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छत्तीसगढ़ में वाहन मालिकों के लिए परिवहन विभाग ने शुरू की योजना, घर बैठे लगवाएं हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट

रायपुर वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने के लिए वाहन मालिकों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। उन्हें यहां-वहां भटकने की कतई जरूरत नहीं है। वे घर बैठे कंपनी के कर्मचारियों को बुलाकर नंबर प्लेट लगवा सकते हैं। यह नई सुविधा परिवहन विभाग ने शुरू की है, ताकि वाहन मालिकों को इधर-उधर भटकना न पड़े। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेशभर में अब वाहन मालिक अपनी गाड़ियों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने के लिए दो अधिकृत वेंडरों के कर्मचारियों को सुविधा के अनुसार अपने घर बुला सकते हैं। यह योजना एक अप्रैल 2019 से पहले रजिस्टर्ड वाहनों पर लागू की गई है। नंबर प्लेट लगाने के लिए विभाग ने मेसर्स रियल मेजान इंडिया लिमिटेड और मेसर्स रास्मेर्टा सेफ्टी सिस्टम लिमिटेड को अधिकृत वेंडर नियुक्त किया है। वे विभाग द्वारा निर्धारित दरों पर ही नंबर प्लेट लगाएंगे। घर पहुंच सेवा का शुल्क अलग से लगेगा साथ ही परिवहन दफ्तरों को अलग-अलग जोन में बांटा गया है, ताकि लोग नंबर प्लेट लगवा सकें। अधिकारियों ने बताया कि हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने के लिए परिवहन विभाग की वेबसाइट cgtransport.gov.in पर लॉग इन करना होगा। ऑनलाइन बुकिंग के लिए, डिजिटल मोड का ही इस्तेमाल किया जा सकता है। हर इंस्टालेशन के लिए 100 रुपये का अतिरिक्त शुल्क देना होगा। घर पहुंच सेवा के लिए भी अतिरिक्त शुल्क लगेगा। एचएसआरपी नंबर प्लेट लगवाने के लिए ध्यान रखना होगा कि रजिस्ट्रेशन के साथ वाहन मालिक का मोबाइल नंबर वाहन पोर्टल पर दर्ज होना चाहिए। अगर नंबर दर्ज नहीं है तो पहले नंबर दर्ज कराना होगा। पोर्टल में नंबर होने पर रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ गाड़ी का चेसिस नंबर भी डालना होगा। इसके बाद, मोबाइल से वेरिफिकेशन होगा। 2019 से पुराने वाहनों की बदलेंगे नंबर प्लेट प्रदेश में वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाना अनिवार्य किया है। अतिरिक्त परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर ने वेंडरों को कहा है कि अब सभी वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट लगाना ही होगा। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट का खर्च     365 रुपये दोपहिया के लिए     427 रुपये तीनपहिया के लिए     656 रुपये चारपहिया के लिए     705 रुपये भारी वाहनों के लिए नंबर प्लेट की खासियत इसमें एक यूनिक कोड होता है, जिसमें उस गाड़ी से जुड़ी सभी जानकारी होती है। इसे निकाला नहीं जा सकता। इसमें दो नंबर प्लेट और तीसरा नंबर प्लेट भी होता है, जो विंड सीट में लगता है। जनरेटिव एआई की सुविधा फिलहाल एक्सपेरिमेंट के तौर पर उपलब्ध है।

सुबह 7 बजकर 59 मिनट पर मकर राशि में होगा सूर्यनारायण का प्रवेश

उज्जैन सूर्य के उत्तरायण का पर्व मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाया जाएगा। इस दिन सुबह 7 बजकर 59 मिनट पर सूर्य का मकर राशि में प्रवेश होगा। ज्योतिष के जानकारों के अनुसार, जब सूर्य का प्रवेश दिन में हो या सुबह सूर्योदय के तीन मुहूर्त के आसपास हो, तो मकर संक्रांति का अनुक्रम बनता है। धर्मशास्त्र की इसी मान्यता के अनुसार, 14 तारीख को मकर संक्रांति मनाई जाएगी। मोक्षदायिनी शिप्रा में पर्व स्नान होगा। ज्योतिषाचार्य पं. अमर डब्बावाला ने बताया, सूर्य के राशि परिवर्तन को सूर्य की संक्रांति कहा जाता है। सूर्य जब मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तो इसे मकर संक्रांति कहा जाता है। सूर्य की मकर संक्रांति शुभ     सूर्य सिद्धांत की मान्यता के अनुसार, 14 जनवरी मंगलवार को पुनर्वसु नक्षत्र, विषकुंभ योग एवं बालव करण तथा कर्क राशि के चंद्रमा की साक्षी में सूर्य देवता का धनु राशि को छोड़कर के मकर राशि में प्रवेश करेंगे।     मकर राशि में प्रवेश होते ही सूर्य की मकर संक्रांति कहलाएगी। यह समय सुबह 7.59 पर होगा। सूर्य के मकर में प्रवेश करते ही खरमास का समापन होगा तथा उत्तरायण का पक्ष आरंभ हो जाएगा।     मांगलिक कार्य आरंभ होंगे। मकर संक्रांति का पर्व काल होने से यह स्नान, दान, तर्पण, पितरों के निमित्त श्रद्धा व्यक्त करने का दिवस है। इस दिन अन्नदान, वस्त्रदान करने का विशेष महत्व है।     तांबा, चांदी अथवा सोने के कलश में काले तिल भरकर के दान करने का महत्व भी बताया गया है। इस दिन जल में काले तिल डालकर स्नान करने से गरीबी दूर होती है तथा रोग, दोष समाप्त होते हैं। व्यापार में उतार चढ़ाव, भारत लाए जा सकते हैं वन्यप्राणी शास्त्रीय गणना व सूर्य सिद्धांत में संक्रांति के शुभ अशुभ फल में वाहन का विशेष महत्व होता है। इस बार संक्रांति का वाहन व्याघ्र तथा उप वाहन अश्व रहेगा। व्याघ्र पर सवार होकर आ रही संक्रांति वन्य प्राणियों के लिए विशेष प्रभावी रहेगी। इससे बाघ व कूनों में चीतों की संख्या में वृद्धि होगी। अन्य देशों से नए वन्यप्राणी भारत लाए जा सकते हैं। प्राणियों के जीवन पर कुछ संकट की स्थिति भी बन सकती है।

2024 का साल खास तौर पर लोकसभा चुनाव, विपक्षी एकजुटता, राज्यों में राजनीतिक बदलाव भरा रहा

नई दिल्ली 2024 का साल भारतीय राजनीति में महत्वपूर्ण बदलावों और घटनाओं से भरा रहा। यह साल खास तौर पर लोकसभा चुनाव, विपक्षी एकजुटता, राज्यों में राजनीतिक बदलाव और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के लिए चुनौतियों का साल रहा। आइए, 2024 के राजनीतिक घटनाक्रम पर एक नजर डालते हैं। 1. लोकसभा चुनाव 2024: मोदी की तीसरी बार वापसी 2024 में भारत में हुए लोकसभा चुनाव ने भारतीय राजनीति में एक बार फिर से बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सत्ता में लौटाया। बीजेपी ने अपने चुनावी प्रचार में विकास, सुरक्षा और कड़े प्रशासनिक उपायों को प्रमुख मुद्दा बनाया। नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता और उनके नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीसरी बार शानदार जीत दर्ज की, लेकिन इस बार मुकाबला पहले से कहीं कठिन था। विपक्षी गठबंधन ने बीजेपी के खिलाफ एकजुट होकर चुनाव लड़ा। इस गठबंधन में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, शिवसेना, समाजवादी पार्टी, और अन्य क्षेत्रीय दल शामिल थे। हालांकि, बीजेपी ने बहुमत से सत्ता में वापसी की, लेकिन कुछ राज्यों में विपक्ष ने अच्छा प्रदर्शन किया। खासकर दक्षिण भारत, पश्चिम बंगाल, और उत्तर-पूर्वी राज्यों में बीजेपी को कड़ी टक्कर मिली। इसने दिखा दिया कि भारतीय राजनीति में अब क्षेत्रीय दलों की ताकत लगातार बढ़ रही है और भविष्य में ये दल राष्ट्रीय राजनीति में अहम भूमिका निभा सकते हैं। 2. विपक्ष का एकजुट होना 2024 का साल विपक्ष के लिए अहम था, क्योंकि विभिन्न विपक्षी दलों ने मिलकर बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोला। ‘INDIA’ गठबंधन के तहत कांग्रेस और अन्य क्षेत्रीय दलों ने बीजेपी के खिलाफ एकजुट होकर चुनाव लड़ा। हालांकि, यह गठबंधन अपनी पूरी ताकत के साथ चुनाव में सफलता हासिल नहीं कर सका, लेकिन यह विपक्ष के लिए एक नया रास्ता दिखाने का काम किया। इस गठबंधन का मुख्य उद्देश्य बीजेपी को रोकना था, लेकिन कई राज्यों में विपक्ष के बीच आंतरिक मतभेद और नेतृत्व को लेकर समस्याएं सामने आईं। इसके बावजूद, विपक्ष का एकजुट होना यह दर्शाता है कि भविष्य में बीजेपी को चुनौती देने के लिए विपक्षी दलों को एक साथ आना होगा। 3. राज्य चुनावों में बदलाव 2024 में कई राज्यों में विधानसभा चुनाव हुए, जिनमें बीजेपी और विपक्ष दोनों के लिए बड़े बदलाव देखने को मिले। राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, और तेलंगाना में कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन किया और बीजेपी को कड़ी टक्कर दी। राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने सत्ता बरकरार रखी, जबकि मध्यप्रदेश और तेलंगाना में बीजेपी को अपनी ताकत साबित करनी पड़ी। इन चुनावों में क्षेत्रीय दलों की भूमिका भी अहम रही, जैसे कि तेलंगाना में केसीआर (कांग्रेस नेता) और बंगाल में ममता बनर्जी ने अपनी पकड़ मजबूत बनाई। इन चुनावों ने यह साबित किया कि भारतीय राजनीति में राज्य स्तर पर क्षेत्रीय दलों का प्रभाव बढ़ता जा रहा है और राष्ट्रीय राजनीति में उनका रोल भी महत्वपूर्ण हो सकता है। साथ ही, यह दिखाता है कि बीजेपी को राज्यों में अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए लगातार कड़ी मेहनत करनी होगी। 4. कृषि और किसान आंदोलनों का असर 2024 में कृषि और किसान आंदोलनों का भी बड़ा राजनीतिक प्रभाव रहा। किसान विरोधी कानूनों को लेकर 2020 में शुरू हुआ आंदोलन अब भी पूरी तरह से समाप्त नहीं हो पाया था। हालांकि, 2024 में सरकार ने किसानों के लिए कुछ राहत के कदम उठाए, लेकिन किसानों के मुद्दे और उनके अधिकारों को लेकर विवाद जारी रहा। किसानों का आंदोलन और उनके समर्थन में विपक्षी दलों ने इसे अपने राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा बनाया। इसने न सिर्फ सरकार को चुनौती दी, बल्कि यह भी साबित किया कि किसानों और ग्रामीण इलाकों के मुद्दे राजनीति में अहम बन चुके हैं। 5. राष्ट्रीय सुरक्षा: विदेश नीति की दिशा 2024 में भारतीय राजनीति में राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति भी प्रमुख मुद्दा बने। मोदी सरकार ने अपने कार्यकाल में कई अहम कदम उठाए, जैसे कि पाकिस्तान और चीन के साथ सीमा विवाद पर कड़े रुख अपनाना। चीन के साथ सीमा पर तनाव और पाकिस्तान से संबंध जैसे मुद्दों ने राजनीतिक माहौल को प्रभावित किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कूटनीतिक तरीके से कई बार इन दोनों देशों से अपने रिश्तों को सुधारने की कोशिश की, लेकिन सीमा पर स्थिति तनावपूर्ण रही। अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में भारत ने अपनी स्थिति मजबूत की और अमेरिका, रूस और यूरोपीय संघ जैसे देशों के साथ रिश्तों को और प्रगाढ़ किया। 2024 में G20 की अध्यक्षता के दौरान भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी कूटनीतिक ताकत का प्रदर्शन किया। 6. समाजवादी और क्षेत्रीय दलों की बढ़ती ताकत 2024 में एक और बड़ा बदलाव देखने को मिला, वह था क्षेत्रीय दलों और समाजवादी दलों की बढ़ती ताकत। उदाहरण के लिए, पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस, तेलंगाना में के. चंद्रशेखर राव की टीआरएस, और उत्तर-पूर्वी राज्यों में विभिन्न क्षेत्रीय दलों ने भारतीय राजनीति में अपनी महत्वपूर्ण जगह बनाई। इन दलों ने न सिर्फ राज्य स्तर पर, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी अपनी उपस्थिति दर्ज की और अब उनका राष्ट्रीय निर्णयों पर असर होता है। इन दलों ने यह साबित किया कि राष्ट्रीय चुनावों में उनकी भूमिका और ताकत दिन-ब-दिन बढ़ रही है। 7. सवर्ण और पिछड़ा वर्ग के बीच टकराव 2024 में भारत में समाजिक न्याय और आरक्षण को लेकर भी राजनीति गरमाई। कई राज्य सरकारों ने सवर्ण और पिछड़े वर्गों के बीच आरक्षण की नीति को लेकर विवादों को जन्म दिया। बीजेपी सरकार ने सवर्णों के लिए आरक्षण बढ़ाने की योजना बनाई, वहीं विपक्ष ने इसे गरीबों के हक में न होने की आलोचना की। इन सामाजिक मुद्दों ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी राजनीतिक बहसें छेड़ीं, जिससे राजनीतिक दलों के बीच खींचतान बनी रही। 2024 भारतीय राजनीति के लिए एक महत्वपूर्ण साल था, जिसमें भारतीय जनता पार्टी ने अपनी सत्ता बरकरार रखी, लेकिन विपक्षी दलों ने भी अपनी चुनौती पेश की। राज्य चुनावों, किसान आंदोलनों, राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक मुद्दों ने राजनीति को नया मोड़ दिया। यह साल यह दिखाता है कि भारतीय राजनीति अब केवल दो प्रमुख दलों तक सीमित नहीं रही, बल्कि क्षेत्रीय और समाजवादी दल भी राष्ट्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। 2024 ने यह साबित किया कि भारतीय राजनीति में भविष्य में और अधिक बदलाव और संघर्ष देखने को मिल सकता है।  

अब आरआरबी की ओर से आरपीएफ एसआई भर्ती परीक्षा के लिए आंसर की जारी, 22 दिसंबर तक आपत्ति दर्ज करने का मौका

नई दिल्ली रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड (RRB) की ओर से आरपीएफ सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा का आयोजन 2, 3, 9, 12 और 13 दिसंबर को 2024 को देशभर में निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर करवाया गया था। एग्जाम संपन्न होने के बाद अब आरआरबी की ओर से प्रोविजनल आंसर की डाउनलोड के लिए उपलब्ध करवा दी गई है। परीक्षार्थी तुरंत ही ऑफिशियल वेबसाइट rrbcdg.gov.in पर जाकर या इस पेज पर दिए गए डायरेक्ट लिंक पर क्लिक करके उत्तर कुंजी डाउनलोड कर सकते हैं। आंसर की डाउनलोड करने के लिए आपको लॉग इन डिटेल दर्ज करनी होगी। 22 दिसंबर तक ऑब्जेक्शन दर्ज करने का मौका आंसर की द्वारा अभ्यर्थी अपने सभी प्रश्न उत्तरों का मिलान अच्छे से कर लें। इस दौरान अगर वे इसमें दिए किसी उत्तर से संतुष्ट नहीं हैं तो वे 22 दिसंबर 2024 रात्रि 12 बजे तक उस पर ऑब्जेक्शन दर्ज कर सकते हैं। अभ्यर्थी ध्यान रखें कि ऑब्जेक्शन दर्ज करने के लिए आपको 50 रुपये प्रति प्रश्न का भुगतान करना होगा। कैसे डाउनलोड करें आंसर की आरपीएफ एसआई एग्जाम सिटी स्लिप डाउनलोड करने के लिए आपको पहले आधिकारिक वेबसाइट rrbcdg.gov.in पर जाना होगा। वेबसाइट के होम पेज पर एसआई CEN RPF 01/2024 पर क्लिक करें। अब अभ्यर्थी आंसर की के लिंक पर क्लिक करें। इसके बाद मांगी गई डिटेल दर्ज करके सबमिट करें। अब आप आंसर की डाउनलोड कर सकते हैं। इसके साथ ही आप यहीं से आपत्ति भी दर्ज कर सकते हैं।  

शिक्षा के मंदिर में फूहड़ डांस, छात्राएं बीच में सिक्योरिटी गार्ड को कुर्सी पर बैठाकर मुन्नी बदनाम हुई गाने पर नाच रही

इंदौर देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के खंडवा रोड कैंपस स्थित स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में छात्राओं के डांस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। छात्राएं बीच में सिक्योरिटी गार्ड को कुर्सी पर बैठाकर मुन्नी बदनाम हुई गाने पर नाच रही हैं। दरअसल, सोशल मीडिया में खंडवा रोड कैंपस स्थित स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में छात्राएं फूहड़ डांस कर रही हैं। वहीं पीछे से छात्र उनका वीडियो बना रहे हैं। डांस के जज कोई ओर नहीं बल्कि सिक्योरिटी गार्ड को बनाया गया है। जो कुर्सी पर बैठाकर छात्राओं का डांस देख रहे हैं। बताया जा रहा है कि, सीनियर छात्र छात्राओं द्वारा जूनियर छात्राओं को नचाया जा रहा है। जिसमें सीनियर छात्राएं गाना गा रही हैं तो जूनियर छात्राएं उस पर फूहड़ डांस कर रही। छात्राओं की हरकत और डांस से कुर्सी पर बैठा बुजुर्ग सिक्योरिटी गार्ड शर्मसार होते हुए नजर आ रहा है। वीडियो वायरल होने पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। हैरानी की बात तो यह है कि, कॉलेज के जिम्मेदारों को मामले की जानकारी तक नहीं है। इसी बीच पूर्व मंत्री उषा ठाकुर ने कहा कि, विश्वविद्यालय में फूहड़ता बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। माता-पिता अपने बच्चों को संस्कार और संस्कृति की शिक्षा दें। महाविद्यालयों में अश्लीलता पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

मध्य प्रदेश में टीबी का कहर, राजधानी में सबसे ज्यादा मरीज, देखें आंकड़े

TB havoc in Madhya Pradesh, highest number of patients in the capital, see figures स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश में अभियान चलाकर सालभर में 1.66 लाख मरीजों की पहचान की है। सबसे ज्यादा 11768 मरीज भोपाल में मिले हैं। इसके बाद इंदौर और फिर छतरपुर का नंबर है। सबसे कम 608 मरीज निवाड़ी जिले में मिले हैं। सतना जिला 4680 मरीजों के साथ प्रदेश में 10वें पायदान पर है। हालांकि विभाग प्रदेश में लक्ष्य के मुकाबले 88 फीसदी मरीजों की ही पहचान कर सका है। अभियान के तहत जिलों में आबादी के अनुसार जनवरी से दिसंबर 2024 तक मरीजों(TB cases in MP) को तलाशने का लक्ष्य दिया गया था। दो जिलों में शत-प्रतिशत प्रदेश में 1.90 लाख टीबी मरीजों(TB cases in MP) को तलाशने का लक्ष्य था, जिसमें से विभाग 1.66 लाख मरीजों की पहचान कर सका है। प्रदेश में लक्ष्य के मुकाबले अभी 12 फीसदी मरीजों तक महकमा नहीं पहुंच सका है। प्रदेश के सिर्फ दो जिले शिवपुरी में 110 प्रतिशत, बुरहानपुर में 109 प्रतिशत टीबी मरीज की पहचान की जा चुकी है।

मध्यप्रदेश: मंडल अध्यक्षों के नाम को लेकर विरोध के सुर, नियम के विरुद्ध दोबारा मंडल अध्यक्ष बनाने का आरोप

शहडोल आदिवासी बाहुल्य शहडोल जिले में एक ओर जहां भाजपा मंडल अध्यक्षों के नाम की घोषणा के बाद खुशी का माहौल है. वहीं दूसरी ओर कुछ मंडल अध्यक्षों के नाम को लेकर विरोध बिगुल भी बजने लगे हैं. पपौंध मंडल में दोबारा उसी मंडल अध्यक्ष के नाम को लेकर जमकर विरोध हो रहा है.भ्रष्टाचार को बढ़ावा और नियमाविरुद्ध मंडल अध्यक्ष बनाने को लेकर विरोध कर रहे हैं. शहडोल जिले में 19 मंडल अध्यक्षों में से 16 के नाम की घोषणा हो चुकी है. तीन मंडल के मंडल अध्यक्ष सोहागपुर, बुढ़ार और ब्यौहारी के मंडल अध्यक्षों के नाम की घोषणा होना अभी बाकी है. मंडल अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर क्षेत्रीय कार्यकर्ता और लोगों में उत्साह है. लेकिन पपौंध मंडल अध्यक्ष श्यामपाल तिवारी की नियुक्ति का विरोध कर रहे हैं. सुमित पांडे, प्रभाकर मिश्रा, संतोष मिश्रा, मुकुंद राम कोल और क्षेत्र के लोगों ने दोबारा मंडल अध्यक्ष की नियुक्ति पर भाजपा संगठन पर सवाल उठाए हैं.   उन्होंने बताया कि भाजपा की गाइडलाइन को नजरअंदाज करते हुए मंडल अध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया. जबकि गाइडलाइन जारी की गई थी कि 2019 से 24 तक बने दो कार्यकाल से बने मंडल अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं किया जाना था. बावजूद इसके नियुक्ति किया गया और रायसुमारी की बैठक निश्चित दिनांक के एक दिन पहले ही कराया गया. सभी ने आरोप लगाया कि अगर गाइडलाइन का पालन नहीं करना था तो जारी क्यों की गई. फिलहाल, अब देखना है कि भाजपा संगठन क्या कार्यकर्ताओं की सुनेगी या विरोध को नजरअंदाज किया करेगी.   बता दें कि सीधी मंडल से संजय गुप्ता, करकी से शिव शंकर पटेल त्यागी, पपौंध से श्याम लाल तिवारी, मऊ से सचिन सिंह, बाण सागर से वीरेंद्र वैश्य, जयसिंहनगर से जयश्री कचेर, शहडोल नगर से प्रियम त्रिपाठी, चुहरी से राजीव तिवारी, सिंहपुर से राकेश कुशवाहा, गोहपारू से राम नारायण मिश्रा, धनपुरी से भोला पनिका, बकहो से धर्मेंद्र दुबे, खैराहा से विपुल सिंह, केशवाही से शुभम प्रिंस त्रिपाठी, जैतपुर से सचिन सेठिया के नाम की घोषणा की गई है. जबकि अभी भी जिले के तीन मंडल के मंडल अध्यक्ष सोहागपुर, बुढ़ार और ब्यौहारी के मंडल अध्यक्षों के नाम की घोषणा होना अभी बाकी है.

कांस्य स्तर का कॉन्टिनेंटल टूर एथलेटिक्स इवेंट भुवनेश्वर में होगा, इवेंट की मेजबानी करेगा भारत

नई दिल्ली भारत अगले साल 10 अगस्त को पहली बार विश्व एथलेटिक्स कॉन्टिनेंटल टूर स्तर के आयोजन की मेजबानी करेगा। एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एएफआई) ने उक्त जानकारी दी। एएफआई के 2025 सीज़न के प्रतिस्पर्धी कैलेंडर के अनुसार, कांस्य स्तर का कॉन्टिनेंटल टूर एथलेटिक्स इवेंट भुवनेश्वर में होगा। इस मीट को ‘इंडियन ओपन’ नाम दिया गया है। कॉन्टिनेंटल टूर ट्रैक और फील्ड प्रतियोगिताओं की एक वार्षिक श्रृंखला है, जो कि एलीट-लेवल डायमंड लीग के बाद वैश्विक बैठकों के दूसरे स्तर के अंतर्गत आती है। इसे 2020 में वर्ल्ड चैलेंज सीरीज़ के उत्तराधिकारी के रूप में लॉन्च किया गया था और इसमें चार स्तर, स्वर्ण, रजत, कांस्य और चैलेंजर शामिल हैं। ओलंपिक डॉट कॉम के अनुसार, एएफआई के अध्यक्ष आदिल सुमारिवाला ने कहा, कॉन्टिनेंटल टूर भारतीय टीम के लिए सितंबर में होने वाली विश्व चैंपियनशिप से पहले घरेलू मैदान पर अपनी क्षमता दिखाने का एक अच्छा अवसर होगा। टोक्यो में 13-21 सितंबर तक आयोजित होने वाली विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 अगले साल की शीर्ष एथलेटिक्स प्रतियोगिता होगी। पिछली बार भारत ने इस तरह के अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स आयोजन की मेजबानी 2017 में की थी, जब भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप आयोजित की गई थी। भारत ने पुणे में बालेवाड़ी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में 2013 एशियाई चैंपियनशिप की भी मेजबानी की थी। हरियाणा में 21 से 24 अप्रैल तक आयोजित होने वाला सीनियर नेशनल फेडरेशन कप मई में दक्षिण कोरिया में होने वाली एशियाई एथलेटिक चैंपियनशिप के लिए क्वालीफिकेशन इवेंट होगा। भारत का 2025 घरेलू एथलेटिक्स सत्र 12 जनवरी से उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय क्रॉस-कंट्री चैंपियनशिप, फरवरी में राष्ट्रीय अंतर-जिला एथलेटिक्स मीट और मार्च में आयोजित होने वाली इंडियन ओपन थ्रो और जंप प्रतियोगिताओं के साथ शुरू होगा। सुमरिवाला ने कहा, एएफआई ने अगले साल से क्षेत्रीय प्रतियोगिता भी शुरू की है, ताकि हाशिये पर मौजूद एथलीटों को अधिक अवसर मिल सके। क्षेत्रीय प्रतियोगिताएं अप्रैल में शुरू होंगी।  

बीजेपी को फरवरी के अंत तक नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल सकता है, राज्यों की इकाई में भी होगा बड़ा बदलाव

नई दिल्ली बीजेपी को फरवरी के अंत तक नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल सकता है। पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी के मुताबिक जनवरी के मध्य तक आधे राज्यों में चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्यों में भी 60 फीसदी इकाई अध्यक्षों के कार्यकाल पूरे होने वाले हैं। अगले महीने के मध्य तक नए अध्यक्ष बनाए जा सकते हैं। बता दें कि जेपी नड्डा 2020 से ही बीजेपी अध्यक्ष हैं। इसके अलावा वह केंद्र में स्वास्थ्य मंत्री भी हैं। एक सीनियर नेता ने कहा, फरवरी के अंत तक बीजेपी के नए अध्यक्ष पद ग्रहण कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि नए अध्यक्ष सरकार से भी हो सकते हैं और संगठन से भी हो सकते हैं। इसपर कोई अंतिम फैसला नहीं किया गया है। आम तौर पर बीजेपी अध्यक्ष का कार्यकाल तीन साल का ही होता है। हालांकि 2024 के आम चुनाव को देखते हुए जेपी नड्डा का कार्यकाल बढ़ा दिया गया था। आम चुनाव के बाद बीजेपी की वापसी भी हो गई। बीजेपी में अध्यक्ष पद को लेकर मंथन लंबे समय से चल रहा है। अगस्त में भी इसको लेकर मंथन किया गया था लेकिन उस समय महाराष्ट्र, झारखंड और जम्मू-कश्मीर, हरियाणा के चुनाव करीब थे। ऐसे में यथास्थिति बनाए रखने का ही फैसला किया गया। 2014 में केंद्र में पूर्ण बहुमत से मोदी सरकार बनने के बाद अमित शाह को तीन साल के लिए पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया था। पार्टी के संविधान मुताबिक उसी को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जा सकता है जो कि कम से कम 15 साल से पार्टी का सदस्य हो। इससे पहले 2010 से 2013 तक संगठन की कमान नितिन गडकरी के पास थी। राजनाथ सिंह 2005 से 2009 तक और फिर 2013 से 14 तक बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे। 2014 से 2020 तक अमित शाह ने बीजेपी की कमान संभाली।

नीमच जिले के निवासी जिनेंद्र सुराणा के करीब 12 लाख रुपए मूल्य के शेयर 40 दिन बाद भी जमा नहीं हुए, सेबी से शिकायत

नीमच मध्य प्रदेश के एक सीनियर सिटीजन के 12 लाख रुपये की कीमत के शेयर 40 दिन बाद भी खाते में जमा नहीं हुए है। जबकि इन शेयर का एक दिन बाद ही खाते में जमा हो जाना अपेक्षित था। इस मामले की शिकायत भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी), नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज लिमिटेड (सीडीएसएल) से की गई है। राज्य के नीमच जिले के निवासी जिनेंद्र सुराणा के करीब 12 लाख रुपए मूल्य के शेयर खुद के डीमैट अकाउंट में चालीस दिन बीतने के बाद भी क्रेडिट (जमा) नहीं हुए है। सुराणा के मुताबिक इंदौर के ब्रोकर ‘स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट लिमिटेड’ के माध्यम से आठ नवंबर 2024 को भेल के 2066, टाटा पावर के 1100 कुल 12 लाख रुपये के शेयर खरीदे थे जो कि अगले ही दिन सुराणा के डीमैट अकाउंट में जमा हो जाने थे परंतु तय समय अवधि बीतने के बाद भी जब उनके खाते में यह शेयर जमा नहीं हुए तो सुराना ने स्वस्तिक इन्वेस्टमार्ट लिमिटेड से पूछताछ की। सुराणा के अनुसार उन्होंने जिसके जरिए यह शेयर खरीदे थे वहां से बताया गया कि किसी तकनीकी सुधार प्रक्रिया के कारण यह गड़बड़ी हुई है लेकिन एक माह से अधिक का समय बीतने के बावजूद खरीदे हुए शेयर उनके डीमेट अकाउंट में क्रेडिट नहीं हुए और न ही कोई संतुष्टि कारक उत्तर मिला। इस पूरे घटनाक्रम से परेशान सीनियर सिटीजन सुराणा ने 12 लाख रुपये राशि के शेयर खाते में जमा न होने की शिकायत ऑनलाइन भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी), नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज लिमिटेड (सीडीएसएल) से की है। उसके बावजूद भी अभी तक खाते में शेयर जमा नहीं हुए हैं। सुराणा ने बताया है कि उनके द्वारा पूनावाला के 2100 एवं ट्रेंट के 84 शेयर खरीदे गए थे, जो उनके खाते में मंगलवार को जमा हुए है, जबकि दो कंपनियों के शेयर अब तक जमा नहीं हुए हैं। सुराणा का कहना है कि सूचना प्रौद्योगिकी के दौर में इस तरह की देरी कई सवाल खड़े तो करती ही है, साथ में शेयरधारकों के लिए चिंता वाला भी है।  

दिल्ली में 60 साल से ऊपर के बुजुर्गों का होगा मुफ्त इलाज, केजरीवाल ने किया संजीवनी योजना का एलान

There will be free treatment for elderly people above 60 years of age in Delhi, Kejriwal announced Sanjeevani scheme. नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) के संरक्षक व पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में बुजुर्गों के लिए संजीवनी योजना शुरू करने का एलान किया है।इस योजना के तहत दिल्ली में 60 वर्ष से अधिक उम्र के सभी बुजुर्गों का नि:शुल्क उपचार दिया जाएगा। केजरीवाल ने एलान किया कि उनके उपचार का पूरा खर्च दिल्ली सरकार उठाएगी। महिलाओं के लिए भी किया था बड़ा एलान इससे पहले अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की सभी महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना शुरू करने की घोषणा की थी। केजरीवाल ने कहा कि चुनाव के बाद दिल्ली की हर महिला के खाते में 2100 रुपये भेजे जाएंगे।

रायपुर, अंबिकापुर और बिलासपुर शहरों को जोड़ने नई विमान सेवा 19 दिसंबर से शुरू होगी

पहले आओ पहले पाओ के आधार पर होगी बुकिंग, शुरूआती किराया मात्र 999 सप्ताह में तीन दिन गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को संचालित होगी उड़ानें रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ में केन्द्र सरकार की रिजनल कनेक्टिविटी योजना के तहत हवाई सेवाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है।रिजनल कनेक्टिविटी योजना के तहत शुरू हो रही नई उड़ान सेवाओं का उद्देश्य हवाई यात्रा को न केवल किफायती बनाना है बल्कि क्षेत्र में यात्रियों के लिए पसंदीदा विकल्प भी बनाना है। इन उड़ानों के शुरू होने से व्यापारिक यात्रियों, पर्यटकों और स्थानीय समुदायों को बहुत लाभ होगा, समय की बचत होगी और आर्थिक विकास के नए द्वार खुलेंगे।       इसी कड़ी में रायपुर, अंबिकापुर और बिलासपुर को एयर कनेक्टिविटी से जोड़ने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। इन तीनों शहरों को जोड़ने के लिए नई उड़ान सेवा का संचालन 19 दिसंबर, 2024 से शुरू होने जा रहा है।       रायपुर, अंबिकापुर और बिलासपुर को जोड़ने वाली नई उड़ानें सप्ताह में तीन दिन गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को संचालित होंगी। यह नई सेवा न केवल यात्रा के समय को कम करेगी बल्कि इंटरसिटी यात्राओं को एक आरामदायक और सुविधाजनक बनाएगी, जिससे पर्यटन, व्यापार के अवसरों और क्षेत्रीय विकास को और बढ़ावा मिलेगा। इन शहरों में पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर यात्री विमान सेवा के लिए बुकिंग करा सकते हैं। इस नई उड़ान सेवा का शुरुआती किराया मात्र 999 रूपए रखा गया है। इस संबंध में अधिक जानकारी और बुकिंग के लिए www.flybig.in पर सम्पर्क किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में आज ‘खेल प्रतिभाओं का सम्मान एवं प्रोत्साहन समारोह’ होगा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में आज दोपहर 12:30 बजे तात्या टोपे खेल स्टेडियम में मुख्यमंत्री जनकल्याण पर्व के उपलक्ष्य में ‘खेल प्रतिभाओं का सम्मान एवं प्रोत्साहन समारोह’ होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग करेंगे। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा मध्यप्रदेश के श्रेष्ठ खिलाड़ियों को सम्मानित करने के लिये यह आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के प्रतिभावान खिलाड़ियों को सम्मानित किया जायेगा। इस परिप्रेक्ष्य में मंत्री श्री सारंग ने विधानसभा स्थित अपने कक्ष में खेल अधिकारियों के साथ समारोह पूर्व समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि समारोह गरिमापूर्ण एवं भव्य हो। समारोह में खिलाड़ियों को किट वितरण, श्रेष्ठ खिलाड़ियों का सम्मान और खेल प्रोत्साहन की अन्य गतिविधियों को शामिल किया जाये। इसमें उत्कृष्ट खिलाड़ी, कोच एवं स्थानीय जन-प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाये। स्पोर्ट्स एक्टिविटी में शामिल लोगों का सहयोग लिया जाये। कार्यक्रम की ब्रॉण्डिंग एवं बोर्डिंग की व्यवस्थाएँ भी सुनिश्चित हो। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि खेल छात्रवृत्ति में स्वर्ण जीतने वाले बच्चों को प्रतीकात्मक रूप से चेक वितरण किया जाये। समारोह में खिलाड़ियों को किट वितरण, अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि, प्रशिक्षण केन्द्र संचालन को प्रोत्साहन राशि आदि का वितरण भी सुनिश्चित हो। उपलब्धियों पर आधारित शॉर्ट फिल्म का प्रदर्शन भी समारोह में किया जाये। बैठक में संचालक श्री रवि कुमार गुप्ता, संयुक्त संचालक श्री बी.एल. यादव, उप सचिव श्री संजय जैन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

इस वर्ष प्रदेश में राज्य सरकार ने परिवहन से राजस्व आय 3 हजार 54 करोड़ रूपये हुई

भोपाल परिवहन विभाग को इस वर्ष अप्रैल से नवम्बर 2024 तक 3 हजार 54 करोड़ रूपये की राजस्व आय प्राप्त हुई है। इस वर्ष प्रदेश में राज्य सरकार ने परिवहन से राजस्व आय का लक्ष्य 5 हजार 500 करोड़ रूपये का निर्धारित किया है। परिवहन विभाग को पिछले वर्ष 2023-24 में 4 हजार 606 करोड़ रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ था, जो वर्ष 2022-23 के मुकाबले 14.61 प्रतिशत अधिक रहा था। परिवहन विभाग की 50 सेवाएं फेसलेस परिवहन विभाग की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिये विभाग ने अनेक कार्य किये हैं। वाहनों के रजिस्ट्रेशन, परमिट और ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित अधिकतर सेवाओं एनआईसी के पोर्टल “वाहन” और “सारथी” माध्यम से फेसलेस रूप में शुरू की गई हैं। अब आवेदक को सेवा प्राप्त करने के लिये ऑनलाइन आवेदन करने के बाद कार्यालय में जाने की आवश्यकता नहीं है। विभाग ने अपनी 50 सेवाओं को फेसलेस किया है। परिवहन विभाग ने वाहन चेकिंग के दौरान पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से चेकिंग में वसूल किये जाने वाले राजस्व को केशलेस रूप में वसूल किये जाने के लिये भारतीय स्टेट बैंक से अनुबंध किया है। अनुबंध के बाद प्रदेश के सभी परिवहन कार्यालयों एवं रोड सेफ्टी एण्ड एनफोर्समेंट चेकिंग पाइंट पर पीओएस मशीन उपलब्ध कराई हैं। इस व्यवस्था से विभाग को अच्छे परिणाम भी मिले हैं।  

वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने 22 हजार 460 करोड़ का सदन में किया अनुपूरक बजट पेश, चर्चा आज होगी

भोपाल मध्यप्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र जारी है। सदन में दूसरे दिन अनुपूरक बजट पेश किया गया। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने 22 हजार 460 करोड़ का सप्लीमेंट्री बजट पटल पर रखा। आज सदन में इस पर चर्चा होगी। एमपी विधानसभा शीताकालीन सत्र का आज दूसरा दिन है। सदन में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने 2024-25 के लिए 22 हजार 460 करोड़ का सप्लीमेंट्री बजट पटल पर रखा है। कल बुधवार को इस पर चर्चा होगी। बजट पर चर्चा के लिए चार घंटे का समय तय किया गया है। इसके साथ ही विधानसभा की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी गई है। मंत्री धर्मेंद्र लोधी का प्रस्ताव, कांग्रेस ने पूछे सवाल मंत्री धर्मेंद्र लोधी ने प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने कहा कि शारदा देवी मंदिर अधिनियम संशोधन स्वीकार किया जाय। सतना जिला अब मैहर किया जाय। न्यायालय सतना से मैहर किया जाना है। भूमि अर्जन से जुड़े मामले मैहर से होने की मांग की है। वहीं कांग्रेस विधायक बाला बच्चन ने मंत्री लोधी से सवाल पूछा। संशोधन पर उन्होंने कहा कि मंदिर समिति का उल्लेख हो, मंत्रीजी शासकीय अशासकीय सदस्यों की जानकारी दे। भूमि अर्जन प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट करें। अब विधानसभा में इस प्रस्ताव पर कल चर्चा होगी। MP विधानसभा में PM मोदी और सोनिया गांधी पर टिप्पणी कांग्रेस विधायक ओमकार सिंह मरकाम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर टिप्पणी की। इसके बाद मंत्री इंदर सिंह परमार ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी पर टिप्पणी की। टिप्पणियों के बाद दोनों तरफ से विरोध हुआ। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने टिप्पणियों को विलोपित कर दिया।

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