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पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने जारी किए आदेश, जल गंगा संवर्धन अभियान में उत्कृष्ट कार्य पर मिलेगा पुरस्‍कार

भोपाल जल गंगा संवर्धन अभियान में श्रेष्ठ कार्य करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों, कर्मियों को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा राज्य स्तर पर पुरस्कृत किया जाएगा। पुरस्कार दो श्रेणी में प्रदान किये जायेंगे। इस संबंध में म.प्र. राज्‍य रोजगार गारंटी परिषद के आयुक्‍त श्री अवि प्रसाद ने बताया कि एक पुरस्कार जल गंगा संवर्धन अभियान में समग्र रूप से उत्कष्ट कार्य पर और दूसरा मनरेगा अन्‍तर्गत खेत-तालाब निर्माण में श्रेष्ठ कार्य करने पर दिया जाएगा। अभियान में समग्र रूप से श्रेष्ठ कार्य करने पर पुरस्कार प्रथम, द्वितीय व तृतीय श्रेणी में दिया जाएगा। विभाग द्वारा प्रदेश के सभी कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ को निर्देश पत्र भी जारी कर दिए गए हैं। अभियान में समग्र रूप से श्रेष्ठ कार्य करने वाले जिले के कलेक्टर को क्रमश: 1 लाख 50 हजार रुपये, 1 लाख 25 लाख रुपये और 1 लाख रुपये की पुरस्कार राशि से पुरस्कृत किया जाएगा। इसी प्रकार मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) जिला पंचायत को प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्‍कार क्रमश: 1 लाख, 75 हजार और 50 हजार रुपये पुरस्कार स्वरूप राशि प्रदान की जाएगी। जबकि, जिले के अमले के लिए क्रमश: 6 लाख, 4 लाख 50 हजार और 3 लाख रुपये की पुरस्कार स्वरूप राशि प्रदान की जाएगी। जिले के अधिकारियों-कर्मचारियों को पुरस्कार देने के लिए जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत जिला स्तरीय समिति द्वारा चयन किया जाएगा। इसके साथ ही यदि अभियान के अंतर्गत श्रेष्ठ कार्य करने वाले जिला, जनपद, पंचायत में कार्यरत अधिकारियों, कर्मचारियों, कर्मियों का स्थानांतरण हो जाता है तो उन्हें पदस्थापना की कार्य अवधि के समानुपात में पुरस्कार की राशि प्रदान की जाएगी। जिन नवगठित जिलों में जिला पंचायत गठित नहीं है उन जिलों के कलेक्टरों को संयुक्त रूप से उनकी जनपदों के प्रदर्शन के आधार पर समानुपातिक रूप से पुरस्कार दी जाएगी। राज्य स्तर पर किया जाएगा सत्यापन जल गंगा संवर्धन अभियान की अवधि पूर्ण होने पर मनरेगा डेशबोर्ड/ पोर्टल/JGSA dashboard पर निर्धारित मापदंडों के अनुसार जिला, जनपद और ग्राम पंचायतों की रैंक के आधार पर उपरोक्त श्रेणियों का चयन किया जाएगा। इसका सत्यापन राज्य स्तर पर किया जाएगा। खेत-तालाब में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिले व विकासखंड को भी मिलेगा पुरस्कार जल गंगा संवर्धन अभियान में खेत-तालाब के निर्माण में उत्कृष्ट कार्य वाले जिले व विकासखंड को पुरस्कृत किया जाएगा। यह पुरस्कार दो श्रेणियों में दिया जाएगा। जिला स्तरीय पुरस्कार के लिए “ए” व “बी” दो श्रेणी होगी। “ए” श्रेणी में 4 या उससे कम जनपदों को शामिल किया जाएगा। है। इसी तरह से बी श्रेणी में 5 या उससे अधिक जनपदों को शामिल किया जाएगा। विकासखंड स्तरीय पुरस्कार के लिए भी ए व बी श्रेणी निर्धारित की गई। ए श्रेणी में 70 या उससे कम ग्राम पंचायतों वाली जनपद पंचायतों को शामिल किया गया, जबकि “बी” श्रेणी के लिए 71 या उससे अधिक ग्राम पंचायत वाली जनपदों को शामिल किया गया है। पूरे प्रदेश में जिला स्तर व विकासखंड स्तर की दोनों श्रेणियों के लिए 1-1 पुरस्कार दिया जाएगा। जिला स्तरीय पुरस्कार “ए” व “बी” श्रेणी में आने वाले कलेक्टर को 1 लाख रुपये, मुख्य कार्यपालन अधिकारी को 75 हजार रुपये, कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा को 50 हजार रुपये और जिले के अमले के लिए 2 लाख 75 हजार रुपये की राशि पुरस्कार के तौर पर दी जाएगी। विकासखंड स्तर पर भी “ए” व “बी” श्रेणी में आने वाले जनपद पंचायत सीईओ को 50 हजार रुपये, सहायक यंत्री जनपद पंचायत को 30 हजार रुपये और जनपद अमले को 1 लाख 20 हजार रुपये की राशि पुरस्कार के रूप में प्रदान की जाएगी।  

शिक्षकों की समस्याओं के निराकरण के लिये 19 मई से शिविर लगाने का फैसला किया

भोपाल स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रदेश में ग्रीष्मकालीन अवकाश की समाप्ति तक की अवधि में संभाग और जिला स्तर पर समस्याओं के निराकरण के लिये 19 मई से शिविर लगाने का फैसला किया है। शिविर में किये जाने वाले कार्यों के संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय ने संभागीय संयुक्त संचालक और जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश जारी किये हैं। शिविर में क्रमोन्नति वेतनमान, समयमान वेतनमान, वेतन वृद्धि, सेवा अभिलेखों के अपडेटेशन पर विशेष कार्य किया जायेगा। इसके साथ ही आगामी 3 वर्षों में सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों के वेतन निर्धारण का कोष एवं लेखा द्वारा परीक्षण किया जाकर वसूली योग्य प्रकरणों में सेवा से पूर्व वसूली का निर्धारण किया जायेगा। शिविर में पेंशन और अन्य लम्बित स्वतत्वों का निराकरण, अन्य लम्बित अभ्यावेदनों का निराकरण किया जायेगा। जिला और संभागीय कार्यालयों को 30 मई तक समय-सारणी का निर्धारण संबंधित संयुक्त संचालक के मार्गदर्शन में किये जाने के लिये कहा गया है। समय-सारणी की सूचना लोक शिक्षण संचालनालय को दिये जाने के लिये कहा गया है। वीडियो कॉन्फ्रेंस से होगी समीक्षा शिविरों में होने वाली प्रतिदिन की कार्यवाही की 5 जून तक प्रति कार्य-दिवस वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से भोपाल से समीक्षा की जायेगी। प्रकरणों पर निराकरण नहीं होने पर लम्बित आवेदन और न्यायालयीन प्रकरण निर्मित होने पर संबंधित संयुक्त संचालक और जिला शिक्षा अधिकारी जिम्मेदार होंगे। लम्बित प्रकरणों के संबंध में आवेदक जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय और संयुक्त जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में सम्पर्क कर सकते हैं।  

अब छात्र जिन विषयों में फैल हुए हैं, उनकी दोबारा से परीक्षा देनी होगी, 10वीं और 12वीं की दूसरी परीक्षा का टाइम टेबल जारी

ग्वालियर मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल(MPBSE) 10वीं व 12वीं की परीक्षा में फेल होने वाले, अनुपस्थित रहने वाले छात्रों को दोबारा परीक्षा देने का मौका 17 जून से मिलेगा। जिले में बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट आने के बाद दोनों ही कक्षाओं के 15967 छात्र इस परीक्षा में बैठकर अपने पूरे साल को बचा सकते हैं। यहां बता दें कि नई शिक्षा नीति के तहत अब छात्रों की पूरक परीक्षा नहीं आएगी। अब छात्र जिन विषयों में फैल हुए हैं, उनकी दोबारा से परीक्षा देनी होगी और उनकी अंक सूची में सप्लीमेंट्री भी लिखा हुआ नहीं आएगा। यदि छात्र सभी विषयों में फेल हैं, तो वह सभी विषयों की परीक्षा दे सकता है। बोर्ड ने द्वितीय परीक्षा के लिए टाइम टेबल भी जारी कर दिया है। दूसरी परीक्षा में परीक्षा केंद्र पर पहुंचने से लेकर अन्य जो भी नियम हैं वे फरवरी-मार्च में हुई परीक्षा वाले ही रहेंगे। इसलिए खास है यह परीक्षा दूसरी परीक्षा में छात्र सभी विषयों की परीक्षा दे सकते हैं। इसके साथ ही जो छात्र पास हो गए हैं, वे श्रेणी सुधार के लिए भी परीक्षा दे सकते है। साथ ही किसी वजह से पहली परीक्षा में अनुपस्थित रहे छात्र या परीक्षा में समय पर न पहुंचने वाले सभी छात्रों को इस परीक्षा में मौका मिलेगा। पूरा साल खराब नहीं होगा यानी छात्र का पूरा साल खराब नहीं होगा। साथ ही जो छात्र परीक्षा देगा परिणाम आने तक वह अगली परीक्षा में अस्थायी रूप से प्रवेश भी ले सकता है। इससे उसकी अगली परीक्षा की पढ़ाई भी प्रभावित नहीं होगी।

कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को बूथ मैनेजमेंट से लेकर आभासी दुनिया में मज़बूत करेगी, लगेगा स्पेशल ट्रेनिंग कैंप

भोपाल मध्य प्रदेश की सत्ता से करीब 2 दशक से बाहर कांग्रेस पार्टी अब आगामी 2028 विधानसभा चुनाव के लिए संगठन को नए सिरे से तैयार करने में जुट गयी है. यह तैयारी ज़मीन पर बूथ मैनेजमेंट से लेकर आभासी दुनिया यानि वर्चुअल वर्ल्ड में कांग्रेस को कैसे मज़बूत करना है, उसकी होगी. जिसमें नेताओं और कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के गुर सिखाये जायेंगे. सबसे खास बात यह है कि इसका खर्चा नेता और कार्यकर्ता खुद उठाएंगे. इसके लिए AICC ट्रेनिंग डिपार्टमेंट के प्रमुख सचिन राव अपनी टीम के साथ 9 जून से 15 जून तक मध्यप्रदेश में रहेंगे और सर्वोदय मेथोडोलॉजी को अपनाते हुए किसी शांत जगह पर यह ट्रेनिंग कैंप लगाया जायेगा. सबसे बड़ी बात है कि कांग्रेस के सभी विधायकों और जिला अध्यक्षों समेत सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को इस प्रशिक्षिण शिविर में आना अनिवार्य होगा, जिसके लिए एक निश्चित शुल्क उनसे लिया जायेगा. एमपी कांग्रेस के अभिनव बरोलिया ने बताया कि सर्वोदय कैंप पहले भी आयोजित होते रहे हैं लेकिन अब नए ज़माने की नई तकनीक को भी इस बार शामिल किया जायेगा. प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी चाहते हैं कि कार्यकर्ताओं को बीजेपी के संगठन से मुकाबले के लिए हर मोर्चे पर तैयार करना पड़ेगा इसलिए इस कैंप का आयोजन किया जा रहा है. बीजेपी जिस तरह से सोशल मीडिया में नैरेटिव बनाती है और फेक न्यूज़ फैलाती है उसे कैसे पहचानें और कांग्रेस के खिलाफ होने वाले दुष्प्रचार को कैसे रोका जाये, सोशल मीडिया मैनेजमेंट और अर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करते हुए कांग्रेस पार्टी का देश की आज़ादी और विकास में क्या योगदान रहा इसे जनता तक पहुंचाने की ट्रेनिंग दी जाएगी. इसके अलावा नेताओं और कार्यकर्ताओं को बताया जायेगा कि वो कैसे प्रवास पर रहें, प्रवास के दौरान लोगों से मिले, कार्यकर्ताओं के घर खाना खाएं या जिस इलाके में प्रवास पर हों वहां के लोगों के साथ समय बिताएं यह सारी बातें इस सर्वोदय कैंप में बताई जाएगी.

नितिन गडकरी ने नई सेमीकंडक्टर यूनिट को भारत की ‘तकनीकी आत्मनिर्भरता’ की खोज में एक महत्वपूर्ण कदम बताया

नई दिल्ली केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को उत्तर प्रदेश में नई सेमीकंडक्टर यूनिट को सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत की ‘तकनीकी आत्मनिर्भरता’ की खोज में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर ‘भारत सेमीकंडक्टर मिशन’ के तहत अतिरिक्त सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की स्थापना को हरी झंडी दिखाए जाने के कदम को सराहा। केंद्रीय मंत्री गडकरी ने ‘एक्स’ पर लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ‘भारत सेमीकंडक्टर मिशन’ के तहत एक अतिरिक्त सेमीकंडक्टर विनिर्माण सुविधा की स्थापना को मंजूरी दे दी है।” उन्होंने आगे कहा, “5 यूनिट के निर्माण के एडवांस स्टेज में होने के साथ, यह छठा प्लांट रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता की खोज में एक बड़ा कदम है।” केंद्रीय मंत्री गडकरी ने इस प्लांट को लेकर आगे जानकारी दी कि नई अप्रूव्ड यूनिट हार्डवेयर विकास में अपनी विरासत के लिए प्रसिद्ध एचसीएल और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में ग्लोबल लीडर फॉक्सकॉन के बीच एक संयुक्त उद्यम है। यह प्लांट यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के भीतर जेवर हवाई अड्डे के पास स्थित होगा। यह प्लांट 20,000 वेफर और 36 मिलियन यूनिट प्रति माह की अनुमानित क्षमता के साथ डिस्प्ले ड्राइवर चिप्स का उत्पादन करेगा। प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) के तहत उत्तर प्रदेश में सेमीकंडक्टर यूनिट की स्थापना को मंजूरी दी है। इससे 3,700 करोड़ रुपए का निवेश आकर्षित होगा। इस नए प्लांट में मोबाइल, लैपटॉप, ऑटोमोबाइल, पीसी और डिस्प्ले वाले दूसरे डिवाइस के लिए डिस्प्ले ड्राइवर चिप्स का निर्माण होगा। कैबिनेट नोट के अनुसार, ”भारत में लैपटॉप, मोबाइल, सर्वर, मेडिकल डिवाइस, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा उपकरण और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग की तेजी से विकास के साथ सेमीकंडक्टर की मांग बढ़ रही है, यह नई यूनिट प्रधानमंत्री मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दृष्टिकोण को और आगे बढ़ाएगी।”

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने 14 वर्षीय नाबालिग छात्रा के दुष्कर्म मामले में डॉक्टरों की निगरानी में उसका गर्भपात कराने की अनुमति दी

बिलासपुर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने दुष्कर्म की शिकार आठवीं कक्षा की 14 वर्षीय नाबालिग छात्रा के मामले में एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उसका गर्भपात कराने की अनुमति दे दी है। न्यायालय ने यह फैसला पीड़िता के स्वास्थ्य को देखते हुए लिया, जिसे गर्भ ठहरने के बाद से गंभीर शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। डॉक्टरों ने हाई कोर्ट को अवगत कराते हुए कहा था कि समय रहते ऑपरेशन नहीं किया गया, तो छात्रा की जान को खतरा हो सकता है। कोर्ट ने इसको बेहद गंभीरता से लिया। पीड़िता महज एक नाबालिग छात्रा है, जो आरोपी के बहकावे में आकर उसके साथ चली गई थी। इसी दौरान आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद छात्रा ने परिजनों के साथ थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64(1), 64(2), 64(2)(एफ), 64(2)(एम), 365(2) और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत अपराध दर्ज किया। चिकित्सकीय रिपोर्ट ने दिया खतरे का संकेत सरकारी अस्पताल में हुई चिकित्सकीय जांच में सामने आया कि पीड़िता 10 सप्ताह 4 दिन की गर्भवती है और भ्रूण जीवित अवस्था में है। शुरुआत में डॉक्टरों ने पीड़िता की उम्र और मामले की न्यायिक स्थिति को देखते हुए गर्भपात की अनुमति नहीं दी थी। गर्भ की अवधि बढ़ने के साथ ही पीड़िता को स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं पैदा होने लगीं। डॉक्टरों ने हाई कोर्ट को अवगत कराया कि समय रहते ऑपरेशन नहीं किया, तो छात्रा की जान को खतरा हो सकता है। सीएमएचओ की रिपोर्ट के आधार पर अनुमति हाई कोर्ट के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) ने पीड़िता का संपूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण कराया और विस्तृत रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत की। रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया कि पीड़िता का गर्भपात किया जाना आवश्यक है। इससे उसकी जान को खतरा नहीं होगा। इस आधार पर न्यायालय ने विशेषज्ञ डाक्टरों की निगरानी में अबार्शन कराने की अनुमति दे दी। पीड़िता की गोपनीयता व गरिमा बनी रहे हाई कोर्ट ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट के तहत पीड़िता की पहचान और गोपनीयता पूरी तरह सुरक्षित रखी जाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि पीड़िता या उसकी कानूनी अभिभावक की उपस्थिति में वह जिला अस्पताल में रिपोर्ट करें, जहां डाक्टरों की टीम एक बार फिर से मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य की जांच करेगी। सब कुछ ठीक पाए जाने पर गर्भपात की प्रक्रिया की जाएगी। कोर्ट ने एक और अहम आदेश में यह भी कहा कि गर्भपात के बाद भ्रूण को संरक्षित रखा जाए और उसका डीएनए नमूना लिया जाए, ताकि आगे की जांच में उसका उपयोग किया जा सके।  

रेलवे और सड़क परिवहन मंत्रालय के बीच खींचतान के लिए दोनों मंत्रालयों ने नए सिरे से एक सहमति पत्र पर किये हस्ताक्षर

नई दिल्ली जमीन समेत अन्य अनेक मामलों में रेलवे और सड़क परिवहन मंत्रालय के बीच खींचतान और उसके कारण परियोजनाओं में होने वाली देरी को समाप्त करने के लिए दोनों मंत्रालयों ने नए सिरे से एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। इस सहमति पत्र से पीएम गति शक्ति के तहत आने वाली बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं में आ रहीं अड़चनों को दूर करने में मदद मिलेगी। दोनों मंत्रालयों ने पिछले साल नवंबर में भी नेशनल हाईवे कॉरिडोर में आने वाले रोड ओवर और रोड अंडर ब्रिजों के लिए इसी तरह के सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए थे। मिलकर समाधान निकालेंगे मंत्रालय उसी के अनुरूप अब जमीन समेत अन्य मामलों को लेकर भी अनुबंध किया गया है। नए समझौते में एक-दूसरे की जमीन लेने की प्रक्रिया को और सरल और समयबद्ध किया गया है। इसके साथ ही दोनों मंत्रालय समन्वय के लिए प्रोजेक्ट स्तर पर समितियों का भी गठन करेंगे और विवाद वाली स्थितियों में मिलकर समाधान तक पहुंचने की कोशिश करेंगे। सहमति पत्र के अनुसार अगर हाईवे निर्माण के लिए रेलवे की जमीन का कोई हिस्सा सड़क परिवहन मंत्रालय अथवा एनएचएआई को चाहिए तो उसे उसके ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन करना होगा और रेलवे 90 दिनों के भीतर वह जमीन सौंप देगा। यही प्रक्रिया रेलवे की जरूरतों के लिए भी लागू होगी। साझा पोर्टल किया जाएगा तैयार चूंकि सड़क परिवहन मंत्रालय के पास अभी इस तरह का कोई पोर्टल नहीं है इसलिए रेलवे को ऑफलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के 15 दिनों के भीतर दोनों मंत्रालयों की एक संयुक्त टीम जमीन की पहचान करेंगी। जमीन और आरओबी तथा आरयूबी के मामलों के समाधान के लिए दोनों मंत्रालयों ने हर दो महीने में समीक्षा बैठक करने का भी फैसला किया है। इसके अतिरिक्त दोनों मंत्रालय एक साझा पोर्टल भी विकसित करेंगे जिसमें इन मामलों को दर्ज किया जा सकेगा।  

मनेंद्रगढ़ में रेल परियोजना को गति, भू-अर्जन के लिए सर्वे सूची जारी, 30 दिनों में दर्ज कराएं दावा-आपत्ति

एमसीबी/मनेंद्रगढ़ आज मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले में यात्री सुविधाओं के विस्तार और रेल परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए स्वास्थ्य मंत्री एवं स्थानीय विधायक श्याम बिहारी जायसवाल की कोशिशें रंग ला रही हैं। उनके अथक प्रयासों से रेल मंत्रालय ने चिरमिरी-नागपुर रोड हाल्ट रेलवे प्रोजेक्ट के लिए भू-अर्जन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस संबंध में रेल मंत्रालय ने रेल अधिनियम 1989 की धारा 20(ए) के तहत एक अधिसूचना जारी की है। इस प्रोजेक्ट को लेकर स्थानीय विधायक साल 2017 से है प्रयासरत है। इसके बाद साल 2018 में रेल मंत्रालय और छत्तीसगढ़ शासन के मध्य पचास पचास प्रतिशत राशि से निर्माण कार्य के लिए एमओयू हुआ था। किन्तु सत्ता परिवर्तन के बाद तत्कालीन सरकार ने ये कह कर प्रोजेक्ट को रोक दिया कि इसकी स्थानीय स्तर पर कोई उपयोगिता नहीं है। हालांकि सत्ता परिवर्तन के बाद स्थानीय विधायक श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रदेश के मुखिया विष्णु देव साय से पहले बजट में है इस प्रोजेक्ट के लिए राशि की मांग रखी जिसे पहले बजट में है वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा स्वीकृत कर राशि जारी कर दी गई।  इसके पश्चात शुरू हुई अन्य प्रक्रियाओं के तहत भू अर्जन हेतु सर्वे प्रक्रिया पूर्ण कर रेल मंत्रालय के द्वारा राजपत्र में भू अर्जन के लिए अधिसूचना का प्रकाशन किया गया है। इस अधिसूचना के तहत भू-अर्जन के लिए सर्वे सूची जारी की गई है, जिसमें चिराईपानी, सरोला, बंजी, खैरबना, सरभोका और चित्ताझोर गांवों के भूखंडों के खसरा नंबर और अन्य विवरण शामिल हैं। सर्वे सूची में उल्लिखित भूखंडों के संबंध में यदि किसी को कोई आपत्ति या दावा है, तो वे 30 दिनों के भीतर अपर कलेक्टर या सक्षम प्राधिकारी के समक्ष लिखित रूप में अपनी अपील दर्ज करा सकते हैं। यह कदम न केवल स्थानीय लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे के विकास को भी गति देगा। मंत्री जायसवाल के प्रयासों से एमसीबी जिला विकास की नई ऊंचाइयों को छूने की ओर अग्रसर है। इस रेल प्रोजेक्ट के शुरू हो जाने से चिरमिरी को राज्य और राष्ट्र स्तर पर रेल कनेक्टिविटी मिलेगी और इसके साथ ही यहां के लोगों को शिक्षा, व्यापार, स्वास्थ्य जैसे अनेक सुविधाओं का लाभ भी मिलेगा।

एयरपोर्ट-फिल्म सिटी के बाद मोदी सरकार का एक और बड़ा तोहफा, जल्द ही चालू होने वाला है इंटरनेशनल एयरपोर्ट

दिल्ली नोएडा गौतमबुद्धनगर जिले का जेवर अब उत्तर प्रदेश का नया गहना बन गया है। देश के सबसे बड़े इंटरनेशनल एयरपोर्ट और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रॉजेक्ट फिल्म सिटी से इसकी किस्मत पहले ही बदल चुकी है। अब मोदी सरकार के नए तोहफे ने जेवर की चमक में चार चांद लगा दिए हैं। तीन बड़े प्रॉजेक्ट्स के बाद यह रोजगार और रिहायश का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। क्या है मोदी सरकार का नया तोहफा मोदी सरकार ने जेवर में नए सेमीकंडक्टर यूनिट को मंजूरी दी है। केंद्रीय कैबिनेट ने एचसीएल-फॉक्सकॉन सेमीकंडक्टर जॉइंट वेचर को हरी झंडी दी। दोनों कंपनियां मिलकर जेवर में 3,706 करोड़ रुपये के निवेश से सेमीकंडक्टर यूनिट लगाएंगी। यह उत्तर प्रदेश का पहला और देश का छठा सेमीकंडक्टर प्लांट है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इसमें मोबाइल फोन, लैपटॉप, गाड़ियों और अन्य उपकरणों के लिए डिस्प्ले ड्राइवर चिप बनाए जाएंगे। इस फैक्ट्री में हर महीने 20,000 वेफर्स (सेमीकंडक्टर सामग्री सिलिकन की पतली परत) तैयार होगा। इससे यहां 2 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। जल्द ही चालू होने वाला है इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर में बन रहा नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा ना सिर्फ देश में सबसे बड़ा होगा, बल्कि दुनिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में इसकी गिनती होने लगी है। दिल्ली से करीब 75 किलोमीटर दूर इस एयरपोर्ट का निर्माण चार चरणों में होना है। पहला चरण सितंबर 2024 में पूरा होना था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। लेकिन इस साल एयरपोर्ट पर विमानों की आवाजाही शुरू हो जाएगी। इस हवाई अड्डे का विकास उत्तर प्रदेश सरकार के लिए सार्वजनिक निजी भागीदारी मॉडल (पीपीपी) के तहत ‘यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड’ द्वारा किया जा रहा है, जो स्विस कंपनी ‘ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी’ की 100 प्रतिशत स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है। फिल्म सिटी का काम भी हो चुका है शुरू उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक और ड्रीम प्रॉजेक्ट ‘फिल्म सिटी’ भी जेवर में ही आकार ले रहा है। फिल्म निर्माता बोनी कपूर की कंपनी ‘बेव्यू प्रॉजेक्ट्स’ और ‘भूटानी ग्रुप’ को इसे बनाने का जिम्मा मिला है। यमुना फिल्म सिटी में 2027 तक फिल्मों का निर्माण शुरू हो जाएगा। इस फिल्म सिटी में 300 से ज्यादा फिल्मों की हर साल शूटिंग का लक्ष्य रखा गया है। यूपी के सीएम जेवर में मुंबई की तरह समृद्धि फिल्म इंडस्ट्री बसाना चाहते हैं और इसकी शुरुआत भी हो चुकी है। सड़क से नमो भारत ट्रेन तक, जेवर में होगा सबकुछ जेवर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पूरे एनसीआर से यात्रियों की पहुंच को सुगम बनाने के लिए कनेक्टिविटी पर खास ध्यान दिया जा रहा है। यहां एक तरफ जहां सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है तो नमो भारत मेट्रो की योजना पर भी काम चल रहा है। तेजी से आकार ले रहा नया शहर, निवेश का बना नया अड्डा दिल्ली से सटे नोएडा का विस्तार अब जेवर तक पहुंच गया है। नया शहर तेजी से आकार लेता दिख रहा है। जेवर एयरपोर्ट के आसपास तेजी से आवासीय और कॉमर्शल प्रॉजेक्ट्स का निर्माण हो रहा है। एनसीआर के लोगों के लिए यह निवेश का नया अड्डा बन चुका है। यही वजह है कि जेवर और आसपास के इलाकों में जमीनों की कीमत तेजी से बढ़ रही है।  

दो दिवसीय बायर-सेलर मीट का आयोजन 15 एवं 16 मई को विकास भवन के सभागार में किया जायेगा

भोपाल मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत स्व-सहायता समूहों के उत्पादों की बिक्री के लिये बेहतर विकल्प उपलब्ध कराने के लिये नित नये प्रयास किये जा रहे हैं। इसके तहत दो दिवसीय बायर-सेलर मीट का आयोजन 15 एवं 16 मई को भोपाल में अरेरा हिल्स स्थित विकास भवन के सभागार में किया जायेगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल 15 मई को प्रातः 11 बजे दो दिवसीय बायर-सेलर मीट का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर विभाग के अधिकारियों सहित क्रेता एवं समूहों की दीदियां उपस्थित रहेंगी। विभिन्न जिलों से आ रही समूहों की दीदियों द्वारा बनाये जा रहे उत्पादों का प्रदर्शन करते हुये क्रेताओं को उत्पादों की विशेषताएँ बताई जायेंगी। क्रेता उत्पाद खरीदने का ऑर्डर सीधे समूहों को देंगे। क्रेता-विक्रेता सम्मेलन के माध्यम से समूहों के उत्पादों को देखने तथा उनकी विशेषताएँ जानने का अवसर क्रेताओं को मिलता है। दीदियां इन दो दिनों में अपने उत्पाद क्रेताओं को दिखायें, उत्पादों की विशेषताएँ बतायें तथा क्रेता-विक्रेता के बीच अनुबंध कर अपने व्यवसाय को बढ़ाने का प्रयास करें। मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मुख्य कार्यपालन अधिकरी श्रीमती हर्षिता सिंह ने बताया कि समूह उत्पादों को विभिन्न ऑनलाईन प्लेटफॉर्म पर लाने के साथ-साथ वृहद बाजारों से जोडने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे समूह सदस्यों को सीधा क्रेताओं से जुडकर अधिक-अधिक लाभ प्राप्त होने का अवसर मिल सके। इसी उद्देश्य से बायर-सेलर मीट का आयोजन किया गया है।  

देशभर में तुर्किये बहिष्कार किया जा रहा, JNU ने स्थगित किया तुर्किये के विश्वविद्यालय के साथ समझौता

नई दिल्ली पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत द्वारा आतंकवाद के खिलाफ किए गए ऑपरेशन सिंदूर के बाद, तुर्किये ने पाकिस्तान का समर्थन करते हुए उसे रक्षा उपकरण मुहैया कराए थे। ऐसे में देशभर में तुर्किये बहिष्कार किया जा रहा है। इसी कड़ी में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) ने भी एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। दरअसल, केंद्रीय विश्वविद्यालय ने तुर्किये के एक विश्वविद्यालय के साथ तीन साल की अवधि के लिए किए  गए समझौता ज्ञापन को स्थगित कर दिया है। जेएनयू की ओर से ऐसा करने की पीछे की वजह सुरक्षा कारणों को बताया गया है। विश्वविद्यालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान में लिखा है, “राष्ट्रीय सुरक्षा कारणों से जेएनयू और इनोनू विश्वविद्यालय, तुर्किये के बीच समझौता ज्ञापन को अगली सूचना तक निलंबित कर दिया गया है।” तुर्किये के मालट्या में स्थित इनोनू विश्वविद्यालय ने क्रॉस-कल्चरल रिसर्च और छात्र सहयोग को बढ़ावा देने के प्रयासों के तहत जेएनयू के साथ अकादमिक साझेदारी की थी। तीन साल के लिए किया गया था समझौता एमओयू पर 3 फरवरी को तीन साल की अवधि के लिए हस्ताक्षर किए गए थे। जेएनयू के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “हमने तुर्किये के इनोनू विश्वविद्यालय के साथ समझौता ज्ञापन को निलंबित कर दिया है। समझौते के तहत संकाय विनिमय और छात्र विनिमय कार्यक्रमों के अलावा कई योजनाएं और अन्य बातें थीं।” भारत-पाक संघर्ष में पाकिस्तान को मुहैया कराए थे रक्षा उपरकरण समझौता ज्ञापन रद्द करने का निर्णय भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव की पृष्ठभूमि में लिया गया है। दोनों पड़ोसी देशों ने चार दिनों तक सीमा पार से ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए 10 मई को एक समझौता किया था। भारत के तुर्किये के साथ व्यापारिक संबंध तनावपूर्ण होने की आशंका है, क्योंकि अंकारा ने इस्लामाबाद का समर्थन किया है और पाकिस्तान में आतंकी शिविरों पर भारत के हालिया हमलों की निंदा की है। देशभर में उठ रही बहिष्कार की मांग पाकिस्तान को उनके समर्थन के बाद, पूरे देश में तुर्किये के सामान और पर्यटन का बहिष्कार करने की मांग उठ रही है, साथ ही ईजमाईट्रिप और इक्सिगो जैसे ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफॉर्म ने इन देशों की यात्रा के खिलाफ सलाह जारी की है।  

मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कुछ नेताओं के पार्टी से निलंबन की भी कार्रवाई की, दो नेताओं को पार्टी से निलंबित किया

भोपाल मध्यप्रदेश कांग्रेस में उथलपुथल का दौर अभी थमा नहीं है। पार्टी में आपसी खींचातानी और अनुशासनहीनता बदस्तूर जारी है। कांग्रेस नेता पार्टी हित की बजाए व्यक्तिगत हित को सर्वोपरि रखकर काम करते देखे जा रहे हैं। यहां तक कि इसके लिए अपनी घोर प्रतिद्वंद्वी बीजेपी से भी जब तब हाथ मिलाते रहते हैं। ऐसे ही एक मामले में पार्टी ने सख्त रुख दिखाते हुए कई नेताओं पर कड़ी कार्रवाई की है। संगठन ने कुछ नेताओं को तो पार्टी से निलंबित ही कर दिया है। एमपी कांग्रेस ने बड़ा फैसला लेते हुए थांदला ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गेंदाल डामोर को पद से हटा दिया है। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा यह कार्रवाई की गई है। थांदला ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पर अनुशासनहीनता व पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप में यह कार्रवाई की गई है। गेंदाल डामोर पर कांग्रेस स​मर्थित जिला पंचायत अध्यक्ष को हटाने के​ लिए बीजेपी से हाथ मिलाकर अविश्वास प्रस्ताव लाने का आरोप है। संगठन में अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं इसी के साथ मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कुछ नेताओं के पार्टी से निलंबन की भी कार्रवाई की है। गेंदाल डामोर के पुत्र और पुत्रवधू को पार्टी से निलंबित किया गया है। इस संबंध में जारी आदेश में जिला पंचायत सदस्य शांति राजेश डामोर एवं राजेश गेंदाल डामोर को तत्काल प्रभाव से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित किए जाने की बात कही गई है। गेंदाल डामोर, राजेश डामोर और शांति डामोर पर कार्रवाई के संबंध में मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री संजय कामले ने आदेश जारी किया है। पत्र में साफ कहा गया है कि कांग्रेस संगठन में अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं है।

सवाई मानसिंह स्टेडियम को मिली बम से उड़ाने धमकी, मचा हड़कंप, जिसको देखते हुए कड़ी की गई सुरक्षा

जयपुर जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम को महज सात दिनों में चौथी बार बम की धमकी मिली है, जिसके बाद सुरक्षा बढ़ा दी गई है। राजस्थान खेल परिषद की आधिकारिक आईडी पर भेजे गए नवीनतम धमकी भरे ईमेल में विषय पंक्ति ‘एचएमएक्स बम विस्फोट सवाई मानसिंह स्टेडियम ऑपरेशन प्रभाकर दिविज’ थी और इसमें एक भयावह संदेश भी शामिल था, जिसमें चेतावनी दी गई थी, “पाकिस्तान से पंगा मत लो। हमारे पास भारत में स्लीपर सेल हैं। ऑपरेशन सिंदूर के लिए आपके अस्पताल भी उड़ा दिए जाएंगे।” अधिकारियों ने जांच तेज कर दी है और इन बार-बार आने वाली धमकियों को अत्यंत गंभीरता से ले रहे हैं।   विदेशी स्लीपर सेल और आतंकवाद विरोधी अभियानों के प्रतिशोध का हवाला देते हुए दहशत फैलाने के संगठित प्रयास की संभावना की जांच की जा रही है। मेट्रो स्टेशनों, अस्पतालों और अन्य सार्वजनिक बुनियादी ढांचे पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अधिकारियों ने कहा कि आईपीएल मैचों के जल्द ही होने के कारण सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करना राजस्थान की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता बन गई है। घटना की पुष्टि करते हुए खेल परिषद के अध्यक्ष नीरज के पवन ने कहा कि बम की धमकियों के मद्देनजर राज्य सरकार ने इस बार अतिरिक्त सावधानी बरती है। उन्होंने कहा, “हम चार-चरणीय सुरक्षा उपाय बढ़ा रहे हैं। हम अतिरिक्त पुलिस और बाउंसर तैनात करेंगे। हमने कैमरों की संख्या बढ़ा दी है और खराब कैमरों की मरम्मत कर दी है।” इस बीच, राजस्थान खेल परिषद के सचिव राजेंद्र सिंह सिसोदिया ने कहा कि स्टेडियम को निशाना बनाकर यह चौथी ऐसी धमकी है। उन्होंने कहा कि ई-मेल में न केवल स्टेडियम को धमकी दी गई है, बल्कि अस्पतालों पर हमले का भी जिक्र किया गया है। मामले की सूचना पुलिस को दे दी गई है और साइबर क्राइम विशेषज्ञ भेजने वाले का पता लगाने के लिए जांच में जुट गए हैं। इस बीच, स्टेडियम में चौबीसों घंटे सुरक्षा बढ़ा दी गई है और सभी प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं। हाल ही में जयपुर में इस तरह की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले 8 मई, 12 मई और 13 मई को स्टेडियम को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। 9 मई को जयपुर मेट्रो को भी ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली थी, जिसमें मेट्रो स्टेशन और ट्रेनों में विस्फोट की चेतावनी दी गई थी, जिसमें फिर से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र था। 20 फरवरी को एसएमएस मेडिकल कॉलेज को बम से उड़ाने की धमकी ईमेल के जरिए दी गई थी, जिसका पता 22 फरवरी को चला। इसी तरह 4 अक्टूबर 2023 को जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट समेत पूरे भारत के 100 से ज्यादा एयरपोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी वाले ईमेल मिले। सीआईएसएफ अधिकारियों को भेजे गए संदेश में कहा गया था, “आइए हम दुनिया के सबसे शक्तिशाली देशों से अकेले ही मुकाबला करें। हर जगह धमाका होगा…धमाका होगा…धमाका होगा।”

असम पंचायत चुनाव में भाजपा की बड़ी जीत, हिमंत बिस्व सरमा ने ठोंका 105 सीटों पर दावा, कांग्रेस को करारी शिकस्त दी

गुवाहाटी असम के पंचायत चुनावों में बीजेपी और उसके सहयोगी असम गण परिषद (एजीपी) ने कांग्रेस को करारी शिकस्त दी है। दोनों दलों ने असम के ग्रामीण इलाकों में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है, जहां कभी कांग्रेस का सिक्का चलता था। बीजेपी और एजीपी ने 397 जिला परिषदों में से 300 पर कब्जा कर लिया है। दोनों दलों की जोड़ी ने 2,192 आंचलिक पंचायतों में से 1,436 जीत ली हैं। वोटिंग पैटर्न में इस बदलाव का असर विधानसभा में दिखा तो कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो जाएगा। 2018 के मुकाबले इस बार एनडीए का वोट शेयर 26 फीसदी बढ़ा है। इन आंकड़ों के आधार पर सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने दावा किया है कि 2026 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी 126 में से 104 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। कई जिलों में कांग्रेस का खाता नहीं खुला असम में एनडीए ने 2 मई और 7 मई को हुए पंचायत चुनावों में बड़ी जीत हासिल की है। विधानसभा चुनाव से एक साल पहले हुए इस चुनाव परिणाम से मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा उत्साहित है। बीजेपी ने जिला परिषद में 274 और असम गण परिषद ने 26 सीटें जीती हैं। 2,192 आंचलिक पंचायतों में बीजेपी ने 1,265 और असम गण परिषद ने 171 सीटें जीती हैं। कांग्रेस को 72 जिला परिषदों में जीत मिली है। सीएम सरमा ने बताया कि राज्य की 76.27 फीसदी जिला परिषद सीटें एनडीए के पास हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने डिब्रूगढ़, धेमाजी, सोनितपुर, तिनसुकिया, गोलाघाट, जोरहाट जैसे कई जिलों में लगभग पूरी तरह से जीत हासिल की है। बीजेपी ने कई जिलों में 100 प्रतिशत परिषद सीटें जीती हैं। एनडीए के वोट में 26 प्रतिशत का इजाफा 126 सदस्यों वाली असम विधानसभा में अभी बीजेपी के 64 विधायक हैं। उसके सहयोगी असम गण परिषद के नौ और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल के सात विधायक हैं। अगले साल 2026 में राज्य में विधानसभा चुनाव होने हैं। जिला परिषद में मिले वोट का आकलन किया जाए तो एनडीए 105 विधानसभा में जीत मिल सकती है। असम के सीएम ने दावा किया कि बीजेपी ने मुस्लिम बहुल सीटों पर भी जीत हासिल की है, जबकि कांग्रेस पूरे असम में एक भी हिंदू-बहुल सीट नहीं जीत पाई। स्वदेशी मुसलमानों में बीजेपी का वोट प्रतिशत 60-70 प्रतिशत तक बढ़ गया है। ओवरऑल एनडीए का वोट प्रतिशत भी 26 प्रतिशत बढ़ गया। पंचायत सम्मेलन करेगी बीजेपी, शाह होंगे चीफ गेस्ट मुख्यमंत्री सरमा ने बताया कि बीजेपी गुवाहाटी में एक पंचायत सम्मेलन करेगी, जिसमें पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को आमंत्रित किया जाएगा। पंचायत चुनाव में बड़ी जीत पर अमित शाह ने X पर कहा कि असम के लोगों को पंचायत चुनाव 2025 में एनडीए को ऐतिहासिक जीत दिलाने के लिए धन्यवाद। यह जीत पीएम नरेंद्र मोदी की जन-केंद्रित नीतियों का समर्थन है, जिन्होंने असम में शांति और समृद्धि का एक नया युग लाए हैं।

महिला पटवारी मांग रही थी 36 हजार रूपये रिश्वत, लोकायुक्तटीम ने 10 हजार रूपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा

भोपाल मध्यप्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। लगभग हर दूसरे दिन कहीं न कहीं लोकायुक्त रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ रही है लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल का है जहां अफसरों की नाक के नीचे एक महिला पटवारी को रिश्वत लेते लोकायुक्त की टीम ने रंगेहाथों पकड़ा है। रिश्वतखोर महिला पटवारी बुधवार को भोपाल लोकायुक्त की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महिला पटवारी को 10 हजार रूपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा है। हुजूर तहसील के पटवारी हलका नंबर 40 में पदस्थ महिला पटवारी सुप्रिया जैन ने जमीन के नामांकन के बदले मुबारकपुर गांव के रहने वाले मोहम्मद असलम से 36 हजार रूपये रिश्वत की मांग की थी। पटवारी सुप्रिया जैन के द्वारा रिश्वत मांगे जाने की शिकायत फरियादी ने भोपाल लोकायुक्त में की थी। 10 हजार रूपये की पहली किश्त लेते पकड़ा भोपाल लोकायुक्त में शिकायत करते हुए फरियादी मोहम्मद असलम ने बताया कि उसने अपनी 18 एकड़ जमीन के नामांकन के लिए आवेदन दिया था। जमीन का नामांकन करने के बदले पटवारी सुप्रिया जैन ने उससे प्रति एकड़ 2 हजार रूपये रिश्वत की मांग की है। लोकायुक्त ने शिकायत की जांच की शिकायत सही मिलने पर रिश्वत की पहली किस्त 10 हजार रूपये लेकर फरियादी को रिश्वत देने के लिए भेजा। महिला पटवारी ने रिश्वत देने के लिए फरियादी को अपने निवास हिमांशु टावर लालघाटी पर बुलाया जहां पार्किंग में रिश्वत लेते ही लोकायुक्त ने पटवारी सुप्रिया जैन को रंगेहाथों पकड़ लिया।

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