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देश का इकलौता ऐसा पुल से जिसकी सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात जोकि 24 घंटे भारी वाहनों की निगरानी कर रहे

भिंड  एक साल के इंतजार के बाद आखिर मप्र से यूपी को जोड़ने वाले चंबल पुल से भारी वाहनों का आवागमन शुरू हो गया। पुल दोबारा से क्षतिग्रस्त न हो इसके लिए यूपी प्रशासन ने कुछ शर्तों पर भारी वाहनों का आवागमन शुरू कराए जाने की अनुमति दी है। पुल से ओवरलोड वाहन न गुजरें इसके लिए इटावा (यूपी) की तरफ दो शस्त्र धारक पुलिस जवान तैनात किए गए हैं। वहीं भिंड (मप्र) की पीएनसी कंपनी के द्वारा दो निजी सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है। देश का यह इकलौता ऐसा पुल से जिसकी सुरक्षा के लिए गार्ड तैनात किए गए हैं, जोकि 24 घंटे पुल से निकलने वाले भारी वाहनों की निगरानी कर रहे हैं। चंबल पुल इन दिनों कड़ी सुरक्षा में है। एमपी और यूपी के द्वारा इस पुल की निगरानी कराई जा रही है। वर्ष 1976 में यह पुल बनकर तैयार हुआ था। इस पुल पर ट्रैफिक का लगातार दबाव बना हुआ है। सबसे ज्यादा इस पुल को असुरक्षित करने वाले ओवरलोडेड वाहन है। मध्य प्रदेश की सीमा से यूपी की ओर हर रोज सैकड़ों की तादाद में काली गिट्टी और रेत से भरे ओवरलोड ट्रक निकलते थे। इस कारण से बार-बार इस पुल के बैरिंग टूट रहे थे। पुल स्लैब मूव होना बंद हो जाते थे। और उनमें दरार आ रही थी। इस पुल के क्रेक बार बार ठीक कराए जाते थे। फिर भी बार बार क्रेक आ रहा था यह सिलसिला पीछे तीन साल से चल रहा था। इस वजह से 8 जून 2023 से पुल पर से हैवी वाहनों को निकालना प्रतिबंधित किया गया था। 28 जून को शर्तों के आधार पर इटावा कलेक्टर ने चंबल पुल से भारी वाहनों का आवागमन शुरू कराए जाने की अनुमति दी है। ओवरलोडिंग वाहनों से पुल असुरक्षित ओवरलोडिंग वाहनों से पुल की सुरक्षा पर हमेशा सवाल खड़े होते आ रहे थे। इस कारण से उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के इटावा और भिंड जिला के प्रशासनिक अफसर पुल को चालू कराए जाने को लेकर सहमत नहीं हो पा रहे थे। पुल लगातार बंद रहने के कारण एमपी और यूपी के भिंड व इटावा जिले का राजस्व लगातार गिर रहा था। पिछले दिनों भिंड और इटावा जिला के प्रशासनिक अफसर ने चंबल पुल को चालू कराए जाने को लेकर आपसी सहमति बनाई और पुल पर से ओवरलोडेड वाहन निकला जाना प्रतिबंधित किया। 55 टन से अधिक भार वाला वाहन प्रतिबंधित एमपी के भिंड और यूपी के इटावा जिले के प्रशासनिक अफसर ने पुल पर से अधिकतम भाग 55 टन निकाले जाने की शर्त के साथ पुल चालू कराए जाने का निर्णय लिया। अतः गिट्टी और रेत से भरे हुए वाहन उत्तर प्रदेश जाने के लिए भिंड जिला की सीमा से होकर जाते है। इसलिए बरही टोल प्लाजा को यह दायित्व सौंपा गया की कोई भी वाहन 55 टन से अधिक वजनी पुल से निकलने नहीं चाहिए। टोल प्लाजा प्रबंधन को यह दायित्व दिया गया कि टोल पर लगी तकनीकी मशीनों से हर माइनिंग वाहन की क्षमता नापी जाए। इसके बाद ही वाहन को निकाला जाए। प्रशासनिक आदेश का पालन करते हुए पीएनसी इंफ्राटेक कंपनी लगातार एमपी से यूपी की ओर जाने वाले वाहनों के वजन पर निगरानी कर रही है। इन शर्तों पर पुल शुरू करने की दी अनुमति     चंबल पुल पर मप्र की ओर से आने वाले ओवरलोडेड भारी वाहनों को जनपद भिंड (मप्र) प्रशासन/पुलिस के द्वारा रोका जाएगा। इसी प्रकार जनपद इटावा प्रशासन/पुलिस द्वारा भी कार्रवाई की जाएगी, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि चंबल पुल पर ओवरलोडेड वाहन न निकल सकें, पुल से भारी वाहनों का आवागमन इस गति से किया जाए, जिससे पुल पर वाहन एकत्रित न होने पाएं एवं स्टेटिक लोड न पड़े।     इसके अतिरिक्त चंबल पुल पर एक साथ भारी वाहन खड़े न हों, किसी प्रकार की आकस्मिकता की स्थिति से निपटने के लिए उक्त पुल के दोनों ओर नियमित रूप से एक-एक केन की व्यवस्था / उपलब्धता पीएनसी कंपनी द्वारा सुनिश्चित की जाएगी।     उक्त व्यवस्थाओं का नियमित रूप से अनुश्रवण के लिए कार्मिकों की व्यवस्था पीएनसी कंपनी द्वारा सुनिश्चित की जाएगी। इस सम्बंध में पीएनसी कंपनी द्वारा अपनी सहमति दी गई है, उक्त पुल की सुरक्षा व्यवस्था एवं आवागमन के संबंध में नियमित अनुश्रवण के लिए टीम गठित की गई है। सेंसर से की जा रही वाहनों की जांच     पीएनसी इंफ्राटेक टोल प्लाजा के प्रबंधक यशपाल सिंह भदौरिया का कहना है कि पुल पुराना है। पुल पर 55 टन निर्धारित क्षमता है। इससे अधिक वजनी वाहन होने पर उसका ओवर लोडेड खाली कराए जाने के निर्देश प्राप्त है। प्रत्येक वाहन का वजन टोल प्लाजा के सेंसर से नापा जाता है।     जरूरत के मुताबिक टोल प्लाजा पर स्थित धर्म कांटे पर वाहन का वजन तौला जाता है। इस तरह के कंपनी को जिला प्रशासन की ओर से निर्देश प्राप्त हुए है। कंपनी ने अपने दो जवानों को पुल पर तैनात किया है।  

पक्का आवास लाभार्थियों ने बांस से बने टोकरी में आम, फल्ली और केला भेंटकर मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार

  रायपुर, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बगिया प्रवास के दौरान अपने निवास में आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम में पीएम जनमन योजना के तीन लाभार्थियों को नवनिर्मित घर की चाबी सौंपी। इस दौरान तीनों लाभार्थियों ने बांस से बनी टोकरी में आम, फल्ली और केला भेंटकर मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार व्यक्त किया। आदिवासी समुदाय के आर्थिक-सामाजिक उत्थान के लिए शुरू की गई पीएम जनमन योजना के तहत जिले के पहाड़ी कोरवा, बिरहोर लोगों को लाभ मिल रहा है। जशपुर जिले के जनपद बगीचा के ग्राम पंचायत सुलेसा में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अन्तर्गत 2016-23 तक कुल 90 आवास स्वीकृत किये गये थे। जिसमें 82 आवास अच्छी गुणवत्ता के साथ बनाकर पूर्ण हो गए हैं। शेष 08 आवास का कार्य प्रगति पर है। वर्ष 2023-24 में पी.एम. जनमन आवास योजना के तहत कुल 07 हितग्राहियों का आवास स्वीकृत किया गया, जिसमें 03 आवास अच्छी गुणवत्ता के साथ बनाकर पूर्ण कर दिया गया है। शेष 04 आवास की ढलाई का कार्य पूर्ण हो गया है। प्लास्टर कार्य प्रगति पर है। आगामी वर्ष में पीडब्ल्यूएल सूची के बचे सभी शेष हितग्राहियों को आवास प्रदान कर पक्का मकान बनाने का लक्ष्य रखा गया है। लाभार्थी आलू राम पहाड़ी पिता कोटेंग ने आवास बनने पर कहा कि हर एक नागरिक का सपना होता है कि उसका अपना एक पक्का मकान हो, जिसमें वह अपने परिवारजनों के साथ सुकून से जीवन यापन कर सके। लेकिन आर्थिक स्थिति के कारण हर किसी का यह सपना साकार नही हो पाता। गरीब असहाय के सपने को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना वरदान साबित हो रही है। जिसके लिये हम परिवार सहित माननीय प्रधानमंत्री जी एवं माननीय मुख्यमंत्री जी के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। इसी तरह बगीचा जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत सुलेसा (महुआपानी) निवासी लाभार्थी श्री बैशाखू राम पिता झिंगो राम जिसकी उम्र 50 वर्ष हो चुकी है, उसके पास अपना पुश्तैनी कच्चा आवास था। जिसमें वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ मुश्किल से जीवन यापन कर रहा था और बरसात के मौसम में उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ता था। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना अंतर्गत वर्ष 2023-24 में पक्का आवास बनाने के लिए स्वीकृति प्रदान की गई। शासन से अनुदान में मिली राशि से अपना पक्का मकान बना कर अब वह अपने परिवार  के साथ पक्के मकान में रहते हैं। श्री बैसाखू राम ने बताया कि मेरा कच्ची दीवार वाला पुराना घर था, जिसके ऊपर पन्नी तान कर गुजर-बसर चल रहा था बरसात के दिनों में जब मूसलाधार बारिश होती थी तो मेरे घर के चारों तरफ पानी ही पानी भर जाता था। आर्थिक स्थिति ठीक नही होने के कारण घर बनवाने की दूर-दूर तक कोई उम्मीद नहीं दिख रही थी। एक दिन ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक मेरे घर आये और उन्होंने मेरा आधार कार्ड और बैंक पास बुक मांगा और मेरा मोबाईल पर पंजीयन कराया। कुछ दिनों बाद मुझे मेरा आवास स्वीकृत होने की सूचना मिली।     पहली बार में मुझे यकीन नहीं हुआ लेकिन मैंने बैंक जाकर पता किया तो मेरे खाते में पैसे आ गये थे। मैने अपना घर बनवाना शुरू कर दिया। आवास की धन राशि तथा मनरेगा की मजदूरी मिलाकर मिले पैसों से अपना आवास बनवाया। मैं सरकार का शुक्रगुजार हूँ जिन्होंने घर बनवाने के लिये धनराशि उपलब्ध कराकर मेरी अंधेरी जिन्दगी में रोशनी लाने का काम किया।     इसी तरह पीएम जनमन योजना के तहत योजना सुलेसा निवासी श्री सोंगलत राम पिता लब्जी राम को भी पक्का आवास मिला है। श्री सोंगलत बताते हैं कि गरीबी के कारण कच्चे मकान में रहना एक मजबूरी बन गयी थी। जब बरसात होती थी तो पानी टपकने से रात भर बच्चों सहित जागकर रात बितानी होती थी। परन्तु अब प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना अन्तर्गत वर्ष 2023-24 में मेरा आवास स्वीकृत हुआ और आज हमारा पक्का मकान बन कर तैयार है। हम आभारी है माननीय प्रधानमंत्री जी एवं माननीय मुख्यमंत्री जी के जिन्होंने गरीबों को उनके सपने पूरे करने का अवसर दिया।

29 महीने से जारी लड़ाई में एक और शहर यूक्रेन के हाथ से निकल गया

कीव  यूक्रेन के डोनेस्क प्रांत का चासिव यार शहर को रूस ने लंबे संघर्ष के बाद जीत लिया है। इस हार के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस शहर से अपनी सेना को वापस बुलाने की घोषणा की है जबकि रूस ने कहा है कि उसने  रात को शहर को अपने नियंत्रण में ले लिया था। इस प्रकार से करीब 29 महीने से जारी लड़ाई में एक और शहर यूक्रेन के हाथ से निकल गया है। इस युद्ध में रूस अभी तक यूक्रेन के 20 प्रतिशत से ज्यादा भूभाग पर कब्जा कर चुका है। रूसी सेना के कब्जे में आया चासिव यार शहर रणनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है। इस शहर के हाथ आने से यूक्रेन के दो महत्वपूर्ण शहरों- क्रैमेटोर्स्क और स्लोवियांस्क पर कब्जे की लड़ाई में रूस को आसानी होगी। यूक्रेन ने कहा है कि सैनिकों की सुरक्षा के लिए उन्हें वापस बुलाना बेहतर समझा गया, इसलिए चासिव यार को छोड़ने का निर्णय लिया गया। रूस समर्थक यूक्रेन के विद्रोहियों का डोनेस्क के एक हिस्से पर 2014 से कब्जा है। फरवरी 2022 से छिड़े युद्ध के बाद रूसी सेना ने प्रांत में अपना कब्जा बढ़ाया है। इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा है कि उनकी सेना की 14 ब्रिगेड के पास लड़ने के लिए पर्याप्त हथियार नहीं है। इसका रूस को लाभ हो रहा है। रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि उनका एस-350 एयर डिफेंस सिस्टम पश्चिमी देशों की मिसाइलों का पता लगाने और उन्हें आकाश में ही नष्ट करने में सक्षम है।    

पाकिस्तान की टक्कर इंग्लैंड, बांग्लादेश और साउथ अफ्रीका से होगी, घर में इंग्लैंड और बांग्लादेश की मेजबानी करेगा

लाहौर  पाकिस्तान क्रिकेट टीम अगले साल खत्म होने वाली वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की तीसरी साइकिल के तहत इस साल अगस्त से लेकर 2025 जनवरी तक कुल 7 टेस्ट मैच खेलेगी। इस दौरान पाकिस्तान की टक्कर तीन देशों इंग्लैंड, बांग्लादेश और साउथ अफ्रीका से होगी। पाकिस्तान अपने घर में इंग्लैंड और बांग्लादेश की मेजबानी करेगा। इंग्लैंड से पाकिस्तान को 2 टेस्ट की सीरीज खेलनी है जबकि बांग्लादेश से 3 टेस्ट खेले जाएंगे। इसके बाद पाकिस्तान की टीम इस साल के आखिर में साउथ अफ्रीका दौरे पर जाएगी। जहां दोनों देशों के बीच ऑल फॉर्मेट सीरीज खेली जाएगी। यानी वनडे, टी20 और टेस्ट तीनों फॉर्मेट में पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका के बीच टक्कर होगी। पाकिस्तान टीम विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के पॉइंट्स टेबल में पांचवें स्थान पर है। उसके खाते में 36.66 पर्सेंटेज पॉइंट हैं। पाकिस्तान ने अबतक 5 टेस्ट खेले हैं। इसमें से 2 जीते और 3 गंवाए हैं। वहीं, स्लो ओवर रेट की वजह से दो अंक भी काटे गए हैं। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की अंक तालिका में भारत पहले,ऑस्ट्रेलिया दूसरे और न्यूजीलैंड तीसरे स्थान पर है। भारत के खाते में 68.52 पर्सेंटेज पॉइंट हैं। पाकिस्तान टीम साउथ अफ्रीका दौरे पर जाएगी पाकिस्तान ने आजतक साउथ अफ्रीका में कोई टेस्ट सीरीज नहीं जीती है। शुक्रवार को, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड  ने घोषणा की कि डरबन, सेंचुरियन और जोहान्सबर्ग 10-14 दिसंबर तक टी20 मुकाबलों की मेजबानी करेंगे, जबकि वनडे 17 से 22 दिसंबर तक पार्ल, केप टाउन और जोहान्सबर्ग में खेले जाएंगे। दो टेस्ट सेंचुरियन (26-30 दिसंबर) और केपटाउन (3-7 जनवरी) में खेले जाएंगे। साउथ अफ्रीका के खिलाफ उसके घर में वनडे में, पाकिस्तान ने 2013-14 और 2020-21 में पिछली तीन सीरीज में से दो में जीत हासिल की थी जबकि दक्षिण अफ्रीका ने 2002-03 (4-1), 2006-07 (3-1), 2012-2013 (3-2) से जीत हासिल की थी। पाकिस्तान ट्राई सीरीज की मेजबानी करेगा पाकिस्तान 4-18 नवंबर तक ऑस्ट्रेलिया में तीन वनडे और तीन टी20 मैच खेलने के बाद 19 नवंबर को दक्षिण अफ्रीका के लिए रवाना होगा। पाकिस्तान अगले साल दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के साथ तीन देशों की एकदिवसीय टूर्नामेंट की भी मेजबानी करेगा, जिसके बाद 8 टीमों की चैंपियंस ट्रॉफी होगी। पाकिस्तान के साउथ अफ्रीका दौरे का शेड्यूल: 10 दिसंबर – पहला टी20 मैच (डरबन) 13 दिसंबर – दूसरा टी20 मैच (सेंचुरियन) 14 दिसंबर – तीसरा टी20 मैच (जोहान्सबर्ग) 17 दिसंबर – पहला वनडे (पार्लर) 19 दिसंबर – दूसरा वनडे (केप टाउन) 22 दिसंबर – तीसरा वनडे (जोहान्सबर्ग) 26-30 दिसंबर – पहला टेस्ट (सेंचुरियन) 3-7 जनवरी – दूसरा टेस्ट (केप टाउन)    

किरण पहल पेरिस ओलंपिक में व्यक्तिगत 400 मीटर में दौड़ेंगी

नई दिल्ली  किरण पहल को इस महीने होने वाले पेरिस ओलंपिक के लिए भारतीय महिला 4×400 मीटर रिले टीम में जगह नहीं मिली है। हालांकि, किरण, जो हाल ही में अंतर-राज्यीय राष्ट्रीय प्रतियोगिता में 50.92 सेकेंड के साथ सर्वकालिक भारतीय 400 मीटर सूची में दूसरे नंबर पर रहीं, जहां उन्हें सर्वश्रेष्ठ एथलीट का पुरस्कार मिला, पंचकूला में योग्यता मानक हासिल करने के बाद ओलंपिक में व्यक्तिगत 400 मीटर में दौड़ेंगी। गुरुवार को ओलंपिक के लिए अपनी टीम की घोषणा करने वाले भारतीय एथलेटिक्स महासंघ ने रिले टीम के लिए राष्ट्रीय कैंपरों को शामिल करने की अपनी नीति पर कायम रहने का फैसला किया है और यही कारण है कि अंतर-राज्यीय मीट में दूसरे स्थान पर रहने वाली किरण और दीपांशी को बाहर रखा गया है। आश्चर्यजनक रूप से, किरण को पेरिस के लिए अर्हता प्राप्त करने के अंतिम समय में अंतर-राज्यीय राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारतीय 4×400 मीटर मिश्रित रिले टीम में शामिल किया गया था। एथलेटिक्स में देश के पहले ओलंपिक चैंपियन भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा 28 सदस्यीय टीम में सबसे बड़ा नाम हैं, जिसमें एशियाई खेलों के चैंपियन तजिंदरपाल सिंह तूर, अविनाश साबले, पारुल चौधरी और अन्नू रानी भी शामिल हैं। पारुल पेरिस में दो व्यक्तिगत स्पर्धाओं, महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपल चेज़ और 5000 मीटर में भाग लेंगी। राजेश रमेश, जिन्होंने इस साल व्यक्तिगत 400 मीटर दौड़ नहीं लगाई और जिनकी चोट के कारण मई में बहामास में विश्व रिले में भारत के लिए फिनिश नहीं कर पाए, पुरुषों की 4×400 मीटर रिले में भाग लेंगे। विश्व रैंकिंग के माध्यम से अर्हता प्राप्त करने के बावजूद, भाला फेंक खिलाड़ी डी.पी. मनु डोपिंग के लिए अनंतिम रूप से निलंबित होने के बाद कट में जगह नहीं बना पाए। एथलेटिक्स प्रतियोगिता 1 से 11 अगस्त तक आयोजित की जाएगी। भारतीय एथलीट मैराथन रेस-वॉक मिश्रित रिले में भी भाग लेंगे, जो पेरिस में ओलंपिक में अपनी शुरुआत करेगी। पेरिस ओलंपिक के लिए भारतीय एथलीट टीम: पुरुष टीम: अविनाश साबले (3,000 मीटर स्टीपलचेज़), नीरज चोपड़ा, किशोर कुमार जेना (भाला फेंक), तजिंदरपाल सिंह तूर (शॉट पुट), प्रवीण चित्रावेल, अब्दुल्ला अबूबकर (ट्रिपल जंप), सर्वेश कुशारे (ऊंची कूद), अक्षदीप सिंह, विकास सिंह, परमजीत सिंह बिष्ट (20 किमी रेस वॉक), मुहम्मद अनस, मुहम्मद अजमल, अमोज जैकब, संतोष तमिलारासन, राजेश रमेश, मिजो चाको कुरियन (4×400 मीटर रिले), सूरज पंवार (रेस वॉक मिक्स्ड मैराथन)। महिला टीम: किरण पहल (400 मीटर), पारुल चौधरी (3,000 मीटर स्टीपलचेज़ और 5,000 मीटर), ज्योति याराजी (100 मीटर बाधा दौड़), अन्नू रानी (भाला फेंक), आभा खटुआ (शॉट पुट), ज्योतिका दांडी, सुभा वेंकटेशन, विथ्या रामराज, पूवम्मा एमआर, प्राची (4×400 मीटर रिले), प्रियंका गोस्वामी (20 किमी रेस वॉक/रेस वॉक मिश्रित मैराथन)।  

पाकिस्तान ने जेट विमानों को परमाणु मिसाइलों से लैस किया ?भारत के लिए नई मुसीबत !

नई दिल्ली पाकिस्तानी वायुसेना ने अपने फाइटर जेट JF-17 Thunder में न्यूक्लियर क्रूज मिसाइल Ra’ad लगाया है. हवा से लॉन्च की जाने वाली यह मिसाइल परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है. पाकिस्तान ने अपने पुराने मिराज फाइटर जेट के बजाय चीन से मिले नए JF-17 फाइटर को अत्याधुनिक हथियारों से लैस कर रही है. पाकिस्तान अपने हवाई परमाणु हथियारों को मजबूत कर रही है. Ra’ad मिसाइल को जेएफ-17 थंडर फाइटर जेट के विंग्स के नीचे लगाया गया है. यानी अब पाकिस्तान इस नए फाइटर जेट के जरिए किसी भी समय परमाणु हमला कर सकता है. पाकिस्तानी सेना राड मिसाइल को हत्फ-8 के नाम से बुलाती है. यह एक सबसोनिक एयर लॉन्च्ड क्रूज मिसाइल है. इस मिसाइल को पाकिस्तान ने 2012 में वायुसेना में शामिल किया था. इस मिसाइल की लंबाई 4.85 मीटर है. इसका व्यास 0.5 मीटर है. यह मिसाइल अपने साथ 450 किलोग्राम वजन का पारंपरिक या परमाणु हथियार ले जा सकती है. इस मिसाइल की रेंज 550 किलोमीटर है.   लंबी दूरी के परमाणु मिशन आसानी से कर सकता है पाकिस्तान यानी पाकिस्तान अब लंबी दूरी के मिशन में परमाणु हमला आसानी से कर सकता है. JF-17 को चीन और पाकिस्तान ने मिलकर बनाया है. इसकी तुलना भारत के एलसीए तेजस से की जाती है. जेएफ-17 फाइटर जेट का नया वैरिएंट यानी ब्लॉक-3 को जे-20 फाइटर जेट की स्टेल्थ टेक्नोलॉजी दी गई है. साथ ही उसे थोड़ा हल्का बनाया गया है. लगातार अपनी मिसाइलों को अपग्रेड कर रहा है पाकिस्तान पाकिस्तान के पास हवा से जमीन पर दागने के लिए हत्फ-8 मिसाइल है. जिसमें परमाणु हथियार लगा सकते हैं. इसके अलावा शाहीन-1 और शाहीन-2 मिसाइलें भी हैं. ये इंटरमीडियट रेंज की बैलिस्टिक मिसाइलें हैं. इसके अलावा मीडियम रेंज की गौरी मिसाइल है. जमीन से लॉन्च होने वाली क्रूज मिसाइल बाबर भी है. भारत के लिए खतरा कितना… ये बता पाना मुश्किल ये सभी मिसाइलें परमाणु हमला करने में सक्षम हैं. इन सबकी अलग-अलग रेंज है. पाकिस्तान लगातार चीन और अन्य देशों की मदद से इन्हें अपग्रेड करता जा रहा है. लेकिन भारत के लिए कितना खतरा है ये बता पाना बेहद मुश्किल है. Ra’ad मिसाइल की अधिकतम स्पीड 980 km/hr की है. यह मिसाइल भौगोलिक स्थिति के अनुसार उड़ान भरने में सक्षम है. कितना बेहतर है पाकिस्तान का JF-17 भारत के राफेल से JF-17 Thunder Block 3 एक अत्याधुनिक, हल्के वजन का, हर मौसम में उड़ान भरने वाला मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट है. यह हवा से हवा में और हवा से जमीन पर लड़ाई करने के लिए बनाया गया है. आइए आपको बताते हैं कि भारत के Rafale और JF-17 Thunder Block 3 में क्या खास है… राफेल की कॉम्बैट रेडियस 3800 KM है. कॉम्बैट रेंज 1850 km है. जबकि JF-17 Thunder Block 3 की कुल रेंज 3500 से 3840 km है. लेकिन कॉम्बैट रेंज 1500-1800 km है. कॉम्बैट रेंज राफेल की ज्यादा है. ॉअपने बेस स्टेशन से जितनी दूर विमान जाकर सफलतापूर्वक हमला कर लौट सकता है, उसे कॉम्बैट रेडियस कहते हैं. रेट ऑफ क्लाइंब, स्पीड, तोप, परमाणु मिसाइल, ज्यादा हथियार की क्षमता राफेल हवा में 304.8 मीटर प्रति सेकेंड की गति से ऊपर जाता है. जबकि JF-17 Thunder Block 3 की रेट ऑफ क्लाइंब 300 मीटर प्रति सेकेंड है. राफेल में तीन तरह की मिसाइलें लगेंगी. हवा से हवा में मार करने वाली मीटियोर मिसाइल. हवा से जमीन में मार करने वाल स्कैल्प मिसाइल. तीसरी है हैमर मिसाइल. राफेल में लगी मीटियोर मिसाइल 150 km, स्कैल्प मिसाइल 300 km तक मार कर सकती है. हैमर का उपयोग कम दूरी के लिए किया जाता है. चीन के JF-17 जेट में 6 तरीके की हवा से हवा में मार करने वाली, 5 तरीके की हवा से जमीन पर मान करने वाली मिसाइल और 5 तरीके की एंटी-शिप मिसाइल लगाई जा सकती है.    भारतीय राफेल की गति 2450 km/hr है. पाकिस्तान के JF-17 थंडर फाइटर जेट की स्पीड 2450 से 2469 km//hr है. राफेल ओमनी रोल लड़ाकू विमान है. यह पहाड़ों पर कम जगह में उतर सकता है. इसे समुद्र में चलते हुए युद्धपोत पर उतार सकते हैं. राफेल चारों तरफ निगरानी रखने में सक्षम है. जबकि, पाकिस्तानी जेट मल्टीरोल फाइटर जेट है. यह इन सुविधाओं में कितना ताकतवर है, इसके बारे में किसी तरह की जानकारी पाकिस्तान या चीन की तरफ से साझा नहीं की गई है.   भारतीय Rafale में 1×30 मिमी की GIAT30/M791 ऑटोकैनन तोप लगी है, जो 125 राउंड की मैगजीन के साथ आती है. यह 2500 राउंड प्रति मिनट की दर से फायरिंग कर सकती है. जबकि JF-17 में 1×23 मिमी की GSg-23-3 मल्टी बैरल गन लगी है. जो 1700 राउंड प्रति मिनट की दर से फायरिंग करता है. हथियारों के मामले में पाकिस्तानी फाइटर जेट ज्यादा बेहतर, लेकिन हथियार ही नहीं हैं अगर बात करें कि किस फाइटर जेट में ज्यादा बेहतर हथियारों का मिश्रण हो सकता है तो पाकिस्तान का फाइटर जेट जीत जाएगा. लेकिन उसके पास इतनी वैराइटी के हथियार ही नहीं है. वह भले ही 5-6 मिसाइलों का मिश्रण बना ले लेकिन Rafale में लगने वाली हवा से हवा में मार करने वाली MBDA MICA EM और IR, MBDA Meteor, Magic आसमान सुरक्षित कर देंगी. राफेल की हवा से जमीन में मार करने वाली मिसाइलें ज्यादा ताकतवर हैं. ये हैं- MBDA Apache, MBDA Storm Shadow/Scalp-EG, AASM-Hammer, GBU-12 Paveway Series, AS-30L, Mark 82. भारतीय राफेल में इसके अलावा दो बेहद खास हथियार लगाए जा सकते हैं. ये हैं MBDA AM 39-Exocet हवा से शिप पर लॉन्च होने वाली मिसाइल. और परमाणु मिसाइल ASMP-A. यानी पाकिस्तानी JF-17 Thunder Block 3 फाइटर जेट को चुटकियों में नेस्तानाबूत करने की क्षमता और ताकत रखता है हमारा राफेल.  

मोहन सरकार ने खरगोन जिले में मिर्च से जुड़े और उद्योग लगाने का निर्णय लिया

 खरगोन निमाड़ का खरगोन जिला सिर्फ कपास के लिए ही मशहूर नहीं है, बल्कि यहां की मिर्च भी देशभर में खासी पहचानी जाती है। मिर्च से जुड़े लगभग सौ से ज्यादा उद्योग फिलहाल जिले में रोजगार के साधन मुहैया करवा रहे हैं। अब इस कारोबार को विदेश तक पहुंचाने की योजना औद्योगिक विकास निगम और प्रदेश सरकार बना रही है। एक जिला एक उत्पाद के तहत जिले में आगामी समय में मिर्च से जुड़े 200 उद्योग लगाए जाएंगे। यह है मध्‍य प्रदेश सरकार की योजना मध्‍य प्रदेश सरकार की योजना है कि जिले में मिर्च की फसल से लेकर उसकी उपज का विदेशों तक कारोबार किया जाए। फिलहाल कई किसान समूह के माध्यम से विदेशों में खड़ी मिर्च व पाउडर भेजते हैं। अब नए उद्योगों के बाद विदेश निर्यात का नई राह खुलेंगी और क्षेत्रवासियों को स्वरोजगार के साथ ही आर्थिकी भी बेहतर होगी। निमाड़ में खरगोन में ही 45 हजार हेक्टेयर से ज्यादा में मिर्च की खेती होती है। कुछ प्रमुख बातें     मप्र के खरगोन जिले की बेड़िया मिर्च मंडी पीएम नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत मिशन में शामिल है।     बेहतर स्वाद के कारण बेड़िया मिर्च की मांग ज्यादा है।     खेती में कम लागत, कम समय में मिर्च की फसल (मिर्च तीन से चार बार आना) तैयार होती है।     नकद राशि के कारण मिर्च की खेती ज्यादा होने लगी है।     सरकार ने भी मिर्च खेती और उसके कारोबार को बढ़ाने का फैसला किया है।     सरकारी योजनाओं के माध्यम से किसानों को दिया जा रहा प्रोत्‍साहन।     प्रधानमंत्री रोजगार योजना से जिले के युवा खुद का कारोबार स्थापित कर रहे हैं। औसतन एक से डेढ़ लाख रुपये प्रति एकड़ शुद्ध लाभ किसान मिर्च की खेती से औसतन एक से डेढ़ लाख रुपये प्रति एकड़ शुद्ध लाभ प्राप्त करता है। जिले में साढ़े तीन लाख किसानों में से 70 हजार किसान मिर्च की खेती करते हैं। जिले के डालकी के किसान बालकृष्ण पाटीदार ने टेराग्लेब समूह बनाया है। इसमें 300 किसानों के साथ 600 एकड़ जमीन में मिर्च की खेती की जाती है। विदेशों में रसायनमुक्त मिर्ची भेजी जाती है। किसान यूरोप सहित चाइना को मिर्च सप्लाय मिट्टी के सेंपल्स केरला की एविटी लेब में जांच कराई। इसमें रसायन प्रोपिनोफास, ट्रेजोफास, क्लोरोपारीफास, और मोनोक्रोटफास नहीं मिला। यह रसायन अमेरिका सहित यूरोपीय देशों में प्रतिबंधित है। किसान यूरोप सहित चाइना को मिर्च सप्लाय करते हैं। वह मुंबई से पोर्ट के माध्यम से विदेशों तक मिर्च भेजते हैं। बालकृष्ण बताते हैं कि एक एकड़ पर 40 हजार रुपये का मुनाफा होता है। पिछले साल 55 मीट्रिक टन मिर्च विदेश भेजी थी। कंपनी का टर्नओवर पांच करोड़ रुपए हैं। पांच साल ऐसा रहा रकबा और उत्पादन उद्यानिकी विभाग से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक जिले में पिछले पांच साल में मिर्च का रकबा व उत्पादन बढ़ा है। वर्ष              रकबा        उत्‍पादन 2018-19     25369     63423 मीट्रिक टन 2019-20     23280     81480 मीट्रिक टन 2020-21     49052     171682 मीट्रिक टन 2021-22     51350     179725 मीट्रिक टन 2022-23     46556     139668 मीट्रिक टन 2023-24 में 45000 से ज्यादा रकबा है।     मिर्च की विदेशों तक मांग, 200 उद्योग लगेंगे     जिले की मिर्च की मांग विदेशों तक है। एक जिला एक उत्पाद में मिर्च उत्पाद पर आधारित प्रधानमंत्री सूक्ष्म एवं मध्यम उद्योग स्थापना के जल्द ही 200 उद्योग लगेंगे। इससे प्रोत्साहन के साथ स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। मिर्च से जुड़े कई किसान व उद्योग लगाने वाले लाखों रुपये का मुनाफा कमा रहे हैं। यह उत्पाद जिले को एक नई पहचान देंगे।     -कर्मवीर शर्मा, कलेक्टर  

गाजियाबाद में अप्रैल, मई और जून में बीयर की रिकॉर्डतोड़ बिक्री, 400 करोड़ की बीयर गटकी !

 गाजियाबाद उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में अप्रैल, मई और जून में बीयर की रिकॉर्डतोड़ बिक्री हुई है. आबकारी विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, गाजियाबाद वासी मात्र तीन महीने में करीब 400 करोड़ रुपये की बीयर गटक गए. साल 2024 के अप्रैल से जून तक रिकॉर्ड 397.54 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया गया, जो कि पिछली बार की अपेक्षा 106% से भी ज्यादा है. दरअसल, दिल्ली-एनसीआर समेत गाजियाबाद में बीते कुछ महीनों में प्रचंड गर्मी का प्रकोप देखने को मिला. इस गर्मी के बीच बीयर प्रेमियों ने जमकर बीयर की खरीददारी की और पिछले साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया. ऐसे में जिले के आबकारी विभाग को मोटा राजस्व भी प्राप्त हुआ. गाजियाबाद में भीषण गर्मी के बीच अप्रैल, मई और जून (तीन महीने) में बीयर प्रेमी लगभग 400 करोड़ की बीयर पी गए. आबकारी विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बीते तीन महीने में रिकॉर्ड 397.54 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है. ये राजस्व पिछली बार की तुलना में 106% से भी ज्यादा है. वहीं, गर्मी के इन 3 महीनों में अगर बीयर के कैन की बिक्री की बात करें तो उसमें भी 116% का इजाफा देखा गया. जहां पहले 11501960.26 बीयर की कैन बिकी थी, वहीं इस बार यह संख्या बढ़कर 13369674.50 हो गई. इस तरह बीयर की कैन की बिक्री में 116% का इजाफा देखा गया. गर्मी के इन तीन महीनों में आबकारी विभाग की चांदी दिखाई दी. आबकारी विभाग के अधिकारियों ने भी माना इस बार यह आंकड़े इसलिए बढ़े क्योंकि गर्मी बहुत थी और बीयर के रेट भी नहीं बढ़े थे. ज्यादा बिक्री के करण 397 करोड़ से ज्यादा का राजस्व अर्जित किया गया. साथ ही बीयर के कैन की बिक्री में 116% का इजाफा भी हुआ.  

क्रेडा विभाग के कर्मचारियों का अनोखा प्रदर्शन, सिर मुंडवा कर जताया विरोध

रायपुर छत्तीसगढ़ के क्रेडा विभाग के टेक्नीशियन कर्मचारी अनिश्चित कालीन हड़ताल पर हैं. हड़ताल के बीच कर्मचारियों ने शुक्रवार को मुंडन करा कर अनोखा प्रदर्शन किया. बता दें, क्रेडा के कुल 540 कर्मचारियों को संविदा अनुबंध के बजाय ठेकेदारी में बदल दिया गया है, जिसके विरोध में वे तूता नया रायपुर में प्रदर्शन कर रहे हैं. कर्मचारियों के संविदा अनुबंध को ठेकेदारी में बदलने से उन्हें कई सुविधाएं नहीं मिलेंगी. स्वयं अपने व्यय से दुर्घटना बीमा का कराना होगा, जिससे किसी भी दुर्घटना के मामले में विभाग की जिम्मेदारी खत्म हो जाएगी. अनुबंध के तहत, कर्मचारियों को किसी भी प्रकार के अन्य भत्तों जैसे नक्सल भत्ता, EPF, ESIC, और मेडिकल सुविधाओं की सुविधा नहीं मिलेगी. इसके अलावा, उन्हें यात्रा भत्ता और मानदेय भुगतान के संबंध में भी चिंता है. क्रेडा विभाग के इन कर्मचारियों ने अपने मुद्दों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर चर्चा करने की मांग की है. वे अपने अधिकारों की रक्षा के लिए हड़ताल जारी रखेंगे जब तक कि उनकी मांगों पर समाधान नहीं हो जाता. बता दें, विभाग के अधिकारियों की मनमानी और बार-बार नियम कानून बदलने के चक्कर में 120 संविदा कर्मचारियों को 2014 से 2016 तक संविदा में कार्य पर रखा गया. इसके बाद फिर नियम में संशोधन करते हुए इनको फिर कलेक्टर दर पर वेतन भुगतान करने के लिए मजबूर किया गया. बार-बार अधिकारी नियम कानून मनमाने ढंग से बदल रहे हैं, जिसकी वजह से विभाग में जो कार्यरत 560 कर्मचारी हैं वह बहुत मानसिक रूप से परेशान हैं. जबरदस्ती दबाव बनाया जा रहा है कि अगर आप अनुबंध नहीं करेंगे, तो आपको नौकरी से निकाल दिया जायेगा. हड़तालियों की प्रमुख मांगें     तकनीशियनों से अनुबंध कराने प्रथा तत्काल बंद किया जाए.     पूर्व में जिनकी नियुक्ति संविदा में हुआ था उसी को आधार मानते हुए सभी तकनीशियनों को संविदा दर पर वेतन भुगतान करें.     विभाग में 2012 में अनियमित कर्मचारियों को नियमित किया गया उसी अनुरूप में तकनीशियनों को भी नियमित किया जाए.     अन्य संविदा प्लेसमेंट कर्मचारियों के अनुरूप शासकीय अवकाश का लाभ दिया जाए.     क्रेड़ा विभाग इंश्योरेंस स्वयं कराएं जो वर्तमान में कर्मचारियों से कराया जा रहा है.     वर्तमान स्थिति में प्रतिमाह 3000 यात्रा भत्ता दिया जाय।इसमें प्रतिवर्ष 20% वृद्धि किया जाए.  

कप्तान गिल पारी का आगाज करेंगे और देखना होगा कि अभिषेक शर्मा को पदार्पण का मौका मिलता

हरारे रोहित शर्मा और विराट कोहली के बिना की युवा ब्रिगेड जिम्बाब्वे के खिलाफ शनिवार से शुरू हो रही पांच मैचों की टी20 श्रृंखला में उतरेगी तो इस प्रारूप में यह भारतीय क्रिकेट के नये दौर का सूत्रपात भी होगा। भारत में टी20 विश्व कप की जीत के सतत जारी जश्न के बीच शुभमन गिल की कप्तानी वाली आईपीएल सितारों से सजी यह युवा टीम जीत का अपना सिलसिला शुरू करना चाहेगी। आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद के लिये शानदार प्रदर्शन करने वाले पंजाब के अभिषेक शर्मा और राजस्थान रॉयल्स के लिये खेलने वाले असम के रियान पराग इस श्रृंखला के जरिये पदार्पण करेंगे। पिछले कुछ साल में रोहित और कोहली टी20 क्रिकेट में कई द्विपक्षीय श्रृंखलाओं से बाहर रहे हैं। अब टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दोनों के संन्यास के बाद उनकी कमी जरूर खलेगी। इसकी भरपाई करना तो मुश्किल है लेकिन फिर परिवर्तन संसार का नियम है। जिम्बाब्वे मजबूत टीम नहीं है लेकिन टी20 प्रारूप में दोनों टीमों के बीच बहुत गहरा अंतर नहीं है। आईपीएल में पंजाब किंग्स के लिये खेलने वाले सिकंदर रजा भारत के लिये चुनौती साबित हो सकते हैं। शिवम दुबे, संजू सैमसन और यशस्वी जायसवाल तीसरे मैच से ही उपलब्ध होंगे। भारत के भावी टी20 कप्तान हार्दिक पंड्या, सूर्यकुमार यादव, ऋषभ पंत, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह और कुलदीप यादव भी भविष्य में इस प्रारूप में लौटेंगे लिहाजा अंतिम एकादश में ज्यादा जगह खाली नहीं है। अब से 2026 टी20 विश्व कप तक भारतीय टीम इस प्रारूप में 34 मैच खेलेगी। कप्तान गिल पारी का आगाज करेंगे और देखना होगा कि उनके अजीज दोस्त अभिषेक शर्मा को पदार्पण का मौका मिलता है या चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान रूतुराज गायकवाड़ खेलते हैं। अभिषेक पारी की शुरूआत करते हैं तो गायकवाड़ तीसरे नंबर पर उतर सकते हैं। पराग चौथे नंबर पर बल्लेबाजी कर सकते हैं लिहाजा उनके चयन की संभावना अधिक है। टी20 क्रिकेट के आक्रामक फिनिशर रिंकू सिंह पांचवें नंबर पर उतर सकते हैं जबकि छठे नंबर पर जितेश शर्मा या ध्रुव जुरेल को उतारा जा सकता है। गेंदबाजी में आवेश खान और खलील अहमद का खेलना तय है जबकि डैथ ओवरों के खतरनाक गेंदबाज मुकेश कुमार तीसरे तेज गेंदबाज होंगे। दुबे के आने तक वॉशिंगटन सुंदर को मौका मिल सकता है। टीमें : भारत (पहले दो मैचों के लिये) : शुभमन गिल (कप्तान), रूतुराज गायकवाड़, अभिषेक शर्मा, रिंकू सिंह, ध्रुव जुरेल, रियान पराग, वॉशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, आवेश खान, खलील अहमद, मुकेश कुमार, तुषार देशपांडे, साइ सुदर्शन, जितेश शर्मा, हर्षित राणा। जिम्बाब्वे : सिकंदर रजा (कप्तान), फराज अकरम, ब्रायन बेनेट, जोनाथन कैंपबेल, टेंडाइ चतारा, ल्यूक जोंगवे, इनोसेंट केइया, क्लाइव एम, वेसली मेदेवेरे, टी मारूमानी, वेलिंगटन मसाकाजा, ब्रेंडन मावुता, ब्लेसिंग मुजाराबानी, डियोन मायर्स, एंटम नकवी, रिचर्ड एंगारावा, मिल्टन शुम्बा। मैच का समय : शाम 4 . 30 से।    

HC ने आइसक्रीम डिब्बे में कनखजूरा पाए जाने वाले सोशल मीडिया पोस्ट को हटाने का दिया निर्देश, जानें पूरा मामला

नई दिल्ली दिल्ली उच्च न्यायालय ने नोएडा की एक महिला को अमूल की आइसक्रीम के डिब्बे में कनखजूरा मिलने के आरोप वाला अपना पोस्ट हटाने के निर्देश दिए हैं। न्यायमूर्ति मनमीत पी एस अरोड़ा ने अमूल ब्रांड के तहत उत्पादों का विपणन करने वाले गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन संघ की ओर से दायर वाद पर सुनवाई करते हुए ग्राहक पर अगले आदेश तक सोशल मीडिया मंच पर इस तरह की सामग्री पोस्ट करने और अपलोड करने पर रोक लगाई है। दरअसल सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर 15 जून को दीपा देवी ने एक तस्वीर साझा की थी जिसमें कथित तौर पर अमूल की आइसक्रीम के डिब्बे के अंदर एक कनखजूरा दिखाई दे रहा है। महिला ने यह आइसक्रीम एक ऐप के माध्यम से मंगवाई थी। वाद दाखिल करने वाली कंपनी ने उच्च न्यायालय में तर्क दिया कि यह दावा झूठा और गलत है क्योंकि उसके कारखाने में पैक किए गए आइसक्रीम के डिब्बे में कोई भी बाहरी सामान चाहे वह कीड़ा ही क्यों न हो, मौजूद होना बिल्कुल असंभव है। अदालत ने यह आदेश चार जुलाई को पारित किया। इसमें कहा गया कि ग्राहक वर्तमान कार्यवाही में आज भी मौजूद नहीं है और उसके असहयोग वाले रवैए ने कंपनी के मामले को बल दिया है। आदेश में कहा गया कि ग्राहक को अदालती कार्यवाही में भाग लेने और अपने सोशल मीडिया पोस्ट में किए गए दावे को सही साबित करने का अवसर दिया गया था लेकिन उन्होंने ‘उपस्थित नहीं होने को तरजीह दी’ और जांच के लिए आइसक्रीम का डिब्बा भी कंपनी को नहीं दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि प्रतिवादी तीन दिन में सोशल मीडिया पोस्ट नहीं हटाता तो कंपनी ‘एक्स’ को अपने मंच से इसे हटाने के लिए कह सकती है। वाद दाखिल करने वाली कंपनी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सुनील दलाल और वकील अभिषेक सिंह ने अपनी दलील में कहा कि कंपनी मामले की जांच के लिए तैयार थी और उसने 15 जून को ग्राहक से संपर्क भी किया था लेकिन उन्होंने अधिकारियों को आइसक्रीम का डिब्बा उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया था।    

06 जुलाई शनिवार को इन राशियों में दिखेगा लाभ

मेष राशि- मार्केटिंग, सेल्स पर्सन आज काम के सिलसिले में यात्रा कर सकते हैं और कुछ हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स को विदेश जाना पड़ सकता है। ऑफिस पॉलिटिक्स का प्रभाव आप पर भी पड़ सकता है, सुनिश्चित करें कि आप इससे खुद को दूर रखेंगे। आप गोल्ड और डायमंड में निवेश कर सकते हैं।  कुछ जातक ऑनलाइन लॉटरी में अपनी रुचि दिखा सकते हैं। आपको अपनी प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ में संतुलन बनाए रखने का प्रयास करना चाहिए। आप किसी ऐसे व्यक्ति को चाहते हैं जो आपको सही मायने में समझे और जो आपके साथ डील कर सके। किसी ऐसे व्यक्ति को खोजें जो आपको वैसे ही स्वीकार करे जैसे आप हैं। वृषभ राशि- यह अपने टैलेंट, नई खोज करने और अपनी क्षमता का प्रदर्शन करने का समय है। अपने आप पर भरोसा रखें। यह समय आपको अप्रत्याशित अवसरों की ओर ले जाएंगी। यह दिन आपको आर्थिक उन्नति के रास्तों पर मार्गदर्शन करेगा। अपने स्वास्थ्य पर अधिक ध्यान दें। ऐसी एक्टिविटीज में शामिल हों, जो मेंटल हेल्थ को बढ़ावा दें। आप मेडिटेनशन कर सकते हैं या डायरी लिख सकते हैं। यह भी सुनिश्चित करें कि आप फिजिकल एक्टीविटीज में भी शामिल होतें है, जो आपके शरीर और आत्मा दोनों को ऊर्जा प्रदान करती हो। अपने साथी की इच्छाओं का सम्मान करें और उन्हें बताएं कि आप उनकी कितनी परवाह करते हैं। अपनों के लिए आपको अपने साथी से प्रशंसा मिलेगी। कुछ स्थितियों में विचारशील होना अधिक महत्वपूर्ण है। बोलने वाले चतुर दिमाग के बजाय आपको धैर्यवान बनने की आवश्यकता है। मिथुन राशि- लव लाइफ में आ रही समस्याओं को सुलझाने की कोशिश करें। इससे आप दोनों रिश्ते में एक बेहतर सुधार देखेंगे। स्वास्थ्य और धन से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, जिससे सावधानी से निपटने की जरूरत होगी। आपको प्रोफेशनल लाइफ में काफी तरक्की मिलेगी। इमरजेंसी में मिले कामों को सावधानी से हैंडल करें। सावधानी से धन खर्च करें। इस सप्ताह पैसों की थोड़ी तंगी हो सकती है। कुछ लोगों को भाई-बहन की दवाओं के लिए धन खर्च करने की आवश्यकता पड़ेगी। प्रतिबद्धता पर चर्चा करने का सबसे अच्छा समय अभी है क्योंकि वे इसकी पेशकश करेंगे। अगर आप प्रपोज करने के बारे में सोच रहे हैं तो आज का दिन महत्वपूर्ण है। उस व्यक्ति को खोजने का प्रयास करें जिसके साथ आप गांठ बांध सकते हैं। कर्क राशि- लव लाइफ में अधिक धैर्य रखने की जरूरत है। कर्क राशि के कुछ जातक बातचीत के दौरान अपना आपा खो सकते हैं, जिससे मुश्किलें अधिक बढ़ सकती हैं। कार्यस्थल पर समझदारी से काम करें और ऑफिस पॉलिटिक्स से बचें। साथी ही किसी से ऑफिस गॉशिप डिस्कस ना करें। कुछ लोगों को फंड प्राप्त करने में संघर्ष करना पड़ेगा। हालांकि बिजनेसमैन को दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा क्योंकि उन्हें बिजनेस पार्टनर्स का सहयोग मिलेगा। यह दिन निवेश के लिए अच्छा रहेगा। कुछ जातकों को सीने में दर्द या पेट से जुड़ी समस्या हो सकती है। अगर आपका प्यार कम हो रहा है, तो आपको अपने रिश्ते पर करीब से नजर डालनी चाहिए। पता लगाएं कि समस्या का कारण क्या है और यह अपने साथी को बताएं कि यह क्या है। फिर पार्टनर को बताएं कि आपके मन में क्या है।  सिंह राशि- आपकी लव लाइफ प्यार और खुशियों से भरपूर रहेगी। साथी संग आपका बंधन मजबूत होगा। कार्यक्षेत्र में परिवर्तनों का सामना करना पड़ेगा, लेकिन यह बदलाव तरक्की के मार्ग सुनिश्चित करेंगे। आर्थिक स्थिति भी अच्छी रहेगी। ऐसी एक्टिविटीज में शामिल हों, जो आपको मानसिक रूप से स्वस्थ रखने में मदद करें। धन-संपन्नता के अप्रत्याशित अवसर मिलेंगे। नए अवसरों की तलाश करें, जिससे आय में वृद्धि की संभावना हो। संभव है कि आप अपने रोमांटिक जीवन में किसी उलझन का अनुभव कर रहे हों। आप दोनों कुछ अलग खोजते नजर आते हैं। यह आपके मौजूदा संबंध या प्रतिबद्धता के एक नए स्तर की शुरुआत का संकेत दे सकता है। अपने डर से छुटकारा पाएं। कन्या राशि- आज आप आर्थिक रूप से संपन्न रहेंगे। इस धन का उपयोग आप म्यूचुअल फंड या स्टॉक मार्केट में निवेश कर सकते हैं। मिथुन राशि की कुछ महिलाएं आज गाड़ी खरीद सकती हैं। अपने लाइफ में नए लोगों का स्वागत करने के लिए तैयार रहें। आज आपको किसी के प्रति प्यार का एहसास होगा। आज आप उन्हें प्रपोज भी कर सकते हैं और आपको पॉजिटिव फीडबैक भी मिलेगा। नवविवाहित जातक आज जीवनसाथी संग अच्छे पल बिता सकते हैं। अपनी कल्पना का प्रयोग करते हुए अपनी भावनाओं को उस व्यक्ति तक पहुंचाएं जिसकी आप सबसे ज्यादा परवाह करते हैं। यह महत्वपूर्ण है कि आप एक संभावित रोमांटिक साथी को जीतने की कोशिश करते समय रचनात्मक शब्दों और सुखदायक स्वर का प्रयोग करें। प्रभावी ढंग से संचार करना आपके सफलता की कुंजी है। तुला राशि- आज आप की नए लोगों से मुलाकात हो सकती हैं, जिसके साथ आपकी रिलेशनशिप की शुरुआत हो सकती है। कार्यक्षेत्र में चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा, लेकिन आपको इससे बाहर निकलने की कोशिश करना पड़ेगा। आज निवेश के अच्छा दिन है। अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें। हालांकि स्वास्थ्य को लेकर ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है। आय के कई स्त्रोतों से धन लाभ हो सकता है। कुछ जातकों को पेमेंट से जुड़ी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। आपकी रोमांटिक संभावनाओं के बारे में दूसरे लोगों का क्या कहना है, इसे न सुनें। लोगों की टिप्पणियां और राय आपके विचारों और भावनाओं के रास्ते में आती हैं।  फिलहाल लोगों की बात न सुनें और अपने रिश्ते को मजबूत बनाने की कोशिश करें। वृश्चिक राशि- अपने जीवन में नए व्यक्ति का स्वागत करने के लिए तैयार रहें। मिथुन राशि के सिंगल जातक की किसी खास व्यक्ति से मुलाकात संभव है। सप्ताह के मध्य तक आप प्रपोज कर सकते हैं। आपको अच्छा रिस्पॉन्स मिलेगा। प्रोफेशनल लाइफ में आप ऊर्जा और उत्साह से भरपूर रहेंगे। खुद को साबित करने के लिए आपको कुछ नई जिम्मेदारियां मिलेंगी और आप सभी काम को डेड लाइन से पहले पूरा करने में सक्षम होंगे। आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें। आय के कई स्त्रोंतो से धन लाभ होगा और यह सप्ताह सुख-समृद्धि से भरपूर होगा। अपने आप को उन प्रतिबंधों को जाने दें जो आपने अपने लिए स्थापित किए हैं। अपने प्यार को आकर्षित करने के लिए प्रयास करें। जब सामाजिककरण की बात … Read more

सुनीता विलियम्स को अंतर‍िक्ष में लेकर गए बोइंग के स्टारलाइनर कैप्सूल में सकता है विस्फोट?

वॉशिंगटन  भारतीय मूल की अमेरिकी एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स और उनके साथी बुच विल्मोर स्पेस में फंसे हुए हैं। सुनीता और विल्मोर को अपने मिशन के तहत अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (आईएसएस) पर एक सप्ताह बिताने के बाद 13 जून को धरती पर लौटना था लेकिन बोइंग स्टारलाइनर में खराबी के चलते उनकी वापसी नहीं हो पा रही है। अब ये भी सवाल उठने लगा है कि क्या अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर को ले जा रहे बोइंग के स्टारलाइनर कैप्सूल में विस्फोट हो सकता है। यह सवाल तब सामने आया जब नासा ने विस्फोट न कराने के लिए एयरोस्पेस कंपनी की सराहना की। नासा ने बोइंग की प्रशंसा की है क्योंकि कैप्सूल पर आईएसएस की यात्रा करने वाले अंतरिक्ष यात्री तब तक वहां रह सकेंगे, जब तक बोइंग को समस्याओं को ठीक करने में समय लगेगा। इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यह चेतावनी दी गई थी कि बोइंग कैप्सूल में समस्याएं हो सकती हैं और लिफ्टऑफ से पहले यह पता चला कि हीलियम लीक हो गया था। इन सभी नकारात्मक परिस्थितियों के बावजूद नासा जून की शुरुआत में पहले क्रू स्टारलाइनर लॉन्च के साथ आगे बढ़ा। आईएसएस की अपनी यात्रा में लीक बढ़ी और वहां पहुंचने के बाद डॉकिंग में परेशानी का सामना करना पड़ा। इससे पहले 2019 में अपनी पहली परीक्षण उड़ान के दौरान यह अपनी अपेक्षित कक्षा तक पहुंचने में विफल रहा था। इसके बारे में बाद में पता चला कि ऑनबोर्ड घड़ी गलत तरीके से सेट की गई थी और इसके कारण स्टारलाइनर के थ्रस्टर्स गलत समय पर चालू हो गए। नासा ने कहा- बैटरियां चार्ज हो रही हैं नासा के वाणिज्यिक क्रू कार्यक्रम के प्रबंधक स्टीव स्टिच ने स्पेस डॉट कॉम को बताया कि बैटरियां चार्ज हो रही हैं। हम उन बैटरियों और कक्षा में उनके प्रदर्शन को देख रहे हैं। उन्हें स्टेशन द्वारा रिचार्ज किया जा रहा है। इंजीनियरों ने बोइंग अंतरिक्ष यान में कई समस्याएं पाई हैं और नासा अभी भी ये बताने की स्थिति में नहीं है कि दोनों एस्ट्रोनॉट की वापसी कब होगी। हालांकि राहत की बात ये है कि अभी तक दोनों एस्ट्रोनॉट स्वस्थ हैं। बोइंग का स्टारलाइनर कैप्सूल 5 जून को अमेरिका के समयानुसार सुबह 10 बजकर 52 मिनट पर फ्लोरिडा के केप कैनवेरल स्पेस फोर्स स्टेशन से चालक दल के साथ अपनी पहली उड़ाने के लिए रवाना हुआ था। ये नौ दिवसीय मिशन तब पटरी से उतर गया जब हीलियम लीक ने उनकी वापसी की तारीख को अनिश्चित बना दिया है। अंतरिक्ष रहस्यों से भरी दुनिया है. नासा की भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स अपने साथी बैरी विल्मोर के साथ अंतरिक्ष में फंस गई हैं. लेकिन सवाल ये है कि आखिर सुनीता विलियम्स स्पेस में कैसे फंसी हैं और उनकी धरती पर वापसी कैसे होगी. आज हम आपको बताएंगे कि अंतरिक्ष में फंसने पर किसी भी एस्ट्रोनॉट्स की धरती पर वापसी कैसे होती है.   स्पेस अंतरिक्ष के रहस्यों को सुलझाने के लिए अधिकांश देशों के वैज्ञानिक लग हुए हैं. जिसके लिए वो अलग-अलग प्रोजेक्ट करते हैं. अभी बीते जून में भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स अपने साथी बैरी विल्मोर के साथ स्पेस में गई थी. लेकिन बोइंग स्टारलाइनर में खराबी आने की वजह से दोनों अंतरिक्ष यात्री वापस लौट नहीं पाए हैं. अंतरिक्ष यान दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर पांच जून को लेकर गया था. स्पेस में खतरा अंतरिक्ष में जाने वाले अंतरिक्षयात्रियों के ऊपर कई तरह के खतरे होते हैं. स्पेस का कोई भी प्रोजेक्ट 100 फीसदी सुरक्षित नहीं होता है. अंतरिक्ष यात्रा के दौरान, उल्कापिंड, स्पेस मलबा भी एक खतरा है. हालांकि अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स स्पेस स्टेशन में दो बार लंबा समय बिता चुकी हैं. लेकिन इस बार वो स्पेस में फंस गई हैं. उनके स्पेसक्राफ्ट में खराबी के कारण धरती पर वह नहीं आ पाई हैं. इस कारण वह अभी भी स्पेस स्टेशन में मौजूद हैं. नासा के मुताबिक मिशन को 45 दिनों तक बढ़ाया जा सकता है. अब सवाल है कि आखिर इस दौरान एस्ट्रोनॉट्स के शरीर पर क्या असर पड़ेगा? और सुनीता विलियम्स और उनके साथ धरती पर कैसे लौटेंगे.  शरीर पर क्या असर? स्पेस में ज्यादा दिनों तक रहने पर शरीर के तरल पदार्थ माइक्रोग्रैविटी में ऊपर की ओर बढ़ते हैं. इस कारण हमारे शरीर के फिल्टर सिस्टम यानी किडनी को समस्याओं का सामना करना पड़ता है. इस दौरान शरीर में मौजूद तर ऊपर की ओर जाते हैं, जिससे चेहरे पर सूजन आ जाती है. गुर्दे उचित द्रव संतुलन बनाए रखने के लिए संघर्ष करते हैं, जिससे संभावित रूप से डिहाइड्रेशन या फ्लूइड ओवरलोड होता है. माइक्रोग्रेविटी के कारण हड्डियों में कैल्शियम का उत्सर्जन बढ़ने से गुर्दे में पथरी का खतरा बढ़ जाता है. धरती पर कब लौंटेगी सुनीता स्पेस से वापस धरती पर सुनीता विलियम्स और उनके साथी कब लौटेंगे, इसको लेकर नासा की तरफ से कोई बयान जारी नहीं किया गया है. नासा के मुताबिक इस मिशन को 45 दिनों तक बढ़ाया जा सकता है. अनुमान के मुताबिक सुनीता और उनके साथी की वापसी जुलाई महीने के अंत तक हो सकती है. नासा की टीम लगातार सभी तकनीकी खामियों को दूर करने और उनको समझने का प्रयास कर रही हैं. 

भारतीय न्याय संहिता के Section 69 पुरुषों को दे रही टेंशन, यह धारा पुरुषों के लिए बन रही सांसत, एक्सपर्ट से जानिए

नई दिल्ली  एक लड़की ने लड़के पर नशीला पदार्थ खिलाने और दिल्ली ले जाकर रेप करने का आरोप लगाया। नतीजतन लड़के को 4 साल की जेल काटनी पड़ी। इसी साल मई की शुरुआत में बरेली की एक सत्र अदालत के सामने यह मामला आया तो कोर्ट में वह लड़की गवाही के दौरान अपने आरोपों से मुकर गई, जिस पर कोर्ट ने लड़के को बरी कर दिया। हालांकि, फिर भी वो जेल में 4 साल की जेल काट चुका था। उसे उस गुनाह की सजा मिली, जो उसने की ही नहीं थी। मामला 2019 का था,जब लड़के पर अपहरण और रेप का मुकदमा दर्ज किया गया था। कोर्ट ने लड़के को दोषमुक्त किया और लड़की को भी उतनी ही यानी 4 साल जेल की सजा सुनाई। आज बात करते हैं भारतीय न्याय संहिता (BNS) की जिसने 1 जुलाई 2024 से इंडियन पीनल कोड की जगह ली है। नए कानूनों में से एक सेक्शन 69 के बारे में लीगल एक्सपर्ट से जानते हैं। दरअसल, माना जा रहा है कि धारा 69 को लागू करके एक तरह से रिलेशनशिप में धोखा देने या ब्रेकअप को गैरकानूनी बना दिया गया है। पुरुषों से वसूली के लिए झूठे मुकदमे लिखवाना ठीक नहीं कोर्ट ने कहा, महिलाओं के ऐसे कृत्य से जो असली पीड़िता हैं, उन्हें नुकसान उठाना पड़ता है। यह समाज के लिए बेहद गंभीर है। अपने मकसद की पूर्ति के लिए पुलिस व कोर्ट को माध्यम बनाना आपत्तिजनक है। महिलाओं को पुरुषों के हितों पर आघात करने की छूट नहीं दी जा सकती। अदालत ने ये भी कहा कि यह मुकदमा उन महिलाओं के लिए नजीर बनेगा जो पुरुषों से वसूली के लिए झूठे मुकदमे लिखाती हैं। श्री 420 नहीं , अब श्री 318 कहिए, आज से लागू हो जाएंगे तीन नए आपराधिक कानून, जानिए क्या-क्या बदलेगा क्या है धारा 69, यह रेप से कितना अलग सुप्रीम कोर्ट में एडवोकेट अनिल सिंह श्रीनेत कहते हैं कि भारतीय न्याय संहिता का सेक्शन 69 कहता है कि जो भी छल या धोखा देकर या शादी का वादा करके पार्टनर से संबंध बनाता तो ऐसा यौन संबंध रेप की कैटेगरी में नहीं आएगा। ऐसे मामलों में सजा होगी, जो कम से कम 1 साल और अधिकतम 10 साल तक हो सकती है और साथ में जुर्माना भी लगाया जा सकता है। यह धारा उन मामलों में लागू होगी जो रेप की कैटेगरी में नहीं आते हैं। ये आंकड़े एनसीआरबी के 2019 तक के हैं कानून की नजर में क्या है धोखा देना एडवोकेट अनिल सिंह श्रीनेत बताते हैं कि धोखा देने का मतलब यह है कि पार्टनर को संबंध बनाने के लिए प्रेरित करना या नौकरी, प्रमोशन या शादी का झांसा देकर यौन संबंध बनाना। कानूनी रूप से लोचा यहीं पर है। अनिल सिंह कहते हैं कि सेक्शन 69 बेहद व्यापक है। इसका दुरुपयोग किया जा सकता है। जिस तरह से रेप के झूठे मामले बढ़ रहे हैं, उसे देखते हुए अलग से इस पर कानून बनाया जाना जरूरी था। मगर, इसके बावजूद यह पुरुषों के लिए ज्यादा टेंशन देने वाला है। क्योंकि ज्यादातर रिलेशनशिप में ब्रेकअप होते रहते हैं। ऐसे में महिला पार्टनर के एफआईआर दर्ज कराने की आशंका बनी रहती है। 69 में ऐसा क्या है, जो पुरुषों के लिए टेंशन की बात एडवोकेट अनिल सिंह श्रीनेत के अनुसार, आप किसी भी रिलेशनशिप को यह साबित नहीं कर सकते कि वह ठीक से चल रहा है या नही। आप सभी मैसेज या फोन कॉल्स रिकॉर्ड नहीं कर सकते। सबसे बड़ी बात यह है कि आप यह कैसे साबित करोगे कि किसी ने धोखा या छल किया है या नहीं। ईगो की लड़ाई में पुरुष पार्टनर को हो रही जेल दिल्ली के साकेत कोर्ट में एडवोकेट शिवाजी शुक्ला बताते हैं कि सेक्शन 69 के तहत यह पहले ही मान लिया जाता है कि पुरुष ही आरोपी है। यह उस आरोपी का दायित्व हो जाता है कि वह खुद साबित करे कि वह निर्दोष है। बहुत सी महिलाएं ऐसी आती हैं, जब उनकी रिलेशनशिप खराब हो जाती है तो वह पुरुष पार्टनर को परेशान करने के लिए या अपने ईगो को शांत करने के लिए उस पर रेप का आरोप लगा देती हैं। नौकरी या प्रमोशन के झूठे वादे को शामिल करना ठीक नहीं एडवोकेट शिवाजी शुक्ला कहते हैं कि धारा 69 में नौकरी या प्रमोशन के झूठे वादे को शामिल करना ठीक नहीं है, क्योंकि शादी के वादे को प्रमोशन के वादे के साथ नहीं जोड़ा जा सकता। शादी का वादा प्यार और भरोसे पर टिका होता है। वहीं नौकरी या प्रमोशन एक तरह का फायदा लेना है। पहले क्या था नियम, अब क्यों हटाया गया अनिल सिंह श्रीनेत के अनुसार, भारतीय दंड संहिता (IPC), 1860 के तहत ‘धोखे से यौन संबंध’ के अपराध को परिभाषित नहीं किया गया था। हालांकि, उसकी धारा 90 कहती है कि यौन संबंध की वो सहमति अवैध मानी जाएगी जो तथ्य की गलतफहमी में दी गई है। यदि सहमति किसी व्यक्ति ने डर या दबाव में आकर दी है, तो वो भी मान्य नहीं होगी। ऐसे मामलों में आरोपियों पर धारा 375 (रेप) के तहत मुकदमा दर्ज होता था। उस वक्त शादी का झांसा देकर बनाए गए संबंधों को रेप की कैटेगरी में डाल दिया जाता था, जिसमें कठोर सजा होती है। आज लिवइन रिलेशनशिप या लड़के-लड़की के साथ रहने का चलन तेजी से बढ़ा है। ऐसे में आपसी सहमति से जब यौन संबंध बनाए जाते हैं तो उसे रेप की कैटेगरी में रखना ठीक नहीं था। कई मौकों पर अदालत कह चुकी है कि शादी का वादा करने का मतलब यह नहीं है कि कोई लड़की अपने पार्टनर के साथ संबंध बना ही ले। उसे तब भी इससे बचना चाहिए। बदले के लिए पुरुष पार्टनर पर लगा देती हैं आरोप एडवोकेट अनिल सिंह श्रीनेत कहते हैं कि कई बार निजी भड़ास निकालने के लिए, किसी बात का बदला लेने के लिए, मुआवजा हासिल करने के लिए भी रेप के झूठे आरोप लगाए जाते हैं। यह भी देखा गया है कि रिलेशनशिप खत्म होने पर भी पुरुष पार्टनर पर रेप का आरोप लगा दिया जाता है। परिवार के दबाव में भी लड़कियां रेप का आरोप लगा देती हैं। 2017 … Read more

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