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50 सालों से जल रहा ‘गेटवे टू हेल’ क्रेटर अब ‘अंतिम सांसे’ ले रहा, तुर्कमेनिस्तान में बना ‘नर्क का दरवाजा’ क्या अब बंद हो जाएगा

नई दिल्ली तुर्कमेनिस्तान में 50 सालों से जल रहा ‘गेटवे टू हेल’ क्रेटर अब ‘अंतिम सांसे’ ले रहा है। विज्ञानियों का कहना है कि यह अद्भुत क्रेटर अब बुझने वाला है। आइए जानते हैं क्यों अब तक जल रहा है यह क्रेटर? क्या है गेटवे टू हेल? ‘गेटवे टू हेल’, जिसे आधिकारिक तौर पर ‘शाइनिंग ऑफ काराकुम’ के नाम से जाना जाता है। यह तुर्कमेनिस्तान के काराकुम रेगिस्तान में स्थित 230-फुट चौड़ा (70 मीटर) सिंकहोल है। यह गड्ढा मीथेन के विशाल भूमिगत भंडार से जुड़ा हुआ है, जिससे इसे जलाने के लिए गैस की लगभग असीमित आपूर्ति मिलती है। इस गड्ढे में सैकड़ों गैस की आग लगी हुई है, जो इसे एक अलौकिक चमक देती है। एक दुर्घटना के कारण बना था क्रेटर जब यह क्रेटर बना था उस समय तुर्कमेनिस्तान सोवियत संघ का हिस्सा था। तब अधिकारियों ने क्रेटर से जुड़ी जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया था। अब क्रेटर को लेकर सबसे आम सिद्धांत यह है कि यह प्राकृतिक गैस की खोज में हुई दुर्घटना के कारण बना था। 1971 में एक सोवियत गैस ड्रिलिंग स्टेशन ने एक गैस पाकेट को छेद दिया, जिससे एक गड्ढा बन गया और हवा में गैस लीक होने लगी। विज्ञानियों ने जहरीली गैसों को बाहर निकलने से रोकने के लिए गड्ढे को जलाने का निर्णय लिया। विज्ञानियों को उम्मीद थी कि आग कुछ दिनों में बुझ जाएगी, लेकिन नरक के प्रवेश द्वार की आग तब से जल रही है। सरकारी स्वामित्व वाली ऊर्जा कंपनी तुर्कमेनगाज की निदेशक इरिना लुरीवा कहती हैं कि पहले आग की एक चमक कई किलोमीटर दूर से दिखाई देती थी, अब इसे केवल आस-पास के इलाकों से ही देखा जा सकता है। आज केवल आग का एक हल्का स्रोत बचा हुआ है। तुर्कमेनिस्तान में दुनिया का चौथा सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस भंडार है, जो रेगिस्तान के नीचे बड़े पैमाने पर फैला हुआ है। आग बुझाने के लिए शुरू की थी परियोजना? पहले की तुलना में तीन गुना छोटी हो गई आग 2022 में तत्कालीन राष्ट्रपति बर्डीमुखमेदोव ने आग को बुझाने के लिए एक परियोजना शुरू की थी। उन्होंने कहा था कि हम मूल्यवान प्राकृतिक संसाधनों को खो रहे हैं। इस परियोजना के तहत आग को बढ़ाने वाली गैस को बाहर निकालने के लिए कई नए गैस कुएं खोदे गए। प्राकृतिक ज्वलनशील गैस के कम प्रवाह के कारण क्रेटर में लपटें कम होने लगी हैं। आग अब पहले की तुलना में तीन गुना छोटी हो गई है।

जयशंकर की पाकिस्तान को चेतावनी- ‘अब हम आतंकवाद के साथ और नहीं जीएंगे, हमला हुआ तो फिर जवाब देंगे’

ब्रूसेल्स  जयशंकर ने कहा कि ‘भारत के हमले में पाकिस्तान को काफी नुकसान उठाना पड़ा और भारत के लड़ाकू विमानों और अन्य सैन्य उपकरणों ने बेहद सटीकता से हमले किए और पाकिस्तान के तबाह एयरबेस की तस्वीरें गूगल पर मौजूद हैं।’ भारत और पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष के करीब तीन हफ्ते बाद भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है औऱ कहा है कि अगर फिर से आतंकी हमला हुआ तो भारत फिर से करारा जवाब देने में बिल्कुल नहीं हिचकेगा। जयशंकर इन दिनों ब्रूसेल्स के दौरे पर हैं। वहां एक इंटरव्यू के दौरान जयशंकर ने कहा कि ‘अगर आतंकी ठिकाने पाकिस्तान के भीतर मौजूद हैं तो हम पाकिस्तान में भीतर जाकर ही हमला करेंगे।’ भारत सरकार की तरफ से लगातार कहा जा रहा है कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है और अगर पाकिस्तान की तरफ से फिर से आतंकी हमला हुआ तो भारत फिर से सैन्य कार्रवाई से हिचकेगा नहीं। विदेश मंत्री ने भी सरकार के इसी स्टैंड को दोहराया। विदेश मंत्री ने कहा कि ‘आतंकवाद इस देश (पाकिस्तान) की राष्ट्रीय नीति का हिस्सा है। यही समस्या है।’ पहलगाम आतंकी हमले के बाद हुआ संघर्ष बीती अप्रैल में भारत के जम्मू कश्मीर में आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 26 निर्दोष पर्यटकों की धर्म पूछकर हत्या कर दी गई थी। भारत ने इसका आरोप पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन पर लगाया। इसके बाद मई में भारत ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों पर हमला किया, जिसके जवाब में पाकिस्तान ने भारत पर हमले की कोशिश की। भारत ने 10 मई को बड़ा हमला कर पाकिस्तान के कई एयरबेस तबाह कर दिए। जिसके बाद पाकिस्तान ने लड़ाई रोकने की अपील की, जिसे भारत ने स्वीकार कर लिया।    लड़ाकू विमान गिराने के दावे पर क्या बोले विदेश मंत्री पाकिस्तान ने भारत के लड़ाकू विमान गिराने का दावा किया था। जब इसे लेकर विदेश मंत्री से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि ‘वह इस पर टिप्पणी नहीं करेंगे, लेकिन जल्द ही संबंधित प्राधिकरण द्वारा सही समय आने पर इस पर पूरी जानकारी दी जाएगी।’ जयशंकर ने कहा कि ‘भारत के हमले में पाकिस्तान को काफी नुकसान उठाना पड़ा और भारत के लड़ाकू विमानों और अन्य सैन्य उपकरणों ने बेहद सटीकता से हमले किए और पाकिस्तान के तबाह एयरबेस की तस्वीरें गूगल पर मौजूद हैं।’ ‘अब आतंकवाद के साथ नहीं जीएंगे’ जयशंकर ने कहा कि पाकिस्तान लगातार आतंकियों को पनाह और प्रशिक्षण देता आ रहा है और हजारों आतंकी दक्षिणी सीमा पर मौजूद हैं। जयशंकर ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि ‘हम आतंकवाद के साथ अब और नहीं जीएंगे। हमारा संदेश साफ है कि अगर आगे भी अप्रैल जैसे हमले जारी रहे तो हम जवाबी कार्रवाई करेंगे और यह कार्रवाई आतंकी संगठनों और आतंकी नेतृत्व के खिलाफ होगी।’ 

समारू राम को मौसम दर मौसम होने वाली समस्या से मिली आजादी

प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना से कमारों के जीवन में आयी स्थिरता मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के संकल्प को साकार कर रही समारू राम को मौसम दर मौसम होने वाली समस्या से मिली आजादी रायपुर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मंशानुरूप मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के संकल्प को साकार कर रही है। प्रधानमंत्री जनमन योजना, विशेष पिछड़ी जनजातियों के जीवन स्तर में अभूतपूर्व परिवर्तन ला रही है। इस समाज के हजारों लोगों को अब सुरक्षित आवास, स्वच्छ जल और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं। जनमन योजना केवल एक आवास योजना नहीं है, बल्कि यह सामाजिक समावेशन, स्वच्छता, शिक्षा और रोजगार के अवसरों को भी साथ लेकर चल रही है।     प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना का सकारात्मक असर राज्य के कई जिले में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति कमार परिवारों के जीवन में दिखायी देने लगा है। अपनी अलग संस्कृति को सहेजे हुए कच्चे झोपड़ी नुमा मकानों में रहकर अपना जीवन यापन करने वाले विशेष पिछड़ी जनजातियों के जीवन में स्थिरता आने लगी है और ये स्थिरता प्रदान की है, प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना ने। शासन की योजनाएँ जब धरातल पर सही ढंग से कार्यान्वित होती हैं, तो आम नागरिक के जीवन में सकारात्मक  बदलाव होता है।          धमतरी जिले के मगरलोड विकासखंड के ग्राम सिंगपुर निवासी श्री समारू के जीवन में बदलाव अब साफ देखने को मिल रहा है। समारू राम को अब प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत् आवास योजना के साथ- साथ अन्य योजनाओं का भी लाभ प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वे बचपन से वे इसी गांव में निवासरत हैं। उनके पास स्वयं की संपत्ति के रूप में जो कुछ था, तो वह था पुश्तैनी जर्जर कच्चा मकान। प्रत्येक व्यक्ति के समान उसकी भी इच्छा थी कि उसका खुद का पक्का मकान हो, इस सपना को प्रधानंत्री जनमन योजना ने पूरा किया। योजना की जानकारी मिलते ही समारूराम ने अपना आवस बनवाने के लिए आवेदन किया, ग्राम सभा के अनुमोदन पश्चात् उनका चयन उनका चयन पक्का आवास बनाने के लिए किया गयाा। योजनांतर्गत उसके बैंक खाते में पहली किस्त आते ही समारू ने मकान निर्माण की नींव रखी और शासन के सहयोग से देखते ही देखते सुंदर आवास का सपना सकार हुआ। समारू राम जो वर्षों से कच्चे मकान में कठिन परिस्थितियों में अपना जीवन यापन कर रहा था, वे अब प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत निर्मित पक्के आवास में परिवार के साथ सम्मानजनक सुरक्षित जीवन जी रहे हैं। उनके चेहरे पर उमंग साफ देखी जा सकती है।    समारू राम का कहना है कि अब हमें बारिश, ठंड या गर्मी की चिंता नहीं है। मेरा परिवार सुरक्षित है। यह घर मेरे लिए सिर्फ दीवारें और छत नहीं है, यह हमारे सपनों की बुनियाद है। शासन के सहयोग से बना  यह आवास न केवल उसके सपने को पूरा किया बल्कि मौसम दर मौसम होने वाली समस्या से भी आजादी दिलाई। उल्लेखनीय है कि धमतरी जिले में प्रधानमंत्री जनमन आवास योजनांतर्गत 01 हजार 469 आवास स्वीकृत है, जिनमें से 815 आवासों को पूर्ण कर लिया गया है, शेष 654 आवास निर्माणधीन है, जो शीघ्र पूर्ण हो जायेंगे। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तह्त हितग्राहियों को 2 लाख रूपये की सहायता राशि 4 किश्तों में प्रदान की जाती है। पहली किश्त 40 हजार, दूसरी किश्त 60 हजार, तीसरी किश्त 80 हजार और चौथी किश्त 20 हजार रुपए है। इसके साथ ही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत् हितग्राही को 90 दिनों की मजदूरी भी प्रदान की जाती है।

मध्यप्रदेश ऐसा पहला राज्य है, जहाँ प्रदेश के समस्त नगरीय निकायों को एक सिंगल पोर्टल पर लाया गया है

भोपाल नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों को कम्प्यूटरीकृत करने के लिये केन्द्रीकृत वेब आधारित ई-नगरपालिका 2.0 योजना प्रारंभ की है। यह योजना डिजिटल इण्डिया के उद्देश्य को बढ़ावा देने तथा पारदर्शी और त्वरित नागरिक सेवा देने के उद्देश्य से लागू की गयी है। यह योजना ई-गवर्नेंस का अनूठा उदाहरण है। ई-नगरपालिका 1.0 द्वारा नगरीय निकायों द्वारा प्रदत्त समस्त नागरिक सेवाओं, जन-शिकायत सुविधा, निकायों की आंतरिक कार्य-प्रणाली, समस्त भुगतान और बजट प्रक्रिया को एकीकृत कर ऑनलाइन सुविधा प्रदाय की जा रही है। मध्यप्रदेश ऐसा पहला राज्य है, जहाँ प्रदेश के समस्त नगरीय निकायों को एक सिंगल पोर्टल पर लाया गया है। ई-नगरपालिका 2.0 का विभिन्न विभागों जैसे उद्योग, राजस्व, पंजीयन विभाग आदि एवं भारत सरकार के महत्वपूर्ण मोबाइल ऐप जैसे उमंग से भी एकीकृत किया गया है। प्रदेश के समस्त नगरीय निकायों में नागरिक सेवाओं को प्रदाय करने के लिये एकीकृत एकल एसएपी, ईआरपी प्लेटफार्म आधारित ई-नगरपालिका 1.0 लागू की गयी थी। इसके बाद ई-नगरपालिका 2.0 नगरीय निकायों में लागू कर दी गयी है। इसके अंतर्गत 16 मॉड्यूल तथा 24 नागरिक सेवाएँ शामिल हैं। भौतिक अवसंरचना को क्लाउड सेवाओं द्वारा प्रतिस्थापित किया गया है। ई-नगरपालिका 2.0 में जीआईएस एकीकरण और ऑर्टीफिशियल इंटेलीजेंस का भी उपयोग किया जा रहा है। कॉमन सर्विस सेंटर, एमपी ऑनलाइन कियोस्क सेंटर और भुगतान गेटवे के साथ ई-नगरपालिका 2.0 का एकीकरण किया जा रहा है। ई-नगरपालिका 2.0 ओपन सोर्स प्लेटफार्म टेक्नोलॉजी पर आधारित है। ई-नगरपालिका 2.0 पोर्टल का विकास 2 वर्ष तथा 5 वर्ष के ऑपरेशन और मेंटेनेंस का कार्य वेंडर द्वारा किया जायेगा। विभाग द्वारा अपनी वेबसाइट भी प्रारंभ की गयी है, जिसका यूआरएएल www.mpurban.gov.in है। वेबसाइट पर विभाग द्वारा नगरीय निकायों से संबंधित आवश्यक जानकारी स्टेटिक और डॉयनेमिक रूप में उपलब्ध करायी गयी है।  

वट पूर्णिमा या ज्येष्ठ पूर्णिमा जगन्नाथ पुरी में आज होगी, स्नान पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है, आज मनाई जाएगी

इस दिन भगवान जगन्नाथ को स्नान कराया जाता है। स्नान यात्रा, जिसे स्नान पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है, कल मनाई जाएगी, यह रथ यात्रा की शुरुआत का प्रतीक है। वट पूर्णिमा या ज्येष्ठ पूर्णिमा जगन्नाथ पुरी में कल 11 जून को होगी पंचांग के अनुसार, आषाढ़ शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि के दिन रथ यात्रा शुरु होती है। इसके लिए शुरुआत वट पूर्णिमा यानी ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन होती है। इस दिन भगवान जगन्नाथ को स्नान कराया जाता है। स्नान यात्रा, जिसे स्नान पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है, कल मनाई जाएगी, यह रथ यात्रा की शुरुआत का प्रतीक है। वट पूर्णिमा या ज्येष्ठ पूर्णिमा जगन्नाथ पुरी में कल 11 जून को होगी, जिसमें देवताओं को सुना कुआ या स्वर्ण कुआं से निकाले गए सुगंधित पवित्र जल से स्नान कराया जाता है। भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और भगवान बलभद्र को कुल 108 घड़ों के पानी से स्नान कराया जाता है, इनमें परंपरा के अनुसार भगवान जगन्नाथ को स्नान कराने के लिए 35 घड़े, बलभद्र को 33 घड़े, देवी सुभद्रा को 22 घड़े और भगवान सुदर्शन को 18 घड़े पानी से नहलाया जाता है। माना जाता है कि इस पवित्र स्नान के बाद, भाई-बहन के देवताओं को बुखार हो जाता है और उन्हें दो सप्ताह की अवधि के लिए अनासारा घर में एकांतवास में रखा जाता है। आपको बता दें कि इससे पहले देवताओं को उनके औपचारिक स्नान से पहले बौला की लकड़ी से बने सेनापता से सजाया जाएगा, इसलिए पुरी के श्रीमंदिर में सार्वजनिक दर्शन 10 जून को दोपहर 2 बजे तक स्थगित रहेंगे। इस साल कब से शुरू हो रही है रथ यात्रा   इस साल द्वितीया तिथि 26 जून 2025 को दोपहर 1:25 बजे शुरू होकर 27 जून को सुबह 11:19 बजे तक रहेगी। इसी आधार पर इस वर्ष जगन्नाथ रथ यात्रा की शुरुआत 27 जून 2025, शुक्रवार को होगी।हर साल भारत में आयोजित होने वाली पुरी की जगन्नाथ रथ यात्रा का लाखों श्रद्धालुओं को बेसब्री से इंतजार रहता है। यह यात्रा केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि श्रद्धा, भक्ति और भारतीय सांस्कृतिक विरासत का एक अद्भुत उत्सव है. उड़ीसा के पुरी शहर में भगवान जगन्नाथ, उनके भाई बलराम और बहन सुभद्रा के रथों को खींचने के लिए देश-विदेश से भक्त उमड़ पड़ते हैं।  

अब बहराइच में गाजी का नहीं महाराजा सुहेलदेव और मां पाटेश्वरी का मेला लगेगा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

बहराइच  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में 1243 करोड़ से 384 परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया और कहा कि अब बहराइच में गाजी का नहीं महाराजा सुहेलदेव व मंडल में मां पाटेश्वरी का मेला लगेगा। बहराइच के चित्तौरा झील के तट पर आयोजित महाराजा सुहेलदेव विजयोत्सव में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाराजा सुहेलदेव के पराक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि अब कहीं भी किसी विदेशी आक्रांता का महिमा मंडन नहीं होगा। उन्होंने कहा कि बहराइच में गाजी का नहीं महाराजा सुहेलदेव का और मंडल में मां पाटेश्वरी का मेला लगेगा।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को अपने हेलीकॉप्टर से चित्तौरा झील के तट पर पहुंचे और 1243 करोड़ की 384 परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास करने के साथ ही पांच बच्चों का अन्नप्राशन कराकर तथा महाराजा सुहेलदेव के नाम पर उनका नामकरण कराकर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत के मठ मंदिरों को लूटकर भारतीय संस्कृति को नष्ट करने का मंसूबा लेकर आया सैयद सालार मसूद गाजी को महाराजा सुहेलदेव ने अपनी कूटनीति तथा युद्धनीति से जहन्नुम में पहुंचा दिया। उन्होंने सपा, बसपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि इन राजनीतिक दलों ने सत्ता में रहते हुए धर्म, संस्कृति और राष्ट्र की रक्षा करने वाले महाराजा सुहेलदेव के पराक्रम को भुलाकर विदेशी आक्रांता को महिमा मंडित कर हर वर्ष उनका विवाह कराते थे। यह सब तुष्टीकरण की नीति के तहत किया जा रहा था। इसके बाद जब से देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी सत्ता में आई तभी से गुजरात में भारतीय गणराज्य में देशी रियासतों को मिलाने वाले महापुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल की विश्व की लंबी प्रतिमा स्थापित कर उनके योगदान का सम्मान किया। उसके बाद राम मंदिर निर्माण के साथ ही अयोध्या में राम दरबार सज गया। अयोध्या, मथुरा, काशी तथा नैमिषारण्य का सुंदरीकरण कराया गया और अब आज ही के दिन 10 जून 1034 को विदेशी आक्रांता को धूल चटाने वाले महापराक्रमी चक्रवर्ती सम्राट महाराजा सुहेलदेव के विजयोत्सव पर उनकी 17 फुट ऊंची और चालीस फिट लंबी प्रतिमा की स्थापना करने के साथ आजमगढ़ में निर्मित विश्वविद्यालय का नाम महाराजा सुहेलदेव के नाम पर रखा गया। महाराजा सुहेलदेव पर शोध करने वाले विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान करने की योजना शुरू की गई है।  मुख्यमंत्री ने महाराजा सुहेलदेव विजयोत्सव में दशकों से अपनी भूमिका निभाने वाले दिवंगत पंडित हनुमान शर्मा, पंडित गुलाब चंद शुक्ल,विहिप के पूर्व अध्यक्ष संतराम सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए अन्य सहयोगी मुकुट बिहारी वर्मा, सुरेश्वर सिंह, अक्षयवर लाल गोंड, अर्जुन कुमार दिलीप तथा श्यामकरन टेकड़ीवाल आदि के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम को जिले के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही, कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर, पर्यटन मंत्री तथा कार्यक्रम के आयोजक जयवीर सिंह, सांसद डा. आनंद कुमार गोंड, सदर विधायक अनुपमा जायसवाल, पयागपुर के विधायक सुभाष त्रिपाठी, महसी के सुरेश्वर सिंह, नानपारा के राम निवास वर्मा बलहा की सरोज सोनकर, एमएलसी पद्मसेन चौधरी व डा. प्रज्ञा त्रिपाठी पूर्व मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा तथा जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू सिंह आदि ने संबोधित किया। 

पहलगाम के लोग अमरनाथ यात्रियों का स्वागत करते आए हैं और यह परंपरा ईमानदारी के साथ जारी रहेगी: महबूबा मुफ्ती

श्रीनगर अमरनाथ यात्रा को लेकर जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा कश्मीर के लोगों की जिम्मेदारी है। महबूबा मुफ्ती ने अगले महीने शुरू होने वाली यात्रा से पहले दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के पहलगाम पर्यटन स्थल पर विभिन्न हितधारकों और पीडीपी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। बैठक को संबोधित करते हुए मुफ्ती ने कहा, “यात्रियों की सुरक्षा आपकी जिम्मेदारी है। यात्रा और यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी हर नागरिक की है। पुलिस और सुरक्षा बलों से ज्यादा आपको उनकी सुरक्षा करनी है।” ‘पहलगाम के लोगों को यात्रा सुरक्षित करना होगा’ पीडीपी अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने अपनी पार्टी के उन कार्यकर्ताओं को बुलाया है जो यात्रा के मार्ग पर रहते हैं और उनसे तीर्थयात्रा की सुरक्षा करने को कहा है। महबूबा मुफ्ती ने कहा, “मैंने उनसे कहा कि पहलगाम के लोगों को यात्रा को सुरक्षित करना होगा ताकि यह अच्छी तरह से संपन्न हो और पर्यटकों में विश्वास बहाल हो, जिससे पर्यटन फिर से शुरू हो जाएगा।” अमरनाथ आने वाले यात्रियों से की ये अपील महबूबा ने कहा कि कश्मीर और खासकर पहलगाम के लोग सदियों से अमरनाथ यात्रियों का स्वागत करते आए हैं और यह परंपरा उसी भावना और ईमानदारी के साथ जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि अमरनाथ यात्री आएं। जिस तरह से कश्मीर के लोग सदियों से उनका स्वागत करते आए हैं, ईश्वर की इच्छा से इस साल भी उनका स्वागत किया जाएगा। उनकी अच्छी तरह से सेवा की जाएगी और वे सुरक्षित और स्वस्थ अपने घरों को लौटेंगे। घाटी में पर्यटन ठप- महबूबा मुफ्ती मुफ्ती ने कहा कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद स्थिति बदल गई और घाटी में पर्यटन ठप हो गया। हजारों टट्टूवाले, होटल व्यवसायी, दुकानदार और टैक्सी और ऑटो चालक परेशान हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने बैंकों से कर्ज लिया है और वे संकट में हैं। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और चुनी हुई सरकार से पहलगाम में चंदनवारी, अरु और बीताब घाटी जैसे पार्कों को फिर से खोलने की अपील की, ताकि पर्यटक इन जगहों पर जा सकें और होटल व्यवसायियों और टट्टूवालों को अपनी आजीविका कमाने में मदद मिल सके। पीडीपी प्रमुख ने सरकार से आम लोगों को परेशान न करने की अपील की। ​​उन्होंने कहा, “मैं सरकार से अपील करती हूं कि टट्टूवालों को सुनवाई के लिए श्रीनगर या पहलगाम बुलाना बंद करें। उनके साथ ऐसा न करें। अगर आपको आतंकवादियों से लड़ना है, तो वैसा करें, लेकिन आम लोगों को परेशान न करें। अगर आप आम लोगों को परेशान करेंगे या उन्हें अपना दुश्मन बना लेंगे, तो इसके अच्छे परिणाम नहीं होंगे।”

दिल्ली सरकार अब प्राइवेट स्कूलों में फीस वृद्धि पर लगाई गी रोक, अध्यादेश के जरिए पास किया नया बिल

नई दिल्ली  फिलहाल इस बिल को अध्यादेश के तौर पर मंजूरी दे दी गई है। बता दें कि सरकार अब अध्यादेश के जरिये प्राइवेट स्कूलों की फीस बढ़ाने पर रोक लगाएगी।  मंगलवार को दिल्ली सरकार की आठवीं बैठक हुई। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में एक बड़ा फैसला लिया गया है। दिल्ली स्कूल शिक्षा (फीस निर्धारण एवं विनियमन में पारदर्शिता) विधेयक, 2025 को कैबिनेट ने पास कर दिया है। अब बिल को उपराज्यपाल और फिर राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। इनके हस्ताक्षर के बाद यह कानून बन जाएगा।  फिलहाल इस बिल को अध्यादेश के तौर पर मंजूरी दे दी गई है। बता दें कि सरकार अब अध्यादेश के जरिये प्राइवेट स्कूलों की फीस बढ़ाने पर रोक लगाएगी। यह नियम 1 अप्रैल 2025 से लागू होगा। इस फैसले से दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के माता-पिता के लिए राहत मिलेगी।  

पीएम मोदी ने ‘एक्स’ के माध्यम से ‘जन मन सर्वेक्षण’ की घोषणा की, राष्ट्रीय मुद्दों पर जनता की राय जानने के लिए भागीदारी

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश की सेवा में 11 साल पूरे होने के अवसर पर, ‘नरेंद्र मोदी ऐप’ (नमो ऐप) ने एक खास सर्वे शुरू किया गया है जिसका नाम है – जन मन सर्वेक्षण। यह सर्वे शुरू होते ही पूरे देश से लोगों की जबरदस्त भागीदारी देखने को मिली है। सिर्फ एक दिन में ही 5 लाख से ज्यादा लोगों ने इसमें हिस्सा लिया। यह अनूठा सर्वेक्षण लोगों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल करने के लिए बनाया गया है, जिससे उन्हें प्रमुख राष्ट्रीय मुद्दों और सरकारी पहलों पर अपनी राय व्यक्त करने का अधिकार मिलता है। प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक्स’ के माध्यम से ‘जन मन सर्वेक्षण’ की घोषणा की है। यह लोगों को सरकार के साथ सीधे अपनी प्रतिक्रिया और राय साझा करने के लिए एक मंच प्रदान करता है। यह ऑनलाइन सर्वे यह सुनिश्चित करता है कि देश के हर कोने से लोगों की आवाज सुनी जाए और आने वाली नीतियों में उनकी राय को महत्व मिले। ‘जन मन सर्वेक्षण’ में भाग लेना बहुत आसान है। यह नमो ऐप पर पोस्ट किया गया है। यह सर्वे भारतीय नागरिकों को राष्ट्रीय सुरक्षा और शासन से लेकर सांस्कृतिक गौरव और युवा विकास तक कई विषयों पर अपने विचार व्यक्त करने की आजादी देता है। लॉन्च के बाद से 26 घंटों में 500,000 से अधिक प्रतिक्रियाओं के साथ, यह सर्वेक्षण जनता के साथ सीधे और सार्थक तरीके से जुड़ने के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण के रूप में उभरा है। इसके अलावा, ऐप में एक दूसरा बैनर भी है जो पिछले 11 सालों में सरकार की उपलब्धियों को दिखाता है। वहां से भी सर्वे तक पहुंचा जा सकता है। इस सर्वे में पूरे देश से बड़ी संख्या में लोग हिस्सा ले रहे हैं। अब तक सबसे ज़्यादा जवाब उत्तर प्रदेश से आए हैं। खास बात यह है कि 77 प्रतिशत से अधिक लोगों ने पूरा सर्वे पूरा किया है, जो यह दिखाता है कि लोग इसमें कितनी रुचि ले रहे हैं और देश के भविष्य में अपना योगदान देना चाहते हैं। प्रतिक्रिया संख्या के अनुसार टॉप प्रदर्शन करने वाले राज्य और निर्वाचन क्षेत्र इस प्रकार रहे- 1. उत्तर प्रदेश – 1,41,150 प्रतिक्रियाएं 2. महाराष्ट्र – 65,775 प्रतिक्रियाएं 3. तमिलनाडु – 62,580 प्रतिक्रियाएं 4. गुजरात – 43,590 प्रतिक्रियाएं 5. हरियाणा – 29,985 प्रतिक्रियाएं सर्वेक्षण में भाग लेने के लिए, नागरिक दो अलग-अलग तरीकों से नमो ऐप के माध्यम से आसानी से इसका उपयोग कर सकते हैं: 1. नमो ऐप के होम पेज : जैसे ही ऐप खोलेंगे, होमपेज पर एक बैनर दिखेगा, जिस पर क्लिक करके आप सीधे सर्वे में जा सकते हैं। 2. सीधा लिंक: अगर आप चाहें तो डायरेक्ट लिंक पर जाकर भी सर्वे भर सकते हैं। सर्वेक्षण में पूछे गए प्रश्नों में आतंकवाद, राष्ट्रीय सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय संबंध, विकास, डिजिटल इंडिया, नारी सशक्तीकरण, विकसित भारत, सरकारी योजनाओं आदि से जुड़े बहुआयामी विषय शामिल रहे। सर्वेक्षण में पूछे गए प्रश्नों की डिटेल्स इस प्रकार है- प्रश्न 1: “पिछले दशक में आतंकवाद से निपटने के लिए भारत का दृष्टिकोण किस तरह विकसित हुआ है?” प्रश्न 2: “राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरों के विरुद्ध सरकार की कार्रवाइयों को देखते हुए, एक नागरिक के रूप में आप खुद को कितना सुरक्षित महसूस करते हैं?” प्रश्न 3: “क्या आपको लगता है कि भारत की आवाज पहले की तुलना में आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ज्यादा सुनी और सम्मानित की जा रही है?” प्रश्न 4: “2014 के बाद से निम्नलिखित में से कौन-सा विकास आपको भारत के लिए सबसे महत्वपूर्ण लगता है?” प्रश्न 5: “पिछले 12 महीनों में आपने डिजिटल इंडिया के किन उत्पादों या सेवाओं का सबसे ज़्यादा इस्तेमाल किया है?” प्रश्न 6: “महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास के दृष्टिकोण के साथ, आपने कौन-से सबसे महत्वपूर्ण सुधार देखे हैं?” प्रश्न 7: “कौशल भारत, स्टार्टअप इंडिया और शिक्षा में सुधार जैसी सरकारी पहलों ने युवाओं के लिए अवसरों के दायरे को किस तरह बढ़ाया है?” प्रश्न 8: “आपकी राय में, ‘मेक इन इंडिया’ पहल ने विनिर्माण क्षेत्र को किस तरह प्रभावित किया है?” प्रश्न 9: “निम्नलिखित में से किस बात ने आपको गर्व महसूस कराया है और हमारी संस्कृति और विरासत से और अधिक जुड़ाव महसूस कराया है?” प्रश्न 10: “भारत के विकास के लिए निम्नलिखित में से कौन से दृष्टिकोण आपको सबसे अधिक सुसंगत लगते हैं?” प्रश्न 11: “इनमें से कौन-सी सरकारी योजना या पहल आपको शासन और देश के विकास के लिए सबसे परिवर्तनकारी लगी?” प्रश्न 12: “पिछले कुछ वर्षों में निम्नलिखित में से किस बुनियादी ढांचे के विकास से आपको या आपके परिवार को व्यक्तिगत रूप से लाभ हुआ है?” प्रश्न 13: “आपके क्षेत्र में जनता की समस्याओं को हल करने में स्थानीय या राष्ट्रीय जनप्रतिनिधि कितने सक्रिय और जवाबदेह हैं?” प्रश्न 14: “आप ‘विकसित भारत’ बनाने की दिशा में हो रहे काम को कैसे देखते हैं? क्या यह आपकी उम्मीदों के अनुसार है?” प्रश्न 15: “भारत के विकास में भाग लेने और योगदान देने को लेकर आप कितना प्रेरित और जुड़ा हुआ महसूस करते हैं?”

सोनम रघुवंशी ने ही पति राजा की हत्या की साजिश रची थी और सुपारी किलर्स हायर किए थे: पुलिस

इंदौर  इंदौर से हनीमून मानने मेघायल गए राजा रघुवंशी और सोनम रघुवंशी मामले में दिनों दिन नए-नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस का कहना है कि सोनम रघुवंशी ने ही पति राजा की हत्या की साजिश रची थी और सुपारी किलर्स हायर किए थे। इसके बाद उसका प्लान छुपते-छिपाते नेपाल भागने का था। हालांकि उससे पहले ही गाजीपुर में एक ढाबे से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस का कहना है कि सोनम ने अपने प्रेमी राज कुशवाहा के साथ मिलकर राजा की हत्या की साजिश रची थी। उसका प्लान था कि लूटपाट के बहाने राजा की हत्या करवाने के बाद वह अपनी ही कंपनी में काम करने वाला राज कुशावाहा से शादी कर लेगी। कैसे तय हुई थी राजा रघुवंशी और सोनम रघुवंशी की शादी रघुवंशी परिवार में एक परंपरा चली आ रही है। इस परंपरा के तहत राम नवमी के मौके पर परिवार आपस में मिलते हैं और एक कागज के टुकड़े पर अपने शादी योग्य बेटे-बेटियों का बायोडेटा शेयर करते हैं। इसके बाद जिसे भी लगता है कि मैच शादी लायक है वह आपस में संपर्क करता है। इसी तरह सोनम और राजा की भी शादी फिक्स हुई थी। यह भी दावा किया गया है कि उनका परिवार ऐप के जरिए मिला था। हालांकि यह तो साफ है कि यह अरेंज मैरेज थी। 11 मई को राजा और सोनम की धूमधाम से शादी हुई थी। राजा के परिवार का ट्रांसपोर्ट का बिजनस है जिसका सालाना टर्नओवर करीब 8 से 10 करोड़ है। कहां मिले थे सोनम और राज कुशवाहा सोनम के पिता देवी सिंह रघुवंशी प्लाइवुड का बिजनस करते हैं। उनका सालाना टर्नओवर करीब 12 से 15 करोड़ का है। उनके लकवाग्रस्त होने के बाद यह बिजनस सोनम के भाई गोविंद देखते हैं। इसी कंपनी में राज कुशवाहा बिलिंग डिपार्टमेंट में सुपरवाइजर के तौर पर 20 हजार के वेतन पर काम करता था। वहीं 2023 में सोनम ने कंपनी में एचआर के तौर पर जॉइन किया। यहीं से दोनों की जान पहचान हुई और दोनों करीब आने लगे। कुशवाहा सोनम से पांच साल छोटा था और वह लोगों के सामने सोनम को दीदी कहता था। वे दोनों चाहते थे कि उनके अफेयर के बारे में किसी को शक ना हो। कुशवाहा सोनम के परिवार के पास ही रहता था। हालांकि कुछ समय पहले वह नंदबाग इलाके में शिफ्ट हो गया था। इस मामले में गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपी इसी इलाके में रहते थे। शादी के बाद ही राजा ने कहा था कि सोनम का उसमें इंटरेस्ट नहीं है। इसके बाद ही दोनों ने हनीमून का प्लान बनाया था। वहीं इंडिया टुडे की रिपोर्ट की मानें तो शादी के तीन दिन बाद ही सोनम ने राजा को मारने का प्लान बना लिया था। उसने चैट में राज से कहा था कि वह अपने पति को पसंद नहीं करती है। उसने राज को बताया था कि शादी से पहले ही दोनों ने दूरी बनाकर रखी थी। 16 मई को यानी शादी के चार दिन बाद ही सोनम ने छह घंटे तक राज कुशवाहा से फोन पर बात की। 17 मई को राज कुशवाहा नंदबाग में ही एक कैफे में अपने बचपन के दोस्त आकाश राजपूत, विशाल सिंह चौहान और आनंद कुर्मी से मिला। पुलिस को शक है कि यहीं हत्या का प्लान तैयार किया गया। शादी के बाद यह कपल कश्मीर जाना चाहता था। हालांकि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के चलते प्लान बदल गया। सोनम ने ही मेघालय का सुझाव दिया। राजा और उसके परिवार ने इनकार किया लेकिन सोनम ने कहा कि उसने 20 मई का टिकट करवा लिया है। 23 मई के बाद ही राजा रघुवंशी और सोनम दोनों लापता हुए। 2 जून को राजा का शव एक खाई में पाया गया। पुलिस को पास से एक धारदार हथइयार , महिला की सफेद शर्ट, टेबलेट्स, फोन की स्क्रीन और स्मार्टवॉच मिली। 9 जून को सोनम को गाजीपुर से गिरफ्तार कर लिया गया। इसके अलावा तीन अन्य संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। बाद में राज कुशवाहा को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।  

विदेश दौरे से लौटे प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों से मिले पीएम मोदी, दुनियाभर में पाकिस्तान की खोल दी पोल

नई दिल्ली  पाकिस्तान को दुनियाभर में बेनकाब कर वापस लौटे प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को मुलाकात की। इस सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में कई दलों के नेता शामिल थे। पीएम मोदी ने 7 लोक कल्याण मार्ग स्थित आवास पर नेताओं से मुलाकात की है। सदस्यों ने प्रधानमंत्री के साथ अपने अनुभव साझा किए। केंद्र सरकार पहले ही 50 से अधिक व्यक्तियों वाले सात प्रतिनिधिमंडलों के कार्य की प्रशंसा कर चुकी है, जिनमें अधिकतर वर्तमान सांसद हैं। पूर्व सांसद और पूर्व राजनयिक भी इन प्रतिनिधिमंडलों का हिस्सा थे, जिन्होंने 33 विदेशी राजधानियों और यूरोपीय संघ का दौरा किया। विदेश मंत्री एस जयशंकर पहले ही प्रतिनिधिमंडलों से मिल चुके हैं और पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ भारत के कड़े रुख को व्यक्त करने में उनके प्रयासों की सराहना कर चुके हैं। चार प्रतिनिधिमंडलों का नेतृत्व सत्तारूढ़ गठबंधन के सांसदों ने किया, जिनमें भाजपा के दो, जद (यू) के एक और शिवसेना के एक सांसद शामिल थे, जबकि तीन का नेतृत्व विपक्षी सांसदों ने किया जिनमें कांग्रेस, डीएमके और एनसीपी (एसपी) के एक-एक सांसद शामिल थे। भाजपा के रविशंकर प्रसाद और बैजयंत पांडा, कांग्रेस के शशि थरूर, जद (यू) के संजय झा, शिवसेना के श्रीकांत शिंदे, द्रमुक की कनिमोई और राकांपा (एसपी) की सुप्रिया सुले ने दुनिया के विभिन्न हिस्सों में अपने-अपने प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में राष्ट्रीय एकता का संदेश देने के लिए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजे थे, जिनमें कांग्रेस सांसद शशि थरूर और एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी जैसे लोग विदेशों में भारत के हितों की पैरवी करने के लिए सत्तारूढ़ गठबंधन के सदस्यों के साथ थे। प्रतिनिधिमंडलों में प्रमुख पूर्व सांसदों में पूर्व केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद और सलमान खुर्शीद शामिल थे।  

स्मृति ईरानी ने कहा- सेना के पराक्रम को हम वंदनीय बनाते हैं, विपक्ष को इससे दुर्भाव है तो यह खेदजनक

रांची  रांची पहुंची पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के 11 वर्ष के कार्यकाल के पूरे होने पर कई उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने मंगलवार को न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि मोदी सरकार की कई ऐसी उपलब्धियां हैं, जिन्होंने इतिहास रचा है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने हर क्षेत्र और हर वर्ग के लिए सेवाभाव से काम किया है। उन्होंने विपक्ष के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर राजनीति करने वाले बयान पर भी जवाब दिया। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि मेरा मानना है कि भारत के हर नागरिक का यह अधिकार है कि वह न सिर्फ अपनी सेना पर गर्व करे, बल्कि उनके शौर्य और पराक्रम को नमन करे। अगर भारतीय सेना के पराक्रम को हम वंदनीय बनाते हैं और विपक्ष को उससे कोई दुर्भाव है, तो यह खेदजनक है। मेरा मानना है कि हिंदुस्तान का नागरिक या राजनीतिक दल हो, जिसे हमारी भारतीय सेना पर नाज हो। विपक्ष के पीओके गंवाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि कुछ विषयों का जवाब सरकार संसद में देगी। पीएम मोदी न सिर्फ एक प्रभावी प्रशासक हैं, बल्कि प्रभावी वक्ता भी हैं। विपक्ष के जितने भी सवाल हैं, सरकार निश्चित रूप से पूर्ण क्षमता के साथ जवाब देगी। भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने मोदी सरकार के 11 साल के कार्यकाल की प्रशंसा करते हुए कहा कि केंद्र की कई उपलब्धियां ऐसी हैं, जिन्होंने इतिहास रचा है। 50 करोड़ लोगों को जनधन योजना के माध्यम से देश की तिजोरी तक जोड़ना, यह मोदी सरकार की एक अभूतपूर्व उपलब्धि है। इसके साथ ही लगभग 45 लाख करोड़ रुपए डीबीटी के माध्यम से देश की तिजोरी से लोगों के सीधे बैंक के खाते में गए हैं। हमारे देश में शायद ही कभी किसी ने सोचा हो कि 11 करोड़ किसानों को सीधे देश की तिजोरी से जोड़कर किसान सम्मान निधि की कोई योजना संभव हो पाएगी। लेकिन, पीएम मोदी ने इसे न सिर्फ संभव किया, बल्कि सफल करके भी दिखाया। उन्होंने आगे कहा कि आयुष्मान योजना के चलते 10 करोड़ परिवार और 40 करोड़ लोगों तक मुफ्त स्वास्थ्य सेवा पहुंचाना हो, महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का बिल पारित करना हो, महिलाओं को आर्थिक सहायता देने की बात हो या फिर महिलाओं को परमानेंट कमीशन मुहैया करना हो, बेटियों को सैनिक स्कूलों में भर्ती करवाने की व्यवस्था हो, देश के आदिवासी समाज को समर्पित करने की बात, अनुच्छेद-370 समाप्त करने की बात हो, मोदी सरकार ने हर क्षेत्र और हर वर्ग के लिए सेवाभाव से काम किया है। मैं इन उपलब्धियों के लिए केंद्र सरकार के मंत्रिमंडल और भाजपा के सभी कार्यकर्ताओं को बधाई देती हूं।

बावड़ियों में पूर्वजों की जल के साथ जल संरक्षण के प्रति विवेकपूर्ण सोच, प्रति वर्ष ‘बावड़ी-उत्सव’ मनाने का जन संकल्प

भोपाल  बावड़ियां प्राचीन काल के श्रेष्ठ जल संरक्षण और प्रबंधन का सजीव उदाहरण हैं। पूर्वजों की इस अमूल्य धरोहर को आने वाली पीड़ी को सौंपना हम सभी की जिम्मेदारी है। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद ने जल गंगा संवर्धन अभियान में बावड़ी महोत्सव मनाकर पूर्वजों की बुद्धिमत्ता और उनके प्रकृति से घनिष्ट संबंधों की स्मृतियों को जीवंत कर दिया। जल गंगा अभियान का संचालन 30 मार्च से 30 जून तक किया जा रहा है। अभियान में श्रमदान से जल स्रोतों की सफाई, गहरीकरण, नई संरचनाओं का निर्माण और प्राचीन जल स्रोतों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। इसी श्रृंखला में बावड़ी उत्सव का आयोजन एक अभिनव प्रयास सराहनीय हैI प्रति वर्ष ‘बावड़ी-उत्सव’ मनाने का जन संकल्प जल गंगा संवर्धन अभियान जन अभियान परिषद की झाबुआ इकाई ने जल स्त्रोतों को सहेजने के प्रयासों को उत्सव का रूप देते हुए थांदला के अष्ट भंजन हनुमान मंदिर में 300 वर्ष प्राचीन बावड़ी में ‘बावड़ी-उत्सव’ का आयोजन किया गया। “एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान के अंतर्गत बावड़ी के समीप पौधरोपण भी किया गया। ‘बावड़ी-उत्सव’ में भजन कीर्तन और संगोष्टी और आरती का आयोजन किया गया। ‘बावड़ी-उत्सव’ में सहभागिता कर रहे स्थानीय नागरिकों ने गंगा दशहरा पर्व पर प्रति वर्ष ‘बावड़ी-उत्सव’ मनाने का संकल्प लिया। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद की जबलपुर इकाई ने बावड़ी, तालाब और कुओं जैसे जल स्त्रोतों के सरंक्षण में शासन-प्रशासन के साथ जन प्रतिनिधियों एवं नागरिकों का भी सहयोग लिया गया। जन-सहभागिता से बावड़ी महोत्सव मना कर जल संरक्षण का संकल्प लिया गया। प्राचीन बावड़ी को सहेजने एकजुट हुए मंडला के महाराजपुर संगम घाट स्थित बावड़ी में “बावड़ी उत्सव” का आयोजन किया गया। इस अवसर पर काशी विश्वनाथ वैदिक गुरुकुल के आचार्य संत श्री भीमदेव और मां नर्मदा गौशाला जिलहरी घाट, गाजीपुर से प्रवास कर रहीं साध्वी मनीषा दीदी और स्थानीय श्रद्धालु शामिल हुए। उत्सव में मां नर्मदा के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया गया। बावड़ी को रंग-रोगन, रंगोली, दीपों एवं लाइट से सजाया गय। बावड़ी पूजन के बाद मां नर्मदा की आरती कर प्रसाद वितरण किया गया। बावडी का निर्माण वर्ष 1890 में हुआ था। इस बावड़ी की संरचना इस तरह से की गई है कि इसमें नर्मदा जलधारा हमेशा बनी रहती है। प्लास्टिक कचरे से होने वाले प्रदूषण के प्रति जागरुकता मध्यप्रदेश जन-अभियान परिषद की छिंदवाड़ा इकाई ने तामिया विकासखंड में प्लास्टिक पॉल्यूशन होने वाले हानिकारक परिणामों को बताकर जागरूक किया। पर्यावरण को प्रभावित करने वाले कारक जैसे जल प्रदूषण, वायु प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिये समुदाय की भागीदारी के बारे में बताया गया। जल संरक्षण, स्वच्छता, पौधारोपण करने के लिये ग्रामीणों को प्रेरित किया गया। तामिया के शनि मंदिर प्रांगण में पौधारोपण किया गया और प्लास्टिक, बॉटल व कचरे की सफाई की गई। 

ऑस्ट्रिया के बड़े स्कूल में फायरिंग में छात्र-शिक्षक समेत 10 की मौत

 ग्राज ऑस्ट्रिया के ग्राज शहर में एक छात्र ने बंदूक से 11  छात्रों को भून दिया. गोलीबारी की घटना को उसने स्कूल के क्लासरूम में अंजाम दिया है. छात्रों को मारने के बाद उसने खुद को गोली मार ली. घटना के बाद पूरे इलाके को पुलिस ने घेर लिया. जांच एजेंसी इस बात की तस्दीक कर रही है कि आखिर युवक ने गोली क्यों चलाई? समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक गोलीबार की घटना ग्राज शहर के उत्तर-पश्चिम में ड्रेयर्सचुट्जेगैस पर स्थित एक संघीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में हुई है, जो शहर के मुख्य रेलवे स्टेशन से कुछ दूरी पर स्थित है. ऑस्ट्रिया इटली के पड़ोस में स्थित है. यह यूरोप का एक देश है. गोली चलाई फिर खुद को मार ली गोली स्थानीय मीडिया के मुताबिक हमलावर युवक है और 18 साल से कम उम्र का है. पहले हमलावर बंदूक लेकर स्कूल में गया और फिर उसने अंधाधुंध फायरिंग की. जब फायरिंग खत्म होने लगी तो उसने आखिरी गोली खुद को मार ली. हमलावर की मौत भी मौके पर हो गई है. ग्राज शहर के मेयर के मुताबिक इस हमले में 11  बच्चों की जान चली गई है. घायलों को इलाज के लिए पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है. ग्राज ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना के बाद दूसरा सबसे प्रमुख शहर है. ग्राज के अधिकारियों का कहना है कि इलाके को सील कर लिया गया है और जांच के बाद ही यह खुलासा हो पाएगा कि आखिर हमले के पीछे कौन था? ऑस्ट्रिया की वजह से हुआ था प्रथम विश्व युद्ध ऑस्ट्रिया मध्य यूरोप का एक देश है, जिस पर कभी रोमन सम्राज्य का कब्जा था. 1914 में ऑस्ट्रिया और सर्बिया की लड़ाई की वजह से प्रथम विश्व युद्ध शुरू हुआ था. इस जंग में ऑस्ट्रिया जर्मनी के साथ था. हालांकि, उसे हार का सामना करना पड़ा. ऑस्ट्रिया जर्मनी, इटली और स्विटजरलैंड का पड़ोसी देश है.  

बेंगलुरु भगदड़ मामले में कर्नाटक हाई कोर्ट ने अगली सुनवाई 12 जून को होगी, हादसे का स्वतः संज्ञान लिया

कर्नाटक  कर्नाटक उच्च न्यायालय ने मंगलवार (10 जून) को राज्य को बेंगलुरु भगदड़ मामले में सीलबंद लिफाफे में अपना जवाब पेश करने की अनुमति दे दी। इस मामले में अगली सुनवाई 12 जून को होगी। कोर्ट ने इस हादसे का स्वतः संज्ञान लिया था। बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में चार जून को रॉयल चैलेंजर बेंगलुरु (आरसीबी) की जीत का जश्न मनाने आए फैंस के बीच भगदड़ मची थी, जिसमें 11 लोगों की मौत हुई। इस मामले पर अगले दिन हाई कोर्ट स्वत: संज्ञान लिया था। अदालत इस हादसे के पीछे की वजह का पता लगाना चाहती है। अदालत जानना चाहती है कि क्या इस हादसे को रोका जा सकता था और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए क्या उपाय किए जाने चाहिए। मंगलवार को सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता शशि किरण शेट्टी ने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश और न्यायमूर्ति सीएम जोशी की खंडपीठ के समक्ष बताया कि उन्होंने जवाब दाखिल नहीं किया है। शशि किरण शेट्टी ने कहा, “न्यायिक आयोग का गठन किया गया है और रिपोर्ट देने के लिए एक महीने का समय दिया गया है। पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। लंबित जमानत याचिकाओं में, जो कुछ भी यहां कहा जाता है, उसका इस्तेमाल वहां आरोपी कर रहे हैं।” हाई कोर्ट ने पूछा, “क्या आप यह कह रहे हैं कि आप हमारे निर्देशों का जवाब नहीं देंगे?” इस पर महाधिवक्ता ने कहा, “कृपया इसे कल रखें, हम जवाब दाखिल करेंगे। कुछ चीजें हैं”। हाई कोर्ट ने जवाब दाखिल करने में कठिनाई की वजह पूछी, जिस पर महाधिवक्ता ने कहा, “मैं खुली अदालत में नहीं रखना चाहता, हम पूर्वाग्रह से ग्रसित हो जाएंगे। स्वतंत्र जांच की रिपोर्ट आने दें और ऐसा नहीं होना चाहिए कि हम पक्षपाती हैं। यह केवल एक महीने का मामला है।” हाई कोर्ट ने एडवोकेट जनरल को आदेश दिया कि वह अपना जवाब सीलबंद लिफाफे में दाखिल करें। एडवोकेट जनरल शशि किरण शेट्टी ने कोर्ट से स्वतंत्र जांच की रिपोर्ट आने तक इंतजार करने की अपील की है। कोर्ट ने आदेश में कहा, “हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल (आरजी) ने 5 जून के हमारे पिछले आदेश के अनुसार रिट याचिका (डब्ल्यूपी) दाखिल किया है। शशि किरण शेट्टी ने बताया कि एडवोकेट जनरल ने कहा है कि वह सीलबंद लिफाफे में जवाब दाखिल करना चाहते हैं, उन्हें गुरुवार तक या उससे पहले ऐसा करने की अनुमति है। आरजी यह सुनिश्चित करेंगे कि जवाब सुरक्षित रखा जाए।” इस मामले में अगली सुनवाई 12 जून को होगी।

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