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Bijapur Attack: 4 साल पहले की प्लानिंग, बिछाया था 70 किलो IED, ले ली जवानो की जान

जगदलपुर बीजापुर जिला मुख्यालय से 55 किमी दूर कुटरू-बेदरे मार्ग पर अंबेली गांव के पास चार वर्ष पहले बिछाए गए 70 किलो इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) के डेटोनेटर को ट्रिगर कर नक्सलियों ने सोमवार की दोपहर जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) जवानों के स्कॉर्पियो एसयूवी वाहन को उड़ाया था। यह विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि जहां विस्फोट हुआ वहां सीमेंट की एक फीट मोटाई की सड़क फट गई और वहां दस फीट गहरा और 25 फीट व्यास का गड्ढा बन गया। विस्फोट के बाद जवानों के शरीर के अंग व स्कार्पियो एसयूवी वाहन के कलपुर्जे 500 मीटर के दायरे में बिखर गए। क्या होता है ट्रिगर आईईडी, कैसे बिछाया था कुटरु से बेदरे तक की सड़क लगभग दस वर्ष पहले डामरीकरण हुआ था। कुछ वर्ष बाद पुल और सड़क का हिस्सा बारिश में बह गया। 2020 में मरम्मत की गई तो नक्सलियों ने सड़क के मध्य जोड़ वाले हिस्से में ट्रिगर आईईडी बिछा दिया। नक्सिलयों ने फॉक्स होल तकनीक से सुरंग खोदकर 70 किलो से अधिक वजनी ट्रिगर आईईडी बिछाया, ताकि जवानों को अधिक से अधिक नुकसान पहुंचाया जा सके। सालों बाद अब उनके मंसूबे कामयाब भी रहे। ट्रिगर आईईडी वह होता है, जिसमें आईईडी को किसी बैटरी, रिमोट कंट्रोल, इंफ्रारेड, मैग्नेटिक या ट्रिप वायर की सहायता से ट्रिगर किया जा सके। अब मौका देखकर इस आईईडी काे ट्रिप वायर तकनीक से ट्रिगर कर विस्फोट कर दिया। पेड़ के नीचे दबाया स्वीच, 300 मीटर दूर से विस्फोट नक्सलियों ने सड़क के नीचे बिछे आईईडी को ट्रिगर करने पास ही एक पेड़ की जड़ के पास डेटोनेटर को जोड़ता हुआ स्वीच जमीन के नीचे दबाकर ऊपर से मिट्टी और पत्थर डाल दिया था, ताकि बम निरोधक दस्ता इसका पता ना लगा सके। निशानी के लिए पेड़ की छाल को छील दिया गया था, ताकि वक्त आने पर इसमें विस्फोट किया जा सके। सोमवार को जब सुरक्षा बल के जवान बेदरे से निकले, तो नक्सलियों ने विस्फोट की तैयारी कर ली। पेड़ के नीचे दबे स्वीच को तार से जोड़कर वहां से लगभग 300 मीटर दूर जंगल तक एक पेड़ के नीचे तक ले जाया गया। वहीं से निशाना साधकर जवानों के कारकेड के 11 वें नबंर की गाड़ी को विस्फोट से उड़ाया गया। इस विस्फोट से 200 मीटर पीछे चल रही वाहन का कांच भी टूट गया। 1990 के दशक में पहला विस्फोट नक्सलियों के आईईडी के प्रयोग की योजना बनाने का पहला साक्ष्य 1986 के दशक में तत्कालीन आंध्र प्रदेश के वारंगल जिले के नचिनापल्ली गांव में गोलीबारी के दौरान पुलिस को मिले एक नोटबुक में था। इसमें बताया गया था कि नक्सली बारूदी सुरंग बिछाने और आइईडी का प्रयोग की तकनीक सीख रहे हैं। इसके बाद 1990 के दशक में अविभाजित बस्तर जिले के कोंटा क्षेत्र में नक्सलियों ने पहली बारूदी सुरंग विस्फोट कर पुलिस के वाहन को निशाना बनाया था। इसके दो वर्ष बाद 1992 में उत्तर बस्तर के बड़े डोंगर में चुनाव वाहन को उड़ाने के बाद से नक्सलियों ने बारूदी सुरंग विस्फोट को अपना प्रमुख हथियार बना लिया, क्योंकि इससे बिना किसी खतरे के अधिक नुकसान पहुंचाया जा सकता है। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद से पिछले 24 वर्ष में अब तक 1197 बारुदी सुरंग विस्फोट की ऐसी घटनाओं में 1313 सुरक्षा बल के जवान व आम नागरिक मारे जा चुके हैं।

4 की मौत और 3 घायल, अजमेर दरगाह से लौट रहे इंदौर के परिवार की कार टैंकर से भिड़ी

अजमेर/उज्जैन। उज्जैन जिले के नागदा में आज सुबह 5:30 बजे एक भयानक हादसा हो गया। जहां अजमेर से जियारत कर लौट रहे इंदौर के परिवार का जावरा नागदा रोड पर स्थित गांव बेड़ावन्या के पास एक्सीडेंट हो गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि इनोवा के परखच्चे उड़ गए। ड्राइविंग सीट पर फंसे शव को निकालने के लिए कार काटनी पड़ी। हादसे में कार सवार 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि 3 घायल हैं। सभी मृतक इंदौर के रहने वाले थे। कार में सवार ऐजाज को कोई चोट नहीं लगी है। ऐजाज ने बताया- हम आठ लोग इंदौर से 23 अक्टूबर को अजमेर के लिए निकले थे। शुक्रवार सुबह लौटते वक्त एक पेट्रोल टैंकर और एक ट्रक हमारी गाड़ी के पीछे थे। कुछ देर बाद टैंकर ने हमारी कार को ओवरटेक किया। इसी दौरान गाड़ी टैंकर से जा भिड़ी। हादसे में इनकी गई जान 1. इमरान पुत्र इज्जत नूर, 40 साल, निवासी कड़ाव घाट, इंदौर 2. आसिफ पुत्र अहमद मंसूरी, 35 साल, निवासी पिंजारा बाखल, इंदौर 3. अब्दुल मन्नान पुत्र अब्दुल गफ्फार, निवासी झलारिया, इंदौर 4. समीर पुत्र हाजी हफीज खान, निवासी झलारिया, इंदौर ये हुए घायल 1. जुबैर पुत्र जाकिर, 30 साल, इंदौर 2. समीर पुत्र रशीद, 25 साल, निवासी सांवेर, इंदौर 3. ओसामा पुत्र सिद्दीक, 25 साल, निवासी सांवेर, इंदौर

स्कूली बच्चों से 4 की मौत, झारखंड-रामगढ़ में ट्रक ने ऑटो रिक्शा को रौंदा

रांची। बुधवार को झारखंड के रामगढ़ में दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां एक स्कूली रिक्शा और ट्रक की टक्कर में 3 बच्चों समेत चार की मौत हो गई। इस दुर्घटना के बारे में जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि मामला बुधवार की सुबह का है। यहां के गोला पुलिस थाना क्षेत्र में ऑटोरिक्शा और ट्रक की टक्कर में तीन बच्चों समेत 4 लोगों की मौत हो गई। इस दुर्घटना को लेकर जानकारी देते हुए रामगढ़ के एसपी अजय कुमार ने बताया कि स्कूल के छात्र ऑटोरिक्शा से स्कूला जा रहे थे। इस दौरान एक ट्रक ने सामने से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी खतरनाक थी कि ऑटोरिक्शा में बैठे तीन स्कूली बच्चों समेत ड्राइवर की भी मौत हो गई। मामला रामगढ़ के गोला थाना क्षेत्र का है। यहां के गुडविल स्कूल के बच्चे रिक्शे से जा रहे थे। ऑटोरिक्शा तिरला मोड़ पर पहुंचने के बाद हादसा हो गया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। इस हादसे में तीन बच्चों समेत ड्राइवर की मौत हो गई। इसके साथ ही दर्जनभर बच्चे घायल भी हुए हैं। कई घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है। घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

BSF इंस्पेक्टर से ठगी मामले की जाँच पड़ताल तेज, चार बैंक खातों में ट्रांसफर हुई थी रकम

ग्वालियर बीएसएफ टेकनपुर के इंस्पेक्टर को डिजिटल अरेस्ट कर ठगी गई 71.25 लाख की रकम कर्नाटक, औरंगाबाद और गुड़गांव के चार बैंक खातों में पहुंची है। जांच में पता चला है कि जिन बैंक खातों में ठगी के रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ है, उनमें से दो खाते बंधन बैंक, एक खाता बैंक ऑफ सिंगापुर, एक बैंक ऑफ बड़ौदा का है। जैसे ही इस बात का पता चला साइबर टीम ने इन खातों की पड़ताल करना शुरू कर दी है। ठगों ने बीएसएफ टेकनपुर में पदस्थ इंस्पेक्टर अबसार अहमद को मुंबई साइबर और क्राइम ब्रांच के नकली अफसर बनकर ठगी था। एसपी ऑफिस पहुंचकर सुनाई थी आपबीती इंस्पेक्टर अबसार अहमद निवासी मऊ जिला, उत्तर प्रदेश ने ग्वालियर के एसपी ऑफिस पहुंचकर आपबीती सुनाई थी। उन्होंने बताया था कि दो दिसंबर 2024 को उनके मोबाइल पर व्हाट्सएप कॉल आया था। सामने वाले ने खुद को पुलिस अफसर बताते हुए कहा कि आपके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के केस में गिरफ्तारी वारंट है। इसके अलावा कई और आरोप लगाते हुए पूरे परिवार को गिरफ्तार करने की बात कही। बचने के लिए रुपये जमा कराने के लिए कहा था। इस दौरान तकरीबन 34 ट्रांजेक्शन हुए, जिसमें 71.25 लाख रुपये बीएसएफ इंस्पेक्टर ने वीडियो कॉल करने वाले ठगों के खाते में जमा करा दिए थे। कियोस्क सेंटर संचालक से आठ हजार की ठगी ठगी के एक अन्य मामले में ग्वालियर के कैलारस कस्बे में मंगलवार की दोपहर एक कियोस्क सेंटर संचालक ठगी का शिकार हो गया। हुआ यूं, कि लक्ष्मण पुत्र जगन्नाथ धाकड़ की एमएस रोड स्थित इंडियन पेट्रोल पंप के पास स्थित कृष्णा कंप्यूटर नाम से कियोस्क सेंटर है। मंगलवार की दोपहर एक युवक आया, जिसने एक मोबाइल नंबर देते हुए, लक्ष्मण से कहा, कि मैं आपको आठ हजार रुपये नगद दे रहा हूं, इस नंबर पर आठ हजार रुपये ट्रांसफर कर दीजिए, इसके बदले में जो फीस लगती है वह भी दे दूंगा। बकौल लक्ष्मण धाकड़, उसने बताए गए नंबर पर आठ हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए, इसके बाद वह युवक बिना आठ हजार रुपये की नगदी दिए वहां से भाग गया। कैलारस पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ ठगी की धाराओं में केस दर्ज किया है।

ताजा पोस्ट से भड़की सरकार और बढ़ा तनाव, कनाडा को अमेरिका का हिस्सा बनाने पर तुले ट्रंप

वाशिंगटन। अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हाथ धोकर कनाडा के पीछे पड़ गए हैं। ट्रंप, कनाडा को आर्थिक ताकत के बल पर अमेरिका का हिस्सा बनाने की इच्छा व्यक्त कर चुके हैं। अब एक ताजा सोशल मीडिया पोस्ट में कनाडा और अमेरिका का साझा नक्शा पोस्ट किया और उसे संयुक्त राज्य अमेरिका लिखा। ट्रंप के इस पोस्ट पर कई कनाडाई नेताओं ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। गौरतलब है कि ट्रंप ने फ्लोरिडा स्थित अपने आवास में मीडिया से बात करते हुए कनाडा को अमेरिका में मिलाने और उसे अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की इच्छा व्यक्त की थी। कनाडा के पीएम ने जताई नाराजगी अब कनाडा और अमेरिका का साझा नक्शा पोस्ट कर उसे संयुक्त राज्य अमेरिका बताने वाली ट्रंप की पोस्ट पर कनाडा के नेताओं ने नाराजगी जताई। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने ट्रंप के बयान पर कहा कि कनाडा के अमेरिका का हिस्सा बनने की कोई संभावना नहीं है। कनाडा की विदेश मंत्री मेलानी जॉली ने कहा कि ट्रंप का बयान ‘कनाडा को एक मजबूत देश बनाने वाली चीजों के बारे में समझ की कमी को दिखाती है। हमारी अर्थव्यवस्था मजबूत है। हमारे लोग मजबूत हैं।’ उन्होंने कहा, ‘हम खतरों के सामने कभी पीछे नहीं हटेंगे।’ ट्रंप के बयानों से बढ़ा तनाव उल्लेखनीय है कि ट्रंप ने पनामा नहर और ग्रीनलैंड पर कब्जा करने के लिए सैन्य बल के इस्तेमाल की संभावना से भी इनकार नहीं किया। उन्होंने दोनों पर अमेरिका के नियंत्रण को अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया। ट्रंप ने कहा कि पनामा नहर हमारे देश के लिए महत्वपूर्ण है। हमें राष्ट्रीय सुरक्षा उद्देश्यों के लिए ग्रीनलैंड की भी जरूरत है।’ गौरतलब है कि ग्रीनलैंड डेनमार्क का एक स्वायत्त क्षेत्र है, जो लंबे समय से अमेरिका का सहयोगी और नाटो का संस्थापक सदस्य है। ट्रम्प ने डेनमार्क पर टैरिफ लगाने का भी प्रस्ताव दिया है कि अगर डेनमार्क, ग्रीनलैंड को खरीदने के उनके प्रस्ताव को अस्वीकार करता है तो वे डेनमार्क पर टैरिफ लगा सकते हैं। डोनाल्ड ट्रंप के बयानों पर पनामा और डेनमार्क ने दी प्रतिक्रिया पनामा के विदेश मंत्री जेवियर मार्टिनेज-आचा ने ट्रम्प की धमकी को दृढ़ता से खारिज करते हुए कहा, ‘नहर पनामा के नियंत्रण में है, और यह हमारे ही नियंत्रण में रहेगी।’ वहीं डेनमार्क ने भी दृढ़ता से कहा कि ग्रीनलैंड ‘बिक्री के लिए नहीं है।’ डेनमार्क के प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसेन ने मंगलवार रात कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि जब हम करीबी सहयोगी और साझेदार हैं, तो वित्तीय मुद्दों पर एक दूसरे पर टकराना अच्छी बात नहीं है।’

सेना और एनडीआरएफ ने निकाला एक शव, असम की कोयला खदान धसने से आठ श्रमिक दबे

दिशपुर/नई दिल्ली। असम के पास दीमा हसाओ जिले में सोमवार को कोयला खदान में पानी भरने के बाद नौ श्रमिक फंस गए थे। बुधवार सुबह सेना और एनडीआरएफ की टीमों ने बचाव अभियान के दौरान खदान से एक शव बरामद किया। खदान में अभी भी आठ श्रमिक फंसे हुए हैं। इसके बाद सेना, असम राइफल्स, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ की टीमों ने बचाव अभियान तेज कर दिया है। दीमा हसाओ जिले के उमरंगसो के तीन किलो क्षेत्र में कोयला खदान में सोमवार को 300 फीट गहरे खदान में अचानक पानी भर गया था। इस खदान में नौ श्रमिक फंस गए थे। इसके बाद भारतीय सेना और स्थानीय अधिकारियों की संयुक्त टीम ने त्वरित और प्रभावी तरीके से बचाव अभियान की शुरुआत की। मंगलवार शाम को बचाव अभियान को रोक दिया गया था। बुधवार सुबह इसे फिर से शुरू किया गया। इसके बाद बचाव टीमों ने खदान से एक शव बरामद किया। सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि 21 पैरा गोताखोरों ने खदान से एक शव बरामद किया है। हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं शोकाकुल परिवार के साथ हैं। वहीं एनडीआरएफ के कमांडेंट एन तिवारी ने बताया कि श्रमिकों को निकालने के लिए 24 घंटे काम चल रहा है। जल्द ही हम श्रमिकों तक पहुंच जाएंगे। अभी सेना की टीम यहां काम कर रही है। जल्द ही नौसैनिक भी यहां पहुंच जाएंगे। वहीं खदान में काम करने वाले एक श्रमिक ने बताया कि मेरा भाई खदान में फंसा है। खदान में अचानक लोगों ने चिल्लाना शुरू कर दिया कि पानी भर रहा है। 30-35 लोग बाहर आ गए और 15-16 लोग फंस गए। एक युवक गिरफ्तार, मुकदमा दर्ज मामले में असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने बताया कि पुलिस ने घटना की जांच के लिए खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21(1) के साथ धारा 3(5)/105 बीएनएस के तहत एफआईआर दर्ज की है। यह एक अवैध खदान लगती है। मामले के संबंध में पुनीश नुनिसा नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। मैंने माननीय केंद्रीय कोयला मंत्री किशन रेड्डर से भी बात की। उनसे उमरंगसू में बचाव अभियान के लिए सहायता मांगी है। उन्होंने तुरंत कोल इंडिया मुख्यालय को निर्देश जारी किए हैं। इस मिशन में असम सरकार को पूर्ण सहयोग देने के लिए मैं उनका हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं। वाटरिंग पंप मंगाया जा रहा खदान में भरे पानी को निकालने के लिए डी वाटरिंग पंप मंगाया गया है। सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि बचाव अभियान जोरों पर है। सेना और एनडीआरएफ के गोताखोर खदान में उतर चुके हैं। नौसेना के जवान मौके पर हैं और उनके बाद गोता लगाने की अंतिम तैयारियां कर रहे हैं। इस बीच एसडीआरएफ के डी-वाटरिंग पंप उमरंगशु से घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं। ओएनजीसी के डी-वाटरिंग पंप को कुंभीग्राम में एमआई-17 हेलीकॉप्टर पर लोड किया गया है।     21 Para divers have just recovered a lifeless body from the bottom of the well. Our thoughts and prayers are with the grieving family.     — Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) January 8, 2025

भोपाल को यूनेस्को की साहित्य नगरी के रूप में मिलेगी वैश्विक पहचान : राज्य मंत्री लोधी

भोपाल बनेगा विश्व का साहित्यिक और सांस्कृतिक केंद्र : महापौर श्रीमती राय भोपाल की साहित्यिक विरासत को दुनिया के सामने लाने का प्रयास : प्रमुख सचिव श्री शुक्ला महापौर ने भोपाल को साहित्य के क्षेत्र में नामित किए जाने के लिए यूनेस्को को भेजे जाने वाले एप्लीकेशन और डिक्लेरेशन पर किए हस्ताक्षर भोपाल पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा है कि समृद्ध संस्कृति, ऐतिहासिक विरासत और नैसर्गिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध भोपाल को यूनेस्को में विश्व की साहित्य नगरी के रूप में पहचान दिलाई जाएगी। भोपाल को साहित्य सृजन, संरक्षण और संवर्धन के क्षेत्र में वैश्विक पहचान मिलेगी। राज्य मंत्री श्री लोधी, मुल्ला रमूजी संस्कृति भवन में यूनेस्को की क्रिएटिव सिटी नेटवर्क में भोपाल को साहित्य के क्षेत्र में नामित करने के प्रस्ताव पर हितधारक संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। राज्य मंत्री श्री लोधी ने कहा कि इससे भोपाल के साहित्य और साहित्यकारों को वैश्विक मंच मिलेगा। साथ ही भोपाल के शैक्षणिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास को गति मिलेगी। महापौर भोपाल श्रीमती मालती राय ने भोपाल को साहित्य के क्षेत्र में नामित किए जाने के लिए एप्लीकेशन और डिक्लेरेशन पर हस्ताक्षर किए। महापौर श्रीमती राय ने कहा कि यूनेस्को द्वारा भोपाल को साहित्य नगरी घोषित किए जाने के हर संभव प्रयास किए जायेंगे। इस उपलब्धि से भोपाल शहर का गौरव बढ़ेगा। आने वाले समय में भोपाल विश्व का साहित्यिक और सांस्कृतिक केंद्र बनेगा। प्रमुख सचिव संस्कृति, पर्यटन और प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि यूनेस्को की क्रिएटिव सिटी नेटवर्क में भोपाल को साहित्य के क्षेत्र में नामित करने का प्रयास किया जा रहा है। इससे भोपाल की साहित्यिक विरासत दुनिया के सामने आयेगी। यूनेस्को ने साहित्य के क्षेत्र में 39 देशों के 53 शहरों को क्रिएटिव सिटी नेटवर्क में शामिल किया है। पिछले वर्ष केरल के कोझिकोड शहर को यूनेस्को ने साहित्य के क्षेत्र में शामिल किया था। भोपाल को देश का दूसरा शहर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। ग्वालियर को यूनेस्को द्वारा म्यूजिक सिटी का दर्जा दिए जाने के बाद से ग्वालियर में युवाओं में संगीत के प्रति रुझान बढ़ा है। इसी तरह भोपाल को साहित्य नगरी का दर्जा मिलने के साथ ही युवा भी साहित्य सृजन और पठन के प्रति आकर्षित होंगें। भोपाल को यूनेस्को की क्रिएटिव सिटी नेटवर्क में शामिल किए जाने के डोजियर को मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा तैयार किया गया है। इसे संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार को भेजा जा रहा है। संस्कृति मंत्रालय द्वारा अनुमोदित होने पर डोजियर यूनेस्को को मूल्यांकन के लिए प्रेषित किया जाएगा। संगोष्ठी में हितधारकों को यूनेस्को के क्रिएटिव सिटी नेटवर्क की जानकारी देते हुए बताया गया कि यूनेस्को द्वारा शहरों को 7 श्रेणियों में मान्यता दी जाती है। इसमें शिल्प और लोक कला, रचना, फिल्म, पाक कला, साहित्य, संगीत और मीडिया आर्ट शामिल है। महाराजा भोज के द्वारा 1010 ईसवी में साहित्य सृजन से शुरू हुई स्वर्णिम विरासत भोपाल को साहित्य सृजन और संरक्षण के क्षेत्र में विशेष बनाती हैं। हिंदी के साथ साथ उर्दू, सिंधी, पंजाबी आदि भाषाओं में साहित्यकारों द्वारा भोपाल में साहित्य सृजन किया गया है। भोपाल में संस्कृति विभाग द्वारा 150 से ज्यादा सांस्कृतिक और साहित्यिक आयोजन और भारत भवन द्वारा 20 से अधिक वार्षिक आयोजन किए जाते हैं। भोपाल में 70 से अधिक लाइब्रेरी और रीडिंग सेंटर्स है। इसके साथ ही समुदायों और संस्थाओं के सहयोग से विभिन्न साहित्यिक कार्यक्रमों का आयोजन भोपाल में किया जाता है। संगोष्ठी में प्रेजेंटेशन से हितधारकों को भोपाल को साहित्य नगरी का दर्जा दिलाने के लिए शहर में हो रहे साहित्यिक कार्यक्रम और गतिविधियों, संकलन, एग्जिबिशन और आयोजन की जानकारी के साथ अगले 4 वर्षों में साहित्य के प्रचार-प्रसार और संवर्धन के लिए किए जाने वाले प्रयासों पर चर्चा की गई। इस अवसर पर संचालक संस्कृति श्री एन.पी. नामदेव, अपर प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड सुश्री बिदिशा मुखर्जी, मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद के अन्तर्गत उस्ताद अलाउद्दीन खाँ संगीत एवं कला अकादमी, आदिवासी लाके कला एवं बोली विकास अकादमी, साहित्य अकादमी, कालिदास संस्कृत अकादमी, सिंधी साहित्य अकादमी, मराठी साहित्य अकादमी, भोजपुरी साहित्य अकादमी, पंजाबी साहित्य अकादमी आदि के निदेशक और प्रतिनिधि, साहित्यकार और साहित्य प्रेमी उपस्थित रहें।  

जीतू पटवारी का शिवराज पर तंज: ‘कृषि मंत्री न जाने किन किसानों से मिल रहे, 17 मंगलवार से इंतजार

jitu patwari accuses shivraj singh chouhan of ignoring meeting requests for 17 tuesdays कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने केंद्रीय कृषि मंत्री का एक वीडियो शेयर किया है जिसमें वो कह रहे हैं कि मैं सिर्फ दफ्तर में अधिकारियों से नहीं मिलता, बल्कि हर मंगलवार को अलग अलग राज्यों के किसानों से भी मुलाकात करता हूं। इसपर पटवारी ने कहा है कि वे पिछले सत्रह मंगलवार से शिवराज जी से मिलने का समय मांग रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक बुलावा नहीं आया है। Jitu Patwari Accuses Shivraj Singh Chouhan : जीतू पटवारी ने बुधवार को शिवराज सिंह चौहान पर उनके साथ मंगलवार को न मिलने का आरोप लगाया है। दरअसल वे पिछले सत्रह मंगलवार से केंद्रीय कृषि मंत्री से मुलाकात का समय मांग रहे हैं और उनका कहना है कि उन्हें समय नहीं दिया जा रहा है। इसे लेकर आज उन्होंने शिवराज सिंह चौहान का एक वीडियो X पर साझा करते हुए कहा है कि ‘न जाने आप कौन से किसानों से मिल रहे हैं’। बता दें कि एक दिन पहले ही कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्रीय कृषि मंत्री और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को निशाने पर लिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि वह पिछले सत्रह मंगलवारों से शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात का समय मांग रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक समय नहीं दिया गया है। नए साल में भी मध्य प्रदेश के किसानों के लिए कोई राहत नहीं मिली और शिवराज सिंह चौहान की चुप्पी उनके संघर्ष और दर्द का अपमान है। जीतू पटवारी ने शेयर किया शिवराज सिंह चौहान का वीडियोजीतू पटवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शिवराज सिंह चौहान का एक वीडियो साझा किया है जिसमें वे कहते दिखाई दे रहे हैं कि ‘मैं ऐसा मंत्री नहीं हूं कि सिर्फ दफ्तर में बैठकर अधिकारियों से बात करूं। मंगलवार का दिन मैंने किसानों से मिलने के लिए रखा है और हर मंगलवार मैं अलग-अलग प्रांत के किसानों से मिलता हूं।’ कहा ‘सत्रह मंगलवार हो गए, नहीं मिल रहा मुलाकात का समय’इस वीडियो को साझा करते हुए जीतू पटवारी ने शिवराज सिंह चौरान पर निशाना साधते हुए कहा है कि ‘कृषि मंत्री जी, न जाने कौन से किसानों से मिल रहे हैं। मैं भी किसान हूँ और पिछले 17 मंगलवार से अपने किसान भाइयों के साथ आपके समय की फसल का इंतज़ार कर रहा हूँ।’ बता दें कि मध्य प्रदेश में किसानों के मुद्दे को लेकर कांग्रेस लगातार बीजेपी पर हमला बोल रही है। कांग्रेस अध्यक्ष हर मंगलवार को शिवराज सिंह चौहान से मिलने का समय मांगते आ रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें बुलावा नहीं आया है। इससे पहले, 1 जनवरी को जीतू पटवारी ने कहा था कि वे 100 मंगलवार तक शिवराज सिंह चौहान द्वारा समय दिए जाने की प्रतीक्षा करेंगे। इसके बाद वे खुद उनसे मिलने जाएंगे।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को एफआरयू बनाने के लिये आवश्यक व्यवस्थाएं करें: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न विषयों की गहन समीक्षा की भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण कार्यों के साथ ही वहां आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता और आवश्यक मैनपॉवर की भर्ती की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए। इससे स्वास्थ्य संस्थानों में सेवाओं का सुचारू और समय पर प्रदाय सुनिश्चित होगा। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने मंत्रालय, भोपाल में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में ब्लड स्टोरेज यूनिट की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) को फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) के रूप में विकसित करने के लिये अन्य आवश्यक व्यवस्थाएँ भी की जायें। इससे ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सुलभ होंगी और जिला अस्पतालों पर बढ़ते भार को भी कम किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के सशक्तीकरण से संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहित किया जा सकेगा, जिससे मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में महत्वपूर्ण सुधार होगा। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने मेडिकल टीचर्स की लंबित मांगों पर हुई कार्यवाही की जानकारी भी प्राप्त की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक विषयों पर शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री संदीप यादव, आयुक्त स्वास्थ्य श्री तरुण राठी, एमडी एमपी-पीएचएससीएल श्री मयंक अग्रवाल उपस्थित रहे।  

एक जिला-एक औषधीय उत्पाद” की शुरुआत चयनित 5 जिलों से करें: आयुष मंत्री परमार

“धरती आबा अभियान” अंतर्गत पोषण वाटिका एवं औषधीय उद्यान (हर्बल गार्डन) विकसित करने की बनाएं कार्य योजना आयुष मंत्री की अध्यक्षता में मप्र राज्य औषधीय पादप बोर्ड की बैठक हुई भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने देवारण्य योजना 2.0 के अंतर्गत “एक जिला-एक औषधीय उत्पाद” योजना के क्रियान्वयन के लिए प्रथम चरण में प्रदेश के 5 जिलों का चयन कर, समग्र कार्य योजना बनाकर आवश्यक क्रियान्वयन के निर्देश दिए। मंत्री श्री परमार मंत्रालय में म.प्र. राज्य औषधीय पादप बोर्ड के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। मंत्री श्री परमार ने बोर्ड के कार्यों की प्रगति एवं आगामी कार्य योजना की गहन समीक्षा कर, विभिन्न बिंदुओं पर व्यापक चर्चा की। उन्होंने प्रदेश का औषधीय मैप तैयार करने एवं अन्य फसलों की तरह समस्त औषधीय फसलों को फसल गिरदावरी में सम्मिलित कराने के लिए व्यापक कार्य योजना तैयार कर क्रियान्वयन करने को भी कहा। मंत्री श्री परमार ने औषधीय पौधों की एम.एस.पी. के निर्धारण के लिए वन विभाग, मनरेगा, कृषि एवं उद्यानिकी विभाग तैयार कर समन्वय कर व्यापक कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। मंत्री श्री परमार ने “धरती आबा अभियान” में पोषण वाटिका एवं रेसिडेंशियल स्कूलों में भी औषधीय उद्यान के विकास के लिए आवश्यक कार्यवाही करने को कहा। उन्होंने आयुष विभाग अंतर्गत संचालित महाविद्यालयों में औषधीय उद्यान (हर्बल गार्डन) विकसित करने को भी कहा। बैठक में अपर मुख्य सचिव वन श्री अशोक बर्णवाल, प्रमुख सचिव आयुष श्री डी.पी. आहूजा, आयुक्त आयुष श्रीमति उमा आर. माहेश्वरी और अपर सचिव आयुष एवं बोर्ड के सीईओ श्री संजय कुमार मिश्र सहित विभिन्न अधिकारीगण उपस्थित थे।  

आयुष मंत्री ने मंत्रालय में आयुष महाविद्यालय के लिए की विभागीय समीक्षा

भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने कहा कि वैद्यों के परम्परागत ज्ञान को, शोध के आधार पर युगानुकुल परिप्रेक्ष्य में दस्तावेजीकरण करने की आवश्यकता है। इसके लिए प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों सहित समस्त क्षेत्रों में पीढ़ी दर पीढ़ी कार्य कर रहे पारम्परिक वैद्यों का, प्रदेशव्यापी पंजीयन कर उनके ज्ञान को सहेजने के लिए आवश्यक कार्य योजना बनाएं। मंत्री श्री परमार मंगलवार को मंत्रालय में आयुष विभाग की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में प्रमुख सचिव आयुष श्री डी.पी. आहूजा, आयुक्त आयुष श्रीमति उमा आर. माहेश्वरी और अपर सचिव आयुष श्री संजय कुमार मिश्र सहित विभिन्न अधिकारीगण शामिल थे। आयुष मंत्री श्री परमार ने विभाग के अंतर्गत संचालित संस्थाओं में मानव संसाधनों की जानकारी प्राप्त कर, रिक्त पदों की पूर्ति प्रक्रिया नियत समयावधि पर पूर्ण करने को कहा। उन्होंने अनुकम्पा नियुक्ति सम्बंधी लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश भी दिए। लोक सेवकों की सीआर ऑनलाइन करने, विभागीय जांच एवं न्यायालयीन प्रकरणों को यथाशीघ्र निराकरण करने को कहा। श्री परमार ने कहा कि निजी आयुष महाविद्यालयों के शिक्षण शुल्क का पारदर्शितापूर्व पूर्ननिर्धारण कर ताकि विद्यार्थियों को प्रवेश के समय कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। मंत्री श्री परमार ने आयुष महाविद्यालयों में शैक्षणिक एवं अकादमिक कैलेंडर का दृढ़ता से पालन करने के लिए और विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं के परीक्षण के लिए व्यापक कार्य योजना के साथ क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभाग अंतर्गत संचालित संस्थाओं की गुणवत्ता वृद्धि के लिए संसाधनों की पूर्ति, निर्माण एवं सुधार कार्यों के लिए वास्तविक आवश्यकता अनुरूप उपलब्ध बजट का उपयोग सुनिश्चित करें। मंत्री ने कहा कि निर्माण एजेंसी के साथ नियमित बैठक कर विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करें। आयुष मंत्री श्री परमार ने राष्ट्रीय आयुष मिशन अंतर्गत किए जा रहे निर्माण कार्यों की सराहना भी की। उन्होंने यूनानी फार्मेसी भोपाल एवं आयुर्वेद फार्मेसी ग्वालियर की क्षमता वृद्धि के लिए मानव संसाधन, भवन उन्नयन, उपकरण एवं मशीनरी आदि की उपलब्धता नियत समयावधि पर सुनिश्चित करने को कहा। मंत्री श्री परमार ने कहा कि प्रदेश के समस्त आयुर्वेद महाविद्यालयों में फार्मेसी एवं औषधीय उद्यान विकसित करने के लिए व्यापक कार्य योजना के साथ क्रियान्वयन करें। उन्होंने जनजातीय क्षेत्रों में पाई जाने वाली दुर्लभ औषधियों के दस्तावेजीकरण करने को कहा। उन्होंने प्रदेश के समस्त आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में पदस्थ मानव संसाधनों के उन्मुखीकरण एवं प्रशिक्षण के साथ, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का एनएबीच प्रमाणीकरण करने के लिए व्यापक प्रयास करने को भी कहा। उन्होंने महाविद्यालयों एवं चिकित्सालयों में ओपीडी एवं आईपीडी को ऑनलाइन करने सहित आवश्यक सुधार को लेकर भी कार्य योजना तैयार करने को कहा। मंत्री श्री परमार ने समस्त आयुष महाविद्यालयों एवं चिकित्सालयों को लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा फर्स्ट रेफरल यूनिट के रूप में अधिमान्यता प्राप्त किए जाने के लिए सार्थक प्रयास करने को कहा। उन्होंने यूनानी चिकित्सा शिक्षा को हिन्दी भाषा में अध्ययन की सुविधा प्रदान करने के लिए, यूनानी पाठ्यक्रमों का हिन्दी भाषा में शीघ्र अनुवाद सुनिश्चित कर, हिंदी में पाठ्यक्रम की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।  

अमेरिका में रैबिट फीवर के मामलों में लगातार बढ़ोतरी, जाने रैबिट फीवर के कारण, लक्षण, और बचाव के तरीके

वाशिंगटन अमेरिका में रैबिट फीवर (Rabbit Fever) के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। सीडीसी के मुताबिक, पिछले एक दशक में इस बीमारी के मामलों में 50% से ज्यादा का उछाल देखा गया है। रैबिट फीवर, जिसे टुलारेमिया भी कहा जाता है, एक जूनोटिक बीमारी है जो खरगोशों और अन्य जानवरों से इंसानों में फैलती है। यह बीमारी गंभीर हो सकती है और बुखार, थकान और त्वचा पर घाव जैसे लक्षण पैदा कर सकती है। ऐसे में, आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं रैबिट फीवर के कारण, लक्षण, और बचाव के तरीके। रैबिट फीवर क्या होता है? टुलारेमिया, जिसे आम भाषा में रैबिट फीवर कहा जाता है, एक गंभीर बैक्टीरियल इन्फेक्शन है जो फ्रांसीसेल्ला टुलारेन्सिस बैक्टीरिया के कारण होता है। यह बैक्टीरिया मुख्य रूप से खरगोश, चूहे और अन्य छोटे स्तनधारियों में पाया जाता है। मनुष्य में यह संक्रमण संक्रमित जानवरों के सीधे संपर्क में आने, उनके काटने, संक्रमित मांस का सेवन करने या संक्रमित मिट्टी या पानी के संपर्क में आने से हो सकता है। किन लोगों को है ज्यादा खतरा? टुलारेमिया एक गंभीर संक्रमण हो सकता है जो हल्के लक्षणों से लेकर जानलेवा स्थिति तक ले जा सकता है। अगर इसका सही इलाज न किया जाए, तो रैबिट फीवर 60% मामलों में मौत की वजह बन सकता है। यह बीमारी आमतौर पर 5 से 9 साल के बच्चों, बुजुर्गों और आदिवासी समुदायों में देखी जाती है। रैबिट फीवर के लक्षण     बुखार: यह सबसे आम लक्षण है। बुखार अचानक और तीव्र रूप से बढ़ सकता है, जो 104°F (40°C) तक पहुंच सकता है।     ठंड लगना: बुखार के साथ अक्सर ठंड लगना भी होता है।     फ्लू जैसे लक्षण: थकान, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, भूख न लगना आदि लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं।     सूजन वाले लिम्फ नोड्स: संक्रमण वाली जगह के पास लिम्फ नोड्स सूज जाते हैं और दर्दनाक हो सकते हैं।     त्वचा के घाव: अगर संक्रमण त्वचा के जरिए होता है, तो घाव लाल, सूजा हुआ और दर्दनाक हो सकता है।     गले में खराश: गले में खराश, सूजन और दर्द भी हो सकता है।     आंखों की समस्याएं: आंखों में जलन, सूजन, और लालपन भी हो सकता है।     सांस लेने में तकलीफ: गंभीर मामलों में, सांस लेने में कठिनाई हो सकती है।     दस्त और उल्टी: कुछ मामलों में, दस्त और उल्टी भी हो सकती है। रैबिट फीवर के कारण रैबिट फीवर का कारण Francisella Tularensis नामक एक बैक्टीरिया है। यह बैक्टीरिया विभिन्न प्रकार के जानवरों, जैसे खरगोश, गिलहरी, चूहे, और टिक्स में पाया जाता है। संक्रमण आमतौर पर संक्रमित जानवर को काटने, संक्रमित जानवर के मांस को खाने, या संक्रमित जानवर के मल या मूत्र के संपर्क में आने से होता है। रैबिट फीवर का इलाज रैबिट फीवर का इलाज एंटीबायोटिक दवाओं से किया जाता है। एंटीबायोटिक दवाओं का चुनाव संक्रमण की गंभीरता और रोगी की स्थिति पर निर्भर करता है। रैबिट फीवर से बचाव     संक्रमित जानवरों से संपर्क से बचें।     जंगली जानवरों को न छुएं या न खिलाएं।     खरगोशों या अन्य छोटे जानवरों को पालते समय सावधानी बरतें।     मृत जानवरों को न छुएं।     जंगल में जाते समय लंबे कपड़े और दस्ताने पहनें।     कीटों से बचाव के लिए कीटनाशक का इस्तेमाल करें।     संक्रमित क्षेत्रों में जाने से बचें। रैबिट फीवर एक गंभीर बीमारी है, लेकिन इसका समय पर इलाज किया जाए तो इससे बचा जा सकता है। अगर आपको रैबिट फीवर के लक्षण दिखाई देते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

मुख्यमंत्री यादव 28वें राज्य स्तरीय युवा महोत्सव के समापन समारोह मे होंगे शामिल

तात्या टोपे स्टेडियम भोपाल में होगा आयोजन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को तात्या टोपे स्टेडियम स्थित बेडमिंटन हॉल में आयोजित 28वें राज्य स्तरीय युवा महोत्सव के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता खेल और युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग करेंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सर्वप्रथम पेंटिंग और विज्ञान मेले के विजेताओं की प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगें। तत्पश्चात विजेता युवा कलाकार समूह लोकगीत और समूह लोकनृत्य की प्रस्तुतियों का अवलोकन करेंगें। चयनित युवाओं से मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे संवाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव विकसित भारत@ 2047 कार्यक्रम के तहत विभिन्न स्तरों पर आयोजित प्रतियोगिताओं में से चयनित 45 युवाओं से संवाद करेंगे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से चयनित 45 युवा भारत मंडपम दिल्ली में 11 एवं 12 जनवरी को विकसित भारत के निर्माण में अपने दृष्टिकोण और विचार सांझा करेंगें। राज्य स्तरीय युवा महोत्सव प्रतियोगिता के परिणाम हुये घोषित राज्य स्तरीय युवा महोत्सव प्रतियोगिता में भाषण में ग्वालियर, कहानी लेखन में रीवा पेंटिंग में जबलपुर, कविता लेखन में मुरैना, विज्ञान मेला में जबलपुर, समूह लोकगीत में सागर, समूह लोकनृत्य में ग्वालियर संभाग बना, विजेता युवा कलाकार मुख्यमंत्री के समक्ष देंगें कला प्रस्तुति। इस वर्ष युवा उत्सव का आयोजन में संभागों के 350 प्रतिभागियों ने कुल 07 विधाओं यथा समूह लोक गीत, समूह लोक गायन, पेंटिंग, भाषण, विज्ञान मेला, कहानी लेखन एवं कविता लेखन में प्रतिभागिता की। युवा उत्सव में जिला स्तर पर दिनांक 18 से 26 दिसम्बर 2024 तक 10500 युवा प्रतिभागी संभागीय एवं जिला स्तरीय 3 से 5 जनवरी 2025 तक 1700 युवाओं ने प्रतिभागिता की थी। राज्य स्तर से चयनित प्रदेश का दल रविवार 12 जनवरी को नई दिल्ली में आयोजित जनवरी 2025 को तात्याटोपे स्टेडियम में आयोजित की गई थी जिसके परिणाम घोषित कर दिये गये है। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि बुधवार को 1 बजे तात्याटोपे स्टेडियम स्थित बैडमिंटन हॉल में आयोजित राज्य स्तरीय युवा महोत्सव के समापन कार्यक्रम में सभी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में 28वें राज्य स्तरीय युवा महोत्सव का समापन होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- बिजली के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को आदर्श राज्य बनायें

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बिजली के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को आदर्श राज्य बनायें। ऐसी कार्य-योजना बनायें कि उपभोक्ताओं पर बोझ बढ़ाये बगैर बिजली सब्सिडी का भार कम किया जा सके। उन्होंने यह निर्देश मंत्रालय में ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान दिये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तीनों विद्युत वितरण कम्पनियों के क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने के कार्य को गति दें। इससे होने वाले लाभों के बारे में उपभोक्ताओं को जागरूक करें। उन्होंने कहा कि जले एवं खराब वितरण ट्रांसफार्मरों को समय-सीमा में बदला जाये। जल्द स्वीकृत होगी संगठनात्मक संरचना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कमी को पूरा करने के लिये सभी बिजली कम्पनियों की संगठनात्मक संरचना (ओ.एस.) का प्रस्ताव प्रस्तुत करें। जल्द ही इसे स्वीकृत किया जायेगा। 30 लाख किसानों को सौर ऊर्जा से जोड़ा जायेगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 30 लाख किसानों को सौर ऊर्जा से जोड़ने के लक्ष्य को पूरा करने के लिये सुनियोजित कार्य-योजना बनायें। इसकी समय-सीमा तय होना चाहिये। इससे बिजली सब्सिडी में भी कमी आयेगी। उन्होंने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिये दिन में बिजली उपलब्ध करायें। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने संगठनात्मक संरचना स्वीकृत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने ट्रांसफार्मर एवं बिजली लाइनों के मेंटीनेंस की कार्य-योजना बनाने और अवैध बस्तियों में रहने वाले लोगों को बिजली कनेक्शन देने की बात कही। 12 लाख 57 हजार स्मार्ट मीटर लगाये गये बैठक में बताया गया कि आरडीएसएस योजना में 12 लाख 57 हजार से अधिक स्मार्ट मीटर लगाये जा चुके हैं। पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा 6 लाख 70 हजार 644, मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा 77 हजार 100 और पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा 5 लाख 9 हजार 338 स्मार्ट मीटर लगाये जा चुके हैं। बैठक में अटल गृह ज्योति, अटल किसान ज्योति योजना सहित अन्य योजनाओं की विस्तृत समीक्षा कर जरूरी निर्देश दिये गये। अपर मुख्य सचिव ऊर्जा श्री नीरज मण्डलोई ने विभागीय योजनाओं की अद्यतन स्थिति से अवगत कराया। इस दौरान मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव वित्त श्री मनीष रस्तोगी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

कमलनाथ को एमपी कांग्रेस में नहीं मिल रहा ‘भाव’? पूर्व सीएम ने खबरों पर तोड़ी चुप्पी

kamal nath not getting respect in mp congress former cm broke silence on news भोपाल: मध्य प्रदेश में कांग्रेस की अंदरूनी कलह की खबरों के बीच, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बुधवार को पार्टी में किसी भी मतभेद से इनकार किया। कमलनाथ ने कहा कि सभी नेता एकजुट होकर पार्टी को मजबूत करने और मोहन यादव सरकार को चुनौती देने के लिए काम कर रहे हैं। यह बयान उन खबरों के बीच आया है जिनमें कहा गया था कि कमलनाथ और दिग्विजय सिंह सहित कुछ अन्य वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी में उपेक्षित होने पर नाराजगी जताई थी। महू में होने वाला है कांग्रेस का बड़ा कार्यक्रम यह नाराजगी बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की जन्मस्थली महू में आयोजित होने वाले कांग्रेस के एक बड़े कार्यक्रम की तैयारी को लेकर हुई वर्चुअल मीटिंग के दौरान सामने आई थी। इस कार्यक्रम में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के शामिल होने की उम्मीद है। सूत्रों के मुताबिक, कमलनाथ ने कहा था कि प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी उनसे किसी भी कार्यक्रम के बारे में सलाह नहीं ले रहे हैं। दिग्विजय सिंह समेत कुछ अन्य नेताओं ने भी कमलनाथ की बात का समर्थन किया था। सभी लोग हैं एकजुट कमलनाथ ने इन खबरों का खंडन करते हुए कहा कि सभी कांग्रेसी पार्टी को मजबूत करने और प्रदेश की व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए एकजुट हैं। विवाद का कोई सवाल ही नहीं है। पार्टी की राज्य राजनीतिक मामलों की समिति की हालिया बैठक को लेकर मीडिया में नाराजगी की अटकलें निराधार हैं। कमलनाथ का यह स्पष्टीकरण प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के बयान के एक दिन बाद आया है। पटवारी ने भी इन खबरों का खंडन करते हुए कहा था कि सभी फैसले पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ विचार-विमर्श करके लिए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि वह खुद कमलनाथ से मुलाकात करेंगे। मीडिया पैनलिस्टों की सूची हो गई थी वापस हाल ही में, MPCC ने पार्टी के मीडिया पैनलिस्टों और प्रवक्ताओं की एक सूची जारी की थी। लेकिन, मीडिया को जारी करने के कुछ ही घंटों बाद यह सूची वापस ले ली गई। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी के बाद सूची वापस ली गई। नवंबर 2023 में मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों में करारी हार के बाद, कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व ने कमलनाथ की जगह जीतू पटवारी को प्रदेश अध्यक्ष बनाया था। इस बदलाव के बाद से ही पार्टी में अंदरूनी कलह की खबरें आती रही हैं।

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