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अमरनाथ यात्रा में चार दिन में 74 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किये बाबा बर्फानी के दर्शन

जम्मू  कश्मीर में अमरनाथ मंदिर में पिछले चार दिनों में 74 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए। वहीं 5 हजार 725 यात्रियों का एक और जत्था बुधवार को कश्मीर के लिए रवाना हुआ। अधिकारियों ने बताया,  सुबह भगवती नगर यात्री निवास से 5,725 यात्रियों का एक और जत्था घाटी के लिए दो सुरक्षा काफिलों में रवाना हुआ। इनमें से 2,514 यात्री 118 वाहनों के सुरक्षा काफिले में उत्तरी कश्मीर के बालटाल बेस कैंप के लिए रवाना हुए, जबकि 3,211 यात्री 120 वाहनों में सुरक्षा बलों की सुरक्षा में दक्षिण कश्मीर के नुनवान (पहलगाम) बेस कैंप के लिए रवाना हुए। मौसम विभाग ने दोनों यात्रा मार्गों पर आमतौर पर बादल छाए रहने और सुबह के समय गरज के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई है। श्रद्धालु या तो 48 किलोमीटर लंबे पारंपरिक पहलगाम गुफा मंदिर मार्ग से यात्रा करते हैं या फिर 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग से यात्रा करते हैं। पहलगाम मार्ग का उपयोग करने वालों को गुफा मंदिर तक पहुंचने में चार दिन लगते हैं, जबकि बालटाल मार्ग का उपयोग करने वाले लोग गुफा मंदिर के अंदर ‘दर्शन’ करने के बाद उसी दिन आधार शिविर लौट आते हैं। इस साल की यात्रा के दौरान सात हजार से ज्यादा ‘सेवादार’ (स्वयंसेवक) यात्रियों की सेवा कर रहे हैं। यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रेलवे ने तीन जुलाई से अतिरिक्त ट्रेनें जोड़ने का फैसला किया है। दोनों मार्गों पर यात्रियों के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं भी उपलब्ध हैं।

शेयर बाजार ने भरी उड़ान, सेंसेक्स पहली बार 80000 पर पहुंचा

Attack on police who went to catch illegal liquor, policemen including SHO injured

मुंबई शेयर बाजार (Share Market) में बुधवार को जोरदार तेजी के बीच जहां सेंसेक्स (Sensex) ने जहां पहली बार 80,000 का आंकड़ा पार कर लिया, तो इस बीच बैंकिंग शेयरों में भी ताबड़तोड़ उछाल देखने को मिला. इन स्टॉक्स को लीड HDFC Bank Share ने किया, जिसकमें तेज बढ़त के बाद बाकी बैंकिंग स्टॉक्स भी चढ़ने लगे. खासकर ICICI बैंक और Axis बैंक के शेयर भी बाजार को सपोर्ट करते हुए दिखाई दिए. HDFC Bank का शेयर 3 फीसदी की तेजी के साथ कारोबार कर रहा था. बैंक निफ्टी 53000 के पार निकला Stock Market में तेजी के बीच बीएसई और एनएसई दोनों इंडेक्स ने ओपनिंग के साथ रॉकेट की रफ्तार भागना शुरू कर दिया था. इस बीच बाजार को पूरा सपोर्ट देते हुए बैंक निफ्टी (Bank Nifty) ने 53,000 अंक के रिकॉर्ड स्तर को पार कर लिया, जबकि सेंसेक्स ऐतिहासिक 80 हजार के ऊपर कारोबार कर रहा है. निफ्टी की अगर बात करें, तो Nifty-50 ने भी नए ऑल टाइम हाई लेवल को छूआ और पहली बार 24,307.25 के स्तर पर पहुंचकर ट्रेड कर रहा था. बाजार खुलते ही रॉकेट बना HDFC बैंक का शेयर HDFC Bank Share सुबह 9.15 बजे मार्केट ओपन होने के साथ 1791 रुपये पर खुला और कुछ ही देर में 1794 रुपये का नया हाई लेवल छू लिया. खबर लिखे जाने तक सुबह 10.40 बजे पर एचडीएफसी बैंक का शेयर 3.40 फीसदी चढ़कर 1789.35 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. शेयर में आए इस उछाल के चलते बैंक का मार्केट कैप भी बढ़कर 13.44 लाख करोड़ रुपये हो गया है. इन बैंकिंग स्टॉक्स ने भी पकड़ी रफ्तार एचडीएफसी बैंक के साथ ही ICICI Bank Share करीब 2 फीसदी की तेजी लेकर 1215.85 रुपये स्तर छू लिया, वहीं Axis Bank Share भी 2.21 फीसदी उछलकर 1281 रुपये पर कारोबार कर रहा था. अन्य बैंकिंग स्टॉक्स की बात करें, तो प्राइवेट सेक्टर के Kotak Bank Share 1.50 फीसदी बढ़कर 1799.90 रुपये पर ट्रेड कर रहा था और देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक SBI का शेयर लगभग 1 फीसदी चढ़कर ट्रेड कर रहा था. HDFC Bank शेयर में क्यों आई तेजी? देश में प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े बैंक HDFC Bank के शेयर में आई इस जबरदस्त तेजी के पीछे के कारणों का जिक्र करें, तो अगस्त में एमएससीआई के अधिक निवेश की उम्मीद के बीच एचडीएफसी बैंक के शेयर में यह तेजी आई. ब्रोकरेज फर्म जेफरीज और यूबीएस ने एचडीएफसी बैंक के शेयरों पर Buy रेटिंग बनाए रखी है. जेफरीज के मुताबिक, मई में विदेशी शेयरधारिता में 54.8 फीसदी की गिरावट एमएससीआई की समीक्षा में मदद करेगी. कल दिए थे संकेत, आज कर दिया कमाल बुधवार को शेयर बाजार में कारोबार शुरू होते ही बीएसकई का सेंसेक्स 481.44 अंक या 0.61 प्रतिशत बढ़कर 79,922.89 पर ओपन हुआ था. वहीं कुछ ही मिनटों के कारोबार में ये 572 अंक की उछाल के साथ 80000 के पार निकल गया और 80,039.22 के लेवल को टच कर लिया. गौरतलब है कि बीते कारोबारी दिन मंगलवार को भले ही Sensex सुस्ती के साथ क्लोज हुआ था, निफ्टी 18.10 अंक या 0.07% गिरकर 24,123.85 पर बंद हुआ था, जबकि सेंसेक्स 34.73 अंक या 0.04% गिरकर 79,441.46 पर बंद हुआ. लेकिन प्री-ओपन में इसने 80,129 का लेवल छूकर पहले ही संकेत दे दिए थे. बीते कारोबारी दिन मंगलवार को Nifty-50 भी नए शिखर पर पहुंचा Sensex की तरह ही एनएसई का निफ्टी भी 167 अंकों की छलांग के साथ 24291 पर खुला और कुछ ही देर में 24,292 के स्तर पर पहुंच गया. मार्केट खुलने पर करीब 2095 शेयरों में तेजी आई, 694 शेयरों में गिरावट आई और 100 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ. निफ्टी पर एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank), कोटक महिंद्रा बैंक, एचडीएफसी लाइफ, ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज और टाटा कंज्यूमर प्रमुख लाभ में रहे. HDFC Bank Share में ताबड़तोड़ तेजी BSE के 30 शेयरों में से 21 हरे निशान पर कारोबार कर रहे हैं. इस बीच Sensex को 80000 के पार निकालने में बुधवार को सबसे बड़ा योगदान बैंकिंग स्टॉक्स का रहा, जिनमें जोरदार तेजी देखने को मिली है. बैंकिंग शेयरों के कमाल के चलते ही बैंक निफ्टी (Bank Nifty) ने 53000 अंक के रिकॉर्ड स्तर को पार कर गया है. HDFC Bank Share जहां 2.97% चढ़कर 1781.60 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था, तो वहीं ICICI Bank Share करीब 2 फीसदी की तेजी लेकर 1215 रुपये पर था. इसके अलावा Axis Bank Share भी 2 फीसदी उछलकर 1277.95 रुपये, जबकि Kotak Bank Share 1.50 फीसदी बढ़कर 1799.90 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. टीसीएस-इंफोसिस के शेयर टूटे शेयर बाजार में आज बैंकिंग, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और कैपिटल गुड्स के शेयर बीएसई पर क्रमशः 851 अंक, 261 अंक और 380 अंक की बढ़त के साथ सबसे ज्यादा लाभ में रहे. दूसरी ओर, आईटी शेयर सबसे ज्यादा नुकसान में रहे, बीएसई आईटी इंडेक्स 102 अंक गिरकर 37,939 पर आ गया. इस बीच टीसीएस, इंफोसिस, सन फार्मा, टेक महिंद्रा और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयरों में गिरावट देखने को मिली है.

लोकसभा में मोदी पर हमला करने वालों में टीएमसी और समाजवादी पार्टी आगे, PM ने उन्हें बख्शा

नई दिल्ली सोमवार को कांग्रेस नेता और लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान भारतीय जनता पार्टी को जमकर घेरा था. मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उसका जवाब देना था. देशवासी मंगलवार को सुबह से ही पीएम नरेंद्र मोदी का स्पीच सुनने के लिए बेकरार थे. क्योंकि पीएम मोदी लोकसभा में जब बोलते हैं तो कांग्रेस और विपक्ष को कुंडली खोल कर रख देते रहे हैं. जाहिर है कि कयास लगाए जा रहे थे कि आज पीएम मोदी कांग्रेस की जमकर धुलाई करेंगे. मोदी राहुल गांधी के जवाब में खूब बोले, करीब 2 घंटे से ऊपर (करीब 2 घंटा 17 मिनट) बोलते रहे. उन्होंने कांग्रेस , कांग्रेस नेताओं, नेहरू और इंदिरा गांधी और राजीव गांधी तक के बारे में बोला. राहुल गांधी ने जिन खास बातों की चर्चा की थी उनमें से कुछ एक को छोड़कर अधिकतर मुद्दों पर उन्होंने अपने भाषण में शामिल किया. जाहिर अब इस बात पर बहस होगी कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी में किसने बेहतर बोला. आइए देखते हैं कि पीएम मोदी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को जवाब देने कितना सफल साबित हुए. साथ ही पीएम मोदी के भाषण के मायने क्या रहे? मोदी का मेन फोकस पर कांग्रेस पर रहा, अखिलेश और ममता की चर्चा तक नहीं पीएम नरेंद्र मोदी ने आज पूरी स्पीच के दौरान राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी को ही टार्गेट पर रखा. जबकि कल से ही उन पर टार्गेट करने वालों में तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेता भी शामिल थे. पर पीएम मोदी का फोकस कहीं और नहीं था. उन्होंने नेहरू, इंदिरा गांधी यहां तक राजीव गांधी की भी चर्चा की. मोदी की कोशिश यह साबित करने पर रही कि कांग्रेस अपने सहयोगी दलों के लिए परजीवी की तरह है. शायद उन्हें लगता है कि उनकी स्पीच से समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस आदि कांग्रेस से सजग होंगी.  मोदी ने कहा कि मुझे नहीं पता कि कांग्रेस के जो साथी दल हैं, उन्होंने इस चुनाव का विश्लेषण किया है कि नहीं किया है. ये चुनाव इन साथियों के लिए भी एक संदेश है. अब कांग्रेस पार्टी 2024 से एक परजीवी कांग्रेस के रूप में जानी जाएगी. 2024 से जो कांग्रेस है, वो परजीवी कांग्रेस है और परजीवी वो होता है जो जिस शरीर के साथ रहता है, उसी को खाता है. कांग्रेस भी जिस पार्टी के साथ गठबंधन करती है, उसी के वोट खा जाती है और अपनी सहयोगी पार्टी की कीमत पर वो फलती-फूलती है और इसीलिए कांग्रेस, परजीवी कांग्रेस बन चुकी है. यह तथ्यों के आधार पर कह रहा हूं. आपके माध्यम से सदन और सदन के माध्यम से देश के सामने कुछ आंकड़े रखना चाहता हूं. जहां-जहां बीजेपी-कांग्रेस की सीधी फाइट थी, जहां कांग्रेस मेजर पार्टी थी, वहां कांग्रेस का स्ट्राइक रेट सिर्फ 26 परसेंट है. लेकिन जहां वो किसी का पल्लू पकड़ के चलते थे, ऐसे राज्यों में उनका स्ट्राइक रेट 50 परसेंट है. कांग्रेस की 99 सीटों में से ज्यादातर सीटें उनके सहयोगियों ने जिताया है और इसलिए कह रहा हूं कि परजीवी कांग्रेस है. 16 राज्यों में कांग्रेस जहां अकेले लड़ी, वोट शेयर गिर चुका है. गुजरात, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश, तीन राज्यों में जहां कांग्रेस अपने दम पर लड़ी और 64 में से सिर्फ दो सीट जीत पाई है. इसका साफ मतलब है कि इस चुनाव में कांग्रेस पूरी तरह परजीवी बन चुकी और अपने सहयोगी दलों के कंधे पर चढ़कर के सीटों का आंकड़ा बढ़ाया है. कांग्रेस ने अपने सहयोगियों के जो वोट खाए हैं, न खाए होते तो लोकसभा में उनके लिए इतनी सीटें जीत पाना भी बहुत मुश्किल था. राहुल गांधी पर पर्सनल अटैक, पप्पू की जगह ली बालक बुद्धि ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भाषण के दौरान एक बार कहा कि अब जैसे को तैसा जवाब दिया जाएगा. राहुल गांधी ने जिस तरह अपने भाषण में कई बार पीएम पर पर्सनल अटैक किया उसका जवाब आज पीएम मोदी ने भी उससे भी कड़े अंदाज में दिया. अब तक राहुल गांधी के विरोधी उन्हें पप्पू कहकर संबोधित करते रहे हैं. पर आज पीएम ने अपने स्पीच के दौरान नाम लिये बिना कई बार उनका बालक बुद्धि कह कर मजाक उड़ाया. मोदी ने कहा कि जब उन पर बालक बुद्धि पूरी तरह सवार हो जाती है तो ये किसी के भी गले पड़ जाते हैं. ये हजारो करोड़ रुपये की हेराफेरी के मामले में जमानत पर हैं, ओबीसी पर टिप्पणी के मामले में सजा पा चुके हैं. सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर टिप्पणी को लेकर माफी मांगनी पड़ी है. इन पर वीर सावरकर के अपमान का मुकदमा है. इन पर देश की सबसे बड़ी पार्टी के अध्यक्ष को हत्यारा कहने का मुकदमा है. इन पर कई अदालतों में झूठ बोलने के केस हैं. बालक बुद्धि में न बोलने का ठिकाना होता है ना व्यवहार का ठिकाना होता है. बालक बुद्धि जब पूरी तरह से सवार हो जाती है तो ये सदन में भी किसी के गले पड़ जाते हैं. सदन में बैठकर भी आंखें मारते हैं. इनकी सच्चाई पूरा देश समझ गया है. इसलिए देश इनसे कह रहा है- तुमसे नहीं हो पाएगा. तुलसी दासजी कह गए हैं- जुठई लेना, जुठई देना, जुठई भोजन, जुठई चबेना. कांग्रेस ने जूठ को राजनीति का हथियार बनाया. कांग्रेस के मुंह जूठ लग गया है जैसे वो आदमखोर एनिमल होता है न जिसके मुंह पर लहु लग जाता है. वैसे कांग्रेस के मुंह जूठ का खून लग गया है. देश ने कल एक जुलाई को खटाखट दिवस भी मनाया है. मोदी ने कहा कि आजकल सिम्पैथी गेन करने के लिए एक नई ड्रामेबाजी शुरू की गई है. नया खेल खेला जा रहा है. एक किस्सा सुनाता हूं. एक बच्चा स्कूल से आया और जोर-जोर से रोने लगा. उसकी मां भी डर गई क्या हो गया. वह कहने लगा मां मुझे स्कूल में मारा गया. आज उसने मारा, इसने मारा और रोने लगा. मां ने बात पूछी तो बता नहीं रहा था. बच्चा ये नहीं बता रहा था कि उस बच्चे ने किसी बच्चे को मां की गाली दी थी, किताबें फाड़ दी थी, टीचर … Read more

भारत से मिली करीबी हार से निराश डेविड मिलर ने कहा कि इस परिणाम को पचा पाना मुश्किल

Why are youth being forced to go to foreign countries because of dinky, Rahul Gandhi posted on X

जोहानिसबर्ग  टी20 विश्व कप के फाइनल में भारत से मिली करीबी हार से निराश डेविड मिलर ने कहा कि इस परिणाम को पचा पाना मुश्किल है। बायें हाथ के इस आक्रामक बल्लेबाज ने हालांकि उम्मीद जताई कि उनकी टीम इस हार के गम को भुला कर मजबूत वापसी करेगी। दक्षिण अफ्रीका ने इस विश्व कप में ‘चोकर्स’ के ठप्पे को काफी हद तक पीछे छोड़ते हुए बिना कोई मैच गंवाए फाइनल में जगह पक्की की थी। शनिवार को बारबाडोस में खेले गये फाइनल में उसे भारत से सात रन की शिकस्त मिली मिलर ने सोमवार को ‘इंस्टाग्राम’ पर लिखा, ‘‘मैं बहुत निराश हूं, दो दिन पहले जो हुआ उसके पचा पाना काफी कठिन है। मेरे पास अपनी भावनाओं को बयां करने के लिए शब्द नहीं है। मुझे हालांकि इस टीम पर बेहद गर्व है।’’ फाइनल से पहले दक्षिण अफ्रीका ने अपने अभियान में कई करीबी मैचों में जीत दर्ज की लेकिन टीम खिताबी मुकाबले में जीत के करीब होने के बाद आखिरी पांच ओवर में दबाव में आ गयी। मिलर ने कहा, ‘‘ इस टूर्नामेंट में हमारा सफर शानदार रहा। हमने पूरे महीने कई उतार-चढ़ाव देखे। हमने पीड़ा सही है। मैं हालांकि जानता हूं कि इस टीम में जज्बा है और वह अपना स्तर ऊंचा करती रहेगी।’’ दक्षिण अफ्रीका को आखिरी पांच ओवर में 30 रन चाहिए थे लेकिन जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पंड्या की शानदार गेंदबाजी ने मैच के रुख को भारत की ओर मोड़ दिया। पंड्या ने आक्रामक बल्लेबाजी करने वाले हेनरिच क्लासेन को आउट किया तो वही बुमराह ने मार्को यानसेन को चलता किया। आखिरी ओवर में दक्षिण अफ्रीका को 16 रनों की जरूरत की लेकिन पंड्या की पहली गेंद पर सूर्यकुमार यादव ने लांग ऑफ बाउंड्री के पास मिलर का शानदार कैच लपक कर मैच पर भारत का नियंत्रण बना दिया।    

तितलियों ने भरी हजारों किलोमीटर की लंबी उड़ान, इनके आगे हवाई जहाज भी फेल

न्यूयॉर्क  रंग-बिरंगी तितलियों को उड़ते देखकर हर किसी का मन उमंग से भर ही जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये तितलियां एक शानदार प्रवासी होती हैं, जो हजारों किलोमीटर दूर तक यात्रा करती हैं। वैज्ञानिकों को अब इस बात के प्रमाण मिले हैं कि तितलियों के एक समूह ने बिना रुके अटलांटिक महासागर में 4200 किलोमीटर (2600 मील) से अधिक की उड़ान भरी। इस खोज के साथ ही एक दशक से अधिक समय से चले आ रहे रहस्य से पर्दा उठ गया है। नेचर कम्युनिकेशंस जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पेंटेड लेडी तितलियों की इस लंबी यात्रा के बारे में जानकारी दी है। एंटोमोलॉजिस्ट और शोध के प्रमुख लेखक डॉ. जेरार्ड टैलेवेरा ने दक्षिण अमेरिका के फ्रेंच गुयाना के एक समुद्र तट पर लगभग 10 पेंटेड लेडी तितलियां देखीं थीं। टैलेवेरा के लिए ये हैरान करने वाला था, क्यों ये तितलियां आमतौर पर दक्षिण अमेरिका में नहीं पाई जाती हैं। बर्सिलोना के बॉटनिकल इंस्टीट्यूट में स्पेनिश नेशनल रिसर्च काउंसिल में वरिष्ठ शोधकर्ता टैलवेरा ने कहा, ‘तितलियों को देखकर ऐसा लग रहा था कि वे थकी हुई हैं। वे उड़ भी नहीं पा रही थीं। वे उड़ने के बजाय उछलते थे। मेरे दिमाग में यही आया कि ये लंबी दूरी की प्रवासी हैं, लेकिन तितलियों के लिए एक पूरा महासागर पार करने के बारे में कभी सुना नहीं गया था।’ इसके बाद टालवेरा और उनके सहयोगियों ने जब अध्ययन किया तो पाया कि इन तितलियों ने वह कर दिखाया जो पहले अंसभव माना जाता था। तितलियां कैसे भरती हैं उड़ान 2016 में टैलवेरा द्वारा सह-लिखित एक अध्ययन में पाया गया था कि पेंटेड लेडीज तितलियां यूरोप से लगभग 4000 किलोमीटर की दूरी तय करके उप-सहारा अफ्रीका में निवास करती हैं। इस दौरान उन्हें भूमध्य सागर और सहारा रेगिस्तान को पार करना पड़ता है, लेकिन फिर भी पूरे सफर में तितलियां ज्यादातर जमीन पर रहती हैं। जहां वे भोजन के लिए रुक सकती हैं। नया अध्ययन बताता है कि पेंटेड लेडी को अटलांटिक पार करने में पांच से आठ दिन लगे। शोधकर्ताओं ने निष्कर्ष निकाला कि तितलियां बिना रुके अधिकतक 780 किलोमीटर या उससे अधिक की उड़ान भर सकती हैं लेकिन अनुकूल हवा की स्थिति ने उन्हें लंबी यात्रा पूरी करने की अनुमति दी। उड़ान को कैसे किया गया ट्रैक शोधकर्ताओं का मानना है कि तितलियां संभवतः भूमध्य रेखा के पास पूर्व से पश्चिम की ओर बहने वाली हवाओं का सहारा लेती हैं और इस तरह वे दक्षिण अमेरिका की जमीन पर पहुंच जाती हैं। ये जानने के लिए कि क्या तितलियां वास्तव में समुद्र के पार की यात्रा करती हैं, शोधकर्ताओं ने उनके डीएनए का विश्लेषण किया। इसमें पाया गया कि यह यूरोपी-अफ्रीकी डीएनए से मेल खाता है। इसके अलावा टीम ने आइसोटोप ट्रेसिंग नामक तकनीक का इस्तेमाल किया। इससे तितलियों के पंखों की संरचना देखकर पता लगाया जाता है कि उन्होंने किस तरह के पौधे खाए थे। इस पद्धति से वैज्ञानिकों ने निष्कर्ष निकाला कि तितलियों का जन्मस्थान पश्चिमी यूरोप, उत्तरी अमेरिका या पश्चिमी अफ्रीका में से कोई एक है।

Warren Buffett का खुलासा, Bill Gates के पास McDonald’s का एक स्पेशल कार्ड है, जिसकी वजह से उन्हें फ्री खाना मिलता है

मुंबई सोचिए अगर आप McDonalds में जाएं और वहां जमकर खाएं और उसके बदले आपको एक रुपया भी खर्च ना करना पड़े, तो कैसा होगा? इस तरह के सपने भारत समेत दुनियाभर के कई लोग देखते होंगे. मगर क्या आपको पता है कि Microsoft के को-फाउंडर Bill Gates एक ऐसे शख्स हैं, जिन्हें ये सुविधा मिलती है. दरअसल, Bill Gates दुनिया के किसी भी McDonalds में जाकर मुफ्त खा सकते हैं. यह जानकारी जाने-माने बिजनेस मैन और इनवेस्टर्स Warren Buffett ने खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि उनके और Bill Gates के पास McDonald’s का एक स्पेशल कार्ड है, जिसकी वजह से उन्हें फ्री खाना मिलता है.   Warren Buffett ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया है कि उनके पास एक खास कार्ड है. इसी तरह का स्पेशल कार्ड Bill Gates के पास भी है, लेकिन उनकी लिमिट ज्यादा है. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं. स्पेशल कार्ड के बारे में Warren Buffett ने बताया Warren Buffett ने बताया का उनका स्पेशल कार्ड अमेरिका के Omaha शहर तक सीमित है. इसमें वह किसी भी McDonald’s में जाकर मुफ्त ऑर्डर कर सकते हैं और उसका आनंद उठा सकते हैं. यह सर्विस उन्हें लाइफ टाइम के लिए फ्री दी गई है. Bill Gates के पास भी ये स्पेशल कार्ड Warren Buffett ने ऐसे ही बातों-बातों में खुलासा किया कि इस तरह का कार्ड Bill Gates के पास भी है. लेकिन वह दुनिया के किसी भी कोने में जाकर McDonald’s के फूड को मुफ्त में खा सकते हैं. Warren Buffett के कार्ड की लिमिट उन्होंने आगे बताया कि इस तरह की सुविधा कुछ ही लोगों को मिलती है, Warren Buffett ने बताया कि उनके लिए Omaha की लिमिट की काफी है, क्योंकि वे इस शहर को छोड़कर कहीं नहीं जाने वाले हैं. और भी कई स्पेशल कार्ड मौजूद Warren Buffett के पास और भी स्पेशल कार्ड हैं, जिसकी मदद से Johnny Rockets में फ्री की सर्विस मिलती है. Johnny Rockets अपने डिनर के लिए फेमस है. इसमें वे अपने साथ तीन गेस्ट को भी लेकर जा सकते हैं और वहां की सर्विस का मुफ्त फायदा उठा सकते हैं.    

जल्द ही नीट पीजी एग्जामिनेशन की डेट अनाउंस हो जाएगी और महीनेभर में परीक्षा कंडक्ट भी हो जाएगी

नई दिल्ली NEET PG की परीक्षा के लिए गृह मंत्रालय के I4c विंग में बड़ी बैठक हुई . परीक्षा की डेट अनांउसमेंट से पहले यह बैठक महत्वपूर्ण बताई जा रही है. सायबर सेल के अधिकारियों के साथ ये बैठक हुई. सूत्रों के मुताबिक अब प्रश्नपत्र परीक्षा से कुछ पहले ही तैयार होंगे.  अभी सरकार अलग-अलग एजेंसियों के जरिए यह देख रही है कि कहीं पर किसी भी तरीके से कोई लूप होल्स की या कमी की गुंजाइश तो नहीं है. गृह मंत्रालय, सूचना प्रौद्योग‍िकी मंत्रालय और स्वास्थ्य विभाग बड़े स्तर पर इस पूरे मामले की अवलोकन कर रही है. जांच लगभग अंतिम पायदान की स्थिति में है. अब जल्द ही नीट पीजी एग्जामिनेशन की डेट अनाउंस हो जाएगी और महीनेभर में परीक्षा कंडक्ट भी हो जाएगी. गौरतलब है क‍ि NEET UG और UGC NET पेपर लीक के बाद, देश में कई बड़ी परीक्षाओं पर भी रोक लगा दी गई थी. 23 जून को पोस्टग्रेजुएट मेडिकल कोर्सेज में एडमिशन के लिए नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET PG) 2024 को भी स्थगित कर दिया गया था. राष्ट्रीय चिकित्सा विज्ञान परीक्षा बोर्ड (National Board of Examination) की ओर से जल्द ही प्रवेश परीक्षा की नई तारीख का ऐलान कर दिया जाएगा. नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) के अध्यक्ष अभिजात शेठ ने कहा है कि  एसओपी और प्रोटोकॉल की जल्द से जल्द समीक्षा की जाएगी और परीक्षा की अगली तिथि अगले सप्ताह तक घोषित कर दी जाएगी. नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों के बीच हुई समीक्षा बैठक के बाद उन्होंने कहा कि परीक्षा स्थगित करने से पहले स्थिति और सरकार द्वारा प्राप्त इनपुट का आकलन किया गया. परीक्षा की सत्यनिष्ठा पर कभी संदेह नहीं था: NBEMS अध्यक्ष अभिजात शेठ ने न्यूज एजेंसी से बात करते हुए कहा था कि जहां तक ​​NEET PG का सवाल है, इस परीक्षा की सत्यनिष्ठा पर कभी संदेह नहीं था. पिछले सात वर्षों से, हमने अब तक सफलतापूर्वक इसका आयोजन किया है. हाल की घटनाओं के कारण, ऐसा क्या हुआ है कि छात्र समुदायों में इन सभी प्रकार की परीक्षाओं को लेकर बहुत सारी चिंताएं थीं और इसके जवाब में, सरकार ने एक बार फिर यह सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है कि परीक्षा की पवित्रता और सुरक्षा को बनाए रखा जाना चाहिए.  

आम आदमी अंतरिक्ष में जाएगा? सिर्फ 209 रुपये में अंतरिक्ष की सैर कर सकते हैं भारतीय

नई दिल्‍ली अमेरिका की स्‍पेस एक्‍सप्‍लोरेशन एंड रिसर्च एजेंसी (SERA) ने भारत को अपने स्पेस मिशन में शामिल किया है। इस मिशन में भारत के लोग भी अंतरिक्ष की सैर कर सकेंगे। यह मिशन दिग्‍गज उद्योगपति जेफ बेजोस की Blue Origin कंपनी के New Shepard रॉकेट से पूरा होगा। SERA दुनियाभर के लोगों को अंतरिक्ष में भेजने के लिए काम कर रही है। SERA और Blue Origin मिलकर उन देशों को मौका दे रहे हैं जिनके पास अंतरिक्ष में जाने के लिए ज्‍यादा संसाधन नहीं हैं। इस मिशन के जरिये भारत अंतरिक्ष में अपनी जगह और मजबूत कर सकेगा। इस मिशन के लिए Blue Origin के New Shepard रॉकेट का इस्तेमाल होगा, जो दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। यह रॉकेट लोगों को अंतरिक्ष की सीमा पार कराएगा, जहां से धरती का नजारा देखने लायक होगा। भारत को शाम‍िल करने से SERA उत्‍साह‍ित SERA के संस्थापक जोशुआ स्‍कुर्ला और सैम हचिसन ने इस मिशन में भारत को शामिल करने पर काफी उत्साह जताया है। उनका मानना है कि भारत की अंतरिक्ष में दिलचस्पी और उसका अनुभव इस मिशन को सफल बनाने में काफी मददगार साबित होगा। स्‍कुर्ला ने बताया, ‘हमें भारत के साथ काम करने में खुशी है क्योंकि भारत के पास अंतरिक्ष के क्षेत्र में काफी अनुभव है। भारत दूसरे देशों के लिए एक मिसाल बन सकता है। अपनी ताकत दिखा सकता है। इसलिए हमारी दिलचस्पी बनी रही।’ इस मिशन में जाने के लिए कोई भी भारतीय आवेदन कर सकता है। आवेदन करने के लिए बस 2.5 डॉलर यानी लगभग 209 रुपये देने होंगे। इसके बाद लोगों की वोटिंग के जरिये छह लोगों को चुना जाएगा जो इस मिशन का हिस्सा बनेंगे। वोटिंग तीन चरणों में होगी। हर चरण में कुछ लोग बाहर होते जाएंगे। आखिर में छह लोग चुने जाएंगे। पांच सीटों के लिए देश और क्षेत्र के हिसाब से वोटिंग होगी। जबकि छठी सीट के लिए दुनियाभर के लोग वोट कर सकेंगे। 150 से ज्‍यादा देशों के लोगों को अंतरिक्ष तक पहुंचाना मकसद SERA का मकसद दुनिया के 150 से ज्‍यादा देशों के लोगों को अंतरिक्ष तक पहुंचाना है, खासकर उन लोगों को जिनके पास अंतरिक्ष में जाने के ज्‍यादा मौके नहीं हैं। स्‍कुर्ला का कहना है, ‘हमारा मिशन है कि हम अंतरिक्ष को सभी के लिए आसान बनाएं। हम चाहते हैं कि दुनिया का हर व्यक्ति अंतरिक्ष की खोज में अपनी भूमिका निभा सके।’ इस मिशन में जाने के लिए लोगों को Blue Origin के कुछ शारीरिक मानकों पर खरा उतरना होगा। जो लोग चुने जाएंगे उन्हें Blue Origin के लॉन्च साइट पर तीन दिन की ट्रेनिंग दी जाएगी। हचिसन का कहना है कि लोगों को अपने हीरो चुनने का मौका देकर हम यह सुनिश्चित करते हैं कि यह मिशन लोगों के लिए है। यह तरीका लोगों में अंतरिक्ष के बारे में उत्सुकता जगाएगा। दुनियाभर के देशों को साथ लाएगा। New Shepard की उड़ान के लिए ज्‍यादा कड़ी शारीरिक जरूरतें नहीं हैं जिससे ज्‍यादा से ज्‍यादा लोग इसमें हिस्सा ले सकेंगे। फिल जॉयस ने बताया कि इस मिशन का मकसद सभी को साथ लेकर चलना है। यह मिशन भारत के लिए एक बड़ा मौका है। इससे न सिर्फ भारत के लोग अंतरिक्ष में जा सकेंगे बल्कि भारत दुनिया को यह भी दिखा सकेगा कि वह अंतरिक्ष के क्षेत्र में कितना आगे निकल चुका है।

नगर पालिका ने ASI Survey के लिए सीसीटीवी कैमरे, टेंट और कंप्यूटर की व्यवस्था की थी, कलेक्टर को लिखा था पत्र

धार  नगर पालिका की वित्तीय स्थिति पहले ही कमजोर है। इस पर भोजशाला का सर्वे का बोझ भी आन पड़ा है। भोजशाला सर्वे के लिए बैरिकेड्स लाइटिंग, सीसीटीवी कैमरे, टेंट से लेकर कम्प्यूटर आदि का इंतजाम किया था। इस पर करीब सवा करोड़ रुपये से अधिक खर्च हो चुके हैं, लेकिन इसका भुगतान अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है। बता दें कि नगर पालिका ने धार कलेक्टर को पांच जून को इस बारे में एक पत्र भी लिखा था। इसमें भुगतान करवाए जाने की मांग की गई थी। पत्र में कहा गया कि यह राशि उपलब्ध करवाई जाए, ताकि संबंधित ठेकेदारों का भुगतान किया जा सके। इस पत्र को लिखे जाने के करीब 25 दिन बाद भी नगर पालिका को लोक निर्माण विभाग से भुगतान नहीं मिला है। गौरतलब है कि भोजशाला का सर्वे कार्य 22 मार्च से शुरू हुआ था। ऐसे में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने पुलिस और प्रशासन को पत्र लिखकर विभिन्न इंतजाम करने के लिए कहा था। इसी के चलते नगर पालिका द्वारा भोजशाला परिसर में और अन्य क्षेत्र में व्यवस्था की गई थी। बजट उपलब्ध कराने की मांग वर्तमान में निकाय की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है। इस कार्य में हुए व्यय का भुगतान करना संभव नहीं है। नगर पालिका ने एक पत्र का हवाला देकर कहा कि इसके लिए एक करोड़ 25 लाख रुपये का बजट उपलब्ध कराया जाए। कलेक्टर को लिखे हुए पत्र में बताया गया कि लोक निर्माण विभाग को जो पत्र लिखा गया था, उसके अनुसार आज तक बजट उपलब्ध नहीं हुआ। इधर, ठेकेदार द्वारा बार-बार भुगतान की मांग की जा रही है। कहा जा रहा है कि राशि का भुगतान नहीं होने पर टेंट उपलब्ध नहीं कराया जा सकेगा। पत्र में यह भी लिखा गया था कि सर्वे कार्य प्रभावित हो सकता है। यह बात अलग है कि सर्वे कार्य हो गया है। वहीं नगर पालिका शासन के संबंधित विभाग से कोई राशि नहीं मिली है। ऐसे में 85 लाख की यह रकम अब बढ़कर करीब एक करोड़ 25 लाख तक पहुंच गई है। सर्वे पर और भी खर्च धार की ऐतिहासिक भोजशाला का सर्वे न सिर्फ नगर पालिका, बल्कि एएसआई के लिए भी महंगा पड़ा है। दरअसल, लगातार 100 दिनों तक अधिकारियों व कर्मचारियों के खाने, ठहरने व आने-जाने इंतजाम किया गया। वहीं, प्रतिदिन औसत 40 से अधिक मजदूरों द्वारा कार्य करवाया गया। इस तरह से तीन माह में करीब चार हजार मानव कार्य दिवस का भुगतान करना है। इसके अलावा अधिकारियों के दिल्ली व हैदराबाद के आने जाने के खर्चे भी हुए। देखा जाए तो भोजशाला की इस तरह की व्यवस्था बनाने पर एक बड़ी रकम खर्च हुई है।

केन्या में विवादास्पद कर वृद्धि विधेयक के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों में करीब 39 लोग मारे गए

A free camp for distribution of assistive devices was organized for the disabled.

नैरोबी  पूर्वी अफ्रीकी देश केन्या में विवादास्पद कर वृद्धि विधेयक के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों में करीब 39 लोग मारे गए हैं और 361 अन्य घायल हुए हैं। केन्या नेशनल कमीशन ऑन ह्यूमन राइट्स (केएनसीएचआर) ने मृतकों के बारे में जानकारी दी। इससे पहले केएनसीएचआर ने बताया था कि केन्या में चल रहे हिंसक विरोध प्रदर्शनों के दौरान करीब 30 लोग मारे गये थे। मानवाधिकार समूह ने केन्याई सुरक्षा बलों पर प्रदर्शनकारियों की भीड़ पर सीधे गोलियां चलाने का भी आरोप लगाया है। आयोग ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर लिखा, “हमारे रिकॉर्ड से पता चलता है कि देश भर में विरोध प्रदर्शनों में 39 लोग मारे गए हैं और 361 अन्य घायल हुए हैं।” इसके अलावा, विरोध प्रदर्शनों के दौरान देश में 32 लोगों के लापता होने का मामला सामने आया है और 627 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गौरतलब है कि जून के मध्य से केन्या में विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ है। जब सरकार ने ब्रेड, चीनी परिवहन, मोबाइल और वित्तीय सेवाओं तथा विदेशी मुद्रा लेनदेन पर 16 प्रतिशत वैट लगाने के साथ-साथ कारों और वनस्पति तेल पर 2.5 प्रतिशत उत्पाद शुल्क लगाने वाला विधेयक पेश किया था। विरोध प्रदर्शनों के भड़कने पर हालांकि राष्ट्रपति विलियम रुटो ने विधेयक पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया और इसे पुनर्विचार के लिए संसद में वापस भेज दिया। केन्या में सरकार द्वारा नए टैक्स लगाने से जनता काफी गुस्से में है और बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को भीड़ संसद में प्रवेश कर गई और वहां आगजनी की। इसके बाद सांसदों को संसद भवन से सुरक्षित निकाला गया। प्रदर्शनकारी नए टैक्स का विरोध कर रहे हैं जिससे डायपर जैसी वस्तुओं की कीमत बढ़ जाएगी।  

एस जयशंकर अस्ताना में एससीओ शिखर सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का करेंगे नेतृत्व

Going to temple-mosque to worship or worship is not spirituality: Rajnath Singh

नई दिल्ली विदेश मंत्री एस जयशंकर चार जुलाई को कजाकिस्तान के अस्ताना में आयोजित होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।एससीओ परिषद के राष्ट्राध्यक्षों (एससीओ शिखर सम्मेलन) की 24वीं बैठक गुरुवार को कजाकिस्तान की अध्यक्षता में अस्ताना में हो रही है। शिखर सम्मेलन में, नेताओं को पिछले दो दशकों में संगठन की गतिविधियों की समीक्षा करने और बहुपक्षीय सहयोग की स्थिति और संभावनाओं पर चर्चा करने की उम्मीद है। एक बयान में कहा गया कि बैठक में क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व के सामयिक मुद्दों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। एससीओ में भारत की प्राथमिकताएं प्रधानमंत्री के ‘एसईसीयूआरई’ एससीओ के दृष्टिकोण पर हैं। एसईसीयूआरई का मतलब सुरक्षा, आर्थिक सहयोग, कनेक्टिविटी, एकता, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए सम्मान और पर्यावरण संरक्षण से है। भारत ने एससीओ की अपनी पहली अध्यक्षता के तहत 04 जुलाई, 2023 को वर्चुअल प्रारूप में एससीओ राष्ट्राध्यक्षों की परिषद की 23वीं बैठक की मेजबानी की थी। एससीओ के सदस्य देश दुनिया की आधी आबादी और वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का लगभग एक तिहाई हिस्सा कवर करते हैं। वर्ष 2024 शिखर सम्मेलन में बेलारूस के दसवें सदस्य के रूप में शामिल होने के साथ नया विस्तार देखने की उम्मीद है। ईरान पिछले साल इस समूह में शामिल हुआ था। एससीओ एक राजनीतिक, आर्थिक, और सुरक्षा संगठन है जो 2001 में स्थापित हुआ था। संस्थापक सदस्यों में चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिजस्तान, ताजिकिस्तान, और उज्बेकिस्तान शामिल हैं। भारत, पाकिस्तान के साथ, 2017 में पूर्ण सदस्य बन गए थे, जिससे संगठन की पहुंच और प्रभाव में महत्वपूर्ण विस्तार हुआ।  

सुरक्षाबलों के लिए अब अबूझ पहेली नहीं बस्तर के जंगल, छत्तीसगढ़ में नक्सलियों पर ऐसे हुआ सबसे बड़ा प्रहार

 बस्तर वर्ष 2024 में छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार आने के बाद से ही बस्तर के कोर इलाके में अब तक 32 नए कैंप खोले गए हैं नक्सल मोर्चे पर सरकार की बदली रणनीति से नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन भी तेज हुए हैं। पुलिस अफसरों की मानें तो जनवरी से लेकर अब तक बस्तर के कोर इलाके में फोर्स की नक्सलियों से 72 मुठभेड़ हो चुकी हैं, जिसमें 137 नक्सली मारे गए हैं। इन दिनों फोर्स का पूरा फोकस इस वक्त अबूझमाड़ पर है। यह नक्सलियों की अघोषित राजधानी कही जाती है। इसलिए फोर्स यहां नक्सलियों का प्रभाव कम करने में जुटी हुई है। नक्सलियों के ठिकाने पर लगातार फोर्स हमले बोल रही है। हर हमले के बाद नक्सलियों को बड़ा नुकसान हो रहा है। बस्तर के नक्सल इतिहास में कभी इतनी बड़ी संख्या में नक्सली नहीं मारे गए थे जितने पिछले छह महीने के भीतर मारे गए हैं। इससे नक्सलियों और उनके कैडर में दहशत का माहौल है। यही कारण है कि अब तक 6 महीने में 400 से अधिक नक्सलियों ने सरेंडर किया है। आमतौर पर एक साल में औसतन 500 समर्पण हुआ करते थे।   अबूझमाड़ इलाके में अब नहीं रहेगी नक्सलियों की दहशत नक्सलियों के खिलाफ किसी एक ऑपरेशन में सुरक्षा बलों की यह सबसे बड़ी सफलताओं में से एक है। सुरक्षा बलों के लिए ये मुठभेड़ कई मायनों में अहम है। यह सफल ऑपरेशन जंगल के बीच अबूझमाड़ के अंदर सुरक्षा बलों के प्रवेश का प्रतीक है। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ इलाके को नक्सलियों का कोर इलाका माना जाता है। पिछले तीन दशकों से यह इलाका सुरक्षाबलों के लिए चुनौती बना हुआ है। जंगलों और पहाड़ों के बीच का यह इलाका नक्सलियों के लिए अभेद्य गढ़ बन गया। इस मुठभेड़ ने यह सुनिश्चित कर दिया है कि पिछले कई वारदातों में शामिल नक्सलियों का सफाया हो गया है। अपने पांच कोर इलाके में सिमटे नक्सली बस्तर में फोर्स की सक्रियता के चलते नक्सली अब अपने पांच कोर इलाके तक ही सिमटकर रह गए हैं, जिसमें प्रमुख अबूझमाड़, इंद्रावती नेशनल पार्क, बैलाडीला की पहाडिय़ों का तराई वाला इलाका, सुकमा जिले में बासागुड़ा-जगरगुंडा- भेज्जी ट्राएंगल व बीजापुर के पामेड़ इलाके में नक्सलियों की बटालियन नंबर 1 का इलाका शामिल है। अन्य इलाकों में फोर्स की मौजूदगी व कैंप स्थापना के बाद नक्सलियों का प्रभाव कम हुआ है। अबूझमाड़ व नेशनल पार्क इलाके को अब फोर्स ने जब से टारगेट किया है तब से इस इलाके में नक्सलियों के नई भर्ती शिविर और ट्रेनिंग कैंप आयोजित नहीं हो पा रहे हैं। 2018 से 2023 तक घटनाओं और हताहतों की संख्या यहां पिछले कुछ वर्षों में बस्तर में नक्सली आतंकी घटनाओं और हताहतों की संख्या को दर्शाने वाला डेटा चार्ट है, जिसे हिंदी में लेबल किया गया है। यह चार्ट 2018 से 2023 तक घटनाओं और हताहतों की संख्या में गिरावट का रुझान दर्शाता है।  गांवों में फैले मिलिशिया कैडर भी हुए कमजोर नक्सलियों के पीएलजीए के सशस्त्र लड़ाके अब बस्तर के गांवों में फैले मिलिशिया सदस्यों तक अपनी पहुंच नहीं बना पा रहे हैं। गांवों में फोर्स के कैंप स्थापित होने के बाद मिलिशिया सदस्यों की मीटिंग तक लड़ाके नहीं ले पा रहे हैं। अब मिलिशिया कैडर नक्सलियों के प्रभाव से बाहर निकलते दिख रहे हैं। बस्तर में नक्सलियों के लिए यह बड़ा नुकसान है।  अबूझमाड़ से शिफ्ट हो रहे नक्सलियों के टॉप लीडर अबूझमाड़ की सीमा पांच जिलों में फैली हुई हैं जिसमें कांकेर, नारायणपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा और बस्तर जिला शामिल है। फोर्स का दबाव जिस तरह से अबूझमाड़ में बढ़ा है उसके बाद से नक्सलियों के टॉप लीडर वहां से लगातार शिफ्ट हो रहे हैं। जिनमें नक्सलियों की सेंट्रल कमेटी के सचिव बसव राजू, एम वेणुगोपाल उर्फ भूपति उर्फ सोनू, पक्का हनुमंतलु उर्फ गणेश उइके और दण्डकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का सचिव केआरसी रेड्डी उर्फ गुड़सा उसेंडी आदि शामिल हैं। कैंपों की स्थापना के चलते नक्सली हुए कमजोर नक्सल मोर्चे पर पुलिस की इस बड़ी सफलता के पीछे नक्सलियों के अभेद इलाकों में नए कैंपों की स्थापना को बड़ी वजह बताया जा रहा है. जिससे नक्सल संगठन की पकड़ अपने आधार इलाकों में कमजोर पड़ती जा रही है. बीजापुर का गंगालूर इलाका जिसे कभी नक्सलियों की अघोषित उपराजधानी भी कहा जाता था, अब यहां मुतवेण्डी, कावड़गांव, डुमरीपालनार के अलावा बीजापुर-सुकमा जिले के सरहदी इलाके टेकुलगुड़म, गुंडेम के साथ दुर्दांत नक्सली हिंड़मा के गढ़ उसके गांव पुवर्ती में फोर्स कैंप बना चुकी है. बताया जा रहा है कि अब वहां पीएलजीए लड़ाके ही अपना गढ़ बचाए रखने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। अधिकांश नक्सली एमएमसी, एओबी व टीटीके जोन में शिफ्ट होने की जानकारी मिल रही है। दुर्दांत नक्सली हिड़मा के गांव पूवर्ती में भी इसी साल कैंप स्थापित किया गया जो कि बस्तर में नक्सल मोर्चे पर मिली बड़ी कामयाबियों में से एक थी। हिड़मा अब अपना इलाका छोड़ बस्तर के अलग-अलग क्षेत्र में मूवमेंट कर रहा है। नक्सलियों की इन जंगलों में बसती है जान अबूझमाड़ की पहाड़ियां और जंगल दक्षिणी छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में लगभग 4,000 वर्ग किमी के क्षेत्र में फैली हुई हैं, जो मुख्य रूप से कांकेर के ठीक दक्षिण में नारायणपुर, बीजापुर और दंतेवाड़ा जिलों को कवर करती हैं। पहाड़ी इलाका, जंगल, सड़क, बुनियादी सुविधाओं का न होना और सशस्त्र विद्रोहियों की उपस्थिति से इस इलाके का एक बड़ा हिस्सा अब तक सरकारी सर्वेक्षण के दायरे से बाहर रहा है। यदि इसके भूभाग की बात करें तो इस इलाके का क्षेत्रफल गोवा जैसे राज्य से बड़ा है। इन जंगलों का उपयोग नक्सलियों द्वारा आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले से ओडिशा (पूर्व में) आने- जाने के लिए एक गलियारे के रूप में किया जाता है। अब तक इतने नक्सली मारे गए 2018: 125 2019: 79 2020: 44 2021: 48 2022: 31 2023: 24 2024 में अब तक 137  नक्सल मुक्त बस्तर की ओर बढ़ रहे बस्तर को नक्सल मुक्त बनाने की दिशा में हम तेजी से बढ़ रहे हैं। फोर्स को बीते छह महीने में कई बड़ी सफलताएं मिली हैं। नक्सलियों का प्रभाव क्षेत्र सिमटता जा रहा है। नक्सल प्रभाव वाले दो तिहाई क्षेत्र में अब नक्सलियों को जनता ने भी नकार दिया … Read more

पूर्व मध्य रेल द्वारा प्रस्तावित 160 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति वाले रेलवे ट्रैक के दोनों किनारे सुरक्षा बाड़ लगाए जा रहे

सासाराम (रोहतास) रोहतास व कैमूर जिले से होकर गुजर रही ग्रैंड कार्ड रेलखंड पर 160 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से रेलगाड़ी दौड़ेगी। मिशन रफ्तार के तहत इस खंड पर भी ट्रेनों की गति बढ़ाने के लिए काम हो रहा है। कार्य पूरा हो जाने पर ट्रेनों की रफ्तार 130 से बढ़ाकर 160 किलोमीटर प्रतिघंटा तक कर दिया जाएगा। पूर्व मध्य रेल द्वारा प्रस्तावित 160 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति वाले रेलवे ट्रैक के दोनों किनारे सुरक्षा बाड़ लगाए जा रहे हैं। इसके तहत बिहार, झारखंड एवं उत्तर प्रदेश राज्य में पूर्व मध्य रेल क्षेत्राधिकार के लगभग 412 किलोमीटर लंबे ग्रैंड कॉर्ड रेलवे ट्रैक को कवर किया जाएगा। प्रधानखंटा से डीडीयू तक 231 किमी फेंसिंग का काम पूरा प्रधानखंटा से धनबाद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस जंक्शन गोमो, कोडरमा, गया, सोननगर होते हुए पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन तक 412 किलोमीटर रेलखंड में से 231 किलोमीटर रेलवे ट्रैक की फेंसिंग का कार्य पूरा हो चुका है। डीडीयू रेल डिवीजन के डीआरएम राजेश गुप्ता के मुताबिक, पंडित दीन दयाल उपाध्याय मंडल में 200 किलोमीटर में से 110 किलोमीटर रेलवे ट्रैक फेंसिंग का कार्य प्री-फैब्रिकेटेड सीमेंटेड स्लैब लगाकर पूरा किया जा चुका है। शेष 90 किलोमीटर का कार्य क्रैस बैरियर लगाकर शीघ्र ही पूरा कर लिया जाएगा। इसी तरह धनबाद मंडल में 175 किलोमीटर ग्रैंड कॉर्ड रेलखंड में से 25 किलोमीटर लंबे घाट सेक्शन छोड़कर शेष 150 किलोमीटर रेलवे ट्रैक की फेसिंग कार्य किया गया है। इनमें से अब तक 121 किलोमीटर का कार्य प्री-फैब्रिकेटेड सीमेंटेड स्लैब लगाकर पूरा हो चुका है। बाकी बचे 29 किलोमीटर का कार्य क्रैस बैरियर लगाकर अगस्त, 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य है। फेंसिंग कार्य पूरा होने के बाद आवागमन होगा सुगम प्रबंधक ने कहा कि प्री-फैब्रिकेटेड सीमेंट के ढलाई किया हुआ स्लैब को दो पिलरों के मध्य स्थापित कर दिया जाता है तथा क्रैस बैरियर स्टील के दो पिलों के मध्य एक सीमित ऊंचाई के अंतराल पर दो स्टील प्लेटों को लगाया जाता है। बहुप्रतीक्षित ट्रैक फेंसिंग के कई फायदे हैं। उन्होंने कहा कि फेंसिंग कार्य पूरा हो जाने के बाद रेलखंड पर गाड़ियों का आवागमन और सुगम हो जाएगा। इससे ट्रेनों का समय पालन बनाए रखने में मदद मिलने के साथ अतिरिक्त ट्रेनों का परिचालन भी हो सकेगा। साथ ही जहां ट्रेनों का निर्बाध परिचालन होगा, वहीं लोगों द्वारा रेलवे ट्रैकों का अतिक्रमण या अनाधिकृत रूप से रेलवे ट्रैकों से गुजरने पर होने वाली घटनाओं पर भी रोक लगेगी।

विराट कोहली के मैन ऑफ द मैच पर पूर्व भारतीय बल्लेबाज ने कहा- किसी गेंदबाज को मैन ऑफ द मैच चुना जाना था

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम ने टी20 वर्ल्ड कप-2024 के फाइनल में साउथ अफ्रीका को हरा दिया। इस मैच में टीम इंडिया के बल्लेबाज विराट कोहली का बल्ला जमकर चला। उन्होंने 76 रनों की पारी खेली और इस पारी के लिए उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया। लेकिन भारत के पूर्व बल्लेबाज और दिग्गज कॉमेंटेटर ने इस पर सवाल उठा दिए हैं। इस शख्स का मानना है कि कोहली को ये अवॉर्ड नहीं मिलना चाहिए था। कोहली का बल्ला पूरे वर्ल्ड कप में शांत रहा। लेकिन फाइनल में कोहली का बल्ला चमक गया और उन्होंने ऐसी पारी जिसने टीम इंडिया को मजबूत स्कोर तक पहुंचा दिया। इसी के चलते कोहली को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। संजय मांजरेकर को हालांकि लगता है कि कोहली इसके हकदार नहीं थे। स्ट्राइक रेट था कम मांजरेकर ने ईएसपीएनक्रिकइंफो से बात करते हुए कहा कि कोहली की पारी धीमी थी जिससे हार्दिक पांड्या को कम गेंदें खेलने को मिलीं। मांजरेकर ने कहा, “उस पारी के कारण, हार्दिक पांड्या जो उनके सबसे खतरनाक बल्लेबाज थे, उनको सिर्फ दो गेंदें खेलने का मौका मिला। इसलिए मुझे लगता है कि भारतीय बल्लेबाजी अच्छी थी लेकिन विराट कोहली ने ऐसी पारी खेली जिसने भारत को कॉर्नर में कर दिया और ये सभी ने देखा, आखिर में गेंदबाजों ने बचा लिया।” गेंदबाज को मिलना चाहिए था अवॉर्ड मांजरेकर ने कहा कि डेथ ओवरों में अगर गेंदबाज अच्छी गेंदबाजी नहीं करते तो भारत हार जाता और इसलिए उनका कहना है कि किसी गेंदबाज को मैन ऑफ द मैच चुना जाना था। उन्होंने कहा, “भारतीय टीम हार रही थी। साउथ अफ्रीका के जीतने की संभावना 90 प्रतिशत तक थी। लेकिन फिर बाजी पलट गई और विराट कोहली की पारी बच गई। मेरा प्लेयर ऑफ द मैच कोई गेंदबाज होता क्योंकि उन्होंने ही हार के मुंह से जीत निकाली और भारत को विजेता बनाया।”

क्षेत्रीय हवाई संपर्क में सुधार, पर्यटन को बढ़ावा देने नागरिक विमानन नीति 2024 को मंत्रिमंडल ने दी मंजूरी: कर्नल राठौड़

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित राज्य मंत्रिमण्डल की बैठक में प्रदेश में विमानन क्षेत्र में आधारभूत ढांचे के विकास, बिजली क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दृष्टि से नियमों में संशोधन और गांधी दर्शन संग्रहालय के संचालन से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय किए गए। उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचन्द्र बैरवा, उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ एवं संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए मंत्रिमंडल में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी। तीन महाविद्यालयों का नामकरण उप मुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमचन्द्र बैरवा ने बताया कि दानदाताओं को सम्मानित करने एवं प्रोत्साहन करने के उद्देश्य से चूरू जिले के राजकीय महाविद्यालय, साहवा का नामकरण श्रीमती मोहनी देवी चाचान राजकीय महाविद्यालय, साहवा, बाड़मेर जिले के राजकीय महाविद्यालय, धोरीमन्ना का नामकरण शांति देवी उदयराज गांधी राजकीय महाविद्यालय, धौरीमन्ना एवं बीकानेर जिले के राजकीय कन्या महाविद्यालय, श्रीडूंगरगढ़ का नामकरण राजकीय सदू देवी पारख कन्या महाविद्यालय, श्रीडूंगरगढ़ करने की स्वीकृति मंत्रिमंडल द्वारा प्रदान की गई। अक्षय ऊर्जा नीति, 2023 के प्रावधानों में संशोधन उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने बताया कि राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में अक्षय ऊर्जा नीति, 2023 एवं राजस्थान भू-राजस्व (अक्षय ऊर्जा पर आधारित विद्युत संयत्रों की स्थापना हेतु राजकीय भूमि का आवंटन) नियम, 2007 के प्रावधानों में संशोधन किये जाने संबंधी प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। उन्होंने बताया कि राजस्थान को बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि अब तक राज्य सरकार की ओर से विद्युत क्षेत्र में करीब सवा दो लाख करोड़ रुपए के एमओयू किए जा चुके हैं। अब इन संशोधनों से प्रदेश में बिजली क्षेत्र में 2 लाख करोड़ के नए निवेश का मार्ग प्रशस्त होगा। उन्होंने कहा कि राज्य में उपलब्ध सौर विकिरण का समुचित उपयोग करने हेतु आवंटन नियमों में प्रासंगिक बदलाव किया गया है जिससे सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन डीएलसी दर के 7.5 प्रतिशत पर किया जा सकेगा। साथ ही, अब 2 हैक्टेयर भूमि पर एक मेगावाट की दर से सौर ऊर्जा उत्पादन हो सकेगा। उन्होंने बताया कि इससे राजस्व अर्जन में बढ़ोतरी के साथ निवेश व रोजगार के नवीन अवसर सृजित होंगे। साथ ही, अक्षय ऊर्जा से उत्पादित विद्युत का अधिकांश भाग राज्य को प्राप्त हो सकेगा। नागरिक विमानन नीति 2024 को मंजूरी कर्नल राठौड़ ने बताया कि प्रदेश में क्षेत्रीय हवाई संपर्क में सुधार करने और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नागरिक विमानन नीति 2024 को मंत्रिमंडल ने मंजूरी प्रदान की है। उन्होंने बताया कि यह नीति विमानन प्रशिक्षण सुविधाओं, विमानन रखरखाव सेवाओं को बढ़ाने और एयरोस्पेस गतिविधियों को विकसित करने पर केन्द्रित है। इसके अंतर्गत किशनगढ़, झालावाड़ और भीलवाड़ा में फ्लाइंग स्कूल खोले जाएंगे और कोटा में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि जयपुर में एयरोसिटी बनाई जाएगी जिसमें होटल, रेस्त्रां सहित विभिन्न आधारभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी। प्रदेश के विभिन्न हवाई अड्डों पर कार्गाे सुविधा प्रारम्भ की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस नीति के तहत प्रदेश की पुरानी हवाई पट्टियों को मरम्मत कर पुनः उड़ान योग्य बनाया जाएगा। गांधी वाटिका अधिनियम को समाप्त करने के लिए आएगा विधेयक संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने पत्रकार वार्ता में बताया कि गांधी वाटिका न्यास, जयपुर अधिनियम-2023 को समाप्त करने के लिए विधानसभा में विधेयक लाया जाएगा। उन्होंने बताया कि 2023 में लाए गए अधिनियम की विभिन्न धाराओं में उपाध्यक्ष को असीमित वित्तीय शक्तियां दी गई थी। न्यास से संबंधित किसी भी प्रकार की स्थावर सम्पत्ति का विक्रय, बंधक या निपटान करने का अधिकार उपाध्यक्ष को दिया गया था। मनोनीत उपाध्यक्ष को हटाने के संबंध में किसी भी प्रकार का प्रावधान भी उक्त अधिनियम में नहीं किया गया था। ये प्रावधान राज्य हित में नहीं हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गांधी दर्शन संग्रहालय का संचालन किया जाता रहेगा। उन्होंने बताया कि राज्य में अन्य विभागों के अधीन संचालित संग्रहालयों का संचालन संबंधित विभाग द्वारा ही किया जा रहा है, ऐसी स्थिति में गांधी दर्शन संग्रहालय के संचालन एवं प्रशासनिक क्रियान्वयन हेतु गांधी वाटिका न्यास की आवश्यकता नहीं है।

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