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वायुसेना का Su-30 MKI विमान क्रैश, दोनों पायलटों की जान गई

गुवाहाटी भारतीय वायुसेना का एक सुखोई-30 एमकेआई फाइटर जेट गुरुवार शाम को असम में लापता हो गया. देर रात इसके क्रैश होने की पुष्टि हुई. फाइटर जेट ने असम के जोरहाट से उड़ान भरी थी और शाम 7.42 बजे के बाद रडार से उसका संपर्क टूट गया. विमान का पता लगाने के लिए भारतीय वायुसेना (IAF) ने सर्च और रेस्क्यू मिशन शुरू किया है। वायुसेना ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा है कि IAF स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरगकर के निधन पर दुख जताता है, जिन्हें Su-30 क्रैश में जानलेवा चोटें आईं। IAF के सभी कर्मचारी गहरी संवेदना जताते हैं, और इस दुख की घड़ी में दुखी परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं। भारतीय वायुसेना ने अपने X हैंडल पर खोए हुए फाइटर जेट का अपडेट शेयर करते हुए लिखा, ‘हमारे एक Su-30 MKI के लापता होने की खबर है. एयरक्राफ्ट ने असम के जोरहाट से उड़ान भरी थी और आखिरी बार शाम 7.42 बजे रडार के संपर्क में आया था. आगे की जानकारी का पता लगाया जा रहा है. एक सर्च और रेस्क्यू मिशन शुरू किया गया है।’  इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी सुपरमैन्यूवरबिलिटी, लंबी मारक क्षमता और दो इंजन वाला शक्तिशाली डिजाइन है. सुखोई-30 एमकेआई ब्रह्मोस जैसी सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ले जाने में भी सक्षम है, जिससे इसकी स्ट्राइक कैपेसिटी कई गुना बढ़ जाती है. इसमें आधुनिक एवियोनिक्स, मल्टी-फंक्शन रडार, थ्रस्ट वेक्टर कंट्रोल और लंबी दूरी तक उड़ान की क्षमता है. यह लड़ाकू विमान भारतीय वायुसेना की रीढ़ माना जाता है और देश की वायु सुरक्षा व सामरिक ताकत में इसकी भूमिका बेहद अहम है। सुखोई-30 एमकेआई भारतीय वायुसेना का सबसे ताकतवर और भरोसेमंद मल्टी रोल फाइटर जेट है. इसे 2000 के दशक की शुरुआत में भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया था. यह रूस के सुखोई डिजाइन ब्यूरो द्वारा विकसित किया गया है. भारतीय वायुसेना इस फाइटर जेट का विशेष रूप से कस्टमाइज संस्करण इस्तेमाल करती है, जिसमें MKI का अर्थ है मॉडर्नाइज्ड, कमर्शियल और इंडियन. यह विमान हवा से हवा, हवा से जमीन और समुद्री लक्ष्यों पर हमला करने में सक्षम है। रूस में इस एयरक्राफ्ट का प्रोडक्शन 2000 में शुरू हुआ था, जब नई दिल्ली ने मॉस्को से 140 Su-30 फाइटर एयरक्राफ्ट बनाने के लिए कहा था. पहला एयरक्राफ्ट 2002 में भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया था, और तब से, समय के साथ इसकी संख्या बढ़ती ही गई है।. आज, Su-30 भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों के बेड़े में सबसे बड़ा हिस्सा रखता है

रंगपंचमी पर इंदौर गेर का इंतजार, छतों से मिलेगा रंगों का अद्भुत दृश्य, टिकट से होगी एंट्री

इंदौर इंदौर की रंगपंचमी पर निकलने वाली गेर शहर का एक अनोखा और खास त्योहार है। इस दिन पुराने शहर के इलाकों में रंगों के शौकीन बड़ी संख्या में गेर में शामिल होते हैं और रास्ते में खड़े लोगों पर रंग बरसाते हुए आगे बढ़ते हैं। गेर के दौरान आसमान में दूर-दूर तक रंगों के बादल छा जाते हैं। इन खूबसूरत नजारों का आनंद लेने के लिए इस बार भी शहर के लोग गेर वाले मार्गों पर स्थित मकानों की छतें बुक कर सकेंगे और अपने परिवार के साथ इस आयोजन का मजा ले पाएंगे। प्रशासन ने पिछले साल भी यह व्यवस्था की थी, जो काफी सफल रही थी। शीतला माता बाजार से लेकर गौराकुंड और खजूरी मार्केट तक की छतों से लोग गेर की रौनक देख सकेंगे। हर साल इस आयोजन को देखने के लिए दूसरे शहरों से भी बड़ी संख्या में लोग इंदौर पहुंचते हैं। जिनके घर गेर के मार्ग पर पड़ते हैं, वहां अब छोटी-छोटी पार्टियों का भी आयोजन होने लगा है, जहां लोग अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को बुलाकर रंगपंचमी का उत्सव मनाते हैं। इस साल गेर के मार्ग पर स्थित आठ छतों पर 200 से अधिक लोगों के बैठने की व्यवस्था की जाएगी। इनकी बुकिंग बुक माय शो के माध्यम से की जाएगी, जिसके लिए लोगों को टिकट खरीदना होगा। इस बार 8 मार्च को रविवार होने के कारण प्रशासन ने अलग से छुट्टी घोषित नहीं की है। रविवार होने की वजह से इस बार गेर में और अधिक भीड़ जुटने की संभावना जताई जा रही है। करीब चार किलोमीटर लंबे गेर मार्ग पर प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। बिजली के तार और केबल हटाए जा रहे हैं, साथ ही सड़कों की मरम्मत का काम भी किया जा रहा है। परंपरा के अनुसार इस बार भी चार गेर इस जुलूस का हिस्सा होंगी। लगभग 100 फीट तक रंग फेंकने वाली विशेष रंग मिसाइलें भी तैयार की जा रही हैं। इसके अलावा डीजे और भजन मंडलियां भी गेर में शामिल होंगी। नगर निगम की गेर भी इस जुलूस का हिस्सा रहेगी, हालांकि शहर में हाल ही में हुई कुछ घटनाओं के कारण मेयर पुष्यमित्र भार्गव इस बार गेर में शामिल नहीं होंगे।

एयर फ्री टायर: न पंचर, न हवा, इस कंपनी ने बदल दी गाड़ियों की दुनिया

नई दिल्ली Bridgestone AirFree Tyres: सड़क पर गाड़ी चलाते वक्त टायर पंचर हो जाए, तो सबसे पहले मन में यही ख्याल आता है कि आज तो दिन खराब हो गया. हवा निकली, गाड़ी रुकी, और सफर अटक गया. लेकिन अब टायर की दुनिया में एक ऐसी तकनीक सामने आ रही है, जो इस झंझट को बीते वक्त की बात बना सकती है. जापान की मशहूर टायर कंपनी Bridgestone ने ऐसा टायर पेश किया है, जिसमें हवा की ही जरूरत नहीं है. यानी न हवा भरने की टेंशन, न पंचर का डर, और न ही बीच सड़क पर रुकने की मजबूरी.  Bridgestone ने अपने एयरलेस टायर की थर्ड जेनरेशन मॉडल से पर्दा उठा दिया है. इस नए Airfree Tyre में पहले के मुकाबले कई अहम सुधार किए गए हैं, जाकि इसे और बेहतर बनाया जा सके. कंपनी इसे कॉन्सेप्ट स्टेज से आगे ले जाकर अब रियल वर्ल्ड यानी प्रोडक्शन रेडी लेवल पर पहुंचा दिया है. कंपनी इस एयर फ्री टायर को लेकर धीमें-धीमें सोशल इम्प्लीमेंटेशन की दिशा में आगे बढ़ रही है. अब तक भविष्य का टायर कहे जाने वाला एयरलेस टायर जल्द ही सड़कों पर दौड़ने वाली गाड़ियों में नज़र आएंगे. AirFree Tyre की तकनीक ब्रिजस्टोन के इस थर्ड जेनरेशन एयरफ्री टायर में एडवांस सिमुलेशन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है. इसके साथ ही मजबूत और फ्लेक्सिबल मटेरियल से बना स्ट्रक्चर तैयार किया गया है. कंपनी का कहना है कि, ऐसा इसलिए किया गया है ताकि ये एयरफ्री टायर अलग अलग मौसम और सड़क की स्थितियों के अनुसार बेहतर प्रदर्शन कर सके. इसका मकसद टायर को ज्यादा भरोसेमंद और लंबे समय तक चलने वाला बनाना है. AI बेस्ड डायनामिक स्ट्रक्चर इस टायर की एक ख़ास बात ये भी है कि, इसमें डायनामिक स्ट्रक्चरल डिजाइन दिया गया है. यह सेकंड जेनरेशन के राइड कंफर्ट वाले फोकस से आगे बढ़कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बेस्ड ऑटोमेटेड लर्निंग सिस्टम का इस्तेमाल करता है. यह सिस्टम टायर के आकार और उस पर पड़ने वाले दबाव को अलग अलग परिस्थितियों के हिसाब से खुद एडजस्ट करता है. इससे टायर का इस्तेमाल कई तरह के वाहनों में आसानी से किया जा सकता है. ब्लू स्पोक्स से बढ़ी सेफ्टी कंपनी ने इन टायरों के निर्माण में ब्लू स्पोक्स (नीले रंग के स्पोक व्हील्स) जैसे स्ट्रक्चर का इस्तेमाल किया है. आम भाषा में समझें तो टायर के अंदर नीले रंग के स्पोक्स लगाए गए हैं, जो कम रोशनी और शाम के समय साफ नजर आते हैं. इसका मकसद लोकल कम्युनिटी मोबिलिटी में सेफ्टी को और बेहतर बनाना है. इनमें हवा की जगह रिसाइकल होने वाली थर्मोप्लास्टिक रेजिन से बने स्पोक्स लगाए गए हैं, जो गाड़ी का पूरा वजन आसानी से उठा सकते हैं. ब्रिजस्टोन का यह भी दावा है कि, ये स्पोक्स सड़क के झटकों को भी कम करते हैं. इन टायरों का डेमो टेस्ट मार्च 2024 में जापान के कोडाइरा सिटी, टोक्यो में शुरू किया गया था, जो लगातार जारी है. यह टेस्ट ग्रीन स्लो मोबिलिटी सॉल्यूशंस के लिए इन टायरों की उपयोगिता को परखने के लिए किया जा रहा था. हालांकि आम पैसेंजर कार इस्तेमाल करने वालों को इसके लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है. इस समय ब्रिजस्टोन इन एयरफ्री टायरों को कमर्शियल ट्रकों और अल्ट्रा कॉम्पैक्ट इलेक्ट्रिक वाहनों पर टेस्ट कर रही है. कंपनी का मानना है कि प्रोफेशनल फ्लीट वाहनों में मेंटेनेंस की जरूरत ज्यादा होती है, इसलिए वहां यह तकनीक ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकती है.

हर दिन ₹38 करोड़ की ठगी का शिकार, सरकार अब AI तकनीक का इस्तेमाल कर सख्ती से रोक लगाएगी

नई दिल्ली Cyber Fraud Prevention India: भारत में साइबर फ्रॉड की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं और इसके आंकड़े बेहद चौंकाने वाले हैं. हर 24 घंटे में करीब 38 करोड़ रुपये साइबर अपराधी लोगों के बैंक खातों से उड़ा ले जाते हैं. यह पैसा आम लोगों की मेहनत की कमाई होती है, जो ऑनलाइन बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट या अन्य डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल करते समय ठगी का शिकार हो जाते हैं. हैरानी की बात यह है कि इस बड़ी रकम में से सिर्फ लगभग 8 करोड़ रुपये ही बचाए जा पाते हैं. बाकी पैसा साइबर अपराधियों के खातों में पहुंच जाता है. यह आंकड़ा बताता है कि साइबर अपराधियों का नेटवर्क कितना मजबूत हो चुका है और वे लगातार नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। हर दिन हजारों शिकायतें  साइबर ठगी के मामलों को लेकर हर दिन हजारों लोग शिकायत दर्ज करा रहे हैं. केंद्रीय गृह मंत्रालय से जुड़े साइबर सिस्टम के मुताबिक, हर 24 घंटे में 7000 से ज्यादा शिकायतें दर्ज होती हैं. इनमें से करीब 6000 शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की जाती है. जांच में सामने आया है कि इन मामलों में रोजाना करीब 38 करोड़ रुपये की ठगी हो रही है. हालांकि एजेंसियां लगातार पैसा बचाने की कोशिश करती हैं, लेकिन औसतन सिर्फ 8 करोड़ रुपये ही रिकवर हो पाते हैं. इसका मतलब यह है कि ठगों का नेटवर्क बेहद तेज और संगठित तरीके से काम कर रहा है। साइबर फ्रॉड मिटिगेशन सेंटर साइबर ठगी से निपटने के लिए गृह मंत्रालय ने एक विशेष साइबर फ्रॉड मिटिगेशन सेंटर (Cyber Fraud Mitigation Centre) बनाया है. यह सेंटर 24 घंटे काम करता है और यहां अलग-अलग एजेंसियों के प्रतिनिधि मौजूद रहते हैं. इस सेंटर का उद्देश्य जैसे ही किसी साइबर फ्रॉड की जानकारी मिले, तुरंत कार्रवाई करना है. यहां पुलिस, बैंक और टेलीकॉम कंपनियों के प्रतिनिधि मिलकर काम करते हैं. जब किसी फ्रॉड का अलर्ट मिलता है, तो पूरा सिस्टम एक साथ सक्रिय हो जाता है. इस समन्वय के जरिए ठगी की रकम को ट्रांसफर होने से रोकने की कोशिश की जाती है। 24×7 कंट्रोल रूम साइबर फ्रॉड मिटिगेशन सेंटर में एक हाईटेक कंट्रोल रूम बनाया गया है. यहां 24×7 निगरानी रखी जाती है. जैसे ही किसी खाते से संदिग्ध ट्रांजैक्शन की जानकारी मिलती है, तुरंत सायरन बजता है और संबंधित एजेंसियां अलर्ट हो जाती हैं. इसके बाद बैंक और पुलिस मिलकर उस ट्रांजैक्शन को रोकने की कोशिश करते हैं. कई मामलों में खाते को तुरंत फ्रीज कर दिया जाता है. हालांकि ठगों की तेजी के कारण कई बार पैसा दूसरे खातों में ट्रांसफर हो जाता है, जिससे रिकवरी मुश्किल हो जाती है. पांच साल में 55 हजार करोड़ की ठगी गृह मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक पिछले पांच वर्षों में साइबर ठगों ने लोगों के खातों से 55 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी की है. यह आंकड़ा 2021 से 2025 के बीच का है. इन पांच वर्षों में कुल 6 करोड़ 58 लाख से ज्यादा शिकायतें साइबर फ्रॉड को लेकर दर्ज की गईं. यह संख्या बताती है कि देश में डिजिटल सेवाओं के बढ़ने के साथ साइबर अपराध भी तेजी से बढ़े हैं. हालांकि सरकार और एजेंसियां लगातार इन्हें रोकने की कोशिश कर रही हैं. 2025 में सबसे ज्यादा शिकायतें रिपोर्ट के मुताबिक अकेले 2025 में ही साइबर फ्रॉड के 24 लाख से ज्यादा मामले दर्ज किए गए. यह पिछले सभी वर्षों के मुकाबले सबसे ज्यादा है. हालांकि इस साल ठगी की रकम थोड़ी कम रही, लेकिन मामलों की संख्या में भारी वृद्धि देखी गई. इससे यह साफ होता है कि साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं. डिजिटल भुगतान के बढ़ते इस्तेमाल के कारण ठगों के लिए नए अवसर भी बन रहे हैं. 2021 से 2025 तक शिकायतों का ग्राफ अगर पिछले पांच साल के आंकड़ों को देखें तो साइबर फ्रॉड की शिकायतों में लगातार वृद्धि हुई है- 2021 में 2,62,846 शिकायतें दर्ज हुई थीं. 2022 में यह संख्या बढ़कर 6,94,446 हो गई. 2023 में 13,10,357 शिकायतें दर्ज हुईं. 2024 में यह संख्या 19,18,835 पहुंच गई. 2025 में शिकायतों का आंकड़ा बढ़कर 24,02,579 हो गया. यह आंकड़े बताते हैं कि साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहा है और लोगों को लगातार सतर्क रहने की जरूरत है. ठगी की रकम में भी बड़ा उछाल साइबर ठगी की रकम भी हर साल तेजी से बढ़ी है- 2021 में लगभग 551 करोड़ रुपये की ठगी हुई थी. 2022 में यह रकम बढ़कर 2290 करोड़ रुपये हो गई.  2023 में 7465 करोड़ रुपये की ठगी दर्ज की गई. 2024 में यह आंकड़ा 22,848 करोड़ रुपये तक पहुंच गया.  हालांकि 2025 में यह थोड़ा घटकर 22,495 करोड़ रुपये रहा.  इसके बावजूद यह बेहद बड़ी रकम है, जो साइबर अपराधियों की ताकत को दिखाती है. 2025 में बचाए गए हजारों करोड़ हालांकि एजेंसियों की कोशिशों से कुछ सफलता भी मिली है. I4C सिस्टम के जरिए 2025 में करीब 8189 करोड़ रुपये की ठगी होने से बचाई गई. यह रकम तब बचाई गई जब लोगों ने तुरंत शिकायत दर्ज कराई और बैंक तथा पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की. इससे यह साबित होता है कि समय पर शिकायत करने से कई बार पैसा वापस मिल सकता है. डिजिटल इंडिया के साथ बढ़ा खतरा भारत में इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं का तेजी से विस्तार हुआ है. आज देश के अधिकांश घरों में इंटरनेट पहुंच चुका है. लोग ऑनलाइन बैंकिंग, यूपीआई और डिजिटल भुगतान का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रहे हैं. इससे लोगों को सुविधा जरूर मिली है, लेकिन इसके साथ साइबर अपराध का खतरा भी बढ़ गया है. साइबर ठग इसी डिजिटल सिस्टम का फायदा उठाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं. म्यूल अकाउंट बना बड़ा हथियार साइबर अपराधियों द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला एक बड़ा तरीका म्यूल अकाउंट है. इसमें ठग दूसरे लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल करते हैं. इन खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर की जाती है और फिर उसे कई अन्य खातों में बांट दिया जाता है. इससे पैसे का ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है. एजेंसियां अब इन म्यूल खातों की पहचान करने के लिए नई तकनीक का इस्तेमाल कर रही हैं. AI के जरिए ठगी … Read more

06 मार्च 2026 का राशिफल: सभी 12 राशियों का भविष्य, किसे मिलेगा धन और सफलता

मेष राशि– आज आपका आपको पॉजिटिव व शांत रहना होगा। क्योंकि आज आपके अंदर थोड़ा गुस्सा या नकारात्मक ऊर्जा जमा हो सकती है। इसे निकालने के लिए थोड़ी वॉक करें या हल्की एक्सरसाइज करें। इससे आपका मन हल्का होगा और आप अच्छा महसूस करेंगे। गुस्सा अंदर मत रखें, खुद को काम में व्यस्त रखें। वृषभ राशि- वृषभ राशि वाले आज कोई बड़ी चीज खरीदने से पहले अलग-अलग जगह के दाम जरूर देख लें। जल्दबाजी में महंगी चीज न खरीदें। थोड़ा रिसर्च करेंगे तो आपके पैसे की अच्छी बचत होगी। परिवार की सलाह लें और उन्हें थोड़ा वक्त दें। बाहरी खाना ना खाएं। मिथुन राशि– आज अगर किसी बात को लेकर शक या गलतफहमी है तो सीधे पूछ लें। खुलकर बात करने से रिश्ते अच्छे रहते हैं। बिना समझे कोई धारणा न बनाएं, वरना झगड़ा हो सकता है। योग स दिन की शुरुआत करें। ऑयली फूड ऑवाइड करें। कर्क राशि- आज आपको बेकार के झगड़ों और ड्रामे से दूर रहना चाहिए। जो बातें आपसे जुड़ी नहीं हैं, उनमें न पड़ें। अपने मन की शांति पर ध्यान देंगे तो दिन अच्छा गुजरेगा। सेहत का ध्यान रखें। सुबह वाली धूप सेंके। सिंह राशि- आज सिंह राशि वालों का दिन शुभ होगा। हर चीज में दूसरों से टक्कर लेने की जरूरत नहीं है। अगर टीम के साथ काम करेंगे तो काम जल्दी होगा। दूसरों की मदद करेंगे तो आपकी लीडरशिप दिखेगी। कन्या राशि- कन्या राशि वालों को आज काम करते समय परफेक्ट बनने से ज्यादा जरूरी है काम समय पर खत्म करना। छोटी-छोटी बातों में ज्यादा समय मत लगाइए। समय पर काम पूरा करना ज्यादा जरूरी है। तुला राशि- तुला राशि वालों को आज अगर आपको किसी बात में न्याय या बराबरी चाहिए, तो सीधे बोलिए। लोग आपके मन की बात खुद नहीं समझ सकते। साफ और विनम्र तरीके से अपनी बात कहें। वृश्चिक राशि– वृश्चिक राशि वाले आज अपनी योजनाओं और आइडिया को ज्यादा लोगों को न बताएं। सही समय आने पर ही कदम उठाएं। चुपचाप योजना बनाना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। धनु राशि- धनु राशि वाले आज अपने रूट या निकलने के समय में थोड़ा बदलाव करें। अगर 5 मिनट पहले निकलेंगे तो ट्रैफिक से बच सकते हैं। छोटी-छोटी बदलाव से दिन आसान हो सकता है। सेहत का ध्यान रखें। बाहरी खाने को अवॉइड करें। परिवार के साथ संग बिताएं। मकर राशि- आज चाहे कितनी भी परेशानी आए, अपनी दिनचर्या (रूटीन) पर टिके रहें। आपकी अनुशासन से आप अपने काम पूरे कर पाएंगे। परिवार की मदद लें। शाम तक अच्छी खबर मिल सकती है। कुंभ राशि- मकर राशि वाले आज किसी पुरानी समस्या का नया और अलग तरीका आजमाएं। रचनात्मक सोच से आपको अच्छा समाधान मिल सकता है। काम के बीच में ब्रेक लें। संगीत व लेखन जैसे क्रिएटिव कामों में मन लगा रहेगा। सेहत का ध्यान रखें। पर्याप्त पानी पिएं। मीन राशि- मीन राशि वाले आज थोड़ी देर अकेले समय बिताएं या टहल लें। इससे आपका दिमाग शांत होगा और आप अपने काम बेहतर तरीके से कर पाएंगे। कोई भी बात हो सच्चाई के साथ रखें।

अजेय हरमनप्रीत कौर ब्रिगेड के सामने एलिसा हीली की चुनौती, डे-नाइट टेस्ट में किसका होगा पलड़ा भारी?

मुंबई वनडे श्रृंखला में करारी हार के बाद भारतीय महिला टीम पिछले लगभग पांच साल में पहली बार जब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शुक्रवार से शुरू होने वाले एकमात्र दिन रात्रि टेस्ट क्रिकेट मैच में उतरेगी तो जीत हासिल करने के लिए उसकी सीनियर खिलाड़ियों को अच्छा प्रदर्शन करना होगा। वनडे श्रृंखला में करारी हार के बाद भारतीय महिला टीम पिछले लगभग पांच साल में पहली बार जब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शुक्रवार से शुरू होने वाले एकमात्र दिन रात्रि टेस्ट क्रिकेट मैच में उतरेगी तो जीत हासिल करने के लिए उसकी सीनियर खिलाड़ियों को अच्छा प्रदर्शन करना होगा। इस मैच के साथ ही ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बहु प्रारूप वाली श्रृंखला का भी समापन होगा जिसमें भारत ने टी20 श्रृंखला 2-1 से जबकि आस्ट्रेलिया ने वनडे श्रृंखला 3-0 से जीती थी। पिछले पांच टेस्ट मैचों में अजेय रहने के बाद भारत का आत्मविश्वास चरम पर होगा। हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली टीम ने दिसंबर 2023 से जुलाई 2024 के बीच लगातार तीन टेस्ट मैच जीते, जिनमें इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका को घरेलू मैदान पर हराना शामिल है। भारत ने इससे पहले विदेश में खेले गए पिछले दो टेस्ट मैच 2021 में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ड्रॉ कराए थे। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उसने उस साल सितंबर अक्टूबर में दिन रात्रि टेस्ट मैच खेला था जिसमें स्मृति मंधाना ने शतक जमाया था। इस बहु प्रारूप वाली श्रृंखला में ऑस्ट्रेलिया अभी 8-4 से आगे है। टी20 श्रृंखला में हार के बाद ऑस्ट्रेलिया की टीम 2-4 से पिछड़ रही थी, लेकिन इसके बाद उसने शानदार वापसी करके तीनों वनडे मैच जीत लिए। जहां टी20 और वनडे दोनों मैचों में जीत हासिल करने पर दो-दो अंक दांव पर थे, वहीं टेस्ट मैच के विजेता को चार अंक मिलेंगे। भारत अगर जीत हासिल करता है तो वह कम से कम इस श्रृंखला को ड्रॉ करा सकता है। भारतीय टीम इस बात से आत्मविश्वास हासिल करना चाहेगी कि उसने दिसंबर 2023 में मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट मैच आठ विकेट से जीतकर इतिहास रच दिया था। यह पहला अवसर था जबकि भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया को टेस्ट मैच में हराया था। भारतीय बल्लेबाजी का दारोमदार हरमनप्रीत, उप-कप्तान मंधाना, शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स और दीप्ति शर्मा पर होगा। सलामी बल्लेबाज प्रतिका रावल के प्रदर्शन पर शनि की निगाह टिकी रहेगी जो शुक्रवार को टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण कर सकती हैं। रावल भारतीय टीम में शामिल उन सात भारतीय खिलाड़ियों में से एक हैं जिन्होंने अभी तक टेस्ट मैच नहीं खेला है। अभी तक टेस्ट मैच नहीं खेलने वाली भारतीय खिलाड़ियों में बाएं हाथ की स्पिनर वैष्णवी शर्मा, क्रांति गौड़, सायली सतघरे और काशवी गौतम भी शामिल हैं। भारतीय टीम में युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का मिश्रण है। भारत की वनडे विश्व कप विजेता टीम की सदस्य रही क्रांति गौड़ और अमनजोत कौर टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण कर सकती हैं। भारतीय टीम को हालांकि अनुभवी तेज गेंदबाज रेणुका सिंह की कमी खलेगी जो चोटिल होने के कारण टेस्ट टीम से बाहर हो गई। उनकी जगह युवा तेज गेंदबाज काशवी गौतम को टीम में शामिल किया गया है। दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलिया अपनी कप्तान एलिसा हीली को शानदार विदाई देने के लिए प्रतिबद्ध होगा जो अपना 299वां और अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच खेलेंगी। ऑस्ट्रेलिया ने भी किम गार्थ और एलिसे पेरी की जांघ की चोटों और सोफी मोलिनी की पीठ की समस्या के बाद राहेल ट्रेनामन और मैटलान ब्राउन सहित कुछ ऐसे खिलाड़ियों को अपनी टीम में शामिल किया है जिन्होंने अभी तक टेस्ट मैच नहीं खेले हैं। गार्थ और मोलिनी दोनों ही मैच से बाहर हो गई हैं, लेकिन ऑस्ट्रेलिया को उम्मीद है कि पेरी समय पर ठीक हो जाएगी। वाका की उछाल वाली पिच पर होने वाले इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को निश्चित रूप से भारत पर बढ़त हासिल होगी, क्योंकि उसने अपने पिछले दो टेस्ट मैच आसानी से जीते हैं। उसने जनवरी 2025 में एमसीजी में इंग्लैंड को फरवरी 2024 में इसी मैदान पर दक्षिण अफ्रीका को हराया था। टीम इस प्रकार हैं: भारत: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उपकप्तान), शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, ऋचा घोष (विकेटकीपर), दीप्ति शर्मा, काशवी गौतम, स्नेह राणा, अमनजोत कौर, उमा छेत्री (विकेटकीपर), प्रतिका रावल, हरलीन देयोल, क्रांति गौड़, वैष्णवी शर्मा, सयाली सतघरे। ऑस्ट्रेलिया: एलिसा हीली (कप्तान एवं विकेटकीपर), डार्सी ब्राउन, मैटलान ब्राउन, निकोला कैरी, एशले गार्डनर, किम गार्थ, अलाना किंग, फीबी लिट्चफील्ड, बेथ मूनी, ताहलिया मैकग्रा, एलिसे पेरी, एनाबेल सदरलैंड, राहेल ट्रेनामन, जॉर्जिया वोल, जॉर्जिया वेयरहैम। समय: मैच सुबह 10:50 बजे शुरू होगा।  

होली बनी काल! गुजरात में पानी में डूबने की अलग-अलग घटनाओं में 30 से ज्यादा लोगों की मौत

अहमदाबाद गुजरात में होली के दूसरे दिन मनाई जाने वाली धुलेटी का त्योहार इस बार कई परिवारों के लिए मातम लेकर आया। राज्य के अलग-अलग जिलों में तालाब, झील, नहर और नदियों में डूबने से 3 बच्चों समेत 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। ये हादसे करीब 10 अलग-अलग जगहों से सामने आये हैं। होली के बाद लोग रंग खेलने के बाद नहाने के लिए पानी के स्रोतों पर पहुंचते हैं, लेकिन कई बार यही खुशी बड़ी त्रासदी में बदल जाती है। इस साल भी ऐसा ही हुआ, जब राज्य के कई इलाकों से डूबने की दुखद खबरें सामने आईं। प्रशासन और स्थानीय लोगों ने कई जगह बचाव अभियान चलाया, लेकिन कई लोगों को बचाया नहीं जा सका। कई जिलों में डूबने की घटनाएं जानकारी के मुताबिक, राज्य के अलग-अलग जिलों में यह हादसे हुए। अहमदाबाद शहर में 4 लोगों की मौत हुई, जबकि अहमदाबाद जिले के मांडल में 3 बच्चों की जान चली गई। सूरत जिले के बारडोली में 4, मांगरोल में 3 और किम में 3 लोगों की मौत हुई। इसके अलावा महीसागर जिले में 6, अरावली में 4, मेहसाणा में 3, नर्मदा में 3 और अमरेली में 1 व्यक्ति की डूबने से मौत हुई। इन सभी घटनाओं ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया। त्योहार के दिन हुई इतनी बड़ी संख्या में मौतों से प्रशासन भी सतर्क हो गया है। साबरमती नदी में डूबे चार दोस्त अहमदाबाद शहर के कुबेरनगर इलाके में रहने वाले चार दोस्त पीयूष, साहिल, दुर्गेश और सनी धुलेटी के दिन साबरमती नदी में नहाने के लिए पहुंचे थे। वे शहर के कोतरपुर वॉटर वर्क्स के पीछे नदी में उतरे थे। इसी दौरान अचानक चारों गहरे पानी में फंस गए और डूबने लगे। शुरुआत में फायर ब्रिगेड को तीन युवकों के डूबने की सूचना मिली थी। जब रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ तो दमकलकर्मियों को चारों दोस्तों के शव मिले। इस घटना से इलाके में शोक की लहर फैल गई और परिवारों में मातम छा गया। महीसागर की झील में डूबे चार युवक महीसागर जिले के कोठंबा इलाके में भी एक दर्दनाक हादसा हुआ। राघवाना मुवाड़ा के पास नाका झील में नहाने गए चार युवकों की डूबने से मौत हो गई। ये सभी युवक कंतार गांव के रहने वाले थे और धुलेटी के दिन झील में नहाने पहुंचे थे। झील का पानी काफी गहरा था, जिसकी वजह से वे बाहर नहीं निकल सके। घटना की सूचना मिलते ही दमकलकर्मी और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद चारों के शव झील से निकाले गए और पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए। इसी जिले के लुणावाडा और वीरपुर में भी एक-एक युवक की डूबने से मौत हुई। अहमदाबाद जिले में तीन बच्चों की मौत अहमदाबाद जिले के मांडल तालुका के सीतापुर गांव में भी बड़ा हादसा हुआ। यहां झोलासर झील में डूबने से तीन बच्चों की मौत हो गई। धुलेटी खेलने के बाद बच्चे झील में नहाने के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान वे गहरे पानी में चले गए और डूब गए। बाद में स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से बच्चों के शव झील से निकाले गए। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव में मातम छा गया। जो त्योहार खुशी और रंगों के साथ मनाया जा रहा था, वह अचानक शोक में बदल गया। सूरत के किम इलाके में तीन युवकों की मौत सूरत जिले के किम इलाके में भी धुलेटी के दिन दुखद घटना सामने आई। यहां किम नदी में नहाने गए तीन युवक अचानक गहरे पानी में डूब गए। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। कुछ ही देर में तीनों की मौत हो गई। बाद में पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और शवों को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। इस घटना से इलाके में शोक का माहौल बन गया। मांगरोल में गई तीन लोगों की जान सूरत जिले के मांगरोल तालुका के पानसरा गांव में एक अलग तरह की दुखद घटना सामने आई। धुलेटी का त्योहार मनाने के बाद कुछ लोग पास की नदी में नहाने गए थे। इसी दौरान हैप्पी सिंह नाम का युवक डूबने लगा। उसे बचाने के लिए उसका भाई चंद्र भूषण नदी में कूद गया। जब वह भी डूबने लगा तो उनके साथ आए संजय पटेल ने भी दोनों को बचाने के लिए छलांग लगा दी। लेकिन नदी का पानी इतना गहरा था कि तीनों ही डूब गए और उनकी मौत हो गई। बारडोली में नदी में डूबे पांच युवक सूरत जिले के बारडोली के इसरोली गांव के पास बहने वाली मिंढोला नदी में भी बड़ा हादसा हुआ। वहां पांच युवक नदी के किनारे नहाने के लिए पहुंचे थे। अचानक वे गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया

देशसेवा का सुनहरा मौका! 25,000 से अधिक पदों पर अग्निवीर भर्ती 2026, पात्रता से लेकर चयन प्रक्रिया तक जानें सब कुछ

नई दिल्ली अगर आपके सीने में भी देशभक्ति की आग जल रही है और आप भारतीय सेना की वर्दी पहनकर देश की सरहदों की हिफाजत करना चाहते हैं, तो आपके लिए एक बेहद ही शानदार और बड़ी खबर है। भारतीय सेना (Indian Army) ने साल 2026 के लिए ‘अग्निवीर’ (Agniveer) भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। यह उन लाखों युवाओं के लिए एक सुनहरा मौका है, जो सेना में जाकर अपने देश का नाम रोशन करने का सपना देखते हैं। इस साल जनरल ड्यूटी (GD), ट्रेड्समैन, क्लर्क, टेक्निकल और अन्य पदों के लिए 25,000 से ज्यादा (संभावित) पदों पर बंपर भर्तियां निकाली गई हैं। अगर आप 8वीं, 10वीं या 12वीं पास हैं, तो आप इस शानदार मौके का फायदा उठा सकते हैं। आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, इसलिए बिना किसी देरी के अपनी कमर कस लीजिए। आवेदन से जुड़ी अहम तारीखें और फीस भारतीय सेना की इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 13 फरवरी 2026 से शुरू हो चुके हैं। फॉर्म भरने की आखिरी तारीख 1 अप्रैल 2026 तय की गई है। इसके बाद आपका ऑनलाइन कॉमन एंट्रेंस एग्जाम (CEE) 1 जून 2026 से 15 जून 2026 के बीच आयोजित किया जाएगा। आवेदन करने वाले सभी वर्गों के उम्मीदवारों को 250 रुपये की एग्जामिनेशन फीस देनी होगी, जिसे आप ऑनलाइन माध्यम से आसानी से जमा कर सकते हैं। कौन कर सकता है अप्लाई? (शैक्षणिक योग्यता) सेना ने अलग अलग पदों के लिए अलग अलग योग्यताएं तय की हैं। 10वीं पास (मैट्रिक): अगर आप जनरल ड्यूटी (GD) के लिए अप्लाई कर रहे हैं, तो आपको कम से कम 45% अंकों के साथ 10वीं पास होना जरूरी है। साथ ही हर विषय में कम से कम 33% अंक होने चाहिए। (भारतीय गोरखाओं के लिए सिर्फ 10वीं पास होना ही काफी है)। 8वीं और 12वीं पास: ट्रेड्समैन और क्लर्क/टेक्निकल जैसे पदों के लिए 8वीं और 12वीं पास युवा भी अपनी योग्यता के अनुसार आवेदन कर सकते हैं। अगर आपने अभी 10वीं की परीक्षा दी है और रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं, तो भी आप फॉर्म भर सकते हैं, लेकिन रैली के वक्त आपको अपनी ओरिजिनल मार्कशीट दिखानी होगी। उम्र की सीमा अग्निवीर बनने के लिए युवाओं की उम्र साढ़े 17 साल (17.5 years) से लेकर 21 साल के बीच होनी चाहिए। आधिकारिक नोटिफिकेशन के मुताबिक, आपका जन्म 1 जुलाई 2005 से 1 जुलाई 2009 के बीच हुआ हो। हालांकि, ड्यूटी के दौरान शहीद हुए रक्षा कर्मियों की विधवाओं के लिए अधिकतम उम्र सीमा में 30 साल तक की छूट का भी प्रावधान रखा गया है। शारीरिक मापदंड और फिटनेस टेस्ट (Physical Standards) फौज में जाने के लिए सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि आपका शारीरिक रूप से फौलाद होना भी जरूरी है। आपकी कम से कम लंबाई 162 सेंटीमीटर होनी चाहिए (पूर्वोत्तर राज्यों, गोरखा, गढ़वाली और आदिवासियों के लिए लंबाई में 4 सेंटीमीटर की खास छूट दी गई है)। इसके अलावा आपके सीने का फुलाव कम से कम 5 सेंटीमीटर होना चाहिए और आपका वजन आपकी लंबाई और उम्र के हिसाब से (BMI के अनुसार) बिल्कुल फिट होना चाहिए। रैली (Phase II) के दौरान आपका फिजिकल फिटनेस टेस्ट (PFT) होगा। इसमें आपको 1.6 किलोमीटर की दौड़ लगानी होगी। अगर आप यह दौड़ 7 मिनट 45 सेकंड में पूरी करते हैं तो आप ‘एक्सीलेंट’ ग्रुप में आएंगे। इसके साथ ही आपको 10 फीट की लंबी कूद (Long Jump) और 3 फीट की ऊंची कूद (High Jump) भी क्वालीफाई करनी होगी। कैसे होगा चयन? (Selection Process) चयन की प्रक्रिया दो चरणों में पूरी होगी। पहला चरण (Phase I): सबसे पहले एक ऑनलाइन कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CEE) होगा। दूसरा चरण (Phase II): जो उम्मीदवार लिखित परीक्षा पास करेंगे, उन्हें उनके अंकों के आधार पर शॉर्टलिस्ट करके भर्ती रैली के लिए बुलाया जाएगा। रैली वाली जगह पर ही आपका फिजिकल फिटनेस टेस्ट, शारीरिक माप तौल, मेडिकल टेस्ट और आपके सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स का वेरिफिकेशन किया जाएगा। सेना ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह से ‘निष्पक्ष और पारदर्शी’ है। यह सिर्फ आपकी मेहनत और मेरिट पर आधारित है। इसलिए किसी भी दलाल या धोखेबाज के झांसे में बिल्कुल न आएं और न ही किसी को पैसे दें। कितनी मिलेगी सैलरी? अग्निवीर के तौर पर चुने जाने वाले युवाओं को एक शानदार कस्टमाइज्ड पैकेज मिलेगा। पहले साल आपकी सैलरी 30,000 रुपये महीने होगी। दूसरे साल यह बढ़कर 33,000 रुपये, तीसरे साल 36,500 रुपये और चौथे साल 40,000 रुपये प्रति माह हो जाएगी। इसके अलावा आपको रिस्क और हार्डशिप अलाउंस, राशन, ड्रेस और ट्रैवल अलाउंस भी नियमों के मुताबिक दिए जाएंगे। आवेदन कैसे करें? (How to Apply) आवेदन करने का तरीका बेहद आसान है। सबसे पहले आपको भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट www.joinindianarmy.nic.in पर जाना होगा। अगर आप नए यूजर हैं, तो अपनी बेसिक जानकारी डालकर रजिस्ट्रेशन करें और अपना लॉगिन आईडी बनाएं। इसके बाद लॉगिन करके फॉर्म को ध्यान से भरें, अपनी फोटो, साइन और जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। अंत में 250 रुपये की फीस भरकर फॉर्म सबमिट करें और भविष्य के लिए उसका एक प्रिंटआउट जरूर निकालकर अपने पास रख लें। रैली के वक्त आपको अपने एडमिट कार्ड, 20 पासपोर्ट साइज फोटो, एजुकेशन सर्टिफिकेट, डोमिसाइल, जाति प्रमाण पत्र, सरपंच का कैरेक्टर सर्टिफिकेट, अनमैरिड सर्टिफिकेट और पैन/आधार कार्ड जैसे सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स ओरिजिनल और उनकी फोटोकॉपी साथ ले जानी होगी। तो देर किस बात की? आज ही अपनी दौड़ और पढ़ाई की तैयारी शुरू कर दें और देश सेवा के इस सुनहरे मौके को अपने हाथ से न जाने दें।  

सेमीफाइनल से पहले बढ़ी धड़कनें! वानखेड़े की इन हालातों से चिंतित दिखे गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल

नई दिल्ली भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच मोर्नी मोर्केल ने वानखेड़े की पिच को लेकर अपना आंकलन बताया है। उन्होंने कहा कि पिच पर अतिरिक्त उछाल हो सकती है। इसके साथ ही मोर्कल ने ओस को एक बड़ी चिंता करार दिया। ऐसे में टॉस की भूमिका काफी अहम हो सकती है।   मुंबई का वानखेड़े स्टेडियम भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 विश्व कप सेमीफाइनल के लिए तैयार है। भारत को घरेलू परिस्थितियों का लाभ मिलने की संभावना है। इस बीच भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच मोर्नी मोर्केल ने वानखेड़े की पिच को लेकर अपना आंकलन बताया है। उन्होंने कहा कि पिच पर अतिरिक्त उछाल हो सकती है। इसके साथ ही मोर्कल ने ओस को एक बड़ी चिंता करार दिया। ऐसे में टॉस की भूमिका काफी अहम हो सकती है। वानखेड़े में अक्सर बल्लेबाजों के बड़े-बड़े शॉट देखने को मिलते हैं और इसे बल्लेबाजी के लिए अनुकूल माना जाता है। पिच और ड्यू फैक्टर को लेकर मोर्कल ने कहा, ‘मुझे लगता है कि ओस हमेशा से एक बड़ी चिंता रही है। लेकिन ये एक ऐसी चीज है जिसे आप नियंत्रित नहीं कर सकते- टॉस को आप कंट्रोल नहीं कर सकते। मैं समझता हूं कि वानखेड़े में हमशा से थोड़ी अतिरिक्त उछाल होती है।’ भारत के गेंदबाजी कोच ने कहा, ‘हमारे गेंदबाज बाउंस पर भरोसा कर सकते हैं और सही लाइन से इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। मुझे लगता है कि यहां मार्जिन बहुत कम होगा। ये ग्राउंड छोटा है।’ मोर्कल ने कहा कि बल्लेबाजों के लिए मदद का मतलब ये नहीं कि गेंदबाजों के लिए कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा, ‘हर गेंद पर प्रतिस्पर्धा करनी होगी। इस पिच पर बल्लेबाजी की ताकत ही उसकी कमजोरी भी हो सकती है। इसलिए बहुत ज्यादा रक्षात्मक होने की जरूरत नहीं है। आक्रामक गेंदबाजी करते रहिए क्योंकि मौके आ सकते हैं।’ सेमीफाइनल में भारत उम्मीद करेगी कि इंग्लैंड के खिलाफ उसे लक्ष्य का पीछा करने को मिले। इसकी वजह ये है कि इंग्लैंड ने मुश्किल लक्ष्यों का भी सफलता से पीछा करने की काबिलियत रखती है। उसने पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के खिलाफ लगातार इस तरह का प्रदर्शन किया। टी20 विश्व कप के इतिहास में भारत और इंग्लैंड की टीमें तीसरी बार सेमीफाइनल में भिड़ने जा रही हैं। इससे पहले 2022 और 2024 में भी दोनों टीमें सेमीफाइनल में आपस में भिड़ चुकी हैं। संयोग से दोनों टीमों के बीच इससे पहले हुए दोनों सेमीफाइनल में जिस भी टीम ने जीत हासिल की, उसने फाइनल भी फतह किया। 2022 में इंग्लैंड ने भारत को सेमीफाइनल में हराया था और बाद में पाकिस्तान को फाइनल में हराकर विश्व कप पर कब्जा किया था। उसके अगले ही विश्व कप में भारत और इंग्लैंड एक बार फिर सेमीफाइनल में आमने-सामने थे। तब भारत ने इंग्लैंड को हराया और फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को शिकस्त देकर विश्व कप अपने नाम किया था। इस बार ये देखना भी दिलचस्प रहेगा कि भारत बनाम इंग्लैंड के सेमीफाइनल की विजेता टीम के विश्व कप जीतने का ट्रेंड बरकरार रहता है या नहीं।

TVS टू-व्हीलर्स की ग्लोबल सफलता, यामाहा से आगे निकलकर हासिल की नंबर-3 की रैंकिंग

मुंबई  भारतीय कंपनियों की वैश्विक रफ्तार भारतीय ऑटोमोबाइल कंपनियां अब सिर्फ घरेलू बाजार तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी मजबूती से अपनी पहचान बना रही हैं। इसी कड़ी में TVS Motor Company ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। बिक्री के आंकड़ों के आधार पर कंपनी ने जापान की दिग्गज Yamaha Motor Company को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी टू-व्हीलर निर्माता कंपनी का स्थान हासिल कर लिया है। सेल्स के आंकड़ों में TVS की बड़ी छलांग साल 2025 में TVS मोटर ने कुल 54.6 लाख यूनिट्स की बिक्री दर्ज की, जबकि यामाहा की वैश्विक बिक्री करीब 50 लाख यूनिट्स पर सिमट गई। TVS के लिए यह आंकड़ा इसलिए भी खास है क्योंकि 2024 के मुकाबले कंपनी की बिक्री में करीब 20 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि देखने को मिली है। वहीं यामाहा की ग्रोथ इस अवधि में बेहद सीमित रही, जिससे रैंकिंग में बड़ा बदलाव हुआ। हीरो और होंडा के बीच TVS की मजबूत मौजूदगी TVS मोटर अब Hero MotoCorp के बाद टॉप-3 में जगह बनाने वाली दूसरी भारतीय कंपनी बन गई है। हालांकि, वैश्विक स्तर पर सबसे आगे अब भी Honda Motor Company बनी हुई है, जिसने 2025 में 1.64 करोड़ से ज्यादा यूनिट्स की बिक्री की। इस तुलना से साफ है कि होंडा की पकड़ इतनी मजबूत है कि उसे चुनौती देने के लिए बाकी कंपनियों को सामूहिक रूप से भी कड़ी मेहनत करनी होगी। EV सेगमेंट से मिली रफ्तार TVS की तेजी के पीछे उसका व्यापक टू-व्हीलर पोर्टफोलियो और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में मजबूत पकड़ अहम कारण रही है। कंपनी के इलेक्ट्रिक स्कूटर ने बाजार में भरोसा बनाया है, वहीं पारंपरिक सेगमेंट में भी इसके मोटरसाइकिल मॉडल लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। खास तौर पर अपाचे सीरीज ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में बिक्री को मजबूती दी है। स्कूटर सेगमेंट में भी TVS की मौजूदगी लगातार मजबूत होती जा रही है। एक्सपोर्ट मार्केट में बढ़ता प्रभाव TVS मोटर का निर्यात कारोबार भी तेजी से बढ़ा है। अफ्रीकी बाजारों में कंपनी पहले से ही मजबूत स्थिति में है और अब उसका फोकस लैटिन अमेरिका जैसे उभरते बाजारों पर भी बढ़ रहा है। इन क्षेत्रों में अब तक Bajaj Auto की मजबूत पकड़ रही है, लेकिन TVS अपनी स्पोर्ट्स बाइक रेंज के दम पर वहां विस्तार की रणनीति पर काम कर रही है। TVS और यामाहा के लिए आगे की चुनौती आने वाले समय में यामाहा के लिए तीसरा स्थान वापस पाना आसान नहीं होगा। इसके लिए उसे भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया जैसे हाई-वॉल्यूम बाजारों में बिक्री बढ़ानी होगी, साथ ही इलेक्ट्रिक सेगमेंट में भी मजबूत उपस्थिति बनानी होगी। दूसरी ओर, TVS की रणनीति घरेलू बाजार को और मजबूत करने के साथ-साथ निर्यात बढ़ाकर अपनी तीसरी पोजिशन को सुरक्षित रखने की है। TVS मोटर की यह उपलब्धि भारतीय ऑटो उद्योग के लिए एक बड़ा संकेत है कि देसी कंपनियां अब वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूती से खड़ी हैं। बढ़ती बिक्री, मजबूत EV रणनीति और एक्सपोर्ट पर फोकस ने TVS को दुनिया के टॉप टू-व्हीलर निर्माताओं की कतार में मजबूती से ला खड़ा किया है।

सीहोर में महादेव होली उत्सव, पंडित मिश्रा बोले—हमने इसे फिर से शुरू किया; अंतरराष्ट्रीय युद्धों पर जताई शांति की इच्छा

सीहोर  सीहोर में महादेव की होली गुरुवार को शुरू हो चुकी है। काशी, मथुरा और बरसाना की तर्ज पर यहां पर फूल-गुलाल से होली खेली जाएगी। कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि पहले सीवन नदी किनारे होली खेली जाती थी। नबाव साहब ने इसे बंद करा दिया था, अब हमने फिर से शुरू किया।  उन्होंने कहा भगवान शिव के स्वरूप को सब जानें कि उनकी भक्ति का रंग अजर-अमर है। इजराइल-अमेरिका, ईरान में चल रहे युद्ध पर भी कथावाचक ने कहा कि किसी न किसी कारण से देश बर्बाद हो रहे हैं। सारे राष्ट्र में अब शांति हो यह युद्ध अब समाप्त होना चाहिए। सब पर बाबा देवाधिदेव महादेव की कृपा बनी रहे। भारत का एक-एक नागरिक प्रार्थना करता है कि सभी जगह पर शांति हो। फूल-गुलाल से खेली जाती है होली इस होली की खास बात यह है कि इसमें केवल गुलाल और फूलों का उपयोग किया जाता है। पानी या पानी में घुले रंगों का प्रयोग पूरी तरह वर्जित है। इसका उद्देश्य यह है कि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को वापस घर लौटते समय किसी तरह की असुविधा न हो। पांच शिव मंदिरों में खेली जाती है होली महादेव की होली शहर के छावनी स्थित चमत्कारेश्वर महादेव मंदिर से शुरू होकर विभिन्न शिव मंदिरों से होती हुई आगे बढ़ती है। इसके बाद यह गुप्तेश्वर महादेव मंदिर, पिपलेश्वर महादेव मंदिर और नर्मदेश्वर महादेव मंदिर होते हुए प्राचीन मनकामेश्वर महादेव मंदिर पहुंचती है। यहां विशेष आरती के साथ आयोजन का समापन किया जाता है। शिव और गुरु के साथ होली का संदेश पंडित प्रदीप मिश्रा के अनुसार यह होली शिव और गुरु के साथ खेली जाती है, जो यह संदेश देती है कि बड़ों के सानिध्य में जीवन खुशियों के रंगों से भर जाता है। उनका कहना है कि शिव ही ऐसे हैं जिनका रंग एक बार चढ़ जाए तो जीवन भर नहीं उतरता। देशभर के श्रद्धालुओं को किया आह्वान पंडित मिश्रा ने देशवासियों से अपने-अपने शिव मंदिरों में भगवान शिव को चंदन युक्त जल अर्पित करने का आह्वान किया है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की है कि महादेव की होली उत्साह के साथ लेकिन पूरी शांति और अनुशासन के साथ मनाएं।

मिडिल ईस्ट संकट गहराया, भारत में 180 फ्लाइट्स रद्द; यात्रियों के लिए नई एडवाइजरी जारी

 नई दिल्ली मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रही लड़ाई का असर फ्लाइट पर भी दिख रहा है. दोनों तरफ से लगातार हमले हो रहे हैं, जिससे साफ है कि यह संकट अभी जल्द खत्म होता नहीं दिख रहा. हालात सुधरने के कोई संकेत नजर नहीं आ रहे हैं. इस टकराव का असर कई देशों पर पड़ रहा है, खासकर अरब के मुस्लिम देशों के नागरिकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. लगातार हो रहे हमलों में अब तक सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है।  रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान में मरने वालों की संख्या 1,000 से ज्यादा हो गई है. लेबनान में करीब 60 और इजरायल में लगभग एक दर्जन लोगों की मौत हुई है. इस संघर्ष में अमेरिका के 6 सैनिकों के मारे जाने की भी खबर है. बढ़ते तनाव का असर हवाई यात्रा पर भी पड़ा है. सुरक्षा कारणों से कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानें रद्द कर दी गई हैं, जबकि कई फ्लाइट्स का रूट बदला गया है. कुछ एयरपोर्ट्स पर सेवाएं अस्थायी रूप से प्रभावित हुई हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।  नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच कई देशों ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है और हवाई सेवाओं पर भी असर पड़ा है. कतर की राजधानी दोहा में भारतीय दूतावास ने अहम सूचना जारी की है. दूतावास के मुताबिक, कतर के एयरस्पेस बंद होने की वजह से हमाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ानें फिलहाल अस्थायी रूप से निलंबित हैं. कतर एयरवेज समेत अन्य एयरलाइंस की फ्लाइट्स भी कैंसिल है. यात्रियों से कहा गया है कि वे अपनी यात्रा को दोबारा तय करने के लिए संबंधित एयरलाइन से संपर्क में रहें. दूतावास ने यह भी बताया कि वह कतर प्रशासन और भारतीय समुदाय के नेताओं के साथ मिलकर भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है. वहीं, स्काई न्यूज के अनुसार मिडिल ईस्ट संकट के बीच ब्रिटेन सरकार की पहली चार्टर्ड फ्लाइट उड़ान नहीं भर पाई।  एयर इंडिया की कई फ्लाइट कैंसिल एयर इंडिया ने जानकारी दी है कि मिडिल ईस्ट के लिए उसकी ज्यादातर उड़ानें 5 मार्च 2026 की रात 11:59 बजे (IST) तक निलंबित रहेंगी. हालांकि जेद्दा के लिए कुछ तय उड़ानें 5 मार्च से दोबारा शुरू की जाएगी. इनमें दिल्ली-जेद्दा-दिल्ली और मुंबई-जेद्दा-मुंबई रूट शामिल हैं. इसके अलावा एयर इंडिया 5 मार्च की सुबह मुंबई-दुबई-दिल्ली रूट पर एक अतिरिक्त फ्लाइट (AI909D/996D) चलाने की योजना बना रही है, ताकि फंसे हुए यात्रियों को वापस लाया जा सके. यह उड़ान बड़े B777 विमान से संचालित होगी, जिसमें ज्यादा यात्रियों के बैठने की क्षमता होती है।  भारत के कई शहरों से करीब 180 उड़ानें रद्द सूत्रों के अनुसार पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और एयरस्पेस प्रतिबंधों के कारण 4 मार्च को मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों के एयरपोर्ट से लगभग 180 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं. मुंबई एयरपोर्ट पर 48 प्रस्थान और 45 आगमन समेत कुल 93 उड़ानें रद्द हुईं. दिल्ली एयरपोर्ट पर 25 प्रस्थान और 27 आगमन मिलाकर 52 उड़ानें रद्द हुईं. बेंगलुरु एयरपोर्ट पर अलग-अलग एयरलाइनों की 34 उड़ानें रद्द की गईं, जिनमें 18 आगमन उड़ानें थीं।  फंसे यात्रियों को लाने के लिए चलाई गई विशेष फ्लाइट मुंबई एयरपोर्ट से 4 मार्च को कुछ विशेष फ्लाइट भी चलाई गईं. स्पाइसजेट ने फुजैराह से मुंबई के लिए दो विशेष उड़ानें संचालित की, जबकि एयर इंडिया ने दुबई से मुंबई के लिए एक फ्लाइट चलाई. इसके अलावा अमीरात ने दुबई से मुंबई के लिए तीन फ्लाइट संचालित की. गल्फ एयर और रॉयल जॉर्डन ने भी अम्मान (जॉर्डन) और दम्माम (सऊदी अरब) से मुंबई के लिए एक-एक फ्लाइट चलाई।  कोलकाता एयरपोर्ट पर भी कई फ्लाइट कैंसिल कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से भी पश्चिम एशिया के लिए कई उड़ानें प्रभावित हुईं. दोहा, दुबई और अबू धाबी जैसे शहरों के लिए कम से कम पांच फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गईं. इनमें कतर एयरवेज और अमीरात की उड़ानें भी शामिल थीं. देश की बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने बताया कि एयरस्पेस प्रतिबंधों के कारण 28 फरवरी से 3 मार्च के बीच पश्चिम एशिया और अन्य अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए उसकी 500 से ज्यादा फ्लाइट कैंसिल करनी पड़ीं।  कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बढ़ाई गईं हालांकि यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए कुछ एयरलाइनों ने अन्य अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर अतिरिक्त उड़ानें शुरू की हैं. एयर इंडिया ने दिल्ली से टोरंटो, फ्रैंकफर्ट और पेरिस के लिए अतिरिक्त फ्लाइट जोड़ने का फैसला किया है. वहीं एयर इंडिया एक्सप्रेस ने मस्कट, दिल्ली और मुंबई के बीच अतिरिक्त सेवाएं शुरू करने की घोषणा की है।  विदेशी नागरिकों को निकालने की तैयारी अमेरिका के विदेश विभाग ने भी बताया कि मिडिल ईस्ट में फंसे अमेरिकी नागरिकों को निकालने के लिए विशेष चार्टर्ड फ्लाइट चलाई गई है और आगे भी ऐसी उड़ानें भेजी जाएंगी।  यूएई में ओवरस्टे जुर्माना माफ संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने भी बड़ा फैसला लेते हुए उन यात्रियों का ओवरस्टे जुर्माना माफ कर दिया है जो फ्लाइट रद्द होने या एयरस्पेस बंद होने की वजह से समय पर देश नहीं छोड़ पाए. कुल मिलाकर, मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर अब पूरी दुनिया की हवाई यात्रा पर पड़ रहा है. एयरलाइंस लगातार अपनी उड़ानें कैंसिल या बदल रही हैं और यात्रियों को अपनी यात्रा से पहले एयरलाइन से जानकारी लेने की सलाह दी जा रही है।  लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट पर एतिहाद एयरवेज का चेक-इन काउंटर बंद है और वहां उड़ानों में देरी और रद्द होने की सूचना लगाई गई है. अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमलों के बाद कई फ्लाइट्स प्रभावित हो गई हैं। 

हॉकी को मिलेगा बढ़ावा: एमपी के इस शहर में बनेगा मॉडर्न सिंथेटिक टर्फ स्टेडियम, ढाई साल में तैयार होगा

रायसेन औद्योगिक शहर मंडीदीप सहित सम्पूर्ण रायसेन जिले के हॉकी के खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों के लिए खुशखबरी है। राज्य सरकार ने मंडीदीप के हॉकी फीडर सेंटर की उपलब्धियों को देखते हुए 13.71 करोड़ रुपए स्वीकृत की है। यहां एक आधुनिक सिंथेटिक टर्फ वाला हॉकी स्टेडियम बनाया जाएगा, जो ढाई साल में तैयार होगा। हॉकी की नर्सरी माना जाता है मंडीदीप मंडीदीप को “हॉकी की नर्सरी” के रूप में जाना जाता है, जहां के खिलाड़ी वर्षों से प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन कर रहे हैं। खिलाड़ियों की लगातार मांग पर अब यह सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे स्थानीय स्तर पर ही अंतरराष्ट्रीय मानकों का अभ्यास संभव हो सकेगा। इस योजना के साथ प्रदेश में सिंथेटिक टर्फ की कुल संख्या 17 हो जाएगी।   अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिताएं अब केवल सिंथेटिक टर्फ पर ही खेली जाती है। फिलहाल मंडीदीप के खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए भोपाल, नर्मदापुरम या ग्वालियर जाना पड़ता है। नए स्टेडियम के बनने से शहर में ही बेहतर सुविधा मिलेगी, जिससे खिलाडियों का प्रदर्शन और बेहतर होगा। वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखा सकेंगे। ढाई साल में बनकर होगा तैयार सरकार द्वारा राशि स्वीकृत होने के बाद अगले दो महीनों में निर्माण एजेंसी तय कर टेंडर निकाले जाएंगे। टेक्निकल और फाइनेंशियल बिड की प्रक्रिया पूरी होने में करीब डेढ़ महीना लगेगा। इसी माह में विभिन्न टीमों की ओर से स्टेडियम के लिए जरूरी अन्य प्रक्रियाओं को पूरा किया जाएगा। इसके बाद निर्माण कार्य की प्रक्रिया शुरू होगी, जिसमें डेढ़ से दो साल का समय लगेगा। इस प्रकार कुल ढाई साल में स्टेडियम तैयार हो जाएगा।   उपलब्ध होंगी अत्याधुनिक सुविधाएं मंडीदीप के नयापुरा गांव में सिंथेटिक टर्फ का लगभग 7 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण होगा। इसके साथ ही टर्फ पर वाटरिंग के लिए स्प्रिंकलर सिस्टम लगाया जाएगा। शुरुआत में 300 दर्शकों की क्षमता वाली दर्शक दीर्घा (स्टैंड) बनेगी, बाद में इसे और बढ़ाया जा सकेगा। इसके अलावा यहां खिलाड़ियों के लिए 5 ड्रेसिंग रूम, एक बड़ा स्टोर और हॉल, जिसमें फिटनेस सेंटर होगा। वहीं एक इलेक्ट्रिक रूम भी बनाया जाएगा। कई खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम के करीब मंडीदीप हॉकी फीडर सेंटर के कई खिलाड़ी, खासकर लड़कियां, राष्ट्रीय टीम का दरवाजा खटखटा रहे हैं। लगभग 10 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं। यह पहल खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने में मदद करेगी।

भारतीय बाजार में लॉन्च हुई नई Mercedes CLA Electric, 792 किमी रेंज और 10 मार्च से बुकिंग शुरू

मुंबई  लग्जरी कार निर्माता कंपनी Mercedes-Benz ने आखिरकार भारत में अपनी बहुप्रतीक्षित Mercedes-Benz CLA इलेक्ट्रिक सेडान को पेश कर दिया है. इसकी बुकिंग 10 मार्च से शुरू होगी, जिसके बाद अप्रैल में इस कार को लॉन्च किया जाएगा. बता दें कि नई Mercedes-Benz CLA, कंपनी के एंट्री-लेवल मॉडल्स की लाइन-अप में ICE A-Class Limousine के साथ-साथ EQA और EQB EVs की जगह लेगी. ऐसा पहली बार है, जब यह नेमप्लेट फुली इलेक्ट्रिक पावरट्रेन के साथ आएगी, क्योंकि साल 2020 की शुरुआत में बंद होने से पहले, यह कम्बशन-पावर्ड थी. फिलहाल कंपनी ने इसकी कीमत का खुलासा नहीं किया है. 2026 Mercedes-Benz CLA Electric की रेंज और स्पेसिफिकेशन नई CLA EV के स्पेसिफिकेशन की बात करें तो इसमें 800-वोल्ट का इलेक्ट्रिकल आर्किटेक्चर इस्तेमाल किया गया है, और इसका बेस 85kWh 250+ वेरिएंट WLTP साइकिल पर 792km की रेंज देने का दावा करता है, जिसे भारतीय बाजार में उतारा जाएगा. इसकी मज़बूत रेंज काफ़ी हद तक CLA इलेक्ट्रिक की 93 प्रतिशत ड्राइवट्रेन एफिशिएंसी की वजह से है, जिसे इसके एयरोडायनामिक डिज़ाइन और ऑप्टिमाइज़्ड एनर्जी कंजम्प्शन से मदद मिलती है. खास बात यह है कि अब इसका ग्राउंड क्लीयरेंस ज़्यादा है, और इसके सस्पेंशन को सड़क की कंडीशन के हिसाब से खास तौर पर ट्यून किया गया है. एक और खास बात यह है कि इसमें दो-स्पीड गियरबॉक्स लगाया गया है, जैसा कि Porsche Taycan जैसे मॉडलों में देखने को मिलता है, जबकि ज़्यादातर EVs में आम तौर पर सिंगल-स्पीड रिडक्शन यूनिट होती है. कार में लगी पीछे वाली इलेक्ट्रिक मोटर 272hp की पावर देती है, जिससे CLA 250+ सिर्फ 6.7 सेकंड में 100kph की स्पीड पकड़ सकती है. वहीं चार्जिंग की बात करें तो, यह सिस्टम 240kW तक की हाई-स्पीड DC फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करता है, और कंपनी का दावा है कि सही हालात में सिर्फ़ 20 मिनट में इसकी बैटरी 400km की रेंज तक चार्ज हो सकती है. 2026 Mercedes CLA Electric का एक्सटीरियर डिजाइन नई CLA के डिजाइन की बात करें तो इसमें लाइटिंग एलिमेंट्स में Mercedes के तीन पॉइंट वाले स्टार लोगो पर खास ध्यान दिया गया है. स्टार मोटिफ हेडलाइट्स, टेल-लाइट्स और 142 छोटे बैकलिट स्टार्स वाली सील्ड-ऑफ फ्रंट ग्रिल में भी मौजूद है. बंपर के डिज़ाइन पर नजर डालें तो यह साफ़ और एयरो-फोकस्ड है, जो इसकी एफिशिएंसी-फर्स्ट अप्रोच के हिसाब से है, और इसमें छोटे एयर इनलेट भी दिए गए हैं, जो कार के कोनों पर एयरफ्लो को आसानी से गाइड करने में मदद करते हैं. साइड प्रोफ़ाइल की बात करें, तो इस सेडान में फ़्लश डोर हैंडल और 18-इंच के व्हील्स के साथ एक स्लीक, कूपे जैसा सिल्हूट दिया गया है. बड़ी पैनोरमिक ग्लास रूफ गर्म मौसम के लिए सही हीट-प्रोटेक्टिव कोटिंग के साथ आती है. अपने पिछले मॉडल से 30mm लंबी, 25mm चौड़ी और 25mm ऊंची होने के बावजूद, स्मूद सरफेसिंग और बेहतर एयरफ़्लो मैनेजमेंट EV को 0.21 का कम ड्रैग कोएफ़िशिएंट पाने में मदद करते हैं. रियर प्रोफाइल की बात करें तो इसमें पीछे की तरफ, टेल-लाइट्स के बीच एक पूरी चौड़ाई वाली लाइट बार लगाई गई है. इसके उपलब्ध एक्सटीरियर शेड्स के तौर पर क्लियर ब्लू, कॉस्मिक ब्लैक, पोलर व्हाइट, एल्पाइन ग्रे और पेटागोनिया रेड कलर शामिल हैं, जिनमें से आखिरी दो मैन्युफ़ैक्चर ऑप्शन हैं. 2026 Mercedes CLA Electric का इंटीरियर और फीचर्स चूंकि भारतीय बाजार में CLA 250+ वेरिएंट उतारा जाएगा, इसलिए इसमें कंपनी का ट्रिपल-डिस्प्ले सुपरस्क्रीन नहीं दिया जाएगा. इसके बजाय, केबिन में 10.25-इंच का ड्राइवर डिस्प्ले और मर्सिडीज़ के लेटेस्ट MB.OS ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलने वाला 14-इंच का सेंट्रल टचस्क्रीन होगा. वहीं पैसेंजर डिस्प्ले की जगह, LED-बैकलिट स्टार लोगो वाला एक ग्लास पैनल लगाया जाएगा, जो एम्बिएंट लाइटिंग के साथ सिंक होगा. यह कार ओवर-द-एयर सॉफ्टवेयर अपडेट को भी सपोर्ट करेगी. इसके अलावा, इसमें वायरलेस चार्जिंग और छह 100W USB-C फास्ट-चार्जिंग पोर्ट स्टैंडर्ड तौर पर दिए गए हैं, और पीछे की सीटें 40:20:40 के अनुपात में बांटी गई हैं. 2026 Mercedes CLA Electric के सेफ्टी फीचर्स वैसे तो Mercedes CLA इलेक्ट्रिक का Bharat NCAP द्वारा क्रैश-टेस्ट अभी बाकी है, लेकिन इसे 2025 में Euro NCAP द्वारा पूरी 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग दी गई थी. फ्रंट और साइड एयरबैग के अलावा, इसमें एक सेंटर एयरबैग, साथ ही कैमरा- और रडार-बेस्ड लेवल 2 ADAS भी होगा.

सरगुजा जिले में पीएम आवास प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार, लोगों को मिलेगा जल्द फायदा

रायपुर : सरगुजा जिले में पीएम आवास निर्माण ने पकड़ी रफ्तार एक माह में 1628.60 लाख रुपये अंतरित रायपुर सरगुजा जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत आवास निर्माण कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। जिले में स्वीकृत कुल 1,02,210 आवासों में से 80,296 आवास पूर्ण किए जा चुके हैं, जो 50 प्रतिशत से अधिक उपलब्धि को दर्शाता है। इस माह 1,781 आवासों का निर्माण कार्य पूर्ण हुआ है। निर्माण कार्यों को गति देने के लिए हितग्राहियों को किश्तों की राशि आधार आधारित डीबीटी प्रणाली के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में समय-सीमा के भीतर अंतरित की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2024-26 में स्वीकृत 36,306 आवासों में से 18,782 आवास पूर्ण हो चुके हैं। योजना के तहत प्रत्येक हितग्राही को 1.20 लाख रुपये की राशि स्वीकृति, प्लिंथ एवं पूर्णता चरण में जियो-टैग आधारित सत्यापन के पश्चात प्रदान की जाती है। अब तक 35,125 हितग्राहियों को प्रथम किश्त (40,000 रुपये), 23,419 को द्वितीय किश्त (55,000 रुपये) तथा 10,367 हितग्राहियों को तृतीय किश्त (25,000 रुपये) जारी की जा चुकी है। विगत एक माह में 1,634 आवास पूर्ण करते हुए 1,349.05 लाख रुपये की राशि जारी की गई। साथ ही कुल मिलाकर 1,628.60 लाख रुपये हितग्राहियों के खातों में अंतरित किए गए। इसके अतिरिक्त मनरेगा के अंतर्गत 90 मानव-दिवस का मजदूरी भुगतान तथा स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण उपरांत 12,000 रुपये की अतिरिक्त सहायता भी प्रदान की जा रही है। पीएम जनमन योजना के तहत जिले में 2,565 पहाड़ी कोरवा हितग्राहियों को स्वीकृति प्रदान की गई है, जिनमें से 1,385 आवास पूर्ण हो चुके हैं। प्रति हितग्राही 2.00 लाख रुपये की सहायता राशि चार चरणों में जारी की जाती है। विगत एक माह में 73 जनमन आवास पूर्ण हुए तथा 217 लाख रुपये की राशि जारी की गई। मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत जिले में 1,024 आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 214 आवास पूर्ण हो चुके हैं। पिछले एक माह में 74 आवास पूर्ण करते हुए 62.55 लाख रुपये की राशि हितग्राहियों के खातों में अंतरित की गई है। आवास निर्माण में प्रगति सुनिश्चित करने के लिए 45 आवास मित्रों एवं 218 रोजगार सहायकों को कुल 61.97 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। वर्तमान में जिले में किसी भी हितग्राही की किश्त भुगतान हेतु लंबित नहीं है, जो प्रशासन की पारदर्शी एवं सक्रिय कार्यप्रणाली को दर्शाता है। आवास निर्माण से संबंधित किसी भी समस्या या सुझाव के लिए हितग्राही राज्य शासन द्वारा जारी निःशुल्क हेल्पलाइन नंबर 1800-233-1290 पर संपर्क कर सकते हैं।

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