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अफगानिस्तान-इंग्लैंड ने की रनों की बरसात, मिलकर ठोके 642 रन, 8 रन से मिली हार और बने ये रिकॉर्ड्स

नई दिल्ली चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का सबसे बड़ा उलटफेर फैंस को बुधवार, 26 फरवरी की रात देखने को मिला जब अफगानिस्तान ने इंग्लैंड को पटखनी दी। टूर्नामेंट के 8वें मुकाबले को अफगानिस्तान ने ना सिर्फ 8 रनों सी जीता बल्कि इंग्लिश टीम को बाहर का रास्ता भी दिखाया। इस मुकाबले के दौरान कई रिकॉर्ड बने और दोनों टीमों ने मिलकर बल्ले से ऐसी धूम मचाई। अफगानिस्तान ने पहले बैटिंग करते हुए निर्धारित 50 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 325 रन बोर्ड पर लगाए थे, जिसके जवाब में इंग्लैंड की टीम 8 रन ही पीछे रह गई थी। इंग्लिश टीम 49.5 ओवर में 317 रन पर ही सिमट गई थी। अफगानिस्तान और इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने इस मुकाबले में धूम मचाई। दोनों टीमों ने मिलकर कुल 642 रन बोर्ड पर लगाए और भारत का एक रिकॉर्ड तोड़ा। चैंपियंस ट्रॉफी में भारत और साउथ अफ्रीका ने 2013 चैंपियंस ट्रॉफी में मिलकर 636 रन बनाए थे। बता दें, चैंपियंस ट्रॉफी में एक ही मैच में दोनों टीमों द्वारा बनाया गया हाईएस्ट स्कोर भी इसी संस्करण में बना था जब इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया दोनों ने 350 रन आंकड़ा पार किया था। तब दोनों टीमों ने मिलकर 707 रन बनाए थो जो एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है। 707 इंग्लैंड (351/8) वर्सेस ऑस्ट्रेलिया (356/5) लाहौर 2025 643 भारत (321/6) वर्सेस श्रीलंका (322/3) द ओवल 2017 642 अफगानिस्तान (325/7) वर्सेस इंग्लैंड (317) लाहौर 2025 636 भारत (331/7) वर्सेस साउथ अफ्रीका (305) कार्डिफ 2013 चैंपियंस ट्रॉफी की दूसरी सबसे छोटी जीत अफगानिस्तान की 8 रनों की जीत चैंपियंस ट्रॉफी के इतिहास की दूसरी सबसे छोटी जीत है। इस लिस्ट में पहले पायदान पर भारत है। टीम इंडिया 2013 के फाइनल में इंग्लैंड को मात्र 5 रनों से हराया था। 5 रन- भारत बनाम इंग्लैंड एजबेस्टन 2013 8 रन- अफगानिस्तान बनाम इंग्लैंड लाहौर 2025 10 रन- भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका कोलंबो आरपीएस 2002 10 रन- वेस्टइंडीज बनाम ऑस्ट्रेलिया मुंबई बीएस 2006 10 रन- इंग्लैंड बनाम न्यूजीलैंड कार्डिफ 2013

UNHRC की बैठक में भारत ने पाकिस्तान की खोल दी पोल

जिनेवा भारत ने स्विट्जरलैंड के जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) की बैठक में पाकिस्तान को जमकर फटकार लगाई. पाकिस्तान की ओर से यूएन में एक बार फिर कश्मीर का मुद्दा उठाए जाने पर भारत ने आईना भी दिखाया. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 58वें सत्र की सातवीं बैठक में भारत के प्रतिनिधि क्षितिज त्यागी ने कहा कि भारत, पाकिस्तान की ओर से किए गए निराधार और दुर्भावनापूर्ण संदर्भों का जवाब देने के लिए अपने अधिकार का प्रयोग कर रहा है. यह देखना दुखद है कि पाकिस्तान के तथाकथित नेता और प्रतिनिधि कश्मीर को लेकर झूठ धड़ल्ले से फैला रहे हैं. पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय नियमों का मखौल उड़ा रहा है. जम्मू एवं कश्मीर और लद्दाख हमेशा भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग बना रहेगा. उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में जम्मू कश्मीर में हुई अभूतपूर्व राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक प्रगति अपने आप में बहुत कुछ कहती है. ये सफलताएं सरकार की उस प्रतिबद्धता में लोगों के विश्वास का प्रमाण हैं जो दशकों से पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद से प्रभावित क्षेत्र में हालात सामान्य करने में जुटी है. उन्होंने कहा कि एक ऐसे देश (पाकिस्तान) के रूप में जहां मानवाधिकारों का हनन, अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न और लोकतांत्रिक मूल्यों का पतन उसकी नीतियों का हिस्सा है और जो धड़ल्ले से संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित आतंकवादियों को पनाह देता है, ऐसे में वह किसी को भी उपदेश देने की स्थिति में नहीं है. इसकी बयानबाजी से पाखंड और शासन में अक्षमता की बू आती है. इन्हें भारत पर ध्यान देने के बजाए पाकिस्तान को अपने लोगों पर ध्यान देने की जरूरत है. यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस परिषद का समय एक असफल राष्ट्र द्वारा बर्बाद किया जा रहा है जो खुद अस्थिरता से जूझ रहा है. जबकि भारत का ध्यान लोकतंत्र, विकास और अपने लोगों का सम्मान सुनिश्चित करने पर है. ये ऐसे मूल्य हैं, जिनसे पाकिस्तान को कुछ सीखना चाहिए. बता दें कि संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान सरकार के प्रतिनिधि आजम नजीर तरार ने कहा था कि कश्मीर में मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है जो संयुक्त राष्ट्र के चार्टर और अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है.  

यूनियन कार्बाइड कचरा जलाने के मामले में, हाईकोर्ट के निर्देश पर ट्रायल शुरू

भोपाल  पीथमपुर में ही यूका का कचरा जलाया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दखल देने से इनकार कर दिया है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद विशेषज्ञों की निगरानी में यूका का कचरा पीथमपुर में जलाने का फैसला लिया गया था। इसे लेकर विरोध हो रहा था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में रोक लगाने की मांग को लेकर याचिका लगाई गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि वह यूनियन कार्बाइड प्लांट में कचरे के निपटान से संबंधित मामले में हस्तक्षेप नहीं करेगा, क्योंकि इस मामले की निगरानी पहले से ही मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय कर रहा है। याचिका खारिज मामले में जस्टिस बी. आर. गवई और ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह ने सुनवाई की है। साथ ही याचिका खारिज हो गई है। इस पूरे मामले को अब एमपी हाईकोर्ट ही देखेगी। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद पीथमपुर के इंडस्ट्रियल एरिया में गुरुवार से कचरा को जलाए जाना था। सुप्रीम राहत मिलने के बाद कंपनी अब इस दिशा में आगे बढ़ेगी। दरअसल, यूका कचरा को लेकर स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे उन पर असर पड़ेगा। इसे लेकर स्थानीय लेवल पर विरोध प्रदर्शन भी हुआ था। हालांकि कंपनी और सरकार का कहना था कि इससे कोई नुकसान है। सभी प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है। एक्सपर्ट की अनुमति के बाद ही यह फैसला लिया गया है। कंपनी ने भी कहा कि हमारे सारे कर्मचारी वहीं रह रहे हैं। उन्हें कोई नुकसान नहीं है। ये है हाईकोर्ट का आदेश मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भोपाल गैस त्रासदी के जहरीले कचरे के निपटान के लिए ट्रायल रन को मंजूरी दे दी है। इसमें 30 मीट्रिक टन कचरा जलाया जाएगा। यह काम तीन चरणों में होगा। पहले चरण में 135 किलो कचरा प्रति घंटा जलाया जाएगा। दूसरे में 180 किलो और तीसरे में 270 किलो प्रति घंटा कचरा जलाया जाएगा। मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत और न्यायमूर्ति विवेक जैन की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई की थी।

चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी, इब्राहिम जादरान ने लगाई लंबी छलांग

नई दिल्ली चैंपियंस ट्रॉफी 2025 लीग स्टेज के 12 में से 8 मुकाबले खेले जा चुके हैं और हर मुकाबले के बाद लगातार सबसे ज्यादा रन और सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में बदलाव हो रहे हैं। अफगानिस्तान और इंग्लैंड के बीच खेले गए टूर्नामेंट के 8वें मुकाबले के बाद भी इस लिस्ट में कई बदलाव देखे गए। अफगानिस्तान की ओर से इब्राहिम जादरान ने तो इंग्लैंड के लिए जो रूट ने शतक ठोका। इन शतकों के दम पर यह दोनों बल्लेबाज टॉप-5 में अपनी जगह बनाने में कामयाब रहे हैं। बता दें, इस लिस्ट में एक भारतीय भी मौजूद हैं। चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले टॉप-5 बल्लेबाजों की करें तो इस लिस्ट में इंग्लैंड के बैन डेकट 203 रनों के साथ पहले पायदान पर हैं। उनके अलावा अभी तक किसी बल्लेबाज ने 200 रन का आंकड़ा नहीं छूआ है। डकेट का औसत फिलहाल इस टूर्नामेंट में 101.50 का है। वहीं इंग्लैंड के खिलाफ 177 रनों की धुआंधार पारी खेलने वाले इब्राहिम जादरान कुल 194 रनों के साथ लिस्ट में दूसरे पायदान पर पहुंच गए हैं और जो रूट 188 रनों के साथ तीसरे पायदान पर हैं। टॉप-5 में इनके अलावा न्यूजीलैंड के टॉम लैथम और भारत के शुभमन गिल हैं। चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज- प्लेयर           इनिंग    रन    औसत    स्ट्राइक रेट बेन डकेट             2        203    101.5    107.98 जादरान             2      194    97    110.86 जो रूट            2      188    94    99.47 टॉम लैथम    2      173    173    96.11 शुभमन गिल    2      147    147    81.22 बात चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में सबसे ज्यादा विकेट चटकाने वाले गेंदबाजों की करें तो, अफगानिस्तान के अजमतुल्लाह उमरजई ने इंग्लैंड के खिलाफ पंजा खोल बाजी मार ली है। वह अब इस लिस्ट में कुल 6 विकेट के साथ पहले पायदान पर पहुंच गए हैं। टॉप-5 गेंदों में अजमतुल्लाह उमरजई के अलावा दो न्यूजीलैंड के तो दो भारतीय गेंदबाज हैं। चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज- प्लेयर                        इनिंग    विकेट    औसत अजमतुल्लाह उमरजई    2    6    16.17 माइकल ब्रेसवेल           2    5    12.8 विलियम ओ’रूर्के           2    5    19 मोहम्मद शमी                   2    5    19.2 हर्षित राणा                   2    4    15.25

मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री शेखावत ने विक्रमोत्सव एवं विक्रम व्यापार मेले का किया शुभारंभ

उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महाशिवरात्रि के महापर्व पर राजाधिराज भगवान महाकाल को दंडवत प्रणाम करते हुए कहा कि उज्जैन के आदर्श नायक सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन की तरह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत वर्ष अपने अमृत काल में प्रवेश कर रहा है। भारत की धरती के महानायक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वीर दुर्गादास राठौर को भी उन्होंने प्रणाम किया। उन्होंने कहा कि हमारी धरती वीरों की धरती है। उज्जयिनी का हमेशा देश के नायकों में विशिष्ट स्थान रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह बात दशहरा मैदान, उज्जैन में विक्रमोत्सव-2025 के शुभारंभ अवसर पर कही।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य आदर्श व्यवस्था के पर्याय हैं। जब-जब सुशासन, धर्म, न्याय और कर्म की बात होती है, सम्राट विक्रमादित्य को स्मरण किया जाता है। अदम्य वीरता के साथ ही साथ महाराजा विक्रमादित्य अपने श्रेष्ठ शासन-प्रशासन के लिए विख्यात रहे हैं। महाराजा विक्रमादित्य ने अपनी संगठन शक्ति और शौर्य से विदेशी बर्बर आक्रान्ताओं जैसे शक, हूण, कुषाण अक्रांताओं को पराजित कर उनका समूल नाश किया। सम्राट विक्रमादित्य ने भारत वर्ष में विक्रम संवत की शुरूआत की और भारतीय काल गणना को विश्व स्तर पर प्रतिष्ठित किया।   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम भारतवंशी, विगत 2081 वर्षों से निरंतर विक्रम सम्वत् को अपनाए हुए हैं। सम्राट विक्रमादित्य और उनके नाम से चल रहे विक्रम संवत् की जैसी लोक ख्याति है, वैसी किसी दूसरे राजा या सम्वत्सर की नहीं है। सम्राट विक्रमादित्य की नवरत्न परंपरा आज तक हमारी स्मृतियों में है। कालिदास, वराहमिहिर, शंकु, क्षपणक, अमर सिंह, वररुचि, धनवंतरि, वेताल भट्ट, घटखर्पर जैसे श्रेष्ठ साहित्यकार, वैज्ञानिक और योद्धाओं के सहयोग और परामर्श से उन्होंने भारत की श्रेष्ठतम न्याय प्रणाली की स्थापना की। विक्रमादित्य हमारे लोकसिद्ध, कालसिद्ध जननायक हैं। ऐसे सम्राट जिनका नाम पदनाम बन गया। ऐसे नायक जिनकी गाथा विक्रम चरित्र, कालक-कथा, सिंहासन बत्तीसी, प्रबंध चिंतामणि जैसे ग्रंथों में मिलती है। देश के अनेक स्थानों पर सम्राट विक्रमादित्य ने मंदिरों का निर्माण और पुनर्निर्माण करवाया था।   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य ने शासन, प्रशासन, न्याय, अध्यात्म और कर्म प्रधानता के जो ऊंचे मापदंड स्थापित किए हैं, हमारे प्रधानमंत्री मोदी भी उसी मार्ग का अनुसरण कर रहे हैं। महाकाल महालोक, काशी विश्वनाथ का कारिडोर, केदारनाथ के साथ 500 वर्षों की प्रतीक्षा के बाद भगवान रामलला का उनके मंदिर में विराजित होना, प्रधानमंत्री मोदी के काल में ही संभव हो सका। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष-2028 में कुम्भ का आयोजन उज्जैन में होना है, हम वृहद स्तर पर सिंहस्थ-2028 की तैयारियों में अभी से जुट गए हैं। सिंहस्थ-2028 की तैयारी में जुटी मध्यप्रदेश सरकार भी दुनिया को प्रयागराज की तरह ही भव्यता और दिव्यता का अनुभव दे पाएं, ये सुनिश्चित करने के लिए हमने टास्क फोर्स का गठन किया है। सिंहस्थ-2028 की कार्य योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। हमने संकल्प लिया है कि सिंहस्थ में श्रद्धालु माँ क्षिप्रा के जल से ही स्नान करें। बाबा महाकाल के आशीर्वाद से सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी और कान्ह क्लोज डक्ट परियोजनाओं से यह संकल्प पूरा होने जा रहा है। यह उज्जैन के इतिहास में अविस्मरणीय होगा। सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना के अंतर्गत वर्षा ऋतु में क्षिप्रा नदी के जल को सिलारखेड़ी जलाशय में एकत्र किया जाएगा और फिर आवश्यकतानुसार इसे वापस क्षिप्रा नदी में प्रवाहित किया जाएगा। इससे क्षिप्रा नदी निरंतर प्रवाहित होगी। क्षिप्रा शुद्धिकरण का संकल्प पूरा करने के उद्देश्य से कान्ह क्लोज डक्ट परियोजना का कार्य चल रहा है। ये सभी परियोजनाएं क्षिप्रा नदी के जल प्रबंधन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इनसे नदी के जल स्तर को बनाए रखने और उसे प्रदूषण से बचाने में मदद मिलेगी। इन प्रयासों से श्रद्धालु माँ क्षिप्रा में ही आस्था की डुबकी लगाएंगे।   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 के लिए तेजी से नई अधोसंरचनाएं विकसित की जा रही हैं। हाल ही मे उज्जैन में अशोक पुल का लोकार्पण किया गया है। 778 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से क्षिप्रा नदी के तट पर 29 किमी लंबे घाटों का निर्माण करवाया जा रहा है। इंदौर और उज्जैन के मध्य मेट्रो रेल भी चलाई जाएगी। बाबा महाकाल की धरती को नमन : केन्द्रीय मंत्री शेखावत केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि पद्मआनंद मणि, महाशिवरात्रि एवं विक्रम महोत्सव के शुभारंभ के अवसर पर बाबा महाकाल के चरणों में नमन। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2025 का सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। महाकाल भगवान की उज्जैन की यह धरती ने अनादिकाल से भारत और संस्कृति को नए आयाम दिया है। उन्होंने कहा कि वे इस धरती को नमन करते हुए अभिभूत हैं। जिम्बाब्वे के उप मंत्री को किया सम्मानित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विक्रमोत्सव-2025 में पधारे जिम्बाब्वे के उद्योग एवं कॉमर्स उप मंत्री एम.के. मोदी का सम्मान किया। जिम्बाब्वे के उप मंत्री मोदी ने कहा कि इस धरती पर आकर में धन्य हो गया। यहां मिले प्यार और सम्मान पाकर अभिभूत हूँ। भारत की धरा के संस्कार महान है। विक्रमोत्सव-2025 की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। इस अवसर पर विक्रम व्यापार मेला का भी शुभारंभ किया गया। शुभारंभ अवसर पर गायक हंसराज रघुवंशी द्वारा भजनों की प्रस्तुति दी गई। हंसराज रघुवंशी एक प्रख्यात भारतीय भजन गायक, लेखक और संगीतकार हैं, जिन्हें विशेष रूप से भगवान शिव के भजनों के लिए जाना जाता है। पद्मसे सम्मानित आनंदन शिवमणि द्वारा भी कार्यक्रम में सांगीतिक प्रस्तुति दी गई। प्रदेश के सभी प्रमुख 51 महाशिवरात्रि मेलों समारोह, सिंहस्थ-2028 की रूपरेखा का लोकार्पण भी किया गया, साथ ही सायंकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम में शिवोsम-अनहद, शिवादल, भोपाल ने भी प्रस्तुति दी। इसी क्रम में विक्रम व्यापार मेला, वस्त्रोद्योग, हाथकरघा उपकरणों की प्रदर्शनी आदि शिल्प अंतर्गत जनजातीय शिल्प, पारम्परिक व्यंजन एवं जनजातीय परंपरागत चिकित्सा शिविर का भी आयोजन हुआ। कार्यक्रम में विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, संजय अग्रवाल, राजेश कुशवाह, राजेश सोलंकी, राजेंद्र भारती,श्रीराम तिवारी आदि उपस्थित रहे।  

सड़क मार्ग से परीक्षा सामग्री की सुरक्षित आपूर्ति सिर्फ एक प्रशासनिक सफलता नहीं, बल्कि यह बस्तर में बढ़ती सुरक्षा और शांति की झलक

रायपुर छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापना और सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती का एक और सकारात्मक पहलू देखने को मिला है। जहां पहले नक्सली खतरे के कारण जगरगुंडा जैसे अति संवेदनशील परीक्षा केंद्रों में हेलीकॉप्टर के माध्यम से बोर्ड परीक्षा की गोपनीय सामग्री भेजी जाती थी, वहीं इस बार पहली बार सड़क मार्ग से यह सामग्री सुरक्षित रूप से पहुँचाई गई। सड़क मार्ग से परीक्षा सामग्री की सुरक्षित आपूर्ति सिर्फ एक प्रशासनिक सफलता नहीं, बल्कि यह बस्तर में बढ़ती सुरक्षा और शांति की झलक है। यह सिर्फ परीक्षा सामग्री पहुँचने की बात नहीं, बल्कि बस्तर अंचल में सुरक्षा और विश्वास की एक नई सुबह की दस्तक है।     छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा मार्च के पहले सप्ताह से आयोजित होने वाली बोर्ड परीक्षाओं के लिए 18 परीक्षा केंद्रों में गोपनीय सामग्री भेजी गई। इनमें से 15 केंद्र संवेदनशील और 3 अति संवेदनशील घोषित किए गए थे। बावजूद इसके, प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर इतने आत्मविश्वास और नियंत्रण की स्थिति बनी कि पहली बार जगरगुंडा तक सड़क मार्ग से परीक्षा सामग्री भेजी गई। बस्तर के सुदूर इलाकों में वर्षों तक नक्सली गतिविधियाँ बड़ी चुनौती बनी रहीं। लेकिन शासन-प्रशासन और सुरक्षा बलों के सतत प्रयासों से अब हालात तेजी से बदल रहे हैं। पहले जहाँ नक्सली खतरे के चलते जगरगुंडा में हवाई मार्ग से ही आवश्यक सामग्रियाँ भेजनी पड़ती थीं, वहीं अब सड़क मार्ग से सामग्री का सुरक्षित पहुँचाना इस बात का प्रमाण है कि इलाके में कानून व्यवस्था सुदृढ़ हो रही है। पुलिस और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से सड़कों का विस्तार, सुरक्षा बलों की तैनाती और विकास कार्यों के चलते बस्तर अब नई राह पर आगे बढ़ रहा है। सभी 18 परीक्षा केंद्रों के लिए परीक्षा सामग्री निकटतम पुलिस थानों और चौकियों में सुरक्षित रखी गई है, जिससे परीक्षाओं को सुचारू रूप से संपन्न कराया जा सके। इस वर्ष हाई स्कूल पाकेला और हाई स्कूल तालनार को दो नए परीक्षा केंद्र के रूप में शामिल किया गया है। इस पूरे अभियान के दौरान माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर से आए अधिकारियों मोहम्मद फिरोज, नारायण नेताम, जिला शिक्षा अधिकारी जी आर मंडावी, समन्वयक केंद्र प्राचार्य पी. अनिल कुमार समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी और केंद्राध्यक्ष उपस्थित रहे।

निर्माण कार्य अपूर्ण, राशि का आहरण कर दिया भुगतान , जानकारी मांगने पर गोल, मोल जवाब दे रहा ग्राम पंचायत सचिव ।

Construction work is incomplete, amount has been withdrawn and paid, on asking for information the village panchayat secretary is giving evasive answers. हरिप्रसाद गोहेआमला। ग्रामों में युवा उभरती प्रतिभाओं के खेलों को निखारने एवं उनके खेलों को प्रोत्साहन देने क्षेत्र के जन प्रतिनिधि प्रतिबद्ध है। समय समय पर खिलाड़ियों की मांग अनुसार खेल मैदान विस्तार के लिए निधि से राशि भी स्वीकृत की जा रही है। जनप्रतिनिधियो की मंशा है की अंचल के ग्रामों से खिलाड़ी निकलकर आमला एवं देश प्रदेश का नाम रोशन कर सके लेकिन खिलाड़ियों की मंशा पर खरे नहीं उतर रहे ग्राम पंचायत सचिव वा सरपंच एवं उनकी कार्यप्रणाली जिस कारण ग्राम पंचायत नांदपुर के युवा खिलाड़ियों में गहरा आक्रोश है कारण ग्राम पंचायत नांदपुर में विधायक निधि से स्वीकृत लाखों रुपए की राशि से निर्माण किए जाने वाले वॉलीबाल खेल मैदान में सरपंच सचिव की मिलीभगत से भ्रष्टाचार किया जाना बताया जा रहा है वहीं खिलाड़ियों द्वारा किए गए निर्माण कार्य की जानकारी मांगने पर सचिव द्वारा अभद्र अभद्र व्यवहार किए जाने का मामला जनपद पंचायत आमला अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत नांदपुर में प्रकाश में आया है । खिलाड़ियों ने सौपा ज्ञापन एन वाय के वॉलीबॉल स्पोर्ट्स क्लब नांदपुर के खिलाड़ियों द्वारा ग्राउंड निर्माण कार्य पूर्ण किए बिना निर्माण कार्य हेतु स्वीकृत राशि का भुगतान करने को लेकर खिलाड़ियों द्वारा सचिव से जानकारी हेतु चर्चा के लिए ग्राम पंचायत पहुंचे तो सचिव द्वारा खिलाड़ियों के साथ जानकारी उपलब्ध कराने के संबंध में गोल-मोल जवाब दिया गया एवं खिलाड़ियों द्वारा पूछने पर खिलाड़ियों के साथ सचिव महोदय द्वारा अभद्रता पूर्ण व्यवहार किया गया जिसको लेकर खिलाड़ियों द्वारा बी.पी.ओ. संजय सावारकर को मुख्य कार्यपालिका अधिकारी बैतूल के नाम एवं अनुविभागीय अधिकारी शैलेंद्र बडोनिया को जिला कलेक्टर के नाम लिखित रूप से ज्ञापन सौंप सचिव द्वारा अभद्र व्यवहार एवं वॉलीबॉल ग्राउंड में हुए भ्रष्टाचार की जांच के संबंध में सचिव पर कार्यवाही की मांग को लेकर खिलाड़ियों ने ज्ञापन सौपा गया । वहीं खिलाड़ियों द्वारा वॉलीबॉल ग्राउंड निर्माण कार्य पूर्ण किए बिना राशि के भुगतान संबंधित समस्त दस्तावेज महोदय को ज्ञापन के साथ प्रस्तुत किया गया ।ज्ञापन सौपते समय शिव प्रसाद चौहान, दीपांशु राठौर, प्रिंस चौहान, तुषार डाडारिया, शुभम राठौर, विदित सोनपुरे, रौनक चौहान, हिमांशु राठौर, प्रवीण दुर्गेश राठौर गुलशन रहड़वे, गुलशन पटवारी रितेश चौहान कृष्ण सोनपुरे, गोविन्द चौधरी आदि मौजूद रहे। इन्होंने क्या कहाग्राम पंचायत नांदपुर का शिकायती ज्ञापन मिला है जांच करवाई जाएंगी ।संजीत श्रीवास्तव मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत आमला । वॉलीबाल निर्माण कार्य वर्तमान समय में प्रगतिरत है ।सुमेरसिह बघेल सचिव ग्राम पंचायत नांदपुर

राजिम कुंभ कल्प केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत संगम :मुख्यमंत्री साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भगवान राजीव लोचन मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री साय ने त्रिवेणी संगम में स्थित भगवान कुलेश्वरनाथ महादेव का जलाभिषेक कर छत्तीसगढ़ की उन्नति और प्रगति की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राजिम कुंभ कल्प केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत संगम है। महानदी मैया की महाआरती में हुए शामिल राजिम कुंभ कल्प के अंतर्गत आयोजित महानदी मैया की भव्य महाआरती में मुख्यमंत्री साय  मंत्रोच्चार और शंखध्वनि के मध्य विधि-विधान से शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने महानदी मैया से प्रदेश की खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, वन एवं जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप, राजिम विधायक रोहित साहू, बसना विधायक संपत अग्रवाल तथा अन्य गणमान्य नागरिक, संत महात्मा और बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित थे।

10वीं बोर्ड की परीक्षा आज से शुरू, 9.53 लाख छात्र होंगे शामिल, नकल रोकने के लिए कड़े इंतजाम, भोपाल में बने हैं 103 एग्जाम सेंटर

भोपाल मध्य प्रदेश में एमपी बोर्ड कक्षा 10वीं की परीक्षा शुरू हो रही है. परीक्षा की शुरुआत हिंदी विषय के पेपर से होगी. परीक्षा तय गाइडलाइन के अनुसार आयोजित की जा रही है. परीक्षा का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक निर्धारित किया गया है. पूरे प्रदेश में 9 लाख 53 हजार छात्र शामिल होंगे. वहीं नकल रोकने के लिए इस बार सख्त नियम भी बनाए गए हैं. वहीं परीक्षा को लेकर एमपी बोर्ड की ओर से जरूरी दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं. एक ही शिफ्ट में होगी एमपी बोर्ड परीक्षा परीक्षाएं एक ही शिफ्ट में आयोजित की जाएंगी. एग्जाम सुबह 09 बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक आयोजित होगा. बता दें कि छात्रों को परीक्षा पुस्तिकाएं सुबह 8:50 बजे दी जाएंगी, जबकि प्रश्नपत्र 8:55 बजे दिए जाएंगे. वहीं स्टूडेंट्स से दोपहर 12 बजे हल किए हुए अंसर सीट ले लिए जाएंगे. 10वीं बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए जरूरी गाइडलाइंस छात्रों के लिए परीक्षा केंद्र पर समय पर पहुंचना महत्वपूर्ण है. स्टूडेंट्स परीक्षा शुरू होने से कम से कम 30 मिनट पहले परीक्षा केंद्र पर जरूर पहुंच जाएं. इसके बाद छात्र परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं कर पाएंगे, क्योंकि केंद्र के गेट सुबह 8:45 बजे बंद कर दिए जाएंगे. परीक्षा सेंटर पर जरूर ले जाएं एडमिट कार्ड बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं के लिए एडमिट कार्ड बेहद जरूरी है. बिना प्रवेश पत्र के किसी भी छात्र को परीक्षा सेंटर में प्रवेश नहीं मिलेगा. इसलिए सभी छात्रों को परीक्षा के दिन एडमिट कार्ड साथ लेकर जाना चाहिए. इसके साथ ही छात्रों को स्कूल आईडी कार्ड भी साथ अपने साथ रखना अनिवार्य होगा. इलेक्ट्रॉनिक गैजेट पर रोक छात्र-छात्राएं मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, कैलकुलेटर, ब्लूटूथ डिवाइस या किसी भी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट को अपने परीक्षा हॉल में न जाएं. दरअसल, एमपी बोर्ड की ओर से इनकी अनुमति नहीं है. बता दें कि बोर्ड परीक्षा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर सख्त प्रतिबंध रहेगा. नकल रोकने के लिए बनाए गए सख्त नियम इस बार नकल रोकने के लिए सख्त नियम भी बनाए गए हैं. इस बार परीक्षा केंद्रों पर ‘ईमानदारी की पेटी’ नामक अनोखी पहल की गई है. मंडल द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक, प्रत्येक परीक्षा केंद्र के बाहर लोहे की एक पेटी रखी जाएगी, जिसमें छात्र अपनी स्वेच्छा से किसी भी प्रकार की नकल सामग्री, जैसे गाइड, चिट आदि डाल सकेंगे. 9.53 लाख विद्यार्थी परीक्षा में होंगे शामिल कक्षा 10वीं में लगभग 9.53 लाख विद्यार्थी परीक्षा में शामिल होंगे. इसके लिए कुल 3,887 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं.  यह परीक्षा छात्रों के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. 16 लाख से अधिक विद्यार्थी दे रहे परीक्षा इस साल हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में 9 लाख 53 हजार 777 छात्र एवं हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) परीक्षा में 7 लाख 6 हजार 475 छात्र शामिल हो रहे हैं। कुल परीक्षार्थियों की संख्या 16 लाख 60 हजार 252 है। बोर्ड परीक्षा के लिए प्रदेशभर में 3,887 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। ईमानदारी की पेटी रखी जाएगी परीक्षा केंद्रों पर इस बार परीक्षा केंद्रों पर ‘ईमानदारी की पेटी’ नामक अनोखी पहल की गई है। मंडल द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक परीक्षा केंद्र के बाहर लोहे की एक पेटी रखी जाएगी, जिसमें छात्र अपनी स्वेच्छा से किसी भी प्रकार की नकल सामग्री, जैसे गाइड, चिट आदि डाल सकेंगे। इस पेटी पर स्पष्ट रूप से लिखा होगा कि “यह पेटी स्वेच्छा से नकल सामग्री परीक्षा कक्ष में प्रवेश से पहले जमा करने के उद्देश्य से रखी गई है।” यदि कोई छात्र परीक्षा कक्ष में नकल सामग्री के साथ पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ परीक्षा अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

CG में ‘छावा’ टैक्स फ्री, CM विष्णुदेव साय ने बताया कारण

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ऐतिहासिक वीर गाथा पर आधारित हिंदी फिल्म ‘छावा’ को राज्य में  टैक्स फ्री घोषित करने की घोषणा की है। उन्होंने आज राजिम कुंभ के आयोजन उपरांत मीडिया से चर्चा के दौरान यह घोषणा की।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छावा फिल्म को टैक्स फ्री करने का निर्णय छत्तीसगढ़ की जनता को देश के गौरवशाली इतिहास से जोड़ने और युवा पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम एवं शौर्य की भावना जागृत करने के उद्देश्य से लिया गया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘छावा’ केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि ऐतिहासिक परंपराओं, वीरता और स्वाभिमान की गाथा है, जिसे हर नागरिक को देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह फिल्म युवा वर्ग को प्रेरित करेगी और छत्रपति संभाजी महाराज के शौर्य, बलिदान और नेतृत्व को व्यापक रूप से प्रस्तुत करेगी। मुख्यमंत्री साय के इस फैसले से राज्य के सिनेमाघरों में फिल्म देखने के इच्छुक दर्शकों को मूल्य में राहत मिलेगी, जिससे अधिक से अधिक लोग इसे देख सकेंगे और भारतीय इतिहास की समृद्ध विरासत से प्रेरणा ले सकेंगे।   उल्लेखनीय है कि फिल्म छत्रपति शिवाजी महाराज के पुत्र छत्रपति संभाजी महाराज के जीवन पर आधारित है, जिन्होंने मुगलों और अन्य आक्रांताओं के खिलाफ संघर्ष करते हुए अपने अदम्य साहस, रणनीतिक कौशल और बलिदान की अमर गाथा लिखी। फिल्म उनके अदम्य साहस और बलिदान को जीवंत करती है और राष्ट्रभक्ति की भावना को सुदृढ़ करती है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ऐसी फिल्मों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है, जो समाज को प्रेरणा देती हैं और सांस्कृतिक चेतना को जाग्रत करती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रभक्ति से जुड़ी फिल्मों को प्रोत्साहित करती रहेगी, ताकि हमारी आने वाली पीढ़ी अपने गौरवशाली अतीत से जुड़ी रहे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की जनता, विशेष रूप से युवाओं से अपील की कि वे इस फिल्म को देखें और भारतीय इतिहास के उन स्वर्णिम पन्नों को समझें, जो आज भी हमारे जीवन को दिशा देने का कार्य कर रहे हैं।

स्थानीय कलाकारों को खजुराहो में प्रशिक्षण के साथ बड़े मंच प्रदान करने का कर रहे प्रयास – विष्णुदत्त शर्मा

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने खजुराहो के मतंगेश्वर मंदिर में दर्शन-पूजन कर महाशिवरात्रि मेले का उद्घाटन कर खजुराहो नृत्य महोत्सव को किया संबोधित खजुराहो  भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने बुधवार को महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर खजुराहो पहुंचकर मतंगेश्वर महादेव के दर्शन-पूजन कर खजुराहो मेले का शुभारंभ किया और मेले में स्वच्छता अभियान में शामिल हुए। साथ ही मतंगेश्वर महादेव मंदिर में शिव बारात के मुकुट का पूजन कर खजुराहो अंतर्राष्ट्रीय नृत्य महोत्सव में शामिल हुए। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने इससे पहले छतरपुर जिले के गढ़ा में स्थित बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री द्वारा आयोजित 251 कन्याओं के सामूहिक विवाह सम्मेलन में शामिल होकर वर-वधुओं को सफल दांपत्य जीवन की शुभकामनाएं दीं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसाद विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि खजुराहो में फिल्म सिटी निर्माण के साथ स्थानीय कलाकारों को बेहतर अवसर देने की मध्यप्रदेश सरकार की पहल सराहनीय है। खजुराहो वर्ल्ड हेरिटेज सिटी है और यहां दुनियाभर के पर्यटक आते हैं। खजुराहो दुनियाभर के पर्यटकों का पसंदीदा स्थान है। खजुराहो के विकास में चार चांद लगाएंगे। स्थानीय कलाकारों को बड़े मंच प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है। कलाकारों को बढ़ावा देने के साथ रोजगार सृजन का कार्य किया जा रहा है भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत शर्मा ने कहा कि खजुराहो धर्म, संस्कृति व आध्यात्म का केंद्र है। मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार खजुराहो के वैभव को ऊंचाई पर ले जाने का कार्य कर रही है। खजुराहो नृत्य समारोह की ख्याति दुनिया भर में फैली हुई है। स्थानीय कलाकारों को भी खजुराहो नृत्य समारोह में शामिल किया गया है। स्थानीय कलाकारों को बड़े मंच प्रदान करने के साथ इस क्षेत्र में रोजगार सृजन का कार्य भी किया जा रहा है। मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार स्थानीय कलाकारों को खजुराहो में प्रशिक्षण भी दिलाने जा रही है। खजुराहो को स्वच्छता में अव्वल लाने का किया जा रहा प्रयास भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने मतंगेश्वर महादेव में खजुराहो मेले का शुभारंभ करने के साथ ही महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर निकाली जा रही शिव बारात के मुकुट का पूजन किया। इसके पश्चात मंदिर परिसर में सफाई करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने देश के लोगों में स्वच्छता के प्रति क्रांति लाने का कार्य किया है। खजुराहो वर्ल्ड हेरिटेज सिटी है, यहां बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक भी आते हैं। खजुराहो को स्वच्छता की रैंकिंग में अव्वल लाने का प्रयास किया जा रहा है। हम सभी की जिम्मेदारी है कि हम सफाई में सहयोग करें, इसलिए आज हम सभी मंदिर परिसर में सफाई अभियान में शामिल हुए हैं। इस अवसर पर प्रदेश शासन के मंत्री दिलीप अहिरवार, जिला अध्यक्ष चंद्रभान सिंह गौतम, विधायक अरविंद पटेरिया एवं नगर परिषद अध्यक्ष अरूण अवस्थी सहित पार्टी पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने दमोह जिले के अजब धाम में पूज्य जय-जय सरकार के वार्षिक उत्सव को किया संबोधित

 दमोह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुंदेलखण्ड अंचल की तस्वीर और तकदीर बदलने वाली केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना मंजूर की है। इसके क्रियान्वयन से दमोह सहित प्रदेश के 10 जिले लाभान्वित होंगे। बुंदेलखण्ड अंचल के 8 लाख हेक्टेयर से अधिक इलाके को सिंचाई के लिए जल और पेयजल सहित उद्योगों के लिए भी पानी की आपूर्ति का कार्य हो सकेगा। मध्यप्रदेश का यह क्षेत्र कृषि उत्पादन में पंजाब को भी पीछे छोड़ देगा। यहां पानी का सूखा खत्म होगा और किसान खुशहाल होंगे। स्थानीय निवासियों द्वारा अपने स्वामित्व की भूमि का विक्रय नहीं किया जाना चाहिए। यह भूमि बहुमूल्य सिद्ध होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर 51 करोड़ रुपए की लागत से पथरिया बायपास निर्माण की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में हायर सेकेंड्री स्कूल का नाम राष्ट्रवादी विचारक के.सी. सुदर्शन जी के नाम से करने और मटकोलेश्वर सीतानगर बांध में पर्यटन की दृष्टि से “नौकायन’’ प्रारंभ करने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार की शाम दमोह जिले के पथरिया के निकट अजबधाम में पूज्य जै-जै सरकार के वार्षिक उत्सव को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। मध्यप्रदेश की धरती पर नदी जोड़ो जैसी परियोजनाएं क्रियान्वित करने की पहल हुई है, वहीं राज्य सरकार ने कृषि के साथ पशुपालन को बढ़ावा देते हुए दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी होने का संकल्प लिया है। इसके लिए 10 गायों के पालन पर सब्सिडी प्रदान करने और दुग्ध उत्पादन पर बोनस देने की रणनीति बनाई गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विवाह समारोहों में फिजूलखर्ची रोकने का आव्हान भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि आज महाशिवरात्रि के अवसर पर दमोह जिले के इस पावन स्थल पर आने का अवसर मिला है। यहां निकट ही मड़मोलेश्वर धाम है, जहां सुनार,कोपरा और जूड़ी नदियों का संगम है। भगवान भोले नाथ की विशाल पिंडी श्रद्धा का केंद्र है। बुंदेलखण्ड में धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन के विकास के प्रयास बढ़ाए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज उज्जैन में विक्रमोत्सव का शुभारंभ हो रहा है। महाराजा विक्रमादित्य से विक्रम संवत प्रारंभ हुआ था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अजब धाम मंदिर परिसर में अनेक साधु-संत जन से भी भेंट की और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने मंच से रिमोट का बटन दबाकर फतेहपुर गांव का नाम बदलकर अजब धाम किया। पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल ने सभा को संबोधित करते हुये कहा मेरे छोटे से आग्रह पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव अजब धाम कार्यक्रम में पधारे और पर्याप्त समय दिया। उन्होंने 20 फरवरी से 2 मार्च तक आयोजन यज्ञ और 27 कुंडीय यज्ञ में पधारे सभी धर्म प्रेमियों का अभिनन्दन किया। राज्यमंत्री पटेल ने कहा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आशीर्वाद और प्रेम हम सब पर है, हमारी छोटी सी मांग को स्वीकार करते हैं। इस अवसर पर प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन, धर्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र सिंह लोधी, सांसद राहुल सिंह, पूर्व वित्त मंत्री एवं दमोह विधायक जयंत कुमार मलैया, हटा विधायक श्रीमती उमादेवी खटीक, मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रंजीता गौरव पटेल, पूर्व सांसद चंद्रभान सिंह, श्याम शिवहरे सहित कार्यक्रम के आयोजक देव राम कुमार, मन्दिर के महंत रामनुग्रह दास छोटे सरकार सहित श्रद्धालुजन मौजूद थे।  

आईटी क्षेत्र में 64 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव हुए प्राप्त: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) भोपाल में कहा है कि देश के विकास में 3टी- टैक्सटाइल, टूरिज्म, टेक्नोलॉजी की विशेष भूमिका रहेगी। मध्यप्रदेश अब पारंपरिक औद्योगिक राज्य नहीं, बल्कि भारत में टैक्नोलॉजी और इनोवेशन का हब बनने की ओर अग्रसर है। जीआईएस में पहली बार आईटी एवं टैक्नोलॉजी समिट का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह आयोजन राज्य के डिजिटल भविष्य के लिये मील का पत्थर साबित होगा। इस समिट में राज्य को टेक्नोलॉजी के नये केन्द्र के रूप में स्थापित किया। समिट में दुनिया के टेक लीडर्स, उद्योग विशेषज्ञों, निवेशको, इनोवेटर्स और स्टार्ट-अप्स आदि ने भाग लिया। राज्य को आईटी क्षेत्र में 64 हजार करोड़ रूपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुये। इससे प्रदेश में 1.8 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इन रोजगारों में युवाओं की भागीदारी सर्वाधिक रहेगी। टेक कंपनियों जैसे डिजिटल कन्वर्जेंस टेक्नोलॉजीज, थोलोन्स, एलसीना, श्रीटेक, केन्स टेक्नोलॉजी और बियॉन्ड स्टूडियोज आदि ने राज्य में निवेश किया है। ग्लोबल टेक कंपनियों ने भी मध्यप्रदेश में निवेश की रूचि दिखाई, जिनमें आईबीएम, माइक्रोसॉफ्ट, बारक्लेज जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल हैं। राज्य के तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने के लिये इन कंपनियों से एमओयू भी किये गये। इससे टेक्नोलॉजी, स्किल डेवलपमेंट और इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा। जीआईएस भोपाल को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिये पहली बार 6 विभागीय समिट का आयोजन किया गया। आईटी एवं टेक्नोलॉजी समिट में उद्यमियों एवं स्टार्ट-अप के लिये 4 विशेष सत्र आयोजित किये गये। इस समिट में सूचना एवं प्रोद्योगिकी विभाग के साथ उद्योगों के विशेषज्ञों ने सीधे संवाद किया, राज्य की नीतियों पर चर्चा की और निवेश के नये अवसरों की रूपरेखा तय की। समिट में इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिलाइन एंड मैन्यूफैक्चरिंग, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स, इनिमेशन विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी, सेमीकंडक्टर और ड्रोन टेक्नोलॉजी जैसे उभरते विषयों पर राज्य की सम्भावित रणनीतियों पर चर्चा की गई। राज्य सरकार ने सेमीकंडक्टर मैनुफैक्चरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को बढ़ावा देने और ड्रोन टेक्नोलॉजी को प्रोत्साहित करने के लिये विशेष कदम उठाये हैं। जीआईएस- भोपाल में विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी विभाग की नवीन पॉलिसी को भी लॉन्च किया। प्रदेश को आईटी क्षेत्र निवेश अनुकूल बनाने के लिये मध्यप्रदेश एनीमेशन, वीआर, गेमिंग कामिक्स और विस्तारित रियलिटि नीति- 2025, जीसीसी नीति- 2025, सेमी कंडक्टर नीति- 2025 और ड्रोन संवर्धन एवं उपयोग नीति- 2025 को लॉन्च किया गया। इन नीतियों में आईटी एवं टेक्नोलॉजी के क्षेत्र निवेश आकर्षित करने के लिये वित्तीय एवं गैर वित्तीय प्रावधान किये गये हैं। भविष्य की संभावनाओं का ध्यान रखते हुये इन नीतियों को व्यापक और दूरदर्शी बनाया गया। आईटी उद्योगों के विशेषज्ञों द्वारा राज्य की नीतियों की सराहना विभागीय समिट के दौरान की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आईटी और टेक्नोलॉजी सेक्टर में युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए नए स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम शुरू करने की घोषणा की। इनमें एआई, डेटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी, ब्लॉक चेन और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसी अत्याधिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जायेगा। जीआईएस- भोपाल ने निवेश आकर्षित करने साथ ही विचार मंथन, नीति निर्माण और भविष्य की दिशा तय करने का अवसर प्रदान किया। विकसित भारत के साथ विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प को साकार करने के लिये आईटी क्षेत्र मध्यप्रदेश को निवेश, नवाचार और अवसरों की नई ऊंचाईयों तक ले जायेगा।  

रायपुर : संघर्ष की मिट्टी से बनी सरिता की तक़दीर

रायपुर गाँव की उस कच्ची पगडंडी पर सरिता बाई नगेशिया अक्सर नंगे पाँव चला करती थीं। धूप कितनी भी तेज़ हो, बारिश कितनी भी ज़ोर से बरस रही हो, या ठंड कितनी भी कड़ाके की हो उन्हें हर हाल में रोज़ की मजदूरी पर जाना ही होता था। उनके लिए दिन का मतलब था सुबह से शाम तक खेतों में मेहनत, और रात का मतलब था अगले दिन के काम की चिंता। मेरे पास सपने थे, लेकिन उन्हें पूरा करने के लिए साधन नहीं, सरिता बाई अक्सर खुद से कहतीं। दो वक्त की रोटी जुटाने में ही जीवन बीत रहा था। उनके बच्चे स्कूल जाना चाहते थे, मगर किताबों और फीस के लिए पैसे कहाँ थे ? घर की दीवारें कच्ची थीं, और सपनों की नींव भी उतनी ही कमजोर लगती थी। एक दिन गाँव की कुछ महिलाओं ने उनसे सीताराम महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ने की बात की। सरिता बाई को यकीन नहीं था कि क्या इससे सच में कुछ बदल सकता है? लेकिन उनके पास खोने को कुछ नहीं था, तो वे जुड़ गईं। धीरे-धीरे वे समूह की बैठकों में जाने लगीं, और वहाँ उन्होंने कुछ ऐसी कहानियाँ सुनीं, जो उनकी अपनी कहानी से मिलती-जुलती थीं। उन महिलाओं ने सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी ज़िंदगी बदल दी थी। सरिता बाई ने भी हिम्मत जुटाई और सीआईएफ से लोन लेकर ईंट बनाने का काम शुरू किया। शुरुआत में मुश्किलें आईं, गाँव के कुछ लोग हँसते थे, कुछ ताने मारते थे, और कुछ कहते कि यह काम महिलाओं के लिए नहीं है। लेकिन सरिता बाई ने किसी की बातों पर ध्यान नहीं दिया। मिट्टी गूँधने से लेकर ईंटें पकाने तक, उन्होंने सब कुछ खुद किया। उनका हाथ खुरदरा हो गया, लेकिन आत्मविश्वास पहले से कहीं ज्यादा मज़बूत हो गया।     धीरे-धीरे उनका काम चल निकला। जब उन्होंने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 1 लाख रुपये का लोन लिया, तो उनका व्यवसाय और भी बढ़ गया। अब वे हर साल दो लाख रुपये से ज्यादा कमाने लगीं। जिन लोगों ने उन पर ताने कसे थे, वही अब उनकी मेहनत की तारीफ करने लगे। जहाँ कभी उनके पास साइकिल तक नहीं थी, अब उन्होंने अपने लिए स्कूटी खरीद ली और अपने पति के लिए बाइक। खेतों में भी वे अब मजदूरी नहीं करतीं, बल्कि अपनी खुद की ज़मीन पर खेती करती हैं। सबसे बड़ी बात यह कि अब उनके बच्चे स्कूल जा रहे हैं, और उनका भविष्य सुरक्षित हो गया है। सरिता बाई अब सिर्फ़ एक मजदूर नहीं, बल्कि एक सफल उद्यमी हैं। वे कहती हैं, पहले मैं दूसरों के खेतों में मजदूरी करती थी, लेकिन अब मैं अपनी मेहनत से खुद का व्यवसाय चला रही हूँ। मैंने अपनी काबिलियत को पहचाना और अपनी तक़दीर खुद लिखी। गाँव की वही पगडंडी, जिस पर वे कभी नंगे पाँव चला करती थीं, अब उन्हें देखकर गर्व से सर उठाकर चलना सिखा रही थी। क्योंकि अब वे सिर्फ़ अपने परिवार की तक़दीर नहीं, बल्कि पूरे गाँव की महिलाओं के लिए एक मिसाल बन चुकी थीं।

मध्यप्रदेश अब औद्योगिक विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है:गोविंद सिंह राजपूत

भोपाल मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में दो दिन पूर्व संपन्न दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे भारत की अर्थव्यवस्था के लिए मील का पत्थर साबित हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की उपस्थिति ने इस समिट को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया। मध्यप्रदेश अब औद्योगिक विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में औद्योगीकरण को बढ़ावा देने के लिए “लोकल से ग्लोबल” दृष्टिकोण को अपनाया गया है। इस रणनीति के तहत रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और रोड शो जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से निवेशकों और उद्योगपतियों को आकर्षित करने के ठोस प्रयास किए गए हैं। यह पहल न केवल राज्य की आर्थिक समृद्धि को गति दे रही हैं, बल्कि स्थानीय उद्योगों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान भी दिला रही हैं।  औद्योगिक विकास की नींव तब मजबूत होती है जब स्थानीय उद्योगों को आवश्यक संसाधन, तकनीकी सहायता और निवेश का अवसर मिलता है। इसी सोच के साथ मध्यप्रदेश सरकार ने बीते कुछ महीनों में संभाग स्तर पर 7 रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित किए, जिनका उद्देश्य स्थानीय व्यापारियों और उद्यमियों को निवेशकों और बड़े उद्योगपतियों से जोड़ना था। रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के कारण स्थानीय उद्योगों को राष्ट्रीय पहचान मिली। छोटे और मध्यम उद्यमों को बड़े व्यापारिक नेटवर्क से जोड़ा गया। इससे निवेशकों ने मध्यप्रदेश में उद्योग स्थापित करने की रुचि दिखाई। इसके साथ ही उद्योगों को और अधिक अनुकूल माहौल देने के लिए आवश्यक बदलावों पर विचार किया गया। बढ़ते उद्योगों के कारण युवाओं के लिए नए रोजगार सृजित हुए। इन कॉन्क्लेव्स के माध्यम से एमएसएमई सेक्टर को विशेष बढ़ावा मिला, जिससे छोटे और मझोले उद्योगों को नई उड़ान मिली। प्रदेशभर में रिजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के सफल आयोजन ने निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया और मध्यप्रदेश को निवेश के लिए एक मजबूत विकल्प के रूप में स्थापित किया। रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और रोड शो जैसे आयोजनों के माध्यम से मध्यप्रदेश सरकार ने यह साबित कर दिया है कि वह न केवल स्थानीय उद्योगों को समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है, बल्कि वैश्विक निवेश को भी आकर्षित करना चाहती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य तेजी से औद्योगिक प्रगति की ओर बढ़ रहा है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, आधारभूत संरचना मजबूत होगी और प्रदेश की आर्थिक स्थिति और अधिक सुदृढ़ होगी। औद्योगिक क्रांति के इस नए दौर में, मध्यप्रदेश सिर्फ निवेशकों के लिए एक संभावनाओं से भरा प्रदेश नहीं, बल्कि एक ऐसा हब बन गया है जहां उद्योग, व्यापार और नवाचार एक साथ विकसित हो रहे हैं। आने वाले वर्षों में इन प्रयासों का प्रभाव और अधिक स्पष्ट होगा, जिससे प्रदेश न केवल आत्मनिर्भर भारत अभियान में योगदान देगा, बल्कि औद्योगिक क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम करेगा। राजधानी में आयोजित ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट के आयोजन पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और उनके मंत्रिमण्डल सहयोगी तथा अफसरों के टीमवर्क की हौसला अफजाई करते हुए देश के गृहमंत्री अमित शाह  ने इस अवसर पर कहा कि यह आयोजन देश को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा। प्रधानमंत्री ने “विकास की नई उड़ान” थीम पर जोर देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश भारत के औद्योगिक और आर्थिक भविष्य का अहम स्तंभ बनेगा।  नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि  आज जब दुनिया भारत की ओर उम्मीद भरी निगाहों से देख रही है, तब मध्यप्रदेश जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाएं वैश्विक निवेशकों को आकर्षित कर रही है।   प्रधानमंत्री ने पांच प्रमुख बिंदुओं पर बल दिया, जो  निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आकर्षित कर रही हैं।। उन्होंने कहा कि यहां पिछले 10 वर्षों में 5 लाख किलोमीटर से अधिक सड़कें बनीं।  100% रेलवे विद्युतीकरण  का कार्य पूरा हुआ। राज्य में नए लॉजिस्टिक्स हब और औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं।  रीवा और ओंकारेश्वर सोलर प्रोजेक्ट्स से मध्यप्रदेश भारत की ग्रीन एनर्जी कैपिटल बन रहा है।  मध्यप्रदेश में 31,000 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता है, जिसमें 30% नवीकरणीय ऊर्जा शामिल है।  मध्यप्रदेश को देश का “फूड प्रोसेसिंग हब बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।   मिलेट्स (अन्न) और जैविक कृषि के क्षेत्र में नई संभावनाएं दिखाई दे रही है। मध्यप्रदेश में ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल और फार्मा सेक्टर में रिकॉर्ड निवेश  आ रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पीथमपुर को भारत का “डिफेंस और ऑटोमोबाइल हब” बनाने की योजना है। ओंकारेश्वर, उज्जैन महाकाल लोक और सांची जैसे धरोहर स्थल वैश्विक आकर्षण के केंद्र बन रहे हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन और ” हील इन इंडिया “अभियान को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने आशा व्यक्त की कि भारत की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में मध्यप्रदेश की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनकी सरकार की निवेश अनुकूल नीतियों की प्रशंसा की और निवेशकों को प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया।   केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने  कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर को पार करेगी और मध्यप्रदेश इसमें अहम योगदान देगा ।उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि  प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत अब “विरासत भी, विकास भी” की नीति के साथ आगे बढ़ रहा है । केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए उपयोगी नीतियाँ अपनाई गई हैं। लॉजिस्टिक्स हब, एक्सप्रेसवे और औद्योगिक गलियारों का तेजी से विकास हो रहा है।टेक्सटाइल, फार्मा,ऑटोमोबाइल और खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस समिट की सफलता को राज्य के लिए ऐतिहासिक बताया है उन्होंने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 30.77 लाख करोड़ से अधिकांश के निवेश प्रस्ताव मिले हैं  जिससे प्रदेश में लाखों नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।   मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष घोषित किया है जिसमें नवाचार, तकनीक और निवेश को प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने भोपाल में एक नए इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर बनाने की भी घोषणा की, जिससे भविष्य में ऐसे बड़े आयोजनों को और अधिक सुविधाजनक बनाया जा सके।     मध्यप्रदेश को “कॉटन कैपिटल ऑफ इंडिया” का दर्जा मिला है । चंदेरी और माहेश्वरी साड़ियों” को जीआई टैग … Read more

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