शर्मा को चुना गया। विधायक बने सांसदों के इस्तीफे ने बढ़ा दी थी सरगर्मी इससे पहले राजस्थान के राजसमंद की सांसद दीया कुमारी, जयपुर के सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौड़, राज्यसभा सदस्य किरोड़ी लाल मीणा और अलवर के सांसद बाबा बालक नाथ ने विधानसभा चुनाव जीतने के बाद लोकसभा सांसद के पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद से अटकलें लगाई जाने लगी थीं कि पार्टी वसुंधरा के अलावा किसी दूसरे चेहरे पर दांव खेल सकती है। मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ के बाद राजस्थान में भी चौंकाया इससे पहले भाजपा ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर मोहन यादव के नाम पर मुहर लगाकर सभी चौंका दिया था। मोहन यादव उज्जैन दक्षिण विधानसभा सीट से विधायक हैं। यह भी तय किया गया कि मध्य प्रदेश में दो उपमुख्यमंत्री भी होंगे। इनके लिए जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ला का चुना गया। जगदीश देवड़ा मल्हारगढ़ और राजेंद्र शुक्ला रीवा से विधायक हैं। इसके अलावा स्पीकर पद के लिए नरेंद्र सिंह तोमर के नाम का एलान किया गया था। वहीं, छत्तीसगढ़ में भाजपा ने विष्णुदेव साय को मुख्यमंत्री के लिए चुनकर सियासी गलियारे में हलचल मचा दी थी। इसके साथ ही यह भी बताया गया कि राज्य में दो डिप्टी सीएम होंगे और पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह स्पीकर हो सकते हैं। इसी तरह से भाजपा शीश नेतृत्व ने राजस्थान में भी सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए भजनलाल शर्मा को मुख्यमंत्री बनाकर फिर एक बार सभी को चौंका दिया है।

15 दिसंबर के बाद होगा मप्र कांग्रेस विधायक दल के नेता का चयन.

The selection of the leader of the Madhya Pradesh Congress Legislative Party will take place after December 15. पार्टी नेता चाहते हैं कि कार्यकर्ताओं के बीच यह संदेश जाए कि सभी एकजुट हैं, इसलिए आम सहमति के आधार पर निर्णय पर जोर दिया जा रहा है। भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस विधायक दल के नेता का चयन 15 दिसंबर के बाद होगा। इसके लिए विधायक दल की बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें केंद्रीय पर्यवेक्षक उपस्थित रहेंगे। पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, विधायक दल के मुख्य सचेतक रहे रामनिवास रावत, पूर्व मंत्री बाला बच्चन और उमंग सिंघार के नाम दावेदारों में प्रमुखता से सामने आए हैं। 66 सीटों पर जीती कांग्रेस230 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के 66 उम्मीदवार चुनाव जीतकर पहुंचे हैं। दल का नेता विधायक चुनेंगे। इसके लिए विधायक दल की बैठक होगी। पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों का कहना है कि केंद्रीय संगठन से विधायक दल के नेता का चयन करने के लिए पर्यवेक्षक भेजने का अनुरोध किया है। एकजुटता का संदेश देना चाहते हैंदरअसल, पार्टी नेता चाहते हैं कि कार्यकर्ताओं के बीच यह संदेश जाए कि सभी एकजुट हैं, इसलिए आम सहमति के आधार पर निर्णय पर जोर दिया जा रहा है। विधायक दल के नेता के लिए नेता प्रतिपक्ष के लिए पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। विंध्य अंचल में वैसे भी पार्टी की स्थिति कमजोर है। इस बार केवल पांच सीटें ही पार्टी जीत सकी है। उधर, जातीय समीकरणों के हिसाब से ओबीसी वर्ग से आने वाले रामनिवास रावत और आदिवासी वर्ग से बाला बच्चन और उमंग सिंघार के नाम भी दावेदारों में हैं। कमल नाथ प्रदेश संगठन में करेंगे परिवर्तनउधर, लोकसभा चुनाव को देखते हुए कमल नाथ अभी प्रदेश अध्यक्ष बने रहेंगे पर उनकी टीम यानी प्रदेश कांग्रेस संगठन में परिवर्तन होगा। दरअसल, विधानसभा चुनाव में कई पदाधिकारियों के निष्क्रिय रहने की शिकायतें हैं। पार्टी अध्यक्ष को संगठन की रचना और आगामी दिशा तय करने के लिए अधिकृत किया गया है।वहीं, प्रदेश कांग्रेस ने सभी चुनाव जीतने व हारने वाले उम्मीदवारों से संगठन की रिपोर्ट मांगी है। दरअसल, कुछ उम्मीदवारों ने संगठन का साथ नहीं मिलने और भितरघात की शिकायत की है। इसके अतिरिक्त जिला प्रभारी, संगठन मंत्री और पर्यवेक्षकों से भी चुनाव में संगठन पदाधिकारियों की भूमिका को लेकर जानकारी मांगी गई है।

मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष चुने गए केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर।

Narendra Singh Tomar, the Union Minister, has been elected as the Speaker of the Madhya Pradesh Legislative Assembly. संतोष सिंह तोमर भोपाल। मध्य प्रदेश में सरकार गठन को लेकर भोपाल में सोमवार को चली कई घंटों की बैठक के बाद पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष बनाने पर सहमति बनी है। ऐसे में अब पूर्व केंद्रीय मंत्री नए विधानसभा अध्यक्ष का पद संभालेंगे। भाजपा विधायक दल की बैठक में उनके नाम पर मुहर लगी है। हालांकि इससे पहले नरेंद्र सिंह तोमर को मुख्यमंत्री की रेस में गिना जा रहा था, लेकिन अब पूरी तरह से मध्य प्रदेश की सियासी तस्वीर साफ हो चुकी है। नरेंद्र सिंह तोमर को बीजेपी ने इस बार दिमनी विधानसभा सीट से टिकट दिया था। जहां उन्होंने 24 हजार से अधिक वोटों के अंतर से बड़ी जीत दर्ज की है। विधानसभा के अध्यक्ष होंगे पूर्व केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह पूर्व केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को भाजपा ने विधानसभा का अध्यक्ष बनाने का फैसला किया है। श्री तोमर दिमनी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीतकर आए हैं। उन्होंने अपने सबसे निकटतम प्रतिद्वंदी बसपा के प्रत्याशी को 24461 वोटों के अंतर से मात दी है। नरेंद्र सिंह तोमर को 79137 वोट मिले हैं। श्री तोमर केंद्र की मोदी सरकार में कृषि मंत्रालय समेत कई अन्य मंत्रालयों की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। साफ-सुथरी छवि वाले नेता होने के नाते नरेंद्र सिंह तोमर को इस विधानसभा का स्पीकर चुना गया है।   छात्र जीवन से शुरू किया राजनीतिक सफर मध्य प्रदेश के नए स्पीकर चुने गए पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता नरेंद्र सिंह तोमर का जन्म मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के ओरेठी गांव में 12 जून 1957 को हुआ। श्री तोमर एक राजपूत क्षत्रीय परिवार से आते हैं। उन्होंने जीवाजी यूनिवर्सिटी से स्नातक तक की शिक्षा हासिल की हुई है। स्नातक की पढ़ाई के दौरान तोमर महाविद्यालय में छात्र संघ के अध्यक्ष भी रहे। इसके साथ ही वो ग्वालियर नगर निगम के पार्षद पद पर भी चुने गए, जिसके बाद वह पूरी तरह से राजनीति में सक्रिय हो गए। वर्ष 1977 में भाजपा ने उन्हें युवा मोर्चा का मंडल अध्यक्ष बना दिया। इसके बाद वर्ष 1984 में युवा मोर्चा के प्रदेश मंत्री बने और वर्ष 1991 में प्रदेश अध्यक्ष बने। वर्ष 2006 में नरेंद्र सिंह तोमर को फिर एक बार मध्य प्रदेश भाजपा का अध्यक्ष चुना गया। इस राजनेतिक सफर के दौरान वे राज्यसभा सांसद भी रहे हैं। ग्वालियर से लड़ा था पहला विधानसभा चुनाव नरेंद्र सिंह तोमर ने अपना पहला विधानसभा चुनाव वर्ष 1993 ग्वालियर सीट से लड़ा था। इस चुनाव में उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा था। इसके बाद वर्ष 1998 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी अशोक कुमार शर्मा को 26 हजार से अधिक वोटों के अंतर मात देकर विधानसभा में पहला कदम रखा था। इस दौरान उनको 50 हजार वोट मिले थे। उन्होंने अपना दूसरा विधानसभा का चुनाव वर्ष 2003 में लड़ा था, जिसमें उनको 63 हजार 592 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी बालेन्दु शुक्ला को 29 हजार 452 वोट मिले। तोमर ने यह चुनाव 34 हजार 140 वोटों के अंतर से जीता था। वर्ष 2003 से लेकर वर्ष 2007 तक श्री तोमर मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री के पद पर रहे। 2009 से लगातार चुने गए लोकसभा के सांसद साल 2009 में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर पहली बार मुरैना से लोकसभा सदस्य निर्वाचित हुए थे। मुरैना संसदीय क्षेत्र से लोकसभा सदस्य निर्वाचित होने से पहले वो राज्यसभा के सदस्य थे। इस चुनाव में उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी रामनिवास रावत को 1 लाख 97 वोटों से हराया था। वहीं, साल 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें ग्वालियर से टिकट दिया। इस दौरान उन्होंने 26 हजार से अधिक वोटों से जीत हासिल की। नरेंद्र सिंह तोमर केंद्र सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री, पंचायती राज मंत्री, खान मंत्री और संसदीय मामलों के मंत्री रहे हैं। इसके बाद वर्ष 2019 में उन्हें फिर एक बार मुरैना लोकसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतारा गया और इस बार भी वोटों के बड़े अंतर से चुनाव जीतकर लगातार तीसरी बार लोकसभा में पहुंचे। जिसके बाद वो ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्रालय में रहे और उन्हें कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय का प्रभार दिया गया।

भाजपा से ज्यादा कांग्रेस ने बनाए प्रकोष्ठ, बांटे 500 से अधिक पद.

Congress has formed more committees than BJP, distributing more than 500 positions. भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस के 40 से अधिक प्रकोष्ठ और बांटे गए 500 से अधिक पद भी विधानसभा चुनाव में कोई कमाल नहीं दिखा पाए। विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने नए प्रकोष्ठों की झड़ी लगा दी थी कांग्रेस ने अपने पार्टी संविधान से अलग हटकर करीब 40 से अधिक प्रकोष्ठ बनाये हैं। चुनाव से पहले संगठन में नियुक्ति रेवड़ी की तरह बांटी गई। इतना ही नहीं इनमें अध्यक्ष, संयोजक और कार्यकारी अध्यक्ष जैसे पदों पर थोकबंद नियुक्तियां भी की गई थीं। लेकिन ये सभी प्रकोष्ठ चुनाव में कोई खास कमाल नहीं दिखा पाए। खास बात है कि प्रकोष्ठ बनाने में कांग्रेस ने तो भाजपा को भी पीछे कर दिया। वहीं चुनाव से पहले कांग्रेस ने सचिव, महासचिव और उपाध्यक्ष जैसे 500 से अधिक पदाधिकारी भी बनाए थे लेकिन वे भी चुनाव में पूरी तरह से बेअसर साबित हुए। कांग्रेस ने हर वर्ग को साधने के लिए प्रकोष्ठ का सहारा लिया था। इसके लिए पार्टी ने पुजारी से लेकर मेकेनिक जेसे प्रकोष्ठ का गठन किया था। इसके साथ ही आउटसोर्स, शिक्षक, केश शिल्पी, डॉक्टर, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, सद्भावना कोमी एकता और परिवहन जेसे कई अन्य प्रकोष्ठ भी बनाए गए थे। कांग्रेस कार्यालय में लगातार अलग-अलग प्रकोष्ठ और विभागों के सम्मेलन भी किए थे। प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ खुद इन्हें संबोधित करते थे। 105 महासचिव, उपाध्यक्षों की संख्या 50

नतीजे के आठवें दिन मिला प्रदेश को नया मुख्यमंत्री, मोहन यादव के नाम पर लगी मुहर.

On the eighth day of the results, the state got a new Chief Minister, with the seal of approval on the name of Mohan Yadav. भोपाल। भारतीय जनता पार्टी ने आठ दिन मंथन करने के बाद सबको चौंका दिया है। बीजेपी के प्रदेश कार्यालय में सोमवार को नवनिर्वाचित विधायकों ने नए मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव के नाम पर मोहर लगाई। यादव उज्जैन दक्षिण से विधायक हैं। इसके अलावा जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ला उपमुख्यमंत्री होंगे। केंद्र में कृषि मंत्री रहे नरेंद्र सिंह तोमर स्पीकर होंगे। हालांकि उप मुख्यमंत्री और स्पीकर के नाम की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है। विधायक दल की बैठक में पर्यवेक्षक मनोहर लाल खट्टर, डॉ. के. लक्ष्मण और आशा लकड़ा मौजूद रहे। सीएम शिवराज सिंह ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा, जिसका सभी विधायकों ने समर्थन किया। मोहन यादव को भरोसा नहीं हुआ तो पहले खड़े नहीं हुए। बाद में खड़े होकर हाथ जोड़े। मोहन यादव उज्जैन दक्षिण से विधायक हैं और ओबीसी वर्ग से आते हैं। जगदीश देवड़ा मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ से विधायक हैं। देवड़ा एससी वर्ग से आते हैं। जबकि राजेन्द्र शुक्ला रीवा सीट से विधायक हैं और ब्राह्मण वर्ग से आते हैं। आठ दिन की कवायत, 15 मिनट में तय हुआ सीएमभाजपा प्रदेश कार्यालय पर शाम 4.11 बजे विधायक दल की बैठक शुरू हुई थी। मात्र 15 मिनट में नए मुख्यमंत्री बनाने की सारी प्रक्रिया पूरी कर ली गई। प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने विधायक दल की बैठक की जानकारी दी। पर्यवेक्षक और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर खट्टर ने 6 मिनट के भाषण में सिर्फ इतना कहा कि भाजपा एक अनुशासित पार्टी है। केंद्रीय नेतृत्व के फैसले को सभी को स्वीकार करना चाहिए। यह परंपरा है। जिसके बाद सीएम के नाम का ऐलान कर दिया गया। शिवराज ने दिया इस्तीफा, मोहन ने पेश किया सरकार का प्रस्तावनए सीएम के नाम का ऐलान होने के बाद शिवराज सिंह चौहान राजभवन पहुंचे। जहां उन्होंने राज्यपाल मंगुभाई पटेल को सीएम पद से अपना इस्तीफा सौंपा। उनका इस्तीफा तत्काल मंजूर भी हो गया। शिवराज सिंह ने नए सीएम को बधाई भी दी। उन्होंने कहा मध्यप्रदेश को नया मुख्यमंत्री मिल गया है। उन्हें बहुत बहुत बधाई, उनका अभिनंदन। इधर कुछ देर बाद मोहन यादव राजभवन पहुंचे। यहां उन्होंने राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया। इस दौरान उनके साथ शिवराज सिंह चौहान, नरेंद्र सिंह तोमर, कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल और वीडी शर्मा मौजूद रहे। साथ ही तीनों पर्यवेक्षक मनोहर लाल कट्टर, डॉ के. लक्ष्मण और आशा लकड़ा भी साथ रहे। विधायकों का फोटो सेशन हुआ, रेस में थे कई नामबीजेपी विधायक दल की बैठक से पहले सभी नवनिर्वाचित विधायकों का फोटो सेशन हुआ। जिसमें मोहन यादव आगे से तीसरी पंक्ति में बैठे थे। फोटो सेशन के बाद बैठक शुरू हुई। जिसमें सीएम के रूप में मोहन यादव के नाम का ऐलान हो गया। एमपी सीएम पद की रेस में कई दिग्गज नाम शामिल थे। जिसमें प्रह्लाद पटेल, नरेंद्र सिंह तोमर, वीडी शर्मा, ज्योतिरादित्य सिंधिया, कैलाश विजयवर्गीय जैसे कई नाम शामिल थे। जिसमें केंद्रीय मंत्रियों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बीजेपी ने सबको चौंकाते हुए मोहन यादव को नया मुख्यमंत्री बनाया है। भाजपा का तंत्र ऐसा, छोटे से छोटे कार्यकर्ता को बड़ी जवाबदारी : यादवनए सीएम मोहन यादव ने कहा कि भाजपा का तंत्र ही ऐसा है कि छोटे से छोटे कार्यकर्ता को बड़ी जवाबदारी मिलती है। हमारी ट्रेनिंग भी ऐसी होती है कि पार्टी जो काम दे दे उसको बहुत सहजता से लेते हैं। मैं तो पीछे की पंक्ति में बैठकर अपना काम कर रहा था। अचानक घोषणा हुई। मैं सबका आभार मानता हूं। विकास के काम को आगे बढ़ाना ही मेरी प्राथमिकता होगी। यादव ने कहा कि मैं पार्टी का एक छोटा सा कार्यकर्ता हूं। प्यार और सहयोग के लिए पार्टी की स्टेट लीडरशिप और केंद्रीय लीडरशिप का बहुत बहुत धन्यवाद। मैं अपनी जिम्मेदारी पूरी तरह से निभाऊंगा। 6 दिसंबर को रात 11 बजे 15 मिनट में तय हो गया था नामबताया जा रहा है कि यादव का मुख्यमंत्री के लिए नाम राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा के नई दिल्ली स्थित निवास पर 6 दिसंबर को रात 11 बजे ही तय हो गया था। इस दौरान केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव भी वहां मौजूद थे। भूपेंद्र यादव ने ही डॉ. मोहन यादव की रिपोर्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को दी थी। इसके बाद तीन दौर की बैठक में डॉ. यादव का नाम तय किया गया। वे संघ के करीबी माने जाते हैं। बीजेपी ने ओबीसी चेहरे के तौर पर मोहन यादव को आगे किया है।भाजपा के एक नेता ने बताया कि 6 दिसंबर को मोहन यादव सड़क मार्ग से भोपाल से उज्जैन जा रहे थे। शाम करीब 7 बजे जब वे आष्टा पहुंचे, तब उन्हें तत्काल दिल्ली आने के लिए गया। डॉ. यादव वापस भोपाल आए और रात 9 बजे की फ्लाइट से दिल्ली पहुंचे। उनकी नड्डा से केवल 15 मिनट की मुलाकात हुई। वे अगले दिन यानी 7 दिसंबर को सुबह भोपाल लौट आए। तब यह कयास लगाए जा रहे थे कि डॉ. यादव को प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता है।

बीजेपी-कांग्रेस के 96 विधायक चुनाव हारे, सभी को एमएलए रेस्ट हाउस के फ्लेट छोड़ना होंगे.

Ninety-six legislators from both the BJP and Congress lost the elections; all of them will have to vacate their flats in the MLA Rest House. 24 विधायकों को बंगले खाली छोड़ना होगा, 10 दिन में बंगले छोड़ने का नोटिस जारी. Twenty-four legislators will have to vacate their bungalows; a notice for vacating the bungalows within ten days has been issued. भोपाल। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव हारे पूर्व मंत्रियों और विधायकों को 10 दिन में बंगला खाली करना होगा। इसके लिए विधानसभा की ओर से 130 विधायकों को बंगले खाली करने के नोटिस जारी कर दिए गए हैं। ताकि चुनाव जीतकर आए विधायकों को अध्यक्षीय पूल के बंगले आवंटित किए जा सकें। अभी चुनाव जीतने के बाद अधिकांश विधायकों को आवास नहीं मिला है। आवास नहीं मिलने से कई नेता होटल या फिर रिश्तेदार के घरों पर रुके हुए हैं। प्रदेश में 15वीं विधानसभा के विघटित होने और 16वीं विधानसभा के गठन की अधिसूचना के बाद यह कार्रवाई शुरू की गई है। यह सामान्य प्रक्रिया है, पर अधिकतर देखने में आया है कि हारे हुए विधायक बंगले खाली करने में अपनी ओर से पहल कम ही करते हैं। बीजेपी-कांग्रेस के 96 विधायक चुनाव हार गए हैं। वहीं, 34 विधायक ऐसे हैं जिनके दोनों दलों में टिकट कटे थे। उन्हें अब बंगला खाली करना होगा। इधर, गृह विभाग ने शासन स्तर पर बी टाइप-14 और सी टाइप- 8 बंगलें खाली कराए जाने की सूची तैयार की है। इसका फैसला नई सरकार के गठन के बाद होगा। विधानसभा में अध्यक्षीय पूल के 34 बंगले हैं। इनमें से 22 विधायकी का चुनाव हार गए। 2 के टिकट कट गए। इस तरह 24 विधायकों से बंगले खाली छोड़ना होगा। 24 के अलावा 96 वे ऐसे सदस्य हैं जिनकी चुनाव हारने की वजह से विधायकी चली गई है। उनसे भी एमएलए रेस्ट हाउस में मिले आवास 10 दिन में खाली कराए जाना है। चुनाव हार चुके विधायक बाला, सिंघार सहित कई के रहेंगे सुरक्षित

230 में से 175 विधायकों ने ही कराया पंजीयन, 55 अभी भी लापता.

Out of 230, 175 legislators have completed the registration, while 55 are still missing. भोपाल। सोलहवीं विधानसभा के नवनिर्वाचित सदस्य कैलाश विजयवर्गीय, राकेश सिंह, रीति पाठक, कुंवर विजय शाह एवं सुशील तिवारी विधानसभा पहुंचे। उन्होंने प्रमुख सचिव अवधेश प्रताप सिंह से कक्ष में चर्चा की। प्रमुख सचिव ने नव निर्वाचित सदस्यों का स्वागत किया। इसके बाद सदस्यों ने स्वागत कक्ष पहुंचकर निर्वाचन प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर नवीन विधानसभा गठन संबंधी समस्त आवश्यकताएं पूर्ण कीं। सोमवार को 25 सदस्यों का विधानसभा पहुंचे। अब तक कुल 175 सदस्य विधानसभा पहुंचे चुके हैं। 230 विधानसभा सदस्यों में से अभी भी 55 पंजीयन से वंचित हैं। रविवार को आने वाले अन्य सदस्यों में जय सिंह मरावी, दिलीप जायसवाल, राधारविंद्र सिंह, मनोज पटेल, अशोक ईश्वरदास रोहाणी, धीरेंद्र बहादुर सिंह एवं गायत्री राजे पवांर विधानसभा पहुंचे थे। सोमवार को अन्य आने वाले सदस्यों में महेंद्र यादव, माधव सिंह, हरदीप सिंह डंग, चिंतामणि मालवीय, प्रणय पांडे, मुकेश टंडन, आशीष गोविंद शर्मा, तेज बहादुर सिंह, नरेंद्र सिंह कुशवाह, बाला बच्चन, निर्मला भूरिया, महादेव वर्मा (मधु वर्मा), अमर सिंह यादव, मालिनी गौड़, बालकृष्ण पाटीदार, मोंटू सोलंकी, सेना महेश पटेल, हरिबाबू राय, राजेश सोनकर एवं गोलू शुक्ला ने विधानसभा पहुंचकर अपने निर्वाचन प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कीं।

नए मुख्यमंत्री के साथ मंत्रिमंडल में शामिल होंगे नए चेहरे, कई पुराने मंत्रियों का घटेगा कद.

New cabinet will include new faces along with the new Chief Minister, and several old ministers will see a reduction in their stature. मंत्रिमंडल में शामिल नेताओं में से 15 से ज्यादा नामों में फेरबदल होने की संभावना उदित नारायण भोपाल। प्रदेश के नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान होेने के बाद अब नए मंत्रियों के नामों को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। सीएम की घोषणा के साथ ही मंत्रीमंडल को लेकर भी कवायत तेज हो गई है। लोगों में उत्सुकता है कि इस बार प्रदेश के कौन-कौन विधायक होंगे, जिन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा। ऐसे में इस बार मंत्रीमंडल में कुछ नए और कुछ पुराने चेहरों के शामिल होने की संभावना ज्यादा है। बताया जा रहा है कि वर्तमान में मंत्रीमंडल में शामिल नेताओं में से 15 से ज्यादा नामों में फेरबदल होने की संभावना जताई जा रही है। 13 दिसंबर को होने वाले संभावित शपथग्रहण के एक दो दिन बाद ही मंत्रीमंडल का गठन होने के संकेत हैं। यह हैं संभावित नामसंभावित नामों की बात करें तो इसमें सुमावली विधायक एंदलसिंह कंसाना, ग्वालियर विधायक प्रद्युम्न सिंह तोमर, गुना विधायक पन्नालाल शाक्य, खुरई विधायक भूपेंद्र सिंह, सुरखी विधायक गोविंद राजपूत, जतारा विधायक हरीशकंर खटीक, छतरपुर विधायक ललिता यादव, जबेरा विधायक धर्मेंद्र लोधी, पन्ना विधायक ब्रजेंद्र प्रताप सिंह, सिरमौर विधायक दिव्यराज सिंह, विधायक रीति पाठक, मनीषा सिंह, अनूपपुर विधायक बिसाहूलाल सिंह, विजयराघवगढ़ विधायक संजय पाठक, अजय विश्नोई, जबलपुर विधायक राकेश सिंह, संपतिया उइके, योगेश पंडाग्रे, प्रभुराम चैधरी, नारायण सिंह पंवार, अरुण भीमावद, राजेश सोनकर, आशीष शर्मा, विजय शाह, अर्चना चिटनीस, निर्मला भूरिया, रमेश मेंदोला, उषा ठाकुर, तुलसी सिलावट, चेतन कश्यप, हरदीप डंग, इंदरसिंह परमार, भोपाल से विधायक रामेश्वर शर्मा और कृष्णा गौर के नाम शामिल हो सकते हैं। इनकी जगह हुई खालीइस बार विधानसभा चुनाव में शिवराज सिंह चैहान के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल के दस से अधिक मौजूदा मंत्री पराजित हुए हैं। राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को भी हार का सामना करना पड़ा है। इसके अलावा जिन अन्य प्रमुख मंत्रियों को हार का सामना करना पड़ा उनमें अटेर से अरविंद भदोरिया, हरदा से कमल पटेल और बालाघाट से गौरीशंकर बिसेन शामिल हैं। इनके अलावा हारने वाले मंत्रियों में बड़वानी से प्रेम सिंह पटेल, बमोरी से महेंद्र सिंह सिसोदिया, बदनावर से राजवर्धन सिंह दत्तीगांव, ग्वालियर ग्रामीण से भारत सिंह कुशवाह, अमरपाटन से रामखेलावन पटेल, पोहरी से सुरेश धाकड़ और परसवाड़ा से रामकिशोर कावरे शामिल हैं। एक अन्य मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के भतीजे राहुल सिंह लोधी को खरगापुर से हार का सामना करना पड़ा।

मध्य प्रदेश के बड़े दलित नेता को मिली बड़ी जिम्मेदारी, जगदीश देवड़ा को बनाया गया उप मुख्यमंत्री।

Big Dalit Politician Jagdish Devda got Big opportunity as Deputy Chief Minister of Madhya Pradesh. संतोष सिंह तोमर भोपाल। मध्य प्रदेश में 11 दिसंबर को भाजपा विधायक दल की बैठक हुई। भाजपा विधायक दल की बैठक में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री का एलान होने के साथ ही राज्य में दो उप मुख्यमंत्री बनाने का फैसला हुआ है। मल्हारगढ़ से विधायक जगदीश देवड़ा और उज्जैन दक्षिण से विधायक राजेंद्र शुक्ला मध्य प्रदेश के नए उप मुख्यमंत्री बनाए गए हैं। यूं तो जगदीश देवड़ा मध्य प्रदेश की राजनीति में किसी परिचायक मौहताज नहीं हैं। फिर भी आपको बता दें कि जगदीश देवड़ा वर्तमान शिवराज सरकार में वित्त मंत्री का जिम्मा संभाल रहे थे ।वह मल्हारगढ़ विधानसभा सीट से विधायक हैं। देवड़ा लगातार सातवीं बार जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं। थावरचंद गहलोत के बाद एक बड़े दलित चेहरे देवड़ा मध्यप्रदेश में थावरचंद गहलोत के बाद एक बड़े दलित चेहरे जगदीश देवड़ा को मध्य प्रदेश का उप मुख्यमंत्री बनाया गया है। 1993 में पहली बार विधायक बनने के बाद से अपने लगभग 33 वर्ष के लंबे राजनीतिक कार्यकाल में जगदीश देवड़ा 7वीं बार विधायक बने हैं। थावरचंद गहलोत के राज्यपाल बनने के बाद से जगदीश देवड़ा को मध्य प्रदेश बीजेपी में बड़े दलित चेहरे के रूप में देखा जा रहा था। उसके चलते अब उन्हें उप मुख्यमंत्री के तौर पर बड़ी जिम्मेदारी मिली है। देवड़ा को उप मुख्यमंत्री बनाने के बाद उनके समर्थकों में खुशी का माहौल है। मल्हारगढ़ क्षेत्र में भी जश्न का माहौल है। विवादों से दूर, संघठन में मजबूत पकड़ रखते हैं देवड़ा मल्हारगढ़ विधानसभा सीट से जगदीश देवड़ा विधायक हैं। वह शिवराज सरकार में वित्त मंत्री हैं। जगदीश देवड़ा 66 साल की उम्र में भी फिट हैं। शांत स्वभाव को जगदीश देवड़ा पार्टी के कद्दावर नेता हैं। साथ ही वह विवादों से दूर रहते हैं। उनकी सजगता की वजह से ही वित्त जैसे महत्वपूर्ण विभाग की कमान उनके हाथों में है। संगठन और सरकार में उनकी अच्छी पकड़ है। दरअसल, जगदीश देवड़ा का जन्म एक जुलाई 1957 को हुआ है। वह मूल रूप से नीमच जिले के रामपुरा के रहने वाले हैं। एमए के बाद उन्होंने एलएलबी किया है। जगदीश देवड़ा की शादी रेणु देवड़ा से हुई है। राजनीति के साथ-साथ जगदीश देवड़ा वकालत भी करते हैं। उनके दो पुत्र हैं। साथ ही सामाजिक कार्यों से भी जुड़े रहते हैं। वहीं, खेलकूद में भी उनकी विशेष रुचि है। इसके साथ ही वे एथलेटिक्स चैंपियन भी रहे हैं। छात्र जीवन से ही राजनीतिक पारी की शुरुआत जगदीश देवड़ा वर्तमान में मंदसौर के मल्हारगढ़ विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक हैं। मध्य प्रदेश के नवनियुक्त उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा का ताल्लुक प्रदेश की अनुसूचित जाति से है। पेशे से जगदीश देवड़ा समाजसेवी और वकील हैं। छात्र जीवन से ही राजनीति में उनकी दिलचस्पी थी। वर्ष 1979 में वह शासकीय महाविद्यालय रामपुरा से छात्र संघ के अध्यक्ष रहे हैं। साथ ही विक्रम विश्वविद्यालय में सीनेट के सदस्य रहे हैं। इसके बाद उन्होंने भाजयुमो से जुड़कर सियासी करियर को रफ्तार दी है। वर्ष 1993 में बीजेपी ने उन्हें चुनाव लड़ने का मौका दिया। पहली बार में ही वह चुनाव जीत गए और विधायक बन गए। तब से लेकर अब तक वे लगातार चुनाव जीतते आ रहे हैं।इसके बाद विधानसभा में कई समितियों के सदस्य रहे। इसके साथ ही कई अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी भी उन्होंने पूरी ईमानदारी और निष्ठा पूर्वक निभाई। जगदीश देवड़ा भाजपा संगठन और सरकार के भरोसेमंद चेहरे हैं। तीन बार मंत्री और एक बार बने प्रोटेम स्पीकर मध्य प्रदेश की दसवीं विधानसभा में जगदीश देवड़ा वर्ष 1993 विधायक निर्वाचित हुए। वर्ष 2003 विधानसभा चुनाव में लगातार जीत दर्ज करने पर उन्हें प्रदेश में राज्यमंत्री बनाया गया। इसके बाद साल 2008 में शिवराज सरकार में जदीश देवड़ा को परिवहन, जेल, योजना सहित कई महत्वपूर्ण विभागों का कार्यभार सौंप कर कैबिनेट मंत्री बनाया गया। वर्ष 2020 में बनी शिवराज सरकार में उन्हें वित्तमंत्री बनाया गया। इसके साथ ही 15वीं विधानसभा में उन्हें प्रोटेम स्पीकर भी चुना गया था लेकिन कुछ समय बाद उन्होंने प्रोटेम स्पीकर का पद छोड़ दिया था। 7वीं बार जीते जगदीश देवड़ा जगदीश देवड़ा ने मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार में तीन बर मंत्री रहते हुए कई अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी निभाई। 66 साल के नवनियुक्त उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा का नाम मध्य प्रदेश तेज तर्रार और कद्दावर नेताओं में शुमार होता है। मध्य प्रदेश के मालवी रीजन में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। इस क्षेत्र में भाजपा ने विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन किया है। वर्ष 1993 से लेकर आज तक वे लगातार चुनाव जीतकर विधानसभा में पहुंच रहे हैं। वर्ष 2023 विधानसभा चुनाव में उन्होंने मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ सीट से अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी श्यामलाल जोकचंद को 59,024 वोटों के अंतर से हरा कर मध्य प्रदेश के विधानसभा में 7वीं बार अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई है।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बने डॉ. मोहन यादव, राजेंद्र शुक्ला और जगदीश देवड़ा बने उप मुख्यमंत्री।

संतोष सिंह तोमर भोपाल। मध्य प्रदेश में आठ दिन से मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रहा सस्पेंस खत्म हो गया है। सभी अनुमानों को धता बताते हुए डॉ. मोहन यादव मध्य प्रदेश के नए सीएम चुने गए हैं। राजधानी भोपाल के भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में तीनों पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में हुई भाजपा के विधायक दल की पहली बैठक में डॉ. मोहन यादव के नाम का ऐलान किया गया। श्री यादव उज्जैन दक्षिण सीट से विधायक हैं। इसके साथ ही मध्य प्रदेश में दो उप मुख्यमंत्रियों के नाम का भी ऐलान किया गया है। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव 2023 में भाजपा को 163 सीटों के साथ प्रचंड बहुमत मिला है। कांग्रेस को 66 सीटें और 1 सीट भारतीय आदिवासी पार्टी को मिली है। विधायक दल की बैठक में मोहन यादव के नाम का ऐलान मध्य प्रदेश में आज विधायक दल की बैठक में दल का नेता चुना गया। इस बैठक के बाद मध्य प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री पद को लेकर सस्पेंस खत्म हो गया है। इस बैठक में नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा की गई। मध्य प्रदेश का नया मुख्यमंत्री उज्जैन दक्षिण से निर्वाचित विधायक डॉ. मोहन यादव को बनाया गया है। यहां गौरतलब है कि बीजेपी ने इस बार का विधानसभा चुनाव अपने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के बिना ही लड़ा था। जिसके कारण मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद को लेकर तमामबात अटकलें लगाई जा रही हैं कि अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। मुख्यमंत्री पद की रेस में थे कई नाम, 9 दिन तक चला मंथन एमपी सीएम पद की रेस में कई दिग्गज नाम शामिल थे। जिसमें प्रह्लाद पटेल, नरेंद्र सिंह तोमर, वीडी शर्मा, ज्योतिरादित्य सिंधिया, कैलाश विजयवर्गीय जैसे कई नाम शामिल थे। जिसमें केंद्रिय मंत्रियों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बीजेपी ने सबको चौंकाते हुए मोहन यादव को नया मुख्यमंत्री बनाया गया है। उज्जैन के दक्षिण सीट से मोहन यादव ने जीत हासिल की है। बता दें कि मोहन यादव शिवराज सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री रह चुके हैं। ये लगातार तीसरी बार चुनाव जीतकर उज्जैन दक्षिण सीट पर कब्जा किया है। बता दें कि बीजेपी ने 9 दिन मंथन करने के बाद सबको चौंका दिया है। बीजेपी के भोपाल दफ्तर में नवनिर्वाचित विधायकों ने नए मुख्यमंत्री के नाम पर मोहर लगा दी। उत्तर प्रदेश की तर्ज पर मध्य प्रदेश को भी मिले दो उप मुख्यमंत्री राज्य के नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान होने के साथ ही मध्य प्रदेश सरकार का काम काज संभालने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की तर्ज पर दो उप मुख्यमंत्रियों के नाम की भी घोषणा की गई है। घोषणा के अनुसार विधायक राजेंद्र शुक्ला और जगदीश देवड़ा को मध्य प्रदेश का उपमुख्यमंत्री बनाया गया है। जगदीश देवड़ा मंदसौर जिले की मल्हारगढ़ सीट से विधायक हैं। वह एससी वर्ग से आते हैं वहीं ब्राह्मण वर्ग से आने वाले राजेन्द्र शुक्ला रीवा सीट से विधायक हैं और विंध्य क्षेत्र का बड़ा ब्राह्मण चेहरा होकर कद्दावर नेता माने जाते हैं। 2013 में पहली बार बने विधायक, शिवराज सरकार में रहे उच्च शिक्षा मंत्री 58 साल के डॉक्टर मोहन यादव पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान की सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री रह चुके हैं। साल 2013 में वह पहली बार उज्जैन दक्षिण सीट से विधायक चुने गए थे। इसके बाद साल 2018 में वह एक भार फिर दक्षिण उज्जैन की सीट से विधायक चुने गए थे। साल 2023 मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में मोहन यादव ने उज्जैन दक्षिण विधानसभा सीट से कांग्रेस के चेतन प्रेमनारायण यादव को 12941 वोटों से हराकरलगातार तीसरी बार विजयश्री प्राप्त की है। विधायक दल की बैठक में हरियाणा के सीएम और मध्य प्रदेश के पर्यवेक्षक मनोहर लाल खट्टर ने प्रदेश के नए मुख्यमंत्री के रूप में डॉ. मोहन यादव के नाम का ऐलान किया जबकि श्री यादव के नाम का प्रस्ताव वर्तमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रखा था।

जानिए मुख्यमंत्री मोहन यादव के बारे में.

Learn about Chief Minister Mohan Yadav. भोपाल! मोहन यादव उज्जैन दक्षिण से विधायक हैं। वे एमपी के सीएम होंगे। मध्यप्रदेश के अगले मुख्यमंत्री मोहन यादव होंगे। मोहन यादव उज्जैन दक्षिण से विधायक हैं। भोपाल स्थित ‌BJP के प्रदेश कार्यालय में पार्टी के विधायक दल की बैठक में उनके नाम पर मुहर लगी है। मोहन यादव ओबीसी वर्ग से आते हैं। बैठक में पर्यवेक्षक मनोहर लाल खट्‌टर (CM हरियाणा), डॉ. के. लक्ष्मण (राष्ट्रीय अध्यक्ष, BJP OBC मोर्चा) और आशा लकड़ा (राष्ट्रीय सचिव भाजपा) मौजूद रहे। विधायक दल की बैठक से पहले भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई। मध्यप्रदेश के अगले मुख्यमंत्री मोहन यादव होंगे उज्जैन दक्षिण सीट से विधायक हैं मोहन यादव उम्र – 58 वर्ष, शैक्षणिक योग्यता – बी.एस.सी., एल-एल.बी., एम.ए.(राज.विज्ञान), एम.बी.ए., पी.एच.डी. व्यवसाय – अभिभाषक, व्‍यापार, कृषिस्थायी पता – 180, रविन्‍द्रनाथ टैगोर मार्ग, अब्‍दालपुरा, जिला-उज्‍जैन राजनीतिक कॅरियर – सन 1982 में माधव विज्ञान महाविद्यालय छात्र संघ के सह-सचिव, 1984 में अध्‍यक्ष

मोहन यादव होंगे मध्‍य प्रदेश के नए मुख्‍यमंत्री, भाजपा विधायक दल का निर्णय.

Mohan Yadav will be the new Chief Minister of Madhya Pradesh, as decided by the BJP legislative party. राजधानी में भाजपा विधायक दल की बैठक में नया सीएम चुना गया। मप्र भाजपा विधायक दल की बैठक से पहले हलचल रही। In the capital, a new Chief Minister was elected during the BJP legislative party meeting. There was anticipation and excitement before the meeting of the Madhya Pradesh BJP legislative party. भोपाल। मध्‍य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 में भाजपा की शानदार जीत के बाद पार्टी ने मुख्‍यमंत्री भी चुन लि‍या है। इसके लिए आज राजधानी में भाजपा विधायक दल की बैठक बुलाई गई थी। मप्र भाजपा विधायक दल की बैठक से पहले खासी हलचल रही। मोहन यादव मप्र के मुख्‍यमंत्री होंगे।इससे पहले विधायक प्रहलाद पटेल के बंगले पर उनके समर्थकों का जमावड़ा होने की सूचना है। खबर मिली है कि पटेल के बंंगले पर पुलिस सुरक्षा भी बढ़ा दी गई थी। श‍िवराज के समर्थकों ने भी खूब नारेबाजी की।

अशोक स‍िंह बने चेयरमैन ,प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन सम‍ित‍ि का पुनर्गठन.

Ashok Singh has been appointed as the Chairman, overseeing the restructuring of the Pradesh Congress Discipline Committee. आठ सदस्‍यीय सम‍ित‍ि में वर‍िष्‍ठ लोगों को स्‍थान द‍िया गया। मप्र कांग्रेस के अध्‍यक्ष कमल नाथ के न‍िर्देशानुसार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्‍यक्ष अशोक सिंह की अध्‍यक्षता में प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन सम‍ित‍ि का पुनर्गठन क‍िया गया है। प्रदेश कांग्रेस के उपाध्‍यक्ष अशोक सिंह को चेयरमैन बनाया गया है। इसके अलावा पूर्व मंत्री सज्‍जन सिंह वर्मा, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा, पूर्व मंत्री हर्ष यादव, पूर्व मंत्री सईद अहमद, पूर्व सांसद गजेंद्र स‍िंह राजूखेड़ी, पूर्व विधायक नेहा स‍िंह व पूर्व व‍िधायक प्रताप लोधी को सदस्‍य बनाया गया है।

भाजपा विधायक दल की बैठक से पहले हलचल तेज, क्‍या आज घोषित होगा मप्र का मुख्‍यमंत्री या आलाकमान करेगा तय.

Excitement is high before the BJP legislative party meeting; will Madhya Pradesh’s Chief Minister be announced today, or will a consensus be reached. आज राजधानी में भाजपा विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। मप्र भाजपा विधायक दल की बैठक से पहले हलचल तेज हो गई है। Today, a meeting of the BJP legislative party has been called in the capital. There is a flurry of activity ahead of the Madhya Pradesh BJP legislative party meeting. भोपाल। मध्‍य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 में भाजपा की शानदार जीत के बाद अब मुख्‍यमंत्री चुनने की बारी है। इसके लिए आज राजधानी में भाजपा विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। मप्र भाजपा विधायक दल की बैठक से पहले हलचल तेज हो गई है। दिल्ली: मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री के चयन पर राज्य के लिए भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षक के लक्ष्मण ने कहा, “आज शाम विधायक दल की बैठक होगी। मनोहर लाल खट्टर की 3 सदस्यीय कमेटी विधायकों से चर्चा करेगी। बाद में आलाकमान उस पर निर्णय लेंगे। राजनीतिक हलकों में यह सवाल तैर रहा है कि क्‍या आज घोषित होगा मध्‍य प्रदेश का मुख्‍यमंत्री या बैठक के बाद आलाकमान इस बारे में कोई निर्णय लेगा।केंद्रीय पर्यवेक्षक ये बोले हालांकि भोपाल पहुंंचने से पहले भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षक के लक्ष्‍मण ने एएनआइ से कहा है कि 3 सदस्‍यीय कमेटी विधायकों से चर्चा करेगी। बाद में आलाकमान उस पर निर्णय लेंगे। भाजपा विधायक दल की बैठक पार्टी के कार्यालय में दोपहर बाद होनी है। भाजपा विधायक दल की बैठक के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में हरियाणा के मुख्‍यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, भाजपा ओबीसी मोर्चा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष डा के लक्ष्‍मण और भाजपा की राष्‍ट्रीय सचिव आशा लकड़ा भोपाल पहुंच चुकी हैं। मप्र भाजपा अध्‍यक्ष वीडी शर्मा ने विमानतल पर पर्यवेक्षकों का स्‍वागत किया। वीडी शर्मा ने कही ये बात भोपाल आगमन के बाद केंद्रीय पर्यवेक्षक शिवराज सिंह चौहान से मिलने सीएम हाउस पहुंचे। वहीं मीडिया से बातचीत में वीडी शर्मा ने कहा कि हम राज्‍य के लिए मुख्‍यमंत्री चुनेंगे। भाजपा विधायक दल की बैठक के लिए विधायकों के पहुंचने का सिलसिला आरंभ हो गया है। बैठक से पहले विधायकों को किसी तरह की प्रतिक्रिया देने से रोका गया है। 3 दिसंबर से ही चल रही अटकलें उल्‍लेखनीय है कि 3 दिसंबर को मध्‍य प्रदेश विधानसभा चुनाव के परिणाम घोषित होने के साथ ही मध्‍य प्रदेश में मुख्‍यमंत्री पद के लिए चर्चाओं का दौर आरंभ हो गया था।चल रही ये अटकलें , मप्र के मुख्‍यमंत्री के नाम को लेकर अनेक अटकलों का दौर जारी है। इनमें श‍िवराज सिंह चौहान के साथ ही नरेंद्र सिंह तोमर, प्रहलाद पटेल, कैलाश विजयवर्गीय, विष्‍णुदत्‍त शर्मा और ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया का नाम प्रमुख है। इसके साथ ही भूपेंद्र सिंह, राकेश सिंह और सुमेर सिंह सोलंकी का नाम भी सामने आया है।

विधान सभा में प्रचंड बहुमत के बाद भी भाजपा को लोक सभा में खतरा.

Despite a sweeping majority in the legislative assembly, BJP faces a threat in the Lok Sabha. प्रदेश में हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में भले ही भाजपा को अविश्वसनीय प्रचंड जीत मिली है, लेकिन इसके बाद भी खतरे की घंटी भी बजी है। दरअसल इस जीत के बाद भी दस लोकसभा सीटें ऐसी हैं, जहां पर कांग्रेस को भाजपा की अपेक्षा अधिक मत मिले हैं, जिसकी वजह से भाजपा के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है। खास बात यह है कि इन दस में से नौ पर अभी भाजपा के सांसद हैं। ऐसे में इन सीटों पर भाजपा को अगले साल के शुरुआती महीनों में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा को अतिरिक्त मेहनत करने की चुनौती मिल गई है। दरअसल मई माह में लोकसभा के चुनाव प्रस्तावित हैं। भाजपा के लिए छिंदवाड़ा सीट तो पहले से ही चुनौती बनी हुई थी , ऐसे में उसके सामने नौ नई सीटों की भी चुनौती दिखना शुरु हो गई है। हालांकि इसी तरह के कुछ आसार बीते विधानसभा चुनाव में भी बने थे , लेकिन लोकसभा परिणाम भाजपा के पक्ष में ही आए थे। इसको देखते हुए माना जा रहा है कि इस बार भी कुछ इसी तरह के परिणाम आ सकते हैं। दरअसल इस बार अगर विधानसभा चुनाव के परिणामों पर नज़र डालें तो , प्रदेश की 10 लोकसभा सीटें ऐसी हैं, जहां पर कांग्रेस जीती है। इनमें छिंदवाड़ा लोकसभा क्षेत्र में आने वाली सभी सातों विधानसभा सीटें भी शामिल हैं। इन सीटों पर पिछले चुनाव में भी कांग्रेस को ही जीत मिली थी। इसी तरह मुरैना की पांच, भिंड की चार, ग्वालियर की चार, टीकमगढ़ की तीन, मंडला की पांच, बालाघाट की चार, रतलाम की चार, धार की पांच और खरगोन लोकसभा क्षेत्र की आठ विधानसभा सीटों में से पांच पर भी भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है। अहम बात यह है कि इसके बाद भी प्रदेश की पांच लोकसभा सीटें ऐसी हैं, जिनके परिणाम बताते हैं कि वे भाजपा के लिए बेहद सुरक्षित हैं। इसकी वजह है, इन सीटों की सभी विधानसभा सीटों पर भाजपा को ही जीत मिली है और वह भी बड़े अंतर से। इनमें खजुराहो, होशंगाबाद, देवास, इंदौर और खंडवा लोकसभा की सीटें शामिल हैं। इनके अलावा सागर, दमोह, रीवा, सीधी, जबलपुर, विदिशा और मंदसौर लोकसभा क्षेत्र में केवल एक-एक विधानसभा सीट पर ही भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है। इस हिसाब से देखें तो यह सीटें भी भाजपा के लिए पूरी तरह से अनुकूल हैं। दरअसल गुना में बामोरी और अशोकनगर सीट पर कांग्रेस को जीत मिली है , जबकि शेष सीटों पर भाजपा की जीत हुई है। इसी तरह सागर में एक बीना पर कांग्रेस, दमोह में एक मलहरा पर कांग्रेस, सतना में दो सीट सतना और अमरपाटन पर कांग्रेस, रीवा में एक सेमरिया सीट पर कांग्रेस, सीधी में एक चुरहट पर कांग्रेस, शहडोल में एक पुष्पराजगढ़ पर कांग्रेस, जबलपुर में एक जबलपुर पूर्व पर कांग्रेस, विदिशा में एक सिलवानी पर कांग्रेस, भोपाल में दो भोपाल उत्तर, भोपाल मध्य पर कांग्रेस, राजगढ़ में दो राघोगढ़, सुसनेर पर कांग्रेस, उज्जैन में दो महिदपुर, तराना पर कांग्रेस, मंदसौर में एक मंदसौर पर कांग्रेस, बैतूल में दो सीटें टिमरनी और हरदा पर कांग्रेस विजयी हुई है। वहीं शेष सीटों पर भाजपा जीती है।यह हैं चुनौती वाली सीटों का गणितजिन सीटों पर चुनौती दिख रही है उनमें लोकसभा सीट मुरैना भी शामिल है। इस सीट के तहत आने वाले आठ विधानसभा क्षेत्रों में से पांच पर कांग्रेस को जीत मिल है। इन सीटों में श्योपुर, विजयपुर, जौरा, मुरैना और अम्बाह है, जबकि भाजपा को सबलगढ़, सुमावली और दिमनी में जीत मिली है। इस सीट पर मिले मतों को देखें तो कांग्रेस को 5,00666 और भाजपा को 4,11601 मत मिले। इसी तरह से लोकसभा सीट भिंड की बत की जाए तो इस सीट के तहत आने वाली आठ विस सीटों में से चार पर कांग्रेस व चार पर भाजपा को जीत मिली है। इनमें अटेर, गोहद, भांडेर और दतिया में कांग्रेस, तो सेवड़ा, भिंड, लहार और मेहगांव में भाजपा को जीत मिली है। इस सीट पर भी मतों के मामले में कांग्रेस आगे रही है। कांग्रेस को 532146 और भाजपा को 525252 वोट मिले हैं। लोकसभा सीट पर भी भिंड की ही तरह कांग्रेस ने ग्वालियर ग्रामीण, ग्वालियर पूर्व, डबरा, पोहरी पर जो भाजपा ने ग्वालियर, करैरा, ग्वालियर दक्षिण और भितरवार पर जीत दर्ज की है। इसी तरह से कांग्रेस को 700861 और भाजपा को 677611 वोट मिले हैं। लोकसभा सीट टीकमगढ़ में तीन सीटों पर कांग्रेस जीती है। इनमें टीकमगढ़, पृथ्वीपुर और खरगापुर शामिल है, जबकि भाजपा को जतारा, निवाड़ी,महाराजपुर, छतरपुर और बिजावरमें जीत मिली है। मतों की बात की जाए तो कांग्रेस को 531464 और भाजपा को 606817 मत मिले हैं। इसी तरह से मंडला लोक सभा सीट पर कांग्रेस को डिंडोरी, बिछिया, निवास, कैवलारी, लखनादौन सीटों पर , जबकि भाजपा को शहपुरा, मंडला, गोटेगांव में जीत मिली है। इसी तरह से कांग्रेस को 740509 और भाजपा को 628529 मत मिले हैं। लोकसभा सीट बालाघाट के तहत आने वाली आठ विस सीटों में से कांग्रेस को चार बैहर, परसवाड़ा, बालाघाट, वारासिवनी में जबकि भाजपा को लांजी, कटंगी, बरघाट और सिवनी सीट पर जीत मिली है। इस सीट के तहत आने वाली विस सीटों पर कांग्रेस को 735122 और भाजपा को 649037 मत मिले हैं।

धार जिले के कांग्रेस के पूर्व विधायक पांचीलाल मेड़ा की मुश्किलें बढ़ीं.

The challenges for Panchilal Meena, former Congress MLA of Dhar district, have increased. एक महिला ने मेड़ा समेत 6 लोगों पर दर्ज कराया गंभीर केस चुनाव संपन्न होते ही अब आरोपों का दौर भी चल पड़ा है। हालही में सीहोर जिले से एक मुस्िलम महिला द्वारा भाजपा को वोट देने पर पिटाई का मामला सामने आया था। अब धार जिले से भी एक मामला आ गया है। एक महिला ने कांग्रेस नेता एवं धरमपुरी के पूर्व विधायक पांचीलाल मेड़ा समेत 6 अन्य लोगों के खिलाफ गंभीर मामला दर्ज कराया है। महिला का आरोप है कि इन लोगों ने उसे जान से मारने की धमकी दी है। भोपाल। मध्य प्रदेश के धरमपुरी के कांग्रेस के पूर्व विधायक पांचीलाल मेड़ा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। धामनोद थाना पुलिस ने एक महिला की शिकायत पर पूर्व विधायक पांचीलाल मेड़ा सहित 6 लोगों पर विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। रिपोर्ट दर्ज कराने वाली महिला धामनोद की रहने वाली महिला बताई जा रही है। उसने धामनोद थाने में कांग्रेस के पूर्व विधायक पांचीलाल मेड़ा सहित उनके समर्थकों पर जान से मारने की धमकी देने की शिकायत की थी। उसके आधार पर धामनोद पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया है।धामनोद थाना प्रभारी समीर पाटीदार ने बताया कि 29 नवंबर को धामनोद के शासकीय अस्पताल से जानकारी मिली थी एक महिला ने पूर्व विधायक पांचीलाल मेडा के नाम से जहर खा लिया। उसका धामनोद के अस्पताल में उपचार चल रहा था। इस पर धामनोद थाना पुलिस ने महिला के बयान लिए। उसके आधार पर पूर्व विधायक पांचीलाल मेड़ा सहित 6 लोगों पर विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। बहरहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। मीडिया के सामने फूट-फूटकर रोए थे मेड़ाउल्लेखनीय है कि पांचीलाल मेड़ा पूर्व में कई बार सुर्खियों में रह चुके हैं। बीते वर्ष मानसून सत्र के दौरान विधानसभा में मीडिया के सामने वे फूट-फूटकर रोए भी थे। तब भी उनके ये वीडियो काफी चर्चा में रहे थे। मेडा का आरोप था कि विधानसभा में पुलिस वालों ने उनसे मारपीट की। यही नहीं उन्होंने बीजेपी के एक विधायक पर गला दबाने का आरोप भी लगाया था। उसके बाद कहा था कि उनकी जान को खतरा है। इस दौरान कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी ने उनकी आंसू पोंछे थे। विधानसभा अध्यक्ष ने उनके आरोपों को खारिज कर दिया थामेड़ा ने कहा था कि वे सदन में अपने इलाके के आदिवासियों की समस्या को उठाना चाह रहे थे। लेकिन बीजेपी विधायकों ने उनके साथ धक्का मुक्की की। उनका कुर्ता फाड़ दिया। उन्होंने इस मामले को लेकर विधानसभा अध्यक्ष को शिकायत भी दर्ज कराई थी। लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने उनके आरोपों को खारिज कर दिया था।

कोलार 6 लेन निर्माण के लिए कांग्रेस पूर्व पार्षद का तोड़ा अतिक्रमण.

Congress former councilor accused of trespassing for the construction of the Kolar 6-lane project. भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव खत्म होते ही राजधानी भोपाल में सिक्स लेन का निर्माण कार्य तेज हो गया है। इसके बीच में आ रहे कच्चे-पक्के मकान, दुकान लगातार 3 दिन से तोड़े जा रहे हैं। इसी बीच अतिक्रमण हटाने को लेकर भेदभाव के आप भी लग रहे हैं। वार्ड क्रमांक 84 से कांग्रेस के पूर्व पार्षद मंजीत मरण की दुकान भी तोड़ी गई। पूर्व पार्षद के अलावा इस मार्ग को बनने में बाधा बन रहे 30 बड़े अतिक्रमण को भी तोड़ा गया है। दो सप्ताह पहले प्रशासन ने सभी निर्माण पर नीले निशान लगाए थे इसके बाद यह कार्रवाई की गई है चुनाव के दौरान बीच में कुछ समय के लिए इस काम को धीमा कर दिया गया था। लेकिन प्रदेश में भाजपा की बंपर जीत के बाद यहां पर तेजी से काम शुरू हो गया है।गौरतलब है कि कोलार सिक्स लेन गोल से लेकर सर्वधर्म कॉलोनी तक 3 लेन सड़क का काम हो चुका है। दूसरी लाइन के लिए जगह निकलने के लिए आलोकधाम से लेकर बीमाकुंज तक अतिक्रमण हटाने का काम किया जा रहा है। हाल ही में कलेक्टर ने सिक्स लेन के कार्य का निरीक्षण भी किया था, PWD के अधिकारियों ने काम में देरी के लिए अतिक्रमण को वजह बताया था।बता दे कोलार हुजूर विधानसभा क्षेत्र में आता है और यहां से मौजूदा विधायक रामेश्वर शर्मा ने विधानसभा चुनाव में भाजपा से बड़ी जीत हासिल की है। उन्होंने कांग्रेस के नरेश ज्ञानचंदानी को करीब 97000 से ज्यादा मतों से हराया है। इसके बाद से इस क्षेत्र में विधायक रामेश्वर शर्मा का अधिकारियों के बीच भौकाल देखने को मिल रहा है।3 दिन में 30 अवैध कब्जों पर चला बुलडोजर कोलार सिक्स लेन रोड के निर्माण में बाधा बन रहे कोलार के आलोक धाम से थाना परिसर तक लगभग 30 अतिक्रमण पर प्रशासन का बुलडोजर चला है। जिससे रोड निर्माण के लिए रास्ता साफ हो गया है एक तरफ सर्वधर्म कॉलोनी से लेकर गोल तिराहे तक रोड का निर्माण हो चुका है अब दूसरी तरफ रोड का निर्माण किया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान लोगों ने विरोध जताया, लेकिन उसका असर नहीं हुआ। दुकानदारों ने आरोप लगाया कि अतिक्रमण अमले ने समान निकालना तक का समय नहीं दिया। बता दे 222 करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट का काम पूरा करने के लिए सितंबर 2023 तक की समय सीमा तय की गई थी, लेकिन अब तक यह काम पूरा नहीं हो सका।

मध्यप्रदेश विधानसभा में 20 साल बाद भगवा रंग बिखेरेंगी, कांग्रेस विधायक रामसिया भारती.

After 20 years, the saffron color will adorn the Madhya Pradesh Legislative Assembly, Congress MLA Ramsiya Bharti to lead. उमा की मलहरा सीट से जीतीं कांग्रेस की रामसिया; भगवा पहने विपक्ष में दिखेंगी भोपाल! मध्यप्रदेश विधानसभा में 20 साल बाद भगवा कपड़े पहने एक और साध्वी नजर आने वाली हैं। फर्क इतना है कि इस बार ये साध्वी भाजपा से नहीं बल्कि कांग्रेस से हैं। हम बात कर रहे हैं, छतरपुर जिले की मलहरा विधानसभा सीट से जीत दर्ज करने वाली कांग्रेस की रामसिया भारती की। रामसिया भारती ने भाजपा प्रत्याशी प्रद्युम्न सिंह लोधी को मात दी है। 2003 में उमा भारती इसी सीट से चुनाव जीतकर मध्यप्रदेश की मुख्यमंत्री बनी थीं। खास बात यह है कि रामसिया भारती ने अपना पूरा चुनाव भाजपा की स्टाइल में ही लड़ा। भाजपा के हिंदुत्व का जवाब अपने तरीके से दिया। उमा भारती की ही तरह रामसिया भारती ने भागवत कथाओं से अपनी सियासी जमीन मजबूत की और आस्था की डोर को थामे मतदाताओं तक पहुंचीं। चुनावी भाषण भी प्रवचन के अंदाज में दिया। उमा की तरह टीकमगढ़ जन्मभूमि, छतरपुर को बनाया कर्मभूमि माथे पर लाल तिलक के साथ भगवा वस्त्र पहने, रामचरितमानस और भागवत कथा में पारंगत रामसिया भारती की कहानी भी कम रोचक नहीं है। उमा भारती की तरह रामसिया भारती भी टीकमगढ़ की रहने वाली हैं। दोनों ने ही राजनीति की शुरूआत छतरपुर जिले की मलहरा विधानसभा सीट से की। दूसरी समानता यह है कि दोनों ने ही बचपन से प्रवचन देना शुरू कर दिया था। इतनी समानता होने के बाद रामसिया भारती ने कांग्रेस की बजाए बीजेपी को क्यों नहीं चुना? इस सवाल का जवाब देते हुए वे कहती हैं- दादाजी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। पिता भी लंबे समय से कांग्रेस से जुड़े रहे। फिर मेरी राह कैसे जुदा हो सकती थी? रामसिया ने कहा- कांग्रेस का आइडिया ऑफ नेशन, बीजेपी के हिंदुत्व से कहीं ज्यादा बेहतर है। भाजपा को उसके ही प्रचार की शैली में दी मात चुनाव प्रचार के दौरान रामसिया भारती भाजपा के आक्रामक हिंदुत्व का जवाब, उसकी ही शैली में देती नजर आईं। भारती अपने भाषण की शुरूआत भारत माता की जय, भगवान श्री राम की जय, हनुमान जी महाराज की जय जैसे नारे लगाकर करतीं और अंत में केवल ‘कांग्रेस पार्टी जिंदाबाद’ कहती थीं। वे अपनी रैलियों की शुरुआत भगवान राम के नाम और महाकाव्य रामचरितमानस के छंदों से करतीं, फिर हनुमान और कांग्रेस पार्टी के नेताओं की ओर बढ़ती थीं।रामसिया भारती ने विपक्षी भाजपा नेताओं की तुलना राक्षस पात्रों से करते हुए मतदाताओं को लुभाने का हर हथकंडा अपनाया। वे भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहती थीं कि बीजेपी धर्म, राम, गाय के नाम पर वोट मांगती हैं लेकिन भारतीयों के बीच वैमनस्य पैदा करती है। यह हिंदू धर्म के खिलाफ है और मैं इसे बदलने के लिए यहां आई हूं। उन्होंने पूरे चुनाव प्रचार के दौरान बेरोजगारी, विकास और दलबदल का मुद्दा उठाया। ये भी कहा, ‘मैं यहां विश्वासघात का बदला लेने आई हूं।’ रामसिया भारती के राजनीतिक कौशल का ही कमाल था कि मतदान से एक दिन पहले बसपा प्रत्याशी लखन अहिरवार ने अपना समर्थन उन्हें दे दिया। इसी का नतीजा रहा कि भाजपा की तमाम कोशिशों के बावजूद रामसिया भारती ये चुनाव जीतने में सफल रहीं। मध्यप्रदेश की राजनीति में रामसिया भारती तीसरी साध्वी 12वीं पास 36 वर्षीय रामसिया भारती मध्यप्रदेश की राजनीति की तीसरी साध्वी हैं। प्रदेश की राजनीति में 20 साल पहले उमा भारती के रूप में साध्वी की एंट्री हुई थी। 2003 में उमा भारती इस सीट से चुनाव जीत गई थीं लेकिन 2008 के चुनाव में मलहरा की जनता ने उन्हें हरा दिया। दरअसल, उमा ने भाजपा छोड़कर भारतीय जनशक्ति पार्टी बना ली थी और वे इसी पार्टी से चुनाव लड़ी थीं। उमा भारती की बीजेपी में वापसी हुई मगर वे उत्तर प्रदेश में सक्रिय रहीं। मध्यप्रदेश की सियासत में दूसरी साध्वी के तौर पर प्रज्ञा ठाकुर की एंट्री हुई। मालेगांव बम ब्लास्ट मामले में आरोपी बनाई गईं प्रज्ञा ठाकुर को भाजपा ने भोपाल से लोकसभा का टिकट दिया। उन्होंने पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह को मात दी। अब रामसिया भारती के तौर पर तीसरी साध्वी राजनीति में आई हैं।

विष्णु देव साय होंगे छत्तीसगढ़ के नए मुख्यमंत्री, विधायक दल की बैठक में लगी मुहर

Vishnu Dev will be the new Chief Minister of Chhattisgarh, the seal was set in the legislative party meeting. आदिवासी मुख्यमंत्री के रूप में पूर्व केंद्रीय मंत्री विष्णुदेव साय और रेणुका सिंह के नाम पर मुहर लग गई है। रायपुर! छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री के पद को लेकर बना संशय रविवार को खत्म हो गया। भारतीय जनता पार्टी के नव निर्वाचित विधायकों की बैठक में विष्णु देव साय को नया मुख्‍यमंत्री चुना गया। हालांकि इसकी औप‍चारिक घोषणा होना बाकी है। रायपुर: छत्तीसगढ़ भाजपा विधायक दल की बैठक पर भाजपा नेता नारायण चंदेल ने कहा, “वे(विष्णुदेव साय) बहुत अच्छे व्यक्ति हैं। हमारे प्रदेश अध्यक्ष हैं। बहुत सहज हैं, सरल हैं, विनम्र हैं और एक ऐसा चेहरा हैं जिसका कोई विरोध नहीं कर पाया..नव निर्वाचित विधायकों की बैठक रविवार को हुई। भाजपा के प्रदेश मुख्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में इस बैठक में भाजपा विधायक दल के नेता का चयन किया गया। बैठक के लिए पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षक केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा व सर्वानंद सोनोवाल और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत कुमार गौतम रायपुर के बीजेपी कार्यालय पहुंचे। बैठक में नवनिर्वाचित प्रदेश प्रभारी ओम माथुर, केंद्रीय मंत्री व चुनाव सह प्रभारी डा. मनसुख मांडविया, भाजपा संगठन सह प्रभारी नितिन नबीन, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव, भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह भी उपस्थित रहे। इस बीच पर्यवेक्षक अर्जुन मुंडा का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा था शाम तक छत्तीसगढ़ को मिल जाएगा नया मुख्यमंत्री। ओबीसी या आदिवासी का फार्मूला इससे पहले पार्टी सूत्रों ने कहा था कि प्रदेश में मुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदारों में अगर पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह के चेहरे पर सहमति नहीं बनी तो पार्टी अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और आदिवासी मुख्यमंत्री के फार्मूले पर विचार कर सकती है। ओबीसी वर्ग से अरुण साव व ओपी चौधरी और आदिवासी मुख्यमंत्री के रूप में पूर्व केंद्रीय मंत्री विष्णुदेव साय और रेणुका सिंह के नाम पर मुहर लगने की संभावना थी। बता दें कि विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 54 सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज कर बहुमत प्राप्त किया है। कांग्रेस 34 सीटों पर सिमट गई है। वहीं, एक सीट गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के खाते में पहुंची है।

मध्य प्रदेश को नया आयम देने मोदी की गारंटी”

Modi’s guarantee to give Madhya Pradesh a new dimension. संपादकीय, उदित नारायण, Sahara Samachaarभोपाल। मध्य प्रदेश में चुनाव से पहले कांग्रेस का अहम मुद्दा भ्रष्ट सरकार ,भाजपा की छवि को सुधारने हेतु प्रधानमंत्री और अमित शाह ने मिलकर जो रणनीति बनाई उससे कांग्रेस के पास आती प्रतीत हो रही सत्ता हाथ से फिसल गई और आगामी लोकसभा चुनाव से पूर्व मध्य प्रदेश मे केंद्रीय नेतृत्व ने एक साफ सुथरी छवि का मुख्य मंत्री बनाने की कवायद तेज कर दी है, कल विधायक दल की बैठक के बाद निर्णय हो जायेगा कि जाएगा कि मोदी के विकसित भारत बनाने की गारंटी का जिम्मा मध्य प्रदेश मे किसके हाथ होगा, राजनैतिक विश्लेषकों की राय में तो मध्य प्रदेश में भाजपा की प्रचंड बहुमत से जीत के बाद मुख्य मंत्री तय करना कठिन हो गया है। लेकिन प्रधानमंत्री, अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष ने शायद अपना निर्णय मध्य प्रदेश इकाई को बता दिया है अब कुछ औपचारिकता ही शेष बची है !शिवराज और उनकी “मैनेजमैंट पॉलिटिक्स” लाख इस तथ्य को छुपाने ,दबाने का प्रयास करती रही पर इस कटु सत्य को नरेन्द्र मोदी और अमित शाह से छुपने का कोई प्रश्न ही नही था ,और इसलिए मध्य प्रदेश का चुनाव “मोदी“ के चेहरे पर लड़े जाने का निर्णय लिया गया और तभी यह तय हो गया था कि मध्य प्रदेश में “शिवराज सरकार “का अंत समीप है ! शिवराज सिंह चौहान और उनके चाटुकार नौकरशाह और मीडिया मैनेजर गर्व से “लाड़ली बहना” का नाम लेते है ! सब जानते है यदि मोदी का चेहरा और “ ब्रॉड मोदी “की गॉरंटी नही होती तो मध्य प्रदेश की “लाडली बहनाये ““कमलनाथ से इस योजना का लाभ लेना पसंद करती ! महिला वोटर को 1250 रुपये के लिए शिवराज के वादों को भुलाने का कड़वा घूँट पीना पडा. यथार्थ यह है कि 18 साल में मध्य प्रदेश गरीबी के उस पड़ाव पर पहुंच गया जहाँ महिला वोटर को 1250 रुपये के लिए शिवराज के वादों को भुलाने का कड़वा घूँट पीना पडा. ! यदि मोदी की गॉरंटी नही होती तो शिवराज सिंह की भाजपा मध्य प्रदेश मे 80 सीटों पर सिमट जाती !मध्यप्रदेश के जानकार जानते है “लाडली बहना “ शिवराज की “मनी मैनेजमैंट “का उदाहरण है ! मध्य प्रदेश 3.85 लाख करोड के कर्जे मे है ! अपने भृष्टाचार और घोटालो को दबाने के लिए कर्जे उठाकर चुनाव के पहले गरीब लाचार बेरोजगार महिलाओ को 1200 रूपये प्रतिमाह की रिश्वत दी गई है ! नोट के बदले लाचार बेरोजगार कराह रही “बहनाओ “के वोट खरीदने के लिए यह योजना लाई गई थी ! यदि मोदी ने गॉरंटी न दी होती तो बहनाये सरकार के बहकावे में आने वाली नही थी ! देखा जाए तो भाजपा की नई सरकार को मध्यप्रदेश के कर्ज चुकाने हेतु 3.85 लाख करोड़ के “ मोदी पैकेज “की जरूरत पडेगी नही तो प्रदेश के दीवालिया होने का खतरा है !मजे की बात यह है शिवराज सिंह अभी भी खुद को “हीरो “बताकर मुख्य मंत्री बनने के सपने देख रहे थे ! वे चाहते थे कि लोग उन्हे मध्यप्रदेश की जीत का श्रेय दें। इसीलिए वो दिल्ली ना आकर मध्य प्रदेश से भावनात्मक बयान दे जनता और प्रधानमंत्री को सन्देश दे रहे है, बेशक संघ और संगठन के कृपापात्र शिवराज अब भी संगठन पर निगाहें जमाये है लेकिन भ्रष्टाचार और भावना मे चुनावी नुकसान मोल लेने मे संगठन भी साथ नहीं आएगा!तीन राज्यो की “जीत के शिल्पकार “अमित शाह को हर अंधकार को समाप्त करने की मोदी की गॉरंटी याद है इसलिए शिवराज का पुनःमुख्यमंत्री बनना सिर्फ उनकी खुली ऑखो का सपना है क्योकि अमित शाह इतने भोले नही हैं कि शिवराज सिंह पुनः मुख्य मंत्री बनाए। मध्यप्रदेश के 3.85 लाख करोड़ के शिवराज काल के कर्जो को चुकाने केन्द्र से पैकेज देते रहें और शिवराज सिंह को बीजेपी का राजनीतिक शिखर सौप दें ! इसलिए शिवराज सिंह को जाना होगा ! यकीन मानिए जो भी मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री होगा उसका कद और किरदार इतना ऊंचा और उज्जवल होगा मध्य प्रदेश मोदी की पसंद पर नाज कर सकेगा ! सोमवार को 18 साल के तिमिर के छंटने और नए सूर्योदय का इंतजार कीजिए !

INDIA गठबंधन’ का अहम मुद्दा बनेगा चुनावी पारदर्शिता.

The formation of the ‘INDIA Alliance’ will become a crucial issue for electoral transparency. जबलपुर में राज्य सभा सांसद विवेक तन्खा का बड़ा बयान Special Correspondent, Sahara Samachaar, Jabalpur. भोपाल। जबलपुर पहुचे कांग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक तंखा ने कहा चुनाव में पारदर्शिता के मुद्दे को लेकर संसद, कोर्ट, चुनाव और जनता के बीच जाने का रास्ता खुला है। चुनाव में जो पारदर्शिता होनी चाहिए वह इस चुनाव में नहीं दिखी , चुनाव के पहले ग्राउंड में बदलाव का माहौल दिख रहा था । चुनावी नतीजों के बाद लोगों में आक्रोश दिख रहा है। विवेक तंखा ने कहा कि देश में ऐसी व्यवस्था हो जिससे चुनाव निष्पक्ष रूप से हो संपन्न सकें, चुनाव में पारदर्शिता का मुद्दा INDIA गठबंधन का अहम विषय होगा । विपक्ष के अस्तित्व के लिए जरूरी है कि सब मिलकर लड़ाई लड़ें। पीसीसी अध्यक्ष कमलनाथ के इस्तीफे की अटकलों को बताया कमलनाथ और हाई कमान के बीच का मामला है। प्रदेश में मुख्यमंत्री के चेहरे पर फैसला न होने को लेकर विवेक तन्खा का कहना है कि मुख्यमंत्री के चयन को भाजपा की आंतरिक रणनीति का हिस्सा बतया है।

विधायक दल तय करेगा मध्य प्रदेश का अगला सीएम- वीडी. शर्मा.

The Group of legislative will decide the next Chief Minister of Madhya Pradesh – V.D. Sharma. भोपाल! मध्यप्रदेश का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इसका जवाब अब सोमवार (11 दिसंबर) को मिलेगा। इस दिन शाम 4 बजे भोपाल में बीजेपी विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें सीएम का नाम तय होगा। विधायकों से रायशुमारी के लिए नियुक्त तीनों पर्यवेक्षक भी बैठक में मौजूद रहेंगे। इससे पहले शनिवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा-शिवराज सिंह चौहान ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा- ‘सभी को राम-राम…’ सीएम आज दोपहर साढ़े तीन बजे भोपाल उत्तर विधानसभा क्षेत्र में लाड़ली बहनों से संवाद करेंगे। वीडी बोले- हम कैडर बेस ऑर्गेनाइजेशन के कार्यकर्ता मप्र मुख्यमंत्री पद के सवाल पर वीडी शर्मा ने कहा कि हम कैडर बेस ऑर्गेनाइजेशन के कार्यकर्ता हैं। मुख्यमंत्री कौन होगा, उप मुख्यमंत्री कौन होंगे, होंगे, नहीं होंगे? इसका निर्णय नेतृत्व करेगा। सीएम विधायक दल ही चुनेगा। 11 दिसंबर की शाम 4 बजे विधायक दल की मीटिंग होगी। तीनों पर्यवेक्षक वन टू वन चर्चा कर सकते हैं पर्यवेक्षक बीजेपी ने मुख्यमंत्री चयन को लेकर शुक्रवार को तीन पर्यवेक्षक नियुक्त कर दिए हैं। इनमें हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. के. लक्ष्मण और पार्टी की राष्ट्रीय सचिव आशा लकड़ा शामिल हैं। ऐसा माना जा रहा है कि खट्टर और डॉ. के. लक्ष्मण विधायकों से वन टू वन चर्चा कर सकते हैं।

नया जोश भरने की कवायद – नमो के जरिए 100 दिनों में पीएम से मिल सकेंगे भाजपा कार्यकर्ता

In the first 100 days, BJP workers can meet the Prime Minister through a renewed vigor strategy. क्यू आर कोड को स्कैन करके चैलेंज को एक्सेप्ट कर सकते हैं, भाजपा के कार्यकर्ता फील्ड पर उतरेंगे  उदित नारायण, ग्रुप एडिटर सहारा समाचार   भोपाल। विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा लोकसभा चुनाव में जुट गई है। अपने कार्यकतार्ओं को हमेशा काम में लगाए रखने वाली भाजपा ने अब पार्टी वर्कर्स को लोकसभा के लिए 100 दिन का चैलेंज दिया है। इस चैलेंज के तहत कार्यकतार्ओं को भारतीय जनता पार्टी की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाना है। इसके साथ ही जिन्हें योजनाओं का लाभ नहीं मिला है, उन्हें इनका लाभ दिलवाना है।इसकी मॉनिटरिंग के लिए नमो एप का भी उपयोग किया जाएगा। इसके लिए पोस्टर्स भी हर भाजपा कार्यालय में लगवा दिए गए हैं।  कार्यकतार्ओं में नया जोश भरने के लिए भाजपा उन्हें प्रधानमंत्री मोदी से मिलने का मौका देने जा रही है। इसके लिए पार्टी ने 100 डे का एक चैलेंज तैयार किया है। इस चैलेंज को पूरा करने पर हर हफ्ते और महीने में पांच विजेताओं को चुना जाएगा। इन्हें आकर्षक पुरस्कार भी दिया जाएगा। इसके लिए कार्यकर्ता क्यू आर कोड को स्कैन करके इस चैलेंज को एक्सेप्ट कर सकते हैं। माना जा रहा है कि इससे भाजपा के कार्यकर्ता फील्ड पर उतरेंगे। खास बात है कि बेहतर काम करने वाले कार्यकर्ता को पीएम मोदी से भी मिलवाया जाएगा।  प्रदेश की 29 सीटों पर नजर – भारतीय जनता पार्टी की अब मध्यप्रदेश की 29 सीटों पर नजर है। हालांकि, अभी भाजपा के पास इनमे से 28 सीटें हैं। सिर्फ एक सीट छिंदवाड़ा ही कांग्रेस के हाथ में हैं। छिंदवाड़ा को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ का गढ़ माना जाता है। वर्तमान में नाथ के बेटे नकुल यहां से सांसद हैं। इस बार के विधानसभा के चुनाव में भी कांग्रेस ने छिंदवाड़ा जिले की सभी सातों सीटों पर कब्जा किया है। इधर, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान खुद यहां पर मोर्चा संभालने की बात कह रहे हैं।

इस्तीफा देने वाले BJP सांसदों को खाली करना होगा घर, 30 दिन की मोहलत!

BJP MPs resigning will have to vacate their homes within 30 days. दिल्ली ! विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के बाद लोकसभा सांसदों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जिसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वीकार कर लिया है. अब खबर है कि दिल्ली में आवास समिति की ओर से इस्तीफा देने वाले सांसदों को बंगला खाली करने को कहा है. पिछले दिनों 5 राज्यों में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की ओर से 4 केंद्रीय मंत्रियों समेत 21 सांसद चुनाव मैदान में उतरे थे, जिसमें से 12 सांसदों को जीत मिली थी और इनमें से 11 सांसदों ने जीत के बाद सांसदी से इस्तीफा दे दिया था. अब सूत्रों के हवाले से खबर है कि लोकसभा आवास समिति ने विधानसभा चुनाव जीतने के बाद संसद सदस्यता से इस्तीफा देने वाले उन सभी बीजेपी सांसदों को 30 दिन में सरकारी आवास खाली करने का नोटिस दिया है. इनमें से 8 सांसदों को लोकसभा आवास समिति पूल से आवास आवंटित किया गया था. जबकि 3 सांसद केंद्रीय मंत्री हैं, इसलिए उन्हें शहरी विकास मंत्रालय से आवंटन मिलता है. सूत्रों का कहना है कि नियम सिर्फ विपक्षी सांसदों के लिए ही नहीं, सभी के लिए सामान हैं. जिन लोकसभा सांसदों को 30 दिन में घर खाली करने का नोटिस दिया गया हैं उनमें राकेश सिंह, गोमती साय, अरुण साव, रिति पाठक, बाबा बालकनाथ, राज्यवर्धन सिंह राठौड़, दिया कुमारी और उदयप्रताप सिंह शामिल हैं. राष्ट्रपति ने स्वीकार किए इस्तीफेइससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कल गुरुवार देर रात केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, प्रह्लाद सिंह पटेल और रेणुका सिंह का इस्तीफा स्वीकार कर लिया. इन तीनों मंत्रियों ने हाल में विधानसभा चुनावों में जीत हासिल की थी. इस्तीफा स्वीकार किए जाने के साथ ही राष्ट्रपति मुर्मू ने जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा को कृषि मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया. पीएम मोदी की सलाह पर राष्ट्रपति मुर्मू ने अर्जुन मुंडा को कृषि मंत्रालय और किसान कल्याण मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा जबकि इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर को राज्य मंत्री के तौर पर जल शक्ति मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया है. इसी तरह केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. जीत के बाद सांसदों ने दिया इस्तीफाइससे पहले बीजेपी ने फैसला किया था कि हाल में चुने गए उसके सभी 12 सांसद अपने पद से इस्तीफा दे देंगे. इसके बाद केंद्रीय मंत्रियों नरेंद्र सिंह तोमर, प्रह्लाद पटेल और रेणुका सिंह ने इस्तीफा दे दिया. इन इस्तीफों के बाद माना जा रहा है कि वे राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में नई सरकारों में शामिल हो सकते हैं. छत्तीसगढ़ से लोकसभा सांसद रेणुका सिंह ने भरतपुर-सोनहत सीट से जीत दर्ज की थी. अन्य सांसदों में मध्य प्रदेश से उदय प्रताप सिंह, रीति पाठक और राकेश सिंह के अलावा राजस्थान से राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा, राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और दिया कुमारी के साथ-साथ छत्तीसगढ़ से गोमती साई और अरुण साव शामिल हैं. मीणा के अलावा सभी सांसद लोकसभा सांसद थे.

विधानसभा की हार पर कांग्रेस का चिंतन, समीक्षा बैठक मे होगा कारणों पर मंथन.

Congress party is contemplating its defeat in the legislative assembly, and a review meeting will be held to analyze the reasons.  उदित नारायण  नई दिल्ली। हाल मे सम्पन हुए 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों मे तेलंगाना को छोड़ 4 राज्यों मे करारी हार के बाद कांग्रेस के मिशन 2024 को करारा झटका लगा है, कांग्रेस नेता राहुल गाँधी, महासचिव प्रियंका गाँधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ पार्टी नेता आज से 2 दिन हार की समीक्षा करेंगे लेकिन वर्ष 2014 से लगातार चुनाव दर चुनाव हारने पर समीक्षा बैठक करने के बावजूद भी कांग्रेस अपने संगठन मे कोई मूलभूत परिवर्तन नहीं कर पाई है पार्टी मे दूसरी श्रेणी के नेताओं की भारी कमी है ऐसा नही है कि पार्टी मे अच्छे नेताओं की कमी है लेकिन पार्टी मे उनकी कोई सुनवाई नहीं होती कारण कांग्रेस नेतृत्व के आस पास मौजूद मण्डली प्रभावशाली और योग्य लोगो को नेतृत्व के पास फटकने नहीं देते ना ही उनके सुझाव पार्टी नेतृत्व तक पहुंच पाते है एक तरफ जहाँ भाजपा मे जमीनी कार्यकर्ताओं के साथ अनेक सामाजिक और आर्थिक मामलो के जानकारों को सलाहकार नियुक्त किया जाता है वही कांग्रेस मे यह योग्यता विदेश मे पढ़ा होना और कुछ खास लोगों का कृपापात्र होना मात्र है, वर्ष 2004 मे इंडिया शाइनिंग नारे के बावजूद बाजपेई सरकार से सत्ता छीनने वाली कांग्रेस कांग्रेस को लगता है कि वह आज भी मोदी सरकार से ऊबकर सत्ता उनको सौप देगी लेकिन अब वक्त बदल चुका है डिजिटल युग मे आम जनमानस तक सरकारी योजनाओं और एक प्रान्त से दूसरे प्रान्त और विश्व पटल तक की जानकारी प्राप्त कर रहा है, बिगत 10 सालों मे कांग्रेस ने चुनाव कि अपनी पिच तैयार करने मे नाकायाब रही है वह वैसे खेल रही है जैसे भाजपा उन्हें खिलाना चाह रही है, कांग्रेस को हार के मंथन मे कुछ बातों पर आत्म चिंतन कि आवश्यकता है जैसे – *बाहर से आने वालों पर मूल कैडर से ज्यादा भरोसा* दशकों से कांग्रेस पार्टी मे बाहर व दूसरी पार्टियों से आने वालों को संगठन मे बड़े पदों पर जिम्मेदारी दे दी जाती रही है जबकि मूल कैडर के कार्यकर्त्ता जस के तस रह जाते हैँ. *सालाहकारों के चयन, कार्यप्रणाली और अति निर्भरता* एक तरफ जहाँ और पार्टियों मे पार्टी के छोटे तथा जमीनी कार्यकर्त्ताओं की बातों को सुना व समझा जाता है वहीँ आज भी कांग्रेस मे विदेश से मैनेजमेंट पास आउट जमीनी हकीकत से दूर और स्वार्थी सालाहकारों की भरमार है वह नहीं चाहते कि नेतृत्व कोई ऐसा व्यक्ति पहुंचे जिससे उनकी कोई बात आलाकमान तक पहुंचे वो पार्टी से ज्यादा अपनी कुर्सी बचाने की जुगत मे लगे रहते हैँ राहुल गाँधी की अमेठी मे हार उनके प्रतिनिधियों और क्वार्डिनेटरों की कार्यशैली का ही परिणाम था. *हिंदी भाषी नेताओं की कमी* कांग्रेस मे ज्यादातर निर्णय दक्षिण भारत के नेताओं और सालाहकारों की सलाह से लिए जाते है जबकि हिंदी भाषी क्षेत्रो की राजनैतिक भूमि, परिस्थिति दक्षिण से बिलकुल अलग है दक्षिण मे जहाँ स्थानीय मुद्दे हावी रहते है मध्य, उत्तर और पूर्वी भारत मे स्थानीय के साथ साथ राष्ट्रीय मुद्दे ज्यादा प्रभावी रहते हैँ. *कमजोर संगठन* हिंदी भाषी क्षेत्रों मे कांग्रेस का संगठन बेहद कमजोर है राज्य से लेकर जिला और बूथ लेबल तक समर्पित कार्यकर्त्ता नहीं हैँ जहाँ भाजपा और स्वयंसेवक के कार्यकर्त्ता और सिमितियाँ बूथ तक मौजूद और सक्रिय है वही कांग्रेस मे पार्टी पदाधिकारी के अलावा कार्यकर्त्ता ही नहीं है कार्यकर्ताओ का सम्मान ना मिलना उनको हतोत्साहित करता रहा है. *दोहरी राजनैतिक शैली* इस दौर मे जहाँ भाजपा अपनी स्पष्ट नीति पर काम कर रही है वही कांग्रेस जनमानस तक अपनी कोई नीति पहुंचाने मे नाकायाब रहती है वजह है एजेंडा क्लियर ना होना पार्टी किसके साथ है और किसके खिलाफ जनता को यह स्थिति साफ नहीं हो पाती कांग्रेस को जरुरत है बेहतर रणनीतिकार की जो नेतृत्व और पार्टी को बिना अपना स्वार्थ देखे बेहतर रणनीति पर अग्रसर कर सके *संघर्षो मे कमी* विपक्ष मे बैठी कांग्रेस मे संघर्ष की कमी साफ झलकती है जनहित के मुद्दों पर पार्टी के कुछ नेता टेलीविज़न और संसद मे अवश्य बोलते देखे जाते है लेकिन सडक पर और जनता के बीच संघर्षो मे पीछे रहते है कारण पार्टी मे संघर्ष शील कार्यकर्त्ता कम चरणवन्दन और कुर्ताधारी नेताओं की बहुतायत होना है, *एक ही मुद्दे पर अटके रहना और स्थिति का अध्यन ना होना* कांग्रेस के ज्यादातर नेता निजी और संवेदनशील बयान और एक ही मुद्दे पर अटके रहते हैँ जमीनी स्तर पर कार्य ना करने के कारण जन भावना और जमीनी मुद्दों तथा जनता के मन की बात की बात विरोध और सहयोग की जानकारी ही नहीं रहती *संचार माध्यमो के उपयोग की कमी और ओवर कॉन्फिडेंस तथा आत्मनिर्भरता की कमी* संचार युग का आरम्भ करने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी जी के विचारों की पार्टी आज संचार माध्यम और डिजिटल मीडिया मे फिसड्डी साबित हो रही है जहाँ भाजपा मे बूथ लेबल तक के कार्यकर्त्ता डिजिटल माध्यमो से जुड़े और सक्रिय हैँ वही कांग्रेस के ज्यादातर ज़िलों मण्डलों और उनके सहयोगी संगठन के सोशल मीडिया अकाउंट तक नहीं हैँ कांग्रेस के नेता सिर्फ फेसबुक और ट्विटर पर पोस्ट डालने को डिजिटल मार्केट समझते है एक ओर जहाँ अन्य पार्टियों मे डिजिटल के प्रति आकर्षित होकर जनता से जुड़ रही है वही कांग्रेस आज भी पुराने कार्यशैली पर लगी है जहाँ भाजपा व अन्य ज्यादातर प्रचार डिजिटल एजेंसी और संचार माध्यम से कर रही हैँ वही कांग्रेस नेता हाथ पर हाथ धरे या अपने खास को काम दिला मौज मे रहते हैँ *चुनावी तैयारियों मे देरी* विना बेहतर प्रवंधन कोई लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता कठोर निर्णय लेने मे नेतृत्व सक्षम प्रतीत नहीं होता जहाँ भाजपा एक चुनाव के बाद तुरंत दूसरे चुनाव की तैयारी मे लग जाती है वही कांग्रेस नेता टिकट बितरण का इंतज़ार करते हैँ जहाँ जहाँ अन्य पार्टियों इलेक्शन मोड पर सक्रिय रहती हैँ वही कांग्रेस नेता और पार्टी रेस्ट मोड पर, ऐसे ही युवा और जुझारू नेताओं की कमी और नेतृत्व द्वारा उन्हें आगे ना बढ़ा कर पुराने और दरबारी नेताओ पर भरोसा तथा कमजोर आत्म विश्वास पार्टी को नीचे की तरफ ले जा रहा हैँ राहुल गाँधी जैसे सारीखे नेता को वयनाड जैसी … Read more

बागियों का कमाल: भाजपा- कांग्रेस को गंवाना पड़ गईं कई विधानसभा सीटें.

Several assembly seats were lost by both the BJP and Congress. – पार्टी में बगावत के बावजूद कई सीटें जीती भाजपा – कांग्रेस को दोनों दलों के बागियों से हुआ नुकसान -अरविंद, गोविंद, लक्ष्मण, एनपी, चौधरी जैसे दिग्गज हारे   *उदित नारायण*  भोपाल। हर बार की तरह विधानसभा के इस चुनाव में भी भाजपा-कांग्रेस को बागियों के कारण कई सीटें गंवाना पड़ गईं। खास बात यह कि भाजपा के पक्ष में ऐसी आंधी चली कि वह वे सीटें भी जीत गई, जहां उसके मजबूत बागी मैदान में थे। इसके विपरीत कांग्रेस को अपनी पार्टी के साथ भाजपा के बागियों से भी नुकसान हुआ। चार सीटें ही ऐसी थीं जहां भाजपा को पार्टी के से बगावत कर मैदान में उतरे प्रत्याशियों के कारण पराजय का सामना करना पड़ा। बगावत की वजह से अरविंद भदौरिया, डॉ गोविंद सिंह, लक्ष्मण िसंह, एनपी प्रजापति और चौधरी राकेश सिंह जैसे दिग्गजों को हार का सामना करना पड़ा।अटेर सहित चार जगह हुआ भाजपा को नुकसानभाजपा को जहां पार्टी के बागियों के कारण पराजय का सामना करना पड़ा, उनमें अटेर, टीकमगढ़, मुरैना और महिदपुर शामिल हैं। अटेर में पार्टी के बागी मुन्ना सिंह भदौरिया के मैदान में होने के कारण प्रदेश के सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया हार गए। टीकमगढ़ में केके श्रीवास्तव ने निर्दलीय लड़कर भाजपा के राकेश गिरि को हरवा दिया। अटेर में कांग्रेस के हेमंत कटारे और टीकमगढ़ में यादवेंद्र सिंह चुनाव जीत गए। इसी प्रकार मुरैना में पूर्व मंत्री रुस्तम सिंह ने अपने बेटे राकेश को चुनाव लड़ा दिया। उन्होंने 37 हजार से ज्यादा वोट लेकर भाजपा को हरा दिया और कांग्रेस के दिनेश गुर्जर चुनाव जीत गए।  महिदपुर में भाजपा के प्रताप सिंह बगावत कर चुनाव लड़ रहे थे। वे 20 हजार से ज्यादा वोट ले गए और भाजपा के बहादुर सिंह 290 वोट के अंतर से चुनाव हार गए।बगावत के बावजूद यहां जीत गई भाजपाप्रदेश की आधा दर्जन से ज्यादा सीटें ऐसी हैं, जहां भाजपा में बगावत हुई। मजबूत नेता मैदान में उतर गए, फिर भी भाजपा ने सीट में कब्जा किया। इनमें सुमावली, भिंड, लहार, चाचौड़ा और होशंगाबाद जैसी सीटें शामिल हैं। सुमावली में भाजपा के बागी कुलदीप सिंह सिकरवार के मैदान में होने के बावजूद भाजपा जीत गई और कांग्रेस तीसरे नंबर पर खिसक गई। भिंड में संजीव सिंह की बगावत के बावजूद भाजपा जीती और कांग्रेस के चौधरी राकेश सिंह चुनाव हार गए। लहार में भाजपा के बागी रसाल सिंह ने बगावत की फिर भी भाजपा जीती और नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह को हार का सामना करना पड़ा।  चाचौड़ा में भाजपा की पूर्व विधायक ममता मीणा आप से चुनाव लड़ गईं फिर भी भाजपा जीती और कांग्रेस के लक्ष्मण सिंह हार गए। होशंगाबाद में भगवती चौरे भाजपा से बगावत कर चुनाव लड़ गए लेकिन यहां भाजपा ही जीती और कांग्रेस तीसरे नंबर पर खिसक गई।कांग्रेस के बागियों के कारण पार्टी की हुई हार कांग्रेस में भी बागियों ने कई जगह कमाल दिखाए। भाजपा से फर्क यह है कि बागियों के होने के कारण कांग्रेस सिर्फ हारी, उसे एक भी सीट में जीत नसीब नहीं हुई। गोटेगांव में कांग्रेस ने शेखर चौधरी काे टिकट देकर काट दिया था। वे नाराज होकर निर्दलीय चुनाव लड़ गए। उन्हें 47 हजार से ज्यादा वोट मिले और कांग्रेस के एनपी प्रजापति बुरी तरह हारे।  देपालपुर में कांग्रेस के बागी राजेंद्र चौधरी लगभग 38 हजार वोट ले गए और कांग्रेस विधायक विशाल पटेल 13 हजार से ज्यादा वोटों से हार गए। बड़नगर में भी कांग्रेस ने राजेंद्र सोलंकी को टिकट देकर काट दिया था। वे निर्दलीय चुनाव लड़कर 31 हजार से ज्यादा वोट ले गए और कांग्रेस विधायक मुरली मोरवाल को बड़ी पराजय का सामना करना पड़ा। आलोट में प्रेमचंद गुड्डू बगावत कर मैदान में थे। उन्हें 37 हजार से ज्यादा वोट मिले और विधायक मनोज चावला को पराजय का सामना करना पड़ा। इसी प्रकार महू में अंतर सिंह दरबार बगावत कर निर्दलीय लड़े तो कांग्रेस प्रत्याशी तीसरे नंबर पर पहुंच गए और भाजपा की ऊषा ठाकुर बड़े अंतर से चुनाव जीत गईं।

दिल्ली मे सरकार बनाने की गहमागहमी के बीच भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बी डी शर्मा के साथ रात भोपाल पहुंचे प्रहलाद पटेल.

Amidst intense efforts to form a government in Delhi, Pralhad Patel arrived in Bhopal with BJP State President B.D. Sharma late at night. *उदित नारायण* नई दिल्ली।तीन राज्यों मे मिली बम्पर जीत के बाद से ही भाजपा मे नई सरकार के गठन को लेकर बैठकों एवं मंथनों का दौर जारी हैँ मध्यप्रदेश राजस्थान और छत्तीसगढ़ मे मुख्यमंत्री पद के कई नाम चर्चा मे हैँ, एक तरफ जहाँ शिवराज भोपाल मे बैठकर सियासी गुणागणित लगा रहे हैँ वही देर रात प्रहलाद पटेल राज्य इकाई के प्रमुख बी डी शर्मा के साथ भोपाल पहुचे, दरअसल, मध्‍य प्रदेश की नरसिंहपुर विधानसभा सीट से निर्वाचित विधायक प्रहलाद सिंह पटेल चुनाव परिणाम आने के बाद पहली बार भोपाल पहुंचे। पटेल के साथ बीजेपी प्रदेश अध्‍यक्ष वी‍डी शर्मा भी थे, दोनों एक साथ दिल्‍ली से भोपाल आए। इसके बाद से अटकलें तेज हो गई हैं कि क्‍या प्रहलाद सिंह पटेल ही प्रदेश के अगले मुख्‍यमंत्री होंगे। प्रहलाद पटेल का नाम मुख्‍यमंत्री चहरे में सबसे आगे चल रहा है। पटले ने दिल्‍ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की है। वहीं, भोपाल आने के पहले प्रहलाद पटेल वरिष्‍ठ नेता मुरली मनोहर जोशी का आशीर्वाद लेने भी पहुंचे थे। वही इंदौर-1 विधानसभा से नवनिर्वाचित विधायक कैलाश विजयवर्गीय ने गुरुवार को प्रदेश के अगले मुख्‍यमंत्री को लेकर कहा कि सीएम के नाम की घोषणा रविवार तक हो जाएगी, साथ ही प्रदेश में बीजेपी की बड़ी जीत के लिए श्रेय शिवराज सिंह चौहान की योजनाओं को देने से इंकार कर दिया ,*ग्‍वालियर में तोमर के समर्थन के ग्‍वालियर में तोमर के पोस्‍टर लगे *वहीं, प्रदेश के मुख्‍यमंत्री को लेकर कई तरह की अटकलें चल रही हैं। ग्‍वालियर में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के बड़े-बड़े पोस्टर लग गए हैं, जिन पर उन्हें ‘बॉस‘ लिखा गया है।पोस्‍टर लगे* वहीं, प्रदेश के मुख्‍यमंत्री को लेकर कई तरह की अटकलें चल रही हैं। ग्‍वालियर में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के बड़े-बड़े पोस्टर लग गए हैं, जिन पर उन्हें ‘बॉस‘ लिखा गया है।

मंत्री जी का जलवा विकास का हलवा, मानपुर विधानसभा क्षेत्र, कुशमहा गांव ,

मानपुर ! बीजेपी सरकार में पूरे मध्यप्रदेश में जिस तरीके से विकास कार्य हुए है शायद ही इसके पहले कभी हुआ हो। चाहे शहर हो या ग्रामीण चारो ओर अनेको विकास कार्य हुए है। लेकिन उमरिया जिले के मानपुर विधानसभा अंतर्गत ग्राम कुशमहा की बात करे तो यहां के ग्रामीण विकास कैसा होता है जानते ही नही.? ऐसा नही की इस क्षेत्र में कांग्रेस का विधायक रहा है। बल्कि लगातार इस क्षेत्र से 4 बार से बीजेपी की विधायक और सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रही है। विधानसभा चुनाव के दौरान ग्रामीणों के द्वारा मतदान का बहिष्कार किये जाने के बाद ग्रामीणों को समझाने कलेक्टर पहुंचे थे और आश्वाशन देकर मतदान करने का आग्रह किया था। 4 बार से विधायक और कैबिनेट मंत्री फिर भी कुशमहा गांव में विकास रहा कोसो दूर, कलेक्टर ने ली सुध दरअसल मानपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कुशमहा गांव बीजेपी सरकार के द्वारा किए गए अनगिनत विकास कार्यों से अछूता रहा है। जबकि ऐसा नहीं कि इस विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस पार्टी का विधायक रहा हो, बल्कि 4 बार से लगातार यहां के लोग बीजेपी की विधायक दीदी को चुनते आ रहे हैं। इस बीच दीदी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में जनजाति कार्य विभाग की कैबिनेट मंत्री भी रही है। बावजूद इसके यह गांव विकास और मूलभूत सुविधाओं से अछूता रहा है। इस बार 2023 के विधानसभा चुनाव के दरमियान कुशमहा गांव के ग्रामीणों ने मतदान करने का बहिष्कार कर दिया। यह खबर जैसे ही जिले के कलेक्टर बुद्धेश कुमार वैद्य तक पहुंची। उन्होंने तत्काल गांव पहुंचकर वहां उपस्थित ग्रामीणों से बातचीत की। ग्रामीणों ने कलेक्टर को अपनी तमाम समस्याओं से अवगत कराया, जिस पर कलेक्टर ने उनकी मांगों को मानते हुए आश्वासन दिया कि चुनाव की आचार संहिता समाप्त होते ही वह उनके गांव पुरे जिला प्रशासन की टीम को लेकर पहुंचेंगे और जरूरत के सभी कामों को कराया जाएगा। तब जाकर ग्रामीण माने और मतदान प्रारंभ कराया गया। बुधवार 6 दिसंबर को कलेक्टर और जिला प्रशासन की टीम ने जहां कुशवाहा गांव पहुंचकर ग्रामीणों के साथ चौपाल लगाई। बल्कि उनकी मांग और जरूरत के अनुसार अलग-अलग कार्यो के लिए वहां मौजूद विभाग प्रमुखों को निर्देशित किया है। निश्चित रूप से कलेक्टर बुद्धेश कुमार वैद्य के द्वारा मतदान के दिन ग्रामीणों को दिए गए आश्वासन और फिर उसे पूरा करने के लिए मौके पर जिला प्रशासन का दल बल लेकर पहुंचना फिर तत्काल ग्रामीणों की मांग और जरूरत को देखते हुए कार्य शुरू करने के निर्देश देना अपने आप में प्रशंसनीय है। ग्रामीणों ने कलेक्टर बुद्धेश कुमार वैद्य का हृदय से आभार जताया है। हालांकि मानपुर विधानसभा अंतर्गत विकास कार्यों और मूलभूत सुविधाओं से उपेक्षित कुशमहा पहला गांव नहीं है। बल्कि दर्जनों गांव यहां के विधायक की कार्यप्रणाली से उपेक्षित पड़े हैं।

सनरूफ खुली कार उमाकांत शर्मा का जलवा बरकरार अपने कार्यकर्ता समर्थकों का किया आभार

जो मनाऐ मनाऐ नहीं आए डीजे की धुन पर सबसे आगे थिरक्ते दिखाई दिए अलताफ खान सिरोंज ! जीत के बाद धन्यवाद कहने निकले उमाकांत शर्मा सिरोंज लटेरी विधानसभा से दोबारा विधायक बनने के बाद प्रचंड बहुमत से जीत हासिल करने के बाद उमाकांत शर्मा सिरोंज नगर में अपने कार्यकर्ताओं समर्थकों के साथ जनता का आभार व्यक्त करने निकले बासौदा नाका बलेजा पेट्रोल पंप के पास से जुलूस की शुरुआत की भारतीय जनता पार्टी के झंडे एवं भगवा लहराते हुऐ झंडे कार्यकर्ताओं के हाथ में नजर आए कार्यकर्ताओं और समर्थकों की खुशी का इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि कार्यकर्ता डीजे की धुन पर झूमते नाचते नजर आए एवं कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी भी की जगह-जगह उमाकांत शर्मा के विधायक बनने के बाद हार फूल मालाओं से स्वागत किया गया मुख्य रूप से नगर पालिका सिरोंज जनपद पंचायत सिरोंज के समक्ष भव्य स्वागत किया गया विशेष तौर पर जो कार्यकरता भारतीय जनता पार्टी के चुनाव प्रचार के दौरान नहीं दिखे उन कार्यकर्ताओं का जमावड़ा भी अच्छा खासा देखने में आया है वहीं अगर हम बात करें भारतीय जनता पार्टी के उन कार्यकर्ताओं की जिनको कई बार वरिष्ठ नेतृत्व मनाने गया फिर भी वह पार्टी का काम करने नहीं आए और क्षेत्र में यह माहौल बन गया कि इस बार यह किसी भी हाल में पार्टी का काम नहीं करेंगे वह कार्यकर्ता भी डीजे की धुन पर सबसे आगे थिरक्ते हुए नजर आए कहीं ना कहीं क्षेत्र में यह भी चर्चा का विषय बना रहा सबाबहार में हुआ समापन जुलूस निकालने के बाद उमाकांत शर्मा कार्यकर्ताओं के बीच छतरी नाके पर स्थित सभागार मैं मौजूद रहकर अपने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया एवं कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया कार्यकर्ताओं की जमकर तारीफ की और क्षेत्र कश जनता को विश्वास और भरोसा दिलाया कि क्षेत्र की जनता ने जिस तरह मुझ पर विश्वास भरोसा किया है मैं भी जनता से वादा करता हूं के मैं उनके विश्वास भरोसे पर खड़ा उतारूंगा हां जो गलत है या गलत करेगा उसके विरुद्ध में हमेशा खड़ा रहा हूं और खड़ा रहूंगा उमाकांत का जीवन भारतीय जनता पार्टी पर समर्पित क्षेत्रवासियों पर समर्पित

मध्यप्रदेश: चुनावी हार-जीत से जुड़े अजब-गजब कारनामे

भोपाल ! किसी ने चेहरा काला किया तो कोई दंडवत कर पहुंचा मंदिर; कोई सिर मुंडवाकर बोला-संकल्प पूरा हुआ ,किसी ने सिर मुंडवा लिया तो किसी ने चेहरे पर कालिख पोत ली , किसी ने शर्त के एक लाख रुपए जीतकर गोशाला में दान कर दिए, कोई 300 किलोमीटर बाइक से ही भोपाल के लिए निकल पड़ा, कुछ महिलाएं तो बिना चप्पल-जूते के 70 किलोमीटर दूर शनि मंदिर दर्शन करने गईं। दृश्य – 1 ग्वालियरः नेता का मुंह काला न हो, इसलिए अपना ही कर लिया दतिया के भांडेर से कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने चुनाव से पहले दावा किया था, ‘प्रदेश में भाजपा को 60 सीटें भी नहीं मिलेंगी। ऐसा हुआ तो मैं अपना मुंह काला करा लूंगा।’ भाजपा ने दो तिहाई बहुमत हासिल कर लिया। नतीजों के बाद इसका वीडियो फिर चर्चा में आ गया। इसके बाद बरैया को घेरने की कोशिशें भी शुरू हो गईं। ऐसे में ग्वालियर ग्रामीण किसान कांग्रेस के महामंत्री योगेश दंडोतिया बरैया के समर्थन में उतर आए। दंडोतिया ने बुधवार को ग्वालियर में बाकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई। मीडिया के सामने ही उन्होंने जेब से स्याही निकाली और अपने चेहरे पर पोत ली। उन्होंने कहा, ‘फूल सिंह बरैया को मुंह काला नहीं करने दूंगा। इसके लिए मैंने अपना मुंह काला किया है।’ यह भी बता दें कि बरैया भी गुरुवार को भोपाल पहुंचकर अपना वचन पूरा करने के लिए मुंह काला करेंगे। दृश्य – 2 रतलामः यह विधायक तो बाइक से भोपाल के लिए निकल पड़े बात रतलाम जिले की सैलाना विधानसभा सीट की है। यहां से चुनाव जीतकर भारत आदिवासी पार्टी के कमलेश डोडियार विधायक बने हैं। चुनाव जीतने के तीन दिन बाद बुधवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट की। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सीएम शिवराज सिंह चौहान और पुलिस को टैग किया। लिखा, ‘मैं कमलेश डोडियार, विधायक बनने के बाद बाइक से शपथ ग्रहण के पूर्व होने वाली कागजी कार्रवाई पूरी करने भोपाल के लिए निकल चुका हूं। मेरी सुरक्षा के इंतजाम किए जाएं ताकि कोई अनहोनी न हो।’ उन्होंने फेसबुक लाइव के जरिए मदद भी मांगी। कहा- ‘मैं चुनाव में जुगाड़ के सहारे चला हूं। मैं मजदूर वर्ग से आता हूं और काफी गरीब हूं। भोपाल जाने के लिए मैंने दोस्तों को फोन किया था, लेकिन सहायता न मिल पाने पर बाइक से ही भोपाल निकल गया हूं। यदि कोई शुभचिंतक मेरी मदद कर सकते हों तो फोर व्हीलर उपलब्ध करा दें, जिससे मैं समय पर विधानसभा पहुंचकर कागजी कार्रवाई पूरी कर सकूं। मैं किसी से डरता नहीं हूं, जो भी मेरी हत्या करने या नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा, वो बर्बाद हो जाएगा।’ सैलाना से भोपाल करीब 330 किलोमीटर है। डोडियार बाइक से भोपाल पहुंच भी गए हैं। उन्होंने 12 हजार रुपए उधार लेकर चुनाव लड़ा था। इसे चुकाने के लिए नोतरा (आदिवासी समाज में आर्थिक मदद की प्रथा) का सहारा लिया। दृश्य – 3 भिंड: नेता प्रतिपक्ष की हार पर 10 साल बाद कराया मुंडन भिंड जिले के लहार विधानसभा क्षेत्र में रहते हैं मुन्ना विश्वकर्मा। 62 साल के मुन्ना पिछले 10 साल से साधु वेश में ही थे। दाढ़ी बढ़ी हुई, सिर के बाल भी बढ़ा लिए। वे अलग-अलग मंदिरों में समय बिताते रहे। बुधवार को उन्होंने अचानक नाई की दुकान पर पहुंचकर बाल कटवाए। शेविंग भी बनवा ली। लोगों ने पूछा तो असलियत सामने आई। पता चला – कांग्रेस लीडर व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह के चुनाव हारने की खुशी में उन्होंने ऐसा किया है। दरअसल, 10 साल पहले लहार बस स्टैंड के पास बने मुन्नालाल के मकान को नगर पालिका ने अतिक्रमण बताकर तोड़ दिया था। मुन्नालाल ने तत्कालीन विधायक डॉ. गोविंद सिंह पर बेवजह परेशान करने का आरोप लगाया था। उन्होंने संकल्प लिया था- ‘जब तक डॉ. गोविंद सिंह विधायक रहेंगे, तब तक बाल नहीं कटवाऊंगा। दाढ़ी भी नहीं बनवाऊंगा।’ दृश्य – 4 श्योपुर: कीचड़ वाली सड़क पर दंडवत कर पहुंचे मंदिर श्योपुर में मातासूला गांव के रहने वाले किसान रामराज मीणा बुधवार को एक किलोमीटर दूर स्थित हनुमान मंदिर तक दंडवत करते पहुंचे। लोगों ने जब कारण पूछा तो सुनकर हैरान रह गए। मीणा ने बताया कि श्योपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक बाबूलाल जंडेल की जीत के लिए क्षेत्रपाल बाबा के मंदिर में मन्नत मांगी थी। अब इसे पूरा कर रहे हैं। बड़ी बात ये कि सड़क पर कीचड़ के बाद भी वे कहीं रुके नहीं। रामराज मीणा अब गांव से करीब 15 किलोमीटर दूर मानपुर इलाके के क्षेत्रपाल बाबा के मंदिर तक दंडवत परिक्रमा लगाएंगे। इस मौके पर मंदिर में कार्यक्रम भी किया जाएगा। दृश्य -5 सीधी: अपने नेता की जीत की खुशी में 5 साल बाद मुंडन बात 2018 विधानसभा चुनाव की है। सीधी जिले की चुरहट विधानसभा सीट से कांग्रेस नेता अजय सिंह राहुल चुनाव हार गए थे। इसके बाद उनके समर्थक संजय सिंह ने संकल्प लिया- ‘जब तक अजय सिंह राहुल चुनाव जीतकर विधानसभा नहीं पहुंच जाते, बाल नहीं कटवाऊंगा। दाढ़ी भी नहीं बनवाऊंगा।’ आखिरकार 2023 में संजय सिंह के संकल्प की जीत हुई। अजय सिंह राहुल चुनाव जीत गए। इसके बाद बुधवार को वे अपने नेता अजय सिंह राहुल के घर पहुंचे। संजय ने उनके सामने ही मुंडन करवाया और दाढ़ी भी बनवाई। दृश्य – 6 छिंदवाड़ा: शर्त जीतने पर मिले एक लाख रुपए गोशाला में दान किए 21 नवंबर की बात है। छिंदवाड़ा में व्यापारी राम मोहन साहू और कमलनाथ समर्थक प्रकाश साहू के बीच शर्त लगी कि अगर भाजपा प्रत्याशी बंटी विवेक साहू चुनाव जीतते हैं तो राम मोहन 10 लाख रुपए देंगे। अगर कमलनाथ जीतते हैं तो प्रकाश साहू एक लाख रुपए देंगे। शर्त की वजह से दोनों प्रदेशभर में चर्चा में भी रहे। दोनों ने ही अपने-अपने कैंडिडेट की जीत का दावा किया। नतीजे आए तो कमलनाथ ने जीत दर्ज की। आखिरकार, शर्त के मुताबिक मंगलवार को प्रकाश साहू ने राममोहन को एक लाख रुपए दिए। हालांकि, राम मोहन ने यह राशि गोशाला के लिए नगर निगम को दान कर दी।

मध्य प्रदेश सियासत में अकेले खड़े होने का साहस, बिसात कहीं और है… पांसे कहीं शतरंज यहां से खेल रहे हैं सीएम शिवराज ?

*उदित नारायण* भोपाल।मध्य प्रदेश में 18 सालों की राजनीति में परिपक्वता, स्थिरता, सोच और समझ के शिखर पर जा पहुंचे सीएम शिवराज सिंह चौहान इस बार बेहद ही अनोखे अंदाज में अपनी कुर्सी पर आई चुनौती का जवाब न केवल प्रतिद्वंद्वियों को दे रहे हैं, बल्कि नेतृत्व तक भी अपनी सहजता और सामर्थ्य को पहुंचा रहे है । मध्य प्रदेश के नेतृत्व को बदलने का मन बना चुके नेतृत्व की मंशा को भांपते शिवराज ने जनमानस को अपनी मुट्ठी में कैद करने के लिए भावुकता के ऐसे-ऐसे तीर छोड़े थे कि प्रदेशभर की जनता को लगा कि उनका खैरख्वाह उन्हें छोडक़र जा रहा है । इसी भावुकता को लूटते शिवराज ने प्रदेश की जनता के भरपूर वोट बटोरकर पार्टी को ऐतिहासिक विजय दिलाते हुए नेतृत्व को भी वही संदेश और सवाल पहुंचा दिया, जो उन्होंने जनता से कहा था कि मैं नहीं रहूंगा तो क्या होगा ? मैं चला जाऊंगा तो बहुत याद आऊंगा, यह संदेश पहले जनता के लिए थे । अब नेतृत्व के लिए नजर आ रहे हैं। अपनी शतरंज का दूसरा पांसा फेंकते शिवराज ने कल फिर एक साथ दो तीर छोड़े। पहला यह कि मैं न मुख्यमंत्री पद का दावेदार था और न हूं, पार्टी का कार्यकर्त्ता हूँ और प्रधानमंत्री की 2024 की जीत की माला मे 29 कमल पुष्प लगाने हेतु कार्य करने मैं छिंदवाड़ा जाऊंगा, पिछली बार हारी लोकसभा सीट भी दिलवाऊंगा । शिवराज का यह बयान जहां मोदी के प्रति निष्ठा का संदेश है, वहीं इस बात का भी संदेश है कि मुझे नजरअंदाज करना आसान नहीं , वो भोपाल बैठकर दिल्ली मे चल रहे सियासी रंगमंच का आनंद लेते हुए उन्होंने बेफिक्री जताते हुए दो दिन पहले परिवार के साथ रेस्टोरेंट में भोजन किया और ऐलान भी किया कि मैं दिल्ली नहीं जाऊंगा और हकीकत यह है कि शिवराज दिल्ली इसलिए नहीं जा रहे हैं, क्योंकि उनकी बिसात कहीं और जमी है… गोटियां कहीं और फिट हैं और शतरंज वो यहां से खेल रहे हैं। सब कुछ एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है, सहजता का संदेश… सत्ता की अनदेखी…मोदी के प्रति आस्था की भावना का प्रदर्शन और दावेदारों से दूरी एक साथ चले गए वो मोहरे हैं, जिसमें शतरंज की बिसात में उनकी शह और विरोधियों की मात होगी ।

कमलेश्वर डोडियार ने बाइक से घूमकर लड़ा चुनाव, उसी बाइक पर विधायक लिखवाकर पहुंचे भोपाल

अब विधानसभा में सुनाई देगी आदिवासी की आवाज भारत आदिवासी पार्टी के विधायक डोडियार विधानसभा में देंगे अपनी आमद 12 लाख रुपए का कर्ज लेकर लड़ा चुनाव, भाजपा और कांग्रेस को किया चित्त भोपाल। भारत आदिवासी पार्टी ने हाल ही के विधानसभा चुनाव में अपना परचम लहराते हुए एक विधायक को विधानसभा भेजने में कामयाब हुई है। पार्टी ने कमलेश्वर डोडियार को सैलाना से टिकट दिया और वे विधायक चुने गए। सैलाना सीट मध्य प्रदेश की वह एकमात्र सीट है जिसे बीजेपी और कांग्रेस के अलावा किसी अन्य दल ने जीता हो। कमलेश्वर के विधायक बनने से आदिवासी वर्ग के लोगों को उम्मीद है कि वे आदिवासी वर्ग की समस्याओं को विधानसभा में रखेंगे। बता दें, विधायक डोडियार कांग्रेस के गढ़ में सेंध लगाकर भारत आदिवासी पार्टी से विधायक बनकर चर्चाओं में हैं। उन्होंने अपनी बाइक में बाकायदे एमएलए भी लिखवाया है। चुनाव के पहले पुलिस ने भेजा था जेल, एक सप्ताह में छूटेडोडियार चुनाव से पहले उस वक्त सुर्खियों में आए थ्ो, जब पुलिस ने उन्हें िगरफ्तार कर जेल भेज दिया था। नामांकन के एक सप्ताह पहले ही वे जेल से छूटकर बाहर आए थे और 12 लाख रुपए का कर्ज लेकर चुनाव लड़े और चुनाव जीत गए। रतलाम जिले की सैलाना सीट से जीते विधायक डोडियार ने बाइक से ही प्रचार किया था। सड़क पर बैठकर खाना खाया था और अब विधायक बनने के बाद अपने दस्तावेज जमा करने के लिए बाइक से भोपाल के लिए निकल पड़े। बाइक पर लिखवाया एमएलए, उसी से पहुंचे भोपाल विधायक डोडियार ने कहा कि आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। दोस्तों और साथियों से उधार लेकर चुनाव लड़ा हूं। अब बाइक से भोपाल भी जा रहे हैं। डोडियार का मानना है कि जल्दी ही विधायक की सैलरी से कार खरीद लेंगे, लेकिन अभी हमें बाइक से ही सफर करना होगा। पार्टी के इकलौते चर्चित विधायक कमलेश्वर डोडियार बुधवार को विधायक चुने जाने के बाद भोपाल पहुंच गए हैं। हालांकि वे अभी विधानसभा नहीं पहुंचे हैं। संभवत: गुरूवार को विधानसभा पहुंचकर अपने जीत का प्रमाणपत्र देंगे और बाकायदे अपनी आमद देने के साथ ही अपना परिचयपत्र जारी करवाएंगे।

मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान मे सरकार बनाने की कवायद तेज़, प्रहलाद पटेल, नरेंद्र सिंह तोमर सहित विधानसभा लड़े 10 सांसदों का संसद और मंत्रिमंडल से इस्तीफ़ा

दिल्ली । मध्यप्रदेश समेत सभी 3 राज्यों मे सरकार बनाने की कवायद तेज़ हो गयी है राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश मे चुनाव लड़कर विधायक बनने वाले 10 सांसदों ने संसद की सदस्यता से इस्तीफ़ा दे दिया है, इस्तीफ़ा देने वालो मे मध्यप्रदेश से केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल, नरेन्द सिंह तोमर सांसद रीति पाठक, राकेश सिंह उदयप्रताप सिंह राजस्थान से राज्यवर्धन सिंह राठौर, दिया कुमारी, किरोड़ी लाल मीणा छत्तीसगढ़ से गोमती साईं और अरुण साव अभी कुछ और इस्तीफे दिए जा सकते हैँ गौरतलब है कि चार राज्यों मे भाजपा ने अपने 21 सांसदों को विधानसभा लड़ाया था अब भाजपा आलाकमान ने चुनाव जीते हुए सांसदों से मुलाक़ात की और और उन्हें संसद की सदस्यता छोड़ने का फैसला लिया गया पार्टी अध्यक्ष जे पी नड्ढा के साथ सभी इस्तीफ़ा देने स्पीकर के पास पहुंचे,इस्तीफ़ा देने के बाद केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल से मुख्य्मंत्री बनने के सवाल पर चुप्पी साधते हुए उन्होंने मुसुकराते हुए मंत्रिमंडल से इस्तीफ़ा देने की बात कह कर चले गए, जल्द ही भाजपा की तरफ से कुछ चौकाने वाले नामों की घोषणा हो सकती है

राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ मे सीएम और डिप्टी सीएम के फॉर्मूले पर भा ज पा मे विचार.. सूत्र.

In Rajasthan, Madhya Pradesh, and Chhattisgarh, discussions are underway on the formula for the Chief Minister and Deputy Chief Minister, according to sources. *उदित नारायण* हाल मे सम्पन चुनावों मे तीन बड़े राज्यों मे भारी बहुमत हासिल कर भा ज पा अब 2024 के लोकसभा पर निगाहें जमा चुकी है, उसी के मद्देनज़र सामाजिक, जातिगत और क्षेत्रीय समीकरण के अनुरूप ही राज्यों मे मुख़्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री का चयन करने की मैराथन बैठक चल रही है, बात करें अगर मध्य प्रदेश की तो शिवराज सिंह चौहान अभी रेस मे सबसे आगे नजर आ रहे हैँ उनके अलावा बड़े ओ बी सी नेता प्रहलाद पटेल, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कैलास विजयवर्गी, वी डी शर्मा के साथ कांग्रेस से भाजपा मे आये केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के नामो का बाजार गर्म है, सूत्रों की माने तो मुख्यमंत्री के साथ इस बार मध्य प्रदेश मे 2 उप मुख्यमंत्री भी बनाये जा सकते हैँ, चर्चा है की मुख्यमंत्री ओ बी सी समाज से ही होगा शिवराज अपनी दावेदारी को लेकर कह चुके कह चुके हैँ की पार्टी जो जिम्मेदारी देगी वह उसे पूरी जिम्मेदारी से निभाएंगे,बात राजस्थान की है तो राजस्थान मे अभी भी वसुंधरा राजे सबसे मजबूत दावेदार मानी जा रही हैँ लेकिन सूत्र बताते हैँ कि भाजपा नेतृत्व कोई चौकाने वाले निर्णय ले सकती है कई दावेदारों मे मजबूती से एक नाम पार्टी के मजबूत, संगठन मे मजबूत पकड़ वाले ओम माथुर का चर्चा मे आ रहा है मगर क्या लगभग 60 सीटों पर मजबूत पकड़ रखने वाली वसुंधरा राजे को मनाना आसान होगा चर्चा यहाँ भी मुख्यमंत्री के साथ एक उप मुख़्यमंत्री बनाने की भी है ,वही छत्तीसगढ़ मे पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह की मजबूत दावेदारी के बीच छत्तीसगढ़ को पहली महिला मुख्यमंत्री मिलने की उम्मीद है इनमे रेणुका सिंह और डॉ सरोज पाण्डेय का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष साव भी दावेदारों मे एक है उम्मीद यहाँ भी मुख्यमंत्री के साथ एक उपमुख्यमंत्री बनाने की है.भाजपा नेतृत्व हर आगामी चुनाव का गुणा गणित पहले ही लगा कर फैसला लेता है इन सरकारों के गठन मे भी उसकी झलक दिखने की पूरी उम्मीद है भाजपा ने पूरा चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे और गृहमंत्री अमित शाह के प्रवंधन मे लड़ा है तो जाहिर है सरकार बनाने के फैसले मे प्रधानमंत्री की भूमिका अहम होंगी अब इंतजार भाजपा के संसदीय बोर्ड की बैठक का है

पिता जीत गए, अब तू पैरों पर चल भी नहीं पाएगा’, नवनिर्वाचित विधायक प्रीतम लोधी के बेटे पर धमकी का मुकदमा दर्ज.

A case of threatening the son of elected legislator Preetam Lodhi has been filed with the message, ‘Your father won, now you won’t be able to walk on your feet’ ग्वालियर। पिछोर विधानसभा से भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित विधायक प्रीतम लोधी के बेटे ने ग्वालियर के एक युवक को फोन कर धमकी दी है। पिता के चुनाव जीतते ही उसने युवक को फोन कर कहा- अब पिता चुनाव जीत गए, तेरा क्या होगा। तू अपने पैरों पर चल भी नहीं पाएगा।पूरी बातचीत युवक ने रिकार्ड कर ली। इसके बाद उसने पुरानी छावनी थाने पहुंचकर एफआइआर दर्ज करवाई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निरंजन शर्मा ने बताया है कि प्रीतम लोधी के बेटे दिनेश लोधी ने ग्वालियर के पुरानी छावनी स्थित जलालपुर निवासी सिकंदर यादव को धमकी दी है ।सिकंदर यादव ने शिकायत कर बताया है कि जब दिनेश ने पार्षद का चुनाव लड़ा था तो दूसरे प्रत्याशी का समर्थन उन्होंने व उनके परिजनों ने किया था। इससे दिनेश उनसे नाराज चल रहा था। पिता के चुनाव जीतते ही उसने फोन कर धमकी दी है यह आडियो इंटरनेट मीडिया पर बहुप्रसारित हुआ है। पुलिस ने फिलहाल मामला दर्ज कर लिया है और वायरल ऑडिओ की जांच की जा रही है।बता दें कि प्रीतम लोधी विवादित बयानों के चलते चर्चा में रहे हैं।निरंजन शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक

मोदी-शाह के समीकरण में फिट बैठते हैं ये नेता, CM के लिए प्रहलाद सिंह पटेल की चर्चा तेज़.

Leaders align well with the Modi-Shah equation; discussions about Prahlad Singh Patel for the Chief Minister position are gaining momentum. उदित नारायण भोपाल। मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के बाद अब मुख्यमंत्री के नाम पर चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि यहां भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर ही चुनाव लड़ा. अगले सीएम फेस के रूप में शिवराज सिंह चौहान पीछे ही रहे. बहरहाल अगले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ही होंगे या नहीं होंगे इस बात की चर्चा सियासी गलियारों मे तेज़ हो गयी है, क्योंकि यहां भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर ही चुनाव लड़ा. अगले सीएम फेस के रूप में शिवराज सिंह चौहान पीछे ही रहे. बहरहाल अगले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ही होंगे या नहीं होंगे, यह तो आने वाले एक दो दिनों में पता चल जाएगा, लेकिन इससे पहले सियासी गलियारों में नए चेहरों पर काफी चर्चा हो रही है. आगामी मुख्यमंत्री के रूप में जिन नामों पर चर्चा हो रही है, उनमें एक नाम प्रहलाद सिंह पटेल का भी है. पटेल को मध्य प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री का प्रबल दावेदार माना जा रहा है. उनके नाम की चर्चा उस वक्त ही शुरू हो गई थी, जब उन्हें भाजपा ने नरसिंहपुर विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाया था. अब प्रहलाद सिंह पटेल चुनाव जीत गए हैं. उन्होंने कांग्रेस के लखन सिंह पटेल को 31310 वोटों से हराया है प्रहलाद पटेल की गिनती मध्य प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं में होती है. वे केंद्रीय नेतृत्व के खास माने जाते हैं. इस बात को ऐसे समझा जा सकता है कि जब से दिल्ली में नरेंद्र मोदी की सरकार आई है प्रहलाद पटेल के पास कोई ना कोई मंत्रालय रहा है. साथ ही साथ अगर जातिगत समीकरण की बात करें तो वह ओबीसी वर्ग से आते हैं. ओबीसी में भी लोधी जाति से आते हैं,  पटेल की गिनती मध्य प्रदेश भाजपा के सीनियर नेताओं में होती है. पटेल ने पहले लोकसभा चुनाव 1989 में जीता था. उसके बाद 1996, 1999, 2014 और 2019 को मिलाकर कुल 5 लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं. मजे की बात यह है कि पटेल 2023 में पहली बार विधानसभा चुनाव जीते है. पटेल के पास सियासत का लंबा अनुभव है और उनकी साफ सुथरी छवि, संगठन मे मजबूत पकड़ तथा उमा भारती के बाद प्रदेश के सबसे बड़े लोधी नेता और केंद्रीय नेतृत्व मे मजबूत पकड़ उनको अग्रिम पंक्ति मे खड़ा करती है सूत्रों की माने तो ओ बी सी मे शिवराज सिंह के बाद पटेल एकमात्र सर्वमान्य नेता है, अपने समाज के अतिरिक्त पटेल की आदिवासियों और पिछडो मे मजबूत पकड़ मानी जाती है आगामी 2024 के लिए पटेल की ताजपोसी मध्य प्रदेश के साथ साथ पडोसी राज्यों मे भी भा ज पा को मजबूती दे सकती है

सदन में दिखेगी इस बार नारी शक्ति, जनता ने चुनीं 26 महिला विधायक.

This time, women power will be visible in the assembly; the public has elected 26 female legislators. 5 जगह थीं आमने-सामने, 2018 के मुकाबले 2 फीसदी बढ़ा महिलाओं का मतदान भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में इस बार बीजेपी की प्रचंड जीत के साथ एक और खास बात हुई। इस बार मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में पहले के मुकाबले ज्यादा महिलाएं जीत कर सदन में पहुंचीं। सदन में इस बार 26 महिला विधायक पहुंचेंगी। इस बार महिला मतदाताओं का वोट परसेंटेज भी 2 फीसदी बढ़ा। 26 महिलाएं सदन में पहुंचीं मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में इस बार कुल 26 महिलाएं चुनी गई। इनमें भाजपा से 21 और कांग्रेस से 5 महिला विधायक हैं। इस बार कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में 29 और भाजपा ने 27 महिलाओं को टिकिट दिया था। प्रदेश में पांच सीट ऐसी थीं जहां बीजेपी औऱ कांग्रेस दोनों दलों से महिला प्रत्याशी आमने सामने थीं। यानि महिला का मुकाबला महिला से था। महिलाओं के वोट प्रतिशत में इजाफा इस बार विधानसभा चुनाव में ये बात भी खास रही कि पहले के मुकाबले ज्यादा महिलाओं ने मतदान किया। 2018 में 74.03 फीसदी महिलाओं ने मतदान किया था। 2023 में ये 76.03 फीसदी रहा। इस बार प्रदेश की 34 सीटें महिला मतदाता बहुल थीं।5 सीटों पर सीधा मुकाबला1-नेपानगर – भाजपा की मंजू दादू ने कांग्रेस की गेंदा बाई को हराया2-भीकनगांव में कांग्रेस की झूमा सोलंकी ने भाजपा की नंदा ब्राहणे को हराया3-धार में भाजपा की नीना वर्मा ने कांग्रेस की प्रभा गौतम को हराया4-पंधाना में भाजपा की छाया मोड़ ने कांग्रेस की रुपाली नंदू को हराया5-रैगाँव में भाजपा की प्रतिमा बागरी ने कांग्रेस की कल्पना वर्मा को हराया

लोकसभा चुनाव से पहले चलाएगी अभियान ‘हर बूथ पर मोदी’

The campaign ‘Modi at Every Booth’ will be launched before the Lok Sabha elections. 29 की 29 लोकसभा सीटें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की झोली में डालने का प्रयास करेंगे उदित नारायण भोपाल। भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव के लिए हर बूथ पर मोदी अभियान चलाने की दिशा में काम करना शुरू कर दिया है। अब हमारा संकल्प है कि लोकसभा चुनावों में टास्क को पूरा करने के लिए बेहतर काम किया जाएगा। लोकसभा चुनाव में हम सब मेहनत परिश्रम से सभी बूथों को जीतेंगे। प्रदेश के 64 हजार 523 बूथ पर मोदी अभियान चलेगा और इसकी शुरुआत कर दी गई है। यह बात भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने सोमवार को प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कही। प्रदेश अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अमित शाह की कुशल रणनीति का आशीर्वाद के साथ संपूर्ण भारतीय जनता पार्टी का मप्र का हमारा नेतृत्व हम सब मिलकर के टीम स्पीड के साथ 29 की 29 लोकसभा सीटें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की झोली में डालने का प्रयास करेंगे। हारने वाले बूथों की होगी समीक्षा: प्रदेश अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि हम समीक्षा करने के बाद जिन बूथों पर भारतीय जनता पार्टी चुनाव हारी है, उन बूथों पर हम कैसे चुनाव जीतेंगे और जिन बूथों पर हम कम मतों से जीते हैं उनमें 10 प्रतिशत वोट शेयर कैसे बढ़ेगा, इस पर काम किया जाएगा। जनता ने हमें आशीर्वाद दिया प्रदेश अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने जो विकास और गरीब कल्याण का काम किया। उस विकास और गरीब कल्याण की गति को सुचारू बनाए रखने और विकसित मध्य प्रदेश को स्वर्णिम मध्य प्रदेश बनाने के हमारे संकल्प को पूरा करने के लिए जनता ने हमें आशीर्वाद दिया है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार विकास और गरीब कल्याण का काम करती आई है और आगे भी करती रहेगी। कार्यकर्ताओं ने आदर्श कार्यकर्ता के तौर पर काम कियाविष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि कार्यकर्ताओं ने आदर्श कार्यकर्ता के तौर पर अपनी भूमिका निभाकर शानदार काम किया है। पन्ना प्रमुख से लेकर के पन्ना समिति, बूथ समिति लेकर करके मंडल के कार्यकर्ता और जिले से लेकर प्रांत की टीम मिलकर एक साथ जुड़कर काम किया है। जो चुनाव किसी कारणवश बहुत कम अंतर से हार गए हैं पार्टी उनके साथ खड़ी है। शर्मा ने कहा कि असफलता यह साबित करती है की सफलता के प्रयास हमें और करने की जरूरत है।

कमलनाथ के नेतृत्व में ऐतिहासिक हार ने ,कांग्रेस को उप्र की तरह रसातल में धकेल दिया

भोपाल। मप्र में कांग्रेस नेता जमीनी नब्ज से बेखबर कैबिनेट बना रहे थे. पीसीसी पर बधाई के होर्डिग लगा रहे थे. नकुलनाथ चुनावी अभियान में 7 दिसंबर को उनके पिता कमलनाथ के मुख्यमंत्री की शपथ समारोह के लिए निमंत्रण बांट रहे थे। कांग्रेस नेताओं में इतनी गलतफहमी कैसे आई, इस पर शोध की जरूरत है। कमलनाथ ने मध्यप्रदेश की कांग्रेस को यूपी के रास्ते पर डाल दिया है. यह ढलान उत्तर भारत में कांग्रेस के रहे-सहे वजूद को भी रसातल पर पहुंचा देगा। बुढ़ापे में CM की कुर्सी से प्यार कमलनाथ और कांग्रेस को ही ले डूबा। अगर किसी युवा को नेतृत्व का मौका दिया गया होता तो इतनी शर्मनाक हार शायद नहीं होती। कमलनाथ के इर्द-गिर्द सलाहकारों और दिग्विजय सिंह और सुरेश पचौरी जैसे चूके हुए नेताओं की प्रवीणता का ऐसा जाल बन गया था कि कमलनाथ को सच्चाई दिखाई ही नहीं पड़ रही थी। सपनों का महल ऐसा बना लिया गया था कि ‘जय जय कमलनाथ’ के अलावा कांग्रेसी विचारधारा के लोग भी नाशुक्रे लगने लगे थे। कमलनाथ की छिंदवाड़ा से जो राजनीति शुरू हुई थी, वह राजनीति छिंदवाड़ा से ही खत्म होती दिखाई पड़ रही है। अभी भी वक्त है। उम्र के आखिरी पड़ाव पर अगर सच्चाई स्वीकार कर ली जाएगी तो जिंदगी का आखिरी दौर सुकून से बीत सकेगा अन्यथा चाटुकारों और सलाहकारों की गलतफहमी तो सब कुछ समाप्त ही कर देती है। कांग्रेस की हार ने यह भी साबित कर दिया है कि 2018 में कांग्रेस को जो भी बहुमत मिला था उसमें ज्योतिरादित्य सिंधिया का योगदान था। पार्टी की नहीं, कमलनाथ -दिग्विजय की हार बीजेपी के 18 साल की सरकार के बाद भी कांग्रेस की पराजय नहीं बल्कि कमलनाथ- दिग्विजय सिंह जोड़ी की ही हार है. मध्यप्रदेश को लेकर दो दिन पहले जब एग्जिट पोल आए थे, तब सबसे ज्यादा विवाद कांग्रेस द्वारा पैदा किया गया था। एग्जिट पोल वाली एजेंसी और उनके मालिकों को ऐसा साबित कर दिया गया था कि जैसे उन्होंने सरकार से पैसा लेकर एग्जिट पोल बीजेपी के पक्ष में दिखाया है। सोशल मीडिया में तो यहां तक लिखा गया कि एग्जिट पोल में बीजेपी की प्रचंड जीत दिखाने वाली एजेंसियों को सरकार के जनसंपर्क विभाग द्वारा करोड़ों रुपए की मदद दी गई है। विभाग के नाम पर चैनल की एक सूची भी सोशल मीडिया पर वायरल की गई। कांग्रेस और कांग्रेस समर्थित मीडिया से जुड़े लोग इस हद तक एक तरफा निर्णय सुना रहे थे कि जनसंपर्क के कुशल अधिकारियों की कार्य पद्धति को भी सवालों में खड़ा कर दिया था।

कटनी जिले की चारो विधानसभा सीटों से कांग्रेस का सूपड़ा साफ, भाजपा का कब्जा लहराया जीत का परचम.

Congress faced a clean sweep in all four assembly seats of Katni district, as the BJP waved the victory flag, securing control. भाजपा के संजय सत्येंद्र पाठक, संदीप जायसवाल, प्रणव पांडे व धीरेंद्र सिंह विजयी हुए कटनी। जिले चारों विधानसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा ,जिले की चारों विधानसभा में भाजपा की प्रचण्ड विजय निश्चित हुई है। विजयराघवगढ़ से भाजपा प्रत्याशी संजय सत्येंद्र पाठक ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी नीरज सिंह बघेल से 24 हजार 346 मतों से विजय पाई। यहां भाजपा को 98010 मत तो कांग्रेस को 73654 मत प्राप्त हुए। बहोरीबंद से भाजपा के प्रणय पांडे को 98817 मत मिले तो कांग्रेस के सौरभ सिंह को 71195 मत मिले इस प्रकार भाजपा के प्रणय 23 हजार 622 मतों से विजयी हुए। बड़वारा से भाजपा के धीरेंद्र सिंह को 112916, तो कांग्रेस के बसंत सिंह को 61923 मत प्राप्त हुए। इस विधानसभा में भाजपा प्रत्याशी रिकार्ड 50 हजार 993 मतों से विजयी हुए। मुड़वारा विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी को 89061 मत तो कांग्रेस प्रत्याशी मिथलेश जैन को 64 हजार 105 मत प्राप्त हुए इस प्रकार भाजपा प्रत्याशी संदीप जायसवाल 24 हजार 956 मतों से विजयी घोषित हुए।

ईव्हीएम एवं और मतगणना अभिलेखों का सीलिंग कार्य संपन्न

कलेक्टर जिला पंचायत सीईओ अन्य अधिकारियों ने किया चाय नाश्ता, संपूर्ण हुए शांतिपूर्ण मतदान ”विशेष संवाददाता कटनी” कटनी। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर अवि प्रसाद के कुशल मार्गदर्शन और नेतृत्व में संपन्न हुए शांतिपूर्ण, मतगणना कार्य के उपरांत परिणाम घोषणा के तत्काल बाद ही जिले की सभी चारों विधानसभा क्षेत्र की ईवीएम मशीनों और मतगणना अभिलेखों का रात भर चला सीलिंग कार्य 4 दिसंबर की सुबह 7:30 बजे पूरा हुआ। इसके बाद कलेक्टर सहित सभी अधिकारियों ने झंडा बाजार पहुंच कर एक दुकान में जलपान किया। यहां अधिकारियों ने गरमागरम आलूबंडा और पोहा का नाश्ता किया। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ शिशिर गेमावत, उपजिला निर्वाचन अधिकारी एवं अपर कलेक्टर साधना परस्ते, डिप्टी कलेक्टर प्रमोद कुमार चतुर्वेदी सहित रिटर्निंग अधिकारी मुड़वारा राकेश कुमार चौरसिया, रिटर्निंग अधिकारी बहोरीबंद प्रदीप मिश्रा और विजयराघवगढ के रिटर्निंग अधिकारी महेश मंडलोई सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

भारतीय जनता पार्टी की अभी तक 17 सीटों पर जीत कांग्रेस के पाले में सिर्फ 6 सीटें आयी और भारत आदिवासी पार्टी के खाते  में 1 सीट आयी.

Bhartiya Janta party won 17 seats, Congress 6 and Bharat Adiwasi Party won 1 Seat in Madhya Pradesh Vidhaansabha Elections. Manish Trivedi – Sahara Samachaar.भोपाल,  चुनाव आयोग से प्राप्त जानकारी के अनुसार अभी तक भारतीय जनता पार्टी ने १७ सीटों पर अपनी जीत दर्ज़ की है इसमें पन्ना से बृजेन्द्र प्रताप सिंह, मऊगंज से प्रदीप पटेल, रेवा से राजेंद्र शुक्ला, कोतमा से दिलीप जैस्वाल, अनूपपुर से विसाहु लाल सिंह, सिहोरा से संतोष वरकड़े, होशंगाबाद से सीता सरन शर्मा, बरस्या से विष्णु खत्री, शुजालपुर से इन्दर सिंह परमार, देवास से गायत्री राजे, खातेगांव से आशीष गोविन्द शर्मा, पदारना से छाया मोरे, नेपानगर से मंजू राजेंद्र दाऊ, बुरहानपुर से अर्चना चिटनीस, अलीराजपुर से चौहान नगर सिंह, बड़नगर से जीतेन्द्र उदय सिंह, रतलाम ग्रामीण से मथुरा लाल डामर, जौरा से राजेंद्र पांडेय और आलोट से चिंतामणि मालवीय ने अपनी जीत दर्ज की है. वही कांग्रेस पार्टी से शेओपुर से बाबू जंडेल, बिछिया से नारायण सिंह, निवास से चैनसिंह वरकड़े, अमरवाड़ा से कमलेश प्रताप सहाय, पांढुर्ना से नीलेश पुसाराम उइके और बड़वानी से राजन. मंडलोई. वही अभी तक प्राप्त जानकारी के अनुसार भारतीय आदिवासी पार्टी ने अपना खाता खोलने में सफलता प्राप्त की है. भारतीय आदिवासी पार्टी से सैलाना विधानसभा क्षेत्र से कमलेश्वर डोडियार ने अपनी जीत दर्ज की है. विजयी उम्मदवारो के लिस्ट देखने के लिए यहाँ क्लिक करैं 

लाड़ली बहनों ने कर दी शिवराज भइया की राह आसान।

भाजपा का 150 प्लस का दावा सच साबित होता हुआ नजर आ रहा है।कांग्रेस पार्टी और कमलनाथ के वादों पर जनता ने नहीं किया भरोसा। उदित नारायण भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव की मतगणना जैसे जैसे आगे बढ़ रही है। वैसे ही प्रदेश के चुनाव परिणामों की तस्वीर साफ होती जा रही है। हालांकि अभी पूरी तरह किसी ठोस निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी लेकिन अभी तक की मतगढना के दौरान मिल रहे रुझानों ने भाजपा नेताओं के 150 से अधिक सीटों पर चुनाव जीतने के दावे को सच कर दिया है और मध्य प्रदेश की जनता ने स्पष्ट कर दिया है की मध्य प्रदेश की आम जनता भाजपा के साथ है। इसके साथ ही सीएम शिवराज सिंह चौहान की लाड़ली बहनों ने भी अपने भाई की जीत के लिए मतदान में हिस्सा लिया और चुनाव परिणाम को भाजपा के पक्ष में लाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। मतदान के समय से लेकर बीती रात तक सभी राजनेतिक पार्टियों के नेताओं और कार्यकर्ताओं के अपनी अपनी पार्टी की जीत और सरकार बनाने को लेकर बड़े बड़े दावे किए जा रहे थे। इस चुनाव प्रक्रिया के दौरान नेता अपने समर्थकों का मन समझने में ही मात खा रहे थे, तो जनता का मन पढ़ना तो वैसे भी आसान नहीं था और इसी का परिणाम है कि सभी के दावे रखे रह गए। जनता ने यह साफ कर दिया है कि किसी के भी कहने से कुछ नहीं होता जो कुछ होता है वह आम जनता की इच्छा से होता है और जनता ने भाजपा को अपना मत रूपी आशीर्वाद और समर्थन देकर इस बात को स्पष्ट कर दिया है। अभी तक की मतगणना में यह तो साफ हो गया है कि मध्य प्रदेश में फिर से भाजपा सरकार बनाने के लिए तैयार है बस अब देखना यह है की कुल कितनी सीटें स्पष्ट बहुमत के साथ भाजपा के खाते में आती हैं, वहीं दूसरी बात यह भी ध्यान देने योग्य है की मध्य प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के दिग्गज नेता जो चुनाव मैदान में उतरे थे उनमें से किसे जनता का आशीर्वाद मिलेगा और कौन क्लीन बोल्ड होगा। हम आपको याद दिला दें की सहारा समाचार ने मतदान के पूर्व ही स्पष्ट रूप से दावा किया था कि इस बार के चुनाव में दोनों ही दलों के द्वारा मैदान में उतारे गए दिग्गज नेताओं को लेने के देने पड़ेंगे। साथ ही कई परंपरागत सीटों पर चौंकाने वाले ऐसे परिणाम सामने आएंगे जिनका किसी ने भी अनुमान नहीं लगाया होगा। दूसरे दावे के अनुसार मध्य प्रदेश में फिर से भाजपा की सरकार बनने के चांस 65% और कांग्रेस पार्टी के सत्ता में आने के चांस 35% हैं। सहारा समाचार के यह दोनों ही दावे सत्य होते नजर आ रहे हैं। चुनाव परिणाम की तस्वीर साफ हो चुकी है परिणाम भी सामने आने लगे हैं। कुछ सीटों पर हार जीत भी डीक्लियर हो चुकी है। कुछ देर की बात है बहुत जल्द पूर्ण चुनाव परिणाम सामने आ जायेंगे।

बागली, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023)

Bagali, Assembly Seat, Madhya Pradesh Election Result (2023) विधानसभा क्षेत्र 174 – Bagali (मध्य प्रदेश), के सामान्य निर्वाचन: प्रवृत्तियाँ और परिणाम दिसंबर-2023 राउंड के रूप में स्थिति। बीजेपी : आगे (Maru Bhawara BJP – 56320)कांग्रेस : पीछे (Gopal Bhosle INC- 47785)

लहार, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023)

Lahar, Assembly Seat, Madhya Pradesh Election Result (2023) विधानसभा क्षेत्र 11 –Lahar (मध्य प्रदेश), के सामान्य निर्वाचन: प्रवृत्तियाँ और परिणाम दिसंबर-2023 राउंड के रूप में स्थिति। बीजेपी : आगे (Ambrish Sharma BJP – 26777)कांग्रेस : पीछे (Dr Govind Singh INC – 20493)

अनूपपुर, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023)

Anuppur , Assembly Seat, Madhya Pradesh Election Result (2023) विधानसभा क्षेत्र 87 – Anuppur (मध्य प्रदेश), के सामान्य निर्वाचन: प्रवृत्तियाँ और परिणाम दिसंबर-2023 राउंड के रूप में स्थिति। बीजेपी : आगे (Bishahu Lal Singh BJP – 61240)कांग्रेस : पीछे (Ramesh Kumar Singh INC- 43129)

शिवपुरी, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023)

Shivpuri , Assembly Seat, Madhya Pradesh Election Result (2023). विधानसभा क्षेत्र 25 – Shivpuri (मध्य प्रदेश), के सामान्य निर्वाचन: प्रवृत्तियाँ और परिणाम दिसंबर-2023 राउंड के रूप में स्थिति। बीजेपी : आगे (Devendra Kumar Jain – BJP – 51941)कांग्रेस : पीछे (K.P. Singh Kakka INC – 28890)

हरसूद, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023)

Harsood, Assembly Seat, Madhya Pradesh Election Result (2023). विधानसभा क्षेत्र 176 – Harsud (मध्य प्रदेश), के सामान्य निर्वाचन: प्रवृत्तियाँ और परिणाम दिसंबर-2023 राउंड के रूप में स्थिति। बीजेपी : आगे (Kunwar Vijay Singh) BJP – 39947कांग्रेस : पीछे (Sukhram Salve) INC-23019

दिमनी, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023)

Dimani, Assembly Seat, Madhya Pradesh Election Result (2023). विधानसभा क्षेत्र 07 – Dimani (मध्य प्रदेश), के सामान्य निर्वाचन: प्रवृत्तियाँ और परिणाम दिसंबर-2023 राउंड के रूप में स्थिति। बीएसपी :आगे (Balveer Singh Dandotiya) – 33193बीजेपी : पीछे (Narendra Singh Tomar) – 30791कांग्रेस : पीछे (Ravindra Singh Tomar) – 12225

सतना, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023)

Satna, Assembly Seat, Madhya Pradesh Election Result (2023). विधानसभा क्षेत्र 63 –Satna (मध्य प्रदेश), के सामान्य निर्वाचन: प्रवृत्तियाँ और परिणाम दिसंबर-2023 राउंड के रूप में स्थिति। बीजेपी : आगे, Ganesh Singh – 15487कांग्रेस : पीछे, Dabbu Siddharth Sukhilal Kushwaha – 14508

चित्रकूट, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023)

Chitrakoot, Assembly Seat, Madhya Pradesh Election Result (2023). विधानसभा क्षेत्र 61 – Chitrakoot (मध्य प्रदेश) के सामान्य निर्वाचन: प्रवृत्तियाँ और परिणाम दिसंबर-2023 राउंड के रूप में स्थिति। बीजेपी : पीछे (Surendra Singh Gaharwar) – 14758.कांग्रेस : आगे (Neelanshu) – 17389

दिमनी, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023)

Dimani, Assembly Seat, Madhya Pradesh Election Result (2023). विधानसभा क्षेत्र 7 – Dimani (मध्य प्रदेश) के सामान्य निर्वाचन: प्रवृत्तियाँ और परिणाम दिसंबर-2023 राउंड के रूप में स्थिति। बीजेपी : आगे (Narendra Singh Tomar) – 25824कांग्रेस : पीछे (Balveer Singh Dandotiya) – 25189

नरसिंघगढ़, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023)

Narsinghgarh, Assembly Seat, Madhya Pradesh Election Result (2023). विधानसभा क्षेत्र 160 – Narsinghgarh (मध्य प्रदेश) के सामान्य निर्वाचन: प्रवृत्तियाँ और परिणाम दिसंबर-2023 राउंड के रूप में स्थिति। बीजेपी : आगे (Mohan Sharma) – 44546कांग्रेस : पीछे (Girish Bhandari) – 32892

अशोकनगर, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023)

Ashoknagar, Assembly Seat, Madhya Pradesh Election Result (2023). विधानसभा क्षेत्र 32 – Ashok Nagar (मध्य प्रदेश) के सामान्य निर्वाचन: प्रवृत्तियाँ और परिणाम दिसंबर-2023 राउंड के रूप में स्थिति। बीजेपी : पीछे (Jajpal Singh Jajji) – 24810कांग्रेस : आगे (Haribabu Rai) – 28389

विजयराघवगढ़, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023).

Vijayraghavgarh, Assembly Seat, Madhya Pradesh Election Result (2023). विधानसभा क्षेत्र 92 –Vijayraghavgarh (मध्य प्रदेश) के सामान्य निर्वाचन: प्रवृत्तियाँ और परिणाम दिसंबर-2023 राउंड के रूप में स्थिति। बीजेपी : आगे (Sanjay Satyendra Pathak) – 19361कांग्रेस : पीछे (Neeraj Dada) – 15514

बुधनी, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023)

Budhni, Assembly Seat, Madhya Pradesh Election Result (2023). बुधनी, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023)विधानसभा क्षेत्र 156 –Budhni (मध्य प्रदेश) के सामान्य निर्वाचन: प्रवृत्तियाँ और परिणाम दिसंबर-2023 राउंड के रूप में स्थिति। बीजेपी : आगे (Shivraj Singh Chouhan) – 70453कांग्रेस : पीछे (Vikram Mastal Sharma) – 19457

मुरैना, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023)

Morena, Assembly Seat, Madhya Pradesh Election Result (2023). Sahara Samachaar. विधानसभा क्षेत्र 06 –Morena (मध्य प्रदेश), के सामान्य निर्वाचन: प्रवृत्तियाँ और परिणाम दिसंबर-2023 राउंड के रूप में स्थिति। बीजेपी : पीछे (रघुराज सिंह कंसाना)कांग्रेस : आगे (दिनेश गुर्जर)

पन्ना, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023).

Panna, Assembly Seat, Madhya Pradesh Election Result (2023). Sahara Samachaar विधानसभा क्षेत्र 70 – Panna (मध्य प्रदेश) के सामान्य निर्वाचन: प्रवृत्तियाँ और परिणाम दिसंबर-2023 राउंड के रूप में स्थिति। बीजेपी : पीछे (बृजेन्द्र प्रताप सिंह)कांग्रेस : आगे (भारत मिलन पांडेय)

राऊ, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023)

Rau, Assembly Seat, Madhya Pradesh Election Result (2023). विधानसभा क्षेत्र 210 – RAU (मध्य प्रदेश) के सामान्य निर्वाचन: प्रवृत्तियाँ और परिणाम दिसंबर-2023 राउंड के रूप में स्थिति। बीजेपी : आगेकांग्रेस : पीछे

मलहरा, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023)

Malhara, Assembly Seat, Madhya Pradesh Election Result (2023). मलहरा, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023). बहन रामसिया भारती (INC) 6742 वोट से प्रद्युमन सिंह लोधी (भाजपा) से आगे हैं।

दतिया विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023)।

Datia Assembly Seat, Madhya Pradesh Election Result (2023). Sahara Samachaar दतिया विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023). राजेंद्र भारती (INC) 1181 वोट से नारोत्तम मिश्र (भाजपा) से आगे हैं।

CG .सीटों पर आए रुझान में भारतीय जनता पार्टी 24 सीटों पर तो कांग्रेस 22 सीटों पर लीड कर रही है।

In the trend of seats in Chhattisgarh, the Bharatiya Janata Party (BJP) is leading on 24 seats, while the Congress is leading on 22 seats. बीजेपी : 24 आगे, कांग्रेस : 22 आगे

MP – मतगणना का काउंटडाउन शुरू, गिनती के लिए 5 हजार 61 टेबल लगाई गई.

Madhya Pradesh, The countdown for the vote counting has begun, and 5,061 tables have been set up for the counting. मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव की मतगणना को अब बस कुछ ही घंटे बचे हुए है. तीन दिसंबर को सुबह 8 बजे से सभी 52 जिला मुख्यालयों पर एक साथ होगी. सबसे पहले मतपत्रों की गिनती होगी. वोटिंग की गिनती जल्दी पूरी हो, इसके लिए 5,061 मतगणना टेबल लगाई गई हैं. वहीं डाक मत पत्रों की गिनती 692 टेबलों पर होगी. बता दें कि प्रदेश में झाबुआ विधानसभा में सबसे अधिक 26 राउंड में मतगणना होगी, जबकि सबसे कम 12 राउंड में सेवढ़ा विधानसभा क्षेत्र में गणना होगी. पूरे प्रदेश के परिणाम आने में 5 से 10 घंटे का वक्त लगेगा.जहां गणना की टेबल सबसे ज्यादा होगी, वहां जल्दी परिणाम आएगा. जानिए मतगणना के मुख्य बिंदु – सुबह 8:00 बजे शुरू होगी मतों की गणना– प्रदेश की 52 जिलों में एक साथ सुबह 8:00 बजे शुरू होगी जिला मुख्यालय पर मतों की गणना.– सुबह 8:30 बजे से शुरू होगी एवं में दर्ज मतों की गिनती– वोटिंग मशीन में दर्ज वोटों की गिनती के लिए 5 हजार 61 मतगणना टेबल लगाई गई है.– डाक मत पत्रों की गिनती 692 टेबलों पर होगी.– डाक मत पत्रों की गिनती पूरी होते ही परिणाम होंगे घोषित..– 3.90 लाख डाक मत पत्रों की होगी गिनती अनुमति लेकर निकालेंगे जुलूस वहीं मतगणना के बाद जीतने वाली पार्टी के प्रत्याशी विजय जुलूस अनुमति को लेकर निकाल सकेंगे. इसका रूट कैसा होगा, और किस जगह से जुलूस निकलेगा ये जिला प्रशासन निर्धारित करेगा.वहीं मतगणना के दिन ड्राय डे घोषित रहेगा. सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस के आरोप पर राजन ने कहा कि- बालाघाट मामले में किसी भी डाक मतपत्र नहीं खोला गया है. लापरवाही जिनकी थी कार्रवाई की गई है.

पार्टी कार्यकर्ता कांग्रेसियों की बेईमानी से सतर्क रहकर मतगणना की प्रक्रिया में सूक्षमता से नजर रखें.

Stay vigilant against the dishonesty of party workers and ensure efficiency in the electoral process. भोपाल की सभी 6 विधानसभा के पोलिंग एजेंट का प्रशिक्षण वर्ग प्रदेश कार्यालय में संपन्न भोपाल। भारतीय जनता पार्टी की जिले की इकाई ने भोपाल जिले के मतगणना पोलिंग एजेंटों को मतगणना के दौरान बरती जाने वाली सतर्कता आदि को लेकर मतगणना एजेंटों को प्रशिक्षित किया। यह प्रशिक्षण शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कार्यालय में संपन्न हुआ। इस मौके पर प्रदेश उपाध्यक्ष व उत्तर विधानसभा के प्रत्याशी आलोक शर्मा, पार्टी प्रदेश महामंत्री व दक्षिण पश्चिम के प्रत्याशी भगवानदास सबनानी, कैबिनेट मंत्री नरेला विधानसभा के प्रत्याशी विश्वास सारंग, प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल, पार्टी के जिला अध्यक्ष सुमित पचौरी, एसएस उप्पल एवं महापौर श्रीमती मालती राय ने आवश्यक दिशा निर्देश दिए। जिला अध्यक्ष पचौरी ने प्रशिक्षण वर्ग को संबोधित करते हुए कहा हमें मतगणना की टेबल पर विशेष तौर पर ध्यान रखना है। खासतौर पर बैलेट पेपर सरकारी कर्मचारियों की ओर से दिया गया वोट उसको अच्छी तरह देखना है। उन्होंने कहा कि आप सभी ने चुनाव में जो निरंतर परिश्रम किया है। उसका प्रतिफल प्राप्त करने का समय आ गया है। आप सभी मतगणना अभिकर्ता तय समय और मानकों के साथ मतगणना स्थल पर अपनी निर्धारित टेबल पर उपस्थित रहें। हम सभी को मतगणना की प्रक्रिया में सूक्षमता से नजर रखेंगे तथा मतगणना समाप्त होने की प्रक्रिया के बाद ही अपनी नियत जगह से उठेंगे। विधानसभा चुनाव में भारी विजय के रास्ते पर चल पड़ेनेताओं ने कहा कि आप सभी के अथक परिश्रम, हमारी सरकारों के काम और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विश्वसनीयता के कारण विधानसभा चुनाव में भारी विजय के रास्ते पर चल पड़े हैं। मतगणना के दौरान की आवश्यक कार्यों की विस्तृत जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि हमारे कार्यकर्ताओं ने पूरे चुनाव अभियान में काफी परिश्रम किया है। हमारी सरकारों के काम को भी व्यापक समर्थन मिला है। इसी कारण से कांग्रेस के लोग बौखलाए हुए हैं। वे मतगणना के दौरान बेईमानी करने के भी प्रयास करेंगे, लेकिन हमारा कार्यकर्ता सक्षम, निर्भय और सतर्क है। हम कांग्रेसियों की हर चाल का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम हैं। कांग्रेस के कुत्सित प्रयासों के बावजूद हम मतगणना की पारदर्शिता को प्रभावित नहीं होने देंगे। हमारे कार्यकर्ता कुछ भी गड़बड़ होने पर चुप नहीं बैठेंगे, बल्कि हर बात को चुनाव आयोग के संज्ञान में लाएंगे।

जेपी नड्डा ने शिवराज-सिंधिया के साथ चुनाव नतीजों पर की घंटों मंत्रणा.

JP Nadda deliberated for hours with Shivraj Singh Chouhan and Jyotiraditya Scindia on the election results. राजनीतिक गलियारों में तेज हुई चर्चाएं मतगणना से पूर्व भाजपा अध्यक्ष के मप्र पहुंचने पर राजनीतिक गलियारे में चर्चाएं तेज ग्वालियर। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा मतगणना से पहले शुक्रवार को मध्य प्रदेश के ग्वालियर-चंबल अंचल में पहुंचे हैं। यहां उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के साथ होटल में घंटों चर्चा की। बताया गया है कि राज्य के चुनाव नतीजों को लेकर मंत्रणा की गई है। राजनीतिक गलियारों में तेज हुई चर्चाएं मध्य प्रदेश सहित चार राज्यों के तीन दिसंबर को आने वाले विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले भाजपा अध्यक्ष की ग्वालियर में मौजूदगी को लेकर राजनीतिक गलियारे में चर्चाएं तेज हैं। यहां सिंध विहार स्थित होटल उषा किरण पैलेस में तीन घंटे से ज्यादा चली बैठक में बड़े नेताओं की लंबी चर्चा हुई। सिंधिया के आमंत्रण पर शाही महल जयविलास पैलेस पहुंचे नड्डा नड्डा ने सिंधिया के आमंत्रण पर उनके शाही महल जयविलास पैलेस में पहुंचकर भोज भी किया और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह और सिंधिया के साथ दतिया जाकर पीतांबरा पीठ के दर्शन भी किए। नड्डा रात्रि विश्राम ग्वालियर में ही करेंगे। पार्टी की ओर से उनके अगले दिन के कार्यक्रम की जानकारी नहीं दी गई है।भाजपा जिंदाबादः सीएम शिवराजमुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ग्वालियर में एक्जिट पोल को लेकर किए सवाल पर कहा- भाजपा जिंदाबाद। एयरपोर्ट पर शिवराज ने मीडिया से कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के नेतृत्व में भाजपा आगे बढ़ रही है, मोदीजी जन-जन के मन में हैं, उनका स्नेह सदैव प्रदेश को मिलता रहा है। डबल इंजन की सरकार ने प्रदेश में प्रगति और विकास किया है। वहीं, सिंधिया ने कहा कि 48 घंटे का इंतजार है, जनता ने भाजपा को आशीर्वाद दिया है। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने जा रही है।

एग्जिट पोल में बीजेपी को भारी बहुमत, केंद्रीय मंत्री पटेल ने कहा- 2003 जैसी रिकॉर्ड जीत दोहराई जा सकती है.

Exit polls, BJP is projected to win by a significant margin; Union Minister Patel said – a record victory like 2003 can be repeated. इस बार चुनाव आयोग की गाइडलाइंस की वजह से एग्जिट पोल पांचों राज्यों की चुनावी प्रक्रिया पूरी होने के बाद जारी किए गए । 30 नवंबर को वोटिंग की प्रक्रिया संपन्नहोने के बाद जो एग्जिट पोल्स जारी हुए, जिसमें भाजपा को बंपर बहुमत मिलते दिख रहा है। देश की प्रमुख 8 न्यूज एजेंसियों ने सर्वे कर एग्जिट पोल जारी किए और पतालगाया कि मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना व मिजोरम में किसकी सरकार बन सकती है। वहीं सर्वे पर केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश में 2003 जैसे परिणाम दोहराते हुए दिखते हैं। एग्जिट पोल में बीजेपी को बंपर सीटें ज्यादातर न्यूज एजेंसियों के एग्जिट पोल में बीजेपी के पक्ष में परिणाम आते नजर आ रहे हैं। अगर ये सच साबित हुए तो मध्यप्रदेश व राजस्थान में बीजेपी औरछत्तीसगढ़ व तेलंगाना में कांग्रेस की सरकार बनती दिख रही है। इसके साथ ही मिजोरम में हंग असेंबली के आसार हैं। बात करें मध्यप्रदेश की तो एक दो एग्जिटपोल छोड़कर ज्यादातर बीजेपी को काफी बढ़त के साथ बहुमत में आता दिखा रहे है मप्र में भाजपा की फिर वापसी? Exit Polls 2023 में लगभग सभी न्यूज एजेंसियों ने मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार बनने के आसार जताए हैं।बात करें इंडिया टुडे एक्सिस सर्वे की तो मध्यप्रदेश में भाजपा को 140 से 162, कांग्रेस को 68-90 और अन्य को 3 सीट मिलते दिख रही हैं।यानी कांग्रेस को यहां भारी नुकसान होने की संभावना है। टुडेज चाणक्य न्यूज 24 के सर्वे में भाजपा को 151, कांग्रेस को 74 व अन्य को 0 सीटेंमिलने के आसार बताए जा रहे हैं। वहीं जन की बात सर्वे में भाजपा को 100 से 123, कांग्रेस को 102 से 125 व अन्य को 5 सीटें मिलती दिख रही हैं।वहीं टाइम्स नाउ ईटीजी के सर्वे में भाजपा को 106 से 116, कांग्रेस को 110 से 124 और अन्य को 10 सीटें मिलती दिख रहे हैं। इसी प्रकार रपब्लिकटीवी के सर्वे में भाजपा को 118 से 130, कांग्रेस को 97 से 107 और अन्य को 0 से 2 सीटें मिलने की संभावना बताई जा रही है। मप्र में सरकार बनाने के लिए कितनी सीटें चाहिए? मध्यप्रदेश में कुल 230 विधानसभा सीटें हैं, ऐसे में यहां सरकार बनाने के लिए कम से कम 116 सीटें किसी भी पार्टी को चाहिए। बात करें एग्जिटपोल्स की तो ज्यादातर एग्जिट पोल्स बीजेपी को बहुमत के आंकड़े के करीब या उससे ज्यादा दिखा रहे हैं। कुछ अन्य सर्वे कांग्रेस को भी इस आंकड़ेके करीब दिखा रहे हैं। बात करें पिछले चुनाव की तो बीजेपी को 2018 में 109 सीटें मिली थीं और कांग्रेस को 114, इसके बाद कांग्रेस की सरकार गिर गई थी और बीजेपी सत्ता में आई। मप्र में 2003 जैसा प्रदर्शन करेगी बीजेपी? एग्जिट पोल्स पर पार्टियों की मिली जुली प्रतिक्रिया आ रही हैं, एक ओर बीजेपी के पक्ष में पोल्स आते देख वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंहनाखुश नजर आए। उन्होंने पोल्स पर टिप्पणी करते हुए कहा कि टेलीविजन से नहीं प्रदेश-विजन से देश चलता है। उन्होंने दावा किया किमप्र में कांग्रेस 130 सीटों के साथ सरकार बनाएगी। वहीं सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश में कोई कांटे की टक्कर नहीं है,भाजपा भारी बहुमत से जीत रही है। इसी बीच बीजेपी के कद्दावर नेता केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि बीजेपी 2003 के चुनाव जैसाप्रदर्शन करती नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि मैंने 2003 के चुनाव को बेहद करीब से देखा है और मैं साफ देखता हूं कि 2003 के परिणाम 2023 में आते दिखते हैं।बता दें कि 2003 के विधानसभा चुनावों में बीजेपी 173 सीटों के बंपर बहुमत के साथ सत्ता में आई थी, वहीं कांग्रेस को केवल 38 सीटें ही मिली थीं। बता दें कि 3 दिसंबरको मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के परिणाम आने हैं।

अधिकतर चैनल्स जमीनी हकीकत से कोसों दूर हैं.

Most channels are far away from ground reality. आइए आपको उन सीटों की जानकारी देते है जहाँ मुकाबला त्रिकोणीय है या चतुष्कोणीय है,यह सीटें कोई नहीं बता सकता कि कौन जीतेगा,जहाँ प्रत्याशी की हार जीत तीसरे चौथे प्रत्याशी को मिले वोट पर निर्भर होगी,कई जगह यह गैर भाजपा गैर कांग्रेस उम्मीदवार जीतने की ताकत भी रखते हैं । *उदित नारायण* भोपाल।पहले हम बसपा की Top performing सीट्स से शुरुआत करते हैं 1-दिमनी2-मुरैना3-रेगांव4-नागौद5-सतना6-गुढ़7-सिमरिया8-राजनगर9-पथरिया10-गोहद11-लहार12-भिंड13-बारासिवनी-अजाबशास्त्री(लोधी)14-सेंवढ़ा-दामोदर यादव-भीम आर्मी आदिवासी बहुल सीटे जो GGP के असर की हैं15-परसवाड़ा-कंकर मुंजारे16-बिछिया-कमलेश टेकाम17-जबेरा-विनोद राय18-शाहपुरा-अमानसिंह पोर्ते19-मानपुर-राधेश्याम काकोड़िया20-अमरवाड़ा-देव रावेन भलावी21-लखनादौन-सन्तर भलावी22-सिवनी-रंजीत वासनिकऐसी सीटें जहाँ जयस से जुड़े युवकों ने अच्छी चुनोती देकर मुकाबला त्रिकोणीय बनाया है23-सैलाना-कमलेश्वर डोडियार24-महू-प्रदीप मावी25-रतलाम ग्रामीण-डॉ अभय ओहरी26-पेटलावद- इंजीवालूसिंह गामड़27-नेपानगर-बिल्लोरसिंह जमरा28-भगवानपुरा-मोहन किराड़े29-मनावर-लालसिंह बर्मन(आप/जयस)30-सरदारपुर-राजेन्द्र गामड़आप पार्टी जिन सीटो पर प्रभावी है31-सिंगरौली-रानी अग्रवाल32-बंडा सुधीर यादव33-चाचौड़ा-ममता मीणाइसके अलावा कुछ निर्दलीय है जिन्होंने मुकाबले को त्रिकोणीय बनाया है34-कटंगी-केसर बिसेन/प्रशांत मेश्राम35-भीकनगांव-मोहन पटेल36-पानसेमल-रमेश चौहान37-जोबट-माधोसिंह डाबर/रिंकुबाला डाबर(जयस)38-बुरहानपुर से हर्ष चौहान/AIMIM उम्मीदबार नफीस मंशा खान39-होशंगाबाद-चौरे40-सिवनी मालवा-ओम रघुवंशी/सुनील गौरहीरा अलावा के नेशनल जयस ने भी 4 प्रत्याशी उतारे है41-भैंसदेही-संदीप धुर्वे42-घोड़ाडोंगरी-स्मिता राजा धुर्वे43-टिमरनी-रमेश मर्सकोले44-बड़वाणी-संदीप नरगावे45-राजपुर सुनील सोलंकीइसके अलावा लगभग 2/3सीटों पर समाजवादी पार्टी प्रत्याशी निर्णायक वोट लाएंगे46-निवाड़ी-मीरा दीपक यादव47-टीकमगढ़ से सपा प्रत्याशी48-बहोरीबंद से शंकर महतो

एग्जिट पोल भाजपा और कांग्रेस में कांटे की टक्कर.

Exit poll” indicates a tough competition between the BJP and Congress एग्जिट पोल भाजपा और कांग्रेस में कांटे की टक्कर* एमपी विधानसभा चुनाव एग्जिट पोल रिजल्ट, अब आखिरी वक्त का इंतजार उदित नारायण भोपाल-ग्वालियर। एमपी एग्जिट पोल के नतीजे आने लगे हैं। ऐसे में सबकी निगाहें ग्वालियर-चंबल क्षेत्र पर टिकी है। ग्वालियर-चंबल की वजह से ही 2020 में कमलनाथ की सरकार गिर गई थी। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने समर्थकों के साथ बीजेपी का दामन दाम लिया था। एबीपी और सी वोटर्स के एग्जिट पोल के अनुसार ग्वालियर-चंबल में बीजेपी की स्थिति ठीक नहीं है। ज्योतिरादित्य सिंधिया के गढ़ में बीजेपी को बड़ा नुकसान हो रहा है।दरअसल, मध्य प्रदेश में एबीपी और सी-वोटर्स के एग्जिट पोल के अनुसार एमपी में बीजेपी को 88-112 और कांग्रेस को 113-137 सीटें मिल रही हैं। वहीं, अन्य को 02-08 सीटें मिल रही है। बीजेपी को सबसे ज्यादा नुकसान ग्वालियर-चंबल के क्षेत्र में हो रही है। यह ज्योतिरादित्य सिंधिया के लिए असहज करने वाले नतीजे हैं।एबीपी-सी वोटर्स के अनुसार ग्वालियर चंबल की 34 में से बीजेपी को 4-8 और कांग्रेस को 25-29 सीटें मिल रही हैं। अगर यह अनुमान सही साबित हुए तो ज्योतिरादित्य सिंधिया के लिए बड़ा झटका माना जाएगा। ग्वालियर-चंबल की सीटों पर ही उनका प्रदर्शन टिका हुआ है। पार्टी में आगे की स्थिति उनकी तभी मजबूत रहेगी, जब ज्यादा से ज्यादा उनके वफादार चुनाव जीतेंगे।निकाय चुनाव में लग चुका है झटकावहीं, ज्योतिरादित्य सिंधिया के गढ़ में बीजेपी को निकाय चुनाव में झटका लगा चुका है। कई सालों बाद पार्टी ग्वालियर और मुरैना में मेयर चुनाव हार गई थी। ऐसे में इस बार ज्योतिरादित्य सिंधिया के सामने बड़ा चैलेंज है।एक्सिस माय इंडिया में बीजेपी को बढ़तइसके साथ आजतक और एक्सिस माय इंडिया के सर्वे में सिंधिया के गढ़ में कांग्रेस को झटका लग रहा है। इस सर्वे के अनुसार ग्वालियर चंबल की 34 में से 19 सीटों पर बीजेपी और कांग्रेस को 14 सीटें मिल रही है।एग्जिट पोल के नतीजे कुछ भी बता रहे है यदि कुल मिलाकर देखा जाय तो मध्यप्रदेश में बीएसपी एसपी एवं गोंडवाना पार्टी की कुल मिलाकर 32 सीटो में त्रिकोणीय मुकाबला होने से एवम लाडली बहना योजना का लाभ यदि बीजेपी को मिलता है तो मध्य प्रदेश में बीजेपी की सरकार पुनः बनने की संभावना प्रबल है कुल मिलाकर बीजेपी 118 से 122 सीट, कांग्रेस 108 से 110, बीएसपी अन्य की 5 सीटे आने की संभावना दिख रही है। बीएसपी एसपी गोंडवाना के आने ज्यादा फायदा भाजपा को मिल सकता है ।मध्य प्रदेश में इस बार भी भाजपा की सरकार बनती दिख रही है।

दिग्विजय सिंह ने वित्त विभाग के दो आईएएस पर लगाया 250 करोड़ के घोटाले का आरोप.

Digvijaya Singh has accused two IAS officers in the Finance Department of a scam amounting to 250 crore. ईओडब्ल्यू से की शिकायत, दोनों की वॉट्सएप चैट और आडियो सीडी भी उपलब्ध कराई भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव की मतगणना के तीन दिन पहले पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने प्रदेश सरकार के वित्त विभाग के दो आईएएस अधिकारियों पर 250 करोड़ के भ्रष्टाचार बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने वित्त विभाग के अधिकारी आईएएस अजीत केसरी और ज्ञानेश्वर पाटिल की ईओडब्ल्यू से शिकायत की है। इसके साथ उन्होंने दोनों की वॉट्सएप चैट और आडियो सीडी भी उपलब्ध कराई है। दिग्विजय सिंह बोले-प्राथमिकी दर्ज करेंपूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने ईओडब्ल्यू के डीजी को दी शिकायत में लिखा कि उनको दो भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की शिकायत मिली है। एमपी में वित्त विभाग के दो आईएएस अधिकारियों ने 250 करोड़ का घोटाला किया है। उन्होंने शिकायत के साथ दिए दस्तावेज और ऑडियो सीडी के आधार पर दोनों अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की। यह है मामलाशिकायत के अनुसार राज्य मंत्रालय में लागू आईएफएमएस सिस्टम का काम एक चहेती फर्म को देने के लिए वित्त विभाग के अधिकारियों ने वित्त मंत्री को विश्वास में लेकर ढाई सौ करोड़ रुपये का घोटाला किया गया है। इसके लिए टेंडर में मनमानी शर्तें डालते हुए टीसीएस जैसी टाटा समूह की कंपनी को बाहर किया गया। इसके बाद टेरा टेक्नॉलाजी लिमिटेड गुडगांव को ठेका देने की कार्यवाही शुरू कर दी गई। शिकायत के अनुसार इस घोटाले में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा के साथ-साथ अतिरिक्त मुख्य सचिव अजीत केसरी की भूमिका को भी संदिग्ध बताया गया है। इसके अलावा एक अन्य आईएएस ज्ञानेश्वर पाटिल पर कंपनी के प्रतिनिधियों से मिलीभगत कर घोटाले में शामिल होने का आरोप है। पहले यह टेंडर 200 करोड़ रुपये का था, जिसे एजेंसी तय होने के दौरान बढ़ाकर 247 करोड़ रुपये कर दिया गया। 50 करोड़ रुपये का लेन देनपूरे टेंडर घोटाले में करीब 50 करोड़ रुपये का लेन-देन का आरोप है। शिकायत में रिश्वत की रकम विभिन्न माध्यमों से संबंधित अधिकारियों और मंत्री को देने की बात कही गई है। एसीएस वित्त अजीत केसरी, ज्ञानेश्वर पाटिल, आयुक्त कोष एवं लेखा और टेरा टेक्नॉलाजी लिमिटेड गुडगांव से काम लेने वाले आंध्र प्रदेश की कंपनी पिक्सल वाइड सॉल्यूशन के डायरेक्टर प्रित्युश रेड्डी के लिए काम करने वाले ग्वालियर निवासी देवेश अग्रवाल के बीच विभिन्न अवसरों पर वाट्सएप पर हुई चेटिंग पत्र शिकायत के साथ दिए गए हैं। यह है ऑडियो में…पत्र के साथ सीडी में संलग्न ऑडियो में वित्त विभाग के शीर्ष अधिकारी हैदराबाद स्थित कंपनी के डायरेक्टर से डील पूरी करने की चर्चा कर रहे हैं। इस बातचीत में डील पूरी न होने पर टाटा कंपनी की टीसीएस को आगे काम देने की बात भी कही जा रही है। चर्चा के दौरान किसी पवन नामक व्यक्ति का नाम लेनदेन में बार-बार आ रहा था। आरोप है कि करीब पचास करोड़ रुपये का लेन देन करने के बाद वित्त विभाग के अधिकारियों ने आचार संहिता लगने के कुछ दिन पूर्व गुडगांव की कंपनी को वर्क ऑर्डर दिया गया, जो बाद में हैदराबाद की कंपनी को सौंपा गया। शर्तें कंपनी के अनुकूल बनाई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वित्त विभाग के अधिकारियों ने इस टेंडर प्रक्रिया की शर्तों को इस कंपनी के अनुकूल बनाया था, ताकि अन्य कंपनी टेंडर में भाग ही न ले सके। चुनावी साल में और चुनाव घोषित होने के कुछ दिन पूर्व घटित इस हाई प्रोफाइल घोटाले में आर्थिक अनियमितता, भ्रष्टाचार का प्रकरण दर्ज कर समस्त संबंधित दस्तावेज जब्त किए जाना चाहिए और आरोपी अधिकारियों और कंपनी के प्रतिनिधियों और दलालों के बीच हुई बातचीत का रिकॉर्ड मोबाइल कंपनियों से लेकर कार्रवाई की जाना चाहिए।

भाजपा से विधायकों के घेराबंदी के बचाने कांग्रेस करेगी बाड़ाबंदी.

The Congress will undertake a blockade to save legislators from the Bharatiya Janata Party (BJP). बिकाऊ के डर से कर्नाटक शिफ्ट करने की रहेगी कोशिश, भाजपा से विधायकों के घेराबंदी के बचाने कांग्रेस करेगी बाड़ाबंदी, जीत का सर्टिफिकेट मिलने के बाद आर्ब्जवर करेंगे स्ट्रांग रूम के बाहर संपर्क, भोपाल में तैयार रहेंगे चार्टर भोपाल। साल 2020 में आपरेशन लोटस की मार से घायल कांग्रेस दोबारा भुगतान नहीं करना चाहती है। इसलिए कांग्रेस ने भाजपा के घेराबंदी से बचाने के लिए जीतने के बाद विधायकों की बाड़ाबंदी करेगी। यानी कि उन्हें आइसोलेट कर कनार्टक शिफ्ट किया जा सकता है। इसके पीछे की वजह है कि भाजपा के प्लान की बी कांग्रेस को लग चुकी है। यही कारण है कि भोपाल में कर्नाटक भेजने के लिए चार्टर प्लेन तैयार रहेंगे। हालांकि कांग्रेस ने जिला स्तर पर आर्ब्जवर और जिला अध्यक्ष को पहले ही सर्तक कर दिया है। उन्होंने ट्रेनिंग के दौरान कांग्रेस के प्रति निष्ठा रखने के लिए कहा गया था। खुद कमलनाथ ने वीसी के दौरान यह बात कही थी कि भाजपा डोरे डाल सकती है। उन्होंने कहा कि इस पूरे चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवारों को जिताने के लिए मेरा पूरा प्रयास रहा। नाथ ने कहा था कि कोई कहेगा सट़्टा बाजार ये कह रहा है। मैं किसी पर विश्वास नहीं करता। मैं मप्र के मतदाताओं पर ही विश्वास करता हूं। बीजेपी के लोग सोचते हैं हम हथकंडे अपना लेंगे। हम लोगों को खरीद लेंगे। अब इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी। आप लोग इस ट्रेनिंग में भाग लें। जो प्रजेंटेशन दिए गए हैं। वो सब मैंने देखे हैं। हमारी टेक्निकल टीम ने तैयार किए हैं। सूत्रों ने बताया कि भाजपा के सामने चुनाव में जीत के लिए चुनौती ज्यादा है। इसलिए कांग्रेस पूरी तरह से अलर्ट मोड कर हैं। प्रत्याशियों को एजेंसियों का डर दिखाकर अपने पाले में ला सकती है। जिसकी आशंका दिग्विजय सिंह ने भी जताई थी। कारण यही है कि जिसके चलते कांग्रेस के कई संगठनों के नेताओं को भी कमलनाथ ने जिम्मेदारी सौंप रखी है। खुद सुबह से नाथ पीसीसी से रखेंगे नजर मतगणना के दिन पीसीसी अध्यक्ष खुद सुबह 9 बजे से मुख्यालय से प्रदेश भर में नजर रखेंगे। एआईसीसी के लीगल एक्सपर्ट और वार रूम के सदस्यों के साथ चुनाव परिणाम पर राउंड वार जानकारी लेंगे। इसके लिए वार रूम भी तैयार किया जा रहा है। पोलिंग के दिन भी कांग्रेस दफ्तर में मौजूद रहे थे। काउंटिंग के दिन नाथ के कई दिग्गज नेता भी वार रूम में परिणामों पर नजर रखेंगे।

एमपी में निर्दलीय, सपा-बसपा की जो मानेगा शर्तें, वही बनेगा ‘सिकंदर’ आधा दर्जन सीटों पर निर्दलीय भारी, सपा-बसपा ने भी मतदाताओं पर खूब डाले डोरे.

Madhya Pradesh, an independent candidate, along with the terms accepted by the SP-BSP alliance, will become a significant player. Heavy competition is expected on half a dozen seats with independent candidates, and the SP-BSP alliance is also actively engaging with voters. पूर्व सांसद गुड्डू, अंतर, चौहान, त्रिपाठी, केदारनाथ शुक्ला सहित आधा नेताओं ने खड़ी कर दी मुश्किल, तीसरा चहेरे ने कांग्रेस और भाजपा के प्रत्याशियों के लिए खड़ा कर दिया जीत का पहाड़, बागियों की बागवत चुनाव परिणाम में पड़ेगी भारी. उदित नारायणभोपाल। मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के दौरान जहां कई बागियों ने बागवत की है, वहीं सपा और बसपा ने भी मतदाताओं को अपने पाले में लाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी है। इसका नतीजा है कि भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों के सामने बड़ी चुनौती है। तीसरे चेहरे पर भी जनता भरोसा कर सकती है। ऐसी स्थिति कई अहम सीटों पर बनी है। जो कांग्रेस और भाजपा के पास लंबे तक रिजर्व के तौर पर रही हैं। मध्य प्रदेश में वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव के जब नतीजे आए थे तो भाजपा को 109 और कांग्रेस को 114 सीटें मिली थी। एमपी में किसी भी दल को सरकार बनाने के लिए 116 सीटों की जरूरत होती है। ऐसे में किंगमेकर की भूमिका में निर्दलीय, सपा और बसपा के विधायक थे। रिजल्ट से पहले एक बार फिर 2018 वाली स्थिति को लेकर पूवार्नुमान लग रहे हैं। भाजपा और कांग्रेस समेत प्रदेश के लोगों की नजर उन निर्दलीय और छोटे दलों के उम्मीदवारों पर टिक गई है, जिनकी जीत तय मानी जा रही है। वहीं, कुछ सीटों पर उनके जीतने की संभावना है। पूरे प्रदेश में ऐसे चेहरों की संख्या सात से आठ हो सकती है। दरअसल, 3 दिसंबर को एमपी विधानसभा चुनाव के नतीजे आएंगे। भाजपा और कांग्रेस 150-150 सीटें लाने का दावा कर रही है। वहीं, वोटिंग से पहले आए ओपिनियन पोल में दोनों में से कोई दल बहुमत के आंकड़े के करीब नहीं पहुंच रहा था। एमपी में सट्टा बाजार भी इसी ओर इशारा कर रहा है। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस इन्हें साधने की जुगत में जुट गई है। इनमें से अधिकांश चेहरे इन्हीं दलों से बागी होकर मैदान में हैं। मैहर में नारायण और फिर नारायण बीजेपी ने इस बार मैहर से नारायण त्रिपाठी को टिकट नहीं दिया था। पार्टी विरोधी गतिविधियों की वजह से उनका टिकट कटा था। इसके बाद नारायण त्रिपाठी ने विंध्य विकास पार्टी बना ली थी। अपनी ही पार्टी से नारायण त्रिपाठी मैहर से चुनाव लड़ रहे हैं। वोटिंग के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि नारायण त्रिपाठी चुनाव जीत सकते हैं। इनकी नजदीकियां भाजपा और कांग्रेस दोनों से हैं। पूर्व अध्यक्ष के बेटे शेरा और चटनिस के लिए चुनौती वहीं, बुरहानपुर विधानसभा सीट पर भी भाजपा और कांग्रेस की नजर है। इस सीट से अभी निर्दलीय सुरेंद्र सिंह शेरा विधायक हैं। हालांकि वह शुरू से कांग्रेस के साथ रहे हैं। सुरेंद्र सिंह शेरा इस बार कांग्रेस में शामिल हो गए हैं और उन्हें पार्टी ने टिकट दिया है। वहीं, बीजेपी ने अर्चना चिटनिस को यहां से उम्मीदवार बनाया है। अर्चना चिटनिस को टिकट मिलने के बाद बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष नंद कुमार सिंह चौहान के बेटे हर्ष सिंह चौहान नाराज हो गए। हर्ष सिंह चौहान बीजेपी से इस्तीफा देकर निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर गए हैं। स्थानीय जानकारों के अनुसार हर्ष सिंह चौहान दोनों को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। अगर चुनाव जीतते हैं तो बीजेपी इन्हें मनाने की कोशिश करेगी। कांग्रेस के साथ जाएंगे गुड्डू या फिर घर बैठेंगे कांग्रेस के पूर्व सांसद प्रेमचंद गुड्डू भी आलोट विधानसभा चुनाव से टिकट चाहते थे। पार्टी ने उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाया तो वह निर्दलीय अलोट विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। पार्टी से इस्तीफा देने के बाद कमलनाथ और दिग्विजय सिंह पर कई आरोप लगाए थे। इन पर भाजपा और कांग्रेस दोनों की नजर है। प्रेमचंद्र गुड्डू भाजपा में भी रह चुके हैं।महू में दरबार के लगने की ज्यादा उम्मीद- महू विधानसभा सीट पर अभी भाजपा का कब्जा है। वहीं, सबसे ज्यादा चर्चा अंतर सिंह दरबार की हो रही है। अंतर सिंह दरबार कांग्रेस में रह चुके हैं। कांग्रेस ने उन्हें टिकट नहीं दिया तो वह निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर गए हैं। कहा जा रहा है कि महू में अंतर सिंह दरबार का पलड़ा भारी दिख रहा है। कांग्रेस ने फिर से उन पर डोरे डालने शुरू कर दिए हैं। सीधी में भाजपा के लिए सीधी नहीं जीत, शुक्ला हावी वहीं, पेशाबकांड की वजह से भाजपा ने इस बार अपने सीटिंग विधायक केदारनाथ शुक्ला का टिकट काट दिया था। उनकी जगह सांसद रीति पाठक को टिकट दिया है। सीधी में केदारनाथ शुक्ला ने रीति पाठक की मुश्किलें बढ़ा दी है। हालांकि चर्चा यह भी है कि केदारनाथ शुक्ला अगर टक्कर दिए होंगे तो कांग्रेस को फायदा हो सकता है।चौधरी, राजू और रघुवंशी भी कांग्रेस के लिए कम नहीं- गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में करीब एक दर्जन विधानसभा की ऐसी सीटें हैं, जहां छोटे दल और निर्दलीय बड़े दलों का खेल खराब कर सकते हैं। इनमें गोटेगांव से कांग्रेस के बागी शेखर चौधरी निर्दलीय लड़ रहे हैं। सिरमौर में बीएसपी ने बीजेपी उम्मीदवार की चुनौती बढ़ा दी है। धार में बीजेपी के बागी राजू यादव निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। सिवनी मालवा में ओम रघुवंशी निर्दलीय मैदान में हैं। इससे कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

सरकार पर भड़कीं उमा भारती, पटवारी की हत्या शासन-प्रशासन के लिए कलंक और शर्मनाक है.

Uma Bharti has criticized the government, stating that the murder of a Patwari is a stain and shameful for the administration. पूर्व सीएम ने दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग की Udit Narayan भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने सोशल मीडिया पर लिखा कि शहडोल के ब्यौहारी में खनन माफिया द्वारा अवैध खनन रोकने के कारण एक सरकारी कर्मचारी की हत्या मध्य प्रदेश की सारी व्यवस्था समाज, शासन, प्रशासन सबके लिए कलंक एवं शर्मनाक हैं। पूर्व सीएम ने दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग की हैं। इससे पहले पूर्व सीएम और पीसीसी चीफ कमलनाथ ने भी घटना पर शिवराज सरकार पर निशाना साधा था। पूर्व सीएम ने कहा था कि यह पहला मौका नहीं है जब मध्य प्रदेश में रेत माफिया ने इस तरह से किसी सरकारी व्यक्ति को कुचल कर मार दिया हो। मध्य प्रदेश में शिवराज सरकार के दौरान पनपा भ्रष्टाचार और घोटालों के कारण यह स्थिति बनी हैं। बता दें शहडोल के ब्यौहारी में शनिवार रात रेत माफिया ने पटवारी प्रसन्न सिंह की ट्रैक्टर से कुलचकर हत्या कर दी। प्रसन्न सिंह सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद पटवारी बने थे। वह सोन नदी के घाटों पर रेत माफिया पर कार्रवाई कर रहे थे। शनिवार रात वह अपने तीन साथियों के साथ कार से सोन नदी के किनारे पहुंचे थे। इस बीच रेत का ट्रेक्टर आता देख उन्होंने रूकने का इशारा किया, लेकिन ट्रैक्टर चालक ने उन पर ही ट्रैक्टर चढ़ा दिया। प्रसन्न सिंह के सिर से पहिया गुजर जाने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने ट्रैक्टर चालक और उसके मालिक को गिरफ्तार कर लिया।

भितरघातियों पर फूटेगा हार का ठीकरा,3 के बाद गिरेगी गाज.

The counterattack against the infiltrators will result in the defeat; after three, the intensity will increase. भितरघातियों की भाजपा-कांग्रेस तैयार की कुंडली, प्रत्याशियों की शिकायत को आधार मानकर होगी कार्रवाई, दोनों पार्टियों के िलए दाे दर्जन सीटों में खतरनाक साबित होंगे भितरघाती. Udit Narayanभोपाल। विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा- कांग्रेस उन बागियों के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है जो पार्टी से बगावत कर चुनाव लड़ रहे हैं। अब बारी भितरघातियों की है जिनकी वजह से दोनों दलों के दो दर्जन से ज्यादा प्रत्याशी खतरें में हैं। दोनों दलों में प्रत्याशियों से मिली शिकायतों के आधार पर इन भितरघातियों की कुंडली तैयार हो रही हैं। तीन दिसंबर को मतगणना के बाद इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मतदान के बाद आई शिकायतों की बाढ़भाजपा-कांग्रेस के प्रत्याशियों ने प्रचार अभियान के दौरान जानते हुए भी उन पार्टी नेताओं की शिकायत नहीं की, जो उनके खिलाफ काम कर रहे थे। ऐसा करने की बजाय उन्हें मनाने की कोशिश हो रही थी, क्योंकि खतरा ज्यादा नुकसान का था लेकिन मतदान समाप्त होने के बाद दोनों दलों के पास ऐसी शिकायतों की बाढ़ आ गई है। शिकायतें प्रत्याशियों द्वारा ही भेजी जा रही हैं। इन शिकायतों की सही संख्या नहीं बताई जा रही है लेकिन दो दर्जन से ज्यादा सीटों की शिकायतें गंभीर हैं। कार्रवाई से पहले पक्ष रखने का मौकाबागी होकर चुनाव लड़ने वाले नेताओं के खिलाफ जैसी कार्रवाई हुई है, भितरघातियों के खिलाफ वैसा नहीं होगा। जिनके खिलाफ शिकायतें आई हैं, उन्हें पार्टी की अनुशासन समिति के पास भेजा जाएगा। इसके बाद नोटिस देकर उन्हें पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा। जवाब संतोषजनक न पाए जाने पर ही इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन भितरघातियों के खिलाफ कार्रवाई तय है जिनकी वजह से प्रत्याशियों को पराजय का सामना करना पड़ेगा। तीन अंचलों से आ रहीं ज्यादा शिकायतेंप्रदेश के तीन अंचलों चंबल-ग्वालियर, बुंदेलखंड और विंध्य से भितरघात करने वालों की सबसे ज्यादा शिकायतें भाजपा और कांग्रेस के पास आ रही हैं। प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री चंद्रिका प्रसाद द्विवेदी का कहना है कि जो शिकायतें आ रही हैं, उन्हें सूचीबद्ध कर रखा जा रहा है। अभी मतगणना की तैयारी चल रही है। प्रत्याशियों, एजेंटों को प्रिशिक्षित किया जा रहा है। मतगणना के बाद इन शिकायतों पर विचार किया जाएगा। भाजपा प्रदेश कार्यालय प्रभारी महामंत्री भगवानदास सबनानी ने बताया कि पार्टी के पास काम न करने वालों की शिकायतें ज्यादा नहीं है। लेकिन जो भी शिकायतें आई हैं। संबंधित से जवाब लेने के बाद कार्रवाई की जाएगी।

कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे पीसी शर्मा अपने बयान से एक बार फिर चर्चा में.

Former minister P.C. Sharma, who served in the Congress government, is once again in discussion due to his statement. बोले- प्रचार के दौरान कमल पटेल के क्षेत्र की जनता कहती थी भाजपा से सब कुछ मिला, लेकिन वोट कांग्रेस को देंगेदावा – कांग्रेस 114 नहीं 174 सीट जीत रही, भाजपा वाले बहुमत से सरकार बनाने की बात नहीं कर रहे. Udit Narayanभोपाल। कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे पीसी शर्मा अपने बयान से एक बार फिर चर्चा में हैं। उन्होंने कहा कि वो मंत्री कमल पटेल के क्षेत्र में गए थे, वहां उन्होंने जब जनता से पूछा बीजेपी में कुछ मिला था क्या, तो जनता बोली मिला सब कुछ, लेकिन वोट कांग्रेस को ही करेंगे। बता दें, शर्मा अपने बयानों से हमेशा चर्चा में बने रहते हैं। इसके पहले भी उन्होंने हाल ही बयान दिया था कि भारतीय टीम ईडी के छापे के डर से क्रिकेट वर्ल्ड कप में हार गई थी। शर्मा ने ये दावा किया कि कांग्रेस 114 नहीं 174 सीट जीत रही है। कांग्रेस की लहर चल रही है। उन्होंने कहा कि बीजेपी बहुमत से सरकार बनाने की बात कहती थी पर अब नहीं कह रही है। शर्मा ने कहा कि बीजेपी के सर्वे भी बता रहे हैं कि कांग्रेस की सरकार बन रही है। बीजेपी जान गई है कि अब कांग्रेस की सरकार बन रही है। कांग्रेस के प्रशिक्षण में कमलनाथ के वर्चुअली संबोधन पर पीसी शर्मा ने कहा कि ये वक्त बदलाव का है। ईवीएम में गड़बड़ी के सवाल पर पीसी शर्मा ने कहा कि जब तक बीजेपी की सरकार है। ये गड़बड़ी करने के लिए कुछ भी कर सकते हैं। भाजपा के कई मंत्री हारेंगे – पीसी- विधानसभा चुनाव के परिणाम पर पीसी शर्मा ने कहा कि भाजपा कई मंत्री इस बार हारेंगे। वहीं बुधनी विधानसभा को लेकर उन्होंने कहा कि हनुमान जी की लीला है और हनुमान जी कुछ भी कर सकते हैं। शर्मा खुद भोपाल की दक्षिण पश्चिम विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में हैं। भाजपा ने उनके सामने भगवानदास सबनानी को उतारा है। पिछले चुनाव में शर्मा ने इसी सीट से भाजपा के पूर्व मंत्री उमा शंकर गुप्ता को पटकनी दी थी।

अपने दिग्गजों की राजनैतिक विरासत संभालने निकले ‘वंशज’ डेंजर जोन में फंसे.

The ‘descendants’ set out to uphold the political legacy of their stalwarts find themselves trapped in the danger zone. मैदान में अर्जुन, दिग्विजय, कैलाश, पटवा और सकलेचा के बेटे, बड़ा कारण – कांग्रेस-भाजपा ही नहीं अन्य राजनीतिक दलों व निर्दलीय लड़ा चुनाव, राजनीतिक भविष्य ईवीएम में बंद, 3 को खुलेगा तो ही चमकेगी विधायकी की तरदीर उदित नारायणभोपाल। इस बार मप्र के चुनाव में सबसे ज्यादा दिग्गज नेताओं के वारिस चुनावी मैदान में उतरे हैं। इनमें से ज्यादातर का राजनैतिक भविष्य दाव पर लगा है, हालांकि कुछ के लिए राह आसान भी दिखाई दे रही है। जब 3 दिसंबर को ईवीएम परिणाम उगलेगी तो जीत और हार के दावे की हकीकत सबके सामने आ जाएगी। विधानसभा चुनाव में कई राजनेताओं के वंशज व परिवार के सदस्य मैदान में उतरे हैं जिनका राजनीतिक भविष्य ईवीएम में बंद है। इनमें कांग्रेस सरकारों के पूर्व मुख्यमंत्रियों अर्जुनसिंह व दिग्विजय सिंह, गैर कांग्रेस सरकारों के पूर्व मुख्यमंत्रियों कैलाश जोशी, सुंदरलाल पटवा, वीरेंद्र सकलेचा, बाबूलाल गौर, उमा भारती और गोविंदनारायण सिंह के वंशज प्रमुख हैं। इनके अलावा प्रदेश सरकारों के पूर्व मंत्री, सक्रिय राजनेताओं के वंशज भी चुनाव मैदान में उतरे हैं जिन्होंने कांग्रेस-भाजपा ही नहीं अन्य राजनीतिक दलों व निर्दलीय चुनाव लड़ा है। पूर्व मुख्यमंत्रियों में अर्जुन सिंह के पुत्र अजय सिंह चुरहट और साले राजेंद्र सिंह अमरपाटन से हैं जिनकी स्थिति पिछले चुनाव से बहुत अच्छी बताई जा रही है। दिग्विजय सिंह के पुत्र मंत्री जयवर्द्धन सिंह और भाई विधायक लक्ष्मण सिंह की स्थिति पिछली बार से कमजोर है लेकिन दोनों के किसी तरह संकट से बाहर निकल जाने की परिस्थितियां दिखाई दे रही हैं। कैलाश जोशी के पुत्र दीपक के चुनाव के ठीक पहले भाजपा से मोहभंग होने तथा कांग्रेस में पहुंचने से कुछ नुकसान है तो फायदा भी मिलेगा। सुंदरलाल पटवा के भतीजे विधायक सुरेंद्र, वीरेंद्र सकलेचा के पुत्र मंत्री ओमप्रकाश और बाबूलाल गौर की बहू विधायक कृष्णा गौर की स्थिति बेहतर है लेकिन भारती के भतीजे मंत्री राहूल लोधी की सीट पर चुनौतीपूर्ण मुकाबला है। अन्य वंशजों में कुछ बेहतर तो कुछ मुकाबले में फंसेराजनेताओं के अन्य वंशजों में मुकाबले में फंसे प्रत्याशियों में नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह के भांजे कांग्रेस प्रत्याशी राहुल भदौरिया, सिंधिया परिवार की निकटतम रिश्तेदार भाजपा प्रत्याशी माया सिंह, विधानसभा अध्?क्ष गिरीश गौतम के भतीजे कांग्रेस प्रत्याशी पद्मेश, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी के पोते भाजपा प्रत्याशी सिद्धार्थ, इंदौर की सांवेर सीट पर पूर्व सांसद प्रेमचंद गुड्डू की बेटी कांग्रेस की रीना बौरासी के भविष्य का रास्ता 3 दिसंबर को खुलेगा। पूर्व मंत्री चिटनिस, डिप्टी सीएम रहे यादव के सामने चुनौती देपालपुर में निर्भयसिंह पटेल के पुत्र भाजपा प्रत्याशी मनोज पटेल, रतलाम की जावरा सीट पर पूर्व सांसद लक्ष्मीनाराण पांडेय के पुत्र भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र पांडेय, बुरहानपुर की नेपानगर सीट पर पूर्व विधायक राजेंद्र दादू की बेटी भाजपा प्रत्याशी मंजू दादू, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष बृजमोहन मिश्र की पुत्री पूर्व मंत्री व भाजपा प्रत्याशी अर्चना चिटनीस, पूर्व विधायक चिड़ाभाई डाबर के बेटे विधायक कांग्रेस प्रत्याशी केदार डाबर, पूर्व उप मुख्यमंत्री सुभाष यादव के पुत्र पूर्व मंत्री सचिन यादव, पूर्व विधायक सीताराम साधौ की पुत्री व पूर्व मंत्री कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ हैं। केंद्रीय मंत्री भूरिया बेटे के लिए परेशानपूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया के पुत्र डॉ. विक्रांत भूरिया, पूर्व विधायक प्रेम सिंह दत्तीगांव के पुत्र मंत्री भाजपा प्रत्याशी राजवर्धन सिंह, पूर्व मंत्री इंद्रजीत कुमार के पुत्र पूर्व मंत्री कांग्रेस प्रत्याशी कमलेश्वर पटेल, पूर्व मंत्री बृजेंद्र सिंह राठौर के पुत्र कांग्रेस प्रत्याशी नितेंद्र सिंह, पूर्व सांसद सत्यव्रत चतुवेर्दी के भाई कांग्रेस प्रत्याशी विधायक आलोक चतुवेर्दी, पूर्व विधायक चौधरी दिलीप सिंह के पुत्र पूर्व मंत्री कांग्रेस प्रत्याशी चौधरी राकेश सिंह चतुवेर्दी, पूर्व मंत्री सत्येंद्र पाठक के पुत्र भाजपा प्रत्याशी संजय पाठक, पूर्व विधायक प्रभात पांडेय के पुत्र भाजपा प्रत्याशी प्रणय पूर्व सांसद कंकर मुंजारे की पत्नी कांग्रेस प्रत्याशी अनुभा मुंजारे, पूर्व मंत्री लिखीराम कांवरे की पुत्री पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष कांग्रेस प्रत्याशी हिना कांवरे भी शामिल है। अकील की बेटे के लिए ज्यादा चिंंतापूर्व विधायक मनमोहन शाह बट्टी की पुत्री भाजपा प्रत्याशी मोनिका, पूर्व मंत्री आरिफ अकील के बेटे कांग्रेस प्रत्याशी आतिफ अकील, पूर्व राज्यसभा सदस्य कैलाश नारायण सारंग के पुत्र मंत्री विश्वास सारंग, पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा के भाई विधायक भाजपा प्रत्याशी उमाकांत, पूर्व विधायक केदार सिंह चौहान के पुत्र भाजपा प्रत्याशी महेंद्र सिंह चौहान, पूर्व विधायक गोविंद शर्मा के पुत्र विधायक भाजपा प्रत्याशी आशीष शर्मा, पूर्व मंत्री हजारीलाल रघुवंशी के पुत्र ओमप्रकाश रघुवंशी के नाम प्रमुख हैं। इन नेताओं की सीट में अच्छे संकेतवहीं जिन नेताओं के वंशजों के लिए चुनाव में मुकाबला आसान दिखाई दे रहा है उनमें पूर्व नेता प्रतिपक्ष जमुनादेवी के भतीजे व पूर्व मंत्री कांग्रेस प्रत्याशी उमंग सिंगार, पूर्व मंत्री सुलोचना रावत के पुत्र भाजपा प्रत्याशी विशाल रावत, पूर्व मंत्री तुकोजीराव पवार की पत्नी विधायक गायत्रीराजे, पूर्व सांसद सुखराम कुशवाह के पुत्र विधायक सिद्धार्थ कुशवाह, पूर्व नेता प्रतिपक्ष सत्यदेव कटारे के पुत्र कांग्रेस प्रत्याशी हेमंत कटारे, नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह की समधन पूर्व विधायक चंदा गौर, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ईश्वरदास रोहाणी के पुत्र अशोक, पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के भतीजे कांग्रेस प्रत्याशी पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह शामिल हैं।

सियासत किस करवट लेगी, इसको लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म.

Political discussions are heating up over which direction politics will take. गगनचुंबी दावों के बीच किसके सिर सजेगा सत्ता का ताज, तीन दिसंबर को स्थिति होगी साफ, लगभग 150 घंटे का इंतजार बांकी. उदित नारायण उदित नारायणभोपाल। मध्यप्रदेश चुनाव 2023 के परिणाम को भले ही लगभग 150 घंटे शेष हों, लेकिन सियासत में कांग्रेस और भाजपा के परिणाम इस बार किस करवट बैठेंगे, इसको लेकर भारी चर्चा हो रही है। मध्यप्रदेश में बिना किसी लहर के नजर आए मतदाताओं के उत्साह और भारी मतदान के बाद राजनीतिक दल और राजनेता आंकड़ों के खेल में उलझ कर इस बात का अंदाजा लगा रहे हैं कि आखिर सता का ताज किसके सिर सजेगा। भाजपा को भरोसा है कि सत्ता का ताज उसके सर पर ही सजा रहेगा। वहीं कांग्रेस को भरोसा है कि कांग्रेस की ही सरकार बन रही है और कमल नाथ मुख्यमंत्री बनेंगे। लाडली बहना बनाम एंटी इनकमबेंसी को लेकर ही अनुमान लगाए जा रहे हैं। शिवराज सरकार की लाडली बहना योजना को भाजपा अपने पक्ष में मानकर चल रही है तो कांग्रेस एंटी इनकमबेंसी और महंगाई के कारण महिला मतदाताओं को अपने पक्ष में मानकर अपनी जीतका गगनचुंबी दावा कर रही हैं। भाजपा नेता मध्यप्रदेश में 230 सीटों में से 150 से अधिक सीटें जीतने का दावा कर रहे हैं तो वहीं कांग्रेस नेता 125 से लेकर 150 सीट तक जीतने का दावा कर रहे हैं। अपने अंदरूनी सर्वे में दोनों ही दल यह मानकर चल रहे हैं कि लगभग 100 -100 सीटें तो जीत ही रहे हैं और बची हुई 30 सीटों में से जो भी आधे से अधिक जीत लेगा उसे ही मध्य प्रदेश में सत्ता साकेत में नौकायन का मौका मिल जाएगा। लाख टके के सवाल का जवाब 3 दिसंबर को मतगणना से ही मिलेगा 116 का जादुई आंकड़ा कौन पर करता है। वास्तव में भारी मतदान किसके पक्ष में हुआ है इसको लेकर राजनीतिक विश्लेषक भी अपने-अपने ढंग से इसका अर्थ निकाल रहे हैं लेकिन कोई भी निश्चित तौर पर यह नहीं कह रहा है कि चुनाव कौन जीत रहा है। मध्यप्रदेश के चुनाव नतीजे इस बात पर निर्भर करेंगे कि शिवराज की लाडली बहना ने कोई गुल खिलाया है या फिर एंटी इनकंबेंसी मतदाताओं के मानस पटल पर पूरी तरह छाई रही। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को इस बात का पक्का भरोसा है कि लाडली बहनों ने अपने भाई का साथ दिया है और भाजपा की ही सरकार बनने वाली है। वहीं दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ का दावा है कि मतदाता मध्यप्रदेश का निर्माण करेगा और उनका एक-एक वोट प्रदेश में फैले कुशासन को समाप्त कर जनहित की सरकार की स्थापना करेगा। सूत्रों के अनुसार भाजपा के आंतरिक सर्वेक्षण में उसे 124 सीटें जीतने का पक्का भरोसा है जबकि उसका अनुमान है कि कांग्रेस को लगभग 100 सीटें मिल सकती हैं। कांग्रेस 130 से अधिक सीटों के साथ अपनी सरकार बनाने का दावा कर रही है तो वहीं पर दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी 124 सीटों पर अपनी जीत पक्की मान वह लगभग 4 सीटों पर कड़े संघर्ष की स्थिति देख रही है। भाजपा के आंतरिक सर्वे में जहां तक विंध्याचल का सवाल है वहां पर पार्टी है यह मान रही है कि उसे यहां की 30 में 19 सीटें मिल ही जाएंगी तो वहीं दूसरी ओर 11 सीटें कांग्रेस को भी मिल सकती है। यहां की 25 सीटों पर कांग्रेस और भाजपा के बीच ही सीधा मुकाबला बताया जा रहा है जबकि 5 सीटों में मुकाबला त्रिकोणात्मक माना जा रहा है। महाकौशल आंचल की कुल 38 सीटों में से भाजपा को 19 सीटों पर जीत का भरोसा है और इतनी सीटें वह कांग्रेस के लिए पक्की मानकर चल रही है। इस प्रकार भाजपा के आंतरिक सर्वे में भी इस अंचल में दोनों के बीच बराबरी का मुकाबला माना जा रहा है जबकि कांग्रेस इस अंचल में अपनी स्थिति काफी मजबूत मानकर चल रही है। यह तो मतगणना से ही पता चलेगा कि आखिर यहां के मतदाताओं ने किस पर अधिक और किस पर कम भरोसा जताया। भाजपा के आंतरिक सर्वेक्षण के अनुसार भोपाल- नर्मदापुरम संभाग की 36 सीटों में से भाजपा 20 पर अपनी जीत पक्की मानकर चल रही है और कांग्रेस को वह 15 सीटें दे रही है। राजधानी भोपाल की एक सीट भोपाल मध्य में वह कांग्रेस के साथ क कड़े संघर्ष की स्थिति देख रही है। इस संभाग में भी भाजपा और कांग्रेस के बीच ही मुख्य चुनावी मुकाबला हो रहा है। ग्वालियर चंबल संभाग में 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को धीरे से जोर का झटका लगा था लेकिन यहां वह दल बदल के बाद भाजपा को अपनी स्थिति तुलनात्मक रूप से मजबूत नजर आ रही है क्योंकि इस बार उसे भरोसा है कि उसकी झोली में 15 सीटें तोआ ही रहीं हैं जबकि एक मुरैना सीट पर कड़े मुकाबले में बसपा को जीतते हुए देख रही है। इस सर्वे में माना जा रहा है कि इस अंचल में सबसे अधिक 17 सीटें कांग्रेस जीत सकती है। दतिया सीट पर भाजपा कांग्रेस के साथ कड़े मुकाबले की स्थिति देख रही है ।यहां पर भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर हो रही है। बुंदेलखंड अंचल की 26 सीटों में से भाजपा यह मानकर चल रही है कि कांग्रेस को 13 सीटों पर बढ़त है तो वहीं 12 सीटों को अपने लिए पक्की मान रही है जबकि एक सीट निवाड़ी में समाजवादी पार्टी को जीते हुए देख रही है। निमाड़ और मालवांचल की 66 सीटों में से वह अपने लिए 39 सीटें पक्की मान रही है जबकि क्षेत्र 25 सीटें कांग्रेस पार्टी को दे रही है। जहां तक कांग्रेस का सवाल है उसे 130 से 140 सीटें जीतने का भरोसा है। कांग्रेस पार्टी का आंतरिक सर्वे भाजपा को मात्र 80 से 85 ही सीटें दे रहा है। वही आम आदमी पार्टी बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी आदि को लगभग दस तक सीटें मिल जाएगी ऐसा मानकर कांग्रेस चल रही है।कांग्रेस और भाजपा दोनों ही अपनी जीत का दावा पूरी शिद्दत के साथ कर रहे हैं।दोनों के अपने अपने तर्क हैं और अपने अपने विश्वास । सभी पार्टियों और निर्दलीय उम्मीदवारों ने अपने-अपने … Read more

महाकौशल के तीन दिग्गज नेताओं दाव पर लगी साख.

Mahakaushal three stalwart leaders of expertise face a challenge. पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, केंद्रीय मंत्री प्रहलाद और फग्गन सिंह कुलस्ते मैदान में, तीनों के परिणामों पर पूरे प्रदेश की नजर, भाजपा और कांग्रेस बेचैन, परिणामों को लेकर सियासत में चर्चाओं का बाजार गर्म उदित नारायणभोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा 2023 के परिणामों को लेकर प्रदेश की सियासत में चर्चाओं का बाजार गर्म है। ग्वालियर-चंबल, निमाड़-मालवा, बुंदेलखंड, बिंध्य क्षेत्र और महाकौशल में यूं तो लोग अपने-अपने नेताओं की जीत को लेकर आश्वस्त हैं। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के महाकौशल क्षेत्र की है। क्योंकि यह क्षेत्र उनका गढ़ कहा जाता है। इस क्षेत्र में इस बार कांग्रेस भारी रहेगी या भाजपा, इसको लेकर प्रदेश भर की नजर लगी हैं। कांग्रेस ने पिछले विधानसभा चुनाव में जहां पर जबरदस्त बढ़त ली थी। कमलनाथ के गढ़ छिंदवाड़ा की सभी 7 सीटों पर कांग्रेस उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की थी। इस बार भाजपा ने अपने दो केंद्रीय मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल और फगन सिंह को भी इस क्षेत्र से विधानसभा के चुनाव मैदान में उतारा है। इस क्षेत्र में आने वाले आठ जिलों की 38 सीटों पर किसे कितनी सीटें मिलेंगी इस पर पूरे प्रदेश की नजर है। दरअसल, मध्य प्रदेश में सरकार बनाने के लिए इस क्षेत्र को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। कमलनाथ के परिणामों पर सबकी नजरमध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ छिंदवाड़ा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। साल 2018 में वह चुनाव नहीं लड़े थे, लेकिन उनका प्रभाव साफ तौर पर इस जिले में दिखाई दिया था। जिले की सभी सिम कांग्रेस ने जीत ली थी बाद में कमलनाथ के उपचुनाव छिंदवाड़ा सीट से लड़ा और चुनाव जीत गए। इस बार कमलनाथ कांग्रेस की तरफ से मुख्यमंत्री का चेहरा इसलिए ना सिर्फ उनकी सीट छिंदवाड़ा पर लोगों की नजर है, बल्कि उनके जिले की हर सीट पर प्रदेश भर की नजर गड़ी हुई है। केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल और फग्गन सिंह कुलस्ते के चौकाने वाले होंगे परिणामकेंद्रीय मंत्री पहलाद सिंह पटेल नरसिंहपुर से चुनाव लड़ रहे हैं उनके भाई जालम सिंह पटेल इसी क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं। केंद्रीय मंत्री और भाजपा प्रदेश के दिग्गज नेताओं में शुमार प्रहलाद सिंह पटेल के चुनाव परिणामों को लेकर कांग्रेस और भाजपा के नेताओं के साथ प्रदेश भर के सभी राजनेताओं की नजर उन पर है। केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते का भाजपा के दलित आदिवासियों नेताओं में बड़ा नाम है। इस बार उन्होंने निवास विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा है। साल 2018 में यह सीट कांग्रेस ने जीती थी। भाजपा ने आदिवासियों के सबसे बड़े नेता माने जाने वाले कुलस्ते को इस सीट से उतर कर मुकाबला रोचक बना दिया है। पूरे प्रदेश पर की नजर इस सीट पर है। महाकौशल में आने वाली आदिवासी बाहुल्य सीटों पर कुलस्ते के चुनावी मैदान में उतरने से कितना असर पड़ेगा। इस पर भी दोनों ही राजनीतिक दलों के लोगों की नज़रें टिकी हुई है।

सरकार किसी की भी बने, इस बार डिप्टी सीएम का फार्मूला भी.

Regardless of which government is formed, this time the formula for the Deputy Chief Minister is also there. Manish Trivediभोपाल, मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनावों में मतगणना के बाद सरकार किसी भी दल की बने चाहे वह भाजपा हो या कांग्रेस, लेकिन इतना तय है कि अब मध्यप्रदेश में डिप्टी सीएम के फार्मूले भी चलेंगे। इस बार दोनों ही दलों में सीएम बनने की चाहत वाले नेताओं को संतुष्ट करने के लिये यूपी , महाराष्ट्र व छत्तीसगढ की तर्ज पर डिप्टी सीएम बनाया जायेगा। ताकि सत्तारूढ पार्टी के बडे नेताओं में समन्वय रहे। यदि भाजपा की सरकार बनती है तो सीएम के अलावा दो डिप्टी सीएम बनेंगे, इसमें एक दलित वर्ग से भी पार्टी के एक बडे नेता को संतुष्ट किया जायेगा। वहीं कांग्रेस की सरकार बनती है तो ग्वालियर-चंबल या विंध्य, अंचल के एक बडे नेता को अब डिप्टी सीएम बनाना तय है। यह नेता कमलनाथ की पिछली सरकार में भी पावरफुल मंत्री रहे थे।कुल मिलाकर दोनों ही पार्टियां अब अंदर ही अंदर नाराजगी रोकने के लिये डिप्टी सीएम के फार्मूले पर काम कर रही है।

वोटिंग के बाद भाजपा के बडे नेता व मंत्री पूजा पाठ में तल्लीन.

After voting, senior leaders and ministers of the BJP were immersed in prayer. उदित नारायणभोपाल। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनावों की वोटिंग के बाद प्रदेश के एक दर्जन मंत्री और भाजपा के बडे नेता पूजा पाठ में लगे हैं । इन्हें विश्वास है कि उनकी पूजा पाठ से नैया पार लग जायेगी। यह मंत्री और बडे नेता धार्मिक स्थानों पर निकल गये हैं, तो कुछ अज्ञात वास पर हैं। जहां नियमित तौर पर अपने धार्मिक सलाहकारों की सलाह से पूजा पाठ में लगे हैं।कुल मिलाकर भाजपा की सरकार के मंत्री व बडे नेता मध्यप्रदेश में हुई बम्पर वोटिंग से मन ही मन घबरा रहे हैं, और अपने सलाहकारों की सलाह पर परिणाम अपने पक्ष में आने की संभावना पर धार्मिक स्थलों के दर्शन भी कर रहे हैं। स्वयं मंत्रियों के साथ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी पांचवी बार सरकार के रिपीट की संभावना पर पूजा पाठ कर रहे हैं। उन्होंने भी कई धार्मिक स्थलों पर दर्शन किये हैं। कुल मिलाकर अब राज्य की भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री , मंत्री व भाजपा के बडे नेता चुनावी घमासान में वोटर रूपी भगवान की मान मनोब्बल करने के बाद अब देव मंदिरों व देव आराधना की शरण में हैं। विशेष बात यह है कि इन सभी ने अपनी दिनचर्या भी पंडितों व ज्योत्षियों के बताई सलाह पर कर ली है। राज्य के एक बडे मंत्री तो एक वास्तु विशेषज्ञ की सलाह भी ले रहे है। वैसे यह सभी कवायद चुनाव जीतने के लिये ही है। वहीं एक भाजपा कार्यकर्ता का तो यह कहना है कि यदि कार्यकर्ताओं की पूछ परख की होती तो इतनी चकल्लस ही क्यों करनी पडती।कांग्रेसी भी पूजा पाठ के सहारे राज्य विधानसभा चुनावों में भाजपा को कडी टक्कर देने वाली कांग्रेस के नेता व प्रत्याशी भी अपनी जीत के लिये विभिन्न मंदिरों में मत्था टेक रहे हैं। किसी ने अपने घर अखंड रामायण तो किसी ने सुंदरकांड तक के आयोजन कराये हैं। स्वयं कमलनाथ भी अपने एक ज्योतिष व धार्मिक सलाहकार की सलाह से चल रहे हैं।

राज्यसभा में MP की 5 सीटों का नंबर गेमः कौन किस पर भारी

The number of seats for Members of Parliament (MP) in the Rajya Sabha is 5. मौजूदा 4 सीटों को बचाने भाजपा को चाहिए 152 विधायक; अप्रैल में खत्म होगा कार्यकाल मध्यप्रदेश में 3 दिसंबर को विधानसभा चुनाव के नतीजे आएंगे। इन नतीजों से दो सवालों का जवाब मिलेगा। मध्यप्रदेश में किस पार्टी की सरकार बनेगी?अप्रैल 2024 में खाली हो रही राज्यसभा की 5 सीटों में से कितनी-किस पार्टी के खाते में जाएंगी। एमपी के 11 में से 5 राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल 2 अप्रैल को खत्म हो रहा है। इनमें से 4 सीटें भाजपा जबकि 1 कांग्रेस के पास है। भाजपा को यदि यह आंकड़ा बरकरार रखना है तो विधानसभा में उसे 152 सीटें जीतना होंगी क्योंकि एक प्रत्याशी को जीतने के लिए न्यूनतम 38 विधायकों के वोट की जरूरत होगी। राज्यसभा सांसद का चुनाव तय फॉर्मूले के तहत होता है। इसके मुताबिक, जिस पार्टी के पास विधायकों की संख्या अधिक होती है, उस पार्टी के उम्मीदवार की जीत तय होती है। पहले जानिए, कैसे होता है राज्यसभा चुनाव राज्यसभा सांसदों के लिए चुनाव की प्रक्रिया अन्य चुनावों से काफी अलग है। राज्यसभा के सदस्य अप्रत्यक्ष रूप से चुने जाते हैं यानी जनता नहीं बल्कि विधायक इन्हें चुनते हैं। राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए कितने वोटों की जरूरत होती है, ये पहले से ही तय होता है। वोटों की संख्या का कैलकुलेशन कुल विधायकों की संख्या और राज्यसभा सीटों की संख्या के आधार पर होता है। इसमें एक विधायक की वोट की वैल्यू 100 होती है। व्हिप के उल्लंघन से खत्म हो सकती है सदस्यता राज्यसभा चुनाव में लोकसभा और विधानसभा की तरह गुप्त मतदान नहीं होता है। राज्यसभा सांसद के नाम के आगे एक से चार तक का नंबर लिखा होता है। विधायकों को वरीयता के आधार पर वोट देना होता है। राज्यसभा सदस्य के चुनाव के लिए राजनीतिक दल रिक्त सीटों पर प्रत्याशी घोषित करने के साथ अपने विधायकों के लिए व्हिप जारी करते हैं। यदि किसी विधायक ने व्हिप का उल्लंघन कर पार्टी प्रत्याशी को वोट नहीं दिया तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है। नियमानुसार पार्टी विधानसभा सचिवालय को ऐसे विधायक की लिखित शिकायत करती है तो जांच के बाद उसकी विधानसभा सदस्यता भी समाप्त हो सकती है। किस फॉर्मूले से तय होती है जीत? राज्यसभा चुनाव के लिए एक फॉर्मूले का उपयोग किया जाता है। इसमें कुल विधायकों की संख्या को 100 से गुणा किया जाता है। इसके बाद राज्य में जितनी राज्यसभा की सीटें हैं, उसमें एक जोड़ कर भाग दिया जाता है। इसके बाद कुल संख्या में एक जोड़ा जाता है। फिर अंत में जो संख्या निकलती है, वह जीत का आंकड़ा होता है। 2020 में भाजपा ने ऐसे पलट दिया था नंबर गेम 19 जून 2020 को राज्यसभा की 3 सीटों के लिए चुनाव हुआ था। भाजपा ने ज्योतिरादित्य सिंधिया और डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी को प्रत्याशी बनाया था जबकि दिग्विजय सिंह और फूल सिंह बरैया ने कांग्रेस की तरफ से नामांकन भरा था। इस चुनाव से तीन महीने पहले सिंधिया समर्थक 22 विधायकों ने 10 मार्च 2020 को विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था। ऐसे में मौजूदा विधायकों की कुल संख्या 206 रह गई थी क्योंकि 2 विधानसभा सीटें मुरैना जिले की जौरा और आगर-मालवा की आगर सीट विधायकों के निधन के बाद खाली थी।इस हिसाब से राज्यसभा के एक प्रत्याशी को कम से कम 52 वोट चाहिए थे। विधायकों की संख्या के आधार पर भाजपा के दो उम्मीदवार- ज्योतिरादित्य सिंधिया (56 वोट) और डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी (55 वोट) जीतने में कामयाब हुए थे। कांग्रेस की तरफ से दिग्विजय सिंह (57 वोट) ही जीत दर्ज कर सके थे। दूसरे प्रत्याशी फूल सिंह बरैया को केवल 38 वोट मिले थे। 5 विधायकों ने भी बदल लिया था पाला 2018 विधानसभा चुनाव के बाद बसपा, सपा और निर्दलीय विधायकों के समर्थन से कमलनाथ सरकार ने बहुमत का आंकड़ा पार किया था। इस चुनाव में कांग्रेस को 114 और भाजपा को 109 सीटें मिली थीं लेकिन 19 जून 2020 को राज्यसभा की 3 सीटों पर हुए चुनाव से ठीक पहले बसपा के दो, सपा का एक और 2 निर्दलीय विधायकों ने पाला बदल लिया था। जिसका फायदा भाजपा को हुआ था। दिग्विजय को तीन वोट ज्यादा मिले थे 3 सीटों के चुनाव में भाजपा को दो वोटों का नुकसान हुआ था। गुना से भाजपा विधायक गोपीलाल जाटव ने ज्योतिरादित्य सिंधिया की जगह क्रॉस वोटिंग की थी। सुमेर सिंह सोलंकी के पक्ष में दिया गया भाजपा विधायक जुगल किशोर बागरी का वोट निरस्त हो गया था। 3 सीटों पर चुनाव से ठीक एक दिन पहले 18 जून 2020 को कमलनाथ के निवास पर एक बैठक हुई थी। इसमें तय किया गया था कि दिग्विजय सिंह को 54 विधायक वोट देंगे लेकिन उन्हें 57 वोट मिले। यानी जिन तीन विधायकों को दूसरे प्रत्याशी फूल सिंह बरैया को वोट देना था, उन्होंने दिग्विजय सिंह को वोट दे दिया था। से ओबीसी, दलित और महिला वर्ग को साधा था। दरअसल, राज्यसभा चुनाव से पहले एमपी की राजनीति में ओबीसी एक बड़ा मुद्दा बन गया था। ओबीसी आरक्षण की वजह से पंचायत और निकाय चुनाव टल गए थे। मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा था। कोर्ट के दखल के बाद निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण का रास्ता साफ हुआ था। प्रदेश में ओबीसी वोटरों की आबादी 50 फीसदी से अधिक है। बीजेपी ने कविता पाटीदार के नाम की घोषणा कर एक बड़ा ओबीसी कार्ड खेला था। इसी तरह सुमित्रा वाल्मीकि को राज्यसभा में भेजकर दलित वर्ग को साधने की कोशिश की थी। जानकार कहते हैं कि यदि भाजपा फिर दलित, ओबीसी और महिला कार्ड खेलती है तो उसे मिशन 2024 में भी बड़ा फायदा होगा।

कांग्रेस की सरकार बनेगी या नहीं, अब चर्चा डिप्टी सीएम बनाने की.

Whether the Congress will form the government or not is now under discussion, focusing on the appointment of the Deputy Chief Minister. कर्नाटक और छत्तीसगढ़ की तर्ज पर एमपी में भी कांग्रेस कर सकती है प्रयोग उदित नारायणभोपाल – मध्य प्रदेश में सरकार आखिर किसकी बनेगी। यह फैसला 3 दिसंबर के बाद ही होगा। इस बीच कांग्रेस के अंदर डिप्टी सीएम बनाए जाने का जिन निकलकर सामने आ गया है। कांग्रेस के अंदर चर्चा है कि छत्तीसगढ़, कर्नाटक के बाद मध्य प्रदेश में भी डिप्टी सीएम बनाए जाने को लेकर कवायद चल रही है। कांग्रेस की शुरूआत से ही अपने कम फीस के तौर पर कमलनाथ को प्रेजेंट किया है। अब डिप्टी सीएम कौन बनेगा या फिर बनाया जाएगा। यह मामला केंद्रीय आलाकमान ही तय करेगा। कांग्रेस के सीनियर लीडर और पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह का कहना है कि मध्य प्रदेश में डिप्टी सीएम बनाए जाने को लेकर फैसला सेंट्रल लीडरशिप करेगी। राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिका अर्जुन खरगे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का फैसला होगा। अगर डिप्टी सीएम बनाया जाता है तो कमलनाथ को भी भरोसे में लिया जाएगा। केंद्रीय लीडर से जो भी तय करेगी, वह मध्य प्रदेश में भी होगा। यानी कि केंद्रीय गला कमान की मंजूरी होती है तो कांग्रेस मध्य प्रदेश में भी डिप्टी सीएम बन सकती है। हालांकि अभी इसके लिए लंबा कांग्रेस का इंतजार करना पड़ेगा लेकिन कांग्रेस पूरे भरोसे में है कि सरकार बनने जा रही है।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री राजन ने सीहोर के मतगणना स्थल और स्ट्रांग रूम का किया निरीक्षण

मतगणना की तैयारियों का मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने लिया जायजा

मंत्री सुरेश राठखेड़ा की मुश्किलें बढ़ी, शिवपुरी की घटना पर मानव अधिकार आयोग ने लिया संज्ञान

मंत्री सुरेश राठखेड़ा की मुश्किलें बढ़ी

पार्टियों ने काटा टिकट, तो विधानसभा सचिवालय ने कहा, बंगला खाली करो

Parties have issued tickets, so the Legislative Assembly Secretariat has said, Vacate the bungalow. छिनेगा यशोधरा राजे से बंगला, चुनाव नहीं लड़ने वाले विधायकों को नोटिस, विधानसभा सचिवालय ने 30 बेटिकट विधायकों को भेजा पत्र भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में दोनों बड़ी पािर्टयों भाजपा और कांग्रेस ने इनकमवेंशी के कारण लगभग ढाई दर्जन के क्या टिकट काट दिए कि अब उनका बंगला भी छिनने वाला है। यानि इधर पार्टियों ने टिकट काटा, तो उधर, जैसे लोकसभा में राहुल गांधी का बंगला िछनने की जल्दबाजी की गई, उसी तरह विधानसभा सचिवालय ने भी बेटिकट वाले माननीयों को बंगला खाली करने का नोटिस थमा दिया है। इससे इन माननीयों की भोपाल में रहने को लेकर बेचैनी बढ़ गई है। नई विधानसभा के गठन तक आवास में रह सकते मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए मतदान पूरा हो चुका है। अब तीन दिसंबर को मतगणना होनी है। जिसमें 16वीं विधानसभा के सदस्यों के नाम सामने आ जाएंगे। नई विधानसभा सदस्यों को आवास उपलब्ध कराने के लिए विधानसभा सचिवालय ने भी अपनी तैयारी तेज कर दी है। इसके लिए सचिवालय ने उन विधानसभा सदस्यों को नोटिस जारी कर दिया है, जो चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। ऐसे भाजपा और कांग्रेस के 30 वर्तमान विधायकों को नोटिस देकर आवास खाली करने को कहा गया है। हालांकि वर्तमान विधायक नई विधानसभा के गठन तक आवास में रह सकते हैं। नए विधायकों को लेकर टेंशन में विधानसभा सचिवालय नए विधायकों के जीतने के बाद उन्हें भोपाल में सरकार द्वारा आवास मुहैया कराया जाता है। इसको लेकर विधानसभा सचिवालय ने राज्य सरकार को भी पत्र लिखा है। इसमें नए विधायकों के चुन कर आने पर उनके लिए गेस्ट हाउस और रेस्ट खाली रखने को कहा गया है। इस संबंध में राज्य सरकार की तरफ से भी विभिन्न विभागों को लिखा गया है।

दलित और मुस्लिम बाहुल्य है सिरोंज विधानसभा की ये सीट! फिर भी रहा है शर्मा परिवार का दबदबा.

The seat of Sironj Vidhan Sabha is a stronghold of Dalits and Muslims! Still, the Sharma family maintains its dominance. 17 नवंबर को मतदान पूर्ण हुआ और दोनों ही पार्टियों के बागीयों पर चर्चा हुई तेज अलताफ खान सिरोंजसिरोंज विधानसभा में इस बार मुकाबला कांग्रेस बीजेपी में कांटे का देखने में आया है 17 नंबर को मतदान होने के बाद दोनों ही पार्टियों के कार्यकरता एवं पदाधिकारी अपने-अपने हिसाब से समीकरण लगाने में लगे हुए हैं और अपने पार्टी के प्रत्याशी को जीता हुआ घोषित कर रहे हैं सबसे महत्वपूर्ण इस बार सिरोंज विधानसभा क्षेत्र में यह देखने में आया है कि दोनों ही ओर से टिकट मांगने वाले उम्मीदवारों को पार्टी द्वारा टिकट नहीं दिया गया तो कहीं ना कहीं इन्होंने या तो पार्टी के लिए बिल्कुल काम नहीं किया या फिर खामोश बैठे रहे या फीर यह कहा जाए की अंदर से पार्टी के लिए दगाबाजी की या पार्टी के कई बड़े नेता सामने वाली पार्टी के उम्मीदवार से मिल गए यह सब तो 3 दिसंबर को मतगणना के बाद परिणाम आने के बाद मालूम चल ही जाएगा की किस पार्टी के नेता ने अपनी पोलिंग को अच्छे बहुमत से जिताया या दगाबाजी करके पोलिंग हरबादी अब एक बात यहां पार्टी के छोटे-छोटे कार्यकर्ताओं को सता रही है कि हमने पार्टी के लिए वफादारी से काम किया और इसका पूरा फायदा पार्टी के वरिष्ठ नेता जो चुनाव के समय विरोध जाता रहे थे वह ले जाएंगे या फिर पार्टी इन्हें दरकिनार करेगी इस बात की चर्चा भी क्षेत्र में आम है सिरोंज विधानसभा वैसे तो दलित मुस्लिम बहुमूल्य क्षेत्र है दलित मुस्लिम वोट ज्यादातर कांग्रेस पक्ष का माना जाता है लेकिन सिरोंज विधानसभा में 1990 के बाद से शर्मा परिवार का दबदबा रहा है और लगातार चार बार से भाजपा के पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा यहां से विजय होते हुए आए थे फिर उन्हें कांग्रेस के गोवर्धन उपाध्याय ने 2013 में चुनाव हरा दिया इसके बाद भाजपा के हाथ से यह सीट चली गई और चर्चा फिर आम बनी कि इस बार भी ब्राह्मण के हाथ में ही सिरोंज लटेरी की कमान आ गई क्योंकि गोवर्धन उपाध्याय भी ब्राह्मण समाज से आते हैं फिर 2018 में भाजपा से उम्मीदवार उमाकांत शर्मा थे जिसको सिरोंज लटेरी विधानसभा क्षेत्र की जनता ने अपना बहुमूल्य बोट देकर लगभग 35000 के अंतराल से कांग्रेस से उम्मीदवार रही मसर्रत शाईद को चुनाव हराया अब इस बार कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार गगनेंद्र रघुवंशी को बनाया है जिनके सामने भारतीय जनता पार्टी ने इस बार फिर दिग्गज नेता उमाकांत शर्मा को चुनाव मैदान में उतारा है सिरोंज लटेरी का चुनाव तो शांतिपूण रहा और मतदान भी शांतिपूर्वक हो ही गया लेकिन जीत की उम्मीद तो दोनों ही ओर से लगाई जा रही है मगर अभी इस सीट से कौन विजय होगा यह कहना आसान नहीं है इस बार कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार गगनेंद्र रघुवंशी को जनता ने वोट दिया है लेकिन उनके सामने भारतीय जनता पार्टी से उम्मीदवारी कर रहे उमाकांत शर्मा का प्रभाव क्षेत्र में जबरदस्त तरीके से है और चुनाव में भी भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बड़े लगन के साथ मेहनत की है तो दूसरी ओर गगनेंद्र रघुवंशी का चुनाव मानो जनता ने लड़ा हो ऐसी क्षेत्र में चर्चाएं आम है किसके सर पर बनेगा सेहरा और कौन रह जाएगा रुका यह तो मतगणना के बाद ही पता चलेगा.

नेता प्रतिपक्ष ने चुनाव आयोग में दर्ज कराई शिकायत

The opposition leader filed a complaint with the Election Commission. भिंड कलेक्टर के खिलाफ लगाए आरोप, मैं सात बार से लगातार कैसे जीत रहा हूं साजिश करते हुए जानबूझकर लहार विधानसभा में अधिकारी कर्मचारियों को वोटिंग से वंचित रखा. Udit Narayan – Sahara Samachaar भोपाल। मप्र के नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर गोविंद सिंह ने मुख्य निर्वाचन कार्यालय पहुंचकर भिंड कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव को हटाए जाने की मांग रखी। उन्होंने कहा वे मेरी जीत का कारण पूछते हैं। वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों से पूछते हैं कि मैं सात बार से लगातार कैसे जीत रहा हूं। सिंह ने भिंड कलेक्टर पर और भी कई गंभीर आरोप लगाए हैं।नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस का एक प्रतिनिधि मंडल गुरुवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय पहुंचा था। यहां उन्होंने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन से मुलाकात भिंड कलेक्टर को लेकर अपनी शिकायत दर्ज करवाई। गोविंद ने इस संबंध में चुनाव आयोग में ज्ञापन भी सौंपा। उनका कहना है कि संजीव श्रीवास्तव के रहते लहार विधानसभा में निष्पक्ष काउंटिंग नहीं हो पाएगी। वे भाजपा का एजेंट बनकर काम कर रहे हैं। इसीलिए कलेक्टर श्रीवास्तव को हटाया जाए। नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि भिंड कलेक्टर ने साजिश करते हुए जानबूझकर लहार विधानसभा में अधिकारी कर्मचारियों को वोटिंग से वंचित रखा। उन्होंने कहा कि कलेक्टर ने डाक मत पत्रों को कोषालय में जमा भी नहीं कराया गया। इतना ही मतदान दिवस पर कलेक्टर के आदेश पर मतदाताओं को प्रताड़ित किया गया, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोग वोट नहीं कर पाए। कांग्रेस एजेंट्स को कलेक्टर ने मतदान केंद्र के बाहर बैठाए रखा और फर्जी मतदान करवाया गया। उन्होंने कहा कि भिंड कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव को सीनियर आईएएस का संरक्षण प्राप्त है और यह सब कुछ उनके ही इशारे पर किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि चुनाव से पहले ही उन्होंने सीएस को हटाने के लिए मांग उठाई थी।

बागियों ने अपनों की बढ़ाई मुश्किलें, त्रिकोणीय से भाजपा-कांग्रेस में टेंशन.

Tensions arise between BJP and Congress in triangular. दो दर्जन सीटों पर फसा पेंच, कहीं बागी भाजपा का खेल बिगाड़ रहे हैं तो कहीं कांग्रेस का. उदित नारायणभोपाल। मध्य प्रदेश की सभी 230 सीटों पर 17 नवंबर को मतदान होने के बाद 3 दिसंबर के परिणाम पर लोगों की नजरें टिकी हुई हैं। वैसे तो प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के बीच ही मुकाबला बताया जा रहा है, लेकिन इस बार बसपा, सपा के साथ ही बागी निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। इससे कई सीटों पर मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। यह बागी कहीं भाजपा का खेल बिगाड़ रहे हैं तो कहीं कांग्रेस का। ऐसी करीब दो दर्जन सीटों पर भाजपा और कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी की धड़कनें बढ़ी हुई हैं तो वहीं, दोनों ही राजनीतिक दलों की टेंशन भी बढ़ गई है। बीएसपी ने 181 और निर्दलीय 1166 प्रत्याशी मैदान मेंबहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) ने इस चुनाव में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के साथ गठबंधन किया है। बीएसपी ने 181 और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने 37 प्रत्याशी उतारे हैं। इसके अलावा प्रदेश में समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी, जन अधिकार पार्टी, जनता दल यूनाइटेड पार्टी चुनाव मैदान में है। 2018 के चुनाव में बीएसपी को 6.42 प्रतिशत वोट मिले थे और दो सीटों पर जीत हासिल की थी। पिछली बार भाजपा को 109 और कांग्रेस को 114 सीटों पर विजय मिली थी। बागियों के कारण इन सीटों पर फसा पेंच राजनगर :छतरपुर जिले की राजनगर विधानसभा में भाजपा के जिला अध्यक्ष रहे डॉ. घासीराम पटेल बागी होकर बसपा से चुनावी मैदान हैं। उनके मैदान में आने से इस विधानसभा का चुनाव पूरी तरह से त्रिकोणीय हो गया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों की मुश्िकल में फंसे हुए हैं। यहां अभी कांग्रेस के नाती राजा विधायक हैं। टीकमगढ़ :टीकमगढ़ विधानसभा शहरी क्षेत्र में है। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती का हर चुनाव में यहां खासा असर दिखाई देता है। इस बार भाजपा के विधायक राकेश गिरी गोस्वामी को उन्हीं की पार्टी के पूर्व विधायक केके श्रीवास्तव बागी होकर कड़ी टक्कर दे रहे हैं। नर्मदापुरम :यहां पर भाजपा से बागी भगवती चौरे निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा प्रत्याशी सीताशरण शर्मा को इससे नुकसान हो सकता है। इस सीट पर कांग्रेस से सीताशरण शर्मा के भाई गिरजाशंकर शर्मा प्रत्याशी हैं। भगवती चौरे के निर्दलीय चुनाव लड़ने से इस सीट पर मुकाबला त्रिकोणीय और दिलचस्प हो गया है। सतना :भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष और भाजयुमो के दो बार सतना जिला अध्यक्ष रहे चुके रत्नाकर चतुर्वेदी शिवा बसपा से चुनाव मैदान में हैं। भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने बसपा की सदस्यता ले ली थी। यहां पर भाजपा ने चार बार के सांसद गणेश सिंह और कांग्रेस ने विधायक सिद्धार्थ कुशवाह मैदान में हैं। बुरहानपुर :भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्व. नंद कुमार सिंह चौहान के बेटे हर्षवर्धन सिंह चौहान निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। यहां पर भाजपा ने पूर्व मंत्री अर्चना चिटनीस को अपना प्रत्याशी बनाया है। वहीं, कांग्रेस की तरफ से विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा प्रत्याशी हैं। सीधी :भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर सीधी सीट पर विधायक केदारनाथ शुक्ला निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। इससे भाजपा प्रत्याशी रीति पाठक को नुकसान हो सकता है। यहां पर कांग्रेस की तरफ से ज्ञान सिंह प्रत्याशी हैं। मुरैना :भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर पूर्व मंत्री रुस्तम सिंह के बेटे राकेश सिंह बसपा से चुनाव लड़ रहे हैं। यहां पर भाजपा से रघुराज कंसाना और कांग्रेस से दिनेश गुर्जर प्रत्याशी हैं। टीकमगढ़ :भाजपा से पूर्व विधायक केके श्रीवास्तव टीकमगढ़ में निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। यहां पर भाजपा ने वर्तमान विधायक राकेश सिंह और कांग्रेस ने यादवेंद्र सिंह को अपना प्रत्याशी बनाया है। भिंड :बसपा से चुनाव जीत कर भाजपा में शामिल होने पर संजीव कुशवाह ने मुकाबला त्रिकोणीय बना दिया है। भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर कुशवाह बसपा से चुनाव लड़ रहे हैं। यहां पर भाजपा से नरेंद्र सिंह कुशवाह और कांग्रेस से चौधरी राकेश चतुर्वेदी मैदान में हैं। सुमावली :कांग्रेस प्रत्याशी कुलदीप सिंह सिकरवार बसपा से चुनाव लड़ रहे हैं। यहां पर भाजपा से एंदल सिंह कंसाना और कांग्रेस से अजब सिंह कुशवाह को टिकट दिया है। चाचौड़ा :भाजपा से पूर्व विधायक ममता मीणा आम आदमी पार्टी से चुनाव लड़ रही हैं। यहां पर कांग्रेस से विधायक लक्ष्मण सिंह प्रत्याशी हैं। वहीं, भाजपा ने प्रियंका मीणा को प्रत्याशी बनाया है। धार :पूर्व जिला भाजपा अध्यक्ष राजीव यादव पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ बागी होकर चुनाव लड़ रहे हैं। यहां पर भाजपा ने विधायक नीना विक्रम वर्मा और कांग्रेस ने प्रभा गौतम को प्रत्याशी बनाया है। डॉ. अंबेडकर महू :कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने पर पूर्व विधायक अंतरसिंह दरबार महू से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। यहां पर कांग्रेस ने राम किशोर शुक्ला को प्रत्याशी बनाया है। जबकि भाजपा की तरफ से वर्तमान विधायक उषा ठाकुर हैं। परसवाड़ा :बालाघाट की परसवाड़ा सीट पर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रत्याशी पूर्व विधायक कंकर मुंजारे के चुनाव लड़ने से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। यहां पर भाजपा की तरफ से रामकिशोर कांवरे और कांग्रेस ने मधु भगत प्रत्याशी हैं। सिरमौर :सिरमौर विधानसभा सीट पर पूर्व डीएसपी वीडी पांडे ने मुकाबला त्रिकोणीय कर दिया है। यहां पर भाजपा से दिव्यराज सिंह और कांग्रेस से रामगरीब कोल प्रत्याशी हैं। रैगांव :बसपा प्रत्याशी देवराज अहिरवार ने रैगांव में मुकाबला रोचक कर दिया है। यहां पर कांग्रेस की तरफ से विधायक कल्पना वर्मा और भाजपा की तरफ से प्रतिमा बागरी प्रत्याशी है। नागौद :कांग्रेस से टिकट कटने पर यहां पर पूर्व विधायक यादवेंद्र सिंह बीएसपी से चुनाव लड़ रहे हैं। यहां पर कांग्रेस ने डॉ. रश्मि सिंह पटेल और भाजपा ने नागेंद्र सिंह को प्रत्याशी बनाया है। देवतालाब :यहां पर समाजवादी पार्टी से चुनाव लड़ रही सीमा जयवीर सेंगर से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। यहां पर भाजपा ने विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम और कांग्रेस ने पद्ममेश गौतम को टिकट दिया है। सीमा जयवीर सेंगर 2018 में बसपा से चुनाव लड़ कर दूसरे नंबर पर थी।

शिवपुरी भाजपा जिलाध्यक्ष का दावा…लाड़ली बहनों का आशीर्वाद भरपूर मिला

Shivpuri BJP district president claim…received abundant blessings from dear sisters. (SAHARA SAMACHAR) शिवपुरी। शिवपुरी के बीजेपी जिलाध्यक्ष राजू बाथम ने दावा किया है कि जिले की पांचों विधानसभा सीटें भाजपा जीत रही है। जिलाध्यक्ष राजू बाथम ने दावा किया कि लाड़ली बहनों का आशीर्वाद बीजेपी को भरपूर मिला है। इसके कारण बीजेपी जीत रही है। जिलाध्यक्ष राजू बाथम ने कहा कि इस वोटिंग से लोकतंत्र मजबूत हुआ है। ऐतिहासिक मतदान हुआ है। लाड़ली बहना, मजदूर, गरीबों और किसानों का समर्थन बीजेपी को मिला है। उन्होंने कहा कि बीजेपी की जनहितैषी व जन कल्याणकारी योजनाओं के कारण अच्छी वोटिंग हुई है, इसका लाभ बीजेपी को मिलेगा। कांग्रेसियों द्वारा शिवपुरी की कम से कम तीन सीटें जीतने के दावे को लेकर राजू बाथम से जब पूछा गया तो उन्होंने कहा, मुझे कांग्रेसियों के द्वारा किए जा रहे दावे को लेकर कुछ जानकारी नहीं है। लेकिन मेरा दावा है कि बीजेपी शिवपुरी जिले की पांचों सीटें जीत रही है। गौरतलब है कि शिवपुरी जिले में पांच विधानसभा सीटें आती हैं। इन पांचों विधानसभा सीटों पर 17 नवंबर को 79 प्रतिशत मतदान हुआ है। साल 2018 के मुकाबले इस साल पांच प्रतिशत ज्यादा मतदान पांचों सीटों पर हुआ है। अब तीन दिसंबर को शिवपुरी में मतगणना होगा। शिवपुरी के पीजी कॉलेज में पांचों विधानसभा सीटों की मतगणना का काम किया जाएगा। तीन दिसंबर को आने वाले परिणामों पर सबकी निगाहें लगी हुई हैं।

उज्जैन के किसान ने बोवनी करने के लिए प्रधानमंत्री से मांगा हेलीकॉप्टर

Farmer from Ujjain has requested a helicopter from the Prime Minister for aerial sowing. गांव गोंदिया निवासी किसान पुरुषोत्तम राठौर ने पीएमओ को लिखा पत्र (SAHARA SAMACHAR) उज्जैन। उज्जैन में चिंतामन थाना क्षेत्र के गांव गोंदिया निवासी किसान पुरुषोत्तम राठौर ने अपने खेत पर जाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन से हेलीकॉप्टर की मांग की है। किसान का कहना है कि उसका खेत सुना और खाली पड़ा है और उसके खेत में वह कोई फसल की बोवनी नहीं कर पाया है। दरअसल, किसान के खेत के आसपास गांव के ही स्थानीय दबंग व्यक्तियों ने कब्जा कर लिया है और वह किसान को खेत में नहीं जाने देते हैं। पीड़ित किसान का परिवार जब खेत पर पहुंचता है तो उनके साथ मारपीट की जाती है। डर के चलते किसान ने खेत पर कोई फसल भी नहीं बोई है। किसान का कहना है कि मैंने लिखित में आवेदन देकर शिकायत की है, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई है। अब किसान ने अपने खेत पर जाने के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्र सरकार और राज्य सरकार सहित जिला प्रशासन से हेलीकॉप्टर की मांग की है और कहा है कि खेत तक पहुंचने के सभी रास्ते बंद हैं। इसलिए अब वह हवाई मार्ग से सीधे खेत पर उतरेगा और खेत में बोवनी करेगा।

बुंदेलखंड को फतह करने वाला ही सत्ता के शिखर तक पहुंचेगा. बुंदेलखंड की 26 सीटों पर भाजपा-कांग्रेस का फिफ्टी-फिफ्टी का दावा.

One who conquers Bundelkhand will reach the pinnacle of power. There is a claim of a fifty-fifty contest between the BJP and Congress on the 26 seats of Bundelkhand. प्रदेश विधानसभा के हुए चुनाव की मतगणना में अभी 10 दिन का समय शेष, नतीजों को लेकर कयासों का दौर जारी, दोनों दल 17-17 सीट जीतने का दावा. तीन सीटों को छोड़कर हर सीट कड़े मुकाबले में फंसी. उदित नारायणभोपाल। मप्र विधानसभा चुनाव का आकलन अंचल बार देखें तो बुंदेलखंड भी एक अहम अंचल है। यहां गरीब और पलायन सबसे बड़ा मुद्दा रहा हो, लेकिन दोनों की दलों ने इन मुद्दों की अनदेखी कर प्रदेश स्तरीय मुद्दों पर वोट मांगे हैं। चुनाव की मतगणना में अभी 10 दिन का समय शेष है। इस बीच नतीजों को लेकर कयासों का दौर जारी है। कोई भाजपा की सरकार फिर आने का दावा कर रहा है तो कोई कांग्रेस की सत्ता में वापसी तय बता रहा है। अंचलवार भी भाजपा-कांग्रेस के साथ अन्य विश्लेषकों के आकलन सामने आ रहे हैं। बुंदेलखंड अंचल में विधानसभा की 26 सीटें हैं। भाजपा-कांग्रेस दोनों 17 से ज्यादा सीटों में जीत का दावा कर रहे हैं। अन्य विश्लेषकों में कोई भाजपा को आगे बता रहा है तो कोई कांग्रेस को। सागर को लेकर दोनों दलों का दावा भाजपा के नेताओं से बात करने पर पता चलता है कि वे 17 से ज्यादा सीटों में जीत को लेकर आश्वस्त हैं। सागर में भाजपा तीन सीटों पर मजबूतविश्लेषकों के अनुसार सागर की तीन सीटों रहली में गोपाल भार्गव, खुरई में भूपेंद्र सिंह और सुरखी में गोविंद सिंह राजपूत एकतरफा जीत रहे हैं। इनके अलावा नरयावली में प्रदीप लारिया और सागर में शैलेंद्र जैन की स्थिति भी मजबूत है। प्रदेश भाजपा को मिले फीडबैक के अनुसार देवरी, बीना और बंडा में कड़ा मुकाबला है। इसके विपरीत कांग्रेस सागर में फिफ्टी-फिफ्टी की स्थिति बता रही है। दमोह में मुश्िकल में फंसे मलैयापिछली बार की तरह इस बार भी पूर्व मंत्री जयंत मलैया कड़े मुकाबले में फंसे हैं। बावजूद इसके भाजपा का दावा है कि पार्टी दमोह, हटा और पथरिया सीट जीत रही है। इसके विपरीत कांग्रेस का दावा है कि हम हटा को छोड़ शेष तीनों सीटें जीत रहे हैं। तटस्थ विश्लेषकों का कहना है कि इस बार दमोह जिले की चारों सीटों में कड़ा मुकाबला है। पथरिया में विधायक रामबाई के कारण त्रिकोणीय संघर्ष की स्थिति है। दमोह में कुछ भी हो सकता है। छतरपुर में तीन-तीन सीट मिलने के हालातछतरपुर जिले की 6 विधानसभा सीटों में तटस्थ आकलन कर्ताओं की नजर में भाजपा- कांग्रेस को 3-3 सीटें मिलती दिख रही है। इनके अनुसार चंदला, मलेहरा और छतरपुर में कांग्रेस जीत सकती है जबकि महाराजपुर, बिजावर और राजनगर में भाजपा जीत सकती है। हालांकि इन तीनों सीटों में कड़ा मुकाबला बताया जा रहा है। भाजपा-कांग्रेस इस जिले में ज्यादातर सीटों में जीत का दावा कर रहे हैं। भाज का दावा है कि वह छतरपुर, राजनगर, मलेहरा, बिजावर सीटें जीत रही है जबकि चंदला और महाराजपुर में कड़ा मुकाबला है। इसके विपरीत कांग्रेस का कहना है कि भाजपा को सिर्फ एक बिजावर सीट मिल सकती है। शेष सभी 5 सीटों में कांग्रेस की जीत तय है। टीकमगढ़ जिले को लेकर कांग्रेस आश्वस्तटीकमगढ़ और निवाड़ी जिले की पांचों विधानसभा सीटों में कड़े मुकाबले के आसार हैं लेकिन कांग्रेस मानकर चल रही है कि उसे कम से कम 4 सीटों में जीत मिलेगी। कांग्रेस को मिले फीडबैक के अनुसार टीकमगढ़ में यादवेंद्र सिंह, खरगापुर में चंदारानी सिंह, पृथ्वीपुर में नितेंद्र प्रताप सिंह और जतारा में किरण अहिरवार की जीत तय है जबकि निवाड़ी में सपा की मीरा यादव जीत सकती हैं। दूसरी तरफ भाजपा का दावा है कि 2018 की तरह यहां कांग्रेस का खाता नहीं खुलेगा और भाजपा सभी सीटें जीतेगी। पन्ना में भाजपा की एक सीट पक्कीपन्ना जिले की तीन सीटों में आकलनकर्ताओं की नजर में पन्ना को छोड़ अन्य दोनों सीटों में कड़ा मुकाबला है। पन्ना में खनिज मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह की स्थिति मजबूत बताई जा रही है तो पवई और गुनौर सीटें कड़े मुकाबले में फंसी हैं। फिर भी भाजपा सभी तीनों सीटों में जीत का दावा कर रही है जबकि कांग्रेस का मानना है कि वह दो सीटें जीत रही है। भाजपा- कांग्रेस के दावे पार्टी द्वारा बुलाए गए फीडबैक के आधार पर किए जा रहे है। कौन सही है कौन गलत, यह 3 को मतगणना के बाद पता चल सकेगा।

मप्र के हारे थके भाजपा नेत और मंत्री चले तेलंगाना, करेंगे प्रचार.

Tired after the elections in Madhya Pradesh, BJP leaders and ministers have gone to Telangana to campaign. मप्र को निपटाकर अब तेलंगाना को निपटाएंगे नेता, मंत्री, तेलंगाना के चुनाव में शिवराज कैबिनेट के आधा दर्जन मंत्रियों की लगी ड्यूटी, चुनाव प्रचार में होंगे शामिल, राजस्थान में सीएम की होंगी सभाएं. अपने आपको मप्र और देश का बड़ा नेता कहने वाले कैलाश विजयवर्गीय से पार्टी ने किया किनारा. मप्र विधानसभा चुनाव के बाद कैलाश विजयवर्गीय का पार्टी ने घटाया कद घटा, बने छोटे नेता. Udit Narayanभोपाल। मध्यप्रदेश में चुनाव के बाद अब बीजेपी हाईकमान ने तेलंगाना में हो रहे चुनाव के लिए कमर कस ली है। मध्यप्रदेश भाजपा के दिग्गज नेता भी अब तेलंगाना चुनाव में मोर्चा संभालेंगे। इसके लिए एमपी भाजपा से एक दर्जन से अधिक नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है। दिलचस्प बात यह है कि अपने आपको मप्र और देश का बड़ा नेता कहने वाले कैलाश विजयवर्गीय से फिलहाल उनसे किनारा कर लिया। पार्टी ने जिन 22 नेता और मंत्रियों की सूची बनाई, उसमें उनका नाम नहीं है। पार्टी ने उन्हें प्रचार प्रसार करने लायक नेता नहीं समझा है। एक तरह से उनके कद का छोटा आंक लिया है। अब वे छोटे कद के नेता बन गए हैं। वहीं शिवराज कैबिनेट के आधा दर्जन मंत्रियों की चुनावी प्रचार में ड्यूटी लगा दी गई है। सभी इसी वीक से तेलंगाना की अलग-अलग विधानसभाओ में डेरा डालेंगे। इनमें कई मंत्री और संगठन के जिम्मेदार पदाधिकारी भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान राजस्थान में चुनाव प्रचार करेंगे। उन्हें स्टार प्रचारक बनाया गया है। बता दें, राजस्थान में 25 और तेलंगाना में 30 नवंबर को मतदान होगा। फिलहाल, यहां भाजपा का प्रचार जारी है। 22 नेता जाएंगे तेलंगाना

कांग्रेस को जीत का यकीन, बन रही है पक्षपात करने वाले अधिकारियों की लिस्ट.

Congress is confident of victory, and a list of officials prone to bias is being prepared. 230 प्रत्याशियों को पत्र लिख 30 नवंबर तक मंगाए भाजपा को फायदा पहुंचाने वाले अधकारियों के नाम, मध्य प्रदेश में कांग्रेस बनाने लगी अभी से सबक सिखाने वाले अफसरों की लिस्ट Udit Narayanमध्य प्रदेश में मतदान के बाद कांग्रेस पार्टी ने अपने सभी 230 उम्मीदवारों को एक लेटर लिखकर उन अधिकारियों का नाम बताने को कहा है जिन्होंने कथित तौर पर नियमों के खिलाफ भाजपा के पक्ष में काम किया। भोपाल। मध्य प्रदेश में मतदान के बाद कांग्रेस पार्टी ने अपने सभी 230 उम्मीदवारों को एक लेटर लिखकर उन अधिकारियों का नाम बताने को कहा है कि जिन्होंने कथित तौर पर नियमों के खिलाफ काम करते हुए भारतीय जनता पार्टी को फायदा पहुंचाया। मध्य प्रदेश में जीत का दावा कर रही कांग्रेस पार्टी को यदि सत्ता मिलती है तो ऐसे अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, भाजपा ने कहा है कि इस कदम के सहारे कांग्रेस पार्टी अपनी हार के लिए बहाना तलाश रही है। भाजपा को फायदा पहुंचाने नियमों की अनदेखी कीअपने सभी उम्मीदवारों को भेजे खत में मध्य प्रदेश कांग्रेस कमिटी (एमपीसीसी) ने दावा किया कि 17 नवंबर को मतदान के दिन बनाए गए कंट्रोल रूम में ऐसे अफसरों और कर्मचारियों की शिकायतें मिली, जिन्होंने नियम के खिलाफ काम करते हुए भाजपा को फायदा पहुंचाया। एमपीसीसी उपाध्यक्ष राजीव सिंह ने लेटर में उम्मीदवारों से कहा है कि ऐसे कर्मचारियों और अधिकारियों का नाम बताए। साथ में उनका पद और तैनाती को लेकर भी जानकारी देने को कहा है। सभी प्रत्याशियों से ऐसे अफसरों की सूची 30 नवंबर तक भेजने को कहा गया है। कमलनाथ कई बार दोहरा चुके हैं बयानगौरतलब है कि चुनाव प्रचार के दौरान मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रमुख कमलनाथ ने अधिकारियों और कर्मचारियों पर कई बार आरोप लगाया कि वे बीजेपी के समर्थन में काम कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस की सरकार बनने पर कार्रवाई की चेतावनी दी थी। नाथ ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा पुलिस, पैसा और प्रशासन का इस्तेमाल अपने पक्ष में कर रही है। वे यह भी कई सभाओं में कहते हुए सुने गए हैं कि अधिकारी याद रखें कि कल के बाद परसों भी आएगा। उनके बयान से साफ है कि उनके तेवर सख्त हैं और और अगर कांग्रेस पार्टी की सरकार बनी तो ऐसे अधिकारियों की मुश्िकलें अवश्य बढ़ेंगी, जो भाजपा के पक्ष में काम करते हैं। भाजपा नेताओं ने इस मुद्दे पर कहा कि कांग्रेस पार्टी अपनी हार के लिए बहाना तलाश रही है। कोठारी ने कहा कि सरकारी कर्मचारी और अधिकारी लोकतंत्र के शक्तिशाली अभिभावक है और कांग्रेस ने पहले ही उन पर सवाल उठाकर अपना भरोसा खो दिया है। जिनके पास पोलिंग बूथ पर बैठने के लिए कार्यकर्ता तक नहीं हैं, वे ऐसे झूठे आरोप लगा रहे हैं। मध्य प्रदेश में सबी 230 सीटों पर 17 नवंबर को वोट डाले गए और 3 दिसंबर को नतीजे घोषित होंगे।

काउंटिंग से पहले कांग्रेस के सभी पोलिंग एजेंट और 230 प्रत्याशियों की होगी ट्रेनिंग.

Before the counting, all polling agents of the Congress and 230 candidates will undergo training 26 नवंबर को सभी उम्मीदवारों को बुलाया, ईवीएम की मानीटिरिंग और गणना का होगा प्रशिक्षण Udit Narayanभोपाल। प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2023 के लिए मतदान संपन्न हो चुका है। सभी प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला एश्ट में कैद है। आगामी 3 दिसंबर को मतों की गणना की जाएगी। वहीं मतगणना की तैयारी में सभी राजनीतिक पार्टियां जुट गई है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अपने विधानसभा प्रत्याशी को राजधानी भोपाल बुलाया है। जानकारी के अनुसार, एमपी कांग्रेस ने मध्य प्रदेश के सभी 230 विधायक प्रत्याशियों को ट्रेनिंग के लिए राजधानी भोपाल बुलाया गया है। विधायक प्रत्याशी और मतगणना एजेंट को ट्रेनिंग दी जाएगी। आपको बता दें कि, 26 नवंबर को एमपी कांग्रेस द्वारा ट्रेनिंग कैंप लगाया जा रहा है। ट्रेनिंग में प्रत्याशियों को मतगणना से संबंधित जानकारी दी जाएगी। प्रत्याशियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे खुद के साथ पोलिंग एजेंट को भी साथ में लेकर आएंगे। बता दें कि, ट्रेनिंग में मतगणना के दौरान किन-किन बातों का ध्यान रखना है। इस बात की विशेष जानकारी (टिप्स) दी जाएगी। ट्रेनिंग में ईवीएम और वीवीपैट की भी जानकारी दी जाएगी। बता दें कि, साल 2018 में हुए विधानसभा चुनाव के बाद भी कांग्रेस ने मतगणना के पहले प्रत्याशियों को इसी तरह ट्रेनिंग के लिए बुलाई थी। उसी कड़ी में इसबार भी ऐसा किया जा रहा है। इसके साथ कांग्रेस की ओर से कहा गया था कि स्ट्रांग रूम में रखी मशीनों की लाइव जानकारी हर एक प्रत्याशी को मिले। स्ट्रांग रूम में लगे कैमरे का लिंक प्रत्याशी को दिया जाए, ताकि वह अपनी सुविधा के मुताबिक स्ट्रांग रूम में रखी ईवीएम मशीनों की गणना तक उन पर नजर रख सके।

नातीराजा के खिलाफ हत्या के प्रयास का प्रकरण दर्ज, 12 अन्य कांग्रेस समर्थक भी बनाए गए आरोपी

Case has been registered against an attempted murder of Nati Raja, with 12 other Congress supporters also accused. Udit Narayanभोपाल। छतरपुर जिले के राजनगर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस विधायक विक्रम सिंह नातीराजा के ड्राइवर सलमान की मौत के मामले ने सियासी रंग ले लिया है। इस मामले में पुलिस ने पहले ही भाजपा प्रत्याशी अरविंद पटैरिया सहित 21 लोगों के खिलाफ हत्या एवं हत्या के प्रयास का प्रकरण दर्ज कर लिया था। अब भाजपा के दबाव में नातीराजा सिह एक दर्जँन लोगों के खिलाफ भी धारा 307 के तहत हत्या के प्रयास का प्रकरण दर्ज हो गया।घटना मतदान के पूर्व की रात की थी। जैसे ही मतदान निबटा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह राजनगर पहुंच गए और भाजपा प्रत्याशी अरविंद पटैरिया सहित अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना दे दिया। पुलिस अधीक्षक छतरपुर के आश्वासन के बाद दिग्विजय ने रात पर चला अपना धरना तो समाप्त कर दिया लेकिन यह दांव नातीराजा के लिए उलटा पड़ गया। अगले ही दिन प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा सहित पूरी भाजपा सक्रिय हो गई। पुलिस महानिदेशक और निर्वाचन आयोग को शिकायत कर अरविंद पटैरिया के खिलाफ की गई कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण बताया गया। भाजपा ने कहा कि सलमान की मौत के लिए नातीराजा ही जवाबदार हैं। नतीजा यह हुआ कि पुलिस ने नातीराजा सहित कांग्रेस के अन्य 12 समर्थकों के खिलाफ भी पुलिस ने हत्या के प्रयास का प्रकरण दर्ज कर लिया। वीडी शर्मा ने आज छतरपुर में भाजपा के तमाम नेताओं के साथ पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर को भी ज्ञापन सौंपा और दाेषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

मध्य प्रदेश में 150 सीटों से अधिक आए इस लक्ष्य को लेकर हम सबने काम किया:- नरेंद्र सिंह तोमर।

We all worked towards the goal of getting more than 150 seats in Madhya Pradesh: Narendra Singh Tomar. प्रचंड बहुमत के साथ बन रही है भारतीय जनता पार्टी कि सरकार। मतदान करने पहुंचे केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किया बड़ा दावा। सुभाष पांडेय ग्वालियर। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने आज ग्वालियर में मुरार स्थित मतदान केंद्र पर वोट डाला, इस दौरान उन्होंने कहा कि भाजपा के पक्ष में माहौल है और मैं ये दावे से कह सकता हूँ कि मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। उन्होंने कांग्रेस का दावे पर कहा कि कांग्रेस क्या कह रही है हमें नहीं पता लेकिन हम ये दावा कर रहे हैं कि मप्र में भाजपा की सर्कार बन रही है।  मतदान करने के बाद मीडिया से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि मध्य प्रदेश की जनता मतदान में बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रही है, जो रुझान मुझे दिखाई दे रहा है उस पर भारतीय जनता पार्टी का समर्थन देखने को मिल रहा है। हमें विश्वास है जो प्रदेश भर में वातावरण है उसके आधार पर प्रचंड बहुमत से भारतीय जनता पार्टी की सरकार बन रही है। मध्य प्रदेश में सरकार बनने पर चंबल से मुख्यमंत्री होने के सवाल पर केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है भारतीय जनता पार्टी में पद की स्पर्धा नहीं है बल्कि जीतने की स्पर्धा है। मध्य प्रदेश में 150 सीटों से अधिक आए इस लक्ष्य को लेकर हम सब काम कर रहे हैं। दिमनी सहित चम्बल अंचल में हुए पथराव और फायरिंग के सवाल पर तोमर ने कहा है कि चुनाव में हिंसा का कोई स्थान नहीं है कांग्रेस के लोग भयभीत और घबराए हुए है हार की वजह से इस तरह का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। कहीं कांग्रेस के लोग झगडे कर रहे हैं कहीं बीएसपी के लोग लेकिन जनता सब जान रही है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण मतदान होगा और भारतीय जनता पार्टी की विजय होगी।  राहुल गांधी के 150 सीटें जीतने के दावे पर जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री तोमर ने कहा कि कांग्रेस क्या कहती है? कौन क्या दावे कर रहा है हमें नहीं मालूम, लेकिन हम ये दावा कर रहे हैं की मप्र में भारतीय जनता पार्टी पूर्ण बहुमत की सरकार बना रही है।

जबलपुर में मतदान के अंतिम चरण में हिंसक वारदातें, भाजपा कांग्रेस प्रत्याशी समर्थक आपस में भिड़े।

Violent incidents in the last phase of voting in Jabalpur, supporters of BJP and Congress candidates clashed with each other. जमकर हुआ पथराव,चले गोली और बम। बमबाजी में पुलिस का एएसआई घायल। विशेष संवाददाता जबलपुर। विधानसभा चुनाव में मतदान के दौरान जिले के घमापुर क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी अंचल सोनकर तथा कांग्रेस प्रत्याशी लखन घनघोरिया के गुटों में टकराव हो गया। इस दौरान फायरिंग की घटना में एएसआई गोपाल सिंह को चोट आई है और उसके कान में छर्रे लगे हैं। जबलपुर में मतदान के अंतिम 15 मिनट में कई स्थानों पर हिंसक वारदात घटित हुई। पूर्व विधानसभा क्षेत्र के घमापुर में फायरिंग की घटना में एक पुलिसकर्मी घायल हो गया। इस विधानसभा क्षेत्र के भान तलैया क्षेत्र में पथराव की घटना भी हुई। स्थिति को नियंत्रित करने पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह के अनुसार मतदान के अंतिम 15 मिनट में कई स्थानों में हिसंक घटना घटित हुई हैं। पूर्व विधानसभा के अंतर्गत घमापुर क्षेत्र में कांग्रेस भाजपा प्रत्याशी अंचल सोनकर तथा कांग्रेस प्रत्याशी लखन घनघोरिया के गुटों में टकराव हो गया। इस दौरान फायरिंग की घटना में एएसआई गोपाल सिंह को चोट आई है और उसके कान में छर्रे लगे हैं। हिंसा के मामले में पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है, टकराव के कारण व आरोपियों के संबंध में जांच जारी है। उन्होंने बताया कि पूर्व विधानसभा के अंतर्गत भान तलैया क्षेत्र में पथराव की घटना हुई है। केंट विधानसभा अंतर्गत गोराबाजार तथा रांझी क्षेत्र में कांग्रेस व भाजपा प्रत्याशी के समर्थक आमने-सामने आ गए थे। मध्य-उत्तर विधानसभा अंतर्गत मिलौनीगंज तथा हनुमानताल क्षेत्र में भी टकराव की स्थिति निर्मित हुई थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार कांग्रेस प्रत्याशी समर्थक तथा पूर्व पार्षद कल्लन गुप्ता के कार्यालय के सामने हुई हिंसक वारदात के दौरान फायरिंग के साथ जमकर बम व पत्थर चले। इस हिंसक वारदात में कई व्यक्तियों को चोटें आई हैं। इसके बाद सांसद राकेश सिंह, भाजपा प्रत्याशी अंचल सोनकर सहित कई भाजपा नेता थाने पहुंच गए थे। यह हिंसक घटना पुलिस बल की मौजूदगी में हुई। पुलिस अधीक्षक ने घटनास्थल में पहुंचकर मोर्चा संभाला और स्थिति को नियंत्रित करने पुलिस को हलके बल का प्रयोग भी करना था। घटना के बाद क्षेत्र में पूरी तरह से सन्नाटा पसर गया था।

छुटपुट घटनाओं के बीच ग्वालियर में शांतिपूर्ण रहा मतदान।

Voting remained peaceful in Gwalior amid minor incidents. कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के चलते नहीं हुआ कोई बड़ा झगड़ा फसाद। भाजपा और कांग्रेस के बीच ही दिखाई दे रहा है सीधा मुकाबला। संतोष सिंह तोमर ग्वालियर। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के चलते ग्वालियर जिले के सभी 6 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के 1659 मतदान केंद्रों और 3 सहायक मतदान केन्द्रों पर वोट डाले गये। छुटपुट घटनाओं को छोड़कर मतदान शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। मौसम में ठंडक होने के कारण सुबह मतदान केंद्रों पर भीड़ कम ही रही, लेकिन जैसे जैसे दिन चढ़ा मतदान केन्द्रों पर लाईन भी बढ़ती चली गई। चुनाव आयोग ने भले ही तमाम वायदे वोटिंग को लेकर किये हो, लेकिन मतदान के समय भी लोग अपने वोटर कार्ड लेकर घूमते दिखे। जबकि उनका नाम वोटर लिस्ट में था ही नहीं आयोग द्वारा नियुक्त एजेंटों द्वारा इसको लेकर कहा गया कि मतदाता की पुष्टि नहीं हुई होगी, इसके कारण नाम कट गया होगा, यह कहकर पलड़ा झाड़ लिया गया। ग्वालियर ग्रामीण के 269, ग्वालियर के 303, ग्वालियर पूर्व के 319, ग्वालियर दक्षिण के 249, भितरवार के 266 और विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र डबरा (अजा) के 256 मतदान केन्द्रों पर वोट डाले गये। लोकतंत्र के इस महापर्व में मतदाता रूपी जनता ने अपने मताधिकार का उपयोग कर नई सरकार चुन ली है। साथ ही अपने क्षेत्र के विधायक को भी चुन लिया। मतदान के दौरान चाक चौबंद रही कानून व्यवस्था ग्वालियर में मतदान के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। जिले की छह विधानसभा सीटों के लिए दस हजार से ज्यादा मध्यप्रदेश पुलिस के जवानों के अलावा बीएसएफ और क्यूआरएफ फोर्स को बड़ी संख्या में तैनाती की गई थी। संवेदनशील बूथों की सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए पहली बार ड्रोन कैमरों की भी तैनाती की गई थी। कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह एवं पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह चन्देल पूरे समय मतदान केन्द्रों पर घूम-घूम कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे।ग्वालियर में 16 लाख 24 हजार 567 वोटर्स हैं। इनमे 7 लाख 5 हजार 871 महिला वोटर हैं। इन चुनावों में पहली बार अस्सी साल से ज्यादा वाले बुजुर्गों को घर पर ही वोट डालने का अधिकार मिला था। ऐसे वोटर्स की संख्या 17081 है। जिले में 275 बूथ संवेदनशील भी थे जिनकी सुरक्षा के खास इंतजान किए गए थे। हालांकि शहर में मतदान प्रक्रिया के दौरान दो से तीन स्थानों पर लड़ाई झगडे की खबरें भी आईं थीं लेकिन पुलिस अधिकारियों की मुस्तैदी और चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के चलते छोटे छोटे विवाद तो देखने को मिले लेकिन ये विवाद किसी बड़े झगड़े या अप्रीय घटना का कारण नहीं बन सके, कुल मिलाकर शहर में मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही। दांव पर लगी मंत्री और पूर्व मंत्रिओं की शाख ग्वालियर में भाजपा के दो वर्तमान मंत्री ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और भारत सिंह कुशवाहा के अलावा तीन पूर्व मंत्री माया सिंह, इमरती देवी और नारायण सिंह कुशवाह और कांग्रेस के पूर्व मंत्री लाखन सिंह यादव मैदान में हैं। इस चुनाव में इन सभी वर्तमान एवं पूर्व मंत्रिओं की शाख दांव पर लगी है। अब यह तो तीन तारीख को आने वाले चुनाव परिणाम ही बताएंगे कि किसकी शाख बचेगी और किसकी डूबेगी। जिसका इंतजार सभी को रहेगा। आपको बता दें कि सुबह निर्धारित समय पर राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त पोलिंग एजेंट्स की मौजूदगी में ईवीएम मशीनों का मॉक टेस्ट हुआ और फिर वैधानिक प्रक्रिया शुरू करने के बाद मतदान शुरू हुआ था। पोलिंग बूथों पर लगी रही मतदाताओं की भीड़ ग्वालियर की 6 विधानसभा सीटों पर लोकतंत्र के महापर्व को लेकर उत्साह चरम पर रहा। सुबह 7 बजे से ही पोलिंग बूथों पर वोट डालने के लिये मतदाताओं को पहुंचना शुरू हो गया था। दिन चढ़ते ही पोलिंग बूथों पर लोगों की लाइनें लगना शुरू हो गई थी। लोग अपनी बारी का इंतजार करते रहे। कई मतदान केन्द्रों पर मतदान धीमे होने की शिकायतें भी सामने आई। वहीं मतदान का समय पूर्ण होने पर भी कुछ पोलिंग बूथों पर मतदाताओं की लंबी लाइन लगीं दिखाई दीं। जिसके चलते लाइन में लगे हुए मतदाताओं को मतदान केंद्रों के अंदर कर दिया गया और कुछ अतरिक्त समय का उपयोग कर मतदान पूर्ण कराया गया। भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला ग्वालियर दक्षिण की बात करें तो यहां कांग्रेस के मौजूदा विधायक प्रवीण पाठक और पूर्व मंत्री भाजपा प्रत्याशी नारायण सिंह कुशवाह के बीच सीधी लडाई है। ग्वालियर पूर्व में कांग्रेस के मौजूदा विधायक डा. सतीश सिंह सिकरवार और पूर्व मंत्री भाजपा नेत्री माया सिंह के बीच मुकाबला है। जबकि ग्वालियर विधानसभा में मंत्री भाजपा प्रत्याशी प्रद्युम्न सिंह तोमर और कांग्रेस प्रत्याशी सुनील शर्मा के बीच कांटे का मुकाबला है। ग्रामीण विधानसभा में भाजपा नेता मंत्री भारत सिंह कुशवाह और कांग्रेस प्रत्याशी साहब सिंह गुर्जर में आमने सामने की टक्कर है। भितरवार में कांग्रेस के मौजूदा विधायक लाखन सिंह और भाजपा के मोहन सिंह राठौर के बीच मुकाबला है वहीं डबरा में पूर्व मंत्री भाजपा नेत्री इमरती देवी और कांग्रेस के मौजूदा विधायक सुरेश राजे में सीधा मुकाबला है।

मुरैना में पूर्व सरपंच को गोली मारी, हालत गंभीर।

Former Sarpanch shot in Morena, condition critical. आधा दर्जन हथियारबंद बाइक सवार बदमाशों ने चलाई गोलियां। घायल को ग्वालियर रेफर किया, चुनावी रंजिश पर हुआ हमला। संतोष सिंह तोमर ग्वालियर / मुरैना। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में मतदान का दिन चुनावी हिंसात्मक घटनाओं से भर रहा, दिमनी विधानसभा के साथ-साथ जिले की अन्य विधानसभा में पथराव और फायरिंग की घटनाएं सामने आईं। वहीं मतदान संपन्न होने के बाद यहां घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। बताया जा रहा है कि बीती रात बाइक से आधा दर्जन बदमाशों ने भाजपा समर्थक पूर्व सरपंच को गोली मार दी। घटना कोतवाली थाना इलाके के गणेशपुरा की है। गंभीर रूप से घायल पूर्व सरपंच को जिला अस्पताल लाया गया जहां से ग्वालियर रेफर कर दिया गया है। आपको बता दें कि मतदान के दिन जिले में जमकर फायरिंग और पथराव की घटना सामने आई है। मतदान होने की साथ-साथ एक और बड़ी घटना सामने आई है। शहर की कोतवाली थाना इलाके की गणेशपुरा में रहने वाले भाजपा समर्थक और पूर्व सरपंच खेम सिंह के ऊपर दर्जन बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, जिसमें पूर्व सरपंच खेम सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। जिन्हें अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें ग्वालियर रेफर कर दिया। इस घटना का कारण आपसी चुनावी रंजिश बताई जा रही है। वहीं घायल पूर्व सरपंच के परिजनों ने आरोप लगाया है कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी के बेटे और उनके साथियों ने गोली चलाई है फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है। इनका कहना है कोतवाली थाना प्रभारी सुनील खेमरिया का कहना है कि पूर्व सरपंच का कहना है कि वह अपनी सिस्टर के घर से निकलकर गांव जा रहे थे। इस दौरान आधा दर्जन युवकों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। जिसमें उन्होंने बताया है कि कोई प्रत्याशी का लड़का बताया जा रहा है। फिलहाल घायल पूर्व सरपंच को इलाज के लिए ग्वालियर रेफर कर दिया है और पूरी घटना की जांच की जा रही है।

मध्य प्रदेश में लोकतंत्र का महापर्व संपन्न।

Grand festival of democracy concluded in Madhya Pradesh. ई.वी.एम. में कैद हुआ मध्य प्रदेश का भविष्य।76.22 प्रतिशत मतदान, 3 तारीख को परिणाम। उदित नारायण भोपाल। मध्य प्रदेश में  मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 के लिए 17 नवंबर को एक चरण में हुए मतदान के साथ लोकतंत्र का महापर्व संपन्न हो गया। इस महापर्व में जहां मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान , कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, नरेन्द्र सिंह तोमर, प्रहलाद पटेल, ज्योतिरादित्य सिंधिया, नरोत्तम मिश्रा, कैलाश विजयवर्गीय, नकुल नाथ, जयवर्धन सिंह सहित मंत्रियों, सभी दिग्गज नेताओं और उम्मीदवारों ने मतदान किया। वहीं आम मतदाताओं ने भी बड़ा – चढ़ कर मतदान किया। वोट डालने के बाद एक बार फिर बीजेपी और कांग्रेस ने अपनी अपनी जीत का दावा किया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने आज मतदान करने के बाद अपनी अपनी सरकार बनाने का दावा किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि जनता प्रदेश को विकास के पथ पर आगे ले जाने के लिए एक बार फिर बीजेपी को आशीर्वाद देगी। वहीं कमलनाथ ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि जनता सच्चाई का साथ देगी। इसी के साथ कमलनाथ ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि वो कई स्थानों पर पैसा, पुलिस और प्रशासन का दुरुपयोग कर रही है। इसी के साथ उन्होने एसपी मुरैना पर बीजेपी कार्यकर्ता के रूप में काम करने का आरोप भी लगाया है। ईवीएम में कैद एमपी का भविष्य, अब नतीजों का इंतजार इस बार मध्यप्रदेश प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों के लिए 2,533 उम्मीदवारों ने अपन किस्मत आज़माई है। प्रदेश में कुल वोटरों की संख्या 5,60,58,521 हैं जिनमें 2,87,82,261  पुरुष मतदाता और 2,71,99,586  महिला मतदाता हैं। इसी के साथ थर्ड जेंडर वोटरों की संख्या 1292 है। पूरे प्रदेश में 64523 मतदान केंद्र बनाए गए और सुबह 7 बजे से वोटिंग का सिलसिला शुरु हुआ जो शाम 6 बजे समाप्त हुआ। प्रदेश में निर्वाचन आयोग ने मतदान प्रक्रिया के लिए सभी 230 विधानसभा सीटों और मतदान केन्द्रों को चार अलग-अलग ग्रुप में बांटा था। ए ग्रुप वाले मतदान केंद्रों पर सुबह 8 बजे से वोटिंग शुरु हुई और शाम शाम 4 बजे खत्म हुई। बी ग्रुप वाले मतदान केंद्रों पर सुबह 7 बजे से वोट पड़ने शुरु हुए और शाम बजे समाप्त हुए। वहीं सी ग्रुप वाले मतदान केन्द्रों पर सुबह 7 बजे से वोटिंग की प्रक्रिया शुरू होगी और शाम 5 बजे तक चली। अंतिम डी ग्रुप वाले केंद्रों पर सुबह 9 बजे से वोटिंग शुरु हुई और शाम 6 बजे विराम लगा। पिछले कुछ समय से लगातार राजनीतिक दल लगातार सक्रिय थे। आमसभा, रोड शो, नुक्कड़ सभा, नेताओं की एक दूसरे पर छींटाकशी, एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप.. इन सब में कौन कितना सफल रहा, जनता को अपनी ओर मोड़ने में किस राजनैतिक दल का प्रयास ज्यादा बेहतर था, इसका फैसला जनता ने कर दिया है और अब नतीजों का इंतजार है। इस चुनाव में खास बात यह भी है कि एक ओर जहां भारतीय जनता पार्टी ने अपने 7 दिग्गज केंद्रीय नेताओं को टिकट दिए, तो वहीं कांग्रेस का भी लगभग पूरा केंद्रीय नेतृत्व मध्य प्रदेश की तैयारी में लगा रहा। बीएसपी, सपा, आम आदमी पार्टी व अन्य दलों ने भी प्रचार प्रसार में कोई कमी पेशी नहीं रखी। प्रदेश में 76 प्रतिशत मतदान, आगर मालवा मतदान में आगे मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 के लिए मतदान शुक्रवार को हो गया है। 230 विधानसभा सीटों पर कुल 76.22 प्रतिशत मतदान हुआ जबकि, साल 2018 में मध्यप्रदेश में कुल 75.63 प्रतिशत मतदान हुआ था। इस बार सबसे ज्यादा आगर मालवा में 83 प्रतिशत और अलीराजपुर में सबसे कम 56.24 प्रतिशत मतदान हुआ। भोपाल में शाम 5 बजे तक 59.19 प्रतिशत मतदान हुआ। इंदौर में 64.95 प्रतिशत, जबलपुर में 66.24 प्रतिशत और ग्वालियर में 61.64 फीसदी मतदान हुआ। अनुपपूर में 74.85 प्रतिशत, अशोक नगर में 69.13 प्रतिशत, बालाघाट में 79.78 प्रतिशत, बड़वानी में 70.36 प्रतिशत, बैतूल में 73.96 प्रतिशत, भिंड में 58.41 प्रतिशत, भोपाल में 59.19 प्रतिशत, बुरहानपुर में 72.64 प्रतिशत, छतरपुर में 66.37 प्रतिशत, छिंदवाड़ा में 78.85 प्रतिशत, दमोह में 73.83 प्रतिशत, दतिया में 69.66 प्रतिशत, देवास में 76.42 प्रतिशत, धार में 72.35 प्रतिशत, डिंडोरी में 78.30 प्रतिशत, गुना में 74.98 प्रतिशत, हरदा में 74.20 प्रतिशत, झाबुआ में 73.10 प्रतिशत, कटनी में 69.03 प्रतिशत, खंडवा में 69.99 प्रतिशत, खरगोन में 75.54 प्रतिशत, मंडला में 71.52 प्रतिशत, मंदसौर में 78.07 प्रतिशत, मुरैना में 64.76 प्रतिशत, नर्मदापुरम में 76.97 प्रतिशत, नरसिंहपुर में 77.44 प्रतिशत, नीमच में 81.19 प्रतिशत, निवाड़ी में 77.33 प्रतिशत, पन्ना में 69.41 प्रतिशत, रायसेन में 73.13 प्रतिशत, राजगढ़ में 80.34 प्रतिशत, रतलाम में 80.02 प्रतिशत, रीवा में 64.45 प्रतिशत, सागर में 70.44 प्रतिशत, सतना में 66.52 प्रतिशत, सीहोर में 71.57 प्रतिशत, सिवनी में 80.39 प्रतिशत, शहडोल में 75.03 प्रतिशत, शाजापुर में 80.95 प्रतिशत, श्योपुर में 77.33 प्रतिशत, शिवपुरी में 71.33 प्रतिशत, सीधी में 64.54 प्रतिशत, सिंगरौली में 72.20 प्रतिशत, टीकमगढ़ में 68.09 प्रतिशत, उज्जैन में 73.37 प्रतिशत, उमरिया में 74.22 प्रतिशत, विदिशा में 75.55 प्रतिशत मतदान हुआ। संकल्प पत्र का हर संकल्प पूरा करेंगे:- शिवराज सिंह सीएम शिवराज ने वोट डालने के बाद कहा कि ‘आज लोकतंत्र का महापर्व है और मेरी सबसे अपील है कि अपने मताधिकार का प्रयोग अवश्य करें। भारतीय जनता पार्टी की सरकार पिछले 18 वर्षों में प्रदेश के विकास के अभूतपूर्व काम किए है, बीमारू प्रदेश को विकसित राज्य बनाया है और अब हम मध्य प्रदेश को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाना चाहते हैं दैश का। इसीलिए भारतीय जनता पार्टी को जनता अपना आशार्वीद दे। हमने जो कल्याणकारी योजनाएं चलाई है उसने लोगों की जिंदगी बदली है। समाज के हर वर्ग का कल्याण किया है। इन कामों को लगातार जारी रखने के लिए मेरी जनता जनार्दन से प्रार्थना है कि वो बीजेपी को आशीर्वाद दें। तीन चीजें जो बताना चाहता हूं। अब तक जो किया है जनता वो जानती है, आगे जो हमारी प्राथमिकता है वो हमने संकल्प पत्र में बताया है।’ उन्होने कहा कि महिलाओं के जीवन को खुशहाल बनाना, शिक्षा स्वास्थ्य व्यवस्था में और विकास करना और किसान के जीवन में समृद्धि लाना तथा गरीब कल्याण हमारा संकल्प है। संकल्प पत्र की एक एक बात को पूरा किया जाएगा। ‘पैसा, पुलिस, प्रशासन’ का हुआ दुरुपयोग:- कमलनाथ पूर्व मुख्यमंत्री … Read more

राजगढ़ में चुनावी हिंसा, हमले में भाजपा जिला महामंत्री सहित चार कार्यकर्ता घायल।

Election violence in Rajgarh, BJP district general secretary and four workers injured in attack. विशेष संवाददाता राजगढ़। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के मतदान के दौरान भाजपा जिला महामंत्री और उनके कार्यकर्ताओं पर हमला हो गया। मतदान के दौरान चुनावी हिंसा का यह मामला राजगढ़ जिले के ब्यावरा में सामने आया है। चुनावी हिंसा में भाजपा जिला महामंत्री सहित चार कार्यकर्ता घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए ब्यावरा जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। विवाद की सूचना के बाद पुलिस अस्पताल में पहुंची और घायलों के बयान लिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।  जानकारी के अनुसार राजगढ़ में वोटिंग के दौरान ब्यावरा विधानसभा क्षेत्र के बादलपुरा गांव में भाजपा जिला महामंत्री सहित चार कार्यकर्ताओ पर जानलेवा हमला हो गया। इस हमले में जिला महामंत्री अमित शर्मा सहित चार लोगों को चोट आई है, जिन्हें इलाज के लिए ब्यावरा अस्पताल में भर्ती किया गया है। घटना की सूचना मिलने के बाद भाजपा प्रत्याशी नारायण सिंह तुरंत अस्पताल पहुंचे और घायल कार्यकर्ताओं का हालचाल लिया। फरसे एवं डंडों से किया हमला घायल जिला महामंत्री अमित शर्मा ने बताया कि इस हमले में उनके साथ कुछ कार्यकर्ताओ को भी चोट आई है। अमित शर्मा का आरोप है कि फरसे और डंडों से लैश अज्ञात लोगों ने पूरी प्लानिंग के साथ उन पर हमला किया था। क्योकि ब्यावरा विधानसभा में कांग्रेस चुनाव हार रही है। अमित शर्मा का कहना है कि उन पर हमला करने वाले लोगों को सामने आने पर पहचान लेंगे। उन्होंने प्लानिंग के साथ हम पर हमला किया है कांग्रेस का भाजपा कार्यकर्ताओं पर आरोप  वहीं, कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि ब्यावरा में उनके प्रत्याशी पुरुषोत्तम दांगी के भाई पर हमला हुआ है। अज्ञात हमलावरों ने पुरुषोत्तम दांगी के भाई गोवर्धन दांगी की गाड़ी के शीशे फोड़ दिए हैं। साथ ही उनके साथ भी मारपीट की गई है। घटना के बाद प्रत्याशी के भाई गाड़ी में बैठकर रोते हुए नजर आए। ब्यावरा विधानसभा क्षेत्र के मानकी गांव में गोवर्धन दांगी पर हमला हुआ है। कांग्रेस नेताओं का कहना है की गोवर्धन दांगी पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने जानलेवा हमला किया है। कांग्रेस ने इसकी शिकायत निर्वाचन आयोग को भी की है।

मतदान के पहले भाजपा के पक्ष में माहौल।

The atmosphere in favor of BJP before voting. कांग्रेस को पछाड़कर सत्ता के करीब पहुंची भाजपा। सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने से जनता प्रभावित। उदित नारायण भोपाल। मध्यपदेश में 17 नवंबर को होने वाले मतदान के पहले भाजपा कांग्रेस को पछाड़कर सत्ता के करीब पहुंच चुकी है। दीपावली के बाद उत्पन्न हुए सकारात्मक बदलाव को भाजपा के पक्ष में देखा जा रहा है। दिवाली के पहले तक भाजपा कहीं न कहीं  सत्ता से दूर दिखाई दे रही थी लेकिन अब भाजपा सत्ता के करीब पहुंच चुकी है। भाजपा ने चुनाव प्रचार में एक साथ सभी बड़े नेताओं को एक के बाद एक चुनावी सभा में उतार दिया। जिससे कहीं न कहीं भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने का काम किया  है।  दिवाली के पहले लाडली बहनों के खाते में 1250 रुपए आ जाने से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति  भी लाडली बहनों का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है। जिसे अंडर करेंट के तौर पर देखा जा रहा है। यदि पांचवी बार फिर भाजपा की सरकार बनती है तो इसका श्रेय पीएम मोदी के साथ शिवराज सिंह चौहान को भी जायेगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी मध्य प्रदेश में फिर से सत्ता हासिल करने के लिए सबसे अधिक सभाएं की हैं। चुनावी सभा के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष जे. पी.नड्डा, गृहमंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल, अनुराग ठाकुर,स्मृति ईरानी, निर्मला सीतारमन, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित तमाम बड़े नेताओं की चुनावी सभाएं हुई जिसने भाजपा को सत्ता के करीब पहुंचाया है।  जिसकी वजह से प्रचार प्रसार में भाजपा कांग्रेस से आगे रही। साथ ही अखबारी विज्ञापन के साथ सोशल मीडिया पर भी विज्ञापन में भाजपा कांग्रेस से आगे दिखाई दी। बूथ मैनेजमेंट में भी भाजपा आगे यदि बात की जाए बूथ मैनेजमेंट की तो भाजपा प्रदेश  अध्यक्ष वीडी शर्मा की रणनीति भी सफल होती दिखाई दे रही है। एक तरफ जहां कांग्रेस में  बूथ स्तर पर पर्याप्त तैयारी का अभाव दिख रहा है वही भाजपा आगे दिखाई दे रही है। प्रदेश में भाजपा के पास 44 लाख से अधिक कार्यकर्ताओं की फ़ौज है। जिसमे पन्ना प्रभारी, हाफ पन्ना प्रभारी तक शामिल हैं। पूरे चुनाव के दौरान वीडी शर्मा चुनावी सभाओं से दूर रहकर बूथ लेबल मीटिंग पर केंद्रित रहे। यदि भाजपा की सरकार बनती है तो यह भी एक सफल रणनीति साबित होगी। केंद्र की इन योजनाओं का भाजपा को मिलेगा लाभ विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने भले ही राष्ट्रीय मुद्दे उतार दिए हों लेकिन मध्य प्रदेश के मतदाताओं में प्रधानमंत्री आवास योजना और और आयुष्मान भारत योजना का भी गहरा प्रभाव देखने को मिल रहा है। 9000 रुपए महीने की मासिक आय वाले व्यक्ति के लिए महंगाई के इस दौर में स्वयं का घर बनाना किसी सपने से कम नहीं है। जिसे केंद्र की प्रधान मंत्री आवास योजना ने पूरा करने का काम किया है। पीएम मोदी की दूरगामी सोंच का परिणाम है कि गांव गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को पक्के आवास मिले हैं। शासकीय आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में लगभग 44 लाख लोगों को पक्के आवास मिले है। इसके अलावा आयुष्मान भारत योजना के तहत 3 करोड़ से अधिक लोगों के आयुष्मान कार्ड बने हैं। जिससे   5 लाख रुपए तक के  निशुल्क उपचार का कवच मिला है। वर्तमान में दौर में सगे रिश्तेदार भी बीमारी के दौरान उपचार के लिए आर्थिक मदद नहीं करते ऐसे में सरकार ने 5 लाख रुपए का सुरक्षा कवच प्रदान किया है। इससे भी लोगों के बीच भाजपा के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है। जिसका फायदा आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा को मिल सकता है।

वोटर कार्ड के साथ ही 12 अन्य तरह के परिचय पत्र को भी किया है मान्य चुनाव आयोग ने मतदान के लिए इन कागजातों को दी मान्यता.

Election Commission has approved not only the voter card but also 12 other types of identification documents for voting. Manish Trivedi भोपाल। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सीईओ अनुपम राजन ने कहा कि आमतौर पर वोटरों में यह भ्रांति होती है कि उनके पास वोटर कार्ड नहीं है, इसलिए वे वोट नहीं डाल सकते, किंतु ऐसा नहीं है। चुनाव आयोग ने किसी कारण से वोटर कार्ड नहीं प्राप्त करने वाले मतदाताओं के लिए 12 अन्य तरह के पहचान पत्रों को मतदान के लिए अधीकृत किया है। कोई भी मतदाता इन 12 तरह के परिचय पत्रों में से किसी एक परिचय पत्र को दिखाकर अपना मत डाल सकेगा। मप्र में इस बार एक ही चरण में मतदान कराने की तैयारी चुनाव आयोग ने की है। इसी तैयारियों आदि को लेकर हरिभूमि ने सीईओ राजन से विस्तृत बातचीत की। उन्होंने चुनाव की तैयारियों आदि को लेकर कई तरह की जानकारी दी। राजन ने कहा कि किसी भी मतदाता को मतदान के संबंध में भ्रांति नहीं रहे, इसके लिए हर स्तर पर प्रचार-प्रसार करवाया गया है। बूथ स्तर पर तैनात बीएलओ को कई तरह के निर्देश दिए गए हैं। मतदाताओं की सुविधा के लिए सभी तरह के बंदोबस्त किए गए हैं। उन्होंने कहा कि आमतौर पर मतदाताओं को मतदाता पर्ची उपलब्ध करा दी गई है या फिर कराई जा रही है,किंतु किसी कारण वश यदि मतदान समय तक में मतदान पर्ची नहीं मिल पाई है तो इस स्थिति में मतदाता को निराश होने या भ्रमित होने की जरूरत नहीं है। मतदाता को बस यह करना है कि सरल ऐप पर अपना नाम अािद देखकर मतदान केंद्र में परिचय पत्र दिखाकर मतदान कर सकता है। मतदान केंद्र के बाहर मौजूद बीएलओ भी इसमें आपकी मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि आचार संहिता लागू होने के बाद कई तरह की शिकायतें आती हैं। इन शिकायतों को संबंधित विभागों के पास भेजकर उसकी रिपोर्ट मांगी जाती है। इसके बाद कार्रवाई के लिए आयोग के पास भेजा जाता है। यदि श्िाकायत गंभीर है तो संबंधित जैसे पुलिस आदि के पास भेजकर कार्रवाई करने को कहा जाता है। इसके अलावा सी विजिल में भी शिकायतें आती है। इसके लिए आयोग की तरफ से नियम बन चुका है कि 100 मिनट में उसका निराकरण होगा। सी- विजिल में आने वालीे शिकायतों को उसी समयावधि में तत्काल निबटारा किया जाता है। उन्होंने कहा कि कुल मतदान केंद्रों में से 25 फीसदी मतदान केंद्र संवेदनशील चिन्हित किए गए हैं। ऐसे मतदातन केंद्रों पर संेंट्रल फोर्स के साथ पुलिस की सख्त सुरक्षा व्यवस्था की जाती है। मतदान केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे, माइक्रो आब्जर्वर, पेट्रोलिंग आदि कराई जाती है। भिंड व मुरैना जिलों में ज्यादा पुलिस बल की तैनाती की जा रही है। पुलिस को सुरक्षा के सख्त निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि मप्र में कुल करीब 65 हजार मतदान केंद्र हैं। मतदान केंद्रों की सुरक्षा तथा शांतिपूर्ण मतदान के लिए कुल चार लाख कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।

कांग्रेस ने आदिवासी समाज को वोट बैंक समझा और शोषण किया: ज्योतिरादित्य सिंधिया.

Congress considered the tribal community as a vote bank and exploited them: Jyotiraditya Scindia केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने किया भितरवार, डबरा व ग्वालियर पूर्व में रोड शो. Udit Narayan भोपाल। भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन के सरकार ने मध्यप्रदेश को बीमारू से विकसित राज्य बनाया है। भाजपा की डबल इंजन की सरकार ने विकास के ऐतिहासिक विकास कार्य किए हैं। कांग्रेस पार्टी ने आजादी के बाद आदिवासी समाज को वोट बैंक समझा और उनका शोषण किया। यह बात केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्वालियर जिले के भितरवार, डबरा और ग्वालियर पूर्व में रोड शो और जनसभाओं को संबोधित करते हुए कही। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने गरीब को गरीब रखकर अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने का काम किया है। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी और 18 माह तक कमलनाथ मुख्यमंत्री रहे, लेकिन डबरा का भला नहीं किया। कभी डबरा का हाल जानने भी नहीं आए। वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और मैं कई बार डबरा आए और डबरा के विकास के लिए सौगात लेकर आए हैं।

भोपाल में कांग्रेस दफ्तर में पार्टी नेता अनस पठान पर हमला.

Attack on Congress office in Bhopal targeting party leader Anas Pathan. दक्षिण पश्चिम प्रत्याशी पीसी शर्मा के समर्थक अनस पठान पर बदमाशों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पीसीसी के अंदर घुसकर हमला कर दिया। Udit Narayanभोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेस नेता अनस पठान पर जानलेवा हमला हो गया है। हथियारों से लैस होकर बदमाशों ने पठान पर हमला बोल दिया। कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया अध्यक्ष की प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बदमाशों ने कांग्रेस नेता पर अटैक किया। वहीं इस हमले को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी पर आरोप लगाए हैं। राजधानी भोपाल के कांग्रेस कार्यालय में दक्षिण पश्चिम विधानसभा के कांग्रेस प्रत्याशी पीसी शर्मा के समर्थक अनस पठान पर जानलेवा हमला कर दिया जिससे कांग्रेस कार्यालय में अफरा तफरी का माहौल हो गया। बुधवार शाम करीब 4:00 बजे अज्ञात बदमाशों ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में घुसकर हमला कर दिया। यहां बदमाशों ने किसी से कुछ नहीं कहा और लाठी-डंडों से कांग्रेस नेता और भोपाल दक्षिण से कांग्रेस प्रत्याशी पीसी शर्मा के कट्टर समर्थक अनस पठान पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में अनस के सिर पर चोट आई है। वहीं इस हमले के बाद घायल अनस को गंभीर हालत में कार्यालय के पास ही स्थित रेड क्रॉस अस्पताल ले जाया गया। हालत ज्यादा बिगड़ने पर घायल को बसंल अस्पताल में रेफर कर दिया गया। इससे पहले प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में अचानक घुसे बदमाशों को देख अफरा-तफरी मच गई। इस हमले को लेकर कांग्रेस के नेताओं ने आरोप लगाते हुए बयान दिया और कहा कि यह सुनियोजित हमला था, जिसे भाजपा द्वारा करवाया गया है। कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय नेता पवन खेड़ा ने इसे भारतीय जनता पार्टी के द्वारा हमला किया जाना बताया है। फिलहाल तो पता नहीं चल रहा है कि बदमाश कौन थे। सूत्रों द्वारा यह भी बताया जा रहा है कि पांच लोग थे जो हथियारों से लैस थे। हमलावर जिन्होंने अनस पठान पर हमला किया। कांग्रेस पार्षद गुड्डू चौहान को इस हमले की जानकारी पहले से थी। यह हमलावर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्िकार्जुन खड़गे की सभा में ही हमला करने वाले थे, लेकिन वहां फरियादी पठान नहीं पहुंचा था। सूत्रों के अनुसार, यह हमलावर पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोनू सक्सेना के समर्थक बताए जा रहे हैं। फरियादी पठान मोनू सक्सेना के वार्ड में पीसी शर्मा का प्रचार प्रयार कर रहा था। इसी बात से मोनू समर्थक नाराज थे।

बसपा प्रत्याशी ने कांग्रेस को दिया समर्थन, अहिरवार ने लिया जिताने का संकल्प.

BSP candidate extended support to the Congress, while Ahirwar pledged to win in the election. Special Correspondent भोपाल। बड़ामलहरा विधानसभा सीट पर कांग्रेस के टिकट पर मैदान में उतरी रामसिया भारती को बसपा प्रत्याशी ने समर्थन दे दिया है। दरअसल, बड़ामलहरा विधानसभा से बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर मैदान में उतरे लखन अहिरवार रामटौरिया ने रामसिया भारती को अपना समर्थन दे दिया है। वहीं, इस दौरान लखन अहिरवार ने कहा कि चूंकि इस बार कांग्रेस जनता के हित में काम करने के लिए संकल्पित होकर मैदान में उतरी है। रामसिया भारती का लक्ष्य भी जनता के हित में कार्य करना है। इसलिए हम अपना समर्थन कांग्रेस प्रत्याशी रामसिया भारती को दे रहे हैं। बसपा प्रत्याशी सहित उनके सैकड़ों कार्यकतार्ओं ने भी कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन देते हुए कांग्रेस को जिताने का संकल्प लिया। इस मौके पर बड़ी संख्या में कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी मौजूद रहे।

बालाघाट में गौरीशंकर को कड़ी टक्कर दे रही अनुभा.

Anubha is giving tough competition to Gaurishankar in Balaghat. कांग्रेस के बागी के कारण समीकरण उलझे, बेटी मौसम की जगह बिसेन को लड़ना पड़ा चुनाव Due to the rebellion within the Congress, the coalition got entangled, and instead of facing the monsoon, Bisen had to contend with the daughter in the election. Udit Narayan भोपाल। प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री और भाजपा के कद्दावर नेता गौरीशंकर बिसेन इस बार बालाघाट में उलझ गए हैं। उन्हें टक्कर दे रही हैं कांग्रेस की अनुभा मुंजारे। अनुभा अब तक निर्दलीय अथवा किसी तीसरे दल की ओर से चुनाव लड़ती रही हैं। हर बार उन्हें अच्छे वोट मिलते रहे हैं। 2018 में वे निर्दलीय मैदान में थी और लगभग 46 हजार वोट लेकर दूसरे स्थान पर थीं। कांग्रेस के विश्वेश्वर भगत तीसरे स्थान पर थे। बालाघाट में कांग्रेस दो चुनाव तभी जीती जब गौरीशंकर बिसेन मैदान में नहीं थे, लेकिन इस बार सीट फंसी दिख रही है। कांग्रेस के बागी विशाल बिसेन के कारण समीकरण उलझे दिख रहे हैं। ऐसे में किसी भी विश्लेषक के लिए यह कह पाना कठिन है कि जीत का ऊंट किस करवट बैठेगा। प्रचार के अंतिम दिन पहुंचे कमलनाथ-स्मृति भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों ने प्रचार में पूरी ताकत झोंकी हैं। प्रचार समाप्ति से पहले अंतिम दिन भाजपा की ओर से केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और कांग्रेस की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ बालाघाट पहुंचे। स्मृति ने भाजपा के गौरीशंकर बिसेन को जिताने की अपील की तो कमलनाथ ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बन रही है इसलिए अनुभा को वोट देकर आप भी इसमें सहभागी बने। इससे पहले भाजपा प्रत्याशी के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा जबकि कांग्रेस की ओर से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे क्षेत्र में आकर पार्टी प्रत्याशियों के लिए वोट मांग चुके हैं। बेटी मौसम को पीछे कर आगे आए बिसेन लगभग 71 की उम्र पूरी कर चुके गौरीशंकर बिसेन इस बार चुनाव लड़ने के मूड में नहीं थे। वे अपनी बेटी मौसम के लिए टिकट मांग रहे थे और उन्हें टिकट मिल भी गया था। कांग्रेस ने अनुभा मुंजारे को प्रत्याशी घोषित किया तो मौसम स्थिति बदल गई। भाजपा द्वारा कराए गए एक सर्वे में वे अनुभा के मुकाबले कमजोर दिखीं। इसलिए अंतिम समय में बेटी मौसम की बीमारी का बहाना बना कर गौरीशंकर बिसेन खुद मैदान में उतर गए। मौसम ने चुनाव के लिए नामांकन तक दाखिल नहीं किया। भाजपा ने बाद में गौरीशंकर को ही अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर दिया। यह चुनाव उनके लिए भी पहले जैसा आसान नहीं दिख रहा है। अनुभा मुंजारे का क्षेत्र में दबदबा कम नहीं अनुभा मुंजारे का क्षेत्र में कम दबदबा नहीं है। वे 2003 से लगातार विधानसभा का चुनाव लड़ रही हैं। 2003 में वे जनता पार्टी के टिकट पर पहला चुनाव लड़ीं और 15 हजार से ज्यादा वोट हासिल किए। वे 2008 में 28 हजार से ज्यादा, 2013 में लगभग 70 हजार और 2018 में लगभग 46 हजार वोट लेने में सफल रही हैं। बालाघाट में अनुभा दो बार नगर पालिका अध्यक्ष रही हैं। इस बार कांग्रेस में आकर वे भाजपा के बिसेन को कड़ी टक्कर दे रही हैं। कांग्रेस के बागी विशाल बिसेन भाजपा प्रत्याशी गौरीशंकर बिसेन के भतीजे हैं। वे जीत-हार के समीकरण प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन उन्हें ज्यादा समर्थन नहीं मिल रहा है। जातीय समीकरणों में बराबरी पर भाजपा-कांग्रेस बालाघाट में जातीय समीकरणों के लिहाज से भी भाजपा के गौरीशंकर बिसेन और कांग्रेस की अनुभा मुंजारे लगभग बराबरी पर हैं। क्षेत्र में पवार और लोधी मतदाताओं की बहुतायत है। पवार समाज के लगभग 45 हजार मतदाता भाजपा के बिसेन के साथ दिखाई पड़ते हैं तो लीधी समाज के लगभग 40 हजार मतदाताओं का रुझान अनुभा की तरफ दिखता है। बता दें, बिसेन पवार जबकि अनुभा लोधी समाज से ही हैं। इसके अलावा मुस्लिम और दलित- आदिवासी मतदाता का झुकाव अनुभा की ओर देखता है तो अन्य जातियों पर बिसेन का असर है। दोनों दलों के अपने परंपरागत वोटर तो हैं ही। भाजपा के मिजाज वाली है बालाघाट सीट बालाघाट सीट के चुनावी इतिहास पर नजर डालें तो यह भाजपा के मिजाज वाली सीट है। खासकर यह सीट भाजपा के वरिष्ठ नेता गौरीशंकर बिसेन का पर्याय है। वे यहां से सात चुनाव जीत चुके हैं। बिसेन दो बार लोकसभा का चुनाव भी जीते हैं। 1998 के आम चुनाव और 2004 के उप चुनाव में यहां से कांग्रेस के अशोक सिंह सारस्वत जीते लेकिन तब उनके सामने गौरीशंकर बिसेन मैदान में नहीं थे। 1998 में अशोक सिंह के सामने भाजपा से गौरीशंकर बिसेन की पत्नी रेखा बिसने मैदान में थीं और कांग्रेस के अशोक सिंह से लगभग 20 हजार वोटों के अंतर से चुनाव हार गई थीं। 2004 में अशोक सिंह के सामने भाजपा के कैलाश अग्रवाल थे। इस तरह पत्नी को अपवाद के तौर पर छोड़ दें तो गौरीशंकर बिसेन बालाघाट से अब तक विधानसभा का एक भी चुनाव नहीं हारे।

मतदान के पहले सड़कों पर दिखा पज्जन चतुर्वेदी के समर्थकों का सैलाब.

Before the voting, there was a flood of Pajjan Chaturvedi’s supporters on the streets. पदयात्रा कर मांगा जनता का आशीर्वाद छतरपुर में सेवा की राजनीति को मिलेगा जनता का प्यार: आलोक चतुर्वेदी Special Correspondent छतरपुर। चुनाव प्रचार का शोर शराबा खत्म होने के पहले बुधवार की दोपहर छतरपुर की सड़कों पर कांग्रेस प्रत्याशी आलोक चतुर्वेदी पज्जन भैया के समर्थक उमड़ पड़े। उन्होंने चुनाव में अब तक का सबसे बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया जिसमें वे अपने हजारों समर्थकों के साथ शहर में पदयात्रा करते हुए जनसंपर्क पर निकले। उन्होंने शहर के मोटे के महावीर मंदिर में दर्शन करने के उपरांत इस पदयात्रा का शुभारंभ किया और फिर छत्रसाल चौक, महल, चौक बाजार, बस स्टेण्ड होते हुए किशोर सागर स्थित सेवाग्राम प्रांगण तक एक विशाल पदयात्रा निकाली। इस पदयात्रा के दौरान उन्होंने हाथ जोड़कर शहर के लोगों से 17 नवंबर को कांग्रेस के पक्ष में मतदान करने की अपील की। सेवा को चुनेआलोक चतुर्वेदी ने इस मौके पर अपने समर्थकों कांग्रेस कार्यकर्ताओं और जनता को संबोधित करते हुए कहा कि यह चुनाव जनता के लिए सेवा और परोपकार की राजनीति पर अपने विश्वास व्यक्त करने का चुनाव है। उन्होंने कहा कि पांच वर्षों तक वे जनता के बीच रहकर सेवक का दायित्व निभाते रहे। रसोई के माध्यम से जरूरतमंदों को भोजन कराने से लेकर जल संकट से जूझ रही जनता को पानी पिलाने जैसी सेवाएं उनसे ईश्वर ने कराई हैं। उन्होंने कहा कि वे स्वच्छ और ईमानदार राजनीति के लिए दृढ़ संकल्पित हैं इसलिए पांच वर्षों तक बगैर कमीशन और भ्रष्टाचार के उन्होंने विधायकनिधि का वितरण किया। गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य कराए, किसानों के लिए सिंचाई साधनों को बढ़ाने, खाद-बीज की लड़ाई लडऩे, युवाओं को बड़े अवसर देने, बीमारों को इलाज देने, गरीब बेटियों का विवाह करने, व्यापारियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए लडऩे, धार्मिक स्थलों के निर्माण कार्य एवं विभिन्न आयोजनों में सहयोग करने का काम किया है। जनता को अब इन सेवाओं का मूल्यांकन ऐसे लोगों से करना है जो चुनाव के समय ही घर से निकले हैं। उन्होंने घर से निकलने के बाद सिर्फ जनता को गुमराह करने, लालच देने, डराने, धमकाने का काम किया है। छतरपुर की समझदार जनता कमीशन और भ्रष्टाचार के विरूद्ध सेवा की इस राजनीति को अपना आशीर्वाद देगी। उन्होंने लोगों से 17 नवंबर को ज्यादा से ज्यादा संख्या में मतदान कर कांग्रेस को अपना समर्थन देने की अपील की है। महिलाओं ने मनाया नाच कर उत्सव, कलाकारों ने दिखाई कलापज्जन चतुर्वेदी के इस महाजनसंपर्क अभियान के अंतर्गत निकाली गई पदयात्रा में गजब का उत्साह दिखाई दिया। उनके समर्थकों ने इस पदयात्रा को एक उत्सव के रूप में तब्दील कर दिया। समर्थकों के हाथों में कांग्रेस के झण्डे थे, कई गाडिय़ों में प्रचार के गीत बजाए जा रहे थे, ढोल नगाड़ों के साथ समर्थकों और खासतौर पर महिलाओं ने नाचकर अपने नेता का समर्थन किया। इस मौके पर नुक्कड़ नाटक करने वाले कलाकारों ने भी छत्रसाल चौक पर एक नाटक के माध्यम से अपनी कला का प्रदर्शन किया और जनता से कांग्रेस के पक्ष में मतदान की अपील की।

पुरानी घोषणा को लेकर बीजेपी मोन, मोदी जी के नाम मांग रहे वोट.

Sahara Samachaar; Mandla; MP Elections;

People are seeking votes in the name of the old announcement, asking for votes in the name of BJP, Modi. Special Correspondent मंडला, नैनपुर – जैसे जैसे मतदान की तारीख पास आती जा रही हे दोनों पार्टियों ने अपनी ताकत झोंक दी हे। काम को और विकास को लेकर एक दूसरे पर आरोप प्रत्या रोप का सिलसिला शुरू हो गया हे एक तरफ कांग्रेस पार्टी किसानों,बहनों ,बेरोजगार युवाओं, गैस जैसे मुद्दों को लेकर जनता के सामने प्रचार प्रसार कर रही हे।तो दूसरी तरफ बीजेपी माननीय मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान के द्वारा किए गए कार्यों ,घोषडाओ के साथ माननीय प्रधान मंत्री मोदी जी को सामने कर चुनाव प्रचार कर रही हे।लेकिन बीजेपी मंडला विधान सभा में पिछले बीस सालों को उपलब्धि गिनवाने में बगले झांकती नजर आ रही हे। पूर्व विधायक के द्वारा जनता से जुड़े ऐसे कोई काम नहीं की जिसको मद्दे नजर रखते हुए जनता सबक सिखाने तैयार हे।इसी प्रकार जिला पंचायत सदस्य चुन कर मंडला जिले में जिला पंचायत अध्यक्ष रही हे और राज्य सभा सांसद रही हैं अब मंडला विधान सभा से बीजेपी की टिकट पर विधायक का चुनाव लड़ रही हैं श्रीमति संपतिया उईके ।पद में रहते हुए सिर्फ घोषणा के अलावा कुछ नही फिर चाहे वो नैनपुर में केंद्रीय विद्यालय को बात हो या अन्य ऑफिस की बात हो विकास के नाम पर नैनपुर के साथ सौतेला व्यवहार ही किया बीजेपी सरकार ने।उसी कड़ी में सबसे अहम मुद्दा नैनपुर को जिला बनाओ को लेकर गर्म हे जो इस चुनाव के परिणाम को बदलने में काफी हद तक कारगार होगा। इन मुद्दों को अभी भी ठंडे बस्ते में रखी हुई हे बीजेपी ने।जनता पूछती हे इन वादों का क्या हुआ सिर्फ नैनपुर के साथ छलावा और सिर्फ छलावा।

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस को ग्वालियर-चम्बल अंचल में दिया बड़ा झटका।

Union Minister Jyotiraditya Scindia gave a big blow to Congress in Gwalior-Chambal region. संतोष सिंह तोमर ग्वालियर। कांग्रेस पार्टी को ग्वालियर चंबल में मतदान के ठीक पहले केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बड़ा झटका दिया है। अंचल के कई वरिष्ठ नेताओं ने एक साथ केंद्रीय मंत्री सिंधिया के समक्ष कल देर रात में भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। इस सूची में कई प्रभावी नेताओं के नाम हैं। मतदान के ठीक पहले कांग्रेस नेताओं का अपनी पार्टी से मोहभंग होकर भाजपा में चले जाना एक बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है। जिस तरह से लोग अपनी पार्टी को छोड़कर भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर रहे हैं उससे अंचल में कांग्रेस का चुनावी गणित बिगड़ता हुआ नजर आ रहा है।विधानसभा चुनाव को लेकर ताबड़तोड़ जनसभाएं करने में जुटे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने दिनभर के कार्यक्रम निपटाकर कल देर रात जैसे ग्वालियर पहुंचे  वैसे ही ग्वालियर दक्षिण से पूर्व कांग्रेस जिला सचिव मनोज भार्गव अपने सैंकड़ों साथियों के साथ सिंधिया महल पहुंच गए। जहां उन्होंने श्री सिंधिया के समक्ष अपने साथ 500 कार्यकर्ताओं के साथ भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। इनके साथ ही विधानसभा चुनाव में ग्वालियर-15 से खड़े निर्दलीय उम्मीदवार पवन सिंह बैस ने भी अपने साथियों सहित भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर अपना समर्थन भाजपा को दे दिया। जबकि कांग्रेस पार्टी के पूर्व नेता प्रतिपक्ष शम्मी शर्मा के भतीजे राहुल शर्मा ने भी अपने 20 साथियों सहित कल भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। विशेष बात ये है कि साथ ही कई गैर-राजनीतिक लोगों ने भी भाजपा की विचारधारा और राष्ट्रवाद को अपना समर्थन देने का फैसला लिया। ये प्रदेश में नवनिर्मित “स्पाक्स” गुट का भाग है। सैंकड़ों लोगों ने ली भाजपा की सदस्यता केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के समक्ष भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने वालों में प्रमुख रूप से श्रीराम गोयल उप प्रांतीय अध्यक्ष सपाक्स पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष भू अभिलेख अधिकारी संघ पूर्व राष्ट्रीय कार्य परिषद सदस्य स्वदेशी जागरण मंच, इंजी नन्दकिशोर गोयल उपाध्यक्ष सपाक्स, नरेश सिंघल जिला उपाध्यक्ष सपाक्स, डा.हरीओम सिंघल सह सचिव सपाक्स, प्रशान्त गोयल जिला सचिव (युवा) सपाक्स, चन्द्रमोहन शर्मा जिला कार्यालय सचिव सपाक्स, मुकेश खण्डेलवाल जिला वित्त सचिव सपाक्स, प्रभुकुमार मंगल जिला संयोजक पैंशनर प्रकोष्ठ सपाक्स, प्रेमकुमार अग्रवाल जिला संयोजक व्यापारी प्रकोष्ठ सपाक्स, कमलकिशोर गुप्ता जिला कार्यसमिति सदस्य सपाक्स, वेदप्रकाश मित्तल जिला कार्यसमिति सदस्य सपाक्स, हरीओम गर्ग जिला कार्यसमिति सदस्य सपाक्स, दिनेश बंसल जिला कार्यसमिति सदस्य सपाक्स, अशोक भटनागर जिला कार्यसमिति सदस्य सपाक्स, रामनाथ अग्रवाल जिला कार्यसमिति सदस्य सपाक्स, राजकुमार गर्ग अध्यक्ष भारत विकास परिषद सहयोग शाखा सचिव भारत विकास परिषद सहयोग शाखा, ओमप्रकाश अग्रवाल, डा. अरविन्द मित्तल, जिला उपाध्यक्ष अग्रसेवा संस्थान, अशोक गुप्ता जिला उपाध्यक्ष अग्रसेवा संस्थान, निखिल अग्रवाल अध्यक्ष अग्रसेवा संस्थान, अतुल अग्रवाल अग्र सेवा संस्थान, घनश्याम राठौर, जगदीशचन्द्र अग्रवाल अग्रसेवा संस्थान, ओमप्रकाश गुप्ता जिला कार्यसमिति सदस्य सपाक्स, रवि अग्रवाल अग्रसेवा संस्थान, रूपेश अग्रवाल अग्रसेवा संस्थान,  दिलीप बंसल भारत विकास परिषद सहयोग शाखा, विनोद बिहारी सक्सैना पैंशनर महासंघ, धर्मेन्द्र अग्रवाल अग्रसेवा संस्थान, मनीष रायपुरिया अग्रवाल समाज आदि सहित सैंकड़ों लोग शामिल थे। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भाजपा की सदस्यता लेने वाले इन सभी लोगों का पार्टी में स्वागत कर सभी को भाजपा परिवार में जुड़ने के लिए बधाई भी दी।

कांग्रेस और भाजपा के खाका पर जनता तय करेगी पांच साल का भविष्य.

Sahara Samachaar; BJP; Congress; MP;

Fate of Congress and BJP will be determined by the public for the next five years. भाषणों का दौर खत्म, दो दिन का चुनावी गणित करेगा जीत-हार का फैसला, जनता किस पर करे जबभरोसा, दोनों ने खूब किए वादे. उदित नारायण चुनावी विश्लेषणभोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 को लेकर चुनावी भाषणों का दौर चरम पर पहुंचने के बाद आज बुधवार शाम को इस पर ब्रेक लग जाएगा। तूफानी भाषणों से उब चुकी जनता तक अपनी बात रखने के लिए नेता उनके घर पर पहुंच रहे हैं और प्रलोभन देकर अपने पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश में जुटे हैं। मतदाताओं की मान-मनोब्बल तय करेगी कि जनता किसको सत्ता की बागडोर सौंपेगी। दोनों पार्टियों ने पांच साल के भविष्य का खाका भाजपा का संकल्प पत्र और कांग्रेस का वचन पत्र में पहले ही लिख दिया है। अपने-अपने चुनावी एंजेडे के आधार पर दोनों पार्टियां जीत के दावे कर रहीं है। जानकार बताते हैं कि इनकी जीत-हार का दारोमदार बसपा, निर्दलीय और सपा की चाल पर आकर टिक गया है। वैसे इनका प्रभाव ग्वालियर-चंबल, बुंदेलखंड महाकौशल,और विंध्य क्षेत्र में देखा जा रहा है। इन्हीं अंचलों की जीत-हार ही दोनों पार्टियों को सत्ता के शिखर पर पहुंचाती है। सिंधिया का भविष्य उज्जवल: संत रामलला सरकाररामलला सरकार के एक साक्षात्कार के अनुसार यदि उनकी भविष्यवाणी को सही माना जाए तो मप्र में भाजपा फिर से वापसी करती दिख रही है। उन्होंने यहां तक कह दिया कि ज्योतिरादित्य सिंधिया का भविष्य उज्जवल है। साथ ही यह भी कहा कि मप्र में 7 सांसदों में से 3 सांसद चुनाव हार सकते हैं! 2 जीतेंगे एंव 2 का भविष्य अधर में है। केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर दिमनी मुरैना और सांसद राकेश सिंह का जबलपुर से चुनाव जीतना कठिन है। मप्र का अगला मुख्यमंत्री कौन!शिवराज सिंह की लोकप्रियता, सहजता एवं लाडली बहनों का स्नेह उन्हें अगले मुख्यमंत्री के रूप में देखा जाए तो अतिसंयोक्ति नहीं होगी! राजनैतिक विष्लेषक बताते हैं कि भाजपा एवं कांग्रेस के बीच में कांटे की टक्कर जरूर है, लेकिन भाजपा का पलडा भारी दिख रहा है। परिणामों का विष्लेषण करें तो महज 2 से 5 सीटों का अंतर ही दिख रहा है। जिसको साधने में भाजपा अभी से अपने समीकरण जुटाने में लग गई है। भाजपाः गरीब छात्रों को मुफ्त में शिक्षा ,रोजगार,गरीबोको को सबकुछ मुफ्तदेर से ही सही, लेकिन भाजपा ने भी अपना चुनावी संकल्प पत्र जारी किया है। जिसमें जनता के लिए काफी लोकलुभावने वादे किए हैं। इसमें प्रमुख रूप से- 5 साल तक गरीबों को मुफ्त राशन। किसानों से 2700 प्रति क्विंटल पर गेहंू और 3100 रूपए प्रति क्विंटल पर धान की खरीदी। उज्जवला और लाडली बहनों को 450 में गैस सिलेंडर। लाडली बहनों को आर्थिक सहायता के साथ पक्का मकान। प्रत्येक परिवार में कम से कम एक सदस्य को रोजगार अथवा स्वरोजगार का अवसर। गरीब परिवार के छात्रों को केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा। जनजातीय समुदाय के सशक्तिकरण के लिए 3 लाख करोड का प्रावधान। कांग्रेसः फिर से कर्जमाफी, बिजली बिल माफ का वादाकांग्रेस पार्टी ने अपने चुनावी वचन पत्र को जनहितैशी बताते हुए जनता से कई वादे किए हैं। 2018 की भांति फिर से किसानों का कर्जमाफी करेंगे। बिजली बिल 100 यूनिट पर 100 रूपए, 200 यूनिट बिजली का बिल हाफ, नारी सम्मान 1500 रूपए प्रति माह, सरकारी स्कूलों में 12वीं तक की शिक्षा मुफ्त मिलेगी। युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने का भी बडा वादा किया है कुल मिलाकर प्रति परिवार 15000 हजार मासिक देने का वादा। कर्ज में डूबा प्रदेश कैसे देगा सबकुछ फ्रीमौजूदा हालात में प्रदेश वित्तीय संकट में फंसा है। ऐसे में जो भी सरकार सत्ता में आएगी तो उसके सामने सबसे बडा संकट बजट का होगा। नेताओं की चुनावी परिकल्पना जैसे वोट की खातिर सबकुछ फ्री देने का वादा कैसे पूरा होगा। यह आने वाली सरकार के सामने सबसे बडी चुनौती होगी। अब देखना होगा कि मप्र में रोजगार देकर प्रदेश को आगे बढाना है या वोट की राजनीति कर सरकार बनाना।

चुनाव आयोग ने प्रियंका गांधी वाड्रा और अरविंद केजरीवालको भेजा नोटिस।

Election Commission sent notice to Priyanka Gandhi Vadra and Arvind Kejriwal. प्रियंका गांधी को चुनाव आयोग ने भेजा नोटिस, पीएम मोदी के खिलाफ बयान देने का है मामला। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के चलते सांबेर की चुनावी रैली में दिया था विवादित बयान। संतोष सिंह तोमर भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के चलते चल रहे आरोप प्रत्यारोप के दौरान बिना सबूत पीएम मोदी पर झूंठे और अप्रमाणित बयान देने के चलते कांग्रेस की वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी वाड्रा की मुश्किल बढ़ती नजर आ रही हैं। चुनाव आयोग ने मंगलवार को कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की स्टार प्रचारक प्रियंका गांधी वाड्रा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। भारतीय जनता पार्टी की शिकायत पर उन्हें यह नोटिस भेजा गया है। कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बयान देने की वजह से उन्हें यह नोटिस जारी किया गया है। चुनाव आयोग ने प्रियंका गांधी को भेजे नोटिस में कहा है, आयोग को दिनांक 10.11.2023 (प्रतिलिपि संलग्न) के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी से एक शिकायत प्राप्त हुई है, जिसमें यह आरोप लगाया गया है कि मध्यप्रदेश के सांवेर विधानसभा क्षेत्र में एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करते हुए आपने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबंध में असत्यापित और गलत बयानबाजी की है। जो जनता को गुमराह करने और प्रधानमंत्री की छवि खराब करने की क्षमता रखता है। वहीं आम आदमी पार्टी को भी सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। क्या कहा था प्रियंका गांधी ने? चुनाव आयोग के नोटिस के मुताबिक, भाषण के वीडियो और मध्यप्रदेश के सीबीओ के माध्यम से प्राप्त ट्रांसक्रिप्ट के अनुसार, प्रियंका गांधी ने कहा था, मोदी जी जो यह बीएचईएल था, जिससे हमें रोजगार मिलते थे, जिससे देश आगे बढ़ रहा था। इसका आपने क्या किया, किसको दे दिया, बताएं मोदी जी किसको दे दिया, अपने बड़े-बड़े उद्योगपति मित्रों को क्यों दे दिया। नोटिस में क्या कहा और कब तक मांगा जवाब? नोटिस में चुनाव आयोग ने प्रियंका गांधी वाड्रा से कहा है कि, आमतौर पर जनता मानती है कि वरिष्ठ नेता, वह भी एक राष्ट्रीय पार्टी के स्टार प्रचारक की ओर से दिए गए बयान सच हैं। ऐसे में अपेक्षा की जाती है कि नेता उसकी ओर से दिए गए बयानों की जानकारी हो और उसके पास तथ्यात्मक आधार हो। ताकि मतदाताओं को गुमराह करने की कोई संभावना न रहे। नोटिस में आगे कहा गया, इसलिए आपसे किसी अन्य राष्ट्रीय पार्टी के स्टार प्रचारक के खिलाफ दिए गए अपने बयान पर स्पष्टीकरण देने और 16 नवंबर, 2023 को 20:00 बजे तक कारण बताने के लिए कहा जाता है कि आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के लिए आपके खिलाफ उचित कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए। आम आदमी पार्टी को भी भेजा नोटिस  सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपमानजनक पोस्ट साझा करने के मामले में चुनाव आयोग ने बुधवार को आम आदमी पार्टी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को इस नोटिस का जवाब देने के लिए 16 नवंबर को रात आठ बजे तक सोशल मीडिया पोस्ट में दिए गए बयानों पर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है।

अशोकनगर पहुंचे केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने लोगों से की भावुक अपील।

Union Minister Scindia, who reached Ashoknagar, made an emotional appeal to the people. भाजपा प्रत्याशी को हार्ट ब्लॉकेज की शिकायत, सिंधिया ने संभाला मोर्चा। जजपाल सिंह जज्जी का दिल्ली के एस्कॉर्ट हॉस्पिटल में चल रहा है इलाज। संतोष सिंह तोमर भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों के प्रचार-प्रसार के लिए अब महज कुछ ही घंटो का समय बचा हुआ है। ऐसे में नेता पूरी जोर-आजमाइश कर रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी अपने समर्थक प्रत्याशियों को जिताने के लिए हर संभव कोशिश करते नजर आ रहे हैं। प्रचार के लिए सिंधिया अशोकनगर पहुंचे। जहां उन्होंने बीमार प्रत्याशी जजपाल सिंह जज्जी के समर्थन में आम जनता से भावुक अपील की है। उन्होंने आमजन को “जज्जी” की बीमारी के बारे में बताते हुए 17 तारीख को भाजपा के लिए मतदान कर जज्जी को जिताने की अपील की। दरअसल जजपाल सिंह (जज्जी) को पिछले दिनों सीने में दर्द हुआ था, डॉक्टरों ने इलाज के बाद बताया कि उन्हें हार्ट अटैक आया है। जिसके बाद जज्जी को सर्जरी के लिए दिल्ली रैफर किया गया था, जहां सर्जरी तो हो गई है लेकिन अभी जजपाल अस्पताल में भर्ती हैं। ऐसे में जज्जी के प्रचार की जिम्मेदारी खुद सिंधिया ने ले ली है। अशोकनगर पहुंचे सिंधिया ने जनता से कहा “यह शून्य और पुण्य का चुनाव है। उन्होंने कांग्रेस को शून्य, तो भाजपा को पुण्य बताया” अपने बेटे का साथ दो- सिंधिया सिंधिया ने कहा चुनावी माहौल है और हमने जिसकी कभी कल्पना नहीं की ऐसा जज्जी के साथ हुआ। मुझे पांच दिन पहले देर रात सूचना मिली। मैंने फौरन एयर एंबुलेंस का इंतजाम किया और जज्जी को एस्कॉर्ट हॉस्पिटल दिल्ली ले गए। मैंने सोचा की छोटी-मोटी बात होगी, दवाई लेकर ठीक हो जाएगा। वापस आ जाएगा। वही डॉक्टर ने बताया कि यह कोई मामूली बात नहीं है। हमें हृदय को खोलकर उसमें छल्ले डालना पड़े हैं और यह चुनाव के बीच हुआ। आज आपका ही बेटा, आपका ही घर का बच्चा, आपका ही भाई, उसे आज आपके आशीर्वाद की जरूरत है। वह हर मुश्किल में आपके साथ खड़ा रहा, लेकिन आज उसे आपकी जरूरत है। इसलिए आने वाली 17 तारीख को सहानुभूति दिखाते हुए कमल के निशान पर वोट करने की अपील आप लोगों से करता हुं।

अकील परिवार की सर फुटव्वल की वीडियो वायरल.

The video of the Akil family’s soccer match has gone viral. साकिब कबीरभोपाल। राजधानी की उत्तर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक आरिफ अकील परिवार की आपसी लड़ाई का एक कथित वीडियो आज वायरल हुआ वीडियो में कांग्रेस प्रत्याशी और आरिफ अकील के पुत्र आतिफ अकील और उनके भाई मजीद अकील के बीच हाथापाई होती नजर आ रही है। जबकि आरिफ अकील के भाई आसिफ अकील भी हाथ मे चप्पल लिए मार पीट करते नज़र आ रहें है। वीडियो सँभवता घर मे लगे सीसीटीवी में रिकार्ड हुआ है जिसमे परिवार की महिलाओं समेत अन्य लोग भी नजर आ रहे है। हालांकि “सहारा समाचार” वायरल वीडियो की पुष्टि नही करता है लेकिन वीडियो को राजधानी में चटखारे लेकर देखा जा रहा है। गौरतलब है कि विधायक आरिफ अकील ने स्वास्थ्य कारणों के चलते खुद की जगह अपने बेटे आतिफ अकील को टिकिट दिए जाने की सिफारिश की थी जिससे उनके भाई अमीर अकील ने बगावती तेवर अपनाते हुए निर्दलीय ताल ठोंक दी यही नही कहीं न कहीं आरिफ अकील के दूसरे बेटे मजीद अकील भी टिकिट की उम्मीद पाले हुए थे लेकिन आरिफ अकील की सिफारिश के मद्देनजर कांग्रेस आलाकमान ने आतिफ अकील को प्रत्याशी बनाया है। जिसके बाद से पूरे परिवार में सर फुटव्वल को दौर जारी है ।

अतिथि शिक्षकों और विद्वानों के भविष्य के लिए सरल और हितकारी नीति तैयार करेंगे – कमलनाथ.

We will formulate a simple and beneficial policy for the future of guest teachers and scholars.” – Kamal Nath Manish Trivedi भोपाल, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने X हैंडल पर मध्यप्रदेश में अतिथि शिक्षकों को रहत भरी खबर पोस्ट की है. कमलनाथ ने अपने ट्वीट लिखा की, में स्कूलों और कॉलेजों की शिक्षा व्यवस्था को सतत् और सुचारू रखने वाले अतिथि शिक्षकों और अतिथि विद्वानों की सेवाओं का सम्मान करते हुए उनका भविष्य सुरक्षित रखने के लिए कांग्रेस वचनबद्ध है।अतिथि शिक्षकों और विद्वानों के भविष्य के लिए सरल और हितकारी नीति तैयार करेंगे ताकि उन्हें नियमित सेवा में स्थान मिल सके और उनकी वर्षों की सेवाओं के साथ न्याय सुनिश्चित हो।

“विधायक मेडिसिन बैंक” देगी लोगों को निःशुल्क दवाएं, विधायक श्री पाठक ने की स्थापना की घोषणा”

Praveen Pathak; Gwalior; congress; candidate; sahara samachaar;

Legislator Medicine Bank” will provide free medicines to people, announced by legislator Shri Pathak. श्री पाठक ने कल 12 नवंबर को वार्ड 55 एवं आज सुबह वार्ड 51 में किया “परिजन संपर्क कार्यक्रम, इसके साथ ही दोपहर से रात तक चार स्थानों पर किया परिजन संवाद कार्यक्रम” ग्वालियर दक्षिण से कांग्रेस पार्टी के विधायक एवं आगामी विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी श्री प्रवीण पाठक जी ने “विधायक मेडिसिन बैंक” की स्थापना की घोषणा करते हुए कहा कि अब लोगों को निःशुल्क मेडिसिन उपलब्ध करवाई जाएगी।विधायक श्री पाठक ने 2018 में विधायक बनने के बाद 2019 में “विधायक स्टेशनरी बैंक” की स्थापना की थी जिसके माध्यम से प्रतिवर्ष ग्वालियर दक्षिण विधानसभा में स्थित शासकीय विद्यालयों के प्रत्येक बच्चे को निःशुल्क स्टेशनरी उपलब्ध करवाई जाती है। विधायक श्री पाठक ने अभी हाल ही में पिछले माह ग्वालियर दक्षिण के समस्त शासकीय विद्यालयों में एक साथ एक ही दिन में 10 हजार से ज्यादा बच्चों को निःशुल्क स्टेशनरी उपलब्ध करवा कर एक इतिहास रचा था।विधायक श्री पाठक ने अब एक नया क्रांतिकारी कदम उठाते हुए “विधायक मेडिसिन बैंक” की स्थापना करने की घोषणा की है उन्होंने कहा कि इसके तहत उन लोगों को निःशुल्क मेडिसिन उपलब्ध करवाई जाएगी जो स्वयं इसका खर्च उठाने में सक्षम नहीं है।विधायक श्री पाठक ने आगे कहा कि व्यक्ति के जीवन में शिक्षा और स्वास्थ्य का बहुत महत्वपूर्ण स्थान है और आज के युग में इन दोनों पर अत्यधिक राशि खर्च होती है इस कारण समाज का गरीब तबका इन दोनों क्षेत्र में उच्च स्तरीय सुविधाओं से वंचित रह जाता है इसीलिए अब निःशुल्क स्टेशनरी उपलब्ध कराने के बाद अब हमने एक नया कदम उठाया है जिसके तहत लोगों को अब निःशुल्क मेडिसिन उपलब्ध करवाई जाएगी।उन्होंने कहा कि मैंने हमेशा कोशिश की है कि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत आवश्यकताओं के साथ-साथ अपने क्षेत्र के संपूर्ण विकास के लिए मैं अपना शत प्रतिशत योगदान दूं , इसमें मैं काफी हद तक सफल भी हुआ हूं । आगे आने वाले समय में इन क्षेत्रों के अलावा दक्षिण विधानसभा के संपूर्ण विकास के लिए प्राण पण से जुटा रहूंगा। श्री पाठक ने कल 12 नवंबर किया वार्ड 55 में “परिजन संपर्क कार्यक्रम”ग्वालियर दक्षिण से कांग्रेस पार्टी के विधायक एवं आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी श्री प्रवीण पाठक जी द्वारा अपने परिजनों के साथ सतत संपर्क बनाए रखने के क्रम में कल रविवार 12 नवंबर को वार्ड 55 में परिजन संपर्क कार्यक्रम आयोजित किया गया । इसके तहत सभी कार्यकर्तागण अवाड़़पुरा चौराहा पर एकत्रित होकर गुलजार चौक होते हुए मुर्गी फार्म, गुढ़ी, मेवाती मोहल्ला, पिछोरों की पहाड़िया, न्यू वकील कॉलोनी, पुरानी वकील कॉलोनी, गुड़ा गुड़ी का नाका, प्रजापति मोहल्ला, ईश्वर बिहार कॉलोनी में अपने परिजनों से मिलते हुए जैन मंदिर पहुंच कर आज का परिजन संपर्क कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस दौरान लोगों ने बड़े उत्साह के साथ अपने बेटे प्रवीण का तहे दिल से स्वागत किया एवं पुष्प हार पहनाकर सत्कार किया। पैर में चोट के बावजूद विधायक श्री पाठक ने आज वार्ड 51 में किया “परिजन संपर्क कार्यक्रम”पैर में चोट लगने के बावजूद विधायक श्री पाठक ने आज सुबह वार्ड 51 में परिजन संपर्क कार्यक्रम किया । ज्ञात हो कि कल 12 नवंबर को परिजन संपर्क कार्यक्रम के दौरान विधायक श्री पाठक के पैर पर चार पहिया वाहन चढ़ गया था जिसकी वजह से उनके पेर में चोट लग गई थी । इसके बावजूद विधायक श्री पाठक ने आज का परिजन संपर्क लंगड़ाते हुए दो व्यक्तियों का सहारा लेकर पूरा किया । इसके तहत सभी कार्यकर्ता गण सिकंदर कंपू पुलिस चौकी पर एकत्रित होकर आगे बढ़ते हुए हाथी खाना , पानी की टंकी से अब्बास की बगिया, कब्रिस्तान रोड ,सोलंकी धर्मशाला से आगे बढ़ते हुए शीतला कॉलोनी, जाटव वाली गली, धोबी वाली मस्जिद से होते हुए धान मिल पर पहुंचकर आज का परिजन संपर्क कार्यक्रम संपन्न हुआ ‌ इस दौरान लोगों ने विधायक श्री पाठक को पगड़ी पहनाकर फूलमालाओं के साथ स्वागत किया। ढोल नगाड़ों के साथ कई स्थानों पर पटाखे फोड़े गए। विधायक श्री पाठक ने “परिजन संवाद कार्यक्रम” के तहत आज चार नुक्कड़ सभाओं को किया संबोधितग्वालियर दक्षिण से कांग्रेस पार्टी के विधायक एवं आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी श्री प्रवीण पाठक जी ने आज अपना तूफानी जनसंपर्क जारी रखा । इसके तहत सुबह परिजन संपर्क कार्यक्रम किया एवं दोपहर 3:00 बजे से लेकर रात तक चार स्थानों पर परिजन संवाद कार्यक्रम के तहत नुक्कड़ सभाओं को संबोधित किया । इसके तहत पहला परिजन संवाद कार्यक्रम वार्ड 52 की शिव शक्ति वाटिका में, दूसरा कार्यक्रम वार्ड 38 के जनकपुरी कॉलोनी चौराहा पर, तीसरा कार्यक्रम वार्ड 52 के तोमर फॉर्म के पास एवं चौथा कार्यक्रम वार्ड 38 के मुरली गार्डन गोल पहाड़िया पर आयोजित किया गया।

भोपाल में हंगामे की भेंट चढ़ा विंध्य क्षेत्र के लोगों का दीपावली मिलन समारोह।

Diwali gathering of people of Vindhya region marred by uproar in Bhopal. कांग्रेस पार्टी प्रत्याशी पूर्व मंत्री और उनके समर्थकों द्वारा लोगों को अपशब्द बोलने का आरोप।समारोह में आमने सामने आए भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जमकर चले लात-घूंसे। संतोष सिंह तोमर भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव और साथ में दीपावली का त्योहार दोनो एक साथ होने से चुनाव की सरगर्मी और दीपावली के पटाखों की धमक के बीच राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं का जोश दौहरा नजर आ रहा है। यही दौहरा जोश आज भोपाल में एक सामाजिक कार्यक्रम के दौरान हंगामे का कारण बन गया। हुआ यह की चुनावी माहौल की गर्माहट के बीच आयोजित दीपावली मिलन समारोह में शामिल हुए कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच जमकर मार पीट हो गयी और पूरा कार्यक्रम हंगामे की भेंट चढ़ गया। इस मामले में खास बात यह रही कि हंगामे की भेंट चढ़े इस कार्यक्रम में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव मुख्य अतिथि के रूप में आयोजन स्थल पर मौजूद रहे और उनकी मौजूदगी में ही यह बबाल हुआ।इस घटना को लेकर कार्यक्रम में बिन बुलाए हाजिर हुए  कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा और उनके समर्थकों पर हंगामा मचाकर उपद्रव व अभद्रता करने के आरोप भाजपा नेता और कार्यक्रम आयोजक द्वारा लगाए गए हैं। हंगामा होने के बाद में आयोजकों द्वारा बीच बचाव और पीसी शर्मा के समर्थकों सहित कार्यक्रम स्थल से वापिस लौटने के बाद मामला शांत हुआ। विंध्य क्षेत्र के लोगों का था दीपावली मिलन समारोह भोपाल के दक्षिण पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में आज विंध्य क्षेत्र के लोगों का दीपावली मिलन समारोह रखा गया था। इस कार्यक्रम का आयोजन भोपाल विकास प्राधिकरण के वॉइस चेयरमैन सुनील पाण्डेय द्वारा किया गया था। मध्य प्रदेश सिंधु भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय रेल मंत्री और भाजपा के प्रदेश सह प्रभारी अश्विनी वैष्णव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे और इसी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी भगवानदास सबनानी भी अपने तमाम समर्थकों के साथ मौजूद थे। कांग्रेस प्रत्याशी द्वारा अपशब्द बोलने पर हुआ हंगामा भोपाल में विंध्य क्षेत्र के लोगों के लिए आयोजित दीपावली मिलन समारोह में विवाद इस कार्यक्रम में अचानक पहुंचे कांग्रेस प्रत्याशी पीसी शर्मा को लेकर हुआ। पीसी शर्मा कमलनाथ सरकार में मंत्री रह चुके हैं और अब भोपाल दक्षिण पश्चिम से कांग्रेस के प्रत्याशी होने के साथ ही क्षेत्र के वर्तमान विधायक भी हैं। वह पिछले काफी समय से सक्रिय हैं और दिग्विजय सिंह खेमे के कद्दावर नेता हैं। आज समारोह के दौरान पहुंचे पीसी शर्मा पर भाजपा समर्थित कुछ लोगों ने विंध्य के लोगों को अपशब्द कहने का आरोप लगा दिया, बस इसी बात पर बात बढ़ी और दोनों तरफ के कार्यकर्ताओं का पारा चढ़ गया। जिसके बाद भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने सामने आ गए और हंगामा शुरू हो गया। जमकर चले लात घूंसे और गालियों की हुई बौछार इस विवाद में कांग्रेस प्रत्याशी पीसी शर्मा और भाजपा प्रत्याशी भगवानदास सबनानी के समर्थक आमने सामने हो गए। भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच मुहवाद शुरू हो गया जो देखते ही देखते गाली गलौज और मारपीट में तब्दील हो गया और दोनो पार्टियों के कार्यकर्ताओं ने एक दूसरे पर लात घूंसे बरसा दिए। मारपीट बढ़ने के बाद कार्यक्रम आयोजक और भाजपा, कांग्रेस प्रत्याशियों ने बीच बचाव कर झगड़ा सुलझाने का प्रयास किया। मामला बढ़ता देख जब कांग्रेस प्रत्याशी पीसी शर्मा अपने समर्थकों के साथ कार्यक्रम स्थल से वापिस रवाना हो गए। तब कहीं जाकर हंगामा शांत हुआ और समारोह का आयोजन सुचारू रूप से किया जा सका। इस कार्यक्रम में तमाम नेता और उनके समर्थकों के साथ साथ विंध्य क्षेत्र के करीब एक हजार लोग मौजूद थे। विंध्य क्षेत्र के लोगों को अपशब्द बोलना कांग्रेस को पड़ेगा महंगा:- अभिनव पाण्डेय दीपावली मिलन समारोह में हुए हंगामे और मारपीट को लेकर भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश सह मीडिया प्रभारी अभिनव पाण्डेय ने कांग्रेस प्रत्याशी और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा पर समारोह में बिना बुलाए समर्थकों सहित पहुंचने और विंध्य क्षेत्र के लोगों को अपशब्द बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि पीसी शर्मा और उनके समर्थक विंध्य क्षेत्र के लोगों को बुरा भला कहने से पहले यह भूल गए की इस विधानसभा क्षेत्र में लगभग 52000 से अधिक मतदाता विंध्य क्षेत्र से हैं और उनका वोट ही निर्णायक भूमिका निभाता है। इस अभद्रता का खामियाजा इस चुनाव में केवल पीसी शर्मा को ही नहीं बल्कि पूरी कांग्रेस पार्टी को भुगतना पड़ेगा। कांग्रेसियों ने अमर्यादित शब्दों का उपयोग कर जिस तरह से विंध्य क्षेत्र के लोगों के स्वाभिमान को ठेस पहुंचाई है उसका जवाब लोग मतदान के दिन देंगे। यह अपमान कांग्रेस पार्टी को बहुत महंगा पड़ेगा।

खेल एवं खिलाड़ी प्रकोष्ठ कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री बने देवांशु झारिया।

Jabalpur; Sahara Samachaar; Congress; Devanshu Jhariya;

Devanshu Jharia becomes State General Secretary of Sports and Players Cell Congress. संतोष सिंह तोमर भोपाल। कांग्रेस पार्टी जबलपुर के युवा नेता देवांशू झारिया को मध्यप्रदेश कांग्रेस खेल एवं खिलाड़ी प्रकोष्ठ का प्रदेश महामंत्री बनाया गया है। देवांशु झारिया (देवा) निवासी 10 धनवंतरी नगर जबलपुर की नियुक्ति मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की सहमति से एवं उपाध्यक्ष-प्रभारी समस्त प्रकोष्ठ जे. पी. धनोपिया के अनुमोदन पर खेल एवं खिलाड़ी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष मतीन खान के द्वारा की गई। देवांशू झारिया ने अपनी नियुक्ति पर कांग्रेस पार्टी प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ, उपाध्यक्ष-प्रभारी समस्त प्रकोष्ठ जे.पी. धनोपिया और खेल एवं खिलाड़ी प्रकोष्ठ मतीन खान सहित कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त किया है। नवनियुक्त प्रदेश महामंत्री देवांशू झारिया ने पार्टी को विश्वास दिलाया है कि वह कांग्रेस पार्टी की विचारधारा को जन जन तक पहुंचाने के लिए पूरी लगन एवं ईमानदारी से कार्य करते हुए संगठन को मजबूती प्रदान करेंगे। देवांशू झारिया की नियुक्ति पर कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं और उनके समर्थकों एवं इष्टमित्रों द्वारा शुभकामनाएं एवं बधाइयां दीं गईं।

कमलनाथ ने किया संकल्प पत्र पर प्रहार, पूछे शिवराज से 5 सवाल.

Kamal Nath has launched an attack on the manifesto, posing 5 questions to Shivraj. कमलनाथ ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से ये पांच सवाल भी पूछे हैं. मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने BJP के संकल्प पत्र को लेकर कहा “पूरे प्रदेश में बेटियों को 3000 रुपये देने की घोषणा करने के बाद भाजपा ने पलटी मारी है, उनके संकल्प पत्र से यह घोषणा गायब है” उन्होंने आगे कहा “नौजवानों को नौकरी नहीं, बहनों को सम्मान नहीं, किसानों की कर्जमाफी नहीं, कर्मचारियों को पेंशन नहीं, ओबीसी को आरक्षण नहीं, यही है भाजपा का संकल्प है. कांग्रेस के वचन पत्र में जनहितैषी वादे हैं, जबकि भाजपा के संकल्प पत्र में जनता की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश.” कमलनाथ ने कहा कि 18 साल से झूठ की बुनियाद पर खड़े शिवराज जी इन सवालों का जबाव नहीं देंगे. लेकिन मप्र की जनता आगामी 17 नवम्बर को वोट की मशीन पर उंगली दबाकर झूठ की मशीन को नष्ट कर देगी. शिवराज सिंह चौहान ने 4 महीने पहले घोषणा की थी कि प्रदेश में एक लाख सरकारी नौकरियों पर भर्ती की जायेगी. लेकिन आज तक भाजपा ने नहीं बताया कि कितनी नौकरी दी गयी. जनता को यह सच्चाई पता होना चाहिये कि पिछले चार घोषणा पत्र से भाजपा, सरकारी नौकरी देने का वादा करती आयी है लेकिन कभी पूरा नहीं किया. पिछले चार घोषणा पत्र की तरह इस बार भी नौकरी और रोजगार का वादा तो भाजपा करेगी, लेकिन देगी किसी को भी नहीं. कमलनाथ ने कहा “भारतीय जनता पार्टी झूठ बोलो और भाग जाओ और फिर नया झूठ लेके आओ की रणनीति पर चलती है. बीजेपी ने मध्यप्रदेश को महिला अत्याचार में नंबर 1 बना दिया है. मध्यप्रदेश की बहन-बेटियां और माताएं अब बीजेपी के दुःशासन को समाप्त करेंगी.” कमलनाथ ने कहा कि भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में किसानों को वादे नहीं, झांसे दिये हैं. आपको पता होगा कि भाजपा ने कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर को मध्यप्रदेष का प्रभारी बनाया है जो किसानों के खिलाफ काले कानून बनाने और 700 किसानों की शहादत के लिये जिम्मेदार हैं. पूर्व सीएम ने कहा अगर समग्रता में देखें तो 100 यूनिट तक बिजली माफ 200 यूनिट तक बिजली हाफ, स्कूली छात्रों को 500 से 1500 रुपये तक छात्रवृत्ति, ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण, जातिगत जनगणना, गेंहू और धान पर बढ़ा हुआ समर्थन मूल्य, तेंदूपत्ता बोरी की कीमत 4000 रुपये जैसे वादे कांग्रेस पार्टी के वचन की तुलना में सिर्फ झुनझुना हैं. अब जनता भाजपा का बाजा बजा देगी.

बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने ली कांग्रेस की सदस्यता.

Congress; BJP; Kamalnath; Sahara Samachaar;

BJP workers have taken Congress membership. Special Corrospondent Raisen. रायसेन, सांची इन दिनों दोनों ही भाजपा कांग्रेस का चुनाव प्रचार चरम पर पहुंच गया है लगातार जनसंपर्क का दौर जारी है आयाराम गयाराम का भी दौर चल पड़ा है इस विधानसभा क्षेत्र से प्रमुख रूप से दोनों ही प्रमुख दलों का मुकाबला दिखाई दे रहा है सबसे बड़ी बात यह है कि आमने-सामने दोनों ही प्रमुख दलों के प्रत्याशी डॉक्टर है इनमें भाजपा की ओर से डॉक्टर प्रभूराम चौधरी तो कांग्रेस की ओर से डॉक्टर जीसी गौतम है जानकारी के अनुसार सांची विधानसभा क्षेत्र से विधानसभा चुनाव में भाजपा ने डॉक्टर प्रभूराम चौधरी को चुनाव मैदान में उतारा है तो कांग्रेस ने भी डॉक्टर चौधरी की काट ढूंढते हुए डॉ जीसी गौतम को अपना प्रत्याशी बनाया है

शिकायत करने पर बरही क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता के उल्लघन पर कार्यवाही.

Action will be taken for violating the Model Code of Conduct in the Barahi region upon filing a complaint. Manish Trivedi कटनी । भारतीय जनता पार्टी के द्वारा बरही कस्बा में आमसभा के दौरान आदर्श आचार संहिताका उल्लघन के संबंध में शिकायतकर्ता संजय बिलौहा द्वारा सी. विजिल एप पर शिकायत की गयी कि कार्यक्रमके दौरान शासकीय खम्भों भवन पर भारतीय जनता पार्टी के झण्डे एवं झण्डे की लरी रोड के एक छोर सेदूसरे छोर तक लगाकर आदर्श आचार संहिता का उल्लघन किया गया हैं जिसकी जाँच विधान सभा 92विजयराघवगढ के एफ. एस. टी. प्रभारी के द्वारा की गयी शिकायत सही पाये जाने पर मौके पर लगे झण्डे झण्डेकी लरिया एवं बिजली के खम्भों पर लगे लाऊड स्पीकर जप्त किया जाकर शिकायत थाना बरही में किये जानेपर टेंट संचालक खालिद टेंट कटनी के विरूद्ध थाना बरही में धारा 188 भा.द.वि.का अपराध पंजीबद्ध कियाजाकर अग्रिम कार्यवाही की जा रही हैं। उक्त कार्यवाही में एफ. एस. टी. टीम बरही प्रभारी विधान सभा 92 एवं उनके स्टाफ की विशेष भूमिका रही.

कांग्रेस के दो नेता अपने बेटों को सेट करने के लिए पूरे मध्य प्रदेश को अपसेट करने में लगे हैं:- पीएम नरेंद्र मोदी

Two Congress leaders are trying to upset the entire Madhya Pradesh to set up their sons:- PM Narendra Modi पीएम मोदी ने सतना, छतरपुर में चुनावी रैली, सभाओं को किया संबोधित। जनता से भाजपा के लिए मांगा आशीर्वाद, कांग्रेस पर जमकर कसे तंज। संतोष सिंह तोमर भोपाल। मध्य प्रदेश में 240 विधानसभा सीटों पर 17 नवंबर को होने वाले चुनाव में जीत के लिए सभी राजनीतिक दल हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। प्रदेश में चुनावी प्रचार तेजी से चल रहा है। इसी कड़ी में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तय कार्यक्रम के मुताबिक सबसे पहले सतना पहुंचे, जहां उन्होंने जनता को संबोधित किया। अब इसके बाद पीएम मोदी छतरपुर पहुंचे और भाजपा प्रत्याशियों के लिए समर्थन जुटाने हेतु विशाल जनसभा को संबोधित किया। जिसके बाद प्रधानमंत्री नीमच के लिए रवाना हो गए। सतना में पीएम मोदी ने जनता को विकास की गारंटी दी, साथ ही एमपी कांग्रेस चीफ कमलनाथ और पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह पर जमकर निशाना साधा। वहीं छतरपुर में रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कांग्रेस देश को पीछे ले जाने में माहिर हैं। कांग्रेस वाले हर उस काम का विरोध करते हैं, जिससे देश आगे बढ़ने वाला होता है।        बता दें कि बीते बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुना, मुरैना और दमोह में रैलियों को संबोधित किया था। इस दौरान पीएम मोदी ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा था। वहीं सीएम नितिश कुमार के बयान पर भी कड़ा प्रहार किया था। पीएम मोदी ने हजारों की संख्या में आई भीड़ से कई वादों को पूरा करने की गारंटी भी दी थी। विधानसभा चुनावों के लिए पीएम मोदी इन दिनों ताबड़तोड़ रैली करने में जुटे हुए हैं। भाजपा का प्रचार करने सतना पहुंचे प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा का प्रचार करने गुरुवार को सबसे पहले सतना पहुंचे। जहां चुनावी सभा के मंच पर प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी, सतना जिले के सात विधानसभा क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी एवं कार्यक्रम के प्रभारी तथा महापौर योगेश ताम्रकार उपस्थित रहे। मंच पर मां शारदा की जय जयकार के साथ संबोधन शुरू किया। कांग्रेस के दोनों नेता बेटों को सेट करने में लगे हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सतना में रैली के दौरान कमलनाथ और दिग्विजय सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने आपके सामने 2 ऐसे नेता खड़े किए हैं, जो कई दशकों से मध्य प्रदेश कांग्रेस को चला रहे हैं। आजकल ये दोनों एक दूसरे के कपड़े फाड़ रहे हैं। यही नेता मध्य प्रदेश को दशकों तक अभाव में रखने के लिए जिम्मेदार हैं। ये आपके बेहतर भविष्य का भरोसा नहीं दे सकते। इनका तो अभी बस एक ही एजेंडा है कि 3 दिसंबर को भाजपा से हारने के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस पर किसका बेटा कब्जा करेगा! अपने बेटों को सेट करने के लिए वो पूरे मध्य प्रदेश को अपसेट करने में लगे हैं। कांग्रेस आएगी तो तबाही लाएगी प्रधानमंत्री ने कहा, आपको एक सीख याद रखनी है, अगर गलती से भी कांग्रेस आ गई तो फिर आपको सरकार से मिलने वाली सारी मदद बंद कर देगी। 10 साल में भाजपा सरकार ने 33 लाख करोड़ रुपये सीधे गरीबों के बैंक खातों में भेजे हैं और इसमें से एक रुपया भी इधर का उधर नहीं हो पाया। कांग्रेस किस तरह गरीबों का हक छीनती है उसका जीता-जागता प्रमाण है फर्जी लाभार्थी घोटाला। जितनी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की आबादी मिलकर है, उतने फर्जी लाभार्थी कांग्रेस ने देश भर में कागजों में पैदा कर दिए थे। गरीबों का घर हो, मुफ्त राशन हो, मुफ्त इलाज हो आज इन पर भाजपा सरकार लाखों करोड़ रुपये खर्च कर रही है अर्थात देश का पैसा गरीबों के काम आ रहा है। आपका वोट दिल्ली में मुझे मजबूत करेगा प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा- मुझे जो गालियां पड़ रही हैं उसका कारण ये है की भाजपा सरकार ने काली कमाई की दुकानों काे बंद करवा दिया है। कांग्रेस के पास युवाओं के विकास का कोई प्‍लान नहीं है। आप मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा को जब अपना वोट देंगे तब आपका एक एक वोट दिल्‍ली में मुझे मजबूत करेगा। इस बार मध्‍य प्रदेश का चुनाव बढ़ा ही दिलचस्‍प है। प्रदेश भर की विशाल जनसभाओं में मेरे परिवारजनों का इतनी बड़ी संख्या में आकर आशीर्वाद देना 3 दिसंबर को आने वाले नतीजों का अभी से ऐलान कर रहा है। सतना में बंदूक की नाली से संगीत निकलता है:- मोदी उद्बोधन के लिए आमंत्रित किए जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने मंच पर उपस्थित ज्योति चौधरी का नाम पुकारते हुए संगीत सुनने का आग्रह कर उनको बंदूक की नाल से उठने वाले संगीत को प्रस्तुत करने का अवसर दिया। ज्योति चौधरी जिसने जी 20 सम्मेलन में नल तरंग से सभी को मंत्रमुग्ध किया था, पीएम ने मंच से नाम पुकार कर संगीत सुनने का आग्रह किया। वैष्णो जन तो तेने कहिए, जे पीर पराई जाने । पीएम मोदी की सभा मे मैहर की ज्योति चौधरी ने संगीत कार्यक्रम प्रस्‍तुत किया। छतरपुर में जनता से मांगा आशीर्वाद प्रधानमंत्री मोदी सतना के कायक्रम के बाद छतरपुर पहुंचे। जहां उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत सभा स्थल पर मौजूद क्षेत्र के लोगों से उनका आशीर्वाद मांगने के साथ की। उन्होंने कहा कि छतरपुर की जनता का उत्साह देखकर लग रहा है, कि मध्यप्रदेश में भाजपा जीत का नया रिकॉर्ड बनाने जा रही है। जी 20 शिखर सम्मेलन का किया जिक्र विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने पिछले दिनों हुए जी-20 शिखर सम्मेलन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आपने देखा कि जी 20 का कितना बड़ा सम्मेलन दिल्ली में हुआ। जी 20 की एक बहुत बड़ी बैठक यहां खजुराहो में भी संपन्न हुई थी। इस कार्यक्रम को आपकी वजह से ही सफलता मिली और पूरी दुनिया में जब आपका गुणगान सुनने को मिलता है, तो मेरा सीना गर्व से भर जाता है। छतरपुर की मिट्टी को किया प्रणाम पीएम मोदी ने छतरपुर की मिट्टी को प्रणाम करते हुए कहा कि हम वो लोग हैं, जो भारत की माटी का ये चंदन माथे पर लगाकर गर्व से भर जाते हैं। फौलाद से भरी हुई बुंदेलखंड की मिट्टी में भी हमें यही प्रेरणा, यही शिक्षा, यही … Read more

भाजपा प्रत्याशी के ऊपर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा खरी खोटी सुनाई प्रचार रोक लौटे.

MP Elections; Candidates; Sahara Samachaar;

The anger of the rural people erupted against the BJP candidate, and their grievances were heard loud and clear, leading to a halt in the campaign. Manish Trivedi कटनी । विधानसभा चुनाव की वोटिंग को लेकर कुछ ही दिन बचे हैं चुनाव प्रचार युद्ध स्तर में हो रहा है प्रत्याशी भी पूरी ताकत के साथ चुनाव प्रचार कर रहे हैं लेकिन कहीं कहीं जनता का विरोध भी झेलना पड़ रहा है प्रदेश में विधानसभा चुनाव का प्रचार-प्रसार चरम पर है। इस बीच वोट मांगने जा रहे नेताओं को लोगों के विरोध का भी सामना करना पड़ रहा है। ऐसा ही एक मामला कटनी जिले में सामने आया है। बहोरीबंद से भाजपा विधायक और वर्तमान प्रत्याशी प्रणय पांडेय गुड्डू भैया को बुधवार शाम प्रचार के दौरान विरोध का सामना करना पड़ा। सूत्र बताते हैं की ग्राम मंगेला पटोरी में वोट मांगने पहुंचे श्री पांडे को ग्रामीणों ने प्रचार करने से रोका और जमकर खरी-खोटी सुनाई। ग्रामीण क्षेत्र के विकास और अपनी अनदेखी से नाराज थे। ग्रामीणों में इतना गुस्सा था कि उन्होंने भाजपा नेता पांडेय को अपने गांव से खदेड़कर भगा दिया है। इस दौरान उनके साथ भाजपा के महामंत्री राजेश चौधरी भी मौजूद थे। ग्राम मंगेला पटोरी के लोगों के जमकर विरोध के बाद उन्हें चुनाव प्रचार बीच में रोक कर वापस लौटना पड़ा। बाहर आ रहा आक्रोशबताया जाता है की भाजपा विधायकों द्वारा जनता की अनदेखी किए जाने के कई मामले सामने आ रहे हैं। जनता में जो आक्रोश है उसका परिणाम गत दिवस बहोरीबंद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम मंगेला पटोरी में देखने को मिला। 5 साल तक अपने नेताजी का इंतजार करने से थक चुकी जनता अब उन्हें नकारने से भी पीछे नहीं हट रही है। लोगों में बढ़ते आक्रोश को देख कर आगमी दिनों में ऐसी और भी घटनाएं होने का अंदेशा लगाया जा रहा है। जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं लोगों का गुस्सा फूट रहा है अब यह गुस्सा क्या रंग खिलाएगा यह तो वक्त ही बताएगा

भाजपा के पास डबल इंजन की सरकार कांग्रेस के पास इंजन ही नहीं – रामेश्वर शर्मा.

Rameshwar Sharma; Bhopal; BJP; Sahara Samachaar;

BJP not only has a double engine government, Congress doesn’t even have an engine” – Rameshwar Sharma जारी है रामेश्वर शर्मा का जनसंपर्क. उदित नारायणभोपाल। प्रदेश में 17 नवंबर को मतदान होगा। उस दिन वोट देने से पहले आप 2003 की तस्वीर जरूर याद रखना जब मिस्टर बंटाढार ने पूरे प्रदेश का हाल बेहाल कर रखा था। सड़क,बिजली पानी की समस्याओं से प्रदेश के लोगों को जूझना पड़ता था। आज डबल इंजन की सरकार में विकास ही विकास हो रहा है। 2003 के बाद मध्यप्रदेश की सूरत बदल गई। प्रदेश से बीमारू राज्य का तमगा हट गया और अब हम तेजी से विकसित होते प्रदेश की पहचान बना चुके हैं। यह क्रम नहीं रुकना चाहिए, इसलिए आवश्यक है कि प्रदेश में फिर भाजपा की सरकार बने। भाजपा के पास डबल इंजन की सरकार है और कांग्रेस के पास इंजन ही नहीं है। यह बात हुजूर भाजपा प्रत्याशी रामेश्वर शर्मा ने अपने जनसम्पर्क के दौरान स्थानीय नागरिकों को संबोधित करते हुए कही। रविवार को श्री शर्मा ने हुजूर विधानसभा के कोलार क्षेत्र व अन्य इलाकों में जनसंपर्क किया। इसके साथ ही वह अन्य कार्यक्रमों में भी शामिल हुए। हमारी सेनाओं ने घर में घुसकर पाकिस्तान को जवाब दिया है रामेश्वर शर्मा ने कहा कि सर्जीकल स्ट्राइक में हमारी सेनाओं ने घर में घुसकर पाकिस्तान को जवाब दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने सीमाओं को सुरक्षित करने का काम किया है। कांग्रेस ने कश्मीर में हमेशा धारा 370 को बच्चे की तरह पालने का काम किया और कश्मीर की जनता को गुमराह करती रही। भाजपा प्रत्याशी ने कहा कि कांग्रेस कहती थी, अगर कश्मीर से धारा-370 हटी तो खून की नदियां बह जाएंगी, हमने दमदारी के साथ धारा 370 हटाई, लेकिन एक भी कंकर तक नहीं हिला। मनमोहन सिंह सरकार में पाकिस्तान से आतंकवादी घुसकर यहां अशांति फैलाते थे, लेकिन अब किसी की हिम्मत नहीं है कि यहां आकर आतंक फैला सके। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कुछ साल पहले राम मंदिर की तारीख पूछती थी। मैं बताना चाहता हूं कि राम मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा समारोह 22 जनवरी को होगा। इन स्थानों पर हुआ जनसम्पर्क बुधवार को हुजूर भाजपा प्रत्याशी रामेश्वर शर्मा नें विधानसभा क्षेत्र के पीरवल्ली गाँव, बैरागढ़ चीचली, कॉस्मो सिटी एवं चिनार रेज़िडेन्सी, राय पिंक सिटी, विंडसर पॉम, साईं श्रद्धा होम्स, पाल मोहल्ला ग्राम मेंडोरी, मेन मार्केट रातीबड़, कालीमाता मंदिर, अब्बास नगर, कोलार, आंगनवाड़ी पुलिया, ओमनगर, कस्टम कॉलोनी में जनसम्पर्क कर स्थानीय नागरिकों से संवाद किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज चंबल अंचल के दौरे पर मुरैना में करेंगे विशाल जनसभा और रोड शो।

Prime Minister Narendra Modi will hold a huge public meeting and road show in Morena today during his visit to Chambal region. संतोष सिंह तोमर ग्वालियर / मुरैना। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में सभी राजनीतिक पार्टियों द्वारा चुनाव प्रचार अभियान में पूरी ताकत झोंकी जा रही है।इस चुनावी समर में फिलहाल भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के तूफानी दौरों ने अन्य पार्टियों को पीछे छोड़ दिया है। इसी क्रम में आज चंबल अंचल के जिला मुरैना में पहली बार पीएम नरेन्द्र मोदी की सभा होने जा रही है। यह सभा शहर में 5वीं बटालियन पुलिस परेड ग्राउंड में होगी। यहां पुलिस ने उनकी सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए है। सुरक्षा के लिए एक हजार जवान तैनात किए गए हैं। जवानों का नेतृत्व करने के लिए एएसपी, एसपी और एडीजीपी रैंक के अधिकारियों की टीम तैनात की गई है। पीएम की सुरक्षा के लिए यहां दो दिन पहले ही एनएसजी की टीम मुरैना आ चुकी है। एनएसजी के हिसाब से सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए जा चुके हैं। बाहर से बड़ी संख्या में पुलिस बल बुलाया गया है। मुरैना शहर की ओर आने-जाने वाले सभी मार्गों पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। दिमनी प्रत्याशी तोमर ने लिया तैयारियों का जायजा केंद्रीय मंत्री एवं दिमनी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी नरेंद्र सिंह तोमर सुबह के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने के लिए सभा स्थल पर पहुंचे। जहां उन्होंने कार्यक्रम की तैयारियों को देखने के साथ ही प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था के साथ साथ हेलीपेड से लेकर कार्यक्रम स्थल तक की मार्ग व्यवस्था में लगे अधिकारियों से भी चर्चा की। तीन किलोमीटर क्षेत्र नो फ्लाई जॉन घोषित हैलीपेड से कार्यक्रम स्थल तक 3 किलोमीटर के क्षेत्र को नो फ्लाई जोन घोषित किया गया है। पुलिस की मर्जी के बिना यहां कोई परिंदा भी पर नहीं मार सकता है। पीएम की सभा के लिए ग्वालियर-चम्बल संभाग से करीब एक लाख लोगों के पहुंचने की संभावना है। इस सभा में पीएम मोदी के अलावा दिल्ली और भोपाल से भाजपा के दिग्गज नेता पहुंचने वाले हैं। एसपी शैलेन्द्र सिंह चौहान पूरी व्यवस्था पर पैनी नजर रखे हुए हैं। शहर में हाई अलर्ट, बनाए तीन सेफ हाउस पूरा मुरैना शहर हाई अलर्ट मोड पर है। भाजपा जिलाध्यक्ष योगेशपाल गुप्ता की माने तो इस सभा में पीएम को सुनने के लिए एक लाख से अधिक लोगों की आने की संभावना है। संभाग के सभी बीजेपी प्रत्याशियों के समर्थन में पीएम यहां लोगों को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री के मुरैना दौरे को लेकर सुरक्षा एजेंसियों पूरी तरह मुस्तैद हैं। सुरक्षा की कमान संभाल रहे अधिकारियों ने हेलीपेड से लेकर कार्यक्रम स्थल तक तीन सेफ हाउस तैयार किए हैं। पहला सेफ हाउस समर हाउस, दूसरा सेफ हाउस वीआईपी रोड स्थित जीवाजी क्लब और तीसरा सेफ हाउस पुलिस लाइन में रक्षित निरीक्षक के कार्यालय को बनाया गया है।

केंद्रीय मंत्री कृषि नरेंद्र सिंह तोमर को चुनाव हराने संयुक्त किसान मोर्चा उतरा मैदान में।

United Kisan Morcha entered the fray to defeat Union Agriculture Minister Narendra Singh Tomar in the elections. संयुक्त किसान मोर्चा की दिमनी में किसान पंचायत व प्रेसवार्ता आज।राकेश टिकेत, योगेंद्र यादव, सुनीलम मिश्र सहित कई बड़े नेता होंगे शामिल। संतोष सिंह तोमर भोपाल/मुरैना। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को घेरने के लिए कांग्रेस , बीएसपी के अलावा संयुक्त किसान मोर्चा भी मैदान में कूद गया है, संयुक्त किसान मोर्चा आज मुरैना जिले की दिमनी विधानसभा में किसान पंचायत करने जा रहा है, इसी विधानसभा से केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर चुनाव मैदान में है।संयुक्त किसान मोर्चा की किसान पंचायत को राकेश टिकेत, योगेन्द्र यादव, पी कृष्णप्रसाद, तेजेंदर सिंह विर्क, डॉ सुनीलम मिश्र (पूर्व विधायक), एसकेएम नेता आविद शाहा, भारत जोड़ो अभियान के सचिव पंकज पुष्कर (पूर्व विधायक) संबोधित करेंगे, अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय सचिव बादल सरोज ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा के नेता योगेन्द्र यादव, पी कृष्णप्रसाद, तेजेंदर सिंह विर्क, डॉ सुनीलम आज सुबह 11 बजे मुरैना में प्रेसवार्ता को संबोधित करेंगे। कॉर्पोरेट भगाओ, भाजपा को सजा दो, देश बचाओ उन्होंने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा ने पांच चुनावी राज्यों में “कॉर्पोरेट भगाओ, भाजपा को सजा दो, देश बचाओ” अभियान चलाने का निर्णय किया है। केंद्र सरकार द्वारा देश के किसानों पर तीन किसान विरोधी कानून थोपे जाने पर देश भर में किसान संगठनों ने 380 दिन तक आंदोलन चलाया, जिसमें 725 किसान शहीद हुए। संयुक्त किसान मोर्चा केंद्र सरकार को विशेष तौर पर प्रधानमंत्री और कृषि मंत्री को इन शहादतों के लिए जिम्मेदार मानता है । मोर्चा ने किसान आन्दोलन की बात को फिर दोहराया  किसान आंदोलन शुरू होने के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर द्वारा किसान नेताओं के साथ तीन बार बातचीत की गई। जिसमें कृषि मंत्री की भूमिका नकारात्मक रही, जिसके चलते वार्ता विफल रही। 380 दिन बाद सरकार ने मजबूरी में तीनों कृषि कानून वापस लेने का निर्णय लिया तथा कृषि मंत्रालय के सचिव संजय अग्रवाल द्वारा किसानों को लिखित आश्वासन दिया गया, जो किसानों के साथ धोखा साबित हुआ। केंद्र सरकार ने किसानों से की वादाखिलाफी बादल सरोज ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा किसान संगठनों की सहमति से न तो एमएसपी की कानूनी गारंटी के लिए कमेटी बनाई, न दूसरे आश्वासन पूरे किए गए। संयुक्त किसान मोर्चा ने अपनी ओर से संवाद कायम रखने के लिए फिर एक बार कृषि मंत्री के साथ बैठक की। जिसमें उन्होंने तमाम आश्वासन दिए लेकिन उनमें से एक भी आश्वासन को केंद्र सरकार द्वारा पूरा नहीं किया गया।मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में खुद कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर मुरैना जिले के दिमनी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं। उनके विधानसभा क्षेत्र में बाजरा सहित अन्य फसलें एमएसपी पर नहीं खरीदी जा रही है। किसानों पर कर्ज बढ़ता चला जा रहा है। कृषि मंत्री किसानों को उनका जायज हक देने के लिए कोई ठोस कदम उठाने को तैयार नहीं है। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को हराने की अपील संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा आज मुरैना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तथा दिमनी विधानसभा क्षेत्र में किसान पंचायत कर किसान विरोधी, कार्पोरेट मुखी केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को हराने की अपील करेगा ताकि किसानों की जमीन और कृषि व्यापार कॉरपोरेट को सौंपी न जा सकें।उन्होंने बताया कि किसान पंचायत का आयोजन संयुक्त किसान मोर्चा मध्य प्रदेश, भारत जोड़ो अभियान एवं ओबीसी महासभा द्वारा किया जाएगा। किसान पंचायत में अ.भा.कि.सभा के प्रदेश महासचिव अखिलेश यादव, ओबीसी महासभा की राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य एड धर्मेन्द्र सिंह कुशवाह एवं किसंस के संयोजक एड विश्वजीत रतौनिया ,लतीफ खान शामिल होंगे

कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष और लहार विधायक डॉ. गोविंद सिंह के भाई ने साथियों सहित थामा भाजपा का झंडा।

Leader of Opposition of Congress and brother of Lahar MLA Dr. Govind Singh held the BJP flag along with his colleagues. चुनाव के समय हर बार चर्चाओं में रहे हैं विधायक के चचेरे भाई शैलेंद्र सिंह।पहले भी चुनावों में कर चुके हैं डॉ. गोविंद सिंह का विरोध और दल बदल। संतोष सिंह तोमर भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह के चचेरे भाई शैलेंद्र सिंह ने अपने कई साथियों सहित कांग्रेस छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया है। उन्होंने भोपाल में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल के समक्ष भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली है। इस खबर ने भिंड जिला सहित पूरे प्रदेश के राजनैतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। इस बारे में कांग्रेस नेताओं का कहना है की शैलेंद्र सिंह कभी कांग्रेसी थे ही नहीं। जबकि कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष और लहार विधायक डॉ. गोविंद सिंह के बेटे डॉ. अमित सिंह का कहना है की शैलेंद्र सिंह शुरू से ही कभी भी उनके साथ नहीं रहे और इसके पहले भी उन्होंने कांग्रेस पार्टी का नहीं बल्कि भाजपा का ही साथ दिया है। उनके भाजपा में जुड़ने से क्षेत्र में कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है।एक ओर मध्यप्रदेश में 17 नवंबर को विधानसभा के लिए मतदान होना है वहीं बीजेपी कांग्रेस में दल बदल का खेल अब भी जारी है। ताजा मामला मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के क़द्दावर नेता डॉ गोविंद सिंह से जुड़ा हुआ है, क्योंकि उनके चचेरे भाई शैलेंद्र सिंह टप्पे अचानक भाजपा में शामिल हो गए हैं। शैलेंद्र सिंह ने चुनाव प्रचार के बीच भोपाल पहुंचकर केंद्रीय राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल के समक्ष अपने समर्थकों के साथ भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली है। अचानक इस तरह कांग्रेस छोड़कर उनके भाजपा में शामिल होने से क्षेत्र की राजनीति में हलचल मच गई है। साथियों सहित ली भाजपा की सदस्यता भाजपा की सदस्यता ग्रहण करते समय लहार विधायक डॉ. गोविंद सिंह के चचेरे भाई शैलेन्द्र सिंह कुशवाह उर्फ टप्पे के साथ साथ मनोज कुशवाह पचोखरा तथा अरविंद कुशवाह बगुलरी, अरुण कुशवाह पचेरा तथा रमेश रावत रावत मुहल्ला लहार ने भी भाजपा की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण की। इसके साथ साथ 2022 में जिला पंचायत वार्ड क्रमांक 11 से रमेश कुशवाह जिन्होंने जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा था जिनका लहार विधायक डॉ. गोविंद सिंह के बीच लेनदेन का अभी हाल ही में ऑडियो वीडियो वायरल हुआ था, उन्हें भी हृदेश शर्मा ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से मिलाकर भाजपा की प्राथमिकता सदस्यता दिलवाई। शैलेंद्र सिंह ने हमेशा डॉ. गोविंद सिंह का विरोध किया जब इस मामले में नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह से फोन पर बात करने का प्रयास किया गया तो चुनावी व्यस्तता के कारण उनसे बात नहीं हो सकी। वहीं जब उनके बेटे डॉ. अमित सिंह से इस विषय को लेकर फोन पर बात की तो उन्होनें इस बात का जवाब देते हुए कहा की शैलेंद्र सिंह उर्फ टप्पे मेरे पिता डॉ. गोविंद सिंह के चचेरे भाई हैं और उनका सहयोग कभी भी हमारे साथ नहीं रहा। एक ही परिवार से जुड़े होने के कारण उनका नाम कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष और लहार विधायक के भाई के रूप में जरूर जाना जाता है, लेकिन उन्होंने हमेशा हर चुनाव में कांग्रेस पार्टी और डॉक्टर साहब का विरोध ही किया है। उनके कारनामों को क्षेत्र की जनता अच्छे से जानती है और उनके भाजपा या अन्य किसी भी दल में आने-जाने से कहीं कोई फर्क नहीं पड़ता है। इसके पहले 2020 में भी उन्होंने भाजपा ज्वॉइन की थी और उनकी ज्योतिरादित्य सिंधिया और प्रद्युमन सिंह तोमर के साथ कई तस्वीरें भी सामने आईं थीं। उनका आप उनका पिछला रिकॉर्ड देख सकते हैं। शैलेंद्र सिंह कभी कांग्रेसी थे ही नहीं शैलेंद्र सिंह के भाजपा ज्वॉइन करने को लेकर क्षेत्र में माहौल गरमाया हुआ है। कांग्रेस के ज़िला अध्यक्ष मान सिंह कुशवाह से इस संबंध में बात की गई तो उनका कहना था कि नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह के चचेरे भाई शैलेंद्र सिंह कांग्रेस में थे ही कब, उनके बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं है। हालांकि यह नेता प्रतिपक्ष का पारिवारिक मामला है इसलिए फिलहाल किसी तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।  शैलेंद्र सिंह को है दलबदल की आदत बता दें कि लहार क्षेत्र के लोगों का कहना है कि शैलेंद्र सिंह (टप्पे) चुनाव आते ही दलबदल करते रहे हैं इसलिए ये कोई नई बात नहीं है। उनका दल बदल चलता रहता है। ग्रामीण क्षेत्रों के लोग तो उन्हें विभीषण भी कह रहे हैं। लोगों का कहना है कि हरबार विधानसभा चुनाव में उनके द्वारा कांग्रेस पार्टी और अपने बड़े भाई, लहार विधायक डॉ. गोविंद सिंह का विरोध किया गया है, लेकिन इससे वे डॉ. गोविंद सिंह का कभी भी कोई बड़ा नुकसान नहीं कर पाए और इस बार भी उनके इस काम से कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

1612 कर्मचारियों ने पोस्टल बैलेट से किया मतदान, 1554 सर्विस वोटर करेंगे इलेक्ट्रानिक वोटिंग.

Vote; ECI; Bhopal; Sahara Samachaar;

1612 employees voted through postal ballots, while 1554 service voters will cast their votes electronically. मंगलवार और बुधवार को भी एमएलबी-एमबीएम में करेंगे मतदान, 9 और 10 को लाल परेड ग्राउंड पर पुलिसकर्मी करेंगे वोटिंग साकिब कबीरभोपाल। सत्रह नवंबर को सुबह 7 से शाम छह बजे तक होने वाले मतदान को लेकर जिला निर्वाचन कार्यालय ने चुनाव कराने वाले अधिकारी और कर्मचारियों के मतदान का काम शुरु कर दिया है। जिसके तहत सोमवार को 1612 कर्मचारियों ने पोस्टल बैलेट से मतदान किया। इन कर्मचारियों में राजधानी सहित आसपास के जिलों के अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल है। इसके साथ जिले के 1554 सर्विस वोटर्स को भी इलेक्ट्रॉनिक पोस्टल बैलेट जारी कर दिए गए हैं। यह लोग देश में जहां भी तैनात होंगे, वहां से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग कर सकेंगे।राजधानी में 9018 कर्मचारियों की चुनावी ड्यूटी लगाई गई है, जिसकी वजह से यह कर्मचारी अपने मतदान केंद्र पर जाकर मतदान नहीं कर सकेंगे। जिसको लेकर जिला निर्वाचन कार्यालय ने इन कर्मचारियों के लिए पोस्टल बैलेट छपवाकर रखे हैं। इन लोगों के लिए एमबीएम और एमएलबी कॉलेज में चुनावी ट्रेनिंग के साथ पोस्टल बैलेट से मतदान करने की व्यवस्था की गई है। मंगलवार और बुधवार को भी कर्मचारी मतदान कर सकेंगे। पुलिसकर्मी 9 और 10 को करेंगे मतदानजिले में 17 हजार 809 कर्मचारियों से पोस्टल बैलेट से वोटिंग कराई जानी है। जिसमें पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। इन पुलिसकर्मियों के लिए लाल परेड ग्राउंड पर गुरुवार और शुक्रवार को वोटिंग कराई जाएगी। इसमें सिर्फ वही पुलिसकर्मी शामिल होंगे, जिन्होंने चुनावी ड्यूटी होने पर प्रारूप-12 का आवेदन पेश किया था।

दो बार की ट्रेनिंग के बाद भी मतदान का समय नहीं बता पाए कर्मचारी, 98 हो गए फेल.

ECI; Sahara Samachaar; Bhopal; MP Electios;

Even after two rounds of training, the employee failed to specify the voting time, resulting in 98 failures. पहले दिन चुनाव कराने 3276 कर्मचारियों ने दी परीक्षा, दोबारा लेना पड़ेगी ट्रेनिंग. भोपाल के 9018 कर्मचारियों की तीन दिन चलेगी ट्रेनिंग, ट्रेनिंग में फिर गायब रहे सौ अधिकारी-कर्मचारी साकिब कबीरभोपाल। जिले की बैरसिया, नरेला, उत्तर, मध्य, दक्षिण पश्चिम, गोविंदपुरा और हुजूर विधानसभा में विधायक का चुनाव कराने के लिए अधिकारी और कर्मचारियों की दूसरे दौर की ट्रेनिंग दी जा रही है। जिसके तहत सातों विधानसभा के 9 हजार 18 कर्मचारियों को ट्रेनिंग सोमवार से शुरु कर दी गई है। पहले दिन की ट्रेनिंग में 3 हजार 276 कर्मचारी पहुंचे, जिनकी ट्रेनिंग होने के बाद परीक्षा ली गई। इस परीक्षा में 98 कर्मचारी फेल हो गए। जो पेपर में दिए गए 25 में से आठ सवालों के जवाब तक नहीं दे पाए। दो बार ट्रेनिंग लेने वाले अधिकारी-कर्मचारी परीक्षा में मतदान का समय और ईवीएम मशीन को क्लियर करने का तरीका तक नहीं बता पाए। अब मंगलवार को इन कर्मचारियों को दोबारा से ट्रेनिंग लेकर परीक्षा देना पड़ेगी।सोमवार को दूसरे दौर की ट्रेनिंग का सुबह 8 बजे से पहला सत्र शुरू हुआ, जो दोपहर 2 बजे तक चला। इस दौरान उन्हें ईवीएम, मॉक पोल, वोटिंग, मतदान सामग्री लेने से लेकर जमा कराने तक की बारिकियां सिखाई गई। इसके बाद कर्मचारियों ने परीक्षा दी। इसके जरिए यह पता लगाया गया कि कर्मचारियों ने ट्रेनिंग को कितनी गंभीरता से लिया है। दोपहर 2 बजे के बाद दूसरा सत्र शुरू हो गया, जो शाम 7 बजे तक चला। मोतीलाल विज्ञान कॉलेज और महारानी लक्ष्मीबाई कॉलेज में प्रत्येक सत्र में 900-900 कर्मचारियों को चुनाव से जुड़ी हर जानकारी दी जा रही है। 105 मास्टर ट्रेनर्स कर्मचारियों को ट्रेनिंग दे रहे हैं। मंगलवार और बुधवार को भी कर्मचारियों को दो सत्र में ट्रेनिंग देकर परीक्षा ली जाएगी। पी-2 और पी-3 के लिए यह फाइनल ट्रेनिंगपी-2 और पी-3 यानी मतदान कराने वाले कर्मचारियों के लिए यह फाइनल ट्रेनिंग है। इसके बाद उन्हें प्रशिक्षण नहीं मिलेगा। इसलिए उन्हें चुनाव आयोग की बुकलेट भी दी जाएगी। पीओ यानी पीठासीन अधिकारी और पी-1 यानी मतदान अधिकारी को एक बार फिर 13 और 14 नवंबर को फाइनल ट्रेनिंग दी जाएगी। कर्मचारियों को नहीं पता मॉकपोल का समयवोटिंग से पहले यदि कंट्रोल यूनिट, बैलेट यूनिट या वीवीपेट मशीन खराब हो जाए तो आप क्या करेंगे? मतदान से जुड़े इस तरह के 25 प्रश्न कर्मचारियों से ट्रेनिंग के बाद पूछे गए। कई कर्मचारी रियल मतदान शुरु होने के पहले मॉकपोल का समय भी नहीं बता पाए। इस बार सुबह सात से शाम छह बजे तक मतदान किया जाएगा। जिला पंचायत सीईओ ऋतुराज सिंह ने बताया कि जो कर्मचारी इस परीक्षा में फेल होंगे, उन्हें दोबारा से ट्रेनिंग लेकर परीक्षा देना पड़ेगी।

तीन दिन में 113 टीम 2510 बुजुर्ग और दिव्यांगों के घर जाकर डलवाएंगी वोट.

Postal Ballot; Elections; ECI; Sahara Samachaar;

In three days, 113 teams will visit the homes of 2510 senior citizens and disabled individuals to get their votes cast. दस दिन पहले कराई कर्मचारियों, बुजुर्ग और दिव्यांगों की वोटिंग. आज से सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक जाएंगी टीमपोस्टल बैलेट से मतदान करेंगे बुजुर्ग और दिव्यांग. साकिब कबीरभोपाल। पहली बार निर्वाचन आयोग ने अस्सी से अधिक उम्र वाले बुजुर्ग और दिव्यांगों को पोस्टल बैलेट से घर से ही मतदान करने की सुविधा मुहैया कराई है। जिसके तहत सात, आठ और 9 नवंबर को सुबह 9 से शाम पांच बजे तक मतदान दल इन लोगों के घर पहुंचकर वोट डलवाएंगे। जिसके लिए विधानसभा में उम्मीदवारों के हिसाब से पोस्टल बैलेट जारी कर दिए गए हैं। मंगलवार से जिले की सातों विधानसभा में 113 मतदान दल घर-घर जाकर मतदान कराएंगे। पोस्टल बैलेट में उम्मीदवार के चुनाव चिन्ह पर सील लगाकर पेटी में डाला जाएगा। इन पेटियों को ट्रेजरी में जमा किया जाएगा। जो मतगणना के दिन खोली जाएंगी। जिले में 80 से 100 साल के बीच भोपाल में 23 हजार 506 मतदाता है, जबकि 147 मतदाता शतायु हैं। इसके साथ ही जिले में 7 हजार 579 दिव्यांग मतदाता हैं। बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं को इस बार घर पर ही पोस्टल बैलेट से मतदान करने की सुविधा दी गई थी। जिसके तहत 2311 बुजुर्गों ने घर से मतदान करने का आवेदन किया, जबकि 199 दिव्यांगों ने घर से मतदान करने की सहमति दी। मंगलवार से गुरुवार तक इन लोगों से वोटिंग कराई जाएगी। इस केटेगरी के 28 हजार 575 मतदाताओं ने पोस्टल बैलेट से मतदान करने का आवेदन ही नहीं किया है। अब इन लोगों को 17 नवंबर को सुबह 7 से शाम छह बजे तक ही मतदान करना पड़ेगा। मतदान की गोपनीयता रहेगी बरकरारजिला निर्वाचन अधिकारी आशीष सिंह ने बताया कि पहली बार बुजुर्ग और दिव्यांगों को पोस्टल बैलेट से मतदान कराया जा रहा है। घर जाकर वोटिंग कराने वाला दल इस बात का ध्यान रखेगा कि मतदान करने वाला बुजुर्ग या दिव्यांग पूरी गोपनीयता के साथ वोट डालें। पोस्टल बैलेट पर सील लगाने के बाद उसे मत पेटी में डालकर सुरक्षित रखा जाएगा।

विधानसभा क्षेत्र में गांव-गांव तक स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क पहुंची है। – रामेश्वर शर्मा

Rameshwar Sharma; Bhopal; Huzur; BJP; Sahara Samachaar;

In the Assembly, health, education, and roads have reached from village to village. – Rameshwar Sharma उदित नारायणभोपाल। गांव गरीब और किसान कल्याण के लिए विगत 18 वर्षों में जो काम भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने किया है उतना काम पहले किसी सरकार ने नहीं किया इस कारण से सम्पूर्ण प्रदेश सहित हुजूर विधानसभा क्षेत्र में गांव-गांव तक स्वास्थ्य शिक्षा और सड़क पहुंची है। इसलिए हम आपका वोट अधिकार के साथ एक बार फिर मांगने आए हैं। अतः 17 नवंबर के दिन कमल का बटन दबाकर हुजूर और मध्य प्रदेश में भाजपा को पुनः विजयी बनाना है। यह बात जनसंपर्क के दौरान भाजपा प्रत्याशी रामेश्वर शर्मा ने कही। भाजपा प्रत्याशी रामेश्वर शर्मा ने अपने कार्यकाल में किए गए कार्यों का विस्तार से उल्लेख करते हुए कहा कि मेरा प्रयास रहता है कि विकासपरक सोच के साथ जन भावनाओं का सम्मान करते हुए आगे बढ़ा जाए। यही वजह है कि आज जनता का आशीर्वाद निरंतर मुझ पर बना हुआ है। क्षेत्र का विकास मेरी पहली प्राथमिकता है। मैंने एक सेवक के रूप में हुजूर परिवार का मन जीता है। इसलिए अब परिवारजन मुझे विजयी बनाएगें। इन स्थानों पर रहा जनसंपर्कहुजूर भाजपा प्रत्याशी रामेश्वर शर्मा विधानसभा क्षेत्र में जनसंपर्क के दौरान विभिन्न स्थानों पर नागरिकों से भेंट कर अन्य चुनावी गतिविधियों में भी शामिल हो रहे हैं। इसी क्रम में सोमवार को उनके द्वारा फंदा मंडल कार्यालय का शुभारंभ, वार्ड क्रं. 83 व 84 बूथ की बैठक के साथ साथ अन्य बैठकों में सम्मिलित हुए। सोमवार को इन स्थानों पर हुआ जनसम्पर्क हुजूर प्रत्याशी रामेश्वर शर्मा ने रविवार को क्षेत्र के नवीन बस्ती, बैरागढ़ कलां, फंदा, तूमड़ा, वैभव मैरिज गार्डन, महाबली नगर, कोलार, श्रद्धा मैरिज गार्डन, सीटीओ, प्रताप वार्ड, वार्ड क्र. 01, अर्जुन वार्ड, गोंडबस्ती, नई बस्ती सेक्टर -3 (बंजारा बस्ती), शहीद भगत सिंह, ऋषि विलास कालोनी, पतंजली कालोनी, द ब्लेयर कालोनी, कटारा हिल्स, भगवती नगर, स्वामी विवेकानंद परिसर, गौरीशंकर परिसर, सिल्वर स्टेट, पार्क सिटी, रजत गोल्डन नेस्ट, गोल्ड विला, स्प्रिंगवैली ड्यू, स्प्रिंगवैली जुनिपर, स्प्रिंगवैली, प्राईड सिटी, आमरीन होम्स, सागर गोल्डन पॉम, एटलांटिस सिटी, हेवंस लाईफ, कस्तूरी रॉयल पार्क, सिग्नेचर 360, पवित्र परिसर, सिग्नेचर सिटी, श्री कृष्णा हाईटस, रामायण साउथ एवेन्यू, त्रिभुवन विहार, रामायण साउथ एवेन्यू फेस-1 स्थानों पर जनसंपर्क कर नागरिकजनों से भाजपा को जिताने की अपील की।

प्रदेश की 62 सीटों पर कांग्रेस और भाजपा में कांटे की टक्कर.

Congress; BJP; Kamalnath; Sahara Samachaar;

Congress and BJP are in a tough competition on 62 seats in the state उदित नारायणभोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। Un प्रदेश में इस बार चुनावी बिसात पर किसकी होगी जीत और कौन रहेगा खाली हाथ.?, यह सवाल प्रदेश ही नहीं देश भर के जेहन में हैं। प्रदेश की 230 सीटों पर हो रहे चुनाव में भाजपा अभी कांग्रेस की तुलना में ज्यादा मजबूत नजर आ रही है। दोनों की मजबूत सीटों की बात की जाए तो भाजपा में यह संख्या 98 है। वहीं, कांग्रेस 70 सीटों पर बढ़त बनाए दिख रही है। दोनों में अभी 28 सीटों का अंतर है। बड़ी बात यह है कि फिलहाल 62 सीटें ऐसी हैं जहां भाजपा और कांग्रेस दोनों ही कांटे के मुकाबले में है। निश्चित रूप ये इन्ही सीटों पर जीत और हार से ही सत्ता का निर्धारण होगा।कुल सीट- 230भाजपा- 98कांग्रेस- 70कांटे की टक्कर वाली सीट- 62 कांटे की लड़ाई वाली इन सीटों पर दोनों ही दलों के बागी प्रत्याशियों के साथ बहुजन समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी भी निर्णायक भूमिका में हैं। बसपा और सपा तो इनमें से कुछ सीटों पर सिर्फ खेल बिगाडने की नहीं बल्कि जीतने की भी स्थिति में आ सकती हैं। हालांकि, दोनों दलों के बागी जीतने की स्थिति में न होकर सिर्फ पार्टी को नुकसान पहुंचाते दिखाई दे रहे हैं। हमारी टीम के आंकड़ों के अनुसार, भाजपा की इन सीटों पर जीत दर्ज करने की स्थिति में हैइंदौर 1, इंदौर 2, इंदौर 4, महू, सांवेर, उज्जैन दक्षिण, पंधाना, बागली, रतलाम शहर, जावरा, आलोट, मंदसौर, मल्हारगढ, सुवासरा, गरोठ, मनासा, सुसनेर, खंडवा, हरसूद, मन्धाता, नेपानगर, खरगोन, पानसैमल, राजपुर, जोबट, पेटलावद, धरमपुरी, देवास, मनावर, सतना, नागौद, रामपुर बाघेलान, रीवा, सिरमौर, मनगंवा, पुष्पराजगढ, धौहनी, जैतपुर, देवसर, मानपुर, अनूपपुर, सागर, खुरई, नरियावली, रहली, जतारा, एक ओर भाजपा जहां सत्ता में वापसी के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। वहीं, कांग्रेस भी मैदानी मोर्चें पर सब कुछ दांव पर लगाए है। कुल मिलाकर सियासी दल ही नहीं सियासी पंडित भी यह मानकर चल रहे हैं कि इस बार प्रदेश में लड़ाई कांटे की है। बीजेपी की बढ़त वाली सीटेमलहरा, महाराजपुर, दमोह, पथरिया, हटा, पन्ना, गुनौर, पवई, ग्वालियर ग्रामीण, ग्वालियर, बमौरी, पिछोर, करैरा, दतिया, भांडेर, सेवढा, भिंड, मेहगांव, सुमावली, दिमनी, अंबाह, विजयराघवगढ बहोरीबंद शाहपुर देवास बालाघाट लांजी परसवाडा वारासिवनी कटंगी बरघाट गोटेगांव जबलपुर कैंट बरगी, पाटन नरसिंहपुर नरेला हुजूर, गोविंदपुरा बैरसिया सिलवानी सांची कुरवाई सिरोंज शमसाबाद सारंगपुर बुधनी सोहागपुर पिपरिया सिवनी मालवा बैतूल भैंसदेही आमला।वहीं, इन सीटों पर जनता जर्नादन कांग्रेस का हाथ मजबूत करती नजर आ रही है- कांग्रेस की जीत की संभावना वाली सीटराउ, देपालपुर, तराना, नागदा खाचरौद, सैलाना, नीमच शाजापुर, कालापीपल, भगवानपुरा, कसरावद, भीकनगांव, बडवानी, सेंधवा, झाबुआ, थांदला, कुक्षी, गंधवानी, सोनकच्छ, रैगांव, अमरपाटन, मउगंज, चुरहट, सिंगरौली, चितरंगी, ब्यौहारी, बांधवगढ, कोतमा, बंडा, टीकमगढ़, पृथ्वीपुर, खरगापुर, चंदली, राजनगर, जबेरा, ग्वालियर पूर्व, भितरवार, चाचौड़ा, राघौगढ़, मुंगावली, चंदेरी, पोहरी, विजयपुर, अटेर, लहार, जौरा, डबरा, बड़वारा, डिंडोरी, बिछिया, मंडला, बैहर, सिवनी, केवलारी, तेंदुखेडा, गाडरवाडा, छिंदवाडा, पांर्ढुना, परासिया, सौंसर, जबलपुर पूर्व, जबलपुर पश्चिम, पनागर,लखनादौन, उदयपुरा, राजगढ, खिलचीपुर, ब्यावरा, आष्टा, मुलताई, घोडाडोंगरी। इन सीटों पर फाइटइंदौर- 3, इंदौर -5, उज्जैन उत्तर, बडनगर, घट्टिया, महिदपुर, रतलाम ग्रामीण, जावद, शुजालपुर, आगर, खातेगांव, बुरहानपुर, महेश्वर, बड़वाह, राजपुर, अलीराजपुर, धार, बदनावर, हाटपिपल्या, चित्रकूट, मैहरसेमरिया, त्योंथर, देवतालाब, गुढ़, सीधी, सिंहावल, देवरी, बीना, सुरखी, निवाडी, छतरपुर, बिजावर, ग्वालियर दक्षिण, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, कोलारस, गोहद, मुरैना, सबलगढ, श्योपुर, बड़वारा, चौरई, जबलपुर उत्तर, सिहोरा, अमरवाडा, भोपाल उत्तर, भोपाल दक्षिण पश्चिम, भोपाल मध्य, भोजपुर, विदिशा, गंजबासौदा, नरसिंहगढ, सीहोर, इछावर, होशंगाबाद, हरदा, टिमरनी।

BJP को लगा बड़ा झटका, पूर्व विधायक ने थामा कांग्रेस का हाथ.

Congress; BJP; Kamalnath; Sahara Samachaar;

BJP suffered a major setback as a former legislator joined the Congress party. मनीष त्रिवेदी – सहरा समाचारमुरैना। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में सभी दलों में नेताओं का पार्टी छोड़ने का क्रम लगातार चला आ रहा है। चुनावो में अब ज्यादा दिन नहीं रह गए है. चम्बल क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी को एक और झटका लगा, मुरैना जिले की अंबाह विधानसभा से पूर्व विधायक व भाजपा के प्रदेश कार्य समिति सदस्य कमलेश सुमन ने शनिवार को अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। इसी बीच श्री सुमन ने भोपाल में पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के सामने कांग्रेस की सदस्यता ले ली है। इस्तीफे के बाद अंबाह विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी कमलेश जाटव की मुश्किलें बढ़ती है या घटती है, या आगे क्या समीकरण बनते है. यह तो वक़्त ही बताएगा.

प्रत्याशी के समर्थन में बैठक करने पर एफआईआर दर्ज.

FIR; Bhopal; Sahara Samachaar;

Filing an FIR for holding a meeting in support of a candidate. साकिब कबीरभोपाल। रिटर्निंग अधिकारी एवं एसडीएम हुजुर आशुतोष शर्मा द्वारा बैरागढ़ क्षेत्र के कई मतदान केन्द्रों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान उनके साथ हुजूर विधानसभा के सामान्य प्रेक्षक तलत परवेज भी साथ रहे। निरीक्षण के दौरान नवयुवक सभा स्कूल बैरागढ़ में बूथ क्र. 60, 61, 62, 63 एवं 64 का निरीक्षण किया गया एवं आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु रिटर्निंग अधिकारी हुजूर को निर्देशित किया। निरीक्षण के दौरान नवयुवक सभा स्कूल के कैम्पस के अंदर हॉल में अनाधिकृत रूप से 25 से 30 लोग उपस्थित थे । ये एक प्रत्याशी के समर्थन में बैठक कर रहे थे। उनके पास वहां उपस्थित होने की कोई वैधानिक अनुमति न होना एवं ऐसी गतिविधि आदर्श आचरण संहिता का उल्लंघन है। अतः उक्त प्रकरण पर निर्वाचन नियमों के अनुरूप आवश्यक कार्यवाही करने आरओ हुजूर द्वारा थाना प्रभारी, थाना, बैरागढ़ को नवयुवक सभा स्कूल में बिना अनुमति के एकत्रित/मीटिंग आयोजित करने के संबंध में कार्यवाही करने के लिए थाना प्रभारी को निर्देशित किया। उक्त पत्र के पालन में थाना प्रभारी द्वारा नवयुवक सभा स्कूल के सह सचिव दिनेश वाधवानी, कैलाश साधवानी, सूरज यादव (अध्यक्ष ऑटो यूनियन संघ), भूपेन्द्र गुर्जर (विहिप) एवं 20 अज्ञात व्यक्तियों के विरूद्ध आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के कारण प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफ.आई.आर.) दर्ज की। प्रेक्षक द्वारा आरओ हुजूर को निर्देशित किया गया कि क्षेत्र का सघन निरीक्षण अपनी टीम के द्वारा कराया जाना सुनिश्चित करें एवं पुनः उक्त प्रकार की परिस्थिति निर्मित होने पर तत्काल नियमानुसार आदर्श आचार संहिता उल्लंघन की कार्यवाही करें। एसडीएम हुजुर आशुतोष शर्मा ने ने सभी राजनीतिक दलों एवं अभ्यर्थियों से अपील की है कि आचार संहिता का पालन करें अन्यथा कार्यवाही की जाएगी

एक सैकड़ा से अधिक लोगों ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की.

Sahara Samachaar;

More than Hundred people have joined the Congress party. सीताराम कुशवाहाविदिशा, ग्यारसपुर में कांग्रेस सरकार की नीतियों से प्रभावित होकर कांग्रेस के गंजबासौदा ग्यारसपुर के प्रत्याशी निशंक कुमार जैन के समक्ष ग्यारसपुर के सुंतला के लोगों ने भारी संख्या में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की जिनमें प्रमुखता से अनार कुशवाहा के नेतृत्व में सदस्यता ग्रहण समारोह कार्यक्रम आयोजित किया गया, अनार कुशवाहा ने बताया कि हमारे दादा पर दादा हमेशा से ही भारतीय जनता पार्टी को वोट देते आए हैं परंतु भारतीय जनता पार्टी में हमारी कोई इज्जत और सम्मान नहीं है हमारी कदर नहीं करती है, आजकल के नेताओं की कदर करती है जो पीढ़ी दर पीढ़ी भारतीय जनता पार्टी का झंडा उठाकर चलते थे उनकी कोई कद्र नहीं है । इसीलिए कांग्रेस के विधानसभा प्रत्याशी निशंक कुमार के द्वारा हमें मान सम्मान और इज्जत दी जा रही है पार्टी का पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ कार्य करेंगे कार्यक्रम में कांग्रेस के सैकड़ो कार्यकर्ता इस दौरान मौजूद रहे ।

आजाद समाज पार्टी के मुखिया चंद्रशेखर आजाद की कल मेहगांव में विशाल जनसभा।

Azad Samaj Party chief Chandrashekhar Azad’s huge public meeting in Mehgaon tomorrow. मेहगांव एएसपी प्रत्याशी के समर्थन में करेंगे जनसभा और रोड शो।एएसपी के राष्ट्रीय महासचिव रविंद्र सिंह भाटी भी रहेंगे मौजूद। संतोष सिंह तोमर ग्वालियर / भिंड। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों में जुटे सभी राजनैतिक दलों ने अब चुनाव प्रचार अभियान तेज कर दिए हैं। इसी क्रम में आजाद समाज पार्टी के मुखिया और भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद कल भिंड जिले के मेहगांव में विशाल जनसभा और शो करेंगे।               भिंड जिले की हॉट सीट मानी जा रही मेहगांव विधानसभा क्षेत्र  से भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद की आजाद समाज पार्टी के टिकट पर क्षेत्र के युवा नेता भूपेंद्र सिंह कराणा चुनाव मैदान में ताल ठोक रहे हैं। भूपेंद्र सिंह कराणा के चुनावी समर में उतरने से इस विधानसभा क्षेत्र में भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के समीकरण गड़बड़ा रहे है और चुनावी मुकाबला रोमांचक हो गया है। इस मुकाबले को और भी रोमांचकारी बनाने के लिए आजाद समाज पार्टी के मुखिया चंद्रशेखर आजाद और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रविन्द्र सिंह भाटी कल मेहगांव विधानसभा क्षेत्र में पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में विशाल जनसभा और रोड शो करेंगे। मेहगांव विधानसभा क्षेत्र से आजाद समाज पार्टी प्रत्याशी भूपेंद्र सिंह कराणा ने पत्रकार वार्ता के दौरान दोनों नेताओं के कार्यक्रम के विषय में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद और पार्टी महासचिव रविंद्र भाटी सोमवार सुबह वायुमार्ग से ग्वालियर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। जहां से पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ उनका काफिला मेहगांव जिला भिंड के लिए प्रस्थान करेगा। मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र में उनका स्वागत कार्यक्रम रहेगा और यहां दोनो नेता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे। जिसके बाद गोहद, बरहद, मेहगांव और गोरमी तिराहा पर पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा उनका जोरदार स्वागत किया जायेगा। इसके बाद चंद्रशेखर आजाद और रविंद्र सिंह भाटी मेहगांव गाल्लामंडी पहुंचेंगे। जहां चुनाव प्रत्याशी भूपेंद्र सिंह कराणा के समर्थन में जनसभा को संबोधित करेंगे। जनसभा के बाद दोनों नेताओं द्वारा पार्टी के स्थानीय नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ विधानसभा क्षेत्र में रोड शो किया जायेगा। रोड शो के समापन के बाद दोनों नेता वापिस ग्वालियर पहुंचेंगे, जहां रात को पार्टी नेताओं और प्रमुख कार्यकर्ताओं के साथ चुनावी रणनीति को लेकर बैठक करेंगे।

केन-बेतवा लिंक परियोजना प्रभावितों को दिलवाएंगे 18 लाख प्रति एकड़: चरन सिंह.

Chain Singh; Chhatarpur; Congress; Sahara Samachaar;

We will provide compensation of 18 lakhs per acre to the affected individuals of the Ken-Betwa Link Project,” said Charan Singh. छतरपुर। कांग्रेस पार्टी द्वारा पैरासूट इंट्री कर बिजावर विधानसभा क्षेत्र में उम्मीदबार बनाए गए चरन सिंह यादव ने अपने खास साक्षात्कार में कहां कि इस क्षेत्र के केन बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित किसानों को 18 लाख प्रति एकड़ की दर से मुआवजा दिलवाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनते ही इस क्षेत्र के प्रभावितों और विस्थापितों को हर हाल में 18 लाख रूपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा दिलाने का काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मेरा इस क्षेत्र से चुनाव लड़ना पार्टी का निर्णय है, पार्टी के मुखिया कमलनाथ ने मुझे बिजावर क्षेत्र से कांग्रेस पार्टी का उम्मीदबार बनाया है तो मैं यहां चुनाव लड़ने आया हूं और मुझे यहां लोगों का भरपूर आर्शीवाद मिल रहा है। भाजपा प्रत्याशी राजेश शुक्ला पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के जनप्रतिनिधि ने तो 35 करोड़ में जनभावनाओं का सौदा कर लिया था। लेकिन मैं ऐसा नहीं करूंगा और 80 हजार से अधिक वोट पाकर ऐतिहासिक जीत दर्ज कराउंगा। स्थानीय और बाहरी के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि जो लोग मुझे बाहरी प्रत्याशी बता रहे हैं वह झूंठ बोलते हैं वर्षों से खजुराहो एयरपोर्ट के सामने मेरा मकान है और इसी जिले में मेरी कर्म भूमि है। उन्होनंे कहा कि यदि जनता ने मुझे आर्शीवाद दिया तो हर खेत को पानी उपलब्ध कराया जाएगा, 24 घंटे बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाएगी, बड़े-बड़े ट्रांस्फार्मर लगवाए जाएंगे और इसी क्षेत्र में योजना बनाकर बड़े उद्योगो की स्थापना कराई जाएगी ताकी लोगों को रोजी-रोटी के लिए पलायन न करना पड़े। एक साथ कई रूठों के साथ आने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जो लोग मेरे साथ आए हैं उन्होंने मेरा व्यवहार देखा है मेरा काम करने का तरीका देखा है इस लिए वह सभी हमारे साथ हैं इसमें और किसी मंत्र का उपयोग नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि मैं एक किसान का बेटा हूं और सबको साथ लेकर चल रहा हूं। कांग्रेस प्रत्याशी चरन सिंह यादव ने शनिवार को अपने दौरे की शुरूआत बुन्देलखण्ड के कैदारनाथ कहे जाने वाले जटाशंकर धाम में अभिषेक करने के बाद की। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी द्वारा बिजावर को बैंकॉक बताकर महिलाओं के अपमान के सवाल पर कहा कि मैंने किसी महिला का कोई अपमान नहीं किया सारी महिलाएं मेरी मां, बहन और बेटियां हैं अगर भाजपा प्रत्याशी को इसमें महिलाओं का अपमान नजर आ रहा है तो यह उनकी सोच है। मैंने तो जब इस क्षेत्र में गांव-गांव में खुलेआम शराब बिकते हुए देखी तब यह कहा था कि यहां के लोगों ने बिजावर क्षेत्र को बैंकॉक बनाकर रख दिया है।

मेरी टक्कर दारू माफिया और बालू माफिया से है: महेन्द्र गुप्ता.

Mahendra Gupta; Chhatarpur; BSP; Sahara Samachaar;

I am in competition with the liquor mafia and the sand mafia,” said Mahendra Gupta. छतरपुर। बहुजन समाज पार्टी से दूसरी बार बिजावर विधानसभा क्षेत्र के चुनावी समर में किस्मत आजमाने उतरे महेन्द्र गुप्ता ने कहा कि इस क्षेत्र में उनका मुकाबला दारू माफिया और बालू माफिया से है। इन माफियाओं ने चुनाव इतना मंहगा कर दिया है कि साधारण गरीब मजदूर और किसान का बेटा चुनाव लड़ने की हिम्मत नहीं जुटा पाता है। उन्होंने कहा कि इस बार के चुनाव में सरसठ हजार से अधिक वोट प्राप्त करना उनका लक्ष्य है।बहूजन समाज पार्टी प्रत्याशी महेन्द्र गुप्ता ने एक सवाल के जबाव में कहा कि आजादी के बाद से ही हरिजन आदिवासियों और दबे कुचले लोगों के वोट खरीदने का काम किया जा रहा है। कभी उनके वोट दारू के नाम पर खरीदे जाते हैं तो कभी कम्बल, साड़ी और पैसा बांटकर वोट बटोरे जाते हैं। उन्होंने कहा कि बिजावर क्षेत्र के सुदूर गांव पलकौहां में हालात यह हैं कि वहां लोगों के जाती प्रमाण पत्र तक नहीं बनाए जा रहे हैं। जबकि होना यह चाहिए था कि सरकार यहां कैम्प लगवाती और गरीबों के जाति प्रमाण पत्र मौके पर ही जारी करती। उन्होंने मध्यप्रदेश शासन की लाड़ली बहना योजना पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो पैसा लाड़ली बहना योजना के नाम पर बांटा जा रहा है यदि उसी पैसे का सद उपयोग कर अस्पताल बनवाये जाते तो अब तक कई अस्पताल बनकर खड़े हो जाते जिनमें गरीब लोगों का निःशुल्क इलाज हो पाता। जब उनसे पूंछा गया कि मध्यप्रदेश में बीएसपी सरकार बनाने की स्थिति में नहीं है ऐसे में चुनाव बाद आप कांग्रेस या भाजपा में से किस पार्टी का समर्थन करेंगे तो उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में बहुजन समाज पार्टी के बिना किसी भी दल की सरकार बनना संभव नहीं है और मेरा समर्थन किस पार्टी को होगा इसका निर्णय हमारी नेता बहन मायावती जी ही करेंगी। बसपा नेता महेन्द्र गुप्ता ने अपना यह खास इंटरव्यू देवरा से किसनगढ़ जाते समय रास्ते में दिया।

मुख्यमंत्री की सभा में नहीं दिखी ज्यादा भीड़, नागरिकों में दिखी निराश काफी देर से पहुंचे थे “मामा”

Shivraj Singh Chouhaan; Katni; Elections; Sahara Samachaar;

Chief Minister’s meeting did not witness a large crowd; disappointment was evident among the citizens as they had been waiting for a long time. कटनी। चुनाव प्रचार जोड़ों पर है सभी पार्टियों अपनी-अपनी ताकत झोंक रही हैं इसी कड़ी में मुखिया शिवराज सिंह चौहान की चुनावी सभा का आयोजन एनकेजे स्थित मैदान में होना था। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की चुनावी सभा को सफल बनाने के लिए वैसे तो भारतीय जनता पार्टी कटनी के पदाधिकारियों ने खासा जोर लगाया, लेकिन सभा स्थल पर मौजूद लोगों की भीड़ कम ही नजर आई। मामा शिवराज सिंह चौहान के प्रति लोगों की बेरुखी सभा स्थल पर साफ नजर आई। भाजपा ने सभा के पूर्व यह कयास लगाया था कि मुख्यमंत्री की सभा जिले के भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में क्रांति ला देगी, लेकिन ऐसा कुछ हुआ नहीं। सभा स्थल पर जहां सामने की कुछ कतारों में पार्टी के पदाधिकारी एवं कॉलेज के छात्र नजर आ रहे थे वहीं पंडाल के पिछले हिस्से में बड़ी संख्या में कुर्सियां खाली पड़ी हुई थी। इसका एक कारण यह भी कहा जा सकता है कि मुख्यमंत्री अपने निर्धारित समय से चार घंटे लेट कटनी पहुंचे। जिसके कारण कई लोग तो ऐसे भी रहे जो सभा स्थल से वापस घर चले गए। नहीं दिखा लोगों में उत्साहमुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सभा को लेकर लोगों में उत्साह नजर नहीं आ रहा था। लोगों की आखिर ऐसी नाराजगी क्यों है यह बात ना तो भाजपा पदाधिकारियों को समझ में आ रही है और ना ही प्रत्याशी इसे समझ पा रहे हैं। भाजपा सरकार ने वैसे तो जिले के विकास के लिए काफी सारी घोषणाएं कर रखी हैं यहां तक की मेडिकल कॉलेज बनवाने तक की घोषणा आचार संहिता लागू होने के कुछ देर पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कर दी है। इतना सब होने के बावजूद आखिर मतदाता खुश क्यों नहीं है यह बात समझ से परे है। तो क्या परिवर्तन करने का मनमुख्यमंत्री की सभा स्थल पर मौजूद कई भाजपा कार्यकर्ता इस संबंध में आज चर्चा करते हुए नजर आए। इस दौरान पार्टी के कार्यकर्ता यह भी कहते दिखाई दिए कि भारतीय जनता पार्टी ने कटनी जिले में टिकट के बंटवारे में जो गलतियां की हैं वह जनता को पसंद नहीं आ रही। पार्टी कार्यकर्ताओं एवं आमजन के रूखेपन से यह कहना गलत नहीं होगा कि कहीं यह किसी बड़े परिवर्तन की शुरुआत तो नहीं। परिणाम चाहे जो भी आए लेकिन जब तक परिणाम सामने नहीं आ जाते तब तक इस तरह की चर्चाएं चलती ही रहेगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की सभा में भाजपा पदाधिकारी की मौजूदगी रही

96 प्रत्याशी चुनावी मैदान में, 25 साल से कांग्रेस का गढ़ बनी उत्तर विधानसभा में चाचा भतीजा का मुकाबला, निर्दलीय भी, आप भी काटेगी कांग्रेस का वोट.

MP Elections; Elections; MP; Congress; BJP; App; Sahara Samachaar;

With 96 candidates in the electoral arena, a face-off between uncle and nephew in the Uttar Legislative Assembly, a stronghold of the Congress for 25 years. Independents are also in the fray. AAP also cut the Congress vote. नाम वापसी के लास्ट दिन तक 21 ने नाम वापस लिए, 7 उत्तर से, अब आज से चुनव प्रचार पकड़ेगा और जोर, जोर आजमाइश का दौर शाकिब कबीरभोपाल, 25 साल से कांग्रेस का गढ़ बनी उत्तर विधानसभा सीट में विधायक आरिफ अकील के चुनाव न लड़ने से यहां घर में ही फूट पड़ गई। आरिफ के भाई आमिर अकील जो अब तक अपने भाई का चुनाव मैनेजमेंट संभालते थे, वे खुद अपने भतीजे आतिफ अकील के खिलाफ खड़े हो गए हैं। वहीं एक और निर्दलीय नासिर इस्लाम और आप पार्टी के मौ. सउद भी यहां चुनाव लड़ रहे हैं। आरिफ अकील के हटने और इन लोगों के खड़े होने से इस सीट के समीकरण गड़बड़ा गए हैं। इसका फायदा भाजपा को मिल सकता है। हुजूर का संकट खत्म: जितेंद्र डागा के नाम वापस लेने से हुजूर विधानसभा का संकट खत्म हो गया है। डागा कहीं न कहीं कांग्रेस का ही वो काटते। इनके बैठने के बाद यहां कांग्रेस प्रत्याशी नरेश ज्ञानचंदानी ने राहत की सांस ली है। नाम वापसी के बाद नरेश की आंखों में आंसू आ गए। मैदान में 96 प्रत्याशी, 41 निर्दलीय, 21 ने नाम वापस, 12 रिजेक्टसात विधानसभा सीट पर 17 नवंबर को होने वाले मतदान के लिए 96 प्रत्याशी मैदान मेें हैं। नाम वापसी के आखिरी दिन 19 लोगों ने नाम वापस लिए हैं। सबसे ज्यादा 7 नाम उत्तर से वापस हुए हैं। इसके बाद 4 नाम दक्षिण पश्चिम से। दो दिनों में 21 ने नाम वापस लिए हैं और 12 के फॉर्म रिजेक्ट हुए हैं। इसमें भाजपा, कांग्रेस, सपा, बसपा, आप और अन्य दलों व 41 निर्दलीय प्रत्याशी हैं। अब ये फाइनल तस्वीर- बैरसिया- 9 प्रत्याशी, 1 निर्दलीयउत्तर- 15 प्रत्याशी, 8 निर्दलीयनरेला- 23 प्रत्याशी, 14 निर्दलीयदक्षिण पश्चिम- 11 प्रत्याशी, 5 निर्दलीयभोपाल मध्य- 15 प्रत्याशी, 8 निर्दलीयगोविंदपुरा-17 प्रत्याशी , 4 निर्दलीयहुजूर- 6 उम्मीदवार, 1 निर्दलीय इन्होंने लिए नाम वापस- इस विधानसभा में निरस्त हुएहुजूर-3गोविंदपुरा-2उत्तर-1दक्षिण-2मध्य-3नरेला-1ल

केंद्रीय मंत्री अमित शाह आज ग्वालियर अंचल में करेंगे सभाएं और रोड शो।

Union Minister Amit Shah will hold meetings and road shows in Gwalior region today. केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ग्वालियर, शिवपुरी और श्योपुर जिले के प्रवास पर। संतोष सिंह तोमर भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव की कमान संभाल रहे केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज मध्यप्रदेश के ग्वालियर, शिवपुरी और श्योपुर जिले में चुनाव प्रचार पर रहेंगे। इस दौरान अमित शाह पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में 4 जनसभाओं एवं 2 रोड शो करेंगे।केंद्रीय मंत्री अमित शाह आज दोपहर 12 बजे ग्वालियर पहुंचेंगे। हेलीकॉप्टर द्वारा करैरा पहुंचकर दोपहर 12.40 बजे कृषि उपज मंडी प्रांगण में भाजपा प्रत्याशी रमेश खटीक के समर्थन में विशाल आमसभा को संबोधित करेंगे। श्री शाह दोपहर 1.35 बजे करैरा विधानसभा के सिरसौद में, दोपहर 1.45 बजे मानपुरा, दोपहर 2 बजे भौंती में रथसभाएं, दोपहर 2.15 बजे पगारा में स्वागत, दोपहर 2.30 बजे ढाला में स्वागत, दोपहर 2.40 बजे बदरवाद में रथसभाओं को संबोधित करेंगे।श्री शाह दोपहर 2.55 बजे पिछोर नगर के स्टेडियम में भाजपा प्रत्याशी प्रीतम सिंह लोधी के समर्थन में विशाल आमसभा को संबोधित करेंगे। शाम 4.15 बजे हजारेश्वर मेला ग्राउंड, श्योपुर में पार्टी प्रत्याशी दुर्गालाल विजय के समर्थन में आयोजित विशाल आमसभा को संबोधित करेंगे। श्री शाह शाम 7.30 बजे इंटक ग्राउंड हजीरा, ग्वालियर में भाजपा प्रत्याशी प्रद्युम्न सिंह तोमर के समर्थन में विशाल आमसभा को संबोधित करेंगे। श्री शाह रात्रि विश्राम ग्वालियर में करेंगे।

जो आपकी रक्षा और विकास कर सकता है, उसे वोट दें: जेपी नड्डा

Vote for the one who can protect and develop you: JP Nadda. भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने रीवा जिले के त्योंथर में जनसभा को किया संबोधित।ये जीत-हार का नहीं, आपके हितों का चुनाव है। आपने लोकसभा में कमल खिलाया तो देश आगे बढ़ा। संतोष सिंह तोमर भोपाल / रीवा। मित्रो, ये चुनाव का समय है और आने वाला चुनाव सिर्फ जीत-हार का चुनाव नहीं है, बल्कि आपके हितों का चुनाव है। इस चुनाव में आपको इस बात का निर्णय करना है कि अगले पांच सालों तक कौन आपके हितों की रक्षा कर सकता है। इसलिए ये देखकर वोट मत कीजिए कि कौन आपकी जाति का है, आपके इलाके का है, आपकी भाषा बोलता है या आपका रिश्तेदार है। आपको अपने वोट का फैसला इस आधार पर करना होगा कि पांच सालों तक कौन सा व्यक्ति और कौन सी पार्टी आपके हितों की रक्षा और विकास कर सकती हैं। यह बात भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जेपी नड्डा ने रीवा जिले के त्योंथर में जनसभा को संबोधित करते हुए कही। श्री नड्डा ने कहा कि मुझे इस सभा में उपस्थित भीड़, युवाओं का उत्साह और उमंग देखकर पूरा विश्वास है कि आपने भाजपा को अपना आशीर्वाद देने का मन बना लिया है। सभा को प्रदेश अध्यक्ष श्री विष्णुदत्त शर्मा ने भी संबोधित किया। सभा के उपरांत राष्ट्र्रीय अध्यक्ष श्री जेपी नड्डा त्यौंथर से सिरमौर तक रथयात्रा पर रवाना हुए और जनता जनार्दन से आशीर्वाद मांगा। आपने लोकसभा में कमल खिलाया, तो देश आगे बढ़ा श्री नड्डा ने कहा कि कांग्रेस झूठ बोलकर, छल-कपट करके, लोगों को गुमराह कर वोट लेती है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी अपना पांच सालों का रिपोर्ट कॉर्ड बताकर जनता से आशीर्वाद मांगती है। उन्होंने कहा कि आपने लोकसभा चुनाव में जनार्दन जी को वोट दिया, जिससे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनी। आपके एक वोट से देश आगे बढ़ा है। श्री नड्डा ने कहा कि ऐसे समय में जब सारी दुनिया की अर्थव्यवस्थाएं लड़खड़ा रही थी, यूरोप, ब्रिटेन, अमेरिका, आस्ट्रेलिया जैसे देशों की अर्थव्यवस्थाएं डगमगा गई थीं, मोदी जी के नेतृत्व में भारत पूरी मजबूती से खड़़ा रहा। यही वजह रही कि हमने अर्थव्यवस्था के मामले में उन अंग्रेजों को भी पीछे छोड़ दिया, जिन्होंने हम पर 200 साल शासन किया। अब मोदी जी के नेतृत्व में भारत दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने को तैयार है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसकी यूपीए सरकार ने 15 सालों तक महिलाओं के आरक्षण को लटकाए रखा, लेकिन मोदी जी ने दो दिनों में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित कराकर महिलाओं को लोकसभा, विधानसभाओं में आरक्षण दिया है। उन्होंने कहा कि ऑटोमोबाइल सेक्टर में भारत दुनिया में तीसरे नंबर पर पहुंच गया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के कार्यकाल में देश के 13.5 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं, जो कुल आबादी का 12 प्रतिशत है। वहीं, आईएमएफ के अनुसार देश में अति गरीबी 1 प्रतिशत से भी कम रह गई है। श्री नड्डा ने कहा कि मोदी जी के कार्यकाल में आदिवासी भाइयों के लिए बजट तीन गुना, एकलव्य विद्यालयों का बजट 22 गुना, स्कॉलरशिप का बजट ढाई गुना, उपयोजनाओं का बजट चार गुना बढ़ा है। हर वर्ग को ताकत दे रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  श्री नड्डा ने कहा कि पहले जो सरकारें आती थीं, वो किसी जाति, वर्ग या परिवार की सरकारें होती थीं और सिर्फ अपने बारे में सोचती थीं। लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सरकार गांव, गरीब, पीड़ित, वंचित, शोषित, पिछड़े, युवा और महिला हर वर्ग के हितों के बारे में सोचती है और सभी को ताकत दे रही है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में करोड़ों लोगों को मुफ्त पांच किलो राशन दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना में 4 करोड़ घर दिये हैं। उज्जवला योजना में करोड़ों बहनों को गैस कनेक्शन दिये हैं, जिनमें से रीवा में भी 250000 कनेक्शन दिये गए हैं। जलजीवन मिशन में देश में 10 करोड़ घरों में नल कनेक्शन लगाए जा रहे हैं, जिनमें से साढ़े पांच लाख कनेक्शन मध्यप्रदेश में लगेंगे और 1.5 लाख कनेक्शन आपके रीवा में लग रहे हैं। मोदी जी की सरकार प्रदेश के 84 लाख किसानों को किसान सम्मान निधि दे रही है, जिनमें से 2.07 लाख किसान रीवा के हैं। आयुष्मान योजना में रीवा के भी 2 लाख परिवारों को मुफ्त इलाज मिल रहा है। श्री नड्डा ने कहा कि रीवा में बनने वाला एयरपोर्ट विकास की नई कहानी लिखेगा। वहीं, रीवा में 750 मेगावाट क्षमता वाला एशिया का सबसे बड़ा सोलर प्लांट लगाकर मोदी जी ने रीवा को वैश्विक पहचान दी है। कोल राजा की गढ़ी का 5 करोड़ की लागत से जीर्णोद्धार किया जा रहा है। रीवा के सुंदरजा आम को जीआई टैग मिला है और यह आम रीवा के नाम को सारी दुनिया में पहुंचाएगा। मध्यप्रदेश में बह रही विकास की गंगा श्री नड्डा ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान को बधाई देता हूं, जिनके कार्यकाल में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 10 गुना बढ़ी है। मध्यप्रदेश का बजट 13 गुना बढ़ा है और ट्राइबल वेलफेयर का बजट 57 गुना बढ़ा है। श्री नड्डा ने कहा कि यह क्षेत्र धान का कटोरा है और प्रदेश सरकार द्वारा सिंचाई तथा बिजली की सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए किए गए प्रयासों के चलते प्रदेश में धान का उत्पादन चार गुना बढ़ा है, गेहूं का उत्पादन ढाई गुना बढ़ा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश में 83931 कि.मी. सड़कें 7 साल में बनी है। प्रदेश के 34 स्टेशनों का जीर्णोद्धार करके उन्हें वर्ल्ड क्लास बनाया जा रहा है। प्रदेश में 3 वंदे भारत ट्रेनें चलाई जा रही हैं। 3800 करोड़ की लागत से विंध्य एक्सप्रेस वे बनाया जा रहा है और 31000 करोड़ की लागत से 900 कि.मी. लंबा नर्मदा प्रगति पथ बनाया जा रहा है। प्रदेश में 14 नए मेडिकल कॉलेज खोले गए हैं और 100 करोड़ की लागत से संत रविदास जी का स्मारक बनाया जा रहा है। श्री नड्डा ने कहा कि प्रदेश में पिछड़ा वर्ग, सामान्य वर्ग, विश्वकर्मा, रजक एवं प्रवासी श्रमिकों के लिए कल्याण बोर्ड बनाए गए हैं। कांग्रेस के नेता मनी कलेक्टर … Read more

निर्दलीय चुनाव प्रत्याशी के बेटे की संदिग्ध मौत पर बबाल।

Uproar over suspicious death of independent election candidate’s son. संदिग्ध परिस्थियों में निर्दलीय प्रत्याशी के बेटे सोनू की  मौत, देर रात तक परिजनों किया थाने का घेराव। पार्षद पति और पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष भानु दुबे पर मृतक के पिता ने लगाए हत्या के आरोप। संतोष सिंह तोमर ग्वालियर / शिवपुरी। सिटी कोतवाली थाना क्षेत्रांतर्गत विवेकानंद कॉलोनी निवासी एक युवक की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनों ने कोतवाली में लाश रखकर जमकर प्रदर्शन किया। मृतक शिवपुरी विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी का बेटा है। मृतक के परिजन इस मामले में क्षेत्रीय भाजपा नेता के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराने की मांग पर अड़े रहे। खबर मिली है कि मृतक सोनू शर्मा पुत्र रमेश शर्मा उम्र 32 साल विवेकानंद कॉलोनी का निवासी है। आज उसके घर के बाहर वह गंभीर रूप से घायल मिला था। उसके पेट में एक लकड़ी आरपार हो गई थी। जिसे लेकर परिजन अस्पताल पहुंचे जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मामले में थाना प्रभारी विनय यादव ने परिजनों को फिलहाल समझा बुझाकर मर्ग कायम करते हुए मामला विवेचना में ले लिया है। पार्षद पति भाजपा नेता पर लगाए हत्या के आरोप सोनू के पिता एवं शिवपुरी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे रमेश शर्मा ने भानु दुबे पर आरोप लगाते हुए बताया कि मैं निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में विधानसभा चुनाव लड़ रहा हूं। मैने भानु दुबे का नगरपालिका चुनाव में विरोध किया था। वह उसी की रंजिश मुझसे रखता था। जब आज मेरा लड़का सड़क का काम देखने गया तो भानु दुबे और उसके साथियों ने उसे लात घूसों से मारा। जब वह उसने बचकर भागा तो इन्होंने उसमे पीछे से डंडा मारा जिससे वह गिर गया और वही डंडा सोनू की कांख को चीरता हुआ आरपार हो गया। मृतक के पिता ने बताया कि जब तक भानु और उसके साथियों के उपर एफ आई आर और गिरफ्तारी नहीं हो जाती तब तक वह अपने लड़के का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। वही पुलिस इस मामले को संदिग्ध मानते हुए मामले की जांच के बाद कार्यवाही की बात कह रही है। छत से गिरकर हुई युवक की मौत विवेकानंद के वार्ड क्रमांक 3 में सी सी रोड का काम चल रहा है। यह रोड रमेश शर्मा के घर के आगे बन रही है । सूत्रों के मुताबिक दोपहर में पार्षद पति, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष भानु दुबे से सोनू शर्मा की कहासुनी भी हुई थी। शाम को जब सोनू ने शराब पीकर गालियां देना शुरू किया तो सोनू के घरवालों ने उसे कमरे में बंद कर दिया, लेकिन सोनू कमरे से निकल कर छत पर चढ़ गया। और वहीं से उसका पैर फिसल गया। जब सोनू नीचे गिरा तो वहां पर बांस के डंडे रखे हुए थे। उनमें से एक डंडा सोनू की कांख को चीरता हुआ आरपार हो गया, जिससे उसकी मौत हो गई। परिजन उसे एंबुलेंस में डालकर कोतवाली थाने लेकर आए और वहां भाजपा नेता भानु दुबे पर सोनू की हत्या का आरोप लगाते हुए भानु दुबे और बीजेपी मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे। इनका कहना है मृतक के पिता अपने बेटे ली लाश को लेकर कोतवाली आए थे। जहां हमने प्रथम दृष्टया इस मामले में मर्ग कायम कर मामला विवेचना में ले लिया है। जांच के दौरान परिजन जो बता रहे है हम उसकी जांच कर रहे है। जांच में जो तथ्य सामने आयेंगे उसके अनुसार कार्यवाही की जाएगी। विनय यादव,थाना प्रभारी कोतवाली शिवपुरी।

मुंगावली, अशोकनगर पहुंचे केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने बोला कांग्रेस तीखा हमला।

Union Minister Scindia, who reached Mungawali, Ashoknagar, made a sharp attack on Congress. चुनावी दौरे में पहुंचे शाढ़ौरा और कदवाया, कहा कांग्रेस जनता के विकास और सुरक्षा के लिए नहीं सोचती।भाजपा के लिए कुर्सी सेवा का माध्यम है, कांग्रेस को कुर्सी दिखती है तो उनकी आंखें चमकने लगती है।भाजपा बेटियों को स्कूटी देती है, दिग्विजय जी और कमलनाथ जी अगर होते तो खुद ही स्कूटी पर बैठ जाते।   कांग्रेस को वोट दोगे तो मिलेगा धोखा ही धोखा और अगर भाजपा को वोट दोगे तो मिलेगा मौका ही मौका। संतोष सिंह तोमर भोपाल। मैहर से चुनावी दौरे की कल शुरुआत करने के बाद आज अशोकनगर पहुंचे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पहले मुंगावली विधान सभा और फिर अशोकनगर एवं चंदेरी विधान सभा में भाजपा प्रत्याशियों के लिए जनता का समर्थन प्राप्त किया। उन्होंने क्षेत्र में स्थित माँ बीजासन के मंदिर में जाकर भाजपा की आगामी चुनाव में सफलता और मध्यप्रदेश के हर निवासी की सुख-शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना भी की। अपने भाषण में उन्होंने कांग्रेस को जहाँ एक तरफ जम कर धोया वहीँ दूसरी तरफ शाढ़ौरा से अपने व्यक्तिगत सम्बन्ध के बारे में भी विस्तार से बात की। कांग्रेस को कुर्सी का लोभ है:सिंधिया अपने भाषण में उन्होंने कहा की, मैं देख रहा हूँ की आजकल विपक्षी दल के नेता फुदक – फुदक के बाहर निकल रहे है और प्रचार – प्रसार करने के लिए इधर – उधर जा रहे है। पर मैं जनता को बताना चाहता हूँ की इनका उदेश्य जनता की सेवा करना नहीं, आपकी सुरक्षा करना नहीं बल्कि इनका एक ही लक्ष्य है ‘कुर्सी’ . कुर्सी को देखकर इनकी आँखें चमकने लगती है और फिर इन्हे बहने, किसान, युवा और बेटियां – कोई याद नहीं रहता। यह बरसाती मेढक है जो बस चुनावी समय में बाहर आते है और चुनाव ख़तम हो जाने के बाद विदेशी पक्षी बनकर यहाँ से भाग जाते है। भाजपा का योद्धा ही लाएगा विकास अशोकनगर और चंदेरी विधान सभा से भाजपा प्रत्याशी जजपाल सिंह जग्गी एवं जगन्नाथ सिंह रघुवंशी के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा की जजपाल सिंह जैसे ही भाजपा के अनेक योद्धाओं ने जनता को सुरक्षित रखा है। कोरोना काल के कठिन समय में इन्होने ने आपकी मदद की, अशोकनगर में जब बाढ़ आया था तो जग्गी ने आपकी रक्षा के लिए खुद पर मुश्किल ले ली थी। इसी तरह प्रदेश के स्तर पर मैंने और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने आप सब तक दवाई और मास्क पहुचाये थे और राष्ट्रिय स्तर पर प्रधानमंत्री मोदी ने देश भर में जनता को टीके लगवाए – एक ऐसी उपलब्धि जिसे अमेरिका भी हासिल नहीं कर पायी। हम आपदा में भी अवसर को ढूंढते है आगे उन्होंने कहा की, यह मोदी जी का नेतृत्व है की आज हम आपदा में भी अवसर को ढूंढते है ताकि विकास न रुके और कांग्रेस अवसर में भी सिर्फ कुर्सी को देखती है – जिसे देख के इनकी आँखें चमकने लगती है। हमारे लिए कुर्सी सेवा का माध्यम है। कांग्रेस और भाजपा की तुलना के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा की, एक तरफ है  धोखा और दूसरी तरफ है विकास का मौका; एक तरफ है डबल इंजन की सरकार तो दूसरी तरफ है बिना इंजन की सरकार; एक तरफ है तलवार और धार तो दूसरी तरफ है श्रीमान बंटाधार! महिला अब सुरक्षित है और किसान है खुशहाल आप बस 17 नवंबर को कमल के बटन को दबाने की मेहनत करो, आने वाले 5 साल और पूरी ज़िन्दगी मैं आपके लिए मेहनत करूँगा। कांग्रेस की महिला विरोधी धारणा के बारे में बात करते हुए उन्होंने स्टेज से एक एक महिला से पूछा की कांग्रेस की सरकार में उन्हें क्या मिला, जिसपर महिलाओं ने जवाब दिया ‘कुछ नहीं’, ‘कांग्रेस में कोई मान सम्मान नहीं था.’. वहीँ भाजपा की सरकार जबसे आयी है तब से बेटियां लखपति पैदा हो रही है, स्कूल में अच्छे अंक लाने पर उन्हें स्कूटी मिल रही है और शादी होने पर कन्यादान योजना से लाभ। जब बेटी 21 वर्ष की हो जाती है तो लाड़ली बहना बन जाती है। अगर कांग्रेस की सरकार होती तो क्या होता ? दिग्विजय जी और कमलनाथ जी स्कूटी पर खुद बैठ जाते, 15 महीनों में उन्होंने हर योजना ओर ताला लगा दिया, अगर भविष्य में गलती से इनकी सरकार बन गयी तो यह फिर से हर योजना बंद कर देंगे।  किसानों के साथ भी कांग्रेस ने विश्वासघात कियान कर्जमाफ किया, न मुख्यमंत्री बदला और उल्टा हर किसान को फ़र्ज़ी सर्टिफिकेट दे दिए जिस से मेरे अन्नदाता कर्ज में डूब गए। इसी के साथ उन्होंने यह भी कहा की, ‘आप बस 17 नवंबर को कमल के बटन को दबाने की मेहनत करो, आने वाले 5 साल और पूरी ज़िन्दगी मैं आपके लिए मेहनत करूँगा।’         आगामी चुनाव को मंत्री सिंधिया ने ‘किसान, माताओं और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की लड़ाई’ बताया और कहा की 17 तारीख को इनको हमें करारा जवाब देना है। इसीलिए अगर आप ‘कांग्रेस को वोट दोगे तो मिलेगा धोखा ही धोखा और अगर भाजपा को वोट दोगे तो मिलेगा मौका ही मौका।’ 2001 का वर्ष याद कर भावुक हुए सिंधिया अपने भाषण में सिंधिया भावुक होते हुए भी नज़र आये जब उन्होंने 2001 वर्ष को याद किया और कहा की, 2001 में सिंधिया परिवार ने 2 लोगों को खोया था – एक मेरी आजी अम्मा राजमाता और एक मेरे पूज्य पिताजी माधवराव सिंधिया। दोनों ने ही शाढ़ौरा और कदवाया के लिए काम किया था और उस समय में शाढ़ौरा ने मुझे जो शक्ति दी वह मैं कभी भी भूल नहीं सकता। आपके विश्वास और आशीर्वाद से मैंने क्षेत्र में योजनाओं की बौछार कर दी – कोटा से बिना के बीच  लाइन को रु 2100 करोड़ की डबल लाइन करवाया, रु 700 करोड़ की लागत से उसका विद्युतीकरण करवाया, हिनोतिया और पीलीघाटा में रेलवे स्टेशन बनवाया, अनेक ट्रैन का अशोकनगर में स्टॉपेज करवाया। इसीलिए मैं मंत्री नहीं बल्कि आपके घर का बेटा हूँ।

कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री बनाए गए प्रकाश पांडे.

Congress; Prakash Pandey; Khujraho; Sahara Samachaar;

Prakash Pandey has been appointed as the Pradesh Mahamantri (State General Secretary) of the Congress. जीतेंद रिछारिया भारतीय जनता पार्टी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए खजुराहो क्षेत्र के दिग्गज नेता प्रकाश पांडे को प्रदेश कांग्रेस कमेटी का महामंत्री बनाया गया है। संगठन प्रभारी व उपाध्यक्ष राजीव सिंह के हस्ताक्षर से जारी पत्र में प्रकाश पांडे को प्रदेश कांग्रेस कमेटी का महामंत्री नियुक्त करने का ऐलान किया गया है। प्रकाश पांडे को कांग्रेस का प्रदेश महामंत्री बनाए जाने से राजनगर विधानसभा में कांग्रेस की स्थिति और मजबूत हो गई है। खजुराहो में तीन दिन पहले देश के गृहमंत्री अमित शाह चिंतन शिविर किया था। इसके बावजूद लगातार वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का भारतीय जनता पार्टी पार्टी से मोहभंग हो रहा है। अब यहां के वरिष्ठ भारतीय जनता पार्टी नेता प्रकाश पांडेय ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। कुछ समय पहले किसानों के मुद्दों को लेकर प्रकाश पांडेय पर शासकीय कार्य में बाधा डालने को लेकर मुकदमा दर्ज हुआ था। लेकिन प्रकाश पांडेय का कहना था कि भारतीय जनता पार्टी के कुछ नेताओं ने उन पर फर्जी मुकदमा दर्ज करवाया था।मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव सिर पर हैं। प्रकाश पांडेय राजनगर विधानसभा से भारतीय जनता पार्टी के वर्तमान प्रत्याशी अरविंद पटेरिया को बाहरी प्रत्याशी बताते हुए उनका पुरजोर विरोध भी कर रहे हैं। इतना ही नहीं वह यहां खजुराहो से वर्तमान सांसद और प्रदेश भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष VD शर्मा को बाहरी प्रत्याशी बता रहे हैं। प्रकाश पांडेय ने कई गंभीर आरोप लगाते हुए भारतीय जनता पार्टी के सभी दायित्वों/पदों से इस्तीफा दे दिया है। इसके उन्होंने बाकायदा प्रेस कांफ्रेंस भी की है।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा आज रीवा में करेंगे रोड शो, कल अमित शाह करेंगे ग्वालियर में जनसभा।

संतोष सिंह तोमर भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दलों ने प्रचार तेज कर दिया है। चुनाव में राजनीतिक दलों के स्टार प्रचारकों ने अपने-अपने तूफानी दौरे शुरू कर दिए है। भाजपा के केंद्रीय मंत्रियों सहित राष्ट्रीय पदाधिकारी अलग-अलग क्षेत्र में दौरे कर रहे है। इसी कड़ी में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा शुक्रवार को विंध्य के दौरे पर रहेंगे। वहीं, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह चार नवंबर को ग्वालियर और शिवपुरी में जनसंपर्क एवं सभाऐं करेंगे।   भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा आज रीवा में भारतीय जनता पार्टी के स्टार प्रचारक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा शुक्रवार सुबह रीवा पहुंचेंगे। यहां त्यौंथर विधानसभा के ग्राम चुनरी में पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद सिरमौर विधानसभा के जावा और सिरमौर में रोड शो करेंगे। यहां रथयात्रा के साथ ही जनसभा को भी संबोधित करेंगे। इसके बाद गोंध मोड, और सेमरिया में रोड शो करेंगे। इसके बाद बनकुंईया और देखहा तिराहा और रीवा शहर में रोड शो करेंगे। इसके बाद रात को नड्डा स्थानीय नेताओं के साथ संगठनात्मक बैठक कर चुनावी रणनीति पर भी चर्चा करेंगे। ग्वालियर अंचल के दौरे पर रहेंगे अमित शाह मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव की कमान संभाल रहे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का 4 नवंबर को एक बार फिर ग्वालियर के दौरे पर आ सकते हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार अमित शाह 4 नवंबर को ग्वालियर पहुंचेंगे, यहां से शिवपुरी पोहरी और करेरा क्षेत्र में जाएंगे, जहां भाजपा प्रत्याशियों के के समर्थन में रोड शो करने के साथ ही विशाल जनसभाओं को संबोधित करेंगे। शिवपुरी से लौटकर ग्वालियर विधानसभा क्षेत्र में इंटक मैदान पर आमसभा को भी संबोधित करेंगे। इसके बाद अंचल के चुनिंदा नेताओं के साथ चुनावी रणनीति को लेकर बैठक करेंगे और रात्रि विश्राम भी ग्वालियर में ही करेंगे।

कुर्सी देखकर चमकने लगती हैं कमलनाथ और दिग्विजय सिंह की आंखें : ज्योतिरादित्य सिंधिया.

Jyotraditya Scindia; Minister; BJP; Sahara Samachaar;

Jyotiraditya Scindia says, “The chairs seem to shine in Kamal Nath and Digvijaya Singh’s eyes.” केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने मैहर, सुरखी, सांची और बदनावर में जनसभा को किया संबोधित उदित नारायणभोपाल। मप्र में सवा साल तक रही कांगेस की कमलनाथ सरकार ने सेवा भाव की जगह सत्ता का भाव पाल लिया था। जब कांग्रेस की सरकार आई तो बड़े भाई और छोटे भाई ने मिलकर वल्लभ भवन को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया । प्रदेश में उद्योग नहीं लाए, ट्रांसफर-पोस्टिंग का उद्योग शुरू करके भ्रष्टाचार का खेल खेला। कमलनाथ के पास अपने मंत्रियों से मिलने का समय नहीं होता था, वह बोलते थे ‘चलो, चलो, समय नहीं है’, तो वह जनता की क्या सोचते। कांग्रेस झूठ और लूट की पार्टी है, इस पर कभी भरोसा नहीं किया जा सकता। जब भी दिग्विजय जी और कमलनाथ को कुर्सी दिखती है उनकी आँखें चमकने लगती है। यह बात केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुरुवार को मैहर, सुरखी, सांची और बदनावर में जनसभा को संबोधित करते हुए कही। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जनसभा में कहा कि आजादी के बाद 55 वर्ष हमने कांग्रेस की सरकार देखी। उस कांग्रेस ने 2003 तक आपके और मेरे मध्यप्रदेश को बीमारू राज्य बना कर छोड़ दिया था। कांग्रेस के बीमारू मध्यप्रदेश को भाजपा सरकार ने बदला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के एक पूर्व मुख्यमंत्री दूसरे पूर्व मुख्यमंत्री को कहते हैं कि गाली खाने के लिए तुम्हें पावर ऑफ अटॉर्नी दे दी है। टिकट वितरण के मामले में कहते हैं कि जाओ पूर्व मुख्यमंत्री के कपड़े फाड़ो। कांग्रेस के एक महासचिव ने कहा कि ये जोड़ी जय-वीरू की जोड़ी है। मैं नहीं कह रहा, कांग्रेस महासचिव खुद कहते हैं कि ये चोर हैं। क्या ऐसे लोगों को आप सत्ता देंगे? ये किसी भी तरह सत्ता पाना चाहते हैं।

नाम वापसी के बाद मुख्य मुकाबला भाजपा व कांग्रेस के बीच, दोनों पाटियों के लिए बागी बने सिरदर्द।

Congress; BJP; Sahara Samachaar;

After the withdrawal of nominations, the main contest will be between BJP and Congress, rebels will become a headache for both the parties. उदित नारायणभाेपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में नामांकन वापसी के बाद कुल 3367 प्रत्याशी चुनाव मैदान में बचे हैं। इसमें भाजपा व कांग्रेस ने सभी 230 विधानसभा सीटाें पर प्रत्याशी खड़े किए हैं, जबकि अन्य क्षेत्रीय दलों के प्रत्याशी व निर्दलीय चुनाव मैदान में हैं। इन्हीं प्रत्याशियों के बीच अब कांटे की टक्कर होगी। हालांकि मुख्य मुकाबला भाजपा व कांग्रेस के बीच ही है। इन्हीं दोनों पार्टियों के बागी जरूर मैदान में अपनी ही पार्टी के प्रत्याशियों के लिए मुसीबत बन रहे हैं। प्रदेश में 21 अक्टूबर से नामांकन की प्रकि्रया शुरू हुई थी। यह 30 अक्टूबर तक चली। इस दौरान 3832 प्रत्याशियों ने कुल 4359 नामांकन फार्म भरे थे। इसमें स्क्रूटनी में 528 प्रत्याशियों के नामांकन आधी-अधूरी जानकारी व अन्य कारणों से निरस्त हो गए थे। बाकी बचे प्रत्याशियों में से करीब 992 ने 2 नवंबर को नामांकन वापसी के अंतिम दिन अपने नाम वापस ले लिए। बाकी बचे प्रत्याशियों के बीच मुकाबला है। 17 नवंबर काे इन सभी प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला ईवीएम मशीनों में कैद हो जाएगा। मतगणना 3 दिसंबर को होगी। नाम वापसी के पहले तक की जानकारी के अनुसार सबसे अधिक अनूपपुर में 46 प्रत्याशी थे। भिंड के अटेर से 43 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया था। नामांकन दोपहर 3 बजे तक वापस किए गए, किंतु चुनाव आयोग की आधी अधूरी तैयारी की वजह से देर रात 8 बजे तक इसकी जानकारी नहीं मिल पाई। रात 8 बजे तक में 383 प्रत्याशियों ने अपना नामांकन वापस ले लिया था। चार बागी विधायकों को मनाने में कांग्रेस नेता नाकाम नाम वापसी के अंतिम दिन पिछले 24 घंटे में 15 बागियों को कांग्रेस ने बैठा दिया। जबकि कांग्रेस के चार पूर्व विधायक नहीं माने। कांग्रेस के पूर्व विधायक अंतर सिंह दरबार, सिवनी-मालवा के पूर्व विधायक ओम प्रकाश रघुवंशी को नहीं मना पाई। टिकट नहीं मिलने से नाराज आलोट से पूर्व विधायक प्रेमचंद गुड्डू, गोटेगांव से पूर्व विधायक शेखर चौधरी अब निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे। इसीतरह महू के पूर्व विधायक नेता रहे अंतर सिंह दरबार निर्दलीय रूप से चुनाव लड़ेंगे। आज उन्होंने प्राथमिक तौर पर इस्तीफा कांग्रेस पार्टी को दे दिया है। आखिरी समय तक किया बागियों को मनाने की कोशिश-कांग्रेस के बागियों ने चुनाव का पूरा समीकरण बिगाड़ दिया है। कमलनाथ और दिग्विजय सिंह ने एक साथ बैठक करके बागी नेताओं को समझाया था। सूत्रों ने बताया कि दिग्विजय सिंह ने कई बागियों से व्यक्तिगत संपर्क किया और कई प्रत्याशियों को भाेपाल भी बुलाया था। उन्होंने फोन पर भी समझाया, इसके बाद भी कई बागी नहीं माने। बागी नेता बिगाड़ सकते हैं भाजपा का खेल भाजपा में भी करीब-करीब वही स्थिति है। नामांकन वापसी के बाद बागी नेता कई जगहों पर खेल बिगाड़ने पर आमादा हो गए हैं। भाजपा में सबसे बड़ी बगावत निमाड़ में हुई-भाजपा के दिग्गज नेता नंद कुमार सिंह चौहान के बेटे हर्ष सिंह चौहान ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने बुरहानपुर से चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। भाजपा के कई नेताओं ने उन्हें मनाने की भी कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने। हर्ष ने बुरहानपुर से टिकट मांगी थी, किंतु पार्टी ने सर्वे आदि के आधार पर पूर्व मंत्री अर्चना चिटनीस को टिकट देकर चुनाव मैदान में उतार दिया। बताते हैं कि हर्ष चौहान के पिता भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्व. नंद कुमार चौहान व श्रीमती चिटनीस के बीच काफी समय तक अंदरूनी आपसी लड़ाई रही। इसके लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तक ने हस्तक्षेप किया था। इसके बाद मामला सुलझा था। पिछली बार श्रीमती चिटनीस ने सीधे तौर पर आरोप लगाया था कि उन्हें हराने के लिए नंद कुमार चौहान जिम्मेदार हैं। अब चूंकि नंद कुमार चौहान नहीं हैं। किंतु दोनों के बीच की यह अंदरूनी लड़ाई नई पीढ़ी तक आ चुकी है। जबकि विंध्य क्षेत्र में विधायक नारायण त्रिपाठी ने भाजपा से बगावत करने के बाद नई पार्टी का गठन कर लिया और करीब 30 से अधिक सीटों पर चुनाव प्रत्याशी मैदान में उतारकर चुनावी समर में भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विधायक नारायण त्रिपाठी की वजह से भाजपा का बड़ा नुकसान होता नजर आ रहा है। भोपाल उत्तर सीट पर कांग्रेस में बड़ी बगावत भोपाल उत्तर सीट पर पहली बार आरिफ अकील की नहीं चल पा रही है। उन्होंने भोपाल उत्तर से कांग्रेस पार्टी से अपने बेटे आतिफ अकील को टिकट दिलवा दिया। इससे उनके सगे भाई आमीर अकील बागी होकर मैदान में कूद गए। आमीर को मनाने की भी कोशिश हुई, किंतु वे नहीं माने। चुनाव आयोग ने आज नामांकन वापसी के बाद आमिर अकील काे हॉकी- बॉल चुनाच चिन्ह आवंटित किया है। मनावर से पूर्व मंत्री रंजना बघेल ने नाम वापस लिया-भाजपा पूर्व मंत्री रंजना बघेल का नामांकन पत्र वापस कराने में कामयाब हो गई। मनावर से श्रीमती रंजना ने टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर नामांकन पत्र दाखिल कर दिया था। उनके मैदान में कूद जाने की वजह से मनावर का समीकरण बदलने लगा था। इससे भाजपा को खासा नुकसान हो सकता था। किंतु अब चुनाव मैदान से उनके हटने के बाद भाजपा व कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर मानी जा रही है।  मतदान से ठीक 15 दिन पहले भाजपा को लगा झटका पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की फायर ब्रांड नेत्री उमा भारती की बड़ी बहन के पोते इंजी. दुष्यंत लोधी ने भाजपा छोड़ कांग्रेस का दामन थाम लिया। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने उन्हें सदस्यता दिलाई। बताते हैं कि लोधी टीकमगढ़ में भाजपा के बड़े नेता हैं। वे लोधी क्षत्रिय समाज की युवा इकाई के प्रदेश महामंत्री भी हैं। दुष्यंत और उनके पिता का टीकमगढ़ और लोधी समाज में खासा प्रभाव माना जाता है। वे टीकमगढ़ विधानसभा से भाजपा से टिकट मांग रहे थे। किंतु स्थानीय समीकरण के हिसाब से उन्हें टिकट नहीं दिया। इस वजह से उन्होंने भाजपा से इस्तीफा दे दिया। भाजपा छोड़ने के बाद दुष्यंत ने भाजपा पर लोधी समाज की उपेक्षा करने का आरोप लगाया है।

एमपी में कांग्रेस का महाजनसंपर्क अभियान आज से, लांच किया मिशन 150 प्लस।

Congress; Kamalnath; Priyanka Gandhi; Rahul Gandhi; Sahara Samachaar;

Congress’s Mahajansampark campaign in MP from today, Mission 150 Plus launched. मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने लांच किया मिशन 150 प्लस राष्ट्रीय अध्यक्ष ख़ड़गे, राहुल-प्रियंका की होंगी 15 दिन में 18 पब्लिक मीटिंग। राज्य सभा सांसद दिग्विजय सिंह से ज्यादा पीसीसी चीफ कमलनाथ के दौरे, सुरजेवाला को 30 सीटों पर रैली की जिम्मेदारी। भोपाल और जबलपुर पश्चिम में राहुल गांधी करेंगे पदयात्रा, महाजनसंपर्क के दौरान 230 विधानसभाओं को कवर करेगी कांग्रेस। उदित नारायणभोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस आज शुक्रवार यानी 3 नवंबर से महा जनसंपर्क अभियान शुरू करने जा रही है। अगले 15 दिनों में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की 18 सभाएं होंगी। पीसीसी चीफ कमलनाथ 70 रैलियों में शामिल होंगे। कांग्रेस ने एमपी में जीत के लिए मिशन 150 प्लस को लांच किया है। भोपाल और जबलपुर पश्चिम में राहुल गांधी पदयात्रा भी करेंगे। मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने मिशन 150+ किया लांच प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हमारा लक्ष्य 150+ सीटें जीतने का है। महा जनसंपर्क के दौरान 230 विधानसभाओं को कवर किया जाएगा। इस दौरान सभाएं, रैलियां और पदयात्रा करेंगे। दिग्विजय सिंह 60 रैलियों को संबोधित करेंगे। मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला 30 रैलियों में शामिल होंगे। 11 और 12 नवंबर को दिवाली के कारण कार्यक्रम नहीं होंगे। जानकारों का कहना है कि नेताओं का दौरे के लिए बकायदा दिल्ली में बैठक हुई थी। इस बैठक में नेताओं के प्रभाव को लेकर प्रचार की रणनीति बनाई गई है। इसके अलावा वरिष्ठ नेता अरुण यादव, सुरेश पचौरी, जीतू पटवारी, कमलेश्वर पटेल, अजय सिंह राहुल, कांतिलाल भूरिया, उमंग सिंगार, ओंकार मारकम, विजयलक्ष्मी साधो, सज्जन वर्मा भी विधान सभा क्षेत्रों में जनसंपर्क और रैली करेंगे। यह व्यापक महाजनसंपर्क अभियान प्रदेश की सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में पहुंचेगा। नेताओं के होंगे खास सीटों पर प्रोग्राम चुनावी समर में आज से शुरू हो रहे महाजनसंपर्क अभियान के तहत कांग्रेस पार्टी के बड़े नेताओं मल्लिकार्जुन खड़गे ,राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, रणदीप सिंह सुरजेवाला को मध्य प्रदेश की तमाम खास सीटों पर प्रोग्राम करने की जिम्मेदारी दी गई है। जिसके अनुसार 4 नवम्बर,2023: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लीकार्जुन खरगे कटंगी और शाहपुरा, 5 नवम्बर,2023: महासचिव प्रियंका गांधी कुक्षी और इंदौर-5 जबकि 7 नवम्बर,2023: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लीकार्जुन खरगे उज्जैन और ग्वालियर पूर्व, 8 नवम्बर 2023: महासचिव प्रियंका गांधी सांवेर और खातेगाँव, 9 नवम्बर,2023: महासचिव प्रियंका गांधी रीवा, 9 नवम्बर,2023: पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी नई सराय, अशोक नगर, चंदेरी, जबलपुर ईस्ट, जबलपुर वेस्ट में पदयात्रा, 10 नवम्बर 2023: पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सतना, 13 नवम्बर,2023: पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी टिमरनी, उदयपुरा और इकबाल नगर, भोपाल पदयात्रा। 14 नवम्बर,2023: पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी विदिशा, राजनगर, खजुराहो, 15 नवम्बर,2023: महासचिव प्रियंका गांधी दतिया, 15 नवम्बर,2023: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लीकार्जुन खरगे आमला (बेतूल) में पब्लिक मीटिंग एवं रोड शो और जनसभाएं करेंगे।

मतदान की तारीख नजदीक आने के साथ ही सभी राजनीतिक दल एक दूसरे पर तीखे हमले कर रहे हैं।

Sahara Samachaar; MP Elections;

As the election date approaches, all political parties are launching sharp attacks on each other. Sahara Samachaar मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में मतदान की तारीख नजदीक आने के साथ ही सभी राजनीतिक दल एक दूसरे पर तीखे हमले कर रहे हैं। चुनावी समर को लेकर आज हमने भिंड जिले की मेहगांव विधानसभा से चुनाव लड़ रहे भूपेंद्र कराना से बातचीत की। भूपेंद्र सिंह कराना आजाद समाज पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। इस बातचीत में उन्होंने कांग्रेस और भाजपा पर हमला करते हुए बड़े आरोप लगाए हैं। भूपेंद्र सिंह ने भाजपा और कांग्रेस को चोर चोर मौसेरे भाई कहते हुए दलित और पिछड़े वर्ग का विरोधी करार दिया है। आइए सुनते हैं उन्होने क्या कुछ कहा…

भिंड में भाजपा और बसपा प्रत्याशियों के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज।

BSP; BJP; Sahara Samachaar;

Case of violation of the Model Code of Conduct has been registered against the BJP and BSP candidates in Bhind. देहात थाना पुलिस ने एफएसटी प्रभारी की शिकायत पर किया आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज। रैली के लिए नहीं ली थी वाहनों की अनुमति, आईटीआई रोड पर वाहन पार्किंग होने से यातायात रहा जाम। संतोष सिंह तोमर भिंड। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में नामांकन के अंतिम दिन रैली में बिना अनुमति वाले वाहन चलने और आईटीआई रोड पर बसों कारों में झंडा-बैनर लगाकर लंबा काफिला खड़ा होने से सड़क पर यातायात जाम हो गया। इसे चुनाव आचार संहिता का उलंघन मानते हुए देहात थाना पुलिस ने, भाजपा प्रत्याशी नरेंद्र सिंह कुशवाह और बसपा प्रत्याशी संजीव सिंह कुशवाह के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज किया है।एफएसटी प्रभारी विकास बौहरे पुत्र देवीनंदन बौहरे ने देहात थाने में दिए आवेदन में बताया कि भाजपा प्रत्याशी नरेंद्र सिंह कुशवाह ने रिटर्निंग आफिसर से रेली के लिए दोपहर 12 से एक बजे तक अटेर राेड, पुस्तक बाजार, किला रोड से जेल तक सिटी कोतवाली से अनुमति ली थी। भाजपा प्रत्याशी ने अनुमति नियमों का उल्लंघन करते हुए रैली में सभी लोगों की गाड़ियों को अनाधिकृतरूप से आईटीआई रोड पर खड़ा करवा दिया। जिससे एक से दो घंटे तक जाम लगा रहा। साथ ही आईटीआई कालेज में प्रतिदिन किया जाने वाला चुनावी कार्य प्रभावित हुआ। पुलिस ने भाजपा प्रत्याशी नरेंद्र सिंह कुशवाह के खिलाफ धारा 341, 188 के तहत मामला दर्ज कर लिया। इसी तरह बसपा प्रत्याशी संजीव सिंह कुशवाह ने सोमवार दोपहर दो बजे से तीन बजे तक इंदिरा गांधी चौराहे से खंडा रोड, गोल मार्केट होते हुए जेल रोड तक सिटी कोतवाली से जुलूस निकालने के लिए अनुमति ली थी। बसपा प्रत्याशी ने रिटर्निंग आफिसर के बिना अनुमति के वाहनों को आईटीआई रोड पर खड़ी करवा दिया था। इन वाहनों पर पार्टी के झंडे बैनर लगे हुए थे। वाहनों के लंबे काफिले के सड़क पर खड़े होने से यातायात जाम होने के साथ ही चुनावी कार्य प्रभावित हुआ। देहात थाना पुलिस ने एफएसटी प्रभारी की रिपोर्ट पर बसपा प्रत्याशी के खिलाफ भी आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज कर लिया है।

विधानसभा चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशियों को जारी हुआ चुनाव चिन्ह – अब मतदाताओं के पास जूते, चप्पल, मोजे, बिस्किट, फूलगोभी लेकर जाएंगे उम्मीदवार.

MP Elections; Candidates; Sahara Samachaar;

In the assembly elections, election symbol for independent candidates has been issued – now candidates will go to voters with symbols like shoes, slippers, shoes, biscuits, and cauliflower. किसी चिंह्न पर एक से ज्यादा दावे की स्थिति में अंतिम फैसला लेंगे रिटर्निंग आॅफिसर Udit Narayanभोपाल – विधानसभा चुनाव के लिए निर्दलीय प्रत्याशी भी आज नामांकन प्रक्रिया खत्म होने के बाद घर-घर जाएंगे और जूते, चप्पल, मोजे, बिस्किट, फूलगोभी जैसे चुनाव चिन्ह्न से मतदाताओं को रिझाएंगे। निर्वाचन आयोग ने निर्दलियों के लिए 204 चुनाव चिंह्न तय किए हैं। बता दें, देश के सात राजनीतिक और 24 राज्यों में राज्य स्तरीय पार्टियों को 59 चुनाव चिंह्न आरक्षित किए हैं, लेकिन गैर मान्यता प्राप्त 2044 दलों और निर्दलीयों के लिए चुनाव आयोग मुक्त चुनाव चिंह्न जारी करेगा।जूते, चप्पल, जुराबे, मोजे, बिस्कुट, फूलगोभी, शिमला मिर्च, हरी मिर्च, पेट्रोल पंप, गले की टाई समेत कुल 204 चिंह्न चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों को बांटने के लिए छांट लिए हैं। आयोग की ओर से जारी 198 प्रतीक गैर मान्यता प्राप्त छोटे दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों को चुनाव चिंह्न के तौर पर बांटे जाएंगे। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए 17 नवंबर को मतदान होना है। ऐसे में राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और पंजीकृत पार्टियों के प्रत्याशी अपने दल के चिंह्न पर चुनाव मैदान में उतर रहे हैं। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव आयोग निर्दलीय प्रत्याशियों को चुनाव चिंह्न आवंटित करेगा। प्रत्याशी भी चुनाव चिंह्न को लेकर बेहद संजीदा नजर आ रहे हैं। वहीं, निर्वाचन आयोग का स्पष्ट नियम है कि प्रत्याशी चुनाव चिंह्न के लिए कोई तीन विकल्प दे सकेगा, लेकिन किसी चिंह्न पर एक से ज्यादा दावे की स्थिति में अंतिम फैसला रिटर्निंग आॅफिसर का होगा। अब तक 42 पार्टियों को मिले चुनाव चिह्न- निर्वाचन आयोग ने अब तक 42 पार्टियों को सभी 230 विधानसभा में एक जैसे चुनाव चिंह्न आवंटित कर दिए हैं। राष्ट्रीय सर्वजन विकास पार्टी को पेट्रोल पंप, जन कल्याण पार्टी को अंगूर, राष्ट्रीय जन क्रांति पार्टी को लिफाफा, भारतीय बहुजन क्रांति दल को टेलीविजन, जन अधिकार पार्टी को डोली, भारतीय अवाम ताकत को ब्रश, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी को आरी, भारत रक्षक पार्टी को बल्लेबाज, नागरिक अधिकार शक्ति सेवा पार्टी को मेज, भारतीय जनसंपर्क पार्टी को फूलगोभी, जनतावादी कांग्रेस पार्टी को फोन चार्जर, अखिल भारतीय हिंद क्रांति पार्टी को बोतल और संपूर्ण समाज पार्टी को अंगूठा चुनाव चिन्ह्न आवंटित किए गए हैं।

आटे को लीटर में तोलने वाले कांग्रेसी, जमीनी वास्तविकता से परिचित नहीं : शिवराज सिंह चौहान

Shivraj Singh; Kamalnath; Digvijay Singh; Sahara Samachaar;

Those who measure flour by the liter are not familiar with ground realities,” said Shivraj Singh Chouhan, criticizing the Congress. बोले मुख्यमंत्री : गुटों में बटी कांग्रेस- दिग्गी गुट, कमलनाथ गुट, भगवान जाने कितने गुटChief Minister said: Congress is divided into groups – Diggi Group, Kamal Nath Group, God knows how many other groups Udit Narayanभोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को अपने गृह ग्राम जैत में हनुमान मंदिर, कुल देवी-देवता,नर्मदा मैया और सलकनपुर में माता विजयासन की पूजा-अर्चना कर बुधनी विधानसभा से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लिए बिना तंज कसते हुए कहा कि, आप ही देखिए उनमें और हम में अंतर क्या है। वो लोग आटे को लीटर में तोलते हैं। धान का खेत काटने पहुँच जाते हैं लेकिन यह पता ही नहीं है कि धान जमीन के नीचे होती है या जमीन के उपर। जमीनी वास्तविकता से परिचित नहीं हैं। हमनें तो बक्खर हांके हैं और ढुली टांग कर उराई भी की है। उन्होंने कहा कि, कांग्रेस के मित्र बहुत परेशान रहते हैं। कहते हैं कहां से आ गया ढे़ड मुट्ठी का। एक बार तो मेरा श्राध्द ही कर दिया। तो मैंने कहा राख के ढेर से भी उठकर खड़ा हो जाऊंगा। अभी तो बहुत काम करना है। यहां का हर नागरिक शिवराज है,मैं तो केवल वोट डालने आऊंगा : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, मैं अपनी जन्मभूमि, कर्मभूमि, मातृभूमि, पुण्यभूमि और वो माटी जिसके आशीर्वाद से प्रदेश की जनता की सेवा कर इतना काम कर पाया हूं, वहां प्रणाम करने आया हूँ। अपने ग्रामवासियों की शुभकामनाएं और बुजुर्गों का आशीर्वाद लेकर आज मैंने नामांकन फ़ॉर्म भरा है। इसके बाद यहां का चुनाव यहां की जनता लड़ेगी, यहां का हर नागरिक शिवराज है,मैं तो केवल वोट डालने आऊंगा। लोगों ने कब्जा करके कांग्रेस को निष्प्राण बना दिया : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर हमला बोलते हुए कहा कि, एक दिल के टुकड़े हजार हुए कोई इधर गिरा कोई उधर गिरा। सपा, आप, कांग्रेस और कांग्रेस में भी दिग्गी गुट, सेठ कमलनाथ गुट, अरुण यादव और अजय सिंह गुट और न जाने कितने गुट हैं ये तो भगवान ही जाने। उन्होंने कहा कि, मल्लिकार्जुन खड़गे तो नाममात्र के अध्यक्ष हैं। असल में तो भैया-बहन फसल काटते हैं। मध्यप्रदेश में भी कमलनाथ और दिग्विजय सिंह ने पूरी पार्टी पर कब्जा जमा कर रखा है और आगे की संभावनाएं भी कांग्रेसियों की समाप्त कर दी हैं। उनके आगे की पीढ़ी भी तैयार है और वो टिकट भी बाँट देती है। इन लोगों ने कब्जा करके कांग्रेस को निष्प्राण बना दिया है।कांग्रेस में कुछ नेता जेल में और कुछ नेता बेल पर हैं : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि, कांग्रेस जनता का भल नहीं कर सकती। अब नेताओं की पहचान भी छुपा रहें हैं। उन्होंने कहा कि, कांग्रेस के एक नेता कमलनाथ और दिग्विजय सिंह को जय-वीरू कहकर बुला रहें हैं, लेकिन जय और वीरू तो जेल से छूट कर आए थे। उन्होंने कहा कि, कुछ नेता जेल में हैं और कुछ कांग्रेस के नेता बेल पर हैं। कांग्रेस के जमाने में नेताओं को कभी जेल नहीं होती थी, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कह दिया कि, ना खाउंगा ना खाने दूंगा। इसके बाद सभी कांग्रेसी घबराए हुए हैं। अब जमाना बदल गया है। नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं गड़बड़ की तो नेता भी जेल जाएगा।

सीएम शिवराज की पांच साल में चल संपत्ति एवं नगदी बढ़े, लेकिन अचल संपत्ति हुई कम.

Shivraj Singh; BJP; Sahara Samachaar; sahara; samachaar;

In five years Chief Minister Shivraj’s, his assets and cash increased, but his non-liquid assets decreased. सीएम की पत्नी साधना सिंह की चल-अचल संपत्ति के साथ नकदी, गहने भी बढ़े. Udit Narayanभोपाल/सीहोर। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पिछले पांच सालों में चल संपत्ति सहित नगदी तो बढ़े हैं, लेकिन उनकी अचल संपत्ति में गिरावट आई है। इसी तरह उनकी धर्मपत्नी साधना सिंह की चल-अचल संपत्ति, नकदी सहित सोने के जेबरात भी बढ़े हैं। इसका ब्यौरा उन्होंने खुद चुनाव के लिए भरे नामांकन के साथ दिए गए एफिड-डेविड में दिया है। मुख्यमंत्री ने 2018 के चुनाव में अपनी कुल चल संपत्ति 43,20,274 रूपए की बताई थी, जो कि वर्ष 2023 में बढ़कर 1,11,20,282 हो गई है। इसी तरह उनके पास 2018 में कैश राशि कुल 45 हजार रूपए थी, जो कि 2023 में बढ़कर 1,15000 हो गई है। 2018 में उनके बैंक खातोें में 20,26,874 रूपए जमा थे, जो कि 2023 में बढ़कर 92,79,104 रूपए हो गए हैं। सोने के गहने 2018 में 96 ग्राम थेे, जो कि 2023 में भी इतने ही हैैं। मुख्यमंत्री की 2018 में अचल संपत्ति जमीन, बिल्डिंग सहित अन्य 2.83 करोड़ की थी, जो कि वर्ष 2023 में घटकर 2.10 करोड़ की रह गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की कुल संपत्ति की बात करें तो वर्ष 2018 के चुनाव के समय उनके पास कुल संपत्ति 3.26 करोड़ थी, जो कि वर्ष 2023 में घटकर 3.21 करोड़ की हो गई है।मुख्यमंत्री नेे एमए फिलासफी तक की पढ़ाई की है। उन पर कोई अपराध कायम नहीं हैं। हालांकि उनके पास रिवाल्वर है। मुख्यमंत्री की वर्ष 2018 में देनदारी कुल 63.18 लाख रूपए की थी, जो कि वर्ष 2023 में घटकर 2,14000 की रह गई है। मुख्यमंत्री के पास अपने पिताजी की पैतृक जमीन कुल 4.67 एकड़ का छटवा हिस्सा है। हालांकि उनकेे नाम विदिशा में भी कृषि भूमि 7 एकड़ 70 डिस्मिल के करीब है।सीएम की धर्मपत्नी साधना सिंह की बढ़ गई संपत्ति-मुख्यमंत्री ने नामांकन पत्र के साथ दिए एफिड-डेविड में बताया है कि उनकी धर्मपत्नी साधना सिंह की चल संपत्ति वर्ष 2023 में 1,09,14,644 है। जबकि 2018 में उनके पास 88,11,866 रूपए की चल संपत्ति थी। इसी प्रकार वर्ष 2018 में साधना सिंह के पास कैश 40 हजार रूपए थे, जबकि 2023 में 1,10,000 रूपए है। वर्ष 2018 में गहने 492 ग्राम थे, जोे कि 2023 में बढ़कर 535 ग्राम हो गए हैं। साधना सिंह के पास बैंकों में जमा राशि वर्ष 2018 में 11,20,766 रूपए थी, जोे कि वर्ष 2023 में 71,87,544 हो गई है। वर्ष 2018 में उनके नाम 18 हजार रूपए का बीमा था, लेकिन वर्ष 2023 में नहीं है। साधना सिंह के पास कुल अचल संपत्ति जमीन-बिल्डिंग सहित अन्य वर्ष 2018 में 3.32 करोड़ की थी, जो कि वर्ष 2023 में बढ़कर 4.32 करोड़ की हो गई है। साधना सिंह के पास कुल संपत्ति वर्ष 2018 में 4.52 करोड़ की थी, जो कि वर्ष 2023 में बढ़कर 5.41 करोड़ की हो गई है। हालांकि उनके उपर देनदारी भी है। वर्ष 2023 में साधना सिंह कोे 66,58,251 रूपए चुकाने हैं, जो कि वर्ष 2018 में 47.55 लाख की थी।सीएम एवं उनकी पत्नी के नाम बैंक खातोें में जमा राशि– मुख्यमंत्री के पास हाथ में नगदी 1,10000 रूपए है।- एसबीआई विदिशा मेें 54,63,757 रूपए जमा हैं।- एसबीआई वल्लभ भवन भोपाल में 33,35,674 रूपए जमा है।- जिला सहकारी बैंक विदिशा मेें 4,79,673 रूपए जमा है।साधना सिंह के नाम बैंकोें में जमा राशि– हाथ में नगदी 1,15000 रूपए है।- एसबीआई विदिशा में 15,84,525 रूपए जमा है।- पीएनबी जुमेराती भोपाल में 4,48,016 रूपए जमा है।- सावधि जमा आईसीआईसीआई बैंक एमपी नगर भोपाल में 50 लाख रूपए है।- आईसीआईसीआई एमपी नगर भोपाल में 1,55,003 रूपए जमा है।यह जानकारी नामांकन फार्म के साथ दिए गए एफिड-डेविड के आधार पर है।.

हुजूर में लगा कांग्रेस को एक और झटका

Rameshwar Sharma; Huzur; Kolar; Bhopal; BJP;

Huzur delivers another blow to the Congress. भाजपा में शामिल हुए विनोद राजौरिया, तीन पीढ़ी से कांग्रेस के हाथ के साथ रहा विनोद का परिवार Udit Narayan भोपाल। इस बार विधानसभा चुनाव के दौरान भोपाल जिले की हुजूर विधानसभा सीट में कांग्रेस को लगातार झटके लग रहे हैं। सोमवार शाम को रातीबड़ निवासी विनोद राजोरिया ने अपने सेकड़ौं समर्थकों एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ कांग्रेस का दामन छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया है। राजोरिया परिवार करीब तीन पीढियों से कांग्रेस की सक्रिय सदस्य रहे हैं। इसके पहले उनकी नाराजगी के कारण कांग्रेस को भोपाल जिला पंचायत अध्यक्ष का पद भी खोना पड़ा था। चुनाव के दौरान उनकी पत्नी जिला पंचायत सदस्य ने जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में भाजपा के पक्ष में वोटिंग की थी। सोमवार को उन्होंने भी कांग्रेस पार्टी को छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया है, जिससे भाजपा पार्टी क्षेत्र में और मजबूत हो गई है। कांग्रेस के पूर्व ज़िला उपाध्यक्ष एवं पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष रहे विनोद राजौरिया ने कहा कि कांग्रेस में नेता, नीति और नेतृत्व पूरी तरह समाप्त हो चुका है। श्री राजौरिया ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की जन कल्याणकारी योजनाओं एवं विधायक श्री रामेश्वर शर्मा द्वारा हुजूर विधानसभा में कराये गये विकास कार्यों से प्रभावित होकर उन्होंने भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का निर्णय लिया है। वह भाजपा परिवार के एक एक सदस्य के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जनकल्याण के कार्य में पूरी तन्मयता के साथ जुटेंगे । विधायक रामेश्वर शर्मा ने दिलायी सदस्यता रातीबड़ भाजपा मंडल की बैठक में विधायक रामेश्वर शर्मा ने विनोद राजौरिया को भाजपा का अंग वस्त्र उढ़ाकर भाजपा में स्वागत किया। श्री शर्मा ने कहा की भाजपा परिवार में आपका स्वागत है । श्री शर्मा ने कहा की समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान एवं जन कल्याण के क्षेत्र में ऊर्जा के साथ काम करेंगे। ये भी हुए शामिल महेंद्र मारण सेवा दल का पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष, पंडित श्री रंगीलाल जी शर्मा, दिनेश राजोरिया, रघुवीर राजौरिया, नीतेश राजौरिया, अशोक पाटीदार, नारायण सिंह सेमरी, दिनेश नागर, अमित राजौरिया, मनीष द्विवेदी, प्रेम नारायण, संजीव राजौरिया, राजेश नागर, सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं समर्थक भाजपा में शामिल हुए।

भोपाल की सातों विधानसभा के 175 उम्मीदवारों में हुजूर के निर्दलीय डागा सबसे ज्यादा अमीर, दूसरे पर आए शुक्ला.

Bhopal; Daga; Shukla; Nominations; Elections; Sahara Samachaar;

Bhopal, among the 175 candidates for the seven assembly seats, “Daga,” an independent candidate, is the richest, followed by Shukla. भोपाल की सातों विधानसभा के 175 उम्मीदवारों में हुजूर के निर्दलीय डागा सबसे ज्यादा अमीर, दूसरे पर आए शुक्ला- रिटर्निंग अधिकारी को पेश किए गए शपथ पत्र में हुआ खुलासा Udit Narayan भोपाल। राजधानी की सातों विस में भरे गए 175 उम्मीदवारों में से हुजूर विधानसभा से कांग्रेस के बागी निर्दलीय उम्मीदवार जीतेंद्र डागा सबसे ज्यादा अमीर उम्मीदवार है। रिटर्निंग अधिकारी को पेश किए गए शपथ पत्र में उनकी कुल प्रॉपर्टी 108 करोड़ 44 हजार 585 रुपए बताई गई है। जबकि दूसरे नंबर पर नरेला से कांग्रेस उम्मीदवार मनोज शुक्ला 44 करोड़ की प्रॉपर्टी के साथ दूसरे नंबर पर आ गए है। सोमवार को उत्तर से आलोक शर्मा, दक्षिण पश्चिम से भगवानदास सबनानी और बैरसिया से भाजपा उम्मीदवार विष्णु खत्री ने भी खुद की प्रॉपर्टी का शपथ पत्र पेश किया है।निर्दलीय उम्मीदवार जीतेंद्र डागा खुद की आय -7984794 , पत्नी 1250009संपत्ति चल – खुद- 50477466, पत्नी 69378281 संपत्ति-अचल – 881511338 , पत्नी 78677500 कुल संपत्ति खुद और पत्नी- 108 करोड़ 44 हजार 585 क्रिमिनल रिकॉर्ड- गाजियाबाद के सीबीआई कोर्ट में केसकैश इन हैंड- एक लाख, पत्नी एक लाख 80 हजार रुपए कैश इन बैंक- खुद-1077923, पत्नी 184689 रुपए फिक्स डिपाजिट- खुद-एक करोड़ 55 लाख, पत्नी 5 करोड़ 65 लाख साझा फर्म- खुद 25449543, पत्नी 7918722 वाहन- मारुति जिप्सी गहने- खुद 1152 ग्राम सोना, पत्नी 722 ग्राम सोना शैक्षणिक योग्यता – एमकॉम प्रिवियस आय के स्त्रोत – कृषि एवं कार डीलरशिप में भागीदारी भाजपा उम्मीदवार विष्णु खत्री खुद की आय- 346540, पत्नी 455580 क्रिमिनल रिकॉर्ड- नहीं है कैश इन हैंड- 70 हजार, पत्नी 90 हजार रुपए कैश इन बैंक- खुद- 1850359 पत्नी 376703 संपत्ति-चल-अचल – 6 करोड़ 17 लाख 2 हजार 200, पत्नी 1 करोड़ 90 लाख शस्त्र – रिवाल्वर, 12 बोर गन वाहन- स्कार्पियो, एक्टिवा, पत्नी सुजुकी एक्सिस गहने- खुद 80 ग्राम सोना, पत्नी आधा किलो सोना, सात सौ ग्राम चांदी शैक्षणिक योग्यता – एलएलबी आय के स्त्रोत – सलाहकार और खेती से आय बीमा- खुद 261250 पत्नी 156750 भाजपा उम्मीदवार ओलाक शर्मा खुद की आय – 527250, पत्नी 335254 संपत्ति चल – खुद- 6571117 , पत्नी 12386196 रुपए संपत्ति-अचल -खुद 5939538 , पत्नी 2185500 कुल संपत्ति खुद 12510655 और पत्नी- 14571696 रुपए कुल 27082351 क्रिमिनल रिकॉर्ड- आधा दर्जन थानों में केस राजनीति सहित अन्य मामले कैश इन हैंड- 45000 , पत्नी 48000कैश इन बैंक- खुद- 3853083, पत्नी रुपए 2272528 रुपए फिक्स डिपाजिट- खुद- , पत्नी वाहन- मारुति स्विफ्ट शस्त्र – एक रिवाल्वर, एक रायफल कर्ज देनदारी – 6887350 रुपए गहने- खुद 150 ग्राम सोना, पत्नी 550 ग्राम सोना, साढ़े पांच किलो चांदी के बर्तन शैक्षणिक योग्यता – बीकॉम आय के स्त्रोत – कृषि और किराये से आय भाजपा उम्मीदवार भगवानदास सबनानीखुद की आय – 425000 , पत्नी 210000 संपत्ति चल – खुद 3634000 लाख, पत्नी 6388000 रुपए संपत्ति-अचल संयुक्त 1 करोड़ 25 लाख रुपए कुल संपत्ति संयुक्त- 2 करोड़ 25 लाख 22 हजार रुपए क्रिमिनल रिकॉर्ड- नहीं कैश इन हैंड- खुद 44000 , पत्नी 33000 कैश इन बैंक- खुद 5765000- पत्नी 185000 रुपए वाहन- स्कार्पियों और पत्नी के पास मारूति बलिनो कर्ज देनदारी – 34 लाख 38 हजार रुपए गहने- खुद 10.50 लाख का सोना, पत्नी के पास 33 लाख रुपए का सोना

आसान नही है राघोगढ़ की राह,

BJP; Congress; Digvijay Singh; Sahara Samachaar;

The path to Raghogarh is not easy. साकिब कबीरभोपाल, दिग्विजय सिंह के प्रभुत्व और कांग्रेस के लिए सॉफ्ट माने जाने वाली राधौगढ़ सीट इस बार हॉट सीट में तब्दील हो गई है।दरअसल इस बार भाजपा की ओर से अब तक दिग्विजय सिंह और उनके पुत्र की लगातार जीत में अहम भूमिका निभाने वाले हीरेन्द्र सिंह बंटी बना मैदान में हैं।बंटी खुद भी जिला जनपद सदस्य रह चुके है जबकि उनके पिता मूलसिंह दादा भाई दो बार कांग्रेस से विधायक रह चुके हैं जिनके दिग्विजय सिंह परिवार से नज़दीकी रिश्ते रहें हैं।लेकिन ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में जाने के बाद बंटी उनके साथ भाजपा में चले गए।माना जा रहा है कि दादा भाई और बंटी एक समय क्षेत्र में दिग्विजय सिंह का प्रतिनिधित्व करते थे। इलाके के लोग भी अपनी समस्याएं इनके माध्यम से ही दिग्विजय सिंह तक पहुंचते थे जिसकी वजह से इनका सीधा संबन्ध लोगों से है।यही वजह है कि इस बार राधौगढ़ की राह आसान नही है।यहां कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है।

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की चुनावी कार्यकर्ताओं के सभा का दौर जारी, जमकर बोल रहे कांग्रेस पर हमला.

Scindia; Gwalior; BJP; Sahara Samachaar; Congress

Central Minister Jyotiraditya Scindia continues his election campaign, launching a strong attack on the Congress while addressing party workers’ meeting. संतोष सिंह तोमरभोपाल। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया लगातार चुनावी मोड में चल रहे है । लगातार वो रोज़ कई कई कार्यकर्ता सम्मेलन व सभाओं में हज़ारों लोगों को सम्बोधित कर रहे है। अशोक नगर प्रवास पर पहुंचे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अशोकनगर ग्रामीण एवं शहरी, पिपरई, थुबन, सेहराई, बहादुरपुर व मुंगावली मंडल के भारतीय जनता पार्टी के हज़ारों कार्यकर्ताओं को संबोधित किया । दिग्विजय और कमलनाथ पर किया हमला वहाँ दो भाई है छोटे भई और बड़े भाई । वो जोड़ी का लक्ष्य एक ही है और जब कुर्सी उन्हें दिखने लगती है तो दोनों के आँख चमकने लगते और कुर्सी की ही पूजा करते है और हमारी भाजपा कुर्सी को बस माध्यम समझती है मध्यप्रदेश के झंडे को बुलंद करने के लिए, ग़रीबों के उत्थान करने के लिए, गरीब शोषित वंचित वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए और राष्ट्र के झंडे को बुलंद करने के लिए । राम मंदिर भाजपा के संस्थापकों का सपना जिसे प्रधानमंत्री मोदी ने पूरा किया कार्यकर्ताओ के साथ चर्चा के दौरान उन्होंने बताया की भाजपा के शीर्ष नेतृत्व जैसे राजमाता विजयाराजे सिंधिया, दीन दयाल उपाध्याय और श्यामा प्रसाद मुख़र्जी इन सभी वरिष्ठ नेताओं का का संकल्प था की अयोध्या में राम मंदिर की स्थापना होनी चाहिए। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने मात्र 9 वर्षों में इस संकल्प को सिद्ध कर दिया, और 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के साथ करोड़ों भारतीयों का सपना पूरा होने जा रहा है। कांग्रेस पर बोला तीखा हमला अपनी सभी सभाओं में केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस पर जम कर हमला किया। उन्होंने बताया की जब जब कांग्रेस के बड़े भाई -छोटे भाई को कुर्सी मिलती है तब एक ही काम होता है – यह लोग अपनी जेब भरते है और महिलाओं से इनको कोई मतलब नहीं है, आदिवासी समुदाय से कोई मतलब नहीं है, युवाओं से से कोई मतलब नहीं है – बस अपनी जेब भरनी है। इनका तो एक ही उदेश्य है ‘जान न जाए, वचन भले ही चले जाए’। कांग्रेस अपने आप को पिछड़ों की पार्टी बुलाती है पर असल में यह पार्टी पिछडो के विरोध में काम करती है, अखिलेश यादव जी जो मुलायम सिंह जी के बेटे होने के साथ साथ, पिछड़े वर्ग के प्रतिष्ठित नेता है उनके लिए कमलनाथ जी ने बोला की “अरे छोड़िये अखिलेश-वखिलेश को।” जो पूर्व मुख्यमंत्री नेताओं का सम्मान नहीं कर रहे वह आम जनता का क्या सम्मान करेंगे। कांग्रेस ने प्रदेश को गड्ढे में डाला 18 साल तक भाजपा कार्यकर्ताओं ने तपस्या की हैं । इस मध्यप्रदेश को टूटा हुआ प्रदेश कांग्रेस ने बना दिया था । सड़क है लेकिन गड्ढा और सड़क में फ़र्क़ नहीं । लट्टू है पर ज्योति का प्रकाश नहीं । अस्पताल है पर डॉक्टर नहीं ।और वहाँ गड्ढे से इस राज्य को सर्वोच्च स्थान पर लेकर ये कार्यकर्ता आए है । और जनता व हम सभी को निर्णय करना है की पुनः भाजपा सरकार बनाकर मध्यप्रदेश व राष्ट्र का झंडा बुलंद करना है या पुनः उसी कांग्रेसी गड्ढे में डालना है मुंगावली में सुनाया क़िस्सा केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, जब मैं पहली बार 2002 में यहाँ आया था तो बस स्टैंड के पास मेरी पहली सभा लगी थी तो उस कार्यक्रम में एक वृद्घ मेरे पास आए , एक पानी बोतल उनके हाथ में थी जिसमें ब्राउन रंग का पानी था । मुझे लगा वो नाली का पानी था लेकिन उन्होंने बताया की ये पानी हमारे पानी सप्लाई की यूनिट से आती है और आपके कांग्रेस की सरकार में हम ये पानी पीने को मजबूर है । तो मैंने उस वक्त संकल्प लिया कि मुंगावली के लिए जब स्वच्छ जल की योजना लेकर आयूँगा तभी मुंगावली आयूँगा । उस वक्त 18.5 करोड़ की स्वच्छ जल की योजना मैं लेकर आया । अध्यात्म में मेरा विश्वास है कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा की मेरा अध्यात्म में बहुत विश्वास है । अध्यात्म में बताया गया है की व्यक्ति निवस्त्र इस दुनिया में आता है और व्यक्ति निवस्त्र ही इस दुनिया से चला जाता है । बस किसका कब बुलावा आए ये किसी को पता नहीं , ये बस ईश्वर को पता है । ईश्वर नहीं पूछने वाले की कितने बार सांसद बने या कितने बार मंत्री बने लेकिन ईश्वर ज़रूर पूछेंगे की मैंने तुम्हें पृथ्वी पर मौक़ा दिया क्या तुम अच्छे इंसान बने । और यही हमारे जीवन का लक्ष्य होना चाहिए । किसी के विरुद्ध ग़लत भाव नहीं , हमें अपनी लकीर लम्बी खींचनी हैं किसी और की लकीर छोटी नहीं । इसीलिए भारतीय जनता पार्टी के पथ प्रदर्शक श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी , दीन दयाल उपाध्याय जी इनकी सोच और विचारधारा एक ही थी की भारत माता के झंडे को बुलंद करने के लिए बलिदान देना पड़े तो वो भी दे दिया ।

‘भाजपा में इन दिनों गुटबाजी हावी, इसे ढकने कांग्रेस नेताओं के बीच झूठी खबरों का कर रही प्रचार-प्रसार

Digvijay Singh; Kamalnath; MP Elections; Sahara Samachaar;

These days, there is factionalism prevalent in the BJP, which Congress leaders are promoting as false news among themselves,” said Digvijaya Singh. कांग्रेस के प्रत्येक नेता दृढ़ निश्चय वाले हैं, यूनाइटेड हैं औऱ वो बीजेपी को हराने के लिए कर रहे हैं काम Udit Narayan भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 को लेकर राज्य में हलचल बढ़ी हुई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के साथ किसी तरह की मतभेद की बातों से इनकार किया है। इसके साथ ही दिग्विजय सिंह ने यह भी कहा है कि ऐसी बातें बीजेपी फैला रही है। दिग्विजय सिंह ने अपने बयान में कहा कि कई अखबारों ने यह दावा किया है कि नाराजगी की वजह से वो झाबुआ और खातेगांव नहीं गए। दिग्विजय सिंह ने कहा, ‘बीजेपी में इन दिनों गुटबाजी काफी बढ़ी हुई है। इसे ढकने के लिए बीजेपी, कांग्रेस नेताओं के बीच झूठी खबरों का प्रचार-प्रसार कर रही है। खासकर मेरे और कमलनाथ के बीच। कांग्रेस के प्रत्येक नेता दृढ़ निश्चय वाले हैं, यूनाइटेड हैं औऱ वो बीजेपी को हराने के लिए काम कर रहे हैं।’राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने आगे कहा कि झाबुआ और खातेगांव का दौरा उन्होंने इसलिए रद्द किया क्योंकि कांग्रेस महासचिव उनसे संगठन और चुनाव को लेकर कुछ अहम चर्चा करना चाहते थे। कांग्रेस में कोई गुटबाजी नहीं है। हालांकि, बीजेपी सचिव रजनीश अग्रवाल ने कहा कि कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के बीच खुलेआम मतभेद है। इस सबूत है उनके बीच में हुई बातचीत का वीडियो। अग्रवाल ने कहा कि हाल के विवाद से यह साफ है कि कमलनाथ और समर्थक चुनावी कैंपेन से दिग्विजय सिंह को दूर रखना चाहते हैं और उन्हें साइडलाइन करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में टिकट बंटवारे के बाद जब पार्टी नेताओं की नाराजगी सामने आने लगी तब कमलनाथ ने खुलेआम दिग्विजय के कपड़े फाड़ने के बारे में कहा था। इसके बाद दिग्विजय सिंह ने टिकट बंटवारे के लिए कमलनाथ को जिम्मेदार बताते हुए कहा था कि इलेक्ट्रॉल फॉर्म पर कमलनाथ ने हस्ताक्षर किए थे जो कि राज्य में पार्टी के चीफ हैं। बीजेपी नेता ने आगे कहा कि दोनों नेताओं के बीच बढ़ी दूरियों को बताने के लिए इससे बड़ी बात क्या हो सकती है। सुरजेवाला के इस बयान प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने कहा उनके बयान से यह साबित होता है कि दिग्विजय सिंह औऱ कमलनाथ जय और वीरू के उस छलिया कैरेक्टर जैसे हैं जो जेल से भाग गए थे। इससे पहले इसी महीने कमलनाथ का एक वीडियो सामने आया था उसमें उन्होंने शिवपुरी में किसी पार्टी नेता को टिकट नहीं दिए जाने पर पार्टी के लोगों से कहा था कि वो दिग्विजय सिंह के कपड़े फाड़े।

भाजपा ने खत्म किया सस्पेंस, विदिशा से मुकेश टंडन व गुना से शाक्य को मैदान में उतारा।

BJP has ended the suspense and fielded Mukesh Tandon from Vidisha and Shaky from Guna,” is what the statement translates to in English. उदित नारायण भोपाल। मप्र में सोमवार को नामांकन का आखिरी दिन है। इसके ठीक एक दिन पहले भाजपा ने विदिशा व गुना सीट पर अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए। भाजपा ने पांचवी सूची तक में 228 सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर दिए थे, किंतु विदिशा व गुना को होल्ड पर रख दिया गया है। शनिवार को भाजपा के प्रदेश कार्यालय में करीब तीन घंटे तक चली केंद्रीय मंत्री अमित शाह की संभागीय बैठक से पहले उक्त दोनों सीटों को लेकर भी काफी देर तक चर्चा हुई। अंतत: दोनों सीटों पर प्रत्याशी के नामों का ऐलान कर दिया गया। टंडन के मामले में शाह ने लगाई थी फटकार। विदिशा से टंडन के साथ गुना से इस बार पन्नालाल शाक्य को टिकट मिला है। विदिशा क्षेत्र मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का गढ़ है। वे सीहोर जिले के बुधनी से भले ही चुनाव लड़ते हैं, किंतु विदिशा से उनका दसकों पुराना नाता है। परंतु, इस बार विधानसभा चुनाव में कई दावेंदार सामने आ गए। बताते हैं कि मुख्यमंत्री अपने करीबी मुकेश टंडन को ही टिकट देना चाह रहे थे, किंतु दावेदारों की संख्या देखकर वे भी कोई निर्णय नहीं ले पाए। अंतत: इसे हाईकमान पर छोड़ दिया गया। शनिवार को केंद्रीय मंत्री शाह ने रात 10 से लेकर एक बजे तक संभागीय बैठक लिए। उन्होंने एक-एक सीट की जानकारी ली और नेताओं को अपना सुझाव भी दिया। सूत्रों ने बताया कि शाह ने कुछ मुद्दों को लेकर काफी खरी खोटी भी सुनाई। इस बैठक से पहले दोनों सीटों को लेकर माथापच्ची हुई। इसके बाद निर्णय ले लिया गया। भाजपा के गढ़ से कांग्रेस की जीत भी रही वजह। 2018 के चुनाव में विदिशा से कांग्रेस के शशांक भार्गव जीते थे। इससे समूची भाजपा परेशान हो गई थी। इस बार ऐसी कोई गलती नहीं हो, इसलिए टिकट देने से पहले काफी माथापच्ची हुई। यहां पर भाजपा में तीन दावेदारों के बीच पेंच फंस गया था। यहां से पूर्व वित्तमंत्री राघव की बेटी ज्योति शाह के अलावा पिछला चुनाव हार चुके मुकेश टंडन भी दावेदारी कर रहे थे। इसके अलावा संगठन ने श्याम सुंदर शर्मा का नाम बढ़ाया था। जबकि गुना सीट को संघ की मजबूत सीट मानी जाती है। यह सीट संघ और भाजपा दोनों के कारण फंसी रही। इस सीट पर सिंधिया परिवार का भी प्रभाव है। इसके चलते यहां पर प्रत्याशी चयन को लेकर मामला अटका रहा। अभी इस सीट पर भाजपा के गोपीलाल जाटव विधायक हैं। इस बार गुना से पन्नालाल शाक्य को भाजपा ने मैदान में उतारा है।

मैं अच्छा हिंदू, राम मंदिर निर्माण के लिए दिए ₹1.11 लाख दान दिया : दिग्विजय सिंह

I am a devout Hindu, donated ₹1.11 lakh for the construction of the Ram Temple,” said Digvijaya Singh पीएम मोदी को चेक भेजा, लेकिन उन्होंने वापस भेज दिया, फिर मैंने…स्वयं जमा किए कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने रविवार को कहा कि उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए ₹1.11 लाख का दान दिया क्योंकि वह एक ‘अच्छे हिंदू’ हैं। Udit Narayan भोपाल। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने रविवार को कहा कि उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए ₹1.11 लाख का दान दिया क्योंकि वह एक ‘अच्छे हिंदू’ हैं। चुनावी राज्य मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पत्रकारों से बातचीत के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं सनातन धर्म का पालन करता हूं। मैं एक अच्छा हिंदू हूं। दिग्विजय सिंह का यह बयान ऐसे वक्त में सामने आया है जब अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की तारीख तय हो गई है। बता दें कि राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को होगी जिसमें प्रधानमंत्री मोदी के मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। ऐसे में जब चुनावी राज्य मध्य प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू है और कानूनी लिहाज से चुनाव में धर्म का इस्तेमाल प्रतिबंधित है, सूबे में राम मंदिर का मुद्दा भी गर्म है। राम हमारे इष्टदेव हैं… चुनाव में धर्म का उपयोग करना प्रतिबंधितमध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि मैं सनातन धर्म का पालन करने वाला व्यक्ति हूं और एक अच्छा हिंदू हूं। राम हमारे इष्टदेव हैं, हम सनातन धर्म का पालन करते हैं लेकिन चुनाव में धर्म का उपयोग करना प्रतिबंधित है… राम मंदिर के निर्माण के लिए शिवराज सिंह चौहान ने 1 लाख रुपए का दान दिया और मैंने 1 लाख 11 हजार रुपए का दान दिया। दिग्विजय सिंह ने कहा कि मैंने अपने योगदान का चेक प्रधानमंत्री मोदी को भेजा कि जाकर जमा करवा दीजिए… मैंने वह चेक ट्रस्ट को सौंपने के लिए प्रधानमंत्री मोदी को भेजा। उन्होंने इसे वापस भेज दिया और मुझसे इसे स्वयं जमा करने के लिए कहा। मैंने इसे जमा कर दिया। हाल ही में मध्य प्रदेश में राममंदिर के निर्माण का श्रेय लेने वाले होर्डिंग नजर आए थे। इस पर कांग्रेस की ओर से आपत्ति जताई गई थी। वहीं भाजपा ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा था कि कांग्रेस राममंदिर निर्माण को लेकर दुखी है। वहीं कांग्रेस ने उस पर भगवान राम की भक्ति से भटकने का आरोप लगाया था। कांग्रेस की इंदौर इकाई ने निर्वाचन आयोग से शिकायत की थी कि भाजपा ने चुनाव प्रचार के दौरान अयोध्या में राममंदिर और उज्जैन में महाकाल लोक का प्रदर्शन करके धार्मिक प्रतीकों का इस्तेमाल किया। यह आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है। वहीं भाजपा नेताओं ने कांग्रेस की शिकायत को एक्स पर साझा करते हुए उस पर राम विरोधी होने का आरोप लगाया। मध्य प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने शनिवार को कहा था कि कांग्रेस का मूल चरित्र भगवान श्रीराम, हिंदुत्व और सनातन धर्म के खिलाफ रहा है। कांग्रेस राम मंदिर के होर्डिंग के खिलाफ निर्वाचन आयोग से शिकायत कर रही है, जो दुनिया की आस्था का केंद्र है। कांग्रेस के नेता कह रहे हैं कि ऐसे होर्डिंग हटाए जाने चाहिए। कांग्रेस को दुख है कि राम मंदिर के होर्डिंग्स क्यों लगाए गए हैं… कांग्रेस को राम मंदिर बनने से दुख है।

19 दिनों में ₹150.58 करोड़ की अवैध शराब, नगदी, मादक पदार्थ, जेवरात की जप्ती हुई.

Model Code Of Conduct; Achaar Sahita;

150.58 crores worth of illegal liquor, cash, narcotics, and jewelry seized in 19 days. Manish Trivedi भोपाल, मध्य प्रदेश में आचार संहिता लगे हुए लगभग 19 हुए है. इन १९ दिनों के अंदर ₹150.58 करोड़ की अवैध शराब, नगदी, मादक पदार्थ, जेवरात आदि पुरे प्रदेश में जब्त किए है। यदि इसकी तुलना हम 2018 के विधानसभा चुनाव से करे तो यह आंकड़े काफी बड़े दिखाई दे रहे हैं, साल 2018 में आचार संहिता 6 अक्टूबर से 28 नवंबर तक लगी थी, सम्पूर्ण आचार संहिता के दौरान ₹72.93 करोड़ के सामान की जप्ती की गयी थी. अभी 18 दिन और बाक़ी है। देखते है अभी कितनी और जप्ती की जाती है.

25 चुनाव प्रत्याशियों के साथ विंध्य से नारायण त्रिपाठी ने खोला चुनावी मोर्चा।

Narayan Tripathi from Vindhya opened an electoral front with 25 election candidates. विंध्य क्षेत्र में ब्राह्मण समाज का बड़ा चेहरा माने जाते हैं। नारायण त्रिपाठी। 5 से 7 विधानसभा सीटों पर जीत के आसार, और भी कई सीटें होंगी प्रभावित। उदित नारायण सतना। विंध्य की राजनीति में एक नया मोड़ सामने आया है, जहां भाजपा से इस्तीफा दे चुके विधायक नारायण त्रिपाठी ने भाजपा और कांग्रेस दोनों को ही झटका देते हुए विंध्य जनता पार्टी का गठन कर दिया। विधायक नारायण त्रिपाठी ने अब अपने पत्ते खोलते हुए विंध्य जनता पार्टी के 25 प्रत्याशियों की पहली सूची भी जारी कर दी है। नवगठित मैहर जिले की सीट से खुद नारायण त्रिपाठी चुनाव लड़ेंगे। इस सीट को नारायण त्रिपाठी का मजबूत गढ़ माना जाता है। इसके साथ ही आज शाम तक विंध्य जनता पार्टी चुनाव प्रत्याशियों की दूसरी लिस्ट भी जारी कर सकती है। जानकारी मिली है की पार्टी नेतृत्व द्वारा दूसरी लिस्ट में करीब 15 प्रत्याशियों के नामों पर सहमति बन चुकी है। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में प्रदेश की सभी 230 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान कर राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। हम आपको बता दें कि नारायण त्रिपाठी ने विंध्य के अलावा मध्य भारत और महाकौशल में भी अपने प्रत्याशी मैदान में उतार दिए हैं। भारतीय जनता पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देने के बाद तरह तरह के कयास नारायण त्रिपाठी के लिए लगाए जा रहे थे, लेकिन इन सभी पर विराम लगाते हुए नारायण ने अब अपनी विंध्य जनता पार्टी से चुनाव मैदान पर उतरने का आगाज कर दिया है, जिसका चुनाव चिन्ह गन्ना और किसान है। विंध्य में मुकाबला हुआ त्रिकोणीय। यहां ध्यान देने योग्य बात यह भी है कि विंध्य में कुल 30 विधानसभा सीट हैं। साल 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने इन 30 में से 24 सीटों पर जीत दर्ज की थी। विधायक नारायण त्रिपाठी ब्राह्मण समाज का बड़ा चेहरा माने जाते हैं और विंध्य क्षेत्र की अधिकांश सीटों पर हार जीत का निर्णय ब्राह्मण मतदाता करते हैं। विधायक नारायण त्रिपाठी की यहां की राजनीति में तगड़ी पकड़ है। राजनीति के जानकारों के हिसाब से विंध्य क्षेत्र का चुनाव परिणाम इस बार बहुत ही चौंकाने वाला रहेगा। नारायण त्रिपाठी की पार्टी के चुनाव मैदान में उतरने से अब यहां मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। जिसके चलते यहां कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टी के समीकरण गड़बड़ा रहे हैं और क्षेत्र की करीबन पांच से सात सीटों पर नारायण त्रिपाठी की पार्टी की जीत सुनिश्चित दिखाई दे रही है। जिसे रोक पाना अब दोनों ही पार्टियों के लिए असंभव नजर आ रहा है। जिसके चलते भाजपा और कांग्रेस दोनों ही खेमों में खलबली मची हुई है। इस चुनाव में विंध्य क्षेत्र से तीनों पार्टियों में से किसका पलड़ा भारी रहेगा यह तो चुनाव परिणाम ही बताएगा। मैहर विधानसभा में बजा चुनावी बिगुल। मध्य प्रदेश के मैहर विधानसभा क्षेत्र के विधायक नारायण त्रिपाठी ने अपने पत्ते खोलते हुए आगामी 2023 के चुनाव में अपनी विंध्य जनता पार्टी से चुनाव मैदान पर उतरने का आगाज कर दिया है। यदि हम बात करें मैहर विधानसभा क्षेत्र की तो यह विधानसभा क्षेत्र नारायण त्रिपाठी का गढ़ माना जाता है, जहां नारायण त्रिपाठी अलग-अलग दलों से चार बार विधायक चुने जा चुके हैं। अभी तक नारायण त्रिपाठी समाजवादी पार्टी, कांग्रेस पार्टी और भारतीय जनता पार्टी से मैहर विधानसभा क्षेत्र के विधायक चुने जा चुके हैं, लेकिन आगामी 2023 के चुनाव को लेकर नारायण त्रिपाठी ने भारतीय जनता पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था, ऐसे में कयास लगाए जा रहे थे कि नारायण त्रिपाठी कांग्रेस पार्टी का दामन थाम कर एक बार फिर कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे, लेकिन सभी पार्टियों को दरकिनार करते हुए नारायण त्रिपाठी ने अब अपने द्वारा गठन की गई विंध्य जनता पार्टी से मैहर विधानसभा क्षेत्र के चुनावी मैदान पर ताल ठोक कर सभी कयासों पर विराम लगा दिया है। वीजेपी की सूची ने बढ़ाई भाजपा-कांग्रेस की धड़कनें। नारायण त्रिपाठी ने विंध्य जनता पार्टी के उम्मीदवारों की पहली सूची जारी करते हुए चुनावी बिगुल बजा दिया है। पहली सूची में नारायण त्रिपाठी ने सतना जिले की 7 विधानसभा में से 4 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित किए हैं, जिसमें मैहर से खुद नारायण त्रिपाठी, सतना विधानसभा से हरिओम गुप्ता, रैगांव विधानसभा क्षेत्र से आरती वर्मा और अमरपाटन विधानसभा क्षेत्र से शशि सतेंद्र शर्मा उम्मीदवार घोषित किए हैं। फिलहाल नारायण त्रिपाठी ने विंध्य जनता पार्टी की सूची जारी करने के बाद भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस पार्टी दोनों की ही धड़कने बढ़ा दी हैं। वीजेपी ने 25 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी की। विंध्य जनता पार्टी द्वारा जारी पहली चुनाव प्रत्याशी लिस्ट में रैगांव से आरती वर्मा, सतना से हरिओम गुप्ता, अमरपाटन     से शशि सत्येंद्र शर्मा, सेमरिया से हासिफ मोहम्मद अली, त्यौथर से कमांडो अरुण गौतम, देवतालाब से कुंजबिहारी तिवारी, गगुढ़ से शिवमोहन शर्मा, चुरहट से अरुण द्विवेदी और सीधी से वाल्मिीक तिवारी को प्रत्याशी घोषित किया है। जबकि सिंहावल से आशीष मिश्रा, चितरंगी से रामकृष्ण कोल, सिंगरौली से कुंदन पांडेय, ब्यौहारी से लेखन सिंह, जयसिंह नगर से फूलमती सिंह, जैतपुर से हीरालाल पनिका और अनूपपुर से प्यारेलाल पनिका को टिकट दिया है। इसके साथ ही पुष्पराजगढ़ से अमृतलाल सोनवानी, बांधवगढ़ से धूप सिंह, मानपुर से राजकुमार बैगा, शहपुरा से मदन सिंह परस्ते, डिंडौरी से सितार मरकाम, भोपाल दक्षिण पश्चिम से मनीष पांडेय, अंबेडकर नगर से वैघनाथ मिश्रा और बड़ामलहरा से दिनेश यादव को चुनाव प्रत्याशी घोषित कर मैदान में उतारा है। विंध्य प्रदेश की मांग करते रहे हैं नारायण त्रिपाठी। नारायण त्रिपाठी हमेशा विंध्य प्रदेश की मांग को लेकर मीडिया के सुर्खियों में रहते हैं और वे भाजपा सरकार में रहकर भी विंध्य प्रदेश की मांग को लेकर अपनी ही सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करते थे। वर्ष 2018 के चुनाव में नारायण त्रिपाठी ने भारतीय जनता पार्टी से चुनाव में जीत दर्ज की थी, जहां उनके सामने उनके प्रतिद्वंदी श्रीकांत चतुर्वेदी चुनाव मैदान में थे। श्रीकांत चतुर्वेदी को मात देते हुए नारायण त्रिपाठी ने जीत दर्ज की थी। मैहर विधानसभा चुनाव 2023। मैहर विधानसभा सीट पर अगले महीने चुनाव होना है। कांग्रेस ने जहां इस सीट से धर्मेश घई को अपना उम्मीदवार बनाया … Read more

कांग्रेस में कई चक्कियां चल रही हैं और आपस में ही एक-दूसरे को पीस रही हैं।- शिवराज सिंह चौहान.

Shivraj Singh Chouhaan; Digvijay Singh; Kamalnath; Sahara Samachaar;

In Congress, there are many factions and they are grinding each other.” – Shivraj Singh Chouhan. उदित नारायणभोपाल। मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव का चुनावी समर अब तेज हो गया है। कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के नेता अब एक-दूसरे पर जबरदस्त हमला बोल रहे हैं। दोनों पार्टियों के नेता जमकर जुबानी हमले बोल रहे हैं। इसी बीच प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पार्टी के नेताओं पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में कई चक्कियां चल रही हैं और आपस में ही एक-दूसरे को पीस रही हैं। शिवराज सिंह ने कहा, “कांग्रेस में इस समय चक्कियां चल रही हैं। कमलनाथ कहते हैं कि मेरी चक्की बहुत बारीक पीसती है लेकिन इस बार दिग्विजय की चक्की ने कमलनाथ को ही पीस दिया। कमलनाथ, दिग्विजय और जयवर्धन के कुर्ते फाड़ने की बात करते थे लेकिन सभी कमलनाथ समर्थकों के टिकट कटवाकर अब दिग्विजय सिंह ने कमलनाथ का कुर्ता फाड़ दिया।” उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह की चक्की ने अब कमलनाथ को पीस दिया है। बता दें कि बीते 17 अक्टूबर को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय भोपाल में चुनावी घोषणा पत्र जारी हो रहा था। इस दौरान हंसी ठिठोली करते हुए कमलनाथ ने दिग्विजय सिंह से कहा कि आपको गाली खानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि मेरे पास कुछ लोग आये और उन्होंने कहा कि उनका टिकट कट गया है। उनसे मैंने कहा कि आप लोग दिग्विजय और जयवर्धन सिंह के कपडे फाड़ो। इस पर दिग्विजय सिंह ने हल्के-फुल्के अंदाज में कमलनाथ से कहा कि ए फॉर्म और बी फॉर्म में दस्तखत किसके होते हैं, पीसीसी अध्यक्ष के तो कपड़े किसके फटने चाहिए, बताओ? दोनों नेताओं की इस बातचीत का वीडियो जमकर वायरल हुआ था। इस वीडियो को कई बीजेपी नेताओं ने इन दो नेताओं की आपसी कलह बताकर पोस्ट किया था। अब शिवराज सिंह चौहान ने एक बार फिर से इसी वीडियो के आधार पर कांग्रेस पार्टी पर तंज कसा है।

मध्यप्रदेश में बदलेगा चुनावी गणित. JDU नीतीश कुमार ने 10 सीटों पर उतारे अपने उम्मीदवार.

JDU; Nitish Kumar; MP Elections; Sahara Samachaar;

Electoral math in Madhya Pradesh is going to change. JDU’s Nitish Kumar has fielded his candidates on 10 seats. उदित नारायणनई दिल्‍ली, नीतीश कुमार की अगुवाई वाले जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने बिहार के बाहर अपनी ताकत बढ़ाने के लिए इस बार मध्य प्रदेश में दो सूचियों में दस उम्मीदवारों की घोषणा की है। जदयू जिन सीटों पर चुनाव लड़ रही है, उन पर समाजवादी प्रभाव रहा है। वह चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, जदयू को उम्मीद थी कि विपक्ष के ‘इंडिया’ गठबधंन के चलते कांग्रेस के साथ उसका तालमेल हो सकता है, लेकिन कांग्रेस ने इसमें रुचि नहीं दिखाई। मध्यप्रदेश जदयू के पूर्व नेता शरद यादव का गृह राज्य है। इस नाते यहां पर कुछ क्षेत्रों में उसकी उपस्थिति भी रही है। हालांकि, वह अब इस स्थिति में नहीं है कि कोई सीट जीत सके, लेकिन भाजपा व कांग्रेस के बीच सीधी लड़ाई में कुछ सीटों के समीकरण प्रभावित कर सकती है। जदयू ने जिन दस सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं, उनमें- पिछोर, राजनगर, विजय राघवगढ़, थांदला, पेटलावद, नरियावली, गोटेगांव, बहोरीबंद व बालाघाट शामिल हैं। यह सीटें बुंदेलखंड, महाकौशल व झाबुआ क्षेत्र की हैं। यहां पर कांग्रेस को जदयू के कारण कुछ नुकसान हो सकता है, क्योंकि दोनों ही दल भाजपा के खिलाफ लड़ रहे होंगे। मध्य प्रदेश में भाजपा व कांग्रेस के बीच लगभग सीधा मुकाबला होता है। ऐसे में दोनों दल किसी दल के साथ आम तौर पर तालमेल नहीं करते हैं। एनडीए में रहते हुए भी भाजपा ने पिछले चुनावों में जदयू के साथ सीटों का तालमेल नहीं किया था। चूंकि, राज्य में भाजपा व कांग्रेस में एक-एक सीट के लिए कड़ी लड़ाई होने की संभावना है। गठबंधन पर असर नहीं पड़ेगाऐसे में जदयू अगर कुछ सीटों पर कुछ वोट हासिल करती है तो नजदीकी लड़ाई में वहां के नतीजों पर असर पड़ सकता है। जदयू का कहना है कि इंडिया गठबंधन की मजबूती के लिए उसे उम्मीद थी कि कांग्रेस उसके साथ तालमेल करेगी, लेकिन उसने इसमें कोई रुचि नहीं दिखाई। ऐसे में जदयू को अपने विस्तार और खासकर राष्ट्रीय दल का दर्जा पाने के लिए दूसरे राज्यों में आगे बढ़ना ही पड़ेगा। उसका कहना है कि इससे लोकसभा चुनावों के लिए इंडिया गठबंधन पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा, लेकिन चुनावों के लिए गठबंधन में सीटों के तालमेल का काम पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के बाद ही होगा।

हनुमानजी को साष्टांग प्रणाम कर रामेश्वर शर्मा ने दाखिल किया नामांकन.

Rameshwar Sharam; Nomination; Bhopal; Huzur; Electons; Sahara Samachaar;

Rameshwar Sharma paid his respects to Lord Hanuman and filled his nomination. उदित नारायणभोपाल । #हुजूर विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी विधायक रामेश्वर शर्मा ने गुरुवार की दोपहर अपना नामांकन पत्र रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष दाखिल किया। इसके पूर्व वे सुबह घर से निकलकर सीधे #चारइमली हनुमान मंदिर पहुंचे और वहां हनुमानजी को साष्टांग प्रणाम कर पूजा अर्चना की। तत्पश्चात बंगले से रवाना होने के पूर्व श्री शर्मा की धर्मपत्नी श्रीमती संगीता शर्मा ने उन्हें विजय तिलक किया और दही खिलाकर शुभकामनाएं व्यक्त की। इसके बाद वह क्षेत्र के वरिष्ठ नेताओं के साथ नामांकन दाखिल करने हुजूर तहसील कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने शुभ मुहूर्त में हुजूर विधानसभा के रिटर्निंग ऑफिसर #आशुतोषशर्मा के समक्ष अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। उन्होंने आज नामांकन पत्र के दो अलग अलग सेट दाखिल किए। इस दौरान तहसील कार्यालय में उनके साथ भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील वासवानी, रमेश वर्मा, भागीरथ पाटीदार, बालाराम मीणा, रमेश जनयानी, ओमप्रकाश मेवाड़ा, हरिनारायण पटेल, प्रकाश अहिरवार, रघुनाथ सिसोदिया, श्रीमती चंद्रेश सुरेश राजपूत, धन्नालाल बघेल, सुमारैया जामोद, सरदार बारमेया मौजूद रहे। जनसेवा का सनातन संकल्प सदैव निभाऊंगा : रामेश्वर शर्मा नामांकन के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए भाजपा प्रत्याशी रामेश्वर शर्मा ने कहा किजब से राजनीति में आया मैंने जन सेवा का सनातन संकल्प लिया है। सनातन संकल्प कभी खाली नहीं जाता। इसे सदैव निभाऊंगा। पिछले 10 वर्षों में भी विधायक रहते हुए मैंने क्षेत्र की सेवा और जनकल्याण में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है। इस बार पुनः विधायक बनकर हुजूर विधानसभा क्षेत्र के घर-घर में खुशहाली आए, सबको रोजगार मिले और हुजूर विधानसभा सिर्फ भोपाल में ही नहीं अपितु पूरे मध्य प्रदेश में नंबर वन बनकर उभरे इस हेतु कार्य करूंगा।

सीएम शिवराज की बिलमाफी पर कांग्रेस का बड़ा खुलासा।

Shivraj Singh Chouhan; Surjewala; Kamalnath; Digvijay Singh; Sahara Samachaar;

Congress’s big revelation on the Chief Minister Shivraj’s Bill forgiveness. सुरजेवाला ने सीएम शिवराज सिंह का किया नया नामकरण “रेडियो गप्पिस्तान” कनेक्शन लोड बिना उपभोक्ता की सहमति और आकलन के किया दोगुना। गरीब बिजली उपभोक्ताओं को धोखा देने का लगाया बड़ा आरोप। सुरजेवाला के आरोपों पर भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल का पलटवार उदित नारायण भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर करारा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान रेडियो गप्पिस्तान है। गरीब बिजली उपभोक्ताओं को उन्होंने धोखा दिया है। उन्होंने साढ़े तीन लाख उपभोक्ताओं का डेटा पेश करते हुए यह आरोप लगाए। रणदीप सुरजेवाला ने गुरुवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को घेरा। रणदीप सुरजेवाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नौगांव में एक किलोवॉट तक के बिजली कनेक्शन का बिल माफ करने का वादा किया था। बिल माफी तो दूर शिवराज ने उल्टा उनके कनेक्शन का लोड बिना उनकी सहमति और बिना किसी आकलन के ही दो किलोवॉट कर दिया। उपभोक्ता की सहमति के बिना लोड किया दोगुनासुरजेवाला ने आरोप लगाया कि एक किलोवॉट तक के जिन कनेक्शन उपभोक्ताओं के बिल माफ होने थे, उनके बिल माफी से पहले ही उनके कनेक्शन का भार बढ़ाकर दो किलोवॉट कर दिया गया। उन्होंने कहा कि ऐसे में वह ग्राहक इस बिल माफी के दायरे से बाहर हो गए। सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि यह गरीब जनता के साथ धोखा है। सुरजेवाला ने कहा कि यह आरोप नहीं है। हम इसके तथ्य भी दे रहे हैं। इसके लिए 21 जिलों के 38 डिविजन के उपभोक्ताओं के डाटा का आकलन किया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार का यह कार्य गरीबों के साथ धोखा होने के साथ ही गैरकानूनी भी है। सूरजेवाला ने शिवराज से पूछे पांच सवाल- क्या एक किलोवॉट तक के 20 लाख गरीब उपभोक्ताओं में से एक भी उपभोक्ता की फूटी कौड़ी माफ हुई है। सरकार की घोषणाएं धोखे व झूठ की बुनियाद परक्या एक किलोवॉट तक के उपभोक्ताओं के बिजली बिल स्थगित करने के आदेश जारी करने से पहले षड्यंत्रपूर्वक तरीके से उपभोक्ताओं का बिजली कनेक्शन का भार दो किलोवॉट नहीं कर दिया गया। क्या प्रदेश के लाखों गरीब परिवारों को उनके कनेक्शन के भार को बढ़ाने से पहले सूचित किया गया था या उनकी सहमति ली गई थी या उनके लोड का आकलन किया गया था। क्या ये लाखों गरीब परिवार दो किलोवॉट के कनेक्शन के साथ गरीबी रेखा की परिधि से षडयंत्रपूर्वक तरीके से बाहर कर दिए गए हैं। क्या शिवराज सरकार की सारी घोषणाएं ऐसे ही धोखे और झूठ की बुनियाद पर रखी गई हैं। सुरजेवाला के बयान पर आशीष अग्रवाल का पलटवारकांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला के बयान पर भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने पलटवार करते हुए कहा की “कपड़ा फाड़ कांग्रेस बेचारी, अब फर्जी आंकड़े कर रही है” जारी भोपाल। विधानसभा चुनाव के प्रचार के बीच मप्र की राजनीति में हलचल जारी है। प्रदेश कांग्रेस मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला द्वारा गुरूवार को प्रदेश में बिजली को लेकर भाजपा के खिलाफ बयान जारी किया गया। जिसके बाद भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने पलटवार किया है। आशीष अग्रवाल ने सुरजेवाला को सोशल मीडिया पर जवाब देते हुए कहा है कि कांग्रेस के भ्रामक आकंड़ों से सावधान रहें। क्योंकि रणदीप सुरजेवाला, कमलनाथ और दिग्विजय सिंह से परेशान हो गए हैं। कपड़ा फाड़ कांग्रेस बेचारी अब फर्जी आंकड़े जारी कर रही है। कांग्रेस में टिकट वितरण के बाद कपड़ा फाड़ और पुतला कोई विपक्ष दल नहीं फूंक रहा, बल्कि कांग्रेस के नेता ही फूंक रहे हैं। कांग्रेस में गुट या गिरोह चल रहा है

प्रियंका गांधी का कल दमोह दौरा, अजय टंडन के समर्थन में करेगी जनसभा।

Priyanka Gandhi will tour to Damoh tomorrow and hold a public meeting in support of Ajay Tandon. बुंदेलखंड क्षेत्र में प्रियंका पहला चुनावी दौरा, कल के कार्यक्रम की तैयारियां जोरों पर। प्रियंका की रैली को लेकर बुंदेलखंड क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह। दमोह संवाददाता दमोह। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस युद्धस्तर पर जुटी हुई है। कांग्रेस के तमाम दिग्गज प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में दौरे कर रहे हैं। इसी क्रम में कल 28 अक्टूबर को प्रियंका गांधी दमोह आएंगी। यहां वह कांग्रेस प्रत्याशी अजय टंडन के समर्थन में जनसभा को संबोधित करेंगी। प्रियंका गांधी की इस रैली के पीसीसी चीफ कमलनाथ, पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह सहित आसपास के जिलों के भी बड़ी संख्या में नेता, कार्यकर्ता व आमजन हिस्सा लेंगे। तैयारियों में जुटे नेता-नगरी, कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में प्रियंका गांधी का ये पहला चुनावी दौरा है। इससे पहले वह महाकौशल, मालवा, और विंध्य में जनसभाएं कर चुकीं हैं। प्रियंका गांधी के इस दौरे को लेकर कांग्रेस पार्टी विशेष तैयारियां कर रही है। पार्टी नेताओं ने इस रैली में दो लाख लोगों के शामिल होने का दावा किया है। बता दें कि 2018 के विधानसभा चुनाव कांग्रेस ने दमोह से राहुल लोधी को अपना उम्मीदवार बनाया था। पार्टी के शीर्ष नेता राहुल गांधी खुद राहुल लोधी का प्रचार करने दमोह आए थे। इसके बाद यहां से पार्टी को जीत मिली थी। हालांकि, राहुल लोधी पाला बदलकर बीजेपी में चले गए। इसके बाद हुए उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी अजय टंडन के हाथों उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इतना ही नहीं इस बार भाजपा ने राहुल लोधी को टिकट तक नहीं दिया। भाजपा ने अपने पुराने नेता जयंत मलैया को उम्मीदवार बनाया है। बहरहाल, प्रियंका गांधी की रैली को लेकर बुंदेलखंड क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह है।

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की आज विशाल रेली, दाखिल करेंगे नामांकन।

Former Chief Minister of Madhya Pradesh Kamal Nath will submit his nomination today for a large rally. संतोष सिंह तोमर भोपाल/छिंदवाड़ा। मध्‍य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और पीसीसी चीफ कमलनाथ आज दोपहर को विशाल रेली निकालकर सैकड़ों समर्थकों के साथ छिंदवाड़ा कलेक्ट्रेट में नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। कमलनाथ अपने राजनैतिक कैरियर में अभी तक दूसरी बार विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए मैदान में उतरे हैं। इससे पहले उन्होंने साल 2019 में प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकार बनने के बाद छिंदवाड़ा से ही उपचुनाव लड़ा था और बीजेपी के कैंडिडेट विवेक बंटी साहू को करीब 25 हजार वोटों से हराया था। जबकी 2019 के पहले तक कमलनाथ लोकसभा में कांग्रेस पार्टी का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं। इस बार फिर कमलनाथ दोबारा छिंदवाड़ा विधानसभा से चुनाव लड़ने जा रहे है। कमलनाथ की नामांकन रैली उनके निवास शिकारपुर से दोपहर 12 बजे शुरू होगी जो छिंदवाड़ा नगर के श्री बड़ी माता मंदिर पहुंचेगी, यहां पर कमलनाथ पूजा अर्चना करेंगे, इसके बाद वे श्याम टॉकीज के प्राचीन राम मंदिर पहुंचेंगे जहां पर पूजा अर्चना कर एक रथ पर सवार होकर कलेक्ट्रेट के लिए निकलेंगे। दोपहर 12 बजकर 50 मिनट पर उनकी रैली शुरू होगी, नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए उनकी रैली 2 बजे छिंदवाड़ा कलेक्टर कार्यालय पहुंचेगी जहां पर वे समर्थकों के साथ नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। मानसरोवर कांपलेक्स में होगी पहली सभा कमलनाथ की नामांकन रैली को लेकर विशेष तैयारियां कांग्रेस के द्वारा की गई हैं। नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद वे अपनी पहली चुनावी आमसभा मानसरोवर कॉम्प्लेक्स में लेंगे, इस दौरान उनके साथ सांसद नकुलनाथ और तमाम कांग्रेस के नेता मौजूद रहेंगे। कमलनाथ की नामांकन रैली में हजारों समर्थकों की भीड़ उमड़ेंगी इसको लेकर विशेष व्यवस्था बनाई जा रही है।

कांग्रेस के गले की फांस बना प्रत्याशियों का बदलाव।

The Congress witnessed a change in candidates like a noose around its neck. चुनाव प्रत्याशी बदलने के बाद भी नहीं थम रहा कांग्रेस पार्टी में घमासान। सुबह बदला टिकट, शाम को बसपा ने बनाया कुलदीप को चुनाव प्रत्याशी। संतोष सिंह तोमर भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव टिकट वितरण में हुई उठा – पटक के बाद फैले विद्रोह को शांत करने के लिए कांग्रेस पार्टी ने बड़ा फैसला लेते हुए चार सीटों पर पहले उतारे गए उम्मीदवारों को बदल कर विद्रोह करने वालें दिग्गज नेताओं को अपना प्रत्याशी बना दिया है, लेकिन अब यह बदलाव भी कांग्रेस पार्टी के गले की फांस बनता दिखाई दे रहा है।  कांग्रेस ने जिन चार सीटों पर उम्मीदवारों को बदला है, उनमें मुरैना जिले की सुमावली, नर्मदापुरम जिले की पिपरिया उज्जैन जिले की बड़नगर और रतलाम जिले की जावरा विधानसभा सीटें शामिल हैं। इस बदलाव में दो विधायकों को फिर से टिकट दिया गया है, जबकि कांग्रेस ने पहले इन विधायकों का टिकट काट दिया था। टिकट बदलने से नाराज सुमावली प्रत्याशी कुलदीप सिंह के समर्थकों द्वारा कांग्रेस नेताओं का पुतला और झंडों की होली जलाकर आक्रोश प्रदर्शित किया और शाम को कुलदीप सिंह ने बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ने का ऐलान भी कर दिया। कांग्रेस ने बागी विधायकों के सामने घुटने टेकेआखिरकार कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने अपनी मनमर्जी के आधार पर टिकट बांट तो दिए थे लेकिन जब नाराज नेताओं ने बगावती तेवर दिखाए तो पार्टी ने बागी विधायकों व नेताओं के सामने घुटने टेक दिए। जिन सीटों पर प्रत्याशी बदले हैं उनमें दो विधायकों को फिर से टिकट दिया है। पार्टी ने सुमावली विधानसभा सीट पर विधायक अजब सिंह कुशवाहा को फिर से प्रत्याशी बनाया है, पहले अजब सिंह का टिकट काट दिया गया था। जिसके बाद अजब सिंह ने विरोध करते हुए अपने समर्थकों के साथ कांग्रेस छोड़कर बहुजन समाज पार्टी का दामन थाम लिया था और बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ने की तैयारी में थे, लेकिन पार्टी ने उन्हें फिर से मौका दे दिया है। इसी तरह से उज्जैन जिले की बड़नगर विधानसभा सीट पर कांग्रेस ने विधायक मुरली मोरवाल को फिर से प्रत्याशी बनाया है। जबकि चुनाव प्रत्याशियों की दूसरी सूची में कांग्रेस पार्टी ने यहां से राजेंद्र सिंह सोलंकी को मैदान में उतारा था। जिसके बाद से विधायक मुरली मोरवाल और उनके समर्थकों ने पार्टी से बगावत कर दी थी। इतना ही नहीं मुरली मोरवाल ने भी निर्दलीय चुनाव लड़ने की स्पष्ट घोषणा कर दी थी। ऐसे में पार्टी ने टिकट देकर एक तरह से बगावत को रोकने की कोशिश की है।          इसके साथ ही पिपरिया विधानसभा सीट पर भी बदलाव करते हुए कांग्रेस पार्टी ने वीरेंद्र रघुवंशी को चुनाव प्रत्याशी घोषित कर दिया है। जबकि पहले यहां से गुरु चरण खरे को प्रत्याशी घोषित किया गया था और उन्होंने अपने समर्थकों के साथ चुनाव प्रचार भी शुरू कर दिया था। इधर यही हाल जावरा विधानसभा सीट का भी हुआ है। यहां से कांग्रेस नेतृत्व ने पहले हिम्मत श्रीमाल को टिकट देकर चुनावी समर का बिगुल बजा दिया लेकिन यहां भी वही विरोध के स्वर उठने लगे जिनका सामना पार्टी नेतृत्व को अन्य सीटों पर भी करना पड़ रहा था। विरोध के चलते बड़ा नुकसान होने की आशंका को समझते हुए कांग्रेस पार्टी ने यहां भी चुनाव प्रत्याशी बदलने की अधिकृत घोषणा कर दी। अब इस सीट पर वीरेंद्र सिंह सोलंकी को टिकट थमाया गया है और हिम्मत श्रीमाल को चुनावी समर से बाहर कर दिया गया है। सात प्रत्याशी बदले, दो सीटों पर अभी भी फंसा पेंचशीर्ष नेतृत्व की मनमानी के आधार पर हुए टिकट वितरण के बाद उठी बगावत के चलते कांग्रेस को अब तक सात सीटों पर प्रत्याशी बदलने पड़े हैं। पार्टी ने दूसरी सूची में तीन सीटों गोटेगांव, दतिया और पिछोर में प्रत्याशी बदले थे। जबकि अब सुमावली, पिपरिया, बड़नगर और जावरा में प्रत्याशी बदले हैं। मतलब पार्टी ने अब तक सात सीटों पर प्रत्याशी बदले हैं। जबकि पार्टी मंडला जिले की निवास सीट पर प्रत्याशियों की अदला बदली पहले ही कर चुकी है।इतनी सब उठा – पटक करने के बाद भी खास बात यह है कि कांग्रेस की समस्या अभी भी पूरी तरह से दूरी होती नजर नहीं आ रही है। पार्टी ने भले ही सात सीटों पर प्रत्याशी बदल दिए हैं, लेकिन अभी भी आमला और शिवपुरी विधानसभा सीट पर पेंच फंसा हुआ है। डिप्टी कलेक्टर रही निशा बांगरे का इस्तीफा स्वीकार होने के बाद वह इस सीट से टिकट की मांग कर रही है, जबकि कांग्रेस यहां से मनोज मालवे को मैदान में उतार चुकी है, ऐसे में कांग्रेस यहां भी फंसी नजर आ रही है। क्योंकि निशा बांगरे ने कांग्रेस नेताओं से बातचीत कर पहले ही तय कर लिया था कि वो त्यागपत्र स्वीकार होने के बाद आमला से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ेंगी। जिसके लिए निशा बांगरे ने नौकरी से इस्तीफा देने के बाद राज्य शासन द्वारा स्वीकार ना किए जाने पर सरकार के खिलाफ सड़क से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक बड़ी लड़ाई लड़ी है। इधर शिवपुरी में कांग्रेस ने सीनियर विधायक केपी सिंह को टिकट दिया है, जबकि केपी सिंह अपनी परंपरागत पिछोर सीट से ही चुनाव लड़ते रहे हैं। पिछोर सीट पर पहले केपी सिंह के भांजे शैलेन्द्र सिंह को टिकट दिया था लेकिन बाद में रूठों को मनाने के चक्कर यहां भी प्रत्याशी बदल दिया था। अब शिवपुरी विधानसभा क्षेत्र में भी बाहरी प्रत्याशी को लेकर माहौल गरमाया हुआ है जिससे यहां भी मामला फंसा हुआ है। बगावत पर विराम लगाने के चक्कर में लेने के देने पड़ेकांग्रेस पार्टी ने टिकट बटवारे के बाद नेताओं और विधायकों की नाराजगी और बगावत पर विराम लगाने के लिए पार्टी ने बड़ा फैंसला लेते हुए एक साथ चार विधानसभाओं में पूर्व घोषित प्रत्याशियों को बदल तो दिया लेकिन बगावत पर विराम लगाने का यह फार्मूला कांग्रेस के लिए दौहरा खतरनाक साबित होता हुआ दिखाई दे रहा है। दरअसल जब पार्टी ने इन सीटों पर प्रत्याशियों के नामों की अधिकृत घोषणा कर दी तो घोषित प्रत्याशियों ने अपने अपने क्षेत्रों में चुनाव प्रचार भी शुरू कर दिया था। अब पार्टी ने रूठों को मनाने के चक्कर में टिकट बदलकर उन प्रत्याशियों और उनके समर्थकों … Read more

मध्य प्रदेश के परिवहन एवं राजस्व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन के ममाले में सागर ज़िले के राहतगढ़ थाने में दर्ज़ हुई FIR.

Govind Singh Rajput; Sagar; Rahatgarh; FIR; Code of Conduct; BJP;

FIR filed against Madhya Pradesh’s Transport and Revenue Minister Govind Singh Rajput

हरदा नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष ने भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी व भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र दिया.

Harda; MP Elections; Kamal Patel; BJP; Surendra Jain;

The former president of Harda Municipal Council has resigned from the BJP’s state executive and primary membership of the BJP. हरदा, नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष और मप्र के कृषि मंत्री कमल पटेल के बचपन के मित्र  सुरेंद्र जैन ने आज मप्र भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य व भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया है। कमल पटेल और सुरेन्द्र जैन ने साथ साथ राजनीति शुरु की। दोनों मित्र होने के साथ साथ एक दूसरे के गहरे राजदार भी हैं। कमल पटेल को विधायक व मंत्री बनाने सुरेन्द्र जैन ने दिन रात एक किया है। सुरेन्द्र जैन और उनकी पत्नि को अनेक बार नगर पालिका अध्यक्ष बनवाने में कमल पटेल ने हरसंभव मदद की है। हरदा की राजनीति में यह दोनों नेता दो शरीर एक जान माने जाते थे। दोनों सगे भाइयों से ज्यादा खास बनकर रहने वाले यह दोनों नेता अब एक दूसरे की शक्ल भी देखना पसंद नहीं कर रहे हैं। दरअसल इस झगड़े की शुरुआत कमल पटेल के बेटे की सोशल मीडिया पर की गई बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी है। सुरेन्द्र जैन ने हरदा से विधानसभा टिकट की दावेदारी की तो कमल पटेल के बेटे ने उन्हें गद्दार और उनके खून में गद्दारी जैसे शब्द लिख दिए। यह बात सुरेन्द्र जैन से ज्यादा उनके बेटे को चुभ गई। यहीं से विवाद की शुरुआत हुई। मेरी जानकारी के अनुसार सुरेन्द्र जैन ने बड़ा दिल रखकर प्रयास किया कि टिकट मिलने के बाद कमल पटेल फोन करेंगे तो वे सभी शिकवे शिकायत भुलाकर हमेशा की तरह उन्हें जिताने में जुट जाएंगे। लेकिन कमल पटेल ने न तो फोन किया और न ही किसी माध्यम के जरिए संपर्क किया। बल्कि संदेश आते रहे कि सुरेन्द्र जैन के बिना चुनाव जीतकर दिखाऊंगा। सुरेन्द्र जैन ने अपने स्वाभिमान के खातिर आखिर भारी मन से भाजपा से इस्तीफा दे दिया है। मुझे लगता है कि सुरेन्द्र जैन का भाजपा छोड़ना कमल पटेल को भारी पड़ सकता है।

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने ईवीएम पर उठाए सवाल ?

Former Chief Minister Digvijay Singh raised questions about the EVM (Electronic Voting Machine). वोट कहां गया यह जानना हमारा संवैधानिक अधिकार। निष्पक्षता से सॉफ्टवेयर के विषय में जानकारी दे ईसी। उदित नारायण भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस पार्टी से राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह नेएक बार फिर ईवीएम मशीन से वोटिंग पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मैं ईवीएम से वोट कराने का विरोध नहीं करता, लेकिन चुनाव आयोग बताए कि जिस मशीन में चिप लगी हो तो वह टेंपर प्रूफ कैसे हो सकती है? ईवीएम में वोट कहां गया ये जानना हमारा संवैधानिक अधिकार है। ईवीएम, वीवीपैट और काउंटिंग यूनिट में जो सॉफ्टवेयर है, चुनाव आयोग को निष्पक्षता से उस सॉफ्टवेयर के विषय में जानकारी देनी चाहिए। इलेक्शन कमिशन हमसे मिलने को तैयार नहीं है। हमने एक सवालों की फेहरिस्त बनाई थी लेकिन आयोग उसका जवाब नहीं दे रहा है। बता दें कि कांग्रेस की ओर से ईवीएम मशीन को लेकर बनाई गई कमेटी को दिग्विजय सिंह लीड कर रहे हैं। दिग्विजय सिंह ईवीएम के संबंध में विपक्षी पार्टियों के नेताओं के साथ कई दौर की बैठकें भी कर चुके हैं। दिग्विजय सिंह की अगुवाई में देश के प्रमुख विपक्षी दलों द्वारा निर्वाचन आयोग से मांग की जा रही है कि वीवीपैट की पर्ची से काउंटिंग की जाए।  देश में लोकतंत्र को बचाए – सुप्रीम कोर्ट:- दिग्विजय सिंह  सोमवार को पूर्व सीएम ने इस संबंध में ट्वीट करते हुए भी लिखा कि चुनाव आयोग से एक ही गुज़ारिश है कि वीवीपैट स्लिप हमें हाथ में दे दो जिसे हम अलग से मतपेटी में डाल दें। मतगणना के पहले किसी भी 10 मतपेटी के वोट गिन लो और काउंटिंग के नतीजों से मेल कर लो। यदि दोनों का नतीजा एक जैसा है तो काउंटिंग के नतीजों से रिजल्ट डिक्लेअर कर दो। इसमें चुनाव आयोग को क्या दिक़्क़त है? सुप्रीम कोर्ट से यही प्रार्थना है इसे गंभीरता से लें देश में लोकतंत्र को बचाइए।

हुजूर का बेटा हूँ, जरूरत पड़ी तो प्राण देकर भी बेटे का कर्तव्य निभाऊंगा – रामेश्वर शर्मा

“I am the son of the master; if necessary, I will fulfill the duty of a son even at the cost of my life.” – Rameshwar Sharma.

भारतीय जनता पार्टी के पूर्व गृह मंत्री के समर्थकों ने प्रदेश अध्यक्ष को घेरा.

Sahara Samachaar; BJP; Bhartiya Janta Party; Jabalpur; Indore; Chhindwara; Gwalior; Neemuch; Elections; VD Sharma;

Supporters of the former Home Minister of the Bharatiya Janata Party surrounded the state president.

मुन्ना लाल गोयल के समर्थको ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के महल का किया घेराव.

Munna Lal Goyal; Gwalior; Jyotiraditya Scindia; Protest; BJP; Madhya Pradesh;

Supporters of Munna Lal Goyal staged a protest at the residence of Union Minister Jyotiraditya Scindia.

पुष्पराज बागरी ने भारतीय जनता पार्टी से दिया इस्तीफा.

Pushparaj Bagri; Sahara Samachaar; BJP; MP Politics; MPElections;

पुष्पराज बागरी ने भारतीय जनता पार्टी से दिया इस्तीफा.

Manish Trivedi

Pushpraj Bagri 2

पूर्व मंत्री स्वर्गीय जुगल किशोर बागरी के बेटे पुष्पराज बागरी ने भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने फेसबुक में पोस्ट करते हुए कहा कि पिछले चुनाव में मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष ने जो मुझसे वादा किय था उसमें भी प्रदेश नेतृत्व झूठा निकला।

कटनी जिले के चारों विधानसभा क्षेत्र में चुनावी हलचल तेज, उठे बगावत के स्वर.

MP Elections; BJP; Congress; INC; Bhartiya Janta Party; Katni; Vidhaansabha Elections;

Election fervor is running high in all four assembly constituencies of Katni district, with a growing clamor for change.

सुमावली विधायक अजब सिंह कुशवाह के खिलाफ आचार संहिता उलंघन का मामला दर्ज।

बिना अनुमती रैली निकालने और सभा करने पर सिविल लाइंस थाने में हुई एफआईआर। टिकट कटने के बाद विधायक अजब सिंह कांग्रेस छोड़कर बसपा का थाम चुके हैं दामन। संतोष सिंह तोमर भोपाल / मुरैना। कांग्रेस से टिकट कटने पर सुमावली विधायक अजब सिंह कुशवाह द्वारा रैली निकालने व सभा करने पर विधायक, उसके आधा सैकड़ा समर्थकों और गार्डन संचालक के खिलाफ सिविल लाइन थाना पुलिस ने आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज किया है।कांग्रेस पार्टी द्वारा सुमावली से वर्तमान विधायक अजब सिंह कुशवाह का टिकट काटकर कुलदीप सिंह सिकरवार को दिए जाने से अजब सिंह कुशवाह के समर्थकों में कांग्रेस पार्टी के खिलाफ नाराजगी है। हालांकी विधायक अजब सिंह कुशवाह ने तो पार्टी के फैसले का विरोध करते हुए कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देकर बहुजन समाज पार्टी का झंडा थाम लिया लेकिन इसी नाराजगी के चलते न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित विधायक अजब सिंह कुशवाह के निवास पर कुशवाह समाज के तमाम लोग एकत्रित हो गए और कांग्रेस पार्टी के विरोध में जमकर नारेबाजी की। जिसके बाद वहां से पैदल व बाइकों से रैली के रूप में जौरा रोड पर स्थित दाऊजी धाम पैलेस मैरिज गार्डन में पहुंचे। वहां सभा का आयोजन किया गया था। आदर्श आचार संहिता प्रभावी होने से बिना अनुमति के प्रदर्शन, जुलूस, रैली एवं सभा आदि पर प्रतिबंध लगाया गया है। उसके बाद भी गुरुवार को विधायक एवं उनके समर्थकों ने दाऊजी धाम पैलेस मुरैना में बिना किसी विधिक अनुमति के भीड़ एकत्रित कर सभा का आयोजन किया और राजनैतिक जुलूस निकालकर आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया गया तथा संचालक दाऊजी धाम पैलेस मुरैना के द्वारा गार्डन में बिना किसी विधिक अनुमति के राजनैतिक सभा/ बैठक का आयोजन करने की अनुमति प्रदाय कर आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया गया। आचार संहिता का उल्लंघन करने के कारण विधायक एवं उनके समर्थक एवं गार्डन संचालक के विरूद्ध भादंसं की धारा 188 के तहत कार्रवाई की गई है।

5 सालो में 105 प्रतिशत ज्यादा अमीर हो गए मध्यप्रदेश के विधायक – ADR की रिपोर्ट.

BJP; Congress; SP; Aap; BSP; Politics; ADR Report;

In the past 5 years, the wealth of Madhya Pradesh’s legislators has increased by 105 percent, according to the ADR report.

कांग्रेस की दूसरी लिस्ट आते ही पूरे प्रदेश में विरोध के सुर.

INC; Congress; Gwalior; Malhargarh; Politics;

As soon as the second list of the Congress party comes, there is an uprising across the entire state.

सोशल मीडिया पर प्रचार से पहले लेनी होगी अनुमति, आयोग द्वारा दिशा-निर्देश जारी

ECI; Katni; Election Commission; BJP; Congress; INC, AAP; SP; BSP;

Permission must be obtained before advertising on social media, as per the guidelines issued by the commission.

जानिए कांग्रेस के दिग्गज नेताओं की लिस्ट

इंदौर-3 से कांग्रेस ने पिंटू जोशी (दीपक)को उम्मीदवार बनाया है।इनके पिता स्व.महेश जोशी संजय गांधी के करीबी थे।कमलनाथ और महेश जोशी दोनों युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय महा.थे।दिग्विजय सरकार में भी महेश जोशी रसूख़दार मंत्री थे।इनके चचेरे भाई अश्विन जोशी भी 3 बार इस सीट से विधायक रहे है। निवाड़ी से कांग्रेस ने बड़ा दांव चलते हुए भाजपा नेता अमित राय को उम्मीदवार बनाया है अमित राय की माँ निवाड़ी जिपं की अध्यक्ष है।ऐसा लग रहा था कि कांग्रेस यहां रोशनी यादव पर दांव चल सकती है लेकिन मीरा यादव के सपा से चुनाव लड़ने के बाद कांग्रेस ने रोशनी को टिकट देना उचित नही समझा। कांग्रेस ने ग्वालियर से सुनील शर्मा को उम्मीदवार बनाया था इनका मुकाबला सिंधिया समर्थक मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर से है पिछला उपचुनाव भी ये प्रद्युमन सिंह तोमर के खिलाफ लड़े थे जहां इन्हें काफी मतों से शिकस्त झेलनी पड़ी थी।सुनील क्षेत्र में काफी एक्टिव रहने वाले नेता माने जाते है। खुरई सीट से कांग्रेस पार्टी ने रक्षा राजपूत को अपना उम्मीदवार बनाया है रक्षा पिछले कई वर्षों से खुरई में सक्रिय है उनका मुकाबला प्रदेश के कद्दावर मंत्री भूपेंद्र सिंह से है खुरई भाजपा की बेहद मजबूत सीट मानी जाती है,भूपेंद्र सिंह ने यहां भाजपा की जड़े को गांव-गांव में जमाया है। कांग्रेस पार्टी ने खातेगांव से मप्र की राजनीति के संत कहे जाने वाले स्व कैलाश जोशी के पुत्र दीपक जोशी को अपना उम्मीदवार बनाया है।दीपक जोशी 2003 से लेकर 2018 तक विधायक रह चुके है।पिछला चुनाव वह हार गए थे।वही खातेगांव से भाजपा ने आशीष शर्मा को अपना उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस ने सीधी से ज्ञान सिंह को उम्मीदवार बनाया है ज्ञान सिंह वर्तमान में सीधी जिला कांग्रेस के अध्यक्ष है।वह अजय सिंह के बेहद करीबी है वहां भाजपा ने रीति पाठक को उम्मीदवार बनाया है वहीं भाजपा के वर्तमान विधायक केदारनाथ टिकट न मिलने पर निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके है। कांग्रेस पार्टी ने मुरैना से दिनेश गुर्जर को अपना उम्मीदवार बनाया है।पार्टी ने यहां से अपने वर्तमान विधायक राकेश मावई की टिकट काट कर दिनेश गुर्जर को उम्मीदवार बनाया है है यह सीट गुर्जर बहुल्य है।फिलहाल दिनेश गुर्जर किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। कांग्रेस पार्टी ने भाजपा की परंपरागत सीट रहली से इंजीनियर ज्योति पटेल को अपना उम्मीदवार बनाया है।ज्योति वर्तमान में जिला पंचायत की सदस्य है कांग्रेस ने यहां ओबीसी कार्ड चला है अब देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा के इस अभेद किले पर ज्योति सेंध लगाने में कामयाब होती है या नहीं! कांग्रेस पार्टी ने भिंड से चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी को अपना उम्मीदवार बनाया है जब से वह कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए थे तब से वह नेपथ्य में चल रहे थे कांग्रेस पार्टी ने उन्हें एक नया राजनीतिक जीवन दान दिया है अब देखना होगा वह इस अवसर को किस तरह भुनाते हैं। कांग्रेस पार्टी ने रीवा से इंजी.राजेंद्र शर्मा को अपना उम्मीदवार बनाया है ये वर्तमान में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष हैं उनकी छवि साफ सुथरी है ये अच्छे उद्यमी भी है।वही यह सीट भाजपा की मजबूत सीटों में एक है यहां इनका मुकाबला मंत्री राजेंद्र शुक्ला से है जो मजबूत स्थित में है। कांग्रेस ने मैहर से धर्मेश घई को उम्मीदवार बनाया है धर्मेश घई मैहर नगर पालिका के अध्यक्ष रह चुके है यह पंजाबी समाज से आते हैं जिनकी संख्या मैहर में बहुत कम है।यह सीट ब्राह्मण-कुर्मी बाहुल्य है इसके बाद भी पार्टी ने इनको उम्मीदवार बनाया है।ये अजय सिंह व प्रवीण कक्कड़ के करीबी है। कांग्रेस ने निधि जैन को सागर से विधानसभा का उम्मीदवार बनाया है निधि हाल ही में सागर नगर निगम का चुनाव लड़ी थी जहां उन्हें शिकायत झेलनी पड़ी थी।इनका मुकाबला इनके पति के सगे बड़े भाई शैलेंद्र जैन से होगा जो वर्तमान में सागर के विधायक व भाजपा के उम्मीदवार हैं। देवतलाव से कांग्रेस ने पद्मेश गौतम को उम्मीदवार बनाया है ये वर्तमान विस अध्यक्ष एवं भाजपा उम्मीदवार गिरीश गौतम के सगे भतीजे हैं।इन्होंने हाल ही में हुए पंचायती चुनाव में विस अध्यक्ष के बेटे राहुल गौतम को जिला पंचायत के चुनाव में करारी शिकायत दी थी,यही इनके टिकट पाने का आधार बना। कांग्रेस पार्टी ने सिरमौर की सामान्य सीट से रामगरीब आदिवासी को टिकट देकर बड़ा दांव चला है।रामगरीब आदिवासी कोल समाज के बड़े नेता है।इनका मुकाबला रीवा राजघराने की युवराज दिव्यराज सिह से होगा।कमलनाथ ने राजा के सामने रंक को मैदान में उतार दिया है।ये वही रामगरीब आदिवासी है जो 2008 में में तत्कालीन मंत्री स्व.रमाकांत तिवारी को त्योंथर से चुनाव हरा दिया था।कमलनाथ इनके मुरीद है।कमलनाथ ने बड़े-बड़े धन्ना सेठों की जगह एक गरीब आदिवासी पर दांव चला है विन्ध्य में कोल मतदाता कई विधानसभा में निर्णायक है कमलनाथ का यह दांव चल गया तो भाजपा को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है! कहते है ना जो दौड़ता है उसका भाग्य भी दौड़ता है! इसका प्रत्यक्ष प्रमाण अभय मिश्रा है उन्हें जैसे ही इस बात की जानकारी मिली कि भाजपा ने उनका टिकट काट दिया है फौरन वह कांग्रेस से टिकट पाने के लिए जुट गए,दिल्ली-भोपाल को एक कर डाला और आखिरकार टिकट पाने में सफल हो गए।आज उनकी जीवटता की चर्चा हर जगह हो रही है।अभय एक लड़ाई तो जीत चुके है लेकिन अभी मुख्य लड़ाई जीतना बाकी है चुनाव में उनके सामने भाजपा के मजबूत उम्मीदवार केपी त्रिपाठी होंगे जिनकी क्षेत्र में अच्छी पकड़ देखी जा रही है गांव-गांव उन्होंने कार्यकर्ताओं की फौज तैयार की है।अभय के प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के अंदर भी खूब है अब देखना होगा वह उनसे किस प्रकार निपटते हैं!रीवा जिले की यह सबसे हॉट सीट है सेमरिया में एक बार अभय और एक बार उनकी पत्नी चुनाव लड़ी है दोनों विजयी हुए है KP त्रिपाठी भी एक बार ही चुनाव लड़े हैं वह भी विजय हुए है लेकिन इस बार सेमरिया की जनता असली विजेता का चयन करेगी!

चंबल अंचल में नेताओं के दिख रहे बगावती सुर

मुरैना से पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधायक रुस्तम सिंह के सुपुत्र राकेश रुस्तम सिंह ने थामा बसपा का दामन। सुमावली से कांग्रेस विधायक अजब सिंह कुशवाहा बहुजन समाज पार्टी में शामिल हो गए हैं।भाजपा ने यहां से गुर्जर प्रत्याशी को मैदान में उतारा है तो कांग्रेस ने यहां इस बार क्षत्रिय प्रत्याशी पर दांव चला है।

MP विधान सभा चुनाव – यादव वोट बैंक तो है, लेकिन क्या अखिलेश यादव उठा सकेंगे फायदा

मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव में कांग्रेस से तालमेल न बन पाने पर समाजवादी पार्टी बेहद खफा है. पार्टी 22 प्रत्याशियों की घोषणा भी कर चुकी है. समाजवादी पार्टी का ज्यादा जोर पिछड़े वर्ग और सीधा कहा जाए तो यादव मतदाताओं पर रहता है. एसपी के अलग लड़ने का राज्य के चुनावों पर कितना असर पड़ेगा. क्या यादव वोट बैंक का फायदा अखिलेश यादव उठा सकेंगे. प्रवेश सिंह, नई दिल्ली. कांग्रेस पार्टी ने मध्य प्रदेश विधान सभा की 230 में से 229 सीटों पर अपने प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए हैं. सिर्फ एक सीट पर प्रत्याशी की घोषणा की जानी है. पार्टी ने उस सीट के लिए अपने उम्मीदवार के नाम के बारे में मन बना रखा है. अब समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव की नाराजगी की चर्चा हो रही है. विपक्षी गठबंधन आईएनडीआईए (इंडिया) में कांग्रेस के साथ शामिल अखिलेश ने इस पर खुल कर अपनी नाराजगी जता भी दी है. समाजवादी पार्टी का दावा था कि कांग्रेस उसे मध्य प्रदेश में कम से कम छह सीटें जरूर देगी. इस दावेदारी के पीछे पार्टी की जो भी दलील रही हो, लेकिन पिछले विधान सभा चुनाव में उसे एक सीट पर जीत भी मिली थी. ये अलग बात है कि चुनाव के बाद हुए तख्तापलट में उस विधायक ने सत्ताधारी बीजेपी का दामन थाम लिया था. समाजवादी पार्टी की दावेदारी खासतौर से विंध्य और बुंदेलखंड इलाके में रहती है. ये इलाके उत्तर प्रदेश से लगे हैं और समाजवादी पार्टी इस सीमावर्ती इलाके के पिछड़े वोट बैंक पर अपनी दावेदारी करता है. हालांकि ऐसी ही दावेदारी बहुजन समाज पार्टी भी करती रही है. उसके भी दो-चार सीटें मिलती रही है. अगर समाजवादी पार्टी की ताकत की बात की जाय तो उसे सबसे ज्यादा आठ सीटें 2003 के विधान सभा चुनाव में मिली थी. हालांकि ये भी ध्यान रखने वाली बात है कि उस समय मुलायम सिंह यादव जमीनी नेता समाजवादी पार्टी के थे. उनके साथ अमर सिंह की ताकत भी थी जो मध्य प्रदेश के क्षत्रिय समुदाय को जोड़ रहे थे. इसके अलावा ये वही दौर था जब कांग्रेस के कई नेता दिग्विजय सिंह से नाराज थे और उन्होंने पार्टी छोड़ी भी थी.

बसपा ने मध्य प्रदेश में छटवीं सूची जारी कर 28 नामों का और किया एलान

संतोष सिंह तोमर भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए बसपा ने अपने 28 प्रत्याशियों की छठवीं सूची जारी कर दी है। इसमें नरसिंहपुर से रिटायर्ड डीआईजी महेश प्रसाद चौधरी को टिकट दिया हैवहीं, इछावर से हरी प्रसाद सिसोदिया, बड़वाह से त्रिलोक राठौर, उज्जैन दक्षिण से मुकेश परमार, नागदा खाचरौद से सीमा गोकुल गोयल, महेश्वर से सुखराम उपाध्याय, कसरावद से केशरी लाल पिपल्दे, आगर से गंगाराम जोगचंद्र, भोपाल उत्तर से महेंद्र वानखेड़े, हुजूर से रणधीर भोजने को प्रत्याशी बनाया है। वहीं, तेंदूखेड़ा रमा कुशवाह, हरदा से प्रहलाद राठौर, करेरा से शांतीदास फले, नरसिंपहुर से संजय मागर, गाडरवारा से शंकर लाल निनामा, बुरहानपुर से सुनील नायके, गुना से भगवान लाल भण्डारी, मैहर से वीरेंद्र सिंह कुशवाह, दमोह से प्रताप  रोहित,  बरघाट से किरन मरकाम, बसौदा से चंदा बी, नरेला से मुकेश गौर, भोपाल दक्षिण-पश्चिम से सुरेश उबनारे, सुरखी से सतनाम सिंह दांगी, विदिशा से द्वारिका प्रसाद धाकड़, शमशाबाद से महाराज सिंह, कुरवाई से जानकी प्रसाद और सिरोंज से तोषनी पंथी को प्रत्याशी बनाया है।  

कांग्रेस के युवा चेहरों का विकल्प कौन, भाजपा के युवा चेहरे या बुजुर्ग नेतृत्व।

कांग्रेस हो या भाजपा, अमरपाटन, नागौद एवं रैगांव विधानसभा सीटों पर युवाओं के ही दम से जीत सम्भव है।इन सीटों पर भाजपा, कांग्रेस पार्टी की तरह अपने युवा चेहरों को मौका देगी या बुजुर्गों पर फिर से दांव लगाएगी। संतोष सिंह तोमर, भोपाल /सतना।मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर आज देर रात कांग्रेस पार्टी ने शेष बचे 88 विधानसभा क्षेत्रों के लिए चुनाव प्रत्याशियों के नाम की घोषणा करते हुए प्रदेश की सभी 230 सीटों पर अपनी स्थिति साफ कर दी। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की ओर से अभी तक शेष बचे विधानसभा क्षेत्रों के लिए नाम सामने नहीं आ पाए हैं। सभी भाजपा की अगली सूची का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। कांग्रेस का महिला एवं युवा चेहरों पर फोकस। कांग्रेस पार्टी ने इस बार महिला एवं युवा चेहरों पर ज्यादा फोकस कर रखा है। इसीलिए पार्टी ने इस बार अधिकतर युवा चेहरों और महिलाओं को चुनाव मैदान में उतारा है। जिसके पीछे पार्टी की मंशा अगली पीढ़ी को तैयार करने की भी दिखाई दे रही है। इसी क्रम में विंध्य क्षेत्र के सतना जिले में कांग्रेस पार्टी ने नागौद विधानसभा क्षेत्र से यूथ कांग्रेस की प्रदेशउपाध्यक्ष डॉ. रश्मी पटैल को मैदान में उतारा है, जबकि चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के वर्तमान विधायक एवं युवा नेता नीलांशु चतुर्वेदी को प्रत्याशी बनाया है। इसके साथ ही रेगांव विधानसभा क्षेत्र से 2020 के उपचुनाव में विजयी रहीं वर्तमान विधायक कल्पना वर्मा को पुनः चुनाव प्रत्याशी घोषित किया है। भाजपा को युवा नेतृत्व की दरकार है। भारतीय जनता पार्टी ने अभी तक विंध्य क्षेत्र के सतना जिले की सात में से चार विधानसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी घोषित किए है। जबकि तीन मुख्य सीटों पर प्रत्याशियों के नामों की घोषणा होना बांकी है। भाजपा की ओर से अभी तक घोषित चार नामों में से केवल एक रामपुर बाघेलान सीट पर युवा चेहरे के रूप में विक्रम सिंह ( विक्की ) को चुनाव मैदान में उतारा है। युवा नेता विक्रम सिंह की क्षेत्र के युवा वर्ग में बहुत अच्छी पकड़ बताई जाती है। अब बात करते हैं, बांकी बचे उन तीन विधानसभा क्षेत्रों की जहां भाजपा की ओर अभी तक प्रत्याशियों के नाम की घोषणा नहीं हो सकी है। इसमें से अमरपाटन विधानसभा क्षेत्र की बात करें तो यहां से भाजपा के वर्तमान विधायक व मध्य प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री रामखेलावन पटैल को पार्टी फिर से चुनाव मैदान में उतारने की तैयारी कर रही है। मंत्री रामखेलावन का नाम उन पर लगते रहे आरोपों के चलते हमेशा सुर्खियों में रहा है। मंत्री जी पर कभी जातिवादी, अभद्रता तो कभी कार्यकर्ताओं की अनदेखी के आरोपों के चलते क्षेत्रीय लोगों में छवी धूमिल हुई है। जिसका नुकसान इस सीट पर भाजपा को भुगतना पड़ सकता है। जबकि नागौद विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के वर्तमान विधायक व पूर्व मंत्री नागेंद्र सिंह का नाम भाजपा की अगली प्रत्याशी सूची में घोषित हो सकता है। लोगों की मानें तो नागेंद्र सिंह की उम्र करीब 83 वर्ष है, और वृध्दावस्था के चलते विधायक नागेंद्र सिंह अपने क्षेत्र में पहले की तरह सक्रीय नहीं रहते हैं। जिसके कारण क्षेत्र में उनकी पकड़ भी कमजोर हो रही है, जिसका फायदा यहां कांग्रेस उठाती दिख रही है। इसके बाद बात करते हैं बांकी बची रेगांव विधानसभा की जहां से कई युवा महिलाओं व युवा नेताओं ने अपनी दाबेदारी पार्टी नेतृत्व के सामने पेश की है। यहां से प्रतिमा बागरी, रानी बागरी और पुष्पराज बागरी के नाम को पैनल में शामिल किया गया है। युवा चेहरों का विकल्प युवा ही हो सकते हैं। विंध्य क्षेत्र की इन सभी सीटों पर जिस तरह कांग्रेस ने महिला एवं युवा चेहरों पर भरोसा जताया है ठीक उसी तरह भाजपा को भी अब बुजुर्ग और आरोप प्रत्यारोपों से घिरे नेताओं की जगह युवाओं को आगे लाकर अगली पीढ़ी का नेतृत्व तैयार करने की कोशिश करना चाहिए। क्योंकि कांग्रेस के युवा चेहरों का विकल्प भाजपा का युवा नेतृत्व ही बन सकता है। क्योंकि कांग्रेस अपने युवा चेहरों को मैदान में उतारकर चुनांव मैदान में आ गई है। अब भाजपा के अधिकांश कार्यकर्ताओं के साथ ही युवा वर्ग और नव मतदाताओं की नजर केवल अपने युवा चेहरों पर टिकी है,भाजपा भी अगर नए वा युवा चेहरों को अवसर देगी तो परिणाम भाजपा के पक्ष में आने के ज्यादा अवसर होंगे। जिससे आने बाले समय मे भाजपा और अधिक शशक्तता व मजबूती मिलेगी,साथ ही युवाओं में एक नई उम्मीद दिखेगी। युवा चेहरों के दम ही अब नैया पर हो सकती है, क्योंकि लोगों को बुजुर्ग या विवादित छवि वाले नेताओं की अपेक्षा अत्यधिक ऊर्जावान युवा चेहरों पर ज्यादा भरोसा है।

पूर्व मंत्री दीपक जोशी को कांग्रेस प्रत्याशी बनाए जाने के बाद कई कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने छोड़ी पार्टी बीजेपी ने ली चुटकी

पुष्पेंद्र सारदिया, खातेगांव खातेगांव विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस से प्रत्याशी बनाए गए दीपक जोशी को लेकर स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं में आक्रोश स्थानीय उम्मीदवार को टिकट नहीं देने से कई कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने दिए इस्तीफे कांग्रेस से ओबीसी वर्ग का चेहरा लक्ष्मीनारायण बंदावाला ने भी इस्तीफा दिया स्थानीय कार्यकर्ताओं ने अपनी पार्टी पर उपेक्षा के आरोप लगाकर दिए इस्तीफे इस कड़ी में विनोद चावड़ा जो कि जिला महामंत्री है कांग्रेस से उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है साथ ही कांग्रेस से टिकट मांगने वाले लक्ष्मीनारायण अध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने भी पार्टी का दामन छोड़ दिया है साथ ही एक और बड़े चेहरे मुकेश पटेल ब्लॉक कांग्रेस के पिछड़ा वर्ग अध्यक्ष उन्होंने भी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है खातेगांव से भाजपा विधायक और तीसरी बार प्रत्याशी बनाए गए आशीष शर्मा का बयान – पूर्व मंत्री दीपक जोशी का कांग्रेस से टिकट होने पर बोले विधायक आशीष शर्मा…कांग्रेस का टिकट,कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की आकांक्षाओं पर ही खरा नहीं उतरेगा,बहुत सारे कांग्रेस के स्थानीय दावेदार यहाँ से प्रत्याशी बनने की मांग कर रहे थे।कांग्रेस नेतृत्व ने पूरे प्रदेश में सर्वे के आधार पर नहीं बल्कि नेताओं के चहेतों को टिकट देकर उपकृत किया है।ये क्षेत्र भाजपा का परम्परागत गढ़,इस बार भी प्रचंड बहुमत से भाजपा खातेगांव से जीतेगी।पूर्व मंत्री जोशी का पार्टी में विरोध पर बोले आशीष शर्मा-जब कुठाराघात होता है तो विरोध स्वभाविक। दीपक जोशी बाहरी प्रत्याशी है,यहाँ के स्थानीय नहीं। इसलिए जनता भलीभांति जानती है कि कौन उनके सुख दुःख में काम करता है…जीत को लेकर 100 प्रतिशत आश्वत हूँ।साथ ही कहा-2025 तक क्षेत्र के समस्त गाँव के किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने का काम हम करेंगे।

मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट की जारी, 88 कैंडिडेट्स के हैं नाम

“The Congress has released the second list of candidates in Madhya Pradesh, with 88 candidates’ names.”

कमलनाथ सरकार में लाखों नर्सिंग छात्र छात्राओं के साथ होगा न्याय फर्जी नर्सिंग कॉलेजों होंगे बंद – रवि परमार

Nursing Students; Fake Nursing Colleges; Ravi Parmar; NSUI; Jabalpur; INC; MP Congress; Kamalnath;

“In the Kamal Nath government, justice will be done with lakhs of nursing students; fake nursing colleges will be shut down – Ravi Parmar.”

बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष कांग्रेस पार्टी में हुए शामिल।

Betul; BSP; MP Congress; Madhya Pradesh;

“The former district president of the BSP has joined the Congress party.” शाहरुख मोटलानी बैतूल, बैतूल जिले के मुलताई से बहुजन समाज पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष अधिवक्ता नामदेव नागले ने कांग्रेस पार्टी का हाथ थाम लिए, जिन्हें महाराष्ट्र सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री वसंत पुरखे ने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता दिलाई। मुलताई विधायक कार्यालय में पूर्व कैबिनेट मंत्री विधायक सुखदेव पांसे की मौजूदगी में महाराष्ट्र के पूर्व कैबिनेट मंत्री वसंत पुरखे द्वारा बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष अधिवक्ता नामदेव नागले,कैलाश पवार,फहीम शाह का फूल मालाओं से स्वागत कर कांग्रेस पार्टी की सदस्यता दिलाई गई। वही उपस्थित सभी कांग्रेसी नेता एवम कार्यकर्ताओं को महाराष्ट्र के पूर्व कैबिनेट मंत्री वसंत पुरखे द्वारा संबोधित किया गया।

टीकमगढ़ में दिग्विजय सिंह के खास एवं कांग्रेस के उम्मीदवार के यहां पुलिस की छापेमारी

गुरुवार सुबह असम पुलिस की चार सदस्यीय टीम पूर्व मंत्री यादवेंद्र सिंह के घर पर जांच करने के लिए पहुंच गई। असम पुलिस किसी फ्राड के मामले में पूर्व मंत्री से पूछताछ करने के लिए आई है। टीकमगढ़. देवेंद्र साहू । गुरुवार सुबह असम पुलिस की चार सदस्यीय टीम पूर्व मंत्री और टीकमगढ़ सीट से कांग्रेस उम्मीदवार यादवेंद्र सिंह के घर पर जांच करने के लिए पहुंच गई। असम पुलिस किसी फ्राड के मामले में पूर्व मंत्री से पूछताछ करने के लिए आई है। हालांकि इससे अधिक जानकारी अभी असम पुलिस की टीम ने नहीं दी है। स्थानीय पुलिस ने पूर्व मंत्री के घर के आसपास कड़े सुरक्षा के बंदोबस्त किए हैं। जिससे कोई अप्रिय स्थति न बने। जानकारी के मुताबिक गुरुवार सुबह असम पुलिस की चार सदस्यीय टीम टीकमगढ़ पहुंची। टीकमगढ़ पहुंचने के साथ ही टीम ने स्थानीय पुलिस को साथ लिया और पूर्व मंत्री यादवेंद्र सिंह बुंदेला के घर पहुंची। टीम पूर्व मंत्री यादवेंद्र सिंह सहित उनके स्वजनों से पूछताछ कर रही है।कोतवाली थाना प्रभारी आनंद राज का कहना है कि पूर्व मंत्री व उनके स्वजनों से पूछताछ असम पुलिस कोर्ट के एक फ्राड के मामले की जांच के आदेश के बाद कर रही है। पुलिस ने यादवेंद्र सिंह के मकान को छावनी में बदल दिया है। जिससे कोई अप्रिय स्थति न बने। देखे पूरी खबर : https://youtu.be/PmJx8FatA6c https://saharasamachaar.com/wp-content/uploads/2023/10/टीकमगढ़-में-दिग्विजय-सिंह-के-खास-एवं-कांग्रेस-के-उम्मीदवार-के-यहां-पुलिस-की-छापेमारी.mp4

अभय मिश्रा ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से दिया इस्तीफा, वापस कांग्रेस में हो सकते है शामिल

Abhay Mishra; Resign; BJP; INC; Bhopal; Politics;

Abhay Mishra has resigned from the party’s primary membership and could potentially rejoin the Congress. Manish Trivediभोपाल : कुछ समय पहले भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए रीवा जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष एवं सेमरिया के पूर्व विधायक अभय मिश्रा ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से दिया इस्तीफा, अटकलें यह लगायी जा रही है की अभय मिश्रा अपनी वापसी कांग्रेस में कर सकते है.

चुनाव प्रचार के दौरान नेताओं की सभा में नहीं जुट पा रही भीड़,

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव (Madhya Pradesh Assembly Elections)में प्रचार के दौरान प्रत्याशियों (candidates)को खासी मुसीबत (Trouble)का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीण इलाकों (localities)में राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों (candidates)को सुनने के लिए लोग इकट्ठा नहीं हो पा रहे हैं. सभाओं में खाली कुर्सियां नेताओं के लिए बड़ी मुसीबत बनी हुई हैं. राघोगढ़ के भाजपा प्रत्याशी हीरेंद्र सिंह के एक कार्यकर्ता सम्मेलन में ग्रामीण इकट्ठा नहीं हो पाए. नतीजतन कुर्सियां खाली पड़ी रहीं. धरनावदा में आयोजित अपनी सभा में खाली कुर्सियों को देखकर बीजेपी प्रत्याशी हीरेंद्र सिंह ने मंच से कहा, मैं 100 टंच किसान हूं. पार्टी ने मुझे टिकट दिया इसलिए कुर्ता पजामा पहनकर घूम रहा हूं. फसल कटाई चल रही है, इसलिए लोग खेतीबाड़ी में व्यस्त हैं. युवा वर्ग भी काम पर निकल जाता है इसलिए लोग नहीं आ पाए. मैं किसानों की परेशानी समझता हूं. कार्यकर्ता सम्मेलन में भाजपा प्रत्याशी ने खुद को कट्टर सनातनी बताते हुए कहा कि चुनाव तो हम जीत चुके हैं. विपक्षियों की बौखलाहट दिखाई दे रही है. कांग्रेस के ठेकेदार डराने धमकाने का काम कर रहे हैं. भाजपा में कोई ठेकेदार नहीं है बल्कि संगठन सर्वोपरी है. हीरेन्द्र सिंह ने कांग्रेसी नेता वीरेंद्र रघुवंशी का भी जिक्र किया. कहा कि वीरेंद्र भैया के साथ बहुत बुरा हुआ. पार्टी में वापस लौटेंगे तो मान सम्मान के साथ उनका स्वागत किया जाएगा. हीरेन्द्र सिंह ने दिग्विजय सिंह पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कमलनाथ उनके कपड़े फाड़ने की बात कर रहे हैं. बड़े लोगों की बड़ी बातें होती हैं. बीजेपी प्रत्याशी ने कार्यकर्ताओं को नसीहत देते हुए कहा कि अब बैठकों का दौर खत्म हो चुका है. समय कम है. चुनाव में जुट जाएं. चुनाव बेटी की शादी की तरह होता है. डेढ़ महीने पहले से जुटना पड़ता है . वहीं, राघोगढ़ से कांग्रेस के प्रत्याशी विधायक जयवर्धन सिंह भी विधानसभा क्षेत्र में प्रचार प्रसार करने में जुटे हैं. जयवर्धन ने मंच से बयान देते हुए कहा बीजेपी के राज में किसान बदहाल है. सहकारी बैंकों में करोड़ों के घोटाले हो रहे हैं. 2003 से पहले जब कांग्रेस सरकार थी तो हर पांच साल में कृषि मंडी, सहकारी बैंक और सोसाइटी में चुनाव होते थे. लेकिन अब भाजपा के दलाल इन संस्थाओं में बैठ गए हैं. हाल ही में दिग्विजय सिंह के विधायक पुत्र का वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें वे एक मासूम बच्चे को गोद में लेकर भाषण देते दिखाई दिए थे. बता दें कि मध्य प्रदेश की 230 सदस्यीय विधानसभा के आगामी चुनाव के लिए 17 नवंबर को मतदान होगा और मतों की गिनती 3 दिसंबर को होगी.

पूर्व मंत्री इमरती देवी की सिंधिया से मांग, बोलीं-डबरा को जिला बनवा दें, मैं राजनीति छोड़ दूंगी

संतोष सिंह तोमर,ग्‍वालियर । डबरा विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी और पूर्व मंत्री इमरती देवी (Imarti Devi) का एक वीडियो सामने आया है जिसमें उन्होंने डबरा (Dabra) को जिला बनाने की मांग उठाई है। उन्होंने एक कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के सामने ऐलान कर दिया कि इस बार डबरा को जिला बनवा दीजिए। भले ही आगे मुझे टिकट मत देना, लेकिन डबरा को जिला बनवा दें। मैं अपनी राजनीति खत्म कर दूंगी। पूर्व मंत्री इमरती देवी भाजपा के बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित कर रही थीं। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी शामिल हुए। मध्य प्रदेश की राजनीति में अपने बयानों में हमेशा में हमेशा चर्चा में रहने वाली पूर्व मंत्री और भाजपा नेता इमरती देवी में आज डबरा तहसील को जिला बनाने की मांग की। बीजेपी के बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से उन्होंने मंच से मांग उठाई कि महाराज डबरा को जिला बनवा दीजिए मुझे अब कोई और काम नहीं चाहिए। यदि मैं मर गई तो डबरा के लोग कहेंगे कि डबरा को जिला ज्योतिरादित्य सिंधिया और इमरती देवी ने बनवाया था। इमरती देवी ने कहा- महाराज इस बार डबरा को जिला बनवा दीजिए भले ही आगे मुझे टिकट देना या ना देना, जिला बनते ही मैं अपनी राजनीति खत्म कर दूंगी। भाजपा ने डबरा विधानसभा से पूर्व मंत्री इमरती देवी को अपना प्रत्याशी बनाया है। वहीं कांग्रेस ने मौजूदा विधायक सुरेश राजे को फिर से मैदान में उतारा है। डबरा विधानसभा में समधि और समधन के बीच कड़ी टक्कर मानी जा रही है। पिछले 2020 के उपचुनाव में उनके समधी सुरेश राजे ने इमरती देवी को शिकस्त दी थी।

अस्पताल की व्यवस्था देखकर नाराज हुआ केन्द्रीय दल

आदित्य शर्मा,उज्जैन। तीन दिन पहले चरक तथा जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं जांचने के लिए एनक्यूए अर्थात् नेशनल क्वालिटी असिसमेंट का दो सदस्यीय दल रायसेन से आया था। दल को चरक अस्पताल में तो व्यवस्थाएं ठीक नजर आई, लेकिन जिला अस्पताल में व्यवस्थाओं और मरीजों की हालत देखकर दल के सदस्य नाखुश थे। जिला अस्पताल प्रबंधन से जुड़े सूत्रों ने बताया कि तीन दिन पहले एनक्यूए के दल ने नागपुर से दो डॉक्टर्स की टीम आई थी। टीम दो दिन शहर में रूकी थी। पहले दिन दल द्वारा मातृ शिशु चरक अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं जांची गई थी। इनमें दल ने चरक अस्पताल की सेंट्रल लैब, वार्डों में मरीज के बेड और अन्य सुविधाएं से लेकर स्टॉफ आदि के बारे में विस्तार से जानकारी ली थी। सूत्र बताते है कि यहां की व्यवस्थाओं को एनक्यूए का जांच दल संतुष्ट था, लेकिन अगले दिन जब टीम ने जिला अस्पताल का दौरा किया तो यहां पर करीब हर वार्ड में मरीजों के पलंग पर बिछे हुए गद्दे पुराने और फटे हुए थे। चादर और कंबल भी पलंगों पर पर्याप्त नहीं थे। इसके अलावा वार्डों के दरवाजों में लगे शीशे भी ज्यादातर टूट हुए थे। सूत्रों का कहना है जिला अस्पताल के यह हाल देखकर दल के सदस्य नाराज हुए थे और यहां से नाखुश होकर लौटे हैं। उल्लेखनीय है एनक्यूए दल की रिपोर्ट के आधार पर ही स्वास्थ्य विभाग सरकारी अस्पतालों को लाखों का अनुदान जारी करता है।

कांग्रेस नेता सिद्धार्थ तिवारी एवं पन्ना जिले से पूर्व विधायक फुंदर लाल चौधरी ने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की.

Siddhart Tiwari; Shivraj Singh Chouhaan; VD Sharma; BJP; MPCongress;

Congress leader Siddharth Tiwari and former MLA from Panna district, Fundar Lal Choudhary, have joined the Bharatiya Janata Party as members.

MP : मैंने पॉलिटिक्स नहीं छोड़ी, अभी प्रचंड राजनीति करनी है : उमा भारती ने

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रायसेन. मध्य प्रदेश में विधानसभा के उपचुनाव में 3 नवंबर को वोटिंग होनी है. इससे पहले सभी राजनीतिक दल अपनी पूरी ताकत चुनाव प्रचार में झोंक दिए हैं. इसके तहत ही पूर्व केन्द्रीय मंत्री व बीजेपी की वरिष्ठ नेता उमा भारती रायसेन में सांची विधानसभा सीट से प्रत्याशी प्रभुराम चौधरी के समर्थन में सभा करने पहुंची. यहां उमा भारती ने आमसभा को संबोधित किया. इस दौरान उमा भारती ने खुद की पॉलिटिकल करियर को लेकर भी बयान दिया. रायसेन में उमा भारती ने कहा कि मुझे आप गरीब लोगों की इज्जत से मतलब रहता है. देश के सम्मान स्वाभिमान से मतलब रहता है. इसलिए भाजापा में वापसी हुई. केन्द में मंत्री बनाया गया. मैंने कहा दो तीन साल चुनाव नहीं लड़ना है. मैंने राजनीति नहीं छोड़ी. अभी प्रचंड राजनीति करनी है. अभी तो 2024 का लोकसभा का चुनाव लड़ना है. 2 से 3 साल गंगा के कार्य के लिए लगाना है. वो कार्य राजनीति से नहीं हो सकता है. गंगा ऐसा विषय है, जिसमें सारे राजनीतिक दल एक हैं. कोई भी व्यक्ति राजनीति में राह कर गंगा का काम ठीक से नहीं कर पाएगा. बीजेपी का मंत्र बूथ जीता तो चुनाव जीता बीजेपी उपचुनाव में ‘बूथ जीता तो चुनाव जीता’ के मंत्र के साथ चुनावी रण में जुटी है. इसी के तहत 26 अक्टूबर विजयादशमी से 1 नवम्बर तक विजय जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है. इस अभियान में मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, पार्टी के राष्ट्रीय पदाधिकारी, केंद्रीय मंत्री एवं वरिष्ठ नेतागण कार्यकर्ताओं के साथ बूथ स्तर तक पहुंचकर विजय संपर्क अभियान में शामिल होंगे. बीजेपी इससे पहले मंडल सम्मेलन और बूथ सम्मेलन के ज़रिए भी अपनी चुनावी रणनीति को धार दे चुकी है.

MP : उपचुनाव में संभावित करारी हार से बीजेपी में हड़कंप, सरकार कैसे बचे ? इस पर बन रही रणनीति

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भोपाल। मध्य प्रदेश की 28 विधानसभा सीटों पर चल रहे उपचुनाव को लेकर बीजेपी खेमे में हड़कंप की स्थति है. जनता के मूड को देखते हुए बीजेपी नेताओं ने उपचुनाव के बाद के हालातों पर चिंतन शुरू कर दिया है. यही कारण है कि बीजेपी ने निर्दलीयों को मनाना शुरू कर दिया है। कमलनाथ बार-बार दोहरा रहे हैं कि यह चुनाव मध्यप्रदेश के भविष्य का चुनाव है। वहीं गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा का कहना है कि मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार को उपचुनाव से कोई खतरा नहीं है। यदि एक भी सीट जीत गए तो सरकार हमारी बनी रहेगी। गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बयान दिया है कि भाजपा को जोड़-तोड़ की जरूरत नहीं है। हमारे पास 114 विधायक पहले से हैं, एक और जीतेंगे तो 115 हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि हम ओवरलोड नहीं होना चाहते हैं, संपर्क में तो और भी बहुत विधायक हैं। राजनीति के पंडित नए गुणा भाग में लग गए हैं। वह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि नरोत्तम मिश्रा ने जो 114 का आंकड़ा बताया है, वह किस तरह से पूरा होता है। वर्तमान में मध्य प्रदेश की 230 सीटों में से भाजपा के पास 107 विधायक हैं, दो निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन हासिल है। ऐसे में 109 सीटें हो जाती हैं। नरोत्तम मिश्रा के अनुसार भाजपा- 107, बसपा-2, सपा 1 और निर्दलीय-4 मिलाकर 114 विधायक। कमलनाथ सरकार के दौरान कांग्रेस के पास 114 सीटें थीं, उसके बाद बसपा-2, सपा 1 और निर्दलीय-4 मिलाकर कुल 221 सीटें हो रही थीं। राजनीतिक विश्लेषक कहते हैं कि नरोत्तम मिश्रा, जिन बाकी 7 विधायकों की बात कर रहे हैं, दरअसल उन्होंने पार्टी ज्वाइन नहीं की है। वह तो जिधर दम, उधर हम वाली बात पर चलते हैं। इसके पहले कांग्रेस सरकार को समर्थन दे रहे थे। उपचुनाव के बाद अगर कांग्रेस की स्थिति ठीक रही तो ये फिर से पाला बदल सकते हैं और निर्दलीय विधायकों पर दलबदल कानून भी लागू नहीं होता है। एक निर्दलीय विधायक के साथ मंत्री का प्रेस कॉन्फ्रेंस करना बताता है कि सब कुछ भाजपा के फेवर में नहीं है। उन्हें भी इस बात की आशंका है कि उप चुनाव के बाद स्थितियां अगर गड़बड़ाएगी तो उसके लिए पहले से ही निर्दलीयों को साध कर रखा जाएगा।

MP : सिलावट और राजपूत को मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ेगा, जानें क्यों ?

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भोपाल। मध्य प्रदेश की सत्ता का भविष्य तय करने वाले 28 विधानसभा सीटों के उपचुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है। ऐसा पहली बार होगा, जब 14 मंत्री उपचुनाव लड़ेंगे। लेकिन इसमें दो मंत्री तुलसीराम सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत को मंत्री पद गंवाना पड़ेगा, क्योंकि उनका कार्यकाल 20 अक्टूबर को समाप्त हो जाएगा। इसलिए मतदान के दिन यानि 3 नवंबर को ये दोनों बगैर मंत्री पद के मैदान में होंगे। दोनों ने कांग्रेस और विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद 21 अप्रैल को भाजपा की सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली थी। नियमों के अनुसार, कोई भी ऐसा व्यक्ति 6 माह से ज्यादा समय के लिए मंत्री नहीं रह सकता है, जो विधानसभा का सदस्य न हो। इस हिसाब से 21 अक्टूबर को दोनों मंत्रियों की यह समय-सीमा समाप्त हो जाएगी। इस समय-सीमा में उपचुनाव की प्रक्रिया भी पूरी नहीं होगी। गोविंद सिंह राजपूत सुरखी और तुलसी सिलावट सांवेर से अपनी परंपरागत सीटों से उप चुनाव लड़ रहे हैं। सिंधिया के समर्थन में 10 मार्च को 22 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया था, जिसके कारण कमलनाथ सरकार गिर गई थी और चौथी बार शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। शिवराज ने 28 दिन बाद 21 अप्रैल को मंत्रिमंडल का गठन किया था, इसमें सिंधिया खेमे के तुलसीराम सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत को कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ दिलाई गई थी। शिवराज सरकार के इन 14 मंत्रियों की प्रतिष्ठा दांव पर कांग्रेस के 25 पूर्व विधायकों के इस्तीफे से सरकार अल्पमत में आ गई थी और कमलनाथ सरकार गिर गई। बाद में ये सभी भाजपा में शामिल हो गए, तब इनमें से भाजपा ने 14 को मंत्री पद से नवाजा। इन उप चुनावों में इन बगैर विधायकी के मंत्री बने मंत्रियों की प्रतिष्ठा दाव पर लगी है। इसमें खास ये है कि 20 अक्टूबर को मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और तुलसी सिलावट का मंत्रिपद खत्म हो जाएगा। 3 नवंबर के ये दोनों बगैर मंत्री रहे मैदान में होंगे। इन 14 मंत्रियों में इमरती देवी, प्रद्युम्न सिंह तोमर, महेंद्र सिंह सिसोदिया, गोविंद सिंह राजपूत, तुलसी सिलावट, प्रभुराम चौधरी, हरदीप सिंह डंग, राजवर्धन सिंह दत्तीगांव, बिसाहूलाल सिंह, एदल सिंह कंसाना, बृजेंद्र सिंह यादव, सुरेश धाकड़, ओपीएस भदौरिया और गिर्राज दंडोतिया शामिल हैं। विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह का कहना है कि प्रावधान यही है कि 6 माह तक ऐसे व्यक्ति को मंत्रिमंडल का सदस्य रखा जा सकता है, जो विधानसभा का सदस्य नहीं है। इस अवधि में उसका विधानसभा का सदस्य निर्वाचित होना जरूरी है। अगर ऐसा नहीं हुआ तो निर्धारित अवधि के बाद संबंधित व्यक्ति अपने आप ही मंत्री पद से हट जाता है। 21 अक्टूबर को सिलावट और राजपूत को मंत्री बने 6 माह हो जाएंगे। आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो चुकी है और अब मंत्रिमंडल का विस्तार भी नहीं हो सकता है। इसलिए दोनों नेताओं को मंत्री पद से हटना पड़ेगा।

कमलनाथ ने शिवराज को नालायक कहा.. शिवराज का जवाब- लायक कौन, जनता तय करेगी

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भोपाल. पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के बीच उपचुनाव से पहले तल्ख बयानबाजी शुरू हो गई है। शनिवार को ग्वालियर में कमलनाथ ने शिवराज को नालायक तक कह डाला। इसके जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कमलनाथ को आरोपों की कीचड़ ही अच्छी लग रही है तो मुझे कोई आपत्ति नहीं है। कौन लायक है, कौन नालायक, यह तो जनता तय करती है। अब कमलनाथ खुद इस पर विचार करें। 28 सीटों पर होने वाले उपचुनाव के पहले मध्य प्रदेश में सियासी घमासान बढ़ता जा रहा है। इसके पहले शुक्रवार को कमलनाथ ने भोपाल में कहा था- मुझे शर्म आती है, जब मैं दिल्ली जाता हूं और लोग पूछते हैं कि आपके प्रदेश की छवि बिकाऊ वाली बन गई। इस पर शिवराज ने जवाब देते हुए कहा था- ऐसा कहना प्रदेश की 8 करोड़ जनता का अपमान है। कमलनाथ को जनता से माफी मांगनी चाहिए। ग्वालियर दौरे पर थे कमलनाथ कमलनाथ ग्वालियर के दो दिन के दौरे पर पहुंचे थे। आखिरी दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कमलनाथ ने कहा- मैंने अपने कार्यकाल में 26 लाख किसानों के कर्ज माफ किए। अब शिवराज इतने नालायक तो हैं नहीं कि वह समझ न सकें कि ये कैसे किया गया है। हमने दो लाख तक के सभी किसानों के कर्ज माफ करके मदद की। जबकि, शिवराज के 15 साल के कार्यकाल में किसानों को आत्महत्या तक पर मजबूर होना पड़ा। शिवराज का पलटवार कमलनाथ के बयान पर शिवराज ने कहा- जो सभी को एक भाव से देखे, गरीबों का सम्मान करे, किसान के कल्याण की योजना बनाए, वो लायक है या नालायक, यह फैसला जनता को करना है। 15 महीने कमलनाथ की सरकार थी। उन्होंने क्या किया? यह बड़ी लायकी की बात थी कि वल्लभ भवन को दलालों के अड्डा बना दिया। पूरे प्रदेश के विकास को ठप कर दिया? आपको जवाब देना पड़ेगा कि 10 दिन में 2 लाख तक का कर्ज आपने क्यों माफ नहीं किया। कर्ज माफी के झूठे सर्टिफिकेट पकड़ाकर आपने सहकारी बैंकों तक को पूरा पैसा नहीं दिया। क्या यह बैंकों के साथ धोखा नहीं है? आपको जवाब देना पड़ेगा कि किसान सम्मान निधि का पैसा जो प्रधानमंत्री सीधे किसानों को देते हैं आपने उसे क्यों अटकाया? शराब माफिया कौन, रेत माफिया कौन, क्या यह बयान आपको याद नहीं हैं। क्या यह भी भूल गए कमलनाथ कि ग्वालियर-चंबल संभाग से एक मंत्री जो आज नदी बचाने का नाटक कर रहे थे। वो जनता से कह रहे थे कि हमें माफ कर दो, हम रेत का अवैध खनन नहीं रोक पाए। क्या किसानों से झूठ बोलना, बेरोजगारों से छल करना, बेटियों को ठगना लायकी है? कमलनाथ कौन सी लायकी और नालायकी की बात कर रहे हैं? ‘कितने भोले हैं आप कमलनाथ, क्या ये जनता मान लेगी?’ मुझे कोई नालायक कहे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता, मैं तो वैसे भी जनता का सेवक हूं। 15 महीनों में 5 मिनट के लिए भी आप ग्वालियर नहीं गए। आज आप कह दो कि मैंने तो किसी और के भरोसे छोड़ दिया था या लायकी है, वह भी तब जब चुनाव में उनका उपयोग करना था। मुख्यमंत्री जब भारत के संविधान की शपथ लेता है तब समान भाव की शपथ लेता है, लेकिन अब आप कह रहे हो कि मैंने तो ग्वालियर छोड़ दिया था। कितने भोले हैं कमलनाथ आप, क्या जनता इस भोलेपन को मान लेगी? ‘चंबल एक्सप्रेसवे को ठंडे बस्ते में क्यों डाला?’ लायक पूर्व मुख्यमंत्री जी बताएं कि जरारोग्य अस्पताल के निर्माण को आपने क्यों रोका? जरारोग्य अस्पताल को बाईपास सर्जरी के पैसे क्यों नहीं दिए गए? आप को बताना पड़ेगा कि ग्वालियर और चंबल से जो हमारी पानी लाने की योजना थी उसे क्यों रोका? चंबल एक्सप्रेस वे के निर्माण को आपने ठंडे बस्ते में क्यों डाला? आपके पास ग्वालियर संभाग और चंबल संभाग के जनप्रतिनिधियों के लिए 1 मिनट का टाइम क्यों नहीं था?

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