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सिख होने पर ‘गद्दार’ कहे जाने का आरोप, राहुल गांधी के बयान पर पीएम मोदी का बड़ा प्रहार

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को राहुल गांधी पर बड़ा हमला बोला। पीएम मोदी ने कहा कि राहुल गांधी ने रवनीत बिट्टू को गद्दार कहा, क्योंकि वह सिख हैं। उन्होंने कहा कि यह सिखों का अपमान है। राज्यसभा में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कल जो हुआ, कांग्रेस के ‘युवराज’ जिनका शातिर दिमाग है, उन्होंने इस सदन के एक सांसद को ‘गद्दार’ कहा। प्रधानमंत्री ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका अहंकार चरम पर है। उन्होंने कांग्रेस छोड़ने वाले किसी और को गद्दार नहीं कहा। लेकिन उन्होंने उस सांसद को गद्दार इसलिए कहा क्योंकि वे एक सिख हैं। यह सिखों का अपमान था, गुरुओं का अपमान था। यह सिखों के प्रति उस नफरत का इजहार था जो कांग्रेस में भरी हुई है। पीएम मोदी ने कहा कि रवनीत बिट्टू उस परिवार के सदस्य हैं, जिसने देश के लिए खुद को कुर्बान कर दिया। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसे लोग कांग्रेस को डुबो देंगे। क्या हुआ था राहुल गांधी-बिट्टू के बीच गौरतलब है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच बुधवार को नोक-झोंक देखने को मिली जब संसद परिसर में कांग्रेस नेता ने उन्हें ‘गद्दार’ कहा। इसके जवाब में बिट्टू ने ‘देश का दुश्मन’ कहा। यह घटना संसद के मकर द्वार के निकट उस वक्त हुई, जब संसद के बजट सत्र की शेष अवधि से निलंबित किए गए आठ विपक्षी सांसद प्रदर्शन कर रहे थे। कांग्रेस के सांसद रह चुके बिट्टू संसद भवन में प्रवेश कर रहे थे और यह टिप्पणी करते हुए सुने गए कि ये (प्रदर्शन कर रहे सांसद) जंग जीतकर आए हैं। इस पर, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि देखिए यहां एक गद्दार चला आ रहा है…मेरे गद्दार मित्र, चिंता मत करो, वापस आओगे। सोनिया गांधी का ‘बिगड़ा हुआ बेटा’ बिट्टू ने बाद में राहुल गांधी को कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी का ‘बिगड़ा हुआ बेटा’ करार दिया। भाजपा नेता ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने यह बात कई अन्य सांसदों से क्यों नहीं कही, बल्कि केवल एक सिख से ही क्यों कही? बिट्टू ने एक वीडियो संदेश में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि गांधी परिवार खुद को सबसे बड़ा ‘देशभक्त’ मानते हैं क्योंकि उनके पिता (राजीव गांधी) ने अपना जीवन कुर्बान किया था। मैंने पार्टी में यह लड़ाई लड़ी कि मेरे दादा, बेअंत सिंह गांधी परिवार द्वारा लगाई गई आग के कारण पंजाब में शहीद हुए। सिखों के खून से रंगे हैं हाथ सांसद ने आगे दावा किया कि कांग्रेस देश के खिलाफ है और उनके हाथ सिखों के खून से रंगे हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरदार और पगड़ी देखकर कांग्रेस नेता ने इस तरह का व्यवहार किया। बिट्टू ने कहा कि यह सरदार गांधी परिवार के उस वंशज से कभी हाथ नहीं मिलाएगा, जो सिखों का हत्यारा है और जिसने गुरुद्वारों को ध्वस्त किया है। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह कांग्रेस में दोबारा शामिल होंगे, तो बिट्टू ने पलटवार किया, ‘वापस आए, मेरी जूती।’ बिट्टू ने कहा कि इस मामले को लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष उठाना होगा क्योंकि वही इसके संरक्षक हैं।  

राहुल गांधी पर बीजेपी का वार, कहा– ऐसी राजनीति से लोकतंत्र होता है कमजोर

नई दिल्ली भाजपा सांसदों ने कांग्रेस पर सदन में शोर करने और कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने लोकतंत्र को शर्मसार करने वाला काम सदन के अंदर किया है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, “लोकतंत्र को शर्मसार करने वाला काम सदन के अंदर हुआ। राहुल गांधी ने समझ लिया कि ये कांग्रेस पार्टी का दफ्तर है। देश के खिलाफ बोलना कभी सकारात्मक सोच का काम नहीं है। राहुल गांधी के नेतृत्व में देश के खिलाफ एक साजिश के तहत ये हुआ है।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी नाटक करने वालों का अड्डा बन गई है। जैसे नाटक में झूठ और भ्रम फैलाए जाते हैं, वही काम राहुल गांधी कर रहे हैं। यह एक ऐसा काम है, जो लोकतंत्र को शर्मसार करता है। राहुल गांधी सोचते हैं कि संसद कांग्रेस पार्टी का ऑफिस है और इस बिल्डिंग में हमारे अलावा कोई और राज नहीं कर सकता है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के उस लेटर पर निशाना साधा, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें लोकसभा में बोलने नहीं दिया गया। मंत्री रिजिजू ने कहा, “मैंने इसका जवाब दे दिया है। उन्होंने कहा था कि वह नियमों के बाहर बोलेंगे। हमने दो दिन इंतजार किया, लेकिन दूसरों को भी बोलने का मौका मिलना चाहिए। वह मनमाने ढंग से नहीं बोल सकते। यह भारत की संसद है, यहां नियमों के अनुसार ही बोलना पड़ता है।” भाजपा सांसद अरुण गोविल ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, “उनके व्यवहार की जितनी निंदा की जाए कम है। इस तरह का व्यवहार अगर एक सांसद करे तो बहुत शर्मनाक है। राहुल गांधी सदन में क्या बोलते हैं और कैसे व्यवहार करते हैं, उनको खुद नहीं पता होता है।” भाजपा सांसद शशांक मणि ने 8 विपक्षी सांसदों के निलंबन पर कहा, “उनके खिलाफ कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि उन्होंने संसद की मर्यादा का हनन किया। जो उन पर कार्रवाई की गई है, वो सही है। इस प्रकार से कोई और भी हंगामा करेगा तो मुझे पूरा विश्वास है कि अध्यक्ष इस प्रकार की कार्रवाई करेंगे।” भाजपा सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने कहा, “कांग्रेस के आरोप बेबुनियाद हैं। जिस तरह से राहुल गांधी और उनके समर्थक गठबंधन ने बर्ताव किया, वह एक ऐसा काम है, जो संसद की गरिमा को ठेस पहुंचाता है।”

राहुल गांधी का तीखा हमला: देखो गद्दार आ रहा है, पूर्व कांग्रेसी अब BJP में मंत्री

नई दिल्ली संसद भवन परिसर में प्रदर्शन के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू में नोक झोंक की स्थिति बन गई। मामला का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वीडियो में सुनाई दे रहा है कि एक ओर जहां राहुल ने बिट्टू को गद्दार कहा। वहीं, बिट्टू ने उन्हें देश का दुश्मन करार दिया। खास बात है कि बिट्टू कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए थे। वीडियो में देखा जा सकता है कि सत्र से पहले विपक्षी सांसद प्रदर्शन कर रहे हैं। इनमें राहुल गांधी भी शामिल हैं। इस बीच वह बिट्टू को देखते हुए कहते हैं, ‘यहां एक गद्दार चला आ रहा है। इसके चेहरे को देखिए।’ इसपर वहां मौजूद सांसद हंसने लगते हैं और बिट्टू उनके सामने जाकर रुक जाते हैं। वह राहुल समेत सभी की ओर इशारा कर कहते हैं, ‘देश के दुश्मन’ और आगे बढ़ जाते हैं। हाथ मिलाने से इनकार किया गद्दार कहने के बाद राहुल ने बिट्टू से हाथ मिलाने की कोशिश की। उन्हें कहते हुए सुना जा सकता है, ‘हैलो ब्रदर। मेरे गद्दार दोस्त। चिंता मत करो। यहीं वापस आओगे।’ वीडियो में नजर आ रहा है कि केंद्रीय मंत्री ने उनके साथ हाथ मिलाने से इनकार कर दिया। राहुल के साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल भी मौजूद हैं। यह मामला संसद के मकर द्वार के पास का है। वहां बजट सत्र से की शेष अवधि से निलंबित किए गए आठ विपक्षी सांसद प्रदर्शन कर रहे थे। विपक्ष लगातार अमेरिका के साथ डील को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। यह मामला संसद के मकर द्वार के पास का है। वहां बजट सत्र से की शेष अवधि से निलंबित किए गए आठ विपक्षी सांसद प्रदर्शन कर रहे थे। विपक्ष लगातार अमेरिका के साथ डील को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी में विवाद का किया था दावा दिसंबर में बिट्टू ने दावा किया था कि राहुल और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा में विवाद चल रहा है। एनडीटीवी से बातचीत में बिट्टू ने वीबी जी राम जी बिल पर कांग्रेस के प्रदर्शन की तैयारी पर सवाल पूछा गया। इसपर उन्होंने कहा, ‘उनके पास लोग हैं प्रदर्शन करने के लिए? उनको महात्मा गांधी से कोई लेना देना नहीं है। उन्हें जो उनका गांधी है, प्रियंका गांधी, राहुल गांधी, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, संजय गांधी, उनको उस गांधी से दिक्कत है कि वो कहां जा रहा है।’ उन्होंने कहा था, ‘दूसरी तरफ दोनों गांधी में लड़ाई चल रही है, बड़ी भारी लड़ाई चल रही है। जो मुझे पता लगा है… सदन में जो दो तीन बार जो भाषण हुआ है, उसे भी लोगों ने प्रियंका गांधी का जो भाषण है, उसकी तुलना की है। और राहुल गांधी इस चीज से नाराज होकर परिवार और पार्टी से लड़कर यहां से चले गए हैं।’ उन्होंने कहा, ‘उनकी पार्टी और फैमिली में जो प्रॉब्लम है। इसलिए राहुल गांधी छोड़कर चले गए हैं।’  

लोकसभा में जोरदार हंगामा, राहुल गांधी के बयान पर भड़के सांसद, स्पीकर की ओर उछले कागज

नई दिल्ली लोकसभा में आज लगातार दूसरे दिन राहुल गांधी की स्पीच पर हंगामा खड़ा हो गया। इसके बाद सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी है। हुआ यूं कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए नेता विपक्ष राहुल गांधी जैसे ही खड़े हुए और उन्होंने अपनी बात रखनी शुरू की, उन्होंने फिर से राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा उठाना चाहा और कल की बात फिर से दोहराते हुए कहा कि यह चीन और पाकिस्तान के साथ जुड़ा राष्ट्रीय सुरक्षा का विषय है। इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आपत्ति जताते हुए कहा कि नेता विपक्ष सदन को गुमराह कर रहे हैं। स्पीकर की बैठक में हूई बातचीत का जिक्र करते हुए रिजिजू ने कहा कि हम यहां सुनने के लिए बैठे हैं लेकिन उन्हें विषय को छोड़ना चाहिए। राहुल गांधी इस पर रुके नहीं और उन्होंने फिर से नरवणे के संस्मरण का मुद्दा उठाया और आरोप लगाया कि उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा, “मैं विपक्ष का नेता हूं, मुझे बोलने दिया जाए।” इसके बाद उन्होंने कहा कि अगर आर्टिकल पर ऐतराज है, तो नहीं बोलूंगा। इसके बाद राहुल गांधी ने चीन का जिक्र किया और कहा कि ईस्टर्न लद्दाख में भारतीय सैनिक मारे गए। इसी दौरान किसी सदस्य ने चेयर को संबोधित करते हुए यार बोल दिया। इस पर चेयर ने फटकार लगाते हुए कहा कि यह संसद है। उस समय आसन पर कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी बैठे थे। इस यार के मुद्दे पर लोकसभा में हंगामा होने लगा। दूसरी तरफ विपक्षी सांसद भी इस बात से भड़क उठे कि नेता विपक्ष को बोलने नहीं दिया जा रहा है। इसी दौरान आसन की तरफ पेपर भी फेंके गए।

संसद में नया विवाद: नियम 349 क्या, और क्यों राहुल गांधी घिरे आरोपों में?

नई दिल्ली राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सोमवार (2 फरवरी) को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोद मुकुंद नरवणे के एक संस्मरण के मसौदे के कुछ अंश का जिक्र किया तो सदन में हंगामा मच गया। सत्ता पक्ष ने इसका जमकर विरोध किया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह ने भी नरवणे के संस्मरण का उल्लेख करने का विरोध किया। इसके बाद सदन में सत्तापक्ष और कांग्रेस के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक एवं हंगामा देखने को मिला। सदन में गतिरोध बने रहने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अपराह्न दो बजकर नौ मिनट पर सभा की बैठक अपराह्न तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी। दोबारा जब कार्यवाही शुरू हुई तो राहुल गांधी ने फिर से जनरल नरवणे की बात कहनी शुरू कर दी। इसके बाद फिर सदन में हंगामा हुआ। इसे देखते हुए स्पीकर बिरला ने सदन की कार्यवाही शाम 4 बजे तक स्थगित कर दी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने लोकसभा के नियम संख्या 349 का हवाला देते हुए कांग्रेस नेता से कई बार यह अपील की कि वह पुस्तक या किसी पत्रिका को सदन में उद्धृत नहीं कर सकते, हालांकि राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख का हवाला देते हुए चीन के साथ भारत के सैन्य तनाव का विषय उठाने का प्रयास किया और दावा किया कि पूर्व सेना प्रमुख ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के चरित्र के बारे में भी बताया है। इस दौरान राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी पर सदन को गुमराह करने का प्रयास करने का आरोप लगाया। लोकसभा में गतिरोध के समय प्रधानमंत्री मोदी भी मौजूद थे। अब सवाल उठता है कि नियम 349 क्या है, जो राहुल गांधी को जनरल नरवणे का संस्मरण पढ़ने से रोक रहा है। क्या है लोकसभा का नियम 349? लोकसभा की नियम पुस्तिका (Rulebook) का नियम 349 सदन के भीतर सदस्यों के आचरण और मर्यादा से संबंधित है। यह नियम उन शिष्टाचारों को निर्धारित करता है जिनका पालन प्रत्येक सांसद को सदन की कार्यवाही के दौरान करना अनिवार्य होता है। यह नियम कहता है कि सदस्य सदन में नारे नहीं लगा सकते और न ही किसी तरह का प्रदर्शन कर सकते हैं। इस नियम की उपधारा एक में कहा गया है कि कोई भी सदस्य किसी अखबार की क्लिपिंग या मैगजीन में प्रकाशित अंश, कोई पुस्तक के अंश सदन में नहीं पढ़ सकते। इसके अलावा सदन के भीतर झंडे, प्रतीक चिन्ह, पोस्टर, तख्तियां या धार्मिक चित्र दिखाना वर्जित है। स्पीकर का निर्देश मानना बाध्यकारी लोकसभा का नियम 349 यह भी कहता है कि सदस्य सदन में जोर-जोर से बात नहीं कर सकते, हंस नहीं सकते और न ही ऐसी कोई हरकत कर सकते हैं जिससे कार्यवाही में बाधा आए। इसके अलावा जब कोई अन्य सदस्य बोल रहा हो, तो उसे टोकना या उसके भाषण के बीच में बाधा डालना नियम का उल्लंघन माना जाता है। नियम कहता है कि सदस्यों को लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर) की बातों और निर्देशों का पालन करना होता है और उनकी अनुमति के बिना कोई भी मुद्दा नहीं उठा सकता। तेजस्वी सूर्या के बयान पर पलटवार बता दें कि राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए अपने भाषण की शुरुआत में ही भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या के वक्तव्य का उल्लेख करते हुए पलटवार करने का प्रयास किया। उनका कहना था कि सूर्या ने कांग्रेस की देशभक्ति और चरित्र पर सवाल खड़े किए हैं, इसलिए वह एक पूर्व सेना प्रमुख के उस संस्मरण के अंश को पढ़ना चाहते हैं जो एक पत्रिका में प्रकाशित हुआ है। उन्होंने जैसे ही इसे पढ़ने का प्रयास किया तो राजनाथ सिंह ने सवाल उठाया कि नेता प्रतिपक्ष को बताना चाहिए कि वह जिस पुस्तक का उल्लेख कर रहे हैं, वो प्रकाशित हुई है या नहीं। पहले तीन, फिर 4 बजे तक सदन की कार्यवाही स्थगित गृह मंत्री अमित शाह ने भी कहा कि सदन में पुस्तक और पत्रिका में प्रकाशित बातों को नहीं रखा जा सकता और नेता प्रतिपक्ष को व्यवस्था का पालन करना चाहिए। बिरला ने राहुल गांधी से कई बार कहा कि वह राष्ट्रपति के अभिभाषण पर अपनी बात रखें। जब राहुल गांधी इस संस्मरण के कुछ अंश सदन के पटल पर रखने पर अड़े रहे तो बिरला ने कहा, ”आप लगातार आसन की वमानना कर रहे हैं…।” राहुल गांधी ने कहा कि वह आसन को चुनौती नहीं दे रहे हैं, बल्कि चीन के साथ भारत के रिश्ते के बारे में बात रखना चाहते हैं। सदन में लगातार गतिरोध बने रहने पर बिरला ने लोकसभा की बैठक पहले तीन बजे तक फिर 4 बजे तक स्थगित कर दी।  

सदन में सियासी संग्राम: देश की छवि पर बयान को लेकर राहुल गांधी घिरे, मंत्री ने लगाई फटकार

नई दिल्ली कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा लोकसभा में चीन पर दिए गए बयानों से लगातार हंगामा जारी है। लोकसभा स्पीकर द्वारा बार-बार रोके जाने के बाद भी नेता विपक्ष लगातार एक ही मुद्दे पर बोलते रहे, जिसके बाद सदन की कार्यवाही 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। इसके बाद जब कार्यवाही शुरू हुई तो उन्होंने एक बार फिर से वही बात शुरू कर दी। इस पर नाराज होते हुए संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि नेता विपक्ष जो कुछ भी बोल रहे हैं, वह अपुष्ट जानकारी है। उनसे यही कहूंगा कि कोई ऐसी बात मत बोलिए, जिससे देश का और सेना का मनोबल टूटे। देश को नीचा दिखाकर क्या मिलेगा। हालांकि इसके बाद भी राहल गांधी नहीं रुके और फिर स्पीकर ने सदन की कार्यवाही चार बजे तक के लिए स्थगित कर दी।   यह पूरा मामला उस वक्त शुरू हुआ जब राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर अपनी बात रखने के लिए उठे कांग्रेस नेता ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे के लेखों का हवाला देकर चीन पर बात रखते हुए कहा कि डोकलाम में चीनी सैनिक मौजूद थे। राहुल के इतना कहते ही सत्ता पक्ष के नेताओं ने इस पर हंगामा शुरू कर दिया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आखिर राहुल गांधी किसी ऐसी किताब का जिक्र सदन के पटल पर कैसे कर सकते हैं, जो कि छपी ही नहीं है। राजनाथ सिंह और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी लोकसभा नेता विपक्ष के बयान की निंदा की। हालांकि, इसके बाद भी वह नहीं रुके और लगातार वही बात कहते रहे। राहुल की इस हठधर्मिता पर स्पीकर ओम बिरला ने राहुल को नसीहत भी दी। इस पर नेता विपक्ष ने कहा कि फिर आप ही बता दीजिए कि मुझे क्या कहना चाहिए और क्या नहीं। इस पर नाराज होते हुए स्पीकर ने कहा कि मैं यहां आपका सलाहकार नहीं हूं। लेकिन आपको उसी मुद्दे पर बोलना चाहिए, जिस पर यहां चर्चा हो रही है और जिसके बारे में आपने सदन को जानकारी दी थी।

लोकसभा में चीन को लेकर सियासी संग्राम, राहुल गांधी के आरोपों पर रक्षा मंत्री का पलटवार

नई दिल्ली कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बयानपर लोकसभा में हंगामा मच गया है। उन्होंने सोमवार को पूर्व सेना प्रमुख मनोज नरवणे के नाम पर दावा करते हुए कहा कि डोकलाम में चीनी सेना के टैंक भारतीय सीमा के पास हैं। इसके लिए उन्होंने एक पुस्तक का हवाला देने की बात कही, लेकिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उन्हें चैलेंज कर दिया। रक्षा मंत्री ने राहुल गांधी को चुनौती दी और कहा कि आप बताएं कि आखिर यह पुस्तक प्रकाशित हुई भी है या नहीं। उन्होंने कहा कि ऐसी किसी पुस्तक के आधार पर यहां बात नहीं की जा सकती, जो प्रकाशित ही नहीं हुई है। मैं राहुल गांधी को चुनौती देता हूं कि यह पुस्तक पब्लिश हुई थी या नहीं। अमित शाह ने भी राहुल गांधी के बयान पर आपत्ति जताई।   राहुल गांधी ने दावा किया था कि वह मनोज नरवणे की पुस्तक के आधार पर यह बात कह रहे हैं। इस पर डिफेंस मिनिस्टर ने कहा कि मैं चुनौती देता हूं कि वह पुस्तक को प्रस्तुत कर दें। यदि कोई पुस्तक प्रकाशित ही नहीं हुई है तो फिर उसके आधार पर ऐसे दावे कैसे किए जा सकते हैं। वहीं राहुल गांधी ने कहा कि मैंने पूर्व आर्मी चीफ मनोज मुकुंद नरवणे के संस्मरणों का हवाला दिया है, जो प्रकाशित ही नहीं हुए हैं। इस पर कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या की स्पीच का जिक्र किया और कहा कि उन्होंने भी इस सदन से बाहर के संदर्भों की बात की थी। इस पर होम मिनिस्टर अमित शाह ने स्पष्ट किया कि तेजस्वी सूर्या ने किसी मीडिया रिपोर्ट या फिर विषय से हटकर किसी पुस्तक का जिक्र नहीं किया था। गृह मंत्री ने कहा कि उनकी स्पीच में 2004 से 2014 तक राष्ट्रपति के अभिभाषणों पर बात की थी। उसमें ऐसा कुछ भी नहीं था, जो आपत्तिजनक था। राजनाथ सिंह और अमित शाह के ऐतराज के बाद भी राहुल गांधी ने अपना आक्रामक रुख बनाए रखा। उन्होंने कहा कि ये लोग तो आतंकवाद से लड़ने का दावा करते हैं, लेकिन एक कोट का जिक्र करने से डरते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि आखिर इसमें ऐसा क्या लिखा है कि यह सरकार उसका जिक्र तक नहीं करने देना चाहती। अखिलेश यादव ने भी दिया दखल- बोलने देने से परेशानी क्या है? राहुल गांधी की स्पीच को लेकर बवाल बढ़ा तो अखिलेश यादव भी खड़े हुए। उन्होंने कहा कि चीन का मसला संवेदनशील है और उससे सावधान रहने की जरूरत है। डॉ. लोहिया भी ऐसा कहते थे और मुलायम सिंह यादव भी उसे लेकर चिंतित थे। ऐसे में नेता विपक्ष यदि चीन को लेकर कुछ कहना चाहते हैं तो उन्हें रोकना नहीं चाहिए। वहीं राजनाथ सिंह ने कहा कि यदि किसी पुस्तक के प्रकाशन पर ही रोक लगी है तो फिर उसका जिक्र सदन में नहीं होना चाहिए। ऐसा करना गलत है और सदन की गरिमा के खिलाफ है। राहुल गांधी बार-बार इसी मसले पर बोलना चाहते थे, लेकिन सदन में लगातार हंगामा होता रहा और राजनाथ सिंह ने कई बार खड़े होकर ऐसी पुस्तक के जिक्र पर आपत्ति जताई, जो प्रकाशित ही नहीं हुई। मैं आपका सलाहकार नहीं हूं, राहुल गांधी को स्पीकर की नसीहत अंत में बवाल इतना बढ़ा कि राहुल गांधी ने स्पीकर ओम बिरला से कहा कि आप ही बता दीजिए कि मुझे क्या कहना है। इस पर स्पीकर ने उन्हें नसीहत देते हुए कहा कि मैं आपका सलाहकार नहीं हूं। लेकिन आपको उसी मुद्दे पर बात करनी चाहिए, जिस पर यहां चर्चा हो रही है।

राहुल को नाना, दादा-दादी, पिता के पास चले जाना चाहिए:सीएम मोहन यादव

CM Mohan Yadav’s strange statement: Rahul should go to his maternal grandfather, grandparents, father मुरैना। मुरैना जिले में 101 हेक्टेयर का एक नया औद्योगिक पार्क बनाया जा रहा है, जो विकास का प्रतीक है। दूसरी ओर, नादान विपक्ष और राहुल गांधी तरह-तरह के प्रपंच रच रहे हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उनकी पार्टी लगातार चुनाव हार रही है, और वे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की माँ के लिए गलत बयान दे रहे हैं। राहुल गांधी को अगर इतनी ही परेशानी है, तो उन्हें अपने नाना, दादा, दादी, पिता के पास चले जाना चाहिए, क्योंकि इस जगत में रहने का उन्हें कोई हक नहीं है।यह बात मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने मुरैना में हाइड्रोजन इकाई का भूमि पूजन करने के बाद आमसभा में कही। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी से सीखना चाहिए, जिन्होंने कई मंत्रियों और नेता विपक्ष के साथ काम किया था कि विपक्ष में कैसे रहा जाता है। कांग्रेस को माफी मांगनी होगी। राहुल गांधी ने सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाए। अगर कोई शंका थी, तो उन्हें वहां चले जाना चाहिए था। बम के नीचे, तो सब पता चल जाता। अब वे चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं।मुख्यमंत्री ने कहा- पिपरसेवा में 157.5 करोड़ की लागत से 500 मेगावाट उत्पादन क्षमता वाला सोलर प्लांट वर्ष 2030 तक तैयार होगा। इसका भूमिपूजन सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कभी मुरैना-चंबल में उद्योगपति आते ही नहीं थे, क्योंकि कांग्रेसियों ने यहां डाकुओं को जमीन दे रखी थी। लेकिन अब मुरैना में बहुत संभावना है। यहां चंबल मैया और गजक अद्भुत हैं। अब अनुराग जैन जैसे उद्योगपति यहां इन्वेस्ट कर रहे हैं। शनि देव की कृपा से शनि लोक भी बनेगा। यहां सड़कों का चौड़ीकरण किया जाएगा और 300 करोड़ के इन्वेस्ट हो रहे हैं। मुरैना की अब काया बदल रही है। आमसभा में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, प्रदेश के कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना एवं सांसद शिवमंगल सिंह तोमर भी मौजूद थे।

राहुल गांधी ने पांच चरणों में चुनावी धांधली की कथित प्रक्रिया का खुलासा किया, अब बिहार में भी होगी मैच फिक्सिंग

नई दिल्ली लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 में बड़े पैमाने पर चुनावी धांधली का आरोप लगाया है। उन्होंने इसे ‘लोकतंत्र में चोरी का ब्लूप्रिंट’ करार देते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा है। शनिवार को अपने एक लेख और सोशल मीडिया पोस्ट में राहुल गांधी ने दावा किया कि महाराष्ट्र चुनाव में व्यवस्थित तरीके से हेराफेरी की गई, जिसका मॉडल अब बिहार जैसे अन्य राज्यों में लागू किया जा सकता है। राहुल गांधी ने यह आरोप एक विस्तृत लेख के माध्यम से लगाया, जिसे उन्होंने ‘मैच फिक्सिंग महाराष्ट्र’ शीर्षक से मीडिया में प्रकाशित किया और फिर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी शेयर किया। राहुल गांधी ने अपने लेख में पांच चरणों में चुनावी धांधली की कथित प्रक्रिया का खुलासा किया। राहुल ने लिखा, “चुनाव कैसे चुराया जाए? 2024 में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव लोकतंत्र में धांधली करने का खाका था।” उन्होंने कहा कि कथित छेड़छाड़ “चुनाव आयोग की नियुक्ति के लिए पैनल में धांधली” से शुरू होती है। राहुल गांधी के आरोपों की 5 मुख्य बातें: चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव: राहुल गांधी ने लिखा कि केंद्र सरकार ने 2023 में जो नया कानून लाया, उसके तहत मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति करने वाली समिति में निष्पक्षता को समाप्त कर दिया गया। पहले इस समिति में प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश होते थे, लेकिन अब मुख्य न्यायाधीश की जगह एक केंद्रीय मंत्री को रखा गया है, जो केंद्र सरकार की ओर झुकाव को दर्शाता है। राहुल ने लिखा – “अपने आप से पूछिए, कोई क्यों निष्पक्ष निर्णायक को हटाकर अपने करीबी को उस जगह पर लाएगा?” उन्होंने यह भी कहा कि इससे चुनाव आयोग की स्वायत्तता और निष्पक्षता को ठेस पहुंचती है। वोटर लिस्ट में फर्जी मतदाता: मतदाता सूची में फर्जी वोटर जोड़े गए। वोटर टर्नआउट में हेरफेर: मतदान प्रतिशत को असामान्य रूप से बढ़ाया गया। भाजपा के पक्ष में बोगस वोट: उन क्षेत्रों में फर्जी मतदान कराया गया जहां भाजपा कमजोर थी। पारदर्शिता पर रोक: मतदान की वीडियोग्राफी और सीसीटीवी फुटेज तक पहुंच को प्रतिबंधित करने के लिए नियमों में बदलाव किया गया। महाराष्ट्र चुनावों में ‘मैच फिक्सिंग’ का आरोप राहुल ने अपने लेख में लिखा, “महाराष्ट्र का 2024 विधानसभा चुनाव कोई चुनाव नहीं था, बल्कि यह एक सुनियोजित मैच फिक्सिंग थी। यह लोकतंत्र के लिए जहर है और इसका अगला पड़ाव बिहार हो सकता है।” राहुल गांधी ने दावा किया कि बीजेपी ने महाराष्ट्र चुनावों में परिणामों को अपने पक्ष में करने के लिए एक सुनियोजित रणनीति अपनाई। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि गड़बड़ी किस प्रकार से हुई, लेकिन चुनाव आयोग की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव को इसकी जड़ बताया। राहुल गांधी ने विशेष रूप से मतदान के आंकड़ों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में शाम 5 बजे तक मतदान प्रतिशत 58.22% था, लेकिन अगली सुबह अंतिम आंकड़ा 66.05% बताया गया। यह 7.83 प्रतिशत अंकों की वृद्धि, यानी 76 लाख अतिरिक्त मतदाताओं के बराबर है, जो कि पहले के विधानसभा चुनावों की तुलना में असामान्य है। उन्होंने यह भी दावा किया कि 2019 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव के बीच पांच साल में 32 लाख नए मतदाता जोड़े गए, जबकि 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बीच केवल पांच महीनों में 39 लाख नए मतदाता जोड़े गए। राहुल ने इसे ‘सांख्यिकीय रूप से असंभव’ बताया और कहा कि यह मतदाता सूची में हेरफेर का सबूत है। कामठी सीट का उदाहरण राहुल गांधी ने अपने दावों को मजबूत करने के लिए कामठी विधानसभा सीट का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने कामठी में 1.36 लाख वोट हासिल किए, जबकि भाजपा को 1.19 लाख वोट मिले। लेकिन 2024 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के वोट लगभग समान (1.34 लाख) रहे, जबकि भाजपा के वोट में असामान्य वृद्धि देखी गई। चुनाव आयोग पर सवाल राहुल ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि जब विपक्ष ने मतदान की वीडियोग्राफी और सीसीटीवी फुटेज की मांग की, तो न केवल इसे खारिज कर दिया गया, बल्कि केंद्र सरकार ने, चुनाव आयोग से परामर्श के बाद, 1961 के चुनाव नियमों में संशोधन कर फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड तक पहुंच को प्रतिबंधित कर दिया। उन्होंने कहा, “यह स्पष्ट है कि चुनाव आयोग से समझौता किया गया है। यह केवल महाराष्ट्र तक सीमित नहीं है, बल्कि जहां भी भाजपा हार रही है, वहां इस तरह की रणनीति अपनाई जा सकती है।”  

राहुल गांधी नए युग के मीर जाफर हैं, आसिम मुनीर संग हाफ फोटो शेयर कर अमित मालवीय ने साधा निशाना

नई दिल्ली पहलगाम हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया. इस ऑपरेशन की सफलता को लेकर एक तरफ जहां सरकार देश-विदेश में अभियान चला रही है. वहीं राहुल गांधी इस ऑपरेशन का हिसाब-किताब मांगने में जुटे हैं. ऐसे में अब बीजेपी नेता ने राहुल गांधी की तुलना मीर जाफर से कर दी है. बीजेपी आईटी सेल के चीफ अमित मालवीय ने कहा कि यह चौंकाने वाला नहीं है कि राहुल गांधी पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं. उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को लेकर प्रधानमंत्री को बधाई भी नहीं दी. इसके बजाए वह बार-बार पूछ रहे हैं कि हमने कितने एयरक्राफ्ट गंवा दिए जबकि इस सवाल का जवाब डीजीएमओ की ब्रीफिंग में पहले से दिया जा चुका है. मालवीय ने कहा कि राहुल ने हालांकि एक बार भी ये जानने की कोशिश नहीं की कि इस संघर्ष के दौरान पाकिस्तान के कितने जेट मार गिराए गए या फिर कितनों को नष्ट किया गया. राहुल गांधी को आगे क्या मिलेगा? निशान-ए-पाकिस्तान? क्या है पूरा मामला? बता दें कि इस पोस्ट के साथ अमित मालवीय ने एक तस्वीर भी पोस्ट की है, जिसमें आधा चेहरा पाकिस्तानी सेना के चीफ आसिम मुनीर का और आधा चेहरा राहुल गांधी का नजर आ रहा है. वह एक और पोस्ट कर कहते हैं कि राहुल गांधी नए युग के मीर जाफर हैं. पहलगाम हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद किया. इस पूरे ऑपेरशन को लेकर राहुल गांधी बार-बार पूछ रहे हैं कि इस पूरे ऑपरेशन के दौरान भारत के कितने एयरक्राफ्ट को नुकसान पहुंचा है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने विदेश मंत्री जयशंकर से सवाल करते हुए कहा था कि विदेश मंत्री जयशंकर चुप है. उनकी यह चुप्पी बहुत कुछ कह रही है. ये निंदनीय है. इसलिए मैं दोबारा पूछूंगा कि पाकिस्तान को हमले का पता होने की वजह से हमने कितने एयरक्राफ्ट खो दिए? यह सिर्फ चूक नहीं थी. यह अपराध था और देश को सच्चाई जानने का हक है. इससे पहले भी राहुल गांधी ने जयशंकर पर निशाना साधते हुए कहा था कि हमला करने से पहले पाकिस्तान को बताना एक अपराध है. विदेश मंत्री ने सार्वजनिक तौर पर इसे स्वीकार किया है. इसकी मंजूरी किसने दी? हमने कितने एयरक्राफ्ट खोए? इससे पहले 11 मई को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एयर मार्शल एके भारती ने कहा था कि हम युद्ध की स्थिति में है और नुकसान इसका एक हिस्सा है. सवाल ये है कि क्या हमने अपना उद्देश्य हासिल कर लिया है? इसक जवाब है हां. उन्होंने कहा कि इससे जुड़ी डिटेल पर वह फिलहाल टिप्पणी नहीं कर सकते क्योंकि हम अभी भी युद्ध की स्थिति में है और ऐसी कोई भी जानकारी दुश्मनों के हाथ लगाना सही नहीं है. एयर मार्शल ने कहा कि भारत के सभी पायलट सुरक्षित लौट आए हैं. विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा था कि हमने ऑपरेशन की शुरुआत में पाकिस्तान सरकार को मैसेज भेजा था कि हम आतंकी ठिकानों को निशाना बना रहे थे लेकिन हम सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा. ऐसे में सेना के पास पीछे हटने और हस्तक्षेप नहीं करने का विकल्प है. पाकिस्तान ने इस सलाह को नहीं सुनने में ही अपनी भलाई समझी. बता दें कि मीर जाफर बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला का सेनापति था, जिसने प्लासी के युद्ध में सिराजुद्दौला के खिलाफ ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी का साथ देकर विश्वासघात किया था.  

करनाल पहुंचे राहुल गांधी: लेफ्टिनेंट के परिवार से की मुलाकात, पहलगाम आतंकी हमले मारे गए थे विनय नरवाल

पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लेफ्टिनेंट विनय नरवाल के परिवार से मिलने के लिए कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी आज करनाल पहुंचे। राहुल गांधी दिल्ली स्थित अपने आवास से सुबह करनाल के लिए रवाना हुए थे। उनके आगमन को देखते हुए शहीद के सेक्टर-7 स्थित आवास पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। जानकारी के अनुसार, रोहतक के सांसद दीपेंद्र हुड्डा और हरियाणा यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष दिव्यांशु बुद्धिराजा पहले ही विनय नरवाल के घर पहुंच चुके हैं। राहुल गांधी शहीद की पत्नी हिमांशी नरवाल और उनके परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। बता दें कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में लेफ्टिनेंट विनय नरवाल मारे गए थे। वे अपनी पत्नी हिमांशी के साथ हनीमून के लिए पहलगाम गए थे, जहां आतंकियों ने उनकी हत्या कर दी।

नागरिकता विवाद में राहुल गांधी को राहत: हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की, केंद्र पर उठाए सवाल

Relief to Rahul Gandhi in citizenship dispute: High Court dismisses petition, raises questions on Centre लखनऊ। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की नागरिकता को चुनौती देने वाली याचिका को लखनऊ हाईकोर्ट ने सोमवार को खारिज कर दिया। कोर्ट ने केंद्र सरकार की ओर से अस्पष्ट जवाब दिए जाने पर नाराजगी जताई और कहा कि जब तक केंद्र कोई स्पष्ट स्थिति नहीं रखता, तब तक याचिका को लंबित रखने का कोई औचित्य नहीं है। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता को अन्य कानूनी रास्ते अपनाने की स्वतंत्रता दी है। यह मामला पिछले कुछ वर्षों से सुर्खियों में बना हुआ था, जिसमें राहुल गांधी पर ब्रिटेन की एक कंपनी के डायरेक्टर पद पर रहते हुए खुद को “ब्रिटिश नागरिक” बताने का आरोप लगाया गया था। याचिकाकर्ता एस विग्नेश शिशिर, जो कर्नाटक के निवासी और भाजपा से जुड़े हैं, ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में याचिका दाखिल की थी। याचिका में कहा गया कि यदि राहुल गांधी ने स्वयं को ब्रिटिश नागरिक बताया है, तो भारतीय नागरिकता कानून 1955 के अनुसार उनकी नागरिकता रद्द की जानी चाहिए और वे जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत चुनाव लड़ने के अयोग्य घोषित किए जाएं। हाईकोर्ट की टिप्पणी और केंद्र की भूमिका कोर्ट की खंडपीठ जिसमें न्यायमूर्ति एआर मसूदी और न्यायमूर्ति राजीव सिंह शामिल थे, ने कहा कि केंद्र सरकार याचिकाकर्ता की शिकायत के निपटारे के लिए कोई समयसीमा नहीं दे पा रही है। ऐसे में याचिका पर विचार जारी रखना व्यर्थ होगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता इस मामले में अन्य वैकल्पिक विधिक उपायों के लिए स्वतंत्र है। इससे पहले 21 अप्रैल को हुई सुनवाई में कोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए कहा था कि यह मामला राष्ट्रीय महत्व का है, और इसमें देरी नहीं की जा सकती। कोर्ट ने केंद्र से पूछा था कि क्या राहुल गांधी भारतीय नागरिक हैं या नहीं—और 10 दिन के भीतर स्थिति स्पष्ट करने को कहा था। लेकिन 10 दिन की समयसीमा बीतने के बाद भी सरकार की ओर से ठोस जवाब नहीं आया। एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सूर्यभान पांडेय ने कोर्ट में केंद्र की ओर से स्थिति रिपोर्ट पेश की थी, जिसे कोर्ट ने अपर्याप्त” बताया था। इसके बाद कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि केंद्र सरकार ही मामले की गंभीरता को नहीं समझ रही, तो कोर्ट के पास याचिका खारिज करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता। याचिकाकर्ता के आरोप क्या थे? याचिकाकर्ता एस विग्नेश शिशिर ने दावा किया था कि राहुल गांधी ने वर्ष 2005-2006 में ब्रिटेन की एक कंपनी, ‘BackOps Limited’ में डायरेक्टर के रूप में खुद को “British citizen” बताया था। उन्होंने ब्रिटिश सरकार के 2022 के एक गोपनीय मेल का भी हवाला दिया और कहा कि राहुल गांधी की नागरिकता संदिग्ध है। याचिका में यह भी कहा गया कि यदि राहुल गांधी वास्तव में ब्रिटिश नागरिक रहे हैं या दोहरी नागरिकता रखते हैं, तो भारतीय कानून के अनुसार उन्हें संसद सदस्य बने रहने और चुनाव लड़ने का अधिकार नहीं है। भारतीय नागरिकता अधिनियम की धारा 9(2) के तहत याचिकाकर्ता ने राहुल गांधी की नागरिकता को समाप्त करने की मांग की थी। Read More: मध्यप्रदेश में मंजूरी के 4 दिन बाद तबादला नीति जारी: आधी रात के बाद आदेश; जिनकी परफॉर्मेंस खराब, उनको पहले बदलेंगे पिछली सुनवाइयों का विवरण Rahul Gandhi in citizenship dispute मामले की सुनवाई कई चरणों में हुई। 24 मार्च को कोर्ट ने राज्य सरकार को चार सप्ताह में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था, लेकिन सरकार ने आठ सप्ताह का समय मांगा। 19 दिसंबर 2024 को जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की बेंच ने केंद्र सरकार को यूके सरकार से संपर्क कर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया था। इसके बाद गृह मंत्रालय ने कोर्ट को सूचित किया कि उन्होंने ब्रिटिश सरकार को पत्र लिखा है और जांच जारी है। राहुल गांधी की ओर से चुप्पी Rahul Gandhi in citizenship dispute इस पूरे मामले के दौरान कोर्ट में राहुल गांधी की ओर से कोई अधिवक्ता उपस्थित नहीं हुआ, जिससे कई सवाल खड़े हुए। हालांकि, कांग्रेस पार्टी या राहुल गांधी की ओर से सार्वजनिक रूप से इस याचिका पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। इससे मामले की संवेदनशीलता और राजनीतिक प्रकृति और भी गहरी हो जाती है। क्या आगे की कार्रवाई होगी? हालांकि हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी है, लेकिन यह मामला यहीं खत्म नहीं हुआ है। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि याचिकाकर्ता अन्य वैधानिक विकल्पों के लिए स्वतंत्र हैं। इसका अर्थ यह है कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट या किसी अन्य मंच पर चुनौती के रूप में फिर से उठाया जा सकता है। राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर उठे सवाल और कोर्ट की टिप्पणी दोनों ही भारतीय राजनीति में संवेदनशील और अहम हैं। हाईकोर्ट ने फिलहाल याचिका खारिज कर एक स्पष्ट संकेत दिया है कि जब तक केंद्र खुद ठोस जानकारी नहीं देता, तब तक न्यायपालिका इस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं दे सकती। अब देखना होगा कि क्या याचिकाकर्ता इस मामले को सुप्रीम कोर्ट लेकर जाते हैं या केंद्र सरकार इस पर कोई नई स्थिति स्पष्ट करती है।

राहुल गांधी आरोप लगते हुए कहा- मैं जब भी लोकसभा में अपनी बात रखने के लिए खड़ा होता हूं, तो मुझे बोलने नहीं दिया जाता

नई दिल्ली लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने स्पीकर पर बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने संसद के बाहर मीडिया से बात करते हुए कहा कि मैं जब भी लोकसभा में अपनी बात रखने के लिए खड़ा होता हूं, तो मुझे बोलने नहीं दिया जाता। मैं नहीं जानता कि सदन किस प्रकार चल रहा है। दरअसल, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी को नसीहत देते हुए कहा कि सदन के आचरण और मर्यादा का पालन करें, कुछ घटनाएं सदन के लिहाज से ठीक नहीं थीं। जिसके बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने संसद के बाहर मीडिया से बात करते हुए कहा कि उन्हें सदन में बोलने नहीं दिया जा रहा है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, “एक कन्वेंशन है कि नेता प्रतिपक्ष को बोलने दिया जाता है। मैं जब भी खड़ा होता हूं तो मुझे बोलने नहीं दिया जाता। मैं नहीं जानता कि सदन किस प्रकार चल रहा है। यहां हम जो कहना चाहते हैं, हमें कहने नहीं दिया जाता है। मैंने कुछ नहीं किया है, मैं बिल्कुल शांति से बैठा था। मैं एक शब्द नहीं बोला। पिछले 7-8 दिन से बोलने नहीं दिया गया।” उन्होंने कहा, ”लोकतंत्र में सरकार और विपक्ष की जगह होती है, लेकिन यहां विपक्ष की कोई जगह नहीं है। यहां केवल सरकार की जगह है। उस दिन प्रधानमंत्री मोदी ने महाकुंभ मेले के बारे में बोला, जिसमें मैं अपनी बात जोड़ना चाहता था। मैं कहना चाहता था कि बहुत अच्छा है, महाकुंभ मेला हुआ। मैं बेरोजगारी के बारे में कुछ कहना चाहता था। लेकिन, मुझे नहीं बोलने दिया गया। पता नहीं स्पीकर की क्या सोच और अप्रोच है। सच्चाई ये है कि हमें बोलने नहीं दिया जा रहा है।” इससे पहले भी कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी के महाकुंभ पर दिए गए वक्तव्य पर कहा था कि मैं प्रधानमंत्री मोदी की बात का समर्थन करना चाहता था। कुंभ हमारी परंपरा है, संस्कृति है, इतिहास है। एक शिकायत थी कि प्रधानमंत्री ने, जिनकी मृत्यु हुई, उन्हें श्रद्धांजलि नहीं दी। जो युवा महाकुंभ में गए, उन्हें प्रधानमंत्री से रोजगार चाहिए और प्रधानमंत्री को उस पर भी बोलना चाहिए था। लोकतांत्रिक व्यवस्था में नेता प्रतिपक्ष को तो बोलने का मौका दिया जाना चाहिए था। लेकिन, बोलने नहीं देते हैं, यह न्यू इंडिया है।

राहुल गांधी ने नाराजगी जताई कि प्रधानमंत्री ने महाकुंभ में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि नहीं दी

नई दिल्ली लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महाकुंभ पर दिए गए संबोधन पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। राहुल गांधी ने कहा कि वह महाकुंभ को पीएम मोदी के बयान का समर्थन करना चाहते थे। हालांकि, उन्होंने इस बात पर नाराजगी जताई कि प्रधानमंत्री ने महाकुंभ में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि नहीं दी। राहुल गांधी ने कहा, “जो प्रधानमंत्री ने बोला, मैं उसको सपोर्ट करना चाहता था। कुंभ हमारी परंपरा, इतिहास और संस्कृति है। लेकिन हमारी एकमात्र शिकायत यह है कि पीएम ने कुंभ में अपनी जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि नहीं दी।” उन्होंने आगे कहा कि महाकुंभ में शामिल होने वाले युवाओं की प्रधानमंत्री से एक और अपेक्षा है, और वह है रोजगार। उन्होंने कहा, “जो युवा महाकुंभ गए, वे चाहते हैं कि पीएम उन्हें रोजगार दें।” कांग्रेस नेता ने लोकतांत्रिक संरचना का हवाला देते हुए यह भी आरोप लगाया कि उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “लोकतांत्रिक ढांचे के अनुसार, विपक्ष के नेता को बोलने का अवसर मिलना चाहिए, लेकिन वे हमें बोलने नहीं देते। यह नया भारत है।” राहुल गांधी का यह बयान उस समय आया है, जब लोकसभा में महाकुंभ और अन्य मुद्दों पर चर्चा जारी है। विपक्ष ने पहले भी महाकुंभ के दौरान हुई दुर्घटना को लेकर सरकार पर सवाल उठाए थे, और अब रोजगार जैसे अहम मुद्दे को जोड़कर सरकार पर दबाव बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले दिनों उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हुए ‘महाकुंभ’ को भारत के इतिहास में अहम मोड़ करार देते हुए मंगलवार को लोकसभा में कहा कि दुनिया ने देश के विराट स्वरूप को देखा और यह ‘सबका प्रयास’ का साक्षात स्वरूप भी था, जिसमें ‘एकता का अमृत’ समेत कई अमृत निकले। उन्होंने निचले सदन में प्रयागराज महाकुंभ को लेकर दिए एक वक्तव्य में यह भी कहा कि महाकुंभ में अनेकता में एकता का विराट रूप, देश की सामूहिक चेतना और सामर्थ्य भी दिखा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले दिनों उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हुए ‘महाकुंभ’ को भारत के इतिहास में अहम मोड़ करार देते हुए मंगलवार को लोकसभा में कहा कि दुनिया ने देश के विराट स्वरूप को देखा और यह ‘सबका प्रयास’ का साक्षात स्वरूप भी था, जिसमें ‘एकता का अमृत’ समेत कई अमृत निकले। उन्होंने निचले सदन में प्रयागराज महाकुंभ को लेकर दिए एक वक्तव्य में यह भी कहा कि महाकुंभ में अनेकता में एकता का विराट रूप, देश की सामूहिक चेतना और सामर्थ्य भी दिखा।

गुजरात में कांग्रेस के कुछ नेता भाजपा से मिले हुए हैं, 30-40 को निकालना पड़ेगा: राहुल गांधी

अहमदाबाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को गुजरात में वर्कर्स डायलॉग कार्यक्रेम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि गुजरात में कांग्रेस के कुछ नेता भाजपा से मिले हुए हैं। इसी के साथ उन्होंने यह भी कहा कि इन लोगों को निकालना पड़ेगा। उन्होंने कहा, गुजरात कांग्रेस में दो तरह के लोग हैं। एक जो जनता के साथ खड़े हैं, जनता के लिए लड़ते हैं और जिसके दिल में कांग्रेस की विचारधारा है। दूसरे वे हैं जो जनता से कटे हुए हैं, जनता से दूर बैठता है, जनता की इज्जत नहीं करता और उसमें से आधे बीजेपी से मिले हुए हैं। राहुल गांधी ने कहा, जब तक हम इन दोनों को अलग नहीं करेंगे तब तक गुजरात की जनता हम पर विश्वास नहीं करेगी। उन्होंने कहा, गुजरात के व्यापारी से लेकर छात्र तक विकल्प चाहते हैं, बी टीम नहीं चाहते। मेरी जिम्मेदारी इन दोनों समुहों को छानने की है। कांग्रेस पार्टी में नेताओं की कमी नहीं है। पार्टी में बब्बरशेर हैं लेकिन पीछे से चेन लगी हुई है। राहुल गांधी ने आगे कहा, गुजरात की जनता देख रही है कि कांग्रेस ने रेस में बारात का घोड़ा डाल दिया। अगर में जनता से रिश्ता बनाना है तो दो काम करने हैं। पहला काम यह कि दो ग्रुप को अलग करना है। अगर हमें सख्त कार्रवाई करनीपड़ी, 10, 20, 30 , 30 लोगों को निकालना पड़ा तो निकाल दीजिए। बीजेपी के लिए अंदर से काम कर रहे हो, चलो जाकर देखते हैं बाहर से करो। राहुल गांधी ने कहा, कांग्रेस के जितने भी नेता है उनके दिल में कांग्रेस होनी चाहिए। जीतने हारने की बात छोड़ दीजिए। अगर हाथ भी कटे तो उसमें से कांग्रेस का खून निकलना चाहिए।

राहुल गांधी को 14 अप्रैल को न्यायालय में व्यक्तिगत रुप से उपस्थिति दर्ज कराने का आखिरी मौका दिया गया, दी चेतावनी

लखनऊ वीर सावरकर के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी के मामले में लखनऊ की एक अदालत ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद राहुल गांधी को 14 अप्रैल को न्यायालय में व्यक्तिगत रुप से उपस्थिति दर्ज कराने का आखिरी मौका दिया गया है। अदालत ने चेतावनी दी है कि अगली सुनवाई में यदि कांग्रेस सांसद अपनी हाजिरी नहीं लगाते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। राहुल गांधी को लगाया 200 रुपये का जुर्माना दरअसल, बुधवार को राहुल गांधी को लखनऊ में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के सामने पेश होना था मगर वह कोर्ट में नहीं आए। इस पर अदालत ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष की व्यक्तिगत हाजिरी माफ करने के एवज में 200 रुपये का जुर्माना लगा दिया। साथ ही उन्हें अगली तारीख में हाजिर होने का आदेश दिया। सुनवाई के दौरान राहुल गांधी के वकील ने दलील दी थी कि दिल्ली के एक विदेशी प्रतिनिधिमंडल से जरुरी मुलाकात के चलते उनके मुव्वकिल न्यायालय आने में असमर्थ हैं, इसलिए उन्हें निजी रुप से उपस्थित न होने की माफी दी जाए। अदालत ने की तल्ख टिप्पणी इस पर अदालत ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि यह पहली बार नहीं है कि जब राहुल गांधी सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए। उन्हें अगली सुनवाई में हाजिर होने का अंतिम मौका दिया जाता है, जिसके बाद उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। जानिए पूरा मामला स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी का आरोप शिकायतकर्ता नृपेंद्र पांडे ने राहुल गांधी पर लगाया था। उनका कहना है कि राहुल गांधी ने ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान 2022 में महाराष्ट्र के अकोला में सावरकर को अंग्रेजों का पेंशनर और नौकर कहकर अपमानित किया था, जिससे समाज में वैमनस्य फैल सके।

भाजपा और आरएसएस संविधान के खिलाफ हैं क्योंकि संविधान दलितों और वंचितों को अधिकारों की गारंटी देता है: राहुल गांधी

नई दिल्ली कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने देशव्यापी जाति आधारित जनगणना की अपनी मांग को दोहराते हुए बुधवार को कहा कि वह उस दिन का इंतजार कर रहे हैं जब दलित और कमजोर वर्ग के लोग भारत के हर संस्था में शीर्ष पद संभालेंगे। गांधी ने यहां स्वतंत्रता सेनानी एवं दलित नेता जगलाल चौधरी की जयंती समारोह में अपने संबोधन में यह भी आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) संविधान के खिलाफ हैं क्योंकि संविधान दलितों और वंचितों को अधिकारों की गारंटी देता है। ‘मैं दलितों के हितों के लिए अपनी लड़ाई जारी रखूंगा’ उन्होंने कहा, ‘‘देश के मौजूदा सत्ता तंत्र और संस्थाओं में दलितों और वंचितों की कोई भागीदारी नहीं है… दलितों, अल्पसंख्यकों और समाज के कमजोर वर्गों की सटीक संख्या का पता करने के लिए पूरे भारत में जाति जनगणना की आवश्यकता है।” लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष दिल्ली विधानसभा चुनाव में वोट डालने के बाद बुधवार सुबह पटना पहुंचे। गांधी ने कहा, ‘‘मैं उस दिन का इंतजार कर रहा हूं जब दलित और कमजोर वर्ग देश की हर संस्था में नेतृत्व की स्थिति में होंगे… और मैं दलितों के हितों के लिए अपनी लड़ाई जारी रखूंगा।” ‘यह दलितों-पिछड़ों और आदिवासियों का धन’ उन्होंने कहा, ‘‘उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आप (दलितों) लोगों के इतिहास का कोई उल्लेख नहीं है। क्या देश में दलित प्रोफेसर परीक्षा के प्रश्नपत्र तैयार कर रहे हैं? उद्योग जगत की बात करें तो नरेन्द्र मोदी जी ने देश के 25 सबसे अमीर लोगों का 16 लाख करोड़ रुपये का कर्ज माफ कर दिया …यह दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों का धन है।” गांधी ने कहा, ‘‘देश में 100 रुपये में दलित, आदिवासी, पिछड़ा वर्ग सभी को मिलाकर हिस्सेदरी 6.10 रुपये है और इसे भी वो छीनने की कोशिश कर रहे हैं ।”  

सरकार को निजीकरण पर ध्यान देने की बजाए शिक्षा पर ज्यादा खर्च करने की जरूरत: राहुल गांधी

नई दिल्ली कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शिक्षा को समाज के हर व्यक्ति का अधिकार बताते हुए कहा है कि सरकार को निजीकरण पर ध्यान देने की बजाए शिक्षा पर ज्यादा खर्च करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और सरकारी संस्थानों को मजबूत बनाने की जरूरत है और इस पर सरकार को ज्यादा पैसा खर्च करना चाहिए ताकि शिक्षा को बढ़ावा मिले और इसके स्तर को और बेहतर बनाया जा सके। श्री गांधी ने कहा “मेरा मानना है कि किसी भी सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी अपने लोगों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की गारंटी देना है। इसे निजीकरण और वित्तीय प्रोत्साहनों के माध्यम से हासिल नहीं किया जा सकता। हमें शिक्षा और सरकारी संस्थानों को मजबूत बनाने पर बहुत अधिक पैसा खर्च करने की आवश्यकता है।”  

IIT मद्रास के छात्रों से मिले rahul gandhi, शिक्षा प्रणाली पर उठाए सवाल, कहा- बेहतर भविष्य के…

rahul gandhi meets iit students said responsibility of the govt to provide quality education लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास के छात्रों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए वर्तमान की शिक्षा प्रणाली पर फिर से विचार करने की जरूरत है। ‘शिक्षा पर अधिक पैसा हो खर्च’ उन्होंने आईआईटी मद्रास के छात्रों के एक समूह के साथ बातचीत में कहा कि बेहतर भविष्य और भारत को वैश्विक नेतृत्वकर्ता बनाने के लिए यह जरूरी है कि देश की मौजूदा शिक्षा प्रणाली पर पुनर्विचार किया जाए तथा शिक्षा पर अधिक पैसा खर्च किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि निजीकरण और वित्तीय प्रोत्साहन के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हासिल नहीं की जा सकती। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने बातचीत का यह वीडियो अपने यूट्यूब चैनल पर साझा किया। सफलता का असली मतलब जानने की कोशिश की: राहुल गांधी उन्होंने कहा, ‘‘मुझे हाल ही में आईआईटी मद्रास के कुछ प्रतिभाशाली युवाओं से बात करने का सौभाग्य मिला। साथ में, हमने जानने की कोशिश की कि सफलता का असली मतलब क्या है। हमने भारत के भविष्य को आकार देने में अनुसंधान और शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका तथा एक ऐसे उत्पादन पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर चर्चा की जो निष्पक्षता, नवाचार और सभी के लिए अवसर को महत्व देता है।’ ‘शिक्षा प्रणआली पर विचार किया जाए’ उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अपने युवाओं को शिक्षित करने, बेहतर कल की कल्पना को साकार करने और भारत को वैश्विक नेतृत्वकर्ता में बदलने के लिए भारतीय शिक्षा प्रणाली को लेकर फिर से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘वर्तमान में, हमारा शिक्षा ढांचा अक्सर युवाओं को कुछ करियर जैसे डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस, आईपीएस, या सशस्त्र बल तक सीमित कर देता है।’ भारत को विश्व मंच पर समानता… राहुल गांधी ने कहा कि यह विविध अवसरों को खोलने, छात्रों को अपनी आकांक्षा को पूरा करने और नवाचार एवं पसंद से प्रेरित भविष्य बनाने के लिए सशक्त बनाने का समय है। उन्होंने कहा, ‘यह बातचीत केवल विचारों के बारे में नहीं थी, यह समझने के बारे में भी थी कि हम भारत को विश्व मंच पर समानता और प्रगति की शक्ति के रूप में स्थापित करने के लिए कैसे मिलकर काम कर सकते हैं। उनके विचारशील प्रश्नों और ताज़ा दृष्टिकोण ने इसे वास्तव में प्रेरणादायक बातचीत बना दिया।’ उन्होंने यह वीडियो ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘मानना है कि अपने लोगों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की गारंटी देना किसी भी सरकार की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में से एक है। इसे निजीकरण और वित्तीय प्रोत्साहन के माध्यम से हासिल नहीं किया जा सकता। हमें शिक्षा पर अधिक पैसा खर्च करने तथा सरकारी संस्थानों को मजबूत करने की जरूरत है।’

निगमबोध घाट पर अंतिम संस्कार से भड़के राहुल गांधी, मनमोहन सिंह का अपमान किया, केजरीवाल ने भी केंद्र को घेरा

नई दिल्ली पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह शनिवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। उनका यहां निगमबोध घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। निगमबोध घाट पर अंतिम संस्कार को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। कांग्रेस सांसद व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इसे मनमोहन सिंह का अपमान करार दिया। इसके अलावा, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी इसे परंपरा का उल्लंघन बताया। राहुल गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “भारत माता के महान सपूत और सिख समुदाय के पहले प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह जी का अंतिम संस्कार आज निगमबोध घाट पर करवाकर वर्तमान सरकार द्वारा उनका सरासर अपमान किया गया है। एक दशक के लिए वह भारत के प्रधानमंत्री रहे, उनके दौर में देश आर्थिक महाशक्ति बना और उनकी नीतियां आज भी देश के गरीब और पिछड़े वर्गों का सहारा हैं। आज तक सभी पूर्व प्रधानमंत्रियों की गरिमा का आदर करते हुए उनके अंतिम संस्कार अधिकृत समाधि स्थलों में किए गए ताकि हर व्यक्ति बिना किसी असुविधा के अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि दे पाए। डॉ. मनमोहन सिंह हमारे सर्वोच्च सम्मान और समाधि स्थल के हकदार हैं। सरकार को देश के इस महान पुत्र और उनकी गौरवशाली कौम के प्रति आदर दिखाना चाहिए था ।” सिंह के निधन के शोक के बीच उनकी अंत्येष्टि और स्मारक स्थल को लेकर उस वक्त एक विवाद भी खड़ा हुआ जब सरकार ने उनका अंतिम संस्कार निगमबोध घाट पर किए जाने का फैसला किया और कांग्रेस ने आरोप लगाया कि देश के पहले सिख प्रधानमंत्री का जानबूझकर का अपमान किया गया है। कांग्रेस की मांग थी कि उनका अंतिम संस्कार उसी स्थान पर होना चाहिए जहां उनका स्मारक बन सके। हालांकि, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शुक्रवार रात कहा कि सरकार पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के स्मारक के लिए स्थान आवंटित करेगी। इसके अलावा, दिल्ली के पूर्व सीएम केजरीवाल ने लिखा, “ये खबर सुनकर मैं स्तब्ध हूं। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह जी का अंतिम संस्कार निगम बोध घाट पर किया गया। इसके पूर्व भारत के सभी प्रधानमंत्रियों का अंतिम संस्कार राजघाट पर किया जाता था। सिख समाज से आने वाले, पूरी दुनिया में ख्याति प्राप्त, 10 वर्ष भारत के प्रधानमंत्री रहे डॉ मनमोहन सिंह जी के अंतिम संस्कार और समाधि के लिए बीजेपी सरकार 1000 गज़ जमीन भी न दे सकी?” सिंह के निधन के शोक के बीच उनकी अंत्येष्टि और स्मारक स्थल को लेकर उस वक्त एक विवाद भी खड़ा हुआ जब सरकार ने उनका अंतिम संस्कार निगमबोध घाट पर किए जाने का फैसला किया और कांग्रेस ने आरोप लगाया कि देश के पहले सिख प्रधानमंत्री का जानबूझकर का अपमान किया गया है। कांग्रेस की मांग थी कि उनका अंतिम संस्कार उसी स्थान पर होना चाहिए जहां उनका स्मारक बन सके। हालांकि, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शुक्रवार रात कहा कि सरकार पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के स्मारक के लिए स्थान आवंटित करेगी। बता दें कि इससे पहले मनमोहन सिंह की तीन बेटियों में से सबसे बड़ी बेटी उपिंदर सिंह ने उनकी चिता को मुखाग्नि दी। देश तथा दुनिया के कई गणमान्य लोगों, राजनीतिज्ञों और आम लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा और कई अन्य हस्तियों ने सिंह को निगमबोध घाट पर श्रद्धांजलि अर्पित की। भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक और मॉरीशस के विदेश मंत्री धनंजय रामफुल ने भी निगमबोध घाट पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

कोर्ट का अब जाति जनगणना पर राहुल गांधी को नोटिस, बढ़ गईं मुश्किलें, गृह युद्ध की कोशिश

बरेली यूपी के बरेली की जिला अदालत ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को लोकसभा चुनाव के दौरान जाति जनगणना वाले उनके बयान को लेकर नोटिस जारी किया है। इस मामले में राहुल को कोर्ट में पेश होने को कहा गया है। सुनवाई सात जनवरी को होनी है। लोकसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने यह बयान दिया था जिसके खिलाफ वाद दायर किया गया है। याचिकाकर्ता और हिन्‍दूवादी नेता पंकज पाठक का कहना है, ‘हमें लगा कि राहुल गांधी ने चुनाव के दौरान जो बयान दिया था, वह देश में गृहयुद्ध शुरू करने की कोशिश जैसा था। हमने सबसे पहले उनके खिलाफ एमपी-एमएलए कोर्ट में केस दायर किया था। उसे खारिज कर दिया गया। इसके बाद हम डिस्ट्रिक्ट जज कोर्ट में गए, वहां हमारी अपील स्वीकार कर ली गई और राहुल गांधी को नोटिस जारी कर दिया गया। नोटिस में तारीख 7 जनवरी है। लोकसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने एक बयान में सरकार में आने पर जाति जनगणना और आर्थिक सर्वेक्षण कराने की बात कही थी। इस बयान को लेकर तब काफी विरोध हुआ था। बीजेपी ने इसे मुद्दा बनाया। कहा गया कि राहुल, जाति जनगणना और आर्थिक सर्वेक्षण के आधार पर संपत्ति विभाजन की बात कह रहे हैं। जिसकी भागीदारी अधिक होगी अगर उसकी संपत्ति कम है तो कम आबादी वाले जिसकी संपत्ति अधिक है उससे लेकर कम संपत्ति वालों को दे दी जाएगी। आरोप लगा कि राहुल गांधी एक वर्ग विशेष को खुश करने के लिए इस तरह के बयान देते हैं। हिन्‍दूवादी नेता पंकज पाठक ने बरेली कोर्ट में इसे लेकर वाद दायर किया था। इस वाद को सुनवाई के बाद कोर्ट द्वारा खारिज कर दिया गया था। अब इस पर रिविजन दायर हआ है जिस पर सात जनवरी को सुनवाई होगी। इसी को लेकर राहुल गांधी को नोटिस जारी किया गया है।

राहुल गांधी ने अपनी सफाई में कहा- बीजेपी के लोग हमें अंदर जाने से रोक रहे थे

नई दिल्ली गुरुवार को संसद परिसर में एक बड़ा विवाद हुआ, जिसमें दोनों प्रमुख दलों बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप की स्थिति बन गई। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बीजेपी के सांसदों ने उनके नेताओं के साथ धक्का-मुक्की की, जबकि बीजेपी ने पलटवार करते हुए राहुल गांधी पर धक्का देने का आरोप लगाया। बीजेपी के लोग हमें अंदर जाने से रोक रहे थे- राहुल गांधी राहुल गांधी ने अपनी सफाई में कहा कि जब वह और उनके साथी संसद के मकर द्वार से अंदर जा रहे थे, तब बीजेपी के सांसदों ने उन्हें रोक लिया। उन्होंने कहा, “बीजेपी के लोग हमें अंदर जाने से रोक रहे थे और इस दौरान धक्का-मुक्की हुई। कुछ लोग गिर भी गए।” राहुल ने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी संविधान पर हमला कर रही है और अंबेडकर का अपमान कर रही है। उन्होंने कहा, “मुख्य मुद्दा यह है कि ये लोग संविधान पर हमला कर रहे हैं।” खरगे जी के साथ धक्का-मुक्की की राहुल ने आगे कहा कि मकर द्वार पर बीजेपी के सांसदों ने उन्हें और मल्लिकार्जुन खरगे जैसे नेताओं को रोकने की कोशिश की और उनके साथ धक्का-मुक्की की। उन्होंने कहा कि कैमरे में सब कुछ रिकॉर्ड हो गया है और बीजेपी सांसद उन्हें संसद में जाने से रोक नहीं सकते हैं। राहुल गांधी ने धक्का दिया- प्रताप सारंगी वहीं, बीजेपी सांसद प्रताप चंद्र सारंगी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने एक सांसद को धक्का दिया, जिससे वह सांसद गिरकर उनके ऊपर आ गिरा और उनके सिर में चोट लग गई। उन्हें अस्पताल ले जाया गया और बीजेपी के नेता उन्हें देखने पहुंचे। कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी ने भी कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे के साथ भी धक्का-मुक्की हुई थी और यह सब कैमरे में रिकॉर्ड हो गया है। विपक्षी सांसद संसद में निकाल रहे थे प्रोटेस्ट मार्च इस विवाद के बीच, इंडिया ब्लॉक के सांसद संसद में प्रोटेस्ट मार्च निकाल रहे थे। यह मार्च बीते दिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान के खिलाफ निकाला जा रहा था। शाह ने बीआर आंबेडकर को लेकर कुछ टिप्पणी की थी, जिसे विपक्ष ने आंबेडकर का अपमान करार दिया। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने शाह के इस्तीफे और माफी की मांग की है। विरोध के दौरान इंडिया ब्लॉक के नेता आंबेडकर की प्रतिमा से लेकर मकर द्वार तक मार्च कर रहे थे। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि अमित शाह ने जानबूझकर आंबेडकर का अपमान किया और उनका यह अपराध माफ नहीं किया जा सकता। कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी पूरे तंत्र के जरिए शाह को बचाने में लगी है, जबकि वे माफी मांगने के बजाय धमकियां दे रहे हैं।

एनडीए सांसदों ने लगाया फेक नैरेटिव फैलाने का आरोप, राहुल गांधी ने संसद में वीर सावरकर पर की टिप्पणी

नई दिल्ली। लोकसभा में शनिवार को संविधान के 75 साल की गौरवशाली यात्रा पर चर्चा के दूसरे दिन नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भाजपा और वीर सावरकर पर निशाना साधते हुए सदन में संविधान मनुस्मृति की प्रतियां लहराईं। उन्होंने सत्ता पक्ष से पूछा कि आपके नेता ने संविधान की जगह मनुस्मृति से देश चलाने की वकालत की थी। इस पर शिवसेना के श्रीकांत शिंदे और भाजपा के पी.पी. चौधरी ने कांग्रेस पार्टी पर संविधान की हत्या करने का आरोप लगाया। श्रीकांत शिंदे ने कहा, “राहुल गांधी ने संविधान छोड़कर सभी मुद्दों पर बात की। वह जो हर समय सावरकर जी को गाली देने का काम करते हैं, उन्होंने आज भी वही किया। लेकिन, मैंने उनकी दादी पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधा का पत्र उनको दिखाया। उनको यह बात पता नहीं थी कि इंदिरा गांधी के विचार सावरकर के लिए क्या थे। आज उनको पता चला, इसलिए वह तिलमिला उठे। उनको लगा कि यह बात उन्हें पता ही नहीं थी। वह संविधान को हाथ में पकड़ने के नाम पर कोरे कागज लेकर घूम रहे थे। लोगों में फेक नैरेटिव फैलाने का काम उन्होंने लोकसभा चुनाव में किया। वह नैरेटिव सिर्फ लोकसभा चुनावों तक चला। इसके बाद लोगों ने इन्हें हरियाणा और महाराष्ट्र चुनाव में उठाकर राज्य के बाहर फेंक दिया।” भाजपा सांसद पी.पी. चौधरी ने कहा, “कांग्रेस सरकार में जवाहर लाल नेहरू से लेकर इंदिरा गांधी से होते हुए मनमोहन सिंह तक सभी ने सरकारों को भंग किया। इंदिरा गांधी के समय सबसे ज्यादा सरकारें भंग हुईं। हर साल करीब तीन सरकार भंग होने का औसत रहा। इससे बड़ा संविधान पर हमला क्या हो सकता है। हमेशा जवाहर लाल नेहरू चाहते थे और कांग्रेस भी चाहती है कि न्यायिक व्यवस्था उनके नीचे रहे। न्यायिक व्यवस्था स्वतंत्र न रहे। सबसे पहले न्यायाधीश कानिया जब रिटायर हुए तो उस समय भी नए सीजेआई बनाने में कांग्रेस सरकार ने वरिष्ठता के पैमाने को दरकिनार कर दिया। कांग्रेस पार्टी ने संविधान का सबसे ज्यादा मजाक उड़ाया है।

राहुल गांधी ने संसद परिसर में जताया अनोखा विरोध, मंत्री राजनाथ सिंह को तिरंगा और गुलाब का फूल भेंट किया

नई दिल्ली कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संसद परिसर में एक अनोखे तरीके से केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध जताया। राहुल गांधी और कांग्रेस के अन्य नेताओं ने संसद परिसर में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को तिरंगा और गुलाब का फूल भेंट किया। यह घटना तब घटी जब राजनाथ सिंह अपनी कार से संसद परिसर में प्रवेश कर रहे थे। जैसे ही उनकी कार रुकी, राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस नेता उनके पास पहुंचे और उन्हें तिरंगा और गुलाब का फूल भेंट कर दिया। यह प्रतीकात्मक रूप से उनके विरोध का इजहार था और केंद्र सरकार के खिलाफ संसद में होने वाली चर्चा से बचने का आरोप था, खासकर अडानी समूह के साथ जुड़ी कथित भ्रष्टाचार की जांच को लेकर। इस अनोखे विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कांग्रेस का यह कदम गांधीवादी विचारधारा पर आधारित था। उन्होंने बताया कि कांग्रेस ने तिरंगा और गुलाब का फूल संसद में सत्तापक्ष के सांसदों को भेंट कर यह संदेश देने की कोशिश की कि वे अडानी के खिलाफ आरोपों पर संसद में चर्चा करने के लिए तैयार हैं। प्रतापगढ़ी ने यह भी कहा कि वर्तमान सरकार ने संसद को काम न करने देने की कसम खाई है और विपक्ष लगातार मांग कर रहा है कि अडानी मामले पर सदन में चर्चा की जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले में चुप्पी साधे हुए है और अडानी को बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच, 20 नवंबर से संसद के सत्र के दौरान दोनों सदनों में लगातार हंगामा देखा गया। कांग्रेस ने अडानी समूह के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर चर्चा की मांग की, जबकि बीजेपी ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी और कांग्रेस के अन्य नेताओं के जॉर्ज सोरोस से संबंध हैं। बीजेपी ने दावा किया कि जॉर्ज सोरोस द्वारा वित्त पोषित एक संगठन ने कश्मीर को भारत से अलग करने का समर्थन किया था। इस तरह के आरोपों को लेकर भी सदन में तू-तू, मैं-मैं का माहौल बना हुआ है। संसद में विपक्ष के प्रदर्शनों का सिलसिला जारी रहने के साथ, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की योजना बनाई है। 10 दिसंबर को, विपक्षी गठबंधन के दलों ने राज्यसभा में धनखड़ को हटाने के लिए एक नोटिस दिया। इन दलों का आरोप है कि उपराष्ट्रपति के रूप में धनखड़ ने हमेशा पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया है, जिससे सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई है। हालांकि, विपक्ष के पास राज्यसभा में धनखड़ के खिलाफ प्रस्ताव पारित कराने के लिए जरूरी सदस्य संख्या की कमी है, फिर भी यह कदम एक कड़ा संदेश देने के रूप में देखा जा रहा है कि वे लोकतंत्र की रक्षा के लिए खड़े हैं।   इन घटनाओं के बीच, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल लगातार अपनी आवाज़ उठाने की कोशिश कर रहे हैं कि सरकार अडानी मामले पर संसद में चर्चा कराए। उनका कहना है कि यदि इस मामले पर चर्चा नहीं की जाती है, तो यह संसद और लोकतंत्र की विश्वसनीयता के लिए एक बड़ा संकट बन सकता है। विपक्ष का यह मानना है कि यह सरकार का कर्तव्य है कि वह भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों पर संसद में खुलकर चर्चा करने की अनुमति दे, ताकि जनता को सच्चाई का पता चल सके। राहुल गांधी द्वारा तिरंगा और गुलाब का फूल भेंट करने की यह घटना न केवल विरोध का प्रतीक बन गई, बल्कि यह देश की राजनीति में एक नई दिशा को भी जन्म देती है। इसने यह भी दिखा दिया कि कैसे विपक्ष अपनी असहमति को शांतिपूर्ण और प्रतीकात्मक तरीके से व्यक्त कर सकता है, जैसा कि गांधी के समय में हुआ करता था। इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक विश्लेषकों और जनता के बीच यह सवाल उठाया है कि क्या भारत की संसद में इस तरह के विरोध प्रदर्शन और आरोप-प्रत्यारोप लोकतंत्र की मजबूती का संकेत हैं या यह केवल राजनीतिक दांवपेंच का हिस्सा हैं। 

गुलाबी नगरी में ‘नेतृत्व संगम’ कैंप में होंगे शामिल, राजस्थान-जयपुर में मोदी से पहले पहुंचे राहुल गांधी

जयपुर. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज सुबह जयपुर पहुंचे। वे यहां सामोद में आयोजित कांग्रेस के ‘नेतृत्व संगम’ कैंप में शामिल होने आए हैं। एयरपोर्ट पर पूर्व सीएम अशोक गहलोत, प्रदेशाध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा व नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राहुल गांधी का स्वागत किया। राजस्थान में इनवेस्टमेंट समिट के उद्घाटन से एक दिन पहले नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी रविवार को जयपुर पहुंचे। सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी निवेश समिट का उद्घाटन करने जयपुर पहुंच रहे हैं। हालांकि राहुल यहां सामोद में आयोजित कांग्रेस के ‘नेतृत्व संगम’ कैंप में शामिल होने आए हैं। राहुल गांधी सुबह करीब 7 बजे जयपुर एयरपोर्ट पहुंचे, जहां पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, और उपनेता प्रतिपक्ष रामकेश मीणा ने उनका भव्य स्वागत किया। अशोक गहलोत ने उन्हें सूत की माला पहनाई और पीसीसी चीफ गोविंदसिंह डोटासरा ने गुलदस्ता भेंट किया। राहुल गांधी का यह 17 दिनों में दूसरा जयपुर दौरा है। इससे पहले वे एक शादी समारोह में शामिल होने जयपुर आए थे। ‘नेतृत्व संगम’ ट्रेनिंग कैंप कांग्रेस का ‘नेतृत्व संगम’ ट्रेनिंग कैंप पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं को एक मंच पर लाने का प्रयास है। इस कैंप का उद्देश्य पार्टी में संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करना और नेताओं को पार्टी की विचारधारा और रणनीतियों से परिचित कराना है। राहुल गांधी इस कैंप में महत्वपूर्ण सत्रों का हिस्सा बनेंगे, जिसमें आगामी चुनावों की रणनीति, युवा नेतृत्व को प्रोत्साहन और पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं से संवाद शामिल होगा। कैंप में पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ संवाद और प्रशिक्षण सत्र आयोजित होंगे, जिसमें कांग्रेस के आगामी चुनावी एजेंडे और संगठनात्मक मजबूती पर चर्चा होगी।

मोदी अदाणी समूह से जुड़े मामले की जांच नहीं कर सकते क्योंकि वह खुद जांच के दायरे में आ जाएंगे: राहुल गांधी

नई दिल्ली लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अदाणी समूह से जुड़े मामले की जांच नहीं कर सकते क्योंकि वह खुद जांच के दायरे में आ जाएंगे। उन्होंने संसद परिसर में अदाणी समूह के मामले को लेकर विपक्ष के प्रदर्शन के दौरान संवाददाताओं से बातचीत में यह आरोप भी लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी और अदाणी एक हैं। राहुल गांधी ने दावा किया, ‘‘अदाणी की जांच मोदी नहीं करा सकते, क्योंकि अगर वह जांच कराएंगे तो खुद उनकी जांच होगी।’’ उन्होंने जो टी-शर्ट पहन रखी थी उसके पीछे ‘मोदी-अदाणी एक हैं, अदाणी सेफ हैं’ लिखा हुआ था। रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी के आरोपों में अदाणी समूह के प्रमुख गौतम अदाणी और कंपनी के अन्य अधिकारियों पर अमेरिकी अभियोजकों द्वारा अभियोग लगाए जाने के बाद कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दल संयुक्त संसदीय समिति से आरोपों की जांच कराए जाने की मांग कर रहे हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने हाल ही में इस मामले को लेकर उद्योगपति गौतम अदाणी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की थी। अदाणी समूह ने सभी आरोपों को आधारहीन बताया है।  

राहुल गांधी ने कहा कि मुझे पता है कि गौतम अडानी की गिरफ्तारी नहीं होगी, पर मोदी हैं तो सेफ हैं

नई दिल्ली कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कारोबारी गौतम अडानी पर अमेरिका में लगे आरोपों को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की है। राहुल गांधी ने कहा कि हम गौतम अडानी के मुद्दे को संसद में भी उठाएंगे। इस बार तो हमने आरोप नहीं लगाए हैं बल्कि अमेरिका में यह मसला उठा है। उन्होंने कहा कि गौतम अडानी और मोदी एक हैं तो सेफ हैं। राहुल गांधी ने कहा कि मुझे पता है कि गौतम अडानी की गिरफ्तारी नहीं होगी। मुझे उनके काम करने के तरीके से आपत्ति है। अडानी पर अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश और कीनिया समेत कई देशों में ऐसे ही काम करने का आरोप हैं। यही नहीं राहुल गांधी ने कहा कि सेबी की अध्यक्ष माधवी बुच के खिलाफ भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नेता विपक्ष के तौर पर मेरी जिम्मेदारी है कि आप लोगों को जागरूक करता रहूं। यह जरूरी है कि रिटेल निवेशकों को बचाया जाए। इसलिए सेबी की अध्यक्ष पर भी ऐक्शन लिया जाए और उन्हें पद से ही हटा दिया जाए। राहुल गांधी ने कहा कि इस देश में बिजली ही इसलिए महंगी हो रही है ताकि गौतम अडानी को अमीर किया जाए। उन्होंने कहा कि हम संसद में मिलकर मसला उठाएंगे। गौतम अडानी ने 2000 करोड़ रुपये का घोटाला किया है। उन्होंने अमेरिका और भारत के निवेशकों से झूठ बोला है। एफबीआई का कहना है कि गौतम अडानी ने अमेरिका और भारत में क्रिमिनल ऐक्ट किया है। इसके बाद भी अब सीबीआई और ईडी क्यों कुछ नहीं कर रहे हैं। हम तो जानते हैं कि अडानी की गिरफ्तारी नहीं होगी। हमारा काम है कि जनता को बताएं कि क्या गलत हो रहा है। हम पहले भी कह चुके हैं कि हमारे पास औजार नहीं हैं, जो विपक्ष के पास होने चाहिए। आज यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी हमसे भाजपा के सवाल पूछे जा रहे हैं। दूसरी तरफ 2000 करोड़ रुपये का घोटाला होने के बाद भी गौतम अडानी के खिलाफ ऐक्शन नहीं हो रहा है। हरियाणा में नेता विपक्ष चुनने पर बोले- एफबीआई जांच कर रही है राहुल गांधी से इस दौरान एक पत्रकार ने हरियाणा चुनाव को लेकर सवाल पूछा तो वह मजाकिया अंदाज में बोले कि आइए इसी पर बात कर लें। उन्होंने कहा कि आप पूछ रहे हैं कि वहां नेता विपक्ष क्यों नहीं चुना गया। इस मामले की एफबीआई जांच कर रही है और जब रिपोर्ट आ जाएगी तो फिर इस संबंध में फैसला लिया जाएगा। इस पर मीडियाकर्मी ने कहा कि आप मुद्दे को भटका रहे हैं। इस पर राहुल गांधी ने कहा कि मैं मुद्दे को भटका नहीं रहा बल्कि मजाक कर रहा हूं।

मैं कहना चाहता हूं कि संविधान उनके लिए खाली है क्योंकि उन्हें पता नहीं है कि संविधान के अंदर क्या लिखा है: राहुल गांधी

नंदुरबार लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी गुरुवार को महाराष्ट्र के नंदुरबार में थे। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसा। यहां उन्होंने चुनावी सभा को संबोधित किया। राहुल गांधी ने कहा है कि दो विचारधाराओं और दो सोच की टक्कर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं कि मैं जनता के बीच जो संविधान दिखाता हूं वह खाली है। मैं उनसे कहना चाहता हूं कि संविधान उनके लिए खाली है क्योंकि उन्हें पता नहीं है कि संविधान के अंदर क्या लिखा है। राहुल गांधी ने कहा, मुझे लाल रंग से फर्क नहीं पड़ता है। संविधान के अंदर जो लिखा है इसके लिए मैं जान देने के लिए तैयार हैं। इंडी एलायंस संविधान की रक्षा कर रही है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहना चाहता हूं कि संविधान खोखला नहीं है। इसमें बिरसा मुंडा, भगवान बुद्ध, गांधी, फुले की सोच है। इस संविधान में हिंदुस्तान का ज्ञान है, देश की आत्मा है। जब पीएम नरेंद्र मोदी संविधान को खोखला कहते हैं, तो वे बिरसा मुंडा जी, भगवान बुद्ध, गांधी जी, फुले जी, अंबेडकर जी का अपमान करते हैं। संविधान में आपको ‘आदिवासी’ नाम दिया गया है। लेकिन भाजपा-आरएसएस के लोग आपको ‘वनवासी’ कहते हैं। आदिवासी और वनवासी में बहुत बड़ा फर्क है। आदिवासी का मतलब- हिंदुस्तान के पहले मालिक। वनवासी का मतलब- जल, जंगल, जमीन पर आपका कोई अधिकार नहीं है। आपके इसी अधिकार को बचाने के लिए बिरसा मुंडा जी अंग्रेजों से लड़े थे। आज यही सोच लेकर नरेंद्र मोदी और भाजपा के लोग घूम रहे हैं। महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा है कि महाराष्ट्र की सरकार यहां के प्रोजेक्ट्स को दूसरे प्रदेश में भेजती है, इस कारण यहां के लोगों को नौकरी करने दूसरे राज्य में जाना पड़ता है। महाराष्ट्र सरकार ने करीब 5 लाख रोजगार छीन लिए। यही कारण है कि यहां के युवा बेरोजगार हैं। लेकिन हमारी सरकार ऐसा नहीं होने देगी। जो प्रोजेक्ट गुजरात का है, वो उनका रहेगा और जो महाराष्ट्र का है, वो यहां से कहीं और नहीं जाएगा।

राहुल गांधी ने कमला हैरिस को लिखी चिट्ठी, आपका संदेश लोगों को प्रेरित करता रहेगा

नई दिल्ली अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के डोनाल्ड ट्रंप की जबरदस्त जीत हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग समेत दुनियाभर के नेताओं ने डोनाल्ड ट्रंप को जीत की बधाई दी। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ट्रंप को जीत की बधाई दी है। इसके साथ ही कांग्रेस नेता ने अमेरिका का राष्ट्रपति चुनाव हारने वालीं डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार रहीं कमला हैरिस को पत्र लिखा है। राहुल गांधी की ओर से सात नवंबर को पहले डोनाल्ड ट्रंप को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि मैं डोनाल्ड ट्रंप को अमेरिका का 47वां राष्ट्रपति बनने के लिए बधाई देता हूं। लोगों ने भविष्य के लिए आपके नजरिए पर भरोसा किया है। भारत और अमेरिका ऐतिहासिक दोस्ती साझा करते हैं, जो कि लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए हमारी प्रतिबद्धता से जुड़ी है। हमें विश्वास है कि आपके नेतृत्व में दोनों देश आपसी हितों वाले क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करेंगे। मुझे यह उम्मीद है कि हम आगे भी भारतीयों और अमेरिकियों के लिए अवसरों का विस्तार करने की दिशा साथ काम करते रहेंगे। उन्होंने आगे कहा कि ‘मैं संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में आपके दूसरे कार्यकाल के दौरान आपको शुभकामनाएं देता हूं’। राहुल गांधी ने सात नवंबर को ही कमला हैरिस को पत्र लिखा। इसमें राहुल गांधी ने कमला हैरिस को उपराष्ट्रपति कह कर संबोधित किया गया है। उन्होंने कहा कि मैं आपको आपके जोशीले राष्ट्रपति चुनाव अभियान के लिए बधाई देना चाहता हूं। आपका उम्मीद से भरा जोड़ने वाला संदेश लोगों को प्रेरित करता रहेगा। जो बाइडेन प्रशासन के तहत, भारत और अमेरिका ने वैश्विक महत्व के मुद्दों पर सहयोग गहरा किया है। लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता हमारी दिस्ती का मार्गदर्शन करती रहेगी। उपराष्ट्रपति के रूप में, लोगों को एक साथ लाने और साझा आधार खोजने के आपके दृढ़ संकल्प को याद किया जाता रहेगा। मैं आपके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं देता हूं।

राहुल गांधी ने कहा- सभी क्षेत्रवासियों ने मिल कर बहुत प्यार दिया और पूरे हक़ के साथ अपनी समस्याएं बताई

रायबरेली लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी मंगलवार को अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली पहुंचे। यहां पर राहुल गांधी कलेक्ट्रेट परिसर में बचत भवन में आयोजित दिशा बैठक (जिला विकास समन्वय व अनुश्रवण समिति) में भी शामिल हुए। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर इसकी जानकारी दी। राहुल गांधी ने फेसबुक पोस्ट में कहा, “रायबरेली से मेरा रिश्ता चाहे जितना भी पुराना हो, हर बार पहुंच कर और भी गहरा हो जाता है। सभी क्षेत्रवासियों ने मिल कर बहुत प्यार दिया और पूरे हक़ के साथ अपनी समस्याएं बताई।” उन्होंने आगे लिखा, “सांसद के रूप में आज रायबरेली की पहली ‘दिशा’ कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से पूरे क्षेत्र की परेशानियों और प्रगति कार्यों पर चर्चा की। साथ ही नवनिर्मित शहीद चौक एवं सड़कों का अनावरण भी किया। रायबरेली ने मुझे अपनी आवाज बनाकर सम्मान दिया है। उनकी जरूरतों की पूर्ति, समृद्धि और समस्याओं को हल करने के लिए हमेशा तत्पर हूं।” बता दें कि राहुल गांधी बैठक में शामिल होने से पहले लखनऊ-रायबरेली सीमा पर बने चुरुवा हनुमान मंदिर पहुंचे थे। जहां उन्होंने हनुमान जी के दर्शन किए। इसके बाद वह बछरावां पहुंचे, जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद सुबह 10:45 बजे वह रायबरेली शहर पहुंचे, जहां उन्होंने फिरोज गांधी डिग्री कालेज चौराहा पर बने शहीद चौक का उद्घाटन किया। इसके बाद इसके बाद कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से बनाई गईं 70.900 किमी की 9 सड़कों का लोकार्पण भी किया। सड़क निर्माण में फुल डेप्थ रिक्लेमेशन (एफडीआर) तकनीक का उपयोग हुआ है।

राहुल गांधी की कारीगर समुदाय से मुलाकात: पेंटरों और कुम्हारों की चुनौतियों पर चर्चा और आर्थिक सशक्तिकरण की अपील

Rahul Gandhi meets artisan community: discusses challenges in life of painters and potters नेता विपक्ष राहुल गांधी ने हाल ही में पेंटर और कुम्हार समुदाय के सदस्यों के साथ समय बिताया, उनके काम की बारीकियों को समझा और उनकी जिंदगी से जुड़ी परेशानियों पर गहन चर्चा की। राहुल गांधी ने इन मेहनतकश कारीगरों के साथ काम में हाथ बंटाया और उनकी कठिनाइयों को नजदीक से जानने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि ये कारीगर हमारे घरों को अपनी कला से रोशन करते हैं, लेकिन उनके खुद के जीवन में खुशहाली और स्थिरता की कमी है। इसके लिए समाज की भी जिम्मेदारी बनती है कि वह इन हुनरमंदों को न केवल पहचान दे, बल्कि उनके जीवन को बेहतर बनाने में सहयोग भी करे। पेंटर समुदाय की चुनौतियाँ: सीमित अवसर, जोखिमपूर्ण काम और स्थायित्व की कमी राहुल गांधी ने पेंटर समुदाय के साथ चर्चा करते हुए पाया कि उनके काम में कई तरह की चुनौतियाँ हैं। इन कलाकारों का काम चाहे घरों की दीवारों पर हो या बड़े भवनों पर, इनमें कई जोखिम जुड़े होते हैं। अधिकतर पेंटर अनौपचारिक श्रम बाजार में काम करते हैं, जिसके चलते उन्हें नियमित आय या भविष्य में स्थायित्व की कोई गारंटी नहीं मिलती। कई पेंटरों ने अपनी परेशानियों का ज़िक्र करते हुए कहा कि उनके पास पर्याप्त सुरक्षा उपकरण नहीं होते, जिससे उनकी सेहत पर बुरा असर पड़ता है। राहुल गांधी ने इस पर चिंता जताई और कहा कि इस समुदाय को बेहतर उपकरण और सुरक्षा व्यवस्था प्रदान करना अत्यंत जरूरी है। साथ ही, उन्होंने पेंटरों के बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं का समाधान करने पर भी जोर दिया, ताकि इस समुदाय को एक सुरक्षित और बेहतर भविष्य मिल सके। कुम्हार समुदाय से बातचीत: पारंपरिक कला के संरक्षण की जरूरत राहुल गांधी ने कुम्हार समुदाय के साथ बातचीत करते हुए उनकी कला की बारीकियों को समझा। कुम्हारों की कला भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का एक अभिन्न हिस्सा है। लेकिन आज, आधुनिकता के इस दौर में यह कला विलुप्त होने के कगार पर है। कुम्हारों ने बताया कि पारंपरिक मिट्टी के बर्तन और मूर्तियाँ बनाने का काम पीढ़ी दर पीढ़ी चला आ रहा है, लेकिन अब प्लास्टिक और मशीनी उत्पादों के कारण उनकी मांग घटती जा रही है। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार और समाज को मिलकर कुम्हारों को उचित बाजार और सहयोग प्रदान करना चाहिए। यदि उनके उत्पादों को बढ़ावा दिया जाए, तो ये लोग न केवल आर्थिक रूप से सशक्त होंगे बल्कि भारत की सांस्कृतिक धरोहर को भी संजीवनी मिलेगी। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि इस कला को आधुनिक बाजार में स्थान दिलाने के लिए प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता की भी आवश्यकता है। हुनरमंदों को मौके देने पर जोर: स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण राहुल गांधी का मानना है कि यदि सही प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता मिले तो कारीगर और कलाकार अपनी कला से समाज में योगदान कर सकते हैं और एक आर्थिक संबल पा सकते हैं। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि पेंटरों और कुम्हारों जैसे कारीगरों के लिए विशेष योजनाएं लाई जाएं। उन्होंने कहा कि ऐसे कलाकारों के लिए वित्तीय योजनाओं, लोन स्कीम और सरकारी सब्सिडी की व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि उन्हें अपनी कला को आगे बढ़ाने के लिए आर्थिक आधार मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय बाजारों और कला मेलों का आयोजन करने का सुझाव दिया, जहां ये कलाकार सीधे अपने उत्पादों को बेच सकें और उचित मुनाफा कमा सकें। समाज के प्रति संदेश: कला और मेहनत की इज्जत करें राहुल गांधी ने इस मुलाकात के दौरान एक संदेश दिया कि समाज को इन मेहनतकशों के योगदान को समझना चाहिए और उनकी कला का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पेंटर और कुम्हार जैसे लोग हमारे घरों और समाज को सुंदर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अगर हम इनकी कला और मेहनत की इज्जत करेंगे और इन्हें सहयोग देंगे, तो एक समृद्ध और सशक्त समाज की स्थापना हो सकती है। राहुल गांधी की यह पहल न केवल राजनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है बल्कि यह समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने एक उदाहरण प्रस्तुत किया कि कैसे नेता जनता के करीब जाकर उनकी असली समस्याओं को समझ सकते हैं और उनके समाधान में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

हरियाणा में हार नसीब के बाद अब महारास्ट्र और झारखण्ड में अलर्ट मोड़ में कांग्रेस: राहुल गांधी

नई दिल्ली हरियाणा में जीत सामने देख रही कांग्रेस को अंत में हार नसीब हुई। इस करारी हार को अब तक कांग्रेस हजम नहीं कर पाई है। इस नतीजे की एक वजह ओवर कॉन्फिडेंस भी मानी जा रही है। यही वजह है कि पार्टी अब महाराष्ट्र में हर कदम फूंक-फूंक कर रखना चाहती है। सोमवार को महाराष्ट्र कांग्रेस नेताओं के साथ हुई मीटिंग में राहुल गांधी ने अलर्ट भी किया कि आप लोगों को ओवर कॉन्फिडेंस से बचना होगा। उन्होंने कहा कि आप लोग एकजुट होकर काम करें और किसी भी तरह के अति आत्मविश्वास से बचें। चुनाव आयोग आज ही महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव का ऐलान करने वाला है। इसके साथ ही झारखंड के विधानसभा चुनावों का भी शेड्यूल जारी किया जाएगा। लोकसभा चुनाव में भाजपा को अपने दम पर बहुमत से रोकने वाली कांग्रेस को उम्मीद थी कि वह हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में अच्छे नतीजे लाएगी। खासतौर पर हरियाणा में तो पार्टी को अपने दम पर सत्ता की उम्मीद थी, लेकिन नतीजे ने चौंका दिया। भाजपा लगातार तीसरी बार हरियाणा में जीत गई। अब भाजपा को महाराष्ट्र में जीत का भरोसा जग गया है, जबकि कांग्रेस वहां अब सावधानी के साथ ही चलना चाहती है। अब तक कांग्रेस महाराष्ट्र में इस भरोसे में रही है कि वह पहले नंबर पर रहेगी। बता दें कि महाराष्ट्र में सीट शेयरिंग भी INDIA अलायंस के लिए एक चैलेंज है। उद्धव ठाकरे गुट सबसे ज्यादा सीटें चाहता है, जबकि कांग्रेस का कहना है कि लोकसभा चुनाव के प्रदर्शन को देखते हुए वह सबसे ज्यादा सीटों पर लड़ेगी। हालांकि इस बात पर तीनों के बीच सहमति दिखती है कि वह किसी भी हाल में एक साथ ही चुनाव में उतरेंगे। बता दें कि महाविकास अघाड़ी को लोकसभा चुनाव में अच्छी सफलता मिली थी। राज्य की 48 में से 31 सीटों पर गठबंधन जीता था। वहीं भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए को महज 17 पर ही जीत मिली थी। तभी से राज्य में INDIA अलायंस उत्साहित है, लेकिन हरियाणा के नतीजों ने राहुल गांधी से लेकर पूरी पार्टी को ही अलर्ट कर दिया है। इसी वजह से पूरी कोशिश है कि मतभेद वाले मुद्दों को फिलहाल दूर ही रखा जाए। सीएम फेस घोषित नहीं किया जाएगा। अब तक तीनों दलों के बीच जो बात हुई है, उसके अनुसार कांग्रेस 110 से 115 सीटें लड़ सकती है। वहीं 90 से 95 सीटें उद्धव सेना को मिलने की उम्मीद है। शरद पवार की एनसीपी के खाते में 80 से 85 सीटें जा सकती हैं।

राहुल गांधी आज महाराष्ट्र के नेताओं से मुलाकात करेंगे, आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर चल रहीं तैयारियों की समीक्षा करेंगे

मुंबई कांग्रेस ने आगामी महाराष्ट्र चुनाव को लेकर अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं. यूपी के रायबरेली से सांसद और कांग्रेस नेता राहुल गांधी सोमवार को महाराष्ट्र के नेताओं से मुलाकात करेंगे. सूत्रों ने बताया कि आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर चल रहीं तैयारियों की समीक्षा करेंगे. सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी आज 10 बजे महाराष्ट्र के नेताओं से मुलाकात करेंगे. इस बैठक में राहुल गांधी आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर चल रहीं तैयारियों की समीक्षा करेंगे. बैठक में महाराष्ट्र कांग्रेस चीफ नान पटोले, विजय वडेट्टीवार, पृथ्वीराज चव्हाण, बालासाहेब थोराट, वर्षा गायकवाड़ और रमेश चेन्नितला शामिल होंगे. बीते दिनों जानकारी आई थी कि महाराष्ट्र में कांग्रेस से टिकट पाने की इच्छा 1800 से अधिक लोगों ने जाहिर की है, जबकि पार्टी लगभग 100-110 सीटों पर ही चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है. टिकट के लिए पूरे राज्य भर से एप्लीकेशन आए हैं, जबकि चुनाव की घोषणा अब तक नहीं हुई है. इस बार विदर्भ और मराठवाड़ा इलाके से सबसे ज्यादा लोगों ने एप्लीकेशन फाइल किया है. महाराष्ट्र में आवेदकों को नामांकन के लिए रजिस्टर करना पड़ता है और कुछ पैसे भी जमा कराने होते हैं. एससी/एसटी उम्मीदवारों के लिए 10,000 रुपये और सामान्य उम्मीदवारों के लिए 20,000 रुपये की फी निर्धारित की गई है. कांग्रेस का कहना है कि महाराष्ट्र में एप्लीकेशनों की संख्या हरियाणा से आगे बढ़ सकती है, क्योंकि हर दिन नए एप्लीकेशन आ रहे हैं. 26 नवंबर से पहले होंगे चुनाव बता दें कि चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र समीक्षा दौरे के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव की तैयारियों के बारे में जानकारी दी. मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि हम यहां आपको आगामी महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के लिए चुनाव आयोग की तैयारियों के बारे में जानकारी देने आए हैं. हमने पिछले दो दिनों में राष्ट्रीय और राज्य स्तर के सभी राजनीतिक दलों से मुलाकात की. हम सभी कानून प्रवर्तन अधिकारियों संग बैठक की. हमने उन्हें कई निर्देश दिए हैं. चुनाव आयोग ने बताया कि महाराष्ट्र में 26 नवंबर से पहले चुनाव कराना होगा, क्योंकि नवंबर में महाराष्ट्र विधानसभा कार्यकाल खत्म हो रहा है.

राहुल गांधी ने कहा- रेल हादसे में कितने परिवारों के तबाह होने पर जागेगी सरकार, नहीं कोई सबक लिया

नई दिल्ली लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने तमिलनाडु में हुए ट्रेन हादसे को लेकर शनिवार को सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जवाबदेही शीर्ष स्तर से शुरू होती है और अनेक दुर्घटनाओं के बावजूद कोई सबक नहीं लिया गया। उन्होंने यह सवाल भी किया कि आखिर कितने परिवारों के तबाह होने के बाद यह सरकार जागेगी? तमिलनाडु के पोन्नेरी-कावरापेट्टई रेलवे स्टेशनों के बीच चेन्नई-गुडूर रेलखंड पर ट्रेन संख्या 12578 मैसूर-दरभंगा एक्सप्रेस की पीछे से मालगाड़ी से टक्कर हो गई। इस हादसे में 19 लोग घायल हुए हैं। राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘मैसूर-दरभंगा ट्रेन दुर्घटना भयावह बालासोर दुर्घटना को प्रतिबिंबित करती है। एक यात्री ट्रेन एक मालगाड़ी से टकरा गई। अनेक दुर्घटनाओं में कई लोगों की जान चले जाने के बावजूद कोई सबक नहीं लिया जाता। जवाबदेही सबसे ऊपर से शुरू होती है।’ उन्होंने सवाल किया कि आखिर कितने परिवारों के तबाह होने के बाद यह सरकार जागेगी? बता दें कि दुर्घटनाग्रस्त दरभंगा बागमती एक्सप्रेस के यात्री शनिवार को एक विशेष ट्रेन से दरभंगा के लिए रवाना हो गए। दक्षिणी रेलवे ने यह जानकारी दी। घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश रेलवे अधिकारियों ने बताया कि घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं। अभी दुर्घटनास्थल पर पटरी की मरम्मत का काम तेजी से किया जा रहा है। रेलवे ने बताया कि ट्रेन संख्या 12578 मैसुरु-दरभंगा बागमती एक्सप्रेस 11 अक्टूबर को रात करीब साढ़े 8 बजे मालगाड़ी से टकरा गई थी। यात्रियों को बसों से पोन्नेरी और फिर 2 ईएमयू विशेष ट्रेन से चेन्नई सेंट्रल ले जाया गया। सभी यात्रियों के पहुंचने के बाद उन्हें दरभंगा जाने वाली विशेष ट्रेन में रवाना किया गया, जो अराक्कोणम, रेनीगुंटा और गुडुर से होकर गुजरेगी। यात्रियों को भोजन के पैकेट और पानी उपलब्ध कराया गया और विशेष ट्रेन सुबह 4 बजकर 45 मिनट पर रवाना हो गई। ट्रेनों के समय और रूट में हुआ बदलाव इस बीच, दक्षिणी रेलवे ने इस मार्ग से गुजरने वाली सभी ट्रेनों का रास्ता बदल दिया है। विशाखापत्तनम एक्सप्रेस को 12 अक्टूबर को सुबह 10 बजे डॉ. एमजीआर चेन्नई सेंट्रल रेलवे स्टेशन से रवाना होना था, लेकिन उसका समय बदलकर अब दोपहर साढ़े 12 बजे कर दिया गया है। इसका मार्ग अराक्कोणम, रेनीगुंटा और गुडुर की ओर परिवर्तित कर दिया गया है। घटनास्थल पर पटरी की मरम्मत का काम तेजी से हो रहा है। दक्षिणी रेलवे के महाप्रबंधक, अतिरिक्त महाप्रबंधक, विभागों के प्रमुख और रेलवे के अन्य अधिकारी घटनास्थल पर मरम्मत कार्य का निरीक्षण कर रहे हैं। गंभीर रूप से घायल 3 यात्रियों को स्टेनली मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया और 4 यात्रियों का पोन्नेरी के सरकारी अस्पताल में उपचार किया गया, उन्हें मामूली चोटें आई थीं।

राहुल गांधी यह दोहराते दिखे 100 में से महज 3 फीसदी ही ओबीसी अधिकारी हैं, अब पार्टी में ही नजरअंदाज करने के आरोप

नई दिल्ली संसद में भाषण से लेकर रैलियों तक में कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार यह दोहराते दिखे हैं कि आखिर देश के सचिवों में से कितने ओबीसी है। वह कहते रहे हैं कि 100 में से महज 3 फीसदी ही ओबीसी अधिकारी हैं, जबकि उनकी 60 फीसदी से ज्यादा आबादी है। वह नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को ओबीसी, एससी और एसटी की उपेक्षा के आरोप में घेरते रहे हैं। लेकिन अब खुद कांग्रेस में ही इस मुद्दे पर बवाल मचा है और ओबीसी नेताओं को नजरअंदाज करने के आरोप लग रहे हैं। हरियाणा में हार के बाद राज्य में माहौल ही बदल गया है। अहीरवाल बेल्ट के सीनियर नेता कैप्टन अजय सिंह यादव ने पिछड़ों की उपेक्षा के आरोप लगाए हैं। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, ‘कांग्रेस को दक्षिण हरियाणा खासतौर पर गुरुग्राम, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ और फरीदाबाद में सिर्फ एक सीट मिली है। अहीरवाल का कांग्रेस कार्यसमिति, केंद्रीय चुनाव समिति, कांग्रेस महासचिवों और हरियाणा प्रदेश कमेटी तक में कोई प्रतिनिधित्व नहीं है। ओबीसी कांग्रेस का चेयरमैन जैसे पद के पास तो कोई ताकत नहीं है। यह दंतहीन है।’ यही नहीं उनकी पोस्ट पर एक अन्य नेता डॉ. अरुणेश यादव ने भी सहमति जताई है। उन्होंने कहा कि आपने बिलकुल सही कहा है। इसके अलावा यदुवंशी कल्याण ट्रस्ट चलाने वाले संजय यादव ने भी कहा कि पिछड़ों को उनका अधिकार मिलना ही चाहिए। इस तरह कैप्टन अजय यादव की पोस्ट ने एक तरह से राहुल गांधी को आईना दिखाया है। पार्टी के भीतर ही पिछड़ों की उपेक्षा का आरोप इसलिए खास है क्योंकि राहुल गांधी लगातार आरक्षण की 50 फीसदी सीमा खत्म करने, जातिगत जनगणना कराने और पिछड़ों को नौकरशाही से लेकर राजनीति तक में मौका देने की वकालत करते रहे हैं। ऐसी स्थिति में अब कैप्टन अजय यादव का ही आरोप लगाना चिंता की बात है। दरअसल हरियाणा के नतीजों को लेकर एक राय यह भी सामने आई है कि जाटों की तुलना में कांग्रेस ने यादव, गुर्जर, सैनी, कश्यप जैसी अन्य ओबीसी बिरादरियों को कम महत्व दिया और इससे वे लोग भाजपा के साथ गए। इसके अलावा भाजपा सरकार ने अहीरवाल बेल्ट में नौकरियां भी खूब दी हैं। कैप्टन अजय यादव ने कांग्रेस की हार का एक बड़ा कारण नतीजों से पहले ही सीएम पद को लेकर मची खींचतान को भी माना है।

पुणे की अदालत ने सावरकर मानहानि मामले में अदालत ने गांधी को समन जारी कर 23 अक्टूबर को पेश होने को कहा

पुणे पुणे की एक विशेष अदालत ने विनायक दामोदर सावरकर के पोते द्वारा दायर आपराधिक मानहानि मामले में राहुल गांधी को तलब किया है, जिसमें कांग्रेस नेता पर सावरकर के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया है। अदालत ने गांधी को समन जारी कर 23 अक्टूबर को पेश होने को कहा। पिछले साल सावरकर के पोते सात्यकी सावरकर ने इस सिलसिले में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के खिलाफ पुणे की एक अदालत में शिकायत दर्ज कराई थी। पिछले महीने यह मामला न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (एफएमएफसी) अदालत से सांसदों और विधायकों के लिए विशेष अदालत में स्थानांतरित कर दिया गया था। सात्यकी सावरकर का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिवक्ता संग्राम कोल्हटकर ने बताया कि संयुक्त सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) अमोल शिंदे की अध्यक्षता वाली विशेष अदालत ने गांधी के खिलाफ समन जारी करते हुए कहा कि मामले में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 500 (मानहानि) के तहत दंडनीय आरोप का जवाब देने के लिए उनकी उपस्थिति आवश्यक है और उनका 23 अक्टूबर को अदालत के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना आवश्यक है। अपनी शिकायत में सात्यकी सावरकर ने आरोप लगाया कि गांधी ने मार्च 2023 में लंदन में दिए अपने भाषण में दावा किया था कि वी डी सावरकर ने एक किताब में लिखा है कि उन्होंने और उनके पांच-छह दोस्तों ने एक बार एक मुस्लिम व्यक्ति की पिटाई की थी और उन्हें (सावरकर को) खुशी हुई थी। सात्यकी सावरकर ने कहा कि ऐसी कोई घटना कभी नहीं हुई और वी डी सावरकर ने कभी भी, कहीं भी ऐसी कोई बात नहीं लिखी। उन्होंने गांधी के आरोप को ‘‘काल्पनिक, झूठा और दुर्भावनापूर्ण’’ करार दिया। अदालत ने पुलिस को आरोपों की जांच कर रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था। विश्रामबाग पुलिस थाने ने जांच की और कहा कि प्रथम दृष्टया शिकायत में सच्चाई है।  

राहुल गांधी की मृतक के परिवार के सदस्यों से फोन पर हुई बातचीत, न्याय दिलाने व दोषियों को सजा का दिया आश्वासन

अमेठी उत्तर प्रदेश के अमेठी में दलित परिवार के चार सदस्यों की गोली मारकर हत्या की वारदात से पूरे इलाके में हड़कंप मच हुआ है। इस बीच अमेठी के सांसद किशोरी लाल (केएल) शर्मा ने लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की मृतक के परिवार के सदस्यों से फोन पर बातचीत कराई। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, राहुल गांधी ने न्याय दिलाने व दोषियों को सजा दिलाने का आश्वासन दिया है। इसके अलावा राहुल गांधी ने हरसंभव मदद व मुआवजा दिलाने का भी आश्वासन दिया है। केएल शर्मा ने कहा कि राहुल गांधी को कल इस घटना की जानकारी दी गई थी। राहुल गांधी ने मुझे परिवार के साथ रहने को कहा है। मैं कल से लगातार परिवार के संपर्क में हूं। आज राहुल गांधी ने पीड़ित परिवार से फोन पर बात की है। इस वारदात को लेकर सांसद शर्मा ने सरकार और प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए और उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। सांसद किशोरी लाल शर्मा ने कहा कि मैं लगातार मृतक के परिजनों के संपर्क में हूं और उनकी समस्याओं को समझ रहा हूं। यह घटना एक गंभीर अपराध है और इसमें रायबरेली पुलिस की बड़ी लापरवाही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि समय रहते कार्रवाई की गई होती, तो शायद यह दुखद घटना न होती। किशोरी लाल ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए ताकि समाज में कानून और व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखा जा सके। उन्होंने कहा, “हमारी जिम्मेदारी है कि हम ऐसे मामलों में तुरंत और सख्त कदम उठाएं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।” बता दें कि जिले के शिवरतनगंज थाना क्षेत्र के अहोरवा भवानी चौराहे के पास गुरुवार को एक सरकारी स्कूल के शिक्षक सुनील (35), उनकी पत्नी पूनम (32) और दो बच्चों की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। अमेठी के पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार सिंह ने बताया था कि सुनील रायबरेली के मूल निवासी थे और वह पन्हौना के एक सरकारी स्कूल में शिक्षक थे। अज्ञात लोगों ने घर में घुसकर सुनील और उनके परिवार को गोली मारकर हत्या कर दी।  

नूंह में बोले राहुल गांधी- भाजपा द्वारा फैलाई जा रही नफरत को सफल नहीं होने देगी

नई दिल्ली लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को हरियाणा की जनता से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को सत्ता से उखाड़ फेंकने का आह्वान किया तथा कहा कि कांग्रेस धर्म, भाषा और जाति के आधार पर ‘‘भाजपा द्वारा फैलाई जा रही नफरत” को सफल नहीं होने देगी। गांधी नूंह में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए भाजपा पर तीखे हमले किए और कहा कि आज मोहब्बत और नफरत के बीच लड़ाई है। पिछले साल नूंह में विश्व हिंदू परिषद के जुलूस पर भीड़ द्वारा हमला किए जाने के बाद हिंसा भड़क गई थी जिसमें दो होम गार्ड और एक मौलवी सहित छह लोगों की मौत हो गई थी। राहुल गांधी ने विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार के आखिरी दिन आरोप लगाया कि कि कांग्रेस प्यार फैलाती है जबकि भाजपा नफरत फैलाती है। हरियाणा की सभी 90 विधानसभा सीट के लिए पांच अक्टूबर को मतदान होगा। मतणना आठ अक्टूबर को होगी। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, ‘‘सबसे महत्वपूर्ण चीज भाईचारा है। भाजपा और आरएसएस के लोग जहां भी जाते हैं, नफरत फैलाते हैं। वे जिस भी राज्य में जाते हैं, कहीं भाषा के बारे में बात करते हैं, कहीं वे धर्म के बारे में बात करते हैं और कहीं वे जाति के बारे में बात करते हैं।” गांधी का कहना था, ‘‘नफरत को खत्म करना होगा। भारत नफरत का देश नहीं है, यह मोहब्बत का देश है। आपने यह पूरे देश को दिखाया है।” उन्होंने कहा कि भारत ‘मोहब्बत की दुकान’ का देश है, ‘नफरत का बाजार’ का नहीं है। लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा, ‘‘हम देश में इस नफरत को जीतने नहीं देंगे। देश में प्यार, भाईचारा और एकता की जीत होगी।” नफरत से दुख और डर फैलता है- कांग्रेस नेता उनका कहना था, ‘‘नफरत से देश कमजोर होता है। नफरत से दुख और डर फैलता है। प्यार ही है जो नफरत की दवा है। प्यार से भाईचारा फैलता है और प्यार से देश आगे बढ़ता है। हम प्यार की बात करते हैं लेकिन वे (भाजपा) नफरत फैलाते हैं और देश को तोड़ने की कोशिश करते हैं।” राहुल गांधी ने चुनावी सभा के दौरान हाथ में संविधान की प्रति ले रखी थी। उन्होंने कहा कि संविधान ने गरीबों, किसानों और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा की है, लेकिन ‘‘भाजपा और आरएसएस संविधान पर हमला करने पर तुले हुए हैं।” देश में विचारधारा की लड़ाई- राहुल गांधी कांग्रेस नेता ने दावा किया, ‘‘देश में विचारधारा की लड़ाई है। एक तरफ कांग्रेस है, जो देश संविधान से चलाना चाहती है। जबकि दूसरी तरफ भाजपा-आरएसएस हैं, जो संविधान खत्म करना चाहते हैं।” उन्होंने महिला पहलवानों के विषय का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘आप सभी ने देखा कि भाजपा ने देश के पहलवानों के साथ क्या किया। भाजपा का सदस्य बिना डरे महिलाओं के खिलाफ अपराध कर रहा है, उनका यौन उत्पीड़न कर रहा है, लेकिन भाजपा को कोई मतलब नहीं। ये संविधान पर आक्रमण है, क्योंकि संविधान कहता है कि देश की हर महिला की रक्षा होनी चाहिए।”  

नाराजगी के बीच पहली बार एक मंच पर दिखे भूपेंद्र सिंह हुड्डा-कुमारी सैलजा

Bhupendra Singh Hooda-Kumari Selja seen on stage for the first time amidst resentment

Bhupendra Singh Hooda-Kumari Selja seen on stage for the first time amidst resentment हरियाणा विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने करनाल के असंध में रैली को संबोधित किया. इस दौरान भूपिंदर सिंह हुड्डा और कुमारी सैलजा भी साथ नजर आए. हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले नाराजगी के बीच पहली बार एक मंच पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कुमारी सैलजा नजर आए. राहुल गांधी बारी बारी से दोनों को वक्त देते दिखे. करनाल में रैली के मंच से सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि राहुल गांधी ने कांग्रेस पार्टी का परचम इतना ऊंचा लहरा दिया है कि इनके सामने कोई और नेता टिक नहीं पा रहा है. कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश के लोगों पर बीजेपी का कुशासन थोपा गया है. बीजेपी ने लोगों को धोखा देकर यहां राज किया. आज बदला लेने का समय आ गया है और प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनानी है. हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि प्रदेश के लोग सिर्फ कांग्रेस की तरफ देख रहे हैं. लोगों ने बीजेपी और कांग्रेस के 10-10 सालों के कार्यकाल को तौल लिया है. कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस सरकार ने हरियाणा को पीछे ले जाने का काम किया है. ये सिर्फ बातें बड़ी बड़ी करते हैं. हुड्डा ने किसानों की MSP को लेकर भी सैनी सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि हरियाणा कांग्रेस के पक्ष में लहर चल रही है. कांग्रेस आ रही है और बीजेपी जा रही है. हरियाणा में चुनावी रैली में राहुल गांधी ने बीजेपी सरकार पर प्रदेश को बर्बाद करने का आरोप लगाया. हरियाणा में बेरोजगारी के मुद्दे पर बीजेपी पर हमला करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में रोजगार व्यवस्था को व्यवस्थित रूप से खत्म कर दिया है.

जातिगत जनगणना पर राहुल गांधी ने बताया RSS का प्लान

Rahul Gandhi told RSS's plan on caste census

Rahul Gandhi told RSS’s plan on caste census हरियाणा के असंध में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने किसानों और युवाओं के मुद्दों को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पूछा कि हरियाणा के युवा अमेरिका क्यों जा रहे हैं? जातिगत जनगणना को लेकर बीजेपी को घेरा कांग्रेस नेत राहुल गांधी ने अपने भाषण में जातिजग जनगणा पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा, “इलेक्शन कमीशन में बीजेपी के लोग, ईडी और सीबीआई जैसी संस्थाओं में बीजेपी के लोग. यहां आपको गरीब और दूसरी जाति के लोग नहीं मिलेंगे. इसलिए हम जातिगत जनगणना की मांग कर रहे हैं.” कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, “बीजेपी वाले संविधान पर हमला कर रहे हैं. हिंदुस्तान में किसकी कितनी आबादी है, हम उसे चेक करने के लिए कहते हैं. आरएसएस कहती है कि जाति जनगणना करना चाहिए, लेकिन अंदर से मना कर देती है. गरीब पिछड़ा आपको कहीं बड़े पोस्ट पर नहीं मिलेगा.” ‘अमेरिका जाने के लिए जमीन बेचे’ कांग्रेस सांसद ने कहा, “जब मैं अमेरिका गया था, तो मैंने देखा कि एक कमरे में 15-20 लोग सो रहे थे. एक युवा ने मुझे बताया कि उनमें से कई ने अमेरिका आने के लिए 30-50 लाख रुपये का कर्ज लिया या अपनी जमीन बेची. जब मैंने उन्हें बताया कि वे उसी पैसे से हरियाणा में बिजनेस शुरू कर सकते हैं, तो उन्होंने कहा कि राज्य में ऐसा करना संभव नहीं है.” लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा, “जब मैं करनाल गया, तो मैंने एक बच्चे को कंप्यूटर पर चिल्लाते हुए अपने पिता से वीडियो कॉल के दौरान (अमेरिका से) वापस आने के लिए कहते देखा…हरियाणा सरकार ने राज्य और उसके युवाओं को खत्म कर दिया है.” रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा, “ये लड़ाई हरियाणा नहीं, हिंदुस्तान को बचाने की है. देश की सारी संस्थाओं को आरएसएस के हवाले कर दिया गया है, जिस पर पूरा कंट्रोल नागपुर का है. उसमें हिंदुस्तान के 90 फीसदी लोगों के लिए कोई जगह नहीं है.”

डंकी के चलते युवा क्यों हो रहे हैं पराए देशों में मजबूर, राहुल गांधी ने X पर किया पोस्ट

Why are youth being forced to go to foreign countries because of dinky, Rahul Gandhi posted on X

Why are youth being forced to go to foreign countries because of dinky, Rahul Gandhi posted on X कांग्रेस नेता राहुल गांधी हाल ही में अमेरिका यात्रा से लौटे हैं। जिसके बाद वह पिछले दिनों हरियाणा में करनाल के घोघड़ीपुर गांव में पहुंचे थे, यहां उन्होंने अमेरिका में रहने वाले अमित के परिजनों से मुलाकात की। जोकि, वहां सड़क हादसे में घायल हो गया था। अब राहुल गांधी ने हरियाणा सरकार पर तंज कसते हुए एक्स पर पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा कि बड़ी संख्या में युवा बेहतर रोजगार और अवसरों की तलाश में विदेशों की ओर रुख कर रहे हैं। भाजपा सरकार के 10 वर्षों के शासन में रोजगार के अवसरों की कमी के चलते यह स्थिति और गंभीर हो गई है। बेरोजगारी की इस बीमारी ने लाखों परिवारों को अपनों से दूर कर दिया है, जिससे न सिर्फ युवा बल्कि उनके परिजन भी पीड़ित हैं। पिछले एक दशक में भाजपा सरकार ने युवाओं से रोजगार के अवसर छीनकर उनके साथ गहरा अन्याय किया है। टूटी उम्मीदों और हारे मन से मजबूर होकर ये युवा यातनाओं की यात्रा करने को विवश हो रहे हैं। हालांकि, यह स्पष्ट है कि अगर इन्हें अपने देश में, अपनों के बीच जीविका कमाने का पर्याप्त अवसर मिलता, तो ये कभी अपना वतन छोड़ने को तैयार न होते। कांग्रेस ने संकल्प लिया है कि सरकार बनने के बाद एक ऐसी व्यवस्था तैयार की जाएगी जिससे हरियाणा के युवाओं को विदेश जाने की मजबूरी नहीं होगी। हम राज्य में रोजगार के अवसरों को बढ़ाकर इस समस्या का समाधान करेंगे, ताकि कोई भी युवा अपने सपनों के लिए अपनों से दूर न हो।

राहुल गांधी ने वायनाड में भूस्खलन पीड़ितों के लिए किया एक माह का वेतन दान, लोगों से भी मदद करने को कहा

Rahul Gandhi donated one month's salary for landslide victims in Wayanad, asked people to help too

Rahul Gandhi donated one month’s salary for landslide victims in Wayanad, asked people to help too पिछले 30 जुलाई को केरल के वायनाड में बड़ी प्राकृतिक आपदा आई थी. यहां आए भूस्खलन में 200 लोगों की मौत हो गई. कई गांव तबाह हो गए. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आज यहां के पीड़ितों की मदद के लिए अपना एक माह का वेतन दान दे दिया है. वायनाड के भूस्खलन पीड़ितों के लिए कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बड़ा कदम उठाया है. राहुल गांधी ने दरियादिली दिखाते हुए अपने एक महीने का वेतन पीड़ितों की मदद के लिए दान दे दिया है. राहुल गांधी ने एक महीने की सैलरी यानी 2.3 लाख की मदद राशि केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के खाते में दान दी है. इस बाबत राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी शेयर की. उन्होंने लिखा- वायनाड में हमारे प्रिय भाइयों और बहनों को विनाशकारी त्रासदी का सामना कर रहा है. राहुल गांधी ने आगे लिखा- इस संकट की घड़ी में उन्होंने भारी नुकसान झेला है. उनको हमारे जैसे लोगों की मदद की सख्त दरकार है. वायनाड के पीड़ितों को नुकसान से उबरने के लिए हमारे समर्थन की जरूरत है. राहुल गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि मैंने प्रभावित लोगों की राहत और पुनर्वास के प्रयासों में मदद के लिए अपने पूरे महीने का वेतन दान कर दिया है. देश के जिम्मेदार नागरिकों से अपीलराहुल गांधी ने इसी के साथ देशवासियों से भी मदद की अपील की. उन्होंने कहा कि मैं देश के ईमानदार और संवेदनशील भाइयों से आग्रह करता हूं कि वे जो कुछ भी कर सकते हैं, इस संकट में जरूर योगदान दें. राहुल गांधी ने कहा कि हर छोटे से बदलाव से फर्क पड़ता है. वायनाड हमारे देश का एक खूबसूरत हिस्सा है और हम मिलकर यहां के उन लोगों के जीवन को फिर से पटरी पर लाने में मदद कर सकते हैं. यहां आई आपदा में लोगों ने बहुत कुछ खो दिया है. राहुल गांधी ने इसी के साथ कहा कि मददगार हमारी पार्टी के ऐप के जरिए सुरक्षित तरीके से अपना योगदान दे सकते हैं. उन्होंने लिखा- स्टैंड विद वायनाड. केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मदद राशि जमा करने के लिए नौ सदस्यों की समिति का गठन किया और एक ऐप भी बनाया है. केरल कांग्रेस ने कहा कि इच्छुक लोग सीधे डोनेशन भेज सकते हैं. 30 जुलाई को वायनाड में आई त्रासदीकेरल के वायनाड में पिछले 30 जुलाई को एक बड़ा भूस्खलन आया था. जिससे भारी तबाही मची थी. इस हादसे में 200 लोगों की मौत हो गई थी. कई लोग लापता भी हो गए थे. भूस्खलन के बाद यहां के कुछ गांव बुरी तरह से प्रभावित हुए थे. जिसके बाद राहुल गांधी ने त्रासदी में बेघर हुए लोगों के लिए 100 घर बनवाने का वादा किया था.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी कल जायेंगे मणिपुर

नई दिल्ली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी सोमवार को मणिपुर का दौरा करेंगे। इस दौरान वह विभिन्न जिलों में हिंसा प्रभावित लोगों से मुलाकात करेंगे। कांग्रेस की मणिपुर इकाई के अध्यक्ष के. मेघचंद्र के अनुसार, राहुल विमान से दिल्ली से सिलचर जाएंगे और वहां से जिरीबाम जिले में जाएंगे। वहां छह जून को हिंसा हुई थी। राहुल गांधी की तीसरी यात्रा मणिपुर में हिंसा शुरू होने के बाद राहुल गांधी की यह तीसरी यात्रा होगी। वह पिछले साल मई में ¨हसा शुरू होने के कुछ सप्ताह बाद मणिपुर गए थे। इस साल की शुरुआत में ही उन्होंने भारत जोड़ो न्याय यात्रा भी मणिपुर से निकाली थी। मेघचंद्र ने कहा कि राहुल जिले में कुछ राहत शिविरों का दौरा करेंगे। फिर वह सिलचर हवाई अड्डा लौटेंगे और वहां से इंफाल के लिए उड़ान भरेंगे। सड़क मार्ग से पहुंचेंगे मोइरंग मेघचंद्र ने कहा कि इंफाल में उतरने के बाद राहुल चुराचांदपुर जिले में पहुंचकर राहत शिविरों में रहने वाले लोगों से बातचीत करेंगे। चुराचांदपुर से गांधी सड़क मार्ग से बिष्णुपुर जिले के मोइरंग पहुंचेंगे। कुछ राहत शिविरों का दौरा करेंगे। इसके बाद वह इंफाल लौटेंगे। वहां राज्यपाल अनुसुइया उइके से उनकी मुलाकात होने की संभावना है।

राहुल ने कहा भारतीय जनता पार्टी में कोई भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पसंद नहीं करता

अहमदाबाद  कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी अहमदाबाद दौरे पर है। राहुल ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा की अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या से चुनाव लड़ते तो अयोध्या उनका राजनितिक करियर खत्म कर देती। राहुल ने कहा भारतीय जनता पार्टी में कोई भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पसंद नहीं करता है। विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, “…भाजपा की पूरी मूवमेंट राम मंदिर, अयोध्या की थी। शुरुआत आडवाणी जी ने की थी, रथयात्रा की थी… कहा जाता है नरेंद्र मोदी जी ने उस रथयात्रा में आडवाणी जी की मदद की थी। मैं संसद में सोच रहा था कि उन्होंने राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की और प्राण प्रतिष्ठा में अडानी-अंबानी जी दिख गए लेकिन गरीब व्यक्ति नहीं दिखा… संसद में मैंने अयोध्या के सांसद से पूछा कि, ये भाजपा ने अपनी पूरी राजनीति चुनाव के पहले इन्होंने राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की… लेकिन INDIA गठबंधन अयोध्या में चुनाव जीत गया, यह क्या हुआ? इससे पहले कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ बजरंग दल के विरोध प्रदर्शन किया है। JCP नीरज कुमार बडगुजर ने कहा, यहां पुलिस को तैनात किया गया है और संपूर्ण शांति है…जो कार्यकर्ता(बजरंग दल के) विरोध प्रदर्शन करने निकले थे, उनको पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। गुजरात के कांग्रेस प्रभारी मुकुल वासनिक (Mukul Wasnik) ने राहुल गांधी के दौरे को लेकर कहा कि वह यहां के लोगों को राहत पहुंचाने आए हैं. बता दें कि लोकसभा चुनाव के नतीजे आने और विपक्ष का नेता बनने के बाद से राहुल गांधी ने कई अहम मुद्दे सरकार के सामने उठाए हैं. इसके अलावा वह हाथरस हादसे के पीड़ितों से मिलने भी गए थे. मुकुल वासनिक ने कहा, ”लोकसभा चुनाव के नतीजे के बाद यह माना जा रहा था कि बीजेपी और राज्य सरकार अपने काम करने के तरीके में बदलाव करेगी. लेकिन ऐसा हो नहीं रहा है. वह नफरत की राजनीति कर रहे हैं. गुजरात में कई घटनाएं हुई हैं जिससे लोग दुखी हैं. राहुल गांधी गुजरात के लोगों को राहत पहुंचाने आए हैं.” हमारी एक दो गलती के कारण वाराणसी से जीते पीएम मोदी – राहुल राहुल गांधी ने अहमदाबाद में कार्य़कर्ताओं को संबोधित करते हुए दावा किया, ”अयोध्या में कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बीजेपी को हराया है. अयोध्या के एमपी ने बताया कि यहां तीन बार सर्वे हुआ था कि नरेंद्र मोदी वाराणसी से नहीं लड़ना चाहते थे. वह अयोध्या से लड़ना चाहते थे, सर्वेयर ने कहा कि अगर आप यहां से लड़ेंगे तो हार जाएंगे. आप अयोध्या में मत लड़िए नहीं तो आपका राजनीतिक करियर अयोध्या में खत्म हो जाएगा. इसलिए अय़ोध्या से नहीं बल्कि वाराणसी से लड़े. हमने एक दो गलती कर दी वर्ना वह वाराणसी से हार जाते.” राहुल गांधी से मिल अपनी बात रखेंगे पीड़ित – शक्ति सिंह बताया जा रहा है कि राहुल मोरबी ब्रिज और राजकोट गेम जोन हादसे के पीड़ितों से मुलाकात करेंगे. राहुल गांधी के गुजरात दौरे को लेकर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शक्ति सिंह गोहिल ने भी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि राहुल गांधी कार्यकर्ताओं से बैठक करेंगे. शक्ति सिंह ने कहा कि राहुल गांधी न्याय के लिए लड़ते हैं. लोगों ने बीजेपी पर भरोसा जताया था लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिला. इसलिए वे लोग राहुल गांधीा के सामने अपनी बात रखना चाहते हैं.

राहुल गांधी ने लोको पायलट से मुलाकात की, विश्वास दिलाया कि वह ‘रेलवे के निजीकरण’ और भर्तियों की कमी का मुद्दा उठाएंगे

नई दिल्ली लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को रेलगाड़ियां चलाने वाले लोको पायलटों से मुलाकात की और उन्हें विश्वास दिलाया कि वह ‘रेलवे के निजीकरण’ और भर्तियों की कमी का मुद्दा उठाएंगे। कांग्रेस के अनुसार, उसके पूर्व अध्यक्ष दोपहर के समय नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पूरे भारत के लगभग 50 लोको पायलट से मिले। इस मुलाकात के दौरान लोको पायलटों ने बताया कि उन्हें आराम करने का पूरा समय नहीं मिलता। कांग्रेस ने इस मुलाकात का वीडियो एवं तस्वीर भी जारी की। पार्टी के अनुसार, लोको पायलटों की शिकायत है कि वे लंबी दूरी की रेलगाड़ियां चलाते हैं और अक्सर पर्याप्त विराम के बिना उन्हें फिर ड्यूटी पर भेज दिया जाता है। उन्होंने कहा कि इससे अत्यधिक तनाव होता है और एकाग्रता में कमी आती है जो दुर्घटनाओं का एक प्रमुख कारण है। कांग्रेस ने कहा कि विशाखापत्तनम में दुर्घटना की हालिया जांच सहित कई रिपोर्ट में इस बात को रेलवे द्वारा स्वीकार किया गया है। पार्टी ने कहा, ‘‘लोको पायलटों की मांग है कि उन्हें साप्ताह में 46 घंटे का आराम मिले। इसका मतलब यह है कि शुक्रवार दोपहर को घर लौटने वाला ट्रेन चालक रविवार की सुबह से पहले ड्यूटी पर लौट आएगा। रेलवे अधिनियम 1989 और अन्य नियमों में पहले से ही प्रति सप्ताह 30 जमा 16 घंटे आराम का प्रावधान है, जिसे लागू नहीं किया जा रहा है। हवाई जहाज के पायलटों को भी आम तौर पर इतनी ही छूट मिलती है।” कांग्रेस का कहना है कि लोको पायलट की यह भी मांग है कि लगातार दो रात की ड्यूटी के बाद एक रात का आराम होना चाहिए और ट्रेनों में चालकों के लिए बुनियादी सुविधाएं होनी चाहिए। राहुल गांधी और लोको पायलट की इस मुलाकात के दौरान यह मुद्दा भी उठा कि ‘‘सरकार द्वारा लोको पायलटों की सभी भर्ती रोक देने के और कर्मचारियों की कमी के कारण (उन्हें) कम आराम मिल पात है।” कांग्रेस ने कहा, ‘‘पिछले चार वर्ष में, रेलवे भर्ती बोर्ड ने हजारों रिक्तियों के बावजूद एक भी लोको पायलट की भर्ती नहीं की। पायलटों ने आशंका जताई कि यह जानबूझकर उठाया गया कदम मोदी सरकार की रेलवे का निजीकरण करने की योजना है।” राहुल गांधी ने लोको पायलटों को बताया कि वह रेलवे के निजीकरण और भर्ती की कमी का मुद्दा लगातार उठाते रहे हैं। कांग्रेस ने कहा, ‘‘राहुल गांधी ने उनकी चिंताओं को सुना और पर्याप्त आराम की उनकी मांग का पूरा समर्थन किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे दुर्घटनाओं में काफी कमी आएगी। उनकी मांगों को सरकार के समक्ष उठाने का विपक्ष के नेता के रूप में उन्होंने वादा किया।”

राहुल गाँधी बने राजमिस्त्री, श्रमिकों के साथ बनाया मसाला, की चुनाई

नई दिल्ली रायबरेली से सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने दिल्ली में मजदूरों के साथ मुलाकात की। गुरुवार को उन्हें जीटीबी नगर में कुछ श्रमिकों से ना सिर्फ उनका हालचाल जाना बल्कि उनके साथ काम भी किया। राहुल गांधी उनके साथ मसाला बनाते हुए और चिनाई करते हुए दिखे। कांग्रेस पार्टी के आधिकारिक एक्स हैंडल से तस्वीरें साझा करते हुए यह जानकारी दी गई। कांग्रेस पार्टी ने राहुल गांधी की तस्वीरों के साथ लिखा, ‘आज नेता विपक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली के GTB नगर में श्रमिकों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। ये मेहनती मजदूर हिंदुस्तान की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। इनके जीवन को सरल और भविष्य को सुरक्षित करना हमारी जिम्मेदारी है।’ तस्वीरों में राहुल गांधी रेत-सीमेंट मिलाते हुए और चिनाई करते हुए भी दिख रहे हैं। उन्होंने श्रमिकों के बीच बैठकर बातचीत भी की। राहुल गांधी गुरुवार को जीटीबी नगर के गांव गोपालपुर में अचानक पहुंचे। अपना काफिला छोड़कर वह गलियों से गुजरते हुए एक निर्माणाधीन मकान तक पहुंचे। इस दौरान मौके पर भारी भीड़ जुट गई। पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था के बीच राहुल गांधी उस मकान में दाखिल हुए जहां मजदूर कामकाज में जुटे थे। राहुल गांधी इससे पहले भी अलग-अलग वर्ग के कामगारों से मुलाकात कर चुके हैं। पिछले दिनों वह दिल्ली के आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर कुलियों से मिले थे और सिर पर सामाना भी उठाया था। कभी ट्रक चालक के साथ सफर करके उनकी समस्याओं को जाना तो कभी मोटर मैकेनिक के साथ काम करते दिख चुके हैं।  

मैं ‘नीट’ पर संसद में चर्चा का अनुरोध करते हुए यह पत्र लिख रहा हूं, NEET पर कल चर्चा करने का किया अनुरोध: राहुल गांधी

नई दिल्ली लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर आग्रह किया कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट’ में कथित अनियमितता के मुद्दे पर सदन में चर्चा कराई जाए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) पर चर्चा कराने के विपक्ष के अनुरोध को गत 28 जून और बीते सोमवार को ठुकरा दिया गया था, लेकिन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्ष को आश्वासन दिया था कि वह सरकार के साथ इस मामले पर चर्चा करेंगे। एकमात्र चिंता 24 लाख ‘NEET’ उम्मीदवारों का कल्याण गांधी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री को लिखे अपने पत्र में कहा, ‘‘मैं ‘नीट’ पर संसद में चर्चा का अनुरोध करते हुए यह पत्र लिख रहा हूं।” उन्होंने कहा, ‘‘ इस समय, हमारी एकमात्र चिंता पूरे भारत में लगभग 24 लाख ‘नीट’ उम्मीदवारों का कल्याण है।” कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘‘नीट’ परीक्षा तत्काल ध्यान देने योग्य है, क्योंकि इसने हमारी उच्च शिक्षा प्रणाली में गहरी समस्या को उजागर किया है। पिछले सात वर्षों में 70 से अधिक पेपर लीक हुए हैं, जिससे 2 करोड़ से अधिक छात्र प्रभावित हुए हैं।” उन्होंने कहा, ‘‘हमारे छात्रों को जवाब मिलना चाहिए। संसद में चर्चा उनके विश्वास को बहाल करने की दिशा में पहला कदम होगा।”

भाजपा का राहुल गांधी पर बड़ा हमला, वायनाड वालों की खुशी के लिए किया हिंदुओं का अपमान

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने लोकसभा में हिंदुओं के लिए कथित तौर पर ‘‘अभद्र भाषा’’ का इस्तेमाल करने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा। भाजपा ने मंगलवार को राहुल की आलोचना करते हुए दावा किया कि उन्होंने संभवत: केरल के वायनाड में मतदाताओं को खुश करने के लिए ऐसा किया जहां से उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा लोकसभा उपचुनाव लड़ने की तैयारी कर रही हैं। भाजपा की दिल्ली इकाई के प्रमुख वीरेंद्र सचदेवा और लोकसभा सदस्य मनोज तिवारी ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राहुल को सोमवार को लोकसभा में अपने ‘‘अमर्यादित’’ व्यवहार और हिंदुओं को ‘‘हिंसक’’ बताने के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए। सचदेवा ने कहा, ‘‘राहुल गांधी ने वायनाड लोकसभा सीट छोड़ दी है और प्रियंका गांधी को वहां से उपचुनाव लड़ना है। उन्होंने (राहुल) संभवत: हिंदुओं के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर वायनाड के लोगों को खुश करने की कोशिश की है।’’ वायनाड में अच्छी-खासी तादाद मुस्लिम मतदाताओं की है। तिवारी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने भगवान शिव तथा गुरु नानक देव का अपमान किया है जिनकी तस्वीरें उन्होंने सोमवार को लोकसभा में दिखायी और फिर उन्हें मेज पर रखे एक गिलास के बगल में रखा जिससे वह पानी पी रहे थे। लोकसभा में विपक्ष के नेता के रूप में अपने पहले भाषण में राहुल ने सत्तारूढ़ भाजपा पर तीखा प्रहार करते हुए कहा था कि ‘खुद को हिंदू कहने वाले हर समय हिंसा और नफरत फैलाने’ में लगे हैं। उनकी टिप्पणियों का सत्तापक्ष के सदस्यों ने कड़ा विरोध किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूरे हिंदू समाज को हिंसक कहने को गंभीर विषय बताया। बहरहाल, राहुल ने कहा कि वह भाजपा के बारे में बोल रहे थे।  

लोकसभा में राहुल गांधी विवादास्पद बयान, कांग्रेस में फूट, वरिष्ठ नेता ने टिप्पणी को बताया अशोभनीय

school children took the oath of cleanliness by forming a human chain.

भोपाल  पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के भाई और कांग्रेस नेता लक्ष्मण सिंह ने लोकसभा में राहुल गांधी की हिंदुओं पर की गई टिप्पणी को अशोभनीय और अनावश्यक बताया है। उन्होंने यह भी कहा कि लोकसभा में सदस्यों को केवल और केवल जनता और देश से जुड़े मुद्दों को उठाना चाहिए। लक्ष्मण सिंह ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि संसद में “हिंदुओं”पर की गई टिप्पणी अशोभनीय है और अनावश्यक भी। केवल और केवल जनता और देश से जुड़े मुद्दे उठाना ही उचित होगा। पहले भी पार्टी पर उठा चुके सवाल आपको बता दें पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के भाई हैं लक्ष्मण सिंह और राहुल गांधी को जवाब दे रहे हैं. यह भी सलाह दे रहे हैं कि मुद्दे जो हैं वह जनता के उठाएं ऐसा पहली बार नहीं है. कि लक्ष्मण सिंह के निशाने पर उनकी ही पार्टी का आलाकमान रहा हो. इससे पहले भी तमाम मुद्दे ऐसे आए जहां पर उन्होंने बेबाक राय रखी है. आपको बता दें लक्ष्मण सिंह एक बार राहुल गांधी को लेकर कह चुके हैं कि वे उन्हें बड़ा नेता नहीं मानते हैं. समय समय पर लक्ष्मण  सिंह अपनी ही पार्टी के खिलाफ बयानबाजी करते रहते हैं. बावजूद इसके अभी तक पार्टी की तरफ से उनपर कोई कार्रवाई नहीं की गई है. यही वजह है कि लक्ष्मण सिंह को लेकर कहा जाता है कि वह कांग्रेस के अंदर रहकर भी कांग्रेस पर ही सवाल ज्यादा उठा लेते हैं. लक्ष्मण के बयान पर सीएम मोहन की प्रतिक्रिया सीएम मोहन यादव ने राहुल गांधी को लेकर कहा “लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के भाषण पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, “मध्य प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता लक्ष्मण सिंह समेत कई कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी की बातों से असहमति जताई है. मुझे लगता है कि मल्लिकार्जुन खरगे को इस बारे में विस्तृत जानकारी जुटानी चाहिए और राहुल गांधी से उनके इस्तीफे के बारे में बात करनी चाहिए” यह पहली बार नहीं है, जब लक्ष्मण सिंह ने पार्टी लाइन से हटकर बयान दिया है। इससे पहले भी वह कई बार ऐसा कर चुके हैं। अपने बयानों की वजह से वह पार्टी को कई बार असहज कर चुके हैं। राहुल गांधी ने लोकसभा में अपने भाषण में एक विवादास्पद बयान दिया है जिसमें उन्होंने भाजपा को हिंसा करने वाली पार्टी बताया। उन्होंने कहा कि जो खुद को हिंदू बताते हैं, वह हिंसा करते हैं। उनके इस बयान पर कांग्रेस के विभिन्न नेताओं में भी विवाद उत्पन्न हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता लक्ष्मण सिंह को सिरोंज से बीजेपी विधायक उमाकांत शर्मा और खिलचीपुर से बीजेपी विधायक हजारी लाल दांगी ने पार्टी में शामिल होने का न्यौता दिया है। उमाकांत शर्मा ने लक्ष्मण सिंह से आग्रह किया है कि वह कांग्रेस में रहकर क्यों ज्यादती सहन कर रहे हैं और उन्हें भाजपा में शामिल होने का आह्वान किया है। वहीं, हजारी लाल दांगी ने भी कहा कि उन्होंने इस बारे में लक्ष्मण सिंह से बातचीत की है। लक्ष्मण सिंह, जो कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और दिग्विजय सिंह के भाई हैं, को लेकर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि वह जल्द ही कांग्रेस का साथ छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो सकते हैं।

Agniveer के परिवार ने खोली राहुल गांधी के झूठ की पोल, बताया सरकार से 1.08 करोड़ रुपए की मदद मिली

नई दिल्ली अग्निवीर को लेकर लोकसभा में किया गया राहुल गांधी का दावा गलत साबित हुआ है। जान गंवाने वाले अग्निवीर के परिवार ने कहा है कि उन्हें सरकार से 1.08 करोड़ रुपए की मदद मिली थी। गौरतलब है कि राहुल गांधी ने सोमवार को लोकसभा में कहा था कि अग्निवीर यूज एंड थ्रो लेबर हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि सीमा पर जान गंवाने वाले अग्निवीरों की सरकार सुधि नहीं ले रही है। उस दौरान रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने इस बात का विरोध किया था और कहा था कि यह बात पूरी तरह से गलत है। बताया पूरा सच अग्निवीर अक्षय गावत के परिजन महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में पिंपलगांव सराय में रहते हैं। अक्षय गावत सियाचिन में ड्यूटी करते हुए एक अक्टूबर 2023 को अपनी जान गंवा बैठे थे। सोमवार को रिपोटर्स से बात करते हुए अक्षय के पिता लक्ष्मण गावते ने अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि अक्षय की मौत पर परिवार को उसके इंश्योरेंस के 48 लाख रुपए मिले थे। इसके अलावा केंद्र सरकार ने 50 लाख रुपए और प्रदेश सरकार की तरफ से 10 लाख रुपए मिले थे। इस दौरान उन्होंने अक्षय की बहन के लिए सरकारी नौकरी की भी मांग की। 14 जून 2022 को आई थी योजना गौरतलब है कि अग्निपथ योजना की घोषणा 14 जून, 2022 को की गई थी। इसमें 17 से 21 वर्ष की आयु वर्ग के युवाओं को केवल चार साल के लिए सेना में भर्ती करने का प्रावधान किया गया था, जिनमें से 25 प्रतिशत को आगे 15 और वर्षों के लिए बनाए रखने का प्रावधान है। सरकार ने बाद में ऊपरी आयु सीमा को बढ़ाकर 23 वर्ष कर दिया।

राहुल गांधी द्वारा हिंदू समाज को लेकर दिए गए बयान पर कहा कि हिंदुओं का इतिहास गौरवशाली : सांसद अवधेश प्रसाद

लखनऊ फैजाबाद (अयोध्या) से सांसद अवधेश प्रसाद ने राहुल गांधी द्वारा हिंदू समाज को लेकर दिए गए बयान पर कहा कि हिंदुओं का इतिहास गौरवशाली है। जितना मैंने सुना नेता विपक्ष राहुल गांधी ने हिंदू समाज के लिए कुछ भी आपत्तिजनक नहीं कहा। हो सकता है कि उन्होंने भाजपा पर सवाल उठाया हो जो कि खुद को सभी हिंदू समाज का ठेकेदार कहती है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की हिंदू समाज के लिए कोई गलत भावना नहीं है। अवधेश प्रसाद ने कहा कि मैं खुद भी एक हिंदू हूं। वहीं, राहुल गांधी के भाषण के हिस्से सदन की कार्यवाही से हटाने पर उन्होंने कहा कि हो सकता है कि कुछ बातें संविधान और परंपरा के मुताबिक न रही हों इसलिए लोकसभा अध्यक्ष ने उसे सदन की कार्यवाही से हटा दिया। ये उनका विशेषाधिकार है। बता दें कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर लोकसभा में चर्चा के दौरान नेता विपक्ष राहुल गांधी के बयान पर हंगामा हो गया। राहुल ने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो लोग खुद को हिंदू कहते हैं, वे चौबीसों घंटे हिंसा, नफरत और झूठी बातें करते रहते हैं। राहुल गांधी के इस बयान का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत सत्ता पक्ष के सदस्यों ने सख्त विरोध किया। प्रधानमंत्री ने कहा, पूरे हिंदू समाज को हिंसक कहना गलत है, यह गंभीर विषय है। इस पर राहुल ने कहा, वह भाजपा के बारे में बोल रहे थे। भाजपा, आरएसएस या मोदी पूरा हिंदू समाज नहीं है।  

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली यह एनडीए सरकार बहुत ही नाजुक : राहुल गांधी

The team of Sushma Mahila Jan Kalyan and Bal Vikas Shikshan Samiti ASJK reached

नई दिल्ली कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली यह एनडीए सरकार बहुत ही नाजुक है। उन्होंने कहा है कि अपने तीसरे कार्यकाल में एनडीए की सरकार अस्तित्व के लिए संघर्ष कर सकती है। लोकसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद अपने पहले साक्षात्कार में, राहुल गांधी ने फाइनेंशियल टाइम्स को बताया कि 4 जून के फैसले के बाद भारतीय राजनीतिक परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव आया है। राहुल गांधी ने कहा, “संख्या इतनी कम है कि उनकी स्थिति बहुत नाजुक हैं, और थोड़ी सी भी गड़बड़ी सरकार को गिरा सकती है… सहयोगियों को दूसरी तरफ मुड़ना पड़ सकता है।” रायबरेली और वायनाड दोनों लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज करने वाले पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष गांधी ने कहा, “यह विचार कि आप नफरत फैला सकते हैं, आप गुस्सा फैला सकते हैं और आप इसका लाभ उठा सकते हैं – भारतीय लोगों ने इस चुनाव में इसे खारिज कर दिया है।” राहुल गांधी ने कहा, “यही कारण है कि गठबंधन संघर्ष करेगा,” उन्होंने कहा कि “क्योंकि 2014 और 2019 में नरेंद्र मोदी के लिए जिन चीज़ों ने काम किया वह काम नहीं कर रहा है।”  लोकसभा चुनाव के नतीजों में विपक्ष के इंडिया ब्लॉक ने एग्जिट पोल की भविष्यवाणी से काफी बेहतर प्रदर्शन किया और 543 में से 234 सीटें हासिल कीं। जबकि भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए ने 293 सीटों पर जीत दर्ज की। इन नतीजों ने राहुल गांधी को भारतीय राजनीति में फिर से सबसे आगे ला दिया है। अनुमान है कि उन्हें लोकसभा में विपक्ष का नेता बनाया जा सकता है। नरेंद्र मोदी ने लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली लेकिन पिछले दो लोकसभा चुनाव की तरह इस बार बीजेपी अपने दम पर पूर्ण बहुमत का आंकड़ा पार नहीं कर सकी। सरकार बनाने के लिए उसे अपने एनडीए के साथियों पर निर्भर होना पड़ा है। वायनाड सीट खाली करेंगे राहुल, प्रियंका लड़ेंगी उपचुनाव सोमवार को राहुल गांधी ने कहा कि वह उत्तर प्रदेश में रायबरेली लोकसभा सीट पर अपना उम्मीदवार बरकरार रखेंगे और केरल में वायनाड सीट खाली करेंगे, जहां से उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा चुनावी मैदान में उतरेंगी। इस मुद्दे पर अटकलों को खत्म करते हुए कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे ने उनके आवास पर चर्चा के बाद दोनों सीटों पर निर्णय की घोषणा की। बैठक में खड़गे और राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल और प्रियंका गांधी वाड्रा भी मौजूद थे। अगर प्रियंका गांधी वाड्रा यह चुनाव जीतती हैं तो वह पहली बार सांसद के तौर पर संसद में प्रवेश करेंगी। यह भी पहली बार होगा कि गांधी परिवार के तीन सदस्य – सोनिया गांधी, राहुल और प्रियंका – एक साथ संसद में होंगे।  

राहुल गांधी को हिंदू विरोधी कहने पर अजीत भारती पर एफआईआर

नई दिल्ली. सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर अजीत भारती पर राहुल गांधी को कथित तौर पर ‘हिंदू विरोधी’ कहने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई गई है। यह शिकायत बेंगलुरु में एक वकील ने दर्ज कराई है। इस शिकायत में अजीत भारती पर अपने सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो में राहुल गांधी को हिंदू विरोधी कहने का आरोप लगाया गया है। अजीत भारती अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और वीडियो में हिंदुत्व को लेकर बहुत सक्रिय रहे हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स ने बड़ी भूमिका निभाई थी। कुछ लोग मानते हैं कि मुख्यधारा की मीडिया ने हाल के दिनों में अपनी विश्वसनीयता बहुत अधिक खोई है और इसके बदले में लोगों ने सोशल मीडिया पर लोगों की बात सुनने पर ज्यादा ध्यान दिया। इस माहौल में अजीत भारती और ध्रुव राठी जैसे युवाओं की बातों को उनके समर्थक वर्गों के  द्वारा बहुत अधिक देखा-सुना गया था। हालांकि, सोशल मीडिया में तथ्यों की प्रामाणिकता पर बहुत सवाल खड़े हुए थे और यही कारण है कि आपत्तिजनक सूचना देने के कारण कई सोशल मीडिया इन्फूलूएंसर्स को मुकदमों का सामना भी करना पड़ रहा है। भोजपुरी की लोक गायिका नेहा सिंह राठौर पर भी आरएसएस पर आपत्तिजनक पोस्ट करने के मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई थी।

राहुल गांधी ने कहा- बलिदान की परंपरा को परिवारवाद कहने वाले अपने ‘सरकारी परिवार’ को सत्ता की वसीयत बांट रहे

नई दिल्ली कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली नई मंत्रिपरिषद के कई सदस्यों का हवाला देते हुए मंगलवार को कहा कि पीढ़ियों के संघर्ष, सेवा और बलिदान की परंपरा को परिवारवाद कहने वाले अपने ‘सरकारी परिवार’ को सत्ता की वसीयत बांट रहे हैं। उन्होंने यह दावा भी किया कि कथनी और करनी के इसी फर्क को नरेन्द्र मोदी कहते हैं।   राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर जिन मंत्रियों के नाम साझा किए उनमें इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू, संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और कई अन्य नाम शामिल हैं। उन्होंने कहा, ‘‘पीढ़ियों के संघर्ष, सेवा और बलिदान की परंपरा को परिवारवाद कहने वाले अपने ‘सरकारी परिवार’ को सत्ता की वसीयत बांट रहे। कथनी और करनी के इसी फर्क को नरेन्द्र मोदी कहते हैं।”

कांग्रेस ने प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में हिस्सा क्यों नहीं लिया, ” राहुल गांधी ” ने बताई बजाए

Why Congress did not participate in the Pran Pratistha program, Rahul Gandhi told instead. राहुल गांधी बोले, ‘राम मंदिर की कोई लहर नहीं, प्राण प्रतिष्ठा BJP का कार्यक्रम था’कांग्रेस ने प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लिया, क्योंकि यह भाजपा और आरएसएस का निजी कार्यक्रम था। गुवाहाटी। असम में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ निकाल रहे कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बड़ा बयान दिया है। राम मंदिर मुद्दे पर राहुल गांधी ने कहा, देश में राम मंदिर की कोई लहर नहीं है। कांग्रेस ने प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लिया, क्योंकि यह भाजपा और आरएसएस का निजी कार्यक्रम था।

मध्य प्रदेश में 9 जिलों से होकर गुजरेगी भारत जोड़ो न्याय यात्रा

Bharat Jodo Nyay Yatra will pass through 9 districts in Madhya Pradesh मध्य प्रदेश में 9 जिलों से होकर गुजरेगी भारत जोड़ो न्याय यात्रा, सात दिन में 698 KM कवर करेंगे राहुल गांधीकांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा की भारत जोड़ो यात्रा ने देशभर में जो संदेश दिया, हम उसे इस यात्रा की मदद से आगे बढ़ाएंगे। राहुल जी इस यात्रा के दौरान सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय पर अपने विचार जनता के सामने रखेंगे। नई दिल्ली/भोपाल। कांग्रेस नेता राहुल गांधी आगामी 14 जनवरी से भारत जोड़ो न्याय यात्रा शुरू करने वाले हैं। कांग्रेस पार्टी इस यात्रा की तैयारियों में जुटी हुई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस संबंध में आज पार्टी के महासचिवों प्रदेश अध्यक्षों, प्रदेश प्रभारियों और सीएलपी नेताओं की बैठक बुलाई थी। बैठक के बाद कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख जयराम रमेश ने बताया कि मध्य प्रदेश में 698 किलोमीटर की यात्रा होगी। राज्य में यात्रा 7 दिन तक रहेगी और 9 जिले कवर होंगे। यात्रा ग्वालियर जिले से प्रदेश में प्रवेश करेगी और गुना, उज्जैन होते हुए राजस्थान में एंटर करेगी। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने जानकारी देते हुए बताया कि 14 जनवरी से शुरू होने वाली भारत न्याय यात्रा का नाम बदलकर भारत जोड़ो न्याय यात्रा होगा। जयराम रमेश ने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा ने देशभर में जो संदेश दिया, हम उसे इस यात्रा की मदद से आगे बढ़ाएंगे। राहुल जी इस यात्रा के दौरान सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय पर अपने विचार जनता के सामने रखेंगे।जयराम रमेश ने कहा कि राहुल गांधी जी के नेतृत्व में कन्याकुमारी से कश्मीर तक 4000 किमी. लंबी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ निकाली गई थी। ‘भारत जोड़ो यात्रा’ ने पूरे देश का माहौल बदल दिया था और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भर दी थी। ये यात्रा पार्टी और देश के इतिहास में मील का पत्थर साबित हुई। जयराम रमेश ने बताया कि कांग्रेस मुख्यालय में तीन घंटे तक चली बैठक में 2024 के चुनावों की तैयारी को लेकर भी सुझाव आए हैं और उस पर भी बातचीत हुई। बैठक के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने कहा कि आप लोग पार्टी के आंख-कान हैं। अब हमारे पास सिर्फ तीन महीने हैं, इसमें रात दिन एक करके हमें एक टीम की तरह पार्टी के लिए जी जान से जुटे रहना है। इसके साथ ही उन्होंने पार्टी नेताओं को आपसी मतभेद मीडिया में उठाने से बचने की सलाह दी। बता दें कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी 14 जनवरी से भारत न्याय यात्रा शुरू करेंगे। यह यात्रा मणिपुर से शुरू होकर 20 मार्च को मुंबई में खत्म होगी।लोकसभा चुनाव से ठीक पहले होने वाली यह यात्रा 14 राज्य और 85 जिलों को कवर करेगी, जिसमें राहुल गांधी पैदल और बस से 6 हजार 200 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय करेंगे। भारत न्याय यात्रा मणिपुर से शुरू होकर नगालैंड, असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात से होते हुए महाराष्ट्र में समाप्त होगी। इसी यात्रा की तैयारियों को लेकर कांग्रेस ने आज बैठक बुलाई थी।

राहुल गांधी करेंगे ‘भारत न्याय यात्रा’, मणिपुर से 14 जनवरी से होगी शुरुआत, 6200 KM का होगा पूरा सफर

Rahul Gandhi will undertake the ‘Bharat Nyay Yatra’ starting from January 14th, beginning from Manipur. The entire journey will cover a distance of 6200 kilometers. राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा पहले ही पूरी कर चुके हैं. इस यात्रा में उन्होंने कन्याकुमारी से कश्मीर तक का सफर तय किया था.नई दिल्ली ! कांग्रेस नेता राहुल गांधी ‘भारत न्याय यात्रा’ करने वाले हैं. पिछले साल सितंबर से लेकर इस साल 14 जनवरी तक भारत जोड़ो यात्रा करने के बाद अब राहुल इस नई यात्रा को करने जा रहे हैं. ‘भारत न्याय यात्रा’ लोगों को सामाजिक और आर्थिक न्याय दिलाने के लिए की जा रही है. भारत जोड़ो यात्रा की शुरुआत कन्याकुमारी से हुई थी, जो कश्मीर में जाकर खत्म हुई थी. राहुल ने इस यात्रा में दक्षिण से उत्तर का सफर किया था. वहीं, भारत न्याय यात्रा की शुरुआत पूर्वोत्तर के राज्य मणिपुर से होगी, जो पश्चिम में महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में जाकर खत्म होगी. इस तरह राहुल भारत न्याय यात्रा में पूर्व से पश्चिम की ओर सफर करने वाले हैं. पूरी यात्रा में 6200 किमी सफर तय किया जाएगा. ज्यादातर यात्रा बस के जरिए ही कवर की जाएगी, मगर कहीं-कहीं पैदल भी सफर किया जाएगा. भारत न्याय यात्रा को भारत जोड़ो यात्रा का दूसरा संस्कृरण बताया गया है, जिसकी शुरुआत 14 जनवरी से होगी. यात्रा में क्या होने वाला है खास? कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे 14 जनवरी को मणिपुर में भारत न्याय यात्रा को झंडा दिखाएंगे. इस तरह यात्रा की आधिकारिक तौर पर शुरुआत हो जाएगी. ये यात्रा 20 मार्च को जाकर मुंबई में खत्म होगी. भारत न्याय यात्रा 14 राज्यों के 85 जिलों से होकर गुजरेगी. मणिपुर, नागालैंड, असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीगढ़, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र से भारत न्याय यात्रा गुजरने वाली है. कैसे आया भारत यात्रा का विचार? कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बुधवार (27 दिसंबर) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत न्याय यात्रा को लेकर जानकारी दी. उन्होंने कहा, ’21 दिसंबर को कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने सर्वसम्मति से अपना मत रखा कि राहुल गांधी को पूर्व से पश्चिम की ओर एक यात्रा करनी चाहिए. राहुल गांधी भी सीडब्ल्यूसी की इस इच्छा को पूरा करने के लिए तैयार हो गए.’ उन्होंने कहा, ‘ऑल इंडिया कांग्रेस कमिटी ने फैसला किया है कि 14 जनवरी से 20 मार्च तक मणिपुर से लेकर मुंबई तक भारत न्याय यात्रा की जाएगी. इस यात्रा में राहुल गांधी युवाओं, महिलाओं और हाशिए पर पड़े लोगों से मुलाकात करने वाले हैं. बस यात्रा के जरिए ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचा जाएगा. यात्रा में कुछ छोटे हिस्से को रुक-रुक कर पैदल भी कवर किया जाएगा.’ भारत जोड़ो यात्रा क्या थी? राहुल गांधी ने सितंबर 2022 में भारत जोड़ो यात्रा की शुरुआत की थी, जो जनवरी 2023 में जाकर खत्म हुई. राहुल गांधी की यात्रा की शुरुआत 7 सितंबर को कन्याकुमारी से हुई. इस यात्रा के जरिए उन्होंने 4500 किलोमीटर से ज्यादा का सफर पैदल ही तय किया. इस यात्रा का मकसद भारत को एकजुट और देश को मजबूत करना था. कांग्रेस की इस यात्रा से उसका संगठन काफी मजबूत हुआ था. भारत जोड़ो यात्रा 30 जनवरी, 2023 को कश्मीर में जाकर खत्म हुई. भारत जोड़ो यात्रा के जरिए 12 राज्यों और 2 केंद्रशासित प्रदेशों के 75 जिलों को कवर किया गया था. ये यात्रा जिस-जिस राज्य से होकर गुजरी, उस-उस राज्य में कांग्रेस नेताओं ने इसमें हिस्सा लिया. कई प्रमुख हस्तियों को भी भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होते हुए देखा गया था.

घुसपैठ हुई तो संसद से भग लिए BJP सांसद, बेरोजगार चला रहे इंस्टा-फेसबुक: राहुल

BJP MP expelled from Parliament in intrusion, unemployed running Insta-Facebook: Rahul Gandhi. दिल्ली ! संसद से सांसदों की सस्पेंशन के खिलाफ आज इंडिया गठबंधन सड़कों पर है. संसद की सुरक्षा को लेकर सदन में विरोध करने पर लोकसभा-राज्यसभा से 146 सांसदों को निलंबित कर दिया गया था. सत्र समाप्त हो चुका है और आज विपक्ष जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के लिए पहुंचा है. संसद में सांसदों के निलंबन के खिलाफ इंडिया गठबंधन आज जंतर-मंतर पहुंचा है. कांग्रेस, एनसीपी, टीएमसी और समाजवादी पार्टी समेत तमाम दलों के नेता विरोध में शामिल हुए हैं. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सांसदों के निलंबन पर कहा कि 150 सांसदों को निलंबित करना सिर्फ उनका अपमान नहीं है बल्कि यह जनता का अपमान है. संसद में स्मोक हमले पर राहुल ने कहा कि जब घुसपैठ हुई तो बीजेपी के सांसद भग लिए. युवा बेरोजगार हैं और इसलिए वे इंस्टा-फेसबुक पर टाइम पास कर रहे हैं. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि नरेंद्र मोदी की सरकार में युवा अपने फोन पर साढ़े 7 घंटे सोशल मीडिया पर रहता है, क्योंकि उनको रोजगार नहीं दिया, यही हिन्दुस्तान की सच्ची हालत है. इसलिए ये युवा संसद में कूद कर आए. यही भावना हिन्दुस्तान के हर युवा में है. संसद की सुरक्षा को लेकर सदन में विरोध करने पर लोकसभा-राज्यसभा से 146 सांसदों को निलंबित कर दिया गया था.आज जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन में कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सीताराम येचुरी और शरद पवार भी पहुंचे हैं. कांग्रेस के कार्यकर्ता लखनऊ में भी सड़क पर उतरे हैं. वे बेगम हजरत महल पार्क के पास विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं. इंडिया गठबंधन के ऐलान के बाद सरकार के खिलाफ विपक्ष का ये पहला विरोध-प्रदर्शन है.

संसद की सुरक्षा में सेंध के पीछे बेरोजगारी और महंगाई कारण- राहुल गांधी.

Unemployment and inflation are behind the security breach in Parliament, says Rahul Gandhi. 13 दिसंबर सामने आया था सनसनीखेज घटनाक्रम, आरोपियों से दिल्ली पुलिस कर रही पूछताछ, मास्टरमाइंड ललिता झा का टीएमसी से कनेक्शन सामने आया, नई दिल्ली। संसद भवन की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले आरोपियों से दिल्ली पुलिस की पूछताछ जारी है। इससे पहले दिल्ली पुलिस ने अदालत में दायर अपनी रिमांड में सनसनीखेज खुलासे किए। पुलिस ने अदालत को बताया कि वारदात के कथित मास्टरमाइंड ललित झा और उसके साथी देश में अराजकता पैदा करना चाहते थे, ताकि सरकार को अपनी मांगों को पूरा करने के लिए मजबूर किया जा सके। संसद पर हमला सुरक्षा में बड़ी चूक जरूर है, लेकिन ऐसा क्यों हुआ? इस घटना के पीछे बेरोजगारी और महंगाई है, जिसके लिए मोदी सरकार की नीतियां जिम्मेदार है। ‘ राहुल गांधी ‘ संसद भवन में सुसाइड करने की थी प्लानिंगमुख्य आरोपी सागर शर्मा ने पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने पुलिस अधिकारियों को बताया कि सभी ने प्लान A, B और C बनाया था। इसके तहत संसद भवन के बाहर आत्महत्या के प्रयास की कोशिश भी शामिल थी। सागर शर्मा के मुताबिक, पहले संसद भवन के बाहर आत्महत्या का प्लान था। इसके लिए जेल (ज्वलनशील पदार्ध) खरीदने की कोशिश की गई। इसमें कामयाबी नहीं मिली तो संसद भवन के अंदर जाकर पीला धुआं छोड़ने की योजना बनी। पता चला है कि आरोपी पूरे देश का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करना चाहते थे। आगे चलकर उनका उद्देश्य राजनीतिक पार्टी बनाने का भी था।

सड़क पर डोसा बनाने लगे राहुल गांधी, किनारे बैठकर लोगों के साथ खाया, देखने को हर कोई रुक गया

राहुल गांधी ने पहले डोसा बनाने के बारे में पूछा और फिर डोसा बनाया. राहुल को डोसा बनाते देख स्थानीय लोग हैरान रह गए. सांसद ने डोसा बनाने वाले से उसकी आय और आने वाली समस्याओं के बारे में भी पूछा. जगतियाल (तेलंगाना) : कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को तेलंगाना के जगतियाल जिले में सड़क किनारे एक भोजनालय में डोसा बनाया. कांग्रेस सांसद ‘विजयभेरी यात्रा’ के तहत करीमनगर से जगतियाल के लिए रवाना हुए. वह रास्ते में नुकापल्ली बस स्टैंड पर रुके और एक भोजनालय में गए, जहां उन्होंने डोसा बना रहे एक व्यक्ति से बातचीत की.उन्होंने डोसा बनाने के बारे में पूछा और फिर डोसा बनाया. राहुल को डोसा बनाते देख स्थानीय लोग हैरान रह गए. सांसद ने डोसा बनाने वाले से उसकी आय और आने वाली समस्याओं के बारे में भी पूछा. राहुल ने डोसा बनाने के बाद सड़क किनारे बैठकर उसे लोगों के साथ खाया भी. राहुल ने अपने हाथ से लोगों को खुद बनाए गए डोसे का स्‍वाद भी चखाया. इस दौरान लोग काफी खुश दिखे. कांग्रेस नेता ने राहगीरों से बातचीत भी की और बच्चों को चॉकलेट भी बांटी.

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