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देसी गाय देगी रोज़ाना 40 लीटर दूध? सरकार की अनोखी पहल, ब्राज़ील से मंगवाए गिर नस्ल के सीमेन

Desi cow will give 40 liters of milk daily? Rajasthan government’s unique initiative, ordered semen of Gir breed from Brazil जयपुर ! राजस्थान सरकार ने दुग्ध उत्पादन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए एक अनूठी और क्रांतिकारी पहल शुरू की है। इस योजना के तहत ब्राज़ील से आयातित उच्च गुणवत्ता वाले गिर नस्ल के बैलों के सीमेन का उपयोग राज्य की देसी गायों के कृत्रिम गर्भाधान के लिए किया जा रहा है। दूध उत्पादन में होगी भारी बढ़ोतरीराज्य के पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने बताया कि ब्राज़ील से लाए गए Espetaculo FIV और IVA FIV D Brass जैसे हाई प्रोडक्शन गिर बैल, जिनकी संतानें सामान्य गायों की तुलना में औसतन 5 से 8 गुना अधिक दूध देती हैं, अब राजस्थान के 23 जिलों में नस्ल सुधार कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे।फिलहाल देसी गायें प्रतिदिन औसतन 10 से 20 लीटर दूध देती हैं, लेकिन इस तकनीक से यह आंकड़ा 40 से 50 लीटर प्रतिदिन तक पहुंच सकता है। अब तक वितरित हुए 2,680 सीमेन डोजपरियोजना के पहले चरण में अजमेर, जयपुर, कोटा, उदयपुर, पाली और भरतपुर समेत विभिन्न जिलों में 2,680 सीमेन डोज़ वितरित किए जा चुके हैं। सरकार ने इस योजना के विस्तार हेतु अतिरिक्त 10,000 सीमेन डोज़ की मांग भी केंद्र सरकार से की है, जिससे अधिक किसानों को लाभ मिल सके। मादा बछड़ों की संख्या बढ़ाने के लिए सेक्स-शॉर्टेड सीमेनराज्य सरकार ने उन्नत सेक्स-शॉर्टेड सीमेन तकनीक को भी अपनाया है, जिससे मादा बछड़ों के जन्म की संभावना 90% तक बढ़ जाती है। पहले चरण में चेन्नई से मंगवाए गए 60,000 डोज़ जिलों में वितरित किए जा चुके हैं और जून माह तक 10,000 डोज़ और पहुंचने की संभावना है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई ताकतइस अभिनव योजना से न केवल राज्य में दुग्ध उत्पादन में भारी इजाफा होगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। उन्नत कृत्रिम गर्भाधान और नस्ल सुधार कार्यक्रमों से पशुधन की गुणवत्ता व उत्पादकता बढ़ेगी, जिससे किसानों की आमदनी में सीधा लाभ होगा। राष्ट्रीय स्तर पर बन सकती है मॉडल योजनाराजस्थान सरकार की यह पहल अन्य राज्यों के लिए प्रेरणास्रोत बन सकती है, जो कृषि और पशुपालन के क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों को अपनाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं।

5 फरवरी तक दर्ज कराएं आपत्तियां, राजस्थान-राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी (प्रारंभिक) परीक्षा की मॉडल आंसर की जारी

जयपुर। राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी (प्रारंभिक) परीक्षा-2024 की मॉडल उत्तर कुंजी आयोग की वेबसाइट पर जारी कर दी गई है। इस मॉडल उत्तर कुंजी पर किसी अभ्यर्थी को कोई आपत्ति हो तो निर्धारित शुल्क के साथ 3 फरवरी से 5 फरवरी 2025 को रात्रि 12ः00 बजे तक अपनी आपत्ति ऑनलाइन दर्ज करवा सकता है। आयोग के मुख्य परीक्षा नियंत्रक श्री आशुतोष गुप्ता ने बताया कि आपत्तियां आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध मॉडल प्रश्न पत्र के क्रमानुसार ही प्रविष्ट करनी होंगी। उक्त परीक्षा का मॉडल प्रश्न-पत्र आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। आपत्ति प्रामाणिक (स्टैंडर्ड, ऑथेंटिक) पुस्तकों के प्रमाण सहित ऑनलाइन ही प्रविष्ट करें। वांछित प्रमाण संलग्न नहीं होने की स्थिति में आपत्तियों पर विचार नहीं किया जाएगा। उक्त परीक्षा में सम्मिलित अभ्यर्थियों के अतिरिक्त यदि कोई अन्य व्यक्ति आपत्ति दर्ज करवाते हैं, तो उन पर कोई विचार नहीं किया जाएगा। आपत्ति दर्ज कराने का शुल्क व प्रक्रिया— आयोग द्वारा प्रत्येक प्रश्न हेतु आपत्ति शुल्क रु 100/- (सेवा शुल्क अतिरिक्त) निर्धारित किया गया है। अभ्यर्थी एसएसओ पोर्टल पर लॉगिन कर रिक्रूटमेंट पोर्टल का चयन कर उक्त परीक्षा के लिए उपलब्ध लिंक (क्वेश्चन आब्जेक्शन) पर क्लिक कर प्रश्नों पर आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। प्रति प्रश्न आपत्ति शुल्क रू 100/- (सेवा शुल्क अतिरिक्त) के हिसाब से कुल आपत्ति शुल्क ई-मित्र कियोस्क अथवा पोर्टल पर उपलब्ध पेमेंट गेटवे से भुगतान कर आपत्तियों को स्थाई रूप से दर्ज कराया जा सकेगा। शुल्क के अभाव में आपत्तियां स्वीकार नहीं की जाएगी। आयोग द्वारा शुल्क वापस लौटाने का प्रावधान नहीं है। आपत्तियां केवल ऑनलाइन ही स्वीकार की जाएंगी। ऑनलाइन आपत्तियों का लिंक 3 से 5 फरवरी 2025 को रात्रि 12ः00 बजे तक ही उपलब्ध रहेगा। निर्धारित समयावधि के बाद लिंक निष्क्रिय हो जाएगा। अन्य किसी माध्यम से भेजी गई आपत्तियां स्वीकार नहीं की जाएंगी। आपत्तियां केवल एक बार ही ली जाएंगी। इस संबंध में किसी प्रकार की तकनीकी कठिनाई होने पर अभ्यर्थी recruitmenthelpdesk@rajasthan.gov.in पर ई-मेल से अथवा फोन नम्बर 9352323625 व 7340557555 पर संपर्क कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री निवास पर की शिष्टाचार भेंट, राजस्थान-मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मिले सुप्रसिद्ध गायक कैलाश खेर

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर सुप्रसिद्ध गायक श्री कैलाश खेर ने शिष्टाचार भेंट की। अजमेर में नाइट विजन कैमरे करेंगे घुसपैठियों की धरपकड़: देवनानी जयपुर। विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने पुलिस विभाग को निर्देश दिए हैं कि अजमेर में अच्छी पुलिसिंग के लिए सभी चौराहों पर नाइट विजन कैमरे लगाए जाएं। शहर में बांग्लादेश एवं रोहिंग्या घुसपैठियों की धरपकड़ के लिए विशेष निगरानी की जाएगी। विभिन्न स्थानों पर सत्यापन अभियान भी चलाया जाएगा। इसके साथ ही अपराधों की रोकथाम के लिए भी पुलिस गश्त एवं नफरी बढ़ाएगी। विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने शनिवार को सर्किट हाउस में जिला पुलिस अधीक्षक श्रीमती वन्दिता राणा एवं अन्य पुलिस अधिकारियों की बैठक ली। श्री देवनानी ने पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि शहर में अपराधों की रोकथाम एवं अपराधियों की पहचान के लिए विशेष निगरानी अभियान चलाया जाए। सभी चौराहों पर नाइट विजन कैमरे लगाए जाएं ताकि अपराधी पहचान में आ सकें। अजमेर में  बांग्लादेशी एवं रोहिग्या घुसपैठियों की जानकारी लगातार सामने आती रहती है। इससे अजमेर में अपराधों की भी आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में इन अवैध घुसपैठियाें की पहचान के लिए सत्यापन अभियान चलाया जाएं। दरगाह सम्पर्क सड़क, तारागढ़, अन्दरकोट, रातीडांग एवं चौरसियावास आदि क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए। देवनानी ने निर्देश दिए कि कई अवैध घुसपैठिए खानाबदोश एवं घरेलू नौकर एवं अन्य फुटकर मजदूरी आदि कांमों में लग जाते है। इनकी पहचान कर कार्यवाही की जाएं। अजमेर के कई क्षेत्रों में अवैध रूप से बिकने वाले नशे का कारोबार भी हो रहा है। कई जगह पर इस तरह की गतिविधियों की जानकारी सामने आती है। इनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की जाएं। उन्होंने आनासागर पुलिस चौकी को भी अन्यत्र स्थान पर शिप्ट करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां भी पुलिस अधिकारी व सिपाहियों के पद रिक्त हैं वहां पर उन्हें भरा जाएं। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि अजमेर में चेन स्नेचिंग, चोरी एवं अन्य अपराधों की जानकारी लगातार आ रही है। इन पर रोकथाम के लिए पुलिस गश्त एवं नफरी को और ज्यादा मजबूत करें। प्रमुख चौराहों एवं अन्य स्थानों पर गश्त बढ़ाई जाएं। जिन स्थानों पर वारदातें लगातार हो रही है। वहां पर विशेष नजर रखी जाएं। आनासागर चौपाटी, सागर विहार पाल एवं रेस्टोरेन्ट आदि में नियमित रूप से चैकिंग हो तथा पाल पर गार्ड लगाई जाएं। रात्रि में  गश्त की व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जाए। अजमेर में ट्रेफिक को तेज करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था को ध्यान में रखकर काम किया जाए।

पीएम सूर्यघर में रजिस्ट्रेशन को इंस्टॉलेशन में बदलें: अतिरिक्त मुख्य सचिव, राजस्थान-रूफ टॉप सोलर को बढ़ाने डिस्कॉम्स और टाटा पावर रिन्यूबल में एमओयू

जयपुर। पीएम सूर्य घर नि:शुल्क बिजली योजना को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश की तीनों विद्युत वितरण कम्पनियों एवं टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी के बीच शुक्रवार को विद्युत भवन में एमओयू किया गया। अतिरिक्त मुख्य सचिव (ऊर्जा) आलोक की मौजूदगी में विद्युत कम्पनियों की ओर से चेयरमैन डिस्कॉम्स सुश्री आरती डोगरा तथा टाटा पावर रिन्यूबल की तरफ से सीईओ एवं एमडी श्री दीपेश नन्दा ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। कार्यक्रम में अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री आलोक ने कहा कि प्रदेश में पीएम सूर्यघर योजना में बड़ी संख्या में रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। टाटा पावर के साथ इस साझेदारी से डिस्कॉम्स को इन रजिस्ट्रेशन को इंस्टालेशन में बदलने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य आमजन को सौर ऊर्जा से जोड़कर बिजली खर्च से उन्हें मुक्ति दिलाना है। टाटा पावर रिन्यूबल के सीईओ एवं एमडी श्री नन्दा ने कहा कि पीएम सूर्यघर योजना देश में आमजन को ऊर्जा दाता बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। कंपनी प्रदेश में फैले अपने नेटवर्क के माध्यम से इस योजना में लोगों की भागीदारी बढ़ाने में सहायता करेगी। उल्लेखनीय है कि पीएम सूर्य घर योजना रूफ टॉप सोलर के माध्यम से सौर ऊर्जा को घर-घर तक पहुंचाने की प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की महत्वाकांक्षी पहल है। इसके अन्तर्गत राज्य में अब तक एक वर्ष से भी कम समय में 26 हजार से अधिक घरों में रूफ टॉप सोलर लगाए जा चुके हैं। एमओयू के माध्यम से टाटा पावर रिन्यूबल वेंडर्स की ट्रेनिंग, जागरूकता प्रसार की गतिविधियों आदि के जरिए रूफ टॉप सोलर को बढ़ावा देने के लिए डिस्कॉम्स को आवश्यक सहयोग प्रदान करेगा। इस अवसर पर प्रसारण निगम के प्रबंध निदेशक श्री नथमल डिडेल, राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम के सीएमडी श्री देवेन्द्र श्रृंगी, अजमेर डिस्कॉम के एमडी श्री केपी वर्मा सहित टाटा पावर रिन्यूबल के अधिकारी भी मौजूद थे।

‘पूर्ण सुचिता एवं पारदर्शिता के साथ होगी परीक्षा’, राजस्थान-संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा को लेकर कलेक्टर एवं पुलिस आयुक्त ने ली बैठक

जयपुर। जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन ने राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी (प्रारंभिक) परीक्षा-2024 के सफल आयोजन के लिए तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी एवं पुलिस आयुक्त श्री बीजू जॉर्ज जोसेफ ने शुक्रवार को परीक्षा के आयोजन की तैयारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में समस्त परीक्षा समन्वयक, पुलिस नोडल अधिकारियों, जिला शिक्षा अधिकारियों, उपसमन्वयकों एवं केंद्र अधीक्षकों से राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी (प्रारंभिक) परीक्षा-2024 की तैयारियों को फीडबैक लिया गया। बैठक में अधिकारियों को परीक्षा के आयोजन में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने की सख्त हिदायत दी गई। साथ ही पुलिस अधिकारियों को भर्ती परीक्षा में किसी भी प्रकार की नकल अथवा अनियमितता की सूचना पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई को अंजाम देते हुए परीक्षा का आयोजन पूर्ण सुचिता एवं पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित कराये जाने के निर्देश प्रदान किये गए। पुलिस सहित सभी सुरक्षा एजेंसियां इस दौरान सतर्क एवं मुस्तैद रहेगी एवं परीक्षा का सफल एवं सुचितापूर्ण आयोजन सुनिश्चित करेंगी। वहीं, राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड अध्यक्ष श्री मेजर जनरल आलोक राज की मौजूदगी में फरवरी माह में आयोजित होने वाली कनिष्ठ अभियंता, रीट सहित अन्य समस्त प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। नियंत्रण कक्ष की स्थापना— गौरतलब है कि राजस्थान लोक सेवा आयोग, अजमेर द्वारा दिनांक 2 फरवरी, 2025 (रविवार) को जयपुर जिले में दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक 240 परीक्षा केन्द्रों पर राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं प्रतियोगी (प्रारंभिक) परीक्षा-2024 का आयोजन किया जाएगा। जयपुर के परीक्षा केन्द्रों पर 91 हजार 513 अभ्यर्थी अपना भाग्य आजमाएंगे। परीक्षा के सुचारू एवं सफल संचालन के लिये कलेक्ट्रेट के कमरा नंबर 116 में एक नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है जिसका संचालन 31 जनवरी, 2025 से 02 फरवरी 2025 तक किया जाएगा। नियंत्रण कक्ष 01 फरवरी तक प्रातः 9ः30 बजे से सांय 6 बजे तक कार्य करेगा। वहीं, 02 फरवरी को प्रातः 10 बजे से परीक्षा समाप्ति उपरान्त नियंत्रण कक्ष से संबंधित समस्त कार्य पूर्ण होने तक कार्य करेगा। परीक्षा के सफल आयोजन के लिए 85 उप समन्वयक एवं 40 उड़नदस्तों की नियुक्ति की गई है। जयपुर स्थित परीक्षा केन्द्रों के लिए नियंत्रण कक्ष का दूरभाष नम्बर 0141-2206699 रहेगा। उक्त नियंत्रण कक्ष पर जयपुर में स्थापित किये गए परीक्षा केन्द्रों से संबंधित जानकारियां प्रदान की जाएंगी एवं जयपुर स्थित परीक्षा केंद्रों से संबंधित शिकायतों का निस्तारण किया जाएगा। परीक्षा के आयोजन के लिए पुलिस, नगर निगम, यातायात पुलिस, शिक्षा विभाग, चिकित्सा विभाग, नागरिक सुरक्षा विभाग, विद्युत विभाग, रोडवेज, जेसीटीसीएल सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई है।

आयुक्त ने बताया अभूतपूर्व योगदान, राजस्थान-सूचना एवं जनसंपर्क की अतिरिक्त निदेशक अलका सक्सेना सेवानिवृत्त

जयपुर। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की अतिरिक्त निदेशक अलका सक्सेना को उनकी सेवानिवृत्ति होने पर शुक्रवार को भावभीनी विदाई दी गई। समारोह में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के आयुक्त श्री सुनील शर्मा ने जनसंपर्क के क्षेत्र में श्रीमती सक्सेना के योगदान और उनकी कार्यशैली को प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि श्रीमती सक्सेना उर्जावान एवं लोकप्रिय अधिकारी रही हैं। अलका सक्सेना ने अपने संबोधन में कहा कि विभाग में बिताए गए उनके कार्यकाल के दौरान मिले सहयोग और स्नेह के लिए वे सभी की आभारी हैं। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों एवं सहकर्मियों ने श्रीमती सक्सेना के साथ अपने अनुभव साझा किए। उल्लेखनीय है कि श्रीमती अलका सक्सेना ने अपने सेवा काल में विभाग के विभिन्न महत्वपूर्ण अभियानों और जनसंपर्क गतिविधियों को सफलतापूर्वक संचालित किया। उनके नेतृत्व में विभाग ने जनसंपर्क एवं संचार के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की। प्रारंभ में विभाग के आयुक्त श्री सुनील शर्मा ने श्रीमती सक्सेना को बुके एवं मोमन्टो देकर सम्मानित किया। राज्य महिला आयोग हनुमानगढ़ में करेगा जनसुनवाई जयपुर। राजस्थान राज्य महिला आयोग 7 फरवरी को हनुमानगढ़ जिले में जन सुनवाई का आयोजन करेगा। इसमें जिले की महिलाओं की समस्याओं को सुना जाएगा तथा उनके निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

BJP MLA व समर्थकों की गुंडई, घर में घुसकर महिलाओं को पीटा और कपड़े फाड़े

bjp mla jaipur gopal sharma supporters entered house beat up women राजस्थान के जयपुर में सिविल लाइन विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक गोपाल शर्मा के समर्थकों की गुंडई देखने को मिली है. आरोप है कि विधायक के समर्थकों ने एक घर में घुसकर महिलाओं को पीटा. इतना ही नहीं उनके कपड़े भी फाड़े. इससे गुस्साए लोगों ने पथराव किया. मौके पर पहुंची पुलिस पर भी पथराव हुआ है. इसमें 2 पुलिसकर्मी और महिलाएं घायल हुई हैं. बताया जा रहा है कि ये घटना कटेवा नगर में देर रात हुई. पुलिस ने सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में मामला दर्ज किया है. बताया जा रहा है कि 2 पड़ोसियों के बीच मामूली विवाद हुआ था. इस पर पूर्व पार्षद के बेटे ने अपने समर्थकों के साथ पड़ोसी परिवार पर हमला बोल दिया. इसके बाद विधायक गोपाल शर्मा मौके पर अपने समर्थकों के साथ पहुंचे थे. अब पीड़ित परिवार ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात कर न्याय की लगाई गुहार है. तेज-तर्रार नेताओं में शुमार हैं गोपाल शर्माबता दें कि विधायक गोपाल शर्मा राज्य के तेज-तर्रार नेताओं में शुमार हैं. बीते दिनों उनका एक वीडियो वायरल हुआ था. दरअसल, जयपुर के शास्त्री नगर इलाके में पुलिस अकादमी के पास बने मकानों को पुलिस अवैध बता रही और इसके खिलाफ कार्रवाई करने जा रही थी. तभी इस मामले को लेकर विधायक और पुलिस के बीच हॉट टॉक हुई. जमीन पर किसका हक है, ये फैसला अदालत करेगीइस दौरान विधायक गोपाल शर्मा ने कहा कि जमीन पर किसका हक है, ये फैसला पुलिस नहीं अदालत करेगी. इसके बाद उनके और पुलिस के बीच बातचीत ने तीखा मोड़ ले लिया. गुस्सा आने पर विधायक ने कहा कि मुझे टच नहीं करोगे कैलाश जी. आपके डीजीपी की भी इतनी हिम्मत नहीं है. आप हाथ कैसे लगा रहे हैं. विधायक ने कहा, मैंने आपको नहीं टच किया है फिर आप मुझको कैसे हाथ लगा सकते हैं. इसके बाद उन्होंने पुलिस अधिकारी से कहा कि आंखें किसे दिखा रहे हो, आंख दिखाने की ताकत तो सरकार की भी नहीं.

भारतीय परम्परा पर की चर्चा, राजस्थान-राज्यपाल ने पीएम श्री विद्यालय में खगोल विज्ञान कक्ष का किया लोकार्पण

जयपुर। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने छत्रपति संभाजी नगर में गुरुवार को पीएम श्री विद्यालय में खगोल विज्ञान कक्ष का लोकार्पण किया। उन्होंने इस दौरान  पृथ्वी, सूर्य और चन्द्रमा की गति से संंबंधित विज्ञान के साथ खगोल शास्त्र की भारतीय परम्परा की चर्चा करते हुए कहा कि शिक्षा वही सार्थक है जिसमें हम प्राचीन ज्ञान—विज्ञान के आलोक में आधुनिक दृष्टि का विकास करें। उन्होंने कहा कि भारत खगोल विज्ञान में सर्वाधिक समृद्ध देश रहा है। राज्यपाल ने शिक्षकों को विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता बढ़ाए जाने के लिए भी निरंतर कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यालय में औषधि गार्डन का भी फीता काटकर लोकार्पण किया।

जिलों में विकास कार्यों में आएगी तेजी, राजस्थान-राज्य सरकार ने नियुक्त किए प्रभारी मंत्री

जयपुर| मुख्यमंत्री श्रीभजनलाल शर्मा के निर्देशों की अनुपालना में राज्य सरकार ने आदेश जारी कर विभिन्न जिलोंके प्रभारी मंत्री नियुक्त किये हैं| उपमुख्यमंत्री सुश्री दिया कुमारी अजमेर व ब्यावर एवं उपमुख्मंत्री डॉ. प्रेमचन्द बैरवा भीलवाड़ा व राजसमन्द के प्रभारी मंत्री नियुक्त किये गए हैं | वहीं केबिनेट मंत्री श्री किरोड़ी लाल अलवर व खैरथल-तिजारा, श्री गजेन्द्र सिंह बीकानेर व जैसलमेर, कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ दौसा, श्री मदन दिलावर जोधपुर व फलौदी, श्री कन्हैयालाल नागौर व डीडवाना-कुचामन, श्री जोगाराम पटेल जयपुर, श्री सुरेश सिंह रावत भरतपुर व डीग, श्री अविनाश गहलोत चुरू व झुन्झुनू, श्री सुमित गोदारा श्री गंगानगर व हनुमानगढ़, श्री जोराराम कुमावत बाड़मेर व बालोतरा, श्री बाबूलाल खराड़ी बांसवाडा व डूंगरपुर इनके साथ ही श्री हेमन्त मीणा उदयपुर व सलुम्बर के प्रभारी मंत्री नियुक्त किये गए हैं | राज्यमन्त्री श्री संजय शर्मा सीकर, श्री गौतम कुमार कोटा व सवाई माधोपुर, श्री झाबर सिंह खर्रा पाली, श्री हीरालाल नागर टोंक व बूंदी,श्री ओटा राम देवासी झालावाड़ व बारां, डॉ. मंजू बाघमार प्रतापगढ़ व चित्तोड़गढ़, श्री विजय सिंह कोटपूतली-बहरोड़, श्री के. के. बिश्नोई सिरोही व जालोर एवं श्री जवाहर सिंह बेढम करौली व धोलपुर के प्रभारी मंत्री रहेंगे|

हाईकोर्ट में अतिरिक्त महाधिवक्ता ने पेश किया सरकारी जवाब, राजस्थान-एसआई भर्ती परीक्षा-2021 को निरस्त नहीं होगी

जयपुर। पेपर लीक को लेकर विवादों में रही राजस्थान SI भर्ती परीक्षा 2021 को राज्य सरकार ने निरस्त करने से इंकार कर दिया है। इसे लेकर सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता विज्ञान शाह ने गुरुवार (9 जनवरी) को हाईकोर्ट में जवाब पेश कर दिया है। जवाब की कॉपी सभी पक्षकारों को दी गई है। आज इस मामले में सुनवाई होनी थी, जो अब कल होगी। हालांकि, हाईकोर्ट ने मौखिक टिप्पणी में कहा कि जब कैबिनेट, सब कमेटी और अन्य एजेंसियों ने भर्ती परीक्षा को रद्द करने की सिफारिश की है तो फिर सरकार भर्ती रद्द क्यों नहीं कर रही है। हाईकोर्ट की ओर से आरडी रस्तोगी को न्याय मित्र बनाया गया है।  सरकार गुमराह करने का प्रयास कर रही सरकार के जवाब को लेकर याचिकाकर्ता के अधिवक्ता हरेन्द्र नील ने कहा- सरकार का जवाब गोलमोल है। सरकार गुमराह करने का प्रयास कर रही है। हम इसका पुरजोर विरोध करेंगे। जवाब में सरकार की ओर से कहा गया है कि अभी मामले की जांच चल रही है। हमने पेपर लीक में शामिल लोगों को पकड़ा है। डमी व नकल करने वाले करीब 40 ट्रेनी सब इंस्पेक्टर्स को हमने सस्पेंड कर दिया है। आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। फिलहाल सरकार भर्ती रद्द करने जैसा बड़े फैसला नहीं ले सकती हैं। अब तक 50 ट्रेनी एसआई गिरफ्तार, 25 को जमानत बता दें कि सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हो गया था। एसओजी की जांच में कई डमी कैंडिडेट बैठाने का मामला भी सामने आया था। जांच में सामने आया है कि फर्जीवाड़ा करके कई अभ्यर्थियों ने नौकरी हासिल कर ली है। करीब 50 ट्रेनी एसआई को एसओजी अरेस्ट कर चुकी है, जिनमें से 25 को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी।

विधायकों को सीट पर मिलेगा आईपैड, राजस्थान-विधानसभा का बजट सत्र 31 से

जयपुर। राजस्थान में इस बार विधानसभा में खास बदलाव देखने को मिलेंगे। विधानसभा को गुलाबी रंग से रंगा गया है। इसके अलावा विधायकों के टेबल पर आईपैड भी इंस्टॉल किए गए हैं। बजट सत्र में विधानसभा पूरी तरह से डिजिटलाइज्ड होगी, क्योंकि इसका संचालन नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन (नेवा) के तहत होगा। इस पहल के अंतर्गत, विभागों द्वारा सदस्यों के पूछे गए प्रश्नों, ध्यानाकर्षण प्रस्तावों, विशेष उल्लेख प्रस्तावों, आश्वासनों और याचिकाओं के जवाब ऑनलाइन भेजे जाएंगे। डिजिटलाइज हुई विधानसभा राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने बताया कि इस सत्र में राज्य सरकार के सभी विभागों को नेवा एप्लीकेशन के माध्यम से ही विधानसभा द्वारा भेजे गए प्रश्नों के जवाब ऑनलाइन ही भेजने होंगे। विधानसभा डिजिटलाइज हो गई है। ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया गया विधानसभा की कार्य प्रणाली को सुचारु और डिजिटल बनाने के लिए वासुदेव देवनानी के निर्देश दिए थे। इस लेकर विधानसभा के प्रमुख सचिव भारत भूषण शर्मा के नेतृत्व में विधान सभा के प्रशासनिक और तकनीकी अधिकारियों के दल ने राजस्थान सरकार के विभिन्न विभागों में संचालित विधानसभा प्रकोष्ठों के अधिकारियों और कार्मिकों को नेवा एप्लीकेशन पर कार्य करने और प्रश्नों एवं प्रस्तावों इत्यादि के उत्तर देने और उनके परिचालन की जानकारी का ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया गया।

‘अधिकाधिक काम हो ऑनलाइन, पारदर्शिता हो प्राथमिकता’, राजस्थान-आवासन आयुक्त ने ली समीक्षा बैठक

जयपुर। आवासन आयुक्त डॉ रश्मि शर्मा ने मंगलवार को वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि अधिक से अधिक काम ऑनलाइन कर कार्य में पारदर्शिता लायी जाए। उन्होंने अधिकारियों को मण्डल की कार्यप्रणाली को अधिकाधिक ऑनलाइन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा की आज के समय में ऑनलाइन सेवाएँ उपलब्ध करवाना अति आवश्यक है इनके आभाव में कार्यों में तेजी एवं पारदर्शिता लाना कठिन है। इस बैठक में भूमि बैंक, महत्वपूर्ण न्यायालयीन मामले, जलापूर्ति, सीवर लाइन, सड़कें, स्ट्रीट लाइट, डीएलपी कार्य, वृक्षारोपण अभियान और आगामी “बुधवार नीलामी उत्सव” में अधिशेष संपत्तियों को शामिल करने की तैयारियों जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर समीक्षा व गहन चिंतन किया गया। डॉ शर्मा ने कहा की निर्माण स्थल पर बचाव और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए । निर्माण स्थल पर निर्माण कार्य शुरू होने से पहले वहाँ बोर्ड लगाया जाए, बैरिकेडिंग कर रिफ्लेक्टर लगाये जाए जिस से की वहाँ किसी प्रकार का कोई हादसा ना हो। इसमें किसी भी प्रकार की चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डॉ. शर्मा ने अधिकारियों को भूमि बैंक को मजबूत करने के लिए उपलब्ध भूमि संसाधनों की पहचान और दस्तावेज़ीकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियंता फील्ड में जाकर स्थानीय प्रशासन के सहयोग से शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अविलंभ जमीनों के प्रस्ताव तैयार करें। पारदर्शिता बनाए रखने और अतिक्रमण को रोकने के लिए आवासन आयुक्त ने क्षेत्र में मंडल की सभी जमीनों पर बोर्ड लगाने के भी निर्देश दिए। आवासन आयुक्त ने परियोजनाओं में जलापूर्ति एवं सीवर लाइन की कार्य प्रगति की भी समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा की किसी भी योजना के निर्माण कार्य के आरंभ होने से पहले ही सीवर लाइन तथा जलापूर्ति संबंधी प्लानिंग की जाए। इसके साथ ही उन्होंने हस्तांतरण की जा चुकी परियोजनाओं में भी नियमानुसार रखरखाव के निर्देश दिए। उन्होंने कहा की जलापूर्ति और सीवर लाइन में कोताही पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। डॉ. शर्मा ने बुनियादी सुविधाओं में सुधार के लिए समय पर कार्य पूरा करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया और टीमों को किसी भी तकनीकी या प्रशासनिक बाधा को दूर करने के निर्देश दिये। आयुक्त ने परियोजनाओं में सड़क निर्माण एवं रखरखाव के साथ-साथ स्ट्रीट लाइटों को लगाने एवं मरम्मत का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को शहरी क्षेत्रों में सार्वजनिक सुरक्षा एवं सुविधा बढ़ाने के लिए उचित रोशनी सुनिश्चित करने के लिए कहा। बैठक में डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड (डीएलपी) के तहत कार्यों की स्थिति की समीक्षा भी की गई। डॉ. शर्मा ने टीमों को लंबित मरम्मत को तुरंत ठीक करने और भविष्य में शिकायतों से बचने के लिए गुणवत्ता मानकों को बनाए रखने के निर्देश दिए । साथ ही, आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड के तहत होने वाले कार्यों को डीएलपी नियमानुसार ही करवाया जाना सुनिश्चित किया जाए एवं किसी भी परिस्थिति में ऐसे कार्यों के लिए पुन: वित्तीय स्वीकृति नहीं जारी की जाए। ऐसा पाए जाने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस बैठक में आवासन आयुक्त ने राइजिंग राजस्थान इन्वेस्टमेंट समिट एएमयू से संबंधित कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए कहा कि राइजिंग राजस्थान के एमओयू को धरातल पर लाने के लिए समस्त अभियंता एवं अधिकारी अपने -अपने जिले के जिला कलक्टर से समन्वय कर निवेशकों के साथ सम्पर्क स्थापित करें और भूमि के चिह्निकरण, भू आवंटन आदि प्रकरणों का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। आवासन आयुक्त ने चल रहे न्यायालयीन मामलों की स्थिति की समीक्षा की, अधिकारियों को समय पर कानूनी जवाब प्रस्तुत करने और विकास कार्यों को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण विवादों को हल करने को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होनें राज्य सरकार की मंशानुसार चल रहे पौधरोपण के कार्यो की समीक्षा भी की। डॉ शर्मा ने कहा कि पौधों को रोपने के साथ ही उनका संरक्षण और संवर्द्धन भी उतना ही जरूरी है। ऐसे में उन्होनें अपने क्षेत्रों में हुए पौधारोपण के बाद उनके संरक्षण पर ध्यान देने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश भी प्रदान किये। बैठक में आगामी “बुधवार नीलामी उत्सव” में अधिशेष आवासों को शामिल करने पर चर्चा की गई। डॉ. शर्मा ने अधिकारियों को अधिशेष घरों की सफल नीलामी सुनिश्चित करने के लिए तैयारियों को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। ताकि आमजन के लिए आवास प्राप्त करना सुलभ व किफायती बने। इस बैठक में मुख्य सम्पदा प्रबंधक श्री प्रवीण अग्रवाल, मुख्य अभियंता श्री अमित अग्रवाल, मुख्य अभियंता मुख्यालय श्री तेजवीर मीना, मुख्य नगर नियोजक श्री अनिल माथुर, वित्तीय सलाहकार श्री रोहताश यादव सहित समस्त अधिकारी एवं अभियंता उपस्थित रहे।

किसान अपनायें सुरक्षा के उपाय, राजस्थान-पाला पड़ने से फसलों में नुकसान की संभावना

जयपुर। शीतलहर व पाले से फसलों को नुकसान होने की संभावना रहती है। पाले के कारण पौधों की कोशिकाओं में उपस्थित जल जमने से कोशिका भित्ति फट जाती है, जिससे पौधों की पत्तियां, कोंपलें, फूल एवं फल क्षतिग्रस्त हो जाते है। उन्होंने बताया कि रबी की फसलों में फूल व बालियाँ बनने के समय पाला पड़ने पर सर्वाधिक नुकसान की संभावना रहती है। इस समय किसानों को सतर्क रहकर फसलों की सुरक्षा के उपाय अपनाने चाहिए। फसलों को पाले से बचाने हेतु गंधक के तेजाब का 0.1 प्रतिशत अर्थात एक हजार लीटर पानी में एक लीटर सान्द्र गंधक का तेजाब का घोल तैयार कर फसलों पर छिड़काव करें अथवा घुलनशील गंधक के 0.2 प्रतिशत घोल का छिड़काव भी कर सकते हैं। नकदी सब्जी वाली फसलों में भूमि के तापमान को कम होने से बचाने के लिए टाट, पॉलिथिन अथवा भूसे से ढ़क देना चाहिए। पाले के दिनों में फसलों में सिंचाई करने से भी पाले का असर कम होता है। पाले के स्थाई समाधान के लिए खेती की उत्तर-पश्चिम दिशा में मेड़ों पर घने ऊंचे वृक्ष लगायें। उल्लेखनीय है कि जब आसमान साफ हो, हवा न चल रही है और तापमान काफी कम हो जाये तब पाला पडने की संभावना बढ़ जाती है। दिन के समय दोपहर से पहले ठण्डी हवा चल रही हो व हवा का तापमान अत्यन्त कम होने लग जाये और दोपहर बाद अचानक हवा चलना बंद हो जाये तब पाला पड़ने की आंशका बढ़ जाती है।

‘दवाओं और गहनों की गुणवत्ता जांच व साइबर क्राइम रोकने की ठोस योजना बनाएं’, राजस्थान-खाद्य-नागरिक आपूर्ति मंत्री ने ली बैठक

जयपुर। खाद्य,नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री श्री सुमित गोदारा ने कहा कि आगामी समय में शादियों के सीजन को ध्यान में रखते हुए ज्वेलरी की गुणवत्ता की जांच के लिए अभियान शुरू करें। गोदारा ने मंगलवार को सचिवालय में राज्य उपभोक्ता संरक्षण परिषद की बैठक में अधिकारियों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण परिवेश के लोग अपनी आय को ज्वेलरी खरीदने में ज्यादा धन ख़र्च करते हैं।वो किसी भी प्रकार से ठगी के शिकार नहीं हो इसके लिए उन्हें जागरूक करना आवश्यक है। साथ ही, निर्देश दिए कि दुकानदार द्वारा उपभोक्ता को दिये गए बिल पर हॉल मार्क की जानकारी अवश्य लिखी होनी चाहिये। सर्राफा बाजार में हॉल मार्क सेंटर की जानकारी क्यू आर कोड के माध्यम से दी जाए। अभी तक राज्य में कुल 20 जिलों में हॉलमार्क सेंटर स्थापित किये जा चुके हैं। गोदारा ने उपभोक्ताओं के अधिकारों के संवर्धन व संरक्षण के लिए एवं उपभोक्ताओं को त्वरित राहत प्रदान करने के लिए इनका समयबद्ध रूप से निस्तारण करने के निर्देश देते हुए कहा कि उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबरों का व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए। दुकानदारों द्वारा दिये जाने वाले बिल पर उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर अंकित किये जाए, सभी को यह जानकारी होनी चाहिये कि यदि आप उत्पाद से संतुष्ट नहीं है तो निर्धारित हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। मानव जीवन से जुड़ी दवाइयों की विश्वसनियता बनाये रखने के लिए एवं पनीर, दूध एवं मावा की रेंडमली जांच करने के निर्देश दिए। बीमा क्लेम व रियल एस्टेट के प्रकरणों का निस्तारण भी शीघ्रता से किया जाए। उन्होंने बुजुर्ग व्यक्तियों के लिए वीसी के माध्यम सुनवाई की व्यवस्था शुरू करने के बारे में कहा कि यह बुजुर्गों के लिए लाभदायक सिद्ध होगी। समय—समय पर उपभोक्ताओं की जागरूकता के लिए संभाग स्तर पर कार्यशालाएं एवं ग्राम पंचायत स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जागरूकता के लिए ग्राम स्तर पर रात्रि चोपाल आयोजित करने के साथ ही वीडियो ऑडियो का प्रदर्शन करने के निर्देश दिए। जागरूकता का प्रचार जमीनी स्तर पर करने के लिए रोडमैप बनाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने ऑनलाइन शॉपिंग में होने वाली ठगी पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे सावधान रहने की आवश्यकता है। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचित करें। राज्य में कुल 36 साइबर स्टेशन क्रियाशील हैं, कुल 1930 साइबर कमांडो तैयार किये जा रहे है। इस पर पूरा फोकस है। ठगी होने के 4 घंटे के भीतर ही यदि शिकायत दर्ज हो जाती है तो पैसा रिकवर होने की संभावना अधिक रहती है। प्रमुख शासन सचिव श्री सुबीर कुमार ने कहा कि विश्व उपभोक्ता दिवस पर 15 फ़रवरी से 15 मार्च तक उपभोक्ता माह के रूप में मनाया जाएगा। प्रारंभ में उन्होंने बैठक की रूपरेखा पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर उपभोक्ता संरक्षण परिषद से संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

राष्ट्रीय सौर दिनदर्शिका कैलेंडर का लोकार्पण, राजस्थान-राज्यपाल पहुंचे राष्ट्रीय दिनदर्शिका प्रसार मंच के कार्यक्रम में

जयपुर। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने छत्रपति संभाजी नगर में मंगलवार को राष्ट्रीय दिनदर्शिका प्रसार मंच द्वारा प्रसारित राष्ट्रीय सौर दिनदर्शिका कैलेंडर का लोकार्पण किया। राज्यपाल ने इस दौरान भारतीय कालगणना को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि हिन्दू समय चक्र सूर्य सिद्धांत से जुड़ा है। समय का मापन प्रारम्भ एक सूर्योदय से और अहोरात्र का मापन का समापन अपर सूर्योदय से होता है। उन्होंने भारतीय समय गणना को पूर्णतः वैज्ञानिक बताया। लायंस क्लब में पैथोलॉजी लैब का उद्घाटन— मंगलवार को ही राज्यपाल श्री बागडे ने छत्रपति शिवाजी नगर लायंस क्लब में पैथोलॉजी लैब का उद्घाटन किया। उन्होंने इस दौरान नर सेवा को नारायण सेवा बताते हुए जरूरतमंदों के लिए कार्य करने का आह्वान किया।

प्रग​ति के दिए निर्देश, राजस्थान- पशुपालन सचिव डॉ. समित शर्मा ने ली राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक

जयपुर। शासन सचिव पशुपालन विभाग डॉ समित शर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार को शासन सचिवालय में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में सभी जिलों के पशु चिकित्सा अधिकारियों ने अपने अपने जिले का प्रगति विवरण प्रस्तुत किया। इस अवसर पर शासन सचिव डॉ समित शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मोबाइल वेटरिनरी यूनिट का संचालन नवीन कार्ययोजना के अनुसार डुअल और हाइब्रिड मोड में सुनिश्चित करें। नई कार्ययोजना के अनुसार प्रत्येक एमवीयू के माध्यम से हेल्पलाइन नंबर पर प्राप्त कॉल के अनुसार पशु चिकित्सा सेवा प्रदान करने के साथ—साथ प्रतिदिन पूर्व निर्धारित कैलेण्डर के अनुसार निर्धारित राजस्व ग्राम में प्रतिदिन एक घंटे का चिकित्सा एवं स्वास्थ्य शिविर का आयोजन भी किया जाना निर्धारित किया गया है साथ ही एमवीयू स्टाफ के साथ विभागीय पशु चिकित्सक/ पशुधन सहायक की सेवाएं भी लेते हुए कार्य करना निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि एमवीयू द्वारा चिकित्सा के बाद पशुपालक को उपचार की पर्ची आवश्यक रूप से उपलब्ध कराई जाए साथ ही एक प्रति पर पशुपालक के हस्ताक्षर भी लिए जाए। संचालनकर्ता फर्मों को नियमानुसार भुगतान भी समय पर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जिलेवार प्रति एमवीयू दर्ज केसेज की संख्या में काफी भिन्नता देखी जा रही है अतः उपलब्ध वाहनों के पुनःस्थापन के लिए समीक्षा की आवश्यकता है। मंगला पशु बीमा का अधिक से अधिक पंजीकरण कराने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य 21 लाख पशुओं का बीमा कराना है इस दृष्टि से हमारी प्रगति बहुत धीमी है। अतः इसका ज्यादा से ज्यादा प्रचार प्रसार कर अधिक से अधिक पशुपालकों को इससे जोड़कर इस काम में तेजी लाना है। डॉ शर्मा ने राष्ट्रीयकृत एवं विभागीय कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम की भी समीक्षा की। उन्होंने बताया कि विभागीय कृत्रिम गर्भाधान में करौली जिले ने लक्ष्य से अधिक सफलता प्राप्त कर ली है जबकि टोंक जिला इसमें सबसे पीछे है। उन्होंने सभी जिलों को समयबद्ध तरीके से लक्ष्य को पूरा करने के निर्देश दिए। राज्य में एवियन इन्फ्लूएंजा तथा अन्य बीमारियों को फैलने से रोकने के लिए उन्होंने पशुपालन विभाग के निदेशक और उनकी टीम की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी और कहा कि विभाग के डॉक्टर्स ने उत्कृष्ट काम किया है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर दवाइयों की एक्सपायरी नहीं होनी चाहिए और दवाइयों का समुचित तथा समय पर उपयोग होना चाहिए। डॉ. शर्मा ने विभाग के महत्वपूर्ण कार्यो के प्रभावी निष्पादन को सुनिश्चित करने के लिए जिला एवं संभाग स्तर पर इनकी प्रगति की मॉनिटरिंग किए जाने के लिए 18 मुख्य निष्पादन संकेतक तय किए गए हैं। इन सभी कार्यों की महत्ता के आधार पर अलग अलग भारित अंक देते हुए कुल 100 अंक निर्धारित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि दिसम्बर 2024 के केपीआई के अनुसार चुरू, झुंझुनू और अलवर क्रमशः पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे  जबकि डूंगरपुर आखिरी स्थान पर रहा। डॉ. शर्मा ने बताया वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रदेश में 500 नवीन पशु चिकित्सा उपकेंद्र खोले गए जबकि 103 पशु चिकित्सा उपकेंद्रों को पशु चिकित्सालय में 51 पशु चिकित्सालय को प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय में तथा 25 प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय को बहुद्देशीय पशु चिकित्सालय में क्रमोन्नत किया गया है। उन्होंने बताया कि नवीन पशु चिकित्सा उपकेंद्रों के भवन निर्माण के लिए भूमि आवंटन हेतु जिला कलक्टरों को पत्र भी लिखा जा चुका है। डॉ शर्मा ने सभी जिलों को निर्देश दिए कि 14 जनवरी से 30 जनवरी तक मनाए जाने वाले पशु कल्याण पखवाड़े के दौरान विभिन्न स्तरों पर पशु चिकित्सा शिविर, पशु कल्याण गोष्ठी, पशु कल्याण जन जागृति रैली आदि का आयोजन कर जीव जंतुओं के कल्याण के प्रति जन साधारण में जागृति तथा पशु क्रूरता निवारण के लिए वातावरण निर्माण का कार्य किया जाए। उन्होंने एक बार पुनः पशुपालन विभाग को ऊंचाई की ओर ले जाने में सभी से अपना योगदान देने का आग्रह किया। इस राज्य स्तरीय मासिक समीक्षा बैठक में पशुपालन निदेशक तथा आरएलडीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ आनंद सेजरा, विभाग के वित्तीय सलाहकार श्री मनोज शांडिल्य सहित विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। राज्य के सभी जिलों के संयुक्त निदेशक तथा वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी बैठक में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

‘यमुना जल समझौते की जल्द बनेगी क्रियान्वयन ज्वाइन्ट टास्क फोर्स’, राजस्थान- मुख्यमंत्री भजनलाल ने हरियाणा के सीएम सैनी से की चर्चा

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान के शेखावाटी अंचल के किसानों को जल्द ही यमुना जल का लाभ मिलेगा। इस संबंध में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल के समक्ष हरियाणा के सीएम श्री नायब सैनी के साथ मंगलवार को चर्चा पूरी हो गई है। शर्मा ने कहा कि इस जल समझौते की जल्द क्रियान्विति के लिए दोनों राज्यों के अधिकारियों की एक ज्वाइन्ट टास्क फोर्स बनेगी जो डीपीआर पर काम करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुना जल समझौता दोनों राज्यों के लिए  बहुत अच्छा समझौता है। राजस्थान का शेखावाटी अंचल लंबे समय से यमुना जल का इंतजार कर रहा है। अब वो इंतजार खत्म होने जा रहा है और जल्द ही अधिकारियों की ज्वाइन्ट टास्क फोर्स डीपीआर का काम शुरू करेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने केंद्रीय जलशक्ति मंत्री का आभार प्रकट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में केंद्रीय मंत्रालय द्वारा जिस तरह जल जीवन मिशन और नदियों से जोड़ने का काम किया है उससे राजस्थान सहित पूरे देश में पानी की कमी नहीं रहेगी। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सैनी ने मीडिया को बताया कि हरियाणा में जो अतिरिक्त पानी है, वह राजस्थान को मिले, यह एक सकारात्मक पहल है।

‘गुरू गोविन्द सिंह के जीवन से सीख लें युवा’, राजस्थान-विधानसभा अध्यक्ष देवनानी पहुंचे गुरुद्वारा

जयपुर। विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि युवा पीढ़ी को गुरू गोविन्द सिंह जी के जीवन से सीख लेनी चाहिए। उन्होंने जिस तरह से सादगी, बलिदान एवं देश प्रेम का संदेश दिया। वह वर्तमान में युग में प्रासंगिक है और वर्तमान समय की सभी समस्याओं का हल है। विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने सोमवार को श्री गुरू गोविन्द सिंह जयन्ती पर सिख समाज की ओर से आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने पवित्र गुरुवाणी सुनी, मत्था टेका और लंगर में प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर श्री देवनानी ने कहा कि श्री गुरू गोविन्द सिंह सिक्खों के 10वे गुरू थे। उन्होंने अपने जीवन से त्याग, तपस्या और बलिदान की जो मिसाल पेश की वह इतिहास में सदैव याद की जाएगी। युवाओं को उनसे देश प्रेम के लिए सर्वस्व त्याग की सीख लेनी चाहिए। इस अवसर पर श्री नरेन्द्र सिंह छाबाड़ा, श्री तेजपाल सिंह साहनी, श्री सरबजीत छाबड़ा, श्री यशपाल बेदी सहित सिक्ख समाज के अनुयायी उपस्थित रहे।

‘निरंतर मॉनिटरिंग से धरातल पर उतरेगा निवेश’, राजस्थान-मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ली एमओयू समीक्षा बैठक

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान का आर्थिक विकास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रदेश को 350 बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना हमारे प्रमुख संकल्पों में से एक है और इसे पूरा करने के लिए मजबूत कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में बड़े उद्योगों के साथ-साथ सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट ने सभी प्रयासों को मजबूती एवं गति प्रदान की है। शर्मा सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के तहत हुए एमओयू के क्रियान्वयन के संबंध में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि तीन श्रेणियों में विभक्त एमओयू के क्रियान्वयन के कार्य में समयबद्धता एवं नियमों का पालन किया जाए। उन्होंने उद्योग एवं वाणिज्य विभाग को निर्देशित किया कि एमओयू के क्रियान्वयन को गति प्रदान करने के लिए आवश्यक नियमावली बनाएं। साथ ही, मुख्यमंत्री कार्यालय को हर माह 11 व 26 तारीख को क्रियान्वयन की प्रगति रिपोर्ट भेजी जाए। शासन सचिव एवं जिला कलक्टर्स निरंतर करें एमओयू क्रियान्वयन की मॉनिटरिंग— श्री शर्मा ने निर्देशित किया कि विभागीय शासन सचिव एमओयू क्रियान्वयन की सम्पूर्ण प्रक्रिया की निरंतर मॉनिटरिंग करें। जिला प्रभारी सचिव एवं जिला कलक्टर्स एमओयू को धरातल पर उतारने के लिए निरंतर निवेशकों से संवाद स्थापित करते हुए मॉनिटरिंग करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आगामी 10 दिन में 1 हजार करोड़ रूपये से अधिक की राशि वाले एमओयू के लिए जमीन आवश्यकता के मामलों में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। निवेशकों को मिलेगी अपने एमओयू क्रियान्वयन की प्रगति रिपोर्ट— मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा निवेशकों को दी जाने वाली सहूलियतें नियमानुसार उपलब्ध करायी जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निवेशकों से निरंतर सम्पर्क स्थापित कर उनकी प्राथमिक आवश्यकताओं को चिन्हित करें। साथ ही, विशेष रूप से नियमों के अनुसार ही एमओयू से संबंधित भू-आवंटन के प्रकरणों को प्राथमिकता से समय पर निस्तारित करें। उन्होंने निर्देश दिए कि तीन श्रेणियों में चिन्हित निवेश एमओयू के क्रियान्वयन की समीक्षा प्रत्येक माह की जाएगी। वहीं निवेशक को भी एमओयू क्रियान्यवन की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट देखने की व्यवस्था की जाए। श्री शर्मा ने निर्देश दिए कि ऐसे एमओयू जिनमें एक से अधिक विभागों की स्वीकृति आवश्यक है, ऐसी स्थिति में सभी संबंधित विभाग क्रियान्वयन प्रक्रिया को आपसी सामंजस्य के साथ तीव्र गति से पूरा करें। बैठक में मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त श्री अखिल अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) श्री शिखर अग्रवाल, प्रमुख शासन सचिव उद्योग श्री अभिजात शर्मा, प्रमुख सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) श्री आलोक गुप्ता, प्रमुख शासन सचिव राजस्व श्री दिनेश कुमार, प्रमुख शासन सचिव स्वायत्त शासन श्री राजेश यादव, प्रमुख शासन सचिव खान एवं पैट्रोलियम श्री टी. रविकांत, प्रमुख शासन सचिव आयुर्वेद श्री भवानी सिंह देथा सहित विभिन्न विभागों के शासन सचिव उपस्थित रहे।

‘बताने के लिए नहीं होती विशेष चर्चा’, राजस्थान-अमित शाह से गुफ्तगू करके लौटे किरोड़ी मीणा

जयपुर। राजस्थान की राजनीति पर सियासतदानों की पैनी नजर बनी हुई है। भजनलाल सरकार से नाराज चल रहे कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की है। दोनों के बीच क्या बातचीत हुई इस पर अभी सस्पेंस बरकरार है। किरोड़ी से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि विशेष चर्चा बताने की नहीं होती। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि दोनों के बीच साधारण चर्चा नहीं हुई विशेष चर्चा हुई है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक किरोड़ीलाल मीणा ने शाह से मिलकर राजस्थान के दो अफसरों की शिकायत की और इनकी जांच करवाने की मांग भी की है। उन्होंने राजस्थान में इस मामले में गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेडम को दिए ज्ञापन को लेकर भी अपनी बात रखी। हालांकि अब अमित शाह इस मामले में क्या निर्णय लेते हैं यह देखने वाली बात होगी लेकिन फिलहाल किरोड़ी आश्वस्त नजर आ रहे हैं। आते ही बीजेपी अध्यक्ष से मिले दिल्ली दौरे से लौटते ही किरोड़ीलाल मीणा बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ से मिले। इसके बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि नगर पालिका व नगर परिषदों में उपचुनाव होने हैं, उनके बारे में बातचीत करने के लिए प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ से मिला हूं। वहीं मदन राठौड़ ने कहा कि वे हमारी पार्टी के सदस्य हैं, मंत्री हैं। कई मुद्दों पर उनकी अपनी राय है। वे कई बार नाराज हो जाते हैं, लेकिन ये सब परिवार का मामला है।

राज्य की विकास यात्रा में बनेंगे भागीदार: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, राजस्थान-सरकार का बैंक ऑफ बड़ौदा तथा महाराष्ट्र से एमओयू

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने अमृत कालखंड- ‘विकसित राजस्थान 2047’ के तहत पांच वर्षों की कार्य योजना बनाकर ‘सर्वजन हिताय‘ आधारित समावेशी विकास का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि इस कार्य योजना के तहत भविष्य के लिए दस संकल्प निर्धारित किए गए हैं। इन संकल्पों में बुनियादी ढांचे का विकास करना और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 350 बिलियन डॉलर पर पहुंचाना भी शामिल हैं। शर्मा सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर बैंक ऑफ बड़ौदा तथा बैंक ऑफ महाराष्ट्र के साथ राज्य सरकार के दो एमओयू हस्ताक्षर करने के अवसर पर सम्बोधित कर रहे थे। इन एमओयू के अनुसार बैंक ऑफ बड़ौदा अगले छह वर्षों यानी 31 मार्च 2030 तक, प्रति वर्ष 20 हजार करोड़ रूपये का ऋण प्रदान करेगा। इसके साथ ही, बैंक ऑफ महाराष्ट्र भी प्रति वर्ष 10 हजार करोड़ रूपये का ऋण उपलब्ध कराएगा। यह धनराशि राजस्थान सरकार की विभिन्न परियोजनाओं, विशेषकर आधारभूत ढांचा क्षेत्र जैसे बिजली एवं नवीकरणीय ऊर्जा, सड़क, पेयजल और स्वच्छता के लिए उपयोग में ली जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये हमारे लिए गर्व का विषय है कि बैंक ऑफ बड़ौदा और बैंक ऑफ महाराष्ट्र जैसे देश के प्रतिष्ठित बैंक अब राजस्थान की विकास यात्रा में भागीदार बनने जा रहे हैं। हमारे प्रदेश के आधारभूत ढांचे को सशक्त करने की दिशा में बैंक ऑफ बड़ौदा और बैंक ऑफ महाराष्ट्र का यह सहयोग एक बड़ा कदम है और आज का यह समझौता प्रदेश के बुनियादी ढांचे की मजबूती में एक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि बैंकों की व्यक्तिगत विकास तथा राज्य और देश की उन्नति में महत्वपूर्ण भूमिका होती हैं। बैंकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आमजन को उनकी सेवाओं का अधिकतम लाभ मिले। राज्य सरकार प्रदेश के बुनियादी ढांचे को कर रही सुदृढ़  श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के अनुसार बेहतर कल के लिए हमें आज सुदृढ़ बुनियादी ढांचे में निवेश करना चाहिए। प्रधानमंत्री जी की इस सीख को आत्मसात करते हुए हम प्रदेश के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ कर रहे हैं। हमने नवीकरणीय ऊर्जा की उत्‍पादन क्षमता 2029-30 तक बढ़ाकर 125 गीगावाट करने का लक्ष्‍य रखा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 5 साल के इस कार्यकाल में 53 हजार किलोमीटर का सड़क नेटवर्क तैयार करने के लिए 60 हजार करोड़ रूपये व्यय करने का संकल्प लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में भी हमने प्रदेश के विकास के लिए 35 लाख करोड़ के एमओयू किए हैं। बिजली और नवीकरणीय ऊर्जा के माध्यम से हर घर को रोशन करना, हर नागरिक को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना और ग्रामीण व शहरी सड़कों को बेहतर बनाना हमारा प्राथमिक उद्देश्य है। शर्मा ने कहा कि राजस्थान सरकार अपनी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आज की साझेदारी राज्य के विकास और जनकल्याण की दिशा में नए आयाम स्थापित करेगी तथा विकसित भारत 2047 एवं विकसित राजस्थान 2047 की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। उपमुख्यमंत्री (वित्त) दिया कुमारी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की दूरगामी सोच के अनुरूप राज्य सरकार प्रदेश के बुनियादी ढांचे में भारी निवेश की परिकल्पना के साथ कार्य कर रही हैं। दोनों बैंक के साथ सम्पन्न एमओयू राज्य के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने में भागीरथी प्रयास है। उन्होंने कहा कि इस कदम से केंद्र और राज्य सरकार के जन हित के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकेगा और विकसित राजस्थान का संकल्प साकार होगा। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त श्री अखिल अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री) श्री शिखर अग्रवाल, प्रमुख सचिव (मुख्यमंत्री) श्री आलोक गुप्ता, प्रमुख शासन सचिव वित्त (बजट) श्री देबाशीष पृष्टी, बैंक ऑफ बड़ौदा के एमडी एवं सीईओ श्री देबदत्त चंद, कार्यकारी निदेशक श्री ललित त्यागी, बैंक ऑफ महाराष्ट्र के कार्यकारी निदेशक श्री रोहित ऋषि सहित दोनो बैंकों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

‘पीड़ित मानवता की सेवा में अमिट योगदान’, राजस्थान-चिकित्सा मंत्री ने नर्सिंग काउंसिल में नाइटिंगेल की प्रतिमा का अनावरण किया

जयपुर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। हमारा प्रयास है कि प्रदेश में नर्सेज एवं पैरामेडिकल स्टाफ के सभी रिक्त पदों पर जल्द से जल्द भर्ती हो और गांव-ढाणी तक बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ हों। उन्होंने कहा कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में अल्पकाल में ही 20 हजार से अधिक रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूर्ण की गई है। खींवसर सोमवार को राजस्थान नर्सिंग काउंसिल के परिसर में आधुनिक नर्सिंग की जननी फ्लोरेंस नाइटिंगेल की प्रतिमा के अनावरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने काउंसिल परिसर में फ्लोरेंस नाइटिंगेल की प्रतिमा का अनवारण किया एवं पौधारोपण किया। चिकित्सा मंत्री ने कहा कि फ्लोरेंस नाइटिंगेल पीड़ित मानवता की सेवा की प्रतिमूर्ति थीं। इस क्षेत्र में उनका अमिट योगदान रहा है। उन्होंने न केवल रोगियों की सेवा की, बल्कि अस्पतालों में स्वच्छता और देखभाल के मानकों को भी बेहतर बनाया। क्रीमिया युद्ध के दौरान उन्होंने घायल सैनिकों की सेवा की, जिससे उन्हें ‘लेडी विद द लैम्प‘ के रूप में पहचान मिली। उन्होंने नर्सिंग को एक सम्मानजनक पेशा बनाया और महिलाओं को सशक्त भी किया। उनका समर्पण और सेवा सबके लिए प्रेरणादायी है। नर्सिंग सेवा के शेष रिक्त पदों को भी शीघ्र भरा जाएगा— श्री खींवसर ने कहा कि राज्य सरकार नर्सिंग एवं पैरामेडिकल सेवाओं को विशेष महत्व दे रही है। पूर्ववर्ती सरकार के समय भर्तियां नहीं होने से नर्सिंग सेवाएं चरमरा गई थीं। राज्य सरकार ने मिशन मोड में भर्तियां कर नर्सिंग सेवा के रिक्त पदों को काफी हद तक भर दिया है। शेष रिक्त पदों को भी शीघ्र भर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि रिक्तियों को भरने के साथ-साथ पदस्थापन में पूरी पारदर्शिता रखते हुए पोर्टल के माध्यम से नवचयनित कार्मिकों को वरीयता एवं मानवीय मापदण्डों के आधार पर नियुक्तियां दी गई हैं। स्थानांतरण गाइडलाइन एवं पारदर्शिता के साथ— चिकित्सा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने राज्य हित में स्थानांतरण से प्रतिबंध हटाया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में पूरी पारदर्शिता एवं गाइडलाइन के आधार पर स्थानांतरण किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि महिलाओं, दिव्यांगजन, गंभीर बीमारियों आदि से  पीड़ित कार्मिकों को स्थानांतरण में प्राथमिकता मिले। भविष्य में यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी अधिकारी एवं कार्मिक लंबे समय तक एक स्थान पर पदस्थापित नहीं रहे। सबको स्थानांतरण के माध्यम से राहत मिले। इसके लिए चिकित्सा विभाग स्थानांतरण नीति बना रहा है। मा योजना में जल्द लागू करेंगे पोर्टेबिलिटी की सुविधा— श्री खींवसर ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने चिकित्सा के क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अब तक का सर्वाधिक बजट प्रावधान किया है। राज्य सरकार ने प्रदेशवासियों को सुगमता के साथ उपचार उपलब्ध करवाने के लिए मुख्यमंत्री आयुष्मान योजना लागू की है। इसका दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। बाहर के नागरिक प्रदेश में आकर एवं यहां के नागरिक बाहर जाकर इस योजना के तहत उपचार प्राप्त कर सकें, इसके लिए जल्द ही पोर्टेबिलिटी की सुविधा भी लागू की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को संकल्पबद्धता के साथ नई ऊंचाइयां दी जाएंगी। सिविल लाइंस विधायक श्री गोपाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार के अल्प कार्यकाल में ही चिकित्सा के क्षेत्र में कीर्तिमान स्थापित किए गए हैं, जिनसे प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का मजबूत ढांचा तैयार हुआ है। उन्होंने कहा कि नर्सिंग का प्रोफेशन समर्पण, सेवा और विनम्रता का प्रतीक है। यह गौरव की बात है कि हमारे नर्सिंगकर्मी पीड़ित मानवता की सेवा के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहे हैं। राजस्थान नर्सिंग काउंसिल की रजिस्ट्रार श्रीमती भारती सिंह ने स्वागत उद्बोधन दिया एवं नर्सिंग काउंसिल की गतिविधियों से अवगत कराया। इस अवसर पर निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश माथुर, निदेशक अराजपत्रित श्री राकेश शर्मा, इण्डियन नर्सिंग काउंसिल के वाइस प्रेसीडेंट श्री जोगिंदर शर्मा, आरएनसी के परीक्षा नियंत्रक श्री अनिल चौधरी सहित वरिष्ठ अधिकारी एवं नर्सिंग सेवा के अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित थे।

ग्रामीणों ने जताया जिला प्रशासन का आभार, राजस्थान-रास्ता खोलो अभियान में जिला प्रशासन ने 50 दिन में खुलवाए 400 रास्ते

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों में जयपुर जिले में जारी रास्ता खालो अभियान आमजन के लिए राहत का दूसरा नाम बन गया है। अभियान के तहत जिला प्रशासन ने समझाइश एवं सहमति से महज 50 दिनों में गांवों, खेतों और ढाणियों के बरसों से बंद पड़े 400 रास्ते खुलवाने में कामयाबी हासिल की है। अतिरिक्त जिला कलक्टर एवं अभियान की नोडल अधिकारी श्रीमती सुमन पंवार ने बताया कि अभियान के तहत विगत एक सप्ताह में जयपुर जिले के समस्त तहसीलों में बरसों से बंद 47 रास्ते खुलवाए गए। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी रास्ता खोलो अभियान के सफल क्रियान्वयन एवं अधिक से अधिक आमजन को लाभांवित करने के लिए स्वयं अभियान की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि रास्ता खोलो अभियान के तहत 15 नवंबर 2024 से 3 जनवरी 2025 तक जयपुर तहसील में 4 रास्ते, कालवाड़ तहसील में 8 रास्ते, आमेर तहसील में 24 रास्ते, जमवारामगढ़ तहसील में 14 रास्ते, आंधी तहसील में 24 रास्ते, बस्सी तहसील में 15 रास्ते, तूंगा तहसील में 10 रास्ते खुलवाए गए। वहीं, शाहपुरा तहसील में 22 रास्ते, जोबनेर तहसील में 25 रास्ते, किशनगढ़-रेनवाल तहसील में 21 रास्ते, फुलेरा तहसील में 21 रास्ते, रामपुरा-डाबड़ी तहसील में 15 रास्ते, जालसू तहसील में 14 रास्ते, चौमूं तहसील में 27 रास्ते, सांगानेर तहसील में 14 रास्ते खुलवाए गए। सुमन पंवार ने बताया कि चाकसू तहसील में 19 रास्ते, कोटखावदा तहसील में 14 रास्ते, माधोराजपुरा तहसील में 22 रास्ते, दूदू तहसील में 21 रास्ते, मौजमाबाद तहसील में 24 रास्ते एवं फागी तहसील में 42 रास्ते खुलवाए गए। उन्होंने बताया कि जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने अधिकारियों को रास्ता खोलो अभियान के तहत बंद रास्ते खुलवाए जाने के पश्चात खोले गए रास्तों पर ग्रेवेल, सी.सी. रोड़ बनवाये जाने की कार्यवाही भी जल्द से जल्द अमल में लाने के निर्देश दिये हैं, इन निर्देशों की अनुपालना में अधिकांश स्थानों पर ग्रेवल रोड बनाने की कार्यवाही भी आरंभ की जा चुकी है। वहीं, जिन रास्तों के वाद न्यायालय में विचाराधीन है परिवादियों द्वारा संबंधित न्यायालय से ही अनुतोष प्राप्त किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में रास्तों की भूमि पर अतिक्रमण को लेकर जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में परिवाद प्राप्त होते हैं। रास्तों को लेकर न्यायालय में भी वाद दायर किए जाते रहते हैं। ऐसे प्रकरणों में निरन्तर बढ़ोतरी होने से आमजन को न्यायालय के चक्कर लगाने एवं जन-धन की हानि होने के साथ-साथ क्षेत्र की कानून व्यवस्था भी प्रभावित होती है। इसलिए प्रशासन ने रास्ते सम्बन्धी समस्याओं के निराकरण के लिए ‘रास्ता खोलो अभियान’ चलाने का निर्णय लिया गया।

एनजीटी के आदेशों का पालन जरूरी: सचिव, राजस्थान-मकर संक्राति पर पतंगबाजी के लिए जारी की एडवायजरी

जयपुर। पशुपालन, गोपालन और डेयरी विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने प्रदेश के सभी जिलों के लिए विभाग की ओर से पतंगबाजी को लेकर आमजन हित तथा पक्षियों की सुरक्षा के लिए एडवायजरी जारी की है। जिला कलक्टरों को लिखे अपने पत्र में उन्होंने कहा है कि प्रदेश में मकर संक्राति पर्व पर पतंगबाजी के दौरान दोपहिया वाहन चालकों तथा पक्षियों को जान का खतरा होने की अत्यधिक संभावना रहती है। पतंग उड़ाने के दौरान अत्यधिक धारदार, नायलॉन या किसी सिंथेटिक सामग्री से बने मांझों एवं उन पर लोहे अथवा कांच के पाउडर की कोटिंग से आमजन एवं पशु पक्षियों को हानि पहुंचने और कई बार जनहानि होने की भी संभावना होती है। साथ ही यह मांझा विभिन्न धातुओं के मिश्रण से बने होने के कारण विद्युत सुचालक भी हो जाता है। जिससे विद्युत तारों के संपर्क में आने पर विद्युत प्रवाह होने से पतंग उड़ाने वालों के लिए खतरनाक हो सकता है और विद्युत सप्लाई में भी बाधा उत्पन्न हो सकती है। इन्हीं संभावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए ऐसी सामग्री से निर्मित मांझों पर तत्काल प्रतिबंधात्मक रोक लगाने की कार्यवाही किया जाना नितांत आवश्यक है। उन्होंने सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेशों की अनुपालना में नायलॉन या किसी सिंथेटिक सामग्री से बने और सिंथेटिक पदार्थ से लेपित चायनीज और गैर बायो डिग्रेडेबल मांझे या धागे पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और प्रतिबंध की पूर्ण अनुपालना सुनिश्चित करें। उन्होंने इस प्रकार के मांझे के निर्माण, भंडारण और विक्रय तथा उपयोग पर भी तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि इसका उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता तथा पर्यावरण संरक्षण अधिनियम और अन्य संबंधित वैधानिक प्रावधानों के तहत तत्काल कार्यवाही की जाए। डॉ. शर्मा ने कहा है कि एनजीटी के प्रतिबंधों के बारे में विभिन्न प्रचार माध्यमों से आमजन के बीच में व्यापक प्रचार प्रसार कराया जाए। आमजन को सूती धागों या बायोडिग्रेडेबल सामग्री से बने धागों के उपयोग के लिए प्रेरित किया जाए। स्कूलों, कॉलेजों तथा स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से जागरूकता अभियान चालाया जाए। डॉ. शर्मा ने घायल पक्षियों के बचाव के लिए विशेष प्रबंध करते हुए उनके ईलाज के लिए सभी जिलों में मकर संक्रांति के अवसर पर पशुपालन विभाग/स्वयंसेवी संस्थाओं/पक्षी प्रेमियों के माध्यम से पक्षी चिकित्सा शिविर लगाने तथा हेल्पलाइन नंबर जारी करने के भी निर्देश दिए हैं।

आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण के दिए निर्देश, राजस्थान-चिकित्सा मंत्री ने आवास पर की जनसुनवाई

जयपुर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने राजकीय आवास पर जनसुनवाई कर आमजन की समस्याएं सुनीं और इनका तत्काल प्रभाव से यथोचित निस्तारण करने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा—निर्देश दिए। खींवसर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों से आत्मीयता के साथ मिले और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने मौके पर ही अधिकारियों को समस्याओं के निस्तारण के संबंध आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार जनकल्याणकारी सोच के साथ एक से बढ़कर एक निर्णय ले रही है। राज्य सरकार का प्रयास है कि आमजन का जीवन स्तर बेहतर हो और उनकी समस्याओं का जल्द से जल्द निस्तारण कर राहत पहुंचाई जाए। चिकित्सा मंत्री ने कहा कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग आमजन को बेहतर एवं सुगम स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहा है। विगत अल्प समय में ही गांव—ढाणी तक चिकित्सा संस्थानों में रिक्त पदों को भरने के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं। करीब 21 हजार पदों पर विभाग में नियुक्तियां दी गई हैं और शेष रिक्त पदों के लिए भी  संकल्पबद्ध होकर कार्यवाही की जा रही है। राज्य सरकार की प्रथम वर्षगांठ के अवसर पर विभाग की ओर से ​मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य शिविरों का भी आयोजन किया जा रहा है, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों तक भी आमजन सुगमता के साथ जांच और उपचार प्राप्त कर सकें। लोगों की विभिन्न स्वास्थ्य जांच इन शिविरों के माध्यम से की जा रही हैं और उन्हें स्वस्थ जीवन शैली के लिए प्रेरित किया जा रहा है। खींवसर ने जनसुनवाई के दौरान समस्याएं सुनने के साथ ही आमजन से अपील की कि वे इन शिविरों का अधिक से अधिक लाभ लें और आयुष्मान राजस्थान के संकल्प को साकार करने के पवित्र उद्देश्य में सहभागी बनें।

‘स्वस्थ जीवन के लिए योग और व्यायाम अपनाना जरूरी’, राजस्थान-राज्यपाल ने स्कूली छात्र—छात्राओं से किया संवाद

जयपुर। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने छत्रपति संभाजी नगर में विभिन्न स्थानीय कार्यक्रमों में भाग लेते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रसार और विद्यालयी छात्र—छात्राओं को महापुरुषों के जीवन से सिख लेने का आह्वान किया। बागडे ने शनिवार को स्थानीय गांवों में आयोजित कार्यक्रमों में भागीदारी की। उन्होंने वहां पर आधारभूत सुविधाओं के विकास और स्थानीय जनों को शिक्षा, चिकित्सा, पेयजल और अन्य सुविधाओं से लाभांवित किए जाने का आह्वान किया। निधोना गांव में राज्यपाल ने प्राथमिक विद्यालय का अवलोकन कर शिक्षा संबंधित व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। वहां उन्होंने छात्र-छात्राओं के साथ आत्मीय संवाद भी किया। इसी तरह बिधूना गांव में चिकित्सा सुविधाओं के लिए उन्होंने एंबुलेंस का लोकार्पण किया। ग्राम पंचायत को एंबुलेंस की चाबियां सौंपते हुए उन्होंने स्वस्थ जीवन के लिए योग और व्यायाम अपनाने पर भी जोर दिया। राज्यपाल श्री बागडे का विभिन्न स्थानीय कार्यक्रमों में ग्रामीणों ने भावभरा अभिनन्दन करते हुए उनके सार्वजनिक सरोकारों और आम जन के लिए समर्पित जीवन की सराहना की।

जेल सुधार और ओपन जेल पर सेमिनार आयोजित, राजस्थान-राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण भवन व मार्ग की सौगात

जयपुर। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के नव निर्मित भवन ‘विधिक सेवा सदन’ का उद्घाटन एवं ‘विधिक सेवा मार्ग’ सड़क का नामकरण न्यायाधिपति श्री बी.आर. गवई, न्यायाधिपति, उच्चतम न्यायालय एवं कार्यकारी अध्यक्ष राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, न्यायाधिपति श्री संदीप मेहता, न्यायाधिपति, उच्चतम न्यायालय एवं राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं मुख्य न्यायाधिपति श्री एम. एम. श्रीवास्तव, न्यायाधीश राजस्थान उच्च न्यायालय एवं मुख्य संरक्षक राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं न्यायाधिपति श्री पंकज भण्डारी, न्यायाधीश राजस्थान उच्च न्यायालय एवं कार्यकारी अध्यक्ष राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण तथा अन्य न्यायाधिपतिगण राजस्थान उच्च न्यायालय की उपस्थिति में हुआ। इस अवसर पर न्यायाधिपति श्री बी.आर. गवई ने रालसा के नवनिर्मित ​भवन का अवलोकन किया तथा भवन में मौजूद डिजीटल इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक सुविधाओं की सराहना की। उन्होंने रालसा के नवीन लोगो का अनावरण भी किया। न्यायाधिपति श्री बी. आर. गवई ने राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित जेल सुधार और ओपन ​जेल के संबंध में सेमिनार, रालसा द्वारा पीरियोडिकल न्यूजपेपर न्याय रो साथी के उद्घाटन समारोह और विशेष योग्यजन बच्चों के लिए शुरू की गयी उड़ान स्कॉलरशिप समारोह को भी संबोधित किया। उन्होंने बताया कि पैरा लिगल वॉलेंटियर्स विधिक सेवा का महत्वपूर्ण स्तंभ है। उन्होंने रालसा द्वारा ओपन जेल एवं न्यायिक सेवाओं को सुलभ और प्रभावी बनाने के लिए किये जा रहे इन प्रयासों की सराहना की और कहा कि अन्य राज्यों के लिए रालसा एक रोल मॉडल के रूप में उभरेगा। उन्होंने रालसा के नवीन भवन में उपलब्ध कराई जा रही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा की भी सराहना करते हुए कहा कि इस सुविधा से ऑनलाइन ही न्यायिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेगी। इस अवसर पर न्यायाधिपति श्री बी.आर. गवई ने डेली डायरी कम रेडी रेकनर का भी विमोचन किया। इसमें प्राधिकरण द्वारा किये जाने वाले कार्यों एवं महत्वपूर्ण संपर्क की जानकारी दी गई है साथ ही उन्होंने पीएलवी (अधिकार मित्र) को बैजेज वितरीत किये। उन्होंने सेवानिवृत न्यायाधिपति राजस्थान उच्च न्यायालय श्री जसराज चोपड़ा द्वारा विधिक कार्यों के लिए दी गयी राशि के लिए धन्यवाद कर उनका सम्मान किया। उन्होंने महिला शिक्षा की दिशा में ज्योतिबा फुले एवं सवि​त्री बाई फुले के योगदान को भी याद किया तथा रालसा के नवीन लोगो ‘अधिकार आपका कर्तव्य हमारा’ की सराहना की। उन्होंने नालसा के नवीन कैंपेन नेशनवाईड कंपीटीशन फॉर लॉ कोलेजेज इन रील मेकिंग एंड शॉर्ट फिल्म टाइटल-कनेक्टिंग विद द कॉज  के संबंध में जानकारी दी। न्यायाधिपति श्री संदीप मेहता ने रालसा द्वारा किये गये नवीन पहलों की सराहना करते हुए ई-प्रीजन सॉफ्टवेयर के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने जेलों में जा​तिगत आधार पर काम के बंटवारे पर संज्ञान लेकर इस संबंध में नियमों में संशोधन किये जाने पर जोर दिया। मुख्य न्यायाधिपति राजस्थान उच्च न्यायालय श्री एम.एम श्रीवास्तव ने रालसा के नवनिर्मित भवन के डिजीटल इंफ्रास्ट्रक्चर की सराहना की तथा ओपन जेल सिस्टम को राजस्थान में अग्रणी बताया। न्यायाधिपति श्री पंकज भंडारी ने रालसा द्वारा 6 से 18 वर्ष के विशेष योग्यजन बच्चों के लिए 2500 रूपये प्रतिमाह की स्कॉलरशिप देने की शुरूआत करते हुए इसे एक मानवीय पहल बताया। कार्यक्रम के अंत में न्यायाधिपति राजस्थान उच्च न्यायालय एवं अध्यक्ष राजस्थान उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति जोधपुर श्री पी एस भाटी द्वारा मुख्य न्यायाधिपति राजस्थान उच्च न्यायालय श्री एम.एम श्रीवास्तव को विधिक सेवा कार्यों को नई दिशा देने के लिए धन्यवाद दिया तथा सेवानिवृत न्यायाधिपति श्री जसराज चोपड़ा एवं उपस्थित सभी अतिथीगणों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

राज्य सरकार एवं विधानसभा के पत्रों को प्राथमिकता से करें डिस्पोजल, राजस्थान-प्रमुख सचिव ने सहकारिता विभाग में कार्य संस्कृति सुधार के दिये टिप्स

जयपुर। प्रमुख शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारिता मंजू राजपाल ने कहा कि वर्ष 2025 में सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को एक संकल्प लेना चाहिये कि वे विभाग में राज्य सरकार, लोकायुक्त, विधानसभा आदि के स्तर से प्राप्त पत्रों, प्रश्नों एवं निर्देशों के संबंध में त्वरित कार्यवाही करेंगे और इनके निस्तारण में लगने वाले समय को न्यूनतम स्तर तक लायेंगे और सहकारिता विभाग को एक उदाहरण के रूप में पेश करेंगे। राजपाल ने शुक्रवार को नेहरू सहकार भवन स्थित सभागार में विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुये कहा कि सभी फंक्शनल अधिकारी अनुभाग में प्राप्त पी.यू.सी. के निस्तारण के लिये साप्ताहिक कार्य योजना बनाकर काम करें और उनका दैनिक मॉनिटरिंग भी करें ताकि उनका समयबद्ध तरीके से डिस्पोजल हो सके। उन्होंने कहा कि इसके लिये अपने कार्मिकों के बीच कार्य विभाजन को परिभाषित करें और उनके मध्य रोटेशन ऑफ ड्यूटीज भी करते रहें ताकि किसी विशिष्ट अवधि में कार्मिक की अनुपस्थिति से अनुभाग का कार्य प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार, लोकायुक्त कार्यालय एवं विधान सभा से प्राप्त पत्रों, प्रश्नों, निर्देशों के संबंध में संबंधित संस्थाओं और कार्यालयों से सामंजस्य स्थापित करते हुये टाइम बाउण्ड तरीके से निस्तारण किया जावे। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकरण में सारगर्भित कार्यालय टीप अंकित की जावे तथा उससे संबंधित विषयों और पत्रों को सही ढंग से फ्लेग किया जावे। ऐसा करने से उच्च स्तर पर त्वरित निर्णय संभव हो सकेंगे। रजिस्ट्रार ने कहा कि सहकारिता विभाग राज्य की कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने में एक महत्वपूर्ण विभाग है और विभाग सहकारी संस्थाओं के सहयोग से लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग के कार्य निष्पादन प्रदर्शन में सुधार का सीधा प्रभाव योजनाओं के क्रियान्वयन पर पडता है। इसलिये यह हमारी सबकी जिम्मेदारी है कि हम सभी एक टीम के रूप में कार्य करें और गुणवत्तापूर्ण तरीके से कार्य कर आमजन को अधिक से अधिक राहत दें।

लम्बित प्रश्नों पर जीरो पेंडेन्सी के साथ आदर्श बनाये, राजस्थान-विधानसभा अध्यक्ष ने मुख्य सचिव सहित अधिकारियों की बुलाई उच्च बैठक

जयपुर। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि विधानसभा आमजन की समस्या के समाधान का सशक्त प्लेटफार्म है। विधायकों द्वारा जन समस्याओं के संबंध में उठाये गये मुद्दों के निराकरण विधानसभा के पवित्र सदन में होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के अधिकारीगण समस्याओं के निराकरण करने में सहयोगी बने और अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन समय सीमा में करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि मिशन रूप में कार्य करने से ही राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे कार्यों का परिणाम धरातल पर दिखाई दे सकेगा। श्री देवनानी ने कहा कि विधानसभा से संबंधित प्रश्नों के जवाब के मामले में उल्लेखनीय सुधार हुए है, लेकिन अभी और अधिक बेहतर किये जाने की आवश्यकता है। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी शुक्रवार को यहां विधानसभा में लम्बित प्रश्नों, ध्यानाकर्षण प्रस्तावों, विशेष उल्लेख प्रस्तावों, आश्वासनों एवं याचिकाओं के संबंध में राज्य सरकार के मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव सहित वरिष्ठ अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। अधिकारियों को दिये सख्‍त निर्देश, जवाब समय सीमा में भेजे- श्री देवनानी ने कहा कि प्रश्नों के जवाब लम्बे समय तक विधानसभा को प्राप्त नहीं होना चिन्ता का विषय है। उन्होंने अधिकारियों को सख्‍त निर्देश दिये कि विधानसभा के प्रश्नों के जवाब समय सीमा में भेजा जाना सुनिश्चित करें। यह महत्वपूर्ण कार्य है। सोलहवीं राजस्थान विधानसभा के तीसरे सत्र से पहले 20 जनवरी तक सभी प्रश्नों के जवाब  विधानसभा को आवश्यक रूप से भेजे। श्री देवनानी ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, स्वायत्त शासन विभाग, शिक्षा विभाग, ऊर्जा विभाग, नगरीय विकास विभाग और गृह विभाग का नाम प्रमुखता से लेकर कहा कि इन विभागों में विधानसभा के प्रकरण अधिक संख्या में लम्बित है। श्री देवनानी ने कहा कि इन विभागों को प्राथमिकता से गम्भीर होकर विधानसभा के मामलों का निस्तारण समय सीमा में करना होगा। श्री देवनानी अधिक प्रश्नों के बकाया जवाबों वाले विभागों के अधिकारियों से रूबरू हुए और उनसे प्रश्नों के जवाब नहीं आने के कारणों की जानकारी ली। श्री देवनानी ने कहा की विधानसभा की समितियों की कार्यवाही को भी प्रशासनिक अधिकारी गंभीरता से लें ताकि ऑडिट पैराओ पर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध समय पर कार्रवाई हो सके। प्रश्नों के मामले में दुबारा ना बुलानी पडे बैठक- श्री देवनानी ने कहा कि अधिकारी विधानसभा से संबंधित मामलों में इस तरह की मॉनिटरिंग करें की लम्बित प्रश्नों के मामले में भविष्य में अन्य बैठक बुलाने की आवश्यकता ही ना हो। जनहित के मामलों का निस्तारण विधानसभा में समय सीमा में कराया जाना सशक्त लोकतंत्र के लिये आवश्यक है। कैम्प लगाये और निस्तारण करें- श्री देवनानी ने कहा कि विधानसभा से संबंधित प्रश्नों के मामले में विभाग के अधिकारियों के साथ कैम्प लगाकर युद्ध स्तर पर कार्य निस्तारण की कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि यह गभीर मामले है इन्हें समय से निर्णित किया जाना आवश्यक है। विधानसभा अध्यक्ष श्री देवनानी ने कहा कि यदि इन मामलों में कोई समस्या है तो बताये और उसके साथ ही समस्या के निराकरण के मार्ग भी सुझाये, ताकि परिणामदायक कार्य हो सके। विधानसभा के प्रति संवेदनशील बने- राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री देवनानी ने कहा कि अधिकारीगण विधानसभा के प्रति संवेदनशील बने। सदन में 200 विधायकगण बैठते हैं। राज्य सरकार भी यहां राज्य कार्यों को सम्‍पादित करती है। उन्होंने कहा कि अधिकारीगण विधानसभा को गम्भीरता से ले। अधिनस्थ अधिकारियों की कार्य व्यवस्था को प्रभावी बनाये और परिणाम देने वाला परिश्रम करें। यह विधानसभा है यहां परिणाम धरातल पर आने चाहिए- श्री देवनानी ने कहा कि विधानसभा का सदन आमजन का सदन होता है। आमजन विधायकों को निर्वाचित कर विधानसभा में भेजते है। जन समस्याओं का निराकरण आवश्यक रूप से प्रभावी तरीके से किया जाना आवश्यक है, ताकि धरातल पर परिणाम दिखाई दे सके। देवनानी ने कहा कि तीस दिन विधानसभा चलती है। एक विभाग के लिये पांच दिन का ही समय आता है। विधानसभा से अधिक महत्वपूर्ण कोई कार्य नहीं हो सकता है। विधानसभा में बैठकों के दौरान वरिष्ठ अधिकारीगण दीर्घा में मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि जनता को यथा समय जवाब मिलने पर सन्तुष्टि होती है। प्रदेश के अधिकारीगण अनुभवी है। उनके अनुभवों का लाभ राज्य को होना चाहिए। श्री देवनानी ने कहा कि राजस्थान के लोग धैर्यवान है। उनकी कठिनाईयों का निराकरण करना हम सभी का प्रथम दायित्व है। बोर्ड निगमों के प्रतिवेदन नहीं आने पर जिम्मेदारी तय करें- श्री देवनानी ने कहा कि विधानसभा में राज्य के निगमों, बोर्ड आदि के प्रतिवेदन समय पर नहीं आते है। यह ठीक नहीं है। इसे गम्भीरता से ले और जिम्मेदारी तय करें।विभागों में बने प्रकोष्ठों को सुदृढ करें- श्री देवनानी ने अधिकारियों से पूछा कि प्रश्नों के जवाब भेजने में क्या कठिनाई है? क्यों प्रश्नों के जवाब लम्बित रहते है। किस स्तर पर विधानसभा के कार्यों को गम्भीरता से नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुझे पीडा है कि प्रश्नों के जवाब निर्धारित समय सीमा में नहीं आ रहे है। श्री देवनानी ने कहा कि प्रत्येक विभाग में विधानसभा प्रकोष्ठ संचालित होने के बावजूद भी प्रश्नों के जवाब नहीं आना दु:खद है। राज्य सरकार और विधानसभा का उद्देश्य एक ही है- श्री देवनानी ने कहा कि राज्य सरकार और विधानसभा के कार्यों का उद्देश्य एक ही है। विधायकों द्वारा पूछे जा रहे प्रश्नों के जवाब तय समय सीमा में आये। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और विधानसभा के अधिकारीगण प्रश्नों के जवाब में आ रही कठिनाइयों को मिलकर दूर करें और समय पर प्रश्नों के जवाब भेजे जाना सुनिश्चित करें। लोकतंत्र के प्रति लोगों के विश्वास को बनाये रखें- श्री देवनानी ने कहा कि लोकतंत्र में जन महत्वपूर्ण होता है। जनता का लोकतंत्र के प्रति विश्वास को बनाये रखने में हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। आप और हम सभी मिलकर लोकतंत्र के लिए प्रदेश के विकास के लिए कार्य कर रहे है। इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। श्री देवनानी ने कहा कि विधानसभा के सदन संचालन से संबंधित किसी भी कार्य में ढिलाई बरतने वाले अधिकारी व कर्मचारी पर सख्त कार्यवाही होगी। बैठक में मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत ने कहा कि प्रश्नों के सन्दर्भ में विधानसभा अध्यक्ष द्वारा अनेक बार समीक्षा की जा रही है। राज्य सरकार उनके इस कदम में पूरी तरह से सहभागी … Read more

नियम पालन न करने वाले वेटेरिनरी कॉलेजों पर होगी कार्रवाई, राजस्थान-पशुपालन सचिव ने समीक्षा बैठक में दी हिदायत

जयपुर। शुक्रवार को शासन सचिवालय में पशु चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता और भविष्य में सुधार की संभावनाओं पर समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। अक्टूबर में इस विषय पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया था। उसी के फॉलोअप के लिए यह बैठक हुई। बैठक में राज्य के पशु चिकित्सा संस्थानों के अधिष्ठाताओं ने अपने कॉलेजों की प्रस्तुति दी। बैठक में शासन सचिव, पशुपालन, गोपालन और डेयरी डॉ समित शर्मा ने प्रस्तुितयों की सराहना करते हुए कहा कि आप सबने अपना काम शुरू कर दिया है, विश्वास है कि हम जल्द ही अपने लक्ष्य को हासिल कर लेंगे। वेटरिनरी कॉलेज को उत्कृष्टता का केंद्र बनाना हमारा लक्ष्य होना चाहिए। डॉ शर्मा ने भौतिक और मानव संसाधन के बीच संतुलन पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता के लिए क्षेत्र में काम कर रहे पशु चिकित्सा अधिकारियांे और शिक्षा संस्थानों के बीच तालमेल होना आवश्यक है। उन्हांेने कहा कि विभाग द्वारा ई- नॉलेज बैंक बनाया जा रहा है जिससे कोई भी चिकित्सक अगर कोई सर्जरी कर रहा है और उसे किसी इनपुट की आवश्यकता है तो वह इनपुट उसे ऑनलाइन उपलब्ध हो सके। उन्होंने हैंड्सऑन ट्रेनिंग को भी आवश्यक बताते हुए कहा कि बिना पानी में उतरे कोई व्यक्ति तैरना नहीं सीख सकता। राष्ट्रीय पशु चिकित्सा परिषद के मापदंडों पर काम करते हुए राज्य के पशु चिकित्सा संस्थानों को देश में सर्वाेच्च स्थान पर लाना है। इससे किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने कॉलेजों में आधुनिक संरचना के विकास पर जोर देते हुए कहा कि हमें एप आधारित पठन- पाठन सामग्री का उपयोग करना चाहिए, जिससे हमारे भावी पशु चिकित्सकों में उच्च स्तर की व्यवसायिक दक्षता आ सके। उन्होंने कहा कि सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों का समय- समय पर रिफ्रेशर कोर्स और एक्सपोजर विजिट होना चाहिए जिससे उनमें और अच्छा काम करने की ललक पैदा होगी। उन्होंने सभी कॉलेजों को सभी प्रकार के उपकरण और औजार की उपलब्धता और उनका उपयोग सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए और कहा कि कॉलेज के संचालन और विद्यार्थियांे की एडमिशन प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शी होनी चाहिए। उन्होंने मैनेजमेंट कोटे की सीटों को भरने में मनमानी फीस न लेने के सख्त निर्देश दिए और कहा कि ऐसा होने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिये कि सभी कॉलेजों को एमएसवीई निर्देशिका एवं वीसीआई रेगुलेशन, 2016 के अनुसार बायोमीट्रिक उपस्थिति, अध्यापकों की पारदर्शी सूची, आम जनता के लिए कॉलेज स्थित पशु अस्पतालों का उपयोग आदि निर्देशों का पालन करें अन्यथा नियमानुसार कॉलेजों की एनओसी निरस्त करने की कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि अपनी कमियों को स्वीकार करने में हमें कोई गुरेज नहीं करना चाहिए बल्कि उन कमियों को दूर करने का प्रयास करते हुए हमें ऊंचाई की तरफ बढ़ना चाहिए। समस्याएं भी आएंगी पर उन सबका मिलकर सामना करते हुए हम निश्चित रूप से प्रदेश को पशु चिकित्सा के क्षेत्र में सर्वाेच्च स्थान दिलाने में कामयाब होंगे। बैठक में शासन उप सचिव श्रीमती संतोष करोल, पशुपालन निदेशक  डॉ आनंद सेजरा, राजुवास के प्रो वाइस चांसलर डॉ हेमंत दाधीच, राज्य के विभिन्न पशु चिकित्सा महाविद्यालयों के अधिष्ठाता और पशुपालन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

‘पूर्ण निष्ठा से करें प्रकृति संरक्षण कार्य’, राजस्थान-119वें वनरक्षक प्रशिक्षण के दीक्षांत समारोह में पहुंचे केन्द्रीय पर्यटन मंत्री

जोधपुर/जयपुर। जोधपुर के राजस्थान पुलिस प्रशिक्षण केंद्र, मंडोर में शुक्रवार को आयोजित 119वीं फॉरेस्ट गार्ड ट्रेनिंग पासिंग आउट परेड में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। उन्होंने पास आउट वन रक्षकों की परेड का निरीक्षण किया एवं परेड की सलामी ली। साथ ही, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र व स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने नवप्रशिक्षित वन रक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि उन्हें वन और वन्यजीव संरक्षण का जो महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है, उसे पूर्ण निष्ठा और जिम्मेदारी से निभाना होगा। वन संरक्षण की प्रेरणा: अमृता देवी बिश्नोई का स्मरण— केंद्रीय मंत्री श्री शेखावत ने कहा कि यह गौरवपूर्ण क्षण है कि आप सभी को प्रशिक्षण उस पवित्र धरती पर मिला है, जहां पर्यावरण रक्षा के लिए श्रीमती अमृता देवी बिश्नोई ने 363 लोगों के साथ अपने प्राणों की आहुति दी थी। हमारी संस्कृति ने हमेशा जल, जंगल, जमीन और जीव-जंतुओं को देवताओं के समान पूजा है, लेकिन समय के साथ भौतिकवाद और गुलामी के कारण हमने अपने इन आदर्शों से दूरी बना ली। पर्यावरण संरक्षण में भारत की भूमिका— श्री शेखावत ने कहा कि वर्तमान में पूरा विश्व पर्यावरणीय संकट का सामना कर रहा है और भारत भी इससे अछूता नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के संरक्षण में ही इस संकट का समाधान निहित है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 10 वर्षों में वन संरक्षण और वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रयासों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के “मां के नाम एक पौधा” अभियान से पौधारोपण के प्रति आमजन का उत्साह बढ़ा है। 491 फॉरेस्ट गार्ड्स ने पूरा किया प्रशिक्षण— 491 चयनित फॉरेस्ट गार्ड्स को 12 सप्ताह का गहन प्रशिक्षण मिलने पर श्री शेखावत ने उन्हें एक नए जीवन अध्याय की शुभकामनाएं दीं और इस बैच को सौभाग्यशाली बताया तथा कहा कि उन्हें ऐसे परिसर में प्रशिक्षण का अवसर मिला, जिसका नाम स्वर्गीय सुल्तान सिंह से जुड़ा है। वनरक्षक भर्ती परीक्षा—2022 भर्ती के तहत चयनित 141 प्रशिक्षणार्थियों का नवीन बेच आगामी 7 जनवरी से आरपीटीसी मण्डोर जोधपुर में प्रारंभ होने जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान 120वें वनरक्षक आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ भी मुख्य अतिथि श्री शेखावत द्वारा किया गया। इस दौरान उप वन संरक्षक एवं कोर्स निदेशक श्री अमित चौहान ने नव प्रशिक्षित वनरक्षकों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलवायी। प्रशिक्षण का प्रतिवेदन उप वन संरक्षक एवं कोर्स निदेशक श्री दीपक गुप्ता ने प्रस्तुत किया। सुल्तान सिंह स्टेडियम में आयोजित इस समारोह में जोधपुर संभागीय आयुक्त डॉ प्रतिभा सिंह, रेंज आईजी श्री विकास कुमार, जिला कलेक्टर श्री गौरव अग्रवाल, मुख्य वन संरक्षक श्री आर.के. जैन सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

शौर्य घाट चम्बल रिवर फ्रंट पर उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने किया संवाद, राजस्थान-कोटा एवं हाड़ौती में पर्यटन विकास की विपुल सम्भावनाएं

जयपुर। उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा है कि कोटा समेत समूचा हाड़ौती अंचल पर्यटन की विपुल सम्भावनाएं समेटे हुए है। कोटा में चम्बल रिवर फ्रंट एक यूनिक डेस्टिनेशन बनकर उभरा है। पर्यटन विकास के लिए सरकार के स्तर पर हर सम्भव प्रयास एवं सहयोग किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री शुक्रवार को शौर्य घाट चम्बल रिवर फ्रंट पर आयोजित हाड़ौती पर्यटन विकास पर संवाद कार्यक्रम में शिरकत कर रही थी। समारोह में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कोटा में पर्यटन विकास के लिए सबकुछ है। कोटा और बूंदी जिलों में कई हैरिटेज स्थल हैं। यहां अध्यात्मिक टूरिज्म के साथ-साथ वाईल्ड लाईफ और एडवेंचर पर्यटन की भी व्यापक सम्भावनाएं हैं। हमें इन खूबियों की वैश्विक स्तर पर ब्राडिंग करने की जरूरत है । उन्होंने कहा कि शीघ्र ही राज्य सरकार द्वारा पर्यटन नीति जारी की जाएगी जिसमें पर्यटन विकास के विविध आयामों को ध्यान में रखा जायेगा। हाड़ौती के पर्यटन के विकास के लिए पर्यटक अथवा ट्रेवल मार्ट के आयोजन किए जाने चाहिए जिनसे यहां पर्यटन स्थलों का प्रभावी तरीके से प्रमोशन हो सकेगा। उन्होंने कहा कि कोटा में एयरपोर्ट निर्माण प्रक्रिया आरम्भ हो चुकी है। एयरपोर्ट बनने के बाद कनेक्टिविटी होने से देश-विदेश के पर्यटक अच्छी तादाद में यहां आ सकेंगे। सड़कों की स्थिति में भी व्यापक सुधार लाया गया है और आगे भी इस दिशा में ठोस कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अतिथि देवो भवः की भावना राजस्थानवासियों में कूट-कूटकर भरी है। इसी का नतीजा है कि पर्यटक यहां खिंचे चले आते हैं। इस बार राजस्थान में पर्यटकों की बम्पर आवक हुई है जो उत्साहजनक है। राईजिंग राजस्थान में भी सबसे ज्यादा एमओयू पर्यटन क्षेत्र में हुए हैं। कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा ने कहा कि उप मुख्यमंत्री ने सकारात्मक एवं संवेदनशीलता के साथ हमारी भावनाओं को समझा है। हम उम्मीद करते हैं कि आने वाले बजट में हमारी अपेक्षाएं अवश्य पूरी होंगी। इस अवसर पर एडीएम सीलिंग श्री कृष्णा शुक्ला, एडीएम सिटी श्री अनिल कुमार सिंघल एवं अन्य अधिकारी, होटल एसोसिएशन एवं पर्यटन से जुड़े कोटा-बूंदी के पदाधिकारी उपस्थित रहे। होटल एसोसिएशन ऑफ राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष श्री हुसैन खान ने कोटा एवं हाड़ौती में पर्यटन एवं आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता एवं हाड़ौती में पर्यटन की सम्भावनाओं पर प्रकाश डाला। एसोसिएशन के कोटा सम्भाग के श्री अशोक माहेश्वरी ने भी कोटा में रिवर फ्रंट सहित अन्य पर्यटक स्थलों को रेखांकित करते हुए पर्यटन विकास की सम्भावनाओं की ओर ध्यान आकृष्ट किया और सुविधाओं के विस्तार का अनुरोध किया। होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान एवं व्यापार महासंघ, व्यापार महासंघ अध्यक्ष श्री क्रांति जैन, होटल एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री रणविजय सिंह ने उप मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया गया। लाइन प्रोड्यूसर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष श्री सुभाष सोरल ने फिल्म व वेब सीरीज की शूटिंग के मध्यनजर जिलों में एकल खिड़की उपलब्ध कराए जाने का अनुरोध किया ताकि राजस्थान में अधिक से अधिक निर्माता शूटिंग के लिए आकर्षित हो।

प्रदेश के विकास और खुशहाली की कामना की, राजस्थान-मुख्यमंत्री भजनलाल ने श्रीनाथ जी एवं गणेश मन्दिर में किए दर्शन

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने नववर्ष 2025 के प्रथम दिन बुधवार को सपत्नीक डीग जिले के श्रीनाथ जी मन्दिर, मुकुट मुखारविंद मन्दिर तथा जयपुर के मोतीडूंगरी गणेश मन्दिर में दर्शन किए। उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश के विकास और आमजन की खुशहाली की कामना की। शर्मा ने डीग जिले के श्रीनाथ जी मन्दिर में मंगला आरती में शामिल होकर दर्शन किए। उन्होंने मुकुट मुखारविंद मन्दिर में श्री गिरिराज जी का दुग्धाभिषेक कर विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने जयपुर पहुंचकर मोतीडूंगरी गणेश मन्दिर में दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने आमजन से आत्मीय मुलाकात की। इस अवसर पर गृह राज्यमंत्री श्री जवाहर सिंह बेढ़म सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

पशु चिकित्सा संस्थानों को बेहतर बनाने शुरू करेंगे नवाचार, राजस्थान-पशुधन भवन में नव वर्ष मिलान में पशुपालन सचिव बोले

जयपुर। पशुपालन सचिव डॉ समित शर्मा ने कहा है कि 1 जनवरी 2025 से विभाग में तीन नई व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि पशुपालकों को पशुपालन विभाग के टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान जैसे सबसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की प्रभावी मॉनिटरिंग करने के लिए सभी संभागों और जिलों के लिए मुख्य निष्पादन सूचकांक यानी परफॉरमेंस इंडिकेटर बेस्ड मासिक रिपोर्ट कार्ड तैयार की जाएगी जिससे योजनाओं का बेहतर संचालन हो सके, समय पर समस्याओं का पता लगाया जाकर उनका निराकरण किया जा सके। वे टोंक रोड स्थित पशुधन भवन में नव वर्ष के अवसर पर विभाग के अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। डॉ समित शर्मा ने विभाग के अधिकारियों को नव वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमें विभाग के लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करते हुए अनुशासन और समयबद्धता के साथ आगे बढ़ना है और उत्कृष्ट राजकीय सेवाएं हमारे लाभार्थियों तक पहुंचाने का प्रयास करना है। डॉ शर्मा ने बताया कि विभाग के वेटरिनरी संस्थाओं जैसे पॉलीक्लिनीक, वेटरिनरी चिकित्सालय एवं पशु चिकित्सा उपकेंद्रों को बेहतर बनाने के लिए उन संस्थाओं को क्रमशः 100, 65 और 50 बिंदुओं पर मॉनिटर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह व्यवस्था पशु चिकित्सा संस्थानों में स्थानीय स्तर पर गतिविधियों के क्रियान्वयन में तो मददगार साबित होगी ही साथ ही, राज्य स्तर पर होने वाली समीक्षा बैठकों में भी संस्थानों के कार्य मूल्यांकन में इससे बहुत सहायता मिलेगी। डॉ शर्मा ने बताया कि वर्ष भर में उत्कृष्ट रहने वाले पशु चिकित्सा संस्थानों और अधिकारियों को विश्व पशु चिकित्सा दिवस (अप्रैल माह के अन्तिम शनिवार) के अवसर पर प्रशस्ति पत्र सम्मानित भी किया जाएगा। इससे संस्थानों में बेहतर करने की स्वस्थ प्रतिस्पर्द्धा विकसित होगी और पशुपालकों और पशुओं को भी गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्राप्त होंगी। डॉ शर्मा ने बताया कि विभाग द्वारा चलाए जा रहे मोबाइल वेटरिनरी यूनिट्स को अब 1962 कॉल सेंटर पर प्राप्त कॉल आधारित संचालन के अतिरिक्त प्रतिदिन सुबह के समय लगभग 3 से 4 घंटे पशु चिकित्सा शिविरों का किया जाएगा। शिविर के आयोजन से एक दिन पहले इसकी सूचना नजदीकी विभागीय संस्था के प्रतिनिधि द्वारा ग्रामीणों को दी जाएगी। शिविर स्थल पर विभाग और शिविर से संबंधित आईईसी सामग्री का प्रदर्शन भी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि एमवीयू सप्ताह के सभी दिवसों में बिना किसी अवकाश के कार्य करेंगी और शिविर के आयोजन के लिए विभाग तथा संचालनकर्ता फर्मों की भूमिका तय कर दी गई है।

एक हजार करोड़ के निवेश का बनेगा रोडमैप, राजस्थान-निवेश एमओयू के क्रियान्वयन की मुख्यमंत्री करेंगे त्रि-स्तरीय समीक्षा

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के औद्योगिक विकास एवं निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक बेहतरीन विजन एवं रोडमैप के साथ कार्य कर रही है। इसी दिशा में कार्यकाल के पहले ही वर्ष में राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के सफल आयोजन के बाद हस्ताक्षरित हुए एमओयू के समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री ने त्रि-स्तरीय समीक्षा व्यवस्था की पहल की है। एमओयू की त्रि-स्तरीय समीक्षा व्यवस्था के अनुसार, एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि वाले एमओयू की समीक्षा मुख्यमंत्री स्तर पर मासिक रूप से की जाएगी। वहीं, 100 करोड़ से लेकर 1 हजार करोड़ रुपये तक की राशि वाले एमओयू की समीक्षा मुख्य सचिव स्तर पर पाक्षिक रूप से की जाएगी। साथ ही, 100 करोड़ रुपये से कम राशि वाले एमओयू की समीक्षा विभागीय सचिव स्तर पर साप्ताहिक रूप से की जाएगी। राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के तहत कुल 35 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू किए गए थे। जिनमें से लगभग 32 लाख करोड़ रुपये के 261 एमओयू एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि वाले हैं। इसी तरह, 100 करोड़ से अधिक एवं 1 हजार करोड़ रुपये से कम की राशि वाले एमओयू की संख्या 1 हजार 678 तथा इनकी कुल राशि 3.50 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। साथ ही, 100 करोड़ रुपये तक के एमओयू की संख्या 9 हजार 726 तथा इनकी कुल राशि लगभग 90 हजार करोड़ है। उल्लेखनीय है कि 9 से 11 दिसंबर तक जयपुर में आयोजित राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में मुख्यमंत्री ने हस्ताक्षरित हुए एमओयू की प्रगति-रिपोर्ट दिसंबर 2025 में प्रदेशवासियों के सामने रखने की घोषणा करते हुए अपनी प्रतिबद्धता दर्शायी थी। इस दिशा में त्रि-स्तरीय समीक्षा व्यवस्था की पहल कारगर साबित होगी।

‘पशु पालकों के विकास के लिए राज्य सरकार कृत संकल्पित’, राजस्थान-पशुपालन निदेशक का डॉ. आनंद सेजरा ने संभाला कार्यभार

जयपुर। डॉ. आनंद सेजरा ने बुधवार को पशुपालन विभाग के निदेशक का कार्यभार ग्रहण किया। इस अवसर पर शासन सचिव डॉ समित शर्मा ने डॉ सेजरा को बधाई दी। डॉ. सेजरा ने 1992 में आरपीएससी से चयनित होकर पशुपालन विभाग में अपनी सेवा की शुरूआत की। इसके बाद 1996 में सीधी भर्ती से सहायक निदेशक के पद पर चयनित हुए। पशुपालन निदेशालय में लंबे समय से कार्यरत डॉ सेजरा ने कई महत्वपूर्ण अनुभागों का दायित्व बहुत कुशलता से संभाला है। वे आयोजना तथा विधानसभा मामलों के विशेषज्ञ माने जाते हैं। वर्तमान में कई अनुभागों के दायित्व के साथ साथ आरएलडीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी का कार्यभार भी डा.ॅ सेजरा के पास है। कार्यभार संभालते हुए डॉ सेजरा ने कहा कि राज्य सरकार पशुपालकां के विकास के लिए कृत संकल्पित होकर काम कर रही है। विकसित और समृद्ध राजस्थान बनाने तथा विभाग को एक नई ऊंचाई तक ले जाने के लिए पशुपालन विभाग अपना भरपूर प्रयास करेगा। उन्होंने विभाग के सभी कार्मिकों को नए साल की शुभकामनाएं देते हुए नए साल में नई ऊर्जा के साथ काम करने का आग्रह किया। विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने डॉ. सेजरा को निदेशक पद का कार्य भार ग्रहण करने पर बधाई और शुभकामना दी।

लोक देवताओं, वीर- वीरांगनाओं और महापुरुषों की प्रमुखता से दी है जानकारी, राजस्थान-विधानसभा कैलेण्डर का विमोचन

जयपुर। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने बुधवार को विधानसभा में राजस्थान विधानसभा वार्षिक कैलेण्डर 2025 का विमोचन किया। श्री देवनानी ने कहा कि वर्ष 2025 के कैलेण्डर में लोक देवताओं, वीर-वीरागंनाओ और महापुरुषों का प्रमुखता से उल्लेख किया गया है। उन्होंने बताया कि महापुरुषों के आदर्श आम जन के प्रेरणा स्त्रोत होते हैं। जिस माह में जिन लोकदेवताओं, वीर-वीरागंनाओ और महापुरुषों के पर्व, जयंती आते हैं, उसी माह में उनका उल्लेख किया गया है। इससे आम जन को स्थानीय लोक देवताओं के साथ वीर-वीरागंनाओं के ‌द्वारा किये गये राष्ट्र के लिये बलिदान और त्याग की जानकारी मिल सकेगी। इस मौके पर विधान सभा के विशिष्ट सचिव श्री भारत भूषण शर्मा और विशिष्ट सहायक श्री के. के. शर्मा मौजूद थे। विधानसभा अध्यक्ष ने सदन का किया अवलोकन – राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने बुधवार को राजस्थान विधान सभा के सदन को हाईटेक बनाने के लिये किये जा रहे कार्य का अवलोकन किया। श्री देवनानी ने सदन में विधान सभा के प्रत्येक सदस्य की सीट पर लगाये जा रहे टैब, उसके स्टैण्ड और उसको उचित दिशा में लगाये जाने के बारे में अधिकारियों को निर्देश दिये। श्री देवनानी ने सदन में किये जा रहे अपग्रेडेशन कार्य की विस्तार से जानकारी ली। इस मौके पर विधान सभा के अधिकारीगण मौजूद थे।

सहकारिता के त्वरित एवं स्वतः प्रसार के लिये किये जायेंगे प्रावधान: राज्यमंत्री, राजस्थान-नया कोऑपरेटिव कोड तैयार करने की ब्रेन स्टॉर्मिग बैठक

जयपुर। सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम कुमार दक ने बताया कि प्रदेश में सहकारी संस्थाओं की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता स्थापित करने एवं त्वरित कार्य निष्पादन के लिये नये सहकारी कोड में प्रावधान किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य प्रदेश में सहकारिता को सर्वसुलभ बनाते हुये इसके सहज एवं स्वतः विस्तार को सुनिश्चित करना है। प्रदेश का कोई भी नागरिक सहकारिता के माध्यम से मिलने वाले लाभ से वंचित नही रहना चाहिये इसके लिये सहकारी कानून में समयबद्ध सीमा में सदस्यता प्रदान करने का प्रावधान किया जावे। सहकारिता विभाग के अधिकारियों सहित अभिभाषकों एवं जन प्रतिनिधियों के साथ अपेक्स बैंक में आयोजित ब्रेन स्टॉर्मिंग बैठक में सहकारिता मंत्री ने बताया कि महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु, गुजरात सहित मध्यप्रदेश राज्यों के सहकारी कानूनों का अध्ययन कर सहकारिता प्रसार के लिये युक्तियुक्त प्रावधानों का राजस्थान के परिपेक्ष्य में उनका मसौदा तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गृह निर्माण सहकारी समितियों और क्रेडिट सहकारी सोसाइटियों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता स्थापित करने के लिये प्रावधानों पर विचार किया गया। इसके लिये संबंधित विभागों के प्रावधानों और सहकारिता की भूमिका के मध्य सामंजस्य स्थापित करते हुये कोऑपरेटिव कोड में अध्याय जोड़े जायेंगे। दक ने बताया कि नये कोऑपरेटिव कोड में सहकारिता के मूल सिद्धान्तों को आधार बनाते हुये खुली एवं स्वैच्छिक सदस्यता, सदस्यों की आर्थिक सहभागिता, सदस्यों का लोकतांत्रिक नियंत्रण, सदस्यों एवं पदाधिकारियों को सहकारी शिक्षा एवं प्रशिक्षण तथा सहकारी संस्थाओं के मध्य सहकारिता को सुनिश्चित करने के लिये प्रावधानों को संशोधित एवं परिवर्धित करने के लिये अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। सहकारिता विभाग की प्रमुख शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार श्रीमती मंजू राजपाल ने कहा कि नये कोऑपरेटिव कोड में हमारा फोकस कार्य निष्पादन सीमा को न्यूनतम स्तर तक लाते हुये सदस्यों को त्वरित एवं न्याय संगत कार्यवाही को सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि आमजन को सहकारी सुविधाओं और योजनाओं तक सुगम पहुंच सुनिश्चित करने के लिये सभी जिला इकाइयों एवं जिला केन्द्रीय सहकारी बैंकों में हेल्प डेस्क बनाई जायेंगी। मंजू राजपाल ने कहा कि नये कोऑपरेटिव कोड को इस प्रकार बनाया जा रहा है जिसमें सहकारी संस्थाओं की स्वायत्तता को अक्षुण्ण बनी रहे और निर्वाचित पदाधिकारी संस्था की निर्णय प्रक्रिया में अधिकाधिक भाग लेकर एक सबके लिये, सब एक के लिये के मूलमंत्र के आधार पर कार्य कर सकें।

‘हम नई ऊर्जा और संकल्प के साथ विकसित बनने अग्रसर’, राजस्थान-मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का नववर्ष पर संदेश

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने नववर्ष 2025 की पूर्व संध्या पर मंगलवार को प्रदेशवासियों के नाम एक पत्र लिखकर भावपूर्ण संदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में कहा कि वर्ष 2024 हमारे देश और राजस्थान के लिए उपलब्धियों और गर्व भरा रहा। यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई। इस वर्ष 500 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण हुआ और करोड़ों देशवासियों की अभिलाषा पूरी हुई। शर्मा ने कहा कि राजस्थान के लिए भी 2024 उपलब्धियों का वर्ष रहा। वर्षों से लंबित ईआरसीपी (पीकेसी) लिंक परियोजना की सौगात हमें इस वर्ष प्राप्त हुई। साथ ही, देवास परियोजना का काम शुरू होने तथा यमुना जल समझौते से प्रदेश के विकास और जल संकट के स्थाई समाधान का मार्ग प्रशस्त हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बनते ही हमने युवाओं को पेपरलीक के अभिशाप से मुक्ति दिलाते हुए भर्ती माफिया तंत्र का अंत किया और पेपरलीक मुक्‍त परीक्षाओं का सफलतापूर्वक आयोजन किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहली बार भर्ती परीक्षाओं का 2 साल का कैलेंडर जारी करते हुए युवाओं को मुख्यमंत्री रोजगार उत्सव के माध्यम से रोजगार भी प्रदान किए। श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए हमने राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का सफल आयोजन किया, जिसमें 35 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। इससे प्रदेश के औद्योगिक विकास को अभूतपूर्व गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी राजस्‍थान देश का अग्रणी प्रदेश बना है। हमारे किसान भाइयों को वर्ष 2027 तक दिन में बिजली उपलब्‍ध करवाने के संकल्‍प को पूरा करने की दिशा में राज्य सरकार ने ऊर्जा क्षेत्र में 2 लाख 24 हजार करोड़ रुपये के एमओयू किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस हाइवे बनाने के निर्णय से प्रदेश के विकास को नई दिशा मिलेगी। इन सभी निर्णयों और केन्द्र व राज्य सरकार की योजनाओं से विकसित राजस्थान 2047 के लक्ष्य की नींव रखी गई है। राज्य सरकार ने लिए कल्याणकारी फैसले— श्री शर्मा ने कहा राज्य सरकार ने राज्य के विभिन्न वर्गों के हित में कई कल्याणकारी फैसले लिए हैं। जिनमें किसानों की सम्मान निधि बढ़ाना, मातृवंदन योजना के तहत साढ़े चार लाख महिलाओं को सहायता, एक हजार नए आंगनबाड़ी केंद्र और बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए लाडो प्रोत्साहन योजना शुरू करना तथा 450 रुपये में गैस सिलेंडर देने जैसे निर्णय शामिल हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना, मा वाउचर योजना और रामाश्रय वार्ड की स्थापना से हमने स्वास्थ्य क्षेत्र में नए मानदंड स्थापित किए हैं। साथ ही, 35 हजार जरूरतमंदों को जमीन के पट्टे, 1 लाख 80 हजार घरों के निर्माण की स्वीकृति तथा 10 लाख परिवारों को पेयजल कनेक्शन देकर उनके जीवन में बड़ा बदलाव लाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि खेल जगत में भी इस वर्ष प्रदेश का नाम देश-दुनिया में रोशन हुआ। पेरिस पैरा ओलंपिक में हमारे प्रदेश के आठ खिलाड़ियों ने भाग लेकर तीन पदक जीते। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि वर्ष 2025 में सभी प्रदेशवासी नई ऊर्जा, नए संकल्प और नए उत्साह के साथ विकसित राजस्थान की ओर अग्रसर होंगे तथा नववर्ष प्रदेश के लिए उपलब्धियों भरा रहेगा।

टीना डाबी समेत 28 आईएएस को मिला प्रमोशन का तोहफा, राजस्थान-प्रवीण गुप्ता और भास्कर सावंत बने एसीएस

रायपुर। राज्य में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS) और भारतीय वन सेवा (IFS) का प्रमोशन किया गया है। प्रमोशन की यह लिस्ट साल 2024 के आखिरी दिन जारी हुई। आईएएस प्रमोशन की लिस्ट में 8 अफसरों के पदनाम भी बदले गए हैं। इसमें प्रमुख सचिव प्रवीण गुप्ता व भास्कर आत्माराम सावंत अब अबोव सुपर टाइम स्केल से मुख्य सचिव वेतन शृंखला में पदोन्नत होकर एसीएस बन गए हैं। वहीं, मंजू राजपाल तथा देवाशीष पृष्टी अबोव सुपर टाइम स्केल में पदोन्नत हो गए हैं। इनके अलावा कुमार पाल गौतम तथा विश्राम मीणा को सुपर टाइम स्केल में पदोन्नत किए गए हैं। रुक्मणी रियार, ओमप्रकाश कसेरा, सिद्धार्थ सिहाग, हिमांशु गुप्ता, नमित मेहता, टीकमचंद बोहरा, हरजीलाल अटल को सिलेक्शन स्केल में पदोन्नति दी गई है। वहीं टीना डाबी, अतहर अल शफी खान, जसमीत सिंह संधू, अमित यादव,  प्रताप सिंह, डॉ. मंजू, रविंद्र गोस्वामी, रोहिताश्व सिंह तोमर,अर्तिका शुक्ला को वरिष्ठ वेतन शृंखला में पदोन्नति दी गई है। सरकार ने टीना डाबी को कनिष्ठ प्रशासनिक वेतन शृंखला में पदोन्नत किया है, जबकि रिया डाबी को कनिष्ठ वेतन शृंखला से वरिष्ठ वेतन शृंखला में पदोन्नत किया गया है। इसके साथ ही प्रवीण गुप्ता, भास्कर आत्माराम सांवत, मंजू राजपाल, देबाशीष पृष्टि, कुमार पाल गौतम, विश्राम मीणा, सिद्धार्थ सिहाग, टीकमचंद्र बोहरा जिस विभाग में जिस पद पर थे, उसी विभाग में अब एक पोस्ट ऊपर की जिम्मेदारी संभालेंगे। सिद्धार्थ सिहाग इस समय मुख्यमंत्री के संयुक्त संचिव थे। अब इन्हें विशिष्ट सचिव मुख्यमंत्री बनाया गया है।

आदर्श आचार संहिता का पालन व अवकाश घोषित करेंगे कलेक्टर, राजस्थान-नगरीय निकाय उपचुनाव का 9 जनवरी को मतदान

जयपुर। प्रदेश के 9 जिलों के 9 नगरीय निकायों के रिक्त पदों पर होने वाले उपचुनावों के लिए मतदान दिवस 9 जनवरी 2025 को सार्वजनिक अवकाश घोषित करने के लिए जिला कलेक्टर को अधिकृत किया गया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन (ग्रुप-2) विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा प्रदेश के 9 जिलों बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, दौसा, हनुमानगढ़, जयपुर, झालावाड़, जोधपुर ग्रामीण, सवाई माधोपुर एवं सीकर में 9 नगरीय निकायों के रिक्त पदों पर उप चुनाव माह दिसंबर 2024 एवं जनवरी 2025 में करवाए जा रहे हैं। इन नगरीय निकायों में मतदान 9 जनवरी, 2025 गुरुवार को होगा। अतः मतदान दिवस को संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में सार्वजनिक अवकाश घोषित करने के लिए संबंधित जिला कलेक्टर (जिला निर्वाचन अधिकारी) को अधिकृत किया गया है। साथ ही पुनर्मतदान की स्थिति में जहां पुनर्मतदान होगा उस क्षेत्र में पुन‌र्मतदान की तिथि को भी सार्वजनिक अवकाश घोषित करने के लिए भी संबंधित जिला कलेक्टर (जिला निर्वाचन अधिकारी) को अधिकृत किया गया है। आदेश के अनुसार उपचुनाव वाले क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू रहने के दौरान चुनाव से संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव समाप्ति तक माननीय मंत्री शासकीय दौरे पर नहीं जाएंगे। कानून व्यवस्था बिगड़ने या किसी आपात स्थिति के कारण मंत्री यदि संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में दौरे पर रहते हैं तो उन्हें इसकी सूचना विभाग के शासन सचिव द्वारा राज्य निर्वाचन आयोग को भेजनी होगी। यदि कोई मंत्री संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के दौरे पर हैं, तो इस दौरान वे किसी सरकारी वाहन का प्रयोग नहीं करेंगे और निजी वाहन पर लाल बत्ती या सायरन आदि का प्रयोग वर्जित होगा। साथ ही क्षेत्र के विश्रामगृह, डाक बंगले या अन्य सरकारी आवासों का या इससे संलग्न परिसरों का उपयोग प्रचार कार्यालय के रूप में या चुनाव से संबंधित कोई बैठक करने की दृष्टि से नहीं कर सकेंगे। इन स्थानों को निष्पक्ष तरीके से अन्य दलों या अभ्यर्थियों को भी उपयोग करने की अनुमति दी जाएगी लेकिन वे भी उनका चुनाव से संबंधित कार्य में इस्तेमाल नहीं करेंगे। वहीं सरकारी अधिकारी, मंत्रियों के दौरे के समय उनके किसी स्वागत में या प्रोटोकॉल में नहीं जाएंगे‌। यह आदर्श आचार संहिता बोर्ड/निगम के अध्यक्ष जिन्हें मंत्री या राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त है, पर भी लागू रहेगी।

अनियमितता प्रकरणों में समय पर करें गुणवत्ता पूर्वक जांच, राजस्थान-सहकारिता राज्यमंत्री की चेतावनी

जयपुर। सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम कुमार दक ने कहा कि जिन सहकारी समितियों में अनियमितता सबंधी प्रकरण सामने आए हैं और उनकी जांच सहकारी कानून के तहत धारा 55 या 57 के तहत करवायी जा रही है तो जांच को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण किया जाए। इसमें किसी प्रकार की ढिलाई को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। दक ने सोमवार को अपेक्स बैंक सभागार में मुख्यमंत्री कार्यालय एवं सहकारिता मंत्री कार्यालय से प्राप्त विभिन्न शिकायतों के प्रकरणों में विभाग स्तर से की गई कार्यवाही प्रगति की समीक्षा करते हुये कहा कि पत्रों में जो भी शिकायत के बिन्दु हैं, उन पर त्वरित कार्यवाही की जाए तथा लगातार फोलो-अप भी करें ताकि न्यायसंगत कार्यवाही हो सके एवं शिकायत के प्रकरणों में नियमानुसार समयबद्ध राहत को सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में शिकायतकर्ता से भी संपर्क कर उसका पक्ष सुने एवं रिकार्ड से सत्यापन करके ही जांच रिपोर्ट दें। यदि किसी भी प्रकरण में जांच अधिकारी द्वारा फौरी तौर पर बिना रेकार्ड सत्यापित किये जांच रिपोर्ट दी गई है तो ऐसे अधिकारी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। समीक्षा बैठक में सहकारिता विभाग की शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार श्रीमती मंजू राजपाल ने निर्देश दिये कि प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मूंग, सोयाबीन एवं मूंगफली की खरीद की जा रही है। खरीद केन्द्रों पर खरीद की व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिये प्रतिदिन जिले के इकाई उप-रजिस्ट्रार एवं जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक विजिट करें और जो भी समस्या आ रही है, राजफैड के अधिकारियों के साथ सामंजस्य स्थापित कर उसका निराकरण सुनिश्चित करें। श्रीमती राजपाल ने कहा कि कार्मिकों की कार्यालयों में उपस्थिति को सुनिश्चित करने के लिये बायोमीट्रिक उपस्थिति मशीन स्थापित की जायेगी। इसकी शुरूआत सहकार भवन से होगी, उसके बाद इस प्रणाली को सहकारिता विभाग के प्रदेश के सभी कार्यालयों के लिये लागू किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इससे आमजन को बार-बार सहकारी कार्यालयों में चक्कर नहीं लगाने पडेंगे और उनकी समस्याओं का शीघ्र निस्तारण संभव हो सकेगा।

विभाग ने दी भावभीनी विदाई, राजस्थान-पशुपालन निदेशक डॉ. भवानी सिंह राठौड़ सेवानिवृत्त

जयपुर। पशुपालन निदेशक डॉ. भवानी सिंह राठौड़ अपने 35 वर्ष 10 महीने की राजकीय सेवा के बाद मंगलवार को सेवानिवृत हो गए। वे डॉ. राठौड़ को विभाग की ओर से भावभीनी विदाई दी गई। सरल, सहज एवं बहुमुखी प्रतिभा के धनी डॉ. राठौड़ ने निदेशक के रूप में दो साल विभाग को अपनी सेवाएं दीं। डॉ. राठौड़ की सेवानिवृति के अवसर पर अपने शुभकामना संदेश में पशुपालन मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने कहा कि डॉ. राठौड़ ने अपने कार्यकाल के दौरान निष्ठा, परिश्रम और दूरदर्शिता का अनुकरणीय परिचय दिया। उन्होंने नेतृत्व के उच्च मानदंड स्थापित किए और हर व्यक्ति को अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए प्रेरित किया। श्री कुमावत डॉ. राठौड़ को विदाई देने पशुधन भवन पहुंचे। विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने कहा कि डॉ. भवानी सिंह ने एक कुशल प्रशासक और राज्य सेवा तथा पशु चिकित्सक समुदाय के प्रति पूर्णतः समर्पित व्यक्तित्व के रूप में काम किया। डॉ. राठौड़ द्वारा विभाग को दी गई सेवाओं के लिए उन्हें लंबे समय तक याद रखा जाएगा। डॉ. भवानी सिंह राठौड़ का जन्म बीकानेर जिले में हुआ था। उन्होंने सीकर और बीकानेर जिले में अपनी शिक्षा प्राप्त की। डॉ. राठौड़ ने वर्ष 1989 में बांसवाड़ा जिले के पशु चिकित्सालय तलवाड़ा में प्रभारी अधिकारी के रूप में अपनी सेवा प्रारम्भ की। वर्ष 1996 में सीधी भर्ती से चयनित होकर जिला स्तरीय अधिकारी बने। उन्होंने अतिरिक्त निदेशक उदयपुर, जयपुर, भरतपुर एवं अन्य कई पदों पर रहते हुए विभाग को अपनी उत्कृष्ट सेवाएं दी हैं। डॉ. राठौड़ भारतीय पशु चिकित्सा परिषद के सदस्य भी रहे। अपने सेवा काल दौरान विभिन्न समितियों के अध्यक्ष एवं सदस्य के रूप में पशु चिकित्सा नीति के निर्माण में डॉ. राठौड़ का अमूल्य योगदान रहा। डॉ. राठौड़ की सेवानिवृत्ति के बाद डॉ. आनंद सेजरा को पशुपालन विभाग के निदेशक पद का कार्यभार दिया गया है।

82 दिनों में 162 परीक्षाओं के होंगे 214 प्रश्न-पत्र, राजस्थान-जनवरी से दिसंबर तक होगी भर्ती परीक्षाएं

जयपुर। नव वर्ष 2025 में राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा जनवरी से दिसंबर माह तक 162 परीक्षाओं के 214 प्रश्न-पत्रों की परीक्षाओं का आयोजन 82 दिनों में करवाया जाना प्रस्तावित है। प्रस्तावित परीक्षा कार्यक्रमानुसार हर 5 वें दिन परीक्षाओं का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ-साथ ही नियमित रूप से साक्षात्कार आयोजन एवं विभिन्न भर्तियों के परिणाम जारी करने का कार्य भी किया जाएगा। आयोग द्वारा घोषित प्रस्तावित भर्ती परीक्षाओं का कैलेंडर निम्नानुसार है— 1. असिस्टेंट प्रोसेक्यूशन ऑफिसर (प्रारंभिक) प्रतियोगी परीक्षा-2024    19/01/2025, 2. राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी (प्रारंभिक) परीक्षा-2024    02/02/2025, 3. लाइब्रेरियन ग्रेड-।। (स्कूल ऐजुकेशन) प्रतियोगी परीक्षा-2024    16.02.2025, 4. आरओ ग्रेड-द्वितीय, ईओ ग्रेड-चतुर्थ प्रतियोगी परीक्षा-2024—    23.3.2025, 5. एग्रीकल्चर ऑफिसर प्रतियोगी परीक्षा-2024— 20.04.2025 6. पीटीआई एंड लाइब्रेरियन (संस्कृत कॉलेज एजुकेशन) प्रतियोगी परीक्षा-2024    4 से 6 मई 2025, 7. जियोलोजिस्ट (माइंस एंड जियोलोजी डिपार्टमेंट) प्रतियोगी परीक्षा- 2024,    7.5.2025, 8. असिस्टेंट माइनिंग इंजिनियर (माइंस एंड जियोलोजी डिपार्टमेंट) प्रतियोगी परीक्षा- 2024, 07.05.2025, 9. सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर प्रतियोगी परीक्षा-2024, 12 से 16 मई 2025 10. असिस्टेंट प्रोफेसर (मेडिकल ऐजुकेशन) प्रतियोगी परीक्षा: वि.सं 18/2024-25    12 से 16 मई 2025, 11. पब्लिक रिलेशन ऑफिसर प्रतियोगी परीक्षा-2024, 17 /05/ 2025, 12. असिस्टेंट प्रोसेक्यूशन ऑफिसर (मुख्य) प्रतियोगी परीक्षा-2024, 1 /06/ 2025, 13. राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी (मुख्य) परीक्षा-2024,    17 एवं 18 जून 2025, 14. असिस्टेंट प्रोफेसर (मेडिकल ऐजुकेशन) प्रतियोगी परीक्षा: वि.सं 23/2024-25    23 जून सेे 6 जुलाई 2025, 15. लेक्चरर एंड कोच- (स्कूल शिक्षा) प्रतियोगी परीक्षा-2024, 23 जून सेे 6 जुलाई 2025, 16. टेक्निकल असिस्टेंट (जियोफिजिक्स) प्रतियोगी परीक्षा-2024 , 7.07.2025, 17. बायोकेमिस्ट प्रतियोगी परीक्षा-2024, 7.07.2025, 18. जूनियर केमिस्ट प्रतियोगी परीक्षा-2024, 8.07.2025, 19. असिस्टेंट टेस्टिंग ऑफिसर (पीडब्ल्यूडी) प्रतियोगी परीक्षा-2024, 8.07.2025 20. असिस्टेट डायरेक्टर (साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग) प्रतियोगी परीक्षा-2024, 9.07.2025, 21. रिसर्च असिस्टेंट (मूल्यांकन विभाग) प्रतियोगी परीक्षा-2024,    10.07.2025 22. डिप्टी जेलर प्रतियोगी परीक्षा-2024, 13.07.2025, 23. असिस्टेंट फिशरीज डवलेपमेंट ऑफिसर प्रतियोगी परीक्षा-2024, 29.07.2025, 24. ग्रुप इंस्ट्रक्टर/सर्वेयर/असिस्टेंट अप्रेंटशिप प्रतियोगी परीक्षा-2024,    29.07.2025, 25. वाइस प्रिंसीपल/सुपरीटेंडेंट आइटीआई प्रतियोगी परीक्षा-2024, 30 जुलाई सेे 1 अगस्त 2025, 26. एनालिस्ट कम प्रोग्रामर प्रतियोगी परीक्षा-2024, 17/08/2025, 27. सीनियर टीचर (माध्यमिक शिक्षा विभाग) प्रतियोगी परीक्षा-2024, 7 से 12 सितंबर 2025, 28.प्रोटेक्शन ऑफिसर प्रतियोगी परीक्षा-2024, 13/09/2025, 29. सहायक अभियंता (प्रारंभिक) संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा-2024, 28/09/2025, 30. सहायक सांख्यिकी अधिकारी (आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग) प्रतियोगी परीक्षा-2024, 12/10/2025 31. सहायक कृषि अधिकारी (कृषि विभाग) परीक्षा-2024, 12 से 19 अक्टूबर 2025, 32. सांख्यिकी अधिकारी (कृषि विभाग) परीक्षा-2024,     33. कृषि अनुसंधान अधिकारी एवं सहायक कृषि अनुसंधान अधिकारी (कृषि विभाग) परीक्षा-2024,     34. सब इंस्पेक्टर (टेलीकॉम) प्रतियोगी परीक्षा-2024, 09/11/2025, 35. असिस्टेंट प्रोफेसर (कॉलेज शिक्षा विभाग) प्रतियोगी परीक्षा-2024, 1 से 12 दिसंबर, 15 से 19 दिसंबर एवं 22 से 24 दिसंबर 2025।                            भर्ती प्रक्रिया सशक्तिकरण की दिशा में आयोग के नवाचार— दोहरे आवेदन एवं डमी कैंडिडेट पर लगेगी आधार सत्यापन से लगाम— राजस्थान लोकसेवा आयोग को राजस्थान सरकार के कार्मिक विभाग से भी अभ्यर्थियों के बायोमेट्रिक सत्यापन की अनुमति प्राप्त हो गई है। 27 नवंबर 2024 को जारी की गई अधिसूचना अनुसार आयोग अभ्यर्थियों के द्वारा किए जाने वाले दोहरे आवेदनों की छंटनी, अभ्यर्थियों के सत्यापन, जालसाजी एवं डमी कैंडिडेट की रोकथाम के लिए आधार सत्यापन प्रणाली का उपयोग कर सकेगा। इससे पूर्व माह सितंबर 2024 में भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा भी आधार कार्ड के माध्यम से अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक सत्यापन करने की अनुमति आयोग को प्राप्त हो गई थी। भर्ती प्रक्रिया के विभिन्न चरणों यथा- ऑनलाइन आवेदन जांच, साक्षात्कार, काउंसलिंग, दस्तावेज सत्यापन, लिखित परीक्षा व नियुक्ति में अभ्यर्थी की पहचान का सत्यापन इसके माध्यम से किया जा सकेगा। गत् समय के दौरान सामने आए डमी अभ्यर्थियों के प्रकरणों को देखते हुए आधार बायोमैट्रिक सत्यापन आयोग की विश्वसनीयता तथा कार्य प्रणाली में मील का पत्थर सिद्ध होगा। प्रवेश-पत्र पर आयोग का वॉटर मार्क, हस्तलेख नमूना, अंगूठा निशानी व क्यूआर कोड भर्ती परीक्षाओं के शुचिता पूर्ण आयोजन एवं डमी अभ्यर्थियों की संभावना को रोकने के लिए आयोग द्वारा अभ्यर्थियों के हस्तलेख का नमूना भी अटेंडेंस शीट पर लिया जाना शुरू किया गया है। इसी प्रकार अटेंडेंस शीट पर अभ्यर्थी की स्पष्ट व बड़ी फोटो प्रिंट की जा रही है ताकि परीक्षा केन्द्र पर वीक्षकों द्वारा अभ्यर्थी की पहचान पूर्णतः सुनिश्चित करते हुए डमी अभ्यर्थियों को रोका जा सके। इसके अतिरिक्त आयोग द्वारा एडमिट कार्ड टेम्परिंग की संभावनाओं को रोकने के लिए क्यूआर कोड का भी प्रावधान किया गया है। इस क्यूआर कोड को स्केन करते ही अभ्यर्थी की जानकारी स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाती है। आयोग द्वारा जारी प्रवेश-पत्र के साथ अटेंडेंस शीट भी संलग्न होती है। इस शीट को परीक्षा केंद्र पर वीक्षक अभ्यर्थी की पहचान कर स्वयं के, केंद्राधीक्षक एवं अभ्यर्थी के हस्ताक्षर करवाकर प्रवेश-पत्र से अलग कर केन्द्र पर जमा करते हैं। परीक्षा संपन्न होने के उपरांत यह अटेंडेंस शीट परीक्षा सामग्री के साथ आयोग को भेजी जाती है।  जालसाजी पर लगाम के लिए वन टाइम रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव— राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा परीक्षाओं में जालसाजी व फोटों टेंपरिंग कर आवेदन करने वाले व्यक्तियों पर लगाम के लिए वन टाइम रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। अब वन टाइम रजिस्ट्रेशन के दौरान वेब केम के माध्यम से आवेदक की लाइव फोटो कैप्चर की जा रही है। आयोग की इस कार्यवाही से डमी अभ्यर्थियों पर लगाम के साथ ही आवेदन के दौरान गलत फोटों अपलोड होने का बहाना देने वाले अभ्यर्थियों की भी प्रभावी रोकथाम सुनिश्चित हो सकेगी। संशय की स्थिति में आयोग द्वारा परीक्षा दौरान की गई वीडियोग्राफी में उपस्थित अभ्यर्थी का मिलान ओटीआर में कैप्चर की गई फोटो से किया जा सकेगा। आयोग इस हेतु आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी इस्तेमाल करेगा। वीडियोग्राफी:- अभ्यर्थी की उपस्थिति का प्रमाण, की जा रही मूल/डमी अभ्यर्थी की पहचान— राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा भर्ती परीक्षा दौरान सुरक्षा इंतजामों को और मजबूत करते हुए परीक्षा के लिए निर्धारित स्थान पर बैठे हुए प्रत्येक अभ्यर्थी की वीडियोग्राफी करवाई जाती है। इसके लिए अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश के लिए निर्धारित किए गए समय के पश्चात् 10 मिनट के भीतर ही परीक्षा कक्ष में अपने स्थान को ग्रहण करने का समय दिया जाता है। 10 मिनट के बाद पूरे परीक्षा केंद्र में प्रत्येक कक्ष में आवंटित स्थान पर बैठे हुए प्रत्येक अभ्यर्थी एवं अनुपस्थित रहे अभ्यर्थियों के रिक्त स्थानों की रोल नंबर … Read more

‘महिला स्वयं सहायता समूह राष्ट्र के आर्थिक विकास का प्रमुख आधार’, राजस्थान-“सरस राजसखी राष्ट्रीय मेला” में पहुंचे राज्यपाल

जयपुर। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे सोमवार को जवाहर कला केंद्र में आयोजित “सरस राजसखी राष्ट्रीय मेला 2024” में पहुंचे। उन्होंने इस दौरान वहां देशभर से आए महिला स्वयं सहायता समूह की प्रतिनिधियों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि यह मेला “एक भारत श्रेष्ठ भारत” का अनुपम उदाहरण है। राज्यपाल श्री बागडे ने मेले में लगे विभिन्न राज्यों के महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद स्टॉल का अवलोकन किया। राज्यपाल ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूह राष्ट्र के आर्थिक विकास का प्रमुख आधार है। महिला सशक्तिकरण के लिए इस तरह के मेलों को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से महिला समूहों के उत्पादों को बड़े स्तर पर बाजार मिलता है। उन्होंने वहां प्रदर्शित भारत के विभिन्न प्रांतों के हस्तशिल्प, कारीगरी, वस्त्र उत्पादों का अवलोकन कर उनकी सराहना की। राज्यपाल को राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद् (राजीविका) के श्री भास्कर सांवत ने उनकी अगवानी की। अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती श्रेया गुहा ने विभिन्न स्टॉल और उत्पादों के बारे में बताया।

किसानों को 3,62,451 क्विंटल बीज का किया वितरण, राजस्थान-स्टेड सीड्स कॉरपोरेशन अध्यक्ष ने ली बैठक

जयपुर। राजस्थान स्टेट सीड्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष एवं शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी श्री राजन विशाल ने कहा कि प्रदेश में अच्छी पैदावार के लिए उच्च गुणवता एवं उन्नत किस्म का बीज जरूरी है। उन्होनें कहा कि निगम इसके लिए हर संभव प्रयास कर रहा है, जिससे फसलों की उपज के साथ-साथ किसानों की आय में भी वृृद्धि हो सके। राजन विशाल की अध्यक्षता में सोमवार को दुर्गापुरा स्थित श्याम ऑडिटोरियम में राजस्थान स्टेट सीड्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड की 46वीं वार्षिक साधारण सभा का आयोजन किया गया। जिसमें उन्होनें बताया कि किसानों को  उच्च गुणवतायुक्त बीज उपलब्ध कराने हेतु वर्ष 2015 से खरीफ फसलों के प्रमाणित बीजों का जी.ओ.टी. परीक्षण करवाया जा रहा है। इस प्रक्रिया को निरन्तर रखते हुए, वर्ष 2020-21 से रबी फसलों के प्रमाणित बीजों का भी जी.ओ.टी. करवाया जा रहा है। जी.ओ.टी. परीक्षण करवाने से बीजों की आनुवांशिक गुणवता सुनिश्चित हो रही है। राजसीड्स देश की प्रथम संस्था है जो प्रमाणित बीज की जी.ओ.टी. कराकर ही किसानों को बीज उपलब्ध कराती है। उन्होनें बताया कि वर्ष 2023-24 में 3 लाख 69 हजार क्विंटल प्रमाणित एवं सत्य चिन्हित बीज उत्पादन किया गया है। 2024-25 में खरीफ व रबी फसलों में प्रमाणित व आधार बीज उत्पादन कार्यक्रम के तहत 46 हजार 306 हैक्टेयर क्षेत्र में बुवाई की गई है, जिसमें 7.34 लाख क्विंटल रॉ-बीज का उत्पादन संभावित है। जायद 2024 में संकर बाजरा बीजोत्पादन कार्यक्रम अन्तर्गत बीसलपुर बांध क्षेत्र में 483 क्विंटल रॉ-बीज का उत्पादन हुआ है। राजन विशाल ने कहा कि रबी 2023-24 में उत्पादित गेंहू व जौ प्रमाणित व आधार बीज उत्पादन पर देय प्रीमियम राशि में रबी 2022-23 की तुलना में वृृद्धि कर दोनों ही फसलों के प्रमाणित बीज उत्पादन 10 वर्ष तक अधिसूचित किस्मों हेतु 225 रूपये प्रति क्विंटल से बढाकर 350 रूपये प्रति क्विंटल एवं 10 वर्ष से अधिक अधिसूचित किस्मों हेतु 175 रूपये प्रति क्विंटल से बढाकर 350 रूपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जिसके कारण रबी 2024-25 में गत वर्ष से लगभग गेंहू में 26 प्रतिशत एवं जौ में 36 प्रतिशत बुवाई क्षेत्र में वृृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि बीज उत्पादन के लिए ज्यादा से ज्यादा किसानों को जोड़ने का कार्य किया जा रहा है, साथ ही छोटी जोत के कृषकों को भी जोडने का कार्य निगम कर रहा है। राजस्थान ऑर्गेनिक फार्मिंग बोर्ड का गठन किया गया है, जो किसानों की ऑर्गेनिक पैदावार को उचित मूल्य दिलवाने व ऑर्गेनिक उत्पादों के विपणन में सहयोग करेगा। उन्होंने कहा कि निगम के विधायन केन्द्रों के अधिकाधिक उपयोग के लिए सर्विस प्रोवाइडर के माध्यम से बीज उत्पादक कृषकों से ज्यादा उत्पादन करवाया जायेगा, साथ ही प्रतिबद्ध विक्रेताओं के माध्यम से राजस्थान के सुदूर क्षेत्र के किसानों को भी उन्नत एवं गुणवत्ता युक्त बीज उपलब्ध करवाया जायेगा तथा केवीएसएस एवं जीएसएस पर कैम्प ऑफिस स्थापित कर बीज उत्पादक कृषकों से बीज कलेक्शन प्रायोगिक तौर पर करने के निर्देश दिये। अध्यक्ष ने कहा कि राजसीड्स द्वारा खरीफ 2024 में 1 लाख 46 हजार 95 क्विटंल एवं रबी 2024-25 में 2 लाख 16 हजार 356 क्विंटल, इसी प्रकार वर्ष 2024-25 में कुल 3 लाख 62 हजार 451 क्विंटल बीज का वितरण किया गया है। प्रमाणित बीज की उपलब्धता को आम कृषक तक पहुंचाने के लिए बीज वितरण मुख्यतः ग्राम सेवा सहकारी समितियों और क्रय-विक्रय सहकारी समितियों के माध्यम से कराया गया है। उन्होनें बताया कि वर्तमान में निगम की 22 इकाईयां एवं 5 बीज विस्तार केन्द्र है। जिनकी कुल भण्डार क्षमता 10 लाख 21 हजार एवं कुल विधायन क्षमता 12.60 लाख क्विंटल है। वर्ष 2023-24 में निगम का सकल कारोबार 23,405.01 लाख रूपये रहा है तथा कर कटौती के पश्चात निगम का लाभ 1606.49 लाख रूपये है।अध्यक्ष ने कहा कि निगम निष्ठा, समर्पण एवं कठिन परिश्रम से बीजों की गुणवता में सुधार करने का प्रयास कर रहा है। निगम सभी बीज उत्पादक बंधुओं का आभारी है, जिन्होनें अधिकाधिक उत्तम गुणवता का बीज उत्पादन कर निगम की प्रगति में सहयोग दिया है। बैठक में आयुक्त उद्यानिकी श्री सुरेश कुमार ओला, राजस्थान स्टेड सीड्स कॉरपोरेशन की प्रबंध निदेशक श्रीमती निमिषा गुप्ता, महाप्रबंधक श्री रामलाल मीणा, निगम के निदेशक श्री फतेह सिंह गुर्जर, कैलाश चंद चौधरी, निगम के अंशधारक कृषक एवं निगम के अधिकारीगण मौजूद रहे।

पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला को दी श्रद्धांजलि, राजस्थान-केंद्रीय कृषि मंत्री पहुंचे सिरसा-हरियाणा

जयपुर। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री श्री भागीरथ चौधरी ने सोमवार को हरियाणा के डबवाली, सिरसा स्थित पैतृक गांव चौटाला पहुंचकर पूर्व मुख्यमंत्री एवं इनेलो सुप्रीमो स्वर्गीय ओमप्रकाश चौटाला को श्रद्धांजलि अर्पित की। शोकसभा में सम्मिलित होकर केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी ने शोक संतप्त परिवारजनों एवं समर्थकों से मुलाकात कर उन्हें संबल प्रदान किया। चौटाला का जीवन सेवा और संघर्ष का प्रतीक स्वर्गीय ओमप्रकाश चौटाला के योगदान को याद करते हुए केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री श्री भागीरथ चौधरी ने कहा कि स्वर्गीय ओमप्रकाश चौटाला का जीवन किसानों, मजदूरों, गांव और गरीबों के हितों के लिए संघर्ष और सेवा का प्रतीक था। उन्होंने अपने कुशल नेतृत्व और दूरदर्शी सोच के माध्यम से समाज के वंचित वर्गों को सशक्त बनाने के लिए अतुलनीय कार्य किए। उनका योगदान देश और समाज में सदैव स्मरणीय रहेगा। परिजनों से मुलाकात केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री श्री भागीरथ चौधरी ने स्व. ओमप्रकाश चौटाला के परिजनों से मुलाकात की और दुःख की इस घड़ी में उनको संबल दिया। उन्होंने स्वर्गीय चौटाला के पुत्रों अजय सिंह, अभय सिंह, तथा पोते पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत सिंह से मिलकर संवेदनाएं व्यक्त की। विजिटर बुक में व्यक्त किए विचार केंद्रीय मंत्री श्री भागीरथ चौधरी ने चौटाला परिवार के निवास पर विजिटर बुक में स्वर्गीय ओमप्रकाश चौटाला के योगदान को लेकर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने लिखा कि स्वर्गीय चौटाला ने अपने जीवनकाल में जो कार्य किए, वे पीढ़ियों तक लोगों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बने रहेंगे।

व्यवस्थित और तय समय पर होगी आठवीं आर्थिक गणना, राजस्थान-जिला स्तरीय समन्वय समिति का गठन

जयपुर। राज्य में आठवीं आर्थिक गणना 2025-26 को व्यवस्थित एवं निर्धारित समयावधि में सम्पादित करने के लिए प्रशासनिक सुधार विभाग की ओर से जिला स्तरीय समन्वय समिति का गठन किया गया है। सहायक निदेशक, आर्थिक एवं सांख्यिकी डॉ. सुदीप कुमावत ने बताया कि जिला स्तरीय समन्वय समित के अध्यक्ष जिला कलक्टर होंगे। डॉ. सुदीप कुमावत ने बताया कि समिति में जिला पुलिस अधीक्षक, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिलापरिषद, समस्त उपखण्ड अधिकारी, मुख्य आयोजना अधिकारी, एसीपी सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग, महाप्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र, जिला सूचना एवं जनसम्पर्क अधिकारी, जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक व प्रारम्भिक, उप निदेशक, महिला एवं बाल विकास विभाग, समस्त तहसीलदार, आयुक्त नगर निगम सदस्य होंगे। उन्होंने बताया कि संयुक्त निदेशक, आर्थिक एवं सांख्यिकी सदस्य सचिव होंगे। यह समिति एक अस्थाई समिति होगी जो आठवीं आर्थिक गणना की समाप्ति तक कार्यरत रहेगी।

मदन राठौड़ का गहलोत पर तंज, राजस्थान-अल्पमत सरकार के सहयोगी विधायकों को खुश करने बनाए थे नए जिले

जयपुर। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने गहलोत के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि गहलोत अपनी अल्पमत सरकार को सहयोग करने वाले विधायकों को खुश करने के लिए आनन-फानन में नए जिलों की घोषणा कर दी थी। इतना ही नहीं, गहलोत ने पूर्व सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी रामलुभाया की अध्यक्षता में समिति तो गठित की, लेकिन नए जिलों की घोषणा के बाद स्वयं रामलुभाया ने आश्चर्य व्यक्त किया था। इसका मतलब साफ है कि गहलोत ने समिति को भी अंधेरे में रखकर विधायकों को खुश करने के लिए जिलों की रेवडियां बांटी थी ताकि उनकी अस्थिर सरकार को सहारा मिल सकें। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि भाजपा सरकार ने सभी जिलों की समीक्षा करने के बाद भूपपूर्व प्रशासनिक अधिकारी ललित के पंवार की अध्यक्षता में समिति का गठन किया। मंत्रीमंडल की समिति बनाई और इनकी रिपोर्ट के बाद कैबिनेट बैठक में 9 जिलें एवं 3 संभाग समाप्त करने का प्रस्ताव किया है। समिति के साथ भाजपा सरकार ने राजस्थान की भौगोलिक, सांस्कृतिक और जनसंख्या के आधार पर जनता की मांग को देखते हुए 41 जिले और सात संभाग रखने का फैसला किया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि गहलोत सरकार ने नए जिले तो घोषित कर दिए, लेकिन उन जिलों को चलाने के लिए ना तो आर्थिक प्रबंधन किया और ना ही उनके कार्यालय संसाधन आदि की व्यवस्था की। गहलोत तो 5 साल तक सरकार बचाने में जुटे रहे। सचिन पायलट के बीच शीत युद्ध जनता के सामने है। गहलोत और पायलट दोनों अपने खेमों के विधायकों को लेकर होटलों में कैम्प चलाते रहे। ऐसे में गहलोत विधायकों को संतुष्ट करने में जुटे रहे और गहलोत सरकार ने बिना गहन चिंतन किये चुनावी आचार संहिता लगने से एक दिन पूर्व अचानक नए जिलों की घोषणा कर दी। गहलोत ने ऐसे भी नए जिले बना दिए जिसकी कभी किसी ने कोई मांग तक नहीं की। क्या था अशोक गहलोत ने पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने कहा था कि हमारी सरकार द्वारा बनाए गए नए जिलों में से 9 जिलों को निरस्त करने का भाजपा सरकार का निर्णय अविवेकशीलता एवं केवल राजनीतिक प्रतिशोध का उदाहरण है। हमारी सरकार के दौरान जिलों का पुनर्गठन करने के लिए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी रामलुभाया की अध्यक्षता में 21 मार्च 2022 को समिति बनाई गई थी जिसको दर्जनों जिलों के प्रतिवेदन प्राप्त हुए। इन्हीं प्रतिवेदनों का परीक्षण कर समिति ने अपनी रिपोर्ट दी,. जिसके आधार पर नए जिले बनाने का निर्णय किया गया। मध्य प्रदेश से छत्तीसगढ़ के अलग होने के बाद राजस्थान देश का सबसे बड़ा राज्य बन गया, परन्तु प्रशासनिक इकाइयों का पुनर्गठन उस अनुपात में नहीं हुआ था। राजस्थान से छोटा होने के बाद भी मध्य प्रदेश में 53 जिले हैं। नए जिलों के गठन से पूर्व राजस्थान में हर जिले की औसत आबाादी 35.42 लाख व क्षेत्रफल 12,147 वर्ग किलोमीटर था (हालांकि त्रिपुरा राज्य का क्षेत्रफल 10,492 वर्ग किलोमीटर, गोवा राज्य का क्षेत्रफल 3,702 वर्ग किलोमीटर, दिल्ली केन्द्र शासित प्रदेश का क्षेत्रफल 1,484 वर्ग किलोमीटर है) जबकि नए जिले बनने के बाद जिलों की औसत आबादी 15.35 लाख व क्षेत्रफल 5268 वर्ग किलोमीटर हो गया था। जिले की आबादी व क्षेत्र कम होने से शासन-प्रशासन की पहुंच बेहतर होती है एवं सुविधाओं व योजनाओं की बेहतर डिलीवरी सुनिश्चित हो पाती है। छोटी प्रशासनिक इकाई होने पर जनता की प्रतिवेदनाओं का निस्तारण भी शीघ्रता से होता है। भाजपा सरकार द्वारा जिन जिलों को छोटा होने का तर्क देकर रद्द किया है वो भी अनुचित है। जिले का आकार वहां की भौगोलिक परिस्थितियों के आधार पर होता है। हमारे पड़ोसी राज्यों के जिले जैसे गुजरात के डांग (2 लाख 29 हजार), पोरबंदर (5 लाख 85 हजार) एवं नर्बदा (5 लाख 91 हजार), हरियाणा के पंचकुला (5 लाख 59 हजार) एवं चरखी दादरी (लगभग 5 लाख 1 हजार), पंजाब के मलेरकोटला (लगभग 4 लाख 30 हजार), बरनाला(5 लाख 96 हजार) एवं फतेहगढ़ साहिब (6 लाख) जैसे कम आबादी वाले जिले हैं। कम आबादी वाले जिलों में सरकार की प्लानिंग की सफलता भी ज्यादा होती है। छोटे जिलों में कानून व्यवस्था की स्थिति को बहाल रखना भी आसान होता है क्योंकि वहां पुलिस की पहुंच अधिक होती है। परिस्थितियों के आधार पर जिलों की आबादी में भी अंतर होना स्वभाविक है जैसे उत्तर प्रदेश में प्रयागराज जिले की आबादी करीब 60 लाख है जबकि चित्रकूट जिले की आबादी 10 लाख है। परन्तु सरकार के लिए प्रशासनिक दृष्टि से छोटे जिले ही बेहतर लगते हैं। सरकार की तरफ से एक तर्क यह दिया जा रहा है कि एक जिले में कम से कम 3 विधानसभा क्षेत्र होने चाहिए जबकि भाजपा द्वारा 2007 में बनाए गए प्रतापगढ़ मे परिसीमन के बावजूद भी केवल दो विधानसभा क्षेत्र हैं। सरकार द्वारा जहां कम दूरी का तर्क दिया जा रहा है वो भी आश्चर्यजनक है क्योंकि डीग की भरतपुर से दूरी केवल 38 किमी है जिसे रखा गया है परन्तु सांचौर से जालोर की दूरी 135 किमी एवंअनूपगढ़ से गंगानगर की दूरी 125 किमी होने के बावजूद उन जिलों को रद्द कर दिया गया। हमारी सरकार ने केवल जिलों की घोषणा ही नहीं की बल्कि वहां कलेक्टर, एसपी समेत तमाम जिला स्तरीय अधिकारियों की नियुक्ति दी एवं हर जिले को संसाधनों के लिए बजट भी दिया। हम भाजपा सरकार द्वारा उठाए गए इस अदूरदर्शी एवं राजनीतिक प्रतिशोध के कारण लिए गए निर्णय की निंदा करते हैं। “”हमारी सरकार द्वारा बनाए गए नए जिलों में से 9 जिलों को निरस्त करने का भाजपा सरकार का निर्णय अविवेकशीलता एवं केवल राजनीतिक प्रतिशोध का उदाहरण है।    हमारी सरकार के दौरान जिलों का पुनर्गठन करने के लिए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी रामलुभाया की अध्यक्षता में 21 मार्च 2022 को समिति बनाई गई…””     — Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) December 28, 2024

विकास कार्यों से क्षेत्र में बदलाव और जनता का बढ़ा विश्वास, राजस्थान-मुख्यमंत्री ने जोधपुर एवं उदयपुर के विधायकों के साथ की बैठक

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश के सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों में बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन से सर्वांगीण विकास करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि विकसित राजस्थान के संकल्प को साकार करने के लिए आधारभूत विकास के साथ ही प्रदेश में जनकल्याणकारी योजनाएं प्रभावी रूप से संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का लक्ष्य समाज के अन्तिम व्यक्ति को राहत पहुंचाते हुए उत्थान और कल्याण सुनिश्चित करना है। शर्मा रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर जोधपुर एवं उदयपुर संभाग के विधायकों के साथ बजट वर्ष 2024-25 में की गई घोषणाओं के क्रियान्वयन को लेकर आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विधायक अपने विधानसभा क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करें। इसके लिए जिला प्रशासन के साथ निरन्तर बैठक कर विकास कार्यों की प्रगति का फीडबैक भी लेवें। उन्होंने कहा कि इन घोषणाओं को धरातल पर उतारना ही हमारा लक्ष्य होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने जोधपुर एवं उदयपुर संभाग के विधायकों से बजट घोषणाओं केे विकास कार्यों की वित्तीय स्वीकृति, जमीन आवंटन और प्रगतिरत कार्यों के संबंध में विस्तृत चर्चा की। उन्होंने विधायकों से कहा कि आमजन के कल्याण एवं क्षेत्र की आवश्यकता के अनुरूप जनहित के विकास कार्यों की सूची बनाकर भेजें ताकि इन्हें आगामी बजट में शामिल किया जा सके। मुख्यमंत्री सद्भावना केन्द्रों का करें प्रभावी संचालन— मुख्यमंत्री ने विधायकगणों को मुख्यमंत्री सद्भावना केन्द्रों के संचालन, अटल ज्ञान केन्द्रों की स्थापना और खेलो इंडिया अभियान की तैयारी के संबंध में विस्तृत दिशा निर्देंश दिए। साथ ही, उन्होंने राज्य सरकार के कार्यों, योजनाओं, नीतियों व उपलब्धियों के प्रचार-प्रसार के निर्देश भी दिए। श्री शर्मा ने कहा कि विधायकों के कार्यों से ही क्षेत्र में बदलाव आता है और जनता का विश्वास कायम होता है। उन्होंने विधायकों के सुझावों का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत निर्माण कार्यों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। निवेश प्रस्तावों के उठाएं आवश्यक कदम— श्री शर्मा ने विधायकों से कहा कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के तहत हुए एमओयू को अपने क्षेत्र में धरातल पर उतारने के लिए जिला कलक्टर के साथ निरन्तर बैठक करें। साथ ही, प्रत्येक जिले में पंच गौरव कार्यक्रम के तहत एक जिला-एक उपज, एक जिला-एक प्रजाति, एक जिला-एक उत्पाद, एक जिला-एक पर्यटन स्थल और एक जिला-एक खेल की नियमित मॉनिटरिंग कर इन्हें बढ़ावा देवें। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से जारी 10 नवीन नीतियों का भी प्रचार-प्रसार किया जाए। लखपति दीदी योजना के तहत लाभार्थियों से संवाद स्थापित कर निरन्तर कार्यक्रम की समीक्षा करें। इस अवसर पर जोधपुर व उदयपुर संभाग से आने वाले मंत्रिगण एवं विधायकगण उपस्थित रहे।

‘रसायन रहित बागवानी ही कारगर, प्राकृतिक उद्यानिकी को बढ़ाएं: राज्यपाल’, राजस्थान-अखिल भारतीय कृषि विश्वविद्यालय कुलपति संघ की संगोष्ठी

जयपुर। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने कृषि उद्यानिकी के अंतर्गत प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिए जाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि कृषि विश्वविद्यालयों को देश में रसायन रहित कृषि के लिए वातावरण निर्माण किए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के अधिक प्रयोग से रोग बढ़ रहे, धरती की उर्वरा शक्ति भी नष्ट हो रही है। उन्होंने उद्यानिकी फसलों की संरक्षित खेती के लिए कार्य किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने पानी बचाकर उसके निर्माण के लिए भी देशभर में कार्य करने का आह्वान किया।राज्यपाल श्री बागडे रविवार को अखिल भारतीय कृषि विश्वविद्यालय कुलपति संघ द्वारा “उद्यानिकी फसलों के संरक्षण”  विषयक आयोजित 16 वीं राष्ट्रीय संगोष्ठी में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कम पानी से होने वाली फसलों, फल, फसलों को प्राकृतिक प्रकोप से बचाने के लिए सभी स्तरों पर प्रयास किए जाने पर भी जोर दिया।  उन्होंने सभी कृषि विश्वविद्यालयों में  सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए भी आवश्यक रूप से कार्य करने की आवश्यकता जताई।राज्यपाल ने प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक स्वामीनाथन द्वारा 2008 में प्रस्तुत कृषि सुधारों की बनी समिति के सुझावों पर चर्चा करते हुए कहा कि लाभकारी कृषि के लिए केंद्र सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कृषि उद्यानिकी के प्राचीन ज्ञान के आलोक में कृषि की नवीन तकनीक से खेती को लाभकारी किए जाने पर जोर दिया। श्री बागडे ने कहा कि हमारे यहां धीरे धीरे जंगल कम होता जा रहा है। पहले अनाज जब नहीं होता था और खेती की पैदावार नहीं थी तब उद्यानिकी फसलों पर ही मनुष्य निर्भर था। पर धीरे धीरे इस दिशा में ध्यान नहीं देने के कारण जंगलों में बहुत सी उद्यानिकी फसलें लोप हो गई। उन्होंने स्थान विशेष की जलवायु के अनुरूप उद्यानिकी फसलों के अधिकाधिक उत्पादन के लिए कार्य किए जाने का आह्वान किया। राज्यपाल ने आरंभ में विश्वविद्यालय के अंतर्गत सेंटर ऑफ एक्सीलेंसी फॉर टिश्यू कल्चर का शिलान्यास किया। उन्होंने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अंतर्गत गेहूं और अन्य नवीन कृषि उत्पाद प्रौद्योगिकी का भी शुभारंभ किया।  वहीं उन्होंने माइक्रोस्कोप से फसलों में सूक्ष्म कीट परीक्षण भी किया और विश्वविद्यालय के प्रकाशनों का लोकार्पण किया। आरंभ में श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बलराज सिंह ने संरक्षित खेती के साथ राष्ट्रीय सिंपोजियम के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर पद्मश्री डा. बी. एस. ढिल्लो, अखिल भारतीय कृषि विश्वविद्यालय के अध्यक्ष और बागवानी विश्वविद्यालय,  उत्तराखंड के  कुलपति प्रो. परविंदर कौशल, अखिल भारतीय कृषि विश्वविद्यालय कुलपति संघ के कार्यकारी सचिव प्रो. दिनेश कुमार ने भी विचार रखे। सभी का आभार डा. एन. के. गुप्ता ने जताया।

‘प्रदेश का सर्वांगीण विकास राज्य सरकार का एकमात्र ध्येय’, राजस्थान-मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ली कोटा संभाग के विधायकों की बैठक

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश का सर्वांगीण विकास और प्रदेशवासियों का कल्याण ही राज्य सरकार का एकमात्र ध्येय है। उन्होंने कहा कि सरकार के इस ध्येय की पूर्ति में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के विधायक की अहम भूमिका है इसलिए एक जनप्रतिनिधि के रूप में विधायकों को समर्पण भाव के साथ जनहित के कार्यों के लिए तत्पर रहना चाहिए। शर्मा शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर कोटा संभाग के विधायकों के साथ पिछले बजट की घोषणाओं के क्रियान्वयन और आगामी बजट की तैयारियों से संबंधित बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एक विधायक को उसके विधानसभा क्षेत्र की जनता बहुत आकांक्षाओं और उम्मीदों के साथ चुनकर भेजती है, ऐसे में जनप्रतिनिधि का दायित्व है कि वह जनता के भरोसे पर खरा उतरे। मुख्यमंत्री ने बैठक में प्रत्येक विधायक से उनके विधानसभा क्षेत्र से संबंधित बजट घोषणाओं के कार्यों की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली। शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले बजट में राज्य के प्रत्येक वर्ग और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र को ढेरों सौगातें दी हैं और यह आवश्यक है कि आगामी बजट से पूर्व पिछले बजट में की गई घोषणाओं का धरातल पर उतरना सुनिश्चित हो। श्री शर्मा ने कहा कि विधायकगण अपने विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाते हुए बजट घोषणाओं से जुड़े कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे विधायकों के साथ समन्वय बनाकर आधारभूत विकास के कार्यों में वित्तीय स्वीकृति से लेकर जमीन आवंटन, डीपीआर तैयार होने और निर्माण कार्य प्रारंभ होने तक प्रत्येक चरण पर समयबद्ध रूप से कार्यों की क्रियान्विति सुनिश्चित करे। आगामी बजट के लिए जनहित से जुड़े कार्यों की सूची बनाकर भेजें मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने दूरगामी सोच के साथ पिछला बजट प्रस्तुत किया था, जिसकी हर तरफ सराहना हुई। उन्होंने कहा कि आगामी बजट को भी राज्य की जनता के लिए सार्थक और समावेशी बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारी की जा रही है। उन्होंने विधायकों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र में जनहित से जुड़े कार्यों की प्राथमिकता के आधार पर सूची बनाकर भेजें, ताकि उन कार्यों को आगामी बजट में शामिल किया जा सके। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री श्री मदन दिलावर, ऊर्जा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री हीरालाल नागर, विधायक श्री प्रताप सिंह सिंघवी, श्री संदीप शर्मा, श्री कालूराम, श्री कंवरलाल, श्री राधेश्याम बैरवा, श्री ललित मीणा, श्रीमती कल्पना देवी, श्री गोविंद प्रसाद, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री) श्री शिखर अग्रवाल सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।

‘सदन से लेकर सड़क तक आंदोलन करेंगे’, राजस्थान-नेता प्रतिपक्ष जूली ने नौ जिले खत्म करने पर सरकार को घेरा

अलवर। राजस्थान सरकार ने शनिवार को 9 नए जिलों को समाप्त कर दिया। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इसे लेकर सरकार पर हमला बोला। जूली ने कहा कि इसी वर्ष अगस्त में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लद्दाख जैसे छोटे केंद्र शासित प्रदेश में 5 नए छोटे जिलों की घोषणा की थी। जबकि, राजस्थान देश का सबसे बड़ा राज्य है, वहां भाजपा की सरकार ने 9 जिलों को समाप्त कर दिया। यह फैसला निंदनीय और जनविरोधी है। कांग्रेस पार्टी इस निर्णय का कड़ा विरोध करती है और आने वाले दिनों में सदन से लेकर सड़क तक आंदोलन करेगी। समिति की रिपोर्ट पर बनाए गए थे जिले टीकाराम जूली ने बताया कि जिलों के गठन का आधार कोई राजनीतिक नहीं, बल्कि वरिष्ठ आईएएस अधिकारी रामलुभाया की अध्यक्षता में 21 मार्च 2022 को बनाई गई समिति की रिपोर्ट थी। इस समिति को दर्जनों जिलों से प्रतिवेदन प्राप्त हुए थे। इन्हीं प्रतिवेदनों का परीक्षण कर समिति ने अपनी रिपोर्ट दी, जिसके आधार पर नए जिलों के गठन का निर्णय किया गया। राजस्थान में नए जिलों की आवश्यकता जूली ने कहा कि यह कहना पूरी तरह गलत है कि राजस्थान में नए जिलों की आवश्यकता नहीं है। मध्य प्रदेश से छत्तीसगढ़ के अलग होने के बाद राजस्थान देश का सबसे बड़ा राज्य बन गया, लेकिन प्रशासनिक इकाइयों का पुनर्गठन उस अनुपात में नहीं हुआ। राजस्थान से छोटा होने के बावजूद मध्य प्रदेश में 53 जिले हैं। नए जिलों के गठन के बाद राजस्थान में प्रत्येक जिले की औसत आबादी 15.35 लाख और क्षेत्रफल 5268 वर्ग किलोमीटर हो गया था। इसके विपरीत, जिलों के गठन से पहले औसत आबादी 35.42 लाख और क्षेत्रफल 12,147 वर्ग किलोमीटर था। छोटी प्रशासनिक इकाइयों से शासन-प्रशासन की पहुंच बेहतर होती है और सुविधाओं एवं योजनाओं की डिलीवरी प्रभावी रूप से सुनिश्चित की जा सकती है। भाजपा का निर्णय गलत नेता प्रतिपक्ष ने भाजपा सरकार द्वारा जिलों को छोटा होने का तर्क देकर समाप्त करने को अनुचित बताया। उन्होंने कहा कि गुजरात, हरियाणा और पंजाब जैसे राज्यों में कई ऐसे जिले हैं जिनकी आबादी राजस्थान के प्रस्तावित जिलों से भी कम है। जैसे, गुजरात के डांग जिले की आबादी मात्र 2.25 लाख है, जबकि हरियाणा के पंचकुला और पंजाब के मलेरकोटला की आबादी भी 5-6 लाख के आसपास है। जूली ने भाजपा के 2007 के प्रतापगढ़ जिले के निर्माण का उदाहरण देते हुए कहा कि परिसीमन के बावजूद भी वहां केवल दो विधानसभा क्षेत्र हैं। यह तर्क कि एक जिले में तीन से अधिक विधानसभा क्षेत्र होने चाहिए, पूरी तरह से निराधार है। दूरी का तर्क भी विरोधाभासी नेता प्रतिपक्ष ने जिलों की समीक्षा के लिए बनाई गई समिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि समिति के अध्यक्ष पूर्व आईएएस अधिकारी ललित के पंवार लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा में शामिल हो चुके हैं। ऐसे में इस निर्णय में राजनीतिक दबाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा दी गई दूरी का तर्क भी विरोधाभासी है। डीग, जो भरतपुर से केवल 38 किलोमीटर दूर है, उसे जिला बनाए रखा है, लेकिन सांचौर, जो जालोर से 135 किलोमीटर दूर है, और अनूपगढ़, जो गंगानगर से 125 किलोमीटर दूर है, उन्हें समाप्त कर दिया गया। निर्माण के लिए बजट भी दिया था जूली ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने न केवल नए जिलों की घोषणा की थी, बल्कि वहां कलेक्टर, एसपी समेत जिला स्तरीय अधिकारियों की नियुक्ति की थी और नए कार्यालयों के निर्माण के लिए बजट भी दिया था। भाजपा सरकार के इस अदूरदर्शी फैसले से जनता में आक्रोश और निराशा का माहौल है। जनता से अपील की है कि वह भाजपा सरकार की गलत नीतियों का जवाब वोट के माध्यम से दे।

‘संविधान हमारे लिए गाइडिंग लाइट’, राजस्थान-मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने सुनी प्रधानमंत्री मोदी के ‘मन की बात’

जयपुर। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 117वें संस्करण में देशवासियों को संबोधित किया। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने सीएमआर पर मंत्रिपरिषद के सदस्य, सांसद एवं विधायकगण के साथ प्रधानमंत्री के सम्बोधन को सुना। मोदी ने कहा कि 2025 में 26 जनवरी को संविधान लागू होने के 75 साल पूरे हो रहे हैं। ये हमारे लिए गर्व की बात हैं। संविधान हमारे लिए गाइडिंग लाइट है, हमारा मार्गदर्शक है। संविधान की वजह से ही आज मैं आपसे बात कर पा रहा हूं। उन्होंने कहा कि इस साल 26 नवंबर को संविधान दिवस से एक साल तक चलने वाली कई एक्टीविटिज शुरू हुई हैं। देश के नागरिकों को संविधान की विरासत से जोड़ने के लिए constitution75.com नाम से एक खास वेबसाइट भी बनाई गई है। इसमें आप संविधान की प्रस्तावना पढ़कर अपना वीडियो अपलोड  कर सकते हैं। हर क्षेत्र, हर वर्ग का हो रहा विकास – मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा— मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘मन की बात’ में उद्बोधन सदैव देशवासियों के लिए प्रेरणादायी होते हैं। उनको सुनकर नवीन ऊर्जा का संचार होता है। देश निरन्तर उपलब्धियां हासिल कर रहा है, उसको जानकर हमें गर्व की अनुभूति होती है। उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश ‘विकसित भारत’ के पथ पर तेजी से अग्रसर है। स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन, वाणिज्य, रक्षा, तकनीक एवं सांस्कृतिक आदि क्षेत्रों में भारत ने अभूतपूर्व प्रगति अर्जित की है। श्री शर्मा ने कहा कि श्री मोदी के विजन से विकास का इंजन दोगुनी रफ्तार से दौड़ रहा है, जिससे युवा, महिला, किसान एवं गरीब का उत्थान एवं कल्याण सुनिश्चित हो रहा है। अनेकता में एकता का संदेश देता है महाकुंभ- प्रधानमंत्री ने कहा कि जनवरी की 13 तारीख से प्रयागराज में महाकुंभ शुरू होने जा रहा है। महाकुंभ की विशेषता केवल इसकी विशालता में ही नहीं है बल्कि इसकी विविधता में भी है। इस आयोजन में करोड़ों लोग एक साथ एकत्रित होते हैं। लाखों संत, सैकड़ों संप्रदाय, अनेकों अखाड़े, हर कोई इस आयोजन का हिस्सा बनता है। कहीं कोई भेदभाव नहीं दिखता है, कोई बड़ा और छोटा नहीं होता है। अनेकता में एकता का ऐसा दृश्य विश्व में कहीं और देखने को नहीं मिलेगा। उन्होंने आमजन से आग्रह किया कि जब वे कुंभ में शामिल हों, तो एकता के इस संकल्प को अपने साथ लेकर वापस आयें। श्री मोदी ने बताया कि इस बार प्रयागराज में देश और दुनिया के श्रद्धालु डिजिटल महाकुंभ के भी साक्षी बनेंगे। मलेरिया, कैंसर के विरूद्ध लड़ाई में भारत की बड़ी उपलब्धियां- श्री मोदी ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत की दो उपलब्धियां आज विश्व का ध्यान आकर्षित कर रही है। पहली उपलब्धि है मलेरिया से लड़ाई में। उन्होंने कहा कि 4 हजार से अधिक वर्षों तक मानवता के लिए मलेरिया बहुत बड़ी स्वास्थ्य चुनौती रहा है। देशवासियों ने इस चुनौती का दृढ़ता से सामना किया है। डब्ल्यूएचओ की एक रिपोर्ट बताती है कि भारत मंे 2015 से 2023 के बीच मलेरिया के मामलों और मौतों में 80 प्रतिशत की कमी आई है। यह सफलता जन-जन की भागीदारी से प्राप्त हो सकी है। उन्होंने कहा कि हमारी दृढ़शक्ति का दूसरा उदाहरण कैंसर के विरूद्ध लड़ाई है। जनजागृति एवं आयुष्मान भारत योजना से कैंसर के विरूद्ध लड़ाई में अपेक्षित सफलता मिली है। आयुष्मान भारत योजना ने पैसे की परेशानी को काफी हद तक कम किया है और लगभग 90 प्रतिशत मरीज समय पर कैंसर का इलाज शुरू करवा पा रहे हैं। श्री मोदी ने कहा कि कैंसर के मुकाबले के लिए एक ही मंत्र है-अवेयरनेस, एक्शन और एश्योरेंस। छोटी शुरूआत से ही बड़े परिवर्तन संभव- प्रधानमंत्री ने उड़ीसा के कालाहाड़ी का जिक्र करते हुए यहां के किसानों द्वारा स्थापित किए गए एफपीओ (किसान उत्पाद संघ) की सफलता के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि कम पानी और कम संसाधन होने के बावजूद यहां गोलाकुण्डा ब्लॉक में दस किसान एफपीओ की स्थापना कर ‘सब्जी क्रांति’ लाए। आज इससे 200 किसान जुड़े हुए हैं, जिसमें से 45 महिलाएं हैं। इसका टर्नओवर डेढ़ करोड़ से ज्यादा हो गया है। उन्होंने एफपीओ को प्रोत्साहन देने का आग्रह करते हुए कहा कि छोटी शुरूआत से ही बड़े परिवर्तन संभव है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में देश की सांस्कृतिक विरासत, फिल्म एवं एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री की क्षमता, फिल्मी जगत की कई हस्तियों के योगदान और बस्तर ओलम्पिक पर भी विस्तृत रूप से प्रकाश डाला।

गौशालाओं और डेयरियों के गौवंशों का शीतकालीन एवं सामान्य स्वास्थ्य प्रबंधन करें, राजस्थान-गोपालन सचिव डॉ. समित शर्मा ने दिए निर्देश

जयपुर। प्रदेश की गौशालाओं और डेयरियों में संधारित गौवंश के शीतकालीन स्वास्थ्य एवं सामान्य प्रबंधन के लिए गोपालन विभाग ने एडवायजरी जारी की है। पशुपालन, गोपालन और डेयरी सचिव डॉ समित शर्मा ने दिशानिर्देश जारी करते हुए कहा है कि राजस्थान के शुष्क मरूस्थलीय, मैदानी तथा पठारी क्षेत्रों में अत्यधिक ठंडे तापमान, कम आर्द्रता और सीमित वनस्पति के कारण कठोर सर्दी पड़ती है। इस अवधि के दौरान गौवंश के उचित वैज्ञानिक प्रबंधन से उनके स्वास्थ्य, उत्पादकता और अस्तित्व को सुनिश्चित करने के लिए विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है। इसलिए तीक्ष्ण सर्दी, पाला एवं शीत लहर की स्थिति को देखते हुए गोपालन विभाग गौवंश के लिए शीत ऋतु में प्रबंधन के लिए दिशानिर्देश जारी करता है। उन्होंने पशुपालकों को सलाह दी है कि वे सर्दी के मौसम में अपने पशुओं का विशेष ध्यान रखें। उन्हें ठंड से बचाने के लिए शेड में रखकर उन्हें चारों तरफ से कंबल या जूट के बोरों से ढकें। गौ आश्रयों को गर्म रखने के लिए सूखी घास, पुआल या अन्य तापरोधी सामग्री का इस्तेमाल करें। उन्होंने बूढ़े, कमजोर एवं छोटे बछड़ों का विशेष ध्यान रखने की सलाह देते हुए कहा कि शीत ऋतु इनके लिए विशेष रूप से कठिन होती है। इसलिए नवजात बछड़ों को दूध पर्याप्त मात्रा में पिलाया जाना चाहिए और उन्हें गर्म रखने के लिए उचित व्यवस्था करनी चाहिए। डॉ. शर्मा ने कहा कि गौवंश के शरीर को गरम बनाए रखने में मददगार सांद्र आहार  जैसे चापड़, खल, बांटा, गुड़ आदि ऊर्जा युक्त पशु आहार खिलाना चाहिए। निर्जलीकरण को रोकने के लिए ताजा एवं गुनगुना पानी पिलाना चाहिए और उचित मात्रा में आवश्यकतानुसार पूरक आहार भी खिलाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बीमार गौवंश के लिए अलग बाड़े की व्यवस्था की जानी चाहिए ताकि स्वस्थ गौवंश को संक्रमण से बचाया जा सके। उन्होंने बीमारियों से रोकथाम के लिए गौवंश को उचित उपचार एवं टीकाकरण की भी सलाह दी। डॉ शर्मा ने कहा कि गौवंश के स्वास्थ्य की नियमित रूप से निगरानी के लिए पशु आहार, स्वास्थ्य और उत्पादकता का सटीक संधारण किया जाना चाहिए। शासन सचिव ने विभाग के जिला अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि वे गोष्ठियों, चौपाल, सोशल, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया जैसे विभिन्न माध्यमों से गौशाला संचालकों और गोपालकों को नियमित रूप से जागरूक करते रहें।

नवगठित जिलों एवं संभागों का पुनर्निर्धारण समान पात्रता परीक्षा स्कोर 3 वर्ष तक वैध, राजस्थान-मंत्रिमण्डल की बैठक में लिए महत्वपूर्ण निर्णय

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में शनिवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित मंत्रिमण्डल की बैठक में कर्मचारी कल्याण के साथ-साथ युवाओं के हित, प्रदेश में सुशासन और समग्र विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण फैसले किए गए। संसदीय कार्य मंत्री श्री जोगाराम पटेल ने पत्रकार वार्ता में बताया कि कैबिनेट ने पिछली सरकार के समय में गठित जिलों और संभागों का पुनः निर्धारण किया है, जिसके बाद अब प्रदेश में कुल 7 संभाग और 41 जिले होंगे। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने अपने कार्यकाल के आखिरी वर्ष में प्रदेश में 17 नवीन जिले एवं 3 नवीन संभाग बनाने का निर्णय लिया था, जिसके क्रम में राजस्व विभाग द्वारा दिनांक 5 अगस्त 2023 को अधिसूचना जारी कर जिलों व संभागों का सृजन किया गया था। तीन नए जिलों की घोषणा विधानसभा चुनाव-2023 की आचार संहिता से एक दिन पहले की गई, जिनकी अधिसूचना भी जारी नहीं हो सकी थी। पूर्ववर्ती सरकार ने राजनीतिक लाभ के लिए किया गठन श्री पटेल ने बताया कि पूर्ववर्ती सरकार ने नवीन जिलों एवं संभागों का गठन पूरी तरह से राजनीतिक लाभ लेने के लिए किया। इसमें वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता, प्रशासनिक आवश्यकता, कानून व्यवस्था, सांस्कृतिक सामंजस्य आदि किसी भी महत्वपूर्ण बिन्दु को ध्यान में नहीं रखा गया। नए जिलों के लिए पिछली सरकार ने कार्यालयों में न तो आवश्यक पद सृजित किए और न ही कार्यालय भवन बनवाए। बजट एवं अन्य सुविधायें भी उपलब्ध नहीं कराई गई। पुनर्निर्धारण बाद भी 8 नए जिले रहेंगे यथावत उन्होंने कहा कि गत सरकार के इस अविवेकपूर्ण निर्णय की समीक्षा करने हेतु राज्य सरकार द्वारा एक मंत्रिमण्डलीय उप-समिति और इसके सहयोग के लिए सेवानिवृत्त आईएएस डॉ. ललित के. पंवार की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया। विशेषज्ञ समिति द्वारा नवगठित जिलों एवं संभागों के पुनर्निर्धारण के संबंध में तैयार की गई रिपोर्ट एवं सिफारिशें मंत्रिमण्डलीय उप-समिति के समक्ष प्रस्तुत की गई। समिति द्वारा प्रस्तुत सिफारिशों पर विचार करते हुए नए सृजित जिलों में से 9 जिलों अनूपगढ़, दूदू, गंगापुरसिटी, जयपुर ग्रामीण, जोधपुर ग्रामीण, केकड़ी, नीम का थाना, सांचौर व शाहपुरा तथा नवसृजित 3 संभागों बांसवाड़ा, पाली, सीकर को नहीं रखने का निर्णय मंत्रिमण्डल द्वारा लिया गया है। आचार संहिता से ठीक पहले घोषित 3 नए जिलों मालपुरा, सुजानगढ़ और कुचामन सिटी को भी निरस्त करने का निर्णय राज्य मंत्रिमण्डल ने लिया है। जिला परिषदों, ग्राम पंचायतों का होगा पुनर्गठन संसदीय कार्य मंत्री ने बताया कि मंत्रिमण्डल के इस निर्णय के बाद अब राजस्थान में कुल 7 संभाग एवं 41 जिले हो जाएंगे। यथावत रखे गए 8 नए जिलों फलौदी, बालोतरा, कोटपूतली-बहरोड़, खैरथल-तिजारा, ब्यावर, डीग, डीडवाना-कुचामन और सलूम्बर में प्रशासनिक ढांचा तैयार करने के लिए राज्य सरकार सभी जरूरी वित्तीय संसाधन एवं अन्य सुविधाएं मुहैया कराएगी। इससे इन नए जिलों में रहने वाले आमजन को इन जिलों के गठन का लाभ वास्तविक रूप में मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि अब जिला परिषदों, पंचायत समिति और ग्राम पंचायतों का भी पुनर्गठन किया जाएगा। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री सुमित गोदारा ने पत्रकार वार्ता में बताया कि राजस्थान सिविल सेवा (पुनरीक्षित वेतन) नियम, 2017 के नियम 14 की अनुसूची-1 में संशोधन, राजस्थान अधीनस्थ एवं लिपिक वर्गीय सेवा (समान पात्रता परीक्षा) नियम, 2022 में सीईटी स्कोर की वैधता 3 वर्ष करने, पशुधन सहायक को पदोन्नति का तीसरा अवसर उपलब्ध करवाने एवं इस संवर्ग के पदनामों में परिवर्तन के लिए सेवा नियमों में संशोधन को मंजूरी दी गई है। एमएसीपी पर परिनिंदा के दण्ड का प्रभाव समाप्त श्री गोदारा ने बताया कि कार्मिकों के हित को ध्यान में रखते हुए मिनिमम एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (एमएसीपी) के तहत देय वित्तीय उन्नयन में राजस्थान सिविल सेवा (सी.सी.ए.) नियम, 1958 के अंतर्गत अनुशासनिक कार्यवाहियों में अधिरोपित परिनिंदा के दण्ड के प्रभाव को समाप्त करने का अनुमोदन किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में परिनिन्दा से दण्डित कार्मिक को 9, 18 एवं 27 वर्ष की नियमित सेवा पर देय वित्तीय उन्नयन का लाभ एमएसीपी की निर्धारित तिथि के एक वर्ष बाद मिल पाता है। उन्होंने बताया कि राज्य मंत्रिमण्डल ने कार्मिकों को होने वाले आर्थिक नुकसान को ध्यान में रखते हुए परिनिंदा के दण्ड के एमएएसपी पर प्रभाव को समाप्त करने के लिए राजस्थान सिविल सेवा (पुनरीक्षित वेतन) नियम, 2017 के नियम 14 की अनुसूची-1 में संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया है। इससे पहले राज्य सरकार द्वारा सीसीए नियमों के अंतर्गत अनुशासनिक कार्यवाहियों में अधिरोपित परिनिंदा के दण्ड का पदोन्नति पर प्रभाव भी समाप्त किया जा चुका है। अभ्यर्थियों को बड़ी राहत, सीईटी स्कोर की वैधता 3 वर्ष तक खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने कहा कि राजस्थान अधीनस्थ एवं लिपिक वर्गीय सेवा (समान पात्रता परीक्षा) नियम, 2022 में सीईटी स्कोर की वैधता अब 1 वर्ष के बजाय 3 वर्ष के लिए रहेगी। इसके लिए नियमों में संशोधन को मंजूरी दी गई है। उन्होंने बताया कि सीईटी स्कोर की वैधता एक वर्ष होने के कारण हर साल होने वाली अगली सीईटी परीक्षा में अभ्यर्थियों की संख्या बढ़ती चली जा रही थी। अत्यधिक संख्या में आवेदन आने पर बोर्ड को वित्तीय भार और कठिनाई का सामना करना पड़ता है। इसलिए सीईटी स्कोर की वैधता अवधि 3 वर्ष करने का निर्णय लिया गया है, जिससे अभ्यर्थियों को भी बड़ी राहत मिलेगी। गोदारा ने बताया कि राजस्थान जनजाति क्षेत्रीय विकास राज्य एवं अधीनस्थ सेवा नियम, 2001 के अंतर्गत आने वाले छात्रावास अधीक्षक (पुरुष) ग्रेड-2 एवं छात्रावास अधीक्षक (महिला) ग्रेड-2 को समान पात्रता परीक्षा की अनुसूची-1 (स्नातक स्तर) में शामिल किया जा रहा है। इस संशोधन के फलस्वरूप जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग के पद सीईटी में शामिल किए जा सकेंगे, जिससे परीक्षार्थियों को अधिक पदों पर चयन का अवसर प्राप्त होगा। पशुधन सहायक के पदनामों में परिवर्तन खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने बताया कि राजस्थान पशुपालन अधीनस्थ सेवा नियम, 1977 के तकनीकी संवर्ग में पशुधन सहायक को पदोन्नति का तीसरा अवसर उपलब्ध करवाने और इस संवर्ग के पदनामों में परिवर्तन के लिए सेवा नियमों में संशोधन को मंजूरी दी गई है। इस संशोधन के अनुसार तीसरी पदोन्नति का अवसर देने के लिए मुख्य पशुधन प्रसार अधिकारी का नवीन पद सृजित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पशुधन सहायक का पदनाम अब पशुधन निरीक्षक, पशुचिकित्सा सहायक … Read more

सड़क सुरक्षा अभियान में जनवरी में होगा वाहनों का सघन निरीक्षण, राजस्थान-परिवहन एवं सड़क सुरक्षा सचिव ने दिए निर्देश

जयपुर। प्रदेश में नव वर्ष की शुरुआत के साथ पूरी जनवरी सड़क सुरक्षा माह मनाया जाएगा और इस माह के दौरान वाहनों का सघन निरीक्षण भी किया जाएगा। सड़क सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले एवं मोटर व्हीकल एक्ट के तहत नियमों की पालना नहीं करने वाले वाहनों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही परिवहन विभाग द्वारा विशेष पहल कर सड़क सुरक्षा अभियान को जन-जन का अभियान बनाया जाएगा। शासन सचिव एवं परिवहन आयुक्त श्रीमती शुचि त्यागी ने शनिवार को परिवहन भवन में प्रदेश के सभी प्रादेशिक परिवहन अधिकारियों एवं अन्य उच्चाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक कर जनवरी माह में चलाए जाने वाले सड़क सुरक्षा अभियान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सड़क सुरक्षा जागरूकता के लिए चलाए जाएं विशेष अभियान – बैठक में परिवहन आयुक्त ने कहा कि हाल ही में मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा  ने सड़क सुरक्षा के संबंध मे बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए थे। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन हम सभी की जिम्मेदारी है और यातायात नियमों की पालना के साथ नियमों की जानकारी होना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार पूरे प्रदेश में सड़क सुरक्षा के लिए 6E एजुकेशन, इंजीनियरिंग, एनफोर्समेंट, इमरजेंसी केयर, इवेल्यूएशन, एन्गेजमेंट आधारित रणनीति के तहत कार्यवाही प्रारंभ की जाए। उन्होंने कहा कि जनवरी से सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएं तथा इसके अन्तर्गत स्कूलों, कॉलेजों और कार्यस्थलों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। साथ ही, जनसाधारण को ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि जागरूकता के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं को न्यूनतम करने का प्रयास जाए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा अभियान को जन-जन का अभियान बनाते हुए सड़क सुरक्षा नियमों की जानकारी भी दी जाए। साथ ही, जनसाधारण को ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। वाहनों का किया जाएगा सघन निरीक्षण श्रीमती त्यागी ने कहा कि सड़क सुरक्षा माह के दौरान वाहनों का सघन चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान मोटर व्हीकल एक्ट के तहत नियमों की पालना सुनिश्चित न करने वाले वाहनों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी प्रादेशिक परिवहन अधिकारियों को वाहनों के दस्तावेजों की जांच के भी निर्देश दिए।‌ उन्होंने ओवरलोडिंग, ओवरहैंगिंग, ओवरक्राउडिंग आदि के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए। वाहनों के फिटनेस प्रमाण पत्र जांच सहित सभी व्यवस्थाएं चाक चौबंद रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में बैरिकेडिंग, साइन बोर्ड, स्पीड ब्रेकर, सहित तमाम प्रबंध सुनिश्चित किया जाए जिससे दुर्घटनाओं की रोकथाम की जा सके। अनाधिकृत पार्किंग, सड़कों पर अनाधिकृत कट पर तुरंत कार्रवाई की जाए ताकि दुर्घटना की संभावना को न्यूनतम किया जा सके। उन्होंने जिला प्रशासन से भी इस संबंध में विशेष अभियान चलाए जाने का आव्हान किया। त्यागी ने कहा कि यातायात नियमों की सख्ती से पालना सुनिश्चित की जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। बैठक में अपर परिवहन आयुक्त एवं संयुक्त शासन सचिव श्रीमती रेणु खंडेलवाल, अपर परिवहन आयुक्त सड़क सुरक्षा श्रीमती निधि सिंह, मुख्यालय के उच्चाधिकारी उपस्थित थे। साथ ही पूरे प्रदेश के प्रादेशिक परिवहन अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लिया।

मूंग का खरीद लक्ष्य और अवधि बढ़ाएं, राजस्थान-मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय कृषि मंत्री को लिखा पत्र

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के किसानों के हित में मूंग के खरीद लक्ष्य को बढ़ाने सहित खरीद अवधि को भी 5 फरवरी तक बढ़ाने के संबंध में केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर अनुरोध किया है। शर्मा ने राज्य में असमय हुई वर्षा एवं भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मूंग खरीद के लिए गुणवत्ता मापदण्डों में शिथिलता प्रदान करने के लिए भी केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री को पत्र लिखा है। इससे अधिकाधिक किसानों से मूंग की खरीद सुनिश्चित होने के साथ ही उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी।

कैबिनेट में परीक्षा समिति की सिफारिश पर विचार, राजस्थान-एसआई भर्ती पर आज फैसला संभव

जयपुर। राजस्थान पुलिस में एसआई भर्ती परीक्षा 2021 में नकल प्रकरण को लेकर राज्य सरकार आज फैसला कर सकती है। सूत्रों के अनुसार शनिवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक में परीक्षा को लेकर बनी मंत्रिमंडलीय समिति की सिफारिश पर विचार होगा। इसमें तय होगा कि परीक्षा रद्द होगी या नहीं। इस भर्ती में भी पेपर लीक और नकल के आरोपों को लेकर एसओजी 50 से अधिक गिरफ्तारियां कर चुकी हैं, जिनमें प्रशिक्षणाधीन उप निरीक्षक भी शामिल हैं। राजस्थान में राजस्व अधिकारी (आरओ) एवं अधिशासी अधिकारी (ईओ)-2022 भर्ती परीक्षा में नकल और पेपरलीक प्रकरण में एसओजी ने शुक्रवार को दो कोर्ट कर्मचारियों समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। एसओजी के एडीजी वीके सिंह ने बताया कि इस मामले में नागौर के कुचेरा निवासी दीपक प्रजापत (26), रामप्रकाश जाट (26) और लूणकरणसर निवासी विकेश कुमार मान (28) को गिरफ्तार किया गया है। रामप्रकाश अभी उदयपुर की पोक्सो कोर्ट और विकेश जालोर की डीजे कोर्ट में लिपिक के पद पर कार्यरत हैं। ब्लूटूथ से नकल कर परीक्षा पास करने का आरोप अभियुक्त दीपक पर आरोप है कि उसने परीक्षा में ब्लूटूथ से नकल कर परीक्षा पास की। रामप्रकाश और विकेश ने नकल में काम आई सिम उपलब्ध कराई। बता दें राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से 14 मई 2023 को हुई इस परीक्षा में 1.96 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए थे। अंतिम परिणाम जारी होने से पहले ही एसओजी ने इसी साल 19 अक्टूबर को परीक्षा में नकल और पेपरलीक का खुलासा कर दिया था। अब तक 23 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सरकार यह भर्ती रद्द कर दुबारा कराने का निर्णय कर चुकी है।

नहीं होंगे कार्यक्रम, राजस्थान-पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर 7 दिन का राजकीय शोक

जयपुर। राज्य सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर प्रदेश में सात दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। स्वर्गीय मनमोहन सिंह के सम्मान में राज्य में 26 दिसंबर, 2024 से 1 जनवरी 2025 तक सात दिन के राजकीय शोक रहेगा। इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज आधे झुके रहेंगे तथा आधिकारिक मनोरंजन कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया जाएगा। पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का निधन गुरुवार को नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में हो गया। भारत सरकार द्वारा स्व. डॉ. मनमोहन सिंह को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी। अंतिम संस्कार के दिन सभी राजनयिक मिशनों एवं विदेशों में भी उच्चायोगों में राष्ट्रीय ध्वज आधे झुके रहेंगे।

खतरों और रोकथाम के संभावित तरीकों की बढ़ेगी जागरूकता, राजस्थान-सरकार ने डीपफेक से बचाव की जारी की एडवाइजरी

जयपुर. राजस्थान सरकार ने डीपफेक- खतरों और जवाबी उपायों पर एक एडवाइजरी जारी की है, जिसका फोकस जमीनी स्तर पर आम जनता के बीच प्रभावी साइबर स्वच्छता और सुरक्षा सुनिश्चित करने पर है। एडवाइजरी के अनुसार पहचाने गए लक्षित दर्शकों या संभावित लाभार्थियों में व्यक्ति और संगठन दोनों शामिल हैं। यह एडवाइजरी “साइबर सुरक्षा: उभरती चुनौतियाँ” थीम के तहत मुख्य सचिवों के तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान साइबर सुरक्षा उपायों या कार्रवाई योग्य बिंदुओं के अनुरूप जारी की गई थी। एडवाइजरी में डीपफेक तकनीक को वीडियो, छवियों और यहां तक ​​कि ऑडियो में हेरफेर करने में एआई के अनुप्रयोग के रूप में समझाया गया है। डीपफेक तकनीक से जुड़े प्रमुख जोखिम गलत सूचना का प्रसार, धोखाधड़ी या घोटाले और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना हैं। एडवाइजरी में डीपफेक के सकारात्मक और नकारात्मक दोनों अनुप्रयोगों की पहचान की गई है। जबकि फिल्मों में विशेष प्रभाव उत्पन्न करने और आकर्षक या इंटरैक्टिव शैक्षिक सामग्री के रूप में सकारात्मक अनुप्रयोग देखे जा सकते हैं, इसके कई नकारात्मक उपयोग भी हैं। प्रतिरूपण के माध्यम से वित्तीय धोखाधड़ी का जोखिम है, जनता की राय में हेरफेर करने के लिए गलत सूचना, साथ ही गैर-सहमति वाली स्पष्ट सामग्री के माध्यम से भावनात्मक और वित्तीय जबरन वसूली। डीपफेक तकनीक के बारे में निवारक उपाय संबंधित सलाह में कुछ निवारक कदमों पर भी प्रकाश डाला गया है, जिनका उल्लेख डीपफेक तकनीक और इसके नकारात्मक अनुप्रयोगों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं से बचने के लिए व्यक्तियों और संगठनों दोनों द्वारा किया जा सकता है। व्यक्तियों और संगठनों को सलाह दी जाती है कि वे हर जानकारी के लिए क्रॉस-रेफ़रेंसिंग करें और व्यक्तिगत जानकारी के मामले में अत्यधिक सावधानी बरतें। मल्टी-फ़ैक्टर ऑथेंटिकेशन या MFA, मज़बूत गोपनीयता सेटिंग्स, सत्यापन प्रोटोकॉल और लगातार सुरक्षा ऑडिट जैसे कुछ उपाय आम जनता को डीपफेक तकनीक के दुष्प्रभावों से निपटने में सहायता कर सकते हैं। व्यक्तिगत स्तर पर, आम जनता को डिजिटल स्पेस में कोई भी जानकारी साझा करते समय सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। संबंधित जानकारी के स्रोत की प्रामाणिकता का आकलन करने की सलाह दी जाती है। संगठनों के लिए विशिष्ट उपाय संबंधित सलाह में संगठनों के लिए विशेष रूप से कुछ निवारक उपाय भी दिए गए हैं। बड़ी मात्रा में कंपनी और ग्राहक डेटा से निपटने वाले संगठनों के लिए, डेटा के सुरक्षित उपयोग, भंडारण और हस्तांतरण को सुनिश्चित करने के लिए मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन या MFA का उपयोग करने की सलाह दी जाती है। संगठनों को संचार के एन्क्रिप्टेड तरीकों के उपयोग के साथ-साथ नियमित अंतराल पर सुरक्षा ऑडिट करने की भी सलाह दी जाती है। सलाह में किसी भी दुर्घटना की स्थिति में संकट प्रबंधन योजना तैयार करने का भी सुझाव दिया गया है। आगे की सहायता और जानकारी के लिए, सलाह आम जनता के संदर्भ के लिए उपलब्ध है।

80 दिन में होंगे 210 प्रश्नपत्र, राजस्थान-लोक सेवा आयोग 31 भर्तियों के लिए करवाएगा 162 परीक्षाएं

जयपुर। राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा वर्ष 2025 के जनवरी से दिसंबर माह तक आयोजित होने वाली विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं का प्रस्तावित कार्यक्रम जारी किया गया है। कार्यक्रमानुसार जनवरी से दिसंबर माह तक 31 भर्तियों के अन्तर्गत कुल 162 परीक्षाओं का आयोजन किया जाएगा। इसमें आयोग द्वारा 210 प्रश्नपत्रों की परीक्षाओं का आयोजन 80 दिवसों में किया जाएगा। आयोग की परीक्षाओं के संदर्भ में विगत समय से अभ्यर्थियों की अपेक्षा रही है कि संघ लोक सेवा आयोग की भांति राजस्थान लोक सेवा द्वारा भी भर्ती परीक्षाओं का कैलेण्डर जारी किया जाए ताकि परीक्षार्थियों को परीक्षा की तैयारी हेतु समुचित समय मिल सके। इसीके दृष्टिगत आयोग द्वारा परीक्षा की प्रस्तावित परीक्षा दिनांक विज्ञापन के साथ अथवा कुछ समय के बाद ही जारी करते हुए नियत कार्यक्रमानुसार परीक्षाओं के आयोजन का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में आयोग द्वारा वर्ष 2025 में प्रस्तावित परीक्षाओं के कार्यक्रम में 10 भर्ती परीक्षाओं की पूर्व में प्रस्तावित दिनांक में संशोधन एवं 7 अन्य भर्ती परीक्षाओं की प्रस्तावित परीक्षा तिथि को सम्मिलित किया गया है। उक्त सभी परीक्षाओं का विस्तृत कार्यक्रम यथासमय जारी कर दिया जाएगा।                        आयोग द्वारा घोषित आगामी परीक्षाओं की प्रस्तावित परीक्षा दिनांकः- क्रंसं  परीक्षा का नाम                                                                    प्रस्तावित परीक्षा दिनांक 1      असिस्टेंट प्रोसेक्यूशन ऑफिसर (प्रारंभिक) प्रतियोगी परीक्षा-2024                   19/01/2025 2      राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी (प्रारंभिक) परीक्षा-2024    2/02/2025 3      लाइब्रेरियन ग्रेड-।। (स्कूल एजुकेशन) प्रतियोगी परीक्षा-2024    16/2/2025 4      आरओ ग्रेड-द्वितीय, ईओ ग्रेड-चतुर्थ प्रतियोगी परीक्षा-2024    23/3/2025 5      एग्रीकल्चर ऑफिसर प्रतियोगी परीक्षा-2024    20/04/2025 6      पीटीआई एंड लाइब्रेरियन (संस्कृत कॉलेज एजुकेशन) प्रतियोगी परीक्षा-2024     4 से 6 मई 2025 7     असिस्टेंट माइनिंग इंजिनियर, जियोलोजिस्ट (माइंस एंड जियोलोजी डिपार्टमेंट) प्रतियोगी परीक्षा- 2024                                                                                    7/5/2025 8    सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर प्रतियोगी परीक्षा-2024    12 से 16 मई 2025 9    असिस्टेंट प्रोफेसर (मेडिकल ऐजुकेशन) प्रतियोगी परीक्षा: वि.सं 18/2024-25     12 से 16 मई 2025 10    पब्लिक रिलेशन ऑफिसर प्रतियोगी परीक्षा-2024    17 /05/ 2025 11    असिस्टेंट प्रोसेक्यूशन ऑफिसर (मुख्य) प्रतियोगी परीक्षा-2024                        1 /06/ 2025 12    असिस्टेंट प्रोफेसर (मेडिकल एजुकेशन) परीक्षा: वि.सं 23/2024-25        23 जून सेे 6 जुलाई 2025 13    लेक्चरर एंड कोच- (स्कूल शिक्षा) प्रतियोगी परीक्षा-2024                       23 जून सेे 6 जुलाई 2025 14    टेक्निकल असिस्टेंट (जियोफिजिक्स) प्रतियोगी परीक्षा-2024                  7/07/2025 15    बायोकेमिस्ट प्रतियोगी परीक्षा-2024                                                  7/07/2025 16    जूनियर केमिस्ट प्रतियोगी परीक्षा-2024 8/07/2025 17    असिस्टेंट टेस्टिंग ऑफिसर (पीडब्ल्यूडी) प्रतियोगी परीक्षा-2024             8/07/2025 18    असिस्टेंट डायरेक्टर (साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग) प्रतियोगी परीक्षा-2024                                                                                        9/07/2025 19    रिसर्च असिस्टेंट (मूल्यांकन विभाग) प्रतियोगी परीक्षा-2024                    10/07/2025 20    डिप्टी जेलर प्रतियोगी परीक्षा-2024                                                     13/07/2025 21    असिस्टेंट फिशरीज डवलेपमेंट ऑफिसर प्रतियोगी परीक्षा-2024               29/07/2025 22    ग्रुप इंस्ट्रक्टर/सर्वेयर/असिस्टेंट अप्रेंटशिप प्रतियोगी परीक्षा-2024              29/07/2025 23    वाइस प्रिंसीपल/सुपरीटेंडेंट आइटीआई प्रतियोगी परीक्षा-2024                 30 जुलाई सेे                                                                                                            1 अगस्त 2025 24    एनालिस्ट कम प्रोग्रामर प्रतियोगी परीक्षा-2024                                      17/08/2025 25    सीनियर टीचर (माध्यमिक शिक्षा विभाग) प्रतियोगी परीक्षा-2024                7 से 12 सितंबर 2025 26    प्रोटेक्शन ऑफिसर प्रतियोगी परीक्षा-2024                                            13/09/2025 27    सहायक अभियंता (प्रारंभिक) संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा-2024                      28/09/2025 28    सहायक सांख्यिकी अधिकारी (आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग)         प्रतियोगी परीक्षा-2024                                                                        12/10/2025 29    एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट परीक्षा-2024                                                    12 से 19 अक्टूबर 2025 30    सब इंस्पेक्टर (टेलीकॉम) प्रतियोगी परीक्षा-2024                                      09/11/2025 31    असिस्टेंट प्रोफेसर (कॉलेज शिक्षा विभाग) प्रतियोगी परीक्षा-2024              1 से 12 दिसंबर,                                                                                                             15 से 19 दिसंबर एवं                                                                                                             22 से 24 दिसंबर 2025

‘भारत को विकास की नई राह देने वाले व्यक्तित्व थे अटल जी’, राजस्थान-राज्यपाल बागडे हुए अटल बिहारी वाजपेयी जन्म शती समारोह में शामिल

जयपुर। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी को स्मरण करते हुए उनके दिए आदर्श अपनाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने बचपन से ही कठोर परिश्रम, कड़ी मेहनत और अपने आत्मविश्वास से भारत को विकास की नई राह प्रदान की। प्रधानमंत्री रहते सुशासन के साथ उन्होंने भारतीय राजनीति में शुचिता के आदर्श मूल्यों की स्थापना की। उन्होंने स्व. वाजपेयी द्वारा देश में स्वर्णिम चतुर्भुज योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास के किए कार्यों, कावेरी विवाद हल करने और सूचना संचार प्रौद्योगिकी के लिए किए कार्यों को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि अच्छा कार्य किसी विरोधी दल के नेता ने भी किया है तो उसकी वह खुलकर सराहना करते थे। उनका समग्र व्यक्तित्व प्रेरणास्पद रहा है। बागडे बुधवार को अटल सामुदायिक केन्द्र, शांति नगर में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जन्म शती समारोह में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि स्व. वाजपेयी के प्रधानमंत्री काल में देश में निरंतर विकास के कार्य हुए। भारत परमाणु परीक्षण कर महाशक्ति बना और विभिन्न क्षेत्रों में विकास से वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित हुआ। उन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन में उनके भाग लेने, जनसंघ से उनके राजनीति में प्रवेश, देश में संसदीय लोकतंत्र के लिए किए कार्य, उनके प्रखर वक्ता आदि विभिन्न रूपों में किए राष्ट्र विकास के कार्यों की चर्चा करते हुए उनके स्थापित आदर्शों से सीख लेने का आह्वान किया। राज्यपाल ने स्व. वाजपेयी के कवि हृदय की चर्चा करते हुए कहा कि जो बात वह सीधे नहीं कह सकते थे, कविता में कह दिया करते थे। उन्होंने कहा कि वाजपेयी जी सदन में बहुत शालीनता से पर मजबूती से अपनी बात तर्क के साथ रखते थे। आरंभ में सिविल लाइंस क्षेत्र के विधायक और पत्रकार डॉ. गोपाल शर्मा ने राज्यपाल का अभिनंदन किया और स्व. वाजपेयी की स्मृति में स्थापित प्रतिमा के संदर्भ में उन्हें जानकारी दी।

प्रत्येक ग्राम पंचायत में खुलेंगे अटल ज्ञान केन्द्र, राजस्थान-मुख्यमंत्री भजनलाल ने अटल जन्म शताब्दी दिवस कार्यक्रम में की घोषणा

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म शताब्दी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित सुशासन दिवस के अवसर पर प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत पर अटल ज्ञान केन्द्र शुरू करने की घोषणा की है। शर्मा ने कहा कि युवाओं को जागरूक करने के साथ ही उन्हें प्रशिक्षण सुविधायें उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत पर चरणबद्ध रूप से अटल ज्ञान केन्द्र की स्थापना की जाएगी। इन केन्द्रों के लिए स्थानीय युवक-युवती का अटल प्रेरक के रूप में चयन किया जायेगा। इससे ग्रामीण युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे। अटल ज्ञान केन्द्रों पर खुलेंगी लाइब्रेरी— उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं के स्व-अध्ययन एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तथा आमजन में पढ़ने की प्रवृति को प्रोत्साहित करने के लिए अटल ज्ञान केन्द्रों पर लाइब्रेरी एवं ई-लाइब्रेरी की सुविधाएं विकसित की जाएगी। इसके साथ ही इन केन्द्रों पर कैरियर काउंसलिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। आमजन को सुगमता से मिल सकेगा योजनाओं का लाभ— श्री शर्मा ने कहा कि पात्र व्यक्तियों एवं परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के लिए अटल प्रेरक कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि ई-मित्र की तर्ज पर इन केन्द्रों पर भी कल्याणकारी योजनाओं के आवेदन के अतिरिक्त जाति, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण-पत्र, मूल निवास एवं राशन कार्ड इत्यादि जन-सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। इससे ग्रामीण स्तर पर आमजन के कार्य सुलभ एवं सुगम रूप से सम्पादित हो सकेंगे। उन्होेंने कहा कि राज्य सरकार इन केन्द्रों के विकास पर लगभग 500 करोड़ रुपये का व्यय करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत रत्न श्री वाजपेयी की स्मृति में राज्य सरकार ने 26 दिसम्बर को प्रत्येक पंचायत समिति मुख्यालय पर अटल जन सेवा शिविर आयोजित करने का निर्णय भी किया है। साथ ही, हमारी सरकार ने ई-गवर्नेंस अवार्ड का नाम बदलकर अटल ई-गवर्नेंस अवार्ड और राजकीय विद्यालयों के कंप्यूटर कक्ष का नामकरण अटल कंप्यूटर कक्ष करने का निर्णय भी किया है।

5.47 लाख लोगों ने अब तक लिया लाभ, राजस्थान-मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य शिविर में मौके पर जांच और उपचार

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की पहल पर प्रदेशभर में राज्य सरकार की प्रथम वर्षगांठ के अवसर पर शुरू किए गए मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य शिविरों का आमजन भरपूर लाभ ले रहे हैं। चिकित्सा मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के मार्गदर्शन में 15 दिसम्बर से आयोजित किए जा रहे इन शिविरों में मात्र 5 आयोजन दिवस में अब तक 5 लाख 47 हजार से अधिक लोगों ने भाग लेकर स्वास्थ्य जांच, उपचार एवं परामर्श लिया है। अभियान के तहत प्रथम चरण में सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तर पर विशेष स्वास्थ्य जांच व उपचार के सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने बताया कि अब तक 1402 शिविर आयोजित किए गए हैं। इनमें 2 लाख 21 हजार से अधिक व्यक्तियों की डायबिटीज और ब्लड प्रेशर स्क्रीनिंग, 1 लाख 23 हजार से अधिक व्यक्तियों की ओरल, 54 हजार की ब्रेस्ट एवं 25 हजार से अधिक की सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग की गई है। स्क्रीनिंग में 3 हजार से अधिक व्यक्तियों में कैंसर रोग की संभावना पाई गई है। इसी प्रकार करीब 63 हजार की ईएनटी जांच की गई एवं 20 हजार से अधिक महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच की गई। करीब 39 हजार व्यक्तियों की टीबी जांच की गई, जिनमें से 529 टीबी पॉजिटिव पाए गए। शिविर में लगभग 4 लाख 42 ​हजार रोगियों को नि:शुल्क दवा योजना से लाभान्वित किया गया। 3 लाख 20 हजार का एलोपैथी से उपचार— श्रीमती राठौड़ ने बताया कि शिविरों के दौरान 3 लाख 20 हजार लोगों को एलोपैथी पद्धति से एवं 83 हजार से अधिक को आयुष पद्धति से उपचारित किया गया। करीब 10 हजार को टेलीकंसलटेशन के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा परामर्श दिया गया। साथ ही, 850 रोगियों को एम्बुलेंस के माध्यम से उच्च चिकित्सा संस्थानों में उपचार हेतु भेजा गया। करीब 11 हजार लोगों को उपचार के लिए रेफरल शिविर हेतु रेफर किया गया। शिविर में अब तक 50 हजार लोगों की आभा आईडी बनाई गई। इसी प्रकार मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब के माध्यम से 966 सैम्पल जांच हेतु लिए गए और 100 फूड लाइसेंस जारी किए गए। 31 जनवरी तक 3463 शिविर आयोजित होंगे— निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश माथुर ने बताया कि आयोजित किए जा रहे शिविरों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के आमजन को सामान्य बीमारियों की जांच-उपचार सेवाओं सहित कैंसर, टीबी जैसे घातक रोगों की हैल्थ स्क्रीनिंग, काउंसलिंग व आवश्यकतानुसार रेफरल सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत 31 जनवरी 2025 तक प्रदेशभर में कुल 3463 शिविर आयोजित करना निर्धारित है, जिनमें पीएचसी, सीएचसी स्तर पर कुल 3061 शिविर, 352 पंचायत समिति मुख्यालय पर और शेष 50 शिविर जिला चिकित्सालयों में रेफरल शिविर के रूप में आयोजित किए जाएंगे। 37 प्रकार की जांचें उपलब्ध— अतिरिक्त निदेशक अस्पताल प्रशासन डॉ. सुशील परमार ने बताया कि आरोग्य शिविरों में 37 प्रकार की स्वास्थ्य जांचों और जिला चिकित्सालय स्तर पर उपलब्ध दवाइयां, आवश्यक सर्जरी वाले रोगियों के लिए एम्बूलेंस के माध्यम से रेफर सेवाएं, दिव्यांगजनों को यूडीआईडी कार्ड बनाने के साथ ही टेलीकंसलटेंसी के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सकों के द्वारा उपचार-परामर्श इत्यादि सेवाएं निःशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही हैं। स्वास्थ्य से संबंधित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी प्रदान की जा रही है। साथ ही, आमजन को शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाने की दृष्टि से मौके पर ही मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब के माध्यम से खाद्य पदार्थों की जांच की जा रही है तथा रजिस्टेशन एवं लाइसेंस आदि कार्य किए जा रहे हैं।

उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने बैठक में दिए निर्देश, राजस्थान-पर्यटन की व्यापक ब्रांडिंग की जाये

जयपुर। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी की अध्यक्षता में बुधवार को पर्यटन भवन में पर्यटन विभाग से जुड़े विभिन्न विषयों पर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में शासन सचिव पर्यटन विभाग श्री रवि जैन एवं पर्यटन आयुक्त श्री विजयपाल सिंह भी मौजूद थे। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि राइजिंग राजस्थान के तहत पर्यटन के क्षेत्र में हुए एमओयू को सौ फीसदी धरातल पर उतारने के लिए पर्यटन विभाग संकल्पित होकर कार्य करें।उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इस हेतु प्रगति की शासन सचिव श्री रवि जैन हर सप्ताह समीक्षा करेंगे तथा वे स्वयं प्रत्येक महीने समीक्षा करेंगी। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि मेरा मानना है कि राजस्थान को एक समग्र ब्रांड के रूप प्रचारित – प्रसारित किया जाए। हमें पूरे राजस्थान को एक ब्रांड के रूप में विकसित करना है। इसी प्रकार जयपुर तथा राज्य के अन्य जिलों को पर्यटन ब्रांड बनाने के लिए प्रचार- प्रसार किया जाए। उन्होंने एआर वीआर, फिल्म के लिए निर्देश दिए कि ये फिल्म राजस्थान के लिए आकर्षण और कौतुहल जगाने वाली होनी चाहिए। फिल्म ऐसी हो जिससे स्मारकों को देखने के लिए जिज्ञासा और कौतुहल जगाए ताकि पर्यटक उस पर्यटन स्मारकों को देखने के लिए लालयित होकर वहां तक पहुंचे। इस हेतु फिल्म निर्माण में बेहतर, सर्वश्रेष्ठ कार्यों का चुनाव होना चाहिए। इसी प्रकार ऐप भी ऐसा विकसित हो जो स्मारकों को देखने के लिए वहां तक पहुंचने के लिए प्रेरित और गाइड करें। बैठक में सोशल मीडिया पर राजस्थान पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सोशल मीडिया इन्फेलुन्सर मीट कराने पर चर्चा की गई। उपमुख्यमंत्री ने 7-9 मार्च, 2025 को जयपुर में आयोजित होने वाले 25वें अंतर्राष्ट्रीय भारतीय फ़िल्म अकादमी (आईफ़ा) पुरस्कार समारोह के आयोजन, पर्यटन विभाग की बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन, नई पर्यटन नीति आदि पर चर्चा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने महाराणा प्रताप पेनोरमा विकास करने, मोनूमेंट्स साइटस पर लाइट एन्ड साउंड शो करवाने, मोनूमेंट्स अडॉप्ट करने आदि विषयों पर चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए। दिया कुमारी ने राजस्थान राज्य के संग्रहालयों के विकास लिए केंद्रीय योजनाओं में मिल रहें आर्थिक सहयोग प्राप्त करने सहित केंद्र की पर्यटन विकास की योजनाओं का राज्य में बेहतर क्रियान्वयन हेतु निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री ने जयपुर परकोटा में लाइटिंग, सफाई आदि को सुव्यवस्थित किये जाने, चारदिवारी क्षेत्र में पार्किंग की समस्या के निस्तारण पर भी चर्चा कर निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि साइनेज सुंदर और सूचनाओं से सुसज्जित हो। बैठक में जयपुर और राज्य के अन्य जिलों में राजस्थान दिवस के आयोजन हेतु भी चर्चा की गई।

35 लाख किसानों को फसली ऋण देने का लक्ष्य: मुख्यमंत्री भजनलाल, राजस्थान-सहकार से समृद्धि अभियान का हुआ राज्य स्तरीय समारोह

जयपुर। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म शताब्दी पर देश भर में 10 हजार नवगठित एम-पैक्स, डेयरी व मत्स्य सहकारी समितियों का शुभारंभ किया गया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त होगी। साथ ही, इन नवगठित पैक्स के बहुउद्देशीय बनने से ग्रामीण स्तर पर संसाधनों की सुगम उपलब्धता संभव हो सकेगी एवं ग्रामीणों को त्वरित सुविधाएं भी मिल सकेंगी।  शाह नई दिल्ली में सहकार से समृद्धि अभियान कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा आरआईसी में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम से इस कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जुड़े। इस अभियान के तहत देश भर में 10 हजार नवगठित एम-पैक्स, डेयरी व मत्स्य सहकारी समितियों का शुभारंभ किया गया। चयनित समितियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। इस अवसर पर श्री शाह ने राजस्थान के अलवर जिले से घेवर पैक्स के अध्यक्ष श्री रमेश चंद शर्मा को पंजीकरण का प्रमाण पत्र वितरित किया। वाजपेयी को सहकारिता को मुख्यधारा में लाने का श्रेय— शाह ने कहा कि भारत रत्न स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने जनता की आवाज बनकर हम सबका मार्गदर्शन किया। उन्होंने देश को परमाणु शक्ति सम्पन्न राष्ट्र, कारगिल विजय, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और भाषाओं को जीवंतता देने के लिए संगठित प्रयास जैसे अनेक काम किए जिससे देश को नई दिशा मिली। उनका पूरा जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। अटल जी ने सहकारिता को मुख्य धारा में लाने के लिए भी विशेष प्रयास किए। उन्होंने कहा कि इसी क्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सहकारिता मंत्रालय का गठन किया और आगामी पांच साल में 2 लाख नए पैक्स बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया। हमारा विश्वास है कि पांच वर्ष से पहले ही हम 2 लाख पैक्स बनाने का लक्ष्य प्राप्त कर लेंगे। नई एसओपी जारी, 15 हजार गांवों में खुल सकेंगे पैक्स— केन्द्रीय सहकारिता मंत्री ने कहा कि आज पैक्स के कर्मचारियों के प्रशिक्षण के लिए प्रशिक्षण मॉड्यूल का अनावरण किया गया है। पैक्स को 32 प्रकार की नई गतिविधियों से जोड़ा गया है जिससे यह बहु-आयामी बन सकें। उन्होंने कहा कि निष्क्रिय पैक्स के लिक्विडेशन के लिए भी एसओपी जारी की गई है। जिसके माध्यम से 15 हजार गांवों में नए पैक्स खोलने का मार्ग प्रशस्त हो सकेगा। उन्होंने कहा कि इन पैक्स में आधुनिक तकनीक पर जोर दिया गया है जिससे सिस्टम में पारदर्शिता आएगी। साथ ही, सहकारिता मंत्रालय द्वारा लगातार ऐसे नवाचार किए जा रहे हैं जिससे सहकारिता जमीनी स्तर पर सशक्त बने और ग्रामीण युवाओं को रोजगार भी मिले। सहकार से समृद्धि लाने के लिए राज्य सरकार समर्पित— मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि श्री वाजपेयी की जन्म शताब्दी दिवस के उपलक्ष्य पर हम सुशासन दिवस बना रहे हैं। उन्होंने अपने जीवन और कार्यों के माध्यम से हमें यह सिखाया है कि सुशासन का अर्थ आमजन को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने से है और सहकारिता उसका सबसे बड़ा माध्यम है। श्री वाजपेयी जी ने ही किसानों को ऋण उपलब्धता में सुगमता के लिए किसान क्रेडिट कार्ड का नवाचार किया था। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक ग्राम पंचायत पर चरणबद्ध रूप से अटल ज्ञान केंद्र स्थापित करने की घोषणा की गई है, जिससे प्रदेश के युवाओं व आमजन को जागरूक और सशक्त किया जा सके। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। समस्याओं के निराकरण के लिए सरकार तत्पर— श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी विकसित भारत के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं। इसी क्रम में प्रधानमंत्री की पहल पर सहकार से समृद्धि अभियान शुरू किया है जिसके माध्यम से बहुउद्देशीय ग्राम सेवा सहकारी समितियों, डेयरी समितियों और मत्स्य सहकारी समितियों को सशक्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सहकार आंदोलन को और अधिक सशक्त एवं समृद्ध बनाने के लिए प्रदेश में नए को-ऑपरेटिव कोड ला रही है। इन नए कोड को अमलीजामा पहनाने के लिए समिति भी बनाई गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिला और किसान परिश्रम और त्याग कर सहकारिता को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। हमारी सरकार भी सहकारिता में काम करने वालों की समस्याओं के निराकरण के लिए तत्पर है। 8 हजार समितियां कर रही किसानों की सेवा— उन्होंने कहा कि राजस्थान में करीब 8000 ग्राम सेवा सहकारी समितियां ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के लिए काम कर रही है। हमारी सरकार का लक्ष्य है कि इन समितियों में अधिक से अधिक महिलाओं को जोड़ा जाए जिससे महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हों। उन्होंने कहा कि सहकारिता से समृद्धि अभियान के तहत प्रदेश में डेयरी समितियों एवं इनके सदस्यों को सहकारी बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि इन समितियों के माध्यम से हमारी सरकार बिना ब्याज फसली ऋण उपलब्ध करवा रही है। इस वर्ष हमने 35 लाख किसानों को 23 हजार करोड़ रूपये के फसली ऋण का लक्ष्य निर्धारित किया है।

गत वर्ष की तुलना में आई 2.54 प्रतिशत कमी, राजस्थान-नवंबर में वस्तुओं का 401.32 रहा थोक मूल्य सूचकांक

जयपुर। राज्य का माह नवंबर, 2024 को सभी वस्तुओं का थोक मूल्य सूचकांक आधार वर्ष (1999-2000) पर गत माह की तुलना में 0.82 प्रतिशत की कमी के साथ 401.32 रहा। माह नवंबर, 2024 में प्राथमिक वस्तु समूह सूचकांक 457.69 एवं ईधन, शक्ति, प्रकाश एवं उपस्नेहक समूह सूचकांक 568.11 तथा विनिर्मित उत्पाद समूह सूचकांक 308.62 अंक रहा है। राज्य के मासिक सामान्य थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति नवंबर, 2024 में गत वर्ष नवम्बर माह की तुलना में 2.54 प्रतिशत रही है। आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के निदेशक एवं संयुक्त शासन सचिव श्री विनेश सिंघवी ने बताया कि माह नवंबर, 2024 में प्राथमिक वस्तु समूह का सूचकांक गत माह की तुलना में 2.04 प्रतिशत की कमी के साथ 457.69 रहा है। प्राथमिक वस्तु समूह के सूचकांक में कमी का मुख्य कारण इसके अंतर्गत कृषि उप समूह सूचकांक में 2.19 प्रतिशत एवं खनिज उप समूह सूचकांक में 0.95 प्रतिशत की कमी दर्ज होना रहा है। उन्होंने बताया कि आलोच्य माह में प्राथमिक वस्तु समूह में कृषि मद समूह के सूचकांक के अन्तर्गत दालों में 3.85 प्रतिशत, फलों में 52.71 प्रतिशत, सब्जियों में 10.13 प्रतिशत, रेशा में 0.20 प्रतिशत, तिलहन में 1.58 प्रतिशत एवं अन्य अखाद्य पदार्थ में 5.75 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। खनिज उप समूह सूचकांक के अंतर्गत आलोच्य माह में 0.95 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई। जिसमें मुख्यतः जिप्सम में 2.08 प्रतिशत, चूना पत्थर  में 0.49 प्रतिशत एवं चांदी में 19.51 प्रतिशत की कमी दर्ज रही है। ईंधन, शक्ति, प्रकाश एवं उपस्नेहक समूह का सूचकांक माह नवंबर, 2024 के दौरान 568.11 अंक रहा है। ईंधन, शक्ति, प्रकाश एवं उपस्नेहक समूह सूचकांक की वर्ष दर वर्ष मुद्रास्फीति दर में गत वर्ष की तुलना में 2.26 प्रतिशत की कमी पाई गई। विनिर्मित उत्पाद समूह का सूचकांक माह नवंबर, 2024 में 308.62 अंक रहा, जिसमें गत माह की तुलना में 0.06 प्रतिशत की कमी पाई गई। समीक्षाधीन अवधि के दौरान केमिकल उप समूह सूचकांक में 1.32 प्रतिशत की कमी पाई गई जबकि खाद्य उत्पाद उप समूह के सूचकांक में 0.33 प्रतिशत, लकड़ी और लकड़ी उत्पाद उप समूह के सूचकांक में 0.36 प्रतिशत, बुनियादी कीमती और अलौह धातुएं उप समूह के सूचकांक में 0.05 प्रतिशत एवं सामान्य प्रयोजन मशीनरी उप समूह में 0.04 प्रतिशत वृद्धि रही हैं। विनिर्मित उत्पाद समूह सूचकांक की वर्ष दर वर्ष मुद्रास्फीति की दर गत वर्ष की तुलना में 1.52 प्रतिशत दर्ज की गई।

दस्तावेजों का 1 जनवरी से होगा सत्यापन, राजस्थान में सहायक सांख्यिकी अधिकारी की जल्द होगी सीधी भर्ती

जयपुर। सहायक सांख्यिकी अधिकारी भर्ती 2024 के तहत राजस्थान लोक सेवा आयोग, अजमेर द्वारा 14 पदों की सीधी भर्ती हेतु 56 अभ्यर्थियों को पात्रता जांच एवं दस्तावेज सत्यापन हेतु सूचीबद्ध किया गया है। उक्त पदों हेतु सूचीबद्ध अभ्यर्थियों की 01 जनवरी से 03 जनवरी 2025 तक पात्रता की जांच एवं दस्तावेज सत्यापन किया जायेगा। उक्त पदों हेतु सूचीबद्ध अभ्यर्थियों की 01 जनवरी से 03 जनवरी 2025 तक पात्रता की जांच एवं दस्तावेज सत्यापन का कार्य कृषि विभाग द्वारा कॉन्फ्रेन्स हॉल, प्रथम तल, पंत कृृषि भवन, जयपुर में किया जायेगा। अपरिहार्य कारणों से अनुपस्थित अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन 07 जनवरी 2025 को किया जायेगा। अभ्यर्थी पात्रता जांच एवं दस्तावेज सत्यापन हेतु दिनांकवार एवं रोल नम्बरवार विस्तृृत सूचना कृषि विभाग की वेबसाइट https://agriculture.rajasthan.gov.in – Employee Corener – Recruitment Related – Docoument Verification  पर प्राप्त कर सकते हैं।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री बोले-‘मध्यस्थता लोक जीवन की महत्त्वपूर्ण व्यवस्था’, राजस्थान-ई-दाखिल में देश में तीसरे स्थान पर

जयपुर। खाद्य ,नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री श्री सुमित गोदारा ने मंगलवार को राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस के उपलक्ष्य में राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में राज्य एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में मध्यस्थता व्यवस्था एवं कंज्यूमर केयर कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ किया। गोदारा ने कहा कि मध्यस्थता व्यवस्था उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में बड़ा नवाचार है। यह लोक जीवन में समस्या सुलझाने की सदियों पुरानी व क्रांतिकारी बदलाव लाने वाली कारगर व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि इसके लिए लोगों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। कोई विवाद हो तो मध्यस्थ व्यक्ति पर विश्वास करना आवश्यक है, इसमें समाधान अवश्य निकलता है। श्री गोदारा ने कहा कि उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में भारत की न्यायपालिका का बहुत बड़ा योगदान है, जिसकी हम कल्पना भी नहीं कर सकते। उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में न्यायपालिका ने महत्वपूर्ण निर्णय दिए हैं। अगली बार प्रयास किये जाय कि जिला फोरम के रोचक निर्णयों को प्रेरणा स्वरूप लोगों को बताए जाएं ,इससे लोगों में उत्साह बढ़ेगा ।न्यायपालिका के  निर्णयों से 15 – 20 वर्षों में सबसे बड़ा परिवर्तन गुणवत्ता बढ़ोतरी में आया है। इससे उपभोक्ताओं को गुणवत्ता का सामान मिलने लगा है। इसी के आधार पर भारत की अर्थव्यवस्था 12वीं नंबर से पांचवें नंबर पर आई है, इसी की बदौलत भारत आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि राजस्थान में ई- केवाईसी सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार करवाई जा रही है जो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के लाभार्थियों को 31 दिसंबर, 2024 तक करवानी है अन्यथा सूची से उनका नाम हटा दिया जाएगा। जिला उपभोक्ता संरक्षण मंचों में अध्यक्ष व सदस्यों के लिए नया परिवर्तन किया गया है। इसमें मार्च तक 87 सदस्यों की नियुक्तियां की जाएगी। उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों की जागरूकता के लिए उचित मूल्य की प्रत्येक दुकान पर हेल्पलाइन नंबर का ज्यादा प्रचार किया जाएगा जिससे गांव—ढाणी में बैठा व्यक्ति भी लाभ ले सके। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जागो ग्राहक जागो अभियान को और अधिक सफल बनाएंगे। साथ ही, विभाग के अधिकारियों का मनोबल बढ़ाने के लिए उन्हें सम्मानित भी किया जाएगा। न्यायाधिपति श्री इंद्रजीत सिंह ने कहा कि किसी भी विवाद का निस्तारण मुख्यतः दो प्रकार से होता है, प्रथम निर्णय से तथा द्वितीय समझौतावादी प्रक्रिया से। आज के समय में समझौतावादी प्रक्रिया को अपनाना समाज के हित में महत्वपूर्ण है। इसमें एक तटस्थ व्यक्ति दोनों पक्षों के बीच आपसी बातचीत व समझौते के माध्यम से समाधान तक पहुंचाने में मदद करता है। मध्यस्थता वह कला है जिसमें समझौता नहीं समाधान खोजा जाता है। मध्यस्थता से समय की बचत होती है, आर्थिक दृष्टि से लाभकारी भी है। इससे रिश्तों की रक्षा, गोपनीयता व निष्पक्षता बनी रहती है। न्यायाधिपति एवं राजस्थान राज्य उपभोक्ता प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष श्री देवेंद्र कच्छावा ने कहा कि उपभोक्ता मामलों में तीव्र गति से सुनवाई हो रही है। लोग न्याय की अभिलाषा से आते हैं। उन्हें शीघ्रता से न्याय नहीं मिल पाता। इसके लिए मध्यस्थता व्यवस्था के माध्यम से  प्रकरणों का निस्तारण किए जाने के प्रयास किए जाएं। राज्य – जिला विधिक प्राधिकरणों में मध्यस्थता अब विधिक प्रक्रिया के माध्यम से की जा रही है। वरिष्ठ न्यायाधीश श्री हरि ओम अत्रि ने कहा कि मध्यस्थता व्यवस्था के लिए विस्तृत नीति तैयार की गई है। उपभोक्ता विषयों के लिए राज्य- जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में मिडिएशन सेंटर शुरू किए गए हैं। यह अपेक्षा करते हैं कि राज्य प्रतितोष आयोग एवं जिला प्रतितोष मंच से प्राप्त प्रकरणों में मध्यस्थता के माध्यम से उच्च सेवाएं प्रदान करेंगे। जिससे लंबित प्रकरणों की संख्या कम हो सके। इस अवसर पर नुक्कड़ नाटक के माध्यम से उपभोक्ता जागृति का संदेश दिया गया एवं ”मिडीएशन ईज ऑफ़ लिविंग -ईज ऑफ़ जस्टिस” नामक पुस्तिका का विमोचन किया गया। कार्यक्रम में उल्लेखनीय एवं उपलब्धि पूर्ण कार्यों के लिए सुश्री रुखसार, सुश्री भावना दयाल, श्री मनीष भटनागर, श्रीमती जय श्री शर्मा एवं श्री देवेंद्र मोहन माथुर को प्रशस्ति पत्र के साथ शाल ओढ़ाकर एवं पौधा देकर सम्मानित किया गया। रजिस्ट्रार श्री अशोक शर्मा ने प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। विभाग की निदेशक श्रीमती पूनम प्रसाद सागर ने सभी का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा पर प्रकाश डाला।

राजस्थान-मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने गन्ना क्रय मूल्य में की वृद्धि हजारों किसानों की आय में होगी बढ़ोत्तरी

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने गन्ना क्रय मूल्य में 10 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की स्वीकृति प्रदान की है। इस वृद्धि से श्रीगंगानगर के हजारों गन्ना उत्पादक किसानों की आय में 2 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री श्री शर्मा के कृषक हितैषी निर्णय के अनुसार अब गन्ना की अगेती किस्म को 401 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाएगा। मुख्यमंत्री श्री शर्मा के कृषक हितैषी निर्णय के अनुसार अब गन्ना की मध्य किस्म को 391 रुपये एवं पछेती किस्म को 386 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाएगा। वर्तमान वर्ष 2024-25 में श्रीगंगानगर जिले के 3 हजार 170 किसानों द्वारा लगभग 19 हजार 4 बीघा क्षेत्र में गन्ने की बिजाई की गई है। राजस्थान स्टेट गंगानगर शुगर मिल्स लिमिटेड इन किसानों का लगभग 20 लाख क्विंटल गन्ना  खरीदेगा। इससे किसानों को लगभग 80 करोड़ 20 लाख रुपये का भुगतान अपेक्षित है।

‘भारत को विकास की नई राह देने वाले आदर्श व्यक्तित्व थे वाजपेयी’, राजस्थान-राज्यपाल बागडे हुए अटल जी के जन्म शती समारोह में शामिल

जयपुर। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी को स्मरण करते हुए उनके दिए आदर्श अपनाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने बचपन से ही कठोर परिश्रम, कड़ी मेहनत और अपने आत्मविश्वास से भारत को विकास की नई राह प्रदान की। प्रधानमंत्री रहते सुशासन के साथ उन्होंने भारतीय राजनीति में शुचिता के आदर्श मूल्यों की स्थापना की। उन्होंने स्व. वाजपेयी द्वारा देश में स्वर्णिम चतुर्भुज योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास के किए कार्यों, कावेरी विवाद हल करने और सूचना संचार प्रौद्योगिकी के लिए किए कार्यों को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि अच्छा कार्य किसी विरोधी दल के नेता ने भी किया है तो उसकी वह खुलकर सराहना करते थे। उनका समग्र व्यक्तित्व प्रेरणास्पद रहा है। बागडे बुधवार को अटल सामुदायिक केन्द्र, शांति नगर में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जन्म शती समारोह में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि स्व. वाजपेयी के प्रधानमंत्री काल में देश में निरंतर विकास के कार्य हुए। भारत परमाणु परीक्षण कर महाशक्ति बना और विभिन्न क्षेत्रों में विकास से वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित हुआ। उन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन में उनके भाग लेने, जनसंघ से उनके राजनीति में प्रवेश, देश में संसदीय लोकतंत्र के लिए किए कार्य, उनके प्रखर वक्ता आदि विभिन्न रूपों में किए राष्ट्र विकास के कार्यों की चर्चा करते हुए उनके स्थापित आदर्शों से सीख लेने का आह्वान किया। राज्यपाल ने स्व. वाजपेयी के कवि हृदय की चर्चा करते हुए कहा कि जो बात वह सीधे नहीं कह सकते थे, कविता में कह दिया करते थे। उन्होंने कहा कि वाजपेयी जी सदन में बहुत शालीनता से पर मजबूती से अपनी बात तर्क के साथ रखते थे। आरंभ में सिविल लाइंस क्षेत्र के विधायक और पत्रकार डॉ. गोपाल शर्मा ने राज्यपाल का अभिनंदन किया और स्व. वाजपेयी की स्मृति में स्थापित प्रतिमा के संदर्भ में उन्हें जानकारी दी।

28 दिसंबर से होगी परीक्षा शुरू, राजस्थान-पीएससी ने वरिष्ठ शिक्षक भर्ती के लिए जारी किए प्रवेश पत्र

जयपुर। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) आज 25 दिसंबर को वरिष्ठ शिक्षक (संस्कृत शिक्षा विभाग) भर्ती परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। उम्मीदवार आरपीएससी वरिष्ठ शिक्षक एडमिट कार्ड 2024 आधिकारिक वेबसाइट (rpsc.rajasthan.gov.in) के माध्यम से डाउनलोड कर सकते हैं। एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए उम्मीदवारों को पंजीकरण संख्या और जन्म तिथि जैसे अपने लॉगिन क्रेडेंशियल का उपयोग करना होगा। आरपीएससी वरिष्ठ शिक्षक एडमिट कार्ड 2024 परीक्षा के दिन के लिए एक अनिवार्य दस्तावेज है। उम्मीदवारों को उनके हॉल टिकट के बिना परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी। वरिष्ठ अध्यापक के लिए लिखित परीक्षा 28, 29, 30 और 31 दिसंबर 2024 को होगी। परीक्षा दो पालियों में आयोजित होगी। पहली पाली सुबह 9.30 से 11.30 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2.30 से शाम 5 बजे तक। सामाजिक विज्ञान, हिंदी के पेपर 28 दिसंबर को होंगे, सामान्य ज्ञान और शैक्षिक मनोविज्ञान और विज्ञान 29 दिसंबर को आयोजित होंगे, गणित और संस्कृत 30 दिसंबर को होंगे और अंग्रेजी 31 दिसंबर 2024 को होगी।             परीक्षा शेड्यूल विषय                     परीक्षा तिथि         पेपर का समय सामाजिक विज्ञान     28 दिसंबर     सुबह 9:30 से दोपहर 12 बजे तक हिन्दी                     28 दिसंबर     दोपहर 2:30 से शाम 5 बजे तक जीके और शिक्षा मनोविज्ञान                 29 दिसंबर     सुबह 9:30 से 11:30 तक विज्ञान                       29 दिसंबर     दोपहर 2:30 से शाम 5 बजे तक अंक शास्त्र                 30 दिसंबर     सुबह 9:30 से दोपहर 12 बजे तक संस्कृत                       30 दिसंबर     दोपहर 2:30 से शाम 5 बजे तक अंग्रेजी                        31 दिसंबर     सुबह 9:30 से दोपहर 12 बजे तक परीक्षार्थियों को पहचान के लिए परीक्षा हॉल में अपना मुख्य आधार कार्ड (रंगीन प्रिंट) लाना होगा। यदि आधार कार्ड पर लगी फोटो पुरानी है या साफ नहीं है, तो वे ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट और वोटर आईडी जैसे अन्य पहचान पत्र ला सकते हैं।

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने ब्लड टेस्टिंग मशीन एवं ब्लॉक प्रोग्राम हेल्थ यूनिट का किया उद्घाटन, राजस्थान-किशनगढ़बास में 14 करोड़ से बना कृषि महाविद्यालय

जयपुर। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने मंगलवार को खैरथल-तिजारा जिले के किशनगढ़बास में 14 करोड़ रुपये की लागत से बने कृषि महाविद्यालय भवन का भव्य लोकार्पण किया। इस अवसर पर मंत्री ने किसानों और छात्रों के हित में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं और क्षेत्र में कृषि शिक्षा और अनुसंधान को नई दिशा देने की बात कही। इस दौरान केंद्रीय पर्यावरण मंत्री श्री भूपेंद्र यादव सहित उपस्थित अतिथि गणों ने कृषि आधारित ‘अरोरा पुस्तिका’ का विमोचन किया। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री श्री यादव ने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत विद्यालय में अध्ययनरत प्रत्येक विद्यार्थी द्वारा एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि वृक्ष जीवनभर कुछ न कुछ देते हैं और हमें इन्हें संरक्षित करने के लिए प्रेरित होना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने महाविद्यालय में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधारोपण किया। निवेश नीति और किसानों के विकास पर जोर— केंद्रीय पर्यावरण मंत्री श्री यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की निवेश नीति का जिक्र करते हुए कहा कि देश में कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में अभी भी बहुत काम किया जाना है। उन्होंने उड़ीसा के काले चावल की बढ़ती मांग और इसके उदाहरण से किसानों को फसलों के विविधीकरण पर ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि भारत में खाद्यान्न तेल आज भी बड़ी मात्रा में आयात किया जा रहा है। उन्होंने देश को खाद्यान्न तेल में आत्मनिर्भर बनाने का आवाह्न किया। उन्होंने कृषि क्षेत्र में भी निवेश को बढ़ाने की दिशा में कार्य करने की बात कही ताकि अधिक से अधिक रोजगार उत्पन्न किया जा सके। उन्होंने फसल बीमा योजना और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ये योजनाएं किसानों के जीवन स्तर को सुधारने और उन्हें आर्थिक संबल प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने नेचुरल फार्मिंग को बढ़ावा देते हुए माइक्रो इरिगेशन तथा कम पानी में बेहतर पैदावार प्राप्त करने की दिशा में कार्य करने की बात कही। कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय वन मंत्री ने एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी जोबनेर के कुलपति बलराज सिंह और कृषि महाविद्यालय के डीन डॉ. एमपी यादव की सराहना की। उन्होंने महाविद्यालय परिसर में गार्डन, सड़क, सोलर प्लांट सहित अन्य विकास कार्यों को करवाने की बात भी कही। राज्य वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री संजय शर्मा ने अपने उद्बोधन में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा किसानों के जीवन स्तर को सुधारने हेतु किए जा रहे प्रयासों के बारे में अवगत कराते हुए बताया कि भूमि की उर्वरक क्षमता को जांचने हेतु सरकार द्वारा नि:शुल्क जांच सुविधा दी जा रही है ताकि किसान मृदा अनुसार उपज बोकर अधिक पैदावार प्राप्त कर सके। स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती— केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने खैरथल स्थित सेटेलाइट अस्पताल में 8.5 लाख की ब्लड टेस्टिंग मशीन और 77 लाख की लागत से बनी ब्लॉक प्रोग्राम हेल्थ यूनिट का भी उद्घाटन किया। यह कदम स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करेगा। इस दौरान उन्होंने सेटेलाइट हॉस्पिटल का निरीक्षण भी किया तथा वार्ड में उपस्थित मरीजों को दी जा रही सुविधाओं का फीडबैक भी लिया। इस अवसर पर तिजारा विधायक श्री महंत बालकनाथ, किशनगढ़बास विधायक दीपचंद खैरिया, श्री कर्ण नरेन्द्र यूनिवर्सिटी के कुलपति श्री बलराज सिंह, कलेक्टर श्री किशोर कुमार, खैरथल एसपी मनीष चौधरी सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।

केंद्रीय मंत्रियों एवं मध्यप्रदेश के सीएम से की मुलाकात, राजस्थान-मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पहुंचे नई दिल्ली

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने नई दिल्ली के दो दिवसीय प्रवास के दौरान केंद्रीय मंत्रियों श्री अमित शाह एवं श्री पीयूष गोयल तथा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की। शर्मा ने सर्वप्रथम सोमवार को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान दोनों नेताओं ने राजस्थान से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने मंगलवार को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल से शिष्टाचार मुलाकात की। चर्चा के दौरान दोनों नेताओं के मध्य राजस्थान में विभिन्न विकास परियोजनाओं, उद्योग क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं एवं राज्य के समग्र आर्थिक विकास पर विस्तार से बातचीत हुई। इसी क्रम में श्री शर्मा मंगलवार को ही नई दिल्ली स्थित जोधपुर हाउस में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भी मिले। मुलाकात के दौरान दोनों राज्यों के बीच चल रहे विभिन्न विकास कार्यों, पारस्परिक सहयोग एवं आर्थिक संबंधों के विषय में विस्तृत चर्चा की गई।

सुशासन सप्ताह में हुए कार्यक्रम, राजस्थान-कलक्ट्रेट में अधिकारियों और कर्मचारियों ने ली शपथ

जयपुर। सुशासन सप्ताह के तहत मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित तहसील चौक में शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन हुआ। जिला कलक्टर डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी ने अधिकारियों और कर्मचारियों को शपथ दिलाई। इस दौरान जिला स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। इस दौरान जिला परिषद सीईओ श्रीमती प्रतिभा वर्मा, अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रथम) श्रीमती विनीता सिंह, अतिरिक्त जिला कलक्टर (द्वितीय) श्री आशीष कुमार, अतिरिक्त जिला कलक्टर (तृतीय) श्रीमती कुंतल बिश्नोई, अतिरिक्त जिला कलक्टर (चतुर्थ) श्रीमती सुमन पंवार, अतिरिक्त जिला कलक्टर (पूर्व) श्री देवेंद्र कुमार जैन, अतिरिक्त जिला कलेक्टर (उत्तर) श्री मुकेश कुमार मूंड, जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री शेर सिंह लुहाड़िया सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

डोटासरा बोले- शिक्षा मंत्री को फजीहत की आदत है, राजस्थान-अब स्कूलों की छुट्टी 25 से

जयपुर। प्रदेश के स्कूलों में 25 दिसंबर से 5 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश रहेगा। हर साल शिविरा पंचांग में 25 दिसंबर क्रिसमस के दिन से ही सर्दी की छुट्टियां शुरू जाती हैं, जो पांच जनवरी तक चलती हैं। इस बार शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा था कि तेज सर्दी सर्दी पड़ने पर ही स्कूलों में शीतकालीन अवकाश (25 दिसंबर के बाद) किया जाएगा। हालांकि, उनके इस बयान को लागू नहीं किया गया और शिविरा पंचांग के हिसाब से ही छुटि्टयां दी गई हैं। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के निदेशक सीताराम जाट ने बताया कि शिविरा पचांग में पूरे साल की एक्टिविटी होती है। उसके अनुसार ही 25 दिसंबर से 5 जनवरी तक छुटि्टयां की गई है। ये प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के लिए लागू होगा। डोटासरा बोले-मंत्री बयानबाजी से भ्रमित कर रहे अब कांग्रेस ने इस फैसले को लेकर दिलावर पर हमला बोल दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री कहते रहे 25 दिसंबर से शीतकालीन अवकाश नहीं होगा। मंत्री निरंतर बयानबाजी कर शिक्षकों और अभिवावकों को भ्रमित करते रहे, लेकिन शिक्षा विभाग के निदेशक ने शिविरा पंचांग के अनुसार 25 दिसंबर से 5 जनवरी तक छुट्टियां घोषित कर दी। मंत्री जी को बेतुके बयान और बार-बार यू-टर्न होते फैसलों से फजीहत की आदत हो गई है। दिलावर क्यूं बार-बार लेते हैं यू-टर्न – मौजूदा सरकार के एक साल के कार्यकाल में दिलावर को कई बार अपने बयानों पर यू टर्न लेना पड़ा है।

विभागीय कार्यों की प्रगति की समीक्षा, राजस्थान-जयपुर में उप मुख्यमंत्री ने आयुष भवन का किया औचक निरीक्षण

जयपुर। उप मुख्यमंत्री एवं आयुष मंत्री डॉ प्रेमचंद बैरवा प्रताप नगर जयपुर स्थित आयुष भवन के औचक निरीक्षण के लिए पहुंचे। इस दौरान उन्होंने आयुष विभागों की कार्यप्रणाली का मूल्यांकन किया और विभागीय कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कार्यालय व्यवस्था को सुधार करने, कार्य में पारदर्शिता बनाए रखने और जन सेवाओं की गुणवत्ता में वृद्धि करने के निर्देश दिए। उन्होंने आयुष विभाग के अधिकारियों की बैठक ली और विभागीय कार्यों की प्रगति, आगामी योजनाओं के क्रियान्वयन और जन सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के दिशा-निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को लंबित कार्यों को त्वरित गति प्रदान करने के लिए पाबंद किया। उप मुख्यमंत्री ने पूरे भवन का जायजा लिया और होम्योपैथिक चिकित्सा विभाग के नोडल अधिकारी को भवन की साफ-सफाई और आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने राष्ट्रीय आयुष मिशन द्वारा संचालित योजनाओं, निर्माण संबंधी सभी कार्यों पर भी विस्तृत चर्चा की और संबंधित एजेंसियों से समन्वय स्थापित कर तय समय सीमा में कार्य पूरे करवाने के निर्देश दिए। बैठक में आयुष विभाग के उप शासन सचिव सावन कुमार चायल, विशेषाधिकारी प्रो राजेश कुमार शर्मा, होम्योपैथिक चिकित्सा विभाग की निदेशक डॉ रेनू बंसल, यूनानी चिकित्सा विभाग के निदेशक डॉ शौकत अली, आयुर्वेद विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ बत्तीलाल बैरवा, राष्ट्रीय आयुष मिशन के परियोजना निदेशक डॉ दिनेश कुमार शर्मा, आयुर्वेद योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो कामिनी कौशल उपस्थित रहे।

परिवेदनाओं के निस्तारण के दिए निर्देश, राजस्थान-वन एवं पर्यावरण मंत्री ने की जनसुनवाई

जयपुर। वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा ने रविवार को अपने निवास 201,रघुमार्ग पर जनसुनवाई कर आमजन की परिवेदनाओं को सुनकर संबंधित अधिकारियों को त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिये। जनसुनवाई में पेयजल, नगर निगम, नगर विकास न्यास, विद्युत, पुलिस, स्थानांतरण एवं राजस्व मामलों की परिवेदनाएं प्रमुख रही। मंत्री श्री शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को दूरभाष से परिवेदनाओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक परिवेदना के निस्तारण की सूचना फरियादियों को दी जाए। यदि परिवेदना का निराकरण उनके स्तर पर संभव नहीं है तो उसकी पूरी जानकारी फरियादी को दी जाए। परिवेदनाओं के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बरते जाने पर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जावेगी।

728013 लम्बित प्रकरणों में कराया राजीनामा, राजस्थान-राष्ट्रीय लोक अदालत में अभूतपूर्व सफलता

जयपुर। मुख्य न्यायाधिपति श्री एम.एम.श्रीवास्तव, राजस्थान उच्च न्यायालय एवं मुख्य संरक्षक, राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रेरणादायी सानिध्य एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के तत्वावधान में राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा वर्ष 2024 की चतुर्थ राष्ट्रीय लोक अदालत का राजस्थान उच्च न्यायालय, जयपुर पीठ में तथा जिला एवं मजिस्ट्रेट विचारण न्यायालयों,अधिकरणों,आयोगो,उपभोक्ता मंचों,राजस्व न्यायालयों आदि में आयोजित किया गया। मुख्य न्यायाधिपति एवं मुख्य संरक्षक, रालसा श्री मनिन्द्र मोहन श्रीवास्तव की प्रेरणा एवं न्यायाधीश एवं कार्यकारी अध्यक्ष, रालसा श्री पंकज भण्डारी के मार्गदर्शन में विधिक सेवा संस्थाओं द्वारा सम्पूर्ण प्रदेश में अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए कुल 7,28,013 लम्बित प्रकरणों सहित कुल 40,62,824 प्रकरणों का लोक अदालत की भावना के जरिए राजीनामा निस्तारण किया गया, जिसमें कुल 11,75,64,52,534/- रुपये की राशि के अवॉर्ड पारित किये गये। राजस्थान उच्च न्यायालय की  जयपुर पीठ द्वारा 655 प्रकरणों का राजीनामे के माध्यम से निस्तारण किया गया।

बजट घोषणाओं को पूर्ण पारदर्शिता से करें क्रियान्वित, राजस्थान-मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने बैठक में की समीक्षा

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने वर्ष 2024-25 की बजट घोषणाओं को आगामी बजट से पूर्व धरातल पर क्रियान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारीगण पूर्ण जवाबदेही के साथ विकास कार्यों को पारदर्शिता से पूरा करते हुए प्रदेश को विकसित राजस्थान के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ाएं। शर्मा मुख्यमंत्री निवास पर वर्ष 2024-25 की चिन्हित बजट घोषणाओं पर आयोजित समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में मुख्यमंत्री ने 32 विभागों की विभिन्न घोषणाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों को बिजली-पानी उपलब्ध कराने के लिए तेजी से कार्य कर रही है। इसी क्रम में ब्राह्मणी नदी बांध परियोजना से दक्षिणी से पश्चिमी राजस्थान तक के क्षेत्रों को पानी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी। उन्होंने जल संसाधन विभाग को योजना पर तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए। समर कंटीजेंसी प्लान की तैयारी प्रारम्भ करें श्री शर्मा ने आगामी गर्मी के मौसम में पेयजल सुविधा के बेहतर प्रबंधन के लिए जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को समर कंटीजेंसी प्लान पर कार्य प्रारम्भ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में हैंडपम्प एवं ट्यूबवैल पानी की व्यवस्था का माध्यम है, वहां आंकलन कर अतिरिक्त ट्यूबवैल और हैंडपम्प लगाए जाएं। उन्होंने भू-जल स्तर को बढ़ाने के लिए कर्मभूमि से मातृभूमि कार्यक्रम को प्रभावी रूप से क्रियान्वित करने के निर्देश भी दिए। औद्योगिक क्षेत्रों में कार्य प्रारम्भ नहीं करने पर लें सख्त निर्णय श्री शर्मा ने उद्योग विभाग के अधिकारियों को औद्योगिक क्षेत्रों का सघन सर्वेक्षण कराते हुए उन क्षेत्रों के मालिकों को नोटिस देने के निर्देश दिए हैं, जिन्होंने निर्धारित समयावधि में कार्य प्रारम्भ नहीं किया है। उन्होंने ऐसे क्षेत्रों की पुनः नीलामी के लिए भी निर्देशित किया। साथ ही, उन्होंने राजस्थान आवासन मण्डल के अधिकारियों को आवासीय संपत्तियों के निस्तारण के लिए भी निर्देश दिए। आई.टी.आई. संस्थानों का हो नियमित निरीक्षण- मुख्यमंत्री ने ब्यावर, कोटा, जालौर, राजसमंद, सिकन्दरा में स्टोन मंडियों की स्थापना एवं स्टोन क्लस्टर्स के उन्नयन के कार्यों की समीक्षा करते हुए उद्योग विभाग को व्यापारियों के लिए बुनियादी सुविधाएं विकसित करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने आई.टी.आई. संस्थानों के नियमित निरीक्षण के लिए भी निर्देशित किया। यातायात नियमों की पालना हो सुनिश्चित- श्री शर्मा ने सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए यातायात नियमों के संबंध में जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने परिवहन विभाग को ओवर स्पीडिंग वाहनों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। श्री शर्मा ने कहा कि यात्री वाहनों की स्पीड सीमा को इंगित करती हुई एक दिशा-निर्देशिका बनाई जाए, जिसकी पालना पूर्ण रूप से सुनिश्चित की जाए। साथ ही, उन्होंने प्रदेशभर में छोटे एवं बड़े बस स्टैण्ड के लिए एकरूप मॉडल बनाने के निर्देश भी दिए। शर्मा ने दिव्यांगजनों एवं वंचित वर्ग की सुविधाओं के लिए जामडोली में स्वयं सिद्धा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के कार्य में गति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने नशा मुक्ति केन्द्रों की संख्या बढ़ाने एवं कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल एवं पेइंग गेस्ट की सुविधाओं का विस्तार करने के लिए भी निर्देशित किया। मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक निर्माण विभाग की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समान कार्यों के लिए एक साथ ही टेंडर निकालने के लिए निर्देशित किया, ताकि समय की बचत हो सके और जनसुविधाओं के कार्य जल्द प्रारम्भ हो सके। श्री शर्मा ने जयपुर के सांगानेर क्षेत्र में प्रदूषित जल को ट्रीट करने वाले प्लांट में देरी पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने सहकार मार्ग स्थित इमली फाटक एवं रिद्धी-सिद्धी चौराहा पर प्रस्तावित फ्लाईओवर्स की विस्तृत जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। बैठक में मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत, अतिरिक्त मुख्य सचिव जल संसाधन श्री अभय कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त श्री अखिल अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव वन एवं पर्यावरण श्रीमती अपर्णा अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) श्री शिखर अग्रवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता श्री कुलदीप रांका, प्रमुख सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) श्री आलोक गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख शासन सचिव, शासन सचिव उपस्थित रहे, वहीं अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा श्री आलोक वीसी के माध्यम से जुड़े।

‘लोक कलाकारों के हुनर व शिल्प को प्रोत्साहित करने का आह्वान’, राजस्थान-राज्यपाल ने शिल्पग्राम उत्सव का किया शुभारंभ

जयपुर। राज्यपाल हरीभाऊ बागडे ने उदयपुर के शिल्पग्राम में पारंपरिक लोक वाद्य नगाड़े का वादन कर “शिल्पग्राम उत्सव 2024” का शुभारंभ किया। उन्होंने इस दौरान शिल्पग्राम उत्सव में भाग लेने वाले देश भर चाहे कलाकारों का अभिनंदन और स्वागत करते हुए उनकी प्रस्तुतियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि राजस्थान विविधता की धरती है। यह सात बार नौ त्यौहार की उत्सवधर्मी संस्कृति है। उन्होंने राजस्थान के गौरवमय इतिहास और महाराणा प्रताप के शौर्य की चर्चा करते हुए कहा कि जितना यहां का परिवेश सुरम्य है, उतना ही यहां का शौर्य का इतिहास प्रेरणा देने वाला है। राज्यपाल ने  शिल्पग्राम मेले को बहुत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इसके जरिए लोक कलाकारों, शिल्पकारों और हुनरमंद कारीगरों को मंच मिलता है।  उन्होंने आमजन से भी अपील की की शिल्पग्राम में प्रदर्शित उत्पादों, हस्तशिल्प से जुड़ी वस्तुओं और ग्रामीण क्षेत्र में उत्पादित चीजों की अधिक से अधिक खरीदारी कर यहां आने वाले शिल्पियों को प्रोत्साहित करें। राज्यपाल श्री बागडे ने समारोह में जयपुर के डॉ. रूपसिंह शेखावत (भवाई लोक नृत्य) और महाराष्ट्र के श्री गणपत सखाराम मसगे (कठपुतली एवं चित्रकला) को डॉ. कोमल कोठारी लाइफ टाइम अचीवमेंट लोक कला पुरस्कार प्रदान किया।

‘अधिकारी हर महीने चार रात्री गांव में विश्राम अवश्य करें’, राजस्थान-पंचायती राज मंत्री ने ली समीक्षा बैठक

जयपुर। पंचायती राज मंत्री श्री मदन दिलावर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अधिकारी हर महीने चार रात्री गांव में विश्राम अवश्य करें। फील्ड में जाकर वहां के विकास कार्यों को देखें। उन्हें शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक गांव में ही रहना होगा। जिससे लोगों की समस्याओं एवं शिकायतों का समाधान हो सके। साथ ही माह में एक बार खुली जनसुनवाई अवश्य करें। दिलावर शनिवार को पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन(ग्रामीण) के बारे में समीक्षा करते हुए कहा कि इसकी टेंडर प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, ओडीएफ प्लस, ठोस तरल कचरा प्रबंधन, बालिका विद्यालयों में पिंक टॉयलेट, प्लास्टिक कचरे का निपटान, प्लास्टिक मैनेजमेंट इकाई स्थापित करने, गांवों में कचरा परिवहन के लिए वाहन व्यवस्था सुनिश्चित करने,पॉलीथिन का विक्रय करने वालों को 3 दिन में चिन्हित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक को प्रभावी तरीके से रोकने के लिए गांव-गांव में बर्तन भंडार बनाये जाए और लोगों को जागरूक एवं प्रेरित करने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाय। दिलावर ने गोबरधन योजना के बारे में कहा कि इसके लिए स्वच्छता मित्र बनाने, ग्राम वाइज महिला समूहों को शामिल करने के साथ ही गोशालाओं से जोड़ने की आवश्यकता बताई। जिससे प्रचुर मात्रा में बायोगैस का उत्पादन हो सके। उन्होंने घुमंतू, अर्द्ध घुमंतू एवं विमुक्त वर्ग के परिवारों को पट्टा आवंटन अभियान के बारे में कहा कि बसंत पंचमी तक पट्टा आवंटन का कार्य शत प्रतिशत पूरा हो जाना चाहिए। जो जातियाँ केन्द्र सूची में है और इस सूची में नहीं है तो उन्हें भी केन्द्र सूची के अनुसार जोड़ा जाए। इनके निवास के बारे में पुख्ता जानकारी के लिए गांव के दो पुराने व्यक्तियों से तस्दीक कराने के साथ ही अलग से पहचान का प्रमाण पत्र देने एवं इनकी बस्तियों में केम्प लगाकर योजनाओं की जानकारी एवं लाभ देने के निर्देश दिए। दिलावर ने हरियालो राजस्थान अभियान के बारे में कहा कि अभी 82 प्रतिशत पौधे जीवित है। फरवरी माह से नष्ट हुए पौधों की जगह नये पौधे लगाये जाए। इनकी देखरेख के लिए 200 पौधों पर एक नरेगा कर्मी लगाने और 24 घंटे निगरानी के लिए एक सिस्टम विकसित किया जाए। इन पौधों की जियो टेगिंग कर फोटो भिजवायी जाय। अगले साल 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य है। इसी प्रकार स्वामित्व योजना के बारे में कहा कि पट्टा देना एक सतत प्रक्रिया है। पट्टा देने के लिए टाइमलाइन निश्चित की जाए। उन्होंने ड्रोन से सर्वे करने, मैप निर्माण की प्रगति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के बारे में कहा कि जल स्तर को बढ़ाने के लिए विशेष तौर से कार्य करवाये जाय।तालाबों का जीर्णोद्धार करवाया जाय। ये धार्मिक व पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। बंजर भूमि को उपजाऊ भूमि बनाने के लिए टारगेट लेकर कार्य किये जाय, तालाबों व केचमेंट एरिया से अतिक्रमण हटाने के साथ ही इनकी सुरक्षा की जाय। उन्होंने कहा कि पंचायतों के विकास के लिए जिस मद में राशि आवंटित की गई है उसका उपयोग उसी मद में किया जाय किसी अन्य मद में नहीं। विभाग में कार्यों की गुणवत्ता की मॉनिटरिंग के लिए भी सिस्टम विकसित किया गया है। उन्होंने विलायती बबूल से चारकोल बनाने के लिए गुण दोष के आधार पर मंथन कर प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए। श्री दिलावर ने पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से विभागीय कार्यों एवं योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।

अवैध जल कनेक्शन काटकर दोषियों पर करें प्रभावी करवाई, राजस्थान-जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी प्रमुख सचिव ने दिए निर्देश

जयपुर। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री भास्कर ए सावंत ने कहा कि ग्रीष्म ऋतु वर्ष 2025 के लिए प्रस्ताव आगामी 5 जनवरी तक प्रस्तुत किए जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अवैध जल कनेक्शन काटने में तेजी लायीं जाए एवं संबंधित दोषियों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि अवैध जल कनेक्शन काटते समय लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति बिगड़ती है तो उसके बारे में उच्च स्तर पर बताया जाए जिससे उच्च स्तर पर पुलिस को कठोर कार्रवाई करने के लिए अवगत कराया जा सके। सावंत जल भवन से वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से मुख्य अभियंता, अतिरिक्त मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, सहित अधिशाषी अभियंताओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सभी संचालन एवं संधारण कार्यों जैसे पंप मोटर, पाइपलाइन, इलेक्ट्रिक आइटम, पैनल एवं हेड पंप रिपेयर सहित जल योजनाओं के ओ एंड एम की रेट कांट्रैक्ट के टेंडर जो आगामी समय में पूर्ण होने जा रहे हैं उनकी निविदाएं 31 दिसंबर तक हर हालात में आमंत्रित कर  ली जाए इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिशाषी अभियंताओं को खंड कार्यालय से सामान की मांग का आकलन कर एम.एम सेल के ऑनलाइन मॉड्यूल पर 31 दिसंबर तक भिजवाने के निर्देश दिए। प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि सभी अधीक्षण अभियंता अपने-अपने क्षेत्र में ऐसी 10 जगह चिन्हित कर ले जहां ग्रीष्म ऋतु में अक्सर पेयजल की समस्या रहती हैं जिससे आगामी ग्रीष्म ऋतु में इन समस्याओं का समाधान समय रहते हुए किया जा सके। उन्होंने कहा कि  जिन क्षेत्रों में टैंकर के माध्यम से पेयजल का परिवहन किया जाना है ऐसे क्षेत्रों को चिन्हित करते हुए प्रस्ताव 5 जनवरी तक हर हालात में भिजवाए जाना सुनिश्चित करें। वीडियो कांफ्रेंस में मुख्य अभियंता (ग्रामीण) श्री के.डी गुप्ता, मुख्य अभियंता (शहरी) श्री मनीष बेनीवाल सहित अन्य अभियंता गण उपस्थित रहे।

दिल्ली में समीक्षा बैठक में पहुंचे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, राजस्थान-टीबी मुक्त भारत बनाने निःक्षय शिविरों का आयोजन

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में टीबी मुक्त भारत, 100 दिवसीय अभियान को सफल बनाने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ संकल्पित होकर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग टीबी रोगियों की स्क्रीनिंग के लिए निरंतर निःक्षय शिविरों का आयोजन कर रहा है। टीबी रोगियों को निःक्षय पोषण योजना का लाभ देने के साथ ही पौष्टिक आहार किट का वितरण किया जा रहा है। नई दिल्ली में केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा की अध्यक्षता में टीबी मुक्त, 100 दिवसीय अभियान पर बैठक आयोजित हुई। श्री शर्मा मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस बैठक से जुड़े। उन्होंने कहा कि इस 100 दिवसीय अभियान को लेकर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। इस अभियान में निःक्षय मित्रों द्वारा उपचाररत मरीजों को पोषण सुविधा उपलब्ध करवायी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का भारत को वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त बनाने का संकल्प है। राजस्थान इस संकल्प को साकार करने में पूर्ण जिम्मेदारी से अपनी अहम भूमिका निभा रहा है। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) श्री शिखर अग्रवाल, प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्रीमती गायत्री राठौड़ भी उपस्थित रहे।

निगम के अतिरिक्त उपायुक्त को बनाया नोडल अधिकारी, राजस्थान-घायलों एवं मृतकों के परिजनों के ठहरने एवं भोजन की नि:शुल्क व्यवस्था

जयपुर। उच्च स्तर से प्राप्त निर्देशों की पालना में जिला प्रशासन द्वारा दिल्ली-अजमेर हाईवे पर शुक्रवार को घटित दुर्घटना के घायलों एवं मृतकों के परिजनों के रात्रि विश्राम एवं भोजन की नि:शुल्क व्यवस्था की जा रही है। घायलों एवं मृतकों के परिजनों के रुकने, शयन करने एवं भोजन की गुणवत्ता पूर्ण व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है। घायलों एवं मृतकों के परिजनों के रुकने, शयन करने एवं भोजन की गुणवत्ता पूर्ण व्यवस्था हेतु अतिरिक्त उपायुक्त, जयपुर नगर निगम  श्रीमती सीमा कुमार एवं जिला रसद अधिकारी श्री त्रिलोकचंद मीणा को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उक्त अधिकारियों द्वारा दुर्घटना के घायलों एवं मृतक आश्रितों के लिए रात्रि विश्राम एवं भोजन गुणवत्तापूर्ण इंतजाम सुनिश्चित किये जा रहे हैं।

राष्ट्र भूभाग नहीं सनातन मूल्य से जुड़ा विचार और संस्कृति-राज्यपाल, राजस्थान में “नवोत्कर्ष विक्रम संवत 2081” कार्यक्रम आयोजित

जयपुर। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि राष्ट्र कोई भूभाग भर नहीं होता है, यह संस्कृति और सनातन मूल्य से जुड़ा विचार है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र प्रथम है और बाद में सब है, इस मानसिकता का प्रसार किया जाए। उन्होंने कहा कि स्कूल में जो संस्कार मिलते हैं, उसी से भविष्य का विचार बनता है। उन्होंने देश में मैकाले द्वारा प्रारंभ शिक्षा पद्धति की चर्चा करते हुए कहा कि इसके जरिए भारतीय संस्कृति को जड़ों से उखाड़ने के निरंतर प्रयास हुए हैं। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म को कभी कोई मिटा नहीं सकता क्योंकि यह हमारे रक्त में घुला है। बागडे रविवार को एक होटल में  “नवोत्कर्ष विक्रम संवत 2081”  कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति को मिटाने का निरंतर प्रयोग होता रहा, पर यह जीवंत संस्कृति है। उन्होंने प्राचीन भारतीय आविष्कारों की चर्चा करते हुए कहा कि अंग्रेजों ने आजादी से पहले गजट में लिखा है कि भारत में जितने गुरुकुल हैं, उतने ब्रिटेन में भी नहीं है। उन्होंने प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा,  गुरुत्वाकर्षण सिद्धांत, दशमलव के प्रयोग आदि की चर्चा करते हुए कहा कि वैदिक काल से हमने उन सिद्धांतों को स्थापित कर दिया जो बाद में पश्चिम ने अपने नाम किए। उन्होंने कहा कि राष्ट्र का गौरवमय  इतिहास शिक्षा पद्धति से ही पता चलता है। भारतीयता के विचार से ही देश में नई शिक्षा नीति बनाकर लागू की गई है। इसे सभी प्रभावी रूप में क्रियान्वयन किया जाए। उन्होंने कहा कि जिस देश के लोग अपने इतिहास को  भूल जाते हैं, उनका भूगोल भी कम होता जाता है। इसलिए सनातन भारतीय  मूल्यों के लिए सभी मिलकर कार्य करें। भारत को विकसित राष्ट्र बनाएं। इस अवसर पर पूर्व सांसद श्री रामचरण बोहरा ने सभी का आभार जताया। राज्यपाल ने आरंभ में नवोत्कर्ष फाउंडेशन द्वारा प्राचीन भारत के गौरवमय शासकों, सनातन संस्कृति से जुड़ी चित्र प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।

नवीन सैलेरी पैकेज में ड्यूटी में देय होंगे समस्त परिलाभ: मुख्यमंत्री, राजस्थान-पुलिस एवं स्टेट बैंक के मध्य एमओयू

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की उपस्थिति में मुख्यमंत्री निवास पर राजस्थान पुलिस एवं स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया के मध्य ‘राजस्थान पुलिस सैलेरी पैकेज’ पर एमओयू हस्ताक्षरित हुआ। श्री शर्मा ने कहा कि पुलिस कर्मियों एवं उनके परिवारजनों के कल्याण की दिशा में किया गया यह एमओयू अहम कड़ी साबित होगा। राज्य सरकार आने वाले समय में राजस्थान पुलिस के कार्मिकों के कल्याण के लिए और भी आवश्यक कदम उठाती रहेगी। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक आयोजना डॉ. प्रशाखा माथुर एवं एसबीआई की महाप्रबन्धक नेटवर्क प्रथम श्रीमती रितु गौड़ ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस नवीन एमओयू द्वारा प्रदत्त सैलेरी पैकेज में देय आर्थिक परिलाभ, पूर्व में दिए जा रहे परिलाभों से काफी अधिक हैं। राजस्थान पुलिस में कार्यरत पुलिस व मंत्रालयिक कर्मियों को यह परिलाभ प्राप्त होंगे। इस अवसर पर श्रीमती रितु गौड़ ने कहा कि एसबीआई द्वारा मुख्यमंत्री सहायता कोष में 20 लाख रुपये एवं राजस्थान पुलिस कल्याण निधि में 30 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। यह होगा नवीन पैकेज नवीन एमओयू के अनुसार, राजस्थान पुलिस में कार्यरत पुलिस एवं मंत्रालयिक कर्मियों को दुर्घटना में मृत्यु होने पर 1 करोड़ 20 लाख रुपये, स्थाई विकलांगता की दशा में 1 करोड़ 10 लाख रुपये तथा स्थाई आंशिक विकलांगता पर 80 लाख रुपये का परिलाभ दिया जाएगा। वहीं, हवाई यात्रा में दुर्घटना होने पर 2 करोड़ 70 लाख रुपये, प्लास्टिक सर्जरी अथवा बर्न के प्रकरणों में 10 लाख रुपये, एयर एम्बुलेंस के लिए 10 लाख रुपये व एम्बुलेंस के लिए 50 हजार रुपये का भुगतान देय होगा। ये समस्त परिलाभ ऑन ड्यूटी एवं ऑफ ड्यूटी दोनों स्थितियों में देय होंगे। उल्लेखनीय है कि राजस्थान पुलिस में कार्यरत पुलिस एवं मंत्रालयिक कर्मियों की अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए दुर्घटना इत्यादि में मृत्यु हो जाती है। इन कार्मिकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए यह नवीन एमओयू हस्ताक्षरित किया गया है। इस दौरान गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म, पुलिस महानिदेशक श्री यू.आर.साहू, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) श्री शिखर अग्रवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह श्री आनंद कुमार, पुलिस महानिदेशक साइबर क्राइम एवं तकनीकी सेवाएं श्री हेमन्त प्रियदर्शी, पुलिस महानिदेशक इंटेलिजेंस श्री संजय कुमार अग्रवाल सहित पुलिस विभाग एवं एसबीआई के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।

माइंस एवं जियोलोजी सचिव ने बताई कार्ययोजना, राजस्थान-राज्य व केन्द्र की संस्थाओं द्वारा 130 खनिज एक्सप्लोरेशन प्रोजेक्ट का संचालन

जयपुर। वर्ष 2025-26 में राजस्थान के माइंस एवं भूविज्ञान, आरएसएमईटी, जियोलोजिकल ऑफ सर्वें ऑफ इंडिया सहित केन्द्र व राज्य की संस्थाएं 130 से अधिक खनिज एक्सप्लोरेशन परियोजनाओं का संचालन करेंगी। माइंस, जियोलोजी एवं पेट्रोलियम विभाग के शासन सचिव टी. रविकान्त ने बताया कि माइंस एवं जियोलोजी विभाग द्वारा 34 एक्सप्लोरेशन परियोजनाओं पर खनिज खोज का कार्य किया जाएगा। सचिव टी. रविकान्त ने बताया कि जीएसआई द्वारा मिशन- 1 के तहत एक लिग्नाइट एक्सप्लोरेशन कार्यक्रम सहित 16 एक्सप्लोरेशन कार्यक्रम और मिशन- 2 में 80 प्रोजेक्ट्स पर कार्य किया जाएगा। इसके साथ ही एमईसीएल सहित केन्द्र की अन्य संस्थाओं द्वारा भी खनिज खोज कार्य किया जाएगा। टी. रविकान्त ने आरआईसी में स्टेट जियोलोजिकल प्रोग्रामिंग बोर्ड की बैठक में बताया कि राज्य में प्रचुर मात्रा में विविध खनिज होने के साथ ही खनिज एक्सप्लोरेशन के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किये जा रहे हैं। आगामी वर्ष में विभाग व आरएसएमईटी द्वारा 2 फेरस मेटल, 2 बेस मेटल, 8 लाइमस्टोन, 2 डायमेंशनल स्टोन और 20 अन्य खनिजों एक्सप्लोरेशन परियोजनाओं पर काम किया जाएगा। उन्होंने राज्य में माइंस सेक्टर में कार्य कर रही राज्य व केन्द्र की सभी संस्थाओं से परस्पर सहयोग व समन्वय से गुणवत्ता पूर्ण एक्सप्लोरेशन पर जोर दिया। रविकान्त ने मेजर और माइनर मिनरल क्षेत्र में देश भर में लीड लेते हुए किये जा रहे कार्यों के लिए निदेशक माइंस व उनकी पूरी टीम की सराहना की। उन्होेंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ते हुए हमें क्रिटिकल और स्टेट्रेजिकल मिनरल्स के खोज व खनन कार्य को और अधिक तेजी से बढ़ाना होगा। माइंस  निदेशक श्री भगवती प्रसाद कलाल ने कहा कि राज्य में मिनरल एक्सप्लोरेशन व डिपोजिट्स के खोज व खनन कार्य को आगे बढ़ाने में एसजीपीबी की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक मिनरल ब्लॉकों व प्लॉटों का ऑक्शन कर राज्य में रोजगार और रेवेन्यू दोनों को ही बढ़ावा दिया जा रहा है। उपमहानिदेशक जीएसआई श्री अनिन्ध्य भट्टाचार्य ने कहा कि खनिजों की दृष्टि से राजस्थान देश का प्रमुख प्रदेश है। जीएसआई मिशन मोड पर कार्य कर रही है। जीएसआई के निदेशक श्री हरीश मिस्त्री ने  बताया कि राज्य में डायमण्ड के अलावा करीब- करीब सभी तरह के खनिजों के संकेत है। जीएसआई थल, जल और नभ तीनों क्षेत्रों में ही काम कर रहा है और मिशन- 1 के तहत मेपिंग का काम हो रहा है। एएमडी के क्षेत्रीय निदेशक श्री एस. क.े शर्मा ने रेयर अर्थ, यूरेनियम और प्लेटिनियम के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। एमईसीएल के श्री आशीष सिंह ने प्रदेश में चल रही गतिविधियों की जानकारी दी। अतिरिक्त निदेशक जियोलोजी श्री एसएन डोडिया ने विभाग द्वारा एक्सप्लोरेशन, डेलिनियेशन और ऑक्शन की जानकारी देते हुए बताया कि आगामी वर्ष 34 प्रोजेक्ट्स पर कार्य किया जाएगा। आरएसएमईटी के मुख्य कार्यकारी श्री एनपी सिंह ने आरएसएमईटी द्वारा 107 माइनिंग लीज ब्लॉक तैयार किये गए हैं, वहीं आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराकर विभाग की लेब, ड्रिलिंग विंग को सशक्त किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आरमेट द्वारा सोशियल मीडिया के प्रभावी उपयोग से ऑक्शन के प्रभावी परिणाम प्राप्त हो सके हैं। कार्यक्रम का संचालन अतिरिक्त निदेशक पेट्रोलियम श्री अजय शर्मा ने किया। इस अवसर पर सेवानिवृत होने वाले विभाग के श्री इरशाद अली और एएमडी के श्री एसके शर्मा को समृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। बैठक में विभाग के जियोलोजी विंग के अधिकारी एडीजी जयपुर श्री आलोक प्रकाश जैन, एसजी श्री संजय सक्सैना, श्री संजय दुबे, श्री संजय गोस्वामी, श्री सुशील हुडा, श्री नितिन चौधरी, श्री महेश शर्मा सहित विभागीय अधिकारी, जीएसआई, एमईसीएल, एएमडी, आरएसएमएम भी उपस्थित रहे।

अजमेर रोड हादसे के घायलों को देखा और परिजनों के लिए करवाई व्यवस्थाएं, राजस्थान-विधानसभा अध्यक्ष देवनानी पहुँचे एसएमएस अस्पताल

जयपुर। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने शुक्रवार को प्रातः एस.एम.एस अस्पताल पहुँचकर अजमेर रोड हादसे में हताहत और घायल हुए लोगों की जानकारी ली। श्री देवनानी ने एस.एम.एस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य श्री दीपक माहेश्वरी के साथ अस्पताल के विभिन्न वार्डों में उपचार ले रहे लोगों को देखा। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को सभी के ईलाज की उचित व्यवस्था के साथ ही परिजनों के लिए भोजन, पानी और रहने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने दिवंगतों की आत्म शांति और शोक संतप्त परिजनों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने के लिए परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना की। जन कल्याण के लिए स्वस्ति वाचन— राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी के अध्यक्ष पद पर एक वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने पर शुक्रवार को विधानसभा में वेद और संस्कृत विद्यालयों के 51 छात्रों ने जन कल्याण के लिए स्वस्ति वाचन किया। श्री देवनानी ने राजस्थान प्रदेश की समृद्धि और खुशहाली के लिए पूजा अर्चना की। विधानसभा के विशिष्ट सचिव श्री भारत भूषण शर्मा, विशिष्ट सहायक श्री के. के. शर्मा और श्री प्रमोद कुमार शर्मा के निर्देशन में हुए इस स्वस्ति वाचन में राजकीय वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विद्यालय के श्री गजानन्द शर्मा, श्री अवधेश शर्मा और श्री संतोष कुमार शर्मा सहित अध्यापक और छात्रगण मौजूद थे। नौकरी देने वाले बने युवा— राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी को जयपुर शहर के विभिन्न विश्वविद्यालयों के युवाओं ने शुक्रवार को विधानसभा पहुँचकर एक वर्ष के सफल कार्यकाल पर बधाई और शुभकामनाएं दी। श्री देवनानी ने कहा कि राजस्थान विधानसभा का जनदर्शन कार्यक्रम का लाभ युवाओं को अधिक से अधिक लेना चाहिए। इससे उन्हें लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं की जानकारी सहज रूप से उपलब्ध होती है। श्री देवनानी ने कहा कि राष्ट्रीय विचारों को आगे बढाने की आवश्यकता है। युवा भारत और भारतीय संस्कृति को समझे। “न रुकूंगा न झुकूंगा और न थकूंगा” यह बात युवाओं को अपने जीवन में लानी होगी। श्री देवनानी ने कहा कि युवा नौकरी लेने वाले नहीं देने वाले बने। उन्होंने कहा कि समय बदल रहा है। देवनानी ने प्रकृति परिक्षण करवाया— राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष ने शुक्रवार को यहां विधानसभा में राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान द्वारा आयोजित देश के प्रकृति परिक्षण अभियान के तहत विधानसभा में आयोजित शिविर में पहुँचकर आयुर्वेद चिकित्सकों से अपना प्रकृति परिक्षण कराया। श्री देवनानी ने कहा कि आयुर्वेद संस्थान द्वारा आयोजित यह अभियान आम जन के लिए महत्वपूर्ण है। इससे व्यक्ति विशिष्ट परिस्थितियों में होने वाली व्याधियों से पूर्व में ही सचेत हो जाता है। देवनानी ने की प्रेस वार्ता— विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने शुक्रवार को विधानसभा में अध्यक्ष पद पर एक वर्ष के कार्यकाल के पूरे होने पर मीडिया प्रतिनिधिगण से वार्ता की। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्ष में राजस्थान विधानसभा का सदन डिजिटल तकनीक से कार्य करेगा। सदन का स्वरूप गुलाबी रंग जैसा दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि राजनैतिक आख्यान संग्रहालय में 30 गैलेरियां है। संग्रहालय में महान राजनीतिज्ञों की जानकारी का समावेश किया गया है, जिनके योगदान के लिए यह राजस्थान सदैव ऋणी रहेगा। संग्रहालय के माध्यम से वे चिरस्मरणीय रहेंगे। संग्रहालय में रियासतों का विलय, राज्य का विकास, विधानसभा की जानकारी, मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्षों के योगदान, उनके विकास में भागीदारी सहित राज्य को आकार देने में निर्वहन की गई भूमिका को अत्याधुनिक तकनीक और चलचित्रों के माध्यम से जीवंत किया गया है। विधानसभा जन-दर्शन कार्यक्रम के द्वारा संग्रहालय से सभी को जोडने का महत्वपूर्ण कार्य शुरु किया गया है। श्री देवनानी ने कहा कि विधानसभा में संविधान क्लब, विधायक आवास परिसर में आधुनिक सुविधाएं सहित विधानसभा की संसदीय कार्य प्रणाली में अनेक नवाचार किए है। देवनानी ने कहा कि संग्रहालय में संविधान दिवस से संविधान दीर्घा का शुभारम्भ भी कर दिया गया है। यह प्रयास संविधान में शोधपरक दृष्टि का परिचायक है। इस संविधान दीर्घा में मूल संविधान के बाईस भागों के आरम्भ में दर्शायी गयी कलाकृतियों को प्रदर्शित किया गया है। संविधान दीर्घा का उद्देश्य आमजन और युवाओं में राष्ट्र और राष्ट्र के संविधान का बोध कराने के साथ ही संविधान, सांस्कृतिक और नैतिकता के प्रति जागरुकता लाना है।

सुशासन सप्ताह में तुरंत राहत पाकर खिले लोगों के चेहरे, राजस्थान-उदयपुर में ब्लॉक शिविर में पहुंचे केबिनेट मंत्री बाबूलाल खराड़ी

जयपुर। आमजन की परिवेदनाओं का त्वरित निस्तारण कर सुशासन की परिकल्पना को साकार करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार के निर्देशानुसार राष्ट्रव्यापी अभियान सुशासन सप्ताह- प्रशासन गांवों की ओर- 2024 के तहत शुक्रवार को उदयपुर जिले के मावली, सायरा और फलासिया पंचायत समिति मुख्यालयों पर शिविरों का आयोजन हुआ। जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री श्री बाबूलाल खराड़ी भी फलासिया शिविर में पहुंचे तथा आमजन को लाभ वितरित किए। शिविरों में प्राप्त आमजन की परिवेदनाओं सहित सीपीजीआरएएमएस पोर्टल, संपर्क पोर्टल प्राप्त प्रकरणों तथा राजस्थान लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम 2011 के तहत प्राप्त आवेदनों का निस्तारण किया गया। शिविरों में हाथों-हाथ राहत राहत पाकर लोगों के चेहरे खिल उठे तथा सरकार और प्रशासन का धन्यवाद ज्ञापित किया। लखमा और नानुड़ी के जीवन में लौटी खुशियां— पंचायत समिति फलासिया में आयोजित शिविर में दो बुजुर्गों की रूकी हुई पेंशन हाथों हाथ वापस शुरू किए जाने से उनके चेहरे खिल उठे। जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री श्री बाबूलाल खराड़ी ने अपने हाथों से उसे उन्हें पेंशन आदेश वितरित किए। शिविर में सोम निवासी लखमा पिता दीत भील उपस्थित हुआ। लखमा ने केबिनेट मंत्री श्री खराडी के सामने परिवेदना प्रस्तुत की कि उसके पहले वृद्धावस्था पेन्शन स्वीकृत थी लेकिन अगस्त 2023 से किसी कारण से बन्द हो गई। मंत्री श्री खराड़ी ने शिविर प्रभारी उपखण्ड अधिकारी को निदान कराने के निर्देश दिए। उपखण्ड अधिकारी विजयेश पण्ड्या के निर्देश पर विकास अधिकारी प्रतापसिंह मीणा ने त्वरित कार्यवाही करते हुए हाथों हाथ पुनः पेंशन प्रारंभ करने के लिए स्वीकृत पत्र जारी कराया। केबिनेट मंत्री श्री खराड़ी ने लखमा को स्वीकृत पत्र सुपुर्द किया। इसी प्रकार पाटियां गांव की नानुडी बाई की भी 16 माह से बंद पेंशन हाथों हाथ पुनः प्रारंभ की गई। दोनों लाभार्थियों ने केंद्र व राज्य सरकार तथा प्रशासन का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस दौरान समाजसेवी भोपाल सिंह, शोभा देवी चम्पावत सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं ग्रामीण उपस्थित थे। त्वरित राहत देना सरकार की प्राथमिकता— मंत्री केबिनेट मंत्री श्री बाबूलाल खराड़ी ने फलासिया में आयोजित शिविर का अवलोकन किया। उन्होंने शिविर में प्रदान की जा रही सुविधाओं और परिवेदनाओं के निस्तारण की जानकारी ली। इस दौरान केबिनेट मंत्री श्री खराड़ी ने कहा कि आमजन को त्वरित राहत उपलब्ध कराना केंद्र व राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों से जनभावनाओं का सम्मान करते हुए उनकी समस्याओं का न्यायोचित और त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए।

‘नीमराना-घीलोठ औद्योगिक क्षेत्र ग्रोथ इंजन के रूप में उभर रहा’, राजस्थान-मुख्यमंत्री ने जापानी जोन में उद्यमियों के साथ की बैठक

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि 9 से 11 दिसंबर तक आयोजित हुई राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट प्रदेश की अर्थव्यवस्था और चहुंमुखी विकास में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि राइजिंग राजस्थान समिट में 35 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू हुए हैं। साथ ही, राज्य सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने प्रदेशवासियों को एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी है जिससे राजस्थान के विकास को गति मिलेगी। शर्मा शुक्रवार को नीमराना के जापानी जोन में स्थित डाइकिन कम्पनी के सभागार में औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नीमराना व घीलोठ औद्योगिक क्षेत्र राजस्थान की अर्थव्यवस्था में ग्रोथ इंजन साबित हो रहे हैं। देश के पहले जापानी जोन नीमराना में 51 जापानी कम्पनियां स्थापित हैं। जिनके माध्यम से करीब 27 हजार से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल बिजनेस एक्सपो में 7 जापानी कम्पनियों एवं जेट्रो ने जापान पैवेलियन में हिस्सेदारी की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ पर विशेष जोर है। प्रक्रियाओं और नीतियों को सरल बनाया जा रहा है। हमने 10 नई नीतियां जारी की हैं। 150 करोड़ रूपये के होंगे विकास कार्य मुख्यमंत्री ने कहा कि जापानी कम्पनियों के राजस्थान में निवेश करने के रूझान को देखते हुए दूसरा जापानी जोन घीलोठ में स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि नीमराना और घीलोठ में करीब 150 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्य शीघ्र प्रारम्भ किए जा रहे हैं। इसमें साढ़े तीन करोड़ रुपये की लागत से केसवाना औद्योगिक क्षेत्र में एनएच-48 से केसवाना औद्योगिक क्षेत्र तक 1620 मीटर सीसी सड़क के निर्माण और 90 लाख रुपये की लागत से औद्योगिक क्षेत्र नीमराना में 4500 लीटर क्षमता के दो अग्निशमन वाहनों की आपूर्ति हेतु कार्यादेश जारी हो चुके हैं। शर्मा ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र नीमराना व घीलोठ में लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से 132 केवी जीएसएस नीमराना जनरल जोन, 132 केवी जीएसएस जापानी जोन, 220 केवी जीएसएस घीलोठ और कोलिला जोगा में 33 केवी जीएसएस की स्थापना की जाएगी। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र घीलोठ में करीब 19 करोड़ की लागत से एनएच-48 से औद्योगिक क्षेत्र घीलोठ तक लिंक रोड का सुदृढ़ीकरण और स्ट्रीट लाइट के कार्य करवाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास के विस्तार हेतु भी प्रदेश में 9 ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे बनाए जा रहे हैं। नीमराना में पानी की समस्या को दूर करने के लिए ईआरसीपी से पानी लाने पर भी विचार किया जा रहा है। औद्योगिक क्षेत्र को डीएमआईसी नोड बनाने का कार्य मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र नीमराना प्रथम, द्वितीय, ईपीआईपी एवं एन.आई.सी. (एम) नीमराना में करीब 11 करोड़ रुपये व्यय कर 48 किलोमीटर लम्बाई में इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाने का कार्य भी शीघ्र शुरू कराया जाएगा। साथ ही, लगभग 9 करोड़ रुपये व्यय कर नीमराना प्रथम, द्वितीय, ईपीआईपी, घीलोठ में बिजली की लाइनों को भूमिगत एवं सुदृढ़ीकरण करने का कार्य और लगभग 2 करोड़ रुपये व्यय कर औद्योगिक क्षेत्र घीलोठ में सड़कों के सुदृढ़ीकरण तथा हाईमास्ट के कार्य कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि नीमराना में बहुमुखी विकास के साथ खुशखेड़ा, भिवाड़ी, नीमराना औद्योगिक क्षेत्र को डीएमआईसी नोड बनाने के लिए कार्य किया जा रहा है। शर्मा ने कहा कि उद्योगों में सौर ऊर्जा का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। बांदीकुई में भी जल्द ही औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 11 सितम्बर को भारतीय दूतावास, टोक्यो एवं जेट्रो के सहयोग से नीमराना दिवस टोक्यो (जापान) में मनाया गया। इसी तरह राज्य सरकार और रीको की भागीदारी से प्रतिवर्ष 11 सितम्बर को नीमराना दिवस मनाया जाएगा।जेट्रो के डायरेक्टर जनरल श्री ताकाशी सुजुकी ने कहा कि नीमराना औद्योगिक क्षेत्र के जापानी जोन में जापानी कम्पनियों का बेहतरीन अनुभव रहा है। भविष्य में जापानी कम्पनियों के द्वारा राज्य में और निवेश किया जाएगा। उन्होंने राइजिंग राजस्थान समिट आयोजन को निवेशकों के लिए अच्छा अवसर बताया। इस अवसर पर वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संजय शर्मा, विधायक डॉ. जसवन्त सिंह यादव, श्री देवीसिंह शेखावत, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) श्री शिखर अग्रवाल, उद्योग एवं वाणिज्य आयुक्त श्री रोहित गुप्ता, रीको के प्रबंध निदेशक श्री इन्द्रजीत सिंह, संभागीय आयुक्त श्रीमती रश्मि गुप्ता, जिला कलक्टर कोटपूतली-बहरोड़ श्रीमती कल्पना अग्रवाल, बीड़ा भिवाडी सीईओ श्री अतुल प्रकाश, नीमराना इंडस्ट्रीयल एसोसिएशन अध्यक्ष श्री कृष्ण गोपाल कौशिक, लघु उद्योग भारती नीमराना अध्यक्ष श्री के.के यादव, घीलोठ मन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन महासचिव श्री राजा सोनी, हीरो मोटोकॉर्प से श्री पराग गोयल, डाइकिन प्लांट हेड श्री संदीप भट्टाचार्य सहित विभिन्न पदाधिकारी एवं संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

ब्लैक स्पॉट्स सुधारने चलेगा विशेष अभियान, राजस्थान-मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के निर्देश

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं मे कमी लाने के लिए विशेष अभियान चलाकर ब्लैक स्पॉट्स को ठीक करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि सड़कों के दुर्घटना संभावित स्थानों को चिन्हित कर इनका शीघ्र सुधार किया जाए ताकि वाहन दुर्घटनाओं से होने वाले जान-माल के नुकसान को रोका जा सके। मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अभियान के दौरान कार्यों की गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाए और कामों को निर्धारित अवधि में पूरा करवाया जाए। उन्होंने बताया कि प्रदेश में लगभग 2350 करोड़ की लागत से ब्लैक स्पॉट्स को सुधारने का काम किया जा रहा है ताकि दुर्घटनाओं को कम किया जा सके। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि सड़क निर्माण और मरम्मत के कार्यों में निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाये। गौरतलब है कि प्रदेश में एनएचएआई द्वारा 40 ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर 812.64 करोड़ रुपए की लागत से इन्हें सुधारने का कार्य किया जा रहा है, जिनमें से 13 का काम पूरा हो चुका है तथा शेष का प्रक्रियाधीन है। इसी प्रकार, प्रदेश में एनएचएआई 821.51 करोड़ की लागत से 37 अन्य चिन्हित ब्लैक स्पॉट को सुधारने के कार्य भी शीघ्र शुरू करने जा रहा है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में एनएच द्वारा सार्वजनिक निर्माण विभाग के साथ लगभग 650 करोड़ की लागत से 176 ब्लैक स्पॉटस को सुधारने का काम किया जा रहा है। इसी प्रकार सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा चिह्नित 117 ब्लैक स्पॉटस को 31 मार्च 2025 तक ठीक कर दिया जाएगा। राजस्थान राज्य राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा भी चिन्हित 30 ब्लैक स्पॉट के सुधार के कार्य 21.72 करोड़ रुपए की लागत से करवाए जा रहे हैं, जो आगामी जनवरी तक पूरे हो जाएंगे। इसके अतिरिक्त 4 सड़कों पर 20.34 करोड़ रुपए की लागत से सड़क सुरक्षा की दृष्टि से सुधार कार्य करवाए जा रहे हैं।

अजमेर के विकास और सड़क चौड़ीकरण को लेकर की चर्चा, राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष देवनानी ने मंत्री सिंधिया से की भेंट

अजमेर/जयपुर। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने शुक्रवार को नई दिल्ली प्रवास के दौरान केन्द्रीय दूरसंचार एवं डाक विभाग के मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात कर अजमेर शहर में आगरा गेट से महावीर सर्किल तक सड़क चौडीकरण में आ रही बाधाएं दूर करने का अनुरोध किया। सिंधिया ने इस समस्या के निराकरण के लिए आश्वस्त किया। विधान सभा अध्यक्ष श्री देवनानी ने श्री सिंधिया को बताया कि अजमेर शहर में महावीर सर्किल से आगरा गेट, गांधी चौराहा एवं स्टेशन रोड़ तक एलिवेटेड रोड़ का निर्माण होने के उपरांत इस क्षेत्र में तुलनात्मक रूप से तो यातायात का दबाव कम हुआ है, लेकिन आगरा रोड़ से महावीर सर्किल तक के मार्ग पर यातायात का दबाव बढ़ गया है। श्री देवनानी ने कहा कि महावीर सर्किल से आगरा गेट की तरफ जाते समय बीएसएनएल कार्यालय तथा डाक-तार विभाग कार्यालय की बाहरी चारदीवारी के कारण सड़क सकड़ी हो गयी है। इससे आमजन को यातायात में परेशानियों का सामना करना पड रहा है। श्री देवनानी ने कहा कि इस समस्या के समाधान हेतु बीएसएनएल कार्यालय की लगभग 105 मीटर व डाक-तार विभाग कार्यालय की लगभग 35 मीटर लम्बाई की दीवार को लगभग 10 फीट अन्दर की ओर किये जाने से मार्ग की चौड़ाई अधिक हो सकती है। उन्होंने बताया कि इससे यातायात का दबाव कम हो सकेगा व नागरिकों को हो रही असुविधा भी दूर हो सकेगी और यातायात का संचालन सुगमता से हो सकेगा। श्री देवनानी ने बताया कि इस समस्या के समाधान हेतु अजमेर के जिला कलक्टर ने वरिष्ठ महाप्रबन्धक, भारत संचार निगम लि., अजमेर एवं वरिष्ठ अधीक्षक, डाक-तार विभाग, अजमेर को पत्र लिखकर चारदीवारी को अन्दर करवाये जाने हेतु अनुरोध किया है। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री से इस समस्या के निराकरण हेतु शीघ्र कार्यवाही किये जाने का अनुरोध किया है।

28 से 31 दिसंबर तक होगी प्रतियोगी परीक्षा, राजस्थान-संस्कृत के वरिष्ठ अध्यापक की होगी भर्ती

जयपुर। राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा वरिष्ठ अध्यापक (संस्कृत शिक्षा विभाग) प्रतियोगी परीक्षा-2024 का विषयवार आयोजन 28 से 31 दिसंबर 2024 तक किया जाएगा। परीक्षा में ओएमआर उत्तर पत्रक के पांचवे विकल्प को भरने के लिए 10 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा।इस संबंध में विस्तृत सूचना आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। आयोग सचिव ने बताया कि अभ्यर्थी उक्त परीक्षा हेतु आवंटित परीक्षा जिले की जानकारी 21 दिसंबर 2024 से एसएसओ पोर्टल पर लॉगिन कर प्राप्त कर सकेंगे। परीक्षा के प्रवेश-पत्र आयोग की वेबसाइट एवं एसएसओ पोर्टल पर 25 दिसंबर 2024 को जारी किए जाएंगे। इस अनुसार अभ्यर्थी यथाशीघ्र प्रवेश-पत्र डाउनलोड कर लेवें। प्रवेश-पत्र आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध एडमिट कार्ड लिंक के माध्यम से आवेदन-पत्र क्रमांक व जन्म दिनांक प्रविष्ठ कर डाउनलोड किए जा सकेंगे। इसके अतिरिक्त एसएसओ पोर्टल पर लॉगिन कर सिटीजन ऐप्स में उपलब्ध रिक्रूटमेंट पोर्टल लिंक से भी प्रवेश-पत्रों को डाउनलोड किया जा सकता है। परीक्षा केन्द्र पर किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा प्रारंभ होने के 60 मिनट पूर्व तक ही प्रवेश दिया जाएगा। इसके पश्चात् किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा केंद्र पर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। अतः अभ्यर्थी परीक्षा के दिन परीक्षा प्रारंभ होने के लिए नियत समय से पर्याप्त समय पूर्व परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक रूप से उपस्थित हो जाएं ताकि सुरक्षा जांच एवं पहचान का कार्य समय पर पूर्ण हो सके। देरी से आने पर तलाशी में समय लगने के कारण परीक्षा में शामिल होने से वंचित हो सकते हैं। अभ्यर्थियों को पहचान हेतु परीक्षा केंद्र पर मूल आधार कार्ड (रंगीन प्रिंट) लेकर उपस्थित होना होगा। यदि मूल आधार कार्ड पर फोटो पुरानी अथवा अस्पष्ट है तो अन्य मूल फोटो युक्त पहचान-पत्र यथा मतदाता पहचान-पत्र, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस जिसमें रंगीन एवं नवीनतम स्पष्ट फोटो हो, लेकर परीक्षा केंद्र पर उपस्थित होवें। इसके साथ ही अभ्यर्थी प्रवेश-पत्र पर भी नवीनतम रंगीन फोटो ही चस्पा करना सुनिश्चित करें। स्पष्ट मूल फोटो युक्त पहचान-पत्र के अभाव में परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। अभ्यर्थी प्रवेश-पत्र के साथ जारी आवश्यक अनुदेशों का अवलोकन अवश्य कर लेवें। आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा में सम्मिलित होने वाले अभ्यर्थी किसी दलाल, मीडिएटर, समाजकंटक या अपराधी के बहकावे में न आएं। यदि कोई परीक्षा में पास कराने के नाम पर रिश्वत की मांग या अन्य कोई प्रलोभन व झांसा देता है तो प्रमाण सहित इस संबंध में जांच एजेंसी एवं आयोग कंट्रोल रूम नंबर 0145-2635200, 2635212 एवं 2635255 पर सूचित करें। परीक्षा में अनुचित साधन अपनाये जाने एवं अनुचित कृत्यों में संलिप्त होने पर राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम के अध्युपाय) अधिनियम, 2022 के तहत आजीवन कारावास, 10 करोड़ रुपए तक जुर्माने से दण्डित एवं चल अचल संपत्ति कुर्क कर जब्त की जा सकती है। विषयवार परीक्षा कार्यक्रम—                           विषय                     परीक्षा दिनांक                            समय सामाजिक विज्ञान    28 दिसंबर 2024                 प्रातः 9.30 से 12 बजे तक हिन्दी                    28 दिसंबर 2024                 दोपहर 2.30 से 5.00 बजे तक जीके एंड               29 दिसंबर 2024                  प्रातः 9.30 से 11.30 बजे तक एजुकेशनल साइकोलॉजी साइंस                   29 दिसंबर 2024 –                 दोपहर 2.30 से 5.00 बजे तक गणित                   30 दिसंबर 2024                    प्रातः 9.30 से 12 बजे तक संस्कृत                  30 दिसंबर 2024                    दोपहर 2.30 से 5.00 बजे तक इंग्लिश                  31 दिसंबर 2024                    प्रातः 9.30 से 12 बजे तक

‘कुसुम योजना में पत्रावलियों का शीघ्र करें निस्तारण-चेयरमैन’, राजस्थान-जयपुर में ओल्ड पावर हाउस के कार्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण

जयपुर। प्रदेश के विद्युत वितरण निगमों की चेयरमैन सुश्री आरती डोगरा ने कुसुम योजना में पत्रावलियों के त्वरित, समयबद्ध एवं सुगम निस्तारण के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा का उपयोग कर किसानों को दिन में बिजली सुलभ कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को प्राथमिकता दे रही है। ऐसे में लेटर ऑफ अवॉर्ड जारी करने के बाद डिस्कॉम्स द्वारा सोलर प्लांट स्थापित करने तथा पावर परचेज एग्रीमेंट करने से संबंधित पत्रावलियों का यथाशीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। इससे जमीनी स्तर पर योजना को गति दी जा सकेगी।डोगरा शुक्रवार प्रातः राममंदिर ओल्ड पावर हाउस स्थित जयपुर डिस्कॉम के विभिन्न कार्यालयों एवं शाखाओं का आकस्मिक निरीक्षण करने के दौरान अधिकारियों को दिशा-निर्देश दे रही थीं। उन्होंने रेगुलेशन, प्रोजेक्ट, प्लानिंग एवं मॉनीटरिंग शाखाओं के निरीक्षण के दौरान कुसुम योजना से संबंधित पत्रावलियों का गहनता से अवलोकन किया। इन फाइलों को देख रहे अधिकारियों एवं कार्मिकों से की गई टिप्पणियों तथा फाइलों के मूवमेंट को लेकर सवाल किए और फोन के माध्यम से आवेदकों से बात भी की। डिस्कॉम्स चेयरमैन ने कहा कि सोलर पावर जनरेटर से प्राप्त आवेदनों में कमियों को जांचने के लिए अधिकारियों के अलग-अलग स्तर होने से पत्रावलियों के निस्तारण में अधिक समय लगता है। उन्होंने अति. मुख्य अभियंता (पीपीएम) को निर्देश दिए कि एक डेस्क स्थापित करें जिसमें तकनीकी तथा लेखा शाखा से संबंधित अधिकारी एक ही स्थान पर बैठें और प्राप्त आवेदन की चेक लिस्ट के अनुसार उसी दिन जांच कर पाई गई कमियों की पूर्ति के लिए सोलर पावर जेनरेटर को उसी दिन अवगत कराएं। डोगरा ने कहा जिस भूमि पर प्लांट स्थापित किया जाना है उसके स्वामित्व संबंधी दस्तावेजों की पूर्ति को लेकर तीनों डिस्कॉम्स में एकरूपता रखी जाए। इससे सोलर पावर जनरेटर्स तथा किसानों को भूमि के मालिकाना हक संबंधी दस्तावेज की पूर्ति के लिए बेवजह परेशान नहीं होना पड़ेगा। प्लांटों की स्थापना और पावर परचेज एग्रीमेंट करने के काम में गति आएगी। साथ ही आवेदकों का संतुष्टि का स्तर बढ़ेगा।

‘प्रदेश सरकार सड़क तंत्र सुदृढ़ीकरण के लिए प्रतिबद्ध’, राजस्थान-संसदीय कार्य मंत्री ने एम्स से सालावास सड़क पर पुल निर्माण कार्य देखा

जयपुर। संसदीय कार्य, विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने शुक्रवार को जोधपुर में एम्स से सालावास सड़क पर पुल निर्माण कार्य का अवलोकन कर सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश सरकार अवसंरचनात्मक विकास के साथ सड़क तंत्र के सुदृढ़ीकरण के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हर गांव-ढाणी तक सुलभ परिवहन व्यवस्था की उपलब्धता सुनिश्चित करवाने के लिए सड़क निर्माण कार्य प्राथमिकता के साथ करवाए जा रहे हैं।  एम्स से सालावास सड़क निर्माण कार्य पूर्ण होने पर क्षेत्रवासियों के लिए आवागमन सुगम होगा। अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश – पटेल ने पुल एवं सड़क निर्माण कार्य की अद्यतन प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्माण कार्य को बेहतर गुणवत्ता के साथ तय समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

लोगों को योजनाओं का लाभ देने सहकारी बैंकों में खोलेंगे खाते, राजस्थान- सहकारिता सचिव ने की ‘सहकार से समृद्धि’ योजना की समीक्षा

जयपुर। शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारिता श्रीमती मंजू राजपाल ने बताया कि प्रदेश में सहकारिता के माध्यम से लोगों को लाभान्वित करने के लिये सहकारी बैंकों का आधुनिकीकरण करते हुये अधिक से अधिक लोगों के खाते खुलवाने के लिये प्रेरित किया जायेगा ताकि वे सहकारी योजनाओं के तहत पात्रता के अनुसार लाभ ले सके। उन्होंने बताया कि सहकारी बैंकों के खाताधारकों को रूपे कार्ड जारी किये जायेंगे ताकि वे आधुनिक बैंकिंग की समस्त सुविधायें डोर-स्टेप पर एक क्लिक में प्राप्त कर सके। राजपाल ने बताया कि सचिव, सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार डॉ. आशीष कुमार भूटानी द्वारा शासन सचिवालय में शुक्रवार को सहकार से समृद्धि योजना की समीक्षा की गई। समीक्षा बैठक में प्रदेश की पैक्स कम्प्यूटराइजेशन की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया गया तथा शेष पैक्स की जल्द अनुमति जारी करने के लिये आश्वस्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सहकारी उद्यमियों को अपने उत्पादों को अन्तरराष्ट्रीय बाजार में विक्रय करने और अधिक रोजगार उत्पन्न करने के लिये उन्हें राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लि. (एन.सी.ई.एल.) से जुडना चाहिये ताकि उन्हें बेहतर अवसर मिल सकें। रजिस्ट्रार, सहकारिता ने बताया कि प्रदेश के कई क्षेत्रों में जैविक खेती की जाती है, लेकिन उनके जैविक उत्पादों को उचित मूल्य एवं बाजार उपलब्ध नहीं हो पा रहा था, इसके लिये भारत सरकार की पहल पर राष्ट्रीय सहकारी ऑर्गेनिक्स लि. (एन.सी.ओ.एल.) संस्था का गठन किया गया है। सहकारिता विभाग के स्तर से प्रदेश के जैविक उत्पादों के क्रय-विक्रय का कार्य करने वाली सहकारी संस्थाओं को एन.सी.ओ.एल से जोडा जायेगा ताकि उनके सदस्यों को उत्पादों का अच्छा मूल्य मिल सके। राजपाल ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 31 जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक कार्य कर रही हैं। प्रदेश में सहकारी साख की सुलभ उपलब्धता के लिये 4 से 5 जिला केन्द्रीय सहकारी बैंकों के गठन की संभावना को तलाशा जायेगा। उन्होंने सहकारी संस्थाओं से आह्वान किया कि प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार बीज तैयार करने के लिये सीड फार्म स्थापित किये जाये ताकि स्थानीय आवश्यकता पूरी होने के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी उपलब्ध हो सकेंगे। उन्होंने बताया कि ग्रामीण विकास विभाग एवं डेयरी विभाग के साथ सामंजस्य स्थापित करते हुये सहकारी संस्थाओं का गठन किया जायेगा ताकि परिवार को कोई भी सदस्य सहकारिता के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि सहकारिता ही वह माध्यम है जिसके द्वारा सदस्यों का सर्वांगीण विकास संभव है। समीक्षा बैठक में सहकारिता विभाग के सभी फंक्शनल अधिकारी उपस्थित थे।

प्रमुख सचिव ने माइनिंग विभाग के फील्ड अधिकारियों को दिए निर्देश, राजस्थान-राजस्व लक्ष्यों की करें शत-प्रतिशत वसूली

जयपुर। खान, भूविज्ञान एवं पेट्रोलियम विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री टी. रविकान्त ने माइनिंग विभाग के फील्ड अधिकारियों को राजस्व लक्ष्यों के अनुसार शत प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होेने निर्देश दिए कि  आगामी तीन माह में अभियान चलाकर चालू बकाया के साथ ही पुरानी बकाया राशि, अवैध गतिविधियों के कारण जुर्माने की बकाया राशि और एमनेस्टी योजना के अनुसार बकाया राशि वसूली के ठोस प्रयास किये जाएं। उन्होंने बताया कि जयपुर जोन के जयपुर और अजमेर एसएमई कार्यक्षेत्र में नवंबर, 24 तक 1042 करोड़ 26 लाख रु. की राजस्व वसूली हो चुकी है। प्रमुख सचिव श्री टी. रविकान्त सचिवालय में जयपुर जोन की समीक्षा बैठक ले रहे थे। उन्होंने मुख्यालय उदयपुर को निर्देश दिए कि राज्य में बकाया वसूली के न्यायालयों से स्टे प्राप्त रेवेन्यू प्रकरणों की इकजाई सूची तैयार कर नियमित समीक्षा के साथ ही न्यायालयों में विभागीय पक्ष को प्रभावी तरीके से रखा जाएं। उन्होंने कहा कि लक्ष्यों के विरुद्ध राजस्व वसूली में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि राज्य स्तरीय पर्यावरण स्वीकृति के लिए सिया और सेक का गठन हो गया है। विभाग समन्वय बनाये हुए हैं। जिला स्तर से पर्यावरण स्वीकृति प्राप्त खान व क्वारी लाइसेंस धारकों में से शेष रहे खान धारकों से परिवेश पोर्टल पर फार्म दो अपलोड कराने में तेजी लाने के निर्देश दिए।रविकान्त ने नीलामी के लिए माइनिंग प्लॉटों व ब्लॉकों के डेलिनियेशन कार्य की समीक्षा की। उन्होंने जोर देकर कहा कि माइनिंग सेक्टर में अवैध गतिविधियों पर सख्ती से कार्यवाही की जाए और राजस्व छीजत को रोका जाएं। उन्होंने पुरानी बकाया वसूली के लिए रणनीति बनाने की आवश्यकता प्रतिपादित करते हुए एमनेस्टी योजना का व्यापक प्रचार प्रसार करने और बकायादारों को इस योजना का लाभ बताकर बकाया वसूली पर जोर दिया। संयुक्त सचिव माइंस आशु चौधरी ने अतिरिक्त निदेशक जयपुर जोन कार्यालयों की प्रगति से अवगत कराया। अतिरिक्त निदेशक जयपुर जोन श्री बीएस सोढ़ा ने बताया कि राजस्व लक्ष्य शत-प्रतिशत अर्जित करने के लिए नियमित समीक्षा की जा रही है। इसके लिए संबंधित बकायादारों को आवश्यकतानुसार नोटिस देने के साथ ही एलआर एक्ट के अुनसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। एसएमई जयपुर श्री एनएस शक्तावत ने बताया कि एसएमई जयपुर कार्यक्षेत्र में जयपुर एमई और एएमई कोटपुतली ने लक्ष्यों के विरुद्ध शत-प्रतिशत उपलब्धि अर्जित की है। उन्होंने बताया कि जयपुर एसएमई कार्यक्षेत्र में लक्ष्यों की शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित कर ली जाएगी। एसएमई अजमेर श्री जय गुरुबख्सानी ने बताया कि एएमई गोटन और  एमई मकराना कार्यालय ने शत-प्रतिशत राजस्व वसूली की है। उन्होंने कहा कि अजमेर एसएमई कार्यक्षेत्र के लक्ष्यों के अनुसार राजस्व अर्जन कर लिया जाएगा। एसएमई विजिलेंस श्री प्रताप मीणा ने जिला स्तर से पर्यावरण स्वीकृति प्राप्त लीज व क्वारी लाइसेंसधारियों द्वारा राज्य स्तर से पर्यावरण स्वीकृति प्राप्त करने की प्रगति से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि कार्य में तेजी आई है और विभाग द्वारा सेक और सिया कमेटी से समन्वय बनाया हुआ है। समीक्षा बैठक में ओएसडी श्री श्रीकृष्ण शर्मा, एसजी श्री सुनील कुमार वर्मा और एसजी श्री संजय सक्सैना उपस्थित रहे। वितीय सलाहकार श्री गिरिश कछारा, अतिरिक्त निदेशक श्री पीआर आमेटा, टीए श्री देवेन्द्र गौड़, जयपुर एमई श्री श्याम कापड़ी, अलवर, सीकर, झुन्झुनू, दौसा, टोंक, कोटपुतली, नीम का थाना, अजमेर, ब्यावर, सावर, नागौर, मकराना, गोटन के एमई-एएमई अधिकारियों ने वर्चुअली हिस्सा लिया।

राज्यों से आये महापौरों ने किया पौधारोपण, राजस्थान-जयपुर समारोह-2024 में ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान

जयपुर। जयपुर समारोह-2024 के अन्तर्गत 18 नवम्बर से हो रहे कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत बुधवार को सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट अपग्रेडेशन, एवं एसटीपी निर्माण का लोकार्पण नगरीय विकास स्वायत्त शासन राज्य मंत्री श्री झाबर सिंह खर्रा एवं विधायक बगरू डॉ. कैलाश वर्मा के कर कमलों द्वारा किया गया। साथ ही एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत मोलश्री, अशोक, कचनार के पेड़ लगाए गये। इस अवसर पर देशभर से आये 30 से अधिक महापौर एवं नगर निगम ग्रेटर महापौर डॉ. सौम्या गुर्जर, आयुक्त श्रीमती रूकमणि रियाड़, सांस्कृतिक समिति अध्यक्ष श्रीमती दुर्गेश नन्दनी, समिति अध्यक्ष अक्षत खूटेटा एवं स्थानीय पार्षद मौजूद रहे। आमेर क्लार्क में शहरीकरण से होने वाले दुष्परिणाम और समाधान विषय पर सेमीनार आयोजित की गई। जिसमें उपमुख्यमंत्री श्री प्रेमचंद बैरवा ने शिरकत की। देशभर से आये महापौर ने भी अपने विचार व्यक्त किये।

गृह मंत्री खराड़ी बोले-वर्तमान चुनौतियों को ध्यान में रख सुदृढ़ीकरण कर रही सरकार, राजस्थान-गृह रक्षा आरक्षियों का 20 साल बाद दीक्षांत समारोह

जयपुर। बेगस में फतेहपुरा स्थित गृह रक्षा के केन्द्रीय प्रशिक्षण संस्थान में नवनियुक्त आरक्षी, आरक्षी ड्रममैन, आरक्षी बिगुलर एवं आरक्षी वाहन चालकों का भव्य दीक्षांत समारोह बुधवार को आयोजित किया गया। समारोह जनजाति क्षेत्रीय विकास एवं गृह रक्षा विभाग मंत्री श्री बाबूलाल खराड़ी के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री खराड़ी ने कहा कि सरकार वर्तमान चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए गृह रक्षा संगठन के सुदृढ़ीकरण के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। विभाग के 7 कार्यालयों के निर्माण के लिए शीघ्र ही बजट आवंटन का प्रयास किया जा रहा है। विभाग में 4 उप समादेष्टा, 84 प्लाटून कमाण्डर एवं 149 आरक्षियों के रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शीघ्र ही प्रारम्भ की जाएगी। 2 अतिरिक्त सीमा गृह रक्षा बटालियन के गठन के भी प्रयास किये जा रहे है।     महानिदेशक एवं महासमादेष्टा श्री राजेश निर्वाण ने कार्यक्रम में कहा कि विभाग में लगभग 20 वर्षों से भी अधिक समय के उपरांत दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया है। जिसमें 88 पुरूष एवं 25 महिला आरक्षी, आरक्षी वाहन चालक सम्मिलित हुए है। इनका प्रशिक्षण पुलिस ट्रेनिंग स्कूल अलवर में 16 सप्ताह, केन्द्रीय प्रशिक्षण संस्थान में 96 दिवस तथा फील्ड ट्रैनिंग के लिए शहरी एवं सीमा गृह रक्षा दल में 1-1 माह के लिए संपन्न हुआ है। अप्रैल, 2024 से नवंबर, 2024 तक स्वयंसेवकों के नियोजन में 1836 की वृद्धि हुई है। कार्यक्रम में पारितोषिक वितरण के दौरान मुख्य अतिथि श्री खराड़ी द्वारा 26 जनवरी, 2023 के अवसर पर गृह रक्षा विभाग के उप समादेष्टा श्री रामजीलाल जाट एवं मानद कंपनी कमाण्डर श्री मोहन सिंह चौहान को महामहिम राष्ट्रपति महोदय द्वारा प्रदत्त सराहनीय सेवा पदक एवं स्क्रॉल प्रदान की। इसके अतिरिक्त मुख्य अतिथि ने प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले आरक्षी वाहन चालकों में श्री रामस्वरूप गढ़वाल को आलराउण्डर एवं इनडोर में प्रथम तथा श्री नन्दा राम जाट को आउटडोर में प्रथम तथा आरक्षियों में श्री रजनीश कुमार को आलराउण्डर एवं इन्डोर में प्रथम तथा श्री सता राम को आउटडोर में प्रथम स्थान प्राप्त करने के लिए प्रशस्ति पत्र मय ट्रॉफी प्रदान की। कार्यक्रम की शुरुआत में ड्रम की जोशीली ताल पर कदम से कदम मिलाते हुए नवनियुक्त आरक्षियों द्वारा राष्ट्र ध्वज तथा विभागीय ध्वज के साक्ष्य में शपथ ग्रहण की गयी। परेड का नेतृत्व परेड कमांडर आरक्षी सुश्री ममता चौधरी ने किया। दीक्षांत समारोह कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री श्री खराड़ी को डीजी श्री निर्वाण द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। अंत में केन्द्रीय प्रशिक्षण संस्थान के निदेशक द्वारा कार्यक्रम में पधारे सभी अधिकारियों, अतिथियों एवं मीडिया कर्मियों को धन्यवाद प्रेषित कर कार्यक्रम का समापन किया गया। कार्यक्रम में महानिदेशक राज्य अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो श्री हेमन्त प्रियदर्शी, विशिष्ट शासन सचिव गृह श्रीमती अनुप्रेरणा कुंतल एवं गृह रक्षा विभाग के कार्मिक  आरक्षियों के परिजन, स्वयंसेवक तथा अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, मीडियाकर्मी तथा अतिथि शामिल हुए।

चिकित्सा मंत्री ने की विभागीय समीक्षा, राजस्थान-मेडिकल एजुकेशन और स्वास्थ्य सेवाओं में बनायेंगे मॉडल स्टेट

जयपुर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा कि राजस्थान को मेडिकल एजुकेशन व स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता एवं गुणवत्ता की दृष्टि से मॉडल स्टेट के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस दिशा में चिकित्सा शिक्षा विभाग विभिन्न मेडिकल कॉलेज, मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी सहित अन्य परियोजनाओं के कार्यों को टाइमलाइन में पूरा करे। चिकित्सा मंत्री बुधवार को स्वास्थ्य भवन में चिकित्सा शिक्षा विभाग से संबंधित विभिन्न विषयों पर समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की पहल पर प्रदेश के हर जिले में मेडिकल कॉलेज का संकल्प पूरा करने की दिशा में प्रतिबद्धता के साथ काम किया जा रहा है ताकि रोगियों को सुपर स्पेशलिटी चिकित्सा सेवाएं अपने निकटतम स्थान पर उपलब्ध हो सकें। साथ ही, चिकित्सा शिक्षा के लिए प्रदेश में युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकें। मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी के काम में लाएं तेजी— श्री खींवसर ने कहा कि राजकीय क्षेत्र में निर्माणाधीन प्रदेश की दूसरी मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी के कार्य को गति दी जाए। इससे मेडिकल कॉलेज के संचालन एवं प्रबंधकीय व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ किया जा सकेगा। उन्होंने नए मेडिकल कॉलेजों के भवन निर्माण की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि इनका निर्माण समय पर पूर्ण करने के साथ साथ क्वालिटी का भी विशेष ध्यान रखा जाए। रिक्त पदों पर भर्ती मिशन मोड में हो— चिकित्सा मंत्री ने मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सक शिक्षकों के रिक्त पदों की जानकारी लेते हुए इन पदों को यथा शीघ्र भरने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भर्तियों को समयबद्ध रूप से पूरा करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री स्वयं भर्तियों की नियमित समीक्षा कर रहे हैं। उनके निर्देशानुसार  रिक्त पदों को भरने का कार्य मिशन मोड में हो। आरयूएचएस में उपलब्ध सुविधओं का हो पूरा उपयोग— चिकित्सा मंत्री ने कहा कि सवाई मानसिंह अस्पताल में निर्माणाधीन आयुष्मान टावर एवं इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोवस्कुलर साइंसेज (कार्डियक टॉवर) के निर्माण कार्यों को भी जल्द से जल्द पूरा करने का प्रयास किया जाए। इनका सुगमतापूर्वक संचालन करने के लिए प्रभावी कार्य योजना बनाई जाए। उन्होंने आरयूएचएस को रिम्स के रूप में विकसित करने के प्रयासों को और गति देने के निर्देश दिए और अब तक किए गए कार्यों पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस अस्पताल का पूर्ण उपयोग होने से एसएमएस अस्पताल पर मरीज भार कम हो सकेगा। रोगियों को कतारों से मुक्ति दिलाएं— श्री खींवसर ने कहा कि सभी बड़े अस्पतालों में  रोगियों को कतारों से मुक्ति दिलाने के लिए तकनीकी नवाचारों को जल्द लागू किया जाए। रोगी एवं परिजनों के लिए शुद्ध खाद्य सामग्री एवं जलपान के लिए समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए। साथ ही, सुरक्षा के भी माकूल इंतजाम हो। परियोजनाओं एवं अस्पतालों का होगा निरीक्षण, दूर होगी बाधाएं— चिकित्सा मंत्री ने कहा कि चिकित्सा ​शिक्षा से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं, अस्पतालों एवं अन्य सुविधाओं का फील्ड में दौरे कर निरीक्षण किया जाएगा। साथ ही, वहां बैठक कर परियोजनाओं को पूरा करने में आ रही बाधाओं को भी दूर किया जाएगा। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए निरीक्षण में सामने आने वाली समस्याओं के निस्तारण के लिए भी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। बैठक में चिकित्सा शिक्षा सचिव श्री अम्बरीष कुमार, चिकित्सा शिक्षा आयुक्त श्री इकबाल खान, संयुक्त सचिव श्री गौरव बजाड़ सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

निचले स्तर तक के कार्मिकों से हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर करें संवाद, राजस्थान-ऊर्जा मंत्री ने डिस्कॉम के अभियंताओं से की चर्चा

जयपुर। ऊर्जा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री हीरालाल नागर ने कहा कि सर्किल अधीक्षण अभियंता जिलों में डिस्कॉम्स के प्रतिनिधि हैं। उन्होंने अभियंताओं को निर्देश दिए  कि वे विकेन्द्रित सौर ऊर्जा तथा फीडर सेग्रीगेशन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रदेश में बिजली वितरण कंपनियों द्वारा नवाचार के रूप में अपनाए जा रहे हाइब्रिड एन्युटी मॉडल को लेकर निचले स्तर तक डिस्कॉम कर्मचारियों के साथ संवाद करें और उनमें अनावश्यक भ्रम की स्थिति दूर करने में सहयोग करें। नागर बुधवार को विद्युत भवन में  डिस्कॉम्स चेयरमैन आरती डोगरा की उपस्थिति में जयपुर डिस्कॉम के अभियंताओं के साथ चर्चा कर रहे थे। उन्होंने फिर स्पष्ट रूप से  कहा कि राज्य सरकार की बिजली कंपनियों के निजीकरण की कोई योजना नहीं है। कार्मिकों के सहयोग से राज्य सरकार प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण की दिशा में आगे बढ़ रही है। ऊर्जा मंत्री ने इस दौरान आगामी वर्ष के रबी सीजन से प्रदेश के सभी फीडरों में समस्त कृषि उपभोक्ताओं को दिन में दो ब्लॉक में 6 घंटे सप्लाई सुनिश्चित करने की कार्ययोजना तैयार करने, पीएम सूर्य घर योजना को जन-जन तक पहुंचाने, विद्युत छीजत रोकने आदि के संबंध में दिशा-निर्देश दिए। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने, वर्ष 2027 तक किसानों को खेती के लिए दिन में बिजली सुलभ कराने, प्रदेश की बिजली कंपनियों की आर्थिक स्थिति को बेहतर करने की मंशा के साथ काम कर रही है। इसके लिए केन्द्रीय उपक्रमों के साथ एमओयू करने, कुसुम एवं आरडीएसएस योजना को गति देने जैसे काम किए जा रहे हैं। उन्होंने इस दिशा में डिस्कॉम्स प्रबंधन द्वारा किए जा रहे प्रयासों को भी सराहा। डिस्कॉम्स चेयरमैन सुश्री आरती डोगरा ने ऊर्जा मंत्री को कुसुम योजना तथा बेहतर विद्युत आपूर्ति के लिए किए जा रहे प्रयासों से अवगत कराया। इस अवसर पर जयपुर डिस्कॉम के तकनीकी निदेशक, मुख्य लेखा नियंत्रक, जोनल मुख्य अभियंता, सर्किल के अधीक्षण अभियंता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

मुल्जिम-इल्जाम और इत्तिला जैसे शब्दों का नहीं होगा इस्तेमाल, राजस्थान-पुलिस की बदलेगी भाषा

जयपुर। राजस्थान की भाजपा सरकार प्रदेश में प्रयोग में लिए जा रहे उर्दू शब्दों को हिंदी से बदलने जा रही है। प्रदेश सरकार के गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम के निर्देश पर पुलिस मुख्यालय ने काम करना शुरू कर दिया है। दरअसल, राजस्थान में पुलिस की शब्दावली में ज्यादा उर्दू शब्दों का उपयोग होता है। पुलिस की रपट और एफआईआर में उर्दू का सबसे ज्यादा उपयोग होता है। इनमें मामला, फर्द, मुल्जिम, इल्जाम, इत्तिला के हिंदी विकल्पों की जानकारी जुटाई जा रही है। डीजीपी ने एडीजी ट्रेनिंग को भेजा सरकार का पत्र जवाहर सिंह बेढम के पत्र के बाद पुलिस मुख्यालय ने ऐसे शब्दों और उनके हिंदी विकल्पों के बारे में जानकारी मांगने की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) यू आर साहू ने पिछले महीने अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण) को पत्र लिखकर उन उर्दू शब्दों का ब्योरा जुटाने को कहा था जो पुलिस के कामकाज में आमतौर पर इस्तेमाल हो रहे हैं। मंत्री का निर्देश पर डीजीपी ने पत्र लिख रिपोर्ट बनाने को कहा उन्होंने निर्देश दिया था कि वे पता लगाएं कि पुलिसिंग में उर्दू के कौन-कौन से शब्द इस्तेमाल हो रहे हैं और उनकी जगह कौन से हिंदी शब्द उपयुक्त हो सकते हैं।

प्रदेश अध्यक्ष ने नशा मुक्ति और रोजगार को बताया मुद्दा, राजस्थान-कांग्रेस युवा मोर्चा 21 को करेगा प्रदेशव्यापी आंदोलन

जयपुर। कांग्रेस युवा मोर्चा द्वारा 21 दिसंबर 2024 को प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष अभिमन्यु पूनिया ने बताया कि इस आंदोलन में प्रदेश भर से युवा कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल होंगे और मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। आंदोलन का उद्देश्य नशा मुक्ति और युवाओं को रोजगार के लिए सरकार पर दबाव बनाना है। अभिमन्यु पूनिया ने कहा कि राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में नशे की तस्करी बढ़ रही है, जिसे रोकने के लिए सरकार को सख्त कदम उठाने होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अपराधियों के घरों की पहचान कर उन पर बुलडोजर चलाना चाहिए। सरकार की बुलडोजर नीति पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि वह इसका समर्थन करते हैं और सरकार द्वारा इस दिशा में कार्रवाई का स्वागत करेंगे। डॉ. भीमराव अंबेडकर को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर पूनिया ने कहा कि यह बयान लोकसभा में दर्ज हो चुका है, जिससे पीछे नहीं हट सकते। उन्होंने गृह मंत्री से पूरे देश से माफी मांगने की मांग की और कहा कि ऐसा न होने पर कांग्रेस सड़कों पर उतरकर विरोध करेगी। सचिन पायलट को लेकर पूनिया ने कहा कि वह कांग्रेस के बड़े नेता हैं और राहुल गांधी के बाद अगर कोई नेता जनता के बीच लोकप्रिय हैं तो वह सचिन पायलट हैं। उन्होंने कहा कि समय का चक्र पूरा हो चुका है और अब कांग्रेस में सचिन पायलट के नेतृत्व का दौर वापस आ चुका है।

आंदोलन की सुगबुगाहट, राजस्थान-नरेश मीणा को लेकर एजेंसियां सक्रिय

जयपुर। देवली-उनियारा से निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले नरेश मीणा को लेकर इलाके में लगातार बढ़ रहे जनसमर्थन ने एजेंसियों को चौंकन्ना कर दिया है। हालांकि इस बारे में कोई आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है लेकिन चर्चा है कि 29 दिसंबर को जयपुर में नरेश के समर्थन में बड़ा आंदोलन शुरू करने की तैयारी है। एजेंसियों की रिपोर्ट ने सरकार के कान खड़े कर दिए हैं। निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा की रिहाई के लिए जयपुर में बड़े आंदोलन की तैयारी की जा रही है। इसके लिए देवली-उनियारा में महापंचायत भी बुलाई गई। हालांकि मीडिया में इसे लेकर कोई बयानबाजी नहीं की जा रही है लेकिन नरेश मीणा के समर्थक कह रहे हैं कि 29 दिसंबर को जयपुर कूच कर बड़ा आंदोलन किया जा सकता है, इसकी तैयारियां भी चल रही हैं। इसके अलावा टोंक में हाईवे जाम करने की भी तैयारी की जा रही है। गौरतलब है कि नरेश मीणा समर्थकों ने 8 दिसंबर तक नरेश को रिहा करने का अल्टीमेटम दिया था। हालांकि 17 दिसंबर को उनकी जमानत पर फैसला होना था लेकिन कोर्ट ने तारीख आगे बढ़ा दी। अब नरेश के समर्थक चेतावनी दे रहे हैं कि नरेश मीणा के साथ इंसाफ नहीं हुआ तो जल्द ही राजस्थान में बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिसकी सारी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल भी नरेश मीणा प्रकरण को लेकर पूरी तरह सक्रिय हैं और महापंचायत में भी वे मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए थे।जानकारी के अनुसार मंगलवार 17 दिसंबर को टोंक जिला एवं सेशन कोर्ट में नरेश मीणा का जमानत याचिका पर सुनवाई होनी थी लेकिन केस डायरी नहीं पहुंचने के कारण नरेश मीणा सहित समरावता हिंसा के 18 अन्य आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई 23 दिसंबर के लिए टल गई।

किसानों को भरना होगा 1.5 प्रतिशत प्रीमियम, राजस्थान-रबी फसलों का 31 दिसम्बर तक कराएं बीमा

जयपुर। राज्य सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार राज्य के किसान 31 दिसम्बर तक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत रबी फसलों का बीमा करवा सकते हैं। योजना में फसली ऋण लेने वाले कृषक, गैर ऋणी कृषक एवं बंटाईदार कृषकों द्वारा फसलों का बीमा करवाया जा सकता है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में फसल बीमा करवाया जाना स्वैच्छिक है, किन्तु ऋणी कृषक जो फसल बीमा नहीं कराना चाहते हैं, वे 24 दिसम्बर तक सम्बन्धित बैंक व वित्तीय संस्था को लिखित में सूचना देकर इस योजना से बाहर हो सकते हैं। जिन किसानों ने 31 दिसम्बर तक किसी भी वित्तीय संस्थाओं से अल्पकालीन फसली ऋण स्वीकृत करवाया है, उन किसानों का बीमा सम्बन्धित बैंक या सहकारी समिति के माध्यम से किया जायेगा। जिन किसानों ने ऋण नहीं ले रखा है, वे किसान नजदीकी सीएससी (सिटीजन सर्विस सेंटर) या किसी बैंक के माध्यम से फसलों का बीमा करवा सकते हैं। गैर ऋणी किसान भूमि की नवीनतम जमाबंदी, बैंक पासबुक, आधार कार्ड सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज ले जाकर फसलों का बीमा करवा सकते हैं। फसलों का बीमा करवाने पर बुआई से लेकर कटाई तक विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं से फसलों में होने वाले नुकसान की भरपाई की जाती है। रबी फसलों का बीमा करवाने के लिए किसानों को कुल बीमित राशि का 1.5 प्रतिशत प्रीमियम राशि जमा करानी होगी। तथापि वाणिज्यिक फसलों के लिए कृषक प्रीमियम 5 प्रतिशत निर्धारित है। इस दिशा में जागरूकता फैलाने के लिए  कृषकों को व्हाट्सअप ग्रुप, फेसबुक, किसान गोष्ठी और रात्रि चौपाल आयोजित करवाकर फसल बीमा योजना की जानकारी दी जा रही है। योजना के क्रियान्वयन हेतु राज्य के पूर्व 33 जिलों के आधार पर भरतपुर, चूरू, राजसंमद, जालौर, डूंगरपुर, टोंक व करौली में रिलायन्स जनरल इंन्श्योरेन्स कम्पनी लिमिटेड, श्रीगंगानगर, अलवर और बूंदी में क्षेमा जनरल इन्श्योरेन्स लिमिटेड तथा हनुमानगढ, धौलपुर, कोटा, बीकानेर, सिरोही, सवाईमाधोपुर, बांसवाडा, जैसलमेर, झुन्झूनु, अजमेर, उदयपुर, नागौर, भीलवाडा, प्रतापगढ, जोधपुर, दौसा, बांरा, बाडमेर, सीकर, चित्तौडगढ, झालावाड, पाली और जयपुर में एग्रीकल्चर इन्श्योरेन्स कम्पनी ऑफ इण्डिया लिमिटेड को अधिकृत किया गया है।

हर दिन 50 हजार श्रद्धालु जाएंगे प्रयागराज, राजस्थान-10 शहरों से चलेंगी महाकुंभ स्पेशल ट्रेन

जयपुर। राजस्थान के तीर्थ यात्रियों को महाकुंभ तक लेकर जाने के लिए रेलवे की तैयारी जोरों पर है। रेलवे बोर्ड ने राजस्थान के जयपुर, अजमेर, उदयपुर, जोधपुर, बीकानेर, कोटा सहित 10 शहरों से स्पेशल ट्रेन चलाने का प्रस्ताव तैयार किया है। अनुमान है कि महाकुंभ में करीब 50 हजार यात्री हर रोज राजस्थान से प्रयागराज पहुंच सकते हैं। ये ट्रेन जनवरी से संचालित की जाएंगी और सभी ट्रेनों के 4 से 10 ट्रिप होंगे। रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव के निर्देश पर उत्तर-पश्चिम सहित विभिन्न जोनल रेलवे के ऑपरेटिंग, कॉमर्शियल और मैकेनिकल विभाग ने बैठकें शुरू कर दी हैं। वहीं रेलवे बोर्ड को कुंभ स्पेशल ट्रेनों के लिए प्रस्ताव भेजने शुरू कर दिए हैं। उत्तर-पश्चिम रेलवे ने दो स्पेशल ट्रेन का प्रस्ताव भेजा है, जिसे सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। बस इसकी आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है। 10 ट्रेन वाया जयपुर रेलवे के ट्रेन ऑपरेशन एक्सपर्ट आशीष पुरोहित के अनुसार उत्तर-पश्चिम रेलवे ने पहली ट्रेन उदयपुर-धनबाद वाया जयपुर-बांदीकुई-भरतपुर-आगरा और दूसरी ट्रेन बाड़मेर-बरौनी वाया जोधपुर-जयपुर-बांदीकुई-आगरा चलाने का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा है। ये दोनों ट्रेनें 4-4 ट्रिप में चलेंगी और इन्हें जनवरी में संचालित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वेस्टर्न रेलवे ने भी जिन ट्रेनों का प्रस्ताव भेजा है, उनमें से करीब 10 ट्रेन वाया जयपुर चलाई जाएंगी। इनमें साबरमती-बनारस, राजकोट-बनारस, भावनगर-बनारस, वेरावल-बनारस सहित अन्य ट्रेन शामिल हैं। वहीं नॉर्थ सेंट्रल रेलवे की भी करीब 5 ट्रेन वाया जयपुर संचालित होंगी। सभी ट्रेनों की 4 से 10 ट्रिप जनवरी में चलाई जाएंगी। कई नेता अपनी बसें भी लेकर जाएंगे रेलवे के अलावा स्थानीय स्तर पर भी महाकुंभ में लोगों को लेकर जाने की तैयारी की जा रही है। कई राजनेता अपनी विधानसभा व लोकसभा से श्रद्धालुओं को अपने खर्च और संसाधन से महाकुंभ लेकर जा रहे हैं। हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य भी कुंभ में अपने क्षेत्र के श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था करवा रहे हैं।

सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग ने लगाई ‘एक वर्ष परिणाम उत्कर्ष’ प्रदर्शनी, राजस्थान-ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी ने बढ़ाया आकर्षण

जयपुर। राइजिंग राजस्थान ग्लोबल समिट का आयोजन हाल ही में किस उद्देश्य से किया गया ? पीकेसी (संशोधित ईआरसीपी) योजना के लिए राजस्थान सरकार ने किस प्रदेश के साथ एमओयू किया है ? अवनी लेखरा किस खेल से संबंधित हैं ? ऐसे ही प्रश्नों का सही जवाब देकर रविवार को बड़ी संख्या में लोगों विशेषकर युवाओं ने आकर्षक प्राइज जीते। मौका था राज्य सरकार की एक साल की उपलब्धियों पर सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा जवाहर कला केन्द्र में आयोजित की जा रही तीन दिवसीय ‘एक वर्ष परिणाम उत्कर्ष ‘राज्य स्तरीय प्रदर्शनी, जो रविवार से प्रारंभ हुई। प्रदर्शनी के प्रथम दिन  सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा संचालित की जा रही ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी chillax के माध्यम से सरकार की योजनाओं एवं उपलब्धियों पर पूछे जा रहे ऐसे सवाल दर्शकों के आकर्षण का केन्द्र रहे। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने इस प्रदर्शनी का शुभारम्भ किया। उन्होंने प्रदर्शनी में विभिन्न विभागों के 23 स्टॉल्स का अवलोकन किया एवं सरकार की उपलब्धियों को आमजन तक पहुंचाने के लिए सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के इस प्रयास की सराहना की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री प्रेम चंद बैरवा, विधि एवं विधिक कार्य मंत्री श्री जोगाराम पटेल, नगरीय विकास मंत्री (स्वतन्त्र प्रभार) श्री झाबर सिंह खर्रा एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री अविनाश गहलोत ने भी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। सूचना एवं जनसम्पर्क आयुक्त डॉ. वी. पी. सिंह ने बताया कि इस प्रदर्शनी में राज्य सरकार की योजनाओं पर आधारित इंटर एक्टिव पैनल क्विज एवं पजल्स, लाइव मॉडल, वीडियो फिल्म्स, वीडियो वॉल आदि का प्रभावी संयोजन कर राज्य सरकार की उपलब्धियों को सुरूचिपूर्ण तरीके से प्रदर्शित किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी 17 दिसम्बर तक प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से शाम 8 बजे तक आमजन के लिए  खुली रहेगी। प्रदर्शनी में प्रतिदिन देश-प्रदेश के जाने-माने कलाकारों द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी जाएंगी। इन प्रमुख विभागों की सहभागिता— सूचना एवं जनसम्पर्क आयुक्त ने बताया कि प्रदर्शनी में प्रमुख रूप से सूचना एवं जनसम्पर्क, कृषि एवं उद्यानिकी, पशुपालन, जल संसाधन, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, ऊर्जा, उद्योग एवं वाणिज्य, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज, नगरीय विकास, स्वायत्तशासन, सूचना प्रौद्योगिकी, शिक्षा, वन, सार्वजनिक निर्माण, गृह, परिवहन, महिला एवं बाल विकास, पर्यटन सहित अन्य विभागों की सहभागिता से सरकार की एक साल की उपलब्धियों को समाहित किया गया है। सभी विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी अपनी स्टॉल पर मौजूद रहे। प्रदर्शनी में सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा सुजस कॉर्नर के माध्यम से प्रचार साहित्य का वितरण भी किया जा रहा है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं में दिखा उत्साह— प्रथम दिन बड़ी संख्या में युवा प्रदर्शनी को देखने पहुंचे। ऐसे कई युवाओं ने बताया कि सामान्य जानकारी बढ़ाने के लिए यह प्रदर्शनी काफी उपयोगी है। प्रदर्शनी में विभिन्न विभागों द्वारा वितरित किया जा रहा  साहित्य उनके लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए काफी उपयोगी रहता है। प्रदर्शनी में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी मनोयोग से साहित्य तथा डिस्प्ले पैनल का अवलोकन करते दिखाई दिए। सांस्कृतिक संध्या में आदिवासी घहरा पद दंगल समूह द्वारा पद दंगल गायन,सरदारशहर के  प्रेमचंद एवं समूह द्वारा ढोल थाली नृत्य एवं किशनगढ़ के लोक कलाकारों ने चरी नृत्य प्रस्तुत किया।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दी योजनाओं की सौगात, राजस्थान-सरकार की प्रथम वर्षगांठ पर अंत्योदय सेवा शिविर आयोजित

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार के कार्यकाल का पहला वर्ष उपलब्धियों भरा रहा है। हमारी सरकार ने पहले साल में ही प्रदेशवासियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में सफलता पाई है और आने वाले चार वर्षों में हम प्रदेशवासियों से आपणो अग्रणी राजस्थान संकल्प पत्र में किए गए हर वादे को पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार हर साल अपने काम का हिसाब भी आमजन के बीच रखेगी। शर्मा रविवार को जयपुर की पिंजरापोल गौशाला में आयोजित अंत्योदय सेवा शिविर समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक साल पहले हमारी सरकार ने राजस्थान की जनता की सेवा करने की शपथ ली थी। जब हमने यह शपथ ली उससे पहले प्रदेश में महिलाओं के लिए असुरक्षा का माहौल था, युवा पेपरलीक की मार झेल रहे थे, जल जीवन मिशन का कार्य ठप्प पड़ा था और गरीब भ्रष्टाचार और शोषण के दलदल में फंसा था। उन्होंने कहा कि हमने पिछले एक साल में प्रदेश की जनता को इन समस्याओं से बाहर निकालने के लिए सार्थक प्रयास किए हैं। युवाओं को रोजगार दिया, महिलाओं के लिए सुरक्षा सुनिश्चित की, किसानों को संबल दिया और गरीब को सामाजिक न्याय देकर सशक्त करने का काम किया। इस एक वर्ष में हमारी सरकार ने प्रदेश के विकास को एक नई दिशा देने का प्रयास किया है। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि यह शिविर केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि अंत्योदय की दिशा में हमारे दृढ़ संकल्प और समाज के जरूरतमंद वर्गों को संबल देने का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि अंत्योदय का सिद्धांत पं. दीनदयाल उपाध्याय द्वारा दिया गया जो हमारी सरकार के विकास कार्यों की प्रेरणा हैं। एक वर्ष में साढ़े पांच लाख से अधिक नए पेंशनर्स को जोड़ा— श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लगभग 90 लाख लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन दी जा रही है। हमारी सरकार ने एक वर्ष के कार्यकाल में साढ़े पांच लाख से अधिक नए पेंशनर्स को जोड़ा है। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन की न्यूनतम पेंशन राशि में बढ़ोत्तरी की है। अब 75 वर्ष से कम उम्र के सभी पेंशनर्स को 1,150 रुपए प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है। पालनहार योजना के तहत विभिन्न श्रेणी के बच्चों को 750 रुपये से लेकर 2 हजार 500 रुपये तक की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 32 हजार से अधिक नए पालनहारों को योजना से जोड़कर लाभान्वित किया है। मुख्यमंत्री स्वनिधि योजना का हुआ शुभारंभ— मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ‘मुख्यमंत्री स्वनिधि योजना’ का रिमोट से शुभारंभ किया। इसके तहत राज्य के शहरी क्षेत्रों में जरूरतमंद एवं असहाय परिवार के असंगठित श्रमिकों के साथ भवन निर्माण श्रमिक, हस्तशिल्प श्रमिक, गिग वर्कर, ट्रांसपोर्ट वर्कर, केयर वर्कर, सफाई श्रमिक, घरेलू श्रमिक आदि को विशेष अल्पावधि ऋण उपलब्ध करवाकर आर्थिक संबल दिया जाएगा। इस योजना में लाभार्थी को बैंक द्वारा बिना किसी गारंटी अथवा प्रक्रिया शुल्क के 80 हजार तक का ऋण उपलब्ध करवाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत 2 लाभार्थियों को 50-50 हजार रुपये की ऋण राशि के चैक प्रदान किए। प्रदेशभर में आज 11 हजार 1 स्ट्रीट वेंडर्स को ऋण वितरित किया गया। मुख्यमंत्री आयुष्मान बाल संबल योजना की शुरूआत— श्री शर्मा ने मुख्यमंत्री आयुष्मान बाल संबल योजना का शुभारंभ भी किया। इस योजना में दुर्लभ बीमारी से पीड़ित 18 वर्ष तक के बच्चों को 50 लाख रुपए तक का उपचार उपलब्ध कराया जाएगा और उनकी देखभाल के लिए 5 हजार रुपए प्रतिमाह आर्थिक सहायता दी जाएगी। पहले चरण में जेके लोन अस्पताल और एम्स जोधपुर को इस योजना में इलाज के लिए अधिकृत किया गया है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने इस योजना के पोर्टल का अनावरण भी किया। मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना का शुभारंभ— मुख्यमंत्री ने आज मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना की भी शुरूआत की। इसके तहत लाभार्थी अंशदाताओं को मुख्यमंत्री वृद्धजन सम्मान पेंशन के अतिरिक्त 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर 3 हजार रुपये मासिक पेंशन दी जाएगी। जरूरतमंदों की मदद के लिए बनेंगे मुख्यमंत्री सद्भावना केन्द्र— उन्होंने मुख्यमंत्री सद्भावना केन्द्रों की स्थापना के कार्याें का भी आज से शुभारंभ किया। इन केन्द्रों पर नागरिक, संस्थान, वाणिज्यिक उद्यम आदि पहले उपयोग हो चुकी वस्तुएं जैसे कपड़े, जूते, किताबें, खिलौने, फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक सामान आदि जमा कर सकेंगे। जरूरतमंद व्यक्ति इन केंद्रों से अपनी आवश्यकतानुसार वांछित सामान प्राप्त कर सकेंगे। 31 जनवरी, 2025 तक लगेंगे आयुष्मान आरोग्य शिविर— श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेशभर में आज से प्रारंभ कर 31 जनवरी, 2025 तक मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य शिविरों का आयोजन किया जाएगा। प्रदेश के समस्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 813 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा 50 जिला चिकित्सालयों में 3 चरणों में ये शिविर आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने इस अवसर पर आयुष्मान आरोग्य शिविर की बुकलेट का भी विमोचन किया। लाभार्थियों को सहायता राशि का प्रत्यक्ष हस्तांतरण— मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 2 लाख 15 हजार पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के खातों में विभिन्न योजनाओं की 247.76 करोड़ रुपए की राशि का प्रत्यक्ष हस्तांतरण भी किया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत 2 महिलाओं को 30-30 हजार रुपये के प्रतीकात्मक चैक भेंट कर 5,001 परिवारों को आवास निर्माण के लिए प्रथम किस्त जारी की। इस योजना में 20 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की गई।

नगरीय क्षेत्रों का होगा नियोजित विकास: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, राजस्थान-भरतपुर एवं बीकानेर विकास प्राधिकरण के गठन की अधिसूचना जारी

जयपुर। राज्य सरकार प्रदेश के बड़ी आबादी वाले नगरीय क्षेत्रों में सुव्यवस्थित एवं नियोजित विकास के लिए निरंतर महत्वपूर्ण फैसले ले रही है। इसी कड़ी में शहरी विकास एवं आवासन विभाग ने रविवार को भरतपुर एवं बीकानेर में विकास प्राधिकरण के गठन की अधिसूचना जारी की है। ये अधिसूचनाएं भरतपुर विकास प्राधिकरण अध्यादेश-2024 (वर्ष 2024 का अध्यादेश संख्या-2) एवं बीकानेर विकास प्राधिकरण अध्यादेश-2024 (वर्ष 2024 का अध्यादेश संख्या-3) द्वारा प्रदत्त शक्तियों के क्रम में राज्य सरकार द्वारा जारी की गई हैं। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने अधिसूचना जारी होने पर कहा कि भरतपुर व बीकानेर प्रमुख शहरों के रूप में उभर रहे हैं। इससे इन शहरों में आबादी का दबाव बढ़ा है। इन नगरीय क्षेत्रों में प्राधिकरणों का गठन होने से यहां विकास के नए आयाम स्थापित होंगे। इससे आमजन के लिए आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता के साथ ही चहुंमुखी विकास सुनिश्चित हो सकेगा। उल्लेखनीय है कि 30 नवम्बर 2024 को मंत्रिमंडल की बैठक में भरतपुर एवं बीकानेर में विकास प्राधिकरण के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई थी। बीकानेर विकास प्राधिकरण में नगर विकास न्यास बीकानेर के वर्तमान क्षेत्र के अलावा नापासर व देशनोक तथा आस-पास के 185 गांव एवं भरतपुर विकास प्राधिकरण में नगर विकास न्यास भरतपुर के वर्तमान क्षेत्र के साथ-साथ 209 गांव शामिल किए जाएंगे।

मेधावी छात्राओं को 89 तथा दिव्यांगों को 24 स्कूटी का वितरण, राजस्थान-गृह राज्य मंत्री ने अंत्योदय सेवा शिविर में सौंपी चाबी

जयपुर। राज्य सरकार के एक वर्ष पूरा होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों की श्रंखला में आयोजित राज्य स्तरीय अंत्योदय सेवा शिविर कार्यक्रम का लाइव प्रसारण रविवार को खैरथल—तिजारा जिले में किया गया। कार्यक्रम में गृह राज्य मंत्री श्री जवाहर सिंह बेढ़म ने खैरथल-तिजारा जिले में प्रतीकात्मक रूप से मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के चार दिव्यांगों को स्कूटी, 20 दिव्यांगों को ट्राई साइकिल, पांच दिव्यांगों को व्हीलचेयर, कालीबाई भील स्कूटी योजना के तहत पांच मेधावी छात्राओं को स्कूटी देकर वितरण की शुरुआत की। इसके साथ ही पांच लाभार्थियों को सोलर इलेक्ट्रिक कुकिंग सिस्टम, तीन दिव्यांगों को मुख्यमंत्री विशेष योग्यजन सम्मान पेंशन योजना के तहत स्वीकृति पत्र, एक लाभार्थी को मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत अनुदान राशि का चेक, पीएम विश्वकर्म योजना के 6, पीएम स्वनिधि योजना के तीन लाभार्थी, पीएम आवास योजना के तीन लाभार्थी को चेक दिए गए। कार्यक्रम के दौरान पुलिस साइबर सेल द्वारा बरामद 40 मोबाइल  वापस किए गए। जिला स्तरीय विकास प्रदर्शनी का अवलोकन करने के दौरान उन्होंने जिले में हुए विकास कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों की स्टॉल्स पर उत्पादों की जानकारी भी ली। वहीं राजीविका की स्टॉल पर गृह राज्य मंत्री ने हाथ से बनाई जूतियों की प्रशंसा करते हुए स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का हौसला बढ़ाया। इसके बाद उन्होंने जिला विकास पुस्तिका का लोकार्पण कर प्रेस कांफ्रेंस में मीडिया से मुखातिब होते हुए राज्य सरकार एवं जिले की उपलब्धियां बताईं। उन्होंने इस दौरान मीडियाकर्मियों के सवालों के जवाब भी दिए। आयोजित अंत्योदय सेवा शिविर को संबोधित करते हुए गृह राज्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश की अर्थव्यवस्था अब 15 लाख करोड़ रुपए की हो चुकी है, जिसे अब 30 लाख करोड़ यानी दोगुनी करने पर तेजी से काम किया जा रहा है।  श्री बैढ़म ने अपील करते हुए कहा कि नए राजस्थान के नवनिर्माण में सभी अपना योगदान देवें। मंत्री बैढ़म ने पीएम सूर्य घर योजना का लाभ लेने की अपील करते हुए इसके बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के लिए कार्य कर रही है। मंत्री बैढ़म ने कहा कि पिछले एक वर्ष में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान ग्रोथ रेट में पूरे देश में दूसरे स्थान पर पहुंच चुका है। बैढ़म ने जानकारी दी कि जनवरी 2024 से दिसंबर 2024 तक प्रदेश में अपराधों में 7.5 फीसदी एवं महिला अपराधों में 10.5 फीसदी की कमी आई है। उन्होंने रोजगार के क्षेत्र में राज्य सरकार के प्रयासों को बताते हुए कहा कि पिछले 1 वर्ष में 15338 से अधिक सरकारी नियुक्तियां दी गई हैं, वहीं हाल ही में 83934 हजार पदों पर वैकेंसीज जारी की गई हैं। उन्होंने जिले में हुए राइजिंग राजस्थान के तहत हुए एमओयू व विभिन्न विकास कार्यों की भी जानकारी दी। गोपालन मंत्री ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार के सुशासन के बारे में बताते हुए कहा कि गत बजट घोषणा के 60 फीसदी से अधिक कार्य पूरे कर लिए गए हैं, शेष पर भी तीव्र गति से काम जारी है, जो मार्च 2025 तक पूरे कर लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने जो वादे किए थे, उन्हें पूरे किये हैं। आगामी 4 सालों में भी जिले के विकास में कोई कसर नहीं रखी जाएगी। कार्यक्रम में विधायक तिजारा महंत श्री बालक नाथ योगी, जिला कलेक्टर किशोर कुमार, पुलिस अधीक्षक खैरथल मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक भिवाड़ी ज्येष्ठा मैत्रेयी सहित अनेक जनप्रतिनिधि नागरिकगण दूर दराज से आए सैकड़ो अंत्योदय लाभार्थी शामिल हुए।

पिता और बेटों संग भरतपुर पहुंचे, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने श्रीनाथ जी मंदिर में की पूजा-अर्चना

भरतपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को भरतपुर के प्रसिद्ध श्रीनाथ जी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उनके साथ उनके पिता और दोनों बेटे भी मंदिर पहुंचे, जहां पूरे विधि-विधान से पूजा संपन्न हुई। मुख्यमंत्री के इस धार्मिक दौरे में गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म और डीग-कुम्हेर विधायक डॉक्टर शैलेश सिंह भी उपस्थित रहे। इस दौरान मंदिर प्रबंधन ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। पूजा के बाद मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर का भ्रमण किया और स्थानीय पुजारियों से आशीर्वाद लिया। जनता का उत्साह और स्वागत : मुख्यमंत्री के मंदिर दौरे की खबर से स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में काफी उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोग मंदिर परिसर में एकत्रित हुए और मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने जनता से संवाद करते हुए प्रदेश के विकास और धार्मिक स्थलों के संरक्षण की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। धार्मिक स्थलों के विकास पर जोर : पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश के धार्मिक स्थलों के विकास और उनके सौंदर्यीकरण के लिए विशेष योजनाएं बनाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि राज्य के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के स्थलों को संरक्षित किया जाए और उन्हें पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। मुख्यमंत्री के साथ गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म, डीग-कुम्हेर विधायक डॉक्टर शैलेश सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री का यह दौरा धार्मिक आस्था से जुड़ा होने के साथ-साथ जनता के बीच विश्वास और संवाद का प्रतीक भी रहा। पूजा-अर्चना के इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के लिए सुख-समृद्धि और विकास की कामना की।

‘समृद्ध किसान तो विकसित होगा राजस्थान’, राजस्थान-मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पहुंचे सरकार की पहली वर्षगांठ पर किसान सम्मेलन में

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारा अन्नदाता किसान धरती माता का सच्चा सपूत है। जब किसान खुशहाल समृद्ध होगा तभी विकसित राजस्थान का सपना साकार होगा। हमारी सरकार किसान-पशुपालक के कल्याण के लिए कृतसंकल्पित होकर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के एक साल पूरे होने के उपलक्ष्य में प्रदेश के किसानों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए हमने आज किसान सम्मेलन आयोजित किया है। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि जब भी किसानों के हित की बात आएगी, राज्य सरकार सदैव आपके साथ खड़ी मिलेगी। मुख्यमंत्री श्री शर्मा राज्य सरकार की पहली वर्षगांठ के उपलक्ष्य पर ‘निभाई जिम्मेदारी-हर घर खुशहाली’ की थीम पर आयोजित हो रहे कार्यक्रमों के क्रम में शुक्रवार को अजमेर में आयोजित राज्यस्तरीय किसान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मैं खुद एक किसान परिवार में जन्मा हूं। मैंने हल चलाया है और खेती का सारा काम किया है। मैं किसानों के दर्द को भली भांति समझता हूं। इसीलिए हमारी सरकार ने वर्ष 2027 तक किसानों को दिन में बिजली देने का लक्ष्य तय किया है। प्रधानमंत्री के लिए किसानों का हित सबसे पहली प्राथमिकता— श्री शर्मा ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लिए किसानों का हित सबसे पहली प्राथमिकता है। उनके मन में किसानों का भला करने की अद्भुत इच्छाशक्ति और संकल्प है। प्रधानमंत्री ने महान किसान नेता चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न से सम्मानित किया है, जो ये दर्शाता है कि वे किसानों के प्रति कितना सम्मान रखते हैं। श्री शर्मा ने किसानों को किसान दिवस (23 दिसम्बर) की बधाई देते हुए पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी ने ही किसान दिवस मनाने की शुरुआत की थी। ईआरसीपी-ताजेवाला से किसानों को मिलेगा पर्याप्त पानी — मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान की पीड़ा और आकांक्षाओं को समझते हुए पिछले एक साल में राज्य सरकार ने किसान हित में अनेक फैसले लिए हैं। हमने ईआरसीपी परियोजना का एमओयू कर इस पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। शेखावाटी क्षेत्र में भी पानी की कमी को पूरा करने के लिए ताजेवाला से यमुना का पानी लाने के लिए लंबे समय से लंबित एमओयू पर भी हस्ताक्षर किए हैं। हमारी सरकार अनेक अन्य महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं पर एक साथ काम कर रही है। जिससे राज्य के किसानों की पैदावार बढ़ सके। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही धौलपुर लिफ्ट परियोजना का भी शुभारंभ किया जाएगा। साथ ही, भूजल के रीचार्ज के लिए प्रवासी राजस्थानी के सहयोग से भी एक नए कार्यक्रम ‘कर्मभूमि से मातृभूमि’ की शुरुआत की जा रही है। किसान के सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार ले रही लगातार निर्णय— श्री शर्मा ने कहा कि राइजिंग समिट के दौरान कृषि क्षेत्र में 58 हजार करोड़ रुपये निवेश के ढाई हजार से अधिक एमओयू किए हैं। हमारी सरकार द्वारा 30 लाख किसानों को 20 हजार करोड़ रूपये का अल्पकालीन फसली ऋण का वितरण, 8 लाख मृदा स्वास्थ्य कार्ड, 26 हजार सोलर संयंत्रों की स्थापना, 31 स्थानों पर फूड पार्क के लिए भूमि आवंटन, 536 मोबाइल पशु चिकित्सा वाहन, गेहूं, मूंग, मूंगफली तथा सरसों की समर्थन मूल्य पर खरीद, पीएम किसान समृद्धि केन्द्र की स्थापना जैसे निर्णय किए गए हैं। जिससे खुशहाल किसान, समृद्ध किसान के संकल्प को पूरा किया जा सकेगा। विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने चार जातियां बताई हैं, जो कि गरीब, किसान, युवा और महिला है। राज्य सरकार प्रदेश के किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि अन्नदाता बदलते समय के साथ खेती-किसानी में नवीन तकनीक को अपनाएं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में श्रीअन्न को बढ़ावा देने की अभिनव पहल की गई है, श्रीअन्न के तहत आने वाली मोटे अनाज की फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने में राजस्थान आगे है। उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राइजिंग —राजस्थान का सफल आयोजन हुआ है, जिसमें 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू हुए हैं। अजमेर जिले में भी विकास को गति प्रदान करने के लिए 14000 हजार करोड़ रुपये के एमओयू साइन किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एक-एक कर सभी संकल्पों को पूरा कर रही है। बजट घोषणाएं भी धरातल पर साकार हो रही हैं। जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री के दूरदर्शी विजन और प्रदेश के आमजन एवं किसानों की खुशहाली के लिए किए जा रहे प्रयासों से ईआरसीपी योजना एवं अन्य महत्वपूर्ण जल योजनाएं साकार होने जा रही है। किसान आयोग अध्यक्ष श्री सी.आर. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने राजस्थान के किसानों का सम्मान बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि की सौगात दी है। किसानों की पानी और बिजली की जरूरत को पूरा करने के लिए मजबूत फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री ने किसान कल्याणकारी योजनाओं में किसानों को दिया आर्थिक संबल— कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 70 लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों में मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि की दूसरी किश्त के रूप में 700 करोड़ से अधिक की राशि का सीधा हस्तान्तरण किया। वहीं, 15 हजार 983 किसानों को ड्रिप/फव्वारा संयंत्रों के लिए 29 करोड़ रूपये से अधिक, 14 हजार 200 से अधिक किसानों को फार्म पौण्ड, पाइपलाइन, तारबन्दी, डिग्गी निर्माण, कृषि यंत्र, जैविक खाद सहित विभिन्न कार्यों के लिए 96 करोड़ से अधिक की राशि व 8 हजार सोलर पंप स्थापना संवेदन के 80 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की। शर्मा ने प्रदेश के 3 लाख 25 हजार पशुपालकों को 5 रूपए प्रति लीटर के आधार पर 200 करोड़ रूपए की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की गई। साथ ही, कृषि शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कृषि संकाय में अध्ययनरत 10 हजार 500 छात्राओं को 22 करोड़ रूपए प्रोत्साहन राशि का डीबीटी भी किया गया। उन्होंने केन्द्रीय प्रवर्तित ‘आत्मा’ योजना के तहत खेती में नवाचार कर रहे 10 प्रगतिशील किसानों का सम्मान किया। किसान कल्याणकारी नई योजनाओं का हुआ शुभारंभ मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना, ऊँट संरक्षण एवं विकास मिशन व 100 गौशालाओं में गौ काष्ठ मशीन उपलब्ध करवाने के कार्य का शुभारम्भ किया। उन्होंने 200 नए बल्क मिल्क कूलर्स, 1000 … Read more

सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारियों और कर्मचारियों का चेकअप, राजस्थान-आयुष मंत्रालय का प्रकृति परीक्षण अभियान शुरू

जयपुर। भारत सरकार आयुष मंत्रालय और राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय, प्रतापनगर जयपुर के संयुक्त तत्वाधान में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के निदेशक श्री विजय पाल सिंह सहित समस्त अधिकारियों और कर्मचारियों का शुक्रवार को “प्रकृति परीक्षण” गमोबाइल ऐप के जरिए स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। आयुष मंत्रालय द्वारा यह पहल आयुर्वेदिक सिद्धांतों के आधार पर आमजन की प्रकृति का निर्धारण करने और उनके स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए की जा रही है। सचिवालय परिसर में कार्यरत वरिष्ठ चिकित्साधिकारी प्रभारी वैद्य राजेश शर्मा ने बताया कि समस्त अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रकृति परीक्षण नोडल अधिकारी डॉ. कामिनी कौशल के नेतृत्व में डॉ. मीना मीनू व उनकी टीम के द्वारा किया गया। उन्होंने बताया कि प्रकृति परीक्षण एक समग्र सर्वेक्षण आधारित मोबाइल एप्लीकेशन है जो उपयोगकर्ता को प्रारंभिक आयुर्वेद सिद्धांत के आधार पर प्रकृति निश्चित करने में मदद करता है। डॉ. शर्मा ने प्रकृति परीक्षण के दौरान हर व्यक्ति के त्रि दोषों (वात ,पित्त और कफ) का पता लगाकर उसके अनुसार खुद को स्वस्थ रखने के लिए दिनचर्या में छोटे-छोटे बदलाव लाकर स्वस्थ रहने के लिए मार्गदर्शन दिया। डॉ. शर्मा ने बताया कि प्रकृति परीक्षण एप्लीकेशन के माध्यम से हर व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य से संबंधित नई जानकारियां समय- समय पर मिलती रहेंगी और इस महत्वपूर्ण पहल से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का ” स्वस्थ जन, स्वस्थ राष्ट्र” का सपना जल्द पूरा हो सकेगा।

‘विकास के लक्ष्य पर तेजी से बढ़ रहा प्रदेश: मुख्यमंत्री’, राजस्थान-राज्य सरकार की पहली वर्षगांठ के कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार की पहली वर्षगांठ के उपलक्ष्य में सम्पूर्ण प्रदेश में 15 दिसम्बर एवं 17 दिसम्बर को विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर युवा, महिला, किसान, मजदूर सहित विभिन्न वर्गों को विकास कार्यों के लोकार्पण, शिलान्यास एवं योजनाओं का शुभारम्भ कर विशेष सौगातें दी जाएगी। शर्मा ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित समीक्षा बैठक में कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में ’रन फॉर विकसित राजस्थान’ का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने ‘रन फॉर विकसित राजस्थान’ के आयोजन में युवाओं की अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि 12 दिसम्बर को ही जोधपुर में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय मुख्यमंत्री रोजगार उत्सव एवं युवा सम्मेलन में 1 लाख नियुक्तियां एवं भर्ती की सौगात दी जाएगी। युवाओं को 1 लाख सरकारी नियुक्ति और भर्ती की सौगात 12 दिसम्बर को जोधपुर के मारवाड़ इंटरनेशनल सेंटर मे आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय मुख्यमंत्री रोजगार उत्सव एवं युवा सम्मेलन में मुख्यमंत्री श्री शर्मा प्रदेशभर में 15 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र वितरित करते हुए 85 हजार से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया की शुरूआत करेंगे। युवाओं के रोजगार के सपने को पूरा करने में ये नियुक्तियां एवं विज्ञप्तियां महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी और ‘सुराज संकल्प’ की दिशा में अहम कदम साबित होंगी। साथ ही, श्री शर्मा 4 हजार 10 स्कूलों में 8 हजार 20 स्मार्ट क्लास रूम, ई-पाठशाला एवं विद्या समीक्षा केन्द्र, लर्न, अर्न एण्ड प्रोग्रेस प्रोग्राम, राजस्थान टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना, स्पोर्टस लाइफ इंश्योरेंस स्कीम एवं बिजनेस इनोवेशन प्रोग्राम का शुभारम्भ करेंगे। इससे प्रदेश में अध्ययनरत विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा से जुड़ने के सुअवसर मिल सकेंगे। उत्सव के दौरान श्री शर्मा 155 स्टार्टअप को फंडिंग, 1 लाख 25 हजार छात्राओं को साइकिल, 75 हजार 325 विद्यार्थियों को व्यवसायिक टूल किट, 23 हजार 100 विद्यार्थियों को टैबलेट और 21 हजार बालिकाओं को स्कूटी भी वितरित करेंगे। किसानों को मिलेगी सम्मान निधि की दूसरी किस्त शर्मा ने कहा कि 13 दिसम्बर को अजमेर में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन के अंतर्गत मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि की दूसरी किस्त के साथ ही अन्य योजनाओं के तहत डीबीटी हस्तांतरण किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश के किसानों को कृषि में नवाचारों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। साथ ही, उन्होंने पशुपालकों के लिए गोपाल क्रेडिट कार्ड वितरण सहित कृषि कल्याण की अन्य योजनाओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। महिला सम्मेलन में बनेगी 1 लाख लखपति दीदी मुख्यमंत्री ने 14 दिसम्बर को उदयपुर में आयोजित होने वाले महिला सम्मेलन के तहत 1 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने, 10 हजार स्वयं सहायता समूहों को रिवॉल्विंग फंड और कम्यूनिटी इन्वेस्टमेंट फंड से आर्थिक सहायता देने, स्वयं सहायता समूह सदस्यों को आर्थिक सम्बल देने के क्रम में राजसखी पोर्टल की शुरूआत करने, मुख्यमंत्री अमृत आहार योजना का शुभारंभ करने, लाड़ो प्रोत्साहन योजना अंतर्गत प्रथम किश्त का हस्तांतरण सहित विभिन्न योजनाओं की तैयारियों को लेकर समीक्षा की। साथ ही, उन्होंने श्रमिक कल्याण की दिशा में भवन एवं अन्य संनिर्माण से जुड़े श्रमिकों को राशि हस्तांतरण, स्कूटी वितरण, निःशक्तजनों को सहायक सामग्री व सहायता उपकरण उपलब्ध कराने संबंधी कार्यक्रमों की भी जानकारी ली। शर्मा ने 15 दिसम्बर को जयपुर में प्रस्तावित राज्य स्तरीय विकास प्रदर्शनी, प्रदेशभर में अन्त्योदय सेवा शिविर के कार्यक्रमों की भी समीक्षा की। उन्होंने 17 दिसम्बर को आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम में लोकार्पण एवं शिलान्यास किए जाने वाले विकास कार्यों, कार्यक्रम स्थल की व्यवस्थाओं, पार्किंग, पेयजल एवं बैठक व्यवस्था की जानकारी लेकर दिशा-निर्देश प्रदान किए। बैठक में संसदीय कार्य मंत्री श्री जोगाराम पटेल, मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत, पुलिस महानिदेशक श्री उत्कल रंजन साहू, अतिरिक्त मुख्य सचिव जल संसाधन श्री अभय कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त श्री अखिल अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) श्री शिखर अग्रवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता श्री कुलदीप रांका, अतिरिक्त मुख्य सचिव ग्रामीण विकास श्रीमती श्रेया गुहा, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह श्री आनंद कुमार, प्रमुख सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) श्री आलोक गुप्ता सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

27 फरवरी को होगी रीट की परीक्षा, राजस्थान-सरकार ने 56,720 पदों पर भर्ती का जारी किया नोटिफिकेशन

जयपुर. राजस्थान के बेरोजगार युवाओं के लिए खुशखबरी है। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने रीट 2024 27 फरवरी को कराने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया। वहीं राज्य सरकार ने 7 विभागों में 56,720 पदों पर भर्ती की घोषणा भी कर दी है। राजस्थान में रीट भर्ती परीक्षा का लंबे समय से इंतजार चल रहा था। करीब 25 से 30 लाख युवा इस परीक्षा में भाग लेते हैं। रीट के परिणाम के बाद राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से अध्यापक भर्ती की प्रक्रिया प्रारंभ होगी, इसके लिए रीट की पात्रता रखने वालों को आवेदन करना होगा। बोर्ड अध्यापक भर्ती परीक्षा का आयोजन करेगा। हालांकि पदों की स्थिति स्पष्ट नहीं है। 16 तक ऑनलाइन आवेदन – रीट के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 16 दिसंबर से प्रारंभ होगी, आवेदन की अंतिम तिथि 15 जनवरी है। रीट परीक्षा का आयोजन 27 फरवरी को दो पारियों में किया जाएगा। पहली पारी सुबह 10 बजे से 12:30 बजे तक होगी, दूसरी पारी अपराह्न 3 बजे से 5:30 बजे तक होगी। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि आवेदकों की संख्या अगर अधिक हुई तो परीक्षा केंद्रों की उपलब्धता को देखते हुए परीक्षा का आयोजन आगे की तिथियों में भी रखा जा सकता है। लेवल वन और टू के लिए 750 रुपए शुल्क – रीट लेवल वन के लिए शुल्क 550 रुपये, रीट लेवल टू के लिए शुल्क 550 रुपये और दोनों लेवल के लिए आवेदन करने पर शुल्क 750 रुपये रखा गया है। रीट का आयोजन दो साल बाद हो रहा है। पिछली बार रीट के प्रमाण पत्र की वैधता अवधि आजीवन कर दी गई थी लेकिन 6.69 लाख अभ्यर्थी रीट की पात्रता प्राप्त नहीं कर पाए थे। इस बार बीएड-डीएलएड विद्यार्थियों को मिलाकर 10 से 12 लाख आवेदन हो सकते हैं। भर्ती की जरूरी तारीखें — चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती : चयन बोर्ड की भर्ती में 52453 पद हैं। ऑनलाइन आवेदन 21 मार्च से, अंतिम तिथि 19 अप्रैल रहेगी। प्रहरी भर्ती : चयन बोर्ड की भर्ती में 803 पद हैं। आवेदन 24 दिसंबर से 22 जनवरी तक। अध्यापक भर्ती : राजस्थान लोक सेवा आयोग भर्ती कराएगा। कुल 2129 पद हैं। आवेदन 26 दिसंबर से 24 जनवरी तक। चिकित्सा शिक्षा विभाग : असिस्टेंट प्रोफेसर के ब्रॉड स्पेशियलिटी व सुपर स्पेशियलिटी के 329 पदों पर भर्ती। वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी भर्ती : 14 पदों के लिए 19 दिसंबर से 17 जनवरी तक ऑनलाइन आवेदन होंगे। ऊर्जा विभाग : विभिन्न संवर्गों में 487 पदों के लिए भर्ती। आवेदन संबंधित निर्देश अगले माह जारी होंगे। आरसीडीएफ : विभिन्न संवर्गों में 505 पदों पर भर्ती की जाएगी। आवेदन और संबंधित प्रक्रिया अगले माह शुरू होगी।

5 दिनों में और तीखे होंगे तेवर, राजस्थान में शीतलहर के कहर से सीकर-चूरू में जमी बर्फ

जयपुर. राजस्थान शीतलहर की चपेट में है। आज 11 जिलों में शीतलहर की चेतावनी जारी की गई है। इनमें जयपुर, कोटा, झुंझुनू, सीकर, चूरू, सिरोही, बीकानेर, हनुमानगढ़, नागौर और गंगानगर शामिल हैं। इनमें चुरू, गंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, सीकर, सिरोही, झुंझुनू में दिन में भी तेज शीतलहर  जारी रहने की चेतावनी दी गई है। इसी बीच प्रदेश में इस सप्ताह बारिश भी हो सकती है, जिससे तापमान में और ज्यादा गिरावट तथा कोहरे का प्रभाव बढ़ने की आशंका है। प्रदेश में न्यूनतम पारा तेजी से नीचे आ रहा है। राज्य में न्यूनतम तापमान 1.5 डिग्री से 10 डिग्री के बीच चल रहा है। सीकर, झुंझुनू, चुरू में पारा जमाव बिंदू के पास पहुंच गया है। बीते 24 घंटों में सीकर में न्यूनतम तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस, चूरू में 1.8 डिग्री सेल्सियस व झुंझुनू में 2.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार अगले 24 घंटों में प्रदेश के कई शहरों में पारा 2 डिग्री तक और गिरेगा। इसके साथ ही अगले 5 दिनों तक प्रदेश में जबरदस्त शीतलहर चलने की चेतावनी भी जारी की गई है। बीते 24 घंटों में प्रदेश का तापमान राज्य में सर्वााधिक अधिकतम तापमान बाड़मेर में 25 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं सर्वाधिक न्यूनतम तापमान 1.5 डिग्री सीकर में दर्ज किया गया है। बीते 24 घंटों में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की कमी आई है। प्रदेश के अन्य शहरों के अधिकतम व न्यूनतम तापमान की स्थिति इस प्रकार रही है। अजमेर में अधिकतम तापमान तापमान 22 व न्यूनतम 8.2 डिग्री रहा, भीलवाड़ा में अधिकतम तापमान तापमान 23.3 व न्यूनतम 5.6 डिग्री, अलवर में 20.2 व न्यूनतम 5.0 डिग्री, जयपुर में 22.8 व न्यूनतम 8 डिग्री सेल्सियस रहा, पिलानी का 22.7 व न्यूनतम 2.8 डिग्री, कोटा में 23 डिग्री व न्यूनतम 7.7 डिग्री, गंगानगर में अधिकतम 23.4 व न्यूनतम 5.2 डिग्री और संगरिया में अधिकतम 22.8 व न्यूनतम तापमान 2.5 डिग्री सेल्सियस रहा।

रीट बना कारण, राजस्थान-मार्च के पहले हफ्ते में हो सकती हैं बोर्ड की परीक्षाएं

अजमेर. अब राजस्थान बोर्ड ने दसवीं-बारहवीं की परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव किया है। इनकी तारीखें आगे बढ़ा दी गई है। अब मार्च के पहले हफ्ते में बोर्ड की परीक्षाएं हो सकती हैं। पूर्व में ये परीक्षाएं 20 फरवरी से शुरू होनी थीं। राजस्थान बोर्ड  रीट की परीक्षा का आयोजन 27 फरवरी को कर रहा है। इस वजह से बोर्ड की सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी की परीक्षाओं का कार्यक्रम आगे खिसका दिया गया है। बोर्ड सचिव कैलाश चन्द्र शर्मा ने बताया कि रीट के लिए बोर्ड को नोडल एजेंसी बनाया गया है। इसकी वजह से अब दो जिम्मेदारियां बोर्ड को निभाना है। सभी परीक्षाएं बेहतर ढंग से आयोजित हो सके। इस वजह से बोर्ड 10वीं और 12 वीं की परीक्षाओं को आगे बढ़ा रहा है। दोनों परीक्षाएं एक ही समय पर करवाना संभव नहीं है। दोनों ही परीक्षाओं में लाखों अभ्यर्थी शामिल होते हैं।  बोर्ड की सेकेंडरी  और सीनियर सेकेंडरी  की परीक्षा में करीब 20 लाख विद्यार्थियों ने आवेदन किया है। 5 से 10 मार्च के बीच शुरू होंगी परीक्षा बोर्ड की परीक्षा अब 5 से 10 मार्च के बीच शुरु हो सकती हैं।  फिलहाल बोर्ड ने  परीक्षा कार्यक्रम जारी नहीं किया  है। ये केवल संभावना है, जो बोर्ड सूत्र बता रहे हैं।  सीनियर सेकेंडरी  की प्रेक्टिकल परीक्षाएं जनवरी 2025 में ही शुरू करवाकर पूरी करवा ली जाएंगी। इस अवधि में रीट के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी रहने से बोर्ड को तैयारी करने में भी कोई खास परेशानी नहीं होगी। पूर्व में बोर्ड परीक्षा का यह था कार्यक्रम बोर्ड द्वारा पूर्व में सालाना मुख्य परीक्षा 20 फरवरी से प्रारम्भ करने का निर्णय लिया गया था। इसके तहत सीनियर सेकेंडरी एवं वरिष्ठ उपाध्याय की परीक्षाएं 20 फरवरी और सेकेंडरी व प्रवेशिका की परीक्षाएं 27 फरवरी से शुरू करने का कार्यक्रम जारी किया गया था, लेकिन अब इसे भी बदल दिया गया है।

देरी से आए 9 अधिकारियों/कर्मचारियों को थमाया नोटिस, राजस्थान-गोपालन विभाग का सचिव ने किया औचक निरीक्षण

जयपुर। पशुपालन, मत्स्य एवं गौ-पालन विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने बुधवार को सुबह 9ः30 बजे गोपालन निदेशालय का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने निदेशालय में व्यवस्थाओं का जायजा लिया और उपस्थिति रजिस्टर की जांच की। गोपालन विभाग और गौ सेवा आयोग में  30 प्रतिशत कार्मिक अनुपस्थित पाए गए। डॉ. शर्मा ने विलंब से आने वाले 5 अधिकारियों और 4 कर्मचारियों को नोटिस जारी किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी अधिकारियों/ कर्मचारियों को कार्य समय में कार्यालय में उपस्थित रहने का निर्देश दिया। बिना पूर्व सूचना एवं अनुमति के कार्यालय छोड़ने की प्रवृत्ति को गम्भीरता से लेते हुए उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी स्थिति नही होनी चाहिए। शासन सचिव ने अधिकारियों/कर्मचारियों को अनुशासन, सत्यनिष्ठा, निष्पक्षता, सेवा भावना और समर्पण के साथ कार्य करने के निर्देश दिये। सुशासन पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर कार्य में किसी तरह की अनियमितता या कोताही नही होनी चाहिए। डॉ. शर्मा ने कहा कि कार्यालय में किसी प्रकार की अनुशासन हीनता और कार्य के प्रति लापरवाही बरदाश्त नहीं की जाएगी और ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। इस दौरान गोपालन विभाग के निदेशक भी शासन सचिव के साथ रहे।

डेयरी सहकारी समिति की सदस्यता शर्त को किया शिथिल, राजस्थान- 35 हजार गोपालक महिलाओं को मिलेगा ऋण

जयपुर। सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम कुमार दक ने बुधवार को बताया कि राजस्थान सरकार 5 लाख गोपालक किसानों को राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड ऋण योजना का लाभ देने के लिये कृतसंकल्प है। इसके लिये राज्य सरकार द्वारा 150 करोड रुपये का ब्याज अनुदान दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में डेयरी व्यवसाय में महिला गोपालकों की महती भूमिका को देखते हुये राजीविका महिला समूह की गोपालक महिलाओं को भी योजना के तहत अल्पकालीन ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराने का निर्णय किया गया है। दक ने बताया कि राजीविका समूह की महिला गोपालकों को ब्याज मुक्त ऋण मिलने से उनमें उद्यमशीलता का विकास होगा तथा आत्मनिर्भर बन ग्रामीण अर्थव्यवस्था में और अधिक योगदान दे पायेगी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 35 हजार गोपालक महिलाओं को राजस्थान महिला निधि क्रेडिट कोऑपरेटिव फैडरेशन के माध्यम से उपलब्ध कराया जायेगा। सहकारिता मंत्री ने बताया कि ऐसे गोपालक जो सहकारी डेयरी सोसायटी के सदस्य नहीं है, को इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा था। इस परेशानी को देखते हुए इस शर्त को शिथिल किया गया है। अब ऐसे गोपालक जो दुग्ध विपणन का कार्य कर रहा है और स्थानीय सहकारी डेयरी का सदस्य नहीं है, उन्हें भी अन्य सभी पात्रता पूर्ण करने पर इस योजना के तहत ऋण मुहैया कराया जायेगा। उन्होंने बताया कि ऋण की सुरक्षा के लिये 1.5 गुणा मूल्य की स्थायी सम्पत्ति को रहन रखने की शर्त को भी विलोपित कर मात्र दो व्यक्तियों की जमानत प्राप्त करने का प्रावधान किया गया है। दक ने बताया कि ग्रामीण स्तर पर सभी गोपालकों के पास पैन कार्ड उपलब्ध नहीं हो पाते हैं तथा वे पैक्स एवं डेयरी सोसायटियों के माध्यम से लेन-देन करते हैं, परन्तु पैक्स एवं डेयरी सोसायटियां क्रेडिट स्कोर बताने वाली कम्पनी की सदस्य नहीं हैं। इससे गोपालकों का क्रेडिट स्कोर अपर्याप्त या ऋणात्मक आ जाता था और वे योजना के तहत ऋण प्राप्त करने के लिये पात्र नहीं हो पा रहे थे। इस समस्या को दूर करने के लिये इस शर्त को विलोपित कर दिया गया है। सहकारिता मंत्री ने बताया कि राजीविका की गोपालक महिला सदस्यों को योजना का निरन्तर लाभ मिलता रहे को सुनिश्चित किया गया है। इसके लिये राजस्थान राज्य सहकारी बैंक राजस्थान महिला निधि क्रेडिट कोऑपरेटिव फैडरेशन को 90 प्रतिशत तक की राशि पुनर्वित्त करेगा।

राइजिंग राजस्थान में अधिकारियों के साथ की संभावनाओं पर चर्चा, राजस्थान-सऊदी अरब ने खनन और पेट्रोलियम सेक्टर में दिखाई रुचि

जयपुर। सऊदी अरब के उप मंत्री शेख अब्दुल मजीद फलाह के नेतृत्व में राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इंवेस्टमेंट समिट में हिस्सा ले रहे प्रतिनिधिमण्डल ने राज्य में खनिज और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में निवेश में रुचि दिखाई है। प्रमुख शासन सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम श्री टी. रविकान्त ने बताया कि  माइंस एवं पेट्रोलियम विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सउदी अरब के उप मंत्री शेख श्री अटुल मजीद फलाह और शेख श्री अब्दुला के साथ राज्य में इस क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। टी. रविकान्त ने बताया कि अतिरिक्त निदेशक माइंस श्री बीएस सोढ़ा ने सउदी अरब दल के सदस्यों को विस्तार से प्रदेश में उपलब्ध मिनरल्स, एक्सप्लोरेशन और निकट भविष्य में होने वाले मिनरल ब्लॉकों की नीलामी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राजस्थान में डेकोरेटिव स्टोन्स के साथ ही क्रिटिकल व स्ट्रेटेजिक मिनरल्स के भण्डार हैं और चरणबद्ध तरीके से इनके ब्लॉक्स तैयार कर नीलाम किए जा रहे हैं। अतिरिक्त निदेशक पेट्रोलियम श्री अजय शर्मा ने राजस्थान रिफाइनरी और उसके आसपास के क्षेत्र में पेट्रोकेमिकल जोन विकसित होने की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने प्रदेश में उपलब्ध क्रूड ऑयल और गैस के भण्डारों की खोज और दोहन के संबंध में अवगत करवाया। सऊदी अरब के उप मंत्री शेख श्री अब्दुल मजीद फलाह और मुख्य कार्यकारी अधिकारी शेख श्री अब्दुला ने खनिज के साथ ही रिफाइनरी के आस पास के क्षेत्र में विकसित हो रहे पेट्रोकेमिमल जोन में औद्योगिक निवेश में रुचि दिखाई है। गौरतलब है कि शासन सचिव वित्त व्यय श्री नवीन जैन सउदी अरब से निवेश के संबंध में राज्य सरकार के प्रभारी अधिकारी हैं और वह राज्य सरकार और सउदी अरब के प्रतिनिधियों के बीच समन्वय कर प्रदेश में अधिक से अधिक विदेशी निवेश लाने का प्रयास कर रहे हैं। खनिज विभाग के प्रतिनिधिमण्डल में अतिरिक्त निदेशक श्री एमपी मीणा, एडीजी श्री आलोक जैन, एसजी श्री सुनील वर्मा, श्री राजकुमार मीणा व अन्य अधिकारी थे। ————-

निवेश के लिए यही समय है: उद्योग राज्य मंत्री, राजस्थान-‘सस्टेनेबल फाइनेंसः पब्लिक एंड प्राइवेट इन्वेस्टमेंट’ में चर्चा

जयपुर। उद्योग राज्य मंत्री श्री के.के. विश्नोई ने कहा कि विकसित राजस्थान की संकल्पना को साकार करने की दिशा में ‘राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट‘ की महत्वपूर्ण भूमिका साबित होगी। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश में निवेश की अपार संभावनाओं को निवेशकों तक पहुंचा रही हैं। इसी का परिणाम है कि समिट में 30 लाख करोड़ रुपए से अधिक निवेश के एमओयू हस्ताक्षर हुए हैं। विश्नोई राइजिंग राजस्थान के दूसरे दिन थीमैटिक सेशन- सस्टेनेबल फाइनेंसः पब्लिक एंड प्राइवेट इन्वेस्टमेंट को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आधारभूत सुविधाओं का लगातार विस्तार कर रही हैं ताकि निवेशकों को अपने प्रोजेक्ट धरातल पर उतारने में देरी नहीं हो। उन्होंने निवेशको से कहा कि निवेश कर इंडस्ट्री लगाने का यही और सही समय है। उद्योग राज्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ने हाल ही 9 पाॅलिसी एक साथ लाॅन्च कर सरकार की प्राथमिकता को दर्शाया है। अब हमें मिलकर राजस्थान में विकास के नए आयाम स्थापित करने होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बैटरी स्टोरेज, स्मार्ट ग्रिड, ग्रीन हाइड्रोजन जैसी नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा दे रही हैं। सेशन में वित्त (बजट) सचिव श्री देबाशीष पृष्टी ने राज्य सरकार के प्रयासों और भविष्य के लिए रोडमैप की जानकारी दी। उन्होंने रिप्स पाॅलिसी 2024, एमएसएमई पाॅलिसी 2024, एक जिला एक उत्पाद पाॅलिसी, मिनरल्स पाॅलिसी सहित अन्य पाॅलिसियों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि देश में पहली बार राजस्थान में ग्रीन बजट वित्तीय वर्ष 2025-26 में पेश किया जाएगा। इस सेशन में पैनलिस्ट आरईसी लिमिटेड के चेयरमैन श्री विवेक कुमार, ड्यूश बैंक डायरेक्टर श्री पंकज ओझा, विश्व बैंक के सलाहकार डॉ. रामबाबू परवस्तु, बैंक ऑफ बड़ौदा के मैनेजिंग डायरेक्टर व सीईओ श्री देबदत्त चंद, यूएनडीपी प्रतिनिधि एंजेला लुसिगी, एशियन डवलपमेंट बैंक की कंट्री डायरेक्टर मिओ ओका, भारतीय रिजर्व बैंक के चीफ जनरल मैनेजर श्री सुनील नायर, हुडको अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक श्री संजय कुलश्रेष्ठ ने राजस्थान में वित्तीय संसाधनों, इंडस्ट्री ग्रोथ और निवेश के बदलते माहौल पर चर्चा की। इस अवसर पर गुजरात सरकार में वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री जे. पी. गुप्ता ने भी विचार रखे।

‘राज्य की असीम संभावनाएं साकार करने की दिशा में कदम’, उद्योग मंत्री कर्नल राठौड़ ने थीमेटिक सत्र में डिजिटल परिवर्तन पर की चर्चा

जयपुर। उद्योग, सूचना प्रौद्योगिकी, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा है कि राइजिंग राजस्थान सिर्फ एक आयोजन नहीं है, यह राज्य की असीम संभावनाओं को साकार करने और इसे दुनिया से जोड़ने की दिशा में एक कदम है। वे राइजिंग राजस्थान’ ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 के दूसरे दिन आयोजित थीमेटिक सत्र ‘डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन: शेपिंग द फ्यूचर ऑफ स्टार्ट अप्स में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उद्योग मंत्री कर्नल राठौड़ ने इस दौरान योर स्टोरी की संस्थापक और सीईओ श्रद्धा शर्मा के साथ संवाद करते हुए कहा कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के माध्यम से हम राजस्थान के प्रतिभाशाली युवाओं और कुशल कार्यबल के सपनों और संभावनाओं में निवेश करना चाहते हैं। हमारा उद्देश्य राज्य की विविध क्षमताओं रिफाइनरी और माइनिंग से लेकर व्यापार गलियारों और इंफ्रास्ट्रक्चर को प्रदर्शित करना है। इस सत्र में भारत के अग्रणी उद्यमियों और नवाचारकर्ताओं ने भी भाग लिया। पेटीएम के संस्थापक श्री विजय शेखर शर्मा ने कहा कि डिजिटल तकनीकों और एआई को अपनाना स्टार्टअप्स के लिए नवाचार और विकास के लिए जरूरी है। एआई भविष्य है और व्यावहारिक समस्याओं को हल करने और प्रतिस्पर्धी बाजार में वृद्धि को बढ़ावा देने की अपार क्षमता रखता है। ओयो के संस्थापक और सीईओ श्री रितेश अग्रवाल ने कहा कि प्रौद्योगिकी अब वैकल्पिक नहीं है, यह परिवर्तन के लिए अनिवार्य है। एआई स्टार्टअप्स के संचालन को पुनर्परिभाषित करने, दक्षता बढ़ाने और नवाचार को सक्षम करने का एक बड़ा अवसर प्रदान करता है। कारदेखो के संस्थापक श्री अनुराग जैन और श्री अमित जैन ने ‘राजस्थान: शेपिंग द फ्यूचर ऑफ स्टार्टअप्स नामक पैनल चर्चा में भाग लिया। उन्होंने राज्य के स्टार्टअप इकोसिस्टम की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डाला और राज्य में अपनी सफलता की यात्रा साझा की। पैनलिस्ट्स ने राजस्थान के फलते-फूलते स्टार्टअप इकोसिस्टम पर भी चर्चा की। इस सत्र में डीओआईटीसी की शासन सचिव एवं आयुक्त श्रीमती अर्चना सिंह और डाटा इंजीनियस ग्लोबल लिमिटेड के सीईओ श्री अजय डाटा ने भी भाग लिया।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने विशेष सत्र में की चर्चा, राजस्थान-अब केवल रेगिस्तानी नहीं बल्कि उभरते अवसरों की भूमि है

जयपुर। राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के दूसरे दिन मंगलवार को अमेरिका (यूएसए) कंट्री सेशन में सप्लाई चेन और मैन्युफैक्चरिंग पर गहन चर्चा हुई। इस सत्र को राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री गजेंद्र सिंह ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान अब केवल एक रेगिस्तानी राज्य नहीं, बल्कि उभरते हुए अवसरों की भूमि है। उन्होंने भारत-अमेरिका साझेदारी को आर्थिक समृद्धि और रोजगार सृजन के लिए अत्यंत लाभकारी बताया।  उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र हैं और भारत जल्द ही तीसरा सबसे बड़ा आर्थिक लोकतंत्र बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने उल्लेख किया कि अमेरिकी कंपनियां पहले ही भारत में 1000 से अधिक उद्योग संचालित कर रही हैं और Apple जैसी कंपनियों ने भारत में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज की है। राजस्थान की भूमिका पर जोर देते हुए, उन्होंने बताया कि राज्य दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का 30% हिस्सा कवर करता है और भौगोलिक स्थिति उद्योग और लॉजिस्टिक्स के लिए आदर्श है।  निवेश के लिए आदर्श राज्य है राजस्थान— मंत्री श्री गजेंद्र सिंह ने कहा कि राजस्थान में एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी, भारतमाला योजना, और पीएम गतिशक्ति पोर्टल जैसे प्रोजेक्ट्स ने निवेशकों के लिए शानदार आधारभूत ढांचा उपलब्ध कराया है। उन्होंने राज्य के युवा कार्यबल और प्रतिभा के भंडार पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विजन और मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की प्रतिबद्धता  ने इस समिट को संभव बनाया है। तकनीकी नवाचार और वैश्विक साझेदारी पर जोर— सत्र की शुरुआत में, यूडीएच के प्रमुख शासन सचिव श्री वैभव गालरिया ने सप्लाई चेन प्रबंधन में तकनीकी नवाचार, जीएसटी कार्यान्वयन, और लॉजिस्टिक्स में राजस्थान की क्षमता पर चर्चा की। इस दौरान विभिन्न विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए— चंद्रकांत सलुंखे ने SMEs के लिए निवेश और अनुबंध निर्माण के अवसरों पर प्रकाश डाला। राजिंदर सिंह भाटिया ने मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चेन में रणनीतिक पहलुओं पर बात की। डॉ. अनिर्बाण अधिकारी ने सप्लाई चेन में स्थिरता चुनौतियों पर चर्चा की। डॉ. बृजेश बारसे ने स्वास्थ्य और कृषि सप्लाई चैन में स्थिरता पर विचार प्रस्तुत किए। संयुक्त समृद्धि की ओर बढ़ता राजस्थान— सत्र के अंत में वक्ताओं ने राजस्थान को एक महत्वपूर्ण रक्षा विनिर्माण क्षेत्र और वैश्विक निवेश का केंद्र बनाने के लिए साझा रणनीतियों पर जोर दिया। अंत में श्री गालरिया ने कहा कि राइजिंग राजस्थान समिट ने न केवल राज्य को निवेश के लिए एक आकर्षक गंतव्य के रूप में स्थापित किया, बल्कि भारत-अमेरिका के बीच आर्थिक सहयोग को भी नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए नवीन अवसर पैदा किए है।

ग्रामीणों को समझाइश देकर जिला प्रशासन ने खुलवाए 41 रास्ते, राजस्थान-रास्ता खोलो अभियान’ ने राह की आसान

जयपुर। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देश पर शुरू हुआ रास्ता खोलो अभियान के तहत शुक्रवार को जिला प्रशासन ने सहमति एवं सहयोग से 41 रास्ते खुलवाए। 15 नवंबर को शुरू हुए रास्ता खोलो अभियान के अंतर्गत विगत 4 सप्ताह में जिला प्रशासन को जयपुर एवं जयपुर ग्रामीण में 173 रास्तों को खुलवाने में सफलता मिली है। अतिरिक्त जिला कलक्टर एवं अभियान की नोडल अधिकारी श्रीमती सुमन पंवार ने बताया कि शुक्रवार को जिला प्रशासन की टीमों ने आमेर, आंधी, शाहपुरा, जोबनेर, किशनगढ़-रेनवाल, फुलेरा, रामपुरा-डाबड़ी, चौमूं, सांगानेर, माधोराजपुरा तहसील में 3-3 रास्ते खुलवाए। तो वहीं, तुंगा, जालसू और कोटखावदा तहसील में 2-2 साथ ही, जयपुर, कालवाड़, जमवारामगढ़, बस्सी और चाकसू तहसील में एक-एक रास्ता खुलवाया गया। अतिरिक्त जिला कलक्टर ने बताया कि किशनगढ़-रेनवाल के डूंगरसी का बास गावं में 45 सालों से बंद रास्ता, कोढी गांव में 35 सालों से बंद रास्ता तो वहीं, सांगानेर तहसील के नरवरिया गांव में 25 साल से बंद और झुंड गांव में दो दशकों से बंद रास्ते को खुलवाया गया। जयपुर के जयपुरियों का बास गांव में 2 महीनों से बंद रास्ता खुलने से करीब 1500 ग्रामीणों और सांभरलेक के रसूलपुरा गांव में 5 सालों से बंद रास्ते के खुलने से एक हजार से अधिक ग्रामीणों की राह आसान हुई है। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देश पर रास्ता खोलो अभियान के तहत बरसों से बंद रास्ते खुले तो ग्रामीण जिला कलक्टर और जिला प्रशासन का आभार जता रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने अधिकारियों को रास्ता खोलो अभियान के तहत बंद रास्ते खुलवाए जाने के पश्चात खोले गए रास्तों पर ग्रेवेल, सी.सी. रोड़ बनवाये जाने की कार्यवाही भी जल्द से जल्द अमल में लाने के निर्देश दिये हैं, इन निर्देशों की अनुपालना में अधिकांश स्थानों पर ग्रेवल रोड बनाने की कार्यवाही भी आरंभ की जा चुकी है। वहीं, जिन रास्तों के वाद न्यायालय में विचाराधीन है परिवादियों द्वारा संबंधित न्यायालय से ही अनुतोष प्राप्त किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में रास्तों की भूमि पर अतिक्रमण को लेकर जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में परिवाद प्राप्त होते हैं। रास्तों को लेकर न्यायालय में भी वाद दायर किए जाते रहते हैं। ऐसे प्रकरणों में निरन्तर बढ़ोतरी होने से आमजन को न्यायालय के चक्कर लगाने एवं जन-धन की हानि होने के साथ-साथ क्षेत्र की कानून व्यवस्था भी प्रभावित होती है। इसलिए प्रशासन ने रास्ते सम्बन्धी समस्याओं के निराकरण के लिए ‘रास्ता खोलो अभियान’ चलाने का निर्णय लिया गया।

‘राइजिंग राजस्थान‘ से प्रदेश में सृजित होंगे रोजगार, राजस्थान-मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने लिया दसवां संकल्प

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट को सफल बनाने के लिए 10 दिनों तक प्रत्येक दिन एक नया संकल्प लेने की पहल की है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री ने शनिवार को दसवां संकल्प लेते हुए कहा कि राइजिंग राजस्थान समिट में प्रदेश के आर्थिक विकास को गति प्रदान करने के साथ ही रोजगार के अवसर भी सृजित किए जाएंगे। शर्मा ने कहा कि इस समिट में भी राजस्थान की महत्वपूर्ण वर्कफॉर्स के हजारों लोग शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कुशल युवाओं को सरकारी एवं निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार संकल्पित होकर कार्य कर रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को नौवां संकल्प लेते हुए कहा कि राइजिंग राजस्थान समिट के आयोजन में उत्पन्न अपशिष्टों का पृथक्करण एवं निपटान करके स्वच्छ और हरित राजस्थान की ओर कदम बढ़ाया जाएगा। शर्मा ने कहा कि राइजिंग राजस्थान समिट में देश-विदेश से आने वाले विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य शामिल होंगे। इस आयोजन में विकास, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का अद्भूत सामंजस्य दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण सुरक्षा के लिए निरंतर जरूरी कदम उठा रही है। —–

25 प्रतिशत राशि जमा कराने पर शेष राशि माफ, राजस्थान-माइनर मिनरल खानों में एकमुश्त समाधान योजना का लाभ

जयपुर। माइनिंग सेक्टर में आधुनिकतम तकनीक के उपयोग और पारदर्शी व्यवस्था के तहत 1 अप्रेल, 2025 से सभी अप्रधान खनिज लीज धारकों को लीज क्षेत्र और उसके पास के 100 मीटर तक के क्षेत्र का ड्रोन/एरियल सर्वें कराकर क्षेत्र के खनि अभियंता या सहायक खनि अभियंता के कार्यालय में रिपोर्ट प्रस्तुत करना होगा। नई व्यवस्था के तहत ड्रोन/एरियल सर्वें में प्राप्त खनन रिपोर्ट और संबंधित लीजधारक द्वारा पूर्व में प्रस्तुत की गई रिपोर्ट में अंतर आने की स्थिति में राहत देने के लिए राज्य सरकार ने एकमुश्त समाधान योजना लागू की है। माइंस विभाग की एकमुश्त समाधान योजना 31 मार्च, 2026 तक प्रभावी रहेगी। मुख्यमंत्री एवं खान मंत्री श्री भजन लाल शर्मा माइनिंग सेक्टर में लगातार सुधार और गति दे रहे हैं। हाल ही में राज्य की नई खनिज और एम-सेण्ड नीति जारी की है। उससे पहले अप्रधान खनिज लीज धारकों की लीज अवधि बढ़ाने के अधिकार संबंधित खनिज अभियंता व सहायक अभियंता को दे दिए हैं। मुख्यमंत्री व खान मंत्री श्री भजन लाल शर्मा ने एक ओर बड़ा निर्णय करते हुए एक हैक्टेयर से कम के प्लॉट की नीलामी की बिड राशि दस लाख से घटाकर दो लाख कर दी। इससे आर्थिक दृष्टि से कमजोर और स्थानीय नागरिकों की खनिज क्षेत्र में भागीदारी बढ़ सकेगी। मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा के मार्गदर्शन में अधिकारों का विकेन्द्रीकरण, लीजधारकों को राहत व व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के निर्णय लिए जा रहे हैं। प्रमुख शासन सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम श्री टी. रविकान्त ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा ने परिवर्तित बजट घोषणा में प्रदेश में अप्रधान खनिजों के उत्पादन एवं निर्गमन में वोल्यूमेट्र्कि एसेसमेंट की व्यवस्था करते हुए एकमुश्त समाधान योजना लागू करने की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि परिवर्तित बजट घोषणा की क्रियान्विति में वोल्यूमेट्र्कि एसेसमेंट व्यवस्था लागू करने और इससे होने वाले प्रभाव से खनिज लीज व क्वारी लाइसेंसधारकों को एकबारीय राहत प्रदान करते हुए एकमुश्त समाधान योजना लागू कर दी है। टी. रविकान्त ने बताया कि माइनर मिनरल खानों में वोल्यूमेट्र्कि एसेसमेंट व्यवस्था लागू करने से खनन पट्टों के सर्वेक्षण एवं सीमांकन से सामने आने वाली विसंगतियों के कारण होने वाली शास्ति से एकबारीय समाधान के लिए राज्य सरकार ने लीजधारकों को राहत देने के लिए एकमुश्त समाधान योजना लागू की है। योजना के अनुसार दस से 25 प्रतिशत राशि ही जमा कराने पर शेष राशि माफ कर दी जाएगी। इसके साथ ही भविष्य के लिए संबंधित लीज का मानक स्तर तय हो जाएगा जिससे विवाद की स्थिति नहीं रहेगी और व्यवस्था पारदर्शी व सरकार और लीजधारक दोनों के लिए लाभदायक हो जाएगी। प्रमुख सचिव टी. रविकान्त ने बताया कि संबंधित खनिज धारक द्वारा वोल्यूमेट्र्कि एसेसमेंट ड्रोन या एरियल सर्वे द्वारा प्राप्त डेटा संबंधित खनिज कार्यालय में प्रस्तुत किया जाएगा। संबंधित एमई-एएमई द्वारा कार्यालय के दस्तावेजों के अनुसार उसकी जांच कर उत्पादन और निर्गमन का आंकलन किया जाएगा और उसके आधार पर शास्ति देय होगी। इससे खनन क्षेत्र की अवैध खनन गतिविधियों का भी एकबारीक समाधान हो सकेगा। उन्होंने बताया कि मुख्यतः तीन तरह के प्रकरण सामने आते हैं। पहले में खनन पट्टा धारक द्वारा अपने अधिकृत क्षेत्र में खनन और निर्गमन के अनुसार कम रवन्ना जारी करना, दूसरे में अपने खनन क्षेत्र के साथ ही अन्य क्षेत्र में निगर्मन का रवन्ना जारी करना और तीसरा अपने क्षेत्र के आसपास के क्षेत्र में अवैध खनन करना। वोल्यूमेट्र्कि एसेसमेंट से खनन लीज क्षेत्र में धारक द्वारा किये गए वैध खनन, अवैध खनन या अन्य क्षेत्र के रवन्ना जारी होने की स्थिति साफ हो जाएगी। इस व्यवस्था की सबसे खास बात यह है कि खनिज लीज धारक द्वारा वोल्यूमेट्र्कि एसेसमेंट कराकर प्रस्तुत करने से भविष्य के लिए विवाद नहीं रहेंगे। रविकान्त ने बताया कि वोल्यूमेट्र्कि  एसेसमेंट से खनिज क्षेत्र में पारदर्शिता, खनन क्षेत्र में लीजधारक या अन्य द्वारा अवैध खनन व निर्गमन पर प्रभावी रोक लग सकेगी। इससे खनिज क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर रोक के साथ ही राज्य सरकार के राजस्व में छीजत रुकेगी और एकबारीय समाधान योजना से लीजधारकों को भी राहत मिल सकेगी। निदेशक माइंस श्री भगवती प्रसाद कलाल ने बताया कि राज्य सरकार ने एकमुश्त समाधान योजना का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इससे हजारों की संख्या में माइनर मिनरल लीजधारक लाभान्वित हो सकेंगे।

शीतलहर की चेतावनी, राजस्थान-उत्तरी इलाकों में तेजी से नीचे लुढ़का पारा

जयपुर. राजस्थान में ठंड के साथ अब शीतलहर की एंट्री भी हो गई है। जयपुर मौसम केंद्र की ओर से जारी ताजा अपडेट के अनुसार प्रदेश में 10 से 12 दिसंबर के बीच उत्तरी इलाकों तथा शेखावाटी में शीतलहर चलने की संभावना है। इस दौरान यहां न्यूनतम तापमान 6 से 3 डिग्री के बीच रह सकता है। शीतलहर की चेतावनी को देखते हुए बच्चों और बुजुर्गों को घर पर ही रहने की सलाह दी गई है। शीतलहर से फसलों में भी पाला पड़ने की आशंका रहती है। प्रदेश में 9 से 15 दिसंबर के बीच मावठ की भी संभावना जताई गई है। इसके प्रभाव से न्यूनतम तापमान में और ज्यादा गिरावट आ सकती है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो सप्ताह के बीच न्यूनतम पारे में 6 से 7 डिग्री की गिरावट आने का अनुमान जताया जा रहा है, जबकि अगले 2 से 3 दिन में राज्य के न्यूनतम तापमान में 3 डिग्री गिरावट होने की प्रबल संभावना है। 9 से 15 दिसंबर के बीच राज्य के उत्तरी भागों में न्यूनतम तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। बीते 24 घंटों में प्रदेश के कई शहरों में न्यूनतम पारा तेजी से लुढ़क गया है। प्रदेश के उत्तरी क्षेत्र संगरिया सबसे ठंडा इलाका रहा। यहां न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं सीकर में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री दर्ज किया गया है। चूरू में न्यूनतम तापमान 8.4 डिग्री दर्ज किया गया, माउंट आबू में न्यूनतम पारा 6  डिग्री रहा। पिलानी में न्यूनतम तापमान 9.3 डिग्री, अजमेर में अधिकतम तापमान 27.8 व न्यूनतम तापमान 9.9, भीलवाड़ा में अधिकतम तापमान 26.5 व न्यूनतम 9.1, अलवर में अधिकतम तापमान 25 व न्यूनतम 8 औरजयपुर में अधिकतम तापमान 26.1 व न्यूनतम 12.2 डिग्री रहा।

‘ऐसा कौनसा राजकार्य बाधित हुआ?’, राजस्थान-जयपुर में डॉ. किरोड़ीलाल पर केस पर भड़के बेनीवाल

जयपुर. राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के अध्यक्ष और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से सवाल किया है कि जयपुर के महेश नगर थाने में राजस्थान सरकार के वरिष्ठ मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा के खिलाफ राजकार्य में बाधा का मामला किसके कहने पर दर्ज किया गया? सांसद बेनीवाल ने कहा कि एसओजी ने राजस्थान में एसआई भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने के प्रमाण दिए हैं। ऐसे में इस भर्ती को रद्द करवाने की मांग कर रहे मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा के खिलाफ दर्ज मामला समझ से परे है। उन्होंने सवाल उठाया कि आंदोलित छात्रों से जानकारी लेने के प्रयास में आखिर कौन सा राजकार्य बाधित हुआ। बेनीवाल ने यह भी कहा कि एक मंत्री का यह कहना कि “सरकार मेरी है, तो क्या मैं अन्याय सहन करूंगा” स्पष्ट करता है कि भाजपा सरकार बेरोजगारों के मुद्दों पर असंवेदनशील है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की कथनी और करनी में अंतर है। एसओजी, पुलिस मुख्यालय और एडवोकेट जनरल द्वारा भी भर्ती को रद्द करने की सिफारिश की जा चुकी है लेकिन सरकार अब तक इस पर चुप है। किसानों के मुद्दे पर जताई नाराजगी सांसद हनुमान बेनीवाल ने शंभु बॉर्डर पर किसानों पर हुए लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि देश के किसान अपनी वाजिब मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं, लेकिन केंद्र सरकार अपनी हठधर्मिता पर अड़ी हुई है। बेनीवाल ने कहा कि समर्थन मूल्य पर खरीद की गारंटी का कानून बनाने सहित अन्य मांगों को लेकर किसान लगातार आंदोलन कर रहे हैं। इसके बावजूद केंद्र सरकार केवल किसानों को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय और कृषि मंत्री को ट्वीट कर किसानों की मांगों पर त्वरित संज्ञान लेने और सकारात्मक हल निकालने की अपील की।

मौसम विभाग की 24 घंटे में पारा गिरने की चेतावनी, राजस्थान-उत्तर में बर्फबारी के कारण चलीं ठंडी हवाएं

जयपुर। राजस्थान में मौसम बीते 24 घंटों में ही काफी बदलता नजर आ रहा है। बुधवार सुबह मौसम में ठंड का प्रभाव ज्यादा नजर आया। उत्तर में कश्मीर के बाद हिमाचल में हुई बर्फबारी के बाद ठंडी हवाओं के प्रभाव से प्रदेश के तापमान में भी तेज गिरावट देखने को मिलेगी। मौसम विभाग के ताजा अपडेट के मुताबिक अगले 24 घंटों में प्रदेश में न्यूनतम पारे में 2 से 4 डिग्री तक की कमी आ सकती है। राजमार्गों पर घने कोहरे की चेतावनी राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी घने कोहरे की चेतावनी जारी की गई है। इनमें एनएच-11 पर सीकर-बीकानेर तथा एनएच-15 पर बाड़मेर-जैसलमेर, जैसलमेर-बीकानेर, बीकानेर-हनुमानगढ़ पर कोहरे की चेतावनी जारी की गई है। वहीं एनएच 65 पर पाली-जोधपुर, जोधपुर-नागौर, नागौर-चूरू, एनएच-89 पर अजमेर-नागौर तथा नागौर-बीकानेर रूट पर कौहरे की चेतावनी जारी की गई है। बीते 24 घंटों के मौसम का हाल राजस्थान के कई शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री के नीचे चल रहा है। हालांकि करीब 2 सप्ताह पहले ही राजस्थान में सर्वाधिक न्यूनतम तापमान 5 डिग्री पहुंच चुका है। लेकिन इसके बाद मौसम में गर्मी का प्रभाव बढ़ा, लेकिन अब बर्फबारी का असर दिन के मौसम पर भी नजर आ रहा है। बीते 24 घंटों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो बाड़मेर सबसे गर्म इलाका रहा। यहां अधिकतम तापमान 30.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। हिल स्टेशन माउंट आबू पर न्यूनतम पार 6 डिग्री पर पहुंच गया है। चूरू में अधिकतम तापमान 28.1 व न्यूनतम 10 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। अंता-बारां में अधिकतम तापमान 28.1 व न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री रहा। करौली में 27.3 व न्यूनतम 10.1 डिग्री रहा। सीकर में अधिकतम 26.5 व न्यूनतम 9 डिग्री दर्ज किया गया। राजधानी जयपुर की बात करें तो अधिकतम तापमान 28.9 व न्यूनतम तापमान 12.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।

ईआरसीपी समेत एक लाख करोड़ के हो सकते हैं ऐलान, राजस्थान सरकार की पहली वर्षगांठ पर आएंगे प्रधानमंत्री

जयपुर. राजस्थान में भजनलाल सरकार का पहला साल पूरा होने के अवसर पर 17 दिसंबर को जयपुर के ददिया में पीएम नरेंद्र मोदी की सभा होने जा रही है। मुख्यमंत्री इसकी तैयारियों को लेकर ददिया का दौरा भी कर चुके हैं। सभा में भीड़ लाने के लिए सभी विधायकों को टारगेट भी दे दिए गए हैं। करीब 3 लाख लोगों को सभा स्थल तक लाने का लक्ष्य रखा गया है। कार्यक्रम में पीएम नरेंद्र मोदी के हाथों से करीब 1 लाख करोड़ रुपये की बड़ी घोषणाएं करवाई जाएंगी, इनमें सबसे बड़ा ऐलान ईआरसीपी योजना की घोषणा होगी। इसके अलावा किसानों के खातों में राज्य सरकार की तरफ से आने वाले 1 हजार रुपये की किश्त भी इसी दिन जारी की जानी है। इनके अलावा करीब 60 हजार नई नौकरियों का ऐलान भी किया जाएगा। तीन दिन चलेगा कार्यक्रम जानकारी के मुताबिक सरकार की पहली वर्षगांठ का कार्यक्रम तीन दिन चलेगा। इसमें पहले दिन युवाओं के लिए जिलों में कार्यक्रम, दूसरे दिन महिलाओं के लिए कार्यक्रम और तीसरे दिन पीएम की सभा रखी गई है। हाल में पीएम की सभा की तैयारियों को लेकर सीएम भजनलाल शर्मा खुद ददिया पहुंचे थे, जहां उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कार्यक्रम की सुरक्षा तैयारियों को लेकर विस्तृत चर्चा भी की थी। इस दौरान उनके साथ बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, पूर्व अध्यक्ष अशोक परनामी, पूर्व सांसद रामचरण बोहरा सहित कई अन्य नेता भी मौजूद थे। ईआरसीपी पर विपक्ष को जवाब देने की तैयारी ईआरसीपी प्रोजेक्ट को लेकर भजनलाल सरकार लगातार विपक्ष के निशाने पर है। इस सभा के जरिए सरकार ईआरसीपी प्रोजेक्ट को लॉन्च कर विपक्ष के हमलों का जवाब भी देगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विधानसभा चुनावों के दौरान दौसा में ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना की श्रेणी में शामिल करने की बात कही थी। क्या है ईआरसीपी? पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) में कालीसिंध, पार्वती, मेज और चाकन उप-बेसिनों में उपलब्ध व्यर्थ बहने वाले मानसून के पानी का उपयोग किया जाना है। इसे बनास, गंभीरी, बाणगंगा के पानी की कमी वाले उप-बेसिनों में मोड़कर चंबल बेसिन के भीतर पानी के इंटर बेसिन ट्रांसफर की परिकल्पना की गई थी। योजना के पूरा होने पर पूर्वी राजस्थान के 13 जिलों को पीने और औद्योगिक पानी की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। परियोजना में लगभग 2.82 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई को लेकर दृष्टिकोण रखा गया है। विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने 13 जिलों के 83 विधानसभा क्षेत्र में इस प्रोजेक्ट को चुनावी मुद्दा बनाया था। सबसे पहले ईआरसीपी प्रोजेक्ट की परिकल्पना पूववर्ती वसुंधरा सरकार के समय की गई थी।  योजना से लाभान्वित होने वाले जिलों में अलवर, दौसा, जयपुर, अजमेर, टोंक, सवाई माधोपुर, बूंदी, कोटा, बारां, झालावाड़, भरतपुर, धौलपुर और करौली शामिल हैं।

आठ महीनों से एडहॉक के जिम्मे कामकाज: चांदना, राजस्थान-जयपुर में कौन करवाएगा आईपीएल मैच?

जयपुर. राजस्थान में इस बार होने वाले आईपीएल मैचों का आयोजन क्रिकेट संघ करवाएगा या सरकार? यह एक बड़ा सवाल है, जिसका फिलहाल कोई जवाब नहीं मिल रहा है। इसकी वजह यह है कि क्रिकेट एसोसिएशन में होने वाले चुनाव को लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है। बीते 8 महीनों से राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन का संचालन सरकार की बनाई गई एडहॉक कमेटी ही कर रही है। राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष पद से वैभव गहलोत को हटाने के बाद एसोसिएशन में नागौर जिला क्रिकेट संघ से ताल्लुक रखने वाले और प्रदेश के चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के पुत्र धनंजय सिंह खींवसर को कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया गया था लेकिन कुछ समय बाद ही सरकार ने राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन पर एडहॉक कमेटी बना दी, जो फिलहाल राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन को संचालित कर रही है। ऐसे में माना जा रहा है कि एक बार फिर राजस्थान में आयोजित होने वाले आईपीएल के मुकाबले सरकार की ओर से ही आयोजित किए जाएंगे, मामले को लेकर पूर्व खेलमंत्री अशोक चांदना का कहना है कि भाजपा सरकार चुनाव में विश्वास नहीं रखती, उन्होंने कहा कि जब वैभव गहलोत राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के चुने हुए अध्यक्ष थे तो उन्हें बिना चुनाव करवाए क्यों हटाया गया? यदि सरकार को राजस्थान के क्रिकेट चलानी थी तो चुनाव करवाने चाहिए थे। चांदना ने यह भी कहा कि मौजूदा समय में राजस्थान में खेलों के हालात कुछ अच्छे नहीं हैं, राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन में कार्यकारिणी नहीं बनने से खिलाड़ियों को सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। सिर्फ 3 महीने के लिए बनाई थी एडहॉक सरकार ने 28 मार्च 2024 में राजस्थान क्रिकेट संघ की कार्यकारिणी को भंग करके एडहॉक कमेटी का गठन कर दिया था, उस समय यह कमेटी सिर्फ 3 महीने के लिए बनाई गई थी और इसका काम राजस्थान क्रिकेट संघ के चुनाव करवाना था लेकिन सरकार ने इस कमेटी को दो बार एक्सटेंशन दे दिया यानी बीते 8 महीने से राजस्थान में क्रिकेट का संचालन एडहॉक कमेटी द्वारा किया जा रहा है। राजस्थान के क्रिकेट इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है, जब एडहॉक कमेटी ने इतने लंबे समय तक राजस्थान के क्रिकेट को चलाया है। मौजूदा कमेटी का कार्यकाल 28 दिसंबर को खत्म होगा लेकिन माना जा रहा है कि सरकार एक बार फिर कमेटी को एक्सटेंशन देने की तैयारी कर रही है, फिलहाल बीजेपी से विधायक जयदीप बिहानी को कमेटी का संयोजक बनाया गया है। फंड की कमी से जूझ रहे हैं एडहॉक कमेटी के गठन के बाद राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के वित्तीय हालत लगातार बिगड़ने लगे हैं। फंड की उपलब्धता नहीं होने के कारण राज्य स्तरीय टूर्नामेंट समय पर आयोजित नहीं हो पाए, ऐसे में कमेटी के सदस्य जब बीसीसीआई के पदाधिकारी से मिले तब कुछ फंड उपलब्ध करवाया गया। इतना ही नहीं दिवाली के मौके पर राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के कर्मचारियों को 4 महीने बाद तनख्वाह दी गई। मौजूदा समय में राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के हालात जयपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन की तरह हो गए हैं क्योंकि जयपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन में भी पिछले 3 सालों से एडहॉक कमेटी काम कर रही है और अभी तक इसके चुनाव नहीं हो पाए हैं। सदस्यों पर सवाल उठे इस दौरान एडहॉक कमेटी पर कई तरह के सवाल भी उठने लगे हैं। गंगानगर जिला क्रिकेट संघ के पदाधिकारी ने कमेटी के कुछ सदस्यों पर आरोप लगाए थे और कहा था कि खिलाड़ियों के सिलेक्शन में भेदभाव किया जा रहा है। सिर्फ उन्हीं खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी जा रही है, जो कमेटी के सदस्य हैं। साथ ही कोच के सिलेक्शन के समय भी कमेटी पर कई तरह के सवाल उठाए गए थे।

जवाहर सिंह बेढम ने आस्था और संस्कृति बचाने के लिए बताया जरूरी, राजस्थान-भजनलाल कैबिनेट का ऐतिहासिक धर्मांतरण बिल

जयपुर। राजस्थान कैबिनेट में धर्मांतरण रोकने के लिए बिल को मंजूरी मिल गई है। इस विषय पर प्रदेश के गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने रविवार को आईएएनएस से करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की प्रशंसा की। जवाहर सिंह बेढम ने कहा, धर्मांतरण पर कानून बनाने को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्णय का स्वागत और अभिनंदन करता हूं। इसकी आवश्यकता थी, क्योंकि बहला-फुसला कर, प्रलोभन देकर या जबरदस्ती धर्मांतरण की शिकायत जगह-जगह से आ रही थी। भाजपा नेता ने कहा कि किसी की आस्था और संस्कृति बचाने के लिए इसकी आवश्यकता थी। ऐसे में कल भजनलाल शर्मा की कैबिनेट ने जो ऐतिहासिक निर्णय लिया है, वो स्वागत योग्य है। यह बिल भजनलाल शर्मा के स्वयं के विवेक, सोच और राज्य के हित में लिए गए फैसले का आधार है। बता दें कि राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अगुवाई में शनिवार को हुई कैबिनेट बैठक में ‘द राजस्थान प्रोहिबिशन ऑफ अनलॉफुल कन्वर्जन बिल 2024’ को मंजूरी दी गई। कानून मंत्री जोगाराम पटेल इस बिल को राजस्थान के आगामी विधानसभा सत्र में पेश करेंगे। उन्होंने इस संबंध में पत्रकार वार्ता कर कहा, “ जिस तरह प्रदेश में धर्मांतरण के मामले प्रकाश में आए हैं, उसके मद्देनजर यह बिल विधानसभा में पेश किए जाने का फैसला किया गया है। इससे पहले उत्तर प्रदेश में 2021, मध्य प्रदेश में 2021, उत्तराखंड में 2018, गुजरात में 2021, हिमाचल प्रदेश में 2019, झारखंड में 2017 में, कर्नाटक में 2022, ओडिशा में 1967 में धर्मांतरण के विरुद्ध कानून बनाया जा चुके हैं। इसके अलावा, कई अन्य प्रदेशों में भी धर्मांतरण के विरुद्ध कानून बनाए गए हैं। इसे देखते अब हमने भी यह कदम उठाने का फैसला किया है।” उल्लेखनीय है कि इससे पहले 2008 में वसुंधरा सरकार में धर्मांतरण बिल लाया गया था। 16 साल से यह बिल केंद्र के पास अटका हुआ था। जिसे अब तक राष्ट्रपति ने मंजूरी नहीं दी थी। लेकिन, अब वसुंधरा सरकार में पारित हुआ धर्मांतरण बिल भी भजनलाल सरकार वापस लेगी और धर्मांतरण पर नया बिल पेश करेगी।

38160 परिक्षार्थी देंगे परीक्षा, राजस्थान-पशु परिचर भर्ती परीक्षा में कड़ी जांच के बाद एंट्री

नागौर. नागौर जिला मुख्यालय पर राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड जयपुर द्वारा आयोजित पशु परिचय भर्ती परीक्षा 2023 के नागौर जिला मुख्यालय पर कुल 21 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा 9:00 बजे से शुरू होगी वहीं परीक्षा के 1 घंटे पहले यानी 8 बजे परीक्षा केंद्र का मुख्य दरवाजा बंद कर दिया गया है। नागौर में आज पहले दिन कुल 6360 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। वहीं कल 3 दिनों तक कुल 38160 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। वहीं सुबह 8:00 बजे पुलिस के कड़ी सुरक्षा के बीच जिला ट्रेजरी से पेपर अतिरिक्त जिला कलेक्टर की मौजूदगी में रवाना किया गया। अतिरिक्त कलेक्टर चंपालाल जीनगर ने बताया है कि हमने यहां से पेपर रवाना कर दिया गया है। नागौर जिला मुख्यालय पर 21 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं और परीक्षा 9 बजे से शुरू होगी। एंट्री 8:00 बजे बंद हो जाएगी। 8:00 बजे के बाद किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। वहीं अजमेर से भर्ती बोर्ड परीक्षा से ऑब्जर्व अभी यहां पर आए हुए हैं और जिला प्रशासन यहां पूरी तरह मुस्तैद हैं।

इन्वेस्टरों की समस्या और पेपर लीक पर होगी बगावत!, राजस्थान-किरोड़ी ने बढ़ाई बीजेपी-अफसरों की टेंशन

जयपुर. राजस्थान की भजनलाल सरकार इन दिनों इनवेस्टमेंट समिट की तैयारियों में व्यस्त है। लेकिन इसी बीच उनके कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने एक बड़ा बयान दे दिया है कि वे उपचुनावों की हार के लिए जिम्मेदार लोगों का जल्द खुलासा करेंगे। किरोड़ी के इस बयान ने निश्चित रूप से बीजेपी की टेंशन बढ़ा दी है। सियासी जानकार कह रहे हैं कि ‘बाबा’ किरोड़ी का धमका होगा तो इसकी जद में सरकार के कई अफसर और मंत्री भी आ सकते हैं। इनवेस्टमेंट समिट से पहले किरोड़ी लाल के इस खुलासे से प्रदेश के सियासी माहौल पर बड़ा असर आएगा। किरोड़ी के पास मुद्दों की कमी नहीं किरोड़ी लाल मीणा के पास मुद्दों की कोई कमी नहीं है। दौसा उपचुनाव में भाई जगमोहन मीणा की हार के बाद किरोड़ी का यह बयान काफी चर्चाओं में आया था जिसमें उन्होंने कहा था -‘गैरों में कहां दम था, मुझे हमेशा जयचंदों ने ही मारा।’ वह इस बात के स्पष्ट संकेत दे चुके हैं कि उनके भाई की हार के पीछे बीजेपी के लोग ही जिम्मेदार हैं। इनवेस्ट में समिट से पहले पीड़ित निवेशकों को सामने ला रहे वहीं इनवेस्टमेंट समिट से ठीक पहले किरोड़ी लाल मीणा शुक्रवार को एक एनआरआई निवेशक को लेकर एसीबी दफ्तर पहुंच गए। जहां उन्होंने एसीबी पर भी बड़े आरोप लगा दिए। एसीबी हैड डीजी रवि प्रकाश मेहरड़ा से मुलाकात के बाद किरोड़ी लाल मीणा ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि हमारी सरकार इस मामले को लेकर संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि कहा मैंने सीएम भजनलाल शर्मा से कह दिया। इसके बाद भी 92 साल का बुजुर्ग एसीबी के दरवाजे पर खड़ा है। मैं इसे उचित नहीं मानता, यह बिल्कुल भी ठीक नहीं है। हमारी सरकार संवेदनशील है, लेकिन यहां पर न जाने संवेदन शून्यता क्यों है? यह मेरे भी समझ से बाहर है। पेपर लीक, डीओआईटी में एफआईआर को लेकर भी सक्रिय इसके साथ ही किरोड़ी लाल मीणा डीओआईटी और पेपर लीक मामलो को लेकर भी सक्रिय नजर आ रहे हैं। डीओआईटी में भ्रष्टाचार को लेकर वे गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेड़म से मुलाकात कर चुके हैं। हालांकि सरकार की तरफ से उनके ज्ञापन पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पेपर लीक में भी किरोड़ी एसआई भर्ती निरस्त करने की मांग कर रहे हैं। ऐसे तमाम मुद्दे किरोड़ी लाल मीणा के पास हैं। जिन्हें लेकर आने वाले दिनों में वे अपने चिरपरिचित सियासी अंदाज में नजर आएंगे।

वन स्टेट-वन इलेक्शन पर कोर्ट जाएगी कांग्रेस, राजस्थान-निकाय चुनावों पर सरकार चुप

जयपुर. राजस्थान में भाजपा वन स्टेट, वन इलेक्शन के फार्मूले पर आगे बढ़ती दिखाई दे रही है। प्रदेश में 59 निकायों का कार्यकाल पूरा हो चुका है। यहां चुनाव कार्यक्रम घोषित नहीं किए गए हैं बल्कि सरकार ने प्रशासक लगा दिए हैं। सरकार ने पिछले साल संकेत दिए थे कि वे पंचायत और निकाय चुनाव एक साथ करवाना चाहते हैं लेकिन कानून में कोई संशोधन नहीं हुआ। ऐसे में कांग्रेस अब इस मामले को कोर्ट से निपटाने पर भी विचार कर रही है। शहरी विकास एवं आवास (यूडीएच) मंत्री झाबरसिंह खर्रा ने दो महीने पहले संकेत दिया था कि शहरी स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव 2025 में एक साथ कराए जाएंगे। प्रदेश की भाजपा सरकार ने पिछले बजट में घोषणा की थी कि राज्य भर में स्थानीय निकाय चुनाव एक साथ कराए जाएंगे। हालांकि राज्य सरकार की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई है न ही आयोग को इस बारे में कोई चिट्ठी लिखी गई है। ऐसे में अब कांग्रेस इस मामले को लेकर कोर्ट जाने की तैयारी कर रही है। मौजूदा संवैधानिक व्यवस्था में जो कानून है, उसमें पंचायत और निकाय चुनाव 6 महीने से ज्यादा टाले नहीं जा सकते। सूचियां तैयार करने में जुटा राज्य निर्वाचन आयोग हालांकि राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिला चुनाव अधिकारियों (डीईओ) को निर्देश दिया है कि वे प्रत्येक वार्ड के लिए आवश्यक समझे जाने वाले मतदान केंद्रों का चयन करें और आगामी नगर निकायों के चुनावों के लिए मतदान केंद्रों की सूची प्रकाशित करें लेकिन कांग्रेस का कहना है कि चुनाव करवाने हैं तो अब तक मतदाता सूची प्रकाशित हो जानी चाहिए थी। अभी तक वोट लिस्ट ही नहीं बनी- डोटासरा इधर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा का कहना है कि मौजूदा लोकसभा में केंद्र सरकार कानून में बदलाव करती है तो अलग बात है नहीं तो हम चुनाव करवाने के लिए जनता के बीच भी जाएंगे, हाईकोर्ट भी जाएंगे और जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे। डोटासरा ने कहा- बीजेपी इस मामले में पूरी तरह से फेल है। प्रदेश में 59 नगर परिषदों के चुनाव हो जाने चाहिए थे लेकिन अभी तक वोट लिस्ट ही नहीं बनी, आरक्षण की कोई बात भी नहीं हुई। वन स्टेट, वन इलेक्शन की मुंह जुबानी बातें हो रही हैं, कानून में कोई संशोधन नहीं हुआ। ये दिल्ली की पर्ची की तरफ देख रहे हैं, दिल्ली की पर्ची अभी आई नहीं। डोटासरा ने कहा कि जब तक दिल्ली की पर्ची नहीं आएगी तब तक ये प्रशासक लगाकर बैठे रहेंगे। जनवरी में ग्राम पंचायतों के जो चुनाव होने हैं, उसमें भी ये प्रशासक लगा देंगे। आज की तारीख में सरकार का सबसे बड़ा फेल्योर है तो वह यह कि सरकार में ब्यूरोक्रेसी हावी है और जनता की बात कोई नहीं सुन रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले 12 महीने से राजस्थान में जो अनिर्णय की स्थिति है, वह जनता के लिए घातक है। कानून में संशोधन किया नहीं, निर्वाचन आयोग पंगू बना बैठा है। अब तक सरकार को कह देना चाहिए था कि वोटर लिस्ट तैयार कर ली है, हम चुनाव करवाएंगे। उन्होंने कहा कि जो मौजूदा लोकसभा का सत्र है, इसमें कोई कानून में बदलाव करते हैं तो अलग बात है, नहीं तो हम चुनाव करवाने के लिए हाईकोर्ट भी जाएंगे और जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे।

राइजिंग राजस्थान का सौर ऊर्जा से संचालित होगा उद्घाटन दिवस, राजस्थान-मुख्यमंत्री 10 दिनों तक लेंगे नव संकल्प

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि आगामी 9-11 दिसम्बर तक आयोजित होने वाले राइजिंग राजस्थान समिट के माध्यम से राज्य में औद्योगिक परिदृश्य को एक नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की आर्थिक उन्नति के संकल्प को पूरा करने के लिए जी जान से जुटी हुई हैं। हम राइजिंग राजस्थान के सफल आयोजन के लिए आगामी 10 दिनों तक प्रत्येक दिन एक नया संकल्प लेंगे। शर्मा ने कहा कि इन संकल्पों के माध्यम से अगले 5 वर्षों में प्रदेश को 350 बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाया जाएगा। विकसित राजस्थान-2047 के संकल्प सिद्धि में राइजिंग राजस्थान का आयोजन मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री ने समिट के सफल आयोजन में सभी महत्वपूर्ण वर्गों को भागीदार बनने का आह्वान किया। श्री शर्मा ने आज पहला संकल्प लेते हुए कहा कि राइजिंग राजस्थान समिट का उद्घाटन दिवस पूरी तरह से सौर ऊर्जा से संचालित होगा। उन्होंने कहा कि यह समिट सूरज की ताकत से प्रदेश के विकास में नया सवेरा लाएगा। उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता है कि प्रदेश में निर्बाध बिजली की आपूर्ति के लिए अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा दिया जाए। राज्य सरकार की अनुकूल निवेश नीतियों से राजस्थान अक्षय ऊर्जा में निवेशकों की पसंद बना हुआ है तथा आज राजस्थान भारत में अक्षय ऊर्जा उत्पादन में पहले स्थान पर है। उन्होंने कहा कि हम प्रदेश को 2027 तक ऊर्जा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य के साथ काम कर रहे हैं।

सिन्धु दर्शन यात्रा पर 15 हजार रुपये की आर्थिक सहायता, राजस्थान-सरकार का सिंधी समाज को तोहफा

अजमेर. राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के आग्रह पर मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने सिन्धी समाज को बड़ा तोहफा दिया है। राज्य सरकार ने सिन्धी समाज की सबसे बड़ी और पवित्र मानी जाने वाली लेह-लद्दाख सिन्धु दर्शन यात्रा पर जाने वाले तीर्थयात्रियों को 15 हजार रूपए प्रति व्यक्ति आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। सिन्धु दर्शन यात्रा में चार दिन तक लेह-लद्दाख में धार्मिक व सांस्कृतिक आयोजन होते हैं तथा यह यात्रा 18 जून से शुरू होकर 30 जून को समाप्त होती है। सिन्धी समाज के तीर्थयात्री हर साल 23 से 26 जून तक लेह-लद्दाख में सिन्धु दर्शन यात्रा पर जाते हैं। यह यात्रा 18 जून से जम्मू एवं कुरूक्षेत्र से प्रारंभ होती है तथा 30 जून को इसका अधिकारिक समापन होता है। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने पिछले दिनों मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा को ज्ञापन देकर आग्रह किया था कि सिन्धु दर्शन तीर्थ यात्रा पर जाने वाले तीर्थ यात्रियों को भी अन्य तीर्थ यात्राओं की तरह आर्थिक सहायता दी जाए। इस पर निर्णय करते हुए राज्य सरकार ने तीर्थ यात्रियों के लिए 15 हजार रूपए प्रति यात्री की आर्थिक सहायता की घोषणा की है। गौरतलब है कि वर्ष 1997 में भारत रत्न एवं पूर्व उप प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी ने सिन्धु दर्शन यात्रा की शुरूआत की थी। प्रतिवर्ष यह यात्रा 23 से 26 जून तक लेह-लद्दाख में आयोजित की जाती है। इसमें बड़ी संख्या में सिंधी धर्मावलम्बी भाग लेते हैं। वेद, शास्त्र एवं धार्मिक मान्यताओं में सिन्धु नदी का बड़ा महत्व है। लगभग सभी ग्रन्थों में सिन्धु नदी का उल्लेख मिलता है। इसके साथ ही भारतीय राष्ट्रगान में भी सिन्धु नदी का उल्लेख है। सिन्धी समाज में भी ईष्ट देव श्री झूलेलाल जी के अवतार का जल से संबंध है। ऎसे में यह यात्रा सिन्धी धर्मावलम्बियों के लिए बड़ी पवित्र मानी जाती है। प्रतिवर्ष देश के लगभग 25 राज्यों से सिन्धी धर्मावलम्बी इस पवित्र यात्रा पर जाते हैं। यह यात्रा जम्मू एवं कुरूक्षेत्र से प्रारम्भ होती है एवं लगभग 12 दिन चलती है। यात्रा में लेह-लद्दाख में विशिष्ट धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन होते हैं।

विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली भड़के, राजस्थान के 49 नगरीय निकायों में प्रशासक लगाना असंवैधानिक

अलवर. राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राज्य सरकार द्वारा 49 नगर निकायों में प्रशासक लगाये जाने के निर्णय का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का यह कदम पूर्णतया असंवैधानिक और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने वाला है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि सरकार ने राज्य के पांच नगर निगम, 20 नगर परिषद और 24 नगर पालिका का कार्यकाल समाप्त होने का तर्क देकर इनमें सरकारी अधिकारियों को प्रशासक लगा दिया है। जबकि सरकार को इन निकायों की लोकतांत्रिक व्यवस्था को कायम रखने के लिए इनमें तत्काल चुनाव कराने की घोषणा करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार से मांग है कि इन निकायों के अविलम्ब चुनाव कराये जायें। जूली ने कहा कि इसके पीछे राज्य सरकार ‘वन स्टेट वन इलेक्शन’ एजेंडे का बहाना बना रही है, लेकिन वस्तुतः राज्य की भाजपा सरकार इन नगर निकायों के चुनाव अपनी पराजय के भय से नहीं कराना चाहती। प्रदेश के अनेक नगर निकायों का कार्यकाल पूरा होने में अभी एक साल और इससे ज्यादा का समय शेष है। तब तक राज्य सरकार कार्यकाल पूरा कर चुके नगर निकायों में नगर निगमों को जिला कलेक्टर, नगर परिषदों को एडीएम और नगर पालिकाओं को एसडीएम स्तर के सरकारी अधिकारियों के भरोसे चलाना चाहती है। सरकार का यह रवैया लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने वाला है। आम जनता को उनके निर्वाचित जनप्रतिनिधियों से वंचित करने की राज्य सरकार की यह चेष्टा अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक है। सरकार के इस कदम से इन निकायों में अव्यवस्था पनपेगी और आम जनता अपनी रोजमर्रा की समस्याओं के निराकरण के लिए तरसेगी। नगर निकायों में नौकरशाही को हावी करना संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि यह दुर्भाग्य का विषय है कि जब सब ओर संविधान दिवस मनाने की तैयारियां चल रही थी। उसके एक दिन पहले राजस्थान में राज्य सरकार ने यह कदम उठाकर सिद्ध किया है कि सरकार लोकतंत्र पर अपनी मनमानी थोपना चाहती है और उसका संविधान में कोई विश्वास नहीं है।

फरवरी में भर्ती प्रक्रिया होगी पूर्ण, राजस्थान-उपभोक्ता आयोगों में अध्यक्ष और सदस्यों का लिखित परीक्षा से चयन

जयपुर। उपभोक्ता मामले विभाग मंत्री श्री सुमित गोदारा ने कहा है कि उपभोक्ता संरक्षण के साथ कंज्यूमर केयर की अवधारणा को मूर्त्त रूप दिये जाने के क्रम में राज्य में उपभोक्ता विषयक विभिन्न नवाचारों के साथ उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों के अन्तर्गत उपभोक्ता आयोगों में होने वाली भर्तियों में पहली बार लिखित परीक्षा का प्रावधान किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के बाद चयनित अध्यक्ष और सदस्य के विषयविज्ञ-दक्ष होने के साथ न्यायिक प्रक्रिया एवं कार्यात्मक क्षमता में न केवल अपेक्षाकृत वृद्धि होगी बल्कि समयबद्ध न्याय सुलभ होगा और उपभोक्ता आन्दोलन सुदृढ़ होगा। गोदारा ने लिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार के संबंध में कहा कि राज्य के सभी उपभोक्ता आयोगों में आगामी मार्च तक रिक्त होने वाले सभी पदों को सम्मिलित कर लिया गया है। इसके अन्तर्गत विभिन्न पदों में राज्य आयोग सदस्यों के 7 पद, जिला आयोग में अध्यक्ष के 21 और सदस्यों 59 पदों पर नियुक्ति हेतु 26 नवम्बर  से उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा आवेदन आमंत्रित किये गये हैं, जिसकी अन्तिम तिथि  16 दिसम्बर निर्धारित है। चयन प्रक्रिया आगामी फरवरी तक पूर्ण कर ली जाएगी। प्रमुख सचिव, उपभोक्ता मामले विभाग, श्री सुबीर कुमार ने बताया कि लिखित परीक्षा में दो प्रश्न पत्र होंगे, एक प्रश्नात्मक एवं एक वर्णनात्मक। जिसमें उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, विधिक मापविज्ञान अधिनियम, भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम, प्रतिस्पर्धा अधिनियम एवं अन्य से संबंधित प्रश्न पूछे जायेंगे। विस्तृत जानकारी  उपभोक्ता मामले विभाग की वेबसाइट https://consumeraffairs.rajasthan.gov.in/ पर देखी जा सकती है।

‘शिक्षा के क्षेत्र में राज्य को बनाएंगे मॉडल स्टेट’, राजस्थान-जयपुर में मुख्यमंत्री ने की स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि विकसित राजस्थान के संकल्प को साकार करने में शिक्षा की अहम भूमिका है, क्योंकि आज के बच्चे ही भविष्य के नागरिक होते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए नवीन तकनीकों का उपयोग करने के साथ ही, खाली पदों पर भर्ती तथा स्कूलों में कक्षा-कक्षों का निर्माण कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शर्मा ने कहा कि हम नवीन राष्ट्रीय शिक्षा नीति को अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने तथा शिक्षा के क्षेत्र में राजस्थान को मॉडल स्टेट बनाने हेतु विभिन्न स्तरों पर कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को विभागीय बजट घोषणाओं को त्वरित गति से पूरा करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में शिक्षण कार्य सुचारू रूप से चले इस हेतु सत्र के प्रारंभ में ही विद्यार्थियों को लगभग साढ़े 3 करोड़ पाठ्यपुस्तकों का निःशुल्क वितरण किया गया है तथा कक्षा 1 से 8 के समस्त विद्यार्थियों एवं 9 से 12 तक की बालिकाओं को स्कूल बैग भी दिए जाएंगे। श्री शर्मा ने कहा कि आगामी माह में 1 लाख 25 हजार बालिकाओं को साइकिल वितरित की जाएगी। लगभग साढ़े 20 हजार पदों पर दी गई नियुक्तियां— मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी विद्यालयों में शिक्षण की गुणवत्ता बेहतरीन करने हेतु सरकार खाली पदों पर भर्ती कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार में अब तक लगभग साढ़े 20 हजार पदों पर नियुक्तियां दी जा चुकी हैं तथा लगभग 18 हजार पदों पर पदोन्नति की गई है। प्राध्यापक स्कूल शिक्षा, पुस्तकालयाध्यक्ष ग्रेड 2 एवं ग्रेड 3 तथा वरिष्ठ अध्यापक के कुल 5 हजार से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रियाधीन है। साथ ही, विभिन्न संवर्गों में चयनित 515 अभ्यर्थियों को दिसम्बर माह में नियुक्तियां दे दी जाएंगी। उन्होंने अधिकारियों को रिक्त पदों पर चरणबद्ध रूप से भर्ती करने के निर्देश दिए। विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर विद्यालयों में लगाए जाएं शिक्षक— मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य के सभी स्कूलों में शिक्षकों और विद्यार्थियों की संख्या का सर्वे करवाकर विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में शिक्षकों की नियुक्ति की जाए। उन्होंने कहा कि राज्य के सरकारी एवं निजी विद्यालयों के ड्रेस कोड में एकरूपता लाई जाए। मुख्यमंत्री ने स्कूलों में कक्षा कक्षों तथा बालिका विद्यालयों में शौचालयों की स्थिति का भौतिक सत्यापन कर आवश्यकतानुसार उनकी मरम्मत और नव निर्माण करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भौतिक सत्यापन के कार्य में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। श्री शर्मा ने विद्यालयों में सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने की दृष्टि से चरणबद्ध रूप से सीसीटीवी कैमरे लगवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस कार्य में भामाशाहों का भी सहयोग लिया जाए। बैठक में शासन सचिव स्कूल शिक्षा श्री कृष्ण कुणाल ने मुख्यमंत्री को स्कूल शिक्षा विभाग की विभिन्न उपलब्धियों और नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के तहत विभाग को 12 हजार 400 करोड़ रूपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। हरियालो राजस्थान तथा एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत विभाग द्वारा रिकॉर्ड संख्या में वृक्षारोपण किया गया। साथ ही राज्य के 1.34 करोड़ विद्यार्थियों ने सूर्य नमस्कार कर विश्व रिकॉर्ड बनाया। इसके अतिरिक्त, विभाग द्वारा शाला स्वास्थ्य सर्वेक्षण प्रखर राजस्थान रीडिंग कैम्पेन, पीएमश्री विद्यालय, शाला सम्बलन एप, खेल प्रतियोगिता एवं ई-पाठशाला कार्यक्रम सहित अन्य नवाचार भी किए जा रहे हैं। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री श्री मदन दिलावर, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त श्री अखिल अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री) श्री शिखर अग्रवाल, राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा अभियान श्री अविचल चतुर्वेदी, निदेशक माध्यमिक शिक्षा श्री आशीष मोदी सहित स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

खेती-किसानी से जुड़े मुद्दों पर की चर्चा, राजस्थान-जयपुर में केंद्रीय मंत्री से मिले किसान आयोग के अध्यक्ष

जयपुर। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री श्री भागीरथ चौधरी के दिल्ली स्थित कृषि भवन कार्यालय में सोमवार को राजस्थान किसान आयोग के अध्यक्ष श्री सीआर चौधरी ने मुलाकात की। इस दौरान प्रदेश के खेती-किसानी से जुड़े अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। मुलाकात के बाद केंद्रीय मंत्री श्री भागीरथ चौधरी ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार ‘उन्नत कृषि – समृद्ध किसान’ के मूलमंत्र के साथ काम कर रही है। केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र में सुधार और किसानों की आय बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने राजस्थान के किसानों की समस्याओं और उनके समाधान पर चर्चा की। साथ ही प्रदेश में उन्नत तकनीक और योजनाओं के जरिए कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। श्री भागीरथ चौधरी ने कहा कि सरकार किसानों के हित में ठोस कदम उठा रही है और केंद्र एवं राज्य के समन्वय से कृषि विकास के लिए योजनाएं बेहतर तरीके से जमीनी स्तर पर क्रियान्वित हो रही हैं।

सरकार की पहली वर्षगांठ पर युवा, किसान एवं महिलाओं को मिलेंगी सौगातें, राजस्थान-जयपुर में मुख्यमंत्री ने ली समीक्षा बैठक

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार के 1 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सम्पूर्ण प्रदेश में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के जरिये युवा, महिला, किसान, मजदूर सहित विभिन्न वर्गों को विकास कार्यों के लोकार्पण, शिलान्यास एवं योजनाओं का शुभारम्भ कर विशेष सौगातें दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण आयोजन की सभी तैयारियां समय से पूरी कर ली जाए। शर्मा शुक्रवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में राज्य सरकार का एक वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने उच्च अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की गतिविधियों की निरंतर समीक्षा करें, जिससे यह आयोजन सफल बन सके। युवा, किसान एवं महिला सम्मेलन का होगा आयोजन मुख्यमंत्री ने उच्च अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के युवाओं को 1 वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने के उपलक्ष्य में रोजगार उत्सव के जरिये नियुक्ति एवं भर्तियों की सौगात दी जाएगी, इसके लिए संबंधित विभाग पूर्व में ही सभी तैयारियां सुनिश्चित कर लें। उन्होंने ‘रन फॉर विकसित राजस्थान’ के आयोजन में युवाओं की अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषक एवं पशुपालकों को दी जाने वाली विभिन्न सौगातों की समीक्षा की। श्री शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिला सशक्तिकरण राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इस आयोजन में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से जरूरतमंद महिलाओं को लाभान्वित किया जाना सुनिश्चित करंे। राज्य एवं जिला स्तरीय प्रदर्शनियां हों आकर्षक एवं जानकारीपूर्ण श्री शर्मा ने निर्देश दिए कि राज्य एवं जिला स्तर पर आयोजित होने वाली विकास प्रदर्शनियों में राज्य सरकार की उपलब्धियों, जन कल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों की सम्पूर्ण जानकारी आकर्षक तरीके से प्रदर्शित की जाए, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इनकी जानकारी प्राप्त हो। मुख्यमंत्री ने राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान होने वाले विभिन्न लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यों की भी समीक्षा की। बैठक में मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत, अतिरिक्त मुख्य सचिव जल संसाधन श्री अभय कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त श्री अखिल अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) श्री शिखर अग्रवाल, प्रमुख शासन सचिव सार्वजनिक निर्माण श्री प्रवीण गुप्ता, प्रमुख सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) श्री आलोक गुप्ता सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित रहे। —–

कांग्रेस को जोरदार झटका, राजस्थान में भाजपा सात में से पांच सीटों पर जीती

झुंझुनूं. राजस्थान विधानसभा की सात सीटों पर हुए उपचुनाव का रिजल्ट जारी कर दिया गया है। खींवसर, झुंझुनूं, सलूंबर, देवली-उनिया और रामगढ़ का विधानसभा उपचुनाव बीजेपी जीत गई है। वहीं, दौसा में कांग्रेस और चौरासी में बीएपी को जीत हासिल हुई है। राजस्थान विधानसभा में बीजेपी विधायकों की संख्या बढ़कर 119 हो गई है। उपचुनाव में बीजेपी पांच सीटें जीत गई है। इनमें सलूंबर, खींवसर, झुंझुनूं, देवली-उनियारा और रामगढ़ सीट शामिल है। झुंझुनूं में बीजेपी की जीत इस मायने में भी अहम है, क्योंकि बीजेपी यहां दशकों से चुनाव नहीं जीती थी। बीजेपी ने अखिरी बार 2003 में यह सीट जीती थी। इसके बाद से यह सीट कांग्रेस के टिकट पर बृजेंद्र ओला जीतते रहे। इसलिए यह यह सीट कांग्रेस और ओला परिवार का गढ़ मानी जाती थी। अब बीजेपी के राजेंद्र भांबू ने बृजेंद्र ओला के पुत्र व कांग्रेस प्रत्याशी अमित ओला को 42,828 वोटों के बड़े अंतर से चुनाव हरा दिया है। आम चुनाव से ज्यादा बड़े अंतर से जीते भांबू खास बात यह है कि 2023 के विधानसभा चुनावों में भी राजेंद्र भांबू ने यहां बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ा था और उस चुनाव में भांबू को कुल 42,407 वोट मिले थे। यानी भांबू को 2023 में जितने वोट मिले थे, उससे ज्यादा वोटों के अंतर से उन्होंने उपचुनाव में जीत दर्ज की है। हालांकि, उनकी जीत में निर्दलीय राजेंद्र गुढ़ा का भी बड़ा रोल रहा है। राजेंद्र गुढ़ा ने कांग्रेस के वोट काटने का काम किया। खींवसर में मेलजोल में फंस गए हनुमान खींवसर के नतीजे भी चौंकाने वाले रहे। हनुमान बेनीवाल की पत्नी कनिका बेनीवाल यहां बीजेपी के रेवतराम डांगा से चुनाव हार गए। इसकी बड़ी वजह यह मानी जा रही है कि कांग्रेस के कुछ विधायकों ने यहां हनुमान को हरवाने के लिए बीजेपी में वोट शिफ्ट करवाए हैं। साल 2023 में रेवतराम को खींवसर में करीब 77 हजार वोट मिले थे। इस बार उन्होंने एक लाख 8 हजार 628 वोट लिए हैं। यानी पिछले चुनावों के मुकाबले उन्होंने करीब 41 हजार से ज्यादा वोट लिए। वहीं, उनकी निकटतम प्रतिद्वंदी कनिका बेनीवाल को 92,727 वोट मिले। कांग्रेस प्रत्याशी रतन चौधरी की यहां जमानत जब्त हो गई। उन्हें सिर्फ 5,454 वोट मिले हैं। देवली उनियारा में नरेश का फायदा बीजेपी को देवली-उनियारा सीट भी बीजेपी ने कांग्रेस से छीन ली है। यहां बीजेपी के राजेंद्र गुर्जर 41,121 वोटों के अंतर से चुनाव जीते हैं। हालांकि, इसकी बड़ी वजह थप्पड़ कांड के आरोपी निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा रहे। थप्पड़ कांड के बाद पूरे उनियारा में नरेश को लेकर मीणा वोटों का कंसोलिडेशन हो गया। इससे कांग्रेस के केसी मीणा नतीजों में तीसरे नंबर पर आ गए। नरेश 59,478 वोट लेकर दूसरे नंबर पर रहे। सलूंबर में आखिरी राउंड में हारी बीएपी सबसे रोचक मुकाबला सलूंबर सीट पर देखने को मिला। यहां 21 राउंड तक बीएपी आगे चल रही थी। लेकिन आखिरी राउंड में बाजी पलट गई और बीजेपी की शांता अमृतलाल मीणा 1,285 वोटों के अंतर से चुनाव जीत गई। सलूंबर एक मात्र सीट थी, जो उपचुनाव से पहले बीजेपी के पास थी। दौसा में किरोड़ी मीणा को मिला भितरघात दौसा में मैच फिक्स तो हुआ, लेकिन कांग्रेस के डीडी बैरवा के पक्ष में। बीजेपी के कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के भाई जगमोहन मीणा दौसा उपचुनाव हार गए। हारने के साथ ही जगमोहन ने बयान दिया, जब अपने ही बेवफा हो जाएं तो कोई क्या करें। डीडी बैरवा ने 2,300 वोटों के अंतर से जगमोहन को चुनाव हरा दिया। रामगढ़ में भी दिखी कांटे की टक्कर रामगढ़ सीट पर भी बार-बार समीकरण बदलते रहे। शुरुआत में कांग्रेस के आर्यन जुबेर 10 हजार वोटों तक की लीड़ ले गए थे। इसके बाद बीजेपी के सुखवंत ने वापसी की और राउंड पूरे होते-होते सुखवंत ने 13,614 वोटों से मुकाबला जीत लिया।

5934 पदों पर होगा चयन, राजस्थान-पशु परिचारक परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र जारी

जयपुर. राजस्थान कर्मचारी चयन आयोग (RSSB) ने पशु परिचारक या पशु परिचारक भर्ती परीक्षा, 2024 के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। इस परीक्षा में शामिल हेने वाले उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट (rsmssb.rajasthan.gov.in) या (rssb.rajasthan.gov.in) से RSSB पशु परिचारक एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। इस भर्ती अभियान के तहत 5934 पशु परिचारक के रिक्त पदों को भरा जाएगा। पशु परिचारक परीक्षा प्रवेश पत्र डाउनलोड करने के लिए अभ्यर्थियों को आवेदन संख्या और जन्म तिथि का उपयोग करना होगा।

रामगढ़ में टक्कर, राजस्थान-झुंझुनूं, खींवसर, देवली-उनियारा और सलूंबर में भाजपा जीती

झुंझुनूं. राजस्थान के सात सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे आज आ रहे हैं। भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर है। 2023 के विधानसभा चुनाव में इन सात सीटों में से चार पर कांग्रेस को सफलता मिली थी। वहीं, भाजपा महज एक सीट जीतने में सफल रही थी। बाकि बची दो सीटों पर एक पर BAP और एक पर हनुमान बेनीवाल को जीत मिली थी। राजस्थान में हुए उपचुनावों बीजेपी ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए तीन सीटों पर जीत पक्की कर ली है। रामगढ़ सीट पर फिलहाल कांटे का मुकाबला चल रहा है। देवली उनियारा में बीजेपी के राजेंद्र गुर्जर, झुंझुनूं में राजेंद्र भांबू और खींवसर में रेवतराम डांगा की जीत तय हो चुकी है। राजस्थान विधानसभा में बीजेपी विधायकों की संख्या बढ़ना तय हो गया है। उपचुनावों के नतीजे बीजेपी पक्ष में आ रहे हैं। कुल सात सीटों पर हुए उपचुनावों में से बीजेपी तीन पर जीत लायक बढ़त बना चुकी है। वहीं, रामगढ़ सीट पर बीजेपी के सुखवंत और कांग्रेस के आर्यन जुबेर के बीच कांटे की टक्कर चल रही है। हालांकि, 15 राउंड की गिनती में बीजेपी 2011 वोटों से लीड ले चुकी है। लेकिन अभी यहां सात राउंड और बचे हैं। सबसे ज्यादा चौंकाने वाले परिणाम झुंझुनूं और खींवसर में आए हैं। खींवसर में आरएलपी की कनिका बेनीवाल कड़े मुकाबले में बीजेपी के रेवतराम डांगा से पिछड़ गई हैं। हालांकि, खींवसर का चुनाव हनुमान बेनीवाल के चेहरे पर लड़ा गया था। लेकिन कांग्रेस कैंप के वोट भी यहां बीजेपी में शिफ्ट हुए हैं, जिसके चलते रेवतराम डांगा 2023 के चुनावों के मुकाबले इस बार कहीं ज्यादा वोट लेकर आए हैं। रेवतराम को 2023 में 77433 वोट मिले थे लेकिन इस बार वे 18 राउंड पूरे होते-होते 102043 वोट ले चुके हैं। वहीं कनिका बेनीवाल का प्रदर्शन भी अच्छा रहा। साल 2023 में हुए विधानसभा चुनावों में खींवसर सीट पर हनुमान 79492 वोट लेकर गए थे लेकिन कनिका 18वें राउंड तक 89833 वोट ले चुकी हैं। अकेले पड़े हनुमान खींवसर में हनुमान बेनीवाल इस बार अकेले पड़ गए। कांग्रेस कैंप के भी तमाम विधायकों की तरफ से उन्हें कोई सपोर्ट नहीं मिला। बल्कि कांग्रेस के खाते के वोट यहां बीजेपी में जाते नजर आए। कांग्रेस प्रत्याशी रतन चौधरी की यहां जमानत तक जब्त हो गई। यानी यह चुनाव पूरी तरह हनुमान को हराने के लिए ही लड़ा गया है। खींवसर सीट पर 16 राउंड की गिनती पूरी होने के बाद भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार रेवतराम से 11,000 से ज्यादा मतों से अपने निकटतम उम्मीदवार राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी की कनिका बेनीवाल से आगे चल रहे हैं, अभी चार राउंड की गिनती होना बाकी है। झुंझुनूं में खिला कमल, BJP प्रत्याशी राजेन्द्र भांबू की हुई जीत झुंझुनूं विधानसभा सीट पर इस बार भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार राजेन्द्र भांबू का पलड़ा भारी लग रहा है। भाजपा और कांग्रेस के बीच झुंझुनूं विधानसभा सीट को लेकर खींचातानी चल रही है। दोनों ही पार्टियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली है। इस सीट से बीजेपी से राजेन्द्र भांबू कांग्रेस से अमित ओला और निर्दलीय उम्मीदवार राजेन्द्र गुढ़ा के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है। इस सीट से बीजेपी से राजेन्द्र भांबू की जीत हुई है। झुंझुनूं विधानसभा सीट पर इस बार भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार राजेन्द्र भांबू का पलड़ा भारी रहा है। भाजपा और कांग्रेस के बीच झुंझुनूं विधानसभा सीट को लेकर खींचातानी चल रही है थी। दोनों ही पार्टियों के बीच कड़ी टक्कर देखने के आसर थे। लेकिन इस सीट पर शुरू में निर्दलीय प्रत्याशी और उसके बाद लगातार कांग्रेस बढ़त बनाती रही। बीजेपी से राजेन्द्र भांबू कांग्रेस से अमित ओला और निर्दलीय उम्मीदवार राजेन्द्र गुढ़ा के बीच त्रिकोणीय मुकाबला होने की सभी संभावनाएं भी फेल हो गए। उपचुनाव में कुल 69 उम्मीदवार मैदान में थे, जिनमें से सात विधानसभा क्षेत्रों में से प्रत्येक से एक विजेता का चयन किया जाएगा। इस सीट से बीजेपी से राजेन्द्र भांबू की जीत हुई है। झुंझुनूं विधानसभा सीट पर हर बार की तरह भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर देखने के कयास लगाए जा रहे थे, पर इस सीट पर एकतरफा भाजपा ने काफी बढ़त बनाई।पिछले कई चुनावों में बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला रहा है। वहीं, निर्दलीय उम्मीदवार राजेन्द्र गुढ़ा ने भी इस सीट पर जीत का परचम लहराने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी, जो मुकाबले को और भी रोचक बना रहे थे, पर अंत में त्रिकोणीय मुकाबला तो बना नहीं पर कांग्रेस को भारी नुकसान पहुंचा। झुंझुनूं में उपचुनाव के दौरान मतदान की गति धीमी रही। मतदान शांतिपूर्ण रहा, लेकिन आम चुनाव 2023 की तुलना में उत्साह कम नजर आया। वर्ष 2023 में 72.71 प्रतिशत मतदान हुआ था, जबकि उपचुनाव 2024 में 66.14 प्रतिशत मतदान हुआ। इस प्रकार कुल 6.57 प्रतिशत मतदान कम हुआ है। निर्दलीय प्रत्याशी ने मारी सेंध निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में राजेंद्र सिंह ने चुनाव मे लाल ठोकर कांग्रेस के मूल वोट मुस्लिम एससी एसटी में बड़ी सेंध मारी की है, जिसकी वजह से कांग्रेस का गढ़ माने जाने वाली इस सीट पर भाजपा को जीत हासिल हुई है। राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा के भाई एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी जगमोहन मीणा दौसा से चुनाव हार गए हैं। झुंझुनूं विधानसभा उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र भांबू 42,599 वोटों से जीत गए हैं। कहां से कौन चल रहा है आगे? साल 2023 के विधानसभा चुनाव के मुकाबले भाजपा को उपचुनावों में अब तक अच्छी खबर मिल रही है। झुंझुनूं, खींवसर से देवली उनियारा में बढ़त बनाए हुए है। वहीं, कांग्रेस की बात करें तो पार्टी दौसा और रामगढ़ में बढ़त बनाए हुए है। भारतीय आदिवासी पार्टी चौरासी और सलूंबर में बढ़त बनाए हुए है। बता दें कि 2023 में बाप के पास चौरासी थी।

बेहतर सड़क नेटवर्क हमारी प्राथमिकता: दिया कुमारी, राजस्थान-158 निकायों में सड़कें बनायेगा पीडब्लूडी

जयपुर। बजट घोषणा 2024—25 की क्रियान्विति में 158 नगरीय निकायों में 270 किमी. सड़कों का निर्माण सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा करवाया जाएगा। इसके लिए 158 निकायों में सड़क निर्माण के 728 कार्यों की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी कर ​दी गई है। उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा है कि प्रदेश में नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे, जिला सड़क, ग्रामीण सड़कों के साथ शहरी निकायों के सड़क नेटवर्क को विकसित कर प्रदेश को सड़क कनेक्टिविटी के मामले में देश में नम्बर वन बनाना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि बजट घोषणा के तहत 295 नगरीय निकायों में 317.50 करोड़ रुपए की लागत से सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा सड़कें बनाई जानी है। इन नगरीय निकायों के लिए जारी हुई स्वीकृति— 0- अजमेर जिले के नगरीय निकायों में 9 किमी सड़क निर्माण के 15 कार्यों के लिए 5 करोड़ रुपये, 0- केकड़ी जिले में 2.8 किमी सड़क के 13 कार्यों के लिए 1 करोड़ 80 लाख रुपये, 0- ब्यावर जिले में 4.9 किमी सड़क के 9 कार्यों के लिए 4 करोड़ रुपये, 0- भीलवाडा जिले में 7.4 किमी सड़क के 18 कार्यों के लिए 5 करोड़ 80 लाख रुपये, 0- शहपुरा जिले में 3.8 किमी सड़क के 5 कार्यों के लिए 3 करोड रुपये, 0- डीडवाना- कुचामन जिले में 18.6 किमी सड़क के 40 कार्यों के लिए 8 करोड़ रुपये, 0- करौली जिले में 6.8 किमी सड़क के 25 कार्यों के लिए 5 करोड़ 40 लाख रुपये, 0- बीकानेर में 8.5 किमी सड़क के 20 कार्यों के लिए 3 करोड़ 40 लाख रुपये, 0- हनुमानगढ़ जिले में 6.2 किमी सड़क के 10 कार्यों के लिए 7 करोड़ रुपये, 0- अनूपगढ़ जिले में 3.8 किमी सड़क के 10 कार्यों के लिए 5 करोड़ रुपये, 0- श्रीगंगानगर जिले में 16.1 किमी सड़क के 38 कार्यों के लिए 6 करोड़ 20 लाख रुपये, 0- चुरू जिले में 19.4 किमी सड़क के 46 कार्यों के लिए 13 करोड़ रुपये, 0- दूदू जिले में 2.5 किमी सड़क के 8 कार्यों के लिए 2 करोड़ 40 लाख रुपये, 0- कोटपुतली बहरोड़  जिले में 19.1 किमी सड़क के 80 कार्यों के लिए 9 करोड़ 40 लाख रुपये, 0- खैरथल तिजारा जिले में 13.1 किमी सड़क के 37 कार्यों के लिए 9 करोड़ 40 लाख रुपये, 0- सीकर जिले में 16.5 किमी सड़क के 41 कार्यों के लिए 8 करोड़ 40 लाख रुपये, 0- फलोदी जिले में 4.9 किमी सड़क के 2 कार्यों के लिए 2 करोड़ 40 लाख रुपये, 0- पाली जिले में 24.7 किमी सड़क के 58 कार्यों के लिए 13 करोड़ 40 लाख रुपये, 0- सिरोही जिले में 11.1 किमी सड़क के 29 कार्यों के लिए 7 करोड रुपये, 0- बाडमेर जिले में 5.5 किमी सड़क के 8 कार्यों के लिए 3 करोड रुपये, 0- बूंदी जिले में 7.4 किमी सड़क के 17 कार्यों के लिए 7 करोड़ 80 लाख रुपये, 0- बारां जिले में 8.1 किमी सड़क के 39 कार्यों के लिए 6 करोड़ 40 लाख रुपये, 0- झालाबाड़ जिले में 4.3 किमी सड़क के 15 कार्यों के लिए 6 करोड़ रुपये, 0- सवाई माधोपुर जिले में 7.7 किमी सड़क के 27 कार्यों के लिए 6 करोड़ 80 लाख रुपये, 0- उदयपुर जिले में 7.6 किमी सड़क के 12 कार्यों के लिए 5 करोड़ 20 लाख रुपये, 0- चितौडगढ़ जिले में 12.2 किमी सड़क के 41 कार्यों के लिए 7 करोड़ 40 लाख रुपये, 0- राजसमन्द जिले में 12.5 किमी सड़क के 31 कार्यों के लिए 5 करोड़ 40 लाख रुपये,   0- बांसवाडा जिले में 6.2 किमी सड़क के 21 कार्यों के लिए 4 करोड़ रुपये तथा 0- प्रतापगढ़ जिले के नगरीय निकायों में 7.3 किमी सड़क के 13 कार्यों के लिए     4 करोड़ 40 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई।

आयोग सदस्य प्रो. अय्यूब खान की अध्यक्षता में हुई बैठक, राजस्थान-माध्यमिक शिक्षा विभाग की डीपीसी आयोजित

जयपुर। माध्यमिक शिक्षा विभाग की डीपीसी बैठक का आयोजन आयोग सदस्य प्रो. अय्यूब खान की अध्यक्षता में किया गया। इस दौरान विभिन्न पदों हेतु के 11 हजार से अधिक शिक्षकों के पदोन्नति प्रकरणों पर विचार विमर्श किया गया बैठक दौरान वाइस प्रिंसिपल, हेडमास्टर, प्राध्यापक के पदों हेतु विभिन्न वर्षों की रिव्यू डीपीसी तथा विभिन्न विषयों के प्राध्यापक, 9 संभागों के पीटीआई एवं लाइब्रेरियन के पदों पर पदोन्नति हेतु वर्ष 2021-22, 2022-23 की नियमित डीपीसी की गई। बैठक में श्री मनीष गोयल, सना सिद्दीकी सहित विभिन्न संभागों के संयुक्त निदेशक इत्यादि भी उपस्थित रहे। सहायक आचार्य- हिंदी भर्ती के साक्षात्कार का चतुर्थ चरण  2से 13 दिसंबर तक जयपुर। राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा सहायक आचार्य (कॉलेज शिक्षा विभाग) प्रतियोगी परीक्षा- 2023 के अन्तर्गत हिंदी विषय के 214 पदों हेतु चतुर्थ चरण के साक्षात्कार का आयोजन 2 से 13 दिसंबर, 2024 तक किया जाएगा। आयोग सचिव ने बताया कि अभ्यर्थियों के साक्षात्कार-पत्र आयोग की वेबसाइट पर यथासमय अपलोड कर दिए जाएंगे। साक्षात्कार के समय अभ्यर्थी अपने समस्त मूल प्रमाण-पत्र मय फोटो प्रति साथ अवश्य लाएं अन्यथा साक्षात्कार से वंचित कर दिया जाएगा।

आयोजन की हुई तैयारी बैठक, राजस्थान में संविधान दिवस पर 26 को अंबेडकर सर्किल तक निकलेगी पदयात्रा

जयपुर। युवा मामले एवं खेल विभाग के शासन सचिव श्री नीरज कुमार पवन ने बताया कि संविधान के 75वें वर्षगांठ के उपलक्ष्य पर 26 नवंबर को संविधान क्लब से अंबेडकर सर्किल तक पदयात्रा का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पदयात्रा में 15 हजार से अधिक युवा भाग लेगे। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए युवा मामले एवं खेल विभाग के शासन सचिव नीरज कुमार पवन ने बुधवार को सवाई मान सिंह स्टेडियम में विभिन्न सहयोगी विभागों की बैठक ली। नीरज कुमार पवन ने कहा कि संविधान दिवस के गौरवशाली अवसर पर युवाओं की अधिकाधिक प्रतिभागिता सुनिश्चित की जावें। उन्होंने कार्यक्रम के भव्य आयोजन हेतु प्रतिभागियों के लिए जलपान, टी शर्ट, प्ले कार्ड, मोबाइल टॉयलेट्स के समुचित प्रबंध के साथ साथ सभी व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिये। बैठक में इसके लिये संबंधित विभागों को जिम्मेदारियां भी सौंपी गयी। यह होंगे आकर्षण कार्यक्रम में सेना, राजस्थान पुलिस, आरएसी एवं निजी विद्यालयों द्वारा बैंडवादन की प्रस्तुति दी जाएगी। इसके साथ ही पर्यटन विभाग के सहयोग से पदयात्रा मार्ग में विभिन्न स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। पदयात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर सेल्फी बूथ लगाये जायगे। इस अवसर पर पुलिस उपायुक्त (साउथ) श्री दिगंत आनंद सहित,  राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद राजस्थान युवा बोर्ड, खेल विभाग, नगर निगम, सूचना प्रौद्योगिक, चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, भारत हिंदुस्तान स्काउट, नेहरू संगठन के अधिकारी उपस्थित रहे।

भारतीय महापुरुषों को नमन कर जानीं संसदीय व्यवस्थाएं, राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष ने जापान की संसद देखी

जयपुर। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने मंगलवार को जापान की संसद नेशनल डाइट का अवलोकन किया। श्री देवनानी ने वहां की संसदीय व्यवस्थाओं की जानकारी ली। श्री देवनानी ने जापान संसद का भवन, सदन, दीर्घाएं, सदन में सदस्यों के बैठने की व्यवस्था, सदन की कार्य प्रणाली, अपर हाऊस, लोअर हाऊस, हां पक्ष व ना पक्ष लॉबी सहित विभिन्न कक्षों और सदस्यों की ऑन लाईन उपस्थिति का अवलोकन किया। देवनानी ने कहा कि जापान में सदन की प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमों और वहां की परम्पराओं और रीति-नीति के अनुसार होता है।देवनानी ने जापान की संसद में निचले सदन जिसे प्रतिनिधि सभा कहते है और उपरी सदन जिसे पार्षदों का सदन कहा जाता है, को देखा। जनता द्वारा सीधे चुने जाने वाले सदन के सदस्यों का यह सदन ​िद्वसदनीय विधान पालिका है। दोनों सदनों का चुनाव समान्तर मतदान से होता है। कानून बनाने के साथ- साथ प्रधानमंत्री का चुनाव करना भी संसद की जिम्मेदारी है। जापान संविधान के अनुसार संसद को देश की शक्ति का सर्वोच्च अंग माना गया है। सदन का समाहान और प्रतिनिधि सभा का विघटन वहां के सम्राट द्वारा मंत्रीमण्डल की सलाह पर किया जाता है। श्री देवनानी को संसद के अधिकारियों ने बताया कि ससंद के दोनों सदनों के स्थायी आदेश होते हैं और उनकी अपने सदस्यों को अनुशासन करने की जिम्मेदारी होती है। दोनों सदनों को मत्रियों को तलब करने का अधिकार भी मिला हुआ है। विदेशी धरती पर भारतीय महापुरुषों को नमन – राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने मंगलवार को जापान में स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा और महान क्रांतिकारी रास बिहारी बोस के समाधि स्थल पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। श्री देवनानी ने कहा कि भारत दुनिया की मजबूत अर्थव्यवस्था बन कर उभर रही है जो दुनिया को बदलने का आधार बन रही है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी द्वारा अतीत में किये गये कार्यों का परिणाम है कि भारत बहुध्रुवीयता की ओर बढ़ रहा है। राष्ट्रपिता को नमन करते हुए कहा कि महात्मा गांधी के बिना भारत को स्वतंत्र होने के लिये और लम्बा संघर्ष करना पड़ता। साथ ही श्री देवनानी ने कहा कि महान क्रांतिकारी श्री रास बिहारी बोस ने देश में ओर देश के बाहर रहकर अंग्रेजी शासन के विरुद्ध क्रांतिकारी गतिविधियों का संचालन किया। रामायण का जापानी भाषा का अनुवाद करने वाले श्री बोस ने टोक्यो में भारतीयों को संगठित करने का प्रयास किया। उन्होंने नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के नेतृत्व में आजाद हिंन्द फोज में रहकर भारत को आजाद कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। देवनानी बुधवार को आयेंगे जयपुर राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी चार देशों की यात्रा के बाद बुधवार को जयपुर लौटेगे। विधान सभा अध्यक्ष की लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं की इस अध्ययन यात्रा से विधान सभा को नई गति मिलेगी। श्री देवनानी ने कहा कि प्रत्येक देश और राज्य के विधान मण्डलों में स्थानीय व्यवस्थाओं के मुताबिक सदन संचालन की प्रक्रिया होती है, लेकिन हर विधान मण्डल में नई विशेषताएँ भी देखने को मिली है। यह विशेषताएँ सबंधित विधान मण्डल के नवाचार होते हैं जो अन्य विधान मण्डलों के लिए मार्ग दर्शक साबित हो सकते है।

राजस्थान में प्रदूषण के कारण स्कूलों में छु्ट्टी, 300 के पार पहुंचा AQI; जानिए आदेश

जयपुर राजस्थान में प्रदूषण अब एक बड़ा खतरा बनता जा रहा है. राजस्थान के इतिहास में पहली बार प्रदूषण के कारण सरकार को स्कूल बंद करने का फैसला लेना पड़ा है. राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले में प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर तक पहुंचने के कारण, जिला प्रशासन ने स्कूलों में 20 से 23 नवंबर तक छुट्टी घोषित की है. यह आदेश राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के बाद लिया गया है. ख़तरनाक AQI के कारण स्कूलों में अवकाश जिला कलक्टर किशोर कुमार ने आदेश जारी कर बताया कि खैरथल-तिजारा में स्थित सभी राजकीय और गैर-राजकीय विद्यालयों में 20 से 23 नवंबर तक पांचवीं कक्षा तक के बच्चों के लिए अवकाश घोषित किया गया है. उन्होंने यह भी बताया कि शिक्षकों को बच्चों की पढ़ाई में किसी भी प्रकार की बाधा न हो, इसके लिए ऑनलाइन कक्षाओं का आयोजन करना होगा. इस दौरान स्कूलों में शिक्षकों की छुट्टी नहीं होगी और वे स्कूल आकर बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाएंगे. यह आदेश सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण के कारण लिया गया है. ग़ौरतलब है कि राजस्थान में सर्दी बढ़ने के साथ ही करीब 25 से ज्यादा जिलों में एक्यूआई ख़तरनाक स्तर पर पहुंच चुका है. यहां कि कई जिले खतरनाक स्तर पर प्रदूषित हो चुके हैं. राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार, इस समय राजस्थान के कई प्रमुख जिले जैसे झुंझुनूं, भिवाड़ी, करौली और बीकानेर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 300 से भी ज्यादा दर्ज किया गया है. झुंझुनूं का AQI 432, बहरोड़ का 350, भिवाड़ी का 348 और अलवर का 175 तक पहुंच चुका है, जो एक गंभीर स्थिति को दर्शाता है. राजस्थान-दिल्ली में आरोप प्रत्यारोप दिल्ली के मुख्यमंत्री आतिशी ने दिल्ली के बढ़ते प्रदूषण के लिए राजस्थान को भी दोषी ठहराया था मगर राजस्थान सरकार का कहना है कि राजस्थान की आबो हवा दूसरे राज्यों की वजह से ख़राब हुई है. राजस्थान में न तो पराली जलाई जाती है और न ही इतनी फैक्ट्रियां हैं जिनकी वजह से प्रदूषण हो. इस बीच, सरकार ने लोगों से प्रदूषण को लेकर सतर्क रहने और मास्क पहनने जैसी सावधानियां बरतने की अपील की है, ताकि प्रदूषण से होने वाली समस्याओं से बचा जा सके. जानें आदेश में क्या? कलक्टर की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश व दिल्ली-एनसीआर में एक्यूआई 450 पार जाने के बाद राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने प्रारंभिक शिक्षा निदेशक, बीकानेर को आदेश जारी किए थे। उसी के अनुसरण में खैरथल-तिजारा में स्थित सभी राजकीय और गैर राजकीय विद्यालयों में प्राथमिक कक्षाओं के लिए 20 नवंबर से 23 नवंबर तक भौतिक अवकाश घोषित किया जाता है। इस दौरान शिक्षक विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन क्लास संचालित करने की व्यवस्था करेंगे। यह आदेश केवल विद्यार्थियों के लिए ही लागू होगा।  

हमारा लक्ष्य विदेशी और घरेलू पर्यटक बढ़ाना है: दिया कुमारी, राजस्थान-पर्यटन ने जीते दो प्रतिष्ठित पुरस्कार

जयपुर। राजस्थान पर्यटन को कॉन्डे नेस्ट ट्रैवलर रीडर्स ट्रैवल अवार्ड्स के दौरान दो प्रतिष्ठित श्रेणियों में पुरस्कार दिया गया है। राज्य को ‘फेवरेट लीज़र डेस्टिनेशन इन इंडिया’ और ‘फेवरेट इंडियन स्टेट फॉर रोड ट्रिप्स’ पुरस्कार से नवाजा गया है। ‘फेवरेट इंडियन स्टेट फॉर रोड ट्रिप्स’ का अवार्ड राजस्थान को मिला है। जबकि फेवरेट लीज़र डेस्टिनेशन इन इंडिया’ का रनरअप अवार्ड उदयपुर को मिला है। पुरस्कार मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए, उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि यह हर्ष का विषय है कि राजस्थान को दो अलग-अलग श्रेणियों में प्रतिष्ठित कॉन्डे नास्ट ट्रैवलर रीडर्स ट्रैवल अवार्ड्स 2024 प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि विभिन्न ट्रैवल मार्ट और प्रदर्शनियों में सक्रिय भागीदारी के माध्यम से वैश्विक स्तर पर राजस्थान पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हमारी प्रतिबद्धता दृढ़ है। हमारा लक्ष्य राजस्थान में विदेशी और घरेलू पर्यटकों की संख्या बढ़ाना है। पर्यटन विभाग के सचिव श्री रवि जैन ने इन पुरस्कारों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कॉन्डे नेस्ट ट्रैवलर रीडर्स ट्रैवल अवार्ड्स हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री में एक बेंचमार्क स्थापित करता है। यात्रियों द्वारा चुने गए, ये पुरस्कार दर्शाते हैं कि राजस्थान वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक लोकप्रिय डेस्टिनेशन है। श्री जैन ने कहा कि राजस्थान पर्यटन को मिलने वाले पुरस्कार, प्रदेश पर्यटन के ध्येय वाक्य पधारो म्हारे देश को चरितार्थ करते हैं। देशी, विदेशी पर्यटकों ने घूमा जयपुर, जोधपुर व उदयपुर — इस साल जनवरी से लेकर सितम्बर तक जयपुर, जोधपुर व उदयपुर घूमने आने वाले घरेलु पर्यटकों की संख्या एक करोड के पार जा चुकी है। बीते आठ महीने में 16817114 देशी पर्यटक राजस्थान के इन तीन जिले में पहुंचे। वहीं इन तीनों जिलों में विदेशी सैलानियों की संख्या आठ लाख के पार पहुंची, 875940 विदेशी पावणे जयपुर, जोधपुर व उदयपुर पहुंचे। राजस्थान में पर्यटन की दृष्टि से प्रमुख जिलों जैसे जयपुर, जोधपुर व उदयपुर में घरेलू व विदेशी पर्यटकों की संख्या से अंदाजा लगाया जा सकता है कि राजस्थान पर्यटन देसी-विदेशी पर्यटकों की पहली पसंद है।  इस साल जनवरी से लेकर सितम्बर तक जयपुर जिले में 8869703 घऱेलू पर्यटक आए वही विदेशी मेहमानों की संख्या 413401 रही। जोधपुर जिले में देश से 1786619 सैलानी आए वहीं विदेशी सैलानियों की संख्या 133806 रही। उदयपुर में 6160792 देशी पर्यटकों ने घूमा वहीं यहां आने वाले विदेशी पावणों की संख्या 328733 रही। महीना    जयपुर ग्रामीण    शहर पर्यटक घरेलू    विदेशी    घरेलू    विदेशी जनवरी    243500    454    997066    70691 फरवरी    223000    431    820281    96489 मार्च    271500    345    1132417    82657 अप्रेल    923000    0    599764    39835 मई    107000    53    399499    18533 जून    13000    40    508835    11779 जुलाई    281500    36    684395    22148 अगस्त    196000    50    647472    34347 सितम्बर  202000    17    619474    35496 महीना    जोधपुर ग्रामीण    शहर पर्यटक    घरेलू    विदेशी    घरेलू    विदेशी जनवरी    12400    280    293103    23508 फरवरी    15700    438    204282    29231 मार्च    15100    465    180642    29803 अप्रेल    14350    212    102936    11389 मई    13500    107    97796    3869 जून    12700    31    101513    1803 जुलाई    29900    106    110769    6246 अगस्त    32200    194    196379    15504 सितम्बर    194600    0    158749    10620 महीना    उदयपुर शहर पर्यटक    घरेलू    विदेशी जनवरी    953343    60251 फरवरी    600301    48329 मार्च    678454    51495 अप्रेल    431603    26531 मई    547663    26205 जून    577978    24803 जुलाई    697134    26556 अगस्त    808921    31816 सितम्बर    865395    32747

48 हजार पदों पर प्रक्रियाधीन है भर्ती, राजस्थान-मुख्यमंत्री ने ली चिकित्सा विभाग की समीक्षा बैठक

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश की जनता को सस्ती, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। हम अन्तिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए संकल्पित हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग आमजन से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ विभाग है, इसलिए स्वास्थ्य से जुड़ी राज्य सरकार की बजटीय घोषणाओं को प्रभावी कार्ययोजना के साथ त्वरित गति से पूरा किया जाए, जिससे ‘आपणो स्वस्थ राजस्थान’ की संकल्पना साकार हो। शर्मा मुख्यमंत्री कार्यालय में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर भी मौजूद रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में लगभग 48 हजार पदों पर भर्ती की प्रक्रिया मिशन मोड़ पर चल रही है तथा अब तक लगभग 8 हजार पदों पर नियुक्तियां दी जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग में खाली पड़े पदों पर आवश्यकतानुसार चरणबद्ध रूप से भर्ती की जाए तथा न्यायालय में लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण करवाकर नियुक्तियां दी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटे शहरों और कस्बों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने प्रदेशभर में आयुष्मान मॉडल सीएचसी बनाने का निर्णय लिया है। इससे न केवल निचले स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी बल्कि बड़े अस्पतालों पर भार भी कम होगा। उन्होंने अधिकारियों को इन मॉडल सीएचसी का काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना का करें व्यापक प्रचार-प्रसार — मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत आमजन को निःशुल्क इलाज उपलब्ध करवाया जा रहा है। हमने इस योजना के तहत पीडियाट्रिक पैकिज शामिल करने, कुछ पैकेज की दरों को तर्कसंगत बनाने तथा पोर्टिबिलिटी सुविधाओं को शामिल करने का निर्णय लिया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना में जो नए प्रावधान जोड़े गए हैं, उनका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत चिकित्सा के आधारभूत ढ़ांचे को मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में संचालित सभी आयुष्मान आरोग्य मन्दिरों में प्रमुख 12 सेवाएं मिलना सुनिश्चित किया जाए। श्री शर्मा ने कहा कि राजस्थान डिजीटल हैल्थ मिशन के तहत प्रदेशवासियों का स्वास्थ्य रेकार्ड डिजिटल रूप से संधारित करने के लिए अभियान चलाकर प्रदेश के हर व्यक्ति की आभा आई डी बनाई जाए। मिलावटखोरों पर हो सख्त कार्रवाई — मुख्यमंत्री ने चिकित्सा विभाग द्वारा संचालित ‘शुद्ध आहार, मिलावट पर वार’ अभियान की समीक्षा करते हुए कहा कि मिलावटखोरों द्वारा राज्य की जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से अभियान में तेजी लाते हुए मिलावटखोरों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। श्री शर्मा ने कहा कि चिकित्सा विभाग के अधीन संचालित राजस्थान मेडिकल कॉन्सिल, पैरा मैडिकल कॉन्सिल सहित अन्य सभी संस्थाओं के कामकाज की नियमित समीक्षा की जाए तथा किसी भी तरह की अनियमितता पाई जाने पर उचित कार्रवाई की जाए। उन्होंने व्यवस्थाओं में सुधार के लिए तकनीकी नवाचार अपनाने पर भी जोर दिया। स्वास्थ्य के कई मानकों में राजस्थान देश में बेहतर — बैठक में प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्रीमती गायत्री ए. राठौड़ ने चिकित्सा विभाग की योजनाओं, कार्यक्रमों एवं नवाचारों की प्रस्तुतिकरण के माध्यम से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य के कई मानकों में राजस्थान राष्ट्रीय औसत एवं कई बड़े राज्यों की तुलना में बेहतर स्थिति में है। राज्य में शिशु एवं मातृ मृत्यु दर में विभाग के प्रयासों से उल्लेखनीय गिरावट आई है। संस्थागत प्रसव के मामले में राजस्थान देश में अग्रणी है। राष्ट्रीय सिकल सैल एनीमिया उन्मूलन मिशन के तहत स्क्रीनिंग में राजस्थान देश में प्रथम स्थान पर है। निःशुल्क दवा योजना में भी दवाओं एवं सूचर्स की संख्या में वृद्धि की गई है। बैठक में केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन, अस्पतालों की नियमित मॉनिटरिंग, मौसमी बीमारियों की रोकथाम सहित कई विषयों पर चर्चा की गई। इस दौरान मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री) श्री शिखर अग्रवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त श्री अखिल अरोड़ा, प्रमुख सचिव (मुख्यमंत्री) श्री आलोक गुप्ता, शासन सचिव चिकित्सा शिक्षा श्री अम्बरीश कुमार, मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. भारती दीक्षित, सीईओ स्टेट हेल्थ एश्योरेंस ऐजेंसी श्रीमती प्रियंका गोस्वामी, प्रबंध निदेशक आरएमएससी श्रीमती नेहा गिरी, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा श्री इकबाल खान, निदेशक आईईसी श्री शाहीन अली खान, निदेशक जन स्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश माथुर, सहित वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद रहे।

लाख से बनी चूड़ियां और सामग्री बनीं आकर्षण, राजस्थान-प्रगति मैदान में सजा 43वां भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला

जयपुर। नई दिल्ली के प्रगति मैदान में चल रहे अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मेला के राजस्थान पवेलियन में लाख की चूडियों एवं लाख से बनी अन्य वस्तुएं दर्शकों विशेषकर महिलाओं को अपनी और खूब आकर्षित कर रही है। राजस्थान मंडप के स्टॅाल न. 3 व 6 में जयपुर से आए लाख के कारीगर श्री इस्लाम अहमद ने बताया कि भारतीय संस्कृति में लाख को बहुत ही शुभ माना जाता है, विशेषतौर पर भारतीय नारियों में इसे सुहाग का प्रतीक माना जाता है। लाख से बनी चूडीयां पहनकर स्त्रियां अपने पति की लम्बी आयु की कामना करती हैं। वे बताते हैं कि लाख हमारे जीवन में महत्वपूर्ण स्थान रखती है। शादी या विवाह का अवसर हो या मकान की नींव भरने का समय, बच्चे के जन्म का मौका हो या सगाई इत्यादि के अवसर पर लाख की चूडीयां, दुल्हन को सुहाग के प्रतीक के रूप में पहनना अनिवार्य समझा जाता है। शादी तथा तीज त्यौहारों, होली, दिवाली व अनेक खुशी के अवसरों पर लाख की चुड़ियों का तथा लाख की अन्य वस्तुओं का आदान- प्रदान किया जाता है। लाख को सोने के जेवरों में भी भरा जाता है। श्री अहमद ने बताया कि मेरे वालिद के पिता ने ही भारत सरकार द्वारा स्थापित निर्यात केन्द्रों एवं रिटेल शाप्स पर सर्वप्रथम लाख का सामान बनाकर दिया था। उन केन्द्रों के माध्यम से पूरे भारत वर्ष के सरकारी रिटेल कांउटरों तथा विदेशों में लाख से निर्मित वस्तुएं भेजी गई। उन्होंने बताया कि विश्व के कई राष्ट्राध्यक्षों को उनके जयपुर आगमन पर इनके परिवार की ओर से लाख निर्मित वस्तुएं भेंट की गई। उन्होंने बताया कि उनके वालिद लाख से पैन और फैन्सी आइटम बनाने का कार्य करते रहे। हाथ में पहनने वाले लाख के मोटे कड़े पर ”डासिंग पीकाक” तथा ”मछली” का काम एक नायाब कारीगरी है जो कि उन्होंने स्वयं तैयार की है। उन्होंने बताया कि आज लाख कला सामाजिक जीवन का महत्वपूर्ण अंग है। फिर चाहे लाख की चूडीयां हों या सजावटी या दैनिक उपयोग की वस्तु सभी में यह प्रयोग किया जाता है। इनमें अगरबत्ती स्टेण्ड,हाथी घोड़ा, ऊंट, एस्टरे, चाबी के छल्ले, फोटो फ्रेम, शीशा, ज्वैलरी बाक्स फ्रुट प्ले, टेबल डायरी, ग्लास इत्यादि चीजें ही क्यों न हो, लाख कला जगत को ये सब वस्तुएं उन्हीं के परिवार की देन हैं।

पिता के ढाबे में ग्राहक बनकर पहुंची पुलिस, राजस्थान-जोधपुर से रीट पेपर लीक की आरोपी इमरती गिरफ्तार

जोधपुर. जोधपुर रेंज की स्पेशल साइक्लोनर टीम ने 2021 के बहुचर्चित रीट पेपर लीक घोटाले में तीन साल से फरार चल रही इमरती बिश्नोई को गिरफ्तार कर लिया है। इमरती अपने पिता के ढाबे पर छिपकर रह रही थी। पुलिस के लिए ये एक बड़ी गिरफ्तारी है, क्योंकि इमरती तीन बार पुलिस को चकमा देकर भाग चुकी है। उस पर 25 हजार का इनाम भी घोषित किया जा चुका है। इमरती को पकड़ने के लिए पुलिस ने इस बार बड़ी चालाकी से काम लिया। इस बार पुलिस ने दो-दो सदस्यीय टीमों को ग्राहक बनाकर ढाबे पर भेजा। ढाबे के पीछे रहने के लिए इमरती ने एक छिपा हुआ ठिकाना बना रखा था। टीम ने योजनाबद्ध तरीके से मौके पर पहुंचकर इमरती को दबोच लिया। जोधपुर रेंज आईजी विकास कुमार ने बताया कि उमरलाई निवासी इमरती बिश्नोई के खिलाफ 2021 की रीट परीक्षा के दौरान फर्जीवाड़े का मामला दर्ज हुआ था। मौके से पुलिस ने उसके दस्तावेज और परीक्षा प्रवेश पत्र बरामद किए थे, जिसमें कंप्यूटर की मदद से छेड़छाड़ की गई थी। जांच में सामने आया कि इमरती से पहले परीक्षा में फर्जी अभ्यर्थी बैठाने का ठेका छमी बिश्नोई ने लिया था। छमी को पुलिस ने तीन महीने पहले वृंदावन से गिरफ्तार किया था। इस मामले में पूर्व में संगीता, किरण और भंवरी सहित कई अन्य आरोपियों को भी पुलिस ने पकड़ा था। पुलिस इमरती बिश्नोई से पूछताछ कर रही है। उम्मीद है कि इससे रीट पेपर लीक घोटाले के अन्य पहलुओं पर प्रकाश पड़ेगा और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य दोषियों को भी गिरफ्तार किया जा सकेगा।

राजनीतिक रूप से हैं अहम, राजस्थान-सरकार लेगी उपचुनाव नतीजों के बाद चार बडे़ फैसले

जयपुर. राजस्थान की भाजपा सरकार विधानसभा चुनावों के नतीजों के बाद कुछ बड़े फैसले ले सकती है। इनमें सबसे संवेदनशील निर्णय एसआई भर्ती परीक्षा को लेकर लेना होगा। हालांकि हाईकोर्ट ने एक दिन पहले ही भर्ती परीक्षा को लेकर बड़ा निर्णय दिया है। जिसमें कोर्ट ने इस भर्ती परीक्षा में ट्रेनीज की पॉसिंग आउट परेड और फील्ड पोस्टिंग पर स्टे लगा दिया है। दूसरा, पिछली सरकार के समय बने नए जिले और तीसरा पिछली सरकार के कार्यकाल के अंतिम समय में हुए फैसले। इनके साथ ही प्रदेश में वन स्टेट वन इलेक्शन के मामले में भी तस्वीर साफ होने की उम्मीद की जा रही है। राज्य सरकार ने उपरोक्त तीनों फैसलों के लिए मंत्रियों की कमेटियां गठित की हुई है। ये कमेटियां अपना काम लगभग पूरा भी कर चुकी हैं। एसआई भर्ती परीक्षा को लेकर को कमेटी की रिपोर्ट मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा तक पहुंच भी चुकी है। माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में इन तीनों ही मामलों पर सरकार का फैसला सामने आ जाएगा। इस बीच सरकार के गठन के एक वर्ष के कार्यक्रम भी शुरू होने हैं और राइजिंग राजस्थान इन्वेस्टमेंट समिट भी होनी है। ऐसे में कुछ फैसले इन दो बडे़ आयोजनों से पहले और कुछ बाद में आ सकते हैं। एसआई भर्ती परीक्षा एसआई भर्ती परीक्षा रद्द की जानी या नहीं, इस मामले में विधि मंत्री जोगाराम पटेल की अध्यक्षता में गठित मंत्रियों की कमेटी का काम पूरा हो चुका है और सूत्रों की मानें तो कमेटी अपनी रिपोर्ट सीएम भजनलाल शर्मा को सौंप भी चुकी है। फैसला सीएम के स्तर पर ही होना है। माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट पर कैबिनेट की आगामी बैठक में चर्चा हो सकती है और यह फैसला कभी भी सामने आ सकता है। इस मामले में सरकर की दुविधा यही है कि परीक्षा रद्द की जाती है तो चयनित अभ्यर्थी कोर्ट का रूख करेंगे। वहीं रद्द नहीं किए जाने की स्थिति में बड़ी संख्या में युवाओं और सरकार के मंत्री किरोड़ीलाल मीणा की नाराजगी सामने आ सकती है। नए जिलों पर फैसला पिछली सरकार के समय बनाए गए 17 नये जिलों के भविष्य को लेकर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की अध्यक्षता में गठित मंत्रियों की समिति भी अपना काम लगभग पूरा कर चुकी है। बताया जा रहा है कि पांच छोटे जिलों को फिर से पुराने जिलों में मर्ज किया जा सकता है। इस बारे में सरकार को 31 दिसंबर तक हर हाल में अपना फैसला करना है, क्योंकि इस के बाद जनगणना कार्य के लिए जिलों की सीमाएं सील कर दी जाएंगी। माना जा रहा है कि चूंकि इस फैसले का कुछ विरोध सामने आ सकता है, इसलिए सरकार की पहली वर्षगांठ के आयोजन पूरे होने के बाद इस बारे में फैसला सार्वजनिक किया जा सकता है। पिछली सरकार के फैसलों को निरस्त करना पिछली सरकार के कार्यकाल के अंतिम समय में किए गए फैसलों की समीक्षा के लिए चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिह खींवसर की अध्यक्षता में गठित समिति का काम भी लगभग पूरा हो चुका है। समिति जल्द ही अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। समिति ने पिछली सरकार के समय हुए भूमि आवंटनों सहित कई फैसलों को देखा है। सामाजिक संस्थाओं को छोड़ कर भूमि आवंटन से ज्यादातर मामलों पर सरकार की गाज गिर सकती है। वन स्टेट वन इलेक्शन निकाय चुनावों से पहले वन स्टेट वन इलेक्शन को लेकर भी राज्य सरकार को फैसला करना है, हालांकि इस फैसले के लिए अभी सरकार के पास कुछ समय रहेगा। प्रदेश की जिन 49 निकायों का कार्यकाल इस माह पूरा हो रहा है उनमें प्रशासक लगना लगभग तय है, क्योंकि अब चुनाव का समय ही नहीं बचा है। वहीं, जनवरी में छह हजार से ज्यादा पंचायतों का कार्यकाल भी समाप्त हो जाएगा। माना जा रहा है कि इनमें भी सरकार प्रशासक लगा कर इसके बाद इस वन स्टेट वन इलेक्शन पर फैसला कर सकती है।

वास्तु संस्कृति के संरक्षण में सबकी भागीदारी, राजस्थान-जयपुर के स्थापना दिवस पर राज्यपाल ने दी बधाई

जयपुर। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने विश्व के सबसे सुनियोजित रूप में बसाए गए जयपुर शहर के स्थापना दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी है। राज्यपाल ने कहा कि जयपुर विश्वभर में भारतीय वास्तु संस्कृति का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि नगर-नियोजन के पुरोधा विद्याधर भट्टाचार्य ने विश्व विरासत में सम्मिलित जयपुर जैसा सुव्यवस्थित और आधुनिक नगर बसाया था। राज्यपाल ने स्थापना दिवस पर शहर की वास्तु संस्कृति और सौंदर्य के साथ स्वच्छता के लिए सभी की भागीदारी का आह्वान किया है। वहीं, नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित 14 दिवसीय भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला में सोमवार को राजस्थान दिवस समारोह का आयोजन किया जाएगा। जिसमें राजस्थान के विभिन्न अंचलों से आए लोक कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक संध्या में प्रसिद्ध लोकनृत्यों और गायन की प्रस्तुति दी जाएगी। यह सांस्कृतिक संध्या प्रगति मैदान के हॉल न. 5 के सामने स्थित एमफी थियेटर में सांय 6 बजे से आयोजित की जाएगी। लगभग 2 घंटे चलने वाली इस संध्या में जहां एक ओर जयपुर से आए लोक कलाकारों द्वारा चरी नृत्य और भवई नृत्यों का प्रदर्शन किया जाएगा वहीं दूसरी ओर बाड़मेर और भरतपुर से आए कलाकारों द्वारा क्रमशः खड़ताल और भपंग का वादन किया जाएगा। इसी प्रकार पाली से आए लोक कलाकारों द्वारा तेरहताल नृत्य और जोधपुर से आए कलाकारों द्वारा कालबेलिया नृत्यों की प्रस्तुति दी जाएगी। घूमर नृत्य की प्रस्तुति दिल्ली के कलाकारों द्वारा दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि 14 नवम्बर से प्रारंभ हुए भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला में राजस्थान मंडप का शुभारंभ प्रदेश के मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत द्वारा किया गया था।

टोक्यो में मंदिर दर्शन और स्नेह मिलन, राजस्थान-विधानसभा अध्यक्ष देवनानी पहुंचे जापान

जयपुर। राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी रविवार को जापान पहुंचे। श्री देवनानी ने जापान के टोक्यो में दिन की शुरुआत मंदिर में दर्शन कर पूजा अर्चना करके की । इस्कॉन मंदिर में आयोजित प्रातः कालीन भजन कार्यक्रम हरे रामा हरे कृष्णा में श्री देवनानी शामिल हुए। श्री देवनानी ने मंदिर में मौजूद प्रवासी भारतीयों से सनातन परंपरा पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए शिक्षा आवश्यक है। साथ ही संस्कारवान होना भी जरूरी है ताकि हम बेहतर इंसान बन सके और दुनियाभर में इंसानियत के व्यवहार का प्रसार कर सके। श्री देवनानी के सम्मान में टोक्यो में हिंदू स्वयं सेवक संघ ने स्नेह मिलन का आयोजन किया। श्री देवनानी ने युवाओं का आव्हान किया कि भविष्य की चुनौतियों से मुकाबला करने के लिए स्वयं को तैयार करना होगा। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को विश्व बंधुत्व की भावनाओं के अनुरूप मानवता, सहिष्णुता, धैर्य जैसे गुणों  का जीवन में समावेश करना होगा। श्री देवनानी ने कहा की विश्व बंधुत्व आवश्यक है। समग्र चेतना का जागरण आज की आवश्यकता है। भारतीय संस्कृति को कोई समाप्त नहीं कर सकता है। युवाओं को भारतीय संस्कृति और संस्कारों से जुड़े रहने के लिए सतत प्रयास करने होंगे। हमारे आदर्श, हमारे महापुरुष और हमारी महान संस्कृति हमें सुदृढ़ बनाती है। मानवीय मूल्यों के आचरण से व्यक्ति का कद ऊंचा होता है। श्री देवनानी ऑस्ट्रेलिया में आयोजित राष्ट्र मण्डल संसदीय संघ के 67  वें सम्मेलन में राजस्थान का प्रतिनिधित्व कर रहें हैं। श्री देवनानी ऑस्ट्रेलिया में सम्मेलन में भाग लेने के बाद राष्ट्र मण्डल संसदीय संघ के पोस्ट कॉन्फ्रेस स्टडी ट्यूर के तहत इण्डोनेशिया, सिंगापुर के बाद जापान की यात्रा पर है। इस अध्ययन यात्रा के दौरान श्री देवनानी इन देशों में भारत के राजदूतों से मुलाकात करने के साथ विधायी निकायों का अवलोकन भी कर रहे हैं। संसदीय प्रतिनिधियों से लोकतांत्रिक मूल्यों के सुदृढीकरण से संबंधित विभिन्न विषयों पर विचार विमर्श कर रहे हैं । श्री देवनानी राष्ट्रमंडल संसदीय संघ की भारत क्षेत्र की कार्यकारी समिति के सदस्य भी है। श्री देवनानी विभिन्न देशों के विधान मण्डलों के प्रतिनिधि मण्डलों को राजस्थान विधान सभा में किये गए नवाचारों की जानकारी दे रहे हैं। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री देवनानी इस विदेश यात्रा के दौरान ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, सिंगापुर और जापान में रहने वाले प्रवासी राजस्थानियों, शिक्षाविदों, विभिन्न सामाजिक संगठनों और सिंधी समाज के प्रबुद्धजन से भी मुलाकात कर रहे हैं। श्री देवनानी ने जापान में टोक्यो स्थित सेंशसूजी टेंपल,ओरेवा में स्टेच्यू ऑफ़ लिबर्टी, रेनबो ब्रिज, टोक्यो टावर और टोक्यो स्काईट्री का अवलोकन किया। श्री देवनानी ने वहां की तकनीक का भी अध्ययन किया।

युवा-किसा-मजदूर कल्याण में हैं प्रतिबद्ध, राजस्थान-मुख्यमंत्री ने की सरकार की पहली वर्षगांठ के कार्यक्रमों की समीक्षा

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं, किसानों, महिलाओं व मजदूरों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में राज्य सरकार अपनी पहली वर्षगांठ के अवसर पर प्रदेश में विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण के साथ ही युवाओं, किसानों, महिलाओं व श्रमिकों को विशेष सौगातें देने जा रही है। राज्य स्तर से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों एवं राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के सफल आयोजन के लिए सभी विभाग तैयारियों में तेजी लाएं एवं आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। शर्मा मुख्यमंत्री निवास पर विभिन्न विभागों के उच्च स्तरीय अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विभाग तय समय पर अपने विभाग से संबंधित गतिविधियों की बिन्दुवार समीक्षा करें एवं नियमित रूप से उनकी मॉनिटरिंग करते हुए तैयारियों को अंतिम रूप दें। सचिव अपने प्रभार वाले जिलों के एमओयू की करें मॉनिटरिंग बैठक में मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के तहत विभिन्न विभागों एवं जिला स्तर पर आयोजित की जा रही प्री-समिट में होने वाले एमओयू को धरातल पर लागू किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी प्रभारी सचिव अपने विभाग एवं अपने प्रभार वाले जिलों में किए गए एमओयू की मॉनिटरिंग करें। रोजगार उत्सव की तैयारियों को दें अंतिम रूप श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार वर्षगांठ के अवसर पर प्रदेश के युवाओं को रोजगार उत्सव के तहत करीब 30 हजार युवाओं को नियुक्तियां देने और 70 हजार से अधिक नई भर्तियों की सौगात देने जा रही है। उन्होंने संबंधित विभागों को विज्ञप्ति जारी करने संबंधी कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने इस दौरान दी जाने वाली नियुक्तियों की स्थिति को लेकर भी समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अवसर पर बिजनेस इनोवेशन प्रोग्राम, अटल एंटरप्रिन्योरशिप प्रोग्राम, आई-स्टार्ट के अंतर्गत लीप (लर्न एण्ड प्रोग्रेस) प्रोग्राम, टीओपी (टारगेट ओलंपिक पोडियम) योजना एवं स्पोर्ट्स लाइफ इंश्योरेंस स्कीम का भी शुभारंभ किया जाएगा। उन्होंने संबंधित विभागों से इस संबंध में प्रगति की जानकारी ली। श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक जिले में एक उपज, एक वानस्पतिक प्रजाति, एक उत्पाद, एक पर्यटन स्थल एवं एक खेल पर विशेष रूप से फोकस करते हुए पंच-गौरव कार्यक्रम प्रारम्भ किया जा रहा है। प्रभारी सचिव अपने प्रभार वाले जिलों के लिए इन श्रेणियों में चिन्हित तत्वों के संबंध में भी कार्यवाही करें। महिलाओं और श्रमिकों को मिलेगा आर्थिक सम्बल मुख्यमंत्री ने प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के तहत 1 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने, 10 हजार स्वयं सहायता समूहों को रिवॉल्विंग फंड और कम्यूनिटी इन्वेस्टमेंट फंड से आर्थिक सहायता देने, 45 लाख स्वयं सहायता समूह सदस्यों को आर्थिक सम्बल देने के क्रम में राजसखी पोर्टल की शुरूआत करने, मुख्यमंत्री अमृत आहार योजना का शुभारंभ करने, लाड़ो प्रोत्साहन योजना अंतर्गत प्रथम किश्त का हस्तांतरण सहित विभिन्न योजनाओं की तैयारियों को लेकर समीक्षा की। साथ ही, उन्होंने श्रमिक कल्याण की दिशा में भवन एवं अन्य संनिर्माण से जुड़े 1.5 लाख श्रमिकों को 150 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरण, स्कूटी वितरण, निःशक्तजनों को सहायक सामग्री व सहायता उपकरण उपलब्ध कराने संबंधी कार्यक्रमों की भी जानकारी ली। 25 हजार करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास बैठक में श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। इस सरकार के 1 साल पूरा होने के उपलक्ष पर किसानों को मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि की दूसरी किस्त के साथ ही राजस्थान एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के अंतर्गत 5 हजार 500 फार्मपौण्ड के लिए डीबीटी हस्तांतरण सहित अन्य अनुदान सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने इस संबंध में प्रगति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश प्रदान किए। उन्होंने इस दौरान पशुपालकों के लिए गोपाल क्रेडिट कार्ड वितरण, नए डेयरी बूथों का आवंटन, 200 नए बल्क मिल्क कूलर्स की स्थापना और एक हजार नए दूध संकलन केन्द्रों का उद्घाटन की तैयारी के संबंध में भी समीक्षा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश में 25 हजार करोड़ से अधिक की लागत के विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रमों की भी समीक्षा की। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव जल संसाधन श्री अभय कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त श्री अखिल अरोरा, अतिरिक्त मुख्य सचिव वन एवं पर्यावरण श्रीमती अपर्णा अरोरा, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री) श्री शिखर अग्रवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव ग्रामीण विकास श्रीमती श्रेया गुहा, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह श्री आनंद कुमार, प्रमुख सचिव (मुख्यमंत्री) श्री आलोक गुप्ता एवं पुलिस महानिदेशक श्री उत्कल रंजन साहू सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख शासन सचिव, शासन सचिव एवं अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

गोविंद गुरू के साथ आदिवासी वीरों ने अंग्रेजों की गुलामी से लड़ा, राजस्थान-बांसवाड़ा पहुंचे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार वागड़ क्षेत्र के विकास के लिए कृतसंकल्पित है। हमारी सरकार हमेशा जनजातीय समाज की प्रगति एवं गौरव को बढ़ाने का काम करती रहेगी। उन्होंने कहा कि जनजातीय वर्ग के उत्थान में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के कार्यकाल में जितने काम हुए हैं, उतने काम कभी नहीं हुए। श्री शर्मा शुक्रवार को जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर बांसवाड़ा जिले के गोविन्द गुरू महाविद्यालय मैदान में आयोजित नवादि युगधारा प्रणेता समागम कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर जनजातीय गौरव दिवस मना रहे हैं। भगवान बिरसा मुंडा ने अपना जीवन भारत के स्वतंत्रता संग्राम, विरासत और संस्कृति को समर्पित कर दिया था। स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्र निर्माण में योगदान मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय गौरव दिवस देशवासियों के लिए भारत के स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्र निर्माण में आदिवासी समुदायों के योगदान को स्मरण करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के आदिवासी वीर योद्धा महाराणा प्रताप के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़े और अपनी जन्म-भूमि के गौरव के लिए मर-मिटे थे। वागड़ अंचल में गोविंद गुरु के नेतृत्व में आदिवासी वीरों ने अंग्रेजों की गुलामी से लड़ने का काम किया। वागड़ की धरती पर मानगढ़ धाम 1500 से अधिक आदिवासी वीरों के बलिदान का साक्षी है। करोड़ों आदिवासी परिवारों का जीवन हुआ आसान श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री जी की जनकल्याणकारी योजनाओं से देश के करोड़ों आदिवासी परिवारों का जीवन आसान हुआ है। प्रधानमंत्री जी ने पीएम-जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान- जनमन की शुरूआत की है। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान से देशभर में 63 हजार आदिवासी गांवों में 5 करोड़ से अधिक लोगों को लाभान्वित किया जा रहा है। इसके अन्तर्गत राज्य के 40 जिलों के 208 पंचायत समितियों के 6019 गांवों में सामाजिक, आर्थिक एवं आधारभूत विकास कार्य करवाकर इन गांवों को विकसित किया जाएगा। प्रदेश में आदिवासी क्षेत्र का विकास हो रहा सुनिश्चित मुख्यमंत्री ने कहा कि डूंगरपुर में डूंगर बरंडा और बांसवाड़ा में बांसिया चारपोटा जनजातीय नायकों के स्मारकों का निर्माण, उदयपुर में वीर बालिका कालीबाई संग्रहालय का निर्माण करेंगे। अनुसूचित जनजाति के विकास के लिए टीएसपी फंड की राशि 1 हजार करोड़ से बढ़ाकर एक हजार 500 करोड़ रुपये कर दी है। खेल अकादमियों में छात्र-छात्राओं की मेस भत्ता राशि को बढ़ाकर 4 हजार रूपये प्रतिमाह किया है। उन्होंने कहा कि शाहबाद-बारां में सहरिया जनजाति के लिए तीरंदाजी व एथलेटिक्स खेल अकादमी की स्थापना करेंगे। साथ ही, 7 नवीन आश्रम छात्रावास, 1 नवीन खेल अकादमी, 3 नवीन आवासीय विद्यालय एवं 250 नवीन मां-बाडी केन्द्र स्वीकृत किये हैं। गोविन्द गुरू जनजातीय क्षेत्रीय विकास योजना का शुभारंभ श्री शर्मा ने कहा कि वनाधिकार अधिनियम के तहत वन क्षेत्रों में निवास करने वाले आदिवासियों व परम्परागत वन निवासियों के कल्याण के लिए गोविन्द गुरू जनजातीय क्षेत्रीय विकास योजना की घोषणा की गई थी, जिसका शुभारंभ आज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 15 नवम्बर से 26 नवम्बर तक प्रदेश में जनजातीय गौरव दिवस पखवाड़ा मनाया जा रहा है। वागड़ क्षेत्र के युवाओं को मिलेगा रोजगार मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वागड़ क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। यहां रेलवे, हाईवे, विद्यालय जैसे कार्यों से विकास को बढ़ाया जा रहा है। महाराणा प्रताप सर्किट एवं धार्मिक सर्किट भी बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीतामाता अभयारण्य, त्रिपुरा सुंदरी, बेणेश्वर धाम और मानगढ़ धाम को जोड़ते हुए पर्यटन सर्किट बनाने एवं इस क्षेत्र को औद्योगिक रूप से बढ़ावा देकर यहां के युवाओं को रोजगार देने का काम हमारी सरकारी करेगी। श्री शर्मा ने समारोह में दो राजसखियों को 114 करोड़ रुपये का चैक प्रदान किया। उन्होंने आदिवासी जनजातीय क्षेत्र में उन्नत किसान, महिला उद्यमी, शिक्षा, खेल, कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में उपलब्धि हासिल करने वाली पांच-पांच प्रतिभाओं सहित नवाचार करने वाले दो व्यक्तियों को पुरस्कार से सम्मानित किया। उन्होंने मेला मैदान में लगाई स्टॉल्स एवं प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री को आदिवासी अंचल की पहचान मांडना चित्र और तीर कमान भेंट किया गया। श्री शर्मा ने इस अवसर पर गोविन्द गुरू जनजातीय क्षेत्रीय विकास योजना की पुस्तिका का भी विमोचन किया। इससे पहले मुख्यमंत्री एवं बड़ी संख्या में मौजूद आमजन ने जनजातीय गौरव दिवस पर बिहार के जमुई में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सम्बोधन को सुना। कार्यक्रम में जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री श्री बाबूलाल खराड़ी, विधायक कैलाशचन्द्र मीणा एवं श्री शंकरलाल डेचा, सचिव जनजाति क्षेत्रीय विकास श्री भानू प्रकाश एटूरू सहित बड़ी संख्या में आदिवासी अंचल के आमजन मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री ने किया जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का शुभारंभ, राजस्थान-मंत्री जोराराम ने आवास लाभार्थियों को सौंपी चाबियां

जयपुर। भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को बिहार के जमुई से धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का शुभारंभ किया। इस विशेष अवसर पर प्रधानमंत्री ने भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके नाम पर एक डाक टिकट और विशेष स्मारक सिक्का भी जारी किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने लगभग 6600 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने जिला स्तरीय कार्यक्रम का शुभारम्भ किया।   बारां जिले में इस अभियान का जिला स्तरीय समारोह बारां जिला परिषद सभागार में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में बारां-अटरू विधायक राधेश्याम बैरवा, किशनगंज विधायक ललित मीणा, जिला कलक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर, पूर्व जिला प्रमुख नंदलाल सुमन, उप जिला प्रमुख छीतरलाल परालिया, बारां प्रधान मोरपाल सुमन सहित जनप्रतिनिधियों एवं आमजन ने भाग लिया। आदिवासी समाज के विकास को मिलेगी गति— समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री जोराराम कुमावत ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को गौरव दिवस के रूप में मनाने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य आदिवासी समाज के विकास को गति देना है। इसमें 80 हजार करोड़ की योजना के तहत छोटे गांवों और ढाणियों में सड़क निर्माण, पानी की पाइपलाइन, और चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार शामिल है। जिन क्षेत्रों में अभी तक बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं, वहां मोबाईल चिकित्सालय, गैस कनेक्शन, शौचालय, और अन्य आवश्यक सेवाएं प्रदान की जाएंगी। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि जनजातीय परिवारों के विकास के लिए सभी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। आदिवासी समाज की सांस्कृतिक धरोहर को सम्मान— विधायक राधेश्याम बैरवा ने आदिवासी समाज के योगदान को सराहा, जिन्होंने भारत की संस्कृति और आजादी की रक्षा के लिए सदियों तक संघर्ष किया। उन्होंने आदिवासियों को प्रकृति रक्षक बताते हुए उनकी पुरातन चिकित्सा पद्धतियों की प्रशंसा की। इसी क्रम में विधायक ललित मीणा ने बिरसा मुंडा के संघर्ष और उनके आदर्शों को जनजातीय गौरव के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया। विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को वितरित किए स्वीकृति पत्र एवं मिनी किट जनजातीय गौरव दिवस के जिला स्तरीय कार्यक्रम में विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत पात्र लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र एवं मिनी किट का वितरण किया गया। इस दौरान ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग की प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 15 लाभार्थियों को आवास की चाबियां, 15 स्वीकृति पत्र, मनरेगा की अपना खेत अपना काम योजना के स्वीकृति पत्र, स्वास्थ्य विभाग की ओर से लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड, कृषि विभाग की ओर से कृषकों को तारबंदी के स्वीकृति पत्र एवं मिनी किट (चना 16 किलो) का वितरण मंत्री महोदय सहित अन्य अतिथियों के द्वारा किया गया। जिला परिषद् के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरीश्चंद मीणा ने कहा कि अभियान के तहत जिले के जनजातीय समुदाय के लोगों को अधिक से अधिक सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा। कार्यक्रम में मंत्री कुमावत ने जिला परिषद परिसर में लगी प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई स्टॉल्स पर सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं के बारें में फीड़बैक लिया। उन्होंने वहां उपस्थित लाभार्थियों से संवाद भी किया। जिला कलक्टर ने पीएम जन मन के तहत हुए कार्यो पर बनी कॉफी टेबल बुक तथा भगवान बिरसा मुण्डा का चित्र मंत्री श्री जोराराम कुमावत को भेंट किए। कार्यक्रम में पीडब्ल्यूडी एसई डी.आर. क्षत्रिय, जेवीवीएनएल एसई एन.एम. बिलौटिया, पीएचईडी एसई प्रमोद झालानी, सीएमएचओ डॉ सम्पतराज नागर सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी तथा बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

सशक्त और कमजोर पक्ष को जानने का माध्यम है खेल: डाॅ. रश्मि, राजस्थान-29वीं कर्मचारी खेलकूद प्रतियोगिता शुरू

जयपुर। आयोजन समिति के संयोजक एवं मुख्य अभियंता-प्रथम श्री अमित अग्रवाल द्वारा समारोह की मुख्य अतिथि डाॅ. रश्मि शर्मा, आवासन आयुक्त महोदया का शाॅल ओढ़ाकर एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। श्रीमती मीनाक्षी पाठक, वरिष्ठ लेखाधिकारी द्वारा मुख्य अतिथि महोदय के बैज लगाया गया। डाॅ. रश्मि शर्मा द्वारा नीरजा मोदी स्कूल मानसरोवर, जयपुर के खेल मैदान में गुब्बारे हवा में उड़ाकर एवं फुटबाॅल के कीक लगाकर 29वीं राजस्थान आवासन मण्डल कर्मचारी खेलकूद प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। डाॅ. रश्मि  शर्मा ने सभी खिलाड़ियों से परिचय किया। श्री प्रतीक श्रीवास्तव, आयोजन समिति अध्यक्ष एवं अतिरिक्त मुख्य अभियंता-प्रथम द्वारा समारोह अध्यक्ष श्री प्रवीण अग्रवाल को माल्यार्पण एवं साफा पहनाकर स्वागत किया गया। श्री संजय शर्मा, आयोजन सचिव द्वारा समारोह अध्यक्ष के बैज लगाया गया। श्री संजय शर्मा, आयोजन सचिव द्वारा आयोजन समिति के संयोजक मुख्य अभियंता श्री अमित अग्रवाल एवं राजस्थान आवासन बोर्ड कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री दशरथ कुमार का माल्यार्पण एवं बैज लगाकर स्वागत किया। श्री संजय शर्मा, आयोजन सचिव द्वारा केन्द्रीय खेलकूद संचालन समिति के संयोजक श्री दारा सिंह एवं अन्य सदस्यों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। इस अवसर पर डाॅ. रश्मि शर्मा ने कहा कि खेल प्रतियोगिताओं से एक दूसरे खिलाड़ियों के सशक्त और कमजोर पक्ष को जानने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि आज कि तनावग्रस्त समय में बहुत से लोग विभिन्न शारीरिक एवं मानसिक व्याधियों के शिकार हो जाते हैं उससे बचने के लिए इस प्रकार की खेल प्रतियोगिताओं में सहभागिता निभाना एक कारगर उपाय हैं। इससे हमारी शारीरिक, मानसिक एवं व्यावसायिक कार्य क्षमता का भी विस्तार होता है। उन्होंने खिलाड़ियों का अभिनन्दन करते हुए कहा कि इन प्रतियोगिताओं से समूह समुदाय के साथ जुड़ाव के साथ ही बन्धुत्व एवं सद्भाव की भावना भी बलवती होती है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्री प्रवीण अग्रवाल, मुख्य सम्पदा प्रबन्धक, राजस्थान आवासन मण्डल ने कहा कि खेलों से शारीरिक मजबूती के साथ ही टीम भावना एवं राजनैतिक कौशल का भी विकास होता हैं। उन्होंने कहा कि खेलों की प्रत्येक प्रतियोगिता में हार-जीत होती है जो हमें और बेहतर प्रयास करने के लिए प्रेरित करती है। खेलकूद के प्रथम दिवस पर मुख्यालय टीम 100 मी., 200 मी. एवं 400 मी. दौड़ प्रतियोगिता में प्रथम रही। प्रथम दिवस में दौड़ के अलावा फुटबाॅल, क्रिकेट, बाॅलीवाॅल, बास्केटबाॅल, कैरम आदि के लीग मैच आयोजित किये गये। इस अवसर पर मुख्य अभियंता श्री टी.एस.मीणा, वित्तीय सलाहकार श्री रोहताष यादव, अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री प्रतीक श्रीवास्तव, उप आवासन आयुक्त श्री संजय शर्मा, राजस्थान आवासन बोर्ड केन्द्रीय खेलकूद संचालक समिति के संयोजक श्री दारा सिंह, कर्मचारी संघ के कार्यकारी अध्यक्ष श्री भगवती प्रसाद, महामंत्री श्री प्रदीप शर्मा, संयुक्त महामंत्री श्री रमेश चन्द शर्मा एवं श्री गोविन्द नाटाणी सहित वरिष्ठ अधिकारी व प्रदेश के सभी कार्यालय से आये कर्मचारी एवं अधिकारी उपस्थित रहे। —————

ब्रह्मा मंदिर कॉरिडोर एवं सरोवर परिक्रमा मार्ग पर चर्चा, राजस्थान-उप मुख्यमंत्री ने ली अधिकारियों की बैठक

जयपुर। पुष्कर की अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान बनाने के लिए उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने शुक्रवार को जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत, मसूदा विधायक श्री विरेन्द्र सिंह कानावत, अधिकारियों एवं विशेषज्ञों के साथ विस्तारपूर्वक चर्चा की। ब्रह्मा मंदिर कॉरिडोर एवं सरोवर परिक्रमा मार्ग के निर्माण, सौन्यदर्यकरण एवं सुदृढ़ीकरण करने के बारे में विभिन्न प्रस्तावों पर विचार विमर्श हुआ। उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि पुष्कर की पौराणिकता को केन्द्र में रखकर ब्रह्मा मंदिर कॉरिडोर एवं सरोवर परिक्रमा मार्ग का निर्माण, सौन्दर्यीकरण एवं सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। इस कार्य में मौलिकता पर विशेष जोर रहेगा। जगतपिता ब्रह्माजी की गरिमा के अनुरूप पूरे शोध के साथ विकास कार्य करवाने होंगे। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने वाले विकास कार्य करवाए जाएंगे। श्री पुष्कर पशु मेले के महत्व की अभिवृद्धि करने की दिशा में भी कार्य करने के बारे में चर्चा हुई। पर्यटन के विभिन्न घटकों के अनुसार थीम आधारित कार्य भी होने चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के लिए पुष्कर एक अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का धार्मिक केन्द्र होना चाहिए। पर्यटक वर्ष भर यहां आकर कम से कम दो दिन रूकने का विचार करें। सरकार की बजट घोषणा के अनुसार पर्याप्त बजट उपलब्ध है। पुष्कर के नाम के अनुरूप देश में अलग विशेषता लिए निर्माण कार्य होंगे। त्रेतायुग में भगवान श्री राम के द्वारा पुष्कर में अपने पिता राजा दशरथ का श्राद्ध करने के समय के पुष्कर के वैभव को पुनः स्थापित करने की दिशा में कार्य होना चाहिए। पुष्कर की पौराणिक प्रकृति के संरक्षण के साथ ही विकास कार्य होंगे। बैठक में घाटों के सौन्दर्यकरण और पर्यटन के विकास के विभिन्न सुझावों एवं प्रस्तावों पर चर्चा हुई।

जिला प्रशासन ने शुरू किया ’रास्ता खोलो अभियान’, राजस्थान में बरसों से बंद रास्ते खुले तो किसान और ग्रामीण खुश

जयपुर। नीयत सही और सकारात्मक हो तो नियति कभी गलत नहीं हो सकती। यह कहावत शुक्रवार को जयपुर में हकीकत बनती नजर आई। जब जिला प्रशासन ने रास्ता खोलो अभियान के पहले ही दिन सहमति और समझाइश से बरसों से बंद 26 रास्ते खुलवाए गए। सालों से बंद रास्ते खुलने पर ग्रामीणों ने खुशी का इजहार किया साथ ही, जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों का आभार जताया। रास्ता खोलो अभियान के पहले दिन चौमूं एवं जोबनेर में 4-4, आंधी, चाकसू, शाहपुरा, सांगानेर में 3-3, कोटखावदा और किशनगढ़-रेनवाल में 2-2 एवं तूंगा और आमेर में एक-एक रास्ता खुलवाया गया। किश्नगढ़-रेनवाल के धोलिया का वास गांव में करीब 50 साल पुराना रास्ता समझाइश से खुलवाया गया।  तो वहीं, जमवारागढ़ की आंधी तहसील के दांतली में 30 साल पुराना रास्ता खुलवाया गया। तो वहीं, तूगां में 15 साल पुराना अतिक्रमण हटाकर 300 मीटर लंबा रास्ता आमजन के लिए सुचारू करवाया गया। इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि गांव और खेतों की ओर जाने वाली राह आसान करने के लिए जिला प्रशासन के इस अभियान से निश्चित रूप से आमजन को राहत मिलेगी। जिला प्रशासन एवं पुलिस ने सहयोग कर दशकों से बंद सिवायचक, कटानी एवं गैर मुमकिन सहित अन्य सभी प्रकार के रास्तों को खुलवा कर उनकी राह बेहद आसान कर दी है। उन्होंने बताया कि इनमें से कुछ रास्ते तो करीब 50 साल से बंद थे, लेकिन सहमति एवं समझाइश से इन रास्तों को भी खुलवाने में कामयाबी मिली। गौरतलब है कि जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देश पर शुक्रवार को जिले में रास्ता खोलो अभियान का आगाज हुआ। ग्रामीण क्षेत्रों में रास्तों की भूमि पर अतिक्रमण को लेकर जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में परिवाद प्राप्त होते हैं। रास्तों को लेकर न्यायालय में भी वाद दायर किए जाते रहते हैं। ऐसे प्रकरणों में निरन्तर बढ़ोतरी होने से आमजन को न्यायालय के चक्कर लगाने एवं जन-धन की हानि होने के साथ-साथ क्षेत्र की कानून व्यवस्था भी प्रभावित होती है। इसलिए प्रशासन ने रास्ते सम्बन्धी समस्याओं के निराकरण के लिए ‘रास्ता खोलो अभियान’ चलाने का निर्णय लिया गया। अभियान के तहत सभी खंड विकास अधिकारी अपने क्षेत्रों में आवश्यक संसाधन उपलब्ध करवाने में सहयोग करेंगे, उपखण्ड अधिकारी सप्ताह में एक बार तहसीलदार, थानाधिकारी, विकास अधिकारी के साथ रास्तों से सम्बन्धित प्रकरणों की समीक्षा कर रहे हैं तथा खोले जाने वाले रास्तों का चिन्हीकरण कर सप्ताह में कम से कम तीन रास्तों की समस्या का समाधान करेंगे। बंद रास्ते खुलवाए जाने के पश्चात खंड विकास अधिकारी संबन्धित खोले गए रास्तों पर ग्रेवेल/सी.सी. रोड़ बनवाया जाना सुनिश्चित करेंगें ताकि फिर से कोई रास्ते पर अतिक्रमण नहीं कर पाए। जिन स्थानों पर किन्हीं कारणों से शुक्रवार को कार्यवाही संभव नहीं हो पाई उन स्थानों पर शनिवार को अनिवार्य रूप से रास्ता खोलो अभियान के तहत कार्यवाही की जाएगी। रास्ता खोलो अभियान के तहत आम रास्तों, गोचर भूमि पर अतिक्रमण को हटाने, बंद किए जा चुके खातेदारी रास्तों को खुलवाने, राजस्व अभिलेख में दर्ज रास्ते, काश्तकारों की कृषि जोत के विभाजन करने से पूर्व रास्तों का प्रावधान करने, रास्ते निकालने, राजकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने, राजकीय भूमि पर से सार्वजनिक रास्ता निकालने तथा खातेदार किसान को उसकी जोत यानी खेत तक पहुंचने के लिए राजकीय चारागाह भूमि में से होकर रास्ता देने तथा खातेदारी भूमि में से होकर नवीन रास्ते निकालने और विद्यमान रास्ते को चौड़ा करने संबंधी प्रकरणों का निस्तारण किया जा रहा है।

पर्यटन “कल्चरल डायरीज श्रृंखला” का आगाज, राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी की पहल

जयपुर। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी की अभिनव पहल और निर्देशों पर राजस्थान पर्यटन विभाग की ओर से लोक कला और कलाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए और उनको आजीविका के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए  “कल्चरल डायरीज श्रृंखला” के तहत दो दिवसीय (15 व 16 नवम्बर ) सांस्कृतिक संध्या के पहले दिन शुक्रवार को रामनिवास बाग स्थित अल्बर्ट हॉल में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। राजस्थान की लोक कला एवं संस्कृति को वैश्विक पटल पर प्रस्तुत करने, लोक कलाकारों को नया मंच प्रदान की दृष्टि से उक्त सांस्कृतिक संध्या का शुभारम्भ वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुआ। जिसके पश्चात शेखावाटी अंचल के प्रसिद्ध कच्छी घोड़ी नृत्य की प्रस्तुति दी गई। तत्पश्चात राजस्थान मयूर नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी गई। इसके पश्चात राधा कृष्ण ने फूलों की होली खेली जिससे प्रदेश के उत्तर-पूर्व में स्थित ब्रज अंचल की कला-संस्कृति भव्य रूप में साकार हुई। श्रीकृष्ण-राधा की प्रेमरसमयी और लठमार होली के रंगों व फूलों से साराबोर नृत्य की प्रस्तुति देख दर्शक भी थिरकने लगे। ब्रज के लोक कलाकारों ने उक्त प्रस्तुति में भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी के निर्मल प्रेम को साकार किया। इस दौरान ग्रामीण भवाई नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति दी गई। जिसमें नृत्य की विभिन्न मुद्राओं का अद्भुत संतुलन प्रदर्शित किया गया। ब्रज क्षेत्र के कर्णप्रिय और मन को लुभाने वाले भक्तिभाव से परिपूर्ण लोक संगीत सहित सांस्कृतिक संध्या में दी गई मोहक प्रस्तुतियों ने जयपुरवासियों और देशी-विदेशी पावणों को आनंद विभोर कर दिया। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी तथा पर्यटन सचिव श्री रवि जैन के निर्देशों की पालना में पर्यटन विभाग की ओर से लोक कला और कलाकारों को प्रोत्साहित करने और उनको नियमित रूप से आजीविका का अवसर दिलाने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन की पहल की गई है। इस हेतु पर्यटन विभाग की ओर से कल्चरल डायरीज श्रृंखला शुरू की गई है। जिससे राजस्थान की कला व संस्कृति से पूरी दुनिया परिचित होगी।  इसी श्रृंखला में आयोजित सांस्कृतिक संध्या के दूसरे दिन  शनिवार, 16 नवम्बर को अल्बर्ट हॉल पर ही बाड़मेर-जैसलमेर क्षेत्र के प्रसिद्ध लंगा-मांगणियार कलाकारों की गायन-वादन की प्रस्तुतियां होंगी। इस अवसर पर निदेशक पुरातत्व एवं संग्रहालय श्री पंकज धरेन्द्र तथा पर्यटन विभाग की संयुक्त निदेशक श्रीमती पुनीता सिंह एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहें।

51 हजार नई भर्तियां और 25 हजार युवाओं को मिलेंगी नियुक्तियां, राजस्थान सरकार की प्रथम वर्षगांठ पर सौगात

जयपुर. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा राज्य सरकार का एक साल पूरा होने से पहले करीब 25 हजार युवाओं को नियुक्तियां देने और 51 हजार से अधिक नई भर्तियों की सौगात देने जा रहे हैं। युवाओं के रोजगार के सपने को पूरा करने में ये नियुक्तियां एवं विज्ञप्तियां महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी और ‘सुराज संकल्प’ की दिशा में अहम कदम साबित होंगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा हाल ही में समीक्षा बैठक आयोजित कर सभी विभागों को जारी भर्ती प्रक्रियाएं समय पर पूरी कर युवाओं को शीघ्र नियुक्तियां देने एवं नई भर्तियां निकालने पर तेजी से कार्य करने के निर्देश दे चुके हैं। इसके बाद अब राज्य सरकार पहली वर्षगांठ के मौके पर मुख्यमंत्री रोजगार उत्सव के दौरान सात विभागों के लगभग 25 हजार युवाओं को नियुक्तियां दिए जाने की तैयारी कर रही है। राज्य सरकार 48 हजार 593 चतुर्थ श्रेणी एवं समकक्ष पदों तथा 3 हजार 170 वाहन चालकों की भर्ती प्रक्रिया भी शीघ्र शुरू करने जा रही है। उल्लेखनीय है कि विभिन्न विभागों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और वाहन चालकों के लंबे समय से रिक्त चले आ रहे पदों को भरने के लिए राज्य सरकार ने हाल ही इनसे जुड़े सेवा नियमों और भर्ती प्रक्रिया में जरूरी बदलाव किए थे। राज्य सरकार की युवाओं को निरंतर रोजगार उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता के क्रम में तीसरे मुख्यमंत्री रोजगार उत्सव का आयोजन किया जाएगा, जिसमें नर्सिंग ऑफिसर, चिकित्सा अधिकारी (दंत चिकित्सक), हॉस्पिटल केयर टेकर, अध्यापक लेवल एक एवं दो, वरिष्ठ शारीरिक शिक्षक, आयुर्वेद विभाग में कनिष्ठ कम्पाउंडर और नर्स, आयोजना विभाग में संगणक, कृषि विभाग में कृषि पर्यवेक्षक और संस्कृति शिक्षा विभाग में वरिष्ठ अध्यापक के पदों पर सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे। इसके अलावा, सफाई कर्मियों के पदों पर नियुक्तियां दी जाएंगी। उल्लेखनीय है कि विगत दो रोजगार उत्सवों में 28 हजार 200 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं। स्थायी पदों के अतिरिक्त एनएचएम के 21 काडर के विभिन्न पदों पर संविदा भर्ती की जाएगी, जिसके लिए अभ्यर्थना राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड को भिजवाई जा रही है। अब तक एनएचएम में 3 काडर की भर्ती परीक्षाएं बोर्ड द्वारा कराई जा चुकी हैं। इनमें से जीएनएम को दिसंबर माह में नियुक्ति दे दी जाएगी। इसके अतिरिक्त कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर और एएनएम के पदों के लिए सफल अभ्यर्थियों का दस्तावेज सत्यापन का कार्य चल रहा है।

वोटबैंक के बजाय जनहित में करें कार्य, राजस्थान-भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की कांग्रेस को सलाह

जयपुर. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि विपक्ष क्या कर रहा है, इस पर ध्यान करने की बजाय भाजपा हमेशा अपने कार्यों पर ध्यान देती है। विपक्षी नेताओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश के 140 करोड़ देशवासियों को अपना परिवार कहने से आपत्ति है, उनको देशवासियों को संगठित रहने की अपील करने से आपत्ति है और उनको वस्त्र और उसके रंग से भी आपत्ति है तो इससे उनकी विकृत मानसिकता देशवासियों के सामने उजागर हो गई। कांग्रेसी नेताओं को औवेसी के बयानों पर कभी आपत्ति नहीं हुई, वो 15 मिनट पुलिस हटाने वाले बयान पर प्रतिक्रिया नहीं देते, क्योंकि कांग्रेस वोटबैंक की राजनीति करती है, उसको विकास से कोई लेना देना नहीं है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस में राजनीति का स्तर गिरता जा रहा है, इसका नुकसान कांग्रेस पार्टी को होना तय है। भाजपा ने कभी भी कांग्रेस क्या कर रही है, इस पर ध्यान नहीं दिया, बल्कि सबका साथ, सबका विकास और सबका प्रयास की नीति पर कार्य करते हुए जन कल्याणकारी नीतियां तैयार की। भाजपा की केंद्र और राज्य सरकार ने बजट में हर वर्ग, हर समुदाय के लिए योजनाएं बनाई। भाजपा समाज के अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति के लिए कार्य कर रही है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के अधिकांश नेता भ्रष्टाचार और घोटालों में संलिप्त पाए जा रहे है। कर्नाटक में कांग्रेसी नेता के 64 ठिकानों पर कमरे नोटों से भरे मिले। कर्नाटक ही नहीं, कांग्रेस शासित प्रदेशों में घोटाले पर घोटाले किए जा रहे है। ऐसे में कांग्रेस को अपनी गिरेबा में झांक कर देखना चाहिए। भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के बजाय कांग्रेसियों को जनहित में काम करना चाहिए। वोटबैंक के लिए प्रलोभन देने की बजाय रोजगार सृजन करने की जरूरत है। कांग्रेस चुनावों में रेवड़ियां बांटने का काम करती है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि आज देशवासियों को संगठित रहने का संदेश देने में विपक्ष को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। भाजपा की एक नीति है कि सबको एकजुट रहना है तब ही राष्ट्र का विकास होगा। देश की एकता, अखंडता सुदृढ़ होगी। अगर हम आपस में बटेंगे तो दुश्मनों को लाभ होगा। कांग्रेस ने हमेशा देश को धर्म और जाति के नाम पर बांटने का काम किया। कांग्रेस पार्टी के नेताओं के स्वभाव में छिद्रान्वेषण भरा हुआ है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राठौड़ ने सलाह देते हुए कहा कि विपक्षी नेताओं को अपना ध्यान रखना चाहिए, पडौस के घर में ताकझांक शोभा नहीं देती। समाज के बुद्धिजीवी, राजनेता या फिर सभ्रान्त व्यक्तियों को ताकझांक शोभा नहीं देती। भाजपा नेता जनता के विकास के लिए पूर्ण रूप से समर्पित है।

रामगढ़ में अधिक तो दौसा में सबसे कम, राजस्थान में दोपहर तक 39.35 प्रतिशत मतदान

झुंझनू/दौसा. राजस्थान विधानसभा उपचुनाव 2024 के तहत मतदान जारी है। सभी सात विधानसभा क्षेत्रों में सुबह 11 बजे तक 24.83 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है। राजस्थान विधानसभा उपचुनाव 2024 के तहत मतदान जारी है। सभी सात विधानसभा क्षेत्रों में दोपहर एक बजे तक 39.35 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है। अब तक सर्वाधिक 45.4 फीसदी मतदान रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र में हुआ है। विधानसभा क्षेत्रवार मतदान प्रतिशत – 0- रामगढ़: 45.4 0- खींवसर: 42.74 0- चौरासी:  40.95 0- सलूम्बर: 40.03 0- देवली उनियारा: 37.78 0- झुंझनू: 35.71 0- दौसा: 32.17 दौसा उपचुनाव 2024 दौसा विधानसभा उपचुनाव में राजकीय प्राथमिक विद्यालय व्यास मोहल्ला में मतदान संख्या 92, 93 पर नव विवाहिता ने विदाई से पहले मतदान किया। नवविवाहिता खुशी बंसीवाल ने कहा, मतदान जरूरी है। रामगढ़ (अलवर) के नोगवां में स्थित राजकीय वरिष्ठोपाध्याय संस्कृत विद्यालय में नवविवाहित जोड़ा भी वोट डालने पहुंचा। इस जोड़े की कल देवउठनी ग्यारस पर ही शादी हुई थी और आज यह जोड़ा वोट देने अपने बूथ पर पहुंच गया। वोट लड़की ने डाला, जबकि नवविवाहित पति इसके साथ पोलिंग स्टेशन तक गया। इन दोनों ने पोशाक भी शादी वाली ही पहन रखी थी। इनको वोट देते हुए देखने के लिए बूथ के बाहर परिवार वाले भी खड़े हुए थे। झुंझुनूं में मतदान जारी, जिला निर्वाचन अधिकारी और एसपी कर रहे निरीक्षण झुंझुनूं में मतदान शुरू होने के साथ ही जिला निर्वाचन अधिकारी रामावतार मीणा और एसपी शरद चौधरी मुस्तैद नजर आ रहे हैं। दोनों अधिकारी मतदान केंद्रों का संयुक्त निरीक्षण निरीक्षण कर रहे हैं, जिसमें शहीद पीरू सिंह स्कूल स्थित मतदान केंद्र, जिला परिषद स्थित मतदान केंद्र, पीरू सिंह राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय स्थित मतदान केंद्र, महर्षि दयानंद बालिका महाविद्यालय स्थित पिंक बूथ, शहीद कर्नल जेपी जानू राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय व जेके मोदी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय स्थित संवेदनशील मतदान केंद्र का निरिक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मौके पर मौजूद सेक्टर मजिस्ट्रेट समेत अन्य अधिकारियों व कार्मिकों से जानकारी लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। झुंझुनूं शहर के जिला परिषद स्थित मतदान केंद्र पर पहली बार मतदान करने वाले युवा को सम्मानित किया गया। महर्षि दयानंद बालिका महाविद्यालय स्थित पिंक बूथ का भी जायजा लिया गया। यह बूथ पूर्णतया महिला कार्मिकों द्वारा प्रबंधित है। जिला निर्वाचन अधिकारी रामावतार मीणा ने बताया कि 263 मतदान केन्द्रों पर दो लाख 74 हजार 698 मतदाता कर सकेंगे। मतदान केन्द्रों का निरीक्षण किया जा रहा है। अभी तक मतदान शांतिपूर्ण चल रहा है। एसपी शरद चौधरी ने बताया कि साढ़े सोलह सो पुलिस जवान लगे हुए। संवेदनशील मतदान केन्द्रों पर सुरक्षा बल भी लगाए गए हैं। शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान करवाया जा रहा है। नरेश मीणा ने SDM को मारा थप्पड़ टोंक के देवली उनियारा विधानसभा उपचुनाव में समरावता में मतदान बहिष्कार का मामला सामने आया। निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा और उनके समर्थकों ने मतदान केंद्र में घुसने का प्रयास किया, जिससे पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के साथ झड़प हुई। एएसपी बृजेंद्र सिंह भाटी सहित पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। यह घटना मतदान प्रक्रिया में खलल डालने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है। राजस्थान विधानसभा उपचुनाव 2024 के तहत मतदान जारी है। सभी सात विधानसभा क्षेत्रों में सुबह 11 बजे तक 24.83 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है। अब तक सर्वाधिक 28.97 फीसदी मतदान रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र में हुआ है। विधानसभा क्षेत्रवार मतदान प्रतिशत     रामगढ़: 28.97     खींवसर: 26.67     चौरासी:  26.42     सलूम्बर: 25.26     झुंझनू: 23.12     देवली उनियारा: 22.69     दौसा: 20.43 मतदान के प्रति उत्साह सभी सात निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान के प्रति लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। बड़ी संख्या में महिला और दिव्यांग मतदाता भी अपने मताधिकार का उपयोग करने पहुंच रहे हैं। मतदान के बाद लोग सेल्फी भी ले रहे हैं। राज्य निर्वाचन विभाग द्वारा सुगम मतदान के लिए दिव्यांगों और बुजुर्गों सहित सभी मतदाताओं के लिए व्यवस्था की गई है। वोट मित्रों द्वारा दिव्यांग और बुजुर्ग मतदाताओं की मतदान में सहायता की जा रही है। मतदान प्रोत्साहन के लिए प्रमाण-पत्र मतदान प्रतिशत बढ़ाने के उद्देश्य से मतदाताओं को प्रोत्साहित करने के लिए बूथों पर कई गतिविधियां की जा रही हैं। दौसा विधानसभा क्षेत्र में सुबह-सुबह मतदान करने वाले मतदाताओं को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। रामगढ़ से बीजेपी और कांग्रेस प्रत्याशियों ने वोटिंग कर किए जीत के दावे रामगढ़ उपचुनाव में बीजेपी प्रत्याशी सुखवंत सिंह और कांग्रेस प्रत्याशी आर्यन जुबेर खान ने अपने- अपने बूथों पर जाकर वोट डाले। सुखवंत सिंह अपने परिवार और कार्यकर्ताओं के साथ वोट देने पहुंचे। जबकि आर्यन अकेले ही कार्यकर्ताओं के साथ अपना वोट देने गए। इस मौके पर सुखवंत सिंह कदम कॉलोनी स्थित बूथ संख्या-241 पर अपने परिवार के साथ मतदान करने के लिए पहुंचे। उन्होंने अपने परिवार के साथ मतदान किया। उनके साथ उनकी छोटी बेटी पत्नी और बेटा मौजूद रहे। आमजन से अपील किए कि अधिक से अधिक पहले मतदान करें, फिर जलपान करें। उन्होंने कहा कि बीजेपी सबका साथ, सबका विकास के मुद्दे को लेकर चुनाव लड़ रही है और उनकी यही प्रथमिकता रहेगी। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं ने पूरी मेहनत की है और उनकी मेहनत चुनाव में अवश्य रंग लाएगी। बीजेपी इस विधानसभा क्षेत्र से चुनाव में अवश्य जीत दर्ज करेगी। उन्होंने कहा कि बीजेपी ज्यादा से ज्यादा पोलिंग करवाना चाहती है, ताकि उनको पूरा फायदा मिल सके। उधर दूसरी ओर आर्यन जुबेर खान ने रामगढ़ में अपना वोट डाला। वे मतदान केंद्र पर पहुंचकर लाइन में लगे और बाद में बूथ के अंदर जाकर अपना वोट भी डाला। वोट डालने के बाद आर्यन ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह उनके लिए अत्यंत दुख का विषय है कि उन्हें यहां से चुनाव लड़ना पड़ रहा है। इससे पहले उनके पिता यहां से चुनाव लड़ते थे और वे केवल चुनाव में काम करते थे। उन्होंने कहा कि उनका पूरा परिवार ही शुरू से कांग्रेस से जुड़ा रहा है और इसीलिए वे कांग्रेस से ही चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस ने उनके परिवार को बहुत कुछ दिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पर लिखा, पहले मतदान करें, फिर जलपान करें! आगामी राजस्थान विधानसभा उपचुनाव के संदर्भ में आप सभी सम्मानित मतदाताओं से मेरी अपील है कि अपने क्षेत्र के समग्र … Read more

सीएम भजनलाल, डोटासरा, हनुमान और रोत की दांव पर प्रतिष्ठा, राजस्थान में क्लीन स्वीप के दावों के बीच कल मतदान

जयपुर. राजस्थान में कल यानी बुधवार को उपचुनाव के लिए मतदान होगा। इसके बाद प्रदेश में स्थानीय निकाय के चुनाव होने हैं। इसलिए उपचुनाव के नतीजे अहम हैं। बीजेपी ने उपचुनावों में पूरी ताकत झोंकी है। अपने तमाम मंत्री, विधायक और संगठन को चुनावी मैदान में झोंक दिया। कांग्रेस चुनावी प्रचार में वैसी आक्रामकता नहीं दिखा पाई। चुनावी परिणाम 23 नवंबर को जारी होंगे। हालांकि, नतीजे जो भी हों राजस्थान विधानसभा में सरकार की स्थिति पर कोई असर आने वाला नहीं है। लेकिन इसके बाद भी बीजेपी ने अपने सारे चुनावी घोड़े मैदान में दौड़ा दिए। इसकी वजह है प्रतिष्ठा। बीजेपी में यह चुनाव सीएम भजनलाल शर्मा के चेहरे पर हो रहे हैं। कांग्रेस की जीत-हार प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा का कद तय करेगी। वहीं, क्षेत्रीय पार्टियों में आएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल और बीएपी सांसद राजकुमार रोत के लिए भी उपचुनाव अस्तित्व की लड़ाई बन चुका है। हालांकि, ये दोनों ही नेता चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। लेकिन मुकाबला इन्हीं चेहरों के इर्द-गिर्द लड़ा जा रहा है। सीएम भजनलाल शर्मा: यह उपचुनाव मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की प्रतिष्ठा से जुड़ा हुआ है। हालांकि, उनके सीएम बनने के बाद प्रदेश में लोकसभा चुनाव हो चुके हैं। लेकिन तब सरकार बिल्कुल नई थी। यही वजह रही कि लोकसभा चुनावों में 11 सीटें हारने का ठीकरा संगठन पर फूट गया। लेकिन अब सरकार को काम करते हुए करीब एक साल हो गया है। सरकार अपने चुनावी वादों में से भी ज्यादातर पूरे होने का दावा कर रही है। राइजिंग राजस्थान जैसी बड़ी निवेश समिट करवाई जा रही है। इसलिए उपचुनाव में जनता का मतदान सरकार के काम पर मुहर होगा। अकेले पड़े गोविंद सिंह डोटासरा पूरे उपचुनाव के दौरान प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ही कांग्रेस में सबसे सक्रिय नजर आए। कांग्रेस में प्रदेश स्तरीय नेताओं की संख्या कम नहीं है। लेकिन जहां भाजपा के नेताओं को चुनाव क्षेत्रों में प्रवास तक करवाया गया। वहीं, कांग्रेस के नेता प्रचार के लिए भी नहीं पहुंचे। पूर्व सीएम अशोक गहलोत सिर्फ दौसा और देवली-उनियारा की नामांकन सभाओं में पहुंचे। इसके बाद वे पूरी तरह महाराष्ट्र चुनावों में लग गए। वहीं, सचिन पायलट सिर्फ दौसा, देवली-उनियारा और झुंझुनूं पहुंचे। ये तीनों ही सीटें उनके कैंप के नेताओं से जुड़ी मानी जाती हैं। वहीं, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली पूरी तरह सिर्फ अलवर की रामगढ़ सीट पर ही सक्रिय दिखे। इस लिहाज से यदि चुनाव नतीजे कांग्रेस के पक्ष में आते हैं तो डोटासरा का कद काफी बढ़ जाएगा। खींवसर: पूरा चुनाव हनुमान पर फोकस खींवसर में त्रिकोणीय मुकाबला है। बीजेपी-कांग्रेस और आरएलपी के प्रत्याशियों के बीच टक्कर है। हनुमान बेनीवाल के लोकसभा में जाने के बाद यह सीट खाली हुई है। इस उपचुनाव में उन्होंने अपनी पत्नी कनिका बेनीवाल को उतारा है। लेकिन यहां के चुनावों को यदि कम शब्दों में समझा जाए तो यह हनुमान की जीत और हार का चुनाव है। इसके अलावा यहां कोई बड़ी चर्चा नहीं है। बीजेपी और कांग्रेस दोनों का टारगेट हनुमान बेनीवाल ही हैं और वे अकेले मुकाबले में अपनी जीत के रिकॉर्ड के साथ डटे हैं। राजकुमार रोत: वागड़ की लड़ाई भारत आदिवासी पार्टी डूंगरपुर-बांसवाड़ा की चौरासी और उदयपुर की सलूंबर सीट से चुनाव लड़ रही है। लेकिन इसके पीछे जो चेहरा है, वह राजकुमार रोत का है। राजकुमार रोत लोकसभा में बीजेपी नेता महेंद्रजीत मालवीय को हराकर वागड़ में आदिवसियों के बीच विश्वास बना चुके हैं और जिन दो सीटों पर बीएपी उपचुनाव लड़ रही है, उसमें रोत की साख सबसे ज्यादा दावं पर लगी है।

‘पीएम मोदी की कृपा से आप चूहे से शेर बने हैं’, राजस्थान बीजेपी अध्यक्ष पर के राजकुमार रोत का हमला

जयपुर. विधानसभा उपचुनाव में चौरासी सीट दिन प्रतिदिन विवादित बयानों के घेरे में आती जा रही है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ चौरासी आए थे। युवा मोर्चा के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मदन राठौड़ ने राजकुमार रोत को चूहा बताते हुए एक कहानी सुनाई थी। मदन राठौड़ ने कहा था कि एक चूहा था, जो संत की कृपा से शेर बन गया और शेर बनते ही उसने संत को खाने का प्रयास किया तो संत ने उसे पुनः चूहा बना दिया। इसलिए की जनता ने जिस चूहे को लोकसभा सांसद बनकर देश की सबसे बड़ी पंचायत में भेजा है। अब वक्त आ गया है कि यही जनता मंत्र पढ़कर शेर बन गए राजकुमार रात को दोबारा चूहा बना दे। मदन राठौड़ के इस बयान पर सांसद राजकुमार रोत ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो खुद प्रधानमंत्री मोदी की कृपा पर चल रहे हैं, वह मुझे बताएंगे कि मैं कौन हूं मुझे डूंगरपुर बांसवाड़ा की जनता ने आशीर्वाद दिया है और यह जनता 13 तारीख को तय करेगी की कौन चूहे से शेर बनता है और कौन शेर से चूहा। कैबिनेट मंत्री बाबूलाल खराड़ी में राजकुमार रोत पर 5 साल में मोटरसाइकिल से गाड़ी पर आने का कच्चे मकान से पक्का मकान बनाने का आरोप लगाया था, जिसका जवाब देते हुए राजकुमार रोत ने कहा कि चार बार का विधायक बाबूलाल खराड़ी अपने घर में नहाने के लिए बाथरुम नहीं बन सके। वह क्षेत्र के विकास की बात करते हैं, जो अपना घर नहीं बना पाए। वह क्षेत्र का विकास क्या करेंगे और अगर कैबिनेट मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने कोई विकास किया है तो हमें बताएं। राजकुमार ने कहा कि मैं और मेरी पत्नी दोनों के पगार आते हैं और उसी पगार से अगर मैं गाड़ी चला रहा हूं तो भाजपा नेताओं को क्या तकलीफ है? उसी पगार से अगर मैंने पक्का घर बना लिया तो इनको क्यों तकलीफ हो रही है। भारतीय आदिवासी पार्टी में फूट की खबरों पर उन्होंने कहा कि भाजपा को हमारी इतनी चिंता क्यों है? वह क्यों खुद की चिंता नहीं कर लेते, क्यों पूरा दलबल लगाकर चौरासी में लगे हुए हैं। राजकुमार रोत ने कहा कि इस बार हमारी जनता ने ठान लिया है कि भारतीय जनता पार्टी को सबक सिखाएंगे।

डीजीपी ने सभी आईजी और एसपी को भेजा पत्र, राजस्थान-पुलिस के जवानों के तबादलों पर रोक

जयपुर. राज्य सरकार जब तक तबादलों पर से प्रतिबंध नहीं हटा देते तब तक पुलिस महकमें में जवानों के ट्रांसफर नहीं किए जा सकेंगे। इसके लिए प्रदेश पुलिस के मुखिया डीजीपी यूआर साहू ने बकायदा सभी रेंज आईजी और एसपी को पत्र भेजा है। पत्र में लिखा है कि जब तक सरकार तबादले पर से प्रतिबंध नहीं हटा देती है, तब तक किसी का भी तबादला नहीं किया जाए। दरअसल राजस्थान में भजनलाल सरकार ने तबादलों पर बैन लगा रखा है, लेकिन इसके बावजूद कई जिलों में और संभाग में पुलिस डिपार्टमेंट में तबादलों का सिलसिला जारी है। यही वजह है कि पुलिस डिपार्टमेंट में होने वाले तबादलों पर रोक लगाने के लिए पुलिस महानिदेशक यूआर साहू में सभी रेंज IG और जिला SP को पत्र लिखकर बिना पुलिस मुख्यालय की अनुमति के तबादले नहीं करने के आदेश जारी किए हैं। डीजीपी यूआर साहू के आदेश के मुताबिक अब रेंज IG और पुलिस अधीक्षक अपने स्तर पर तबादले नहीं कर सकेंगे। तबादलों पर प्रतिबंध की समय सीमा में तबादलों पर रोक रहेगी। बैन के बाद भी जिलों में तबादले राज्य सरकार की तरफ से प्रदेश में तबादलों पर बैन नहीं हटाया गया, लेकिन इसके बाद भी पुलिस सहित प्रदेश के सभी महकमों में जमकर तबादले हुए। अपने आदेश में डीजीपी ने कहा है कि अगर बहुत जरूरी होने पर तबादला करना है तो कारणों सहित सक्षम स्तर से अनुमति लेनी होगी। गौरतलब है कि राजस्थान सरकार के तबादलों पर रोक के बावजूद कई ज़िलों और रेंज में पुलिस विभाग में रेंज और ज़िला एसपी के स्तर पर तबादले किए जा रहे हैं। इसकी शिकायत पुलिस मुख्यालय में होने पर पुलिस महानिदेशक की ओर से आदेश जारी किया गया है।

जातिगत समीकरणों से तय होगी जीत या बदलेगी परंपरा?, राजस्थान की सातों सीटों के उपचुनावों में लग रहे कयास

अलवर/नागौर. इस बार प्रदेश की सातों सीटों पर चुनाव अलग-अलग दिशाओं में हैं। शायद यही कारण है कि कांग्रेस और भाजपा ही नहीं बल्कि क्षेत्रीय दल भी परिवारवाद और सहानुभूति कार्ड जैसे दांव आजमा रहे हैं। प्रदेश की जिन सात सीटों पर उपचुनाव होने जा रहा है, उनमें से दो दक्षिणी राजस्थान में, दो पूर्वी राजस्थान में और एक-एक उत्तरी, मध्य और पश्चिमी राजस्थान में है। अलवर जिले की यह सीट सांप्रदायिक ध्रुवीकरण वाली सीट रही है। यहां के कुल वोटरों में मुस्लिम वोटर्स की संख्या 30 प्रतिशत से ज्यादा है और कांग्रेस को इसी बडे़ वोट बैंक के सहारे जीत की उम्मीद है। पार्टी के प्रत्याशी आर्यन जुबैर यहां से कांग्रेस के परंपरागत उम्मीदवार और दिवगंत विधायक जुबैर खान के पुत्र हैं। बीजेपी के सुखवंत सिंह की छवि यहां सॉफ्ट मानी जाती है। इसलिए बीजेपी के खिलाफ मेवों का ध्रुवीकरण कम रह सकता है। दौसा में चुनाव की दिशा सामान्य वर्ग करेगा तय इस सीट के उपचुनाव पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हैं। इसका एक बड़ा कारण तो यह है कि सरकार से इस्तीफा देकर बैठे मंत्री किरोड़ीलाल मीणा यहां से अपने भाई जगमोहन मीणा को टिकट दिलाने में सफल रहे हैं, वहीं दूसरा बड़ा कारण है कि एक सामान्य वर्ग की सीट पर भाजपा ने जगमोहन मीणा के रूप में जहां अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवार को टिकट दिया है, वहीं कांग्रेस डीडी बैरवा के रूप में अनुसूचित जाति के उम्मीदवार को मैदान में उतारा है। इस सीट के कुल वोटों में से करीब पचास प्रतिशत एससी-एसटी के वोट हैं और शेष पचास प्रतिशत में सामान्य, मुस्लिम और ओबीसी के वोटर आते हैं। अब चूंकि दोनों ही प्रमुख दलों ने सामान्य या ओबीसी वर्ग से किसी को टिकट नहीं दिया है, इसलिए यह देखना दिलचस्प होगा कि ये वोट कांग्रेस या भाजपा में से किसे चुनते हैं। हालांकि भाजपा को उम्मीद है कि सामान्य और मूल ओबीसी वोट परंपरागत रूप से भाजपा के साथ रहे हैं, इसलिए मीणा वोटों के साथ इन वोटों का जुड़ाव उसकी जीत को आसान बना देगा। देवली-उनियारा में कांग्रेस को मीणा वोट कटने का डर टोंक जिले की इस सीट पर मीणा, गुर्जर और मुस्लिम वोटों का बाहुल्य है। कांग्रेस ने मीणा और मुस्लिम वोटों की गोलबंदी की उम्मीद में यहां से कस्तूरचंद मीणा को टिकट दिया है। चूंकि सचिन पायलट टोंक से विधायक हैं और यह उन्हीं के खेमे के हरीश मीणा की सीट रही है, इसलिए पार्टी को गुर्जर वोटों की उम्मीद भी है, लेकिन कांग्रेस के इन दोनों ही वोट बैंकों में सेंध पड़ गई है। कांग्रेस के बागी के रूप में पूर्व छात्र नेता नरेश मीणा मैदान में हैं, जो मीणा वोटों को बंटवारा कर सकते हैं, वहीं भाजपा ने अपने पुराने कार्यकर्ता राजेन्द्र गुर्जर को टिकट देकर कांग्रेस की एकमुश्त गुर्जर वोट मिलने की उम्मीद को भी झटका दिया है। ऐसे में कांग्रेस की बड़ी उम्मीद यहां मुस्लिम वोट हैं, वहीं भाजपा सामान्य और मूल ओबीसी वोटों के सहारे दिखाई दे रही है। राजेंद्र गुढ़ा हैं झुंझुनू में एक्स फैक्टर शेखावटी क्षेत्र की इस सीट पर कांग्रेस के ओला परिवार का वर्चस्व रहा है और इस बार भी पार्टी ने इसी परिवार के अमित ओला को टिकट देकर जाट और मुस्लिम वोटों के सहारे जीत की उम्मीद की है, क्योंकि इस सीट पर यही दो वोट सबसे ज्यादा हैं। भाजपा ने भी हालांकि राजेन्द्र भांभू के रूप में जाट उम्मीदवार को ही टिकट दिया है, ऐसे में जाट वोटों के बंटवारे के साथ ही पार्टी को सामान्य और मूल ओबीसी के वोटों की उम्मीद भी है, लेकिन इस सीट के एक्स फैक्टर राजेन्द्र गुढ़ा माने जा रहे हैं जो कांग्रेस के एससी और मुस्लिम वोटों में सेंधमारी करते दिख रहे हैं और ऐसा होता है तो इसका सीधा फायदा भाजपा के उम्मीदवार हो सकता है। खींवसर के त्रिकोणीय संघर्ष में बटेंगे जाट वोट नागौर जिले की खींवसर सीट पर जाट मुस्लिम और एससी मतदाता सबसे ज्यादा हैं। यहां हनुमान बेनीवाल की पार्टी आरएलपी, भाजपा और कांग्रेस के बीच त्रिकोणीय संघर्ष है और चूंकि तीनों के उम्मीदवार जाट हैं, इसलिए जाट वोट तीन जगह बंटेंगे। किसी भी प्रत्याशी का जीत का दारोमदार एससी और मुस्लिम वोटों पर रहेगा, जो वैसे तो कांग्रेस के वोट बैंक माने जाते हैं, लेकिन इस सीट पर आरएलपी के साथ जाते रहे हैं। विधानसभा चुनाव में आरएलपी से भाजपा में गए रेवतराम डांगा ने आरएलपी के वोट बैंक में अच्छी सेंधमारी की थी और हनुमान बेनीवाल सिर्फ दो हजार वोटों से जीत पाए थे। इस बार भी भाजपा ने फिर से डांगा पर दांव खेला है। वहीं हनुमान बेनीवाल ने अपनी पत्नी कनिका बेनीवाल को और कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी रहे सवाईसिंह की पत्नी रतन चौधरी को टिकट दिया है। चौरासी आरक्षित सीट पर सब कुछ एसटी वोटों के हाथ बांसवाड़ा जिले की इस आदिवासी बहुल सीट पर करीब 85 प्रतिशत आबादी अनुसूचित जनजाति की है। ऐसे में यहां अन्य जातियों या सामान्य वर्ग के लिए बहुत गुंजाइश बचती नहीं है। आदिवासियों की बीच सक्रिय भारतीय आदिवासी पार्टी और भाजपा व कांग्रेस के बीच यहां त्रिकोणीय मुकाबला है तो सही, लेकिन जातिगत समीकरण आदिवासियों की ही उपजातियों के बीच के हैं। सलूंबर में आदिवासियों के साथ ही अन्य वोट बैंक भी प्रभावी अब तक उदयपुर का हिस्सा रही सलूंबर सीट अब खुद अपने आप में जिला हो गई है। आदिवासियों की संख्या अधिक होने के कारण यह भी आरक्षित सीट है, लेकिन यहां सामान्य वर्ग की अन्य जातियां जैसे जैन, ब्राह्मण, राजपूत और मूल ओबीसी की जातियां भी ठीकठाक संख्या में हैं। यही कारण है कि इस सीट पर आदिवासी पार्टियों के बजाए कांग्रेस और भाजपा के बीच ही मुकाबला होता आया है। दिवंगत विधायक अमृतलाल  मीणा यहां से लगातार तीसरी बार विधायक बने थे। इस बार भाजपा ने उनकी पत्नी शांतादेवी को टिकट देकर अनूसूचित जनजाति के साथ ही सामान्य वर्ग के अपने परंपरागत वोट बैंक के सहारे जीत की उम्मीद की है। उनके सामने कांग्रेस की रेशम मीणा हैं, वहीं बीएपी ने भी रमेशचंद मीणा को मैदान में उतारा है।

एसआई पेपर लीक में आया नया मोड़, राजस्थान-एसओजी की चार्जशीट में कई बड़े नाम

जयपुर. पुलिस सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में पेपर लीक की जांच में अब बड़े मगरमच्छ भी सामने आने लगे हैं। मामले में  SOG की टीम ने कोर्ट में चार्जशीट पेश की है, जिसमें राजस्थान लोक सेवा आयोग के तत्कालीन चेयरमैन संजय श्रोत्रिय से लेकर सदस्य मंजू शर्मा, संगीता आर्या, जसवंत राठी सबकी भूमिका संदेहास्पद बताई गई है। पुलिस में सब इंस्पेक्टर पेपर लीक की जांच को लेकर अब तक एसओजी पर सवाल उठ रहे थे कि जितनी भी गिरफ्तारियां हुई हैं, वे छोटे स्तर की हैं। कोई बड़ा नाम इसमें नहीं आ रहा लेकिन एसओजी ने कोर्ट में जो चार्जशीट पेश की है उसमें पूर्व आईपीएस और राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के चेयरमैन संजय श्रोत्रिय का भी नाम लिया गया है।  SOG ने SI भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में 20 आरोपियों के खिलाफ 29 अक्टूबर को चार्जशीट पेश की थी, जिसमें SOG ने कई बड़े खुलासे किए हैं। SOG की चार्जशीट के मुताबिक इस पूरे मामले में राजस्थान लोक सेवा आयोग के तत्कालीन चेयरमैन संजय क्षोत्रिय से लेकर सदस्य मंजू शर्मा, संगीता आर्या, जसवंत राठी सबकी भूमिका संदेहास्पद है। इन सभी ने रामू राम राईका के बेटे-बेटी को फायदा पहुंचाया है। इंटरव्यू से पहले RPSC चेयरमैन से घर पर मिला था राइका चार्जशीट में कहा गया है कि RPSC सदस्य रामूराम राइका ने अपने बेटे देवेश और बेटी शोभा को थानेदार बनाने के लिए परीक्षा से एक माह पहले ही पेपर ले लिया था। यही नहीं इंटरव्यू से पहले राइका आरपीएससी के तत्कालीन चेयरमैन संजय श्रोत्रिय से उनके आवास पर भी मिला था, तब श्रोत्रिय ने कहा था कि देखते हैं। राइका को पेपर कटारा ने दिया SOG की चार्जशीट के मुताबिक रामू राम राईका को पेपर बाबूलाल कटारा ने उपलब्ध कराया था। बाबूलाल कटारा को मार्च महीने में तत्कालीन चेयरमैन भूपेंद्र सिंह ने SI भर्ती परीक्षा के लिखित परीक्षा के प्रश्न पत्र तैयार कराने की जिम्मेदारी दी थी। भूपेंद्र सिंह अक्टूबर 2020 से 1 दिसंबर 2021 तक आयोग के चेयरमैन थे। पहले यह परीक्षा एक दिन में आयोजित होनी थी, इसलिए बाबूलाल कटारा ने फर्स्ट और सेकंड पेपर के दो-दो सेट तैयार करके रख लिए थे।

जल जीवन मिशन घोटाले में एसीबी की बड़ी कार्रवाई, राजस्थान-पूर्व PHED मंत्री महेश जोशी पर केस दर्ज

जयपुर. जल जीवन मिशन घोटाले में राजस्थान की राजनीति में एक फिर हलचल हुई है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने पूर्व PHED मंत्री महेश जोशी और 22 अन्य अधिकारियों के खिलाफ गंभीर आरोपों में केस दर्ज किया है। यह केस एसीबी के एडिशनल एसपी बिशनाराम बिश्नोई की ओर से दर्ज किया गया है। इसमें महेश जोशी के साथ जल जीवन मिशन से जुड़े उच्चाधिकारियों के नाम भी शामिल हैं। एफआईआर में वित्तीय सलाहकार सुशील शर्मा, तत्कालीन मुख्य अभियंता आरके मीणा और दिनेश गोयल का नाम भी दर्ज किया गया है। इसके अलावा, अतिरिक्त मुख्य अभियंता अरुण श्रीवास्तव, रमेश चंद मीणा, परितोष गुप्ता, अधीक्षण अभियंता निरिल कुमार, विकास गुप्ता, महेंद्र प्रकाश सोनी, भगवान सहाय जाजू, जितेंद्र शर्मा, अधिशासी अभियंता विशाल सक्सेना, और पदमचंद जैन, संजय बड़ाया जैसे प्रमुख अधिकारी भी नामजद किए गए हैं। ACB का यह कदम राज्य में सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। जल जीवन मिशन में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते यह केस दर्ज किया गया है।

धर्म परिवर्तन के खिलाफ नया कानून लाएगी सरकार, राजस्थान उपचुनाव में BJP-विधि मंत्री का दांव

जयपुर. धर्म परिवर्तन के खिलाफ राजस्थान सरकार विधानसभा में बिल लाएगी। राजस्थान सरकार में विधि मंत्री जोगाराम पटेल ने अगले विधानसभा सत्र में बिल लाने के संकेत दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि विधि विभाग धर्म परिवर्तन के खिलाफ बिल के ड्राफ्ट को फाइनल करने में जुटा हुआ है। मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा, उत्तराखंड और मध्यप्रदेश के धर्म परिवर्तन से जुड़े कानूनों की स्टडी की जा रही है। इस बिल को अगले विधानसभा सत्र में पारित किया जा सकता है। धर्म परिवर्तन के विरोध में लाए जा रहे इस बिल में कई कड़े प्रावधान किए जा सकते हैं। जैसे धर्म बदलवाने और उसमें सहयोग करने वालों पर जेल और भारी जुर्माना होगा। इसमें शामिल संस्थाओं के रजिस्ट्रेशन खारिज करने के साथ कड़ी कार्रवाई होगी। जबरन धर्म परिवर्तन पर पांच साल तक सजा और जुर्माने की सिफारिश है। गौरतलब है कि इससे पहले साल 2006 और 2008 में भी राजस्थान विधानसभा में तत्कालीन वसुंधरा सरकार के समय धर्म स्वातंत्र्य बिल दो बार पास हुआ था। लेकिन तब केंद्र की यूपीए सरकार से इसे मंजूरी नहीं मिल पाई थी। उस धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2008 के कई प्रावधानों को भी शामिल किया जाएगा। साल 2008 के धर्म स्वातंत्र्य बिल में कलेक्टर की मंजूरी के बिना धर्म बदलने पर रोक थी।

रात 12 बजे पीक पर रहा पॉल्यूशन, राजस्थान में दिवाली के बाद बिगड़ी आबोहवा

जयपुर. राजस्थान में बीते एक सप्ताह में वायु प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ गया है। राजधानी जयपुर में शनिवार रात AQI का स्तर 305 तक पहुंच गया। वहीं, औसत रूप से यहां AQI का स्तर 142 रहा है। अगले एक सप्ताह में भी मौसम में प्रदूषण का स्तर कम नहीं होगा। राजस्थान के अन्य शहरों की बात करें तो अलवर का AQI स्तर औसतन 171 रहा, भरतपुर का 165, भिवाड़ी का 168, चूरू का 176, गंगानगर का 163 और पाली जिले का एक्यूआई स्तर 146 रहा। राजस्थान के हिल स्टेशन कहे जाने वाले माउंटआबू में फिलहाल हवा का स्तर सबसे अच्छा है। यहां सुबह पांच बजे के आसपास AQI का स्तर 25 रहा, जो विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों के हिसाब से बेस्ट की श्रेणी में आता है। हालांकि, देर रात यहां भी वायु प्रदूषण का असर देखने को मिला, जिसमें यहां का AQI का स्तर 91 तक पहुंच गया। लेकिन औसत रूप से यहां AQI का स्तर 61 रहा है। वहीं, राजस्थान के अन्य पर्यटन स्थलों की बात करें तो धौरों के शहर जैसलमेर में AQI का स्तर देर रात 292 दर्ज किया गया। लेकिन सुबह यहां मौसम साफ रहा और AQI का स्तर भी 78 दर्ज किया गया। उदयपुर में AQI का औसत स्तर 122 के आसपास है। हिस्टोरिक ग्राफ से देखें तो यहां देर रात प्रदूषण बढ़ा, लेकिन सुबह होते-होते AQI का स्तर 49 रह गया। जो विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों के हिसाब से श्रेष्ठ है।

परिवारवाद को टिकट में मिलेगा महत्व, राजस्थान विधानसभा उपचुनावों में कांग्रेस की 23 तक आएगी लिस्ट

जयपुर. विधानसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस की सूचियां भी आनी शुरू हो चुकी हैं। एआईसीसी ने झारखंड के 21 टिकट घोषित कर दिए हैं। राजस्थान का पैनल लेकर प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा दिल्ली रवाना हो चुके हैं। राजस्थान में विधानसभा चुनावों को लेकर सरगर्मियां तेज हो रही हैं। बीजेपी 6 सीटों पर अपने प्रत्याशी घोषित कर चुकी है अब कांग्रेस की सूची का इंतजार है। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सुखजिंद सिंह रंधावा टिकट दावेदारों के पैनल पर कल जयपुर स्थित कांग्रेस वॉर रूम में बैठक कर दिल्ली रवाना हो गए। अपने साथ वे नामों की सूची भी लेकर गए हैं और दिल्ली में हाईकमान के साथ बैठक करके सूची जारी करने की बात कहकर गए हैं। जानकारी के मुताबिक बुधवार 23 अक्टूबर को राजस्थान के लिए कांग्रेस की सूची जारी हो सकती है। इनको मिल सकता है मौका कांग्रेस की सूची में ज्यादातर टिकट परिवार से जुड़े हो सकते हैं। प्रभारी सुखजिंदर रंधावा का कहना है कि परिवारवाद में कोई परेशानी नहीं है, जिन सीटों के टिकट परिवार को जा सकते हैं उनमें रामगढ़, झुंझुनू और देवली उनियारा सीट शामिल हैं। दौसा में मुरारीलाल मीणा कह चुके हैं कि उपचुनावों में उनके परिवार से कोई दावेदारी नहीं कर रहा है। जानकारी के मुतबिक कांग्रेस किसी एससी चेहरे पर यहां दांव लगा सकती है। खींवसर में कांग्रेस-आरएलपी में अंदरखाने बातचीत हालांकि कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा ने प्रदेश की सभी सातों सीटों पर प्रत्याशी उतारने और बिना गठबंधन के चुनाव लड़ने की घोषणा की है लेकिन जानकारी के मुताबिक अब भी कांग्रेस और आरएलपी के बीच खींवसर को लेकर बातचीत बंद नहीं हुई है। यदि यह गठबंधन नहीं होता है तो आरएलपी एक से ज्यादा सीटों पर अपने प्रत्याशी उतार सकती है, जिसका सीधा असर कांग्रेस पर होगा। बीएपी ने चौरासी-सलूंबर में प्रत्याशी उतारे इधर लोकसभा चुनावों में कांग्रेस की सहयोगी पार्टी रही बीएपी ने उपचुनावों के लिए चौरासी और सलूंबर पर अपना दावा ठोंक दिया है। इन दोनों सीटों पर पार्टी ने मजबूती से चुनाव लड़ने का ऐलान किया है।

लॉरेंस बिश्नोई के एनकाउंटर पर एक करोड़ का इनाम, राजस्थान के क्षत्रिय करणी सेना अध्यक्ष का ऐलान

जयपुर. जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के एनकाउंटर के लिए क्षत्रिय करणी सेना ने कथित तौर पर इनाम की घोषणा की है। संगठन के अध्यक्ष राज शेखावत एक इस संबंध में एक वीडियो जारी करके कहा कि लॉरेंस बिश्नोई को मारने वाले किसी भी पुलिस अधिकारी को 1,11,11,111 रुपये का इनाम देंगे। राज शेखावत ने घोषणा करते हुए कहा कि लॉरेंस बिश्नोई का एनकाउंटर करने वाले पुलिसकर्मी को इनाम की यह राशि दी जाएगी। वीडियो में शेखावत ने जोर देते हुए कहा कि एनकाउंटर करने वाले बहादुर पुलिसकर्मी के परिवार की सुरक्षा एवं संपूर्ण व्यवस्थाओं का दायित्व भी हमारा ही रहेगा। बिश्नोई को देश के लिए खतरा बताते हुए क्षत्रिय करणी सेना प्रमुख ने कहा कि लॉरेंस बिश्नोई हमारे अनमोल रत्न और विरासत अमर शहीद सुखदेव सिंह गोगामेड़ी जी का हत्यारा है। गौरतलब है कि करणी सेना के प्रमुख सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की 5 दिसंबर 2023 को जयपुर में अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी और उसके कुछ घंटों बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने उनकी हत्या की जिम्मेदारी ली थी। लॉरेंस इस समय ड्रग तस्करी के एक मामले में गुजरात की साबरमती जेल में बंद है। अप्रैल में मुंबई में सलमान खान के घर के बाहर गोलीबारी और उसके बाद एनसीपी नेता बाबा सिद्दिकी की हत्या में उसका नाम सामने आया है। बहरहाल क्षत्रिय करणी सेना का यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में बना हुआ है।

माउंट आबू में पारा लुढ़का, राजस्थान में कार्तिक मास की शुरुआत से ही गुलाबी सर्दी की दस्तक

जैसलमेर. कार्तिक मास की शुरुआत के साथ शरद ऋतु शुरू हो चुकी है। राजस्थान की हवाओं में अब ठंड घुलने लगी है। बीते 20 दिनों तक प्रदेश के न्यूनतम तापमान में करीब 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ चुकी है। प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे जा चुका है। माउंट आबू प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका बना हुआ है यहां न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस तक चला गया है। बाजारों में गर्म कपड़ों की आवक शुरू हो गई है। राजधानी जयपुर की बात करें तो यहां गर्म कपड़ों के लिए तिब्बती बाजार लगना शुरू हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार अक्टूबर के आखिर तक तापमान में और तेजी से गिरावट शुरू होगी। बीते 24 घंटो में मौसम का हाल बीते 24 घंटों में श्रीगंगानगर में सर्वाधिक 39.4 डिग्री तापमान रहा। वहीं जैसलमेर में 38.5 डिग्री, बाड़मेर में 38.4 डिग्री, चूरू में 38.2 डिग्री, अलवर में 36.8 डिग्री, बीकानेर में 36.6 डिग्री, जोधपुर में 36.2 डिग्री, सीकर में 36.5 डिग्री, जयपुर में 36.1 डिग्री, अजमेर में 36 डिग्री रहा। वहीं भीलवाड़ा में 34.9 डिग्री, चित्तौड़गढ़ में 35.4 डिग्री और माउंट आबू में 27.0 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 19 अक्तूबर को राजस्थान में मौसम शुष्क रहेगा। राजधानी जयपुर की बात करें तो यहां अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 23.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। हालांकि दिन के समय यहां तेज धूप का असर है। लेकिन शाम होते-होते मौसम ठंडा हो जाता है।

आज जारी कर सकती है नामों की सूची, राजस्थान उपचुनाव के उम्मीदवारों पर BJP में हो चुका मंथन

जयपुर. राजस्थान की सात सीटों पर उपचुनाव की तारीख घोषित होते ही कांग्रेस और भाजपा अपने प्रत्याशियों के नाम फाइनल करने की कोशिश में लग गए हैं। हालांकि, भारतीय जनता पार्टी यह प्रक्रिया पिछले 15 दिनों से कर रही थी, ऐसे भाजपा की प्रत्याशी सूची कुछ ही घंटों में जारी होने की संभावना है। दरअसल, बीते सोमवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने आवास पर कोर कमेटी की बैठक बुलाई थी, जिसमें भाजपा के कोर कमेटी सदस्यों को प्रत्याशियों के नाम फाइनल करने के लिए आमंत्रित किया गया था। इस बैठक में तीन-तीन नामों का पैनल तैयार किया गया, जिसे बाद में मुख्यमंत्री और कोर कमेटी सदस्य राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के पास लेकर गए। जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद सिंगल पैनल लिस्ट राष्ट्रीय अध्यक्ष को सौंप दी गई है। सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा केंद्रीय नेतृत्व से इस सूची को मंजूरी दी जानी है। अंतिम निर्णय प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ पर छोड़ा गया है। जिन सीटों पर उपचुनाव होने हैं उनमें भाजपा के पास 7 में से केवल एक सीट सलूंबर है, जो विधायक अर्जुन मीणा के निधन के बाद खाली हुई थी। बाकी चार सीटें कांग्रेस के पास और दो सीटें अन्य दलों के पास हैं। जिन 7 सीटों पर उपचुनाव होना है, भाजपा  प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने उन सभी सीटों पर जाकर ग्राउंड रिपोर्ट हासिल कर ली है। उनके द्वारा भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को इन सीटों का आकलन प्रस्तुत किया गया है। इन सीटों पर इनकी दावेदारी उपचुनाव के लिए दौसा से डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के भाई जगमोहन मीणा को टिकट दिए जाने की संभावना है। देवली उनियारा से भाजपा की राष्ट्रीय नेता अलका गुर्जर भी टिकट की मांग कर रही हैं। इस सीट से भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी भी सक्रिय हैं। खींवसर सीट से ज्योति मिर्धा को फिर से मैदान में उतारा जा सकता है, क्योंकि पिछले विधानसभा चुनाव में वह हनुमान बेनीवाल से 2,500 वोटों से हार गई थीं। रामगढ़ सीट पर सुखवंत सिंह का नाम सबसे आगे चल रहा है, क्योंकि कांग्रेस विधायक जुबेर खान की मृत्यु के बाद यह सीट खाली हुई है। झुंझुनू सीट पर भाजपा किसी नए चेहरे पर दांव खेल सकती है, खासकर किसी जाट उम्मीदवार पर। सलूंबर सीट पर अर्जुन मीणा के परिवार से ही टिकट दिए जाने की संभावना है। चौरासी सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला देखा जा सकता है, जिसमें भाजपा, कांग्रेस और अन्य दल शामिल हैं। भाजपा की सूची आने के बाद ही कांग्रेस अपने प्रत्याशियों का चयन करेगी। इस उपचुनाव में भाजपा के पास खोने के लिए कुछ नहीं है, जबकि कांग्रेस के बड़े नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है।

48 नोडल अधिकारी किये गए नियुक्त, राजस्थान के सभी 557 कॉलेजों में लगेंगे सौर ऊर्जा संयंत्र

केकड़ी. प्रदेश के समस्त राजकीय महाविद्यालय अब सौर ऊर्जा से रोशन होंगे। आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा की ओर से कॉलेजों को सौर ऊर्जा युक्त करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके लिए प्रदेश भर में 48 नोडल अधिकारी नियुक्त कर कॉलेजों में सौर ऊर्जा की वर्तमान स्थिति सहित अन्य जानकारी एकत्रित की जा रही है। इसके अंतर्गत राज्य के सभी 557 यूजी पीजी कॉलेज में रूफटॉप सौर ऊर्जा प्लांट की स्थापना की जाएगी। राज्य सरकार ने इसके लिए अक्षय ऊर्जा निगम को अधिकृत किया है। राज्य सरकार द्वारा पारंपरिक हाइड्रो और तापीय बिजली के अलावा सरकार ने सौर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कुसुम योजना, पीएम सूर्योदय सहित कई योजनाएं चालू की हैं। इसके जरिए आम उपभोक्ता भी अपने घर व प्रतिष्ठान को सौर ऊर्जा युक्त कर सकता है। राज्य के 20 प्रतिशत कॉलेजों में है सौर ऊर्जा वर्तमान में प्रदेश के महज 20 प्रतिशत कॉलेज में ही रूफटॉप सौर पैनल लगे हैं। अभी भी 80 प्रतिशत कॉलेज जयपुर, जोधपुर और अजमेर डिस्कॉम की बिजली पर निर्भर हैं। सरकार ने सौर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सभी कॉलेज में रूफटॉप सौर पैनल लगाने की घोषणा की है। हालांकि बीते एक-दो सालों में आमजन में सौर ऊर्जा उत्पादन के प्रति जागरूकता बढ़ी है, लेकिन इसका दायरा अभी भी बहुत सीमित है। इसी दायरे को बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार ने अब कॉलेज शिक्षा निदेशालय के अधीन 557 यूजी-पीजी कॉलेज में रूफटॉप सौर ऊर्जा पैनल स्थापित करने का फैसला किया है। 48 नोडल अधिकारी नियुक्त आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा के संयुक्त निदेशक डॉ. विजेंद्र कुमार शर्मा ने रूफटॉप सौर पैनल लगाने के लिए प्रदेश के 48 कॉलेज को नोडल बनाया है। नोडल अधिकारी विभिन्न कॉलेज में सौर ऊर्जा पैनल, प्लांट, लोड क्षमता और अन्य जानकारी देंगे। सरवाड़ व टांटोती कॉलेज में लगेंगे संयंत्र यह जानकारी देते हुए राजकीय महाविद्यालय केकड़ी के कार्यवाहक प्राचार्य चेतनलाल रैगर ने बताया कि केकड़ी जिला मुख्यालय पर स्थित राजकीय महाविद्यालय में पहले से ही सौर ऊर्जा का संयंत्र स्थापित है, लेकिन नोडल कॉलेज होने के कारण जिले के सावर, सरवाड़ गर्ल्स कॉलेज, टांटोटी व कादेड़ा कॉलेज भी इसके अधीन आते हैं। इनमें सरवाड़ व टांटोटी की खुद की बिल्डिंग होने से कॉलेज प्रशासन को सौर ऊर्जा संयंत्र का प्रस्ताव बनाकर भेजने के निर्देश दिए गए हैं। जबकि कादेड़ा व सावर में कॉलेज की खुद की बिल्डिंग नहीं है, इसलिए यहां फिलहाल सौर ऊर्जा का संयत्र स्थापित नहीं हो सकेगा।

उपचुनाव के 18 से शुरू होंगे नामांकन, राजस्थान के सात विधानसभा क्षेत्रों में 19.36 लाख मतदाता

जयपुर. राजस्थान में  विधानसभा उपचुनाव के दौरान 19,36,533 मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। इसके लिए 7 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 1,862 मतदान केंद्र और 53 सहायक मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे। झुंझुनू, रामगढ़, दौसा, देवली-उनियारा, खींवसर, सलूंबर और चौरासी में उपचुनाव होने हैं। झुझुनूं में 249 मतदान केंद्र, 14 सहायक मतदान केंद्र व 2,74,532 मतदाता होंगे। रामगढ़ में  278 मतदान केंद्र , 6 सहायक मतदान केंद्र व 2,74,180 मतदाता होंगे। दौसा में  235 मतदान केंद्र , 5 सहायक मतदान केंद्र व 2,46,012 मतदाता होंगे। देवली-उनियारा में  296 मतदान केंद्र ,11 सहायक मतदान केंद्र व 3,02721 मतदाता होंगे। खींवसर में  264 मतदान केंद्र , 4 सहायक मतदान केंद्र व 2,86,041 मतदाता होंगे। सलूंबर में  296 मतदान केंद्र , 6 सहायक मतदान केंद्र व 2,97,645 मतदाता होंगे। वहीं चौरासी में  244 मतदान केंद्र ,7 सहायक मतदान केंद्र व 2,55401 मतदाता होंगे। सांसदों की मर्जी पर ही टिकट टिकटों के लिए नामांकन 18 नवंबर से शुरू होंगे। जानकारी के मुताबिक कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टियों में नामांकन के अंतिम दिन के आस-पास ही टिकट घोषित होंगे। झुंझुनू: झुंझुनू में ओला परिवार को टिकट, कांग्रेस की इस मजबूत सीट पर बृजेंद ओला के सांसद बनने के चलते उपचुनाव हो रहे हैं। जानकारी के मुताबिक इस सीट पर कांग्रेस ओला परिवार में से ही किसी को  टिकट देगी। दौसा: मुरारी लाल मीणा ने अपने परिवार को चुनाव लड़ाने से इनकार कर दिया है, लेकिन टिकट उनके कहने पर ही दिया जाएगा। दूसरी तरफ यहां भाजपा की तरफ से डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के भाई जगमोहन मीणा को चुनाव लड़वाने की तैयारी है। रामगढ़: कांग्रेस विधायक जुबेर खान का निधन हो चुका है। हालांकि, उनकी पत्नी भी 2018 से 2023 तक विधायक रह चुकी हैं। लेकिन, इस बार जुबेर के बेटे को कांग्रेस अपना प्रत्याशी बना सकती है। वहीं भाजपा सुखविंदर को टिकट दे सकती है। सलूंबर: दिवंगत विधायक अमृत लाल मीणा के बाद चर्चा है कि भाजपा उनके परिवार में ही टिकट देकर सहानुभूति लहर का फायदा ले सकती है। मीणा की पत्नी अभी सरपंच हैं और राजनीति में सक्रिय हैं। कांग्रेस की ओर से परंपरागत तौर पर दिग्गज नेता रघुवीर मीणा की दावेदारी है। खींवसर: सांसद हनुमान बेनीवाल की परंपरागत सीट पर फिर बेनीवाल परिवार का दावा है। भाई नारायण बेनीवाल पहले विधायक रह चुके हैं। इस बार हनुमान की पत्नी की चर्चा भी है। नागौर के दिग्गज सियासी परिवार मिर्धा फैमिली से ज्योति मिर्धा फिर एक बार दौड़ हैं। पूर्व में वह विधानसभा और लोकसभा का चुनाव हार चुकी हैं। 0- झुंझुनू बृजेंद्र ओला परिवार 0- मुरारी के कहने पर टिकट 0- हरीश मीणा के कहने पर टिकट 0- हनुमान बेनीवाल- बिंदु चौधरी, राघवेंद्र 0- रामगढ़ में सफिया का बेटा इन सीटों पर मतदान, यहां इतने मतदाता — क्रं.    विधान     निर्वाचन क्षेत्र की    मतदान केंद्र     सहायक      कुल मतदाता सं.    सभा        संख्या व नाम                               मतदान केंद्र 1     27     झुंझुनू     249     14     2,74,532 2     67     रामगढ़     278     6     2,74,180 3     88     दौसा     235     5     2,46,012 4     97     देवली-उनियारा     296     11     3,02,721 5     110     खींवसर     264     4     2,86,041 6     156     सलुम्बर(अ.ज.जा.)     296     6     2,97,645 7     161     चौरासी (अ.ज.जा.)     244     7      2,55,401

भारतीय संस्कृति देख लोगों ने की तारीफ, राजस्थान की डिप्टी सीएम दीया कुमारी जर्मनी में देसी परिधान में दिखीं

जयपुर. उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी भी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ राइजिंग राजस्थान सबमिट के लिए जर्मनी के दौरे पर हैं। म्यूनिख में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दीया कुमारी देसी परिधान के अंदर नजर आई। जिसको देखकर वहां पर उपस्थित प्रवासी भारतीय एवं जर्मनी के व्यापारियों ने भी दिल खोलकर उपमुख्यमंत्री के संस्कार देश की संस्कृति के प्रति प्रेम एवं लगाओ की जमकर तारीफ की। उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने जर्मनी प्रवास के दौरान जर्मन-इंडियन बिज़नेस फोरम के तत्वावधान में म्यूनिख में बसे एनआरआर (नॉन-रेजिडेंट राजस्थानी) समुदाय से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ मुलाकात की और उन्हें राजस्थान के विकास में सहयोग के लिए आमंत्रित किया और आगामी सम्मेलन भाग लेने के लिए प्रेरित किया। दीया कुमारी ने म्यूनिख में दिए अपने संबोधन में कहा कि यह गौरव का पल है, जब भारत पूरी दुनिया में अपना परचम लहरा रहा है और ऐसे समय में राजस्थान और राजस्थान की सरकार प्रवासी भारतीय और जर्मन के व्यापारियों को राजस्थान में निवेश करने के लिए न्योता देने आई है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि आज राजस्थान में निवेश कर हर व्यापारी भारत की बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था का हिस्सा बन सकता है और पूरे विश्व में अपनी छाप छोड़ सकता है।

पांच सीटों पर दशकों से हावी रहे ‘परिवार’, राजस्थान-उपचुनाव के दावेदारों के पैनल तैयार

दौसा. राजस्थान में विधानसभा के उपचुनावों की तैयारियां तेज हो गई हैं। बीजेपी ने सभी 7 सीटों पर 3-3 नामों का पैनल तैयार कर लिया है। कांग्रेस भी अपने नामों को लेकर पहले बैठक कर चुकी है। नवंबर में सातों सीटों पर चुनाव करवाए जा सकते हैं। रामगढ़ और सलूंबर के अलावा उपचुनाव के लिए प्रस्तावित पांच सीटों वो हैं, जहां के विधायक लोकसभा चुनाव में इंडी गठबंधन के टिकट पर सांसद बन गए हैं। इनमें खींवसर, झुंझुनूं, दौसा, देवली-उनियारा और चौरासी हैं। हालांकि कांग्रेस और बीजेपी में नामों की दावेदारी शुरू हो गई है, लेकिन इन 7 सीटों में से 5 सीट ऐसी हैं जहां भाजपा या कांग्रेस से जुड़े सियासी परिवारों का दबदबा है। यहां दिखेगी विरासत की सियासत — दौसा- कांग्रेस विधायक मुरारी लाल मीणा अब सांसद है। उनके परिवार में पत्नी सविता मीणा और बेटी दावेदार हैं। सविता 2019 का लोकसभा चुनाव भी लड़ चुकी हैं। इधर, भाजपा के दिग्गज नेता डॉ.किरोड़ लाल मीणा के भाई जगमोहन मीणा भी दावेदारी में नजर आ रहे हैं। झुंझुनूं- कांग्रेस के ओला परिवार के सियासी गढ़ में विधायक चुने गए बृजेन्द्र ओला अब सांसद बन चुके हैं। पुत्र अमित ओला टिकट की कतार में हैं। फिलहाल पंचायत समिति सदस्य हैं। भाजपा से 2023 का चुनाव हारे निशित चौधरी फिर दावा कर रहे हैं। सलूंबर- दिवंगत विधायक अमृत लाल मीणा के बाद चर्चा है कि भाजपा उनके परिवार में ही टिकट देकर सहानुभूति लहर का फायदा ले सकती है। मीणा की पत्नी अभी सरपंच हैं और राजनीति में सक्रिय हैं। कांग्रेस की ओर से परंपरागत तौर पर दिग्गज नेता रघुवीर मीणा की दावेदारी है। खींवसर- सांसद हनुमान बेनीवाल की परंपरागत सीट पर फिर बेनीवाल परिवार का दावा है। भाई नारायण बेनीवाल पहले विधायक रह चुके हैं। इस बार हनुमान की पत्नी की चर्चा भी है। नागौर के दिग्गज सियासी परिवार मिर्धा फैमिली से ज्योति मिर्धा फिर एक बार दौड़ हैं। पूर्व में वह विधानसभा और लोकसभा का चुनाव हार चुकी हैं। चौरासी- चौरासी सीट पर भारतीय आदिवासी पार्टी का दबदबा है। यहां से विधानसभा चुनाव जीते बीएपी के राजकुमार रोत अब सांसद बन चुके हैं। इसलिए यह सीट चुनाव के लिए खाली हुई है। बीएपी ने इस सीट पर अपनी कैंपेनिंग शुरू भी कर दी है। राजकुमार रोत लगातार इस सीट पर दौरे कर रहे हैं। बीएपी सिर्फ यहीं नहीं बल्कि कुछ अन्य एसटी बाहुल्य सीटों पर भी अपने प्रत्याशी उतार सकती है। रामगढ़- हाल में रामगढ़ से विधायक रहे जुबेर खान का निधन हो गया था। इसके बाद यह सीट उपचुनाव के लिए खाली हो गई। बीते 3 दशक से कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही पार्टियों में इस सीट पर परिवारवाद हावी रहा है। कांग्रेस ने जहां 1990 से यहां जुबेर खान को ही प्रत्याशी बनाया वहीं। बीजेपी ने हर बार ज्ञानदेव आहूजा को उनके सामने उतारा। इस बार यहां कांग्रेस से इमरान टिकट के बड़े दावेदार हैं वहीं बीजेपी अपने बागी सुखविंदर पर दांव लगा सकती है।

पांच निगमों में नियुक्त किए थे 56 सदस्य, राजस्थान-निकायों में मनोनीत सदस्यों की अधिसूचना स्थगित

जयपुर. प्रदेश की भजनलाल सरकार ने रविवार को सरकार ने स्थानीय निकायों में मनोनीत सदस्यों की अधिसूचना जारी की थी, लेकिन नव निर्वाचित सदस्यों को बधाई मिलने से पहले ही स्थगन आदेश जारी कर दिए गए।रविवार को प्रदेश की भजनलाल सरकार ने स्थानीय निकायों में मनोनीत सदस्यों की नियुक्ति की अधिसूचना जारी की थी। आदेश स्थगित कर दिया। पांच निगमों में 56 सदस्यों की नियुक्त हुई। जिनमें भरतपुर, उदयपुर शहर, जोधपुर उत्तर और दक्षिण में 12-12 और पाली नगर निगम में 8 सदस्य नियुक्त किए गए थे। नगर परिषद: लालसोट, दौसा, सरदारशहर, धौलपुर, सांचौर, जालौर, अनूपगढ़, श्रीगंगानगर, शाहपुरा और टोंक नगर पालिका: नदबई, कामां, महवा, मंडावर, मंडावरी, रामगढ़ पंचवारा, बांदीकुई, बसवा, भांडारेज, सिकराय, रतन नगर, तारानगर, राजलदेसर, बीदासर, रतनगढ, छापर, बसेड़ी, सरमथुरा, राजाखेड़ा, बाड़ी, कापरेन, हिंडोली, देई, लाखेरी, केशोरायपाटन, नैनवां, इन्द्रगढ़, बूंदी, भीनमाल, सोजतशहर, तखतगढ़, सुमेरपुर, जैतारण, बाली, सादड़ी, फालना, रानी, मारवाड़, जंक्शन, श्रीकरणपुर, केसरीसिंहपुर, गजसिंहपुर, रायसिंहनगर, विजय नगर, सागवाड़ा, देशनोक, नोखा, खाजूवाला, श्रीडूंगरगढ़, देवली, उनियारा, मालाखेड़ा, बहादुरपुर, थानागाजी, गोविन्दगढ़, नौगांवा, रामगढ़ अलवर, बडौदामेव, लक्ष्मणगढ़-अलवर, रैणी, कठूमर, खेड़ली, राजगढ़-अलवर।

आज नड्डा लगाएंगे प्रत्याशियों के नाम पर अंतिम मुहर, राजस्थान में उपचुनाव की भाजपा ने कसी कमर

जयपुर. राजस्थान में सात विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी तैयारी लगभग पूरी कर ली है। भाजपा की प्रदेश कोर कमेटी ने इन सात सीटों के लिए प्रत्याशियों के नामों के पैनल को अंतिम रूप दे दिया है। आज रात भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में इन नामों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। राज्य में इन सात सीटों के लिए उपचुनाव की तारीखों की घोषणा कभी भी हो सकती है, और भाजपा ने इसके लिए अपनी तैयारियों को पूरी तरह से अंतिम रूप देने का काम शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री आवास पर हुई कोर कमेटी की लगभग दो घंटे लंबी बैठक में प्रत्याशियों के पैनल पर गहन विचार-विमर्श किया गया। इसके बाद, भाजपा के वरिष्ठ नेता दिल्ली के लिए रवाना हुए, जहां आज रात राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा के नेतृत्व में बैठक होगी और पैनल पर अंतिम मुहर लगेगी। इससे पहले, भाजपा के प्रदेश प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल ने मीडिया से कहा कि उपचुनाव को लेकर गांव से लेकर शहर तक, हर स्तर पर चर्चा की गई है और प्रत्याशियों के नाम जल्द ही सार्वजनिक किए जाएंगे। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने महाराष्ट्र में एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या पर चिंता जताई और कहा कि ऐसी घटनाएं निंदनीय हैं। वहीं, पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने बताया कि कोर कमेटी में प्रत्याशियों के नामों पर व्यापक चर्चा हुई है और अब दिल्ली में इन नामों को अंतिम रूप दिया जाएगा। कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए राठौड़ ने कहा कि ब्यूरोक्रेसी पर कांग्रेस का नियंत्रण उनके भ्रष्टाचार को छिपाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि भाजपा पारदर्शी प्रशासन देने के लिए प्रतिबद्ध है और कांग्रेस की ओर से लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं। एसआई भर्ती मामले पर राठौड़ ने कहा कि इस मामले में दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए, और जिन्हें अनुचित तरीके से पद मिले हैं, उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। वहीं, जिन्हें अन्याय का सामना करना पड़ा है, उन्हें न्याय दिलाया जाएगा। भाजपा उपचुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंकते हुए प्रत्याशियों के चयन के बाद तेजी से चुनाव प्रचार में जुटने के लिए तैयार है।

भजनलाल सरकार करेगी 500 करोड़ खर्च, राजस्थान के छह लाख कर्मचारियों को फायदा

जयपुर. राजस्थान सरकार ने अपने कर्मचारियों को दीपावली पर बोनस देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कर्मचारियों को बोनस देने का अनुमोदन कर दिया है, इसका प्रदेश के लगभग 6 लाख सरकारी कर्मचारियों को फायदा मिलेगा। जानकारी के अनुसार राज्य सेवा के अधिकारियों को छोड़कर पे लेवल एल-12 और ग्रेड पे-4800 तक के कर्मचारियों को बोनस का लाभ मिलेगा। साथ ही पंचायत समिति और जिला परिषद के कर्मचारी भी इसके दायरे में आएंगे। प्रत्येक कर्मचारी को अधिकतम 6774 रुपये तक का बोनस दिया जाएगा। बोनस का 75 प्रतिशत पैसा नकद दिया जाएगा और 25 प्रतिशत राशि कर्मचारी के जीपीएफ (सामान्य प्रावधायी निधि) खाते में जमा की जाएगी। छह लाख कर्मचारियों के मिलने वाले बोनस से सरकार पर करीब 500 करोड़ रुपये का अतरिक्त भार पड़ेगा। बता दें कि राज्य सरकार हर साल कर्मचारियों को बोनस देते ही। सीएम भजनलाल शर्मा से इसकी मंजूरी मिलने के बाद अब वित्त विभाग ने इसके आदेश जारी करेगा।

12 जिलों में बारिश की चेतावनी, राजस्थान में वेदर सर्कुलेशन सिस्टम ने बदला मौसम

जयपुर. पूर्वी हवाओं के प्रभाव से प्रदेश में मौसम तेजी से बदल रहा है। मानसून की विदाई के बाद भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हो रही है। जयपुर मौसम केंद्र ने आज 12 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। इसमें टोंक, बारां, कोटा, बूंदी, झालावाड़, भीलवाड़ा, उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़ और राजसमंद के लिए मेघगर्जन व तेज तूफान की भी संभावना जताई है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 3 दिनों तक मौसम में यह बदलाव बना रहेगा। पूर्वी हवाओं के प्रभावी होने से दक्षिण राजस्थान के कुछ हिस्सों में कहीं-कहीं हल्की व मध्यम वर्षा होने की संभावना है। राजस्थान में बने नए वेदर सिस्टम से शुरू हुए बारिश के दौर से अब रात में ठंडक बढ़ने लगी। पिछले दिनों शेखावाटी के एरिया में हुई बारिश से यहां रात का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया। पिछले 24 घंटे के दौरान उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, भीलवाड़ा, पाली, राजसमंद, सिरोही, जालोर के साथ झालावाड़, कोटा, बारां, बूंदी और अजमेर के एरिया में आसमान में बादल छाए रहे। उदयपुर समेत कई जिलों में कुछ स्थानों पर छुटमुट बारिश भी हुई। मौसम के इस बादल से उदयपुर में दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज हुआ। डूंगरपुर, जालोर, चित्तौड़गढ़, कोटा, बारां समेत अन्य कई जिलों में दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज हुआ।

जांच कमेटी की समीक्षा के बाद मची हलचल, राजस्थान में बीजेपी नेता किरोड़ी लाल से मिले ट्रेनी SI

जयपुर. SI भर्ती प्रकरणों की मंत्रियों की कमेटी की समीक्षा का काम पूरा कर लिया गया है और अब जल्द इसे निरस्त करने या न करने को लेकर भजनलाल सरकार निर्णय कर लेगी। उधर भर्ती परीक्षा रद्द होने के डर से ट्रेनी SI और उनके परिवारजन बीजेपी नेता डॉ. किरोड़ी लाल मीना के आवास पहुंच गए। बोले बाबा हमारी लाज बचा लो, हमने कोई गलती नहीं की। हमारे परिवार का बुरा हाल है। घर वाले बाहर नहीं निकल पा रहे। खाना पीना मुश्किल हो गया है। ट्रेनी बोले भर्ती परीक्षा रद्द मत करवाओ। हमारे कंधों पर जब दो सितारे लग जाएंगे तो सबसे पहले हम आपको सलामी देने आएंगे। इस पर किरोड़ी लाल मीना ने ट्रेनी सब इंस्पेक्टर्स से कहा मुझे कमेटी में शामिल करवा दो। मैं अकेला ही फैसला कर दूंगा। किरोड़ी लाल मीना ने किया थाखुलासा गौरतलब है कि सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में डॉ. किरोड़ी लाल मीना ने पेपर लीक का खुलासा किया था। इसके बाद SOG ने करीब 100 से ज्यादा ट्रेनी SI गिरफ़्तार किए। भर्ती परीक्षा रद्द की जाए अथवा नहीं इसका फैसला अब मुख्यमंत्री के स्तर पर होना है। इस मामले में गठित मंत्रियों की कमेटी ने जांच का काम पूरा कर लिया है। माना जा रहा है कि 13 अक्तूबर को प्रस्तावित कैबिनेट की बैठक में या सीएम भजनलाल शर्मा के प्रस्तावित विदेश दौरे से पूर्व इस पर सरकार फैसला ले लिया जाएगा। पसोपेश के अहम बिंदु दरअसल प्रकरण में सबसे बड़ा पसोपेश यही है कि यदि सरकार भर्ती निरस्त करने का फैसला करती है तो जिन्होंने बिना किसी बेईमानी के खुद की मेहनत से सफलता हासिल की है। उन अभ्यार्थियों को लेकर क्या होगा और भविष्य में कानूनी पचड़े हुए या सरकार के आदेश के खिलाफ कोई याचिका दायर होती है तो क्या लाइन ऑफ एक्शन लिया जाएगा। कमेटी ने इन बिंदुओं को लेकर भी विचार विमर्श किया है। विधि मंत्री जोगाराम पटेल ने बयान दिया था कि कमेटी के सारे मंत्री आपसी मंत्रणा करके और एक राय होने के बाद सरकार को जल्द रिपोर्ट दे देंगे, जिस पर सरकार की ओर से फैसला किया जाएगा।

भाजपा विधायकों को बनाया गैर सरकारी सदस्य, राजस्थान में बंदी सुधार कमेटी का सलाहकार बोर्ड गठित

जयपुर. सरकार ने जेलों में बंदी सुधार कमेटी के लिए गठित सलाहकार बोर्ड में भाजपा विधायकों को गैर-सरकारी सदस्य के रूप में मनोनीत किया है। राज्य की जेलों में बंदी सुधार के लिए गठित इन सलाहकार बोर्डों में सरकारी अधिकारियों के साथ गैर-सरकारी सदस्य भी शामिल होते हैं। गुरुवार को सरकार ने आदेश जारी कर भाजपा विधायकों को गैर-सरकारी सदस्य के रूप में मनोनीत किया, जो बंदियों की सजा कम करने और समय से पूर्व रिहाई जैसे निर्णयों में अपनी भूमिका निभाएंगे। बंदी सुधार सलाहकार बोर्ड का मुख्य कार्य बंदियों की सजा में कमी की सिफारिश करना और समय से पहले रिहाई की रिपोर्ट सरकार को देना है। सरकारी अधिकारियों के साथ इन बोर्डों में अब भाजपा विधायकों की राय महत्वपूर्ण होगी। बोर्ड में डिविजनल कमिश्नर, डिस्ट्रिक्ट जज और जेल अधीक्षक सरकारी सदस्य होते हैं जबकि दो गैर-सरकारी सदस्यों के रूप में विधायक या पूर्व विधायकों को नियुक्त किया जाता है। सलाहकार बोर्ड के सदस्यों को दो वर्ष की अवधि के लिए मनोनीत किया गया है। जयपुर सेंट्रल जेल के लिए चाकसू विधायक रामावतार बैरवा और जमवारामगढ़ विधायक महेंद्रपाल मीणा को नियुक्त किया गया है। इसी प्रकार विधानसभा के मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग को जैसलमेर जिला जेल के सलाहकार बोर्ड में मनोनीत किया गया है। राज्य की 9 सेंट्रल जेलों, 6 महिला बंदी सुधार गृहों और अन्य जिला जेलों में भाजपा विधायकों को सदस्य बनाया गया है।

निरस्ती या बहाली पर 13 को कैबिनेट में होगा फैसला, राजस्थान-SI भर्ती परीक्षा की कमेटी ने की समीक्षा

जयपुर. सचिवालय में विधि मंत्री जोगाराम पटेल की अध्यक्षता में SI भर्ती परीक्षा को लेकर अंतिम बैठक हो गई। मंत्रियों की कमेटी की इस बैठक के बाद यह माना जा रहा है कि 13 अक्तूबर को प्रस्तावित कैबिनेट की बैठक में या सीएम भजनलाल शर्मा के प्रस्तावित विदेश दौरे से पूर्व इस पर सरकार फैसला ले लिया जाएगा। दरअसल प्रकरण में सबसे बड़ा पसोपेश यही है कि यदि सरकार भर्ती निरस्त करने का फैसला करती है तो जिन्होंने बिना किसी बेईमानी के खुद की मेहनत से सफलता हासिल की है, उन अभ्यार्थियों को लेकर क्या होगा? साथ ही भविष्य में कानूनी पचड़े हुए या सरकार के आदेश के खिलाफ कोई याचिका दायर होती है तो क्या लाइन ऑफ एक्शन लिया जाए? कमेटी ने इन बिंदुओं को लेकर भी विचार विमर्श किया है। बैठक के बाद विधि मंत्री जोगाराम पटेल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हमने गृह विभाग और SOG के अधिकारियों से तथ्यों के संकलन का काम पूरा कर लिया है। अब कमेटी के सारे मंत्री आपसी मंत्रणा करके और एक राय होने के बाद सरकार को जल्द रिपोर्ट दे देंगे, जिस पर सरकार की ओर से फैसला किया जाएगा। माना जा रहा है कि 13 अक्तूबर को कैबिनेट की बैठक और मुख्यमंत्री के विदेश दौरे से पूर्व रिपोर्ट दे दी जाएगी और फैसला हो जाएगा। चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा कि हमने भर्ती निरस्त करने के गुणावगुणों को लेकर भी आज की बैठक में विचार विमर्श कर लिया है। अधिकारियों से तथ्यात्मक जानकारी लेने का काम पूरा कर लिया है। अब हम मंत्रियों की आपसी 1-2 बैठक करके रिपोर्ट दे देंगे, जिस पर अंतिम निर्णय सरकार को ही करना है।

नौ जिलों में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना, राजस्थान में फिर बदला मौसम

उदयपुर. अरब सागर में बने एक वेदर सिस्टम के असर से बदले मौसम के मिजाज से राजस्थान के 9 जिलों में बारिश और ओले गिरने की आशंका है। मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि इस सिस्टम का असर 13 अक्टूबर तक देखने को मिल सकता है। इस दौरान कोटा और उदयपुर संभाग के 10 से ज्यादा जिलों में 13 अक्टूबर तक बारिश और कहीं-कहीं ओले गिर सकते हैं। राजस्थान में इस वक्त बाजरा और धान की फसल खेतों में खड़ी है। यदि ओलावृष्टि होती है तो किसान की महीनों की मेहनत पर पानी फिर सकता है। मौसम केंद्र जयपुर ने इन संभाग के जिलों के लिए येलो अलर्ट भी जारी किया है। 14 अक्टूबर से इस सिस्टम का असर प्रदेश में खत्म होगा और मौसम साफ होने के साथ धूप निकलेगी। सुबह से बादल छाए- पिछले 24 घंटे के दौरान जयपुर, कोटा के अलावा उदयपुर, भीलवाड़ा, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, अजमेर, टोंक, बूंदी, बारां, झालावाड़, बांसवाड़ा, डूंगरपुर और सिरोही के एरिया में सुबह से बादल छाए रहे। इन जिलों में कई जगहों पर बूंदाबांदी हुई, जबकि कुछ जगहों पर हल्की बारिश हुई। राज्य में अधिकतम तापमान बाड़मेर में 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया तथा न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस सीकर में दर्ज किया गया। सर्वाधिक बारिश सेड़वा (बाड़मेर) में 23 मिमी दर्ज की गई। आज 0830 IST पर दर्ज प्रेक्षण के अनुसार राज्य के अधिकांश भागों में हवा में आर्द्रता की औसत मात्रा 50 से 85  प्रतिशत के मध्य दर्ज की गई।

कुर्सी संभालते ही हो रहे ट्रांसफर, राजस्थान सरकार के दाएं-बाएं के फेर में उलझे RAS अफसर

जयपुर. राजस्थान की भजनलाल सरकार ने एक बार फिर आरएएस अफसरों की ट्रांसफर सूची जारी कर दी। बीते एक महीने में यह तीसरी लिस्ट है। खास बात यह है कि हर लिस्ट में कुछ नाम ऐसे हैं, जिनका फिर से तबादला किया गया है। सरकार यह तय नहीं कर पा रही है कि किस अफसर को कहां काम में लेना है। आरएएस अनूप सिंह और अमिता माना का पिछले 10 महीनों में छठी बार ट्रांसफर किया गया है। पिछली लिस्ट में उन्हें उपखंड अधिकारी सवाई माधोपुर लगाया गया था अब उनका तबादला उपखंड अधिकारी बसेड़ी कर दिया गया है। वहीं अमिता मान को उपखंड अधिकारी विराटनगर से हटाकर उपखंड अधिकारी रूपनगढ़ अजमेर लगाया गया है। इन्हें 5वीं बार बदला आरएएस रामरतन सौंकरिया, बंशीधर योगी व अशोक कुमार शर्मा को पिछले 10 महीनों में पांचवी बार बदला गया है, वहीं उदयभानु चारण की चौथी बार बदली की गई है। पिछली सूची में भी दो बार बदले थे पिछले महीने में 183 RAS अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया था, जिनमें आधे अफसरों का 17 दिन में फिर से ट्रांसफर किया गया। इतना ही नहीं आरएएस मुकेश चौधरी का तो जैसलमेर जिला परिषद के सीईओ की कुर्सी संभालते ही ट्रांसफर कर दिया गया, उन्होंने आज ही जैसलमेर जिला परिषद के सीईओ का पदभार ग्रहण किया था। पिछली लिस्ट में उन्हें डूंगरपुर से ट्रांसफर करके जैसलमेर जिला परिषद का सीईओ बनाया गया था और अब ट्रांसफर करके पाली जिला परिषद का सीईओ बनाया गया है।

समिति की बैठक में होगा फैसला, राजस्थान-एसआई भर्ती परीक्षा होगी रद्द या नहीं

जयपुर. राजस्थान एसआई भर्ती परीक्षा 2021 में पेपर लीक मामले के बाद आज अहम बैठक होगी। पेपर लीक का खुलासा होने के बाद सरकार ने 6 मंत्रियों की एक समिति का गठन किया था, जो इस मामले की समीक्षा कर आगे की कार्रवाई की सिफारिश करेगी। इस समिति की पहली बैठक आज सचिवालय में आयोजित होने वाली है। समिति की सिफारिशों के बाद सरकार परीक्षा रद्द करने या अन्य कोई कदम उठाने का निर्णय लेगी। एसआई भर्ती परीक्षा 2021 के पेपर लीक मामले में राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा की संलिप्तता सामने आई थी। जांच एजेंसी एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) की पूछताछ में खुलासा हुआ कि कटारा ने पेपर लीक किया था, जो बाद में रामूराम राईका द्वारा अपने बेटे देवेश और बेटी शोभा को उपलब्ध कराया गया। इस मामले के गर्माने के बाद सरकार ने 6 मंत्रियों की समिति का गठन किया, ताकि परीक्षा रद्द करने या अन्य कार्रवाई के लिए सिफारिशें दी जा सकें। समिति की संरचना समिति का संयोजक संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल को बनाया गया है। अन्य सदस्यों में स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा, जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी, गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म और सार्वजनिक निर्माण राज्यमंत्री मंजू बाघमार शामिल हैं। समिति इस मामले में गहन समीक्षा करेगी और आगे की कार्रवाई के लिए सरकार को अनुशंसा देगी। परीक्षा रद्द करने पर मतभेद डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने परीक्षा रद्द करने की मांग की है लेकिन इसके विरोध में कई सामाजिक संगठनों ने सरकार से इसे निरस्त न करने का आग्रह किया है। राजपूत और जाट समाज सहित विभिन्न संगठनों ने सरकार को पत्र लिखकर कहा कि पेपर लीक में केवल 5% उम्मीदवार दोषी हैं, बाकी 95% निर्दोष अभ्यर्थियों को इसकी सजा नहीं मिलनी चाहिए। उनका तर्क है कि परीक्षा रद्द करने से अन्याय होगा और बेरोजगार युवाओं के भविष्य पर नकारात्मक असर पड़ेगा। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि समिति की सिफारिशों के बाद बैठक में क्या निर्णय लिया जाता है?

स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा तकनीकी कदम, राजस्थान के अस्पतालों में लागू होगा एबीडीएम

जयपुर. आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के क्रियान्वयन को लेकर भारत सरकार देश की स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त और समावेशी बनाने के उद्देश्य से विभिन्न प्रमुख घटकों पर प्राथमिकता से कार्य कर रही है। एबीडीएम का उद्देश्य एक ऐसा डिजिटल स्वास्थ्य इको सिस्टम का निर्माण करना है, जो देश के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान और समान पहुंच प्रदान कर सके। राज्य सरकार का चिकित्सा विभाग 10 महीने पहले निकले इन आदेशों को मिशन मोड में लागू करने जा रहा है। मिशन निदेशक एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) द्वारा जारी आदेशों के अनुसार राजस्थान के सभी जिलों में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के तहत योजना के प्रमुख घटकों को प्राथमिकता से लागू किया जाएगा। इस मिशन का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल रूप में उपलब्ध कराना और स्वास्थ्य संबंधी डेटा का समुचित उपयोग सुनिश्चित करना है। राज्य सरकार ने इसके क्रियान्वयन के लिए आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा), हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स रजिस्ट्री (एचपीआर), और हेल्थकेयर फैसिलिटी रजिस्ट्री (एचएफआर) पर विशेष जोर देने का निर्णय लिया है। आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) प्रत्येक नागरिक का हेल्थ अकाउंट 14 अंकों की आभा आईडी के माध्यम से पहचाना जाएगा। आभा आईडी पोर्टल और एप्स के माध्यम से स्वयं पंजीकरण की सुविधा दी गई है। योजना का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक नागरिक का एक डिजिटल हेल्थ आईडी बनाना है, जो उसकी संपूर्ण स्वास्थ्य जानकारी का डिजिटल रिकॉर्ड होगा। इस आईडी के माध्यम से नागरिक किसी भी अस्पताल या क्लिनिक में अपनी स्वास्थ्य जानकारी आसानी से साझा कर सकेंगे। इससे मरीजों को बार-बार मेडिकल रिपोर्ट्स ले जाने की आवश्यकता नहीं रहेगी और इलाज में होने वाली देरी को भी कम किया जा सकेगा। इसके साथ ही यह मरीजों के समय और पैसे की बचत भी करेगा, क्योंकि उन्हें बार-बार अपने टेस्ट और मेडिकल जानकारी साझा करने की आवश्यकता नहीं होगी। एचपीआर (हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स रजिस्ट्री) एचपीआर के तहत राज्य के सभी स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों का पंजीकरण किया जाएगा। यह रजिस्ट्री स्वास्थ्य सेवा में कार्यरत डॉक्टर, नर्स, फार्मासिस्ट और अन्य पेशेवरों की एक व्यापक जानकारी प्रदान करेगी। इससे राज्य में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं का उपयोग अधिक संगठित और पारदर्शी ढंग से किया जा सकेगा। एचएफआर (हेल्थकेयर फैसिलिटी रजिस्ट्री) एचएफआर के तहत राज्य के सभी स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों का पंजीकरण किया जाएगा। इस रजिस्ट्री के माध्यम से नागरिक यह जान सकेंगे कि राज्य में किन-किन स्थानों पर कौन-कौन सी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हैं। इससे लोगों को सही समय पर सही स्थान पर स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी मिलेगी और उपचार में होने वाली जटिलताएं कम होंगी। मिशन की चुनौतियां और समाधान मिशन के क्रियान्वयन के दौरान कुछ चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं, जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सुविधाओं की कमी, स्वास्थ्यकर्मियों और नागरिकों को डिजिटल तकनीक के प्रति जागरूक करना और डेटा गोपनीयता सुनिश्चित करना प्रमुख हैं। राज्य सरकार ने इन चुनौतियों से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों और तकनीकी सहायता प्रदान करने की योजना बनाई है। सरकार का यह प्रयास है कि डिजिटल मिशन के सफल क्रियान्वयन से राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और उपलब्धता में सुधार हो। इसके साथ ही डिजिटल रिकॉर्ड के माध्यम से चिकित्सा सेवाओं में पारदर्शिता और कुशलता सुनिश्चित की जा सकेगी। लाभार्थियों के लिए फायदा आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन से राज्य के लाखों नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा। आभा आईडी और अन्य डिजिटल सुविधाओं से वे न केवल अपनी स्वास्थ्य सेवाओं को सुगम और सुलभ बना सकेंगे, बल्कि इससे उनकी निजी स्वास्थ्य जानकारी भी सुरक्षित रहेगी। राज्य सरकार ने लक्ष्य निर्धारित किया है कि 2025 तक राजस्थान के सभी जिलों में एबीडीएम के सभी घटकों का पूर्ण क्रियान्वयन हो जाएगा।

सदस्यता अभियान की समीक्षा में जुटी भाजपा, राजस्थान में नड्ढा लेंगे मीटिंग

जयपुर. प्रदेश में बीजेपी का सदस्यता अभियान संगठन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। रविवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्ढा राजस्थान की वर्चुअल बैठक लेने वाले हैं। इससे पहले प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ ने सदस्यता अभियान की समीक्षा के लिए समिति गठित कर दी। इस समिति का संयोजक ओंकारसिंह लखावत को बनाया गया है। वहीं पूर्व राज्यसभा सांसद नारायण पंचारिया व अनुसूचित जनजाति के प्रदेशाध्यक्ष कैलाश मेघवाल को सदस्य बनाया है। जानिए मंत्री विधायकों का रिपोर्ट कार्ड सदस्यता अभियान की बात करें तो राजस्थान इस मामले में बहुत ही ज्यादा पिछड़ा हुआ है। राजधानी जयपुर में आदर्श नगर, सांगानेर और विद्याधर नगर टॉप पर हैं। वहीं डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा का विधानसभा क्षेत्र दूदू सबसे फिसड्डी साबित हुआ है। आदर्श नगर की बात करें तो यहां विधानसभा चुनावों में बीजेपी हार गई थी। रवि नैयर यहां से बीजेपी के प्रत्याशी थे। नए सदस्य बनाने में जयपुर में यह विधानसभा टॉप पर रही है। भजनलाल v/s दीया कुमारी वहीं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का विधानसभा क्षेत्र सांगानेर दूसरे तथा डिप्टी सीएम दीया कुमारी का निर्वाचन क्षेत्र विद्याधर नगर तीसरे स्थान पर है। सांगानेर में 40232 नए सदस्य बनाए गए हैं, जबकि विद्याधर नगर विधानसभा में 40222 सदस्य बनाए गए हैं। उद्योग मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ की विधानसभा झोटवाड़ा 27958 सदस्यों के साथ इस सूची में चौथे नंबर पर है।   विधानसभा        नए बनाए सदस्य आदर्शनगर              46879 सांगानेर                  40232 विद्याधर नगर           40222 झोटवाड़ा                27958 सिविल लाइंस          26072 मालवीय नगर          25672 बगरू                    18696 चाकसू                   14794 आमेर                    13782 विराटनगर              13095 बस्सी                     10729 जमवारामगढ़            9615 चौमू                        7891 किशनपोल               8433 किशनपोल               5515 बीएल संतोष से लग चुकी है फटकार – पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने पिछले दिनों बीजेपी ऑफिस में सदस्यता अभियान की समीक्षा बैठक लेकर जयपुर की स्थिति पर कड़ी नाराजगी भी जताई थी। कई पदाधिकारियों ने यह तर्क दिया कि राजस्थान में इस समय खेती हो रही है इसलिए लोग नए सदस्य नहीं बना पा रहे। इस पर बीएल संतोष ने कहा था कि खेत में भी जाना पड़े तो जाओ लेकिन नए सदस्य बनाओ। राजस्थान का रिपोर्ट कॉर्ड जिला     विधानसभा    सदसय बनाए      क्षेत्र संख्या   जयपुर            7     1,35,735 अजमेर            3      80493 चूरू           6      80301 सीकर           8      80233 भीलवाड़ा          7      71621 भरतपुर         7      70535 जैसलमेर      2      562190 जालौर        5      66244 जोधपुर        3      62190 जयपुर देहात      661324  

‘रील’ को लेकर मचा बवाल, राजस्थान के डिप्टी सीएम के बेटे का परिवहन विभाग ने काटा चालान

जयपुर. परिवहन विभाग के मंत्री और डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा के बेटे की रील वायरल होने के बाद उनके ही विभाग को उनके बेटे चिन्मय कुमार बैरवा का 7 हजार रुपये का चालान काटना पड़ा। पिछले दिनों सोशल मीडिया पर छिड़े रील विवाद के बाद सरकार पर इस कार्रवाई को लेकर भारी दबाव था। परिवहन विभाग द्वारा काटा गया यह चालान नियम से ज्यादा मजबूरी का है। दरअसल चिन्मय बैरवा की एक कांग्रेस नेता के पुत्र की जीप चलाने की रील सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी, इसकी मुख्य वजह यह थी कि इस जीप को परिवहन विभाग का दस्ता भी एक्सकॉर्ट करता चल रहा था। सोशल मीडिया पर इसे लेकर बहुत बड़ा रिएक्शन देखने को मिला क्योंकि चिन्मय बैरवा अभी नाबालिग है और स्कूल में पढ़ता है। ऐसे में उसके पास लाइसेंस भी नहीं है। हालांकि विवाद बढ़ने पर परिवहन मंत्री ने सफाई भी दी लेकिन इसके बाद भी वे सोशल मीडिया पर अलग-अलग कारणों से ट्रोल होते रहे। अब शुक्रवार को सोशल मीडिया पर उनके बेटे का चालान वायरल किया गया। हालांकि इस चालान की तारीख वही दिखाई गई है, जिस दिन उनके बेटे की रील सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। इसलिए सोशल मीडिया यूजर यह भी कह रहे हैं कि ये सब फेस सेविंग के लिए किया गया है। बैरवा कहा था- बेटे का कोई दोष नहीं है रील वायरल होने के बाद बैरवा ने सफाई में बेटे का बचाव करते हुए कहा था कि ऐसी कोई बात नहीं है। इसमें उनके बेटे का कोई दोष नहीं है। बैरवा ने यह भी कहा कि पुलिस की जीप एस्कॉर्ट नहीं कर रही थी बल्कि वह तो सुरक्षा की दृष्टि से उसके पीछे चल रही थी लेकिन इस मसले के बाद बैरवा निशाने पर आ गए और पार्टी स्तर पर भी इस मामले को गंभीरता से लिया गया था, जिसके चलते यह कार्रवाई की गई।

अफसरों को खून के आंसू रुलाऊंगा तब आका भी नहीं मिलेंगे, राजस्थान के पूर्व कांग्रेस मंत्री चांदना की धमकी

जयपुर. राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार में खेल मंत्री रहे अशोक चांदना का एक बयान सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोर रहा है। एक सार्वजनिक सभा में उन्होंने कोटा-बूंदी में लगे पुलिस अफसरों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जान-बूझकर परेशान करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब हमारी पार्टी सत्ता में आएगी तो ऐसे अफसरों को खून के आंसू रुलाएंगे। चांदना बोले कि कोटा-बूंदी लोकसभा क्षेत्र में सांसद ओम बिरला के पाले हुए अधिकारी घूम रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये लोग पुलिस-प्रशासन के तंत्र को अपने हाथ में रखते हैं और लोगों की खिंचाई करवाते हैं। मैं पुलिस प्रशासन के उन अधिकारियों को कहना चाहता हूं कि किसी गलतफहमी में मत रहना। तीन साल बाद ये पर्ची सरकार चली जाएगी। तब आपके आका, आपको ढूंढने से भी नहीं मिलेंगे। मैं सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं के सामने इस मंच से विश्वास दिला रहा हूं कि जो भी व्यक्ति उने पाले हुए अधिकारियों के इशारे पर किसी भी कांग्रेस कार्यकर्ता को परेशान करेगा, उनका तेल निकाल दिया जाएगा। ये रिकॉर्डिंग करके रखना — चांदना ने आगे कहा कि पूरे 5 साल रिकॉर्डिंग चालू है। आप भी ये रिकॉर्डिंग करके रखना। जो भी कांग्रेस कार्यकर्ता के ऊपर अत्याचार करता है, उसे अगर खून के आंसू नहीं रुलाया तो मेरा नाम अशोक चांदना नहीं। अधिकारियों को अपनी नौकरी करनी चाहिए। जनता को न्याय दें, लोगों की सेवा करें, सरकारी योजनाओं के माध्यम से कैसे हर वर्ग को फायदा मिल सकता है, उस दिशा में काम करें। ऐसा करके आप किसी के ऊपर एहसान नहीं करेंगे, आप लोगों का यही काम है लेकिन आप कुछ लोगों के इशारे पर जो कर्म कर रहे हैं, वो आपके ऊपर ही भारी पड़ने वाले हैं।

सामान्य से 58.5% अधिक वर्षा, राजस्थान में बारिश थमते ही चढ़ा पारा

जयपुर. मानसून सीजन खत्म होने के साथ मौसम में बदलाव शुरू हो गया। अब दिन-रात के तापमान में अंतर बढ़ना शुरू हो गया है। अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। अक्टूबर में गर्मी के प्रभाव को देखते हुए इस बार स्कूलों ने शीतकालीन कैलेंडर में भी बदलाव किया गया है। मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर ने अक्टूबर में सामान्य ज्यादा तापमान रहने का पूर्वानुमान जारी किया है। बीते 24 घंटों में राजस्थान के सभी शहरों में मौसम साफ रहा और धूप निकली। जयपुर, पिलानी, सीकर, कोटा, चित्तौड़गढ़, बाड़मेर, जैसलमेर, चूरू, जोधपुर, फलोदी, बीकानेर, गंगानगर, हनुमानगढ़, धौलपुर, बारां, डूंगरपुर, करौली, जालौर और अजमेर में दिन का अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज हुआ। इस मानसून सीजन में हुई बारिश की बात करें तो यह सामान्य से 58.5 प्रतिशत अधिक रही है। सामान्य तौर पर प्रदेश में सामान्य वर्षा का स्तर 417.46 एमएम माना जाता है जबकि इस सीजन में प्रदेश में 662.78 एमएम वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है। हालांकि पोस्ट मानसून भी पूर्वी राजस्थान के पहले सप्ताह में कहीं-कहीं हल्की तथा मध्यम बारिश की संभावना जताई जा रही है। करौली में सबसे ज्यादा वर्षा – पूरे सीजन की बात करें तो करौली में सबसे ज्यादा वर्षा दर्ज की गई है, यहां 1931 एमएम वर्षा हुई है। एक ही दिन में सर्वाधिक वर्षा का रिकॉर्ड भी करौली जिले के ही नाम रहा। यहां एक दिन में सर्वाधिक 380 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई।  प्रदेश के बांधों की स्थिति – प्रदेश के बांधों में पानी की आवक जोरदार रही। मानसून सीजन के शुरू होने पर प्रदेश में सिर्फ 5 बांध ही पूरी तरह भरे हुए थे, जबकि अब यह संख्या बढ़कर 405 हो चुकी है। इसके अलावा 169 बांधों में भी आंशिक रूप से पानी आया है। इन 27 जिलों में सामान्य से अत्यधिक वर्षा – जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में इस सीजन में 27 जिलों में सामान्य से अत्यधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। वहीं 15 जिलों में सामान्य से अधिक तथा 8 जिलों में सामान्य वर्षा हुई है। जिन जिलों में सामान्य से अत्यधिक वर्षा हुई है। उनमें अजमेर, अलवर, अनूपगढ़, ब्यावर, भरतपुर, बीकानेर, दौसा, डीग, डीडवाना-कुचामन, धौलपुर, दूदू, गंगापुर सिटी, जयपुर, जयपुर ग्रामीण, करौली, केकड़ी, खैरतल, तिजारा, नागौर, सवाई माधोपुर, टोंक, कोटपूतली-बहरोड़, बालोतरा, बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर ग्रामीण, फलौदी और बूंदी शामिल हैं।

जैश-ए-मोहम्मद के नाम की चिट्ठी से फैली सनसनी, राजस्थान के रेलवे स्टेशनों को धमकी

जोधपुर, बीकानेर. जैश-ए-मोहम्मद के नाम से लिखे गए पत्र में धमकी दी गई है कि ‘आने वाले 30 अक्टूबर को गंगानगर, हनुमानगढ़, जोधपुर, बीकानेर, कोटा, बूंदी, उदयपुर, जयपुर के रेलवे स्टेशन और जगहों को बम से उड़ा दिया जाएगा.’ जैश-ए-मोहम्मद पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन है. मीणा ने कहा कि खत की जानकारी के बाद से सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी),स्थानीय पुलिस, बीएसएफ के जवानों ने कई जगह तलाशी ली है. जीआरपी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है और पत्र भेजने वाले का पता लगाने के लिए मामले की जांच की जा रही है. प्राइवेट स्कूलों को मिली थी धमकी — राजस्थान में इससे पहले भी कई बार ऐसी धमकियों भरे मेल और चिट्ठियां मिली है. इससे पहले इसी साल मई में  जयपुर में प्राइवेट स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी के बाद हड़कंप मच गया था. यह धमकी ई-मेल के जरिए दी गई थी जिसके बाद स्कूलों को खाली करवा लिया गया. सबसे पहले धमकी भरा मेल एमपीएस स्कूल के प्रिंसिपल को मिला जिसके बाद तुरंत उन्होंने पुलिस को इन्फॉर्म किया. मौके पर पुलिस और एटीएस कमांडो ने मोर्चा संभाला ही था कि पता चला जयपुर में ही माहेश्वरी स्कूल, विद्या आश्रम, सेंट टेरेसा सहित करीब 44 स्कूलों को भी ऐसा मेल भेजा गया है. धमकी भरे ई-मेल में लिखा था, ‘स्कूल की बिल्डिंग में बम है, जो कि कभी भी फट सकता है’. इसके बाद पुलिस ने सभी स्कूलों को खाली करवा सभी बच्चों और शिक्षकों को सुरक्षित जगह ले जाया गया. वहीं, बम निरोधक दस्ते ने डॉग स्क्वायड टीम के साथ स्कूलों में घंटों सर्च ऑपरेशन चलाया लेकिन किसी स्कूल में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली.

नए चक्रवात का 15 से दिखेगा असर, राजस्थान से मानसून हिमालय शिफ्ट

सीकर. राजस्थान में मानसून एंट्री के बाद के पहले दौर में प्रदेश में अच्छी बारिश देखने को मिली। अब मानसून की टर्फ लाइन हिमालय की तरफ शिफ्ट होने के चलते अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में बारिश के रफ्तार कुछ मंद हो जाएगी। मानसून की टर्फ लाइन हिमालय की तरफ शिफ्ट होने से प्रदेश में वर्षा की गतिविधियों में कमी आने की संभवना है। मौसम विभाग के अनुसार 15 जुलाई तक छिटपुट स्थानों पर बारिश और मेघगर्जन होंगे। इसके बाद महाराष्ट्र और गुजरात की तरफ से उठ रहे चक्रवात के प्रभाव से प्रदेश में फिर से वर्षा का दौर शुरू होगा। वहीं, 11 से 13 जुलाई तक प्रदेश में मौसम शुष्क रहेगा। प्रदेश में बीते 24 घंटों में हुई वर्षा के आंकड़ों की बात करें तो बांधों में करीब 6 एमक्यूएम पानी की आवक हुई है। प्रदेश के दक्षिण इलाकों बांसवाड़ा, डूंगरपुर और राजसमंद में बीते 24 घंटों में भारी बारिश देखने को मिली है। इनमें बांसवाड़ा में 80 एमएम,डूंगरपुर में 79 एमएम तथा राजसमंद में 72 एमएम बारिश हुई है। बारिश की गतिविधियों में कमी आने के बाद दिन के अधिकतम तापमान में भी ज्यादातर जगहों पर बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। प्रदेश में सबसे ज्यादा तापमान फतेहपुर में दर्ज किया गया। यहां अधिकतम तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27.5 डिग्री रहा। वहीं सीकर में 34.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

जल परियोजनाओं पर एक लाख करोड़ का निवेश, राजस्थान सरकार के बजट में पानी पर फोकस

बूंदी. राजस्थान की भजनलाल सरकार अगले साढ़े चार वर्षों में पानी की उपलब्धता के लिए बड़ा निवेश करने जा रही है। इन साढ़े चार सालों में करीब एक लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट हाथ में लिए जाएंगे। इनमें जल संचय प्रणाली तंत्र विकसित करने के लिए 50 हजार करोड़ रुपये की लागत से वॉटर ग्रिड मिशन चलाया जाएगा। वहीं, पिछली गहलोत सरकार में शुरू की गई ERCP परियोजना से जुड़े पांच बड़े लिंक प्रोजेक्ट्स पर ही 40 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए जाएंगे। इसमें मेज-बैराज, बूंदी, डूंगरी बांध और राठौड़ बैराज-सवाई माधोपुर पर इनके परिवहन तंत्री के लिए लगभग 13 हजार करोड़ रुपये काम करवाए जाएंगे। इसरदा बांध से रामगढ़ बांध में पाइपलाइन के जरिए पानी सप्लाई का बड़ा प्रोजेक्ट भी शामिल है। इस पर करीब 4 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसी तरह डूंगरी बांध से अलवर के लिए भी पानी का रिजर्वायर बनाया जाएगा जिस पर 9700 करोड़ रुपये खर्च होंगे। बाढ़ के समय आए पानी का सदुपयोग हो सके इसके लिए रन ऑफ वॉटर ग्रिड स्थापित किया जाएगा। इस पर करीब 30 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें लगभग 100 से ज्यादा एनिकटों की मरम्मत का काम भी हाथ में लिया गया है, जिस पर 550 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके साथ ही मनरेगा में भी जल संग्रहण और जल संरक्षण से जुड़े काम करवाए जाएंगे, जिस पर 2 हजार 627 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा नहरी तंत्र को भी मजबूत बनाने के लिए करीब 20 से ज्यादा प्रोजेक्ट हाथ में लिए जाएंगे। सिंचाई परियोजनाओं पर भी बड़ा निवेश जल संग्रहण और जल संचय परियोजनाओं के साथ कृषि सिंचाई परियोजनाओं पर भी बड़ी राशि खर्च की जाएगी। इसके लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के लिए लगभग 840 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जबकि पिछले बजट में यह राशि लगभग 268 करोड़ रुपये थी।

वित्तमंत्री ने विधानसभा में किया ‘वन स्टेट वन इलेक्शन’ का ऐलान, राजस्थान में एक साथ होंगे पंचायत चुनाव

जयपुर. राजस्थान में पंचायत चुनाव विधानसभा चुनावों के साथ होंगे। वित्तमंत्री दिया कुमारी ने बजट पेश करते हुए विधानसभा में ऐलान किया है। वित्तमंत्री ने वन स्टेट वन इलेक्शन की बात कहीं है। उल्लेखनीय है कि बीजेपी ने अपने घोषणा पत्र में एक देश एक चुनाव की घोषणा की है। माना जा रहा है कि राज्य सरकार ने इसे अमल में ला दिया है। हालांकि, वित्तमंत्री ने ज्यादा खुलकर नहीं बोला है। लेकिन साफ जाहिर है कि प्रदेश में पंचायत चुनाव विधानसभा चुनावों के साथ ही होंगे। राजस्थान की वित्तमंत्री दिया कुमारी ने रजिस्ट्री-स्टांप ड्यूटी में छूट प्रदान की है। वित्तमंत्री बजट पेश करते हुए कहा रजिस्ट्रेशन शुल्क में पूरी छूट देने की घोषणा की है। शहरों में अधिक जनसंख्या भार वाले क्षेत्रों में कंजेशन कम करने की दिशा में कदम उठाते हुए ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स (TDR) की प्रक्रिया ऑटोमेटेड करने के साथ ही स्टाम्प ड्यूटी की पूरी छूट का ऐलान किया गया है। इसी तरह रजिस्ट्रेशन के पूर्ण शुल्क में छूट देने का ऐलान किया गया है। इसके साथ ही TDR की प्रक्रिया में स्टाम्प ड्यूटी में छूट होगी। एक लाख रोजगार देने की घोषणा राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार ने बुधवार को अपना पहला पूर्ण बजट पेश किया। उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने वित्त मंत्री के रूप में यह बजट पेश किया। उन्होंने युवाओं के रोजगार के लिए कई घोषणाएं भी की। इसके तहत एक लाख रोजगार देने की घोषणा अगले 1 साल के लिए की गई है, जबकि आगामी 4 सालों में 5 लाख नए रोजगार दिए जाएंगे। स्टार्टअप में कॉरपस फंड और इक्विटी फंडिंग के लिए ‘फंड्स का फंड’ बनाए जाने की घोषणा की गई। उपमुख्यमंत्री ने युवाओं की समस्याओं के समाधान के लिए ‘युवा नीति 2024’ की घोषणा की. स्टेट स्किल पॉलिसी और स्टार्टअप को सब कॉन्ट्रैक्ट दिलाने की घोषणा भी बजट में की गई है।

स्कूल कैलेंडर में रामलला का प्राण-प्रतिष्ठा उत्सव शामिल, राजस्थान की भजनलाल सरकार का बड़ा फैसला

जयपुर. राजस्थान सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए अयोध्या में जिस दिन रामलला की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी, उसे स्कूल कैलेंडर में त्योहार के तौर पर शामिल किया गया है। इसकी सूचना शिक्षा विभाग ने दी है। राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। अयोध्या में जिस दिन रामलला की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी, उसे स्कूल कैलेंडर में त्योहार के तौर पर शामिल किया गया है। इसकी सूचना स्कूल शिक्षा विभाग ने दी है। अभिभावकों के लिए जारी किए गए इस कैलेंडर में उन विषयों की रूपरेखा दी गई है, जिन पर उन्हें छात्रों के साथ चर्चा करके उनकी ग्रोथ (विकास) पर नजर रखनी चाहिए। इसमें पूरे साल के दौरान महीनेवार त्योहारों की भी जानकारी दी गई है। स्कूल कैलेंडर में 22 जनवरी (रामलला प्राण प्रतिष्ठा का दिन) को त्योहार के रूप में चिह्नित किया गया है, लेकिन कैलेंडर में यह नहीं बताया गया है कि स्कूल इस दिन को कैसे मनाएंगे या छात्रों से किस तरह की गतिविधियों में हिस्सा लेने की उम्मीद की जाती है। जबकि कैलेंडर, अन्य त्योहारों या महत्वपूर्ण दिनों को कैसे मनाया जाए, इसके बारे में सामान्य निर्देश देता है। वर्तमान एकेडमिक इयर को कवर करते हुए, पंचांग में त्योहारों, राष्ट्रीय छुट्टियों और महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय दिवसों की लिस्ट दी गई है। राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिवालर ने कहा, ‘प्रतिष्ठा दिवस को कैलेंडर में शामिल किया गया है क्योंकि यह एक ऐतिहासिक दिन है। हम इस बात पर विशेषज्ञों से सलाह ले रहे हैं कि स्कूलों में इस दिन को कैसे मनाया जा सकता है। 22 जनवरी को कोई छुट्टी नहीं होगी और इसे सभी कक्षाओं के छात्र मनाएंगे।’

दक्षिणी इलाकों में होगी जोरदार बारिश, राजस्थान के 5 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट

जोधपुर. राजस्थान के दक्षिणी इलाकों में आज अच्छी बारिश होने के संकेत मिल रहे हैं, मौसम विभाग ने 5 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। मानसून की टर्फ लाइन आज दक्षिण राजस्थान से होकर गुजर रही है। बीते 24 घंटों में जयपुर के कालवाड़ और सांभर में जोरदार बारिश हुई। राजस्थान में आज नागौर, सीकर, झुंझुनू, पाली और जोधपुर में येलो अलर्ट जारी किया गया है। बीते 24 घंटों में सबसे ज्यादा वर्षा जयपुर ग्रामीण में हुई है। यहां कालवाड़ में 93 एमएम तथा सांभर में 73 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई है। शेष राजस्थान में सामान्य वर्षा दर्ज की गई है। जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार 11 जुलाई को मानसून टर्फ लाइन के हिमालय की ओर जाने से भारी बारिश में कुछ कमी होने की संभावना है। इससे भरतपुर संभाग में कहीं-कहीं भारी बारिश व शेष भागों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

बाड़मेर के निर्दलीय प्रत्याशी भाटी ने बताई प्राथमिकता, राजस्थान सरकार से लड़कर इलाके को गंग नहर से पानी दिलाएंगे

बाड़मेर/जैसलमेर. छात्र संघ राजनीति से प्रदेश स्तर की राजनीति में आए शिव विधायक और जैसलमेर/बाड़मेर लोकसभा के निर्दलीय प्रत्याशी रवीन्द्र सिंह भाटी ने सरकार से अपील कर कहा कि पूरे लोकसभा क्षेत्र को विशेष दर्जा मिलना चाहिए। भाटी बोले कि हमारा पूरा क्षेत्र सरकार की ओर हसरत भरी निगाहों से देख रहा है कि इस बजट में हमारी भी कोई सुध लेवा हो। भाटी बोले कि हम वर्षों से पीड़ित और उपेक्षित रहे हैं, परंतु अब ऐसे नहीं चलेगा और सरकार को हमारी और देखना होगा और सुनना भी होगा। भाटी बोले हम लंबे समय से बेरोजगारी का दंश झेल रहे हैं, हमारे युवाओं को रोजगार के साधन उपलब्ध करवाना सरकार की जिम्मेदारी है और हमको उम्मीद है कि इस बजट में सरकार हमारी सुनेगी। बाड़मेर और जैसलमेर को भी मिले गंग नहर का पानी भाटी बोले हमारी सबसे बड़ी मांग है पीने का पानी जो आज तक हम को नहीं मिला। उन्होंने कहा कि स्थिति अब इतनी भयावह है कि पानी सिर्फ आंखों में बचा है, वो भी इस 50 डिग्री तापमान में सूख चाला है। सरकार की जिम्मेदारी है कि हमें पानी मिले। हम भी राजस्थान का ही हिस्सा हैं। गंग नहर से बीकानेर, गंगानगर को खुशहाल बनाया जा सकता है तो बाड़मेर और जैसलमेर को क्यों नहीं? भाटी बोले पानी की लड़ाई सरकार नहीं सुनेगी तो विधानसभा पटल पर लड़ाई लड़ेंगे, परंतु एक बेटे के होते मेरे परिवार के लोग प्यासे नहीं रहेगे। 65 प्रतिशत शिक्षकों के पद खाली भाटी ने शिक्षा और अध्यापकों की कमी पर बात करते हुए कहा कि जिस इलाके के 65 प्रतिशत शिक्षकों के पद खाली हैं वहां क्या हाल होगा? शिक्षा का कोई भी अंदाजा लगा सकता है। सरकार इस दिशा में ध्यान दे और हमारे लोगों को भी आगे बड़ने का मौका दे। बिजली उत्पादक हैं पर बिजली नहीं भाटी ने बिजली की समस्या पर ध्यान केंद्रित करते हुए कहा कि जो क्षेत्र पूरे राजस्थान को बिजली देने की क्षमता रखता है और सबसे बड़ा बिजली का उत्पादक है, आज वही क्षेत्र बिजली के लिए हाथ फैलाए खड़ा है। भाटी ने कहा हम सौर्य ऊर्जा के माध्यम से, पवन चक्की के माध्यम से बिजली का उत्पादन करते हैं, परंतु उसके बदले में हमारे क्षेत्र को टुकड़ों में सिर्फ तीन घंटे बिजली मिलती है। इससे हमारे लोगों का शारीरिक नुकसान आर्थिक और मानसिक नुकसान हो रहा है। भाटी ने कहा कि सरकार से उम्मीद करता हूं कि हमारे क्षेत्र को पूरी बिजली मिले और पूरे राजस्थान से दो रुपये कम में बिजली मिले। छात्र राजनीति पर बात करते हुए रविंद्र सिंह भाटी भावुक हो गए और बोले कि आज जो मैं यह इंटरव्यू दे रहा हूं इसके पीछे सारा श्रेय छात्र राजनीति को जाता है ना मैं छात्र राजनीति में आता और ना आज राजस्थान की सबसे बड़ी पंचायत में बैठने का मौका मिलता छात्र राजनीति सेवा करने का एक उचित माध्यम है सरकार को छात्र संघ चुनाव पर विचार करना होगा, चुनाव कराने होंगे। मैं छात्रों की आवाज बनकर विधानसभा में गूंजता रहूंगा, भाटी बोल लोकतंत्र की खूबसूरती है कि यहां सबको अपनी बात रखने का अधिकार है परंतु सरकार अगर लोकतंत्र को करने का प्रयास करेगी तो विधानसभा में यह मुद्दा गूंजेगा, भाटी ने कहा धरना प्रदर्शन करना आम आदमी का अधिकार है सरकार को धारण करने की अनुमति देनी चाहिए। रविंद्र सिंह भाटी अपने साथ शिव विधानसभा क्षेत्र के 10वीं 12वीं और आठवीं क्लास के टॉपर बच्चों को लेकर जयपुर पहुंचे उन बच्चों को विधानसभा दिखाईं, और जयपुर का भ्रमण करवाया इस विषय पररविंद्र सिंह भाटी ने कहा कि जब मैं 12वीं क्लास में था जब तक मैं जयपुर नहीं देखा था आज मैं अपने छोटे भाई बहनों को जयपुर इसलिए लेकर आया हूं कि इस महानगर को देख सके समझ सके, विधानसभा को देखें कर प्रणाली को समझें और यह जान कि आगे चलकर जब वह मानवता की सेवा करेंगे तो उन्हें क्या करना है और किस प्रकार से करना है।

आषाढ़ मास में हुई जोरदार बारिश, राजस्थान हुआ मानसून के पहले चरण में तर

जयपुर. ]प्रदेश में आषाढ़ मास में मानसून का पहला फेज शानदार रहा। सावन से पहले ही राजस्थान के ज्यादातर हिस्सों में जोरदार बारिश हुई है। राजधानी जयपुर में सोमवार को रुक-रुककर बारिश हुई, जिसके चलते सड़कों पर पानी भर गया और पूरे शहर में ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई। राजस्थान में अगले 3 दिनों तक अच्छी बारिश के संकेत मिल रहे हैं। मानसून की टर्फ लाइन जैसलमेर-चित्तौड़गढ़ से होकर गुजर रही है। इसके प्रभाव से अब पश्चिमी राजस्थान में भी अच्छी वर्षा हो सकती है। पिछले 24 घंटों में पश्चिमी राजस्थान में चूरू, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ व पूर्वी राजस्थान में दौसा, करौली, जयपुर तथा दक्षिण क्षेत्र में आने वाले डूंगरपुर जिले में भारी बारिश दर्ज की गई। पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक 137 मिमी बारिश करौली के सूरोठ में तथा 141 मिमी बारिश चूरू के तारानगर में दर्ज की गई। इसके अलावा श्रीगंगानगर में 84 मिमी तथा पिलानी में 41.6 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसान आज मंगलवार को 20 जिलों में यलो अलर्ट रहेगा। इनमें पूर्वी राजस्थान के अजमेर, अलवर, बांसवाड़ा, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, दौसा, डूंगरपुर, झालावाड़, झुंझुनू, प्रतापगढ़, राजसमंद, सीकर, सिरोही, उदयपुर में कुछ स्थानों पर मेघगर्जन के साथ बिजली गिरने की संभावना जताई है। वहीं पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर, जालौर, जोधपुर, पाली और आसपास के जिलों में भारी बारिश की संभावना जताते हुए इन इलाकों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है।

विरोध में बंद रहा कस्बा, राजस्थान के कांग्रेस सचिव की सरपंच मां निलंबित

जयपुर. कैबिनेट मंत्री मदन दिलावर के अधीन आने वाले पंचायती राज विभाग ने कांग्रेस नेता धीरज गुर्जर की मां सवितादेवी गुर्जर को जहाजपुर पंचायत समिति के प्रधान पद से निलंबित कर दिया है, इसके विरोध में कल जहाजपुर कस्बा बंद रखा गया। कांग्रेस का आरोप है कि राजनीतिक द्वेष के चलते सविता गुर्जर को निलंबित किया गया है। गौरतलब है कि सविता गुर्जर के खिलाफ पंचायती राज विभाग की ओर से विभागीय जांच बैठाई गई थी और इसी जांच रिपोर्ट के आधार पर उन्हें निलंबित किया गया है। निलंबन का आदेश 5 जुलाई को जारी किया गया, जिसमें बताया गया है कि पंचायती राज अधिनियम की धरा 33(क)व 46(1) वर्णित प्रावधानों का पूर्ण पालन नहीं करने के आरोप विभागीय जांच रिपोर्ट में प्रमाणित पाए गए हैं। निलंबन को लेकर कांग्रेस का आरोप है कि विभागीय जांच अफसरों पर दबाव डालकर तैयार करवाई गई और मिथ्या शिकायतों के आधार ही निलंबन के आदेश जारी कर दिए गए।

बजट पर सरकार को घेरने की बनेगी रणनीति, राजस्थान-कांग्रेस विधायक दल की बैठक आज

जयपुर. राजस्थान का बजट बुधवार को विधानसभा में पेश होगा। इससे पहले आज मंगलवार को विधानसभा के बजट सत्र में सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। खासतौर पर यह बैठक उन फर्स्ट टाइम विधायकों के लिए है, जो सदन में पहली बार बजट की कार्यवाही में हिस्सा लेंगे। इसके बाद कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के नवनिर्वाचित सांसदों का सम्मान भी किया जाएगा। बैठक में पीसीसी चीफ गोविंद डोटासरा और प्रभारी सुखजिंदर रंधावा मौजूद रहेंगे। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में सरकार को विभिन्न मु्द्दों पर घेरने की रणनीति बनाई जाएगी। इसके साथ ही शेडो कैबिनेट के गठन का भी फैसला किया जाएगा। विधायक दल की बैठक के बाद नवनिर्वाचित विधायकों के लिए एक ट्रेनिंग वर्कशॉप भीआयोजित होगी, जिसमें सीनियर विधायक और एक्सपर्ट पहली बार चुनकर आए विधायकों को सदन के फ्लोर मैनेजमेंट के बारे में टिप्स देंगे। इस बैठक में राजस्थान में इसी साल संभावित उपचुनावों को लेकर भी मंथन होना है। राजस्थान में इस साल झुंझुनू, दौसा, खींवसर, देवली उनियारा और चौरासी विधानसभा में उपचुनाव होने हैं। ये सभी सीटें इंडिया गठबंधन के पास ही थीं। इन दिनों कांग्रेस विधानसभा से लेकर सोशल मीडिया तक पूरी तरह आक्रामक नजर आ रही है। सत्ता में बैठी भाजपा के ज्यादातर विधायक अनुभवहीन होने से कांग्रेस उन पर पूरी तरह हावी होने की तैयारी में है।

राजस्थान लोक सेवा आयोग 25 अगस्त को कराएगा परीक्षा, सहायक सांख्यिकी अधिकारी भर्ती के आवेदन में 18 तक संशोधन

अजमेर. राजस्थान लोकसेवा आयोग द्वारा सांख्यिकी अधिकारी (कृषि विभाग) प्रतियोगी परीक्षा-2024 का आयोजन 25 अगस्त 2024 को किया जाना प्रस्तावित है। आयोग द्वारा अभ्यर्थियों को इस परीक्षा के लिए जारी विज्ञापन में उल्लेखित शर्तों अनुसार 9 से 18 जुलाई 2024 तक अभ्यर्थी का नाम, पिता का नाम, फोटो, जन्म तिथि व जेंडर के अतिरिक्त अन्य संशोधन ऑनलाइन करने का अवसर दिया जा रहा है। आयोग सचिव रामनिवास मेहता ने बताया कि ऑनलाइन संशोधन का अवसर अभ्यर्थियों के हितार्थ सुविधा मात्र है। परीक्षा के लिए जारी विज्ञापन में उल्लेखित पात्रता की शर्तों के अनुरूप ही संशोधन मान्य होंगे। विज्ञापन की शर्तें पूर्वानुसार ही रहेंगी। ऑफलाइन संशोधन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। संशोधन चाहने वाले अभ्यर्थी को ई-मित्र/ऑनलाइन बैंकिंग के माध्यम से 500 रुपये का शुल्क जमा कराना होगा। आयोग के ऑनलाइन पोर्टल  https://rpsc.rajasthan.gov.in  पर उपलब्ध एप्लाई ऑनलाइन लिंक अथवा एसएसओ पोर्टल पर लॉगिन कर सिटीजन एप्स में उपलब्ध रिक्रूटमेंट पोर्टल  का चयन कर संबंधित परीक्षा में ऑनलाइन संशोधन किया जा सकेगा। इस संबंध में किसी प्रकार की तकनीकी कठिनाई होने पर  recruitmenthelpdesk@rajasthan.gov.in पर ई-मेल से अथवा फोन नं. 9352323625 व 7340557555 पर भी संपर्क किया जा सकता है। वांछित अर्हता न होने के बावजूद आवेदन करने वाले अभ्यर्थी भी आवेदन वापस ले सकेंगे। निर्धारित शैक्षणिक योग्यता अथवा अनुभव नहीं होने के उपरांत भी ऑनलाइन आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत एवं आयोग की आगामी भर्ती प्रक्रिया से वंचित करने की कार्रवाई की जा सकती है। अतः ऐसे अभ्यर्थी भी उक्त अवधि के दौरान अपना ऑनलाइन आवेदन वापस ले सकते हैं। इसके लिए एसएसओ पोर्टल पर लॉगिन कर रिक्रूटमेंट पोर्टल का चयन कर माय रिक्रूटमेंट सेक्शन के अंतर्गत संबंधित परीक्षा के समक्ष उपलब्ध विड्रा बटन पर क्लिक करके ऑनलाइन आवेदन वापस लिया जा सकता है।

अनुमति नहीं देने पर बरसे गहलोत, राजस्थान की भजनलाल सरकार को धरने-प्रदर्शन से डर

जयपुर. नई सरकार के गठन के बाद हुए फैसलों को लेकर युवाओं के अलग-अलग संगठन जनवरी से प्रदर्शन कर रहे थे लेकिन लोकसभा चुनाव की अचार संहिता लगने के कारण सभी प्रकार के धरने और प्रदर्शनों पर रोक लगा दी गई थी। अब चुनाव संपन्न होने के साथ ही एक बार फिर से ये सभी संगठन आंदोलन की राह पकड़ना चाहते हैं परंतु इन्हें सरकार और प्रशासन द्वारा धरने की अनुमति नहीं मिल रही है। राजीव गांधी युवा मित्र संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष संजय मीणा ने बताया कि उनके द्वारा दो बार प्रशासन को धरना देने की अनुमति के लिए पत्र दिया गया परंतु दोनों बार बिना किसी कारण बताए उनकी अनुमति को निरस्त कर दिया गया। बार-बार पूछने पर यह बताया गया कि ऊपर से यह आदेश हैं कि किसी प्रकार का धरना-प्रदर्शन करने की इजाजत नहीं दी जाए। राजस्थान सरकार के गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम को जब अमर उजाला ने इस मामले में प्रतिक्रिया जानने के लिए फोन किया तो उनके फोन पर उनके सहयोगी ने बताया कि साहब मीटिंग में जोधपुर हैं इसलिए अभी बात नहीं हो पाएगी। वहीं दूसरी ओर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने X पर लिखा है कि कई युवाओं एवं एक्टिविस्टों ने मेरे कार्यालय में आकर एवं सोशल मीडिया के माध्यम से बताया है कि वो बेरोजगारी भत्ता, रोजगार, राजीव गांधी युवा मित्र बहाली, भर्तियों की घोषणा जैसे मुद्दों पर जयपुर में धरना प्रदर्शन करना चाहते हैं परन्तु प्रशासन उन्हें सरकार के दबाव में अनुमति नहीं दे रहा है। धरना प्रदर्शन के लिए आरक्षित शहीद स्मारक से भी उन्हें बार-बार बलप्रयोग करके भगा दिया जाता है,यह उचित नहीं है। लोकतंत्र में अपने हक के लिए शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन जनता का अधिकार है। उनकी बात सुनना सरकार का कर्तव्य है। मैं सरकार एवं पुलिस प्रशासन से आग्रह करता हूं कि इस तरह की अलोकतांत्रिक कार्यप्रणाली ना अपनाएं एवं जनता को उनका लोकतांत्रिक हक प्रयोग करने दें।

भजनलाल सरकार की वित्तीय व्यवस्था पर उठ रहे सवाल, राजस्थान की पंचायतों पर तालाबंदी

जयपुर. जिस राजस्थान से देश में पंचायती राज की शुरुआत हुई आज वहां पंचायतों पर तालाबंदी की नौबत आ गई है। बीते 2 सालों से वित्त विभाग ने इन पंचायतों को उनके हक का पैसा जारी नहीं किया है, इसके विरोध में आज राजस्थान के सरपंचों ने पंचायतों में तालाबंदी का ऐलान कर दिया है। प्रदेश भर के सरपंच सोमवार को ग्राम पंचायतों में एक दिन की सांकेतिक तालाबंदी करेंगे। इसके बाद 10 जुलाई को पंचायत समिति स्तर पर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिए जाएंगे, इसके बाद 18 जुलाई को जयपुर में विधानसभा का घेराव करेंगे। केंद्र तथा राज्य वित्त आयोग की ग्रांट, नरेगा के लिए केंद्र सरकार की ओर से समय-समय पर जारी किश्तें आखिर कहां गईं? यह बड़ा सवाल अब सरकार के सामने है। बकाया राशि जारी नहीं किए जाने के विरोध में आज राजस्थान के गांवों में पंचायतों पर तालाबंदी की नौबत आ गई है। पिछले साल मिली थी 22 हजार करोड़ की ग्रांट केंद्र सरकार की तरफ से राजस्थान को लगातार पंचायतों की ग्रांट का पैसा जारी किया जाता रहा। पिछले साल लगभग 22 हजार करोड़ रुपये और इस साल अप्रैल-मई मिलाकर 1600 करोड़ रुपये राजस्थान को दिए जा चुके हैं। बावजूद इसके यह राशि गांवों को ट्रांसफर नहीं की जा रही है, जिसके चलते गांवों में चलने वाली योजनाएं ठप पड़ चुकी हैं। ये हैं प्रमुख मांगें – 0- राज्य वित्त आयोग के 2022- 23  के करीब 600 करोड़ व वित्त वर्ष 2023-24 के करीब 2800 करोड़ रुपए बकाया हैं, इन्हें जल्द जारी किया जाए। 0- मनरेगा की सामग्री भुगतान का 4000 करोड़ रुपये 2 साल से बकाया। 0- केंद्रीय वित्त आयोग की प्रथम तथा द्वितीय किश्त के 2900 करोड़ रुपए बकाया। 0- प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री आवास की किश्त जारी नहीं की जा रही है। इनका कहना है – हमने अपनी मांगों को लेकर मुख्य सचिव से बात की है। इसके बाद पंचातयी राज मंत्री मदन दिलावर से भी मिले लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। अब हम विधानसभा का घेराव करेंगे। – बंशीधर गड़वाल, अध्यक्ष, सरपंच संघ, राजस्थान

शिक्षकों के तबादलों पर जारी रहेगी रोक, राजस्थान के शिक्षामंत्री मदन दिलावर ने की पुष्टि

जयपुर. शिक्षा विभाग से जुड़े तबादलों पर प्रतिबंध विधानसभा सत्र पूरा होने तक जारी रहेगा। इस विषय में मुख्यमंत्री स्तर पर मंजूरी मिलने के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा। शिक्षामंत्री मदन दिलावर ने रविवार को इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान तबादलों पर पूरी तरह से रोक लागू रहेगी और यह रोक थर्ड ग्रेड शिक्षकों पर भी लागू होगी। उन्होंने कहा कि जब भी तबादलों से प्रतिबंध हटेगा, इसकी सूचना सार्वजनिक की जाएगी। इसके साथ ही डेपुटेशन को लेकर कहा गया कि 1 जनवरी से पहले के सभी डेपुटेशन पूरी तरह से रद्द रहेंगे। तबादलों पर प्रतिबंध का मुख्य कारण सियासी फायदा-नुकसान माना जा रहा है। पिछली गहलोत सरकार ने भी तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादलों को रोका हुआ था। लोकसभा चुनाव के बाद रोक हटने की उम्मीद थी, लेकिन अभी तक यह नहीं हो सका है। अब बड़ा सवाल यह है कि उपचुनाव सिर पर होने के बावजूद तबादले कब होंगे? शिक्षा मंत्री ने बताया कि इस पर फैसला मुख्यमंत्री स्तर पर किया जाएगा। माना जा रहा है कि इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए इस मामले पर मंथन विधानसभा के मानसून सत्र के बाद होगा।

16 साल पहले मची थी हाथरस जैसी भगदड़, राजस्थान में भी 216 लोगों ने गंवाई थी जान

जोधपुर. हाथरस में बाबा नारायण हरि साकार उर्फ भोले बाबा के सत्संग में मची भगदड़ में 121 लोगों की मौत हो गई। उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस भगदड़ की न्यायिक जांच कराने का निर्णय लिया है। हादसे के बाद बुधवार को हाथरस पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ ने मीडिया को इसकी जानकारी दी। सीएम योगी ने घटना में साजिश की तरफ इशारा करते हुए कहा, यह हादसा था या कोई साजिश और अगर साजिश थी तो इसमें किसका हाथ है। इन सभी पहलुओं को जानने के लिए हम न्यायिक जांच भी कराएंगे, जो उच्च न्यायालय के सेवानिवृत न्यायाधीश की अध्यक्षता में की जाएगी। हाथरस के हादसे ने राजस्थान के जोधपुर स्थित मेहरानगढ़ किले में हुए हादसे की याद दिला दी। बता दें कि साल 2008 में जोधपुर के मेहरानगढ़ किले में नवरात्रि के पहले दिन चांमुडा माता के दर्शन के लिए भारी भीड़ जुटी थी। इसी दौरान वहां भी भगदड़ मची और उस भगदड़ में 216 बेकसूर लोग बेमौत मारे गए। 16 साल बाद भी नहीं आई जांच रिपोर्ट जोधपुर के मेहरानगढ़ किले में हुए हादसे के अब 16 साल बीत चुके हैं। हाथरस वाले हादसे की तरह ही मेहरानगढ़ दुखांतिका की जांच के लिए हाईकोर्ट के रिटायर जज जस्टिस जसराज चोपड़ा की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन हुआ था। लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि 216 लोगों की मौत मामले में हुई जांच की रिपोर्ट आज 16 साल बाद भी सार्वजनिक नहीं हो सकी है। मेहरानगढ़ हादसे की जांच रिपोर्ट सामने नहीं आने से अब यह सवाल उठता है कि हाथरस भगदड़ पर गठित होने वाली कमेटी की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक होगी या नहीं। मालूम हो कि हाथरस वाले मामले में यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, इसमें प्रशासन और पुलिस के सेवानिवृत अधिकारियों को रखकर घटना की तह में जाएंगे, जो भी इसके लिए दोषी होगा उन सभी को सजा दी जाएगी। ‘ऐसी घटनाएं फिर न हो, इसके लिए बनेगी एसओपी’ योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा, इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जाएगी। ताकि भविष्य में होने वाले इस तरह के किसी भी बड़े आयोजन में उसे लागू किया जा सके, इन सभी चीजों को सुनिश्चित किया जाएगा। अब बात जोधपुर के मेहरानगढ़ किले के हादसे की जोधपुर शहर में एक सालों पुराना किला है मेहरानगढ़ किला। जोधपुर रेलवे स्टेशन से यह किला करीब तीन-चार किलोमीटर दूर है। इस किले में चामुंडा माता का एक बहुत प्रसिद्ध मंदिर है। नवरात्र में यहां चामुंडा माता की पूजा के लिए लोगों की भारी भीड़ जुटती है। 30 सितंबर 2008 को यहां नवरात्र के पहले दिन पूजा करने के लिए मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा थी। इसी दौरान अचानक भगदड़ मच गई और इस भगदड़ में 216 लोगों की मौत हो गई। मेहरानगढ़ किले में हुए इस दु:खद घटना को दुखांतिका कहते हैं। यह हादसा मेहरानगढ़ दुर्ग में हुई थी, इसलिए इस घटना को मेहरानगढ़ दुखांतिका कहा जाता है। रिपोर्ट ठंडे बस्ते में साल 2008 में राजस्थान में कांग्रेस की सरकार थी और अशोक गहलोत मुख्यमंत्री थे। 30 सितंबर को हुई इस दुर्घटना के बाद दो अक्तूबर को सरकार ने जस्टिस जसराज चोपड़ा की अध्यक्षता में एक न्यायिक जांच आयोग का गठन किया। जांच आयोग ने करीब ढाई साल बाद अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी। लेकिन जब रिपोर्ट सौंपी गई कि तब राज्य में बीजेपी की सरकार थी। कहा जाता है कि सरकार ने उस रिपोर्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया और इस घटना के पीड़ितों के परिवारजन न्याय पाने के लिए दर-दर भटक रहे हैं। अगली सुनवाई 29 जुलाई को इसी साल मई में राजस्थान हाईकोर्ट खंडपीठ में जोधपुर के मेहरानगढ दुखांतिका को लेकर चोपड़ा आयोग की रिपोर्ट एवं दो कैबिनेट उप समितियों की रिपोर्ट को पेश किया गया था। इस दौरान महाधिवक्ता राजेन्द्र प्रसाद ने कहा, अब इस मामले को 16 साल हो चुके हैं। इसीलिए सामाजिक सद्भाव और शांति-व्यवस्था को देखते हुए इस रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं करना चाहिए। इस पर याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि पूरी रिपोर्ट को राज्य सरकार को सार्वजनिक करना चाहिए। अब मामले की अगली सुनवाई 29 जुलाई को है।

पूर्वी राजस्थान में तापमान गिरा, राजस्थान में कई इलाकों में जमकर बरसेंगे बदरा

जयपुर. राजस्थान में मानसून झूमकर बरस रहा है। बारिश की मेहरबानी से पूर्वी राजस्थान में तापमापी पारा सामान्य से नीचे आ चुका है। जबकि पश्चिमी राजस्थान गर्मी और उमस से जूझता रहा। मौसम विभाग ने आज भी कई इलाकों में सामान्य से भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। बुधवार को राजधानी जयपुर समेत कई इलाकों में जोरदार बारिश हुई। जयपुर में करीब डेढ़ घंटे तक हुई तूफानी बारिश में लगभग तीन इंच पानी गिरा। बारिश से हुए जलभराव के कारण शहर की प्रमुख सड़कों पर घंटों जाम लगा रहा। मौसम विभाग ने आज जयपुर, कोटा, भरतपुर, अजमेर, उदयपुर, बीकानेर और जोधपुर संभागों में बारिश होने की चेतावनी दी है। अलवर, भरतपुर और धौलपुर में भारी बारिश का अलर्ट दिया गया है। पूर्वी इलाका रहा ठंडा प्रदेश में हुई इस बारिश के कारण पूर्वी राजस्थान के इलाकों में तापमापी पारा जबर्दस्त तरीके से गिर गया। वहां अधिकतम तापमान 38 डिग्री से नीचे रहा। दूसरी तरफ पश्चिमी राजस्थान में गर्मी ने तीखे तेवर दिखाए। श्रीगंगानगर में तो तापमापी पारा 44.6 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा। गंगानगर सबसे गर्म शहर रहा। इससे सटे इलाकों में भी पारा हाई रहा।

मथुरा से हैदराबाद तक दौड़ी स्पेशल टीम, राजस्थान SI और REET पेपर लीक के वांछित समेत 3 आरोपी गिरफ्तार

जयपुर. राजस्थान में पेपर लीक मामले में लंबे समय से एसओजी की पकड़ से दूर तीन प्रमुख आरोपियों को पुलिस ने दबोच लिया है। जोधपुर रेंज आईजी विकास कुमार की ओर से गठित साइक्लोनर टीमों ने हैदराबाद और उत्तर प्रदेश के मथुपार से आरोपियों को पकड़ा है। इन्हें मंगलवार रात को जयपुर लाकर एसओजी को सुपुर्द किया जाएगा। बुधवार को एसओजी जयपुर में पूरे मामले का खुलासा करेगी।आईजी विकास कुमार ने बताया कि पेपर लीक मामले में लंबे समय से वांछित चल रहे सांचौर निवासी ओमप्रकाश ढाका, सुनील बिश्नोई और सम्मी विश्नोई की तलाश में टीमें लगी हुई थी। पुलिस को इनका सुराग मिलने पर आईजी ऑफिस की साइक्लोनर टीम को आरोपियों को दस्तयाब करने के लिए भेजा गया। टीम में सब इंस्पेक्टर कन्हैयालाल और परमीत चौहान सहित अन्य पुलिस कर्मी शामिल थे। ओमप्रकाश ढाका 24 दिसंबर 2022 को उदयपुर में रीट परीक्षा के दौरान बस में नकल कराने के मामले में आरोपी था। इसके अलावा ढाका और सुनील बेनीवाल का एसआई पेपर लीक में भी नाम है। सम्मी की भूमिका अभी सामने आना बाकी है. ढाका की मां सायंती देवी कांग्रेस से सांचौर जिले में पंचायत समिति सरनाउ की प्रधान है। सुनील बेनीवाल की पत्नी ग्राम पंचायत विरावा की सरपंच है। ढाका हैदराबाद से, सिम्मी को मथुरा से दबोचा पुलिस ने तीनों वांछित आरोपियों को पकड़ने के लिए एसओजी लंबे समय से तलाश कर रही थी। जोधपुर रेंज की टीम को भी इसमें शामिल किया गया। मंगलवार को सबसे पहले टीम उत्तर प्रदेश के मथुरा गई, जहां से सिम्मी बिश्नोई को हिरासत में लिया। इसके बाद वहां से टीम हैदराबाद गई जहां से ओमप्रकाश ढाका और सुनील बेनीवाल को पकड़ा गया. वर्ष 2021 की उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा घोटाले के मास्टरमाइंड पोरव कालेर को भी साइक्लोन टीम ने सीकर से मई माह में पकड़ा थामा। र्च 2024 में एसआई परीक्षा का पेपर लीक घोटाला सामने आने के बाद से ही फरार हो गया था। उसे भी साइक्लोनर टीम ने पकड़ कर एसओजी के हवाले किया था।

डूंगरपुर-बांसवाड़ा में आएगी बाढ़, राजस्थान के 10 जिलों में होगी झमाझम बारिश

जयपुर. प्रदेश के डूंगरपुर और बांसवाड़ा में आज भारी बारिश हुई, इसमें डूंगरपुर के सीमलवाड़ा इलाके में 132 एमएम और बांसवाड़ा में 95 एमएम बारिश दर्ज की गई। भारी बारिश के चलते डूंगरपुर और बांसवाड़ा के कई इलाके जल मग्न हो गए हैं। डूंगरपुर में इस मानसून की सबसे तेज बारिश दर्ज की गई। कुछ ही घंटों में यहां 132 एमएम पानी बरस गया, वहीं बांसवाड़ा में भी 95 बारिश दर्ज की गई है। जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार प्रदेश के 10 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है, इसमें जयपुर, दौसा, नागौर, अलवर, भरतपुर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, सीकर, सिरोही और जालौर में आज मध्यम दर्जे की बारिश की संभावना है। डूंगरपुर के सीमलवाड़ा इलाके में 132 एमएम और बांसवाड़ा में 95 एमएम बारिश दर्ज की गई। भारी बारिश के चलते डूंगरपुर और बांसवाड़ा के कई इलाके जल मग्न हो गए हैं। डूंगरपुर में इस मानसून की सबसे तेज बारिश दर्ज की गई। कुछ ही घंटों में यहां 132 एमएम पानी बरस गया, वहीं बांसवाड़ा में भी 95 बारिश दर्ज की गई है।

गहलोत का ‘बेरोजगारी भत्ता’ बना बड़ा मुद्दा, राजस्थान सरकार को बजट सत्र में घेरेगी कांग्रेस

जयपुर. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट करके आरोप लगाया था कि भजनलाल सरकार न तो रोजगार दे पा रही है, न ही बेरोजगारी भत्ता। गहलोत के इस ट्वीट के साथ ही प्रदेश में बेरोजगारी भत्ते का मुद्दा एक बार फिर से गर्माता नजर आ रहा है। 3 जुलाई से शुरू होने जा रहे राजस्थान विधानसभा सत्र में सिर्फ कांग्रेस ही नहीं बल्कि बीजेपी विधायकों ने भी बेरोजगारी भत्ते को लेकर सवाल लगाए हैं। रोजगार उत्सवों के जरिए अपनी छवि चमकाने में जुटी प्रदेश की भजनलाल सरकार के लिए बेरोजगारी भत्ते की पेंडेंसी बड़ा मुद्दा बन सकती है। वित्त विभाग ने बीते करीब 10 महीनों से बेरोजगारी भत्ते के भुगतान रोक रखे हैं। अब 3 जुलाई से शुरू होने जा रहे विधानसभा के बजट सत्र में सरकार को इस पर जवाब देना होगा। भत्ते को लेकर सिर्फ कांग्रेस ही नहीं बल्कि बीजेपी विधायकों ने भी विधानसभा में सवाल लगाए हैं। पूर्ववर्ती गहलोत सरकार के कार्यकाल में लाई गई यह योजना आचार संहिता लागू होने के बाद से ही ठप पड़ गई। सितंबर 2023 से अब तक इस योजना में बेरोजगारों का करीब 500 करोड़ रुपये का भत्ता जारी नहीं किया जा सका है। यही नहीं करीब योजना में शामिल होने के लिए एक लाख नए आवेदन भी सरकार के पास पेंडिंग हैं। ऐसे में कांग्रेस के लिए यह सरकार को घेरने के लिए बड़ा मुद्दा है। वित्त विभाग से ECS होने का इंतजार योजना संचालित करने वाले श्रम एवं रोजगार विभाग के सचिव पीसी किशन ने बताया कि विभाग की तरफ से इसके बिल वित्त विभाग को सबमिट किए जा चुके हैं और करीब एक लाख नए आवेदन भी सरकार के पास आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि दिसंबर तक करीब 250 करोड़ रुपए के बिल बकाया थे, इसके बाद हर महीने औसतन 45 से 50 करोड़ के बिल और बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि वित्त विभाग से इस संबंध में बात हो चुकी है और बेरोजगारों को जल्द ही भत्ता जारी कर दिया जाएगा। उपचुनावों का मुद्दा बन सकता है भत्ता मुद्दा सिर्फ बजट सत्र तक ही सीमित नहीं है, आने वाले विधानसभा उपचुनाव में भी यह सरकार के लिए परेशानी पैदा कर सकता है। राजस्थान में इस साल 5 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव संभावित हैं। इसमें रोजगार कांग्रेस का सबसे बड़ा मुद्दा होगा। राष्ट्रीय स्तर पर भी कांग्रेस बेरोजगारी को मुद्दा बना रही है और चुनावी कैंपेन में भी यही मुद्दा सबसे ज्यादा हावी रहा है।

बांधों में बढ़ा जल स्तर, राजस्थान में सात दिनों तक होगी भारी बारिश

जयपुर. राजस्थान में अगले सात दिनों तक जोरदार बारिश की चेतावनी जारी की गई है। आज सुबह हनुमानगढ़ में तेज बारिश हुई, इसके अलावा पूरे प्रदेश में हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई। राज्य में अब मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। बीते 24 घंटों में राज्य के बांधों में 10 एमक्यूएम से ज्यादा पानी आया है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि अगले सात दिनों तक राजस्थान में जोरदार बारिश का दौर जारी रहेगा। मंगलवार सुबह प्रदेश के हनुमानगढ़ में हैवी रेनफॉल दर्ज किया गया। यहां 77 एमएम बारिश दर्ज की गई। राजधानी जयपुर में भी आज आसमान में बादल छाए हुए हैं। यहां मध्यम दर्जे की बारिश की संभावना जताई गई है। बीते 24 घंटों में यहां अधिकतम तापमान 35.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहा। मौमस विभाग के अनुसार आज जयपुर, भरतपुर, अजमेर और कोटा संभाग में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। वहीं उदयपुर, कोटा और भरतपुर संभाग में भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है।

राजस्थान में मानवाधिकार आयोग अध्यक्ष और सदस्य की पत्रावली राज्यपाल को भेजी

Animal Husbandry Minister Lakhan Patel gave instructions for strict action

जयपुर. राजस्थान में लोकसभा चुनाव की आचार संहिता खत्म होने के बाद सरकार में नियुक्तियों का दौर शुरू होने जा रहा है। संवैधानिक दर्जे वाले आयोगों में सबसे पहले नियुक्तियां होनी हैं।  मानवाधिकार आयोग अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति के लिए सरकार ने पत्रावली राज्यपाल को भेज दी है। राजस्थान में मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति जल्द होने वाली है। इसके लिए सरकार ने राज्यपाल को पत्रावली भी भेज दी है। इसमें राज्यपाल के अनुमोदन के बाद मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति कर दी जाएगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की अध्यक्षता में चार नामों के पैनल पर चर्चा कर राज्यपाल को प्रस्ताव भेजा गया था। वहीं, मुख्य सचूना आयुक्त और सूचना आयुक्त को लेकर भी इस बैठक में चर्चा की गई थी, लेकिन अब अगले सप्ताह फिर इसे लेकर बैठक होनी है। इसके बाद मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्त के पदों पर भी सरकार नियुक्ति कर देगी। सूचना आयुक्तों के चयन के लिए जो कमेटी बनाई गई है, उसमें सीएम भजनलाल शर्मा, संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली शामिल हैं। हाईकोर्ट सीजे स्तर की होती है आयोग में नियुक्ति आयोग के अध्यक्ष पद पर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को ही नियुक्त किया जा सकता है और इसी प्रकार, आयोग सचिव राज्य सरकार के सचिव स्तर के अधिकारी से कम स्तर का अधिकारी नहीं हो सकता। आयोग की अपनी एक अन्वेषण एजेंसी है, जिसका नेतृत्व ऐसे पुलिस अधिकारी जो महानिरीक्षक पुलिस के पद से कम स्तर का न हो, उसके द्वारा किया जाता है।

राजस्थान में दो कारों में जबरदस्त टक्कर में दो की मौत और सात लोग घायल

जयपुर. हनुमानगढ़-किशनगढ़ हाईवे पर गुरुवार सुबह दो कारों की आमने-सामने की टक्कर में दो लोगों की मौत हो गई। हादसा मानपुर गांव के पास सुबह चार बजे हुआ। हादसे में कार सवार सात लोग घायल हो गए। हादसे की सूचन के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। वहीं हादसे में मारे गए लोगों के शवों को मॉर्चरी में रखवाया गया। पोस्टमार्टम के बाद शवों को परिजनों को सौंपा जाएगा। हादसे की जानकारी के बाद रूपनगढ़ थाने के एएसआई रामाकिशन मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। हादसे के पीछे की क्या वजह रही ये अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। उन्होंने बताया कि टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गईं।  हादसे में दो लोगों ने अपनी जान गंवा दी है। हादसे में घायल लोगों को 108 एंबुलेंस की सहायता से परबतसर जिला अस्पताल पहुंचाया गया। यहां से प्राथमिक उपचार के बाद दो घायलों को कुचामन और पांच को अजमेर जिला अस्पताल में रेफर कर दिया गया है। परिजनों के आने के बाद आज मृतकों का पोस्टमार्टम होगा।

राजस्थान की प्यास बुझाने वाले बांधों का 3.33 एमक्यूएम हर दिन घट रहा पानी

जयपुर. जानलेवा गर्मी से बदहाल राजस्थान के लोग अब आसमान पर उम्मीद लगाए बैठे हैं। एक तरफ हीट वेव लगातार झुलसा रही है वहीं दूसरी तरफ मानसून के आने में भी देरी हो रही है। बांधों के पेट रीत चुके हैं। प्रदेश में 691 बांधों में से 530 बांध अब खाली हो चुके हैं। राजधानी जयपुर सहित कई जिलों की प्यास बुझाने वाले बीसलपुर बांध का जल स्तर बीते 20 दिनों में 356 एमक्यूएम से घटकर 295.82 एमक्यूएम रह गया है। राजस्थान भीषण जल संकट की तरफ बढ़ता नजर आ रहा है। यहां के बांध तेजी से खाली होते जा रहे हैं। जल्द बारिश नहीं हुई तो यहां जल संकट के हालात बेहद भयावह हो सकते हैं। बीतते हर दिन बांधों के पेट से 3.33 एमक्यूएम पानी घट रहा है। राजधानी जयपुर सहित कई जिलों को पानी सप्लाई करने वाले बीसलपुर बांध में भी जल स्तर अब 27% ही रह गया है। बीते 20 दिनों में बांध का जल स्तर 10% घट चुका है। खैरतथ, तिजारा, कोटपूतली, नीम का थाना, टोंक, जोधपुर, भीलवाड़ा, ब्यावर, भरतपुर, दौसा में बांध पूरी तरह सूख चुके हैं। स्थिति ये है कि 4.25 एमक्यूएम क्षमता से ज्यादा वाले 283 बांधों में 179 और 4.25 एमक्यूएम क्षमता से कम वाले 408 बांधों में 351 बांध पूरी तरह खाली हो चुके हैं। ब्यावर के दोनों बांध खाली यहां नरेन सागर और फूलसागर दो बांध है। इस बार दोनों ही बांध पूरी तरह सूख चुके हैं। पानी की सप्लाई बीसलपुर और भूजल पर निर्भर है। बीसलपुर की स्थिति भी खराब होती जा रही है। भरतपुर के 6 में से 5 बांध खाली मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के गृह जिले भरतपुर में भी पेयजल की स्थिति विकट है। यहां 6 बांधों में से 5 बांध पूरी तरह खाली हो चुके हैं। सिर्फ बरेठा बांध में 27 प्रतिशत पानी शेष है। दौसा के 10 बांध खाली पूर्वी राजस्थान में पेयजल के मामले में सबसे ज्यादा संकट ग्रस्त जिला है। यहां 10 बांध हैं, लेकिन किसी में भी पानी नहीं बचा। केकड़ी में सभी 8 बांध खाली अजमेर में आने वाले केकड़ी में 8 बांधों में पेयजल स्टोरेज क्षमता 52 एमक्यूएम है, लेकिन आज की स्थिति में यहां सभी बांधों में पानी पूरी तरह सूख चुका है।

राजस्थान के शिक्षा मंत्री ने PCC चीफ डोटासरा को बताया निकम्मा और बच्चों का दुश्मन

सीकर. शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने मंगलवार सीकर के सर्किट हाउस में पौधरोपण किया। इस दौरान उन्होंने लक्ष्मणगढ़ विधायक गोविंद डोटासरा के खिलाफ जमकर हमला बोला। गुस्से में शिक्षामंत्री शब्दों की मर्यादा से बाहर चले गए। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि अगर डोटासरा ने स्कूल खोले होते तो मैं कभी बंद नहीं करता। न अब करूंगा और न ही आगे करने की योजना है। डोटासरा ने राजस्थान के बच्चों के साथ जबरदस्ती की है और दुश्मन समझा है। डोटासरा से निकम्मा कोई व्यक्ति हो ही नहीं सकता। मदन दिलावर ने कहा कि इन्होंने बच्चों को कक्षा एक से सीधा 12वीं तक कर दिया। यानी कक्षा 6 का बच्चा हिंदी पढ़ता-पढ़ता 7वीं कक्षा में एकदम अंग्रेजी मीडियम पढ़ने लग जाएगा। इन्होंने बच्चों का भविष्य खराब करने का षड्यंत्र रचा है। ये जानते हैं कि पास होने में 33 प्रतिशत नंबर चाहिए। 13 नम्बर तो कोई भी ले आएगा और 20 में से 20 नंबर अध्यापक दे ही देते हैं। इसलिए इनका षड्यंत्र था कि राजस्थान के बच्चे, गरीब लोगों के बच्चे अनपढ़ रह जाएं। कंपटीशन में आगे न आ पाएं, इसलिए राजस्थान के बच्चों के साथ अन्याय किया है। जांच हो रही है, सजा जरूर मिलेगी दिलावर ने कहा कि गोविंद सिंह डोटासरा ने जो कृत्य किए हैं उनकी सजा उनको जरूर मिलेगी। जांच एजेंसिया जांच कर रही हैं। डोटासरा ने किसके कहने पर राजीव गांधी स्टडी सर्किल में पेपर रखवाए थे। स्टडी सर्किल में लोगों से किसने रखवाली रखवाई थी और चाबी क्यों दी थी। उन्होंने षडयंत्र पूर्वक चाबी दी थी, ताकि उनके मिलने वाले लोग रात को पेपर निकाल लेंगे। सौदा करने का लगाया आरोप उन्होंने कहा कि डोटासरा ने सौदा किया होगा कि जितना तुम पेपर बेचोगे उनका 75 प्रतिशत मुझे चाहिए। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, जो-जो दोषी होगा चाहे कोई भी हो गहलोत, डोटासरा हो या मैं हूं सजा जरूर मिलेगी।

राजस्थान की प्री बजट मीटिंग के पोस्टर्स में वित्त मंत्री के फोटो गायब

जयपुर. राजस्थान की उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री दिया कुमारी अपने विभाग के बजट मीटिंग्स पोस्टर्स से भी गायब हो गई हैं। पहले प्री-बजट मीटिंग्स के जो आदेश निकले थे, उनमें वित्त मंत्री का नाम नहीं था। अब सचिवालय में प्री-बजट मीटिंग्स को लेकर जो पोस्टर लगाए गए हैं, उनमें भी दिया कुमारी को जगह नहीं दी गई। राजस्थान में मंत्रियों की हैसियत को लेकर अब सियासी गलियारों में सवाल खड़े होने लगे हैं। नेता, विधायक और मंत्री तक चिल्ला रहे हैं कि अफसर उन्हें लाइन में लगा रहे हैं। यहां तक कि राजस्थान की डिप्टी सीएम दिया कुमारी को उनके वित्त विभाग की मीटिंग्स के पोस्टर्स से भी गायब कर दिया गया है। यह सिर्फ इकलौत मामला नहीं है। ऐसे कई मामले राजस्थान की सियासत में अब आम हो चुके हैं, जिनसे विपक्ष को बैठे-बिठाए मुद्दे मिल रहे हैं। हालांकि पिछली कांग्रेस सरकार में बीजेपी सरकार पर यही आरोप लगा रही थी कि अफसरशाही हावी है और सीएमओ के स्तर पर पॉवर सेंट्रलाइजेशन है लेकिन अब यही आरोप बीजेपी सरकार पर भी खुलकर लगने लगे हैं। बीजेपी में पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के करीबी माने जाने वाले नेता देवीसिंह भाटी ने कल एक बयान देकर सीएम भजनलाल शर्मा की सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया था। भाटी ने कहा कि मुख्य सचिव सुधांश पंत अपने कमरे के आगे विधायकों की लाइन लगवा देते हैं। आउटडोर मीडिया के नियम में सिर्फ सीएम हालांकि आउटडोर मीडिया के लिए यह नियम बनाया हुआ है कि इसमें सिर्फ सीएम और पीएम की ही तस्वीर आ सकती है लेकिन ये पोस्टर्स तो सचिवालय के अंदर ही लगाए गए हैं। वहीं पिछली कांग्रेस सरकार में सरकारी योजनाओं पर मंत्रियों के तस्वीरें भी लगाई जाती रही हैं।

राजस्थान के नौ जिलों में आज हीट वेव और कल से मौसम में होगा बदलाव

बीकानेर/झुंझुनू. राजस्थान में गर्मी की आग से हाल-बेहाल हैं। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 9 जिलों में हीट वेव की चेतावनी जारी की है। इनमें गंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, चूरू, झुंझुनू, सीकर, अलवर, भरतपुर व धौलपुर में दोपहर में हीट वेव चल सकती है। राजस्थान एक बार फिर से हीट वेव की चपेट में है। मंगलवार को भी प्रदेश के ज्यादातर जिलों में हीट वेव का असर रहा। वहीं बुधवार को भी प्रदेश के 9 जिलों में हीट वेव की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के अनुसार 20 जून से प्रदेश में मौसम तंत्र में बदलाव होगा। हनुमानगढ़, गंगानगर, बीकानेर, चूरू, झुंझुनू, सीकर, अलवर, भरतपुर, दौसा, धौलपुर, कोटा, बारां, झालावाड़ में आंधी और बारिश हो सकती है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए इस बार राजस्थान में जून के अंत तक ही मानसून प्रवेश कर सकता है। फिलहाल यह दक्षिण गुजरात से आगे नहीं बढ़ा है, जबकि पूर्वानुमानों में 20 जून तक इसके राजस्थान पहुंचने की उम्मीद की जा रही थी। बीते 24 घंटे के दौरान सबसे ज्यादा तापमान श्रीगंगानगर जिले में 44.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। श्रीगंगानगर के साथ पिलानी, चूरू, बीकानेर, जयपुर, अलवर, भरतपुर, चित्तौड़गढ़, धौलपुर, हनुमानगढ़ और करौली में भी तेज गर्मी रही और हीट वेव चली।

राजस्थान में अन्नपूर्णा रसोई की नहीं मिलेगी दूसरी थाली

State's IAS officers on target of cyber thugs: Jabalpur Collector becomes victim of cyber fraud

जयपुर. राजस्थान की भजनलाल सरकार ने अन्नपूर्णा योजना में बदलाव करते हुए एक लाभार्थी को एक से ज्यादा थाली नहीं देने का निर्णय लिया है। इसके लिए स्वायत्त शासन विभाग ने आदेश भी जारी कर दिए हैं। पूर्व में इस योजना में एक लाभार्थी 2 कूपन खरीद सकता था लेकिन सरकार का कहना है कि योजना में भोजन की मात्रा बढ़ा दी गई है, इसलिए एक थाली ही दी जाएगी। राजस्थान की भजनलाल सरकार ने अन्नपूर्णा रसोई योजना में एक और बदलाव कर दिया है। सरकार ने अन्नपूर्णा रसोई में कटौती करते हुए अब एक लाभार्थी को एक ही थाली देने का निर्णय किया है। अन्नपूर्णा रसोई योजना में वैन के जरिए गरीब और जरूरतमंदों को नाश्ता और भोजन दिया जाता है। पूर्व में इस योजना में एक लाभार्थी एक से ज्यादा कूपन खरीद सकता था लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। थाली में बढ़ाई भोजन की मात्रा भजनलाल सरकार बनने के बाद से अब तक इस योजना में तीन बदलाव हो चुके हैं। पूर्ववर्ती वसुंधरा राजे सरकार में अन्नपूर्णा योजना शुरू की गई थी। गहलोत सरकार ने इसे बंद तो नहीं किया लेकिन इसका नाम बदलकर इंदिरा रसोई योजना कर दिया। इसके बाद भजनलाल सरकार ने फिर से इसका नाम अन्नपूर्णा योजना कर दिया। अन्नपूर्णा रसोई योजना के अंतर्गत थाली में 300 ग्राम चपाती, 100 ग्राम दाल, 100 ग्राम मिलेट्स, खिचड़ी और अचार परोसा जाता है, जिसके लिए लोगों से 8 रुपये लिए जाते हैं। वहीं योजना पर सरकार की तरफ से 22 रुपये का अनुदान दिया जाता है।

राजस्थान में 4 बड़े सोलर प्रोजेक्ट पर 10 हजार करोड़ का निवेश: मुख्यमंत्री

फलौदी. राजस्थान में 4 नए सोलर प्रोजेक्ट का निवेश होने जा रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इनके लिए भूमि आवंटन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। प्रस्ताव के अनुसार बीकानेर जिले में 2450 मेगावाट के 3 सोलर पार्कों की स्थापना के लिए राजस्थान सोलर पार्क डवलपमेंट कंपनी को कुल 4780 हैक्टेयर तथा फलौदी जिले में 500 मेगावाट के एक सोलर प्रोजेक्ट की स्थापना के लिए एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड को लगभग 910 हैक्टेयर भूमि आवंटन को मंजूरी दी गई है। बीकानेर जिले में एक-एक हजार मेगावाट के दो तथा 450 मेगावाट का एक सोलर पार्क स्थापित किया जाएगा। पहले सोलर पार्क के लिए पूगल तहसील के ग्राम सूरासर में लगभग 1881 हैक्टेयर भूमि आवंटन को मंजूरी दी गई है। इसी तरह एक हजार मेगावाट के दूसरे सोलर पार्क के लिए दो हजार हैक्टेयर भूमि आवंटित की जाएगी, जिसमें से 1194 हैक्टेयर भूमि सूरासर तथा लगभग 807 हैक्टेयर भूमि ग्राम भणावतावाला में स्थित है। इसी प्रकार बीकानेर जिले में ही 450 मेगावाट के तीसरे सोलर पार्क की स्थापना हेतु छत्तरगढ़ तहसील के ग्राम सरदारपुरा में 900 हैक्टेयर भूमि आवंटन को मंजूरी दी गई है। ये सोलर पार्क राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम द्वारा नवीन एवं नवीकरणीय मंत्रालय (केन्द्र सरकार) की सौर पार्क योजना के अन्तर्गत 3 चरणों में विकसित किये जाएंगे। शर्मा ने इसके साथ ही एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड को 500 मेगावाट सोलर प्रोजेक्ट की स्थापना के लिए फलौदी जिले की बाप तहसील में ग्राम भड़ला में 910 हैक्टेयर भूमि आवंटन को मंजूरी दी है। रोजगार के अवसर होंगे सृजित मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि इन सोलर प्रोजेक्ट्स के माध्यम से राजस्थान को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का हमारा संकल्प साकार होगा और ये प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होंगे। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होने के साथ ही क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। शर्मा ने कहा कि ये सोलर प्रोजेक्ट्स पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाएंगे और सालाना लगभग 2 लाख टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। इन सोलर पार्क्स में अत्याधुनिक सौर पैनल्स और ग्रिड टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जाएगा, जिससे ऊर्जा उत्पादन की क्षमता में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश में लगभग 10 हजार करोड़ का निवेश भी होगा। एमएनआरई अनुमोदित परियोजना होने से 33 प्रतिशत अनुदान मिलेगा तथा अगले दो वर्ष में पूरा किया जा सकेगा। प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए गत 10 मार्च को राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड, एनटीपीसी लिमिटेड, एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड, कोल इंडिया लिमिटेड एवं एनएलसी इंडिया लिमिटेड के मध्य 3325 मेगावाट की थर्मल परियोजनाएं एवं 28,500 मेगावाट की अक्षय ऊर्जा परियोजनाएं संयुक्त उपक्रम के तहत स्थापित करने हेतु 1 लाख 50 हजार करोड़ रुपये के एमओयू किए गए हैं। साथ ही प्रसारण तंत्र को सुदृढ़ करने के लिए पॉवर ग्रिड कॉर्पोरेशन के साथ 24:74 शेयर धारिता के अनुपात में संयुक्त उपक्रम की स्थापना हेतु एमओयू किया गया है, जिसके तहत 10 हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा। इसके अतिरिक्त राजस्थान ऊर्जा विकास निगम एवं एसजेवीएन के मध्य 600 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजनाओं से बिजली की आपूर्ति के लिए पॉवर परचेज एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए गए हैं। 3200 मेगावाट कोल आधारित परियोजना, 8000 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना की स्थापना टैरिफ आधारित निविदा प्रक्रिया माध्यम से करने हेतु प्रक्रिया प्रारंभ की गयी है। इन परियोजनाओं की स्थापना से लगभग 64 हजार करोड़ रुपये का निवेश हो सकेगा।

राजस्थान में गलत टिकट वितरण और गुटबाजी ने के कारण हारे: बीजेपी

जयपुर. लोकसभा चुनावों में 11 सीटों पर हुई हार के पीछे खराब टिकट बंटवारा, संगठन और सरकार में तालमेल नहीं होना, अफसरशाही का हावी होना, आपसी फूट और गुटबाजी बड़ा कारण रही है। वरिष्ठ नेताओं के सामने हारे हुए उम्मीदवारों और फील्ड पर काम कर रहे नेताओं ने हार के कारण गिनाए हैं। कई प्रत्याशियों ने कहा- बहुत सी जगहों पर अपनों ने ही हरवाया है। स्थानीय नेताओं के फीडबैक में सामने आया है कि ग्राउंड पर सब कुछ ठीक नहीं था। बीजेपी मुख्यालय में पिछले दो दिनों से चल रही फीडबैक बैठक में शनिवार को टोंक-सवाई माधोपुर, दौसा, झुंझुनू, नागौर, सीकर, चूरू, बाड़मेर सीटों पर हार के कारणों का स्थानीय नेताओं से फीडबैक लिया गया। वहीं रविवार को चार सीटों, बांसवाड़ा, करौली-धौलपुर, भरतपुर और श्रीगंगानगर पर हार की समीक्षा की गई। सीएम भजनलाल शर्मा भी इस मीटिंग में कुछ देर के लिए पहुंचे थे। अब बड़ा सवाल यह है कि चुनाव में 11 सीटें हारने के बाद अब इस फीडबैक बैठक से बीजेपी क्या हासिल करना चाहती है, क्योंकि ये सभी कारण तो चुनावों के दौरान साफ सुनाई और दिखाई दे रहे थे। इससे भी बड़ी बात है कि लोकसभा चुनावों के बाद भी बीजेपी में इन फैक्टर्स को लेकर कोई बदलाव नहीं हुआ है। स्थितियां पहले जैसी थीं, अब भी वैसी ही हैं। बड़े नेताओं पर कोई एक्शन नहीं पार्टी के ग्राउंड वर्कर्स से बात करें तो वे भी यह मानते हैं कि ये फीडबैक बैठकें महज औपचारिकता हैं, क्योंकि इतनी बड़ी हार के बाद भी किसी बड़े नेता की कोई जिम्मेदारी तय नहीं की गई। यहां तक कि जिन मुद्दों को लेकर कार्यकर्ता नाराज थे, उनकी भी कोई सुनवाई नहीं हो रही। संघ की बैठकों में भी खुलकर सामने आई नाराजगी चुनावी नतीजों के बाद आरएसएस के स्तर पर भी जिलों में ऐसी बैठकें ली गईं, जिनमें संघ कार्यकर्ताओं ने ही पार्टी में टिकट बंटवारे में धांधली के आरोप लगाए। यहां तक कि पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्षों ने कहा कि उन्हें चुनावों के दौरान साइड लाइन कर दिया गया।

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल प्री बजट बैठकों से पहले मिले प्रधानमंत्री मोदी से

जयपुर. राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को अचानक दिल्ली बुला लिया गया है।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने के लिए सीएम दिल्ली पहुंच चुके हैं। इसे देखते हुए प्रदेश में प्रस्तावित प्री बजट मीटिंग्स निरस्त कर दी गई हैं। इधर सीएम को अचानक दिल्ली बुलाए जाने के इस घटनाक्रम को लेकर राजस्थान में सियासी अटकलें भी तेज होने लगी हैं। सूत्रों का कहना है कि यह सिर्फ औपचारिक मुलाकात भर है लेकिन बीजेपी के सूत्र इस मुलाकात को सामान्य नहीं मान रहे। राजस्थान के कैबिनेट मंत्री किरोड़ीलाल मीणा पिछले कुछ दिनों से भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर दिल्ली चिट्ठी भी लिख रहे हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री राजस्थान में भाजपा की हार को लेकर बीते दो दिनों में हुई बैठक की रिपोर्ट भी प्रधानमंत्री को सौंप सकते हैं। रिपोर्ट में राजस्थान की 11 लोकसभा सीट पर हार के कारणों का जिक्र किया गया है।

राजस्थान में RSS नेता इंद्रेश कुमार अब बोले-मोदी 3.0 दिन दुगनी-रात चौगुनी तरक्की करे

Zelensky 'infuriated' on PM Modi's visit to Russia, said - peace process suffered a setback

जयपुर. आरएसएस प्रचारक इंद्रेश कुमार ने कहा है कि देश नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में दिन दुगनी और रात चौगुनी तरक्की करे। इससे पहले गुरुवार को इंद्रेश कुमार ने जयपुर में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि लोकसभा चुनावों में अहंकार के कारण बीजेपी 241 तक ही पहुंच पाई थी। गुरुवार को उन्होंने बीजेपी नेताओं को अहंकारी बताते हुए कहा था कि बीजेपी के अहंकार के चलते भगवान राम ने उन्हें 241 पर ही रोक दिया है। इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सहयोगी दल के नेता और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि उन्हें इसमें खुश रहने दें। राम ने हमें काम करने के लिए बहुमत दिया है। इंद्रेश कुमार ने अयोध्या से बीजेपी प्रत्याशी लल्लू सिंह की हार पर भी तंज कसते हुए उन्हें अत्याचारी बताया था। उन्होंने कहा था कि  लल्लू सिंह ने जनता पर जुल्म किए थे तो रामजी ने कहा कि 5 साल आराम करो, अगली बार देख लेंगे। राम भेदभाव नहीं करते हैं, राम सजा नहीं देते हैं। राम किसी का बिगाड़ नहीं करवाते हैं। राम सबको न्याय देते हैं। देते रहे थे और देते रहेंगे। राम सदा न्याय प्रिय थे और रहेंगे।

राजस्थान-सरकार की प्री- बजट मीटिंग में वित्त मंत्री और अब राजयमंत्री केके को ही भूले सलाहकार

जयपुर. प्रदेश की अफसरशाही के आगे सरकार के मंत्री भी बौने नजर आने लगे हैं। अफसर चाहें तो मंत्री को मीटिंग में बुलाएं और न चाहें तो न बुलाएं। जी हां बजट पूर्व संवाद को लेकर 19 जून को दोपहर साढ़े तीन बजे मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बुलाई गई बैठक के आदेश को देखकर तो यही लगता है । यह बैठक सीएमओ स्थित कन्वेशन हॉल में होने जा रही है। बैठक में डिप्टी सीएम दिया कुमारी, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को बुलाया गया है । लेकिन उद्योग एवं वाणिज्य राज्यमंत्री केके विश्नोई को आमंत्रित नहीं किया गया है । यह बैठक व्यापार, कर सलाहकार और उद्योग क्षेत्र के प्रतिनिधियों क साथ होने जा रही है। बैठक में अधिकारियों के अलावा 29 संगठनों को बजट पूर्व चर्चा के लिए आमंत्रित किया गया है। बता दें कि इससे पहले भी वित्त विभाग ने कुछ दिनों पहले कर्मचारी संगठनों की प्री बजट बैठक वित्तमंत्री दीया कुमारी को नजरंदाज किया था। कांग्रेस ने भी इस इसे मुद्दा बनाया।  जब मामला मीडिया में उछला तो आनन-फानन में संशोधित आदेश जारी कर दिए। लेकिन इनती बड़ी चूक बार-बार करने वाले अफसरों पर कोई कार्रवाई नहीं होना सरकार पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

राजस्थान-भजनलाल सरकार ने नए जिलों की समीक्षा उपसमिति बनाई

जोधपुर. पिछली गहलोत सरकार में नवगठित तीन संभाग और 17 जिलों को नई भजनलाल सरकार ने समीक्षा के दायरे में ले लिया है। इसके लिए डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा के संयोजन में एक मंत्रिमंडलीय उपसमिति गठित कर दी गई है। जो इन संभागों और जिलों के प्रशासनिक क्षेत्राधिकार, संचालन, प्रशासनिक आवश्यकता व वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता के संबंध में समीक्षा करेगी। पूर्ववर्ती गहलोत सरकार की एक और बड़ी घोषणा को नई भजनलाल सरकार ने समीक्षा के दायरे में ले लिया है। गहलोत सरकार में पांच अगस्त 2023 को अधिसूचना जारी कर प्रदेश में 17 नए जिले और तीन नए संभाग गठित किए थे। बुधवार को राज्य सरकार के राजस्व एवं उपनिवेशन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव अपर्णा अरोड़ा की तरफ से एक आदेश जारी किया गया है, जिसके अनुसार इन नवगठित संभाग और जिलों की समीक्षा के लिए मंत्रिमंडलीय उपसमिति गठित की गई है। इस मंत्रिमंडलीय उपसमिति का संयोजक डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा को बनाया गया है। वहीं, सदस्यों के रूप में कैबिनेट मंत्री राज्यवर्धन राठौड़, कन्हैयालाल चौधरी, हेमंत मीणा और सुरेश सिंह रावत को शामिल किया गया है। ये आदेश जारी किया — आदेश में कहा गया है कि 23.05.2023 के द्वारा नवगठित 17 जिलों एवं तीन संभागों के प्रशासनिक दृष्टिगत क्षेत्राधिकार, सुचारू संचालन, प्रशासनिक आवश्यकता, वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता आदि के संबंध में वर्तमान परिपेक्ष्य में समीक्षा हेतु मंत्रिमंडलीय उपसमिति गठित की जाती है। ये 17 जिले और तीन संभाग बनाए पिछली सरकार ने — पिछली गहलोत सरकार में अधिसूचना जारी कर प्रदेश के जिलों की संख्या 33 से बढ़ाकर 50 और संभागों की संख्या सात से बढ़ाकर 10 कर दी गई। इनमें नए जिलों में अनूपगढ़, जोधपुर ग्रामीण, फलौदी, बलोतरा, सांचौर, सलूंबर, शाहपुरा, गंगापुर सिटी, डीग, खैरतल, कोटपूतली, नीम का थाना, डीडवाना, केकड़ी, ब्यावर, जयपुर ग्रामीण और दूदू। 0- अनूपगढ़- इस जिले का निर्माण श्रीगंगानगर जिले से हुआ है 0- जोधपुर ग्रामीण- इस जिले का निर्माण जोधपुर जिले से हुआ है 0- फलौदी- इस जिले का निर्माण जैसलमेर और जोधपुर जिले से हुआ है 0- बालोतरा- इस जिले का निर्माण बाड़मेर जिले से हुआ है 0- सांचौर- इस जिले का निर्माण केवल जालौर जिले से है 0- सलूंबर- इस जिले का निर्माण उदयपुर जिले से हुआ है 0- शाहपुरा- इस जिले का निर्माण भीलवाड़ा जिले से हुआ है 0- गंगापुर सिटी- इस जिले का निर्माण करौली और सवाई माधोपुर जिले से हुआ है 0- डीग- इस जिले का निर्माण भरतपुर जिले से हुआ है 0- खैरथल तिजारा- इस जिले का निर्माण अलवर जिले से हुआ है 0- कोटपुतली-बहरोड़- इस जिले का निर्माण जयपुर और अलवर जिले से हुआ है 0- नीम का थाना- इस जिले का निर्माण सीकर, झुंझुनूं जिले से हुआ है 0- डीडवाना कुचामन- इस जिले का निर्माण नागौर जिले से हुआ है 0- केकड़ी- इस जिले का निर्माण टोंक और अजमेर जिले से हुआ है 0- ब्यावर- एक मात्र जिला जिसका निर्माण तीन जिलों से हुआ है पाली, अजमेर और भीलवाड़ा 0- जयपुर ग्रामीण- इस जिले का निर्माण जयपुर जिले से हुआ है 0- दूदू- इस जिले का निर्माण जयपुर जिले से हुआ है तीन नए संभाग — 0- सीकर संभाग- इसका गठन चार जिलों जिसमें सीकर, झुंझुनूं, चूरू और नीम का थाना है 0- पाली संभाग- इस संभाग का गठन चार जिलों से किया गया। इसमें पाली, सिरोही, जालौर और सांचौर शामिल हैं 0- बांसवाड़ा संभाग- इस संभाग का गठन केवल तीन जिले से बांसवाड़ा, डूंगरपुर और प्रतापगढ़

राजस्थान की वसुंधरा के केंद्रीय मंत्री शिवराज सहित संघ के नेताओं से मुलाकात के बाद अटकलें बढ़ीं

PM Modi's visit to Bihar: Is Nitish going to play some big game or something else?

जयपुर. राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने बुधवार देर शाम दिल्ली में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की है। इस मुलाकात की तस्वीरें राजे ने खुद अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा की हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक राजे ने संघ के कुछ पदाधिकारियों से भी मुलाकात की है। ऐसे में अब उनकी अचानक इस सक्रियता को लेकर राजस्थान के राजनीतिक गलियारों में अटकलें लगना शुरू हो गई हैं। राजे के पुत्र दुष्यंत सिंह राजस्थान के मौजूदा बीजेपी सांसदों में सबसे सीनियर हैं। लेकिन लगातार 5 वीं बार चुनाव जीतने के बाद भी केंद्र में उन्हें कोई पद नहीं मिला। ऐसे में क्या अब राजस्थान के संगठन में उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी दिलवाने के लिए राजे इन बैठकों के जरिए संभावनाएं तलाश रही हैं? अटकलें बहुत सी हैं लेकिन ऐसी चर्चाएं पहले भी बहुत बार उठ चुकी हैं। हालांकि इस बार राजस्थान में लोकसभा चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन के बाद संगठन या सरकार में कुछ बदलाव की चर्चाएं जरूरी उठी हैं। लेकिन जाते वक्त के साथ-साथ यह भी ठंडी पड़ती नजर आ रही हैं।

RPSC के अभ्यार्थियों ने दस्तावेज सत्यापन में निजी विवि की लगाईं फर्जी डिग्रियां

जयपुर. राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) व राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) की भर्ती परीक्षाओं में अभ्यार्थियों के दस्तावेज सत्यापन में बड़ी संख्या में निजी विश्वविद्यालय की फर्जी डिग्री के मामले सामने आने के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है। उच्च शिक्षा विभाग की ओर से जारी नए दिशा निर्देशों में कहा गया है कि निजी विश्वविद्यालय अपने अधिनियमों के प्रावधानों व संबंधित विनियमन निकायों के नियमों, परिनियमों, मापदण्डों की पूरी पालना के प्रति गंभीर नहीं हैं। कुछ निजी विश्वविद्यालय कूटरचित तरीके से फर्जी डिग्री देने, बैंक डेट में डिग्री देने, बिना पढ़ाई के डिग्री देने, बिना अनुमति के पाठ्यक्रम संचालित करने, सिंगल सिटिंग में डिग्री प्रदान करने, वर्ष पर्यन्त प्रवेश देने, बिना एंट्री परीक्षा की वैधता का सत्यापन किए पाठ्यक्रमों में प्रवेश देने, लेटरल एण्ट्री के नाम पर डिग्री देने, शोध में यूजीसी रेगुलेशन की पालना न कर बड़ी संख्या में शोध उपाधियां प्रदान करने, अनियमित तरीके से संख्या में खेल प्रमाण पत्र प्रदान करने आदि गतिविधियों में लिप्त हैं। इस बारे में सचिव, आरपीएससी ने भी राज्य सरकार को पत्र लिखा हैं। कॉलेज शिक्षा विभाग को फर्जी डिग्री रोकने की कवायद के लिए आरपीएससी ने भी सुझाव दिए है। जिसमें कहा गया है कि निजी विश्वविद्यालयों की फीस ऑनलाइन ही ली जाए। प्राइवेट विवि को इन नियमों की करनी होगी पालना निजी विश्वविद्यालय यूनिटरी हैं, इसलिए कैम्पस के बाहर इनकी कोई ब्रांच नहीं हो सकती। बिना राज्य सरकार, यूजीसी व होस्ट स्टेट/कंट्री की अनुमति के अपने कैंपस के अलावा राजस्थान प्रदेश या बाहर देश/विदेशों में ऑफ कैंपस सेंटर,स्टडी सेंटर चलाने का अधिकार नहीं है। डिस्टेंस मोड पर पहले से अनुमति प्राप्त कोर्स ही चल सकते हैं। इसकी सूचना विभाग को भी भेजनी होगी। निजी विश्वविद्यालयों में पाठ्यक्रमों में प्रवेश केवल मेरिट के आधार पर ही दिए जा सकते हैं। व्यावसायिक और तकनीकी पाठ्यकमों में प्रवेश केवल प्रवेश परीक्षा के माध्यम से ही दिए जा सकते हैं। जिन व्यावसायिक और तकनीकी पाठ्यक्रमों यथा शिक्षण प्रशिक्षण पाठ्यक्रम, बीपीएड., एमपीएड, डीएलएड, कृषि शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, प्रौद्योगिकी शिक्षा इत्यादि से संबंधित पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए राज्य या केंद्र की एजेंसियां प्रतिवर्ष प्रवेश परीक्षा का आयोजन कर प्रवेश देती हैं। इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश इन एजेंसियों के द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा के माध्यम से छात्र आवंटित करवाकर ही दिए जा सकेंगें। निजी विश्वविद्यालयों को कोर्स- पाठ्यक्रम की अनुमति स्वीकृत सीटों की संख्या और आदेश अपनी वेबसाइट पर सार्वजनिक करने होंगे। निजी विश्वविद्यालय प्रवेश में राज्य सरकार की आरक्षण नीति की पालना करनी होगी। विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थियों को सभी फीस ऑनलाइन विवि के बैंक खाते में ही प्राप्त करें। ऑफलाइन आवेदन शुल्क अवैध श्रेणी में माना जाएगा। निजी विश्वविद्यालय प्रतिवर्ष 31 अगस्त या पाठ्यक्रमों से संबंधित विनियमन निकायों, राज्य सरकार द्वारा प्रवेश हेतु निर्धारित अंतिम तिथि, इनमें से जो भी बाद में हो, के पश्चात किसी भी प्रकार से प्रवेश नहीं देंगे। प्रवेश के साथ ही विद्यार्थियों को एनरोलमेंट नंबर आवंटित करने होंगे। विश्वविद्यालय अंकतालिका व डिग्रियों को जारी करने के दिन ही उन्हें डिजी लॉकर पर भी अपलोड करेंगे और भ्रामक विज्ञापन जारी नहीं किए जाएंगे। विज्ञापन में यह भी बताना होगा कि कोई ऑफ कैंपस संचालित नहीं है। यूजीसी ने एफिल पाठयक्रम को बंद कर दिया है। इसमें प्रवेश बंद करना होगा। पीएचडी में प्रवेश से पहले सभी यूजीसीनियमों की पालना करनी होगी। पार्ट टाइम एक्जेक्ट फैकल्टी को शोध निदेशक नियुक्त नहीं करें। इन रेगुलेशन की पालना के अभाव में जारी शोध उपाधियां अवैध मानी जायेंगी। विश्वविद्यालय प्रतिवर्ष 30 जून से पूर्व दीक्षान्त समारोह आयोजित करेंगे और बांटी गई और डिग्रियों की विस्तृत पाठ्यक्रमवार रिपोर्ट अनिवार्य रूप से अपनी वेबसाटइ पर शो करेंगे और राज्य सरकार को भी भेजेंगे।

राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के कारण हीट वेव का फिर लग सकता है झटका

जयपुर. राजस्थान में प्री-मानसून की बारिश के साथ-साथ हीट वेव का असर भी देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि नए पश्चिमी विक्षोभ के असर के चलते पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के कुछ जिलों में हीट वेव चल सकती है। एक तरफ राजस्थान में प्री मानसून बारिश का इंतजार हो रहा है। वहीं पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की वजह से तापमान में फिर से तेजी भी आने लगी है। मौसम विभाग ने 12 व 13 जून को प्रदेश के भरतपुर और बीकानेर संभाग में हीट वेव चलने की संभावना जताई है। इसके साथ ही अधिकतम तापमान में भी 3 डिग्री तक इजाफा हो सकता है। वहीं राज्य के दक्षिण-पश्चिमी भागों में वर्षा और आंधी चल सकती है। बीते 24 घंटों में प्रदेश के कुछ इलाकों में वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि नए पश्चिमी विक्षोभ के असर के चलते पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के कुछ जिलों में हीट वेव चल सकती है। एक तरफ राजस्थान में प्री मानसून बारिश का इंतजार हो रहा है। वहीं पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की वजह से तापमान में फिर से तेजी भी आने लगी है।

मणिपुर में रुकेगी मोहन भागवत के केंद्र सरकार पर दबाव बनाने से रुकेगी मणिपुर में हिंसा : पूर्व सीएम गहलोत

जयपुर. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मणिपुर हिंसा पर RSS प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि मणिपुर हिंसा की उपेक्षा को लेकर भागवत का बयान बहुत देर से आया है। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में केंद्र सरकार ने मणिपुर में हो रहे आंतरिक संघर्ष और हिंसा को गंभीरता से नहीं लिया है। गहलोत ने कहा कि मणिपुर एक छोटा राज्य है, लेकिन भारत का अभिन्न अंग है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कभी मणिपुर जाने का प्रयास नहीं किया, जबकि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कई बार मणिपुर का दौरा किया। गहलोत ने भागवत से आग्रह किया कि वह केंद्र सरकार पर दबाव बनाएं, ताकि मणिपुर में हिंसा को रोका जा सके। केंद्र सरकार निष्क्रिय गौरतलब है कि मणिपुर में लंबे समय से जातीय और सामुदायिक हिंसा की घटनाएं हो रही हैं, जिनमें कई लोगों की जान गई है और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं। अशोक गहलोत ने इन हालातों पर केंद्र सरकार की निष्क्रियता की आलोचना की। भागवत से केन्द्र सरकार को मजबूर करने की अपील की है कि वह मणिपुर पर ध्यान दें। भागवत का बयान ऐसे समय आया है, जब मणिपुर में शांति बहाल करने की मांग तेजी से बढ़ रही है। गहलोत के अनुसार, केन्द्र सरकार की लापरवाही ने मणिपुर की स्थिति को और गंभीर बना दिया है और इसे तुरंत सुधारने की आवश्यकता है। इस मुद्दे पर गहलोत का बयान एक महत्वपूर्ण राजनीतिक प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है।

राजस्थान सरकार का असमंजस के बीच ओल्ड पेंशन स्कीम का नया प्लान तैयार

जयपुर. ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) नई बीजेपी सरकार की गले की हड्डी बन गई। नई भजनलाल सरकार OPS को बदलकर नया आंध्र मॉडल लागू तो करना चाहती है लेकिन कर्मचारियों के नाराज होने का डर भी है। इसलिए विधानसभा में कांग्रेस विधायकों की तरफ से OPS लेकर पूछे गए सवालों का बीते 6 महीने से सरकार ने विधानसभा को अब तक कोई जवाब नहीं भेजा। राजस्थान अगला बजट सत्र जल्दी ही शुरू होने वाला है। विपक्ष कई मुद्दों के साथ सरकार को घेरने के लिए तैयार है। इनमें एक मुद्दा कर्मचारियों की पेंशन का है। पिछली गहलोत सरकार में लागू की गई ओल्ड पेंशन योजना को नई भजनलाल सरकार नए सिरे से लागू करने पर विचार कर रही है। गहलोत मॉडल को हटाकर उसकी जगह आंध्रप्रदेश के पेंशन मॉडल लागू करने की कार्रवाई चल रही है। हालांकि सरकार की तरफ से इस मामले में अब तक कोई वक्तव्य नहीं दिया गया है लेकिन  OPS जारी रखने को लेकर विधानसभा के पिछले सत्र में विपक्ष के विधायकों की तरफ से पिछले सत्र में जितने भी सवाल वित्त विभाग से पूछे गए उनके जवाब अब तक विधानसभा को नहीं भेजे गए हैं। जबकि पिछले दिनों विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने विधानसभा के लंबित जवाबों को लेकर ब्यूरोक्रेसी को फटकार भी लगाई थी। इधर कर्मचारी संगठनों ने प्री-बजट मीटिंग में साफ कर दिया था कि उन्हें OPS हर हाल में चाहिए। लोकसभा चुनावों में कर्मचारी वर्ग की नाराजगी का असर पोस्टल बैलेट में नजर आ चुका है। खुद पीएम मोदी भी शपथ ग्रहण के बाद कर्मचारी वर्ग की तारीफ कर चुके हैं। इसलिए सरकार के स्तर पर कर्मचारियों की पेंशन मॉडल में बदलाव का यह निर्णय आसान नहीं होगा। सवाल पूछने वाले विधायकों में कांग्रेस अध्यक्ष और लक्ष्मणगढ़ विधायक गोविंदसिंह डोटासरा, देवली-उनियारा विधायक हरीश मीणा, टोडाभीम विधायक घनश्याम, शाहपुरा विधायक मनीष यादव, डूंगरपुर विधायक गणेश घोघरा, बीकानेर पश्चिम जेठानंद व्यास, केशोराय पाटन से सीएल प्रेमी। सरकार झूठ बोलना बंद करे  – सरकार झूठ बोलना और विपक्ष को गाली देना बंद करे। छह माह से अधिक हो गया, अब तो कम से कम कोई विजन लाए। किरोड़ीलाल मीणा जी इस्तीफा दें या नहीं दें इससे हमें कोई मतलब नहीं है, हमारा वास्ता तो काम से है कि सरकार काम तो करे। – गोविंद सिंह डोटासरा, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस

राजस्थान के ओम बिरला मोदी 3.0 में दोबारा बनेंगे लोकसभा अध्यक्ष

कोटा. राजस्थान के कोटा सांसद ओम बिरला को मोदी कैबिनेट में शामिल नहीं करने के बाद उनके भविष्य को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में पिछले कार्यकाल में लोकसभा अध्यक्ष रहे ओम बिरला को जगह नहीं दी गई है। माना जा रहा था कि स्पीकर का कार्यकाल पूरा करने के बाद बिरला को कैबिनेट में जगह मिलेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। माना यह भी जा रहा है कि ओम बिरला फिर से लोकसभा अध्यक्ष बन सकते है। ऐसा नहीं होता है तो पार्टी उन्हें संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है।सियासी जानकारों का कहना है कि बीजेपी सांसद ओम बिरला को फिर से लोकसभा अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिल सकती है। क्योंकि उन्होंने नरेंद्र मोदी के नए मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली है। पहले चर्चा थी कि ओम बिरला को इस बार मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हालांकि, कुछ लोग नए नामों पर भी चर्चा कर रहे हैं। उनका तर्क है कि इस बार मोदी सरकार को पूर्ण बहुमत तो मिला है, लेकिन मजबूत बहुमत नहीं मिला है। सरकार बनाने के लिए बीजेपी को अपने सहयोगी विशेषकर तेलुगु देशम् पार्टी- टीडीपी के एन. चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी और जनता दल यूनाइटेड- जेडीयू के नीतीश कुमार के साथ कई बार चर्चा करनी पड़ी। बीजेपी की नजर लोकसभा अध्यक्ष की कुर्सी पर क्यों है बीजेपी लोकसभा अध्यक्ष का पद अपने पास ही रखना चाहती है। इसकी वजह है कि यह है कि पिछले कुछ वर्षों में, सत्तारूढ़ दलों के भीतर विद्रोह के कई मामले सामने आए हैं, जिसके कारण विभाजन हुआ और सरकारें भी गिरीं। ऐसे मामलों में दल-बदल विरोधी कानून लागू होता है और यह कानून, सदन के अध्यक्ष को बहुत शक्तिशाली स्थिति देता है। कानून में कहा गया है, सदन के सभापति या अध्यक्ष के पास दलबदल के आधार पर सदस्यों की अयोग्यता से संबंधित मामलों पर निर्णय लेने की पूर्ण शक्ति है। बता दें नीतीश कुमार पहले भी बीजेपी पर उनकी पार्टी को तोड़ने की कोशिश करने का आरोप लगा चुके हैं। इसलिए, किंगमेकर बगावत की स्थिति में नहीं आना चाहते और ऐसी किसी भी रणनीति के खिलाफ ढाल के तौर पर स्पीकर का पद चाहते हैं। बिरला को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी उल्लेखनीय है कि ओम बिरला पीएम मोदी के करीबी नेताओं में गिने जाते हैं। इस बार कोटा से जीत की हैट्रिक लगाई है। पीएम मोदी के दूसरे कार्यकाल में बिरला को लोकसभा अध्यक्ष बनाया गया था। इस बार कैबिनेट मंत्री बनाए जाने की संभावना थी लेकिन ऐसा नहीं होने के बाद यही संभावना बनी है कि बिरला को एक बार फिर लोकसभा अध्यक्ष बनाया जा सकता है। अगर ऐसा होता है और वे अपना कार्यकाल पूरा करते हैं तो बिरला के नाम एक नया रिकॉर्ड बन जाएगा। वे बलराम जाखड़ के बाद दूसरे ऐसे स्पीकर होंगे जो लगातार दो कार्यकाल पूरा करेंगे। हालांकि, चर्चा यह भी है कि उन्हें संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दी जाएगी। माना जा रहा है कि एक-दो दिन में पूरी तस्वीर साफ हो सकती है।

राजस्थान में शुरू हुई प्री मानसून की बारिश और 8 जिलों में अलर्ट

जयपुर. मानसून गुजरात की सीमा के नजदीक पहुंच गया है। इसके साथ ही राजस्थान में प्री-मानसून की बारिश का दौर शुरू हो गया। आज 8 जिलों में बारिश का अलर्ट है। इससे पहले सोमवार को उदयपुर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, सिरोही, माउंट आबू समेत कई शहरों में दोपहर बाद आसमान में बादल छाए हुए है। कई जिलों में तेज हवाएं चल रही है।  पूर्वी राजस्थान के अधिकांश हिस्से में आसमान में बादल छाए हुए है।जयपुर सहित अन्य जिलों में गर्मी के बीच सोमवार को अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। कुछ जगहों पर हल्की बारिश से लोगों को राहत मिली है। इससे पहले सुबह से सूर्यदेव की तपिश तेज रही। जयपुर के अलावा उदयपुर, जैसलमेर, बीकानेर सहित अन्य जगहों पर दोपहर बाद मौसम बदला। आंधी चलने के साथ ही हल्की बूंदाबांदी हुई। जयपुर मौसम केंद्र के मुताबिक मंगलवार को दक्षिणी राजस्थान के कुछ भागों में दोपहर बाद मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। उदयपुर, प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, कोटा, बारां और झालावाड़ में अगले तीन दिन तक लगातार आंधी-बारिश होने के आसार हैं। इसके अलावा राज्य के उत्तरी भागों में तापमान में दो से तीन डिग्री की बढ़ोतरी के साथ ही बीकानेर, भरतपुर संभाग में अधिकतम तापमान 44 से 45 डिग्री तक रहने के आसार हैं। बता दें इस बार मानसून तय समय से दो से तीन दिन पहले आने की संभावना है। दक्षिण भारत के महाराष्ट्र में मानसून की एंट्री हो गई है। राजस्थान में 25 जून से पहले मानसून की एंट्री हो जाएगी। जयपुर मौसम केंद्र के मुताबिक सोमवार को सबसे अधिक तापमान वनस्थली का 44.6 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा जयपुर का पारा 43.2, पिलानी का 43.4, बाड़मेर का 43.2, जैसलमेर का 42.5, श्रीगंगानगर का 43.8, सांगरिया का 42.8, जालौर का 43.6, करौली का 43.9, अजमेर का 42.8, अलवर और जोधपुर का 43.6 डिग्री सेल्सियस पारा दर्ज किया गया।

राजस्थान : संस्कृति व पर्यटन क्षेत्र की उत्तरोत्तर प्रगति के होंगे प्रयास : गजेंद्र सिंह शेखावत

जयपुर. केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आज सुबह 11 बजे संस्कृति मंत्रालय और दोपहर 12 बजे पर्यटन मंत्रालय में कार्यभार ग्रहण कर लिया। इस मौके पर विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। मोदी 2 सरकार में शेखावत को जलशक्ति मंत्री बनाया गया था। लेकिन इस बार यह विभाग सीआर पाटिल को दिया गया है। केंद्रीय मंत्री बनाए जाने पर गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा- दूरदृष्टा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुझे केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्रालय की महती जिम्मेदारी प्रदान कर अनुगृहीत किया है। मैं संपूर्ण निष्ठा से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए विकसित भारत निर्माण में संस्कृति व पर्यटन क्षेत्र की उत्तरोत्तर प्रगति के हरसंभव प्रयास करूंगा। मेरे मार्गदर्शक मोदी जी का बारंबार अभिनंदन, आभार। मीडिया से शेखावत ने कहा कि पिछले 10 वर्षों के दौरान मोदी सरकार ने संस्‍कृति और कला के क्षेत्र में अभूतपूर्व काम किया है, जिसकी वजह से भारत की संस्‍कृति को देखकर पूरा विश्‍व चकित है। विकसित भारत बनाने में संस्‍कृति और पर्यटन की महत्‍वपूर्ण भूमिका रहने वाली है। उन्होंने कहा कि हमारी टीम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के विजन के अनुसार संस्‍कृति, कला और पर्यटन के क्षेत्र में नए सोपान तय करने के लिए शानदार काम करेगी।शेखावत ने कहा कि देश की जनता विकसित भारत को लेकर पूरी तरह आश्‍वस्‍त है। इसी विश्‍वास की वजह से जनता ने मोदी जी को लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने का सौभाग्‍यपूर्ण अवसर दिया है। उन्‍होंने कहा कि मोदी के नेतृत्‍व में पिछले 10 वर्षों में देश में आमूलचूल परिवर्तन हुआ है। देश को निराशा के गर्त से निकाल कर उसे आशा से लबरेज किया है। उन्‍होंने कहा कि भारत विकसित हो सकता है, इस संदेश को प्रधानमंत्री ने पूरे विश्‍व तक पहुंचाया है, जिस वजह से दुनिया भी यह जानती है कि भारत को विकसित राष्‍ट्र बनने से कोई रोक नहीं सकता है। शेखावत ने कहा कि यही विश्‍वास देश की जनता को भी है। लिहाजा, इस बार की भी प्रचंड जीत इसी विश्‍वास पर जनता की मुहर है। इससे पहले, पदभार ग्रहण करने के दौरान दोनों मंत्रालयों की टीम ने केंद्रीय मंत्री का आत्‍मीय स्‍वागत किया। शेखावत ने दोनों मंत्रालयों में अधिकारियों संग मीटिंग की। पदभार ग्रहण करने के दौरान केंद्रीय मंत्री शेखावत का परिवार भी साथ रहा।

राजस्थान-मेवाड़ विश्वविद्यालय के डिप्टी कंट्रोलर और सेक्शन ऑफिसर को फर्जी डिग्री मामले में किया गिरफ्तार

जयपुर. राजस्थान लोक सेवा आयोग की हिंदी लेक्चरर भर्ती परीक्षा का फॉर्म फर्जी डिग्री के जरिए भरने के मामले में एसओजी ने एक बार फिर मेवाड़ विश्वविद्यालय गंगरार पर शिकंजा कसा है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने परीक्षा कंट्रोलर और सेक्शन ऑफिसर को गिरफ्तार किया है. इससे पहले इस मामले में विश्वविद्यालय के डीन सहित पांच लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप अजमेर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश सोनी के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई है। विश्वविद्यालय के डिप्टी कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन सुशील शर्मा को रिमांड पर लिया गया है। आरोपियों से पूछताछ में सामने आया है कि इस गिरोह के तार दिल्ली तक जुड़े हैं। मामले में विश्वविद्यालय के और भी कर्मचारियों की गिरफ्तारी हो सकती है। सोनी ने बताया कि डिप्टी कंट्रोलर शर्मा दिल्ली से ये फर्जी डिग्री तैयार करवाता था और 20 मार्च को गिरफ्तार हुई कैंडिडेट का भाई सेक्शन ऑफिसर राजेश सिंह के संपर्क में था। दोनों ही डिग्री खरीद कर लाए थे. राजेश के जरिए ही सुशील शर्मा और यूनिवर्सिटी के डीन कौशल किशोर चंदरुल तक कांटेक्ट होता था। बाद में सुशील ही दिल्ली से ही फर्जी डिग्री तैयार करवाता था। इस पूरे फर्जीवाड़ में एक बड़ा नेटवर्क है जिसमें जल्द ही अन्य लोगों की गिरफ्तारी होगी। फर्जी डिग्री मामले में विश्वविद्यालय के दो और अधिकारियों की गिरफ्तारी के साथ ही विश्वविद्यालय के अन्य कर्मचारियों में खलबली मची है। बता दें कि इस मामले में 20 मार्च को एसओजी ने दो महिला कैंडिडेट कमल और ब्रह्म कुमारी के बाद मेवाड़ यूनिवर्सिटी के डीन कौशल किशोर चंदरुल सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

राजस्थान सरकार के सामने अभ 5 विधानसभा के उपचुनावों की नई चुनौती

दौसा. लोकसभा चुनावों के बाद राजस्थान की नई भजनलाल सरकार को इसी साल 3 चुनावों का सामना और करना है। इनमें एक राज्यसभा सीट, विधानसभा उपचुनाव और स्थानीय निकाय चुनाव इसी साल होने की संभावना है। कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के लोकसभा सांसद चुने जाने के बाद अब राजस्थान में उनकी राज्यसभा सीट खाली हो रही है। हालांकि बहुमत के आधार पर अब यह सीट बीजेपी के खाते में जाती दिख रही है। वहीं राजस्थान में राज्यसभा चुनाव के अलावा विधानसभा उपचुनाव और लोकल बॉडी चुनाव भी इसी साल होने हैं। लोकसभा चुनावों में 11 सीटें हार चुकी प्रदेश की नई भजनलाल सरकार के लिए अब इन चुनावों में बेहतर प्रदर्शन करने का भारी दबाव रहेगा। इन 5 सीटों पर होने हैं उपचुनाव राजस्थान में खींवसर, दौसा, चौरासी, झुंझुनू और देवली उनियारा में विधानसभा उपचुनाव होने हैं क्योंकि यहां के विधायक अब लोकसभा सांसद बन चुके हैं। इनमें से कोई भी सीट बीजेपी के पास नहीं है। यहां तक कि जिन लोकसभा सीटों में ये विधानसभाएं आती हैं, वहां भी बीजेपी इस चुनाव में हार गई। खींवसर से आरएलपी के हनुमान बेनीवाल, दौसा से कांग्रेस के मुरारी मीणा, चौरासी से बीएपी के राजकुमार रोत, झुंझुनू से कांग्रेस के बृजेंद्र ओला और देवली उनियारा से कांग्रेस के हरीश मीणा विधायक थे। अब ये पांचों सांसद बन चुके हैं। इसलिए इन सीटों पर उपचुनाव होने हैं। लोकल बॉडी चुनाव सबसे बड़ी चुनौती विधानसभा उपचुनाव और लोकल बॉडी चुनाव लगभग आसपास ही होंगे। उपुचनावों के नतीजे भले ही सरकार पर कोई असर नहीं डालने वाले लेकिन इससे सरकार के पक्ष में या खिलाफ माहौल जरूरत बनता है। वहीं यदि उपचुनाव पहले होते हैं तो इसका असर लोकल बॉडी इलेक्शन पर भी पड़ना तय है।

देश-दुनिया के खाने का जायका बढ़ा रहा राजस्थानी जीरा

Rajasthani cumin is enhancing the taste of food in the country and the world, due to this farmers are facing loss. राजस्थान के जीरे की महक देश विदेश के खानों से आती है. इसकी पूरी दुनिया में भारी डिमांड है. प्रदेश में प्रोसेसिंग यूनिट और बिकवाली नहीं होने से किसान को काफी परेशानी होती है. पश्चिमी राजस्थान के खेतों में पैदा होने वाला जीरा देश और विदेश के खानों स्वाद और खुशबू बढ़ाता है. यहां के जीरे की अपनी एक अलग पहचान है. खाने का जायका बढ़ाने और स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होने की वजह से इसकी खूब डिमांड है. यही वजह है कि हर साल किसान 6 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का व्यपार करते हैं. जीरे की पैदावार प्रदेश के जोधपुर, पाली, जैसलमेर, बाड़मेर, जालौर और सांचौर में सबसे ज्यादा होती है. खास बात यह है कि प्रदेश में जीरे की पैदावार का 80 फीसदी इन्हीं जिलों में पैदा होता है. उसके बाद बिकने के लिए गुजरात जाता है. औसतन 5 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि में इसकी बुवाई होती है. जीरा किसानों को इस वजह से होता है नुकसानकृषि भूमि के एक बड़े क्षेत्र में जीरे की अच्छी खासी पैदावार के बावजूद प्रदेश में इसके लिए प्रोसेसिंग यूनिट और बिकवाली को कोई उचित जरिया नहीं है. इसकी वजह से किसानों जीरे की प्रोसेसिंग और बिकवाली के लिए गुजरात की उंझा मंडी पहुंचते हैं. जिससे किसानों का अतिरिक्त व्यय होने से उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है. गुजरात के उंझा मंडी में एग्रीकल्चर नेटवर्क बना हुआ है. स्थानीय स्तर पर 60 से 70 फीसदी किसान जीरे की फसल बेचने के लिए उंझा मंडी पहुंचते हैं. वहां उनकी उपज का हाथों-हाथ दाम भी मिल जाता है. प्रदेश में अभी इतने ट्रेडर्स तैयार नहीं हुए हैं. जोधपुर में प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित नहीं हुई है. स्थानीय स्तर पर प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित हो तो किसानों को फायदा मिल सकता है. सरकार को हो सकता है फायदा?पश्चिमी राजस्थान के खेतों में सबसे अधिक जीरे की पैदावार बाड़मेर, जालौर, सांचौर, जोधपुर, पाली और जैसलमेर में होती है, यहां से लगभग पूरा जीरा गुजरात की उंझा मंडी जाता है. हर किसान को अपना जीरा बेचने के लिए लंबा सफर तक करना पड़ता है, जिसकी अतिरिक्त लागत आती है. अगर सरकार स्थानीय स्तर पर भी बड़ी मंडी के साथ प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित कर दे तो किसानों को मुनाफा होने के साथ प्रदेश को भी फायदा पहुंचेगा. जीरे की इन जिलों होती है बंपर पैदावारबाड़मेर जिले के एक बड़े क्षेत्र में जीरे की बुवाई और बंपर पैदावार होती है. बाड़मेर जिले में जीरे की कुल बुवाई का क्षेत्रफल 1 लाख 80 हजार से 2 लाख हेक्टेयर है. करीब 1 लाख 60 हजार किसान इस फसल के उत्पादन और व्यपार से जुड़े हुए हैं. यहां पर हर साल जीरे का कुल उत्पादन 68.40 लाख टन है. जोधपुर जिले के किसानों ने जीरे के उत्पादन में बहुत कम समय में अपनी पहचान बनाई है. यहां करीब 1 लाख 50 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि पर जीरे की बुवाई होती है. यहां पर एक लाख से अधिक किसान जीरे की खेती से जुड़े हुए हैं. जालौर सांचौर जिले में भी 1 लाख 35 हजार हेक्टेयर क्षेत्र से अधिक भू भाग पर जीरे की औसतन हर साल बुवाई होती है. यहां पर प्रतिवर्ष 7 हजार मीट्रिक टन जीरे का उत्पादन होता है. जैसलमेर जिले में इस साल 76 हजार हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में किसानों ने जीरे की खेती की है. यहां पर करीब 80 से 85 हजार किसान जीरे की खेती करते हैं.

देश में डर का माहौल; हमारा सरकार से मोहभंग – स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का बड़ा बयान

An atmosphere of fear in the country; Our disillusionment with the government – Swami Avimukteshwaranand Saraswati’s big statement अलवर ! ज्योतिष पीठाधीश्वर जगदगुरू शंकराचाय स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने आरोप लगाया है कि अभी देश में डर का माहौल है, लोकतंत्र को चलने नहीं दिया जा रहा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चुनाव क्षेत्र वाराणसी में गौसेवक प्रत्याशी को चुनाव लड़ने से रोका जा रहा है, प्रशासन की ओर से उनके प्रस्तावकों को डराया जा रहा है। वहां के मेयर रात के दो बजे प्रस्तावकों के दरवाजे खटखटा कर उन्हें प्रस्तावक से नाम वापस लेने के लिए दबाव डाल रहे हैं। जगदगुरू शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती बुधवार को अलवर में पत्रकारों से बातचीत में केन्द्र की मोदी सरकार, भाजपा, कांग्रेस व आप सहित अन्य पार्टियों पर भी खूब बरसे। उन्होंने कहा कि इस बार वाराणसी में गौसेवक आंध्र प्रदेश के पोलीसती के शिवकुमार ने सबसे पहले नामांकन दाखिल किया है। वे गौमाता गठबंधन में शामिल हैं और उनके अधिकत प्रत्याशी हैं। अब वाराणसी के मेयर उनके प्रस्तावकों को डरा उनसे हटने के लिए दवाब डाल रहे हैं। भाजपा का प्रयास है कि प्रस्तावकों को हटाकर गौसेवक शिवकुमार का नामांकन खारिज कराने का है। उन्होंने कहा कि गौमाता की रक्षा के लिए उनकी ओर से देश में कई जगह प्रत्याशी खड़े किए गए हैं। उन्होंने कहा कि गौहत्या पर रोक लगाने के लिए पांच महीने पहले भाजपा, कांग्रेस, आप सहित अन्य बड़ी पार्टियों से शपथ देने को कहा था, लेकिन किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। देश में एक लोकसभा चुनाव ही नहीं, हर रोज होते हैं कोई न कोई चुनावजगदगुरू शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि हम लोग गौमाता की रक्षा की बात उठा रहे हैं। यह प्रयास कोई लोकसभा चुनाव के लिए नहीं है, बल्कि हर रोज कोई न कोई चुनाव होते हैं। इस कारण हम देश में 35 करोड़ मतदाताओं को गौमाता की रक्षा के लिए संकल्पित कर रहे हैं। खूब धमकियां मिल रही, लेकिन पीछे नहीं हटेंगेशंकराचार्य ने कहा कि उन्हें खूब धमकियां मिल रही है, उन्हें बोलने से रोका जा रहा है, मारने की बात कही जा रही है, मठ उजाड़ने, नकली शंकराचार्य खड़े करने की बात हो रही है, लेकिन देश में गोमाता की रक्षा के कार्य से वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वे किसी पार्टी के खिलाफ नहीं है। भाजपा के हारने या जीतने से उन्हें कुछ नहीं मिलेगा। वे केवल गौहत्या का कानून चाहते हैं, राजनीति से उनका कोई सरोकार नहीं है। वे चाहते हैं कि उनके अनुयायियों के माथे पर लग रहा गौहत्या का पाप हटे। कारण है कि उनके वोट से सरकार बनती है और फिर वही सरकार गायों को कटवाने का कार्य करती है। देश में सच्चे हिंदुत्व की जरूरतशंकराचार्ज ने कहा कि देश में सच्चे हिंदुत्व की जरूरत है, न कि राजनीतिक हिंदुत्व की। दस साल सरकार में रहकर भी गायों को कटने से रोकने का कानून नहीं बना पाए, वे राजनीतिक हिन्दू हैं। उन्होंने कहा कि सच बोलने वालों का विरोध होता है, हमें भी लाखों लोगों ने गालियां दी हैं। राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा नहीं, केवल इवेंट हुआजगदगुरू शंकराचाय स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने आरोप लगाया कि अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा नहीं हुई है, बल्कि एक इवेंट हुआ है। शास्त्रों में उल्लेखित है कि जब तक मंदिर का निर्माण पूरा नहीं हो जाता, तब तक भगवान की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा नहीं हो सकती। अयोध्या में अभी राम मंदिर का केवल 30 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ है, इस कारण वहां मंदिर निर्माण पूरा होने पर ही प्राण प्रतिष्ठा कराई जाएगी, अभी तो केवल इवेंट हुआ है।

राजस्थान सरकार के मंत्रियों को विभागों का बंटवारा

Distribution of departments to the ministers of Rajasthan government राजस्थान सरकार के मंत्रियों को विभागों का बंटवारा: गृह विभाग सीएम भजनलाल के पास, दीया को वित्त, बैरवा को परिवहन; किरोड़ीलाल ग्रामीण विकास मंत्री राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंत्रियों को विभागों का बंटवारा कर दिया है। गृह विभाग मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने खुद अपने पास रखा है। डिप्टी सीएम दीया कुमारी को वित्त के साथ छह विभाग दिए हैं। डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा को परिवहन के साथ चार विभागों का जिम्मा सौंपा गया हैं। कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा को कृषि और ग्रामीण विकास, आपदा प्रबंधन और जन अभाव अभियोग विभाग दिया हैं। मदन दिलावर को शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। प्रारंभिक शिक्षा और संस्कृत शिक्षा भी उनके पास रहेगी। बाबूलाल खराड़ी को जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग और हीरालाल नागर को ऊर्जा विभाग दिया गया हैं। दरअसल, 30 दिसंबर शनिवार को 22 मंत्रियों ने शपथ ली थी। इसके बाद से विभाग के बंटवारे को लेकर एक्सरसाइज शुरू कर दी गई थी।

एक बंधक मजदूर की तमिलनाडु से हुई सकुशल घर वापसी।

A bonded laborer returns home safely from Tamil Nadu. कलेक्टर की पहल पर श्रम विभाग ने की कार्यवाही। विशेष संवाददाता रायपुर  कांकेर।  कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला के निर्देशानुसार श्रम विभाग की टीम द्वारा जिले के एक बंधक श्रमिक को नामक्कल तमिलनाडु से वापस लाया गया। कलेक्टर डॉ. शुक्ला द्वारा जिले के दुर्गूकोन्दल विकासखण्ड के ग्राम कराकी निवासी  अजय कुमार जाड़े पिता  धर्मेन्द्र कुमार जाड़े को बंधक बनाने के संबंध में शिकायत प्राप्त होने पर संवेदनशीलता के साथ कार्यवाही करते हुए गठित टीम द्वारा बंधक श्रमिक को मुक्त कराने हेतु एस.एस.बी. पोल्ट्री फार्म जिला नाकक्कल तमिलनाडु के लिए रवाना किया गया था। जिसमें पाया गया कि पिछले  6 महीनों से 14 श्रमिकों को बिना मजदूरी दिये काम कराया जा रहा था। उक्त संबंध में जिला गठित टीम द्वारा व स्थानीय प्रशासन तमिलनाडु के माध्यम से 14 श्रमिकों को मुक्त कराने की कार्यवाही की गई, जिसमें छत्तीसगढ़ के 06 मजदूर-कांकेर जिले के 01, बीजापुर-01, दंतेवाड़ा-04 व अन्य राज्य झारखंड, मध्यप्रदेश व पश्चिम बंगाल के श्रमिकों को बंधक बनाकर रखे थे। उक्त श्रमिकों को एस.एस.बी. पोल्ट्री फार्म जिला नामक्कल तमिलनाडु से कुल मजदूरी राशि 05 लाख 18 हजार 314 रूपये का नगद भुगतान कराया गया तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा 30 हजार के मान से सभी श्रमिकों को तत्कालिक सहायता राशि व विमुक्ति प्रमाण-पत्र प्रदाय किया गया। उक्त टीम में शामिल श्रम विभाग के उप निरीक्षक  विवेक साव दल प्रभारी, चाईल्ड लाईन महिला एवं बाल विकास विभाग कांकेर के सुपरवाईजर  महेश साहू, सहायक उप निरीक्षक रक्षित केन्द्र कांकेर  जयकरन शोरी व आरक्षक रक्षित केन्द्र कांकेर  ईश्वर साहू द्वारा कलेक्टर के समक्ष जिले के 01 अवमुक्त श्रमिक अजय कुमार जाड़े को उनके पिता  धमेन्द्र कुमार जाड़े को सकुशल सौंपा गया।

पांच हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति की सिफारिश

Recommendation for appointment of Chief Justices in five High Courts, Collegium suggested names of these judges. राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में न्यायमूर्ति मनींद्र मोहन श्रीवास्तव, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के लिए न्यायमूर्ति शील नागू, गौहाटी हाईकोर्ट के लिए न्यायमूर्ति विजय बिश्नोई, इलाहाबाद हाईकोर्ट के लिए न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और झारखंड हाईकोर्ट के लिए न्यायमूर्ति बीआर सारंगी के नाम की सिफारिश की गई है। भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने राजस्थान हाईकोर्ट, इलाहाबाद हाईकोर्ट समेत पांच उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति के लिए पांच न्यायाधीशों के नामों की सिफारिश केंद्र सरकार को भेजी है। राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में न्यायमूर्ति मनींद्र मोहन श्रीवास्तव, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के लिए न्यायमूर्ति शील नागू, गौहाटी हाईकोर्ट के लिए न्यायमूर्ति विजय बिश्नोई, इलाहाबाद हाईकोर्ट के लिए न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और झारखंड हाईकोर्ट के लिए न्यायमूर्ति बीआर सारंगी के नामों की अनुशंसा की गई है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम में जस्टिस संजीव खन्ना और बीआर गवई सदस्य हैं। जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह के सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत होने के बाद राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का पद खाली हो गया था। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के वरिष्ठतम न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनींद्र मोहन श्रीवास्तव को राजस्थान हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाए जाने की सिफारिश की है। एक प्रस्ताव में कहा गया है कि मनींद्र मोहन श्रीवास्तव के नाम पर विचार करते समय सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने इस तथ्य को भी ध्यान में रखा कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट (जो उनका मूल उच्च न्यायालय है) का देश के उच्च न्यायालयों में कोई मुख्य न्यायाधीश नहीं है। 27 दिसंबर को जारी प्रस्ताव में न्यायमूर्ति नागू के संबंध में कॉलेजियम ने कहा कि वह एक योग्य न्यायाधीश हैं और उनमें उच्च न्यायिक पद पर आसीन होने के लिए जरूरी उच्च स्तर की सत्यनिष्ठा और आचरण है। न्यायमूर्ति नागू के नाम की अनुशंसा करते समय कॉलेजियम इस तथ्य पर विचार किया कि न्यायमूर्ति शील नागू पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त होने के लिए सभी मानकों पर फिट और उपयुक्त हैं। न्यायमूर्ति बिश्नोई की अनुशंसा के संबंध में कॉलेजियम ने कहा कि उन्होंने बार और बेंच में पेशेवर नैतिकता का उच्च स्तर बनाए रखा है और उनका आचरण और सत्यनिष्ठा पर कोई दाग नहीं है। कॉलेजियम ने कहा कि न्यायमूर्ति भंसाली ने राजस्थान हाईकोर्ट में न्याय देने का व्यापक अनुभव हासिल किया है।

भाजपा: अचर्चित चेहरों के हाथ कमान सौंपने में जोखिम मे नि:संदेह.

BJP: Taking the risk in entrusting key responsibilities to lesser-known faces without hesitation. उदित नारायण इन अप्रत्याशित फैसलों के भीतर कई राजनीतिक संदेश छुपे हैं, जो भाजपा के स्वयंभू नेताओं के लिए तो हैं ही, उन विपक्षी नेताओं के लिए भी हैं, जो मात्र सीट बंटवारे और वोटों के कागजी गणित के भरोसे आगामी लोकसभा चुनाव में मोदी को पटखनी देने का अरमान पाले हुए हैं। भारतीय जनता पार्टी और उसके शीर्ष नेतृत्व ने हिंदी भाषी तीन राज्यों में भारी जीत के बाद जिन अचर्चित चेहरों के हाथों में सत्ता की कमान सौंपी है, उससे ‘चौंकना’ शब्द भी फीका लगने लगा है। यह कुछ वैसा ही था कि कोई जादूगर अपनी जेब में हाथ डाले और नोट किसी भीड़ में छिपे शख्स की जेब से निकले।मोदी- शाह ने मीडिया के तमाम अटकलों को बेकार साबित कर दिया है। लेकिन इन अप्रत्याशित फैसलों के भीतर कई राजनीतिक संदेश छुपे हैं, जो भाजपा के स्वयंभू नेताओं के लिए तो हैं ही, उन विपक्षी नेताओं के लिए भी हैं, जो मात्र सीट बंटवारे और वोटों के कागजी गणित के भरोसे आगामी लोकसभा चुनाव में मोदी को पटखनी देने का अरमान पाले हुए हैं। विधानसभा चुनावों में भाजपा के जीते हुए मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ राज्यों में ‘कौन बनेगा मुख्यमंत्री’ की रेस असली हार्स रेस से भी ज्यादा रोमांचक होने लगी थी। दावेदारी और राजयोग में अदृश्य मुकाबला चल रहा था। मीडिया की आंखें और राजनीतिक भविष्यवाणियां उन्हीं चंद चेहरों के आसपास मंडरा रही थीं, जिन्हें परंपरागत रूप से कुर्सी की दौड़ में प्रथम पंक्ति में माना जाता रहा था। ऐसे कुछ नाम जो सीएम या फिर वो भी नहीं तो कम से कम डिप्टी सीएम पद की शपथ लेने के लिए नए सूट सिलवा चुके थे। लेकिन हाय री किस्मत!भाजपा आलाकमान ने इन फैसलों से छह संदेश दिए हैं। पहला तो कोई खुद को पार्टी से ऊपर न समझे, दूसरा भाजपा में संघ अभी भी पूरी तरह ताकतवर है, तीसरा भाजपा में कोई साधारण कार्यकर्ता भी शीर्ष पद तक पहुंच सकता है, चौथा भाजपा ने आने वाले 15 साल तक राजनीति करने वाले नए खून की फौज तैयार कर दी है, पांचवां सोशल इंजीनियरिंग में भाजपा सभी राजनीतिक दलो से मीलों आगे है और छठा, इस बदलाव के जरिए भाजपा ने आगामी लोकसभा चुनाव की जमीन भी तैयार कर दी है और तकरीबन मुद्दे भी तय कर दिए हैं। मप्र में डा. मोहन यादव, छग में विष्णुदेव साय और राजस्थान में भजनलाल शर्मा बाकी दुनिया के लिए भले ही अचर्चित चेहरे रहे हों, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा को उनकी कार्यक्षमता पर भरोसा है। अब यह इन तीनो पर है कि मिले हुए अवसर को कामयाबी में वो कितना बदल पाते हैं। खुद को कितना साबित कर पाते हैं। हालांकि यह जोखिम तो हर उस प्रयोग में रहता है, जो राजनीति की प्रयोगशाला में पहली बार किया जाता है। मप्र में जब पहली बार शिवराज को मुख्यमंत्री पद की कमान सौंपी गई थी तब कई लोगों ने उनकी नेतृत्व क्षमता और देसी छवि पर तंज कसा था, लेकिन वक्त के साथ शिवराज ने खुद को न सिर्फ साबित किया बल्कि अपरिहार्य बन गए। उन्होंने अपनी राजनीति की नई इबारत लिखी। इमोशनल पॉलिटिक्स का नया सिलेबस तय किया और पूरे 18 साल तक सीएम पद पर जमे रहे।हालांकि, पहली पारी के सीएम शिवराज और चौथी पारी के सीएम शिवराज में काफी अंतर था । उनका अपना आभा मंडल और काकस तैयार हो गया था। इस दौरान उन्होंने अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को भी यथासंभव किनारे लगाया और शायद इसकी इंतिहा हो चुकी थी। यही स्थिति राजस्थान में वसुंधरा राजे की थी। राजे तो पहले से राज परिवार से हैं। लिहाजा कुर्सी पर विराजना उनके लिए नैसर्गिक अधिकार था। उन्होंने खुद को पार्टी और राज्य का भाग्य विधाता मान लिया था। अलबत्ता छग के 15 साल सीएम रहे और बाद में भाजपा में ही हाशिए पर डाल दिए गए डॉ रमनसिंह ने खुली बगावत के रास्ते पर जाने से खुद को बचाया और कुछ बेहतर पाने की आस जिंदा रखी।कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा में इस तरह क्षत्रप संस्कृति को समाप्त पर ‘ एक हाईकमान कल्चर’ को लागू कर भाजपा ने बहुत बड़ा जोखिम लिया है, जो भविष्य में आत्मघाती भी हो सकता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चेहरे पर ही पार्टी का पूरी तरह आश्रित हो जाना संगठन की आंतरिक कमजोरी को दर्शाता है। यानी जब मोदी भी नहीं रहेंगे, तब क्या होगा? इसके अलावा इन तीन राज्यों में बिल्कुल ताजा चेहरों की ताजपोशी के साथ राजनीतिक और जातीय समीकरण भी साधने की कोशिश है। छग में आदिवासी चेहरे विष्णुदेव साय को सीएम बनाकर समूचे आदिवासी समुदाय को यह संदेश दिया गया है कि आदिवासी भी हिंदू ही हैं और वो हमारे लिए उतने ही महत्वपूर्ण हैं। इसी तरह मप्र में बिल्कुल अप्रत्याशित चेहरे डॉ. मोहन यादव को सीएम बनाकर यूपी और बिहार के यादवों को भी संदेश दिया गया है कि वो क्षेत्रीय पार्टियों के मोह से उबरें और भाजपा से जुड़ें। मप्र और राजस्थान में दलित डिप्टी सीएम बनाकर बहनजी मायावती और उनकी पार्टी के समर्थकों को संदेश है कि भाजपा में दलितों के लिए भी पूरी जगह है। दिलचस्प बात यह है कि विस चुनाव के दौरान तीनों राज्यों में कांग्रेस पूरे समय ओबीसी जातिजनगणना का मुद्दा उठाती रही, लेकिन जिस तेलंगाना में वह स्पष्ट बहुमत के साथ चुनाव जीती, वहां उसने किसी ओबीसी के बजाए रेवंत रेड्डी के रूप में एक अगड़े को ही मुख्यमंत्री बनाया। 26 विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन की आगामी बैठक 19 दिसंबर को होनी है। उसमें लोकसभा सीटों के बंटवारे के किसी फार्मूले पर बात होती है या नहीं, यह देखने की बात है। लेकिन हो भी गया तो थके चेहरों और सतही जोश से लोकसभा चुनाव की जंग कैसे जीती जाएगी, यह देखने की बात है। बहरहाल चुनाव रणविजय शास्त्र की क्लास में भाजपा से कुछ तो सबक लेने ही चाहिए।

भारतीय जनता पार्टी नए व समर्पित कार्यकुशल लोगों को जिम्मेदारी देने में अग्रिम. 

The Bharatiya Janata Party is ahead in entrusting responsibilities to new and dedicated Party Workers. अनुपम सचान, सहारा समाचार   भोपाल..जब विधानसभा का चुनाव किसी मुख्यमंत्री के नाम के बगैर लड़ा जा रहा था तब यह चर्चा रही कि क्या इस बार भाजपा अपना मुख्यमंत्री कोई नया चेहरा लेकर आएगी मोहन यादव का मुख्यमंत्री पद पर आसीन होना, देश को व प्रदेश को कई संदेश देता है. एक तो यह कि भाजपा एक अनुशासित पार्टी है जिसका कोई भी कार्यकर्ता किसी भी पद तक अपने सम्मान एवं परिश्रम के आधार पर दायित्व पा सकता है भारतीय जनता पार्टी नए व समर्पित कार्यकुशल लोगों को जिम्मेदारी देने में अग्रिम है छत्तीसगढ़ के लिए चुने गए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जिन्होंने सरपंच बनने से लेकर लोकसभा और अब प्रदेश में मुख्य के पद को संभाला है यही संदेश देता है राजस्थान के लिए चुने गए मुख्य मंत्री भजन लाल शर्मा जो राजस्थान विधान सभा सांगानेर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं  जब द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति पद को संभाला तब भी देश को यही संदेश मिला था राजनीति सत्ता का अहंकार नहीं सेवा का माध्यम है मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह की जो मृदुल छवि थी. वह छवि बरक़रार है और जैसा कुशल नेतृत्व उन्होंने किया, उसके प्रशंसक कम नहीं हैं यही उम्मीद अब प्रदेश की जनता करती है एबीवीपी से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत करके वह संघटन में दी सेवाओं के अनुभव एवं उच्च शिक्षा मंत्री के बाद अब मोहन यादव मध्यप्रदेश को अपने विशिष्ट कौशल से देश प्रदेश को संपन्नता वह सुशासन से धड़कता हृदय देश बनाने में कोई कमी नहीं रखेंगे। भारत अब अच्छे से महसूस करता है कि यदि केंद्र में प्रखर राष्ट्रप्रेमी शासक आसीन हो तो प्रदेश में भी लीक से हटकर साम्प्रदायिक जातिवादी और क्षेत्रीय मानसिकता से ऊपर उठकर मुख्यमंत्री चुना जाता है। तुष्टीकरण की राजनीति से देश अब मुक्त हो चला है और युवाओं को राजनीति में आकर काम करना एक अच्छा विकल्प दिखने लगा है।

राष्ट्रीय करणी सेना प्रमुख श्री सुखदेव सिंह गोगामणि की जयपुर में गोलीमार कर हत्या.

National Karni Sena Chief Mr. Sukhdev Singh Gogamani was shot dead in Jaipur. जयपुर। बहुत ही दुखद घटना 05/12/2023 को राष्ट्रीय करणी सेना प्रमुख श्री सुखदेव सिंह गोगामणि की जयपुर में गोलीमार कर हत्या कर दी गई है उनका इस तरह आकस्मिक निधन पूरे राजपूत समाज की अपूरणीय क्षति है पुलिस को सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची तब तक आरोपी भाग गए। मामले की पुलिस प्रशासन ने एफआईआर दर्ज की एवं आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। वहीं लोगों ने राज्यशासन और प्रशासन से मांग है कि इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम देने वाले अपराधियों को फांसी की सजा दी जाए।

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