Union Minister Bhupendra Yadav said- Give a return gift to Mother Earth by planting a tree.
इंदौर में पौधारोपण अभियान की शुरुआत मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने की। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि इस साल गर्मी की तपन को हम सभी ने महसूस किया है। तापमान 45- 48 डिग्री तक गया। हमने धरती से हरियाली कम कर दी और कंक्रीट के जंगल उगा दिए। धरती मां ने हमें जन्म दिया, एक पेड़ लगाकर धरती मां को रिटर्न गिफ्ट देने का समय आ गया। इंदौरवासी इसके लिए आगे बढ़े। धरती से मिलने वाला सुख सबसे बड़ा है। प्रदेश सरकार नर्मदा की सहायक नदियों के किनारों पर पौधे लगाएगी जो पेड़ बनकर नदियों को प्रवाहमान रखेंगे। यादव ने कहा कि एक पेड़ मां के नाम का सबसे सफल कार्यक्रम इंदौर में हो रहा है। इंदौर को ग्रीन सिटी बनाने से अब कोई नहीं रोक सकता।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि उज्जैन की पहचान शिप्रा नदी से है, जो इंदौर से निकली है। चंबल, गंभीर सहित 7 नदियों का उद्गम स्थल इंदौर है। यह क्षेत्र हराभरा होगा तो नदियों में भी साफ पानी बहेगा। उन्होंने कहा कि ऋषि मुनियों की तरह पेड़ अपनी साधना करते है और मानव, पशु, प्रकृति का कल्याण करते हैं। इंदौर ग्रीन सिटी में नंबर वन बनने की तरफ बढ़ रहा है, इसके लिए सभी शहरवासियों को शुभकामनाएं।
आज इंदौर के बीएसएफ रेंज प्रांगण में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री @byadavbjp जी ने #एक_पेड़_माँ_के_नाम अभियान के अंतर्गत अपनी माताजी श्रीमती संतरा देवी यादव जी और मैंने अपनी माताजी स्व. लीलाबाई यादव जी की स्मृति में पौधरोपण किया।
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) July 7, 2024
इस अवसर पर कैबिनेट में… pic.twitter.com/hTGtrEZRQv
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इंदौर का ग्रीन कवरेज सिर्फ 9 प्रतिशत है। पांच साल में इसे दोगुना करेंगे। इंदौर में हर समाज का एक वन लग रहा है। हमारी चिंता इस बात की है कि पौधे पेड़ भी बने। उन पौधों की देखभाल भी की जाएगी। इंदौर की जनता ने 25 करोड़ के पेड़ दिए हैं। उनका संरक्षण भी होगा। मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि इंदौर अब हरियाली में भी नंबर वन होगा। आने वाले पांच सालों में ग्रीन एरिया 18 परसेंट तक होगा। मेयर ने अतिथियों का स्वागत मालवी पहना कर किया। अतिथियों ने बड़ के पेड़ पर लोटे से पानी डालकर कार्यक्रम की शुरुआत की। सभी अतिथियों ने बीएसएफ परिसर में पौधे भी लगाए।









