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आपराधिक मामलों में दोषी नेताओं पर ताउम्र चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध सही नहीं, केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि आपराधिक मामलों में दोषी ठहराए गए नेताओं पर ताउम्र चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाना सही नहीं होगा। केंद्र ने कहा कि मौजूदा छह साल का प्रतिबंध ही काफी है। आपराधिक मामलों में दोषी करार दिए गए नेताओं पर आजीवन प्रतिबंध लगाने की मांग करने वाली एक जनहित याचिका का विरोध करते हुए केंद्र सरकार ने शीर्ष न्यायालय से ऐसा कहा है। इस याचिका में दोषी ठहराए गए सांसदों और विधायकों समेत अन्य नेताओं पर चुनाव लड़ने पर आजीवन प्रतिबंध लगाने की मांग की गई थी। शीर्ष अदालत में दाखिल हलफनामे में केंद्र ने कहा कि याचिका में जो अनुरोध किया गया है वह विधान को फिर से लिखने या संसद को एक विशेष तरीके से कानून बनाने का निर्देश देने के समान है, जो न्यायिक समीक्षा संबंधी उच्चतम न्यायालय की शक्तियों से पूरी तरह से परे है। इसके साथ ही केंद्र ने कहा कि इस तरह की अयोग्यता तय करना केवल संसद के अधिकार क्षेत्र में आता है। हलफनामे में कहा गया है, ‘‘यह सवाल कि आजीवन प्रतिबंध लगाना उपयुक्त होगा या नहीं, यह पूरी तरह से संसद के अधिकार क्षेत्र में आता है।’’ इसमें कहा गया है कि दंड के क्रियान्वयन को एक उपयुक्त समय तक सीमित कर, रोकथाम सुनिश्चित की गई है और अनावश्यक कठोर कार्रवाई से बचा गया है। केंद्र ने कहा कि यह कानून का स्थापित सिद्धांत है कि दंड या तो समय या मात्रा के अनुसार निर्धारित होते हैं। हलफनामे में कहा गया है, ‘‘यह दलील दी गई है कि याचिकाकर्ता द्वारा उठाए गए मुद्दों के व्यापक प्रभाव हैं और वे स्पष्ट रूप से संसद की विधायी नीति के अंतर्गत आते हैं तथा इस संबंध में न्यायिक समीक्षा की रूपरेखा में उपयुक्त परिवर्तन करना पड़ेगा।’’ अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय ने शीर्ष अदालत में याचिका दायर कर दोषी करार दिये गए नेताओं पर आजीवन प्रतिबंध लगाने के अलावा देश में सांसदों और विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामलों के त्वरित निस्तारण का अनुरोध किया है। अपने हलफनामे में, केंद्र ने कहा कि शीर्ष अदालत ने निरंतर यह कहा है कि एक विकल्प या दूसरे पर विधायी विकल्प की प्रभावकारिता को लेकर अदालतों में सवाल नहीं उठाया जा सकता। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8 (1) के तहत, अयोग्यता की अवधि दोषसिद्धि की तारीख से छह साल या कारावास के मामले में रिहाई की तारीख से छह साल तक है। हलफनामे में कहा गया है कि उक्त धाराओं के तहत घोषित की जाने वाली अयोग्यताएं संसदीय नीति का विषय हैं और आजीवन प्रतिबंध लगाना उपयुक्त नहीं होगा। केंद्र ने कहा कि न्यायिक समीक्षा के मामले में, न्यायालय प्रावधानों को असंवैधानिक घोषित कर सकता है, हालांकि, याचिकाकर्ता द्वारा मांगी गई राहत में अधिनियम की धारा 8 की सभी उप-धाराओं में ‘‘छह वर्ष’’ के प्रावधान को ‘‘आजीवन’’ पढ़े जाने का अनुरोध किया गया है। इसने कहा कि आजीवन अयोग्यता, प्रावधानों के तहत लगाई जा सकती है और ऐसा विवेकाधिकार ‘‘निश्चित रूप से संसद के अधिकार क्षेत्र में’’ है। केंद्र ने कहा कि याचिका अयोग्यता के आधार और अयोग्यता के प्रभावों के बीच महत्वपूर्ण अंतर स्पष्ट करने में विफल रही है। हलफनामे में कहा गया है कि याचिकाकर्ता का संविधान के अनुच्छेद 102 और 191 का उल्लेख करना पूरी तरह से गलत है। संविधान के अनुच्छेद 102 और 191 संसद, विधानसभा या विधानपरिषद की सदस्यता के लिए अयोग्यता से संबंधित हैं। केंद्र ने कहा कि अनुच्छेद 102 और 191 के खंड (ई) संसद को अयोग्यता से संबंधित कानून बनाने की शक्ति प्रदान करते हैं और इसी शक्ति का प्रयोग करते हुए 1951 का (जन प्रतिनिधित्व) अधिनियम बनाया गया था। इसने कहा कि संविधान ने संसद को अयोग्यता से संबंधित ऐसे अन्य कानून बनाने का अधिकार दिया है, जिसे बनाना वह उचित समझता हो। केंद्र ने कहा, ‘‘संसद के पास अयोग्यता के आधार और अयोग्यता की अवधि, दोनों निर्धारित करने की शक्ति है।’’न्यायालय ने 10 फरवरी को, जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 8 और 9 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र और निर्वाचन आयोग से जवाब मांगा था।

दक्षिण कोरिया में बहुत तेज घट रही थी जनसंख्या, सरकार की मेहनत रंग लाई, बढ़ने लगी जन्म दर

सियोल पिछले लंबे समय से दुनिया के कई देश जनसंख्या में लगातार गिरावट से जूझ रहे हैं। इनमें एक देश ऐसा है जहां जन्म दर दुनिया में सबसे कम थी। लेकिन अब सरकार और कई अन्य कंपनियों की पहल काम आ रही है और करीब 9 साल बाद पहली बार जन्म दर में वृद्धि देखने को मिली है। हम बात कर रहे हैं दक्षिण कोरिया की। यहां सरकार के लगातार प्रयासों और नीतियों का असर दिखने लगा है। पिछले एक दशक की बात करें, तो इस देश में जन्मदर में भारी गिरावट देखी गई थी क्योंकि महिलाएं करियर को प्राथमिकता दे रही थीं और महंगे घरों व बच्चों की परवरिश की बढ़ती लागत के कारण विवाह और मातृत्व से बच रही थीं। दक्षिण कोरिया में प्रजनन दर (फर्टिलिटी रेट) साल 2023 में 0.72 तक पहुंच गई थी, जो दुनिया में सबसे कम थी। किसी देश की जनसंख्या को स्थिर रखने के लिए प्रजनन दर का 2.1 होना जरूरी माना जाता है, लेकिन दक्षिण कोरिया इससे बहुत पीछे था। बढ़ती महंगाई, लंबे काम के घंटे, नौकरी की असुरक्षा और बच्चों के पालन-पोषण की ऊंची लागत के चलते युवा शादी और बच्चे पैदा करने से कतरा रहे थे। नतीजतन, देश की आबादी तेजी से घट रही थी और यह अनुमान लगाया जा रहा था कि यदि यही स्थिति रही तो साल 2100 तक दक्षिण कोरिया की 5.1 करोड़ की आबादी आधी से भी कम हो जाएगी। जन्मदर में मामूली सुधार 2024 में, दक्षिण कोरिया की कुल प्रजनन दर बढ़कर 0.75 हो गई, जो 2023 में 0.72 थी। 2015 में यह दर 1.24 थी, जिसके बाद लगातार आठ वर्षों तक गिरावट जारी थी। वहीं, 1,000 लोगों पर जन्म लेने वाले बच्चों की संख्या (क्रूड बर्थरेट) 4.7 रही, जो 2014 से चली आ रही गिरावट को तोड़ने में सफल रही। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, यह वृद्धि महामारी के कारण विलंबित शादियों की संख्या में वृद्धि और सरकार की कार्य-परिवार संतुलन, बाल देखभाल और आवास संबंधी नीतियों के कारण संभव हो सकी है। सरकार ने इस संकट से निपटने के लिए कई कदम उठाए। पिछले कुछ सालों में करीब 286 अरब डॉलर की भारी-भरकम राशि जन्म दर को बढ़ाने के लिए खर्च की गई। इसमें सब्सिडी वाले आवास, परिवहन, स्वास्थ्य सेवाएं, मुफ्त आईवीएफ (टेस्ट ट्यूब बेबी) सुविधाएं और माता-पिता को आर्थिक सहायता जैसे कदम शामिल थे। इसके अलावा, बच्चों की देखभाल के लिए विदेशी कर्मचारियों की भर्ती, कर में छूट और 30 साल की उम्र तक तीन या अधिक बच्चों वाले पुरुषों को सैन्य सेवा से छूट जैसे प्रोत्साहन भी दिए गए। सामाजिक सोच में बदलाव अल-जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, सांख्यिकी कोरिया की अधिकारी पार्क ह्यून-जंग ने एक प्रेस वार्ता में कहा, “समाज में विवाह और मातृत्व को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण बढ़ा है।” उन्होंने बताया कि प्रजनन दर बढ़ाने में 30 वर्ष की उम्र वाले लोगों की संख्या में वृद्धि और महामारी के कारण विलंबित शादियों ने योगदान दिया। नई जनसांख्यिकीय नीति बीते वर्ष, राष्ट्रपति यून सुक-योल ने देश के “जनसांख्यिकीय संकट” से निपटने के लिए एक नए मंत्रालय के गठन का प्रस्ताव रखा था। इस नीति का उद्देश्य पहले की केवल नकद सहायता आधारित योजनाओं के बजाय व्यापक समाधान देना था। नई नीति के तहत, माता-पिता दोनों के लिए कुल छह महीने तक 100 प्रतिशत वेतन भुगतान की सुविधा दी गई है, जबकि पहले यह केवल तीन महीने के लिए था। इसके अलावा, माता-पिता दोनों द्वारा छुट्टी लेने की स्थिति में कुल छुट्टी की अवधि एक वर्ष से बढ़ाकर डेढ़ वर्ष कर दी गई है। कंपनियों पर नए नियम इस वर्ष से, सरकार ने सूचीबद्ध कंपनियों के लिए अनिवार्य कर दिया है कि वे अपने बाल देखभाल से जुड़े आंकड़ों को नियामक रिपोर्ट में शामिल करें। सरकार की विभिन्न परियोजनाओं और वित्तीय सहायता पाने के लिए कंपनियों को यह आंकड़े प्रस्तुत करने होंगे। इसके अलावा, छोटे और मध्यम उद्यमों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। सरकार का वित्तीय निवेश दक्षिण कोरियाई सरकार इस वर्ष कार्य-परिवार संतुलन, बाल देखभाल और आवास के तीन प्रमुख क्षेत्रों में कुल 19.7 ट्रिलियन वॉन (13.76 अरब डॉलर) खर्च करने जा रही है। यह 2024 के मुकाबले 22 प्रतिशत अधिक है। सरकार को उम्मीद है कि इन नई नीतियों से जन्मदर को और स्थिरता मिलेगी और दक्षिण कोरिया की गंभीर जनसांख्यिकीय चुनौतियों से निपटने में मदद मिलेगी। इन प्रयासों का नतीजा अब सामने आया है। ताजा सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2024 में जन्म दर में मामूली लेकिन महत्वपूर्ण बढ़ोतरी दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह रुझान जारी रहा तो प्रजनन दर 0.74 के आगे पहुंच सकती है। हालांकि यह अभी भी अन्य देशों की तुलना में कम है, लेकिन यह एक सकारात्मक संकेत है। सितंबर 2024 में 14 सालों में पहली बार नवजात शिशुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई, जिसने सरकार और नागरिकों में उम्मीद जगाई है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल शुरुआत है। दक्षिण कोरिया को अभी लंबा रास्ता तय करना है ताकि जनसंख्या संकट से पूरी तरह उबरा जा सके। बढ़ती उम्र की आबादी और युवाओं की घटती संख्या अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। फिर भी, जन्म दर में यह बढ़ोतरी सरकार की मेहनत का रंग लाने का सबूत है और भविष्य के लिए एक नई उम्मीद की किरण लेकर आई है।

इब्राहिम जादरान के 177 रनो की वजह से इंग्लैंड को दिया 326 रनों का विशाल लक्ष्य

लाहौर आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के आठवें मुकाबले में अफगानिस्तान का सामना इंग्लैंड से हो रहा है। अफगानिस्तान ने टॉस जीतकर बैटिंग चुनी है। जोस बटलर के नेतृत्व वाली इंग्लैंड की टीम को अपने मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार का सामना करना पड़ा, जबकि अफगानिस्तान की टीम ने अफ्रीका के सामने घुटने टेक दिए थे। अफगानिस्तान की शुरुआत खराब रही है। सलामी बल्लेबाज रहमानुल्लाह गुरबाज 6 रन बनाकर आउट हुए। अटल 4 गेंद में 4 रन ही बना सके। रहमत शाह 4 रन ही बना सके। जोफ्रा आर्चर ने शुरुआती तीन विकेट चटकाए। हशमतुल्लाह शाहिदी ने 40 रनों का योगदान दिया। अजमतुल्लाह उमरजई ने 31 गेंद में 41 रन की पारी खेली। इब्राहिम जादरान ने 146 गेंद में 177 रनों की दमदार पारी खेली। जादरान आखिरी ओवर में आउट हुए। मोहम्मद नबी ने 24 गेंद में 40 रन बनाए। अफगानिस्तान ने 50 ओवर में सात विकेट खोकर 325 रन बनाए हैं। इब्राहिम जादरान 146 गेंद में 177 रन की पारी खेली। इब्राहिम जादरान 146 गेंद में 177 रन बनाकर पवेलियन लौट गए हैं। चैंपियंस ट्रॉफी के इतिहास का ये सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है। अफगानिस्तान का ये छठा विकेट गिरा है। अफगानिस्तान ने 48वें ओवर में 300 रन पूरे कर लिए हैं। नबी और जादरान के बीच 80 से ज्यादा रन की साझेदारी हो चुकी है।

केजरीवाल बतौर मुख्यमंत्री जिस बंगले में रहते थे उसका दो साल का बिल 41 लाख रुपए, भाजपा ने दागे सवाल

नई दिल्ली दिल्ली में सरकार चलाते हुए जनता के लिए 200 यूनिट खपत पर बिजली मुफ्त करने वाले अरविंद केजरीवाल अब अपने ही बिल को लेकर घिर गए हैं। अत्यधिक बिजली खपत का आरोप लगा भाजपा उन पर सवाल उठा रही है। भाजपा को यह मौका सूचना के अधिकार (RTI) के तहत पूछे गए एक सवाल के जवाब से मिला है, जिसमें दिल्ली सरकार ने बताया है कि अरविंद केजरीवाल बतौर मुख्यमंत्री जिस बंगले में रहते थे उसका दो साल का बिल 41 लाख रुपए से अधिक का था। आरटीआई एक्टिविस्ट कन्हैया कुमार की ओर से पूछे गए सवाल के जवाब में बताया गया कि अक्टूबर 2022 से अक्टूबर 2024 के बीच 6 फ्लैग स्टाफ रोड के बंगले में 41.5 लाख रुपए की बिजली खपत हुई। इस बंगले को भाजपा और कांग्रेस की ओर से शीशमहल कहा जाता है। बंगले में सुख-सुविधा पर करोड़ों रुपए खर्च का आरोप है और इसकी जांच चल रही है। आरटीआई से मिले जवाब के मुताबिक, अरविंद केजरीवाल के बंगले में दो साल में 560335 यूनिट की बिजली खपत की गई, जिसका बिल 41,51,350 रुपए है। इस लिहाज से औसत निकालें तो हर दिन करीब 767 यूनिट बिजली खपत की गई, जिसका मूल्य करीब 5700 रुपए है। दिल्ली में CM के लिए कितनी बिजली मुफ्त दिल्ली विधानसभा की वेबसाइट पर मंत्रियों और मुख्यमंत्री के वेतन और भत्ते की विस्तार से जानकारी दी गई है। इसमें मुफ्त बिजली का भी जिक्र है। इसमें बताया गया है मुख्यमंत्री को हर महीने 5000 यूनिट बिजली के बिल के लिए प्रतिपूर्ति (रिइंबर्समेंट) का प्रावधान है, जबकि मंत्रियों के लिए सीमा 3000 यूनिट मासिक है। इस लिहाज से देखें तो अरविंद केजरीवाल के लिए हर महीने 5000 यूनिट बिजली मुफ्त थी जबकि उनकी खपत औसतन करीब 21000 यूनिट मासिक थी। भाजपा का तीखा हमला आरटीआई जवाब के बहाने भाजपा अब केजरीवाल पर हमलावर है। भाजपा के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने तीखा प्रहार किया है। उन्होंने एक वीडियो में कहा, ‘शीशमहल के खर्च की कहानी तो हम सबने सुनी है। हमें पता है कि किस तरह केजरीवाल ने जनता के 45 करोड़ रुपए इस पर खर्च किए। पर अब एक और चौंकाने वाली खबर है। आरटीआई दिखाती है कि 2 साल में मुख्यमंत्री निवास में बिजली का बिल 41.5 लाख रुपए का था। 5.60 लाख यूनिट बिजली खर्च हुई। हर दिन 5700 रुपए का प्रतिदिन है। आप समझ सकते हैं कि कितने एसी नॉन स्टॉप चल रहे ते। यह वही केजरीवाल है जिसने करोड़ों रुपए खर्च किए अपने ऐशो-आराम पर। वैगनार कार में घूमते थे और फिर 1.5 करोड़ रुपए की गाड़ी खरीद ली वह भी आरटीआई से सामने आया था। शीशमहल की कहानी दरअसल बंगले नहीं मानसिकता के रेनोवेशन की है।’

वनडे प्लेयर्स की ताजा रैंकिंग आईसीसी ने की जारी, शमी और कुलदीप को फायदा, विराट कोहली ने टॉप-5 में मारी एंट्री

नई दिल्ली इंटरेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने बुधवार को वनडे प्लेयर्स की ताजा रैंकिंग जारी की है। भारत के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली, तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी और स्पिनर कुलदीप यादव को ताजा रैंकिंग में एक-एक स्थान का फायदा मिला है। कोहली ने फिर से टॉप-5 में एंट्री मारी है। वह 743 अंकों के साथ पांचवें पायदान पर हैं। उन्होंने आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में पाकिस्तान के खिलाफ 111 गेंदों में नाबाद 100 रन बनाए थे, जिसमें सात चौके शामिल हैं। यह कोहली का 52वां वनडे और 82वां इंटरनेशनल शतक था। टॉप-10 बल्लेबाजों में भारत के चार खिलाड़ी शामिल हैं। युवा ओपनर शुभमन गिल टॉप पर काबिज हैं। उनके 817 अंक हैं। कप्तान रोहित शर्मा (757) तीसरे और श्रेयस अय्यर (679) नौवें नंबर पर बरकरार हैं। पाकिस्तान के स्टार बल्लेबाज बाबर आजम (770) दूसरे पायदान पर हैं। उन्होंने भारत के खिलाफ 26 गेंदों में 23 रन बटोरे थे। भारत के विकेटकीपर-बल्लेबाज केएल राहुल दो पायदान ऊपर 15वें पर पर चले गए हैं। भारत ने महामुकाबले में पाकिस्तान को 6 विकेट से धूल चटाई थी। भारत ने सेमीफाइनल में सीट कंफर्म कर ली है। न्यूजीलैंड के विल यंग (आठ पायदान ऊपर 14वें), ऑलराउंडर रचिन रविंद्र (18 नंबर 24वें) और इंग्लैंड के बेन डकेट (27 पायदान ऊपर 17वें ) को शतक का लाभ मिला है। वहीं, गेंदबाजों की रैंकिंग में शमी 14वें स्थान पर पहुंच गए हैं। उनके 599 अंक हैं। शमी ने बांग्लादेश के खिलाफ 53 रन देकर 5 विकेट चटकाए थे। हालांकि, उन्हें पाकिस्तान के विरुद्ध कोई विकेट नहीं मिला। कुलदीप बांग्लादेश के सामने खाली हाथ रहे लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ 40 रन देकर तीन शिकार किए। वह अब 656 अंकों के साथ तीसरे पायदान पर हैं। टॉप-10 गेंदबाजों में कुलदीप एकमात्र भारतीय हैं। श्रीलंका के स्पिनर महेश तीक्षणा (689) टॉप पर हैं। अफगानिस्तान के स्पिनर राशिद खान (658) दूसरे और साउथ अफ्रीका के केशव महाराज (641) चौथे स्थान पर हैं। महाराज को एक पायदान का फायदा हुआ। न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज मैट हेनरी दो स्थान ऊपर चढ़कर छठे पर आ गए हैं। ऑस्ट्रेलिया के स्पिनर एडम जाम्पा (दो स्थान ऊपर 10वें) टॉप-10 में जगह बनाने में सफल रहे। साउथ अफ्रीका के तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा (चार स्थान ऊपर चढ़कर 16वें) और न्यूजीलैंड के माइकल ब्रेसवेल (31 स्थान ऊपर 26वें) भी आगे बढ़े हैं।

रोहित वनडे में एक बड़े रिकॉर्ड के करीब, 13 छक्के लगाने से वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन जाएंगे

नई दिल्ली रोहित शर्मा के नेतृत्व में भारतीय टीम ने चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली है। भारत ने अपने पहले मुकाबले में बांग्लादेश को हराया और फिर पाकिस्तान की टीम को धूल चटाई। भारतीय टीम अब 2 मार्च को न्यूजीलैंड के खिलाफ आखिरी लीग मैच में खेलते हुए नजर आएगी। इस दौरान भारतीय कप्तान रोहित शर्मा के पास एक बड़ी उपलब्धि हासिल करने का मौका होगा। रोहित जारी टूर्नामेंट में अच्छी लय में नजर आ रहे हैं और शुभमन गिल के साथ भारत को बेहतरीन शुरुआत दिलाई है। रोहित वनडे में एक बड़े रिकॉर्ड के काफी करीब हैं। रोहित ने वनडे में 339 छक्के लगाए हैं। अगर वह आने वाले मैच में 11 छक्के लगाने में कामयाब होते हैं तो वह वनडे में सबसे तेज 350 छक्के लगाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बन जाएंगे। 13 छक्के लगाने से वह शाहिद अफरीदी (351) को पीछे छोड़कर वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन जाएंगे। रोहित पहले से ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज हैं, उन्होंने 632 छक्के लगाए हैं। रोहित शर्मा हाल ही में वनडे क्रिकेट में 11000 हजार रन बनाने वाले दूसरे सबसे तेज खिलाड़ी बने हैं। उन्होंने 261वीं पारी में यह उपलब्धि हासिल की। विराट कोहली पहले स्थान पर हैं, जिन्होंने 222 पारियों में 11000 रन बनाए थे।

अफगानिस्तान के इब्राहिम जादरान ने ठोका शतक, टीम का स्कोर 180 के पार

लाहौर अफगानिस्तान और इंग्लैंड के बीच बुधवार को चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का आठवां मुकाबला खेला जा रहा है। अफगानिस्तान के इब्राहिम जादरान ने शतक लगाया है।  आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के आठवें मुकाबले में अफगानिस्तान का सामना इंग्लैंड से हो रहा है। अफगानिस्तान ने टॉस जीतकर बैटिंग चुनी है। जोस बटलर के नेतृत्व वाली इंग्लैंड की टीम को अपने मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार का सामना करना पड़ा, जबकि अफगानिस्तान की टीम ने अफ्रीका के सामने घुटने टेक दिए थे। अफगानिस्तान की शुरुआत खराब रही है। सलामी बल्लेबाज रहमानुल्लाह गुरबाज 6 रन बनाकर आउट हुए। अटल 4 गेंद में 4 रन ही बना सके। रहमत शाह 4 रन ही बना सके। जोफ्रा आर्चर ने शुरुआती तीन विकेट चटकाए। हशमतुल्लाह शाहिदी ने 40 रनों का योगदान दिया। इस बीच इब्राहिम ने शतक जड़ दिया है। अफगानिस्तान के स्टार बल्लेबाज इब्राहिम जादरान ने इंग्लैंड के खिलाफ शतक जड़ दिया है। उन्होंने 106 गेंद में 100 रन पूरे किए। हशमतुल्लाह शाहिदी 67 गेंद में 40 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। इस दौरान उन्होंने तीन चौके लगाए। आदिल रशीद ने उन्हे आउट किया। अफगानिस्तान ने 27 ओवर में तीन विकेट खोकर 117 रन बना लिे हैं। इब्राहिम 63 रन बनाकर खेल रहे हैं। हशमत और इब्राहिम ने पारी को संभाला है। दोनों के बीच 30 से ज्यादा रन की साझेदारी हो चुकी है। जोफ्रा आर्चर ने रहमत शाह को आउट करके पाकिस्तान को तीसरा झटका दिया है। रहमत 9 गेंद में 4 रन ही बना सके। अफगानिस्तान ने 8 ओवर में दो विकेट खोकर 34 रन बना लिए हैं। इब्राहिम 19 रन बनाकर खेल रहे हैं।

दिल्ली पुलिस के SHO CL मीणा की वकीलों ने पिटाई की, पुरानी रंजिश का मामला

नई दिल्ली  राजधानी दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर में  सुबह दिल्ली पुलिस के SHO की पिटाई होने की खबर आग की तरह सोशल मीडिया पर फैली। मगर अधिकारिक तौर पर मामले में किसी ने कुछ नहीं कहा। यहां तक की पीड़ित खुद भी कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं हुआ। सबसे पहले अपने पाठकों को बताने जा रहा है कि आखिरकार उस दिन कोर्ट में हुआ क्या था। सान्ध्य टाइम्स संवाददाता के हाथ इस मामले में दर्ज हुई एफआईआर की कॉपी लगी है। जिसमें SHO की आपबीती दर्ज है। SHO मारपीट में जमीन पर गिरे एफआईआर के मुताबिक, 54 वर्षीय पीड़ित इंस्पेक्टर सीएल मीणा इन दिनों सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के कमला मार्केट थाने में तैनात हैं। सोमवार सुबह वह साल 2014 में शकरपुर थाने में दर्ज हुए धोखाधड़ी के एक मामले में सुनवाई पर आए थे। कोर्ट नंबर 32 में सुनवाई के बाद वह करीब 11:30 बजे वापस लौट रहे थे। आरोप है कि वह अभी कोर्ट कॉम्प्लेक्स बिल्डिंग, पोस्ट ऑफिस के सामने पहुंचे ही थे कि तभी उन्हें आरोपी वकील और उसके साथियों ने घेर लिया। मुख्य आरोपी उनका हाथ खींचकर उन्हें घसीटने लगा और कहने लगा आज हम तुझे छोड़ेंगे नहीं। इसके बाद सभी ने SHO को लात-घूंसे मारने शुरू कर दिए। इस दौरान कई वकील उन्हें घेरे खड़े रहे। वकीलों ने पिटाई कर उनकी वर्दी तक फाड़ दी। SHO जमीन पर गिर गए। फिर भी आरोपी रुके नहीं। आरोपी ने पर्स भी छीना आरोपी उन्हें पीटते रहे और गालियां देते रहे। मुख्य आरोपी ने उनका पर्स भी छीन लिया। जिसमें पीड़ित का आधार कार्ड, सीजीएचएस कार्ड, दिल्ली पुलिस का आईडी कार्ड और करीब सात हजार रुपये कैश थे। पीड़ित के दोनों मोबाइल भी वहां गिर गए। अब कुछ और वकील आए और उन्होंने SHO को भीड़ से बचाकर कोर्ट के गेट नंबर-4 से बाहर किया। एक वकील ने उनके दोनों मोबाइल लौटाए। वकील ने बोला, ये उसे जमीन पर पड़े मिले थे। इसके बाद SHO ने पुलिस कंट्रोल रूम को कॉल की। हेडगेवार अस्पताल में मेडिकल करवाया और फिर थाने में जाकर आरोपियों के खिलाफ शिकायत दी। जिस पर मुख्य आरोपी के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई। SHO से पुरानी रंजिश वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का कहना है कि SHO की आरोपियों से कोई पुरानी रंजिश है। किसी गाड़ी को लेकर इनके बीच थाने में बहसबाजी हुई थी। उसी का बदला लेने के लिए मारपीट की गई। गैर जमानती धाराओं में केस दर्ज हुआ है। मगर उन धाराओं में सात साल से कम सजा होने का प्रावधान है। इस कारण आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। पुलिस बार को आरोपी के खिलाफ शिकायत देगी। वहीं इस पूरे मामले पर पीड़ित SHO से बातचीत करने का प्रयास किया तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि मैं कुछ नहीं बोल पाउंगा।

महाशिवरात्रि पर अंतिम महास्नान पर उमड़ा भक्तों का सैलाब, दो बजे तक 132 लाख श्रद्धालुओं ने किया स्नान

प्रयागराज महाकुंभ में महाशिवरात्रि के आखिरी स्नान पर्व पर स्नानार्थियों की जबरदस्त भीड़ है। सुबह 6:00 बजे तक ही 40 लाख से अधिक लोग स्नान कर चुके हैं। अब तक 65 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु डुबकी लगा चुके हैं। महाकुंभ: आज शाम चार बजे तक 1.32 करोड़ श्रद्धालुओं ने लगाई संगम में डुबकी उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ में महाशिवरात्रि के अवसर पर दोपहर दो बजे तक 1.32 करोड़ श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई है। प्रयागराज में परमार्थ निकेतन आश्रम के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि सच कहूं तो मैं वापस नहीं जाना चाहता हूं। हमने संगम पर सनातन के एक साथ आने की एक झलक देखी। मैं यहां आए सभी लोगों को नमन करता हूं- कैसी भक्ति! कैसी आस्था!… मैं सीएम योगी आदित्यनाथ और पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा की गई कड़ी मेहनत की भी सराहना करता हूं। तमाम राजनीति और नकारात्मकता के बावजूद 65 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने पवित्र डुबकी लगाई। लोग अभी भी आ रहे हैं। मैं अपनी पूरी टीम के साथ संगम की सफाई में मदद करने के लिए दो दिन और रुकूगा। हम अपनी नदियों और जलधाराओं की सफाई सुनिश्चित करने और पर्यावरण की स्वच्छता सुनिश्चित करने का संदेश देंगे। प्रयागराज के बाद दिल्ली भी सज गई है। अब समय आ गया है कि हम यमुना में डुबकी लगाएं। ‘सबने की तैयारी है, अब यमुना की बारी है’। आज महाकुंभ का हो रहा समापन महाकुंभ 2025 का हिस्सा बनने के लिए त्रिवेणी संगम पर श्रद्धालुओं का पहुंचना जारी है। पौष पूर्णिमा 13 जनवरी से शुरू हुआ दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक समागम आज संपन्न हो रहा है।   प्रयागराज के महाकुंभ क्षेत्र में नौ गश्ती दल ड्यूटी पर प्रयागराज के एडिशनल एसपी श्वेताभ पांडे ने कहा कि आज महाकुंभ का अंतिम ‘स्नान पर्व’ है। पुलिस द्वारा नावों पर गश्त की जा रही है। जिन लोगों ने नावों पर बेल्ट नहीं लगाई है, उन्हें सतर्क किया जा रहा है। अगर कोई नाव अवैध रूप से चल रही है, तो उसे पकड़ा जा रहा है। मोटरबोट और किसी भी तरह की इंजन से चलने वाली नावों का संचालन आज नहीं किया जा रहा है। आज नियमित नावें चल रही हैं। नौ गश्ती दल ड्यूटी पर हैं, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। कल रात से गश्त शुरू हुई। व्यापक गश्त की जा रही है। यह तब तक जारी रहेगी, जब तक यहां भीड़ नहीं छंट जाती। अंतिम दिन पुलिस दे रही गश्त उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आज मेले के अंतिम दिन महाकुंभ क्षेत्र में पुलिस द्वारा नाव से गश्त की जा रही है।

NEET PG 2024 की फिर बदली कटऑफ, अब इतने कम परसेंटाइल पर भी मिलेगा एडमिशन!

नईदिल्ली मेडिकल काउंसलिंग कमेटी ने एक बार फिर से नीट पीजी 2024 के लिए मिनिमम क्वालिफाइंग कटऑफ पर्सेंटाइल में कटौती की है। एमसीसी ने कहा है कि स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा लिये गये निर्णय के अनुसार नीट पीजी काउंसेलिंग 2024 के लिए क्वालिफाइंग कटऑफ पर्सेंटाइल को फिर से कम कर दिया गया है। फैसले के मुताबिक क्वालिफाइंग कटऑफ पर्सेंटाइल को 15 से घटाकर 5 पर्सेंटाइल कर दिया गया है। अब सामान्य, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस), एससी, एसटी, ओबीसी, दिव्यांग के उम्मीदवार, जो 5 पर्सेंटाइल या उससे अधिक अंक प्राप्त करते हैं, वे नीट पीजी 2024 काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग लेने के पात्र होंगे। यह फैसला स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (एमओएचएफडब्ल्यू) और मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (एनएमसी) के परामर्श से किया गया। गौरतलब है कि पिछले साल भी सभी श्रेणियों में नीट पीजी क्वालीफाइंग पर्सेंटाइल को घटाकर शून्य कर दिया गया था। 2022 में, सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए कट-ऑफ को 50वें पर्सेंटाइल से घटाकर 35वें पर्सेंटाइल कर दिया गया। अनारक्षित दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए, कट-ऑफ को 45वें पर्सेंटाइल से घटाकर 20वें पर्सेंटाइल कर दिया गया। इस बीच, एससी, एसटी और ओबीसी श्रेणियों (इन श्रेणियों के दिव्यांग उम्मीदवारों सहित) के छात्रों के लिए कट-ऑफ को 40 पर्सेंटाइल से घटाकर 20 पर्सेंटाइल कर दिया गया। सामान्य/ ईडब्ल्यूएस, यूआर-पीडब्ल्यूडी और एससी/ एसटी/ ओबीसी (एससी/ एसटी/ ओबीसी के पीडब्ल्यूडी सहित) उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम योग्यता परसेंटाइल 5वां परसेंटाइल है. हालांकि, NBEMS ने कहा कि 23 अगस्त, 2024 को प्रकाशित नीट-पीजी 2024 रैंक और परसेंटाइल स्कोर में कोई बदलाव नहीं हुआ है. इस साल की शुरुआत में, MNC ने सभी कैटेगरी के लिए कट-ऑफ को कम कर दिया था. 15 परसेंटाइल और उससे ज्यादा मार्क्स प्राप्त करने वाले सामान्य और ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के छात्र काउंसलिंग में हिस्सा लेने के लिए पात्र हो गए. जनवरी में घोषित नीट पीजी काउंसलिंग के लिए पात्र होने के लिए रिवाइज्ड कट-ऑफ एससी, एसटी, ओबीसी और पीडब्ल्यूडी कैटेगरी के स्टूडेंट्स के लिए 10 परसेंटाइल और उससे ज्यादा हो गया.  नीट पीजी कट-ऑफ परसेंटाइल अनरिजर्व कैटेगरी के लिए 50वां, पीडब्ल्यूडी कैटेगरी के लिए 45वां और रिजर्व कैटेगरी के छात्रों के लिए 40वां था. पिछले साल, नीट पीजी योग्यता परसेंटाइल को सभी कैटेगरी में शून्य तक कम कर दिया गया था. 2022 में जनरल कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए नीट पीजी कट-ऑफ 50वें परसेंटाइल से घटाकर 35वां कर दिया गया था. अनरिजर्व पीडब्ल्यूडी कैंडिडेट्स के लिए कट-ऑफ 45वें परसेंटाइल से घटाकर 20वां परसेंटाइल कर दिया गया था और एससी, एसटी और ओबीसी (एससी, एसटी, ओबीसी के पीडब्ल्यूडी सहित) के छात्रों के लिए, कट-ऑफ 40वें परसेंटाइल से घटाकर 20वां परसेंटाइल कर दिया गया था. बीते सप्ताह एमसीसी ने नीट पीजी स्ट्रे राउंड का रिजल्ट जारी किया गया था। खाली रह गईं 2331 सीटें अलॉट की गई थीं। संभवत: सीटें खाली रहने पर कटऑफ कटौती का यह फैसला लिया गया है। कोई सीट खाली न रह जाए, यह सुनिश्चित करने के लिए कटऑफ एक बार फिर से घटाई गई है।

महाशिवरात्रि के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर के कंट्रोल रूम में सीएम योगी, सुबह से देख रहे व्‍यवस्‍थाओं की निगरानी

उत्तर प्रदेश महाकुंभ 2025 में बड़ी संख्‍या में श्रद्धालुओं के प्रयागराज पहुंचने का सिलसिला जारी है। वाराणसी में काशी विश्‍वनाथ मंदिर, अयोध्‍या और अन्‍य शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगी है। इस बीच मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ भोर से व्‍यवस्‍थाओं पर निगरानी रखे हुए हैं। गोरखनाथ मंदिर में सीएम कार्यालय में लगे मॉनिटरों पर सुबह से व्‍यवस्‍थाओं को सीएम योगी देख रहे हैं। महाकुंभ में हुए सभी अमृत स्नानों और स्नान पर्वों की तरह सीएम योगी आदित्‍यनाथ बुधवार को महाशिवरात्रि के मौके पर भी तड़के 4 बजे से ही व्यवस्थाओं को देखने के लिए कंट्रोल रूम पहुंच गए थे। गोरखपुर प्रवास के चलते उनके लिए गोरखनाथ मंदिर में ही कंट्रोल रूम स्थापित किया गया, जहां वह स्नान पर्व पर पल-पल की मॉनीटरिंग करते नजर आए। टीवी पर उन्होंने श्रद्धालुओं के स्नान की एक-एक फीड को लाइव देखा और कंट्रोल रूम से ही आला अधिकारियों को निर्देशित किया। सीएम योगी के निर्देश पर समस्त आला अधिकारी भी मुस्तैद नजर आए और सुबह से ही उन्होंने भी मोर्चा संभाल लिया। इससे पूर्व सीएम योगी ने बसंत पंचमी और माघ पूर्णिमा अमृत स्नान के अवसर पर भी प्रातः से वॉर रूम में अधिकारियों के साथ बैठक की थी और मॉनिटरिंग करते रहे थे। कंट्रोल रूम में मुख्यमंत्री की सक्रिय निगरानी महाशिवरात्रि अमृत स्नान के साथ ही बुधवार को महाकुम्भ 2025 का समापन होना है। ऐसे में मुख्यमंत्री ने महाशिवरात्रि स्नान पर्व के इस महत्वपूर्ण आयोजन की सुरक्षा और व्यवस्था के संदर्भ में पूरी स्थिति का जायजा लिया। गोरखपुर में वह सुबह से ही गोरखनाथ मंदिर स्थित कंट्रोल रूम में पहुंच गए और टीवी पर स्नान पर्व की लाइव फीड पर मॉनीटरिंग करते रहे। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि स्नान के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की कोई भी असुविधा न हो और सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखी जाएं। वह टीवी पर महाकुम्भ नगर समेत समस्त प्रयागराज में श्रद्धालुओं की भीड़, प्रशासनिक व्यवस्थाओं और सुविधाओं की लाइव फीड देखते रहे। अधिकारियों को दिए निर्देश योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे समस्त घाटों पर पूरी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करें और श्रद्धालुओं के लिए सभी आवश्यक इंतजाम करें। साथ ही, उन्होंने आस्था के इस महान पर्व पर प्रशासन की तत्परता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित किया, ताकि करोड़ों श्रद्धालुओं को बिना किसी समस्या के त्रिवेणी संगम में स्नान का लाभ मिल सके।

राज्यसभा सदस्य बन सकते हैं अरविंद केजरीवाल, संजीव अरोड़ा छोड़ सकते हैं अपनी सीट

नई दिल्ली दिल्ली चुनाव में आप की शिकस्त के बाद अरविंद केजरीवाल के राजनीतिक भविष्य को लेकर तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे थे. अब सूत्रों से ये खबर आ रही है कि दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल के लिए संजीव अरोड़ा राज्‍यसभा की सीट छोड़ सकते हैं. कहा जा रहा है कि दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल राज्यसभा में संजीव अरोड़ा की जगह ले सकते हैं. इस तरह केजरीवाल का पंजाब से राज्य सभा जाना तय माना जा रहा है. वहीं संजीव अरोड़ा लुधियाना वेस्ट से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार होंगे. आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल नई दिल्ली विधानसभा सीट से चुनाव नहीं जीत पाए. केजरीवाल की हार के साथ दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की भी करारी हार हुई.  मीडिया के गलियारों में केजरीवाल के सियासी सफर पर अटकलें जारी हैं. इस बीच पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक प्रताप सिंह बाजवा ने दावा करते हुए कहा था कि केजरीवाल पंजाब के रास्ते राज्यसभा जा सकते हैं. केजरीवाल को लेकर कई तरह के दावे फिलहाल, इस पर भी अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है. खबरें ये भी हैं कि आप अरोड़ा की जगह केजरीवाल को ऊपरी सदन भेजने की योजना पर विचार कर रही है. पहले केजरीवाल के लुधियाना विधानसभा सीट से चुनाव लडने की अटकलें थी. हालांकि आप सांसद मलविदर सिंह कंग ने इन अटकलों को खारिज कर दिया था. दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी और तमाम राजनीतिक दलों की तरफ से दावा किया जा रहा है कि केजरीवाल पंजाब के सीएम की कुर्सी भी अपने हाथों में ले सकते हैं. मतलब ये कि वो खुद सीएम बन सकते हैं. इन दावों और बयानों पर CM भगवंत मान ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है. ये संभव ही नही है. विपक्ष ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के मुद्दे उठा रहा-आप आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को पंजाब से राज्यसभा भेजे जाने की चर्चाओं पर पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि पार्टी के स्तर पर अभी तक इस प्रकार की कोई बात नहीं हुई है. विपक्ष ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के मुद्दे उठा रहा है. विपक्ष के नेता विधानसभा के अंदर कोई मुद्दा उठा नहीं सकते ना ही कुछ बोल सकते हैं इसलिए इस प्रकार के मुद्दे गुमराह करने के लिए उठा रहे हैं. पंजाब सरकार टिकने वाली नहीं- बाजवा दिल्ली में आप की हार के बाद से ही सबकी निगाहें पंजाब सरकार पर टिकी हुई है. भगवंत मान की सरकार को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं. कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि यह सरकार टिकने वाली नहीं है, अगले चार से पांच महीनों में इस सरकार के साथ एकनाथ शिंदे प्रकरण होगा, जब महाराष्ट्र का विमान चंडीगढ़ में उतरेगा. आम आदमी पार्टी (AAP) के 32 विधायक संपर्क में हैं. बाजवा कह रहे हैं बीजेपी नेतृत्व रवनीत बिट्टू के जरिए सीएम मान के संपर्क में है और कई गुप्त बैठकें हो चुकी है. चुनाव लड़ेंगे संजीव अरोड़ा लुधियाना वेस्ट विधानसभा सीट के उपचुनाव के लिए आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सांसद संजीव अरोड़ा को अपना उम्मीदवार बनाया है. ये सीट आप विधायक गुरप्रीत गोगी के निधन के बाद खाली हुई है. संजीव अरोड़ा को विधानसभा चुनाव में उतारे जाने के बाद पंजाब में एक राज्यसभा सीट खाली हो जाएगी. संजीव अरोड़ा की जगह खाली होने वाली राज्यसभा सीट से अरविंद केजरीवाल राज्य सभा जा सकते हैं. कौन हैं संजीव अरोड़ा संजीव अरोड़ा पंजाब के बड़े बिजनेसमेन हैं. संजीव अरोड़ा का एक्सपोर्ट इंडस्ट्री में प्राइमरी बिजनेस है. उनके ऑफिस दूसरे देशों में भी है. संजीव अरोड़ा ने चंडीगढ़ रोड पर हैम्पटन बिजनेस पार्क और हैम्पटन होम्स को भी विकसित किया है. साल 2018 में उन्होंने फेमेला फैशन लिमिटेड कंपनी लॉन्च की और महिलाओं के कपड़ों के ब्रांड फेमेला की स्टेबलिश किया. इसके बाद साल 2019 में उन्होंने मेटल बिजनेस में भी कदम रखा. संजीव अरोड़ा कई सोशल और कल्चर संस्थाओं से भी जुड़े हैं. वह दयानंद मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के गवर्निंग बोर्ड में हैं.

46 साल बाद महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर संभल मंदिर में लगा भक्तों का ताता, हुआ जलाभिषेक

संभल महाशिवरात्रि पर शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है. यूपी के संभल जिले में स्थित कार्तिकेय महादेव मंदिर में भी भक्तों की भीड़ उमड़ी है. दूर-दूर से लोग दर्शन-पूजन और जलाभिषेक के लिए यहां आ रहे हैं. ये मंदिर 46 साल से बंद था, जिसे कुछ महीने पहले ही पुलिस-प्रशासन ने खुलवाया था. कार्तिकेय महादेव मंदिर संभल के मुस्लिम बहुल खग्गू सराय इलाके में है. दरअसल, ये मंदिर 1978 से बंद था, तब यहां हिंदू आबादी काफी रहा करती थी. मगर 1978 में हुए दंगे के बाद मंदिर के आसपास रहने वाले हिंदू लोग पलायन कर गए. लेकिन योगी सरकार में प्रशासन की मुस्तैदी के चलते संभल के मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र में जितने भी मंदिर, कुएं, बावड़ी आदि थे उन्हें फिर से संरक्षित और पुनर्जीवित किया जा रहा है.    इसी बीच खग्गू सराय के इस मंदिर को भी कब्जा मुक्त कराया गया. अब महाशिवरात्रि के मौके पर कार्तिकेय महादेव मंदिर पर जलाभिषेक हो रहा है. लोगों में काफी उत्साह दिखाई दे रहा है. बृजघाट से कावड़ लेकर आए कांवड़ियों ने भी जलाभिषेक किया. मंदिर पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर इंस्पेक्टर एवं महिला एसआई सहित पीएसी बल को तैनात किया गया है.  बीते दिन जिला मजिस्ट्रेट राजेंद्र पेंसिया ने कहा था कि खग्गू सराय के कार्तिकेय महादेव मंदिर, वेरानी शिव मंदिर और सादातबाड़ी शिव मंदिर में बड़ी भीड़ उमड़ने की संभावना है. ऐसे में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और गश्त जारी है. बकौल जिला मजिस्ट्रेट- महाशिवरात्रि के दिन और अगली सुबह मेडिकल टीमें मंदिर परिसर में तैनात हैं. इसके अलावा, श्रद्धालुओं की किसी भी समस्या के समाधान के लिए एक सामान्य नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है. मालूम हो कि श्री कार्तिकेय महादेव मंदिर, जिस भस्म शंकर मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, को पिछले साल 13 दिसंबर को फिर से खोल दिया गया था. अधिकारियों ने कहा था कि अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान उन्हें यह ढका हुआ ढांचा मिला था. मंदिर में भगवान हनुमान की मूर्ति और शिवलिंग था. यह सन 1978 से बंद था.

अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर स्वीटी बूरा का हुआ दहेज उत्पीड़न, पति ने फॉर्च्यूनर और एक करोड़ मांगे

चंडीगढ़ हरियाणा की वर्ल्ड चैंपियन बॉक्सर स्वीटी बूरा और उनके पति भारतीय कबड्‌डी टीम के पूर्व कप्तान दीपक हुड्‌डा की शादी टूटने के कगार पर पहुंच गई है। बूरा का आरोप है कि हुड्डा ने फॉर्च्यूनर और एक करोड़ मांगे हैं। वहीं, हुड्डा ने स्वीटी और उसके परिवार पर संपत्ति हड़पने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं। दोनों ने एक दूसरे के खिलाफ रोहतक और हिसार के पुलिस थाने में शिकायत दी है। खबर है कि बूरा ने कोर्ट में खर्चे और तलाक का केस भी दायर कर दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। हाल में ही बूरा को अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया गया था। साल 2020 में हुड्‌डा को अर्जुन अवार्ड मिला था। मारपीट कर घर से निकला हिसार के एसपी शशांक कुमार सावन ने बताया कि हुड्‌डा को नोटिस देकर जांच में शामिल होने के लिए बुलाया गया था, लेकिन वो नहीं आए। हिसार पुलिस को दी शिकायत में बूरा ने बताया कि उनकी हुड्‌डा से 7 जुलाई 2022 को शादी हुई थी। माता-पिता ने शादी में एक करोड़ से ज्यादा पैसे खर्चे थे। 4 दिन पहले दीपक और उसकी बहन ने फॉर्च्यूनर गाड़ी मांगी, खेल छुड़वाने का दबाब बनाया। हुड्डा ने 2024 में महम से विधानसभा चुनाव लड़ा था, जिसमें परिवार ने एक करोड़ रुपए लाने को कहा। अक्टूबर 2024 में मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया गया। उन्होंने कोर्ट में तलाक व खर्चे का केस दायर कर 50 लाख का मुआवजा और डेढ़ लाख रुपए मासिक खर्च मांगा है। दीपक हुड्‌डा ने लगाए पैसे ठगने के आरोप वहीं हुड्‌डा ने रोहतक पुलिस को दी शिकायत में कहा कि बूरा के माता-पिता ब्याज पर रुपए देने के बहाने उससे पैसे ठगते रहे। वह शादी तोड़ने की धमकी देती थी। उन्होंने कहा कि वह घर तोड़ना चाहती हैं और मैं बसाने के हक में हूं। दीपक के फोटो सोशल मीडिया अकाउंट्स से हटाए बूरा ने दीपक के फोटो अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स से भी हटा दिए हैं। दोनों की शादी 7 जुलाई 2022 को शादी हुई थी। 2024 में लोकसभा चुनाव से पहले फरवरी में बूरा और उनके पति हुड्‌डा ने रोहतक में भाजपा जॉइन की थी। हुड्‌डा ने भाजपा के टिकट पर महम विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था और बूरा भी बरवाला सीट से टिकट मांग रही थीं, लेकिन भाजपा ने उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाया।

इनकम टैक्स विभाग की टैक्स चोरी करने वालों के खिलाफ सख्त एक्शन की तैयारी, टैक्सपेयर्स की एक पूरी लिस्ट तैयार

नई दिल्ली  इनकम टैक्स डिपार्टमेंट देशभर में एक बड़ा अभियान चलाने की तैयारी में है। अधिकारियों का कहना है कि अभियान उन लोगों और कंपनियों के खिलाफ होगा जिन्होंने TDS/TCS नहीं काटा है या जमा नहीं किया है। लगभग 40,000 ऐसे टैक्सपेयर्स जांच के दायरे में हैं। यह कार्रवाई वित्त वर्ष 2022-23 और 2023-24 में काटे गए टैक्स के आधार पर हो रही है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने TDS डिफॉल्टर्स को पकड़ने के लिए 16 सूत्रीय योजना बनाई है। इसके अलावा डेटा एनालिटिक्स टीम ने जांच के लिए ऐसे टैक्सपेयर्स की एक पूरी लिस्ट तैयार की है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘हमारे पास एनालिटिक्स टीम का डेटा है। अगर किसी ने टैक्स जमा नहीं किया है तो हम पहले उन्हें इस बारे में सूचित करेंगे।’ अधिकारी बार-बार नियम तोड़ने वालों पर ध्यान केंद्रित करेंगे। वे उन मामलों की जांच करेंगे जहां टैक्स कटौती और एडवांस टैक्स भुगतान में बड़ा अंतर है। जिन मामलों में कटौती करने वाले के नाम में बार-बार बदलाव और सुधार हुए हैं, उनकी भी जांच होगी। साथ ही उन कंपनियों की भी जांच होगी जिन्होंने ऑडिट में बीमार इकाइयों या घाटे वाली कंपनियों का यूज किया है। क्या कहता है कानून बोर्ड ने आकलन अधिकारियों से कहा है कि वे आयकर अधिनियम की धारा 40(a)(ia) के तहत बड़ी अस्वीकृति वाले मामलों की रिपोर्ट करें। यह धारा उन मामलों में कटौती की अनुमति नहीं देती है जहां TDS नहीं काटा गया है या सरकार के पास जमा नहीं किया गया है। कर अधिकारी ऐसे मामलों पर भी कड़ी नजर रखेंगे जहां TDS रिटर्न में कई बार संशोधन किया गया है और डिफॉल्ट की राशि में काफी कमी आई है। बोर्ड ने फील्ड अधिकारियों से कहा है कि वे कटौती करने वालों द्वारा दायर की गई शिकायतों पर भी ध्यान दें। TDS भुगतान में पैटर्न और अनियमितताओं की पहचान करने के लिए डेटा एनालिटिक्स का उपयोग करें। अधिकारी ने कहा कि विभाग के पहले के अभियानों की तरह इसमें भी किसी को परेशान नहीं किया जाएगा। इस साल के बजट में, केंद्र सरकार ने TDS और TCS दरों को युक्तिसंगत बनाने की घोषणा की है। दरों की संख्या और TDS कटौती की सीमा को कम किया गया है। डिफॉल्टर पर एक्शन अधिकारी ने कहा, ‘ईमानदार करदाताओं के लिए TDS अनुपालन में ढील दी गई है। लेकिन जानबूझकर डिफॉल्ट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इससे टैक्स सिस्टम निष्पक्ष और न्यायसंगत बनेगा।’ इस अभियान से सरकार को उम्मीद है कि टैक्स चोरी कम होगी और राजस्व बढ़ेगा। साथ ही, ईमानदार करदाताओं को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।  

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