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भारतीय सरकार ने बताया- अब सभी मोबाइल नंबर्स के लिए KYC प्रक्रिया अनिवार्य होगी, चाहे वह प्रीपेड हो या पोस्टपेड

नई दिल्ली  भारतीय सरकार ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है, जिसमें मोबाइल नंबर्स और बिजनेस कॉल्स के लिए KYC (नो योर कस्टमर) फ्लेक्सिबिलिटी को खत्म कर दिया गया है और इसे अनिवार्य बना दिया गया है। यह कदम टेलीकॉम सेक्टर में पारदर्शिता, सुरक्षा, और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है। आइए, इस नई पॉलिसी की डिटेल्स और इसके प्रभाव के बारे में। नई गाइडलाइंस सरकार के अनुसार, अब सभी मोबाइल नंबर्स के लिए KYC प्रक्रिया अनिवार्य होगी, चाहे वह प्रीपेड हो या पोस्टपेड। पहले, प्रीपेड यूजर्स के लिए KYC फ्लेक्सिबिलिटी थी, जहां वे बिना पूरी KYC के भी सिम कार्ड प्राप्त कर सकते थे, लेकिन अब यह विकल्प खत्म हो गया है। नई गाइडलाइंस के तहत, यूजर्स को अपनी पहचान और एड्रेस प्रूफ के साथ KYC कंप्लीट करानी होगी। यह प्रक्रिया ऑफलाइन (टेलीकॉम स्टोर्स पर) या ऑनलाइन (टेलीकॉम कंपनियों की वेबसाइट्स या ऐप्स के माध्यम से) दोनों तरीकों से पूरी की जा सकती है। क्यों लिया गया यह फैसला? सरकार का यह फैसला सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है। KYC फ्लेक्सिबिलिटी के खत्म होने से अवैध गतिविधियों, जैसे Terror Funding, Money Laundering, और फ्रॉड, पर अंकुश लगेगा। इसके अलावा, यह सुनिश्चित होगा कि सभी मोबाइल नंबर्स रजिस्टर्ड यूजर्स से जुड़े हों, जिससे Emergency Services और Government Schemes तक पहुंचना आसान हो सके। नए रूल्स का प्रभाव नई पॉलिसी का सबसे बड़ा प्रभाव प्रीपेड यूजर्स पर पड़ेगा, जो अब बिना KYC के सिम कार्ड प्राप्त नहीं कर पाएंगे। यह प्रोसेस थोड़ा कम सुविधाजनक है, लेकिन लंबे समय में यह सुरक्षा और विश्वास बढ़ाएगी। पोस्टपेड यूजर्स, जो पहले से ही KYC कंप्लीट करा चुके हैं, पर इसका असर कम होगा। हालांकि, उन्हें भी समय-समय पर KYC अपडेट करानी होगी। कैसे करें KYC? KYC प्रक्रिया पूरी करने के लिए, यूजर्स को निम्नलिखित दस्तावेज़ जमा करने होंगे: – पहचान प्रूफ (जैसे Aadhar Card, PAN Card, Voter ID) – एड्रेस प्रूफ (जैसे Utility Bill, Ration Card, Passport) – एक पासपोर्ट साइज फोटो ये दस्तावेज़ टेलीकॉम स्टोर्स पर जमा किए जा सकते हैं या टेलीकॉम कंपनियों की वेबसाइट्स और ऐप्स के माध्यम से ऑनलाइन सबमिट किए जा सकते हैं। कुछ कंपनियां अब biometric verification भी मांग रही हैं, जो सुरक्षा को और बढ़ाएगा।  

कार्नी बोले- G7 में भारत की मौजूदगी सम्मान की बात, Modi वैश्विक नेतृत्व का प्रतिबिंब, 10 साल बाद कनाडा पहुंचे PM मोदी

कनाडा  कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा है कि G7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति भारतीय अर्थव्यवस्था के आकार व गतिशीलता और भारत की नेतृत्व वाली स्थिति का प्रतिबिंब है। कार्नी ने मंगलवार को कनाडा में G7 शिखर सम्मेलन के दौरान मोदी के साथ द्विपक्षीय चर्चा की। जी7 नेताओं के शिखर सम्मेलन के समापन पर आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कार्नी ने कहा, “G7 में प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति की जहां तक बात है, तो प्रधानमंत्री मोदी ने 2018 से हर जी7 में भाग लिया है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के आकार, भारतीय अर्थव्यवस्था की गतिशीलता, भारतीय प्रौद्योगिकी, G20 और उससे आगे के कई स्थानों पर भारत की नेतृत्व वाली स्थिति का प्रतिबिंब है।” कार्नी ने कहा, “इसलिए जी7 के अध्यक्ष के रूप में, उस संदर्भ में प्रधानमंत्री की मेजबानी करना पूरी तरह से स्वाभाविक, पूरी तरह से सुसंगत है। मुझे पूरी उम्मीद है कि भारत के प्रधानमंत्री, अगले साल जी7 में उपस्थित रहेंगे।” कार्नी ने मोदी के साथ अपनी द्विपक्षीय बैठक को “महत्वपूर्ण” बताया। उन्होंने कहा कि दोनों नेता फिर से उच्चायुक्तों की नियुक्ति की दिशा में आगे बढ़ेंगे। कनाडा ने भारत को खालिस्तान समर्थक अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या से जोड़ने का प्रयास किया था, जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था।   तनाव के बीच पिछले साल भारत ने अपने उच्चायुक्त और पांच अन्य राजनयिकों को वापस बुला लिया था। भारत ने कनाडा के इतने ही राजनयिकों को निष्कासित भी कर दिया था। भारत ने जस्टिन ट्रूडो के नेतृत्व वाली पिछली सरकार पर कनाडा में खालिस्तानी समर्थक तत्वों को गतिविधियां संचालित करने की अनुमति देने का आरोप लगाया था। ट्रूडो के बाद कार्नी कनाडा के प्रधानमंत्री बने। ट्रूडो के जाने के बाद, भारत ने कहा था कि उसे कनाडा के साथ फिर से संबंध बेहतर होने की उम्मीद है।    

इजरायल के लॉन्ग-रेंज मिसाइल इंटरसेप्टर्स की आपूर्ति तेजी से खत्म हो रही है, 10 दिनों का ही स्टॉक बाकी

इजरायल ईरान के साथ जारी भीषण मिसाइल युद्ध में इजरायल भले ही ईरान के सैन्य ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचाने का दावा कर रहा हो, लेकिन उसकी मिसाइल रक्षात्मक प्रणाली पर जबरदस्त दबाव बन गया है। अमेरिका की खुफिया रिपोर्टों के हवाले से वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) ने बताया कि इजरायल के लॉन्ग-रेंज मिसाइल इंटरसेप्टर्स की आपूर्ति तेजी से खत्म हो रही है, जिससे उसकी रक्षा क्षमताओं की स्थिरता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ईरान ने पिछले शुक्रवार से अब तक इजरायल पर करीब 400 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। वहीं, इजरायल के पास लगभग 10–12 दिन का ही इंटरसेप्टर स्टॉक बचा है। यदि हमले इसी गति से जारी रहे तो इजरायल की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। आपको बता दें कि सिर्फ Arrow सिस्टम का एक इंटरसेप्टर लगभग 25 करोड़ रुपये का पड़ता है। इजरायली अखबार The Marker ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि रातभर के मिसाइल रक्षा पर 1 अरब शेकेल यानी कि 2380 करोड़ रुपये तक खर्च हो रहा है। “ऑपरेशन राइजिंग लायन” की शुरुआत के बाद से इजरायल ने ईरान पर कई हवाई हमले किए। सैन्य, परमाणु और संबंधित ठिकानों को निशाना बनाया गया। WSJ के अनुसार, इजरायल ने ईरान के तीन में से एक मिसाइल लॉन्चर को तबाह कर दिया है। हालांकि, ईरान की 2000 मिसाइलों में से आधे से अधिक अब भी उसके पास मौजूद हैं। उनमें से कई गुप्त भूमिगत ठिकानों में छिपी होने की आशंका है। मुश्किल में इजरायल इजरायल की मल्टी-लेयर मिसाइल डिफेंस सिस्टम में Iron Dome, David’s Sling, Arrow और अमेरिका से मिली Patriot और THAAD शामिल हैं। ये सभी अब अत्यधिक दबाव में हैं। एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया कि सिस्टम पहले ही थक चुका है। जल्द ही इजरायल को यह तय करना पड़ सकता है कि कौन सी मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया जाए और किन्हें नहीं। इजरायल पर तेज हो रहे ईरान के हमले शुक्रवार की रात कुछ ईरानी मिसाइलें इजरायली डिफेंस सिस्टम को चकमा देते हुए तेल अवीव में आईडीएफ मुख्यालय के पास गिरीं। रविवार को, एक मिसाइल हमले के चलते हाइफा के पास एक तेल रिफाइनरी बंद करनी पड़ी। मंगलवार सुबह सोशल मीडिया वीडियो में तेल अवीव के उत्तर में खुफिया परिसर के पास कई मिसाइल विस्फोट देखे गए। अब तक इजरायल की सरकार ने 24 लोगों की मौत और 600 से अधिक घायल होने की पुष्टि की है। इजरायल के लिए अब सबसे महंगे और एडवांस्ड डिफेंस शील्ड को बचाए रखने की चुनौती गंभीर होती जा रही है। ऐसे में यदि अमेरिका से जल्द इंटरसेप्टर की आपूर्ति या प्रत्यक्ष सैन्य मदद नहीं मिलती है तो इजरायल की रक्षा प्रणाली अगले कुछ दिनों में चरमरा सकती है।  

राणा ने पिछले साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था, अब इंग्लैंड दौरे के बतौर बैकअप शामिल

नई दिल्ली युवा तेज गेंदबाज हर्षित राणा को इंग्लैंड दौरे के लिए भारत की टेस्ट टीम में बैकअप खिलाड़ी के रूप में शामिल किया गया है। वह मुख्य टीम के साथ इंग्लैंड पहुंच चुके हैं और 20 जून से शुरू हो रही टेस्ट सीरीज़ के पहले मैच के लिए उपलब्ध रहेंगे। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने दी जानकारी। 23 वर्षीय राणा ने पिछले साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज़ के लिए घोषित 18 सदस्यीय मूल टीम में उनका नाम नहीं था। हालांकि, वह इंडिया ए टीम का हिस्सा थे और कैंटरबरी में इंग्लैंड लायंस के खिलाफ पहले अनाधिकारिक टेस्ट में खेले थे। हर्षित राणा अब तक दो टेस्ट, पांच वनडे और एक टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेल चुके हैं। टीम के अन्य सदस्यों के साथ वह लंदन से ट्रेन के जरिए लीड्स पहुंचे, जहां उन्हें टीम के साथ देखा गया। वहीं केएल राहुल, करुण नायर, यशस्वी जायसवाल, शार्दुल ठाकुर, ध्रुव जुरेल और नितीश रेड्डी जैसे खिलाड़ी पहले से ही इंडिया ए टीम के साथ यूके में मौजूद थे और उन्हें वहां मैच अभ्यास का अच्छा मौका मिला। भारत ने इंग्लैंड दौरे की तैयारी के तहत बेकनहम में इंडिया ए के खिलाफ एकमात्र अभ्यास मैच खेला था। टीम इस प्रकार है: शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (उपकप्तान एवं विकेटकीपर), यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, अभिमन्यु ईश्वरन, करुण नायर, नितीश रेड्डी, रवींद्र जडेजा, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), वाशिंगटन सुंदर, शार्दुल ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, आकाश दीप, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव और हर्षित राणा (बैकअप)।  

CM योगी आज दिल्ली दौरे पर अध्यक्ष नड्डा समेत तमाम नेताओं से मुलाकात कर करेंगे

लखनऊ उत्तर प्रदेश में आने वाले दिनों में दो महत्वपूर्ण चुनाव होने जा रहे हैं। अगले साल होने जा रहा पंचायत चुनाव 2027 विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल माना जा रहा है। इसको लेकर सत्ताधारी बीजेपी की तैयारियां और बैठकों का दौर जारी है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दिल्ली दौरे पर है। दिल्ली दौरे पर पहुंचे सीएम योगी बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत तमाम नेताओं से मुलाकात कर सकते हैं। इस मुलाकात को कई मायनों में अहम माना जा रहा है। पार्टी सूत्रों की माने तो बैठक के दौरान यूपी बीजेपी अध्यक्ष की नियुक्ति से लेकर कैबिनेट विस्तार पर भी चर्चा कर सकते हैं। दरअसल बीजेपी में संगठन चुनाव की प्रक्रिया के चलते प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति होनी है। यूपी में बीजेपी जिलाध्यक्ष की लिस्ट जारी होने के बाद से माना जा रहा था कि जल्द ही बीजेपी यूपी को नया प्रदेश अध्यक्ष मिल सकता है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद यूपी कैबिनेट विस्तार होने की चर्चा भी जोरो पर है। हालांकि अभी तक ना ही बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति हो पाई है और ना ही योगी मंत्रिमंडल विस्तार पर ही कोई राय बन पाई है। इसी बीच सीएम योगी आदित्यनाथ का दिल्ली दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। सीएम योगी इस दौरे के दौरान बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृहमंत्री अमित शाह समेत अन्य बड़े नेताओं से मुलाकात कर सकते हैं। जबकि राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू से सीएम योगी मुलाकात कर चुके हैं। वहीं पार्टी सूत्रों की माने तो यूपी में जल्द ही यूपी सरकार का मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है। मंत्रिमंडल विस्तार में 6 नए मंत्री बनाए जा सकते हैं। जिसमें बीजेपी के मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी को मंत्री बनाये जाने की चर्चा हैं। पूर्व मंत्री व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी को कैबिनेट मंत्री बनाने के साथ ही बड़े विभाग की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। इसके साथ ही कई अन्य नेताओं को योगी कैबिबेट का हिस्सा बनाया जा सकता है। इसके साथ ही कई मौजूदा मंत्रियों का विभाग भी बदला जा सकता है। सीएम योगी दिल्ली में बीजेपी नेताओं के साथ बैठक में नए मंत्रियों के नामों पर चर्चा कर सकते हैं। साथ ही कैबिबेट विस्तार कब तक होगा, इस पर भी चर्चा हो सकती है। साथ ही नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर भी बैठक में चर्चा होने की उम्मीद जताई जा रही है।

यूपी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों को डिजिटल इंडिया की दिशा में एक बड़ा कदम बताया, मंत्री पीयूष गोयल ने सीएम योगी को लिखा पत्र

लखनऊ केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस के जरिए खरीद में राज्य के योगदान की प्रशंसा की है। उन्होंने गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जेम) को अपनाने के लिए यूपी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों को डिजिटल इंडिया की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस एक राष्ट्रीय ऑनलाइन खरीद पोर्टल है, जो केंद्र और राज्य सरकारों, सार्वजनिक उपक्रमों, स्वायत्त संस्थानों और स्थानीय निकायों को वस्तुओं और सेवाओं की खरीद में मदद करता है। यह पोर्टल पारदर्शिता, दक्षता और समावेशिता को बढ़ावा देता है। गोयल ने पत्र में बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस के जरिए 72 लाख से अधिक ऑर्डर के साथ 5.43 लाख करोड़ रुपए की खरीद हुई। शुरू से अब तक 2.9 करोड़ ऑर्डर के माध्यम से 14 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की खरीद हो चुकी है। इसमें उत्तर प्रदेश का योगदान महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने पिछले पांच वर्षों में यूपी सरकार की खरीद के विवरण को भी साझा किया, जो गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस पर राज्य के भरोसे को दर्शाता है। केंद्रीय मंत्री ने यूपी सरकार के उस आदेश की भी सराहना की, जो 26 नवंबर 2024 को जारी किया गया। इस आदेश ने राज्य के खरीद नियमों को सामान्य वित्तीय नियम (जीएफआर) 2017 और गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस की शर्तों के साथ जोड़ा है। इससे खरीद प्रक्रिया आसान हुई और गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस को पूरी तरह अपनाने का रास्ता खुला। गोयल ने कहा कि यह आदेश विभिन्न खरीद नियमों को एकीकृत कर एक सुगम ढांचा प्रदान करता है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस को ‘वन-स्टॉप मार्केटप्लेस’ बनाने के दृष्टिकोण को मजबूत करता है। उन्होंने लिखा कि यूपी का यह कदम डिजिटल इंडिया की संकल्पना को साकार करता है। तकनीक और समावेशिता के साथ मिलकर काम करने से खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता और तेजी आई है। यूपी की यह पहल अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बनेगी। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की सक्रियता ई-गवर्नेंस, पारदर्शिता और जवाबदेही के बेहतरीन समन्वय का प्रतीक बन गई है। पोर्टल के माध्यम से न केवल खरीद प्रक्रिया को सरल, प्रभावी और तकनीक-सक्षम बनाया गया है, बल्कि पूर्वाग्रह और भेदभाव से मुक्त समान अवसरों की भी प्रभावी स्थापना हुई है। इससे प्रदेश में सुशासन को नई गति मिली है और सरकारी कार्यप्रणाली में जनता के प्रति उत्तरदायित्व का भाव और अधिक सशक्त हुआ है। यही कारण है कि केंद्र सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश को अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय मॉडल के रूप में सराहा जा रहा है। गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस पर वर्तमान में 11,000 से अधिक उत्पाद श्रेणियां और 330 से ज्यादा सेवा श्रेणियां उपलब्ध हैं।  

प्रदेश में अभिजनक बीज नर्सरी की संख्या लगभग हो गई दोगुनी, 2024-25 में बढ़कर 267 तक पहुंची

लखनऊ उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों को मजबूत आधार देने की दिशा में योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक नई मिसाल कायम की है। प्रदेश में अभिजनक बीज नर्सरी की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है। साल 2016-17 में जहां केवल 150 बीज नर्सरियों का संचालन हो रहा था, वहीं 2024-25 में यह संख्या बढ़कर 267 तक पहुंच गई है। यह वृद्धि प्रदेश की चीनी मिलों के प्रक्षेत्र का प्रभावी उपयोग कर संभव हुई है। इतना ही नहीं, वर्ष 2024-25 में प्रदेश में 4.4 करोड़ नवीन किस्मों के सिंगल बड का वितरण किया गया है, जो कि देश में किसी भी शोध संस्था द्वारा उत्पादित बीजों की तुलना में सर्वाधिक है। इस वितरण से गन्ना उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। बीज उत्पादन और वितरण में इस प्रगति ने उत्तर प्रदेश को गन्ना उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी बना दिया है। बीजों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए त्रिस्तरीय बीज उत्पादन कार्यक्रम के अंतर्गत अभिजनक बीजों (ब्रीडर सीड) का प्रमाणन वैज्ञानिक टीम द्वारा किया जाता है। बीज उत्पादकता के निरीक्षण का विस्तृत शेड्यूल निर्धारित किया गया है। इसके अनुसार, बुवाई के समय, अंकुरण के बाद (45-60 दिन), टिल्लरिंग अवस्था में (100-120 दिन), मिल योग्य गन्ने के निर्माण की अवस्था में (180-200 दिन) और कटाई से 15-20 दिन पूर्व निरीक्षण किया जाता है। इस वैज्ञानिक और व्यवस्थित प्रक्रिया के चलते किसानों को प्रमाणित, गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध हो रहे हैं, जिससे उत्पादन क्षमता में निरंतर सुधार हो रहा है।  

सोनम के बॉयफ्रेंड राज की दादी का हुआ निधन

 इंदौर/फतेहपुर  इंदौर के राजा रघुवंशी मर्डर केस से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। सोनम रघुवंशी ने अपने जिस प्रेमी राज के साथ मिलकर पति राजा की हत्‍या करवाई, उसकी दादी की सदमे से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दादी को हार्ट अटैक आ गया। इसके बाद घर में कोहराम मच गया। राजा का पैतृक गांव यूपी के फतेहपुर में है। उसकी दादी यहीं रहती थीं। राज की गिरफ्तारी पर उन्‍होंने कहा था कि पोता बेकसूर है। उसको फंसाया गया है। आपको बता दें कि राज कछवाहा मूलरूप से फतेहपुर जिले के रामपुर गांव का रहने वाला है। पुलिस ने उसे राजा रघुवंशी हत्याकांड मामले में गिरफ्तार किया है। 15 साल पहल राज का परिवार इंदौर में बस गया था। गांव में दादी और परिवार के अन्‍य लोग रहते हैं। राज कछवाहा के पिता तीन भाई थे। दो भाई रामपुर सुकेति गांव में अभी भी रहते हैं। 15 साल पहले राज कछवाहा के पिता स्थिति अच्छी नहीं थी। वह इंदौर चले गए थे। वहां फल की दुकान लगाने लगे। परिवार की हालत सुधरने पर करीब 10 साल पहले परिवार को बुला लिया, जिसमें राज की मां, दो बहनें और राज कछवाहा इंदौर चला गया। राज परिवार के साथ रहने लगा। गांव में दादी के साथ रहती थी राज की बड़ी बहन बड़ी बहन दादी के साथ गांव में रहती थी। कोरोना काल में पिता परिवार के साथ गांव आ गए। कोरोना काल में राज के पिता की मौत हो गई। इसके बाद राज कछवाहा परिवार के साथ फिर इंदौर चला गया। वहां राज कछवाह प्लाईवुड का काम करने लगा। सोनम के यहां पर राज प्लाईवुड का काम करता था। काम के दौरान उसकी सोनम से मुलाकात हुई।

पंडित प्रदीप मिश्रा को फिर से मांगनी पड़ी माफी! सामने आई ये बड़ी वजह

 सीहोर        कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं. महाराष्ट्र में कथा के दौरान भगवान चित्रगुप्त पर की गई उनकी टिप्पणी को लेकर कायस्थ समाज ने तीखा विरोध जताया, जिसके बाद उन्हें माफी मांगनी पड़ी. पंडित प्रदीप मिश्रा ने माफी मांगते हुए कहा, “मेरे किसी कथन से यदि किसी समाज या व्यक्ति को ठेस पहुंची हो या उनका मन दुखा हो, तो मैं क्षमा मांगता हूं.” जानकारी के अनुसार, मिश्रा ने कथा के दौरान भगवान चित्रगुप्त के बारे में कथित तौर पर ‘अभद्र भाषा’ का उपयोग किया था, जिसके बाद कई शहरों में विरोध शुरू हो गया. कई साधु-संतों और कथावाचकों ने भी उनके बयान की निंदा की थी. बयान को लेकर माफी मांगनी पड़ी प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा को फिर अपने बयान को लेकर माफी मांगनी पड़ी है। उन्होंने महाराष्ट्र में 14 जून को प्रवचन के दौरान भगवान चित्रगुप्त को ‘मुछंदर’ कहकर अभद्र टिप्पणी की थी। उस पर पूरे देश में कायस्थ समाज भड़का हुआ था। पंडित प्रदीप मिश्रा ने पत्रकारों से कही ये बात मंगलवार को सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में पत्रकारों से बातचीत में पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि महापुराण की कथा महाराष्ट्र में चल रही थी, उसमें यमराज, चित्रगुप्त महाराज और भगवान शिव की भक्ति का प्रसंग चल रहा था। उसी में वह बात निकली थी। राधा रानी मामले में भी पंडित प्रदीप मिश्रा का काफी विरोध हुआ था प्रदीप मिश्रा ने आगे कहा कि किसी के हृदय को ठेस पहुंचाना कभी शिव महापुराण नहीं जानती। फिर भी यदि किसी व्यक्ति को या समाज को मेरी वाणी से ठेस पहुंची हो तो मैं क्षमा मांगता हूं। बता दें कि इसके पहले राधा रानी मामले में भी पंडित प्रदीप मिश्रा का काफी विरोध हुआ था और तब भी माफी मांगने को मजबूर होना पड़ा था। मंगलवार को सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में पत्रकारों से बातचीत में पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि महापुराण की कथा महाराष्ट्र में चल रही थी, उसमें यमराज, चित्रगुप्त महाराज और भगवान शिव की भक्ति का प्रसंग चल रहा था। उसी में वह बात निकली थी। राधा रानी मामले में भी पंडित प्रदीप मिश्रा का काफी विरोध हुआ था प्रदीप मिश्रा ने आगे कहा कि किसी के हृदय को ठेस पहुंचाना कभी शिव महापुराण नहीं जानती। फिर भी यदि किसी व्यक्ति को या समाज को मेरी वाणी से ठेस पहुंची हो तो मैं क्षमा मांगता हूं। बता दें कि इसके पहले राधा रानी मामले में भी पंडित प्रदीप मिश्रा का काफी विरोध हुआ था और तब भी माफी मांगने को मजबूर होना पड़ा था।

पूर्व सांसद आजम खान और कई अन्य आरोपियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे में अंतिम आदेश पारित करने पर लगी रोक

प्रयागराज इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने जबरदस्ती बेदखली मामले में पूर्व सांसद आजम खान और कई अन्य आरोपियों के खिलाफ दर्ज 12 प्राथमिकियों के समेकित मुकदमे में अंतिम आदेश पारित करने पर रोक लगा दी। न्यायमूर्ति दिनेश पाठक ने सह आरोपी मोहम्मद इस्लाम उर्फ इस्लाम ठेकेदार और अन्य द्वारा दायर एक याचिका पर यह आदेश पारित किया। अदालत ने इस मामले पर तीन जुलाई को नए सिरे से सुनवाई करने का निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि अधीनस्थ न्यायालय में सुनवाई जारी रहेगी। हालांकि तीन जुलाई को होने वाले सुनवाई तक कोई अंतिम आदेश पारित नहीं किया जाएगा। मामला 15 अक्टूबर, 2016 की कथित घटना से जुड़ा है, जिसमें यतीम खाना (वक्फ संख्या 157) नाम से अनाधिकृत ढांचे को ध्वस्त किया गया था। इस मामले में 2019 और 2020 के बीच रामपुर जिले के कोतवाली थाना में 12 प्राथमिकियां दर्ज की गई थीं। शुरुआत में इन प्राथमिकियों को लेकर अलग-अलग मुकदमे चलाए गए, जिन्हें रामपुर जिले के विशेष न्यायाधीश (सांसद-विधायक) द्वारा आठ अगस्त 2024 को समेकित कर दिया गया। मामले में शामिल सभी आरोपियों पर तत्कालीन भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत डकैती, घुसपैठ और आपराधिक षड़यंत्र के आरोप हैं। अदालत ने 11 जून को याचिकाकर्ताओं के वकील की दलीलें सुनने के बाद यह निर्णय दिया और कहा कि अधीनस्थ न्यायालय जून महीने के भीतर ही मुकदमा निस्तारित करने के लिए संकल्पबद्ध है, जिससे प्रक्रियात्मक निष्पक्षता के बारे में आशंका पैदा होती है। इस मामले से जुड़ी एक घटना में आजम खान और उनके साथी वीरेंद्र गोयल द्वारा दायर याचिका पर आज (बुधवार) सुनवाई होनी है। याचिका में अधीनस्थ न्यायालय के 30 मई, 2025 के निर्णय को चुनौती दी गई है, जिसमें सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन जफर अहमद फारुकी सहित प्रमुख गवाहों को बुलाने और 2016 के बेदखली की घटना का वीडियोग्राफिक साक्ष्य पेश कराने का अनुरोध खारिज कर दिया गया था। याचिकाकर्ताओं ने दलील कि इस साक्ष्य से फारुकी घटनास्थल पर अपनी अनुपस्थिति साबित कर सकेंगे।  

अनिल अंबानी ने की राफेल बनाने वाली कंपनी के साथ बड़ी डील, शेयर खरीदने की लूट, लगा अपर सर्किट

नई दिल्ली  अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयरों में आज जबरदस्त खरीदारी हो रही है। कंपनी के शेयर में 5% का अपर सर्किट लग गया और यह 386.05 रुपये के इंट्रा डे हाई पर पहुंच गया। शेयरों में इस तेजी के पीछे एक बड़ी डिफेंस संबंधित डील है। दरअसल, फ्रांस की दिग्गज डिफेंस कंपनी डसॉल्ट एविएशन और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर की सहायक कंपनी रिलायंस एयरोस्ट्रक्चर के बीच भारत में फाल्कन 2000 बिजनेस जेट बनाने के लिए एक डील साइन की गई है। बता दें कि डसॉल्ट एविएशन ने ही राफेल फाइटर जेट को भी बनाती है। राफेल का इस्तेमाल ऑपरेशन सिंदूर में किया गया था। क्या है डिटेल 18 जून को कारोबार के दौरान एक एक्सचेंज फाइलिंग के जरिए अनिल अंबानी के स्वामित्व वाली फर्म ने घोषणा की कि इसकी सहायक कंपनी रिलायंस एयरोस्ट्रक्चर लिमिटेड ने ग्लोबल मार्केट्स के लिए भारत में फाल्कन 2000 बिजनेस एग्जीक्यूटिव जेट बनाने के लिए डसॉल्ट एविएशन के साथ एक रणनीतिक साझेदारी की है। 18 जून को अपनी एक्सचेंज फाइलिंग में रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने कहा, “डसॉल्ट एविएशन और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर की सहायक कंपनी, रिलायंस एयरोस्ट्रक्चर लिमिटेड (आरएएल) ने आज पेरिस एयर शो में वैश्विक बाजारों के लिए भारत में फाल्कन 2000 बिजनेस एग्जीक्यूटिव जेट बनाने के लिए एक ऐतिहासिक रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की। यह साझेदारी भारत की एयरोस्पेस विनिर्माण क्षमताओं को आगे बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण कदम है।” बता दें कि डसॉल्ट एविएशन पहली बार भारतीय और वैश्विक बाजारों के लिए फ्रांस के बाहर फाल्कन 2000 बिजनेस जेट का निर्माण करेगा। संयुक्त राज्य अमेरिका, फ्रांस, कनाडा और ब्राजील के बाद भारत अगली पीढ़ी के बिजनेस जेट बनाने वाले देशों के कुलीन वर्ग में शामिल हो गया। डसॉल्ट एविएशन 2028 के अंत तक कॉर्पोरेट और सैन्य उपयोग के लिए पहला ‘मेड इन इंडिया’ फाल्कन 2000 जेट वितरित करेगा। रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयरों के हाल पिछले साल रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयर की कीमत में उछाल आया है, बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद इसमें 83 प्रतिशत की उछाल आई है। इस साल अब तक शेयर में 21 प्रतिशत की तेजी आई है, हाल ही में 11 जून को यह 52-सप्ताह के उच्चतम स्तर ₹421 पर पहुंच गया। पिछले साल 23 जुलाई को शेयर 52-सप्ताह के निम्नतम स्तर ₹169.75 पर पहुंच गया था।  

गिल अपना कैप्टेंसी डेब्यू लीड्स में करेंगे और वह मैदान पर उतरते ही भारत के पांचवे सबसे युवा कप्तान बनेंगे

नई दिल्ली इंडिया वर्सेस इंग्लैंड 5 मैच की टेस्ट सीरीज का आगाज 20 जून से होने जा रहा है। शुभमन गिल की अगुवआई में भारतीय टेस्ट टीम एक नए अध्याय की शुरुआत करेगी। विराट कोहली और रोहित शर्मा के रिटायरमेंट के बाद टीम में अनुभव की कमी जरूर है, मगर युवाओं में इंग्लैंड में जीतने का जोश भरपूर हैं। गिल अपना कैप्टेंसी डेब्यू लीड्स में करेंगे और वह मैदान पर उतरते ही भारत के पांचवे सबसे युवा कप्तान बनेंगे। वहीं अगर वह एक भी मैच जीतते हैं तो वह इतिहास रच सकते हैं। वह इंग्लैंड की सरजमीं पर टेस्ट मैच जीतने वाले भारत के सबसे युवा कप्तान बनेंगे। भारत का रिकॉर्ड इंग्लैंड में कुछ खास नहीं रहा है। अभी तक खेले 67 मैचों में टीम इंडिया को सिर्फ 9 ही बार जीत नसीब हुई है। बात इंग्लैंड में भारत के सबसे सफल कप्तानों की करें तो इस लिस्ट में विराट कोहली टॉप पर हैं। उनके अलावा कपिल देव, सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़ जैसे दिग्गज खिलाड़ियों की अगुवाई में भी टीम इंडिया ने इंग्लैंड में मैच जीते हैं। आईए एक नजर डालते हैं इंग्लैंड में टेस्ट मैच जीतने वाले भारतीय कप्तानों पर- विराट कोहली- 3 विराट कोहली इंग्लैंड में बतौर कप्तान तीन टेस्ट मैच जीतने वाले एकमात्र भारतीय कप्तान हैं। कोहली ने इंग्लैंड की धरती पर 10 टेस्ट मैचों में भारतीय टीम को लीड किया है और तीन मौकों पर उन्हें जीत मिली है। 2018 में, कोहली की अगुवाई वाली टीम ने ट्रेंट ब्रिज में मेजबानों को हराया जबकि 2021 में लॉर्ड्स और ओवल में जीत हासिल की। ​​कोहली लगभग इंग्लिश धरती पर टेस्ट सीरीज जीतने वाले भारत के चौथे कप्तान बन गए थे क्योंकि टीम ने 2021 में 2-1 की बढ़त बनाई थी, इससे पहले कि पांचवां मैच COVID-19 के कारण रद्द हो गया। उस मैच के बाद टीम इंग्लैंड से बाहर चली गई और पांचवां टेस्ट 2022 में खेला गया, जिसे भारत जसप्रीत बुमराह की कप्तानी में हार गया, जिससे सीरीजं 2-2 से बराबरी पर समाप्त हुई। कपिल देव – 2 भारत के 1983 विश्व कप विजेता कप्तान कपिल देव 1986 में इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज जीतने वाले दूसरे भारतीय कप्तान बने और देश में 2 मैच जीतने वाले पहले कप्तान बने। कपिल की अगुआई वाली भारतीय टीम ने लॉर्ड्स और हेडिंग्ली में जीत के साथ तीन मैचों की सीरीज 2-0 से जीती थी। यह इंग्लैंड की धरती पर किसी सीरीज में भारत की सबसे बड़ी जीत का अंतर भी है। कपिल ने इस सीरीज के अलावा इंग्लैंड में कभी भी टेस्ट मैच में भारत का नेतृत्व नहीं किया। अजीत वाडेकर – 1 अजीत वाडेकर इंग्लैंड में टेस्ट मैच और सीरीज जीतने वाले पहले भारतीय कप्तान थे। वाडेकर की अगुआई में भारत ने ओवल में तीसरा टेस्ट चार विकेट से जीतकर ऐतिहासिक 1-0 से सीरीज जीती थी। इससे पहले, लॉर्ड्स और मैनचेस्टर टेस्ट ड्रॉ पर समाप्त हुए थे। सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़ और एमएस धोनी- 1 सौरव गांगुली ने 2002 में हेडिंग्ले टेस्ट में भारत को जीत दिलाई थी, जो लंबे प्रारूप में घर से बाहर भारत की सबसे बड़ी जीतों में से एक है। यह 16 सालों में इंग्लैंड में टेस्ट मैच में भारत की पहली जीत भी थी। गांगुली ने भारत को 1-1 से सीरीज ड्रा करवाने में मदद की। राहुल द्रविड़ 2007 में इंग्लैंड की धरती पर टेस्ट सीरीज जीतने वाले तीसरे भारतीय कप्तान थे। भारत ने नॉटिंघम टेस्ट में जीत के साथ तीन मैचों की सीरीज 1-0 से जीती। लॉर्ड्स और ओवल टेस्ट ड्रॉ पर समाप्त हुआ था। एमएस धोनी ने 2014 में इंग्लैंड में लॉर्ड्स टेस्ट में भारत को जीत दिलाई थी। भारतीय क्रिकेट के इस महान खिलाड़ी ने नौ मैचों में नेतृत्व किया, लेकिन जीत सिर्फ एक में मिली। भारत उस सीरीज में 3-1 से हार गया था।

भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम जर्मनी रवाना, 4 देशों के टूर्नामेंट में लेगी हिस्सा

बेंगलुरु भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम आज सुबह जर्मनी के बर्लिन के लिए रवाना हो गई, जहां वह 21 जून से 25 जून तक आयोजित होने वाले 4 देशों के अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट में भाग लेगी। टीम की कमान कप्तान अरिजीत सिंह हुंदल के हाथों में है, जो टूर्नामेंट के पहले पूल मैच में 21 जून को मेज़बान जर्मनी के खिलाफ मैदान में उतरेंगे। इसके बाद भारतीय टीम का सामना 22 जून को ऑस्ट्रेलिया और 24 जून को स्पेन से होगा। पूल चरण के बाद शीर्ष दो टीमें फाइनल में भिड़ेंगी, जबकि निचली दो टीमें तीसरे स्थान के लिए 25 जून को मुकाबला करेंगी। सभी मैच टीसी 1899 ब्लाउ वीस़, बर्लिन में खेले जाएंगे। कप्तान अरिजीत सिंह हुंदल ने टूर्नामेंट को लेकर कहा, यह टूर्नामेंट हमारे लिए बेहद अहम है क्योंकि एफआईएच जूनियर वर्ल्ड कप 2025 अब ज्यादा दूर नहीं है। यह हमारे लिए अपनी रणनीतियों को परखने, नए संयोजन आज़माने और कमजोरियों को पहचानने का बेहतरीन मौका होगा। यहां हमें दुनिया की कुछ बेहतरीन टीमों के खिलाफ खेलने का अनुभव मिलेगा। उपकप्तान आमिर अली ने भी टूर्नामेंट को अहम बताते हुए कहा, हमारी कोशिश है कि वर्ल्ड कप से पहले हर छोटी-बड़ी कमी को दूर किया जाए। यह टूर्नामेंट सिर्फ टीम के लिए ही नहीं, बल्कि हर खिलाड़ी के लिए व्यक्तिगत रूप से भी खुद को आंकने और सुधारने का मौका है। गौरतलब है कि एफआईएच जूनियर पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप 2025 का आयोजन 28 नवंबर से 10 दिसंबर तक चेन्नई और मदुरै में किया जाएगा। ऐसे में भारतीय जूनियर टीम के लिए यह टूर्नामेंट वर्ल्ड कप की तैयारियों का एक अहम पड़ाव साबित होगा।  

भोपाल कांग्रेस ने बुलाई बड़ी अहम बैठक, चले लात-घूंसे, जिला अध्यक्ष की दावेदारी को लेकर टकराव

 भोपाल   कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत मंगलवार को कांग्रेसियों में अचानक मारपीट शुरू हो गई। असल में एआईसीसी के पर्यवेक्षक भोपाल आए हुए हैं। वे यहां विधानसभा स्तर पर बैठकें कर जिलाध्यक्ष के दावेदारों से चर्चा कर रहे हैं। मंगलवार की शाम को भी यही कम चल रहा था, इसी बीच कांग्रेसी भिड़ गए। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो खूब वायरल हुआ।  बताया जा रहा कि यह घमासान कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद और कांग्रेस नेता साजिद अली के समर्थकों के बीच हुआ। दोनों पक्षों के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस घटना ने कांग्रेस की संगठनात्मक एकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस बैठक में एआईसीसी पर्यवेक्षक यशोमति ठाकुर सहित कई बड़े और स्थानीय नेता मौजूद थे, जो भोपाल जिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ चर्चा में व्यस्त थे। एक दूसरे पर किया केस घटना के बाद दोनों पक्षों के कार्यकर्ता एमपी नगर थाने पहुंचे और एक-दूसरे के खिलाफ शिकायती आवेदन दिए। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतें दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, यह हंगामा कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद और कांग्रेस नेता साजिद अली के समर्थकों के बीच हुआ. दोनों पक्षों के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए, जिसके बाद स्थिति बेकाबू हो गई. मारपीट और गाली-गलौज की इस घटना ने कांग्रेस की संगठनात्मक एकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. बैठक में AICC पर्यवेक्षक यशोमति ठाकुर सहित कई वरिष्ठ और स्थानीय नेता मौजूद थे, जो भोपाल जिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ चर्चा में व्यस्त थे. इस दौरान बाहर हुए इस हंगामे ने पार्टी के लिए शर्मिंदगी की स्थिति पैदा कर दी.  घटना के बाद दोनों पक्षों के कार्यकर्ता एमपी नगर थाने पहुंचे और एक-दूसरे के खिलाफ शिकायती आवेदन दिए. पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतें दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. इस घटना पर बीजेपी ने भी कांग्रेस पर तंज कसा. बीजेपी के मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने X पर लिखा, “कांग्रेस की बैठक या कुश्ती प्रतियोगिता? भोपाल में कांग्रेस का संगठन सृजन अब संघर्ष सृजन बन गया है. जिला कांग्रेस की बैठक में आरिफ मसूद और साजिद अली के समर्थकों के बीच बहस नहीं, सीधे मारपीट हुई. आरोप लगा कि साजिद अली ने चुनाव में BJP का समर्थन किया- जवाब मिला, “बैठक में देशभक्तों की जरूरत नहीं.” फिर क्या था — बहस, धक्का-मुक्की और कुर्सियां चलने लगीं! अब समझ आया कि कांग्रेस में मन की बात नहीं, मुक्कों की बात होती है. अगली बैठक में डॉक्टर आएंगे या पुलिस? इंतज़ार कीजिए….”  बता दें कि ‘संगठन सृजन अभियान’ का शुभारंभ लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बीते 3 जून को भोपाल दौरे के दौरान किया था. इस अभियान के तहत कांग्रेस ने 61 पर्यवेक्षकों को नियुक्त किया है, जो मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में पार्टी की स्थिति का आकलन कर रहे हैं. लेकिन इस तरह की घटनाएं पार्टी की आंतरिक कलह को उजागर कर रही हैं. भाजपा ने कसा तंज सोशल मीडिया पर इस घमासान का वीडियो खूब वायरल हुआ। प्रदेश भाजपा प्रभारी आशीष अग्रवाल ने वीडियो सांझा करते हुए लिखा कि कांग्रेस की बैठक या कुश्ती प्रतियोगिता। भोपाल में कांग्रेस का संगठन सृजन अब संघर्ष सृजन बन गया है। जिला कांग्रेस की बैठक में आरिफ मसूद और साजिद अली के समर्थकों के बीच बहस नहीं, सीधे मारपीट हुई। अगली बैठक में डॉक्टर आएंगे या पुलिस? इंतज़ार कीजिए।

छतरपुर में 2 लड़कियों ने की समलैंगिक शादी, हलफनामा दे परिवार से तोड़ा नाता

छतरपुर  जिले में एक बार फिर दो युवतियों के समलैंगिक विवाह का मामला सामने आया है। एक 21 साल की लड़की ने 24 साल की लड़की से ही शादी कर ली है। इस शादी की चर्चा खूब हो रही है। शपथ पत्र सामने आया तो मामले का खुलासा हुआ। दरअसल, नौगांव तहसील के ग्राम मऊसहांनिया की दो युवतियों ने आपसी सहमति से विवाह कर लिया है। उन्होंने शपथ-पत्र के जरिए अपने परिजनों को इसकी जानकारी दी। इस शादी को लेकर प्रशासन पूरी तरह मौन है। वहीं गांव के समाज में इसको लेकर हलचल तेज हो गई है। मऊसहानियां की 21 वर्षीय क्रांति ने शपथ-पत्र देकर स्वयं को बालिग बताते हुए अपनी मर्जी से एक युवती से विवाह करने की बात कबूल की है। उसने कहा है कि उसने बीते वर्ष 9 दिसंबर 2023 को ग्राम मऊसहानियां की ही निवासी 24 वर्षीय गायत्री रैकवार से प्रेम करते हुए समलैंगिक विवाह किया है। शपथ-पत्र में बताया खुद को बालिग क्रांति ने 17 जून 2025 को तहसील कार्यालय में शपथ-पत्र प्रस्तुत कर स्पष्ट किया कि वह अब पूरी तरह से बालिग है और अपने मन से यह निर्णय लिया है। उसने शपथ-पत्र में यह भी उल्लेख किया कि वह अपनी जीवनसाथी के साथ रह रही है। और अब अपने माता-पिता व परिवार के किसी भी सदस्य से कोई संबंध नहीं रखना चाहती। उसने कहा कि वह अपनी मर्जी से जीना चाहती है। भविष्य में परिवार या रिश्तेदारों में से कोई भी व्यक्ति उसे परेशान करता है या किसी भी प्रकार की शिकायत करता है, तो उसके लिए वह स्वयं जिम्मेदार होगी। युवती बोलीं- अब परिवार से कोई संबंध नहीं 21 वर्षीय युवती ने शपथपत्र में कहा कि मैं बालिग हूं, शिक्षित हूं और मानसिक रूप से सक्षम हूं। यह रिश्ता मेरी मर्जी से है। मैंने परिवार को नहीं बताया और अब कोई संबंध नहीं रखती। अगर कोई विवाद हुआ तो उसकी जिम्मेदारी मेरी होगी। परिवार के लोग इस रिश्ते को स्वीकार नहीं कर रहे, इसलिए हमने सुरक्षा के लिए कानूनी रास्ता चुना है। दो साल पहले की थी मंदिर में शादी दूसरी युवती ने बताया कि वह 12वीं पास है और दो साल पहले 9 दिसंबर 2023 को दोनों ने मंदिर के पास विवाह किया था। तब से अपने-अपने घर में रह रही थी। उन्होंने कहा कि हम दोनों बालिग हैं। परिवार साथ नहीं रहने दे रहा, इसलिए कोर्ट में शपथपत्र देकर शादी की है। अब साथ रहेंगे। टीआई बोले- अब तक कोई शिकायत नहीं आई नौगांव थाना प्रभारी सटीक सिंह ने बताया कि दोनों युवतियां सुरक्षा के लिए आई थीं। एक दिन पहले उनके माता-पिता गुमशुदगी की रिपोर्ट देने आए थे। लेकिन अब तक थाने में इस मामले को लेकर कोई शिकायत नहीं आई है। परिवार से कोई मतलब नहीं शपथ-पत्र के अनुसार, क्रांति ने समाज के किसी भी दबाव को नकारते हुए अपनी मर्जी से जीवनसाथी चुना है और अब वह अपने जीवन का निर्णय स्वयं लेने को स्वतंत्र है। बता दें कि इस तरह का यह कोई पहला मामला नहीं है। इसके पहले भी नौगांव क्षेत्र के दौरिया गांव की युवती ने लड़कर असम की रहने वाली युवती से समलैंगिक विवाह किया है। बीते दो महीने के अंतराल में ही दो समलैंगिक विवाह होने से समाज और प्रशासन में हलचल बनी हुई है।  

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