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अविभावक अपने बच्चों को सैनिक स्कूल में कक्षा 6 और कक्षा 9 में प्रवेश दिलवाना चाहते हैं वे 13 जनवरी तक आवेदन करे

नई दिल्ली ऑल इंडिया सैनिक स्कूल एंट्रेस एग्जाम (AISSEE 2025) के लिए आवेदन पत्र भरने की अंतिम तिथि 13 जनवरी 2025 निर्धारित है। ऐसे में जो छात्र या अविभावक अपने बच्चों को सैनिक स्कूल में कक्षा 6 और कक्षा 9 में प्रवेश दिलवाना चाहते हैं वे अंतिम दिनों में वेबसाइट पर होने वाली परेशानियों से बचने के लिए तुरंत ही आवेदन कर लें। एप्लीकेशन फॉर्म ऑनलाइन माध्यम से एनटीए की ऑफिशियल वेबसाइट exams.nta.ac.in/aissee पर जाकर भरा जा सकता है। आपकी सहूलियत के लिए इस पेज पर भी आवेदन का डायरेक्ट लिंक उपलब्ध करवा दिया गया है। आवेदन के लिए योग्यता यहां से करें चेक सैनिक स्कूल कक्षा 6 में प्रवेश के लिए छात्र का 5वीं कक्षा उत्तीर्ण होने के साथ ही आयु 10 से 12 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इसके अलावा कक्षा 9 में प्रवेश के लिए छात्र का 8वीं कक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक है और साथ ही उम्र 13 से 15 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आयु की गणना 31 मार्च 2025 को ध्यान में रखकर की जाएगी। एप्लीकेशन प्रॉसेस ऑल इंडिया सैनिक स्कूल एंट्रेस एग्जाम 2025 आवेदन पत्र भरने के लिए सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट aissee2025.ntaonline.in पर विजिट करें। वेबसाइट के होम पेज पर न्यू कैंडिडेट रजिस्टर हियर लिंक पर क्लिक करके मांगी गई जानकारी भरें और पंजीकरण कर लें। इसके बाद फॉर्म में मांगी गई अन्य डिटेल भरकर आवेदन प्रक्रिया पूर्ण कर लें। इसके बाद निर्धारित शुल्क जमा करें और पूर्ण रूप से भरे हुए फॉर्म को सबमिट कर दें। अंत में फॉर्म का प्रिंटआउट निकालकर भविष्य के संदर्भ के लिए सुरक्षित रख लें। आवेदन शुल्क आवेदन पत्र भरने के साथ अविभावक निर्धारित शुल्क अवश्य जमा करें। एप्लीकेशन फीस कैटेगरी के अनुसार अलग अलग तय की गई है। जनरल, ओबीसी एवं ईडब्ल्यूएस वर्ग से आने वाले उम्मीदवारों को शुल्क के रूप में 800 रुपये का भुगतान करना होगा वहीं एससी/ एसटी के लिए एप्लीकेशन फीस 650 तय की गई है। आवेदन शुल्क डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड एवं नेट बैंकिंग के माध्यम से जमा किया जा सकता है। ऑल इंडिया सैनिक स्कूल एंट्रेस एग्जाम (AISSEE 2025) से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए स्टूडेंट्स या माता पिता ऑफिशियल वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

नई दिल्ली सहित दिल्ली के अन्य बड़े स्टेशनों पर पार्किंग शुल्क में हुई कटौती, अब काम देना होंगे पैसे: रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव

नई दिल्ली नई दिल्ली सहित दिल्ली के अन्य बड़े स्टेशनों पर कैब और आटो पार्किंग के शुल्क में कमी कर दी गई है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशनों पर आटो व कैब चालकों और कुलियों से मुलाकात करने के बाद इसकी घोषणा की। कैब चालक को अब 12 सौ रुपये प्रति माह की जगह चार सौ और ऑटो चालकों को सात सौ की जगह मात्र दो सौ रुपये पार्किंग देना होगा। कुलियों की समस्या भी हल करने का आश्वासन दिया। मंत्री ने मौके पर ही पार्किंग शुल्क में कमी की घोषणा की प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा के साथ नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। कैब व आटो चालकों और कुलियों के प्रतिनिधियों ने उनसे मुलाकात कर मांग पत्र सौंपा। मंत्री ने मौके पर ही पार्किंग शुल्क में कमी की घोषणा कर दी। कुलियों ने प्रत्येक स्टेशन पर आराम घर बनाने, परिवार को 20 लाख रुपये तक की बीमा व उपचार की सुविधा देने, बच्चों की पढ़ाई की सुविधा देने और वर्दी की समस्या हल करने की मांग की। रेल मंत्री ने कहा, 50 से अधिक कुली जिस स्टेशन पर होंगे उन्हें आराम घर मिलेगा।   कुलियों की समस्याओं का समाधान करने का भी दिया आश्वासन आयुष्मान योजना के अंतर्गत उनका व उनके स्वजनों का उपचार, रेलवे स्कूल में बच्चों को पढ़ाई की सुविधा मिलेगी। वर्दी की समस्या हल होगी। उन्होंने कुलियों को यात्रियों से अच्छे व्यवहार की सलाह दी। कहा, ऐसा कोई काम नहीं होने चाहिए जिससे कि उन्हें व रेलवे को लेकर यात्रियों के मन में गलत धारना बने। इस मौके पर ऑटो रिक्शा संघ के महामंत्री राजेंद्र सोनी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

पीएमओ ने कहा- इन आउटलेट्स के जरिए दवाइयों की खरीद करने से नागरिकों को 5,020 करोड़ की बचत हुई, नवंबर तक बिकी 1,255 करोड़

नई दिल्ली जन औषधि केंद्रों से नवंबर 2024 के अंत तक 1,255 करोड़ रुपये से अधिक की सस्ती दवाइयों की बिक्री हुई है। यह जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) द्वारा दी गई। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पीएमओ ने कहा कि इन आउटलेट्स के जरिए दवाइयों की खरीद करने से नागरिकों को 5,020 करोड़ रुपये की बचत हुई है। जन औषधि केंद्र विशेष केंद्र हैं जो आम जनता को किफायती दामों पर गुणवत्तापूर्ण दवाइयां उपलब्ध कराते हैं। इसकी स्थापना प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना (पीएमबीजेपी) के तहत की गई थी, जो नवंबर 2008 में शुरू की गई एक जन कल्याणकारी योजना है। इस योजना को फार्मास्यूटिकल्स एंड मेडिकल डिवाइस ब्यूरो ऑफ इंडिया (पीएमबीआई) के माध्यम से क्रियान्वित किया जा रहा है। इससे पहले रसायन और उर्वरक मंत्रालय ने बताया कि नवंबर 2024 तक देशभर में 14,320 जन औषधि केंद्र खोले जा चुके हैं। 2023-24 में फार्मास्यूटिकल्स विभाग के तहत पीएमबीआई ने 1,470 करोड़ रुपये की बिक्री दर्ज की थी, जिससे नागरिकों को लगभग 7,350 करोड़ रुपये की बचत हुई थी।पिछले 10 वर्षों में इस परियोजना के तहत लगभग 30,000 करोड़ रुपये की बचत हुई है। 2024 में पीएमबीजेपी ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड और असम राइफल्स (सीएपीएफ, एनएसजी और एआर) के साथ कई एमओयू पर हस्ताक्षर किए थे, जिससे सीएपीएफ, एनएसजी और एआर (एमएचए) अस्पतालों में जन औषधि दवाएं उपलब्ध करा कर स्वास्थ्य सेवा पहुंच को बढ़ाया जा सके। इसके अलावा मॉरीशस में पहला विदेशी जन औषधि केंद्र खोला जा चुका है। मंत्रालय ने कहा कि फार्मास्यूटिकल्स विभाग ने भी चालू वित्त वर्ष के दौरान 500 करोड़ रुपये के कुल वित्तीय परिव्यय के साथ फार्मास्युटिकल उद्योग को मजबूत करने के लिए एक योजना लागू की है। इस योजना का उद्देश्य देश भर में मौजूदा फार्मा क्लस्टरों और एमएसएमई को उनकी उत्पादकता, गुणवत्ता और एमएसएमई क्लस्टरों में सुधार करने के लिए सहायता प्रदान करना है।

खो खो फेडरेशन ने विश्वकप मैचों के नियम किये अधिसूचित, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मैचों में तत्काल प्रभाव से लागू होंगे

नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय खो खो फेडरेशन ने 13 से 19 जनवरी तक नई दिल्ली में होने वाले वाले खो खो विश्वकप मैचों के लिए नए नियम अधिसूचित कर दिये गये है। यह नियम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खो खो मैचों में तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। अंतरराष्ट्रीय खो खो फेडरेशन के अध्यक्ष सुधांशु मित्तल ने बताया कि खो खो मैच की अवधि 50 मिनट की होगी और मैच से पहले टॉस के जरिए दोनों टीमों को अटैकिंग और डिफेंस का विकल्प चुनने का मौका मिलेगा। प्रत्येक टीम में 15 खिलाड़ी होंगे जिनमें से 12 खिलाड़ी मैदान में खेलेंगे जबकि तीन बचे खिलाड़ी स्थानापन्न(सब्स्टिटूट) होंगे। जारी नियमों के मुताबिक सेंट्रल लेन को पार करना, जल्दी उठ जाना, पीछे हटना और दिशा बदलना फाउल माना जायेगा। खो खो विश्वकप के लिए खेल का मैदान का आकार 26 बाई 20 मीटर आयताकार होगा। प्रत्येक मैच दो पारी का होगा। प्रत्येक पारी सात मिनट की अटैकिंग और डिफेंसिव टर्न में विभाजित होगी। प्रत्येक पारी के बाद चार मिनट का विश्राम होगा और टर्न के बीच तीन मिनट का ब्रेक होगा। टर्न के शुरुआत में तीन डिफेंडर्स बैच खेल के मैदान में होगा। जब तीनों डिफेंडर्स को आउट घोषित कर दिया जायेगा तो 30 सेकेंड का ब्रेक मिलेगा और डिफेंडर्स के अगले बैच को 30 सेकेंड के अन्दर मैदान में प्रवेश करना पड़ेगा और अगर वह निर्धारित समय अवधि के अन्दर खेल के मैदान में प्रवेश नहीं करते हैं तो उन्हें लेट एंट्री के लिए आउट करार दिया जायेगा। अगर डिफेंडिंग टीम का कोई बैच तीन मिनट तक मैदान में डटा रहता है तो उसे एक अतिरिक्त अंक प्रदान किया जायेगा और इसके बाद प्रत्येक 30 सेकंड के लिए एक अतिरिक्त अंक मिलता रहेगा। ‘खो’ को कार्यान्वित करने के लिए उकडूर बैठे हुए अटैकर की पीठ को अपनी हथेली-हाथ से छूएगा और तत्काल जोर से ‘खो’ शब्द का उच्चारण करेगा जोकि अंपायर और रेफरी को सुनाई देना चाहिए। अटैकिंग टीम को प्रत्येक सफल आउट के लिए दो अंक मिलेंगे। प्रत्येक टीम को दो रिव्यू की अनुमति होगी। दो पारी के अंत में ज्यादा नम्बर पाने वाली टीम विजयी होगी।  

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई सिंहस्थ-2028 की मंत्रि-मंडलीय समिति की द्वितीय बैठक, कार्यों की प्रगति की प्रत्येक 15 दिन में हो समीक्षा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिंहस्थ-2028 में उज्जैन और इंदौर संभाग गतिविधियों के मुख्य केंद्र रहेंगे। इन संभागों में 2 ज्योतिर्लिंग होने से श्रद्धालुओं का आवागमन तथा धार्मिक गतिविधियां तुलनात्मक रूप से अधिक होंगी। इंदौर-उज्जैन संभाग में जारी विभिन्न विभागों के कार्य समय-सीमा में पूर्ण हों, यह मॉनिटरिंग प्रत्येक 15 दिन में सुनिश्चित करें। सक्षम स्तर के अधिकारी बैठक कर, कार्यों की प्रगति की समीक्षा करें। ऐसे विषय जिन में उच्च स्तर से समन्वय या मार्गदर्शन आवश्यक है, वे विषय राज्य शासन के संज्ञान में लाए जाएं। निर्माण एजेंसियों को सौंपे गए कार्यों की साप्ताहिक मॉनिटरिंग सुनिश्चित कर विलंब के कारणों का तत्काल निराकरण सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में हुई सिंहस्थ-2028 की मंत्रि-मंडलीय समिति की द्वितीय बैठक को संबोधित कर रहे थे। उज्जैन तथा इंदौर जिलों में नवीन बस अड्डों के विकास के लिए दिए गए निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अधोसंरचना से संबंधित जिन कार्यों के निर्माण में अधिक समय लगना है, उन सब की मंत्रि-मंडलीय समिति से स्वीकृति प्राप्त करने और निविदा प्रक्रिया पूर्ण करने का कार्य मार्च-2025 तक कर लिया जाए। जल प्रदाय, सीवरेज के कार्य तत्काल आरंभ किए जाएं। इसके साथ ही उज्जैन तथा इंदौर जिलों में बस अड्डों की क्षमता वृद्धि या नवीन बस अड्डों के विकास की कार्य योजना भी मार्च-2025 तक तैयार की जाए। सिंहस्थ-2028 के लिए समस्त विभागों के अधोसंरचनात्मक कार्यों की कार्य-योजना को सितंबर-2025 तक अंतिम रूप दिया जाए। प्रयागराज कुंभ के साथ ही हरिद्वार कुंभ मॉडल का भी होगा अध्ययन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 की व्यवस्थाओं को श्रेष्ठतम स्वरूप देने के लिए प्रयागराज कुंभ के साथ ही हरिद्वार कुंभ मॉडल का अध्ययन भी किया जाएगा। प्रयागराज कुंभ पूर्ण होने के बाद वहां क्रॉउड मैनेजमेंट, ड्रोन सर्वे, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग तथा अन्य गतिविधियों में लगी कंपनियों व स्टार्ट-अप का उज्जैन में सम्मेलन आयोजित कर वहां की बेस्ट प्रैक्टिसेस का क्रियान्वयन सिंहस्थ-2028 में करने की कार्य योजना बनाई जाएगी। रेलवे से समन्वय के लिए विशेष सेल गठित किया जाए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रद्धालुओं के आवागमन में सुगमता के लिए रेलवे से समन्वय के उद्देश्य से विशेष सेल गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि घाटों तक श्रद्धालुओं के आसानी से आवागमन के लिए उपयुक्त पहुंच मार्ग विकसित किए जाएं। उज्जैन, इंदौर और देवास में होने वाले निर्माण कार्यों में सीवरेज, स्वच्छता और हरियाली का विशेष रूप से ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पर्यटकों की सुविधा की दृष्टि से धर्मशालाओं के उन्नयन के लिए भी कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 को देखते हुए, आवश्यकतानुसार विभागों में प्रशासकीय संरचनाओं का विस्तार तत्काल किया जाए। सिंहस्थ, सदियों पुरानी सनातन परम्परा को जीवंत करने का उत्सव – मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि सिंहस्थ, सदियों पुरानी सनातन परम्परा को जीवंत करने का उत्सव है। सिंहस्थ-2028 में पधार रहे श्रद्धालुओं के आवागमन और उनकी सुविधाजनक आवास व्यवस्था के लिए इंदौर, उज्जैन और देवास क्षेत्र में समन्वित रूप से व्यवस्थाएं विकसित की जाएं। क्षिप्रा नदी में निरंतर जल प्रवाह के लिए जारी है कार्य बैठक में जानकारी दी गई कि मंत्रि-मंडलीय समिति द्वारा प्रथम बैठक में जल संसाधन, ऊर्जा, लोक निर्माण, संस्कृति, पुरातत्व और नगरीय विकास एवं आवास विभाग के लगभग 5 हजार 955 करोड़ रूपए लागत के 19 कार्यों की स्वीकृति प्रदान की गई थी। बैठक में क्षिप्रा नदी में निरंतर जल प्रवाह के लिए संचालित योजना सहित क्षिप्रा व कान्ह नदी पर प्रस्तावित बैराजों के निर्माण, कान्ह नदी डायवर्शन और घाट निर्माण की अद्यतन स्थिति की जानकारी प्रस्तुत की गई। इसके साथ ही महाकाल लोक कॉरीडोर में पाषाण प्रतिमाओं के निर्माण, इंदौर-उज्जैन मार्ग के सिक्स लेन में चौड़ीकरण कार्य सहित उज्जैन के महत्वपूर्ण मार्गों, उज्जैन शहर की सीवरेज परियोजना आदि का प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। गृह, पर्यटन, संस्कृति तथा नगरीय विकास एवं आवास विभाग के कार्यों को मिली स्वीकृति मंत्रि-मंडलीय समिति ने गृह, पर्यटन, संस्कृति तथा नगरीय विकास एवं आवास विभाग के एक हजार 451 करोड़ रूपए लागत के 56 कार्य को स्वीकृति प्रदान की। इनमें गृह विभाग के अंतर्गत निर्मित होने वाले कंपोजिट कंट्रोल रूम उज्जैन, नवीन थाना भवन, इंटीग्रेटेड कमाण्ड एवं कंट्रोल सेंटर खण्डवा सहित उज्जैन, खण्डवा, देवास, इंदौर, आगर-मालवा, खरगोन में बनने वाले पुलिस आवास, थाना, ट्रांजिट हॉस्टल व कैम्प, बैरक आदि शामिल हैं। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत सिंहस्थ के दौरान आवागमन की दृष्टि से महत्वपूर्ण 5 सड़कों के चौड़ीकरण कार्य को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।  

दिल्ली में चुनावी इतिहास पर एक नजर, कांग्रेस पार्टी ने 39 सीटों पर जीत हासिल की थी, 2013 में आया था नया मोड़

नई दिल्ली दिल्ली में पहली बार विधानसभा चुनाव 1951 को हुए थे। उस समय कुल 48 सीटों पर चुनाव हुए थे। इस चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने 39 सीटों पर जीत हासिल की और बहुमत प्राप्त किया। इसके बाद चौधरी ब्रह्मप्रकाश को दिल्ली का पहला मुख्यमंत्री बनाया गया, लेकिन उनका कार्यकाल विवादों में घिर गया। इसके बाद सरदार गुरमुख निहाल सिंह को दूसरा मुख्यमंत्री बनाया गया। 1956 में विधानसभा और मंत्रिपरिषद भंग: 1956 में राज्य पुनर्गठन आयोग की सिफारिशों के बाद दिल्ली की विधानसभा और मंत्रिपरिषद को भंग कर दिया गया। इसके बाद दिल्ली में केंद्र का सीधा शासन लागू किया गया। यह दिल्ली की राजनीति के लिए एक बड़ा बदलाव था और इसने दिल्ली के प्रशासनिक ढांचे को नया रूप दिया। मेट्रोपॉलिटन काउंसिल का गठन (1966): दिल्ली में लोकतांत्रिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए 1966 में दिल्ली प्रशासन अधिनियम लागू किया गया, जिसके तहत मेट्रोपॉलिटन काउंसिल का गठन हुआ। इस काउंसिल में 56 सदस्य चुने जाते थे, जबकि 5 सदस्य राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत होते थे। काउंसिल का काम दिल्ली के प्रशासन को संभालना था, लेकिन यह केवल सलाहकार भूमिका निभाती थी, क्योंकि इसके पास विधायी शक्तियां नहीं थीं। मेट्रोपॉलिटन काउंसिल का कार्यकाल (1966-1990): 1966 से लेकर 1990 तक मेट्रोपॉलिटन काउंसिल दिल्ली के प्रशासन का संचालन करती रही। इस दौरान कई महत्वपूर्ण कार्यकारी पार्षद बने, जिनमें मीर मुश्ताक अहमद, विजय कुमार मल्होत्रा, केदार नाथ साहनी और जग प्रवेश चंद्र जैसे नेता शामिल थे। हालांकि, काउंसिल को विधायी शक्तियां नहीं थीं, जिससे इसका कार्यक्षेत्र सीमित था। दिल्ली को फिर से विधानसभा कैसे मिली? 1987 में केंद्र सरकार ने सरकारिया समिति का गठन किया, जिसका उद्देश्य दिल्ली के प्रशासन से जुड़ी समस्याओं का समाधान ढूंढना था। समिति ने अपनी रिपोर्ट में यह सिफारिश की कि दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं दिया जा सकता, लेकिन दिल्ली की जनता के मामलों को संभालने के लिए एक विधानसभा दी जा सकती है। इस सिफारिश को ध्यान में रखते हुए 1991 में संविधान के 69वें संशोधन को पारित किया गया, जिसके तहत दिल्ली को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) का विशेष दर्जा मिला और फिर से दिल्ली विधानसभा का गठन हुआ। 1993 में हुआ पहला विधानसभा चुनाव: 37 साल बाद 1993 में दिल्ली में विधानसभा चुनाव हुए। इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 49 सीटों पर जीत हासिल की और मदन लाल खुराना को दिल्ली का मुख्यमंत्री बनाया। हालांकि, यहां पर बीजेपी सरकार चलाने में विफल रही। उन्हें कम समय में 3 बार मुख्यमंत्री बदलने पड़े। 26 फरवरी 1996 को साहिब सिंह वर्मा को मुख्यमंत्री बना दिया गया, लेकिन 12 अक्तूबर 1998 को उनको हटा दिया गया और बीजेपी ने सुष्मा स्वराज को नया मुख्यमंत्री घोषित कर दिया। पार्टी के अंदर कार्यकाल के दौरान जारी रही और फिर 1998 में ही कांग्रेस ने वापसी कर बीजेपी को झटका दे दिया। शीला दीक्षित लगातार 3 बार रहीं मुख्यमंत्री शीला दीक्षित (कांग्रेस) ने तीन बार दिल्ली के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उन्होंने 1998 से 2013 तक लगातार मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया और उनके कार्यकाल में दिल्ली में कई महत्वपूर्ण विकास कार्य हुए। 2013 में आया था नया मोड़ दिल्ली में चुनावी इतिहास में एक बड़ा मोड़ 2013 में आया, जब आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपनी शुरुआत की। यह पार्टी अरविंद केजरीवाल द्वारा 2012 में बनाई गई थी। 2013 के विधानसभा चुनाव में AAP ने धमाकेदार शुरुआत की और दिल्ली विधानसभा में 70 सीटों में से 28 सीटें जीतकर दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी।  4. 2015 में AAP की ऐतिहासिक जीत 2015 में हुए विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की। AAP ने 70 में से 67 सीटों पर विजय प्राप्त की, जबकि भाजपा और कांग्रेस को बहुत कम सीटें मिलीं। यह एक निर्णायक जनादेश था, जिसने यह स्पष्ट कर दिया कि दिल्ली की जनता अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में विश्वास रखती थी। इस जीत के बाद, AAP ने दिल्ली में अपने शासन को मजबूत किया और कई जनहित योजनाओं की शुरुआत की। 5. 2019 में फिर AAP भारी दिल्ली में 2019 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शानदार प्रदर्शन किया। दिल्ली की 7 लोकसभा सीटों में से BJP ने 6 सीटों पर जीत हासिल की। यह दिल्ली में BJP की बढ़ती हुई प्रभावी स्थिति का संकेत था। हालांकि, दिल्ली विधानसभा चुनाव में AAP ने फिर से 2020 में जीत हासिल की, जिससे दोनों प्रमुख पार्टियों के बीच एक दिलचस्प राजनीतिक संतुलन बना। आप ने 70 में से 62 सीटों पर जीत दर्ज की, जो एक जबरदस्त सफलता थी। बीजेपी को 8 सीटें मिलीं, जो 2015 में जीती गई 3 सीटों से बहुत अधिक थी, लेकिन फिर भी यह AAP के मुकाबले बहुत कम थी। कांग्रेस पार्टी ने इस चुनाव में कोई भी सीट नहीं जीती और उनका खाता भी नहीं खुला। अब फिर भाजपा और AAP के बीच प्रतिस्पर्धा दिल्ली में चुनावी राजनीति अब मुख्य रूप से भारतीय जनता पार्टी (BJP) और आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच होती है। भाजपा, जो राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत पार्टी है, दिल्ली में भी प्रभावी रही है, जबकि AAP ने दिल्ली के स्थानीय मुद्दों पर अपनी पकड़ मजबूत की है और भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी छवि को आगे बढ़ाया है। दिल्ली के चुनाव अब पूरी तरह से इन दोनों दलों के बीच प्रतिस्पर्धा का रूप ले चुके हैं।  आप ने स्थानीय मुद्दों और विकास कार्यों पर जोर दिया, वहीं बीजेपी ने राष्ट्रीय सुरक्षा, शीश महल और हिंदुत्व जैसे मुद्दों को प्रमुख बनाया।

डीएम ने सर्दी के चलते स्कूलों में छुट्टियों का आदेश जारी किये, 8वीं तक के सभी स्कूल 11 जनवरी तक रहेंगे बंद

कानपुर हवा में नमी का स्तर 92 से बढ़कर 95 होने के साथ बादल पूरे दिन छाए रहे। इससे सूरज पूरे दिन भर मुंह छुपाता रहा और दिन का तापमान लगातार दूसरे दिन भी 14.2 डिग्री पर बना रहा। न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 3.8 डिग्री नीचे रहा जिससे शीत दिवस में शामिल हो गया। मौसम विभाग के अनुसार सर्दी का मौसम अभी पूरे सप्ताह बना रहेगा। कानपुर व आसपास के जिलों में इस दौरान घना कोहरा भी रह सकता है। वहीं, सर्दी बढ़ने पर डीएम राकेश कुमार सिंह ने नर्सरी से आठवीं तक के स्कूल 11 जनवरी तक बंद रखने और नौ से 12वीं तक की कक्षाएं ऑनलाइन संचालित करने के आदेश जारी किए। जिन स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाएं चलाने की व्यवस्था नहीं हैं, वहां सुबह 10 से दोपहर तीन बजे तक स्कूल संचालन किया जाएगा। दिन भर ठिठुरते रहे लोग कड़ाके की सर्दी अपना पूरा असर दिखा रही है। सुबह से दोपहर तक कोहरा छाया रहा। दोपहर बाद में सूरज की हल्की झलक दिखी लेकिन बादलों ने उसे तुरंत छुपा दिया। शाम को चार बजे से ही कोहरे ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया। सूरज की गर्मी नहीं मिलने से दिन भर लोग सर्दी से ठिठुरते दिखे। हवा की औसत गति रविवार के 3.4 किमी प्रति घंटा के मुकाबले घटकर 2.4 किमी प्रति घंटा पर पहुंच गई। इससे बर्फीली हवाओं की चुभन कम रही। मौसम विशेषज्ञ डा. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि सात जनवरी को भी सुबह से मध्यम कोहरा छाए रहने की उम्मीद है। दिन में थोड़ी देर के लिए सूर्य दिख सकता है लेकिन सर्दी कम होने के आसार कम हैं। सुबह-शाम को घना कोहरा, धुंध भी रहेगी। उत्तर-पश्चिमी सर्द बर्फीली हवाओं का प्रकोप भी बढ़ने के आसार हें। इससे रात के तापमान में भी गिरावट आने की संभावना है। अगले सप्ताह होगी बरसात उन्होंने बताया कि सर्दी के इस मौसम में पश्चिमी विक्षोभ से भी बदलाव आने के आसार हैं। अगले सप्ताह में सर्दी के साथ ही बारिश भी होगी जो फसलों के लिए लाभकारी होगी। एक और पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालय की ओर बढ़ रहा है। इससे लगातार सर्दी का मौसम बना रहेगा। स्कूल में यूनिफार्म पहनकर आने की बाध्यता नहीं डीएम ने सर्दी के चलते स्कूलों में छुट्टियों का आदेश जारी करते हुए स्पष्ट कहा है कि कक्षाओं में विद्यार्थियों को सर्दी से बचाने के लिए पर्याप्त प्रबंध हों। बच्चों को खुले में न बिठाया जाए। विद्यार्थियों के लिए यूनिफार्म पहनकर आने की बाध्यता खत्म करते हुए गरम कपड़े पहनकर स्कूल पहुंचने की रियायत दी गई है। डीआइओएस अरुण कुमार ने बताया, आदेश का पालन न करने की शिकायत मिलने पर संबंधित स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।

पिछले तीन दिनों से मेवाड़ सहित आसपास के इलाकों में सर्दी का असर कम हुआ, सर्दी का प्रकोप, बिछी बर्फ की चादर

राजसमंद पिछले कई दिनों से पूरे राजस्थान में ठंड का प्रकोप जारी है। वहीं पिछले तीन दिनों से मेवाड़ सहित आसपास के इलाकों में सर्दी का असर कम हुआ है। कोहरे के बाद लगातार तीन दिनों धूप से तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। वही राजसमंद के अरावली पहाड़ी क्षेत्र में बसे कुंभलगढ़ इलाके में शीतलहर का प्रकोप नजर आने लगा है। बीती रात यहां का तापमान 4 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया। वहीं उपखंड मुख्यालय सहित आधा दर्जन गांवों में घरों के बाहर खड़ी गाड़ियों पर बर्फ जम गई। कुंभलगढ़ के वरदड़ा, उदावड़ के साथ मजेरा व आसपास के गांवों में कड़ाके की ठंड के चलते वाहनों पर बर्फ की परत जम गई। वहीं खेतों में भी बर्फ की चादर बिछी दिखाई दी। हालांकि छुट्टियां खत्म होने से पर्यटकों की आवक में भी कमी देखने को मिल रही है। मौसम विभाग ने अगले 7 दिनों तक शीत लहर जारी रहने की चेतावनी जारी की है। आपको बता दें राजसमंद में कुंभलगढ़ और भी इलाके को छोड़कर बाकी जगह सर्दी से थोड़ी राहत मिली है। बता दें कि राजस्थान में मौसम में फेरबदल देखने को मिल रहा है। वहीं कई जिलों में घना कोहरा भी देखने को मिला। मौसम विभाग (आईएमडी) के मुताबिक दूसरे सप्ताह से प्रदेश में तापमान में गिरावट होने के साथ बारिश होने की भी संभावना दिखाई दे रही है। मौसम विभाग ने पश्चिमी और उत्तरी राजस्थान के 19 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें जालौर, सिरोही, पालो, जोधपुर, नागौर, चूरू, सीकर, झुंझुनू, श्रीगंगानगर, बीकानेर, जोधपुर, हनुमानगढ़, गंगानगर, जैसलमेर, बाड़मेर शामिल हैं।  

विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025 के फाइनल में प्रोटियाज को पता है कि लॉर्ड्स में ऑस्ट्रेलिया को कैसे हराना है : कैगिसो रबाडा

केपटाउन दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज कैगिसो रबाडा ने भरोसा जताया है कि उनकी टीम विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025 के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बड़ा उलटफेर कर सकती है। उन्होंने कहा कि प्रोटियाज को पता है कि लॉर्ड्स में ऑस्ट्रेलिया को कैसे हराना है। दरअसल, दक्षिण अफ्रीका ने सोमवार को केपटाउन में पाकिस्तान के खिलाफ खेले जा रहे दूसरे टेस्ट में 10 विकेट से जीत दर्ज की थी। इस जीत के साथ ही दक्षिण अफ्रीका ने दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 2-0 से पाकिस्तान को हरा दिया है, जिससे उनकी पहली बार विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025 के फाइनल में एंट्री हुई है। रबाडा ने पाकिस्तान के खिलाफ छह विकेट लिए थे। तेज गेंदबाज रबाडा ने सुपरस्पोर्ट पर कहा, “यह वास्तव में काफी दूर है, लेकिन विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल जैसे बड़े अवसर के लिए आपको तैयार रहना होता है। दक्षिण अफ्रीका बनाम ऑस्ट्रेलिया हमेशा से एक अच्छी प्रतिद्वंद्विता रही है, क्योंकि हम क्रिकेट काफी हद तक एक जैसा खेलते हैं। हम कड़ी मेहनत से खेलते हैं और वह हमें कड़ी टक्कर देते हैं, यह हम जानते हैं।” उन्होंने आगे कहा, “हम उन्हें हराना भी जानते हैं। (टेस्ट क्रिकेट) हमारा सर्वश्रेष्ठ प्रारूप है, जो हम अभी खेल रहे हैं। जब आप दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट और हमारे सभी दिग्गजों को देखते हैं तो वह सभी महान टेस्ट क्रिकेटर रहे हैं। दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेटर हैं और पाकिस्तान के खिलाफ यह श्रृंखला शानदार रही है।” पाकिस्तान को हराने के बाद दक्षिण अफ्रीका पॉइंट्स टेबल के टॉप पर पहुंच गया है। उसके 69.44 प्रतिशत अंक हो गए हैं, जबकि ऑस्ट्रेलिया 63.73 अंकों के साथ दूसरे नंबर पर है। वहीं, डब्ल्यूटीसी फाइनल से पहले दक्षिण अफ्रीका के लिए कोई टेस्ट मैच निर्धारित नहीं होने के कारण प्रोटियाज कोच शुकरी कॉनराड अपनी आगामी मैच की संभावनाओं के बारे में बताया। कॉनराड ने कहा, “हम संभवत ब्रिटेन में आयरलैंड या अफगानिस्तान के खिलाफ एक टेस्ट मैच आयोजित करने का प्रयास करेंगे। हालांकि, अगर असफल होते हैं तो हम निश्चित रूप से कुछ दिन पहले बाहर जाएंगे और सुनिश्चित करेंगे कि हम वहां अच्छी तरह से कैंप करें, शायद कैंटरबरी में ऐसा हो।”  

आज आंध्र प्रदेश में कई परियोजनाओं का शिलान्यास एवं उद्घाटन करेंगे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

अमरावती प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज विशाखापत्तनम में कुछ महत्वपूर्ण परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे तथा कुछ अन्य का उद्घाटन करेंगे। वर्ष 2024 में लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री का पद संभालने के बाद यह प्रधानमंत्री का राज्य का पहला दौरा होगा। आंध्र प्रदेश में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सहयोगी तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनसेना के गठबंधन ने केंद्र में सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण और अन्य लोगों के साथ मोदी विशाखापत्तनम में रेलवे जोन की नींव रखेंगे। इसी तरह, वह अनकापल्ली जिले के नक्कापल्ली मंडल के पुदिमदका में राष्ट्रीय तापविद्युत निगम लिमिटेड (एनटीपीसी) के एकीकृत हरित हाइड्रोजन केंद्र की आधारशिला रखेंगे। इस परियोजना के तहत सार्वजनिक क्षेत्र की यह कंपनी तीन चरणों में 65,370 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। प्रधानमंत्री डिजिटल माध्यम से कृष्णापत्तनम औद्योगिक केंद्र का आरंभ करेंगे, जो पहले चरण में 2,500 एकड़ भूमि पर बनने वाली 1,518 करोड़ रुपये की परियोजना है। इससे 50,000 लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इसी तरह, मोदी डिजिटल माध्यम से नक्कापल्ली में 1,877 करोड़ रुपये की लागत वाले ‘‘बल्क ड्रग पार्क’ की भी आधारशिला रखेंगे। देश को दवा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से ‘बल्क ड्रग पार्क’ की स्थापना की जाएगी। करीब 11,542 करोड़ रुपये के निवेश से 2,002 एकड़ भूमि पर बनने वाले इस ‘बल्क ड्रग पार्क’ से 54,000 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। विशाखापत्तनम में आंध्र विश्वविद्यालय इंजीनियरिंग कॉलेज मैदान में प्रधानमंत्री की जनसभा में 1.5 लाख से अधिक लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। शिलान्यास और उद्घाटन समारोह के अलावा मोदी संपत विनायक मंदिर से आंध्र विश्वविद्यालय में बैठक स्थल तक रोड शो भी करेंगे। राज्य सरकार मोदी की यात्रा को सफल बनाने के लिए व्यापक प्रबंध कर रही है, जबकि सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नारा लोकेश ने हाल में तैयारियों की समीक्षा के लिए विशाखापत्तनम का दौरा किया था।  

महाकुंभ से पहले चीनी वायरस HMPV टेंशन बढ़ा रहा है, सीएम योगी ने आपात बैठक बुलाकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए

प्रयागराज 13 जनवरी से महाकुंभ की शुरुआत होने जा रही है. जहां देश-विदेश से लगभग 40 करोड़ लोगों के पहुंचने की संभावना है. महाकुंभ से पहले कोरोना की तरह ही एक चीनी वायरस HMPV टेंशन बढ़ा रहा है, जो तेजी से लोगों को अपनी जद में ले रहा है. भारत में भी HMPV के 6 केस मिले हैं. ऐसे में वायरस के खतरे को देखते हुए सीएम योगी ने आपात बैठक बुलाकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिया है. बता दें कि HMPV के बढ़ते मामलों को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार भी अलर्ट मोड में है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की, जिसमें उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की समीक्षा की. मुख्यमंत्री ने महाकुंभ के दौरान स्वास्थ्य विभाग के दस्‍ते को लगातार भ्रमण करने का निर्देश दिया, ताकि लोगों का हाल लिया जा सके और यदि जरूरत हो तो उन्‍हें उपचार भी प्रदान किया जा सके. मुख्यमंत्री ने कहा, “ठंड के मौसम में आम जन की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए पुख्‍ता इंतजाम किए जाएं. साथ ही, मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए सभी तैयारियों की समीक्षा की और स्वास्थ्य तंत्र को ठंड के मौसम में अलर्ट रहने के लिए कहा. उन्होंने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि जांच और दवाओं की उपलब्‍धता पर कोई कसर न छोड़ी जाए, ताकि आम आदमी को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े.

‘जल जीवन मिशन’ के तहत ‘हर घर नल योजना’ में सामुदायिक अंशदान का वहन अब योगी सरकार करेगी, बड़ी सौगात

लखनऊ योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश के ग्रामीणों को बड़ी सौगात दी है। ‘जल जीवन मिशन’ के तहत ‘हर घर नल योजना’ में सामुदायिक अंशदान का वहन अब योगी सरकार करेगी। ‘हर घर तक नल’ पहुंचाने में पूंजी लागत का 10 फीसदी भाग सामुदायिक अंशदान के रूप में ग्रामीणों से लिए जाने की योजना थी, लेकिन योगी सरकार ने तय किया है कि इस राशि का बोझ आमजन पर न पड़े। इसके लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। गौरतलब है कि यूपी में ‘जल जीवन मिशन’ के तहत 40,951 योजनाएं स्वीकृत हैं। कुल कार्य की लागत 1,52,521.82 करोड़ है। इसमें केंद्रांश 71,714.68 और राज्यांश 71,714.68 करोड़ रुपये है। लागत के सापेक्ष यूपी का सामुदायिक अंशदान 9,092.42 करोड़ रुपये होता है। योगी सरकार की तरफ से 2024-25 में इसके लिए 2,000 करोड़ रुपये के बजट की व्यवस्था भी की गई है। इसका लाभ उत्तर प्रदेश के लगभग 2,32,95,697 परिवारों को मिलेगा। ‘जल जीवन मिशन’ के अंतर्गत उत्तर प्रदेश की ग्रामीण आबादी को शुद्ध पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसमें निर्माण लागत के सापेक्ष सामुदायिक अंशदान की व्यवस्था थी। सामुदायिक अंशदान के तहत एससी/एसटी आबादी वाले गांवों में पूंजीगत लागत का 5 फीसदी व अन्य गांवों में 10 प्रतिशत भाग आमजन से लिया जाना तय था। लेकिन, सरकार ने आमजन को पेयजल उपलब्ध कराने को लोक कल्याणकारी दायित्व के रूप में मानते हुए चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 में 2,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था कराने का निर्णय लिया है। इससे ग्रामीणों को सामुदायिक अंशदान नहीं देना होगा। वर्तमान में हरियाणा, बिहार, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में राज्य सरकार द्वारा सामुदायिक अंशदान वहन किया जा रहा है। राजस्थान में भी मुख्यमंत्री ने इसे राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाने की घोषणा की है, जबकि मध्य प्रदेश में यह राज्य सरकार द्वारा विचाराधीन है। उत्तर प्रदेश में ग्रामीणों को ‘जल जीवन मिशन’ के तहत हर घर जल के लिए सामुदायिक अंशदान नहीं देना होगा। ग्रामीणों को सिर्फ रखरखाव के लिए 50 रुपये (वाटर टैरिफ कलेक्शन) अपनी ग्राम पंचायत को देने होंगे। नमामि गंगे व जलापूर्ति विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि उत्तर प्रदेश के ग्रामीणों पर बोझ न पड़े, इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यूपी में सामुदायिक अंशदान का वहन सरकार द्वारा करने के निर्देश दिए गए हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 2,000 करोड़ रुपये का बजट भी जारी कर दिया गया है। सरकार हर घर तक पेयजल पहुंचाने को संकल्पित है। हर घर नल में बुंदेलखंड की प्रगति :- जिला – नल कनेक्शन (परिवार) – प्रतिशत महोबा – 1,39,621 – 99.71 झांसी – 2,49,100 – 99.15 ललितपुर – 2,05,865 – 99.46 चित्रकूट – 1,63,698 – 99.83 बांदा – 2,67,198 – 99.34 जालौन – 2,03,309 – 95.87 हमीरपुर – 1,85,261 – 99.32 विंध्य क्षेत्र में प्रगति की स्थिति :- जिला – नल कनेक्शन (परिवार) – प्रतिशत मिर्जापुर – 3,49,292 – 98.34 सोनभद्र – 2,53,938 – 80.83  

युवाओं में आत्मविश्वास निर्माण और कौशल उन्नयन हैं मिशन के उद्देश्य, 12 जनवरी से आरंभ होगा युवा शक्ति मिशन : मुख्यमंत्री

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वामी विवेकानन्द की जयंती 12 जनवरी 2025 (युवा दिवस) के अवसर पर स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति मिशन प्रारंभ किया जायेगा। मिशन के प्रमुख उद्देश्य युवाओं में आत्मविश्वास निर्माण, प्रतिस्पर्धा के लिए तैयारी के साथ उनके कौशल उन्नयन और प्रतिभा को निखारने की गतिविधियों को बढ़ावा देना है। मिशन के प्रमुख घटक संवाद, सामर्थ्य (योग्यता) और समृद्धि, है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले दिए गए अपने संबोधन में यह जानकारी दी। मंत्रि-परिषद की बैठक वंदे मातरम के गान के साथ आरंभ हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद के सदस्यों को यूनियन कार्बाइड के कचरे के विनिष्टीकरण के संबंध में तथ्यात्मक स्थिति से भी अवगत कराया। मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले युवा शक्ति मिशन पर प्रेजेंटेशन दिया गया। मंत्रिमंडल के सदस्यों ने अपने विचार भी रखे। देश की युवा आबादी का जिक्र करते हुए मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि आज दुनिया में भारत सबसे युवा देश है क्योंकि यहां की 27 प्रतिशत आबादी युवा है। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना, उनकी ऊर्जा का सदुपयोग करने के लिए मध्य प्रदेश एक मिशन की तरह ले रहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सभी मंत्रियों से कहा है कि वह अपने विभाग में युवाओं को किस तरह से जोड़ सकते है, रोजगार दे सकें इसके लिए काम करें। राज्य में वर्तमान में अनुसूचित जाति व जनजाति के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। सरकार ने अन्य वर्गो के गरीब प्रतिभाशाली बच्चों को भी इसी तरह की सुविधा देने का निर्णय लिया है। उन्होंने आगे बताया कि किसानों की आय को दोगुना करने को लेकर मछली उत्पादन और दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में काम किया जाएगा। किसानों के साथ मिलकर दूध की पैकिंग से लेकर दूध की चिलिंग तक की प्रक्रिया के लिए काम किया जाएगा। कलेक्शन सेंटर की संख्या बढ़ाई जाएगी। प्रदेश के ब्रांड सांची को वैश्विक स्तर पर ले जाएंगे। राज्य में 16वां वित्त आयोग आने वाला है। इसको लेकर भी कैबिनेट में चर्चा हुई। साथ ही राज्य को केंद्र से ज्यादा से ज्यादा राशि मिले, इसके लिए सभी विभागों को तैयारी करने को कहा गया।  

मुख्यमंत्री योगी ने कहा- पूरे प्रदेश में तेज ठंड का मौसम है, शीतलहर चल रही है, सुरक्षा के दृष्टिगत विशेष सतर्कता बरतने वाले है

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ठंड के मौसम में आमजन की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुख्ता इंतजाम रखने के निर्देश दिए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे प्रदेश में तेज ठंड का मौसम है। शीतलहर चल रही है। यह समय बुजुर्गों, बच्चों और गंभीर रोग से ग्रस्त लोगों की सुरक्षा के दृष्टिगत विशेष सतर्कता बरतने वाले है। सर्दी, खांसी, श्वांस से जुड़े मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी संभावित है। ऐसे में स्वास्थ्य तंत्र को अलर्ट रहने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी सरकारी अस्पतालों में मरीजों को अच्छी चिकित्सा सुविधा मिलनी चाहिए। जांच हो या दवाओं की उपलब्धता, सब कुछ चाक-चौबंद हो। आम आदमी को परेशान न होना पड़े। महाकुंभ में तीर्थयात्रियों की स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सेक्टरों में इलाज के पुख्ता इंतजाम हों। एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध रहे। सर्दी, खांसी, बुखार जैसी मौसमी समस्या हो अथवा कोई अन्य गंभीर बीमारी, सभी को समुचित चिकित्सकीय सहायता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बीमार लोगों को सहायता उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम सभी सेक्टरों में सतत भ्रमण करे और लोगों का हाल-चाल ले, जरूरत हो तो उन्हें उचित चिकित्सकीय सहायता दिलाई जाए।  

चुनाव आयोग में ही गड़बड़ी… EVM का बचाव करने पर राजीव कुमार पर भड़के संजय राउत

sanjay raut said on evm hack election commission महाराष्ट्र में शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाए हैं. संजय राउत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पूरी दुनिया कहती है कि ईवीएम में गड़बड़ी है. चुनाव आयोग कहता है कि इसमें कोई गड़बड़ी नहीं है. उन्होंने कहा कि हमें तो लगता है कि आयोग में ही सारी गड़बड़ी है. मुख्य चुनाव आयुक्त का नाम लेते हुए संजय राउत ने कहा कि राजीव कुमार रिटायर होंगे, इसके बाद भी उनके पास बढ़िया काम रहेगा. रिटायरमेंट के बाद मोदी-शाह उन्हें किसी राज्य का राज्यपाल बना देंगे. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र और हरियाणा में ईवीएम में गड़बड़ी हुई है. चुनाव आयोग को गांवों में जाकर बैठना चाहिए, तभी उन्हें ईवीएम और बैलेट पेपर की सच्चाई उन्हें वाकई में समझ आएगी. उन्होंने कहा कि बीजेपी ने लोकतंत्र का अपहरण कर लिया है. हजारों नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए. चुनाव आयोग अब बीजेपी के ‘ताट के नीचे बैठा बिल्ली’ बन गया है. दिल्ली विधानसभा चुनाव के तिथियों के ऐलान के समय उन सभी सवालों का जवाब दिया, जिसके लेकर इलेक्शन कमीशन पर सवाल उठाए जा रहे थे. मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि चुनाव में वोट देने वाले किसी वोटर का नाम किसी भी तरीके से हटाया ही नहीं सकता है. उन्होंने कहा कि अगर फॉर्म साथ में न हो. यहां तक कि अगर किसी की मौत हो गई हो तो उसका रिकॉर्ड भी इलेक्शन कमीशन की तरफ से रखा जाता है. इसके लिए सभी मृतकों के डेथ सर्टिफिकेट को रिकॉर्ड में रखा जाता है. उन्होंने कहा कि अगर इसके बाद भी किसी का नाम गलती से हट जाता है तो हमारी तरफ से उसे नोटिस भेजा जाता है. मुख्य चुनाव आयुक्त ने एक शायरी के जरिए कहा कि आरोपों और इल्जामातों का दौर चले कोई गिला नहीं…हर परिणाम में प्रमाण देते है…शक का इलाज तो हकिम लुकमान के पास भी नहीं है.

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