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घने कोहरे में तीन वाहन आपस मे टकरा गए, गाड़ियों के उड़े पखच्चे, एक की मौत, 30 से ज्यादा घायल

लखनऊ आगरा-जयपुर हाइवे पर शनिवार देर रात महुअर पुल के पास घने कोहरे के चलते बड़ा हादसा हो गया। घने कोहरे में तीन वाहन आपस मे टकरा गए। यात्रियों से भरी हुई बस ट्रैलर में घुसी गई, वहीं पीछे से मैक्स गाड़ी ने भी जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण दुर्घटना में तीन दर्जन से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं। वहीं एक की एक की मौत हो गई है। हादसे के बाद सभी घायलों को तत्काल सीएचसी अछनेरा, किरावली, बिचपुरी व एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा रैपर किया गया है। हादसे से मौके पर मची चीख़ पुकार पूरा मामला थाना किरावली के महुअर पुल के पास का है। रात करीब 1 बजे घने कोहरे के चलते यह भीषण हादसा हुआ है। हादसे में घायल लोगों की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। इसके अलावा मैक्स गाड़ी में बैठे दो लोग और बस में बैठे चार लोगों की स्थिति ज्यादा खराब है। बता दें कि हादसे के बाद मौके पर चीख़ पुकार मच गई थी। ट्रेलर चालक की गलती से हुआ हादसा मिली जानकारी के अनुसार 6 लोगों को बस की बॉडी काटकर बाहर निकाला गया है। पुलिस ने वाहनों को क्रेन से अलग हटवाया है।  मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि आगे चल रहे ट्रेलर ने अचानक ब्रेक लिया। जिसके चलते पीछे चल रही बस ट्रेलर में भिड़ गई। वहीं पीछे आ रही मैक्स भी उसमें टकरा गई। हादसा ट्रेलर चालक की गलती से हुआ है।  

प्रधानमंत्री प्रवासी भारतीय दिवस के लिए 8 जनवरी को ओडिशा जाएंगे

भुवनेश्वर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9 ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में 18वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। 8 से 10 जनवरी तक आयोजित होने वाले सम्मेलन का समापन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी। पहली बार आयोजन की जिम्मा संभाल रही ओडिशा सरकार ने 50 देशों से 3,500 प्रवासीओं आकर्षित करने का लक्ष्य रखा है । राज्य सरकार के अनुमान के अनुसार, तीन दिवसीय सम्मेलन में कुल उपस्थिति लगभग 7,500 होगी, जिसमें स्थानीय भागीदारी भी शामिल है। गृह विभाग के अधिकारियों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में दैनिक पंजीकरण की संख्या 150 से अधिक हो गई है, जबकि एक सप्ताह पहले यह संख्या केवल 40-50 अनुरोध प्रति दिन थी। क्या है पूरा कार्यक्रम? इस सम्मेलन के मुख्य अतिथि के रूप में त्रिनिदाद और टोबैगो की राष्ट्रपति क्रिस्टीन कार्ला कंगालू शामिल होंगी। सम्मेलन की शुरुआत 8 जनवरी को युवा प्रवासी भारतीय दिवस के साथ होगी। इसके अगले दिन, 9 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी 18वें प्रवासी भारतीय दिवस का उद्घाटन करेंगे। सम्मेलन का समापन 10 जनवरी को प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार समारोह के साथ होगा, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इस आयोजन को सुशोभित करेंगी और समापन भाषण देंगी। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के समय से 2003 में आरंभ हुआ यह सम्मेलन को नई दिल्ली, मुंबई, कोच्चि, हैदराबाद, जयपुर, चेन्नई, वाराणसी, बेंगलुरु और इंदौर जैसे शहरों में आयोजन किया जा चुका है। 2021 में कोविड महामारी के दौरान एक वर्चुअल मोड का सम्मेलन भी हुआ था। ग्रैंड वेलकम की है तैयारी भुवनेश्वर पहली बार 2025 के प्रवासी भारतीय दिवस संस्करण की मेज़बानी कर रहा है। शहर की नगर पालिका और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों ने सम्मेलन के साथ-साथ कई सांस्कृतिक और मनोरंजन कार्यक्रमों की योजना बनाई है। इनमें रात का फ्ली मार्केट, आदिवासी मेला, खाद्य महोत्सव, राजरानी संगीत फेस्टिवल, मुक्तेश्वर नृत्य महोत्सव और एकाम्र महोत्सव जैसे प्रमुख आयोजन शामिल हैं। इस विशाल समारोह के आयोजन के लिए राज्य सरकार ने नवंबर महीने में 125 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया था। भुवनेश्वर में खास तैयारियां निमंत्रित विशेष अतिथियों के लिए मुंबई से 5 डबल डेकर बसें और 10 प्रीमियम बसें मंगवाई गई हैं। इन बसों के माध्यम से अतिथियों को ओडिशा के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा, जिनमें कलिंग युद्ध स्थली, पुरी जगन्नाथ मंदिर, ब्लू फ्लैग समुद्री तट और कोणार्क के विख्यात सूर्य मंदिर सहित कुल 31 प्रमुख स्थल शामिल हैं। इन स्थलों पर जाने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स (आईएटीओ) की ओडिशा शाखा के चेयरमैन गगन सारंगी ने बताया कि राज्य के अधिकांश टूर और ट्रैवल पार्टनर्स ने सम्मेलन के दौरान कैब और वेकेशन स्टे की बुकिंग में वृद्धि की पुष्टि की है। पूर्वोदय मिशन का हिस्सा भुवनेश्वर में आयोजित हो रहा यह 18वां प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन भारत सरकार की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘पूर्वोदय मिशन’ के साथ पूरी तरह संरेखित है। इन योजनाओं का उद्देश्य भारत के पूर्वी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना और उनकी निवेश क्षमता को उजागर करना है। ओडिशा की 482 किमी लंबी तटरेखा दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों के सामने एक महत्वपूर्ण अवसर प्रस्तुत करती है।

तमिलनाडु की पटाखा फ़ैक्ट्री में आग लगने से हुआ ब्लास्ट, 6 मजदूरों की मौत, कई मजदूर अभी भी झुलसे

तमिलनाडु तमिलनाडु में पटाखा बनाने वाली एक फैक्ट्री में आग लगने की खबर सामने आ रही है। शनिवार को हुई इस घटना में 6 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई है। कई मजदूर अभी भी झुलसे हुए हैं। प्रारंभिक जांच के अनुसार, विस्फोट रासायनिक मिश्रण के दौरान हुआ था। इस विस्फोट ने कम से कम एक कमरे को पूरी तरह से तबाह कर दिया। इस कमरे में ही मजदूर काम कर रहे थे। पुलिस और अन्य संबंधित अधिकारियों ने घटना स्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। इसके अलावा, तेलंगाना में भी ऐसी ही घटना हुई है। यदाद्रि-भुवनगिरि जिले में शनिवार को एक फैक्टरी में विस्फोट से एक व्यक्ति की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि घायल व्यक्ति का अस्पताल में इलाज जारी है और उसकी हालत स्थिर है।

मुरादाबाद में सपा विधायक समरपाल समेत दो लोगों को अलॉट भवन खाली करवाकर नगर निगम ने कब्जा ले लिया

मुरादाबाद यूपी के मुरादाबाद के कंपनी बाग में सपा विधायक समरपाल समेत दो लोगों को अलॉट भवन खाली करवाकर नगर निगम ने कब्जा ले लिया। दोनों भवनों के अलॉटमेंट की 15 वर्ष की अवधि पूरी होने पर आवंटियों को नोटिस दिया गया था पर आवास खाली नहीं हुए। नगर निगम ने दल बल के साथ भवन खाली करवा लिए। इस भूमि का क्षेत्रफल 550 वर्ग मीटर और बाजार मूल्य करीब 15 करोड़ रुपए है। नगर निगम की टीम की कार्रवाई से हड़कंप मचा रहा।कंपनी बाग में कंपोजिट विद्यालय के पास स्थित दो आवासों को अपर नगर आयुक्त, एसीएम द्वतीय और पुलिस बल की मौजूदगी में खाली करवाया गया। इस दौरान नगर निगम ने अपनी खाली संपत्ति पर पेंट से नगर निगम की संपत्ति भी अंकित करवा दिया। अफसरों ने बताया कि नगर निगम अपने उक्त आवंटित भवनों की अवधि पूरी होने पर नोटिस जारी कर चुका है। कंपनी बाग स्थित कंपोजिट विद्यालय के निकट नगर निगम के दो भवन जिसमें एक भवन भूतल का नौगांवा से सपा विधायक समरपाल सिंह और उसके ऊपर निर्मित भवन एलडी चतुर्वेदी के नाम से नगर निगम ने अलॉट किया था। जिसकी अवधि को पंद्रह वर्ष पूरे हो चुके थे। उक्त भवनों का आवंटन निरस्त करते हुए भवन खाली करवाए जाने को अध्यासियों को पूर्व में नोटिस जारी किए गए थे। आवास खाली नहीं होने पर नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल के आदेश पर टीम ने शुक्रवार को भूजल और उसके ऊपर बने कुल क्षेत्रफल 550 वर्ग मीटर जमीन को खाली करवा कर कब्जा ले लिया। उक्त जमीन का बाजार मूल्य करीब 15 करोड़ बताया गया है। 8 माह में निगम ने खाली करवाई 9 अरब की संपत्ति नगर निगम ने पिछले आठ महीने से अपनी भूमि कब्जा मुक्त करवाने का अभियान चला रखा है। नगर आयुक्त ने बताया कि नियमानुसार जो भी प्रक्रिया है उसके तहत निगम अपनी जमीन को मुक्त करवा रहा है। पिछले आठ माह में करीब नौ अरब की जमीन मुक्त करवाई जा चुकी है। इसमें काफी जमीन प्राइम लोकेशन की है जिसमें विकास के प्रजोक्ट प्रस्तावित किए गए हैं।

छतरपुर के जंगलों से कराई जा रही लकड़ी की अवैध कटाई, बातचीत का ऑडिओ वायरल, निलंबित किया

​छतरपुर ​छतरपुर में शुक्रवार देर रात वन विभाग के डिप्टी रेंजर रवि खरे को अवैध वन कटाई मामले में शामिल होने के चलते निलंबित किया गया है। शुक्रवार दोपहर काे उनका एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था. इसके बाद रात काे बीट गंगवाहा क्र. पी-648 में एक ट्रैक्टर ट्राली में अवैध सागौन की लकड़ी जब्त की गई। इसके बाद वन मंडल अधिकारी सर्वेश सानवानी ने डिप्टी रेंजर पर वन विभाग की छवि खराब करने और वन कटाई में शामिल होने के चलते तत्काल कार्रवाई की। निलंबन अवधि में मुख्यालय भेजा उन पर सिविल सेवा आचरण अधिनियम 1956 के नियम 3 का उल्लंघन करने के लिए मध्यप्रदेश सिविल सेवा वर्गीकरण नियंत्रण और अपील नियम 1966 के नियम 9 (क) के तहत निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें मुख्यालय वन परिक्षेत्र बक्सवाहा भेजा गया है। यह था मामला बसारी रेंज में गुरुवार रात तीन बजे वन विभाग की टीम ने लगभग दो लाख रुपए की सागौन की लकड़ी को ट्रैक्टर सहित जब्त किया। आरोप लगा था कि, वहां विभाग के डिप्टी रेंजर रवि खरे की शह पर लंबे समय से सागौन लकड़ी की तस्करी चल रही थी। इसके कुछ ऑडियो भी शुक्रवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुए। इन वायरल ऑडियो में डिप्टी रेंजर रवि खरे पेड़ों की कटाई अपनी जिम्मेदारी पर रात के अंधेरे में करने को कह रहे थे। साथ ही ऑडियो में वह पैसों के लेन-देन की भी बात करते सुनाई दे रहे थे। इसके बाद डिप्टी रेंजर रवि खरे को निलंबित किया गया। वायरल ऑडियो में हुई बातचीत…     लकड़ी तस्कर- साहब काम शुरू करवा दूं?     डिप्टी रेंजर रवि खरे – सुबह तक नहीं करना, रात में ही कर लो     तस्कर -सुबह नहीं होगी। मशीन लिए हैं, वो लोग रात में ही कटवा देंगे।     डिप्टी रेंजर -वो लोग आ गए क्या?     तस्कर – नहीं वो लोग नहीं आए हैं। हम ने मना कर दिया, क्योंकि गांव में 13वीं का कार्यक्रम चल रहा है और आवाज आएगी। इसलिए 11 बजे के लगभग शुरू करेंगे।     तस्कर – गांव वाले आएंगे तो हम क्या कहेंगे?     डिप्टी रेंजर- कोई दिक्कत नहीं है। गांव वाले आए तो बोल देना साहब से बात हो गई थी और हमारे विभाग का कोई नहीं आएगा और पैसे जमा हो गए या नहीं?     तस्कर – पहले हम पैसा जमा करवा लेंगे। उसके बाद ही उन लोगों को हम काम शुरू करने देंगे।  

वाशिंग पाउडर और साबुन से भरा ट्रक अनियंत्रित होकर पलटा, लूटने के लिए दौड़ पड़े लोग

पन्ना मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के अमानगंज रोड पर एक ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया. जानकारी के मुताबिक, हादसा पन्ना जिले के इटवा के पास हुआ. ट्रक में निरमा साबुन भरा हुआ था. ट्रक के पलटने के बाद किसी तरह से ड्राइवर और हेल्पर ने अपनी जान बचाई. वहीं हादसे के बाद ट्रक में भरे निरमा की लूट करने के लिए लोग पहुंच गए. वहीं इस घटना का वीडियो वायरल हो रहा है. पन्ना में हुए सड़क हादसे में लोगों ने आपदा में अवसर का मौका ढूंढते हुए निरमा और साबुन की लूट शुरू कर दी. दरअसल, मामला मध्य प्रदेश के पन्ना जिले का है. जहां पन्ना अमानगंज रोड अंतर्गत आने वाले इटवा के पास एक तेज रफ्तार निरमा साबुन से भरा ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया. वहीं हादसे के बाद आसपास के लोग और राहगीर निरमा और साबुन की लूट करने लगे. लोगों द्वारा निरमा साबुन लूटने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि किस तरह से लोग लूट करने में जुटे हैं. वहीं मौके पर पहुंची पुलिस ने लुट कर रहे लोगों को भगाया. पुलिस ने लोगों को भगाया किसी तरह चालक और हेल्पर ने अपनी जान तो बचा ली, लेकिन सड़क पर पड़े निरमा और साबुन के पैकेट एवं बोरियों को देख राहगीरों एवं आसपास के लोग निरमा व साबुन की लूट करने के लिए पहुंच गए. वहीं देखते ही देखते वहां पर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा. हालांकि जानकारी मिलने के कुछ देर बाद मौके पर पुलिस पहुंची और लूट कर रहे लोगों को भगाया. पहले भी हो चुके हैं हादसे वहीं घटना में चालक वह हेल्पर को मामूली चोटें आई हैं. फिलहाल घायलों को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय भेजा गया है. वहीं घटनास्थल पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. हालांकि घटना मानवता को शर्मसार करने वाली है, क्योंकि कई बार पहले भी इसी मार्ग में घटनाएं सामने आ चुकी हैं. कुछ महीनो पूर्व एक तेल से भरा टैंकर भी इसी मार्ग में पलट गया था जिसके बाद वहां तेल लूटने की भी होड़ मच गई थी.  

Indore से Prayagraj के लिए 11 जनवरी से उड़ान शुरू

 इंदौर इंदौर से प्रयागराज के लिए सीधी फ्लाइट का संचालन 11 जनवरी से शुरू होने जा रहा है। इस रूट पर फ्लाइट का संचालन एलायंस एयर कंपनी करेगी। एयरपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार, यह फ्लाइट प्रयागराज में आयोजित होने वाले कुंभ मेले को ध्यान में रखते हुए शुरू की जा रही है। फ्लाइट संख्या 9I342 हर शनिवार को शाम 8:05 बजे इंदौर से उड़ान भरकर रात 10:05 बजे प्रयागराज पहुंचेगी। वहीं, वापसी की फ्लाइट 9I340 हर सोमवार को प्रयागराज से शाम 7:40 बजे रवाना होकर रात 9:40 बजे इंदौर लौटेगी। कुंभ मेले की विशेष तैयारी एलायंस एयर ने इस फ्लाइट की बुकिंग तीन कैटेगरी में शुरू कर दी है। सुपर सेवर कैटेगरी का किराया ₹4724 रखा गया है। वैल्यू कैटेगरी में किराया ₹12074 होगा, जबकि फ्लेक्सिबल कैटेगरी का किराया ₹20999 है। कंपनी इस सेवा के लिए ATR-72 विमान का उपयोग करेगी, जिसमें 48 से 78 सीटों तक की क्षमता होती है। यह रूट पहले भी संचालित हो चुका है, लेकिन विंटर शेड्यूल में इसे बंद कर दिया गया था। अब कुंभ मेले की विशेष तैयारियों के तहत इसे फिर से शुरू किया जा रहा है।  ट्रेवल एजेंट्स और एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, इस रूट पर यात्रियों की भारी मांग थी। इंदौर से प्रयागराज के लिए यात्रियों की inquiries लगातार आ रही थीं, और कुंभ मेले के समय इस रूट की उपयोगिता और भी बढ़ जाती है। प्रयागराज कुंभ मेले में हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं। इस कारण एयरलाइंस कंपनियां अपनी सेवाओं में नए रूट जोड़कर यात्रियों की सुविधा का ध्यान रख रही हैं। ट्रेवल एजेंट टीके जोश के अनुसार, इंदौर से प्रयागराज के लिए यह फ्लाइट काफी लाभकारी साबित होगी। इसके अतिरिक्त, सूत्रों के मुताबिक, इंडिगो कंपनी भी इस रूट पर जल्द ही अपनी फ्लाइट शुरू कर सकती है।    

घड़ियाल राज्य है मध्यप्रदेश, देश में घड़ियालों की संख्या 3044 है और उसमें से मध्यप्रदेश में 2456

भोपाल वन्य जीवन से समृद्ध मध्यप्रदेश बाघ प्रदेश, चीता प्रदेश, तेंदुआ प्रदेश के साथ अब घड़ियाल प्रदेश भी है। यहाँ गिद्धों का आदर्श रहवास है। देश में घड़ियालों की संख्या 3044 है और उसमें से मध्यप्रदेश में 2456 है। इस प्रकार देश में 80 प्रतिशत से अधिक घड़ियालों का घर है मध्यप्रदेश। यहाँ पर डॉल्फिन का भी रहवास है। मध्यप्रदेश में अथक प्रयासों से घड़ियालों के संरक्षण का कार्य किया गया। उनके प्राकृतिक रहवास को सुरक्षित बनाया गया और अवैध शिकार पर रोक लगायी गयी। साथ ही अवैज्ञानिक मछली पकड़ने के तौर-तरीकों को बंद किया गया। 435 किलोमीटर क्षेत्र को किया चंबल घड़ियाल अभयारण्य घोषित चंबल नदी के 435 किलोमीटर क्षेत्र को चंबल घड़ियाल अभयारण्य घोषित किया गया है। चंबल नदी मध्यप्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश की सीमा पर बहती है। नदी में घड़ियालों की वृद्धि की वजह देवरी ईको सेंटर है। इस सेंटर में घड़ियाल के अण्डे लाये जाते हैं और उनसे बच्चे निकलने के बाद उनका पालन किया जाता है। बच्चों की आयु 3 साल होने पर उन्हें नदी में छोड़ दिया जाता है। प्रतिवर्ष 200 घड़ियाल को “ग्रो-एण्ड-रिलीज’’ कार्यक्रम के तहत नदी में छोड़ा जाता है। स्वच्छ नदियों में रहना और नदियों को स्वच्छ रखना घड़ियालों की विशेषता है। इसी वजह से कई राज्यों से इसकी माँग की जाती है। चंबल नदी के घड़ियाल प्रदेश एवं देश की नदियों की शान बढ़ा रहे हैं। जलीय जीव घड़ियाल नदियों का ईको सिस्टम मजबूत करते हैं। देश में वर्ष 1950 और 1960 के दशक के बीच घड़ियालों की आबादी में 80 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आयी। भारत सरकार ने 1970 के दशक में इसे संरक्षण प्रदान किया। संरक्षण समूहों ने प्रजनन और पुन: प्रवेश कार्यक्रम शुरू किये। हालांकि, वर्ष 1997 और वर्ष 2006 के बीच घड़ियालों की आबादी में गिरावट आयी। घड़ियाल को गेवियलिस गैंगेटिकस, जिसे गेवियल या मछली खाने वाला मगरमच्छ भी कहा जाता है। वयस्क मादा घड़ियाल 2.6 से 4.5 मीटर (8 फीट 6 इंच से 14 फीट 6 इंच) लम्बी होती है और नर घड़ियाल 3 से 6 मीटर (9 फीट 10 इंच से 19 फीट 8 इंच) लम्बे होते हैं। वयस्क नर के थूथन के अंत में एक अलग सिरा होता है, जो घड़ा नामक मिट्टी के बर्तन जैसा दिखता है, इसलिये इसका नाम घड़ियाल पड़ा। घड़ियाल अपने लम्बी, संकरी थूथन और 110 आपस में जुड़े तीखे दाँतों की वजह से मछली पकड़ने में सहायक होते हैं। राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य की स्थापना के लिये 30 सितम्बर, 1978 में भारत सरकार की प्रशासनिक स्वीकृति मिली थी। घड़ियालों का कुनबा बढ़ाने के लिये मुरैना में चंबल घड़ियाल सेंक्चुरी के देवरी घड़ियाल सेंटर में हेचिंग सेंटर शुरू किये जायेंगे। इन नदियों के किनारे बसे 75 गाँव के लोगों को जागरूक किया गया है। गाँव के 1200 लोग घड़ियाल मित्र के रूप में वन विभाग के साथ काम कर रहे हैं। पंजाब में वर्ष 1960-70 के बाद से वहाँ की नदियों से घड़ियाल गायब हो गये थे। चंबल नदी के देवरी घड़ियाल सेंटर से वर्ष 2017 में घड़ियाल पंजाब भेजे गये थे। वर्ष 2018 में 25 घड़ियाल सतलुज नदी के लिये भेजे गये और वर्ष 2020 में व्यास नदी के लिये 25 घड़ियाल भेजे गये थे। राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य चंबल नदी के पारिस्थतिकी तंत्र को सुरक्षित रखने की दिशा में राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य बनाया गया था। तीन राज्यों में स्थित इस सेंचुरी का मुख्य आकर्षण घड़ियाल और दुर्लभ पक्षी ‘स्कीमर’ है। यह गंगेटिक में पायी जाने वाली डॉल्फिन, घड़ियाल, मगरमच्छ और साफ पानी के कछुओं के लिये प्रसिद्ध है। वर्ष 1979 में इसे राष्ट्रीय अभयारण्य घोषित किया गया था। यह तीन राज्यों मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश एवं राजस्थान में फैला हुआ है। अब तक प्रवासी एवं यहाँ रहने वाले पक्षियों की 290 से अधिक प्रजातियों की पहचान की जा चुकी है। इस अभयारण्य का मुख्य आकर्षण घड़ियाल और दुर्लभ पक्षी “इण्डियन स्मीकर’’ है। यह दुर्लभ पक्षी गर्मियों के मौसम में यहाँ अपना घरोंदा बनाते हैं। देश में अपनी कुल आबादी के करीब 80 फीसदी स्मीकर चंबल सेंचुरी में प्रवास करते हैं।  

12 से 26 फरवरी तक आयोजित होगा राजिम कुंभ कल्प, अध्यात्म और संस्कृति का भव्य आयोजन

रायपुर छत्तीसगढ़ के प्रयाग के रूप में प्रसिद्ध  राजिम में 12 फरवरी से 26 फरवरी 2025 तक कुंभ कल्प का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस वर्ष यह अद्भुत धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन 52 एकड़ के नए प्रस्तावित मेला स्थल में संपन्न होगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन स्थित बैठक कक्ष में आज राजिम कुंभ कल्प के तैयारियों के संबंध में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक कर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने शाही स्नान, गंगा आरती, संत समागम समेत कुंभ कल्प के प्रमुख आयोजनों और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा।       मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प 2025 धर्म, आस्था और संस्कृति का अद्भुत समागम होगा और यह छत्तीसगढ़ की समृद्ध परंपराओं और  संस्कृति को प्रदर्शित करने का भी सुंदर माध्यम है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि श्रद्धालुओं को यहां अविस्मरणीय अनुभव प्राप्त हो और यह आयोजन हमारी गौरवशाली विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाएं।          मुख्यमंत्री साय  ने राजिम कुंभ कल्प के आयोजन में शामिल समस्त विभागों और प्रशासनिक अमले को आपस में समन्वय स्थापित कर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने श्रद्धालुओं के आवागमन की व्यवस्था, सुरक्षा संबंधी उपाय और स्वच्छता के लिए विशेष ध्यान देने को कहा। साय ने कहा कि “हम सबकी जिम्मेदारी है कि इस आयोजन को सफल बनाएं और  छत्तीसगढ़ की पहचान के रूप में इसे स्थापित करें। उन्होंने 12 फरवरी को आयोजित माघी पुन्नी स्नान, 21 फरवरी जानकी जयंती के अवसर पर संत समागम और 26 फरवरी को होने वाले शाही स्नान की तैयारी पर विशेष ध्यान देने को कहा।          मुख्यमंत्री साय को अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू ने राजिम कुंभ कल्प 2025 के आयोजन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने पीपीटी के माध्यम से आयोजन स्थल में विभिन्न गतिविधियों के लिए निर्धारित स्थानों के बारे में बताया। कुंभ कल्प में नागरिक सुविधाओं, साधु संतों के आवागमन, शाही स्नान और गंगा आरती को लेकर विभाग के तैयारियों के बारे में जानकारी दी।             उल्लेखनीय है कि 12 फरवरी को माघी पूर्णिमा के पावन अवसर पर राजिम कुंभ कल्प का शुभारंभ होगा और 26 फरवरी महाशिवरात्रि को इसका समापन होगा। राजिम कुंभ कल्प पैरी, महानदी और सोंढूर नदी के संगम पर आयोजित होगा। श्रद्धालु इन पवित्र नदियों में स्नान कर पुण्य लाभ प्राप्त करेंगे।             राजिम कुंभ कल्प के संपूर्ण आयोजन के लिए पर्यटन विभाग को नोडल बनाया गया है। 15 दिनों तक चलने वाले इस कुंभ कल्प में पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी साधु संतों का विराट समागम होगा। माघी पुन्नी स्नान, शाही स्नान, जानकी जयंती के अवसर पर संत समागम विशेष रूप से आयोजित होगा। प्रतिदिन सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन, मेला, मड़ई, मीना बाजार और विभागीय प्रदर्शनी भी कुंभ कल्प का विशेष आकर्षण के रूप में शामिल हैं।           बैठक में विधायक रोहित साहू, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, सचिव धर्मस्व अन्बलगन पी., संचालक संस्कृति विवेक आचार्य, आईजी रायपुर अमरेश मिश्रा, कलेक्टर गरियाबंद दीपक अग्रवाल सहित अन्य विभागीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

अब पेंशन और अवकाश नियम में होगा संशोधन, बदल जाएगा 1977 का ये रूल, रिटायर अधिकारी बनाएंगे नए नियम

भोपाल मध्य प्रदेश में कर्मचारियों के अवकाश और पेंशन के नियम लंबे समय बाद संशोधित किए जाएंगे। इन्हें केंद्र सरकार के नियमों के अनुरूप तैयार किया जाएगा। इसके लिए वित्त विभाग ने सामान्य प्रशासन और वित्त विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारियों का समूह बनाया है, जो मार्च 2025 तक अनुशंसा देगा। पेंशन और अवकाश नियम में संशोधन इसके आधार पर नियम वित्तीय वर्ष के समाप्त होने से पहले नियम को अंतिम रूप देने का लक्ष्य रखा है। वित्त विभाग ने पेंशन और अवकाश नियम में संशोधन के लिए गठित समूह में वित्त सेवा के आरके जैन, सामान्य प्रशासन विभाग के एमके बातव को शामिल किया गया है। इसके साथ ही वित्त सेवा के दो अन्य अधिकारी भी इस काम को देखेंगे। इन नियमों में परिवर्तन उल्लेखनीय है कि भारत सरकार पेंशन नियमों में कई परिवर्तन कर चुकी हैं। इसमें 25 वर्ष से अधिक अविवाहित पुत्री, विधवा, परित्याक्ता को परिवार पेंशन देने का प्रविधान है। पेंशनरों की मांग को देखते हुए सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी जीपी सिंघल की अध्यक्षता वाले कर्मचारी आयोग ने पेंशन नियम का परीक्षण करके संशोधन संबंधी अपनी रिपोर्ट वित्त विभाग को तीन वर्ष पहले दी थीं। इस पर विभाग ने पेंशन संचालनालय से अभिमत भी मांगा था, जो दिया जा चुका है। सूत्रों का कहना है कि इसी रिपोर्ट के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इसी तरह अवकाश संबंधी 1977 के नियम भी वर्तमान व्यवस्था को देखते हुए बदले जाएंगे।

अब दिल्ली विधानसभा चुनाव के तारीखों का ऐलान बहुत जल्द होने की संभावना, फरवरी में चुनाव होने की उम्मीद

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर राजनीति गरमाती जा रही है। आम आदमी पार्टी (AAP), भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इसके बीच ही चुनाव आयोग ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है और अब दिल्ली विधानसभा चुनाव के तारीखों का ऐलान बहुत जल्द होने की संभावना है। सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार, केंद्रीय चुनाव आयोग 7 या 8 जनवरी को दिल्ली विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर सकता है। चुनावों की तिथि फरवरी के दूसरे हफ्ते में रखे जाने की संभावना जताई जा रही है। इसके बाद चुनाव परिणाम 15 या 16 फरवरी के आसपास घोषित होने की उम्मीद है। एक ही चरण में होंगे दिल्ली विधानसभा चुनाव केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की ओर से तैयारियां अंतिम चरण में हैं। सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली विधानसभा चुनाव एक ही चरण में होंगे और मतदान 11 से लेकर 13 फरवरी के बीच हो सकते हैं। यदि यह तारीखें तय होती हैं, तो चुनाव परिणाम की घोषणा 15 या 16 फरवरी तक की जा सकती है। इसके साथ ही, 6 जनवरी तक चुनाव आयोग नई वोटर लिस्ट भी जारी करेगा, जिससे नए मतदाताओं के नाम और वोटरों की संख्या में होने वाले बदलाव का पता चलेगा। इस लिस्ट के आधार पर ही चुनावी प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा। नई वोटर लिस्ट जारी होने के बाद दिल्ली के चुनावी क्षेत्र में एक नई उम्मीद और उत्साह का माहौल बनेगा। यह लिस्ट दिल्ली की राजनीतिक दिशा को भी प्रभावित कर सकती है, क्योंकि नई वोटर लिस्ट में खासतौर पर युवा वोटरों और नए नागरिकों की संख्या बढ़ने की संभावना है। इससे पहले, 2015 और 2020 के चुनावों में भी युवा वोटर्स ने बड़ी भूमिका निभाई थी। फोकस  शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी और विकास के मुद्दों पर दिल्ली विधानसभा चुनावों को लेकर तीन प्रमुख दलों के बीच राजनीति और रणनीति का घमासान तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी, जो पिछले कुछ वर्षों में दिल्ली में सत्तारूढ़ रही है, ने अपनी चुनावी तैयारियों को तेज कर दिया है। पार्टी का लक्ष्य 2020 की तरह एक बार फिर एकतरफा जीत हासिल करना है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पार्टी के वरिष्ठ नेता चुनावी मैदान में अपनी पूरी ताकत लगा रहे हैं। उनका फोकस मुख्य रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी और विकास के मुद्दों पर है। पार्टी का दावा है कि दिल्ली में पिछले 5 वर्षों में हुए विकास कार्यों के आधार पर जनता उनके साथ है। वहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP), जो दिल्ली में पिछले 27 साल से सत्ता से बाहर है, इस बार हर संभव कोशिश कर रही है ताकि वह दिल्ली में अपना खोया हुआ प्रभाव फिर से बना सके। पार्टी के नेताओं का कहना है कि दिल्ली में विकास के नाम पर आम आदमी पार्टी ने केवल घोषणाएं की हैं और वास्तविक सुधारों की कमी है। बीजेपी इस चुनाव में नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता और केंद्रीय योजनाओं के माध्यम से दिल्ली की जनता को आकर्षित करने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस पार्टी, जो कभी दिल्ली में एक प्रमुख राजनीतिक शक्ति थी, अब अपनी खोई हुई जमीन को वापस पाने की कोशिश कर रही है। पिछले कुछ वर्षों में कांग्रेस का वोट बैंक लगातार घटता जा रहा है। हालांकि, कांग्रेस दिल्ली के पुराने वफादारों और उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर रही है जहां उनका प्रभाव था। पार्टी के नेता यह दावा कर रहे हैं कि वे एक नई शुरुआत के साथ मैदान में हैं और आने वाले चुनावों में अपनी खोई हुई साख को पुनः हासिल करेंगे। जानिए दिल्ली के चुनावी का इतिहास दिल्ली विधानसभा चुनावों के इतिहास पर नजर डालें तो पिछले कुछ चुनावों में AAP ने अपनी मजबूत स्थिति कायम रखी है। 2020 के चुनाव में, AAP ने बीजेपी और कांग्रेस दोनों को मात देते हुए 70 सीटों में से 62 पर विजय प्राप्त की थी। AAP के उम्मीदवारों ने कई सीटों पर कम अंतर से जीत हासिल की थी, जो दर्शाता है कि दिल्ली के मतदाता इस बार भी सटीक चुनावी रणनीतियों को प्राथमिकता देंगे।दिल्ली विधानसभा में कुल 70 सीटें हैं, और इनमें से अधिकतर सीटें ऐसी हैं, जहां जीत का अंतर काफी कम होता है। इसलिए इस चुनाव में उम्मीदवारों के व्यक्तिगत प्रभाव और क्षेत्रीय समीकरणों का भी अहम योगदान हो सकता है। दिल्ली की सियासत में एक नई जनधारा का आना और विभिन्न क्षेत्रों में बदलते हुए मतदाता स्वरूप के कारण चुनावी परिणामों का पूर्वानुमान करना कठिन हो गया है। चुनाव में किसी भी मतदाता को समस्या न हो 6 जनवरी तक केंद्रीय चुनाव आयोग नई वोटर लिस्ट जारी करेगा, जिसमें नए वोटरों के नाम जोड़े जाएंगे और पुराने नामों में बदलाव किया जाएगा। दिल्ली में हर चुनाव से पहले इस लिस्ट का अपडेट किया जाता है ताकि चुनाव में किसी भी मतदाता को समस्या न हो। इस बार दिल्ली में बड़ी संख्या में युवा मतदाता हैं, जो पहली बार वोट डालने जा रहे हैं। इसके अलावा, कई प्रवासी नागरिक जो हाल ही में दिल्ली में आए हैं, उनके नाम भी वोटर लिस्ट में जोड़े जा सकते हैं। नई वोटर लिस्ट का प्रभाव यह भी हो सकता है कि दिल्ली के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में प्रत्याशियों की जीत-हार के अंतर में बदलाव आए। साथ ही, यह लिस्ट चुनावी प्रचार में एक नया मोड़ ला सकती है क्योंकि पार्टियों को अब नए वोटर्स तक पहुंचने के लिए अपनी रणनीतियों को फिर से डिजाइन करना होगा।  

प्रयागराज रेल मंडल महाकुंभ में पहली बार रेल कर्मियों की जैकेट से ‘डिजिटल रेल टिकट’ बनाने की सुविधा प्रदान करेगा

प्रयागराज महाकुंभ-2025 को ‘दिव्य-भव्य’ के साथ ‘डिजिटल’ बनाने का संकल्प डबल इंजन की सरकार ने लिया है। इस दिशा में भारतीय रेलवे एक अनूठी पहल करने जा रहा है। प्रयागराज रेल मंडल महाकुंभ में पहली बार रेल कर्मियों की जैकेट से ‘डिजिटल रेल टिकट’ बनाने की सुविधा प्रदान करेगा। इस पहल के कारण महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को टिकट की लंबी लाइनों में नहीं लगना पड़ेगा। साथ ही रेलवे प्रशासन को भी टिकट बनाने की प्रक्रिया में कुछ राहत मिलेगी। इसके अलावा भारतीय रेलवे ने पहले ही टोल फ्री नंबर, वेबसाइट और महाकुंभ मेला ऐप जारी कर ‘डिजिटल महाकुंभ’ को सफल बनाने में सार्थक प्रयास किए हैं। ‘महाकुंभ-2025’ को ध्यान में रखते हुए उत्तर मध्य रेलवे ने प्रयागराज आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की हैं। उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल ने डिजिटल तकनीक के उपयोग से टिकटिंग प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने के लिए एक अभिनव पहल शुरू की है। इस बारे में बताते हुए प्रयागराज रेल मंडल के सीनियर पीआरओ अमित मालवीय ने कहा, ”महाकुंभ के दौरान, रेलवे के वाणिज्य विभाग के कर्मचारी प्रयागराज जंक्शन पर हरे रंग की जैकेट पहनकर विशेष ड्यूटी पर तैनात रहेंगे। इन जैकेट्स के पीछे क्यूआर कोड अंकित होगा, जिसे श्रद्धालु अपने मोबाइल से स्कैन कर सीधे यूटीएस मोबाइल ऐप डाउनलोड कर सकते हैं। यह ऐप यात्रियों को बिना लाइन में खड़े अनारक्षित टिकट बुक करने की सुविधा प्रदान करेगा।” प्रयागराज रेल मंडल की इस पहल से श्रद्धालु रेलवे स्टेशन पर लंबी लाइनों से बचते हुए आसानी से टिकट प्राप्त कर सकेंगे। डिजिटल भुगतान के माध्यम से टिकट बुकिंग की यह प्रक्रिया न केवल समय की बचत करेगी, बल्कि महाकुंभ में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को टिकट लाइन की समस्या से भी दूर रखेगी। सीनियर पीआरओ ने बताया, ”रेलवे कर्मी क्यूआर कोड वाली जैकेट पहनकर रेलवे परिसर में विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों पर तैनात रहेंगे, जिससे श्रद्धालु आसानी से टिकट बुक कर सकें। साथ ही क्यूआर कोड के माध्यम से यात्री टिकट बुकिंग के साथ-साथ अन्य सुविधाओं का भी लाभ उठा सकेंगे।” उत्तर मध्य रेलवे की पहल डबल इंजन सरकार की ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘डिजिटल महाकुंभ’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को भी अनोखा और सुखद अनुभव प्रदान करेगा।  

संजीव खन्ना, बीआर गवई के बाद सूर्यकांत 2025 में SC को मिलेंगे तीन चीफ जस्टिस और रिटायर होंगे सात जज

 नई दिल्ली नए साल 2025 में सुप्रीम कोर्ट तीन मुख्य न्यायाधीशों के नेतृत्व में काम करेगा. इस साल दो चीफ जस्टिस समेत सात जज रिटायर होंगे. मौजूदा मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव खन्ना 13 मई 2025 को सेवानिवृत्त होंगे. जस्टिस खन्ना दिल्ली हाईकोर्ट से 18 जनवरी 2019 को सुप्रीम कोर्ट में आए थे. चीफ जस्टिस के रूप में उनका कार्यकाल 11 नवंबर 2024 से 13 मई 2025 तक होगा. सीजेआई खन्ना के बाद जस्टिस बी.आर गवई चीफ जस्टिस बनेंगे. वह अगले छह महीने यानी 23 नवंबर तक इस पद पर रहेंगे. इसी साल तीसरे चीफ जस्टिस सूर्यकांत बनेंगे. उनका कार्यकाल करीब सवा साल फरवरी 2027 तक होगा. इस साल 2025 में सेवानिवृत्त होने वाले अन्य पांच जजों में जस्टिस सी.टी. रवि कुमार सबसे पहले हैं. वो तीन साल से अधिक का कार्यकाल पूरा कर 5 जनवरी 2025 को रिटायर होंगे. जस्टिस रवि कुमार 31 अगस्त, 2021 को केरल हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट में आए थे. इसके बाद जस्टिस हृषिकेश रॉय चार साल से अधिक का सेवाकाल पूरा कर 31 जनवरी को रिटायर होंगे. जस्टिस हृषिकेश रॉय गुवाहटी हाईकोर्ट और फिर केरल हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रहे. जस्टिस रॉय 23 सितंबर, 2019 को सुप्रीम कोर्ट आए थे. न्यायमूर्ति अभय श्रीनिवास ओक 24 मई, 2025 को अपना तीन साल से अधिक का सेवाकाल पूरा कर रिटायर होंगे. वह बॉम्बे हाईकोर्ट के न्यायाधीश बने फिर 2019 में कर्नाटक हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बनाए. जस्टिस ओक 31 अगस्त 2021 को सुप्रीम कोर्ट आए थे. जस्टिस ओक के रिटायरमेंट के अगले महीने जस्टिस बेला माधुर्य त्रिवेदी 9 जून, 2025 को रिटायर होंगी. वह 31 अगस्त 2021 को गुजरात हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट आईं थीं. इसके बाद जस्टिस सुधांशु धूलिया 9 अगस्त 2025 को सेवानिवृत्त होंगे. ये उत्तराखंड हाईकोर्ट से जनवरी 2021 में गुवाहटी हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस नियुक्त किए गए थे. जस्टिस धूलिया वहां से 9 मई, 2022 को सुप्रीम कोर्ट आए थे. इसके बाद चीफ जस्टिस पद से जस्टिस बी.आर. गवई 23 नवंबर, 2025 को रिटायर होंगे. जस्टिस गवई बॉम्बे हाईकोर्ट से 24 मई, 2019 को सुप्रीम कोर्ट आए. वो मई में चीफ जस्टिस बनेंगे और छह महीने से ज्यादा वक्त तक देश की सर्वोच्च न्यायपालिका का नेतृत्व करेंगे. सुप्रीम कोर्ट के कितने न्यायाधीश 2025 में होंगे रिटायर? जस्टिस सीटी रविकुमार साल 2025 में सबसे पहले जस्टिस सीटी रविकुमार रिटायर होंगे. उन्होंने 31 अगस्त 2021 में सुप्रीम कोर्ट में बतौर न्यायाधीश के तौर पर सेवा देना शुरू किया था. जस्टिस सीटी रविकुमार इसी हफ्ते 5 जनवरी को रिटायर हो रहे हैं. उन्होंने केरल राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष, केरल न्यायिक अकादमी के अध्यक्ष और केरल राज्य मध्यस्थता और सुलह केंद्र के अध्यक्ष सहित कई प्रमुख पदों पर काम किया है. बतौर न्यायाधीश उनके कुछ अहम फैसलों में पॉक्सो अधिनियम के अनुपालन से जुड़े मामलों पर महत्वपूर्ण फैसले, चुनावी वादों का सरकार के वित्त पर असर और गुरमेल सिंह मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 149 की व्याख्या शामिल है. हाल के फैसलों (2024) में, उन्होंने जुवेनाइल जस्टिस समय-सीमा और बाल हिरासत मामलों पर अहम फैसले लिए हैं. जस्टिस ऋषिकेष रॉय जस्टिस ऋषिकेष रॉय इस साल रिटायर होने पर दूसरे सुप्रीम कोर्ट जज होंगे. 31 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में उनका आखिरी दिन होगा. इससे पहले वह केरल हाईकोर्ट में बतौर चीफ जस्टिस कार्यरत थे. चीफ जस्टिस संजीव खन्ना चीफ जस्टिस संजीव खन्ना इसी साल मई में रिटायर हो जाएंगे. उन्हें साल 2019 में दिल्ली हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट में प्रमोट किया गया था. पिछले साल नवंबर में संजीव खन्ना शीर्ष न्यायालय के चीफ जस्टिस बने थे. उन्होंने एक ऐतिहासिक 7 न्यायाधीशों के बेंच के फैसले में अहम भूमिका निभाई थी. इस फैसले में बिना मुहर वाले मध्यस्थता समझौतों पर कानून को स्पष्ट किया था. बतौर न्यायाधीश चीफ जस्टिस संजीव खन्ना शिल्पा शैलेश बनाम वरुण श्रीनिवासन केस (2023) में एक अहम संवैधानिक पीठ के फैसले में शामिल थे. इस फैसले में अनुच्छेद 142 के तहत तलाक के लिए एक वैध आधार की व्याख्या की थी. इसमें तय किसी गया था कि ‘जब किसी शादी में जुड़ाव की कोई गुंजाइश न बच जाए’ तो वह तलाक का आधार माना जा सकता है. इसके अलावा अन्ना मैथ्यूज बनाम भारत का सर्वोच्च न्यायालय (2023) मामले में, उन्होंने न्यायिक नियुक्तियों में पात्रता और उपयुक्तता के बीच महत्वपूर्ण अंतर को परिभाषित किया था. यह फैसला देते हुए कि पात्रता न्यायिक समीक्षा के अधीन है, उपयुक्तता इसके दायरे से बाहर है. जस्टिस अभय श्रीनिवास ओका जस्टिस अभय श्रीनिवास ओका भी मई में रिटायर होंगे. 24 मई में सुप्रीम कोर्ट में उनका आखिरी दिन होगा. जस्टिस अभय बॉम्बे हाईकोर्ट में न्यायाधीश थे, इसके बाद वह कर्नाटक हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस बने. साल 2021 में जस्टिस अभय सुप्रीम कोर्ट में जज बने थे. जस्टिस बेला एम त्रिवेदी जस्टिस बेला एम त्रिवेदी भी इसी साल रिटायर होंगी. 9 जून 2025 को सुप्रीम कोर्ट में उनका आखिरी कार्यदिवस होगा. जस्टिस बेला 2021 के अगस्त में सुप्रीम कोर्ट की जज बनी थीं, इससे पहले वह गुजरात हाईकोर्ट में जज रही चुकीं हैं. जस्टिस सुधांशु धुलिया जस्टिस सुधांशु धुलिया 9 अगस्त 2025 को रिटायर होंगे. 9 मई 2022 को उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में बतौर न्यायाधीश पद की शपथ ली थी. इससे पहले वह उत्तराखंड हाईकोर्ट में जज रह चुके हैं. साल 2021 से मई 2022 तक वह गुवाहाटी हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस भी रह चुके हैं. जस्टिस बीआर गवई जस्टिस बीआर गवई इसी साल 23 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट से रिटायर हो जाएंगे. रिटायरमेंट से पहले मई 2025 में चीफ जस्टिस संजीव खन्ना की जगह ले लेंगे. बीआर गवई उस पीठ का हिस्सा थे जिसने अधिवक्ता प्रशांत भूषण (2020) के खिलाफ अवमानना मामले की सुनवाई की थी और न्यायिक गरिमा बनाए रखने के महत्व पर जोर देते हुए 1 रुपये का प्रतीकात्मक जुर्माना लगाया था. इसके अलावा बीआर गवई ने पट्टाली मक्कल काची मामले (2022) में आरक्षण नीति पर महत्वपूर्ण फैसला दिया था. उन्होंने पुराने डेटा पर निर्भरता के कारण वन्नियार समुदाय के लिए तमिलनाडु सरकार के 10.5% आरक्षण के खिलाफ फैसला सुनाया था. जस्टिस बीआर गवई को न्याय से जुड़े फिलॉस्फी के जानकार के तौर पर माना जाता है. उन्होंने एक बार कहा था, कानून की प्रैक्टिस सीखने की एक शाश्वत प्रक्रिया है … Read more

आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास वर्ष-2025 में 20 अद्वैत जागरण युवा शिविर आयोजित करेगा

भोपाल आचार्य शंकराचार्य के अद्वैत दर्शन और शिक्षाओं से युवाओं को परिष्कृत और सुसंस्कृत बनाने के लिए आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास वर्ष-2025 में 20 अद्वैत जागरण युवा शिविर आयोजित करेगा। 10 आचार्यों की दिव्य सान्निध्य में देश-विदेश के 18 वर्ष से 40 वर्ष आयु वर्ग के प्रतिभाशाली युवा अद्वैत वेदान्त अध्ययन कर सकेंगे। शिविर में शामिल होने के लिए इच्छुक युवा www.oneness.org.in पर जाकर पंजीयन करा सकते हैं। वर्ष-2025 का प्रथम शिविर 17 से 26 जनवरी तक आयोजित होगा। इसमें चिन्मय गार्डन, कोयम्बटूर, तमिलनाडु की स्वामिनी विमलानंद सरस्वती मनीषा पंचकम के माध्यम से युवाओं को अद्वैत से जोड़ेंगी। इसके बाद 1 से 10 फरवरी एवं 1 अगस्त से 10 अगस्त तक आर्ष विद्या गुरुकुलम्, कोयम्बटूर, तमिलनाडु में स्वामी परमात्मानंद सरस्वती तत्वबोध पर, 8 से 17 फरवरी तक ओंकारेश्वर आश्रम, मध्यप्रदेश में स्वामी प्रबुद्धानंद सरस्वती तत्वबोध पर, 15 से 24 फरवरी एवं 22 जून से 1 जुलाई तक अद्वैत आश्रम, मायावती, उत्तराखंड में स्वामी शुद्धिदानंद विवेक चूड़ामणि पर, 01 से 10 अप्रैल तक चिन्मय तपोवन, सिद्धबाड़ी, हिमाचल प्रदेश में स्वामी मित्रानंद सरस्वती, साधना पंचकम् पर, 4 से 13 अप्रैल एवं 21 से 30 मई तक तपोवन कुटी, उत्तरकाशी, उत्तराखंड में स्वामी हरिब्रह्न्द्रानंद तीर्थ तत्वबोध पर, 14 से 23 जुलाई तक चिन्मय इंटरनेशनल फाउंडेशन, केरल में स्वामी स्वात्मानंद सरस्वती साधना पंचकम पर युवाओं को अद्वैत वेदान्त का अध्ययन कराएंगे। युवाओं को 12 से 21 अगस्त एवं 23 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चिन्मय गार्डन, कोयम्बटूर, तमिलनाडु की स्वामिनी विमलानंद सरस्वती मनीषा पंचकम पर 27 अगस्त से 5 सितंबर एवं 24 सितंबर से 3 अक्टूबर तक चिन्मय विभूति, पुणे, (महाराष्ट्र) में स्वामी अद्वैतानंद सरस्वती तत्वबोध पर, 4 से 13 अक्टूबर तक ओंकारेश्वर आश्रम, मध्यप्रदेश में स्वामिनी प्रव्राजिका दिव्यानंद प्राण तत्वबोध पर, 1 से 10 नवंबर तक आर्ष विद्या मंदिर, राजकोट, गुजरात के स्वामी परमात्मानंद सरस्वती तत्वबोध पर, 21 से 30 नवंबर तक चिन्मय तरंगिणी, चेन्नई, तमिलनाडु में स्वामी मित्रानंद सरस्वती भज गोविंदम् पर तथा इस वर्ष के अंतिम शिविर में 5 से 14 दिसंबर तक ओंकारेश्वर आश्रम में स्वामी प्रबुद्धानंद सरस्वती तत्वबोध पर युवाओं को व्याख्यान देंगे।  

राजस्थान पुलिस में पहली बार किसी इंस्पेक्टर ने ब्यूटी कॉन्टेस्ट में हिस्सा लिया और वो भी विजेता बनी, थानेदार ने रच दिया इतिहास

राजस्थान  राजस्थान पुलिस ने एक नई मिसाल पेश की है दरअसल वैशाली नगर थाने में पोस्टेड महिला सब इंस्पेक्टर हेमलता शर्मा ब्यूटी कांटेस्ट जीत गईं। ‘मिसेज इंडिया ग्लैम’ का टाइटल जीतकर हेमलता ना सिर्फ पुलिस महकमे बल्कि समाज में भी एक प्रेरणास्त्रोत बन चुकी है । यह पहली बार था जब हेमलता ने किसी ब्यूटी कॉन्टेस्ट में हिस्सा लिया और वो भी विजेता बनकर उभरीं। पहली बार किया पार्टिसिपेट, जीता टाइटल हेमलता शर्मा, जो जयपुर के वैशाली नगर थाने में सब इंस्पेक्टर के रूप में तैनात हैं, इस इवेंट के पहले किसी भी ब्यूटी कॉन्टेस्ट में शामिल नहीं हुई थीं। हालांकि आयोजकों से संपर्क होने के बाद उन्होंने अपनी नकारात्मक सोच को बदलते हुए इस प्रतियोगिता में भाग लेने का निर्णय लिया। इवेंट के आयोजकों ने हेमलता को आश्वासन दिया कि इस प्रतियोगिता में दो श्रेणियाँ हैं, जिनमें से एक मिसेज कैटेगरी में वे भाग ले सकती हैं। घरवालों का मिला साथ, प्रैक्टिस से मिली जीत हेमलता ने जब अपने घरवालों को इस इवेंट के बारे में बताया, तो उन्होंने भी उनका हौसला बढ़ाया। इसके बाद हेमलता ने रैंप वॉक की प्रैक्टिस की और एक्सपर्ट से मार्गदर्शन लिया। हालांकि शुरुआत में वह थोड़ी नर्वस भी थीं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत करती रहीं। जयपुर में आयोजित इस प्रतियोगिता में 15 प्रतियोगी थे, लेकिन हेमलता का रैंप वॉक सभी से अलग था और सबसे ज्यादा सराहा गया। परिणामस्वरूप, उन्हें ‘मिसेज इंडिया ग्लैम’ का खिताब जीतने का गौरव प्राप्त हुआ। उनकी जीत ने यह साबित कर दिया कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में मुकाम हासिल कर सकती हैं, चाहे वो पुलिस विभाग हो या फिर ब्यूटी कॉन्टेस्ट। पुलिस विभाग की ओर से बधाई हेमलता शर्मा की इस उपलब्धि पर पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उन्हें बधाई दे रहे हैं और उनकी मेहनत व समर्पण को सराह रहे हैं। हेमलता की जीत ना केवल उनके लिए बल्कि पूरे राजस्थान पुलिस के लिए गर्व की बात है।

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