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सॉलिसिटर जनरल ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा- ट्रस्ट की जमीन को सरकार सभी नागरिकों के लिए सुनिश्चित करना चाहती है

नई दिल्ली वक्फ कानून में संसद द्वारा किए गए हालिया संशोधनों के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता बुधवार को सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि ट्रस्ट की जमीन को सरकार सभी नागरिकों के लिए सुनिश्चित करना चाहती है। तुषार मेहता ने कहा, वक्फ कानून 2013 के संशोधन से पहले अधिनियम के सभी संस्करणों में कहा गया था कि केवल मुसलमान ही अपनी संपत्ति वक्फ कर सकते हैं। लेकिन 2013 के आम चुनाव से ठीक पहले एक संशोधन किया गया था, जिसके मुताबिक कोई भी अपनी संपत्ति वक्फ कर सकता है। सॉलिसिटर जनरल ने कहा, “वक्फ का अर्थ है कि उपयोग के अनुसार संपत्ति किसी और की है। आपने निरंतर उपयोग करके अधिकार अर्जित किया है। इसलिए जरूरी है कि निजी/सरकारी संपत्ति का उपयोग लंबे समय तक किया जाए। अगर कोई इमारत है जो सरकारी संपत्ति हो सकती है, तो क्या सरकार यह जांच नहीं कर सकती कि संपत्ति सरकार की है या नहीं? इसका प्रावधान 3(सी) में है। ट्रस्ट की जमीन सरकार सभी नागरिकों के लिए सुनिश्चित करना चाहती है। भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बी.आर. गवई ने कहा, “वक्फ संशोधन विधेयक का विरोध करने वालों का कहना है कि वक्फ प्रॉपर्टी के विवाद की स्थिति में सरकार अपना ही मामला खुद ही सुनवाई कर तय करेगी।” इस पर तुषार मेहता ने कहा, “राजस्व अधिकारी तय करते हैं कि यह सरकारी भूमि है या नहीं, लेकिन यह केवल राजस्व रिकॉर्ड के उद्देश्य से है। वह विवाद तय नहीं कर सकते। उनका निर्णय अंतिम नहीं है। उनकी जांच पर कलेक्टर निर्णय लेंगे, जबकि यहां उठाई गई आपत्ति यह है कि कलेक्टर अपने मामले में न्यायाधीश होंगे। इसलिए जेपीसी (संयुक्त संसदीय समिति) ने सुझाव दिया कि कलेक्टर के अलावा किसी और को इसमें नामित अधिकारी बनाया जाए।” सॉलिसिटर जनरल ने कहा, “उपयोगकर्ता द्वारा वक्फ का मतलब अनिवार्य रूप से यह है कि आप किसी और की संपत्ति का भी उपयोग कर रहे हैं। ऐसे में सरकार को यह क्यों नहीं जांचना चाहिए कि संपत्ति सरकार की है या नहीं। परामर्श के दौरान आपत्ति उठाई गई थी कि कलेक्टर को यह निर्धारित करने का अधिकार नहीं दिया जाना चाहिए कि भूमि सरकारी भूमि है या नहीं, इसके लिए हमने नामित अधिकारी को बदल दिया।” उन्होंने अदालत में दावा किया कि वक्फ संशोधन विधेयक के विरोध में झूठी और काल्पनिक कहानी गढ़ी जा रही है कि उन्हें दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे या वक्फ पर सामूहिक कब्जा कर लिया जाएगा। वक्फ कोई मौलिक अधिकार नहीं है और इसे कानून द्वारा मान्यता दी गई है। एक फैसले के मुताबिक, अगर कोई अधिकार कानून के तहत प्रदान किया जाता है, तो उसे कानून के तहत लिया भी जा सकता है। उन्होंने कहा कि वक्फ एक इस्लामी अवधारणा है, लेकिन यह इस्लाम का एक अनिवार्य अंग नहीं है। दान हर धर्म का हिस्सा है और यह ईसाई के लिए भी हो सकता है। हिंदुओं में दान की एक प्रणाली है। सिखों में भी यह मौजूद है। इस्लाम में वक्फ कुछ और नहीं बल्कि दान है। वक्फ बोर्ड केवल धर्मनिरपेक्ष कार्य करता है – वक्फ संपत्तियों का प्रबंधन करना, हिसाब-किताब सही रखना, खातों का ऑडिट रखना आदि। सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि वक्फ बोर्ड में अधिकतम दो गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति से कोई बदलाव नहीं आएगा। ये लोग किसी भी धार्मिक गतिविधि को प्रभावित नहीं करते। हिंदू बंदोबस्ती आयुक्त मंदिर के अंदर जा सकते हैं, मंदिरों में पुजारी का निर्णय भी राज्य सरकार कर रही है, यहां वक्फ बोर्ड धार्मिक गतिविधि में बिल्कुल दखल नहीं देता है। धर्म में धर्मनिरपेक्ष प्रथाओं को नियंत्रित करने की शक्ति होती है। संपत्ति का प्रशासन कानून के अनुसार ही होना चाहिए।

प्रधानमंत्री मोदी के भोपाल आगमन के लिए जारी तैयारियों का मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया निरीक्षण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का मानना है कि महिलाओं की प्रगति के बिना देश-प्रदेश की प्रगति अधूरी है। इसी उद्देश्य से उन्होंने ज्ञान के सूत्र के अंतर्गत महिला सशक्तिकरण को विशेष महत्व दिया है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री श्री मोदी महिला सम्मेलन में सहभागिता के लिए 31 मई को भोपाल पधार रहे हैं। लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर के त्रिशताब्दी जयंती समारोह के उपलक्ष्य में महिला सशक्तिकरण और महिला स्वावलम्बन पर केन्द्रित इस सम्मेलन में दो लाख से अधिक महिलाएं भाग लेंगी। भोपाल में होने वाला यह आयोजन, नया रिकार्ड बनाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जम्बूरी मैदान पर जारी तैयारियों, प्रस्तावित यातायात और बैठक व्यवस्था आदि की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में बड़ी संख्या में बहनें भाग ले रही हैं, उनकी बैठक व्यवस्था, खान-पान और पेयजल की उपलब्धता तथा आयोजन स्थल पर स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस अवसर पर प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के लिए संचालित गतिविधियों और महिला स्वावलम्बन की दिशा में स्व-सहायता समूहों व कौशल उन्नयन के लिए संचालित गतिविधियों पर केन्द्रित प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। लोकमाता देवी अहिल्या, सुशासन का प्रतीक रही हैं। अत: जनकल्याण और प्रदेशवासियों का जीवन सुगम बनाने के लिए प्रदेश में संचालित कार्यक्रमों को भी यहां प्रदर्शित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के भोपाल आगमन के संबंध में जम्बूरी मैदान (भेल) में जारी तैयारियों के निरीक्षण के बाद मीडिया से चर्चा में यह विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर खेल एवं युवक कल्याण मंत्री श्री विश्वास सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर, महापौर श्रीमती मालती राय, सांसद खजुराहो श्री वीडी शर्मा, भोपाल सांसद श्री आलोक शर्मा, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित जिला प्रशासन, भोपाल पुलिस तथा नगर निगम के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।  

एक लाख से अधिक महिला किसानों से 8.98 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन: खाद्य मंत्री राजपूत

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किसानों के हित में न्यूनतम समर्थन मूल्य के अतिरिक्त 175 रुपये प्रति क्विंटल बोनस की घोषणा के परिणामस्वरूप रबी विपणन वर्ष 2025-26 में लगभग 9 लाख किसानों से 77 लाख 75 हजार मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया गया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि गत वर्ष 48 लाख 38 हजार मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन हुआ था। इंदौर में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में उन्होंने किसानों के हित में मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा दिये गये बोनस एवं उसके बाद हुए रिकार्ड गेहूँ उपार्जन पर उनका अभिनंदन कर लोकहित में कार्य करने के लिए लोकमाता की प्रतिमा भेंट की। मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि गेहूँ के उपार्जन में मध्यप्रदेश देश में दूसरे स्थान पर है। एक लाख से अधिक महिला किसानों से 8.98 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि गेहूँ का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रूपये है और राज्य सरकार द्वारा 175 रूपये प्रति क्विंटल बोनस दिया गया है। इस तरह से गेहूँ का उपार्जन 2600 रूपये प्रति क्विंटल की दर से किया गया है, जो कि देश में सर्वाधिक है। उन्होंने बताया कि 9 लाख किसानों में से 1 लाख 23 हजार महिला किसानों द्वारा 8 लाख 98 हजार मीट्रिक टन गेहूँ का विक्रय किया गया है। समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए 3623 केन्द्र खोले गए जिसमें से 293 केन्द्र महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा संचालित किए गए, इससे महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिला। महिला किसानों के खाते में 2 हजार 335 करोड़ रूपये का बोनस सहित भुगतान किया जा चुका है। किसानों के खातों में कुल 19 हजार 322 करोड़ रूपये का भुगतान किया गया है। रबी विपणन वर्ष 2025-26 में गेहूं उत्पादक किसानों की सुविधा के लिए समिति स्तरीय 3 हजार 176 पंजीयन केन्द्रों के अतिरिक्त 9311 एमपी ऑनलाईन, कॉमन सर्विस सेन्टर, लोक सेवा केन्द्रों, पंचायतों के केन्द्रों के साथ किसान द्वारा स्वयं पंजीयन करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई। समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के व्यय को सीमित करने के लिए 2440 केन्द्र गोदाम स्तरीय बनाए गए जिससे परिवहन एवं हैण्डलिंग व्यय की बचत हुई है। किसानों की सुविधा के लिए की गई व्यवस्था समर्थन मूल्य का लाभ बिचौलियों/व्यापारियों द्वारा समर्थन मूल्य का लाभ प्राप्त करने से रोकने हेतु इस वर्ष बायोमेट्रिक / ओटीपी आधारित किसान पंजीयन की व्यवस्था की गई। किसानों द्वारा विक्रय उपज के समर्थन मूल्य की राशि उनके बैंक खाते में निर्बाध रूप से भुगतान किया जा सके, इसलिए कृषक के आधार लिंक बैंक खाते में भुगतान की व्यवस्था की गई है। कृषक द्वारा स्वयं उपार्जन केन्द्र का चयन कर उपज विक्रय के लिये स्लॉट बुकिंग की व्यवस्था की गई। उपार्जन करने वाली समितियों को दैनिक व्यय की पूर्ति हेतु मंडी लेबर व्यय का भुगतान प्रतिदिन किसानों के भुगतान के साथ करने की व्यवस्था की गई है। शनिवार एवं अन्य अवकाश के दिनों में किसान द्वारा अपनी उपज विक्रय के लिए उपार्जन केन्द्र पर लाने पर खरीदी की गई। इस वर्ष पंजीयन 20 जनवरी 2025 से शुरू कर दिया गया जो 9 अप्रैल तक चलता रहा। इस वर्ष, पिछले वर्ष की तुलना में पंजीयन के लिए ज्यादा समय दिया गया था। इस दौरान मंत्रि-परिषद के सदस्य, अपर मुख्य सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण श्रीमती रश्मि अरूण शमी, आयुक्त खाद्य श्री कर्मवीर शर्मा और एमडी नागरिक आपूर्ति निगम श्री अनुराग वर्मा भी उपस्थित थे।  

केंद्र सरकार 8वें वेतन आयोग पर बड़ा अपडेट: बेसिक सैलरी ₹40,000 से ₹1 लाख! जानिए कब बढ़ेगा वेतन

नई दिल्ली सरकारी नौकरी करने वालों के लिए अच्छी खबर है। लंबे समय से जिस घोषणा का इंतजार किया जा रहा था, वह अब जल्द पूरी हो सकती है। केंद्र सरकार 8वें वेतन आयोग के गठन को लेकर अहम ऐलान करने की तैयारी में है। इससे देशभर के 50 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनर्स को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। सूत्रों के अनुसार, आयोग के गठन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। अगर सब कुछ तयशुदा योजना के अनुसार चला, तो यह आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू किया जा सकता है। क्या है फिटमेंट फैक्टर और कैसे तय होगी सैलरी? वेतन बढ़ोतरी की गणना के लिए सबसे अहम भूमिका निभाता है फिटमेंट फैक्टर। यह एक तय गुणांक (Multiplier) होता है, जो सभी कर्मचारियों के वेतन को एक समान आधार पर बढ़ाने में मदद करता है। इस बार फिटमेंट फैक्टर के 1.90 से लेकर 2.50 के बीच रहने की संभावना जताई जा रही है। अगर यह 2.5 तक पहुंचता है, तो कर्मचारियों के वेतन में 40% तक की वृद्धि हो सकती है।  कैसे बढ़ेगा वेतन? एक उदाहरण से समझिए: मान लीजिए किसी कर्मचारी का मौजूदा मूल वेतन है ₹40,000 प्रति माह। अगर 8वें वेतन आयोग में 2.5 का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो संशोधित वेतन कुछ ऐसा हो सकता है: पेंशनर्स को भी मिलेगा बड़ा फायदा सिर्फ काम कर रहे कर्मचारियों को ही नहीं, बल्कि रिटायर्ड पेंशनभोगियों को भी इस आयोग से अच्छी-खासी राहत मिलने की उम्मीद है। पहले की तरह पेंशन में भी फिटमेंट फैक्टर के अनुसार संशोधन किया जाएगा, जिससे न्यूनतम पेंशन में बड़ी बढ़ोतरी संभव है। क्या नई स्वास्थ्य सुविधाएं भी जुड़ेंगी? पिछले 7वें वेतन आयोग के तहत सरकार ने कर्मचारियों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम की शुरुआत की थी। ऐसे में इस बार भी उम्मीद की जा रही है कि सरकार स्वास्थ्य और अन्य भत्तों को लेकर कुछ नई सुविधाएं जोड़ सकती है।

कश्मीर के मैदानी इलाकों में तापमान में वृद्धि होने की संभावना, लोगों की चिंता बढ़ा दी, मौसम विभाग ने दी चेतावनी

श्रीनगर जम्मू और कश्मीर मौसम विभाग की तरफ से मौसम को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार जम्मू कश्मीर में अगले कुछ दिनों में लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि खासतौर पर गुरुवार और शुक्रवार को तापमान असामान्य रूप से ऊंचा रहने की संभावना है। आमतौर पर ठंडे माने जाने वाले इस क्षेत्र में तेज गर्मी की भविष्यवाणी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। कश्मीर के मैदानी इलाकों में तापमान में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है, अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की उम्मीद है – यह बेमौसम उछाल है जो साल के इस समय के कई रिकॉर्ड तोड़ सकता है। मौसम विज्ञानियों ने संभावित गर्मी के तनाव की चेतावनी जारी की है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं वाले लोगों के लिए। बढ़ते तापमान ने किसानों और बागवानों के बीच चिंता पैदा कर दी है, उन्हें डर है कि अगर यह मौसम लंबा चला तो गर्मी फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है। मौसम विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “कश्मीर में मई में ऐसा मौसम आमतौर पर नहीं होता। अगले कुछ दिनों में जो तापमान रहेगा, वह आमतौर पर जुलाई की गर्मियों में देखा जाता है।” विभाग ने लोगों को हाइड्रेटेड रहने, पीक आवर्स के दौरान सीधे धूप में जाने से बचने और हीटवेव के प्रभाव को कम करने के लिए निवारक उपाय करने की सलाह दी है। जम्मू में इस मौसम में पहले से ही उच्च तापमान की आदत है, लेकिन कश्मीर घाटी में असामान्य गर्मी ने कई लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया है, जो पारंपरिक रूप से बहुत ठंडी होती है। अधिकारी स्थिति पर नजर रख रहे हैं और लोगों से आने वाले दिनों में आधिकारिक मौसम अपडेट और सुरक्षा सलाह का पालन करने का आग्रह किया है।

अमेरिका ने कहा- रूस अगर यूक्रेन युद्ध को खत्म करने ठोस कदम नहीं उठाता, तो उस पर नए प्रतिबंध लगाए जाएंगे

वाशिंगटन अमेरिका ने रूस को कड़ी चेतावनी दी है कि अगर वह यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए शांति वार्ता की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाता, तो उस पर नए प्रतिबंध लगाए जाएंगे । यह बयान अमेरिकी विदेश मंत्री  मार्को रुबियो  ने सीनेट की विदेश मामलों की समिति के समक्ष दिया। रुबियो ने कहा, “हमें संकेत मिले हैं कि रूस युद्धविराम के लिए अपनी शर्तों को लिखित रूप में तैयार कर रहा है, जिससे आगे की बातचीत का रास्ता खुल सकता है। हम उन प्रस्तावों का इंतजार कर रहे हैं, ताकि पुतिन के असली इरादे सामने आ सकें।” रूस अगर टाल-मटोल करेगा तो कार्रवाई तय जब रुबियो से पूछा गया कि अगर रूस शांति प्रक्रिया को नजरअंदाज करता है तो क्या अमेरिका उस पर और प्रतिबंध लगाएगा, उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “अगर यह साबित हो गया कि रूस सिर्फ युद्ध जारी रखना चाहता है और वार्ता में रुचि नहीं है, तो नए प्रतिबंध ही हमारा अगला कदम होंगे।”  राष्ट्रपति ट्रंप फिलहाल संयम बरत रहे रुबियो ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अभी किसी भी तरह की प्रतिबंध की धमकी से बचना चाहते हैं, ताकि  कूटनीतिक वार्ता पर असर न पड़े। उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति मानते हैं कि अगर हम पहले ही धमकी देना शुरू करें, तो रूस वार्ता से पीछे हट सकता है।” पुतिन-ट्रंप की दो घंटे की अहम बातचीत रुबियो ने खुलासा किया कि हाल ही में राष्ट्रपति ट्रंप और पुतिन के बीच  दो घंटे लंबी फोन कॉल  हुई है। इस बातचीत के बाद रूस और यूक्रेन ने तत्काल युद्धविराम और शांति वार्ता शुरू करने पर सहमति  जताई है। वेटिकन करेगा शांति वार्ता की मेज़बानी इस बीच वेटिकन ने नई पहल करते हुए कहा है कि वह इन संभावित वार्ताओं की मेज़बानी करने को तैयार है। नव-निर्वाचित पोप लियो XIV  इसके लिए तैयार हैं। यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब इस्तांबुल में पिछली वार्ता असफल  रही थी, हालांकि रूस और यूक्रेन ने कैदियों की अदला-बदली पर समझौता कर लिया था।  नजरें पुतिन के अगले कदम पर अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या पुतिन वास्तव में शांति के प्रस्तावों को आगे बढ़ाते हैं या युद्ध को खींचते हैं। अमेरिका ने संकेत दे दिया है  *अगर शांति की दिशा में ईमानदारी नहीं दिखाई गई, तो दबाव और बढ़ेगा।

विधायक कंवरलाल मीणा ने एसीजेएम कोर्ट में किया सरेंडर, कहा-कोर्ट पर पूरा विश्वास

 बारां राजस्थान के बारां जिले की अंता सीट से भाजपा विधायक कंवरलाल मीणा ने बुधवार को ट्रायल कोर्ट में सरेंडर कर दिया। अदालत ने उन्हें झालावाड़ की अकलेरा जेल भेजने के आदेश दिए है। मीणा को 20 साल पुराने एक आपराधिक मामले में तीन साल की सजा सुनाई गई थी। सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिलने के बाद उन्हें 21 मई तक ट्रायल कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया गया था। पूरा मामला वर्ष 2005 से जुड़ा है। 3 फरवरी को झालावाड़ के मनोहर थाना क्षेत्र में दांगीपुरा-राजगढ़ मोड़ पर उपसरपंच चुनाव के बाद पुनर्मतदान की मांग को लेकर ग्रामीणों ने रास्ता रोक रखा था। सूचना पर तत्कालीन एसडीएम रामनिवास मेहता, प्रोबेशनर आईएएस डॉक्टर प्रीतम बी. यशवंत और तहसीलदार मौके पर पहुंचे। इसी दौरान कंवरलाल अपने साथियों के साथ पहुंचे और कथित रूप से एसडीएम की कनपटी पर पिस्टल तान दी। उन्होंने दोबारा वोटों की गिनती की घोषणा नहीं होने पर जान से मारने की धमकी दी। घटना के दौरान कंवरलाल पर विभागीय फोटोग्राफर का कैमरा तोड़ने और जला देने का आरोप भी लगा। इसके अलावा उन्होंने आईएएस अधिकारी का डिजिटल कैमरा भी छीन लिया था, जिसे कुछ देर बाद लौटाया। इस मामले में ट्रायल कोर्ट ने वर्ष 2018 में कंवरलाल को दोषमुक्त कर दिया था, लेकिन अपीलीय अदालत अकलेरा ने इस फैसले को पलटते हुए 14 दिसंबर 2020 को तीन साल की सजा सुनाई। इस आदेश के खिलाफ कंवरलाल ने हाईकोर्ट में अपील की, जिसे खारिज कर सजा बरकरार रखी गई। सुप्रीम कोर्ट ने भी 7 मई 2025 को विशेष अनुमति याचिका (SLP) खारिज कर दी थी। सुनवाई के दौरान कंवरलाल के वकील नमित सक्सेना ने दलील दी थी कि मौके से कोई हथियार या वीडियो साक्ष्य बरामद नहीं हुआ। उन्होंने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोपों को भी नकारा, मगर सुप्रीम कोर्ट ने उनकी दलीलें खारिज कर दीं और दो हफ्ते में सरेंडर का निर्देश दिया। इससे पहले हाईकोर्ट ने कहा था कि कंवरलाल की आपराधिक पृष्ठभूमि को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उनके खिलाफ पहले से 15 आपराधिक मामले दर्ज रहे हैं, भले ही उनमें से ज्यादातर में वे दोषमुक्त हुए हों। इस बीच कंवरलाल की विधायकी को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे से हाल ही में विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी से मुलाकात हुई। माना जा रहा है कि यह मुलाकात कंवरलाल के मामले और संभावित दया याचिका पर चर्चा को लेकर हुई, हालांकि इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

मेंटीनेंस, रिपेयरिंग के लिए टी-72 टैंक पहुंचा जबलपुर, ‘एमआरओ’ प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने में कदम

जबलपुर  मेंटीनेंस, रिपेयरिंग और ओवरहॉलिंग ‘एमआरओ’ प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए चेन्नई की हैवी वीकल फैक्ट्री से एक और टी-72 टैंक वीकल फैक्ट्री जबलपुर (वीएफजे) पहुंच गया है। अब ओवरहॉलिंग का काम प्लानिंग के तहत शुरू किया जा रहा है। टी-72 टैंक भारतीय सेना के टैंक बेडे़ का प्रमुख आधार है। वर्तमान हालातों को देखते हुए इस प्रोजेक्ट को अहम माना जा रहा है। आर्मर्ड वीकल निगम लिमिटेड के अंतर्गत वीएफजे को यह नया काम मिला है। आने वाले समय में चेन्नई के बाद वीएफजे ऐसी दूसरी आयुध निर्माणी होगी, जहां इसका उत्पादन किया जाएगा। भविष्य में जो भी नए टैंक सेना के लिए बनाए जाएंगे, उनकी सभावनाएं भी तेज होंगी। इसी लिहाज से वीएफजे में सेटअप बनाया जा रहा है। फिलहाल, ओवरहॉलिंग के बाद मैन्युफैक्चरिंग होगी। Powerful T-72 tank : दो टैंक का अनुबंध एमआरओ प्रोजेक्ट के तहत वीएफजे और हैवी वीकल फैक्ट्री के बीच दो टी-72 टैंक का अनुबंध हुआ था। सुविधाएं बढ़ने के साथ टैंक ओवरहॉलिंग के बाद इनका निर्माण शुरू हो जाएगा। इसका सेटअप फैक्ट्री में तैयार किया जा रहा है। टैंक शॉप में तमाम मशीनों के साथ ही कलपुर्जों का निर्माण और बाहर से आने वाले कलपुर्जों की व्यवस्था की जाएगी। टेस्ट ट्रैक भी बनाया जाएगा। फैक्ट्री एस्टेट में इसके लिए भूमि चिन्हित की जा रही है। कलपुर्जों को खोला चेन्नई से आए इंजीनियर और वीएफजे की विशेषज्ञ कर्मचारियों की देखरेख में दूसरे टैंक की ओवरहॉलिंग का काम शुरू हो गया है। शुरूआत बाहरी भाग से की जा रही है। बाद में इंजन और चेचिस के अलावा दूसरे प्रमुख भागों को खोलकर उनकी ओवरहॉलिंग की जाएगी। इस दौरान जिन कलपुर्जों की जरूरत होगी, उसे चेन्नई के अलावा दूसरी आयुध निर्माणियों और निजी क्षेत्र सेे लिया जाएगा। ऐसे में जबलपुर में इसके लिए एक सप्लाई चेन भी निर्मित होगी जो कि रिछाई और आधारताल औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाली डिफेंस एंसेलरीज के लिए बड़ा अवसर होगा। Powerful T-72 tank : एमआरओ प्रोजेक्ट के तहत दूसरा टी-72 टैंक आ गया है। अब दोनों की ओवरहॉलिंग शुरू कर दी गई है। जरूरी संसाधन जुटाए जा रहे हैं।     विपुल वाजपेयी, जनसपर्क अधिकारी वीएफजे  

इंदौर नगर निगम को जलसंकट की चिंता, वाणिज्यिक भवनों मालिकों को जल संवर्धन और वाटर रिचार्जिंग यूनिट का निर्माण करना अनिवार्य

इंदौर इंदौर में पंद्रह दिन बाद मानसून की  आमद हो सकती है और अब नगर निगम को जलसंकट की चिंता सताई है। नियमों का हवाला देते हुए निगमायुक्त शिवम वर्मा ने नगर निगम सीमा क्षेत्र के रहवासी, औद्योगिक और वाणिज्यिक भवनों मालिकों को जल संवर्धन और वाटर रिचार्जिंग यूनिट का निर्माण करना अनिवार्य कर दिया है। इसके लिए जुलाई माह की मियाद दी गई है। यह चेतावनी भी दी गई है कि यदि निर्माण नहीं किया जाता है तो फिर नगर पालिक निगम अधिनियम के तहत जुर्माना भी भरना होगा। इसके अलावा इंदौर में होने वाले निर्माण कार्यों और कार सर्विस सेंटर में बोरिंग और नर्मदा के जल के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। वे अब तरी करने और गाडि़यां धोने के लिए ट्रीटेंड वाॅटरों का ही इस्तेमाल कर पाएंगे। अफसरों ने कहा कि इंदौर में 48 स्थानों पर ट्रीटेड वाॅटर के हाइड्रेड लगाए गए है। वहां से पानी लेकर उसका उपयोग किया जाए। यदि बोरिंग का उपयोग मिला तो फिर बोरिंग नगर निगम अधिगृहित कर लेगा। इंदौर में नर्मदा से 500 एमएलडी पानी आता है, लेकिन ज्यादातर निजी बोरिंगों में पानी नहीं होने के कारण जलसंकट शहर में छाया हुआ है। शहर में नगर निगम 200 से ज्यादा टैंकरों से पानी बांट रहा है। पानी की डिमांड लगातार बनी हुई है। इंदौर के 25 प्रतिशत इलाके में नर्मदा लाइन नहीं है। वहां सबसे ज्यादा जलसंकट बना हुआ है।

आज ग्वालियर-चंबल में लू, 40 जिलों में तेज आंधी-बारिश का अलर्ट- क्या है वजह?

भोपाल  मध्य प्रदेश में आंधी-बारिश के साथ भीषण गर्मी का दौर चल रहा है. लगातार 20 दिनों से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हो रही है. वहीं कुछ हिस्सों में भीषण गर्मी और लू का असर देखने को मिल रहा है. मंगलवार को छिंदवाड़ा, बैतूल, सिवनी, अनूपपुर समेत 17 जिलों में आंधी के साथ बारिश हुई, जबकि खजुराहो और नौगांव में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया. मौसम के दो रंग के बीच IMD ने बुधवार, 21 मई के लिए अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के मुताबिक, आज ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग के 8 जिले में लू चलेगी, जबकि  राजधानी भोपाल, इंदौर समेत 40 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. मध्य प्रदेश के इन जिलों में लू का अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक, ग्वालियर, श्योपुर, निमाड़ी, टीकमगढ़, मुरैना, भिंड, दतिया और छतरपुर में लू चलने की संभावना है. MP के 40 जिलों में आज होगी बारिश, 9 जिलों में आंधी का ऑरेंज अलर्ट   नर्मदापुरम, बुरहानपुर, खरगोन, बैतूल, हरदा, खंडवा, बड़वानी, अलीराजपुर और झाबुआ में आंधी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. यहां आंधी 50 से 60 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चलेगी. इसके अलावा राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, सिंगरौली, कटनी, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी, बालाघाट, रीवा, मऊगंज, सीधी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, अशोकनगर, शिवपुरी, विदिशा, शाजापुर, सीहोर, गुना, राजगढ़, रायसेन, देवास, आगर-मालवा, रतलाम, धार, नीमच और मंदसौर में तेज आंधी के साथ बारिश की संभावना जताई गई है. 45 डिग्री के पार पहुंचा MP का पारा मंगलवार को मध्य प्रदेश के कई जिलों में गर्मी का असर देखने को मिला. छतरपुर जिला सबसे गर्म रहा. दअसल, छतरपुर के खजुराहो में तापमान 45.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. जबकि  नौगांव में पारा 45 डिग्री सेल्सियस रहा. टीकमगढ़ में 44.8 डिग्री, ग्वालियर में तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. सतना में 43.5 डिग्री सेल्सियस, शिवपुरी-रीवा में 43 डिग्री सेल्सियस, गुना में 42.8 डिग्री सेल्सियस, सीधी में 42.4 डिग्री सेल्सियस, दमोह में 41.5 डिग्री सेल्सियस, मंडला में 41.4 डिग्री सेल्सियस, उमरिया-सागर में 40.6 डिग्री सेल्सियस और रायसेन में तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. बड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर में पारा 40.8 डिग्री सेल्सियस, राजधानी भोपाल में 39 डिग्री सेल्सियस, उज्जैन में 36.5 डिग्री और इंदौर में पारा 34.6 डिग्री सेल्सियस रहा.

पशुपतिनाथ मंदिर की वास्तुशैली में इंदौर के निकट पशुपतिनाथ मंदिर आकार ले रहा

 इंदौर  नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर की वास्तुशैली में इंदौर से 20 किमी दूर तिल्लौर खुर्द के पास पशुपतिनाथ मंदिर आकार ले रहा है। 25 हजार वर्गफीट में तैयार हो रहे इस मंदिर में सर्वेश्वर भोले बाबा विराजित होंगे। 2015 में शुरू हुआ मंदिर निर्माण का काम 60 फीसदी पूरा हो चुका है। यहां मंदिर के साथ हेल्थ केयर सेंटर, गोशाला, स्कूल आदि बनाए जाएंगे। शिव ओम सांई ट्रस्ट द्वारा तिल्लौर में 25 हजार वर्गफीट परिसर में पांच हजार वर्गफीट में मुख्य मंदिर बनाया जा रहा है। यह मंदिर पशुपतिनाथ मंदिर नेपाल की वास्तुशैली पर बन रहा है। यहां लकड़ी की 12 फीट की 48 मूर्तियां बनाकर स्थापित की जा रही हैं। परिसर में 11 अन्य मंदिर भी बन रहे हैं इनमें पहली मंजिल पर शिव परिवार, राम परिवार, कृष्ण परिवार और पांडव की मूर्तियां हैं। दूसरी मंजिल पर योगिनियों की मूर्तिया लगाई गई है। खास बात यह है कि बंगाल के कलाकारों ने एक ही तने से एक मूर्ति बनाई है। परिसर में मुख्य मंदिर के अलावा 11 अन्य मंदिर भी बन रहे हैं, जिसमें लाल गणेशजी, दत्तात्रय, अन्नपूर्णा माता, उन्मत भैरव आदि के मंदिर है। मंदिर निर्माण शुरू करने से पहले ट्रस्ट सदस्यों द्वारा नेपाल जाकर पशुपतिनाथ मंदिर भी गए और बारीकी से एक-एक वस्तु का निरीक्षण किया ताकि वास्तुशैली को यहां आकार दे सकें। सर्वेश्वर महादेव होंगे विराजित ट्रस्टी मनोज ठक्कर ने बताया कि पशुपतिनाथ मंदिर एक है और वह नेपाल में है। हम यहां पर नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर की वास्तुशैली का उपयोग कर रहे हैं। मगर यहां पर सर्वेश्वर महादेव को स्थापित किया जाएगा। गेस्ट हाउस, अन्नक्षेत्र के अलावा आठ हजार वर्गफीट में भजन और आध्यात्मिक केंद्र भी बनाया जाएगा। ऐसे शुरू हुआ मंदिर निर्माण मंदिर का निर्माण सबसे पहले 11 रुपये के चंदे के साथ हुआ। इसके बाद गुरु मनोज ठक्कर द्वारा लिखी गई चार किताबों से होने वाली आय से मंदिर निर्माण चल रहा है।

आज उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों, संस्थाओं को राज्यपाल मंगुभाई पटेल करेंगे सम्मानित

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल बुधवार को सांदीपनि सभागार, राजभवन, भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में 100 दिवसीय नि-क्षय शिविर अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों, संस्थाओं को सम्मानित करेंगे। साथ ही प्रदेशव्यापी ‘स्वस्थ यकृत मिशन’ का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल और पद्म भूषण डॉ. शिव कुमार सरीन, निदेशक, इंस्टिट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज, नई दिल्ली भी कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित होंगे, जो कि ‘स्वस्थ यकृत मिशन’ का शुभारंभ करने के उपरांत जिलाधिकारियों को प्रशिक्षित भी करेंगे। मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को जनभागीदारी से मजबूत करने एवं जन-जागरूकता के माध्यम से गंभीर रोगों की रोकथाम के लिए प्रदेश शासन द्वारा लगातार अभिनव पहलें की जा रही हैं। इसी क्रम में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित 100 दिवसीय नि-क्षय शिविर अभियान की सफलता के उपलक्ष में सम्मान समारोह तथा स्वस्थ यकृत मिशन के राज्य स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। 100 दिवसीय नि-क्षय शिविर अभियान में प्रदेश भर में क्षय (टीबी) रोग की पहचान, उपचार और जन-जागरूकता हेतु विशेष शिविर लगाए गए। अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग, स्वैच्छिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों एवं नागरिक समाज के सामूहिक प्रयास से लाखों नागरिकों को जांच एवं परामर्श की सुविधा मिली। सम्मान समारोह में अभियान में उत्कृष्ट योगदान देने वाले जिलों, स्वास्थ्य अधिकारियों, कर्मियों, स्वयंसेवकों और संगठनों को सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर “स्वस्थ यकृत मिशन” की भी औपचारिक शुरुआत की जाएगी। यह मिशन राज्य सरकार की एक नई पहल है, जिसका उद्देश्य हेपेटाइटिस बी/सी, फैटी लिवर, सिरोसिस जैसी यकृत संबंधी बीमारियों के प्रति जन-जागरूकता, शीघ्र पहचान, उपचार तथा रोकथाम सुनिश्चित करना है। स्वास्थ्य विभाग इस मिशन के तहत प्रदेशभर में स्क्रीनिंग शिविर, प्रशिक्षण, परामर्श एवं नि:शुल्क दवा वितरण की व्यवस्था करेगा। यह मिशन प्रदेश में यकृत स्वास्थ्य को लेकर एक दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा होगा। कार्यक्रम में प्रदेश के वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी, चिकित्सक, विशेषज्ञ, जिलों के प्रतिनिधि, सामाजिक संगठन एवं विभिन्न हेल्थ पार्टनर्स उपस्थित रहेंगे।  

मेडिकल स्टूडेंट्स की कॉपी मूल्यांकन घर से नहीं, प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में मूल्यांकन केंद्रों से होगा

भोपाल मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय ने मेडिकल पाठ्यक्रमों की परीक्षाओं में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए नई व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। अब विद्यार्थियों की कॉपियों का मूल्यांकन मूल्यांकनकर्ताओं के घर पर नहीं, बल्कि प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में बनाए जाने वाले विशेष मूल्यांकन केंद्रों में होगा। कॉपियों को स्कैन कर इन केंद्रों पर ऑनलाइन भेजा जाएगा, जहां प्रशिक्षित मूल्यांकनकर्ता उनकी जांच करेंगे। इस कदम से मूल्यांकन में गड़बड़ी और देरी की शिकायतों को खत्म करने की कोशिश की जा रही है।   पारदर्शिता की पहल पहले घर पर कॉपियों के मूल्यांकन के दौरान यह आशंका रहती थी कि मूल्यांकनकर्ता किसी अन्य व्यक्ति से जांच करा सकते हैं या लापरवाही बरत सकते हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए विश्वविद्यालय ने मूल्यांकन केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया है, जिसे कार्यपरिषद की मंजूरी के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। ये केंद्र एमबीबीएस, बीएएमएस, बीएचएमएस, एमडी-एमएस सहित अन्य मेडिकल पाठ्यक्रमों की कॉपियों के मूल्यांकन के लिए बनाए जाएंगे। प्रत्येक केंद्र में 20 कंप्यूटर लगाए जाएंगे, और सरकारी व निजी मेडिकल कॉलेजों की कॉपियां यहीं जांची जाएंगी।

जेएनयू ने आगामी शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए अपना शैक्षणिक कैलेंडर किया जारी, रजिस्ट्रेशन 2 जुलाई से 8 जुलाई तक

नई दिल्ली जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने आगामी शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए अपना शैक्षणिक कैलेंडर जारी कर दिया है। जारी कैलेंडर में मानसून और शीतकालीन सेमेस्टर की तिथियों, परीक्षाओं और छुट्टियों का स्पष्ट विवरण दिया गया है। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 2 जुलाई से 8 जुलाई तक चलेगी मानसून सेमेस्टर 2025 के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 2 जुलाई से 8 जुलाई तक चलेगी। सेमेस्टर की अवधि 9 जुलाई से 24 दिसंबर निर्धारित की गई है। 9 जुलाई से 9 दिसंबर तक कक्षाएं चलेंगी, जिसके बाद 10 दिसंबर से 18 दिसंबर तक सेमेस्टर परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। 30 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे परिणाम परीक्षा परिणाम 30 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे, जबकि 26 दिसंबर से 9 जनवरी तक छात्रों को शीतकालीन अवकाश मिलेगा। इसके बाद शुरू होने वाले शीतकालीन सेमेस्टर 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन 12 जनवरी से 17 जनवरी के बीच किए जाएंगे। यह सेमेस्टर 16 जनवरी से 26 मई तक चलेगा। शीतकालीन सेमेस्टर की परीक्षाएं 16 मई से 23 मई तक होंगी और परिणाम 10 जून को घोषित किया जाएगा। इसके बाद विश्वविद्यालय में ग्रीष्मकालीन अवकाश 27 मई से 3 जुलाई तक रहेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी छात्रों और शिक्षकों से अनुरोध किया है कि वे निर्धारित तिथियों के अनुसार शैक्षणिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए तैयार रहें, ताकि शैक्षणिक सत्र सुचारू रूप से संचालित हो सके।

इस बार 65 प्रतिशत प्रशंसक देखना चाहते है आरसीबी की टीम सबसे पसंदीदा बनकर उभरी, नया विजेता चाहते है

मुंबई इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के करीब 65 प्रतिशत प्रशंसकों को इस साल नया ट्रॉफी विजेता मिलने की उम्मीद है जिसमें रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) की टीम सबसे पसंदीदा बनकर उभरी है। यह आंकड़े एक सर्वेक्षण में सामने आए हैं। इस सर्वेक्षण को करने वाले ‘23 वॉट्स इनसाइट्स स्टूडियो’ ने बताया कि किशोरों और युवाओं सहित 5,000 से अधिक क्रिकेट प्रशंसकों के बीच 5 मई तक किए गए सर्वेक्षण के मुताबिक 12 प्रतिशत प्रशंसक दिल्ली कैपिटल्स को विजेता के रूप में देखना चाहते हैं जबकि सात प्रतिशत पंजाब किंग्स के पक्ष में हैं। इस सर्वेक्षण में भाग लेने वाले ज्यादातर लोग चाहते हैं कि दिग्गज महेंद्र सिंह धोनी लीग में खेलना जारी रखे। धोनी के संन्यास से जुड़े सवाल पर 73 प्रतिशत क्रिकेट प्रशंसकों ने कहा कि वे चाहते हैं कि यह करिश्माई विकेटकीपर बल्लेबाज खेलना जारी रखें। इससे पता चलता है कि भारत के पूर्व कप्तान को देश भर के प्रशंसकों से अब भी मजबूत समर्थन मिल रहा है। लगभग 37.77 प्रतिशत लोगों का मानना है कि धोनी संघर्ष करने के बावजूद अहम खिलाड़ी हैं जबकि 35.13 प्रतिशत का कहना है कि वह चेन्नई सुपर किंग्स की आत्मा की तरह हैं। उभरते हुए खिलाड़ियों में राजस्थान रॉयल्स के वैभव सूर्यवंशी प्रशंसकों के चहेते खिलाड़ी बनते दिख रहे हैं। 31.4 प्रतिशत प्रशंसकों ने आईपीएल 2025 में पदार्पण करने वाले इस खिलाड़ी को सबसे प्रतिभाशाली युवा क्रिकेटर माना है। उनके बाद मुंबई इंडियंस के अश्वनी कुमार के लिए 21 प्रतिशत प्रशंसकों ने मतदान किया। इस सर्वेक्षण में 78 प्रतिशत प्रशंसकों का मानना है कि ‘इंपैक्ट खिलाड़ी’ नियम ने खेल को ज्यादा रणनीतिक और आकर्षक बनाया है जबकि 20 प्रतिशत का मानना है कि यह नियम हरफनमौला खिलाड़ियों के लिए अनुचित है। गुजरात टाइटन्स, आरसीबी और पंजाब किंग्स ने आईपीएल 2025 के प्लेऑफ में जगह बना ली है, जबकि मुंबई इंडियंस और दिल्ली कैपिटल्स बचे हुए एक स्थान के लिए दावेदारी कर रहे हैं।

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