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सीतापुर में हल्दी के दिन दूल्हा-दुल्हन ने की आत्महत्या, 3 साल से था अफेयर

सीतापुर  सीतापुर में शादी के दो दिन पहले एक कपल की लाश कमरे में टंगी हुई मिली. शादी के लिए हल्दी के कार्यक्रम वाले दिन दोनों के शव कमरे के अंदर साड़ी के फंदे से लटकते हुए मिलने से हड़कंप मच गया . परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का फॉरेंसिक टीम के साथ सबूत इकट्ठे कर शवों को उतारकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है. मालूम हो कि दोनों ने सामूहिक विवाह योजना में आवेदन किया था लेकिन शादी के तारीख रद्द होने के चलते मंदिर में शादी करने का फैसला लिया था. हालांकि लड़के के परिजनों ने घटना में हत्या का आरोप लगाया है. मामला महमूदाबाद कोतवाली इलाके के ग्राम मिठौरा का है. जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के निवासी युवक गुड्डू पुत्र रामविलास निवासी बरगदिया उम्र 25 वर्ष और युवती रुचि पुत्री भगवती प्रसाद निवासी बिठौरा के बीच 3 सालों से प्रेम प्रसंग चल रहा था. परिजनों ने बताया कि दोनों की मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 25 नवंबर को शादी होनी थी. किसी कारणवश शादी की डेट कैंसिल होने के चलते परिजनों ने शादी को मंदिर में करने का निर्णय लिया था. परिजनों ने बताया कि आज घर के अंदर हल्दी का कार्यक्रम था. इसी दौरान घर का दरवाजा जब खोला गया तो युवती के घर ही कमरे में प्रेमी और प्रेमिका साड़ी के फंदे से लटकते हुए मिले. वारदात के बाद लड़के के परिवार वालों ने लड़की के जीजा पर हत्या का शक जताते हुए पुलिस को बयान दिया है. परिवार वालों का कहना है की लड़की के जीजा से युवक का 2 से 3 दिन पहले विवाद हुआ था. इसके बाद आज दोनों के शव मिलने के बाद हत्या की आशंका है. अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी प्रवीन रंजन सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी क्योंकि प्रथम दृष्ट्या मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है.  

पं. प्रदीप मिश्रा की कथा के दौरान दो दिनों के में 200 चोरी घटनाओं को अंजाम दिया

वाराणसी.  मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा इन दिनों वाराणसी के डोमरी में कथा कर रहे हैं. चौंकाने वाली बात यह है कि उनकी कथा में जुट रही भीड़ का चोरों ने जमकर फायदा उठाया है. यहां चोरों ने दो दिनों के अंदर 200 घटनाओं को अंजाम दिया है. इन चोरों ने खासकर महिलाओं के गहनों और मंगलसूत्र को निशाना बनाया है. चोरियों के मामले में पुलिस ने 15 शातिर महिलाओं को भी गिरफ्तार किया है. दूसरी ओर, इन चोरियों ने कथा के आयोजकों की नींद उड़ा दी. आयोजकों ने इन चोरियों को लेकर पुलिस कमिश्नर से शिकायत की है. गौरतलब है कि, आयोजकों की शिकायत मिलने के बाद पुलिस कमिश्नर खुद भी मौके पर पहुंचे. इसके बाद पुलिस की टीम ने पूरे पंडाल में लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला. इनमें कुछ महिलाएं कथा के बीच में बार-बार जगह बदलती दिखाई दीं. पुलिस ने जब उनकी तहकीकात की तो पता चला कि ये महिलाएं चोरी की घटना को अंजाम दे रही हैं. इस दौरान पुलिस उस वक्त चौंक गई जब पूरी की पूरी महिला चोर गैंग पंडाल में वारदात करती मिली. ये महिला चोर इतनी शातिर हैं कि इन पर शक करना मुश्किल है. ये महिलाएं पलक झपकते ही गहने और रुपये गायब कर देती हैं. बेहद शातिर हैं महिलाएं बताया जाता है कि, पकड़ी गई महिलाओं को पुलिस का जरा भी खौफ नहीं है. भास्कर डॉट कॉम के मुताबिक, पुलिस ने जब महिलाओं से पूछताछ करनी शुरू की तो महिलाओं ने जांच टीम को गुमराह किया. इन महिलाओं ने नाम से लेकर मोबाइल नंबर तक गलत बताया. जब पुलिस ने इनकी जानकारी को प्रमाणित करने की कोशिश की तो सब कुछ गलत निकला. पुलिस अब और गहराई से इन महिलाओं की पड़ताल कर रही है. पुलिस का कहना है कि ये महिलाओं दूसरे जिले की हैं. उनके आपराधिक रिकॉर्ड को भी खंगाला जा रहा है.

महिला कांस्टेबल ने 9 महीने में खोज निकाले 104 लापता बच्चे, परिवार वाले भी दे रहे दुआ

नई दिल्ली  दिल्ली पुलिस की दो महिला हेड कांस्टेबल ने कुछ ऐसा कर दिया, जिसके बाद उनकी चहुंओर वाहवाही हो रही है। दोनों महिला कांस्टेबल सीमा देवी और सुमन हुड्डा ने पिछले नौ महीनों में 104 गुमशुदा बच्चों को ढूंढ निकालने का सराहनीय काम किया है। मार्च से नवंबर के बीच ‘ऑपरेशन मिलाप’ के तहत उन्होंने हरियाणा,बिहार और यूपी के दूर-दराज के इलाकों का दौरा किया और बच्चों को उनके परिवारों से मिलाया। इस दौरान उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा,जिनमें बच्चों की नई तस्वीरें न होना, भाषा की बाधा,अनजान जगहों पर जाना और स्थानीय लोगों से मदद न मिलना शामिल था। इन मुश्किलों के बावजूद,दोनों ने बच्चों को ढूंढ निकाला और उन्हें उनके परिवारों से मिला दिया। कई मुश्किलें भी आईं दिल्ली पुलिस की बाहरी उत्तरी जिला की एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) में तैनात, सीमा और सुमन ने बताया कि ‘ऑपरेशन मिलाप’ के तहत मार्च से नवंबर के बीच यह रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। दूर-दराज के इलाकों में उन्हें कई बार नई जगहों और वहां के लोगों से अनजान होने की वजह से दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ऐसे में उन्हें स्थानीय पुलिस की मदद लेनी पड़ी। सीमा देवी ने बताया कि कई बार ऐसा भी हुआ कि जिन नंबरों से बच्चे बात करते थे,वे बंद हो जाते थे। ऐसे में हमने साइबर टीम की मदद से फोन की आखिरी लोकेशन का पता लगाया। एक मामले को याद करते हुए सीमा ने बताया कि बवाना से एक 13 साल की बच्ची लापता हो गई थी। उसके सबसे छोटे भाई ने हमें बताया कि उसने अलग-अलग नंबरों से फोन करके बताया था कि वह ठीक है। हालांकि,अलग-अलग नंबरों से फोन आने के कारण उसे कुछ गड़बड़ होने का शक था। हमने मामले की जांच की और बच्ची को नोएडा के जारचा इलाके में पाया। वह वहां घर का काम कर रही थी। हमने उसे तुरंत वहां से छुड़ाया। फोटो से पहचानने में होती थी समस्या नए इलाकों में,सीमा और सुमन को स्थानीय लोगों का विश्वास जीतने में समय लगता था,जिसके बाद ही वे घर-घर जाकर तलाशी ले पाती थीं। सीमा ने बताया कि पुरानी तस्वीरें होने के कारण कई मौकों पर बच्चों की पहचान करना मुश्किल हो जाता था। जब परिवारों के पास अपने बच्चों की नई तस्वीरें नहीं होती थीं,तो 4 से 17 साल के इन बच्चों की पहचान उनके माता-पिता को खुद आकर करनी पड़ती थी। मार्च में AHTU में शामिल हुईं सुमन हुड्डा ने कहा कि बच्चों को उनके परिवारों से मिलाकर उन्हें बहुत गर्व और सुकून मिलता है। उन्होंने बताया कि हमारी कोई निश्चित ड्यूटी नहीं होती। जब भी हमें गुमशुदा बच्चों की जानकारी मिलती है,हम तुरंत घर से निकल पड़ते हैं। कई बार तो ऐसा भी होता है कि मैं अपने बच्चों को कई दिनों तक नहीं देख पाती। कई लोग मदद करने से भी कतराते थे सुमन ने बताया कि उन गांवों में गुमशुदा बच्चों का पता लगाना बहुत मुश्किल होता है,जहां जाने के लिए कोई रास्ता ही न हो। उन्होंने बताया कि कई बार तो हमें परिवहन के साधनों के अभाव में कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। बहुत से लोग हमारी मदद के लिए तैयार रहते हैं,लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिन्हें लगता है कि पुलिस की मदद करने से वे कानूनी पचड़े में पड़ सकते हैं। सुमन ने बताया कि कैसे उन्हें अक्सर रेलवे स्टेशनों पर भीख मांगने वालों और फेरी वालों से महत्वपूर्ण सुराग मिलते थे। गुमशुदा बच्चों की तस्वीरें दिखाने पर अक्सर उन्हें देखे जाने की जानकारी मिल जाती थी। उन्होंने कहा कि 13 से 17 साल के बच्चे खास तौर पर सोशल मीडिया पर मिले अजनबियों के बहकावे में आ जाते हैं।पुलिस के मुताबिक,बच्चों के लापता होने की वजहों में प्रेम प्रसंग,नशा,माता-पिता की उचित देखभाल न मिलना और शिक्षा की कमी शामिल हैं। डीसीपी ने कहा- हमें गर्व है सीमा के खुद के दो बच्चे हैं,जिनकी उम्र 16 और 10 साल है। उन्होंने बताया कि जब मैं कुछ दिनों के लिए घर से बाहर होती हूं,तो मेरा छोटा बेटा मुझे बहुत याद करता है। एक मां होने के नाते,उनका मानना है कि माता-पिता को अपने बच्चों से बात करनी चाहिए और इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वे क्या कर रहे हैं। DCP (बाहरी उत्तरी) निधिन वलसन ने कहा कि हमें ‘ऑपरेशन मिलाप’ में सीमा और सुमन की ओर से किए गए असाधारण कार्य पर बहुत गर्व है। उनकी यह उपलब्धि बच्चों की तस्करी से निपटने और अपने समुदाय की रक्षा के लिए हमारे संकल्प को और मजबूत करती है।  

प्रदेश में अगले 24 घंटे में और बढ़ेगी ठंड, छा सकते है बादल, आज भोपाल में शीतलहर की संभावना, पढ़े मौसम विभाग का नया अपडेट

भोपाल पहाड़ों पर बर्फबारी और उत्तरी हवाओं के चलते मध्यप्रदेश में ठंड बढ़ने लगी है,गुरुवार को राज्यभर में दिन और रात के तापमान में गिरावट देखने को मिली। आने वाले दिनों में रात के समय में तापमान में और गिरावट देखने को मिलेगी, जिससे शीतलहर जैसी स्थिति बन सकती है।आज राजधानी भोपाल में शीतलहर चल सकती है, वही न्यूनतम तापमान नवंबर अंत तक 14 डिग्री तक पहुंचने के आसार है। शुक्रवार और शनिवार को दिन रात के तापमान में और तेजी से गिरावट आने का अनुमान है। आने वाले पांच दिनों तक न्यूनतम तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट होगी।इधर, लगातार पड़ रही ठंड के चलते भोपाल के कई निजी स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है, जल्द ही अन्य सरकारी स्कूलों के समय में भी बदलाव देखने मिल सकता है। कई शहरों में दस डिग्री से कम है तापमान   पचमढ़ी में सबसे कम तापमान 7.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, जबकि अन्य शहरों जैसे शाजापुर, शहडोल, और मंडला में पारा 9 डिग्री के करीब रहा। बड़े शहरों में भोपाल और ग्वालियर में तापमान क्रमशः 10.2 डिग्री और 11.1 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि इंदौर और उज्जैन में यह 13.9 डिग्री और 11.5 डिग्री तक पहुंचा। मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिम-उत्तर भारत में चल रही जेट स्ट्रीम हवाओं और दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम के सक्रिय होने से प्रदेश में सर्द हवाओं का असर बढ़ गया है। 2 दिन बाद Madhya Pradesh में छा सकते है बादल गुरुवार को बंगाल की खाड़ी में तमिलनाडु के तट के पास हवा के ऊपरी भाग में बने एक चक्रवात के आगे बढ़कर कम दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित होने की संभावना है। इससे हवाओं का रुख बदल सकता है और दो दिन बाद प्रदेश में कहीं-कहीं बादल भी छा सकते हैं।इधर, राजस्थान पर बने प्रति-चक्रवात के असर से लगातार सर्द हवाएं मध्य प्रदेश की तरफ आ रही हैं, ऐसे में रात के तापमान में गिरावट नजर आ रही है। हवाओं के साथ कुछ नमी आने से ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में कोहरा बना हुआ है, शेष भागों में सुबह के समय धुंध छाई हुई है। एक सप्ताह में गिरा तापमान   पिछले एक सप्ताह से रात के साथ दिन के तापमान में भी 2-3 डिग्री की गिरावट देखी गई है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसा ही मौसम अगले कुछ दिनों तक बना रहेगा, जिसके बाद दिसंबर में ठंड और तेज हो जाएगी। इस प्रकार, मध्यप्रदेश में सर्दी ने नवंबर के महीने को कड़ाके की ठंड के साथ यादगार बना दिया है। जानिए MP के 5 बड़े शहरों का एक्यूआई लेवल मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार को प्रदेश की राजधानी भोपाल की हवा सबसे खराब रही है। यहां एक्यूआई लेवल 253 दर्ज हुआ। जबलपुर में 243, उज्जैन में 233, ग्वालियर में 218 और इंदौर (विजय नगर इलाके में एयर क्वालिटी इंडेक्स में )में 52 एक्यूआई लेवल दर्ज हुआ।आज शुक्रवार सुबह की बात करें तो भोपाल का एक्यूआई लेवल 258,जबलपुर में 161, उज्जैन में 243, ग्वालियर में 166 और इंदौर में 241 एक्यूआई लेवल दर्ज हुआ। इन इलाकों में दर्ज हुआ अधिकतम तापमान मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा तापमान खंडवा में दर्ज हुआ। यहां का तापमान पचमढ़ी से चार गुना ज्यादा है। यहां 30.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया है। इसके अलावा सबसे ज्यादा तापमान रिकॉर्ड करने वाले चार अन्य इलाके भी हैं, जहां 29 डिग्री के आस-पास तापमान दर्ज किया गया है। इन इलाकों के नाम हैं; खरगौन में 30 , तालुन में 29.2, नमर्दापुरम में 29.1 और रतलाम में 28.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किए गए हैं। राजधानी भोपाल के मौस का पूर्वानुमान राजधानी भोपाल में कल आकाश के साफ रहने का अनुमान लगाया गया है। इसके साथ ही मौसम के संभावित पूर्वानुमान की बात करें तो सुबह के समय धुंध के छाए रहने का अनुमान है। यहां का तापमान अधिकतम 26 डिग्री और न्यूनतम 10 डिग्री तक जाने की संभावना है। बाकी रात में पारा गिरने से लोगों में ठंड का एहसास होने लगा है। हालांकि दिन में मौसम में गर्माहट देखने को मिल रही है।  पिछले 24 घंटे के मौसम का हाल     हिल स्टेशन पचमढ़ी में तापमान 7.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।     राजधानी भोपाल में न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यह तापमान सामान्य से 4.2 डिग्री कम है।     भोपाल में न्यूनतम 10.2 अधिकतम 26.6, ग्वालियर में न्यूनतम 11.1 अधिकतम 26.9 और इंदौर में न्यूनतम 13. अधिकतम 26.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।     उज्जैन में न्यूनतम 11.5 अधिकतम 27.5, जबलपुर में न्यूनतम 11 अधिकतम 26.3 ,बालाघाट में न्यूनतम 10.8 अधिकतम 23.6 और मंडला में न्यूनतम 9.1 अधिकतम 27.02 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ।     भोपाल सहित सीहोर, रायसेन, विदिशा, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी और टीकमगढ़ में घना कोहरा छाया रहा, विजिबिलिटी भी कम रही।

भस्म आरती के दौरान श्री महाकालेश्वर मंदिर में अयोध्या की हनुमानगढ़ी से संत मंत्र बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे

उज्जैन  कालों के काल बाबा महाकाल के दरबार में अगहन कृष्ण पक्ष की सप्तमी पर भस्म आरती के दौरान एक ऐसे संत बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे, जिन्हें देखकर हर कोई अचंभित रह गया। संत की कद-काठी काफी कम थी, लेकिन इन्होंने अपने मस्तक पर त्रिपुंड और रुद्राक्ष की माला पहन रखी थी। भस्म आरती के बाद उन्होंने चांदी द्वार पर पहुंचकर भगवान का पूजन-अर्चन किया और फिर बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त किया। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह भस्म आरती के दौरान श्री महाकालेश्वर मंदिर में अयोध्या की हनुमानगढ़ी से संत मंत्र बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे थे। देखने में यह संत एकदम साधारण नजर आ रहे थे, लेकिन उनकी कद-काठी के कारण हर कोई इन्हें देखता रह गया। संत की लंबाई करीब 2 फीट थी, जिन्होंने चांदी द्वार से बाबा महाकाल के दर्शन किए। संत के साथ कुछ अन्य लोग भी थे जो पूजन-अर्चन के दौरान उनका सहयोग करते नजर आ रहे थे। संत करीब 2 घंटे नंदी हॉल में बैठकर साधना में लीन रहे और बाबा महाकाल के निराकार से साकार स्वरूप के दर्शन किए।   महानिर्वाणी अखाड़े पहुंचे हनुमानगढ़ी अयोध्या से आए संत मंत्र बाबा महाकाल के दर्शन करने के बाद महानिर्वाणी अखाड़े के गादीपति महंत विनीत गिरी महाराज से मिलने अखाड़े पर पहुंचे थे। महंत विनीत गिरी ने उनका स्वागत किया।  

जबलपुर रेलवे विभाग दिव्यांगों को आनलाइन जारी करेगा रेल यात्रा पास

 जबलपुर जबलपुर रेल मंडल में दिव्यांगों के रियायती रेल यात्रा पास जल्द ही घर में बैठे-बैठे बन जाएंगे। उन्हें रेल यात्रा रेल यात्रा कार्ड प्राप्त करने के लिए पास के प्रमुख रेलवे स्टेशन या मंडल कार्यालय तक आने की आवश्यकता नहीं होगी। रेल यात्रा पास को वह ऑनलाइन अपलोड भी कर सकेंगे दिव्यांग यात्रियों की सुविधा के लिए उनके रेल यात्रा पास बनाने की व्यवस्था को डिजिटल किया जा रहा है। आवेदन से लेकर सत्यापन की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। रेल यात्रा पास को वह ऑनलाइन अपलोड भी कर सकेंगे। पार्सल काउंटर को भी डिजिटल भुगतान के नए फीचर से जोड़ा रेल उपभोक्ता सेवाओं का विस्तार करते हुए पार्सल काउंटर को भी डिजिटल भुगतान के नए फीचर से जोड़ने की तैयारी की गई है। जहां, पर पेमेंट वालेट से भुगतान के लिए क्यूआर (बार) कोड स्कैनर लगाए जाएंगे। पार्सल बुकिंग के लिए आने वाले लोगों को डिजिटल भुगतान का सुविधाजनक विकल्प उपलब्ध होगा। आईआरसीटीसी की वेबसाइट से मिलेगी लिंक     रियायती रेल यात्रा प्रमाण पत्र बनाने के लिए पोर्टल तैयार रहा है।     इस पोर्टल की लिंक आईआरसीटीसी की वेबसाइट में रहेगी।     लिंक पर क्लिक करके दिव्यांगजन आवेदन की प्रक्रिया करेंगे।     आवेदन के साथ पात्रता संबंधी समस्त आवश्यक अभिलेखों देंगे।     दिव्यांगजनों को सेल्फ अटेस्टेड प्रति को अपलोड करना होगा। मंडल कार्यालय सत्यापन की प्रक्रिया पूर्ण कर रेल पास जारी करेगा ऑनलाइन आवेदन पर मंडल कार्यालय सत्यापन की प्रक्रिया पूर्ण कर रेल पास जारी करेगा, जिसकी प्रति पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। उसे डाउनलोड कर आवेदक रेल यात्रा में उपयोग कर सकेंगे। किराया एवं सीट संबंधी सुविधा का लाभ प्राप्त करने के पात्र होंगे। पोर्टल पर नए रेल यात्रा पास के साथ ही कार्ड रिनुअल के लिए भी ऑनलाइन आवेदन होंगे। रेल यात्री में दिव्यांगों को रियायत …     दृष्टिबाधित, मानसिक एवं पूर्ण रुप से दिव्यांग को यात्री किराया में 75 प्रतिशत तक छूट प्राप्त होती है।     यह रियायत अनारक्षित टिकट के साथ ही स्लीपर एवं तृतीय वातानुकूलित श्रेणी के लिए पात्र है।     ट्रेन के प्रथम एवं द्वितीय वातानुकूलित श्रेणी में यात्रा पर दिव्यांग को 50 प्रतिशत किराया कम लगता है।     शताब्दी जैसी ट्रेनों में वातानुकूलित तृतीय श्रेणी में यात्रा पर किराए में 25 प्रतिशत की छूट मिलती है।     रेल यात्रा के दौरान दिव्यांग यात्री के साथ यात्रा करने वाले अटेंडर को भी रियायत का लाभ मिलता है। हर काउंटर पर होगा स्कैनर पेमेंट का विकल्प जबलपुर मंडल की पार्सल विभाग में क्यूआर कोड आधारित भुगतान व्यवस्था के बाद रेल उपभोक्ता संबंधी समस्त काउंटर पर डिजिटल पेमेंट संभव होगा। रेल मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर अभी रेल टिकट काउंटर में क्यूआर कोड से ऑनलाइन भुगतान की सुविधा है। पार्सल बुकिंग पर आनलाइन भुगतान के लिए एटीएम कार्ड स्वैप स्टेशन में फूड स्टाल में भी क्यूआर कोड से डिजिटल भुगतान हो रहा है। पार्सल बुकिंग पर अभी नकद के साथ ही ऑनलाइन भुगतान के लिए एटीएम कार्ड स्वैप करने की व्यवस्था है। उपभोक्ता को मोबाइल एप से सीधे भुगतान की सुविधा अब क्यूआर कोड से स्कैन कर भुगतान की सुविधा से उपभोक्ता को मोबाइल एप से सीधे भुगतान की सुविधा मिल जाएगी। अभी जबलपुर जंक्शन, मदनमहल, कटनी, रीवा, सतना, पिपरिया, सागर सहित प्रमुख स्टेशनों पर पार्सल बुकिंग में डिजिटल भुगतान का नया फीचर जोड़ा जा रहा है।

मध्य प्रदेश में बंद हो गई बेस्ट ऑफ़ फाईव योजना

 भोपाल  मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने इस साल से दसवीं में बेस्ट ऑफ फाइव योजना को समाप्त कर दिया है। इस कारण स्कूल शिक्षा विभाग को इस बार 10वीं का परिणाम खराब होने का डर भी सता रहा है। हाल ही में अभी नौवीं से 12वीं कक्षा तक की तिमाही परीक्षा का परिणाम जारी किया गया, जिसमें सबसे खराब परिणाम 10वीं का 55 फीसद से कम रहा। ऐसे में स्कूल शिक्षा विभाग ने बेहतर रिजल्ट के लिए कवायद शुरू कर दी है। अलग से कक्षाएं लगाने के निर्देश सभी जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) को निर्देश देकर 10वीं व 12वीं कक्षा के कमजोर विद्यार्थियों के लिए अलग से विशेष कक्षाएं लगाने के लिए कहा गया है। इस पर सभी जिले के डीईओ ने प्राचार्यों की समीक्षा बैठक बुलाकर कमजोर बच्चों को चिह्नित करने और रेमेडियल क्लास लगाने के निर्देश दिए हैं। पिछले साल 60 प्रतिशत रहा था 10वीं का रिजल्ट इसमें पिछले दो-तीन वर्षों में मेरिट में आने वाले विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिका से तैयारी कराई जा रही है। बता दें कि 10वीं में बेस्ट ऑफ फाइव योजना के बावजूद 2022 में 59.54 प्रतिशत, 2023 में 63.29 प्रतिशत और 2024 में 58.1 प्रतिशत परिणाम रहा था। इस योजना के लागू होने के बाद भी पिछले साल 10वीं का परिणाम 60 प्रतिशत से कम रहा था। छमाही परीक्षा तक पूरा करना है 60 प्रतिशत पाठ्यक्रम बैठक में निर्देशित किया गया है कि छमाही परीक्षा नौ दिसंबर से शुरू होगी, तब तक 60 प्रतिशत पाठ्यक्रम पूरा करना होगा। इसके बाद परीक्षा के बाद भी कक्षाएं लगाई जाएंगी। यह निर्देश भी दिए गए हैं कि विद्यार्थियों को छमाही परीक्षा की कापी भी दिखाई जाएं, ताकि उन्हें पता चल सके कि उन्होंने कहां गलती की हैं। प्री-बोर्ड परीक्षा में शत-प्रतिशत पाठ्यक्रम को पूरा किया जाए। रेमेडियल कक्षाएं लगाएंगे प्राचार्यों को भी निर्देश दिए गए हैं कि 10वीं व 12वीं में पाठ्यक्रम को पूरा करवाने के लिए रेमेडियल कक्षाओं के साथ ही अतिरिक्त कक्षाओं की व्यवस्था भी की जाए। जो विद्यार्थी जिस विषय में कमजोर हैं, उनके सेक्शन मिलाकर एक कक्षा लगवाई जाए, ताकि विद्यार्थियों के कमजोर पक्ष को पहचान कर उसे दूर किया जाए।

अब प्रदेश के कर्मी टैबलेट ई-साक्ष्य अधिनियम के अंतर्गत वीडियो बनाने और संग्रहित रखने में मदद करेंगे

भोपाल  मध्य प्रदेश में अपराधों की विवेचना में लगे लगभग 25 हजार पुलिसकर्मियों के लिए पुलिस मुख्यालय जल्दी टैबलेट उपलब्ध कराएगा। टैबलेट खरीदी के लिए बजट दे दिया गया है। एक जुलाई से नए स्वरूप में तीन कानून प्रभावी होने के साथ ही टैबलेट खरीदने का प्रस्ताव था, लेकिन बजट की कमी के चलते खरीदी नहीं हो पा रही थी। दरअसल, नए कानूनों में ‘भारतीय साक्ष्य अधिनियम’ के अंतर्गत ई-साक्ष्य को अनिवार्य किया गया है। इसमें विवेचना अधिकारियों को घटनास्थल से लेकर सभी साक्ष्य की वीडियो रिकॉर्डिंग करनी है। अभी पुलिसकर्मी अपने मोबाइल में रिकार्डिंग कर रहे हैं। अधिकारी बदलते हैं तो वहीं टैबलेट दूसरे को दिया जाएगा टैबलेट पर्याप्त मैमोरी क्षमता वाले खरीदे जाएंगे। बैटरी क्षमता भी अच्छी होगी। टैबलेट में साक्ष्य संग्रहित होने का लाभ यह भी होगा कि विवेचना अधिकारी बदलते हैं तो वही टैबलेट दूसरे को दे दिया जाएगा। अपने पासवर्ड से विवेचना अधिकारी टैबलेट में ‘ई-साक्ष्य’ में लॉग इन करेंगे। सीसीटीएनएस से जोड़ेंगे इसे इसे सीधा क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) से जोड़ा जाएगा। टैबलेट की वीडियो रिकॉर्डिंग सीसीटीएनएस में पहुंच जाएगी। इसे साक्ष्य के रूप में कोर्ट को भेजा जा सकेगा। अभी सभी विवेचना अधिकारियों का लॉग इन-पासवर्ड नहीं बन पाने और विवेचना अधिकारियों के दक्ष नहीं होने के कारण सभी जिलों में ई-साक्ष्य व्यवस्था लागू नहीं हो पाई है। सभी जिलों में एक-दो महीने में लागू होगा पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया कि जनवरी, 2025 तक सभी विवेचना अधिकारियों को टैबलेट उपलब्ध कराने का प्रयास है। साथ ही इसे सभी जिलों में एक-दो माह में पूरी तरह से लागू कर दिया जाएगा।

शेयर बाजार में बढ़त पर ताजा विवाद से अदाणी के शेयर और टूटे; सेंसेक्स 6 00 अंक चढ़ा, निफ्टी 23450 पार

मुंबई अडानी ग्रुप के चेयरमैन अरबपति गौतम अडानी (Gautam Adani) को लेकर अमेरिका में जांच की खबर का असर कल शेयर बाजार पर दिखाई दिया था और दिनभर सेंसेक्स-निफ्टी गिरावट के साथ लाल निशान पर कारोबार कर रहे थे. लेकिन सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को शेयर मार्केट में हरियाली नजर आ रही है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला Sensex 600 अंक चढ़कर कारोबार कर रहा है, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का Nifty 180 अंक की उछाल के साथ दौड़ लगा रहा है. इस बीच Adani Stocks आज भी लाल-लाल नजर आ रहे हैं. सेंसेक्स ने 600 की लगाई छलांग शुक्रवार को बीएसई का सेंसेक्स (BSE Sensex) कल की गिरावट के बाद जोरदार तेजी के साथ खुला. सेंसेक्स ने अपने पिछले बंद 77,155 की तुलना में करीब 200 अंक की तेजी लेते हुए 77,349.74 के लेवल पर कारोबार शुरू किया और कुछ ही मिनटों में जोरदार रफ्तार पकड़ते हुए 608 अंक चढ़कर 77,764 के लेवल पर पहुंच गया. वहीं दूसरी ओर NSE Nifty भी तूफानी रफ्तार पकड़ते हुए 181.30 अंक की तेजी लेकर 23,541.10 के लेवल पर पहुंच गया. अडानी के शेयरों में आज भी बड़ी गिरावट अब बात कर लेते हैं अरबपति गौतम अडानी की शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनियों के बारे में, जिनमें अमेरिका में जांच की खबर के बाद कल कोहराम मच गया था. तो बता दें कि शुक्रवार को भी Adani Stocks लाल निशान पर ओपन हुए. फ्लैगशिप कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज का शेयर (Adani Enet Share) गिरावट के साथ खुला और ये 2 फीसदी टूटकर कारोबार कर रहा है. इसके अलावा जिस कंपनी को लेकर US में जांच हो रही है, उस Adani Green Energy का स्टॉक 8.76 फीसदी फिसलकर ट्रेड कर रहा है. Adani Ports Share (4.09%), Adani Power Share (3.56%), Adani Total Gas (3.63%), Adani Energy Solutions (5.72%) और Adani Wilmar Share (2.34%), की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं. वहीं दूसरी ओर ACC Share, Ambuja Cement Share और NDTV के शेयर में मामूली तेजी देखने को मिल रही है. ग्रीन जोन में ओपन हुए 1462 शेयर शुक्रवार को शेयर बाजार में तेजी के बीच करीब 1462 कंपनियों के शेयरों ने बढ़त के साथ ग्रीन जोन में ओपन हुए, जबकि 889 शेयर ऐसे रहे, जिनकी शुरुआत गिरावट के साथ लाल निशान पर हुई. वहीं 119 शेयरों की स्थिति में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला. बैंकिंग शेयरों ने दिया बाजार को सपोर्ट गुरुवार की गिरावट के बाद सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को बैंकिंग शेयरों ने बाजार को सपोर्ट किया. ICICI Bank Share, SBI Share, IndusInd Share करीब 1-2 फीसदी तक उछले. इसके अलावा मिडकैप कंपनियों में शामिल SJVN Share (4.54%), Godrej Properties Share (3.42%), Paytm Share (2.80%) तक चढ़कर कारोबार कर रहा था.  स्मॉलकैप कंपनियों में EKI Share 9.98%, Kopran Share 8.29% और DCAL Share 6.92% उछलकर कारोबार कर रहा था. कल बाजार में मची थी भगदड़ इससे पहले बीते कारोबारी दिन गुरुवार को शेयर बाजार (Stock Market) में भगदड़ का माहौल देखने को मिला था. दिनभर गिरावट में कारोबार करने के बाद 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 422 अंक की गिरावट लेकर बंद हुआ था, तो वहीं निफ्टी भी 171 अंक फिसलकर क्लोज हुआ था. इस बीच Adani Shares 20 फीसदी तक फिसल गए थे और अडानी ग्रुप के मार्केट कैप में (Adani Group Market Cap) 2.5 लाख करोड़ रुपये की कमी आई थी.

देवास : अपराधियों ने घर से बुलाकर इलेक्ट्रॉनिक दुकानदार को मारी गोली

देवास  देवास (Dewas) में शुक्रवार की सुबह अपराधियों ने घर से बुलाकर इलेक्ट्रॉनिक दुकानदार की गोली मारकर हत्या कर दी. दिनदहाड़े हुई इस वारदात के बाद आसपास के इलाके में सनसनी मच गई है. घटना की सूचना मिलते ही कन्नौद थाने की पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की छानबीन में जुट गई है. घटना देवास जिले के कन्नौद नगर की है. अपराधियों ने घर से बुलाकर इलेक्ट्रॉनिक दुकानदार को मारी गोली मृतक कन्नौद थाना क्षेत्र के डाक बंगला निवासी मुसरफ के बेटे निसार थे. हालांकि गोली किसने और क्यों मारी है ये अभी अब अज्ञात है. पुलिस के मुताबिक, घटना आज सुबह सात बजे हुई है. घर से 10 कदम की दूरी पर दुकानदार की हत्या कन्नौद टी आई तहजीब काजी के अनुसार, घर से करीब 10-15 कदमों की दूरी पर इलेक्ट्रॉनिक दुकानदार निसार को  अपराधियों ने गोली मारी. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी गई है. वहीं पुलिस घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरा के फुटेज को खंगाल रही है. हालांकि दुकानदार को गोली किसने और क्यों मारी, इसकी जांच पुलिस कर रही है. मृतक के परिजन से पुलिस कर रही पूछताछ इसके अलावा पुलिस मृतक नासिर के घर वालों से भी पूछताछ कर रही है कि कहीं उसकी किसी से दुश्मनी तो नहीं थी. साथ ही पुलिस नासिर के मोबाइल को भी ट्रेस कर रही है कि उसके मोबाइल नंबर पर किसका फोन आया था.

मुख्यमंत्री साय ने ‘द साबरमती रिपोर्ट’ फिल्म की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह फिल्म इसलिए भी देखी जानी चाहिए

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय तथा परिवार के अन्य सदस्यों के साथ ‘द साबरमती रिपोर्ट’ फिल्म देखने राजधानी के मैग्नेटो मॉल पहुंचे। इस फिल्म में 22 साल पहले गुजरात के गोधरा में हुए ट्रेन हादसे की कहानी की सच्चाई को दिखाने की कोशिश की गई है। फिल्म की डायरेक्टर सुएकता कपूर और फिल्म की नायिका सुरिद्धि डोगरा भी इस अवसर पर उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री साय ने  ‘द साबरमती रिपोर्ट’ फिल्म की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह फिल्म इसलिए भी देखी जानी चाहिए क्योंकि अतीत का अध्ययन ही हमें वर्तमान और भविष्य के बारे में बेहतर मार्गदर्शन दे सकता है। उन्होंने कहा कि यह फिल्म इतिहास के उस भयावह सत्य को उजागर करने का अत्यंत सराहनीय और प्रभावशाली प्रयास है जिसे निहित स्वार्थ के लिए छुपाने का प्रयास किया गया था। यह फिल्म तात्कालिक सिस्टम की उस सच्चाई को उजागर करती है, जो झूठे नरेटिव फैलाकर सत्य को दबाने का निंदित प्रयास करती थी। फिल्म दर्दनाक घटना को संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत करती है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री साय ने ‘द साबरमती रिपोर्ट’ फिल्म को छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री करने की घोषणा की है। इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री अरूण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े भी उनके साथ फिल्म देखने पहुंचे थे।

आज जब युवा साथी मुझसे कहते हैं कि हम भी आपके जैसे बनना चाहते हैं, तब मैं गर्व और हौसले से भर जाती हूं

रायपुर आज जब युवा साथी मुझसे कहते हैं कि हम भी आपके जैसे बनना चाहते हैं, तब मैं गर्व और हौसले से भर जाती हूं। मैं चाहती हूं कि बस्तर के अधिक अधिक से अधिक युवा सुरक्षा बलों में भर्ती होकर देश की सुरक्षा में अपना योगदान दें। मुझे बहुत खुशी और गर्व है कि मैं इस सुरक्षा बल का हिस्सा हूं और नक्सल अभियानों में मेरी भूमिका रही है।सीआरपीएफ बस्तरिया बटालियन की जांबाज महिला कांस्टेबल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से उनके बस्तर के सेडवा कैंप प्रवास के दौरान ये बातें साझा की।              मुख्यमंत्री साय बस्तरिया बटालियन की महिला कांस्टेबल  के आत्मविश्वास से भरे शब्दों को सुनकर गर्व से भर गए और शाबाशी देते हुए कहा कि जवानों के हौसलों से ही हमें ताकत मिलती है। उन्होंने कहा कि नक्सल ऑपरेशन में बस्तर की बहुत सारी बेटियां चुनौतियों के बीच सफलतापूर्वक काम कर रही हैं। बस्तर में नक्सलवादियों से मुकाबला करती हमारी बेटियों के पराक्रम का कोई सानी नहीं है।             मुख्यमंत्री साय को  बताया गया कि सीआरपीएफ के चुनिंदा जवानों को कोबरा बटालियन में काम करने का मौका दिया जाता है। इन जवानों को नक्सल ऑपरेशन और जंगलवार में महारत हासिल है। जवानों ने टेकलगुड़ेम में कैम्प स्थापना के दौरान हुई घटना का जिक्र करते हुए बताया कि नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में हमारे कई साथी घायल हुए लेकिन हमारी टीम ने डटकर मुकाबला किया और कैम्प स्थापित करने में सफल हुए, जिसके कारण नक्सलियों को गांव छोडकर भागना पड़ा।         जवानों ने अबूझमाड़ की चुनौतियों के बारे में मुख्यमंत्री को बताया। उन्होंने कहा कि दुर्गम इलाकों में कई तरह की चुनौतियों का सामना करने के बावजूद सभी जवानों का मनोबल ऊंचा है। हमारी तैनाती संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में होती है और हम हर तरह की चुनौतियों से निपटने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। हमारी कोशिश है कि हमारा राज्य नक्सलमुक्त हो। हम सब जवान टीम वर्क के साथ अभियानों को अंजाम देते हैं। नक्सल ऑपरेशन के दौरान जब जवान घायल होते हैं तब उनके लाइफ सपोर्ट के लिए भी टीम हमेशा मुस्तैद रहती है। ग्राउंड जीरो से हायर मेडिकल फेसिलिटिज तक जवानों को ले जाने के लिए एयर लिफ्ट करने का काम भी तत्काल किया जाता है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बस्तर प्रवास के दौरान अचानक ही सीआरपीएफ बस्तरिया बटालियन में जवानों से मिलने बस्तर जिले के सेडवा कैंप पहुंचे थे। यहां उन्होंने जवानों से खुलकर आत्मीयतापूर्वक बात की और जवानों ने भी मुख्यमंत्री से आत्मीय संवाद करते हुए माओवादी आतंक के उन्मूलन के प्रयास में अपने अनुभवों और चुनौतियों को साझा किया। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर जवानों की तारीफ करते हुए कहा कि नक्सलियों के विरुद्ध हमने जो सफलता हासिल की है, उसमें पुलिस और सुरक्षा बलों की अनेक टीमों और बटालियनों की साझी भागीदारी है। इसके साथ-साथ स्थानीय शासन के विभिन्न विभागों ने भी अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवादी मानवता के दुश्मन हैं। बारूदी सुरंगें बिछाते हुए वे जरा भी नहीं सोचते कि इनसे आम लोगों की जानें भी जा सकती हैं। कई बार छोटे-छोटे बच्चे भी इन बारूदी सुरंगों की चपेट में आ जाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप लोगों का काम सचमुच बहुत चुनौतीपूर्ण है, लेकिन हर चुनौती को चूर-चूर करना आप लोगों को आता है। आज हमारे जवान अबूझमाड़ जैसे दुर्गम क्षेत्र में भी नक्सलवाद का सफाया करते हुए सफलता के झंडे लहरा रहे हैं। नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में सुरक्षा बलों ने देश के सामने संगठन और समन्वय का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया है।

दिल्ली स्थित भारत मंडपम में चल रहे 43वें अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में मध्यप्रदेश मंडप आकर्षण का केंद्र बना हुआ

भोपाल दिल्ली स्थित भारत मंडपम में चल रहे 43वें अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में मध्यप्रदेश मंडप आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मंडप में मेले की थीम ‘विकसित भारत@2047’ के अनुरूप प्राचीन सांस्कृतिक एवं कलात्मक धरोहर के साथ तेजी से विकसित होते मध्यप्रदेश के स्वरूप को प्रदर्शित किया गया है। मंडप में प्रदेश के विकास और समृद्धि के डिजिटल निरूपण के साथ ही प्रदेश के पर्यटन गंतव्य, जनजातीय एवं लोक-कला तथा स्थापत्य कला को मनमोहक तरीके से प्रदर्शित किया गया है। विकास की तकनीकी झलक मंडप में प्रवेश करते ही होलोग्राम आधारित विकास के 4 स्तंभ दर्शाए गए हैं। अत्याधुनिक तकनीक का प्रयोग करते हुए कांच के स्तंभों के भीतर होलोग्राम के माध्यम से युवा शक्ति, नारी शक्ति, गरीब कल्याण और किसान कल्याण मिशन प्रदर्शित किए गए हैं। ये 4 स्तंभ आगंतुकों, विशेषकर युवाओं और बच्चों को काफी आकर्षित कर रहे हैं। डिजिटल इन्फोपैनल्स के माध्यम से प्रदेश में निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से आयोजित की जा रहीं रीजनल इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और उद्योग वर्ष की परिकल्पनाओं को प्रमुखता से दर्शाया गया है। विरासत और विकास के दर्शन मंडप के प्रवेश द्वार पर सांची स्तूप, ग्वालियर किला, खजुराहो की मूर्तिकला, चंदेरी द्वार और अमरकंटक कुंड दर्शाए गए हैं। मंडप की बाहरी हिस्से में प्रदेश की 4 प्रमुख जनजातियां – गोंड, भील, सहारिया और बैगा के रहन-सहन और वेशभूषा की विस्तृत जानकारी दी गई है। मंडप के दूसरी ओर ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर पावर पार्क, गांधी सागर डैम और रीवा अल्ट्रा-मेगा सौर ऊर्जा संयंत्र जैसी परियोजनाओं को प्रदर्शित किया गया है। मंडप के भीतरी हिस्से में ऊपर की ओर प्रदेश के प्रमुख गंतव्य स्थलों के पैनल्स लगाए गए हैं। जीआई प्रदर्शनी मंडप में प्रदेश के भौगोलिक संकेतक उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई है। प्रदर्शनी में चंदेरी साड़ी, वारासिवनी साड़ी, महेश्वरी साड़ी, बेलमैटल शिल्प, लौह-अयस्क शिल्प, जबलपुर पत्थर शिल्प, गोंड पेंटिंग्स, बाग प्रिंट्स, शरबती गेहूं, रतलाम सेंव, रियावन लहसुन, मुरैना गजक, उज्जैन बटिक प्रिंट, इंदौर के चमड़े के खिलौने, कड़कनाथ चिकन, सुंदरजा आम, चिन्नौर चावल और ग्वालियर के गलीचों को दिखाया गया है। शासकीय विभागों और उपक्रमों के स्टाल मंडप में प्रदेश के शासकीय विभागों, निगम और मंडलों ने भी भाग लिया है। पर्यटन विभाग द्वारा वर्चुअल रियलिटी (VR) के माध्यम से आगंतुकों को खजुराहो, सांची, उज्जैन, मांडू, महेश्वर, जैसे पर्यटन स्थलों का आभासी अनुभव कराया जा रहा है। विभाग का डिजिटल टचस्क्रीन डैशबोर्ड आगंतुको को पर्यटन से संबंधित समस्त जानकारी उपलब्ध करा रहा है। 19 नवंबर, 2024 को मेले में आयोजित मध्यप्रदेश दिवस समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पर्यटन विभाग को शासकीय श्रेणी में बेस्ट स्टॉल डिस्प्ले के पुरस्कार से सम्मानित किया है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग के स्टाल में ओडीओपी बिजनेस डायरेक्टरी का वितरण किया जा रहा है। मध्यप्रदेश माटीकला बोर्ड के स्टॉल में टैराकोटा से बने दिए, प्लांटर, खिलौनों और सजावटी वस्तुओं की बिक्री की जा रही है। मंडप में राजकुमार और श्रीमती पुष्पा प्रजापति माटीकला का सजीव प्रदर्शन कर रहे हैं और इनके स्टॉल में आगंतुक अपने हाथों से चाक चलाकर टैराकोटा बर्तन बनाने का अनुभव प्राप्त कर रहे हैं। मध्यप्रदेश खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड के स्टॉल में खादी वस्त्र, रेडीमेड कपड़े, शहद, शैंपू, सैनिटाइजर, इत्यादि उत्पादों तथा संत रविदास हस्तशिल्प और हस्तकला विकास निगम के स्टॉल में चंदेरी सूट, महेश्वरी साड़ी, मंदसौर और बटिक चादर, इत्यादि का प्रदर्शन और विक्रय किया जा रहा है। लघु उद्योग निगम के मृगनयनी एंपोरियम के स्टाल में चंदेरी, महेश्वरी और बाग प्रिंट्स के वस्त्रों और बेलमेटल कलाकृतियों का प्रदर्शन और विक्रय हो रहा है।  

डॉ. हरिसिंह गौर की 155वीं जयंती पर सांस्कृतिक कार्यक्रम में मंत्री पटेल हुए शामिल

भोपाल डॉ. हरिसिंह गौर की 155वी. जन्म जयंती पर सागर जिला “गौर उत्सव” मना रहा है। इस अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास व श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल गुरुवार को शामिल हुए। उन्होंने कहा कि यदि आप पीढ़ियों तक अपना यश चाहते हैं तो शिक्षा का मंदिर तैयार करें और इसे एक संकल्प के रूप में पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि एक बार किए गए संकल्प में फिर विकल्प का स्थान नहीं रहता। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी संकल्प की ताकत को समझे, विचार के प्रति समर्पण की ताकत को समझे। हम जो संकल्प जीवन में लें उसके प्रति विकल्प कभी स्वीकार न करें। डॉक्टर सर हरि सिंह गौर का जीवन भी की बड़े संकल्पों की प्रतिमूर्ति है। हम सभी को उनके प्रति कृतज्ञ होना चाहिए। डॉ. हरिसिंह गौर जैसे बहुआयामी व्यक्तित्व हमारे जीवन में न केवल प्रेरणा स्रोत के रूप में कार्य करते हैं बल्कि सामाजिक सरोकार और समाज के प्रति अपने दायित्व, अपनी जिम्मेदारी की ओर भी इंगित करते हैं। मंत्री पटेल ने कहा कि डॉ. गौर साहब अधिवक्ता, लेखक, शिक्षाविद्, समाज सुधारक, दानी और ऐसे व्यक्तित्व के धनी थे जो आगे आने वाली परिस्थितियों को देख सकते थे। आजादी के 75 साल बाद भी हम महसूस कर सकते हैं कि जो पाठ्यक्रम, सुविधाएं सागर केंद्रीय विश्वविद्यालय में है, वह देश के अन्य बड़े-बड़े विश्वविद्यालयों में भी नहीं, यह हमारे लिए गौरव की बात है। उन्होंने डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय को केंद्रीय दर्जा प्राप्त होने की बात को याद करते हुए कहा कि शुरुआत में इस बात को समझ नहीं पाए कि केंद्रीय विश्वविद्यालय बन जाने पर डॉ. हरिसिंह गौर की मूल मंशा प्रभावित होगी। डॉ. गौर की मंशा थी कि बुंदेलखंड के गरीब, अनपढ़ व्यक्ति को संसाधन प्राप्त हों। परंतु जब मध्यप्रदेश के सागर में राजकीय विश्वविद्यालय बनाने के फैसले ने डॉ. गौर की मूल भावना को पुनः जीवित कर दिया। रानी अवंती बाई विश्वविद्यालय सागर सहित संपूर्ण बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए वरदान साबित होगी और डॉ. गौर के सपनों को पूरा करने में सहायक बनेगी। इस दौरान मंत्री पटेल ने अपने गुरु की सीख याद करते हुए कहा कि युग परिवर्तन का अकाट्य सिद्धांत है, मूल सुधार तथा भूल सुधार। जिसे उन्होंने अपने जीवन में अपनाया और कई कठिन परिस्थितियों का आसानी से सामना कर सके। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलगुरू प्रो. नीलिमा गुप्ता, जिला पंचायत अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत सहित जन-प्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी, कॉलेज के प्राचार्य, शिक्षक, छात्र छात्राएं मौजूद थे।  

दुनियाभर में जाना जायेगा उज्जैन का मेडिसिटी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सिंहस्थ के पहले उज्जैन में बनकर तैयार होगा मेडिसिटी एवं चिकित्सा महाविद्यालय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव महाकाल की निगरानी में होगा अब हर मर्ज का ईलाज दुनियाभर में जाना जायेगा उज्जैन का मेडिसिटी प्रायवेट सेक्टर के साथ मिलकर उज्जैन में ही मेडिकल टूरिज्म भी होगा स्थापित मुख्यमंत्री ने उज्जैन में 592.30 करोड़ की मेडिसिटी एवं चिकित्सा महाविद्यालय का किया भूमि-पूजन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश के उज्जैन को मेडिसिटी एवं चिकित्सा महाविद्यालय की सौगात दी है। इसका गुरूवार को भूमि-पूजन किया गया। सिंहस्थ के पहले यह महत्वाकांक्षी प्राजेक्ट तैयार हो जायेगा। इस नवीन व्यवस्था से महाकाल की निगरानी में अब हर मर्ज का ईलाज होगा। स्वास्थ्य के क्षेत्र में उज्जैन की मेडिसिटी दुनियाभर में जानी जायेगी। उज्जैन में हाईटेक स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ मेडिकल डिवाईस पार्क भी विकसित होगा। एक ही परिसर में सारी सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हाईराईज बिल्डिंग बनाई जाएगी तथा एक-एक इंच भूमि का उपयोग किया जायेगा। परिसर में ही चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टॉफ आदि के लिए आवासीय व्यवस्था रहेगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश गठन के बाद वर्ष 2003-04 तक प्रदेश में कुल 05 मेडिकल कॉलेज थे। आज प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में प्रदेश में 30 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं, जिनमें 17 सरकारी हैं और 13 निजी क्षेत्र के हैं। उन्होंने कहा कि सरकार और समाज सहकार के साथ व्यवस्थाएं बनाएंगे। अगले वर्ष 12 मेडिकल कॉलेज और तैयार हो रहे हैं। जिन चिकित्सालयों की क्षमता अधिक है वहां चिकित्सा शिक्षा की व्यवस्था करने की भी योजना है। प्रदेश में पहले चिकित्सा शिक्षा एवं लोक स्वास्थ्य अलग-अलग विभाग होते थे, जिन्हें अब एक कर दिया गया है। सरकार एक-एक पैसे का सदुपयोग कर आम जनता को सुविधाएं दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को उज्जैन में 592.30 करोड़ रूपये लागत से निर्मित होने वाली मेडिसिटी एवं शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय का भूमि-पूजन कर संबोधित कर रहे थे। भूमि-पूजन के दौरान वेदपाठी बाहृणों द्वारा स्वस्ति वाचन किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मेडिसिटी एवं शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय सिंहस्थ-2028 के पहले प्रारंभ होगा। उज्जैन में प्रायवेट सेक्टर के साथ मिलकर मेडिकल टूरिज्म की स्थापना भी की जाएगी। उज्जैन में प्रदेश ही नहीं बल्कि विदेशों से आने वाले सभी मरीजों का उपचार किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा आयुष्मान भारत निरामय योजना शुरू करने के बाद राज्य सरकार ने भी तीन महीने में ही गंभीर मरीजों को एयर लिफ्ट कर बड़े चिकित्सालयों में उपचार कराने की सुविधा शुरू की है। जिन स्थानों पर एयरपोर्ट या हवाई पट्टी नहीं है वहां हेलीकॉप्टर से एयर लिफ्ट कर मरीजों को उपचार की सुविधा दी जा रही है। वर्तमान में प्रदेश में 5000 विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा प्रदान की जा रही है, जो आने वाले समय में 10 हजार हो जायेगी। साथ ही प्रदेश में आयुर्वेद के 5 मेडिकल कॉलेज शुरू कर रहे हैं। उज्जैन के आयुर्वेदिक धनवंतरी महाविद्यालय को सर्वसुविधायुक्त एम्स की तरह बनाया जायेगा, इसकी प्रक्रिया चल रही है। साथ ही उज्जैन में हौम्योपैथी महाविद्यालय भी शुरू कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों को रोजगार मूलक पैरामेडिकल एवं नर्सिंग की शिक्षा देने के निर्देश दिये गये हैं, इससे प्रदेश में रोजगार उपलब्ध होगा। विश्वविद्यालय को पैरामेडिकल एवं नर्सिंग परीक्षाएं भी आयोजित करने के निर्देश दिये गये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी चिकित्सालयों में शव वाहन की व्यवस्था भी की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने सिकल सेल-एनीमिया के उन्मूलन के पर्याप्त इंतजाम किये हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन कलेक्टर कार्यालय का नवीन भवन माधव नगर थाने के पास की जमीन पर निर्मित कराने का भी निर्णय लिया गया है। कार्यक्रम को उप-मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल एवं स्थानीय विधायक अनिल जैन कालूहेडा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर भगवान धनवंतरि की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं कन्या-पूजन कर किया। मालवी पगड़ी पहनकर कार्यक्रम में पहुँचे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थित जन-समूह का पुष्प-वर्षा कर स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के तहत हितलाभ भी वितरित किये, जिसमें ग्राम पंचायत ब्रजराज खेड़ी के दीपक शर्मा को व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के लिए प्रोत्साहन राशि, उज्जैन नगर पालिक निगम की बेबी बाई को आयुष्मान भारत निरामय योजना की 5 लाख रूपये, ग्राम पंचायत गंगेड़ी को पिंक टॉयलेट निर्माण के लिए 4.84 लाख रूपये का चेक प्रदान किया। प्रदेश की पहली मेडिसिटी उज्जैन में निर्मित होने वाली प्रदेश की पहली मेडिसिटी एवं मेडिकल कॉलेज 14.97 एकड़ में 592.3 करोड़ रूपये की लागत से बनेगा। इसमें 6 हाईराइज टॉवर होंगे। टीचिंग हॉस्पिटल का भवन 9 मंजिला होगा, जिसमें बेसमेंट भी शामिल है। मेडिकल कॉलेज का भवन 8 मंजिला होगा इसमें भी बेसमेंट बनाया जाएगा। नर्सेस होस्टल, आरडीएच ब्लॉक व यूजी इंटर्न गर्ल्स होस्टल के भवन 14 मंजिला होंगे। वहीं यूजी इंटर्न बॉइस होस्टल का भवन 11 मंजिला होगा। मेडिसिटी चिकित्सा महाविद्यालय सम्पूर्ण रूप से दक्ष होगा इसमें रिसर्च एंड डवलपमेंट की सभी सुविधाएँ होंगी। इस महाविद्यालय में 550 बेड की क्षमता का अस्पताल होगा तथा इसमें 150 मेडिकल छात्रों को चिकित्सा शिक्षा प्रदान की जाएगी। महाविद्यालय में 380 क्षमता का नर्सिंग होस्टल, यूजी इन्टर्न गर्ल्स व बोइस होस्टल, सर्विस ब्लॉक, लाईब्रेरी, पार्किंग, जिमनेशियम, फुटओवर ब्रीज की सुविधाओं से सम्पन्न होगा। मेडिसिटी मेडिकल कॉलेज के भवन में उर्जा दक्षता, फायर सेफ्टी, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग, सोलर पॉवर, इलेक्ट्रिसिटी बेकअप, सिवरेज ट्रीटमेंट प्लाँट आदि आधुनिक तकनीकिओं का उपयोग होगा। कार्यक्रम में कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री एवं उज्जैन जिला प्रभारी गौतम टेटवाल, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ महाराज, सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक सर्व अनिल जैन कालूहेड़ा, सतीश मालवीय, डॉ. तेज बहादुरसिंह चौहान, जितेन्द्र पंड्या एवं शाजापुर विधायक अरूण भीमावद, महापौर मुकेश टटवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कमला कुंवर अंतरसिंह, उपाध्यक्ष श्रीमती शिवानी कुंवर, नगरनिगम सभापति अध्यक्ष श्रीमती कलावती यादव, वक्फ बोर्ड अध्यक्ष सनवर पटेल, विवेक जोशी, बहादुरसिंह बोरमुण्डला सहित जन-प्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।  

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