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ड्राइविंग लाइसेंस होगा रद्द, ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों की अब खैर नहीं

भोपाल मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में गाड़ी चलाने वालों को यातायात नियमों में चूक भारी पड़ सकती है। परिवहन विभाग ट्रैफिक नियमों को लेकर भोपाल में इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम को पहले से अब और मजबूत बना रहा है। इसमें यातायात नियमों को तोड़ने वालों पर अब ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) निरस्त करने की भी कार्रवाई की जाएगी। निरस्त कर दिया जाएगा डीएल इसकी निगरानी राजधानी के 32 प्रमुख चौक-चौराहों में लगे अत्याधुनिक कैमरों से होगी। इन कैमरों से अभी नियम तोड़ने वालों पर नोटिस व जुर्माना लगता था। अब चार नोटिस के बाद पांचवीं बार चालक का सीधे डीएल निरस्त कर दिया जाएगा। इसके लिए स्मार्ट सिटी कंपनी भोपाल एवं टेक्नोसेस कंपनी के सॉफ्टवेयर को जल्द ही परिवहन विभाग से सर्वर से जोड़ा जाएगा। भोपाल के रजिस्टर्ड वाहनों से शुरुआत इंटीग्रेटेड सिस्टम से शुरुआत में भोपाल रजिस्टर्ड वाहनों पर इसे लागू किया जाएगा। नियम तोड़ने वाले वाहनों की सूचना परिवहन विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध होगी। चालक की पहचान करने के बाद लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। फिलहाल इंदौर में भी इसी सिस्टम पर काम हो रहा है, जिसे अन्य बड़े शहरों में भी लागू किया जा सकता है।

रेलवे ने वित्त वर्ष 2025-26 में पैसेंजर रेवेन्यू के 16% की ग्रोथ के साथ 92,800 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान जताया

नई दिल्ली  रेलवे ने वित्त वर्ष 2025-26 में पैसेंजर रेवेन्यू के 16% की ग्रोथ के साथ 92,800 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान जताया है। रेलवे को उम्मीद है कि वंदे भारत समेत एसी3 क्लास और प्रीमियम ट्रेनों की बढ़ती मांग से यात्रियों से होने वाली इनकम में उछाल आएगी। इसके उलट माल ढुलाई से होने वाली आय 4.4% की मामूली बढ़ोतरी की उम्मीद है। बजट दस्तावेजों के मुताबिक रेलवे के कुल रेवेन्यू में पैसेंजर इनकम का हिस्सा 2022-23 में 26.4% था जो चालू वित्त वर्ष के संशोधित अनुमान (RE) में बढ़कर 28.6% हो गया है और वित्त वर्ष 2026 में इसके 30.6% तक बढ़ने का अनुमान है। हालांकि माल ढुलाई से होने वाली इनकम रेलवे की कमाई का मुख्य जरिया बनी हुई है। डेटा से पता चलता है कि मार्च तक एसी3 टिकटों से होने वाली इनकम 30,089 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है, जो पिछले वित्त वर्ष से लगभग 20% अधिक है। रेलवे ने अनुमान लगाया है कि वित्त वर्ष 2026 में इस सेगमेंट से रेवेन्यू में 23% की बढ़ोतरी होगी और 37,115 करोड़ रुपये की इनकम होगी। दस्तावेजों के मुताबिक दो वर्षों में एक्जीक्यूटिव क्लास और एसी चेयर कार क्लास से होने वाली इनकम में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है और आगे भी इसमें तेजी आने का अनुमान है। सभी क्लास से फायदा मार्च तक एक्जीक्यूटिव क्लास में सफर करने वाले यात्रियों से राजस्व 698 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 42% अधिक है। वित्त वर्ष 2026 में इसके बढ़कर 987 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। इसी तरह एसी चेयर कार से रेवेन्यू मार्च तक 4,280 करोड़ रुपये होने का अनुमान है, जो 2024-25 के बजट अनुमान (BE) को पार कर जाएगा और पिछले वर्ष की तुलना में इसमें 28.6% की वृद्धि होगी। वित्त वर्ष 2026 के अनुमान के अनुसार इनकम करीब 5,626 करोड़ रुपये होगी, जो 31% की वृद्धि है। रेल अधिकारियों ने कहा कि पैसेंजर रेवेन्यू में बढ़ोतरी सभी क्लास से होगी क्योंकि रेलवे गरीब और निम्न मध्यम वर्ग की यात्रा की मांग को पूरा करने के लिए सामान्य कोच वाली अधिक ट्रेन चलाएगा। आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2025 के लिए इंटर-सिटी ट्रेनों में जनरल कोच से अनुमानित राजस्व 1,517 करोड़ रुपये है, जो पिछले वित्त वर्ष से लगभग दोगुना है। किराया बढ़ेगा? रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने किराये में बढ़ोतरी की किसी भी संभावना को खारिज किया है। उनका कहना है कि पैसेंजर रेवेन्यू में ग्रोथ यात्रियों की संख्या में वृद्धि से प्रेरित होगी। यात्रियों की संख्या हर साल बढ़ रही है और इस साल कुल यात्रियों की संख्या बढ़कर 7.5 अरब रहने की उम्मीद है। अगले साल यह संख्या 7.8-7.9 अरब यात्रियों के आसपास होगी। इसलिए रेवेन्यू ग्रोथ पूरी तरह से यात्रियों की संख्या पर निर्भर करेगी।  

अगर नहीं करवाई ई-केवाईसी तो ग्राहकों को सब्सिडी नहीं मिलेगी , कनेक्शन भी सस्पेंड हो सकता

ग्वालियर घरेलू गैस सिलेंडर पर मिलने वाली सब्सिडी के लिए गैस कंपनियों ने ई-केवाईसी जरूरी कर दी है, लेकिन उपभोक्ता इसमें रुचि नहीं ले रहे हैं। ग्वालियर में तीन गैस कंपनियों की 40 एजेंसियों पर करीब 5 लाख 44 हजार ग्राहक हैं, लेकिन अभी तक इनमें से 45 फीसदी ने ही ई-केवाईसी कराई है। ई-केवाईसी नहीं करवाने वाले ग्राहकों को सब्सिडी नहीं मिलेगी और उनका कनेक्शन भी सस्पेंड हो सकता है। उपभोक्ता नहीं ले रहे रूचि ई-केवाईसी की प्रक्रिया करीब 8 महीने से चल रही है। गैस एजेंसियां उपभोक्ताओं से ई-केवाईसी कराने की गुजारिश कर रही हैं। साथ ही मोबाइल पर ई-केवाईसी कराने के मैसेज भी भेजे जा रहे हैं। इसके बावजूद उपभोक्ता इसमें रुचि नहीं ले रहे हैं। केवाईसी कराने के लिए उपभोक्ताओं ने जिस गैस कंपनी का सिलेंडर ले रखा है, उन्हें उसकी एजेंसी पर आधार, गैस की डायरी और मोबाइल लेकर जाना होगा। वहां बायोमैट्रिक के जरिए ई-केवाईसी हो जाएगी। ई-केवाईसी के लिए ये है जरूरी इसमें ग्राहकों के फिंगर प्रिंट स्कैनर और फेस आइडी से ई-केवाईसी किया जा रहा है। ई-केवाईसी के लिए आधार कार्ड और गैस का उपभोक्ता नंबर चाहिए। जिन उपभोक्ताओं के नाम से कनेक्शन है, उनका होना आवश्यक है। इसके अलावा जो लोग एजेंसी नहीं जाना चाहते वे ऑनलाइन भी ई-केवाईसी करवा सकते हैं। इसके लिए उन्हें मोबाइल एप डाउनलोड करना होंगे। असल मकसद उपभोक्ताओं की पहचान करना गैस कंपनियों की ओर से ई-केवाईसी कराने का मुय मकसद यह है कि सही उपभोक्ताओं की पहचान हो सके। कई ऐसे उपभोक्ता हैं, जो अपने पते को छोड़ कर दूसरी जगहों पर चले गए हैं, लेकिन उनका कनेक्शन कोई अन्य व्यक्ति इस्तेमाल कर रहा है। ई-केवाईसी हर ग्राहक को कराना जरूरी एलपीजी के हर ग्राहक को ई-केवाईसी करना जरूरी है। इंडेन गैस कंपनी के शहर में 3 लाख 72 हजार ग्राहक हैं, इनमें से 36 फीसदी ग्राहकों ने ही अभी तक ई-केवाईसी कराया है।-श्यामानंद शुक्ला, कॉर्डिनेटर ग्वालियर-चंबल एलपीजी फेडरेशन

8वां वेतन आयोग- वेतन विसंगति दूर होगी, स्थाई, संविदा, दैनिक वेतन भोगी, आउटसोर्स कर्मचारियों को उम्मीद

भोपाल  केंद्र सरकार आठवें वेतन आयोग के गठन की घोषणा कर चुकी है। उम्मीद है कि इसे 2026 में लागू कर दिया जाएगा। इससे पहले आयोग गठित होगा। वेतन वृद्धि की अनुशंसा करेगा। इसके बाद सरकार निर्णय लेगी। सबसे पहले केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों पर लागू करेगी। इसके बाद राज्य सरकार विचार करेगी। हालांकि हलचल प्रदेश में भी शुरू हो गई है। वह यह कि आठवें आयोग की सिफारिश लागू होने से पहले कर्मचारी वेतन विसंगति दूर करवाने की कोशिश में है। यहां आठ वर्ष पहले लागू सातवें वेतनमान की विसंगति बरकरार हैं। अदालत तक पहुंचे मामले प्रदेश में कुछ कर्मचारी ऐसे भी हैं, जो पांचवें और छठे वेतनमान पर ही अटके हैं। सातवां वेतनमान पाने को संघर्ष कर रहे हैं। ज्यादातर कर्मचारी निगम-मंडल, प्राधिकारण आदि के हैं। इनमें आवास संघ, उपभोक्ता संघ, हस्तशिल्प विकास निगम, औद्योगिक केंद्र विकास निगम, खादी ग्रामोद्योग बोर्ड इत्यादि शामिल हैं। तिलहन संघ, परिवहन निगम के कर्मचारियों को तो पांचवां वेतनमान ही मिल रहा। हालांकि इन दोनों निगमों को सरकार बंद कर चुकी है, लेकिन यहां कुछ कर्मचारी पदस्थ हैं। कुछ मामले अदालत तक भी पहुंचे हैं। छठा वेतनमान केंद्र ने एक जनवरी 2006 से लाभ दिया। एमपी में 2008 से लागू हुआ। हालांकि लाभ 2006 से ही दिया गया। सातवां वेतनमान केंद्र ने अपने कर्मचारियों को लाभ एक जनवरी 2016 से दिया। एमपी में जुलाई 2017 से लागू हुआ। कर्मचारियों को 18 माह के एरियर का भुगतान किया गया। 8वां वेतनमान लागू हुआ तो एक लाख करोड़ तक पहुंचेगा खर्च एमपी में वर्तमान में रुपए 88581 करोड़ के लगभग वेतन-भत्तों पर खर्च होते हैं। यह राज्य के बजट का 16.65 प्रतिशत है। 8वां वेतनमान लागू होने पर खर्च एक लाख करोड़ तक पहुंच सकता है। 8वें वेतनमान को लेकर राज्य कर्मचारियों को उम्मीद मध्यप्रदेश में 8वां वेतनमान चुनावी साल 2028 में लागू होगा। वहीं 31 दिसंबर 2025 सातवें वेतन आयोग की अवधि है। इसी से राज्य के कर्मियों को उम्मीद जगी है। सबकी अपनी-अपनी मांगें पहले सातवें वेतनमान की विसंगति दूर की जाए। संविदा कर्मियों को सातवें वेतनमान का लाभ तो दिया गया, लेकिन भारी विसंगति है। वरिष्ठता में भेदभाव किया गया। वर्षो पूर्व सेवा में आए और मौजूदा कर्मचारियों को एक समान वेतनमान मिल रहा है। समयमान वेतनमान, पदोन्नति, क्रमोन्नति का लाभ भी नहीं मिल रहा। -रमेश राठौर, अध्यक्ष, संविदा कर्मचारी महासंघ राज्य के कर्मचारियों का बुरा हाल है। सातवें वेतनमान की विसंगतियां सात साल भी दूर नहीं हो पाई हैं। यह भारी विडंबना है। आठवां वेतनमान लागू होने के पहले वेतन विसंगतियां दूर की जाएं। इसके अलावा कर्मियों की अन्य लंबित मांगों पर भी सरकार विचार कर जल्द से जल्द दूर करे। -जितेंद्र सिंह, अध्यक्ष, एमपी अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा बात ऐसी है कि कर्मचारियों को अभी सातवां वेतनमान मिल रहा है। अब आठवें की तैयारी की जाएगी, लेकिन कुछ निगम मंडल ऐसे हैं जहां के कर्मचारी आज भी छठा वेतनमान पा रहे हैं। सरकार को इन कर्मचारियों पर भी ध्यान देना चाहिए। कर्मचारियों को सातवां वेतनमान का लाभ मिले और वेतन विसंगति भी दूर हो। -अनिल बाजपेयी, अध्यक्ष, अर्धशासकीय कर्मचारी फेडरेशन 35 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले राज्य के विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को चतुर्थ समयमान वेतनमान का लाभ दिया जा चुका है, लेकिन विधानसभा सचिवालय के कर्मचारी इससे वंचित हैं। इसके अलावा सातवें वेतनमान की विसंगति भी दूर नहीं हुई है। -रामनारायण आचार्य, संरक्षक मप्र विधानसभा कर्मचारी संघ ये भी चाहते हैं कर्मचारी -पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए। -पदोन्नति शुरू की जाएं। -प्रदेश के अधिकारी, कर्मचारियों एवं पेंशनर्स को केंद्र के समान महंगाई भत्ता देते हुए एरियर दिया जाए। -लिपिक संवर्ग को मंत्रालय कर्मियों की तरह समयमान वेतनमान दिया जाए। -सभी विभागों के कर्मियों को समयमान वेतनमान का लाभ, पदोन्नत वेतनमान के अनुसार दिया जाए। -पंचायत सचिवों, स्थाई कर्मियों को सातवें वेतनमान का लाभ मिले। -पटवारियों का ग्रेड पे 2800 रुपए किया जाए। -स्वास्थ्य कर्मचारियों की लंबित मांगों का शीघ्र निराकरण किया जाए। अतिथि शिक्षकों एवं अतिथि विद्वानों को नियमित किया जाए। -दैनिक वेतनभोगी, संविदा कर्मचारी, स्थाई कर्मियों को विभाग में खाली पदों पर नियमितीकरण किया जाए। शेष पर सीधी भर्ती की जाए। -विभागाध्यक्ष को नियमितीकरण के अधिकार दिए जाएं। -प्रदेश में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी पदों पर आउटसोर्स से की जाने वाली भर्ती पर रोक लगाई जाए। -इसके अलावा कार्यभारित कर्मियों को अवकाश नकदीकरण का लाभ भी प्रदान किया जाना चाहिए। अनुकंपा प्रकरणों का करें निराकरण 1.प्रदेश के कर्मचारियों सहित पेंशनर्स, निगम-मंडलों इत्यादि में कार्यरत अधिकारी, कर्मचारियों को स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ कैबिनेट के अप्रेल 2020 के निर्णय के तहत दिया जाए। 2. वाहन चालकों की नियमित भर्ती हो। पदनाम परिवर्तित कर टैक्सी प्रथा पर पूर्णत: प्रतिबंधित लगाया जाना चाहिए। 3. निर्माण विभागों में तृतीय समयमान वेतनमान प्राप्त करने के लिए विभागीय परीक्षा की बाध्यता समाप्त कर अन्य विभागों की भांति तृतीय समयमान वेतनमान का लाभ दिया जाए। 4. आंगनबाड़ी सहायिकाओं, कार्यकर्ताओं को उच्चतम न्यायालय के निर्णय के अनुसार नियमित वेतनमान का लाभ दिया जाए। 5. प्रदेश के सभी विभागों में अनुक्पा नियुक्ति के प्रकरणों का तत्काल निराकरण किया जाए।

MP में ग्रामीण क्षेत्रों में आगामी तीन वर्षों प्रति वर्ष चार लाख घर बनाए जाएंगे, शुरुआत 2025-26 से हो जाएगी

भोपाल मध्य प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में आगामी तीन वर्षों में 12 लाख आवास बनाए जाएंगे। केंद्र सरकार इसकी सैद्धांतिक सहमति दे चुकी है। प्रति वर्ष चार लाख आवास बनेंगे। इसकी शुरुआत वित्तीय वर्ष 2025-26 से हो जाएगी। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लिए 54 हजार 832 करोड़ रुपये का प्रविधान रखा है। इससे निर्माण कार्य में गति आएगी। वहीं, जल जीवन मिशन को वर्ष 2028 तक संचालित किए जाने की घोषणा ने भी मध्य प्रदेश को राहत दी है। 20 हजार करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद मिशन के अंतर्गत मध्य प्रदेश में 77,952 करोड़ रुपये की 22 हजार 408 परियोजनाओं की प्रशासकीय स्वीकृति जारी हैं। मिशन के संचालन से प्रदेश को 20 हजार करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। मध्य प्रदेश प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के क्रियान्वयन में देश में अव्वल है। लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य गरीब कल्याण मिशन में आवास को उच्च प्राथमिकता में रखा गया है। केंद्र सरकार के बजट से उम्मीद है कि राज्य को लक्ष्य के अनुरूप राशि प्राप्त होगी। इसके साथ ही नारी सशक्तीकरण के लिए लखपति दीदी बनाने का जो लक्ष्य रखा है, उसकी पूर्ति के लिए भी आर्थिक सहायता मिलेगी। राज्य बजट से अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराई गई जल जीवन मिशन में वर्ष 2023-24 में 10,773 करोड़ रुपये व्यय किए गए थे। 2024-25 में 17 हजार करोड़ रुपये का व्यय अनुमानित है। अभी 2,622 करोड़ रुपये की किस्त मिली है। 1,422 करोड़ रुपये की दूसरी किस्त मांगी गई है। राज्य बजट से लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराई गई है। लक्ष्य प्राप्ति में सहायता मिलेगी मिशन की अवधि बढ़ाने से मिशन के अपेक्षित लक्ष्य की प्राप्ति में सहायता मिलेगी। उधर, स्कूली बच्चों में साइंस, टेक्नोलाजी, इंजीनियरिंग और गणित के प्रति रुचि जगाने के लिए अटल टिंकरिंग प्रयोगशाला और माध्यमिक स्कूलों में ब्राडबैंड सुविधा के प्रविधान का लाभ भी मध्य प्रदेश को होगा। युवा, नारी और किसानों पर केंद्रीत बजट उप मुख्यमंत्री वित्त जगदीश देवड़ा ने कहा कि बजट गरीब कल्याण, युवा कल्याण, नारी शक्ति और किसानों की समृद्धि पर केंद्रित है। विशेष पूंजीगत सहायता योजना का विशेष लाभ होगा, क्योंकि पूंजीगत व्यय के मामले में मध्य प्रदेश का अच्छा प्रदर्शन रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में आवास, किसान क्रेडिट कार्ड में ऋण की सीमा बढ़ाने, सूक्ष्म और लघु उद्योगों के लिए ऋण गारंटी कवर दस करोड़ रुपये करने से प्रदेश में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों का विस्तार होगा।

प्रदेश अध्यक्ष के लिए कई नाम चर्चा में , रेस में अब सबसे आगे बैतूल से विधायक हेमंत खंडेलवाल का नाम

भोपाल  मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के सभी 62 जिला अध्यक्षों का चुनाव हो गया है। अब सिर्फ प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव ही बाकी है। पार्टी ने पहले ही केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को प्रदेश अध्यक्ष के चयन के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किया है और उम्मीद जताई जा रही है कि वे जल्द ही मध्य प्रदेश का दौरा करेंगे। प्रदेश अध्यक्ष के लिए कई नाम चर्चा में हैं, लेकिन रेस में अब सबसे आगे बैतूल से विधायक और पूर्व सांसद हेमंत खंडेलवाल का नाम तेजी से आगे आया है। खंडेलवाल को संघ, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और पार्टी के अन्य नेताओं का समर्थन मिल रहा है। हेमंत खंडेलवाल के पिता स्व. विजय खंडेलवाल भी भाजपा के नेता थे, जिससे उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि मजबूत और पार्टी से बहुत गहरा जुड़ाव है। पार्टी सूत्रों के अनुसार हेमंत खंडेलवाल के संघ से जुडे होने और विवादों से दूर रहने के चलते पार्टी अब धीरे धीरे उनके नाम पर सहमति बना रही है। वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा का कार्यकाल पांच साल का हो चुका है और उन्हें फिर से मौका मिलने की संभावना कम है। बताया जा रहा है कि अध्यक्ष पद के लिए हेमंत खंडेलवाल पहली पसंद बन गए हैं। हालांकि, यह भी कहा जा रहा है कि भाजपा अध्यक्ष के चुनाव के लिए भी जातिगत समीकरणों को साधना चाहेगी। ऐसे में संभावना है कि नया अध्यक्ष सामान्य, आदिवासी या महिला वर्ग से हो सकता है, क्योंकि भाजपा ने विधानसभा चुनाव के बाद डिप्टी सीएम और मंत्रियों के लिए भी जातिगत समीकरणों का पूरा ध्यान रखा था। अभी अध्यक्ष पद की रेस में कई सीनियर नेता भी दावेदार हैं। ऐसे में देखना होगा कि भाजपा सीनियर नेता को कमान सौंपती है या फिर किसी नए चहेरे पर दांव लगाती है।   नरोत्तम मिश्रा- पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा की दावेदारी काफी मजबूत मानी जा रही है। वह सवर्ण वर्ग से आते हैं और राज्य की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं। उनकी केंद्रीय नेतृत्व से भी अच्छी ट्यूनिंग मानी जाती है। फग्गन सिंह कुलस्ते- पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता फग्गन सिंह कुलस्ते आदिवासी वर्ग से आते हैं और मध्य प्रदेश में आदिवासी वर्ग की अहमियत को देखते हुए उनकी दावेदारी काफी मजबूत हो सकती है। वीडी शर्मा– वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा का नाम भी रेस में हैं, क्योंकि उनके कार्यकाल में बीजेपी ने विधानसभा और लोकसभा चुनाव में अच्छा प्रदर्शन किया था। पार्टी एक बार फिर उनके नाम पर विचार कर सकती है। अरविंद भदौरिया- पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया संगठन के एक कुशल रणनीतिकार माने जाते हैं। हालांकि, वह 2023 के विधानसभा चुनाव में हार गए थे, लेकिन पार्टी उन्हें एक बार फिर सक्रिय करना चाहती है।    

केंद्रीय योजनाओं में सहायता अनुदान मध्य प्रदेश को 45 हजार करोड़ मिलेगा

भोपाल  केंद्र और राज्य में डबल इंजन की सरकार का असर अब स्पष्ट रूप से सामने आने लगा है। वर्ष 2025-26 में केंद्रीय करों के हिस्से में 1,11,661 करोड़ रुपये मिलेंगे यानी वर्तमान वित्तीय वर्ष की तुलना में 15,908 करोड़ रुपये राज्य को अधिक मिलेंगे। इतना ही नहीं विभिन्न केंद्रीय योजनाओं में सहायता अनुदान 45 हजार करोड़ रुपये के आसपास मिलेगा। दोनों राशि को मिला दिया जाए तो प्रदेश को आगामी वित्तीय वर्ष में डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक मिलेंगे। 5,247 करोड़ रुपये अतिरिक्त मिलेंगे वहीं, 2024-25 के पुनरीक्षित अनुमान के अनुसार केंद्रीय करों के हिस्से में अब 5,247 करोड़ रुपये अतिरिक्त प्राप्त होंगे। उल्लेखनीय है कि नईदुनिया ने ‘डबल इंजन के भरोसे मोहन सरकार, जागी डेढ़ लाख करोड़ मिलने की उम्मीद’ शीर्षक से प्रकाशित खबर में पहले ही बता दिया कि आगामी वर्ष में प्रदेश को डेढ़ लाख करोड़ रुपये मिल सकते हैं। जीएसटी के बाद प्रदेश के बजट का मुख्य आधार केंद्र सरकार से मिलने वाली सहायता होता है। वर्ष 2024-25 के बजट में एक लाख 40 हजार करोड़ रुपये के आसपास केंद्रीय करों में हिस्सा और केंद्रीय सहायता अनुदान मिलने का अनुमान लगाया गया था। 7.82 प्रतिशत के हिसाब से राशि मिलती है अब इससे अधिक राशि राज्य को प्राप्त हो रही है। दरअसल, राज्यों को केंद्र सरकार कुल राजस्व का 41 प्रतिशत केंद्रीय करों में हिस्से के रूप में देती है। इसमें मध्य प्रदेश को 7.82 प्रतिशत के हिसाब से राशि मिलती है। वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए यह 95 हजार 753 करोड़ रुपये अनुमानित थी। केंद्रीय करों से प्राप्त राशि के अनुपात में अब राज्य को 5,247 करोड़ रुपये अधिक प्राप्त होंगे। इसका उपयोग सरकार विकास परियोजनाओं को गति देने में करेगी। यह राशि अगले वित्तीय वर्ष में 15,908 रुपये बढ़कर मिलेगी। केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए सहायता अनुदान 45 हजार करोड़ रुपये से अधिक मिलेगा। यह लगभग 600 करोड़ रुपये अधिक रहेगा। निश्चित ही इसका असर योजनाओं के क्रियान्वयन पर पड़ेगा। 12 हजार करोड़ रुपये मिलेगी विशेष पूंजीगत सहायता बजट में सरकार ने अधोसंरचना विकास को गति देने के लिए विशेष पूंजीगत सहायता योजना को निरंतर रखने का निर्णय लिया है। प्रदेश में पूंजीगत व्यय लगातार बढ़ाया जा रहा है। वर्ष 2024-25 में 15 हजार करोड़ रुपये प्राप्त करने के लक्ष्य रखा गया था। 6,187 करोड़ रुपये मिल चुके हैं और सात हजार करोड़ रुपये के प्रस्ताव भेजे गए हैं। सरकार को उम्मीद है कि आगामी वित्तीय वर्ष में भी 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक इस योजना में प्रदेश को मिल जाएंगे। उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार ने वर्तमान वित्तीय वर्ष में 64,738 करोड़ रुपये पूंजीगत निवेश का लक्ष्य रहा है। जीएसडीपी का तीन प्रतिशत तक ऋण ले सकती है सरकार राज्य सरकार ने बजट पूर्व बैठक में केंद्रीय वित्त मंत्री के समक्ष सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के अनुपात में चार प्रतिशत तक ऋण लेने की अनुमति देने की मांग रखी थी, लेकिन इसे नहीं माना गया। प्रदेश जीएसडीपी के अनुपात में तीन प्रतिशत तक ही भारतीय रिर्जव बैंक के माध्यम से बाजार से ऋण ले सकता है। आधा प्रतिशत ऋण ऊर्जा के क्षेत्र में सुधार के लिए निर्धारित कदम उठाने के लिए लिया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि मार्च के प्रथम सप्ताह में जब 16वां वित्त आयोग आएगा तो एक बार फिर इस मुद्दे को बेहतर वित्तीय प्रबंधन का हवाला देकर उठाया जाएगा। अब बजट को अंतिम रूप देने को जुटेगी राज्य सरकार सूत्रों का कहना है कि आम बजट से प्रदेश को आगामी वित्तीय वर्ष में मिलने वाली राशि को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है। इसके आधार पर अब प्रदेश सरकार अपने बजट को अंतिम रूप देने में जुटेगी। यह इस बार चार लाख करोड़ रुपये तक हो सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 15 फरवरी के पहले बजट को लेकर मंत्रियों और अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।

देश के पहले सफेद टाइगरों का ब्रीडिंग सेंटर को CZA की मंजूरी, रीवा में खुलेगा बाघ प्रजनन केंद्र

रीवा केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडए) ने मध्य प्रदेश के रीवा जिले में सफेद बाघ प्रजनन केंद्र स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। गोविंदगढ़ में सफेद बाघ प्रजनन केंद्र के प्रस्ताव को सीजेडए ने मुकुंदपुर, सतना में महाराजा मार्तंड सिंह जूदेव सफेद बाघ सफारी और चिड़ियाघर के लिए संशोधित मास्टर (लेआउट) योजना के हिस्से के रूप में मंजूरी दे दी है। यह मंजूरी 9 और 17 दिसंबर, 2024 को अपनी 114वीं बैठक के दौरान विशेषज्ञ समूह द्वारा की गई सिफारिशों और 19 दिसंबर, 2024 को अपनी 112वीं बैठक में तकनीकी समिति द्वारा की गई सिफारिशों के बाद दी गई है। डेप्युटी सीएम राजेंद्र शुक्ल का कहना एमपी के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने केंद्र सरकार के समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया और इस बात पर प्रकाश डाला कि सफेद बाघ प्रजनन केंद्र की स्थापना से सफेद बाघों की आबादी बढ़ाने और क्षेत्र में वन्यजीव पर्यटन को बढ़ाने में मदद मिलेगी। शुक्ला ने कहा कि सीएम मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार जैव विविधता संरक्षण, वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन विकास के लिए समर्पित है। मील का पत्थर साबित होगा निर्णय उन्होंने गोविंदगढ़ में व्हाइट टाइगर ब्रीडिंग सेंटर की मंजूरी को इन प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया, जो वन्यजीव संरक्षण में अग्रणी होने के राज्य के दृष्टिकोण को पुष्ट करता है। मध्य प्रदेश ने अपने अनुकरणीय वन्यजीव संरक्षण कार्यों के लिए ‘टाइगर स्टेट’, ‘लेपर्ड स्टेट’ और ‘चीता स्टेट’ का खिताब अर्जित किया है। वन्यजीव कार्यकर्ता ने जताई चिंता हालांकि, वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण को एक पत्र भेजकर व्हाइट टाइगर ब्रीडिंग सेंटर को लेकर चिंता जताई है। दुबे का मानना है कि यह वन्यजीव संरक्षण सिद्धांतों के विपरीत है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुविधा सफेद बाघों की सुरक्षा और उनकी संख्या में वृद्धि सुनिश्चित करेगी. उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश बाघों की संख्या के मामले में देश में सबसे आगे है और यह पहल राज्य की प्रतिष्ठा को और मजबूत करेगी.  बता दें कि 3 अप्रैल 2016 को रीवा के मुकुंदपुर में व्हाइट टाइगर सफारी एंड जू की स्थापना की गई थी. महाराजा मार्तंड सिंह जूदेव के नाम से व्हाइट टाइगर सफारी मुकुंदपुर में बनी है. दो सफेद बाघिनों विंध्या और राधा की मौत के बाद फिलहाल इस सफारी में 5 और व्हाइट टाइगर हैं. 

डीजे बजाया कैसे तूने… शोर सुनकर थानेदार पर चढ़ी वर्दी की गर्मी! रीवा DIG ने रोका एक साल का अप्रेजल

How did you play DJ? Hearing the noise, the heat of the uniform reached the police officer! सीधी ! यहां पर डीजे कैसे बजाया तूने, अभी सब सो रहे हैं तुम्हें नहीं पता है क्या… अपने बंगले से तमतमाए निकले टीआई साहब वर्दी की गर्मी से उबल रहे थे। डीजे बजाने वालों की मां-बहन एक करने पर उतारू थे। एक बुजुर्ग हाथ जोड़कर उनसे माफी मांग रहे थे लेकिन टीआई पर कोई असर नहीं हो रहा था। वह सिंघम वाले अंदाज में डीजे बजाने वाले कर्मियों की पिटाई करने में लगे थे। एक-एक को पकड़कर गाड़ी के अंदर डाल रहे थे। अब वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो टीआई का कहना है कि इसे काट छांट कर पेश किया गया है। वहीं, रीवा डीआईजी ने अब इस पर एक्शन लिया है। वायरल वीडियो पर सफाई वहीं, वीडियो वायरल होने के बाद टीआई की सफाई आई है। उन्होंने कहा कि जो वीडियो वायरल हुआ है, उसे काट छांट कर वायरल किया जा रहा है। टीआई पुष्पेंद्र मिश्रा ने कहा कि टीआई साहब की माने तो डीजे बजाने के वक्त मौजूद काफी लोग नशे में थे। पहले तो उन्हें तेज आवाज में डीजे बजाने से रोका गया और जब नहीं माने तो गुस्सा आ गया। पुष्पेंद्र मिश्रा चुरहट थाने में टीआई हैं। क्या है मामला बताया जा रहा है कि सीधी जिले के चुरहट में 31 जनवरी को गणपति पटेल नाम के शख्स पीएचई विभाग से रिटायर हुए, गणपति जब रिटायर्ड हुए तो पीएचई विभाग के उनके परिवार और साथियों ने उनकी विदाई के लिए पार्टी रखी, इसमें डीजे भी आया। दावा किया जा रहा है कि विदाई का काफिला जब सरकारी, पुलिस कॉलोनी के पास से गुजरा तो जनचर्चा के मुताबिक टीआई साहब अपने बंगले में आराम कर रहे थे। डीजे के शोर की वजह से चुरहट के टीआई साहब और भी ज्यादा भड़क गए। फोन पर बुलाया पुलिस बल उन्होंने फोन पर अपने दल-बल को बुलाया और अभद्र गालियां देते हुए कुछ लोगों के बाल पकड़कर गाड़ी में ठूंसकर थाने ले गए। तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर हुई है। पुलिस के व्यवहार को लेकर हो रही किरकिरी हालांकि प्रशासनिक तौर डीजे संचालकों के लिए मापदंड तय हैं। प्रावधान से अधिक आवाज में बजाने पर कार्रवाई के नियम हैं। लेकिन कार्रवाई के नाम पर गाली गलौज के नियम हैं। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि पुलिस अधिकारी वर्दी की धौंस दिखा रहे हैं। इससे पुलिस की फजीहत हो रही है। कांग्रेस ने शेयर किया वीडियो वहीं, इस घटना का वीडियो कांग्रेस ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर किया है। साथ ही एमपी पुलिस के रवैए पर सवाल उठाया है। छह धाराओं में केस दर्ज इसके साथ ही चुरहट पुलिस ने तीन आरोपियों आर्यन पटेल, प्रकाश पटेल और कार्तिक पटेल के खिलाफ कोलाहल नियंत्रण अधिनियम के सेक्सन 15 के अलावा बीएनएस की धारा 132, 121, 221, 351 (3) 3 (5) के तहत व अपराध दर्ज करते हुए, उन्हें जेल भेज दिया है। बचाव में टीआई ने क्या कहा इस मामले में चुरहट टीआई पुष्पेंद्र मिश्रा ने कहा कि दिन में भी डीजे बजाने के लिए अनुमति होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल साढ़े 4 मिनट का वीडियो पूरा सच नहीं है। उन्होंने कहा कि घटनाक्रम का पूरा वीडियो 50 मिनट का है। टीआई ने कहा कि तेज आवाज में डीजे बजाने की शिकायत पर जब सतेन्द्र द्विवेदी और प्रतीक पांडेय ने हस्तक्षेप किया तो आरोपी ने पुलिसकर्मियों से मारपीट शुरु कर दी, जिससे उन्हें चोटें भी आई हैं। थानेदार पर हो गया एक्शन वीडियो सामने आने के बाद थानेदार पर एक्शन हो गया है। डीआईजी रीवा ने थाना प्रभारी चुरहट को 1 वर्ष की वेतन वृद्धि रोके जाने के दंड से दंडित किया है। साथ ही मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

किस कानून में लिखा है कि सीएम के कार्यक्रम में निगमायुक्त डीजल भरवाए? मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का सवाल

HIGHCOURT ON NO DIESEL PAYMENT जबलपुर ! मध्य प्रदेश में मोहन यादव सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री का सम्मान कार्यक्रम जबलपुर में रखा गया था, जिसमें बसों के डीजल का मामला कोर्ट पहुंच गया है. दरअसल, सीएम के सम्मान कार्यक्रम के लिए अधिग्रहित की गई बसों में भरे गए डीजल का अबतक भुगतान नहीं किया गया है, जिसके बाद एक पेट्रोल पंप संचालक ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है. सीएम के कार्यक्रम के लिए 6 लाख का डीजल दरअसल, जबलपुर के आईएसबीटी बस स्टैंड के पास स्थित पेट्रोल पंप के संचालक सुगम चंद्र जैन ने ये याचिका दायर की है. याचिका में कहा गया था कि 3 जनवरी 2024 को मुख्यमंत्री के सम्मान कार्यक्रम का आयोजन जबलपुर में किया गया था. कार्यक्रम के लिए अधिग्रहित बसों में डीजल भरने के लिए नगर निगम के खाद्य अधिकारी ने व्यक्तिगत रूप से आकर निर्देश दिए थे. उन्होंने कहा था कि निगमायुक्त ने उक्त निर्देश दिए थे. कार्यक्रम के लिए अधिग्रहित बसों में लगभग 6 लाख रु का डीजल उनके पेट्रोल पंप से भरा गया था. बिल भुगतान कराने के लिए की कई बार की मांग अगस्त 2024 में याचिकाकर्ता ने बिल भुगतान के लिए संयुक्त कलेक्टर व जिला आपूर्ति अधिकारी व निगमायुक्त से संपर्क किया. इसके अलावा कलेक्टर कार्यालय से निगमायुक्त को राशि भुगतान के संबंध में आदेश जारी किए गए थे, पर भुगतान नहीं हुआ. एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता से पूछा कि अधिग्रहित बस में डीजल भरने के लिए प्रशासन की ओर से पीओएल जारी किया गया था या नहीं? याचिकाकर्ता ने इसपर जवाब दिया कि सिर्फ मौखिक आदेश जारी किए गए थे. बिना पीओल कैसे भर दिया बसों में डीजल? एकलपीठ ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अपने आदेश में कहा है कि बिना किसी प्राधिकरण के याचिकाकर्ता ने बसों में कैसे डीजल भरा? इसके साथ ही कोर्ट ने संयुक्त कलेक्टर, जिला आपूर्ति अधिकारी व निगमायुक्त से एसोसिएशन व उसके सदस्य को पीओएल की प्रतिपूर्ति करवाने के निर्देश दिए हैं. कोर्ट ने कलेक्टर से मांगा जवाब कोर्ट ने इसके अलावा कलेक्टर से जवाब मांगा है कि किस कानून में यह लिखा है कि निगमायुक्त का दायित्व है कि वह मुख्यमंत्री की रैली में लगी बसों में डीजल भरवाए? एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि प्रथम दृष्टया यह सार्वजनिक धन के बड़े पैमाने पर गोलमाल का मामला प्रतीत हो रहा है. इस संबंध में एकलपीठ ने जिला कलेक्टर को हलफनामे में जवाब पेश करने के आदेश जारी किए हैं. एकलपीठ ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि याचिकाकर्ता अब याचिका वापस लेने का हकदार नहीं होगा. याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता आशीष रावत ने पैरवी की,,,

नेताजी सुभाषचंद्र बोस केंद्रीय जेल, जबलपुर में विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन

Special health camp organized in Netaji Subhash Chandra Bose Central Jail, Jabalpur जितेन्द्र श्रीवास्तव (विशेष संवाददाता)  जबलपुर । नेताजी सुभाषचंद्र बोस केंद्रीय जेल में कैदियों के स्वास्थ्य लाभ हेतु एक विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर के माध्यम से दृष्टि, हड्डी रोग, मानसिक रोग, दंत रोग तथा अन्य आवश्यक चिकित्सीय जांच एवं परीक्षण की सुविधाएँ उपलब्ध कराई गईं।   इस शिविर में विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञों की उपस्थिति रही, जिनमें शामिल थे:   हड्डी रोग विशेषज्ञ : डॉ. सुनील पटेल   नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ: डॉ. रूमिता आचार्य   नेत्र रोग विशेषज्ञ: डॉ. शलभ अग्रवाल   मानसिक रोग विशेषज्ञ: डॉ. विद्या रतन बरकडें   दंत रोग विशेषज्ञ: डॉ. परमजीत छावड़ा   विशेषज्ञों की इस टीम ने कैदियों की स्वास्थ्य जांच की और आवश्यक परामर्श दिया। इस पहल का उद्देश्य जेल में बंद कैदियों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएँ प्रदान करना था ताकि वे शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रह सकें।   स्वास्थ्य शिविर के सफल आयोजन से कैदियों को राहत मिली और उन्होंने चिकित्सकों के प्रति आभार व्यक्त किया। जेल प्रशासन द्वारा इस प्रकार की स्वास्थ्य सुविधाएँ समय-समय पर आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई गई।

04 फरवरी 2025 मंगलवार का राशिफल, जानिए क्या कहती है आपकी राशि

मेष राशि- जो लोग रिलेशनशिप में हैं, उनके लिए बातचीत करते रहना जरूरी है। किसी भी पेंडिंग मुद्दे को ईमानदारी के साथ हैंडल करें। आज बंधन को मजबूत करने और अपने साथी के करीब आने का एक अच्छा समय है। वृषभ राशि- आज नए अनुभवों के लिए खुले रहें और प्रक्रिया पर भरोसा रखें। आपका प्रेम जीवन एक दिलचस्प मोड़ लेगा। अगर आप सिंगल हैं, तो कोई मुलाकात कनेक्शन में बदल सकती है। नए मौकों के लिए खुले रहें। मिथुन राशि- आज का दिन काफी रोमांटिक साबित हो सकता है। लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशन वाले जातक अपनी बीच की दूरियां कम करने में सक्षम रहेंगे। डाइट में हरी सब्जियां शामिल करें। बहुत ज्यादा तनाव लेने से बचें। कर्क राशि- आज का दिन थोड़ा सा बिजी रहने वाला है। स्टूडेंट्स किसी असाइनमेंट या प्रोजेक्ट के चक्कर में खुद के लिए वक्त निकालने में प्रॉब्लम का सामना करेंगे। लव लाइफ पर ध्यान देने की जरूरत है। सिंह राशि- आज सोच-समझकर चुनाव करना आपको स्टेबिलिटी बनाए रखने और अपनी फाइनेंशियल सिक्योरिटी बढ़ाने में मदद करेगा। कन्या राशि- आज का दिन खुशनुमा रहने वाला है। कुछ जातक आज अपने पार्टनर के साथ अच्छा टाइम स्पेंड कर सकते हैं। करियर में पॉलिटिक्स का शिकार होने से बचें। रोज एक्सरसाइज करें। तुला राशि- आज के दिन आपको सभी टास्क समय पर पूरे कर लेने चाहिए। इससे आप बॉस की नाराजगी से बच सकते हैं। पैसों के मामले में दिन शुभ माना जा रहा है। बहुत ज्यादा काम का प्रेशर न लें। वृश्चिक राशि- आज का दिन पॉजिटिव एनर्जी से भरपूर रहने वाला है। सिंगल लोगों को अपने ऑफिस या क्लास में कोई नया क्रश मिल सकता है। धन को समझदारी के साथ मैनेज करें। स्ट्रेस कम लें। धनु राशि- आज आप पाएंगे कि आप अपने गोल्स के करीब पहुंच रहे हैं। मुसीबतों को पार करने की अपनी क्षमता पर भरोसा रखें। अपने शरीर की जरूरतों पर फोकस करें। मकर राशि- आज का दिन आपके जीवन के विभिन्न पहलुओं में बदलाव ला सकता है। चाहे प्यार, करियर, पैसा या हेल्थ हो, अप्रत्याशित अवसरों के लिए तैयार रहें। सभी बदलावों को खुले दिल और दिमाग से अपनाएं। कुंभ राशि- आज का दिन नॉर्मल रहने वाला है। काम के सिलसिले में भागदौड़ बढ़ सकती है। सेहत पर निगरानी रखें। परिवार के बुजुर्गों का ख्याल रखें। रोजाना योग करें। जंक फूड्स से दूरी बनाएं। मीन राशि- आज का आपका दिन बदलावों से भरपूर रहने वाला है। लव के मामले में साथी के साथ अनबन करने से बचें। खुद की सेहत पर ध्यान दें। परिवार के साथ कुछ समय बिताना अच्छा रहेगा।

छत्तीसगढ़ में संजीवनी 108 इमरजेंसी सेवा की बदहाल स्थिति पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में सुनवाई, विभागीय सचिव को नोटिस जारी कर मांगा जवाब

बिलासपुर छत्तीसगढ़ में संजीवनी 108 इमरजेंसी सेवा के गाड़ियों की बदहाल स्थिति की खबरों को संज्ञान लेकर जनहित याचिक के रूप में उच्च न्यायालय ने सुनवाई की है. चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और न्यायाधीश रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने मामले की सुनवाई की. इस दौरान चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने संजीवनी 108 के वाहनों की बदहाल स्थिति पर नाराजगी जताई. मामले में विभागीय सचिव से जवाब मांगा गया है. छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पूरे राज्य में 108 वाहनों की स्थिति को लेकर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है. सुनवाई में चीफ जस्टिस ने अतिरिक्त महाधिवक्ता यशवंत ठाकुर से पूछा कि आपातकालीन स्थिति में अत्याधुनिक तकनीक सुविधा वाली कितनी एम्बुलेंस हैं ? इसकी जानकारी उपलब्ध कराई जाए. वहीं मामले में अगली सुनवाई 14 फरवरी, 2025 को होगी.

भानुप्रतापपुर-अंतागढ़ के बीच शुरू हुई इलेक्ट्रिक रेल सेवा

भानुप्रतापपुर/कांकेर भारत में इलेक्ट्रिक रेल सेवा की आज 3 फ़रवरी को 100वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है. इस अवसर पर भानुप्रतापपुर-अंतागढ़ रेल खंड पर आज इलेक्ट्रिक गुड्स ट्रेन चलाई गई. इसके साथ ही पूरा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) जोन इलेक्ट्रिफाई हो गया है. रायपुर डिवीजन के ADRM बजरंग अग्रवाल ने भानुप्रतापपुर में हरी झंडी दिखाकर विद्युत ट्रेन को अंतागढ़ के लिए रवाना किया. इस दौरान लल्लूराम डॉट कॉम से चर्चा में ADRM बजरंग अग्रवाल ने बताया कि आज भारतीय रेल की विद्युतीकरण के 100 वर्ष पूर्ण हो गए हैं. इस अवसर पर दक्षिण पूर्वी मध्य रेलवे विभिन्न आयोजन कर रहा है. उन्होंने कहा कि आज भानुप्रतापपुर से अंतागढ़ के बीच विद्युत् रेल सेवा शुरू होने के साथ हम गर्व के साथ कह सकते हैं कि पूरा SECR जोन विद्युतिकृत हो गया है. कार्यक्रम के दौरान रेल विकास निगम और रेल विद्युत् सेवा के अधिकारी भी मौजूद थे.

अंबिकापुर में नर्सिंग कॉलेज की छात्रा ने फांसी लगाकर कर ली आत्महत्या

अंबिकापुर नर्सिंग कॉलेज की छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. इस घटना से परिवार में शोक की लहर है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में जुटी है. यह घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के केदारपुर की है. सुसाइड करने वाली छात्रा ग्राम रेवापुर के आश्रित ग्राम लवाईडीह की बताई जा रही है. जानकारी के मुताबिक, मृतका अंबिकापुर के केदारपुर मोहल्ले में किराए के मकान में रहकर पढ़ाई करती थी. फिलहाल फांसी लगाने के कारण का पता नहीं चल पाया है. पुलिस मामले की जांच में जुटी है.

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