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वनडे क्रिकेट में भारत का दबदबा: स्मृति मंधाना टॉप पर, हरमनप्रीत कौर को रैंकिंग में बढ़त

नई दिल्ली भारत की सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हाल में संपन्न तीन मैच की श्रृंखला में उम्दा प्रदर्शन की बदौलत मंगलवार को जारी आईसीसी महिला एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाजी रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंच गईं। भारत की सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हाल में संपन्न तीन मैच की श्रृंखला में उम्दा प्रदर्शन की बदौलत मंगलवार को जारी आईसीसी महिला एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाजी रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंच गईं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ श्रृंखला में 58 और 31 रन की पारियां खेलने वाली स्मृति के 790 अंक हैं और उन्होंने दक्षिण अफ्रीका की लॉरा वोलवार्ट को पछाड़ा जिनके 782 अंक हैं। वोलवार्ट के पास मार्च और अप्रैल में न्यूजीलैंड के खिलाफ श्रृंखला के दौरान फिर से शीर्ष स्थान हासिल करने का मौका होगा। स्मृति मंधाना की बात करें तो भारत की इस स्टार बैटर ने अब तक 120 महिला एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। इनमें उनके नाम 47.88 के शानदार औसत से 5411 रन दर्ज हैं। महिला ओडीआई में उनके नाम 14 शतक और 35 अर्धशतक हैं। एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में उनकी सर्वोच्च पारी 136 रन की है। अपने अंतिम एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में शतक जड़ने वाली एलिसा हीली ने 744 अंक के साथ रैंकिंग में चौथे स्थान पर रहते हुए अलविदा कहा। बेथ मूनी तीसरे जबकि एशले गार्डनर (724) पांचवें स्थान पर रहीं। भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर नौवें स्थान के साथ शीर्ष 10 में जगह बनाने में सफल रहीं जबकि जेमिमा रोड्रिग्स 12वें स्थान पर हैं। तीन मैच की श्रृंखला में भारत के क्लीनस्वीप के बावजूद हरमनप्रीत (652) को चार स्थान का फायदा हुआ है। उन्होंने 53, 54 और 25 रन की पारियां खेलीं। गेंदबाजी सूची में दीप्ति शर्मा 10वें स्थान के साथ शीर्ष 10 में एकमात्र भारतीय गेंदबाज हैं। एलेना किंग (775) गेंदबाजी सूची में शीर्ष पर पहुंच गई हैं। उन्होंने लगभग चार साल तक शीर्ष पर रहीं सोफी एकलेस्टोन को पछाड़ा। गार्डनर तीसरे स्थान पर हैं। ऑस्ट्रेलिया की एलेना एकदिवसीय श्रृंखला में 16.71 की औसत से सात विकेट चटकाकर शीर्ष गेंदबाज रहीं। उन्होंने तीसरे और अंतिम एकदिवसीय में 33 रन देकर चार विकेट चटकाए जिससे ऑस्ट्रेलिया ने 185 रन की शानदार जीत दर्ज की। एलेना ने साथ ही अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग अंक भी हासिल किए। एलेना के अलावा ऑस्ट्रेलिया की तीन अन्य गेंदबाज गार्डनर (तीसरे), एनाबेल सदरलैंड (पांचवें) और किम गार्थ (आठवें) भी शीर्ष आठ में शामिल हैं। एकदिवसीय ऑलराउंडर की सूची में गार्डनर (516) शीर्ष पर बरकरार हैं। उन्होंने दूसरे स्थान पर मौजूद वेस्टइंडीज की हेली मैथ्यूज (418) पर 98 अंक की बढ़त बना रखी है। सदरलैंड (534) 23 स्थान की छलांग से 34वें स्थान पर पहुंच गई है। दीप्ति भी पांचवें स्थान के साथ ऑलराउंडर की सूची में शीर्ष 10 में हैं।  

मध्य प्रदेश में ‘शतक’ को टैक्स फ्री किया गया, सीएम ने कहा- फिल्म राष्ट्रसेवा का संदेश फैलाती है

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘शतक’ फिल्म को राज्य में टैक्स फ्री कर दिया है। सीएम ने कहा कि ‘शतक’ फिल्म आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की बात करती है। इस फिल्म में संगठित विचार, चरित्र और सेवा भाव का संदेश छिपा हुआ है। उन्होंने कहा कि शतक फिल्म राष्ट्रसेवा और संस्कार की परंपरा की बात करती है। इस परंपरा को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने वर्षों से जीवित रखा है।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ‘हिंदी फिल्म ‘शतक’ को सम्पूर्ण मध्य प्रदेश में टैक्स फ्री किया गया है। यह फिल्म राष्ट्रसेवा और संस्कारों की उस परंपरा को सशक्त रूप में प्रस्तुत करती है, जिसे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने दशकों से जीवित रखा है। फिल्म ‘शतक’ संदेश देती है कि संगठित विचार, चरित्र और सेवा भाव से ही एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण संभव है।’ सीएम डॉ. यादव के इस निर्णय की आम जनता ने जमकर तारीफ की है।   आरएसएस की कहानी कहती है फिल्म बता दें, ‘शतक: संघ के 100 साल’ फिल्म का निर्माण वीर कपूर ने किया है। इसके निर्देशक आशीष मल्ल हैं। यह फिल्म इस साल 20 फरवरी को रिलीज़ हुई थी। यह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्षों के इतिहास और विचारधारा पर आधारित है। इस फिल्म में वर्ष 1925 में संघ की स्थापना के साथ-साथ इसके संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार और एमएस गोलवलकर के योगदान को दर्शाया गया है। 

लखनऊ: पुलिस अधिकारियों का मानवीय चेहरा, गरीब बच्चों के साथ खेली होली और दिए उपहार

लखनऊ  इंस्पेक्टर हजरतगंज विक्रम सिंह ने एक बार फिर एक बड़ी मिसाल कायम कर गरीब बेसहारा बच्चों के साथ मिलकर होली खेली और और मासूमों के हाथों से माथे पर तिलक लगाकर उनका हौसला अफजाई किया। बच्चों को मिठाई सहित उपहार भी दिए।   सरकारी अस्पतालों में आज हाफ डे ओपीडी, कल बंद रहेंगे  राजधानी के सरकारी अस्पतालों में मंगलवार को ओपीडी दोपहर 12 बजे (हाफ डे) तक , जबकि बुधवार को पूरी तरह से बंद रहेगी। सिर्फ इमरजेंसी में मरीजों को इलाज मिलेगा। वहीं, केजीएमयू में सामान्य दिनों की तरह ओपीडी चलेगी। लोहिया व पीजीआई में नए पंजीकरण नहीं होंगे। पहले से जिन मरीजों के ऑपरेशन व जांच की तारीख मिली है, उन्हें इलाज मुहैया कराया जाएगा। केजीएमयू प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि मरीजों के हितों को ध्यान में रखते हुए मंगलवार को ओपीडी का संचालन सामान्य दिनों की तरह होगा। ऑपरेशन के साथ पैथोलॉजी व रेडियोलॉजी की जांच भी होगी। मेडिकल की कक्षाएं बंद रहेंगी। बुधवार को अवकाश रहेगा। लोहिया संस्थान व पीजीआई में मंगलवार को पुराने मरीजों को ओपीडी में देखा जाएगा। पहले से तय ऑपरेशन व जांच भी होंगे। नए मरीज का पंजीकरण नहीं होगा। लोहिया के प्रवक्ता डॉ. भुवन चंद्र तिवारी ने बताया कि इमरजेंसी सेवाएं 24 घंटे संचालित होंगी। इसमें किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। बलरामपुर, सिविल, लोकबंधु, राम सागर मिश्र, लोकबंधु, डफरिन, झलकारी बाई समेत दूसरे सरकारी अस्पतालों में मंगलवार को हाफ डे ओपीडी होगी। अस्पतालों में बुधवार को अवकाश रहेगा, लेकिन इमरजेंसी सेवाओं का संचालन होगा।  

‘जज ने समझा नहीं’: HC में गलती का खुलासा, सीबीआई नहीं छोड़ेगी केजरीवाल-सिसोदिया को

नई दिल्ली दिल्ली की चर्चित आबकारी नीति मामले में एक नया मोड़ आ गया है. केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने दिल्ली आबकारी नीति मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत 23 आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए राउज एवेन्यू कोर्ट के फैसले में गंभीर खामियां बताई हैं. सीबीआई ने अपनी अपील में कहा कि विशेष न्यायाधीश जीतेंद्र सिंह ने मामले में ‘मिनी ट्रायल’ चला दिया और एजेंसी के सबूतों को पूरी तरह समझे बिना आदेश पारित कर दिया. एजेंसी ने यह भी कहा कि जज ने अभियोजन पक्ष के मामले को चुनिंदा तरीके से पढ़ा और पूरे षड्यंत्र को समग्र रूप से नहीं देखा. यह मामला 2021-22 की दिल्ली की नई आबकारी (शराब) नीति से जुड़ा है, जिसे बाद में वापस ले लिया गया था. सीबीआई का आरोप है कि इस नीति को बनाते समय जानबूझकर ऐसे बदलाव किए गए, जिनसे कुछ निजी कंपनियों को फायदा पहुंचे और बदले में कथित रूप से आर्थिक लाभ लिया गया. ट्रायल कोर्ट ने क्या कहा था? राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश जीतेंद्र सिंह ने 27 फरवरी को जारी अपने आदेश में कहा था कि सीबीआई की तरफ से पेश किए गए दस्तावेजों और साक्ष्यों से पहली नजर में भी कोई ठोस मामला नहीं बनता. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री किसी भी आरोपी के खिलाफ गंभीर संदेह तक पैदा नहीं करती. जज ने कहा कि अभियोजन पक्ष ऐसा कोई सबूत पेश नहीं कर पाया, जिससे आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाया जा सके. उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि बड़ी साजिश की जो थ्योरी पेश की गई थी, वह उपलब्ध साक्ष्यों की जांच में टिक नहीं पाती. इसी आधार पर सभी 23 आरोपियों को आरोपों से मुक्त कर दिया गया. सीबीआई की अपील में क्या कहा गया? सीबीआई ने इस फैसले के खिलाफ 974 पन्नों की विस्तृत अपील दाखिल की है. एजेंसी का कहना है कि विशेष न्यायाधीश ने आरोप तय करने के शुरुआती चरण में ही ‘मिनी ट्रायल’ जैसा व्यवहार किया और मामले के हर हिस्से का विस्तृत विश्लेषण कर दिया, जबकि इस स्तर पर केवल यह देखना होता है कि प्रथम दृष्टया मामला बनता है या नहीं. सीबीआई के अनुसार, जज ने अभियोजन के पूरे मामले को एक साथ देखने के बजाय अलग-अलग हिस्सों में बांटकर देखा. एजेंसी का आरोप है कि फैसले में अभियोजन के सबूतों को चुनिंदा तरीके से पढ़ा गया और उन तथ्यों को नजरअंदाज कर दिया गया, जो आरोपियों की भूमिका को दर्शाते थे. सीबीआई ने यह भी कहा कि जज ने जांच एजेंसी और जांच अधिकारी के खिलाफ जो प्रतिकूल टिप्पणियां कीं, वे ‘अनुचित और समझ से परे’ हैं. शराब नीति में बदलाव को लेकर गंभीर आरोप सीबीआई का कहना है कि 2021-22 की आबकारी नीति में किए गए बदलाव सामान्य प्रशासनिक फैसले नहीं थे. एजेंसी के मुताबिक, नीति के तहत थोक व्यापार को निजी हाथों में सौंपने का फैसला किया गया और मुनाफे का मार्जिन 5% से बढ़ाकर 12% कर दिया गया. साथ ही टर्नओवर की शर्तों में भी ढील दी गई, जबकि विशेषज्ञों ने पहले की व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी थी. सीबीआई का आरोप है कि यह सब पहले से तय ‘क्विड प्रो क्वो’ यानी लेन-देन की योजना का हिस्सा था. एजेंसी का दावा है कि उसके पास वरिष्ठ नौकरशाहों के बयान और डिजिटल साक्ष्य हैं, जो यह संकेत देते हैं कि नीति को खास तरीके से तैयार किया गया. अपील में कहा गया है कि नीति तैयार करने से लेकर कथित रूप से रिश्वत की रकम के इस्तेमाल तक एक सतत आपराधिक साजिश चली. सीबीआई का दावा है कि कथित अवैध धन का इस्तेमाल गोवा विधानसभा चुनाव में किया गया. हालांकि, जज जितेंद्र सिंह ने अपने आदेश में कहा था कि गोवा चुनाव से जुड़े आरोप अधिकतर अनुमान और धारणाओं पर आधारित हैं, न कि ठोस कानूनी साक्ष्यों पर. जज पर उठाए गए सवाल सीबीआई ने अपनी अपील में कहा है कि विशेष न्यायाधीश ने साजिश के मूल आधार को नजरअंदाज कर दिया और छोटे-छोटे विरोधाभासों पर अधिक ध्यान दिया. एजेंसी के अनुसार, जज ने आरोपियों की भूमिकाओं को अपनी अलग समझ के आधार पर परिभाषित किया, जो अभियोजन के प्रस्तुत मामले से अलग थी. सीबीआई ने यह भी कहा कि आरोप तय करने के चरण में कानून की जो सीमाएं और सिद्धांत लागू होते हैं, उनका सही तरीके से पालन नहीं किया गया. एजेंसी का दावा है कि फैसला ‘स्पष्ट रूप से गलत, कानून के विपरीत और तथ्यों की गलत व्याख्या पर आधारित’ है. अपील में सीबीआई ने यह भी कहा कि कथित साजिश उच्च राजनीतिक स्तर पर रची गई थी. एजेंसी का आरोप है कि नीति के ढांचे में जानबूझकर बदलाव किए गए, ताकि निजी होलसेल व्यवस्था लागू की जा सके और कुछ कंपनियों को फायदा मिले. सीबीआई का कहना है कि नीति में किए गए बदलाव सिर्फ प्रशासनिक सुधार नहीं थे, बल्कि पहले से तय लेन-देन को आगे बढ़ाने के लिए बुनियादी कदम थे, जिनमें दिल्ली सरकार और आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेताओं की भूमिका थी. अब आगे क्या? सीबीआई ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए उसी दिन दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया. हाईकोर्ट इस अपील पर 9 मार्च को सुनवाई करेगा. अगर हाईकोर्ट को लगता है कि ट्रायल कोर्ट ने कानून की गलत व्याख्या की है या पर्याप्त आधार होते हुए भी आरोप तय नहीं किए गए, तो मामला दोबारा ट्रायल के लिए भेजा जा सकता है. वहीं, यदि हाईकोर्ट ट्रायल कोर्ट के फैसले को सही मानता है, तो आरोपियों को मिली राहत बरकरार रहेगी.  

9 सवारियां और 1 बाइक: मौत से खेलता सफर, वीडियो देखकर पुलिस भी हैरान

कटनी एक मोटर साइकिल में कितने लोग सवार हो सकते हैं- दो, तीन या हद से हद चार… लेकिन क्या कभी 9 सवारी बैठे देखा है? यह नजारा देखकर बाइक निर्माता कंपनी भी अपना माथा पीट लेगी  |  कटनी जिले में एक हैरान कर देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक मोटरसाइकिल पर 9 लोग सवार हैं. बाइक चालक महिलाओं बच्चों सहित नौ सवारी बैठाकर बाइक चला रहा है. बगैर इस बात की चिंता किए कि जरा सी भी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है  |  जान जोखिम में डालकर बाइक में नौ लोगों को बैठाने का यह नजारा न सिर्फ चौंकाने वाला है, बल्कि यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने वाला है  |  बाइक की नंबर प्लेट में दिए गए नंबर MP 21 ZE 8630 से जाहिर होता है कि यह कटनी जिले के किसी ग्रामीण क्षेत्र का मामला है. बच्चों के हाथ में पिचकारी नजर आ रही है जिससे प्रतीत होता है कि परिवार होली पर्व की खरीददारी कर वापस लौट रहा है  |  एक बाइक पर 9 सवारी देखकर किसी ने इसका वीडियो बना लिया जो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है. वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं  |  वहीं, वीडियो वायरल होते ही पुलिस हरकत में आ गई है. यातायात थाना प्रभारी राहुल पांडे ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए वाहन चालक की तलाश शुरू कर दी गई है और संबंधित वाहन चालक की पहचान कर नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी  | 

प्रदेश में राज्यसभा चुनाव की तैयारियां तेज, होली पर नेता कर रहे दावेदारी, बायोडाटा सौंपने की होड़

रायपुर   छतीसगढ़ में राज्यसभा कि 2 सीटों पर होने वाले चुनावों के लिए हलचल तेज है। भाजपा और कांग्रेस ने चुनाव के लिए कमर कस ली है। राज्यसभा की दोनो सीट पर 16 मार्च को चुनाव होगा,जिसके लिए हलचल तेज हो गई है। वहीं  अब होली के बहाने राज्यसभा दावेदारों ने अपनी सक्रियता बढ़ानी शुरु कर दी है। होली  बधाई देने के बहाने पार्टी वरिष्ठ नेताओं से कर रहे  मुलाकात छत्तीसगढ़ के कोटे की दो राज्यसभा सीट पर 16 मार्च को चुनाव होगा। वर्तमान में दोनों सीट कांग्रेस के खाते में हैं, लेकिन इस बार के चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के खाते में एक-एक सीट जाएगी। इसे देखते हुए कांग्रेस-भाजपा के दावेदारों ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। दरसअल राज्यसभा जाने के लिए लालयित  कुछ दावेदारों ने होली के बहाने अपनी दावेदारी पेश करने के लिए कोशिश शुरु कर दी है। दावेदार होली की बधाई देने के बहाने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करके अपनी मौजूदगी औऱ सक्रियता दिखा रहे है। यही नहीं  इस दौरान वे अपना बायोडाटा भी सौंप रहे हैं और माहौल को अपने पक्ष में करने की जुगत कर रहे हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए महत्वपूर्ण है ये चुनाव वही राज्यसभा का ये चुनाव भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए यह काफी अहम माना जा रहा है। इस फैक्ट के ध्यान में रखते हुए पार्टी दावेदारों के साथ-साथ उनका क्षेत्रीय के साथ जातिगत  समीकरणों को भी गौर से देखा जा रहा है। जहां भाजपा बस्तर या फिर दुर्ग संभाग से अपने किसी नेता को राज्यसभा का भेज सकती है,वहीं, कांग्रेस में सरगुजा संभाग से कई दावेदारों सामने आ रहे हैं। हालांकि बीजेपी कुछ नाम आलाकमान को भेज चुकी है तो वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज स्थानीय प्रत्याशी को मौका देने की बात बोल चुके है। लेकिन अभी देखने में आ रहा है  कि नेता लोग होली की शुभकामनाओं के बहाने भी अपनी दावेदारी पेश करके ताल ठोंक रहे है।

दोस्ती पर भारी पड़ी भूल: कुवैत ने गिराए तीन F-15E फाइटर जेट, अमेरिका ने कही ये बात

कुवैत कुवैत ने गलती से 3 अमेरिकी F-15E Strike Eagle लड़ाकू विमानों को मार गिराया है। यूएस सेंट्रल कमांड के अनुसार, सभी 6 एयरक्रू सदस्य सुरक्षित रूप से ईजेक्ट हो गए, उन्हें बचा लिया गया है और वे स्थिर हालत में हैं। यह घटना ईरान के खिलाफ चल रही ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के दौरान हुई, जब कुवैती एयर डिफेंस सिस्टम ने इन विमानों को दुश्मन के रूप में पहचान लिया। कुवैत ने इस घटना को स्वीकार किया है और अमेरिकी सेना ने कुवैती रक्षा बलों के सहयोग की सराहना की है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह दुर्भाग्यपूर्ण फ्रेंडली फायर घटना 2 मार्च की सुबह हुई, जब अमेरिकी F-15E विमान ईरान पर हमलों में सहायता कर रहे थे। उस समय क्षेत्र में ईरानी विमान, बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन अटैक हो रहे थे, जिससे वायु क्षेत्र में भारी उथल-पुथल मची हुई थी। कुवैती एयर डिफेंस सिस्टम ने इन अमेरिकी विमानों को गलत तरीके से खतरे के रूप में पहचाना और उन्हें मार गिराया। यह घटना मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष की जटिलता को दर्शाती है, जहां सहयोगी देशों के बीच भी गलतफहमियां हो सकती हैं। खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले ऑपरेशन एपिट फ्यूरी अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई है, जिसमें ईरान के सैन्य ठिकानों, नौसेना और IRGC मुख्यालयों पर 1 हजार से अधिक हमले किए जा चुके हैं। ईरान ने जवाबी हमलों में कुवैत सहित खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं, जिससे क्षेत्रीय तनाव चरम पर है। इस फ्रेंडली फायर घटना से अमेरिकी वायुसेना को नुकसान हुआ है, लेकिन कोई जानमाल की हानि नहीं हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि भीड़भाड़ वाले वायु क्षेत्र और तेज गति से बदलती स्थिति ने इस गलती को जन्म दिया। दोनों देश अब जांच और बेहतर समन्वय पर काम कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। कुवैत में कैसे हैं हालात ईरान और ईरान समर्थित मिलिशिया ने इजरायल व अरब देशों पर मिसाइलें दागीं, जिनमें कुवैत में अमेरिकी दूतावास परिसर को निशाना बनाया गया। इजरायल और अमेरिका ने ईरान में लक्ष्यों पर बमबारी की जिससे सोमवार को युद्ध का विस्तार हुआ। इसके साथ ही युद्ध में हताहतों की संख्या भी बढ़ रही है। ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी के अनुसार, अमेरिका-इजरायल ऑपरेशन में ईरान में अब तक कम से कम 555 लोग मारे जा चुके हैं और देश भर के 130 से अधिक शहर हमलों की चपेट में आ चुके हैं। कुवैत सिटी में अमेरिकी दूतावास परिसर के अंदर से आग और धुआं उठते देखा गया। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि देश में अमेरिकी युद्धक विमान भी दुर्घटनाग्रस्त हो गए हैं। मंत्रालय ने दुर्घटनाओं के कारणों या उनमें शामिल विमानों की संख्या के बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी, लेकिन कहा कि पायलटों को अस्पताल ले जाया गया है और उनकी हालत स्थिर है।  

मोदी-कार्नी की अहम मुलाकात: व्यापार, निवेश और सहयोग बढ़ाने पर बनी सहमति

नई दिल्ली   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को भारत और कनाडा के रिश्तों में एक अंतराल के बाद फिर से आई प्रगाढ़ता को दोहराते हुए कहा कि दोनों देश 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब डॉलर तक पहुंचाने पर सहमत हुए हैं। यह फिलहाल लगभग 13 अरब डॉलर है। प्रधानमंत्री मोदी ने नई दिल्ली में भारत-कनाडा सीईओ मंच को संबोधित करते हुए कहा, ”हम अपने द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब डॉलर तक ले जाना चाहते हैं और उस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।” उन्होंने कहा, ”इसीलिए, हमने दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने का निर्णय लिया है।”दोनों देशों के बीच 2025 के जनवरी-अक्टूबर के दौरान द्विपक्षीय व्यापार लगभग आठ अरब डॉलर रहा है। पीएम ने कहा कि वैश्विक आर्थिक व्यवस्था पर दबाव है। ऐसे कठिन समय में भारत और कनाडा के उद्योगपतियों के बीच विचार-विमर्श द्विपक्षीय व्यापार संबंधों के लिए खाका तैयार करने में सहायक होगा। उन्होंने भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बताते हुए कहा कि मजबूत घरेलू खपत, बड़े पैमाने पर निवेश और डिजिटल अर्थव्यवस्था ने वृद्धि में योगदान दिया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इसके अलावा, सुधारों पर ध्यान केंद्रित करने और कारोबार सुगमता ने भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद की है। बुनियादी ढांचे के विकास का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने 2026-27 के बजट में 130 अरब अमेरिकी डॉलर का रिकॉर्ड आवंटन किया है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) को जल्द अंतिम रूप देने पर भी सहमति बनी। दोनों नेताओं के बीच यहां हुई बातचीत के दौरान रक्षा, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी, छोटे एवं मॉड्यूलर परमाणु रिएक्टर (एसएमआर), शिक्षा और नवीकरणीय ऊर्जा में सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत एवं कनाडा के द्विपक्षीय संबंध अब ‘नई ऊर्जा, आपसी विश्वास और सकारात्मकता’ से भरे हुए हैं। कनाडा 2.6 अरब डॉलर के यूरेनियम आपूर्ति समझौते के तहत भारत के असैन्य परमाणु ऊर्जा क्षेत्र का समर्थन करेगा। मोदी ने कहा, “असैन्य परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में दीर्घकालिक यूरेनियम आपूर्ति पर ऐतिहासिक समझौता हुआ है। हम छोटे मॉड्यूलर और उन्नत रिएक्टरों पर भी साथ काम करेंगे।” महत्वपूर्ण खनिजों पर समझौता ज्ञापन से स्वच्छ ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन और उन्नत विनिर्माण के लिए सुरक्षित आपूर्ति शृंखला को मजबूती मिलेगी। कनाडा के पास दुर्लभ खनिजों का बड़ा भंडार मौजूद है। दोनों पक्षों ने आतंकवाद, उग्रवाद और कट्टरपंथ को साझा एवं गंभीर चुनौती बताते हुए सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ”इन चुनौतियों के खिलाफ हमारा करीबी सहयोग वैश्विक शांति एवं स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है।” मोदी और कार्नी ने बातचीत के दौरान पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात पर भी चर्चा की। मोदी ने कहा, “पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति हमारे लिए गंभीर चिंता का विषय है। भारत सभी विवादों के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति का समर्थन करता है और क्षेत्र में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।” कार्नी ने रणनीतिक ऊर्जा साझेदारी की घोषणा करते हुए कहा कि यह समझौते दोनों देशों के लिए दीर्घकालिक अवसर पैदा करेंगे। उन्होंने कहा, “आज हम एक रणनीतिक ऊर्जा साझेदारी की शुरुआत कर रहे हैं, जिसमें द्विपक्षीय ऊर्जा व्यापार को बढ़ाने की व्यापक संभावनाएं हैं। हमने महत्वपूर्ण खनिजों पर एक नई साझेदारी पर हस्ताक्षर किए हैं, जो विकास, प्रसंस्करण और स्वच्छ ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन एवं उन्नत विनिर्माण के लिए सुरक्षित आपूर्ति शृंखला को समाहित करती है।” कार्नी ने कहा कि दोनों देश स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग को और गहरा कर रहे हैं, जिसमें पवन, सौर और हाइड्रोजन ऊर्जा के क्षेत्रों में साझेदारी का विस्तार शामिल है। उन्होंने यूरेनियम आपूर्ति समझौते को स्वच्छ और विश्वसनीय ऊर्जा के प्रति साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक बताते हुए कहा, “एक ही पृथ्वी के तहत हुए ये सभी समझौते एक नए और समृद्ध संबंध की शुरुआत हैं, जो दोनों देशों के श्रमिकों और व्यवसायों के लिए पीढ़ीगत अवसर पैदा करेंगे और भविष्य की पीढ़ियों के लिए पृथ्वी की रक्षा करेंगे।” कनाडा के प्रधानमंत्री रविवार को नयी दिल्ली पहुंचे थे। इसके पहले वह मुंबई में थे जहां पर उन्होंने उद्योग जगत के दिग्गजों से मुलाकात की। भारत एवं कनाडा के संबंध 2023 में खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर उपजे विवाद के बाद तनावपूर्ण हो गए थे। हालांकि, पिछले कुछ महीनों में संबंध सामान्य बनाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं और दोनों देशों ने एक-दूसरे की राजधानियों में उच्चायुक्त तैनात कर दिए हैं।

भारत के कदम से पाकिस्तान में हड़कंप, कहा– अब भूख-प्यास का खतरा बढ़ा

इस्लामाबाद पलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ ऐसे रणनीतिक कदम उठाए हैं जो कि उसकी टेंशन बढ़ाते ही चले जा रहे हैं। झेलम और चिनाब के बहाव कम करने को लेकर शहबाज सरकार एकदम से बिलबिला गई है। हाल ही में पाकिस्तान में प्रांतीय स्तर की एक बड़ी बैठक हुई और इसमें वॉटर ऐंड पावर डिवेलपमेंट अथॉरिटी के चेयरमैन मोहम्मद सईद ने कहा कि भारत झेलम और चिनाब प्रोजेक्ट पर 60 अरब डॉलर खर्च कर रहा है और इससे पाकिस्तान में हाहाकार मचने वाला है। उन्होंने कहा कि भारत के प्रोजेक्ट पूरे होने के बाद इन निदियों के जल रोकने की कैपिसीटी 15 दिन से बढ़कर सीधे 60 दिन हो जाएगी। घबरा गया पाकिस्तान पाकिस्तान भारत के इस प्रोजेक्ट से बुरी तरह घबराया हुआ है। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान को सूखे का डर सताने लगा है। पाकिस्तान के अधिकारियों का कहना है कि जब फसलों की पानी की जरूरत होगी तो नदियों का बहाव बेहद कम हो जाएगा। वहीं मॉनसून में भारत ज्यादा पानी छोड़ सकता है इससे पाकिस्तान का बड़ा हिस्सा डूब जाएगा। भारत के इस कदम से परेशान पाकिस्तान के अधिकारियों ने सरकार को सलाह दी है कि वहां भी बड़े बांध बनाने की जरूरत है जिससे पानी को नियंत्रित किया जा सके। हालांकि समस्या यही है कि ये नदियां भारत से ही होकर पाकिस्तान में जाती हैं। ऐसे में बांध बनाने के बाद भी उसकी मुसीबत कम होने वाली नहीं है। पाकिस्तान का जल मंत्रालय नदियों के पानी को लेकर बेहद परेशान है। महीने भर पहले पाकिस्तान ने इसको लेकर भारत से जवाब मांगने शुरू कर दिया है। पाकिस्तान का कहना है कि भारत ने बगलिहार डैम पर पानी रोक लिया है दिसंबर महीने में देखा गया था कि बगलिहार में पानी की कमी हो गई है। झेलम और चिनाब में कम हआ पानी पाकिस्तान का कहना है कि भारत झेलम और चिनाब का पानी कभी रोकता है और कभी छोड़ता है। इससे पाकिस्तान में पानी की कमी देखी जा रही है। सिंधु जल पर पाकिस्तान के एक अधइकारी ने कहा कि पाकिस्तान में मंगला बांध तक पानी का बहाव काफी कम हो गया है। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक शहबाज सरकार झेलम के बहाव पर नजर रख रही है। परेशान पाकिस्तान बार-बार पत्र भेजकर भारत के आगे गिड़गिड़ा रहा है। बता दें कि पहलगाम महले के बाद भारत ने सिंधु जल समझौता निलंबित करदिया था। यह पाकिस्तान के लिए बहुत बड़ा घाव साबित हो रहा है। जानकारी के मुताबिक भारत अब रावी का पानी भी रोकने का प्लान बना रहा है। जानकारी के मुताबिक शहपुर कंडी डैम का काम भी जल्द पूरा होने वाला है। इससे रावी का पानी रोककर इसे कठुआ और सांबा भेजा जाएगाय़ पाकिस्तान को जाने वाला ज्यादातर पानी रोक लिया जाएगा। पाकिस्तान की लगभग 90 फीसदी खेदी सिंदु नदी सिस्म पर ही निर्भर है। पाकिस्तान के पास पानी रोकने की क्षमता ना के बराबर है।

शिक्षा में बड़ा बदलाव: नई शिक्षा नीति 2020 से बदली सीखने की दिशा, धर्मेंद्र प्रधान का दावा

नई दिल्ली केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का कहना है कि वर्ष 2047 तक, जब देश आजादी के 100 साल पूरे करेगा, तब तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है। इसके लिए शिक्षा सबसे बड़ा हथियार है। उनका कहना था कि भारत की ताकत उसकी युवा आबादी है। बड़ी संख्या में युवा पढ़ रहे हैं, नए विचार ला रहे हैं और नई तकनीक पर काम कर रहे हैं। धर्मेंद्र प्रधान नई दिल्ली में आयोजित स्टडी इन इंडिया एजु-डिप्लोमैटिक कॉन्क्लेव 2026 में बोल रहे थे। यहां उन्होंने 50 से अधिक देशों के राजनयिकों को संबोधित किया। यहां बताया गया कि सरकार चाहती है कि दुनिया के बड़े विश्वविद्यालय भारत में अपने परिसर खोलें। इसके लिए नियम बनाए गए हैं ताकि प्रक्रिया साफ और समय पर पूरी हो। गौरतलब है कि अगर विदेशी संस्थान भारत आएंगे तो भारतीय छात्रों को बाहर जाए बिना ही अंतरराष्ट्रीय स्तर की पढ़ाई करने के अवसर मिल सकेंगे। नई दिल्ली के सुषमा स्वराज भवन में यह बड़ा शिक्षा सम्मेलन हुआ। इसमें 50 से ज्यादा देशों के राजदूत, उच्चायुक्त और अलग-अलग देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस मौके पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने खुलकर भारत की शिक्षा व्यवस्था और उसके भविष्य के बारे में बात की। शिक्षा मंत्री ने विदेशी उच्च शिक्षा संस्थानों से भारत की तेजी से विकसित हो रही, नवाचार-आधारित शिक्षा प्रणाली के साथ सहयोग करने का आह्वान किया। इस कार्यक्रम का मकसद दुनिया को यह बताना था कि भारत अब सिर्फ पढ़ाई करने की जगह नहीं, बल्कि एक बड़ा शैक्षणिक केंद्र बन रहा है। भारत चाहता है कि न केवल विदेशी संस्थान बल्कि दूसरे देशों के छात्र भी यहां आएं, पढ़ें, शोध करें और मिलकर आगे बढ़ें। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 आने के बाद देश की पढ़ाई का ढंग बदल गया है। अब छात्रों को केवल किसी एक विषय तक सीमित रहने की जरूरत नहीं है। छात्र एक साथ अलग-अलग विषय पढ़ सकते हैं। वहीं युवाओं के कौशल पर भी जोर दिया जा रहा है, यानी पढ़ाई ऐसी हो जो सीधे तौर पर भविष्य में काम आए। शिक्षा से सिर्फ डिग्री नहीं, बल्कि काम करने की क्षमता भी मिले। शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, यूजीसी ने एक पारदर्शी और समयबद्ध नियामक ढांचा तैयार किया है, जिससे विदेशी विश्वविद्यालयों को भारत में परिसर स्थापित करने में मदद मिलेगी। ऑस्ट्रेलिया, इटली, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रमुख संस्थानों के आवेदनों को एक महीने के भीतर मंजूरी दे दी गई है। सम्मेलन में कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई, जिसमें भारतीय ज्ञान परंपरा को दुनिया तक पहुंचाना और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई तकनीक का शिक्षा के क्षेत्र में उपयोग करना शामिल है। इसके अलावा, विदेशी विश्वविद्यालयों के लिए नियम, कौशल शिक्षा को अंतरराष्ट्रीय स्तर से जोड़ना, और भारत नवाचार 2026 पहल पर भी यहां चर्चा की गई। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि दुनिया में चाहे जितनी अनिश्चितता हो, शिक्षा हमेशा देशों को जोड़ने का काम करती है। पढ़ाई, शोध और ज्ञान का आदान-प्रदान ही असली साझेदारी बनाता है। उन्होंने सभी देशों के प्रतिनिधियों से कहा कि वे अपने छात्रों और संस्थानों को भारत से जोड़ें। शिक्षाविदों के मुताबिक इस आयोजन का संदेश यह रहा कि भारत अब वैश्विक शिक्षा मंच पर मजबूत दावेदार बनना चाहता है। भारत दुनिया से कह रहा है कि आइए, यहां पढ़िए, शोध कीजिए, नए विचार लाइए और मिलकर आगे बढ़िए।

गंभीर का चौंकाने वाला खुलासा: सैमसन के 97 रन नहीं, इन दो चौकों ने पलटा खेल

कोलकाता गौतम गंभीर का मानना है की टीम गेम में प्रत्येक खिलाड़ी का छोटा या बड़ा योगदान महत्वपूर्ण होता है लेकिन भारतीय क्रिकेट में लंबे समय से इसका अभाव रहा है। भारत के हेड कोच ने कहा कि अगर शिवम दुबे ने रविवार को वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप 2026 के मैच में 19वें ओवर दो चौके नहीं लगाए होते तो संजू सैमसन की 97 रन की मैच विजेता पारी की कोई बात नहीं कर रहा होता। गंभीर ने कहा कि जब तक वह कोच हैं, प्रत्येक खिलाड़ी के योगदान का पूरे सम्मान के साथ उल्लेख किया जाएगा। ‘सैमसन के 97 रन जितने अहम दो चौके’ गंभीर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस से कहा, ”मुझे खुशी है कि आप सभी के योगदान के बारे में बात कर रहे हैं क्योंकि कई वर्षों से हम केवल कुछ विशेष योगदानों के बारे में ही बात करते रहे हैं। यह एक टीम गेम है और यह हमेशा टीम गेम ही रहेगा।” उन्होंने कहा, ”मेरे लिए शिवम के दो चौके भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं जितने संजू के 97 रन, क्योंकि अगर उसने वे दो चौके नहीं लगाए होते तो आप उस (97 रन की पारी) के बारे में बात भी नहीं करते।” गंभीर ने कहा, ”बड़ा योगदान सुर्खियां बटोरता है, लेकिन छोटा योगदान भी महत्वपूर्ण होता है क्योंकि वह टीम को जीत दिलाने में मदद कर सकता है, उसे लक्ष्य तक पहुंचा सकता है। इसीलिए मैं कहता हूं कि जब तक मैं इस पद पर हूं, हमारी आगे भी यही नीति रहेगी।” ‘सच कहूं तो मुझे आंकड़ों पर भरोसा नहीं’ दुनिया भर के कोच आंकडों (डेटा) को महत्वपूर्ण मानते हैं लेकिन इनमें गंभीर शामिल नहीं हैं। उन्होंने कहा, ”सच कहूं तो मुझे आंकड़ों पर भरोसा नहीं है। मैंने कभी आंकड़े देखे ही नहीं। मुझे तो यह भी नहीं पता कि आंकड़े होते क्या हैं। मैं उन पर बिल्कुल भी विश्वास नहीं करता, क्योंकि मुझे लगता है कि वे अधिकतर सहज ज्ञान पर आधारित होते हैं।” गंभीर की यह टिप्पणी आश्चर्यजनक थी क्योंकि टीम डेटा विश्लेषक हरि प्रसाद पर काफी हद तक निर्भर रहती है। भारतीय कोच ने कहा, ”टी20 क्रिकेट में सहज ज्ञान और उस सहज ज्ञान पर भरोसा करना ही सब कुछ है। खेल और टी20 प्रारूप के बारे में मुझे जो भी जानकारी है, मैं उसे कप्तान को देने और जितना हो सके उनकी मदद करने की कोशिश करता हूं।” इंग्लैंड सेमीफाइनल को लेकर क्या बोले? उन्होंने कहा, ”लेकिन आखिर में फैसला कप्तान को करना होता है लेकिन ईमानदारी से कहूं तो मुझे आंकड़ों पर कोई विश्वास नहीं है क्योंकि इन्हें बहुत बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है। मेरे लिए यह बहुत सौभाग्य की बात है कि हमारे पास विश्वस्तरीय खिलाड़ी हैं।” इंग्लैंड के खिलाफ मुंबई में होने वाले सेमीफाइनल के बारे में गंभीर ने कहा, ”उनकी (इंग्लैंड) टीम एक विश्वस्तरीय टीम हैं। उनके पास कई बेहतरीन खिलाड़ी भी हैं और हम सभी जानते हैं कि वानखेड़े में खेलना आसान नहीं होता है। उम्मीद है कि हम अच्छा प्रदर्शन करेंगे।”

युवाओं को मिलेगा दिग्गजों का साथ, कुंबले-जहीर-हरभजन करेंगे नई प्रतिभाओं को तैयार

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने पूर्व भारतीय दिग्गज जहीर खान और हरभजन सिंह से बेंगलुरु स्थित ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ (सीओई) में विशेष शिविरों में अपनी सेवाएं देने के लिए संपर्क किया है। बीसीसीआई ने इन शिविरों के कुछ खिलाड़ियों की सूची तैयार की है। इस सूची में ऐसे खिलाड़ी शामिल किए गए हैं जो भविष्य में भारत की तरफ से खेल सकते हैं। इन खिलाड़ियों में आयु वर्ग और प्रथम श्रेणी क्रिकेट के अलावा भारत ए और भारत की सीनियर टीम की तरफ से कुछ मैच खेलने वाले खिलाड़ी शामिल हैं। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज जहीर खान युवा तेज गेंदबाजों के साथ पांच दिवसीय शिविर के लिए पहले ही बेंगलुरु पहुंच चुके हैं। ये युवा गेंदबाज सीनियर टीम में जगह बनाने के करीब हैं या उसके लिए कुछ मैच खेल चुके हैं। पता चला है कि सीओई के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण ने भारतीय क्रिकेट की अगली पीढ़ी को तैयार करने में मदद करने के लिए अपने पूर्व साथियों से चार से पांच दिन के विशेष शिविरों के लिए संपर्क किया था। इस घटनाक्रम से अवगत बीसीसीआई के एक सूत्र ने गोपनीयता की शर्त पर पीटीआई से कहा, ‘लक्ष्मण ने विशेष शिविरों के लिए जहीर, हरभजन और अनिल कुंबले से संपर्क किया है। हरभजन ऑफ स्पिनरों के लिए चार या पांच दिवसीय शिविर के लिए अपना कार्यक्रम तैयार कर रहे हैं। वह उन उभरते हुए खिलाड़ियों की मदद करने के लिए उत्सुक हैं जिन्होंने आयु वर्ग और भारत ए स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया है।’ उन्होंने कहा, ‘यह एक स्वागत योग्य पहल है जहां भारत के लिए 100 से अधिक टेस्ट मैच खेल चुके खिलाड़ी अगली पीढ़ी के साथ अपने अनुभव साझा करेंगे।’ माना जा रहा है कि टेस्ट और वनडे में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज अनिल कुंबले से कलाई के स्पिनरों के लिए एक शिविर आयोजित करने का अनुरोध किया गया है। ऐसा माना जा रहा है कि इंडियन प्रीमियर लीग शुरू होने से पहले विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे क्योंकि इनमें से कई खिलाड़ियों को अपनी-अपनी आईपीएल टीमों से जुड़ना होगा। इस बीच भारत के पूर्व तेज गेंदबाज वीआरवी सिंह और श्रीनाथ अरविंद उन प्रमुख नामों में शामिल हैं जिन्होंने ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ में तेज गेंदबाजी कोच के स्थायी पद के लिए आवेदन किया है। वीआरवी और अरविंद दोनों ने सीओई में विभिन्न आयु वर्ग के शिविरों में काम किया है। बीसीसीआई इंग्लैंड के ट्रॉय कूली की जगह पर तेज गेंदबाजी विभाग के प्रमुख की तलाश में है। स्पिन गेंदबाजी विभाग की कमान फिलहाल पूर्व भारतीय गेंदबाज सुनील जोशी के हाथ में है।

खाड़ी देशों में संकट में भारतीय: काम की चाह में गए, अब वतन लौटने की गुहार

नई दिल्ली इजरायल और अमेरिका के ईरान पर हमले के बाद से पूरा मध्य-पूर्व क्षेत्र धधक रहा है। इस आग में हजारों भारतीय भी झुलस रहे हैं। इनमें कुछ विद्यार्थी तो कुछ टूरिस्ट हैं। सबसे ज्यादा वो लोग हैं, जो रोजी-रोटी की तलाश में खाड़ी देशों में गए थे लेकिन हवाई हमलों की वजह से एयरस्पेस बंद हो चुके हैं। ऐसे में ये लोग वहां फंस गए हैं। लिहाजा, बढ़ते तनाव ने हजारों भारतीयों को अनिश्चितता और भय के बीच ला खड़ा किया है। दुबई, अबू धाबी जैसे विश्व-प्रसिद्ध शहरों में भी अब सायरन बजने और मिसाइल हमले की खबरें आम हो गई हैं। बहरीन, इराक, जॉर्डन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में रहने वाले भारतीयों के बीच भय का माहौल है। ऐसे हालात में इन देशों में फंसे भारतीय नागरिक सोशल मीडिया पर भारत सरकार से फौरन निकालने की गुहार लगा रहे हैं। सोशल मीडिया पर उनकी अपीलों की बाढ़ आ गई है, जिनमें से कई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्रालय (MEA) से निकालने की अपील की है। हालांकि, MEA ने प्रभावित देशों में भारतीयों के लिए इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं, जो मेडिकल इमरजेंसी, सुरक्षा और निकासी से जुड़े सवालों के लिए मदद देते हैं। मिडिल-ईस्ट में फंसे भारतीय क्या लिख रहे? दुबई में एक वर्कर ने इंस्टाग्राम रील पर पोस्ट किया, “मैं यहां रोजी-रोटी के लिए आया था, लेकिन अब मैं बम से बचने की जगह तलाश कर रहा हूं। मैं मोदी जी और भारत सरकार से अनुरोध करता हूं कि हमें यहां से निकालें।” सैकड़ों टूरिस्ट भी दुबई और अबू धाबी में फंसे हुए हैं। मिडिल ईस्ट के कई संस्थानों में पढ़ने वाले MBA और मेडिकल के स्टूडेंट भी सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर रहे हैं, जिसमें भारत सरकार से मदद मांगी जा रही है। छात्र और पर्यटक भी संकट में स्थिति केवल खाड़ी देशों में कमाने गए कामगारों तक सीमित नहीं है। बड़ी संख्या में पर्यटक और छात्र भी इस संकट में फंसे हुए हैं। खासकर तेहरान में पढ़ रहे भारतीय मेडिकल छात्रों ने भावुक अपीलें की हैं। एक छात्रा ने कहा, “यहां हालात बहुत खराब और अनिश्चित हैं। हमें नहीं पता अगला पल क्या होगा। कृपया जल्द से जल्द हमें सुरक्षित निकाला जाए।” एक अन्य छात्र ने बताया कि लगातार हो रहे हमलों के कारण सभी छात्र भयभीत हैं और सरकार से तत्काल मदद की उम्मीद कर रहे हैं। बड़ी संख्या में भारतीय प्रभावित बता दें कि मध्य पूर्व में लगभग 90 लाख भारतीय रहते हैं, जिनमें अधिकांश मजदूर वर्ग से हैं। इनके अलावा विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर के लगभग 2000 छात्र हैं, जो ईरान में पढ़ाई कर रहे हैं और गंभीर जोखिम में हैं। उनके लिए जम्मू और कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने भी प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है। सरकार की पहल इस संकट के बीच विदेश मंत्रालय भारत ने प्रभावित देशों में फंसे भारतीयों के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन जारी की है। ये हेल्पलाइन चिकित्सा सहायता, सुरक्षा और संभावित निकासी से जुड़ी जानकारी प्रदान कर रही हैं। साथ ही, मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि भारत इस स्थिति को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करता है और सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव कम करने तथा नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील करता है। भारत ने स्पष्ट किया है कि इस संकट का समाधान केवल संवाद और कूटनीति के माध्यम से ही संभव है। एक बयान में, MEA ने ईरान और खाड़ी में हो रहे डेवलपमेंट पर गहरी चिंता जताई है। मंत्रालय ने कहा, “ईरान और खाड़ी क्षेत्र में हाल के घटनाक्रम से भारत बहुत चिंतित है। हम सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव बढ़ने से बचने और आम लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आग्रह करते हैं।” मंत्रालय ने तनाव कम करने के लिए बातचीत और डिप्लोमेसी और संप्रभुता का सम्मान करने पर ज़ोर दिया। MEA ने जारी की हेल्पलाइन MEA ने इस इलाके में भारतीयों के लिए इमरजेंसी कॉन्टैक्ट्स की एक लिस्ट जारी की है: – रामल्लाह (फ़िलिस्तीन): फ़ोन: +970592916418; ईमेल: repoffice@mea.gov.in / cons.ramallah@mea.gov.in – दोहा (क़तर): फ़ोन: 00974-55647502; ईमेल: cons.doha@mea.gov.in – रियाद (सऊदी अरब): फ़ोन: 00-966-11-4884697; WhatsApp: 00-966-542126748; टोल फ़्री: 800 247 1234; ईमेल: cw.riyadh@mea.gov.in – तेल अवीव (इज़राइल): फ़ोन: +972-54-7520711 / +972-54-2428378; ईमेल: cons1.telaviv@mea.gov.in – तेहरान (ईरान): फ़ोन: +989128109115 / +989128109109 / +989128109102 / +989932179359 – अबू धाबी (UAE): टोल फ़्री: 800-46342; WhatsApp: +971543090571; ईमेल: pbsk.dubai@mea.gov.in / ca.abudhabi@mea.gov.in – कुवैत: फ़ोन: +96565501946; ईमेल: community.kuwait@mea.gov.in – बहरीन: फ़ोन: 00973-39418071 – मस्कट (ओमान): टोल फ़्री: 80071234; WhatsApp: +96898282270; ईमेल: cw.muscat@mea.gov.in / cons.muscat@mea.gov.in – जॉर्डन: फ़ोन: 00962-770 422 276 – बगदाद (इराक): फ़ोन: +964 771 651 1185 / +964 770444 4899  

सऊदी अरब की बड़ी तेल कंपनी ने रोका उत्पादन, ईरान से टकराव के बाद महंगाई का खतरा

सऊदी अरब दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी के रूप में जाने जाने वाली सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको को ईरान ने कथित तौर पर हमला कर दिया है। जानकारी के मुताबिक ईरानी ड्रोन हमले के बाद अपनी रास तनूरा रिफाइनरी को एहतियातन बंद कर दिया है। उद्योग से जुड़े एक सूत्र ने सोमवार को यह जानकारी दी है। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए सैन्य हमलों के जवाब में तेहरान पूरे क्षेत्र में लगातार जवाबी कार्रवाई कर रहा है। इन हमलों में खाड़ी देशों में कई लोगों की मौत भी हो गई है। सऊदी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने अल अरबिया टीवी को बताया कि इस क्षेत्र में दो ड्रोन को इंटरसेप्ट किया गया है। ड्रोन के मलबे से सीमित स्तर पर आग भी लगी थी जिसे तुरंत काबू कर लिया गया। इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। 5.5 लाख बैरल प्रतिदिन की क्षमता बता दें कि रास तनूरा कॉम्प्लेक्स सऊदी अरब के खाड़ी तट पर स्थित है और यह मिडिल ईस्ट की सबसे बड़ी रिफाइनरियों में से एक है, जिसकी क्षमता लगभग 5.5 लाख बैरल प्रतिदिन (bpd) है। यह सऊदी कच्चे तेल के निर्यात का एक अहम टर्मिनल भी है। सूत्र के अनुसार रिफाइनरी को सावधानी के तौर पर बंद किया गया है और हालात नियंत्रण में हैं। मच सकता है हाहाकार रिफाइनरी बंद होने से वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। इससे पहले होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाला समुद्री व्यापार भी लगभग ठप हो गया है। दुनिया की करीब पांचवां हिस्सा तेल खपत इसी मार्ग से गुजरती है। रविवार को इस क्षेत्र के आसपास जहाजों पर हमलों के बाद तेल परिवहन प्रभावित हुआ है। इसी वजह से सोमवार को ब्रेंट क्रूड की कीमतों में करीब 10 प्रतिशत की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। अरामको ने इस मामले पर तुरंत कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। क्या कह रहे विशेषज्ञ? रिस्क इंटेलिजेंस फर्म वेरिस्क मेपलक्रॉफ्ट के मिडिल ईस्ट विश्लेषक टॉरब्योर्न सोल्टवेड्ट ने कहा ताजा हमलों कर चिंता जताते हुए कहा कि रास तनूरा पर हमला क्षेत्रीय तनाव में बड़ी बढ़ोतरी का संकेत है और अब खाड़ी देशों की ऊर्जा संरचना सीधे निशाने पर आ गई है। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद सऊदी अरब और पड़ोसी खाड़ी देश अमेरिका और इजराइल के सैन्य अभियानों के और करीब आ सकते हैं। कई खाड़ी देशों में हमले यह ड्रोन हमला क्षेत्र में हाल के हमलों की श्रृंखला का हिस्सा है, जिनमें अबू धाबी, दुबई, दोहा, मनामा और ओमान के दुक़्म वाणिज्यिक बंदरगाह को भी निशाना बनाया गया है। इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र में भी तेल उत्पादन का बड़ा हिस्सा एहतियातन बंद कर दिया गया है, जहां से फरवरी में करीब 2 लाख बैरल प्रतिदिन तेल तुर्की को निर्यात किया गया था।  

ग्रहण का प्रभाव: रामलला मंदिर 3 मार्च को सुबह इतने बजे तक ही खुलेगा, भक्तों के लिए जरूरी सूचना

अयोध्या साल का पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण 3 मार्च को लगने जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान मंदिरों के पट बंद रखे जाते हैं। इसी नियम का पालन करते हुए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने फैसला किया है कि चंद्र ग्रहण के दौरान मंदिर में दर्शन बंद रहेंगे। ट्रस्ट के अनुसार सुबह पूजा-अर्चना और आरती के बाद श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे। इसका उद्देश्य धार्मिक परंपरा का सम्मान करना और ग्रहण के समय पूजा और मंत्र पाठ में व्यवधान न आने देना है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इस संबंध में एक पत्र जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि 3 मार्च को चंद्र ग्रहण (शुक्ल पक्ष पूर्णिमा) के कारण मंदिर में दर्शन की व्यवस्था थोड़ी अलग होगी। सुबह की मंगला आरती और श्रृंगार आरती पहले से निर्धारित समय पर होगी ताकि श्रद्धालु पूजा में हिस्सा ले सकें। इसके बाद, लगभग सुबह 9 बजे से लेकर रात 8:30 बजे तक मंदिर बंद रहेगा। इस दौरान ग्रहण और सूतक के समय को देखते हुए दर्शन बंद रहेंगे। अधिकारियों और पुलिस को भी इसकी जानकारी दी गई है ताकि दर्शन की प्रक्रिया और भी व्यवस्थित रहे। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र ने अयोध्या के अपर पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर मंदिर के खुलने और बंद होने के समय में हुए बदलाव के बारे में सूचित किया है। साथ ही इसके अनुसार, मंदिर और उसके आसपास आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की मांग की है। ऐसे में यदि आप भी मंगलवार को रामलला के दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो इस शेड्यूल का ध्यान रखें। आम श्रद्धालु सुबह पूजा और आरती में शामिल हो सकते हैं, उसके बाद मंदिर के पट बंद कर दिए जाएंगे। चंद्र ग्रहण के दौरान मंदिर के भीतर कोई भी दर्शन या प्रवेश नहीं होगा। यह व्यवस्था सिर्फ 3 मार्च के दिन के लिए है और अगले दिन से मंदिर की सामान्य दर्शन व्यवस्था फिर से चालू हो जाएगी।

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