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‘यमुना जल समझौते की जल्द बनेगी क्रियान्वयन ज्वाइन्ट टास्क फोर्स’, राजस्थान- मुख्यमंत्री भजनलाल ने हरियाणा के सीएम सैनी से की चर्चा

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान के शेखावाटी अंचल के किसानों को जल्द ही यमुना जल का लाभ मिलेगा। इस संबंध में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल के समक्ष हरियाणा के सीएम श्री नायब सैनी के साथ मंगलवार को चर्चा पूरी हो गई है। शर्मा ने कहा कि इस जल समझौते की जल्द क्रियान्विति के लिए दोनों राज्यों के अधिकारियों की एक ज्वाइन्ट टास्क फोर्स बनेगी जो डीपीआर पर काम करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुना जल समझौता दोनों राज्यों के लिए  बहुत अच्छा समझौता है। राजस्थान का शेखावाटी अंचल लंबे समय से यमुना जल का इंतजार कर रहा है। अब वो इंतजार खत्म होने जा रहा है और जल्द ही अधिकारियों की ज्वाइन्ट टास्क फोर्स डीपीआर का काम शुरू करेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने केंद्रीय जलशक्ति मंत्री का आभार प्रकट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में केंद्रीय मंत्रालय द्वारा जिस तरह जल जीवन मिशन और नदियों से जोड़ने का काम किया है उससे राजस्थान सहित पूरे देश में पानी की कमी नहीं रहेगी। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सैनी ने मीडिया को बताया कि हरियाणा में जो अतिरिक्त पानी है, वह राजस्थान को मिले, यह एक सकारात्मक पहल है।

‘गुरू गोविन्द सिंह के जीवन से सीख लें युवा’, राजस्थान-विधानसभा अध्यक्ष देवनानी पहुंचे गुरुद्वारा

जयपुर। विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि युवा पीढ़ी को गुरू गोविन्द सिंह जी के जीवन से सीख लेनी चाहिए। उन्होंने जिस तरह से सादगी, बलिदान एवं देश प्रेम का संदेश दिया। वह वर्तमान में युग में प्रासंगिक है और वर्तमान समय की सभी समस्याओं का हल है। विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने सोमवार को श्री गुरू गोविन्द सिंह जयन्ती पर सिख समाज की ओर से आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने पवित्र गुरुवाणी सुनी, मत्था टेका और लंगर में प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर श्री देवनानी ने कहा कि श्री गुरू गोविन्द सिंह सिक्खों के 10वे गुरू थे। उन्होंने अपने जीवन से त्याग, तपस्या और बलिदान की जो मिसाल पेश की वह इतिहास में सदैव याद की जाएगी। युवाओं को उनसे देश प्रेम के लिए सर्वस्व त्याग की सीख लेनी चाहिए। इस अवसर पर श्री नरेन्द्र सिंह छाबाड़ा, श्री तेजपाल सिंह साहनी, श्री सरबजीत छाबड़ा, श्री यशपाल बेदी सहित सिक्ख समाज के अनुयायी उपस्थित रहे।

‘निरंतर मॉनिटरिंग से धरातल पर उतरेगा निवेश’, राजस्थान-मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ली एमओयू समीक्षा बैठक

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान का आर्थिक विकास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रदेश को 350 बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना हमारे प्रमुख संकल्पों में से एक है और इसे पूरा करने के लिए मजबूत कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में बड़े उद्योगों के साथ-साथ सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट ने सभी प्रयासों को मजबूती एवं गति प्रदान की है। शर्मा सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के तहत हुए एमओयू के क्रियान्वयन के संबंध में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि तीन श्रेणियों में विभक्त एमओयू के क्रियान्वयन के कार्य में समयबद्धता एवं नियमों का पालन किया जाए। उन्होंने उद्योग एवं वाणिज्य विभाग को निर्देशित किया कि एमओयू के क्रियान्वयन को गति प्रदान करने के लिए आवश्यक नियमावली बनाएं। साथ ही, मुख्यमंत्री कार्यालय को हर माह 11 व 26 तारीख को क्रियान्वयन की प्रगति रिपोर्ट भेजी जाए। शासन सचिव एवं जिला कलक्टर्स निरंतर करें एमओयू क्रियान्वयन की मॉनिटरिंग— श्री शर्मा ने निर्देशित किया कि विभागीय शासन सचिव एमओयू क्रियान्वयन की सम्पूर्ण प्रक्रिया की निरंतर मॉनिटरिंग करें। जिला प्रभारी सचिव एवं जिला कलक्टर्स एमओयू को धरातल पर उतारने के लिए निरंतर निवेशकों से संवाद स्थापित करते हुए मॉनिटरिंग करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आगामी 10 दिन में 1 हजार करोड़ रूपये से अधिक की राशि वाले एमओयू के लिए जमीन आवश्यकता के मामलों में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। निवेशकों को मिलेगी अपने एमओयू क्रियान्वयन की प्रगति रिपोर्ट— मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा निवेशकों को दी जाने वाली सहूलियतें नियमानुसार उपलब्ध करायी जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निवेशकों से निरंतर सम्पर्क स्थापित कर उनकी प्राथमिक आवश्यकताओं को चिन्हित करें। साथ ही, विशेष रूप से नियमों के अनुसार ही एमओयू से संबंधित भू-आवंटन के प्रकरणों को प्राथमिकता से समय पर निस्तारित करें। उन्होंने निर्देश दिए कि तीन श्रेणियों में चिन्हित निवेश एमओयू के क्रियान्वयन की समीक्षा प्रत्येक माह की जाएगी। वहीं निवेशक को भी एमओयू क्रियान्यवन की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट देखने की व्यवस्था की जाए। श्री शर्मा ने निर्देश दिए कि ऐसे एमओयू जिनमें एक से अधिक विभागों की स्वीकृति आवश्यक है, ऐसी स्थिति में सभी संबंधित विभाग क्रियान्वयन प्रक्रिया को आपसी सामंजस्य के साथ तीव्र गति से पूरा करें। बैठक में मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त श्री अखिल अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) श्री शिखर अग्रवाल, प्रमुख शासन सचिव उद्योग श्री अभिजात शर्मा, प्रमुख सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) श्री आलोक गुप्ता, प्रमुख शासन सचिव राजस्व श्री दिनेश कुमार, प्रमुख शासन सचिव स्वायत्त शासन श्री राजेश यादव, प्रमुख शासन सचिव खान एवं पैट्रोलियम श्री टी. रविकांत, प्रमुख शासन सचिव आयुर्वेद श्री भवानी सिंह देथा सहित विभिन्न विभागों के शासन सचिव उपस्थित रहे।

‘बताने के लिए नहीं होती विशेष चर्चा’, राजस्थान-अमित शाह से गुफ्तगू करके लौटे किरोड़ी मीणा

जयपुर। राजस्थान की राजनीति पर सियासतदानों की पैनी नजर बनी हुई है। भजनलाल सरकार से नाराज चल रहे कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की है। दोनों के बीच क्या बातचीत हुई इस पर अभी सस्पेंस बरकरार है। किरोड़ी से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि विशेष चर्चा बताने की नहीं होती। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि दोनों के बीच साधारण चर्चा नहीं हुई विशेष चर्चा हुई है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक किरोड़ीलाल मीणा ने शाह से मिलकर राजस्थान के दो अफसरों की शिकायत की और इनकी जांच करवाने की मांग भी की है। उन्होंने राजस्थान में इस मामले में गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेडम को दिए ज्ञापन को लेकर भी अपनी बात रखी। हालांकि अब अमित शाह इस मामले में क्या निर्णय लेते हैं यह देखने वाली बात होगी लेकिन फिलहाल किरोड़ी आश्वस्त नजर आ रहे हैं। आते ही बीजेपी अध्यक्ष से मिले दिल्ली दौरे से लौटते ही किरोड़ीलाल मीणा बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ से मिले। इसके बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि नगर पालिका व नगर परिषदों में उपचुनाव होने हैं, उनके बारे में बातचीत करने के लिए प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ से मिला हूं। वहीं मदन राठौड़ ने कहा कि वे हमारी पार्टी के सदस्य हैं, मंत्री हैं। कई मुद्दों पर उनकी अपनी राय है। वे कई बार नाराज हो जाते हैं, लेकिन ये सब परिवार का मामला है।

राज्य की विकास यात्रा में बनेंगे भागीदार: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, राजस्थान-सरकार का बैंक ऑफ बड़ौदा तथा महाराष्ट्र से एमओयू

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने अमृत कालखंड- ‘विकसित राजस्थान 2047’ के तहत पांच वर्षों की कार्य योजना बनाकर ‘सर्वजन हिताय‘ आधारित समावेशी विकास का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि इस कार्य योजना के तहत भविष्य के लिए दस संकल्प निर्धारित किए गए हैं। इन संकल्पों में बुनियादी ढांचे का विकास करना और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 350 बिलियन डॉलर पर पहुंचाना भी शामिल हैं। शर्मा सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर बैंक ऑफ बड़ौदा तथा बैंक ऑफ महाराष्ट्र के साथ राज्य सरकार के दो एमओयू हस्ताक्षर करने के अवसर पर सम्बोधित कर रहे थे। इन एमओयू के अनुसार बैंक ऑफ बड़ौदा अगले छह वर्षों यानी 31 मार्च 2030 तक, प्रति वर्ष 20 हजार करोड़ रूपये का ऋण प्रदान करेगा। इसके साथ ही, बैंक ऑफ महाराष्ट्र भी प्रति वर्ष 10 हजार करोड़ रूपये का ऋण उपलब्ध कराएगा। यह धनराशि राजस्थान सरकार की विभिन्न परियोजनाओं, विशेषकर आधारभूत ढांचा क्षेत्र जैसे बिजली एवं नवीकरणीय ऊर्जा, सड़क, पेयजल और स्वच्छता के लिए उपयोग में ली जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये हमारे लिए गर्व का विषय है कि बैंक ऑफ बड़ौदा और बैंक ऑफ महाराष्ट्र जैसे देश के प्रतिष्ठित बैंक अब राजस्थान की विकास यात्रा में भागीदार बनने जा रहे हैं। हमारे प्रदेश के आधारभूत ढांचे को सशक्त करने की दिशा में बैंक ऑफ बड़ौदा और बैंक ऑफ महाराष्ट्र का यह सहयोग एक बड़ा कदम है और आज का यह समझौता प्रदेश के बुनियादी ढांचे की मजबूती में एक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि बैंकों की व्यक्तिगत विकास तथा राज्य और देश की उन्नति में महत्वपूर्ण भूमिका होती हैं। बैंकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आमजन को उनकी सेवाओं का अधिकतम लाभ मिले। राज्य सरकार प्रदेश के बुनियादी ढांचे को कर रही सुदृढ़  श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के अनुसार बेहतर कल के लिए हमें आज सुदृढ़ बुनियादी ढांचे में निवेश करना चाहिए। प्रधानमंत्री जी की इस सीख को आत्मसात करते हुए हम प्रदेश के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ कर रहे हैं। हमने नवीकरणीय ऊर्जा की उत्‍पादन क्षमता 2029-30 तक बढ़ाकर 125 गीगावाट करने का लक्ष्‍य रखा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 5 साल के इस कार्यकाल में 53 हजार किलोमीटर का सड़क नेटवर्क तैयार करने के लिए 60 हजार करोड़ रूपये व्यय करने का संकल्प लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में भी हमने प्रदेश के विकास के लिए 35 लाख करोड़ के एमओयू किए हैं। बिजली और नवीकरणीय ऊर्जा के माध्यम से हर घर को रोशन करना, हर नागरिक को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना और ग्रामीण व शहरी सड़कों को बेहतर बनाना हमारा प्राथमिक उद्देश्य है। शर्मा ने कहा कि राजस्थान सरकार अपनी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आज की साझेदारी राज्य के विकास और जनकल्याण की दिशा में नए आयाम स्थापित करेगी तथा विकसित भारत 2047 एवं विकसित राजस्थान 2047 की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। उपमुख्यमंत्री (वित्त) दिया कुमारी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की दूरगामी सोच के अनुरूप राज्य सरकार प्रदेश के बुनियादी ढांचे में भारी निवेश की परिकल्पना के साथ कार्य कर रही हैं। दोनों बैंक के साथ सम्पन्न एमओयू राज्य के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने में भागीरथी प्रयास है। उन्होंने कहा कि इस कदम से केंद्र और राज्य सरकार के जन हित के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकेगा और विकसित राजस्थान का संकल्प साकार होगा। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त श्री अखिल अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री) श्री शिखर अग्रवाल, प्रमुख सचिव (मुख्यमंत्री) श्री आलोक गुप्ता, प्रमुख शासन सचिव वित्त (बजट) श्री देबाशीष पृष्टी, बैंक ऑफ बड़ौदा के एमडी एवं सीईओ श्री देबदत्त चंद, कार्यकारी निदेशक श्री ललित त्यागी, बैंक ऑफ महाराष्ट्र के कार्यकारी निदेशक श्री रोहित ऋषि सहित दोनो बैंकों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

‘पीड़ित मानवता की सेवा में अमिट योगदान’, राजस्थान-चिकित्सा मंत्री ने नर्सिंग काउंसिल में नाइटिंगेल की प्रतिमा का अनावरण किया

जयपुर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। हमारा प्रयास है कि प्रदेश में नर्सेज एवं पैरामेडिकल स्टाफ के सभी रिक्त पदों पर जल्द से जल्द भर्ती हो और गांव-ढाणी तक बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ हों। उन्होंने कहा कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में अल्पकाल में ही 20 हजार से अधिक रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूर्ण की गई है। खींवसर सोमवार को राजस्थान नर्सिंग काउंसिल के परिसर में आधुनिक नर्सिंग की जननी फ्लोरेंस नाइटिंगेल की प्रतिमा के अनावरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने काउंसिल परिसर में फ्लोरेंस नाइटिंगेल की प्रतिमा का अनवारण किया एवं पौधारोपण किया। चिकित्सा मंत्री ने कहा कि फ्लोरेंस नाइटिंगेल पीड़ित मानवता की सेवा की प्रतिमूर्ति थीं। इस क्षेत्र में उनका अमिट योगदान रहा है। उन्होंने न केवल रोगियों की सेवा की, बल्कि अस्पतालों में स्वच्छता और देखभाल के मानकों को भी बेहतर बनाया। क्रीमिया युद्ध के दौरान उन्होंने घायल सैनिकों की सेवा की, जिससे उन्हें ‘लेडी विद द लैम्प‘ के रूप में पहचान मिली। उन्होंने नर्सिंग को एक सम्मानजनक पेशा बनाया और महिलाओं को सशक्त भी किया। उनका समर्पण और सेवा सबके लिए प्रेरणादायी है। नर्सिंग सेवा के शेष रिक्त पदों को भी शीघ्र भरा जाएगा— श्री खींवसर ने कहा कि राज्य सरकार नर्सिंग एवं पैरामेडिकल सेवाओं को विशेष महत्व दे रही है। पूर्ववर्ती सरकार के समय भर्तियां नहीं होने से नर्सिंग सेवाएं चरमरा गई थीं। राज्य सरकार ने मिशन मोड में भर्तियां कर नर्सिंग सेवा के रिक्त पदों को काफी हद तक भर दिया है। शेष रिक्त पदों को भी शीघ्र भर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि रिक्तियों को भरने के साथ-साथ पदस्थापन में पूरी पारदर्शिता रखते हुए पोर्टल के माध्यम से नवचयनित कार्मिकों को वरीयता एवं मानवीय मापदण्डों के आधार पर नियुक्तियां दी गई हैं। स्थानांतरण गाइडलाइन एवं पारदर्शिता के साथ— चिकित्सा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने राज्य हित में स्थानांतरण से प्रतिबंध हटाया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में पूरी पारदर्शिता एवं गाइडलाइन के आधार पर स्थानांतरण किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि महिलाओं, दिव्यांगजन, गंभीर बीमारियों आदि से  पीड़ित कार्मिकों को स्थानांतरण में प्राथमिकता मिले। भविष्य में यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी अधिकारी एवं कार्मिक लंबे समय तक एक स्थान पर पदस्थापित नहीं रहे। सबको स्थानांतरण के माध्यम से राहत मिले। इसके लिए चिकित्सा विभाग स्थानांतरण नीति बना रहा है। मा योजना में जल्द लागू करेंगे पोर्टेबिलिटी की सुविधा— श्री खींवसर ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने चिकित्सा के क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अब तक का सर्वाधिक बजट प्रावधान किया है। राज्य सरकार ने प्रदेशवासियों को सुगमता के साथ उपचार उपलब्ध करवाने के लिए मुख्यमंत्री आयुष्मान योजना लागू की है। इसका दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। बाहर के नागरिक प्रदेश में आकर एवं यहां के नागरिक बाहर जाकर इस योजना के तहत उपचार प्राप्त कर सकें, इसके लिए जल्द ही पोर्टेबिलिटी की सुविधा भी लागू की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को संकल्पबद्धता के साथ नई ऊंचाइयां दी जाएंगी। सिविल लाइंस विधायक श्री गोपाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार के अल्प कार्यकाल में ही चिकित्सा के क्षेत्र में कीर्तिमान स्थापित किए गए हैं, जिनसे प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का मजबूत ढांचा तैयार हुआ है। उन्होंने कहा कि नर्सिंग का प्रोफेशन समर्पण, सेवा और विनम्रता का प्रतीक है। यह गौरव की बात है कि हमारे नर्सिंगकर्मी पीड़ित मानवता की सेवा के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहे हैं। राजस्थान नर्सिंग काउंसिल की रजिस्ट्रार श्रीमती भारती सिंह ने स्वागत उद्बोधन दिया एवं नर्सिंग काउंसिल की गतिविधियों से अवगत कराया। इस अवसर पर निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश माथुर, निदेशक अराजपत्रित श्री राकेश शर्मा, इण्डियन नर्सिंग काउंसिल के वाइस प्रेसीडेंट श्री जोगिंदर शर्मा, आरएनसी के परीक्षा नियंत्रक श्री अनिल चौधरी सहित वरिष्ठ अधिकारी एवं नर्सिंग सेवा के अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित थे।

ग्रामीणों ने जताया जिला प्रशासन का आभार, राजस्थान-रास्ता खोलो अभियान में जिला प्रशासन ने 50 दिन में खुलवाए 400 रास्ते

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों में जयपुर जिले में जारी रास्ता खालो अभियान आमजन के लिए राहत का दूसरा नाम बन गया है। अभियान के तहत जिला प्रशासन ने समझाइश एवं सहमति से महज 50 दिनों में गांवों, खेतों और ढाणियों के बरसों से बंद पड़े 400 रास्ते खुलवाने में कामयाबी हासिल की है। अतिरिक्त जिला कलक्टर एवं अभियान की नोडल अधिकारी श्रीमती सुमन पंवार ने बताया कि अभियान के तहत विगत एक सप्ताह में जयपुर जिले के समस्त तहसीलों में बरसों से बंद 47 रास्ते खुलवाए गए। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी रास्ता खोलो अभियान के सफल क्रियान्वयन एवं अधिक से अधिक आमजन को लाभांवित करने के लिए स्वयं अभियान की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि रास्ता खोलो अभियान के तहत 15 नवंबर 2024 से 3 जनवरी 2025 तक जयपुर तहसील में 4 रास्ते, कालवाड़ तहसील में 8 रास्ते, आमेर तहसील में 24 रास्ते, जमवारामगढ़ तहसील में 14 रास्ते, आंधी तहसील में 24 रास्ते, बस्सी तहसील में 15 रास्ते, तूंगा तहसील में 10 रास्ते खुलवाए गए। वहीं, शाहपुरा तहसील में 22 रास्ते, जोबनेर तहसील में 25 रास्ते, किशनगढ़-रेनवाल तहसील में 21 रास्ते, फुलेरा तहसील में 21 रास्ते, रामपुरा-डाबड़ी तहसील में 15 रास्ते, जालसू तहसील में 14 रास्ते, चौमूं तहसील में 27 रास्ते, सांगानेर तहसील में 14 रास्ते खुलवाए गए। सुमन पंवार ने बताया कि चाकसू तहसील में 19 रास्ते, कोटखावदा तहसील में 14 रास्ते, माधोराजपुरा तहसील में 22 रास्ते, दूदू तहसील में 21 रास्ते, मौजमाबाद तहसील में 24 रास्ते एवं फागी तहसील में 42 रास्ते खुलवाए गए। उन्होंने बताया कि जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने अधिकारियों को रास्ता खोलो अभियान के तहत बंद रास्ते खुलवाए जाने के पश्चात खोले गए रास्तों पर ग्रेवेल, सी.सी. रोड़ बनवाये जाने की कार्यवाही भी जल्द से जल्द अमल में लाने के निर्देश दिये हैं, इन निर्देशों की अनुपालना में अधिकांश स्थानों पर ग्रेवल रोड बनाने की कार्यवाही भी आरंभ की जा चुकी है। वहीं, जिन रास्तों के वाद न्यायालय में विचाराधीन है परिवादियों द्वारा संबंधित न्यायालय से ही अनुतोष प्राप्त किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में रास्तों की भूमि पर अतिक्रमण को लेकर जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में परिवाद प्राप्त होते हैं। रास्तों को लेकर न्यायालय में भी वाद दायर किए जाते रहते हैं। ऐसे प्रकरणों में निरन्तर बढ़ोतरी होने से आमजन को न्यायालय के चक्कर लगाने एवं जन-धन की हानि होने के साथ-साथ क्षेत्र की कानून व्यवस्था भी प्रभावित होती है। इसलिए प्रशासन ने रास्ते सम्बन्धी समस्याओं के निराकरण के लिए ‘रास्ता खोलो अभियान’ चलाने का निर्णय लिया गया।

एनजीटी के आदेशों का पालन जरूरी: सचिव, राजस्थान-मकर संक्राति पर पतंगबाजी के लिए जारी की एडवायजरी

जयपुर। पशुपालन, गोपालन और डेयरी विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने प्रदेश के सभी जिलों के लिए विभाग की ओर से पतंगबाजी को लेकर आमजन हित तथा पक्षियों की सुरक्षा के लिए एडवायजरी जारी की है। जिला कलक्टरों को लिखे अपने पत्र में उन्होंने कहा है कि प्रदेश में मकर संक्राति पर्व पर पतंगबाजी के दौरान दोपहिया वाहन चालकों तथा पक्षियों को जान का खतरा होने की अत्यधिक संभावना रहती है। पतंग उड़ाने के दौरान अत्यधिक धारदार, नायलॉन या किसी सिंथेटिक सामग्री से बने मांझों एवं उन पर लोहे अथवा कांच के पाउडर की कोटिंग से आमजन एवं पशु पक्षियों को हानि पहुंचने और कई बार जनहानि होने की भी संभावना होती है। साथ ही यह मांझा विभिन्न धातुओं के मिश्रण से बने होने के कारण विद्युत सुचालक भी हो जाता है। जिससे विद्युत तारों के संपर्क में आने पर विद्युत प्रवाह होने से पतंग उड़ाने वालों के लिए खतरनाक हो सकता है और विद्युत सप्लाई में भी बाधा उत्पन्न हो सकती है। इन्हीं संभावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए ऐसी सामग्री से निर्मित मांझों पर तत्काल प्रतिबंधात्मक रोक लगाने की कार्यवाही किया जाना नितांत आवश्यक है। उन्होंने सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेशों की अनुपालना में नायलॉन या किसी सिंथेटिक सामग्री से बने और सिंथेटिक पदार्थ से लेपित चायनीज और गैर बायो डिग्रेडेबल मांझे या धागे पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और प्रतिबंध की पूर्ण अनुपालना सुनिश्चित करें। उन्होंने इस प्रकार के मांझे के निर्माण, भंडारण और विक्रय तथा उपयोग पर भी तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि इसका उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता तथा पर्यावरण संरक्षण अधिनियम और अन्य संबंधित वैधानिक प्रावधानों के तहत तत्काल कार्यवाही की जाए। डॉ. शर्मा ने कहा है कि एनजीटी के प्रतिबंधों के बारे में विभिन्न प्रचार माध्यमों से आमजन के बीच में व्यापक प्रचार प्रसार कराया जाए। आमजन को सूती धागों या बायोडिग्रेडेबल सामग्री से बने धागों के उपयोग के लिए प्रेरित किया जाए। स्कूलों, कॉलेजों तथा स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से जागरूकता अभियान चालाया जाए। डॉ. शर्मा ने घायल पक्षियों के बचाव के लिए विशेष प्रबंध करते हुए उनके ईलाज के लिए सभी जिलों में मकर संक्रांति के अवसर पर पशुपालन विभाग/स्वयंसेवी संस्थाओं/पक्षी प्रेमियों के माध्यम से पक्षी चिकित्सा शिविर लगाने तथा हेल्पलाइन नंबर जारी करने के भी निर्देश दिए हैं।

आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण के दिए निर्देश, राजस्थान-चिकित्सा मंत्री ने आवास पर की जनसुनवाई

जयपुर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने राजकीय आवास पर जनसुनवाई कर आमजन की समस्याएं सुनीं और इनका तत्काल प्रभाव से यथोचित निस्तारण करने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा—निर्देश दिए। खींवसर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों से आत्मीयता के साथ मिले और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने मौके पर ही अधिकारियों को समस्याओं के निस्तारण के संबंध आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार जनकल्याणकारी सोच के साथ एक से बढ़कर एक निर्णय ले रही है। राज्य सरकार का प्रयास है कि आमजन का जीवन स्तर बेहतर हो और उनकी समस्याओं का जल्द से जल्द निस्तारण कर राहत पहुंचाई जाए। चिकित्सा मंत्री ने कहा कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग आमजन को बेहतर एवं सुगम स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहा है। विगत अल्प समय में ही गांव—ढाणी तक चिकित्सा संस्थानों में रिक्त पदों को भरने के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं। करीब 21 हजार पदों पर विभाग में नियुक्तियां दी गई हैं और शेष रिक्त पदों के लिए भी  संकल्पबद्ध होकर कार्यवाही की जा रही है। राज्य सरकार की प्रथम वर्षगांठ के अवसर पर विभाग की ओर से ​मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य शिविरों का भी आयोजन किया जा रहा है, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों तक भी आमजन सुगमता के साथ जांच और उपचार प्राप्त कर सकें। लोगों की विभिन्न स्वास्थ्य जांच इन शिविरों के माध्यम से की जा रही हैं और उन्हें स्वस्थ जीवन शैली के लिए प्रेरित किया जा रहा है। खींवसर ने जनसुनवाई के दौरान समस्याएं सुनने के साथ ही आमजन से अपील की कि वे इन शिविरों का अधिक से अधिक लाभ लें और आयुष्मान राजस्थान के संकल्प को साकार करने के पवित्र उद्देश्य में सहभागी बनें।

‘स्वस्थ जीवन के लिए योग और व्यायाम अपनाना जरूरी’, राजस्थान-राज्यपाल ने स्कूली छात्र—छात्राओं से किया संवाद

जयपुर। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने छत्रपति संभाजी नगर में विभिन्न स्थानीय कार्यक्रमों में भाग लेते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रसार और विद्यालयी छात्र—छात्राओं को महापुरुषों के जीवन से सिख लेने का आह्वान किया। बागडे ने शनिवार को स्थानीय गांवों में आयोजित कार्यक्रमों में भागीदारी की। उन्होंने वहां पर आधारभूत सुविधाओं के विकास और स्थानीय जनों को शिक्षा, चिकित्सा, पेयजल और अन्य सुविधाओं से लाभांवित किए जाने का आह्वान किया। निधोना गांव में राज्यपाल ने प्राथमिक विद्यालय का अवलोकन कर शिक्षा संबंधित व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। वहां उन्होंने छात्र-छात्राओं के साथ आत्मीय संवाद भी किया। इसी तरह बिधूना गांव में चिकित्सा सुविधाओं के लिए उन्होंने एंबुलेंस का लोकार्पण किया। ग्राम पंचायत को एंबुलेंस की चाबियां सौंपते हुए उन्होंने स्वस्थ जीवन के लिए योग और व्यायाम अपनाने पर भी जोर दिया। राज्यपाल श्री बागडे का विभिन्न स्थानीय कार्यक्रमों में ग्रामीणों ने भावभरा अभिनन्दन करते हुए उनके सार्वजनिक सरोकारों और आम जन के लिए समर्पित जीवन की सराहना की।

जेल सुधार और ओपन जेल पर सेमिनार आयोजित, राजस्थान-राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण भवन व मार्ग की सौगात

जयपुर। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के नव निर्मित भवन ‘विधिक सेवा सदन’ का उद्घाटन एवं ‘विधिक सेवा मार्ग’ सड़क का नामकरण न्यायाधिपति श्री बी.आर. गवई, न्यायाधिपति, उच्चतम न्यायालय एवं कार्यकारी अध्यक्ष राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, न्यायाधिपति श्री संदीप मेहता, न्यायाधिपति, उच्चतम न्यायालय एवं राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं मुख्य न्यायाधिपति श्री एम. एम. श्रीवास्तव, न्यायाधीश राजस्थान उच्च न्यायालय एवं मुख्य संरक्षक राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं न्यायाधिपति श्री पंकज भण्डारी, न्यायाधीश राजस्थान उच्च न्यायालय एवं कार्यकारी अध्यक्ष राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण तथा अन्य न्यायाधिपतिगण राजस्थान उच्च न्यायालय की उपस्थिति में हुआ। इस अवसर पर न्यायाधिपति श्री बी.आर. गवई ने रालसा के नवनिर्मित ​भवन का अवलोकन किया तथा भवन में मौजूद डिजीटल इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक सुविधाओं की सराहना की। उन्होंने रालसा के नवीन लोगो का अनावरण भी किया। न्यायाधिपति श्री बी. आर. गवई ने राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित जेल सुधार और ओपन ​जेल के संबंध में सेमिनार, रालसा द्वारा पीरियोडिकल न्यूजपेपर न्याय रो साथी के उद्घाटन समारोह और विशेष योग्यजन बच्चों के लिए शुरू की गयी उड़ान स्कॉलरशिप समारोह को भी संबोधित किया। उन्होंने बताया कि पैरा लिगल वॉलेंटियर्स विधिक सेवा का महत्वपूर्ण स्तंभ है। उन्होंने रालसा द्वारा ओपन जेल एवं न्यायिक सेवाओं को सुलभ और प्रभावी बनाने के लिए किये जा रहे इन प्रयासों की सराहना की और कहा कि अन्य राज्यों के लिए रालसा एक रोल मॉडल के रूप में उभरेगा। उन्होंने रालसा के नवीन भवन में उपलब्ध कराई जा रही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा की भी सराहना करते हुए कहा कि इस सुविधा से ऑनलाइन ही न्यायिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेगी। इस अवसर पर न्यायाधिपति श्री बी.आर. गवई ने डेली डायरी कम रेडी रेकनर का भी विमोचन किया। इसमें प्राधिकरण द्वारा किये जाने वाले कार्यों एवं महत्वपूर्ण संपर्क की जानकारी दी गई है साथ ही उन्होंने पीएलवी (अधिकार मित्र) को बैजेज वितरीत किये। उन्होंने सेवानिवृत न्यायाधिपति राजस्थान उच्च न्यायालय श्री जसराज चोपड़ा द्वारा विधिक कार्यों के लिए दी गयी राशि के लिए धन्यवाद कर उनका सम्मान किया। उन्होंने महिला शिक्षा की दिशा में ज्योतिबा फुले एवं सवि​त्री बाई फुले के योगदान को भी याद किया तथा रालसा के नवीन लोगो ‘अधिकार आपका कर्तव्य हमारा’ की सराहना की। उन्होंने नालसा के नवीन कैंपेन नेशनवाईड कंपीटीशन फॉर लॉ कोलेजेज इन रील मेकिंग एंड शॉर्ट फिल्म टाइटल-कनेक्टिंग विद द कॉज  के संबंध में जानकारी दी। न्यायाधिपति श्री संदीप मेहता ने रालसा द्वारा किये गये नवीन पहलों की सराहना करते हुए ई-प्रीजन सॉफ्टवेयर के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने जेलों में जा​तिगत आधार पर काम के बंटवारे पर संज्ञान लेकर इस संबंध में नियमों में संशोधन किये जाने पर जोर दिया। मुख्य न्यायाधिपति राजस्थान उच्च न्यायालय श्री एम.एम श्रीवास्तव ने रालसा के नवनिर्मित भवन के डिजीटल इंफ्रास्ट्रक्चर की सराहना की तथा ओपन जेल सिस्टम को राजस्थान में अग्रणी बताया। न्यायाधिपति श्री पंकज भंडारी ने रालसा द्वारा 6 से 18 वर्ष के विशेष योग्यजन बच्चों के लिए 2500 रूपये प्रतिमाह की स्कॉलरशिप देने की शुरूआत करते हुए इसे एक मानवीय पहल बताया। कार्यक्रम के अंत में न्यायाधिपति राजस्थान उच्च न्यायालय एवं अध्यक्ष राजस्थान उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति जोधपुर श्री पी एस भाटी द्वारा मुख्य न्यायाधिपति राजस्थान उच्च न्यायालय श्री एम.एम श्रीवास्तव को विधिक सेवा कार्यों को नई दिशा देने के लिए धन्यवाद दिया तथा सेवानिवृत न्यायाधिपति श्री जसराज चोपड़ा एवं उपस्थित सभी अतिथीगणों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

राज्य सरकार एवं विधानसभा के पत्रों को प्राथमिकता से करें डिस्पोजल, राजस्थान-प्रमुख सचिव ने सहकारिता विभाग में कार्य संस्कृति सुधार के दिये टिप्स

जयपुर। प्रमुख शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारिता मंजू राजपाल ने कहा कि वर्ष 2025 में सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को एक संकल्प लेना चाहिये कि वे विभाग में राज्य सरकार, लोकायुक्त, विधानसभा आदि के स्तर से प्राप्त पत्रों, प्रश्नों एवं निर्देशों के संबंध में त्वरित कार्यवाही करेंगे और इनके निस्तारण में लगने वाले समय को न्यूनतम स्तर तक लायेंगे और सहकारिता विभाग को एक उदाहरण के रूप में पेश करेंगे। राजपाल ने शुक्रवार को नेहरू सहकार भवन स्थित सभागार में विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुये कहा कि सभी फंक्शनल अधिकारी अनुभाग में प्राप्त पी.यू.सी. के निस्तारण के लिये साप्ताहिक कार्य योजना बनाकर काम करें और उनका दैनिक मॉनिटरिंग भी करें ताकि उनका समयबद्ध तरीके से डिस्पोजल हो सके। उन्होंने कहा कि इसके लिये अपने कार्मिकों के बीच कार्य विभाजन को परिभाषित करें और उनके मध्य रोटेशन ऑफ ड्यूटीज भी करते रहें ताकि किसी विशिष्ट अवधि में कार्मिक की अनुपस्थिति से अनुभाग का कार्य प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार, लोकायुक्त कार्यालय एवं विधान सभा से प्राप्त पत्रों, प्रश्नों, निर्देशों के संबंध में संबंधित संस्थाओं और कार्यालयों से सामंजस्य स्थापित करते हुये टाइम बाउण्ड तरीके से निस्तारण किया जावे। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकरण में सारगर्भित कार्यालय टीप अंकित की जावे तथा उससे संबंधित विषयों और पत्रों को सही ढंग से फ्लेग किया जावे। ऐसा करने से उच्च स्तर पर त्वरित निर्णय संभव हो सकेंगे। रजिस्ट्रार ने कहा कि सहकारिता विभाग राज्य की कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने में एक महत्वपूर्ण विभाग है और विभाग सहकारी संस्थाओं के सहयोग से लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग के कार्य निष्पादन प्रदर्शन में सुधार का सीधा प्रभाव योजनाओं के क्रियान्वयन पर पडता है। इसलिये यह हमारी सबकी जिम्मेदारी है कि हम सभी एक टीम के रूप में कार्य करें और गुणवत्तापूर्ण तरीके से कार्य कर आमजन को अधिक से अधिक राहत दें।

लम्बित प्रश्नों पर जीरो पेंडेन्सी के साथ आदर्श बनाये, राजस्थान-विधानसभा अध्यक्ष ने मुख्य सचिव सहित अधिकारियों की बुलाई उच्च बैठक

जयपुर। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि विधानसभा आमजन की समस्या के समाधान का सशक्त प्लेटफार्म है। विधायकों द्वारा जन समस्याओं के संबंध में उठाये गये मुद्दों के निराकरण विधानसभा के पवित्र सदन में होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के अधिकारीगण समस्याओं के निराकरण करने में सहयोगी बने और अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन समय सीमा में करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि मिशन रूप में कार्य करने से ही राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे कार्यों का परिणाम धरातल पर दिखाई दे सकेगा। श्री देवनानी ने कहा कि विधानसभा से संबंधित प्रश्नों के जवाब के मामले में उल्लेखनीय सुधार हुए है, लेकिन अभी और अधिक बेहतर किये जाने की आवश्यकता है। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी शुक्रवार को यहां विधानसभा में लम्बित प्रश्नों, ध्यानाकर्षण प्रस्तावों, विशेष उल्लेख प्रस्तावों, आश्वासनों एवं याचिकाओं के संबंध में राज्य सरकार के मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव सहित वरिष्ठ अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। अधिकारियों को दिये सख्‍त निर्देश, जवाब समय सीमा में भेजे- श्री देवनानी ने कहा कि प्रश्नों के जवाब लम्बे समय तक विधानसभा को प्राप्त नहीं होना चिन्ता का विषय है। उन्होंने अधिकारियों को सख्‍त निर्देश दिये कि विधानसभा के प्रश्नों के जवाब समय सीमा में भेजा जाना सुनिश्चित करें। यह महत्वपूर्ण कार्य है। सोलहवीं राजस्थान विधानसभा के तीसरे सत्र से पहले 20 जनवरी तक सभी प्रश्नों के जवाब  विधानसभा को आवश्यक रूप से भेजे। श्री देवनानी ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, स्वायत्त शासन विभाग, शिक्षा विभाग, ऊर्जा विभाग, नगरीय विकास विभाग और गृह विभाग का नाम प्रमुखता से लेकर कहा कि इन विभागों में विधानसभा के प्रकरण अधिक संख्या में लम्बित है। श्री देवनानी ने कहा कि इन विभागों को प्राथमिकता से गम्भीर होकर विधानसभा के मामलों का निस्तारण समय सीमा में करना होगा। श्री देवनानी अधिक प्रश्नों के बकाया जवाबों वाले विभागों के अधिकारियों से रूबरू हुए और उनसे प्रश्नों के जवाब नहीं आने के कारणों की जानकारी ली। श्री देवनानी ने कहा की विधानसभा की समितियों की कार्यवाही को भी प्रशासनिक अधिकारी गंभीरता से लें ताकि ऑडिट पैराओ पर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध समय पर कार्रवाई हो सके। प्रश्नों के मामले में दुबारा ना बुलानी पडे बैठक- श्री देवनानी ने कहा कि अधिकारी विधानसभा से संबंधित मामलों में इस तरह की मॉनिटरिंग करें की लम्बित प्रश्नों के मामले में भविष्य में अन्य बैठक बुलाने की आवश्यकता ही ना हो। जनहित के मामलों का निस्तारण विधानसभा में समय सीमा में कराया जाना सशक्त लोकतंत्र के लिये आवश्यक है। कैम्प लगाये और निस्तारण करें- श्री देवनानी ने कहा कि विधानसभा से संबंधित प्रश्नों के मामले में विभाग के अधिकारियों के साथ कैम्प लगाकर युद्ध स्तर पर कार्य निस्तारण की कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि यह गभीर मामले है इन्हें समय से निर्णित किया जाना आवश्यक है। विधानसभा अध्यक्ष श्री देवनानी ने कहा कि यदि इन मामलों में कोई समस्या है तो बताये और उसके साथ ही समस्या के निराकरण के मार्ग भी सुझाये, ताकि परिणामदायक कार्य हो सके। विधानसभा के प्रति संवेदनशील बने- राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री देवनानी ने कहा कि अधिकारीगण विधानसभा के प्रति संवेदनशील बने। सदन में 200 विधायकगण बैठते हैं। राज्य सरकार भी यहां राज्य कार्यों को सम्‍पादित करती है। उन्होंने कहा कि अधिकारीगण विधानसभा को गम्भीरता से ले। अधिनस्थ अधिकारियों की कार्य व्यवस्था को प्रभावी बनाये और परिणाम देने वाला परिश्रम करें। यह विधानसभा है यहां परिणाम धरातल पर आने चाहिए- श्री देवनानी ने कहा कि विधानसभा का सदन आमजन का सदन होता है। आमजन विधायकों को निर्वाचित कर विधानसभा में भेजते है। जन समस्याओं का निराकरण आवश्यक रूप से प्रभावी तरीके से किया जाना आवश्यक है, ताकि धरातल पर परिणाम दिखाई दे सके। देवनानी ने कहा कि तीस दिन विधानसभा चलती है। एक विभाग के लिये पांच दिन का ही समय आता है। विधानसभा से अधिक महत्वपूर्ण कोई कार्य नहीं हो सकता है। विधानसभा में बैठकों के दौरान वरिष्ठ अधिकारीगण दीर्घा में मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि जनता को यथा समय जवाब मिलने पर सन्तुष्टि होती है। प्रदेश के अधिकारीगण अनुभवी है। उनके अनुभवों का लाभ राज्य को होना चाहिए। श्री देवनानी ने कहा कि राजस्थान के लोग धैर्यवान है। उनकी कठिनाईयों का निराकरण करना हम सभी का प्रथम दायित्व है। बोर्ड निगमों के प्रतिवेदन नहीं आने पर जिम्मेदारी तय करें- श्री देवनानी ने कहा कि विधानसभा में राज्य के निगमों, बोर्ड आदि के प्रतिवेदन समय पर नहीं आते है। यह ठीक नहीं है। इसे गम्भीरता से ले और जिम्मेदारी तय करें।विभागों में बने प्रकोष्ठों को सुदृढ करें- श्री देवनानी ने अधिकारियों से पूछा कि प्रश्नों के जवाब भेजने में क्या कठिनाई है? क्यों प्रश्नों के जवाब लम्बित रहते है। किस स्तर पर विधानसभा के कार्यों को गम्भीरता से नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुझे पीडा है कि प्रश्नों के जवाब निर्धारित समय सीमा में नहीं आ रहे है। श्री देवनानी ने कहा कि प्रत्येक विभाग में विधानसभा प्रकोष्ठ संचालित होने के बावजूद भी प्रश्नों के जवाब नहीं आना दु:खद है। राज्य सरकार और विधानसभा का उद्देश्य एक ही है- श्री देवनानी ने कहा कि राज्य सरकार और विधानसभा के कार्यों का उद्देश्य एक ही है। विधायकों द्वारा पूछे जा रहे प्रश्नों के जवाब तय समय सीमा में आये। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और विधानसभा के अधिकारीगण प्रश्नों के जवाब में आ रही कठिनाइयों को मिलकर दूर करें और समय पर प्रश्नों के जवाब भेजे जाना सुनिश्चित करें। लोकतंत्र के प्रति लोगों के विश्वास को बनाये रखें- श्री देवनानी ने कहा कि लोकतंत्र में जन महत्वपूर्ण होता है। जनता का लोकतंत्र के प्रति विश्वास को बनाये रखने में हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। आप और हम सभी मिलकर लोकतंत्र के लिए प्रदेश के विकास के लिए कार्य कर रहे है। इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। श्री देवनानी ने कहा कि विधानसभा के सदन संचालन से संबंधित किसी भी कार्य में ढिलाई बरतने वाले अधिकारी व कर्मचारी पर सख्त कार्यवाही होगी। बैठक में मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत ने कहा कि प्रश्नों के सन्दर्भ में विधानसभा अध्यक्ष द्वारा अनेक बार समीक्षा की जा रही है। राज्य सरकार उनके इस कदम में पूरी तरह से सहभागी … Read more

नियम पालन न करने वाले वेटेरिनरी कॉलेजों पर होगी कार्रवाई, राजस्थान-पशुपालन सचिव ने समीक्षा बैठक में दी हिदायत

जयपुर। शुक्रवार को शासन सचिवालय में पशु चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता और भविष्य में सुधार की संभावनाओं पर समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। अक्टूबर में इस विषय पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया था। उसी के फॉलोअप के लिए यह बैठक हुई। बैठक में राज्य के पशु चिकित्सा संस्थानों के अधिष्ठाताओं ने अपने कॉलेजों की प्रस्तुति दी। बैठक में शासन सचिव, पशुपालन, गोपालन और डेयरी डॉ समित शर्मा ने प्रस्तुितयों की सराहना करते हुए कहा कि आप सबने अपना काम शुरू कर दिया है, विश्वास है कि हम जल्द ही अपने लक्ष्य को हासिल कर लेंगे। वेटरिनरी कॉलेज को उत्कृष्टता का केंद्र बनाना हमारा लक्ष्य होना चाहिए। डॉ शर्मा ने भौतिक और मानव संसाधन के बीच संतुलन पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता के लिए क्षेत्र में काम कर रहे पशु चिकित्सा अधिकारियांे और शिक्षा संस्थानों के बीच तालमेल होना आवश्यक है। उन्हांेने कहा कि विभाग द्वारा ई- नॉलेज बैंक बनाया जा रहा है जिससे कोई भी चिकित्सक अगर कोई सर्जरी कर रहा है और उसे किसी इनपुट की आवश्यकता है तो वह इनपुट उसे ऑनलाइन उपलब्ध हो सके। उन्होंने हैंड्सऑन ट्रेनिंग को भी आवश्यक बताते हुए कहा कि बिना पानी में उतरे कोई व्यक्ति तैरना नहीं सीख सकता। राष्ट्रीय पशु चिकित्सा परिषद के मापदंडों पर काम करते हुए राज्य के पशु चिकित्सा संस्थानों को देश में सर्वाेच्च स्थान पर लाना है। इससे किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने कॉलेजों में आधुनिक संरचना के विकास पर जोर देते हुए कहा कि हमें एप आधारित पठन- पाठन सामग्री का उपयोग करना चाहिए, जिससे हमारे भावी पशु चिकित्सकों में उच्च स्तर की व्यवसायिक दक्षता आ सके। उन्होंने कहा कि सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों का समय- समय पर रिफ्रेशर कोर्स और एक्सपोजर विजिट होना चाहिए जिससे उनमें और अच्छा काम करने की ललक पैदा होगी। उन्होंने सभी कॉलेजों को सभी प्रकार के उपकरण और औजार की उपलब्धता और उनका उपयोग सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए और कहा कि कॉलेज के संचालन और विद्यार्थियांे की एडमिशन प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शी होनी चाहिए। उन्होंने मैनेजमेंट कोटे की सीटों को भरने में मनमानी फीस न लेने के सख्त निर्देश दिए और कहा कि ऐसा होने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिये कि सभी कॉलेजों को एमएसवीई निर्देशिका एवं वीसीआई रेगुलेशन, 2016 के अनुसार बायोमीट्रिक उपस्थिति, अध्यापकों की पारदर्शी सूची, आम जनता के लिए कॉलेज स्थित पशु अस्पतालों का उपयोग आदि निर्देशों का पालन करें अन्यथा नियमानुसार कॉलेजों की एनओसी निरस्त करने की कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि अपनी कमियों को स्वीकार करने में हमें कोई गुरेज नहीं करना चाहिए बल्कि उन कमियों को दूर करने का प्रयास करते हुए हमें ऊंचाई की तरफ बढ़ना चाहिए। समस्याएं भी आएंगी पर उन सबका मिलकर सामना करते हुए हम निश्चित रूप से प्रदेश को पशु चिकित्सा के क्षेत्र में सर्वाेच्च स्थान दिलाने में कामयाब होंगे। बैठक में शासन उप सचिव श्रीमती संतोष करोल, पशुपालन निदेशक  डॉ आनंद सेजरा, राजुवास के प्रो वाइस चांसलर डॉ हेमंत दाधीच, राज्य के विभिन्न पशु चिकित्सा महाविद्यालयों के अधिष्ठाता और पशुपालन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

‘पूर्ण निष्ठा से करें प्रकृति संरक्षण कार्य’, राजस्थान-119वें वनरक्षक प्रशिक्षण के दीक्षांत समारोह में पहुंचे केन्द्रीय पर्यटन मंत्री

जोधपुर/जयपुर। जोधपुर के राजस्थान पुलिस प्रशिक्षण केंद्र, मंडोर में शुक्रवार को आयोजित 119वीं फॉरेस्ट गार्ड ट्रेनिंग पासिंग आउट परेड में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। उन्होंने पास आउट वन रक्षकों की परेड का निरीक्षण किया एवं परेड की सलामी ली। साथ ही, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र व स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने नवप्रशिक्षित वन रक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि उन्हें वन और वन्यजीव संरक्षण का जो महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है, उसे पूर्ण निष्ठा और जिम्मेदारी से निभाना होगा। वन संरक्षण की प्रेरणा: अमृता देवी बिश्नोई का स्मरण— केंद्रीय मंत्री श्री शेखावत ने कहा कि यह गौरवपूर्ण क्षण है कि आप सभी को प्रशिक्षण उस पवित्र धरती पर मिला है, जहां पर्यावरण रक्षा के लिए श्रीमती अमृता देवी बिश्नोई ने 363 लोगों के साथ अपने प्राणों की आहुति दी थी। हमारी संस्कृति ने हमेशा जल, जंगल, जमीन और जीव-जंतुओं को देवताओं के समान पूजा है, लेकिन समय के साथ भौतिकवाद और गुलामी के कारण हमने अपने इन आदर्शों से दूरी बना ली। पर्यावरण संरक्षण में भारत की भूमिका— श्री शेखावत ने कहा कि वर्तमान में पूरा विश्व पर्यावरणीय संकट का सामना कर रहा है और भारत भी इससे अछूता नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के संरक्षण में ही इस संकट का समाधान निहित है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 10 वर्षों में वन संरक्षण और वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रयासों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के “मां के नाम एक पौधा” अभियान से पौधारोपण के प्रति आमजन का उत्साह बढ़ा है। 491 फॉरेस्ट गार्ड्स ने पूरा किया प्रशिक्षण— 491 चयनित फॉरेस्ट गार्ड्स को 12 सप्ताह का गहन प्रशिक्षण मिलने पर श्री शेखावत ने उन्हें एक नए जीवन अध्याय की शुभकामनाएं दीं और इस बैच को सौभाग्यशाली बताया तथा कहा कि उन्हें ऐसे परिसर में प्रशिक्षण का अवसर मिला, जिसका नाम स्वर्गीय सुल्तान सिंह से जुड़ा है। वनरक्षक भर्ती परीक्षा—2022 भर्ती के तहत चयनित 141 प्रशिक्षणार्थियों का नवीन बेच आगामी 7 जनवरी से आरपीटीसी मण्डोर जोधपुर में प्रारंभ होने जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान 120वें वनरक्षक आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ भी मुख्य अतिथि श्री शेखावत द्वारा किया गया। इस दौरान उप वन संरक्षक एवं कोर्स निदेशक श्री अमित चौहान ने नव प्रशिक्षित वनरक्षकों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलवायी। प्रशिक्षण का प्रतिवेदन उप वन संरक्षक एवं कोर्स निदेशक श्री दीपक गुप्ता ने प्रस्तुत किया। सुल्तान सिंह स्टेडियम में आयोजित इस समारोह में जोधपुर संभागीय आयुक्त डॉ प्रतिभा सिंह, रेंज आईजी श्री विकास कुमार, जिला कलेक्टर श्री गौरव अग्रवाल, मुख्य वन संरक्षक श्री आर.के. जैन सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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