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RBI की बड़ी कार्रवाई, बनारस मर्केंटाइल को-ऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस किया कैंसिल, अब ग्राहकों के पैसे का क्या होगा?

नईदिल्ली  भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए बनारस मर्केंटाइल को-ऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया है। इस निर्णय के बाद बैंक के ग्राहकों को असुविधा का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि वे अब अपने खातों में पैसा जमा या निकाल नहीं सकेंगे। दरअसल बैंक की खराब होती वित्तीय स्थिति इस कदम के पीछे का प्रमुख कारण है। बनारस मर्केंटाइल सहकारी बैंक का लाइसेंस रद्द दरअसल भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बनारस मर्केंटाइल को-ऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस रद्द करने का फैसला किया है। यह निर्णय बैंक की वित्तीय स्थिति के अत्यधिक खराब होने के कारण लिया गया है। 4 जुलाई के बाद से यह बैंक किसी भी प्रकार का बैंकिंग कार्य नहीं कर सकेगा। जानकारी के अनुसार RBI ने उत्तर प्रदेश के सहकारिता आयुक्त और सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार से बैंक के लिए लिक्विडेटर नियुक्त करने का अनुरोध किया है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अनुसार, बनारस मर्केंटाइल को-ऑपरेटिव बैंक के पास न तो आय के पर्याप्त स्रोत हैं और न ही पर्याप्त पूंजी। ऐसे में बैंक का संचालन जमाकर्ताओं के हित में नहीं है। बैंक की आर्थिक स्थिति इतनी खराब है कि वह अपने जमाकर्ताओं को पूर्ण भुगतान करने में असमर्थ है। जानकारी दे दें कि दिसंबर में बैंक पर प्रतिबंध लगाए गए थे और अब लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। जानिए कैसे मिलेगा ग्राहकों का पैसा वापस? दरअसल बनारस मर्केंटाइल सहकारी बैंक के जमाकर्ताओं को अपना पैसा निकालने के लिए जमा बीमा और लोन गारंटी निगम (DICGC) के पास आवेदन करना होगा। वहीं बैंक के अनुसार, 99.98% जमाकर्ता DICGC के जरिए अपना पूरा पैसा वापस पा सकते हैं। DICGC किसी भी जमाकर्ता को अधिकतम 5 लाख रुपये तक की राशि लौटाती है। 30 अप्रैल तक, DICGC ने 4.25 करोड़ रुपये का भुगतान पहले ही कर दिया है। जमाकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण जानकारी: लाइसेंस रद्द: 4 जुलाई के बाद से बनारस मर्केंटाइल को-ऑपरेटिव बैंक कोई भी बैंकिंग कारोबार नहीं कर पाएगा। DICGC आवेदन: जमाकर्ताओं को DICGC के माध्यम से अपने पैसे की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी। अधिकतम वापसी: DICGC अधिकतम 5 लाख रुपये तक की राशि किसी भी जमाकर्ता को वापस करती है। लिक्विडेशन प्रक्रिया: उत्तर प्रदेश के सहकारिता आयुक्त और सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार से बैंक के लिए लिक्विडेटर अपॉइंट किया जाएगा।

शेयरों में भारी गिरावट के कारण HDFC Bank का मार्केट कैप 53,000 करोड़ रुपये कम हो गए

मुंबई पिछले कुछ दिनों की तेजी के बाद आज शेयर बाजार में तगड़ी गिरावट देखी जा रही है. निफ्टी जहां 100 अंकों से ज्‍यादा टूट गया था तो वहीं Sensex में 400 अंक से ज्‍यादा की गिरावट देखी गई थी. वहीं बैंक निफ्टी में सबसे ज्‍यादा 1.42 फीसदी की कमी आई है. इस बीच, HDFC बैंक के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा नुकसान कराया है. 53000 करोड़ रुपये का नुकसान! शुक्रवार को बाजार खुलते के कुछ देर बाद ही HDFC बैंक के शेयर 4 फीसदी से ज्‍यादा टूट गए. शेयरों में भारी गिरावट के कारण HDFC Bank का मार्केट कैप 53,000 करोड़ रुपये कम हो गए. यानी कि HDFC बैंक के निवेशकों का वैल्‍यूवेशन 53000 करोड़ रुपये कम हुआ है. अभी प्राइवेट सेक्‍टर के बड़े बैंक का मार्केट कैप 13.13 लाख करोड़ रुपये है. खबर लिखे जाने तक HDFC बैंक के शेयर 4.16 फीसदी गिरकर 1655 रुपये पर कारोबार कर रहे थे. HDFC बैंक के शेयर में इतनी बड़ी गिरावट क्‍यों? देश के सबसे बड़े बैंक के शेयरों में तगड़ी गिरावट कर्जदाता द्वारा लोन और एडवांस, डिपॉजिट ग्रोथ पर जून तिमाही के कारोबारी अपडेट देने के बाद आया है. जून तिमाही के नतीजों से पहले बैंक ने अपडेट जारी किया है, जिसके मुताबिक HDFC बैंक के लिए लोन डिस्‍ट्रीब्‍यूशन और डिपॉजिट ग्रोथ आमतौर पर कम रहे हैं. नोमुरा इंडिया ने अपने नोट अपडेट में कहा है कि पिछले तीन वर्षों में बैंक के लोन और डिपॉजिट में 1 से 3 प्रतिशत की ग्रोथ रही है. बैंक लोन डिस्‍ट्रीब्‍यूशन में कमी वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही के अपडेट के बाद, एचडीएफसी बैंक का शेयर बीएसई पर 4.19 प्रतिशत गिरकर 1,654.25 रुपये के निचले स्तर पर पहुंच गए थे.  HDFC बैंक ने प्रो-फॉर्मा आधार पर अपने ग्रॉस मैनेजमेंट एसेट (AUM) में 11 प्रतिशत की साल-दर-साल या फ्लैट ग्रोथ रखी है. लोन बिक्री के बाद, ग्रॉस डेट में 0.8 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि साल-दर-साल ग्रोथ 10.8 प्रतिशत की रही है. HDFC बैंक के शेयर पर आया टारगेट नोमुरा इंडिया ने शेयर पर 1,660 रुपये का टारगेट प्राइस सुझाया है और कहा “एचडीएफसी बैंक की ऋण और जमा वृद्धि (प्रो-फॉर्मा आधार पर) हमारे वित्त वर्ष 25 एफ अनुमानों से कम है, जो कि क्रमशः 12 प्रतिशत और 17 प्रतिशत है. एचडीएफसीबी की बैलेंस शीट में सुधार हो रहा है, लेकिन हमारा मानना ​​है कि यह प्रक्रिया धीरे-धीरे होगी.

रीवा, भोपाल सहित 13 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, जानें अब तक कहां-कितना बरसा पानी

भोपाल मध्यप्रदेश में अब तक 6 इंच बारिश हो चुकी है। अभी भी सामान्य से आधा इंच पानी कम गिरा है। अगले 24 घंटे एमपी में अच्छी बारिश होगी। शिवपुरी, रायसेन, सतना रीवा, नीमच, श्योपुरकलां, भिंड समेत 13 जिलों में मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन समेत प्रदेश के अन्य जिलों में भी पानी गिरेगा। शुक्रवार को सुबह से ही इंदौर में सुबह से बादल छाए रहे। अगले 24 घंटे कई जिलों में अच्छी बारिश मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक, दक्षिणी गुजरात के ऊपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव है। ट्रफ लाइन भी गुजर रही है। इससे MP में अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी आ रही है। अगले 24 घंटे में कई जिलों में 5 से 8 सेंटीमीटर तक बारिश हो सकती है। 48 घंटे के बाद सिस्टम कमजोर होगा, लेकिन हल्की बारिश जारी रहेगी। 7 जुलाई को सिस्टम फिर स्ट्रॉन्ग होगा। इससे 8 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है। इन जिलों में तेज बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने शुक्रवार को  सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, नीमच, श्योपुरकलां, भिंड, शिवपुरी, रायसेन, सिंगरौली, मैहर, पन्ना, छतरपुर, भोपाल में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन समेत प्रदेश के सभी जिलों में भी आंधी, गरज-चमक और बारिश की स्थिति बनी रहेगी। सतना और सागर में अच्छी बारिश सतना में गुरुवार को अच्छी बारिश हुई। 2 इंच से ज्यादा पानी गिरा। सागर में 1 इंच से अधिक बारिश हुई। भोपाल, धार, गुना, ग्वालियर, नर्मदापुरम, खंडवा, नर्मदापुरम जिले के पचमढ़ी, रतलाम, उज्जैन, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, मंडला, छतरपुर जिले के नौगांव, सिवनी, टीकमगढ़, उमरिया और बालाघाट के मलाजखंड में भी बारिश हुई। जानें अब तक कहां, कितनी बारिश मध्यप्रदेश में अब तक 6 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि 6.5 इंच बरसात होनी थी। औसत 9% बारिश कम हुई है। भोपाल में सबसे ज्यादा बारिश हुई है। राजधानी में अब तक साढ़े 10 इंच पानी गिन चुका है। जो कुल बारिश की 62% है। इंदौर  में 7.33 इंच पानी गिर चुका है, जो कुल बारिश का 23% है।  जबलपुर में सामान्य से 12% कम बारिश हुई है। 6.7 इंच बारिश हुई है। उज्जैन में 5.6 इंच बारिश हो चुकी है। ग्वालियर में औसत से 67% ज्यादा बारिश हो चुकी है। उमरिया में सबसे कम 58 प्रतिशत बारिश हुई है। इन जिलों में इतनी बारिश कटनी में 3.79, नरसिंहपुर 5.58, छिंदवाड़ा 7.75, सिवनी 8.94, मंडला 9.41, बालाघाट 5.85, डिंडोरी 9.70 इंच पानी गिरा। सीहोर 6.45, राजगढ़ 6.20, रायसेन 5.25 और विदिशा में 6.88  इंच पानी बरसा। धार 5.93, झबुआ 6.33, अलीराजपुर 7.15, बड़वानी 5.73, बुरहानपुर 6.51, खंडवा 6.49 और खरगोन में 4.79 इंच बारिश हुई। इंदौर, नर्मदापुरम और रतलाम में बादल छाए हुए हैं। अशोकनगर में देर रात तक हुई तेज बारिश से नाले उफान पर आ गए हैं। सावन और खजुरिया गांव की पुलिया के ऊपर पानी बह रहा है। ट्रैफिक रुका है। शहर की शंकर कॉलोनी में एक घर की टीन की छत गिर गई। मौसम विभाग ने शुक्रवार को रीवा, नीमच, श्योपुरकलां, भिंड, शिवपुरी, रायसेन, सतना समेत 13 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन समेत प्रदेश के अन्य जिलों में भी पानी गिरेगा। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि अगले 24 घंटे में कई जिलों में 5 से 8 सेंटीमीटर तक बारिश हो सकती है। 48 घंटे के बाद सिस्टम कमजोर होगा, लेकिन हल्की बारिश जारी रहेगी। 7 जुलाई को सिस्टम फिर स्ट्रॉन्ग होगा। इससे 8 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।  

पाकिस्तान जाएंगे PM मोदी? इस खास मकसद से न्योता भेज रही है शहबाज शरीफ सरकार

इस्लामाबाद पाकिस्तान का कहना है कि अक्टूबर में होने वाली शंघाई सहयोग संगठन की मीटिंग की वह मेजबानी करेगा और इसमें भारत समेत सभी सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों को आमंत्रित करेगा। ऐसे में यह बड़ा सवाल होगा कि भारत की ओर से किसे भेजा जाता है। बीते करीब एक दशक से दोनों देशों के बीच संबंध सामान्य नहीं हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने सत्ता में आने के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के साथ अच्छे रिश्तों की पहल की थी। उन्हें शपथ ग्रहण समारोह में बुलाया था और फिर एक बार अचानक पाकिस्तान भी गए थे। यह मौका नवाज शरीफ के जन्मदिन का था। 2015 में उनका यह दौरा अहम था क्योंकि 10 साल बाद कोई भारतीय पीएम पाकिस्तान पहुंचा था। फिर इसके बाद पठानकोट, उड़ी जैसे आतंकी हमले हुए और भारत ने पाकिस्तान को करारा जवाब देते हुए एयर स्ट्राइक और सर्जिकल स्ट्राइक जैसे ऐक्शन लिए। दोनों देशों के बाद तब से ही रिश्ते खराब हैं और अब करीब 9 साल बीत चुके हैं। इस दौरान किसी भी भारतीय मंत्री या पीएम ने पाकिस्तान का दौरा नहीं किया है। हालांकि बीते साल बिलावल भुट्टो जरदारी जरूर गोवा आए थे, जब एससीओ देशों के विदेश मंत्रियों की मीटिंग बुलाई गई थी। ऐसे में अब भारत की ओर से कौन इस मीटिंग में प्रतिनिधित्व करता है, इस पर सभी की नजरें होंगी। पाक के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मुमताज जहरा बलोच ने कहा कि एससीओ शासनाध्यक्ष परिषद (सीएचजी) की अध्यक्षता के रूप में पाकिस्तान इस वर्ष अक्टूबर में एससीओ शासनाध्यक्ष बैठक की मेजबानी करेगा। यह पूछे जाने पर कि क्या पाकिस्तान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निमंत्रण देगा। बलोच ने कहा, ‘इसकी अध्यक्षता पाकिस्तान के पास है, इसलिए अध्यक्ष के रूप में हम एससीओ सदस्य देशों के सभी शासनाध्यक्षों को निमंत्रण भेजेंगे।’ उन्होंने कहा, ‘हम उम्मीद करते हैं कि अक्टूबर में आयोजित होने वाली शासनाध्यक्षों की बैठक में एससीओ के सभी सदस्यों का प्रतिनिधित्व होगा।’ उन्होंने कहा कि अक्टूबर में आयोजित होने वाले शिखर सम्मेलन से पहले मंत्रिस्तरीय बैठक और वरिष्ठ अधिकारियों की कई दौर की बैठकें होंगी। जिनमें एससीओ सदस्य देशों के बीच वित्तीय, आर्थिक, सामाजिक-सांस्कृतिक और मानवीय सहयोग पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। बलोच ने यह भी कहा कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय राजनीति में किसी गुट का हिस्सा नहीं बनेगा क्योंकि वह सभी देशों के साथ अच्छे संबंध रखने में विश्वास रखता है।  

6 दिनों में हिम शिवलिंग के दर्शन करने वालों की संख्या सवा लाख पार, उत्साहित हैं यात्री

श्रीनगर अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले भोले बाबा के भक्तों का उत्साह चरम पर है। भारी बारिश के बीच भी यात्रियों के कदम नहीं रुक रहे। वीरवार को 5600 यात्री पवित्र गुफा की ओर बढ़े और पूर्व में गए 24978 यात्रियों ने हिम शिवलिंग के दर्शन किए। बुधवार को एक दिन में सर्वाधिक 30 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने माथा टेका था। यात्रा के सात दिनों में दर्शन करने वालों का आंकड़ा सवा लाख पार कर चुका है। जानकारी के अनुसार जम्मू से सातवें जत्थे में 4487 पुरुष, 1011 महिलाएं, 10 बच्चे और 188 साधु बालटाल और पहलगाम रूट के लिए रवाना हुए। कड़ी सुरक्षा के बीच जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से 219 वाहनों के माध्यम से सुबह 3 बजे के बाद जत्था रवाना हुआ। इसमें 3668 यात्री पहलगाम और 2028 बालटाल आधार शिविर के लिए रवाना हुए। 52 दिवसीय अमरनाथ यात्रा 29 जून को कश्मीर के दोनों आधार शिविरों से शुरू हुई थी और 19 अगस्त को समाप्त होगी। वर्ष 2023 में 4.5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए थे। शुक्रवार को यात्रा का आठवां जत्था जम्मू से रवाना होना है। इस बीच मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर ने आज और कल भारी बारिश की चेतावनी दी है। ऐसे में यात्रा बाधित हो सकती है लेकिन श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने इसके लिए किसी तरह की सूचना नहीं दी है।  

नोएडा के LOGIX मॉल में लगी आग, मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड

नोएडा नोएडा के लॉजिक्स मॉल के अंदर स्थित एक शोरूम में आग लगने की घटना सामने आई है। आग की सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियों और नोएडा पुलिस के जवानों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू कर दिया। पुलिस ने किसी बड़ी अप्रिय घटना को होने से रोकने के लिए आनन-फानन में पूरे मॉल को खाली करा लिया। जानकारी के अनुसार, नोएडा के थाना सेक्टर-24 के अंतर्गत आने वाले लॉजिक्स मॉल के अंदर स्थित एक कपड़े के शोरूम में शुक्रवार सुबह आग लगने से हड़कंप मच गया। थाना सेक्टर 24 पुलिस बल और फायर ब्रिगेड की 10 गाड़ियां मौके पर मौजूद हैं। मॉल में धुआं भरने के बाद सभी लोगों को बाहर निकाल दिया गया। फायर विभाग मौके पर है और आग बुझाने के प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल मॉल के अंदर कोई फंसा हुआ नहीं है। जैसे ही मॉल में धुआं भरना शुरू हुआ, वैसे ही सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। मॉल प्रबंधन की ओर से प्रारंभिक चरण में आग को बुझाने का प्रयास किया गया, लेकिन आग का दायरा बढ़ने पर इसकी सूचना पुलिस बल और अग्निशमन विभाग को दी गई। इसके बाद दमकल  की 6 गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंच गईं। इसके बाद 4 और गाड़ियां वहां पहुंच गईं। इस घटना में अभी तक किसी के भी हताहत होने की सूचना नहीं है। आग लगने का कारण अभी पता नहीं चल सका है। मॉल के बाहर भारी संख्या में लोग एकत्रित हैं। मौके पर मौजूद एक दमकल अधिकारी ने बताया कि हम लोगों को सुबह 11 बजे फायर सर्विस यूनिट को कंट्रोल रूम के माध्यम से सूचना मिली थी कि लॉजिक्स मॉल के फर्स्ट फ्लोर पर स्थित एडिडास का शोरूम, जोकि बंद था उसमें आग लगी है। त्वरित कार्रवाई करते हुए हमने यहां पर 10 गाड़ियां भेजी हैं। दमकल कर्मियों ने आग पूरी तरह बुझा दी है, अब मशीनों के माध्यम से मॉल में भरे धुएं को निकालने का प्रयास किया जा रहा है। हम आसपास की दुकानों में भी वायरिंग और आग की जांच कर रहे हैं। अधिकारी ने कहा कि हमने ऊपर से नीचे तक पूरा मॉल चेक कर लिया है, अंदर किसी भी फ्लोर पर कोई फंसा हुआ नहीं है। उन्होंने कहा कि चूंकि, शोरूम का शटर बंद और और मॉल भी पूरी तरह से खुला नहीं था, इसलिए शुरुआती तौर पर आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट प्रतीत होता है।    

हत्या मामले में अभिनेता दर्शन की न्यायिक हिरासत 18 जुलाई तक बढ़ाई गई

बेंगलुरु शहर स्थित एक अदालत ने  रेणुकास्वामी हत्या मामले में आरोपी कन्नड़ अभिनेता दर्शन थुगुदीपा, उनकी मित्र पवित्रा गौड़ा और अन्य की न्यायिक हिरासत 18 जुलाई तक बढ़ा दी। दर्शन और पवित्रा सहित सभी 17 आरोपियों को बेंगलुरु और तुमकुरु जेलों से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया क्योंकि उनकी न्यायिक हिरासत आज समाप्त हो रही थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अभिनेता के प्रशंसक 33 वर्षीय रेणुकास्वामी ने गौड़ा को अश्लील संदेश भेजे थे। इससे गुस्साए दर्शन ने रेणुकास्वामी की हत्या कर दी जिसका शव नौ जून को सुमनहल्ली में एक बरसाती नाले के पास मिला था। अधिकारियों का कहना है कि चित्रदुर्ग में दर्शन के फैन क्लब का हिस्सा और आरोपियों में से एक राघवेंद्र नामक व्यक्ति रेणुकास्वामी को इस बहाने यहां के आरआर नगर स्थित एक शेड में लाया था कि अभिनेता उससे मिलना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इसी शेड में उसे प्रताड़ित किया गया और उसकी हत्या कर दी गई।

जांजगीर चांपा में दर्दनाक हादसा कुएं में शख्स को निकालने उतरे चार लोगों की मौत, गैस रिसाव से गई पांच की जान

जांजगीर-चांपा  छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा में कुएं के अंदर जहरीली गैस का रिसाव हुआ है। इस गैस रिसाव में पांच लोगों की मौत हो गई है। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई है। घटना शुक्रवार की सुबह पांच बजे की है। बताया जा रहा है कि राजेंद्र जायसवाल नाम का एक व्यक्ति कुएं के अंदर गया था। उसे बचाने के लिए एक के बाद एक व्यक्ति अंदर उतरते गए। कुएं के अंदर फैसले जहरीली गैस की वजह से पांच लोगों की मौत हुई है। लकड़ी निकालने घुसा था व्यक्ति यह पूरा मामला बिर्रा थाना क्षेत्र का है। राजेंद्र जायसवाल कुएं के अंदर गिरी लकड़ी को निकालने के लिए उतरा था। लकड़ी निकालने के लिए उतरने के बाद उसका दम घुटने लगा। इसके बाद उसकी पत्नी मदद के लिए चिल्लाने लगी। इसके बाद एक के बाद एक पांच लोग कुएं में उतर गए। जहरीली गैस की वजह से सभी अंदर बेहोश हो गए और दम तोड़ दिया। इसके बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन को सूचना दी। प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर शवों को निकाला है। साथ ही सभी को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतकों का नाम रामचंद्र जायसवाल 60 वर्ष, पड़ोसी रमेश पटेल 50 वर्ष, रमेश पटेल के दो बेटे जितेंद्र पटेल 25 वर्ष, राजेंद्र पटेल 20 वर्ष, एक और पड़ोसी टिकेश्वर चंद्रा 25 वर्ष बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि टिकेश चंद्रा की तीन महीने पहले ही शादी हुई थी। दम घुटने से सभी की मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची है। मामले में जांजगीर चांपा एसपी विवेक शुक्ला ने कहा कि बिलासपुर के एसडीआरएफ की टीम की इंतजार की जा रही है। स्थानीय गोताखोर पहुंचे हुए मगर ऑक्सीजन मास्क नहीं होने के कारण रिंग कुएं में नहीं उतरा गया है। शव को निकलने के बाद अस्पताल भेजा जायेगा। मृतकों में पिता, दो बेटे और दो पड़ोसियों की मौत हुई है। रेस्क्यू के लिए एसडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंच गई। वहीं, मृतकों में एक व्यक्ति की शादी तीन महीने पहले ही हुई थी। उसकी पत्नी का आज बर्थडे था। घटना के बाद पूरे गांव में माहौल गमगीन है। पीएम के बाद सभी शवों को परिजनों को सौंप दिया जाएगा।

भोजीपुरा के पूर्व विधायक बहोरन लाल मौर्य का विधान परिषद पहुंचना तय

लखनऊ भोजीपुरा के पूर्व विधायक बहोरन लाल मौर्य का विधान परिषद पहुंचना तय है। विधानसभा चुनाव हारने के बावजूद बहोरन लाल के दिन बहुरने के साथ ही भाजपा में चर्चाओं का बाजार गर्मा उठा है। चर्चा केवल बहोरन लाल की ही नहीं बल्कि लाभार्थियों की लंबी होती फेहरिस्त को लेकर है। इससे पहले बहेड़ी से चुनाव हारे छत्रपाल गंगवार लोकसभा पहुंच चुके हैं। ऊंचाहार विधानसभा सीट से हारने वाले अमरपाल मौर्य हों या गाजीपुर से हारीं संगीता बलवंत बिंद, दोनों अब राज्यसभा के सदस्य बन चुके हैं। भाजपा में चुनाव हारने वालों को लगातार इनाम दिए जाने का सिलसिला जारी है। यह मुद्दा इन दिनों पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। दरअसल, सामाजिक समीकरण साधने के नाम पर पार्टी विधानसभा चुनाव हारने वाले चेहरों को फिर बैकडोर से उच्च सदन भेज रही है। हालांकि खुद की सीट गंवा देने वाले अपनी जाति का रुख कितना पार्टी की ओर मोड़ पाएंगे, यह शोध का विषय है। हालिया लोकसभा चुनाव के नतीजे इसकी चुगली खुद कर रहे हैं। असल में बीते सालों में पार्टी ने सामाजिक गुलदस्ते में हर जाति-बिरादरी के फूल सजाने की जो मुहिम शुरू की, उसका लाभ हर जाति के लोगों को मिला। यह अलग बात है कि गिने-चुनों को छोड़ इनमें से अधिकांश पार्टी की जगह अपने कायाकल्प में ही जुटे रहे। जिनके टिकट काटे वो भेज दिए उच्च सदन सिर्फ चुनाव हारने वालों को ही नहीं, बल्कि जिन्हें खराब सर्वे रिपोर्ट के चलते पार्टी ने विधानसभा के टिकट तक नहीं दिए वे भी रेबड़ियां पाने में पीछे नहीं हैं। मुगलसराय से 2017 में विधायक बनीं साधना सिंह का टिकट पार्टी ने काट दिया था। मगर अब वे राज्यसभा की सदस्य हैं। वो भी उसी चंदौली से जहां पहले से उनकी सजातीय दर्शना सिंह राज्यसभा सांसद थीं। बावजूद इसके चंदौली भाजपा हार गई। चौरी-चौरा से विधायक रहीं संगीता यादव का टिकट कटा तो उन्हें राज्यसभा से नवाजा जा चुका है। यह अलग बात है कि पूरब से पश्चिम तक यादवों का वोट सिर्फ सपा को मिला। सर्वे रिपोर्ट सही न होने के चलते भाजपा ने आगरा ग्रामीण सीट से तत्कालीन विधायक हेमलता दिवाकर का टिकट काट दिया था। अब हेमलता आगरा की मेयर हैं। 2017 का चुनाव कानपुर की आर्य नगर सीट से हारे सलिल विश्नोई को पार्टी ने 2021 में विधान परिषद भेज दिया था। फिर एमएलसी रहते हुए उन्हें 2022 का चुनाव सीसामऊ सीट से लड़ाया लेकिन जीत नहीं पाए। विधानसभा चुनाव हारे तेजेंदर निर्वाल अब शामली के जिलाध्यक्ष हैं।

MLA राजेश मूणत ने सभी दलों के नेताओं और अफसरों के साथ स्मार्ट शहर की प्लानिंग की बड़ी बैठक ली

रायपुर  स्मार्ट शहर की प्लानिंग के महारथी माने जाने वाले पूर्व मंत्री तथा दिग्गज भाजपा विधायक राजेश मूणत रायपुर पश्चिम विधानसभा के साथ-साथ रायपुर शहर को सुंदर और आकर्षक बनाने की प्लानिंग में जुट गए हैं। राजेश मूणत ने रायपुर में सभी दलों के नेताओं और अफसरों के साथ स्मार्ट शहर की प्लानिंग के लिए बुधवार को दीनदयाल आडिटोरियम में बड़ी बैठक कर डाली। यह अपनी तरह का पहला प्रयोग माना जा रहा है, जिसमें शहर के सभी नेताओं और कमिश्नर समेत निगम-स्मार्ट सिटी के आला अफसरों से लेकर इंजीनियर तक जुटे हैं। बैठक में मूणत ने रायपुर के बेहद आकर्षक और महानगर का लुक देने के लिए कई प्वाइंट रखे। उन्होंने कहा कि रायपुर को राजधानी का लुक देने के लिए बेजा कब्जों को पूरी तरह हटवाना होगा। सड़कों की चौड़ाई बढ़ाकर सौंदर्यीकरण इस तरह किया जाना चाहिए कि बाहर से आने वाले को रायपुर बेहद खूबसूरत नजर आए। इसके साथ बिजली के चकाचक इंतजाम और नदी का मीठा पानी ज्यादा से ज्यादा घरों तक पहुंचाने का प्लान बनाना चाहिए। विकास के मुद्दों पर हुई इस बड़ी बैठक में राजेश मूणत के साथ मेयर एजाज ढेबर, सभापति प्रमोद दुबे, नेता प्रतिपक्ष मीनल चौबे के साथ-साथ अधिकांश एमआईसी मेंबर और निगम कमिश्नर आईएएस अबिनाश मिश्रा समेत बड़ी संख्या में नेता और अफसर मौजूद थे। स्मार्ट शहर की प्लानिंग के महारथी माने जाने वाले पूर्व मंत्री तथा दिग्गज भाजपा विधायक राजेश मूणत रायपुर पश्चिम विधानसभा के साथ-साथ रायपुर शहर को सुंदर और आकर्षक बनाने की प्लानिंग में जुट गए हैं। राजेश मूणत ने रायपुर में सभी दलों के नेताओं और अफसरों के साथ स्मार्ट शहर की प्लानिंग के लिए बुधवार को दीनदयाल आडिटोरियम में बड़ी बैठक कर डाली। यह अपनी तरह का पहला प्रयोग माना जा रहा है, जिसमें शहर के सभी नेताओं और कमिश्नर समेत निगम-स्मार्ट सिटी के आला अफसरों से लेकर इंजीनियर तक जुटे हैं। बैठक में मूणत ने रायपुर के बेहद आकर्षक और महानगर का लुक देने के लिए कई प्वाइंट रखे। उन्होंने कहा कि रायपुर को राजधानी का लुक देने के लिए बेजा कब्जों को पूरी तरह हटवाना होगा। सड़कों की चौड़ाई बढ़ाकर सौंदर्यीकरण इस तरह किया जाना चाहिए कि बाहर से आने वाले को रायपुर बेहद खूबसूरत नजर आए। इसके साथ बिजली के चकाचक इंतजाम और नदी का मीठा पानी ज्यादा से ज्यादा घरों तक पहुंचाने का प्लान बनाना चाहिए। विकास के मुद्दों पर हुई इस बड़ी बैठक में राजेश मूणत के साथ मेयर एजाज ढेबर, सभापति प्रमोद दुबे, नेता प्रतिपक्ष मीनल चौबे के साथ-साथ अधिकांश एमआईसी मेंबर और निगम कमिश्नर आईएएस अबिनाश मिश्रा समेत बड़ी संख्या में नेता और अफसर मौजूद थे। पश्चिम का विकास पूर्व मंत्री मूणत का सरोकार राजेश मूणत ने रायपुर पश्चिम विधानसभा में आम लोगों की सुविधा, भव्य निर्माण और सौंदर्यीकरण के कुछ प्रोजेक्ट रखे। उन्होंने कहा कि पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में सफाई, पीने के पानी और स्ट्रीट लाइट पर तत्काल फोकस करना होगा। उन्होंने कहा कि डीपीआर बनाया जाना चाहिए कि निजी कालोनियों में भी टंकियां बनवाकर वहां नदी का पानी सप्लाई किया जा सके। शहरी नियोजन के माहिर पूर्व मंत्री मूणत ने ठेले-गुमटियों को जगह-जगह लगाने से रोकने तथा सभी छोटे कारोबारियों का अलग-अलग जगह सुंदर प्रोजेक्ट बनाकर उन्हें व्यवस्थापित करने की जरूरत पर जोर दिया। मूणत ने कहा कि देश के अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ के दूसरे शहरों से रायपुर आने वालों को लगना चाहिए कि सीएम विष्णुदेव साय की सरकार ने वास्तव में रायपुर को राजधानी के रूप में डेवलप किया है। मेयर ने मूणत को शुक्रवार की बैठक में बुलाया पूर्व मंत्री मूणत ने अफसरों को निर्देश दिए कि सीएम साय भी चाहते हैं और रायपुर की पहली जरूरत यही है कि कब्जों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। डिप्टी सीएम अरुण साव के मार्गदर्शन में योजनाएं बननी चाहिए। मूणत ने बैठक में मौजूद पार्षदों से कहा कि सुबह सफाई व्यवस्था का निरीक्षण रोज करना जरूरी है। उन्होने रामकुंड क्षेत्र में पट्टों के वितरण तथा गुढियारी क्षेत्र में पेयजल की समुचित व्यवस्था पर जोर दिया। बैठक में मेयर ढेबर ने सुझाव दिया कि अमृत मिशन योजना, डोर टू डोर कचरा कलेक्षन कार्य , स्ट्रीट लाईट प्रबंधन कार्य योजनाओं का राजधानी शहर में सफल क्रियान्वयन करने प्रभावी कार्य होना चाहिए। मेयर ढेबर ने कल 5 जुलाई, शुक्रवार को जोन 5 में होने वाली स्वच्छता सर्वेक्षण बैठक में मार्गदर्शन देने के लिए पूर्व मंत्री राजेश मूणत को भी आमंत्रित किया है। बैठक में निगम कमिश्नर अबिनाश मिश्रा ने नगर निगम एवं स्मार्ट सिटी की योजनाओं पर प्रजेंटेशन भी दिया। गुरुवार को रात तक चली बैठक में एमआईसी ज्ञानेश शर्मा, श्रीकुमार मेनन, सुन्दर लाल जोगी और रितेश त्रिपाठी, जोन अध्यक्ष मनीराम साहू, विनोद अग्रवाल तथा पार्षद सुनील चंद्राकर, अमर बंसल, भोला साहू, दीपक जायसवाल, कुंवर रजयंत ध्रुव, प्रकाश जगत, विरेन्द्र देवांगन, कामिनी पुरूषोत्तम देवांगन, दिलेश्वरी अन्नू राम साहू, गोदावरी गज्जू साहू तथा रायपुर स्मार्ट सिटी के सीओओ उज्जवल पोरवाल, भी उपस्थित थे।

इजरायली सेना ने लात-घूंसों से पिटाई की और पैंट खोलकर कार के बोनट पर लेटा दिया

गाजा इजरायली सेना आईडीएफ क्रूरता पूर्वक फिलिस्तीनी आतंकियों का सफाया करने में लगी है। हमास और इजरायल के बीच जंग को नौ महीने का वक्त हो गया है लेकिन, न ही हमास ने पूरी तरह से घुटने टेके हैं और न ही इजरायल ने अपना ऑपरेशन रोका है। इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू कह चुके हैं कि अस्थाई युद्धविराम पर विचार किया जा सकता है लेकिन, जंग तब तक नहीं रुकेगी जब तक उसके दो मकसद पूरे नहीं हो जाते। पहला- हमास का पूर्ण खात्मा और दूसरा- इजरायली बंधकों की रिहाई। गाजा और राफा शहरों में इजरायली सेना अपने ऑपरेशन के दौरान न सिर्फ आतंकियों बल्कि निर्दोष फिलिस्तीनियों पर भी जुल्म कर रही है। इसकी हालिया बानगी तब देखने को मिली, जब इजरायली सेना ने दो फिलिस्तीनी युवकों को कार की बोनट पर बांधकर परेड कराई। आईडीएफ के जुल्म के शिकार इन युवकों ने इजरायली सेना की घिनौनी करतूत बयां की है। उन्होंने बताया कि कार की बोनट पर बांधने से पहले सेना ने उनके पैर पर गोली मारी। उसके बाद लात-घूंसों से पिटाई की और पैंट खोलकर कार के बोनट पर लेटा दिया। इस दौरान वह सेना के आगे गिड़गिड़ा रहे थे। इजरायली सेना के जुल्म के शिकार युवकों के नाम मुजाहिद अबादी बलास और 23 वर्षीय समीर डबाया है। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों ने अस्पताल में भर्ती के दौरान खुलासा किया कि कैसे इजरायली सेना ने उनके साथ बेहद बुरा सलूक किया। दोनों युवकों का कहना है कि कुछ दिन पहले सेना ने उनके साथ ऐसा बर्ताव किया था। ऐसी जानकारी मिली है कि आईडीएफ ने एक ही नंबर की कार पर दोनों युवकों को अलग-अलग समय पर बोनट पर लेटाकर परेड कराई थी। यह घटना सेना के ऑपरेशन वाली जगह जेनिन के बाहरी इलाक़े जबारियात पर अंजाम दी गई थी। पैर पर गोली मारी और फिर पैंट उतरवाई समीर ने बताया कि इजरायली सेना ने उन पर पीछे से गोली मारी। गोली उसके पैर पर लगी थी। वह जब जमीन पर लेटा था और खून लगातार बह रहा था तो सेना के जवानों ने उसकी बिल्कुल सुध नहीं ली। कुछ देर में जवान उसके पास आए और लात-घूंसों से मारने लगे। जब उसने उठने की कोशिश की तो बंदूक के पिछले हिस्से से उसके सिर और शरीर के बाकी हिस्से पर कई बार मारा गया। इसके बाद उसे जबरन खड़ा करवाया। पैंट उतरवाई और पूरी तरह से नंगा कर दिया। इसके बाद उन्हें कार के बोनट पर लेटने को कहा आईडीएफ ने युवकों के साथ की घिनौनी करतूत समीर ने आगे बताया कि सेना ने जब उसे कार के बोनट पर लेटने को कहा तो कार का आगे का हिस्सा काफी गर्म था। इतना कि वह सहन तक नहीं हो पा रहा था। इस दौरान वह सेना के जवानों के आगे गिड़गिड़ा रहा था लेकिन, जवानों का दिल नहीं पसीजा। उससे कहा गया कि अगर वह अपनी जान बचाना चाहता है तो उसे ये करना होगा। इसके बाद उसे रस्सियों से बांधकर कार की बोनट पर लेटा दिया। इस दौरान वह लगातार प्रार्थना कर रहा था। उसने बताया कि उसे ऐसा लग रहा था कि यह उसका अंतिम पल है। हालांकि गनीमत रही कि दोनों की जान बच गई। आईडीएफ ने माना- हमारे जवानों से गलती हुई उधर, फिलिस्तीनी युवकों को कार की बोनट पर लेटाकर परेड कराने के मामले में इजरायली सेना की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी आलोचना हो रही है। आईडीएफ ने इस मामले में बयान दिया है कि यह करतूत वाकई गलत है और आईडीएफ इस तरह के कृत्य को कभी बढ़ावा नहीं देता है। आईडीएफ ने मामले में जांच शुरू कर दी है।  

गर्मी के सबसे ज्यादा सताए हुए राज्य उत्तर प्रदेश पर मॉनसून खासा मेहरबान नजर आ रहा

नई दिल्ली गर्मी के सबसे ज्यादा सताए हुए राज्य उत्तर प्रदेश पर मॉनसून खासा मेहरबान नजर आ रहा है। राज्य के कई हिस्सों में इस सप्ताह झमाझम बारिश होने की संभावनाएं जताई जा रही हैं। IMD यानी भारत मौसम विज्ञान विभाग ने शुक्रवार को बताया है कि अगले 5 दिनों के दौरान उत्तर पश्चिम और मध्य भारत में हल्की से मध्यम बारिश होने जा रही है। साथ ही पूर्वोत्तर भारत भी जमकर भीगने वाला है। आज कहां होगी बारिश IMD का पूर्वानुमान है कि हिमाचल प्रदेश में 6 और 7 जुलाई, उत्तराखंड में 8 जुलाई, पंजाब में 6 और 7 जुलाई, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली में 5-6 जुलाई, उत्तर प्रदेश में 9 जुलाई तक, पूर्वी राजस्थान में 5-6 जुलाई, पश्चिम और पूर्वी मध्य प्रदेश में 5 जुलाई, छत्तीसगढ़ में 7 और 8 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है। जम्मू-कश्मीर, गिलगिट, लद्दाख, बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद में शनिवार यानी 6 जुलाई को भारी बारिश के आसार हैं। भारत के पूर्वी और पूर्वोत्तर क्षेत्र में अगले 5 दिनों तक जोरदार बारिश की उम्मीद है। मौसम विभाग ने बताया है कि झारखंड में 5 जुलाई, ओडिशा में 6, 8 और 9 जुलाई, बिहार में 6 से 9 जुलाई तक, उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में 7 से 9 जुलाई तक और असम, मेघालय में 8-9 जुलाई को बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं। इधर, दक्षिण भारत में केरल, माहे, लक्षद्वीप, तटीय कर्नाटक, कोंकण, गोवा, गुजरात राज्य में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, तटीय आंध्र प्रदेश, यानम, आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी, करईकल, रायलसीमा, तेलंगाना में भी अगले पांच दिनों के दौरान बारिश हो सकती है। मॉनसून ने 2 जुलाई को ही पूरे देश को कवर कर लिया था।  

इंदौर के सांसद शंकर लालवानी ने कुल पड़े वोटों का 78.54 फीसदी वोट मिला

नई दिल्ली हाल ही में हुए लोकसभा चुनावों में मात्र सात सांसद ऐसे हैं जो 70 फीसदी वोट पाकर संसद पहुंचे हैं। बड़ी बात ये है कि ये सभी सांसद सत्तारूढ़ भाजपा से हैं। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और नेशनल इलेक्शन वॉच (NEW) की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 18वीं लोकसभा में केवल सात सांसद ही 70 फीसदी वोटों से जीतकर आए हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इसके उलट कांग्रेस के तीन सांसद ऐसे हैं जो 30 फीसदी से भी कम वोट पाकर संसद पहुंचे हैं। ADR और NEW ने कुल 543 लोकसभा सीटों में से 542 के वोट शेयर का विश्लेषण किया है। एक सीट सूरत से भाजपा के सांसद निर्विरोध चुने गए थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि 542 में से आधे से अधिक यानी 279 सांसद 50 फीसदी से ज्यादा वोटों से जीतकर संसद पहुंचे हैं, जबकि 263 सांसद 50 फीसदी से कम वोट पाकर जीतने में कामयाब रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि भाजपा के सभी 239 सांसदों में से 75 यानी 31 फीसदी सांसदों ने 50 फीसदी से कम वोट से जीत हासिल की है। वहीं कांग्रेस के कुल 99 सांसदों में से  57, सपा के कुल 37 सांसदों में से 32, तृणमूल कांग्रेस के 29 में से 21 और डीएमके के 22 में से 14 सांसद अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में 50 फीसदी से भी कम वोट पाकर जीते हैं। 50 फीसदी वोट से ऊपर हासिल कर जीतने वालों में भाजपा के 164 और कांग्रेस के 42 सांसद ही 50 फीसदी से ज्यादा वोट प्राप्त कर जीत दर्ज कर सके हैं। भाजपा के जिन सात शख्सियतों ने 70 फीसदी से ज्यादा वोट हासिल कर बड़ी जीत दर्ज की है, उनमें इंदौर के सांसद शंकर लालवानी प्रमुख हैं, जिन्हें कुल पड़े वोटों का 78.54 फीसदी मिला है। यानी वो अपने निर्वाचन क्षेत्र में 78.54% वोट हासिल कर लोकसभा पहुंचे हैं। दूसरे नंबर पर नवासारी के सांसद सीआर पाटिल हैं, जिन्हें 77 फीसदी से ज्यादा वोट मिले हैं। विदिशा से जीतने वाले केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को भी 77 फीसदी वोट मिले हैं, जबकि गांधीनगर सीट पर अमित शाह को 76.5 फीसदी, त्रिपुरा वेस्ट सीट पर बिप्लब कुमार देव को 72.85 फीसदी, वडोदरा के सांसद हेमांग जोशी को 72.04 फीसदी और पंचमहल से सांसद राजपाल सिंह महेंद्रसिंह जादव को 70.22 फीसदी वोट मिले हैं। 70 फीसदी से ज्यादा वोट शेयर से जीतने वाले सभी सात सांसदों में से गुजरात से चार, मध्य प्रदेश से दो और त्रिपुरा से एक हैं।  

CM केजरीवाल की जमानत में देरी पर 150 वकीलों ने CJI को लिखा पत्र, जज पर भी उठाए सवाल

नईदिल्ली अरविंद केजरीवाल को जमानत नहीं मिलने पर चिंता जताते हुए 150 से अधिक वकीलों ने गुरुवार को भारत के प्रधान न्यायाधीश (CJI) डी वाई चंद्रचूड़ को एक ज्ञापन भेजा है. सीजेआई को दिए गए ज्ञापन में वकीलों ने कहा कि मामले की सुनवाई कर रहे जज, ईडी और सीबीआई के मामलों में जमानत का अंतिम रूप से निपटारा नहीं कर रहे हैं और लंबी तारीखें दे रहे हैं. इस प्रतिवेदन में यह भी कहा गया है कि केजरीवाल की जमानत पर रोक लगाने वाले जस्टिस सुधीर कुमार जैन को मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लेना चाहिए था, क्योंकि उनके सगे भाई ईडी के वकील हैं. प्रतिवेदन में कही गई ये बात चीफ जस्टिस को भेजे गए प्रतिवेदन में कहा गया है कि एएसजे न्याय बिंदु द्वारा अरविंद केजरीवाल के लिए जमानत आदेश पारित किए जाने के तुरंत बाद, राउज एवेन्यू कोर्ट के जिला जज द्वारा एक आंतरिक प्रशासनिक आदेश जारी किया गया, जिसमें सभी अवकाश अदालतों को निर्देश दिया गया कि वे किसी भी मामले में कोई अंतिम आदेश पारित नहीं करेंगे और केवल नोटिस जारी करेंगे. हालांकि, पीटीआई को सूत्रों ने बताया कि वकील अनुराग जैन कथित आबकारी नीति घोटाले से संबंधित धन शोधन के किसी भी मामले को नहीं देख रहे हैं. इस प्रतिवेदन पर 157 वकीलों द्वारा हस्ताक्षर किए गए हैं. इस प्रतिवेदन पर आम आदमी पार्टी (आप) के विधि प्रकोष्ठ के प्रमुख वकील संजीव नासियार के हस्ताक्षर भी हैं. हाईकोर्ट ने लगा दी थी आदेश पर रोक यह प्रतिवेदन इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अवकाशकालीन न्यायाधीश न्याय बिंदु द्वारा 20 जून को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़े धन शोधन के एक मामले में जमानत दिए जाने के मद्देनजर भेजा गया है. बाद में ईडी की अपील पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने जमानत आदेश पर रोक लगा दी थी. हाईकोर्ट द्वारा निचली अदालत के जमानत आदेश को तत्काल सूचीबद्ध करने, सुनवाई करने और स्थगन लगाने का उल्लेख करते हुए, प्रतिवेदन में कहा गया है, ‘भारतीय न्यायपालिका के इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं देखा गया है और इसने कानूनी बिरादरी के मन में गहरी चिंता पैदा कर दी है.’

हाथरस कांड में SIT आज शासन को सौंपेगी रिपोर्ट, DM-SSP के भी दर्ज किए गए बयान

हाथरस  उत्तर प्रदेश के हाथरस में मंगलवार को साकार विश्व हरि उर्फ भोले बाबा के सत्संग में भगदड़ में 121 लोगों की मौत हुई है। हादसे की एसआईटी जांच रिपोर्ट शुक्रवार को शासन को सौंप दी है। एडीजी आगरा और अलीगढ़ कमिश्नर के नेतृत्व में चल रही जांच में डीएम-एसएसपी सहित 100 लोगों के बयान हुए हैं। दो जुलाई (मंगलवार) की दोपहर हुए इस हादसे के बाद ही मुख्यमंत्री स्तर से एसआईटी जांच का आदेश जारी किया गया। एडीजी आगरा जोन अनुपम कुलश्रेष्ठ और मंडलायुक्त चैत्रा वी को एसआईटी का जिम्मा देते हुए 24 घंटे में रिपोर्ट तलब की, जिसमें सबसे बड़ा सवाल हादसे के मूल कारण, लापरवाही और अनदेखियों को उजागर करना है। हालांकि, यह रिपोर्ट बुधवार को ही देनी थी, लेकिन राहत और बचाव कार्य जारी रहने और बुधवार को मुख्यमंत्री के आने के कारण जांच पूरी नहीं हो सकी। अधिकारियों ने तीन दिन का समय मांग लिया। इसमें घटनास्थल पर तैनात एक-एक पुलिस और अन्य सभी विभागों के कर्मचारी-अधिकारी, प्रारंभिक सूचना वाले कर्मी, एंबुलेंस कर्मी, डॉक्टर, पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टर, किसान, चश्मदीद, घायल, तहसील और जिला स्तर के अधिकारी, डीएम-एसपी आदि तमाम लोग शामिल हैं।

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