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‘महर्षि दयानंद व्यक्ति न होकर बड़े समाज सुधारक थे’, राजस्थान-सीकर में राज्यपाल बागडे हुए द्वि जन्म शताब्दी समारोह में शामिल

जयपुर। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती युग प्रवर्तक मनीषी थे। वह व्यक्ति नहीं संस्था थे। देश को रूढ़ियों से मुक्त कराने वाले समाज सुधारक थे। बागडे मंगलवार को महर्षि दयानंद सरस्वती के द्वि जन्म शताब्दी समारोह के अवसर पर श्री श्याम गौशाला पिपराली सीकर में आयोजित कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल बागडे ने  कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती महज एक व्यक्ति नहीं होकर बहुत बड़े समाज सुधारक थे। उन्होंने सत्य का रास्ता अपनाने की बात कही। उन्होंने हमेशा राष्ट्र निर्माण एवं भारतीय संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए कार्य किया। उन्होंने  सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने का काम किया। राज्यपाल ने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती ने  शिक्षा के महत्व को समझते हुए  इंसान को  सदाचारी बनने के लिए प्रेरित किया। राज्यपाल श्री बागडे ने कहा कि हम हमारे पुराने ज्ञान को संजोए रखते हुए नए ज्ञान को एकत्र करें, यही हमारी भारतीय संस्कृति है। इस दौरान उन्होंने देश निर्माण में नई शिक्षा नीति के महत्व के बारे में बताया। इस दौरान उन्होंने अहिल्या बाई होलकर के समाज सुधार में अतुल्य योगदान करने की बात कही।

इंदौर में गाय पकड़ने पहुंची नगर निगम की टीम पर हमला, 20 से ज्यादा वहनों में तोड़ फोड़

इंदौर इंदौर नगर निगम कर्मचारियों पर हमला और गाड़ियों में तोड़फोड़ की एक गंभीर घटना सामने आई है. नगर निगम कर्मचारियों पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने हमला कर दिया. नगर निगम की टीम ने अवैध बाड़ों को तोड़कर कई जानवरों को पकड़ा था और उन्हें दो गाड़ियों में भरकर ले जा रही थी. इस दौरान जब निगम की टीम रास्ते में थी, तभी बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने गाड़ियों को रोक लिया और उन पर जमकर पत्थरों और लाठियों से हमला किया. हमलावरों ने गाड़ियों में तोड़फोड़ की और निगम कर्मचारियों को भी पुलिस के सामने पीटा. इस हमले में निगम कर्मचारियों को चोटें आई हैं. घटना स्थल पर पुलिस ने स्थिति को काबू किया. नगर निगम उपायुक्त ने इस हमले के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हमलावरों की पहचान करने के प्रयास जारी हैं. दरसअल, इंदौर नगर निगम का मदाखलत अमला बुधवार सुबह जोन नंबर-14 पर दत्ता नगर और सूर्य देव नगर में बने गायों के दो तबेलों में कार्रवाई करने पहुंचा था. जहां से गायों को भरकर कांजी हाउस ले जाया जा रहा था. जब निगम के मदाखलत दस्ते गायों को ट्रकों में भरकर ले जा रहे थे, इस बीच 300 से 400 बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने बीच रास्ते में निगम की गाड़ियों को रोक लिया और लाठी डंडे से  निगम की गाड़ियों पर हमला बोल दिया. इस हंगामे के संबंध में निगम उपायुक्त लता अग्रवाल ने  बताया कि निगम की टीम सुबह दत्त नगर और सूर्यदेव नगर के नगर में रहवासियों की शिकायत पर अवैध तबेलों के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची थी. जहां पर भारी संख्या में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं में हमला कर निगम कर्मियों के साथ मारपीट की और गाड़ियों में तोड़फोड़ की. उन्होंने कहा कि आरोपियों के खिलाफ द्वारकापुरी थाने में एफआईआर दर्ज कर दी गई है. आगे के कार्रवाई निगम आयुक्त और महापौर की सलाह पर की जाएगी.   पुलिस के सामने निगमकर्मी को पीटा कार्रवाई के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने द्वारकापुरी थाने को घेरा और निगम उपायुक्त लता अग्रवाल के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए. कार्यकर्ता गाली गलौज करने लगे. द्वारकापुरी थाने का पुलिस बल मूकदर्शक बनकर खड़े हुए देखता रहा. किसी प्रकार से पुलिस कर्मियों ने उपद्रवी कार्यकर्ताओं को रोकने की सख्ती नहीं दिखाई. उपद्रवी कार्यकर्ताओं ने पुलिस के सामने ही लाठी-डंडों से निगमकर्मी को बुरी तरह पीटा. 

सुकून के साथ करियर की उड़ान भरे मानव अधिकारों में

भारत में सांविधिक सरकारी निकाय एवं निगम जैसे राष्ट्रीय एवं राज्य आयोग (महिला, बाल, मानवाधिकार, मजदूर, कल्याण, अल्पसंख्यक समुदाय, अजा एवं अजजा आयोग), सैन्य, अर्ध-सैन्य तथा पुलिस विभाग, पंचायती राज संस्था, स्कूल, कॉलेज एवं विश्वविद्यालय एवं अनुसंधान निकाय और उत्कृष्टता केन्द्र, जिला ग्रामीण विकास एजेंसी तथा जिला शहरी विकास एजेंसी, वकीलों तथा विधिक विशेषज्ञों द्वारा चलाए जाने वाले मानवाधिकार परामर्शदाता संगठन कुछ अन्य ऐसे स्थान हैं जहां करियर के अवसर तलाश सकते हैं, बाल-अपराध एवं बाल-दुव्र्यवहार जैसी सुधार संस्थाओं और महिला सुधार केन्द्रों, कारागार एवं बेघर गृहों में भी कार्य किया जा सकता है। मानव अधिकार एक चिर-परिचित क्षेत्र है। परन्तु, यह जानना व समझना सचमुच महत्वपूर्ण है कि मानव अधिकारों की पकड़ व समझ आपको बेहतर भविष्य के साथ-साथ मानवता के कल्याण का सहभागी भी बना सकती है। राजगार विशेषज्ञ मनु सिंह बताते हैं कि मानवाधिकार राष्ट्रीयता, निवास-स्थान, लिंग, राष्ट्रीय या नैतिक स्रोत, रंग, धर्म, भाषा या किसी अन्य स्थिति से परे सभी व्यक्तियों में निहित अधिकार हैं। हम सभी, बिना किसी भेदभाव के अपने मानवाधिकार के समान रूप से हकदार हैं। ये अधिकार परस्पर संबंधी, एक-दूसरे पर आश्रित होते हैं। सार्वभौमिक मानवाधिकारों को प्रायः समझौतों, प्रचलित अंतर्राष्ट्रीय विधि, सामान्य सिद्धांतों तथा अंतर्राष्ट्रीय विधि के अन्य स्रोतों के रूप में विधि द्वारा अभिव्यक्त किया जाता है तथा इनका आश्वासन दिया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार विधि व्यक्तियों या समूहों के मानवाधिकारों तथा मूलभूत स्वतंत्रता को बढ़ावा देने और उनकी रक्षा करने के लिए कई रूपों में कार्य करने एवं कई कृत्यों से दूर रहने के दायित्व निर्धारित करते हैं। आखिर मानव अधिकार क्या हैं? सबसे पहले यह जान लें कि मानवाधिकार संविधान में निम्नलिखित बातें शामिल हैंः-सुरक्षा अधिकार-जो व्यक्तियों की, हत्या, जनसंहार, उत्पीड़न तथा बलात्कार जैसे अपराधों से रक्षा करते हैं। स्वतंत्रता अधिकार-जो विश्वास एवं धर्म, संगठनों, जन-समुदायों तथा आंदोलन जैसे क्षेत्रों में स्वतंत्रता की रक्षा करते हैं। राजनीतिक अधिकार-जो स्वयं को अभिव्यक्ति, विरोध, वोट देकर तथा सार्वजनिक कार्यालयों में सेवा द्वारा राजनीति में भाग लेने की स्वतंत्रता की रक्षा करते हैं। उपयुक्त कार्यवाही अधिकार-जो मुकदमे के बिना कैद करने, गुप्त मुकदमे चलाने तथा अधिक सजा देने जैसी विधिक प्रणाली के दुरूपयोग से रक्षा करते हैं। समानता अधिकार-जो समान नागरिकता, विधि के समक्ष समानता एवं पक्षपात रहित होने का आश्वासन देते हैं। कल्याण अधिकार (ये आर्थिक तथा सामाजिक अधिकारों के रूप में जाने जाते हैं)। जिनमें शिक्षा का तथा अत्यंत निर्धनता और भुखमरी से रक्षा का प्रावधान है। सामूहिक अधिकार-जो विजाति-संहार के विरुद्ध एवं देशों द्वारा उनके राष्ट्रीय क्षेत्रों तथा संसाधनों के स्वामित्व के लिए समूहों को रक्षा प्रदान करते हैं। पारस्परिक निर्भरता व निष्पक्षता सभी मानवाधिकार अविभाज्य हैं, भले ही वे नागरिक या राजनीतिक अधिकार हों, ऐसे ही अधिकार विधि के समक्ष जीवन, समानता के अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार, आर्थिक, सामाजिक तथा सांस्कृतिक अधिकार, कार्य करने, सामाजिक सुरक्षा तथा शिक्षा के अधिकार और इसी तरह विकास एवं स्व-निर्धारण के अधिकार अहरणीय, परस्पर एक दूसरे पर निर्भर और परस्पर जुड़े हुए हैं। एक अधिकार में सुधार लाने से अन्य अधिकारों के विकास में सहयता मिलती है। इसी तरह एक अधिकार के हरण से अन्य अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। निष्पक्षता अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार विधि में एक मजबूत सिद्धांत है। यह सिद्धांत सभी बड़े मानवाधिकार समझौते में व्याप्त है और कुछ अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार सम्मेलनों जैसे कि सभी प्रकार के जातीय भेदभावों के उन्मूलन से संबंधित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन और महिलाओं के विरुद्ध सभी प्रकार के भेदभावों ने उन्मूलन से जुड़े सम्मेलन के मुख्य उद्देश्य को प्रस्तुत करता है। यह सिद्धांत सभी मानवाधिकारों तथा स्वतंत्रता के संबंध में सभी पर लागू होता है और यह सिद्धांत, लिंग, जाति, रंग तथा ऐसे अन्य वर्गों की सूची के आधार पर भेदभाव का निषेध करता है। समानता का सिद्धांत निष्पक्षता के सिद्धांत का पूरक है। यह सार्वभौमिक मानवाधिकार घोषणा में उल्लिखितय इस अनुच्छेद-1 में उल्लिखित इस तथ्य से भी प्रकट होता है कि सभी मनुष्य जन्म से ही स्वतंत्र होते हैं तथा मान-सम्मान तथा अधिकारों में भी समान होते हैं। अधिकार और जिम्मेदारी भी मानवाधिकार अधिकारों तथा दायित्वों-दोनों को अपरिहार्य बनाते हैं। राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय विधि के अंतर्गत दायित्वों तथा कार्यों को, मानवाधिकारों को आदर देने, उनकी रक्षा करने तथा उन्हें पूरा करने वाला मानते हैं। आदर देने के दायित्व का अर्थ है कि राष्ट्रों को मानवाधिकारों के प्रयोग में हस्तक्षेप करने से अथवा उसके प्रयोग को घटाने से बचना चाहिए। रक्षा के दायित्वों के संबंध में राष्ट्रों को, मानवाधिकारों के दुरूपयोगों से व्यक्तियों या समूहों की रक्षा करनी चाहिए। पूरा करने के दायित्व का अर्थ है कि राष्ट्रों को मूल मानवाधिकारों के प्रयोगों के कारगर बनाने के लिए सकारात्मक रूख अपनाना चाहिए। व्यक्तिगत स्तर पर, जब कि हम अपने मानवाधिकारों के हकदार हैं, हमें अन्यों के मानवाधिकारों का भी सम्मान करना चाहिए। मानवाधिकार संगठन भारत में मानवाधिकार अभी भी अपने विकास चरण में है। फिर भी इस क्षेत्र में विशेषज्ञता कर रहे छात्रों के लिए अनेक अवसर खुले हुए हैं। विकलांगों, अनाथ, दीन-हीन, शरणार्थियों, मानसिक विकलांगों तथा नशीले पदार्थ सेवियों के साथ कार्य करने वाले समाजसेवी संगठनों तथा गैर-सरकारी संगठनों में करियर के अवसर उपलब्ध हैं। मानवाधिकार व्यवसायी सामान्यतः मानवाधिकार एवं नागरिक स्वतंत्रता के क्षेत्र में कार्य करने वाले स्थापित गैर-सरकारी संगठनों में भी कार्य कर सकते हैं। ये गैर-सरकारी संगठन मानवाधिकार सक्रियतावाद, आपदा एवं आपातकालीन राहत, मानवीय सहायता बाल एवं बंधुआ मजदूरों, विस्थापित व्यक्तियों, संघर्ष समाधान तथा अन्यों में सार्वजनिक हित के मुकदमेबाजी के क्षेत्र में भी कार्य करते हैं। अंतर्राष्ट्रीय संगठनों तथा गैर-सरकारी संगठनों को, मानवाधिकार में विशेषज्ञता करने वाले व्यक्तियों की निररंतर तलाश रहती है। इसमें संयुक्त राष्ट्र संगठन भी शामिल हैं। भारत में सांविधिक सरकारी निकाय एवं निगम जैसे राष्ट्रीय एवं राज्य आयोग (महिला, बाल, मानवाधिकार, मजदूर, कल्याण, अल्पसंख्यक समुदाय, अजा एवं अजजा आयोग), सैन्य, अर्ध-सैन्य तथा पुलिस विभाग, पंचायती राज संस्था, स्कूल, कॉलेज एवं विश्वविद्यालय एवं अनुसंधान निकाय और उत्कृष्टता केन्द्र, जिला ग्रामीण विकास एजेंसी तथा जिला शहरी विकास एजेंसी, वकीलों तथा विधिक विशेषज्ञों द्वारा चलाए जाने वाले मानवाधिकार परामर्शदाता संगठन कुछ अन्य ऐसे स्थान हैं जहां करियर के अवसर तलाश सकते हैं, बाल-अपराध एवं बाल-दुव्र्यवहार जैसी सुधार संस्थाओं और महिला सुधार केन्द्रों, कारागार एवं बेघर गृहों में भी कार्य किया जा सकता है। मानवाधिकार विशेषज्ञों की मांग शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ने की संभावना है। पाठ्यक्रम अवधि … Read more

पंजाबी सिंगर बी प्राक पहुंचे महाकालेश्वर मंदिर

उज्जैन मध्य प्रदेश की धर्म नगरी उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में हर दिन भक्तों का तांता लगा रहता है। फेमस सेलिब्रिटी से लेकर विदेशी पर्यटक भी बाबा महाकाल के दर्शन करने के लिए आते हैं। इसी कड़ी में अपनी आवाज से समा बांधने वाले पंजाबी सिंगर बी प्राक (B Praak) महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे, जहां सुबह भस्म आरती में शामिल होकर बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। टीम के साथ भस्म आरती में शामिल हुए सिंगर बी प्राक सिंगर बी प्राक अपनी टीम के साथ बाबा महाकाल की भस्म आरती में शामिल हुए। नंदी हाल में बैठकर उन्होंने भगवान के दर्शन किए। अर्पित पुजारी ने पूजा संपन्न करवाई। पुजारी ने उन्हें फूलों की माला पहनाई और आशीर्वाद दिया। पूजा के दौरान बी प्राक भक्ती में लीन दिखे और ताली बजाकर झूमते नजर आए। उन्होंने माथे पर चंदन भी लगाया था। दर्शन व्यवस्था की तारीफ की दर्शन के बाद बी प्राक ने कहा, “जय महाकाल। यहां दर्शन करने आए हैं। यहां की व्यवस्थाएं बहुत अद्भुत है। सबने इतने बढ़िया से दर्शन करवाए। महाकाल का आशीर्वाद हम सब पर बरसा है। पुजारी समेत सभी लोगों ने आशीर्वाद दिया। यहां आकर जो अनुभव हुआ है, उसे शब्दों में मैं क्या कोई भी बयान नहीं कर सकता है। उसके लिए आपको महाकाल के दर्शन करने पड़ेंगे। महाकाल को देखते ही आपके अंदर ताकत आ जाएगी। आपको ऐसा लगेगा कि यहां या तो आप हैं या फिर महाकाल, बाकि कोई नहीं।” धार्मिक हैं सिंगर बी प्राक बता दें कि सिंगर बी प्राक काफी धार्मिक हैं। वे राधा रानी की काफी पूजा करते हैं। साथ ही अलग-अलग मंदिरों में जाकर भगवान के दर्शन कर रहे हैं। कई धार्मिक कार्यक्रमों में उन्हें भजन गाते हुए भी देखा गया है।

बिना फ्रिज के कैसे रखें खाद्य पदार्थ सुरक्षित

अगर आप अपने घर से दूर रहते हैं जहां आप के पास फ्रिज की व्यवस्था नहीं है, तो उस दौरान फल और सब्जियों को सुरक्षित रखना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। यही नहीं अगर रात का बचा हुआ भोजन सुबह तक चलाना हो तो भी बड़ी कठिनाई आती है। बहुत से लोग ऐसे भी होते हैं जो बिजली का खर्चा बचाने के लिये भी फ्रिज का इस्तमाल नहीं करते। मगर दूध या मीट आदि अगर ठंडे स्थान पर ना रखा जाए तो वह जल्दी खराब हो जाता है। हांलाकि ऐसा नहीं है कि अगर आपके पास फ्रिज नहीं है तो कोई खाद्य पदार्थ सुरक्षित नहीं रह सकता। आप अपने खाने को बड़ी ही आराम से सुरक्षित रख सकते हैं, हमारे ये टिप्स पढ़ कर। हम आपको ऐसे आसान से उपाय बताएंगे जिनकी मदद से आप रसोई में बचे हुए भोजन या फिर साग-सब्जियों को बिल्कुल सुरक्षित रा सकते हैं। आइये जानते हैं वह उपाय… पानी का भरा कटोरा सब्जियों को अगर सुरक्षित रखना हो तो उसे ठंडे पानी के कटोरे में रखें। इससे पानी में रखी हुई सब्जी जल्दी खराब नहीं होगी। लेकिन कोशिश करें कि इन्हें कुछ ही दिनों में खा कर खतम कर दें नहीं तो यह लंबे समय नहीं चलेंगी। ठंडी हवा में अगर रात में खाना बच जाए तो उसे कटोरे में रख कर किसी खुली हुई खिड़की के सामने रख दें, जिससे ठंडी हवा के बहाव से वह खराब ना हो। यदि आपके घर पर कूलर या एसी की व्यवस्था तो भी यह काम आसानी से किया जा सकता है। बर्फ का कटोरा भोजन को किसी बर्फ से भरे कटोरे में रख कर लंबे समय तक आराम से चलाया जा सकता है। बस आपको कहीं से बर्फ का इंतजाम अपने आप करना होगा। वैसे मार्केट में आइस क्यूब्स कम दामों में उपलब्ध हो जाती हैं। ऐसा नहीं है कि आप बर्फ में केवल सब्जियां और फलों को ही सुरक्षित रख सकती हैं बल्कि कई और भी खाद्य पदार्थ भी सुरक्षित रखे जा सकते हैं। सुखा कर कुछ खाद्य पदार्थ को आप सूरज की धूप में सुखा कर भी कई दिनों तक चला सकती हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महामना पं. मदन मोहन मालवीय की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के संस्थापक, ‘भारत रत्न’ पंडित मदन मोहन मालवीय की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षा जगत की समृद्धि से राष्ट्र उत्थान के लिए समर्पित महामना का व्यक्तित्व और कृतित्व अविस्मरणीय है। माँ भारती की सेवा में अमूल्य योगदान देने वाले पं. मदन मोहन मालवीय का देश सदैव ऋणी रहेगा।  

सालभर धार्मिक स्थलों पर खूब गए लोग, Oyo की रिपोर्ट ने बताया किन जगहों पर हुई सबसे ज्यादा बुकिंग

नईदिल्ली  साल 2024 में पुरी, वाराणसी, हरिद्वार अग्रणी धार्मिक गंतव्य रहे. ओयो रूम्स की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2024 में पुरी, वाराणसी और हरिद्वार सबसे अधिक यात्रा किए जाने वाले आध्यात्मिक गंतव्य रहे हैं जबकि हैदराबाद के लिए सबसे अधिक बुकिंग दर्ज की गई है.   यात्रा प्रौद्योगिकी मंच ओयो की ‘ट्रैवलपीडिया-2024’ रिपोर्ट जारी की गई, जिसे पूरे साल में ओयो के प्लेटफॉर्म पर बुकिंग से संबंधित आंकड़ों के आधार पर तैयार किया गया. रिपोर्ट के मुताबिक भारत में इस साल धार्मिक पर्यटन पर विशेष जोर रहा जिसमें पुरी, वाराणसी और हरिद्वार शहरों के लिए सर्वाधिक बुकिंग दर्ज की गई.  इनके अलावा देवघर, पलानी और गोवर्धन में भी पर्याप्त वृद्धि देखी गई. सबसे ज्यादा बुकिंग ओयो की रिपोर्ट के मुताबिक, हैदराबाद, बेंगलुरु, दिल्ली और कोलकाता जैसे शहर बुकिंग के मामले में शीर्ष स्थान पर रहे जबकि उत्तर प्रदेश ने यात्रा के लिए सबसे लोकप्रिय राज्य के रूप में अपना स्थान बनाए रखा. महाराष्ट्र, तेलंगाना और कर्नाटक यात्रा परिदृश्य में प्रमुख योगदानकर्ता बने हुए हैं. पटना, राजमुंदरी और हुबली जैसे छोटे शहरों के लिए बुकिंग में सालाना आधार पर 48 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है. ओयो ने कहा,  इस साल छुट्टियों के दौरान यात्रा गतिविधियों में भी उछाल देखा गया. जयपुर पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र बना रहा जिसके बाद गोवा, पुदुचेरी और मैसूर जैसे सदाबहार पसंदीदा स्थान हैं. हालांकि, मुंबई में बुकिंग में गिरावट देखी गई . ओयो के वैश्विक मुख्य सेवा अधिकारी श्रीरंग गोडबोले ने कहा,  2024 वैश्विक यात्रा परिदृश्य में बदलाव का साल रहा है. हमने देखा है कि यात्री व्यवसाय या अवकाश के लिए किस तरह लचीलेपन और अनुकूलनशीलता को अपना रहे हैं. 

जाने कब बनता है वासुकी कालसर्प दोष?

ज्योतिषीय गणना के अनुसार, साल 2025 कई राशि के जातकों के लिए मंगलकारी साबित हो सकता है। अगले साल कई ग्रह राशि परिवर्तन करेंगे। मायावी ग्रह राहु और केतु भी अपनी स्थिति बदलेंगे। राहु और केतु के राशि परिवर्तन से मीन और कन्या राशि के जातकों को लाभ मिलेगा। वहीं, सिंह और कुंभ राशि के जातकों को सावधान रहने की आवश्यकता पड़ेगी। लेकिन क्या आपको पता है कि वासुकी कालसर्प दोष कब लगता है और यह कितना खतरनाक होता है? आइए, वासुकी कालसर्प दोष के बारे में सबकुछ जानते हैं। ज्योतिषियों की मानें तो वासुकी कालसर्प दोष से पीड़ित जातक को जीवन में संघर्षों का सामना करना पड़ता है। शिक्षा क्षेत्र में जल्द सफलता नहीं मिलती है। परिवार में कलह की स्थिति रहती है। धैर्य में कमी होने लगती है। आत्मबल कमजोर होने लगता है। व्यक्ति लाख चाहकर न खुश रह पाता है और न ही सफल हो पाता है। कुल मिलाकर कहें तो वासुकी कालसर्प दोष शुभ नहीं होता है। वासुकी कालसर्प दोष मायावी ग्रह राहु के तीसरे भाव और केतु के नौवें भाव में रहने से कुंडली में वासुकी कालसर्प दोष बनता है। हालांकि, राहु और केतु के मध्य सभी शुभ और अशुभ ग्रहों का रहना जरूरी है। इसके लिए योग्य ज्योतिष से कालसर्प दोष का विचार कराना चाहिए। कालसर्प दोष का निवारण अनिवार्य यानी जरूरी है। इसके बाद व्यक्ति के जीवन में सुख और शांति आती है। उपाय ज्योतिषियों का कहना है कि वासुकी कालसर्प दोष से पीड़ित जातकों को हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। इसके साथ ही हर मंगलवार के दिन लाल रंग की चीजों का दान करें। इसके अलावा, राहु और केतु के बीज मंत्र का जप करना चाहिए। भगवान शिव की रोजाना पूजा करें। देवों के देव महादेव की पूजा करने से भी कालसर्प दोष से मुक्ति मिलती है। हालांकि, वासुकी कालसर्प दोष का निवारण कराना उत्तम है। इसके लिए अपनी सुविधा अनुसार समय पर वासुकी कालसर्प दोष का निवारण करा लें।

पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी का जीवन राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित रहा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी का जीवन राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित रहा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 100वीं जयंती पर किया नमन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती पर उन्हें नमन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयीका जीवन सदैव राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित रहा। पूर्ण निष्ठा और पवित्रता के साथ देश सेवा और जनसेवा के जो आयाम उन्होंने स्थापित किए, वे अमृतकाल में विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए सभी को प्रेरित करते रहेंगे।  

हाईकोर्ट में अहमदााबद पूर्व सैनिक ने लगाई गुहार, इस्कॉन मंदिर के कुछ पुजारियों पर लगाए गंभीर आरोप

अहमदाबाद  एक पूर्व सैनिक ने गुजरात हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करके अपनी बेटी की कस्टडी की मांग की है। सेवानिवृत्त सैनिक पिता ने कोर्ट में कहा है कि मेरी बेटी सरखेज-गांधीनगर हाईवे पर स्थित इस्कॉन मंदिर के पुजारियों के कब्जे में है। पुजारियों ने उसे कथित तौर पर ब्रेनवॉश किय है। उसे राेज ड्रग्स दिया जाता है। पूर्व सैनिक की अपील पर गुजरात हाईकोर्ट ने अहमदाबाद पुलिस को नोटिस जारी करके लड़की को हाजिर करने को कहा है। पिता का आरोप है कि बेटी पिछले छह महीने लापता हो गई थी। याचिकाकर्ता पूर्व सैनिक ने कहा है कि बेटी को जान होने की आशंका भी व्यक्त की है। ब्रेनवॉश करने का आरोप याचिकाकर्ता पिता द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण आवेदन की सुनवाई के दौरान कोर्ट में कहा कि मेरी बेटी नियमित रूप से दर्शन और पूजा-भक्ति के लिए एसजी हाईवे पर प्रसिद्ध इस्कॉन मंदिर जाती थी। उसी दौरान वह इस्कॉन मंदिर के उक्त पुजारियों के संपर्क में आई। इसी दौरान इस्कॉन मंदिर के पुजारियों ने पूरी तरह से ब्रेनवॉश किया और उसे प्रभावित किया। पिता ने आरोप लगाया है कि इसके बाद बेटी मंदिर के पुजारी के साथ 23 तोला सोना और 3.62 लाख रुपये नकद लेकर घर से भाग गई। पहले दिया शादी का आदेश पिता का आरोप है मंदिर के पुजारी सुंदर मामा ने याचिकाकर्ता की बेटी की शादी अपने एक शिष्य से करने का आदेश दिया था। हालांकि याचिकाकर्ता ने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि उन्हें अपनी बेटी की शादी अपने समाज में करनी है। उसके बाद उन्हें धमकियां मिलीं और अंततः उनकी बेटी को मथुरा से एक शिष्य के साथ भगा दिया गया। पिता का आरोप है कि पुजारी कहते थे कि वह कृष्ण रूप हैं। 600 लड़कियां गोपियां हैं। याचिकाकर्ता पिता ने यह भी आरोप लगाया कि इस्कॉन मंदिर में लड़कियों का ब्रेनवॉश किया जा रहा है और धर्म के नाम पर उन पर अत्याचार किया जा रहा है। परिवार से टूट जाता है मोह पूर्व सैनिक ने याचिका में कहा है कि सुंदर मामा सहित पुजारी मंदिर में आने वाले भक्तों का इस हद तक ब्रेनवॉश करते हैं कि गुरु माता-पिता से अधिक महत्वपूर्ण हैं और मंदिर में रहने वाली 600 लड़कियाँ गोपियाँ हैं और उन्हें यह मानने के लिए मजबूर किया जाता है कि वे कृष्ण रूप हैं। पिता का आरोप है कि उनकी बेटी मंदिर के पुजारी अवैध हिरासत और कारावास में हैं। बेटी को नियमित रूप से ड्रग्स और मारिजुआना दिया जा रहा है। पिता का आराेप है कि बार-बार शिकायत करने और गुहार लगाने के बावजूद पुलिस द्वारा उनकी बेटी को ढूंढने के लिए कोई प्रभावी प्रयास नहीं किया। पुलिस को हाईकोर्ट की नोटिस पिता की याचिका पर सुनवाई करने के बाद हाईकोर्ट की जस्टिस संगीता और जस्टिस संजीव ठाकर की पीठ ने राज्य सरकार, शहर के पुलिस आयुक्त, मेघानीनगर पुलिस स्टेशन के पीआई को नोटिस जारी करके कहा है कि लड़की को हाईकोर्ट में पेश किया जाएगा। हाईकोर्ट ने इसके अलावा इस्कॉन मंदिर के प्रबंधन से जुड़े लोगों को भी नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने इस मामले में आगे की सुनवाई 9 जनवरी को तय की गई है। इस्कॉन की तरफ से इस मामले में कोई भी बयान जारी नहीं किया गया है।

रोहित शर्मा कर सकते हैं ओपनिंग, टीम इंडिया का बैटिंग ऑर्डर उलट-पलट, इस नंबर पर खेल सकते हैं केएल राहुल

नई दिल्ली मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड यानी एमसीजी में इंडिया और ऑस्ट्रेलिया के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का चौथा मुकाबला गुरुवार 26 दिसंबर से खेला जाना है। ये बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच है और इस मैच में भारत का बैटिंग ऑर्डर आपको उलट-पलट नजर आ सकता है। अभी तक तीन मैचों में जिन दो खिलाड़ियों ने ओपनिंग की थी, वह जोड़ी अब चौथे टेस्ट मैच में शायद टूट जाएगी। हालांकि, किसी खिलाड़ी को ड्रॉप नहीं किया जा रहा, बल्कि केएल राहुल को डिमोट किए जाने की रिपोर्ट सामने आई है और कप्तान रोहित शर्मा को प्रमोट किया जा रहा है, जो फिर से ओपन कर सकते हैं। बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच से एक दिन पहले इस तरह की रिपोर्ट्स सामने आ रही है कि कप्तान रोहित शर्मा फिर से यशस्वी जायसवाल के साथ पारी की शुरुआत करते नजर आ सकते हैं। रोहित शर्मा पिछले दो मैचों में नंबर 6 पर खेले थे। केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल पहले तीन मैचों में ओपनर थे। केएल राहुल ने दो मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया। वहीं, यशस्वी ने अभी तक एक पारी अच्छी खेली। उधर, कप्तान रोहित शर्मा के लिए तीन पारियां बहुत खराब गुजरीं। ऐसे में वे फिर से पारी की शुरुआत करते हुए नजर आ सकते हैं। अब सवाल ये है कि अगर रोहित शर्मा ओपन करेंगे तो फिर केएल राहुल किस नंबर पर खेलेंगे? इसका जवाब मिल गया है कि नंबर तीन पर खेल सकते हैं, जबकि शुभमन गिल को नंबर 6 पर भेजा जा सकता है। शुभमन गिल उतने प्रभावी नजर नहीं आ रहे। ऐसे में उनको थोड़ा वक्त मिडिल ऑर्डर में पुरानी गेंद से मिल सकता है। हो सकता है कि गिल को ड्रॉप कर दिया जाए, लेकिन इसकी संभावना कम ही नजर आ रही है। विराट कोहली नंबर चार पर खेलने वाले हैं, जबकि ऋषभ पंत नंबर पांच पर पक्के हैं। एमसीजी की पिच को देखते हुए नितीश रेड्डी की जगह वॉशिंगटन सुंदर को मौका मिल सकता है। हो सकता है कि शुभमन गिल की जगह वॉशिंगटन सुंदर खेल जाएं।

दिलजीत दोसांझ के शो के बाद आयोजकों के लिए मुश्किलें खड़ी हो गई, सख्त कार्रवाई करने की तैयारी

इंदौर भारत के प्रसिद्ध पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ के शो ने इंदौर के दर्शकों को जहां भरपूर मनोरंजन दिया, वहीं इस आयोजन के बाद शो के आयोजकों के लिए मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। इंदौर नगर निगम ने शो के आयोजकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की तैयारी कर ली है। निगम का आरोप है कि आयोजकों ने मनोरंजन टैक्स चुकाने में लापरवाही बरती है, जिसके चलते 2 करोड़ रुपये की टैक्स राशि अब भी बकाया है। नगर निगम के राजस्व समिति प्रभारी निरंजन सिंह चौहान ने इसे लेकर जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि शो से पहले और बाद में आयोजकों को टैक्स भुगतान के लिए नोटिस जारी किए गए थे। इसके बावजूद, आयोजकों ने न तो बकाया राशि चुकाई और न ही संबंधित सीए की रिपोर्ट निगम को सौंपी। ऐसे में नगर निगम ने आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्णय लिया है। क्या है मामला? इंदौर में दिलजीत दोसांझ का शो बड़े पैमाने पर आयोजित किया गया था। इसमें बड़ी संख्या में दर्शक शामिल हुए थे। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि शो के टिकटों से होने वाली आय पर मनोरंजन टैक्स लगाया गया था। इसकी कुल राशि 2 करोड़ रुपये तय की गई। हालांकि आयोजकों ने इस टैक्स का भुगतान नहीं किया। होगी कानूनी कार्रवाई चौहान ने बताया कि निगम ने बार-बार नोटिस जारी कर आयोजकों को समय दिया, लेकिन उनकी ओर से कोई पहल नहीं की गई। अब नगर निगम ने कानूनी कार्रवाई का निर्णय लिया है। अधिकारियों का कहना है कि टैक्स की बड़ी राशि की वसूली के लिए निगम हरसंभव कदम उठाएगा। वहीं दिलजीत दोसांझ जैसे बड़े कलाकार के शो का मामला होने के कारण नगर निगम इस पर पूरी सतर्कता और कानूनी प्रक्रिया के तहत काम कर रहा है। चौहान ने कहा कि ‘यह केवल टैक्स बकाया का मामला नहीं है, बल्कि नियमानुसार प्रक्रियाओं का पालन न करने का भी है। इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।’

5 रुपये में पौष्टिक भोजन की योजना शुरू, श्रमिकों के लिए राहत

बैकुण्ठपुर/कोरिया  राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप और कलेक्टर श्रीमती चन्दन त्रिपाठी की पहल पर जिले में श्रम विभाग ने मात्र 5 रुपये में गर्म और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की योजना शुरू की है। यह योजना श्रमिकों के पोषण और आर्थिक सहायता के उद्देश्य से लागू की गई है। यह योजना छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के तहत संचालित की जा रही है। योजना का शुभारंभ बैकुंठपुर के सब्जी मंडी स्थित पौनी पसारी हाट बाजार में क्षेत्रीय विधायक श्री भईया लाल राजवाडे ने किया। पहले ही दिन लगभग 260 श्रमिकों ने इस योजना का लाभ उठाया। श्रम विभाग के अनुसार, योजना के तहत पंजीकृत श्रमिकों को सोमवार से शनिवार तक प्रतिदिन 5 रुपये में पौष्टिक और गर्म भोजन प्रदान किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य श्रमिकों को सस्ती दर पर गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना और उनकी पोषण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करना है। कार्यक्रम में अपर कलेक्टर अरुण मरकाम, गणमान्य नागरिक कृष्ण बिहारी जायसवाल, श्रम पदाधिकारी नरेंद्र कुमार ठाकुर, श्रम निरीक्षक मुकेश कुमार राठौर और अन्य अधिकारी एवं श्रमिक विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर श्रमिकों को विभाग द्वारा संचालित अन्य योजनाओं की जानकारी भी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि यह योजना श्रमिकों के स्वास्थ्य में सुधार करेगी और उनकी कार्यक्षमता बढ़ाएगी। योजना से लाभान्वित श्रमिकों ने इसे अपने लिए बड़ी राहत बताया। उन्होंने सरकार और श्रम विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल उनके जीवन को आसान बना रही है और उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर रही है। 5 रुपये में पौष्टिक भोजन की यह पहल श्रमिकों के लिए एक नई उम्मीद और स्थिरता का प्रतीक है। यह सरकार की जनकल्याणकारी सोच का प्रतिबिंब है जो श्रमिकों के स्वास्थ्य और भलाई को प्राथमिकता देती है।

बॉक्सिंग डे टेस्ट के लिए टीम इंडिया में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं, बैटिंग ऑर्डर में बड़े बदलाव देखे जा सकते हैं

नई दिल्ली भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी का चौथा टेस्ट मैच कल से यानी कि 26 दिसंबर से शुरू हो रहा है। पांच मैचों की सीरीज का यह टेस्ट मैच मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर बॉक्सिंग डे पर शुरू हो रहा है। सीरीज फिलहाल 1-1 की बराबरी पर है और ऐसे में यह टेस्ट मैच दोनों ही टीमों के लिए काफी ज्यादा अहम हो जाता है। ऑस्ट्रेलिया ने बॉक्सिंग डे टेस्ट के लिए प्लेइंग XI का ऐलान कर दिया है, लेकिन टीम इंडिया प्लेइंग XI का ऐलान टॉस के समय करेगी। बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच में टीम इंडिया में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं, इसके अलावा बैटिंग ऑर्डर में भी कुछ बड़े बदलाव देखे जा सकते हैं। टीम इंडिया के लिए बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच में पारी का आगाज कप्तान रोहित शर्मा और यशस्वी जायसवाल करते हुए नजर आ सकते हैं। वहीं शुभमन गिल तीसरे नंबर से छठे नंबर पर बैटिंग ऑर्डर में खिसक सकते हैं। सीरीज का पहला टेस्ट पर्थ में खेला गया था, जहां भारत ने 295 रनों से जीत दर्ज की थी। उस मैच में कप्तान रोहित नहीं खेले थे और जसप्रीत बुमराह ने कप्तानी की थी। केएल राहुल ने जायसवाल के साथ पारी का आगाज किया था और काफी अच्छी बैटिंग भी की थी, जिसके बाद रोहित ने जब प्लेइंग XI में वापसी की तो राहुल के बैटिंग ऑर्डर से बिना छेड़छाड़ किए खुद नंबर-6 पर उतरे थे। रोहित के लिए एडिलेड और ब्रिसबेन टेस्ट अच्छा नहीं गया था, जिसके बाद ऐसा माना जा रहा है कि वह फिर से ओपन करने आ सकते हैं, ऐसे में केएल तीसरे नंबर पर बैटिंग करने उतर सकते हैं, जबकि गिल को विराट कोहली और ऋषभ पंत के बाद छठे नंबर पर बैटिंग करने आना पड़ सकता है। इसके अलावा नीतीश रेड्डी को भी प्लेइंग XI से ड्रॉप किया जा सकता है और उनकी जगह वॉशिंगटन सुंदर ले सकते हैं। रविंद्र जडेजा ने जिस तरह से ब्रिसबेन टेस्ट में पहली पारी में बैटिंग की, ऐसा लगता है कि उनकी जगह प्लेइंग XI में बनी रहेगी। टीम इंडिया तीन पेसर और दो स्पिन ऑलराउंडर्स के साथ बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच में खेलने उतर सकती है। भारत का संभावित प्लेइंग XI: रोहित शर्मा (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, विराट कोहली, ऋषभ पंत, शुभमन गिल, रविंद्र जडेजा, वॉशिंगटन सुंदर, आकाश दीप, मोहम्मद सिराज, जसप्रीत बुमराह। ऑस्ट्रेलिया का प्लेइंग XI: उस्मान ख्वाजा, सैम कोंस्टास, मार्नस लाबुेशन, स्टीव स्मिथ, ट्रैविस हेड, मिचेल मार्श, एलेक्स कैरी, पैट कमिंस (कप्तान), मिचेल स्टार्क, नाथन लायन, स्कॉट बोलैंड।

भारत के शहरी क्षेत्रों में FMCG का विकास धीमा होकर 4.5 परसेंट, आटे का दाम इस धीमे विकास की सबसे बड़ी वजह

नई दिल्ली भारत में जहां गेहूं का आटा रोजमर्रा के भोजन का जरुरी हिस्सा है, वहां आटे की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी ने घरों का बजट बिगाड़ दिया है. ये समस्या इसलिए बढ़ गई है, क्योंकि आटे की कीमतें 15 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं. कान्टार रिपोर्ट के मुताबिक इस बढ़ोतरी के असर से सबसे ज्यादा प्रभावित ग्रामीण इलाके हो रहे हैं. यहां परिवारों के खर्चे बढ़ गए हैं और FMCG सेक्टर की ग्रोथ भी इससे धीमी पड़ गई है. रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रामीण इलाकों में FMCG सेक्टर की ग्रोथ 4 फीसदी रही है, जो पिछले साल के मुकाबले धीमी है. इसी तरह शहरी क्षेत्रों में भी FMCG का विकास धीमा होकर 4.5 परसेंट रह गया है. खास बात है कि गेहूं के आटे का दाम इस धीमे विकास की सबसे बड़ी वजह बन गई है. 15 साल में सबसे महंगा गेहूं का आटा! आटे की कीमतें दिसंबर में 40 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई हैं, ये कीमत जनवरी 2009 के बाद सबसे ज्यादा है. आटे की कीमतों में इस बढ़ोतरी के असर से खाद्य महंगाई पर नियंत्रण पाने की सरकार की कोशिशों को तगड़ा झटका लगने की आशंका है. दरअसल, ग्रामीण भारत में आटे की बढ़ती कीमतों ने वहां के परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है. ग्रामीण इलाकों में आटा लोगों के मासिक खर्च का बड़ा हिस्सा है. लेकिन गेहूं के आटे की कीमतों में आगे भी तेजी आने की आशंका क्योंकि गेहूं की कम पैदावार की वजह से सरकार के पास इसका स्टॉक भी कम है, जो डिमांड में बढ़ोतरी होने पर इसकी कीमतों में तेजी की वजह बन सकता है. महंगाई से FMCG कंपनियां भी परेशान! कुछ FMCG कंपनियों ने संकेत दिया है कि उन्हें कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी का सामना करना पड़ रहा है जिसकी वजह से उनके ऊपर कई प्रॉडक्ट्स के दाम बढ़ाने का दबाव है. शहरी क्षेत्रों में खाद्य महंगाई दर 11.1 फीसदी की दर से बढ़ी है जो पिछले 15 महीनों में सबसे ज्यादा है. इस बढ़ोतरी का असर FMCG की कीमतों पर पड़ा है. इस बढ़ोतरी को देखते हुए, अगले कुछ महीनों में FMCG कंपनियां कीमतों में और बढ़ोतरी कर सकती हैं. महंगाई की वजह से शहरी क्षेत्रों में प्रति घर औसत खर्च में भी बढ़ोतरी हुई है जो दो साल में 13 फीसदी बढ़ा है.  कुल मिलाकर, देश भर में खाद्य महंगाई का असर FMCG सेक्टर पर साफ देखा जा रहा है. हालांकि, सरकार और कंपनियां इसे नियंत्रित करने के प्रयासों में जुटी हुई हैं लेकिन इसके बावजूद महंगाई का दबाव लंबे समय तक बना रह सकता है.  

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