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चांडक चौक ब्रिज पर इंदौर जा रही चलती ऐसी बस में लगी आग, मची अफरा तफरी

कटनी कटनी से इंदौर जाने बाली लग्जरी एसी बस मे सोमवार देर शाम लगभग 8:30 बजे चांडक चौक ओवर ब्रिज पर ड्राइवर सीट क़े ऊपर लगे बोर्ड मे शार्ट सर्किट से आग लग गयी। जानकारी के अनुसार न्यू लोक सेवा लग्जरी बस क्रमांक mp 09 dw 0928 जो की कटनी से इंदौर जा रही थी, तभी ओवर ब्रिज क़े ऊपर अचानक बस से धुआँ उठने लगा। जिससे यात्रियों मे हड़कंप और दहशत फैल गया। सभी यात्री जल्दी जल्दी बस से उतर गए। मोके पर यातायात पुलिस, कोतवाली पुलिस, फायर बिग्रेड का अमला पहुँच गया। आग पर काबू तो पा लिया गया लेकिन यात्री बस से जाने को तैयार नहीं हुए।

केन-बेतवा लिंक परियोजना से बदलेगी बुंदेलखंड क्षेत्र की तस्वीर और तकदीर

पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल जी के नदी जोड़ो अभियान का सपना म.प्र. की धरती पर हो रहा साकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी 25 दिसंबर को खजुराहो में केन-बेतवा लिंक परियोजना का करेंगे शिलान्यास बदलेगी बुंदेलखंड क्षेत्र की तस्वीर और तकदीर भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि देश की प्रथम केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना केन्द्र सरकार, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के मध्य परस्पर सहयोग एवं समन्वय का एक अनूठा उदाहरण है। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के नदी जोड़ो अभियान के सपने को साकार करने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बीड़ा उठाया है। बहुउद्देशीय और महत्वाकांक्षी केन-बेतवा लिंक परियोजना से मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के समूचे बुंदेलखंड क्षेत्र की तस्वीर और तकदीर बदलेगी। इस परियोजना से किसानों को जहां सिंचाई के लिए भरपूर जल उपलब्ध होगा, वहीं पेयजल और उद्योगों के लिए भी पर्याप्त पानी मिलेगा। क्षेत्र के आर्थिक, सामाजिक विकास के साथ ही पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। सूखाग्रस्त बुंदेलखंड क्षेत्र में भूजल की स्थिति भी सुधरेगी। मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश की तस्वीर और तकदीर बदलने वाली इस परियोजना का शिलान्यास करने प्रधानमंत्री मोदी 25 दिसंबर को छतरपुर जिले के खजुराहो आ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना, देश में भूमिगत दाबयुक्त पाइप सिंचाई प्रणाली अपनाने वाली सबसे बड़ी सिंचाई परियोजना है। यह परियोजना मध्यप्रदेश के छतरपुर और पन्ना जिले में केन नदी पर निर्मित की जा रही है। परियोजना के अंतर्गत पन्ना टाइगर रिजर्व में केन नदी पर 77 मीटर ऊँचाई एवं 2.13 किलोमीटर लंबाई के दौधन बांध एवं 2 टनल (अपर लेवल 1.9 कि.मी. एवं लोअर लेवल 1.1 कि.मी.) का निर्माण कर बांध में 2,853 मिलियन घन मीटर जल का भंडारण किया जायेगा। केन नदी पर दौधन बांध से 221 कि.मी. लंबी लिंक नहर के द्वारा दोनों राज्यों में सिंचाई एवं पेयजल की सुविधा प्रदाय करते हुये केन नदी के अधिशेष जल को बेतवा नदी में अंतरित किया जावेगा। परियोजना से दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के माध्यम से मध्यप्रदेश के 10 जिले पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, सागर, रायसेन, विदिशा, शिवपुरी एवं दतिया के 2 हजार ग्रामों में 8.11 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई हो सकेगी। इससे लगभग 7 लाख किसान परिवार लाभान्वित होंगे। केन- बेतवा परियोजना से उत्तरप्रदेश में 59 हज़ार हेक्टेयर क्षेत्र में वार्षिक सिंचाई सुविधा होगी एवं 1.92 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में मौजूदा सिंचाई का स्थिरीकरण (Stabilisation) किया जावेगा, जिससे उत्तरप्रदेश के महोबा, झांसी, ललितपुर एवं बांदा जिलों में सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी। परियोजना से मध्यप्रदेश की 44 लाख एवं उत्तरप्रदेशकी 21 लाख आबादी को पेयजल की सुविधा मिल सकेगी। साथ ही परियोजना से 103 मेगावाट जल विद्युत एवं 27 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन होगा। इसका सम्पूर्ण लाभ मध्यप्रदेश को प्राप्त होगा। परियोजना अंतर्गत विरासत में प्राप्त एतिहासिक चंदेल कालीन तालाबों को सहेजने का कार्य भी शामिल है। मध्यप्रदेश के छतरपुर, टीकमगढ़ एवं निवाड़ी जिलों में चंदेल कालीन 42 तालाबों का मरम्मत/जीर्णोधार किया जाकर वर्षाकाल में जल भराव होगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों को लाभ एवं भू-गर्भीय जलस्तर में बढ़ोत्तरी होगी। दौधन बांध के निर्माण से उत्तरप्रदेश के बांदा जिले को बाढ़ की विभीषिका से छुटकारा मिलेगा। दौधन जलाशय से पन्ना टाईगर रिजर्व में जंगली जानवरों को वर्षभर पेयजल मिलेगा एवं वन के पारिस्थितिकी-तंत्र में भी अभूतपूर्व सुधार होगा। मध्यप्रदेश की उदारवादी नीतियों के फलस्वरूप लगभग समस्त विस्थापितों द्वारा पुनर्वासन एवं पुनर्व्यस्थापन पैकेज को चुना गया है। परियोजना के निर्माण से कृषकों को उन्नत सिंचाई तकनीक से फसलों के उत्पादन में बढ़ोतरी के साथ उनके जीवन में समृद्धि और खुशहाली आएगी। साथ ही बुंदेलखंड भू-भाग में व्याप्त जल संकट से छुटकारा मिलेगा और रोजगार के लिए हो रहे पलायन पर भी रोक लगेगी। प्रदेश के सिंचाई रकबे में होगी अभूतपूर्व वृद्धि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की दो महत्वपूर्ण राष्ट्रीय परियोजनाओं केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजनाओं से प्रदेश के सिंचाई रकबे में अभूतपूर्व वृद्धि होगी। प्रदेश में सिंचाई का रकबा निरंतर बढ़ रहा है। वर्ष 2003 में जहां प्रदेश का सिंचाई रकबा लगभग 3 लाख हेक्टेयर था, आज बढ़कर लगभग 50 लाख हेक्टेयर हो गया है। प्रदेश की निर्मित और निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाओं से प्रदेश में वर्ष 2025-26 तक सिंचाई का रकबा लगभग 65 लाख हेक्टेयर होने की संभावना है। सरकार ने वर्ष 2028-29 तक प्रदेश की सिंचाई क्षमता 1 करोड़ हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए प्रदेश में तेज गति से कार्य किया जा रहा है। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने बताया कि राज्य सरकार ने जल संसाधन विभाग के लिए बजट में पर्याप्त राशि का प्रावधान किया है। वर्ष 2024-25 के बजट में सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण एवं संधारण के लिए 13,596 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है। केन-बेतवा लिंक परियोजना – प्रमुख बिंदु              प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में परियोजना के कियान्वयन के लिए मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री के मध्य 22 मार्च 2021 को त्रिपक्षीय सहमति ज्ञापन (MOA) हस्ताक्षरित किया गया।              परियोजना की लागत राशि 44 हजार 605 करोड़ रूपये है।              परियोजना का व्यय निर्धारण केन्द्र सरकार द्वारा 90 प्रतिशत एवं राज्य सरकार द्वारा 10 प्रतिशत के अनुपात में है।              परियोजना से 8.10 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी।              परियोजना से मध्यप्रदेश के 10 जिले छतरपुर, पन्ना, दमोह, टीकमगढ़, निवाडी, शिवपुरी, दतिया, रायसेन, विदिशा एवं सागर लाभान्वित होंगे।              02 हजार ग्रामों के लगभग 7 लाख 18 हजार किसान परिवार लाभान्वित होंगे।              10 जिलों की 44 लाख आबादी को पेयजल की सुविधा मिलेगी।              103 मेगावॉट विद्युत उत्पादन होगा।              सूखाग्रस्त बुंदेलखण्ड क्षेत्र में भूजल स्तर की स्थिति में सुधार, औद्योगीकरण, निवेश एवं पर्याटन को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। इससे स्थानीय स्तर पर लोगों में आत्मनिर्भरता आयेगी तथा लोगों का पलायन रूकेगा।  

कुम्हारी टोल प्लाजा बंद करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर नितिन गडकरी से मिले सांसद बृजमोहन अग्रवाल

रायपुर/ नई दिल्ली रायपुर-दुर्ग राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर स्थित कुम्हारी टोल प्लाजा को बंद करने समेत विभिन्न कार्यों को लेकर रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर  उन्हें ज्ञापन सौंपा। अग्रवाल ने बताया कि कुम्हारी टोल प्लाजा  वर्षों से संचालित है, अवधि पूर्ण हो जाने के बाद भी यह टोल प्लाजा अवैध रूप से संचालित हो रहा है, जिससे स्थानीय जनता को भारी असुविधा और जाम की समस्या का सामना करना पड़ता है,। इस कारण क्षेत्रवासियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने टोल प्लाजा को तत्काल बंद करने की मांग की।    बृजमोहन अग्रवाल ने रायपुर शहर की यातायात की समस्या और परिवहन के बुनियादी ढांचे की समस्याओं के समाधान के लिए माननीय गडकरी जी के सामने निम्नलिखित मांगे रखी, जिनमे 1. रिंग रोड नं. 01 (एनएच-53) के सर्विस रोड को 5 मीटर से बढ़ाकर 11 मीटर करना। 2.रायपुर रेलवे स्टेशन से नेशनल हाइवे 30 के जंक्शन तक बने एक्सप्रेस हाईवे को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को सौंपना।  3. एक्सप्रेस हाईवे पर राष्ट्रीय राजमार्ग 30 (शदाणी दरबार) के जंक्शन पर ग्रेड सेपरेटर का निर्माण।  4. भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे में अभनपुर-राजिम-गरियाबंद राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 130C के क्रॉसिंग पॉइंट पर इंटरचेंज सुविधा का निर्माण। 5. राष्ट्रीय राजमार्ग 30 (कमल विहार चौक) के जंक्शन पर ग्रेड सेपरेटर का निर्माण। सांसद अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद से रायपुर को राजधानी की तर्ज पर विकसित करना भाजपा सरकार की प्राथमिकता रही है। बढ़ती जनसंख्या और यातायात समस्याओं के चलते रायपुर में रोजाना तेलीबांधा रिंग रोड चौक जैसे स्थानों पर जाम की स्थिति बनती है। रिंग रोड के बाहर बन चुकी बड़ी कॉलोनियां, बाजार और व्यावसायिक परिसरों के कारण शहर की यातायात समस्या गंभीर हो गई है।   उन्होंने कहा कि विशाखापट्टनम और उड़ीसा की ओर जाने वाले मालवाहक और यात्री वाहनों के लिए एक्सप्रेसवे का निर्माण शहर के बाहर प्रवेश और निकासी की सुविधाएं प्रदान करेगा। इससे न केवल जाम और दुर्घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि स्थानीय निवासियों को राहत भी मिलेगी।   अग्रवाल ने नितिन गडकरी से आग्रह किया कि रायपुर को एक आधुनिक राजधानी के रूप में विकसित करने के लिए इन मांगों को शीघ्र स्वीकृति प्रदान की जाए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की केंद्रीय मंत्री चौहान से मुलाकात

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार की शाम केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की। इस अवसर पर उपस्थित उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और मध्यप्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने भी केंद्रीय मंत्री चौहान से भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सागर में आयोजित कार्यक्रम से लौटने के अवसर पर केंद्रीय मंत्री चौहान से भेंट कर उनका अभिवादन किया। केंद्रीय मंत्री चौहान के पुणे से लौटने पर राजकीय विमान तल पर मुलाकातों का यह संयोग हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी द्वारा सागर के कार्यक्रम में सहभागिता के लिए उनका आभार व्यक्त किया और उन्हें उत्तराखंड वापसी यात्रा के लिए विदाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इसके बाद विमान द्वारा नई दिल्ली रवाना हुए।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रमिकों की मृत्यु पर दु:ख व्यक्त किया, प्रभावित परिवार को आर्थिक सहायता देने के निर्देश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सीहोर जिले में बुधनी के निकट ग्राम सियागहन में निर्माणाधीन पुलिया की मिट्टी धसकने से तीन श्रमिकों की असामयिक मृत्यु पर दु:ख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगतों की आत्मा को शांति देने की प्रार्थना करते हुए शोकाकुल परिजन के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। बचाव दल ने एक घायल श्रमिक का रेस्क्यू किया और उचित उपचार के लिए नर्मदापुरम रेफर किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से मृतकों के परिजन को दो-दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि और घायल श्रमिक के बेहतर इलाज की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला प्रशासन सीहोर को नियमानुसार अतिरिक्त आर्थिक मदद करने के भी निर्देश दिए हैं।  

जनकल्याण पर्व पर एक लाख स्कूली विद्यार्थियों की होगी कैरियर काउंसलिंग

जनकल्याण पर्व पर एक लाख स्कूली विद्यार्थियों की होगी कैरियर काउंसलिंग शालाओं और छात्रावासों में हो रहा शिविरों का आयोजन भोपाल जनकल्याण पर्व पर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा विद्यार्थियों को कैरियर काउंसलिंग दी जा रही है। राज्य में 26 दिसम्बर तक चलने वाले इस अभियान में एक लाख विद्यार्थियों की कैरियर काउंसलिंग की जायेगी। इस अभियान में 100 कैरियर काउंसलर और 150 मास्टर ट्रैनर विद्यार्थियों को पढ़ाई के बाद कैरियर के चयन संबंधी परामर्श दे रहे हैं। कैरियर काउंसिल शिविर पीएमस्कूल, शासकीय हाई और हायर सेकेण्डरी स्कूल और छात्रावासों में आयोजित हो रहे हैं। कैरियर काउंसिल शिविर विद्यार्थियों को कौशल आधारित रोजगार, उच्च शिक्षा के विकल्प, विदेश में पढ़ाई और प्रतियोगी परिक्षाओं की तैयारियों के संबंध में विशेष रूप से परामर्श दिया जा रहा है। विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी समस्याओं का समाधान भी किया जा रहा है।  

BGMI सीरीज 2025 के रजिस्ट्रेशन 3 जनवरी से होंगे शुरू

इंदौर. बैटलग्राउंड्स मोबाइल इंडिया (BGMI) की लोकप्रियता भारत में काफी है। क्राफ्टन यूजर्स के गेमिंग अनुभव को और भी मजेदार बनाने के लिए लगातार नए फीचर्स और इवेंट्स पेश करता रहा है। क्राफ्टन इंडिया ने 2025 के पहले हाफ के लिए अपने ईस्पोर्ट्स रोडमैप की घोषणा की है। बैटलग्राउंड्स मोबाइल इंडिया सीरीज 2025 (BGMIS) में रजिस्ट्रेशन करके अच्छा इनाम जीतने का मौका है। BGMIS 2025 के लिए रजिस्ट्रेशन की शुरुआत 3 जनवरी से BGMIS 2025 में रजिस्ट्रेशन करने का मौका मिलेगा। बैटलग्राउंड्स मोबाइल इंडिया सीरीज के चौथा सीजन में जीतने वाले खिलाड़ियों को कुल 2 करोड़ रुपये तक का इनाम मिलेगा। क्राफ्टन BGIS 2024 के लिए कोलकाता में एक LAN इवेंट भी आयोजित करेगा, जिसमें नई घोषणाओं हो सकती हैं। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया BGMIS 2025 में भाग लेने के लिए रजिस्ट्रेशन करना बेहद आसान है। इसके लिए क्राफ्टन इंडिया की ईस्पोर्ट्स वेबसाइट पर जाना होगा, जहां अपकमिंग इवेंट्स के लिए साइनअप का विकल्प उपलब्ध होगा। पिछले टूर्नामेंट में प्रसिद्ध यूट्यूबर स्काउट की टीम XSpark ने जीत हासिल की थी। अन्य इवेंट्स और राइजिंग स्टार कार्यक्रम BGMIS 2025 के अलावा, क्राफ्टन आने वाले समय में कुछ और नए इवेंट्स भी आयोजित कर सकता है। इनमें ‘राइजिंग स्टार’ कार्यक्रम और कॉलेज कैंपस टूर शामिल हैं, जो 2025 से शुरू होने वाला है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारत के विभिन्न कॉलेजों से जुड़ना है। IIT दिल्ली और IIT कानपुर जैसे प्रतिष्ठित संस्थान पहले ही इस टूर में शामिल हो चुके हैं। कुकी रन इंडिया – नया गेम लॉन्च क्राफ्टन ने हाल ही में ‘कुकी रन इंडिया’ नामक एक नया गेम भी लॉन्च किया है। इस गेम में भारतीय मिठाइयों जैसे गुलाब जामुन और काजू कतली के कैरेक्टर्स शामिल किए हैं। गेमिंग अनुभव को और भी मजेदार बनाने के लिए इसमें कई अनूठे एलिमेंट्स और लोकल इन-गेम इवेंट्स भी हैं। यह गेम एपल ऐप स्टोर और गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। इसके 10 लाख से ज्यादा प्री-रजिस्ट्रेशन पहले ही हो चुके हैं।

देश टीबी उन्मूलन के लिये संकल्पबद्ध : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में देश टीवी उन्मूलन के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने 100 दिवसीय निक्षय भारत अभियान के तहत टीबी उन्मूलन के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए गरोठ में पदस्थ लैब टेक्नीशियन विमल मीणा के अपने पिता की तेरहवीं पर 10 फूड बास्केट टीबी रोगियों को वितरित करने के कार्य की सराहना की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि यह पहल समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का एक अद्वितीय उदाहरण है। ऐसे कार्य न केवल टीबी उन्मूलन के प्रति जागरूकता को बढ़ाते हैं, साथ ही यह विश्वास दिलाते हैं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर सारा देश टीबी उन्मूलन के लिए संकल्पबद्ध है। हम निश्चित रूप से 2025 तक भारत और मध्यप्रदेश को टीबी मुक्त बनायेंगे।  

फिल्म निर्देशक श्याम बेनेगल गंभीर विषयों को कलात्मक ढंग से करते थे प्रस्तुत: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

फिल्म निर्देशक श्याम बेनेगल गंभीर विषयों को कलात्मक ढंग से करते थे प्रस्तुत: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने निर्देशक बेनेगल के निधन पर किया शोक व्यक्त भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारतीय सिनेमा के दिग्गज निर्देशक और फिल्मकार पद्म विभूषण से सम्मानित श्याम बेनेगल के निधन पर शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बेनेगल के निधन से भारतीय सिनेमा जगत की बड़ी क्षति हुई है। श्याम बेनेगल ने समानंतर सिनेमा के माध्यम से फिल्म जगत में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उनकी फिल्में गंभीर विषयों को कलात्मक ढंग से प्रस्तुत करती थीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगत श्याम बेनेगल की आत्मा की शांति और परिजन एवं प्रशंसकों को सहने की सामर्थ्य देने की प्रार्थना की है।  

उज्ज्वला योजना में 24 लाख लाड़ली बहनों के खातों में 26 करोड़ की राशि अंतरित: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

केन-बेतवा लिंक परियोजना से बुन्देलखंड की तस्वीर और तकदीर बदलेगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सागर की भूमि और यहां के लोगों का मेरे जीवन में विशेष स्थान: उत्तराखंड मुख्यमंत्री धामी उज्ज्वला योजना में 24 लाख लाड़ली बहनों के खातों में 26 करोड़ की राशि अंतरित लाखा बंजारा झील जीर्णोंद्धार एवं पुनर्विकास, निगम के नए भवन सहित 642 करोड़ के विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन गौरझामर नगर परिषद, बंडा बरा नगर पंचायत और नरयावली नगर पंचायत होगी सागर में कैंसर अस्पताल एवं विधि संकाय होगा शुरु मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सागर के गौरव दिवस पर दीं शुभकामनाएँ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सागर के गौरव दिवस एवं जनकल्याण पर्व पर कहा है कि सागर में कैंसर अस्पताल एवं रानी अवंतीबाई विश्वविद्यालय में विधि संकाय शुरु होगा। बुधवार 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती पर शुरु होने जा रही केन-बेतवा लिंक परियोजना से बुन्देलखंड की तस्वीर और तकदीर बदलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सागर का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने वालीं विभूतियों को सम्मानित करने पर प्रसन्नता जताई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाखा बंजारा ने यहाँ झील का निर्माण कर लोगों को पेयजल की समस्या से निजात दिलायी। उनके यह महान कार्य सदा स्मरणीय हैं। मैं उनकी इस महानता को नमन करता हूँ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सागर के गौरव दिवस एवं जनकल्याण पर्व पर नागरिकों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी। इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महाराजा छत्रसाल और आल्हा-ऊदल के शौर्य और बलिदान के लिए यह बुंदेलखंड की धरा जानी जाती है। अब बुंदेलखंड क्षेत्र का नया इतिहास लिखा जाएगा जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 25 दिसम्बर को छतरपुर जिले के खजुराहो में भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी की नदी जोड़ने की परिकल्पना को साकार करने के लिए केन-बेतवा लिंक परियोजना का भूमिपूजन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में मौजूद जनसमुदाय को मुट्ठी बांधकर परियोजना के भूमि-पूजन कार्यक्रम में आने का संकल्प दिलाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गौरझामर नगर परिषद, बंडा बरा नगर पंचायत, नरयावली नगर पंचायत का दर्जा देने की घोषणा भी की। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा सरकार द्वारा सागर के विकास के लिए कायाकल्प के कई कार्य किए गए हैं जिसमें लाखा बंजारा झील का जीर्णोद्धार, पुनर्विकास एवं सौंदर्यीकरण का कार्य भी शामिल है। इससे सागर शहर का जल स्तर संतुलित बना रहेगा। मुख्यमंत्री डॉं यादव और उनकी पूरी टीम ने प्रदेश के विकास को एक नई दिशा प्रदान की। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आज यहां 100 करोड़ रूपये से भी ज्यादा की विकास योजनाओं का पुनर्विकास और सौंदर्यीकरण कार्य पूरा हो रहा हैं। इन सभी कार्यों से डॉ. यादव की सरकार ने अपने पहले ही वर्ष में मध्य प्रदेश के उज्जवल भविष्य की मजबूत नीव स्थापित कर ली है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आने वाले अपने आगामी कार्यकाल में डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश और तेजी से विकास करेगा। मुख्यमंत्री धामी ने कहा जब मुझे मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ कार्यक्रम में सम्मिलित होने का निमंत्रण प्राप्त हुआ तो मेरे मन में सागर में बिताए मेरे बचपन के दिन याद आ गए। यहां की अनेक स्मृतियां मेने मन में है, आज वे सारी यादें ताजा हो गई। उन्होंने कहा मैं अपने पैतृक स्थान पर आया हूं। सागर मेरे लिए केवल एक शहर नहीं बल्कि मेरे जीवन का एक अविभाज्य हिस्सा हैं। मेरे पिताजी यहाँ महार रेजीमेंट में पदस्थ थे और उस दौरान उनकी पोस्टिंग सागर में थी। इस भूमि से मेरा अटूट रिश्ता रहेगा। मुख्यमंत्री धामी ने कहा आज पूरे देश में डबल इंजन की सरकार है, जो बहुत तेजी से विकास कर रही हैं। विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि सागर के गौरव दिवस उपलक्ष्य पर यहां दो मुख्यमंत्रियों की उपस्थिति सागर के गौरव को और बढ़ा रही है। इस भूमि के सच्चे सपूत डॉ. सर हरिसिंह गौर का योगदान इस क्षण को और अधिक महत्वपूर्ण बना देता है। यह उनके योगदान और गौरवशाली इतिहास को याद करने का पल है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा सागर की पहचान “लाखा बंजारा झील” का वर्तमान स्वरूप सागरवासियों का दिल हर्ष से भर देता है। पहले यह झील अपेक्षाकृत रूप से उपेक्षित थी, जिसे राज्य सरकार ने विकास कार्यों की सौगात देते हुए झील का सौंदर्यीकरण और पुनरुद्धार कराया। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से सागर संभाग के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में कैंसर डिपार्टमेंट खोलने, महिला रोग चिकित्सकों की नियुक्ति और हेड इंजुरी के संबंध में न्यूरो सर्जरी डिपार्टमेंट खोले जाने की मांगे रखी। विधायक एवं पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि सागर शहर को पहले लोग बड़ा कस्बा कहा करते थे। स्मार्ट सिटी योजना से यहां कई विकास कार्य हुए और सागर सहित समूचे बुंदेलखंड को नई दिशा मिली है। इस क्षेत्र में पहले फोरलेन रोड नहीं थी अब नये-नये पहुंच मार्ग बना रहे हैं, रेल लाइनें बिछ रहीं हैं। शिक्षा, चिकित्सा के क्षेत्र में लगातार विकास कार्य किये गए हैं। इस अवसर पर विधायक एवं पूर्व मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2016 में स्मार्ट सिटी मिशन की शुरूआत की। उस समय मध्यप्रदेश की 7 स्मार्ट सिटी का चयन किया गया, जिसमें सागर भी शामिल था। इसमें सागर को स्मार्ट सिटी के लिए एक हजार करोड़ रुपए मिले थे। स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत एलिवेटेड कोरिडोर बनाया गया और भी बहुत से विकास के कार्य किये गए। सिंह ने कहा 20 साल के दौरान सरकार ने विकास की अनेक सौगातें दी हैं। विधायक शैलेंद्र जैन ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि सागरवासियों को मुख्यमंत्री डॉ. यादव के पिछले एक वर्ष के नेतृत्व में विकास कार्यों की अनेक सौगात मिलीं हैं। आज हम सभी अभिभूत हैं और उनका नागरिक अभिनंदन करते हैं। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री एवं सागर के प्रभारी मंत्री राजेन्द्र शुक्ल सहित विधायकगण, जन-प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे। नगर निगम महापौर श्रीमती संगीता सुशील तिवारी ने आभार व्यक्त किया। सागर की विभूतियों का गौरव दिवसपर किया गया सम्मानित सागर … Read more

मंत्री पटेल बोले महाकुंभ भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना का स्पंदन

लखनऊ योगी सरकार की ओर से प्रयागराज महाकुंभ 2025 के प्रचार अभियान के तहत त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में भव्य रोड शो का आयोजन किया गया. इस विशेष कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों और सांस्कृतिक समूहों ने भाग लिया. ये रोड शो भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक परंपराओं और महाकुंभ 2025 के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने का एक प्रभावशाली माध्यम बना. उत्तर प्रदेश के प्राविधिक शिक्षा एवं उपभोक्ता मामले मंत्री आशीष पटेल और व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कार्यक्रम का नेतृत्व किया और महाकुंभ 2025 के महत्व एवं तैयारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा और मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 13 जनवरी से 26 फरवरी 2025 तक मां गंगा, यमुना और सरस्वती के पावन संगम तट पर प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन हो रहा है. मंत्री आशीष पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि महाकुंभ भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना का स्पंदन है. यह आयोजन न केवल धर्म और संस्कृति को पुनर्स्थापित करता है, बल्कि ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को भी सशक्त करता है. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार इस आयोजन को दिव्य, भव्य और अद्वितीय बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. वहीं मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने महाकुंभ को भारतीय सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह आयोजन न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान है, बल्कि सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक जागरूकता का भी द्योतक है. दोनों मंत्रियों ने त्रिपुरा के नागरिकों को महाकुंभ में भाग लेने का आमंत्रण दिया. महाकुंभ 2025 का आयोजन 13 जनवरी से 26 फरवरी के बीच प्रयागराज में होगा. यह आयोजन विश्व का सबसे बड़ा आध्यात्मिक समागम होगा, जिसमें लगभग 45 करोड़ तीर्थयात्रियों, साधु-संतों और कल्पवासियों के आने की संभावना है. इसे दिव्य और भव्य बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष तैयारियां की है. इस बार महाकुंभ को डिजिटल बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं, जैसे कि महाकुंभ की वेबसाइट, मोबाइल ऐप और 11 भाषाओं में एआई आधारित चैटबॉट, इसके अलावा, डिजिटल खोया-पाया केंद्र, आईसीटी आधारित निगरानी और गूगल मैप इंटीग्रेशन जैसे अत्याधुनिक तकनीकों का भी उपयोग किया जाएगा. 1500 गंगा सेवकों की तैनाती महाकुंभ 2025 को स्वच्छ, हरित और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं. पूरे मेला क्षेत्र में डेढ़ लाख से ज्यादा शौचालय, 5,000 यूरिनल और 1,500 गंगा सेवकों की तैनाती की गई है. सिंगल-यूज प्लास्टिक को प्रतिबंधित करते हुए मेला क्षेत्र में पर्यावरणीय जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं. साथ ही, शहर को हरियाली से भरने के लिए तीन लाख से ज्यादा पौधों का रोपण किया गया है. सरकार ने इन पौधों के संरक्षण के लिए दीर्घकालिक योजना भी बनाई है. महाकुंभ के दौरान तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं. पूरे मेला क्षेत्र को सात स्तरीय सुरक्षा चक्र में बांटा गया है. सुरक्षा के लिए 2,750 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित निगरानी प्रणाली से जुड़े होंगे. स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए परेड ग्राउंड में 100 बेड का अस्पताल बनाया गया है. इसके अलावा, 10-10 बेड के कई अन्य अस्पताल और आईसीयू की व्यवस्था की गई है. अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों, नर्सों और चिकित्सा स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित की गई है. सांस्कृतिक गौरव को किया जा रहा पुनर्जीवित महाकुंभ 2025 के माध्यम से प्रयागराज के सांस्कृतिक गौरव को पुनर्जीवित किया जा रहा है. शहर के ऐतिहासिक मंदिरों जैसे नागवासुकी मंदिर, द्वादश माधव मंदिर और अलोपशंकरी मंदिर का जीर्णोद्धार किया गया है। इसके अलावा, अक्षयवट, पातालपुरी और भारद्वाज मंदिर जैसे स्थलों को भी संरक्षित और सुसज्जित किया गया है. ‘पेंट माई सिटी’ अभियान के तहत शहर को 35 लाख वर्गफुट से ज्यादा क्षेत्र में वॉल पेंटिंग से सजाया गया है, जिससे प्रयागराज का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व और भी निखर कर सामने आया है. महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए 101 स्मार्ट पार्किंग स्थलों का निर्माण किया गया है. ये पार्किंग स्थल हर दिन पांच लाख वाहनों को समायोजित कर सकेंगे. 1,249 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन और 56,000 कनेक्शनों के माध्यम से पूरे मेला क्षेत्र में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है.

शहर में बिजली मरम्मत पूरी तरह ठप, पेड़ बन गए बिजली के खंभे

बिलासपुर शहर में बिजली मरम्मत पूरी तरह ठप पड़ी हुई है। बिजली वितरण कंपनी न तो लटकते तार को ठीक कर रही है और न ही तार के संपर्क में आने वाले वृक्षों की छंटाई कर रही है। अधिकांश बिजली के खंभे को पत्तियां और बेल इस तरह जकड़ चुके हैं कि वह खंभे कम वृक्ष ज्यादा नजर आते हैं। इसके चलते ही खंभे में आए दिन बिजली की तकनीकी खराबी आती है और लोगों को घंटो परेशान होना पड़ता है। शहर में बिजली सप्लाई व्यवस्था कितनी बदत्तर है, यह किसी को बताने की जरूरत नहीं है। ऐसा कोई दिन नहीं जब सप्लाई बंद की समस्या से उपभोक्ता न जूझते हों। पहले ठंड के सीजन में कम से कम राहत रहती थी। लेकिन, इस बार इस सीजन में भी समस्याओं ये दो-चार होना पड़ रहा है। हालत यह है कि आम उपभोक्ता के सामने बिजली समस्या की बात भी निकल जाए तो वे आग बबूला हो जाते हैं। वे कंपनी को खूब कोसते भी नजर आते हैं। उनकी नाराजगी जायज भी है। हर माह पूरा बिजली बिल भुगतान करने के बाद यदि बेहतर सुविधा नहीं मिलेगी तो इस तरह की नाराजगी होना जाहिर है। बिजली की समस्या से जूझ रहे लोग शहरवासी सालभर से बिजली बंद की समस्या से जूझ रहे हैं। इसके पीछे की प्रमुख वजह कंपनी के अधिकारी हैं, जो कभी स्टाफ की कमी तो कभी संसाधन का अभाव बताते हैं। ऐसे कई बहाने कंपनी के पास हैं, जिसका हवाला उपभोक्ताओं को दिया जाता है। जबकि हकीकत यह है कि कंपनी मेंटेनेंस ही नहीं करती। इसका जीता- जागता उदाहरण बिजली खंभे की अव्यवस्था है। शहर के किसी भी हिस्से में चले जाइए, वहां के खंभों की हालत यह है कि वह लोहे के खंभे कम और वृक्ष अधिक नजर आते हैं। कंपनी को इतनी फुर्सत नहीं है कि इन वृक्षों को जकड़े बेल या पत्तियों की सफाई कराए। बेल, पत्तियां तार व अन्य उपकरणों को इस कदर जकड़ चुके हैं कि इसकी वजह से आए दिन चिंगारी उठती है तो फिर कई बार जंपर कटने के अलावा तार टूटने के कारण क्षेत्र में बिजली बंद हो जाती है। आग लगने की घटनाएं तो आम बात हो गई है। दौरा न निरीक्षण, चेंबर में बैठकर नौकरी कर रहे उच्चाधिकारी जिन क्षेत्रों में अव्यवस्था है, वहां के उपभोक्ता हमेशा इसकी शिकायत भी करते हैं। लेकिन, मैदानी अमला मेंटेनेंस के नाम पर केवल औपचारिकता पूरी करता है। उच्चाधिकारी को तो निरीक्षण करने के तक फुर्सत नहीं है। अधिकारियों की अनदेखी के कारण ही मैदानी अमला भी उपभोक्ताओं की इस जटिल समस्या को नजरअंदाज कर देते हैं। गेट, तो कहीं बिजली तार की तरह आ रहे नजर मिशन अस्पताल रोड में सड़क के ऊपर से गुजरे तार को बेल ने जकड़ लिया है। पत्तियां पूरी तरह सूख चुकी हैं। दूर से यह गेट की तरह नजर आते हैं। सरकंडा उद्यानिक विभाग के सामने तो तार को देखकर हैरान हो जाएंगे। मेन लाइन के तीनों तार पर बेल फैल गई है। यह तार कम और बेल अधिक नजर आते हैं। यह अव्यवस्था हर जगह है। इससे साफ जाहिर है कि बिजली कंपनी मेंटेनेंस के नाम पर केवल औपचारिकता ही पूरी करती है।

अप्रैल 2024 में रद्द करने के बाद फिर से लागू बेस्ट ऑफ फाइव योजना

भोपाल एमपी बोर्ड की बेस्ट ऑफ फाइव योजना को फिर से लागू कर दिया गया है। इसके तहत 10वीं बोर्ड के छह प्रश्नपत्रों में से पांच में पास होने वाले परीक्षार्थी पास माने जाएंगे। अप्रैल 2024 में स्कूल शिक्षा विभाग ने एक अधिसूचना जारी कर इसे रद्द कर दिया था। क्या है बेस्ट ऑफ फाइव योजना यह योजना छात्रों को 10वीं बोर्ड परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन और सफलता की अधिक संभावना प्रदान करने के लिए लागू की गई है। इसके तहत, यदि छात्र छह अनिवार्य प्रश्नपत्रों में से किसी पांच में पास हो जाता है, तो उसे पास माना जाएगा। यह नियम परीक्षा के तनाव को कम करने और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर बनाया गया है। कैसे काम करती है योजना     10वीं कक्षा के लिए एमपी बोर्ड के अंतर्गत 6 अनिवार्य विषयों की परीक्षा होती है।     छात्रों को इनमें से पांच विषयों में न्यूनतम पासिंग मार्क्स (आमतौर पर 33%) लाने होंगे।     यदि किसी छात्र का एक विषय कमजोर रहता है, तो वह अन्य पांच विषयों में अच्छे अंक लाकर पास हो सकता है। छात्रों पर पढ़ाई का दबाव कम होता है     जिन छात्रों का एक विषय कमजोर हो, उन्हें फेल नहीं किया जाता।     छात्रों को अपनी ताकत के अनुसार प्रदर्शन करने का मौका मिलता है। अप्रैल 2024 में रद्द होने और पुनः लागू होने का कारण अप्रैल 2024 में इसे रद्द करने के पीछे उद्देश्य छात्रों को सभी विषयों में समान रूप से ध्यान देने के लिए प्रेरित करना था। हालांकि, व्यापक जनहित और छात्रों की मांग को देखते हुए इसे फिर से लागू किया गया है। कौन से छात्र होंगे लाभान्वित यह योजना विशेष रूप से उन छात्रों के लिए लाभकारी है जो किसी एक विषय में कमजोर हैं लेकिन अन्य विषयों में अच्छा प्रदर्शन करते हैं। यह योजना न केवल छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ाती है, बल्कि उनके मानसिक तनाव को भी कम करती है, जिससे वे परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं

नगरीय निकाय चुनाव के दो श्रेणियों में बांटे गए चुनाव चिह्न

रायपुर प्रदेश में महापौर, नगर पालिकाध्यक्ष और वार्ड के चुनाव लड़ने वाले निर्दलीय प्रत्याशियों के लिए चुनाव चिह्न निर्धारित कर दिए गए हैं। इन प्रत्याशियों को कांच का गिलास, ट्यूबलाइट, अंगूठी, सेव, बाल्टी और कुआं जैसे चिह्न मिलेंगे। वहीं, पालिका अध्यक्ष और पार्षदों को सिलाई मशीन, गुब्बारा, बिस्किट, फूल गोभी और डिश एंटीना जैसे चिह्नों पर चुनाव लड़ना होगा। प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव की तिथि अभी तक घोषित नहीं हुई है। जनवरी में संभावित चुनाव को टाले जाने की चर्चा तेज है। मगर, राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग की ओर से तैयारियां की जा रही हैं। प्रदेश में निकाय चुनाव दलीय आधार पर होते हैं। कांग्रेस और भाजपा जैसे राष्ट्रीय दलों और क्षेत्रीय दलों को उनके निर्धारित चुनाव चिह्न मिलेंगे, जबकि निर्दलीय उम्मीदवारों को मान्यता प्राप्त दलों से अलग चिह्न दिए जाएंगे। केंद्रीय निर्वाचन आयोग के निर्देश पर चुनाव चिह्नों को अपडेट किया गया है। बताया जा रहा है कि इस बार बीजेपी युवा नेताओं पर दांव लगाने की तैयारी में है। दो श्रेणियों में बांटे गए चिह्न राज्य निर्वाचन आयोग ने महापौर, नगर पालिका और नगर पंचायतों के पार्षदों के लिए चुनाव चिह्न को दो श्रेणियों में बांटा है। पहली श्रेणी में 50 और दूसरे श्रेणी में 40 चिह्न निर्धारित किए गए हैं। महापौर, नगरपालिका व नगर पंचायत अध्यक्ष के लिए प्रतीक स्लेट, कांच का गिलास, ट्यूबलाइट, स्टूल, रोड रोलर, सीटी, प्रेशर कुकर, गले की टाई, बेंच, अंगूठी, गैस सिलेंडर, हारमोनियम, डीजल पंप, चक्की, मेज, सेव, केतली, फ्राक, बाल्टी, द्वार घंटी, कुंआ, आटो रिक्शा, फलों से युक्त टोकरी, एयर कंडीशनर, केक, चिमनी, हीरा, बांसुरी, अंगूर, माइक, मटर, सोफा, भाला फेंक, ट्रक, टायर, छड़ी, बटुआ, खिड़की, ईंट, कैलकुलेटर, कारपेट, शतरंज बोर्ड, लैपटाप, कैरमबोर्ड, आइसक्रीम, पेट्रोल पंप, रेफ्रीजरेटर, रूम हीटर, सीसीटीवी कैमरा। निगम, नगरपालिका व नगर पंचायत के पार्षद के लिए प्रतीक सिलाई मशीन, ब्लैकबोर्ड, टेलीफोन, लैटर बाक्स, अलमारी, गुब्बारा, बल्ला, मोतियों का हार, साइकिल पंप, कोट, नारियल फार्म, चारपाई, कटहल, बिस्किट, कैमरा, फूलगोभी, डिशएंटीना, बिजली का खंभा, गैस चूल्हा, हाथगाड़ी, तकिया, हांडी, आरी, स्कूल बैग, पानी का जहाज, झूला, चिमटा, तरबूज, हेलमेट, कंप्यूटर, टेंट, मिक्सी, रूम कूलर, टीवी रिमोट और टेलीविजन। ऐसे मामलों में अब पहले देनी होगी लिखित सूचना प्रदेश अब महापौर और नगर पालिका व पंचायत अध्यक्षों का चुनाव जनता करेगी। कैबिनेट के फैसले के बाद विधानसभा में भी इस पर मुहर लग चुकी है। इस विधेयक के लागू होने से अब महापौर या अध्यक्षों को वापस बुलाने का प्रविधान हटा दिया गया है। इसके अंतर्गत पार्षदों की ओर से लिखित सूचना के बाद अविश्वास प्रस्ताव के माध्यम से महापौर व अध्यक्षों को हटाया जा सकता था। निर्वाचक नामवली में प्रत्येक तिमाही जुड़ेगा नाम प्रदेश के युवाओं को निर्वाचक नामावली में नाम जुड़वाने के लिए एक वर्ष का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। नए मतदाता का प्रत्येक तिमाही में नाम जुड़ेगा। एक जनवरी, एक अप्रैल, एक जुलाई और एक अक्टूबर को 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर मतदाता निर्वाचक नामावली में नाम जुड़वा सकते हैं।

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