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कैबिनेट से वक्फ बिल को मिली मंजूरी, Parliament में अगले महीने लाएगी सरकार

नई दिल्ली केंद्रीय कैबिनेट ने वक्फ (संशोधन) बिल में हाल ही में संसदीय समिति द्वारा सुझाए गए बदलावों को मंजूरी दे दी है। इसके बाद यह बिल बजट सत्र के दूसरे भाग में चर्चा और पारित करने के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। सरकार ने अधिकांश बदलावों को शामिल किया है, जिसकी सिफारिश जगदंबिका पाल की अध्यक्षता वाली संयुक्त संसदीय समिति (JPC) ने की थी। कैबिनेट ने इसे पिछले सप्ताह भारतीय बंदरगाह विधेयक के साथ मंजूरी दी। इस बिल को सरकार ने अपने विधायी कार्यों की प्राथमिकता सूची में रखा है। विधेयक को अगस्त 2024 में लोकसभा में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरण रिजिजू द्वारा पेश किए जाने के बाद संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजा गया था। संसदीय पैनल ने बहुमत से अपनी रिपोर्ट को मंजूरी दी। हालांकि पैनल के सभी 11 विपक्षी दलों के सांसदों ने इस रिपोर्ट पर आपत्ति जताई थी और असहमति नोट भी पेश किए थे। 655 पन्नों की यह रिपोर्ट इस महीने दोनों सदनों में प्रस्तुत की गई थी। पैनल ने “वक्फ बाय यूजर” प्रावधान को समाप्त कर दिया है और अब केवल मौजूदा “रजिस्टर्ड वक्फ बाय यूजर” को वक्फ के रूप में मान्यता देने का प्रस्ताव है। इसका मतलब है कि उन मामलों को बाहर रखा जाएगा जिनमें संपत्ति विवादित हैं या सरकारी स्वामित्व में हैं। रिपोर्ट के अनुसार, पैनल ने वक्फ बोर्डों में गैर-मुस्लिमों को शामिल करने का समर्थन किया है। इसकी संख्या चार तक हो सकती है। जिला कलेक्टरों से विवादों की जांच का अधिकार वरिष्ठ राज्य सरकार के नियुक्त अधिकारियों को सौंपने की सिफारिश की है। राज्य वक्फ बोर्डों में अब मुस्लिम ओबीसी समुदाय से एक सदस्य को शामिल किया जाएगा, जिससे अधिक व्यापक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होगा। बता दें कि इससे पहले वक्फ बिल पर जेपीसी रिपोर्ट को फर्जी बताते हुए राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा था कि ऐसी फर्जी रिपोर्ट को हम नहीं मानते, सदन इसे कभी नहीं मानेगा. JPC ने 29 जनवरी को दी थी मंजूरी संसदीय समिति ने वक्फ बिल में नए बदलावों पर अपनी रिपोर्ट को 29 जनवरी को मंजूरी दी थी. इस रिपोर्ट के पक्ष में 15 और विरोध में 14 वोट पड़े थे. रिपोर्ट में उन बदलावों को शामिल किया गया है, जो बीजेपी सांसदों ने दिए थे. विपक्षी सांसदों ने वक्फ बोर्डों को खत्म करने की कोशिश बताते हुए असहमति नोट जमा कराए थे. विपक्ष ने वक्फ बिल को लेकर कई आपत्तियां दर्ज कराई थीं. इसके अलावा ‘वक्फ बाय यूजर’ प्रावधान को हटाने के प्रस्ताव का विरोध भी किया था.

GATE 2025 की Answer Key हुई जारी, यहां जानें कैसे करें डाउनलोड और कब आएगा रिजल्ट

GATE 2025 की आंसर की का इंतजार कर रहे छात्रों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। दरअसल, IIT रुड़की द्वारा GATE 2025 की आधिकारिक Answer Key 27 फरवरी यानी आज जारी की गई है। इसके लिए IIT रुड़की द्वारा PDF जारी किया गया है, जिसे आप डाउनलोड कर सकते हैं। इसके लिए आपको GATE की आधिकारिक वेबसाइट gate2025.iitr.ac.in पर जाना होगा। बता दें कि जिन छात्रों ने 1, 2, 15 और 16 फरवरी को GATE 2025 परीक्षा में भाग लिया था, वे अब GOAPS पोर्टल पर जाकर आंसर की डाउनलोड कर सकते हैं। वहीं, जिन उम्मीदवारों को आंसर की पर आपत्ति जतानी है, वे 1 मार्च 2025 तक अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। ऐसे डाउनलोड करें Answer Key यदि आप GATE 2025 की आधिकारिक आंसर की का PDF डाउनलोड करना चाहते हैं, तो सबसे पहले GATE की आधिकारिक वेबसाइट gate2025.iitr.ac.in पर जाएं। इसके बाद वेबसाइट पर दिखाई दे रही GATE Answer Key की लिंक पर क्लिक करें। यहां से आप अपनी Application ID और Password के जरिए लॉग इन कर सकेंगे। याद रखें कि आंसर की का PDF डाउनलोड कर सुरक्षित रखें, क्योंकि यह भविष्य में आपके काम आ सकता है। कब जारी किया जाएगा GATE 2025 रिजल्ट? अगर आपको आंसर की में कोई गलती नजर आती है और आप आपत्ति दर्ज कराना चाहते हैं, तो ₹500 प्रति प्रश्न शुल्क देकर GATE प्रोविजनल आंसर की के खिलाफ आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए आपको GOAPS पोर्टल के माध्यम से आपत्ति दर्ज करनी होगी। बता दें कि IIT रुड़की 19 मार्च 2025 को GATE परीक्षा के परिणाम जारी करेगा। आप अपने परिणाम Enrollment ID और Password के जरिए देख सकेंगे। वहीं, स्कोरकार्ड 28 मार्च से 31 मई 2025 तक डाउनलोड किया जा सकेगा। हालांकि, इसके बाद भी आप ₹500 प्रति टेस्ट पेपर शुल्क देकर स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकेंगे।

हमेशा होने वाले चुनाव देश की प्रगति और विकास में बाधक : शिवराज सिंह चौहान

भोपाल  केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में एक कार्यक्रम के दौरान ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ की जरूरत पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि देश में बार-बार चुनाव होने से विकास कार्य प्रभावित होते हैं. सरकारें पूरे साल चुनावी प्रक्रिया में व्यस्त रहती हैं, जिससे प्रशासनिक अमला भी चुनावी गतिविधियों में लगा रहता है और विकास योजनाओं की गति धीमी हो जाती है. शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बार-बार चुनाव होने से सरकारें केवल चुनावी फायदों वाली योजनाएं बनाने में जुट जाती हैं और ऐसे में कई अहम और कड़े फैसले पीछे रह जाते हैं. इससे न केवल लॉन्गटर्म विकास प्रभावित होता है बल्कि जनता को भी वास्तविक सुधारों से वंचित रहना पड़ता है. बार-बार चुनाव से संसाधनों की भारी बर्बादी – शिवराज सिंह चौहान चौहान ने बार-बार होने वाले चुनावों को संसाधनों की भारी बर्बादी करार दिया. उन्होंने कहा कि प्रत्येक चुनाव में लाखों करोड़ रुपये खर्च होते हैं. चुनाव आयोग की ओर से जब्त किए गए पैसों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यदि देश में एक साथ चुनाव कराए जाएं तो इस धन को विकास कार्यों में लगाया जा सकता है. एक साथ चुनाव से धन और संसाधनों की होगी बचत शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ को लागू करने में कोई कानूनी अड़चन नहीं है. पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में गठित समिति ने इस विषय पर व्यापक रिपोर्ट तैयार की है, जिसमें सभी संभावित समस्याओं के समाधान दिए गए हैं. उन्होंने जनता, विशेष रूप से युवाओं से अपील की कि वे राजनीतिक दलों पर दबाव बनाएं ताकि धन और संसाधनों की बचत करते हुए देश में एक साथ चुनाव कराए जा सकें. सारे राजनैतिक दल अगले चुनाव की तैयारी में लगे रहते हैं शिवराज ने कहा, अपने देश में और कुछ हो या न हो लेकिन सारे राजनैतिक दल पांचों साल, 12 महीने, हर सप्ताह, 24 घंटे एक ही तैयारी करते हैं वो है अगला चुनाव। उसी तैयारी में लगे रहते हैं। अब एक साल ही देख लो पिछले साल नवंबर-दिसंबर में मप्र, छत्तीसगढ़, राजस्थान के विधानसभा चुनाव हुए। विधानसभा चुनाव की थकान उतरी नहीं थी कि चार महीने बाद ही लोकसभा घोषित हो गया। विधानसभा चुनाव में 6 महीने तो कुछ हुआ ही नहीं था। आचार संहिता, कोड ऑफ कंडक्ट के कारण विकास के काम ठप थे। वो चुनाव संपन्न हुए और चार महीने बाद फिर लोकसभा के चुनाव आ गए। फिर चार-छह महीने नहीं गुजरे फिर हरियाणा, जम्मू कश्मीर, झारखंड, महाराष्ट्र के चुनाव आ गए और नेता फिर चुनाव में भिड़ गए।   एक भी चुनाव हारे तो मीडिया कहता है जमीन खिसक गई शिवराज ने कहा, अभी एक चुनाव निपटा नहीं कि दिल्ली का दंगल शुरू हो गया। दिल्ली के चुनाव खत्म नहीं हुए कि हम लोगों ने बिहार के लिए कमर कस ली। चलो बिहार। और कोई काम हो न हो, चौबीसों घंटे चुनाव की तैयारी। ये हमेशा होने वाले चुनाव देश की प्रगति और विकास में कितने बाधक हैं। एक तो सभी की एनर्जी लगती है, जिसमें प्रधानमंत्री भी चुनाव की तैयारी में लगते हैं। एक भी विधानसभा चुनाव अगर हार गए तो मीडिया कहती है, पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई है। गए काम से। सबको लगता है कि कमर कस के चुनाव जीतना है। गवर्नेंस पर ध्यान नहीं रह पाता। तीन महीने सब छोड़कर झारखंड में पड़ा रहा शिवराज ने कहा, चुनाव में पीएम, सीएम सब लगे रहे। केन्द्रीय मंत्री मुझे बनाया गया कृषि और ग्रामीण विकास का और कहा गया झारखंड के चुनाव में जाओ । तीन महीने वहीं पड़े रहे। कृषि की तरफ ध्यान ही नहीं रहा। फोकस चुनाव पर हो गया। मेरे जैसे कितने लोग लगे रहे। ये केवल एक पार्टी में नहीं सभी पार्टियों के मंत्री, मुख्यमंत्री, विधायक सांसद लगे रहते हैं। अभी कहा अब सब बिहार जाओ, चार महीने सब छोड़ो। आप गंभीरता से सोचकर देखिए। बार-बार चुनाव से गवर्नेंस पर ध्यान नहीं रहता। पैसा अलग खर्च होता है।   पैसा बर्बाद होता है सरकारें लंबी प्लानिंग नहीं करतीं शिवराज ने कहा- अलग-अलग चुनाव क्यों होने चाहिए? हर चार-छह महीने में चुनाव हो रहे हैं। गवर्नेंस प्रभावित होती है। धन का अपव्यय होता है। असल में तो औपचारिक खर्चा दिखता है, पीछे से और कितना खर्चा होता है। चुनाव आयोग ने इस चुनाव में गाडियों से पैसे पकड़े थे। अकेले पैसा नहीं कई और चीजें पकड़ी जाती हैं। एक तरफ धन का अपव्यय होता है दूसरी तरफ सरकारें लॉन्ग टर्म प्लानिंग नहीं करतीं। एक बार चुनाव कराने में साढ़े चार लाख करोड़ का खर्च आता है। शिक्षा और स्वास्थ्य पर यह खर्च हो तो कितना फायदा होगा। चुनाव के डर से कई फैसले नहीं हो पाते केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा- प्रधानमंत्री मोदी ने कई बडे़ और कड़े फैसले लिए हैं। लेकिन, कई बार चुनाव के डर में कई ऐसे फैसले नहीं हो पाते कि वोट बिगड़ गया और नुकसान हो गया तो वोट बचाओ। ऐसे कई फैसले प्रभावित होते है जो बच्चों के भविष्य को बेहतर बना सकते हैं प्रदेश का विकास कर सकते हैं। देश को आगे बढ़ा सकते हैं। वोट के डर में फैसले प्रभावित होते हैं। कितना विकास प्रभावित होता है। अगर संविधान में संशोधन करके लोकसभा विधानसभा के चुनाव एक साथ हो जाएं तो साढ़े चार साल जनता और विकास के लिए ईमानदारी से मिलेंगे। अपने देश में भी लोकसभा के चुनाव के साथ उड़ीसा और तीन विधानसभा के चुनाव हुए। मोदी की लोकप्रियता से घबराते हैं शिवराज ने कहा- मैं पूछता हूं कि एक साथ चुनाव से डरते क्यों हैं तो कुछ लोग कहते हैं कि मोदी जी बहुत लोकप्रिय हैं तो गड़बड़ हो जाएगी। जनता बहुत समझदार है वो लोकसभा में अलग वोट डालती है विधानसभा में अलग वोट डालती है। उड़ीसा में दो बार लोकसभा विधानसभा के एक साथ चुनाव हुए लेकिन उसी राज्य की जनता ने पिछले चुनाव में राज्य के लिए बीजेडी के नवीन पटनायक को चुना और देश के लिए मोदी जी को चुना। अब समय आ गया है कि देश ये तय करे कि फालतू का खर्चा चुनाव आचार संहिता के साथ विकास ठप होना, देश की प्रगति और … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद और भारत रत्न नानाजी देशमुख को दी श्रद्धांजलि

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद और राष्ट्र ऋषि भारत रत्न श्री नानाजी देशमुख की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ‘एक्स’ पर इन महान विभूतियों के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि इनका जीवन हर देशभक्त के लिए प्रेरणा का स्रोत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए समर्पित चंद्रशेखर आजाद का जीवन ऊर्जा, संकल्प और सेवा का अप्रतिम अध्याय है। मैं उन्हें बारम्बार नमन करता हूँ। उन्होंने कहा कि आजाद का बलिदान देश के युवाओं को सदैव राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देता रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्य और समाज सुधारक राष्ट्र ऋषि भारत रत्न श्री नानाजी देशमुख को भी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि शिक्षा, गरीब कल्याण एवं सर्वांगीण विकास के प्रति नानाजी देशमुख जी के विचार और कृतित्व राष्ट्र निर्माण के आधार हैं और हमेशा हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. नानाजी देशमुख ने ग्रामीण विकास और शिक्षा के क्षेत्र में जो योगदान दिया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायक रहेगा। उन्होंने ग्रामीण भारत के उत्थान के लिए जीवन पर्यन्त काम किया और समाजसेवा को ही अपना ध्येय बनाया।  

महाकुंभ में अंतिम स्नान पर्व के साथ ही ट्रेन में यात्रियों की भीड़ का रुख बदल गया

 जबलपुर  महाकुंभ में अंतिम स्नान पर्व के साथ ही ट्रेन में यात्रियों की भीड़ का रुख बदल गया है। बुधवार रात से प्रयागराज से जबलपुर की ओर आने वाली ट्रेनों में यात्री दबाव बढ़ गया है। महाकुंभ से लौटने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ से लंबी दूरी की ट्रेन के वातानुकूलित कोच की स्थित जनरल जैसी बन गई है। स्लीपर कोच भी यात्रियों से ठसाठस भरे हुए है। घर आने की हड़बड़ी में अनारक्षित टिकिट लेकर यात्री आरक्षित कोच में चढ़ रहे है। इनकी संख्या अधिक होने से महीनों आरक्षण कराने वाले यात्रियों में आक्रोश पनप रहा है। ठसाठस भरकर आ रही महाकुंभ स्पेशल ट्रेनें     आरक्षित कोचों में क्षमता से अधिक यात्री होने से स्टेशन से ट्रेन में चढ़ने-उतरने में भी यात्री परेशानी से जूझ रहे है। वहीं, यात्रियों की सुविधा के लिए प्रयागराज से अनारक्षित स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है। ये ट्रेनें ठसाठस भरकर आ रही है।     प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर श्रृद्धालुओं की भीड़ नियंत्रित करने के लिए जबलपुर होकर चलने वाली कुछ ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित किया गया है। इसके कारण भी लंबी दूरी की जबलपुर होकर जाने वाली अन्य ट्रेनों में श्रृद्धालुओं की भीड़ बढ़ गई है।     बीच के स्टेशनों से एक्सप्रेस ट्रेन में टिकट आरक्षित कराने वाले यात्री कई बार भीड़ के कारण ट्रेन में सवार होने से चूक रहे हैं। वहीं, दरवाजे तक भीड़ होने के कारण यात्रियों गंतव्य में उतरने के लिए कोच की आपातकालीन खिड़की से बाहर आने की नौबत बन रही है। स्पेशल ट्रेन के रैक रिजर्व प्रयागराज से जबलपुर रेलखंड में सतना और कटनी तक भीड़ का दबाव अधिक है। बुधवार को भी प्रयागराज से जबलपुर की ओर स्पेशल ट्रेन संचालित की गई है। जबलपुर रेल मंडल की ओर स्पेशल अनारक्षित ट्रेन के लिए कुछ रैक रिजर्व रखे गए है। इन ट्रेनों को सतना और कटनी स्टेशन में यात्रियों की भीड़ होने पर जिस दिशा में यात्री अधिक होंगे, वहां तुरंत चलाने के लिए तैयार रखा गया है। श्रृद्धालुओं की आवश्यकतानुसार कटनी से बीना की ओर स्पेशल ट्रेन चलाने की भी योजना है। ताकि प्रयागराज, वाराणसी और अयोध्या से लौटने वाले श्रृद्धालुओं के सतना और कटनी पहुंचने के बाद आगे का रेल संपर्क सुविधा प्रदान किया जा सकें। जबलपुर के रास्ते आयी महानगरी महाकुंभ स्पेशल ट्रेनों के संचालन की सुविधा के लिए रेलवे ने वाराणसी-मुंबई के मध्य संचालित होने वाली महानगरी का मार्ग परिवर्तित किया था। ये ट्रेन बुधवार को अपने निर्धारित पथ पर लौट आयी। जबलपुर के रास्ते संचालित हुई। ट्रेन में प्रयागराज से जबलपुर की ओर यात्री की भीड़ अपेक्षाकृत अधिक रही। रेल अधिकारियों के अनुसार प्रयागराज की ओर जाने वाले यात्रियों की संख्या में कमी आयी है। वापसी में भीड़ बढ़ी है, लेकिन यात्री बंटकर आने के कारण पहले जैसी भीड़ की स्थिति नहीं है। जबलपुर से सतना के मध्य रेलवे स्टेशनों में रेल सुरक्षा बल को सतर्क किया गया है। वह ट्रेन आने पर नजर रख रहे है। कोच के दरवाजे बंद होने पर उन्हें खुलवा रहे है, ताकि यात्रियों को चढ़ने-उतरने में समस्या न हो।

संगम स्‍नान को ध्‍यान में रखते रेलवे ने स्‍पेशल प्‍लान बनाया, रेल मंत्री वैष्‍णव प्रयागराज पहुंचे हैं और भीड़ का जायजा लिया

प्रयागराज  प्रयागराज में डेढ़ माह से चल रहा महाकुंभ भले ही खत्‍म हो गया हो लेकिन श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे अभी स्‍पेशल ट्रेनों को बंद नहीं करेगा. पूर्व निर्धारित शेड्यूल के अनुसार ये ट्रेनें चलती रहेंगी. संगम स्‍नान को ध्‍यान में रखते रेलवे ने स्‍पेशल प्‍लान बनाया है. वहीं आज स्‍वयं रेल मंत्री अश्विनी वैष्‍णव प्रयागराज पहुंचे हैं और भीड़ का जायजा लिया है. विश्‍व का सबसे बड़ा पर्व महाकुंभ शिवरात्रि को समाप्‍त हो गया है. लेकिन यहां पर श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला अभी भी जारी है. आज भी संगम तट तक खासी भीड़ देखी जा रही है. इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि अभी आने वाले कुछ दिनों तक इसी तरह श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी रहेगा. क्‍योंकि तमाम श्रद्धालु महाकुंभ के दौरान भीड़ की वजह से नहीं पहुंच पाए होंगे, वो अब जरूर जाएंगे. रेलमंत्री पहुंचे प्रयागराज महाकुंभ के सफल आयोजन में जुटे रेल कर्मियों को आभार व्‍यक्‍त करने के लिए आज रेल मंत्री महाकुंभ पहुंचे. उन्‍होंने बताया कि इस मेले की तैयारी ढाई साल पहले से शुरू कर दी गयी है. श्रद्धालुओं को सुविधाजनक सफर कराने के लिए प्रयागराज में कई फ्लाईओवर और गंगा में पुल समेत कई अन्‍य निर्माण कार्य कराए गए हैं. इस दौरान वहां भीड़ का जायजा लिया. जानें भारतीय रेलवे का ‘स्‍पेशल प्‍लान’ रेलवे मंत्रालय के डायरेक्टर इनफॉरमेशन एंड पब्लिसिटी शिवाजी मारुति सुतार ने बताया कि महाकुंभ के लिए स्‍पेशल ट्रेनों को एक साथ नहीं बंद किया जाएगा. इसके लिए रेलवे की टीम लगातार मोनिटर कर रही है कि महाकुंभ के बाद प्रयागराज के लिए टिकटों की बिक्री कितनी हो रही है या फिर प्रयागराज की ओर जाने वाली ट्रेनों में सामान्‍य दिनों के मुकाबले अधिक भीड़ है क्‍या, इनका आंकलन करने के बाद ट्रेनों को चलाने और बंद करने का फैसला किया जाएगा. यानी अगर आपने महाकुंभ के दौरान भीड़ और ट्रेन में रिजर्वेशन न मिलने की वजह से स्‍नान नहीं किया है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. विभिन्‍न शहरों से चलाई जा रही स्‍पेशल ट्रेनों से प्रयागराज पहुंचकर स्‍नान कर सकते हैं. चार गुना अधिक चलाई गयीं ट्रेनें भारतीय रेलवे ने पिछले महाकुंभ में 4000 ट्रेनें चलाई थीं, वहीं, इस बार रेलवे की प्‍लानिंग 13000 ट्रेनों की चलाने की थी, लेकिन भीड़ को देखते हुए 16000 के करीब ट्रेनें चलाई गयी हैं. इन ट्रेनों से साढ़े चार से पांच करोड़ श्रद्धालुओं ने सफर किया है.

पं धीरेंद्र शास्त्री को युवक ने दी गंदी गालियां, हिंदू संगठनों ने आदिल की गिरफ्तारी की मांग की

ग्‍वालियर स्‍थानीय पनिहार के रहने वाले एक युवक आदिल ने एक आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्‍ट कर दिया है, जिससे बबवाल मचा हुआ है. इस वीडियो में उसने बागेश्‍वर धाम सरकार धीरेंद्र कृष्‍ण शास्‍त्री को लेकर गलत शब्‍दों का इस्‍तेमाल किया है. पुलिस ने बताया कि आरोपी आदिल, जो कि ग्वालियर जिले के पनिहार का रहने वाला है, ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो अपलोड किया जिसमें उसने यह अपशब्द कहे. ग्वालियर के एएसपी निरंजन शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि मामला पुलिस के संज्ञान में आया है. जांच के बाद इसमें कठोर एक्‍शन लिया जाएगा. पुलिस ने वीडियो देखा है और इसमें केस दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है. इस वीडियो के वायरल होते ही कई हिंदूवादी संगठनों ने पनिहार थाने का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने वीडियो अपलोड करने वाले आदिल के खिलाफ कड़ी कारवाई की मांग की है. आदिल ने जिस फर्जी अकाउंट से वीडियो अपलोड किया था वह आदिल हुसैन नाम से बना हुआ था. इस अकाउंट में उसने खुद को कैलिफोर्निया, अमेरिका का रहने वाला बताया है और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी का पासआउट भी बताया है. हिंदू संगठनों की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. वीडियो के वायरल होते ही मचा बवाल, हिंदू संगठनों ने की है ये मांग बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री को अपशब्द कहे जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड होने के बाद बवाल मच गया. फेसबुक पर वीडियो अपलोड होने के बाद ग्वालियर में हिंदू संगठनों ने हंगामा कर दिया. हिंदू संगठनों का आरोप है कि ग्वालियर के पनिहार गांव के रहने वाले एक मुस्लिम युवक आदिल खान ने धीरेंद्र शास्त्री को गाली गलौज करते हुए वीडियो अपलोड किया है. हिंदू संगठनों ने पनिहार थाने का घेराव कर आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की. जानकारी मिलते ही एडिशनल एसपी ने इस वीडियो की जांच कर FIR करने के निर्देश दिए. बताया जा रहा है कि पनिहार गांव के रहने वाले आदिल खान ने फर्जी सोशल अकाउंट बनाया जिसमें उसने खुद को अमेरिका के कैलिफोर्निया शहर का नागरिक बताया और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से पास आउट बताया है. धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ वीडियो अपलोड होते ही पनिहार इलाके के लोगों ने आदिल खान को पहचान लिया और फिर थाने में जाकर हंगामा कर दिया. चर्चा में बागेश्वर धाम, इसी बीच वायरल हुआ वीडियो     बता दें कि हाल ही में बागेश्वरधाम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंचे थे। बुधवार को राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु भी बागेश्वरधाम पहुंचीं। इसके बाद से बागेश्वरधाम आम लोगों के बीच चर्चा में है। अब यह वीडियो सामने आ गया।     इस वीडियो पर लोगों ने आक्रोश जताया है। यह वीडियो बुधवार दोपहर से सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। इसमें युवक द्वारा पंडित धीरेंद्र शास्त्री को अपशब्द कहे जा रहे हैं।     इस युवक का नाम अज्जू खान पुत्र बुच्हे खान निवासी पनिहार बताया जा रहा है। वीडियो सामने आने पर हिंदू संगठन पनिहार थाने पहुंचे और नारेबाजी करते हुए युवक पर कार्रवाई की मांग की।     एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि प्रशिक्षु आईपीएस जेंडेन लिंगजर्पा को मामले की जांच सौंपी है। कार्रवाई की जा रही है।  

महाशिवरात्रि पर महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं के जनसैलाब में कमी, कड़ी सुरक्षा और खास इंतजाम, 4.52 लाख भक्त ही पहुंचे

उज्जैन महाशिवरात्रि पर महाकाल मंदिर में शिव भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। मंदिर प्रबंध समिति द्वारा कम समय में दर्शन हो, इसलिए चाक-चौबंद व्यवस्थाए की गईं। प्रातः चलित भस्मार्ती में लगभग 20 हजार दर्शनार्थियों ने दर्शन किए। बुधवार रात 10 बजे तक भक्तों का आंकड़ा 4 लाख से अधिक हो गया था। देर रात तक दर्शनार्थियों के आने का सिलसिला जारी था। महाकालेश्वर मंदिर के दर्शन हेतु पट गुरुवार 27 फरवरी की शयन आरती तक खुले रहेंगे।महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि पर इस बार श्रद्धालुओं की संख्या का आंकड़ा 4.52 लाख ही रहा, जो कि पिछले साल की तुलना में 2.83 लाख कम है। दो सालों की बात करें तो हर बार महाशिवरात्रि जैसे बड़े पर्व पर श्रद्धालुओं की संख्या घटती जा रही है। रंगोली से अर्धनारीश्वर स्वरूप बनाया श्री महाकालेश्वर मंदिर में इंदौर के केशव शर्मा और ग्रुप द्वारा मंदिर प्रांगण के शिखर दर्शन पर रंगोली से श्री महाकालेश्वर भगवान अर्धनारीश्वर स्वरूप बनाया गया। इसका मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अवलोकन किया व उनके कार्य की सराहना की। गर्म मीठे दूध का भोग लगाया बुधवार शाम को बाबा महाकाल को होलकर व सिंधिया स्टेट की ओर से पूजन व सायं पंचामृत पूजन के बाद भगवान श्री महाकालेश्वर को नित्य संध्या आरती के समय गर्म मीठे दूध का भोग लगाया गया। रात्रि में कोटितीर्थ कुंड के तट पर विराजित श्री कोटेश्वर महादेव का पूजन, सप्तधान्य अर्पण, पुष्प मुकुट श्रृंगार (सेहरा) के उपरांत आरती की गई। भीड़ की कमी के लिए ये दो बड़े तर्क माने जा रहे 1. उत्तरप्रदेश में आयोजित कुंभ में महाशिवरात्रि पर्व पर अंतिम स्नान पर्व के चलते भीड़ वहां के लिए भी डायवर्ट हुई, जिसका असर यहां रहा। 2. सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में महाशिवरात्रि पर ही रुद्राक्ष महोत्सव का आयोजन रखा, यहां भी लाखों की तादाद में श्रद्धालु जाना बताए, इसके चलते भी उज्जैन कम श्रद्धालु पहुंचे। (जैसा कि मंदिर के आईटी सेल प्रभारी गिरीश तिवारी ने तर्क दिया।) वाहन पार्किंग भी कई जगह खाली ट्रैफिक पुलिस को हर बार 10 से ज्यादा पार्किंग स्थान पर इंतजाम करना होते हैं और वह भी कम पड़ जाते हैं। इस बार अधिकांश पार्किंग खाली रही। सिर्फ हरिफाटक व कर्कराज पार्किंग भरी लेकिन वे भी पूरी तरह से फुल नहीं हो पा रही थी। कर्कराज पार्किंग की क्षमता 800 से 900 वाहनों की है लेकिन यहां 500 से 600 वाहन के लगभग ही भरते रहे। ट्रैफिक डीएसपी दिलीपसिंह परिहार ने बताया कि ये सही है कि कई पार्किंग खाली रही। ये दो कारण भी कम श्रद्धालु आने के 1. दर्शन के लिए नृसिंह घाट मार्ग से लंबे जिगजैग का सफर तय करना पड़ा है। करीब दो से ढाई किलोमीटर श्रद्धालु भीड़ में चलने से परेशान हो जाते हैं, खासकर महिलाएं व बच्चे। भीड़ कम हाेने के बावजूद भी बेवजह होल्डअप में लाेगाें काे लंबा चक्कर लगवाया। 2. वीआईपी से कई बार आपाधापी मची। आम लोगों को ज्यादा दिक्कत हुई। वे जद्दोजहद के बाद भगवान की झलक पाने पहुंचते हैं तो कर्मचारी धकेल देते हैं। वीआईपी के लिए गर्भगृह की देहरी से दर्शन महाशिवरात्रि पर गर्भगृह की देहरी से वीआईपी के दर्शन कराए जा रहे थे। आम जनता धक्के खा रही थी। वीआईपी के साथ 10-12 लोग गर्भगृह की देहरी के सामने खड़े हो रहे थे। इससे बैरिकेड्स से दर्शन करने वालों को दर्शन में परेशानी आ रही थी। इससे श्रद्धालुओं ने गुस्सा जाहिर किया। वीआईपी के अलावा पंडे-पुजारी भी खड़े हो रहे, इससे श्रद्धालुओं को महाकाल की एक झलक पाना मुश्किल रहा । शाम को एक वीआईपी करीब पांच मिनट तक गर्भगृह की देहरी पर भीड़ के साथ खड़े रहे। नंदी हॉल प्रभारी ने उन्हें हटाया। रात भर चलेगा महाभिषेक होगा पूजन अर्चन रात्रि 11 बजे से संपूर्ण रात्रि को श्री महाकालेश्वर का महाभिषेक व पूजन चलेगा। अभिषेक उपरांत भगवान को नवीन वस्त्र धारण कराए जाकर सप्तधान्य का मुखारविंद धारण कराया जाएगा। इसके बाद सप्तधान्य अर्पित किया जाएगा, जिसमें चावल, खडा मूंग, तिल, मसूर, गेहूं, जव, साल, खड़ा उडद सम्मिलित रहेंगे। श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारियों द्वारा भगवान श्री महाकालेश्वर का श्रृंगार कर पुष्प मुकुट (सेहरा) बांधा जाएगा। भगवान श्री महाकालेश्वर को चंद्र मुकुट, छत्र, त्रिपुंड व अन्य आभूषणों से श्रृंगारित किया जाएगा। भगवान पर न्योछावर नेग स्वरूप चांदी का सिक्का व बिल्वपत्र अर्पित की जाएगी। श्री महाकालेश्वर भगवान की सेहरा आरती की जाएगी व भगवान को विभिन्न मिष्ठान्न, फल, पञ्च मेवा आदि का भोग अर्पित किए जाएंगे। लगभग प्रात 6 बजे सेहरा आरती होगी। शिव धारण करेंगे सवा मन का पुष्प मुकुट श्री महाकालेश्वर मंदिर में वर्ष में एक ही बार भगवान महाकाल को सवा मन का पुष्प मुकुट धारण कराया जाता है और साथ ही महाशिवरात्रि पर्व पर लगातार भगवान शिव के दर्शन दर्शनार्थियों के लिए 44 घंटे गर्भगृह के पट खुले रहते हैं। महाशिवरात्रि पर एक ऐसा अवसर आता है जिस पर श्री महाकालेश्वर भगवान के पट मंगल नहीं होते हैं। इस पर्व पर भगवान महाकाल सवा मन का फूलों से सजा मुकुट (सेहरा) धारण करते हैं। कल 12 बजे भस्मार्ती, 44 घंटे बाद बंद होंगे पट सेहरा दर्शन के उपरांत वर्ष में एक बार दिन में 12 बजे होने वाली भस्मार्ती होगी। भस्मार्ती के बाद भोग आरती होगी व शिवनवरात्रि का पारणा किया जाएगा। 27 फरवरी को सायं पूजन, सायं आरती व शयन आरती के बाद भगवान श्री महाकालेश्वर जी के पट मंगल होंगे।

मध्यप्रदेश में दबे पांव ‘पश्चिमी विक्षोभ’ की एंट्री, 27 जिलों में बारिश-वज्रपात अलर्ट, बढ़ेगा तापमान

भोपाल मध्‍य प्रदेश में मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव जारी है। पिछले कुछ दिनों से दिन के तापमान में बढ़ोतरी हुई है। हालांकि रात में हल्‍की ठंड है। अब मार्च के पहले सप्ताह में मध्य प्रदेश के पश्चिम-उत्तरी हिस्से में हल्की बारिश होने के आसार है। मौसम विभाग का कहना है कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से ऐसा हो सकता है। इससे पहले 3 दिन तक दिन-रात का पारा 2 से 3 डिग्री बढ़ा रहेगा। जिससे गर्मी का अहसास होगा। 2 मार्च से असर दिखाएगा नया पश्चिमी विक्षोभ मौसम विभाग के अनुसार, 2 मार्च से नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमोत्तर भारत में असर दिखा सकता है। फिलहाल एक पश्चिमी विक्षोभ हिमालय क्षेत्र में सक्रिय है। एक चक्रवातीय सिस्टम पश्चिमी राजस्थान व आसपास सक्रिय है। इसके प्रभाव से मप्र के 27 जिलों में बारिश होने की संभावना है। भोपाल, इंदौर, मंदसौर, नीमच, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना और शिवपुरी जिलों में कहीं-कहीं बारिश और वज्रपात की संभावना है। इसके अलावा शेष जिलों का मौसम शुष्क बना रह सकता है। भिंड, मुरैना और श्योपुर जिले में भी बौछारें पड़ सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 2 मार्च से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो रहा है। जिसका असर प्रदेश में भी देखने को मिल सकता है। अभी साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर है। गुरुवार को दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। रात में भी पारा बढ़ सकता है। वहीं, 28 फरवरी को राजधानी भोपाल और इंदौर समेत कई शहर में दिन का पारा 2 से 3 डिग्री तक बढ़ सकता है। इधर, बुधवार को भोपाल में सुबह से बादल छाए रहे। वहीं, रीवा, सतना, पन्ना और मैहर जिलों में भी मौसम बदला रहा। बाकी शहरों में आसमान साफ रहा। जिससे दिन के पारे में बढ़ोतरी देखने को मिली। पिछले 5 दिन से प्रदेश में हल्की ठंड पड़ रही है। बुधवार रात पचमढ़ी में तापमान 6.8 डिग्री, शहडोल के कल्याणपुर में 8.7 डिग्री, शाजापुर के गिरवर में 9.6 डिग्री और मंडला में 10.2 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 12.6 डिग्री, इंदौर में 17.6 डिग्री, ग्वालियर में 15.5 डिग्री, उज्जैन में 13.8 डिग्री और जबलपुर में पारा 11.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

सीएम योगी ने महाकुंभ के आयोजन का श्रेय पीएम मोदी को दिया, CM योगी ने सफाई कर्मियों संग किया संवाद

 प्रयागराज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ के आयोजन को सफल बताते हुए। इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया और कहा कि इस महाआयोजन ने सकल विश्व को ‘सभी जन एक हैं’ का अमृत संदेश दिया है। सीएम योगी ने गुरुवार को प्रयागराज के अरैल घाट पर स्वच्छता अभियान कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने घाट की साफ-सफाई की। उनके साथ उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे। सफाई अभियान में शामिल हुए CM योगी     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सफाई कर्मियों संग संवाद किया।     अरैल घाट पर सफाई अभियान में भाग लेकर सफाई का संदेश दिया। प्रधानमंत्री मोदी के प्रति जताया आभार सीएम योगी ने एक्स पोस्ट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया और कहा:     “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मार्गदर्शन प्रेरणादायी रहा।”     “महाकुंभ 2025 एकता, समता और समरसता का महायज्ञ साबित हुआ।”     “सुरक्षा, स्वच्छता और सुव्यवस्था के नए मानक स्थापित किए गए।”     “66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई।” महाकुंभ 2025 का यह ऐतिहासिक आयोजन पूरी दुनिया के लिए भारत की आस्था, संस्कृति और व्यवस्थागत दक्षता का एक जीवंत प्रमाण बनकर सामने आया। सीएम योगी ने एक्स पर कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री जी, यह आपके यशस्वी मार्गदर्शन का ही सुफल है कि ‘एकता, समता, समरसता का महायज्ञ’ महाकुम्भ-2025, प्रयागराज भव्यता-दिव्यता के साथ सुरक्षा-स्वच्छता-सुव्यवस्था के नवीन मानक गढ़कर आज संपन्न हो गया है। विगत 45 पुण्य दिवसों में पूज्य साधु-संतों समेत 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पावन त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगाकर कृतार्थ हुए हैं। सकल विश्व को ‘सभी जन एक हैं’ का अमृत संदेश देने वाला यह मानवता का महोत्सव ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ के पुण्य भाव के साथ संपूर्ण विश्व को एकता के सूत्र में पिरो रहा है। आपका मार्गदर्शन एवं शुभेच्छाएं हम सभी को सदैव नई ऊर्जा प्रदान करती हैं, हार्दिक आभार प्रधानमंत्री जी! हर हर-गंगे, भगवान बेनी माधव की जय! 15000 सफाईकर्मियों ने दिया योगदान महाकुंभ अपनी स्वच्छता को लेकर भी चर्चा में रहा जिसमें स्वच्छता कर्मियों की अहम भूमिका रही। महाकुंभ मेले में स्वच्छता प्रभारी डाक्टर आनंद सिंह ने बताया कि पूरे मेले में 15,000 स्वच्छता कर्मी चौबीसों घंटे ड्यूटी पर तैनात रहे। कई पालियों में उन्होंने साफ सफाई की जिम्मेदारी बखूबी निभाई और मेले में शौचालयों और घाटों को पूरी तरह से साफ रखा। सभी ने उनके कार्यों की सराहना की। महाकुंभ मेले में मौनी अमावस्या पर हुई भगदड़ की घटना से इसकी छवि थोड़ी धूमिल हुई, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था पर इस घटना का कोई खास असर नहीं पड़ा और लोगों का आगमन अनवरत जारी रहा। भगदड़ में 30 लोगों की मृत्यु हो गई थी। बड़ी हस्तियों ने लगाई डुबकी महाकुंभ मेले में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लेकर कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों, फिल्मी सितारों और खेल जगत, उद्योग जगत की हस्तियों तक ने संगम में डुबकी लगाई और प्रदेश सरकार द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना की। इस महाकुंभ में नदियों के संगम के साथ ही प्राचीनता और आधुनिकता का भी संगम देखने को मिला जिसमें एआई से युक्त कैमरों, एंटी ड्रोन जैसी कई अत्याधुनिक प्रणालियों का उपयोग किया गया और मेला पुलिस को इन प्रणालियों का प्रशिक्षण दिया गया। हालांकि, यह मेला कई विवादों को लेकर भी चर्चा में रहा। जैसे, फिल्म अभिनेत्री ममता कुलकर्णी का महामंडलेश्वर बनना और उनको लेकर विवाद खड़ा होना। इसके अलावा, गंगा जल की शुद्धता को लेकर राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एनपीसीबी) की रिपोर्ट और फिर उस पर सरकार के हवाले से कई वैज्ञानिकों द्वारा गंगा जल की शुद्धता की पुष्टि करना भी चर्चा में रहा। यूपी में बनाया गया 76वां जिला हिंदुओं की मान्यता है कि ग्रह नक्षत्रों के विशेष संयोग से कुंभ और महाकुंभ में गंगा और संगम में स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। परमार्थ निकेतन आश्रम, ऋषिकेश के प्रमुख चिदानंद सरस्वती के अनुसार गुरुवार को ब्रह्म मुहूर्त शुरू होने के साथ मेला समाप्त हुआ। इस मेले के लिए एक नया जिला-महाकुंभ नगर अधिसूचित किया गया और मेला संचालन के लिए जिला मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक समेत पुलिस और प्रशासन की नियुक्ति की गई। यह प्रदेश का 76वां अस्थायी जिला है। महाकुंभ मेले में सभी 13 अखाड़ों ने तीन प्रमुख पर्वों- मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या और बसंत पंचमी पर अमृत स्नान किया। हालांकि, मौनी अमावस्या पर भगदड़ की घटना के बाद अखाड़ों का अमृत स्नान अधर में लटक गया था, लेकिन अंततः अखाड़ों के साधु संतों ने अमृत स्नान किया और बसंत पंचमी स्नान के साथ वे मेला से विदा हो गए। विपक्ष के आरोप मौनी अमावस्या को हुए हादसे को लेकर नेताओं ने सरकार पर निशाना साधना शुरू किया जिसमें पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने महाकुंभ को ‘मृत्युकुंभ’ करार दिया। हालांकि, सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इसका तगड़ा जवाब दिया। वहीं, समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर भगदड़ में मृतकों की संख्या छिपाने का आरोप लगाया। सपा समेत विपक्षी दलों ने श्रद्धालुओं की संख्या पर भी सवाल खड़ा किया, लेकिन सरकार ने 1,800 एआई कैमरों समेत 3,000 से अधिक कैमरों, ड्रोन और 60,000 कर्मचारियों के हवाले से श्रद्धालुओं की सही संख्या बताने की बात कही। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘श्रद्धालुओं की संख्या का मिलान करने के लिए एआई कैमरों के साथ ही हम रोडवेज, रेलवे और हवाईअड्डे के अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में रहे।’’ विदेशी हस्तियां भी हुईं शामिल महाकुंभ मेले में अग्निशमन विभाग ने आग की घटनाओं को रोकने में अहम भूमिका निभाई और आग लगने की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई किए जाने से जनहानि की एक भी सूचना नहीं आई। इसके अलावा, श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 37,000 पुलिसकर्मी, 14,000 होमगार्ड के जवान तैनात रहे। इसके अलावा, तीन जल पुलिस थाने, 18 जल पुलिस कंट्रोल रूम और 50 ‘वाच टावर’ स्थापित किए गए थे। महाकुंभ में आने वाले अति विशिष्ट लोगों में भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक, उद्योगपति मुकेश अंबानी और गौतम अडाणी, एप्पल के संस्थापक स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन पॉवेल, ब्रिटेन के रॉक बैंड कोल्डप्ले के क्रिस मार्टिन प्रमुख रूप से शामिल थे। 45 दिन में 10 बार महाकुंभ पहुंचे योगी सोशल मीडिया के चर्चित चेहरों में हर्षा रिछारिया, माला बेचने वाली युवती मोनालिसा भोसले और ‘आईआईटी बाबा’ के नाम … Read more

कार्तिकेय ने अपनी मंगेतर अमानत बंसल के साथ वाराणसी में प्री-वेडिंग शूट करवाया

 भोपाल मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बड़े बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान विवाह के बंधन में बधने वाले हैं. इससे पहले कार्तिकेय ने अपनी मंगेतर अमानत बंसल के साथ वाराणसी में प्री-वेडिंग शूट करवाया. प्री-वेडिंग शूट का वीडियो खुद अमानत के पिता अनुपम बंसल ने सोशल मीडिया पर शेयर किया है. कार्तिकेय सिंह चौहान का रिश्ता बिजनेसमैन अनुपम बंसल की बेटी अमानत बंसल से तय हुआ है. राजस्थान के रहने वाले अमानत बंसल के पिता अनुपम बंसल फेमस शूज कंपनी Liberty के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं और मां रुचिता बंसल कन्फेडरेशन ऑफ विमन एंटरप्रेन्योर्स ऑफ इंडिया के हरियाणा चैप्टर की फाउंडर हैं. छोटे भाई, पिता, मंगेतर और मां के साथ कार्तिकेय चौहान. अमानत ने हाल ही में लंदन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से साइकोलॉजी में M.Sc की पढ़ाई पूरी की है. बात करें कार्तिकेय की तो वह पिता की तरह ही राजनीति में सक्रिय हैं. बताया जाता है कि शिवराज सिंह के राजनीतिक उत्तराधिकारी भी हैं. वह अपने पिता के लिए 2013 से चुनाव प्रचार करते आ रहे हैं.   शिवराज के घर में शुरू हुईं विवाह की रस्में. शिवराज सिंह चौहान के परिवार में पत्नी साधना सिंह और 2 बेटे हैं. बड़े बेटे का नाम कार्तिकेय और छोटे बेटे का नाम कुणाल है. कुणाल राजनीति से दूर रहते हैं और विदिशा में मेसर्स सुंदर फूड्स एंड डेयरी का कामकाज देखते हैं. कुछ दिनों ही पहले ही कुणाल सिंह चौहान का विवाह समारोह संपन्न हुआ है. कुणाल का विवाह भोपाल के रहने वाले डॉक्टर इंद्रमल जैन की पोती रिद्धि जैन से हुआ है. रिद्धि के पिता का नाम संदीप जैन है. शिवराज सिंह चौहान 4 बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं. ‘मामा’ के नाम से मशहूर 65 वर्षीय नेता मोदी सरकार में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री हैं. शिवराज सिंह 2005 से 2018 तक और फिर 2020 से 2023 तक MP के सबसे लंबे वक्त तक मुख्यमंत्री बने रहने का रिकॉर्ड बनाया था. इसके अलावा, वे 5 बार संसद सदस्य रहने के साथ-साथ भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, संसदीय बोर्ड और बीजेपी के केंद्रीय चुनाव समिति के सदस्य भी रह चुके हैं. इस बार के विधानसभा चुनावों में पार्टी ने उनके नेतृत्व में जीत दर्ज की. हालांकि, इस बार उनकी जगह मोहन यादव को पार्टी ने MP का मुख्यमंत्री बनाया.     

फखर जमन को लेकर खबरें हैं कि वह वनडे फॉर्मेट से रिटायरमेंट लेने की प्लानिंग कर रहे, इन खबरों को झूठा बताते हुए तोड़ी चुप्पी

नई दिल्ली चोट के चलते चैंपियंस ट्रॉफी 2025 से बाहर हुए फखर जमन को लेकर खबरें हैं कि वह वनडे फॉर्मेट से रिटायरमेंट लेने की प्लानिंग कर रहे हैं। हालांकि इन खबरों को झूठा बताते हुए पाकिस्तान के ओपनर ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। फखर जमन का चयन चैंपियंस ट्रॉफी के लिए पाकिस्तान के स्क्वॉड में हुआ था। न्यूजीलैंड के खिलाफ ओपनिंग मुकाबले में ही वह फील्डिंग करते समय चोटिल हो गए थे, हालांकि बाद में वह बैटिंग करने जरूर आए मगर वह आगे के मैचों के लिए फिटन हीं थे जिस वजह से उन्हें टूर्नामेंट से ही बाहर होना पड़ा। फखर जमन को पाकिस्तान के स्क्वॉड में इमाम उल हक ने रिप्लेस किया था। ईएसपीएनक्रिकइन्फो के अनुसार फखर जमन ने पीसीबी डिजिटल से बात करते हुए कहा, “मैंने इस बारे में संन्यास की अफवाहों बहुत सुना है और मेरे दोस्तों ने भी मुझे इसके बारे में मैसेज भेजे हैं, लेकिन इसमें कुछ भी सच नहीं है। वनडे फॉर्मेट मेरा पसंदीदा फॉर्मेट है। हां, मेरे थायरॉयड के कारण, मुझे इसमें वापस आने में अधिक समय लग सकता है। लेकिन मैं टी20, वनडे और यहां तक ​​कि टेस्ट भी फिर से खेलना चाहता हूं। जहां तक ​​मेरी वापसी का सवाल है, मैंने डॉक्टर से बात की है और मैं एक महीने के भीतर फिर से क्रिकेट खेलना शुरू कर सकता हूं।” फखर ने पिछले साल जून में अमेरिका और वेस्टइंडीज में हुए 2024 टी20 वर्ल्ड कप के बाद से कोई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेला था, जहां पाकिस्तान ग्रुप स्टेज में ही बाहर हो गया था। उन्होंने आखिरी बार 2023 वनडे वर्ल्ड कप में वनडे खेला था, वहां भी टीम नॉकआउट से पहले बाहर हो गई थी। चैंपियंस ट्रॉफी में भी टीम का रहा खराब प्रदर्शन मोहम्मद रिजवान की अगुवाई में पाकिस्तान क्रिकेट टीम का चैंपियंस ट्रॉफी में भी प्रदर्शन निराशाजनक रहा। ओपनिंग मुकाबले में मेजबान टीम को न्यूजीलैंड के हाथों हार का सामना करना पड़ा, इसके बाद दूसरे मुकाबले में भारत ने उन्हें धूल चटाई। लगातार दो मैच हारते ही पाकिस्तान चैंपियंस ट्रॉफी से बाहर हो गया है।

सचिन तेंदुलकर ने चैंपियंस ट्रॉफी में इंग्लैंड पर जीत के लिए अफगानिस्तान क्रिकेट टीम की प्रशंसा की

नई दिल्ली क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले पूर्व भारतीय बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने चैंपियंस ट्रॉफी में इंग्लैंड पर आठ रन की शानदार जीत के लिए अफगानिस्तान क्रिकेट टीम की प्रशंसा की। सचिन तेंदुलकर ने ये भी कहा कि अफगानिस्तान की इस जीत को अब उलटफेर नहीं कहा जा सकता। अफगानिस्तान ने वर्ल्ड कप 2023 में भी इंग्लैंड की टीम को मात दी थी। अफगानिस्तान ने बुधवार को लाहौर में पहले बल्लेबाजी करते हुए सलामी बल्लेबाज इब्राहिम जादरान की 146 गेंद में 177 रन की शानदार पारी की बदौलत सात विकेट पर 325 रन बनाए और फिर अजमतुल्लाह उमरजई (58 रन रर पांच विकेट) की धारदार गेंदबाजी से इंग्लैंड को 317 रन पर रोककर सेमीफाइनल में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को जीवंत रखा। सचिन तेंदुलकर ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘अफगानिस्तान का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लगातार आगे बढ़ना प्रेरणादायक रहा है! आप अब उनकी जीत को उलटफेर नहीं कह सकते, उन्होंने इसे अब आदत बना लिया है। इब्राहिम जादरान के शानदार शतक और अजमतुल्लाह उमरजई के बेहतरीन पांच विकेट ने अफगानिस्तान के लिए एक और यादगार जीत सुनिश्चित की। बहुत बढ़िया खेली अफगानिस्तान की टीम!’’ अफगानिस्तान की प्रशंसा करते हुए भारत के पूर्व कोच रवि शास्त्री ने उपमहाद्वीप की परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन करने में असमर्थता के लिए इंग्लैंड की आलोचना की। शास्त्री ने लिखा, ‘‘अफगानिस्तान। आप लोग कमाल करते हैं। कमाल कर दिया। इंग्लैंड के लिए। उपमहाद्वीप में खेलने को बिना किसी बहाने के गंभीरता से लें। केवल तभी आप एक ऐसी टीम के रूप में पहचाने जाएंगे जो दौरा करने में अच्छी है।’’ विश्व कप 2023 के दौरान अफगानिस्तान के साथ मेंटर (मार्गदर्शक) के रूप में काम करने वाले पूर्व भारतीय क्रिकेटर अजय जडेजा ने भी सोशल मीडिया पर टीम को बधाई दी। जडेजा ने लिखा, ‘‘अफगानिस्तान के प्रशंसक इस जीत के हकदार हैं, क्योंकि वे दुनिया भर में सबसे अधिक जुनूनी और विनम्र क्रिकेट प्रशंसक हैं।’’ पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने उम्मीद जताई कि अफगानिस्तान की टीम सेमीफाइनल से आगे जाएगी। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने भी अफगानिस्तान के प्रदर्शन की प्रशंसा करते हुए कहा कि इंग्लैंड की टीम अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाई। वॉन ने लिखा, ‘‘अफगानिस्तान का शानदार प्रदर्शन.. पूरी तरह से जीत के हकदार.. इंग्लैंड ने पिछले कुछ वर्षों से सफेद गेंद से अच्छा क्रिकेट नहीं खेला है.. इन परिस्थितियों में यह परिणाम आश्चर्यजनक नहीं है।’’ अफगानिस्तान की टीम को सेमीफाइनल में प्रवेश करने के लिए अपने अंतिम मैच में ऑस्ट्रेलिया को मात देनी होगी। अगर टीम किसी भी अंतर से उस मैच को जीत जाती है तो आसानी से टॉप 4 में प्रवेश कर जाएगी। अगर अफगानिस्तान की टीम ऑस्ट्रेलिया को हराने में सक्षम नहीं होती है तो फिर टीम का आगे का सफर तय करना असंभव होगा, क्योंकि सिर्फ दो ही पॉइंट अभी अफगानिस्तान के खाते में हैं। पहले मैच में उनको साउथ अफ्रीका से हार मिली थी।

रायगढ़ : कच्चे माल, उत्पाद और अपशिष्ट परिवहन के दौरान पर्यावरणीय सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई

रायपुर रायगढ़ जिले में कच्चे माल, उत्पाद और अपशिष्ट परिवहन के दौरान पर्यावरणीय सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर कार्तिकेया गोयल के निर्देश पर गठित संयुक्त जांच दल द्वारा बीते सप्ताह की गई निरीक्षण कार्रवाई में 14 उद्योगों पर कुल 10.51 लाख रुपये का पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति शुल्क अधिरोपित किया गया है। क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी अंकुर साहू ने बताया कि 15 से 21 फरवरी 2025 के दौरान गठित जिला स्तरीय जांच कमेटी ने चंद्रपुर, कोडातराई, हमीरपुर, ढिमरापुर, तमनार, घरघोड़ा और पलगढ़ा सहित विभिन्न क्षेत्रों में कच्चे माल, उत्पाद और अपशिष्ट परिवहन करने वाले वाहनों की सघन जांच की। इस दौरान कई वाहन बिना तारपोलिन कवर के खुले में कच्चा माल परिवहन करते पाए गए, जिससे पर्यावरणीय प्रदूषण फैलने की आशंका बढ़ गई। इसके अलावा, कुछ वाहनों में 5 सेमी. फ्री बोर्ड स्पेस का अभाव था, जिससे सामग्री गिरने का खतरा था। कई वाहनों पर संबंधित नोडल अधिकारी का नाम अंकित नहीं था, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।

राजिम कुंभ छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक समरसता का महापर्व : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के प्रयागराज कहे जाने वाले राजिम में आयोजित कुंभ कल्प के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि राजिम  कुंभ कल्प आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प का आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक समरसता का महापर्व है। यहाँ माघ पूर्णिमा से लेकर महाशिवरात्रि तक हजारों श्रद्धालु संगम में पुण्य स्नान करते हैं और संत महात्माओं का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। उन्होंने कहा कि राजिम कुंभ कल्प को भव्यता प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार ने हर संभव प्रयास किए हैं। इस आयोजन से राज्य की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को नई पहचान मिल रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  हमारी सरकार ने राजिम कुंभ कल्प की भव्यता को पुनः स्थापित किया है और इसे और भी भव्य स्वरूप देने के लिए संकल्पबद्ध है। मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2005 में राजिम कुंभ कल्प की शुरुआत हुई थी, जिसे छत्तीसगढ़ की जनता का आशीर्वाद और संतों का सान्निध्य निरंतर मिलता रहा है। उन्होंने उल्लेख किया कि पिछले कुछ वर्षों में इस आयोजन में कुछ बाधाएँ आई थीं, लेकिन छत्तीसगढ़ की जनता ने 2023 में पुनः आशीर्वाद देकर सरकार को सशक्त बनाया, जिससे यह महाकुंभ अपने परंपरागत स्वरूप में लौटा। उन्होंने कहा कि अब 54 एकड़ भूमि में इस मेले का आयोजन किया जा रहा है, जिससे इसकी भव्यता और व्यवस्थाओं में विस्तार हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार इस आयोजन को और अधिक सुसंगठित और भव्य बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। श्रीरामलला दर्शन योजना – श्रद्धालुओं के लिए ऐतिहासिक पहल मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भगवान श्रीराम के ननिहाल में बसे रामभक्तों की श्रद्धा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने ‘अयोध्या धाम श्रीरामलला दर्शन योजना’ शुरू की है। इस योजना के अंतर्गत अब तक 20,000 से अधिक श्रद्धालु अयोध्या धाम और काशी विश्वनाथ के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि पाँच सौ वर्षों के संघर्ष के बाद अयोध्या में श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई। यह हम सबके लिए गौरव का क्षण है। छत्तीसगढ़ की कृषि समृद्धि – किसानों को सशक्त बना रही सरकार मुख्यमंत्री साय ने कहा  कि छत्तीसगढ़ में कृषि क्षेत्र में निरंतर प्रगति हो रही है। पिछले वर्ष 145 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की गई थी, जबकि इस वर्ष 149 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीदा गया है। सरकार ने 3100 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदने का वादा किया था, जिसे पूरा किया गया है। किसानों को उनकी फसल का अंतर भुगतान एक सप्ताह के भीतर सीधे खातों में जमा कराया गया है। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि हाल ही में प्रयागराज महाकुंभ में 144 वर्षों बाद 70 करोड़ श्रद्धालुओं ने स्नान किया, जो भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक शक्ति को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ भी अपने आध्यात्मिक आयोजन को इसी स्तर पर पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयास करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा  कि उत्तर प्रदेश सरकार से समन्वय कर छत्तीसगढ़ को प्रयागराज में साढ़े चार एकड़ भूमि प्राप्त हुई, जहाँ छत्तीसगढ़ पवेलियन का निर्माण किया गया। इस पहल के तहत 25,000 से अधिक श्रद्धालुओं को वहाँ भोजन, आवास और आध्यात्मिक सेवाएँ निशुल्क प्रदान की गईं। उन्होंने कहा कि यह प्रयास छत्तीसगढ़ की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। संस्कृति और लोककला को बढ़ावा देने के लिए प्रयास मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प में राष्ट्रीय और आंचलिक कलाकारों की प्रस्तुतियों ने इस आयोजन को और भी भव्य बनाया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प मेला-स्थल को और अधिक सुविधाजनक और व्यवस्थित बनाया जा रहा है। सरकार आने वाले वर्षों में मेला क्षेत्र के विस्तार और बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान देगी। उन्होंने कहा कि राजिम कुंभ कल्प हमारी आस्था, संस्कृति और सामाजिक समरसता का पर्व है। यह आयोजन हमें अपनी जड़ों से जोड़ता है और हमारी सनातन संस्कृति को जीवंत बनाए रखता है। इस अवसर पर खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने अपने उद्बोधन में कहा कि राजिम कुंभ हमारी सांस्कृतिक धरोहर है, जिसका संरक्षण और विकास आवश्यक है। वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि हम सभी को इस पावन अवसर पर संकल्प करना चाहिए कि जलस्रोतों और पावन नदियों के प्रति श्रद्धाभाव रखते हुए जलस्रोतों को प्रदूषण से बचाएं। इस अवसर पर कुरूद विधायक अजय चंद्राकर, राजिम विधायक रोहित साहू, बसना विधायक संपत अग्रवाल, अभनपुर विधायक इंद्र कुमार साहू, पूर्व सांसद चंदूलाल साहू, रामप्रताप सिंह, धर्मस्व विभाग के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, रायपुर आयुक्त महादेव कावरे, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के एमडी विवेक आचार्य, गरियाबंद कलेक्टर दीपक कुमार अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में साधु संत गण एवं श्रद्धालुजन उपस्थित थे।

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