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बिहार को नहीं मिलेगा विशेष राज्य का दर्जा, सरकार ने साफ कह दिया

Bihar will not get special state status, government clearly said

Bihar will not get special state status, government clearly said केंद्र सरकार ने संसद में साफ कर दिया है कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिया जा सकता. मानसून सत्र के पहले दिन लोकसभा में एक लिखित जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी कहा कि पहले राष्ट्रीय विकास परिषद (NDC) की ओर से कुछ राज्यों को विशेष श्रेणी का दर्जा दिया गया था, लेकिन उसके पीछे कई आधार थे. एनडीसी की ओर से राज्यों को विशेष राज्य का दर्जा कई विशेषताओं के आधार पर दिया गया था, जिन पर विशेष विचार करने की जरूरत थी. अपने लिखित जवाब में वित्त राज्य मंत्री ने बताया है कि जिन राज्यों को विशेष राज्य का दर्जा दिया गया है उनमें पहाड़ी और कठिन भूभाग, कम जनसंख्या घनत्व या फिर आदिवासी आबादी का बड़ा हिस्सा, पड़ोसी देशों के साथ सीमाओं पर रणनीतिक स्थान, आर्थिक और बुनियादी ढांचे के मामले में पिछड़ापन और राज्य के वित्त की गैर-व्यवहार्य प्रकृति शामिल हैं. इसी आधार पर कुछ राज्यों को विशेष राज्य का दर्जा दिया गया है. अंतर-मंत्रालयी समूह की रिपोर्ट का भी जिक्रउन्होंने आगे कहा कि इससे पहले विशेष श्रेणी के दर्जे के लिए बिहार के अनुरोध पर एक अंतर-मंत्रालयी समूह (IMG) ने विचार किया था, जिसने 30 मार्च, 2012 को अपनी रिपोर्ट भी पेश कर दी थी. आईएमजी इस निष्कर्ष पर पहुंचा था कि मौजूदा एनडीसी मानदंडों के आधार पर, बिहार के लिए विशेष श्रेणी का दर्जा का मामला नहीं बनता है. जेडीयू नेता बोले- बिहार को बहुत कुछ मिलेगासंसद में सरकार के लिखित जवाब पर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं. जेडीयू नेता संजय सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने कहा है कि बिहार को विशेष दर्जा नहीं मिल सकता है, लेकिन नीतीश कुमार ने कहा है की आने वाले दिनों में बिहार को केंद्र से बहुत कुछ मिलेगा. बिहार सरकार में मंत्री महेश्वर हजारी ने कहा कि आने वाले समय को बिहार की यह मांग जरूर पूरी होगी. बीजेपी कोटे से मंत्री नीरज बबलू ने ने कहा कि केंद्र सरकार का बिहार पर विशेष ध्यान है. आरजेडी ने जेडीयू पर बोला हमलावहीं, आरजेडी के विधायक आलोक मेहता ने कहा कि जदयू हमेशा बिहार को विशेष दर्जे की राजनीति करता रहा है. अब केंद्र ने नीतीश की मांग खारिज कर दी है तो जदयू नेताओं को केंद्र सरकार से इस्तीफा दे देना चाहिए. नीतीश कुमार को एनडीए से अलग हो जाना चाहिए.

प्रदेश के की जिलों में चड्डी – बनियान गिरोह का आतंक

Terror of panty-vest gang in key districts of the state

Terror of panty-vest gang in key districts of the state रतलाम: रतलाम के जावरा में एक बार फिर चड्डी-बनियान गिरोह सक्रिय हो गया है। बीती रात में चड्डी-बनियान गिरोह जावरा की काटजूनगर व विद्युत कालोनी में वारदात करने पहुंच गया। लोगों के जागने पर पत्थर फेंक कर गिरोह के सदस्य भाग निकले। लोग नहीं जागते तो चोर वारदात करने में सफल हो जाते। चोरों के आने-जाने व पत्थर फेंकने की घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। रविवार व सोमवार की दरमियानी रात एक से दो बजे के बीच जावरा की काटजूनगर व विद्युत कालोनी के लोग घरों में सोए हुए थे। तभी चड्डी व बनियान पहने तथा मुंह पर कपड़ा बांधे तीन चोर कालोनी में पहुंचे। अपने जूते-चप्पल हाथ में लिए हुए थे। वे किसी घर को निशाना बनाने के लिए इधर-उधर चक्कर लगा रहे थे। अचानक खुली युवती की नींदरात में एक युवती की नींद खुली तो उसने खिड़की को चोरों को घूमते हुए देखा। उसने तत्काल स्वजन को जानकारी दी और आसपास के लोगों को फोन लगाकर चोरों के आने के बारे में बताया। इस पर कई घरों के लोग जागे। लोगों के जागने व कुछ लोगों के घरों से बाहर निकलने पर चोरों ने पत्थर फेंकना शुरू किया। इसके बाद चोर वहां से भाग निकले। सीसीटीवी फुटेज में कैदलोगों ने क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरे चेक किए तो पाया कि चड्डी-बनियान पहने तीन चोर आए थे। लोगों ने कैमरे के फुटेज लेकर पुलिस को सौंपे है। चोरों की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस उनकी पहचान करने में जुटी है। बीते दिन जावरा नगर में रविवार सुबह एक घर के बाहर से व्यक्ति बाइक चुराकर ले गया। इसके बाद लुटेरा मार्निंग वाक कर रही महिला के गले से मंगलसूत्र झपटकर भाग निकला। लूट की वारदात के आरोपित का पुलिस अभी पता नहीं लगा पाई है। गश्त चालू करने की मांगसोमवार सुबह कालोनी के अनेक लोग औद्योगिक क्षेत्र थाना जावरा पहुंचे तथा लिखित में आवेदन देकर कालोनियों में रात्रि गश्त चालू कराने की मांग की। आवेदन में कहा गया है कि महू-नीमच रोड से लगी काटजू नगर व विद्युत कालोनी में रात में चोर घुम रहे थे। क्षेत्र के लोगों की जागरूकता के चलते चोर बगैर वारदात किए भाग निकले। उक्त कालोनियों में रात में पुलिस गश्त नहीं हो रही है। इसलिए चोर बेखोफ आ रहे है। रात में पुलिस गश्त चालू की जाए।

कांवड़ यात्रा रूट पर नेम प्लेट के आदेश पर SC ने लगाई रोक… सरकार को नोटिस जारी

SC bans order for name plates on Kanwar Yatra route… notice issued to government

SC bans order for name plates on Kanwar Yatra route… notice issued to government 1 उत्तर प्रदेश सरकार ने जारी किया था आदेश2 एमपी-उत्तराखंड में भी लागू हुई थी व्यवस्था3 फैसले के खिलाफ दायर हुई थी 3 याचिकाएं नई दिल्ली (Kanwar Yatra nameplate controversy)। कांवड़ यात्रा मार्ग पर पड़ने वाली खाने-पीने की दुकानों पर नेम प्लेट लगाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। सर्वोच्च अदालत ने इस आदेश पर अंतरिम रोक लगाते हुए उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड सरकार को नोटिस जारी किया है। यह रोक शुक्रवार, 26 जुलाई तक लगाई गई है। उसी दिन अगली सुनवाई होगी। जस्टिस हृषिकेश राय और जस्टिस एसवीएन भट्टी की पीठ मामले की सुनवाई के दौरान कुछ अहम टिप्पणी भी की। जजों ने कहा कि दुकानदारों को मालिक की पहचान बताने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है। हां, दुकानदारों को यह जरूर बताना होगा कि उनके यहां शाकाहारी या मांसाहारी, कौन-सा खाना मिलता है। यूपी में योगी सरकार के इस फैसले को एक गैर सरकार संगठन द्वारा सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। कुल मिलाकर तीन याचिकाएं कोर्ट के समक्ष थीं। बता दें, योगी सरकार की यह पहल पिछले दिनों से पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई है। यूपी में पहले कहा गया था कि चुनिंदा जिलों के लिए यह व्यवस्था लागू होगी, लेकिन बाद में सीएम कार्यालय से आधिकारिक रूप से जारी आदेश में बताया गया कि यह पूरे प्रदेश के लिए है। क्या था योगी सरकार का आदेशकावड़ यात्रा मार्ग में आने वाली दुकानों के बाहर संचालक का नाम लिखा हो।भोजनालयों, ढाबों, ठेलों समेत खाने-पीने की अन्य दुकानों के लिए आदेश जारी।सावन में कांवड़ यात्रियों की शुचिता को ध्यान में रखते हुए फैसला लिया गया है।आदेश जारी होते ही बहस छिड़ गई। कुछ ने समर्थन किया, तो कुछ ने विरोध।विपक्षी नेताओं का आरोप है कि सरकार हिंदू-मुस्लिम में भेद करना चाहती है। पूरे देश की नजर थी फैसले परसुप्रीम कोर्ट के फैसले पर यूपी ही नहीं, पूरे देश की नजर थी। कारण यह है कि दुकानों के बाहर दुकानदार का नाम लिखने का मुद्दा अन्य राज्यों तक भी पहुंच गया था। उत्तराखंड में ऐसा ही आदेश जारी हो चुका है। मध्य प्रदेश में भी विधायकों ने इसके समर्थन में मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखी है। यह सुनवाई सोमवार को हुई, जिस दिन पवित्र सावन माह आरंभ हुआ है।

प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में खुलेंगे 94 सीएम राइज स्कूल

94 CM Rise schools will open in tribal areas of the state

94 CM Rise schools will open in tribal areas of the state भोपाल ! प्रदेश के जनजातीय वर्ग के बच्चों की शिक्षा-दीक्षा और इनके सर्वांगीण विकास के लिये राज्य सरकार कृत-संकल्पित होकर कार्य कर रही है। जनजातीय वर्ग के बच्चे शिक्षा के मामले में किसी से भी पीछे या कमतर न रहें, इसके लिये सरकार ने जनजातीय बहुल अंचलों/जिलों में इन बच्चों की बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था की चिंता की है। इसके लिये सरकार ने जनजातीय क्षेत्रों में 94 सीएम राइज स्कूल्स स्थापित करने का निर्णय लेकर इस पर काम भी प्रारंभ कर दिया है। इन विद्यालयों के माध्यम से जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों को शैक्षणिक व शारीरिक विकास सहित खेल एवं अन्य विधाओं की शिक्षा भी दी जाएगी। जनजातीय क्षेत्रों में स्थापित होने वाले 94 सीएम राइज स्कूल्स में से वर्तमान वित्तीय वर्ष 2024-25 में 38 सीएम राइज स्कूलों का निर्माण कार्य पूरा कर इनमें जल्द से जल्द पढ़ाई भी प्रारंभ कर दी जाएगी। इसके लिये युद्ध स्तर पर स्कूलों का निर्माण एवं अन्य जरूरीविकासकार्य किये जा रहे हैं। जनजातीय क्षेत्रों में सीएम राइज स्कूलों के निर्माण के लिये सरकार ने जारी वर्ष के सालाना बजट में 667 करोड़ रूपये आरक्षित कर दिये हैं। विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अधोसंरचना, प्रोत्साहक परिवेश एवं अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिये सरकार ने सीएम राइज स्कूलों की स्थापना कर प्रदेश का शैक्षणिक परिदृश्य बदलने का बीड़ा उठाया है। प्रदेश में सीएम राइज स्कूलों की स्थापना के लिये सरकार ने वर्तमान वित्तीय वर्ष के बजट में 2 हजार 738 करोड़ रूपये प्रावधानित किये हैं। पहले चरण में 275 प्रारंभ, आगामी 10 साल में 9200 सीएम राईज स्कूल खोलने की योजना सरकारी स्कूलों में सर्व-सुविधायुक्त वातावरण के साथ विद्यार्थियों को रोचक एवं आनंददायक शिक्षा देने के लिये सरकार ने सीएम राइज स्कूल्स की स्थापना की है। पहले चरण में 275 सीएम राइज स्कूल प्रारंभ किये जा चुके हैं। आगामी 10 सालों में प्रदेश में 9 हजार 200 सीएम राइज स्कूल्स शुरू करने की सरकार की योजना है। इन सीएम राइज स्कूल में के.जी. से कक्षा 12वीं तक संचालन की व्यवस्था के साथ अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई की व्यवस्था की गई है। इन स्कूलों में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिये डिजिटल कक्षा, पूर्ण रूप से सुसज्जित प्रयोगशाला एवं पुस्तकालय, कला, नृत्य, संगीत एवं योग शिक्षा की पढ़ाई की व्यवस्था भी की गई है। स्कूलों में परिवहन की व्यवस्था सीएम राइज स्कूलों में दूर-दराज से आने वाले विद्यार्थियों को सुविधा देने की मंशा से परिवहन की व्यवस्था भी की जा रही है। इससे स्कूल के आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी। सीएम राइज स्कूल में बेहतर नेतृत्व प्रदान करने की दृष्टि से इन स्कूलों के प्राचार्यों को भारतीय प्रबंधन संस्थान, इंदौर में विशेष प्रशिक्षण दिलाया गया है। साथ ही प्राचार्यों को राष्ट्रीय स्तर के ख्याति-प्राप्त विद्यालयों में एक्सपोजर विजिट भी कराई गई है। प्राचार्य हैण्ड-बुक सीएम राइज स्कूलों में शैक्षणिक एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं को वैश्विक-मानकों के अनुरूप पूरा करने के लिये प्राचार्यों और शिक्षकों के लिये अलग-अलग हैण्ड-बुक तैयार की गई हैं। विद्यार्थियों की अभिव्यक्ति के लिये सीएम राइज स्कूलों में स्टूडेन्ट डायरी भी तैयार की गई है। विद्यार्थियों के विचार, चिंतन, मंथन एवं प्रभावी शिक्षण के लिये आवश्यक टूल्स को डायरी के पृष्ठों में शामिल किया गया है। इसके जरिये विद्यार्थियों की रचनात्मक गतिविधियाँ एवं उनकी शैक्षणिक प्रगति पालकों/अविभावकों को भी बताई जाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिले कॉग्निजेंट और हेक्सावेयर आईटी संस्थानों के पदाधिकारी

Officials of Cognizant and Hexaware IT institutes met Chief Minister Dr. Yadav

Officials of Cognizant and Hexaware IT institutes met Chief Minister Dr. Yadav भोपाल ! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से आज अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कार्यरत सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान कॉग्निजेंट टेक्नोलॉजी सॉल्यूशन्स कार्पोरेशन और वैश्विक स्तर पर आईटी कंसल्टिंग और डिजिटल समाधान प्रदाता हेक्सावेयर के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री निवास में भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को उपाध्यक्ष श्री गौरव हजारा ने कार्पोरेशन की गतिविधियों की जानकारी दी। कार्पोरेशन द्वारा इंदौर में कॉग्निजेंट डेवलपमेंट सेंटर तैयार किया गया है। इसी तरह हेक्सावेयर टेक्नोलॉजी द्वारा भी भोपाल में केन्द्र तैयार किया गया है। हेक्सावेयर टेक्नोलॉजी के पदाधिकारी श्री डेनी दिवाकरन द्वारा संस्थान के कार्यों की जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव को दी गई। दोनों संस्थानों ने एक-एक हजार कर्मचारियों को रोजगार देने की पहल की है।

स्टॉप डायरिया कैंपियन के तहत जनपद क्षेत्र के सभी विद्यालयों में एक साथ हुआ हाथ धुलाई का कार्यक्रम …

Under the Stop Diarrhea Campaign, a hand washing program was held simultaneously in all the schools of the district.

Under the Stop Diarrhea Campaign, a hand washing program was held simultaneously in all the schools of the district. हरिप्रसाद गोहेआमला । जनपद पंचायत आमला अंतर्गत मध्य प्रदेश शासन एवं जिला प्रशासन के निर्देश अनुसार वर्तमान समय में ग्रामीण क्षेत्रों में डायरिया का प्रकोप को कम करने के लिए सभी विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को व्यवस्थित तकनीकी रूप से कैसे हाथ धुलाई करना है जीस बारे में विद्यालयों में प्रशिक्षण दिया गया । एवं विकासखंड के सभी विद्यालय में हाथ धुलाई का कार्यक्रम आयोजित किया गया । जिसमें विद्यालय के समस्त स्टाफ के साथ-साथ ग्राम पंचायत के सरपंच सचिव रोजगार सहायक की मौजूदगी में एवं अन्य जनप्रतिनिधि की उपस्थिति में कार्यक्रम आयोजित किए गए ! ग्राम पंचायत ग्राम बोरी खुर्द जनपद आमला में स्टाफ डायरिया कैंपियन स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण अंतर्गत माननीय गणेश यादव जनपद अध्यक्ष एवं ब्लॉक समन्वयक SBM की उपस्थिति में हाथ धुलाई कार्यक्रम माध्यमिक शाला बोरी में आयोजित किया गया |वहीं अभियान अंतर्गत ग्राम पंचायत काठी, डूडरिया, खांडे पिपरिया में भी स्कूली बच्चों को हाथ धुलाई का प्रशिक्षण दिया एवं डायरिया से कैसे बचाव करे उपाय बताए ।

गुरूपूजन कर पंच कुण्‍डीय गायत्री महायज्ञ में समर्पित की आहुतियां

After worshiping Guru, offerings were made in Panch Kundiya Gayatri Mahayagya.

After worshiping Guru, offerings were made in Panch Kundiya Gayatri Mahayagya. हरिप्रसाद गोहेआमला । अखिल विश्‍व गायत्री परिवार आमला द्वारा गायत्री प्रज्ञापीठ आमला में गुरूपुर्णिमा पर्व हर्षोल्‍लास के साथ मनाया गया । इस मौके पर सैकड़ों साधको ने अपने अनुष्‍ठान की पुर्णाहुती समर्पित कि व बृम्‍हास्‍त्र साधना के साथ 40 दिवसीय सवा लक्ष गायत्री पुरष्‍चरण हेतु संकल्‍प लिया वहीं साधको द्वारा गुरूदिक्षा लेकर साधना के मार्ग को अपनाया । इस अवसर पर प्रज्ञापीठ के मुख्‍य ढ्रस्‍टी बी पी धामोड़े,एस पी डढोरे ने गायत्री साधना हेतु मार्गदर्शन दिया ।पंच कुण्‍डीय गायत्री महायज्ञ और महाप्रसादी कार्यक्रम में साधको द्वारा बढ चढकर हिस्‍सा लिया वहीं भरत धोटें और नर्मदा सोलंकी द्वारा गुरूपुर्णिमा पर्व पर संगीत की प्रस्‍तुती दी गई । कार्यक्रम में भोजनालय में प्रसादी बनाने हेतु त्रषभ पंवार एवं महिला मंडल द्वारा प्रसादी निर्माण कर सभी परिजनो को वितरित किया । इस अवसर पर सभी ट्रस्टी एवं समन्‍वयक समिति के सदस्‍यों द्वारा आगामी 4 सितम्‍बर 2024 को हसलपुर की रामटेक पहाड़ी पर वृक्षगंगा अभियान के तहत करंजी के पौधों का रोपण कर अपने अभियान को गति देने हेतु योजना बनाकर परिजनो से पौधो को लगाने हेतु चर्चा कर कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु आग्रह किया । गुरूपुर्णिमा पर्व पर गायत्री परिवार के के सूर्यवंशी, वंदना ढढोरे, विमला पंवार, माधुरी मालवीय ,श्रद्धा मालवीय ,पंचफूला देशमुख ,उमा देशमुख, गुलाबराव ओडुकले, देवकरण टिकारिया ,राजेश मालवी, वरिष्‍ठ अधिवक्‍ता अनिल पाठक, राजेन्‍द्र उपाध्‍याय, नितिन देशमुख, अनिल सोनी आदि परिजन मौजूद रहे । ट्रस्‍टी ठाकुर दास पंवार ने बताया कि गायत्री परिवार बृम्‍हास्‍त्र साधना का क्रम चला रहा है जिसमे एक बैठक में 10 माला गायत्री महामंत्र के साथ एक माला महामृत्‍युंजय मंत्र का जप वंदनीय माता जी जन्‍म शाताब्‍दी तक परिजनो द्वारा चलाया जाना है । इस हेतु इच्‍छुक परिजन अपना पंजीयन करवा ले जिसकी जानकारी शांतिकुंज हरिद्वार दोष परिमार्जन हेतु भेजी जायेगी । गायत्री परिवार के निलेश मालवीय ने बताया की आगामी 04 अगस्‍त दिन रविवार को हसलपुर की रामटेक पहाड़ी पर करंजी के पौधे लगाकर वृक्षगंगा अभियान को गति देने ज्‍यादा से ज्‍यादा संख्‍या में पंहुचकर श्रम दान करने जिससे इस प्रकृति का संरक्षण हो ।

मानसून सत्र में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने नीट पेपर लीक का मुद्दा उठाया

Leader of Opposition in Lok Sabha Rahul Gandhi raised the issue of NEET paper leak in the monsoon session

Leader of Opposition in Lok Sabha Rahul Gandhi raised the issue of NEET paper leak in the monsoon session नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने नीट पेपर लीक का मुद्दा उठाया. राहुल गांधी ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान खुद को छोड़कर सभी को दोषी ठहराते हैं. मुझे नहीं लगता यहां जो कुछ हो रहा है, वह उसके मूल सिद्धांतों को भी समझते हैं? लाखों लोग मानते हैं कि अगर आप अमीर हैं और आपके पास पैसा है, तो आप भारतीय परीक्षा प्रणाली खरीद सकते हैं और विपक्ष भी यही सोचता है.

पैराडाइज स्कूल में विद्या की देवी मां सरस्वती की स्थापना कर धूमधाम से मनाया गुरु पूर्णिमा का महापर्व 

The great festival of Guru Purnima was celebrated with great

The great festival of Guru Purnima was celebrated with great pomp by installing Goddess Saraswati, the goddess of knowledge, in Paradise School. हरिप्रसाद गोहे  आमला । गुरु,शिष्य, गुरुजी एवं विद्यार्थी के बीच अमिट कड़ी का महापर्व गुरु पूर्णिमा रविवार पैराडाइज हायर सेकेंडरी स्कूल बंधा रोड आमला में स्कूल शिक्षण समिति अध्यक्ष केपी सिक्केवाल शाला परिवार सदस्य एवं शाला में अध्ययनरत विद्यार्थियों की गरिमामय उपस्थिति में धूमधाम से मनाया गया । इस अवसर पर स्कूल में मां सरस्वती की मूर्ति की स्थापना की गई बाद सुंदर कांड का आयोजन किया गया । शाला के प्राचार्य अनुराग मालवीय से प्राप्त जानकारी अनुसार  गुरू पूर्णिमा पर्व पर माता सरस्वती की स्थापना आमला स्थानीय पैराडाइज हायर सेकेंडरी स्कूल में विद्या की देवी माता सरस्वती की मूर्ति की स्थापना की गई । इस अवसर पर विद्यालय शिक्षा समिति के अध्यक्ष श्री के पी सेक्केवाल द्वारा विधिवत पूजन कर विद्यालय परिसर में माता की प्रतिमा की स्थापना की गई । विद्यालय परिवार के सभी शिक्षक शिक्षिका इस अवसर पर उपस्थित थे साथ ही विद्यालय की छात्राए नौ देवियों के रूप में कार्यकम में उपस्थित थी । मूर्ति स्थापना के बाद सुंदर काण्ड का की सुंदर प्रस्तुति निलेश खड़गड़े वा ग्रुप के द्वारा की गई ।  कार्यक्रम में विद्यालय के राजेश नागले, प्रवीण दिघडे, सुनील करारे, अभीकेश सातनकार, श्रीमती ममता पवार, श्रीमती आशा विश्वकर्मा, श्रीमती हीरा कापसे, श्रीमती दुर्गा देशमुख, श्रीमती पायल सातनकार, कुमारी प्रिय झारबड़े, कुमारी खुशबू साहू,  कुमारी तेजस्विनी मथनकर, कुमारी डॉली साहू, कुमारी पूजा हरोड़े, कुमारी करुणा चौकीकर, कुमारी कंचन चौकीकर, कुमारी प्रज्ञा मकोड़े, कुमारी शारदा झरबडे, श्रीमती अनिता डोंगरे, श्रीमती रश्मि देशमुख, श्रीमती प्रियंका ठाकुर, कुमारी सोनल सिंह, कुमारी शिखा यादव, श्रीमती बनायित, श्रीमती तयवाड़े,  श्रीमती सोनाली खातरकर, श्रीमती प्रियंका बेडरे आदि उपस्थित थे ।

बैतूल जिले में 24 घंटे में दो इंच वर्षा, सतपुड़ा जलाशय के 11 गेट खोले

Two inches of rain in 24 hours in Betul district, 11 gates of Satpura reservoir opened

Two inches of rain in 24 hours in Betul district, 11 gates of Satpura reservoir opened बैतूल व आसपास के क्षेत्रों में शनिवार रात से रुक-रुककर वर्षा का दौर जारी है। बैतूल विकासखंड में 37.4 मिमी, घोड़ा डोंगरी में 64 मिमी, चिचोली में 32 मिमी, शाहपुर में 156 मिमी, मुलताई में 26 मिमी, प्रभात पट्टन में 19.5, आमला में 47, भैंसदेही में 37, आठनेर में 14.2 और भीमपुर में 35 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। हरिप्रसाद गोहे (विशेष संवाददाता) बैतूल। जिले में शनिवार रात से शुरू हुई तेज वर्षा रविवार सुबह सात बजे तक जारी रही। पिछले 24 घंटे में जिले में कुल 46.8 मिली वर्षा दर्ज की गई है। सबसे अधिक वर्षा शाहपुर विकासखंड में 156 मिमी दर्ज की गई है। सतपुड़ा का जलस्तर बढ़ातेज वर्षा से सारनी में सतपुड़ा जलाशय का जल स्तर तेजी से बढ़ गया। जिसके कारण रविवार सुबह सात बजे 14 में से 11 गेट 10 फीट की ऊंचाई तक खोल दिए गए। दो घंटे बाद सुबह नौ बजे चार गेट बंद कर दिए गए और सात गेट खुले रखकर पानी तवा नदी में छोड़ा जा रहा है। 1433 फीट जल भराव की क्षमता वाले सतपुड़ा जलाशय में जल स्तर वर्तमान में 1430 फीट पर रखा जा रहा है। सतपुड़ा जलाशय क्षेत्र में 24 घंटे में 230 मिली वर्षा दर्ज की गई है। भू अभिलेख कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार बैतूल जिले में शनिवार सुबह आठ बजे से रविवार सुबह आठ बजे तक 46.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। बैतूल विकासखंड में 37.4 मिमी, घोड़ा डोंगरी में 64 मिमी, चिचोली में 32 मिमी, शाहपुर में 156 मिमी, मुलताई में 26 मिमी, प्रभात पट्टन में 19.5, आमला में 47, भैंसदेही में 37, आठनेर में 14.2 और भीमपुर में 35 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। जिले में इस सीजन में अब तक 341.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। गत वर्ष इस अवधि में जिले में 411.2 मिमी वर्षा हुई थी।

‘अरविंद केजरीवाल को…’, संजय सिंह का केंद्र, BJP और एलजी पर बड़ा आरोप

'Arvind Kejriwal to…', Sanjay Singh's big allegation on Centre, BJP and LG

‘Arvind Kejriwal to…’, Sanjay Singh’s big allegation on Centre, BJP and LG आम आमदी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने रविवार को एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. बीजेपी सीएम अरविंद केजरीवाल के खिलाफ गहरी साजिश रच रही है. उन्होंने कहा, “सीएम अरविंद केजरीवाल के स्वास्थ्य की उपेक्षा केंद्र सरकार, बीजेपी और दिल्ली के उपराज्यपाल विनय सक्सेना की उन्हें मारने की साजिश है.” नई दिल्ली ! सीएम अरविंद केजरीवाल के स्वास्थ्य को लेकर एलजी विनय सक्सेना की ओर से दिल्ली के मुख्य सचिव को लिखे गए पत्र पर आप सांसद संजय सिंह ने कहा था कि ये क्या मजाक कर रहें हैं आप? क्या कोई आदमी खुद की रात में शुगर कम करेगा, जो बहुत खतरनाक है. एलजी साहब अगर आपको सीएम की बीमारी के बारे में पता नहीं तो आपको ऐसी लेटर नहीं लिखनी चाहिए. ईश्वर न करे कभी आप के साथ ऐसा समय आए. ‘बीजेपी और एलजी कर रहे गलत बयानबाजी’ संजय सिंह का आरोप है कि सीएम केजरीवाल के हेल्थ को लेकर गलत बयानबाजी की जा रही है. कभी एलजी और बीजेपी वाले ये कहते हैं कि अरविंद केजरीवाल खाना नहीं खा रहे हैं. वह भूखे रहकर शुगर लेवल कम कर रहे हैं. कभी यह कहते हैं कि सीएम मिठाई खाकर अपना शुगर लेवल जान बूझकर बढ़ा रहे हैं. ‘जेल में CM के साथ कुछ भी हो सकता है’ संजय सिंह ने ये भी कहा, “किस तरह से बीजेपी, देश की सरकार और दिल्ली के एलजी मिलकर अरविंद केजरीवाल की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं. किस तरह से जेल में उनको मारने की साजिश की जा रही है.” जेल अधीक्षक की मेडिकल रिपोर्ट से भी साथ है कि सीएम केजरीवाल के साथ जेल में किसी भी समय अनहोनी घटना हो सकती है. केंद्र सरकार से मिलीभगत कर एलजी और बीजेपी जिस तरह से साजिश कर रहे हैं, उससे सीएम के स्वास्थ्य को लेकर शक और ज्यादा मजबूत होता है. जेल अधीक्षक की रिपोर्ट में क्या है? इससे पहले तिहाड़ जेल अधीक्षक ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के स्वास्थ्य को लेकर एलजी को बताया था कि वह जान बूझकर कम कैलोरी का सेवन कर रहे हैं. जेल अधीक्षक ने अपनी रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र किया था कि निगरानी चार्ट से पता चलता है कि 6 जून, 2024 और 13 जुलाई, 2024 के बीच सीएम ने दिन के समय तीनों टाइम भोजन के लिए निर्धारित आहार का पूरा सेवन नहीं किया था. रिपोर्ट में उनके वजन के बारे में बताया गया है कि दो जून, 2024 को सीएम का 63.5 किलोग्राम था, जो अब 61.5 किलोग्राम हो गया है. ऐसा कम कैलोरी सेवन के कारण हुआ है. 18 जून, 2024 को उन्हें इंसुलिन नहीं दिया गया था या जेल के अफसरों ने तत्काल रिपोर्ट में इसे दर्ज नहीं किया. ज्यादातर दिनों में ग्लूकोमीटर टेस्ट रीडिंग और सीजीएमएस रीडिंग के बीच भी अंतर सामने आया है. ग्लूकोमीटर टेस्ट रीडिंग और सीजीएमएस रीडिंग के बीच विसंगतियों को चिकित्सा अधिकारियों द्वारा जांच कराने की जरूरत है.

नेम प्लेट आदेश पर कोर्ट जाएगा जमीयत उलेमा ए हिंद! दिल्ली में बुलाई बड़ी बैठक

Jamiat Ulema-e-Hind will go to court on name plate order! Big meeting called in Delhi

Jamiat Ulema-e-Hind will go to court on name plate order! Big meeting called in Delhi Kanwar Yatra Nameplate Row: सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के नेम प्लेट वाले आदेश पर हर गुजरते दिन के साथ विवाद बढ़ता ही जा रहा है. इस कड़ी में अब जमीयत उलेमा ए हिंद ने फैसले के खिलाफ कोर्ट जाने की बात कही है. जमीयत उलेमा ए हिंद ने कहा कि इस फरमान को कोर्ट में चुनौती दी जाएगी क्योंकि धर्म की आड़ में नफरत की राजनीति की जा रही है. कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra) से जुड़े इस आदेश को भेदभावपूर्ण और सांप्रद्रायिक बताते हुए सभी कानूनी पहलुओं पर विचार करने की बात भी कही गई है. रविवार (21 जुलाई) को जमीयत उलेमा ए हिंद ने इस संबंध में अहम बैठक बुलाई है. जमीयत का यह भी कहना है कि उसकी कानूनी टीम इस आदेश के कानूनी पहलुओं पर विचार करने में जुटी है. ‘मौलिक अधिकारों का हनन हो रहा’ प्रमुख मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा ए हिंद (Jamiat Ulema e Hind) ने उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा के मार्ग में दुकानदारों के नाम प्रदर्शित करने के आदेश की आलोचना करते हुए शनिवार (20 जुलाई) को कहा कि यह ‘भेदभावपूर्ण और सांप्रदायिक’ फैसला है तथा इससे संविधान में निहित मौलिक अधिकारों का हनन होता है. बता दें कि मुजफ्फरनगर जिले में 240 किलोमीटर लंबे कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित सभी होटलों, ढाबों और ठेलों सहित भोजनालयों को अपने मालिकों या इन दुकानों पर काम करने वालों के नाम प्रदर्शित करने के आदेश के कुछ दिन बाद शुक्रवार (19 जुलाई) को उत्तर प्रदेश सरकार ने पूरे राज्य के लिए ऐसा ही आदेश जारी करने का फैसला किया. क्या बोले मौलाना अरशद मदनी? जमीयत प्रमुख मौलाना अरशद मदनी ने एक बयान में कहा, ‘यह एक भेदभावपूर्ण और सांप्रदायिक फैसला है. इस फैसले से देश विरोधी तत्वों को लाभ उठाने का अवसर मिलेगा और इस नए आदेश के कारण सांप्रदायिक सौहार्द को गंभीर क्षति पहुंचने की आशंका है.’ मदनी ने यह भी कहा, ‘देश के सभी नागरिकों को संविधान में इस बात की पूरी आजादी दी गई है कि वे जो चाहें पहनें, जो चाहें खाएं, उनकी व्यक्तिगत पसंद में कोई बाधा नहीं डालेगा, क्योंकि यह नागरिकों के मौलिक अधिकार के विषय हैं.’ उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा संबधी आदेश मौलिक अधिकारों का हनन करने वाला है. मध्य प्रदेश में भी लागू करने की मांग एक तरफ जहां नेम प्लेट विवाद गहराता जा रहा है वहीं दूसरी ओर इस आदेश को मध्य प्रदेश में भी लागू करने की मांग की गई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी के एक विधायक ने कहा कि मध्य प्रदेश में भी ऐसा कदम उठाया जाना चाहिए. केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के प्रमुख जीतन राम मांझी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पुलिस द्वारा कांवड़ यात्रा मार्ग पर फल विक्रेताओं को अपनी दुकानों पर नाम लिखने के लिए कहे जाने में उन्हें कुछ भी गलत नहीं लगता है.

जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी, किसानों को सता रही फसल की चिंता

Heavy rain in the state stopped the wheels of trains, alert of heavy rain in the districts today

Heavy rain alert issued in districts, farmers worried about crop प्रदेश में मानसून सक्रिय है. इसका असर राज्य के कई जिलों में देखने को मिल रहा है. मौसम विभाग ने कुछ जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. MP Weather News: मध्य प्रदेश के मौसम विभाग ने रविवार को सीहोर (Sehore), बैतूल, नर्मदापुरम (Narmadapuram) में भारी बारिश की चेतावनी देते हुए कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के अधिकारियों का दावा है कि मध्य प्रदेश में एक बार फिर मानसून (Monsoon) अपना असर दिखने वाला है. एमपी के कई जिलों में मध्यम और हल्की बारिश हो सकती है. बारिश का यह क्रम अगले कुछ दिनों तक जारी रहने के आसार हैं. मध्य प्रदेश के मौसम विभाग के अधिकारी डॉ वेद प्रकाश सिंह ने बताया कि हरदा, देवास, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, बुरहानपुर, शाजापुर, धार में मध्यम बारिश की संभावना है. इसके अलावा इंदौर, रायसेन, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, बालाघाट, नीमच, मंदसौर, गुना, शिवपुरी, आगर, विदिशा, सांची, छिंदवाड़ा, श्योपुर कलां, जबलपुर में भी हल्की और मध्यम बारिश हो सकती है. राज्य के कई हिस्सों में शनिवार को भी बारिश हुई थी.किसानों की बढ़ी चिंतामौसम विभाग की चेतावनी के बाद किसानों की चिंता बढ़ गई है. एक किसान हरिराम चौधरी ने कहा कि अभी तक बारिश की वजह से फसलों को कोई नुकसान नहीं हुआ है. वर्तमान में वर्षा की जरूरत है लेकिन भारी बारिश की चेतावनी से चिंता भी बढ़ गई है. नदी के जल स्तर पर प्रशासन की नजरमौसम विभाग की भारी बारिश की चेतावनी के बाद जिला प्रशासन द्वारा नदियों के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है. मध्य प्रदेश की नर्मदा, शिप्रा, चंबल, कालीसिंध, गंभीर आदि नदियों के जलस्तर में लगातर बढ़ोतरी हो रही है. राज्य में औसत बारिश की संभावनामौसम विभाग द्वारा बारिश को लेकर जिस प्रकार की संभावना जताई जा रही है उसके मुताबिक आने वाले दिनों में बारिश का आंकड़ा सामान्य वर्षा के आंकड़े को छू जाएगा. वर्तमान में पूर्वी मध्य प्रदेश में कम बारिश हुई है जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में 5% अधिक बारिश दर्ज की जा गई है.

जबलपुर में बनेगा टेक्सटाइल का अत्याधुनिक स्किल डेवलपमेंट सेंटर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

State-of-the-art skill development center for textile will be built in Jabalpur: Chief Minister Dr. Yadav

State-of-the-art skill development center for textile will be built in Jabalpur: Chief Minister Dr. Yadav मध्यप्रदेश में सेना के लिये तोप के साथ टैंक निर्माण भी होगारक्षा उपकरण निर्माण क्षेत्र में आएगा 600 करोड़ रूपये का निवेशमुख्यमंत्री की उपस्थिति में अशोक लीलैंड और आर्मड व्हीकल के बीच हुआ करारनामामध्यप्रदेश में हीरे मिलते हैं, उन्हें प्रदेश में ही तराशने का काम भी शुरू होगाजबलपुर में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में हुआ 67 औद्योगिक इकाइयों का लोकार्पण और भूमि-पूजननई औद्योगिक इकाइयों से 12 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार, इकाइयों को सौंपे गये आशय-पत्र मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में अनेक क्षेत्रों में उद्द्योग स्थापना का कार्य प्राथमिकता से किया जायेगा। मध्यप्रदेश में टेक्सटाइल, रक्षा संस्थान के लिए एक टैंक निर्माण, फार्मा क्षेत्र और पर्यटन के क्षेत्र में नए-नए उद्योग प्रारंभ किये जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज जबलपुर के “सुभाष चंद्र बोस कल्चरल एंड इनफॉरमेशन सेंटर” में रीजनल इंडस्ट्री कांक्लेव में उद्योगों से जुड़ी महत्वपूर्ण घोषणाएं की। यह सभी घोषणाएं उद्योगों के प्रोत्साहन से संबंधित हैं। कॉन्क्लेव में देश-विदेश के अनेक प्रमुख उद्योगपति शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जबलपुर में टेक्सटाइल के अति आधुनिक स्किल डेवलपमेंट सेंटर की शुरुआत की जायेगी, जिससे विशेष रूप से बहनों को रोजगार प्राप्त होगा। मध्यप्रदेश में वर्ष 2024 की आज दूसरी रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव जबलपुर में हुई। इसमें ताईवान, मलेशिया, ब्रिटेन, फिजी और इंडोनेशिया के साथ और देश के विभिन्न राज्यों से बड़े उद्योगपति शामिल हुए। उल्लेखनीय है कि गत मार्च-2024 में उज्जैन में इंडस्ट्री कॉन्क्लेव हुई थी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कॉन्क्लेव में प्रदेश की 29 औद्योगिक इकाइयों के लोकार्पण और 38 औद्योगिक इकाइयों का भूमि-पूजन किया। प्रदेश के विभिन्न 10 स्थान से जन-प्रतिनिधि लोकार्पण और भूमि पूजन कार्यक्रम से जुड़े। इनमें कुल 1500 करोड रुपए का निवेश होगा और 4500 लोगों को रोजगार प्राप्त होगा। औद्योगिक इकाइयों को आशय-पत्र सौंपे गये, जिससे करीब 12 हजार लोगों को रोजगार प्राप्त होगा। कुल 340 एकड़ भूमि के आवंटन के लिए आशय-पत्र सौंपे गये। कॉन्क्लेव में आईटी, आईटीईएस एवं ईएसडीएम पॉलिसी-2023 का विमोचन भी किया गया। अशोक लीलैंड का करारनामा कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में 600 करोड रूपये के निवेश के लिए अशोक लीलैंड और आर्मर्ड व्हीकल निगम लिमिटेड के बीच करारनामा हुआ। उल्लेखनीय है कि इस क्षेत्र में यह नया कदम है। यह रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण निवेश है। साथ ही सहयोग क्षेत्र में विकास और नवाचार को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में रक्षा संस्थान के लिए अब तक तोप निर्माण का कार्य होता रहा है, अब सेना के लिए टैंक भी बनाये जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 16 औद्योगिक पार्क के माध्यम से कुल 517 लघु, मध्यम और सूक्ष्म उद्योगों द्वारा पौने छः हजार करोड़ का निवेश किया गया, जिससे 20 हजार लोगों को रोजगार मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि आज 67 औद्योगिक इकाइयों का लोकार्पण और भूमिपूजन एक महत्वपूर्ण समेकित प्रयास है। प्रदेश के 10 स्थानों से मंत्री, सांसद, विधायक वर्चुअली जुड़े। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जन-प्रतिनिधियों से चर्चा कर उन्हें नवीन इकाइयों की सौगात के लिये बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज कॉन्क्लेव में अनेक विभागों ने उद्द्योग हितैषी नीतियों की जानकारी दी है। खनिज के क्षेत्र में उड़ीसा के बाद मध्यप्रदेश द्वितीय स्थान पर है। खदानों की निलामी में मध्यप्रदेश की पारदर्शी प्रक्रिया देश में अग्रणी मानी गई है। इसके लिये भारत सरकार द्वारा पुरस्कार भी प्रदान किया गया। प्रदेश में हीरे का खनन तो होता है, अब इन्हें तराशने का कार्य भी किया जायेगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सक्षम नेतृत्व का उल्लेख करते हुये मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्होंने भारत ने दुनिया में अलग पहचान बनाई है। काल के प्रवाह में अनेक बाधाएं भी देश ने देखीं लेकिन भारत ने पराक्रम, परिश्रम और आत्मविश्वास से आगे बढ़ कर दिखा दिया है कि हमारी प्रगति को कोई रोक नहीं सकता। उद्योगपतियों को दिया मध्यप्रदेश आने का आमंत्रण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों से आहवान किया कि वे मध्यप्रदेश आएं। उन्होंने कहा कि श्रम के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश में प्रोत्साहनकारी नीतियां हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अनेक नए कार्य हो रहे हैं। पिछले दो-तीन वर्ष में विश्वविद्यालयों के माध्यम से रोजगार की संभावनाओं को बढ़ाया गया है। प्रदेश में पहले कभी सिर्फ 5 मेडिकल कॉलेज होते थे, अब यह संख्या बढ़कर 25 होने जा रही है। प्रदेश में सघन वन क्षेत्र है। इस क्षेत्र में भी संभावनाओं को तलाश कर उन्हें साकार किया जायेगा। फार्मास्युटिकल क्षेत्र में 275 इकाइयां कार्य कर रही हैं। अकेले पीथमपुर में 60 इकाइयां हैं। हमारे प्रदेश से 160 से अधिक देशों को फार्मा प्रोडक्ट निर्यात किये जाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खाद्य प्र-संस्करण के क्षेत्र में 150 प्रतिशत प्रोत्साहन के लिये हम तैयार हैं। प्रदेश में उद्योगों को पानी और बिजली की आपूर्ति पर विशेष राहत प्रदान की गई है। दो मेगा फूड पार्क आ रहे है। पहले से 8 फूड पार्क संचालित है। ऐसी इकाइयों की संख्या निरन्तर बढ़ाई जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वोल्वो आयशर के एमडी से आग्रह किया कि वे मध्यप्रदेश में रिसर्च सेंटर भी प्रारंभ करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रारंभ में उद्योगों के विकास से संबंधित प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन किया। जबलपुर हाट के अंतर्गत विभिन्न लघु उद्योग इकाइयों और व्यवसायियों द्वारा उत्पाद सामग्री का विवरण प्रदर्शनी में दिया गया। उद्घाटन सत्र के प्रारंभ में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन एवं मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री राघवेंद्र कुमार सिंह ने विभिन्न उद्योगपतियों का शॉल और पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। उपस्थित अतिथियों में अडानी पॉवर, नेटलिंक, वैद्यनाथ ग्रुप दावत फूड्स, वोल्वो आयशर, एवीएनएल, एनसीएल, स्वराज शूटिंग लोहिया एनर्जी, आदि-शक्ति राइस मिल, फिनिक्स पोल्ट्री, इनफो-विजन दुबई और दलित चेंबर ऑफ कॉमर्स (डिक्की) सहित अन्य अनेक उद्योग संगठनों के पदाधिकारी शामिल थे। प्रमुख सचिव श्री राघवेंद्र कुमार सिंह ने मध्यप्रदेश की निवेश नीति और निवेश संभावनाओं पर प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने प्रदेश में औद्योगिक अधो-संरचना और औद्योगिक कॉरिडोर की विशेषताओं के साथ निवेशक अनुकूल औद्योगिक नीति में सब्सिडी और वित्तीय प्रोत्साहन पर भी प्रकाश डाला। साथ ही सभी निवेशकों को आगामी … Read more

मप्र में उठी भील प्रदेश बनाने की मांग, आदिवासी नेताओं ने बांसवाड़ा की रैली में भरी हुंकार

Demand for creation of Bhil state raised in Madhya Pradesh, tribal leaders shouted in Banswara rally

Demand for creation of Bhil state raised in Madhya Pradesh, tribal leaders shouted in Banswara rally भील प्रदेश की मांग और समुदाय के जनप्रतिनिधियों की इसे लेकर क्या सोच है? इसका मध्यप्रदेश सहित राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा ‘ SAHARA SAMACHAAR ने इसे लेकर पड़ताल की तो कई हैरान वाले तथ्य सामने आए हैं। भोपाल । राजस्थान के बांसवाड़ा में भील प्रदेश की मांग को लेकर हुए जमावड़े के बाद पश्चिमी मध्यप्रदेश के आदिवासी बहुल जिलों में हलचल बढ़ गई है। अलग प्रदेश की मांग पर जनजातीय समाज के नेताओं में दो फाड़ नजर आ रही है। जहां समाज के कुछ नेता इसके समर्थन में हैं तो कुछ जनप्रतिनिधि इसे विदेशी और विघटनकारी शक्तियों की साजिश बता रहे हैं। जो भी हो, लेकिन बांसवाड़ा के भानगढ़ में हुई रैली के बाद आदिवासी प्रदेश की मांग प्रदेश में फिर जोर पकड़ रही है। भील प्रदेश की मांग के इस आंदोलन में मध्यप्रदेश को धुरी क्यों माना जा रहा है? आंदोलन का नेतृत्व करने वाले नेता मध्यप्रदेश पर सबसे ज्यादा फोकस क्यों कर रहे हैं? एक दशक से भी पहले से चल रही भील प्रदेश की मांग अचानक आंदोलन में कैसे बदली और समुदाय के जनप्रतिनिधियों की इसे लेकर क्या सोच है? इसका मध्यप्रदेश सहित राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा द सूत्र ने इसे लेकर पड़ताल की तो कई हैरान वाले तथ्य सामने आए हैं। सवाल: भील प्रदेश की मांग को लेकर राजस्थान के बांसवाड़ा में हुई आदिवासी समुदाय की रैली के बाद यह मामला क्यों चर्चा में है? पहले बताते हैं भील आदिवासी समाज की प्रदेश और देश में क्या स्थिति है। दरअसल, भील मूल रूप से जंगलों में रहने वाली जनजाति है। यह मुख्य रूप से मध्यप्रदेश के अलावा राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र में निवासरत है। मध्यप्रदेश में इस जनजाति की संख्या करीब 60 लाख है। वहीं राजस्थान में 28 लाख, महाराष्ट्र में 18 लाख और गुजरात में 35 लाख भील आदिवासी हैं। यानी जनसंख्या के लिहाज से भील आदिवासी सबसे ज्यादा मध्यप्रदेश में हैं। पश्चिमी मध्यप्रदेश के आलीराजपुर और झाबुआ के अलावा रतलाम, धार, बड़वानी, खंडवा, खरगोन जिले भील आबादी बाहुल्य हैं। वहीं राजस्थान के उदयपुर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर और चित्तौड़गढ़ और महाराष्ट्र में जलगांव, नासिक, ठाणे, नंदूरबाग, धुलिया और पालघर में भील सबसे ज्यादा संख्या में रहते हैं। मध्य प्रदेश में भील जनजाति की आबादी 1.42 करोड़ यानी मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और गुजरात प्रदेशों में भील समुदाय की आबादी। करोड़ 42 लाख से ज्यादा है। बाकी पूरे देश में भी भील आदिवासी लाखों की संख्या में बिखरे हुए हैं। सबसे ज्यादा आबादी होने की वजह से ही भील प्रदेश मुक्ति मोर्चा और आदिवासी परिवार के आव्हान पर बांसवाड़ा में समुदाय की रैली निकाली गई थी। समुदाय के लोगों ने एकजुट होकर मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के भील आबादी बाहुल्य जिलों को जोड़कर अलग राज्य की मांग उठाई है। इस टैली के बाद राजनीतिक दलों से जुड़े भील समुदाय के जनप्रतिनिधियों लोगों में भी मतभेद सामने आ गए हैं। भाजपा नेता और थांदला के पूर्व विधायक कलसिंह भांबर ने इसे विदेशी ताकतों की साजिश बताया है तो सेलाना से निर्दलीय आदिवासी विधायक कमलेश्वर डोडियार भील प्रदेश की मांग का पुरजोर पक्ष ले रहे हैं। वहीं झाबुआ से कांग्रेस विधायक विक्रांत भूरिया ने भील प्रदेश की मांग या विरोध में कोई भी प्रतिक्रिया नहीं दी है। एक दशक पुरानी है मांग अब बात करते हैं अलग भील प्रदेश की मांग और अचानक उठ खड़े हुए इस आंदोलन की। भील प्रदेश की मांग एक दशक से भी पुरानी है। मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात से सीमावर्ती जिलों में बसे भील-भिलाला समुदाय के लोग यह मांग उठाते रहे हैं। आदिवासी समुदाय का संगठन जयस भी इस मांग के समर्थन में कई बार आंदोलन-टैलियां कर चुका है। सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार ने फरवरी माह में हुए मध्यप्रदेश विधानसभा के सत्र में भी भील प्रदेश की मांग और सरकार की कार्रवाई का मामला उठाया था। अब इस समुदाय का अचानक एकजुट होना और राजस्थान के बांसवाड़ा से भील प्रदेश की मांग बुलंद करने का राजनीति पर क्या असर होगा यह तो आने वाले दिनों में ही नजर आएगा। फिलहाल आदिवासी समुदाय के सामाजिक संगठन भी इस मांग के समर्थन में उतर आए हैं। क्या कहते हैं समुदाय के जनप्रतिनिधि ? कुछ संगठन जनजाति समाज को गुमराह करने के लिए भील प्रदेश की मांग कर रहे हैं। भील प्रदेश कीमांग आज से नहीं जबसे मिशनरी इस अंचल में आए हैं तबसे शुरु हुई है। ये मांग उन्होंने रखी थी। साऊदी अरब के लोग नारा लगा रहे हैं जय जोहार का नाटा है भारत देश हमारा है। ये किसका षडयंत्र है। आज कहा जा रहा है हमारी बहन बेटियों को की मंगलसूत्र पहनना, मांग भरना हमारा रिवाज नहीं है। ये रिवाज युगों से चले आ रहे हैं। आदिवासी समुदाय युगों से हिंदू पद्धति, परम्पराओं से पूजा पाठ करता आ रहा है। हमारी संस्कृति, रीति-रिवाज उससे जुड़े हैं। भानू भूरिया, बीजेपी नेता झाबुआ मांग तो जायज हैं, लेकिन जातिगत तौर पर देखा जाए तो यह देश को तोड़ने वाला होगा। क्षेत्रीयता और भाषा के आधार पट हो तो ऐसा होना चाहिए। भील प्रदेश की मांग के आंदोलन में कुछ लोग तो ठीक हैं, लेकिन अभी ऐसा नहीं लगता कि भील प्रदेश की आवश्यकता है। विक्रांत भूरिया, कांग्रेस विधायक, झाबुआ मुझे अभी इस आंदोलन की विस्तृत जानकारी नहीं है। अलग भील प्रदेश को लेकर जो मूवमेंट शुरु हुआ है उस पर मैं फिलहाल अभी इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देना चाहता कमलेश्वर डोडियार, निर्दलीय विधायक, सैलाना बीते 12 साल से पश्चिमी मध्यप्रदेश के आदिवासी भील प्रदेश की मांग कर रहे हैं। मैंने इस संबंध में फरवरी में विधानसभा सत्र में प्रश्न लगाकर जानकारी चाही कि भील प्रदेश गठन को लेकर क्या कार्रवाई की जा रही है। इस संबंध में जनजातीय कार्य मंत्रालय ने जानकारी इकट्ठा करने की सफाई दी गई। वहीं मुख्यमंत्री ने नए राज्य गठन की कार्रवाई का अधिकार केंद्र सरकार के पास होने का जबाव देकर पल्ला झाड़ लिया था।

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