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मध्य भारत के सबसे बड़े इनोवेशन कार्निवल “नवोन्मेष 2025” का आज होगा भव्य शुभारंभ

– “यंग इंवेंटर्स फेयर”, “इनोमेकर- प्रोडक्ट शोकेस”, “प्लान एक्स – बिजनेस प्लान बैटल”, “बाइनरी बैटल – सॉफ्टवेयर हैकाथान”, “एड मैड शो”, “रोबो फाइट एवं रोबो रेस”, “स्टार्टअप पिचिंग प्रतियोगिता – फर्स्ट चेक” और “वायरल वर्स” जैसी प्रतियोगिताओं में प्रतिभागी दिखाएंगे अपनी प्रतिभा – मुख्य अतिथि कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री मप्र शासन गौतम टेटवाल और उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार करेंगे उद्घाटन और शार्क टैंक फेम अमन गुप्ता का की-नोट सेशन भोपाल  अटल इंक्यूबेशन सेंटर-रबीन्द्रनाथ टैगोर यूनिवर्सिटी (एआईसी-आरएनटीयू) द्वारा स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी एवं रबीन्द्रनाथ टैगोर यूनिवर्सिटी के सहयोग से मध्य भारत के सबसे बड़े इनोवेशन कार्निवल “नवोन्मेष 2025” का दो दिवसीय आयोजन 25 मार्च मंगलवार से किया जा रहा है। इसका उद्देश्य उद्यमिता, रचनात्मकता और प्रौद्योगिकी-संचालित समाधानों को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम में देश के उद्योग जगत के कई प्रतिष्ठित नाम भी शामिल होंगे जिसमें शार्क टैंक इंडिया के जज और बोट कंपनी के को-फाउंडर अमन गुप्ता और स्विगी के सीईओ रोहित कपूर महत्वपूर्ण सत्रों में शामिल होंगे और युवाओं से संवाद करेंगे। वहीं कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री मप्र शासन गौतम टेटवाल और उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार होंगे। इसके अलावा दूसरे दिन समापन सत्र के मुख्य अतिथि के रूप में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग मंत्री चेतन्य कश्यप उपस्थित रहेंगे। उनके साथ मप्र निजी विश्वविद्यालय आयोग के अध्यक्ष डॉ. भरत भूषण मौजूद रहेंगे। इस कार्यक्रम में कई प्रतियोगिताएँ शामिल हैं, जो प्रतिभागियों को अपने व्यावसायिक विचारों को प्रस्तुत करने, अपनी तकनीकी क्षमता दिखाने और वास्तविक दुनिया की चुनौतियों के लिए समाधान विकसित करने का मौका देती हैं। इन प्रतियोगिताओं में कक्षा 6 से 12 के स्कूली छात्रों के लिए “यंग इंवेंटर्स फेयर”, यूजी-पीजी छात्रों के लिए “इनोमेकर- प्रोडक्ट शोकेस”, “प्लान एक्स – बिजनेस प्लान बैटल”, “बाइनरी बैटल – सॉफ्टवेयर हैकाथान”, रचनात्मक विज्ञापन प्रतियोगिता “एड मैड शो”, “रोबो फाइट एवं रोबो रेस”, “स्टार्टअप पिचिंग प्रतियोगिता – फर्स्ट चेक” और “वायरल वर्स” शामिल होंगी।

सिंचाई के क्षेत्र में हासिल की अभूतपूर्व उपलब्धियां: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

जन्मदिवस पर विशेष भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अक्सर कहते हैं कि प्राचीन काल में भारत में पारस पत्थर हुआ करता था, जिसके स्पर्श से लोहा सोना हो जाता था। इस पारस पत्थर का काम पानी करता है जब वह सूखे खेतों पर पहुंचता है। जल के स्पर्श से खेतों में सुनहरी फसलें लहलहाती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश की धरती को “शस्य श्यामला” बनाने के संकल्प से ही जुड़ा हुआ है मुख्यमंत्री डॉ. यादव का “संकल्प “हर किसान के खेत तक पानी पहुंचाना” जिससे हर खेत में सुनहरी फसलें लहलहाएं और किसान समृद्धशाली बने। इसी संकल्प को पूरा करने के लिए वे निरंतर जुटे हुए हैं और इसके परिणाम स्वरुप प्रदेश ने गत 1 वर्ष में सिंचाई के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की हैं। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेई ने दो दशक पहले देश की नदियों को जोड़कर हर खेत तक पानी पहुंचाने का सपना देखा था, जो राज्यों के बीच जल विवाद के चलते दो दशकों से अधिक समय से ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ था। केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल जैसी महत्वाकांक्षी अंतर्राज्यीय नदी जोड़ो परियोजनाएं मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के बीच सहमति न बन पाने के कारण आगे नहीं बढ़ पा रही थीं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्र सरकार और राज्यों से निरंतर चर्चा कर इन परियोजनाओं के गतिरोध को समाप्त किया और प्रदेश ने दो बड़ी परियोजनाओं के रूप में अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वयं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई जी की 100वीं जयंती पर मध्यप्रदेश आकर देश की पहली नदी जोड़ो राष्ट्रीय परियोजना केन-बेतवा का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अथक प्रयासों का ही परिणाम है कि अब महाराष्ट्र सरकार के साथ वार्ता के बाद विश्व की सबसे बड़ी ग्राउण्ड वॉटर रीचार्ज अंतर्राज्यीय संयुक्त परियोजना “ताप्ती बेसिन मेगा रीचार्ज परियोजना” का अवरोध दूर हो गया है। मध्यप्रदेश शीघ्र ही महाराष्ट्र सरकार के साथ इस संबंध में करार करने की ओर बढ़ रहा है। जल्द ही केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को भोपाल आमंत्रित कर करार की कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का कहना है कि “ताप्ती मेगा रिचार्ज योजना के जरिए हम महाऱाष्ट्र सरकार के साथ मिलकर ताप्ती नदी की तीन धाराएं बनाकर राष्ट्रहित में नदी जल की बूंद-बूंद का उपयोग सुनिश्चित कर कृषि भूमि का कोना-कोना सिंचित करेंगे।” केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना एक महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय परियोजना है, जिसमें केन नदी पर दौधन बांध एवं लिंक नहर का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। रूपये 44 हजार 605 करोड़ लागत की इस परियोजना के पूर्ण होने पर मध्यप्रदेश के सूखाग्रस्त बुन्देलखण्ड क्षेत्र के 08 लाख 11 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा और प्रदेश की 44 लाख आबादी को पेयजल सुविधा प्राप्त होगी। साथ ही परियोजना से 103 मेगावाट बिजली का उत्पादन भी होगा, जिसका पूर्ण उपयोग मध्यप्रदेश करेगा। इस परियोजना से मध्यप्रदेश के 10 जिले-छतरपुर, पन्ना, दमोह, टीकमगढ़, निवाड़ी, शिवपुरी, दतिया, रायसेन, विदिशा एवं सागर के लगभग 02 हजार ग्रामों के लगभग 07 लाख 25 हजार किसान परिवार लाभांवित होंगे। सूखाग्रस्त बुन्देलखण्ड क्षेत्र में भू-जल स्तर की स्थिति सुधरेगी। औद्योगीकरण, निवेश एवं पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे। इससे स्थानीय स्तर पर लोगों में आत्मनिर्भरता आयेगी तथा लोगों का पलायन रुकेगा। परियोजना के साकार रूप लेने पर मध्यप्रदेश के बुन्देलखण्ड क्षेत्र की तस्वीर बदलेगी। संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल अन्तर्राज्यीय नदी लिंक परियोजना के क्रियान्वयन के लिए मध्यप्रदेश और राजस्थान राज्यों एवं केन्द्र के मध्य 28.01.2024 को त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित हुआ और दोनों राज्यों एवं केन्द्र के मध्य 05.12.2024 को जयपुर में अनुबंध सहमति पत्र (मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट) हस्ताक्षरित किया गया। परियोजना की अनुमानित लागत 72 हजार करोड़ रूपये की है, जिसमें मध्यप्रदेश 35 हजार करोड़ एवं राजस्थान 37 करोड़ की हिस्सेदारी होगी। परियोजना से मध्यप्रदेश में मालवा एवं चंबल क्षेत्र के 11 जिले क्रमशः गुना, शिवपुरी, मुरैना, उज्जैन, सीहोर, मंदसौर, देवास, इंदौर, आगर-मालवा, शाजापुर एवं राजगढ़ जिलों में कुल 6.14 लाख हेक्टेयर नवीन सिंचाई एवं चंबल नहर प्रणाली के आधुनीकरण से भिंड मुरैना एवं श्योपुर के 3.62 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा सुनिश्चत की जायेगी। परियोजना से लगभग 03 हजार 150 ग्रामों की 40 लाख आबादी लाभान्वित होगी एवं इस समेकित परियोजना में मध्यप्रदेश की 19 सिंचाई परियोजनाओं को शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का संकल्प है कि क्षिप्रा स्वच्छ और निरंतर प्रवहमान बने और सिहंस्थ 2028 में क्षिप्रा के जल में ही श्रद्धालुओं को स्नान कराया जाए। क्षिप्रा नदी के जल को शुद्ध रखने के लिए 900 करोड़ रूपये की लागत की “कान्ह डयवर्सन क्लोज डक्ट परियोजना” के द्वारा कान्ह नदी के दूषित जल को क्षिप्रा नदी में मिलने से रोका जायेगा। वर्ष-2028 से पहले यह योजना पूर्ण कर ली जायेगी। क्षिप्रा को वर्ष भर अविरल, प्रवहमान बनाने के लिए उज्जैन जिले की सेवरखेडी एवं सिलारखेडी (लागत लगभग 615 करोड़) योजना का कार्य भी आंरभ हो गया है। इससे आमजन एवं श्रद्धालुओं को पूरे वर्ष भर विशेष पर्वों पर उनकी धार्मिक भावनाओं के अनुरूप क्षिप्रा नदी में स्नान करने का अवसर मिलेगा। क्षिप्रा नदी पर सिंहस्थ में स्नान सुविधा के लिये क्षिप्रा नदी के दोनों तटों पर लगभग 29 किलोमीटर लंबाई में घाटों का निर्माण किया जायेगा, जिसकी राशि रू. 778.91 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति दी जा चुकी है। मध्यप्रदेश के बुन्देलखण्ड क्षेत्र में भू-जल स्तर को बढ़ाने, पेयजल संकट को दूर करने एवं सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से “अटल भू-जल योजना” प्रारंभ की गई है। यह योजना प्रदेश के 06 जिलों के 09 विकासखण्डों में क्रियान्वित की जा रही है। इस परियोजना से चयनित क्षेत्रों में भू-जल स्तर में सुधार होने से स्थानीय किसानों को लाभ प्राप्त होगा तथा किसानों की आय बढ़ेगी। इसके अतिरिक्त जल जीवन मिशन के अन्तर्गत जल प्रदाय के लिये टिकाऊ जल स्त्रोत भी उपलब्ध हो सकेंगे। बांधों की सुरक्षा भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। बांधों की सुरक्षा को लेकर मध्यप्रदेश सरकार पूरी सजगता के साथ काम कर रही है। इसके लिये प्रदेश में “डैम सेफ्टी रिव्यू पेनल” गठित है, जो प्रतिवर्ष संवेदनशील बांधों का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करता है। आने वाले 05 वर्षों में प्रदेश के 27 बांधों की सुरक्षा एवं मरम्मत की जावेगी। इसके लिये विश्व बैंक के सहयोग से 551 करोड़ … Read more

सड़क के अतिक्रमण को तुरंत हटाए : राज्य मंत्री श्रीमती गौर

सड़क के अतिक्रमण को तुरंत हटाए : राज्य मंत्री श्रीमती गौर आनंद नगर के विकास कार्यों की हुई समीक्षा भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि गोविंदपुरा क्षेत्र के विकास के लिए लगातार कार्य चल रहे हैं। यह बात उन्होंने सोमवार को आनंद नगर में चल रहे कार्यों की समीक्षा बैठक में कही। बैठक में राज्य मंत्री श्रीमती गौर के समक्ष व्यापारियों ने कहा कि आनंद नगर से हथाईखेड़ा तक सीसी रोड़ के निर्माण के बाद दोनों तरफ नाली निर्माण के कार्य में तेजी लाई जाए और बारिश से पहले निर्माण कार्य पूरा हो जाए। राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि नाली निर्माण के कार्य को शीघ्र पूरा कराया जाएगा। उन्होंने व्यापारियों से अनुरोध किया कि वह सड़क तक फैले अतिक्रमण को खुद हटा ले। इससे नाली के निर्माण में किसी भी तरह की अड़चन खड़ी नहीं हो सकेगी। सड़क के दोनों तरफ, नाली और सड़क के बीच में पेवर ब्लॉक भी लगाए जाएंगे और उस पर पीले रंग से मार्किंग भी की जाएगी, ताकि व्यापारी पीली लाइन के आगे तक दुकान का सामान न रखें और ग्राहकों को गाड़ियां खड़ी करने में किसी तरह की असुविधा न हो। उन्होंने आनंद नगर में सड़कों पर गाड़ियां खड़ी होने से अतिक्रमण की समस्या बढ़ने पर चिंता व्यक्त की। राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह व्यापारियों और रहवासियों के साथ निरीक्षण कर जो भी बाधा नाली के निर्माण में आ रही है, उसे अतिशीघ्र दूर कर जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू किया जाए। इस दौरान बैठक में अनिल कुमार जैन, राकेश श्रीवास्तव, दिलीप चौरसिया, हर्षित तिवारी, अनुराग राय, सुरेश चौकसे, पार्षद श्रीमती छाया ठाकुर और पीडब्ल्यूडी के अधिकारी, आनंद नगर के व्यापारी व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वस्थ एवं निरोग मध्यप्रदेश के संकल्प को सम्मान मिलने पर दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज विश्व टीबी दिवस पर विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा ने मध्यप्रदेश को 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य के रूप में सम्मानित किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की है । मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि निश्चित ही यह गौरवपूर्ण उपलब्धि है जो मध्यप्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं, समर्पित चिकित्सकों, सेवाभावी स्वास्थ्य कर्मियों और आम जन की भागीदारी के उत्कृष्ट प्रयासों का प्रमाण है। यह सम्मान न केवल मध्यप्रदेश के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए एक प्रेरणा है कि सतत प्रयासों और जनसहयोग से टीबी मुक्त भारत का सपना साकार किया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने इस उपलब्धि के लिए समर्पित समस्त टीम को बधाई दी है।  

14 अप्रैल से विवाह के कई शुभ योग

14 मार्च 2025 से खरमास की शुरुआत हो चुकी है, जो 13 अप्रैल 2025 तक रहने वाला है। हिंदू धर्म में इस समय को बेहद खास और महत्वपूर्ण माना गया है, क्योंकि खरमास सूर्य उपासना के लिए शुभ है। परंतु इस अवधि को शुभ मांगलिक कार्यों के लिए अशुभ माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक जब भी सूर्यदेव धनु या मीन राशि में प्रवेश करते हैं, तो खरमास लगता है। यह समय पूरे साल में दो बार आता है, जो एक माह तक बना रहता है। दरअसल, सूर्य देव गुरु बृहस्पति के घर जाते ही अपने तेज को कम कर लेते हैं, इसलिए खरमास में सूर्य की स्थिति कमजोर हो जाती है। सूर्य की स्थिति कमजोर होने के कारण घरों में शादी-विवाह, खरीदारी, सगाई, मुंडन, यात्राएं व जनेऊ जैसे कार्यों को करने की मनाही होती हैं। ऐसे में 13 अप्रैल को खरमास समाप्त हो रहा है। इसके समापन के बाद 14 अप्रैल से विवाह के कई शुभ योग बन रहे हैं, जो शादी-विवाह के लिए उत्तम है। आइए इनके बारे में जानते हैं… अप्रैल विवाह मुहूर्त 2025     अप्रैल 14, 2025, सोमवार     अप्रैल 16, 2025, बुधवार     अप्रैल 17, 2025, बृहस्पतिवार     अप्रैल 18, 2025, शुक्रवार     अप्रैल 19, 2025, शनिवार     अप्रैल 20, 2025, रविवार     अप्रैल 21, 2025, सोमवार     अप्रैल 25, 2025, शुक्रवार     अप्रैल 29, 2025, मंगलवार     अप्रैल 30, 2025, बुधवार मई विवाह मुहूर्त 2025     मई 1, 2025, बृहस्पतिवार     मई 5, 2025, सोमवार     मई 6, 2025, मंगलवार     मई 8, 2025, बृहस्पतिवार     मई 10, 2025, शनिवार     मई 14, 2025, बुधवार     मई 15, 2025, बृहस्पतिवार     मई 16, 2025, शुक्रवार     मई 17, 2025, शनिवार     मई 18, 2025, रविवार     मई 22, 2025, बृहस्पतिवार     मई 23, 2025, शुक्रवार     मई 24, 2025, शनिवार     मई 27, 2025, मंगलवार     मई 28, 2025, बुधवार जून विवाह मुहूर्त 2025     जून 2, 2025, सोमवार     जून 4, 2025, बुधवार     जून 5, 2025, बृहस्पतिवार     जून 7, 2025, शनिवार     जून 8, 2025, रविवार नवंबर विवाह मुहूर्त 2025     नवंबर 2, 2025, रविवार     नवंबर 3, 2025, सोमवार     नवंबर 6, 2025, बृहस्पतिवार     नवंबर 8, 2025, शनिवार     नवंबर 12, 2025, बुधवार     नवंबर 13, 2025, बृहस्पतिवार     नवंबर 16, 2025, रविवार     नवंबर 17, 2025, सोमवार     नवंबर 18, 2025, मंगलवार     नवंबर 21, 2025, शुक्रवार     नवंबर 22, 2025, शनिवार     नवंबर 23, 2025, रविवार     नवंबर 25, 2025, मंगलवार     नवंबर 30, 2025, रविवार दिसंबर विवाह मुहूर्त 2025     दिसंबर 4, 2025, बृहस्पतिवार     दिसंबर 5, 2025, शुक्रवार     दिसंबर 6, 2025, शनिवार  

29 मार्च को जयपुर में होने वाले हनी सिंह के शो के वीआईपी टिकट्स लगभग खत्म

जयपुर मशहूर रैपर और सिंगर हनी सिंह 29 मार्च को जयपुर में अपने ‘मिलियनेयर इंडिया टूर’ के तहत लाइव परफॉर्मेंस देने वाले हैं। यह कॉन्सर्ट जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर में होगा, जहां फैंस को उनके सुपरहिट गाने ‘ब्राउन रंग’, ‘डोप सोप’, ‘लुंगी डांस’ और ‘लव डोज’ जैसे ट्रैक सुनने को मिलेंगे। इससे पहले हनी सिंह मुंबई, लखनऊ और बेंगलुरु में हाउसफुल शोज कर चुके हैं। वीआईपी टिकट हुए खत्म इस ग्रैंड इवेंट के टिकट 2,499 से लेकर 2 लाख तक के हैं। पहले फेज में 1,500 के टिकट लॉन्च किए गए थे, जो कुछ मिनटों में ही खत्म हो गए। दूसरे फेज में 2,000 से टिकट की बिक्री शुरू हुई, जो कुछ दिन तक चली। फिलहाल तीसरे फेज के कुछ टिकट ही बचे हैं, जबकि वीआईपी लाउंज के टिकट पूरी तरह बिक चुके हैं। भव्य स्टेज और शानदार विजुअल्स ‘मिलियनेयर इंडिया टूर’ को इंटरनेशनल लेवल पर डिजाइन किया गया है, जिसमें शानदार स्टेज, हाई-क्वालिटी लाइटिंग, जबरदस्त साउंड और स्पेशल म्यूजिक बैंड का अनुभव मिलेगा। शो की शुरुआत शाम 7:30 बजे से होगी, जबकि इससे पहले एक प्री-परफॉर्मेंस भी रखी गई है। शाम 6 बजे से गेट ओपन होंगे लेकिन 16 साल से कम उम्र के बच्चों को इस इवेंट में एंट्री नहीं मिलेगी। दर्शकों को फोटो आईडी साथ लानी होगी और वेन्यू में सिक्योरिटी चेकिंग के बाद ही एंट्री दी जाएगी, ताकि कोई गलत चीज अंदर न ले जा सके। जेईसीसी में इससे पहले आईफा अवॉर्ड्स, दिलजीत दोसांझ और करण औजला जैसे बड़े इवेंट हो चुके हैं। अब हनी सिंह का यह ग्रैंड शो जयपुर के म्यूजिक लवर्स के लिए एक यादगार अनुभव बनने जा रहा है।  

रोरबैंक रुपे क्रेडिट कार्ड में 62 दिन तक का इंटरेस्ट-फ्री पीरियड मिलेगा.

नई दिल्ली  देश में बड़े शहरों से लेकर छोटे शहरों तक में क्रेडिट कार्ड की पॉपुलरिटी बढ़ती जा रही है. इसके जरिए लोग खूब शॉपिंग करते हैं और फिर बाद में बिल चुकाते हैं. क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल का सबसे बड़ा फायदा इसमें मिलने वाला इंटरेस्ट फ्री पीरियड है. भारत में क्रेडिट कार्ड पर आमतौर पर 45-55 दिन तक का इंटरेस्ट-फ्री पीरियड मिलता है. हालांकि अब आपको 62 दिन तक का इंटरेस्ट-फ्री पीरियड मिलने वाला है. दरअसल, मार्केट में एक नया क्रेडिट कार्ड आने वाला है, जिसमें आपको पैसे चुकाने के लिए 62 दिन तक का समय मिलेगा. हम जिस क्रेडिट कार्ड की बात कर रहे हैं, उसका नाम रोरबैंक रुपे क्रेडिट कार्ड (Roarbank RuPay Credit Card) है. इस कार्ड को यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक (Unity Small Finance Bank) ने लॉन्च करने जा रहा है. फिलहाल इसके लिए अप्लाई प्रोसेस शुरू नहीं हुआ है लेकिन आप वेटलिस्ट ज्वाइन कर सकते हैं. क्रेडिट कार्ड से मिलेगी UPI पेमेंट की सुविधा यह क्रेडिट कार्ड एनपीसीआई के रुपे नेटवर्क पर आ रहा है और इसे उन सभी ऑनलाइन वेबसाइट्स और मर्चेंट आउटलेट्स में इस्तेमाल किया जा सकता है, जो रुपे कार्ड स्वीकार करते हैं. इसके जरिए आप यूपीआई सुविधा का भी लाभ उठा सकते हैं. इस क्रेडिट कार्ड को यूपीआई ऐप्स से लिंक कर सकते हैं और पड़ोस की छोटी दुकानों पर लगे मर्चेंट यूपीआई क्यूआर कोड को स्कैन कर पेमेंट कर सकते हैं. इसके अलावा आप इस कार्ड के जरिए ऑनलाइन मर्चेंट्स को भी यूपीआई पेमेंट्स कर सकते हैं. रोरबैंक रुपे क्रेडिट कार्ड के फीचर्स     यह लाइफ टाइम फ्री क्रेडिट कार्ड है. इसका मतलब हुआ कि इस कार्ड में कोई जॉइनिंग या एनुअल चार्ज नहीं देना होगा.     इस क्रेडिट कार्ड में 62 दिन तक का इंटरेस्ट-फ्री पीरियड मिलने वाला है.     हर महीने चुनी गई कैटेगरीज पर 20 फीसदी तक कैशबैक मिलेगा.     अपने नजदीक खड़े दोस्तों को फोन हिलाकर तुरंत पैसे भेज सकते हैं. कार्ड नंबर या फोन डिटेल्स की जरूरत नहीं होगी.  

लखनऊ के मुंह से आशुतोष-विपराज ने छीनी जीत, आखिरी पांच ओवरों में पलट दी हारी हुई बाजी, पंत हुए मायूस

 नई दिल्ली  आशुतोष शर्मा और विपराज निगम ने हैरतअंगेज बल्लेबाजी करते हुए सोमवार को लखनऊ सुपरजायंट्स के मुंह से जीत छीन दिल्ली कैपिटल्स को दे दी। इन दोनों की तूफानी पारियों के दम पर दिल्ली ने आईपीएल-2025 के अपने पहले मैच में लखनऊ को 1 विकेट से हरा दिया। दिल्ली को जीत के लिए 210 रन चाहिए थे। उसने अपने पांच विकेट 65 रनों पर ही खो दिए थे। ट्रिस्टन स्टब्स ने कुछ लड़ाई लड़ी। हालांकि वह 13वें ओवर की तीसरी गेंद पर 113 के कुल स्कोर पर आउट हो गए। यहां से आशुतोष और विपराज ने जो अटैकिंग बैटिंग की है उसने सभी को हैरान कर दिया और दिल्ली को वहां से जीत दिलाई जहां से किसी को उम्मीद नहीं थी। ये दिल्ली की लखनऊ के खिलाफ रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए सबसे बड़ी जीत है। लखनऊ के लिए निकोलस पूरन ने 30 गेंदों पर 75 रनों की तूफानी पारी खेली जिसमें छह चौके और सात छक्के शामिल रहे। उनके अलावा मिचेल मार्श ने 36 गेंदों पर 72 रनों की पारी खेली जिसमें छह चौके और इतने ही छक्के जड़े। दिल्ली के लिए कोई भी मार्श और पूरन वाला काम नहीं कर सका। नहीं मिली अच्छी शुरुआत दिल्ली के पास जैक फ्रेसर मैक्गर्क और फाफ डु प्लेसी की सलामी जोड़ी है। ये दोनों अपनी तूफानी बैटिंग के लिए जाने जाते हैं, लेकिन शार्दुल ठाकुर ने दिल्ली का पूरा गेम बिगाड़ दिया। नीलामी में ठाकुर को किसी ने नहीं खरीदा था। मोहसिन खान के चोटिल होने के बाद वह टीम में आए और इस मैच में खेले। पहले ही ओवर की तीसरी गेंद पर उन्होंने मैक्गर्क (1) को बड़ोनी के हाथों में कैच कराया। इसके बाद उन्होंने अभिषेक पोरेल को पवेलियन की राह दिखाई। वह खाता तक नहीं खोल सके। समीर रिजवी को एम सिद्धार्थ ने अपना शिकार बनाया और दिल्ली को तीसरा झटका दिया। अक्षर और डुप्लेसी भी फेल उम्मीद अब डुप्लेसी और कप्तान अक्षर से थी। दोनों ने कुछ अच्छे शॉट्स मार उम्मीद भी जगाई। ज्यादा तेजी दिखाने के चक्कर में अक्षर, दिग्वेश राठी का शिकार बने। अक्षर ने 11 गेंदों पर 22 रन बनाए जिसमें तीन चौके और एक छक्का शामिल रहा। रवि बिश्नोई ने डुप्लेसी को डेविड मिलर के हाथों कैच करा दिल्ली तो पांचवां झटका दिया। डुप्लेसी ने 18 गेंदों पर 29 रन बनाए। ट्रिस्टन स्टब्स आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए टीम को रास्ते पर लाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन ज्यादा आगे नहीं जा सके। सिद्धार्थ की गेंद ने उनके डंडे उड़ा दिए। स्टब्स ने 22 गेंदों पर 34 रन बनाए। आशुतोष और विपराज निगम ने बांधा दिल्ली की टीम ने अभी भी हार नहीं मानी थी। आशुतोष शर्मा और विपराज निगम तेजी से रन बना टीम को जीत दिलाने की कोशिश में लगे हुए थे। इन दोनों ने 22 गेंदों पर 55 रन जोड़े। तभी 16वें ओवर के बाद टाइम आउट हुआ और इसके बाद पहली गेंद पर विपराज गलत शॉट खेल दिग्वेश का शिकार बने। उन्होंने 15 गेंदों पर पांच चौके और दो छक्कों की मदद से 39 रन बनाए। 18वें ओवर की पहली गेंद पर बिश्नोई ने स्टार्क को आउट कर दिल्ली को आठवां झटका दिया। आशुतोष ने 18वें ओवर की आखिरी तीन गेंद पर छक्का, चौका और छक्का मार एक बार फिर दिल्ली को मैच में ला दिया। आखिरी दो ओवरों में दिल्ली को जीत के लिए 22 रन चाहिए थे। कुलदीप 19वें ओवर की पहली गेंद पर चौका मार तीसरी गेंद पर रन आउट हो गए। चौथी गेंद पर दो रन लेकर आशुतोष ने अपना अर्धशतक पूरा किया। आखिरी ओवर की तीसरी गेंद पर आशुतोष ने छक्का मार अपनी टीम को जीत दिलाई। लखनऊ का तूफान इससे पहले, पहली पारी खेलने उतरी लखनऊ ने विशाखापट्टनम के एसीए-वीडीसीए स्टेडियम में तूफान ला दिया। मिचेल मार्श और एडेन मार्करम की जोड़ी ने टीम को तेज शुरुआत दी। पहले विकेट के लिए दोनों ने 46 रन जोड़े। विपराज निगम ने मार्करम को आउट कर दिल्ली को पहली सफलता दिलाई। उन्होंने 15 रन बनाए। इसके बाद आया असली तूफान। मार्श और पूरन ने फिर दिल्ली के गेंदबाजों की अच्छे से खबर ली। मार्श ने 21 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया। दोनों ने टीम का स्कोर 133 रनों तक पहुंचा दिया। मुकेश कुमार ने मार्श को 12वें ओवर की चौथी गेंद पर आउट कर लखनऊ को दूसरा झटका दिया। उनके बाद आए कप्तान पंत खाता तक नहीं खोल सके। हालांकि, पूरन एक छोर से मार रहे थे और लग रहा था कि लखनऊ आसानी से 230 के पार जाएगी। पूरन को मिचेल स्टार्क ने 15वें ओवर की पांचवीं गेंद पर बोल्ड कर लखनऊ को चौथा झटका दिया। यहां से फिर दिल्ली ने वापसी की। मिलर ने पहुंचाया 200 पार दिल्ली ने फिर बडोनी (4), ठाकुर (0), शाहबाज अहमद (9) के विकेट जल्दी खो लिए और यहां लगने लगा कि लखनऊ अब 200 के पार भी नहीं जा पाएगी। 19वें ओवर की आखिरी गेंद पर रवि बिश्नोई भी आउट हो गए और उनके रूप में लखनऊ ने अपना आठवां विकेट खोया। आखिरी ओवर में डेविड मिलर ने दो छक्के मार टीम का स्कोर 200 के पार पहुंचाया। दिल्ली के लिए स्टार्क ने तीन विकेट लिए। कुलदीप के हिस्से दो विकेट आए। निगम और मुकेश कुमार को एक-एक सफलता मिली।

आरजी कर मामला, क्या सामूहिक दुष्कर्म या सबूत मिटाने की संभावना के एंगल पर भी की जांच: हाईकोर्ट

  कोलकाता आरजीकर अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या मामले में सोमवार को कलकत्ता हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान हाईकोर्ट ने सीबीआई को मामले की जांच से संबंधित केस डायरी अगली सुनवाई पर पेश करने का निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान अदालत ने सीबीआई ये यह भी पूछा कि क्या केंद्रीय एजेंसी अपनी जांच में सामूहिक दुष्कर्म या मामले में सबूतों को नष्ट किए जाने की संभावना के एंगल पर भी जांच कर रही है। वहीं, मृतका के परिजन और मामले में याचिकाकर्ता ने इस दौरान अदालत की निगरानी में जांच की मांग की। उन्होंने दावा किया कि ट्रायल कोर्ट में आरोप-पत्र दाखिल करते समय सीबीआई ने कहा था कि अपराध में बड़ी साजिश शामिल थी। ऐसे में उन्होंने मामले की आगे की जांच के लिए प्रार्थना की। जिस पर न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ताओं की प्रार्थनाओं पर जांच के वर्तमान चरण और सीबीआई द्वारा पेश की जाने वाली केस डायरी को देखने के बाद विचार किया जाएगा। उन्होंने सीबीआई को अगली सुनवाई की तारीख 28 मार्च को केस डायरी पेश करने का भी निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, न्यायमूर्ति घोष ने सीबीआई के वकील से अदालत को यह भी बताने को कहा कि क्या एजेंसी अपनी आगे की जांच में सामूहिक बलात्कार या सबूतों के विनाश की संभावना की जांच कर रही है। पूर्व नागरिक स्वयंसेवक संजय रॉय को पीड़िता के साथ बलात्कार और हत्या के आरोप में कोलकाता पुलिस ने गिरफ्तार किया था। जनवरी में रॉय को दोषी करार देते हुए सत्र न्यायालय ने उसे उसके प्राकृतिक जीवन के अंत तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। न्यायमूर्ति घोष ने उप महाधिवक्ता (डीएसजी) को यह साफ करने का निर्देश दिया कि क्या सीबीआई ने कभी भी भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 70 (सामूहिक बलात्कार) के तहत अपराध की जांच करने पर विचार किया था। चूंकि इस मामले में एक व्यक्ति को पहले ही दोषी ठहराया जा चुका है। ऐसे में न्यायमूर्ति घोष ने आगे पूछा कि क्या सीबीआई ने अपने आरोप-पत्र में इस बात पर विचार किया था कि अपराध एक अकेले अपराधी द्वारा किया गया था या यह सामूहिक दुष्कर्म का मामला था।   इससे पहले, याचिकाकर्ताओं के वकील ने दावा किया कि केंद्रीय एजेंसी मामले की जांच में रुचि नगीं दिखा रही है। उन्होंने न्यायालय से सीबीआई से अपनी आगे की जांच पर प्रगति रिपोर्ट मांगने का भी आग्रह किया। वहीं, पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बनर्जी ने कहा कि राज्य को आगे की जांच पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन उन्होंने इस बात पर स्पष्टीकरण मांगा कि क्या कानून किसी आरोपी को दोषी ठहराए जाने और सजा सुनाए जाने के बाद ऐसी जांच की अनुमति देता है। बनर्जी ने यह भी सवाल उठाया कि क्या ट्रायल कोर्ट को मुकदमे के समापन के बाद आगे की जांच की अनुमति देने का अधिकार है। इसके अलावा, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सीबीआई ने बेहद धीमी गति से मामले की जांच की है। इस पर डीएसजी ने इस दावे का विरोध करते हुए तर्क दिया कि एजेंसी के खिलाफ कोई भी अनुचित आरोप नहीं लगाया जाना चाहिए।

आश्वासन पर बैंक कर्मचारियों ने की स्थगित हड़ताल — साथी प्रमोद चतुर्वेदी

Bank employees postponed the strike on assurance — Comrade Pramod Chaturvedi हरिप्रसाद गोहेआमला। अखिल भारतीय कर्मचारी संघ की 24 और 25 मार्च को प्रस्तावित हड़ताल स्थगित हो गई है । जीस कारण सोमवार बैंक खुले रहे खंडवा यूनिट यूनियन के अध्यक्ष प्रमोद चतुर्वेदी ने बताया कि वित्त मंत्रालय और आईबीए द्वारा कर्मचारियों को उनकी मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिए जाने के बाद यह निर्णय लिया गया है। इसलिए 25 मार्च को भी सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंक खुले रहेंगे । हमारे आंदोलन के लिए जो केन्द्रीय नेतृत्व से प्रोग्राम मिला था उसके सफलतापूर्वक संचालन में यू एफ बी यू के सभी घटक दलों के साथियों ने अपनी पूर्ण निष्ठा एवं ताकत से साथ देकर इसे कामयाब बनाया। यू एफ बी यू के बैंकिंग घटकों के सभी साथियों ने भविष्य में भी अपना पूर्ण समर्थन एवं सहयोग का आश्वासन दिया । उन्होंने कहा अभी हड़ताल पूर्णतः निरस्त नहीं हुई है वरन् केवल आइ बी ए एवं सभी घटक बैंकों के प्रबंधन और सेंटल लेबर कमीशन के आश्वासन मिलने के कारण स्थगित हुई है । अभी तो यह अंगड़ाई है अगर हमारी मांगे नहीं मानी गई तो फेर से हड़ताल का रास्ता अपनाया जा सकता है ।

रूसी तेल पर अमेरिकी बैन बेअसर, रूस के तेल का भारत में फिर से आयात बढ़ गया

नई दिल्ली रूसी तेल पर अमेरिकी बैन बेअसर नजर आ रहा है। भारत ने रूस से तेल खरीदना फिर से तेज कर दिया है। जनवरी और फरवरी के मुकाबले मार्च में इसमें तेजी आई है। जनवरी में अमेरिका ने रूस पर कुछ बैन लगाए थे। इसमें भारत और चीन बेचे जाने वाला कच्चा तेल भी शामिल था। यह बैन जो बाइडेन के प्रशासन ने लगाए थे। डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता संभालने के बाद भी ये बैन लगे हुए हैं। हालांकि रूस ने मार्च में तेल बेचने की रफ्तार बढ़ाई है। इंडियन एक्सप्रेस की एक खबर के मुताबिक भारत ने मार्च में रूस से काफी मात्रा में तेल खरीदा है। इसकी वजह ये है कि रूस का तेल आसानी से मिल रहा है। वहीं ज्यादातर तेल 60 डॉलर प्रति बैरल से कम कीमत पर मिल रहा है। इससे भारत को तेल लाने के लिए बिना पाबंदी वाले जहाज आसानी से मिल जा रहे हैं। रूस के पास तेल ज्यादा होने की एक बड़ी वजह ये भी है कि यूक्रेन ने रूस के तेल कारखानों पर ड्रोन से हमले किए हैं। इससे रूस में तेल की खपत कम हो गई है और वो तेल बाहर बेचने को मजबूर है। कितना खरीदा तेल? तेल बाजार पर नजर रखने वाली कंपनी केप्लर (Kpler) ने कुछ आंकड़े जारी किए हैं। इन आंकड़ों के अनुसार मार्च के पहले 21 दिनों में भारत ने रूस से हर दिन औसतन 1.85 मिलियन बैरल तेल खरीदा है। फरवरी में ये आंकड़ा 1.47 मिलियन बैरल प्रतिदिन (bpd) था। वहीं जनवरी में यह 1.64 मिलियन bpd था। इसका मतलब है कि भारत ने मार्च में रूस से ज्यादा तेल खरीदा है। मार्च में भारत ने जितना भी तेल खरीदा है, उसमें से रूस की हिस्सेदारी 35 फीसदी से ज्यादा रही है। फरवरी में ये हिस्सेदारी 31% और जनवरी में 33% थी। भारत और चीन सबसे आगे जनवरी से मार्च के महीने में भारत ने रूस से हर दिन औसतन 1.75 मिलियन bpd तेल खरीदा है। पिछले दो सालों में भी भारत ने लगभग इतना ही तेल खरीदा था। रूस ने फरवरी 2022 में यूक्रेन पर हमला कर दिया था। इसके बाद पश्चिमी देशों ने रूस से तेल खरीदना कम कर दिया। तब से भारत और चीन, रूस से सबसे ज्यादा तेल खरीदने वाले देश बन गए हैं। बाइडेन प्रशासन ने लगाया था बैन रूसी तेल पर जनवरी में जो बाइडेन प्रशासन ने बैन लगाया था। बाइडेन ने यह फैसला डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति पद संभालने से कुछ दिनों पहले ही लिया था। इस दौरान बाइडेन प्रशासन ने 183 जहाजों पर भी बैन लगाया था। ये जहाज रूस से तेल लाने-ले जाने का काम करते थे। इसके अलावा उन्होंने रूस की दो बड़ी तेल कंपनियों और बीमा कंपनियों पर भी पाबंदी लगाई थी। जब बैन तो फिर क्यों आई तेजी? अब सवाल है कि जब अमेरिका ने रूसी तेल पर बैन लगाया है तो फिर ऐसे में रूस तेल क्यों बेच रहा है। दरअसल बैन के कारण भारत के तेल कारखानों को रूस से तेल लाने में थोड़ी दिक्कत हो रही थी। वे ऐसे जहाजों और बीमा कंपनियों के साथ काम नहीं करना चाहते थे, जिन पर पाबंदी लगी हुई थी। लेकिन अब रूस के तेल की कीमत 60 डॉलर प्रति बैरल से कम हो गई है। ऐसे में जहाजों और बीमा की दिक्कत दूर हो गई। G7 देशों और उनके साथियों ने एक नियम बनाया है कि अगर रूस के तेल की कीमत 60 डॉलर से कम है तो पश्चिमी देशों के जहाज और बीमा कंपनियां रूस से तेल लाने-ले जाने में मदद कर सकती हैं। Kpler के डेटाबेस के अनुसार रूस से भारत आने वाले सभी जहाज बिना पाबंदी वाले हैं।

वोडाफोन आइडिया को सरकार से फिर मदद की दरकार, राहत के लिए लगाई गुहार

मुंबई वोडाफोन आइडिया एक बार फिर सरकार से मदद की गुहार लगाते हुए कहा कि कंपनी अपने एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू को लेकर काफी मुश्किलों का सामना कर रही है और उन्हें अपने पुराने स्पेक्ट्रम का भी पेमेंट चुकाना है, जिसे लेकर उन्हें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इस मुश्किल का सामना करने के लिए उन्होंने केंद्र सरकार से राहत की मांग की है। कंपनी की ओर से टेलीकॉम सेक्रेटरी नीरज मित्तल ने 11 मार्च को केंद्र सरकार को एक लेटर लिखा, जिसमें उन्होंने सरकार से अपने कर्ज के एक बड़े हिस्से को इक्विटी में बदलने के लिए गुहार लगाई। यदि यह प्रस्ताव सरकार द्वारा मान ली गयी , तो सरकार की वोडाफोन आइडिया में मौजूद हिस्सेदारी, जो कि 22.6% है, से बढ़कर लगभग 49% हो जाएगी। इससे कंपनी को जो अपने फाइनेंशियल कंडीशन को लेकर जो समस्याओ का सामना करना पड़ रहा है, उसमें कंपनी को कुछ राहत मिलेगी। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी के ऊपर कुल बकाया लगभग 36,950 करोड़ रुपए है, जिसमें से कंपनी को 13,089 करोड़ रुपए आने वाले कुछ ही हफ्तों में देना होगा। सरकार के मानने पर 52,000 करोड़ रुपए तक की मिल सकती है राहत यदि केंद्र सरकार वोडाफोन आइडिया द्वारा मांगी गई इस सहायता को स्वीकार कर लेती है, तो वोडाफोन आइडिया को तकरीबन 52,000 करोड़ रुपए की राहत मिल सकती है। हालांकि, मीडिया की कुछ खबरों के अनुसार, यह भी वक्त आया गया है कि सरकार बकाया राशि में किसी भी तरह की छूट देने के मूड में नहीं है। वोडाफोन आइडिया द्वारा देखा जा रहा यह मुश्किल समय सिर्फ उनके लिए ही नहीं, बल्कि उनके ग्राहकों और टेलीकॉम सेक्टर के लिए भी हानिकारक साबित हो सकता है। यदि वोडाफोन आइडिया अपने फाइनेंशियल में जल्द ही सुधार नहीं करती है, तो टेलीकॉम सेक्टर में कॉम्पिटिशन कम हो सकता है। इस कम होती हुई कॉम्पिटेटिव चुनौती की वजह से टेलीकॉम सेक्टर में मौजूद अन्य कंपनियां ग्राहकों से अपनी मनमानी भी कर सकती हैं। कंपनी ने 2021 टेलीकॉम राहत पैकेज के तहत सहायता मांगी रिपोर्ट के मुताबिक, वोडाफोन-आइडिया 36,950 करोड़ रुपए के AGR और स्पेक्ट्रम बकाया के लिए राहत की मांग कर रही है। इसमें आने वाले हफ्तों में 13,089 करोड़ रुपए का तत्काल भुगतान भी शामिल है। फाइनेंशियल दिक्कतों से जूझ रही VI ने संकेत दिया है कि उसके पास इन पेमेंट्स को पूरा करने की क्षमता नहीं है। वोडाफोन आइडिया ने 2021 टेलीकॉम राहत पैकेज के तहत सहायता मांगी है। इस मामले में कंपनी की तरफ से अब तक कोई बयान सामने नहीं आया है। VI को 52 हजार करोड़ रुपए की राहत मिल सकती है वोडाफोन-आइडिया ने ऐसे समय में रिक्वेस्ट की है कि जब मीडिया रिपोर्ट्स के दावे के मुताबिक सरकार ने टेलीकॉम कंपनियों को एजीआर बकाए में कोई भी राहत देने से इनकार कर दिया है। अगर कंपनी की रिक्वेस्ट को सरकार मान लेती है तो एनालिस्ट्स का अनुमान है कि VI को 52 हजार करोड़ रुपए की राहत मिल सकती है, जो इसके आउटस्टैंडिंग AGR लायबिलिटी का करीब 75% घटा देगा और टोटल कर्ज का 25% कम हो जाएगा। सितंबर 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी की याचिका खारिज की थी वोडाफोन आइडिया ने पिछले साल जुलाई 2024 में सुप्रीम कोर्ट में एक क्यूरेटिव याचिका दायर कर AGR के बकाए के कैलकुलेशन को चुनौती दी थी। जिसमें नॉन-कोर रेवेन्यू को भी शामिल किया गया था और कंपनी इसके खिलाफ थी। हालांकि, सितंबर 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने टेलीकॉम ऑपरेटर की याचिका खारिज कर दी थी। तीसरी तिमाही में वोडाफोन-आइडिया को ₹6,609 करोड़ का लॉस वोडाफोन-आइडिया को वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही में 6,609 करोड़ रुपए घाटा (कॉन्सोलिडेटेड नेट लॉस) हुआ है। एक साल पहले की समान तिमाही में कंपनी को 6,986 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था। सालाना आधार पर कंपनी का घाटा 5.40% कम हुआ है। टेलीकॉम सेक्टर में तीन ही बड़ी कंपनियां हैं आपको बता दें कि हाल-फिलहाल टेलीकॉम सेक्टर में तीन ही बड़ी कंपनियां हैं, जिनका नाम है रिलायंस जिओ, भारतीय एयरटेल और वोडाफोन आइडिया। अगर वोडाफोन आइडिया अपनी फाइनेंशियल स्थिति को सुधार नहीं पाती है, तो भारतीय टेलीकॉम सेक्टर में एक बहुत बड़ी मुश्किल पैदा हो सकती है। वोडाफोन आइडिया ने सुप्रीम कोर्ट में पिछले एक क्यूरेटिव पेटिशन दायर कर के एजीआर की गणना में गैर कोर राजस्व को शामिल करने पर विरोध जताया गया था. लेकिन, सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका को खारिज करते हुए कंपनी को एक बड़ा झटका दिया.

खुशखबरी NIOS से कोर्स करने पर आशा वर्करों को मिलेंगे 5000 रूपये

मंडला स्वास्थ्य विभाग द्वारा आशा वर्करों और पर्यवेक्षकों के ज्ञान को परखने के लिए राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS) दिल्ली के माध्यम से तीन चरणों में परीक्षा आयोजित की गई। इस परीक्षा में मंडला जिले के पांच विकासखंडों से चयनित 271 आशा वर्करों और पर्यवेक्षकों ने भाग लिया। परीक्षा के अंतिम चरण की लिखित परीक्षा में 266 परीक्षार्थियों ने उपस्थिति दर्ज कराई। तीन चरणों में हुई परीक्षा स्वास्थ्य विभाग द्वारा चयनित परीक्षा केंद्र केंद्रीय विद्यालय मंडला में आयोजित परीक्षा में बम्हनी, मोहगांव, नारायणगंज, बिछिया और नैनपुर विकासखंडों की चयनित आशा वर्करों और पर्यवेक्षकों ने भाग लिया। परीक्षा शासन द्वारा निर्धारित पैटर्न पर डेढ़ घंटे की लिखित परीक्षा के रूप में संपन्न हुई। इससे पहले, प्रथम चरण में आंतरिक ऑनलाइन परीक्षा आयोजित की गई थी। द्वितीय चरण में फील्ड कार्य से संबंधित प्रायोगिक परीक्षा ली गई, जिसमें आशा वर्करों और पर्यवेक्षकों के कौशल का मूल्यांकन किया गया। इसके बाद तीसरे चरण में लिखित परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें 271 में से 266 प्रतिभागियों ने भाग लिया। परीक्षा का आयोजन केंद्रीय विद्यालय के प्राचार्य की निगरानी में हुआ। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने की पहल मंडला जिले में आशा वर्कर शिशु से लेकर बुजुर्गों तक की स्वास्थ्य सेवाओं में अहम भूमिका निभाती हैं। उनके ज्ञान को परखने और सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से यह परीक्षा आयोजित की गई। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (NIOS) द्वारा परीक्षा के लिए मानक तय किए गए थे। इस परीक्षा में सफल होने पर आशा वर्करों को प्रमाण पत्र और 5000 रुपए का नकद पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। स्कूल के दिन याद आए परीक्षा में शामिल होने आईं कई आशा वर्करों ने कहा कि वर्षों बाद इस तरह बोर्ड परीक्षा के पैटर्न पर परीक्षा देना उनके लिए एक अनोखा अनुभव था। परीक्षा शुरू होने से पहले सभी परीक्षार्थियों ने अपने कक्ष और रोल नंबर देखे। परीक्षा केंद्र में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी, जहां मोबाइल फोन समेत अन्य सामग्रियों को बाहर रखवाया गया। यह माहौल देखकर आशा वर्करों को अपने स्कूल के दिनों की याद आ गई। संपूर्ण तैयारी के साथ दी परीक्षा डीसीएम हिमांशु सिंगौर ने बताया कि फील्ड में आशा वर्करों का योगदान महत्वपूर्ण होता है। इस परीक्षा का उद्देश्य उनके ज्ञान को बढ़ाना और सेवा की गुणवत्ता में सुधार लाना है। परीक्षा में शामिल होने से पहले आशा वर्करों ने पूरी तैयारी की और परीक्षा को लेकर काफी उत्साहित नजर आईं। पहले दो चरणों की परीक्षा में उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और अब लिखित परीक्षा के परिणाम के बाद उनकी काबिलियत साबित होगी।

देश में 14 टोल प्लाजा की सालाना कमाई 200 करोड़ रुपये, राजस्थान में सबसे ज्यादा 156 टोल, लेकिन कमाई में UP नंबर 1

नई दिल्ली हाईवे-एक्सप्रेसवे पर चलते हुए आपको टोल प्लाजा पर रुककर टोल टैक्स भरना पड़ता है. टोल टैक्स से आपकी जेब कटती है तो सरकार का खजाना भरना भरता है. इन टोल टैक्स से सरकारी खजाने में मोटा पैसा आता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि देश का सबसे कमाऊ टोल प्लाजा कौन सा है? इसकी कमाई इतनी है कि सालभर में यह 400 करोड़ रुपये आपकी जेब से वसूल लेता है. देश का सबसे कमाऊ टोल प्लाजा   देश में सबसे ज्यादा कमाई करने वाला टोल प्लाजा गुजरात के भरथाना गांव में बना है, राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 48 पर बना यह टोल प्लाजा कमाई के मामले में अव्वल है.  राजधानी दिल्ली को मुंबई से जोड़ने वाले इस हाईवे पर बने टोल प्लाजा की गिनती सबसे ज्यादा कमाई करने वाले टोल प्लाजा के तौर पर होती है.बता दें कि NH-48 देश के सबसे व्यस्त हाईवे में से एक है. क्या आप जानते हैं कि देश में सबसे ज्यादा कमाई किस टोल प्लाजा पर होती है? इसका जवाब है गुजरात के भरथाना गांव में बना टोल प्लाजा। यह टोल प्लाजा राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 48 पर बना है जो राजधानी दिल्ली को देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से जोड़ता है। यह देश में सबसे ज्यादा कमाई करने वाला टोल प्लाजा है। यह टोल प्लाजा हर साल लगभग 400 करोड़ रुपये कमाता है। यह पिछले पांच साल का औसत है। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 48 देश का सबसे व्यस्त रूट है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने लोकसभा में कुछ जानकारी दी। एनएच-48 के जरिए उत्तरी भारत के राज्यों से सामान पश्चिमी तट के पोर्ट्स तक जाता है। देश में सबसे ज्यादा कमाई करने वाला दूसरा टोल प्लाजा भी इसी एनएच पर है। राजस्थान के शाहजहांपुर में NH-48 पर बना टोल प्लाजा हर साल 378 करोड़ रुपये कमाता है। सरकारी जानकारी के अनुसार भारत में 1,063 टोल प्लाजा हैं। इनमें से 14 टोल प्लाजा हर साल 200 करोड़ रुपये से ज्यादा कमाते हैं। अभी देश में 1.5 लाख किलोमीटर के एनएच नेटवर्क में से लगभग 45,000 किलोमीटर पर टोल लगता है। इसमें नए बने एक्सप्रेसवे भी शामिल हैं। कैसे बढ़ी कमाई पिछले पांच साल में कई नए राजमार्ग बने हैं जिन पर टोल लगता है। FASTag के इस्तेमाल से टोल की चोरी भी कम हुई है। इसलिए टोल से होने वाली कमाई बहुत बढ़ गई है। साल 2019-20 में टोल से 27,504 करोड़ रुपये की कमाई हुई थी। पिछले साल यह कमाई बढ़कर 55,882 करोड़ रुपये हो गई। सरकार के आंकड़ों के अनुसार लोगों ने पिछले पांच साल में टोल के रूप में 1.9 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा दिए हैं। लेकिन यह रकम राजमार्गों के विकास और रखरखाव के लिए खर्च होने वाले बजट का सिर्फ पांचवां हिस्सा है। सरकार केवल उन्हीं राजमार्गों पर टोल लगाती है जो कम से कम ढाई लेन के हों। सरकार ज्यादा से ज्यादा राजमार्गों पर टोल लगाना चाहती है ताकि उसकी कमाई बढ़ सके। किस राज्य में हैं सबसे ज्यादा टोल प्लाजा संसद में दी गई जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश में 97 टोल प्लाजा हैं। इन टोल प्लाजा ने पिछले पांच साल में सबसे ज्यादा 22,914 करोड़ रुपये की कमाई की है। वहीं राजस्थान में सबसे ज्यादा 156 टोल प्लाजा हैं। इन टोल प्लाजा ने 20,308 करोड़ रुपये की कमाई की है। आमतौर पर, उन टोल प्लाजा पर ज्यादा कमाई होती है जो पोर्ट्स और इंडस्ट्रियल एरिया क्षेत्रों को जोड़ने वाले NH पर बने होते हैं।  एक रिपोर्ट के मुताबिक एक अधिकारी ने कहा, ‘इन टोल प्लाजा पर ज्यादातर कमर्शियल गाड़ियां आती हैं। ये गाड़ियां निजी वाहनों की तुलना में ज्यादा टोल देती हैं। इसलिए ये प्रोजेक्ट निजी कंपनियों के लिए फायदेमंद होती हैं।’ FASTag के आने से टोल संग्रह में पारदर्शिता आई है और टोल प्लाजा पर लगने वाला समय भी कम हुआ है। इससे यात्रियों को भी सुविधा हुई है और सरकार की कमाई भी बढ़ी है। बढ़ी टोल प्लाजा की कमाई   फास्टैग आने के बाद से टोल प्लाजा की कमाई बढ़ गई है. फास्टैग की मदद से टोल टैक्स की चोरी कम हुई है, जिसकी वजह से रेवेन्यू बढ़ा है.  सरकार ज्यादा से ज्यादा राजमार्गों पर टोल लगाना चाहती है ताकि उसकी कमाई बढ़ सके. वहीं एनएच-48 के जरिए उत्तरी भारत के राज्यों से सामान पश्चिमी तट के बंदरगाह तक पहुंचते हैं. ट्रकों और गाड़ियों को इस टोल प्लाजा से होकर गुजरना पड़ता है, जिसकी वजह से इस टोल प्लाजा की कमाई अधिक, वहीं निजी वाहनों के मुकाबले कॉर्मिशियल गाड़ियों का टोल भी अधिक है.   कमाई में ये भी अव्वल   इसी एचएच-48 पर बना राजस्थान के शाहजहांपुर टोल प्लाजा कमाई के मामले में दूसरे नंबर पर है. यहां हर साल 378 करोड़ रुपये का टोल कलेक्शन होता है. इसके अलावा पश्चिम बंगाल का जलाधुलागोरी टोल प्लाजा कमाई में तीसरे नंबर पर है. इसके अलावा उत्तर प्रदेश में बाराजोर टोल प्लाजा चौथे नंबर पर है. बता दें कि  उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा टोल प्लाजा है. इस राज्य में करीब 97 टोल प्लाजा हैं.  

गोटेगांव : बच्चों की घटती संख्या के चलते ये सरकारी स्कूल बंद होने के कगार पर पहुंच गए

नरसिंहपुर नरसिंहपुर जिले के अंतर्गत जन शिक्षा केंद्र गोटेगांव के अंतर्गत संचालित एक से आठवीं तक के सरकारी स्कूलों की संख्या लगभग 300 है। इनमें से 20 सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जहां बच्चों की दर्ज संख्या एक से दस के बीच रह गई है। बच्चों की गिरती संख्या के चलते ये स्कूल बंद होने के कगार पर पहुंच गए हैं। एक अप्रैल से नया शिक्षा सत्र प्रारंभ होगा, लेकिन इसके बावजूद सरकारी स्कूलों में प्रवेश लेने वाले बच्चों की संख्या में बढ़ोतरी की उम्मीद नजर नहीं आ रही है। तीन मुख्य कारण जिम्मेदार ग्रामीण अंचलों में सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति के पीछे तीन मुख्य कारण बताए जा रहे हैं—     बिना मापदंड निजी स्कूलों को मान्यता– ग्रामीण क्षेत्रों में बिना उचित मापदंड के निजी स्कूलों को मान्यता दी जा रही है। इसके कारण अभिभावक अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में प्रवेश दिलाने के बजाय निजी स्कूलों में भेज रहे हैं।     आरटीई के तहत मुफ्त शिक्षा– राइट टू एजुकेशन (RTE) के तहत निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत बच्चों को निशुल्क प्रवेश देने का प्रावधान है, जिसका खर्च सरकार उठाती है। इससे भी सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या घट रही है।     सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और शैक्षणिक गतिविधियों की कमी- सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी, विज्ञान और गणित विषय के शिक्षकों की सबसे अधिक कमी देखी जा रही है। वहीं, कई स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियों का अभाव रहता है। दूसरी ओर, निजी स्कूलों में प्रारंभ से ही विषय-विशेषज्ञ शिक्षक बच्चों को पढ़ाते हैं और वहां शैक्षणिक गतिविधियां नियमित रूप से संचालित की जाती हैं। इसी कारण ग्रामीण क्षेत्रों के अभिभावक अपने बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश दिलाना ज्यादा उचित समझते हैं। सीएम राइज स्कूल से मिलेगी राहत? गोटेगांव में सीएम राइज स्कूल भवन का निर्माण कार्य जारी है। इसके पूर्ण होते ही इस स्कूल के तहत शैक्षणिक गतिविधियां संचालित की जाएंगी। सीएम राइज स्कूलों में विषय-विशेषज्ञ शिक्षक तो उपलब्ध होंगे, लेकिन उनकी संख्या कितनी होगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की संख्या और गुणवत्ता में सुधार किया जाए, तो सरकारी स्कूलों की गिरती स्थिति को संभाला जा सकता है। सरकारी स्कूलों का भविष्य अधर में सरकारी स्कूलों में बच्चों की घटती संख्या से शिक्षा विभाग चिंतित है। यदि जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो कई सरकारी स्कूल बंद हो सकते हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्र के उन बच्चों पर प्रभाव पड़ेगा, जो निजी स्कूलों की फीस वहन करने में असमर्थ हैं।

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