केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का भोपाल में भव्य स्वागत
Grand welcome to Union Minister Shivraj Singh Chauhan in Bhopal
Grand welcome to Union Minister Shivraj Singh Chauhan in Bhopal
नईदिल्ली देश का विदेशी मुद्रा भंडार सात जून को समाप्त सप्ताह में 4.307 अरब डॉलर बढ़कर 655.817 अरब डॉलर की नयी सर्वकालिक ऊंचाई को छू गया। भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। इससे पूर्व के सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 4.837 अरब डॉलर के उछाल के साथ 651.51 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया था। इससे पहले, विदेशी मुद्रा भंडार का उच्चतम स्तर 10 मई को 648.87 अरब डॉलर था। पिछले कुछ सप्ताहों में विदेशी मुद्रा भंडार में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। बढ़ गया स्वर्ण भंडार रिजर्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, सात जून को समाप्त सप्ताह में मुद्रा भंडार का अहम हिस्सा मानी जाने वाली विदेशी मुद्रा आस्तियां 3.773 अरब डॉलर बढ़कर 576.337 अरब डॉलर हो गयीं। डॉलर के संदर्भ में उल्लेखित विदेशी मुद्रा आस्तियों में विदेशी मुद्रा भंडार में रखे गए यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं की घट-बढ़ का प्रभाव शामिल होता है। रिजर्व बैंक ने कहा कि समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान गोल्ड रिजर्व का मूल्य 48.1 करोड़ डॉलर बढ़कर 56.982 अरब डॉलर हो गया। विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 4.3 करोड़ डॉलर बढ़कर 18.161 अरब डॉलर हो गया। रिजर्व बैंक ने कहा कि आलोच्य सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (IMF) के पास भारत की आरक्षित जमा भी एक करोड़ डॉलर बढ़कर 4.336 अरब डॉलर हो गई। पाकिस्तान के फॉरेक्स रिजर्व में गिरावट पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार गिरावट के साथ 9 अरब डॉलर के करीब बना हुआ है। वहीं, पाकिस्तानी रुपया यूएस डॉलर के मुकाबले 278 पर है। स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान की लेटेस्ट वीकली अपडेट के अनुसार, 7 जून 2024 को समाप्त हुए सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 6 मिलियन डॉलर की गिरावट के साथ 9.10 अरब डॉलर रहा। यह मुद्रा भंडार 2 महीने से कम के आयात के जितना ही है। अगर पाकिस्तान ने कुछ मजबूत कदम नहीं उठाए, तो वह विदेशों से कुछ भी आयात नहीं कर पाएगा।
शाहजहांपुर उत्तर प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मद्देनजर 15 से 21 जून तक राज्य के हर जिले में ‘योग सप्ताह’ का आयोजन किया जाएगा। इसकी शुरुआत आज शाहजहांपुर से हो गई है। योग सप्ताह की शुरुआत वित्त मंत्री ने सुरेश कुमार खन्ना द्वारा की गई है। टाउनहाल स्थित हॉकी क्लब मैदान में उन्होंने अधिकारियों के साथ मिलकर योगाभ्यास किया। 21 जून को मनाया जाएगा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस बता दें कि 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाएगा। मुख्य सचिव ने एक बैठक में निर्देश दिए थे कि उत्तर प्रदेश के हर जिले में आगामी 15 से 21 जून तक योग सप्ताह का आयोजन किया जाए। यह आयोजन जिला मुख्यालय के साथ-साथ तहसीलों, विकास खंडों और ग्राम पंचायतों के स्तर पर भी कराया जाए। सम्बन्धित जिलों के प्रभारी मंत्रियों की अध्यक्षता में कार्यक्रम का आयोजन किया जाये। योगाभ्यास कार्यक्रम के लिए सभी प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों की समुचित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाये। कार्यक्रम से पूर्व सभी ग्राम पंचायत व नगर निकायों में स्वच्छता अभियान चलाया जाए। योग सत्र के समापन पर अधिकारियों ने किया पौधरोपण इस योग सप्ताह की शुरुआत आज शाहजहांपुर से हुई। यहां पर योग विज्ञान संस्थान के जिला प्रधान डॉ. अवधेशमणि त्रिपाठी ने आयुष मंत्रालय के निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार उपस्थित लोगों को योगाभ्यास कराया। मंच पर आसनों का प्रदर्शन जिला महिला योग प्रमुख ज्योति गुप्ता व मृदुल गुप्ता द्वारा किया गया। जिला प्रशासन, नगर निगम व आयुष विभाग के तत्वावधान में हुए आयोजन का शुभारंभ मुख्य अतिथि वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने मां सरस्वती व महर्षि पतंजलि के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित कर किया। वित्त मंत्री ने कहा कि स्वस्थ रहने के लिए योग सबके लिए आवश्यक है। उन्होंने सभी से योग में सम्मिलित होने की अपील की। प्रथम दिवस के योग सत्र के समापन पर मुख्य अतिथि व अन्य अधिकारियों ने पौधारोपण भी किया।
नई दिल्ली टी20 वर्ल्ड कप 2024 में विराट कोहली की फॉर्म चिंता का विषय बनी हुई है। बतौर ओपनर इस टूर्नामेंट में किंग कोहली का बल्ला अभी तक खामोश रहा है। अभी तक खेले तीन मुकाबलों में उन्होंने आयरलैंड के खिलाफ 1 तो पाकिस्तान के खिलाफ 4 रन बनाए, वहीं यूएसए के खिलाफ तो वह खाता भी नहीं खोल पाए। उम्मीद जताई जा रही थी कि सुपर-8 के मुकाबलों से पहले विराट कनाडा के खिलाफ कुछ रन बनाकर आत्मविश्वास हासिल करना चाहेंगे, मगर यह मैच बारिश की वजह से रद्द हो गया। हालांकि भारतीय टीम मैनेजमेंट को विराट कोहली की फॉर्म को लेकर कोई चिंता नहीं है। बैटिंग कोच विक्रम राठोर ने इंडिया वर्सेस कनाडा मैच के रद्द होने के बाद उनकी फॉर्म को लेकर बात की है। इंडिया वर्सेस कनाडा मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में विक्रम राठौर ने कहा, “मुझे बहुत अच्छा लगता है जब मुझसे विराट कोहली के बारे में सवाल पूछे जाते हैं कि वह अच्छा कर रहे हैं या नहीं। चिंता की कोई बात नहीं है। वह (कोहली) आईपीएल से खेलकर आया है और शानदार बल्लेबाजी कर रहा है। यहां दो तीन बार इस तरह आउट होने से कुछ नहीं बदलता। वह अच्छी बल्लेबाजी कर रहा है।” उन्होंने आगे कहा, “वह बेहतर बल्लेबाजी के लिए भूखा है और इसके लिए तैयार है। मुझे लगता है कि एक बल्लेबाज के तौर पर यह अच्छी चीज है। हम कुछ अच्छे मैच के लिए तैयार हैं। हमने उसकी कुछ अच्छी पारियां देखी हैं।” बता दें, भारत ने लीग स्टेज का अंत बिना कोई मैच हारे किया है। ग्रुप स्टेज में उनका कोई सानी नहीं था। ग्रुप स्टेज में भारत का एकमात्र कड़ा मुकाबला पाकिस्तान के खिलाफ हुआ जिसमें टीम इंडिया ने 6 रनों से जीत दर्ज की। इसके अलावा उन्होंने आयरलैंड और यूएसए को आसानी से हराया।
नई दिल्ली जोस बटलर की अगुवाई वाली इंग्लैंड क्रिकेट टीम ने टी20 वर्ल्ड कप के 34वें मुकाबले में नामीबिया को 41 रन से रौंदकर अपना आखिरी कदम सुपर-8 की ओर बढ़ा दिया है, अब उनकी नजरें ऑस्ट्रेलिया वर्सेस स्कॉटलैंड मुकाबले पर टिकी है। अगर कंगारू इस मैच में स्कॉटलैंड को शिकस्त देते हुए तो गत चैंपियन इंग्लैंड सुपर-8 के लिए क्वालीफाई कर जाएगा, नहीं तो उन्हें टूर्नामेंट के पहले ही राउंड से बाहर होना पड़ेगा। दरअसल, नामीबिया पर इस जीत के बाद इंग्लैंड के 4 मैचों में 5 अंक हो गए हैं, जबकि स्कॉटलैंड के 3 मैचों में इतने ही अंक है। अगर ऑस्ट्रेलिया वर्सेस स्कॉटलैंड मैच भी बारिश की वजह से धुलता है तो इंग्लैंड टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगा। बात इंग्लैंड वर्सेस नामीबिया मुकाबले की करें तो, बारिश से बाधित इस मुकाबले में इंग्लिश टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 10 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 122 रन बोर्ट पर लगाए। टीम को इस स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका विस्फोटक बल्लेबाज हैरी ब्रूक ने अदा की। ब्रूक ने 20 गेंदों पर 4 चौकों और 2 गगनचुंबी छक्कों की मदद से 47 रनों की धुआंधार पारी खेली। उनके अलावा जॉनी बेयरस्टो ने 18 गेंदों पर 31 रन बनाए। इस स्कोर का पीछा करने उतरी नामीबिया को अच्छी शुरुआत तो मिली, मगर उनके बल्लेबाज इंग्लैंड की तरह आक्रामक बल्लेबाजी नहीं कर पाए। नामीबिया 10 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर 84 ही रन बना सकी और 41 (DLS) रनों से जोस बटलर की टीम ने जीत दर्ज की। इंग्लैंड इस जीत के साथ ग्रुप-सी की पॉइंट्स टेबल में ऑस्ट्रेलिया के बाद दूसरे पायदान पर पहुंच गया है। अब उनकी सारी उम्मीदें ऑस्ट्रेलिया पर टिकी है।
नई दिल्ली अगर आप भी अपने निवेश पर बिना किसी जोखिम के अच्छा मुनाफा कमाना चाहते हैं, तो पोस्ट ऑफिस की किसान विकास पत्र (KVP) योजना आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है। इस योजना के तहत आपका निवेश कुछ ही महीनों में डबल हो सकता है। किसान विकास पत्र (KVP) की विशेषताएं किसान विकास पत्र योजना को खासतौर पर उच्च मुनाफा देने के लिए शुरू किया गया था। इसमें आप न्यूनतम 1000 रुपये से निवेश कर सकते हैं और इसमें अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं है, यानि आप जितना चाहे उतना पैसा निवेश कर सकते हैं। कितने अकाउंट खोले जा सकते हैं? इस योजना के तहत आप सिंगल और डबल दोनों तरह के अकाउंट खोल सकते हैं। 10 साल से अधिक उम्र के बच्चों के नाम पर भी अकाउंट खोला जा सकता है। इसके अलावा, एक व्यक्ति कितने भी अकाउंट खोल सकता है, इसकी कोई सीमा नहीं है। आप 2, 4, 6 या जितने चाहें उतने अकाउंट खोल सकते हैं। ब्याज दर और मुनाफा किसान विकास पत्र योजना के तहत वर्तमान में 7.5 फीसदी का ब्याज मिलता है, जो तिमाही आधार पर तय किया जाता है। इसका मतलब है कि सालाना 7.5 फीसदी की दर से आपको ब्याज मिलेगा। उदाहरण के साथ समझें मान लीजिए, आप इस योजना में 5 लाख रुपये का निवेश करते हैं। 115 महीनों (9 साल 7 महीने) के बाद, आपको 7.5 फीसदी ब्याज के आधार पर 5 लाख रुपये का अतिरिक्त मुनाफा मिलेगा। यानि कुल मिलाकर आपको मैच्योरिटी पर 10 लाख रुपये मिलेंगे। ध्यान दें कि इस मुनाफे पर टैक्स भी लागू होगा। पोस्ट ऑफिस की किसान विकास पत्र (KVP) योजना उन लोगों के लिए एक सुरक्षित और लाभदायक विकल्प है जो बिना किसी जोखिम के अच्छा रिटर्न चाहते हैं। यह योजना न केवल आपके निवेश को सुरक्षित बनाती है, बल्कि आपको अच्छा मुनाफा भी दिलाती है। अधिक जानकारी के लिए नजदीकी पोस्ट ऑफिस से संपर्क करें और इस योजना का लाभ उठाएं।
लंदन कोरोना महामारी को वैश्विक स्तर पर चार साल से अधिक का समय बीत गया है। संक्रमण से बचाव के उपाय और टीकाकरण ने रोग की गंभीरता तो कम की है, पर नए वैरिएंट्स के कारण होने वाली समस्याओं का जोखिम लगातार बना हुआ है। नए वैरिएंट्स की प्रकृति वैक्सीन से बनी प्रतिरक्षा को चकमा देने वाली मानी जा रही है, ऐसे में कई बार टीकों को अपडेट भी किया जा चुका है। संक्रमण के जोखिमों को देखते हुए वैज्ञानिक हर साल फ्लू टीकों की ही तरह से लोगों को कोविड वैक्सीन भी लेने की सलाह दे रहे हैं। गौरतलब है कि कोविड टीकों की प्रभाविकता समय के साथ कम होती जाती है, जिससे नए वैरिएंट्स के कारण संक्रमण का खतरा हो सकता है। कोरोना की ही तरह से हर साल इंफ्लूएंजा वायरस से संक्रमण के कारण भी दुनियाभर में लाखों लोग बीमार होते हैं। इन संक्रामक रोगों से बचाव के लिए वैज्ञानिक अब एक तीर से दो निशाना लगाने की कोशिश में हैं। शोधकर्ताओं की एक टीम कोविड-19 और फ्लू के लिए ऐसे खास तरह के टीके का निर्माण कर रही है जिससे इन दोनों संक्रामक रोगों से बचाव किया जा सके। कोविड-19 और फ्लू के लिए एक ही टीका हम जितनी बार सोचते हैं कि कोविड-19 से हमारा पीछा छूट गया है, उतनी बार वायरस एक नए म्यूटेशन के साथ आ जाता है। स्वास्थ्य अधिकारी सलाह देते हैं कि सभी लोगों को निकट भविष्य में हर साल कोविड-19 और इन्फ्लूएंजा दोनों के लिए टीकाकरण कराना चाहिए। इसी दिशा शोधकर्ताओं की एक टीम ‘टू इन वन’ वैक्सीन बनाने की दिशा में काम कर रही है। इस संबंध में 10 जून को वैक्सीन निर्माता कंपनी मॉडर्ना ने बताया कि वह इस तरह के एक टीके पर काम कर रही है। शुरुआती परिणामों में ये संयुक्त कोविड-19/इन्फ्लूएंजा टीका सार्स-सीओवी-2 और इन्फ्लूएंजा के खिलाफ मौजूदा अलग-अलग टीकों से बेहतर परिणाम देती हुई देखी गई है। इन्फ्लूएंजा के ज्यादातर स्ट्रेन पर ये प्रभावी अध्ययनकर्ताओं ने बताया इस संयुक्त टीके में कोविड-19 वाला हिस्सा मौजूदा वैक्सीन की तुलना में वायरस के स्पाइक प्रोटीन को अधिक प्रभावी तरीके से लक्षित करता हुआ देखा जा रहा है। इस वैक्सीन की शेल्फ लाइफ भी अधिक हो सकती है। वहीं दूसरी तरफ वैक्सीन का इंफ्लूएंजा वाला घटक mRNA तकनीक का उपयोग करता है। ये पूरे सीजन फैलने वाले इन्फ्लूएंजा के लगभग सभी स्ट्रेन के खिलाफ प्रभावी तरीके से कारगर हो सकता है। इन्फ्लूएंजा ए समूह के इन्फ्लूएंजा और इन्फ्लूएंजा बी स्ट्रेन पर इस टीके को असरदार पाया गया है। अध्ययन में क्या पता चला? वैक्सीन के परीक्षण में 50 वर्ष और उससे अधिक आयु के 8,000 प्रतिभागियों को शामिल किया गया। इसमें आधे लोगों को संयोजन टीका जबकि शेष लोगों को कोविड और फ्लू के अलग-अलग टीके दिए गए। अलग-अलग टीके लेने वाले समूह की तुलना में कॉम्बो वैक्सीन ने इन्फ्लूएंजा के स्ट्रेन को खिलाफ 20 से 40% अधिक और कोविड-19 वैरिएंट्स के खिलाफ 30% अधिक एंटीबॉडी उत्पन्न किए। वृद्ध लोगों में भी एंटीबॉडी का स्तर अच्छा देखा गया। क्या कहते हैं वैज्ञानिक? मॉडर्ना में संक्रामक रोग विभाग के वाइस प्रेसिडेंट और शोध के प्रमुख लेखकों में से एक डॉ. जैकलीन मिलर कहती हैं, इस टू इन वन वैक्सीन का असली फायदा यह है कि लोगों को केवल एक ही इंजेक्शन लगवाने की जरूरत होती है। इसका एक सार्वजनिक-स्वास्थ्य लाभ भी है, क्योंकि दोनों बीमारियों के लिए यू.एस. सहित दुनियाभर में टीकाकरण दर अपेक्षाकृत कम है। जब हम दोनों टीकों को एक साथ देने में सक्षम होते हैं, तो इससे टीकाकरण अनुपालन दर भी बढ़ेगी, खासकर उन लोगों के लिए जो सबसे अधिक जोखिम में हैं। इस टीके को अधिक प्रभावी तरीके से संक्रमण से सुरक्षा प्रदान करने वाला भी माना जा सकता है।
नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 जून को तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई के दौरे पर होंगे। इस दौरान वह शहर में रेलवे परियोजनाओं और दूसरे कार्यक्रमों के उद्घाटन में भाग लेंगे। दक्षिण रेलवे से जुड़े सूत्रों ने पीएम के आगमन की खबर की पुष्टि की है। रिपोर्ट के मुताबिक, पुरात्ची थलाइवर डॉ. एमजी रामचंद्रन चेन्नई सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर सार्वजनिक समारोह आयोजित किया जाएगा। यहां पीएम मोदी चेन्नई-नागरकोइल वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाएंगे। इतना ही नहीं, वह बेसिन ब्रिज रेलवे जंक्शन के पास ट्रेन सेट (वंदे भारत) रखरखाव डिपो की आधारशिला भी रखेंगे। नरेंद्र मोदी अरलवैनोझी-नागरकोइल और मेलप्पलायम-तिरुनेलवेली लाइन दोहरीकरण कार्य का उद्घाटन करेंगे। वह नागरकोइल टाउन-नागरकोइल जंक्शन-कन्याकुमारी लाइन दोहरीकरण कार्य का भी उद्घाटन करने वाले हैं। इस दौरान पीएम मोदी के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंस कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। इसके जरिए वह नई मदुरै से बेंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस को भी हरी झंडी दिखाएंगे। इस तरह दक्षिण भारत को नई वंदे भारत ट्रेनों की सौगात मिलने जा रही है। इससे यात्रियों को काफी सहूलियत मिलने वाली है। मालूम हो कि वंदे भारत ट्रेनें आम लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हुई हैं और देश भर में इनका जाल बिछाने का काम जारी है। ट्रेनों में स्लीपर और जनरल कोच बढ़ाएगी रेलवे दूसरी ओर, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गर्मियों के सीजन में यात्रियों को होने वाली दिक्कतों को लेकर बड़ा कदम उठाया है। रेलवे अधिकारियों को पांच मोर्चों पर युद्धस्तर पर काम करने के निर्देश दिए हैं। इनमें ट्रेनों में गैरवातानुकूलित स्लीपर व अनारक्षित श्रेणी के कोचों की संख्या बढ़ाना और वातानुकूलित कोचों में एयर कंडीशनिंग प्रणाली के खराब होने की शिकायतों को दूर करना शामिल है। केंद्रीय मंत्री ने गर्मियों की भीड़ के दौरान ट्रेनों में भीड़भाड़ की समस्या का संज्ञान लिया। उन्होंने रेलवे अधिकारियों से भीड़भाड़ की समस्या के समाधान के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया। ट्रेनों में बिना टिकट यात्रा करने वालों को निचली श्रेणी के टिकट लेकर उच्च श्रेणी के काेच में सवार होने वालों पर कार्रवाई का अभियान चलाया जाएगा।
नईदिल्ली बीते कुछ सालों में साइबर क्राइम और फाइनेंशियल फ्रॉड के मामले काफी तेज से बढ़ रहे हैं। सर्वे एजेंसी लोकलसर्किल्स ने 302 जिलों के 23 हजार लोगों में सर्वे किया हैं। सर्वे रिपोर्ट मुताबिक, बीते तीन सालों में 47% भारतीयों ने वित्तीय धोखाधड़ी के मामले सामने आए है। इसमें ज्यादातर लोगों को घरेलू, अंतरराष्ट्रीय और वेबसाइट के माध्यम से क्रेडिट कार्ड पर गलत तरीके से वसूली के मामले सामने आए है। 43% के साथ क्रेडिट कार्ड से फ्रॉड सर्वे एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, 43% लोगों ने क्रेडिट कार्ड पर धोखाधड़ी वाले लेनदेन से हुआ है। वहीं, 36% लोगों ने यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस यानी UPI ट्रांजैक्शन के माध्यम से धोखाधड़ी का सामना करना पड़ा हैं। इसके अलावा 53% लोगों ने घरेलू व्यापारियों और वेबसाइट के माध्यम से उन्हें फ्रॉड के लिए निशाना बनाया गया हैं। इस साल बढ़ें 166% फ्रॉड के मामले भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के मुताबिक, वित्त वर्ष 2023-24 में धोखाधड़ी के मामले में 166% बढ़ोतरी हुई है। इस साल 36 हजार से ज्यादा मामले आए हैं। इसमें लोगों के 13 हजार 930 करोड़ रुपए है। वहीं, सर्वे एजेंसी लोकलसर्किल्स ने कहा कि 10 में से 6 लोग फाइनेंशियल फ्रॉड की शिकायत दर्ज नहीं करवाते हैं। धोखाधड़ी होने पर करें ये काम अगर आपके साथ साइबर क्राइम या फाइनेंशियल फ्रॉड होता है, तो आपको ये जल्द ही इसकी शिकायत करनी चाहिए। इसके लिए आप ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते है। ऐसे में सरकार की आधिकारिक वेबसाइट https://www.cybercrime.gov.in/ पर जाकर शिकायत दर्ज कर सकते है। इसके अलावा टोल फ्री नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कर सकते है। अगर आप ऑनलाइन शिकायत दर्ज नहीं करना चाहते, तो आप नजदीकी पुलिस की साइबर सेल ब्रांच में इसकी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
नई दिल्ली इंग्लैंड ने नामीबिया को 41 (DLS) रनों से हराकर सुपर-8 में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को बरकरार रखा है। अब उनकी नजरें ऑस्ट्रेलिया वर्सेस स्कॉटलैंड मैच पर टिकी है। इंग्लैंड की इस जीत के बाद उनके 5 अंक हो गए हैं और वह दूसरे पायदान पर है। वहीं स्कॉटलैंड इतने ही अंकों के साथ तीसरे नंबर पर है। अगर ऑस्ट्रेलिया स्कॉटलैंड को हराने में कामयाब रहता है तो बेहतर नेट रन रेट के चलते इंग्लैंड सुपर-8 में पहुंच जाएगा, वहीं अगर स्कॉटलैंड उलटफेर कर कंगारुओं को हैरान करता है तो उन्हें अगले राउंड का टिकट मिल जाएगा। बात मुकाबले की करें तो बारिश से बाधित यह मैच 10-10 ओवर का हुआ। इंग्लैंड ने पहले बैटिंग करते हुए 122 रन बनाए, जिसके जवाब में नामीबिया 84 ही रन बना सका।
धौलपुर धौलपुर और मध्य प्रदेश के मुरैना जिले की सीमा में बहने वाली चंबल नदी में नन्हें घड़ियालों ने जन्म दिया. देवरी घड़ियाल पालन केंद्र में 200 अंडों मे से 181 बच्चे निकले हैं. बाकी 19 अंडों से भी बच्चों के निकलने का इंतजार है. इन बच्चों को अभी देवरी घड़ियाल पालन केंद्र में ही रखा जाएगा. जब इनकी लंबाई 1.2 मीटर तक हो जाएगी तब इन्हें सर्दी के मौसम में चंबल नदी में छोड़ दिया जाएगा. गणना के दौरान चंबल नदी में 2 हजार 4 सौ 56 घड़ियाल पाए गए हैं. साल 1975 से 1977 तक दुनियाभर की नदियों का सर्वे किया गया था. इस दौरान पूरी दुनिया में महज 200 घड़ियाल पाए गये थे, जिनमें 46 घडियाल राजस्थान और मध्य प्रदेश में बहने वाली चंबल नदी में मिले थे. देश में सबसे अधिक घड़ियाल चंबल नदी में ही पाए जाते हैं. इसके बाद बिहार की गंडक नदी और तीसरे नंबर पर यूपी की गिरवा नदी चौथे नंबर पर उत्तराखंड में राम गंगा नदी और पांचवे नंबर पर नेपाल में नारायणी और राप्ती नदी में घड़ियाल हैं. 200 अंडों मे से 181 बच्चे घड़ियाल के बच्चे घड़ियाल तेजी से दुनियाभर में विलुप्त हो रहे थे. ऐसे में भारत सरकार ने वर्ष 1978 में चंबल नदी के 960 किलोमीटर एरिया को राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभ्यारण्य घोषित करने के साथ ही देवरी घड़ियाल पालन केंद्र की स्थापना की गई. यहां हर साल अंडों को रखकर एक निश्चित तापमान 30-35 डिग्री में रखा जाता है. इनसे बच्चे होने के बाद इन्हें पालकर 1.2 मीटर लंबा होने तक इंतजार किया जाता है. फिर इन्हें चंबल नदी में छोड़ दिया जाता है. जब ये देखा गया कि इनकी संख्या काफी कम है. इसके साथ ही मादा घड़ियाल के अंडों को शिकारी पक्षी, पशु और जीवों से बचा पाना भी मुश्किल था. इनके नन्हे बच्चे चंबल नदी की तेज धारा में भी जान गवां बैठते हैं. इनका भी शिकार तेजी से हो जाता है. ऐसे में घड़ियाल पालन केंद्र में हर साल 200 अंडों को रखकर इनसे बच्चों का जन्म कराया जाने लगा. देखा गया कि नेचुरल बर्थ के बाद नेचर में इनके अंडों का सर्वावाइल महज 20 फीसदी ही है. यानी 100 अंडों से केवल 20 बच्चे ही बचकर बड़े घड़ियाल बन पा रहे थे. वहीं रिसर्च सेंटर में इनका सर्वाइवल 90 फीसदी तक हो गया है. चूंकि ये विलुत्पप्राय जीवों की कटेगरी में आते हैं इसलिए इनका संरक्षण करना बेहद जरूरी हो गया था. हर साल अंडों को कलेक्ट कर कैप्टिविटी हैचरी में रखा जाता है देवरी घड़ियाल पालन केंद्र की प्रभारी ज्योति डंडोतिया के मुताबिक हर साल 15-19 मई के बीच चंबल अभयारण्य की नेस्टिंग साइट से करीब 200 अंडे देवरी के कैप्टिविटी हैचरी में रखे जाते हैं. बच्चों के अंडे से निकलने के बाद करीब 3 साल लग जाते हैं इनकी लंबाई 1.2 मीटर तक होने में. इसके बाद इनको चंबल नदी में सर्दी के मौसम में छोड़ा जाता है. मादा घड़ियाल नर घड़ियाल के साथ फरवरी माह में मेटिंग करती है. मादा अप्रैल में अंडे देती है. एक मादा घड़ियाल पहली बार में 18-50 और दूसरी बार में इससे भी ज्यादा अंडे देती है. अंडों को बचाने के लिए ये रेत में 30-40 सेमी का गड्ढा खोदकर गाड़ देती है. मई-जून में जब बच्चे मदर कॉल करते हैं तो मादा रेत हटाकर बच्चों को बाहर निकालती है. बाहर निकलने के बाद भी इन्हें बचाना बहुत चुनौतीपूर्ण होता है. नदी में मगरमच्छ और दूसरे जीव, शिकारी पक्षी से बच्चे बच गए तो बारिश में चंबल के भरने पर तेज धारा के शिकार हो जाते हैं. ऐसे में 98 फीसदी बच्चों की मौत हो जाती है. वहीं पालन केंद्र से आने वाले बच्चों में सर्वाइवल 70 फीसदी होता है. सर्दियों में घड़ियाल के बच्चों को नदी में छोड़ा जाता है चूंकि घड़ियाल ठंडे खून का प्राणी है. इसे सर्दियों में भूख कम लगती है. ऐसे में सर्दियों में इन्हें चंबल में छोड़ने पर भोजन के लिए काफी परेशान नहीं होना पड़ता है. इन्हें यहां नया वातावरण मिलता है और ये धीरे-धीरे एडजस्ट कर जाते हैं.
हिसार श्री श्याम मंदिर हांसी के 52 वे महोत्सव के दौरान आज शनिवार को श्याम बाबा का 50 लाख के नोटों से दरबार सजाया गया है। सजावट में 10 के नोट से लेकर 500 तक के नोटों का प्रयोग किया गया है। बाबा के दरबार में नोटों की गड्डियां भी रखी गई है। श्री श्याम मंदिर कमेटी का दावा है कि आज से पहले हरियाणा में श्याम बाबा का इतना भव्य लक्ष्मी सिंगार कहीं नहीं हुआ है। दिल्ली से आए कारीगरों द्वारा 20 दिन में नोटों की मालाओं को तैयार करवाया गया है। श्री श्याम मंदिर हांसी के 51 वे महोत्सव में 20 लाख रुपये का लक्ष्मी सिंगार हुआ था। विदेशों तक होती है चर्चा पिछले साल हुए लक्ष्मी सिंगार की पूरे देश ही नहीं विदेशों में भी चर्चा हुई थी। आपको बता दें कि छोटी खाटू नगरी के नाम से प्रसिद्ध हांसी में श्याम बाबा का महोत्सव चल रहा है। हर साल होने वाला सालाना वार्षिक महोत्सव में पूरे देश में प्रसिद्ध है। श्याम बाबा के इस महोत्सव में पूरे भारत से अलग-अलग स्थानों से लोग यहां पहुंचते हैं और अपनी हाजरियां लगाते हैं। 50 लाख रुपए के नोटों का प्रयोग किया गया श्री श्याम मित्र मंडल एवं श्री श्याम भवन ट्रस्ट के प्रधान जगदीश राय मित्तल ने बताया कि अबकी बार श्याम बाबा का 52वां महोत्सव आठ दिवसीय मनाया जा रहा है। आज सातवें दिन श्याम बाबा का लक्ष्मी श्रृंगार किया गया है, जिसमें करीब 50 लाख रुपए के नोटों का प्रयोग किया गया है। उन्होंने बताया कि हरियाणा में आज से पहले बाबा का इतना भव्य लक्ष्मी श्रृंगार कहीं नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार शाम को श्याम बाबा की पूरे शहर में भव्य यात्रा निकाली गई थी। शनिवार शाम को श्याम बाबा का भव्य विशाल जागरण होगा। विवार शाम को एक शाम सांवरे के नाम कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
नई दिल्ली चीन के साथ जारी तनाव भारत की इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री के लिए काफी महंगा साबित हो रहा है। इस कारण पिछले चार साल में भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों को 15 अरब डॉलर का प्रॉडक्शन लॉस हुआ है। साथ ही इस दौरान करीब 100,000 नौकरियों का मौका भी हाथ से निकल गया। चीन के नागरिकों को वीजा जारी करने में देरी और भारत में काम कर रही चीनी कंपनियों की जांच के बीच ऐसा हुआ है। विभिन्न मंत्रालयों को भेजे गए ज्ञापन में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग इंडस्ट्री ने कहा कि भारत ने 2 अरब डॉलर के वैल्यू एडिशन नुकसान के अलावा 10 अरब डॉलर का निर्यात अवसर भी खो दिया है। इंडस्ट्री के लोगों के मुताबिक चीनी अधिकारियों के 4,000-5,000 वीजा आवेदन सरकार की मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं। इससे देश में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री की विस्तार योजनाओं में बाधा आ रही है। यह स्थिति तब है जब सरकार ने 10 दिन के भीतर बिजनस वीजा आवेदनों को मंजूरी देने के लिए एक व्यवस्था बना रखी है। इंडिया सेलुलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (ICEA) और मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (MAIT) लॉबी ग्रुप ने केंद्र सरकार से चीनी अधिकारियों के लिए वीजा मंजूरी में तेजी लाने का अनुरोध किया है। अभी इसमें एक महीने से अधिक समय लग रहा है। इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि चीनी अधिकारियों की जरूरत टेक और स्किल ट्रांसफर, मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स की स्थापना और कमीशनिंग, एफिशियंसी प्रोसेसेज की स्थापना और मेंटनेंस के लिए है। साथ ही चीनी की उन कंपनियों के अधिकारियों के वीजा आवेदन भी लंबित हैं, जिन्हें स्थानीय कंपनियों के साथ पार्टनरशिप में यहां मैन्युफैक्चरिंग बेस बनाने के लिए बुलाया गया है। कैसे निकलेगा समाधान आईसीईए ने कहा कि हमारी घरेलू मूल्य संवर्धन (DVA) योजना पर गंभीर असर पड़ा है। जब मोबाइल के लिए पीएलआई योजना (2020-21 में) शुरू की गई थी, तो उम्मीद थी कि आपूर्ति श्रृंखला चीन से हट जाएगी। लेकिन इस गतिरोध और प्रेस नोट 3 (भारत के साथ भूमि सीमा साझा करने वाले देशों से निवेश की अधिक जांच अनिवार्य करना) के कारण सप्लाई चेन के ट्रांसफर में भारी गिरावट आई है। यह एसोसिएशन ऐपल, ओप्पो, वीवो, डिक्सन टेक्नोलॉजीज और लावा जैसे टॉप मोबाइल ब्रांड्स और मैन्युफैक्चरर्स का प्रतिनिधित्व करता है। आईसीईए का अनुमान है कि अगर भारत और चीन के बीच बिजनस एक्टिवीज सामान्य होती तो भारतीय कंपनियों का वैल्यू एडिशन वर्तमान 18% से बढ़कर 22-23% होता। इससे घरेलू मोबाइल फोन ईकोसिस्टम में सालाना 15,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त डीवीए कंट्रीब्यूशन होता। आईसीईए के चेयरमैन पंकज मोहिंद्रू ने ईटी से कहा, ‘हमें उम्मीद है कि एक संतुलित समाधान निकलेगा। इससे उद्योग की चिंताएं दूर होंगी और साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा हितों में संतुलन बना रहेगा। इंडस्ट्री किसी भी देश के आगे झुकने को नहीं कह रहा है लेकिन हमें यह स्वीकार करना चाहिए कि आत्मनिर्भरता का रास्ता चीन के दबदबे वाली वैल्यू चेन पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि भारत ने काफी हद तक अपने नुकसान की भरपाई कर ली है और वह अधिक प्रतिस्पर्धी बन गया है। फिर भी भारत को वियतनाम, मलेशिया और मैक्सिको जैसे देशों के मुकाबले नए प्रकार का नुकसान उठाना पड़ रहा है, जिनकी चीन से पूंजी, प्रौद्योगिकी और कौशल तक फ्री एक्सेस का फायदा मिल रहा है। भारत का नुकसान किसका फायदा उद्योग के लोगों का कहना है कि चीनी नागरिक भी गिरफ्तारी और पूछताछ के डर से भारत आने से डरते हैं। एक अधिकारी ने कहा, ‘अगर किसी फैक्ट्री को स्थापित करने में मदद के लिए 50 इंजीनियरों की जरूरत है, तो केवल 10 या उससे कम ही लोग आने को तैयार हैं।’ उन्होंने कहा कि 2020 से भारत-चीन रिश्तों में आई तल्खी के कारण चीनी कंपनियों की गहरी जांच हो रही है। इस कारण इन कंपनियों ने भारत में आगे निवेश करना बंद कर दिया है। इससे सप्लाई चेन के विकास में अड़चन आ रही है। अगर ये कंपनियां भारत छोड़ने का फैसला करती हैं, तो इससे प्रॉडक्ट्स और सर्विसेज की उपलब्धता पर बड़ा असर पड़ेगा, रोजगार खत्म होगा और बड़ी संख्या में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स बंद हो जाएंगी। उदाहरण के लिए एक बड़ी चीनी कंपनी ने ऐपल आईपैड बनाने के लिए भारत में एक प्लांट स्थापित करने की प्रतिबद्धता जताई थी। लेकिन वह वियतनाम चली गई और वहां सालाना 8-10 अरब डॉलर मूल्य के आईपैड का उत्पादन कर रही है। इसी तरह चीन के स्मार्टफोन ब्रांड्स भी भारत की प्रमुख मोबाइल पीएलआई योजना में भाग लेने से कतरा रहे हैं। एक सूत्र ने कहा कि यदि चीनी कंपनियों को मोबाइल पीएलआई में भाग लेने से नहीं रोका जाता, तो भारत 2020 से कम से कम 5-7 अरब डॉलर का अतिरिक्त एक्सपोर्ट रेवेन्यू कमा सकते थे। GTRI की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2024 में भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स, टेलीकॉम और इलेक्ट्रिकल उत्पादों का आयात बढ़कर 89.8 अरब डॉलर हो गया। इसमें 44% चीन से और 56% हांगकांग से आया।
भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि “जल ही जीवन है” मिशन को अपनी प्रतिदिन की दिनचर्या में अपनाना जरूरी है। जल स्रोतों के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रदेश में वृहद स्तर पर जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। सभी 55 जिलों में जिला, तहसील, पंचायत, ग्राम स्तर तक कोई भी इस अभियान के प्रभाव से अछूता नहीं हैं। यह जल के प्रति हमारी निष्ठा और जागरूकता को दिखाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज उज्जैन के पुलिस लाइन में आयोजित जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत तालाब गहरीकरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस लाइन स्थित तालाब के गहरीकरण के लिए श्रमदान किया। उन्होंने पाम का पौधा रोप कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस लाइन में आयोजित जल संरक्षण के अद्भुत आयोजन के लिए पुलिस प्रशासन को बधाई देते हुए अभियान को निरंतर जारी रखने का आव्हान किया। उन्होंने सभी को गंगा दशहरा पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दी। 15 फिट तक गहरा होगा तालाब: आसपास लगेंगे 1500 सौ से अधिक पौधे पुलिस महानिरीक्षक श्री संतोष कुमार सिंह ने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस से आरंभ हुए जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत पुलिस लाइन के तालाब के गहरीकरण का कार्य 5 जून से ही पुलिस वॉलिंटियर्स द्वारा किया जा रहा है। तालाब का 15 फीट तक गहरीकरण किया जाएगा। साथ ही तालाब के आसपास वर्षाकाल में 1500 से अधिक पौधे लगाए जाएंगे। पुलिस लाइन में आकर्षक तरीके से सजाए गए तालाब तालाब के गहरीकरण में पुलिस जवानों तथा नगर निगम वॉलेंटियर्स के साथ-साथ जनसामान्य ने सक्रिय भूमिका निभाई। परिसर में जल गंगा संवर्धन अभियान का कार्यक्रम उत्सवीय वातावऱण में संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आगमन पर सर्वप्रथम पुलिस बल द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। पुलिस बैंड द्वारा बजाई जा रही आकर्षक धुनों के बीच पुष्पवर्षा से डॉ. यादव का स्वागत किया गया। इस अवसर पर सांसद श्री अनिल फिरोजिया, विधायक श्री अनिल जैन कालूहेडा, श्री सतीश मालवीय, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, महापौर श्री मुकेश टटवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि तथा अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, पुलिस महानिदेशक श्री सुधीर सक्सेना, संभागायुक्त उज्जैन श्री संजय गुप्ता, डीआईजी श्री नवनीत भसीन, कलेक्टर श्री नीरज कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक श्री प्रदीप शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
भोपाल प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में पुलिस कंट्रोल रूम के समीप लगभग ढाई हजार स्क्वायर फीट क्षेत्र में बनाए गए इंडियन कॉफी हाउस रेस्टोरेंट का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित करने के बाद वहां पर बैठकर स्वल्पाहार किया और भोजन के गुणवत्ता की सराहना की। मुख्यमंत्री श्री यादव ने कहा कि इस इंडियन कॉफ़ी हाउस में पुलिस विभाग के लिए विशेष 30 प्रतिशत का डिस्काउंट प्रदान किया जाएगा। शुभारंभ के पश्चात आमजन के लिए यह प्रारंभ हो जाएगा। इंडियन कॉफी हाउस की पहली शाखा प्रदेश के जबलपुर में प्रारंभ की गई थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन की जनता एवं पुलिस प्रशासन कि सुविधा के लिए इंडियन कॉफी हाउस प्रारंभ हुआ है। इसके माध्यम से सभी को उच्च गुणवत्ता वाला भोजन मिलेगा। इसी के साथ इंडियन कॉफ़ी हाउस भारत कि विविधता को एकरूपता प्रदान करने वाले विभिन्न प्रकार के व्यंजन जनता को उपलब्ध करवाएगा। शुभारंभ के दौरान सांसद संत श्री उमेश नाथ महाराज, विधायक श्री महेंद्र कालूखेड़ा, संभागायुक्त श्री संजय गुप्ता, आईजी श्री संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर श्री नीरज कुमार सिंह एवं अन्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित रहे।