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पाकिस्तान खाद्य सुरक्षा के लिहाज से चिंताजनक हालात, खाद्य मुद्रास्फीति घटकर 0.3 % रह गई

कराची पाकिस्तान अपने मुल्क में आतंकियों को पनाह देता है और यह बात पूरी दुनिया जानती है. ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकी अड्डों को तबाह कर दिया. इसस पहले पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौते को सस्पेंड कर दिया गया और पड़ोसी मुल्क के साथ कारोबार पूरी तरह से रोक दिया गया. ऐसे में पहले से ही खस्ताहाल मुल्क पाकिस्तान की हालत और भी बिगड़ गई है और वहां अकाल जैसे हालात बन गए हैं. भुखमरी जैसे हालात पाकिस्तानी अखबार ‘डॉन’ की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान खाद्य सुरक्षा के लिहाज से चिंताजनक हालात का सामना कर रहा है. दिसंबर 2024 तक खाद्य मुद्रास्फीति घटकर 0.3 प्रतिशत रह गई, जो वर्ष की शुरुआत में दोहरे अंकों से कम थी, लेकिन गरीबी और बेरोजगारी, भोजन तक सबकी पहुंच में सबसे बड़ी बाधा बन रही है. साल 2022 की बाढ़ ने पाकिस्तान पर गहरे निशान छोड़े हैं. साल 2023 और 2024 में बेमौसम की घटनाओं ने आजीविका को खत्म कर दिया, खासकर ग्रामीण बलूचिस्तान, सिंध और खैबर पख्तूनख्वा में संकट ज्यादा गहरा है. इन क्षेत्रों में जलस्तर लगातार घटता जा रहा है, जिससे कृषि घाटा बढ़ रहा है और उसपर निर्भर किसान गहरे कर्ज के जाल में फंसते जा रहे हैं. कुपोषण बना चिंता का विषय रिपोर्ट में  ताजा आकलन के मुताबिक बताया गया कि पाकिस्तान में 11 मिलियन लोग IPC फेस 3 संकट या उससे भी बदतर हालात में हैं, जबकि 2.2 मिलियन लोगों के सामने इमरजेंसी जैसी स्थिति है. सिंध और खैबर पख्तूनख्वा में कुपोषण का लगातार बढ़ना चिंताजनक है, जहां कम वजन वाले बच्चों की बड़ी संख्या जन्म लेती है और डायरिया और फेफड़ों से संबंधित इंफेक्शन बढ़ा है. इंडीग्रेटिड फूट सिक्योरिटी फेस क्लासिफिकेशन फेस-3 का मतलब है कि आजीविका को बचाने, खाद्य संकट दूर करने और कुपोषण से लड़ने के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है. इन चुनौतियों को ज्यादा जटिल बनाने वाली बात है मानवीय आधार पर मिलने वाले वैश्विक निवेश का घटना, जिसने खाद्य सहायता कार्यक्रमों को कम कर दिया है. वैश्विक संस्थाओं से पाकिस्तान को मानवीय आधार पर मिलने वाली आर्थिक मदद कम हुई है, जिससे वहां खाद्य सुरक्षा, कुपोषण जैसे चुनौतियों से निपटने के लिए चल रहे कार्यक्रम कमजोड़ पड़े हैं. आतंकियों का मददगार PAK डॉन ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि इन चुनौतियों से निपटने के लिए तत्काल नीतियों में बदलाव की जरूरत है. केंद्र और प्रांतों को अपना सोशल सिक्योरिटी नेटवर्क मजबूत करने की जरूरत है. साथ ही माताओं और बच्चों के लिए पोषण सहायता सुनिश्चित करनी चाहिए और कृषि में ज्यादा निवेश करना चाहिए. निर्णायक कार्रवाई के बिना, पाकिस्तान पर भूख और गरीबी के पुराने चंगुल में फिर से फंसने का खतरा मंडरा रहा है. पाकिस्तान की सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा से ज्यादा खर्च आतंकियों पर कर रही है. हाल ही में शहबाज सरकार ने आतंकी मसूद अजहर को 14 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है. जब तक वहां की सरकार आतंकियों को पालेगी और उनकी मदद करेगी तब तक आम नागरिकों के हितों की रक्षा होना बहुत मुश्किल है.  

भारत ओआईसी देशों को सीमा पार आतंकवाद की समस्याओं को लेकर एक बार फिर जानकारी देगा, मित्र देशों से नहीं होगी कोई बात

नई दिल्ली भारतीय सांसदों की टीम अगले कुछ दिनों तक 33 देशों का दौरा करेगी। वहां के सांसदों, सरकार के प्रतिनिधियों, मीडिया और थिंक टैंकों व आम जनों से मिलकर ना सिर्फ पहलगाम में हुए आतंकी हमले और उसके बाद ऑपरेशन सिंदूर के बारे में उन्हें जानकारी देगी, बल्कि पाकिस्तान के आतंकी चेहरे का भी पर्दाफाश करेगी। विदेश जाने वाली टीम में कौन-कौन होगा? इस टीम में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के अलावा विदेश मंत्रालय के कुछ पुराने व अनुभवी राजनयिक भी हैं। टीम कब से कब तक करेगी दौरा? सात हिस्सों में बंटी इस टीम का दौरा 23 मई से शुरू होगा और तीन जून, 2025 को समाप्त होगा। टीम कहां-कहां जाएगी? टीम कहां-कहां जाएगी, इसका फैसला करने के समय इस बात का ख्याल रखा गया है कि ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान की मदद करने वाले किसी भी देश का दौरा नहीं किया जाए। यानी भारतीय टीम तुर्की, चीन, अजरबैजान नहीं जा रही। विदेश मंत्रालय की तरफ से जो जानकारी दी गई है, उससे यह भी पता चलता है कि उन देशों को खास तौर पर तवज्जो दी गई है, जो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के सदस्य हैं। देखा जाए तो यूएनएससी के पांच स्थाई सदस्यों में से चीन को छोड़कर अन्य चारों देश अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन और रूस का दौरा भारतीय प्रतिनिधिमंडल करेगा। इसी तरह से 10 अस्थाई सदस्यों में से पाकिस्तान और सोमालिया को छोड़कर मौजूदा अन्य आठ अस्थाई सदस्य देश अल्जीरिया, डेनमार्क, दक्षिण कोरिया, सिएरा लियोन, गुयाना, पनामा, स्लोवेनिया और ग्रीस की यात्रा पर भारतीय टीम जाएगी। बता दें कि पहलगाम हमले के बाद भी पीएम नरेंद्र मोदी ने चीन के अलावा यूएनएससी के अन्य स्थाई सदस्यों के प्रमुखों से टेलीफोन पर बात की थी। जबकि विदेश मंत्री एस जयशंकर ने 10 अस्थाई सदस्यों में पाकिस्तान को छोड़ कर अन्य नौ सदस्यों के विदेश मंत्रियों के साथ विमर्श किया था। इन सभी को भारत में सीमा पर आतंकवाद को बढ़ावा देने को लेकर पाक के समर्थन में चल रही गतिविधियों के बारे में बताया गया था। किन देशों में नहीं जाएगी टीम? विदेश मंत्रालय मानता है कि जिस तरह से तुर्की व चीन ने पूरे मामले में भारत के विचारों को पूरी तरह से नजरअंदाज किया है, उसे देखते हुए इन्हें अपने पक्ष के बारे में अब जानकारी देने का कोई मतलब नहीं है। बहरहाल, भारतीय दल इस्लामिक देशों के संगठन (ओआईसी ) के कई सदस्य देशों की यात्रा करने वाला है, जिनमें कुवैत, बहरीन, सऊदी अरब, इंडोनेशिया, मलेशिया, यूएई, कतर और मिस्र हैं। इनमें से कई देशों के साथ भारत के बेहद पारंपरिक रिश्ते है। बता दें कि जब पहलगाम हमला हुआ था, तब पीएम मोदी सऊदी अरब की यात्रा पर थे। सऊदी अरब पाकिस्तान का भी मित्र देश है, लेकिन तब सऊदी अरब ने ना सिर्फ इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की थी, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत को मदद की पेशकश भी की थी। इसके बाद में ओआईसी की तरफ से ऑपरेशन सिंदूर के खिलाफ एक बयान भी जारी हुआ था। ऐसे में भारत ओआईसी देशों को सीमा पार आतंकवाद की समस्याओं को लेकर एक बार फिर जानकारी देगा।

रिपोर्ट: भारत से तुर्की और अजरबैजान के लिए वीजा आवेदनों में 42 प्रतिशत की तीव्र गिरावट दर्ज की गई

नई दिल्ली भारत से तुर्की और अजरबैजान के लिए वीजा आवेदनों में 42 प्रतिशत की तीव्र गिरावट दर्ज की गई है। यह जानकारी मंगलवार को आई एक रिपोर्ट में दी गई। हालिया भारत-पाक संघर्ष में दोनों ही देशों ने सार्वजनिक रूप से पाकिस्तान के लिए अपना समर्थन व्यक्त किया, जिसके चलते भारतीयों की ओर से इस तरह की प्रतिक्रिया दी जा रही है। वीजा प्रॉसेसिंग प्लेटफॉर्म एटलिस से उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, केवल 36 घंटों के भीतर, वीजा आवेदन प्रक्रिया को बीच में ही छोड़ने वाले यूजर्स की संख्या में 60 प्रतिशत की वृद्धि हुई। एटलिस के संस्थापक और सीईओ मोहक नाहटा ने कहा, “प्रतिक्रिया तीव्र और व्यवहारिक थी। लोगों को कुछ गंतव्यों से बचने के लिए कहने की आवश्यकता नहीं थी। वे सहज ज्ञान, जानकारी और विकल्पों तक पहुंच के आधार पर आगे बढ़े। यह मॉडर्न ट्रैवल को दिखाता है।” उन्होंने आगे कहा, “इसी भावना में हमने भारत के साथ खड़े होकर और राष्ट्रीय भावना के साथ एकजुटता दिखाते हुए तुर्की और अजरबैजान के लिए सभी मार्केटिंग प्रयासों को भी रोक दिया।” दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों से आने वाले यात्रियों ने तुर्की जाने के लिए आवेदनों में 53 प्रतिशत की गिरावट दर्ज करवाई, जबकि इंदौर और जयपुर जैसे टियर 2 शहरों से आने वाले यात्रियों की रुचि अधिक मजबूत रही, जो केवल 20 प्रतिशत कम रही। अपनी योजनाओं पर पुनर्विचार करने वाले यात्रियों की प्रकृति में भी बदलाव आया। पारिवारिक यात्राओं सहित ग्रुप वीजा रिक्वेस्ट में लगभग 49 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि सोलो और कपल रिक्वेस्ट में 27 प्रतिशत की गिरावट आई। इससे पता चलता है कि ग्रुप ट्रैवलर्स, जो अक्सर पहले से योजना बनाते हैं और राजनीतिक भावनाओं के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं, व्यक्तिगत यात्रियों की तुलना में अधिक निर्णायक रूप से प्रतिक्रिया करते हैं। एटलिस डेटा ने उम्र और इरादे के बारे में शुरुआती संकेत भी प्रकट किए। 25 से 34 वर्ष की आयु के यात्रियों के जल्दी से अपना रास्ता बदलने की संभावना सबसे अधिक थी, जिन्होंने तुर्की के लिए मिड-प्रोसेस एप्लिकेशन गिरावट में 70 प्रतिशत से अधिक का योगदान दिया। दिलचस्प बात यह है कि महिला यात्रियों के गंतव्य को पूरी तरह से बदलने की संभावना अधिक थी, जिसमें वियतनाम या थाईलैंड जैसे दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के लिए आवेदन फिर से शुरू करने की प्रवृत्ति 2.3 गुना अधिक थी। जब तुर्की और अजरबैजान का रुझान कम हुआ, तो वैकल्पिक गंतव्यों की लोकप्रियता में उछाल आया। आंकड़ों से पता चला कि इसके बाद के दिनों में वियतनाम, इंडोनेशिया और मिस्र के लिए आवेदनों में 31 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई।

मंत्री छगन भुजबल ने कहा- मुझे जो भी विभाग कार्य करने के लिए दिया जाएगा, मुझे वह स्वीकार होगा

मुंबई महाराष्ट्र सरकार में मंगलवार को मंत्री पद की शपथ लेने के बाद एनसीपी के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने कहा कि मंत्री पद की शपथ ली है। मुझे कौन सा विभाग मिलेगा, इसके बारे में मैं कैसे कह सकता हूं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तय करेंगे कि मुझे कौन सा विभाग मिलेगा। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि मुख्यमंत्री की ओर से मुझे जो भी विभाग कार्य करने के लिए दिया जाएगा, मुझे वह स्वीकार होगा। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि ओबीसी समाज के लिए मैं बीते 25 वर्षों से कार्य कर रहा हूं। पूर्व में मैंने जातिगत जनगणना की मांग को लेकर कई रैलियां की। मुझे खुशी इस बात की है कि केंद्र सरकार ने जातिगत जनगणना के लिए स्वीकृति दे दी है। देवेंद्र फडणवीस के मंत्रिमंडल का हिस्सा बनने के बाद भुजबल ने कहा, “मैं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, दोनों उपमुख्यमंत्रियों के साथ-साथ प्रफुल्ल पटेल का भी आभार व्यक्त करता हूं। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का भी आभार व्यक्त करता हूं। इसके साथ ही मैं अपने निर्वाचन क्षेत्र के सभी लोगों, कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों, समता परिषद के सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का भी आभार व्यक्त करता हूं। मैं उन सभी का भी आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने अब तक मुझे प्यार और स्नेह दिया है।” भुजबल को खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग मिलने की उम्मीद है, उन्होंने इससे पहले इस विभाग की जिम्मेदारी उद्धव ठाकरे और फिर एकनाथ शिंदे (2019-24) के नेतृत्व वाली पिछली सरकारों में संभाली थी। बता दें कि 15 दिसंबर को मुख्यमंत्री फडणवीस ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया था, लेकिन भुजबल को मंत्री पद नहीं दिया था। इससे आहत भुजबल ने पार्टी नेतृत्व के समक्ष अपनी नाराजगी खुले तौर पर जाहिर की थी और कहा था कि पिछले साल विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी के ओबीसी मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाने के बावजूद उनके बारे में विचार नहीं किया गया।

लोकमाता देवी अहिल्याबाई को समर्पित मंत्रि-परिषद की बैठक मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में इंदौर के राजवाड़ा में हुई संपन्न

भोपाल लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर के 300 वें जयंती वर्ष पर उनके आदर्शो और मूल्यों को समर्पित मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक इंदौर में राजवाड़ा के दरबार हॉल में हुई। मंत्रि-परिषद ने 3 हजार 867 करोड़ रूपये की योजना और निर्माण कार्यों की स्वीकृति दी। मंत्रि-परिषद ने प्रदेश के युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर प्रशिक्षण कार्यकम योजना की सैद्धांतिक स्वीकृति दी। इसमें युवाओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रम संचालित किए जायेगे। योजना में जरूरतमंद व्यक्ति बैंक ब्याज में एक हजार रुपए प्रतिवर्ष छूट के साथ पूरे जीवनकाल के लिए अधिकतम 10 हजार रूपये प्रति व्यक्ति ऋण के ब्याज पर छूट प्राप्त कर सकेगा। प्रतिवर्ष योजना पर लगभग 100 करोड़ रूपए का व्यय किया जायेगा। मध्यप्रदेश महानगर क्षेत्र नियोजन एवं विकास अधिनियम- 2025 की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने “मध्यप्रदेश महानगर क्षेत्र नियोजन एवं विकास अधिनियम-2025” को स्वीकृत करने का निर्णय लिया हैं। अधिनियम-2025 लागू होने के बाद “महानगर योजना समिति” एवं “महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण” का गठन किया जा सकेगा। साथ ही प्रदेश में “इंदौर-उज्जैन-देवास-धार” एवं “भोपाल-सीहोर-रायसेन-विदिशा-ब्यावरा (राजगढ़)” के लिए महानगर योजना समिति एवं महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण का गठन राज्य सरकार द्वारा किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा भारतीय संविधान में विहित प्रावधानों के अनुसार राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले नगरों का क्षेत्रीय स्तर पर समग्र विकास को दृष्टिगत रखते हुए “महानगर योजना समिति” एवं “महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण” गठित करने के लिए घोषणा की गई थी। महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण द्वारा “महानगर क्षेत्र” के लिए विकास योजना प्रारूप तैयार कर महानगर योजना समिति से विकास योजना अनुमोदन हेतु राज्य सरकार को प्रेषित की जाएगी। राज्य सरकार द्वारा महानगर क्षेत्र की विकास योजना को अनुमोदन प्रदान करने के बाद विकास योजना का क्रियान्वयन महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण द्वारा किया जाएगा। महानगर क्षेत्र की विकास योजना में ऐसे क्षेत्र की भौगोलिक आवश्यकता अनुसार शैक्षणिक, औ‌द्योगिक, स्वास्थ्य आदि क्षेत्रों में विकास हो सकेगा, जिससे कि रोजगार एवं आर्थिक विकास संभव हो सकेगा। मुख्यमंत्री शहरी स्वच्छता मिशन कार्यक्रम की वित्तीय वर्ष-2028-29 तक निरंतरता की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने मुख्यमंत्री शहरी स्वच्छता मिशन कार्यक्रम की वित्तीय वर्ष-2028-29 तक निरंतरता की स्वीकृति दी। इसमें आगामी 4 वित्तीय वर्षों 2025-26, 2026-27, 2027-28 और 2028-29 के लिए राज्यांश राशि 167 करोड़ 74 लाख रूपये और निकाय अंशदान राशि 59 करोड़ 31 लाख रूपये, कुल राशि 227 करोड़ 5 लाख रूपये का व्यय अनुमानित है। योजना में राशि का प्रयोग प्रदेश के नगरीय निकायों में सेप्टिक टैंक से निकलने वाले स्लज के परिवहन के लिए डी-स्लजिंग वाहन, सीवर लाईन की सफाई के लिए सफाई उपकरणों, ठोस अपशिष्ट के संग्रहण एवं परिवहन के लिए वाहन तथा नगरीय निकायों में कार्यरत सफाई मित्रों के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण एवं पीपीई किट के लिए अनुदान प्रदान कर तकनीकी रूप से सक्षम बनाया जायेगा। राज्य स्तर पर संचालित नगरीय स्वच्छता की समस्त गतिविधियों को समेकित कर मुख्यमंत्री शहरी स्वच्छता कार्यक्रम का आरम्भ 28 अगस्त 2012 को किया गया था। प्रदेश के 04 औद्योगिक क्षेत्र में 249 करोड़ 66 लाख रूपये की लागत से वर्किंग वीमेन हॉस्टल के निर्माण की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में महिला श्रम शक्ति भागीदारी दर को बढ़ाने , बेहतर वातावरण प्रदान करने और महिलाओं के कामकाजी जीवन को आसान बनाने के लिए प्रदेश के 04 औद्योगिक क्षेत्र में 249 करोड़ 66 लाख रूपये की लागत से वर्किंग वीमेन हॉस्टल के निर्माण की स्वीकृति दी है। विक्रम उद्योगपुरी जिला उज्जैन, पीथमपुर सेक्टर-1 एवं 2 जिला धार, मालनपुर घिरौंगी (भिंड) एवं मंडीदीप (रायसेन) में कामकाजी महिला छात्रावासों अन्तर्गत कुल 26 हॉस्टलों और भवनों का निर्माण किया जायेगा। प्रत्येक में 222 बेड की क्षमता होगी। इस प्रकार कुल 5 हजार 572 बेड क्षमता के हॉस्टलों का निर्माण भारत सरकार के सहयोग से औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग अन्तर्गत एमपीआईडीसी लि. द्वारा किया जायेगा। भारत सरकार द्वारा “स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेटस फॉर कैपिटल इंवेस्टमेंट 2024-25” स्कीम में वर्किंग वीमेन हॉस्टल के निर्माण किया जाना है। वर्किंग वीमेन हॉस्टल्स में आधुनिक सुविधाएं, पर्याप्त पार्किंग, फूड कोर्ट और मनोरंजन तथा सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए स्थान उपलब्ध होगा। कामकाजी महिला छात्रावासों में महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षा और नौकरी के अवसरों की उपलब्धता को प्राथमिकता दी जायेगी। रियायती दरों पर भोजन एवं न्यूनतम किराये पर बेड उपलब्ध कराया जायेगा। बुनियादी अधोसंरचनाओं जैसे-पार्किंग, रिक्रिएशनल रूम, पेन्ट्री, डायनिंग एरिया, कॉमन टॉयलेटस, कॉमर्शियल दुकानें इत्यादि सुविधाओं का निर्माण किया जायेगा। कार्यरत महिलाओं के बच्चों की उचित देखभाल के लिए झूला घर का भी प्रावधान किया गया है।  

अंकिता हत्याकांडः दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने फैसला सुनाने के लिए 30 मई की तारीख निर्धारित की

कोटद्वार कोटद्वार की एक स्थानीय अदालत में बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले की सुनवाई पूरी हो गई और फैसला 30 मई को सुनाया जाएगा। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रीना नेगी ने बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष के बीच आखिरी बहस सुनी। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता अनुज पुंडीर ने बताया कि दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने फैसला सुनाने के लिए 30 मई की तारीख निर्धारित की है। मामले की सुनवाई दो साल और आठ माह चली और इस दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से विवेचना अधिकारी सहित 47 गवाह पेश किए गए। पौड़ी जिले के यमकेश्वर में स्थित वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करने वाली 19 वर्षीया अंकिता की 18 सितंबर 2022 को कथित तौर पर रिजॉर्ट संचालक पुलकित आर्य ने अपने दो कर्मचारियों सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता के साथ मिलकर हत्या कर दी थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार किसी बात को लेकर अंकिता और पुलकित में विवाद हो गया था। जिसके बाद पुलकित ने भास्कर और गुप्ता के साथ मिलकर अंकिता को ऋषिकेश की चीला नहर में कथित तौर पर धक्का दे दिया था। नहर से अंकिता का शव मिलने के बाद पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर उन्हें जेल भेज दिया था। पुलकित, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के तत्कालीन नेता विनोद आर्य का पुत्र है। मामला सामने आते ही पार्टी ने आर्य को बाहर का रास्ता दिखा दिया था। मामले के प्रकाश में आने के बाद स्थानीय लोग सड़क पर उतर गए और लोगों को शांत करने के वास्ते राज्य सरकार को मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल गठित करना पड़ा। साथ ही सरकार ने आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने का भी ऐलान किया था।  

अमनराथ यात्रा और मेला खीर भवानी को लेकर सरकार कर रही सुरक्षित और सुचारू संचालन के उपाय, सख्त दिखे उमर अब्दुल्ला

गांदरबल मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का श्री अमनराथ यात्रा और मेला खीर भवानी को लेकर सख्त नजर आ रहे है। उन्होंने आज मंगलवार को कहा कि सरकार अमरनाथ यात्रा और मेला खीर भवानी के सुरक्षित और सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त उपाय कर रही है। गंदरबल में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सीएम उमर ने कहा कि प्रशासन पर्याप्त व्यवस्था कर रहा है, जबकि मेला खीर भवानी और अमरनाथ यात्रा के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा संबंधी इंतजाम भी किए जा रहे हैं। सीएम उमर ने कहा कि पर्यटन बुरी तरह प्रभावित हुआ है, लेकिन वर्तमान में स्थिति ऐसी नहीं है कि इस क्षेत्र को फिर से पुनर्जीवित किया जा सके। वहीं कुछ ग्रुप आने भी शुरू हो गए हैं। उन्होंने कहा अमरनाथ यात्रा समाप्त होने के बाद सरकार हितधारकों के साथ बैठकर पर्यटन को फिर से पुनर्जीवित करने का इंतजाम करेगी। सीएम उमर ने कहा कि बाहर से आने वाले टूर ऑपरेटर भी चाहते हैं कि यहां फिर से पर्यटन फले-फूले। यात्रा समाप्त होने के बाद पुनरुद्धार के उपाय किए जाएंगे।” मुख्यमंत्री ने गांदेरबल में अपने निर्वाचन क्षेत्र का दौरा किया, जहां उन्होंने पांडच में वृद्धाश्रम का उद्घाटन किया और पशु चिकित्सालय की आधारशिला भी रखी। उन्होंने आगामी मेले की व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए खीर भवानी मंदिर का भी दौरा किया। बता दें कि, खीर भवानी मंदिर श्रीनगर से 20 किलोमीटर दूर गंदेरबल जिले में स्थित है। इस मंदिर से हजारों कश्मीरी पंडितों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। अगले महीने मनाए जाने वाले खीर भवानी मेले में हजारों कश्मीरी पंडित भाग लेते हैं। खीर भवानी मेले के लिए किए गए प्रबंधों का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने खीर भवानी मंदिर का दौरा किया और वहां पूजा की। उनके साथ अधिकारी भी थे और जिले में सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी।

केंद्र सरकार से सीजफायर के पीछे की परिस्थितियों और अंतरराष्ट्रीय भूमिका को लेकर जवाबदेही की मांग की: सचिन पायलट

जयपुर राजस्थान के टोंक से विधायक और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने मंगलवार को केंद्र सरकार से भारत-पाकिस्तान सीजफायर के पीछे की परिस्थितियों और अंतरराष्ट्रीय भूमिका को लेकर जवाबदेही की मांग की। जयपुर में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने अमेरिका, IMF और पाकिस्तान के बीच हुए हालिया घटनाक्रमों पर गंभीर सवाल उठाए। सीजफायर के ऐलान के तुरंत बाद उल्लंघन पर जताई नाराजगी सचिन पायलट ने कहा कि जैसे ही अमेरिका ने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम की घोषणा की, पाकिस्तान ने उस समझौते का तुरंत उल्लंघन कर दिया। उन्होंने कहा, “ऐसे में भारत को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इस समझौते के बदले क्या रणनीतिक या राजनीतिक आश्वासन मिले हैं। केवल अमेरिका के भरोसे भारत की सुरक्षा रणनीति नहीं चल सकती।” IMF से पाकिस्तान को मिले कर्ज पर जताई चिंता उन्होंने यह भी चिंता जताई कि हाल ही में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने पाकिस्तान को बड़ी वित्तीय सहायता प्रदान की है, और अमेरिका द्वारा व्यापारिक संबंधों के विस्तार की बातें की जा रही हैं। “क्या कोई ठोस गारंटी है कि यह पैसा आतंकवादी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल नहीं होगा? सरकार को जनता को बताना चाहिए कि उसे किन शर्तों के साथ यह समझौता करना पड़ा,” पायलट ने सवाल किया। ‘कश्मीर को अंतरराष्ट्रीय मंच पर लाना दुर्भाग्यपूर्ण’   कश्मीर मुद्दे पर अमेरिका की टिप्पणी की आलोचना करते हुए पायलट ने कहा कि आतंकवाद और कश्मीर के मुद्दों को एक ही तराजू में तौलना गलत है। उन्होंने कहा, “कश्मीर भारत का आंतरिक मामला है। इसे भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय मसले के रूप में ही देखा जाना चाहिए। दुर्भाग्य से, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसे नया रंग देने की कोशिश की जा रही है, जो अस्वीकार्य है।” अमेरिकी बयानों को हल्के में न लेने की चेतावनी पायलट ने अमेरिका द्वारा हाल ही में दिए गए बयानों को नजरअंदाज करने के खिलाफ भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी समझौता किसी दबाव, डर या आर्थिक मजबूरी में न किया गया हो। राष्ट्रपति ट्रंप तीन बार कह चुके हैं कि इस समझौते के पीछे व्यापारिक हित थे। ऐसे बयानों को नकारना सही नहीं होगा।” भारत-पाकिस्तान की तुलना पर जताई आपत्ति अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा भारत और पाकिस्तान की तुलना किए जाने पर सचिन पायलट ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “भारत और पाकिस्तान की तुलना करना मूर्खता है। भारत की अर्थव्यवस्था पाकिस्तान की तुलना में 11 गुना बड़ी है। पाकिस्तान एक अस्थिर देश है, जहां प्रधानमंत्री जेल में हैं, निर्वाचित प्रतिनिधियों को बंद किया जा रहा है और सेना व ISI ही देश चला रहे हैं। ऐसे में भारत को उनके साथ समान स्तर पर रखना पूरी तरह अनुचित है।”  

इस हफ्ते 3 दिन दिल्लील में तूफान के साथ बारिश हो सकती है, भीषण गर्मी से मिल सकती है राहत: मौसम विभाग

नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर वालों को क्या आने वाले दिनों में गर्मी से राहत मिलेगी? मौसम विभाग ने अपने ताजा पूर्वानुमान में इस बात की जानकारी दी है। मौसम विभाग ने दिल्ली एनसीआर में आंधी और बारिश की आशंका जताई है। मौसम विभाग के मुताबिक इस हफ्ते 3 दिन दिल्लील में तूफान के साथ बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज और धूल भरी आंधी की आशंका भी जताई गई है। इसी के इस हफ्ते तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा सकती है जिससे दिल्ली एनसीआर वालों को गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है। मौसम विभाग के नए अपडेट के मुताबिक आज यानी 20 मई को दिल्ली एनसीआर में आंधी और बारिश के आसार है। मौसम विभाग ने इसके लिए गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद में येलो अलर्ट भी जारी किया है। वहीं आज दिल्ली का अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री दर्ज किया जा सकता है। हालांकि इसके बाद अधिकतम तापमान में गिरावट आ सकती है। अगले दो दिन तूफान के साथ बारिश की चेतावनी मौसम विभाग के मुताबिक 21 औ 22 मई को दिल्ली में आंधी के साथ बारिश हो सकती है। वहीं इन दोनों ही दिन गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर में भी आंधी का येलो अर्लट जारी किया गया है। दिल्ली में इन दोनों दिन अधिकतम तापमान 39 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27-28 डिग्री दर्ज किया जा सकता है। हालांकि 21 और 22 मई को फरीदाबाद और गुरुग्राम में हीटवेव का येलो अलर्ट जारी किया गया है। हफ्ते के आखिरी तीन दिन कैसा मौसम आईएडी ने अपने ताजा पूर्वानुमान में बताया है कि 23 से 26 मई तक दिल्ली में आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। हालांकि इन तीनों दिन ही बारिश की चेतावनी नहीं है। इस दौरान अधिकतम तापमान 38-39 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री के आसपास दर्ज किया जा सकता है।

जापान-फ्रांस को क्यों चाहिए PL-15E का अवशेष, कई देशों में क्यों मची होड़, भारत से की मलबे की मांग

नई दिल्ली पिछले महीने 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में हुए आंतकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) से आतंकियों का खात्मा करने और उनके ठिकानों को ध्वस्त करने के लिए ऑपरेशन सिंदूर चलाया था। इससे बौखलाए पाकिस्तान ने भारत पर हमला बोल दिया था। चार दिनों के सैन्य संघर्ष में पाकिस्तान की तरफ से करीब 800 से 1000 ड्रोन और मिसाइल दागे गए थे, जिसे भारतीय सशस्त्र बलों ने मार गिराया था। पाकिस्तान ने ये ड्रोन और मिसाइल भारत के 30 शहरों में आम नागरिकों और सैन्य बेस को निशाना बनाकर दागे थे लेकिन सभी हमलों को नाकाम कर दिया गया। इन हमलों में भारत में कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। पिछले दिनों जब सेना के तीनों सैन्य संचालन महानिदेशकों (DGMOs) ने प्रेस कॉन्फ्रेन्स की थी और दुश्मन देश द्वारा हमले में इस्तेमाल किए गए ड्रोन्स और मिसाइलों के मलबों की तस्वीरों का सार्वजनिक तौर पर प्रदर्शन किया था, तब बताया गया था कि पाकिस्तान ने तुर्की के ड्रोन समेत चीन के PL-15E मिसाइलों का भी इस्तेमाल भारत के खिलाफ किया था, जिसे हमारी एयर डिफेंस सिस्टम ने नाकाम कर दिया था। PL-15E हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल PL-15E चीन निर्मित हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल है, जिसे सीमावर्ती इलाकों में मार गिराया गया था। इस मिसाइल के टुकड़े पंजाब के खेतों में मिले थे। पंजाब के होशियारपुर में एक जगह तो यह मिसाइल बिना ऐक्टिव हुए ही खेतों में गिरा मिला, जिसकी सुरक्षा बलों ने जांच की तो पाया कि यह चीन की उन्नत मिसाइल PL-15E है। मीडिया रिपोर्ट्स में इस मिसाइल की अनुमानित कीमत करीब 10 करोड़ रुपये प्रति यूनिट बताई जा रही है। इसे हवा से हवा में मार करने वाली लंबी दूरी की एडवांस मिसाइलों में गिना जाता है। जापान-फ्रांस को क्यों चाहिए PL-15E का अवशेष अब नए घटनाक्रम में जापान, फ्रांस और फाइव आइज के कई देशों की खुफिया एजेसियों ने भारत से इस मिसाइल के मलबे की मांग की है। विशेषज्ञों के अनुसार, चीन निर्मित मिसाइल की बरामदगी एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि यह अपनी मारक क्षमताओं और रेंज के बारे में बहुमूल्य जानकारी देने में सक्षम होगी, जिसका उपयोग उसकी काट तैयार करने और उससे निपटने की रणनीति तैयार करने समेत चीनी मिसाइल निर्माण की तकनीक हासिल करने में किया जा सकता है। दरअसल, फ्रांस और जापान, जो हाई टेक एयर-टू-एयर मिसाइल प्रणालियों में भारी निवेश कर रहे हैं, उन्हें चीन के इस गुप्त PL-15E मिसाइल के मलबे से न सिर्फ उसकी संरचना और तकनीकी पहलुओं से नई जानकारी प्राप्त होगी बल्कि विदेशी मिसाइल के रडार सिग्नेचर, मोटर संरचना, मार्गदर्शन तकनीक और संभवतः इसके एईएसए (एक्टिव इलेक्ट्रॉनिकली स्कैन्ड एरे) रडार की मायावी वास्तुकला का पता लगाने में भी बड़ी मदद मिल सकेगी। फ्रांस के मेटियोर मिसाइल के लिए सीधा खतरा फ्रांस, इसलिए भी इस मिसाइल की स्टडी करने को उत्सुक है क्योंकि इस चीनी मिसाइल को मेटियोर मिसाइल के लिए सीधा खतरा माना जाता है। रैमजेट प्रणोदन प्रणाली और एक महत्वपूर्ण “नो-एस्केप ज़ोन” के साथ, मेटियोर लंबे समय से हवाई प्रभुत्व के लिए बेंचमार्क रहा है। हालांकि, PL-15E ने लंबी दूरी और हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल के रूप में एक दुर्जेय प्रतिद्वंद्वी के रूप मेंअपनी पहचान स्थापित की है। पाकिस्तान द्वारा युद्ध में पहली बार इस मिसाइल का इस्तेमाल करना भी सैन्य आपूर्तिकर्ता के रूप में चीन की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। फाइव आईज देश और जापान एशिया में खासकर इंडो-पैसिफिक सुरक्षा ढांचे में बीजिंग के बढ़ते प्रभाव को एक रणनीतिक चुनौती के रूप में देख रहे हैं। इसलिए उसकी मिसाइल टेकनोलॉजी का गहराई से अध्ययन करना चाहते हैं और इस दिशा में पंजाब के खेतों में मिला चीनी मिसाइल का मलबा एक अहम कड़ी साबित हो सकता है।

सोना तस्करी मामले में रान्या राव को मिली जमानत.

बेंगलुरु सोने की तस्करी मामले में कन्नड़ ऐक्ट्रेस रान्या राव और दूसरे आरोपी कोंडारू राजू को मंगलवार को आर्थिक अपराधों की स्पेशल कोर्ट से सशर्त जमानत दे दी गई। कोर्ट ने दोनों से दो जमानती गवाह और 2-2 लाख रुपये के बॉन्ड जमा करने को कहा है। जज विष्णनाथ सी. गौदार ने यह जमानत दी, लेकिन शर्त रखी कि दोनों आरोपी न तो देश छोड़ सकते हैं और न ही दोबारा ऐसा जुर्म करेंगे। ये फैसला तब आया जब डायरैक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश करने में नाकाम रही।  रिपोर्ट के मुताबिक, रान्या राव को स्पेशल कोर्ट ने सोने की तस्करी मामले में जमानत तो दे दी है, मगर वो फिलहाल रिहा नहीं होंगी। वजह यह है कि उनके खिलाफ अब एक और सख्त कानून विदेशी मुद्रा संरक्षण और तस्करी रोकथाम अधिनियम, 1974 के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह कानून भारत में तस्करी और विदेशी मुद्रा की हेराफेरी पर रोक लगाने के लिए इस्तेमाल होता है और इसके तहत बिना मुकदमा चलाए भी किसी को हिरासत में रखा जा सकता है। जब तक रान्या राव को इस कानून के तहत भी जमानत नहीं मिलती, तब तक उनकी रिहाई मुमकिन नहीं है। बता दें कि रान्या राव को 3 मार्च को बेंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया गया था, जब वो दुबई से करीब 14.2 किलो सोना चुपचाप अपने साथ ला रही थीं। इस सोने की कीमत 12.56 करोड़ रुपये से ज्यादा आंकी गई है और इसे उन्होंने अपने शरीर पर छुपा रखा था। डीआरआई अधिकारियों को उनके खिलाफ पहले से ही सूचना मिली हुई थी और लंबे समय से उन पर नजर रखी जा रही थी। जांच एजेंसियों का कहना है कि रान्या और उनके साथी कोंडारू राजू ने साल 2023 से 2025 के बीच दुबई के कुल 52 चक्कर लगाए, जिनमें से 45 बार वो सिर्फ एक दिन में जाकर लौट आए। इन लगातार अंतरराष्ट्रीय यात्राओं से उन पर शक गहराता गया और आखिरकार वो डीआरआई के शिकंजे में आ गईं। कन्नड़ सिनेमा की पॉपुलर एक्ट्रेस रान्या राव पर सोने की तस्करी करने के आरोप में कई शिकायतें दर्ज हुई हैं। 3 मार्च, 2025 को बैंगलोर के केंपगौड़ा एयरपोर्ट पर एक्ट्रेस 12.56 करोड़ के गोल्ड के साथ पकड़ाई थीं। जांच में सामने आया कि एक्ट्रेस बीते लंबे समय से गोल्ड स्मगलिंग कर रही हैं, जिसके तार लंदन, यूरोप और दुबई से जुड़े हुए हैं। अब इसी मामले में 26 अप्रैल को कन्नड़ एक्ट्रेस रान्या राव पर COFEPOSA (कंजर्वेशन ऑफ फॉरेन एक्सचेंज एंड प्रिवेंशन ऑफ स्मगलिंग एक्टिविटीज) के तहत शिकायत दर्ज हुई है। इसके चलते रान्या के कम से कम एक साल तक जमानत नहीं मिल सकेगी। जांच एथॉरिटी के अनुसार, रान्या राव इन्वेस्टिगेशन में सहायता नहीं कर रही थीं। उन्होंने कई बार जमानत याचिका दायर की थी। ये धारा इसलिए लगाई गई है, जिससे वो उन्हें दोबारा इस गैरकानूनी काम में जाने से रोका जा सके। क्या है पूरा मामला? कन्नड़ एक्ट्रेस और सीनियर पुलिस ऑफिसर के. रामचंद्र राव की सौतेली बेटी रान्या राव 3 मार्च को बैंगलोर के केंपगौड़ा एयरपोर्ट पर उतरी थीं। करीब 6 बजे रान्या एग्जिट गेट की ओर बढ़ीं। बाहर निकलने के लिए वे ग्रीन चैनल की ओर चली गईं। ग्रीन चैनल उन पैसेंजर्स के लिए होता है, जिनके पास जांच के लिहाज से कोई सामान नहीं होता। रान्या पहले भी इसी तरह एयरपोर्ट से बाहर निकलती थीं। उस दिन डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस यानी DRI के अफसरों ने उन्हें रोक लिया। पूछा- क्या आपके पास सोना या ऐसी कोई चीज है जो बतानी हो? रान्या ने जवाब दिया- नहीं। इतनी सी बातचीत में रान्या के चेहरे पर घबराहट दिखने लगी। अफसरों को शक हुआ। उन्होंने दो महिला अधिकारियों को बुलाया और रान्या को चेक करने के लिए कहा। जब उनकी तलाशी ली गई तो उनके शरीर के अलग-अलग हिस्सों में सोना मिला। उनके पास कुल 14.2 किलोग्राम सोना बरामद हुआ, जिसकी कीमत 12.56 करोड़ रुपए थी। रान्या को तुरंत हिरासत में ले लिया गया। तब से ही रान्या पुलिस हिरासत में हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक रान्या ने बताया है कि वो कई बार यूरोप, अमेरिका और मिडिल ईस्ट के देशों में गई थीं। उन्होंने इसकी वजह मॉडलिंग फोटो शूट और रियल एस्टेट से जुड़ा काम बताया। रान्या फिलहाल बैंग्लोर की सेंट्रल जेल में दो सह-आरोपियों तरुण राजू और साहिल सकरिया के साथ बंद हैं। इस मामले की जांच डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस और इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट और CBI द्वारा की जा रही है।

दिल्ली की रेखा सरकार ने आज से एक जलदूत योजना शूरू की, शहर के प्रमुख बस स्टैंडों में ठंडा पानी उपलब्ध कराया जाएगा

नई दिल्ली देश की राजधानी दिल्ली भी इस वक्त भीषण गर्मी की चपेट में है। हालांकि बीच में गरज-चमक के साथ बारिश जरूर राहत पहुंचा रही है,लेकिन दोपहर में तेज धूप और तापमान में वृद्धि लोगों को परेशान कर रही है। इस बीच दिल्ली की रेखा सरकार ने आज से एक नई योजना शूरू की है। इस योजना का नाम जलदूत योजना रखा गया है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने जलदूत योजना की शुरुआत करते हुए बताया कि इस योजना के तहत शहर के प्रमुख बस स्टैंडों में ठंडा पानी उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ जलदूत स्वयंसेवकों की भी तैनाती की जाएगी। मंत्री पंकज सिंह ने जलदूत योजना के बारे में विस्तार से बचाते हुए कहा कि दिल्ली सरकार ने हमारी बड़ी हीट स्ट्रोक रोकथाम योजना के हिस्से के रूप में जलदूत योजना शुरू की है। हमारा लक्ष्य सीधा है:गर्मी में दिल्ली में कोई भी साफ,ठंडे पानी की कमी से पीड़ित न हो। आज से,शहर भर के प्रमुख बस स्टैंडों पर साफ और ठंडा पीने का पानी उपलब्ध कराया जाएगा। यह पहल दिल्ली परिवहन के सहयोग से लागू की जा रही है। जरूरतमंदों को आसानी से पानी वितरित किया जा सके,इसके लिए इन बस स्टैंडों पर विशेष स्वयंसेवक तैनात रहेंगे। उन्होंने आगे बताया कि वर्तमान में,बारह सक्रिय आश्रय स्थल स्थापित किए गए हैं। आश्रय स्थल भीड़ को संभालने और सुचारू जल वितरण सुनिश्चित करने के लिए रस्सियों और अन्य बुनियादी ढांचे से लैस होंगे। जनता की सहायता के लिए इन स्थानों पर 100 से अधिक समर्पित स्वयंसेवक तैनात किए जाएंगे। यदि स्थिति की मांग हुई,तो हम इस प्रयास को और आगे बढ़ाएंगे। दिल्ली सरकार,स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर,लोगों को हीट स्ट्रोक से बचाने और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि इस गर्मी में कोई भी प्यासा न रहे। मंत्री पंकज सिंह ने इसके अलावा DTC नेहरू प्लेस टर्मिनल और स्मार्ट कोल्ड RO वाटर डिस्पेंसर के उद्घाटन समारोह में भी हिस्सा लिया।

पवन कल्याण की चेतावनी, स्थानीय लोगों की रोजगार से बेदखली, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बताया

विजयवाड़ा आंध्र प्रदेश के डिप्टी सीएम पवन कल्याण ने मंगलवार को राज्य में रोहिंग्या घुसपैठियों को लेकर गहरी चिंता जताई। उन्होंने इसे न केवल स्थानीय लोगों की रोजगार से बेदखली, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे लोग आधार कार्ड और राशन कार्ड कैसे पा रहे हैं? पवन कल्याण ने कहा, “2017-18 के बीच मुझे खासकर सुनार समुदाय से कई शिकायतें मिलीं कि बंगाल से लोग आंध्र आकर काम करने लगे हैं। शक है कि इनमें से कई म्यांमार से आए रोहिंग्या हैं। इसके पीछे स्थानीय स्तर पर कोई नेटवर्क काम कर रहा है, जिसकी जांच बेहद जरूरी है। मैंने इस विषय को संबंधित अधिकारियों के साथ साझा किया है।” लोकल के हक पर कब्जा कर रहे घुसपैठिए पवन कल्याण ने स्थानीय युवाओं के रोजगार पर चिंता जताते हुए कहा, “तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में नौकरियों में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। जब अपने ही लोगों के लिए पर्याप्त रोजगार नहीं हैं, तब हम अवैध घुसपैठियों को ये अवसर नहीं दे सकते।” दक्षिण भारत बना सॉफ्ट टारगेट उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत पहले से सॉफ्ट टारगेट रहा है। “कोयंबटूर और हैदराबाद जैसे शहरों में हम पहले ही धमाके देख चुके हैं। काकीनाडा पोर्ट पर संभावित खतरे की जानकारी मैंने डीजीपी को दी थी। बाद में तेलंगाना और आंध्र पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में एक संदिग्ध को पकड़ा भी।” पवन कल्याण ने सरकार और प्रशासन से अपील की कि “स्थानीयों की रोजगार प्राथमिकता और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए। अवैध घुसपैठ को लेकर निर्णायक और सतर्क रवैया अपनाना जरूरी है।”

अभिषेक-राठी विवाद तो कुछ नहीं, IPL में हो चुके हैं ये 7 बड़े कांड, श्रीसंत को थप्पड़, शाहरुख खान का पंगा, स्पॉट फिक्सिंग

नई दिल्ली सनराइजर्स हैदराबाद के अभिषेक शर्मा और लखनऊ सुपर जॉइंट्स के दिग्वेश राठी के बीच मैच के दौरान गरमागरमी का मामला चर्चा में है। सोमवार को मैच के दौरान राठी ने शर्मा को आउट करने के बाद आक्रामक और उकसावे वाले ढंग से उन्हें पवैलियन लौटने का इशारा किया। नोटबुक सेलिब्रेशन भी किया। फिर दोनों के बीच मैदान में ही हाथपाई जैसी नौबत आ गई। भला हो अंपायर और वहां मौजूदा बाकी खिलाड़ियों का जिन्होंने ये नौबत नहीं आने दी। वैसे अभिषेक शर्मा और दिग्वेश राठी का विवाद तो कुछ भी नहीं है। आईपीएल में एक से बढ़कर एक कांड हो चुके हैं। आइए देखते हैं ऐसी ही कुछ 7 बड़ी घटनाएं। 1- पहले ही सीजन में गूंजा थप्पड़ कांड आईपीएल इतिहास के कुछ बहुत ही गरमागरमी वाले क्षणों और विवादों की बात करें तो 2008 के हरभजन सिंह-श्रीसंत थप्पड़ कांड के जिक्र के बिना हर लिस्ट अधूरी होगी। उसी साल आईपीएल ने जन्म लिया था। मुंबई इंडियंस और किंग्स इलेवन पंजाब के मैच के भज्जी ने श्रीसंत को कथित तौर पर थप्पड़ जड़ दिया था। भज्जी मुंबई इंडियंस में थे और उनकी टीम हार गई थी। हार के बाद किंग्स इलेवन पंजाब के श्रीसंत ने स्टार ऑफ स्पिनर को चिढ़ाते हुए ‘हार्ड-लक भज्जी पा’ कह दिया था। उसी के बाद हरभजन सिंह ने थप्पड़ जड़ा था जिसके बाद श्रीसंत बच्चों की तरह रोते दिखे थे। 2- स्पॉट फिक्सिंग आईपीएल को शुरू हुए अभी 5 साल ही हुए थे कि उसका दामन स्पॉट-फिक्सिंग से दागदार हो गया। 2013 में कुछ खिलाड़ियों ने कुछ विशेष तरह की भाव-भंगिमाओं और हरकतों जैसे थोड़ी बहुत स्ट्रेचिंग, ट्राउजर से टॉवल लटकाना आदि से इशारा करके स्पॉट फिक्सिंग किया था। इस मामले में एस श्रीसंत गिरफ्तार भी हुए थे। बीसीसीआई ने श्रीसंत, अंकित चाह्वाण और अजीत चंदीला पर जीवनभर के लिए प्रतिबंध लगा दिया था। हालांकि, श्रीसंत अदालत चले गए और उनका आजीवन प्रतिबंध घटकर 7 साल का हो गया। 3- शाहरुख खान का पंगा आईपीएल 2012 के दौरान बॉलीवुड सुपर स्टार और किंग खान के नाम से चर्चित शाहरुख खान पर मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में घुसने पर 5 साल का प्रतिबंध लगा था। यह प्रतिबंध मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने सुरक्षाकर्मियों के साथ बदसलूकी को लेकर लगाया था। हालांकि, शाहरुख खान का कहना था कि सुरक्षाकर्मियों ने उनके साथ बच्चों के समूह के साथ दुर्व्यवहार किया। बच्चों के ग्रुप में उनकी बेटी सुहाना खान भी शामिल थी। बाद में 2015 में शाहरुख खान से प्रतिबंध हटा लिया गया। बॉलिवुड स्टार आईपीएल की फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स के सह-मालिक हैं। जब आईपीएल के दौरान वानखेड़े स्टेडियम में सुरक्षाकर्मियों से उलझ पड़े थे शाहरुख खानजब विराट कोहली और गौतम गंभीर आपस में ही भिड़ गए थे 5- जब कैप्टन कूल ने खो दिया कूल महेंद्र सिंह धोनी को कैप्टन कूल कहा जाता है लेकिन आईपीएल 2019 के दौरान एक मैच में वह कूल नहीं रह पाए। उनकी कप्तानी वाली सीएसके का राजस्थान रॉयल्स से मैच था। मैच में आखिर की 3 गेंद बची थीं। सीएसके 152 रन के लक्ष्य का पीछा कर रही थी। उसे जीत के लिए 3 गेंदों में 8 रन चाहिए थे और हाथ में बचे थे 4 विकेट। सैंटनर बल्लेबाजी कर रहे थे। आरआर के बेन स्टोक्स ने फुल टॉस फेंकी। अंपायर ने ऊंचाई ज्यादा होने की वजह से गेंद को नो बॉल करार दे दिया। इसी बीच लेग अंपायर ने कह दिया कि नो बॉल नहीं है, वैध गेंद है। गेंद नो है या नहीं, इसे लेकर कन्फ्यूजन हो गया। आखिरकार लेग अंपायर का फैसला मान्य हुआ। इसी दौरान डगआउट में बैठे महेंद्र सिंह धोनी दौड़ते हुए फील्ड में आ गए और अंपायरों से बहस करने लगे। इस वजह से उनके खिलाफ मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना लगा था। खैर, उस मैच को चेन्नई 4 विकेट से जीतने में कामयाब हुई थी। 6- आर अश्विन की ‘माकंडिंग’ आईपीएल 2019 में ही ‘माकंडिंग’ को लेकर काफी विवाद हुआ था। राजस्थान रॉयल्स और किंग्स इलेवन पंजाब का मैच था। विस्फोटक बल्लेबाज जोस बटलर नॉन स्ट्राइक एंड पर थे। आर अश्विन गेंदबाजी कर रहे थे। उनके हाथ से गेंद अभी छूटती, उससे पहले ही बटलर दौड़ चुके थे। अश्विन ने गेंद रोक ली और गिल्लियां बिखेर दी। उनकी अपील के बाद थर्ड अंपायर ने जोस बटलर का आउट करार दिया गया। क्रिकेट की रूल बुक के हिसाब से ऐसी स्थिति में बल्लेबाज आउट है। लेकिन इस विवाद के वक्त नैतिकता के सवाल उठाए गए। कुछ लोगों ने ‘नैतिकता’ नहीं दिखाने के लिए अश्विन की आलोचना की थी। उस पर बहस अब भी जब-तब छिड़ जाती है। पहली बार आईपीएल में कोई इस तरह आउट हुआ था 7- यूसुफ पठान ‘ऑब्सट्रक्टिंग द फील्ड’ विवाद आईपीएल 2013 के दौरान एक मैच में यूसुफ पठान बल्लेबाजी कर रहे थे। रन लेने के दौरान उन्होंने फील्डर की तरफ से फेंकी गई गेंद को हाथ से रोक दिया। विरोधी टीम ने आउट की अपील की। ‘ऑब्सट्रक्टिंग द फील्ड’ नियम ऐसी ही स्थिति में लागू होता है। थर्ड अंपायर ने पठान को आउट करार दिया। इस तरह युसुफ पठान आईपीएल इतिहास के पहले ऐसे खिलाड़ी हो गए जो ‘ऑब्सट्रक्टिंग द फील्ड’ नियम के तहत आउट हुए।

विल जैक्स, रेयान रिकेल्टन और कॉर्बिन बॉश के रिप्लेसमेंट का ऐलान- 26 मई को मुंबई का अंतिम लीग मैच

नई दिल्ली आईपीएल 2025 में मुंबई इंडियंस के कुछ विदेशी खिलाड़ी 26 मई को अपने देश लौट जाएंगे। 26 मई को मुंबई का अंतिम लीग मैच भी है। इसके बाद अगर मुंबई इंडियंस प्लेऑफ के लिए क्वॉलीफाई करती है तो उसे विदेशी खिलाड़ियों की जरूरत पड़ेगी। इसको देखते हुए उसने विकल्प के तौर पर जॉनी बेयरस्टो, रिचर्ड ग्लीसन और चरिथ असलंका को अनुबंधित किया है। गौरतलब है कि इंग्लैंड के विल जैक्स और दक्षिण अफ्रीका के रेयान रिकेल्टन और कॉर्बिन बॉश 26 मई को पंजाब किंग्स के खिलाफ मुंबई के अंतिम लीग मैच के बाद वापस लौट जाएंगे। जॉनी बेयरस्टो के लिए भारी कीमत आईपीएल की आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक जैक्स की जगह इंग्लैंड के विकेटकीपर बल्लेबाज जॉनी बेयरस्टो लेंगे जो 5.25 करोड़ रुपए में टीम में शामिल होंगे। विज्ञप्ति में कहा गया कि इंग्लैंड के तेज गेंदबाज रिचर्ड ग्लीसन एक करोड़ रुपए के आधार मूल्य पर रेयान रिकेल्टन जबकि श्रीलंकाई बल्लेबाज चरिथ असलंका 75 लाख रुपए में कॉर्बिन बॉश की जगह लेंगे। विल जैक्स, रेयान रिकेल्टन और कार्बिन बॉश ने मुंबई के लिए इस सीजन में काफी अच्छा प्रदर्शन किया था। खासतौर पर विल जैक्स और रिकेल्टन ने। इन दोनों ने शीर्ष क्रम में अच्छी बल्लेबाजी करते हुए टीम के लिए बेहद जरूरी रन बनाए थे। रिकेल्टन ने विकेटों के पीछे भी अच्छे से जिम्मेदारी संभाली थी। टॉप-2 में भी फिनिश कर सकती है एमआई तीनों वैकल्पिक खिलाड़ी प्लेऑफ चरण से ही उपलब्ध होंगे, बशर्ते कि मुंबई इंडियंस नॉकआउट दौर के लिए क्वालीफाई कर ले। अगर बात करें मुंबई इंडियंस की तो यह टीम अभी अंक तालिका में शीर्ष चार में है। प्लेऑफ में अपनी जगह पक्की करने के लिए उसे बुधवार को दिल्ली कैपिटल्स को हराना होगा। वहीं, दिल्ली के लिए भी प्लेऑफ में जगह पक्की करने की शर्त यही है कि वह अपने बचे हुए दोनों मैचों में जीत दर्ज कर ले। वहीं, मुंबई की टीम अगर अपने दोनों मैच जीत लेती और बाकी मैचों के परिणाम भी उसके अनुकूल रहते हैं तो वह प्वॉइंट्स टेबल में टॉप-2 में भी फिनिश कर सकती है।

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