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विधायक: पंडाग्रे ने सह परिवार उपनगरी बोड़खी में किया मतदान : लोगो को भी मतदान करने किया प्रेरित

MLA Pandagre along with his family cast his vote in the suburb of Bodkhi and also motivated people to vote. हरिप्रसाद गोहे आमला । विश्व के सर्वाधिक बड़े लोकतंत्र में अपनी आहुति के लिए लोकसभा चुनावों में लोगो के द्वारा दिन भर अपने मताधिकार का उपयोग किया गया इसी श्रृंखला में आमला सारणी विधायक डॉ योगेश पंडाग्रे ने भी उनकी धर्म पत्नी संजु पंडाग्रे के साथ पहुंच मतदान के प्रारंभिक चरण में ही उप नगरी बोड़खी के बूथ क्रमांक 127 पर अपने मताधिकार का उपयोग किया । विधायक डॉ पंडाग्रे ने किया मतदान का आग्रह विधायक डॉ योगेश पंडाग्रे ने आमला सारणी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न बूथों पर प्रवास कर लोगो से अधिक से अधिक मतदान का आग्रह किया। इस दौरान बूथ पर उपस्थित भाजपा कार्यकर्ता पदाधिकारियों का उत्साह वर्धन कर अत्याधिक तापमान के बावजूद दिन भर बूथ कर कार्य करने के लिए आभार व्यक्त किया । चुनावो में भाजपा महिला मोर्चा की दिखी सक्रिय भागीदार लोकसभा चुनावों में भाजपा संगठन के सभी कार्यकर्ताओ ने बूथ ईकाई के रूप में उत्साह के साथ कार्य किया । संगठनात्मक कार्य में भाजपा महिला मोर्चा सदस्यो के द्वारा सभी दायित्वों में अपना सक्रिय योगदान दिया नगर मंडल के कार्यकर्ताओ के साथ बराबर सहयोगी के रूप में पार्षद शोभा देशमुख , मीडिया प्रभारी सपना सोनी, रीना कश्यप भाजपा बूथ अध्यक्ष तो पोलिंग एजेंट के रूप में मंडल उपाध्यक्ष अंबिका साबले ने कार्य किया ।इस दौरान लाजवंती नागले, संजू योगेश पंडाग्रे, सुषमा नरवरे, ओमवती विश्वकर्मा, आरती पाटिल, गीता ढोलेकर, भारती झा ,श्रृद्धा मालवीय ,गीता पंडोले ,गीता वर्मा , सपना सोनी, दीक्षा सुरजेकर, नीलम साहू ,रीना तोमर ,रजनी बनाईत समेत बड़ी संख्या में महिला मोर्चा पदाधिकारियों ने दिन भर मतदान करवाने के लिए सक्रियता से कार्य किया ।

प्रदेश में मतदान को लेकर उत्‍साह, 11 बजे तक 30.21 प्रतिशत हुई वोटिंग

Enthusiasm regarding voting in the state, 30.21 percent voting took place till 11 am नौ लोकसभा सीटों पर 127 उम्मीदवार हैं चुनावी मैदान में।दिग्विजय, शिवराज और ज्योतिरादित्य के राजनीतिक भविष्य का होगा फैसला।तीसरे चरण में 1 करोड़ 77 लाख मतदाता चुनेंगे अपना सांसद। मध्य प्रदेश में लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण के तहत नौ लोकसभा क्षेत्रों में हो रही मतदान में खासा उत्साह नजर आ रहा है। मतदाता सुबह से ही मतदान केंद्र पहुंचना शुरू हो गए और अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस दौरान कहीं मतदाताओं का तिलक लगाकर स्वागत किया गया, तो कहीं लकी ड्रॉ भी निकाला जा रहा है। बता दे कि इस चरण में 1.77 करोड़ से अधिक मतदाता 127 उम्मीदवारों में से अपनी पसंद के प्रत्याशी के लिए मतदान करेंगे। प्रदेश में 11 बजे तक के मतदान के आंकड़े बैतूल- 32.65% भिंड – 25.46%भोपाल- 27.46%गुना- 34.53%ग्‍वालियर- 28.55%मुरैना- 26.62%राजगढ़ – 34.81%सागर- 30.31%विदिशा- 32.64%

मोदी सरकार ने उद्योगपतियों के 16 लाख करोड़ रुपये माफ किए , राहुल गांधी

Modi government waived Rs 16 lakh crore of industrialists, Rahul Gandhi खरगोन। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने खरगोन में आयोजित जनसभा को संबोधित किया। जिसमें उन्होंने आदिवासी मतदाताओं को साधने का प्रयास किया। इस दौरान उन्होंने आरक्षण, जातिगत जनगणना सहित कई मुद्दों पर बात रखी। राहुल गांधी के भाषण की बड़ी बातें यह आरक्षण को बचाने का चुनाव है। जो भी देश के गरीब लोगों को मिला है, सारा का सारा संविधान ने गरीबों को दिया है। अगर संविधान खत्म हो गया तो जो भी आपको अधिकार मिल हैं, सारा का सारा खत्म हो जाएगा। आपकी जमीन, जंगल गायब हो जाएगा और भारत में 22-25 लोगों का राज होगा। इन लोगों को नजग आपके जंगल और जमीन पर है। मोदी सरकार ने 16 लाख करोड़ रुपये उद्योगपतियों का माफ किया। लेकिन वे किसानों और गरीब का कर्ज माफ नहीं किया। हम देश में करोड़ों लखपति बनाने जा रहे हैं। आप जीएसटी और टैक्स देते हैं, लेकिन ये धन आपको नहीं दिया जाता। इसलिए इंडी गठबंधन सरकार महिलाओं को एक लाख रुपये सालाना देगी और तक तक दिया जाएगा तब तक परिवार गरीबी रेखा से बाहर नहीं आ जाता। हम निजी कपंनियों और सरकारी विभागों में ठेकेदारी प्रथा को खत्म करेंगे, जिससे आपको परमानेंट नौकरी मिलेगी। हम चुनाव के बाद गरीब किसानों का कर्ज माफ करने जा रहे हैं। साथ ही एमएसपी के लिए कानून बनाएंगे। छोटे व्यापारियों को खत्म कर दिया गया। नोटबंदी और जीएसटी अमीरों के लिए किया गया था। दो करोड़ युवा आज पूछ रहे हैं हमें आपने झूठ क्यों कहा।

जिन नेताओं पर पीएम मोदी लगाते थे दाग, बीजेपी की वॉशिंग मशीन में धुलते ही हो गए बेदाग

The leaders on whom PM Modi used to put allegations, became spotless as soon as they were washed in BJP’s washing machine! विषेश संवाददाता भोपाल। देश में लोकसभा चुनाव को लेकर हलचल काफी तेज है। चुनाव में भ्रष्टाचार का मुद्दा छाया हुआ है। दरअसल शराब घोटाले के आरोप में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल तिहाड़ जेल में बंद है। विपक्षी दलों का आरोप है कि बीजेपी विपक्षी दलों के नेताओं को चुन-चुनकर टारगेट कर रही है। बीजेपी में शामिल होने के बाद नेताओं से भ्रष्टाचार के आरोप हटा लिए जा रहे है। है कि 2014 के बाद से कथित भ्रष्टाचार के लिए विपक्ष के 25 नेता जो केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई का सामना कर रहे ये, बीजेपी में शामिल हुए और उनमें से 2.3 को राहत मिल गई। उनके खिलाफ जांच या तो बंद हो गई या ठंडे बस्ते में चली गई। 2014 के बाद जिन प्रमुख राजनेताओं का जिक्र किया जा राय है, वे विपक्षी दलों से बीजेपी में शामिल हो गए थे। इनमें से 10 कांग्रेस से हैं. एनसीपी और शिवसेना से चार-चार, टीएमसी से तीन, टीडीपी से वो और समाजवादी पार्टी और वाईएसआरसीपी से एक-एक नेता शामिल है। 2014 के बाद से भ्रष्टाचार की जांच का सामना कर रहे 25 विपक्षी नेता बीजेपी में शामिल हो गए, उनमें से 23 को राहत मिली 3 मामले बंद, 20 रुके ,भाजपा में शामिल होने के बाद जांच एजेंसियों से राहत पाने वाले विपक्षी नेताओं में कांग्रेस के 10, राकांपा और शिवसेना के चार-चार, तृणमूल कांग्रेस के तीन, टीडीपी के दो और समाजवादी पार्टी और वाईएसआरसीपी के एक- एक नेता शामिल हैं बीजेपी से हाथ मिलाते ही अजीत पवार की फाइल क्लोज रिपोर्ट के मुताबिक, 2022 और 2023 की राजनीतिक उथल-पुथल के दौरान केंद्रीय कार्रवाई का एक बड़ा हिस्सा महाराष्ट्र पर केंद्रित था। 2022 में एकनाथ शिंदे गुट ने शिवसेना से अलग होकर बीजेपी के साथ नई सरकार बना ली। एक साल बाद अजित पवार गुट एनसीपी से अलग हो गया और सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन में शामिल हो गया। अजीत पवार और प्रफुल पटेल के मामले भी बंद हो गए है। कुल मिलाकर महाराष्ट्र के 12 प्रमुख राजनेता 25 की सूची में है, जिनमें से 11 नेता 2022 या उसके बाद बीजेपी में चले गए, जिनमें एनसीपी, शिवसेना और कांग्रेस के चार-चार शामिल है। इनमें से कुछ मामले गंभीर हैं। किन दो मामलों में कार्रवाई जारी है 25 मामलों में से केवल दो में कार्रवाई नहीं रुकी। इनमें पूर्व कांग्रेस सांसद ज्योति मिर्धा और पूर्व टीडीपी सांसद वाईएस चौधरी का है। दोनों नेताओं के बीजेपी में शामिल होने के बाद भी ईडी द्वारा ढील दिए जाने का कोई सबूत नहीं है। कम से कम अभी तक तो कोई सबूत नहीं मिला। सीबीआई, ईडी और आयकर विभाग से इस बारे में कमेंट मांगने पर द इंडियन एक्सप्रेस का कहना है कि उनके सवालों का जवाब नहीं दिया। हालांकि, सीबीआई के एक अधिकारी ने कहा कि एजेंसी की सभी जांच सबूतों पर आधारित हैं। जब भी सबूत मिलते हैं उचित कार्रवाई की जाती है। उन मामलों के बारे में पूछे जाने पर जहां आरोपी के पक्ष बदलने के बाद एजेंसी ने अपना रास्ता बदल लिया है, अधिकारी ने कहा, ‘कुछ मामलों में विभिन्न कारणों से कार्रवाई में देरी होती है। लेकिन वे खुले हैं।’ ईडी के एक अधिकारी ने कहा कि उसके मामले अन्य एजेंसियों की एफआईआर पर आधारित है। अगर अन्य एजेंसियां अपना मामला बंद कर देती हैं, तो ईडी के लिए आगे बढ़ना मुश्किल हो जाता है। फिर भी, हमने ऐसे कई मामलों में आरोपपत्र दायर किए हैं। जिन मामलों में जांच चल रही है, जरूरत पड़ने पर कार्रवाई की जाएगी। सूची में कुछ प्रमुख नाम पवारः 2023 में एनसीपी से बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए में शामिल हुए प्रफुल्ल पटेलः 2023 में एनसीपी से बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए में शामिल हुए हिमेत बिस्वा सरमाः 2015 में कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुए संजय सेठः 2019 में सपा से बीजेपी में शामिल हुए सुवेंदु अधिकारीः 2020 में टीएमसी से बीजेपी में शामिल हुए छगन भुजबलः 2023 में एनसीपी से बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए में शामिल हुएअशोक चव्हाणः 2024 में कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुएनवीन जिंदलः 2024 में कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुएगीता कोड़ाः 2024 में कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुईबाबा सिद्दीकीः 2024 में कांग्रेस से बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए में शामिल हुए शुभेंदु अधिकारी को शारदा घोटाले में क्लीन चिट शुभेदु अधिकारी इस समय पश्चिम बंगाल में बीजेपी के कद्दावर नेता और नेता प्रतिपक्ष हैं। ममता सरकार में मंत्री रहे शुभेदु से सीबीआई ने शारदा घोटाला मामले में पूछताछ की थी। टीएमसी आरोप लगाती रही है कि जब अधिकारी टीएमसी में थे तो जांच एजेंसियां उन्हें परेशान करती थी लेकिन, बीजेपी में जाते ही उन्हें क्लीन चिट मिल गई। विपक्ष को अकेले दोष नहीं देना चाहिए, खासकर तब जब नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने दिखाया है कि उसे खराब रिकॉर्ड वाले राजनेताओं को गले लगाने में कोई आपत्ति नहीं है। दाग धोना ऐसा प्रतीत होता है कि वॉशिंग मशीन अब एक सौम्य घरेलू उपकरण नहीं रह गई है। एक तरह से कहें तो यह राजनीतिक क्षेत्र में एक उपयोगितावादी उपकरण बन गया है। भारत का विपक्ष अपने राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसियों को हथियार बनाने की भारतीय जनता पार्टी की प्रवृत्ति के चारे में काफी मुखर रहा है। आरोप निराधार नहीं है. 2022 में, एक अखबार की जांच से पता चला कि आश्चर्यजनक रूप से 95% राजनेता जी 2014 से प्रवर्तन निदेशालय या केंद्रीय जांच ब्यूरो के रडार पर थे, विपक्ष के थे। लेकिन, जाहिर है, उनकी दुर्दशा से बाहर निकलने का एक रास्ता है। अब उसी अखबार के नए आंकड़ों से पता चलता है कि जिन 25 विपक्षी नेताओं ने एजेंसियों की सख्ती का सामना करने के बाद भाजपा में शामिल होने का फैसला किया, उनमें से 23 राहत पाने में कामयाब रहे है। तीन मामले बंद कर दिए गए हैं, जबकि 20 अन्य में कार्यवाही प्रभावी रूप से ठंडे बस्ते में डाल दी गई है। भाजपा की शक्तिशाली वॉशिंग मशीन पर विपक्ष का तंज, जो भगवा पार्टी में शामिल होते ही भ्रष्टाचार के आरोपी नेताओं के दाग … Read more

वोट डालने वालों को मिलेगा होटलों में 10 फीसदी डिस्काउंट, ड्रा में जीत सकेंगे इनाम

Those who vote will get 10 percent discount in hotels, will be able to win prizes in the draw. भोपाल। लोकसभा चुनाव में मतदान करने वाले लोगों को लकी ड्रा में शामिल किया जाएगा। इसके साथ व्यापारी संगठनों ने शहर के होटलों में दस फीसदी डिस्काउंट देने का ऐलान किया है। सात मई को जिले के 2097 पोलिंग बूथ पर 3 ड्रा होंगे, जबकि एक बंपर ड्रा बाद में होगा। इसमें डायमंड रिंग से लेकर घरेलू उपयोग में आने वाली वस्तुएं जीत सकेंगे। वहीं, भोपाल की होटलों में 10 फीसदी तक डिस्काउंट भी मिलेगा। जिसको लेकर गुरुवार को कलेक्टोरेट में कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, जिपं सीईओ ऋतुराज सिंह, नगर निगम कमिश्नर हरेंद्र नारायण की मौजूदगी में बैठक रखी गई। बैठक में शहर के 92 व्यापारिक संस्थाओं के प्रमुख पदाधिकारी भी मौजूद रहे। सभी ने वोट प्रतिशत बढ़ाने के लिए नए-नए इनोवेशन करने की बात कहीं। भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष तेजकुलपाल ने कहा कि मतदान करने पर होटलों में 10 फीसदी का डिस्काउंट भी दिया जाएगा। ऐसे हो सकेंगे शामिलहर बूथ पर लकी ड्रा का एक बॉक्स रहेगा। मौके पर ही मतदाता को पर्ची मिलेगी, जो वोट डालने के बाद नाम, मोबाइल नंबर और मतदान केंद्र नंबर लिखकर बॉक्स में डालनी होगी। ड्रा में टी-शर्ट, टिफिन, लंच बॉक्स जैसे इनाम दिए जाएंगे। यदि कोई मतदाता वोट डालने के बाद घर चला भी जाता है तो उसे मोबाइल पर कॉल करके बुलाया जाएगा। दुकानों के आगे लगाएंगे पोस्टरबैनरसभी मार्केट व्यवसाय संघ ने यह निर्णय लिया कि वह अपने दुकान के आगे मतदान करने की अपील का एक बैनर लगाएंगे। डिजिटल मार्केटिंग के तहत 7 मई को मतदान करने के लिए अपील करेंगे। उन्होंने घोषणा की कि उनके अधीनस्थ काम करने वाले स्टॉफ यदि वोट करके आते हैं, तो उन्हें अगले दिन सम्मानित करेंगे। ये व्यापारी संघ हुए शामिलभोपाल चेंबर आफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के पदाधिकारियों के अलावा एमपी होटल एसोसिएशन भोपाल, होटल एंड रेस्टोरेंट, मिष्ठान विक्रेता संघ, प्लायवुड एवं हार्डवेयर, गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया, टीम मर्चेंट एसोसिएशन, भोपाल आॅटोमोबाइल एसोसिएशन, रेडिमेड होजरी वस्त्र व्यवसाय संघ, इलेक्ट्रिकल मर्चेंट, प्लायवुड संगठन हमीदिया रोड, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन, भोज इंफॉरमेशन टेक्नोलॉजी, भोपाल प्राइवेट कोचिंग वेलफेयर एसोसिएशन, कपड़ा व्यापारी संघ, टिंबर संगठन, लघु उद्योग भारती, महाराणा प्रताप व्यापारी उत्सव समेत कई संगठन के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

बनते बिगड़ते समीकरण..राजधानी में भाजपा-कांग्रेस के बीच बन गए कड़े मुकाबले के हालात

The equations are getting worse…conditions for a tough contest between BJP and Congress in the capital भोपाल। भोपाल का गढ़ बन चुकी भोपाल लोकसभा सीट में मुकाबला इस बार रोचक होता दिख रहा है। अब जबकि प्रचार में एक दिन का ही समय शेष है तब भाजपा के आलोक शर्मा और कांग्रेस के अरुण श्रीवास्तव के बीच कड़े मुकाबले के आसार बन गए हैं। वजह है जातीय और दलीय आधार पर मतदाताओं का लामबंद हो जाना। कांग्रेस के अरुण प्रारंभ में मुकाबले से बाहर दिख रहे थे लेकिन कायस्थ और मुस्लिम समाज के एकजुट हो जाने के कारण वे मुकाबले में आ गए। दलितों का बड़ा वर्ग भी कांग्रेस के अरुण के साथ नजर आ रहा है। दूसरी तरफ भाजपा भोपाल में बड़ी ताकत है ही। वह पिछले दो चुनाव साढ़े तीन लाख से भी ज्यादा वोटों के अंतर से जीती है। ऐसे में उसकी पराजय के बारे में कोई कल्पना ही नहीं कर रहा था। भाजपा के पक्ष में ब्राह्मण वर्ग के साथ पिछड़े वर्ग की तमाम जातियां एकजुट दख रही हैं। स्पष्ट है कि माहौल भाजपा में पक्ष में भले हो, लेकिन मुकाबला एकतरफा नहीं है। अरुण का फोकस गांवों में, आलोक हर जगहचुनाव प्रचार पर नजर डालने से पता चलता है कि कांग्रेस के अरुण का ज्यादा संपर्क ग्रामीण क्षेत्रों में है। यहां उन्हें व्यक्ितगत तौर पर लोग जानते हैं और अच्छा इंसान मानते हैं। हालांकि शहर के कांग्रेस विधायक आतिफ अकील और आरिफ मसूद उनके लिए काम कर रहे हैं। नरेला के विधानसभा प्रत्याशी रहे मनोज शुक्ला ने माेर्चा संभाल रखा है। उनके प्रयास से प्रभावी रोड शो हो चुका है। दूसरी तरफ भाजपा के आलोक का प्रचार हर जगह दिखता है। उत्तर भोपाल और भोपाल मध्य को छाेड़कर भाजपा का शेष 6 विधानसभा सीटों में कब्जा है। कांग्रेस की तुलना में भाजपा का संगठन भी हर गांव और बूथ तक मजबूत है। इसका लाभ आलोक शर्मा को मिल रहा है। नेताओं-कार्यकर्ताओं की फौज के कारण भाजपा प्रचार में आगे दिखती है। मुद्दों के मसले पर भी वह कांग्रेस पर भारी है। जातिगत समीकरण ही ऐसे हैं, जिनकी बदौलत कांग्रेस के अरुण मुकाबले में हैं। दो-दो विधानसभा सीटों में भाजपा एक अदद जीत के लिए तरस रही कांग्रेसभोपाल लोकसभा क्षेत्र में कांग्रेस एक अदद जीत के लिए लंबे समय से तरस रही है। कांग्रेस हर तरह के प्रत्याशियों को आजमा चुकी लेकिन हर बार असफलता हाथ लगी है। भोपाल में पहले स्व सुशील चंद्र वर्मा जीतते थे और उनकी जीत का अंतर कभी 1 लाख से कम नहीं रहा। उनके बाद उमा भारती और स्व कैलाश जोशी भी बड़े अंतर से जीते। जोशी दूसरा चुनाव 2009 में लगभग 56 हजार वोटों के अंतर से जीते थे। यह भाजपा की सबसे छोटी जीत थी। पिछले दो चुनाव तो भाजपा ने साढ़े 3 लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से जीते। जबकि कांग्रेस की ओर से मैदान में क्रमश: भोपाल के स्थानीय लोकप्रिय नेता पीसी शर्मा और वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह थे। कांग्रेस ने लंबे समय बाद किसी कायस्थ पर दांव लगाया है। इस समाज के मतदाताओं की संख्या ढाई से तीन लाख बताई जाती है। भोपाल में आमतौर पर कायस्थ प्रत्याशी हारता नहीं है। इसलिए भी पार्टी इस बार जीत की उम्मीद कर रही है। हालांकि यह आसान नहीं है।

प्रज्ज्वल रेवन्ना मामले में राहुल गांधी की CM को चिट्ठी, पढ़ें

Rahul Gandhi’s letter to CM regarding Prajjwal Revanna case, read सिद्धारमैया को लिखे पत्र में कांग्रेस नेता ने प्रज्जवल रेवन्ना की आलोचना की। साथ ही मोदी पर परोक्ष हमला करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्होंने कभी ऐसे वरिष्ठ जनप्रतिनिधि को नहीं देखा, जिसने महिलाओं के खिलाफ कथित हिंसा के खिलाफ चुप्पी साध ली हो। कर्नाटक की राजनीति में हलचल मची हुई है। कई महिलाओं से यौन शोषण के आरोप झेल रहे पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के पोते प्रज्ज्वल रेवन्ना की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। अब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मामले को लेकर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को एक पत्र लिखा है। उन्होंने अनुरोध किया है कि पीड़ितों की हरसंभव सहायता की जाए। इस पत्र का सिद्धारमैया ने जवाब दिया है। सभी पक्षों को न्याय के कटघरे में लाया जाएराहुल गांधी ने कहा, ‘मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि कृपया आप सभी पीड़ितों की हरसंभव मदद करें। यह सुनिश्चित करना हमारा सामूहिक कर्तव्य है कि इन जघन्य अपराधों के लिए जिम्मेदार सभी पक्षों को न्याय के कटघरे में लाया जाए।’ कथित हिंसा के खिलाफ चुप्पी साधीसिद्धारमैया को लिखे पत्र में कांग्रेस नेता ने दक्षिणी राज्य से सांसद रेवन्ना की आलोचना की। इसके साथ ही उन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के छत्रछाया में रहने का आरोप लगाया। मोदी पर परोक्ष हमला करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्होंने कभी ऐसे वरिष्ठ जनप्रतिनिधि को नहीं देखा, जिसने महिलाओं के खिलाफ कथित हिंसा के खिलाफ चुप्पी साध ली हो।उन्होंने कर्नाटक के सीएम से अनुरोध किया कि पीड़ितों की हर संभव मदद की जाए। गांधी ने कहा, ‘वे हमारी करुणा और एकजुटता की पात्र हैं क्योंकि वे न्याय के लिए अपनी लड़ाई लड़ रही हैं। यह सुनिश्चित करना हमारा सामूहिक कर्तव्य है कि इन जघन्य अपराधों के लिए जिम्मेदार सभी पक्षों को न्याय के कठघरे में लाया जाए।’ कठोर से कठोर सजा देने की जरूरतगांधी ने आरोप लगाया कि रेवन्ना ने कई वर्षों तक सैकड़ों महिलाओं का यौन उत्पीड़न किया और उनका वीडियो बनाया। उन्होंने कहा कि कई लोग जो उन्हें भाई और बेटे के रूप में देखते थे, उनके साथ सबसे हिंसक तरीके से क्रूरता की गई और उनकी गरिमा लूट ली गई। माताओं और बहनों के साथ दुष्कर्म किए जाने के लिए कठोर से कठोर सजा देने की जरूरत है। पूर्व कांग्रेस प्रमुख ने कहा, ‘मुझे यह जानकर गहरा सदमा लगा कि पिछले साल दिसंबर में हमारे गृह मंत्री अमित शाह को देवराजे गौड़ा ने प्रज्ज्वल रेवन्ना के घिनौने कारनामों के बारे में बताया था। इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा के वरिष्ठ नेतृत्व द्वारा इन वीभत्स आरोपों को सामने लाए जाने के बावजूद मोदी ने एक दुष्कर्मी के लिए प्रचार किया। गांधी ने आगे कहा, ‘इतना ही नहीं केंद्र सरकार ने जानबूझकर उसे भारत से भागने दिया। इन अपराधों की और प्रधानमंत्री व गृह मंत्री के आशीर्वाद से प्रज्ज्वल रेवन्ना को मिली छूट की कड़ी निंदा की जानी चाहिए।’ मौन समर्थन का खामियाजा भुगत रही महिलाएंउन्होंने आरोप लगा, ‘दो दशकों में मैंने कभी ऐसा वरिष्ठ जनप्रतिनिधि नहीं देखा, जिसने महिलाओं के खिलाफ कथित हिंसा के खिलाफ लगातार चुप्पी साध रखी हो। हरियाणा में हमारे पहलवानों से लेकर मणिपुर में हमारी बहनों तक भारतीय महिलाएं ऐसे अपराधियों के लिए प्रधानमंत्री के मौन समर्थन का खामियाजा भुगत रही हैं। गांधी ने कहा कि कांग्रेस का नैतिक कर्तव्य है कि वह हमारी माताओं और बहनों के लिए न्याय की लड़ाई लड़े। उन्होंने कहा, ‘मैं समझता हूं कि कर्नाटक सरकार ने गंभीर आरोपों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है और प्रधानमंत्री से प्रज्ज्वल रेवन्ना के राजनयिक पासपोर्ट को रद्द करने और उन्हें जल्द से जल्द भारत वापस लाने का अनुरोध किया है।’ सीएम सिद्धारमैया का जवाबकर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने राहुल गांधी के पत्र का जवाब दिया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि प्रज्जवल रेवन्ना से जुड़े मामले ने देश को बुरी तरह झरझोर दिया है। हमारी कानूनी प्रणाली में विश्वास बनाए रखने के लिए पीड़ितों को न्याय को मिलना जरूरी है। राहुल गांधी ने पत्र लिखकर पीड़ितों के लिए समर्थन पर जोर दिया है। हम निष्पक्ष प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’ यह है मामलाबता दें कि 33 वर्ष के प्रज्ज्वल रेवन्ना पूर्व प्रधानमंत्री और जेडीएस सुप्रीमो एचडी देवगौड़ा के पोते और विधायक व पूर्व मंत्री एचडी रेवन्ना के बेटे हैं। उनके खिलाफ कई महिलाओं के साथ यौन शोषण के आरोप लगाए गए हैं और कई इससे जुड़े कई वीडियो वायरल हो गए हैं। राज्य सरकार ने इस मामले में एसआईटी का गठन किया है। प्रज्ज्वल कर्नाटक की हासन लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं, जहां 26 अप्रैल को मतदान हुआ है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक जैसे ही सांसद से जुड़े वीडियो सामने आने लगे, वह वोटिंग खत्म होने के बाद वह देश छोड़कर भाग गए।

मतदान हमारा कर्तव्य और जवाबदारी भी ( लायंस, अनिल सोनी )

Voting is our duty and also our responsibility (Lions, Anil Soni) हरिप्रसाद गोहे आमला। मतदान जागरूकता कार्यक्रम अंतर्गत आज लायंस क्लब आमला सार्थक अध्यक्ष अनिल सोनी पटेल के नेतृत्व में आमला नगर सहित ग्रामीण अंचलों में रैली निकालकर लोगो को अधिक से अधिक मतदान करने के लिए प्रेरित किया । चौपाल बैठको के माध्यम से लोगो को मतदान करने और अधिक से अधिक लोगो को मतदान के लिऐ प्रेरित करने का आह्वान किया।इस अवसर पर लायंस क्लब आमला सार्थक के सदस्यों ने आमला नगर सहित ग्राम तोरनवाड़ा, बोरी, रतेड़ा सहित लगभग आधा दर्जन गावों में संपर्क कर बैठक की तथा लोगो को अधिक से अधिक मतदान के लिए कहा। इस अवसर पर सदस्यों के हाथ में मतदान प्रेरित करने के स्लोगन लिखे तख्तियां भी थी। साथ ही मतदान जागरूकता के प्रेरणादाई नारे भी लगा रहे थे। इस अभियान में गणेश यादव जनपद पंचायत अध्यक्ष आमला,हरी यादव जिला पंचायत सदस्य आमला सहित अन्य प्रभावी गणमान्य लोग भी साथ थे।इस अवसर पर अपने विचार रखते हुए अनिल सोनी पटेल अध्यक्ष लायंस क्लब आमला सार्थक ने कहा की मतदान करना हमारा कर्तव्य भी है और हमारी जवाबदारी भी। यह मतदान देश के लिए ही नहीं बल्कि हमारे सर्वांगीण विकास के लिए भी जरूरी है।इसलिए अपने विकास के लिए वोट दे,देश की खुशहाली ओर तरक्की के लिए वोट दे।सभी अपने मताधिकार का अवश्य प्रयोग करे। वोट दे ओर लोगो को वोटिंग के लिए प्रेरित करे।इस अवसर पर गणेश यादव जनपद पंचायत अध्यक्ष आमला ने कहा की हमारे एक वोट से न केवल हमारे गांव बल्कि देश की प्रगति के रास्ते खुलते है। इसलिए हमे वोट अवश्य डालना चाहिए। इस अवसर पर लायन अनिल सोनी पटेल,ला किशोर गुगनानी,ला चंद्रशेखर सोनी,ला जयंत सोनी,ला मनोज विश्वकर्मा,बंशीलाल पवार पूर्व मुख्य नगरपालिका अधिकारी आमला,गोपाल खतारे,नितेश साहू, डॉ नेपाल ठाकुर आदि उपस्थित थे ।

पाकिस्तान आतंकी हमले करता रहा, कांग्रेस सरकार लव लेटर भेजती रही; पीएम मोदी

Pakistan kept carrying out terrorist attacks, Congress government kept sending love letters: PM Modi पीएम मोदी ने कहा जनता के एक वोट ने सब बदल दिया। एक ऐसा वक्त था जब भारत दूनियाभर में जाकर रोता था, आज वो स्थिति पाकिस्तान की है। झारखंड के पलामू में जनसभा को संबोधित करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला और कहा कि जब कांग्रेस की सरकार थी, तब पाकिस्तान भारत में आतंकी हमलों की साजिश रचता था और कांग्रेस सरकार उन्हें लव लेटर भेजती थी और अमन की आस लगाती थी। उन्होंने कहा, वो जितने ज्यादा लव लेटर भेजते थे उतने ही आतंकी पाकिस्तान से भारत में आते थे। लेकिन फिर जनता के एक वोट ने सब बदल दिया। पीएम मोदी ने कहा, एक ऐसा वक्त था जब दुनियाभर में कमजोर कांग्रेस सरकारी की बात होती थी, आज वो स्थिति पाकिस्तान की है। आज पाकिस्तान दूनिया भर में रो रहा है और बचाओ बचाओ चिल्ला रहा है। उन्होंने कहा, कांग्रेस सरकार में बम धमाके होते थे, आतंकवादी गोलियां चलाते थे और सरकार उन्हें प्रेम पत्र भेजती थी। उनके पास ‘अमन की आस’ थी। कांग्रेस जितने लव लेटर भेजती थी पाकिस्तान उससे ज्यादा आतंकी भेजता था। पीएम मोदी ने आगे कहा कि आपके एक वोट ने मुझे इतनी ताकत दी कि मैंने आते ही कहा ‘बहुत हो गया’। ये नया भारत है, ‘घर में घुस के मारता है’। सर्जिकल और बालाकोट स्ट्राइक के तमाचे से पाकिस्तान हिल गया था। उन्होंने कहा, एक समय था जब किसी आतंकी हमले के बाद कमजोर कांग्रेस सरकार की पूरी दुनिया में दुहाई दी जाती थी। अब पाकिस्तान पूरी दुनिया में रो रहा है और चिल्ला रहा है ‘बचाओ, बचाओ’। पाकिस्तान में नेता दुआ कर रहे हैं कि कांग्रेस के शहजादा पीएम बनें। लेकिन सशक्त भारत अब केवल एक मजबूत सरकार चाहता है।”

समीकरण..राजगढ़ में दिग्विजय समर्थक कान्फिडेंट, भाजपा के रोडमल से उनके कार्यकर्ता नाराज

Equation…Digvijay supporters confident in Rajgarh, their workers angry with BJP’s Rodmal. भोपाल। छिंदवाड़ा के बाद राजगढ़ दूसरी ऐसी हाई प्रोफाइल लोकसभा सीट है, जिस पर सभी की नजर है। छिंदवाड़ा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ के कारण चर्चा में थी और राजगढ़ दिग्विजय सिंह के कारण। छिंदवाड़ा की ही तरह राजगढ़ का चुनाव भी रोचक और कड़े मुकाबले का है। छिंदवाड़ा से कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ मैदान में हैं जबकि राजगढ़ में खुद दिग्विजय कांग्रेस प्रत्याशी। छिंदवाड़ा के लिए पहले चरण में मतदान हो चुका है जबकि राजगढ़ में तीसरे चरण में 7 मई को मतदान होना है। राजगढ़ में भाजपा की ओर से सांसद रोडमल नागर फिर मैदान में हैं। दिग्विजय समर्थक सोशल मीडिया में कान्फिडेंट दिखते हैं और जीत का दावा कर रहे हैं, दूसरी तरफ भाजपा को नागर के जीत की उम्मीद है। भाजपा की तुलना में कांग्रेस की प्रचार शैली अलगराजगढ़ में भाजपा के रोडमल और कांग्रेस के दिग्वजय की प्रचार शैली में बड़ा फर्क है। दिग्विजय सिंह जब से प्रत्याशी घोषित हुए तब से ही पदयात्रा कर रहे हैं। हर दिन वे 15 से 20 किमी तक पैदल चलते हैं और रात्रि विश्राम गांव में ही करते हैं। गांव में समर्थक चंदा कर सामूहिक भोजन की व्यवस्था करते हैं और साथ बैठकर खाते हैं। इस दौरान दिग्विजय लोगों से संपर्क और बातचीत करते हैं। दिग्विजय खासतौर पर भाजपा के गढ़ों को टारगेट कर रहे हैं। दूसरी तरफ भाजपा के रोडमल नागर कभी पदयात्रा करते दिखाई नहीं पड़े। वे रोड शो पर भरोसा करते हैं और एक दिन में ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचने की कोशिश करते हैं। कह सकते हैं कि दिग्विजय की प्रचार शैली भाजपा के रोडमल की तुलना में ज्यादा प्रभावी है। नाराज लोगों को भी मना रहे हैं दिग्विजय राजगढ़ क्षेत्र में भाजपा और कांग्रेस के नेता प्रत्याशियों के लिए एकजुट नजर आते हैं। सांसद रोडमल को प्रत्यााशी बनाए जाने से लोगों में नाराजगी है। पार्टी के एक पदाधिकारी का कहना है कि कार्यकताओं को रोडमल से नाराजगी है लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नहीं। इसलिए बाद में सभी लोग वोट भाजपा को ही देंगे। दिग्विजय के लिए कांग्रेस नेता भी एकजुट हैं लेकिन उनके भाई लक्ष्मण सिंह प्रचार में नहीं दिख रहे थे। खबर है कि दिग्विजय ने उन्हें मना लिया है। अब वे प्रचार में जुट गए हैं। दिग्विजय ने भाजपा की पूर्व विधायक ममता मीना को भी अपने पक्ष में कर लिया है। चाचौड़ा क्षेत्र में वे कांग्रेस का काम कर रही हैं। बता दें, कि विधानसभा में टिकट न मिलने से ममता ने भाजपा छोड़ दी थी और आम आदमी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ी थीं। उन्हें लगभग 27 हजार वोट मिले थे। ममता के कांग्रेस के पक्ष में आने का लाभ दिग्विजय को मिल सकता है। राजगढ़ में इसलिए मुकाबला कड़ा लोकसभा के इस चुनाव में राजगढ़ में मुकाबला कड़ा दिख रहा है क्योंकि यह पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का गृह क्षेत्र है। वे यहां से सांसद रह चुके हैं और विधायक के साथ 10 साल तक मुख्यमंत्री। इस नाते क्षेत्र में उनके पास अच्छी टीम है और अच्छा संपर्क भी। कांग्रेस एकजुट है ही। दिग्विजय की इस टीम का मुकाबला सरकार, संघ और भाजपा के बड़े संगठन से है। संघ और दिग्विजय एक दूसरे के पसंदीदा हैं। इसीलिए दिग्विजय को हराने के लिए सरकार और भाजपा संगठन के साथ संघ ने भी पूरी ताकत झोंक रखी है। दिग्विजय को राम द्रोही और मुस्लिम तुष्टिकरण का अगुवा बताया जा रहा है। जवाब में दिग्विजय खुद को सबसे बड़ा सनातनी बता रहे हैं। दिग्विजय यह भी कहते हैं कि भाजपा राम के नाम पर वोट मांगती है। उसका सनातन धर्म से कोई लेना-देना नहीं है। राजगढ़ की जय-पराजय इस मुद्दे पर जनता का फैसला माना जाएगा। अमित शाह ने विधायकों को दिया यह ऑफरजैसे कमलनाथ ने छिंदवाड़ा किसी बड़े कांग्रेस नेता को नहीं बुलाया था, उसी तरह दिग्विजय भी राजगढ़ में अकेले अपनी टीम के साथ प्रचार कर रहे हैं। आज जरूर कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने राजगढ़ के जीरापुर में दिग्विजय के समर्थन में सभा की है और कल शनिवार को राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आ रहे हैं। भाजपा की ओर से लगभग हर प्रमुख नेता पहुंच रहा है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव कई बार जा चुके हैं। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जिन कुछ क्षेत्रों में प्रचार के लिए गए हैं, उनमें राजगढ़ शामिल है। भाजपा के शीर्ष नेता अमित शाह भी राजगढ़ होकर गए हैं। उन्होंने मंच से ही विधायकों को ऑफर दिया कि जिनके क्षेत्र का परफारमेंस अच्छा होगा, आने वाले समय में उन्हें मंत्रिमंडल में जगह दी जाएगी। शाह के इस ऑफर के बाद पार्टी के सभी 5 विधायक रोडमल के लिए प्राण-प्रण से जुट गए हैं। भाजपा- कांग्रेस के बीच जातियो का बंटवारालोकसभा चुनाव में आमतौर पर राजगढ़ क्षेत्र में जातिगत आधार पर मतदान नहीं होता। बावजूद इसके भाजपा और कांग्रेस द्वारा समाजों की बहुलता को देखकर नेताओं को प्रचार के लिए तैनात किया जा रहा है। क्षेत्र में सबसे ज्यादा मतदाता सोंधिया, दांगी और तंवर समाज के हैं। ये आमतौर पर भाजपा के साथ रहते हैं। इसके बाद ब्राह्मण, यादव और मीना समाज आते हैं। इनकी भी स्थित वही है। हालांकि दिग्विजय के कारण हर समाज मे बंटवारा देखने को मिल रहा है। अनुसूचित जाति-जनजाति के मतदाताओं की तादाद भी कम नहीं है। कांग्रेस और भाजपा ने जातिगत आधार पर नेताओं को मैदान में उतार रखा है। ब्राह्मण मतदाताओं का रुझान भाजपा की ओर है और अजा-जजा वर्ग का कांग्रेस की ओर। शेष सभी जातियां भाजपा- कांग्रेस के बीच बंटी दिखाई पड़ रही हैं। ऐसे में यह कहना कठिन है कि आखिर, जीत किसके पाले बैठेगी।

लोकसभा चुनाव 2024 : कांग्रेस का जनता को गारंटी पत्र, जाने क्या?

Lok Sabha Elections 2024: Congress’s guarantee letter to the public, know what? कांग्रेस की गारंटी युवा न्याय नारी न्याय किसान न्याय श्रमिक न्याय हिस्सेदारी न्याय 1.गिनती करो – सामाजिक व आर्थिक समानता के लिए हर व्यक्ति, हर वर्ग की गिनती2.आरक्षण का हक – संवैधानिक संशोधन द्वारा 50% सीमा हटाकर SC/ST/OBC को आरक्षण का पूरा हक3.⁠SC/ST सब प्लान की कानूनी गारंटी – जितनी SC/ST जनसंख्या, उतना बजट; यानी ज़्यादा हिस्सेदारी4.जल-जंगल-ज़मीन का क़ानूनी हक़ – वन अधिकार क़ानून वाले पट्टों का 1 साल में फैसला5.अपनी धरती, अपना राज – कांग्रेस उन बस्तियों को अनुसूचित क्षेत्रों में अधिसूचित करेगी जहां आदिवासी सबसे बड़ा सामाजिक समूह हैं

आप सभी अवैध खनन करों हम तुम्हारे साथ है, कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना, विडियो वायरल

All of you do illegal mining, we are with you, Agriculture Minister Aidal Singh Kansana, video goes viral MP के मंत्री कंसाना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है और बताया जा रहा है कि चुनावी प्रचार प्रसार के दौरान एक समाज की पंचायत में ऐदल सिंह कंसाना यह कहते हुए नजर आ रहे हैं। ग्वालियर चंबल अंचल में लोकसभा चुनाव से पहले प्रदेश के कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना चुनावी पंचायत में कथित तौर से लोगों से कह रहे हैं कि चुनाव के बाद न तो किसी का पत्थर का ट्रैक्टर पकड़ा जाएगा न रेत का। अगर किसी का ट्रैक्टर पकड़ा जाए तो मुझे फोन करना, मेरी जवाबदारी है। कंसाना एक वायरल वीडियो में ये सब कहते दिख रहे हैं। वीडियो नूराबाद क्षेत्र स्थित करह धाम मंदिर परिसर का बताया जा रहा है। वीडियो में वे लोगों से कह रहे हैं, ‘हमें मालूम है कि हमारे लोग धंधा करते हैं। पत्थर का, रेत का ये अपराध नहीं है। अगर इसको नहीं करेंगे तो हमारे समाज के लोग, रिश्तेदार गलत काम यानी चोरी- चपाटी में चले जाएंगे। उससे हमारे समाज की बदनामी होगी, बच्चों की जिंदगी खराब होगी।’ कंसाना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है और बताया जा रहा है कि चुनावी प्रचार प्रसार के दौरान एक समाज की पंचायत में ऐदल सिंह कंसाना यह कहते हुए नजर आ रहे हैं। बता दें कि चंबल रेत माफियाओं के लिए पूरे प्रदेश भर में जाना जाता है। सुप्रीम कोर्ट की पाबंदी के बावजूद भी यहां पर आज तक सरकार से लेकर प्रशासन अवैध उत्खनन को नहीं रोक पाया है और जिस अधिकारी ने इन माफिया को रोकने की कोशिश की है उसे मौत के घाट उतार दिया गया है। मुरैना में लगातार बढ़ रहे अवैध उत्खनन को लेकर सबसे ज्यादा आवाज कृषि मंत्री कंसाना पर लगाते रहे हैं और विपक्ष भी लगातार इन्हीं पर आरोप लगाता रहा है। ऐसे में कृषि मंत्री कंसाना का यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है और विपक्ष को इस चुनाव में एक बड़ा मुद्दा मिल गया है।

पीएम मोदी पर राहुल गांधी का आरक्षण वाला अटैक, ‘बैक डोर से नौकरियां खत्म ‘

Rahul Gandhi’s reservation attack on PM Modi, ‘Jobs are being destroyed through back door’ राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस की गारंटी देश के युवाओं के लिए है, जिसमें हम सभी युवाओं को भर्ती की गारंटी देते हैं. इसके तहत केंद्र में करीब 30 लाख खाली पदों को भरा जाएगा. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लिया है. उन्होंने आरक्षण को लेकर जमकर निशाना साधा है. राहुल गांधी ने कहा कि नरेंद्र मोदी के आरक्षण हटाओ अभियान का मंत्र है- न रहेगा बांस, न बजेगी बांसुरी, मतलब न रहेगी सरकारी नौकरी, न मिलेगा आरक्षण. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजपी सरकार अंधे निजीकरण से सरकारी नौकरियों को खत्म कर चुपके-चुपके दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों से आरक्षण छीन रही है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट में कहा कि नरेंद्र मोदी के आरक्षण हटाओ अभियान का मंत्र है न रहेगा बांस, न बजेगी बांसुरी, मतलब न रहेगी सरकारी नौकरी, न मिलेगा आरक्षण. वहीं, बीजेपी सरकार अंधे निजीकरण से सरकारी नौकरियों को खत्म कर चुपके-चुपके दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों से आरक्षण छीन रही है. साल 2013 में पब्लिक सेक्टर में 14 लाख स्थायी पद थे, जो 2023 तक आते आते सिर्फ 8.4 लाख ही बचे. 6 लाख पक्की नौकरियां पब्लिक सेक्टर से हुई खत्म- राहुल गांधी राहुल गांधी ने बीजेपी को निशाने पर लेते हुए कहा कि बीएसएनएल, सेल, भेल जैसे टॉप PSU’s को बर्बाद कर लगभग 6 लाख पक्की नौकरियां सिर्फ पब्लिक सेक्टर से ही खत्म कर दी गई. उन्होंने कहा कि ये वही पद हैं जहां आरक्षण का लाभ मिलता है. सरकारी कामों को ठेके पर देकर रेलवे जैसे संस्थानों में जो नौकरियां बैक डोर से खत्म की जा रही हैं उनकी तो कोई गिनती ही नहीं है. भरे जाएंगे 30 लाख रिक्त पद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मोदी मॉडल का निजीकरण देश के संसाधनों की लूट है, जिसके जरिए वंचितों का आरक्षण छीना जा रहा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की गारंटी है कि हम पब्लिक सेक्टर्स को मजबूत करेंगे और 30 लाख खाली पड़े सरकारी पदों को भर कर हर वर्ग के लिए रोजगार के दरवाजे खोल देंगे. इसके साथ ही परीक्षा के आयोजन से भर्ती होने तक की एक निश्चित समयसीमा होगी.

श्याम रंगीला, ने वाराणसी से पीएम मोदी के सामने चुनाव लड़ने का किया है एलान

Shyam Rangeela has announced to contest elections from Varanasi against PM Modi. श्याम रंगीला स्कूल-कॉलेज के दिनों से ही कॉमडी किया करते थे और लोगों की मिमिक्री करने में उन्हें महारत हासिल है। इसी काबिलियत की वजह से श्याम रंगीला द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज टीवी शो तक पहुंचे और इसी शो से वह देश के घर-घर में पहचाने गए। कॉमेडियन श्याम रंगीला ने वाराणसी से पीएम मोदी के खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़ने का एलान किया है। इस एलान के साथ ही श्याम रंगीला चर्चा में आ गए हैं। श्याम रंगीला पीएम मोदी जैसी आवाज में बात करने के चलते काफी मशहूर हैं और सोशल मीडिया पर उनकी तगड़ी फैन फॉलोइंग है। हालांकि कम ही लोग श्याम रंगीला की असल जिंदगी के बारे में जानते होंगे, तो आइए जानते हैं कि कौन हैं श्याम रंगीला और आखिर उन्होंने राजनीति के पिच पर उतरने के लिए वाराणसी लोकसभा सीट का ही चुनाव क्यों किया है। राजस्थान के निवासी हैं श्याम रंगीलाश्याम रंगीला राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के पीलीबंगा तहसील के मानकथेरी गांव के रहने वाले हैं। श्याम रंगीला का असली नाम श्याम सुंदर है और उनका जन्म 25 अगस्त 1994 को हुआ था। श्याम रंगीला स्कूल-कॉलेज के दिनों से ही कॉमडी किया करते थे और लोगों की मिमिक्री करने में उन्हें महारत हासिल है। इसी काबिलियत की वजह से श्याम रंगीला द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज टीवी शो तक पहुंचे और इसी शो से वह देश के घर-घर में पहचाने गए। टीवी के बाद श्याम रंगीला ने सोशल मीडिया के जरिए कॉमेडी और मिमिक्री जारी रखी। खासकर पीएम मोदी की मिमिक्री करने के चलते श्याम रंगीला खूब मशहूर हुए। श्याम रंगीला साल 2022 में आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे, लेकिन कुछ समय बाद ही श्याम रंगीला ने स्वतंत्र रूप से काम करने की बात कहकर पार्टी से किनारा कर लिया। वाराणसी से ही चुनाव क्यों लड़ रहे श्याम रंगीला?श्याम रंगीला ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर अपने वाराणसी से पीएम मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने का एलान किया है। इस वीडियो में श्याम रंगीला ने बताया कि जैसा सूरत में हुआ, इंदौर में हुआ, वैसा वाराणसी में न हो, इसलिए मैंने वाराणसी से चुनाव लड़ने का फैसला किया। उल्लेखनीय है कि सूरत लोकसभा सीट पर कांग्रेस समेत कई अन्य उम्मीदवारों का नामांकन रद्द हो गया। वहीं इंदौर लोकसभा सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवारों ने नामांकन के बाद अपना नाम वापस ले लिया। इस तरह दोनों सीटों पर भाजपा उम्मीदवार के जीतने की राह साफ हो गई है। श्याम रंगीला का कहना है कि ऐसा वाराणसी में न हो, इसी लिए उन्होंने वाराणसी से निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया है।

सुप्रीम कोर्ट ने मांगा ED से जवाब : चुनाव से पहले ही केजरीवाल को गिरफ्तार क्यों किया

Supreme Court seeks answer from ED: Why was Kejriwal arrested even before the elections? सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केजरीवाल की गिरफ्तारी के समय पर सवाल उठाया है। आम चुनाव से पहले केजरीवाल की गिरफ्तारी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने ईडी से जवाब मांगा है। मामले की सुनवाई शुक्रवार को होने की संभावना है। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की पीठ ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू से केजरीवाल की गिरफ्तारी के समय के सवाल पर जवाब मांगा है। नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की याचिका पर लगातार दूसरे दिन सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केजरीवाल की गिरफ्तारी के समय पर सवाल उठाया है। आम चुनाव से पहले केजरीवाल की गिरफ्तारी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने ईडी से जवाब मांगा है। मामले की सुनवाई शुक्रवार को होने की संभावना है। बता दें कि शराब नीति घोटाला मामले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में ईडी द्वारा हुई अपनी गिरफ्तारी को लेकर केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। ‘आप इससे इनकार नहीं कर सकते’न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की पीठ ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू से केजरीवाल की गिरफ्तारी के समय के सवाल पर जवाब मांगा है। साथ ही कोर्ट ने कहा कि ‘जीवन और स्वतंत्रता बेहद महत्वपूर्ण हैं। आप इससे इनकार नहीं कर सकते।’ पीठ ने राजू से कई अन्य सवाल पूछे। जांच एजेंसी से केजरीवाल की इस याचिका पर भी मांगा जवाबबता दें कि 21 मार्च को गिरफ्तारी के बाद केजरीवाल फिलहाल न्यायिक हिरासत के तहत यहां तिहाड़ जेल में बंद हैं। शीर्ष अदालत ने 15 अप्रैल को ईडी को नोटिस जारी किया और केजरीवाल की याचिका पर उससे जवाब मांगा है। केजरीवाल की तरफ से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी अपना पक्ष रख रहे है।

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