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शौर्य घाट चम्बल रिवर फ्रंट पर उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने किया संवाद, राजस्थान-कोटा एवं हाड़ौती में पर्यटन विकास की विपुल सम्भावनाएं

जयपुर। उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा है कि कोटा समेत समूचा हाड़ौती अंचल पर्यटन की विपुल सम्भावनाएं समेटे हुए है। कोटा में चम्बल रिवर फ्रंट एक यूनिक डेस्टिनेशन बनकर उभरा है। पर्यटन विकास के लिए सरकार के स्तर पर हर सम्भव प्रयास एवं सहयोग किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री शुक्रवार को शौर्य घाट चम्बल रिवर फ्रंट पर आयोजित हाड़ौती पर्यटन विकास पर संवाद कार्यक्रम में शिरकत कर रही थी। समारोह में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कोटा में पर्यटन विकास के लिए सबकुछ है। कोटा और बूंदी जिलों में कई हैरिटेज स्थल हैं। यहां अध्यात्मिक टूरिज्म के साथ-साथ वाईल्ड लाईफ और एडवेंचर पर्यटन की भी व्यापक सम्भावनाएं हैं। हमें इन खूबियों की वैश्विक स्तर पर ब्राडिंग करने की जरूरत है । उन्होंने कहा कि शीघ्र ही राज्य सरकार द्वारा पर्यटन नीति जारी की जाएगी जिसमें पर्यटन विकास के विविध आयामों को ध्यान में रखा जायेगा। हाड़ौती के पर्यटन के विकास के लिए पर्यटक अथवा ट्रेवल मार्ट के आयोजन किए जाने चाहिए जिनसे यहां पर्यटन स्थलों का प्रभावी तरीके से प्रमोशन हो सकेगा। उन्होंने कहा कि कोटा में एयरपोर्ट निर्माण प्रक्रिया आरम्भ हो चुकी है। एयरपोर्ट बनने के बाद कनेक्टिविटी होने से देश-विदेश के पर्यटक अच्छी तादाद में यहां आ सकेंगे। सड़कों की स्थिति में भी व्यापक सुधार लाया गया है और आगे भी इस दिशा में ठोस कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अतिथि देवो भवः की भावना राजस्थानवासियों में कूट-कूटकर भरी है। इसी का नतीजा है कि पर्यटक यहां खिंचे चले आते हैं। इस बार राजस्थान में पर्यटकों की बम्पर आवक हुई है जो उत्साहजनक है। राईजिंग राजस्थान में भी सबसे ज्यादा एमओयू पर्यटन क्षेत्र में हुए हैं। कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा ने कहा कि उप मुख्यमंत्री ने सकारात्मक एवं संवेदनशीलता के साथ हमारी भावनाओं को समझा है। हम उम्मीद करते हैं कि आने वाले बजट में हमारी अपेक्षाएं अवश्य पूरी होंगी। इस अवसर पर एडीएम सीलिंग श्री कृष्णा शुक्ला, एडीएम सिटी श्री अनिल कुमार सिंघल एवं अन्य अधिकारी, होटल एसोसिएशन एवं पर्यटन से जुड़े कोटा-बूंदी के पदाधिकारी उपस्थित रहे। होटल एसोसिएशन ऑफ राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष श्री हुसैन खान ने कोटा एवं हाड़ौती में पर्यटन एवं आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता एवं हाड़ौती में पर्यटन की सम्भावनाओं पर प्रकाश डाला। एसोसिएशन के कोटा सम्भाग के श्री अशोक माहेश्वरी ने भी कोटा में रिवर फ्रंट सहित अन्य पर्यटक स्थलों को रेखांकित करते हुए पर्यटन विकास की सम्भावनाओं की ओर ध्यान आकृष्ट किया और सुविधाओं के विस्तार का अनुरोध किया। होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान एवं व्यापार महासंघ, व्यापार महासंघ अध्यक्ष श्री क्रांति जैन, होटल एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री रणविजय सिंह ने उप मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया गया। लाइन प्रोड्यूसर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष श्री सुभाष सोरल ने फिल्म व वेब सीरीज की शूटिंग के मध्यनजर जिलों में एकल खिड़की उपलब्ध कराए जाने का अनुरोध किया ताकि राजस्थान में अधिक से अधिक निर्माता शूटिंग के लिए आकर्षित हो।

प्रदेश के विकास और खुशहाली की कामना की, राजस्थान-मुख्यमंत्री भजनलाल ने श्रीनाथ जी एवं गणेश मन्दिर में किए दर्शन

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने नववर्ष 2025 के प्रथम दिन बुधवार को सपत्नीक डीग जिले के श्रीनाथ जी मन्दिर, मुकुट मुखारविंद मन्दिर तथा जयपुर के मोतीडूंगरी गणेश मन्दिर में दर्शन किए। उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश के विकास और आमजन की खुशहाली की कामना की। शर्मा ने डीग जिले के श्रीनाथ जी मन्दिर में मंगला आरती में शामिल होकर दर्शन किए। उन्होंने मुकुट मुखारविंद मन्दिर में श्री गिरिराज जी का दुग्धाभिषेक कर विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने जयपुर पहुंचकर मोतीडूंगरी गणेश मन्दिर में दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने आमजन से आत्मीय मुलाकात की। इस अवसर पर गृह राज्यमंत्री श्री जवाहर सिंह बेढ़म सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

पशु चिकित्सा संस्थानों को बेहतर बनाने शुरू करेंगे नवाचार, राजस्थान-पशुधन भवन में नव वर्ष मिलान में पशुपालन सचिव बोले

जयपुर। पशुपालन सचिव डॉ समित शर्मा ने कहा है कि 1 जनवरी 2025 से विभाग में तीन नई व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि पशुपालकों को पशुपालन विभाग के टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान जैसे सबसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की प्रभावी मॉनिटरिंग करने के लिए सभी संभागों और जिलों के लिए मुख्य निष्पादन सूचकांक यानी परफॉरमेंस इंडिकेटर बेस्ड मासिक रिपोर्ट कार्ड तैयार की जाएगी जिससे योजनाओं का बेहतर संचालन हो सके, समय पर समस्याओं का पता लगाया जाकर उनका निराकरण किया जा सके। वे टोंक रोड स्थित पशुधन भवन में नव वर्ष के अवसर पर विभाग के अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। डॉ समित शर्मा ने विभाग के अधिकारियों को नव वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमें विभाग के लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करते हुए अनुशासन और समयबद्धता के साथ आगे बढ़ना है और उत्कृष्ट राजकीय सेवाएं हमारे लाभार्थियों तक पहुंचाने का प्रयास करना है। डॉ शर्मा ने बताया कि विभाग के वेटरिनरी संस्थाओं जैसे पॉलीक्लिनीक, वेटरिनरी चिकित्सालय एवं पशु चिकित्सा उपकेंद्रों को बेहतर बनाने के लिए उन संस्थाओं को क्रमशः 100, 65 और 50 बिंदुओं पर मॉनिटर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह व्यवस्था पशु चिकित्सा संस्थानों में स्थानीय स्तर पर गतिविधियों के क्रियान्वयन में तो मददगार साबित होगी ही साथ ही, राज्य स्तर पर होने वाली समीक्षा बैठकों में भी संस्थानों के कार्य मूल्यांकन में इससे बहुत सहायता मिलेगी। डॉ शर्मा ने बताया कि वर्ष भर में उत्कृष्ट रहने वाले पशु चिकित्सा संस्थानों और अधिकारियों को विश्व पशु चिकित्सा दिवस (अप्रैल माह के अन्तिम शनिवार) के अवसर पर प्रशस्ति पत्र सम्मानित भी किया जाएगा। इससे संस्थानों में बेहतर करने की स्वस्थ प्रतिस्पर्द्धा विकसित होगी और पशुपालकों और पशुओं को भी गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्राप्त होंगी। डॉ शर्मा ने बताया कि विभाग द्वारा चलाए जा रहे मोबाइल वेटरिनरी यूनिट्स को अब 1962 कॉल सेंटर पर प्राप्त कॉल आधारित संचालन के अतिरिक्त प्रतिदिन सुबह के समय लगभग 3 से 4 घंटे पशु चिकित्सा शिविरों का किया जाएगा। शिविर के आयोजन से एक दिन पहले इसकी सूचना नजदीकी विभागीय संस्था के प्रतिनिधि द्वारा ग्रामीणों को दी जाएगी। शिविर स्थल पर विभाग और शिविर से संबंधित आईईसी सामग्री का प्रदर्शन भी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि एमवीयू सप्ताह के सभी दिवसों में बिना किसी अवकाश के कार्य करेंगी और शिविर के आयोजन के लिए विभाग तथा संचालनकर्ता फर्मों की भूमिका तय कर दी गई है।

एक हजार करोड़ के निवेश का बनेगा रोडमैप, राजस्थान-निवेश एमओयू के क्रियान्वयन की मुख्यमंत्री करेंगे त्रि-स्तरीय समीक्षा

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के औद्योगिक विकास एवं निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक बेहतरीन विजन एवं रोडमैप के साथ कार्य कर रही है। इसी दिशा में कार्यकाल के पहले ही वर्ष में राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के सफल आयोजन के बाद हस्ताक्षरित हुए एमओयू के समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री ने त्रि-स्तरीय समीक्षा व्यवस्था की पहल की है। एमओयू की त्रि-स्तरीय समीक्षा व्यवस्था के अनुसार, एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि वाले एमओयू की समीक्षा मुख्यमंत्री स्तर पर मासिक रूप से की जाएगी। वहीं, 100 करोड़ से लेकर 1 हजार करोड़ रुपये तक की राशि वाले एमओयू की समीक्षा मुख्य सचिव स्तर पर पाक्षिक रूप से की जाएगी। साथ ही, 100 करोड़ रुपये से कम राशि वाले एमओयू की समीक्षा विभागीय सचिव स्तर पर साप्ताहिक रूप से की जाएगी। राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के तहत कुल 35 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू किए गए थे। जिनमें से लगभग 32 लाख करोड़ रुपये के 261 एमओयू एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि वाले हैं। इसी तरह, 100 करोड़ से अधिक एवं 1 हजार करोड़ रुपये से कम की राशि वाले एमओयू की संख्या 1 हजार 678 तथा इनकी कुल राशि 3.50 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। साथ ही, 100 करोड़ रुपये तक के एमओयू की संख्या 9 हजार 726 तथा इनकी कुल राशि लगभग 90 हजार करोड़ है। उल्लेखनीय है कि 9 से 11 दिसंबर तक जयपुर में आयोजित राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में मुख्यमंत्री ने हस्ताक्षरित हुए एमओयू की प्रगति-रिपोर्ट दिसंबर 2025 में प्रदेशवासियों के सामने रखने की घोषणा करते हुए अपनी प्रतिबद्धता दर्शायी थी। इस दिशा में त्रि-स्तरीय समीक्षा व्यवस्था की पहल कारगर साबित होगी।

‘पशु पालकों के विकास के लिए राज्य सरकार कृत संकल्पित’, राजस्थान-पशुपालन निदेशक का डॉ. आनंद सेजरा ने संभाला कार्यभार

जयपुर। डॉ. आनंद सेजरा ने बुधवार को पशुपालन विभाग के निदेशक का कार्यभार ग्रहण किया। इस अवसर पर शासन सचिव डॉ समित शर्मा ने डॉ सेजरा को बधाई दी। डॉ. सेजरा ने 1992 में आरपीएससी से चयनित होकर पशुपालन विभाग में अपनी सेवा की शुरूआत की। इसके बाद 1996 में सीधी भर्ती से सहायक निदेशक के पद पर चयनित हुए। पशुपालन निदेशालय में लंबे समय से कार्यरत डॉ सेजरा ने कई महत्वपूर्ण अनुभागों का दायित्व बहुत कुशलता से संभाला है। वे आयोजना तथा विधानसभा मामलों के विशेषज्ञ माने जाते हैं। वर्तमान में कई अनुभागों के दायित्व के साथ साथ आरएलडीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी का कार्यभार भी डा.ॅ सेजरा के पास है। कार्यभार संभालते हुए डॉ सेजरा ने कहा कि राज्य सरकार पशुपालकां के विकास के लिए कृत संकल्पित होकर काम कर रही है। विकसित और समृद्ध राजस्थान बनाने तथा विभाग को एक नई ऊंचाई तक ले जाने के लिए पशुपालन विभाग अपना भरपूर प्रयास करेगा। उन्होंने विभाग के सभी कार्मिकों को नए साल की शुभकामनाएं देते हुए नए साल में नई ऊर्जा के साथ काम करने का आग्रह किया। विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने डॉ. सेजरा को निदेशक पद का कार्य भार ग्रहण करने पर बधाई और शुभकामना दी।

लोक देवताओं, वीर- वीरांगनाओं और महापुरुषों की प्रमुखता से दी है जानकारी, राजस्थान-विधानसभा कैलेण्डर का विमोचन

जयपुर। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने बुधवार को विधानसभा में राजस्थान विधानसभा वार्षिक कैलेण्डर 2025 का विमोचन किया। श्री देवनानी ने कहा कि वर्ष 2025 के कैलेण्डर में लोक देवताओं, वीर-वीरागंनाओ और महापुरुषों का प्रमुखता से उल्लेख किया गया है। उन्होंने बताया कि महापुरुषों के आदर्श आम जन के प्रेरणा स्त्रोत होते हैं। जिस माह में जिन लोकदेवताओं, वीर-वीरागंनाओ और महापुरुषों के पर्व, जयंती आते हैं, उसी माह में उनका उल्लेख किया गया है। इससे आम जन को स्थानीय लोक देवताओं के साथ वीर-वीरागंनाओं के ‌द्वारा किये गये राष्ट्र के लिये बलिदान और त्याग की जानकारी मिल सकेगी। इस मौके पर विधान सभा के विशिष्ट सचिव श्री भारत भूषण शर्मा और विशिष्ट सहायक श्री के. के. शर्मा मौजूद थे। विधानसभा अध्यक्ष ने सदन का किया अवलोकन – राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने बुधवार को राजस्थान विधान सभा के सदन को हाईटेक बनाने के लिये किये जा रहे कार्य का अवलोकन किया। श्री देवनानी ने सदन में विधान सभा के प्रत्येक सदस्य की सीट पर लगाये जा रहे टैब, उसके स्टैण्ड और उसको उचित दिशा में लगाये जाने के बारे में अधिकारियों को निर्देश दिये। श्री देवनानी ने सदन में किये जा रहे अपग्रेडेशन कार्य की विस्तार से जानकारी ली। इस मौके पर विधान सभा के अधिकारीगण मौजूद थे।

सहकारिता के त्वरित एवं स्वतः प्रसार के लिये किये जायेंगे प्रावधान: राज्यमंत्री, राजस्थान-नया कोऑपरेटिव कोड तैयार करने की ब्रेन स्टॉर्मिग बैठक

जयपुर। सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम कुमार दक ने बताया कि प्रदेश में सहकारी संस्थाओं की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता स्थापित करने एवं त्वरित कार्य निष्पादन के लिये नये सहकारी कोड में प्रावधान किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य प्रदेश में सहकारिता को सर्वसुलभ बनाते हुये इसके सहज एवं स्वतः विस्तार को सुनिश्चित करना है। प्रदेश का कोई भी नागरिक सहकारिता के माध्यम से मिलने वाले लाभ से वंचित नही रहना चाहिये इसके लिये सहकारी कानून में समयबद्ध सीमा में सदस्यता प्रदान करने का प्रावधान किया जावे। सहकारिता विभाग के अधिकारियों सहित अभिभाषकों एवं जन प्रतिनिधियों के साथ अपेक्स बैंक में आयोजित ब्रेन स्टॉर्मिंग बैठक में सहकारिता मंत्री ने बताया कि महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु, गुजरात सहित मध्यप्रदेश राज्यों के सहकारी कानूनों का अध्ययन कर सहकारिता प्रसार के लिये युक्तियुक्त प्रावधानों का राजस्थान के परिपेक्ष्य में उनका मसौदा तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गृह निर्माण सहकारी समितियों और क्रेडिट सहकारी सोसाइटियों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता स्थापित करने के लिये प्रावधानों पर विचार किया गया। इसके लिये संबंधित विभागों के प्रावधानों और सहकारिता की भूमिका के मध्य सामंजस्य स्थापित करते हुये कोऑपरेटिव कोड में अध्याय जोड़े जायेंगे। दक ने बताया कि नये कोऑपरेटिव कोड में सहकारिता के मूल सिद्धान्तों को आधार बनाते हुये खुली एवं स्वैच्छिक सदस्यता, सदस्यों की आर्थिक सहभागिता, सदस्यों का लोकतांत्रिक नियंत्रण, सदस्यों एवं पदाधिकारियों को सहकारी शिक्षा एवं प्रशिक्षण तथा सहकारी संस्थाओं के मध्य सहकारिता को सुनिश्चित करने के लिये प्रावधानों को संशोधित एवं परिवर्धित करने के लिये अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। सहकारिता विभाग की प्रमुख शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार श्रीमती मंजू राजपाल ने कहा कि नये कोऑपरेटिव कोड में हमारा फोकस कार्य निष्पादन सीमा को न्यूनतम स्तर तक लाते हुये सदस्यों को त्वरित एवं न्याय संगत कार्यवाही को सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि आमजन को सहकारी सुविधाओं और योजनाओं तक सुगम पहुंच सुनिश्चित करने के लिये सभी जिला इकाइयों एवं जिला केन्द्रीय सहकारी बैंकों में हेल्प डेस्क बनाई जायेंगी। मंजू राजपाल ने कहा कि नये कोऑपरेटिव कोड को इस प्रकार बनाया जा रहा है जिसमें सहकारी संस्थाओं की स्वायत्तता को अक्षुण्ण बनी रहे और निर्वाचित पदाधिकारी संस्था की निर्णय प्रक्रिया में अधिकाधिक भाग लेकर एक सबके लिये, सब एक के लिये के मूलमंत्र के आधार पर कार्य कर सकें।

‘हम नई ऊर्जा और संकल्प के साथ विकसित बनने अग्रसर’, राजस्थान-मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का नववर्ष पर संदेश

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने नववर्ष 2025 की पूर्व संध्या पर मंगलवार को प्रदेशवासियों के नाम एक पत्र लिखकर भावपूर्ण संदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में कहा कि वर्ष 2024 हमारे देश और राजस्थान के लिए उपलब्धियों और गर्व भरा रहा। यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई। इस वर्ष 500 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण हुआ और करोड़ों देशवासियों की अभिलाषा पूरी हुई। शर्मा ने कहा कि राजस्थान के लिए भी 2024 उपलब्धियों का वर्ष रहा। वर्षों से लंबित ईआरसीपी (पीकेसी) लिंक परियोजना की सौगात हमें इस वर्ष प्राप्त हुई। साथ ही, देवास परियोजना का काम शुरू होने तथा यमुना जल समझौते से प्रदेश के विकास और जल संकट के स्थाई समाधान का मार्ग प्रशस्त हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बनते ही हमने युवाओं को पेपरलीक के अभिशाप से मुक्ति दिलाते हुए भर्ती माफिया तंत्र का अंत किया और पेपरलीक मुक्‍त परीक्षाओं का सफलतापूर्वक आयोजन किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहली बार भर्ती परीक्षाओं का 2 साल का कैलेंडर जारी करते हुए युवाओं को मुख्यमंत्री रोजगार उत्सव के माध्यम से रोजगार भी प्रदान किए। श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए हमने राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का सफल आयोजन किया, जिसमें 35 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। इससे प्रदेश के औद्योगिक विकास को अभूतपूर्व गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी राजस्‍थान देश का अग्रणी प्रदेश बना है। हमारे किसान भाइयों को वर्ष 2027 तक दिन में बिजली उपलब्‍ध करवाने के संकल्‍प को पूरा करने की दिशा में राज्य सरकार ने ऊर्जा क्षेत्र में 2 लाख 24 हजार करोड़ रुपये के एमओयू किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस हाइवे बनाने के निर्णय से प्रदेश के विकास को नई दिशा मिलेगी। इन सभी निर्णयों और केन्द्र व राज्य सरकार की योजनाओं से विकसित राजस्थान 2047 के लक्ष्य की नींव रखी गई है। राज्य सरकार ने लिए कल्याणकारी फैसले— श्री शर्मा ने कहा राज्य सरकार ने राज्य के विभिन्न वर्गों के हित में कई कल्याणकारी फैसले लिए हैं। जिनमें किसानों की सम्मान निधि बढ़ाना, मातृवंदन योजना के तहत साढ़े चार लाख महिलाओं को सहायता, एक हजार नए आंगनबाड़ी केंद्र और बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए लाडो प्रोत्साहन योजना शुरू करना तथा 450 रुपये में गैस सिलेंडर देने जैसे निर्णय शामिल हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना, मा वाउचर योजना और रामाश्रय वार्ड की स्थापना से हमने स्वास्थ्य क्षेत्र में नए मानदंड स्थापित किए हैं। साथ ही, 35 हजार जरूरतमंदों को जमीन के पट्टे, 1 लाख 80 हजार घरों के निर्माण की स्वीकृति तथा 10 लाख परिवारों को पेयजल कनेक्शन देकर उनके जीवन में बड़ा बदलाव लाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि खेल जगत में भी इस वर्ष प्रदेश का नाम देश-दुनिया में रोशन हुआ। पेरिस पैरा ओलंपिक में हमारे प्रदेश के आठ खिलाड़ियों ने भाग लेकर तीन पदक जीते। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि वर्ष 2025 में सभी प्रदेशवासी नई ऊर्जा, नए संकल्प और नए उत्साह के साथ विकसित राजस्थान की ओर अग्रसर होंगे तथा नववर्ष प्रदेश के लिए उपलब्धियों भरा रहेगा।

टीना डाबी समेत 28 आईएएस को मिला प्रमोशन का तोहफा, राजस्थान-प्रवीण गुप्ता और भास्कर सावंत बने एसीएस

रायपुर। राज्य में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS) और भारतीय वन सेवा (IFS) का प्रमोशन किया गया है। प्रमोशन की यह लिस्ट साल 2024 के आखिरी दिन जारी हुई। आईएएस प्रमोशन की लिस्ट में 8 अफसरों के पदनाम भी बदले गए हैं। इसमें प्रमुख सचिव प्रवीण गुप्ता व भास्कर आत्माराम सावंत अब अबोव सुपर टाइम स्केल से मुख्य सचिव वेतन शृंखला में पदोन्नत होकर एसीएस बन गए हैं। वहीं, मंजू राजपाल तथा देवाशीष पृष्टी अबोव सुपर टाइम स्केल में पदोन्नत हो गए हैं। इनके अलावा कुमार पाल गौतम तथा विश्राम मीणा को सुपर टाइम स्केल में पदोन्नत किए गए हैं। रुक्मणी रियार, ओमप्रकाश कसेरा, सिद्धार्थ सिहाग, हिमांशु गुप्ता, नमित मेहता, टीकमचंद बोहरा, हरजीलाल अटल को सिलेक्शन स्केल में पदोन्नति दी गई है। वहीं टीना डाबी, अतहर अल शफी खान, जसमीत सिंह संधू, अमित यादव,  प्रताप सिंह, डॉ. मंजू, रविंद्र गोस्वामी, रोहिताश्व सिंह तोमर,अर्तिका शुक्ला को वरिष्ठ वेतन शृंखला में पदोन्नति दी गई है। सरकार ने टीना डाबी को कनिष्ठ प्रशासनिक वेतन शृंखला में पदोन्नत किया है, जबकि रिया डाबी को कनिष्ठ वेतन शृंखला से वरिष्ठ वेतन शृंखला में पदोन्नत किया गया है। इसके साथ ही प्रवीण गुप्ता, भास्कर आत्माराम सांवत, मंजू राजपाल, देबाशीष पृष्टि, कुमार पाल गौतम, विश्राम मीणा, सिद्धार्थ सिहाग, टीकमचंद्र बोहरा जिस विभाग में जिस पद पर थे, उसी विभाग में अब एक पोस्ट ऊपर की जिम्मेदारी संभालेंगे। सिद्धार्थ सिहाग इस समय मुख्यमंत्री के संयुक्त संचिव थे। अब इन्हें विशिष्ट सचिव मुख्यमंत्री बनाया गया है।

आदर्श आचार संहिता का पालन व अवकाश घोषित करेंगे कलेक्टर, राजस्थान-नगरीय निकाय उपचुनाव का 9 जनवरी को मतदान

जयपुर। प्रदेश के 9 जिलों के 9 नगरीय निकायों के रिक्त पदों पर होने वाले उपचुनावों के लिए मतदान दिवस 9 जनवरी 2025 को सार्वजनिक अवकाश घोषित करने के लिए जिला कलेक्टर को अधिकृत किया गया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन (ग्रुप-2) विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा प्रदेश के 9 जिलों बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, दौसा, हनुमानगढ़, जयपुर, झालावाड़, जोधपुर ग्रामीण, सवाई माधोपुर एवं सीकर में 9 नगरीय निकायों के रिक्त पदों पर उप चुनाव माह दिसंबर 2024 एवं जनवरी 2025 में करवाए जा रहे हैं। इन नगरीय निकायों में मतदान 9 जनवरी, 2025 गुरुवार को होगा। अतः मतदान दिवस को संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में सार्वजनिक अवकाश घोषित करने के लिए संबंधित जिला कलेक्टर (जिला निर्वाचन अधिकारी) को अधिकृत किया गया है। साथ ही पुनर्मतदान की स्थिति में जहां पुनर्मतदान होगा उस क्षेत्र में पुन‌र्मतदान की तिथि को भी सार्वजनिक अवकाश घोषित करने के लिए भी संबंधित जिला कलेक्टर (जिला निर्वाचन अधिकारी) को अधिकृत किया गया है। आदेश के अनुसार उपचुनाव वाले क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू रहने के दौरान चुनाव से संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव समाप्ति तक माननीय मंत्री शासकीय दौरे पर नहीं जाएंगे। कानून व्यवस्था बिगड़ने या किसी आपात स्थिति के कारण मंत्री यदि संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में दौरे पर रहते हैं तो उन्हें इसकी सूचना विभाग के शासन सचिव द्वारा राज्य निर्वाचन आयोग को भेजनी होगी। यदि कोई मंत्री संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के दौरे पर हैं, तो इस दौरान वे किसी सरकारी वाहन का प्रयोग नहीं करेंगे और निजी वाहन पर लाल बत्ती या सायरन आदि का प्रयोग वर्जित होगा। साथ ही क्षेत्र के विश्रामगृह, डाक बंगले या अन्य सरकारी आवासों का या इससे संलग्न परिसरों का उपयोग प्रचार कार्यालय के रूप में या चुनाव से संबंधित कोई बैठक करने की दृष्टि से नहीं कर सकेंगे। इन स्थानों को निष्पक्ष तरीके से अन्य दलों या अभ्यर्थियों को भी उपयोग करने की अनुमति दी जाएगी लेकिन वे भी उनका चुनाव से संबंधित कार्य में इस्तेमाल नहीं करेंगे। वहीं सरकारी अधिकारी, मंत्रियों के दौरे के समय उनके किसी स्वागत में या प्रोटोकॉल में नहीं जाएंगे‌। यह आदर्श आचार संहिता बोर्ड/निगम के अध्यक्ष जिन्हें मंत्री या राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त है, पर भी लागू रहेगी।

अनियमितता प्रकरणों में समय पर करें गुणवत्ता पूर्वक जांच, राजस्थान-सहकारिता राज्यमंत्री की चेतावनी

जयपुर। सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम कुमार दक ने कहा कि जिन सहकारी समितियों में अनियमितता सबंधी प्रकरण सामने आए हैं और उनकी जांच सहकारी कानून के तहत धारा 55 या 57 के तहत करवायी जा रही है तो जांच को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण किया जाए। इसमें किसी प्रकार की ढिलाई को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। दक ने सोमवार को अपेक्स बैंक सभागार में मुख्यमंत्री कार्यालय एवं सहकारिता मंत्री कार्यालय से प्राप्त विभिन्न शिकायतों के प्रकरणों में विभाग स्तर से की गई कार्यवाही प्रगति की समीक्षा करते हुये कहा कि पत्रों में जो भी शिकायत के बिन्दु हैं, उन पर त्वरित कार्यवाही की जाए तथा लगातार फोलो-अप भी करें ताकि न्यायसंगत कार्यवाही हो सके एवं शिकायत के प्रकरणों में नियमानुसार समयबद्ध राहत को सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में शिकायतकर्ता से भी संपर्क कर उसका पक्ष सुने एवं रिकार्ड से सत्यापन करके ही जांच रिपोर्ट दें। यदि किसी भी प्रकरण में जांच अधिकारी द्वारा फौरी तौर पर बिना रेकार्ड सत्यापित किये जांच रिपोर्ट दी गई है तो ऐसे अधिकारी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। समीक्षा बैठक में सहकारिता विभाग की शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार श्रीमती मंजू राजपाल ने निर्देश दिये कि प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मूंग, सोयाबीन एवं मूंगफली की खरीद की जा रही है। खरीद केन्द्रों पर खरीद की व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिये प्रतिदिन जिले के इकाई उप-रजिस्ट्रार एवं जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक विजिट करें और जो भी समस्या आ रही है, राजफैड के अधिकारियों के साथ सामंजस्य स्थापित कर उसका निराकरण सुनिश्चित करें। श्रीमती राजपाल ने कहा कि कार्मिकों की कार्यालयों में उपस्थिति को सुनिश्चित करने के लिये बायोमीट्रिक उपस्थिति मशीन स्थापित की जायेगी। इसकी शुरूआत सहकार भवन से होगी, उसके बाद इस प्रणाली को सहकारिता विभाग के प्रदेश के सभी कार्यालयों के लिये लागू किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इससे आमजन को बार-बार सहकारी कार्यालयों में चक्कर नहीं लगाने पडेंगे और उनकी समस्याओं का शीघ्र निस्तारण संभव हो सकेगा।

विभाग ने दी भावभीनी विदाई, राजस्थान-पशुपालन निदेशक डॉ. भवानी सिंह राठौड़ सेवानिवृत्त

जयपुर। पशुपालन निदेशक डॉ. भवानी सिंह राठौड़ अपने 35 वर्ष 10 महीने की राजकीय सेवा के बाद मंगलवार को सेवानिवृत हो गए। वे डॉ. राठौड़ को विभाग की ओर से भावभीनी विदाई दी गई। सरल, सहज एवं बहुमुखी प्रतिभा के धनी डॉ. राठौड़ ने निदेशक के रूप में दो साल विभाग को अपनी सेवाएं दीं। डॉ. राठौड़ की सेवानिवृति के अवसर पर अपने शुभकामना संदेश में पशुपालन मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने कहा कि डॉ. राठौड़ ने अपने कार्यकाल के दौरान निष्ठा, परिश्रम और दूरदर्शिता का अनुकरणीय परिचय दिया। उन्होंने नेतृत्व के उच्च मानदंड स्थापित किए और हर व्यक्ति को अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए प्रेरित किया। श्री कुमावत डॉ. राठौड़ को विदाई देने पशुधन भवन पहुंचे। विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने कहा कि डॉ. भवानी सिंह ने एक कुशल प्रशासक और राज्य सेवा तथा पशु चिकित्सक समुदाय के प्रति पूर्णतः समर्पित व्यक्तित्व के रूप में काम किया। डॉ. राठौड़ द्वारा विभाग को दी गई सेवाओं के लिए उन्हें लंबे समय तक याद रखा जाएगा। डॉ. भवानी सिंह राठौड़ का जन्म बीकानेर जिले में हुआ था। उन्होंने सीकर और बीकानेर जिले में अपनी शिक्षा प्राप्त की। डॉ. राठौड़ ने वर्ष 1989 में बांसवाड़ा जिले के पशु चिकित्सालय तलवाड़ा में प्रभारी अधिकारी के रूप में अपनी सेवा प्रारम्भ की। वर्ष 1996 में सीधी भर्ती से चयनित होकर जिला स्तरीय अधिकारी बने। उन्होंने अतिरिक्त निदेशक उदयपुर, जयपुर, भरतपुर एवं अन्य कई पदों पर रहते हुए विभाग को अपनी उत्कृष्ट सेवाएं दी हैं। डॉ. राठौड़ भारतीय पशु चिकित्सा परिषद के सदस्य भी रहे। अपने सेवा काल दौरान विभिन्न समितियों के अध्यक्ष एवं सदस्य के रूप में पशु चिकित्सा नीति के निर्माण में डॉ. राठौड़ का अमूल्य योगदान रहा। डॉ. राठौड़ की सेवानिवृत्ति के बाद डॉ. आनंद सेजरा को पशुपालन विभाग के निदेशक पद का कार्यभार दिया गया है।

82 दिनों में 162 परीक्षाओं के होंगे 214 प्रश्न-पत्र, राजस्थान-जनवरी से दिसंबर तक होगी भर्ती परीक्षाएं

जयपुर। नव वर्ष 2025 में राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा जनवरी से दिसंबर माह तक 162 परीक्षाओं के 214 प्रश्न-पत्रों की परीक्षाओं का आयोजन 82 दिनों में करवाया जाना प्रस्तावित है। प्रस्तावित परीक्षा कार्यक्रमानुसार हर 5 वें दिन परीक्षाओं का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ-साथ ही नियमित रूप से साक्षात्कार आयोजन एवं विभिन्न भर्तियों के परिणाम जारी करने का कार्य भी किया जाएगा। आयोग द्वारा घोषित प्रस्तावित भर्ती परीक्षाओं का कैलेंडर निम्नानुसार है— 1. असिस्टेंट प्रोसेक्यूशन ऑफिसर (प्रारंभिक) प्रतियोगी परीक्षा-2024    19/01/2025, 2. राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी (प्रारंभिक) परीक्षा-2024    02/02/2025, 3. लाइब्रेरियन ग्रेड-।। (स्कूल ऐजुकेशन) प्रतियोगी परीक्षा-2024    16.02.2025, 4. आरओ ग्रेड-द्वितीय, ईओ ग्रेड-चतुर्थ प्रतियोगी परीक्षा-2024—    23.3.2025, 5. एग्रीकल्चर ऑफिसर प्रतियोगी परीक्षा-2024— 20.04.2025 6. पीटीआई एंड लाइब्रेरियन (संस्कृत कॉलेज एजुकेशन) प्रतियोगी परीक्षा-2024    4 से 6 मई 2025, 7. जियोलोजिस्ट (माइंस एंड जियोलोजी डिपार्टमेंट) प्रतियोगी परीक्षा- 2024,    7.5.2025, 8. असिस्टेंट माइनिंग इंजिनियर (माइंस एंड जियोलोजी डिपार्टमेंट) प्रतियोगी परीक्षा- 2024, 07.05.2025, 9. सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर प्रतियोगी परीक्षा-2024, 12 से 16 मई 2025 10. असिस्टेंट प्रोफेसर (मेडिकल ऐजुकेशन) प्रतियोगी परीक्षा: वि.सं 18/2024-25    12 से 16 मई 2025, 11. पब्लिक रिलेशन ऑफिसर प्रतियोगी परीक्षा-2024, 17 /05/ 2025, 12. असिस्टेंट प्रोसेक्यूशन ऑफिसर (मुख्य) प्रतियोगी परीक्षा-2024, 1 /06/ 2025, 13. राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी (मुख्य) परीक्षा-2024,    17 एवं 18 जून 2025, 14. असिस्टेंट प्रोफेसर (मेडिकल ऐजुकेशन) प्रतियोगी परीक्षा: वि.सं 23/2024-25    23 जून सेे 6 जुलाई 2025, 15. लेक्चरर एंड कोच- (स्कूल शिक्षा) प्रतियोगी परीक्षा-2024, 23 जून सेे 6 जुलाई 2025, 16. टेक्निकल असिस्टेंट (जियोफिजिक्स) प्रतियोगी परीक्षा-2024 , 7.07.2025, 17. बायोकेमिस्ट प्रतियोगी परीक्षा-2024, 7.07.2025, 18. जूनियर केमिस्ट प्रतियोगी परीक्षा-2024, 8.07.2025, 19. असिस्टेंट टेस्टिंग ऑफिसर (पीडब्ल्यूडी) प्रतियोगी परीक्षा-2024, 8.07.2025 20. असिस्टेट डायरेक्टर (साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग) प्रतियोगी परीक्षा-2024, 9.07.2025, 21. रिसर्च असिस्टेंट (मूल्यांकन विभाग) प्रतियोगी परीक्षा-2024,    10.07.2025 22. डिप्टी जेलर प्रतियोगी परीक्षा-2024, 13.07.2025, 23. असिस्टेंट फिशरीज डवलेपमेंट ऑफिसर प्रतियोगी परीक्षा-2024, 29.07.2025, 24. ग्रुप इंस्ट्रक्टर/सर्वेयर/असिस्टेंट अप्रेंटशिप प्रतियोगी परीक्षा-2024,    29.07.2025, 25. वाइस प्रिंसीपल/सुपरीटेंडेंट आइटीआई प्रतियोगी परीक्षा-2024, 30 जुलाई सेे 1 अगस्त 2025, 26. एनालिस्ट कम प्रोग्रामर प्रतियोगी परीक्षा-2024, 17/08/2025, 27. सीनियर टीचर (माध्यमिक शिक्षा विभाग) प्रतियोगी परीक्षा-2024, 7 से 12 सितंबर 2025, 28.प्रोटेक्शन ऑफिसर प्रतियोगी परीक्षा-2024, 13/09/2025, 29. सहायक अभियंता (प्रारंभिक) संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा-2024, 28/09/2025, 30. सहायक सांख्यिकी अधिकारी (आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग) प्रतियोगी परीक्षा-2024, 12/10/2025 31. सहायक कृषि अधिकारी (कृषि विभाग) परीक्षा-2024, 12 से 19 अक्टूबर 2025, 32. सांख्यिकी अधिकारी (कृषि विभाग) परीक्षा-2024,     33. कृषि अनुसंधान अधिकारी एवं सहायक कृषि अनुसंधान अधिकारी (कृषि विभाग) परीक्षा-2024,     34. सब इंस्पेक्टर (टेलीकॉम) प्रतियोगी परीक्षा-2024, 09/11/2025, 35. असिस्टेंट प्रोफेसर (कॉलेज शिक्षा विभाग) प्रतियोगी परीक्षा-2024, 1 से 12 दिसंबर, 15 से 19 दिसंबर एवं 22 से 24 दिसंबर 2025।                            भर्ती प्रक्रिया सशक्तिकरण की दिशा में आयोग के नवाचार— दोहरे आवेदन एवं डमी कैंडिडेट पर लगेगी आधार सत्यापन से लगाम— राजस्थान लोकसेवा आयोग को राजस्थान सरकार के कार्मिक विभाग से भी अभ्यर्थियों के बायोमेट्रिक सत्यापन की अनुमति प्राप्त हो गई है। 27 नवंबर 2024 को जारी की गई अधिसूचना अनुसार आयोग अभ्यर्थियों के द्वारा किए जाने वाले दोहरे आवेदनों की छंटनी, अभ्यर्थियों के सत्यापन, जालसाजी एवं डमी कैंडिडेट की रोकथाम के लिए आधार सत्यापन प्रणाली का उपयोग कर सकेगा। इससे पूर्व माह सितंबर 2024 में भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा भी आधार कार्ड के माध्यम से अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक सत्यापन करने की अनुमति आयोग को प्राप्त हो गई थी। भर्ती प्रक्रिया के विभिन्न चरणों यथा- ऑनलाइन आवेदन जांच, साक्षात्कार, काउंसलिंग, दस्तावेज सत्यापन, लिखित परीक्षा व नियुक्ति में अभ्यर्थी की पहचान का सत्यापन इसके माध्यम से किया जा सकेगा। गत् समय के दौरान सामने आए डमी अभ्यर्थियों के प्रकरणों को देखते हुए आधार बायोमैट्रिक सत्यापन आयोग की विश्वसनीयता तथा कार्य प्रणाली में मील का पत्थर सिद्ध होगा। प्रवेश-पत्र पर आयोग का वॉटर मार्क, हस्तलेख नमूना, अंगूठा निशानी व क्यूआर कोड भर्ती परीक्षाओं के शुचिता पूर्ण आयोजन एवं डमी अभ्यर्थियों की संभावना को रोकने के लिए आयोग द्वारा अभ्यर्थियों के हस्तलेख का नमूना भी अटेंडेंस शीट पर लिया जाना शुरू किया गया है। इसी प्रकार अटेंडेंस शीट पर अभ्यर्थी की स्पष्ट व बड़ी फोटो प्रिंट की जा रही है ताकि परीक्षा केन्द्र पर वीक्षकों द्वारा अभ्यर्थी की पहचान पूर्णतः सुनिश्चित करते हुए डमी अभ्यर्थियों को रोका जा सके। इसके अतिरिक्त आयोग द्वारा एडमिट कार्ड टेम्परिंग की संभावनाओं को रोकने के लिए क्यूआर कोड का भी प्रावधान किया गया है। इस क्यूआर कोड को स्केन करते ही अभ्यर्थी की जानकारी स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाती है। आयोग द्वारा जारी प्रवेश-पत्र के साथ अटेंडेंस शीट भी संलग्न होती है। इस शीट को परीक्षा केंद्र पर वीक्षक अभ्यर्थी की पहचान कर स्वयं के, केंद्राधीक्षक एवं अभ्यर्थी के हस्ताक्षर करवाकर प्रवेश-पत्र से अलग कर केन्द्र पर जमा करते हैं। परीक्षा संपन्न होने के उपरांत यह अटेंडेंस शीट परीक्षा सामग्री के साथ आयोग को भेजी जाती है।  जालसाजी पर लगाम के लिए वन टाइम रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव— राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा परीक्षाओं में जालसाजी व फोटों टेंपरिंग कर आवेदन करने वाले व्यक्तियों पर लगाम के लिए वन टाइम रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। अब वन टाइम रजिस्ट्रेशन के दौरान वेब केम के माध्यम से आवेदक की लाइव फोटो कैप्चर की जा रही है। आयोग की इस कार्यवाही से डमी अभ्यर्थियों पर लगाम के साथ ही आवेदन के दौरान गलत फोटों अपलोड होने का बहाना देने वाले अभ्यर्थियों की भी प्रभावी रोकथाम सुनिश्चित हो सकेगी। संशय की स्थिति में आयोग द्वारा परीक्षा दौरान की गई वीडियोग्राफी में उपस्थित अभ्यर्थी का मिलान ओटीआर में कैप्चर की गई फोटो से किया जा सकेगा। आयोग इस हेतु आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी इस्तेमाल करेगा। वीडियोग्राफी:- अभ्यर्थी की उपस्थिति का प्रमाण, की जा रही मूल/डमी अभ्यर्थी की पहचान— राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा भर्ती परीक्षा दौरान सुरक्षा इंतजामों को और मजबूत करते हुए परीक्षा के लिए निर्धारित स्थान पर बैठे हुए प्रत्येक अभ्यर्थी की वीडियोग्राफी करवाई जाती है। इसके लिए अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश के लिए निर्धारित किए गए समय के पश्चात् 10 मिनट के भीतर ही परीक्षा कक्ष में अपने स्थान को ग्रहण करने का समय दिया जाता है। 10 मिनट के बाद पूरे परीक्षा केंद्र में प्रत्येक कक्ष में आवंटित स्थान पर बैठे हुए प्रत्येक अभ्यर्थी एवं अनुपस्थित रहे अभ्यर्थियों के रिक्त स्थानों की रोल नंबर … Read more

‘महिला स्वयं सहायता समूह राष्ट्र के आर्थिक विकास का प्रमुख आधार’, राजस्थान-“सरस राजसखी राष्ट्रीय मेला” में पहुंचे राज्यपाल

जयपुर। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे सोमवार को जवाहर कला केंद्र में आयोजित “सरस राजसखी राष्ट्रीय मेला 2024” में पहुंचे। उन्होंने इस दौरान वहां देशभर से आए महिला स्वयं सहायता समूह की प्रतिनिधियों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि यह मेला “एक भारत श्रेष्ठ भारत” का अनुपम उदाहरण है। राज्यपाल श्री बागडे ने मेले में लगे विभिन्न राज्यों के महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद स्टॉल का अवलोकन किया। राज्यपाल ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूह राष्ट्र के आर्थिक विकास का प्रमुख आधार है। महिला सशक्तिकरण के लिए इस तरह के मेलों को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से महिला समूहों के उत्पादों को बड़े स्तर पर बाजार मिलता है। उन्होंने वहां प्रदर्शित भारत के विभिन्न प्रांतों के हस्तशिल्प, कारीगरी, वस्त्र उत्पादों का अवलोकन कर उनकी सराहना की। राज्यपाल को राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद् (राजीविका) के श्री भास्कर सांवत ने उनकी अगवानी की। अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती श्रेया गुहा ने विभिन्न स्टॉल और उत्पादों के बारे में बताया।

किसानों को 3,62,451 क्विंटल बीज का किया वितरण, राजस्थान-स्टेड सीड्स कॉरपोरेशन अध्यक्ष ने ली बैठक

जयपुर। राजस्थान स्टेट सीड्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष एवं शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी श्री राजन विशाल ने कहा कि प्रदेश में अच्छी पैदावार के लिए उच्च गुणवता एवं उन्नत किस्म का बीज जरूरी है। उन्होनें कहा कि निगम इसके लिए हर संभव प्रयास कर रहा है, जिससे फसलों की उपज के साथ-साथ किसानों की आय में भी वृृद्धि हो सके। राजन विशाल की अध्यक्षता में सोमवार को दुर्गापुरा स्थित श्याम ऑडिटोरियम में राजस्थान स्टेट सीड्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड की 46वीं वार्षिक साधारण सभा का आयोजन किया गया। जिसमें उन्होनें बताया कि किसानों को  उच्च गुणवतायुक्त बीज उपलब्ध कराने हेतु वर्ष 2015 से खरीफ फसलों के प्रमाणित बीजों का जी.ओ.टी. परीक्षण करवाया जा रहा है। इस प्रक्रिया को निरन्तर रखते हुए, वर्ष 2020-21 से रबी फसलों के प्रमाणित बीजों का भी जी.ओ.टी. करवाया जा रहा है। जी.ओ.टी. परीक्षण करवाने से बीजों की आनुवांशिक गुणवता सुनिश्चित हो रही है। राजसीड्स देश की प्रथम संस्था है जो प्रमाणित बीज की जी.ओ.टी. कराकर ही किसानों को बीज उपलब्ध कराती है। उन्होनें बताया कि वर्ष 2023-24 में 3 लाख 69 हजार क्विंटल प्रमाणित एवं सत्य चिन्हित बीज उत्पादन किया गया है। 2024-25 में खरीफ व रबी फसलों में प्रमाणित व आधार बीज उत्पादन कार्यक्रम के तहत 46 हजार 306 हैक्टेयर क्षेत्र में बुवाई की गई है, जिसमें 7.34 लाख क्विंटल रॉ-बीज का उत्पादन संभावित है। जायद 2024 में संकर बाजरा बीजोत्पादन कार्यक्रम अन्तर्गत बीसलपुर बांध क्षेत्र में 483 क्विंटल रॉ-बीज का उत्पादन हुआ है। राजन विशाल ने कहा कि रबी 2023-24 में उत्पादित गेंहू व जौ प्रमाणित व आधार बीज उत्पादन पर देय प्रीमियम राशि में रबी 2022-23 की तुलना में वृृद्धि कर दोनों ही फसलों के प्रमाणित बीज उत्पादन 10 वर्ष तक अधिसूचित किस्मों हेतु 225 रूपये प्रति क्विंटल से बढाकर 350 रूपये प्रति क्विंटल एवं 10 वर्ष से अधिक अधिसूचित किस्मों हेतु 175 रूपये प्रति क्विंटल से बढाकर 350 रूपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जिसके कारण रबी 2024-25 में गत वर्ष से लगभग गेंहू में 26 प्रतिशत एवं जौ में 36 प्रतिशत बुवाई क्षेत्र में वृृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि बीज उत्पादन के लिए ज्यादा से ज्यादा किसानों को जोड़ने का कार्य किया जा रहा है, साथ ही छोटी जोत के कृषकों को भी जोडने का कार्य निगम कर रहा है। राजस्थान ऑर्गेनिक फार्मिंग बोर्ड का गठन किया गया है, जो किसानों की ऑर्गेनिक पैदावार को उचित मूल्य दिलवाने व ऑर्गेनिक उत्पादों के विपणन में सहयोग करेगा। उन्होंने कहा कि निगम के विधायन केन्द्रों के अधिकाधिक उपयोग के लिए सर्विस प्रोवाइडर के माध्यम से बीज उत्पादक कृषकों से ज्यादा उत्पादन करवाया जायेगा, साथ ही प्रतिबद्ध विक्रेताओं के माध्यम से राजस्थान के सुदूर क्षेत्र के किसानों को भी उन्नत एवं गुणवत्ता युक्त बीज उपलब्ध करवाया जायेगा तथा केवीएसएस एवं जीएसएस पर कैम्प ऑफिस स्थापित कर बीज उत्पादक कृषकों से बीज कलेक्शन प्रायोगिक तौर पर करने के निर्देश दिये। अध्यक्ष ने कहा कि राजसीड्स द्वारा खरीफ 2024 में 1 लाख 46 हजार 95 क्विटंल एवं रबी 2024-25 में 2 लाख 16 हजार 356 क्विंटल, इसी प्रकार वर्ष 2024-25 में कुल 3 लाख 62 हजार 451 क्विंटल बीज का वितरण किया गया है। प्रमाणित बीज की उपलब्धता को आम कृषक तक पहुंचाने के लिए बीज वितरण मुख्यतः ग्राम सेवा सहकारी समितियों और क्रय-विक्रय सहकारी समितियों के माध्यम से कराया गया है। उन्होनें बताया कि वर्तमान में निगम की 22 इकाईयां एवं 5 बीज विस्तार केन्द्र है। जिनकी कुल भण्डार क्षमता 10 लाख 21 हजार एवं कुल विधायन क्षमता 12.60 लाख क्विंटल है। वर्ष 2023-24 में निगम का सकल कारोबार 23,405.01 लाख रूपये रहा है तथा कर कटौती के पश्चात निगम का लाभ 1606.49 लाख रूपये है।अध्यक्ष ने कहा कि निगम निष्ठा, समर्पण एवं कठिन परिश्रम से बीजों की गुणवता में सुधार करने का प्रयास कर रहा है। निगम सभी बीज उत्पादक बंधुओं का आभारी है, जिन्होनें अधिकाधिक उत्तम गुणवता का बीज उत्पादन कर निगम की प्रगति में सहयोग दिया है। बैठक में आयुक्त उद्यानिकी श्री सुरेश कुमार ओला, राजस्थान स्टेड सीड्स कॉरपोरेशन की प्रबंध निदेशक श्रीमती निमिषा गुप्ता, महाप्रबंधक श्री रामलाल मीणा, निगम के निदेशक श्री फतेह सिंह गुर्जर, कैलाश चंद चौधरी, निगम के अंशधारक कृषक एवं निगम के अधिकारीगण मौजूद रहे।

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