LATEST NEWS

ज्योतिर्लिंग की पूजन परंपरा में होली उत्सव का विशेष महत्व, कल भस्मारती में हर्बल गुलाल से खेलेंगे होली

उज्जैन भगवान महाकाल की संध्या आरती के बाद प्रदोषकाल में होलिका का पूजन उपरांत दहन किया जाएगा। 14 मार्च को धुलेंडी पर तड़के 4 बजे भस्म आरती में पुजारी भगवान महाकाल के साथ हर्बल गुलाल से होली खेलेंगे। उत्सव को लेकर तैयारी शुरू हो गई है। ज्योतिर्लिंग की पूजन परंपरा में होली उत्सव का विशेष महत्व है। देशभर से सैकड़ों भक्त राजा की रंगरंगीली होली देखने मंदिर पहुंचते हैं। इस बार यह उत्सव 13 मार्च को पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। लेटेस्ट और ट्रेंडिंग स्टोरीज मंदिर परिसर में श्री ओंकरेश्वर मंदिर के सामने पुजारी, पुरोहित परिवार द्वारा होलिका का निर्माण किया जाएगा। शाम 7.30 बजे भगवान महाकाल की संध्या आरती के बाद पुजारी वैदिक मंत्रोच्चार के साथ होलिका का पूजन करेंगे। पश्चात होलिका का दहन होगा। मंदिर समिति उपलब्ध कराएगी हर्बल गुलाल परंपरा अनुसार 14 मार्च को होली उत्सव मनाया जाएगा। तड़के 4 बजे भस्म आरती में पुजारी भगवान महाकाल को हर्बल गुलाल अर्पित करेंगे। मंदिर समिति पुजारियों को प्राकृतिक उत्पादों से तैयार हर्बल गुलाल उपलब्ध कराएगी। बताया जाता है, मंदिर समिति होली उत्सव के लिए एक थाल भरकर गुलाल उपलब्ध कराती है। वैसे भी ज्योतिर्लिंग क्षरण मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित एक्सपर्ट कमेटी ने भगवान को समिति मात्रा में पूजन सामग्री अर्पित करने का सुझाव दिया है। ज्योतिष का मत : 13 मार्च को होली मनाना शास्त्र सम्मत ज्योतिष व धर्मशास्त्र के जानकार 13 मार्च को होली मनाना शास्त्र सम्मत बता रहे हैं। ज्योतिषाचार्य पं.अमर डब्बावाला ने बताया 13 मार्च को सुबह 10 बजकर 20 मिनट तक चतुर्दशी तिथि रहेगी। इसके बाद पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र व सिंह राशि के चंद्रमा की साक्षी में पूर्णिमा तिथि लगेगी, जो प्रदोष काल में पूर्ण रूप से विद्यमान रहेगी। धर्मशास्त्र में होलिका का पूजन प्रदोषकाल में बताया गया है। इसलिए शुभयोग व नक्षत्र में 13 मार्च को प्रदोषकाल में होलिका का पूजन करना श्रेष्ठ है। इस दिन पाताल वासनी भद्रा भी रहेगी, इसलिए होलिका का दहन अवश्य रात 11.30 बजे के बाद करना चाहिए। सामान्यत: होलिका का दहन अगले दिन सुबह 5 बजे ब्रह्म मुहूर्त में किया जाता है। ऐसे में 13 व 14 मार्च की तारीख होली तथा धुलेंडी मनाने के लिए शास्त्र सम्मत है। सिंहपुरी में पांच हजार कंडों से बनेगी हर्बल होली पुराने शहर सिंहपुरी में गाय के गोबर से बनाए गए पांच हजार कंडों से होली बनाई जाएगी। आयोजन समिति का दावा है कि यह विश्व की सबसे बड़ी हर्बल होली है। इसमें सिर्फ गाय के गोबर से बने कंडों का उपयोग होता है। लकड़ी का उपयोग नहीं किया जाता है। होली के मध्य में डांडा के रूप में ध्वज लगाया जाता है। इस बार यह आयोजन 13 मार्च को होगा। शाम को प्रदोष काल में चार वेद के ब्राह्मण चतुर्वेद पारायण से होलिका का पूजन करेंगे। रात्रि जागरण के उपरांत अगले दिन सुबह 5 बजे ब्रह्म मुहूर्त में होलिका का दहन किया जाएगा।

मुंबई-दिल्ली कॉरिडोर से जुड़ेगा उज्जैन-जावरा फोरलेन: मंत्री जगदीश देवड़ा

भोपाल मध्यप्रदेश की मोहन सरकार के द्वारा दूसरा बजट (MP Budget 2025) पेश कर दिया गया है। इस दौरान वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने मेट्रो और फोरलेन को लेकर कहा कि इंदौर-भोपाल में मेट्रो का काम जल्द शुरु किया जाएगा। साथ ही उज्जैन-जावरा फोरलेन निर्माण से इंदौर को बड़ा फायदा होगा। मुंबई-दिल्ली कॉरिडोर से जुड़ेगा उज्जैन-जावरा फोरलेन उज्जैन-जावरा 4-लेन के बनने से उज्जैन, इन्दौर और उसके आसपास के क्षेत्र मुम्बई-दिल्ली 8-लेन कॉरिडोर से जुड़ जाएंगे। उज्जैन-इन्दौर सिक्स लेन का 1 हजार 692 करोड़ की अनुमानित लागत से भूमि पूजन हो चुका है। भोपाल, देवास, ग्वालियर, जबलपुर, सतना और इंदौर में एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण प्रगति पर है। नगरीय विकास के लिए 18 हजार 715 करोड़ प्रस्तावित सिंहस्थ क्षेत्र में विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं। सिंहस्थ का आयोजन साल 2028 में किया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2025-26 में लगभग 2 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान प्रस्तावित है। नगरीय विकास के लिए साल 2025-26 के लिए 18 हजार 715 करोड़ रुपए का प्रावधान प्रस्तावित है। जो साल 2024-25 से 2 हजार करोड़ रुपए ज्यादा है। एमपी में इन जिलों से गुजरता है दिल्ली-मुबंई आठ लेन दिल्ली-मुबंई 8 लेन कॉरिडोर झाबुआ के तलावड़ा से महूड़ी का माल से एक्सप्रेस-वे रतलाम में प्रवेश कर रावटी, सैलाना, पिपलौदा, व जावरा के कुम्हारी होकर मंदसौर के लसुड़िया से मंदसौर जिले में जाता है। रतलाम जिले के 87 गांवों से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे होकर गुजरता है। एक्सप्रेस-वे के जरिए गरोठ में शामगढ़ रोड और भानपुरा में नीमथुर से एंट्री कर सकेंगे। मंदसौर जिले से एक एंट्री सीतामऊ से भी मिलेगी। गरोठ और जावरा में लॉजिस्टिक हब बनाया जाएगा। साथ ही बसई के पास की जमीन पर उद्योग लगाए जाएंगे।

मध्यप्रदेश में सड़कों का नेटवर्क तेजी से बढ़ रहा, बजट में लोक निर्माण कार्य के लिए 2500 करोड़ रुपए का बजट में प्रावधान

भोपाल  मध्यप्रदेश में सड़कों का नेटवर्क तेजी से बढ़ रहा है। बड़े स्तर पर चल रही सड़क परियोजनाओं का उद्देश्य केवल सड़कों और राजमार्गों का निर्माण ही नहीं, बल्कि राज्य के हर नागरिक के जीवन को सरल और समृद्ध बनाने के लिए कदम उठाए जा रहे है। केन्द्र द्वारा लगभग 40 हजार करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं से मध्यप्रदेश में स्थायी आधारभूत संरचना विकसित होगी।  आज मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने अपना दूसरा पूर्ण बजट पेश किया है। विधानसभा में उप मुख्यमंत्री और प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा बजट पेश किया गया। इस बजट में लोक निर्माण कार्य के लिए 2500 करोड़ रुपए का बजट में प्रावधान मिला है। जिसके तहत एमपी के गांव-शहर और तहसीलों में सड़कों का निर्माण किया जाएगा। कितना मिला बजट -ग्रामीण सड़कों एवं अन्य जिला मार्गों का निर्माण/उन्नयन के अंतर्गत 2500 करोड़ रुपए का प्रावधान -म.प्र. सड़क विकास निगम (एन.डी.बी.) के अंतर्गत 1450 करोड़ रुपए का प्रावधान -मध्यप्रदेश सड़क विकास कार्यक्रम (ए.डी.बी.) के अंतर्गत 1315 करोड़ रुपए का प्रावधान -केन्द्रीय सड़क निधि के अंतर्गत 1150 करोड़ रुपए का प्रावधान -वृहद पुलों का निर्माण के अंतर्गत 1000 करोड़ रुपए का प्रावधान -सड़कों का सुदृढ़ीकरण के अंतर्गत 1000 करोड़ रुपए का प्रावधान -अनुरक्षण और मरम्मत – साधारण मरम्मत के अंतर्गत 836 करोड़ रुपए का प्रावधान -एन्यूटी के अंतर्गत 825 करोड़ रुपए का प्रावधान -सड़क एवं सेतु हेतु संधारण कार्य के अंतर्गत 525 करोड़ रुपए का प्रावधान -मुख्य जिला मार्गो तथा अन्य का नवीनीकरण, उन्नतीकरण एवं डामरीकरण के अंतर्गत 500 करोड़ रुपए का प्रावधान संभागीय कार्यालय स्थापना के अंतर्गत 350 करोड़ रुपए का प्रावधान -नवीन ग्रामीण एवं अन्य जिला मार्गों का निर्माण/उन्नयन के अंतर्गत 350 करोड़ रुपए का प्रावधान -म.प्र. सड़क विकास निगम के माध्यम से सड़कों का निर्माण के अंतर्गत 200 करोड़ रुपए का प्रावधान -एफ टाईप एवं उससे नीचे की श्रेणी के शासकीय आवासों का अनुरक्षण के अंतर्गत 200 करोड़ रुपए का प्रावधान -मुख्य जिला मार्गों का निर्माण/उन्नयन के अंतर्गत 200 करोड़ रुपए का प्रावधान -एन.डी.बी. से वित्त पोषण (पुल निर्माण) के अंतर्गत 150 करोड़ का प्रावधान

आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया कि प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 1 लाख 52 हजार रुपये हो गई है जो प्रदेश की विकास को दर्शाती

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार ने विधानसभा में अगले वित्तीय वर्ष के लिए बजट पेश किया (MP Budget 2025), इससे पहले कल वित्त मंत्री ने मध्य प्रदेश का आर्थिक सवेक्षण प्रस्तुत किया था जिसमें प्रदेश और सरकार की स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया कि प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय अब बढ़कर 1 लाख 52 हजार रुपये हो गई है जो प्रदेश की विकास को दर्शाती है। मध्य प्रदेश सरकार ने आज बजट पेश करने से पूर्व कैबिनेट की बैठक की जिसमें कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई, कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि हमारी सरकार ने आर्थिक सर्वेक्षण जारी किया जिसमें प्रति व्यक्ति आय के बारे में जानकारी दी गई। प्रति व्यक्ति आय का बढ़ना अर्थात प्रदेश की विकास की गति का बढ़ना : कैलाश उन्होंने सरकार की नीतियों की तारीफ करते हुए कहा  कि 2003 तक प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय मात्र 20 हजार रुपये थी जो अब बढ़कर 1 लाख 42 हजार रुपये से ज्यादा हो गई है आय में वृद्धि होने प्रदेश के विकास की गति को दर्शाता है और इसी गति से हमारा बजट भी है ये विकास का बजट है इसमें सभी पहलुओं को छुआ है। चंबल के बीहड़ की जमीन का सदुपयोग होगा कैबिनेट के फैसलों की चर्चा करते हुए कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि आज कई बिन्दुओं पर चर्चा हुई है इसमें चंबल के बारे में महत्वपूर्व फैसला लिया गया है, उन्होंने कहा पहले चंबल का बीहड़ डकैतों के नाम से विख्यात था लेकिन डाकू खत्म हो चुके हैं,अब उस जमीन का सदुपयोग होगा। चंबल में खुलेगा हॉर्टिकल्चर कॉलेज उन्होंने कहा अब चंबल के बीहड़ क्षेत्र में नदी जोड़ो अभियान के अंतर्गत पानी आने वाला है जिससे सिंचाई होगी इसके साथ ही झांसी यूनिवर्सिटी से सम्बद्धता लेकर सरकार हॉर्टिकल्चर कॉलेज भी खोलने जा रही है।  कैबिनेट मंत्री ने बताया कि इसमें केंद्र सरकार की तरफ से 1000 करोड़ रुपये की राशि दी जाएगी, कॉलेज का लाभ सिर्फ चंबल ही नहीं मध्य प्रदेश को होगा।  

मध्य प्रदेश में होली, ईद त्योहारों को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक बार फिर अभियान शुरू कर दिया

भोपाल  मध्य प्रदेश में होली, ईद सहित अन्य त्योहारों को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग (Food Safety Department) ने एक बार फिर अभियान शुरू कर दिया है. इस अभियान में मिठाई और डेयरी संचालकों पर विशेष नजर रखी जा रही है. राज्य के अलग-अलग शहरों में खाद्य सुरक्षा विभाग ने सैंपल लेकर उन्हें जांच के लिए लैब भेजा है. ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है. खाद्य सुरक्षा विभाग को नमूने लेने और जांच के लिए प्रयोगशाला भेजने के निर्देश दिए गए हैं. ग्वालियर के खाद्य सुरक्षा अधिकारी बृजेश शिरोमणि ने बताया कि मोर बाजार में पाठक मावा भंडार, बालाजी डेयरी प्रोडक्ट, पाल मावा भंडार, सदगुरु मावा भंडार का निरीक्षण किया गया और इन फर्मों से मावे के नमूने लिए गए. इसके साथ ही शानौ शौकत शिंदे की छावनी का निरीक्षण कर रसगुल्ले के नमूने भी लिए गए. उज्जैन में भी कड़ी कार्रवाई उज्जैन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि उज्जैन में भी खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा लक्ष्मी बेकरी, जैन लस्सी, गोल्डन डेयरी फार्म, लादू रामनिवास मावा भंडार, खंडेलवाल मावा भंडार, आशीष मावा भंडार, न्यू सुंदर डेयरी सहित अन्य प्रतिष्ठानों के दूध से बने उत्पादों के नमूने लिए गए हैं. यह कार्रवाई इसी तरह से आगे भी जारी रहेगी. इसके अलावा, खाद्य सुरक्षा टीम ने होटल और मिठाई की दुकानों का भी निरीक्षण कर रहे हैं ताकि त्योहारी के इस सीजन में मिलावट को रोका जा सके. बालाघाट में भी छापेमारी बालाघाट में खाद्य सुरक्षा अधिकारी योगेश डोंगरे के नेतृत्व में प्रमुख मिठाई दुकानों की जांच की गई और सैंपल लिए गए. योगेश डोंगरे ने बताया कि सरकार के निर्देश पर यह अभियान लगातार जारी रहेगा. प्रशासन का कहना है कि अगर कोई दुकानदार मिलावटी उत्पाद बेचते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

चैंपियंस ट्रॉफी में बिना एक भी मैच जीते पाकिस्तान को ICC से मिल गए इतने करोड़ रुपए

नई दिल्ली  मेजबान कोई भी बड़ा इवेंट करने के बाद खर्च और कमाई यानी आय और व्यय का लेखा-जोखा यानी हिसाब-किताब जरूर करता है। रिव्यू करता है कि कितना खर्च हुआ और कितनी कमाई हुई। पाकिस्तान के साथ भी कुछ ऐसा ही होगा। आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का खिताब भारत जीत चुका है और अब समय है हिसाब-किताब का। सही आंकड़ा तो पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ही बता पाएगा, लेकिन बाहर से जो भी चीजें दिखाई दे रही हैं वह ज्यादा बेहतर नहीं हैं। कुछ चीजों का बैकअप प्लान नहीं होने से पाकिस्तान को इतना बड़ा नुकसान हुआ कि उसका अंदाजा उसने सपने में भी नहीं लगाया रहा होगा। जी हां, उसने तीन स्टेडियम को खेलने लायक बनाने के लिए हजारों करोड़ रुपये पानी की तरह बहा दिए। एक-एक स्टेडियम पर एक-एक हजार करोड़ से अधिक पैसे खर्च हुए, लेकिन क्या उसने इसकी भरपाई की? शायद नहीं। पाकिस्तान में 3 वेन्यू पर कुल 10 मैच हुए, जिसमें से 2 मैच बारिश की वजह से रद्द हो गए। ये दो मैच दुनिया के सबसे तेज गेंदबाज शोएब अख्तर के घर यानी रावलपिंडी स्टेडियम के थे, 3 मैच खेले जाने थे। रावलपिंडी स्टेडियम में पहला मैच 24 फरवरी को बांग्लादेश और न्यूजीलैंड के बीच खेला गया था। इस मैच में न्यूजीलैंड ने 5 विकेट से जीत दर्ज की। पिंडी में अगला मैच 25 फरवरी को शेड्यूल था। ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका के बीच यह मुकाबला बारिश की वजह से रद्द रहा। स्टेडियम में पानी सुखाने के लिए ड्रेनेज सिस्टम बेहद घटिया था। सुपर सॉपर की जगह बाथरूम में इस्तेमाल होने वाले वाइपर और स्पंज से पानी सुखाते देखा गया। लेकिन कामयाबी नहीं मिली और 27 फरवरी को पाकिस्तान और बांग्लादेश का मैच भी इसी तरह से रद्द हो गया। इस तरह दोनों टीमों को बिना कोई मैच जीते टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा। अब आते हैं खास मुद्दे पर। दरअसल, रिपोर्ट्स की मानें तो रावलपिंडी स्टेडियम को बनाने के लिए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने 1500 करोड़ रुपये एलॉट किए थे। इसमें फ्लड लाइट्स की जगह 350 एलईडी लाइट्स लगाने के लिए 393 मिलियन रुपए और मुख्य भवन, हॉस्पिटैलिटी बॉक्स और टॉयलेट के लिए 400 मिलियन रुपए शामिल हैं। इसके अतिरिक्त दो एलईडी डिजिटल स्क्रीन को बदलने के लिए 330 मिलियन रुपए आवंटित किए गए थे, जबकि नई सीटिंग इंस्टॉलेशन पर 272 मिलियन रुपए खर्च किए जाने थे। मान लिया जाए कि अलॉट किए गए रुपये ही खर्च किए गए तो भी एक स्टेडियम में सिर्फ एक मैच का कुल खर्च 1500 करोड़ रुपये से अधिक रहा। यही नहीं, पाकिस्तान ने हर स्टेडियम की ओपनिंग सेरिमनी के लिए ब्लॉकबस्टर शो किए थे और दुनिया को दिखाने के लिए सिंगर से लेकर डांसर तक पर मोटी रकम खर्च की थी। हालांकि, इन पैसों के बारे में कहीं भी जानकारी नहीं दी गई। एक ओर उसकी आर्थिक स्थिति कंगालों वाली है तो दूसरी ओर इस तरह से पैसे बहाना समझ से परे है। स्टेडियम किसी भी मैच के लिए भरे नहीं थे तो कम से कम पब्लिक से मिलने वाला पैसा उसके खर्च को कतई पूरा नहीं कर सकता है। हां, ब्रॉडकास्टर्स से जरूर उसे फायदा मिला होगा, लेकिन क्या उसे इतने पैसे मिले होंगे कि इतने बड़े खर्च की भरपाई की जा सकती है। बात यहीं खत्म नहीं होती। आने वाले समय में इस स्टेडियम पर पाकिस्तान सुपर लीग के मैच तो शेड्यूल हैं, लेकिन इंटरनेशनल टीमों का दौरा होगा या नहीं इसका पता नहीं। इस बीच बलूच लिबरेशन आर्मी का जाफर एक्सप्रेस को हाईजैक करना उसकी पहले से गिरी हुई साख और भी रसातल में ले जाने का काम किया है। बलूच विद्रोही संगठन का दावा है कि उसने 30 पाकिस्तानी जवानों को मार गिराया है। इंटरनेशनल लेवल पर इस खबर के आने के बाद कोई भी टीम शायद ही पाकिस्तान का दौरा करने के लिए राजी होगी। संभव है कि पीएसएल में भी विदेशी खिलाड़ी खेलने से कतराएं।  चैंपियंस ट्रॉफी में बिना एक भी मैच जीते पाकिस्तान को  ICC से मिल गए इतने करोड़ रुपए चैंपियंस ट्रॉफी 2025 की मेजबानी पाकिस्तान के पास थी, लेकिन BCCI ने भारतीय क्रिकेट टीम को पाकिस्तान भेजने से मना कर दिया था। इसके बाद इस अहम टूर्नामेंट को हाइब्रिड मॉडल पर खेला गया। जहां टीम इंडिया के सभी मैच दुबई में हुए थे। अब भारतीय टीम ने बिना एक भी मैच हारे चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का खिताब जीत लिया। इनाम के तौर पर भारतीय टीम को लगभग 20 करोड़ रुपए मिले। दूसरी तरफ पाकिस्तानी टीम के लिए चैंपियंस ट्रॉफी 2025 किसी बुरे सपने से कम नहीं रही और पाकिस्तान एक भी मैच में जीत दर्ज नहीं कर पाया। पाकिस्तान ने किया खराब प्रदर्शन चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में पाकिस्तानी टीम को अपने पहले मैच में 60 रनों से हार मिली थी। इसके बाद भारतीय टीम ने उसे 6 विकेट से धूल चटाई। जबकि बांग्लादेश के खिलाफ उसका मैच बारिश की भेंट चढ़ गया। इसी वजह से पाकिस्तानी टीम सेमीफाइनल में नहीं पहुंच पाई। इससे उसकी हर जगह किरकिरी हुई। पाकिस्तानी टीम चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में ओवर ऑल 7वें नंबर पर रही थी। पाकिस्तान को मिले इतने रुपए चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में 7वें या 8वें नंबर पर रहने वाली टीमों को $140k मिले, जो भारतीय रुपए में लगभग 1 करोड़ 22 लाख रुपए होते हैं। वहीं चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में हिस्सा लेने के लिए पाकिस्तानी टीम को $125K मिले, जो भारतीय रुपए में लगभग 1 करोड़ 9 लाख रुपए होते हैं। इस तरह से पाकिस्तान को मौजूदा चैंपियंस ट्रॉफी में बिना मैच जीते ही लगभग 2 करोड़ 31 लाख रुपए मिले। सरफराज अहमद की कप्तानी में जीता था खिताब चैंपियंस ट्रॉफी 2017 के फाइनल में पाकिस्तानी टीम ने जगह बनाई थी और तब सरफराज अहमद की कप्तानी में भारतीय टीम को 180 रनों से शिकस्त दी थी। लेकिन चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में पाकिस्तान का प्रदर्शन बिल्कुल ही उम्मीदों के उलट रहा। टीम के गेंदबाज और बल्लेबाज अच्छा प्रदर्शन करने में नाकाम रहे। पाकिस्तान के लिए चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में एक भी बल्लेबाज शतक नहीं लगा पाया था।

राफेल और साब ग्रिपेन भी भारत को फाइटर जेट बेचने की रेस में, भारत 114 लड़ाकू विमानों को खरीदने की योजना बना रहा

वॉशिंगटन अमेरिका लगातार प्रेशर बना रहा है कि भारत उसके F-21 या F-15EX में से किसी ने किसी फाइटर जेट को जरूर खरीदे। भारतीय वायुसेना मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA) प्रोग्राम के तहत 114 लड़ाकू विमानों को खरीदने की योजना बना रही है। लेकिन अमेरिका की तरफ से ये प्रेशर उस वक्त बनाया गया है, जब दोनों देशों के बीच कारोबार को लेकर कुछ विवाद शुरू हो गये हैं। अमेरिका लगातार भारतीय सामानों पर टैरिफ लगाने की धमकी दे रहा है। इसके अलावा डोनाल्ड ट्रंप पहले ही एफ-35 स्टील्थ लड़ाकू विमान का ऑफर भारत को दे चुके हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका ने संकेत दिया है कि अगर भारत, अमेरिकी फाइटर जेट खरीदने का फैसला करता है तो उसे व्यापार लाभ मिल सकता है। लेकिन भारतीय वायुसेना के मन में इन दोनों फाइटर जेट को लेकर चिंताएं हैं। क्षेत्रीय खतरों से निपटने में ये फाइटर जेट कितने सक्षम हो पाएंगे, भारतीय वायुसेना के मन में गहरा शक है। लिहाजा वायुसेना कोई भी फैसला लेने से पहले उनकी तकनीकी क्षमताओं को गहराई से जानने की कोशिश कर रही है। F-15EX लड़ाकू विमान पर पर शक क्यों है? इसमें कोई शक नहीं है कि अमेरिकी F-21 और F-15EX बेहतरीन लड़ाकू विमान हैं। लेकिन भारतीय हालात में उनके ऑपरेशन को लेकर गंभीर सवाल हैं। F-21 और F-15EX, अमेरिक के पुराने लड़ाकू विमानों के एडवांस वैरिएंट हैं। लेकिन इन दोनों फाइटर जेट्स में चीन के J-20 और J-35A जैसे पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ लड़ाकू विमानों से मुकाबला करने की क्षमता नहीं है। इन दोनों में ऐसे फीचर्स नहीं हैं कि ये चीनी लड़ाकू विमानों का मुकाबला कर सके। भारत के लिए परेशानी की बात इसलिए भी है क्योंकि पाकिस्तान पहले ही चीन से J-35 खरीदने की घोषणा कर चुका है। लिहाजा भारत ऐसे फाइटर जेट्स में भला निवेश क्यों करना चाहेगा, जो उसकी जरूरतों से मेल ही नहीं खाता हो। हालांकि अमेरिका भारत को एफ-35 स्टील्थ फाइटर जेट ऑफर कर चुका है, लेकिन अमेरिकी विमान कई शर्तों के साथ आते हैं। अमेरिका भारत में एफ-35 बनाने के लिए हरगिज तैयार नहीं है। जबकि भारत हर हाल में देश में उत्पादन चाहता है। भारत का MRFA टेंडर मीडियम वजन वाले लड़ाकू विमानों के खरीदने को लेकर है, लेकिन F-15EX एक भारी भरकम लड़ाकू विमान है। लिहाजा इंडियन एयरफोर्स के लिए इस पैमाने पर भी ये फिट नहीं बैठता है। हालांकि एफ-21 की तुलना में फिर भी ये एक बेहतर विकल्प है, लेकिन भारत पहले से ही रूसी Su-30MKI लड़ाकू विमान ऑपरेट कर रहा है, जो F-15EX जितना ही भारी है। ऐसे में F-15EX भारतीय वायुसेना की ऑपरेशनल जरूरतों से मेल नहीं करता है। भारत मीडियम रेंज वजन वाला लड़ाकू विमान इसलिए चाहता है कि भारतीय वायुसेना अपने बेड़े में प्रदर्शन, क्षमता और रखरखाव को बैलेंस कर सके। लेकिन भारतीय वायुसेना किसी राजनीतिक दवाब में नहीं आना चाह रही है। भारतीय वायुसेना रक्षा खरीद में रणनीतित स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। लिहाजा अमेरिकी दबाव के बावजूद, भारत MRFA टेंडर को लेकर अपनी जरूरतों पर अडिग है। फाइटर जेट खरीदने का फैसला भारत की लंबे समय की जरूरतों और ऑपरेशनल आवश्यकताओं पर निर्भर करता है। F-15EX की क्षमता क्या है? आपको बता दें कि F-15EX, F-15 एडवांस्ड ईगल सीरीज लड़ाकू विमानों का नेक्स्ट वैरिएंट है। इसे F-15E स्ट्राइक ईगल का एडवांस वैरिएंट माना जाता है। अमेरिकी वायुसेना ने इसे असाधारण प्रदर्शन के लिए डिजाइन किया है। F-15EX एडवांस्ड मिसाइल और बम इजेक्शन रैक (AMBER) सिस्टम से लैस है। ये एक साथ 22 हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों को लेकर उड़ान भरने में सक्षम है। यह पिछले F-15 मॉडल की तुलना में काफी घातक है। इसके अलावा इसकी एक प्रमुख ताकत AMBER मिसाइल रैक सिस्टम के जरिए एक साथ कई ठिकानों पर हमला करने में मदद करता है। इसके अलावा इसे किसी टारगेट पर सटीक हमला करने के लिए छोटे आकार के बमों को भी अपने अंदर रखने की क्षमता देता है। आपको बता दें कि एडवांस मिसाइल और बम इजेक्शन रैक (AMBER) एक हाई कैपिसिटी वाली मिसाइल रैक है, जिसे लड़ाकू जेट की मारक क्षमता बढ़ाने के लिए डिजाइन किया गया है। हर एक AMBER रैक में चार मिसाइलें रखी जा सकती हैं, जिससे F-15EX कई हथियारों को लेकर एक साथ उड़ान भर सकता है और फायर कर सकता है। इस जेट में प्रत्येक पंख के नीचे चार AMBER रैक और धड़ के नीचे एक रैक होने की उम्मीद है। इसके अलावा इस फाइटर जेट में एक साथ 20 लंबी दूरी की AIM-120D मिसाइलों को ले जाने की क्षमता भी है। वहीं विंगटिप्स पर लगी दो छोटी दूरी की AIM-9X मिसाइलों को ले जाने की क्षमता भी इसमें है। लिहाजा कुल मिसाइलों की संख्या 22 हो जाती है। यानि फाइटर जेट काफी ताकतवर है, इसमें कोई शक नहीं है, लेकिन भारत की जरूरतों के मुताबिक ये फिट बैठ पाएगा या नहीं, फिलहाल इसका आकलन किया जा रहा है।

इंदौर से रायपुर और जबलपुर के लिए नई फ्लाइट 30 मार्च से, विशाखापट्‌टनम की कनेक्टिंग फ्लाइट भी

इंदौर समर शेड्यूल लागू होने के पहले एयरलाइंस कंपनियां नई फ्लाइट का शेड्यूल जारी कर रही हैं। इंदौर के लिए तीन रूटों की नई फ्लाइट मिली हैं। ट्रेवल्स एजेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया एमपीसीजी के सचिव अमित नवलानी में बताया, रायपुर के लिए सुबह की फ्लाइट की जरूरत थी जो मिल चुकी है। इसी के साथ विशाखापट्टनम भी जुड़ गया है। इसी तरह जबलपुर के लिए भी एक और फ्लाइट मिली है। नवलानी ने बताया, विशाखापत्तनम, रायपुर के लिए 31 मार्च और जबलपुर के 30 मार्च से फ्लाइट का संचालन होगा। बुकिंग शुरू हो चुकी हैं। यहां देखें शेड्यूल     विशाखापट्टनम से इंदौर: 6ई-7296 सुबह 11 बजे विशाखपट्टनम से रवाना होगी और रायपुर होते हुए दोपहर 2.45 पर इंदौर पहुंचेगी।     इंदौर से विशाखापट्टनम(indore to visakhapatnam flight) : 6ई-7295 सुबह 6.35 से इंदौर से रवाना होगी और रायपुर होते हुए सुबह 10.20 पर विशाखापट्टनम पहुंचेगी।     इंदौर से जबलपुर(indore to jabalpur flight) : 6ई-7328 दोपहर 1.55 बजे इंदौर से रवाना होकर 3.20 जबलपुर पहुंचेगी।     जबलपुर से इंदौर : 6ई-7327 दोपहर 12.10 बजे जबलपुर से उड़कर दोपहर 1.30 इंदौर पहुंचेगी। भोपाल से जबलपुर और इंदौर से पुणे जाना होगा आसान, शुरू हुई नई फ्लाइट्स भोपाल से जबलपुर के लिए शनिवार से सीधी उड़ान सेवा शुरू हो गई है। पहले दिन भोपाल पहुंचे यात्रियों का एयरपोर्ट पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। रन-वे पर विमान के पहुंचते ही वाटर सैल्यूट के साथ इसका स्वागत किया गया। इस रूट पर इंडिगो एयरलाइंस 78 सीटों वाले एटीआर विमान का संचालन कर रही है। पहले दिन 31 यात्री जबलपुर के लिए रवाना हुए, जबकि जबलपुर से 65 यात्री भोपाल पहुंचे। यह उड़ान सप्ताह में तीन दिन (मंगलवार, गुरुवार और शनिवार) संचालित होगी। जबलपुर रूट पर दो साल पहले एलाइंस एयर ने उड़ान शुरू की थी, लेकिन बाद में इसे बंद कर दिया गया। कंपनी ने अपना बेस स्टेशन भी बंद कर दिया था। इंडिगो की इस उड़ान को अच्छे रिस्पांस की उम्मीद है, क्योंकि यह सप्ताह में तीन दिन संचालित होगी। भोपाल-दिल्ली के लिए अतिरिक्त उड़ान जल्द शुरू होगी भोपाल से दिल्ली के लिए अतिरिक्त उड़ान भी जल्द शुरू होने की संभावना है। इंडिगो ने इसके लिए स्लॉट ले लिया है। फिलहाल भोपाल से दिल्ली के लिए पांच उड़ानें संचालित हो रही हैं। एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी के अनुसार, समर शेड्यूल में कुछ नए शहरों को भी जोड़ा जा सकता है। जबलपुर उड़ान का शेड्यूल     भोपाल प्रस्थान: शाम 5:50 बजे     जबलपुर आगमन: शाम 6:55 बजे     जबलपुर प्रस्थान: शाम 7:15 बजे     भोपाल आगमन: रात 8:15 बजे भोपाल-हैदराबाद के लिए तीसरी फ्लाइट भोपाल से हैदराबाद के लिए अब तीन फ्लाइटें उपलब्ध हो गई हैं। इंडिगो ने अपनी तीसरी हैदराबाद फ्लाइट के लिए 30 मार्च से बुकिंग शुरू कर दी है। इसके अलावा, दोपहर के समय चलने वाली दिल्ली फ्लाइट की बुकिंग भी जल्द शुरू होने वाली है। नंबर      कहां से कहां      प्रस्थान-आगमन 7457     भोपाल-हैदराबाद     सुबह 8.30-सुबह 10.40 7458     हैदराबाद-भोपाल     सुबह 11.55-दोपहर 2.00 इंदौर-पुणे के लिए नई फ्लाइट 30 मार्च से एयर इंडिया एक्सप्रेस इंदौर से पुणे के लिए नई फ्लाइट शुरू करेगी। यह फ्लाइट नई दिल्ली से दोपहर 1:30 बजे रवाना होगी और 3:20 बजे इंदौर पहुंचेगी। इंदौर से यह शाम 6 बजे पुणे के लिए रवाना होगी और शाम 5:25 बजे पुणे पहुंचेगी। यह इंदौर से पुणे के लिए दूसरी फ्लाइट होगी। भोपाल से हवाई यात्रियों की संख्या में वृद्धि भोपाल से हवाई यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। प्रतिदिन औसतन पांच हजार से अधिक यात्री देश के विभिन्न शहरों के लिए उड़ान भर रहे हैं। जनवरी की तुलना में फरवरी में मासिक यात्री संख्या में थोड़ी कमी आई है, क्योंकि फरवरी में 28 दिन थे। हालांकि, दैनिक यात्री संख्या अभी भी पांच हजार से अधिक है। जनवरी में एक लाख 51 हजार 139 यात्रियों ने भोपाल से हवाई यात्रा की, जबकि फरवरी में यह संख्या एक लाख 46 हजार 763 रही। इस दौरान 1,042 बार विमानों ने भोपाल एयरपोर्ट पर फेरे लिए। एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी का कहना है कि जल्द ही यात्री संख्या में और वृद्धि होने की उम्मीद है।

सौ से अधिक जनसंख्या की बसाहटों में सड़क संपर्कता, सेटेलाइट मैप से चिह्नांकन के बाद मैदानी स्तर पर होगा भौतिक सत्यापन

भोपाल  प्रदेश की सौ से अधिक जनसंख्या वाली ग्रामीण बसाहटों को राज्य सरकार शहरी सड़कों से जोड़ेगी। इसके लिए केंद्र एवं राज्य प्रवर्तित विभिन्न योजनाओं जैसे पीएम ग्राम सड़क योजना, पीएम जनमन योजना, सीएम ग्राम सड़क योजना, सुदूर ग्राम सड़क संपर्क योजना आदि के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में पात्रतानुसार 500, 250 एवं 100 से अधिक जनसंख्या की बसाहटों में सड़क संपर्कता प्रदान की जा रही है। ऐसी ग्रामों की बसाहटें जो बारहमासी सड़कों से कनेक्टेड नहीं हैं, उनका चिह्नांकन का कार्य एमपी इलेक्ट्रानिक विकास निगम ने सेटेलाइट मैप से किया है और अब इनका भौतिक सत्यापन मैदानी स्तर पर किया जाना है। पंचायत स्तर पर सत्यापन के बाद जिला स्तर पर होगा मंजूर     पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव दीपाली रस्तोगी ने सभी जिला पंचायतों के सीईओ को निर्देश जारी कर कहा है कि वे संपर्कता सर्वे मोबाइल एप के माध्यम से ऐसी ग्रामीण बसाहटों का भौतिक सत्यापन कराएं।     जिसमें पंचायत स्तर पर ग्राम रोजगार सहायक, सचिव को लगाया जाए जो संपर्कता सर्वे मोबाइल एप पर भौतिक सत्यापन रजिस्टर करें।     जिला स्तर पर मप्र ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण के महाप्रबंधक एप में रजिस्टर भौतिक सत्यापन को एप्रूव(मंजूर) करेंगे एवं दैनिक प्रगति से जिला पंचायत सीईओ को अवगत कराएंगे। किया जा रहा सर्वे का काम प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार सीहोर जिले में 500 से अधिक आबादी की संपर्क विहीन बसाहटों को बारहमासी सड़कों से संपर्कता प्रदान की जाएगी। ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण के परियोजना क्रियान्वयन महाप्रबंधक यशवंत सिन्हा ने बताया कि सीहोर जिले के तहत चयनित 550 संपर्क विहीन बसाहटों के सर्वे का कार्य ग्राम पंचायत सचिवों द्वारा ‘ग्राम संपर्कता एप’ के माध्यम से किया जा रहा है। सेटेलाइट सर्वे भी जारी सर्वे के बाद पात्र बसाहटों को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बारहमासी सड़कों से जोड़ने की स्वीकृति प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही शासन द्वारा प्रदेश की संपर्क विहीन बसाहटों के सेटेलाइट सर्वे भी कराया जा रहा है, इनका भौतिक सत्यापन का कार्य कराया जा रहा है। सर्वे के बाद संपर्क विहीन बसाहटों का चयन किया जाएगा। इसमें उन बसाहटों को लिया गया है, जिनकी वर्तमान में जनसंख्या 100 से अधिक है। चयन एवं सर्वे के लिए डामरीकृत अथवा सीसी सडक़ से संपर्क विहीन बसाहट की दूरी 50 मीटर से अधिक होना चाहिए।  

सेंसेक्‍स 100000 के पार जाएगा … लेकिन जाने कब? Morgan Stanley ने बताया वो महीना

मुंबई दुनिया भर में जियोपॉलिटिकल टेंशन और डोनाल्‍ड ट्रंप के टैरिफ खतरे के बीच भारत समेत दुनियाभर के बाजारों में दबाव बढ़ता जा रहा है. अमेरिका में ट्रंप की नीतियों की वजह से आर्थिक मंदी का संकट छाने लगा है. भारतीय बाजार पिछले साल सितंबर से टूट रहा है और लगातार बिकवाली हो रही है. निवेशक मार्केट से डरे हुए हैं. इसी बीच, Morgan Stanley के एनालिस्ट का मानना है कि Sensex 100000 के पार कर सकता है. Morgan Stanley के एनालिस्ट का कहना है कि सेंसेक्‍स में मौजूदा स्‍तर से करीब 41 फीसदी तेजी की उम्‍मीद है और सेंसेक्स दिसंबर 2025 तक 105,000 के पार जा सकता है. एनालिस्‍ट के मुताबिक, भारतीय बाजारों में रिस्‍क के मुकाबले मुनाफे की संभावनाएं बढ़ रही हैं. उनका अनुमान है कि सामान्‍य स्थिति में दिसंबर 2025 तक सेंसेक्‍स 93,000 के स्तर पर होगा. यह मौजूदा स्‍तर से लगभग 25 फीसदी ज्‍यादा होगा. 70 हजार पर भी आ सकता है सेंसेक्‍स वहीं एनालिस्‍ट का यह भी मानना है कि मंदी जैसी स्थिति पैदा हुई और हालात और भी ज्‍यादा खराब हुए तो सेंसेक्‍स 6 फीसदी गिरकर 70,000 के स्तर पर भी आ सकता है.  Morgan Stanley में भारत रिसर्च प्रमुख रिद्धम देसाई ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि भारतीय शेयर बाजारों में बिकवाली का रुख दिख रहा है. ऐसे में अब निवेशकों के लिए चुनिंदा शेयरों में निवेश करने का अच्छा मौका है. किन सेक्टर्स में मौके? देसाई का मानना है कि निवेश के लिहाज से सिक्लिकल शेयर, डिफेंस शेयरों, स्मॉलकैप, मिडकैप और लार्जकैप शेयरों में तेजी का रुख बना रहेगा. अगर अलग-अलग सेक्टर की बात करें तो Morgan Stanley ने फाइनेंशियल, कंज्यूमर, इंडस्ट्रियल और टेक्नोलॉजी सेक्टर को लेकर पॉजिटिव संकेत दिया है. ये हैं Morgan Stanley के पसंदीदा स्‍टॉक Jubilant Foodworks, M&M, Maruti Suzuki, Trent, Bajaj Finance, ICICI Bank, Titan, L&T, UltraTech Cement और Infosys जैसे शेयरों पर Morgan Stanley पॉजिटिव है. Morgan Stanley का मानना है कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा कंज्यूमर मार्केट बनने जा रहा है.

शहरों में बदलता परिदृश्य: कॉर्पोरेट में सक्रिय महिलाएँ, संघर्षरत पुरुष, क्या खड़ी होने वाली बड़ी समस्या?

Changing scenario in cities: Women active in corporate, men struggling, is a big problem arising? शहरी क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती रोजगार भागीदारी और पुरुषों में बेरोजगारी की बढ़ती दर, दोनों ही समाज के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत हैं. जहां एक तरफ महिलाओं ने पारंपरिक सामाजिक बाधाओं को पार करते हुए अलग-अलग क्षेत्रों में अपने कदम मजबूत किए हैं, वहीं दूसरी तरफ पुरुषों के लिए रोजगार के अवसरों की कमी बढ़ती जा रही है. यह असंतुलन न सिर्फ परिवारों के भीतर आर्थिक संरचना को प्रभावित कर रहा है, बल्कि समाज में नए सामाजिक और मानसिक दबावों को भी जन्म दे रहा है. ऐसे में इस रिपोर्ट में विस्तार से समझते हैं कि आखिर शहरी क्षेत्रों में महिलाओं के रोजगार में बढ़ रही भागेदारी का क्या कारण है और इस असंतुलन का भविष्य में हमारे समाज और अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा? क्या यह स्थिति समाज में नई समस्याओं को जन्म दे सकती है? क्या कहता है आंकड़ा हाल ही में ग्रेट लेक्स इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (GLIM) के शोधकर्ताओं ने एक रिपोर्ट जारी की है. जिसके अनुसार साल 2023-24 में 20 से लेकर 24 साल की उम्र के बीच पुरुषों में बेरोजगारी की दर 10% देखी गई, जबकि महिलाओं में यही दर पुरुषों से कम यानी 7.5% देखा गया है. इसी तरह, 25-29 साल की उम्र में भी पुरुषों की बेरोजगारी दर 7.2% है, जो महिलाओं से ज्यादा है. बेरोजगारी का ये आंकड़ा दर्शाता है कि शहरी इलाकों में पुरुषों के मुकाबले महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं, लेकिन पुरुषों के लिए यह अवसर घटते जा रहे हैं. ग्रेट लेक्स इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (GLIM) के शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि पिछले कुछ सालों में शहरी भारत में महिलाओं का रोजगार 10% बढ़ा है. जबकि साल 2017-18 से लेकर 2023-24 तक, शहरी महिलाओं में रोजगार की दर 28% तक पहुंच गई है. दिलचस्प बात ये है कि इसी साल 40 साल और उससे ऊपर की उम्र वाली शहरी महिलाओं में रोजगार दर सबसे ज्यादा 38.3% दर्ज की गई. जिससे यह संकेत मिलता है कि महिलाएं अब बच्चों के बड़े होने के बाद अपने करियर पर ज्यादा ध्यान दे पा रही हैं. महिलाओं को नहीं है नौकरी की तलाश इसी रिपोर्ट के अनुसार भले ही देश में महिलाओं के लिए रोजगार के मौके बढ़ रहे हैं, लेकिन बावजूद इसके भारत की 89 मिलियन से ज्यादा शहरी महिलाएं अभी भी नौकरी की तलाश में नहीं हैं. यह संख्या जर्मनी, फ्रांस या यूनाइटेड किंगडम की पूरी जनसंख्या से भी ज्यादा है. इसका मतलब है कि अभी भी लाखों महिलाएं कामकाजी जीवन में शामिल नहीं हो पाई हैं. इस स्थिति में सबसे बड़ी चिंता यह है कि अगर पुरुषों को पर्याप्त नौकरी के मौके नहीं मिलेंगे और महिलाएं बेहतर रोजगार के अवसरों का लाभ उठाएंगी, तो आने वाले समय में समाज में असंतुलन बढ़ सकता है. एक ओर जहां महिलाओं के लिए रोजगार बढ़ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पुरुषों की बेरोजगारी बढ़ने से समाज में तनाव और असंतोष का माहौल बन सकता है. महिला कर्मचारियों के लिए बेहतर सपोर्ट सिस्टम तैयार इसी रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कई कंपनियां महिला कर्मचारियों के लिए बेहतर सपोर्ट सिस्टम तैयार कर रही है, जैसे स्कूल और ऑफिस के घंटों को मिलाना और बच्चों के लिए चाइल्डकेयर की सुविधा देना. इसके अलावा ज्यादातर कंपनियां महिलाओं को घर से काम करने का विकल्प दे रही है, जिससे वे अधिक आराम से काम कर पा रही हैं, लेकिन घर से काम करने के दौरान नेटवर्किंग की समस्या भी खड़ी हो रही है, जिससे उनकी करियर ग्रोथ में रुकावट आ सकती है. इस शोध में यह भी बताया गया है कि अगर हम सिर्फ महिलाओं के रोजगार पर ध्यान देंगे और पुरुषों के रोजगार की चिंता नहीं करेंगे, तो भविष्य में इसे लेकर समाज में समस्याएं आ सकती हैं. इसलिए, महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए समान रूप से रोजगार के मौके बढ़ाने की जरूरत है, ताकि कोई भी समुदाय इससे प्रभावित न हो. पुरुषों में क्यों बढ़ रही है बेरोजगारी आजकल शहरी इलाकों में महिलाओं का रोजगार बढ़ रहा है, लेकिन पुरुषों के लिए बेरोजगारी एक बड़ी चिंता बन चुकी है. खासकर, जो पारंपरिक काम जैसे निर्माण, मैन्युफैक्चरिंग और कम कौशल वाला काम करते है. इसका मतलब है कि पहले जो काम पुरुषों के लिए आम थे, अब उनमें नौकरी के मौके कम हो गए हैं. इसके अलावा, नई तकनीकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल ने पुरुषों के लिए और भी मुश्किलें पैदा की हैं. पहले जो लोग मैन्युअल (हाथ से काम करने वाले) या कम कौशल वाले काम करते थे, उनके लिए अब इन कामों की जगह मशीनों और रोबोट्स ने ले ली है. अब ये लोग अपनी नौकरी छूट जाने के खतरे से जूझ रहे हैं. शहरी इलाकों में यह समस्या और भी गंभीर हो रही है क्योंकि यहां रोजगार के मौके कम हो गए हैं और युवा पुरुषों को नौकरी ढूंढने में कठिनाई हो रही है. इसे एक बड़ी समस्या के रूप में देखा जा सकता है, जिसका समाधान समय रहते करना जरूरी है. असंतुलन का क्या होगा समाज पर असर? अगर यह असंतुलन जारी रहता है तो इसका समाज और अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है. पहले तो, यह पारिवारिक संरचनाओं को प्रभावित करेगा. पारंपरिक समाज में पुरुषों को कमाने वाले के रूप में देखा जाता रहा है, लेकिन अब महिलाएं भी कमाने वाली बन रही हैं. इससे परिवारों के भीतर भूमिकाओं में बदलाव आएगा और कई पुरुष इस बदलाव को स्वीकार करने में मुश्किल महसूस कर सकते हैं. इसके अलावा, बेरोजगारी की बढ़ती दर से पुरुषों के बीच निराशा और मानसिक दबाव बढ़ सकता है. बेरोजगारी और आर्थिक तंगी के कारण अपराधों में वृद्धि हो सकती है और समाज में अस्थिरता पैदा हो सकती है. महिलाओं के बढ़ते रोजगार का प्रभाव पुरुषों पर महिलाओं के बढ़ते रोजगार का प्रभाव पुरुषों पर सीधा और अप्रत्यक्ष रूप से पड़ रहा है. कुछ पुरुषों को यह बदलाव चुनौतीपूर्ण लग रहा है, क्योंकि पहले वे ही परिवार के मुख्य कमाने वाले होते थे. अब जब महिलाएं भी अपने पैरों पर खड़ी हो रही हैं, तो पारंपरिक भूमिका … Read more

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet