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प्राथमिकता सेक्टर को प्राथमिकता से ऋण उपलब्ध कराएं – कलेक्टर सोमवंशी

सीधी  कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में कलेक्टर द्वारा स्वरोजगार योजनाओं के लक्ष्यों की विभागवार विस्तृत समीक्षा की गई। साथ ही जिले के सीडी रेशियो की भी समीक्षा की गई।       कलेक्टर द्वारा जिले के सीडी रेशियो में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसमें वृद्धि के लिए प्रयास करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि जिले के विकास में बैंकों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। बैंक जिले में जितनी अधिक आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करते हैं उतनी ही तेजी से आर्थिक क्षेत्र में विकास होता है। कलेक्टर ने कहा कि सीधी जिले के परिवेश को दृष्टिगत रखते हुए प्राथमिकता सेक्टर को प्राथमिकता पर ऋण उपलब्ध कराएं।     कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों तथा बैंकर्स को आपसी समन्वय स्थापित कर स्वरोजगार योजनाओं के शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने कहा कि ऐसे सभी प्रकरण जो स्वीकृत हैं उन्हे प्राथमिकता पर ऋण का वितरण किया जाना सुनिश्चित करायें। कलेक्टर ने कहा कि स्वरोजगार योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में हितग्राहियों को किसी भी प्रकार की कठिनाई या भटकाव नहीं होना चाहिए। कलेक्टर ने कहा कि जिन प्रकरणों का निराकरण समय सीमा में नहीं हुआ है उसमें स्पष्ट रूप से कारण लिखकर जानकारी से अवगत कराए। सभी विभाग प्रमुख बैंकर्स के साथ बैठकर निर्धारित समय मंगलवार को 3 बजे जाकर प्रकरणों का निराकरण करें। कलेक्टर ने कहा कि जनकल्याण पर्व और सुशासन सप्ताह में बैंकर्स ज्यादा से ज्यादा प्रकरणों का निराकरण करें।     बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अंशुमन राज, लीड बैंक मैनेजर बृजेश श्रीवास्तव, आरबीआई के श्रवण एस तथा नाबार्ड के जी डी गोपेस सहित संबंधित विभागीय अधिकारी एवं बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। 01 जनवरी 2025 से बैंकों में 10 से 04 बजे तक वित्तीय लेन-देन का कार्य किया जाएगा।

गुवाहाटी का बहुचर्चित घोटाला, मास्टरमाइंड Khusdeep Bansal पर गंभीर आरोप

गुवाहाटी गुवाहाटी में हाल ही में सामने आए एक बहुचर्चित आर्थिक घोटाले ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। इस मामले का मुख्य मास्टरमाइंड खुसदीप बंसल को बताया जा रहा है, जो आरोपों के केंद्र में हैं। उनके साथ, इस आपराधिक षड्यंत्र में प्रमुख भूमिका निभाने वाले परथा भारद्वाज को अदालत ने आज जमानत देने से इनकार कर दिया। मामले की पृष्ठभूमि यह मामला पी.आर. केस नंबर 2252/2024 के तहत दर्ज है। मामले की जांच में पाया गया कि खुसदीप बंसल और उनके साथी, परथा भारद्वाज, ने करोड़ों रुपये की ठगी और जालसाजी के जरिए सैकड़ों लोगों को धोखा दिया। यह घोटाला सिर्फ एक राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के कई हिस्सों में फैला हुआ है। आरोपों की गंभीरता आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 120(B) (आपराधिक षड्यंत्र), 406 (आपराधिक विश्वासघात), 418 (धोखा देकर नुकसान पहुंचाना), 419 (प्रतिरूपण), 420 (धोखाधड़ी), 465 (जालसाजी), 467 (महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जालसाजी), 468 (धोखाधड़ी के इरादे से जालसाजी), और 471 (जाली दस्तावेजों का उपयोग) के तहत आरोप लगाए गए हैं। अभियोजन पक्ष का कहना है कि इस मामले में साजिश की गहराई और आर्थिक नुकसान का स्तर इतना बड़ा है कि इसे साधारण अपराध नहीं माना जा सकता। खुसदीप बंसल: मास्टरमाइंड की भूमिका जांच के दौरान पता चला कि खुसदीप बंसल ने एक सुव्यवस्थित नेटवर्क बनाया, जिसमें नकली दस्तावेज़, फर्जी कंपनियां और जालसाजी के अन्य तरीकों का उपयोग किया गया। इस नेटवर्क का मुख्य उद्देश्य भोले-भाले निवेशकों और व्यवसायियों को धोखा देना था। बंसल ने अपने संपर्कों और प्रभाव का उपयोग करके कई सरकारी और गैर-सरकारी परियोजनाओं में निवेश के नाम पर भारी धनराशि इकट्ठा की। उनके खिलाफ दर्ज शिकायतों के अनुसार, इस पूरे घोटाले की योजना और क्रियान्वयन उनकी निगरानी में हुआ। परथा भारद्वाज की संलिप्तता परथा भारद्वाज, जिन्हें इस घोटाले में खुसदीप बंसल का दाहिना हाथ माना जाता है, पर आरोप है कि उन्होंने जाली दस्तावेज तैयार करने, गवाहों को डराने और धन के लेन-देन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अदालत ने आज उनकी जमानत याचिका को खारिज करते हुए कहा कि उनके खिलाफ लगे आरोप बेहद गंभीर हैं। अदालत की टिप्पणी मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने कहा, “आर्थिक अपराधों को गंभीरता से लेना जरूरी है। ये अपराध न केवल व्यक्तिगत धन हानि पहुंचाते हैं बल्कि देश की आर्थिक स्थिति को भी कमजोर करते हैं।” अभियोजन पक्ष ने अदालत में तर्क दिया कि खुसदीप बंसल और परथा भारद्वाज जैसे अपराधी अगर जमानत पर बाहर आते हैं, तो वे गवाहों को डराने और सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने की पूरी कोशिश करेंगे। जमानत याचिका पर सुनवाई अदालत में अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष के बीच लंबी बहस हुई। अभियोजन पक्ष ने कई सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए यह स्थापित किया कि इस तरह के मामलों में जमानत देना न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि परथा भारद्वाज को स्वास्थ्य कारणों से जमानत दी जानी चाहिए, लेकिन अदालत ने इसे अस्वीकार करते हुए कहा कि जेल प्रशासन उनकी चिकित्सा आवश्यकताओं का ध्यान रखेगा। जांच की दिशा अभी तक की जांच में यह सामने आया है कि खुसदीप बंसल और उनके नेटवर्क ने सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देकर फर्जी दस्तावेजों को वैध ठहराने की कोशिश की। साथ ही, बंसल के विदेशी खातों की भी जांच की जा रही है, जहां घोटाले की धनराशि स्थानांतरित की गई हो सकती है। अगली सुनवाई की तारीख इस मामले की अगली सुनवाई 2 जनवरी 2025 को निर्धारित की गई है। अदालत ने अभियोजन पक्ष को निर्देश दिया है कि वे जांच में तेजी लाएं और सभी सबूतों को प्रस्तुत करें। आम जनता के लिए संदेश यह मामला उन सभी लोगों के लिए एक चेतावनी है जो बिना सोचे-समझे निवेश करते हैं। खुसदीप बंसल जैसे अपराधी आम लोगों की मेहनत की कमाई को अपने आपराधिक इरादों के लिए इस्तेमाल करते हैं।

कार्यशाला के दौरान विकास से संबंधित मुख्य घटको पर विस्तार से चर्चा की गई

सिंगरौली 19 दिसम्बर से 24 दिसम्बर तक जिले में  सुशासन संप्ताह मनाया जा रहा है। इस दौरान जिले में विजन 2047 तक की कार्य योजना तैयार करने हेतु कलेक्टर चन्द्रशेखर शुक्ला के अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में विजन 2047 डाक्यूमेंट पर चर्चा की गई।  विदित हो कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मंशानुसार देश को 2047 तक विकशित राष्ट्र की परिकल्पना को साकार करने के लिए जिला स्तर पर कार्यशाला का सुशासन दिवस के अवसर पर आयोजन किया गया। कार्यशाला में उपस्थित अधिकारियों को संबोधित करते हुयें कलेक्टर चन्द्रशेखर शुक्ला ने कहा कि हमारा सिंगरौली जिला मध्यप्रदेश के सुदूर उत्तर-पूर्व में स्थित जनजाति बाहुल्य जिला है, जिसकी आबादी का 33 प्रतिशत जनजाति आबादी  है । विशेष रूप से पिछड़ी जातियां जिन में बैगा,अगरिया इस जिले में प्रमुखता से अपनी उपस्थिति रखती हैं। विगत अर्द्ध शताब्दी से खनन परियोजनाएं कोल एवं थर्मल पावर की परियोजनाओं के जुगलबंदी में इस जिले के औद्योगिक परिदृश्य में व्यापक विस्तार किया है । सिंगरौली, देश में ताप विद्युत की सबसे बड़ी परियोजनाओं तथा बड़े उत्पादन वाला जिला है ।  अन्य महत्वपूर्ण खनिजों लेटराइट, बॉक्साइट के अलावा जिले में स्वर्ण अयस्क की भी संभावनाएं पाई जा रही हैं । इसके दो ब्लॉक भी नीलामी के लिए तैयार हुए हैं।जिले की कुल जनसंख्या 14 लाख अनुमानित है जिसमें से 80 प्रतिशत आबादी ग्रामीण है तथा अभी भी शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी प्रश्न सम्मुख खड़े हैं ।  औद्योगिक प्रगति और उसकी संभावनाओं के बावजूद भी स्थानीय जन आबादी के गुणवत्तापूर्ण जीवन का प्रश्न अभी भी हमारे समक्ष है। हम सब मिलकर जिले को यह सुनिश्चित करे 2047 तक हमारे जिले का विकास किस स्वरूप में होगा।      कार्यशाला के दौरान विकास से संबंधित मुख्य घटको पर विस्तार से चर्चा की गई। जिसमें जिले की अधोसंरचना विकास के लिए यातायात के साधन, राष्ट्रीय राजमार्ग, वायुयान सेवा, रेल नेटवर्क,अंन्तरिक मार्ग सहित जल परियोजना में पेयजल की उपलंब्धता, जन संरचनाओं की सुरंक्षा एवं विकास, विद्युतिकरण सिचाई पर चर्चा की गई। वही उद्योग एवं रोजगार घटक के तहत औद्योगिक परिक्षेत्र, लघु एवं सूक्ष्म उद्योग, सहकारिता, हस्तशिल्प, छोटी इकाइया एफपीओ, समूह के संगठित शक्ति,एन्टरप्रीन्युरशिप, औद्योगिक प्रदूषण एवं औद्योगिक रोजगार के विषय पर चर्चा की गई।  इसी तरह से कार्यशाला में नगरीय विकास घटक के तहत अर्बन प्लानिंग, मास्टर प्लान, सीवरेज व्यवस्था के साथ ही नगरीय क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था, सड़क, विद्युतीकरण, पार्किग व्यवस्था के साथ हाट बाजार के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। कार्यशाला में जिले की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए प्राथमिक क्षेत्र, द्वितीयक तथा तृतीयक क्षेत्र में होने वाली आर्थिक गतिविधियो के उत्थान के संबंध में चर्चा की गई। वही शिक्षा एवं कौशल उन्नयन के तहत जिले की शिक्षा व्यवस्था एवं कौशल उन्नयन पर चर्चा की गई। वही मानव सूचकांक के अंतर्गत उच्च गुणवत्ता मूल्यो की बेहतरी के संबंध में चर्चा की गई। जिसमें वित्त समावेशी, स्वास्थ्य, शिक्षा, संचार, सुरंक्षा जेन्डर समानता जैसे मुद्दो पर गंभीरता से मंथन किया गया।  कार्यशाल में स्वाथ्य संवाद के विषय पर चर्चा करते हुयें कलेक्टर ने कहा कि जिले में कुपोषणता की पहचान एवं रोकथाम एवं  जीवन की सुरंक्षा हेतु पुलिससिंग एवं सायबर सुरंक्षा के प्रति जन जागरूकता के विषय में चर्चा किया गया। वही जनजाति वर्ग एवं अन्य कमजोर वर्गो के उत्थान हेतु विजन 2047 में प्रमुखता के साथ स्थान दिया जायें। कार्यशाला के दौरान कलेक्टर शुक्ला के द्वारा विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि अपने अपने विभागो से संबंधित लक्ष्य एवं संकल्पनाओं को तैयार कर प्रस्तुत करे ताकि कार्य योजना को वृहद रूप दिया जा सके।कार्यशाला के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गजेन्द्र सिंह नागेश, अपर कलेक्टर अरविंद झा, पी.के सेन गुप्ता, संयुक्त कलेक्टर संजीव पाण्डेंय, एसडीएम सृजन बर्मा, नगर निगम आयुक्त डी.के शर्मा, डिप्टी कलेक्टर माइकेल तिर्की, सौरभ मिश्रा, नंदन तिवारी सहित जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

“प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की दो दशकों से अधिक की सफलता” के उपलक्ष्य में आयोजित विशेष कार्यक्रम में शामिल होंगे मंत्री पटेल

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सफलता और आगामी कार्ययोजना पर होगा विशेष कार्यक्रम “प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की दो दशकों से अधिक की सफलता” कार्यक्रम में  पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री पटेल भी होंगे शामिल “प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की दो दशकों से अधिक की सफलता” के उपलक्ष्य में आयोजित विशेष कार्यक्रम में शामिल होंगे मंत्री पटेल भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल एवं राज्य मंत्री श्रीमती राधा सिंह मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण (एमपीआरआरडीए) द्वारा “प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की दो दशकों से अधिक की सफलता” के उपलक्ष्य में आयोजित विशेष कार्यक्रम में शामिल होंगे। कार्यक्रम 24 दिसंबर को कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर भोपाल में प्रातः 9:30 बजे आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी और ग्रामीण विकास मंत्रालय संयुक्त सचिव अमित शुक्ला उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर एमपीआरआरडीए द्वारा योजना के तहत राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में किए गए विकास कार्यों की उपलब्धियां भी साझा की जाएंगी। पीएमजनमन योजना के कार्य, पुल पुलिया निर्माण, प्राधिकरण के नवाचार संवेग, ई मार्ग, संपर्क विहीन वन ग्राम जोड़ने, पीएमजीएसवाय के तहत मिसिंग लिंक जोड़ने के साथ आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। कार्यक्रम में विभिन्न विषय विशेषज्ञों द्वारा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, नवाचार और तकनीकी उपयोग, नैनो टेक्नोलॉजी और व्हाइट टॉपिंग एवं माइक्रो सरफेसिंग जैसी उन्नत तकनीकों पर प्रस्तुतिकरण दिया जाएगा। इस दौरान निर्माण सामग्री के उपयोग, संधारण व्यवस्थाओं और योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही चुनौतियों पर भी चर्चा होगी। योजना की भविष्य की रणनीतियों और लक्ष्यों को भी साझा किया जायेगा। पीएमजीएसवाय में राज्य ने हासिल किए अभूतपूर्व लक्ष्य प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत:(पीएमजीवाय) राज्य ने ग्रामीण संपर्कता के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 97.91 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया है। इस योजना के तहत प्रदेश में कुल 20 हजार 227 मार्गों का निर्माण हुआ, जिनकी कुल लंबाई 89 हजार 612 किलोमीटर है। साथ ही, 1,377 वृहद पुलों का निर्माण कर 17,537 बसाहटों को मुख्य मार्गों से जोड़ा गया। मध्यप्रदेश ने पीएम जनमन योजना के अंतर्गत देश में पहली सड़क का निर्माण प्राधिकरण द्वारा किया गया। पांच वर्ष गारंटी अवधि (DLP), पांच वर्ष पश्चात संधारण (MTN), दस वर्ष पश्चात संधारण (PTN) और पंद्रह वर्ष पश्चात संधारण (FTN) के तहत 27 हजार 67 मार्गों जिनकी लंबाई 95 हजार 747 किलोमीटर लंबाई का नियमित संधारण सुनिश्चित किया जा रहा है। नेशनल क्वालिटी मॉनीटर द्वारा निरीक्षण में प्रदेश ने 91.40 प्रतिशत संतोषजनक परिणाम हासिल कर, उच्च निरीक्षण वाले अग्रणी राज्यों में स्थान प्राप्त किया है। पिछले तीन वर्षों में निर्माण गुणवत्ता और अधिकतम सड़क लंबाई के लिए मध्य प्रदेश को भारत सरकार द्वारा सम्मानित किया गया है। सड़क निर्माण में नवाचार के तहत वेस्ट प्लास्टिक का उपयोग करते हुए प्रदेश में 10 हजार 290 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण किया गया, जो देश में सर्वाधिक है। आरआरडीए द्वारा विकसित ई-मार्ग सॉफ्टवेयर को पूरे देश में लागू किया गया है। इसके अतिरिक्त डीएलपी पश्चात सड़कों के संधारण के लिए विकसित मॉडल का भी देशभर में अनुकरण किया जा रहा है।  

ऊर्जा मंत्री तोमर ने स्वयं सड़क की धूल, मिट्टी तथा कचरा साफ करने के साथ पेड़ों पर जमी धूल भी साफ की

ग्वालियर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने अपने ज्येष्ठ भ्राता स्वर्गीय देवेन्द्र सिंह तोमर की स्मृति को चिरस्थाई बनाए रखने के लिए ग्वालियर विधानसभा क्षेत्र को प्रदूषण मुक्त बनाने के संकल्प के साथ पाताली हनुमान से कांच मील तक ग्रीन कारीडोर बनाने के अभियान का शुभारंभ किया। ऊर्जा मंत्री तोमर ने स्वयं सड़क की धूल, मिट्टी तथा कचरा साफ करने के साथ पेड़ों पर जमी धूल भी साफ की। उल्लेखनीय है कि ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के ज्येष्ठ भ्राता स्व. देवेन्द्र सिंह तोमर के असामायिक निधन के बाद उनकी स्मृति में हजीरा सिविल अस्पताल में 20 बिस्तर का आईसीयू संचालित कराने की पहल की है। उन्होंने कहा है कि शहर को प्रदूषण मुक्त बनाया है जिससे प्रदूषण जनित बीमारियां जन्म न लें। इसीलिए ग्वालियर विधानसभा क्षेत्र को प्रदूषण मुक्त तथा हरा-भरा शहर बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने यहां के रहवासियों और दुकानदारों से आग्रह किया कि अपने स्वास्थ्य की चिंता करना हमारी जिम्मेदारी है। अपने आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ और हरा-भरा बनाए रखने के लिए नगर निगम के कर्मचारियों के साथ ही हम भी अपने नैतिक दायित्व का निर्वहन करते हुए अपने घर और दुकान के आसपास गमले लगाकर वृक्ष रोपें और उनकी देखभाल करें। इस दौरान उन्होंने प्रथम चरण में पाताली हनुमान मंदिर से कमेटी हाल तक के सभी दुकानदारों को डस्टबिन दी। सिंह तोमर ने कहा कि हर बदलाव की शुरुआत हम सबसे पहले अपने घर से करेंगे तो अन्य लोगों तक संदेश पहुंचाने में सफल रहेंगे। उन्होंने कहा कि आज से आप अपनी दुकान में जो भी कचरा निकले उसे इस डस्टबिन में स्वयं डालें तथा ग्राहकों से भी डस्टबिन में ही कचरा डालने का अनुरोध करें। इस दौरान ऊर्जा मंत्री ने चारपहिया ठेला लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे वृद्धजनों से आग्रह किया कि वह समय रहते शासन की आयुष्मान भारत योजना का लाभ लें तथा आयुष्मान कार्ड बनवाकर नि:शुल्क उपचार सुविधा प्राप्त करें। इस अवसर पर जिला प्रशासन, नगर निगम प्रशासन तथा पुलिस प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारि उपस्थित रहे।  

आमला के मनोज वाधवा बने उपाध्यक्ष , खंडवा ईकाई की नवीन समिति का हुआ गठन ।

Amla’s Manoj Wadhwa became the vice president, new committee of Khandwa unit was formed. फेडरसन बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ यूनियन के बैनरतले हुआ आयोजन । हरिप्रसाद गोहे  आमला। 22 दिसंबर 2024 को ऑल इंडिया बैंकिंग एम्प्लॉई एसोसिएशन ,मध्य प्रदेश बैंकिंग एंप्लॉई एसोसिएशन और फेडरेशन बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ यूनियन के बैनर्स तले खंडवा इकाई बैंक आफ इंडिया के साथियों के द्वारा होटल शुभ परिसर खण्डवा में सौ से अधिक साथियों की उपस्थिति में एक आम सभा का आयोजन हुआ । इस दौरान नई समिति का गठन किया गया । जिसमें बैंक ऑफ इंडिया हरदा, बैतूल , खंडवा एवं बुरहानपुर जिले की बैंक ऑफ इंडिया की विभिन्न शाखा के कामरेड साथियों द्वारा अपनी उपस्थिति दर्ज कराई गई। इन्दौर से बैंक ऑफ इंडिया मध्य‌ प्रदेश इकाई के सचिव यू एस वर्मा जी कोषाध्यक्ष दिलीप रावत जी, साथी कमलेश वर्मा ,साथी एवं खण्डवा इकाई के डी जी एस साथी प्रमोद चतुर्वेदी जी,कृष्णा बचानिया एवं साथी श्रीकांत शिंदे ,साथी नीलेश भाटी ने अपने उद्‌बोधन मे सभी साथियों से एकजुट होने का आहवान किया एवं बैंकिंग  सेक्टर में आने वाली नई चुनौतियों के बारे में अवगत कराया। इस मौके पर खंडवा इकाई के सचिव कृष्णा बचानिया ,अध्यक्ष साथी प्रमोद चतुर्वेदी जी ने पुरानी कार्यकारिणी समिति को भंग करके नई समिति के गठन करने के लिए आए सभी साथियों की सहमति से मध्य प्रदेश सचिव यू.एस वर्मा एवं कोषाध्यक्ष दिलीप रावत जी से प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह किया। वहां उपस्थित साथियों ने सर्व सहमति से नई कार्यकारिणी के गठन का समर्थन किया। साथी मनोज वाधवा जो कि आमला टाउन शाखा से आए उन्होंने पूरे कार्यक्रम का सफ़लता पूर्वक संचालन किया और सभी उपस्थित साथियों से अपने उद्बोधन में एकजुट होने का आह्वान  किया और यूनियन को मजबूती देने के लिए सभी को एक होकर काम करने के लिए प्रोत्साहित किया । खंडवा इकाई की नई समिति का गठन हुआ जिसमें अध्यक्ष  उपाध्यक्ष  साथी मनोज वाधवा साथी कंचन ठाकुर  साथी प्रतिमा  सचिव  साथी कृष्णा बचानिया  संयुक्त सचिव  साथी नीलेश भाटी साथी श्रीकांत शिंदे  कोषाध्यक्ष  साथी मनोज पाटिल  सह कोषाध्यक्ष  साथी आशुतोष  सह सचिव  साथी योगेश  साथी अभिलाष  साथी विजय  संगठन सचिव  साथी अक्षय देशमुख  साथी नरेंद्र  साथी मोहनीश साथी रूपाली साथी राहुल नेमा  साथी मुकेश पाराशर साथी कुलदीप ओझा कार्यकारणी सदस्य साथी अजय  साथी ईशान मंसूरी  साथी गणेश  साथी नीरज  साथी ऋतु साथी आकांक्षा  साथी योगेंद्र  साथी पवन   खंडवा इकाई के लिए चुने गए  अध्यक्ष  साथी प्रमोद चतुर्वेदी जी ने पूरी नई समिति के साथियों को बधाई देते हुआ एक जुट होकर काम करने का सुझाव देते हुए आपसी एकता को मजबूत करने का निश्चय किया  बैंक ऑफ इंडिया बेतूल डिस्ट्रिक्ट के  आमला टाउन शाखा के साथी मनोज वाधवा को उपाध्यक्ष , बेतूल गंज के साथी अक्षय देशमुख , शाहपुर की साथी रूपाली  को संगठन सचिव  आमला टाउन के  साथी अभिलाष जी को सह सचिव , कोठी बाजार के साथी अजय और मुल्ताई के साथी ईशान मंसूरी जी को कार्यकारिणी सदस्य बनने पर सभी बैतूल ,हरदा खंडवा ,बुरहानपुर , इंदौर के साथियों ने बहुत बहुत बधाई दी और कंधे से कंधा मिलाकर यूनियन को मजबूत करके सभी साथियों की एकजुटता बढ़ाने के लिए आग्रह किया ।

पूर्व पत्रकार हत्या मामले मे पत्रकारों ने जल्द कार्रवाई की मांग की 

Journalists demanded immediate action in the former journalist murder case  हरिप्रसाद गोहे  आमला । पूर्ब पत्रकार सतीश नाइक की हत्या के मामले मे मंगलवार को आमला के पत्रकारों ने एक ज्ञापन सौपकर मामले पुलिस से जल्द कार्रवाई की मांग की है । पत्रकार संघ अध्यक्ष नितिन देशमुख के नेतृत्व मे यह ज्ञापन पुलिस अधीक्षक के नाम आमला थाना प्रभारी को सौपा गया है ज्ञापन मे कहा है कि चिचोली थाना अंतर्गत यह मामला हुआ है लेकिन अभी तक कार्रवाई सामने नही आई है । इस बात को लेकर पत्रकारो मे आक्रोश है । इस अवसर पर बड़ी संख्या मे पत्रकार उपस्थित थे ।

खेड़ापति हनुमान कॉरिडोर मार्ग के चौड़ीकरण में आ रही बाधाओं को दूर करने के मंत्री सारंग ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए

भोपाल सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने  भोपाल के नरेला विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत छोला स्थित खेड़ापति हनुमान कॉरिडोर के तहत मन्दिर प्रांगण के विस्तारीकरण के रिंग रोड का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कॉरिडोर मार्ग के चौड़ीकरण में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मंत्री सारंग ने क्षेत्रवासियों से संवाद कर उनकी समस्याएं भी सुनी और अधिकारियों को नागरिकों की सुविधा के लिए तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए। पेड़ नहीं काटने के दिये निर्देश मंत्री सारंग ने अधिकारियों के साथ करीब डेढ़ घण्टे तक पैदल रिंग रोड सहित कॉरिडोर के मार्ग में आ रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मंत्री सारंग ने स्पष्ट निर्देश दिए कि रिंग रोड के चौड़ीकरण के दौरान किसी भी पेड़ को काटा नहीं जाए। उन्होंने कहा विस्तारीकरण में सभी कार्यों को संबंधित विभागों के समन्वय के साथ किया जाए। पुलिस स्टेशन निर्माण कार्य का जायजा मंत्री सारंग ने छोला क्षेत्र में निर्माणाधीन पुलिस स्टेशन स्थल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्य निर्धारित समयावधि में और गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। मंत्री ने कहा कि पुलिस स्टेशन का निर्माण क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करेगा और जनता को शीघ्र न्याय और सुरक्षा प्रदान करने में सहायक होगा। रहवासियों से लिये सुझाव निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग, नगर निगम और एमपीईबी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि और क्षेत्र के रहवासी भी उपस्थित थे। मंत्री सारंग ने जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से संवाद कर उनकी समस्याओं और सुझावों को भी सुना। उन्होंने रिंग रोड मार्ग में आ रहे अवरोधों को दूर करने, सुलभ सहित अन्य भवनों की शिफ्टिंग के सम्बंध में रहवासियों से चर्चा की, जिस पर रहवासियों ने अपनी सहमति दी।  

ड्रोन नीति पर हुई एक दिवसीय कार्यशाला, ड्रोन सूचना पोर्टल drone.mp.gov.in लाँच

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ॰ मोहन यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश ड्रोन टेक्नोलॉजी में अग्रणी बनने की ओर अग्रसर है। राज्य में ड्रोन टेक्नोलॉजी के लिए बेहतर पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने और ड्रोन नीति पर विचार विमर्श के लिए सोमवार को “शासन में ड्रोन का उपयोग एवं मध्यप्रदेश में ड्रोन पारिस्थितिक तंत्र का विकास” विषय पर कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में कार्यशाला हुई। कार्यशाला में ड्रोन प्रौद्योगिकी के व्यापक अनुप्रयोगों पर चर्चा की गयी। सर्वेयर जनरल ऑफ इंडिया हितेश कुमार मकवाना, अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संजय दुबे, प्रबंध निदेशक एमपीएसईडीसी आशीष वशिष्ठ ने कार्यशाला का शुभारंभ किया। इस अवसर पर ड्रोन केन्द्र सूचना पोर्टल https://drone.mp.gov.in/ भी लाँच किया गया। सर्वेयर जनरल मकवाना ने कहा कि भारत में पिछले छ: वर्षों में ड्रोन प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उल्लेखनीय विकास हुआ है। ड्रोन के शुरूआती सीमित उपयोग से लेकर आज इसके व्यापक उपयोग तक ड्रोन एक बहुउपयोगी उपकरण के रूप में उभरा है। भारत सरकार ने ड्रोन टेक्नोलॉजी के व्यापक उपयोग के लिये ड्रोन नीति बनाई है। मध्यप्रदेश ड्रोन टेक्नोलॉजी के उपयोग में एक अग्रणी राज्य के रूप में उभर रहा है। राज्य ने स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन मे ड्रोन टेक्नोलॉजी का उपयोग करते हुये विशेष उपलब्धि हासिल की है। ड्रोन टेक्नोलॉजी कुशल, सुलभ और कम लागत मे उपलब्ध टेक्नोलॉजी है। एसीएस संजय दुबे ने कहा कि केन्द्र सरकार ने ड्रोन नीति के तहत ड्रोन टेक्नोलॉजी आधारित इको-सिस्टम विकसित करने का लक्ष्य रखा है। इसमें ड्रोन के संचालन के लिये आवश्यक नियम, लाइसेंसिंग प्रक्रियाएं, संचालन की अवधि आदि निर्धारित की गई हैं। मध्यप्रदेश इस नीति को प्रेरणादायक मानते हुए ड्रोन के क्षेत्रीय स्तर पर व्यवहारिक और लाभकारी उपयोग के लिये कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि राज्य में एक मजबूत और समग्र इको-सिस्टम विकसित करें। जब हम ड्रोन की बात करते हैं तो यह केवल एक फ्लाइंग कैमरा ही नहीं बल्कि गेम चेंजिंग टेक्नोलॉजी है। यह टेक्नोलॉजी विभिन्न स्तरों पर सेवाएं प्रदान करने में सक्षम है। राज्य में इस टेक्नोलॉजी के व्यापक अनुप्रयोग की संभावनाएं है, जिससे नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। हमारा उद्देश्य है कि हम ऐसा इको-सिस्टम विकसित करें, जिससे ड्रोन का व्यापक उपयोग विभिन्न क्षेत्रों में आसानी से हो सके। यह पहल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्म-निर्भर भारत और मेक-इन-इंडिया विजन को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। हमारा लक्ष्य ड्रोन टेक्नोलॉजी विकसित करने के साथ राज्य में निर्माण इकाइयों को स्थापित करना भी है। एमपीएसईडीसी के एम.डी. आशीष वशिष्ठ ने कहा कि आज ड्रोन टेक्नोलॉजी का व्यापक उपयोग कृषि क्षेत्र में किया जा रहा है। खनन क्षेत्र में ड्रोन के मदद से प्रभावी खनन पर निगरानी रखी जा रही है। साथ ही आपातकालीन परिस्थितियों में चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिये ड्रोन की महत्वपूर्ण भूमिका है। ड्रोन टेक्नोलॉजी का उपयोग आबकारी, कानून व्यवस्था, निर्माण गतिविधियों में भी किया जा रहा है। हमारा उद्देश्य मध्यप्रदेश को देश का ड्रोन हब बनाना है। ड्रोन फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष स्मित शाह ने कहा कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापार विस्तार के लिये ड्रोन की परिवर्तनकारी भूमिका है। उन्होंने कहा कि नमो ड्रोन दीदी जैसी पहल से ड्रोन का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। ड्रोन टेक्नोलॉजी का उपयोग केवल एक विकल्प नहीं बल्कि यह भविष्य की आवश्यकता है। नाबार्ड के जीएम कमर जावेद ने कहा कि मध्यप्रदेश में ड्रोन टेक्नोलॉजी में उल्लेखनीय कार्य हुए है। सहकारी संस्थाओं की तरह पैक्स सोसायटी में भी ड्रोन के उपयोग को बढ़ाया जा सकता है। फिक्की ड्रोन कमेटी को-चैयरमेन एवं सीईओ अंकित मेहता ने कहा कि लॉ-एण्ड-ऑर्डर और निगरानी क्षेत्रों में ड्रोन टेक्नोलॉजी बहुत उपयोगी है। ड्रोन अपनी बहुआयामी उपयोगिता के साथ नवाचार को बढ़ावा दे रहे है और भविष्य की प्रौद्यागिकी को नया आकार दे रहे है। ड्रोन टेक्नोलॉजी के विभिन्न विषयों पर आयोजित हुए सत्र कार्यशाला में ड्रोन टेक्नोलॉजी के विभिन्न विषयों पर सत्र आयोजित किए गये। ड्रोन पॉलिसी एवं इंडस्ट्री इनिशिएटिव विषय पर ड्रोन टेक्नोलॉजी के वर्तमान उपयोग एवं भविष्य में व्यापक उपयोग पर चर्चा की गई। ड्रोन केस स्टडीज विषय पर व्यावसायिक क्षेत्रों में ड्रोन के उपयोग पर जानकारी दी गई। ड्रोन स्टार्ट-अप एवं स्किल डेपलपमेंट विषय पर जानकरी दी गई एवं ड्रोन पॉलिसी ड्रॉफ्ट पर विस्तृत चर्चा भी की गई। इस अवसर पर ड्रोन केन्द्रित सूचना पोर्टल भी लाँच किया गया। यह पोर्टल ड्रोन टेक्नोलॉजी, नीति और प्रशिक्षण से संबंधित जानकारी को एकीकृत करने में सहायक होगा। इस दौरान ड्रोन टेक्नोलॉजी पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें ड्रोन टेक्नोलॉजी के नवीनतम उपयोगों को प्रदर्शित किया गया। इस अवसर पर एमपीएसईडीसी के परियोजना निदेशक गुरू प्रसाद, अपर परियोजना निदेशक डॉ. संदीप गोयल, परियोजना प्रबंधक अनूप पटेल, सीनियर जनरल मैनेजर कविराज मेहरा सहित एमपीएसईडीसी के अधिकारी-कर्मचारी, सर्वे ऑफ इंडिया डीजीसीए, आईआईटी इंदौर, ड्रोन फेडरेशन ऑफ इंडिया, नाबार्ड, मध्यप्रदेश सरकार के सभी विभागों के प्रमुख सहित ड्रोन इंडस्ट्री के प्रमुख जैसे आइडिया फोर्ज, एस्टेरिया एयरोस्पेस आदि के प्रतिनिधि, ड्रोन दीदीयां और तकनीकी शिक्षा के विद्यार्थी उपस्थित रहे।  

मंत्री सारंग ने कहा विभिन्न सातों विधाओं में हमारे युवाओं के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिये बेहतर तैयारी की जाये

राज्य स्तरीय युवा उत्सव जनवरी-2025 में मनाया जायेगा: मंत्री सारंग  मंत्री सारंग ने राज्य स्तरीय युवा उत्सव मनाने के संबंध में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये मंत्री सारंग ने कहा विभिन्न सातों विधाओं में हमारे युवाओं के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिये बेहतर तैयारी की जाये भोपाल खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा है कि राज्य स्तरीय युवा उत्सव जनवरी-2025 में मनाया जायेगा। इसमें विभिन्न विधाओं में युवा प्रदर्शन कर सकेंगे। मंत्री सारंग ने राज्य स्तरीय युवा उत्सव मनाने के संबंध में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। मंत्री सारंग ने कहा कि विभिन्न सातों विधाओं में हमारे युवाओं के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिये बेहतर तैयारी की जाये। युवा उत्सव में भाषण, विज्ञान मेला, कविता लेखन, कहानी लेखन, समूह लोकगीत, समूह लोकनृत्य और पेंटिंग सहित 7 विधाएं शामिल है। मंत्री सारंग ने कहा कि राज्य स्तरीय युवा उत्सव उत्साहपूर्वक मनाया जाये। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित अन्य गणमान्य अतिथियों को भी आमंत्रित किया जाये। साथ ही सभी विधाओं का उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिये युवाओं को प्रोत्साहित किया जाये। मंत्री सारंग को बताया गया कि सातों विधाओं के युवा राष्ट्रीय युवा उत्सव में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा अनुरूप 15 से 29 वर्ष की आयु वर्ग के युवाओं की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से 12 से 16 जनवरी के मध्य नई दिल्ली में 28वें राष्ट्रीय युवा उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसमें जिला स्तर पर 18 से 26 दिसम्बर तक चयन किया जा रहा है। संभाग स्तर पर 3 से 5 जनवरी तक उत्कृष्ट युवाओं का चयन होगा। राज्य स्तर पर 7 या 8 जनवरी को कार्यक्रम प्रस्तावित है। राज्य स्तरीय युवा उत्सव-2025 के विजेताओं को समूह विधा में प्रथम आने पर 6 हजार, द्वितीय को 4 हजार और तृतीय को 2 हजार रूपये की राशि प्रदान की जायेगी। इसी प्रकार एक विधा में प्रथम को 10 हजार द्वितीय को 6 हजार और तृतीय को 4 हजार रूपये की पुरस्कार राशि दी जायेगी। बैठक में संचालक रवि कुमार गुप्ता, उप सचिव संजय जैन, संयुक्त संचालक बी.एल. यादव सहित अन्य खेल अधिकारी उपस्थित थे।  

कौशल विकास प्रशिक्षण योजनाओं पर 32 विभागों ने आपसी समन्वय पर की चर्चा

आधुनिक युग की मांग के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण योजनाओं के समन्वय पर कार्यशाला आयोजित सचिव रघुराज राजेन्द्रन ने कहा कि आधुनिक समय में कौशल विकास योजनाओं को इस तरह से तैयार किया जाना चाहिए, जो रोजगारोन्मुखी हो कौशल विकास प्रशिक्षण योजनाओं पर 32 विभागों ने आपसी समन्वय पर की चर्चा भोपाल तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग द्वारा  वल्लभ भवन, मंत्रालय में कौशल प्रशिक्षण योजनाओं को आधुनिक युग की मांगों के अनुरूप तैयार करने और अधिकाधिक युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में 31 विभागों ने कौशल विकास प्रशिक्षण योजनाओं पर आपसी समन्वय पर गहन चर्चा की। कार्यशाला की अध्यक्षता तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार सचिव रघुराज राजेन्द्रन (आईएएस) ने की। सचिव रघुराज राजेन्द्रन (आईएएस) ने कहा कि आधुनिक समय में कौशल विकास योजनाओं को इस तरह से तैयार किया जाना चाहिए, जो रोजगारोन्मुखी हो। उन्होंने कहा कि कौशल विकास को प्रोत्साहित करने के लिए दसवीं, ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों को आईटीआई परिसरों का दौरा करवाना चाहिए, जहां वे विभिन्न ट्रेड्स और कैरियर विकल्पों को समझ सकें। इसके साथ ही विद्यार्थियों के लिए पर्सनालिटी डेवलपमेंट क्लासेस और कैरियर गाइडेंस प्रोग्राम आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि वे अपनी रुचि और क्षमताओं के अनुरूप अपने कैरियर की योजना बना सकें। सचिव राजेन्द्रन ने इस बात पर जोर दिया कि स्कूल के बाद विद्यार्थी समानांतर रूप से कई ट्रेड्स में प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं, जिससे उनके कौशल और रोजगार के अवसरों में व्यापकता आएगी। उन्होंने ग्रामीण और जनजाति समुदायों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन समुदायों के लोगों को उनके पारंपरिक व्यवसायों में और अधिक कुशल बनाने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाने चाहिए। यह पहल उनके रोजगार को मजबूत करने और उनकी आजीविका में सुधार लाने में सहायक होगी। कार्यशाला का उद्देश्य विभिन्न विभागों में संचालित कौशल प्रशिक्षण योजनाओं का समन्वय करना और उन्हें साझा प्लेटफॉर्म पर लाने के उपायों पर चर्चा करना था। सचिव राजेन्द्रन ने कहा कि कौशल प्रशिक्षण को उद्योगों की वर्तमान मांगों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्रीन एनर्जी, सर्कुलर इकोनॉमी और डिजिटल उद्यमिता से जोड़कर प्रदेश के युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना आज की आवश्यकता है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य कुशल कार्यबल तैयार करने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि विभागों के बीच समन्वय और संसाधनों को सांझा करने से कौशल विकास योजनाओं का प्रभाव और भी बढ़ेगा। कार्यशाला में विभिन्न विभागों ने अपने-अपने प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी साझा की। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, महिला एवं बाल विकास, किसान कल्याण, सामाजिक न्याय, उच्च शिक्षा, ऊर्जा, खेल एवं युवा कल्याण सहित अन्य विभागों ने अपनी योजनाओं और उनकी उपलब्धियों को प्रस्तुत किया। कई विभागों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि उनके हितग्राही अन्य विभागों द्वारा संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों से भी लाभान्वित हो सकते हैं। संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क के संचालक जी.एन. अग्रवाल ने विभाग की प्रमुख पहलों जैसे 7A, QUEST, DISHA, HUNAR, DAKSH, VIDYUT, SRIJAN, PUNARJANI और Project CODE का विस्तृत विवरण दिया। कौशल विकास संचालनालय के अतिरिक्त संचालक एम.जी. तिवारी और मध्यप्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी एन.पी.एस. सेंगर ने भी अपने-अपने संस्थानों द्वारा संचालित योजनाओं और उपलब्धियों का विवरण साझा किया। अपर सचिव गिरीश शर्मा ने समापन सत्र में कहा कि यह कार्यशाला कौशल विकास के क्षेत्र में समन्वय और सहभागिता को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर देने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए सभी विभागों का सक्रिय सहयोग आवश्यक है। हर विभाग को अपनी प्रशिक्षण योजनाओं को आधुनिक युग की चुनौतियों और अवसरों के अनुरूप तैयार करना चाहिए। इस अवसर पर संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क के संचालक अग्रवाल, ग्लोबल स्किल्स पार्क के संचालक (एक्सटर्नल रिलेशन) नीरज सहाय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

फिर अचानक बीमार हुये पिपराझांपी के छात्र, 11 छात्रों का चल रहा जिला चिकित्सालय में इलाज

सिंगरौली जिले के शासकीय विद्यालय पिपराझांपी में मंगलवार को अचानक कुछ छात्र बीमार हो गये। आनन फानन में उन्हें दोपहर में जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। विद्यालय के कुल 11 बच्चे ट्रामा सेंटर में इलाज के लिए भर्ती हैं। इससे पहले भी कुछ दिनों पूर्व इसी विद्यालय के एक दर्जन से ज्यादा बच्चे अचानक बीमार हो गये थे जिन्हें  इलाज के पश्चात अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी थी। चिकित्सकों ने बताया कि छात्र घबाराहट तथा पेटदर्द की शिकायत कर रहे हैं। मौके पर पंहुंचे एसडीएम सृजन बर्मा आईएएस और डीईओ एस बी सिंह ने अपनी गाड़ी से कुछ छात्रों को लेकर अस्पताल पहुंचा तथा कुछ छात्रों को एम्बुलेंस से भी जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया है। फिलहाल छात्रों की हालत स्थिर बतायी जा रही है। छात्रों के परिजनों का कहना है कि विद्यालय में कोई साया है जिसे देखने के बाद छात्रों का पेट दर्द करता है तथा उन्हें घबाराहट शुरू हो जाती है। फिलहाल प्रशासन मामले की जांच में जुटा हुआ है। जिन्हें चिकित्सालय में भर्ती कराया गाय है उनमें, सुष्मिता वर्मा र्कक्षा 8, अर्चना बसोर कक्षा 8, मानसी यादव कक्षा 8, तारावती बैस कक्षा 8, प्रियंका कक्षा 8, आरती कक्षा 8, खुशबू कक्षा 8, कृष्णा शर्मा कक्षा 8, अमित शर्मा कक्षा 8, प्रमिला पाल कक्षा 5, छाया शर्मा कक्षा 2 शामिल हैं।

प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का भाव, भारतीय समाज की सभ्यता एवं विरासत : आयुष मंत्री परमार

वन समितियों में सहकार से समृद्धि के खुलेंगे द्वार : मंत्री सारंग  वन मेले से लघु वनोपजों के संग्रहण एवं विक्रय के नये अवसर मिलते हैं, जो विक्रय श्रृंखला के निर्माण में सहायक होते हैं : मंत्री सारंग प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का भाव, भारतीय समाज की सभ्यता एवं विरासत : आयुष मंत्री परमार अंतर्राष्ट्रीय वन मेला-2024 का हुआ समापन भोपाल खेल एवं युवा कल्याण, सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय वन मेला वनों, वन उत्पादों के प्रति जागरूकता को बढ़ाने के साथ ही दूरस्थ अंचलों के ग्रामीणों को सतत आजीविका के साधन उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण मंच है। वन मेले से लघु वनोपजों के संग्रहण एवं विक्रय के नये अवसर मिलते हैं, जो विक्रय श्रृंखला के निर्माण में सहायक होते हैं। मेले में वैद्यों द्वारा आयुर्वेद का ज्ञान देने के साथ वन से प्राप्त जड़ी-बूटियों को प्रदर्शित किया जाता है। मंत्री सारंग ने कहा कि भारतीय परम्परा में प्रकृति के साथ ज्ञान एवं व्यवहार अद्भुत एवं आश्चर्यजनक रहा है। उन्होंने सहकार से समृद्धि के साथ संस्कार से सहकार की बात कही। मंत्री सारंग लाल परेड ग्राउण्ड में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय वन मेले के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मंत्री सारंग ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय वन मेले को और अधिक भव्यता प्रदान की जायेगी। उन्होंने कहा कि वनोपज के संग्रहण और विक्रय में समितियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। वनांचलों में रहने वालों के सशक्तिकरण के लिये सहकार अत्यंत आवश्यक है। इससे ही वनों में रहने वालों का आर्थिक सशक्तिकरण होगा। मंत्री सारंग ने कहा कि वर्ष 2025 को अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस के रूप में मनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश को सशक्त बनाने के लिये सहकार आंदोलन चलाया जायेगा। सहकार आंदोलन से सशक्त समाज का निर्माण होता है। मंत्री सारंग ने अंतर्राष्ट्रीय वन मेले के सफल आयोजन पर बधाई दी। उच्च शिक्षा एवं आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का भाव, भारतीय समाज की सभ्यता एवं विरासत है। मंत्री परमार ने कहा कि वन मेला भारतीय सम्पदा, सभ्यता एवं ज्ञान परम्परा को निरंतर आगे बढ़ाने के संकल्प का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि वन मेला का उद्देश्य मात्र प्रदर्शन नहीं, बल्कि जीवन पद्धति का व्यापक दृष्टिकोण है। आयुर्वेद भारत की पुरातन चिकित्सा पद्धति है, जो वन औषधियों पर आधारित है। हमारे देश में कृषि के बाद बड़ी आबादी आजीविका के लिये वनोपज पर ही निर्भर है। उनका उद्देश्य वनोपज का दोहन नहीं, बल्कि अपनी आवश्यकता अनुसार उपयोग के साथ वनों का संरक्षण करना भी है। मंत्री परमार ने कहा कि हमारे पूर्वज वनस्पती का महत्व जानते थे, इसलिये प्रकृति के संरक्षण के भाव से परम्परा एवं मान्यताएँ स्थापित कीं। उन्होंने कहा कि प्रकृति के अंग नदी, पेड़, पहाड़ एवं सूर्य आदि समस्त के प्रति कृतज्ञता का भाव इनके संरक्षण एवं लोक कल्याण निहित हैं। मंत्री परमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आयुर्वेद का आगे बढ़ाने का संकल्प जन-आंदोलन बन रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाला समय आयुर्वेद का है। मंत्री द्वय ने वन मेले में वनोपज एवं वन औषधियों के विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने वनोपज संघ की स्मारिका “व्यापार एवं विकास’’ एवं ईको-टूरिज्म की “अनुभूति’’ पुस्तिका का विमोचन किया। अंतर्राष्ट्रीय वन मेले में उत्कृष्ट प्रदर्शनी, जिला यूनियन, शासकीय एवं निजी स्टॉल, वन-धन केन्द्र एवं आयुर्वेदिक महाविद्यालयों के स्टॉल के उत्कर्ष प्रदर्शन के लिये प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। मंत्री सारंग, मंत्री परमार और भोपाल नगर निगम मेयर श्रीमती मालती राय को स्मृति-चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव, प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ विभाष कुमार ठाकुर, विभागीय अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।  

पॉवर जनेटिंग कंपनी के सिंगाजी ताप विद्युत गृह को मिला प्रतिष्ठित कलिंगा सेफ्टी एक्सीलेंस अवार्ड

भोपाल इंस्टीट्यूट ऑफ क्वालिटी एन्ड एनवायरनमेंट मैनेजमेंट सर्विसेस एवं इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक इंटरप्राइजेस का प्रतिष्ठित कलिंगा सेफ्टी एक्सीलेंस अवार्ड 2023 मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना को भुवनेश्वर में आयोजित एक समारोह में दिया गया। सिंगाजी ताप विद्युत गृह की ओर से यह अवार्ड सेफ्टी ऑफिसर शैलेष चौहान और विल्सन जॉय लाकरा ने ग्रहण किया। विद्युत गृह को यह अवार्ड लार्ज स्केल इंटरप्राइजेस मेजर इंडस्ट्री केटेगरी में प्रदान किया गया है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित यह अवार्ड, उद्योगों में संरक्षा एवं कर्मचारी स्वास्थ्य के क्षेत्र में उच्च मानकों की प्राप्ति पर प्रदान किया जाता है। इसके लिए कर्मचारी सुरक्षा एवं स्वास्थ्य, स्वच्छ तकनीक (क्लीन टेक्नॉलजी), अपशिष्ट निपटान, जल खपत में कमी आदि की स्पष्ट कसौटी पर मूल्यांकन किया गया था। अवार्ड का उद्देश्य उद्योगों में संरक्षा प्रबंधन एवं जागरूकता के स्तर को ऊंचाई प्रदान करना है। उल्लेखनीय है कि सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना ने अवार्ड के लिए निर्धारित सेफ्टी (संरक्षा) से संबंधित सभी मापदंडों को सफलातपूर्वक पूर्ण किया। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और अपर मुख्य सचिव ऊर्जा नीरज मंडलोई ने सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना के समस्त अभियंताओं और कार्मिकों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। अवार्ड समारोह में ओडिशा के उप मुख्यमंत्री कनकवर्धन सिंहदेव, लेसोथो की उच्चायुक्त लेबोहांग वेलेंटीनेव मोचाबा, पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के उप महावाणिज्य दूत योंग किन, स्विट्जरलैंड के डॉ. एस. ईटीएच मार्क फुएलेमान और जर्मनी के प्रो. कार्ल-हेंज नोएटेल सहित कई देश-विदेश के तकनीकी विशेषज्ञ उपस्थित थे। कार्यक्रम में सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना के अलावा विभिन्न श्रेणियों में एनटीपीसी, आईओसीएल, टाटा मोटर्स आदि प्रतिष्ठित संस्थानों को भी पुरस्कृत किया गया। मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने कहा कि सिंगाजी ताप विद्युत गृह ने सेफ्टी (संरक्षा) के उच्चतम मानकों को बनाए रखने में सफलता हासिल की है और परिणाम स्वरूप इस उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना को ये पुरस्कार प्रदान किया गया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान संरक्षा की संस्कृति को बढ़ावा देने के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के साथ विद्युत परियोजना के भीतर सुरक्षा मानकों में नए मानक स्थापित करने के प्रति सतत् समर्पण को मान्यता देता है।  

कॉलेज की बस ने छात्रा को कुचला, छात्रा की हालत नाजुक, जबलपुर किया गया रेफर

कटनी  घर से कॉलेज जाने के लिए निकली गर्ल्स कॉलेज की एक छात्र सड़क हादसे का शिकार हो गई। हादसा उसी गर्ल्स कॉलेज की बस से हुआ जिस गर्ल्स कॉलेज की बस से छात्रा कॉलेज जा रही थी। घटना के तत्काल बाद गंभीर रूप से घायल छात्रा को इलाज के लिए शासकीय जिला अस्पताल लाया गया जहां पर प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर अवस्था को देखते हुए उसे तत्काल जबलपुर रेफर कर दिया गया। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक ग्राम मतवारी टिकुरी टोला निवासी 18 वर्षीय अंशिका गर्ग पिता सुनील गर्ग शासकीय गर्ल्स कॉलेज में फर्स्ट ईयर की पढ़ाई करती है। रोज की तरह वह घर से कॉलेज जाने के लिए निकली थी। कॉलेज की बस से जब वह यात्रा करते हुए झिंझरी चौकी क्षेत्र के अंतर्गत सत्संग भवन मोड पर पहुंची तो बस चालक ने बस खड़ी करके सभी छात्राओं को उतार दिया। अन्य छात्राओं के साथ अंशिका भी बस से उतर गई। जैसे ही वह बस के नीचे उतरी इस दौरान अचानक बस चालक ने बस आगे बढ़ा दी और वह फिसल कर बस के पहिए के नीचे आ गई। बताया जाता है की घटना में छात्रा अंशिका का एक पर पूरी तरह कुचल गया। घटना के तुरंत बाद उसे लोगों ने शासकीय जिला अस्पताल पहुंचाया जहां पर प्राथमिक इलाज के बाद उसे जबलपुर रेफर कर दिया गया। जबलपुर में इलाज रत अंशिका की हालत नाजुक बताई जा रही है।

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