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दिल्ली-NCR में लागू रहेंगी GRAP-4 की पाबंदियां: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली वायु प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि दिल्ली-एनसीआर में 2 दिसंबर तक ग्रैप-4 की पाबंदियां लागू रहेंगी। सर्वोच्च अदालत ने कहा है कि बस स्कूलों को प्रतिबंध से छूट रहेगी। इसका मतलब है कि दिल्ली-एनसीआर में स्कूल हाइब्रिड मोड में चलते रहेंगे जैसा कि जैसा कि कमिशन फॉर एयर क्वॉलिटी मैनेजमेंट (सीएक्यूएम) ने सिफारिश की थी। जस्टिस अभय ओका और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने कहा कि स्कूलों से संबंधित उपायों को छोड़कर ग्रैप-4 के तहत सभी पाबंदियां दो दिसंबर तक लागू रहेंगी। इस बीच सीएक्यूएम को बैठकें करके सलाह देने को कहा है कि ग्रैप-4 से ग्रैप-3 या 2 की तरफ किस तरह बढ़ा जाए। सर्वोच्च अदालत ने कहा कि ‘कोर्ट कमिश्नर’ की रिपोर्ट से पता चलता है कि अधिकारी ग्रैप-4 के तहत पाबंदियों को सही तरीके से लागू करने में ‘पूरी तरह विफल’ रहे हैं। कोर्ट ने कहा कि ‘ग्रैप-4’ की पाबंदियों को सुनिश्चित करने में ‘गंभीर चूक’ करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई में तेजी लानी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने प्रदूषण में चिंताजनक वृद्धि रोकने के लिए कड़े कदम उठाने में विलंब पर नाराजगी जाहिर करते हुए दिल्ली-एनसीआर राज्यों को ग्रैप-4 के तहत प्रतिबंध लागू करने के लिए तुरंत टीम गठित करने का 18 नवंबर को निर्देश दिया था और कहा था कि अगला आदेश दिए जाने तक ये प्रतिबंध लागू रहेंगे। ग्रैप-4 की पाबंदियों की तहत दिल्ली-एनसीआर में में डीजल वाहनों के प्रवेश पर रोक है तो निर्माण और ध्वस्तीकरण पर भी पूरी तरह से रोक लगाई जा चुकी है। दिल्ली में गुरुवार को सुबह प्रदूषण का स्तर थोड़ा बढ़ गया और वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंच गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, सुबह 9 बजे दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 313 दर्ज किया गया, जबकि बुधवार को सुबह नौ बजे यह 301 था। राष्ट्रीय राजधानी में धुंध की मोटी परत छाई रही। शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच एक्यूआई को ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है।

मुख्यमंत्री के प्रोटोकॉल में तीन बार बदलाव किया गया, जब बैठक में समय से पहले पहुंच गए सीएम योगी, मची खलबली

चित्रकूट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कलेक्ट्रेट में होने वाली समीक्षा बैठक में कई अधिकारी समय से नहीं पहुंचे हैं। कारण रहा कि उनके प्रोटोकॉल में कई बार परिवर्तन हुआ और मुख्यमंत्री निर्धारित समय से पहले ही कलेक्ट्रेट सभागार पहुंच गए थे, जिससे अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। मुख्यमंत्री के प्रोटोकॉल में तीन बार बदलाव किया गया। हर बार समय घटता गया। जिससे कई अधिकारियों भी जानकारी नहीं हो पाई और कलेक्ट्रेट में होने वाली समीक्षा में बैठक में मुख्यमंत्री के पहुंचने के बाद पहुंचे, जिससे उनमें डर लगा रहा कि कहीं कार्रवाई न हो जाए। बिना सूची में शामिल नाम के नहीं जाने दिया गया अंदर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सुरक्षा को देखते हुए कलेक्ट्रेट के दोनों गेटों में पुलिस के जवान मुस्तैद रहे। वह सूची में शामिल नाम वाले अधिकारी को ही अंदर जाने दे रहे थे। बिना सूची में नाम वाले किसी को अंदर नहीं जाने दिया गया, जिससे कई अधिकारियों को वापस लौटना पड़ा।

तबादला आदेश का पालन नहीं करने वाले कर्मचारियों को लेकर सख्त निर्देश, छत्तीसगढ़ सरकार का सख्त रुख

रायपुर छत्‍तीसगढ़ शासन ने तबादला आदेश का पालन नहीं करने वाले कर्मचारियों को लेकर सख्त निर्देश दिए है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में सात बिंदुओं में दिशा निर्देश जारी किए। साथ ही आदेश का पालन नहीं करने वाले सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए है। कर्मचारी संघों का कहना है कि शासन का आदेश काफी अच्छा है और इसका पालन करना चाहिए। छत्‍तीसगढ़ शासन की ओर से जारी ये है सात बिंदु 1. स्थानांतरित किए गए शासकीय सेवक को स्थानांतरण आदेश जारी होने पर 10 दिनों के भीतर कार्यमुक्त किया जाए। अगर कर्मचारी निर्धारित समयावधि में कार्यमुक्त नहीं होता है तो उसे सक्षम अधिकारी एकक्षीय भारमुक्त करने का आदेश दे सकता है। आदेश का पालन नहीं करने पर कर्मचारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। 2.सात दिनों के भीतर तबादला आदेश का पालन नहीं करने पर कर्मचारी के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की जाए और अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित व्यक्ति के विरुद्ध ब्रेक इन सर्विस कार्रवाई की जाए। 3.अगर तबादला आदेश के बाद सात दिनों से ज्यादा की अवधि के लिए कर्मचारी अवकाश लेता हैतो उसे मेडिकल बोर्ड के समक्ष उपस्थित होने के लिए कहा जाए। मेडिकल बोर्ड अनुशंसा नहीं करता है और शासकीय सेवक अन्य अवकाश के लिए आवेदन कर अनुपस्थित रहता है तो इस अवधि को अनुपस्थिति मानकर इसे डाइज नान किया जाए। 4.तबादला किए गए शासकीय सेवक का अवकाश नई पदास्थापना वाले कार्यालय से ही स्वीकृत किया जाए। 5.अगर अनुसूचित क्षेत्रों के सासकीय सेवक का गैर अनुसूचित क्षेत्र में तबादला का प्रस्ताव है तो उसके एवजीदार का प्रस्ताव भी(जो गैर अनुसूचित क्षेत्र से हो) अनिवार्य रखा जाए। 6.अनुसूचित क्षेत्र से गैर अनुसूचित क्षेत्र में तबादला होने पर किसी भी अधिकारी,कर्मचारी को उसके कार्यालय प्रमुख या नियंत्रण अधिकारी तब तक कार्यमुक्त न करें, जब तक कि उसका एवजीदार उपस्थित न हो जाए। 7. अगर एक स्थान से दूसरे स्थान में तबादला निवास स्थान में परिवर्तन के बिना हुआ है तो शासकीय सेवक के कार्यमुक्त होने के बाद एक दिन से अधिक पद ग्रहण काल की पात्रता नहीं होगी। राजस्व विभाग ने लिखे कलेक्टरों को पत्र राजस्व विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों को एक पत्र भी लिखा है। इस पत्र में कहा गया है कि नायब तहसीलदार और तहसीलदारों को तत्काल भारमुक्त किया जाए। साथ ही 10 दिनों के भीत ज्वाइनिंग करने के निर्देश दिए। पत्र में कहा गया है कि 13 सितंबर को तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों का तबादला किया गया। साथ ही इसके पहले भी तबादला किया गया है। शासन के संज्ञान में आया है कि कुछ अधिकारियों ने अपनी नई पदास्थापना में ज्वाइन नहीं किया है। साथ ही कुछ तहसीलदार व नायब तहसीलदारों ने उक्त तबादला के खिलाफ न्यायालय में याचिका भी दायर की थी।

स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी और जन-सुलभ बनाने समय-सीमा में पूर्ण करें कार्य: उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधोसंरचना विकास एवं प्रशासनिक सुधार के सभी कार्यों को तय समय-सीमा में पूरा किया जाए, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और जनसुलभ बनाया जा सके। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने मंत्रालय भोपाल में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की वृहद समीक्षा की। बैठक में प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री संदीप यादव, आयुक्त श्री तरुण राठी और उप सचिव श्रीमती शुचिस्मिता सक्सेना मौजूद रहे। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने 454 स्वास्थ्य संस्थाओं में स्वीकृत पदों को मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन बोर्ड से भर्ती किये जाने की प्रक्रिया की समीक्षा की और औपचारिकताओं को समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने रीवा मेडिकल कॉलेज में कैथलैब के कार्य की प्रगति की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कार्य को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए, जिससे क्षेत्रीय मरीजों को उन्नत उपचार की सुविधा उपलब्ध हो सके। इसके साथ ही रीवा और सतना मेडिकल कॉलेज, एमवाई हॉस्पिटल इंदौर में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिये। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कैबिनेट के लिए प्रस्तावित महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। मेडिकल कॉलेजों में पे-प्रोटेक्शन और नवीन जिलों के जिला अस्पतालों में पदों की स्वीकृति के प्रस्ताव पर चर्चा की गयी। उन्होंने प्रदेश में अंगदान को बढ़ावा देने के लिए नियमों और निर्देशों में अपेक्षित सुधार किए जाने की कार्रवाई के निर्देश दिये। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने मेडिकल कॉलेजों में आउटसोर्स पदों पर नियुक्ति के लिए मानकों के अनुरूप प्रक्रिया अपनाने के निर्देश दिये। बैठक में वर्षों से निलंबित डॉक्टर्स के प्रकरण में विचार के लिए गठित विशेष समिति की बैठक आयोजित कर नियमानुसार कार्रवाई करने के लिए कहा। बॉन्ड अवधि पूरी कर चुके डॉक्टर्स को एनओसी जारी करने और उनके दस्तावेज लौटाने की प्रक्रिया को ऑनलाइन करने के विषय पर विमर्श किया और प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के निर्देश दिये।  

वक्फ विधेयक पर लोकसभा में सुनवाई के लिए और समय मांगा था, संयुक्त समिति को रिपोर्ट के लिये बजट सत्र तक मिला समय

नई दिल्ली लोकसभा में गुरुवार को वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 पर बनी संयुक्त समिति को रिपोर्ट देने की समयावधि बढ़ाने संबंधी प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया, इसके तहत समिति अब आगामी बजट सत्र तक रिपोर्ट दे सकेगी। समिति के अध्यक्ष जगदम्बिका पाल ने समिति को रिपोर्ट प्रस्तुत करने की समयावधि बजट सत्र, 2025 के अंतिम दिन तक बढ़ाने का प्रस्ताव सदन में रखा, जिसे सदस्यों ने ध्वनिमत से पारित कर दिया। इस पर पीठासीन अधिकारी कृष्ण प्रसाद तेन्नटी ने प्रस्ताव पारित होने की घोषणा कर दी। गौरतलब है कि विपक्षी सदस्यों ने इस विधेयक पर चर्चा करने के लिये और समय देने की लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिलकर मांग की थी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लोकसभा सदस्य जगदम्बिका पाल की अध्यक्षता में समिति का गठन संसद के पिछले सत्र के दौरान किया गया था। इससे पहले सरकार ने वक्फ कानून में संशोधन के लिये विधेयक पेश किया था, जिस पर कांग्रेस समेत विपक्ष के कई दलों ने गहरी आपत्ति जतायी थी। इसके बाद सदन ने समीक्षा के लिये विधेयक को संयुक्त समिति के पास भेजने का प्रस्ताव किया था।  

मंत्री नागर सिंह चौहान ने अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री ने विद्यालय का निरीक्षण कर विद्यार्थियों से संवाद भी किया

भोपाल अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान ने कहा कि ज्ञानोदय विद्यालयों से हमें गरीब बच्चों को शिक्षित करने का अवसर मिल रहा है, यह हमारा सौभाग्य है। सभी को शिक्षित बनाना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि हम यह प्रयास करें कि विद्यार्थियों को पढ़ाई का माहौल मिले। पढ़ाई में कमजोर बच्चों की मार्किंग कर, उनकी कमियों का निराकरण करें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के प्रवेश लेते ही बच्चों की नींव मजबूत करने का प्रयास करें, जिससे वे राष्ट्र के सशक्तिकरण के लिये तैयार हो सके। मंत्री श्री चौहान गुरुवार को ज्ञानोदय आवासीय विद्यालय, कटारा हिल्स भोपाल में शासकीय ज्ञानोदय आवासीय विद्यालयों के संचालन की समीक्षा कर रहे थे। मंत्री श्री चौहान ने विद्यालय का निरीक्षण भी किया। मंत्री श्री चौहान ने निरीक्षण में छात्र-छात्राओं से शैक्षणिक, पाठ्येतर गतिविधियों, मिलने वाली सुविधाओं के बारे में चर्चा भी की। उन्होंने विद्यालय में स्थापित साइंस लैब, सोशल साइंस लैब, म्यूजिक रूम और क्लास रूम का निरीक्षण किया। विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए उपकरणों और प्रदर्शनी की सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ दोपहर भोजन भी किया। मंत्री श्री चौहान ने ज्ञानोदय विद्यालयों के परीक्षा परिणाम की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों में प्रदेश भर से मेरिट के आधार पर चयनित विद्यार्थी प्रवेश लेते हैं। सभी शिक्षकों की यह जिम्मेदारी है कि बच्चों के शैक्षणिक स्तर में वृद्धि करें। सभी विद्यालयों में परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत होना चाहिए। बोर्ड परीक्षाओं में सभी विद्यार्थी प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण हो। परीक्षा परिणाम में सुधार नहीं होने पर जिम्मेदार शिक्षकों एवं अधिकारियों पर सख्त कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा शासन ने सर्व-सुविधायुक्त ज्ञानोदय आवासीय विद्यालयों की स्थापना की है, इन संस्थानों पर पालकों और विद्यार्थियों का भरोसा बना रहे, इसके लिये हमें टीम भावना से कार्य करना होगा। मंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश के सभी ज्ञानोदय आवासीय विद्यालयों में रिक्त पदों की शीघ्र पदपूर्ति कर लें। सभी विद्यालयों में खेलकूद परिसर बनाएं जाएं, जिन संभाग में परिसर बनाने का कार्य भूमि अनुपलब्धता के कारण अप्रारंभ हैं, उन जिलों के कलेक्टर को भूमि आवंटन करने के लिए पत्र लिखें। उन्होंने ज्ञानोदय आवासीय विद्यालय, रीवा के लिए शीघ्र भूमि आवंटन कार्यवाही कराने के निर्देश दिए। उन्होंने इन विद्यालयों के छात्रावासों के संचालन, रख-रखाव एवं सामग्री प्रदाय, विद्यार्थियों को दी जाने वाली सुविधाओं तथा उपलब्ध बजट उपयोग की भी समीक्षा की। प्रमुख सचिव, अनुसूचित जाति कल्याण डॉ. ई. रमेश कुमार ने कहा कि परीक्षा परिणाम बेहतर करने के लिए सभी प्राचार्यों को विद्यार्थियों की ग्रेडिंग करें। ग्रेडिंग के बाद कमजोर बच्चों की हैंड होल्डिंग कर उनकी शिक्षा के स्तर को सुधारा जाए। उन्होंने प्राचार्य विद्यार्थियों की विषयवार मैपिंग करने और बोर्ड परीक्षाओं के लिए मॉडल प्रश्न उत्तर तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालय के छात्र-छात्राओं से भी चर्चा की। हाईस्कूल स्तर से विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के बारे में मार्गदर्शन देने और करियर काउंसलिंग करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर अपर आयुक्त श्री संजय वार्ष्णेय, प्राचार्य ज्ञानोदय विद्यालय भोपाल श्री नीरज अब्राहम भी उपस्थित रहे। अनुसूचित जाति वर्ग के प्रतिभावान विद्यार्थियो के अध्ययन के लिए हर संभागीय मुख्यालय में ज्ञानोदय आवासीय विद्यालयों की स्थापना की गई है। इन विद्यालयों का मुख्य उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिये गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल उन्नयन, व्यक्तित्व/नेतृत्व विकास करना है। प्रदेश के सभी 10 संभागीय मुख्यालय में ज्ञानोदय विद्यालय संचालित हैं।

राज्यपाल ने इन्दौर में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री के साथ ईएजी प्लेनरी देशों की बैठक का किया शुभारम्भ

भोपाल ईएजी (यूरेशियन ग्रुप) देशों की बैठक मनी लॉन्ड्रिंग एवं आतंकवाद की फंडिंग रोकने में मील का पत्थर सिद्ध होगी। सभी बड़े देशों को एकजुट होकर मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग को रोकने के लिए एकजुट होकर बड़े कदम उठाने की आवश्यकता है। विश्व में आतंकवाद पर नियंत्रण के लिए सभी ईएजी ग्रुप सदस्यों देशों का एकजुट होना बड़ा कदम है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं। इन्दौर में गुरूवार को 41वीं ईएजी प्लेनरी देशों की बैठक के उद्घाटन सत्र में माननीय राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कही। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि भारत में डिमॉनिटाइजेशन, डिजिटलाइजेशन से पारदर्शी वित्तीय व्यवस्था के लिए विशेष प्रयास हुए। उन्होंने कहा आधुनिक तकनीक के उपयोग से अवैध वित्तीय गतिविधियों को रोकने के लिए और अधिक विशेष प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। इसके लिए ईएजी ग्रुप देश को मजबूत कूटनीतिक और सशक्त प्रयास करने की आवश्यकता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति के लिए ईएजी ग्रुप देशों के प्रयास प्रभावी परिणामकारक सिद्ध होंगे। कार्यक्रम को केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री श्री पंकज चौधरी ने संबोधित करते हुए कहा वित्त शोधन और आतंकवाद को वित्त पोषण की रोकथाम के लिए यूरेशियन देशो का ग्रुप महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा भारत सरकार टेरर फंडिंग के खिलाफ पूरी मजबूती के साथ कार्य कर रही है। भारत में काला धन अधिनियम, आर्थिक अपराध को रोकने के लिए विशेष प्रयास  किए गए है और यह लगातार जारी हैं। भारत में साफ और पारदर्शी वित्तीय प्रणाली के लिए जीएसटी, डिजिटल इंडिया के तहत विशेष प्रयास किए गए हैं। यूपीआई डिजिटल लेनदेन को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा हैं। भारत में परिवर्तन निदेशालय लगातार सशक्त हो रहा है। भारत की सभी एजेंसियां द्वारा मिलकर आतंकवाद और उग्रवाद को धन पोषित करने वालों, मनी लांड्रिंग पर प्रभावी और कड़ी कार्रवाई हो रही हैं। भारत के इन प्रयासों को और सशक्त बनने में ईएजी ग्रुप की बैठक महत्वपूर्ण सिद्ध होगी। जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने सम्बोधित करते हुए कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की नगरी में ईएजी ग्रुप की बैठक गर्व का विषय हैं। उन्होंने कहा मनी लॉन्ड्रिंग सीधे तौर पर किसी देश की अर्थव्यवस्था के लिए खतरा है, लेकिन जब यह आतंकवाद को पोषित करती है, तब विश्व शांति और सद्भाव के समक्ष गंभीर चुनौतियों को जन्म देती है। आतंकवाद को मिलने वाली वित्तीय मदद समस्त विश्व के लिए चिंता का सबब बनी हुई है इससे निपटने के लिए विश्व के बड़े देशों को एकजुट होना होगा। यह आयोजन वैश्विक अखंडता और मानवता के हित की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा नक्सलवाद और ड्रग्स का व्यापार भी मनी लॉन्ड्रिंग से बढ़ रहा हैं। इससे निपटना हमारे लिए बड़ी चुनौती हैं। भारत के प्रयास सार्थक, प्रभावी और प्रशंसनीय ईएजी ग्रुप अध्यक्ष श्री यूरी चिकानचिन ने कहा ईएजी ग्रुपों में भारत के प्रयास सार्थक, प्रभावी और प्रशंसनीय हैं। ग्रुप देशों ने विभिन्न सत्रों में बैठक के दौरान टेरर फंडिंग रोकथाम प्रयासों, मनी लॉन्ड्रिंग रोकने के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णयों पर चर्चा की गई हैं। उन्होंने कहा भविष्य की चुनौतियों और उनकी रोकथाम के लिए भी बैठक में चर्चा की गई है। यूरेशियन सहित अफ्रीकी देशों सहित विश्व के अन्य क्षेत्रों में आतंकवाद को फंडिंग एक गंभीर चुनौति है। ईएजी ग्रुप की बैठक में तकनीकी और प्रौद्योगिकी के बेहतर उपयोग के संबंध में चर्चा हुई हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत के प्रयास प्रशंसनीय हैं। भारत को ईएजी ग्रुप देशों की बैठक की मेजबानी मिलना गर्व की बात भारत सरकार के वित्त सचिव श्री संजय मल्होत्रा ने आतंकवाद को वित्त पोषण, मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम, पारदर्शी अर्थव्यवस्था के लिए उठाए गए कदमों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा यूरेशियन क्षेत्र में टेरर फंडिंग, मनी लांड्रिंग सहित नई चुनौतियों पर नियंत्रण के लिए ईएजी ग्रुप की महत्वपूर्ण भूमिका हैं। उन्होंने कहा यह हमारे लिए गर्व की बात है कि ईएजी ग्रुप के जो भी देश शामिल है उनमें से कोई भी ग्रे सूची में नहीं है। उन्होंने कहा ग्रुप देशों के बीच बेहतर समन्वय के लिए विशेष प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। भारत को ईएजी ग्रुप देश की बैठक की मेजबानी का अवसर मिला। यह भारत के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा आवश्यकता है कि वर्तमान समय में टेक्नोलॉजी और एआई का उपयोग सुरक्षा के बेहतर उपायों के लिए किया जाए। उन्होंने कहा मनी लांड्रिंग के साथ-साथ फाइनेंशियल फ्रॉड प्रभावित लोगों को असेट्स रिकवरी के लिए भी बेहतर कार्य करने की आवश्यकता है। भारत द्वारा इस क्षेत्र में भी प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में महापौर इन्दौर श्री पुष्यमित्र भार्गव ने ईएजी अध्यक्ष श्री यूरी चिकानचिन को इंदौर में मौजूद यूरेशियन गार्डन का प्रमाण पत्र भेंट किया। उद्घाटन सत्र का शुभारंभ राज्यपाल श्री पटेल, केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री श्री चौधरी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। बैठक में केंद्रीय वित्त अतिरिक्त सचिव श्री विवेक अग्रवाल ने कार्यक्रम के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में ईएजी प्लेनरी देशों के डेलिगेट्स एवं प्रतिनिधि गण उपस्थित थे।  

रोहित शर्मा ने कहा- भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मौजूदा दौरे में श्रृंखला जीतने की गति को बनाए रखने की कसम खाई

कैनबरा रोहित शर्मा ने गुरुवार को ऑस्ट्रेलियाई संसद में अपने भाषण में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मजबूत संबंधों की सराहना की और मौजूदा दौरे में श्रृंखला जीतने की गति को बनाए रखने की कसम खाई। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने दौरे के मैच से पहले संघीय संसद भवन में एक स्वागत समारोह आयोजित किया, जिसमें भारतीय खिलाड़ियों ने ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री से मुलाकात की। रोहित ने अपने भाषण में कहा, “भारत और ऑस्ट्रेलिया। हम बहुत पुराने हैं, चाहे वह खेल हो, चाहे वह व्यापार संबंध हों। पिछले कई वर्षों से, हमने दुनिया के इस हिस्से में आकर क्रिकेट खेलने और देश की विभिन्न संस्कृतियों का आनंद लिया है। और जाहिर है, ऑस्ट्रेलिया चुनौतीपूर्ण है… खिलाड़ियों के लिए यहां आकर क्रिकेट खेलना चुनौतीपूर्ण है क्योंकि लोगों में जुनून है, हर खिलाड़ी में प्रतिस्पर्धात्मकता है। यही वजह है कि हमारे लिए यहां आकर क्रिकेट खेलना हमेशा एक बड़ी चुनौती रही है।” उन्होंने कहा, “हमें पिछले कुछ समय में कुछ सफलता मिली है और पिछले हफ़्ते हम उस गति को बनाए रखना चाहते हैं, हम ऑस्ट्रेलिया की संस्कृति का भी आनंद लेना चाहते हैं। शहरों की विविधता हमें एक अलग एहसास देती है। हमें यहां आना और अपनी यात्रा का आनंद लेना बहुत पसंद है, और उम्मीद है कि अगले कुछ हफ़्तों में हम ऑस्ट्रेलियाई जनता और साथ ही भारतीय प्रशंसकों का मनोरंजन कर पाएंगे, जो यहां आकर हमारी इच्छा को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। यह कभी आसान नहीं होता।” रोहित ने कहा, “हम कुछ क्रिकेट खेलने और साथ ही देश का आनंद लेने के लिए उत्सुक हैं। यह एक शानदार जगह है, जैसा कि हम सभी जानते हैं। आने वाले महीने में बहुत अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। हम सभी उत्साहित हैं और उम्मीद है कि हम मनोरंजन कर पाएंगे। हमें यहां बुलाने के लिए आपका धन्यवाद सर। यह एक खुशी की बात है।” भारतीय टीम गुरुवार सुबह पर्थ से कैनबरा पहुंची । वे शनिवार को मनुका ओवल में प्रधानमंत्री एकादश के खिलाफ़ दिन-रात का मैच खेलेंगे। भारत ने पर्थ में बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया पर 295 रनों की शानदार जीत दर्ज की और पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। दूसरा टेस्ट, जो एक डे-नाइट मैच है, 6 से 10 दिसंबर तक एडिलेड में खेला जाएगा।

दमोह में आंगनवाड़ी केंद्रों पर जल्द ही सैकड़ों आंगनवाड़ी सहायिकाओं के पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू होने वाली

दमोह दमोह जिले में आंगनवाड़ी केंद्रों पर जल्द ही सैकड़ों आंगनवाड़ी सहायिकाओं के पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। दरअसल, लंबे समय से कम वेतन पर कार्यरत मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को अब अपग्रेड किया गया है। इन्हें महिला बाल विकास विभाग ने मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को मुख्य आंगनवाड़ी कार्यकर्ता में तब्दील कर दिया है। सरकार के इस फैसले से दमोह की 254 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ जाएगा। उन्हें अब 6,700 रुपये से बढ़कर 13,100 रुपये मिलने लगेंगे। मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की जगह अब इन्हें आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के रूप में माना जाएगा। सहायिकाओं की भर्ती प्रक्रिया दिसंबर के पहले सप्ताह से प्रारंभ होगी। खास बात यह है कि इस बार स्थानीय स्तर पर भर्ती नहीं होगी। शासन को इसकी सूचना भेजी जाएगी और वहां से पोर्टल के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया अपनाई जाएगी। दिसंबर के पहले सप्ताह में कार्यप्रणाली तैयार होगी महिला बाल विकास विभाग के सहायक संचालक संजीव मिश्रा ने बताया कि अब भोपाल से पोर्टल के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया होगी। यहां से केवल खाली पद की जानकारी मांगी जाएगी। उन्होंने बताया कि जिले से जानकारी भेजी जा चुकी है। जो पुरानी मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता थीं, उन्हें अब प्रमोट करके आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बना दिया गया है। संभवतः दिसंबर के पहले सप्ताह में इसकी कार्यप्रणाली तैयार हो जाएगी और पोर्टल के माध्यम से भर्ती की प्रक्रिया प्रारंभ हो जाएगी। उन्होंने बताया कि पहले मिनी आंगनवाड़ी केंद्र पर केवल कार्यकर्ता होते थे, लेकिन अपग्रेड होने के बाद वहां सहायिका की नियुक्ति की जाएगी।  

भारतीय सेना के सैनिक और फाइटर जेट्स को ‘मि. इंडिया’ जैसा अदृश्य बना जाएगा, देश में तैयार अदृश्य करने वाला कपड़ा

नई दिल्ली भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर ने एक ऐसी अद्भुत तकनीक विकसित की है, जिससे सैनिकों, विमानों, और सैन्य गाड़ियों को दुश्मनों के राडार और इमेजिंग सिस्टम से छिपाया जा सकता है। इस तकनीक को मेटामैटेरियल सरफेस क्लोकिंग सिस्टम कहा जाता है, और इसके जरिए भारतीय सेना के सैनिक और फाइटर जेट्स को ‘मि. इंडिया’ जैसा अदृश्य बना दिया जाएगा। क्या है यह मेटामैटेरियल? यह एक विशेष प्रकार का कपड़ा है, जो सैनिकों और सैन्य उपकरणों को दुश्मन की राडार, सैटेलाइट, इंफ्रारेड कैमरे, और थर्मल इमेजर से बचाने की क्षमता रखता है। इस तकनीक की मदद से दुश्मन के किसी भी इमेजिंग सिस्टम, जैसे कैमरा या सेंसर, से इसे देखा नहीं जा सकेगा। इसका मतलब यह है कि भारतीय सेना के उपकरण और जवान दुश्मन के निगरानी से बाहर रहेंगे और पूरी तरह से छिपे रहेंगे। सेना के लिए एक बड़ी राहत यह मेटामैटेरियल भारतीय सैनिकों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। इसे सैनिकों के यूनिफॉर्म, सैन्य गाड़ियों के कवर, और विमानों के कवर में इस्तेमाल किया जा सकता है। इस कपड़े का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह न केवल दुश्मन के राडार से बचाता है, बल्कि यह दुश्मन के थर्मल इमेजर और अन्य इन्फ्रारेड तकनीकों से भी छिपा रहता है। IIT कानपुर के वैज्ञानिकों की सफलता यह मेटामैटेरियल IIT कानपुर के तीन वैज्ञानिकों – प्रो. कुमार वैभव श्रीवास्तव, प्रो. एस अनंत रामकृष्णन, और प्रो. जे रामकुमार द्वारा विकसित किया गया है। इन तीनों वैज्ञानिकों ने 2010 से इस पर काम शुरू किया था और 2018 में इसके पेटेंट के लिए आवेदन किया था। अब यह तकनीक पूरी तरह से तैयार हो चुकी है और भारतीय सेना के साथ पिछले 6 सालों से इसका परीक्षण चल रहा है। स्वदेशी तकनीक, विदेशों से सस्ती यह मेटामैटेरियल पूरी तरह से स्वदेशी है और विदेशों से मंगाए जाने वाले समान तकनीकी उपकरणों से 6-7 गुना सस्ता है। IIT कानपुर के निदेशक प्रो. मनिंद्र अग्रवाल ने इस तकनीक का उद्घाटन किया और इसे भारतीय सेना के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया। भविष्य में सेना को मिल सकता है यह अदृश्य कपड़ा मेटातत्व कंपनी के एमडी और पूर्व एयर वाइस मार्शल प्रवीण भट्ट ने कहा कि अगर इस तकनीक को जल्द अप्रूवल मिल जाता है, तो भारतीय सेना को यह मेटामैटेरियल अगले एक साल के अंदर मिल सकता है। इसके इस्तेमाल से सेना की सुरक्षा में एक नया अध्याय जुड़ जाएगा और दुश्मन की कई निगरानी तकनीकों को निष्क्रिय किया जा सकेगा। इस अदृश्य कपड़े के जरिए भारतीय सेना के लिए सुरक्षा की एक नई दिशा खुल रही है। इससे न केवल जवानों और सैन्य उपकरणों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि यह भारतीय रक्षा क्षेत्र को और भी मजबूत बनाएगा। 

स्वीकृत योजना में सीवरेज, जलप्रदाय, वाटर बॉडी, ग्रीन स्पेस निर्माण कार्यों के लिए मुख्य रूप से मंजूरी दी गई

अमृत 2.0 में 1146 प्रोजेक्टस् पर कार्य भोपाल नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय की राज्य स्तरीय तकनीकी समिति की 49वीं बैठक में अमृत 2.0 योजना में 558 करोड़ 17 लाख रूपये के डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) का अनुशंसा के बाद तकनीकी अनुमोदन कर दिया है। यह बैठक बुधवार को आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास, भरत यादव की अध्यक्षता में हुई। बैठक में तकनीकी समिति की अनुशंसा के बाद अनुमोदन दिया गया। स्वीकृत योजना में सीवरेज, जलप्रदाय, वाटर बॉडी, ग्रीन स्पेस निर्माण कार्यों के लिए मुख्य रूप से मंजूरी दी गई। समिति ने सांवेर शहर की सीवरेज परियोजना की दर स्वीकृति पर भी विचार किया। प्रदेश में 418 नगरीय निकायों में अमृत 2.0 के तहत 11,778 करोड़ रूपये लागत के 1146 प्रोजेक्ट्स पर कार्य किया जा रहा है। प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिये सीवरेज और उनके प्रबंधन का कवरेज बढ़ाने पर लगातार कार्य किया जा रहा है। शहरों में उपलब्ध जल स्वच्छ रहे इसके लिये स्वच्छ जल को सुरक्षित करने के प्रबंधन पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इस बात पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है कि जल स्त्रोतों में गंदा पानी न मिले। नदियों और तालाबों के पानी में गंदे नालों का पानी न मिले, इसके लिये शहरी क्षेत्रों में सीवरेज की पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है। प्रदेश में अमृत 2.0 में जल प्रदाय की 417 परियोजनाओं में से 210 परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है। इन परियोजनाओं में से 199 का कार्य प्रगति पर है। चयनित शहरों में स्वच्छ पर्यावरण के लिये 390 पार्क विकसित किए जा रहे हैं। इनमें से 54 पार्क, जिनकी कुल लागत 12 करोड़ 81 लाख रूपये है, उनका निर्माण पूरा किया जा चुका है। प्रदेश में सीवरेज की स्वीकृत 36 परियोजनाओं में से एक परियोजना पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। साथ ही 16 करोड़ रुपये लागत की 25 वॉटर बॉडी परियोजनाओं का कार्य पूरा किया जा चुका है। प्रदेश मे 272 वॉटर बॉडी प्रोजेक्ट का कार्य प्रगति पर है।  

पुलिस कंट्रोल रूम को कॉल आया था, जिसमें पीएम के खिलाफ साजिश की बात कही गई थी, जांच जारी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जान से मारने की साजिश से जुड़े एक फोन कॉल की जांच जारी है। खबर है कि मुंबई पुलिस कंट्रोल रूम को कॉल आया था, जिसमें पीएम के खिलाफ साजिश की बात कही गई थी। फिलहाल, जांच जारी है और पुलिस ने एक महिला को भी हिरासत में लिया है। कहा जा रहा है कि महिला की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। मुंबई पुलिस कंट्रोल रूम को फोन आया था, जिसमें कॉलर ने पीएम मोदी का जिक्र किया था। कॉलर का दावा है कि पीएम मोदी को मारने का प्लान तैयार था और हथियार भी तैयार थे। खबर है कि पुलिस इस मामले में FIR दर्ज करने जा रही है और कॉलर को ट्रेस कर रही है। इस संबंध में पुलिस ने एक महिला को भी गिरफ्तार किया है। प्रथम दृष्टया वह पारिवारिक कारणों के चलते परेशान नजर आ रही है।

प्रियंका गांधी ने सांसद की शपथ के साथ दिया बड़ा संदेश, संविधान वाले दांव को भी शपथ के साथ ही चलने की कोशिश

नई दिल्ली वायनाड लोकसभा सीट से चुनी गईं प्रियंका गांधी ने आज सांसद के तौर पर शपथ ली। कांग्रेस की नेता शपथ के दौरान हाथ में संविधान की कॉपी लिए रहीं। इस तरह उन्होंने संविधान वाले दांव को भी शपथ के साथ ही चलने की कोशिश की, जिस पर कांग्रेस समेत विपक्ष ने लोकसभा चुनाव के दौरान नैरेटिव तैयार किया था। लोकसभा इलेक्शन में कांग्रेस एवं अन्य विपक्षी दलों ने आरोप लगाया था कि सरकार इसलिए 400 सीट चाहती है ताकि संविधान बदला जा सके और गरीबों का आरक्षण छीन लिया जाए। इसके बाद जब लोकसभा का सत्र शुरू हुआ तो कांग्रेस के सांसदों ने संविधान लेकर ही शपथ ली थी। अखिलेश यादव और अवधेश प्रसाद जैसे नेता भी संविधान की कॉपी लिए दिखे। उसी को अब प्रियंका गांधी ने भी आगे बढ़ाया है। प्रियंका गांधी की शपथ के मौके पर उनके पति रॉबर्ट वाड्रा, बेटे रिहान वाड्रा और बेटी मिराया वाड्रा भी लोकसभा पहुंचे। इसके अलावा उनकी मां सोनिया गांधी और भाई राहुल गांधी पहले से ही सदन में मौजूद थे। राहुल गांधी खुद रायबरेली लोकसभा सीट से सांसद हैं, जबकि सोनिया गांधी राज्यसभा की मेंबर हैं। प्रियंका गांधी ने वायनाड लोकसभा सीट का उपचुनाव 4 लाख 10 हजार से ज्यादा वोटों से जीत हासिल की है। उन्होंने कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया के प्रत्याशी सत्यन मोकेरी को मात देकर लोकसभा में एंट्री की है। यहां से भाजपा ने नव्या हरिदास को चुनाव में उतारा था। बुधवार को ही अपने निर्वाचन का सर्टिफिकेट प्रियंका गांधी ने लिया था और कहा था कि यह हमारी मेहनत, प्यार और जनता के भरोसे की जीत है। प्रियंका गांधी ने एक्स पर लिखा था, ‘मेरे साथ वायनाड से मेरी जीत का सर्टिफिकेट लेकर आए। मेरे लिए यह सिर्फ एक दस्तावेज नहीं है बल्कि प्यार, भरोसे और प्रतिबद्धता का प्रतीक है। मुझे चुनने के लिए वायनाड का धन्यवाद।’ इसी साल जून में आए लोकसभा के नतीजों में राहुल गांधी यहां से जीते थे। इसके अलावा रायबरेली से भी वह जीते थे, ऐसे में उन्होंने वायनाड की सीट छोड़ी दी और अब यहां उपचुनाव हुआ तो प्रियंका गांधी को जीत मिली है।

इंदौर में दो मरीजों को मिला नया जीवन, मध्यप्रदेश में पहली बार हुआ इंटर हॉस्पिटल किडनी स्वैप ट्रांसप्लांट

इंदौर कई बार परिवार में डोनर नहीं मिलने के कारण सही समय पर किडनी ट्रांसप्लांट नहीं हो पाती है, जिसका खामियाजा मरीज को भुगतना पड़ता है। लेकिन शहर में इंटर अस्पताल किडनी स्वैप ट्रांसप्लांट से दो मरीजों को नया जीवन मिल पाया है। इसमें दो महिलाओं ने किडनी देकर एक-दूजे का सुहाग बचाया है। ऐसी सफलता दो अलग-अलग अस्पतालों के डॉक्टरों की पहल से मिली। नेफ्रोलाजिस्ट डॉ. संदीप सक्सेना और डॉ. नेहा अग्रवाल ने बताया कि अस्पताल में 31 वर्षीय मरीज का ब्लड ग्रुप उनकी पत्नी से मैच नहीं हो रहा था। मरीज का ब्लड ग्रुप ए पॉजिटिव है, जबकि उनकी पत्नी का बी पॉजिटिव है। वहीं एक अन्य अस्पताल में 47 वर्षीय मरीज लंबे समय से बीमारी है, उनकी दोनों किडनियां खराब हो चुकी थीं। मां की उम्र अधिक होने से डोरनर नहीं बनाया डोनर के रूप में पहले उनकी मां सामने आई परंतु उनकी उम्र अधिक होने के कारण उन्हें डोनर नहीं बनाया जा सकता था। इसके बाद उनकी पत्नी का ब्लड ग्रुप मैच नहीं हो रहा था। ऐसे में दोनों महिलाओं ने एक-दूसरे के पति को किडनी दी। डॉक्टरों का दावा है कि इंटर अस्पताल किडनी स्वैप ट्रांसप्लांट प्रदेश में पहली बार हुआ है। सोटो से ली अनुमति डॉ. अग्रवाल ने बताया कि ट्रांसप्लांट के लिए सोटो (स्टेट आर्गन एंड टिशु ट्रांसप्लांट आर्गनाइजेशन) से मंजूरी लेनी होती है। हमने रिपोर्ट और दस्तावेज सोटो के हेड डॉ. संजय दीक्षित के सामने प्रस्तुत किए। जांच करने के बाद हमें ट्रांसप्लांट की मंजूरी दी। शर्त थी कि दोनों अस्पतालों में एक साथ एक ही समय पर दोनों ट्रांसप्लांट शुरू करने होंगे, ताकि बाद में किसी तरह की परेशानी या विवाद न हो। हमने कोऑर्डिनेशन करते हुए एक ही समय पर सफलतापूर्वक यह ट्रांसप्लांट किया गया।

पुणे में लिव इन पार्टनर के किसी और के साथ अफेयर का था शक, इसलिए मारा

पुणे  एक एसी मेंटेनेंस फर्म में सुपरवाइजर के तौर पर काम करने वाले 32 वर्षीय शख्स को वाकड़ पुलिस ने गिरफ्तार किया है। शख्स पर अपनी लिव-इन पार्टनर (27) की हथौड़े से पीट-पीटकर हत्या करने का आरोप है। घटना हैरान कर देने वाली है। हत्या के बाद आरोपी लिव इन पार्टनर की लाश को ठिकाने लगाने के लिए 130 किमी दूर गया। उसके बाद अपने तीन साल के बेटे को मंदिर के शहर अलंदी में छोड़ आया। बाद में बच्चे के लापता होने की खुद ही शिकायत दर्ज कराई। उसने पुलिस को गुमराह करने के लिए कहानी गढ़ी लेकिन पकड़ा गया। पुलिस ने बताया कि 24 नवंबर की रात को वाकड़ में सर्विस रोड पर अपने साथी की हत्या करने के बाद, व्यक्ति ने शव को अपने चार पहिया वाहन में लगभग 130 किलोमीटर दूर सतारा जिले के खंडाला तहसील के खंबाटकी घाट तक ले जाकर फेंक दिया। बाद में, वह मारुंजी में अपने फ्लैट पर वापस आया और सोते हुए लड़के को लगभग 30 किलोमीटर दूर अलंदी ले गया और उसे वहीं छोड़ दिया। किसी और के साथ अफेयर का था शक वरिष्ठ निरीक्षक निवृति कोल्हटकर ने बताया कि गिरफ्तार किए गए व्यक्ति ने अपनी लिव-इन पार्टनर की हत्या करने की बात स्वीकार की है। उसने ऐसा इसलिए किया क्योंकि उसे शक था कि उसकी पार्टनर का किसी और व्यक्ति के साथ संबंध है। 6 सालों से लिव इन में रह रही थी महिला बीड जिले के परली की रहने वाली थी। वह शादी के छह महीने बाद ही अपने पति से अलग हो गई थी और पिछले पांच-छह सालों से फर्म के सुपरवाइजर के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में थी। सुपरवाइजर भी शादीशुदा है और उसकी पत्नी और बच्चे मावल तहसील के बौर में रहते हैं। वह हिंजेवाड़ी में एक चाय की दुकान भी चलाता है। उसने मारुंजी में एक फ्लैट किराए पर लिया था, जहां उसकी लिव-इन पार्टनर अपने बेटे के साथ रह रही थी। ऐसे मिला लड़का कोल्हटकर ने बताया कि 25 नवंबर की शाम को व्यक्ति ने हिंजेवाड़ी पुलिस से अपने बेटे के लापता होने की शिकायत दर्ज कराने के लिए संपर्क किया, जिसे उसने खुद अलंदी में छोड़ दिया था। वरिष्ठ निरीक्षक ने कहा कि जब वह व्यक्ति पुलिस स्टेशन में था, तब हिंजेवाड़ी पुलिस को पता चला कि उसका लड़का आलंदी में पाया गया है और वह वहां की पुलिस की हिरासत में है। लिव इन पार्टनर के गायब होने की छिपाई बात हिंजेवाड़ी पुलिस ने उसे अपने वाकड समकक्षों से संपर्क करने के लिए कहा क्योंकि उसने उन्हें बताया कि लड़का भुमकर चौक इलाके से लापता हो गया है। उसने महिला के बारे में कुछ भी नहीं बताया। जब पुलिस को पता चला कि लड़के की मां लापता है, तो उन्होंने उसे हिरासत में नहीं लिया और उससे कहा कि वह पहले उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराए। उन्होंने लड़के के नाना-नानी को सूचित किया, जो बाद में आलंदी के लिए रवाना हो गए। ट्रक ड्राइवर ने देखी महिला की लाश 26 नवंबर की सुबह, वह व्यक्ति वाकड पुलिस स्टेशन पहुंचा और अपने साथी से संबंधित गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। इधर 26 नवंबर को, एक ट्रक चालक का ट्रक खंबाटकी घाट सेक्शन में पास खराब हो गया। वह वहां रुका था, तभी उसने झाड़ियों में एक महिला का शव देखा। शख्स ने खंडाला पुलिस को सूचित किया। उन्होंने बताया कि पुलिस ने पाया कि महिला के शरीर पर चोटें थीं। ऐसे पुलिस ने पकड़ा कोल्हटकर ने कहा कि उन्हें आश्चर्य है कि जब वह अपने बेटे की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराने के लिए हिंजेवाड़ी पुलिस के पास गया तो उसने अपने साथी के बारे में क्यों नहीं बताया। कोल्हटकर ने कहा कि जब हमने उसके सेलफोन रिकॉर्ड की जांच की तो पता चला कि 24 नवंबर से 26 नवंबर के बीच उसका गैजेट नियमित अंतराल पर बंद था। बुधवार को मामला तब बदल गया जब सतारा पुलिस ने पिंपरी चिंचवाड़ पुलिस को खंबाटकी घाट सेक्शन में महिला के शव के बारे में सूचित किया। हमने पाया कि लापता महिला और शव पर मंगलसूत्र एक ही था। फिर हम उस व्यक्ति को पूछताछ के लिए पुलिस स्टेशन ले आए। उसने 24 नवंबर की देर रात भूमकर चौक के पास सर्विस रोड पर हथौड़े से अपने लिव-इन पार्टनर की हत्या करने की बात स्वीकार की। फिर उसने शव को खंबाटकी घाट सेक्शन में फेंक दिया। उन्होंने बताया कि व्यक्ति को हत्या, साक्ष्य नष्ट करने तथा बीएनएस के एक अपराधी को बचाने के लिए झूठी सूचना देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।

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