LATEST NEWS

रद्दी अखबारों से बनेगी कला, मन रहेगा हल्का: AIIMS Bhopal में शुरू हुई अनोखी आर्ट थैरेपी पहल

भोपाल चिकित्सा और पढ़ाई के तनावपूर्ण माहौल के बीच एम्स भोपाल ने अपने संकाय सदस्यों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों के लिए एक पहल की है। संस्थान का हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर आगामी 16 से 18 फरवरी तक ‘पेपर माचे’ कला पर कार्यशाला आयोजित करेगा। लोगों को तनावमुक्त करना है टारगेट इसका उद्देश्य केवल कला सिखाना नहीं, बल्कि ‘आर्ट थैरेपी’ के माध्यम से संस्थान से जुड़े लोगों को तनावमुक्त वातावरण और मानसिक शांति प्रदान करना है। ‘पेपर माचे’ एक ऐसी प्राचीन विधा है, जिसमें पुराने अखबारों, गोंद और पानी के मिश्रण का उपयोग कर आकर्षक मूर्तियां, मुखौटे और सजावटी वस्तुएं बनाई जाती हैं।   एम्स प्रशासन का मानना है कि जब हाथ किसी सृजनात्मक कार्य में व्यस्त होते हैं, तो मस्तिष्क को गहरा विश्राम मिलता है। यह कार्यशाला प्रतिभागियों को अपनी छिपी हुई प्रतिभा को पहचानने और दैनिक भागदौड़ से इतर कुछ नया रचने का अवसर देगी। एम्स भोपाल इन दिनों अपने कर्मचारियों और छात्रों के समग्र स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दे रहा है। संस्थान के अनुसार एक स्वस्थ चिकित्सक या कर्मचारी ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दे सकता है। इसी सोच के साथ इस रचनात्मक गतिविधि को डिजाइन किया गया है। कार्यशाला में विशेषज्ञों द्वारा पेपर माचे की बारीकियां सिखाई जाएंगी, जिससे प्रतिभागी शून्य लागत में घर की रद्दी से खूबसूरत कृतियां बनाना सीख सकेंगे।

सफर होगा और आरामदायक: महामना एक्सप्रेस समेत इन ट्रेनों में लगेंगे आधुनिक लग्जरी कोच

भोपाल यात्रियों की सुविधा और सुरक्षित सफर को ध्यान में रखते हुए रेल प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया है। गाड़ी संख्या 22163/22164 भोपाल-खजराहो महामना एक्सप्रेस तथा 22187/22188 रानी कमलापति-आधारताल एक्सप्रेस के पारंपरिक आईसीएफ कोचों को अब आधुनिक एलएचबी कोचों में परिवर्तित किया जा रहा है। भोपाल-खजुराहो-भोपाल महामना एक्सप्रेस आज से तथा रानी कमलापति–आधारताल–रानी कमलापति एक्सप्रेस 16 फरवरी से एलएचबी रैक के साथ संचालित होगी। एलएचबी कोच पारंपरिक आईसीएफ कोचों की तुलना में अधिक सुरक्षित, आरामदायक और तेज गति के अनुकूल माने जाते हैं। इन कोचों में झटके कम लगते हैं और दुर्घटना की स्थिति में एंटी-टेलिस्कोपिक डिजाइन यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाता है।   दोनों ट्रेनों की संशोधित कोच संरचना में दो एसी चेयरकार, दो थर्ड एसी, नो द्वितीय श्रेणी, छह सामान्य श्रेणी, एक एसएलआरडी और एक जनरेटर कार सहित कुल 21 कोच शामिल रहेंगे। रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पूर्व कोच संरचना और आरक्षण स्थिति की जानकारी अवश्य जांच लें, ताकि सफर सुगम और सुविधाजनक रहे।

SIR प्रक्रिया पूरी: मध्य प्रदेश में वोटर लिस्ट में बड़ा बदलाव, 21 फरवरी को जारी होगी फाइनल सूची

भोपाल मध्य प्रदेश में मतदाता सूची के शुद्धीकरण के लिए चलाए गए विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के अंतर्गत प्राप्त 95 प्रतिशत दावे-आपत्तियों का निराकरण कर लिया गया है। एक करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम, उपनाम और आयु में कुछ त्रुटियां थीं, जिन्हें सुधरवाया गया है। वहीं, जिन साढ़े चार लाख मतदाताओं ने अधूरे गणना पत्रक जमा किए थे, उनकी भी सुनवाई कर ली गई है। मतदाता सूची में करीब आठ लाख नए नाम जुड़ेंगे और एक लाख हटेंगे। यह प्रक्रिया शनिवार को पूरी करने के बाद अब 21 फरवरी को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि प्रारूप मतदाता सूची के आधार पर हुए दावे-आपत्ति का निराकरण जिलों में कराया गया है। जो भी आवेदन प्राप्त हुए उनका परीक्षण रजिस्ट्रीकरण अधिकारी ने कराया है।   एसआईआर में जिनके गणना पत्रक अधूरे थे, उन्हें नोटिस देकर शिविर में बुलाया गया और यदि दस्तावेज पूरे थे तो उनके पक्ष में आदेश पारित किए गए। इसी तरह साफ्टवेयर ने जिन त्रुटियों को पकड़ा था, उन्हें भी दूर कराया गया है। उल्लेखनीय है कि चुनाव आयोग ने केवल शाब्दिक या आयु गणना की त्रुटि के कारण जिन मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए थे, उनके नाम सूची से नहीं हटाने के लिए कहा था। वहीं, कांग्रेस, भाजपा सहित अन्य दलों के प्रतिनिधियों द्वारा जो शिकायतें की गई थीं, उनका भी निराकरण करवाया गया है। यदि नाम नही जुड़ा तो आगे भी विकल्प – यदि किसी पात्र मतदाता का नाम किसी भी कारण से इस सूची में शामिल नहीं हो पाता है तो ऐसा नहीं है कि उसका नाम आगे शामिल नहीं होगा। यह एक सतत चलने वाली प्रक्रिया है। वह फार्म छह भरकर अपना नाम जुड़वा सकेगा। इसी तरह नाम, पता आदि जानकारी में संशोधन भी फार्म आठ के माध्यम से हो सकेगा। सूची प्रकाशन के बाद सत्यापन कराएगी कांग्रेस उधर, कांग्रेस ने तय किया है कि 21 फरवरी को मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद कांग्रेस बूथवार सूची का सत्यापन कराएगी। इसमें पार्टी की ओर से जो आपत्तियां की गई थीं, उनका निराकरण नहीं हुआ तो फिर चुनाव आयोग को शिकायत की जाएगी।

ट्रैफिक से राहत की तैयारी: नोएडा में मेट्रो विस्तार को मिली रफ्तार, इन इलाकों को मिलेगा सीधा फायदा

नई दिल्ली सरकार की तरफ से जारी बयान में बताया गया कि यह प्रोजेक्ट ज्यादा भीड़भाड़ वाले कॉरिडोर (ब्लू और मैजेंटा लाइन) के साथ सीधी कनेक्टिविटी भी देगा, यह नया विस्तार मौजूदा एक्वा लाइन को दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन और मैजेंटा लाइन के साथ सीधे जोड़ेगा।   साकेंद्र सरकार ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा में रहने वाले लोगों को एक बड़ी सौगात देते हुए यहां मेट्रो के विस्तार को हरी झंडी देते हुए एक नई लाइन को मंजूरी दे दी है। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में केंद्र सरकार ने नोएडा मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के तहत सेक्टर-142 से बॉटनिकल गार्डन तक करीब 11.56 किमी लंबे एक्सटेंशन (विस्तार) कॉरिडोर को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी। इस नई लाइन पर आठ एलिवेटेड (ऊंचाई पर) स्टेशन बनाए जाएंगे। इस कॉरिडोर के बनने से ना केवल नोएडा बल्कि ग्रेटर नोएडा के यात्रियों के लिए भी दिल्ली तक का सफर बहुत आसान हो जाएगा और उनके समय की भी भारी बचत होगी। नोएडा व ग्रेटर नोएडा में 61.62 Km का हो जाएगा मेट्रो रेल नेटवर्क सरकार ने बताया कि इस नए कॉरिडोर के चालू होने के बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा में मेट्रो रेल का सक्रिय नेटवर्क क्षेत्र बढ़कर 61.62 किलोमीटर हो जाएगा। शनिवार को इस फैसले के बारे में जानकारी देते हुए केंद्र सरकार ने बताया कि यह नया विस्तार कॉरिडोर, नोएडा के सार्वजनिक परिवहन ढांचे में एक मील का पत्थर साबित होगा, साथ ही यह परियोजना शहर की बुनियादी सुविधाओं में एक बड़ा सुधार भी है। बॉटनिकल गार्डन में ब्लू लाइन और मैजेंटा लाइन के साथ सीधा इंटरचेंज सरकार की तरफ से जारी बयान में बताया गया कि यह प्रोजेक्ट ज्यादा भीड़भाड़ वाले कॉरिडोर (ब्लू और मैजेंटा लाइन) के साथ सीधी कनेक्टिविटी भी देगा, यह नया विस्तार मौजूदा एक्वा लाइन को दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन और मैजेंटा लाइन के साथ सीधे जोड़ेगा, साथ ही इससे बॉटनिकल गार्डन पर इंटरचेंज लाइन भी मिलेगी। इसका फायदा बताते हुए सरकार ने बताया कि इंटरचेंज की सुविधा मिलने से यात्रियों को दिल्ली और अन्य हिस्सों में जाने के लिए बार-बार साधन बदलने की झंझट से मुक्ति मिल जाएगी। बनाया जाएगा 11.56 किलोमीटर की लम्बाई वाला ट्रैक बयान में कहा गया कि इस कॉरिडोर से लगभग 11.56 किलोमीटर की लम्बाई का ट्रैक बनेगा और शहर में सार्वजनिक यातायात भी बेहतर होगा। साथ ही यह प्रोजेक्ट बहुत ज्यादा चहल-पहल वाले कॉरिडोर के साथ सीधी कनेक्टिविटी भी देगा, जिसमें बॉटनिकल गार्डन पर इंटरचेंज, ब्लू लाइन और मैजेंटा लाइन शामिल हैं। इस कॉरिडोर की वजह से शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर में तरक्की दिखाई देगी और नोएडा सेक्टर 142 से बॉटनिकल गार्डन (नोएडा) तक का एक्सटेंशन कॉरिडोर नोएडा मेट्रो रेल नेटवर्क के एक बड़े विस्तार के तौर पर काम करेगा। सरकार ने कहा कि नोएडा सेक्टर 142 से बॉटनिकल गार्डन (नोएडा) तक एक्सटेंशन कॉरिडोर न सिर्फ कनेक्टिविटी बढ़ाएगा बल्कि इकॉनमिक एक्टिविटी को भी बढ़ावा देगा और शहर में रहने वालों और नौकरी, बिजनेस, एजुकेशन और दूसरे कामों से सामान्य रूप से आने-जाने वालों के लिए भी आना-जाना आसान बनाएगा। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने एक्स पर दी जानकारी उधर इस बारे में जानकारी देते हुए केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने लिखा, ‘प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नोएडा मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के नोएडा सेक्टर 142 से बॉटनिकल गार्डन (नोएडा) तक मेट्रो कॉरिडोर के एक्सटेंशन को मंजूरी दे दी है। इस कॉरिडोर की लंबाई 11.56 किलोमीटर होगी और इसमें 8 एलिवेटेड स्टेशन होंगे। इस कॉरिडोर के चालू होने पर, नोएडा और ग्रेटर नोएडा शहर में 61.62 Km का एक्टिव मेट्रो रेल नेटवर्क होगा। नोएडा सेक्टर 142 से नोएडा मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के बॉटनिकल गार्डन (नोएडा) तक का यह कॉरिडोर शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में एक बड़ी तरक्की दिखाता है।’

सीमा पार तनाव अलग, मैदान पर टक्कर जबरदस्त: भारत-पाक मुकाबला हाई-वोल्टेज

कोलंबो रविवार को क्रिकेट में सबसे ज़्यादा इंतज़ार किए जाने वाले मैचों में से एक होगा, जब भारत और पाकिस्तान पुरुष टी20 वर्ल्ड कप में यहां आर प्रेमदासा इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में आमने-सामने होंगे। यह मैच, जो पहले से ही अपने ज़ोरदार खेल के लिए मशहूर है, मैदान के बाहर हुई ज़बरदस्त घटनाओं के बैकग्राउंड में हो रहा है, जिसने टूर्नामेंट में और भी दिलचस्प बातें जोड़ दी हैं। बंगलादेश ने अपने खिलाड़ियों की सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए वर्ल्ड कप से नाम वापस ले लिया, और अपने ग्रुप-स्टेज मैचों के लिए भारत नहीं आने का फ़ैसला किया। उनकी जगह, स्कॉटलैंड ने यह पक्का किया कि टूर्नामेंट आसानी से हो सके। शुरू में, खबर थी कि बंगलादेश के नाम वापस लेने के बाद पाकिस्तान भारत के ख़िलाफ़ अपने मैच का रिव्यू कर रहा है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और आईसीसी के साथ बातचीत के बाद, पाकिस्तान ने कन्फ़र्म किया कि वे तय समय पर भारत के ख़िलाफ खेलेंगे, जिससे फ़ैन बिना किसी रुकावट के इस बड़े मैच का इंतज़ार कर सकें। मैदान पर, भारत पाकिस्तान के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप में आठ मैचों में सात जीत के अपने शानदार रिकॉर्ड के दम पर फेवरेट के तौर पर उतरेगा, जिसमें पिछले साल एशिया कप में मिली जीत भी शामिल है। भारत की बैटिंग की ताकत जबरदस्त शुरुआत और मोमेंटम बनाए रखने में काबिल एक मज़बूत मिडिल ऑर्डर का कॉम्बिनेशन है। ईशान किशन ज़बरदस्त फॉर्म में हैं, 2026 में उनका स्ट्राइक रेट 220 से ज़्यादा रहा है और उन्होंने हाल ही में 24 गेंदों पर 61 रन बनाए हैं। अगर वह जल्दी चल पड़ते हैं, तो भारत पावरप्ले पर कंट्रोल कर सकता है और पाकिस्तान पर तुरंत प्रेशर डाल सकता है। सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा से बीच के ओवरों में पारी को संभालने की उम्मीद है, जबकि हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे और अक्षर पटेल डेथ ओवरों में तेज़ी लाने के लिए फायरपावर देंगे। भारत का बॉलिंग अटैक भी उतना ही बैलेंस्ड है: जसप्रीत बुमराह पेस यूनिट को लीड करते हैं, जिन्हें स्पिनर वरुण चक्रवर्ती, अक्षर और कुलदीप यादव का सपोर्ट मिलता है, जो कोलंबो की धीमी, टर्निंग पिच के लिए काफी सही हैं। पाकिस्तान ग्रुप स्टेज में लगातार मैच जीतकर अपने मोमेंटम के साथ आ रहा है। उनकी ताकत उनके स्पिन अटैक में है, जिसे शादाब खान और अनोखे उस्मान तारिक लीड कर रहे हैं, जो धीमी पिच पर अच्छा खेलते हैं और भारत के मिडिल ऑर्डर को परख सकते हैं। साहिबज़ादा फरहान, जो पिछले गेम में शानदार 73 रन की पारी खेलकर फ्रेश हुए हैं, बाबर आज़म और उस्मान खान के साथ मिलकर पारी को संभालेंगे और भारत की बैटिंग की गहराई को चुनौती देने के लिए पार्टनरशिप बनाएंगे। अब जब मैदान के बाहर की अनिश्चितताएं दूर हो गई हैं, तो पाकिस्तान सिर्फ परफॉर्मेंस पर फोकस कर सकता है, जिससे उन्हें भारत के दबदबे का मुकाबला करने का एक भरोसेमंद मौका मिलेगा। इस मुकाबले में टॉस अहम भूमिका निभा सकता है। बीच-बीच में बारिश का अनुमान है, और आसमान में बादल छाए रहने से पारी की शुरुआत में सीमर्स को फायदा हो सकता है, जबकि धीमी होती पिच से मैच आगे बढ़ने पर स्पिनर्स को फायदा होगा। टी20 क्रिकेट, खासकर इतने बड़े मैच में, अक्सर कुछ अहम पलों पर निर्भर करता है, एक शानदार पार्टनरशिप, अचानक हार, या एक अच्छी तरह से की गई डिलीवरी नतीजा तय कर सकती है। आखिर में, भारत पाकिस्तान के खिलाफ टी 20 वर्ल्ड कप मैच जीतने का सिलसिला जारी रखने के लिए फेवरेट के तौर पर उतरेगा, लेकिन यह कोई सीधा मुकाबला नहीं होगा। किशन की ज़बरदस्त बैटिंग, पाकिस्तान का टैक्टिकल स्पिन अटैक, और बंगलादेश के हटने और पाकिस्तान के शेड्यूलिंग रिव्यू के सुलझने के बाद साइकोलॉजिकल इंटेंसिटी यह पक्का करती है कि यह मैच ड्रामा, हाई-स्टेक कॉम्पिटिशन और यादगार पलों का वादा करता है। स्किल और इमोशन दोनों में, यह मुकाबला क्रिकेट के सबसे कड़े मुकाबलों में से एक जैसा नज़ारा पेश करने के लिए तैयार है।  

मासिक पेंशन और निःशुल्क बोन मैरो ट्रांसप्लांट से थैलीसीमिया मरीजों को राहत, बायोमेट्रिक के बिना भी मिलेगा

 जयपुर  राजस्थान में थैलीसीमिया पीड़ितों को निःशुल्क बोन मैरो ट्रांसप्लांट के साथ 1250 रुपए मासिक पेंशन मिल रही है। विधायक रूपिन्द्र सिंह कुन्नर द्वारा पूछे गए तारांकित प्रश्न के उत्तर में सरकार ने चिकित्सा सहायता से लेकर आर्थिक सुरक्षा तक के प्रावधानों को लेकर जवाब पेश किया है। निःशुल्क चिकित्सा और डे-केयर की सुविधा सरकार ने अवगत कराया कि प्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालयों में थैलीसीमिया मरीजों के लिए विशेष ‘डे-केयर सेंटर’ संचालित हैं । इन केंद्रों पर मरीजों को बिना किसी रिप्लेसमेंट के ब्लड ट्रांसफ्यूजन, आयरन केलेशन थेरेपी और सभी प्रकार की जाँचे पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं । इसके अतिरिक्त, गंभीर मरीजों के लिए वार्ड में भर्ती होने और बोन मैरो ट्रांसप्लांट जैसी महंगी चिकित्सा सुविधा भी सरकार द्वारा मुफ्त दी जा रही है । आर्थिक संबल : 1250 रुपए की मासिक पेंशन सामाजिक सुरक्षा के तहत, राज्य सरकार थैलीसीमिया पीड़ित बच्चों को ‘मुख्यमंत्री विशेष योग्यजन सम्मान पेंशन योजना’ का लाभ दे रही है । इस श्रेणी के बच्चों को वर्तमान में 1250 रुपये प्रति माह की न्यूनतम पेंशन दर से सहायता दी जा रही है । सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि थैलीसीमिया को दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के तहत 21 दिव्यांगता श्रेणियों में शामिल किया गया है, जिसके आधार पर इन बच्चों के यूडीआईडी (UDID) कार्ड और दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाए जा रहे हैं । आधार और बायोमेट्रिक नियमों पर स्पष्टीकरण सदन में आधार कार्ड की अनिवार्यता और बायोमेट्रिक सत्यापन को लेकर उठ रहे सवालों पर विभाग ने स्थिति स्पष्ट की। 5 वर्ष से कम आयु: जन्म से 5 वर्ष तक के बच्चों का उपचार माता-पिता के आधार कार्ड के आधार पर ही सुनिश्चित किया जाता है । छोटे बच्चों का आधार नामांकन ‘हेड ऑफ फैमिली’ (HoF) के सत्यापन से किया जाता है । बायोमेट्रिक की बाध्यता नहीं : सरकार ने विशेष आदेश जारी कर यह सुविधा दी है कि जिन बच्चों के बायोमेट्रिक (हाथों के निशान) अपडेट नहीं हो पा रहे हैं, उनकी पेंशन नहीं रोकी जाएगी । ओटीपी आधारित सत्यापन : ऐसे मामलों में जहाँ फिंगरप्रिंट या फेस रिकॉग्निशन संभव नहीं है, वहाँ संबंधित पेंशन स्वीकृतिकर्ता अधिकारी पंजीकृत मोबाइल पर ओटीपी (OTP) के माध्यम से आवेदन स्वीकार कर स्वतः स्वीकृति जारी कर सकते हैं । यह वैकल्पिक प्रक्रिया उन विशेष मामलों के लिए ‘अपवाद स्वरूप’ लागू की गई है, ताकि तकनीकी कारणों से कोई भी पात्र बच्चा सहायता से वंचित न रहे ।

इंडिगो ने उठाया कदम: 5000 से ज्यादा उड़ानों के रद्द होने के बाद पायलटों की भर्ती शुरू, फ्रेशर्स भी चयनित होंगे

नई दिल्ली  देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो को पिछले साल दिसंबर में पायलट और अन्य क्रू की भारी किल्लत की वजह से 7 दिनों के भीतर 5000 से भी ज्यादा फ्लाइट्स को कैंसिल करना पड़ा था। अब इंडिगो अपने परिचालन को सुव्यवस्थित करने के लिए 1,000 से अधिक पायलटों की भर्ती करने जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, इंडिगो की इस भर्ती में ट्रेनी फर्स्ट ऑफिसर, सीनियर फर्स्ट ऑफिसर और कैप्टन शामिल हैं। अगर इंडिगो इस भर्ती को सफलतापूर्वक पूरा करती है तो यह भारतीय एयरलाइन कंपनी द्वारा की गई अभी तक की सबसे बड़ी भर्तियों में से एक होगी। फ्रेशर भी रखे जाने की प्लानिंग  रिपोर्ट के अनुसार, भर्ती नोटिस से पता चलता है कि एयरलाइन अपने नेटवर्क के प्रमुख विमान एयरबस ए320 पर बिना अनुभव वाले आवेदकों की भी भर्ती करने के लिए तैयार है। वहीं, एयरलाइन के नए नियमों के तहत पायलट द्वारा रात 12 बजे से सुबह 6 बजे के बीच की जाने वाली लैंडिंग की संख्या सीमित कर दी गई है, साथ ही साप्ताहिक विश्राम की आवश्यकताएं भी बढ़ा दी गई हैं। पायलटों के भर्ती की तैयारी एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि एयरलाइन अपने विमानों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पायलटों की निरंतर भर्ती के लिए सक्रिय रूप से तैयारी कर रही है। एयरलाइन के इंटरनल ट्रेनिंग सिस्टम पहले से मजबूत है, जिसके तहत प्रति माह लगभग 20-25 फर्स्ट ऑफिसर को कप्तान के पद पर पदोन्नत किया जाता है। एयरलाइन औसतन प्रति माह लगभग चार नए विमान शामिल करती है। दिसंबर में क्यों रद हुई थी उड़ानें? नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) की जांच में पाया गया कि एयरलाइन ने नए नियमों के लिए पर्याप्त भर्ती नहीं की और न ही ट्रेनिंग में तेजी लाई, जिससे पायलटों पर बार-बार ट्रांसफर, लंबे वर्किंग डेज और लंबे समय तक खाली उड़ान के कारण प्रेशर बढ़ गया। इंडिगो को 2,422 कप्तानों की आवश्यकता थी, लेकिन एयरलाइन के अनुसार उसके पास केवल 2,357 कप्तान ही थे। जिसकी वजह से रोस्टर पूरी तरह से लागू नहीं हो सका और उड़ानों को रद करना पड़ा।  

सुनने की क्षमता पर बड़ा संकट, 2050 तक हर चौथा शख्स प्रभावित—WHO रिपोर्ट में खुलासा

नई दिल्ली दुनिया भर में सुनने से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही है. वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन की पहली वर्ल्ड रिपोर्ट ऑन हियरिंग के अनुसार साल 2050 तक दुनिया की करीब 2.5 अरब आबादी यानी हर चार में से एक व्यक्ति किसी न किसी स्तर की सुनने की समस्या से जूझ रहा होगा. इनमें से लगभग 70 करोड़ लोगों को कान और सुनने से जुड़ी विशेष हॉस्पिटैलिटी और पुनर्वास सेवाओं की जरूरत पड़ेगी. ‌ ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि 2050 तक हर चार में से एक शख्स को कान की दिक्कतें क्यों होगी और डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट में और क्या-क्या आया सामने आया. अभी क्या है स्थिति? डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान में दुनिया में हर पांच में से एक व्यक्ति को सुनने में किसी न किसी तरह की दिक्कत है. समय पर इलाज और देखभाल न मिल पाना मामलों के बढ़ने के बड़ी वजह है. डब्ल्यूएचओ का कहना है की कम आय वाले देशों में ऐसे 80 प्रतिशत मामले सामने आते हैं, जहां एक्सपर्ट्स और संसाधनों की भारी कमी है. इसके अलावा संक्रमण, जन्मजात बीमारियां, ध्वनि प्रदूषण, तेज आवाज में लंबे समय तक रहना और अनहेल्दी लाइफस्टाइल सुनने की क्षमता को प्रभावित कर रहे हैं. वहीं बच्चों में करीब 60 फीसदी मामलों को टीकाकरण, बेहतर मातृत्व, शिशु देखभाल और कान के संक्रमण के समय पर इलाज से रोका जा सकता है. वहीं युवाओं में तेज आवाज में संगीत सुनना बड़ा खतरा बनता जा रहा है. संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार 12 से 35 वर्ष के एक अरब से ज्यादा लोग स्मार्टफोन और हेडफोन के जरिए तेज आवाज में गाने सुनने के कारण खतरे में है. हेल्थ व्यवस्था में बड़ी कमी भी वजह डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट बताती है कि कई देशों में कान, नाक और गला एक्सपर्ट्स, ऑडियोलॉजिस्ट और स्पीच थेरेपिस्ट की भारी कमी है. वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं में कान और सुनने से जुड़ी देखभाल को अभी भी पर्याप्त जगह नहीं मिल पाई. इसके चलते शुरुआती पहचान और समय पर इलाज नहीं हो पाता है. इसके अलावा एक्सपर्ट का कहना है कि सुनने की समस्या की शुरुआती जांच बहुत जरूरी है. वहीं नई तकनीकों की मदद से अब कम संसाधनों में भी जांच संभव है. कई कान की बीमारियों का इलाज दवा या सर्जरी से हो सकता है. जहां सुनने की क्षमता वापस नहीं लाई जा सकती, वहां हियरिंग एड, कॉक्लियर इम्प्लांट और स्पीच थेरेपी जैसे ऑप्शन मददगार साबित होते हैं. डब्ल्यूएचओ का अनुमान है कि कान और सुनने से जुड़ी सेवाओं में निवेश करने पर सरकार को हर एक डॉलर के बदले करीब 16 डॉलर का सामाजिक और आर्थिक लाभ मिल सकता है. वहीं सुनने की समस्या का असर सिर्फ बातचीत तक सीमित नहीं रहता. यह पढ़ाई, रोजगार और मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर डालता है. इसके अलावा डब्ल्यूएचओ के अनुसार इससे सामाजिक अलगाव और अवसाद का खतरा भी बढ़ सकता है.

शहरों की किस्मत बदलेगा नया फंड, स्मार्ट के साथ ‘समृद्ध’ भी बनेंगे भारतीय नगर

नई दिल्ली   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने शनिवार को भारतीय शहरों की सूरत बदलने के लिए ‘अर्बन चैलेंज फंड’ (UCF) को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत केंद्र सरकार अगले पांच वर्षों में ₹1 लाख करोड़ की सहायता राशि प्रदान करेगी। सरकार का लक्ष्य इस फंड के जरिए 2031 तक शहरी बुनियादी ढांचे में कुल ₹4 लाख करोड़ का निवेश जुटाना है। फंडिंग का बदला अंदाज यह योजना भारत के शहरी विकास में एक बड़े बदलाव का संकेत है। अब शहर केवल सरकारी Grants पर निर्भर नहीं रहेंगे। केंद्र सरकार किसी भी प्रोजेक्ट की लागत का केवल 25% हिस्सा देगी। शहरों को प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए कम से कम 50% रकम बाजार (बैंक लोन, म्युनिसिपल बॉन्ड या प्राइवेट निवेश) से जुटानी होगी। शेष 25% हिस्सा राज्य सरकार या नगर निगम को वहन करना होगा। शहरों के बीच होगी ‘टक्कर’ फंड के लिए शहरों का चयन ‘चैलेंज मोड’ के जरिए होगा। इसका मतलब है कि जिन शहरों के प्रोजेक्ट प्रस्ताव सबसे प्रभावी, सुधारवादी और परिणामोन्मुखी होंगे, उन्हें ही फंडिंग मिलेगी। यह फंड 2030-31 तक चालू रहेगा और भविष्य में इसे 2034 तक बढ़ाया जा सकता है। पहाड़ी और उत्तर-पूर्वी राज्यों के लिए विशेष कवच छोटे शहरों और पहाड़ी राज्यों (North-East) की मदद के लिए सरकार ने ₹5,000 करोड़ का एक विशेष कॉर्पस बनाया है। यह उन नगर निकायों के लिए ‘क्रेडिट गारंटी’ का काम करेगा जो पहली बार बाजार से कर्ज ले रहे हैं। इसका उद्देश्य इन निकायों को इतना मजबूत बनाना है कि वे खुद निवेश जुटाने में सक्षम हो सकें। किन कामों पर होगा खर्च? इस फंड का मुख्य फोकस तीन प्रमुख क्षेत्रों पर रहेगा:     शहरों को आर्थिक विकास का हब बनाना।     पुराने शहरी केंद्रों और हेरिटेज साइट्स का पुनर्विकास।     जल आपूर्ति और स्वच्छता प्रणालियों में सुधार (जैसे सीवेज नेटवर्क, कचरा प्रबंधन और बेहतर परिवहन)।  

बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद भारत से दोस्ती पर जोर, BNP ने PM मोदी को दिया धन्यवाद

ढाका बांग्लादेश में संसदीय चुनाव में शानदार जीत के बाद Bangladesh Nationalist Party (BNP) ने भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi के बधाई संदेश के लिए सार्वजनिक रूप से आभार जताया है। पार्टी ने इसे भारत-बांग्लादेश संबंधों के लिए सकारात्मक संकेत बताया है। BNP ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी बयान में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा पार्टी प्रमुख Tarique Rahman के नेतृत्व को मिली मान्यता का वह स्वागत करती है। पार्टी ने कहा कि यह जीत बांग्लादेश की जनता के भरोसे और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास को दर्शाती है। BNP ने अपने बयान में यह भी दोहराया कि वह लोकतांत्रिक शासन, समावेशिता और राष्ट्रीय विकास के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पार्टी ने संकेत दिया कि आने वाले समय में नई सरकार भारत के साथ रचनात्मक और सहयोगपूर्ण संबंधों को आगे बढ़ाना चाहती है। BNP ने कहा कि वह भारत के साथ पारस्परिक सम्मान, एक-दूसरे की चिंताओं के प्रति संवेदनशीलता और क्षेत्रीय शांति, स्थिरता एवं समृद्धि के साझा लक्ष्य के आधार पर काम करने को तैयार है।   इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान को उनकी पार्टी की निर्णायक जीत पर बधाई दी थी और कहा था कि भारत एक लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और समावेशी बांग्लादेश के समर्थन में हमेशा खड़ा रहेगा। 12 फरवरी 2026 को हुए आम चुनाव बांग्लादेश के लिए ऐतिहासिक माने जा रहे हैं। यह चुनाव 2024 के जन आंदोलनों के बाद पहला था, जिनके चलते लंबे समय से सत्ता में रहीं Sheikh Hasina को पद छोड़ना पड़ा था। चुनाव में BNP ने 300 सीटों वाली संसद में बहुमत हासिल कर सत्ता में वापसी की है, जबकि जमात-ए-इस्लामी गठबंधन मुख्य विपक्ष के रूप में उभरा है।  

IND vs PAK: 8 मैचों में किसका पलड़ा भारी? कल फिर पाकिस्तान की बढ़ेगी मुश्किलें

नई दिल्ली T20 World Cup 2026 का फाइनल से भी बड़ा मैच रविवार 15 फरवरी को कोलंबो में खेला जाना है, जो कि इंडिया वर्सेस पाकिस्तान मैच है। हर कोई यही बात कह रहा है कि ये क्रिकेट की सबसे बड़ी राइवलरी है, लेकिन आंकड़ों पर गौर करेंगे तो आप पाएंगे कि इसमें राइवलरी नाम का कुछ है ही नहीं। टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास के आंकड़ों को उठाया जाए तो आप देखेंगे कि पाकिस्तान भारत के आगे टिकता ही नहीं है। टीम इंडिया और पाकिस्तान के बीच टी20 विश्व कप के इतिहास में अब तक 8 मुकाबले खेले गए हैं। इन 8 मैचों में से सिर्फ एक बार पाकिस्तान को जीत मिली है। 7 बार भारतीय टीम ने मुकाबला जीता है। इसके अलावा 8 में से 3 मैचों में प्लेयर ऑफ द मैच एक ही खिलाड़ी रहा है, जो इस बार टीम का हिस्सा नहीं है, लेकिन उसके आगे पाकिस्तान के गेंदबाजों को एक नहीं चलती थी। ये थे क्रिकेट के किंग विराट कोहली। हालांकि, एक बार ऐसा भी हुआ है, जब पाकिस्तान का एक खिलाड़ी प्लेयर ऑफ द मैच रहा, लेकिन उनकी टीम को भारत से हार का सामना करना पड़ा। ऐसा हुआ था साल 2007 के टी20 विश्व कप के ग्रुप फेज के मैच में, जब मोहम्मद आसिफ को 4 विकेट लेने के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया था। ये मैच टाई रहा था और बॉल आउट के जरिए मैच का नतीजा निकला था, जिसमें भारत को जीत मिली थी। पाकिस्तान का एक और खिलाड़ी इंडिया वर्सेस पाकिस्तान टी20 विश्व कप मैच में प्लेयर ऑफ द मैच रहा है, जो कि शाहीन शाह अफरीदी हैं। 2021 के टी20 विश्व कप के लीग फेज के मैच में शाहीन ने 4 ओवर में 31 रन देकर 3 विकेट निकाले थे। इसमें केएल राहुल, रोहित शर्मा और विराट कोहली का विकेट शामिल था। इसके अलावा 6 मैचों में भारतीय खिलाड़ी प्लेयर ऑफ द मैच रहे हैं। उनमें भी 3 बार विराट कोहली ने ये खिताब जीता है। विराट कोहली ने 2012, 2016 और 2022 के टी20 विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड जीता है। 2007 के टी20 विश्व कप फाइनल में इरफान पठान प्लेयर ऑफ द मैच थे। 2014 में अमित मिश्रा ने ये अवॉर्ड अपने नाम किया था। 2024 में जसप्रीत बुमराह ने प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड हासिल किया था। एशिया कप 2025 में भारत ने लगातार तीन मैचों में पाकिस्तान को हराया था। ऐसे में पाकिस्तान का मनोबल गिरा हुआ होगा।

CM का बड़ा ऐलान- केन-बेतवा लिंक से 300 गांवों को मिलेगा पानी

दमोह मध्य प्रदेश के दमोह जिले के नोहटा में आयोजित नोहलेश्वर महोत्सव और किसान सम्मेलन के मंच से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दमोह जिले के लिए विकास योजनाओं की झड़ी लगा दी। उन्होंने कहा कि औद्योगिक प्रक्षेत्र, सिंचाई परियोजनाओं और पर्यटन विस्तार से जिले के युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा, सूखे खेत को पानी मिल जाए तो फसल सोने जैसी हो जाती है और केन-बेतवा लिंक परियोजना दमोह की तस्वीर बदल देगी। चीतों की संख्या 35 हुई सीएम ने बताया कि प्रदेश में चीतों का पुनर्स्थापन देश के लिए उदाहरण बना है। श्योपुर के उद्यान में लाए गए चीतों की संख्या अब बढ़कर 35 हो चुकी है और इसी वर्ष जून से पहले नौरादेही अभयारण्य में भी चीते छोड़े जाएंगे। इससे दमोह क्षेत्र में वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। ग्रामीणों की आय बढ़ाने के लिए घर ठहराव योजना के तहत अनुदान भी दिया जा रहा है। 600 करोड़ की घोषणा सिंचाई के मोर्चे पर मुख्यमंत्री ने व्यारमा नदी से पानी लिफ्ट कर बांदकपुर-सेमरखो जलाशय की क्षमता बढ़ाने और दमोह विधानसभा के 33 गांवों की 14 हजार हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा देने के लिए 600 करोड़ रुपये की घोषणा की। साथ ही राजनगर तालाब, सीतानगर और सतधरू बांध पर पर्यटन गतिविधियां तथा जल क्रीड़ा केंद्र विकसित किए जाएंगे। एक नजर में घोषणाएं-:     नौरादेही अभयारण्य में चीता पुनर्स्थापन     गीता भवन निर्माण के लिए 2 करोड़     600 करोड़ की लिफ्ट सिंचाई योजना     नवीन जिला जेल के लिए 70 करोड़     तेंदूखेड़ा और हटा में खेल स्टेडियम     राजनगर तालाब व बांधों पर पर्यटन और बोट क्लब     नोहटा को नगर परिषद बनाने पर परीक्षण     व्यारमा नदी पर जल क्रीड़ा केंद्र

शंकराचार्य विवाद गरमाया: अविमुक्तेश्वरानंद बोले—योगी होकर मुख्यमंत्री रहना कैसे संभव?

वाराणसी शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सीएम योगी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि शंकराचार्य की पहचान राजनीतिक प्रमाणपत्र से नहीं होती। सवाल यह है कि अगर आप योगी हैं, तो मुख्यमंत्री  कैसे रह सकते हैं? शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच बयानबाजी को लेकर सियासी और धार्मिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। अविमुक्तेश्वरानंद ने मुख्यमंत्री के उस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि हर व्यक्ति खुद को शंकराचार्य नहीं कह सकता और कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। इस बयान के बाद शंकराचार्य ने पलटवार करते हुए कहा कि सनातन परंपरा में शंकराचार्य की पहचान किसी राजनीतिक प्रमाणपत्र या सरकारी मान्यता से तय नहीं होती। उन्होने कहा कि जो योगी बन गया, उसे राजपाट से दूर रहना चाहिए। राजा योगी बन सकता है, लेकिन योगी फिर से राजा नहीं बनता। तो सवाल यह है कि अगर आप योगी हैं, विरक्त हैं, तो मुख्यमंत्री सत्ता स्वीकार कैसे कर रहे हैं? ‘कोई सीएम शंकराचार्य नियुक्त नहीं करेगा’ एक मीडिया संस्थान को दिए इंटरव्यू में अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि सपा ने शंकराचार्य को मारा था। आप भी मार चुके हो। मतलब सपा ने जिसे मारा, उसे हम भी मार सकते हैं। अगर यही परिभाषा है, तो सपा से अलग कैसे हो सकते हो? जो अहंकार 2015 में अखिलेश के माथे पर चढ़ा था, वही अहंकार चढ़ गया है। अखिलेश तो बर्बाद हो गए। अब इनका देखिएगा। सनातन में ऐसी कोई परंपरा नहीं कि कोई मुख्यमंत्री या सरकार प्रमाणपत्र देकर शंकराचार्य नियुक्त करे। उन्होने कहा कि सनातन धर्म की परंपराएं सदियों पुरानी हैं और इनमें धार्मिक पदों का निर्धारण आध्यात्मिक परंपरा, गुरु-शिष्य परंपरा और धार्मिक मान्यताओं के आधार पर होता है। उन्होंने कहा कि सरकार या कोई राजनीतिक दल यह तय नहीं कर सकता कि कौन शंकराचार्य होगा या नहीं। सीएम योगी ने क्या कहा था? शंकराचार्य विवाद पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अपना पक्ष रखा था। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति खुद को शंकराचार्य नहीं लिख सकता और कानून से ऊपर कोई नहीं है, यहां तक कि मुख्यमंत्री भी नहीं। योगी ने कहा कि सनातन धर्म में शंकराचार्य का पद सर्वोच्च और पवित्र माना जाता है और इसकी अपनी परंपराएं व नियम हैं, जिनका पालन जरूरी है। उन्होने आरोप लगाया कि माघ मेले में जिस मुद्दे को लेकर विवाद बनाया गया, वह वास्तविक नहीं था बल्कि जानबूझकर माहौल खराब करने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि मौनी अमावस्या पर साढ़े चार करोड़ श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने विशेष व्यवस्था बनाई थी और किसी को भी नियम तोड़ने की अनुमति नहीं दी जा सकती। योगी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए पूछा कि अगर संबंधित व्यक्ति शंकराचार्य थे तो पूर्व में उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों की गई। ‘गेरुआ वस्त्र पहनने से कोई योगी नहीं बन जाता’ वहीं समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि केवल गेरुआ वस्त्र पहनने या कान छिदवाने से कोई योगी नहीं बन जाता और संतों का सम्मान होना चाहिए। इस मुद्दे पर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है।  

मुंबई में मेट्रो साइट पर बड़ा हादसा, पिलर का टुकड़ा गिरा—एक मृत, तीन घायल

मुंबई मुंबई में बड़ा हादसा हुआ है। मेट्रो के पिलर का हिस्सा टूटकर गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं, तीन अन्य घायल हो गए। यह हादसा मुलुंड पश्चिम के एलबीएस रोड पर हुआ। निर्माण के दौरान मेट्रो के पिलर का एक हिस्सा ऑटो रिक्शा और एक कार पर गिर पड़ा। इसके चलते दोनों वाहनों को काफी ज्यादा नुकसान हुआ है। घटनास्थल पर मौजूद एक फायर ब्रिगेड अधिकारी के मुताबिक मरने वाले की पहचान रामधन यादव के रूप में हुई है। वहीं, घायलों में राजकुमार इंद्रजीत यादव, महेंद्र प्रताप यादव और दीपा रुहिया हैं। राजकुमार की हालत काफी गंभीर है। उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां आईसीयू में हैं। वहीं, महेंद्र और रुहिया की हालत स्थिर है। मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजनल डेवलपमेंट अथॉरिटी घटना को लेकर बयान जारी किया है। इसमें कहा गया है कि मेट्रो लाइन निर्माण के पास मुलुंड फायर स्टेशन के पास पियर 196 के पास पिलर का एक हिस्सा सवा बारह बजे वहां से गुजरते ऑटो रिक्शा पर गिर गया। बयान के मुताबिक मेट्रो प्रोजेक्ट टीम मौके पर है और बीएमसी और आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों के साथ मिलकर राहत कार्य और घटनास्थल की सुरक्षा में जुटी है। साथ ही हादसे के सटीक कारणों के बारे में पता लगाने के लिए जांच भी चल रही है।

बीच रास्ते वकील पर फायरिंग, कोर्ट पहुंचने से पहले मौत—मध्य प्रदेश में हड़कंप

शिवपुरी मध्य प्रदेश में कोर्ट जा रहे एक वकील की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घात लगाकर बैठे हमलावरों ने इस घटना को अंजाम दिया। दिनदहाड़े हुई इस हत्या से सनसनी फैल गई। परिजनों ने जमीनी विवाद के चलते चार लोगों पर हत्या करने का शक जताया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। मध्य प्रदेश में कोर्ट जा रहे एक वकील की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घात लगाकर बैठे हमलावरों ने इस घटना को अंजाम दिया। दिनदहाड़े हुई इस हत्या से इलाके में सनसनी फैल गई। परिजनों ने जमीनी विवाद के चलते चार लोगों पर हत्या करने का शक जताया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा थाना क्षेत्र में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब किले के पीछे आनंद सागर मंदिर के पास सिद्धन रोड पर करैरा कोर्ट जा रहे एडवोकेट संजय कुमार सक्सेना की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। एकांत रास्ते पर घात लगाकर किए गए इस हमले के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है। जानकारी के मुताबिक मृतक एडवोकेट का नाम संजय सक्सेना है, जो घिरियाली मोहल्ला पुराना बाजार के निवासी थे। वारदात करेरा इलाके के किले के पीछे स्थित आनंद सागर मंदिर के पास सिद्धन रोड पर हुई है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि हमलावर पैदल आए थे या किसी गाड़ी से। बताया जा रहा है कि वारदात के कुछ देर बाद उसी सड़क से गुजर रहे एक अन्य वकील की नजर सड़क पर पड़े संजय सक्सेना पर पड़ी। उन्होंने तत्काल स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर्स ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने पुलिस को बताया है कि संजय सक्सेना का कुछ लोगों से जमीनी विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते चार लोगों पर हत्या का शक जताया गया है। उन्होंने कहा कि जमीन विवाद में आरोपियों ने मार डाला। वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पंचनामा कार्रवाई की और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन के जरिए आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह वारदात सुनियोजित प्रतीत हो रही है।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet