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डिजिटल भविष्य की ओर कदम: भारत-फिनलैंड के बीच एआई, 6जी और क्वांटम कंप्यूटिंग में सहयोग पर सहमति, बोले पीएम मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि भारत और फिनलैंड डिजिटाइजेशन और स्थिरता में रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर काम कर रहे हैं, इससे दोनों देशों के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, 6जी, क्लीन एनर्जी और क्वांटम कंप्यूटिंग में सहयोग बढ़ेगा। फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब के साथ द्विपक्षीय बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देश के बीच हाई-टेक सेक्टर्स में बढ़ रहे सहयोग का जिक्र किया और कहा कि इससे दोनों देशों के संबंधों को नई ऊर्जा मिली है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस साल की शुरुआत में भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच हुए ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) से भारत एंव फिनलैंड के बीच व्यापार निवेश और टेक्नोलॉजी में साझेदारी बढ़ेगी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “फिनलैंड के राष्ट्रपति के रूप में अपनी पहली भारत यात्रा पर आए राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब का स्वागत करता हूं। आप जैसे अनुभवी नेता का इस वर्ष के रायसीना डायलॉग का मुख्य अतिथि बनना सम्मान और खुशी की बात है। यूक्रेन से लेकर वेस्ट एशिया तक दुनिया के कई हिस्सों में संघर्ष की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में भारत और यूरोप अपने संबंधों के सुनहरे दौर में प्रवेश कर रहे हैं।” दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक हैदराबाद हाउस में हुई, जहां भारत एवं फिनलैंड के बीच द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के लिए विभिन्न मुद्दों पर बातचीत हुई। विदेश मंत्रालय के अनुसार, वार्ता में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने और रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से कई मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचार-विमर्श किया और बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने वार्ता के बाद राष्ट्रपति स्टब के सम्मान में लंच का आयोजन भी किया। इससे पहले, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने फिनलैंड के राष्ट्रपति से मुलाकात की और प्रधानमंत्री के साथ उच्च स्तरीय बैठक से पहले द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की।विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि वे रायसीना डायलॉग में राष्ट्रपति स्टब के संबोधन का भी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जहां अतिथि नेता मुख्य भाषण देने वाले हैं।

रिफॉर्म्स का रिजल्ट! मोदी सरकार के दौर में नए उद्योगों की संख्या 27% बढ़ी

नई दिल्ली मोदी सरकार की ओर से लगातार किए जा रहे आर्थिक सुधारों का असर जमीनी स्तर पर दिखने लगा रहा है। देश में नए बिजनेस की संख्या में 27 प्रतिशत का बड़ा इजाफा देखने को मिला है। सरकार द्वारा गुरुवार को जारी फैक्टशीट के मुताबिक, भारत में चालू वित्त वर्ष (वित्त वर्ष 2025-26) के पहले 10 महीनों (3 फरवरी 2026 तक) में 1.98 लाख नए बिजनेस पंजीकृत हुए हैं, जिनकी संख्या 2020-21 में 1.55 लाख थी। आधिकारिक बयान में कहा गया कि सरकार ने केंद्रीय बजट 2026-27 में डिजिटल ट्रेड सुविधा,कर निश्चितता, अनुपालन और मुकदमेबाजी में कमी, विश्वास आधारित सीमा शुल्क प्रणाली और निवेश-अनुकूल कर व्यवस्था के जरिए व्यापार में आसानी बढ़ाने पर फोकस किया है। बयान में आगे कहा गया कि स्टार्ट-अप इंडिया, क्रेडिट गारंटी योजना, डिजिटल क्रेडिट मूल्यांकन मॉडल आदि जैसे संस्थागत सुधार एक पारदर्शी, प्रौद्योगिकी-सक्षम और निवेशक-अनुकूल वातावरण का निर्माण कर रहे हैं। इस प्रयास को जन विश्वास अधिनियम, आईबीसी, एमएटी आदि जैसे समानांतर नियामक सुधारों का समर्थन प्राप्त है, जो क्षमता निर्माण, नियामक सामंजस्य और विश्वास एवं जवाबदेही पर आधारित शासन मॉडल को प्राथमिकता दे रहे हैं। फरवरी 2026 तक 2.16 लाख से अधिक डीपीआईआईटी-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स के साथ, भारत विश्व के सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम में से एक के रूप में मजबूती से खड़ा है। 2016 से शुरू किए गए स्टार्टअप्स के लिए नियामक सुधारों का उद्देश्य स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए व्यापार करने में आसानी, पूंजी जुटाने में आसानी और अनुपालन बोझ को कम करना है। स्टार्टअप इंडिया के अलावा, मोदी सरकार की कई पहलों ने तकनीकी नवाचार, ग्रामीण उद्यमिता, अकादमिक अनुसंधान और क्षेत्रीय समावेशन को बढ़ावा देकर भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को और मजबूत किया है। ये पहलें सुनिश्चित करती हैं कि स्टार्टअप समर्थन व्यापक, विकेंद्रीकृत और राष्ट्रीय विकास प्राथमिकताओं के साथ निकटता से जुड़ा रहे। पिछले कुछ वर्षों में, भारत न केवल निवेश के लिए बल्कि कारोबार करने के लिए भी सबसे आकर्षक गंतव्यों में से एक बनकर उभरा है। देश की सुधार-आधारित विकास रणनीति उद्यमिता को मजबूत करने, वित्त तक पहुंच बढ़ाने, नियामक ढांचे का आधुनिकीकरण करने और व्यापार सुविधा को बढ़ाने पर केंद्रित है। बयान में आगे कहा गया है कि ये सभी उपाय न केवल कारोबार करने में आसानी बढ़ाते हैं बल्कि वित्तीय समावेशन को भी गहरा करते हैं, नवाचार को बढ़ावा देते हैं, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के विकास में तेजी लाते हैं और भारत को एक प्रतिस्पर्धी वैश्विक व्यापार और निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करते हैं।

ईरान-अमेरिका टकराव पर बोले पीएम मोदी, बढ़ते संकट को लेकर दुनिया को दी चेतावनी

ईरान ईरान पर अमेरिकी और इजरायली हमले के बाद पूरा मिडिल ईस्ट युद्ध की जद में आ चुका है। सोमवार को भी दोनों पक्षों ने एक दूसरे के ठिकानों को निशाना बनाया है और युद्ध के और भयावह होने का खतरा बना हुआ है। एक तरफ ईरान ने इजराइल और अमेरिका के संयुक्त हमले में अपने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या का बदला लेने का संकल्प लिया है तो वहीं दूसरी तरफ अमेरिका ने अपने B-2 बॉम्बर्स उतार दिए हैं। ईरान ने जवाबी कार्रवाई के तहत अमेरिका के खाड़ी देशों मे मौजूद ठिकानों और इजरायल को ड्रोन और मिसाइलों से निशाना बनाया है। इजरायल में, मिसाइल हमलों या उन्हें रोके जाने के कारण हुए जोरदार धमाकों की आवाजें तेल अवीव में सुनने को मिलीं। वहीं इजराइल की बचाव सेवाओं ने बताया कि मध्य शहर बेत शेमेश में एक यहूदी प्रार्थना स्थल पर हुए हमले में आठ लोग मारे गए और 28 घायल हो गए, जिससे देश में मरने वालों की कुल संख्या 10 हो गई है। कतर, कुवैत जैसे शहरों में भी धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं। ईरान पर बमबारी जारी वहीं अमेरिका और इजराइल ने भी रविवार को भी बमबारी जारी रखी। ईरान की राजधानी तेहरान में हुए धमाकों से आसमान में धुएं का विशाल गुबार उठता दिखा, खासकर उस इलाके में जहां सरकारी इमारतें स्थित हैं। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि अयातुल्ला अली खामेनेई और अन्य वरिष्ठ नेताओं की हत्या करने वाले अमेरिकी और इजराइली हमलों की शुरुआत से अब तक 200 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। इस बीच ईरानी स्कूल पर हुए हमले में मौत का आंकड़ा 180 तक पहुंच गया है। पीएम मोदी ने नेतन्याहू से की फोन पर बात इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात कर पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की है और हालिया घटनाक्रम को लेकर भारत की चिंताओं से अवगत कराया। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार रात संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से भी बात की थी। पीएम ने खाड़ी देश पर हुए हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि भारत इस कठिन समय में यूएई के साथ एकजुटता से खड़ा है।

2700 करोड़ की विकास योजनाएँ, पुडुचेरी में पीएम मोदी का कांग्रेस-डीएमके पर प्रहार

पुडुचेरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुडुचेरी दौरे के दौरान 2700 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पुडुचेरी आना उनके लिए सम्मान की बात है और यह संतों, कवियों तथा स्वतंत्रता सेनानियों की भूमि रही है। उन्होंने याद दिलाया कि महाकवि सुब्रमण्यम भारती ने इसी धरती से राष्ट्रवाद की अलख जगाई थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि अपने पिछले दौरे में उन्होंने ‘BEST पुडुचेरी’ का मंत्र दिया था- जिसका अर्थ है बिजनेस, एजुकेशन, स्पिरिचुअलिटी और टूरिज्म। उन्होंने बताया कि पिछले साढ़े चार वर्षों में यह विजन धरातल पर उतर रहा है और केंद्र व केंद्र शासित प्रदेश की सरकार के साझा प्रयासों से तेज विकास संभव हुआ है। इंफ्रास्ट्रक्चर को रिकॉर्ड बजट पीएम मोदी ने कहा कि देशभर में उच्च गुणवत्ता के बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस वर्ष के बजट में 12 लाख करोड़ रुपये इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए आवंटित किए गए हैं। इससे पुडुचेरी में बेहतर सड़कें, पेयजल आपूर्ति, तटीय ढांचा, स्कूल और अस्पताल जैसी सुविधाओं को मजबूती मिलेगी। उन्होंने यह भी बताया कि पुडुचेरी को कैपिटल इन्वेस्टमेंट स्कीम के तहत विशेष सहायता दी गई है, जो पहले केवल राज्यों के लिए उपलब्ध थी। शिक्षा और युवाओं को बढ़ावा प्रधानमंत्री ने कहा कि मजबूत युवा शक्ति ही देश की तरक्की की नींव है। एनआईटी कराईकल में नए डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम इंजीनियरिंग ब्लॉक और आधुनिक अस्पताल सुविधाएं छात्रों को बेहतर तकनीकी शिक्षा देंगी। पुडुचेरी विश्वविद्यालय में भी आधारभूत ढांचे का विस्तार किया गया है। इलेक्ट्रिक बस और हरित मोबिलिटी उन्होंने कहा कि दुनिया स्वच्छ और हरित परिवहन की ओर बढ़ रही है। पीएम ई-बस सेवा के तहत पुडुचेरी को इलेक्ट्रिक बसें मिल रही हैं, जो पर्यटन केंद्र होने के कारण प्रदूषण कम करने में अहम भूमिका निभाएंगी। साथ ही, हाउसिंग परियोजनाएं कई परिवारों को स्थायित्व और सम्मानजनक जीवन देंगी। विपक्ष पर निशाना प्रधानमंत्री ने डबल इंजन सरकार के कामकाज की सराहना करते हुए कांग्रेस और डीएमके पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व सरकारों के दौरान राजनीतिक अस्थिरता, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था की समस्याएं थीं। पीएम मोदी ने कहा कि पुडुचेरी को विकास की राह पर आगे बढ़ाने के लिए स्थिर और पारदर्शी शासन आवश्यक है और जनता भ्रष्टाचार व अपराध के दौर में लौटना नहीं चाहेगी।  

AI की वैश्विक दौड़ में भारत आगे: पीएम मोदी के साथ ‘Sarvam Kaze’ की एंट्री

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में एक शानदार चश्मा पहने हुए देखा गया। यह साधारण नहीं बल्कि AI डिवाइस है। इस वियरेबल का नाम sarvam kaze है। एआई ग्लासेस को देश के AI स्टार्टअप सर्वम AI ने बनाया है। एआई समिट 2026 में जियो ने भी अपने एआई ग्लासेस पेश किए हैं। ऐसे में पीएम मोदी द्वारा स्वदेशी एआई ग्लासेस को पहनना कोई आम बात नहीं है। ये एआई ग्लासेस कई दमदार फीचर्स के साथ लाए जाएंगे। पीएम मोदी ने टेस्ट किए एआई ग्लासेस 16 फरवरी से शुरू हुए इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में Sarvam Kaze पेश किए गए हैं। यह एक AI वियरेबल है। इसकी मदद से अन्य स्मार्ट ग्लासेस की तरह ही यूजर रियल समय में देखी जाने वाली चीजों के बारे में सुन सकते हैं। यह एआई ग्लासेस आपकी बातों का जवाब देता है और इसके जरिए आप कुछ भी कैप्चर कर सकते हैं। भारत मंडपम में चल रहे इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में वॉक फेंक के दौरान पीएम मोदी ने यह चश्मा पहना था। सर्वम AI के को-फाउंडर प्रत्यूष कुमार द्वारा शेयर की गई फोटोज में प्रधानमंत्री एग्जीबिशन फ्लोर पर इसके रियल-टाइम रिस्पॉन्स को टेस्ट करते हुए दिखाई दे रहे हैं। चैट फीचर लाने की योजना में कंपनी कंपनी इस हफ्ते एक चैट फीचर भी लॉन्च करने की योजना बना रही है। इस डिवाइस को आवाज और विजुअल इंटरैक्शन के जरिए असल दुनिया में इंटेलिजेंस लाने के लिए डिजाइन किया गया है। कंपनी के मुताबिक, यूजर्स सर्वम प्लेटफॉर्म पर जाकर कस्टम एक्सपीरियंस भी पा सकते हैं। इस एआई डिवाइस को भारत में डिजाइन और बनाया गया है। कंपनी इसे पूरी तरह से देसी AI प्रोडक्ट के तौर पर पेश कर रही है। कंपनी के अनुसार इस डिवाइस को मई में भारतीय बाजार में लॉन्च किया जा सकता है। बिना इंटरनेट वाला एआई भारतीय स्टार्टअप Sarvam AI ने हाल ही में Sarvam Edge लॉन्च किया है। इसकी खासियत है कि यह बिना इंटरनेट के चल रहा है। इसकी मदद से आप अपने फोन या लैपटॉप पर बिना इंटरनेट के भी AI का इस्तेमाल कर पाएंगे। ब्लॉग पोस्ट के अनुसार, Sarvam AI ने बताया है कि यह एक ऐसा ऑन डिवाइस AI प्लेटफॉर्म होगा, जिसे चलाने के लिए ना तो क्लाउड सर्वर की जरूरत है और ना ही इंटरनेट कनेक्शन की। Sarvam Edge उन लोगों तक भी AI को पहुंचाएंगा, जो महंगे इंटरनेट प्लान का इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं और जिनके क्षेत्र में नेटवर्क नहीं आते हैं। Sarvam Edge की खासियत होगी कि यह आपके डिवाइस की प्रोसेसिंग पावर का इस्तेमाल करेगा और इंटरनेट से जुड़ा ना होने की वजह से 100% सुरक्षित भी रहेगा। इससे देखकर लग रहा है कि अब भारतीय कंपनियों ने भी एआई के क्षेत्र में देश को टॉप पर पहुंचाने के लिए अपनी कमर कस ली है।

बजट के साथ रोजगार और विकास की देंगे सौगातें, प्रधानमंत्री मोदी का 28 को दौरा होगा खास

अजमेर. राजस्थान की डबल इंजन सरकार अब ‘विकास की सुपरफास्ट’ गति पकड़ने को तैयार है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि आगामी 28 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अजमेर की पवित्र धरा पर पधार रहे हैं। प्रधानमंत्री यहाँ से 23 हजार 500 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। यह दौरा न केवल ढांचागत विकास के लिए अहम है, बल्कि राज्य के बेरोजगार युवाओं के लिए भी ‘रोजगार उत्सव’ बनकर आ रहा है। 1. ₹23,500 करोड़ का ‘बजट गिफ्ट’ प्रधानमंत्री अपने इस दौरे में प्रदेश को विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी सौगातें देंगे। इस भारी-भरकम राशि का निवेश मुख्य रूप से सड़क, रेलवे, पेयजल (ERCP के नए आयाम), सौर ऊर्जा और चिकित्सा सुविधाओं पर केंद्रित होगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन परियोजनाओं से राजस्थान के आर्थिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव आएगा। 2. 21 हजार युवाओं को सरकारी नियुक्ति इस दौरे का सबसे मानवीय और खास पहलू है युवाओं का सम्मान। प्रदेश के 21 हजार नव-नियुक्त युवाओं को प्रधानमंत्री अपने हाथों से नियुक्ति पत्र (Appointment Letters) सौंपेंगे। यह आयोजन प्रदेश भर के युवाओं में नई ऊर्जा और सरकारी नौकरियों के प्रति विश्वास पैदा करेगा। 3. ‘विकसित राजस्थान’ के संकल्प को शक्ति मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री की उपस्थिति ‘विकसित राजस्थान’ के संकल्प को नई शक्ति प्रदान करेगी। राजस्थान सरकार का लक्ष्य है कि जब भारत आजादी के 100 वर्ष मनाए, तब राजस्थान देश के अग्रणी विकसित राज्यों में शामिल हो। 4. अजमेर ही क्यों? मरुधरा का केंद्र और आस्था का संगम अजमेर न केवल भौगोलिक रूप से राजस्थान का केंद्र है, बल्कि यह सांप्रदायिक सौहार्द और आस्था का भी बड़ा केंद्र है। यहाँ की कायड़ विश्राम स्थली पहले भी प्रधानमंत्री की बड़ी जनसभाओं की गवाह रही है। राजनीतिक दृष्टि से भी अजमेर संभाग से पूरे प्रदेश को संदेश देना आसान होता है। 5. बुनियादी ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव 23,500 करोड़ के प्रोजेक्ट्स में राष्ट्रीय राजमार्गों के चौड़ीकरण, अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास और जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल से जल पहुंचाने वाली महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं। 6. ‘सौर ऊर्जा’ हब बनेगा राजस्थान प्रस्तावित योजनाओं में अक्षय ऊर्जा (Renewable Energy) के क्षेत्र में बड़े शिलान्यास होने की संभावना है, जो राजस्थान को देश का ‘ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर’ बनाने में मदद करेंगे। 7. मिशन मोड पर प्रशासन प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए अजमेर जिला प्रशासन और पुलिस महकमा अलर्ट मोड पर है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं और मुख्यमंत्री स्वयं तैयारियों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। 8. चिकित्सा और शिक्षा पर विशेष फोकस सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी कई नए मेडिकल कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों के डिजिटल लोकार्पण भी कर सकते हैं, जिससे ग्रामीण अंचलों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचेंगी। 9. पर्यटन और औद्योगिक विकास को रफ्तार अजमेर और आसपास के क्षेत्रों (पुष्कर, किशनगढ़) के लिए कनेक्टिविटी बढ़ने से पर्यटन को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही, औद्योगिक क्षेत्रों के लिए नई बिजली लाइनों का शिलान्यास व्यापार को सुगम बनाएगा। प्रधानमंत्री मोदी का राजस्थान की संस्कृति और यहाँ के लोगों से विशेष लगाव रहा है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री की यह यात्रा प्रदेशवासियों के लिए नई प्रेरणा और प्रगति का द्वार खोलेगी।

भिवाड़ी फैक्टरी अग्निकांड पर देश शोक में: 8 मजदूरों की मौत, जानिए किस नेता ने क्या कहा

अलवर राजस्थान के भिवाड़ी स्थित खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में एक फैक्टरी में तेज धमाके के बाद भीषण आग लगने से आठ लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल बन गया। बताया गया कि फैक्टरी में काम कर रहे आठ लोग जिंदा जल गए। इस भयावह घटना को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी, सीएम भजनलाल, पूर्व सीएम अशोक गहलोत और राज्यपाल समेत कई जनप्रतिनिधियों ने शोक संवेदना जताई है। प्रधानमंत्री ने जताया दुख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना को अत्यंत दुखद बताया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनके प्रति उनकी संवेदनाएं हैं और वे घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं।   मुख्यमंत्री और राज्यपाल की संवेदना राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि भिवाड़ी के खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में फैक्टरी में आग लगने से हुई जनहानि का समाचार अत्यंत दुःखद है। उन्होंने जिला प्रशासन को राहत और बचाव कार्य के निर्देश दिए हैं तथा दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।   वहीं, राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने भिवाड़ी के खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में फैक्टरी में आग लगने से हुए हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है।  उन्होंने ईश्वर से मृतकों की पुण्यात्मा की शांति और शोक संतप्त परिजनों को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की है। उन्होंने हादसे में घायलों के जल्द स्वस्थ होने की भी कामना की है।   पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष की प्रतिक्रिया पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भिवाड़ी (खैरथल-तिजारा) की एक केमिकल फैक्टरी में लगी भीषण आग में आठ व्यक्तियों की मृत्यु को बेहद पीड़ादायक और दुखद बताया। ईश्वर से प्रार्थना है कि इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में कम से कम जनहानि हो। प्रभु दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें एवं घायलों को शीघ्र स्वस्थ करें।   नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि भिवाड़ी की केमिकल फैक्ट्री में 7 लोगों के जिंदा जलने की खबर अत्यंत हृदयविदारक है। ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में एवं शोकाकुल परिजनों को यह असहनीय दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं।   ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में एवं शोकाकुल परिजनों को यह असहनीय दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूँ। राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि खैरथल-तिजारा जिले के भिवाड़ी में केमिकल फैक्टरी में आग लगने से 8-10 लोगों की मौत हुई और कई लोग घायल हुए हैं। उन्होंने सरकार और प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की तथा हाल के अन्य हादसों का उल्लेख करते हुए इसे गंभीर मामला बताया।

प्रशासनिक ढांचे में बदलाव: नॉर्थ-साउथ ब्लॉक से नए कॉम्प्लेक्स में शिफ्ट होंगे विभाग

नई दिल्ली केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शनिवार को नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक से ‘सेवा तीर्थ’ व ‘कर्तव्य भवनों’ में स्थानांतरण के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि साउथ ब्लॉक में अंतिम बार केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक हुई। ये सिर्फ स्थान परिवर्तन का क्षण नहीं है, यह इतिहास और भविष्य के संगम के भी पल हैं। इस परिसर ने गुलामी से आजादी और फिर स्वतंत्र भारत की अनेक ऐतिहासिक घटनाओं को देखा है, गढ़ा है। मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी देते हुए अश्विनी वैष्णव ने कहा, “पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से नया प्रधानमंत्री कार्यालय, जिसे अब ‘सेवा तीर्थ’ के नाम से जाना जाएगा, राष्ट्र को समर्पित किया गया है। साउथ और नॉर्थ ब्लॉक का निर्माण अंग्रेजों ने भारत को गुलामी की बेड़ियों में जकड़े रखने के लिए किया था। 1947 में भारत को गुलामी से तो मुक्ति मिली, लेकिन इन भवनों को तत्कालीन सरकार की ओर से अपने कार्यों के निष्पादन के लिए बनाए रखा गया। स्वतंत्रता के बाद से ही प्रधानमंत्री कार्यालय साउथ ब्लॉक के इस भवन से कार्य करता रहा है।” उन्होंने कहा कि इस परिसर ने देश के 16 प्रधानमंत्रियों के नेतृत्व में बनी कैबिनेट के महत्वपूर्ण फैसले होते देखे हैं। इसकी सीढ़ियों पर जवाहरलाल नेहरू से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक के पदचिन्ह हैं। इस भवन की सीढ़ियों पर चढ़ते कदमों ने देश को नई ऊंचाई पर पहुंचाने में अहम योगदान दिया है। उन्होंने कहा, “बीते दशकों में यहां कैबिनेट की बैठकों में, संविधान के आदर्शों, जनता से मिले जनादेश और राष्ट्र की आकांक्षाओं से प्रेरित होकर अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। यहां भारत की सफलताओं का उत्सव भी मनाया गया, असफलताओं का आंकलन भी हुआ और साथ ही संकटों और चुनौतियों से निपटने के लिए कड़े और बड़े फैसले भी लिए गए।” मीडिया को संबोधित करते हुए अश्विनी वैष्णव ने कहा कि साउथ ब्लॉक के इन कमरों ने विभाजन की विभीषिका भी देखी, युद्ध और आपातकाल की चुनौतियों को भी देखा और शांतिकाल की नीतियों पर भी चिंतन और मनन किया। इन्होंने टाइपराइटर से लेकर डिजिटल गवर्नेंस तक, तकनीक की लंबी छलांग को महसूस किया है। यहां बैठकर अधिकारियों की कई पीढ़ियों ने ऐसे फैसले लिए, जिन्होंने भारत को आजादी के तुरंत बाद की अनिश्चितता से निकालकर स्थिरता की राह पर आगे बढ़ाया। सबके प्रयासों का परिणाम है कि आर्थिक चुनौतियों और संकटों से निकलकर, आज भारत एक आत्मविश्वासी राष्ट्र बनकर खड़ा हुआ है। उन्होंने कहा, “बीते एक दशक में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में साउथ ब्लॉक राष्ट्र के अनेक ऐतिहासिक निर्णयों का केंद्र रहा। ये स्थान मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस की प्रेरणा स्थली बना। यहां से रिफॉर्म एक्सप्रेस को पूरे देश में प्रोत्साहन मिला है। यहीं से डीबीटी, ‘स्वच्छ भारत अभियान’, गरीब कल्याण से जुड़े अभियान, ‘डिजिटल इंडिया’ और जीएसटी जैसे व्यापक सुधारों को आकार मिला। यहां से ही आर्टिकल-370 की दीवार गिराने और तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाने जैसे सामाजिक न्याय के साहसिक और संवेदनशील निर्णय लिए गए। यहीं लिए गए ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, ‘एयर स्ट्राइक’ और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के निर्णयों के माध्यम से भारत ने अपनी दृढ़ और आत्मविश्वासी सुरक्षा नीति का स्पष्ट संदेश विश्व को दिया।” प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय मंत्री ने कहा, “आज का भारत दुनिया की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। भारत आज एक सुरक्षित और सक्षम राष्ट्र के रूप में उभरकर सामने आया है और वैश्विक मंचों पर अपनी स्पष्ट और प्रभावशाली आवाज रख रहा है। आज देश विकसित भविष्य के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। इसके लिए एक आधुनिक, तकनीकी और पर्यावरण के प्रति अनुकूल कार्यालय की आवश्यकता थी। एक ऐसा कार्यक्षेत्र, जो यहां काम करने वाले हर कर्मयोगी की उत्पादकता को बढ़ाए, सेवाभाव के उसके संकल्प को प्रोत्साहित करे।” अश्विनी वैष्णव ने कहा कि साउथ ब्लॉक के उ‌द्घाटन के करीब 95 साल के बाद शुक्रवार को भारत सरकार ने इन भवनों को खाली किया है और ‘सेवा तीर्थ’ व ‘कर्तव्य भवनों’ में स्थानांतरित हुई है। यह प्रतीकात्मक रूप से गुलामी के अतीत से ‘विकसित भारत’ के भविष्य की ओर बढ़ने की ओर देश का एक और कदम है। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में देश में ‘सत्ता भाव’ के बजाय ‘सेवा भाव’ की संस्कृति सशक्त हुई है। आज का ये स्थानांतरण, इन संस्कारों को और मजबूती देगा। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “शनिवार को कैबिनेट ने यह संकल्प भी लिया कि नॉर्थ और साउथ ब्लॉक को ‘युगे युगीन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय’ का हिस्सा बनाया जाए, जो हमारी हजारों वर्ष पुरानी सभ्यता से पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। ये संग्रहालय, हमारी कालातीत और शाश्वत सांस्कृतिक विरासत का उत्सव मनाएगा और हमारे गौरवशाली अतीत को समृद्ध भविष्य से जोड़ेगा।”

सीमा के करीब पीएम मोदी की मौजूदगी, चीन को संकेत; नई आपात लैंडिंग सुविधा शुरू

असम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक दिवसीय असम दौरे पर पहुंचे हैं। उन्होंने डिब्रूगढ़ में मोरन बाइपास पर आपातकाली लैंडिंग सुविधा का उद्घाटन किया। उनका विमान इसी हाइवे पर उतारा गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम के दौरे पर पहुंचे हैं। उनका विमान चीन की सीमा के पास असम के डिब्रूगढ़ में बने पहले इमर्जेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) पर उतरा। इसके बाद मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनेवाल ने उनका स्वागत किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस एक दिवसीय दौरे के दौरान मोरन बाइपास के पास आपातकालीन लैंडिंग सुविधा (ईएलएफ) सहित कई परियोजनाओं का उद्घाटन कर रहे हैं। चीन के लिए कड़ा संदेश यह पिछले तीन महीने में मोदी का तीसरा असम दौरा है। राज्य में कुछ ही महीनों में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थित में मोरन बाईपास पर फाइटर और ट्रांसपोर्ट विमानों के साथ ही हेलिकॉप्टर ने हवाई प्रदर्शन किए। पूर्वोत्तर के किसी भी राज्य में यह इमरजेंसी लैंडिंग की पहली सुविधा है। इसपर सेना और नागरिक विमान दोनों को टेकऑफ और लैंडिंग की सुविधा मिलेगी। ऐसे में इसे चीन के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है। इस लैंडिंग सुविधा को इंडियन एयरफोर्स के साथ मिलकर तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य इमरजेंसी रिस्पॉन्स के लिए मजबूत तैयारी करना है। प्राकृतिक आपदाओं या फिर पड़ोसी से तनाव की स्थिति में उसका उपयोग रणनीतिक तौर पर किया जा सकेगा। यह फैसिलिटी 40 टन तक के लड़ाकू विमानों और 74 टन तक के ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट की लैंडिंग और टेकऑफ के लिए बनाया गया है। अन्य पांच जगहों पर भी है ऐसी सुविधा डिब्रूगढ़ में इमर्जेंसी लैंडिग फैसिलिटी पूर्वोत्तर के राज्यों में अपनी तरह की पहली सुविधा है। हालांकि उत्तर प्रदेश के आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और पूर्वाांचल एक्सप्रेस-वे पर भी ऐसी सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा ओडिशा के बालासोर और आध्र प्रदेश के नेल्लोर मे फैसिलिटी है। हालांकि डिब्रूगढञ में बनाया गया ईएलएफ ज्यादा मायने रखता है क्योंकि यह चीन की सीमा के पास है। प्रधानमंत्री गुवाहाटी में 3,000 करोड़ रुपये की लागत से बने कुमार भास्कर वर्मा सेतु का उद्घाटन करेंगे जो गुवाहाटी को उत्तर गुवाहाटी से जोड़ेगा। छह लेन वाला यह पुल गुवाहाटी और उत्तर गुवाहाटी के बीच निर्बाध संपर्क उपलब्ध कराएगा, क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देगा, भूकंपीय सुरक्षा को बेहतर बनाएगा और राज्य राजधानी क्षेत्र में विकास को गति देगा। मोदी निकटवर्ती लचित घाट से भारतीय प्रबंधन संस्थान-गुवाहाटी (आईआईएम-गुवाहाटी) के अस्थायी परिसर और कृत्रिम मेधा (एआई) सक्षम ‘हाइपरस्केल डेटा’ केंद्र का भी डिजिटल माध्यम से उद्घाटन करेंगे। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा था कि आईआईएम-गुवाहाटी के उद्घाटन से असम शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाएगा और उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो जाएगा जिनमें अगली पीढ़ी की जरूरतों को पूरा करने के लिए आईआईटी, आईआईएम, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) और अन्य सभी अग्रणी संस्थान होंगे। प्रधानमंत्री इसी स्थल से गुवाहाटी के लिए 100 विद्युत वाहन (ईवी) को भी रवाना करेंगे।  

सेवा तीर्थ से PM मोदी के 4 बड़े फैसले: महिलाओं, युवाओं को मिला खास तोहफा

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नए पीएमओ परिसर सेवातीर्थ में महिलाओं, युवाओं और संवेदनशील नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण निर्णयों की फाइलों पर हस्ताक्षर किए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नए पीएमओ परिसर सेवातीर्थ में महिलाओं, युवाओं और संवेदनशील नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण निर्णयों की फाइलों पर हस्ताक्षर किए। प्रधानमंत्री मोदी ने नए पीएमओ परिसर सेवातीर्थ में पीएम राहत योजना, लखपति दीदी की संख्या बढ़ाकर छह करोड़ करने के लक्ष्य से संबंधित फाइलों पर हस्ताक्षर किए। प्रधानमंत्री मोदी ने कृषि अवसंरचना निधि दोगुनी बढ़ाकर दो लाख करोड़ रुपए करने से संबंधित फाइलों पर हस्ताक्षर किए। एक अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने नए पीएमओ परिसर सेवातीर्थ में सेवा की भावना को दर्शाने वाले निर्णयों से संबंधित महत्वपूर्ण फाइलों पर हस्ताक्षर किए। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को दिल्ली में सेवा तीर्थ परिसर का उद्घाटन किया। इसमें प्रधानमंत्री कार्यालय, कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय स्थित हैं। सेवा तीर्थ परिसर की दीवार पर ‘नागरिक देवो भव’ का आदर्श वाक्य अंकित है। केंद्र सरकार ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि नई इमारतें भारत की प्रशासनिक शासन संरचना को दर्शाती हैं।  

देश को मिला नया PMO ‘सेवा तीर्थ’, आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा प्रधानमंत्री का दफ्तर

नई दिल्ली प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को दिल्ली में सेवा तीर्थ परिसर का उद्घाटन किया। इसमें प्रधानमंत्री कार्यालय, कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय स्थित हैं। सेवा तीर्थ परिसर की दीवार पर ‘नागरिक देवो भव’ का आदर्श वाक्य अंकित है।   प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को दिल्ली में सेवा तीर्थ परिसर का उद्घाटन किया। इसमें प्रधानमंत्री कार्यालय, कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय स्थित हैं। सेवा तीर्थ परिसर की दीवार पर ‘नागरिक देवो भव’ का आदर्श वाक्य अंकित है। केंद्र सरकार ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि नई इमारतें भारत की प्रशासनिक शासन संरचना को दर्शाती हैं। बता दें कि इससे पहले, प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा समिति सचिवालय, और कैबिनेट सचिवालय अलग-अलग स्थानों पर स्थित थे। सेवा तीर्थ का उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी ने 13 फरवरी को किया। असल में इस तारीख का ऐतिहासिक महत्व है। 13 फरवरी 1931 को नई दिल्ली औपचारिक रूप से भारत की आधुनिक राजधानी बनी थी। यह तारीख उद्घाटन के 95 वर्षों को दर्शाती है। सेवा तीर्थ के साथ, पीएम मोदी कर्तव्य भवन 1 और 2 का भी उद्घाटन करेंगे। इसमें कई प्रमुख मंत्रालयों के विभाग होंगे, जिनमें वित्त मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, कॉर्पोरेट मामले मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय, कानून और न्याय मंत्रालय, सूचना और प्रसारण मंत्रालय, कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय, रसायन और उर्वरक मंत्रालय और जनजातीय कार्य मंत्रालय शामिल हैं।  

भारतीय नेतृत्व पर पीएम मोदी का भरोसा, मलेशिया में नेताओं से की महत्वपूर्ण चर्चा

कुआलालंपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मलेशिया में मंत्रियों और सीनेटरों समेत भारतीय मूल के नेताओं से मुलाकात की और सार्वजनिक जीवन में उनकी उपलब्धियों की सराहना की। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, “जाने-माने मंत्रियों और सीनेटरों समेत पीआईओ नेताओं के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई। भारत के साथ उनका गहरा भावनात्मक जुड़ाव साफ दिख रहा था। सार्वजनिक जीवन में उनकी उपलब्धियां सभी के लिए बहुत गर्व की बात हैं।” बता दें, इससे पहले पीएम मोदी ने कुआलालंपुर में आजाद हिंद फौज के पूर्व सैनिक जयराज राजा राव से भी मुलाकात की। मुलाकात के दौरान उन्होंने सैनिकों के ऐतिहासिक योगदान और साउथ-ईस्ट एशिया में रहने वाले भारतीयों के बीच इसकी विरासत को लेकर चर्चा की। आजाद हिंद फौज को इंडियन नेशनल आर्मी (आईएनए) के नाम से भी जाना जाता है। एक्स पर जयराज राजा राव के साथ एक तस्वीर शेयर करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने आईएनए और इसके फाउंडर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की विरासत को श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा, “आईएनए के अनुभवी जयराज राजा राव से मिलना बहुत खास था। उनका जीवन बहुत हिम्मत और त्याग से भरा है। उनके अनुभव सुनना बहुत प्रेरणा देने वाला था। हम नेताजी सुभाष चंद्र बोस, आईएनए की बहादुर महिलाओं और पुरुषों के हमेशा कर्जदार रहेंगे, जिनकी बहादुरी ने भारत की किस्मत बनाने में मदद की।” पीएम मोदी ने अपने मलेशियाई समकक्ष अनवर इब्राहिम के साथ उनके आधिकारिक आवास सेरी परदाना में भी मीटिंग की। दोनों नेताओं ने इंफ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी और बायोटेक्नोलॉजी जैसे अलग-अलग सेक्टर में विकास सहयोग की समीक्षा की और सुरक्षा, रक्षा, तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर में सहयोग को मजबूत करने पर सहमत हुए। पीएम इब्राहिम से मुलाकात को लेकर भारत के प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा, “आज सेरी परदाना में पीएम अनवर इब्राहिम के साथ बहुत अच्छी मीटिंग हुई। भारत और मलेशिया समुद्री पड़ोसी हैं, जिनके बीच हमेशा गहरी दोस्ती रही है। हमने व्यापार, इंफ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी, आईटी, बायोटेक्नोलॉजी और दूसरे सेक्टर में विकास सहयोग की समीक्षा की। हम सुरक्षा, रक्षा, एआई, डिजिटल टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर के फील्ड में सहयोग को मजबूत करने पर भी सहमत हुए।”

आतंक के खिलाफ भारत अडिग: मलेशिया में पीएम मोदी ने कहा– कोई समझौता नहीं होगा

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मलेशिया के उनके समकक्ष अनवर इब्राहिम के बीच व्यापक बातचीत के बाद भारत और मलेशिया ने रविवार को रक्षा और सुरक्षा, सेमीकंडक्टर तथा व्यापार के क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने के लिए कई पहलों की शुरुआत की। बैठक के बाद मोदी ने कहा कि भारत और मलेशिया एक ‘विशेष संबंध’ साझा करते हैं और दोनों पक्ष विभिन्न क्षेत्रों में अपने संबंधों का विस्तार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री ने आतंकवाद से निपटने के मुद्दे पर भारत के रुख को दोहराते हुए कहा, ”आतंकवाद पर हमारा संदेश स्पष्ट है; कोई दोहरा मापदंड नहीं, कोई समझौता नहीं।’ पीएम मोदी कुआलालंपुर पहुंचे जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। हवाई अड्डे पर इब्राहिम ने उनका स्वागत किया जो द्विपक्षीय संबंधों में एक नई गति का संकेत है। वार्ता से पहले मोदी का आज सुबह पर्दाना पुत्र में औपचारिक स्वागत किया गया। मोदी ने कहा, ”भारत और मलेशिया के बीच एक विशेष संबंध है। हम समुद्री पड़ोसी हैं। सदियों से दोनों देशों के लोगों के बीच गहरे और स्नेहपूर्ण संबंध रहे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘आज, भारतीय मूल के लोगों की आबादी के मामले में मलेशिया दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश है। हमारी सभ्यताएं, साझा सांस्कृतिक विरासत और लोकतांत्रिक मूल्य हमें एक सूत्र में बांधते हैं।” मोदी ने कहा कि दोनों पक्ष आतंकवाद विरोधी उपायों, खुफिया जानकारी साझा करने और समुद्री सुरक्षा में सहयोग को मजबूत करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि हम रक्षा सहयोग को और अधिक व्यापक बनाएंगे। उन्होंने कहा, ”कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और डिजिटल प्रौद्योगिकियों के साथ-साथ हम सेमीकंडक्टर, स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में साझेदारी को आगे बढ़ाएंगे।’प्रधानमंत्री ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति भारत के दृष्टिकोण पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, ”हिंद-प्रशांत क्षेत्र विश्व के विकास के इंजन के रूप में उभर रहा है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आसियान (दक्षिणपूर्व एशियाई देशों का संघ) के साथ मिलकर पूरे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में विकास, शांति और स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध है। मलेशिया के प्रधानमंत्री इब्राहिम ने कहा कि भारत और मलेशिया व्यापार, निवेश, संपर्क और रक्षा के क्षेत्र में सहयोग का विस्तार करना जारी रखे हुए हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक व्यापार और आर्थिक मोर्चे पर भारत ने शानदार वृद्धि दर्ज की है।  

मास्टर सदानंद कौन हैं? भाषण के दौरान PM मोदी का जिक्र और विपक्ष पर करारा हमला

 नई दिल्ली राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजनीतिक हिंसा का जिक्र किया और संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को अपमानित करने का भी आरोप लगाया। पीएम मोदी ने इसी बहाने कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कल लोकसभा में राष्ट्रपति के संबोधन पर चर्चा नहीं हो सकी। यह संविधान का अपमान है, आदिवासी परिवार से आई महिला राष्ट्रपति का अपमान है। पीएम ने कहा कि देश के शीर्ष पद पर बैठे शख्स का अपमान करने वाले विपक्ष को संविधान शब्द बोलने का अधिकार नहीं है। प्रधानमंत्री ने कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कल लोकसभा में बड़ी दर्दनाक घटना घटी। सदन में इस तरह का माहौल बना दिया गया कि मंगलवार को आसन पर कागज फेंके गए, तब आसन पर असम के ही एक सदस्य थे। पीएम ने पूछा कि क्या यह असम का अपमान नहीं है? पीएम ने कहा कि कल बुधवार को भी आसन पर कागज फेंके गए, तब आंध्र प्रदेश के एक दलित सदस्य पीठासीन थे। शातिर दिमाग युवराज ने गद्दार कहा पीएम ने आरोप लगाया कि जब भूपेन हजारिका को भारत रत्न दिया गया, तब भी कांग्रेस ने उसका विरोध किया। उन्होंने कहा, “ये असम का विरोध है, पूरे देश के कला प्रेमियों का विरोध है। असम इसे भूलने वाला नहीं है। इसी सदन के एक माननीय सांसद को कांग्रेस के शातिर दिमाग युवराज ने गद्दार कह दिया। अहंकार कितना सातवें आसमान पर पहुंच गया है इनका। कांग्रेस छोड़कर कितने ही लोग निकले हैं, किसी और को नहीं कहा लेकिन ये सिख थे, इसलिए इन्हें गद्दार कहा, ये सिखों का, गुरुओं का अपमान है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि सिखों के प्रति उनके मन में जो नफरत भरी पड़ी है, इसी के कारण कल ऐसा कहा गया। उन्होंने कहा कि वह भी ऐसे व्यक्ति को गद्दार कहा गया, जिनका परिवार देश के लिए शहादत देने वाला परिवार रहा है। पीएम ने कहा कि यह दुर्भाग्य की बात है। सिखों के प्रति कांग्रेस के मन में क्या भाव है। मोदी की कब्र खोदना चाहते हैं प्रधानमंत्री ने इसी दौरान एक दूसरे दर्द का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “एक तरफ ये दर्द, दूसरी तरफ सदानंद मास्टर का दर्द है। राजनीतिक द्वेष के कारण भरी जवानी में उनके दोनों पैर काट दिए गए। कटे पैर से जिंदगी गुजार रहे, लेकिन संस्कार इतने ऊंचे हैं कि वाणी में जरा भी कटुता नहीं। उन्होंने जब अपने लिंब को टेबल पर रखा, वह दृष्य़ पीड़ादायक था। हम ऐसे लोगों से ही राजनीति में जीने-मरने की प्रेरणा पाते हैं।” प्रधानमंत्री ने इसके बाद कांग्रेस को मोहब्बूत की तथाकथित दुकान पर भी तंज कसा और कहा कि मोहब्बत की बात करने वाले लोग मोदी की कब्र खोदना चाहते हैं। कौन हैं मास्टर सदानंद, कैसे कटे दोनों पैर? सी. सदानंदन मास्टर (C. Sadanandan Master) केरल के एक प्रमुख शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता और राजनेता हैं, जिन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जुलाई 2025 में राज्यसभा के लिए मनोनीत किया था। वह भारतीय जनता पार्टी की केरल इकाई के उपाध्यक्ष हैं और लंबे समय तक RSS से जुड़े रहे हैं। 25 जनवरी 1994 को, जब वे मात्र 30 वर्ष के थे,तब केरल के कन्नूर जिले में उन पर एक जानलेवा हमला हुआ था। कथित तौर पर कम्युनिस्ट पार्टी (CPIM) के कार्यकर्ताओं ने उनके दोनों पैर काट दिए थे। यह हमला उनकी विचारधारा बदलने (वामपंथ से संघ की ओर) की सजा के तौर पर किया गया था। कृत्रिम पैरों के सहारे खड़े हुए इस भयानक त्रासदी के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। वे कृत्रिम पैरों के सहारे खड़े हुए और 25 वर्षों तक त्रिशूर के एक स्कूल में सामाजिक विज्ञान के शिक्षक के रूप में सेवा दी। वे नेशनल टीचर्स यूनियन के उपाध्यक्ष भी रहे हैं। दो दिन पहले ही राज्यसभा में अपने भाषण के दौरान उन्होंने अपनी नकली टांगें टेबल पर रखकर राजनीतिक हिंसा का मुद्दा उठाया, जिसकी देश भर में चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें “साहस का प्रतीक” बताया है। उन्हें भाजपा और संघ के हलकों में एक “जीवित शहीद” के रूप में देखा जाता है। मास्टर सदानंद ने राज्यसभा में बताई थी आपबीती राज्यसभा में सोमवार को अपने संबोधन में सदानंद मास्टर ने बताया कि किस तरह विचारधारा अलग होने के कारण केरल में भाजपा और संघ के कार्यकर्ताओं को अमानवीय यातनाएं सहनी पड़ी हैं। वर्षों से कार्यकर्ताओं पर जानलेवा हमले किए गए, कई लोगों की हत्या हुई और कई को स्थायी शारीरिक नुकसान झेलना पड़ा। उन्होंने अपने भाषण में उन दृश्यों का उल्लेख किया, जिन्हें देखकर ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि किसी का पैर काट देना या केवल वैचारिक असहमति के कारण किसी की जान ले लेना किसी भी सभ्य समाज के लिए शर्मनाक है। उन्होंने इस हिंसा को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए कहा कि इसके बावजूद भाजपा और संघ के कार्यकर्ताओं ने धैर्य, साहस और लोकतंत्र में विश्वास बनाए रखा।

सिख होने पर ‘गद्दार’ कहे जाने का आरोप, राहुल गांधी के बयान पर पीएम मोदी का बड़ा प्रहार

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को राहुल गांधी पर बड़ा हमला बोला। पीएम मोदी ने कहा कि राहुल गांधी ने रवनीत बिट्टू को गद्दार कहा, क्योंकि वह सिख हैं। उन्होंने कहा कि यह सिखों का अपमान है। राज्यसभा में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कल जो हुआ, कांग्रेस के ‘युवराज’ जिनका शातिर दिमाग है, उन्होंने इस सदन के एक सांसद को ‘गद्दार’ कहा। प्रधानमंत्री ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका अहंकार चरम पर है। उन्होंने कांग्रेस छोड़ने वाले किसी और को गद्दार नहीं कहा। लेकिन उन्होंने उस सांसद को गद्दार इसलिए कहा क्योंकि वे एक सिख हैं। यह सिखों का अपमान था, गुरुओं का अपमान था। यह सिखों के प्रति उस नफरत का इजहार था जो कांग्रेस में भरी हुई है। पीएम मोदी ने कहा कि रवनीत बिट्टू उस परिवार के सदस्य हैं, जिसने देश के लिए खुद को कुर्बान कर दिया। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसे लोग कांग्रेस को डुबो देंगे। क्या हुआ था राहुल गांधी-बिट्टू के बीच गौरतलब है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच बुधवार को नोक-झोंक देखने को मिली जब संसद परिसर में कांग्रेस नेता ने उन्हें ‘गद्दार’ कहा। इसके जवाब में बिट्टू ने ‘देश का दुश्मन’ कहा। यह घटना संसद के मकर द्वार के निकट उस वक्त हुई, जब संसद के बजट सत्र की शेष अवधि से निलंबित किए गए आठ विपक्षी सांसद प्रदर्शन कर रहे थे। कांग्रेस के सांसद रह चुके बिट्टू संसद भवन में प्रवेश कर रहे थे और यह टिप्पणी करते हुए सुने गए कि ये (प्रदर्शन कर रहे सांसद) जंग जीतकर आए हैं। इस पर, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि देखिए यहां एक गद्दार चला आ रहा है…मेरे गद्दार मित्र, चिंता मत करो, वापस आओगे। सोनिया गांधी का ‘बिगड़ा हुआ बेटा’ बिट्टू ने बाद में राहुल गांधी को कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी का ‘बिगड़ा हुआ बेटा’ करार दिया। भाजपा नेता ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने यह बात कई अन्य सांसदों से क्यों नहीं कही, बल्कि केवल एक सिख से ही क्यों कही? बिट्टू ने एक वीडियो संदेश में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि गांधी परिवार खुद को सबसे बड़ा ‘देशभक्त’ मानते हैं क्योंकि उनके पिता (राजीव गांधी) ने अपना जीवन कुर्बान किया था। मैंने पार्टी में यह लड़ाई लड़ी कि मेरे दादा, बेअंत सिंह गांधी परिवार द्वारा लगाई गई आग के कारण पंजाब में शहीद हुए। सिखों के खून से रंगे हैं हाथ सांसद ने आगे दावा किया कि कांग्रेस देश के खिलाफ है और उनके हाथ सिखों के खून से रंगे हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरदार और पगड़ी देखकर कांग्रेस नेता ने इस तरह का व्यवहार किया। बिट्टू ने कहा कि यह सरदार गांधी परिवार के उस वंशज से कभी हाथ नहीं मिलाएगा, जो सिखों का हत्यारा है और जिसने गुरुद्वारों को ध्वस्त किया है। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह कांग्रेस में दोबारा शामिल होंगे, तो बिट्टू ने पलटवार किया, ‘वापस आए, मेरी जूती।’ बिट्टू ने कहा कि इस मामले को लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष उठाना होगा क्योंकि वही इसके संरक्षक हैं।  

एशिया पर फोकस: पीएम मोदी की मलेशिया यात्रा से बढ़ेंगे रिश्ते, महत्वपूर्ण समझौतों के संकेत

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 7-8 फरवरी 2026 को मलेशिया की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे। इस दौरान वह मलेशिया के प्रधानमंत्री के साथ कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत करेंगे। भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मलेशिया के प्रधानमंत्री दातो सेरी अनवर इब्राहिम ने आमंत्रित किया है। यह प्रधानमंत्री की मलेशिया की तीसरी यात्रा होगी और अगस्त 2024 में भारत-मलेशिया द्विपक्षीय संबंधों को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ का दर्जा दिए जाने के बाद पहली यात्रा होगी। इस यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ द्विपक्षीय चर्चा करेंगे। प्रधानमंत्री भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ-साथ उद्योग और व्यापार प्रतिनिधियों से भी बातचीत करेंगे। प्रधानमंत्री की यात्रा के साथ ही 10वां भारत-मलेशिया सीईओ फोरम भी आयोजित किया जाएगा। भारत और मलेशिया ऐतिहासिक, सभ्यतागत और सांस्कृतिक संबंधों पर आधारित दीर्घकालिक मित्रता साझा करते हैं। मलेशिया में 29 लाख से अधिक भारतीय प्रवासी समुदाय की उपस्थिति से यह संबंध और भी मजबूत होता है, जो विश्व में तीसरा सबसे बड़ा है। भारत-मलेशिया संबंध बहुआयामी और विकसित हो रहे हैं। प्रधानमंत्री की आगामी यात्रा दोनों नेताओं के लिए व्यापार और निवेश, रक्षा, सुरक्षा और समुद्री सहयोग से लेकर डिजिटल और वित्तीय प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, संस्कृति, पर्यटन, और जन-संबंधों तक फैले द्विपक्षीय सहयोग के संपूर्ण दायरे की समीक्षा करने का अवसर प्रदान करती है। साथ ही पारस्परिक लाभ के लिए भविष्य में होने वाले सहयोग की रूपरेखा तैयार करने का भी अवसर देती है।

‘क्यों चुप है केंद्र सरकार?’ Epstien Files को लेकर दीपक बैज ने PM मोदी पर साधा निशाना

रायपुर जेफ्री एपस्टीन फाइल्स में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी 2017 की इजरायल यात्रा के दावों पर पीसीसी चीफ दीपक बैज का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि एपस्टीन फाइल्स मामले में केंद्र सरकार चुप क्यों हैं? सरकार को इस मामले में जवाब देना चाहिए. हालांकि इस मामले में भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पष्ट किया है कि इजरायल दौरे के अलावा कही गई बातें एक दोषी की बकवास और निरधार कल्पनाएं है. इसे पूरी तरह तिरस्कार के साथ खारिज किया जाना चाहिए. गरियाबंद हिंसा मामले में पीसीसी चीफ दीपक बैज ने सरकार पर निशाना साधा है. गरियाबंद के फिंगेश्वर में सांप्रदायिक हिंसा को लेकर कहा कि सरकार कहां है, कौन इसका जिम्मेदार है. लॉ एंड ऑर्डर कहां है, सरकार ने आग में झोंक दिया है. समय पर रोक कार्रवाई होती तो इतनी बड़ी घटना नहीं घटती. बैज ने लॉ एंड ऑर्डर खराब होने के चलते घटना घटी की बात कहते हुए न्यायिक जांच की मांग की है. पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि सरकार की तीन नाकामियों को लेकर पीसी कर रहे हैं. धान खरीदी को लेकर किसान परेशान हैं. उन्होंने बताया कि सरकार का घोषित लक्ष्य 165 लाख मीट्रिक टन था. पिछले साल से 9 लाख 15 हजार मीट्रिक टन धान कम खरीदा गया. कई किसानों का पंजीयन हुआ, लेकिन टोकन नहीं दिया गया है. सरकार का रवैया किसानों के प्रति सही नहीं है. बैज ने आरोप लगाया कि किसानों के खिलाफ सरकार लगातार षड्यंत्र कर रही है. 29 जिलों में धान की खरीदी कम हुई है. दीपक बैज ने कहा कि कम धान खरीदी पर सरकार ने जश्न भी मनाया. सरकार छत्तीसगढ़ के किसानों से माफी मांगे. धान खरीदी की तारीख की मांग को दोहराते हुए कहा कि किसानों के लिए कांग्रेस ने सड़को पर उतरकर प्रदर्शन किया, बचे हुए किसानों का टोकन काटने की मांग की. लेकिन गूंगी बहरी सरकार आंख बंद कर चुप रही. किसान परेशान और चिंतित है. बैज ने कहा कि यह हटधर्मिता और किसान विरोधी सरकार है. सरकार का इतना जिद्द ठीक नहीं है. सरकार को एक सर्कुलेशन जारी कर बचे हुए किसानों का धान खरीदना चाहिए. धान खरीदी में सरकार फेल है. पीसीसी चीफ दीपक बैज ने केंद्रीय बजट 2026 को लेकर कहा कि छत्तीसगढ़ को इस बार के बजट में भी ठगा गया. माइनिंग का विशेष कॉरिडोर बनाने का निर्णय हुआ. चहेते उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने वाला बजट है. बजट में छत्तीसगढ़ की उपेक्षा की गई है.

बजट पर पीएम मोदी: रिफॉर्म्स को नई दिशा, नागरिकों में निवेश से बनेगा आत्मनिर्भर भारत

नई दिल्ली पीएम मोदी ने रविवार को बजट पर कहा, ‘देश में रिफॉर्म एक्सप्रेस चल पड़ी है। जो बदलाव किए गए हैं वो एक्सप्रेशन से भरे हुए भारत के साहसिक प्रतिभाशाली युवाओं को खुला आसमान देते हैं।’ उन्होंने कहा कि बजट से रिफॉर्म्स को नई गति मिलेगी। ये स्किल, स्केल और सस्टेनेबिलिटी को मजबूत करने का प्रयास है। सबसे बड़ी पूंजी नागरिक, इसी में निवेश किया। पीएम ने कहा कि यह एक ऐसा यूनिक बजट है, जिसमें फिसकल डेफिसिट कम करने पर फोकस है। इसके साथ बजट में हाई कैपेक्स और हाई ग्रोथ का समन्वय है। यह देश की ग्लोबल भूमिका को नए सिरे सशक्त करता है।

BJP के लिए अहम है डेरा सचखंड, पंजाब दौरे पर जा रहे PM मोदी

जालंधर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी एक फरवरी को बजट को पेश करवाने के बाद शाम को पंजाब दौरे पर जा रहे हैं। पीएम का यह दौरा गुरु रविदास की 649वीं जयंती के अवसर पर रविदसिया समाज के मुख्यालय जालंधर के बल्लां स्थित डेरा सचखंड में हो रहा है। विधानसभा चुनाव के लिए एक साल से भी कम समय बचा है। ऐसे में राज्य की जाति आधारित राजनीति में रविदासिया समाज की भूमिका को देखते हुए पीएम का इस समाज के मुख्यालय पर यह दौरा और भी ज्यादा खास हो गया है। पीएम मोदी के इस दौरे के पहले जालंधर को दहलाने की भी कोशिश की गई थी। यहां के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। हालांकि बाद में वह सब फर्जी साबित हुए। पीएम का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब भाजपा और उसकी पूर्व क्षेत्रीय सहयोगी पार्टी राज्य में दलित समुदाय को साधने की कोशिश कर रही है। आखिर क्यों अहम है रविदासिया समाज? पंजाब में आने वाले समय में विधानसभा चुनाव होने हैं। भाजपा समेत तमाम पार्टियां दलित वोटर्स को लुभाने में लगी हुई है। ऐसे में दोआबा क्षेत्र, जहां पर लगभग 45 फीसदी दलित आबादी रहती है, जो कि पंजाब के औसत 32 फीसदी से कहीं ज्यादा है। इस क्षेत्र में राज्य की 23 विधानसभा सीटें आती हैं, जिसमें बल्लां स्थित डेरे की पकड़ इनमें से करीब 19 सीटों पर है। संसद में बजट पेश करवाने के बाद पंजाब के दौरे पर जा रहे पीएम का कार्यक्रम काफी व्यस्त रहने वाला है। जालंधर पहुंचने के पीएम मोदी यहां पर आदमपुर एयरपोर्ट का नया नामकरण करेंगे। यह एयरपोर्ट कल के बाद श्री गुरु रविदास जी एयरपोर्ट आदमपुर के नाम से जाना जाएगा। इस एयरपोर्ट का नाम बदलने की मांग काफी पहले से की जा रही थी। केंद्र की सत्ताधारी पार्टी भाजपा हर तरीके से इस समुदाय को खुश करने में लगी हुई है। हाल ही में 26 जनवरी को पद्म पुरस्कार विजेताओं में यहां के डेरा प्रमुख निरंजन दास का नाम भी शामिल था। दलित वोटरों पर भाजपा की नजर भाजपा शुरुआती दौर से ही पंजाब में शिरोमणि अकाली दल की जूनियर बनकर रही है। किसान आंदोलन के बाद राज्य में भाजपा की स्थिति में थोड़ी और गिरावट आई। इसके अलावा शिरोमणि अकाली दल भी साथ छोड़ गया। अब ऐसे में भाजपा का मुख्य फोकस राज्य के दलित वोटरों पर ही है और यही पार्टी के लिए राज्य में खड़े होने की कुंजी भी है। राज्य में पार्टी की इस योजना का असर होते हुए भी दिख रहा है। आंकड़ों की मानें तो 2022 विधानसभा चुनाव में भाजपा का वोट शेयर केवल 6.6 फीसदी था, जो कि लोकसभा चुनाव में बढ़कर 18.56 फीसदी हो गया। हालांकि, इसमें किसान आंदोलन के असर का कम होने जैसे फैक्टर भी शामिल हो सकते हैं। विश्लेषकों की मानें तो रविदासिया समुदाय को साधकर भाजपा यहां पर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगाना चाहती है। हालांकि पंजाब की राजनीति पर करीबी से नजर रखने वाले लोगों का मानना है कि पंजाब के दलित मतदाता एकजुट होकर वोट नहीं देते हैं। प्रिंट से बात करते हुए। चंडीगढ़ के डीएवी कॉलेज की डॉ. कंवलप्रीत कौर ने द प्रिंट से कहा, “रविदासिया और अन्य दलित समुदाय एकमुश्त किसी एक पार्टी को वोट नहीं देते। वे स्थानीय मुद्दों, उम्मीदवारों और गठबंधनों के आधार पर रुख बदलते हैं।” उनका कहना है कि समुदाय लंबे समय से अलग पहचान की मांग करता रहा है और बीजेपी इस पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दिलाने की कोशिश कर रही है। भाजपा क्या बोली? राजनीति चाहें कुछ भी कहें लेकिन भाजपा नेतृत्व ने इस दौरे को राजनैतिक चश्मे से न देखने की अपील की है। केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा, “यह पंजाब के लिए गर्व का क्षण है। प्रधानमंत्री का रविदास जयंती समारोह में शामिल होना सभी समुदायों में एकता का संदेश देता है।” पंजाब बीजेपी अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि बजट वाले दिन प्रधानमंत्री का यह दौरा “आस्था और सम्मान को दी जा रही प्राथमिकता” को दर्शाता है। जाखड़ ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस ने लंबे समय तक इस समुदाय को नजरअंदाज किया।

भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश, जी7 शिखर सम्मेलन को बताया सार्थक: पीएम मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कनाडा के कनानास्किस में आयोजित ‘जी7 शिखर सम्मेलन’ का एक वीडियो बुधवार को सोशल मीडिया पर शेयर किया। उन्होंने जी7 सम्मेलन को “सार्थक” बताया और आतंकवाद से खिलाफ सख्त कार्रवाई का आह्वान किया। पीएम मोदी ने वीडियो शेयर करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “एक सार्थक जी-7 शिखर सम्मेलन, जिसमें कई मुद्दों पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ।” एक मिनट 40 सेकंड के इस वीडियो की शुरुआत कनानास्किस के खूबसूरत नजारे के साथ होती है। वीडियो में पीएम मोदी कनाडा के प्रधानमंत्री के साथ नजर आ रहे हैं। कनाडा के पीएम मार्क कार्नी कहते हैं कि जी7 में आपकी (पीएम मोदी की) मेजबानी करना “मेरे लिए बहुत सम्मान की बात” है। उन्होंने कहा कि भारत (2019 में फ्रांस के) बियारिट्ज से जी7 में शामिल हो रहा है और यह “आपके देश और आपके नेतृत्व के महत्व का प्रमाण” है। इसके बाद वीडियो में पीएम मोदी की आवाज सुनाई देती है। वह कहते हैं, “भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। पिछले दिनों जी20 समिट के अध्यक्ष के रूप में भारत ने विश्व के लिए अनेक ऐसे इनिशिएटिव लिए हैं। जी20 में भारत ने जो मजबूत नींव रखी है, उसको नए स्वरूप में जी7 में उसके एग्जीक्यूशन (कार्यान्वयन) की दिशा में ले जाने का आज एक बहुत बड़ा अवसर है और भारत इस अवसर का उपयोग करने के लिए वैश्विक स्तर पर हमेशा इच्छुक रहा है।” इससे पहले, बुधवार को कनाडा के कनानास्किस में ‘जी7 शिखर सम्मेलन’ के आउटरीच सत्र में हिस्सा लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘आतंकवाद का समर्थन और उसे बढ़ावा देने वाले देशों के खिलाफ सख्त कार्रवाई’ का आह्वान किया। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत को मजबूत समर्थन देने के लिए वैश्विक समुदाय का आभार जताते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “पहलगाम आतंकी हमला सिर्फ भारत पर नहीं, बल्कि पूरी मानवता पर हमला था।”

पीएम मोदी से मिलने के पहले मंत्रियों को कराना होगा RT-PCR टेस्ट, कोरोना के बढ़ते केस के बीच फैसला

नई दिल्ली कोरोना वायरस के मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच सरकार भी अलर्ट मोड पर है। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने वाले मंत्रियों को आरटी पीसीआर टेस्ट कराना जरूरी होगा। हालांकि, इसे लेकर सरकार की ओर से आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। यह फैसला ऐसे समय पर लिया जा रहा है, जब कई राज्यों में कोविड-19 के एक्टिव केस तेजी से बढ़ रहे हैं। इंडिया टुडे की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि पीएम मोदी से मिलने वाले मंत्रियों को RT-PCR टेस्ट कराना होगा। आंकड़े बता रहे हैं कि देश में एक्टिव केस की संख्या 7 हजार के पार हो चुकी है। भारत में कोविड के हाल केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के बुधवार के आंकड़ों के अनुसार, देश में 7 हजार 121 एक्टिव केस हैं। सबसे ज्यादा केस केरल में 2 हजार 223 हैं। वहीं, गुजरात में उनकी संख्या 1 हजार 223 है। तीसरे स्थान पर 757 एक्टिव केस के साथ राजधानी दिल्ली है। इनके अलावा पश्चिम बंगाल में 747, महाराष्ट्र में 615, उत्तर प्रदेश में 229, कर्नाटक में 459, तमिलनाडु में 204, राजस्थान में 138, हरियाणा में 125 हैं। आंध्र प्रदेश में 72, असम में 6, बिहार में 47, चंडीगढ़ में 3, छत्तीसगढ़ में 48, गोवा में 6, हिमाचल प्रदेश में 2, जम्मू और कश्मीर में 9, झारखंड में 10, मध्य प्रदेश में 65, मणिपुर में 1, ओडिशा में 41, पुडुचैरी में 10, पंजाब में 33, सिक्किम में 33, तमिलनाडु में 204, तेलंगाना में 11, त्रिपुरा में 1, उत्तराखंड में 3 मरीजों का इलाज जारी है।

पाक के विदेश मंत्री ने कहा- हम भारतीय पीएम के बयान से निराश हैं, हमले में खुद के शामिल होने का सुबूत भी मांगा

नई दिल्ली पहलगाम आतंकी हमले को लेकर पीएम मोदी के बयान पर पाकिस्तान को मिर्ची लगी है। इसको लेकर पाकिस्तानी विदेश मंत्री का जवाब आया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री मुहम्मद इशाक डार ने कहा है कि हम भारतीय प्रधानमंत्री के बयान से निराश हैं। साथ ही उसने पहलगाम हमले में खुद के शामिल होने का सुबूत भी मांगा है। गौरतलब है कि कश्मीर में चिनाब ब्रिज और वंदे भारत ट्रेन को झंडी दिखाने के बाद में भारतीय प्रधानमंत्री ने वहां की जनता को संबोधित किया था। इस दौरान उन्होंने पहलगाम पर हमले को इंसानियत और कश्मीरियत पर हमला बताया था। पीएम मोदी ने पाकिस्तान को जमकर सुनाया गौरतलब है कि पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने पहलगाम में 22 अप्रैल को हमला कर दिया था। इसमें कई बेकसूर भारतीय टूरिस्ट मारे गए थे। इसके बाद भारत ने पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया था। आतंकी हमलों के बावजूद कश्मीर में विकास की यात्रा बदस्तूर जारी है। शुक्रवार को पीएम मोदी ने कश्मीर में चिनाब ब्रिज, अंजी ब्रिज का शुभारंभ किया। अलावा यहां पर वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी भी दिखाई। इसके बाद पीएम मोदी ने पाकिस्तान को जमकर सुनाया था। पाकिस्तान को बताया गरीबों का दुश्मन मोदी ने कहाकि पाकिस्तान गरीबों की रोजी-रोटी का भी दुश्मन है। 22 अप्रैल को पहलगाम में जो हुआ, वह इसका स्पष्ट उदाहरण है। पाकिस्तान ने पहलगाम में इंसानियत और कश्मीरियत पर हमला किया। उन्होंने कहाकि पाकिस्तान का इरादा भारत में सांप्रदायिक दंगे भड़काना था। वह मेहनतकश कश्मीरियों की रोजी-रोटी भी छीनना चाहता था, इसलिए उसने पर्यटकों को निशाना बनाया। यह पहलगाम आतंकी हमला और उसके जवाब में भारत की ओर से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ की गई कार्रवाई के बाद प्रधानमंत्री का पहला जम्मू-कश्मीर दौरा था। ऑपरेशन सिंदूर की भी दिलाई याद मोदी ने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों ने ठीक एक महीने पहले, छह-सात मई की दरमियानी रात को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान में छिपे आतंकवादियों पर कयामत बरपाई थी। उन्होंने कहाकि पाकिस्तान जब भी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का नाम सुनेगा, उसे अपनी शर्मनाक हार की याद ताजा हो जाएगी। प्रधानमंत्री ने कहाकि पाकिस्तान की सेना और आतंकवादी नेटवर्क ने भारत के इस साहसिक कदम की कभी कल्पना भी नहीं की होगी। उनके देश में सैकड़ों किलोमीटर अंदर दशकों में बनाए गए आतंकवादी ढांचों को कुछ ही मिनटों में नष्ट कर दिया गया।  

कनाडा पीएम ने फोन कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जी-7 शिखर सम्मेलन का दिया न्योता, प्रधानमंत्री होंगे शामिल

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी-7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए कनाडा जाएंगे। पीएम मोदी को खुद कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने फोन कर न्योता भेजा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस संबंध में एक्स पोस्ट में जानकारी दी है। दरअसल, इस बार जी-7 शिखर सम्मेलन का आयोजन कनाडा में हो रहा है। पीएम मोदी ने इसी महीने के अंत में कनाडा के कनानैस्किस में आयोजित होने वाले इस शिखर सम्मेलन में मिले न्योता के लिए कनाडा के पीएम का आभार जताया है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया। पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा कि कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क जे कार्नी से फोन पर बात करके खुशी हुई। हाल ही में हुए चुनाव में उनकी जीत पर उन्हें बधाई दी और इस महीने के अंत में कनानैस्किस में होने वाले जी 7 शिखर सम्मेलन में आमंत्रित करने के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। पीएम मोदी ने मार्क कार्नी को दी बधाई इसके अलावा पीएम मोदी मोदी ने अपने पोस्ट के माध्यम से कनाडा के नवनिर्वाचित पीएम मार्क कार्नी को बधाई भी दी है। बता दें कि कार्नी के पूर्ववर्ती जस्टिन ट्रूडो की सरकार के दौरान देश में खालिस्तानी अलगाववादियों की गतिविधियों सहित कई मुद्दों पर भारत के कनाडा के साथ संबंध ठंडे पड़ गए थे।

पहलगाम आतंकी हमला कश्मीरियों की आय रोकने की पाक की साजिश थी, दंगे भड़काना था उद्देश्य: पीएम मोदी

नई दिल्ली  जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी पर बने दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे ब्रिज समेत कई अन्य प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को पाकिस्तान पर जमकर निशाना साधा। कटरा में पीएम मोदी ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमला कश्मीरियों की आय रोकने की पाकिस्तान की साजिश थी, लेकिन भारत आतंकवाद के आगे कभी नहीं झुकेगा। जम्मू-कश्मीर के युवा इस लड़ाई में एकजुट हैं। मोदी ने कहा कि पहलगाम की घटना इंसानियत और कश्मीरियत पर हमला थी, इसका उद्देश्य भारत में दंगे भड़काना था। पहलगाम आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री का जम्मू-कश्मीर का यह पहला दौरा है। 22 अप्रैल को हुए हमले में 26 पर्यटकों की जान चली गई थी। कटरा में उन्होंने कहा कि पाकिस्तान मानवता, पर्यटन, कश्मीरियों की ‘रोजी-रोटी’ के खिलाफ है और इसलिए उसने पहलगाम में पर्यटकों पर हमला किया। पीएम मोदी ने कहा, ”माता वैष्णो देवी के आशीर्वाद से आज वादी-ए-कश्मीर, भारत के रेल नेटवर्क से जुड़ गई है। चिनाब ब्रिज, दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज है। ये ब्रिज, एफिल टॉवर से भी ऊंचा है। अब लोग चिनाब ब्रिज के जरिए कश्मीर देखने तो जाएंगे ही, साथ ही ये ब्रिज भी अपने आप में एक आकर्षक टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनेगा। ये हमारी सरकार का सौभाग्य है कि इस प्रोजेक्ट ने हमारे कार्यकाल में गति पकड़ी और हमने इसे पूरा करके दिखाया। रास्ते में आने जाने की मुश्किलें, मौसम की परेशानी, लगातार पहाड़ों से गिरते पत्थर… ये प्रोजेक्ट पूरा करना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन हमारी सरकार ने चुनौती को ही चुनौती देने का रास्ता चुना है।” उन्होंने आगे कहा कि उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लाइन परियोजनाएं, ये सिर्फ नाम नहीं हैं, ये जम्मू कश्मीर के नए सामर्थ्य की पहचान हैं। भारत के नए सामर्थ्य का जयघोष है। थोड़ी देर पहले मुझे चिनाब ब्रिज और अंजी ब्रिज का लोकार्पण करने का अवसर मिला है। आज ही दो नई वंदे भारत ट्रेनें जम्मू कश्मीर को मिली है। जम्मू में नए मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास हुआ है। 46,000 करोड़ रुपये की ये परियोजनाएं जम्मू और कश्मीर के विकास को नई गति देंगे। आज का ये कार्यक्रम भारत की एकता और भारत की इच्छाशक्ति का विराट उत्सव है।” उन्होंने कहा कि चिनाब, अंजी पुल जम्मू-कश्मीर के लिए समृद्धि के प्रवेश द्वार के रूप में काम करेंगे। ‘ऑपरेशन सिंदूर सुनते ही पाक को याद आएगी शर्मनाक हार’ उन्होंने कहा कि सरकार ने पाकिस्तान की गोलाबारी में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए मकानों के मालिकों को दो-दो लाख रुपये और आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए मकानों के स्वामियों को एक-एक लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता राशि देने का फैसला किया है। जम्मू-कश्मीर में विकास का जो वातावरण बना था, वह पहलगाम के हमले से रुकने वाला नहीं। पाकिस्तान की साजिश के खिलाफ जम्मू-कश्मीर के लोग उठ खड़े हुए हैं और उन्होंने दुनिया को आतंकवाद के खिलाफ कड़ा संदेश दिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब भी पाकिस्तान ऑपरेशन सिंदूर का नाम सुनेगा, उसे अपनी शर्मनाक हार याद आ जाएगी।  

पीएम मोदी 31 मई को मध्य प्रदेश आ रहे हैं, महिला सशक्तिकरण के लिए आयोजित कार्यक्रम में लेंगे हिस्सा

भोपाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 मई को मध्य प्रदेश आ रहे हैं। वे इस दौरान भोपाल में महिला सशक्तिकरण के लिए आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे और राज्य के कई हिस्सों को बड़ी सौगात देंगे। भोपाल का कार्यक्रम सफल हो, इसकी जिम्मेदारी सभी जिलों के प्रभारी मंत्रियों को सौंपी गई है। प्रधानमंत्री मोदी 31 मई को भोपाल के जम्बूरी मैदान में आयोजित महिला समागम को संबोधित करेंगे। इस आयोजन में प्रदेश भर की दो लाख महिलाएं हिस्सा लेने वाली हैं। इस आयोजन की सरकार और संगठन दोनों तैयारी कर रहे हैं। मंगलवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में आयोजन की तैयारियों पर चर्चा हुई। साथ ही, प्रभारी मंत्रियों को अपने-अपने जिले में आयोजित कार्यक्रमों को सफल बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस बैठक की जानकारी देते हुए नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि मध्य प्रदेश में निवेश लाने के लिए अनुकूल चार्टर बनाने के निर्देश दिए गए हैं, साथ ही एक ऐसा पर्यटन स्थल विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है, जिससे दुनिया के पर्यटक आएं। इसके अलावा राज्य में जल संसाधनों के प्रभावी उपयोग के लिए नदी ग्रिड योजना बनाई जाएगी। शहरों के सुव्यवस्थित विकास के लिए टू-टियर और थ्री-टियर शहरों की योजना बनेगी। आगामी कैबिनेट बैठक पचमढ़ी में होगी। इसके साथ ही सरकारी कामकाज को और बेहतर बनाने के लिए टाइपराइटर जैसे पुराने पदों को हटाकर कंप्यूटर ऑपरेटर के पदों का सृजन किया जाएगा। विजयवर्गीय ने बताया है कि खेती को लाभ का धंधा बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के साथ निवेश बढ़ाने पर भी बैठक में चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी अपने एक दिवसीय प्रवास के दौरान भोपाल से उज्जैन के सिंहस्थ महापर्व की तैयारियों के अंतर्गत नमामि क्षिप्रे परियोजना के तहत घाट निर्माण एवं अन्य कार्यों का वर्चुअल भूमि-पूजन करेंगे। क्षिप्रा नदी पर 778.91 करोड़ रुपए की लागत वाले ये निर्माण कार्य धार, उज्जैन, इंदौर और देवास जिले के हैं। इसी तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 मई को प्रदेश के दो प्रमुख तीर्थ स्थलों दतिया और सतना को हवाई उड़ान की ऐतिहासिक सौगात देंगे। प्रधानमंत्री मोदी भोपाल से वर्चुअली दतिया और सतना में नव निर्मित एयरपोर्ट्स का लोकार्पण करेंगे। इसके अलावा भारत का सबसे स्वच्छ शहर इंदौर एक नए युग में प्रवेश करने जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी शनिवार भोपाल से वर्चुअली इंदौर मेट्रो के सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर पर यात्री सेवा का शुभारंभ करेंगे। यह लगभग 6 किलोमीटर का हिस्सा येलो लाइन का सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर है।

PM मोदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ सैन्यबल के भरोसे नहीं बल्कि इसमें जनबल की भागीदारी होना भी जरूरी

गांधीनगर गुजरात दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अलग ही रूप दिखाई दे रहा है, वो केवल पाकिस्तान को ही चेतावनी नहीं दे रहे बल्कि विश्व के देशों को भारत की ताकत का अहसास करा रहे हैं, विश्व की चौथी अर्थ व्यवस्था बन जाने के बाद अब प्रधानमंत्री मोदी ने देश को तीसरी अर्थ व्यवस्था बनाने पर फोकस शुरू कर दिया है। प्रधानमंत्री मोदी आज गांधीनगर पहुंचे यहाँ उन्होंने कहा मैं दो दिन से गुजरात में हूं। कल वडोदरा, दाहोद, भुज, अहमदाबाद और आज गांधीनगर में हूं। मैं जहां-जहां गया वहां गर्जना करता सिंदूरिया सागर और लहराता तिरंगा जन-जन के हृदय में मातृभूमि के प्रति अपार प्रेम और देशभक्ति का ज्वार देखने को मिल रहा है। ये दृश्य सिर्फ गुजरात में नहीं है, हिंदुस्तान के कोने-कोने में है, हर हिंदुस्तानी के दिल में है। ‘विदेशी सामान न बेचें व्यापारी’ पीएम मोदी ने कहा 2047 तक विकसित भारत बनाने और अर्थव्यवस्था को तत्काल चार से तीन नंबर पर ले जाने के लिए अब हम कोई विदेशी चीज का इस्तेमाल नहीं करेंगे. हमें गांव-गांव व्यापारियों को शपथ दिलवानी होगी कि विदेशी सामानों से कितना भी मुनाफा क्यों न हो, कोई भी विदेश चीज नहीं बेचेंगे. उन्होंने कहा कि आज छोटी आंखों वाले गणेश जी भी विदेश से आ जाते हैं, गणेश जी की आंख भी नहीं खुल रही हैं. होली पर रंग और पिचकारी तक विदेशों से आ रहे हैं. सीधे तौर पर यहां पीएम मोदी का इशारा चीन की तरफ था, जिसके प्रोडक्ट त्योहारों पर भारतीय बाजारों में धड़ल्ले से बिकते हैं. देशवासियों से अपील करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के लिए देश का नागरिक होने के नाते आप सभी को एक काम करना है. घरों में जाकर लिस्ट बनाएं कि आपके घर में सुबह से शाम तक कितनी विदेश चीजों का उपयोग होता है. घरों में हेयरपिन, टूथपिक तक विदेशी घुस गई है. उन्होंने कहा कि देश को बचाना है, बनाना है, आगे बढ़ाना है तो ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ सैनिकों के जिम्मे नहीं है, ऑपरेशन सिंदूर 140 करोड़ नागरिकों की भी जिम्मेदार है. ‘मेड इन इंडिया पर करें गर्व’ उन्होंने कहा कि जो आपके पास विदेशी सामान हैं, उन्हें फेंकने के लिए नहीं कह रहा हूं. लेकिन ‘वोकल फॉर लोकल’ के लिए आप नया विदेशी सामान नहीं लेंगे. पीएम मोदी ने कहा कि एक-दो फीसदी ही ऐसी चीजें हैं जो आपको बाहर की लेनी पड़े जो हमारे यहां उपलब्ध न हों, बाकी सभी सामान आज हिंदुस्तान में बन रहे हैं. आज हमें अपनी ब्रांड मेड इन इंडिया पर गर्व होना चाहिए. पीएम मोदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर सैन्यबल से नहीं जनबल से जीतना है और जनबल मातृभूमि में पैदा हुई हर चीज से आता है, जिसमें इस मिट्टी की सुगंध हो. इस देश के नागरिक के पसीने की सुगंध हो, ऐसे चीजों का इस्तेमाल करना है. उन्होंने कहा कि इस आंदोलन तक जन-जन तक लेकर जाना है. इससे देश को विकसित राष्ट्र बनाने का सपना पूरा होगा. ‘ये प्रॉक्सी वॉर नहीं, युद्ध है’ पीएम मोदी ने कहा कि पाकिस्तान के साथ जब भी युद्ध की नौबत आई तो तीनों बार भारत सैन्य शक्ति ने पाकिस्तान को धूल चटाई है. पाकिस्तान समझ गया कि वह लड़ाई में भारत से जीत नहीं सकता और इसीलिए उसने प्रॉक्सी वॉर शुरू किया. आतंकियों को सैन्य प्रशिक्षण देकर भारत भेजा जाता है और निर्दोष लोगों को निशाना बनाया जाता है. पाकिस्तान को जब भी मौका मिला वो मारते रहे और हम सहते रहे. उन्होंने कहा कि हम शांति प्रिय देश हैं लेकिन जब बार-बार हमारे सामर्थ्य को ललकारा जाए तो यह याद रखना चाहिए कि यह देश वीरों की भी भूमि है. पीएम मोदी ने कहा कि 6 मई के बाद जो देखा गया, उसके बाद इसे हम प्रॉक्सी वॉर कहने की गलती नहीं कर सकते. इसका कारण है, जब आतंकियों के 9 ठिकानों को सिर्फ 22 मिनट तबाह कर दिया और इस बार तो सब कैमरे के सामने किया ताकि हमारे घर में कोई सबूत न मांगे. अब हमें सबूत नहीं देना पड़ रहा, उधर वाला दे रहा है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में आतंकियों के जनाजे को स्टेट ऑनर दिया गया, ताबूत पर पाकिस्तानी झंडे लगाए गए, उनकी सेना ने सलामी दी, ऐसे में अब इसे प्रॉक्सी वॉर नहीं कहा जा सकता. आतंकी गतिविधि अब प्रॉक्सी वॉर नहीं बल्कि सोची-समझी रणनीति के तहत युद्ध ही है और उसका जवाब वैसे ही दिया जाएगा. सरदार पटेल की बात मान ली होती तो आज ये देखने को नहीं मिलता मोदी ने कहा 1947 में मां भारती के टुकड़े हुए। कटनी चाहिए थी जंजीरें लेकिन काट दी गईं भुजाएं। देश के तीन टुकड़े कर दिए गए और उसी रात पहला आतंकी हमला कश्मीर की धरती पर हुआ। मां भारती का एक हिस्सा आतंकवादियों के बलबूते पर, मुजाहिदीनों के नाम पर पाकिस्तान ने हड़प लिया। अगर उसी दिन इन मुजाहिदीनों को मौत के घाट उतार दिया गया होता और सरदार पटेल की बात मान ली गई होती, तो 75 साल से चला आ रहा ये सिलसिला (आतंकी घटनाओं का) देखने को नहीं मिलता। पाकिस्तान पर गरजे, किया बेनकाब पहलगाम हमले के जवाबी कार्रवाई में  हमरी सेनाओं के शौर्य का यशगान करते हुए मोदी ने पाकिस्तान को बेनकाब किया, उन्होंने कहा 6 मई की रात जो लोग मारे गए, पाकिस्तान में उन जनाजों को स्टेट ऑनर दिया गया। उनके ताबूतों पर पाकिस्तान के झंडे लगाए गए, वहां की सेना ने उनको सैल्यूट किया। ये सिद्ध करता है कि आतंकवादी गतिविधि प्रॉक्सी वॉर नहीं है, ये आपकी (पाकिस्तान) सोची-समझी युद्ध की रणनीति है, आप वॉर ही कर रहे हैं, तो उसका जवाब भी वैसे ही मिलेगा। 26 मई 2014 को याद किया जब पीएम पद की शपथ ली   पीएम मोदी ने कहा कल 26 मई थी, 2014 में 26 मई को मुझे पहली बार देश के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने का अवसर मिला। उस समय, भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया में 11वें स्थान पर थी। हमने कोरोना से लड़ाई लड़ी, पड़ोसियों से भी मुसीबतें झेलीं, प्राकृतिक आपदा भी झेली इसके बावजूद इतने कम समय में हम 11वें नंबर की अर्थव्यवस्था से चौथे नंबर की अर्थव्यवस्था बने। क्योंकि हम विकास चाहते … Read more

अगर केंद्र और सभी राज्य एक साथ मिलकर टीम इंडिया की तरह काम करें तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं: पीएम मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नीति आयोग की 10वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि भारत को भविष्य के लिए तैयार शहरों के विकास की दिशा में काम करना चाहिए। उन्होंने केंद्र और सभी राज्यों से एक साथ मिलकर विकास की गति बढ़ाने का आग्रह किया। पीएम मोदी ने कार्यक्रम में कहा, “भारत में तेजी से शहरीकरण हो रहा है। हमें भविष्य के लिए तैयार शहरों की दिशा में काम करना चाहिए। विकास, नवाचार और स्थिरता हमारे शहरों के विकास का इंजन होना चाहिए।” उन्होंने आगे कहा, “हमें विकास की गति बढ़ानी होगी। अगर केंद्र और सभी राज्य एक साथ मिलकर टीम इंडिया की तरह काम करें तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं हो सकता है।” उन्होंने राज्यों से देश में पर्यटन को बढ़ावा देने में योगदान देने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा, “राज्यों को वैश्विक मानकों के अनुरूप तथा सभी सुविधाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध करवाते हुए प्रत्येक राज्य में कम से कम एक पर्यटन स्थल विकसित करना चाहिए। ‘एक राज्य, एक वैश्विक गंतव्य’ बनाया जाना चाहिए। इससे पड़ोसी शहरों का भी पर्यटन स्थल के रूप में विकास होगा।” पीएम मोदी ने 140 करोड़ नागरिकों की आकांक्षा को ‘विकसित होना’ बताया और कहा, “विकसित भारत हर भारतीय का लक्ष्य है। जब हर राज्य विकसित होगा तभी भारत भी विकसित होगा। यह 140 करोड़ नागरिकों की आकांक्षा है।” इसके अलावा, उन्होंने देश के वर्कफोर्स में महिलाओं की संख्या बढ़ाने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा, “हमें अपने वर्कफोर्स में महिलाओं को शामिल करने की दिशा में काम करना चाहिए। हमें ऐसे कानून और नीतियां बनानी चाहिए, जिससे महिलाओं को वर्कफोर्स में सम्मानपूर्वक शामिल किया जा सके।” भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित होने वाली इस गवर्निंग काउंसिल की बैठक का विषय ‘विकसित भारत : 2047 के लिए विकसित राज्य’ है। यह बैठक केंद्र, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ‘विकसित भारत : 2047’ के विजन को आगे बढ़ाने के उपायों पर विचार-विमर्श करने और इस बात पर आम सहमति बनाने के लिए एक मंच प्रदान करती है कि कैसे राज्य भारत को एक ‘विकसित राष्ट्र’ बनाने के लिए आधारशिला बन सकते हैं। इसके अलावा, बैठक में उद्यमिता को बढ़ावा देने, कौशल बढ़ाने और देश भर में स्थायी रोजगार के अवसर पैदा करने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।

अहिल्याबाई की 300वीं जयंती पर भोपाल आ रहे PM मोदी, महिलाएं संभालेगी सुरक्षा, मंच संचालन तक सारी जिम्मेदारी महिलाओं की होगी

भोपाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 मई को राजधानी भोपाल के जंबूरी मैदान में देवी अहिल्या बाई होल्कर की 300 वीं जयंती पर आयोजित महिला सम्मेलन में शामिल होंगे। पीएम मोदी 2 लाख से ज्यादा महिलाओं को संबोधित करेंगे। महिलाओं के महाकुंभ की खासियत यह होगी कि पहली बार कार्यक्रम स्थल की सुरक्षा व्यवस्था से लेकर मंच संचालन तक सभी व्यवस्थाएं महिलाओं के ही हाथों में होंगी। कार्यक्रम को लेकर व्यवस्थाएं और तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। भोपाल पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्रा ने गुरुवार को कंट्रोल रूम में अधिकारियों के साथ इस संबंध में बैठक की। पांच किमी के दायरेमें ड्रोन प्रतिबंधित भोपाल पुलिस और एसपीजी ने प्लान बनाना शुरू कर दिया है। पूरी सुरक्षा व्यवस्था एसपीजी के निर्देशों के तहत होगी। कार्यक्रम स्थल को एसपीजी अपने घेरे में लेगी। पांच किलोमीटर के दायरे में ड्रोन और अन्य उड़ने वाली वस्तुएं प्रतिबंधित रहेंगी। शहर के बाहरी इलाकों से आने वालों की जांच की जा रही है, वहीं होटल और लॉज की भी चेकिंग हो रही है। अब तक की जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भोपाल में 1 घंटे का कार्यक्रम रहेगा। दरअसल, ऑपरेशन सिंदूर के बाद उपजे तनाव से सुरक्षा व्यवस्था में कई बदलाव किए जा रहे हैं। सम्मेलन की खास बात यह होगी कि पूरी व्यवस्था महिलाओं के हाथों में होगी। मंच संचालन से लेकर भीड़ प्रबंधन, ट्रैफिक, मीडिया और सुरक्षा तक का जिम्मा महिलाएं ही संभालेंगी। साथ ही सुरक्षा के लिए 3000 जवान तैनात रहेंगे। महिला सम्मेलन में शामिल होंगे पीएम आपको बता दें कि देवी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती के मौके पर जंबूरी मैदान में महिला सम्मेलन किया जा रहा है। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मादी करीब एक लाख महिलाओं को संबोधित करेंगे। यह देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा इंतजाम चॉक चौबंद कर दिए हैं। भोपाल पुलिस कमिश्नर हरीनारायणचारी मिश्रा ने इसका नेतृत्व संभाल लिया है। पीएम के आगमन की ऐसी है तैयारी पीएम कए आगमन के चलते भोपाल शहर के सभी आउटर नाकों को सील कर दिया गया है। इन वाहनों की सख्त जांच के बाद ही शहर की सीमा में आने दिया जा रहा है। भोपाल की सभी होटल, लॉज, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर सघन चैकिंग अभियान चलाया जा रहा है। यह पता किया जा रहा है कि मोदी की यात्रा के दौरान कोई अपराधी किस्म का व्यक्ति या अनजान आदमी यहां न ठहर सके। बाहरी व्यक्तियों और किराएदारों का वेरिफिकेशन किया जा रहा है। यह जिम्मा भी महिला अफसरों को पुलिस कमिश्नर ने बताया कि पीएम नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में करीब 3 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। इनमें कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी महिला अधिकारियों को सौंपी जाएगी। खास बात यह है कि ट्रैफिक, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की जिम्मेदारी महिला पुलिस के पास होगी। मंच का संचालन, अतिथियों का स्वागत और कार्यक्रम प्रबंधन महिलाएं ही करेंगी। पहली बार महिलाओं को सौंपे गए सभी दायित्व भोपाल के जंबूरी मैदान में आयोजित इस महिला सम्मेलन को महिलाओं के महाकुंभ (Women’s MahaKumbh) के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें 2 लाख से अधिक महिलाएं भाग लेंगी। यह पहली बार है जब इतने बड़े स्तर पर मंच संचालन, ट्रैफिक कंट्रोल, सुरक्षा प्रबंधन और अतिथि सत्कार की जिम्मेदारी महिला अधिकारियों और स्वयंसेवियों को दी गई है। पीएम मोदी का एक घंटे का विशेष कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करीब एक घंटे तक इस कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे और महिला सशक्तिकरण की दिशा में केंद्र सरकार द्वारा किए गए प्रयासों को साझा करेंगे। वे लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर को समर्पित डाक टिकट और स्मारक सिक्का भी जारी कर सकते हैं। महिलाओं के लिए, महिलाओं के द्वारा SPG और भोपाल पुलिस का विशेष प्लान भोपाल पुलिस और एसपीजी (SPG) ने कार्यक्रम के लिए विशेष सुरक्षा योजना बनाई है। कार्यक्रम स्थल के 5 किलोमीटर के दायरे में ड्रोन और अन्य उड़ने वाली वस्तुएं प्रतिबंधित (Drone Ban in 5 KM Radius) रहेंगी। होटल, लॉज और बाहरी इलाकों से आने वाले लोगों की भी गहन जांच की जा रही है। महिला पुलिस का नेतृत्व करीब 3 हजार पुलिसकर्मी सुरक्षा में तैनात होंगे, जिनमें से बड़ी संख्या में महिलाएं होंगी। ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन जैसे प्रमुख कार्यों में महिला अफसरों को नेतृत्व (Women-led Security Management) की जिम्मेदारी दी गई है। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण     2 लाख से अधिक महिलाओं की उपस्थिति     डाक टिकट और सिक्के का विमोचन     महिला सशक्तिकरण योजनाओं की प्रस्तुति     बीजेपी का “विकास-विरासत” जनजागरण अभियान   आदेश के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई ड्रोन, हॉट एयर बॅलून व फ्लाइंग ऑब्जेक्ट उड़ाने पर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। होगा महिलाओं का अभिनंदन सम्मेलन में 2 लाख से ज्यादा महिलाएं शामिल होने की संभावना है। इस दौरान राज्य सरकार की महिला सशक्तिकरण योजनाओं की झलक भी प्रस्तुत की जाएगी। डाक टिकट, सिक्के का होगा विमोचन पीएम लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर को समर्पित डाक टिकट व सिक्के का विमोचन कर सकते हैं। बीजेपी चलाएगी जनजागरण अभियान बीजेपी 21 से 31 मई तक विकास, विरासत अभियान चलाएगी। इसमें देवी अहिल्या बाई के जीवन मूल्यों की योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने का काम किया जाएगा।

पीएम मोदी आज बीकानेर से 26 हजार करोड़ रुपये की लागत की परियोजनाओं का शिलान्यास-उद्घाटन करेंगे

जयपुर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज बीकानेर से 26 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास-उद्घाटन कर राष्ट्र को समर्पित करेंगे। साथ ही, प्रधानमंत्री अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित देशनोक रेलवे स्टेशन का दौरा करेंगे तथा बीकानेर-मुंबई एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। इससे पहले प्रधानमंत्री देशनोक स्थित विश्वप्रसिद्ध करणी माता मंदिर में दर्शन करेंगे। प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा भी बीकानेर में उनके साथ उपस्थित रहेंगे। यशस्वी प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देशभर में सांस्कृतिक विरासत, दिव्यांगजन केंद्रित सुविधाएं और यात्रियों की सुगमता के लिए ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत रेलवे स्टेशनों पर आधुनिक बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ किया जा रहा है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री द्वारा 1100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से पुनर्विकसित 103 अमृत रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन किया जाएगा जिसमें राजस्थान के 8 रेलवे स्टेशन (फतेहपुर शेखावाटी, देशनोक, बूंदी, मांडलगढ़, गोगामेड़ी, राजगढ़, गोविंदगढ़, मंडावर-महुआ रोड) शामिल हैं। देशनोक रेलवे स्टेशन में मंदिर वास्तुकला, मेहराब और स्तंभ विषयवस्तु शैली उपयोग में ली गई है जिससे क्षेत्रीय वास्तुकला को बढ़ावा मिलेगा। रेलवे स्टेशनों पर बुनियादी ढांचा किया जा रहा सुदृढ़ भारतीय रेलवे अपने नेटवर्क के 100 प्रतिशत विद्युतीकरण की ओर अग्रसर है जिससे रेलवे संचालन अधिक कुशल तथा पर्यावरण अनुकूल बन रहा है। इसी क्रम में श्री मोदी चूरू-सादुलपुर रेल लाइन (58 किमी) की आधारशिला रखेंगे तथा सूरतगढ़-फलोदी (336 किमी), फुलेरा-डेगाना (109 किमी), उदयपुर-हिम्मतनगर (210 किमी), फलोदी-जैसलमेर (157 किमी) तथा समदड़ी-बाड़मेर (129 किमी) रेल लाइन विद्युतीकरण को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। मजबूत सड़क तंत्र से सुरक्षा बलों को आवाजाही में होगी सुगमता प्रधानमंत्री सड़क अवसंरचना को बढ़ावा देने के लिए पुष्कर में एनएच-58 पर 3 वाहन अंडरपास के निर्माण तथा एनएच-11, एनएच-70 (जैसलमेर से म्याजलार) की सड़कों के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण की आधारशिला रखेंगे। साथ ही, राजस्थान में लगभग 4 हजार 850 करोड़ की 7 सड़क परियोजनाओं को भी समर्पित करेंगे। इनसे आवागमन सुगम हो सकेगा। साथ ही, इन राजमार्गों के भारत-पाक सीमा तक फैले होने के कारण सुरक्षा बलों के लिए आवाजाही में सुगमता बढ़ेगी और भारत का रक्षा बुनियादी ढांचा भी मजबूत होगा। सभी के लिए बिजली और स्वच्छ ऊर्जा हमारा विजन केन्द्र सरकार सभी के लिए बिजली और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध करवाने के विजन के साथ निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में मोदी विभिन्न विद्युत परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे जिनमें नीपको 300 मेगावाट ग्राउंड माउंटेड सौर परियोजना (बीकानेर), एसजेवीएन 100 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना (नावा), डीडवाना तथा कुचामन की सौर परियोजनाएं शामिल हैं। साथ ही, पार्ट बी पावरग्रिड सिरोही ट्रांसमिशन लिमिटेड और पार्ट ई पावरग्रिड मेवाड़ ट्रांसमिशन लिमिटेड के विद्युत निकासी के लिए ट्रांसमिशन प्रणाली का शिलान्यास भी किया जाएगा। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 3 विद्युत परियोजनाओं का उद्घाटन भी करेंगे, जिनमें पावर ग्रिड नीमच ट्रांसमिशन सिस्टम लिमिटेड तथा बीकानेर कॉम्प्लेक्स की विद्युत निकासी के लिए ट्रांसमिशन प्रणाली शामिल है। साथ ही, फतेहगढ़-द्वितीय विद्युत स्टेशन में परिवर्तन क्षमता के विस्तार का उद्घाटन भी किया जाएगा इससे कार्बन उत्सर्जन को कम करने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री प्रदेश में कलासर सौर ऊर्जा परियोजना (500 मेगावाट) की आधारशिला रखेंगे और शिंभू का भुर्ज सौर ऊर्जा परियोजना (300 मेगावाट) का उद्घाटन करेंगे। इनमें एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड द्वारा घरेलू स्तर पर उत्पादित सौर पीवी मॉड्यूलों के उपयोग से ‘मेक इन इंडिया’ पहल को बढ़ावा मिलेगा तथा रोजगार सृजन में भी मदद मिलेगी। राज्य राजमार्ग विकास कार्यक्रम से क्षेत्रीय संपर्क को मिलेगा बढ़ावा प्रधानमंत्री के आधारभूत अवसंरचना के सुदृढीकरण के विजन को गति देने के उद्देश्य से प्रदेश में राज्य राजमार्ग विकास कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इसके तहत श्री मोदी कार्यक्रम में 3,240 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 757 किलोमीटर की लंबाई के 12 राज्य राजमार्गों का उन्नयन और रखरखाव के लिए विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इनमें मांगलियावास-पदुकलां (स्टेट हाइवे-102), ब्यावर-टेहला-अलनियावास (स्टेट हाइवे-59 और स्टेट हाइवे-104), दांतीवाड़ा-पीपाड़- मेड़ता सिटी (स्टेट हाइवे-21) शामिल हैं। राज्य राजमार्ग विकास कार्यक्रम के विस्तार में गोटन-साथिन राजमार्ग के साथ 900 किलोमीटर के अतिरिक्त नए राजमार्ग शामिल किए जाएंगे। इन परियोजनाओं से महत्वपूर्ण शहरों, औद्योगिक केंद्रों और राज्य की सीमाओं को जोड़ते हुए क्षेत्रीय संपर्क और सड़क सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा। नए नर्सिंग कॉलेजों से प्रशिक्षण सुविधाओं का होगा विस्तार प्रधानमंत्री राजसमंद, प्रतापगढ़, भीलवाड़ा, धौलपुर में नए नर्सिंग कॉलेजों का उद्घाटन करेंगे। इस पहल से स्वास्थ्य अवसंरचना, नर्सिंग शिक्षा और प्रशिक्षण सुविधाओं में वृद्धि होगी। साथ ही, प्रधानमंत्री 132 केवी जीएसएस राजपुरा (बीकानेर) और 132 केवी जीएसएस सरदा (उदयपुर) की विद्युत अवसंरचना परियोजनाओं का उद्घाटन भी करेंगे। ये सबस्टेशन पारेषण क्षमता को बढ़ाएंगे, स्थानीय लोगों और उद्योगों को उच्च गुणवत्ता वाली और निर्बाध बिजली आपूर्ति भी प्रदान करेंगे।  

22 मई को पीएम मोदी का राजस्थान दौरा, 26,000 करोड़ रुपए की लागत वाली परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे

बीकानेर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 मई को राजस्थान के दौरे पर रहेंगे। सबसे पहले पीएम मोदी बीकानेर जाएंगे और सुबह करीब 11 बजे देशनोक स्थित करणी माता मंदिर में दर्शन करेंगे। इसके अलावा, पीएम मोदी सुबह करीब 11:30 बजे अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित देशनोक स्टेशन का उद्घाटन करेंगे और बीकानेर-मुंबई एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। इसके बाद वह 26,000 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे और पलाना में एक सार्वजनिक समारोह को भी संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री देश में रेल अवसंरचना को निरंतर बेहतर बनाने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 86 जिलों में 1,100 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से 103 पुनर्विकसित अमृत स्टेशनों का उद्घाटन करेंगे। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 1,300 से अधिक स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं के साथ पुनर्विकसित किया जा रहा है, जिन्हें क्षेत्रीय वास्तुकला को प्रतिबिंबित करने और यात्री सुविधाओं को बढ़ाने के लिए डिजाइन किया गया है। करणी माता मंदिर में आने वाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों की सेवा करने वाला देशनोक रेलवे स्टेशन मंदिर वास्तुकला, मेहराब और स्तंभ विषयवस्तु से प्रेरित है। तेलंगाना में बेगमपेट रेलवे स्टेशन काकतीय साम्राज्य की वास्तुकला से प्रेरित है। बिहार में थावे स्टेशन में 52 शक्तिपीठों में से एक मां थावेवाली का प्रतिनिधित्व करने वाले विभिन्न भित्ति चित्र और कलाकृतियां शामिल हैं और मधुबनी पेंटिंग को भी दर्शाया गया है। गुजरात का डाकोर स्टेशन रणछोड़राय जी महाराज से प्रेरित है। देशभर में पुनर्विकसित अमृत स्टेशनों में सांस्कृतिक विरासत के साथ आधुनिक बुनियादी ढांचे, दिव्यांगजनों के लिए यात्री-केंद्रित सुविधाओं और यात्रा के अनुभव को बेहतर करने के लिए टिकाऊ प्रथाओं को एकीकृत किया गया है। भारतीय रेलवे अपने नेटवर्क के 100 प्रतिशत विद्युतीकरण की ओर अग्रसर है, जिससे रेलवे संचालन अधिक कुशल और पर्यावरण अनुकूल बन रहा है। इसी क्रम में, प्रधानमंत्री चूरू-सादुलपुर रेल लाइन (58 किमी) की आधारशिला रखेंगे और सूरतगढ़-फलोदी (336 किमी), फुलेरा-डेगाना (109 किमी), उदयपुर-हिम्मतनगर (210 किमी), फलोदी-जैसलमेर (157 किमी) और समदड़ी-बाड़मेर (129 किमी) रेल लाइन विद्युतीकरण को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। राजस्थान में सड़क अवसंरचना को बढ़ावा देने के लिए पीएम मोदी तीन वाहन अंडरपास के निर्माण, राष्ट्रीय राजमार्गों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण की आधारशिला रखेंगे। वह राजस्थान में सात सड़क परियोजनाओं को भी समर्पित करेंगे। 4,850 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाली ये सड़क परियोजनाएं माल और लोगों की सुगम आवाजाही की सुविधा प्रदान करेंगी। राजमार्ग भारत-पाक सीमा तक फैले हुए हैं, जो सुरक्षा बलों के लिए आवाजाही में सुगमता को बढ़ाते हैं और भारत के रक्षा अवसंरचना को मजबूत करते हैं। सभी के लिए बिजली तथा हरित और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने के विजन को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री बीकानेर और नावा, डीडवाना, कुचामन में सौर परियोजनाओं सहित बिजली परियोजनाओं और पार्ट-बी पावर ग्रिड सिरोही ट्रांसमिशन लिमिटेड और पार्ट-ई पावर ग्रिड मेवाड़ ट्रांसमिशन लिमिटेड के विद्युत निकासी के लिए पारेषण प्रणालियों की आधारशिला रखेंगे। वह बीकानेर में सौर परियोजना, पावर ग्रिड नीमच और बीकानेर परिसर से निकासी के लिए पारेषण प्रणाली, फतेहगढ़-II पावर स्टेशन में परिवर्तन क्षमता के विस्तार सहित बिजली परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे, जो स्वच्छ ऊर्जा प्रदान करेंगे और कार्बन उत्सर्जन को कम करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी राजस्थान में बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी, बिजली आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाओं और पानी की उपलब्धता को बढ़ाने के लिए राजस्थान में राज्य सरकार की 25 महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन कर राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इनमें 3,240 करोड़ रुपए से अधिक की लागत के 750 किलोमीटर से अधिक लंबाई के 12 राज्य राजमार्गों के उन्नयन और रखरखाव के लिए परियोजनाओं का शिलान्यास और राष्ट्र को समर्पित करना शामिल है। इसमें अतिरिक्त 900 किलोमीटर नए राजमार्ग भी शामिल हैं। प्रधानमंत्री बीकानेर और उदयपुर में बिजली परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। वह राजसमंद, प्रतापगढ़, भीलवाड़ा, धौलपुर में नर्सिंग कॉलेजों का भी उद्घाटन करेंगे, जो राज्य में स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वह झुंझुनूं जिले में ग्रामीण जलापूर्ति और फ्लोरोसिस शमन परियोजना, अमृत 2.0 के तहत पाली जिले के 7 शहरों में शहरी जलापूर्ति योजनाओं के पुनर्गठन सहित क्षेत्र में विभिन्न जल बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का शिलान्यास और राष्ट्र को समर्पित करेंगे।

25 मई को पीएम मोदी ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी देंगे, सभी मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों को बुलाया

नई दिल्ली पीएम नरेंद्र मोदी ने 25 मई को एनडीए के सभी मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों की मीटिंग बुलाई है। इस बैठक में बिहार के सीएम नीतीश कुमार, आंध्र के चंद्रबाबू नायडू के आने की संभावना है। इसके अलावा महाराष्ट्र से अजित पवार और एकनाथ शिंदे जैसे लीडर भी मौजूद रहेंगे। सूत्रों का कहना है कि इस मीटिंग में पीएम नरेंद्र ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी देंगे। इसके अलावा मौजूदा राजनीतिक स्थितियों पर भी बात होने की संभावना है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान से छिड़ी जंग और फिर सीजफायर होने से एक वर्ग निराश बताया जा रहा है। इसे लेकर भाजपा नेतृत्व गंभीर है। ऐसे में एनडीए के साथियों को भरोसे में लेने की कवायद भी यह बैठक मानी जा रही है। इस बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी के साथ राजनाथ सिंह और अमित शाह जैसे सीनियर नेता भी मौजूद रहेंगे। माना जा रहा है कि राजनाथ सिंह और अमित शाह भी इस बैठक में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कुछ ब्रीफ कर सकते हैं। भाजपा की कोशिश है कि ऑपरेशन सिंदूर को भारतीय सुरक्षा बलों की जीत के तौर पर प्रोजेक्ट किया जाए। यही नहीं इस मामले में किसी भी तरह की राजनीति से भी बचने की सलाह पीएम नरेंद्र मोदी ने दी है। उन्होंने कैबिनेट मीटिंग में मंत्रियों से कहा था कि राजनीतिक मामलों पर टिप्पणियां करने से फिलहाल बचें। ऑपरेशन सिंदूर को पूरी तरह से सेना को ही समर्पित किया जाए। इसका राजनीतिक श्रेय न लिया जाए। भाजपा के सीनियर नेताओं की तरफ से यह संदेश हर प्रदेश यूनिट को भी दिया गया है कि ऑपरेशन सिंदूर का श्रेय न लिया जाए। दरअसल पीएम मोदी बिलकुल नहीं चाहते कि इस मौके पर किसी भी तरह का राजनीतिक वाद-विवाद छिड़े। भाजपा की ओर से अपने कार्यकर्ताओं को भी साफ कहा गया है कि वे यही कहें कि ऑपरेशन सिंदूर वाला ऐक्शन आतंकी ठिकानों को तबाह करने के लिए था। यह पाकिस्तान के साथ जंग छेड़ने वाली बात नहीं थी। इसके अलावा भारत की ओर से पाकिस्तानी सेना को टारगेट भी नहीं किया गया। लेकिन पाकिस्तान की सेना ने भारत के खिलाफ हमले किए तो उसे करारा जवाब दिया गया। पीएम मोदी ने भी आदमपुर एयरबेस पर दी गई अपनी स्पीच में ऐसी ही बात की थी।

जेवर में भारत की छठी सेमीकंडक्टर यूनिट को मंजूरी दी, मोदी सरकार का बड़ा तोहफा, फोन, लैपटॉप के दाम होंगे सस्ते!

नई दिल्ली भारत में अब वो दिन दूर नहीं जब भारतीय फोन और लैपटॉप अपने ही देश में सस्ते दामों पर खरीद सकते हैं। दरअसल, मोदी सरकार ने भारत की चिप बनाने की महत्वाकांक्षाओं को बढ़ावा दिया है। इसके मद्देनजर आज बुधवार को मोदी कैबिनेट ने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत छठी सेमीकंडक्टर यूनिट को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश के जेवर में भारत की छठी सेमीकंडक्टर यूनिट को मंजूरी दी है। 3,706 करोड़ रुपये के निवेश के साथ यह परियोजना एचसीएल और फॉक्सकॉन के बीच एक ज्वाइंट वेंचर होगी। बता दें कि जेवर प्लांट में उत्पादित चिप्स का उपयोग मोबाइल फोन, लैपटॉप, ऑटोमोबाइल, पीसी आदि में किया जाएगा। अन्य पांच सेमीकंडक्टर गुजरात और असम में अंडर कंस्ट्रक्शन हैं। अश्विनी वैष्णव ने दी जानकारी सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि करीब 3706 करोड़ रुपए के निवेश से स्थापित होने वाली इस प्लांट में लगभग दो हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। यह यूनिट एचसीएल और फोक्सकाॅन के सहयोग से स्थापित की जाएगी और इसमें डिस्प्ले ड्राइव का निर्माण किया जाएगा। इसकी कैपासिटी मंथली 3.6 करोड़ माइक्रो चिप्स की होगी। भारत में तेजी से बढ़ रहा सेमीकंडक्टर उद्योग सरकार ने कहा, “पहले से ही पांच सेमीकंडक्टर यूनिट निर्माण के एडवांस स्टेज में हैं। अब 6वीं यूनिट के साथ भारत रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सेमीकंडक्टर उद्योग को विकसित करने की अपनी यात्रा में आगे बढ़ रहा है। सेमीकंडक्टर उद्योग अब पूरे देश में आकार ले रहा है। देश भर के कई राज्यों में विश्व स्तरीय डिजाइन सुविधाएं आ गई हैं। राज्य सरकारें डिजाइन फर्मों से सख्ती से संपर्क कर रही हैं।” भारत में लैपटॉप, मोबाइल फोन, सर्वर, चिकित्सा उपकरण, बिजली इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा उपकरण और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के तेजी से विकास के साथ सेमीकंडक्टर की मांग बढ़ रही है, यह नई यूनिट भारत के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को और आगे बढ़ाएगी।  

पीएम मोदी ने कहा- ऑपरेशन सिंदूर से भारत ने हासिल किए तीन लक्ष्य, मिट्टी में मिला देंगे और फिर….

नई दिल्ली ऑपरेशन सिंदूर से भारत ने पाकिस्तान की कमर तोड़ दी। कई आतंकी ठिकानों पर हमले करके 100 से ज्यादा आतंकवादियों को ढेर कर दिया गया। इस पूरे ऑपरेशन से भारत ने तीन बड़े लक्ष्य हासिल किए हैं, जिसमें सैन्य, राजनैतिक और मनोवैज्ञानिक उद्देश्य शामिल हैं। सैन्य उद्देश्य में पीएम मोदी ने कहा कि मिट्टी में मिला देंगे और फिर बहावलपुर, मुरीदके और मुजफ्फराबाद में जैश और लश्कर के आतंकी कैंपों को मिट्टी में मिला दिया गया। इसी तरह ऑपरेशन सिंदूर से भारत ने जो दूसरा लक्ष्य हासिल किया है, वह राजनैतिक है। इसके तहत, बताया गया कि सिंधु जल संधि सीमा पार आतंकवाद से जुड़ी है। जब तक सीमा पार से आतंकवाद बंद नहीं हो जाता, तब तक यह स्थगित रहेगी। वहीं, तीसरा लक्ष्य मनोवैज्ञानिक है, जोकि घुस के मारेंगे है और इसके तहत भारत ने पाकिस्तान के दिल में गहरी चोट पहुंचाई है। भारतीय सेना का ऑपरेशन पूरी तरह से सफल रहा है।  

भारत को अब पाकिस्तान द्वारा किए जा रहे आतंकी हमले बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं होंगे: भारत सरकार

नई दिल्ली भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। लगातार पिछली दो रातों में पाकिस्तान ने भारत पर ड्रोन से हमले करने की कोशिश की, जिसे हवा में ही नाकाम कर दिया गया। इस बीच, भारत सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार के सूत्रों के अनुसार, अब अगर भारत के खिलाफ आतंकी हमला हुआ तो उसे युद्ध माना जाएगा और उसी प्रकार जवाब भी दिया जाएगा। सरकार के फैसले ने साफ कर दिया है कि भारत को अब पाकिस्तान द्वारा किए जा रहे आतंकी हमले बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं होंगे। यदि पाकिस्तान अब भी आतंकी हमलों से बाज नहीं आता है तो फिर भारत उसे युद्ध मानते हुए, उसी हिसाब से निपटेगा। 22 अप्रैल को पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के मुखौटा आतंकी संगठन टीआरएफ ने पहलगाम में आतंकी हमले को अंजाम दिया था। इसमें 26 लोगों की जान चली गई थी, जबकि कई अन्य घायल हो गए थे। आतंकियों ने भारतीय पर्यटकों से उनका धर्म पूछकर गोली मारी थी, जिससे देशभर में पाकिस्तान के खिलाफ काफी गुस्सा था। भारत ने पाकिस्तान के आतंकी हमले का जवाब देते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ लॉन्च किया। पाक और पीओके में नौ आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक करते हुए 100 से ज्यादा आतंकियों को ढेर कर दिया था। इसमें जैश-ए-मोहम्मद चीफ मसूद अजहर के परिवार के दस सदस्य भी मारे गए। इसके अलावा, कई अन्य बड़े आतंकियों को भी मार गिराया गया। भारत की कार्रवाई से बौखलाए पाकिस्तान ने गुरुवार की रात जम्मू समेत कई शहरों में 400 तुर्की ड्रोन से हमला बोल दिया था। हालांकि, भारत को इससे ज्यादा नुकसान नहीं हुआ और एयर डिफेंस सिस्टम ने आसमान में ही इन हमलों को नाकाम कर दिया। शुक्रवार की रात को फिर से पाकिस्तान ने भारत के 26 शहरों पर ड्रोन अटैक किया। इसे भी नाकाम कर दिया गया। पाकिस्तान ने भारत के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की थी। भारत ने भी बीती रात पाकिस्तान के छह एयरबेस को निशाना बनाते उन पर जवाबी कार्रवाई की है। कर्नल सोफिया कुरैशी ने कहा कि रफीकी, मुरीद, चकलाला, रहीम यार खान, सुक्कुर और चुनियां में पाकिस्तानी सैन्य अड्डों पर भारतीय लड़ाकू विमानों से हवा से वार करने वाले सटीक हथियारों के जरिए हमला किया गया और यह जवाबी कार्रवाई मुख्य रूप से कमान एवं नियंत्रण केंद्रों, रडार स्थलों और हथियार भंडारण क्षेत्रों पर केंद्रित रही। उन्होंने कहा कि पसरूर और सियालकोट हवाई अड्डे के रडार स्थलों को भी हथियारों से निशाना बनाया गया। इस दौरान, भारत ने सुनिश्चित किया कि इन जवाबी कार्रवाइयों के दौरान न्यूनतम अवांछित क्षति हो।

PM मोदी ने अजीत डोभाल संग की 1 घंटे तक मीटिंग, सीमापार कार्रवाई के अगले चरण पर मंथन, होगा कुछ बड़ा!

नई दिल्ली भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद अब ‘ऑपरेशन सिंदूर 2’ की अटकलें तेज हो गई हैं। बुधवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल के बीच हुई बंद कमरे की एक घंटे लंबी बैठक ने नई रणनीतिक हलचल को जन्म दिया है। सूत्रों के मुताबिक, बैठक बेहद गोपनीय रही और इसमें सीमापार कार्रवाई के अगले चरण पर मंथन हुआ। भारत द्वारा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत 7 मई की रात पाकिस्तान और पीओके के आतंकी ठिकानों पर की गई सर्जिकल स्ट्राइक के बाद हालात बेहद संवेदनशील हो गए हैं। इस जवाबी हमले में भारत ने न केवल आतंकवाद का मुँहतोड़ जवाब दिया बल्कि पहलगाम हमले का हिसाब भी चुकता कर दिया। अब भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध जैसे हालात बनते जा रहे हैं। देश में जश्न, सरहद पर तनाव जहां एक ओर भारत में ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को लेकर जश्न का माहौल है, वहीं पाकिस्तान में अफरा-तफरी और मातम पसरा हुआ है। पाकिस्तान के लाहौर में आज सुबह हुए ड्रोन अटैक और तीन जोरदार धमाकों ने स्थिति को और भयावह बना दिया है। सर्वदलीय बैठक में युद्ध की रणनीति पर चर्चा भारत सरकार ने 8 मई को एक अहम सर्वदलीय बैठक बुलाई, जिसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कर रहे हैं। इस बैठक में विपक्षी दलों को ऑपरेशन की जानकारी दी गई और सीमा पर बिगड़ते हालात पर चर्चा हुई।   भाग लेने वाले प्रमुख नेता: कांग्रेस: मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी शिवसेना (UBT): संजय राउत सपा: रामगोपाल यादव TMC: सुदीप बंदोपाध्याय NCP: सुप्रिया सुले  PM मोदी और NSA डोभाल के बीच रणनीतिक बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने ऑपरेशन के बाद सुबह एक बंद कमरे में अहम बैठक की। सूत्रों का दावा है कि पाकिस्तान की संभावित प्रतिक्रिया और भारत की अगली रणनीति पर चर्चा हुई है।  लाहौर में धमाकों से दहशत लाहौर के वाल्टन रोड, गोपाल नगर और नसीराबाद इलाके में लगातार तीन धमाकों से पाकिस्तान में हड़कंप मच गया है। ड्रोन हमले की आशंका जताई जा रही है। कराची, सियालकोट और लाहौर एयरपोर्ट्स पर फ्लाइट ऑपरेशन अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।  LOC पर गोलाबारी, Poonch में हाई अलर्ट जम्मू-कश्मीर के पूंछ और उरी सेक्टर में पाकिस्तान की ओर से लगातार फायरिंग जारी है। नेशनल हाइवे बंद कर दिया गया है, स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है और स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर भेजा जा रहा है।  

PM Modi पर टिकी देश भर की निगाहें, आज आज रात 8 बजे…

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  आज रात 8 बजे राष्ट्र को संबोधित करेंगे। इस दौरान बड़ा ऐलान हो सकता है। पूरे देशवासियों की निगाहें अब इसी पर टिकी हुई है। बता दें कि पहलगाम अटैक के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव के बाद 7 मई को मॉक ड्रिल (अभ्यास) आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान अचानक सायरन बज जाएंगे और ब्लैकआउट हो जाएगा। इससे लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने का संदेश दिया जाएगा। इस दौरान अगर आप दफ्तर, स्कूल, बाजार या कहीं बाहर हैं तो सायरन बजने पर सावधान हो जाएं। इस अभ्यास का मकसद लोगों को किसी भी आकस्मिक हवाई हमले या आतंकी हमले की स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार करना है। आपको बता दें कि पहलगाम अटैक के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव के बाद 7 मई को मॉक ड्रिल (अभ्यास) आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान अचानक सायरन बज जाएंगे और ब्लैकआउट हो जाएगा। इससे लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने का संदेश दिया जाएगा। इस दौरान अगर आप दफ्तर, स्कूल, बाजार या कहीं बाहर हैं तो सायरन बजने पर सावधान हो जाएं। इस अभ्यास का मकसद लोगों को किसी भी आकस्मिक हवाई हमले या आतंकी हमले की स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार करना है।     

तीनों सेनाओं के स्तर पर चल रही रणनीतिक तैयारियों के बीच पीएम मोदी ने प्रमुख एयरचीफ मार्शल एपी सिंह के साथ बैठक की

नई दिल्ली पहलगाम आतंकी हमले का जवाब देने के लिए तीनों सेनाओं के स्तर पर चल रही रणनीतिक तैयारियों के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को वायुसेना प्रमुख एयरचीफ मार्शल एपी सिंह के साथ बैठक की। वायुसेना प्रमुख के साथ पीएम की हुई इस बैठक की कोई जानकारी साझा नहीं की गई मगर समझा जाता है कि पहलगाम आतंकी हमले के गुनहगारों तथा उसके संरक्षकों को सबक सिखाने के लिए वायुसेना की रणनीतिक तैयारियों पर इसमें चर्चा हुई। तैयारियों की हो रही समीक्षा वायुसेना प्रमुख से पहले प्रधानमंत्री ने शनिवार को नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी के साथ बैठक कर नौसेना की रक्षा तैयारियों का जायजा लिया था। देश के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व तथा सेनाओं के प्रमुखों के बीच पिछले कई दिनों से जारी बैठकों के दौर का संकेत है कि पहलगाम आतंकी हमले का पाकिस्तान को करारा जवाब देने के लिए सामरिक-रणनीतिक तैयारियों की पुख्ता समीक्षा की जा रही है। इस हमले पर भारत की जवाबी कार्रवाई की तैयारियों की हलचलों के बीच नियंत्रण रेखा पर पिछले 10 दिनों से पाकिस्तान की ओर से लगातार की जा रही गोलीबारी का भारतीय सेना रणनीतिक तरीके से माकूल जवाब दे रही है। वायुसेना प्रमुख के साथ प्रधानमंत्री की रविवार को बैठक की पुष्टि करते हुए सूत्रों ने कहा कि पिछले 24 घंटे के दौरान सैन्य नेतृत्व संग यह पीएम की दूसरी बैठक थी। कठोर कार्रवाई की हो रही मांग शनिवार को नौसेना प्रमुख से भी पीएम ने पहलगाम हमले के परिप्रेक्ष्य में उनसे मंत्रणा की थी। जबकि बीते हफ्ते ही प्रधानमंत्री की रक्षामंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ तथा तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ लंबी बैठक हुई थी। विपक्षी पार्टियां भी इस मुद्दे पर एक सुर से पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए सरकार का पूरा समर्थन करने की घोषणा कर चुकी हैं।  

केरल के तिरुवनंतपुरम में विझिनजम इंटरनेशनल सीपोर्ट परियोजना के पहले चरण का उद्घाटन किया: मोदी

तिरुवनंतपुरम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को केरल के तिरुवनंतपुरम में विझिनजम इंटरनेशनल सीपोर्ट परियोजना के पहले चरण का उद्घाटन किया। इस दौरान उनके साथ मंच पर केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और कांग्रेस सांसद शशि थरूर भी मौजूद थे। बंदरगाह का उद्घाटन करने के बाद मोदी ने केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को विपक्षी दलों के ‘इंडिया’ गठबंधन का एक ‘‘स्तंभ’’ बताया और उन्हें एवं मंच पर मौजूद कांग्रेस सांसद शशि थरूर से कहा कि उद्घाटन समारोह कई लोगों की ‘‘रातों की नींद हराम’’ कर देगा। यह कार्यक्रम बहुतों की नींद हराम देगा- मोदी प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्षी गठबंधन पर चुटकी लेते हुए कहा, “मैं मुख्यमंत्री जी से कहना चाहता हूं, आप INDI गठबंधन के एक मजबूत स्तंभ हैं, शशि थरूर जी भी यहीं बैठे हैं। आज का यह कार्यक्रम बहुतों की नींद हराम देगा।” हालांकि, उनके भाषण का अनुवाद करने वाले व्यक्ति ने इसका ठीक से अनुवाद नहीं किया, जिस पर प्रधानमंत्री को यह कहना पड़ा कि ‘‘संदेश उन तक पहुंच गया है, जिन तक यह संदेश पहुंचाना था’’। इस बंदरगाह परियोजना को अडानी समूह द्वारा विकसित किया गया है, जो अक्सर विपक्षी नेताओं के निशाने पर रहता है। यही वजह रही कि मंच पर शशि थरूर और पिनराई विजयन की उपस्थिति और प्रधानमंत्री मोदी की यह टिप्पणी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई। शशि थरूर तिरुवनंतपुरम लोकसभा सीट से कांग्रेस के सांसद हैं। उन्होंने पहले भी मोदी सरकार की कुछ नीतियों की प्रशंसा की है, खासतौर पर रूस-यूक्रेन युद्ध में भारत की कूटनीतिक स्थिति और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ संबंधों को लेकर। हाल ही में भाजपा के नेता और केरल इकाई के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने भी थरूर को “कांग्रेस के कुछ समझदार नेताओं में से एक” बताया था। वह भी इस कार्यक्रम में मौजूद थे। थरूर ने किया PM का स्वागत इससे पहले दिन में, थरूर ने प्रधानमंत्री मोदी का केरल में स्वागत किया। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में दिल्ली हवाई अड्डे पर हो रही उड़ानों में देरी पर भी तंज कसा और लिखा कि “दुखद हालातों के बावजूद” वह समय पर प्रधानमंत्री का स्वागत करने के लिए पहुंच सके। थरूर ने एक्स पर प्रधानमंत्री मोदी के साथ कुछ तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि वे विझिनजम बंदरगाह परियोजना के उद्घाटन को लेकर उत्साहित हैं, जो कि उनकी “शुरुआत से प्रिय परियोजनाओं में से एक” रही है। इस बंदरगाह का निर्माण अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) द्वारा सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर किया गया है। यह भारत का पहला गहरे पानी वाला ट्रांसशिपमेंट पोर्ट है और इसकी कुल अनुमानित लागत 8,867 करोड़ रुपये बताई गई है। दिसंबर 2024 में इसे वाणिज्यिक संचालन की मंजूरी मिली थी। इस बंदरगाह के शुरू होने से भारत को वैश्विक समुद्री व्यापार में नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। यह रणनीतिक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण स्थान पर स्थित है और इससे देश की विदेशी बंदरगाहों पर निर्भरता में कमी आएगी। देश में विकास का ब्योरा देते हुए मोदी ने कहा कि जहाजों में यात्रा करने वाले लोगों की संख्या के मामले में भारत दुनिया के शीर्ष तीन देशों में शामिल है और पिछले 10 वर्षों में हमारे बंदरगाहों की क्षमता दोगुनी हो गई है, उनकी दक्षता में सुधार हुआ है और वहां ‘टर्नअराउंड’ समय में 30 प्रतिशत की कमी आई है। ‘टर्नअराउंड’ समय किसी बंदरगाह पर एक जहाज के पहुंचने से लेकर उसके प्रस्थान तक का कुल समय होता है। मोदी ने कहा कि इस बंदरगाह का निर्माण 8,800 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है और निकट भविष्य में इसके ‘ट्रांसशिपमेंट हब’ (माल ढुलाई एवं लदान केंद्र) की क्षमता तीन गुना हो जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘इसे बड़े मालवाहक जहाजों को समायोजित करने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है, जो एक महत्वपूर्ण आवश्यकता को पूरा करता है। अब तक, भारत की 75 प्रतिशत ‘ट्रांसशिपमेंट’ गतिविधियां विदेशी बंदरगाहों पर की जाती थीं, जिसके परिणामस्वरूप देश को राजस्व का बड़ा नुकसान होता था।’’प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हालांकि, अब इसमें बदलाव आने वाला है। पहले विदेशों में खर्च किए जाने वाले कोष को अब घरेलू विकास में लगाया जाएगा, जिससे विझिनजम और केरल के लोगों के लिए नए आर्थिक अवसर पैदा होंगे, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि देश की संपत्ति सीधे अपने नागरिकों को लाभान्वित करे।’’ “वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद में इसकी महत्वपूर्ण हिस्सेदारी” उन्होंने कहा कि गुजरात के लोगों को यह जानकर निराशा होगी कि अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम ने केरल में इतना बड़ा बंदरगाह बनाया है, जबकि वे पश्चिम भारतीय राज्य से आते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के बंदरगाह मंत्री वी. एन. वासवन द्वारा कॉरपोरेट इकाई अदाणी समूह को वामपंथी सरकार का साझेदार बताना देश में हो रहे बदलावों को दर्शाता है। प्रधानमंत्री ने गुलामी से पहले के दौर का भी जिक्र किया और कहा कि भारत हजारों सालों तक समृद्धि के साथ फलता-फूलता रहा।  

मैं पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा करता हूं, जिन्होंने प्रियजनों को खोया, उनके प्रति मेरी संवेदनाएं: पीएम मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की है। मंगलवार को उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘मैं पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा करता हूं। जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया, उनके प्रति मेरी संवेदनाएं। मैं प्रार्थना करता हूं कि घायल जल्द से जल्द स्वस्थ हो जाएं। प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता दी जा जा रही है।’ उन्होंने कहा कि इस जघन्य कृत्य के पीछे जो लोग हैं, उन्हें न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। उन्हें बख्शा नहीं जाएगा! उनका नापाक एजेंडा कभी सफल नहीं होगा। आतंकवाद से लड़ने का हमारा संकल्प अटल है और यह और भी मजबूत होगा। दक्षिण कश्मीर के प्रमुख पर्यटक स्थल पहलगाम में आतंकवादी हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और 20 अन्य घायल हुए हैं। हमले वाली जगह का एक कथित वीडियो सामने आया है, जिसमें कई लोग खून से लथपथ और जमीन पर बेसुध पड़े हुए दिखाई देते हैं। इसमें महिला पर्यटक रोती और अपने प्रियजनों की तलाश करती दिखती हैं। हालांकि, वीडियो की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब सालों तक आतंकवाद से जूझने के बाद कश्मीर में पर्यटकों की संख्या में भारी वृद्धि देखी जा रही है। साथ ही, 38 दिवसीय अमरनाथ तीर्थयात्रा 3 जुलाई से शुरू होनी है। आतंकवादी बैसरन घाटी से उतरे और शुरू की गोलीबारी रिपोर्ट के मुताबिक, हमला दोपहर करीब 3 बजे हुआ। आतंकवादी बैसरन घाटी में पहाड़ से नीचे उतरे और वहां पर्यटकों पर गोलीबारी शुरू कर दी। इस स्थान को लंबे हरे-भरे घास के मैदानों के कारण ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ कहा जाता है। बैसरन पहलगाम में एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। पहलगाम से खच्चरों के माध्यम से इस क्षेत्र तक पहुंचा जा सकता है और रास्ते में पहलगाम शहर व लिद्दर घाटी का मनोरम दृश्य देखा जा सकता है। देश भर से लाखों तीर्थयात्री दो मार्गों से पवित्र गुफा मंदिर की यात्रा करते हैं। एक मार्ग दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबा पहलगाम मार्ग है, जबकि दूसरा मार्ग गंदेरबल जिले में 14 किलोमीटर का छोटा बालटाल मार्ग है जहां खड़ी चढ़ाई है। गृहमंत्री अमित शाह श्रीनगर के लिए रवाना इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि वह तुरंत श्रीनगर के लिए रवाना हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अमित शाह ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को घटना के बारे में जानकारी दी है। आतंकवादी हमले के बाद वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की है। पीएम मोदी फिलहाल सऊदी अरब में हैं। शाह ने कहा, ‘जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले से दुखी हूं। मेरी संवेदनाएं मृतकों के परिजनों के साथ हैं। इस जघन्य आतंकी हमले में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा और हम अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई करेंगे। उन्हें कड़ी से कड़ी सजा देंगे।’ हालात सामान्य होने के दावे पर राहुल गांधी का सवाल लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले की निंदा की। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ पूरा देश एकजुट है और सरकार को इस केंद्रशासित प्रदेश में हालात सामान्य होने के खोखले दावे करने के बजाय ठोस कदम उठाने चाहिए। राहुल गांधी ने कहा कि इस कायराना आतंकी हमले में पर्यटकों के मारे जाने और कई लोगों के घायल होने की खबर बेहद निंदनीय और दिल दहलाने वाली है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, ‘मैं शोकाकुल परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की आशा करता हूं।’ लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा, ‘आतंक के खिलाफ पूरा देश एकजुट है। सरकार जम्मू-कश्मीर में हालात सामान्य होने के खोखले दावों के बजाय अब जवाबदेही ले। साथ ही, सरकार ठोस कदम उठाए -ताकि आगे ऐसी बर्बर घटनाएं न होने पाएं और निर्दोष भारतीय यूं अपनी जान न गंवाएं।’

ग्वालियर से घंटों उड़ान नहीं भर सका PM Modi का विमान, सामने आई ये बड़ी वजह

ग्वालियर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के दूसरे सबसे बड़े एयरबेस महाराजपुरा एयरफोर्स स्टेशन पर शुक्रवार को करीब एक घंटे तक इंतजार करना पड़ गया। दिल्ली में खराब मौसम होने के कारण पीएम मोदी के विमान को क्लियरेंस नहीं मिल सका था, इस वजह से पीएम मोदी काफी देर तक प्लेन में बैठे रहें। अलर्ट पर रही पुलिस व सुरक्षा एजेंसिया पीएम मोदी अशोकनगर में एक कार्यक्रम में शामिल होने आए थे और इस दौरान ग्वालियर में उनकी ट्रांजिट विजिट थी। दोपहर दो बजे के करीब उनका विशेष विमान महाराजपुरा एयरफोर्स स्टेशन पर उतरा था। अशोकनगर में कार्यक्रम खत्म होने के बाद पीएम मोदी शाम करीब साढ़े छह बजे दिल्ली के लिए रवाना होने वाले थे। लेकिन खराब मौसम की वजह से लगभग एक घंटे के बाद क्लियरेंस मिल सका, जिसके बाद शाम साढ़े सात बजे उनके विमान ने दिल्ली के लिए उड़ान भरी। जितनी देर तक पीएम मोदी महाराजपुरा एयरबेस स्टेशन पर मौजूद रहे, इस दौरान पुलिस प्रशासन और सुरक्षा एजेंसिया हाई अलर्ट पर रहीं। अधिकारियों ने बताया कि पीएम मोदी करीब एक घंटे तक विमान के अंदर ही बैठे रहे। प्रभारी मंत्री सहित नेताओं ने की पीएम मोदी की अगवानी प्रधानमंत्री की अगवानी जिले के प्रभारी एवं जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, उद्यनिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर, सांसद भारत सिंह कुशवाह, विधायक मोहन सिंह राठौर व महापौर डॉ. शोभा सिकरवार, जिपं अध्यक्ष दुर्गेश कुंवर सिंह जाटव, मुख्य सचिव अनुराग जैन, डीजीपी कैलाश मकवाना, कलेक्टर रुचिका चौहान व पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने की। क्यों खास है ग्वालियर एयरबेस? पीएम मोदी ने जिस एयरबेस पर क्लियरेंस के लिए एक घंटे तक इंतजार किया, वह महाराजपुरा एयरबेस देश में सामरिक दृष्टि से एक खास महत्व रखता है। भारत द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान ग्वालियर एयरबेस से भी लड़ाकू विमानों ने भाग लिया था। वहीं एयर टू एयर वायुसेना के विमानों में रि-फ्यूलिंग का इतिहास भी ग्वालियर एयरबेस के आसमान में रचा गया था। इंडियन एयरफोर्स के मिराज एयरक्राफ्ट का ग्वालियर स्थित महाराजपुरा एयरबेस सबसे बड़ा स्टेशन है। पहले भी मिराज कारगिल युद्ध में इतिहास लिख चुका है। कारगिल युद्ध के समय मिराज ने ग्वालियर से उड़ान भरकर तीस हजार फीट की ऊंचाई से दुश्मनों पर हमला किया था।  

योगी सरकार के आठ साल पूरे होने के बाद पहली बार वाराणसी आ रहे पीएम मोदी

वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र के 50वें दौरे पर आज काशी आएंगे। वहीं, यूपी की योगी सरकार के आठ साल पूरे होने के बाद प्रधानमंत्री मोदी का यह पहला वाराणसी दौरा होगा। इस मौके पर प्रधानमंत्री काशी से जनहित की 3,884.18 करोड़ रुपए की 44 विकास योजनाओं की सौगात पूर्वांचल को देंगे। प्रधानमंत्री मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में लगभग ढाई घंटे का प्रवास करेंगे। पीएम राजा तालाब के मेहदीगंज में जनसभा को भी संबोधित करेंगे। भाजपा का दावा है कि जनसभा में 50 हजार से ज्यादा जनमानस उमड़ेगा। पीएम की अगवानी राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और सीएम योगी आदित्यनाथ करेंगे। दोनों डिप्टी सीएम भी सभास्थल पर मौजूद रहेंगे। बनास डेयरी के चेयरमैन और गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष शंकर भाई चौधरी भी मंच पर रहेंगे। काशी और उत्तर प्रदेश अन्य राज्यों के लिए विकास और कानून व्यवस्था का पैमाना बनता जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निगरानी में काशी विकास के नए आयाम छू रहा है। सरकार के विकास कार्यों को जनता को समर्पित करने के लिए प्रधानमंत्री शुक्रवार को वाराणसी पहुंच रहे हैं। प्रधानमंत्री अपने निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी सुबह तकरीबन 10:30 बजे पहुंचेंगे। लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से ही हेलीकाप्टर द्वारा मेहंदीगंज के लिए उड़ान भरेंगे। प्रधानमंत्री 1,629.13 करोड़ की 19 योजनाओं का उद्घाटन और 2,255.05 करोड़ की 25 योजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इसके साथ ही पीएम मोदी बनास (अमूल) से जुड़े प्रदेश के लाखों दुग्ध उत्पादक किसानों को 106 करोड़ रुपए का बोनस भी ट्रांसफर कर सकते हैं। साथ ही तीन जीआई को सर्टिफिकेट और 70 वर्ष से अधिक आयु के तीन बुजुर्गों को आयुष्मान कार्ड देने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। प्रधानमंत्री के हाथों लोकार्पित और शिलान्यास होने वाली 3,884.18 करोड़ की परियोजनाएं- लोकार्पित होने वाली 1,629.13 करोड़ की 19 योजनाएं (लागत करोड़ में) 1- जल जीवन मिशन के अंतर्गत 130 ग्रामीण पेयजल योजनाओं का निर्माण- 345.12 2- उमरहा से अटेसुवा तक सड़क मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य – 43.85 3- बाबतपुर से जमालापुर तक सड़क मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य – 32.73 4- वाराणसी-भदोही मार्ग से सेवापुरी ब्लॉक तक सड़क मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य – 21.98 5- रामनगर-पंचवटी तिराहा से एनएच-19 तक किला कटरिया सड़क मार्ग का सुदृढ़ीकरण कार्य – 5.79 6- वाराणसी पुलिस लाइन परिसर में ट्रांजिट हॉस्टल का निर्माण कार्य – 24.96 7- पीएसी रामनगर परिसर में सुरक्षाकर्मी बैरक का निर्माण कार्य – 10.02 8- वाराणसी नगर के 6 वार्डों का सौंदर्यीकरण एवं पर्यटन विकास कार्य – 27.33 9- वाराणसी में सामने घाट का पुनर्विकास कार्य – 10.55 10- रामनगर, वाराणसी में शास्त्री घाट का पुनर्विकास कार्य -10.55 11- रोहनिया में मांडवी तालाब का पर्यटन विकास कार्य – 4.18 12- राजकीय पॉलिटेक्निक, ग्राम कुरु, पिंडरा का निर्माण कार्य – 10.60 13- सरदार वल्लभ भाई पटेल राजकीय महाविद्यालय, ग्राम बरकी सेवापुरी का निर्माण कार्य – 7.60 14- वाराणसी के ग्रामीण क्षेत्र में 100 आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण कार्य – 12.00 15- वाराणसी के ग्रामीण क्षेत्र में 356 पुस्तकालयों का स्थापना कार्य – 7.12 16- वाराणसी शहर में महत्वपूर्ण स्थलों पर स्कल्पचर स्थापित किए जाने का कार्य – 9.34 17- 400 केवी सब स्टेशन और संबंधित ट्रांसमिशन लाइनें, साहूपुरी, चंदौली – 493.97 18- 400 केवी सब स्टेशन और संबंधित ट्रांसमिशन लाइन, मछलीशहर जौनपुर – 428.74 19- 400 केवी सब स्टेशन और संबंधित ट्रांसमिशन लाइनें, भदौरा गाजीपुर – 122.70 शिलान्यास होने वाली 2,255.05 करोड़ की योजनाएं (लागत करोड़ में) 1- लाल बहादुर शास्त्री एयरपोर्ट वाराणसी के समीप एनएच-31 पर अंडर पास टनल का निर्माण – 652.64 2- वाराणसी में विद्युत तंत्र प्रणाली के उन्नयन व आधुनिकीकरण के कार्य – 584.41 3- वाराणसी नगर में एमएसएमई यूनिटी मॉल का निर्माण कार्य – 154.71 4- वाराणसी रिंग रोड तथा सारनाथ के मध्य सड़क सेतु का निर्माण कार्य – 161.36 5- भिखारीपुर तिराहे पर फ्लाईओवर का निर्माण – 118.84 6- मंडुवाडीह चौराहे पर फ्लाईओवर का निर्माण – 56.73 7- काजीसराय से गैरहा मुर्दहा सड़क मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य – 23.66 8- कुरु कोइलर से धौकलगंज सरावां सड़क मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य – 18.08 9- हाथीवार चुरापुर बाबतपुर सड़क मार्ग का चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण कार्य – 6.62 10- बाबतपुर से चौबेपुर तक सड़क मार्ग का नवीनीकरण कार्य – 9.85 11- पुलिस लाइन वाराणसी में आवासीय छात्रावास का निर्माण कार्य – 76.42 12- वाराणसी में थाना शिवपुर के प्रशासनिक भवन का निर्माण कार्य – 10.60 13- वाराणसी में थाना मिर्जामुराद के प्रशासनिक भवन का निर्माण कार्य – 7.99 14- वाराणसी में थाना लालपुर पांडेयपुर के प्रशासनिक भवन का निर्माण कार्य – 7.31 15- वाराणसी में थाना बड़ागांव के प्रशासनिक भवन का निर्माण कार्य – 7.14 16- वाराणसी शहर में विभिन्न पार्कों का सौंदर्यीकरण कार्य – 25.00 17- वाराणसी मोहनसराय स्थित ट्रांसपोर्ट नगर योजना के विकास कार्य – 12.00 18- शिवपुर वाराणसी में मिनी स्टेडियम का निर्माण कार्य – 6.15 19- भेलूपुर वाराणसी में ग्रिड से जुड़ा ग्राउंड/रूफटॉप डब्ल्यूटीपी पर 1 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र – 9.26 20- वाराणसी शहर में स्मार्ट क्लास के साथ 77 प्राथमिक विद्यालय भवनों का नवीनीकरण – 12.60 21- उदय प्रताप कॉलेज, वाराणसी में सिंथेटिक हॉकी टर्फ मैदान, फ्लड लाइट, दर्शक दीर्घा और खिलाड़ियों की सुविधाओं का निर्माण – 8.37 22- वाराणसी की 40 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक भवनों का निर्माण कार्य – 30.50 23- कस्तूरबा गांधी विद्यालय, चोलापुर, वाराणसी के भवन का निर्माण कार्य – 4.17 24- 220 केवी सब स्टेशन का निर्माण कार्य संपूर्णानंद विश्वविद्यालय वाराणसी – 191.14 25- 132 केवी सबस्टेशन का निर्माण कार्य, गाजीपुर – 59.50

भारत से यूरोप तक बनेगा सीधा रास्ता, अब इस प्रोजेक्ट पर तेजी लाने को लेकर पीएम मोदी की सऊदी अरब के नेताओं से होगी बात

नई दिल्ली पीएम नरेंद्र मोदी अप्रैल के तीसरे सप्ताह में सऊदी अरब जा सकते हैं। अभी तारीखों पर अंतिम फैसला होना बाकी है, लेकिन उनका दौरा करीब-करीब तय हो गया है। दो दिनों का उनका यह दौरा होगा, जिसमें वह सऊदी अरब के नेताओं के साथ कारोबार, निवेश, ऊर्जा और रक्षा संबंधों को लेकर बात करेंगे। इसके अलावा एक बड़ा एजेंडा IMEC यानी इंडिया-मिडल ईस्ट-यूरोप इकनॉमिक कॉरिडोर भी होगा। इस पर जी-20 समिट के दौरान सहमति बनी थी और अब इस प्रोजेक्ट पर तेजी लाने को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी की सऊदी अरब के नेताओं से बात होगी। भारत से यूरोप तक बनने वाले रास्ते में सऊदी अरब भी एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जो दुनिया का सबसे ताकतवर इस्लामिक मुल्क है। चार सालों के अंतराल के बाद पीएम नरेंद्र मोदी सऊदी अरब पहुंचने वाले हैं। दिल्ली में 2023 में जी-20 समिट का आयोजन हुआ था। इसी दौरान IMEC को लेकर सहमति बनी थी। यह कॉरिडोर भारत के लिए भू-राजनीतिक और आर्थिक तौर पर बेहद अहम है। इस प्रोजेक्ट के तहत भारत से मिडल ईस्ट होते हुए यूरोप तक जो गलियारा जाएगा, उसमें रेल, रोड नेटवर्क शामिल होगा। इसके अलावा सड़क परिवहन भी शामिल रहेगा। पहले चरण में यह भारत से मध्य पूर्व तक होगा। इसके अलावा दूसरा हिस्सा मध्य पूर्व से यूरोप के बीच होगा। पहले पार्ट को पूर्वी कॉरिडोर कहा गया है, जो भारत के मुंबई से होते हुए मिडल ईस्ट तक जाएगा। फिर मिडल ईस्ट से सऊदी अरब तक के रास्ते को नॉदर्न कॉरिडोर कहा जाएगा। IMEC कॉरिडोर में इलेक्ट्रिसिटी केबल, हाइड्रोजन पाइपलाइन और हाईस्पीड डेटा केबल भी शामिल होंगे। इस कॉरिडोर में भारत, अमेरिका, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, इटली, फ्रांस और जर्मनी शामिल होंगे। इसके अलावा यूरोपियन यूनियन भी इसका हिस्सा है। इस रूट पर भारत के तीन पोर्ट शामिल होंगे- गुजरात के मुंद्रा और कांडला बंदरगाह। इसके अलावा नवी मुंबई का जवाहर लाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट भी इसका हिस्सा होगा। फिर मध्य पूर्व देश फुजैराह, जेबेल अली और अबू धाबी बंदरगाह भी इसमें शामिल होंगे। सऊदी अरब के दम्मम और रास अल खैर भी इस कॉरिडोर का हिस्सा होंगे। दिलचस्प बात है कि रेलवे लाइन भी इस कॉरिडोर में होगी और इसका हिस्सा इजरायल भी होगा। रेलवे लाइन संयुक्त अरब अमीरात के फुजैराह पोर्ट से गुजरेगी। इसके अलावा इजरायल के हाइफा पोर्ट को भी रेलवे लाइन कनेक्ट करेगी। फिर सऊदी अरब और जॉर्डन भी इस रेल लाइन का हिस्सा होंगे। अब यूरोप की बात करें तो ग्रीस का पिराएस पोर्ट, साउथ इटली का मेसिना और फ्रांस का मार्सिले पोर्ट भी इसी रूट पर आएगा। इस प्रोजेक्ट के जरिए भारत से यूरोप तक सस्ता और सुगम सफऱ होगा। इसके अलावा मालवाहक जहाजों का सफऱ भी आसान होगा। खासतौर पर पाकिस्तान के भू-राजनीतिक महत्व को भी भारत कमतर कर पाएगा। इसके अलावा चीन के बेल्ट ऐंड रोड प्रोजेक्ट को भी यह गलियारा टक्कर दे सकेगा। खासतौर पर यूरेशिया क्षेत्र में चीन के बीआरआई को इससे टक्कर मिलेगी। अमेरिका भी इस परियोजना में खास दिलचस्पी है क्योंकि वह इसके माध्यम से एशिया से यूरोप तक चीन को टक्कर देने की कोशिश में है।

‘नवकार महामंत्र दिवस’: पीएम बोले- सरकार इस प्राचीन धर्म की विरासत और शिक्षाओं के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘नवकार महामंत्र दिवस’ पर आयोजित ‘नवकार महामंत्र’ कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बिना जूते के पहुंचे। इसके अलावा उन्होंने मंच पर नहीं बल्कि आम लोगों के साथ बैठकर कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने पारंपरिक धोती और कुर्ता धारण किया था। इस दौरान उन्होंने कहा कि जैन धर्म ने भारत की पहचान स्थापित करने में अमूल्य भूमिका निभाई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इसके मूल्य आतंकवाद, युद्ध और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी वैश्विक चुनौतियों से पार पाने में मददगार हैं। पीएम मोदी ने ‘नवकार महामंत्र दिवस’ के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी सरकार इस प्राचीन धर्म की विरासत और शिक्षाओं के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि तीर्थंकरों की शिक्षाओं और मूर्तियों के जरिए इस धर्म का प्रभाव संसद भवन पर दिखाई देता है। क्यों मनाया जाता है नवकार महामंत्र दिवस? नवकार महामंत्र दिवस आध्यात्मिक सद्भाव और नैतिक चेतना का एक महत्वपूर्ण उत्सव है, जो जैन धर्म में सबसे अधिक पवित्र है। इस नवकार महामंत्र के सामूहिक जप के माध्यम से लोगों को एकजुट करने का प्रयास किया जाता है। इस दौरान 108 से अधिक देशों के लोग शांति और एकजुटता के लिए वैश्विक जप में शामिल हुए। अनेकांतवाद के सिद्धांत का हवाला देते हुए मोदी ने कहा कि दुनिया को इसकी बहुत जरूरत है क्योंकि इसके तहत विभिन्न दृष्टिकोणों की सराहना की जाती है। अनेकांतवाद जैन धर्म में गैर-निरपेक्षता को बढ़ावा देने वाला एक प्रमुख सिद्धांत है। इसके तहत यह माना जाता है कि अंतिम सत्य को अलग-अलग तरीके से देखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि जैन धर्म में जीवन की पारस्परिक निर्भरता का खासा महत्व है और इसलिए इसमें मामूली हिंसा पर भी रोक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह शांति, सद्भाव और पर्यावरण संरक्षण के लिए सबसे अच्छा सबक है। मोदी ने कहा कि जैन साहित्य भारत की आध्यात्मिक भव्यता की रीढ़ है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार इसे संरक्षित करने के लिए कई कदम उठा रही है, जिसमें इसके प्राचीन ग्रंथों का डिजिटलीकरण और पाली व प्राकृत को शास्त्रीय भाषा घोषित करने की हालिया योजना भी शामिल है। मोदी ने लोगों से जल संरक्षण, अपनी मां की याद में एक पेड़ लगाना, स्वच्छता को बढ़ावा देना, स्थानीय लोगों के लिए मुखर होना, देश में यात्रा करना, प्राकृतिक खेती को अपनाना, मोटे अनाजों का अधिक सेवन कर स्वस्थ जीवनशैली अपनाना और खाद्य तेल के उपयोग में 10 प्रतिशत की कटौती करना, गरीबों की मदद करना और खेल तथा योग को दिनचर्या में सम्मिलित करने समेत नौ प्रतिज्ञाएं लेने का अनुरोध किया। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद लोगों से देश भर में एकता का संदेश ले जाने और “भारत माता की जय” कहने वाले किसी भी व्यक्ति को गले लगाने को कहा।

पीएम मोदी ने कहा- हजारों साल पुराने शहर को 21वीं सदी के इंजीनियरिंग चमत्कार से जोड़ा जा रहा है

रामेश्वरम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामेश्वरम में विशाल जनसमूह के समक्ष प्रदेश के मुखिया एमके स्टालिन से अपील की। ये अपील ‘भाषा’ को लेकर थी। उन्होंने आग्रह किया कि गरीब बच्चों की सुविधा को ध्यान में रख प्रदेश सरकार मेडिकल कोर्स तमिल भाषा में कराए। पीएम मोदी ने तमिलनाडु सरकार से एक अपील की। उन्होंने कहा, “तमिलनाडु में 1400 से ज्यादा जनऔषधि केंद्र हैं। यहां 80 फीसदी डिस्काउंट पर दवाएं मिलती हैं। इससे भी तमिलनाडु के लोगों की 7 हजार करोड़ रुपए की बचत हुई। देश के नौजवानों को डॉक्टर बनने के लिए विदेश जाने की मजबूरी नहीं रहेगी। इसके लिए बीते सालों में तमिलनाडु को 11 मेडिकल कॉलेज मिले हैं। अब गरीब से गरीब बेटा-बेटी भी डॉक्टर बन सकते हैं। मैं तमिलनाडु सरकार से कहना चाहता हूं कि वे तमिल भाषा में मेडिकल कोर्स जारी करें, ताकि अंग्रेजी न जानने वाले गरीब परिवार के बेटे-बेटी भी डॉक्टर बन सकें।” इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हजारों साल पुराने शहर को 21वीं सदी के इंजीनियरिंग चमत्कार से जोड़ा जा रहा है। मैं अपने इंजीनियरों और श्रमिकों को उनकी कड़ी मेहनत के लिए धन्यवाद देता हूं। यह पुल भारत का पहला वर्टिकल लिफ्ट रेलवे समुद्री पुल है। इसके नीचे से बड़े जहाज गुजर सकेंगे। इस पर ट्रेनें भी तेजी से चल सकेंगी। नई ट्रेन सेवा से रामेश्वरम से चेन्नई और देश के अन्य हिस्सों तक कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इससे तमिलनाडु में व्यापार और पर्यटन दोनों को लाभ होगा। युवाओं के लिए नई नौकरियां और अवसर भी पैदा होंगे। बीते 10 वर्षों में, भारत ने अपनी इकोनॉमी का साइज दोगुना किया है। इतनी तेज ग्रोथ का एक बड़ा कारण हमारा शानदार मॉडर्न इंफ्रास्ट्रक्चर भी है। बीते 10 वर्षों में हमने रेल, रोड, एयरपोर्ट, पानी, पोर्ट, बिजली, गैस पाइपलाइन, ऐसे इंफ्रास्ट्रक्चर का बजट करीब 6 गुना बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि आज पूरे देश में बड़े निर्माण कार्य चल रहे हैं। उत्तर में, जम्मू और कश्मीर में, दुनिया के सबसे ऊंचे रेल पुलों में से एक, चेनाब ब्रिज का निर्माण पूरा हो चुका है। पश्चिम में, मुंबई में, भारत का सबसे लंबा समुद्री पुल, अटल सेतु का निर्माण किया गया है। पूर्व में, असम में, आप बोगीबील ब्रिज देख सकते हैं और दक्षिण में, दुनिया के कुछ वर्टिकल लिफ्ट ब्रिजों में से एक, पंबन ब्रिज का निर्माण किया गया है। आज देश में बहुत तेजी से मेगा परियोजनाओं पर काम हो रहा है। तमिलनाडु विकसित भारत की ओर बढ़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पीएम मोदी ने आगे कहा कि मेरा मानना है कि तमिलनाडु की क्षमता का एहसास होने पर देश का समग्र विकास बेहतर होगा। साल 2014 से पहले रेल प्रोजेक्ट के लिए हर साल सिर्फ 900 करोड़ रुपये ही मिलते थे। इस वर्ष तमिलनाडु का रेल बजट 6,000 करोड़ रुपये से ज्यादा है और भारत सरकार यहां के 77 रेलवे स्टेशनों को मॉडर्न भी बना रही है। इसमें रामेश्वरम का रेलवे स्टेशन भी शामिल है। विकसित भारत के सफर में तमिलनाडु का बहुत बड़ा रोल है। मैं मानता हूं, तमिलनाडु का सामर्थ्य जितना ज्यादा बढ़ेगा, भारत की ग्रोथ उतनी तेज होगी। पीएम मोदी ने प्रदेश सरकार को पहुंचाई जा रही मदद का जिक्र किया। उन्होंने कहा, बीते दशक में, तमिलनाडु के विकास के लिए 2014 की तुलना में तीन गुना ज्यादा पैसा केंद्र सरकार की ओर से दिया गया है। तमिलनाडु का बुनियादी ढांचा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पिछले एक दशक में राज्य का रेल बजट सात गुना से भी ज्यादा बढ़ गया है। इस महत्वपूर्ण वृद्धि के बावजूद, कुछ लोग बिना किसी औचित्य के शिकायत करना जारी रखते हैं। 2014 से पहले हर साल सिर्फ 900 करोड़ रुपये आवंटित किए जाते थे। हालांकि, इस साल तमिलनाडु का रेल बजट 6000 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। इसके अलावा, भारत सरकार 77 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण कर रही है, जिसमें रामेश्वरम का स्टेशन भी शामिल है। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में आगे कहा कि आज राम नवमी का पावन पर्व है, अब से कुछ समय पूर्व अयोध्या के भव्य राम मंदिर में रामलला का सूर्य की किरणों ने भव्य तिलक किया है। भगवान श्रीराम का जीवन, उनके राज्य से मिलने वाली सुशासन की प्रेरणा राष्ट्र निर्माण का बड़ा आधार है। मैं खुद को सौभाग्यशाली मानता हूं कि मुझे रामनाथस्वामी मंदिर में प्रार्थना करने का अवसर मिला। इस विशेष दिन पर मुझे 8300 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं को सौंपने का अवसर मिला। ये रेल और सड़क परियोजनाएं तमिलनाडु में कनेक्टिविटी को बढ़ावा देंगी। मैं इन परियोजनाओं के लिए तमिलनाडु के अपने भाइयों और बहनों को बधाई देता हूं। पीएम मोदी ने भाजपा स्थापना दिवस को लेकर कहा कि आज रामनवमी है, रामेश्वरम की पवित्र भूमि है, तो मेरे लिए कुछ भावुक पल भी हैं। आज भारतीय जनता पार्टी का स्थापना दिवस है। सशक्त, समृद्ध और विकसित भारत के जिस लक्ष्य को लेकर हम चल रहे हैं, उसमें भाजपा के हर एक कार्यकर्ता का परिश्रम है। तीन-तीन, चार-चार पीढ़ियां मां भारती के जय जयकार के लिए खप गई हैं। मेरे लिए गर्व की बात है कि भाजपा के उस विचार ने, भाजपा के लाखों कार्यकर्ताओं के परिश्रम ने आज हमें देश की सेवा का अवसर दिया है। आज देश के लोग भाजपा सरकारों का गुड गर्वनेंस देख रहे हैं, राष्ट्रहित में लिए जा रहे निर्णय देख रहे हैं और हर हिंदुस्तानी का सीना चौड़ा हो रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु में 8300 करोड़ रुपये के रेल और सड़क प्रोजेक्ट्स का किया लोकार्पण

तमिलनाडु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रामनवमी के अवसर पर तमिलनाडु में 8300 करोड़ रुपये के रेल और सड़क प्रोजेक्ट्स का रविवार को लोकार्पण किया गया. इनमें पंबन ब्रिज, नई ट्रेन सेवा और रामेश्वरम से चेन्नई तक बेहतर कनेक्टिविटी शामिल है. पंबन ब्रिज एशिया का पहला वर्टिकल लिफ्ट रेलवे समुद्र पुल है. प्रधानमंत्री मोदी ने देश में चल रहे भाषा विवाद के बीच तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन पर तंज कसा है. पंबन ब्रिज का लोकार्पण प्रधानमंत्री मोदी ने रामेश्वरम में पंबन ब्रिज का उद्घाटन किया. उन्होंने तमिलनाडु को सड़क और रेल से जुड़ी कई परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया. प्रधानमंत्री ने रामनाथ स्वामी मंदिर में दर्शन किए और रामनवमी की शुभकामनाएं दीं. भाषा विवाद के बीच प्रधानमंत्री मोदी का तंज भाषा विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पर तंज कसा है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि तमिलनाडु के कई नेताओं से उन्हें पत्र मिलते हैं, लेकिन कभी भी उनपर तमिल में हस्ताक्षर नहीं किए हुए होते हैं. अगर तमिल भाषा पर इतना गर्व है तो तमिल में हस्ताक्षर करना चाहिए. तमिल भाषा और तमिल विरासत को दुनिया को हर कोने में पहुंचाने के लिए सरकार इस दिशा में काम कर रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज राम नवमी का पावन पर्व है. इस खास मौके पर रामनाथस्वामी मंदिर में प्रार्थना करने का सौभाग्य मिला. अब से कुछ समय पूर्व अयोध्या के भव्य राम मंदिर में रामलला का सूर्य की किरणों ने भव्य तिलक किया है. भगवान श्रीराम का जीवन, उनके राज्य से मिलने वाली सुशासन की प्रेरणा राष्ट्र निर्माण का बड़ा आधार है. रामनवमी के अवसर पर तमिलनाडु में ₹8300 करोड़ की विकास परियोजनाओं को समर्पित करने का अवसर मिला. बीते 10 वर्षों में, भारत ने अपनी इकोनॉमी का साइज दोगुना किया है. इतनी तेज ग्रोथ का एक बड़ा कारण हमारा शानदार मॉडर्न इंफ्रास्ट्रक्चर भी है. बीते 10 वर्षों में हमने रेल, रोड, एयरपोर्ट, पानी, पोर्ट, बिजली, गैस पाइप लाइन जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर का बजट करीब 6 गुना बढ़ाया है. ऐसा नगर (रामेश्वरम) जो हजारों साल पुराना है, अब वह 21वीं सदी की इंजीनियरिंग के चमत्कार से जुड़ रहा है. पंबन ब्रिज भारत का पहला वर्टिकल लिफ्ट रेलवे सी ब्रिज है. अब इसके नीचे से बड़ी-बड़ी जहाज गुजरेंगी और ट्रेन अब और अधिक तेजी से गुजरेंगी. आज देशभर में कई मेगा प्रोजेक्ट्स का निर्माण चल रहा है. जम्मू-कश्मीर में दुनिया के सबसे ऊंचे रेल पुलों में से एक चिनाब ब्रिज का निर्माण पूरा हो चुका है. मुंबई में अटल सेतु बनकर तैयार हो गया है. यह भारत का सबसे लंबा समुद्री पुल है . असम का बोगीबील ब्रिज ब्रह्मपुत्र नदी पर बना है. यह देश का सबसे बड़ा रेल रोड ब्रिज है. ये सब भारत के विकास की रफ्तार और हमारे इंजीनियरों की क्षमता का प्रमाण हैं. तमिलनाडु में जब इंडिया गठबंधन की सरकार थी तो केंद्र सरकार प्रदेश को पहले की तुलना में तीन गुना अधिक फंड मुहैया कराया. जिससे प्रदेश की आर्थिक प्रगति रुकी नहीं. आज  औद्योगिक केंद्रों में तमिलनाडु देश का सबसे अग्रणी राज्य बन गया है.  

पीएम मोदी की थाइलैंड यात्रा : ‘रामकियेन’ भारत और थाईलैंड के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक है

बैंकॉक प्रधानमंत्री मोदी की थाईलैंड यात्रा के दौरान एक विशेष डाक टिकट जारी किया गया है। यह डाक टिकट 18वीं सदी की रामायण के भित्ति चित्रों पर आधारित है। पीएम मोदी ने कहा, मैं थाईलैंड सरकार का आभारी हूं कि मेरी यात्रा के उपलक्ष्य में 18वी शताब्दी की ‘रामायण’ भित्ति चित्रों पर आधारित एक विशेष डाक-टिकट जारी किया गया। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को बैंकॉक पहुंचने पर रामायण के थाई संस्करण ‘रामकियेन’ को देखा। ‘रामकियेन’ भारत और थाईलैंड के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक है। पीएम मोदी ने ट्वीट किया, ‘एक अद्वितीय सांस्कृतिक जुड़ाव! थाई रामायण, रामकियेन का एक आकर्षक प्रदर्शन देखा। यह वास्तव में समृद्ध अनुभव था जिसने भारत और थाईलैंड के बीच साझा सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों को खूबसूरती से प्रदर्शित किया।’ उन्होंने लिखा, “रामायण एशिया के इतने सारे हिस्सों में दिलों और परंपराओं को जोड़ता है।” द्विपक्षीय चर्चा के बाद थाई प्रधानमंत्री पैतोंगटार्न शिनावात्रा ने पीएम मोदी को एक बेहद खास गिफ्ट दिया। उन्होंने पीएम मोदी को पवित्र ग्रंथ ‘द वर्ल्ड तिपिटका : सज्जया फोनेटिक एडिशन’ भेंट किया। तिपिटका (पाली में) या त्रिपिटक (संस्कृत में) भगवान बुद्ध की शिक्षाओं का एक प्रतिष्ठित संकलन है, जिसमें 108 खंड हैं और इसे प्रमुख बौद्ध धर्मग्रंथ माना जाता है। प्रधानमंत्री मोदी को भेंट किया गया संस्करण पाली और थाई लिपियों में लिखा गया है, जो नौ मिलियन से अधिक अक्षरों का सटीक उच्चारण सुनिश्चित करता है। यह विशेष संस्करण 2016 में थाई सरकार ने ‘विश्व तिपिटका परियोजना’ के हिस्से के रूप में राजा भूमिबोल अदुल्यादेज (राम IX) और रानी सिरीकित के 70 साल के शासनकाल की स्मृति में प्रकाशित किया था। पीएम मोदी ने कहा, “प्रधानमंत्री शिनावात्रा ने मुझे त्रिपिटक भेंट किया और मैंने भगवान बुद्ध की भूमि भारत की ओर से हाथ जोड़कर इसे स्वीकार किया। पिछले वर्ष भारत ने भगवान बुद्ध और उनके दो प्रमुख शिष्यों के पवित्र अवशेष थाईलैंड भेजे थे। यह जानकर बहुत खुशी हुई कि करीब चार मिलियन लोगों ने इन अवशेषों को नमन किया।” विश्लेषकों का मानना ​​है कि प्रधानमंत्री मोदी को त्रिपिटक भेंट करना भारत के आध्यात्मिक नेतृत्व और बौद्ध देशों के साथ उसके स्थायी संबंधों का प्रमाण है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- चिली के राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक फॉन्ट अमेरिका में भारत का ‘महत्वपूर्ण मित्र और साझेदार’

नई दिल्ली पीएम मोदी ने मंगलवार को चिली के राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक फॉन्ट और उनके उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल का भारत में उनके पहले राजकीय दौरे पर स्वागत किया। उन्होंने चिली को लैटिन अमेरिका में भारत का ‘महत्वपूर्ण मित्र और साझेदार’ बताया। संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने बढ़ते द्विपक्षीय संबंधों पर प्रकाश डाला और सहयोग को अधिक बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “लैटिन अमेरिका में चिली भारत का एक महत्वपूर्ण मित्र और साझेदार देश है। आज की चर्चाओं में हमने आने वाले दशक में सहयोग बढ़ाने के लिए कई नई पहलों की पहचान की। हम आपसी व्यापार और निवेश में बढ़ोतरी का स्वागत करते हैं। हम इस बात पर सहमत हैं कि इसमें और अधिक सहयोग की क्षमता भी है।” प्रधानमंत्री ने बताया कि दोनों पक्षों ने अपनी टीमों को ‘व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते’ पर चर्चा शुरू करने का निर्देश दिया, जिससे व्यापार संबंधों को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि भारत डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, नवीकरणीय ऊर्जा, रेलवे और अंतरिक्ष टेक्नोलॉजी में चिली के साथ अपनी विशेषज्ञता साझा करने का इच्छुक है। उन्होंने अंटार्कटिका के प्रवेश द्वार के रूप में चिली के रणनीतिक महत्व को रेखांकित किया और इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए दोनों देशों के बीच हस्ताक्षरित आशय पत्र का स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने चिली की स्वास्थ्य सुरक्षा में भारत के योगदान पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने सहयोग को और गहरा करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। राष्ट्रपति बोरिक ने कहा, “चिली की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में भारत एक विश्वसनीय भागीदार रहा है। हम इस सहयोग को और गहरा करने पर सहमत हुए।” सांस्कृतिक संबंधों पर प्रकाश डालते हुए, पीएम मोदी ने 4 नवंबर को राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में अपनाने के चिली के फैसले की सराहना की और इसे एक ‘प्रेरक’ संकेत बताया। वैश्विक स्तर पर, दोनों नेताओं ने बातचीत के माध्यम से संघर्षों को हल करने की जरुरत पर सहमति जताई और समकालीन चुनौतियों का प्रभावी ढंग से समाधान करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) और अन्य वैश्विक संस्थाओं में सुधारों का समर्थन किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “भारत और चिली इस बात पर सहमत हैं कि सभी तनावों और विवादों को बातचीत के जरिए सुलझाया जाना चाहिए। हम इस बात पर एक राय रखते हैं कि वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अन्य संस्थाओं में सुधार जरूरी हैं। हम मिलकर वैश्विक शांति और स्थिरता में योगदान देना जारी रखेंगे।”

छत्तीसगढ़ को 33,700 करोड़ रुपये की सौगातें देने आज आएंगे PM मोदी

रायपुर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज छत्तीसगढ़ के दौरे पर रहेंगे, जहां वे राज्य को 33,700 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। इस दौरान वे कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। लोकसभा चुनाव 2024 के बाद उनका यह पहला छत्तीसगढ़ दौरा है। इस यात्रा के दौरान वे, प्रधानमंत्री एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। उनका यह कार्यक्रम बिलासपुर जिले के मोहभट्टा गांव में आयोजित होगा, जिसके मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। प्रधानमंत्री का शेड्यूल – 2:30 बजे: वायुसेना के विमान से रायपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। – 2:35 बजे: हेलिकॉप्टर से बिलासपुर के मोहभट्टा के लिए रवाना। – 3:30 – 4:30 बजे: विभिन्न परियोजनाओं का भूमिपूजन और लोकार्पण। – 4:45 बजे: रायपुर के लिए प्रस्थान। – 5:30 बजे: दिल्ली के लिए रवाना। बिजली परियोजनाओं की आधारशिला – एनटीपीसी सीपत सुपर थर्मल पावर परियोजना (800MW) – 9,790 करोड़ रुपये की लागत से। – सीएसपीजीसीएल सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर परियोजना (2X660MW) – 15,800 करोड़ रुपये की लागत से। – पश्चिमी क्षेत्र विस्तार योजना (डब्ल्यूआरईएस) – 560 करोड़ रुपये की तीन विद्युत पारेषण परियोजनाओं का उद्घाटन। तेल और गैस क्षेत्र में बड़े कदम – सिटी गैस वितरण (CGD) परियोजना – 1,285 करोड़ रुपये की लागत से 200 किमी हाई-प्रेशर पाइपलाइन और 800 किमी एमडीपीई पाइपलाइन। – विशाखापट्टनम-रायपुर पाइप लाइन (VRPL) परियोजना – 2,210 करोड़ रुपये की लागत से 540 किमी लंबी पाइपलाइन। रेलवे क्षेत्र में नई सौगातें – 108 किमी लंबी सात रेलवे परियोजनाओं की आधारशिला। – 2,690 करोड़ रुपये की लागत से 111 किमी लंबी तीन रेलवे परियोजनाओं का राष्ट्र को समर्पण। – अभनपुर-रायपुर मेमू ट्रेन सेवा की शुरुआत। – छत्तीसगढ़ रेलवे नेटवर्क के 100% विद्युतीकरण का उद्घाटन। सड़क बुनियादी ढांचे में सुधार – एनएच-930 (37 किमी) झलमला-शेरपार खंड का उन्नयन। – एनएच-43 (75 किमी) अंबिकापुर-पत्थलगांव खंड का 2-लेन में उन्नयन। – एनएच-130डी (47.5 किमी) कोंडागांव-नारायणपुर खंड का उन्नयन। शिक्षा और आवास क्षेत्र में सुधार – राज्य के 29 जिलों में 130 पीएम श्री स्कूलों का उद्घाटन। – रायपुर में विद्या समीक्षा केंद्र (VSK) की स्थापना। – प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत 3 लाख लाभार्थियों का गृह प्रवेश। छत्तीसगढ़ को मिलेगी नई दिशा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा छत्तीसगढ़ के आर्थिक और बुनियादी ढांचे के विकास को नई दिशा देगा। 33,700 करोड़ रुपये से अधिक की इन परियोजनाओं से राज्य की बिजली, रेल, सड़क, गैस और शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इससे राज्य की कनेक्टिविटी में सुधार होगा और औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

मैं महाकुंभ को देखता हूं, हमने करीब डेढ़ महीने तक उत्साह देखा और लोगों की उमंग को महसूस किया: पीएम मोदी

नई दिल्ली पीएम नरेंद्र मोदी ने प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ के आयोजन की संसद में सराहना की और कहा कि इससे देश की एकता का संदेश मिला है। यही नहीं उन्होंने कहा कि महाकुंभ भारत के इतिहास में ऐसा ही क्षण था, जैसा 1857 की क्रांति, भगत सिंह का बलिदान और गांधी का डांडी मार्च था। इन घटनाओं ने देश को एक नया मोड़ दिया और ऐसा ही महाकुंभ के विशाल आयोजन से भी हुआ है। पीएम मोदी ने कहा, ‘मैं यूपी और खासतौर पर प्रयाग की जनता का आभार व्यक्त करता हूं। गंगाजी को धरती पर लाने के लिए भगीरथ प्रयास हुआ था। ऐसा ही महाप्रयास महाकुंभ के भव्य आयोजन में भी हमने देखा है। मैंने लालकिले से सबका प्रयास पर जोर दिया था। पूरे विश्व ने भारत के विराट स्वरूप के दर्शन किए। सबका प्रयास का यही साक्षात स्वरूप है।’ उन्होंने कहा कि महाकुंभ ने उन शंकाओं को भी जवाब दिया है, जो कुछ लोगों के मन में रहती है। अयोध्या में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर हमने देखा था कि कैसे देश अगले एक हजार साल के लिए तैयार हो रहा है। फिर इस बात को हमने महाकुंभ में देखा। किसी भी राष्ट्र के जीवन में अनेक ऐसे मोड़ आते हैं, जो सदियों के लिए उदाहरण बन जाते हैं। हमारे देश के इतिहास में भी ऐसे पल आए हैं, जिन्होंने नई दिशा दी या झकझोर कर सबको जागृत कर दिया। हमने देखा कि भक्ति आंदोलन के दौर में कोने-कोने में आध्यात्मिक चेतना हो गई। स्वामी विवेकानंद ने शिकागो में जो भाषण दिया, वह भारत की चेतना का जयघोष हो। ऐसा ही स्वतंत्रता संग्राम में भी हुआ। 1857 की क्रांति, सुभाष जी का दिल्ली चलो का नारा और गांधी जी का डांडी मार्च। इन सबने हमें प्रेरणा दी। ‘त्रिवेणी का जल लेकर मॉरीशस गया तो उत्सव जैसा माहौल था’ प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे ही मैं महाकुंभ को देखता हूं। हमने करीब डेढ़ महीने तक उत्साह देखा और लोगों की उमंग को महसूस किया। करोड़ों लोग सुविधा और असुविधा के भाव से ऊपर उठते हुए श्रद्धा से जुटे। यह उमंग और उत्साह यहीं तक सीमित नहीं थी। बीते सप्ताह मैं मॉरीशस में था। मैं महाकुंभ के समय का जल त्रिवेणी से लेकर गया था। उस जल को जब मॉरीशस के गंगा तालाब में अर्पित किया गया तो वहां आस्था और उत्सव का माहौल देखते ही बन रहा था। भारत का युवा आज अपनी आस्था को गर्व के साथ अपना रहा है। जब एक समाज की भावनाओं में अपनी विरासत पर गर्व का भाव बढ़ता है तो हम ऐसी ही तस्वीरें देखते हैं, जो महाकुंभ के दौरान आईं। इससे भाईचारा बढ़ता है। हर भाषा के लोग संगम पर बोले- हर हर गंगे और लगाई डुबकी लोकसभा में पीएम ने कहा कि यह विश्वास होता है कि हम एक देश के रूप में बड़े लक्ष्य हासिल कर सकते हैं। यहां पहुंचे लोग अहं त्याग कर वयं के भाव में आ गए। मैं नहीं हम के भाव में आए। अलग-अलग राज्यों से आए लोग त्रिवेणी का हिस्सा बने। जब करोड़ों लोग राष्ट्रीयता के भाव को मजबूती देते हैं तो देश की एकता बढ़ती है। जब हर भाषा के लोग संगम तट पर हर हर गंगे का उद्घोष करते हैं तो एकता की भावना बढ़ती है। हमने देखा कि वहां छोटे-बड़े का कोई भेद नहीं था। यह भारत का बहुत बड़ा सामर्थ्य है। एकता की यही भावना भारतीयों का सौभाग्य है। आज पूरे विश्व में बिखराव की स्थिति है और ऐसे में हमारी एकजुटता बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि हमें कुंभ से प्रेरणा लेते हुए नदी उत्सव के कार्यक्रम को नया स्वरूप देना होगा। इससे नई पीढ़ी को जल और नदी का महत्व समझ आएगा। नदियों की साफ-सफाई के लिए लोगों को प्रेरणा मिलेगी।

प्रधानमंत्री ने शहडोल दौरे को किया याद, कहा चार पीढ़ियों से लोग खेल रहे फुटबाल

भोपाल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अमेरिकन पॉडकास्टर लेक्स फ्रिडमैन के साथ विस्तार से बातचीत में मध्यप्रदेश के शहडोल जिले के दौरे की स्मृतियों को साझा की। पॉडकास्ट में पीएम श्री मोदी ने शहडोल जिले के जनजातीय बाहुल्य गांव विचारपुर की चर्चा की। उन्होंने कहा कि शहडोल जिले की यात्रा में उन्हें उस जगह के बारे में पता चला, जहां के निवासियों में फुटबॉल के प्रति अटूट प्रेम है। वे अपने क्षेत्र को मिनी ब्राजील कहते हैं। अमेरिकन पॉडकास्ट में पीएम श्री मोदी ने कहा कि हमारे यहां सेंट्रल पार्ट ऑफ इंडिया में मध्यप्रदेश एक स्टेट है, वहां शहडोल एक जिला है, शहडोल जिला बहुत बड़ा ट्राइबल बेल्ट है, जहां काफी ट्राइबल लोग रहते हैं वहां ट्राइबल महिलाएं स्व-सहायता समूह चलाती हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने शहडोल यात्रा में स्व-सहायता समूह की महिला सदस्यों और शहडोल संभाग की फुटबाल क्रांति के प्रणेता खिलाड़ियों से मिलकर चर्चा की और उनका उत्साह बढ़ाया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने शहडोल जिले के भ्रमण की स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि मैं उनसे बातचीत कर रहा था। शहडोल में देखा कि स्पोर्ट्स की ड्रेस पहने हुए वहां 80 से 100 के करीब नौजवान, छोटे बच्चे, सभी लोग एक ही प्रकार से बैठे थे। मैं उनके पास गया, उनसे पूछा कि आप लोग कहां से हैं? जवाब मिला, हम मिनी ब्राजील से हैं। मैंने खिलाड़ियों से पूछा कि मिनी ब्राजील क्या है? तो खिलाड़ियों ने बताया कि हमारे गांव विचारपुर को लोग मिनी ब्राजील कहते हैं। मैंने फिर पूछा कैसे मिनी ब्राजील कहते हैं? खिलाड़ियों ने बताया कि हमारे गांव में हर परिवार में चार पीढ़ियों से लोग फुटबॉल खेलते आ रहे हैं। गाँव से 80 से अधिक नेशनल प्लेयर निकले हैं। पूरा गाँव फुटबॉल को समर्पित है और वो कहते हैं कि हमारे गांव का इंडिविजुअल मैच जब होता है, तो 20 से 25 हजार दर्शक तो आसपास के गांव से ही आ जाते हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि भारत में फुटबॉल का क्रेज इन दिनों बढ़ रहा है, मैं उसके लिए शहडोल के मिनी ब्राजील को शुभ संकेत मानता हूं। इससे टीम स्पिरिट पैदा होती है। प्रधानमंत्री श्री मोदी का मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माना आभार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्रोत्साहन के लिये आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे शहडोल ही नहीं पूरे प्रदेश के खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में फुटबाल को और अधिक प्रोत्साहित करने के लिये राज्य सरकार की ओर से हरसंभव मदद दी जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार खेलों को बढ़ावा देने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। हमारी खेल अकादमियों के खिलाड़ियों राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। पूर्व कमिश्नर श्री शर्मा ने भी किया प्रोत्साहित शहडोल संभाग में फुटबाल को प्रोत्साहित करने के लिए शहडोल संभाग के पूर्व कमिश्नर श्री राजीव शर्मा की पहल पर फुटबाल खिलाड़ियों को बेहतर से बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के प्रयास किये गए है। इसके अपेक्षित परिणाम मिल रहे हैं। शहडोल जिले के ग्राम विचारपुर गांव सहित शहडोल संभाग के लगभग सभी गांवों में फुटबाल क्लबों का गठन किया गया है तथा फुटबाल खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मन की बात में भी हो चुका है जिक्र प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पूर्व में भी “मन की बात” कार्यक्रम में भी शहडोल संभाग की फुटबाल क्रांति के संबंध में चर्चा की जा चुकी है, जिससे शहडोल संभाग के फुटबाल खिलाड़ियों में नया उत्साहवर्धन हुआ है।  

पीएम मोदी और आरएसएस प्रमुख भागवत इस महीने एक ही मंच पर नजर आ सकते है !

नागपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी महीने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के स्मृति मंदिर जा सकते हैं. सूत्रों के अनुसार, 30 मार्च को मराठी नव वर्ष गुड़ी पड़वा पर पीएम मोदी के नागपुर जाने की संभावना है. वहां पीएम मोदी एक कार्यक्रम में हिस्सा ले सकते हैं और संघ प्रमुख मोहन भागवत के साथ मंच साझा कर सकते हैं. जानकारी के मुताबिक, पीएम मोदी माधव नेत्रालय की आधारशिला के कार्यक्रम में हिस्सा ले सकते हैं. पीएम मोदी स्मृति मंदिर जा सकते हैं. राम मंदिर कार्यक्रम के बाद पहली बार पीएम मोदी और आरएसएस प्रमुख भागवत एक ही मंच पर नजर आएंगे. कार्यक्रम के बाद पीएम मोदी आरएसएस के संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार को स्मृति मंदिर में श्रद्धासुमन अर्पित करने जा सकते हैं. पीएम मोदी के दीक्षाभूमि जाने की भी संभावना है. एक दिन पहले ही पीएम मोदी ने अपने पॉडकास्ट में आरएसएस की जमकर प्रशंसा की थी. पीएम मोदी ने कहा था कि आरएसएस से उन्हें जीवन का उद्देश्य मिला. माधव नेत्रालय 5.83 एकड़ पर 517 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा. इसमें 250 बेड होंगे और एक चेरिटी वार्ड भी होगा, जहां नाम मात्र शुल्क पर लोगों को वर्ल्ड क्लास आई केयर की सुविधा दी जाएगी. इसका काम अगले तीन साल में पूरा करने की संभावना है.  

पीएम मोदी ने गंगा तालाब में प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान त्रिवेणी संगम से लाए गए पवित्र जल का विसर्जन भी किया

पोर्ट लुईस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मॉरीशस की यात्रा के दौरान बुधवार को पवित्र गंगा तालाब के दर्शन किए। उन्होंने इसे एक भावानात्मक अनुभव बताया। प्रधानमंत्री ने हिंद महासागर द्वीपसमूह में सबसे पवित्र हिंदू तीर्थ स्थल माने जाने वाले गंगा तालाब में पूजा-अर्चना की और प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान त्रिवेणी संगम से लाए गए पवित्र जल का विसर्जन भी किया। पीएम मोदी ने बुधवार को एक्स पर पोस्ट किया, “मॉरीशस में पवित्र गंगा तालाब के दर्शन कर भावविभोर हो गया। इसकी पावन जलधारा के किनारे दोनों देशों के बीच के आध्यात्मिक संबंधों को आसानी से महसूस किया जा सकता है। यह सीमाओं से परे है और हमारी कई पीढ़ियों को उनकी जड़ों से जोड़ता है।” गंगा तालाब, जिसे मॉरीशस में ग्रैंड बेसिन के नाम से भी जाना जाता है, एक क्रेटर झील है, जो समुद्र तल से लगभग 550 मीटर ऊपर है। यह सावेन के पहाड़ी दक्षिण-पश्चिमी जिले में स्थित है। इसके तट पर मंदिर भी स्थित है। स्थानीय लोगों का मानना ​​है कि इस स्थान की खोज 1897 के आसपास एक हिंदू पुजारी ने की थी। 1970 के दशक में, भारत से एक अन्य पुजारी गंगा से पवित्र जल लेकर आए और पवित्र जल को झील में डाला, इस प्रकार इसका नाम ‘गंगा तालाब’ रखा गया। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में दूसरी बार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह के दौरान उन्हें मॉरीशस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा गया। प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम में भाग लेने के बाद एक्स पर लिखा, “मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में शामिल होकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। मॉरीशस के लोगों को निरंतर समृद्धि और सफलता की शुभकामनाएं देता हूं, साथ ही हम अपने देशों के बीच गहरे संबंधों को भी मजबूत करते हैं।” यह दूसरी बार है जब पीएम मोदी मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में शामिल हुए। वह इससे पहले 2015 में इस समारोह में शामिल हो चुके थे। समारोह के दौरान मॉरीशस के राष्ट्रपति धरमबीर गोखूल ने प्रधानमंत्री मोदी को मॉरीशस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार एंड की ऑफ द इंडियन ओशन’ (जीसीएसके) से सम्मानित किया। यह पहली बार है जब किसी भारतीय नेता को यह सम्मान मिला। यह किसी देश द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को दिया जाने वाला 21वां अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार भी है।

पीएम मोदी को मॉरीशस सरकार ने अपना सबसे बड़ा नागरिक सम्मान दिया, सम्मान को पाने वाले पहले भारतीय बने

मॉरीशस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मॉरीशस सरकार ने अपना सबसे बड़ा नागरिक सम्मान ‘द ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार एंड की ऑफ द इंडियन ओशन’ से नवाजा है। पीएम मोदी इस प्रतिष्ठित सम्मान को पाने वाले पहले भारतीय बने हैं। गौरतलब है कि यह पीएम मोदी को किसी देश द्वारा दिया गया 21वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है। सम्मान पर क्या बोले पीएम मोदी इस सम्मान को स्वीकार करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “मैं इसे विनम्रता से स्वीकार करता हूं। यह सम्मान भारत और मॉरिशस के गहरे रिश्तों का सम्मान है। यह उन भारतीयों का भी सम्मान है, जिन्होंने पीढ़ी-दर-पीढ़ी इस धरती की सेवा की और इसे ऊंचाइयों तक पहुंचाया। मैं मॉरिशस की जनता और सरकार का तहेदिल से आभार व्यक्त करता हूं।” पीएम मोदी ने याद किया कि 10 साल पहले इसी तारीख को वे मॉरिशस आए थे। उन्होंने कहा, “तब भारत में होली बीते हफ्ता भर हुआ था, और मैं अपने साथ भगवा की उमंग लेकर आया था। इस बार होली के रंग अपने साथ लेकर जाऊंगा।” उन्होंने अपने अंदाज में होली का जिक्र करते हुए कहा, “राम के हाथे ढोलक सोहे, लक्ष्मण हाथ मंजीरा, भरत के हाथ कनक पिचकारी, शत्रुघ्न हाथ अबीरा… जोगीरा!” पीएम मोदी ने भारत और मॉरिशस के ऐतिहासिक संबंधों को मिठास से जोड़ा और बताया कि एक जमाने में भारत में मिठाई बनाने के लिए चीनी मॉरिशस से आती थी। इसी वजह से गुजरात में चीनी को मॉरस भी कहा जाता है। उन्होंने कहा, “समय के साथ भारत और मॉरिशस के रिश्तों में यह मिठास और बढ़ती जा रही है।” मॉरिशस में भारत की खुशबू हर तरफ: पीएम मोदी पीएम मोदी ने कहा कि जब भी वे मॉरिशस आते हैं, उन्हें अपनों के बीच होने का एहसास होता है। उन्होंने कहा, “यहां की हवा, मिट्टी और पानी में अपनापन महसूस होता है। गीत-गवाई में, ढोलक की थाप में और गातो पिमा (मॉरिशस की पारंपरिक डिश) में भारत की खुशबू है।” पीएम मोदी ने मॉरिशस के प्रधानमंत्री नवीनराम गुलाम और उनकी कैबिनेट का आभार जताते हुए मॉरिशस की जनता को राष्ट्रीय दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा, “हम सब एक परिवार हैं, और यह रिश्ता हमेशा मजबूत रहेगा।”

मॉरीशस में भोजपुरी भाषा की महत्वपूर्ण मौजूदगी पर भी खुशी जाहिर की, पीएम मोदी ने बताया-गौरव की बात

पोर्ट लुईस पीएम मोदी ने कहा कि वह मॉरीशस में अविस्मरणीय स्वागत से बहुत अभिभूत है। उन्होंने मॉरीशस में भोजपुरी भाषा की महत्वपूर्ण मौजूदगी पर भी खुशी जाहिर की। पीएम मोदी ने पोर्ट लुईस पहुंचने के बाद एक्स पर हिंदी और भोजपूरी भाषा में पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, “मॉरीशस में अविस्मरणीय स्वागत से बहुत अभिभूत हूं। यहां की संस्कृति में भारतीयता किस तरह रची-बसी है, उसकी पूरी झलक ‘गीत-गवई’ में देखने को मिली। हमारी भोजपुरी भाषा मॉरीशस में जिस तरह से फल-फूल रही है, वह हर किसी को गौरवान्वित करने वाली है।” वहीं भोजपुरी भाषा में उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, “मॉरीशस में यादगार स्वागत भइल। सबसे खास रहल गहिरा सांस्कृतिक जुड़ाव, जवन गीत – गवई के प्रदर्शन में देखे के मिलल। ई सराहनीय बा कि महान भोजपुरी भाषा मॉरीशस के संस्कृति में आजुओ फलत-फूलत बा और मॉरीशस के संस्कृति में अबहियो जीवंत बा।” इससे पहले सर शिवसागर रामगुलाम अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम ने पीएम मोदी का माला पहनाकर स्वागत किया। भारतीय समुदाय की तरफ से पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। समुदाय की महिलाओं ने ‘गीत गवई’ नामक पारंपरिक बिहारी सांस्कृतिक प्रस्तुति के माध्यम से उनका सम्मान किया। पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, “मॉरीशस में भारतीय समुदाय द्वारा किए गए गर्मजोशी भरे स्वागत से मैं बहुत प्रभावित हूं। भारतीय विरासत, संस्कृति और मूल्यों से उनका गहरा जुड़ाव वाकई प्रेरणादायक है। इतिहास और दिल का यह बंधन पीढ़ियों से चला आ रहा है।” प्रधानमंत्री मोदी बुधवार को देश के राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। भारतीय नौसेना के एक जहाज के साथ भारतीय रक्षा बलों की एक टुकड़ी भी समारोह में भाग लेगी। यह प्रधानमंत्री मोदी की 2015 के बाद पहली मॉरीशस यात्रा है। प्रधानमंत्री मोदी की वर्तमान यात्रा से विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।  

नरेंद्र मोदी ने कहा, “आज महिलाओं से प्रेरणा लेने और कुछ सीखने का दिन है

 नवसारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi), महिला दिवस के मौके पर गुजरात के नवसारी पहुंचे हैं. उन्होंने यहां पर महिलाओं को संबोधित किया. नरेंद्र मोदी ने कहा, “आज महिलाओं से प्रेरणा लेने और कुछ सीखने का दिन है. इस दिन मैं गर्व से कह सकता हूं कि मैं दुनिया का सबसे धनवान व्यक्ति हूं क्योंकि मेरी जिंदगी के अकाउंट में करोड़ों माताओं-बहनों का आशीर्वाद है, जो निरंतर बढ़ता जा रहा है.” प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “हमारे शास्त्रों में नारी को नारायणी कहा गया है. नारी का सम्मान समाज और देश के विकास की पहली सीढ़ी होती है, इसलिए विकसित भारत बनाने के लिए, भारत के तेज विकास के लिए आज भारत वीमेन लैंड डेवलप्मेंट की राह पर चल चुकी है. ‘करोड़ों महिलाओं का सम्मान बढ़ाया…’ नरेंद्र मोदी ने कहा, “2014 के बाद से अब तक करीब 3 करोड़ महिलाएं घर की मालकिन बन चुकी हैं. आज पूरी दुनिया में जल जीवन मिशन की भी बड़ी चर्चा है. जल जीवन मिशन के जरिए आज देश के गांव-गांव में पानी पहुंच रहा है.” उन्होंने आगे कहा कि हमारी सरकार महिलाओं के जीवन में सम्मान और सुविधा दोनों को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है. हमने करोड़ों महिलाओं के लिए शौचालय बनवाकर उनका सम्मान बढ़ाया. पीएम मोदी ने कहा, “हमने करोड़ों महिलाओं के बैंक खाते खुलवाकर उन्हें बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा, उज्ज्वला सिलेंडर देकर धुएं जैसी तकलीफ से बचाया. तीन तलाक के खिलाफ सख्त कानून बनाकर हमारी सरकार ने लाखों मुस्लिम बहनों का जीवन तबाह होने से बचाया. जब कश्मीर में आर्टिकल 370 लागू था, तो वहां की बहनें-बेटियां कई अधिकारों से वंचित थीं. अगर वो राज्य के बाहर किसी से शादी कर लेती थी, तो पुश्तैनी संपत्ति पाने का उनका अधिकार छिन जाता था.” उन्होंने आगे कहा कि आर्टिकल 370 की दीवार गिरने के बाद जम्म-कश्मीर में भी महिलाओं को वे सारे अधिकार मिले हैं, जो भारत की बेटियों-बहनों को मिलते हैं. ‘2014 के बाद ही…’ नरेंद्र मोदी ने कहा, “राजनीति का मैदान हो या खेल का मैदान, न्यायपालिका हो या फिर पुलिस, देश हर सेक्टर में महिलाओं का परचम लहरा रहा है. 2014 के बाद से देश के महत्वपूर्ण पदों पर महिलाओं की भागीदारी बहुत तेजी से बढ़ी है. 2014 के बाद ही केंद्र सरकार में सबसे ज्यादा महिला मंत्री बनीं. संसद में भी महिलाओं की मौजूदगी में बड़ा इजाफा हुआ. 18वीं लोकसभा में 74 महिला सांसद लोकसभा का हिस्सा हैं. न्यायपालिका में महिलाओं की भागीदारी उतनी ही बढ़ी है.” उन्होंने कहा कि कई राज्यों में सिविल जज के तौर पर नई भर्तियों में पच्चास फीसदी या उससे ज्यादा हमारी बेटियां चुनकर आई हैं. आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप ईको सिस्टम है. इनमें महिला निवेशकों की भूमिका है. पीएम मोदी ने कहा, “गांधी जी कहते थे कि देश की आत्मा ग्रामीण भारत में बसती है. आज मैं उसमें एक पंक्ति और जोड़ता हूं कि ग्रामीण भारत की आत्मा ग्रामीण नारी के सशक्तिकरण में बसती है. इसलिए हमारी सरकार ने महिलाओं के अधिकारों को, महिलाओं के लिए नए अवसरों को बड़ी प्राथमिकता दी है.”  

पीएम मोदी ने मां गंगा के शीतकालीन निवास स्थल मुखवा में पूजा-अर्चना की, कहा- 60-70 साल रहे खाली

देहरादून प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को उत्तराखंड के उत्तरकाशी पहुंचे। यहां पीएम ने मां गंगा के शीतकालीन निवास स्थल मुखवा में पूजा-अर्चना की। इसके बाद पीएम ने हर्षिल में एक जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने इस दौरान अत्तराखंड में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई ऐलान किए। पीएम ने चीन सीमा के उन दो गांवों को भी बसाने और वहां पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रयासों की चर्चा की। पीएम ने कहा कि 1962 में चीन के हमले के बाद खाली कराए गए दोनों गांव 60-70 साल तक खाली रहे। पीएम मोदी ने कहा, ‘देशवासियों को पता होगा, शायद नहीं पता होगा। 1962 में जब चाइना ने भारत पर आक्रमण किया तब दो गांव खाली करा दिए गए थे। 60-70 साल हो गए। लोग भूल गए, हम नहीं भूल सकते। हमने उन दो गांवों को फिर से बसाने का अभियान चलाया है। बहुत बड़ा पर्यटन स्थल बनाने की दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं।’ पीएम मोदी ने कहा कि उत्तराखंड में पर्यटकों की संख्या एक दशक में तेजी से बढ़ी है।’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आर्थिक सुस्ती को दूर करने के लिए बारहमासी पर्यटन पर जोर दिया जिससे हर सीजन ‘ऑन सीजन’ रहे । प्रधानमंत्री ने कहा, ‘अपने पर्यटन क्षेत्र को विविधतापूर्ण बनाना और उसे बारहमासी बनाना उत्तराखंड के लिए बहुत जरूरी है।’ उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि उत्तराखंड में पर्यटन के लिहाज से कोई भी सीजन ‘ऑफ सीजन’ न हो और हर सीजन ‘ऑन सीजन’ रहे। प्रधानमंत्री ने कहा कि अभी पहाड़ों में मार्च, अप्रैल और जून में बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं लेकिन उसके बाद इनकी संख्या कम हो जाती है। उन्होंने कहा, ‘सर्दियों में होमस्टे और होटल खाली पड़े रहते हैं । यह असंतुलन उत्तराखंड में साल के एक बड़े हिस्से में आर्थिक सुस्ती ला देता है।’ मोदी ने कहा कि अगर सर्दियों में देश-विदेश के लोग प्रदेश में आएं तो उन्हें उत्तराखंड की वास्तविक आभा मिलेगी और ट्रेकिंग और स्कींइंग उन्हें रोमांचित कर देगा। उन्होंने कहा कि सर्दियों में उत्तराखंड की धूप खास होती है जब मैदानी इलाकों में कोहरा होता है। उन्होंने कॉर्पोरेट जगत से भी अपील की कि सर्दियों में अपनी मीटिंग-कॉन्फ्रेंस उत्तराखंड में करें।

पीएम मोदी आज दोपहर सोमनाथ महादेव का दर्शन करने के बाद मंदिर के ट्रस्टियों के साथ विकास कार्यों की चर्चा करेंगे

जामनगर गुजरात के तीन दिवसीय दौरे पर जामनगर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार सुबह रिलायंस रिफाइनरी परिसर स्थित वनतारा पहुंचे हैं। दोपहर बाद यहां से वे सोमनाथ महादेव का दर्शन करने हेलिकॉप्टर से सोमनाथ जाएंगे। शाम को वे सासण गिर जाएंगे, जहां रात्रि विश्राम के बाद सोमवार सुबह राजकोट जाएंगे और यहां से वे दिल्ली के लिए रवाना होंगे। निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार दोपहर सोमनाथ महादेव का दर्शन करने के बाद मंदिर के ट्रस्टियों के साथ विकास कार्यों की चर्चा करेंगे। वे 27 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हाट बाजार और शॉपिंग सेंटर का लोकार्पण करेंगे। वे सोमनाथ मॉडल बस स्टैंड का भूमिपूजन करेंगे। इससे पहले शनिवार को तीन दिवसीय दौरे पर गुजरात पहुंचे प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। जामनगर एयरपोर्ट से पायलट बंगला तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का रोड शो आयोजित किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग प्रधानमंत्री की एक झलक पाने के लिए आतुरता के साथ सड़क के दोनों किनारे खड़े रहे। प्रधानमंत्री शनिवार रात जामनगर सर्किट हाउस में विश्राम के बाद रविवार सुबह रिलायंस रिफाइनरी परिसर में स्थित वनतारा पहुंचे हैं। रिलायन्स इंडस्ट्रीज और रिलायंस फाउंडेशन की ओर से अनंत अंबानी के ड्रीम प्रोजेक्ट वनतारा (स्टार ऑफ फॉरेस्ट प्रोग्राम) लॉन्च किया गया था। इस प्रोग्राम के तहत देश और विदेशों के घायल प्राणियों के बचाव, इलाज समेत देखभाल और पुनर्वसन का काम किया जा रहा है। रिलायन्स की जामनगर रिफाइनरी परिसर में करीब 3 हजार एकड़ ग्रीन बेल्ट में रेस्क्यू सेंटर फैला हुआ है।

मीडिया इवेंट में पीएम मोदी ने कहा- दुनिया 21वीं सदी के भारत को देख रही, पहले बैक ऑफिस के रूप में देखा जाता था

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि भारत दुनिया की नई फैक्ट्री और अनंत इनोवेशन की भूमि के रूप में उभर रहा है। देश की राजधानी में एक मीडिया इवेंट में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया 21वीं सदी के भारत को देख रही है और सीखना एवं समझना चाहती है कि कैसे देश सेमीकंडक्टर से लेकर एयरक्राफ्ट कैरियर मैन्युफैक्चर कर रहा है। भारत को पहले बैक ऑफिस के रूप में देखा जाता था, लेकिन अब भारत दुनिया की नई फैक्ट्री के रूप में उभर रहा है। हमारा देश केवल वर्कफोर्स नहीं रहा है, बल्कि वर्ल्ड फोर्स बन गया है। उन्होंने आगे कहा कि देश जो एक समय काफी सारे उत्पादों का आयात करता था, अब बड़ा निर्यातक बन गया है। भारत द्वारा हल्दी से लेकर कॉफी और मिलेट्स से लेकर मखाना तक का निर्यात किया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के मुताबिक, देश के मोबाइल फोन, डिफेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों और दवाइयों को वैश्विक स्तर पर मान्यता मिल रही है। उन्होंने कहा, “भारत न केवल दुनिया को उत्पाद उपलब्ध करा रहा है बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में एक विश्वसनीय भागीदार भी बन रहा है।” प्रधानमंत्री मोदी ने आगे बताया, “वर्षों की कड़ी मेहनत और व्यवस्थित नीतिगत निर्णयों के कारण भारत अब कई वैश्विक पहलों का नेतृत्व कर रहा है।” इसमें फ्रांस में हालिया एआई एक्शन शिखर सम्मेलन शामिल है, जहां भारत सह-मेजबान था और अब इसकी मेजबानी भी करेगा। उन्होंने आगे कहा कि देश ने अपनी अध्यक्षता के दौरान सफल जी-20 शिखर सम्मेलन में भारत-मध्य पूर्व-यूरोप कॉरिडोर को एक नए आर्थिक मार्ग के रूप में पेश किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत किफायती, सुलभ और आसानी से अपनाए जाने वाले सॉल्यूशंस भी बना रहा है। इसमें सुरक्षित और कम लागत वाला डिजिटल पेमेंट सिस्टम यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) और घातक कोविड-19 महामारी के दौरान टीके शामिल हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने भारत के ऑटोमोबाइल, स्पेस और उभरते हुए सेक्टर जैसे एआई के बारे में भी बताया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “भारत अगले 25 वर्षों में एक विकसित राष्ट्र बनने की तरफ तेजी से बढ़ रहा है।”

पीएम मोदी ने महाकुंभ पर लिखा ब्लॉग में कहा- ‘हे मां गंगा अगर सेवा में कुछ कमी रह गई हो तो माफ करना’

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को विशाल महाकुंभ समागम की तुलना गुलामी की मानसिकता की बेड़ियों को तोड़कर स्वतंत्र रूप से सांस लेने वाले राष्ट्र की नई जागृत चेतना से की। महाकुंभ के समापन के एक दिन बाद उन्होंने एक ब्लॉग में लिखा, “महाकुंभ समाप्त हो गया है। एकता का ‘महायज्ञ’ संपन्न हो गया है।” उन्होंने कहा कि देश को अब ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को पूरा करने के लिए आत्मविश्वास और एकता की इसी भावना के साथ आगे बढ़ना है। मोदी ने कहा कि संगम में जितनी उम्मीद थी, उससे कहीं अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र डुबकी लगाई। उन्होंने कहा कि भारत अब नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रहा है और यह युग परिवर्तन की ओर इशारा करता है जो भारत के लिए एक नया भविष्य लिखेगा। प्रधानमंत्री ने सेवाओं में कमी के लिए क्षमा मांगी प्रधानमंत्री ने “माँ गंगा, माँ यमुना, माँ सरस्वती” के साथ-साथ लोगों से, जिन्हें उन्होंने भगवान का रूप बताया, सेवाओं में किसी भी कमी के लिए क्षमा मांगी। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी व्यवस्था करना आसान नहीं था। महाकुंभ में भगदड़ के दौरान कम से कम 30 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी, जिसमें देश भर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए थे। उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा है कि 13 जनवरी को महाकुंभ शुरू होने के बाद से प्रयागराज में 65 करोड़ से अधिक लोग पवित्र स्थल पर आए हैं। पीएम मोदी ने ब्लॉग में सीएम योगी की प्रशंसा की अपने ब्लॉग में मोदी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के सांसद के रूप में वह गर्व से कह सकते हैं कि आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार, प्रशासन और लोगों ने सामूहिक रूप से इस “एकता के महाकुंभ” को सफल बनाया। उन्होंने प्रयागराज के निवासियों की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि सफाई कर्मचारी, पुलिस कर्मी, नाविक, ड्राइवर और रसोइया सभी ने भक्ति और सेवा की भावना के साथ अथक परिश्रम करके इसे सफल बनाया। उन्होंने जोर देकर कहा कि पिछले कुछ दशकों में जो कभी नहीं हुआ, वह इस बार हुआ। उन्होंने कहा, “इसने आने वाली कई शताब्दियों की नींव रखी है।” मोदी ने कहा कि महाकुंभ का आयोजन प्रबंधन पेशेवरों, योजना और नीति विशेषज्ञों के लिए एक अध्ययन का विषय बन गया है, क्योंकि दुनिया में इस तरह के विशाल आयोजन का कोई दूसरा उदाहरण नहीं है। उन्होंने कहा, “जब किसी राष्ट्र की चेतना जागृत होती है, जब वह सैकड़ों वर्षों की गुलामी की सभी बेड़ियों को तोड़कर एक नई चेतना के साथ सांस लेती है, तो ऐसा नजारा सामने आता है, जैसा हमने 13 जनवरी के बाद प्रयागराज में एकता के महाकुंभ में देखा।” मोदी ने कहा कि महाकुंभ की परंपरा हजारों वर्षों से भारत की राष्ट्रीय चेतना को पुनर्जीवित करती रही है, देश और समाज को नए रास्ते सुझाती रही है। महाकुंभ ने भारत की विकास यात्रा में एक नए अध्याय का संदेश दिया उन्होंने कहा, “इस बार इस तरह का महाकुंभ 144 वर्षों के बाद आया है और इसने भारत की विकास यात्रा में एक नए अध्याय का संदेश दिया है। यह संदेश ‘विकसित भारत’ का है।” उन्होंने कहा कि महाकुंभ में विदेश सहित हर क्षेत्र, जाति और विचारधारा के लोग एक थे, उन्होंने लोगों से ‘विकसित भारत’ के निर्माण के लिए इसी तरह एक साथ आने का आह्वान किया। मोदी ने कहा कि एक समय में 140 करोड़ देशवासियों की आस्था इस पर्व से जुड़ी थी। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की संख्या ने निश्चित रूप से एक रिकॉर्ड बनाया है क्योंकि अमेरिका की आबादी से लगभग दोगुने लोगों ने इस पवित्र स्नान में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने पिछले कुंभों के अनुभव के आधार पर अपना अनुमान लगाया था। उन्होंने कहा कि वास्तविक संख्या अनुमान से कहीं अधिक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि बड़ी संख्या में युवा श्रद्धालुओं को पवित्र समागम में शामिल होते देखना उनके लिए बहुत सुखद अनुभव था। उन्होंने कहा, “इससे यह विश्वास बढ़ता है कि भारत की युवा पीढ़ी हमारे मूल्यों और संस्कृति की वाहक है और इसे आगे बढ़ाने में अपनी जिम्मेदारी समझती है। वे इसके लिए प्रतिबद्ध हैं।” प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रयागराज की यह तीर्थयात्रा एकता और सद्भाव का संदेश देती है। उन्होंने महाकाव्य रामायण की एक घटना का जिक्र किया जिसमें नाविक राजा निषाद राज ने उत्तर प्रदेश के शहर के आसपास के एक स्थान पर भगवान राम से मुलाकात की थी। आनंदित लोगों के दृश्य को कभी नहीं भूल सकते प्रधानमंत्री ने कहा कि करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु बिना किसी आमंत्रण के पवित्र संगम पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि वह वहां स्नान करने के बाद आनंदित लोगों के दृश्य को कभी नहीं भूल सकते। उन्होंने कहा कि महिलाएं हों, बुजुर्ग हों या दिव्यांग, हर कोई अपने साधन से यहां आया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से श्रद्धालुओं का उनके घर लौटने पर श्रद्धा के साथ स्वागत किया गया, वह भी यादगार है। मोदी ने कहा कि इस बड़े आयोजन ने नदियों की स्वच्छता सुनिश्चित करने के उनके संकल्प को मजबूत किया है, चाहे वह बड़ी हो या छोटी। उन्होंने कहा कि गंगा, यमुना या किसी भी अन्य नदी की पवित्रता लोगों की जीवन यात्रा से जुड़ी है।  

असम की अर्थव्यवस्था 6 लाख करोड़ रुपए तक पहुंची, यह डबल इंजन सरकार के प्रभाव को दर्शाता है: पीएम मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को गुवाहाटी में एडवांटेज असम 2.0 निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर शिखर सम्मेलन 2025 का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि भाजपा शासन में असम की अर्थव्यवस्था दोगुनी होकर 6 लाख करोड़ रुपए हो गई है। उन्होंने कहा कि यह “डबल इंजन” सरकार के प्रभाव को दर्शाता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर की भूमि एक नए भविष्य की ओर अग्रसर है। उन्होंने एडवांटेज असम पहल को असम की क्षमता और प्रगति से दुनिया को जोड़ने का एक भव्य अभियान बताया। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक रूप से पूर्वी भारत ने भारत की समृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और अब, जब भारत विकास की ओर बढ़ रहा है, तो पूर्वोत्तर अपनी ताकत दिखाने के लिए तैयार है। विशेषज्ञ भारत के तेज़ विकास को लेकर आश्वस्त पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत अपनी स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत कर रहा है और विभिन्न वैश्विक क्षेत्रों के साथ मुक्त व्यापार समझौते कर रहा है। उन्होंने पूर्वी एशिया के साथ बढ़ती कनेक्टिविटी और भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे के उभरने का उल्लेख किया, जो कई अवसरों को खोलता है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद, कई विशेषज्ञ भारत के तेज़ विकास को लेकर आश्वस्त हैं। उन्होंने इस आत्मविश्वास का श्रेय भारत की युवा और तेज़ी से कौशल प्राप्त करने वाली आबादी, इसके नए मध्यम वर्ग की बढ़ती आकांक्षाओं और देश के 140 करोड़ लोगों से राजनीतिक स्थिरता और नीतिगत निरंतरता के लिए समर्थन को दिया। उन्होंने सरकार के सुधारों और स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला को मज़बूत करने की प्रशंसा की। रेल बजट में हुई वृद्धि पर भी प्रकाश डाला उन्होंने असम के बढ़ते योगदान पर जोर देते हुए कहा कि 2018 में एडवांटेज असम का पहला संस्करण लॉन्च किया गया था, जब राज्य की अर्थव्यवस्था लगभग 2.75 लाख करोड़ रुपए थी। अब यह बढ़कर 6 लाख करोड़ रुपए हो गई है, जो भाजपा शासन के तहत छह साल में अर्थव्यवस्था को दोगुना करने का प्रदर्शन करती है, जो डबल इंजन सरकार की सफलता को दर्शाती है। प्रधानमंत्री ने असम के रेल बजट में हुई वृद्धि पर भी प्रकाश डाला, जो 2009 से 2014 के बीच औसतन 2,100 करोड़ रुपए से बढ़कर वर्तमान सरकार के तहत 10,000 करोड़ रुपए हो गया है। उन्होंने कहा कि सरकार बुनियादी ढांचे, उद्योग और नवाचार में महत्वपूर्ण निवेश कर रही है, जो भारत की प्रगति की नींव के रूप में काम करते हैं। मिशन मोड पर काम कर रहा भारत प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत “मेक इन इंडिया” पहल के तहत अपने विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए मिशन मोड पर काम कर रहा है, जिससे कम लागत वाले विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि असम ने 2030 तक 143 बिलियन अमरीकी डॉलर का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) हासिल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है, और उन्होंने राज्य के लोगों की क्षमता और राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के कारण इस लक्ष्य को प्राप्त करने की राज्य की क्षमता पर विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने यह कहते हुए समापन किया कि असम दक्षिण-पूर्व एशिया और भारत के बीच एक प्रमुख प्रवेश द्वार के रूप में उभर रहा है। इस क्षमता को बढ़ाने के लिए सरकार ने उत्तर-पूर्व औद्योगिकीकरण परिवर्तन योजना, ‘उन्नति’ शुरू की है। प्रधानमंत्री ने असम के चाय उद्योग को राज्य की क्षमता का एक उदाहरण बताया। 200 साल पूरे करने के बाद, असम चाय राज्य को अन्य क्षेत्रों में भी उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित करती है।  

व्हाइट हाउस में मोदी-ट्रंप की जुगलबंदी दिखी, कुर्सी पर बिठाना हो या गले लगकर कहना- आप याद आए

वॉशिंगटन ट्रंप ने वाशिंगटन डीसी स्थित व्हाइट हाउस में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के दौरान उन्हें ‘अवर जर्नी टुगेदर’ पुस्तक भेंट की। किताब में पीएम मोदी और ट्रंप की दोस्ती की पुरानी यादें संकलित हैं। इसमें ट्रंप के भारत दौरे की अहम यादें भी शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच व्हाइट हाउस में हुई वार्ता में अमेरिकी राष्ट्रपति ने मोदी को जमकर सराहा। उन्होंने कई मुद्दों पर भारत के रुख को गंभीरता से समझने की कोशिश की। इस दौरान दोनों की दोस्ती और जुगलबंदी भी देखने को मिली। फिर चाहे पीएम मोदी को कुर्सी पर बिठाना हो या फिर गले लगकर कहना कि आपकी बहुत याद आई। ट्रंप ने मोदी को उपहार के रूप में एक किताब भी दी। इस किताब के पहले पन्ने पर लिखा था- मिस्टर प्राइम मिनिस्टर, यू आर ग्रेट। ट्रंप ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी उनसे कहीं ज्यादा कठोर वार्ताकार हैं। उनसे कोई मुकाबला ही नहीं है। बातचीत या समझौते को लेकर ट्रंप ने मोदी को खुद से कहीं ज्यादा सख्त और बेतहर बताया। पीएम मोदी के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब ट्रंप से पूछा गया कि उनमें से कौन आज ज्यादा सख्त मोलभाव कर सकता है तो ट्रंप ने कहा, ‘पीएम नरेंद्र मोदी मुझसे कहीं ज्यादा सख्त मोलभाव करने वाले हैं और वह मुझसे कहीं ज्यादा बेहतर वार्ताकार हैं। कोई मुकाबला ही नहीं है।   मस्क से की मुलाकात प्रधानमंत्री मोदी ने स्पेसएक्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एलन मस्क से मुलाकात की। इस दौरान अंतरिक्ष, प्रौद्योगिकी और ऊर्जा क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों पर चर्चा की गई। बैठक में भारत और अमेरिका में सुशासन के प्रयासों पर विचारों का भी आदान-प्रदान किया गया। दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले महीने मस्क को अपने प्रशासन के नवगठित सरकारी दक्षता विभाग (डीओजीई) का प्रमुख चुना था। बैठक के लिए मस्क अपने तीन छोटे बच्चों समेत परिवार के साथ ब्लेयर हाउस पहुंचे थे।   पाकिस्तान से 26/11 हमलों के दोषियों को न्याय के कठघरे में लाने का आह्वान प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप ने पाकिस्तान से आह्वान किया कि वह 26/11 के मुंबई हमलों के साजिशकर्ताओं को न्याय के कठघरे में लाने के लिए अपने प्रयास में तेजी लाए। ट्रंप ने इस नृशंस हमले के मुख्य साजिशकर्ता तहव्वुर राणा को भारत को प्रत्यर्पित करने को मंजूरी देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा, ‘वह न्याय का सामना करने के लिए भारत वापस जा रहा है। हम उसे तुरंत भारत वापस भेज रहे हैं और इस तरह के और प्रत्यर्पण हो सकते हैं क्योंकि हमारे पास भारत से काफी अनुरोध हैं।’   असैन्य परमाणु सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमत प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप ने 16 साल पहले दोनों देशों के बीच हुए ऐतिहासिक असैन्य परमाणु समझौते के तहत भारत में अमेरिकी डिजाइन वाले परमाणु रिएक्टरों के निर्माण को सुविधाजनक बनाने की दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प लिया। ट्रंप और मोदी ने अपनी बातचीत में ऊर्जा सहयोग को उल्लेखनीय रूप से आगे बढ़ाने का फैसला किया।   भारत को मिलेंगे एफ-35 लड़ाकू विमान अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी से वार्ता के बाद दोनों देशों के बीच रक्षा और ऊर्जा समेत अन्य रणनीतिक संबंधों को व्यापक बनाने की दिशा में बड़ी छलांग लगाने का ऐलान करते हुए कहा कि वाशिंगटन भारत को अत्याधुनिक एफ-35 लड़ाकू विमान देगा। ट्रंप ने कहा कि भारत व्यापार घाटे को कम करने के लिए अमेरिका से एफ-35 लड़ाकू विमानों सहित अधिक तेल, गैस और सैन्य उपकरण खरीदेगा, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि वाशिंगटन जवाबी शुल्क से भारत को नहीं बख्शेगा।   ‘अवर जर्नी टुगेदर’ के जरिए याद किए अपनी दोस्ती के पल ट्रंप ने वाशिंगटन डीसी स्थित व्हाइट हाउस में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के दौरान उन्हें ‘अवर जर्नी टुगेदर’ पुस्तक भेंट की। किताब में पीएम मोदी और ट्रंप की दोस्ती की पुरानी यादें संकलित हैं। इसमें ट्रंप के भारत दौरे की अहम यादें भी शामिल हैं। किताब में अमेरिकी राष्ट्रपति के भारत दौरे पर आयोजित किए गए ‘नमस्ते ट्रंप’ कार्यक्रम की शानदार तस्वीरें संजोई गईं हैं। किताब में ट्रंप और मेलानिया की भी तस्वीरें हैं, जब दोनों ने आगरा का दौरा किया था और ताज का दीदार किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘मुझे खुशी है कि यहां प्रवेश करते ही मेरे मित्र ने मुझे पुरानी अहमदाबाद के क्रिकेट स्टेडियम की याद दिलाई

मोदी की ऐतिहासिक फ्रांस यात्रा, दोनों देशों के बीच किए 10 समझौतों पर हस्ताक्षर

पेरिस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऐतिहासिक फ्रांस यात्रा नई दिल्ली और पेरिस के रिश्तों को मजबूत करने वाली साबित हुई है। इस दौरान दोनों देशों ने 10 एमओयू/समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। भारत-फ्रांस ने जिन एमओयू/समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं उनमें – कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर भारत-फ्रांस घोषणापत्र, भारत-फ्रांस इनोवेशन ईयर के लिए 2026 के लिए लोगो की लॉन्चिंग, फ्रांसीसी स्टार्ट-अप इनक्यूबेटर स्टेशन एफ में 10 भारतीय स्टार्ट-अप की मेजबानी के लिए समझौता, उन्नत मॉड्यूलर रिएक्टरों और लघु मॉड्यूलर रिएक्टरों पर साझेदारी स्थापित करने के उद्देश्य की घोषणा, त्रिकोणीय विकास संबंधी सहयोग की घोषणा, मार्सिले में भारत के वाणिज्य दूतावास का संयुक्त उद्घाटन शामिल हैं। इसके अलावा भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) और फ्रांस के इंस्टिट्यूट नेशनल डी रिसर्च एन इंफॉर्मेटिक एट एन ऑटोमेटिक (आईएनआरआईए) के बीच इंडो-फ्रेंच सेंटर फॉर डिजिटल साइंसेज की स्थापना के लिए आशय पत्र पर भी हस्ताक्षर किए गए। पीएम मोदी की फ्रांस यात्रा की अहम उपलब्धि मार्सिले में मंगलवार को भारत के नए महावाणिज्य दूतावास का खुलना रही। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने संयुक्त रूप से इसका उद्घाटन किया। जुलाई 2023 में प्रधानमंत्री की फ्रांस यात्रा के दौरान मार्सिले में महावाणिज्य दूतावास खोलने के निर्णय की घोषणा की गई थी। फ्रांस के दूसरे सबसे अधिक जनसंख्या वाले शहर में खुला यह नया महावाणिज्य दूतावास भारत-फ्रांस की बहुआयामी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, “मार्सिले में एक ऐतिहासिक क्षण! राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और मैंने इस जीवंत शहर में भारतीय वाणिज्य दूतावास का उद्घाटन किया, जो भारत-फ्रांस संबंधों में एक नया अध्याय है। यह वाणिज्य दूतावास एक महत्वपूर्ण सेतु के रूप में काम करेगा, जो हमारे सांस्कृतिक, आर्थिक और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करेगा।” प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “भारत के साथ मार्सिले के संबंध सर्वविदित हैं। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान यह भारतीय सैनिकों के लिए एक महत्वपूर्ण बेस था। इस शहर का वीर सावरकर से भी गहरा संबंध है। इस विशेष उद्घाटन पर मैं फ्रांस सरकार को धन्यवाद देता हूं और भारतीय प्रवासियों को बधाई देता हूं।”

पीएम मोदी 17 फरवरी को दिखाएंगे हरी झंडी, उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक परियोजना का काम पूरा

जम्मू उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक (यूएसबीआरएल) परियोजना का काम पूरा हो गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 17 फरवरी को जम्मू से कश्मीर के लिए वंदे भारत ट्रेन काे हरी झंडी दिखा कर रवाना करेंगे। उक्त जानकारी देते हुए एक अधिकारी ने बताया कि वर्षों के समर्पण, इंजीनियरिंग की उत्कृष्टता और अथक प्रयासों के बाद कश्मीर की रेल कनेक्टिविटी का लंबे समय से संजोया हुआ सपना आखिरकार साकार हो गया है। इस महत्वपूर्ण परियाेजना के लिए विशेष रूप से डिजाइन की गई वंदे भारत एक्सप्रेस को प्रधानमंत्री नरेन्द्र माेदी 17 फरवरी काे जम्मू संभाग से हरी झंडी दिखाएंगे। अधिकारी ने बताया कि ट्रेन को विशेष रूप से कटरा-श्रीनगर रेल मार्ग पर जम्मू और कश्मीर की कठोर सर्दियों की परिस्थितियों में कुशलतापूर्वक संचालित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसमें उन्नत जलवायु-प्रतिरोधी तकनीकाें का प्रयाेग किया गया है, जिसमें हीटिंग सिस्टम शामिल हैं, जो पानी और बायो-टॉयलेट टैंकों को जमने से रोकेगा। इसके अतिरिक्त उन्होंने कहा कि एयर-ब्रेक सिस्टम को उप-शून्य तापमान में भी सुचारू संचालन के लिए अनुकूलित किया गया है। अधिकारी ने कहा कि वंदे भारत एक्सप्रेस में विंडशील्ड में एम्बेडेड हीटिंग तत्व भी शामिल हैं जो ड्राइवर के सामने के लुकआउट ग्लास को स्वचालित रूप से डीफ़्रॉस्ट करते हैं, जिससे अत्यधिक सर्दियों की परिस्थितियों में स्पष्ट दृश्यता सुनिश्चित होती है। उन्होंने कहा कि इन विशेष अनुकूलनों के अलावा ट्रेन में सभी मानक वंदे भारत सुविधाएं हैं जैसे पूरी तरह से वातानुकूलित कोच, स्वचालित प्लग दरवाजे, मोबाइल चार्जिंग सॉकेट हैं।  

पीएम मोदी ने एस्टोनियाई राष्ट्रपति से एआई समिट में साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में चल रहे द्विपक्षीय सहयोग पर की चर्चा

पेरिस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एस्टोनिया के राष्ट्रपति अलार कारिस ने मंगलवार को पेरिस में एआई एक्शन समिट के दौरान मुलाकात की। दोनों नेताओं ने साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में चल रहे द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा की। अपनी पहली बैठक में दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और एस्टोनिया के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध लोकतंत्र, स्वतंत्रता, बहुलवाद के मूल्यों के प्रति दोनों देशों की साझी प्रतिबद्धता पर आधारित हैं। बैठक के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, आईटी, संस्कृति, पर्यटन और लोगों के बीच संबंधों सहित विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ते द्विपक्षीय सहयोग पर संतोष व्यक्त किया। प्रधानमंत्री मोदी ने एस्टोनियाई सरकार और कंपनियों को ‘डिजिटल इंडिया’ जैसे कार्यक्रमों का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया। बयान में विस्तार से बताया गया, “दोनों नेताओं ने आपसी हित के क्षेत्रीय, वैश्विक मुद्दों और संयुक्त राष्ट्र में सहयोग पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।” प्रधानमंत्री मोदी और एस्टोनिया के राष्ट्रपति ने दोनों देशों के बीच बढ़ते सांस्कृतिक और लोगों के बीच रिश्तों पर संतोष व्यक्त किया। पीएमओ ने कहा, “इस संबंध में प्रधानमंत्री ने एस्टोनिया में योग की लोकप्रियता की सराहना की।” इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘एआई एक्शन समिट’ के दौरान अपने संबोधन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और बहुत सी चीजों को बेहतर बना कर लाखों लोगों के जीवन को बदलने में मदद कर सकता है। पेरिस के ग्रैंड पैलेस में आयोजित सम्मेलन में पीएम मोदी ने कहा, “शासन का मतलब सभी के लिए पहुंच सुनिश्चित करना भी है, खास तौर पर ग्लोबल साउथ में। एआई स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और बहुत सी चीजों को बेहतर करके लाखों लोगों के जीवन को बदलने में मदद कर सकता है।’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘एआई एक ऐसी दुनिया बनाने में मदद कर सकता है जिसमें विकास लक्ष्यों की यात्रा आसान और तेज हो जाए। ऐसा करने के लिए, हमें संसाधनों और प्रतिभाओं को एक साथ लाना होगा। हमें ओपन-सोर्स सिस्टम विकसित करना होगा जो विश्वास और पारदर्शिता को बढ़ाए। हमें पूर्वाग्रहों से मुक्त गुणवत्तापूर्ण डाटा सेट बनाना होगा…” प्रधानमंत्री मोदी, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ एआई एक्शन शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता की।

पीएम मोदी पेरिस में एआई शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे, पेरिस पहुंचने से पहले राष्ट्रपति मैक्रों ने की भारत की तारीफ

पेरिस फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि वह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘तकनीकी संप्रभुता’ के लिए प्रयास करेंगे। उनका यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फ्रांस दौरे से पहले आया। पीएम मोदी पेरिस में एआई शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। एक वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में मैक्रों ने कहा, “मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ हमारा भी दृढ़ विश्वास है कि भारत और फ्रांस दो महान शक्तियां हैं और हमारे बीच विशेष संबंध हैं। हम अमेरिका का सम्मान करते हैं और उसके साथ काम करना चाहते हैं, हम चीन के साथ भी काम करना चाहते हैं, लेकिन किसी पर निर्भर नहीं रहना चाहते हैं।” फ्रेंच राष्ट्रपति ने कहा, “भारत और फ्रांस अग्रणी हैं लेकिन अमेरिका और चीन हमसे बहुत आगे हैं। हम एआई पर एक साथ काम करना चाहते हैं। पीएम मोदी भी नई टेक्नोलॉजी का फायदा उठाना चाहते हैं। लेकिन वह चाहते हैं कि यह भारत में भी हो।’ मैक्रों ने भारत की तारीफ करते हुए कहा कि भारत अकेला हर साल 10 लाख इंजीनियर तैयार करता है जो यूरोप और अमेरिका से ज्यादा हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को फ्रांस और अमेरिका दौरे के लिए रवाना हो गए। यात्रा के पहले चरण में पीएम मोदी 10 फरवरी (सोमवार) से 12 फरवरी तक फ्रांस में रहेंगे। वह 10 फरवरी को पेरिस पहुंचेंगे। शाम को राष्ट्रपति मैक्रों की ओर से एलिसी पैलेस में सरकार और राष्ट्राध्यक्षों के सम्मान में आयोजित डिनर में शामिल होंगे। डिनर में तकनीकी क्षेत्र के कई सीईओ और शिखर सम्मेलन में आमंत्रित अन्य कई गणमान्य व्यक्तियों के भी शामिल होने की संभावना है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अगले दिन 11 फरवरी को प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति मैक्रों के साथ एआई एक्शन शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता करेंगे। 12 फरवरी को दोनों नेता मार्सिले शहर का दौरा करेंगे और वहां भारतीय वाणिज्य दूतावास का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद वे दोनों मार्सिले में मजारग्यूज वॉर सिमेट्री भी जाएंगे और प्रथम विश्व युद्ध में शहीद हुए भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि देंगे। वॉर सिमेट्री का निर्माण कॉमनवेल्थ वॉर ग्रेव कमीशन ने किया है। पीएम मोदी 12 से 14 फरवरी तक दो दिवसीय कार्य यात्रा पर अमेरिका जाएंगे। इस यात्रा के दौरान वह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। वह व्यापारिक नेताओं और भारतीय समुदाय के सदस्यों से बातचीत करेंगे।

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी 10 फरवरी को देश के विद्यार्थियों के साथ परीक्षा पे चर्चा करेंगे

भोपाल प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी 10 फरवरी को देश के विद्यार्थियों के साथ परीक्षा पे चर्चा करेंगे। उल्‍लेखनीय है कि प्रधानमंत्री हर वर्ष परीक्षा के तनाव को दूर करने के लिए विद्यार्थियों से संवाद करते हैं। इस वर्ष यह कार्यक्रम सोमवार 10 फरवरी को प्रात: 11 बजे से नई दिल्‍ली में आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का संचार माध्‍यमों पर सीधा प्रसारण किया जायेगा। दूरदर्शन, डीडी नेशनल, डीडी न्यूज, डीडी इंडिया एवं ऑल इंडिया रेडियो के सभी चैनल, पीएमओ वेबसाइट mygov.in, यूट्यूब, एमओई, फेसबुक लाइव, स्वयंप्रभा चैनल एमओई, दीक्षा चैनल एमओई से भी कार्यक्रम का प्रसारण होगा। कार्यकम का प्रसारण अन्य निजी चैनल भी करेगें। कार्यक्रम को ऑनलाइन देखे जाने के लिये यूट्यूब लिंक https://www.youtube.com/watch?v=G5UhdwmEEls भी जारी की गई है। कार्यक्रम में विद्यार्थी एवं शिक्षक तथा अभिभावक उक्त लिंक के माध्यम से सहभागिता कर सकेंगे। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह कार्यक्रम में होंगे शामिल स्‍कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह, सचिव स्‍कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल और स्कूल शिक्षा विभाग में अन्‍य वरिष्‍ट अधिकारी राजधानी भोपाल के सुभाष उत्‍कृष्‍ट विद्यालय से विद्यार्थियों के साथ कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे। आयुक्‍त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्‍पा गुप्‍ता ने बताया कि प्रदेश में भी राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद और सभी जिला शैक्षिक प्रशिक्षण संस्थानों में हाई और हायर सेकेण्डरी स्‍कूलों में विद्यार्थियों की लाइव प्रसारण में सहभागिता होगी। स्‍कूलों में टीवी प्रसारण के अलावा, इंटरनेट एक्सेस डिवाइस (कंप्यूटर लैपटॉप / मोबाइल इत्यादि) पर भी कार्यक्रम देखने की सुविधा दी जा रही है। प्रदेश के दूरदराज के क्षेत्रों में जहां टीवी देखने की व्यवस्था संभव नहीं होगी वहां रेडियो/ट्रांजिस्टर की व्यवस्था किये जाने के लिये निर्देश दिये गये है। समस्‍त जि़ला कलेक्‍टर्स एवं मैदानी अधिकारियों को परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के लाइव प्रसारण में विद्यार्थी, अभिभावक एवं शिक्षकों की सामूहिक रूप से सहभागिता सुनिश्चित करने के लिये कहा गया है।  

मोदी ने ‘यमुना मैया की जय’ का नारा लगाया, कहा- 21वीं सदी के युवा दिल्ली में पहली बार भाजपा का सुशासन देखेगी

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव का रिजल्ट आना शुरू हो गया है। केजरीवाल-मनीष सिसोदिया समेत आम आदमी पार्टी के कई बड़े चेहरे हार गए हैं। हालांकि, आतिशी ने कालकाजी सीट पर जीत दर्ज की है। दिल्ली की सभी 70 सीटों पर पांच फरवरी को मतदान हुआ था और इस बार 60.54 फीसदी मतदान हुआ है, जबकि दिल्ली में पिछली बार 62.60 प्रतिशत मतदान हुआ था।   पीएम मोदी ने कहा, “जहां एनडीए है, वहां सुशासन और विश्वास है। देश में एनडीए को जहां भी जनादेश मिला, उस राज्य को विकास की नई ऊंचाई पर पहुंचाया है, इसलिए भाजपा को लगातार जीत मिल रही है। लोग दूसरी बार, तीसरी बार चुन रहे हैं। हरियाणा, यूपी, एमपी, गुजरात, उत्तराखंड, गोवा, सब जगह दोबारा मौका दिया। यूपी में कानून व्यवस्था की चुनौती, दिमागी बुखार पर संकल्पबद्ध होकर काम किया। महाराष्ट्र में सूखे का संकट होता था। हरियाणा में बिना पर्ची-खर्ची नौकरी नहीं मिलती थी। गुजरात कृषि पावर हाउस बनकर उभरा है। बिहार में भी बदलाव तब आई, जब एनडीए की सरकार आई।” पूर्वांचल से अपनेपन का है रिश्ता: PM मोदी पीएम मोदी ने कहा कि दिल्ली के कार्यकर्ताओं के मन में टीस और कसक दिल्ली की पूरी तरह सेवा न कर पाने की थी। दिल्ली ने वह भी आग्रह मान लिया। 21वीं सदी के युवा दिल्ली में पहली बार भाजपा का सुशासन देखेगी। हरियाणा में फिर महाराष्ट्र में नया रिकॉर्ड बनाया, दिल्ली में नया इतिहास रच गया है। यह हमारा दिल्ली सिर्फ एक शहर नहीं, दिल्ली मिनी हिंदुस्तान है। दिल्ली में दक्षिण, पूर्वी, उत्तर भारत के लोग रहते हैं। इसी विविधता वाली दिल्ली ने प्रचंड जनादेश का आशीर्वाद दिया। इस चुनाव में मैं जहां भी गया, मैं गर्व से कहता था कि मैं पूर्वांचल से सांसद हूं। पूर्वांचल से अपनेपन का रिश्ता है। पूर्वांचल के लोगों ने उस विश्वास को नई ताकत दे दी। पूर्वांचल के सांसद के नाते पूर्वांचल के लोगों का विशेष आभार। दिल्ली की असली मालिक सिर्फ जनता: PM मोदी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “दिल्ली की असली मालिक सिर्फ और सिर्फ जनता है। जिनको मालिक होने का घमंड था, उनका सच से सामना हो गया है। दिल्ली के जनादेश से यह भी स्पष्ट हो गया कि राजनीति में शॉर्टकट और झूठ फरेब की कोई जगह नहीं है। जनता ने शॉर्टकट का शॉर्ट-सर्किट कर दिया है। दिल्ली की जनता ने मुझे कभी निराश नहीं किया। 2014, 2019 और 2024 में भव्य विजय दिया।” दिल्ली आप-दा मुक्त हुई है: PM मोदी पीएम मोदी ने कहा कि मोदी की गारंटी पर भरोसा करने के लिए सिर झुकाकर नमन करता हूं। दिल्ली ने हमें दिल्ली खोलकर प्यार किया है। आपके प्यार को सवा गुना कर विकास के रूप में लौटाएंगे। दिल्ली के लोगों का यह प्यार, विश्वास, हम सभी पर एक कर्ज है। दिल्ली की डबल इंजन सरकार तेजी से विकास कर अपना कर्ज चुकाएगी। आज की यह ऐतिहासिक विजय है। यह सामान्य विजय नहीं, दिल्ली के लोगों ने आप-दा को बाहर कर दिया है। एक दशक की आपदा से दिल्ली मुक्त हुई है। दिल्ली के दिल में बसता है मोदी: जेपी नड्डा जेपी नड्डा ने कहा, “यह चुनाव और इसके पहले के लोकसभा चुनाव में दिल्ली की जनता ने स्पष्ट संदेश दिया। लोकसभा में सातों सीटों और आज 48 सीटों पर विजय, यह स्पष्ट संदेश है कि दिल्ली के दिल में मोदी बसता है। पीएम ने 10 सालों में भारत की राजनीति में जो परिवर्तन लाया। इस बात के लिए , देश में जो काम हुआ, उसपर यह चुनाव मोहर लगाता है। पहले की राजनीति लोकलुभावन वादे करो फिर भूल जाओ। मोदी जी ने जो कहा वह किया, जो नहीं किया वह भी किया।” मोदी जी की ओर से अभिनंदन: जेपी नड्डा जेपी नड्डा ने कहा, “आज के इस विशाल सभा में मंच पर उपस्थित हम सबके प्रिय यशस्वी प्रधानमंत्री, भारत के गृह मंत्री अमित शाह का हम स्वागत करते हैं। कार्यकर्ता आज इस ऐतिहासिक घड़ी में भाजपा मुख्यालय में हर्ष और उल्लास के साथ एकत्रित हुए हैं। करोड़ों कार्यकर्ता जो टीवी पर देख रहे हैं। उनकी ओर से मोदी जी की ओर से अभिनन्दन। आपके नेतृत्व में एक के बाद एक जीत, जनता ने बारंबार मोहर लगाया। आप ने भी सेवा में कोई कसर नहीं छोड़ी। दिल्ली के जनता जनार्दन ने मोदी के नेतृत्व में आशीर्वाद दिया। तमाम कार्यकर्ताओं दिन रात मेहनत की। उन सबका धन्यवाद।”  

पीएम मोदी ने कहा- दिल्ली में विकास जीता, सुशासन की जीत हुई, दिल्ली के विकास के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेंगे

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को मिली शानदार जीत के लिए बधाई दी है। साथ ही उन्होंने दिल्ली की जनता को धन्यवाद दिया है। पीएम मोदी ने कहा कि दिल्ली में विकास जीता है। सुशासन की जीत हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली के विकास के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेंगे। आपको बता दें कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी की करारी हार हुई थी। विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान पीएम मोदी ने आप के शासन की तुलान आपदा से की थी। प्रधानमंत्री मोदी लिखते हैं, ‘जनशक्ति सर्वोपरि! विकास जीता, सुशासन जीता। दिल्ली के अपने सभी भाई-बहनों को भाजपा को ऐतिहासिक जीत दिलाने के लिए मेरा वंदन और अभिनंदन! आपने जो भरपूर आशीर्वाद और स्नेह दिया है, उसके लिए आप सभी का हृदय से बहुत-बहुत आभार। दिल्ली के चौतरफा विकास और यहां के लोगों का जीवन उत्तम बनाने के लिए हम कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेंगे, यह हमारी गारंटी है। इसके साथ ही हम यह भी सुनिश्चित करेंगे कि विकसित भारत के निर्माण में दिल्ली की अहम भूमिका हो। ” पीएम मोदी ने दिल्ली बीजेपी के कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए लिखा, ‘मुझे भाजपा के अपने सभी कार्यकर्ताओं पर बहुत गर्व है, जिन्होंने इस प्रचंड जनादेश के लिए दिन-रात एक कर दिया। अब हम और भी अधिक मजबूती से अपने दिल्लीवासियों की सेवा में समर्पित रहेंगे।” अमित शाह ने भी दी बधाई केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत को झूठ के शासन का अंत और विकास व विश्वास के एक नए युग का आरंभ बताया और कहा कि राजधानी के मतदाताओं ने ‘वादाखिलाफी’ करने वालों को ऐसा सबक सिखाया है जो झूठे वादे करने वालों के लिए मिसाल बनेगा। दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा की ‘प्रचंड जनादेश’ के लिए जनता और भाजपा कार्यकर्ताओं को बधाई दी और कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पार्टी अपने सभी वादे पूरे कर दिल्ली को विश्व की नंबर एक राजधानी बनाने के लिए संकल्पित है। शाह ने ‘एक्स’ पर सिलसिलेवार पोस्ट में कहा, ‘‘दिल्ली के दिल में मोदी…। दिल्ली की जनता ने झूठ, धोखे और भ्रष्टाचार के ‘शीशमहल’ को नेस्तनाबूत कर दिल्ली को आप-दा मुक्त करने का काम किया है। दिल्ली ने वादाखिलाफी करने वालों को ऐसा सबक सिखाया है, जो देशभर में जनता के साथ झूठे वादे करने वालों के लिए मिसाल बनेगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह दिल्ली में विकास और विश्वास के एक नए युग का आरंभ है। दिल्ली में झूठ के शासन का अंत हुआ है… यह अहंकार और अराजकता की हार है।’’ केंद्रीय गृह मंत्री ने इसे ‘मोदी की गारंटी’ और उनके विकास के दृष्टिकोण पर दिल्लीवासियों के विश्वास की जीत करार देते हुए इस ‘प्रचंड जनादेश के लिए दिल्ली की जनता का दिल से आभार जताया। उन्होंने कहा, ‘‘मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा अपने सभी वादे पूरे कर दिल्ली को विश्व की नंबर एक राजधानी बनाने के लिए संकल्पित है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘चाहे महिलाओं का सम्मान हो, अनधिकृत कॉलोनीवासियों का स्वाभिमान हो या स्वरोजगार की अपार संभावनाएं, मोदी जी के नेतृत्व में दिल्ली अब एक आदर्श राजधानी बनेगी।’’ अमित शाह ने आप संयोजक अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्लीवासियों ने इस चुनाव में बता दिया कि जनता को बार-बार झूठे वादों से गुमराह नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, ‘‘जनता ने अपने वोट से गंदी यमुना, पीने का गंदा पानी, टूटी सड़कें, ओवरफ्लो होते सीवरों और हर गली में खुले शराब के ठेकों का जवाब दिया है।’’

पीएम मोदी राज्यसभा में चर्चा करते हुए कांग्रेस पर किया हमला, कहा- उनके लिए फैमिली फर्स्ट, हमारे लिए नेशन फर्स्ट

नई दिल्ली पीएम मोदी राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए कांग्रेस पर हमला बोला। मोदी ने राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि राष्ट्रपति ने अपने भाषण में देश की दिशा को लेकर विस्तार से बात की और हम सभी के लिए एक मार्गदर्शन दिया। राष्ट्रपति का अभिभाषण प्रेरणादायक और प्रभावी था। यह सबके लिए भविष्य की दिशा को स्पष्ट करता है। मोदी ने कहा कि इसे हर किसी ने अपनी समझ के हिसाब से अलग-अलग तरीके से समझा। उन्होंने ‘सबका साथ, सबका विकास’ के बारे में भी कहा और इसे हमारा दायित्व बताया। कांग्रेस का मॉडल फैमिली फर्स्ट- पीएम मोदी कांग्रेस पर टिप्पणी करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनसे इस बारे में कोई उम्मीद करना एक बड़ी गलती होगी, क्योंकि उनकी सोच इस दिशा में नहीं जाती। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब एक परिवार के लिए समर्पित हो गई है, और उनके लिए ये संभव नहीं है। मोदी ने यह भी बताया कि कांग्रेस का मॉडल “फैमिली फर्स्ट” है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि देश की जनता ने हमें तीसरी बार लगातार सेवा करने का मौका दिया है, जो यह दिखाता है कि लोगों ने हमारे विकास मॉडल को समझा और उसे समर्थन दिया। उन्होंने अपने मॉडल को एक शब्द में “नेशन फर्स्ट” बताया और कहा कि इसी भावना के साथ हमारी सरकार ने नीतियों और कार्यों को लागू किया है। समाज में जाति का जहर फैलाने की कोशिश हो रही- पीएम मोदी राज्यसभा में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा, “आज समाज में जाति का जहर फैलाने की कोशिश की जा रही है… कई सालों से सभी दलों के ओबीसी सांसद ओबीसी पैनल को संवैधानिक दर्जा देने की मांग कर रहे थे। लेकिन उनकी मांग को खारिज कर दिया गया, क्योंकि यह उनकी (कांग्रेस) राजनीति के अनुकूल नहीं था। लेकिन हमने इस पैनल को संवैधानिक दर्जा दिया।” कांग्रेस ने बाबा साहेब को भारत रत्न के लायक नहीं समझा राज्यसभा में बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “यह सर्वविदित है कि कांग्रेस के मन में डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर के प्रति कितना गुस्सा और नफरत थी। उन्होंने कभी भी बाबा साहेब को भारत रत्न के लायक नहीं समझा। लेकिन आज मजबूरी में उन्हें ‘जय भीम’ का नारा लगाना पड़ रहा है।”

पीएम मोदी ने तंज कसते हुए कहा- कुछ लोगों का फोकस स्टाइलिश बाथरूम पर है, जबकि हमारा ध्यान हर घर तक नल से जल पहुंचाने पर है

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव से ठीक एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान आम आदमी पार्टी और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर बिना नाम लिए तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “कुछ लोगों का फोकस स्टाइलिश बाथरूम पर है, जबकि हमारा ध्यान हर घर तक नल से जल पहुंचाने पर है।” इस दौरान पीएम मोदी ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की चर्चित टिप्पणी को दोहराया, जिसमें उन्होंने कहा था कि “केंद्र से भेजा गया एक रुपया जनता तक सिर्फ पंद्रह पैसे ही पहुंचता है।” पीएम मोदी ने इसे “गजब की हाथ की सफाई” बताते हुए विपक्ष की भ्रष्टाचार नीति पर करारा वार किया। लोकसभा में दिए गए इस भाषण के बाद राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। विपक्ष ने पीएम मोदी के इस बयान को चुनावी जुमला बताया, जबकि सत्ता पक्ष ने इसे विकास की सच्चाई करार दिया।

हमने गरीब को झूठे नारे नहीं, सच्चा विकास दिया है, गरीब का दुख, सामान्य मानवी की तकलीफ, राहुल पर कसा तंज: मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने  लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब दिया। इस दौरान पीएम मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण को ‘बोरिंग’ बताने वाले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान पर तंज कसा। उन्होंने राहुल गांधी का नाम लिए बिना कटाक्ष करते हुए कहा कि जो लोग अपने मनोरंजन के लिए गरीबों की झोपड़ियों में फोटो सेशन कराते हैं, उन्हें संसद में गरीबों की बात बोरिंग ही लगेगी। उन्होंने कहा कि हमने गरीब को झूठे नारे नहीं, सच्चा विकास दिया है। गरीब का दुख, सामान्य मानवी की तकलीफ, मीडिल क्लास के सपने ऐसे ही नहीं समझे जाते हैं, इसके लिए जज्बा चाहिए। मुझे दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि कुछ लोगों में यह है ही नहीं। इसके बाद पीएम मोदी ने शीशमहल का जिक्र करते हुए आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों का फोकस आलीशान घरों में जकूजी और शॉवर पर है। कुछ नेताओं का फोकस अपने घर के स्टाइलिश बाथरूम पर है। हमारा फोकस तो ‘हर घर नल से जल’ पहुंचाने पर है। पीएम मोदी ने कहा कि मेरे लिए यह बहुत बड़ा सौभाग्य है कि देश की जनता ने मुझे 14वीं बार इस जगह पर राष्ट्रपति के संबोधन का आभार व्यक्त करने का अवसर दिया है। इसलिए मैं जनता-जनार्दन का भी आभार व्यक्त करना चाहता हूं और सदन में इस चर्चा में जिन-जिन लोगों ने हिस्सा लिया और चर्चा को समृद्ध किया, उन सबका भी मैं आभार व्यक्त करता हूं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का उद्बोधन भविष्य के 25 वर्ष और ‘विकसित भारत’ के लिए एक नया विश्वास जगाने वाला है। एक प्रकार से आदरणीय राष्ट्रपति का यह उद्बोधन विकसित भारत के संकल्प को मजबूती देने वाला है, नया विश्वास पैदा करने वाला है और जन-सामान्य को प्रेरित करने वाला है।

भगवान मुरुगन के मंदिर निर्माण पर मोदी ने खुशी जाहिर की, दोनों देशों के बीच सदियों पुरानी विरासत का नया स्वर्णिम अध्याय

नई दिल्ली इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में भगवान मुरुगन के मंदिर निर्माण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को खुशी जाहिर की है। मंदिर के महा कुंभाभिषेकम के अवसर पर उन्होंने दोनों देशों के संबंध मजबूत होने की बात कही। उन्होंने कहा कि भारत और इंडोनेशिया की सदियों पुरानी विरासत में आज नया अध्याय जुड़ रहा है। पीएम मोदी ने इस अवसर पर इंडोनेशिया के लोगों और भगवान मुरुगन को मानने वालों को बधाई देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने कहा, “मेरा सौभाग्य है कि जकार्ता के मुरुगन मंदिर में महा कुंभाभिषेकम जैसे कार्यक्रम का हिस्सा बन रहा हूं। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो की मौजूदगी ने कार्यक्रम को मेरे लिए और विशेष बना दिया है। भले ही मैं शारीरिक रूप से जकार्ता से सैकड़ों किलोमीटर दूर हूं। लेकिन मेरा मन इस आयोजन के उतने ही करीब है, जितना भारत और इंडोनेशिया के आपसी रिश्ते। अभी कुछ दिन पहले ही इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो 140 करोड़ भारतवासियों का प्यार लेकर लौटे हैं।” पीएम मोदी ने सभी को जकार्ता मंदिर के महा कुंभाभिषेकम की बधाई देते हुए कहा, “भारत और इंडोनेशिया के लोगों के लिए आपसी रिश्ते सिर्फ जियोपॉलीटिकल नहीं हैं। दोनों देश हजारों वर्ष पुराने संस्कृति और इतिहास से जुड़े हैं। हमारा संबंध विरासत, विज्ञान और विश्वास का है। हमारा संबंध साझी आस्था और अध्यात्म का है। हमारा संबंध भगवान मुरुगन और भगवान राम का भी है। भारत से इंडोनेशिया जाने वाला व्यक्ति जब प्रम्बानन मंदिर में हाथ जोड़ता है, तो उसे काशी और केदार जैसी आध्यात्मिक अनुभूति होती है। भारत में इंडोनेशिया के रामलीला का मंचन भी होता रहता है।” उन्होंने कहा, “आज जब भारत के लोग हवाई यात्रा के लिए गरुड़ इंडोनेशिया में बैठते हैं, तो उन्हें उसमें भी हमारी साझी संस्कृति के दर्शन होते हैं। हमारे रिश्ते कई मजबूत तारों से जुड़े हुए हैं। जब राष्ट्रपति प्रबोवो भारत आए थे, तो हमने दोनों देशों के साझी विरासत से जुड़ी कई बातें की थीं। आज जकार्ता में भगवान मुरुगन के इस नए मंदिर के जरिए हमारी सदियों पुरानी विरासत में नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ रहा है। यह मंदिर न सिर्फ आस्था का बल्कि सांस्कृतिक मूल्यों का भी केंद्र बनेगा।”

पीएम मोदी ने कहा- अगर आज इंदिरा जी का जमाना होता तो 12 लाख रुपये तक की आय पर 10 लाख रुपये टैक्स में चले जाते

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट के बाद रविवार को कांग्रेस पर टैक्स को लेकर हमला बोला। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्रियों जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी का हवाला देते हुए दावा किया कि उनकी सरकारों ने लोगों की कमाई पर भारी टैक्स लगाया, जबकि मोदी सरकार ने टैक्स का बोझ कम किया और मध्यम वर्ग को अधिक राहत प्रदान की। दिल्ली चुनाव के लिए आरके पुरम में एक रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ”अगर नेहरू जी के जमाने में आप 12 लाख रुपये कमाते तो 12 लाख रुपये की आय पर आपकी एक चौथाई सैलरी सरकार वापस ले लेती। अगर आज इंदिरा जी का जमाना होता तो 12 लाख रुपये तक की आय पर आपके 10 लाख रुपये टैक्स में चले जाते। 10-12 साल पहले तक, कांग्रेस की सरकार में अगर आप 12 लाख रुपये कमाते तो आपको 2 लाख 60 हजार रुपया टैक्स देना होता। भाजपा सरकार के कल के बजट के बाद, साल में 12 लाख कमाने वाले को एक रुपया भी टैक्स नहीं देना पड़ेगा।” पीएम मोदी ने कहा कि देश के विकास में हमारे मिडिल क्लास का बहुत बड़ा योगदान है। यह बीजेपी ही है, जो मिडिल क्लास को सम्मान देती है, ईमानदार टैक्सपेयर्स को पुरस्कार देती है। बजट का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मैंने विकसित भारत के निर्माण के लिए चार स्तंभों को मजबूत करने की गारंटी देश को दी थी। ये स्तंभ हैं- गरीब, किसान, नौजवान और नारीशक्ति। कल जो बजट आया है, वो मोदी की ऐसी ही गारंटियों को पूरा करने की गारंटी है। केंद्रीय बजट 2025 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को घोषणा की कि सालाना 12 लाख रुपये तक की आय वाले लोगों को आयकर नहीं देना होगा। उन्होंने कहा कि यह मध्यम वर्ग की मदद के लिए उठाया गया कदम है। 75,000 रुपये की मानक कटौती के साथ, कर-मुक्त आय सीमा प्रभावी रूप से 12.75 लाख रुपये होगी। उन्होंने कहा, “मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि नई व्यवस्था के तहत 12 लाख रुपये तक की आय पर कोई आयकर नहीं लगेगा।” वहीं, बजट के बाद पीटीआई को दिए गए एक इंटरव्यू में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी टैक्स में कटौती के विचार के पूरी तरह से समर्थन में थे, लेकिन नौकरशाहों को समझाने में समय लगा। निर्मला सीतारमण ने कहा, ”…पीएम बहुत स्पष्ट थे कि वह कुछ करना चाहते हैं। मंत्रालय को सहजता से काम करना है और फिर प्रस्ताव पर आगे बढ़ना है। इसलिए, जितना अधिक काम करने की आवश्यकता थी, बोर्ड को यह समझाने की आवश्यकता थी कि संग्रह में दक्षता और ईमानदार करदाताओं की आवाज… यह सब मंत्रालय का काम था, पीएम का नहीं।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तरह उनकी सरकार ने भी हमेशा विभिन्न क्षेत्रों के लोगों की आवाज सुनी है।

पीएम मोदी ने की सराहना, यह बजट हर भारतीय के सपनों को पूरा करना वाला है, ये जनता जर्नादन का बजट है

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शानदार बजट के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह बजट हर भारतीय के सपनों को पूरा करना वाला है। ये जनता जर्नादन का बजट है। यह नागरिकों की जेब भरने वाला बजट है। बजट ग्रोथ को तेज गति से आगे बढ़ाएगा। बजट हर भारतीय के सपनों को पूरा करने वाला- पीएम मोदी केंद्रीय बजट 2025 पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आज भारत की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं का बजट है। यह हर भारतीय के सपनों को पूरा करने वाला बजट है। हमने युवाओं के लिए कई क्षेत्र खोले हैं। आम नागरिक विकसित भारत के मिशन को आगे बढ़ाने जा रहा है।” वित्त मंत्री की पूरी टीम को बधाई देता हूं- पीएम मोदी केंद्रीय बजट 2025 पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “यह बजट एक फोर्स मल्टीप्लायर है। यह बजट बचत, निवेश, खपत और विकास को तेजी से बढ़ाएगा। मैं इस जनता जनार्दन के बजट के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और उनकी पूरी टीम को बधाई देता हूं।” बजट में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए- प्रधानमंत्री केंद्रीय बजट 2025 पर पीएम मोदी ने कहा, “आमतौर पर बजट का फोकस इस बात पर होता है कि सरकारी खजाना कैसे भरा जाएगा, लेकिन यह बजट इसके ठीक उलट है। यह बजट देश के नागरिकों की जेब कैसे भरेगा, देश के नागरिकों की बचत कैसे बढ़ेगी और देश के नागरिक विकास में कैसे भागीदार बनेंगे… यह बजट इसके लिए बहुत मजबूत आधारशिला रखता है। सुधारों के लिहाज से इस बजट में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। परमाणु ऊर्जा में निजी क्षेत्र को प्रोत्साहित करना ऐतिहासिक है। यह देश के विकास में सिविल न्यूक्लियर एनर्जी का बड़ा योगदान सुनिश्चित करेगा।” रोजगार के सभी क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “बजट में हर तरह से रोजगार के सभी क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। मैं उन सुधारों की चर्चा करना चाहूंगा जो आने वाले समय में बहुत बड़ा बदलाव लाने वाले हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर का दर्जा दिए जाने से भारत में बड़े जहाजों के निर्माण को बढ़ावा मिलेगा, आत्मनिर्भर भारत अभियान को गति मिलेगी। हम सभी जानते हैं कि जहाज निर्माण सबसे ज्यादा रोजगार देने वाला सेक्टर है। इसी तरह देश में पर्यटन की भी बहुत संभावनाएं हैं। 50 महत्वपूर्ण पर्यटन स्टेशनों पर होटल बनाए जाएंगे, पहली बार होटलों को इंफ्रास्ट्रक्चर के दायरे में लाने से पर्यटन को बहुत बढ़ावा मिलेगा। इससे हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को ऊर्जा मिलेगी, जो रोजगार का बहुत बड़ा सेक्टर है।”   कृषि क्षेत्र में एक नई क्रांति का आधार बनेगा बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “इस बजट में एक करोड़ पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए ‘ज्ञान भारत मिशन’ शुरू किया गया है। भारतीय ज्ञान परंपरा से प्रेरित एक राष्ट्रीय डिजिटल रिपोजिटरी बनाई जाएगी, यानी तकनीक का भरपूर उपयोग किया जाएगा। बजट में किसानों के लिए की गई घोषणा कृषि क्षेत्र और पूरी ग्रामीण अर्थव्यवस्था में एक नई क्रांति का आधार बनेगी…’किसान क्रेडिट कार्ड’ की सीमा बढ़ाकर 5 लाख रुपए की जाएगी, जिससे उन्हें और मदद मिलेगी।”

राष्ट्रपति मैक्रों ने खुद दी जानकारी, फ्रांस में एआई सम्मेलन में शामिल होने जाएंगे पीएम मोदी

नई दिल्ली/पेरिस। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले माह फ्रांस दौरे पर जाएंगे। पीएम मोदी फ्रांस में 10-11 फरवरी को होने वाले एआई एक्शन सम्मेलन में शिरकत करेंगे। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। शुक्रवार को 30वें राजदूतों के सम्मलेन के दौरान अपने संबोधन में मैक्रों ने कहा कि ‘फ्रांस 10-11 फरवरी को एआई एक्शन सम्मेलन का आयोजन करेगा। इस सम्मेलन में एआई को लेकर अंतरराष्ट्रीय विमर्श होगा। इसमें पीएम नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे। यह एक अहम दौरा होगा क्योंकि हम हम सभी एआई ताकतों से इसे लेकर चर्चा करना चाहते हैं।’ एआई सम्मेलन के दौरान इन मुद्दों पर होगा फोकस फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने कहा कि वैश्विक विमर्श में एआई पर बात करना बेहद अहम है। उन्होंने कहा कि ‘एआई सम्मेलन में अमेरिका, चीन, भारत के साथ ही अरब देश भी शिरकत करेंगे और इन देशों का एआई तकनीक को विकसित करने और इसका नियमन करने में अहम भूमिका है।’ मैक्रों ने कहा कि सम्मेलन में नवाचार, टैलेंट पर फोकस किया जाएगा और इससे फ्रांस और यूरोप को वैश्विक एआई परिदृश्य में केंद्र में रखा जाएगा। इससे पहले दिसंबर में इमैनुएल मैक्रों ने एआई सम्मेलन में भारत को आमंत्रित करने की बात कही थी और कहा था कि भारत एक अहम देश है। फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने भारत को बेहद अहम देश मीडिया से बात करते हुए फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने कहा कि एआई एक्शन सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत समेत 90 के करीब देशों को आमंत्रित किया गया है। इस सम्मेलन में एआई के जरिए गलत सूचनाओं के प्रसार और एआई के गलत इस्तेमाल के विषय पर भी बात होगी। मैक्रों ने भारत की तारीफ करते हुए कहा कि भारत एक बहुत ही अहम देश है और खासकर लोगों के जीवन पर प्रभाव छोड़ने में इसकी क्षमता बहुत ज्यादा है। एआई सम्मेलन पेरिस के ग्रैंड पालासिस में आयोजित किया जाएगा। इसमें राष्ट्राध्यक्षों समेत, शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी, विभिन्न कंपनियों के सीईओ और शिक्षा जगत के लोग, एनजीओ, कलाकातर और नागरिक समाज समूह के सदस्य भी शामिल होंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- मैं भी मनुष्य हूं, देवता नहीं हूं, मुझसे भी गलतियां होती हैं, राजनीति में अच्छे लोग लगातार आना चाहिए

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पॉडकास्ट इंटरव्यू में कई महत्वपूर्ण बातें साझा कीं। उन्होंने कहा कि “मैं भी मनुष्य हूं, देवता नहीं हूं। मुझसे भी गलतियां होती हैं।” उन्होंने राजनीति में आने के उद्देश्य पर बात करते हुए कहा कि राजनीति में एंबीशन नहीं, बल्कि मिशन होना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि राजनीति में अच्छे लोग लगातार आना चाहिए। जब पीएम मोदी से पूछा गया कि पहले और दूसरे टर्म में क्या अंतर है, तो उन्होंने कहा कि पहले टर्म में लोग मुझे समझने की कोशिश करते थे, और मैं भी दिल्ली को समझने की कोशिश कर रहा था। इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने युवाओं को राजनीति में आने के लिए यह संदेश दिया कि अगर वह राजनीति में आना चाहते हैं तो उनके पास एक मिशन होना चाहिए। जीनोम सीक्वेंसिंग डेटा जारी किया प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को 10 हजार नागरिकों का जीनोम सीक्वेंसिंग डेटा भी जारी किया। यह जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान के क्षेत्र में एक अहम कदम है और भविष्य में इसका बड़ा असर होगा। पीएम मोदी ने वीडियो संदेश के माध्यम से बताया कि इस परियोजना में 20 से ज्यादा रिसर्च इंस्टीट्यूशन ने अहम योगदान दिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस कदम को जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में मील का पत्थर बताते हुए कहा कि यह शोध के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने बताया कि यह डेटा अब “इंडिया बायोलॉजिकल डेटा सेंटर” में उपलब्ध है। पीएम मोदी ने कहा, “इस परियोजना की शुरुआत पांच साल पहले जीनोम इंडिया परियोजना के रूप में हुई थी और कोविड की चुनौतियों के बावजूद हमारे वैज्ञानिकों ने इसको पूरा किया।” इस डेटा से देश के असाधारण आनुवंशिक परिदृश्य का अध्ययन किया जा सकेगा और इससे भविष्य में कई महत्वपूर्ण शोध होंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भुवनेश्वर में 18वें प्रवासी भारतीय सम्मेलन का उद्घाटन किया

भुवनेश्वर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भुवनेश्वर में 18वें प्रवासी भारतीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। आयोजन स्थल पर मौजूद लोगों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा- मैंने हमेशा भारतीय डाइस्पोरा को भारत का राष्ट्रदूत माना है। मुझे खुशी होती है जब दुनिया में आप सभी साथियों से बात करता हूं। जो प्यार मिलता है उसे भूल नहीं सकता। प्रधानमंत्री ने कहा, आपका स्नेह आशीर्वाद मेरे साथ रहता है। मैं सभी का निजी तौर पर आभार करता हूं। आपको थैंक यू भी बोलना चाहता हूं। वो इसलिए क्योंकि आपकी वजह से मुझे दुनिया में गर्व से सिर ऊंचा रखने का मौका मिलता है। बीते दस साल में मेरी दुनिया के अनेक लीडर से मुलाकात हुई है। अपने देश के भारतीय डाइस्पोरा की बहुत प्रशंसा करता हूं। इसका एक बड़ा कारण वो सोशल वैल्यूज हैं जो आप सभी वहां की सोसाइटी में दिखाते हैं। हम सिर्फ मदर ऑफ डेमोक्रेसी ही नहीं हैं बल्कि जीवन का हिस्सा हैं। पीएम मोदी ने प्रवासियों के दिलों में धड़कते भारत की बात की। बोले, भारतीय हर जगह जुड़ जाते हैं, हमें विविधता सिखानी नहीं पड़ती, हमारा जीवन ही इससे चलता है। इसलिए भारतीय जहां भी जाते हैं, वहां की सोसाइटी से जुड़ जाते हैं। जहां जाते हैं, वहां के नियमों और परम्पराओं की इज्जत करते हैं। देश की सेवा करते हैं। विकास में योगदान करते हैं। इनके बीच हमारे दिल में भारत भी धड़कता रहता है। हम भारत की हर खुशी में खुश होते हैं। उत्सव मनाते हैं। 21वीं सदी का भारत जिस गति से आगे बढ़ रहा है, जिस गति से विकास के काम हो रहे हैं, वह अभूतपूर्व है। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व की बात कही। बोले, “यह समय उत्सव का है। हम महाकुंभ, मकर संक्रांति, लोहड़ी और पोंगल जैसे पर्वों के बीच एकत्र हुए हैं, जो हमारे समाज की विविधता और एकता को प्रदर्शित करते हैं।” उन्होंने याद दिलाया कि 9 जनवरी 1915 को महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे थे और तब से यह दिन विशेष रूप से मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने ओडिशा की सांस्कृतिक धरोहर की सराहना करते हुए कहा, “ओडिशा की भूमि पर कदम-कदम पर संस्कृति का प्रतीक देखने को मिलता है। यह भूमि हमारे सम्राट अशोक की शांति की धरोहर को संजोए हुए है। ओडिशा का यह ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व हमें शांति, विकास और वैश्विक समृद्धि की दिशा में प्रेरित करता है।” प्रधानमंत्री ने भारत के विकास की गति पर जोर देते हुए कहा, “बीते 10 वर्षों में भारत ने 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है और आज भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। यह अभूतपूर्व सफलता है और हम आगे बढ़ते हुए तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर हैं।” उन्होंने कहा, “आज भारत का चंद्रयान अपनी सफलता की ओर बढ़ रहा है, हम नवीकरणीय ऊर्जा, मेट्रो, बुलेट ट्रेन, और मेड इन इंडिया उत्पादों के साथ प्रगति की नई ऊंचाइयों तक पहुंच रहे हैं। यह सभी कारक भारत के वैश्विक प्रभाव को मजबूत कर रहे हैं।” प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “भारत की सफलता को अब दुनिया देख रही है और हमारे विकास की दिशा का सम्मान किया जा रहा है। हमारा देश न केवल अपने मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाता है, बल्कि वैश्विक दक्षिण की आवाज भी बनता है।” कार्यक्रम में विदेश मंत्री एस जयशंकर प्रसाद, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, अश्विनी वैष्णव, शोभा करांदे, कीर्ति वर्धन सिंह, ओडिशा सरकार के उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव और अन्य मंत्रीगण, सांसद तथा विधायकों सहित हजारों प्रवासी भारतीय उपस्थित थे। पीएम मोदी ने प्रवासी भारतीयों को ध्यान में रखकर शुरू की गई स्पेशल टूरिस्ट ट्रेन को भी हरी झंडी दिखाई। यह ट्रेन दिल्ली के निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से चली और तीन सप्ताह तक कई पर्यटक स्थलों तक जाएगी।  

पीएम मोदी ने 18वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन में दिया मंत्र, ‘भविष्य युद्ध में नहीं, बुद्ध में है’

भुवनेश्वर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को ओडिशा के भुवनेश्वर में 18वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन के उद्घाटन कार्यक्रम में पहुंचे। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी भी इस अवसर पर मौजूद रहे। यहां पीएम मोदी ने सम्मेलन का उद्घाटन किया। 18वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा पीएम मोदी ने कहा कि यह जीवंत त्योहारों का समय है। कुछ ही दिनों में प्रयागराज में महाकुंभ शुरू हो रहा है। मकर संक्रांति, बिहू, पोंगल, लोहड़ी जैसे त्योहार आने वाले हैं। हर जगह आनंदमय वातावरण है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज आप ओडिशा की जिस महान धरती पर जुटे हैं वो भी भारत की समृद्ध विरासत का प्रतिबिंब है। ओडिशा में कदम कदम पर हमारी विरासत के दर्शन होते हैं। सैकड़ों वर्ष पहले भी ओडिशा से हमारी व्यापारी कारोबारी लंबा सफर करके बाली, सुमात्रा, जावा जैसे स्थानों तक जाते थे…ओडिशा में आज भी बाली यात्रा का आयोजन होता है। उन्होंने कहा कि दुनिया में जब तलवार के जोर पर साम्राज्य बढ़ाने का दौर था, तब हमारे सम्राट अशोक ने यहां शांति का रास्ता चुना था। हमारी इस विरासत का ये वही बल है जिसकी प्रेरणा से आज भारत दुनिया को कह पाता है कि भविष्य युद्ध में नहीं है, बुद्ध में है। पीएम मोदी ने कहा कि मैंने हमेशा भारतीय डायस्पोरा को भारत का राष्ट्रदूत माना है। मुझे बहुत खुशी होती है, जब पूरी दुनिया में आप सभी साथियों से मिलता हूं, आपसे बातचीत करता हूं। जो प्यार मुझे मिलता है, वो भूल नहीं सकता हूं। आपका प्यार, आपका आशीर्वाद हमेशा मेरे साथ रहता है। हम सिर्फ लोकतंत्र की जननी नहीं हैं, बल्कि लोकतंत्र हमारे जीवन का हिस्सा है। हमें विविधता सिखानी नहीं, हमारा जीवन ही विविधता प्रदान करता है। भारतीय जहां भी जाते हैं, वहां के समाज के साथ जुड़ जाते हैं। भारतीय जहां भी जाते हैं,  वहां के नियम और परंपरा का सम्मान करते हैं। हम पूरी ईमानदारी से उस देश की, उस समाज की सेवा करते हैं। इस सबके साथ ही हमारे दिल में भारत भी धड़कता रहता है। उन्होंने कहा कि भारत की सफलता आज दुनिया देख रही है। आज जब भारत का चंद्रयान शिव शक्ति प्वाइंट पर पहुंचता है, तो हम सब को गर्व होता है।  आज जब दुनिया, डिजिटल इंडिया की ताकत देखकर हैरान होती है, तो हम सब को गर्व होता है।  आज भारत का हर सेक्टर आसमान की ऊंचाई छूने को आगे बढ़ रहा है। भारत की बात को आज दुनिया ध्यान से सुनती है। आज का भारत, अपना पॉइंट तो मजबूती से कायम है, ग्लोबल साउथ की आवाज को भी पूरी ताकत से उठाता है। ‘वैश्विक युग में प्रवासी समुदाय का महत्व प्रत्येक वर्ष के साथ बढ़ता गया’ इससे पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि हर 2 साल में आयोजित होने वाले इस सम्मेलन के माध्यम से विदेशों में रहने वाले भारतीय अपने देश में हो रही प्रगति और विकास को देख पाते हैं, अनुभव कर पाते हैं। आप सभी न केवल अपने जीवन की उपलब्धियों पर गर्व कर करते हैं, बल्कि विदेशों में हमारे लिए बढ़ते सम्मान का भी अनुभव करते हैं। वैश्विक युग में प्रवासी समुदाय का महत्व प्रत्येक वर्ष के साथ बढ़ता गया है। ‘विकसित भारत के निर्माण में प्रवासी भारतीयों का योगदान’ ओडिशा के मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि इस बार प्रवासी भारतीय दिवस की थीम ‘विकसित भारत के निर्माण में प्रवासी भारतीयों का योगदान’ है। आज मैं ओडिशा की धरती से सभी का अभिवादन करता हूं।

विशाखापत्तनम में पीएम मोदी ने सीएम चंद्रबाबू नायडू और डिप्टी सीएम पवन कल्याण के साथ रोड शो में लिया हिस्सा

विशाखापत्तनम पीएम नरेंद्र मोदी बुधवार को आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम पहुंचे। इस दौरान राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू, उप मुख्यमंत्री पवन कल्याण और अन्‍य नेताओं ने उनका स्वागत किया। पीएम मोदी ने आंध्र प्रदेश के सीएम एन चंद्रबाबू नायडू और डिप्टी सीएम पवन कल्याण के साथ विशाखापत्तनम में रोड शो में हिस्सा लिया। इस दौरान सड़कों पर जनसैलाब उमड़ा। स्थानीय जनता पीएम मोदी का एक झलक पाने को बेताब नजर आई। बीच-बीच में मोदी-मोदी के नारे भी लगे। पीएम मोदी ने भी लोगों को निराश नहीं किया। उन्होंने हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार से दो दिवसीय दौरे पर आंध्र प्रदेश और ओडिशा दौरे पर हैं। इस दौरान वो आंध्र प्रदेश को करोड़ों की सौगात देंगे। पीएम मोदी ने कहा, वो विशाखापत्तनम में ग्रीन एनर्जी से जुड़े प्रमुख कार्यों का उद्घाटन करने को लेकर उत्सुक हैं। सतत विकास, औद्योगिक विकास और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए एक बड़े कदम के रूप में प्रधानमंत्री मोदी 8 जनवरी (बुधवार) को आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। पीएम मोदी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा कि हरित ऊर्जा, नवीकरणीय ऊर्जा, बुनियादी ढांचे और अन्य क्षेत्रों से जुड़े प्रमुख कार्यों का उद्घाटन करने के लिए मैं विशाखापत्तनम के लोगों के बीच आने को उत्सुक हूं। यह बहुत खुशी की बात है कि एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड ग्रीन हाइड्रोजन हब प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी जाएगी। इससे यह राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत इस तरह का पहला हब बन जाएगा। आंध्र प्रदेश के बाद पीएम मोदी ओडिशा जाएंगे। 9 जनवरी की सुबह 10 बजे भुवनेश्वर में 18वें प्रवासी भारतीय दिवस (पीबीडी) सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे।

आज आंध्र प्रदेश में कई परियोजनाओं का शिलान्यास एवं उद्घाटन करेंगे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

अमरावती प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज विशाखापत्तनम में कुछ महत्वपूर्ण परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे तथा कुछ अन्य का उद्घाटन करेंगे। वर्ष 2024 में लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री का पद संभालने के बाद यह प्रधानमंत्री का राज्य का पहला दौरा होगा। आंध्र प्रदेश में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सहयोगी तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनसेना के गठबंधन ने केंद्र में सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण और अन्य लोगों के साथ मोदी विशाखापत्तनम में रेलवे जोन की नींव रखेंगे। इसी तरह, वह अनकापल्ली जिले के नक्कापल्ली मंडल के पुदिमदका में राष्ट्रीय तापविद्युत निगम लिमिटेड (एनटीपीसी) के एकीकृत हरित हाइड्रोजन केंद्र की आधारशिला रखेंगे। इस परियोजना के तहत सार्वजनिक क्षेत्र की यह कंपनी तीन चरणों में 65,370 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। प्रधानमंत्री डिजिटल माध्यम से कृष्णापत्तनम औद्योगिक केंद्र का आरंभ करेंगे, जो पहले चरण में 2,500 एकड़ भूमि पर बनने वाली 1,518 करोड़ रुपये की परियोजना है। इससे 50,000 लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इसी तरह, मोदी डिजिटल माध्यम से नक्कापल्ली में 1,877 करोड़ रुपये की लागत वाले ‘‘बल्क ड्रग पार्क’ की भी आधारशिला रखेंगे। देश को दवा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से ‘बल्क ड्रग पार्क’ की स्थापना की जाएगी। करीब 11,542 करोड़ रुपये के निवेश से 2,002 एकड़ भूमि पर बनने वाले इस ‘बल्क ड्रग पार्क’ से 54,000 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। विशाखापत्तनम में आंध्र विश्वविद्यालय इंजीनियरिंग कॉलेज मैदान में प्रधानमंत्री की जनसभा में 1.5 लाख से अधिक लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। शिलान्यास और उद्घाटन समारोह के अलावा मोदी संपत विनायक मंदिर से आंध्र विश्वविद्यालय में बैठक स्थल तक रोड शो भी करेंगे। राज्य सरकार मोदी की यात्रा को सफल बनाने के लिए व्यापक प्रबंध कर रही है, जबकि सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नारा लोकेश ने हाल में तैयारियों की समीक्षा के लिए विशाखापत्तनम का दौरा किया था।  

तेलंगाना को मिली आधुनिक सुविधाएं, मोदी ने चर्लापल्ली के नए रेलवे टर्मिनल स्टेशन का वर्चुअल उद्घाटन किया

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को तेलंगाना के मेडचल-मलकजगिरी जिले में स्थित चर्लापल्ली के नए रेलवे टर्मिनल स्टेशन का वर्चुअल उद्घाटन किया। इस अत्याधुनिक टर्मिनल को 413 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। यह स्टेशन पर्यावरण के अनुकूल डिजाइन के साथ यात्रियों को उन्नत सुविधाएं प्रदान करेगा। साथ ही, यह सिकंदराबाद, हैदराबाद और काचेगुडा के मौजूदा टर्मिनलों पर बढ़ते दबाव को कम करने में मदद करेगा। प्रमुख विशेषताएं और सेवाएं चर्लापल्ली रेलवे टर्मिनल को एक कोचिंग हब के रूप में विकसित किया गया है। यहां प्रतिदिन लगभग 24 ट्रेनें संचालित होंगी। नए टर्मिनल में यात्रियों के लिए निर्बाध कनेक्टिविटी और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसमें एक विशाल परिसंचारी क्षेत्र, दोपहिया और चार पहिया वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग और बस परिवहन के लिए समर्पित क्षेत्र शामिल हैं। टर्मिनल औद्योगिक क्षेत्र को बढ़ावा देने के साथ-साथ मालगाड़ियों के संचालन में भी अहम भूमिका निभाएगा। यहां से विशेष ट्रेन सेवाओं की शुरुआत की गई है, जिसमें त्योहारों के दौरान संक्रांति विशेष ट्रेनों का संचालन भी शामिल है। स्थानीय विकास को मिलेगा बढ़ावा इस अवसर पर तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने प्रधानमंत्री मोदी को टर्मिनल के उद्घाटन के लिए धन्यवाद दिया और राज्य में क्षेत्रीय रिंग रेल परियोजना शुरू करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना तेलंगाना के 60% हिस्से को शहरीकृत करने की क्षमता रखती है। समारोह में राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा, केंद्रीय कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी, और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। समारोह में वर्चुअल माध्यम से कई नेता और अधिकारी जुड़े।

पीएम मोदी ने रोहिणी के जापानी पार्क में भाजपा की ‘परिवर्तन रैली’ को संबोधित किया, कहा- बंद नहीं करेगी मुफ्त वाली स्कीमें

नई दिल्ली दिल्ली में विधानसभा चुनाव के ऐलान से पहले पीएम मोदी ने 12 हजार करोड़ से अधिक की सौगात राजधानी को दी है। ‘नमो भारत’ नेटवर्क के विस्तार और नई मेट्रो लाइन के उद्घाटन के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने रोहिणी के जापानी पार्क में भाजपा की ‘परिवर्तन रैली’ को संबोधित किया। पीएम मोदी ने एक तरफ जहां ‘आप’ सरकार पर जोरदार प्रहार किया तो दूसरी तरफ यह वादा भी कर दिया कि दिल्ली में भाजपा की सरकार मौजूदा स्कीमों को बंद नहीं करेगी। उन्होंने अरविंद केजरीवाल की पार्टी की ओर से किए जा रहे इस प्रचार को झूठा करार दिया कि भाजपा की सरकार बनी तो मुफ्त बिजली-पानी जैसी स्कीमें बंद हो जाएंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोहिणी की रैली में विस्तार से बताया कि भाजपा दिल्ली को किस तरह विकसित करना चाहती है। पीएम ने दिल्ली में आम आदमी पार्टी सरकार को एक बार फिर ‘आपदा’ करार देते हुए तीखे हमले किए। पीएम ने कहा कि गर्मी में पानी के लिए मारामारी, बरसात में जलभराव की परेशानी, सर्दी में प्रदूषण से सांस लेना मुश्किल। दिल्ली के लिए इन लोगों ने हर मौसम आपदाकाल बना दिया है। दिल्लीवालों की ऊर्जा सालभर आपदा से ही निपटने में लग रही है। इसलिए दिल्ली में आपदा हटेगी तो ही सुशासन का डबल इंजन आएगा। शीशमहल पर बड़ा अटैक पीएम मोदी ने एक बार फिर कथित शीशमहल का जिक्र करते हुए नाम लिए बिना अरविंद केजरीवाल पर प्रहार किया। उन्होंने कहा, ‘दिल्ली पर आपदा लाने वाले झूठा आरोप लगाते हैं कि केंद्र सरकार काम नहीं करने देती। केंद्र सरकार उन्हें पैसे नहीं देती। ये कितने बड़े झूठे हैं इसका उदाहरण इनका शीशमहल है। आज ही एक बड़े अखबार ने सीएजी रिपोर्ट के आधार पर शीशमहल पर हुए खर्च का खुलासा किया है। आपको यह जानकर पीड़ा होगी, पूरे देश के लोग चौंक जाएंगे, जब दिल्ली के लोग कोरोना से जूझ रहे थे, जब दिल्ली के लोग ऑक्सीजन और दवा के लिए भटक रहे थे तब इन लोगों का फोकस अपना शीशमहल बनवाने में था। इन्होंने शीशमहल का भारीभरकम बजट बनाया, आज अखबार ने खुलासा किया है कि कैसे इस शीशमहल पर बजट से भी तीन गुना से ज्यादा पैसे खर्च किए गए। यही इनकी सच्चाई है।’ भाजपा बंद नहीं करेगी योजनाएं: पीएम मोदी अरविंद केजरीवाल अभी लगभग हर सभा में कहते हैं कि भाजपा जीत गई तो मुफ्त वाली सारी स्कीमें बंद कर देगी। पीएम मोदी ने इसे झूठ करार देते हुए कहा कि हर के डर से ऐसा कहा जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिया कि इन योजनाओं को बंद नहीं किया जाएगा। पीएम ने कहा, ‘आपदा वालों ने दिल्ली चुनाव में अपनी हार सामने देखकर बौखला गए हैं। झूठ फैला रहे हैं। ये दिल्लीवालों को डरा रहे हैं कि बीजेपी आएगी तो ये बंद हो जाएगा, वो बंद हो जाएगा। लेकिन मैं दिल्लीवालों को विश्वास दिलाने आया हूं भाजपा सरकार में जनहित की कोई योजना बंद तो नहीं होगी, लेकिन जो उसमें बेईमानों का ठेका है उनको बाहर निकाला जाएगा। पिछले 10 साल में राज्य सरकार की योजनाएं सिर्फ कागजों पर चली है, इन योजनाओं में आपदा वालों ने जनता का पैसा लूटा है उन्हें भी भाजपा सरकार के द्वारा पूरी ईमानदारी के साथ, आपदावालों को भगाकर ईमानदार लोगों को बिठाकर कल्याण के काम आगे बढ़ाए जाएंगे। केंद्र सरकार की जो योजनाएं इन आपदावालों ने रोक रखी है, ऐसी सभी योजना का लाभ भी भाजपा की डबल योजना वाली सरकार मे मिलेगा।’ महिलाओं पर क्या बोले पीएम मोदी पीएम मोदी ने महिला वोटर्स को साधते हुए बताया कि उनकी सरकार आधी आबादी के लिए क्या क्या कर रही है। उन्होंने इशारों में संकेत दिया कि भाजपा दिल्ली में भी लाडली बहना जैसी योजना का वादा कर सकती है। उन्होंने कहा,’भाजपा की नीतियां, महिलाओं के लिए करोड़ों शौचालय का निर्माण हो, उज्ज्वला गैस कनेक्शन देना हो, करोडों घरों की रजिस्ट्री महिलाओं के नाम पर हो, सुकन्या समृद्धि योजना हो, गर्भवती महिलाओं के खाते में मदद भेजना हो, महिलाओं के हित में केंद्र सरकार अनेकों योजना चला रही है। भाजपा की अनेक सरकारें भी माताओं-बहनों के लिए विशेष योजनाएं चला रही हैं। दिल्ली के 75 लाख जरूरतमंदों को मुफ्त राशन भाजपा सरकार देगी। दिल्ली में बनने वाली सरकार सुनिश्चित करेगी कि माताओं-बहनों के लिए घर चालना आसान हो।’

‘गांव के लोगों को गरिमापूर्ण जीवन देना मेरी सरकार की प्राथमिकता है, हमारा विजन है: पीएम मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की राजधानी में स्थित भारत मंडपम में ‘ग्रामीण भारत महोत्सव 2025’ का उद्घाटन किया. ये कार्यक्रम 9 जनवरी तक चलेगा. इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कि साल 2014 से ही केंद्र सरकार लगातार, हर पल ग्रामीण भारत की सेवा में लगी हुई है. इसके परिणाम भी नजर आ रहे हैं, क्यों्कि जब इरादे नेक होते हैं तो नतीजे भी संतोष देने वाले होते हैं. पीएम मोदी ने कहा, ‘गांव के लोगों को गरिमापूर्ण जीवन देना मेरी सरकार की प्राथमिकता है. हमारा विजन है, भारत के गांव के लोग सशक्त बनें, उन्हें गांव में ही आगे बढ़ने के ज्यादा से ज्यादा अवसर मिले, उन्हें पलायन न करना पड़े, गांव के लोगों का जीवन आसान हो, इसलिए हमने गांव-गांव में मूलभूत सुविधाओं की गारंटी का अभियान चलाया.’ पीएम मोदी ने केंद्र की ग्रामीणों के लिए बनाई गई योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा, ‘हमारी सरकार ने गांव के हर वर्ग के लिए विशेष नीतियां बनाई हैं. दो-तीन दिन पहले ही कैबिनेट ने ‘पीएम फसल बीमा योजना’ को एक वर्ष अधिक तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है. दुनिया में डीएपी का दाम बढ़ रहा है, आसमान छू रहा है, लेकिन हमने निर्णय किया कि हम किसान के सिर पर बोझ नहीं आने देंगे और सब्सिडी बढ़ाकर डीएपी का दाम स्थिर रखा है. हमारी सरकार की नीयत, नीति और निर्णय ग्रामीण भारत को नई ऊर्जा से भर रहे हैं.’ कृषि के अलावा भी हमारे गांव में अलग अलग तरह के पारंपरिक कला और कौशल से जुड़े हुए कितने ही लोग काम करते हैं. रूरल इकोनॉमी और लोकल इकोनॉमी में इनका बड़ा योगदान रहा है, लेकिन पहले इनकी भी उपेक्षा हुई. अब हम उनके लिए पीएम विश्वकर्मा योजना चला रहा हैं. ये योजना देश के लाखों विश्वकर्मा साथियों को आगे बढ़ने का मौका दे रही है. पहले की सरकारों ने एससी-एसटी और ओबीसी की आवश्यकताओं की ओर ध्यान नहीं दिया. गांव से पलायन होता रहा, गरीबी बढ़ती रही, गांव और शहर के बीच की खाई बढ़ती रही, जिन्हें किसी ने नहीं पूछा, उन्हें मोदी ने पूजा है. जो इलाके दशकों से विकास से वंचित थे, अब उन्हें बराबरी का हक मिल रहा है.  

मैं भी कोई शीशमहल बनवा सकता था, लेकिन उनका सपना गरीबों को पक्का घर देना है, पीएम ने कसा केजरीवाल पर तंज

नई दिल्ली दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजधानी को 4500 करोड़ रुपए का तोहफा दिया है। 1675 गरीबों को फ्लैट, डीयू के दो नए कैंपस, सावरकर कॉलेज समेत कई बड़ी सौगात देते हुए पीएम मोदी ने अरविंद केजरीवाल का नाम लिए बिना उन पर बड़ा हमला किया। पीएम ने कहा कि वह भी अपने लिए कोई ‘शीशमहल’ बनवा सकते थे, लेकिन उनका सपना गरीबों को पक्का घर देना है। अरविंद केजरीवाल बतौर मुख्यमंत्री जिस बंगले में रहते थे, भाजपा उसे शीशमहल कहती है। पीएम मोदी ने अशोक विहार के रामलीला मैदान में परियोजनाओं के उद्घाटन और लोकार्पण के बाद जनसभा को संबोधित किया। पीएम मोदी ने अरविंद केजरीवाल का नाम लिए बिना उन पर बड़ा हमला किया। पीएम ने कहा, ‘देश जानता है कि मोदी ने कभी अपने लिए घर नहीं बनाया। लेकिन बीते 10 सालों में 4 करोड़ से अधिक गरीबों के घर का सपना पूरा किया है। मैं भी कोई शीशमहल बना सकता था। लेकिन मेरे लिए तो मेरे देशवासियों को पक्का घर मिले, यही एक सपना था।’ पीएम मोदी ने यह भी वादा किया कि दिल्ली में सभी झुग्गीवासियों को पक्का मकान दिया जाएगा। मोदी ने कहा, ‘मैं आप सबको भी कहता हूं आप जब भी लोगों के बीच जाएं। लोगों को मिलें और अभी भी जो लोग झुग्गी झोपड़ी में रहते हैं मेरी तरफ से उनको वादा करके आना, मेरे लिए तो आप ही मोदी हैं। उनको वादा करके आना आज नहीं तो कल उनके लिए पक्का घर बनेगा, उनको पक्का घर मिलेगा।’ पीएम मोदी ने आम आदमी पार्टी को ‘आपदा’ करार देते हुए कहा कि अन्ना हजारे जी को सामने करके कुछ कट्टर बेईमान लोगों ने दिल्ली को आपदा में धकेल दिया। पीएम ने आप सरकार पर घोटालों का आरोप लगाते हुए कहा कि अब दिल्ली के कोने-कोने से आवाज निकल रही है। पीएम ने कहा,’दिल्लीवालों ने आपदा के खिलाफ जंग छेड़ दी है। दिल्ली का वोटर दिल्ली को आप-दा से मुक्त करने की ठान चुका है। दिल्ली का हर नागरिक कह रहा है, दिल्ली का हर बच्चा कह रहा है, दिल्ली के हर गली से आवाज आ रही है आपदा को नहीं सहेंगे, बदलकर रहेंगे।’

मोदी का दावा- भारत अगले साल फरवरी में पहली बार ‘वैश्विक ऑडियो विजुअल मनोरंजन शिखर सम्मेलन’ की मेजबानी करेगा

नई दिल्ली भारत अगले साल फरवरी में पहली बार ‘वैश्विक ऑडियो विजुअल मनोरंजन शिखर सम्मेलन’ (वेव्स) की मेजबानी करेगा, जो देश की रचनात्मक प्रतिभाओं के लिए एक वैश्विक मंच होगा, सहयोग को बढ़ावा देगा और विश्व स्तरीय मनोरंजन सामग्री निर्माण के केंद्र के रूप में देश की क्षमता को प्रदर्शित करेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में ‘वेव्स’ के बारे में विस्तार से बात की। ‘वेव्स’ की तुलना दावोस में आयोजित होने वाले विश्व आर्थिक मंच जैसे वैश्विक आयोजनों से करते हुए मोदी ने कहा कि मीडिया और मनोरंजन उद्योग के दिग्गजों के साथ-साथ दुनिया भर से रचनात्मक लोग 5 से 9 फरवरी तक आयोजित होने वाले शिखर सम्मेलन के लिए दिल्ली में एकत्र होंगे। उन्होंने कहा, ‘‘यह शिखर सम्मेलन भारत को वैश्विक मनोरंजन सामग्री निर्माण का केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।” प्रधानमंत्री ने ‘वेव्स’ की तैयारियों में युवा रचनाकारों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया, जो भारत के रचनात्मक समुदाय की गतिशील भावना को दर्शाता है। उन्होंने देश के युवाओं के उत्साह और रचना क्षेत्र से जुड़ी अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में उनके योगदान पर गर्व व्यक्त किया। मोदी ने कहा, ‘‘चाहे आप एक युवा रचनाकार हों या एक स्थापित कलाकार, बॉलीवुड या क्षेत्रीय सिनेमा से जुड़े हों, टीवी उद्योग के पेशेवर हों, एनीमेशन, गेमिंग के विशेषज्ञ हों या मनोरंजन प्रौद्योगिकी के प्रर्वतक हों, मैं आपको वेव्स शिखर सम्मेलन का हिस्सा बनने के लिए प्रोत्साहित करता हूं।” प्रधानमंत्री ने मनोरंजन और रचनात्मक उद्योगों के सभी हितधारकों से ‘वेव्स’ में सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया।

स्वास्थ्य और फिटनेस के क्षेत्र में भारत की प्रगति पर गर्व जताया, खेल-कूद को बढ़ावा देने वाले अभियानों का उल्लेख किया: पीएम मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को स्वास्थ्य और फिटनेस के क्षेत्र में भारत की प्रगति पर गर्व जताया। उन्होंने कई सरकारी योजनाओं और खेल-कूद को बढ़ावा देने वाले अभियानों का उल्लेख किया। अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 117वें एपिसोड में पीएम मोदी ने कहा, “इस सर्दी के मौसम में पूरे देश में खेल और फिटनेस से जुड़ी कई गतिविधियां हो रही हैं। मुझे खुशी है कि लोग अपनी दिनचर्या में फिटनेस को शामिल कर रहे हैं।” उन्होंने देश में खेलों के प्रति बढ़ते उत्साह की चर्चा करते हुए कश्मीर में स्कीइंग और गुजरात में पतंगबाजी जैसे उदाहरण दिए। साथ ही, ‘संडे ऑन साइकिल’ और ‘साइकिलिंग ट्यूजडे’ जैसे अभियानों की तारीफ की, जो साइकिलिंग को फिटनेस का हिस्सा बनाने के लिए लोगों को प्रेरित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने बस्तर ओलंपिक का उल्लेख करते हुए इसे छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में एक नई क्रांति बताया। यह इलाका पहले माओवाद से प्रभावित था, लेकिन अब खेलों के माध्यम से एक नई ऊर्जा पा रहा है। उन्होंने कहा, “बस्तर ओलंपिक के जरिए बस्तर में एक नई क्रांति जन्म ले रही है। यह मेरे लिए बहुत खुशी की बात है कि यह सपना साकार हुआ। बस्तर ओलंपिक का शुभंकर ‘जंगली भैंसा’ और ‘पहाड़ी मैना’ बस्तर की समृद्ध संस्कृति को दर्शाते हैं। इस महाकुंभ का मंत्र है ‘करसे ता बस्तर, बरसे ता बस्तर,’ यानी बस्तर खेलेगा, बस्तर जीतेगा।” पीएम मोदी ने बताया कि इस आयोजन में सात जिलों से 1.65 लाख खिलाड़ियों ने भाग लिया। उन्होंने इसे युवाओं के संकल्प और सफलता की प्रेरक कहानी बताया। बस्तर ओलंपिक में एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, कराटे, कबड्डी, खो-खो और वॉलीबॉल जैसे खेल शामिल थे, जिनमें युवाओं ने अपना हुनर दिखाया। उन्होंने बस्तर ओलंपिक के प्रेरणादायक प्रतिभागियों की कहानियां भी साझा की। जैसे – तीरंदाजी में सिल्वर मेडल विजेता करी कश्यप, जेवलिन थ्रो में गोल्ड मेडल विजेता पायल कवासी, और सुकमा के व्हीलचेयर रेसर पूनम सन्ना, जिन्होंने नक्सल प्रभाव से बाहर निकलकर मेडल जीते। इसके अलावा कोडागांव की तीरंदाज रंजू सोरी को ‘बस्तर यूथ आइकन’ के रूप में चुना गया। पीएम मोदी ने कहा, “बस्तर ओलंपिक सिर्फ एक खेल आयोजन नहीं है। यह विकास और खेलों का संगम है, जहां हमारे युवा अपना टैलेंट निखार रहे हैं और नए भारत का निर्माण कर रहे हैं। मैं आप सभी से अपील करता हूं कि अपने क्षेत्र में ऐसे खेल आयोजनों को प्रोत्साहित करें। ‘खेलेगा भारत, जीतेगा भारत’ का संदेश दें और युवाओं को आगे बढ़ने का मौका दें।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत की दो प्रमुख उपलब्धियों पर जोर दिया, जो पूरी दुनिया का ध्यान खींच रही हैं। उन्होंने कहा, “ये दोनों उपलब्धियां स्वास्थ्य के क्षेत्र में मिली हैं। पहली है मलेरिया के खिलाफ हमारी लड़ाई, जो इंसानियत के लिए 4000 साल से एक बड़ी चुनौती रही है। आजादी के समय मलेरिया हमारे लिए सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं में से एक था। यह उन बीमारियों में तीसरे स्थान पर था जो एक महीने से पांच साल तक के बच्चों की जान लेती थी। लेकिन आज मैं गर्व से कह सकता हूं कि भारत ने इस चुनौती को सामूहिक रूप से और मजबूती से हराया है।” विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “2015 से 2023 के बीच भारत में मलेरिया के मामलों और मौतों में 80% की कमी आई है। यह बड़ी उपलब्धि सबके योगदान का नतीजा है। देश के हर कोने से लोगों ने इसमें भाग लिया।” उन्होंने बताया कि कैसे असम के जोरहाट में चाय बागान के मजदूरों ने तकनीक और सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर मलेरिया से लड़ाई लड़ी। हरियाणा के कुरुक्षेत्र में सड़क नाटक और रेडियो संदेशों के माध्यम से मच्छरों के पनपने से बचने की जानकारी दी गई। प्रधानमंत्री मोदी ने कैंसर के इलाज में हुई प्रगति का भी जिक्र किया। उन्होंने मेडिकल जर्नल द लांसेट की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा, “भारत में कैंसर का समय पर इलाज शुरू होने की संभावना काफी बढ़ गई है। आयुष्मान भारत योजना की मदद से 90% कैंसर मरीज समय पर इलाज शुरू कर पा रहे हैं।” उन्होंने बताया कि पहले गरीब मरीज आर्थिक कठिनाइयों के कारण कैंसर की जांच और इलाज कराने से बचते थे। लेकिन अब आयुष्मान भारत योजना उनके लिए सहारा बन गई है, जिसने कैंसर के इलाज में वित्तीय बाधाओं को कम किया है और लोगों को समय पर इलाज के लिए प्रोत्साहित किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “कैंसर से लड़ने का केवल एक मंत्र है – जागरूकता, कार्रवाई, और विश्वास। जागरूकता का मतलब है कैंसर और उसके लक्षणों को समझना। कार्रवाई का मतलब है समय पर जांच और इलाज, और विश्वास का मतलब है यह भरोसा कि मरीजों के लिए हर संभव मदद उपलब्ध है।”  

साल के आखिरी ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- महाकुंभ में AI करेगा कमाल, डिजिटल व्यवस्था का होगा प्रदर्शन

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि जिस नक्सली क्षेत्र में डर का माहौल रहता था वहां अब ”बस्तर ओलंपिक” जैसे खेल कुंभ का आयोजन हो रहा है जो खेल प्रतिभाओं को सामने लाकर देश मे बदलाव का सबसे बड़ा प्रतीक बन गया है। पीएम मोदी ने आकाशवाणी से प्रसारित अपने मासिक कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 117वीं कड़ी में रविवार को कहा कि देश में ऐसे अनोखे खेल कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं जो हमारे देश में बदलाव और युवा साथियों के जोश एवं जज्बे के प्रतीक हैं। प्रधानमंत्री ने प्रयागराज कुंभ का जिक्र करते हुए कहा कि यह न केवल विशाल और भव्य होगा बल्कि अनेकता में एकता का संदेश देते हुए पूरे कुंभ क्षेत्र में पहली बार डिजिटल व्यवस्था का प्रदर्शन होगा। पीएम मोदी ने कहा कि अगले माह प्रयागराज में महाकुंभ हो रहा है जो देश की विविधता और भव्यता को प्रदर्शित कर ‘महाकुंभ का संदेश एक हो पूरा देश और गंगा की अविरल धारा न बंटे समाज हमारा’ का पूरा देश को संदेश देगा। उन्होंने कहा ‘हमारे बस्तर में एक अनूठा ओलंपिक शुरू हुआ है। जी हाँ, पहली बार हुए बस्तर ओलंपिक से बस्तर में एक नई क्रांति जन्म ले रही है। मेरे लिए ये बहुत ही खुशी की बात है कि बस्तर ओलंपिक का सपना साकार हुआ है। आपको भी ये जानकार अच्छा लगेगा कि यह उस क्षेत्र में हो रहा है जो कभी माओवादी हिंसा का गवाह रहा है। बस्तर ओलंपिक का शुभंकर है – ”वन भैंसा” और ”पहाड़ी मैना”। इसमें बस्तर की समृद्ध संस्कृति की झलक दिखती है। इस बस्तर खेल महाकुंभ का मूल मंत्र है–”करसाय ता बस्तर बरसाए ता बस्तर” यानि ”खेलेगा बस्तर–जीतेगा बस्तर”। पहली ही बार में बस्तर ओलंपिक में सात जिलों के एक लाख 65 हजार खिलाड़ियों ने भाग लिया है। यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं– हमारे युवाओं के संकल्प की गौरव-गाथा है। एथलेटिक, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, कराटे, कबड्डी, खो-खो और वालीबाल –हर खेल में हमारे युवाओं ने अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है।” PM मोदी ने प्रतिभाओं की कहानी सुनाई और कहा ‘कारी कश्यप जी की कहानी मुझे बहुत प्रेरित करती है। एक छोटे से गांव से आने वाली कारी जी ने तीरंदाजी में रजत पदक जीता है। वे कहती हैं–बस्तर ओलंपिक ने हमें सिर्फ खेल का मैदान ही नहीं, जीवन में आगे बढ़ने का अवसर दिया है। सुकमा की पायल कवासी जी की बात भी कम प्रेरणादायक नहीं है। भाला फेंक में स्वर्ण पदक जीतने वाली पायल जी कहती हैं–अनुशासन और कड़ी मेहनत से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। सुकमा के दोरनापाल के पुनेम सन्ना जी की कहानी तो नए भारत की प्रेरक कथा है। एक समय नक्सली प्रभाव में आए पुनेम जी आज व्हीलचेयर पर दौड़कर मेडल जीत रहे हैं। उनका साहस और हौसला हर किसी के लिए प्रेरणा है। कोडागांव के तीरंदाज रंजू सोरी जी को ”बस्तर यूथ आईकॉन” चुना गया है। उनका मानना है–बस्तर ओलंपिक दूरदराज के युवाओं को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का अवसर दे रहा है।’ उन्होंने कहा ”बस्तर ओलंपिक केवल एक खेल आयोजन नहीं है। यह एक ऐसा मंच है जहां विकास और खेल का संगम हो रहा है। जहां हमारे युवा अपनी प्रतिभा को निखार रहे हैं और एक नए भारत का निर्माण कर रहे हैं। मैं आप सभी से आग्रह करता हूँ कि अपने क्षेत्र में ऐसे खेल आयोजनों को प्रोत्साहित करें। खेलेगा भारत–जीतेगा भारत के साथ अपने क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं की कहानियां साझा करें। स्थानीय खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर दें। याद रखिए, खेल से न केवल शारीरिक विकास होता है बल्कि ये खिलाड़ी की स्प्रिट से समाज को जोड़ने का भी एक सशक्त माध्यम है। तो खूब खेलिए-खूब खिलिए।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि इस बार प्रयागराज महाकुंभ न केवल विशाल और भव्य होगा बल्कि अनेकता में एकता का संदेश देते हुए पूरे कुंभ क्षेत्र में पहली बार डिजिटल व्यवस्था का प्रदर्शन होगा। पीएम मोदी ने कहा कि अगले माह प्रयागराज में महाकुंभ हो रहा है जो देश की विविधता और भव्यता को प्रदर्शित कर ‘महाकुंभ का संदेश एक हो पूरा देश और गंगा की अविरल धारा न बंटे समाज हमारा’ का पूरा देश को संदेश देगा। उन्होंने कहा ‘अगले महीने 13 तारीख से प्रयागराज में महाकुंभ होने जा रहा है। इस समय वहां संगम तट पर जबरदस्त तैयारियाँ चल रही हैं। मुझे याद है अभी कुछ दिन पहले जब मैं प्रयागराज गया था तो हेलिकॉप्टर से पूरा कुंभ क्षेत्र देखकर दिल प्रसन्न हो गया था। इतना विशाल, इतना सुंदर, इतनी भव्यता। महाकुंभ की विशेषता केवल इसकी विशालता में ही नहीं है, कुंभ की विशेषता इसकी विविधता में भी है। इस आयोजन में करोड़ों लोग एक साथ एकत्रित होते हैं। लाखों संत, हजारों परम्पराएँ, सैकड़ों संप्रदाय, अनेकों अखाड़े, हर कोई इस आयोजन का हिस्सा बनता है। कहीं भेदभाव नहीं दिखता, कोई बड़ा नहीं होता, कोई छोटा नहीं होता। अनेकता में एकता का ऐसा दृश्य विश्व में कहीं और देखने को नहीं मिलेगा। इसलिए हमारा कुंभ एकता का महाकुंभ भी होता है। इस बार का महाकुंभ भी एकता के महाकुंभ के मंत्र को सशक्त करेगा। मैं आप सबसे कहूँगा जब हम कुंभ में शामिल हों तो एकता के इस संकल्प को अपने साथ लेकर वापस आयें। हम समाज में विभाजन और विद्वेष के भाव को नष्ट करने का संकल्प भी लें। कम शब्दों में कहूँ-महाकुंभ का संदेश, एक हो पूरा देश। और अगर दूसरे तरीके से कहना है तो मैं कहूँगा…गंगा की अविरल धारा, न बँटे समाज हमारा।”  

‘संविधान निर्माताओं ने जो संविधान सौंपा, वह समय की हर कसौटी पर खरा उतरा’, पीएम मोदी ने की ‘मन की बात’

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के जरिए लोगों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने लोगों को नए साल की शुभकामनाएं दीं। इसके अलावा पीएम मोदी ने संविधान पर भी बात की। ‘मन की बात’ के 117वें एपिसोड में पीएम मोदी ने कहा कि 2025 में 26 जनवरी को हमारे संविधान को लागू हुए 75 वर्ष होने जा रहे हैं। हम सभी के लिए बहुत गौरव की बात है। हमारे संविधान निर्माताओं ने हमें जो संविधान सौंपा है, वो समय की हर कसौटी पर खरा उतरा है। संविधान हमारे लिए दिशा दिखाने वाली रोशनी है, हमारा मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि देश के नागरिकों को संविधान की विरासत से जोड़ने के लिए constitution75.com नाम से एक खास वेबसाइट भी बनाई गई है। इसमें आप संविधान की प्रस्तावना पढ़कर अपना वीडियो अपलोड कर सकते हैं। अलग-अलग भाषाओं में संविधान पढ़ सकते हैं, संविधान के बारे में प्रश्न भी पूछ सकते हैं। ‘मन की बात’ के श्रोताओं से, स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों से, कॉलेज में जाने वाले युवाओं से, मेरा आग्रह है, इस वेबसाइट पर जरूर जाकर देखें, इसका हिस्सा बनें। महाकुंभ की विशेषताएं बताईं पीएम मोदी ने कहा कि महाकुंभ की विशेषता केवल इसकी विशालता में ही नहीं है। कुंभ की विशेषता इसकी विविधता में भी है। इस आयोजन में करोड़ों लोग एक साथ एकत्रित होते हैं। लाखों संत, हजारों परम्पराएं, सैकड़ों संप्रदाय, अनेकों अखाड़े, हर कोई इस आयोजन का हिस्सा बनता है। कहीं कोई भेदभाव नहीं दिखता है, कोई बड़ा नहीं होता है, कोई छोटा नहीं होता है। अनेकता में एकता का ऐसा दृश्य विश्व में कहीं और देखने को नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि पहली बार कुंभ आयोजन में एआई चैटबॉट का प्रयोग होगा। इसके माध्यम से 11 भारतीय भाषाओं में कुंभ से जुड़ी हर तरह की जानकारी हासिल की जा सकेगी। इस चैटबॉट से कोई भी टेक्स्ट टाइप करके या बोलकर किसी भी तरह की मदद मांग सकता है। बच्चों की पसंदीदा एनिमेशन सीरीज का जिक्र किया प्रधानमंत्री ने कहा कि  KTB यानि कृष, तृष और बाल्टीबॉय। आपको शायद पता होगा बच्चों की पसंदीदा एनिमेशन सीरीज और उसका नाम है KTB- भारत हैं हम और अब इसका दूसरा सीजन भी आ गया है। ये तीन एनिमेशन कैरेक्टर हमें भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के उन नायक-नायिकाओं के बारे में बताते हैं जिनकी ज्यादा चर्चा नहीं होती। हाल ही में इसका सीजन-2 बड़े ही खास अंदाज में अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिव ऑफ इंडिया, गोवा में लॉन्च हुआ। राज कपूर और रफी साहब को किया याद पीएम मोदी ने कहा कि 2024 में हम फिल्म जगत की कई महान हस्तियों की 100वीं जयंती मना रहे हैं। इन विभूतियों ने भारतीय सिनेमा को विश्व-स्तर पर पहचान दिलाई। राज कपूर ने फिल्मों के माध्यम से दुनिया को भारत की सॉफ्ट पावर से परिचित कराया। रफी साहब की आवाज में वो जादू था, जो हर दिल को छू लेता था। उनकी आवाज अद्भुत थी। भक्ति गीत हों या रोमाटिंग गानें, दर्द भरे गाने हों, हर भाव को उन्होंने अपनी आवाज से जीवंत कर दिया। एक कलाकार के रूप में उनकी महानता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आज भी युवा-पीढ़ी उनके गानों को उतनी ही शिद्दत से सुनती है। यही तो है टाइमलेस आर्ट की पहचान। अक्किनेनी नागेश्वर राव और तपन सिन्हा को सराहा उन्होंने कहा कि अक्किनेनी नागेश्वर राव गारू ने तेलुगु सिनेमा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। उनकी फिल्मों ने भारतीय परंपराओं और मूल्यों को बखूबी प्रस्तुत किया। तपन सिन्हा की फिल्मों ने समाज को एक नई दृष्टि दी। उनकी फिल्मों में सामाजिक चेतना और राष्ट्रीय एकता का संदेश रहता था। हमारी पूरी फिल्म इंडस्ट्री के लिए इन हस्तियों का जीवन प्रेरणा जैसा है। वर्ल्ड ऑडियो विजुअल इंटरटेनमेंट समिट अगले साल पीएम मोदी ने कहा कि अगले साल हमारे देश में पहली बार वर्ल्ड ऑडियो विजुअल इंटरटेनमेंट समिट यानि WAVES summit का आयोजन होने वाला है। आप सभी ने दावोस के बारे में सुना होगा, जहां दुनिया के अर्थजगत के महारथी जुटते हैं। उसी तरह वेव्स समिट में दुनिया भर के मीडिया और इंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के दिग्गज, क्रिएटिव वर्ल्ड के लोग भारत आएंगे। यह समिट भारत को ग्लोबल कंटेंट क्रिएशन का हब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भारतीय संस्कृति की वैश्विक धाक के तीन उदाहरण बताए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कुछ ही हफ्ते पहले मिस्र के करीब 23 हजार छात्रों ने एक पेंटिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। वहां उन्हें भारत की संस्कृति और दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों को बताने वाली पेंटिंग्स तैयार करनी थी। मैं इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले सभी युवाओं की सराहना करता हूं। उनकी क्रिएटिविटी की जितनी भी प्रशंसा की जाए वो कम है। उन्होंने कहा कि दक्षिण अमेरिका का एक देश है पराग्वे। वहां रहने वाले भारतीयों की संख्या एक हजार से ज्यादा नहीं होगी। पराग्वे में एक अद्भुत प्रयास हो रहा है। वहां भारतीय दूतावास में एरीका ह्युबर फ्री आयुर्वेद परामर्श देती हैं। आयुर्वेद की सलाह लेने के लिए आज उनके पास स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि ये हमारे लिए बहुत गर्व की बात है कि दुनिया की सबसे प्राचीन भाषा तमिल है और हर हिन्दुस्तानी को इसका गर्व है। दुनियाभर के देशों में इसे सीखने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पिछले महीने के आखिर में फिजी में भारत सरकार के सहयोग से तमिल टीचिंग प्रोगाम शुरू हुआ। बीते 80 वर्षों में यह पहला अवसर है, जब फिजी में तमिल के ट्रेंड टीचर्स इस भाषा को सिखा रहे हैं।

मोदी ने आज रोजगार मेले में नवनियुक्त कर्मियों को आभासी माध्यम से 71,000 से अधिक नियुक्ति पत्रों का वितरण करेंगे

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज रोजगार मेले में केन्द्र सरकार के विभिन्न विभागों तथा संगठनों में नवनियुक्त कर्मियों को आभासी माध्यम से 71,000 से अधिक नियुक्ति पत्रों का वितरण करेंगे। वह इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित भी करेंगे। रोजगार मेला रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता को पूरा करने की दिशा में एक कदम है। यह युवाओं को राष्ट्र निर्माण और आत्म-सशक्तिकरण में उनकी भागीदारी के लिए सार्थक अवसर प्रदान करेगा। रोजगार मेला देश भर में 45 स्थलों पर आयोजित किया जाएगा। केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के लिए समय समय पर भर्तियां की जा रही हैं। देश भर से चयनित नए कर्मचारी गृह मंत्रालय, डाक विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, वित्तीय सेवा विभाग सहित विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों में तैनात किये जायेंगे।  

कुवैत की यात्रा दोनों देशों के बीच दोस्ती के बंधन को मजबूत करने और रोडमैप तैयार करने का अवसर प्रदान करेगी: मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि उनकी कुवैत की दो दिन की यात्रा दोनों देशों के बीच दोस्ती के बंधन को मजबूत करने और आपसी लाभ की भविष्य की साझीदारी के लिए एक रोडमैप तैयार करने का अवसर प्रदान करेगी। श्री मोदी ने रवानगी के पूर्व अपने वक्तव्य में कहा, “आज, मैं कुवैत राज्य के अमीर शेख मेशाल अल-अहमद अल-जबर अल-सबा के निमंत्रण पर कुवैत की दो दिवसीय यात्रा पर जा रहा हूं। हम कुवैत के साथ पीढ़ियों से चले आ रहे ऐतिहासिक संबंध को गहराई से महत्व देते हैं। हम न केवल मजबूत व्यापार और ऊर्जा भागीदार हैं, बल्कि पश्चिम एशिया क्षेत्र में शांति, सुरक्षा, स्थिरता और समृद्धि में भी हमारे साझा हित हैं।” प्रधानमंत्री ने कहा,”मैं कुवैत के अमीर, क्राउन प्रिंस एवं प्रधानमंत्री के साथ अपनी बैठकों के लिए उत्सुक हूं। यह हमारे लोगों और क्षेत्र के लाभ के लिए भविष्य की साझेदारी के लिए एक रोडमैप तैयार करने का अवसर होगा।” उन्होंने कहा,”मैं कुवैत में भारतीय प्रवासियों से मिलने का उत्सुकता से इंतजार कर रहा हूं, जिन्होंने दोनों देशों के बीच दोस्ती के बंधन को मजबूत करने में बहुत योगदान दिया है। मैं खाड़ी क्षेत्र के एक प्रमुख खेल आयोजन, अरेबियन गल्फ कप के उद्घाटन समारोह में मुझे विशेष रूप से आमंत्रित करने के लिए कुवैत के नेतृत्व के प्रति अपना आभार व्यक्त करता हूं। मैं एथलेटिक उत्कृष्टता और क्षेत्रीय एकता के इस उत्सव का हिस्सा बनने के लिए उत्सुक हूं। मुझे विश्वास है कि यह यात्रा भारत और कुवैत के लोगों के बीच विशेष संबंधों और दोस्ती के बंधन को और मजबूत करेगी।”  

PM मोदी अमित शाह के विरोध में प्रदर्शन के बीच उतरे, गिनाए आंबेडकर के खिलाफ कांग्रेस के 4 ‘पाप’

नई दिल्ली भारत रत्न बाबासाहब भीमराव आंबेडकर मामले में जारी राजनीतिक हलचल में अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी एंट्री हो गई है। विपक्ष के प्रदर्शन के बीच उन्होंने डॉक्टर आंबेडकर के खिलाफ किए कांग्रेस के ‘4 पाप’ भी गिनाए हैं। साथ ही कहा है कि ‘एक पार्टी’ ने डॉक्टर आंबेडकर की विरासत को खत्म करने की हर संभव कोशिश की है। उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के लोकसभा में दिए भाषण का वीडियो भी शेयर किया है। पीएम मोदी ने लिखा, ‘संसद में गृहमंत्री अमित शाह जी ने डॉक्टर आंबेडकर को अपमानित करने और एससी एसटी समुदायों की अनदेखी करने के कांग्रेस के काले इतिहास का खुलासा किया। यह साफ है कि उनकी तरफ से पेश किए गए तथ्यों से वो स्तब्ध हो गए हैं। यही वजह है कि वो अब नौटंकी पर उतर आए हैं। दुखद है, लेकिन लोग सच जानते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘हम जो भी हैं उसकी वजह डॉक्टर बाबासाहब आंबेडकर हैं। हमारी सरकार ने बीते एक दशक में डॉक्टर बाबासाहब आंबेडकर के सपनों को पूरा करने के लिए बगैर थके मेहनत की है। कोई भी सेक्टर ले लें, फिर चाहे वह 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालना हो, एससी एसटी एक्ट को मजबूत करना हो। हमारी सरकार ने स्वच्छ भारत, पीएम आवास योजना, जल जीवन मिशन, उज्जवला योजना और कई कार्यक्रम शुरू किए। इन सभी ने गरीब और हाशिए पर मौजूद लोगों के जीवन को छुआ है।’ कांग्रेस के ‘पाप’ पीएम मोदी ने डॉक्टर आंबेडकर के खिलाफ कांग्रेस को ‘पाप’ याद दिलाए हैं। उन्होंने कहा, ‘उन्हें चुनाव में एक नहीं दो बार हराया गया। पंडित नेहरू उनके खिलाफ प्रचार कर रहे थे और उनकी हार को प्रतिष्ठा का मुद्दा बना रहे थे। उन्हें भारत रत्न देने से इनकार कर दिया। उनकी तस्वीर को संसद में सम्मानीय जगह लगाने से इनकार कर दिया।’ उन्होंने कहा, ‘अगर कांग्रेस और उसके सड़े हुए तंत्र को लगता है कि उनका झूठ कई सालों के गलत काम और खासतौर से डॉक्टर आंबेडकर के किए अपमान को छिपा सकता है, तो वो बहुत बड़ी गलती कर रहे हैं।’ उन्होंने लिखा, ‘भारत के लोगों ने कई बार देखा है कि कैसे एक वंशवाद से चलने वाले एक पार्टी ने डॉक्टर आंबेडकर की विरासत को खत्म करने और एससी एसटी समुदायों का अपमान करने का हरसंभव प्रयास किया।’ विपक्ष का प्रदर्शन संसद में कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल शाह के भाषण को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार पर आंबेडकर के अपमान के आरोप लगाए जा रहे हैं। इधर, भारतीय जनता पार्टी ने गृहमंत्री के भाषण का पूरा वीडियो शेयर किया और कांग्रेस पर एडिटेड क्लिप पोस्ट करने के आरोप लगाए हैं।

किसानों के नाम पर बड़ी बड़ी बातें करने वाले न तो खुद किसानों के लिए कुछ करते हैं न ही दूसरों को कुछ करने देते हैं: मोदी

जयपुर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अप्रत्यक्ष रूप से कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मंगलवार को कहा कि किसानों के नाम पर बड़ी बड़ी बातें करने वाले न तो खुद किसानों के लिए कुछ करते हैं न ही दूसरों को कुछ करने देते हैं। इसके साथ ही मोदी ने कहा कि भाजपा की नीति विवाद की नहीं संवाद की है और वह व्यवधान में नहीं समाधान में विश्वास रखती है। मोदी राजस्थान सरकार के कार्यकाल का एक साल पूरा होने पर यहां दादिया में आयोजित ‘एक वर्ष-परिणाम उत्कर्ष’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में उन्होंने ऊर्जा, सड़क व रेलवे से जुड़ी 46,300 करोड़ रुपये से अधिक की 24 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। राजस्थान के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) के कार्यान्वयन में गत कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में विलंब की ओर इशारा करते हुए मोदी ने कहा,‘‘ईआरसीपी को कांग्रेस ने कितना लटकाया, ये भी कांग्रेस की नीयत का प्रत्यक्ष प्रमाण है। ये किसानों के नाम पर बातें बड़ी-बड़ी करते हैं लेकिन किसानों के लिए न खुद कुछ करते हैं और न ही दूसरों को करने देते हैं।’’ मोदी ने कहा,‘‘भाजपा की नीति विवाद की नहीं, संवाद की है। हम विरोध में नहीं, सहयोग में विश्वास करते हैं। हम व्यवधान में नहीं, समाधान पर यकीन करते है। इसलिए हमारी सरकार ने पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना को स्वीकृत भी किया और इसका विस्तार भी किया है।’’ उन्होंने कहा कि जैसे ही मध्य प्रदेश व राजस्थान में भाजपा की सरकार बनी तो पार्वती कालीसिंध चम्बल परियोजना एमपीकेसी लिंक परियोजना पर समझौता हो गया। मोदी ने कहा कि बीते एक वर्ष में राजस्थान के विकास को नई गति, नई दिशा देने में मुख्यमंत्री भजनलाल जी और उनकी पूरी टीम ने बहुत परिश्रम किया है। उन्होंने कहा कि आज भाजपा की डबल इंजन की सरकारें सुशासन का प्रतीक बन रही हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा जो भी संकल्प लेती हैं वो पूरा करने का ईमानदारी से प्रयास करती हैं। उन्होंने कहा,‘‘आज देश के लोग कह रहे हैं कि भाजपा सुशासन की गारंटी है। तभी तो एक के बाद एक राज्यों में आज भाजपा को इतना भारी जनसमर्थन मिल रहा है।’’ उन्होंने कहा,‘‘21वीं सदी के भारत के लिए नारी का सशक्त होना बहुत जरूरी है। नारी शक्ति को मजबूत करने के लिए हम अनेक नई योजनाएं बना रहे हैं।’’ मोदी खुली छत वाले वाहन में सवार होकर सभा स्थल पर पहुंचे। उनके साथ वाहन में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ भी मौजूद थे। तीनों नेताओं ने उपस्थित जनसमूह का हाथ हिलाकर अभिवादन किया। कार्यक्रम में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी मौजूद थे।  

फडणवीस के मंत्रिमंडल में पीएम मोदी के विजन की झलक, 19 नए चेहरों को शामिल कर दिए बड़ा संदेश

मुंबई महाराष्ट्र में आज देवेंद्र फडणवीस की सरकार का कैबिनेट विस्तार हो गया है। बीते दिन ही नागपुर में हुए शपथ ग्रहण समारोह में 39 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। वही जानकारी के अनुसार, गृह विभाग बीजेपी के पास रहेगा, जबकि शिक्षा, सिंचाई और राजस्व विभाग भी बीजेपी को सौंपे गए हैं। शपथ ग्रहण के बाद मुख्यमंत्री फडणवीस ने आगे की योजनाओं पर चर्चा की और बताया कि मंत्रियों का कार्यकाल ढाई साल का होगा। मंत्रियों के विभागों पर बनी सहमति शपथ ग्रहण के बाद मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि छह राज्य मंत्रियों समेत सभी 39 मंत्रियों के विभाग अगले दो दिनों में तय कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि विभागों के बंटवारे पर सहमति बन चुकी है और जल्द इसकी घोषणा की जाएगी। कुल 39 मंत्रियों को अपनी टीम में शामिल किया है। इसमें 19 बीजेपी, 11 शिवसेना और 9 विधायक मंत्री बने। आशा के अनुरुप फडणवीस अपनी दूसरे कार्यकाल की टीम में तमाद न चेहरों को बाहर करने के कामयाब रहे है, जिनकी छवि ठीक नहीं मानी जा रही थी। फडणवीस द्वारा मंत्रिमंडल में 19 फ्रेश चेहरों को शामिल करने के फैसले को पीएम मोदी के हलिया संबोधन से जोड़कर देखा जा रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में संविधान पर बहस के दौरान 11 संकल्प का जिक्र किया था। इसमें करप्शन रोकने का मुद्दा भी शामिल था। महाराष्ट्र सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार पर नजर दौड़ाएं तो फडणवीस ने शिवसेना और एनसीपी के दागी नेताओं की छुट्टी कर दी। उन्होंने बीजेपी से कई नए चेहरों को मौका दिया है। भारी पड़े भ्रष्टाचार के आरोप! महायुति सरकार में 25 मंत्रियों में 12 को जगह नहीं मिली है। इनमें कई बड़े नाम हैं। सबसे चौंकाने वाला नाम छगन भुजबल का है। इसके बाद दिलीप वलसे पाटिल है। शिवसेना के खेमे में देखें तो अब्दुल सत्तार, तानाजी सावंत और दीपक केसरकर मंत्री नहीं बन पाए, हालांकि संजय राठोड जगह पानेमें सफल रहे। ऐसा माना जा रहा है फडणवीस इन नेताओं के ऊपर लगे आरोपों के साथ इनके काम से खुश नहीं थे। इससे पहले चुनावों में जब अजित पवार ने जब नवाब मलिक को टिकट दिया था तो उन्होंने दूरी बनाते हुए साफ कर दिया था बीजेपी प्रचार नहीं करेगी। फडणवीस ने कुल 12 मंत्रियों को ड्रॉप किया है। मंत्रियों के काम का होगा ऑडिट फडणवीस ने मंत्रिमंडल के विस्तार के साथ साफ कर दिया है कि सभी मंत्रियों के प्रदर्शन का ऑडिट किया जाएगा। इसी के बाद वे सभी कन्टीन्यू कर पाएंगे। ऐसे में फडणवीस ने मंत्रियों पर बेहतर परफॉर्म करने का दबाव बढ़ा दिया है। यह ऑडिट 2.5 साल पूरे होने पर होगा। यह भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ही फॉर्मूला है। जिसे फडणवीस ने लागू किया है। पीएम मोदी गुजरात में बतौर सीएम और अब पीएम के तौर पर अपनी टीम में परफॉरमेंस पर फोकस किए हुए हैं। मंत्रिमंडल विस्तार में जिस तरह से कई बड़े नेताओं की छुट्‌टी हुई है उसके बाद चर्चा है कि फडणवीस ने सफाई शुरू कर दी है। कैसी है फडणवीस की नई टीम? महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री फडणवीस की टीम में दो डिप्टी सीएम के अलावा 36 मंत्री हैं। इनमें 19 नए चेहरे हैं। जो पहली बार मंत्री बने हैं। इनमें सात विधायक बीजेपी, छह शिवसेना और पांच एनसीपी से हैं। फडणवीस ने साफ किया है कि ढाई साल के काम के आंकलन के बाद आगे मंत्री रहने पर फैसला होगा। ऐसे में फडणवीस की टीम में अब 2027 से पहले बदलाव की उम्मीद नहीं है। राजनीतिक हलकों में प्रधानमंत्री के संदेश के अनुसार जिस तरीके से फडणवीस ने अपनी टीम में बड़बोले और दागी नेताओं से दूरी बनाई है। उससे उन्होंने संदेश दिए हैं कि साफ टीम लेकर आगे बढ़ना चाहते हैं। विधानसभा सत्र की तैयारियां विधानसभा के शीतकालीन सत्र से पहले हुए इस विस्तार में फडणवीस, अजित पवार, और एकनाथ शिंदे ने साझा रूप से प्रेस से बातचीत की। फडणवीस ने बताया कि सत्र में 20 बिल पेश किए जाएंगे, जो राज्य के विकास और जनकल्याण के लिए महत्वपूर्ण होंगे। विपक्ष का बहिष्कार और EVM पर विवाद विपक्षी दलों ने सत्र के पहले दिन की हाई टी पार्टी का बहिष्कार किया। विपक्ष ने EVM के दुरुपयोग का आरोप लगाया। इस पर फडणवीस ने जवाब दिया कि EVM का मतलब है “हर वोट महाराष्ट्र के लिए”। उन्होंने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी सरकार जनता के हित में काम कर रही है और अगले चुनावों में बड़ी जीत हासिल करेगी। डिप्टी सीएम शिंदे का बयान डिप्टी मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंत्रियों के लिए रोटेशनल फॉर्मूला पर कहा कि हर मंत्री को ढाई साल का कार्यकाल मिलेगा। उन्होंने साफ किया, “या तो अच्छा काम करें, या फिर पद छोड़ दें।” इस नियम के तहत अधिक विधायकों को अपनी क्षमता दिखाने का मौका मिलेगा और पार्टी में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

कांग्रेस के नेहरू-गांधी परिवार पर हमला बोलते हुए कहा कि एक परिवार ने संविधान को चोट पहुंचाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी: मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में संविधान पर हुई चर्चा का जवाब दे रहे हैं। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने दो टूक कहा कि हमारा संविधान भारत की एकता का आधार है। इसको बनाने में समाज के हर वर्ग का प्रतिनिधित्व था। उन्होंने कांग्रेस के नेहरू-गांधी परिवार पर हमला बोलते हुए कहा कि एक परिवार ने संविधान को चोट पहुंचाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। इस बात का इसलिए जिक्र कर रहा, क्योंकि इस परिवार ने 55 साल तक देश पर राज किया। इसी वजह से जानने का अधिकार है कि क्या-क्या हुआ। पीएम मोदी ने कहा, ‘’इस परिवार के कुविचार, कुनीति आदि की परंपरा लगातार चल रही है। हर स्तर पर इस परिवार ने संविधान को चुनौती दी है। 1947 से 1952 तक देश में चुनी हुई सरकार नहीं थी। अस्थायी व्यवस्था थी और चुनाव नहीं हुए थे। 1952 से पहले राज्यसभा का भी कोई गठन नहीं हुआ था और जनता का भी कोई आदेश नहीं था, लेकिन इसके बाद भी 1951 अध्यादेश लाकर संविधान को बदल दिया और अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला कर दिया।” पीएम मोदी ने कहा कि भारत बहुत ही जल्द विश्व की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनने की दिशा में मजबूत कदम रख रहा है। 140 करोड़ देशवासियों का संकल्प है कि जब आजादी की शताब्दी मनाएंगे तो देश को विकसित भारत बनाकर रहेंगे। इस संकल्प से सिद्धि के लिए सबसे बड़ी जरूरत है, वह है भारत की एकता। संविधान के निर्माण कार्य में देश के बड़े बड़े दिग्गज, साहित्यकार, स्वंत्रतासेनानी थे। कई फील्ड के प्रोफेशल्स थे। लोकसभा में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ”जब हम संविधान लागू होने के 75 वर्ष का उत्सव मना रहे हैं तो अच्छा संयोग है कि राष्ट्रपति पद पर एक महिला आसीन हैं जो संविधान की भावना के अनुरूप भी है। भारत का गणतांत्रिक अतीत विश्व के लिए प्रेरक रहा है और इसलिए देश को लोकतंत्र की जननी के रूप में जाना जाता है। हमारी सरकार के निर्णयों में लगातार भारत की एकता को मजबूती देने का प्रयास किया जाता रहा है, अनुच्छेद 370 एकता में रुकावट बना हुआ था और इसलिए हमने जमीन में गाड़ दिया।” प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे बहुत दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि संविधान निर्माताओं के दिमाग में एकता की भावना थी, लेकिन आजादी के बाद देश की एकता के मूल भाव पर प्रहार हुआ और गुलामी की मानसिकता में पले-बढ़े लोग विविधता में एकता की जगह विरोधाभास खोजते रहे। पीएम मोदी ने कहा कि हमने संविधान की एकता की भावना के अनुरूप नई शिक्षा नीति में मातृभाषा को बहुत बल दिया है और अब गरीब परिवार के बच्चे मातृभाषा में पढ़ाई करके डॉक्टर-इंजीनियर बन सकते हैं।

पीएम मोदी ने रिवर क्रूज से संगम पर पहुंचकर साधु संतों से मुलाकात की, फिर किया गंगा पूजन, देंगे 5500 करोड़ की सौगात

प्रयागराज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी शुक्रवार को प्रयागराज दौरे पर हैं। पीएम मोदी यहां विश्व के सबसे बड़े सांस्कृतिक समागम महाकुंभ 2025 की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे हैं। इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी संगम नगरी को 5500 करोड़ रुपये की योजनाओं की सौगात देंगे। पीएम मोदी ने यहां महाकुंभ की सफलता के लिए कुंभ कलश का पूजन किया। पीएम मोदी ने रिवर क्रूज से संगम पर पहुंचकर साधु संतों से मुलाकात की। जिसके बाद उन्होंने गंगा पूजन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उनके साथ मौजूद रहे। पीएम ने मां गंगा का किया दर्शन पूजन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को यहां अपने एक दिवसीय संक्षिप्त दौरे की शुरुआत मां गंगा के दर्शन पूजन के साथ की। पीएम मोदी ने मां गंगा का विधिविधान से पूजन अर्चन किया। उन्हें दूध और चुनरी अर्पित की और आरती उतार कर देश के लोगों की सुख समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मां गंगा का पूजन किया। पीएम मोदी ने संगम तट पर स्थित अक्षय वट वृक्ष स्थल की भी पूजा अर्चना की और बाद में उन्होंने लेटे हुए हनुमान हनुमान मंदिर और सरस्वती कूप में दर्शन पूजन किया। प्रधानमंत्री अपने तयशुदा कार्यक्रम के अनुसार दोपहर करीब सवा 12 बजे प्रयागराज पहुंचे। जहां उनका स्वागत राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने किया। संगम नगरी को 5500 करोड़ की सौगात प्रधानमंत्री मोदी अब से कुछ देर तक महाकुंभ 2025 की तैयारियों का जायजा लेंगे और संगम नगरी में 5500 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उदघाटन करेंगे। वह दोपहर करीब डेढ़ बजे महाकुंभ प्रदर्शनी स्थल का भ्रमण करेंगे।  प्रधानमंत्री महाकुंभ 2025 के लिए विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। इसमें प्रयागराज में आधारभूत सुविधाओं को बढ़ावा देने और निर्बाध संपर्क प्रदान करने के लिए 10 नए रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) या फ्लाईओवर, स्थायी घाट और रिवरफ्रंट सड़कें जैसी विभिन्न रेल और सड़क परियोजनाएं शामिल होंगी। पीएम इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का भी करेंगे उद्घाटन स्वच्छ और निर्मल गंगा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, प्रधानमंत्री गंगा नदी की ओर जाने वाले छोटे नालों को रोकने, टैप करने, मोड़ने और उपचारित करने की परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे। इससे नदी में बिना उपचार वाले जल का गंगा नदी में पहुंचना पूरी तरह से रोक पाना सुनिश्चित होगा। वे पेयजल और बिजली से संबंधित विभिन्न इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे। मंदिर के प्रमुख गलियारों और चैटबॉट का करेंगे उद्घाटन प्रधानमंत्री मंदिर के प्रमुख गलियारों का उद्घाटन करेंगे। इनमें भारद्वाज आश्रम गलियारा, श्रृंगवेरपुर धाम गलियारा, अक्षयवट गलियारा, हनुमान मंदिर गलियारा आदि शामिल हैं। इन परियोजनाओं से श्रद्धालुओं की पहुंच आसान होगी और आध्यात्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री कुंभ ‘सहायक’ चैटबॉट का भी शुभारंभ करेंगे। यह चैटबॉट महाकुंभ मेला 2025 के बारे में श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन और कार्यक्रमों की नवीनतम जानकारी प्रदान करेगा। सुरक्षा के हैं चाक चौबंद इंतजाम प्रधानमंत्री के दौरे के मद्देनजर सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम किए गए हैं। पीएम मोदी के आगमन को लेकर अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था की गई है। एयरपोटर् से लेकर संगम तक का बड़ा क्षेत्रफल नो फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है। सेना के जल, थल और नभ तीनों कोर सुरक्षा की कमान संभालेंगे। राज्य और केंद्रीय खुफिया एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) के साथ ही नौ हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं। इसके अलावा आरएएफ और पीएसी के जवान भी जगह-जगह मुस्तैद नजर आ रहे हैं। जरूरी स्थानों अचूक निशानेबाज (स्नाइपर) तैनात किए गये हैं। बम निरोधक दस्ता (बीडीएस) और एंटी सबोटाज की टीम भी कार्यक्रम स्थल पर मुस्तैद है।

तमिल कवि और स्वतंत्रता सेनानी सुब्रह्मण्य भारती की 143वीं जयंती पर उनकी रचनाओं का संग्रह जारी किया

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को तमिल कवि और स्वतंत्रता सेनानी सुब्रह्मण्य भारती की 143वीं जयंती पर उनकी संपूर्ण रचनाओं का संग्रह जारी किया। इस संग्रह का शीर्षक ‘कालवरिसैयिल् भरतियार् पडैप्पुगळ्’ है और यह कालानुक्रमिक क्रम में 21 खंडों में महाकवि भरतियार की संपूर्ण संग्रहित रचनाएं हैं। इसे सीनी विश्वनाथन ने संकलित किया है। दिल्ली में एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कवि सुब्रह्मण्य भारती को मां भारती की सेवा के लिए समर्पित एक गहन विचारक के रूप में याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी और देश के भविष्य के लिए उनके दूरदर्शी विचारों की सराहना की। साथ ही युवा और महिला सशक्तिकरण, विज्ञान एवं नवाचार में विश्वास और संचार के माध्यम से राष्ट्र के एकीकरण पर जोर दिया। पीएम मोदी ने कहा, “…मैं इस महान कवि को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं और उनकी विरासत को अपनी हार्दिक श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। आज का दिन भारत की सांस्कृतिक विरासत, साहित्यिक विरासत और उसके स्वतंत्रता संग्राम की यादों के साथ-साथ तमिलनाडु के गौरव का भी महत्वपूर्ण अवसर है। महाकवि सुब्रह्मण्य भारती की रचनाओं का प्रकाशन उनके प्रति एक उल्लेखनीय श्रद्धांजलि है।” उन्होंने कहा कि महाकवि सुब्रह्मण्य भारती के कार्यों का, उनकी रचनाओं का प्रकाशन एक बहुत बड़ा सेवायज्ञ और बहुत बड़ी साधना है। और आज उसकी पूर्णाहुति हो रही है। हमारे देश में शब्दों को केवल अभिव्यक्ति ही नहीं माना गया है। हम उस संस्कृति का हिस्सा हैं, जो “शब्द ब्रह्म” की बात करती है, शब्द के असीम सामर्थ्य की बात करती है। हमारे ऋषि-मुनियों की वाणी सिर्फ उनके विचार नहीं बल्कि उनके चिंतन, अनुभव और साधना का निचोड़ हैं। सुब्रह्मण्य भारती जैसा व्यक्तित्व सदियों में कभी एक बार मिलता है। उनका चिंतन, मेधा और बहु-आयामी व्यक्तित्व हर किसी को हैरान करता है। पीएम मोदी ने कहा, “वह एक ऐसे व्यक्ति थे जो समझते थे कि भविष्य में क्या छिपा है। उस समय भी जब समाज कई समस्याओं का सामना कर रहा था, उन्होंने युवाओं और महिलाओं के सशक्तिकरण की वकालत की। उन्हें विज्ञान और नवाचार में भी विश्वास था। उन्होंने कहा था कि ऐसा कोई उपकरण होना चाहिए जिससे हम कांची में बैठकर काशी में क्या हो रहा है, यह देख सकें और हम आज इसे जी रहे हैं।” उन्होंने कहा कि सुब्रह्मण्य भारती ऐसे महान मनीषी थे, जो देश की आवश्यकताओं को देखते हुए काम करते थे। उनका विजन बहुत व्यापक था। उन्होंने हर उस दिशा में काम किया, जिसकी जरूरत उस कालखंड में देश को थी। भरतियार केवल तमिलनाडु और तमिल भाषा की ही धरोहर नहीं हैं, वो एक ऐसे विचारक थे जिनकी हर सांस मां भारती की सेवा के लिए समर्पित थी।

पीएम मोदी ने कुवैत का निमंत्रण को विनम्रतापूर्वक किया स्वीकार, जल्द ही जा सकते ही इस ‘ऐतिहासिक’ यात्रा पर

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहयोग और साझेदारी को बढ़ाते हुए जल्द ही कुवैत की यात्रा कर सकते हैं। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की इस प्रमुख पश्चिम एशियाई देश की पहली यात्रा होगी। इस समय खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) की अध्यक्षता भी कुवैत के पास ही है। पिछले हफ्ते कुवैत के विदेश मंत्री अब्दुल्ला अली अल-याह्या ने अपनी भारत यात्रा के दौरान पीएम मोदी से मुलाकात की थी। उन्होंने कुवैत नेतृत्व की ओर से प्रधानमंत्री को ‘शीघ्रतम अवसर मिलने पर’ देश की यात्रा करने का निमंत्रण दिया था। पीएम मोदी ने निमंत्रण को विनम्रतापूर्वक स्वीकार कर लिया था। कुवैत एकमात्र जीसीसी सदस्य देश है जहां पीएम मोदी ने 2014 में पदभार संभालने के बाद से अब तक दौरा नहीं किया है। कोविड महामारी के कारण 2022 में प्रस्तावित यात्रा स्थगित कर दी गई थी। जीसीसी में कुवैत के अलावा संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, सऊदी अरब, ओमान और कतर भी शामिल हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने सितंबर में, न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 79वें सत्र के दौरान कुवैत के क्राउन प्रिंस शेख सबा खालिद अल-हमद अल-मुबारक अल-सबाह से मुलाकात की थी। यह दोनों नेताओं के बीच पहली बैठक थी। पिछले सप्ताह, भारत की यात्रा पर आए कुवैत के विदेश मंत्री के साथ चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास व्यक्त किया था कि कुवैत की जीसीसी की वर्तमान अध्यक्षता के अंतर्गत भारत और खाड़ी सहयोग परिषद के बीच घनिष्ठ सहयोग और मजबूत होगा। पश्चिम एशिया की स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान करते हुए पीएम मोदी ने क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता की शीघ्र वापसी के लिए समर्थन व्यक्त किया था। उन्होंने कुवैत में रहने वाले दस लाख भारतीयों की देखभाल के लिए कुवैत के नेतृत्व को धन्यवाद दिया।

प्रधानमंत्री मोदी 13 दिसंबर को प्रयागराज आएंगे, महाकुम्भ से जुड़ी परियोजनाओं का करेंगे शुभारंभ

प्रयागराज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी महाकुंभ 2025 की तैयारियों का जायजा लेने और परियोजनाओं का लोकार्पण करने 13 दिसंबर को महाकुंभनगर और प्रयागराज आ रहे हैं। यहां पर पीएम मोदी सात हजार करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। साथ ही संगम तट पर जनसभा को भी संबोधित करेंगे। इसके लिए जोर शोर से तैयारियां चल रही हैं। पीएम मोदी की सुरक्षा व्यवस्था के भी पुख्ता इंतजाम किए गए जा रहे है। सीएम योगी करेंगे समीक्षा बता दें कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए विमान से एयर रूट रिहर्सल किया गया। उधर, पांच दिनों के भीतर ही मुख्यमंत्री योगी दूसरी बार प्रयागराज पहुंच रहे हैं।11 दिसंबर को वह महाकुंभ से जुड़े कार्यों की एक बार फिर से समीक्षा और निरीक्षण करेंगे। खासतौर पर मुख्यमंत्री बड़े हनुमान मंदिर और अक्षयवट कॉरिडोर पहुंचेंगे, जहां 13 को प्रधानमंत्री को भी जाना है। जोर-शोर से चल रही तैयारियां प्रधानमंत्री के प्रयागराज दौरे को लेकर सभी विभाग और अधिकारी पूरी तत्परता से जुटे हुए हैं। नगर निगम की ओर से स्ट्रीट लाइटिंग और थीमेटिक लाइटिंग का कार्य किया जा रहा है। विद्युत विभाग की ओर से सभी पावर केबल्स को बिछाने का काम भी तेजी से पूर्ण किया जा रहा है। पीएम की जनसभा के लिए संगम तट पर भव्य पंडाल तैयार हो गया है। साथ ही इसका ले-आउट भी फाइनल हो गया है। विशाल पंडाल में करीब 40 ब्लाक बनाए गए हैं, जिसमें वीआईपी समेत अलग-अलग करीब 20 हजार व्यक्तियों के लिए व्यवस्था की जा रही है, हालांकि भाजपा नेताओं की ओर से दो लाख लोगों के जुटने की संभावना जताई जा रही है।

‘चुनौतियों से टकराने का नाम है राजस्थान’, ‘राइजिंग राजस्थान’ ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में पीएम मोदी शामिल

 जयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जयपुर में 9 से 11 दिसंबर तक आयोजित होने वाले राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 का उद्घाटन किया।राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “राजस्थान की विकास यात्रा में आज एक और अहम दिन है। देश और दुनिया से बड़ी संख्या में प्रतिनिधी और निवेशक यहां पधारे हैं। यहां उद्योग जगत के भी अनेक साथी मौजूद हैं। राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में आप सभी का अभिनंदन है। मैं राजस्थान की भाजपा सरकार को इस शानदार आयोजन के लिए बधाई दूंगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आज दुनिया का हर एक्सपर्ट, हर इन्वेस्टर भारत को लेकर बहुत ही उत्साहित है। रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म के मंत्र पर चलते हुए भारत ने जो विकास किया है, वो हर क्षेत्र में नजर आ रहा है। आजादी के बाद, सात दशक में भारत, दुनिया की 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन पाया था, जबकि पिछले 10 वर्ष में भारत 11वीं अर्थव्यवस्था से दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना है। पीएम मोदी ने कहा डेमोक्रेटिक रहते हुए मानवता का कल्याण, भारत का मूल चरित्र है। आज भारत की जनता अपने डेमोक्रेटिक हक के माध्यम से भारत में स्थिर सरकार के लिए वोट कर रही है। भारत के इस पुरातन संस्कार को हमारी युवा शक्ति आगे बढ़ा रही है। आने वाले अनेक वर्षों तक भारत, दुनिया के सबसे युवा देशों में रहने वाला है। भारत में युवाओं का सबसे बड़ा पुल होने के साथ ही सबसे बड़ा स्किल्ड युवा वर्ग भी होगा। इसके लिए सरकार एक के बाद एक कई फैसले ले रही है।

मुंबई पुलिस को मिले व्हाट्सएप मैसेज से खलबली, पीएम मोदी को बम से उड़ाने की धमकी, जांच शुरू

मुंबई मुंबई पुलिस को आज प्रधानमंत्री मोदी को जान से मारने की धमकी भरा मैसेज मिला। मुंबई ट्रैफिक पुलिस की हेल्पलाइन पर आए इस मैसेज में लिखा गया था कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी (ISI) के दो एजेंट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बम से उड़ाने की साजिश रच रहे हैं। मैसेज मिलते ही मुंबई पुलिस टीम अलर्ट हो गई। धमकी भरे संदेश पर पुलिस अधिकारी ने बताया कि जिस नंबर से यह मैसेज मिला था हमने उसकी जांच की थी। हमें पता चला कि यह नंबर अजमेर राजस्थान से संबंधित है। संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ने के लिए हमारी एक टीम तुरंत राजस्थान के लिए रवाना हो गई है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि हमारी ट्रैफिक कंट्रोल टीम की हेल्पलाइन पर सुबह तड़के ही धमकी भरा यह मैसेज मिला था। इस मैसेज में आईएसआई के दो एजेंटों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश के बारे में बताया गया था। इस संदेश की मानें तो दोनों एजेंट पीएम मोदी को बम से उड़ाने की साजिश बना रहे हैं। अधिकारी ने बताया कि जांचकर्ताओं को संदेह है कि धमकी देने वाला व्यक्ति मानसिक रूप से परेशान या फिर शराब के नशे में हो सकता है। इस मामले में अभी जांच चल रही है। हालांकि उक्त व्यक्ति के खिलाफ संबंधित भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मुंबई पुलिस की हेल्पलाइन पर पहले भी इस तरह की धमकी भरे फोन और मैसेज आ चुके हैं। सलमान खान को भी आ चुके हैं धमकी भरे मैसेज पिछले दस दिनों में मुंबई पुलिस के पास एक्टर सलमान खान को जान से मारने के 2 मैसेज आ चुके हैं। हालिया मैसेज कल आया था, जिसमें कहा गया था कि अगर सलमान खान जिंदा रहना चाहता है तो बिश्नोई समाज के मंदिर में जाकर माफी मांग ले और साथ ही समाज के लिए वहां 5 करोड़ रुपये का दान करे। अगर वह ऐसा नहीं करता है तो उसे हम जल्दी ही खत्म कर देंगे। विश्नोई गैंग अभी भी एक्टिव है। सलमान खान को लेकर पहले भी बिश्नोई गैंग की तरफ से धमकियां मिल चुकी है। धमकियों को लेकर सीनियर ऑफिसर ने बताया कि धमकियां ज्यादा गंभीर नहीं है लेकिन फिर भी हम इन्हें नजरअंदाज नहीं कर सकते। हमारी टीम ने एक्टर की सिक्योरिटी बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि साइबर क्राइम की टीम मैसेज को ट्रेस करने की कोशिश में लगी हुई है। हम यह भी पता कर रहे हैं कि मैसेज भेजने वाला व्यक्ति सच में बिश्नोई गैंग से जुड़ा हुआ है या फिर बस ऐसे ही मजाक में उसने मैसेज भेज दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सम्मेलन के दौरान विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से भी सम्मानित करेंगे

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 नवंबर से एक दिसंबर तक ओडिशा में भुवनेश्वर में आयोजित पुलिस महानिदेशकों और महानिरीक्षकों के अखिल भारतीय सम्मेलन में भाग लेंगे। यह जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय की एक विज्ञप्ति में दी गई है। विज्ञप्ति के अनुसार यह सम्मेलन आज शुरू हो रहा है। इस तीन दिवसीय सम्मेलन में आतंकवाद, वामपंथी उग्रवाद, तटीय सुरक्षा, नए आपराधिक कानून, नारकोटिक्स सहित राष्ट्रीय सुरक्षा के महत्वपूर्ण घटकों पर विचार-विमर्श होगा। सम्मेलन के दौरान विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से भी सम्मानित किया जाएगा। विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह सम्मेलन देश के वरिष्ठ पुलिस पेशेवरों और सुरक्षा प्रशासकों को राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित विभिन्न मुद्दों और साथ ही भारत में पुलिस के सामने आने वाली विभिन्न परिचालन, ढांचागत और कल्याण संबंधी समस्याओं पर स्वतंत्र रूप से चर्चा तथा बहस करने के लिए एक संवाद-मंच प्रदान करेगा। इसके विचार-विमर्श में आंतरिक सुरक्षा खतरों के अलावा अपराध नियंत्रण और कानून एवं व्यवस्था प्रबंधन से संबंधित चुनौतियों से निपटने में पेशेवर प्रथाओं और प्रक्रियाओं को तैयार करना और साझा करना शामिल होगा। सम्मेलन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, राज्य मंत्री (गृह मामले), राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशक और केंद्रीय पुलिस संगठनों के प्रमुख सहित अन्य लोग भाग लेंगे।  

पीएम मोदी ने गोंदिया सड़क हादसे पर जताया दुख, स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की हरसंभव सहायता कर रहा

नई दिल्ली महाराष्ट्र के गोंदिया जिले में शुक्रवार को हुए सड़क हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है। साथ ही उन्होंने हादसे में जान गंवाने वालों और घायलों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा की है। पीएम मोदी ने बताया कि स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की हरसंभव सहायता कर रहा है। गोंदिया में शुक्रवार को भीषण सड़क हादसे में एक बस पलट जाने के कारण 9 लोगों की मौत हो गई। हादसे में कई यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यह हादसा गोंदिया-कोहमारा राज्य महामार्ग पर ग्राम खजरी के पास हुआ। पीएम मोदी के कार्यालय ने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शुक्रवार को पोस्ट किया, ”महाराष्ट्र के गोंदिया में बस दुर्घटना में लोगों की मृत्यु से व्यथित हूं। उन लोगों के प्रति संवेदना जिन्होंने अपने प्रियजन को खो दिया। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की सहायता कर रहा है।” पोस्ट में आगे बताया गया, ”हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक मृतक के परिजनों को प्रधानमंत्री राहत कोष से 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे। ” इससे पहले महाराष्ट्र के कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने हादसे पर दुख जताया और पीड़ितों को 10 लाख रुपये की तत्काल सहायता देने की घोषणा की। गोंदिया सड़क हादसे पर प्रदेश के कार्यवाहक डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि गोंदिया जिले में सड़क अर्जुनी के पास एक शिवशाही बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई और कुछ यात्रियों की मृत्यु हो गई। मैं दिवंगतों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। हम उनके परिवार का दुख साझा करते हैं। इस घटना में घायल हुए लोगों का अगर किसी निजी अस्पताल में इलाज कराना भी पड़े तो उन्हें तुरंत ऐसा करने का निर्देश दिया गया है। मैंने गोंदिया के कलेक्टर से भी कहा है कि यदि आवश्यकता हो तो उन्हें नागपुर स्थानांतरित करने की व्यवस्था करें। मैं ईश्वर से इस घटना में घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।”

पहली बार PM PM के सुरक्षा घेरे में दिखी महिला SPG कमांडर, वायरल हो रही तस्वीर

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में कथित तौर पर शामिल एक महिला एसपीजी (स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप) कमांडो की तस्वीर इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। इस तस्वीर ने ऑनलाइन बहस को जन्म दे दिया है। जहां कुछ लोगों ने दावा किया कि यह पहली बार है जब किसी महिला कमांडो को प्रधानमंत्री की सुरक्षा में देखा गया है। वहीं, अन्य ने बताया कि यह महिला कमांडो पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की सुरक्षा में भी देखी जा चुकी हैं। तस्वीर शेयर कर रहे भाजपा सांसद कई भाजपा सांसद इस तस्वीर को शेयर कर रहे हैं। मंडी से सांसद कंगना रनौत ने भी इसे अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर किया है।केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रधानमंत्री की सुरक्षा में तैनात महिला SPG कमांडो की तस्वीर शेयर करते हुए उनकी बहादुरी और प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने लिखा, “भारत की शान, नारी शक्ति की पहचान! SPG में ड्यूटी पर तैनात हमारी साहसी महिला सुरक्षा अधिकारी देश की सेवा और सुरक्षा में नया मानदंड स्थापित कर रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नारी शक्ति हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही है। यह नया भारत है, जहां महिलाएं आत्मनिर्भरता और ताकत की मिसाल बन रही हैं।” चिक्काबल्लापुरा से भाजपा के लोकसभा सांसद डॉक्टर के सुधाकर ने भी यही तस्वीर शेयर की है। उन्होंने लिखा, “प्रधानमंत्री की एसपीजी में महिला कमांडो! अग्निवीर से लेकर लड़ाकू पायलट तक, लड़ाकू पदों से लेकर प्रधानमंत्री की एसपीजी में कमांडो तक, सशस्त्र बलों में महिलाओं की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और महिलाएं आगे बढ़कर नेतृत्व कर रही हैं। महिलाओं को और अधिक शक्ति मिले। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को धन्यवाद।” पहले भी देखी जा चुकी हैं महिला SPG कमांडो इसके अलावा, कई अन्य लोगों ने भी सोशल मीडिया पर इस तस्वीर को शेयर करते हुए दावा किया है कि ऐसा पहली बार है जब पीएम की सुरक्षा में कोई महिला SPG कमांडो तैनात है। ऐसा ही दावा सात साल पहले भी किया गया था जब एक वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा में एक महिला कमांडो को देखा गया था। यानी ये साफ है कि महिला SPG कमांडे पहले भी पीएम मोदी के सुरक्षा घेरे में देखी जा चुकी हैं। जानकारी के अनुसार, एसपीजी ने 2013 से महिला कमांडो को अपने दस्ते में शामिल करना शुरू किया था, जिससे महिलाओं को प्रधानमंत्री की सुरक्षा में भागीदारी का अवसर मिला। कथित तौर पर यह तस्वीर संसद की है, जहां महिला एसपीजी कमांडो तैनात हैं। इन कमांडो को आम तौर पर महिला विजिटर्स की तलाशी लेने के लिए गेट पर तैनात किया जाता है और वे परिसर में प्रवेश करने या बाहर निकलने वाले लोगों की निगरानी करने में भी शामिल होती हैं। इसके अलावा, जब कोई महिला अतिथि प्रधानमंत्री से मिलती है, तो महिला एसपीजी अधिकारी ही सुरक्षा जांच, एस्कॉर्टिंग और प्रधानमंत्री तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होती हैं। हालांकि जो तस्वीर वायरल हो रही है उसमें दिख रही महिला अधिकारी PM मोदी की सुरक्षा में नहीं राष्ट्रपति मुर्मू की सुरक्षा में तैनता थीं। बताया जा रहा है कि यह फोटो 26 नवंबर को उस वक्त की है जब राष्ट्रपति मुर्मू संसद को संबोधित करने जा रही थीं। 2015 से, महिलाओं को एसपीजी की क्लोज प्रोटेक्शन टीम (CPT) में भी शामिल किया गया है। यानी अब पीएम के सबसे करीबी सुरक्षा घेरे में भी महिला कमांडो तैनात होती हैं। प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं के दौरान, महिला एसपीजी कमांडो सुरक्षा दल का हिस्सा होती हैं। वर्तमान में, एसपीजी में कथित तौर पर करीब 100 महिला कमांडो हैं। पहली बार 2013 में महिला एसपीजी कमांडो को किसी उच्च-स्तरीय हस्ती की सुरक्षा में तैनात किया गया था। उस समय दो महिला कमांडो को तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की पत्नी गुरशरण कौर की सुरक्षा करते देखा गया था। महिला कमांडो की उपस्थिति प्रधानमंत्री की सुरक्षा के प्रति एसपीजी की व्यापक सोच और समावेशी दृष्टिकोण को दर्शाती है। यह कदम न केवल महिलाओं को समान अवसर प्रदान करता है, बल्कि सुरक्षा क्षेत्र में उनकी बढ़ती भागीदारी को भी दर्शाता करता है। स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप क्या है? स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) भारत का एक बेहद खास और एलीट सुरक्षा बल है, जिसे देश के सर्वोच्च नेतृत्व की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गठित किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री, उनके निकट परिजन, और पूर्व प्रधानमंत्रियों को संभावित खतरों से सुरक्षित रखना है। एसपीजी की स्थापना 1985 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद की गई थी। इसे संसद द्वारा 1988 में पारित एसपीजी अधिनियम के तहत कानूनी मान्यता दी गई। इस अधिनियम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि प्रधानमंत्री और उनके परिवार को किसी भी आतंकी, विदेशी या अन्य खतरों से अत्यंत सुरक्षित वातावरण प्रदान किया जाए। एसपीजी के जवान भारतीय पुलिस सेवा (IPS), सशस्त्र बलों, और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) से चुने जाते हैं। चयनित कर्मियों को कठोर ट्रेनिंग और हाई फिजिकल एवं मानसिक फिटनेस के मानदंडों को पूरा करना होता है। एसपीजी कर्मियों को हथियार संचालन, मार्शल आर्ट्स, भीड़ नियंत्रण, ड्राइविंग, और खुफिया जानकारी जुटाने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। एसपीजी अत्याधुनिक हथियारों और संचार तकनीकों से लैस होता है। इसके अलावा, यह टीम बुलेटप्रूफ गाड़ियां, जैमर, और अन्य आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल करती है। एसपीजी की कार्यप्रणाली अत्यंत गोपनीय होती है। इसके अभियान और रणनीतियां सार्वजनिक नहीं की जातीं। 2019 में, केंद्र सरकार ने एसपीजी अधिनियम में संशोधन किया, जिसके तहत एसपीजी सुरक्षा अब केवल मौजूदा प्रधानमंत्री और उनके परिवार तक सीमित कर दी गई। पूर्व प्रधानमंत्रियों और उनके परिवार को यह सुरक्षा केवल पांच साल तक दी जाती है, वह भी विशेष परिस्थितियों में। सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं तस्वीर वायरल होने के बाद लोगों ने इसे लेकर अपनी राय व्यक्त की। कुछ ने इसे “नारी शक्ति” का उदाहरण बताया, तो कुछ ने महिलाओं की भागीदारी को देश के सुरक्षा तंत्र की प्रगतिशीलता का प्रतीक कहा। एसपीजी, जो प्रधानमंत्री और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करती है, देश के सबसे प्रतिष्ठित सुरक्षा दस्तों में से एक मानी जाती है। महिला कमांडो का इसमें योगदान भारत के सुरक्षा तंत्र में महिलाओं की भूमिका को और सशक्त करता है।

भारतीयों को त्वरित न्याय मिले, इसके लिए नई न्याय संहिता लागू की गई है: पीएम मोदी

नई दिल्ली 75वें संविधान दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुप्रीम कोर्ट के एक कार्यक्रम में पहुंचे. इस दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीयों को त्वरित न्याय मिले, इसके लिए नई न्याय संहिता लागू की गई है. दंड आधारित व्यवस्था अब न्याय आधारित व्यवस्था में बदल चुकी है. इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि जम्मू-कश्मीर में पहली बार संविधान दिवस मनाया गया. पीएम मोदी ने कहा, “हमारा संविधान देश की हर अपेक्षा और जरूरत पर खरा उतरा है. संविधान की ताकत के कारण ही आज बाबा साहब का संविधान जम्मू-कश्मीर में पूरी तरह लागू हो पाया है. पहली बार जम्मू-कश्मीर में संविधान दिवस मनाया गया. आज भारत परिवर्तन के एक बड़े दौर से गुजर रहा है और भारत का संविधान हमें रास्ता दिखा रहा है. यह हमारे लिए एक मार्गदर्शक बन गया है.” संविधान निर्माताओं की तारीफ कर क्या बोले पीएम मोदी सुप्रीम कोर्ट के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कहा, “हमारे संविधान निर्माता ये जानते थे कि भारत की आकांक्षाएं, भारत के सपने समय के साथ नई ऊंचाई पर पहुंचेंगे. वो जानते थे कि आजाद भारत की और भारत के नागरिकों की जरूरतें बदलेंगी, चुनौतियां बदलेंगी. इसलिए उन्होंने हमारे संविधान को महज कानून की एक किताब बनाकर नहीं छोड़ा. बल्कि इसको एक जीवंत, निरंतर प्रवाहमान धारा बनाया.” 26/11 हमले को भी किया याद 26 नवंबर को मुंबई में हुए आतंकी हमले को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “लोकतंत्र के इस महत्वपूर्ण पर्व का जब हम स्मरण कर रहे हैं, तब ये भी नहीं भूल सकते कि आज के ही दिन मुंबई में हुए आतंकी हमले की भी बरसी है. इस हमले में जिन व्यक्तियों का निधन हुआ, उन्हें मैं श्रद्धांजलि देता हूं. मैं देश का यह संकल्प भी दोहराता हूं कि भारत की सुरक्षा को चुनौती देने वाले हर आतंकी संगठन को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा.”

स्वामी विवेकानंद जयंती धूमधाम से मनाएं, ‘मन की बात’ में पीएम मोदी ने युवाओं से की NCC से जुड़ने की अपील

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री मोदी ने आज ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 116वें एपिसोड को संबोधित किया। इसमें पीएम मोदी ने युवाओं से एनसीसी से जुड़ने की अपील की। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज एनसीसी दिवस है। पीएम मोदी ने कहा कि मैं खुद एनसीसी का कैडेट रहा हूं और इसके अनुभव मेरे लिए अनमोल हैं। एनसीसी युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व और सेवा की भावना पैदा करती है। देश में कहीं भी आपदा होने पर एनसीसी कैडेट आगे बढ़कर मदद करते हैं। प्रधानमंत्री ने मन की बात कार्यक्रम में कहा कि हर साल 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद की जयंती पर देश युवा दिवस मनाता है। अगले साल स्वामी विवेकानंद की 162वीं जयंती है। इसे खास तरीके से मनाया जाएगा और 11-12 जनवरी को दिल्ली में भारत मंडपम में विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग का आयोजन किया जाएगा। पीएम मोदी ने कहा कि ‘मैंने लाल किले की प्राचीर से ऐसे युवाओं से राजनीति में आने का आहवान किया है, जिनके परिवार का कोई भी व्यक्ति राजनीति में नहीं है, ऐसे एक लाख युवाओं को, नए युवाओं को, राजनीति से जोड़ने के लिए देश में कई तरह के विशेष अभियान चलेंगे।’ प्रधानमंत्री ने लखनऊ के रहने वाले वीरेंद्र की तारीफ की, जो बुजुर्गलों के लिए डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट में मदद कर रहे हैं। इससे बुजुर्गों को पेंशन लेने में मदद मिली है। इसी तरह भोपाल के महेश की तारीफ की, जो बुजुर्गों को मोबाइल के माध्यम से पेमेंट करना सिखा रहे हैं। इसके बाद प्रधानमंत्री ने चेन्नई की प्रकृत अरिवगम और बिहार के गोपालगंज की प्रयोग लाइब्रेरी की चर्चा की, जो बच्चों में पढ़ने और सीखने की आदत विकसित कर रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में कैरेबियाई देशों का दौरा किया था। मन की बात कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि कैरेबियाई देश गुयाना में भी मिनी भारत बसता है। भारत से सैंकड़ों वर्षों पहले लोगों को खेती, मजदूरी के लिए गुयाना ले जाया गया था और आज वहां भारतीय मूल के लोग राजनीति, व्यापार, शिक्षा और संस्कृति के हर क्षेत्र में नेतृत्व कर रहे हैं। गुयाना की तरह ही दुनिया के कई देशों में भारतीय गए और उन्होंने वहां अपनी पहचान बनाई। ओमान में भी कई भारतीय शताब्दियों से रह रहे हैं और व्यापार जगत में अपनी जगह बनाई। आज वे ओमान के नागरिक हैं, लेकिन उनकी रग-रग में भारतीयता बसी है।

महाराष्ट्र की जीत को बताया ऐतिहासिक, झारखंड में जीत पर पीएम ने हेमंत सोरेन और गठबंधन को बधाई दी: पीएम मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र विधानसभा में महायुति की प्रचंड जीत को ऐतिहासिक बताते हुए कहा है कि यह विकास और सुशासन की जीत है। वहीं झारखंड में जीत पर पीएम ने हेमंत सोरेन और JMM के नेतृत्व वाले गठबंधन को बधाई दी है। पीएम ने महाराष्ट्र के नतीजों पर एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ‘विकास की जीत! सुशासन की जीत! एकजुट होकर हम और भी ऊंचे उठेंगे। एनडीए को ऐतिहासिक जनादेश देने के लिए महाराष्ट्र के मेरे भाई-बहनों, खासकर राज्य के युवाओं और महिलाओं का हार्दिक आभार। यह स्नेह और गर्मजोशी अद्वितीय है। मैं लोगों को आश्वस्त करता हूं कि हमारा गठबंधन महाराष्ट्र की प्रगति के लिए काम करता रहेगा। जय महाराष्ट्र।’ झारखंड में जेएमएम गठबंधन को दी बधाई वहीं पीएम मोदी ने झारखंड विधानसभा चुनाव के नतीजों पर कहा, ‘मैं झारखंड के लोगों को हमारे प्रति उनके समर्थन के लिए धन्यवाद देता हूं। हम लोगों के मुद्दों को उठाने और राज्य के लिए काम करने में हमेशा सबसे आगे रहेंगे। मैं राज्य में उनके प्रदर्शन के लिए JMM के नेतृत्व वाले गठबंधन को भी बधाई देता हूं।’ इसके अलावा प्रधानमंत्री ने अन्य राज्यों के उपचुनावों में एनडीए उम्मीदवारों को मिली जीत पर कहा है कि एनडीए के जनहितैषी प्रयासों की गूंज हर जगह सुनाई दे रही है। उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘मैं विभिन्न राज्यों के लोगों को विभिन्न उपचुनावों में एनडीए उम्मीदवारों को आशीर्वाद देने के लिए धन्यवाद देता हूं। हम उनके सपनों और आकांक्षाओं को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। मुझे एनडीए के हर कार्यकर्ता पर गर्व है, जिन्होंने जमीनी स्तर पर काम किया। उन्होंने कड़ी मेहनत की, लोगों के बीच गए और हमारे सुशासन के एजेंडे पर विस्तार से बात की।’ यह जीत हर महाराष्ट्रवासी की जीत: शाह वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने महाराष्ट्र की जीत पर कह है कि प्रचंड जनादेश ने झूठ के सहारे संविधान के नकली हितैषी बनने वालों की दुकान पर ताला लगाने का काम किया है। उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘जय महाराष्ट्र। इस ऐतिहासिक जनादेश के लिए महाराष्ट्र की जनता का कोटि-कोटि वंदन। छत्रपति शिवाजी महाराज, बाबासाहेब आंबेडकर जी, ज्योतिबा फुले जी और वीर सावरकर जी की पुण्यभूमि महाराष्ट्र ने विकास के साथ-साथ संस्कृति और राष्ट्र को सर्वोपरि रखने वाले महायुति गठबंधन को इतना प्रचंड जनादेश देकर भ्रम और झूठ के सहारे संविधान के नकली हितैषी बनने वालों की दुकान पर ताला लगाने का काम किया है। यह जीत हर एक महाराष्ट्रवासी की जीत है।’ झारखंड की जनता का व्यक्त किया आभार वहीं अमित शाह ने झारखंड में भाजपा को सबसे अधिक मत प्रतिशत का आशीर्वाद देने के लिए प्रदेश वासियों का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि वह झारखंड भाजपा के सभी कार्यकर्ताओं को उनके अथक परिश्रम के लिए शुभकामनाएं देते हैं। गृह मंत्री ने लिखा, ‘भाजपा के लिए जनजातीय समाज की आकांक्षाओं की पूर्ति और उनकी अस्मिता की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। NDA की केंद्र सरकार झारखंड वासियों की उन्नति, प्रगति और जनजातीय विरासतों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और मोदी जी के नेतृत्व में हम निरंतर इस दिशा में कार्य करते रहेंगे। भाजपा झारखंड में एक सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएगी।’

लोकतंत्र प्रथम-मानवता प्रथम का मंत्र, मोदी गुयाना की संसद के एक विशेष अधिवेशन को संबोधित करते हुए यह मंत्र दिया

जॉर्जटाउन/नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुयाना को मौजूदा विश्व में आगे बढ़ने के लिये “लोकतंत्र प्रथम-मानवता प्रथम” का मंत्र देते हुए कहा कि इससे सबको साथ लेकर सबका विकास करते हुए मानवता का हित करना संभव होता है। श्री मोदी गुयाना की संसद के एक विशेष अधिवेशन को संबोधित करते हुए यह मंत्र दिया। इस मौके पर संसद के अध्यक्ष मंजूर नादिर, उप राष्ट्रपति भरत जगदेव, प्रधानमंत्री मार्क एंथनी फिलिप्स, नेता प्रतिपक्ष, चांसलर ऑफ द ज्यूडिशियरी भी उपस्थित थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के प्रयासों के बीच, हमें आज वैश्विक परिस्थितियों पर भी लगातार नजर ऱखनी है। जब भारत और गयाना आजाद हुए थे, तो दुनिया के सामने अलग तरह की चुनौतियां थीं। आज 21वीं सदी की दुनिया के सामने, अलग तरह की चुनौतियां हैं। दूसरे विश्व युद्ध के बाद बनी व्यवस्थाएं और संस्थाएं,ध्वस्त हो रही हैं, कोरोना के बाद जहां एक नई वैश्विक व्यवस्था की तरफ बढ़ना था, दुनिया दूसरी ही चीजों में उलझ गई, इन परिस्थितियों में,आज विश्व के सामने, आगे बढ़ने का सबसे मजबूत मंत्र है-“लोकतंत्र प्रथम—मानवता प्रथम”। “लोकतंत्र प्रथम” की भावना हमें सिखाती है कि सबको साथ लेकर चलो,सबको साथ लेकर सबके विकास में सहभागी बनो। “मानवता प्रथम” की भावना हमारे निर्णयों की दिशा तय करती है, जब हम मानवता प्रथम को अपने निर्णयों का आधार बनाते हैं, तो नतीजे भी मानवता का हित करने वाले होते हैं। श्री मोदी ने कहा कि हमारी लोकतांत्रिक मूल्य इतने मजबूत हैं कि विकास के रास्ते पर चलते हुए हर उतार-चढ़ाव में हमारा संबल बनती हैं। एक समावेशी समाज के निर्माण में लोकतंत्र से बड़ा कोई माध्यम नहीं। नागरिकों का कोई भी मत-पंथ हो, उसका कोई भी बैकग्राउंड हो, लोकतंत्र हर नागरिक को उसके अधिकारों की रक्षा की,उसके उज्जवल भविष्य की गारंटी देती है। और हम दोनों देशों ने मिलकर दिखाया है कि लोकतंत्र सिर्फ एक कानून नहीं है,सिर्फ एक व्यवस्था नहीं है, हमने दिखाया है कि लोकतंत्र हमारे डीएनए में है, हमारे विजन में है, हमारे आचार-व्यवहार में है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी मानव केन्द्रित कार्यशैली,हमें सिखाती है कि हर देश के नागरिक उतने ही अहम हैं, इसलिए, जब विश्व को एकजुट करने की बात आई, तब भारत ने अपनी जी-20 अध्यक्षता के दौरान ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य’ का मंत्र दिया। जब कोरोना का संकट आया, पूरी मानवता के सामने चुनौती आई, तब भारत ने ‘एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य’ का संदेश दिया। जब जलवायु से जुड़ी चुनौतियों में हर देश के प्रयासों को जोड़ना था, तब भारत ने वन वर्ल्ड, वन सन, वन ग्रिड का विजन रखा, जब दुनिया को प्राकृतिक आपदाओं से बचाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हुए, तब भारत ने सीडीआरआई यानि कोएलिशन फॉर डिज़ास्टर रेज़ीलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर की पहल शुरू की। जब दुनिया में पृथ्वी प्रेमी लोगों का एक बड़ा नेटवर्क तैयार करना था, तब भारत ने मिशन लाइफ जैसा एक वैश्विक आंदोलन शुरु किया। उन्होंने कहा, “लोकतंत्र प्रथम—मानवता प्रथम” की इसी भावना पर चलते हुए, आज भारत विश्वबंधु के रूप में विश्व के प्रति अपना कर्तव्य निभा रहा है। दुनिया के किसी भी देश में कोई भी संकट हो, हमारा ईमानदार प्रयास होता है कि हम फर्स्ट रिस्पॉन्डर बनकर वहां पहुंचे। आपने कोरोना का वो दौर देखा है, जब हर देश अपने-अपने बचाव में ही जुटा था। तब भारत ने दुनिया के डेढ़ सौ से अधिक देशों के साथ दवाएं और वैक्सीन्स शेयर कीं। मुझे संतोष है कि भारत, उस मुश्किल दौर में गयाना की जनता को भी मदद पहुंचा सका।” श्री मोदी ने कहा कि दुनिया में जहां-जहां युद्ध की स्थिति आई,भारत राहत और बचाव के लिए आगे आया। श्रीलंका हो, मालदीव हो, जिन भी देशों में संकट आया, भारत ने आगे बढ़कर बिना स्वार्थ के मदद की, नेपाल से लेकर तुर्की और सीरिया तक, जहां-जहां भूकंप आए, भारत सबसे पहले पहुंचा है। यही तो हमारे संस्कार हैं, हम कभी भी स्वार्थ के साथ आगे नहीं बढ़े, हम कभी भी विस्तारवाद की भावना से आगे नहीं बढ़े। हम संसाधनों पर कब्जे की, संसाधनों को हड़पने की भावना से हमेशा दूर रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैं मानता हूं, अंतरिक्ष हो, समुद्र हो, ये सार्वभौमिक टकराव के नहीं बल्कि सार्वभौमिक सहयोग के विषय होने चाहिए। दुनिया के लिए भी ये समय, टकराव का नहीं है, ये समय, टकराव पैदा करने वाले कारणों को पहचानने और उनको दूर करने का है। आज आतंकवाद, ड्रग्स, साइबर अपराध, ऐसी कितनी ही चुनौतियां हैं, जिनसे मुकाबला करके ही हम अपनी आने वाली पीढ़ियों का भविष्य संवार पाएंगे। और ये तभी संभव है, जब हम लोकतंत्र प्रथम मानवता प्रथम को केन्द्रीय स्थान देंगे।” प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने हमेशा सिद्धांतों के आधार पर, भरोसे और पारदर्शिता के आधार पर ही अपनी बात की है। एक भी देश, एक भी क्षेत्र पीछे रह गया, तो हमारे वैश्विक लक्ष्य कभी हासिल नहीं हो पाएंगे। तभी भारत कहता है – हर देश महत्वपूर्ण है! इसलिए भारत, द्वीपीय देशों को छोटे द्वीपीय देश नहीं बल्कि बड़े महासागरीय देश मानता है। इसी भाव के तहत हमने हिन्द महासागर से जुड़े द्वीपीय देशों के लिए सागर प्लेटफॉर्म बनाया। हमने प्रशांत महासागर के देशों को जोड़ने के लिए भी विशेष फोरम बनाया है। इसी नेक नीयत से भारत ने जी-20 की अध्यक्षता के दौरान अफ्रीकी संघ को जी-20 में शामिल कराकर अपना कर्तव्य निभाया।

मैं बारबाडोस सरकार और लोगों का बारबाडोस के मानद ऑर्डर ऑफ फ्रीडम अवार्ड से सम्मानित करने के लिए आभारी हूं : पीएम मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कैरेबियाई देशों की यात्रा पर हैं। उन्हें गुयाना, डोमिनिका और बारबाडोस ने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से भी नवाजा है। अपने पोस्टी में पीएम मोदी ने लिखा, ”बारबाडोस की प्रधानमंत्री मिया अमोर मोटले के साथ मुलाकात बहुत अच्छी रही। हमारी बातचीत में विज्ञान और प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, जलवायु परिवर्तन और कृषि जैसे क्षेत्रों पर चर्चा हुई। मैं बारबाडोस सरकार और लोगों का बारबाडोस के मानद ऑर्डर ऑफ फ्रीडम अवार्ड से सम्मानित करने के लिए आभारी हूं। यह सम्मान भारत के लोगों को समर्पित है।” इससे पहले बारबाडोस की प्रधानमंत्री ने भी पीएम मोदी से हुई मुलाकात पर खुशी जताते हुए इसे ऐतिहासिक क्षण बताया था। पीएम मोटले ने भारत-कैरिकॉम शिखर सम्मेलन को अभूतपूर्व बताया। इससे पहले गुयाना के राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद इरफान अली ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘द ऑर्डर ऑफ एक्सीलेंस’ से सम्मानित किया था। बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी गुयाना के सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित होने वाले चौथे विदेशी नेता हैं। विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “भारत के लिए एक और उपलब्धि! गुयाना के राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद इरफान अली ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ग्लोबल समुदाय के लिए उनकी असाधारण सेवा, स्टेट्समैनशिप और भारत-गुयाना संबंधों को गहरा करने में योगदान के लिए देश के सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार ‘द ऑर्डर ऑफ एक्सीलेंस’ से सम्मानित किया।” पीएम मोदी गुयाना की राजकीय यात्रा पर हैं। बुधवार को गुयाना के जॉर्जटाउन स्थित होटल में राष्ट्रपति इरफान अली, प्रधानमंत्री डिकॉन मिशेल, बारबेडियन प्रधानमंत्री मिया मोटली और गुयाना के कई मंत्रियों ने मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया था। पीएम मोदी की यह यात्रा ऐतिहासिक है। 56 साल बाद वो गुयाना पहुंचे।  

मोदी ने गुरुकुलम में छात्रों द्वारा संस्कृत में रामायण की प्रस्तुत की गयी झलकियां को देखकर उनकी सराहना की

रियो डि जनेरियो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ब्राजील के रियो डि जेनेरियो में विश्व विद्या गुरुकुलम में छात्रों द्वारा संस्कृत में रामायण की प्रस्तुत की गयी झलकियां को देखकर उनकी सराहना की है। श्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा ‘जोनास मैसेट्टी और उनकी टीम से मुलाकात हुई। मैंने मनकीबात कार्यक्रम के दौरान वेदांत और गीता के प्रति उनके जुनून के लिए उनका उल्लेख किया था। उनकी टीम ने संस्कृत में रामायण की झलकियाँ प्रस्तुत कीं। यह सराहनीय है कि कैसे भारतीय संस्कृति पूरी दुनिया में प्रभाव डाल रही है।’ श्री मोदी ब्राजील में जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने गए थे।  

विदेश मंत्रालय ने इसकी जानकारी साझा की, पीएम मोदी ने छह नेताओं से की द्विपक्षीय मुलाकात

रियो डि जनेरियो/नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां जी-20 शिखर सम्मेलन के इतर इंडोनेशिया, पुर्तगाल, नाॅर्वे, इटली, फ्रांस और ब्रिटेन के नेताओं के साथ द्विपक्षीय मुलाकात की और भारत के साथ इन देशों के द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की। विदेश मंत्रालय ने इसकी जानकारी साझा की। श्री मोदी ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो से मुलाकात में उन्हें भारत के पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया। दोनों नेताओं ने मौजूदा क्षेत्रों में भारत इंडोनेशिया व्यापक रणनीतिक साझीदारी को और मजबूत करने के साथ-साथ इसे नए क्षेत्रों में विस्तारित करने के लिए मिलकर काम करने के तरीकों पर चर्चा की। श्री मोदी ने इसके बाद पुर्तगाल के प्रधानमंत्री लुइस मोंटेनेग्रो से मुलाकात की। दोनों पक्षों ने अर्थव्यवस्था, नवीकरणीय ऊर्जा, रक्षा और लोगों से लोगों के संबंधों और बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग सहित द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया। श्री मोदी की नॉर्वे के पीएम जोनास गहर स्टोर से मुलाकात में दोनों पक्षों ने भारत-नॉर्वे द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की जो विशेष रूप से भारत-ईएफटीए-टीईपीए पर हस्ताक्षर के बाद व्यापार और आर्थिक सहयोग पर केंद्रित थी। दोनों नेताओं ने भू-राजनीतिक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने रियो में जी-20 ब्राजील शिखर सम्मेलन में भाग ले रहीं इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने लंबे समय से चले आ रहे भारत इटली द्विपक्षीय संबंधों को और आगे बढ़ाने और गति देने के लिए भारत-इटली संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना 2025-29 का स्वागत किया। श्री मोदी ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से मुलाकात की। नेताओं ने दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझीदारी के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने एक संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभप्रद मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की आवश्यकता को भी स्वीकार किया। श्री मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन से भी मुलाकात की। नेताओं ने व्यापार और निवेश, प्रौद्योगिकी, एआई, डीपीआई के क्षेत्रों में भारत एवं फ्रांस के संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। उन्होंने हिन्द प्रशांत समेत क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।  

सिर्फ महारानी एलिजाबेथ को हासिल है ये गौरव, पीएम मोदी को नाइजीरिया सरकार ने सम्मान में दी अबुजा शहर की चाबी भेंट

अबुजा. नाइजीरिया सरकार के मंत्री ने पीएम मोदी को सम्मान स्वरूप अबुजा शहर की चाबी भेंट की। दरअसल यह चाबी नाइजीरिया के लोगों द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के प्रति दिखाए गए सम्मान और विश्वास का प्रतीक है। नाइजीरिया की सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने शीर्ष सम्मान द ग्रांड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द नाइजर से सम्मानित करने का एलान किया है। पीएम मोदी से पहले सिर्फ ब्रिटेन की पूर्व महारानी क्वीन एलिजाबेथ को ही इस सम्मान से सम्मानित किया गया था। वहीं नाइजीरिया 17वां देश है, जो अपने शीर्ष सम्मान से पीएम मोदी को सम्मानित कर रहा है। चीन और नीदरलैंड के बाद नाइजीरिया, भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार देश है। नाइजीरिया में कई गुजराती और सिंधी परिवार बसे हुए हैं। भारत के लिए अहम क्यों है नाइजीरिया नाइजीरिया में तेल और गैस के विशाल भंडार हैं, इस वजह से नाइजीरिया अफ्रीका के अहम देशों में से एक है। भारत की ऊर्जा जरूरतों के लिहाज से भी नाइजीरिया अहम है। भारत ने नाइजीरिया के ऊर्जा, खनन, फार्मास्यूटिकल्स और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में निवेश किया हुआ है और भारत की करीब 150 कंपनियां काम कर रही हैं, जिनका नाइजीरिया में करीब 27 अरब डॉलर का निवेश है। अपनी यात्रा के तीसरे और अंतिम चरण में, मोदी राष्ट्रपति मोहम्मद इरफान अली के निमंत्रण पर 19 से 21 नवंबर तक गुयाना का दौरा करेंगे। यह 50 वर्षों से अधिक समय में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली गुयाना यात्रा होगी। प्रधानमंत्री मोदी की यह पश्चिम अफ्रीकी देश नाइजीरिया की पहली यात्रा है। वे नाइजीरिया, ब्राजील और गुयाना की पांच दिवसीय यात्रा पर हैं। नाइजीरिया से वे ब्राजील जाएंगे। ब्राजील में, वे ट्रोइका सदस्य के रूप में 19वें जी20 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। प्रधानमंत्री मोदी के साथ ही चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन 18-19 नवंबर को रियो डी जेनेरियो में जी20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले नेताओं में शामिल होंगे। एक अन्य पोस्ट में प्रधानमंत्री ने लिखा कि, ‘नाइजीरिया में मराठी समुदाय ने मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिए जाने पर खुशी जताई। यह वास्तव में सराहनीय है कि वे अपनी संस्कृति और जड़ों से जुड़े हुए हैं।’ गौरतलब है कि पिछले महीने केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिए जाने वाली कई भाषाओं में से एक थी। नाइजीरिया के राष्ट्रपति टीनूबू ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि वह भारतीय प्रधानमंत्री का स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं। हमारी द्विपक्षीय चर्चा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी का विस्तार करना और अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना है। प्रधानमंत्री मोदी, नाइजीरिया में आपका स्वागत है। नाइजीरिया के राष्ट्रपति के सोशल मीडिया पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री ने लिखा कि ‘धन्यवाद, राष्ट्रपति टीनूबू। थोड़ी देर पहले नाइजीरिया पहुंचा हूं। गर्मजोशी से भरे स्वागत के लिए आभारी हूं। मेरी कामना है कि यह यात्रा हमारे देशों के बीच द्विपक्षीय मित्रता को और गहरा बनाए।’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी तीन देशों की यात्रा के पहले चरण में रविवार को अफ्रीकी देश नाइजीरिया पहुंचे। प्रधानमंत्री मोदी के विमान ने नाइजीरिया के अबुजा में लैंडिंग की, जहां नाइजीरिया सरकार के मंत्री न्येसोम एजेनवो वाइक ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। नाइजीरिया सरकार के मंत्री ने पीएम मोदी को सम्मान स्वरूप अबुजा शहर की चाबी भेंट की। दरअसल यह चाबी नाइजीरिया के लोगों द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के प्रति दिखाए गए सम्मान और विश्वास का प्रतीक है। “”In Nigeria, the Marathi community expressed joy at Marathi being conferred the status of a Classical Language. It is truly commendable how they remain connected to their culture and roots. pic.twitter.com/hVDVykAGi2     — Narendra Modi (@narendramodi) November 16, 2024″”

अब आतंकवादी अपने घरों में भी सुरक्षित नहीं हैं, यह भारत की सुरक्षा में आई मजबूती का प्रतीक है: पीएम मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान का नाम लिए बगैर चुनौती देते हुए कहा कि भारत अब बदल चुका है। आतंकवादी अब अपने घरों में भी सुरक्षित नहीं रह पाते हैं। आज प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद, विकास और उनकी सरकार की नीतियों पर विस्तार से चर्चा की। अपने उद्घाटन भाषण में उन्होंने कहा कि अब आतंकवादी अपने घरों में भी सुरक्षित नहीं हैं, यह भारत की सुरक्षा में आई मजबूती का प्रतीक है। प्रधानमंत्री मोदी ने मुंबई के 26/11 आतंकवादी हमले की रिपोर्टों का उल्लेख करते हुए कहा, “आज मैंने एक प्रदर्शनी में 26/11 के हमले से जुड़ी रिपोर्टें देखीं। उस समय आतंकवाद भारतवासियों के लिए एक बड़ा खतरा था और लोग खुद को असुरक्षित महसूस करते थे।” उन्होंने यह भी कहा कि अब स्थितियां बदल चुकी हैं, “अब आतंकवादी अपने घरों में भी सुरक्षित महसूस नहीं करते।” वोट-बैंक राजनीति से दूर, विकास के लिए प्रतिबद्ध प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार की नीतियों को स्पष्ट करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने हमेशा विकास को प्राथमिकता दी है और वोट-बैंक राजनीति से दूर रही है। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है’लोगों के लिए, लोगों द्वारा विकास’। हम केवल जनहित की दिशा में काम कर रहे हैं।” भारत को विकसित बनाने का संकल्प प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य भारत को एक समृद्ध और विकसित राष्ट्र बनाना है। भारतीयों ने हमें अपना विश्वास दिया है और हम उस विश्वास को पूरी ईमानदारी से निभा रहे हैं।” उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए फैल रही गलत जानकारी और अफवाहों का भी जिक्र किया और कहा कि उनकी सरकार दृढ़ और अडिग है। युवाओं में जोखिम उठाने की क्षमता का विकास प्रधानमंत्री मोदी ने यह स्वीकार किया कि स्वतंत्रता के बाद भारत में युवाओं में जोखिम उठाने की भावना का अभाव था, लेकिन पिछले 10 वर्षों में यह पूरी तरह से बदल चुका है। उन्होंने कहा, “आज भारत में 1.25 लाख से अधिक रजिस्टर्ड स्टार्टअप्स हैं और हमारे युवा देश को गर्व महसूस कराने के लिए तत्पर हैं।” रोजगार सृजन में सरकार की योजनाएं प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार की स्वच्छता और रोजगार सृजन योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “हमारे देश में शौचालय बनाने का अभियान शुरू किया गया था। यह योजना केवल स्वच्छता सुधारने में नहीं, बल्कि रोजगार सृजन और अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देने में मददगार रही है। यह योजना सम्मान और सुरक्षा प्रदान करती है।” गैस कनेक्शन से लेकर टॉयलेट निर्माण तक प्रधानमंत्री मोदी ने एलपीजी गैस कनेक्शन के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “कभी गैस कनेक्शन सिर्फ एक सपना था। इस पर बहस होती थी। लेकिन हमारी सरकार ने हर घर में गैस कनेक्शन देने का कार्य प्राथमिकता से किया। 2014 में 14 करोड़ गैस कनेक्शन थे आज 30 करोड़ से अधिक गैस कनेक्शन हैं। अब कभी गैस की कमी की बात नहीं सुनाई देती।” प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में यह भी कहा कि उनकी सरकार ने देश को मजबूत, आत्मनिर्भर और प्रौद्योगिकी-सक्षम राष्ट्र बनाने के लिए कई योजनाओं की शुरुआत की है। आने वाले समय में इन योजनाओं का और प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन किया जाएगा।

PM मोदी फिर 3 देशों के दौरे पर च , 56 साल बाद किसी प्रधानमंत्री की गुयाना यात्रा क्यों अहम

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 16-21 नवंबर तक तीन देशों की यात्रा पर रहेंगे। इस दौरान वह जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए ब्राजील भी जाएंगे। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान मोदी के कई नेताओं से मुलाकात की संभावना है। प्रधानमंत्री ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा द्वारा आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए 18-19 नवंबर को रियो डी जेनेरियो का दौरा करेंगे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के साथ जी-20 ट्रोइका का हिस्सा है और जी-20 शिखर सम्मेलन की चर्चाओं में सक्रिय रूप से योगदान दे रहा है। शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री वैश्विक महत्व के विभिन्न मुद्दों पर भारत का रुख सामने रखेंगे और पिछले दो वर्षों में ‘भारत द्वारा आयोजित जी-20 नई दिल्ली लीडर्स डिक्लेरेशन’ और ‘वायस आफ द ग्लोबल साउथ समिट’ के परिणामों पर चर्चा करेंगे। नाइजीरिया के राष्ट्रपति बोला अहमद टीनूबू के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी 16-17 नवंबर को नाइजीरिया की यात्रा पर जाएंगे। यह 17 वर्षों में भारत के प्रधानमंत्री की नाइजीरिया की पहली यात्रा होगी। इस दो दिवसीय दौरे में वह भारतीय समुदाय की एक सभा को भी संबोधित करेंगे। भारत और नाइजीरिया 2007 से ही रणनीतिक साझेदार हैं, जिनके बीच आर्थिक, ऊर्जा और रक्षा सहयोग बढ़ रहा है। करीब 200 भारतीय कंपनियों ने नाइजीरिया में 27 बिलियन डॉलर से अधिक का निवेश किया है। इसी तरह प्रधानमंत्री मोदी 19 से 21 नवंबर तक गुयाना की राजकीय यात्रा पर रहेंगे। किसी भारतीय प्रधानमंत्री की 1968 के बाद यहां की यह पहली यात्रा होगी। यह दौरा राष्ट्रपति मोहम्मद इरफ़ान अली के निमंत्रण पर हो रहा है। इस यात्रा पर मोदी अली के साथ द्विपक्षीय चर्चा करेंगे। इसके अलावा वह गुयाना के वरिष्ठ नेताओं से मिलेंगे और संसद और प्रवासी भारतीयों की एक सभा को भी संबोधित करेंगे। गुयाना में रहते हुए मोदी जॉर्जटाउन में दूसरे कैरिकॉम-भारत शिखर सम्मेलन में भी भाग लेंगे और इस क्षेत्र के साथ भारत के संबंधों को बढ़ाने के लिए कैरिकॉम के सदस्य देशों के नेताओं के साथ बैठकें करेंगे। बता दें कि 2023 में गुयाना के राष्ट्रपति अली मध्य प्रदेश में प्रवासी भारतीय दिवस में मुख्य अतिथि के रूप में भारत आए थे और उन्हें प्रवासी भारतीय सम्मान से सम्मानित किया गया था। बड़ी बात यह है कि गुयाना में करीब 40 फीसदी आबादी भारतीयों की है। औपनिवेशिक काल में भारत और गुयाना दोनों ब्रिटिश साम्राज्य का हिस्सा थे। बयान में कहा गया है कि यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री भारत और नाइजीरिया के बीच रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा करेंगे तथा द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा करेंगे। मोदी गुयाना के राष्ट्रपति मोहम्मद इरफान अली के निमंत्रण पर 19-21 नवंबर तक गुयाना की राजकीय यात्रा करेंगे। गुयाना की यह यात्रा 1968 के बाद भारत के प्रधानमंत्री की पहली यात्रा होगी।  

पीएम मोदी और धीरेंद्र शास्त्री के बीच मुलाकात हुई. इस दौरान दोनों नेताओं ने हाथ जोड़कर एक-दूसरे का अभिवादन किया

नई दिल्ली बीजेपी सांसद अनिल बलूनी के दिल्ली स्थित आवास पर उत्तराखंड का इगास पर्व रात को मनाया गया. इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई वीवीआईपी लोग शामिल हुए. बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भी इस कार्यक्रम में मौजूद थे. पीएम मोदी और धीरेंद्र शास्त्री के बीच मुलाकात भी हुई. इस दौरान दोनों नेताओं ने हाथ जोड़कर मुस्कराते हुए एक-दूसरे का अभिवादन किया. अनिल बलूनी के आवास पर मनाए गए इस पर्व में बाबा रामदेव, जूना अखाड़ा के पीठाधीश्वर अवधेशानंद जी महाराज, बागेश्वर बाबा पंडित धीरेंद्र शास्त्री समेत अन्य संत भी पहुंचे थे. इसके अलावा देश के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे. PM मोदी ने उत्तराखंडवासियों को दी बधाई   प्रधानमंत्री मोदी ने भी इगास पर्व के लिए उत्तराखंड के लोगों को बधाई दी. उन्होंने कहा, “दिल्ली में आज मुझे भी उत्तराखंड से लोकसभा सांसद अनिल बलूनी जी के यहां इस त्योहार में शामिल होने का सौभाग्य मिला. मेरी कामना है कि यह पर्व हर किसी के जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली लाए.”   अनिल बलूनी ने PM मोदी को कहा शुक्रिया उत्तराखंड के इस पर्व में शामिल होने के लिए गढ़वाल से बीजेपी सांसद अनिल बलूनी ने प्रधानमंत्री मोदी समेत सभी दिग्गजों का आभार जताया. उन्होंने पीएम का आभार जताते हुए कहा कि हम उत्तराखंडवासियों के लिए आज का दिन बहुत विशेष है. मेरे दिल्ली स्थित आवास पर आयोजित इगास के कार्यक्रम को आपकी उपस्थिति ने विराट भव्यता ही नहीं दी, बल्कि लगभग लुप्त हो चुके हमारे इस लोकपर्व के आयोजन को नई पहचान भी दी. दीपावली के बाद उत्तराखंड में मनाया जाता है इगास बग्वाल उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्र में दीपावली के ठीक 11 दिन बाद एक पर्व मनाया जाता है, जिसे इगास बग्वाल कहा जाता है. इगास बग्वाल न सिर्फ उत्तराखंड का पारंपरिक पर्व है, बल्कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति का प्रतीक भी है. उत्तराखंड में इगास बग्वाल को मनाने की पीछे एक कहानी काफी प्रचलित है. ऐसा कहा जाता है कि गढ़वाल में भगवान श्रीराम के वनवास के बाद अयोध्या लौटने का समाचार देरी से पहुंचा था और पहाड़ में लोगों ने तभी दीपावली मनाई थी. ये त्योहार देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर माना जाता है. इसकी दूसरी पहचान बूढ़ी दीपावली के नाम से भी है. इगास पर्व में मुख्य आकर्षण का केंद्र मशाल होती है. इसमें चीड़ की लकड़ी से बनी मशाल जलाई जाती है. जिसे भैलो कहा जाता है. इस दौरान लोग गीतों और नृत्य का आनंद लेते हैं.

PM मोदी ने चिमूर में कहा- हमने 370 को खत्म किया, कश्मीर को भारत और भारत के संविधान से पूरी तरह जोड़ा

महाराष्ट्र महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर राज्य में दोनों गठबंधन कोई भी कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं. इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के चिमूर में जनसभा को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा.  उन्होंने कहा कि कांग्रेस और अघाड़ी वाले देश को पीछे करने का, देश को कमजोर करने का कोई मौका नहीं छोड़ते. उन्होंने कहा कि ये लोग वो काम कर रहे हैं जो पाकिस्तान चाहता है. धारा 370 को लेकर साधा निशाना PM मोदी ने कहा, “हमने 370 को खत्म किया.कश्मीर को भारत और भारत के संविधान से पूरी तरह जोड़ा.लेकिन कांग्रेस और उसके साथी कश्मीर में फिर से 370 लागू करने के लिए प्रस्ताव पास कर रहे हैं.ये लोग वो काम कर रहे हैं जो पाकिस्तान चाहता है.” उन्होंने आगे कहा, “हमारा जम्मू-कश्मीर दशकों तक अलगाववाद और आतंकवाद में जलता रहा.महाराष्ट्र के कितने ही वीर जवान मातृभूमि की रक्षा करते करते जम्मू-कश्मीर की धरती पर शहीद हो गए.जिस कानून की आड़ में, जिस धारा की आड़ में ये सब हुआ, वो धारा थी 370. ये धारा 370 कांग्रेस की देन थी. ‘नक्सलवाद पर लगाई लगाम’ कांग्रेस और उसके साथियों ने आपको सिर्फ और सिर्फ खूनी खेल दिए हैं. ये हमारी सरकार है जिसने नक्सलवाद पर लगाम लगाई है. आज ये पूरा क्षेत्र खुलकर सांस ले पा रहा है. अब चिमूर और गढ़ चिरौली के क्षेत्र में नए अवसर बन रहे हैं. इस क्षेत्र में नक्सलवाद फिर से हावी न हो जाए, इसके लिए आपको कांग्रेस और उसके साथियों को यहां फटकने भी नहीं देना है. उन्होंने आगे कहा, “हमारे चंद्रपुर के इस क्षेत्र ने भी दशकों तक नक्सलवाद की आग को झेला है. यहां नक्सलवाद के कुचक्र में कितने ही युवाओं का जीवन बर्बाद हो गया. हिंसा का खूनी खेल चलता रहा, औधोगिक संभावनाओं ने यहां दम तोड़ दिया. ‘आदिवासी समुदाय को बंटाना चाहती है कांग्रेस’ PM मोदी ने कहा,  “भाजपा और महायुति सरकार  ‘सबका साथ-सबका विकास’ के मंत्र को लेकर काम कर रही है. मैं गरीब के जीवन की मुश्किलों को समझता हूं, इसलिए आपका जीवन आसान बनाने के लिए मैं दिनरात काम करता हूं.” PM मोदी ने आगे कहा, “आज मैं आपको कांग्रेस और उसके साथियों की एक बड़ी साजिश से भी सावधान कर रहा हूं. हमारे देश में आदिवासी समाज की जनसंख्या करीब 10% के आसपास है. कांग्रेस अब आदिवासी समाज को जातियों में बांटकर कमजोर करना चाहती है. कांग्रेस चाहती है कि हमारे आदिवासी भाई ST के रूप में अपनी पहचान खो दें, उनकी ताकत से उनकी जो पहचान बनी है वो बिखर जाए.” ‘किसानों को बनाना है समृद्ध’ PM मोदी ने कहा,  “हमें महाराष्ट्र को समृद्ध बनाने के लिए हमारे किसानों को समृद्ध बनाना है. आज यहां किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि का फायदा मिल रहा है. महायुति सरकार साथ में नमो शेतकरी योजना का डबल फायदा भी दे रही है.” आरक्षण से चिढ़ती है कांग्रेस PM मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “अगर आप एक नहीं रहे, आपकी एकजुटता टूटी, तो सबसे पहले कांग्रेस आपका आरक्षण छीन लेगी. कांग्रेस के शाही परिवार की हमेशा से मानसिकता रही है कि वो इस देश वे राज करने के लिए ही पैदा हुआ है. आजादी के बाद इसलिए ही कांग्रेस ने दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों को आगे नहीं बढ़ने दिया. कांग्रेस आरक्षण से चिढ़ती है. ‘हम एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे’ PM मोदी ने कहा, “आज मैं आपको कांग्रेस और उसके साथियों की एक बड़ी साजिश से भी सावधान कर रहा हूं. हमारे देश में आदिवासी समाज की जनसंख्या करीब 10% के आसपास है.कांग्रेस अब आदिवासी समाज को जातियों में बांटकर कमजोर करना चाहती है. कांग्रेस चाहती है कि हमारे आदिवासी भाई ST के रूप में अपनी पहचान खो दें, उनकी ताकत से उनकी जो पहचान बनी है वो बिखर जाए.” उन्होंने आगे कहा, “आपकी एकता टूट जाए, ये कांग्रेस का खतरनाक खेल है. आदिवासी समाज जातियों में बटेगा, तो उसकी पहचान और ताकत खत्म हो जाएगी.कांग्रेस के शहजादे विदेश में जाकर खुद ये ऐलान कर चुके हैं. इसलिए मैं कहता हूं कि हमें कांग्रेस के इस षड्यंत्र का शिकार नहीं होना है, हमें एकजुट रहना है. इसलिए मेरा आपसे आग्रह है: हम एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे.”  

विशेष अभियानों ने स्क्रैप के निपटान के जरिए 2,364 करोड़ रुपये का राजस्व पैदा किया है, पीएम मोदी ने की सराहना

नई दिल्ली कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने 31 अक्टूबर, 2024 को समाप्त हुए विशेष अभियान 4.0 के कार्यान्वयन चरण के सफल समापन की घोषणा की। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा 2021-24 तक चलाए गए विशेष अभियानों ने स्क्रैप के निपटान के जरिए 2,364 करोड़ रुपये का राजस्व पैदा किया है। पीएम मोदी ने भी इन नतीजों की सराहना की है। जितेंद्र सिंह ने बताया कि विशेष अभियान 4.0 स्वच्छता को संस्थागत बनाने और सरकारी कार्यालयों में लंबित मामलों को कम करने के लिए देश का सबसे बड़ा अभियान था और इसने कई बेहतरीन प्रथाएं और उपलब्धियां देखी हैं। प्रधानमंत्री मोदी के निर्देशों से प्रेरित होकर, स्वच्छता और लंबित मामलों को कम करने के लिए ‘विशेष अभियान 4.0’ में संतृप्ति दृष्टिकोण को अपनाया गया और देश के दूरदराज के हिस्सों में 5.97 लाख से अधिक कार्यालयों को कवर किया गया। जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए भी जानकारी दी, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण से प्रेरित होकर, विशेष अभियान 4.0, जो कि अपने प्रकार का भारत का सबसे बड़ा अभियान है, ने कई महत्वपूर्ण परिणाम हासिल किए हैं। 2021 से कबाड़ को हटाकर राज्य कोष में लगभग 2,364 करोड़ रुपये जोड़े गए हैं।” पीएम मोदी ने इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “सही प्रबंधन और सक्रिय कदमों पर ध्यान देकर इस प्रयास ने बेहतरीन नतीजे हासिल किए हैं। यह दिखाता है कि मिलकर किए गए प्रयास स्थायी परिणाम दे सकते हैं, जिससे साफ-सफाई और आर्थिक बचत दोनों को बढ़ावा मिलता है।” जितेंद्र सिंह ने बताया कि विशेष अभियान 4.0 ने 2-31 अक्टूबर, 2024 की अवधि में 650 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व अर्जित किया। विशेष अभियान 4.0 के तहत 5.97 लाख से अधिक स्थलों पर स्वच्छता अभियान चलाया गया और इसके परिणामस्वरूप कार्यालय उपयोग के लिए 190 लाख वर्ग फुट जगह खाली हुई। हर साल के साथ विशेष अभियान का आकार और पैमाना बढ़ता जा रहा है। विशेष अभियान 4.0 की समीक्षा कैबिनेट मंत्रियों, राज्य मंत्रियों और केन्द्र सरकार के सचिवों द्वारा की गई और इन्होंने कार्यान्वयन के मामले में नेतृत्व और मार्गदर्शन प्रदान किया गया। पोर्टल पर मंत्रालयों द्वारा रिपोर्ट किये गए अभियान के अंतिम आंकड़ों के अनुसार, इस अभियान के परिणाम निम्नलिखित हैं: स्वच्छता अभियान स्थल (लाख में)- 5.97 अर्जित राजस्व (करोड़ रुपए में)- 650.10 मुक्त स्थान (लाख वर्ग फीट)- 190 रिकॉर्ड प्रबंधन फाइलों की समीक्षा की गई (भौतिक फाइलें + ई-फाइलें) (लाखों में)- 45.10 रिकॉर्ड प्रबंधन (भौतिक फाइलें हटाई गईं + ई-फाइलें बंद की गईं) (लाखों में)- 25.19 लोक शिकायतें + निपटाई गई अपीलें (लाखों में)- 5.55

पीएम मोदी ने महाराष्ट्र के धुले में कहा-दुनिया की कोई भी ताकत कश्मीर में आर्टिकल 370 की वापसी नहीं करा सकती

धुले जम्मू-कश्मीर विधानसभा में अनुच्छेद 370 को लेकर मचे कोहराम पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी पहली प्रतिक्रिया दी। पीएम मोदी ने महाराष्ट्र के धुले में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस-नेशनल कॉन्फ्रेंस पर जोरदार प्रहार किया। उन्होंने कहा कि कश्मीर में केवल बाबा साहेब अंबेडकर का ही संविधान चलेगा। दुनिया की कोई भी ताकत कश्मीर में आर्टिकल 370 की वापसी नहीं करा सकती है। पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस और इंडी ब्लॉक वालों को जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाने का मौका मिला, वो कश्मीर को लेकर फिर से नई साजिशें करने लगे हैं। दो- तीन दिन पहले आपने टीवी में देखा होगा कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा में क्या कुछ हुआ। कांग्रेस-एनसी गठबंधन ने वहां फिर से आर्टिकल 370 लागू करने का प्रस्ताव पारित किया है। क्या ये देश स्वीकार करेगा। कश्मीर को तोड़ने का कांग्रेस का ये कारनामा आपको मंजूर है। पीएम मोदी ने आगे कहा कि आर्टिकल 370 के समर्थन में जम्मू-कश्मीर विधानसभा में बैनर लहराए गए। जब भाजपा के विधायकों ने जी जान से उसका विरोध किया, उन्हें उठा-उठाकर के सदन के बाहर फेंक दिया गया। कांग्रेस और उनके सहयोगी की ये घिनौनी सच्चाई पूरे देश और महाराष्ट्र को समझनी होगी। कांग्रेस-एनसी गठबंधन एक तरफ जम्मू-कश्मीर से भारत के संविधान हटाने का प्रस्ताव पास करता है। कांग्रेस जम्मू-कश्मीर में बाबा साहेब का संविधान नहीं चाहती है। कांग्रेस गठबंधन महाराष्ट्र में आकर संविधान की झूठी किताब लहराती है। पीएम मोदी ने कहा कांग्रेस और महाविकास अघाड़ी वालों से कहना चाहता हूं कि पाकिस्तान के एजेंडे को देश में बढ़ावा देने की कोशिश मत करो। कश्मीर को लेकर अलगावादियों की भाषा मत बोलो। याद रखो तुम्हारे मंसूबे कामयाब नहीं होंगे और जब तक मोदी पर जनता जर्नादन का आशीर्वाद है, कांग्रेस वाले कश्मीर में कुछ नहीं कर पाएंगे। कश्मीर पर केवल बाबा साहेब अंबेडकर का ही संविधान चलेगा। ये मोदी का फैसला है, दुनिया की कोई भी ताकत कश्मीर में आर्टिकल 370 की वापसी नहीं करा सकती है। उन्होंने कहा कि आजादी के समय बाबा साहेब दलितों और वंचितों के लिए आरक्षण चाहते थे। लेकिन, नेहरू जी इस बात पर अड़े थे किसी भी कीमत पर दलितों, पिछड़ों और वंचितों को आरक्षण नहीं दिया जाना चाहिए। बहुत मुश्किल से बाबा साहेब दलितों और आदिवासियों के लिए आरक्षण का प्रावधान कर पाए थे। नेहरू जी के बाद इंदिरा जी आईं और उन्होंने भी आरक्षण के खिलाफ ऐसा ही रवैया जारी रखा था। ये लोग चाहते थे कि एससी, एसटी,ओबीसी हमेशा कमजोर रहे। इंदिरा जी के बाद राजीव गांधी ने भी ओबीसी आरक्षण का खुलकर विरोध किया था। ये लोग जानते थे कि एससी,एसटी और ओबीसी मजबूत हो गए तो उनकी राजनीति की दुकान का शटर गिर जाएगा। राजीव गांधी के बाद अब इस परिवार की चौथी पीढ़ी, इनका युवराज इसी खतरनाक भावना के साथ काम कर रहे हैं। कांग्रेस का एकमात्र एजेंडा है, किसी भी तरह एससी, एसटी समाज की एकता को तोड़ें, ओबीसी समाज की एकता को चकनाचूर कर दें। कांग्रेस चाहती है कि एससी समाज अलग-अलग जातियों में बिखरा रहे, ताकि एससी समाज की सामूहिक शक्ति कमजोर पड़ जाए। कांग्रेस ओबीसी और एसटी समाज को भी अलग-अलग जातियों में बांटने की कोशिश कर रही है।

कांग्रेस धर्म और जातियों के नाम पर लोगों को लड़ा रही है, प्रधानमंत्री ने कहा कि एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे

महाराष्ट्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज महाराष्ट्र के दौरे पर हैं। उन्होंने धुले एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। पीएम मोदी ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस का एजेंडा देश के सभी आदिवासी समुदायों के बीच दरार पैदा करना है। कांग्रेस धर्म और जातियों के नाम पर लोगों को लड़ा रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “कांग्रेस का एजेंडा देश के सभी आदिवासी समुदायों के बीच दरार पैदा करना है… जब कांग्रेस ने धार्मिक समूहों के साथ इस साजिश की कोशिश की, तो इससे देश का विभाजन हुआ। अब कांग्रेस एससी, एसटी और ओबीसी श्रेणियों को एक-दूसरे के खिलाफ भड़का रही है। भारत के लिए इससे बड़ी कोई साजिश नहीं हो सकती… जब तक आप एकजुट रहेंगे, तब तक आप मजबूत रहेंगे… ‘एक है तो सुरक्षित है’।”   इनका युवराज इसी खतरनाक भावना के साथ काम कर रहा- मोदी पीएम मोदी ने धुले में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “आजादी के समय बाबासाहेब दलितों और वंचितों के लिए आरक्षण चाहते थे लेकिन नेहरू जी इस बात पर अड़े थे कि दलितों, पिछड़ों और वंचितों को आरक्षण नहीं दिया जाना चाहिए। बड़ी मुश्किल से बाबासाहेब दलितों और आदिवासियों के लिए आरक्षण का प्रावधान कर पाए थे। नेहरू जी के बाद इंदिरा जी आईं और उनका भी आरक्षण के खिलाफ यही रवैया था। ये लोग चाहते थे कि SC, ST, OBC हमेशा कमजोर रहें। राजीव गांधी ने भी OBC आरक्षण का खुलकर विरोध किया था। राजीव गांधी के बाद अब इस परिवार की चौथी पीढ़ी, इनका युवराज इसी खतरनाक भावना के साथ काम कर रहा है। कांग्रेस को आदिवासियों की एकता पसंद नहीं प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस का एकमात्र एजेंडा SC, ST, OBC समाज की एकता को किसी भी तरह से तोड़ना है। कांग्रेस चाहती है कि SC, ST, OBC समाज अलग-अलग जातियों में बंटा रहे। कांग्रेस आदिवासी समाज की पहचान, ST की एकता को तोड़ने में लगी हुई है। कांग्रेस को आदिवासियों की एकता पसंद नहीं है। जब कांग्रेस ने धर्म के नाम पर ऐसी साजिश रची थी, जब देश का बंटवारा हुआ था, अब कांग्रेस SC, ST, OBC की एक जाति को दूसरी जाति के खिलाफ खड़ा कर रही है। इससे बड़ी साजिश भारत के खिलाफ नहीं हो सकती।”

PM Modi ने Donald Trump को जीत की दी बधाई, कहा- ‘मित्र को ऐतिहासिक जीत की बधाई..

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप की ‘ऐतिहासिक’ जीत सुनिश्चित होने पर बुधवार को उन्हें बधाई दी और वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए साथ मिलकर काम करने का आह्वान किया। मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मेरे दोस्त डोनाल्ड ट्रंप को उनकी ऐतिहासिक चुनावी जीत पर हार्दिक बधाई। आपके अपने पिछले कार्यकाल की सफलताओं के क्रम में, मैं भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए हमारे सहयोग को नए सिरे से आगे बढ़ाने की आशा करता हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आइए एक साथ मिलकर अपने लोगों की बेहतरी के लिए और वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए काम करें।’’ अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप शुरुआती मतगणना में डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार कमला हैरिस से आगे हैं। एसोसिएटेड प्रेस द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, रिपब्लिकन उम्मीदवार ट्रंप ने 230 निर्वाचक मंडल वोट जबकि हैरिस ने 205 निर्वाचक मंडल वोट हासिल कर लिए हैं। 270 या उससे अधिक निर्वाचक मंडल वोट जीतने वाला उम्मीदवार राष्ट्रपति चुना जाता है।  

प्रधानमंत्री मोदी आज झारखंड में भरेंगे हुंकार, गढ़वा और चाईबासा में करेंगे चुनावी रैली

रांची  झारखंड विधानसभा चुनाव के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 4 नवंबर को गढ़वा और चाईबासा में चुनावी सभाओं को संबोधित करने जा रहे हैं. नई दिल्ली से प्रधानमंत्री गया एयरपोर्ट होते हुए गढ़वा जाएंगे और गढ़वा में चुनावी सभा को संबोधित करने के बाद करीब 12:30 बजे रांची एयरपोर्ट पहुंचेंगे. रांची एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए भाजपा के विधानसभा चुनाव प्रभारी केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, असम के मुख्यमंत्री और विधानसभा चुनाव सह प्रभारी हिमंता बिस्वा सरमा, सांसद दीपक प्रकाश, संगठन मंत्री करमवीर सिंह समेत कई अन्य भाजपा नेता मौजूद रहेंगे. रांची एयरपोर्ट पर करीब आधे घंटे तक भाजपा नेताओं से बातचीत करने के बाद प्रधानमंत्री चाईबासा के लिए रवाना हो जाएंगे. चाईबासा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनावी सभा होगी, जिसके बाद रोड शो भी होने की उम्मीद है. चाईबासा कार्यक्रम स्थल पर सांसद आदित्य साहू मौजूद रहेंगे. 10 नवंबर को भी होगी पीएम मोदी की रैली झारखंड विधानसभा चुनाव जीतने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लगातार कार्यक्रम होने वाला है. पार्टी की ओर से अब तक तय कार्यक्रम के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 6 चुनावी सभाएं होंगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 नवंबर को दूसरी बार झारखंड आने वाले हैं. वे उस दिन रांची और चंदनक्यारी में चुनावी रैलियों को संबोधित करने वाले हैं. पीएम मोदी के अलावा बीजेपी के शीर्ष नेताओं में उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी चुनावी रैलियों को संबोधित करने वाले हैं. जानकारी के मुताबिक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 5 नवंबर को रातू में चुनावी रैली को संबोधित करेंगे, जिसके बाद उनका कार्यक्रम लोहरदगा विधानसभा क्षेत्र में होगा. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 5 नवंबर को जमशेदपुर, कोडरमा और बड़कागांव में चुनावी रैलियों को संबोधित करने वाले हैं.  

झारखंड के विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी, पीएम मोदी सहित 40 नेता शामिल

रांची झारखंड के विधानसभा चुनाव के पहले चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी सहित कुल 40 नेता भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के स्टार प्रचारक होंगे। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और मुख्यालय प्रभारी अरुण सिंह की ओर से इस संबंध में भारत के निर्वाचन आयोग को सूचित कर दिया गया है। झारखंड में कुल 81 विधानसभा सीटों के लिए हो रहे चुनाव के पहले फेज में 43 सीटों पर 13 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। इस चरण के प्रचार के लिए पार्टियों और उम्मीदवारों के पास अब 18 दिन का वक्त है। भाजपा की ओर से स्टार प्रचारक घोषित किए गए नेताओं में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा पहले से कैंप कर रहे हैं। पिछले तीन दिनों में इन दोनों नेताओं ने 10-12 सभाएं संबोधित की हैं। पार्टी की ओर से जिन राज्यों के मुख्यमंत्री स्टार प्रचारक के तौर पर राज्य में चुनावी सभाओं को संबोधित करेंगे, उनमें उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव, ओडिशा के सीएम मोहन चरण माझी, हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी और छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय शामिल हैं। केंद्रीय मंत्रियों में धर्मेंद्र प्रधान और अन्नपूर्णा देवी और केंद्रीय राज्य मंत्री नित्यानंद राय और संजय सेठ भी स्टार प्रचारक होंगे। पार्टी के बड़े नेताओं में स्मृति ईरानी, उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, राज्यसभा सदस्य लक्ष्मीकांत वाजपेयी, नागेंद्र नाथ त्रिपाठी, कर्मवीर सिंह, सुवेंदु अधिकारी भी स्टार प्रचारक बनाए गए हैं। भाजपा की झारखंड प्रदेश इकाई के नेताओं में प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी, विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी, पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, पूर्व सीएम चंपई सोरेन, पूर्व सांसद कड़िया मुंडा, राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश, सांसद विद्युत वरण महतो, निशिकांत दुबे, ढुल्लू महतो, आदित्य साहु, प्रदीप वर्मा, बालमुकुंद सहाय, पूर्व विधायक सीता सोरेन, पूर्व मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी, मनोज सिंह और घूरन राम भी स्टार प्रचारकों की सूची में शामिल हैं। राज्य में पहले चरण के लिए नामांकन की प्रक्रिया शुक्रवार को संपन्न हो गई। चुनाव आयोग की वेबसाइट पर शाम 5 बजे तक अपडेट की गई सूचना के मुताबिक, पहले फेज के लिए कुल 868 प्रत्याशियों ने नामांकन किया है।

जिनपिंग के साथ वार्ता के बाद PM मोदी बोले- वैश्विक शांति के लिए भारत-चीन संबंधों में स्थिरता महत्वपूर्ण

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यहां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय वार्ता की और भारत-चीन संबंधों को क्षेत्रीय व वैश्विक शांति तथा स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण करार देते हुए कहा कि आपसी विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों का मार्गदर्शन करेंगे। मई 2020 में पूर्वी लद्दाख सीमा विवाद उत्पन्न होने के बाद दोनों देशों के बीच शीर्ष स्तर पर यह पहली संरचित बैठक थी। बैठक की तस्वीरें ‘एक्स’ पर साझा करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘कजान ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। भारत-चीन संबंध हमारे देशों के लोगों के लिए और क्षेत्रीय और वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण हैं। आपसी विश्वास, आपसी सम्मान और आपसी संवेदनशीलता द्विपक्षीय संबंधों का मार्गदर्शन करेंगे।” यह वार्ता ऐसे समय में हुई है जब एक दिन पहले ही भारत और चीन ने पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर अपनी सेनाओं द्वारा गश्त करने के समझौते पर सहमति जताई थी। चार साल से चल रहे गतिरोध को समाप्त करने की दिशा में इसे एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। नवंबर 2022 में, मोदी और शी ने इंडोनेशियाई राष्ट्रपति द्वारा जी-20 नेताओं के लिए आयोजित रात्रिभोज में एक-दूसरे का अभिवादन किया और संक्षिप्त बातचीत की थी। पिछले वर्ष अगस्त में भी भारतीय प्रधानमंत्री और चीनी राष्ट्रपति ने ब्रिक्स (ब्राजील-रूस-भारत-चीन-दक्षिण अफ्रीका) शिखर सम्मेलन के दौरान जोहानिसबर्ग में एक संक्षिप्त और अनौपचारिक बातचीत की थी।

मोदी कैबिनेट ने 57 किलोमीटर लंबी अमरावती रेलवे लाइन को मंजूरी दी, बिहार और आंध्र को मिलेगा फायदा

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट ने गुरुवार को दो बड़े प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है. कैबिनेट ने मोदी कैबिनेट ने गुरुवार को 57 किलोमीटर लंबी अमरावती रेलवे लाइन को मंजूरी दे दी है. इस रेल लाइन के निर्माण में 2245 करोड़ रुपये का खर्चा आएगा. मंत्रिमंडल ने 6,798 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली दो रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी और कनेक्टिविटी प्रदान करने, यात्रा करने में आसानी, लॉजिस्टिक्‍स लागत को कम करने, तेल आयात को कम करने और कम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन के लिए 5 वर्षों में पूरा किया जाएगा. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि आंध्र प्रदेश में रेलवे का मल्टी मॉडल परिवहन बनाया जा रहा है, जिसके तहत कृष्णा नदी पर 3.2 किमी लंबा नया पुल बनाया जाएगा. इस महत्वकांक्षी परियोजना से हैदराबाद, चेन्नई और कोलकाता जैसे सभी महानगर को अमरावती से जुड़ जाएंगे. इसके साथ ही अमरावती स्तूप, कोंडावली गुफाएं, कई बंदरगाह भी जुड़ेंगे. इस प्रोजेक्ट से लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा और पीएम मोदी ने पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए मंजूरी दी है. इस प्रोजेक्ट के मंजूरी देकर पीएम ने आंध्र के लोगों के एक सपने को पूरा किया है. बिहार को छठ का तोहफा कैबिनेट ने बिहार को बड़ा तोहफा देते हुए उत्तर बिहार के महत्वपूर्ण रेलवे लाइन को डॉबलिंग करने को मंजूरी दे दी है. इस प्रोजेक्ट से पूर्वी-पश्चिमी चंपारण, दरभंगा और मुजफ्फरपुर के साथ-साथ उत्तर पूर्व राज्यों का फायदा होगा. इस प्रोजेक्ट में 256 किलोमीटर लंबी नरकटियांग, रक्सौल, सीतामंढ़ी, दरभंगा, मुजफ्फरपुर लाइन को डबल किया जाएगा, इस प्रोजेक्ट में लगभग 40 पुलों का निर्माण किया जाएगा जो उत्तर बिहार और उत्तर पूर्वी राज्यों के कनेक्टिविटी को मजबूत करेंगे, जिसमें 4553 करोड़ रुपये खर्च होंगे. मजबूत होगा स्पेस सेक्टर कैबिनेट से स्पेस सेक्टर को मजबूती देने के लिए इस क्षेत्र में स्टार्टअप के लिए एक हजार करोड़ का वेंचर कैप फंड स्थापित करने का ऐलान किया है. रेल मंत्री ने बताया कि इनोवेशन और स्टार्टअप इकोनॉमी को पीएम मोदी ने बदल दिया है. आज हमारे पास 100 से ज्यादा यूनिकॉर्न हैं जो कि यूरोपीय संघ के अमीर देशों से कहीं ज्यादा हैं. हमारे देश की स्पेस सेक्टर में तेजी से आगे बढ़ने की उम्मीद है.

28 अक्टूबर को पीएम मोदी और स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज वडोदरा में एयरक्राफ्ट प्लांट का करेंगे उद्घाटन

अहमदाबाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 अक्टूबर को स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज के साथ वडोदरा में टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स के एयरक्राफ्ट मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की ‘लास्ट असेंबली लाइन’ का उद्घाटन करेंगे। यह प्लांट, टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड और स्पेन के एयरबस डिफेंस एंड स्पेस (एयरबस डीएस) के बीच सहयोग से भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के लिए पहला ‘मेड इन इंडिया’ सी-295 मीडियम-लिफ्ट टैक्टिकल ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट तैयार करेगा। टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स को एयरबस डीएस द्वारा इंडियन प्रोडक्शन एजेंसी (आईपीए) के रूप में चुना गया है। समझौते के तहत, टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स अपनी सुविधाओं से 40 फ्लाई-अवे सी-295 एयरक्राफ्ट का प्रोडक्शन करेगी और भारतीय वायुसेना द्वारा खरीदे जाने वाले कुल 56 विमानों के लिए एमआरओ सपोर्ट और सर्विस प्रदान करेगी। इस प्रोजेक्ट का लक्ष्य 2026 तक पहला विमान तैयार करना है। स्पेन के प्रधानमंत्री 27 अक्टूबर की रात को वडोदरा पहुंचेंगे। दोनों नेता संयुक्त रूप से प्लांट का शुभारंभ करेंगे और प्रमुख उद्योगपतियों से मिलेंगे। हालांकि दोनों प्रधानमंत्रियों के रोड शो करने की भी बात कही जा रही है, लेकिन सुरक्षा कारणों से आधिकारिक पुष्टि लंबित है। उद्घाटन के बाद, दोनों नेता द्विपक्षीय चर्चा करेंगे और वडोदरा के प्रतिष्ठित लक्ष्मी विलास पैलेस में दोपहर का भोजन करेंगे। बाद में, पीएम मोदी अमरेली जिले के लिए रवाना होंगे, जहां वह एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करेंगे। उनका उद्योगपति सावजी ढोलकिया के गृहनगर दुधाला गांव में ‘अमृत सरोवर’ का उद्घाटन करने और विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखने का भी कार्यक्रम है। प्रधानमंत्री मोदी शाम को दिल्ली लौट आएंगे। गृह मंत्री अमित शाह भी 22 अक्टूबर को गुजरात का दौरा करेंगे। इस बीच, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने रविवार को कहा कि राज्य सरकार लोगों के सामने आने वाली समस्याओं और चुनौतियों से निपटने के लिए लगातार कोशिश कर रही है। विरमगाम के लिए 640 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करते हुए पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश के हरित ऊर्जा क्षेत्र को विकसित करने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल चल रही हैं।  

आदिवासी महिला ने पीएम मोदी के कामों के लिए अपनी खुशी और कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए 100 रुपये देने की इच्छा जताई

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों का गहरा प्रेम देखने को मिलता है। हाल ही में ओडिशा के सुंदरगढ़ में एक खास घटना घटी, जिसने पीएम मोदी को इमोशनल कर दिया। इस घटना को देखकर खुद पीएम मोदी ने ट्वीट कर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। यह घटना इस बात का प्रतीक है कि कैसे लोग उनके कार्यों और प्रयासों को सराहते हैं। वहीं पीएम मोदी का भी यह इमोशनल रिस्पांस उनकी जनता के प्रति लगाव और कृतज्ञता को दर्शाता है। आदिवासी महिला का प्यार भरा उपहार भाजपा के सांसद बैजयंत जय पांडा ने इस घटना को साझा करते हुए बताया कि कैसे एक आदिवासी महिला ने पीएम मोदी के कामों के लिए अपनी खुशी और कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए 100 रुपये देने की इच्छा जताई। यह महिला इतनी भावुक थी कि उसने यह भेंट देने में कोई झिझक नहीं दिखाई। बैजयंत जय पांडा का ट्वीट बैजयंत जय पांडा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि यह घटना उस समय हुई जब वे पार्टी के सदस्यता अभियान में शामिल थे। उन्होंने लिखा, “जब मैंने महिला को बताया कि यह आवश्यक नहीं है, तब भी वह अपनी बात पर अड़ी रही। अंत में, मैंने उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए 100 रुपये स्वीकार कर लिए। यह उस परिवर्तन का प्रतीक है, जो ओडिशा और पूरे भारत में हो रहा है।” पीएम मोदी की भावनाएं बैजयंत जय पांडा के ट्वीट और महिला की भावनाओं को देखकर पीएम मोदी भी इमोशनल हो गए। उन्होंने ट्वीट में लिखा, “इस स्नेह से मैं बहुत अभिभूत हूं। मैं हमारी नारी शक्ति को नमन करता हूं। उनका आशीर्वाद मुझे विकसित भारत के निर्माण के लिए काम करते रहने के लिए प्रेरित करता है।” यह घटना सिर्फ एक महिला के प्यार का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह दर्शाती है कि पीएम मोदी के कार्यों से लोग कितने प्रभावित हैं। यह ओडिशा और पूरे देश में हो रहे सकारात्मक बदलावों की एक झलक है।  

आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसीवाशियों को दी कई सौगात, 6,100 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शुभारंभ किया

वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में 6,100 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इनमें 90 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित आरजे शंकर नेत्र अस्पताल का उद्घाटन भी शामिल है। पीएम ने वाराणसी में आरजे शंकर नेत्र अस्पताल के उद्घाटन के अवसर पर एक सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा, “इस पावन महीने में काशी आना एक पुण्य अनुभूति का अवसर होता है। यहां अपने काशीवासी तो हैं ही, संतजनों और परोपकारियों का भी संग है। इससे सुखद संयोग और क्या हो सकता है। अभी मुझे परम पूज्य शंकराचार्य जी के दर्शन का, प्रसाद पाने का और आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला है।” पीएम मोदी ने सभा को संबोधित करते हुए आगे कहा, “आरजे शंकर नेत्र अस्पताल वाराणसी और इस क्षेत्र के अनेकों लोगों के जीवन से अंधकार दूर करेगा, उन्हें प्रकाश की ओर ले जाएगा। ये अस्पताल बुजुर्गों की भी सेवा करेगा और बच्चों को भी रोशनी देगा। यहां बहुत बड़ी संख्या में गरीबों को मुफ्त इलाज मिलने वाला है। ये अस्पताल, यहां के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर लेकर आया है।” उन्होंने कहा, “काशी की पहचान अनंतकाल से धर्म और संस्कृति की राजधानी के रूप में रही है। अब काशी, यूपी के पूर्वांचल के बड़े आरोग्य केंद्र और हेल्थकेयर हब के रूप में भी विख्यात हो रहा है। काशी को प्राचीन काल से ही धर्म और संस्कृति की राजधानी के रूप में जाना जाता रहा है। अब काशी यूपी के पूर्वांचल क्षेत्र का एक प्रमुख स्वास्थ्य सेवा केंद्र और चिकित्सा केंद्र भी बन रहा है। बीएचयू में ट्रॉमा सेंटर हो, दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल हो या मेडिकल कॉलेजों की स्थापना हो, पिछले 10 वर्षों में काशी में स्वास्थ्य सेवा में बड़े सुधार हुए हैं।” पीएम ने अस्पताल के उद्घाटन से पहले कांची मठ के शंकराचार्य से भी मुलाकात की। उन्होंने एक प्रदर्शनी का दौरा किया। इस दौरान उनके साथ राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी एक दिवसीय वाराणसी दौरे के दौरान 2,870 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित लाल बहादुर शास्त्री इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन और अन्य कार्यों की आधारशिला भी रखने जा रहे हैं।

विंध्य क्षेत्र के लिये गेम चेंजर साबित होगा रीवा एयरपोर्ट, मोदी आज करेंगे शुभारंभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश के साथ मध्यप्रदेश को भी अनेक अनूठी सौगातें दी है, जिससे मध्यप्रदेश तेजी से विकसित राज्य की ओर अग्रसर हो रहा है। विकास की इसी कड़ी प्रधानमंत्री श्री मोदी विंध्य क्षेत्र को एयरपोर्ट की सौगात देने जा रहे हैं। रविवार 20 अक्टूबर विंध्य क्षेत्र के लिये ऐतिहासिक होगा। इस दिन प्रधानमंत्री श्री मोदी रीवा एयरपोर्ट का वर्चुअल शुभारंभ करेंगे। रीवा एयरपोर्ट पूरे विंध्य क्षेत्र के लिये गेम चेंजर साबित होगा, इससे रीवा अंचल में पर्यटन के साथ निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रदेश का 6वां एयरपोर्ट, जिसे डीजीसीए ने दिया लायसेंस मध्यप्रदेश के एक बड़े हिस्से के लिए यह अच्छी खबर है कि डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) ने रीवा एयरपोर्ट को लाइसेंस दे दिया है। इसके अंतर्गत अब यहां से एयरक्राफ्ट आसानी से उड़ान भर सकेंगे। भोपाल, जबलपुर, खजराहो, इंदौर और ग्वालियर के बाद रीवा प्रदेश का 6वां एयरपोर्ट है, जिसे डीजीसीए ने लाइसेंस दिया है। इस एयरपोर्ट पर उड़ानें शुरू होने से प्रदेश के 65 लाख से ज्यादा लोगों को फायदा होगा। साथ ही रीवा की सीमा से लगे उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ के लोगों को भी राहत मिलेगी। उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे क्षेत्र भी होंगे लाभान्वित उल्लेखनीय है कि रीवा से मऊगंज, सीधी, सतना, मैहर जिले सीधे जुड़े हुए हैं। इन जिलों के साथ ही उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे लोग भी काम के सिलसिले में रीवा आते हैं। रीवा की आबादी करीब 15 लाख, मऊगंज की 8 लाख, सीधी की 12 लाख, सिंगरौली की 12 लाख और सतना जिले की आबादी 18 लाख है। इन जिलों की जनता को रीवा एयरपोर्ट बनने से सीधा फायदा होगा। एयर कनेक्टिविटी होने से यहां विकास को भी रफ्तार मिलेगी। रीवा एयरपोर्ट सरकार की उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक- UDAN) योजना के तहत बनाया गया है। इसका उद्देश्य विमान यात्रा को आम जनता के लिए आसान बनाना है। इससे छोटे शहरों के बीच एयर कनेक्टिविटी बेहतर होगी. इसके अलावा अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। निवेश-टूरिज्म को मिलेगा फायदा लाइसेंस मिलने के बाद अब रीवा एयरपोर्ट पर फ्लाइट का आना-जाना, यात्रियों और कार्गो सुविधा का विस्तार होगा. इस एयरपोर्ट को नए ढंग से बनाया गया है। यह अच्छा-खासा टर्मिनल भी बनाया गया है। इस एयरपोर्ट पर एटीआर-72 विमान संचालित किया जा सकता है। ये सभी सुविधाएं एयरलाइंस को अपनी ओर आकर्षित कर सकता है। इस एयरपोर्ट के संचालन से एक ओर पर्यटन को फायदा होगा वहीं दूसरी ओर निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा।  अगले 50 सालों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया प्लान रीवा एयरपोर्ट को अगले 50 सालों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। रीवा से हवाई यात्रा करने वाले यात्री बिना किसी असुविधा के रीवा एयरपोर्ट तक पहुंच सकेंगे। रीवा में पहले से बनाए गए रिंग रोड के चलते सीधी और सतना जिले से यात्रियों का आना-जाना काफी बढ़ गया है। सिंगरौली का पॉवर प्लांट, विंध्य की 29 बड़ी इकाइयां, बेहतरीन हाई-वे, मुकुंदपुर व्हाइट सफारी, बंधावगढ़ नेशनल पार्क, संजय नेशनल पार्क, एशिया का सबसे बड़ा सोलर पावर प्लांट, खूबसूरत जलप्रपात, भगवान श्रीराम की तपोवन भूमि चित्रकूट, मैहर की शारदा मां और सीमेंट के बड़े उद्योग होने से रीवा एयरपोर्ट की महत्वता और भी बढ़ जायेगी। रीवा एयरपोर्ट – एक नजर में 450 करोड़ रूपये की लागत। 102 हेक्टेयर भूमि पर निर्मित। 30 मीटर चौड़ा और 800 मीटर लंबा रन-वे। रन-वे के दोनों तरफ़ 3.5 मीटर के दो शेल्टर। टर्मिनल में बैठने की अच्छी व्यवस्थाएँ। साफ़-सुथरे शौचालय। यात्री सहायता के लिए सूचना डेस्क। स्क्रीनिंग उपकरण और प्रशिक्षित कर्मियों से लैस सुरक्षा उपाय। यात्री और कार्गो विमान भर सकेंगे उड़ान। भोपाल के लिए 72 सीटर विमान सेवाएं शुरू होंगी। भविष्य में अन्य बड़े शहरों तक होगा इसका विस्तार। जनरेटिव एआई की सुविधा एक्सपेरिमेंट के तौर पर उपलब्ध।  

रूस में आयोजित हो रहा 16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने पीएम मोदी 22 अक्टूबर जायेंगे

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रूस की अध्यक्षता में कज़ान में आयोजित हो रहे 16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए 22-23 अक्टूबर तक रूस की यात्रा पर रहेंगे। प्रधानमंत्री रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के निमंत्रण पर रूस की यात्रा पर हैं। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी किए गए एक बयान में बताया गया कि प्रधानमंत्री मोदी रूस की अपनी यात्रा के दौरान ब्रिक्स के सदस्य देशों के अपने समकक्षों और कजान में आमंत्रित नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी कर सकते हैं। ब्रिक्स के इस साल के शिखर सम्मेलन का विषय ‘‘वैश्विक विकास और सुरक्षा के लिए बहुपक्षवाद को मजबूत करना” है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि यह सम्मेलन नेताओं को दुनिया के प्रमुख मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा। मंत्रालय ने कहा, ‘‘इस शिखर सम्मेलन में ब्रिक्स द्वारा शुरू की गई पहलों की प्रगति का आकलन किया जाएगा तथा यह भविष्य में सहयोग के लिए संभावित क्षेत्रों की पहचान करने के वास्ते एक मूल्यवान अवसर भी प्रदान करेगा।” 

पूरे विश्व को महात्मा बुद्ध की शिक्षाएं ग्रहण कर शांति की राह पर चलना चाहिए: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि पूरे विश्व को महात्मा बुद्ध की शिक्षाएं ग्रहण कर शांति की राह पर चलना चाहिए, क्योंकि दुनिया को युद्ध में नहीं, बल्कि बुद्ध में समाधान मिल सकता है। श्री मोदी ने दिल्ली के विज्ञान भवन में अंतरराष्ट्रीय अभिधम्म दिवस और पाली को शास्त्रीय भाषा के रूप में मान्यता देने के लिए आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे समय में जब दुनिया अस्थिरता से ग्रस्त है, बुद्ध न केवल प्रासंगिक हैं, बल्कि एक जरूरत भी हैं। उन्होंने कहा, “मैं आज अभिधम्म पर्व पर पूरे विश्व का आवाहन करता हूं- बुद्ध से सीखिए…युद्ध को दूर करिए…शांति का पथ प्रशस्त करिए…क्योंकि, बुद्ध कहते हैं- “नत्थि-संति-परम-सुखं” अर्थात्, शांति से बड़ा कोई सुख नहीं है।”उन्होंने कहा, “नही वेरेन वैरानि सम्मन्तीध कुदाचनम्, अवेरेन च सम्मन्ति एस धम्मो सनन्ततो” अर्थात वैर से वैर, दुश्मनी से दुश्मनी शांत नहीं होती। वैर अवैर से, मानवीय उदारता से खत्म होता है। बुद्ध कहते हैं- “भवतु-सब्ब-मंगलम्”।। यानी, सबका मंगल हो, सबका कल्याण हो- यही बुद्ध का संदेश है, यही मानवता का पथ है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि हर देश अपनी विरासत को अपनी पहचान से जोड़ता है, लेकिन भारत इस मामले में बहुत पीछे रह गया है। उन्होंने कहा कि आजादी से पहले आक्रमणकारियों ने भारत की पहचान को मिटाने की कोशिश की। बाद में गुलाम मानसिकता से ग्रसित लोगों ने ऐसा किया। आजादी के बाद एक ऐसे समूह ने देश पर कब्जा कर लिया, जो इसे अपनी विरासत की विपरीत दिशा में ले गया। उन्होंने कहा कि पाली को शास्त्रीय भाषा के रूप में मान्यता देना भगवान बुद्ध की महान विरासत का सम्मान है। भाषा सभ्यता और संस्कृति की आत्मा है। पाली भाषा को जिंदा रखना, भगवान बुद्ध के शब्दों को जिंदा रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, “अभिधम्म दिवस हमें याद दिलाता है कि करुणा और सद्भावना से ही हम दुनिया को और बेहतर बना सकते हैं। इससे पहले 2021 में कुशीनगर में ऐसा ही आयोजन हुआ था। वहां उस आयोजन में भी मुझे शामिल होने का सौभाग्य मिला था और ये मेरा सौभाग्य है कि भगवान बुद्ध के साथ जुड़ाव की जो यात्रा मेरे जन्म के साथ ही शुरू हुई है, वो अनवरत जारी है। मेरा जन्म गुजरात के उस वडनगर में हुआ, जो एक समय बौद्ध धर्म का महान केंद्र हुआ करता था। उन्हीं प्रेरणाओं को जीते-जीते मुझे बुद्ध के धम्म और शिक्षाओं के प्रसार के इतने सारे अनुभव मिल रहे हैं।” श्री मोदी ने कहा, “पिछले 10 वर्षों में भारत के ऐतिहासिक बौद्ध तीर्थ-स्थानों से लेकर दुनिया के अलग-अलग देशों तक नेपाल में भगवान बुद्ध की जन्मस्थली के दर्शन, मंगोलिया में उनकी प्रतिमा के अनावरण से लेकर श्रीलंका में वैशाख समारोह तक….मुझे कितने ही पवित्र आयोजनों में शामिल होने का अवसर मिला है। मैं मानता हूँ, संघ और साधकों का ये संग, ये भगवान बुद्ध की कृपा का ही परिणाम है। मैं आज अभिधम्म दिवस के इस अवसर पर भी आप सभी को और भगवान बुद्ध के सभी अनुयायियों को अनेक-अनेक शुभकामनाएँ देता हूँ। आज शरद पूर्णिमा का पवित्र पर्व भी है। आज ही, भारतीय चेतना के महान ऋषि वाल्मीकि जी की जन्म जयंती भी है। मैं समस्त देशवासियों को शरद पूर्णिमा और वाल्मीकि जयंती की भी बधाई देता हूं” उन्होंने कहा कि इस वर्ष अभिधम्म दिवस के आयोजन के एक साथ, एक ऐतिहासिक उपलब्धि भी जुड़ी है। भगवान बुद्ध के अभिधम्म, उनकी वाणी, उनकी शिक्षाएँ, जिस पाली भाषा में ये विरासत विश्व को मिली हैं, इसी महीने भारत सरकार ने उसे क्लासिकल लैंग्वेज (शास्त्रीय भाषा) का दर्जा दिया है। इसलिए, आज ये अवसर और भी खास हो जाता है। पाली शास्त्रीय भाषा का ये दर्जा, पाली भाषा का ये सम्मान भगवान बुद्ध की महान विरासत का सम्मान है। श्री मोदी ने कहा, “आप सभी जानते हैं, अभिधम्म धम्म के निहित है। धम्म को, उसके मूल भाव को समझने के लिए पाली भाषा का ज्ञान आवश्यक है। धम्म यानी, बुद्ध के संदेश, बुद्ध के सिद्धान्त…धम्म यानी, मानव के अस्तित्व से जुड़े सवालों का समाधान…धम्म यानी, मानव मात्र के लिए शांति का मार्ग…धम्म यानी, बुद्ध की सर्वकालिक शिक्षाएँ…..और, धम्म यानी, समूची मानवता के कल्याण का अटल आश्वासन! पूरा विश्व भगवान बुद्ध के धम्म से प्रकाश लेता रहा है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि दुर्भाग्य से पाली जैसी प्राचीन भाषा, जिसमें भगवान बुद्ध की मूल वाणी है, आज सामान्य प्रयोग में नहीं है। भाषा केवल संवाद का माध्यम भर नहीं होती। भाषा सभ्यता और संस्कृति की आत्मा होती है। हर भाषा से उसके मूल भाव जुड़े होते हैं। इसलिए, भगवान बुद्ध की वाणी को उसके मूल भाव के साथ जीवंत रखने के लिए पाली को जीवंत रखना, ये हम सबकी ज़िम्मेदारी है। उन्होंने कहा, “मुझे खुशी है कि हमारी सरकार ने बड़ी नम्रता पूर्वक ये ज़िम्मेदारी निभाई है। भगवान बुद्ध के करोड़ों अनुयायियों को, उनकी लाखों भिक्षुकों की अपेक्षा को पूरा करने का हमारा नम्र प्रयास है। मैं इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए भी आप सबको बहुत-बहुत बधाई देता हूँ। भाषा, साहित्य, कला, आध्यात्म…,किसी भी राष्ट्र की ये धरोहरें उसके अस्तित्व को परिभाषित करती हैं। इसीलिए, आप देखिए, दुनिया के किसी भी देश में कहीं कुछ सौ साल पुरानी चीज भी मिल जाती है, तो उसे पूरी दुनिया के सामने गर्व से प्रस्तुत करता है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल नई दिल्ली के भारत मंडपम में वर्ल्ड टेलीकम्युनिकेशन स्टैंडर्डाइजेशन असेंबली का करेंगे उद्घाटन

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार सुबह 10 बजे नई दिल्ली के भारत मंडपम में वर्ल्ड टेलीकम्युनिकेशन स्टैंडर्डाइजेशन असेंबली (डब्ल्यूटीएसए) 2024 का उद्घाटन करेंगे जिसका आयोजन अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ द्वारा किया जा रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी कार्यक्रम के दौरान इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2024 के आठवें संस्करण का भी उद्घाटन करेंगे। वर्ल्ड टेलीकम्युनिकेशन स्टैंडर्डाइजेशन असेंबली (डब्ल्यूटीएसए) अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ (आईटीयू) के मानकीकरण कार्य के लिए शासी सम्मेलन है, जो संयुक्त राष्ट्र की डिजिटल प्रौद्योगिकी एजेंसी है। यह सम्मेलन हर चार साल में आयोजित किया जाता है। पहली बार इसका आयोजन भारत और एशिया-प्रशांत क्षेत्र में किया जाएगा। यह एक महत्वपूर्ण वैश्विक आयोजन है। इसमें 190 से ज्यादा देशों के तीन हजार से अधिक उद्यमी, नीति-निर्माता और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल होंगे, जो दूरसंचार, डिजिटल और आईसीटी क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करेंगे। डब्ल्यूटीएसए 2024 एक ऐसा मंच प्रदान करेगा जहां देश को अगली पीढ़ी की महत्वपूर्ण तकनीकों जैसे 6जी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), आईओटी, बिग डेटा, साइबर सुरक्षा आदि के मानकों के भविष्य पर चर्चा की जाएगी। भारत में इस कार्यक्रम की मेजबानी करने से देश को वैश्विक दूरसंचार एजेंडे को आकार देने और भविष्य की प्रौद्योगिकियों की दिशा निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा। भारतीय स्टार्टअप और अनुसंधान संस्थान बौद्धिक संपदा अधिकार और मानक आवश्यक पेटेंट विकसित करने में महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि प्राप्त करने के लिए तैयार हैं। इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2024 में भारत के इनोवेशन इकोसिस्टम का प्रदर्शन होगा, जिसमें प्रमुख दूरसंचार कंपनियां और नवप्रवर्तनकर्ता क्वांटम तकनीक, सर्कुलर इकोनॉमी, 6जी, 5जी, क्लाउड और एज कंप्यूटिंग, आईओटी, सेमीकंडक्टर, साइबर सुरक्षा, ग्रीन टेक, सैटकॉम और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में नवाचार और प्रगति का प्रदर्शन करेंगे। इंडिया मोबाइल कांग्रेस, एशिया का सबसे बड़ा डिजिटल तकनीकी मंच, दुनिया भर में उद्योग, सरकार, अकादमिक, स्टार्टअप और अन्य प्रमुख हितधारकों के लिए नवीनतम समाधान, सेवाएं और आधुनिक उपयोग के मामलों को प्रदर्शित करने का एक जाना-माना प्लेटफॉर्म बन गया है। इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2024 में 400 से अधिक प्रदर्शकों, लगभग 900 स्टार्टअप और 120 से ज्यादा देशों की भागीदारी होगी। इस आयोजन का उद्देश्य 900 से अधिक तकनीकी उपयोग परिदृश्यों का प्रदर्शन करना, 100 से अधिक सत्र और चर्चाएं आयोजित करना है, जिसमें 600 से अधिक वैश्विक और भारतीय वक्ता शामिल होंगे।

जब दुनिया के कई हिस्से संघर्ष और तनाव का सामना कर रहे हैं, भारत-आसियान की दोस्ती बहुत महत्वपूर्ण है: प्रधानमंत्री

वियनतियाने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को आसियान-भारत और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए लाओस पहुंचे। पीएम मोदी ने कहा कि जब दुनिया के कई हिस्से संघर्ष और तनाव का सामना कर रहे हैं, ऐसे समय में भारत-आसियान की दोस्ती बहुत महत्वपूर्ण है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि हम एक शांतिप्रिय राष्ट्र हैं। हम राष्ट्रों की एकता और अखंडता को महत्व देते हैं। हम अपने युवाओं को उज्ज्वल भविष्य प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। आसियान देशों के साथ ऐतिहासिक संबंध 21वें भारत-आसियान शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्होंने 10 साल पहले एक्ट ईस्ट पॉलिसी की घोषणा की थी और पिछले दशक में इसने भारत और आसियान देशों के बीच ऐतिहासिक संबंधों को नई ऊर्जा, दिशा और गति दी है। पीएम मोदी ने कहा, ‘पिछले दशक में भारत-आसियान व्यापार दोगुना हो गया है और अब यह 130 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक हो गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी जिसे एशियाई सदी भी कहा जाता है, वह भारत और आसियान देशों की सदी है।’ छात्रों को स्कॉलरशिप का लाभ पीएम मोदी ने कहा कि जन-केंद्रित दृष्टिकोण हमारी डेवेलपमेंट पार्टनरशिप का आधार है। 300 से अधिक ASEAN छात्रों को नालंदा यूनिवसिर्टी में स्कॉलरशिप का लाभ मिला है। नेटवर्क ऑफ यूनिवर्सिटी लॉन्च की गई है। लाओस, कंबोडिया, वियतनाम, म्यांमार, इंडोनेशिया में साझी विरासत और संरक्षण के लिए काम किया गया है। भारत और लाओस के संबंध     पीएम मोदी ने विएंतियाने पहुंचने पर भारतीय प्रवासियों से बातचीत की। उन्होंने लाओस में होटल के बाहर भारतीय समुदाय के सदस्यों का अभिवादन किया।     लाओस के गृह मंत्री, शिक्षा और खेल मंत्री, बैंक ऑफ लाओस के गवर्नर और विएंतियाने के मेयर समेत कई कई राजनेताओं ने पीएम मोदी का स्वागत किया।     भारत और लाओस के बीच ऐतिहासिक और सभ्यतागत संबंध हैं, जो बौद्ध धर्म और रामायण की साझा विरासत में परिलक्षित होते हैं। लाओस के साथ द्विपक्षीय संबंध मैत्रीपूर्ण हैं और 1956 में स्थापित हुए थे। पीएम मोदी का भव्य स्वागत विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिले विशेष स्वागत के महत्व पर प्रकाश डाला और लाओस के साथ भारत के सदियों पुराने संबंधों और सभ्यतागत जुड़ाव पर जोर दिया। पीएम मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर पीएम मोदी की लाओस यात्रा का विवरण साझा करते हुए जायसवाल ने कहा कि पीएम मोदी के आगमन पर लाओस के गृह मंत्री विलायवोंग बौडाखम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत किया। पीएम मोदी को औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। गायत्री मंत्र का पाठ जायसवाल ने बताया कि लाओस समुदाय के सदस्यों और भारतीय समुदाय के सदस्यों ने गायत्री मंत्र का पाठ किया और उनका स्वागत किया। उन्होंने पीएम के लिए बिहू नृत्य भी किया। इसके बाद पीएम ने आशीर्वाद समारोह में भाग लिया, जिसमें वरिष्ठ बौद्ध भिक्षुओं ने भाग लिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने रॉयल थिएटर ऑफ लुआंग प्रबांग में रामायण का मंचन भी देखा, कलाकारों से की मुलाकात

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21वें आसियान-भारत और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए लाओस पहुंचे। जहां पीएम मोदी का स्वागत करने के लिए वियनतियाने के होटल डबल ट्री में भारतीय समुदाय के लोग बड़ी संख्या में जुटे थे। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने यहां के प्रमुख रॉयल थिएटर ऑफ लुआंग प्रबांग में रामायण का मंचन भी देखा। इसे ‘फरा लक फरा राम’ के नाम से भी जाना जाता है। इससे समझा जा सकता है कि प्रभु श्रीराम की कहानी पूरे आसियान क्षेत्रों को आपस में जोड़ती है। जैसा कोई अन्य ग्रंथ नहीं कर सकते। सनातन धर्म की जड़ें ना केवल भारत, बल्कि आस-पास के क्षेत्रों में गहरी हो चली है। लाओस में रामायण सदियों से मनाई जाती रही है, जो दोनों देशों के बीच साझा विरासत और सदियों पुरानी सभ्यताओं के संबंधों को दर्शाती है। ‘फ्रा लॉक फ्रा राम’ लाओ संस्करण है। लाओस रामायण की कहानी यहां के मेकांग नदी के किनारे आसपास घूमती है। जो यहां पर गंगा के समान पवित्र मानी जाती है। इसमें लाओस की बौद्ध संस्कृति की बेहद शानदार झलक देखने को मिलती है। लाओस के अलावा यहां फ्रा राम को गौतम बुद्ध का अवतार माना जाता है। जो भगवान श्रीराम के रास्तों पर चलते थे। इसके अलावा लाओ में रावण को राक्षस मारा का अवतार माना जाता है। जो गौतम बुद्ध के ज्ञान प्राप्ति में बाधा डालने का प्रयास करता है। पीएम मोदी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसका वीडियो शेयर किया है। उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा, ”विजयादशमी कुछ ही दिन दूर है और आज मैंने लाओ पीडीआर में लाओ रामायण का एक हिस्सा देखा, जिसमें रावण पर प्रभु श्री राम की जीत पर प्रकाश डाला गया है। यह देखकर बहुत खुशी होती है कि यहां के लोग रामायण से जुड़े हुए हैं। प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद हम पर सदैव बना रहे।” कार्यक्रम के बाद पीएम मोदी ने रामायण के कलाकारों से मंच पर मुलाकात भी और उनके संग फोटो भी खिंचवाई। उन्होंने फोटो शेयर करते हुए लिखा, ”लाओ पीडीआर में मेरे द्वारा देखे गए फलक फलम या फ्रा लाक फ्रा राम के यादगार प्रकरण की कुछ झलकियां।” इससे पहले वियनतियाने में होटल डबल ट्री में प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करते हुए भारतीयों और लाओस समुदाय के लोगों ने गायत्री मंत्र का पाठ किया। पीएम मोदी के सामने भारतीयों ने हाथ में तिरंगा लेकर गायत्री मंत्र का जाप भी किया। इस दौरान पीएम मोदी भी उनके सामने हाथ जोड़कर गायत्री मंत्र का पाठ करते दिखे। पीएम मोदी का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसके अलावा एक अन्य वीडियो में लाओस समुदाय के लोगों ने पीएम मोदी का हिंदी में अभिवादन करते हुए ग्रैंड वेलकम किया।

पीएम मोदी की कैबिनेट में पंजाब के लिए बड़ा फैसला लिया, सीमावर्ती इलाकों में सड़क बनाने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी

पंजाब आज पीएम मोदी की कैबिनेट में पंजाब के लिए बड़ा फैसला लिया गया है। पीएम नरेंद्र मोदी ने जब से सत्ता संभाली है, उनके एजेंडे में 2 मुख्य बातें रही हैं। पहला, हाशिये पर पड़े लोगों को समाज की मुख्यधारा में लाना और दूसरा, देश के बुनियादी ढांचे को विश्वस्तरीय बनाना। केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में लिए गए फैसलों में पंजाब के लिए बड़ा ऐलान किया गया है। पंजाब और पाकिस्तान की सीमा से लगे अन्य राज्यों में सड़क व्यवस्था सुधारने के लिए आज मोदी कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने सीमावर्ती इलाकों में 2280 किमी लंबी सड़क बनाने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। इस प्रोजेक्ट के लिए मोदी सरकार ने 4400 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम मंजूर की है। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दिया है। उनका मानना है कि मजबूत बुनियादी ढांचा देश की सुरक्षा और विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। पाकिस्तान (Pakistan) के सीमावर्ती इलाके दशकों से हर मौसम के लिए उपयुक्त सड़क नेटवर्क की कमी से जूझ रहे हैं। सीमावर्ती इलाकों में विश्वस्तरीय सड़क नेटवर्क होने से परिवहन में काफी आसानी होगी। आपातकालीन स्थिति में जहां तुरंत मौके पर पहुंचना आसान होगा, वहीं जरूरी सामान की आपूर्ति भी आसानी से हो सकेगी। 

यदि हम आपस में बंटेंगे तो जो लोग हमें बांटना चाहते हैं, वे अपनी महफिल सजाने का मौका पा जाएंगे: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

ठाणे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ठाणे में एक जनसभा को संबोधित करते हुए देश की एकता और अखंडता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि हम आपस में बंटेंगे तो जो लोग हमें बांटना चाहते हैं, वे अपनी महफिल सजाने का मौका पा जाएंगे। मोदी ने अपने भाषण में राष्ट्रीय एकता, भाईचारे और सामाजिक समरसता की अहमियत पर बात की, और जनता को देशहित में एकजुट रहने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “कांग्रेस जानती है कि उनका वोट बैंक तो एक रहेगा, लेकिन बाकी लोग आसानी से बंट जाएंगे। कांग्रेस और उनके साथियों का एक ही मिशन है, समाज को बांटो और सत्ता पर कब्जा करो। इसलिए हमारी एकता को ही देश की ढाल बनाना है, हमें याद रखना है कि अगर हम बंटेंगे तो बांटने वाले महफिल सजाएंगे। हमें कांग्रेस और अघाड़ी वालों के मंसूबों को कामयाब नहीं होने देना है। नरेंद्र मोदी ने कहा, “हिमाचल में कांग्रेस सरकार ने तो हद ही कर ही है। हिमाचल में कांग्रेस सरकार ने शौचालय कर लगाया है। एक ओर मोदी कह रहा है- शौचालय बनाओ और ये कह रहे हैं- हम शौचालय पर टैक्स लगाएंगे, यानी कांग्रेस लूट और फरेब का पूरा पैकेज है। मोदी ने कहा, “कांग्रेस, भारत की सबसे बेईमान और भ्रष्ट पार्टी है। चाहे कोई भी दौर हो, कोई भी राज्य हो, कांग्रेस का चरित्र नहीं बदलता। आप पिछले एक हफ्ते का हाल देख लीजिए… कांग्रेस के एक CM का जमीन घोटाले में नाम आया है, उनके एक मंत्री महिलाओं को गालियां दे रहे हैं, उनको अप​मानित कर रहे हैं, हरियाणा में कांग्रेस का एक नेता ड्रग्स के साथ पकड़े गए हैं। कांग्रेस चुनाव में बड़े-बड़े वादे करती है, लेकिन सरकार बनने पर जनता के शोषण का नया नया तरीका खोजती है। आए दिन, नए-नए टैक्स लगाकर अपने घोटालों के लिए पैसा जुटाना ही इनका एजेंडा है। नरेंद्र मोदी ने कहा, “मुंबई में मेट्रो लाइन-3 की शुरुआत देवेन्द्र फडणवीस के मुख्यमंत्री रहते हुई थी। इसका 60 प्रतिशत काम उनके कार्यकाल में हो भी गया था, लेकिन फिर महाअघाड़ी की सरकार आ गई। महाअघाड़ी वालों ने अपने अहंकार में मेट्रो का काम लटका दिया, 2.5 साल तक काम अटके रहने से प्रोजेक्ट की कीमत 14 हजार करोड़ रुपये बढ़ गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आज एक तरफ महायुति सरकार है, जो महाराष्ट्र के विकास को ही अपना लक्ष्य मानती है। दूसरी ओर कांग्रेस और महाअघाड़ी वाले लोग हैं, उन्हें जब भी मौका मिलता है, वो विकास के काम को ठप्प कर देते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आज हर भारतवासी का एक ही लक्ष्य है, ‘विकसित भारत’… इसलिए हमारी सरकार का हर निर्णय, हर संकल्प, हर सपना ‘विकसित भारत’ के लिए समर्पित है। इस लक्ष्य की प्राप्ती के लिए हमें मुंबई ठाणे जैसे शहरों को फ्यूचर रेडी बनाना है। इसके लिए हमें डबल मेहनत करनी पड़ रही है क्योंकि हमें विकास भी करना है और कांग्रेस सरकारों के गड्ढों को भी भरना है। नरेंद्र मोदी ने कहा, “ठाणे से बाबा साहेब ठाकरे का खास लगाव था। ये स्व. आनंद दिघे जी का भी शहर है। इस शहर ने देश को आनंदी बाई जोशी जैसी देश की पहली महिला डॉक्टर दी थी। आज हम इन विकासकार्यों के जरिए इन महान विभूतियों के संकल्प को भी पूरा कर रहे हैं। मैं इन सभी विकासकार्यों के लिए महाराष्ट्र के सभी लोगों को बधाई देता हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आज मुंबई की एक्वा लाइन मेट्रो का शुभारंभ हो रहा है। इस लाइन का मुंबई के लोग कई समय से इंतजार कर रहे थे। मैं आज जापान सरकार का भी आभार व्यक्त करना चाहता हूं। जापान ने जापानीज इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी के जरिए इस प्रोजेक्ट में बहुत सहयोग दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महाराष्ट्र के ठाणे में विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।

हरियाणा में लोगों से मजबूत सरकार चुनने की अपील की, प्रधानमंत्री मोदी ने हरियाणा की जनता के नाम खास संदेश दिया

नई दिल्ली हरियाणा में चुनावी शोर गुरुवार शाम को समाप्त हो गया है। अब शनिवार, पांच अक्टूबर को मतदान होंगे एवं आठ अक्टूबर को मतों की गणना की जाएगी। प्रचार समाप्त होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने हरियाणा की जनता के नाम खास संदेश दिया, जिसमें उन्होंने लोगों से हरियाणा में मजबूत सरकार चुनने की अपील की। इसके अलावा उन्होंने कांग्रेस पर भी जमकर निशाना साधा। पीएम मोदी ने गुरुवार शाम को एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘अब से कुछ देर में हरियाणा विधानसभा चुनाव का प्रचार अभियान समाप्त हो जाएगा। बीते कुछ दिनों में मैंने पूरे राज्य की यात्रा की है। मैंने लोगों का जो उत्साह देखा है, उसे देखकर मुझे ये पक्का विश्वास है कि हरियाणा के लोग भाजपा को फिर अपना आशीर्वाद देने वाले हैं। हरियाणा के देशभक्त लोग, कांग्रेस की विभाजनकारी और नकारात्मक राजनीति को कभी स्वीकार नहीं करेंगे।’ ‘घोटालों और दंगों के दौर से बाहर लाए’ पीएम ने आगे लिखा, ‘पिछले 10 वर्षों में भाजपा ने हरियाणा के लोगों के जीवन को समृद्ध बनाने के लिए लगातार काम किया है। हमने सभी वर्गों के कल्याण को प्राथमिकता दी है। किसान हों, युवा हों, महिलाएं हों, गांव और शहरों का विकास हो, हमने कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ी। हम हरियाणा को कांग्रेस के घोटालों और दंगों वाले दौर से बाहर निकालकर लाए हैं।’ उन्होंने कांग्रेस पर जमकर हमला बोलते हुए कहा कि हरियाणा की जनता-जनार्दन जानती है कि कांग्रेस का मतलब भ्रष्टाचार, जातिवाद, सांप्रदायिकता और भाई-भतीजावाद की गारंटी है। बापू-बेटे की राजनीति का मूल उद्देश्य सिर्फ स्वार्थ है। कांग्रेस यानि दलाल और दामाद का सिंडिकेट। लोग आज हिमाचल से कर्नाटक तक कांग्रेस सरकारों की विफलता भी देख रहे हैं। कांग्रेस की नीतियां, लोगों को तबाह करती हैं, इसलिए हरियाणा के लोग कांग्रेस को बिल्कुल नहीं चाहते हैं। कांग्रेस कभी स्थिर सरकार नहीं दे सकती पीएम मोदी ने लिखा, ‘हरियाणा की जनता यह जानती हैं कि कांग्रेस कभी स्थिर सरकार नहीं दे सकती। हरियाणा के लोग देख रहे हैं कि कैसे कांग्रेस के नेता आपस में लड़ रहे हैं। ये हाल तब है, जब ये विपक्ष में हैं। हरियाणा के लोगों को इस बात से भी चोट पहुंच रही है कि दिल्ली और हरियाणा में बैठे दो खास परिवारों के इशारे पर पूरा हरियाणा अपमानित हो रहा है।’ उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस के नेताओं ने आरक्षण खत्म करने का बयान देकर अपने इरादे जता दिए हैं। हरियाणा का पिछड़ा और दलित समुदाय जातिगत हिंसा रोकने में विफल रहने पर पहले से ही कांग्रेस से नाराज चल रहा है। इसलिए लोगों ने कांग्रेस को फिर कड़ी सजा देने का मन बना लिया है। हरियाणा के गली-गली से एक ही आवाज आ रही है- भरोसा दिल से, भाजपा फिर से।’ हरियाणा के मतदाताओं से की अपील हरियाणा के लोगों से अपील करते हुए पीएम ने कहा, ‘आज पूरी दुनिया की नजरें भारत पर हैं। दुनिया, भारत की ओर बहुत आशा और उम्मीद से देख रही है। ऐसे में यह बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है कि हरियाणा के लोग एक ऐसी सरकार चुनें, जो भारत को मजबूती देने की दिशा में प्रयास करे। कांग्रेस कभी देश को मजबूत नहीं बना सकती। इसलिए मैं हरियाणा के अपने मतदाताओं से ये आग्रह करता हूं कि वे फिर से भाजपा को अपना आशीर्वाद जरूर दें।’

‘परिवर्तन महारैली’ के दौरान मोदी ने जनता से की अपील, कहा- रोटी, बेटी और माटी बचाने के लिए भाजपा की सरकार बनाइए

हजारीबाग हजारीबाग में ‘परिवर्तन महारैली’ को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को झारखंड में रोटी, बेटी और माटी को बचाने के लिए भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भाजपा की ओर से राज्य में जो ‘परिवर्तन यात्रा’ निकाली गई है, वह झारखंड में सिर्फ सत्ता पाने की लड़ाई नहीं है, बल्कि झारखंड की बेटियों, यहां की माटी और यहां की रोटी को बचाने की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि भाजपा की गारंटी है कि यहां सरकार बनने पर इन तीनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। आज की ‘परिवर्तन सभा’ के साथ झारखंड में बदलाव की नई सुबह की शुरुआत होगी। आज एक ओर केंद्र सरकार झारखंड के विकास के लिए दिन-रात मेहनत कर रही है, तो दूसरी ओर झारखंड की मौजूदा सरकार इसे विकास की पटरी से उतारने में लगी है। यहां का बच्चा-बच्चा जान चुका है कि राज्य के विकास में सबसे बड़ी बाधा कांग्रेस-झामुमो-राजद का गठजोड़ है। पीएम मोदी ने कहा कि जल, जंगल, जमीन के नाम पर वोट लेने वालों ने ऐसी खुली लूट मचा रखी है, जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। झारखंड तभी आगे बढ़ेगा, जब ये सरकार हटेगी। भाजपा की ‘परिवर्तन यात्रा’ कोई राजनीतिक यात्रा नहीं, बल्कि जन-जन के सपनों को पूरा करने की संकल्प यात्रा है। इस यात्रा को यहां की जनता का अपार आशीर्वाद, स्नेह और जनसमर्थन मिला है। कांग्रेस पर आदिवासियों की घोर उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इसने एक परिवार को पहचान दिलाने के लिए देश के कोने-कोने में बसे आदिवासी परिवारों की पहचान मिटा दी। आजादी की लड़ाई में बड़ा योगदान देने वाले आदिवासी समाज को कांग्रेस ने महत्व नहीं दिया। सारी योजनाएं एक ही परिवार के बेटे-बेटी के नाम पर लाई गई। ऐसी परिवारवादी सोच ने देश का बहुत नुकसान किया है। आज मुझे गर्व है कि हमारी सरकार ने आदिवासी नायकों को पूरा सम्मान दिया है। हम सब प्रेम से भगवान बिरसा मुंडा को ‘धरती आबा’ कहते हैं। आज उनके नाम पर हमारी सरकार ने ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ शुरू किया है। उन्होंने राज्य की सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि इस सरकार में जमीन के दलालों की तूती बोलती है। इसके लोगों ने गरीबों, आदिवासियों और सेना की जमीन तक को लूटा। कोयले की खुली लूट मची है। बालू के ठेके-पट्टे के नाम पर लूट हो रही है। ये लोग गरीब आदिवासियों के नाम पर योजनाओं का पैसा भी खा जाते हैं। उन्होंने झारखंड सरकार की अबुआ आवास योजना और मंईयां सम्मान योजना को भ्रष्टाचार का नया ठिकाना करार देते हुए कहा कि जब चुनाव नजदीक आए हैं, तो ये लोग बड़े-बड़े वादे कर धूल झोंकना चाहते हैं। झारखंड के लोगों को झूठ की दुकान वालों से सावधान रहना है। झूठ की नई जलेबियां परोसने से पहले ये लोग पुराने वादों का हिसाब तो दे दें। उन्होंने पूछा कि इन्होंने बेरोजगार युवाओं को भत्ता देने, नौकरियां देने, हर महिला को चूल्हा खर्च के नाम पर हर माह दो हजार रुपए देने का वादा किया था, उन वादों का क्या हुआ। प्रदेश सरकार के संरक्षण में पेपर लीक कराने वाले गिरोह चल रहे हैं। लाखों रुपए में एक-एक पेपर बेचकर युवाओं का हक मारा जा रहा है। करोड़ों रुपए की कमाई की जा रही है और पैसा मालिकों के पास ऊपर तक पहुंच रहा है। पेपर लीक ने नौजवानों की जिंदगी को तबाह कर दिया है। यह सरकार युवा भाई-बहनों को भला नहीं कर सकती।

स्वच्छ भारत अभियान दुनिया का सबसे बड़ा और सफल जनआंदोलन, विकसित भारत की यात्रा को करेगा मजबूत: मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को स्वच्छ भारत अभियान को इस सदी में दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे सफल जनआंदोलन करार दिया और कहा कि ‘विकसित भारत’ की यात्रा में हर प्रयास ‘स्वच्छता से संपन्नता’ के मंत्र को मजबूत करेगा। स्वच्छ भारत अभियान आरंभ होने के 10 साल पूरे होने के अवसर पर यहां विज्ञान भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में स्वच्छता और सफाई से संबंधित 9,600 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के बाद अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने स्वच्छता को हर नागरिक के जीवन का अभिन्न अंग बनाते हुए भावी पीढ़ियों में इस मूल्य का संचार करने पर भी जोर दिया। ‘दुनिया का सबसे सफल जन आंदोलन बना स्वच्छ भारत अभियान’ उन्होंने कहा, ‘‘आज से एक हजार साल बाद भी जब 21वीं सदी के भारत का अध्ययन होगा तो उसमें स्वच्छ भारत अभियान को जरूर याद किया जाएगा। स्वच्छ भारत मिशन इस सदी में दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे सफल जनभागीदारी, जन नेतृत्व वाला जन आंदोलन है। इस मिशन ने मुझे ईश्वररूपी जनता-जनार्दन की साक्षात ऊर्जा के भी दर्शन कराए हैं।” उन्होंने कहा, ‘‘विकसित भारत की यात्रा में हमारा हर प्रयास ‘स्वच्छता से संपन्नता’ के मंत्र को मजबूत करेगा।” प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वच्छता की प्रतिष्ठा बढ़ने से देश में एक बहुत बड़ा मनोवैज्ञानिक परिवर्तन भी हुआ है। उन्होंने कहा कि पहले साफ-सफाई के काम से जुड़े लोगों को किस नजर से देखा जाता था, यह पूरा देश जानता है लेकिन स्वच्छ भारत अभियान ने इस सोच को भी बदल दिया। उन्होंने कहा, ‘‘साफ-सफाई करने वालों को आज जब मान-सम्मान मिला तो उनको भी गर्व हुआ।” प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान लाखों भारतीयों की अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है और पिछले 10 वर्षों में अनगिनत नागरिकों ने इसे अपनाया है और अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया है। उन्होंने कहा, ‘‘स्वच्छता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता आजीवन प्रतिज्ञा है, न कि एक बार किया गया कोई वादा। हमें स्वच्छता को हर नागरिक के जीवन का अभिन्न अंग बनाते हुए भावी पीढ़ियों में इस मूल्य का संचार करना होगा।” उन्होंने कहा, ‘‘गंदगी के प्रति नफरत ही हमे स्वच्छता के लिए मजबूर कर सकती है और मजबूत भी कर सकती है।” प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर जल संरक्षण, जल शोधन और नदियों की सफाई के महत्व को भी रेखांकित किया और इसे प्राप्त करने के लिए लगातार नई तकनीकों में निवेश करने की आवश्यकता जताई। उन्होंने पर्यटन पर स्वच्छता के महत्वपूर्ण प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि देशवासियों को पर्यटन स्थलों, पवित्र तीर्थ स्थलों और सांस्कृतिक विरासत की स्वच्छता और साफ-सफाई को बनाए रखना चाहिए। कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकारों को घेरा मोदी ने इस अवसर पर स्वच्छता पर विशेष ध्यान न देने के लिए कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकारों पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि उसने आजादी मिलने के बाद महात्मा गांधी के नक्शेकदम पर चलने का दावा किया, उनके नाम पर सत्ता हासिल की लेकिन स्वच्छता को लेकर बापू के दृष्टिकोण की उपेक्षा की। उन्होंने कहा, ‘‘वर्षों तक उन्होंने राजनीतिक लाभ के लिए गांधी जी की विरासत का दोहन किया लेकिन स्वच्छता पर उनके जोर को आसानी से भुला दिया।” मोदी ने कहा, ‘‘उन्होंने गंदगी को ही जिंदगी मान लिया…इसके परिणामस्वरूप लोग गंदगी में रहने के आदी हो गए, गंदगी और नकारात्मकता उनके दैनिक जीवन का हिस्सा बन गई। साथ ही समाज में स्वच्छता को लेकर होने वाली चर्चाएं भी।” उन्होंने कहा कि इसीलिए उन्होंने लाल किले की प्राचीर से इस मुद्दे को उठाया था लेकिन उनका मजाक उड़ाया गया और कहा गया कि शौचालय के बारे में बात करना प्रधानमंत्री का काम नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘… लेकिन मैं नहीं रुकूंगा… भारत के प्रधानमंत्री के रूप में मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता मेरे साथी नागरिकों के जीवन को आसान बनाना है!” इन परियोजनाओं का किया उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री ने जिन परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया उनमें मिशन अमृत और अमृत 2.0 के तहत शहरी जल और गंदे नाले की व्यवस्था को बेहतर करने के उद्देश्य से 6,800 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के तहत गंगा बेसिन क्षेत्रों में जल गुणवत्ता और अपशिष्ट प्रबंधन में सुधार पर केंद्रित 1550 करोड़ रुपये से अधिक की 10 परियोजनाएं और गोबरधन योजना के तहत 1332 करोड़ रुपये से अधिक की 15 संपीड़ित बायोगैस (सीबीजी) संयंत्र परियोजनाएं शामिल हैं।  

गांधी जयंती के अवसर पर मोदी ने स्वच्छता गतिविधियों में भाग लिया, स्वच्छता अभियान को आगे बढ़ाने का दिया संदेश

नई दिल्ली गांधी जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को स्वच्छता संबंधित गतिविधियों में भाग लेकर स्वच्छता अभियान को आगे बढ़ाने का संदेश दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर स्वच्छता गतिविधियों की कुछ तस्वीरें शेयर की और कैप्शन में लिखा, “आज, गांधी जयंती पर, मैंने अपने युवा दोस्तों के साथ स्वच्छता से संबंधित गतिविधियों में भाग लिया। मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि आप भी दिन के दौरान किसी न किसी गतिविधि में भाग लें और साथ ही, स्वच्छ भारत मिशन को मजबूत करते रहें।” पीएम मोदी ने एक दूसरे पोस्ट में लिखा, “आज हम स्वच्छ भारत के 10 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहे हैं, जो भारत को स्वच्छ बनाने और बेहतर स्वच्छता सुविधाएं सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण सामूहिक प्रयास है। मैं उन सभी लोगों को सलाम करता हूं जिन्होंने इस आंदोलन को सफल बनाने के लिए काम किया है!” इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने लाल बहादुर शास्त्री और महात्मा गांधी की जयंती पर ‘एक्स’ पर उन्हें श्रद्धांजलि भी दी। पीएम मोदी ने लिखा, “देश के जवान, किसान और स्वाभिमान के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को उनकी जयंती पर आदरपूर्ण श्रद्धांजलि।” एक दूसरे पोस्ट में उन्होंने लिखा, “सभी देशवासियों की ओर से पूज्य बापू को उनकी जन्म-जयंती पर शत-शत नमन। सत्य, सद्भाव और समानता पर आधारित उनका जीवन और आदर्श देशवासियों के लिए सदैव प्रेरणापुंज बना रहेगा।” बता दें कि गांधी जयंती के अवसर पर देश भर में स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान स्वच्छता और सादगी के प्रति प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाने के लिए आयोजित किया जा रहा है। विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी संगठनों ने स्वच्छता गतिविधियों का आयोजन किया है, ताकि स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाई जाए। देश भर में चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान का उद्देश्य सफाई को बढ़ावा देने के साथ-साथ महात्मा गांधी के सिद्धांतों को जीवित रखना है।  

पीएम मोदी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक में शामिल हुए, किसानों को मुसीबत में नहीं आने दिया

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूस के दौरे पर हैं। उन्होंने मंगलवार को मॉस्को में मौजूद भारतीय समुदाय को संबोधित किया। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी क्रेमलिन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक में शामिल हुए। इस दौरान पीएम मोदी ने पुतिन के सामने आतंकवाद का मुद्दा उठाया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि महामहिम और मेरे दोस्त, मैं इस भव्य स्वागत और सम्मान के लिए आपका हृदय से बहुत आभार व्यक्त करता हूं। भारत में चुनावों में हमें अभूतपूर्व जीत मिली। उसके बाद आपने जो शुभकामनाएं दीं, उसके लिए भी मैं आपका आभार व्यक्त करता हूं। मार्च में आपने भी चुनाव में भव्य विजय जीत दर्ज की। चुनाव में जीत के लिए मैं एक बार फिर आपको शुभकामनाएं देता हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछले 40-50 साल से भारत आतंकवाद को झेल रहा है। आतंकवाद कितना भयानक और घिनौना होता है, वह हम पिछले 40 वर्षों से सामना कर रहे हैं। ऐसे में जब मास्को में आतंकवादी घटनाएं हुईं, जब दागिस्तान में आतंकवादी घटनाएं हुईं, उसका दर्द कितना गहरा होगा, इसकी मैं कल्पना कर सकता हूं। मैं सभी प्रकार के आतंकवाद की घोर निंदा करता हूं। पिछले ढाई दशकों से मेरा रूस के साथ-साथ आपके के साथ भी संबंध रहा है। हम करीब 10 साल में 17 बार मिल चुके हैं। पिछले 25 वर्षों में हमारी लगभग 22 द्विपक्षीय बैठकें हुई हैं। यह हमारे संबंधों की गहराई को दर्शाता है। मैं संकोच ये कह सकता हूं कि 25 साल की हमारी इस गहन यात्रा के सूत्रधार आप रहे हैं और मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि ये कार्यकाल हमारे संबंधों को और गहरा एवं घनिष्ठ बनाएगा। हम नई-नई उपलब्धियों को लेकर आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि गत 5 वर्ष पूरे विश्व के लिए पूरी मानव जाति के लिए बहुत ही चिंताजनक रहे, चुनौतीपूर्ण रहे और अनेक संकटों से गुजरना पड़ा। पहले कोविड के कारण और बाद में संघर्ष और तनावों का कालखंड अलग-अलग भू-भाग में ​जिसने मानव जाति के लिए बहुत संकट पैदा किए। ऐसी स्थिति में जब दुनिया खाद्य-ईंधन-उर्वरक के संकट से जूझ रही थी, भारत-रूस मित्रता और सहयोग के कारण मैंने मेरे देश के किसानों को मुसीबत में नहीं आने दिया। फर्टिलाइजर में किसानों की आवश्यकताओं को हम पूरा करने में सफल रहे। हमारी मित्रता का इसमें बहुत बड़ा रोल है। हम किसानों के हितों के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम चाहेंगे कि आने वाले दिनों में भी किसानों के हित में रूस के साथ हमारा सहयोग और अधिक बढ़ता रहा।

सहयोग के नए रास्ते तलाशने पर चर्चा को दोनों देश उत्सुक, पीएम मोदी ने ऑस्ट्रिया के पहले दौरे पर जताई खुशी

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही ऑस्ट्रिया के दौरे पर जाने वाले हैं। यह बीते 40 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला ऑस्ट्रिया दौरा है। दौरे से पहले पीएम मोदी ने रविवार को कहा कि दोनों देशों में लोकतंत्र, स्वतंत्रता और कानून का शासन के साझा मूल्य वे आधार हैं, जिस पर दोनों देश करीबी साझेदारी का निर्माण करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने यह टिप्पणी ऑस्ट्रिया के चांसलर कार्ल नेहमर के उस सोशल मीडिया पोस्ट के जवाब में आई है, जिसमें नेहमर ने पीएम मोदी के स्वागत के लिए उत्सुक होने की बात कही थी। ऑस्ट्रियाई चांसलर कार्ल नेहमर ने एक्स पर साझा पोस्ट में लिखा ‘मैं अगले सप्ताह वियना में दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करने के लिए बहुत उत्सुक हूं। यह यात्रा एक विशेष सम्मान है, क्योंकि 40 से अधिक वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली ऑस्ट्रिया यात्रा है और भारत के साथ राजनयिक संबंधों के 75 साल पूरे होने के अवसर पर एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।’ ऑस्ट्रियाई चांसलर ने कहा, ‘हमारे पास अपने द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने और कई भू-राजनीतिक चुनौतियों पर सहयोग के बारे में बात करने का अवसर होगा।’ पीएम मोदी ने लिखा- सहयोग के नए रास्ते तलाशेंगे कार्ल नेहमर को जवाब देते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘धन्यवाद, चांसलर कार्ल नेहमर। इस ऐतिहासिक अवसर पर ऑस्ट्रिया का दौरा करना वास्तव में सम्मान की बात है। मैं हमारे देशों के बीच के संबंधों को मजबूत करने और सहयोग के नए रास्ते तलाशने पर हमारी चर्चा का इंतजार कर रहा हूं।’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘लोकतंत्र, स्वतंत्रता और कानून का शासन के साझा मूल्य वह आधार हैं, जिस पर हम और भी करीबी साझेदारी का निर्माण करेंगे।’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के निमंत्रण पर 8 और 9 जुलाई को मास्को की यात्रा करेंगे। उसके बाद 9 और 10 जुलाई को अपनी पहली यात्रा के लिए ऑस्ट्रिया जाएंगे।

ट्रॉफी के प्रति पीएम मोदी का यह सम्मान देखकर फैन्स उनको सैल्यूट कर रहे, हर तरफ हो रही तारीफ

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आवास पर टीम इंडिया को आमंत्रित किया था और आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2024 जीतने के बाद जब भारतीय टीम स्वदेश लौटी, तो अपने व्यस्त कार्यक्रम की शुरुआत इसी काम के साथ की। टीम इंडिया 4 जुलाई तड़के भारत पहुंची, फिर रोहित शर्मा एंड ब्रिगेड टीम होटल गई और उसके बाद पीएम आवास पर गई। रोहित शर्मा टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी लेकर पीएम मोदी से मिलने गए थे और साथ में पूरी टीम भी थी।  हेड कोच राहुल द्रविड़, टीम इंडिया के खिलाड़ी, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) अध्यक्ष रॉजर बिन्नी और बीसीसीआई सेक्रेटरी जय शाह भी इस दौरान पीएम आवास पहुंचे। पीएम ने सभी खिलाड़ियों से बातचीत की और साथ ही पूरे टूर्मामेंट का एक्सपीरियंस भी पूछा। इस दौरान एक चीज ऐसी हुई, जिसके लिए पीएम मोदी की जमकर तारीफ हो रही है। दरअसल जब पीएम मोदी के साथ टीम इंडिया ने ट्रॉफी लेकर फोटो क्लिक करवाई, तो उनके दोनों साइड कप्तान रोहित और हेड कोच राहुल द्रविड़ खड़े थे। रोहित और राहुल ने ट्रॉफी पकड़ रखी थी, जबकि पीएम मोदी ने इन दोनों के हाथ पकड़े हुए थे, उन्होंने ट्रॉफी पर डायरेक्ट हाथ नहीं लगाया। इस फोटो को पीएम मोदी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से शेयर भी किया है। इस फोटो को लेकर कमेंट्स भी खूब आ रहे हैं और ट्रॉफी के प्रति पीएम मोदी का यह सम्मान देखकर फैन्स उनको सैल्यूट कर रहे हैं। टीम इंडिया ने बारबाडोस में 29 जून को टी20 वर्ल्ड कप 2024 के फाइनल मैच में साउथ अफ्रीका को सात रनों से हराया था। इस जीत के बाद टीम इंडिया को भारत एक दिन बाद ही लौटना था, लेकिन बेरिल तूफान के चलते भारतीय टीम वहीं फंस गई थी। बीसीसीआई ने खास विमान से भारतीय खिलाड़ियों को स्वदेश लाने का इंतजाम किया।  

हमने अब 10 साल पूरे कर लिए हैं और 20 और बाकी हैं, तो, हमने 1/3 पूरा कर लिया है, 2/3 बाकी है: पीएम मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब दे रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि भारत की आजादी की इतिहास में हमारे संसदीय लोकतांत्रिक यात्रा में कई दशकों के बाद देश की जनता ने एक सरकार को लगातार तीसरी बार सेवा करने का मौका दिया। 60 साल बाद ऐसा हुआ है कि सरकार 10 साल तक सत्ता में रहने के बाद वापस लौटी है। यह कोई सामान्य बात नहीं है। कुछ लोगों ने जानबूझकर जनता द्वारा दिए गए इस फैसले को धूमिल करने की कोशिश की। प्रधानमंत्री ने कहा, “पिछले दो-ढाई दिन में करीब 70 सांसद इस चर्चा में शामिल हुए। राष्ट्रपति के अभिभाषण को व्याख्यायित करने में आप सभी सांसदों ने जो योगदान दिया है उसके लिए मैं आप सबका आभार व्यक्त करता हूं।” राज्यसभा में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा, “कांग्रेस के कार्यकाल में 60,000 करोड़ रुपए के किसान कर्ज माफी की योजना थी, लेकिन जरूरतमंद छोटे किसानों के नाम लाभार्थियों की सूची में शामिल नहीं थे।” ’10 साल पूरे कर लिए, 20 और बाकी’ प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “मैं कांग्रेस के कुछ साथियों का हृदय से आभार व्यक्त करना चाहता हूं। जब से नतीजे आए हैं, मैं एक साथी पर ध्यान दे रहा हूं – जिसे उसकी पार्टी का समर्थन नहीं था, लेकिन उसने अपनी पार्टी का झंडा अकेले थाम रखा था। उसने जो कहा, उसके लिए ‘उनके मुंह में घी शक्कर’। मैं ऐसा क्यों कह रहा हूं? उसने बार-बार कहा “1/3 सरकार”। इससे बड़ा सच क्या हो सकता है? हमने अब 10 साल पूरे कर लिए हैं और 20 और बाकी हैं। तो, हमने 1/3 पूरा कर लिया है, 2/3 बाकी है। तो, उसकी भविष्यवाणी के लिए ‘उनके मुंह में घी शक्कर’।” जनता ने छल की राजनीति को खारिज किया प्रधानमंत्री ने कहा, “इन चुनावों में हम इस देश के लोगों की बुद्धिमता और बुद्धिमत्ता पर गर्व महसूस करते हैं। उन्होंने दुष्प्रचार को पराजित किया। उन्होंने प्रदर्शन को प्राथमिकता दी। उन्होंने छल की राजनीति को खारिज कर दिया और विश्वास की राजनीति पर विजय की मुहर लगाई।” प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यसभा में कहा, “देश के लोगों द्वारा हमें तीसरी बार दिया गया यह अवसर ‘विकसित भारत’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ को साकार करने का है।”    देश अगले पांच वर्षों में गरीबी के खिलाफ विजयी होगा राज्यसभा में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा, “अगले पांच साल बुनियादी सुविधाओं की संतृप्ति सुनिश्चित करने और गरीबी के खिलाफ लड़ाई के लिए हैं। यह देश अगले पांच वर्षों में गरीबी के खिलाफ विजयी होगा और मैं यह पिछले 10 वर्षों के अनुभव के आधार पर कह रहा हूं। जब भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा, तो इसका प्रभाव जीवन के हर क्षेत्र पर होगा।” विपक्ष ने ‘विपक्षी नेता को बोलने दो’ के नारे लगाए राज्यसभा में प्रधानमंत्री मोदी के राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते समय विपक्षी सांसदों ने विरोध प्रदर्शन किया, नारे लगाए और वॉकआउट कर दिया। विपक्षी सांसदों का कहना है कि विपक्ष के नेता को बोलने की अनुमति नहीं दी गई और उन्हें बोलने की अनुमति दी जानी चाहिए। झूठ फैलाने वालों में सच सुनने की ताकत नहीं वॉकआउट करते समय प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “देश देख रहा है कि झूठ फैलाने वालों में सच सुनने की ताकत नहीं है। जिनमें सच का सामना करने की हिम्मत नहीं है, उनमें इन चर्चाओं में उठाए गए सवालों के जवाब सुनने की हिम्मत नहीं है। वे उच्च सदन का, उच्च सदन की गौरवशाली परंपरा का अपमान कर रहे हैं।”

सदन में पीएम मोदी ने कांग्रेस पार्टी पर हमला करते हुए कहा कि उसने मणिपुर में 10 बार राष्ट्रपति शासन लगाया

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में स्थिति को सामान्य बनाने के लिए प्रयास कर रही है, जहां पिछले साल से जातीय हिंसा जारी है। प्रधानमंत्री राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस का जवाब दे रहे थे। मणिपुर में हिंसा की घटनाएं लगातार कम हो रही- मोदी प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “सरकार मणिपुर में स्थिति सामान्य करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। 11,000 से अधिक एफआईआर दर्ज की गई हैं और 500 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मणिपुर में हिंसा की घटनाएं लगातार कम हो रही हैं।” उन्होंने आगे कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें शांति बहाल करने के लिए सभी हितधारकों के साथ बातचीत कर रही हैं। उन्होंने कहा, “आज राज्य में स्कूल, कॉलेज, कार्यालय और अन्य संस्थान खुले हैं। केंद्र और राज्य सरकार शांति बहाल करने के लिए सभी हितधारकों से बात कर रही है।” कांग्रेस ने मणिपुर में 10 बार राष्ट्रपति शासन लगाया मणिपुर मुद्दे पर विपक्ष को कड़ा जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पार्टी पर हमला करते हुए कहा कि उसने मणिपुर में 10 बार राष्ट्रपति शासन लगाया है। उन्होंने कहा, “केंद्रीय गृह मंत्री कई सप्ताह तक वहां रहे…केंद्र सरकार मणिपुर में जारी बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए हरसंभव सहयोग कर रही है। आज एनडीआरएफ की दो टीमें मणिपुर पहुंच गई हैं। मैं चेतावनी देता हूं कि जो लोग आग में घी डालने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें मणिपुर खारिज कर देगा। कांग्रेस ने मणिपुर में 10 बार राष्ट्रपति शासन लगाया था।” प्रधानमंत्री ने कांग्रेस के साथ तीखी बहस की उन्होंने विपक्षी नेताओं से राज्य में शांति बहाल करने के लिए सरकार के साथ सहयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “राजनीति को पीछे छोड़कर हमें मणिपुर में शांति बहाल करने के लिए सहयोग करना चाहिए।” उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी ने संसद में मणिपुर के मुद्दे पर कांग्रेस के साथ तीखी बहस की, जिससे क्षेत्रीय अशांति पर गरमागरम बहस के बीच व्यवधान और आरोप-प्रत्यारोप की स्थिति पैदा हो गई। बीते साल 3 मई से जारी है जातीय हिंसा पूर्वोत्तर राज्य में पिछले साल 3 मई से जातीय हिंसा जारी है, जब अखिल आदिवासी छात्र संघ (एटीएसयू) द्वारा मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति श्रेणी में शामिल करने की मांग के विरोध में आयोजित एक रैली के दौरान झड़पें हुईं। इससे पहले जून में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय राजधानी में एक उच्च स्तरीय बैठक में मणिपुर में सुरक्षा स्थिति की समग्र समीक्षा की थी और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था कि पूर्वोत्तर राज्य में “हिंसा की कोई और घटना न हो”। नॉर्थ ब्लॉक स्थित अपने कार्यालय में एक घंटे तक चली बैठक में गृह मंत्री ने मणिपुर में शांति एवं सौहार्द बहाल करने के लिए केंद्रीय बलों की रणनीतिक तैनाती पर जोर दिया।  

सत्संग में 107 लोगों की मौत, PM मोदी ने जताया दुख, पीड़ितों को हर संभव सहायता देने का भरोसा दिलाया

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपी के हाथरस में मची भगदड़ को लेकर दुख जाहिर किया है। उन्होंने लोकसभा में कहा, ”मारे गए लोगों के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं और घायलों के शीघ्र ठीक होने की कामना करता हूं, प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में जुटा हुआ है। पीड़ितों को हर संभव सहायता देने का भरोसा दिलाया। केंद्र के वरिष्ठ अधिकारी यूपी सरकार से संपर्क में हैं।” बता दें कि हाथरस जिले के सिकंदराराऊ क्षेत्र में आयोजित एक सत्संग में मंगलवार को भगदड़ मच गयी, जिसमें कम से कम 107 लोगों की मौत हो गयी और कई अन्य घायल हैं। पुलिस ने यह जानकारी दी। एटा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सिंह ने बताया कि यह घटना पुलराई गांव में सत्संग में हुई, जिसमें शामिल होने के लिये बड़ी संख्या में लोग आए थे।  उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘एटा अस्पताल में 27 शव लाए गए हैं। मरने वालों में 23 महिलाएं, तीन बच्चे और एक पुरुष शामिल हैं।” सिकंदराराऊ थाने के एसएचओ आशीष कुमार ने कहा कि भगदड़ वस्तुत: अत्यधिक भीड़ होने की वजह से हुई। सत्संग में शामिल होने के लिये अपने परिवार के साथ जयपुर से आयी एक महिला ने बताया कि सत्संग के समापन के बाद लोग एकदम से बाहर निकलने लगे, जिससे भगदड़ मच गयी। सिकंदराराऊ के विधायक वीरेंद्र सिंह राणा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि एक दिवसीय सत्संग सुबह मंगलवार से शुरू हुआ था। योगी आदित्यनाथ ने भी जाहिर किया दुख उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए अधिकारियों को राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिये हैं। योगी ने अपर पुलिस महानिदेशक (आगरा) और आयुक्त (अलीगढ़) के नेतृत्व में टीम गठित कर दुर्घटना के कारणों की जांच के निर्देश भी दिए हैं। पड़ोसी एटा जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी उमेश चंद्र त्रिपाठी और जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सिंह ने पत्रकारों को बताया कि भगदड़ में मारे गये 27 लोगों के शव एटा के पोस्टमॉर्टम हाउस भेजे जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने जनपद हाथरस में हुए हादसे का संज्ञान लिया। उन्होंने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर जिला प्रशासन के अधिकारियों को उनके समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इसके साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। बाद में मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच “एक्स” पर अपने संदेश में कहा, “जनपद हाथरस की दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुःखद एवं हृदय विदारक है। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं।” उन्होंने कहा, “संबंधित अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों को युद्ध स्तर पर चलाने और घायलों के समुचित उपचार हेतु निर्देश दिए गए हैं।” योगी ने कहा, “उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी और संदीप सिंह घटना स्थल के लिए रवाना हो चुके हैं तथा प्रदेश के मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक को घटना स्थल पर पहुंचने के निर्देश दिये गये हैं।” उन्होंने कहा “आगरा के अपर पुलिस महानिदेशक और अलीगढ़ के आयुक्त के नेतृत्व में टीम गठित कर दुर्घटना के कारणों की जांच के निर्देश भी दिए हैं।” उन्होंने कहा, “प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान तथा घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।”  

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज और कल उत्तर प्रदेश और बिहार के दौरे पर रहेंगे

PWD Minister's attempt to cheat by creating fake Facebook ID

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 18-19 जून को उत्तर प्रदेश और बिहार का दौरा करेंगे। इस दौरान वह पीएम किसान की 17वीं किस्त के तहत 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी करेंगे, स्वयं सहायता समूहों की 30,000 से अधिक महिलाओं को कृषि सखियों के रूप में प्रमाण पत्र प्रदान करेंगे और बिहार में नालंदा विश्वविद्यालय परिसर का उद्घाटन करेंगे। पीएमओ के मुताबिक, प्रधानमंत्री 18 जून को शाम लगभग पांच बजे अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में पीएम किसान सम्मान सम्मेलन में भाग लेंगे।शाम करीब सात बजे प्रधानमंत्री दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती देखेंगे और रात करीब आठ बजे काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा और दर्शन भी करेंगे।लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद मोदी की वाराणसी की यह पहली यात्रा है। शपथ लेने के बाद, प्रधानमंत्री ने किसान कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए पीएम किसान निधि की 17 वीं किस्त जारी करने के लिए अपनी पहली फाइल पर हस्ताक्षर किए थे। पीएमओ ने कहा कि इस प्रतिबद्धता को जारी रखते हुए, प्रधानमंत्री प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ (पीएम-किसान) के तहत लगभग 9.26 करोड़ लाभार्थी किसानों को 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की 17 वीं किस्त जारी करेंगे। अब तक 11 करोड़ से अधिक पात्र किसान परिवारों को पीएम-किसान के तहत 3.04 लाख करोड़ रुपये से अधिक का लाभ मिला है। इस दौरान, प्रधानमंत्री कृषि सखियों के रूप में स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की 30,000 से अधिक महिलाओं को प्रमाण पत्र भी प्रदान करेंगे। पीएमओ ने कहा कि ‘कृषि सखी कन्वर्जेंस प्रोग्राम’ (केएससीपी) का उद्देश्य कृषि सखियों को प्रशिक्षण और प्रमाणन प्रदान करके ग्रामीण महिलाओं को कृषि सखी के रूप में सशक्त बनाकर ग्रामीण भारत को बदलना है। यह प्रमाणन पाठ्यक्रम ‘लखपति दीदी’ कार्यक्रम के उद्देश्यों से जुड़ा है। अगले दिन बुधवार को सुबह लगभग 9.45 बजे प्रधानमंत्री नालंदा का दौरा करेंगे। वह सुबह करीब 10.30 बजे बिहार के राजगीर में नालंदा विश्वविद्यालय के परिसर का उद्घाटन करेंगे और एक सभा को भी संबोधित करेंगे। विश्वविद्यालय की कल्पना भारत और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन (ईएएस) देशों के बीच संयुक्त सहयोग के रूप में की गई है। उद्घाटन समारोह में 17 देशों के मिशन प्रमुखों सहित कई प्रतिष्ठित लोग भाग लेंगे। परिसर में 40 कक्षाओं के साथ दो शैक्षणिक ब्लॉक हैं जिनकी कुल बैठने की क्षमता लगभग 1900 है। इसमें दो सभागार हैं जिनमें प्रत्येक में 300 सीटों की क्षमता है। इसमें लगभग 550 छात्रों की क्षमता वाला एक छात्र छात्रावास है। इसमें इंटरनेशनल सेंटर, एम्फीथिएटर सहित कई अन्य सुविधाएं भी हैं। पीएमओ ने कहा कि यह परिसर एक ‘नेट जीरो’ ग्रीन कैंपस है। यह सौर संयंत्र, घरेलू और पेयजल उपचार संयंत्र, अपशिष्ट जल के पुन: उपयोग के लिए जल पुनर्चक्रण संयंत्र, 100 एकड़ जल निकायों और कई अन्य पर्यावरण अनुकूल सुविधाओं से लैस है। विश्वविद्यालय का इतिहास से गहरा संबंध है। लगभग 1600 साल पहले स्थापित मूल नालंदा विश्वविद्यालय को दुनिया के पहले आवासीय विश्वविद्यालयों में से एक माना जाता है। साल 2016 में, नालंदा के खंडहरों को संयुक्त राष्ट्र विरासत स्थल के रूप में घोषित किया गया था। तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद मंगलवार को वाराणसी आएंगे नरेन्द्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेन्‍द्र मोदी मंगलवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी आ रहे हैं जहां वह विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। भाजपा के एक पदाधिकारी ने बताया कि मोदी 18 जून को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में किसान सम्मेलन को संबोधित करेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री देश के 9.60 करोड़ किसानों के खाते में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 17 वीं क़िस्त के तहत 20 हजार करोड़ से ज्यादा की राशि अंतरित करेंगे। भाजपा की जिला इकाई के मीडिया प्रभारी अरविंद मिश्रा ने बताया कि नरेन्द्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद अपने क्षेत्र के मतदाताओं का आभार जताने मंगलवार को काशी आ रहे हैं। मिश्रा ने बताया कि प्रधानमंत्री मंगलवार की शाम को बाबतपुर हवाई अड्डा पहुंचेंगे जहां से वह हेलीकॉप्टर से मिर्जामुराद के मेंहदीगंज में किसान संवाद कार्यक्रम स्थल पहुंचेंगे। वहां किसानों को संबोधित करने के साथ ही वह देश के 9.60 करोड़ किसानों के खाते में डीबीटी के तहत 20 हजार करोड़ से ज्यादा की ‘पीएम किसान सम्मान निधि योजना’ की 17वीं किस्त जारी करेंगे। उन्होंने बताया कि मोदी कृषि सखियों के रूप में प्रशिक्षण प्राप्त स्वयं सहायता समूह के 30 हजार से ज्‍यादा सदस्यों को सर्टिफिकेट देंगे और काशी से ‘डिजिटल किसान क्रेडिट कार्ड’ (केकेसी) की शुरूआत करेंगे। प्रधानमंत्री ना केवल किसानों से संवाद करेंगे बल्कि उनके उगाए उत्‍पादों को देखने स्टॉल पर जाएंगे और 21 प्रगतिशील किसानों से मुलाकात भी करेंगे। मिश्रा ने बताया कि किसान सम्मेलन के बाद प्रधानमंत्री मोदी काल भैरव और काशी विश्वनाथ मंदिर एवं गंगा घाट जाएंगे। प्रधानमंत्री के काशी दौरे के दौरान काशी की जनता और भाजपा के नेता और कार्यकर्ता रास्‍ते में जगह-जगह ढोल नगाड़ों और गुलाब की पंखुड़ियों से प्रधानमंत्री का भव्‍य स्‍वागत करेंगे। हाल में संपन्‍न हुए लोकसभा चुनावों में मोदी ने वाराणसी संसदीय सीट से हैट्रिक लगाते हुए तीसरी बार जीत हासिल की है।    

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 18 जून को वाराणसी में एक कार्यक्रम में किसानों को जारी करेंगे 20 हजार करोड़ रुपये

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 18 जून को वाराणसी में एक कार्यक्रम में पीएम-किसान योजना की 17वीं किस्त के रूप में 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी करेंगे। इससे देश भर के 9.26 करोड़ किसानों को लाभ मिलेगा। यह जानकारी शनिवार को कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दी। चौहान ने कहा,”भारत सरकार ने इस योजना के तहत अब तक पूरे देश में 11 करोड़ से अधिक किसानों को 3.04 लाख करोड़ रुपये से अधिक प्रदान किया है।18 जून को जारी होने वाली राशि के साथ, योजना की शुरुआत से लाभार्थियों को प्रदान की गई कुल राशि 3.24 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगी।” चौहान ने कहा कि पीएम किसान योजना की 17वीं किस्त जारी करने के बाद पीएम मोदी कृषि सखी के रूप में नामित 30 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों को प्रमाण पत्र भी प्रदान करेंगे। पीएम मोदी ने 10 जून को पीएम किसान निधि की 17वीं किस्त जारी करने की घोषणा के साथ अपने तीसरे कार्यकाल की शुरुआत की। फरवरी 2019 में शुरू इस योजना के तहत किसानों के बैंक खातों में साल भर मेें दो हजार रुपये की तीन किस्तों में छह हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए जाते हैं। मंत्री ने आगे कहा कि देश भर में लगभग 2.5 करोड़ किसान वीडियो के जरिए इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त, 732 कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), एक लाख से अधिक प्राथमिक कृषि सहकारी किसानों के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए देश भर से कृषि विज्ञान समितियों और 5 लाख कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) भी कार्यक्रम से जुड़ेंगे। कई केंद्रीय मंत्री किसानों से बातचीत करने और विभाग की योजनाओं के बारे में जानकारी देने के लिए 50 कृषि विज्ञान केंद्रों का दौरा करेंगे। किसान सम्मेलन के बाद, पीएम मोदी बाबा काशी विश्वनाथ मंदिर जाएंगे और दशाश्वमेध घाट पर विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती में भाग लेंगे।

दर्दनाक हादसे में 10 लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है, पीएम मोदी ने जताया शोक

रुद्रप्रयाग उत्तराखंड में रुद्रप्रयाग-बदरीनाथ हाईवे पर रौतेली के पास 23 यात्रियों से भरी एक टेम्पो ट्रैवलर अलकनंदा नदी में गिर गई। इस दर्दनाक हादसे में 10 लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है। इस हादसे में कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। वहीं मौके पर स्थानीय लोगों के साथ एसडीआरएफ, फायर विभाग, पुलिस प्रशासन, जिला आपदा प्रबंधन, डीडीआरएफ समेत अन्य टीमें मौके पर रेस्क्यू कार्य कर रही हैं।  इस हादसे पर शोक जताते हुए पीएम मोदी ने ट्वीट किया कि उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में हुआ सड़क हादसा हृदयविदारक है। इसमें अपने प्रियजनों को खोने वाले शोकाकुल परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। इसके साथ ही मैं सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। राज्य सरकार की देखरेख में स्थानीय प्रशासन पीड़ितों की हरसंभव मदद में जुटा है। वहीं पीएमओ से घोषणा की गई है कि प्रत्येक मृतक के परिजनों को PMNRF से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे। दरअसल, शनिवार को बद्रीनाथ हाइवे से 5 किलोमीटर दूर रौतेली के पास एक 23 यात्रियों से भरी टेम्पो ट्रैवलर बस अनियंत्रित होकर अलकनंदा नदी में जा गिरी, जिसमें सवार 23 यात्रियों में से 15 यात्रियों का रेस्क्यू कर लिया गया है। इनको तुरंत नजदीकी अस्पताल में रेफर किया गया है, जहां सभी की हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं अभी और यात्रियों को रेस्क्यू किया जा रहा है। मौके पर रुद्रप्रयाग एसपी डॉ वैशाखा खुद मौजूद हैं। साथ ही मौके पर स्थानीय लोगों के साथ ही एसडीआरएफ, फायर, पुलिस प्रशासन, जिला आपदा प्रबंधन, डीडीआरएफ समेत अन्य टीम मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन कर रही हैं। रुद्रप्रयाग एसपी डॉ वैशाखा ने बताया कि,हमको सूचना मिली कि 23 यात्रियों से भरी टेम्पो ट्रैवलर अचानक अनियंत्रित होकर रौतेली के पास अलकनंदा नदी में गिर गई है। तुरंत मौके पर पहुंच कर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। अभी तक 15 यात्रियों को हॉस्पिटल भेजा है, जिनकी हालत काफी सीरियस है। बाकियों को रेस्क्यू किया जा रहा है। वहीं अभी तक कितने यात्रियों की मौत हुई है, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा को शुरू हुए 1 महीने से ज्यादा का समय हो गया है। और हर दिन यहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंच रहे हैं। यात्रा के साथ ही अब हादसे भी लगातार बढ़ने शुरू हो गए हैं।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने पर चंद्रबाबू नायडू को मोदी ने थपथपाई पीठ

नई दिल्ली चंद्रबाबू नायडू ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। चंद्रबाबू नायडू का आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में वापसी किसी मसाला फिल्म से कम नहीं थी। शपथ समारोह में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उपस्थित थे, और उनके साथ ही साउथ सिनेमा के कई बड़े सुपरस्टार रजनीकांत, चिरंजीवी, रामचरण भी शपथ ग्रहण समारोह में पहुंचे हुए थे। नायडू की पार्टी ने इस बार केंद्र सरकार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, ऐसे में भाजपा के कई बड़े नेता भी शपथ ग्रहण समारोह में मंच को साझा करते हुए नजर आए। पीएम मोदी ने चंद्रबाबू नायडू को फूलों का गुलदस्ता देकर बधाई दी और हाथ मिलाया। चंद्रबाबू नायडू को भावुक देख पीएम ने उन्हें देर तक गले लगाया और पीठ थपथपाकर उनका हौंसला बढ़ाया। कुछ समय पहले की ही बात है जब नायडू भरी प्रेस कांफ्रेस में रो पड़े थे और कहा था की वाईएसआर कांग्रेस के विधायक उन पर और उनकी पत्नी पर निजी हमले कर रहे हैं जो कि गलत है। उसी प्रेस कांफ्रेंस में नायडू ने कसम खा ली थी कि वह आंध्रा के सीएम बनकर विधानसभा जाएंगे। नायडू ने कहा था कि यह अहंकारी वाईएसआरसी के खिलाफ युद्ध है। मैं लोगों के बीच जाऊंगा और उनका समर्थन मागूंगा। अगर लोग समर्थन करेंगे तो मैं प्रदेश को इस अहंकारी वाईएसआर कांग्रेस से बचाने का काम करूंगा।  आज चंद्रबाबू नायडू ने एक बार फिर से आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। नायडू के साथ उनके उपमुख्यमंत्री के रूप में जनसेना पार्टी के प्रमुख और साउथ सिनेमा के सुपर स्टार पवन कल्याण और नायडू के बेटे लोकेश नारा ने भी शपथ ली।

18 जून को मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली बार काशी आ रहे, किसानों को देंगे सौगात

वाराणसी पीएम नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री का पद संभालने के बाद पहली बार 18 जून को अपने संसदीय क्षेत्र काशी आ रहे हैं। इस दौरान यहां बाबा विश्वनाथ और मां गंगा का दर्शन पूजन करने के साथ ही काशी से ही देशभर के किसानों को सम्मान निधि की 17वीं किस्त जारी करेंगे। वह अपने एक दिवसीय प्रवास के दौरान आयोजित सम्मेलन में पांच किसानों को सम्मानित भी करेंगे। बनारस जनपद के भी दो लाख 67 हजार 665 किसान सीधे लाभान्वित होंगे। पीएम मोदी 18 जून को काशी में आभार यात्रा पर आ रहे हैं। तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद वह अपने संसदीय क्षेत्र का प्रथम दौरा किसान को समर्पित करेंगे। वह किसान सम्मेलन में सम्मानित होने वाले कृषकों से संवाद भी करेंगे। किसान सम्मेलन के लिए भाजपा ने जगह की तलाश शुरू कर दी है। प्रधानमंत्री 18 को काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती में भी शामिल होंगे। साढ़े चार घंटे का होगा प्रवास प्राथमिक सूचना के मुताबिक प्रधानमंत्री 18 जून को अपराह्न लगभग 4.30 बजे बाबतपुर एयरपोर्ट पर आएंगे। यहां से सीधे किसान सम्मेलन को संबोधित करने जाएंगे। करीब सवा घंटे तक कार्यक्रम में भाग लेने के बाद काशी विश्वनाथ मंदिर आएंगे। दर्शन-पूजन के बाद गंगा आरती देखेंगे। फिर सड़क मार्ग से बाबतपुर एयरपोर्ट लौटेंगे। रात लगभग नौ बजे विशेष विमान से दिल्ली जाएंगे। सम्मेलन के लिए राजातालाब में देखे चार स्थल   किसान सम्मेलन के लिए मंगलवार को भाजपा पदाधिकारियों और डीएम एस. राजलिंगम ने राजातलाब के चार-पांच गांवों में जगह देखी। इनमें राजातालाब मंडी के पीछे, रखौना, मेहंदीगंज मड़ई, मेंहदीगंज रिंग रोड आदि स्थल शामिल हैं। अभी किसी स्थान को फाइलन नहीं किया गया है। भाजपा काशी क्षेत्र प्रवक्ता नवरतन राठी ने बताया कि रोहनिया और सेवापुरी विधानसभा क्षेत्र के मध्य किसान सम्मेलन आयोजित होगा। निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप पटेल, जिलाध्यक्ष एवं एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा, प्रवीण सिंह गौतम, अरविन्द पटेल आदि रहे। कार्यकर्ता करेंगे मोदी का भव्य स्वागत मोदी के काशी आगमन को लेकर भाजपा कार्यकर्ता उत्साहित हैं। उन्होंने हर हर महादेव के उद्घोष के साथ जोरदार अगवानी करने का निर्णय लिया है। पीएम के स्वागत के संबंध में भाजपा की जिला और महानगर इकाई ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रधानमंत्री के यात्रा मार्ग में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल, विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी व सौरभ श्रीवास्तव की अगुवाई में स्वागत होगा।  

प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी , “नल जल योजना” पर भ्रष्टाचारियों ने लगाया ग्रहण , अफसरो,विधायको से लेकर मंत्री तक बंटता है कमीशन

Prime Minister’s ambitious “Tap Water Scheme” has been eclipsed by the corrupt, commission is distributed from officers, MLAs to ministers. विशेष संवादाता देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना ,” नल जल योजना ” जिसके माध्यम से प्रत्येक गरीब परिवार के घर में नल से जल पहुंचने का कार्य किया जा रहा है । मध्य प्रदेश में प्रधानमंत्री की इस , नल जल योजना को , पब्लिक इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के सब इंजीनियर एसडीओ से लेकर विभाग के प्रमुख सचिव इसमे कमिशन के रूप मे भारी कमाई कर रहे हैं । सरकार के नेता तक इस योजना में भ्रष्टाचार कर के पलीता लगाने में लगे हुए हैं। मध्य प्रदेश के 52 अब 55 जिलों में इस योजना को पूरा किया जाना है । प्रत्येक जिले में 200 करोड़ से 350 करोड रुपए तक का बजट है ।इस बजट को बंदर बांट की तरह बांटने में अधिकारी और कर्मचारी अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैं ।वर्तमान समय में विभाग के‌ प्रमुख सचिव संजय शुक्ला है, जो पिछले लगभग डेढ़ 2 सालों से पदस्थ हैं । इससे पहले भी संजय शुक्ला इस पद पर रह चुके हैं । जिसके कारण उन्हें इस विभाग के एसडीओ से लेकर चीफ इंजीनियर व ईएनसी की समस्त जानकारी है । “नल जल योजना ” में बड़ी मात्रा में सामान की सप्लाई का काम किया जाता है । बड़ी-बड़ी कंपनियां यहां सप्लाई का काम विभाग में करती हैं, सूत्रों की माने तो पी एस ऐसे बड़े ठेकेदारों को डायरेक्ट बुलाकर उनसे बात करते हैं । जाति विशेष अधिकारी पर प्रमुख सचिव संजय शुक्ला का संरक्षण,12 वर्षो से जमे है राजधानी में शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में संजय शुक्ला ने अपने सजातीय अधिकारियों को खुला संरक्षण दे रखा था। मध्य प्रदेश के इस विभाग के एक अधिकारी, जो भोपाल राजधानी में पिछले 12 सालों से एक ही विभाग में पदस्थ हैं उन्हें हटाने के लिए विभागीय मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक को पत्र लिखे लेकिन संजय शुक्ला ने अपने सजातिय अधिकारी को वहां से नहीं हटाया और मुख्यमंत्री और मंत्री की नोट सीटों को रद्दी की टोकरी में डाल दिया ।मध्य प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन हो गया है ,शिवराज सिंह चौहान की जगह डॉक्टर मोहन यादव मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बने हैं ।जाहिर संजय शुक्ला डॉक्टर मोहन यादव को भी अपने जाल में फंसने का पूरा प्रयास करेंगे और इस मलाईदार पद पर बने रहने की कोशिश करेंगे अपने हथकंडे अपना कर‌ पी एस शुक्ला विभागीय मंत्री को भी दरकिनार कर देते हैं और मन माने तरीके से खुद तो काम करते ही हैं और अपने अधीनस्थ अधिकारियों से भी करवाते हैं मध्य प्रदेश में , “जल जीवन योजना “को पूरी तरह से पलीता लगाने का काम विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा निरंतर जारी है। यदि इसी तरह इस विभाग में “नल जल योजना ” को ठिकाने लगाने में यह अधिकारी और कर्मचारी लग रहे हैं ,तो निश्चित ही इस नल जल योजना का लाभ मध्यप्रदेश के गरीब जनता को नहीं मिल पाएगा और इसका ठीकरा मध्य प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के सिर पर फोड़ दिया जाएगा । मलाई अधिकारी~कर्मचारी खा जाएंगे ।यदि अधिकारियों और कर्मचारी द्वारा इस तरह से योजना के पैसे का बंदरबाट किया जाएगा तो, इस योजना का कार्य गुणवत्ता के आधार पर नहीं किया जा सकता जहां तक इस योजना का सवाल है ,देश के प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव चाहेंगे कि इस योजना का लाभ अधिक से अधिक आम गरीब जनता तक पहुंचे । जिस उद्देश्य से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना को लागू किया है उसे योजना का क्रियान्वयन गुणवत्ता के साथ उसका लाभ आम नागरिकों तक पहुंचे यदि यह लाभ आम नागरिक तक नहीं पहुंचता है तो इसके लिए दोषी अधिकारी और कर्मचारियों को निष्पक्ष जांच कर कर उन्हें दंडित भी किया जाना चाहिए उनके खिलाफ आपराधिक मामले भी दर्ज किए जाने चाहिए । विधायक व सांसदो तक जाता था कमिशन एक तरफ अधिकारी कर्मचारी इस काम में सप्लाई से लेकर काम करने वाले हर मामले में मोटी रकम कमीशन के रूप में ले रहे हैं,तो वहीं दूसरी तरफ सूत्रों पर भरोसा करें तो बड़े-बड़े ठेकेदार जो इस योजना में कार्य कर रहे हैं , उनसे स्थानीय विधायक से लेकर संसद तक चंदे के रूप में मोटी रकम वसूल रहे हैं । विभाग का कमीशन सांसदों और विधायकों को दिए जाने वाला पैसा अगर इसी तरह बटता रहेगा तो इस योजना में संबंधित ठेकेदार योजना को पूरा गुणवत्ता के साथ कैसे कर पाएगा यह सोचने वाली बात है। मामले की जाचं हो मध्य प्रदेश सरकार के नए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को इस पूरे मामले को संज्ञान में लेना चाहिए और नल जल योजना की निष्पक्ष अधिकारियों से जांच करानी चाहिए। इसकी मॉनिटरिंग करनी चाहिए और जो लोग भी इसमें दोषी पाए जाते हैं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए । अन्यथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस नल जल योजना को यह अधिकारी और कर्मचारी पलीता लगाए बिना नहीं रहेंगे और ठीक रहा मध्य प्रदेश के योग्य शिक्षित योग्य मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के सर पर फोड़ दिया जाएगा। मंत्री और मुख्यमंत्री के आदेशों को नहीं मानते प्रमुख सचिव शुक्ला विभाग में पदस्थ पी.एस . संजय शुक्ला की अपने विभाग में कितनी पकड़ है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है, कि वह अपने विभाग में सजातिय अधीनस्थ अधिकारियों की कितनी मदद करते हैं उनकी मदद करने के लिए यह अधिकारी अपने विभाग के मंत्री और मुख्यमंत्री तक की नोटशीट को रद्दी की टोकरी में डालकर उनके आदेशों की सरेआम अवेलना करते हैं । मुख्यमंत्री व मंत्री से जनता की आस अब मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री बदल गए हैं शिवराज सिंह चौहान की जगह डॉक्टर मोहन यादव मुख्यमंत्री बन गए हैं और मंत्री बृजेंद्र सिंह यादव की जगह अब सम्पतिया उईके बन गई हैं ।अब देखना यह होगा कि यह अधिकारी मुख्यमंत्री और अपने विभागीय मंत्री को ,अपनी गिरफ्त में लेने में सफल हो जाते हैं या मुख्यमंत्री और मंत्री ऐसे मनमाने तरीके से और जातिवाद के आधार पर भ्रष्टाचार के आधार पर कार्य करने वाले अधिकारी की विभाग से विदाई करते हैं ।

झारखंड दौरे पर पहुंचे पीएम नरेंद्र मोदी ।

PM Narendra Modi arrived on Jharkhand tour. 10 किलोमीटर लंबा रोड शो किया। आज जायेंगे बिरसा मुंडा म्यूजियम। विशेष संवाददाता रांची। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मध्य प्रदेश में चुनाव प्रचार खत्म करने के बाद मंगलवार रात के करीब 10 बजे झारखंड के रांची पहुंचे। जहां बिरसा मुंडा हवाई अड्डे पर झारखंड के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उनका भव्य स्वागत किया। इसके बाद पीएम मोदी ने रांची में 10 किमी लंबा रोड शो किया। पीएम मोदी ने मंगलवार की शाम मध्य प्रदेश के इंदौर में भी विधानसभा चुनाव को लेकर विशाल रोड शो किया था। रोड शो में रास्ते में खड़े लोगों ने जगह-जगह उनका स्वागत किया। पीएम मोदी ने क्या कहा? पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, ”मध्य प्रदेश में यादगार रैलियों और रोड शो के बाद रांची पहुंच चुका हूं।” उन्होंने कहा कि 15 नवंबर का दिन बहुत विशेष है। मुझे झारखंड के लोगों के साथ भगवान बिरसा मुंडा जी की जयंती पर मनाए जाने वाले जनजातीय गौरव दिवस में शामिल होने का सौभाग्य मिलेगा। उनकी जन्मस्थली उलिहातू जाने का सुअवसर मिलने से बहुत ही गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। पीएम मोदी का रांची में ये रहेगा कार्यक्रम पीएम मोदी बुधवार (15 नवंबर) को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के अवसर पर विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के विकास के उद्देश्य से 24,000 करोड़ रुपये की परियोजना शुरू करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ की शुरुआत करेंगे, ‘पीएम किसान योजना’ के तहत 18,000 करोड़ रुपये की 15वीं किस्त जारी करेंगे और राज्य में 7,200 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।  जनजातीय गौरव दिवस के कार्यक्रम में होंगे शामिल बुधवार की सुबह, पीएम मोदी रांची में भगवान बिरसा मुंडा मेमोरियल पार्क-सह-स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय जाएंगे और फिर हेलिकॉप्टर से खूंटी जिले में बिरसा मुंडा के जन्मस्थान उलिहातू गांव जाएंगे, जहां वह स्वतंत्रता सेनानी को पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। पीएम मोदी खूंटी में तीसरे ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के अवसर पर एक कार्यक्रम में भाग लेंगे। इस दौरान वह ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ और ‘प्रधानमंत्री पीवीटीजी विकास मिशन’ की शुरुआत करेंगे। जारी करेंगे किसान सम्मान निधि की किस्त इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी आठ करोड़ से अधिक लाभार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) की 15वीं किस्त भी जारी करेंगे। योजना के तहत अब तक 14 किस्तों में 2.62 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा राशि किसानों के खाते में डाली जा चुकी है। विकास कार्यों की रखेंगे आधारशिला इसके अलावा पीएम मोदी जिन परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे उनमें एनएच 133 के महगामा-हंसडीहा सेक्शन के 52 किमी लंबे हिस्से को चार लेन का करना, एनएच 114ए के बासुकीनाथ-देवघर सेक्शन के 45 किलोमीटर लंबे हिस्से को चार लेन का करना, केडीएच-पूर्णाडीह कोल हैंडलिंग संयंत्र और आईआईआईटी रांची के नए शैक्षणिक और प्रशासनिक भवन की आधारशिला रखना शामिल हैं।

कांग्रेस के दो नेता अपने बेटों को सेट करने के लिए पूरे मध्य प्रदेश को अपसेट करने में लगे हैं:- पीएम नरेंद्र मोदी

Two Congress leaders are trying to upset the entire Madhya Pradesh to set up their sons:- PM Narendra Modi पीएम मोदी ने सतना, छतरपुर में चुनावी रैली, सभाओं को किया संबोधित। जनता से भाजपा के लिए मांगा आशीर्वाद, कांग्रेस पर जमकर कसे तंज। संतोष सिंह तोमर भोपाल। मध्य प्रदेश में 240 विधानसभा सीटों पर 17 नवंबर को होने वाले चुनाव में जीत के लिए सभी राजनीतिक दल हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। प्रदेश में चुनावी प्रचार तेजी से चल रहा है। इसी कड़ी में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तय कार्यक्रम के मुताबिक सबसे पहले सतना पहुंचे, जहां उन्होंने जनता को संबोधित किया। अब इसके बाद पीएम मोदी छतरपुर पहुंचे और भाजपा प्रत्याशियों के लिए समर्थन जुटाने हेतु विशाल जनसभा को संबोधित किया। जिसके बाद प्रधानमंत्री नीमच के लिए रवाना हो गए। सतना में पीएम मोदी ने जनता को विकास की गारंटी दी, साथ ही एमपी कांग्रेस चीफ कमलनाथ और पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह पर जमकर निशाना साधा। वहीं छतरपुर में रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कांग्रेस देश को पीछे ले जाने में माहिर हैं। कांग्रेस वाले हर उस काम का विरोध करते हैं, जिससे देश आगे बढ़ने वाला होता है।        बता दें कि बीते बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुना, मुरैना और दमोह में रैलियों को संबोधित किया था। इस दौरान पीएम मोदी ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा था। वहीं सीएम नितिश कुमार के बयान पर भी कड़ा प्रहार किया था। पीएम मोदी ने हजारों की संख्या में आई भीड़ से कई वादों को पूरा करने की गारंटी भी दी थी। विधानसभा चुनावों के लिए पीएम मोदी इन दिनों ताबड़तोड़ रैली करने में जुटे हुए हैं। भाजपा का प्रचार करने सतना पहुंचे प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा का प्रचार करने गुरुवार को सबसे पहले सतना पहुंचे। जहां चुनावी सभा के मंच पर प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी, सतना जिले के सात विधानसभा क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी एवं कार्यक्रम के प्रभारी तथा महापौर योगेश ताम्रकार उपस्थित रहे। मंच पर मां शारदा की जय जयकार के साथ संबोधन शुरू किया। कांग्रेस के दोनों नेता बेटों को सेट करने में लगे हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सतना में रैली के दौरान कमलनाथ और दिग्विजय सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने आपके सामने 2 ऐसे नेता खड़े किए हैं, जो कई दशकों से मध्य प्रदेश कांग्रेस को चला रहे हैं। आजकल ये दोनों एक दूसरे के कपड़े फाड़ रहे हैं। यही नेता मध्य प्रदेश को दशकों तक अभाव में रखने के लिए जिम्मेदार हैं। ये आपके बेहतर भविष्य का भरोसा नहीं दे सकते। इनका तो अभी बस एक ही एजेंडा है कि 3 दिसंबर को भाजपा से हारने के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस पर किसका बेटा कब्जा करेगा! अपने बेटों को सेट करने के लिए वो पूरे मध्य प्रदेश को अपसेट करने में लगे हैं। कांग्रेस आएगी तो तबाही लाएगी प्रधानमंत्री ने कहा, आपको एक सीख याद रखनी है, अगर गलती से भी कांग्रेस आ गई तो फिर आपको सरकार से मिलने वाली सारी मदद बंद कर देगी। 10 साल में भाजपा सरकार ने 33 लाख करोड़ रुपये सीधे गरीबों के बैंक खातों में भेजे हैं और इसमें से एक रुपया भी इधर का उधर नहीं हो पाया। कांग्रेस किस तरह गरीबों का हक छीनती है उसका जीता-जागता प्रमाण है फर्जी लाभार्थी घोटाला। जितनी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की आबादी मिलकर है, उतने फर्जी लाभार्थी कांग्रेस ने देश भर में कागजों में पैदा कर दिए थे। गरीबों का घर हो, मुफ्त राशन हो, मुफ्त इलाज हो आज इन पर भाजपा सरकार लाखों करोड़ रुपये खर्च कर रही है अर्थात देश का पैसा गरीबों के काम आ रहा है। आपका वोट दिल्ली में मुझे मजबूत करेगा प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा- मुझे जो गालियां पड़ रही हैं उसका कारण ये है की भाजपा सरकार ने काली कमाई की दुकानों काे बंद करवा दिया है। कांग्रेस के पास युवाओं के विकास का कोई प्‍लान नहीं है। आप मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा को जब अपना वोट देंगे तब आपका एक एक वोट दिल्‍ली में मुझे मजबूत करेगा। इस बार मध्‍य प्रदेश का चुनाव बढ़ा ही दिलचस्‍प है। प्रदेश भर की विशाल जनसभाओं में मेरे परिवारजनों का इतनी बड़ी संख्या में आकर आशीर्वाद देना 3 दिसंबर को आने वाले नतीजों का अभी से ऐलान कर रहा है। सतना में बंदूक की नाली से संगीत निकलता है:- मोदी उद्बोधन के लिए आमंत्रित किए जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने मंच पर उपस्थित ज्योति चौधरी का नाम पुकारते हुए संगीत सुनने का आग्रह कर उनको बंदूक की नाल से उठने वाले संगीत को प्रस्तुत करने का अवसर दिया। ज्योति चौधरी जिसने जी 20 सम्मेलन में नल तरंग से सभी को मंत्रमुग्ध किया था, पीएम ने मंच से नाम पुकार कर संगीत सुनने का आग्रह किया। वैष्णो जन तो तेने कहिए, जे पीर पराई जाने । पीएम मोदी की सभा मे मैहर की ज्योति चौधरी ने संगीत कार्यक्रम प्रस्‍तुत किया। छतरपुर में जनता से मांगा आशीर्वाद प्रधानमंत्री मोदी सतना के कायक्रम के बाद छतरपुर पहुंचे। जहां उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत सभा स्थल पर मौजूद क्षेत्र के लोगों से उनका आशीर्वाद मांगने के साथ की। उन्होंने कहा कि छतरपुर की जनता का उत्साह देखकर लग रहा है, कि मध्यप्रदेश में भाजपा जीत का नया रिकॉर्ड बनाने जा रही है। जी 20 शिखर सम्मेलन का किया जिक्र विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने पिछले दिनों हुए जी-20 शिखर सम्मेलन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आपने देखा कि जी 20 का कितना बड़ा सम्मेलन दिल्ली में हुआ। जी 20 की एक बहुत बड़ी बैठक यहां खजुराहो में भी संपन्न हुई थी। इस कार्यक्रम को आपकी वजह से ही सफलता मिली और पूरी दुनिया में जब आपका गुणगान सुनने को मिलता है, तो मेरा सीना गर्व से भर जाता है। छतरपुर की मिट्टी को किया प्रणाम पीएम मोदी ने छतरपुर की मिट्टी को प्रणाम करते हुए कहा कि हम वो लोग हैं, जो भारत की माटी का ये चंदन माथे पर लगाकर गर्व से भर जाते हैं। फौलाद से भरी हुई बुंदेलखंड की मिट्टी में भी हमें यही प्रेरणा, यही शिक्षा, यही … Read more

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज चंबल अंचल के दौरे पर मुरैना में करेंगे विशाल जनसभा और रोड शो।

Prime Minister Narendra Modi will hold a huge public meeting and road show in Morena today during his visit to Chambal region. संतोष सिंह तोमर ग्वालियर / मुरैना। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में सभी राजनीतिक पार्टियों द्वारा चुनाव प्रचार अभियान में पूरी ताकत झोंकी जा रही है।इस चुनावी समर में फिलहाल भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के तूफानी दौरों ने अन्य पार्टियों को पीछे छोड़ दिया है। इसी क्रम में आज चंबल अंचल के जिला मुरैना में पहली बार पीएम नरेन्द्र मोदी की सभा होने जा रही है। यह सभा शहर में 5वीं बटालियन पुलिस परेड ग्राउंड में होगी। यहां पुलिस ने उनकी सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए है। सुरक्षा के लिए एक हजार जवान तैनात किए गए हैं। जवानों का नेतृत्व करने के लिए एएसपी, एसपी और एडीजीपी रैंक के अधिकारियों की टीम तैनात की गई है। पीएम की सुरक्षा के लिए यहां दो दिन पहले ही एनएसजी की टीम मुरैना आ चुकी है। एनएसजी के हिसाब से सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए जा चुके हैं। बाहर से बड़ी संख्या में पुलिस बल बुलाया गया है। मुरैना शहर की ओर आने-जाने वाले सभी मार्गों पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। दिमनी प्रत्याशी तोमर ने लिया तैयारियों का जायजा केंद्रीय मंत्री एवं दिमनी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी नरेंद्र सिंह तोमर सुबह के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने के लिए सभा स्थल पर पहुंचे। जहां उन्होंने कार्यक्रम की तैयारियों को देखने के साथ ही प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था के साथ साथ हेलीपेड से लेकर कार्यक्रम स्थल तक की मार्ग व्यवस्था में लगे अधिकारियों से भी चर्चा की। तीन किलोमीटर क्षेत्र नो फ्लाई जॉन घोषित हैलीपेड से कार्यक्रम स्थल तक 3 किलोमीटर के क्षेत्र को नो फ्लाई जोन घोषित किया गया है। पुलिस की मर्जी के बिना यहां कोई परिंदा भी पर नहीं मार सकता है। पीएम की सभा के लिए ग्वालियर-चम्बल संभाग से करीब एक लाख लोगों के पहुंचने की संभावना है। इस सभा में पीएम मोदी के अलावा दिल्ली और भोपाल से भाजपा के दिग्गज नेता पहुंचने वाले हैं। एसपी शैलेन्द्र सिंह चौहान पूरी व्यवस्था पर पैनी नजर रखे हुए हैं। शहर में हाई अलर्ट, बनाए तीन सेफ हाउस पूरा मुरैना शहर हाई अलर्ट मोड पर है। भाजपा जिलाध्यक्ष योगेशपाल गुप्ता की माने तो इस सभा में पीएम को सुनने के लिए एक लाख से अधिक लोगों की आने की संभावना है। संभाग के सभी बीजेपी प्रत्याशियों के समर्थन में पीएम यहां लोगों को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री के मुरैना दौरे को लेकर सुरक्षा एजेंसियों पूरी तरह मुस्तैद हैं। सुरक्षा की कमान संभाल रहे अधिकारियों ने हेलीपेड से लेकर कार्यक्रम स्थल तक तीन सेफ हाउस तैयार किए हैं। पहला सेफ हाउस समर हाउस, दूसरा सेफ हाउस वीआईपी रोड स्थित जीवाजी क्लब और तीसरा सेफ हाउस पुलिस लाइन में रक्षित निरीक्षक के कार्यालय को बनाया गया है।

सूचना आयुक्त के पद से पदोन्नत मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति पर, “इस चयन के बारे में ‘पूरी तरह से अंधेरे में रखा गया” – अधीर रंजन चौधरी.

President of India; Heeralal Samariya; Sahara Samachaar; Narendra Modi;

Regarding the appointment of the Chief Information Commissioner, who was promoted from the position of Information Commissioner, Adhir Ranjan Chowdhury stated, “This selection has been completely shrouded in darkness.” नई दिल्ली: सूचना आयुक्त के पद से पदोन्नत हुए हीरालाल सामरिया की मुख्य सूचना आयुक्त (सीआईसी) के रूप में नियुक्ति से विवाद खड़ा हो रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली चयन समिति में विपक्षी सदस्य और कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखा और कहा कि उन्हें इस चयन के बारे में ‘पूरी तरह से अंधेरे में रखा गया’. इंडियन एक्सप्रेस और द वायर हिंदी के अनुसार, अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि सरकार ने चयन के बारे में न तो उनसे परामर्श किया और न ही उन्हें सूचित किया. उन्होंने पत्र में लिखा, ‘अत्यंत दुख और भारी मन से में आपके ध्यान में लाना चाहता हूं कि केंद्रीय सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों के चयन के मामले में सभी लोकतांत्रिक मानदंडों, रीति-रिवाजों और प्रक्रियाओं की धज्जियां उड़ा दी गई हैं.’

मोदी आज देशभर के 51 हजार युवाओं को सौंपेंगे नियुक्ति पत्र.

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Today, Modi will hand over appointment letters to 51,000 young people from across the country. उदित नारायणनई दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को दोपहर एक बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये 51,000 युवाओं को नियुक्ति पत्र देंगे। रोजगार मेला देशभर में 37 स्थानों पर आयोजित किया जाएगा। रोजगार मेला पहल के तहत केंद्र सरकार के विभागों के साथ-साथ इस पहल का समर्थन करने वाले राज्य सरकारों व केंद्र शासित प्रदेशों में भी नियुक्तियां दी जा रही हैं। साक्षरता विभाग और स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय समेत विभिन्न मंत्रालयों व विभागों में काम करेंगे। रोजगार मेला असल में केंद्र सरकार की तरफ से रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता को पूरी करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को दर्शाता है। रोजगार मेले को रोजगार सृजन में एक उत्प्रेरक माना जाता है। इससे युवाओं को सशक्तिकरण और राष्ट्रीय विकास में सार्थक भागीदारी के अवसर मिलते हैं। नवनियुक्त कर्मियों को कर्मयोगी प्रारंभ के जरिये प्रशिक्षित हासिल करने का भी अवसर मिलेगा। कर्मयोगी प्रारंभ आईजीओटी कर्मयोगी पोर्टल पर एक ऑनलाइन मॉड्यूल है, जिसमें कहीं भी किसी भी डिवाइस से सीखने के प्रारूप के तहत 750 से अधिक ई-लर्निंग पाठ्यक्रम उपलब्ध कराए गए हैं। पिछले महीने भी 51000 युवाओं को मिले थे नियुक्ति पत्रइससे पहले 26 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों में नवनियुक्त 51,000 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे थे। नियुक्ति पत्र वितरित करने के लिए देशभर में 46 जगहों पर रोजगार मेले का आयोजन किया गया था।

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