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महिला ने विमान के बीच हवा में अपने कपड़े उतार दिए और अपनी सीट पर ही शौच कर दिया, लोग हो गए हैरान-परेशान

शिकागो फिलाडेल्फिया से शिकागो जा रही साउथवेस्ट एयरलाइंस की फ्लाइट में  एक महिला यात्री द्वारा की गई शर्मनाक हरकत ने हड़कंप मचा दिया। महिला ने विमान के बीच हवा में अपने कपड़े उतार दिए और अपनी सीट पर ही शौच कर दिया। यह घटना उन यात्रियों के लिए बेहद चौंकाने वाली थी जो उड़ान के दौरान शांति से यात्रा कर रहे थे। न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना साउथवेस्ट एयरलाइंस की फ्लाइट 418 में हुई, जब महिला ने बिना किसी चेतावनी के अपने कपड़े उतारकर सीट पर गंदगी कर दी। यह महिला फ्लाइट का हिस्सा नहीं थी, बल्कि एक सामान्य यात्री थी जो चौंकाने वाली हरकत के बाद विवाद का कारण बनी। बता दें कि इससे पहले  पिछले साल जनवरी में  भी एक 60 साल की महिला का प्लेन में उड़ान दौरान कपड़े उतार कर हंगामा करने का वीडियो वायरल हुआ  था।   घटना के बाद, एयरलाइंस को फ्लाइट को पूरी तरह से साफ करने के लिए कई घंटे की आवश्यकता पड़ी, जिसके कारण फ्लाइट की सर्विस ठप हो गई। इसी दौरान, साउथवेस्ट एयरलाइंस ने एक बयान जारी किया और यात्रियों से इस असुविधा के लिए माफी मांगी। एयरलाइंस ने कहा कि उनके लिए यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा और सुरक्षा सर्वोपरि है। बयान में कहा गया, “हम इस घटना से बेहद दुखी हैं और हमारे टीम के सदस्यों के पेशेवर रवैये की सराहना करते हैं। हम पूरी तरह से प्रभावित यात्रियों से संपर्क कर रहे हैं और उन्हें हुई देरी और असुविधा के लिए खेद व्यक्त कर रहे हैं।” पुलिस और मेडिकल टीम ने फ्लाइट के शिकागो एयरपोर्ट पर लैंड होते ही घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि महिला के खिलाफ क्या कानूनी कार्रवाई की गई। यह पहली बार नहीं था जब साउथवेस्ट एयरलाइंस में ऐसी घटना हुई हो। पिछले महीने भी एक अन्य यात्री ने फ्लाइट के दौरान अपने कपड़े उतार दिए थे। इसके अलावा, फ्रंटियर एयरलाइंस की फ्लाइट में भी एक यात्री ने खिड़की तोड़ने की कोशिश की थी, जिससे विमान में खलबली मच गई थी। साउथवेस्ट एयरलाइंस की ओर से दिए गए बयान में यह भी बताया गया कि सभी यात्री पूरी तरह से सुरक्षित हैं और किसी को भी गंभीर चोट नहीं आई है।  

पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटरों शोएब अख्तर, तनवीर अहमद, बासित अली के यू-ट्यूब चैनल भी भारत में प्रतिबंधित हो चुके

नई दिल्ली पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल समझौता सस्पेंड करने, पाकिस्तानियों के वीजा को रद्द करने, उन्हें देश छोड़ने का आदेश देने, राजनयिकों की संख्या घटाने समेत तमाम अहम कदम उठाए हैं। उसी कड़ी में सरकार ने कई पाकिस्तानी यू-ट्यूब चैनलों को भारत में ब्लॉक कर दिया है। पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटरों शोएब अख्तर, तनवीर अहमद, बासित अली के यू-ट्यूब चैनल भी भारत में प्रतिबंधित हो चुके हैं। पाकिस्तान के कुछ स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट्स और पूर्व क्रिकेटरों के चैनल भी ब्लॉक गृह मंत्रालय ने भड़काऊ, सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील सामग्री, झूठे नैरेटिव, गुमराह करने वाली गलत सूचनाओं के लिए भारत, भारतीय सेना और सुरक्षा एजेंसियों को बदनाम करने वाली सामग्रियों की वजह से इन चैनलों को देश में ब्लॉक किया है। इन चैनलों में डॉन न्यूज, समा टीवी, एआरवाई न्यूज, जियो न्यूज जैसे यू-ट्यूब चैनल शामिल हैं। इनके अलावा पाकिस्तान के कुछ पूर्व क्रिकेटरों और स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट्स के चैनल भी ब्लॉक हुए हैं। शोएब अख्तर, बासित अली समेत इन पूर्व क्रिकेटरों के यू-ट्यूब चैनल ब्लॉक जिन यू-ट्यूब चैनलों को ब्लॉक किया है उनमें से कुछ पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटरों के हैं। ऐसे प्रमुख यू-ट्यूब चैनलों में शोएब अख्तर का @ShoaibAkhtar100mph, पूर्व तेज गेंदबाज तनवीर अहमद का @TanveerSays, पूर्व क्रिकेटर बासित अली का @BasitAliShow चैनल भी ब्लॉक है। शाहिद अफरीदी का यू-ट्यूब चैनल भारत में दिख रहा भारत के खिलाफ अक्सर जहर उगलने वाले पाकिस्तान के पूर्व ऑलराउंडर शाहिद अफरीदी का यू-ट्यूब चैनल भारत में ब्लॉक नहीं हुआ है। @ShahidAfridiChannel के 12 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर हैं। अफरीदी अपना यू-ट्यूब चैनल पाकिस्तान के बजाय यूनाइटेड अब एमिरेट्स (UAE) से चलाते हैं। अफरीदी ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना के खिलाफ जहर उगला है। पाकिस्तान के इन स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट के यू-ट्यूब चैनल भी ब्लॉक पाकिस्तान के कुछ स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट के यू-ट्यूब चैनल भी भारत में ब्लॉक किए गए हैं। इनमें रिजवान हैदर का @RizwanHaider1, मोहसिन अली का @AapkaMohsinAli शामिल है। अली ने तो पहलगाम हमले के बाद अपने यू-ट्यूब चैनल पर भारतीय सेना के खिलाफ बकवास की है। पाकिस्तान के कई अन्य स्पोर्ट्स यू-ट्यूब चैनल भी ब्लॉक इनके अलावा भी पाकिस्तान के कई स्पोर्ट्स यू-ट्यूब चैनल ब्लॉक हैं। इनमें कुछ प्रमुख हैं- बीबीएन स्पोर्टस (@BBNSPORT) कॉट बिहाइंड (@CaughtBehindShow) स्पोर्ट्स सेंट्रल बाय डीआरएम (@SportsCentralOfficial) समा स्पोर्ट्स (@SamaaSports) रफ्तार स्पोर्ट्स (@raftarsports) यूजैर स्पोर्ट्स (@UzairCricket786) पहलगाम में आतंकियों ने धर्म पूछकर पर्यटकों को बनाया था निशाना पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकवादियों ने पर्यटकों को निशाना बनाकर हमला किया था। आतंकियों ने पर्यटकों से उनका धर्म पूछा। हिंदू बताने पर उनकी गोली मारकर हत्या कर दी। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने यह भी दावा किया कि आतंकियों ने धर्म पूछने के अलावा कलमा भी सुनाने को कहा था। कुछ के पैंट खोलकर भी चेक किए कि उनका खतना हुआ है या नहीं। इस कायराना आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की मौत हो गई। इनमें ज्यादातर हिंदू हैं। एक लोकल मुस्लिम और मध्य प्रदेश के एक क्रिश्चियन टूरिस्ट भी आतंकी हमले में जान गंवाने वालों में शामिल हैं।

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में सक्रिय बाघिन ने वन विभाग के गश्तीदल में शामिल वाहन ड्राइवर पर हमला कर दिया

 उमरिया  बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पतौर रेंज में ग्राम कुशमहा-कोठिया के बीच सक्रिय बाघिन ने सोमवार की सुबह वन विभाग के गश्तीदल में शामिल वाहन ड्राइवर पर हमला कर दिया। इस घटना में ड्राइवर राम सुहावन चौधरी घायल हो गया है। बाघिन के हमले में उनके गर्दन, चेहरे और शरीर के दूसरे हिस्सों में भी चोट आई है। बताया गया है कि एक महिला को मौत के घाट उतारने और तीन लोगों पर हमला करने वाली बाघिन का रेस्क्यू करने के लिए टीम जंगल में गश्त कर रही थी। इसी दौरान टाइगर रिजर्व की रेस्क्यू टीम के ऊपर बाघिन ने अचानक हमला कर दिया। जिसमें सीनियर वाहन ड्राइवर राम सुहावन चौधरी गम्भीर रूप से घायल हो गए। रेस्क्यू टीम प्रभारी ने तत्काल अपने वाहन से जिला अस्पताल उमरिया भेजा, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद कटनी रेफर कर दिया गया। किया जाना है रेस्क्यू इस बाघिन ने अप्रैल की शुरुआत में एक महिला को मौत के घाट उतार दिया था। इसके बाद 22 अप्रैल को एक दिन में दो ग्रामीणों को भी घायल कर दिया था। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने पनपथा बैरियल के सामने सड़क भी जाम कर चुके हैं। सबसे बड़ी बात तो यह है कि सीनियर वाहन चालक के गम्भीर रूप से घायल होने के बाद रेस्क्यू टीम प्रभारी को छोड़ कर पूरे टाइगर रिजर्व का स्टाफ दूरी बनाए हुए है। बाघिन के यहां सक्रिय होने के कारण ग्रामीणों में भी आक्रोश बढ़ता जा रहा है। पतौर रेंजर एवं रेस्क्यू टीम प्रभारी अर्पित मैराल ने बताया कि हम लोग अपनी टीम के साथ लगातार तीन दिन से बाघिन की निगरानी कर रहे है। टीम के लोगों ने बचाया दरअसल वन अमला बाघिन को रेस्क्यू कर बाड़े में रखना चाह रहा है। बाघिन का रेस्क्यू होने से ग्रामीणों को उस बाघिन से राहत मिल सकेगी। सोमवार की सुबह से पतौर रेंज के पनपथा बीट अंतर्गत कक्ष क्रमांक आर एफ 428 में पैदल सामूहिक गश्त कर उसके रेस्क्यू की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान अचानक बाघिन ने वन टीम के सीनियर वाहन चालक राम सुहावन चौधरी पर हमला कर दिया। जिसमें टीम के अन्य लोगों ने बचाया और तत्काल अपने वाहन से जिला अस्पताल भेज दिया। जहां से घायल चालक को प्राथमिक उपचार के बाद कटनी भेजा गया है। घटना स्थल पर अभी भी हाथियों से बाघिन की निगरानी की जा रही है।

पहलगाम आतंकी हमले पर हम मारे गए 26 लोगों के परिजनों के साथ हैं और दिल से हमदर्दी रखते हैं: उमर अब्दुल्ला

श्रीनगर पहलगाम आतंकी हमले पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने विधानसभा में भावुक भाषण दिया। उन्होंने कहा कि हम मारे गए 26 लोगों के परिजनों के साथ हैं और दिल से हमदर्दी रखते हैं। यही नहीं उन्होंने कहा कि यह मौका नहीं है, जब हम केंद्र सरकार से पूर्ण राज्य के दर्जे की मांग करें। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि हम इतनी सस्ती सियासत नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि माहौल सही रहे और मेहमानों पर कोई आंच न आए जम्मू-कश्मीर की चुनी हुई सरकार की यह जिम्मेदारी है। अब्दुल्ला ने कहा, ‘इस मौके पर मैं जम्मू-कश्मीर के लिए राज्य के दर्जे की मांग नहीं करूंगा। मैं किस मुंह से जम्मू-कश्मीर के लिए राज्य के दर्जे की मांग कर सकता हूं। हम हमेशा राज्य के दर्जे की डिमांड करेंगे, लेकिन आज यदि ऐसी मांग करूं तो मुझ पर लानत है।’ उन्होंने कहा कि इस मौके पर तो हम एक ही चीज मांगते हैं कि हमले की कड़ी निंदा और मारे गए लोगों के परिजनों से दिल से हमदर्दी। वहीं उन्होंने हमले के बाद स्थानीय लोगों की भूमिका की भी तारीफ की। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि होटल वालों ने अपने कमरे छोड़े और कहा कि आप लोग यहां रहिए। ऑटो वालों ने कहा कि आपको जहां तक जाना है, हम बिना किसी पैसे को छोड़ेंगे। ऐसी कश्मीरियत को मैं सलाम करता हूं। यही हमारी मेहमाननवाजी है। जान की परवाह किए बिना आदिल ने जान बचाई, लोकल लोगों ने मदद की पूरी कोशिश की। ये मौका आतंकवाद के खात्मे की शुरुआत है। ऐसा कोई कदम न उठाया जाए कि अपने दूर हो जाएं। जुमे की नमाज से पहले मस्जिदों में 2 मिनट का मौन रखा गया। मेज थपथपाने लगे मेंबर तो उमर अब्दुल्ला बोले- ऐसा मत करिए मुख्यमंत्री ने कहा कि मुस्जिदों के इस मौन को हम समझते हैं। इसके अलावा अफवाहों के दौर पर भी उन्होंने बात की। अब्दुल्ला ने कहा कि सोशल मीडिया पर झूठी खबरें फैलाने वाले लोगों को समझना चाहिए कि इससे लोगों की जिंदगी कितनी मुश्किल होती है। उन्होंने कहा कि हम बंदूक से आतंकवाद को कंट्रोल कर सकते हैं, लेकिन खत्म नहीं किया जा सकता। जम्मू-कश्मीर की चुनी हुई सरकार की यह जिम्मेदारी है। इस मौके पर मैं जम्मू-कश्मीर के लिए राज्य के दर्जे की मांग नहीं करूंगा। मैं किस मुंह से जम्मू-कश्मीर के लिए राज्य के दर्जे की मांग कर सकता हूं। हम हमेशा राज्य के दर्जे की डिमांड करेंगे, लेकिन आज यदि ऐसी मांग करूं तो मुझ पर लानत है। इस दौरान जब कुछ सदस्यों ने उनके भाषण पर मेज थपथपाने की कोशिश की तो कहा कि इस मौके पर ऐसा ठीक नहीं।

CM यादव 30 अप्रैल को उमरबन में संबल योजना में अनुग्रह सहायता के 600 करोड़ सिंगल क्लिक से वितरित करेंगे

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 30 अप्रैल को करेंगे श्रमिक परिवारों को राशि वितरित 30 अप्रैल को अनुग्रह सहायता योजना के 27,523 प्रकरणों में 600 करोड़ रूपये की राशि की जाएगी अंतरित CM यादव 30 अप्रैल को उमरबन में संबल योजना में अनुग्रह सहायता के 600 करोड़ सिंगल क्लिक से वितरित करेंगे धार जिले के उमरबन में होगा राशि वितरण कार्यक्रम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 30 अप्रैल को धार जिले के उमरबन में संबल योजना में अनुग्रह सहायता के 27 हजार 523 प्रकरणों में राशि रूपये 600 करोड़ सिंगल क्लिक से वितरित करेंगे। कार्यक्रम में श्रम व पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल एवं स्थानीय जन प्रतिनिधि, हितग्राही उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना, प्रदेश में असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लाखों श्रमिकों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। इसमें अनुग्रह सहायता योजना के अंतर्गत दुघर्टना में मृत्यु होने पर 4 लाख रूपये एवं सामान्य मृत्यु होने पर 2 लाख रूपये प्रदान किये जाते हैं। इसी प्रकार स्थायी अपंगता पर 2 लाख रूपये एवं आंशिक स्थायी अपंगता पर 01 लाख रूपये तथा अंत्येष्टि सहायता के रूप में 5 हजार रूपये प्रदान किये जाते हैं। संबल योजना में जहाँ एक ओर महिला श्रमिक को प्रसूति सहायता के रूप में 16 हजार रूपये दिये जाते हैं तो वहीं दूसरी ओर श्रमिकों के बच्चों को महाविद्यालय शिक्षा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत उच्च शिक्षा में शिक्षा हेतु सम्पूर्ण शिक्षण शुल्क राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है। नीति आयोग की पहल पर प्रदेश के गिग एवं प्लेटफार्म वर्कर्स को भी संबंल योजना के अंतर्गत सम्मिलित किया जाकर इनका पंजीयन प्रारम्भ किया गया है एवं इन्हें भी संबल योजना के अंतर्गत समस्त लाभ प्रदान किये जा रहे हैं। संबल हितग्राहियों को खाद्यान्न पात्रता पर्ची भी प्राप्त होती है जिससे वे केन्द्र तथा राज्य सरकार द्वारा रियायती दरों पर राशन प्राप्त कर रहे हैं। संबल योजना प्रदेश में असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लाखों श्रमिकों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। इसमें श्रमिक को जन्म से लेकर मृत्यु तक आर्थिक सहायता प्राप्त होती है। प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के लाखों निर्माण श्रमिकों के लिये भी निर्माण मंडल के माध्यम से कई योजनायें संचालित की जाती हैं। इनमें निर्माण श्रमिकों की मृत्यु होने पर अनुग्रह सहायता तथा स्थायी एवं आंशिक अपंगता पर सहायता भी सम्मिलित है। सभी संबल हितग्राहियों को आयुष्मान भारत निरामयम योजना अंतर्गत पात्र श्रेणी में चिन्हित किया गया है, अब वे भी 5 लाख रूपये वार्षिक निः शुल्क चिकित्सा प्राप्त कर रहे है। प्रदेश सरकार द्वारा योजना प्रारंभ से अब तक 01 करोड 75 लाख श्रमिकों का संबल योजना के अंतर्गत पंजीयन किया गया है, पंजीयन प्रक्रिया जारी है। संबल योजना के अंतर्गत वर्ष 2018 से वर्तमान तक कुल 6 लाख 81 हजार से अधिक प्रकरणों में राशि रूपये 6 हजार 432 करोड से अधिक के हितलाभ का वितरण किया जा चुका है।  

भारत और फ्रांस के बीच 26 राफेल मरीन विमानों की डील हो गई, 63,000 करोड़ रुपये में की गई

नई दिल्ली जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद जारी तनाव के बीच सोमवार को भारत और फ्रांस के बीच 26 राफेल मरीन विमानों की डील हो गई है. यह डील 63,000 करोड़ रुपये में की गई है. इस डील के तहत भारतीय नौसेना के लिए फ्रांस से 26 राफेल मरीन एयरक्राफ्ट खरीदे जाएंगे. इस समझौते के भारत का प्रतिनिधित्व रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने किया. इस ौदरान नौसेना के उपप्रमुख वाइस एडमिरल के. स्वामीनाथन भी मौजूद थे. भारत और फ्रांस के बीच हुए इस समझौते के तहत 22 सिंगल-सीट और 4 ट्विन-सीट विमान शामिल होंगे. इससे पाकिस्तान को करारा झटका लगने वाला है क्योंकि ये जेट आईएनएस विक्रांत पर तैनात किए जाएंगे. 1971 की जंग में भारतीय नौसेना ने पाकिस्तान की धज्जियां उड़ा दी थी. इस जेट के आने से इंडियन नेवी और ताकतवर हो जाएगी. भारत और फ्रांस के बीच 2016 में एक सौदा हुआ था, जिसके तहत पहले से ही भारतीय वायुसेना के बेड़े में 36 एयरक्राफ्ट है. भारतीय वायुसेना के राफेल जेट अंबाला और हाशिनारा इन दो बेस से ऑपरेट होंगे. इन 26 राफेल-M की डील के साथ भारत की राफेल जेट की संख्या बढ़कर 62 हो जाएगी. कैसा है Rafale-M फाइटर जेट? Rafale-M एक मल्टीरोल फाइटर जेट है. इसका AESA राडार टारगेट डिटेक्शन और ट्रैकिंग के लिए बेहतरीन है. इसमें स्पेक्ट्रा इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम है जो इसे स्टेल्थ बनाता है. इसमें बीच हवा में ही रीफ्यूलिंग हो सकती है. यानी इसकी रेंज बढ़ जाएगी. राफेल-एम फाइटर आने से भारतीय समुद्री क्षेत्र में निगरानी, जासूसी, अटैक जैसे कई मिशन किए जा सकेंगे. यह फाइटर जेट एंटी-शिप वॉरफेयर के लिए बेस्ट है. इसमें प्रेसिशन गाइडेड बम और मिसाइलें लगा सकते हैं. जैसे- मेटियोर, स्कैल्प, या एक्सोसैट. इस फाइटर जेट के आने से हवा, पानी और जमीन तीनों जगहों से सुरक्षा मिलेगी. नौसेना एक देश के चारों तरफ अदृश्य कवच बना सकेगी. दक्षिण एशिया में भारत-चीन के पास ही एयरक्राफ्ट कैरियर भारत और चीन के अलावा किसी अन्य दक्षिण एशियाई देश के पास एयरक्राफ्ट कैरियर नहीं है. चीन के एयरक्राफ्ट कैरियर पर तीन तरह के मल्टीरोल फाइटर जेट तैनात हैं. पहला J-10, दूसरा J-15 और तीसरा Sukhoi-30. पाकिस्तान के पास जो फाइटर जेट्स हैं, उनमें से ज्यादातर चीन के ही हैं. अब हम आपको तीनों के साथ Rafale-M की तुलना करके बताते हैं… इस समझौते का प्रतिनिधित्व भारत में फ्रांस के राजदूत और भारतीय रक्षामंत्रालय के अधिकारी करेंगे. रिपोर्ट के अनुसार रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह भारतीय पक्ष का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं, जबकि फ्रांस और भारत के रक्षा मंत्री डिजिटल रूप से इसमें भाग ले सकते हैं. इससे पहले फ्रांसीसी रक्षा मंत्री को व्यक्तिगत रूप से इस हस्ताक्षर समारोह में भाग लेने के लिए आना था, लेकिन कहा जा रहा है कि व्यक्तिगत कारणों से उन्हें अपना दौरा रद्द करना पड़ा. सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने इस महीने की शुरुआत में इस सौदे को मंजूरी दे दी थी. भारतीय विमानवाहक पोतों, खास तौर पर आईएनएस विक्रांत जो अभी सेवा में है पर तैनाती के लिए 26 राफेल मरीन लड़ाकू विमानों की तत्काल जरूरत है. मिग-29 लड़ाकू विमानों के मौजूदा बेड़े ने कथित तौर पर रखरखाव संबंधी मुद्दों के कारण खराब प्रदर्शन किया है. फ्रांस से खरीदने जाने वाले राफेल एम जेट विमान को भारत के युद्धपोत पर अपने आवश्यकतानुसार सेट किया जाएगा. कहा जा रहा कि इसे आईएनएस विक्रांत पर रखा जाएगा. सरकार के अनुसार यह खरीद अस्थायी समाधान के रूप में है. भारत में भी एक से बढ़कर एक लड़ाकू विमान विकसित किए जा रहे हैं. एनएनआई की रिपोर्ट के अनुसार हस्ताक्षर समारोह संभवतः साउथ ब्लॉक स्थित रक्षा मंत्रालय मुख्यालय के बाहर आयोजित किया जाएगा. बता दें कि पीएम मोदी की अध्यक्षता में इसी महीने की 9 तारीख को सुरक्षा मामलों की कैबिनेट में इस डील को मंजूरी मिली थी. इसे अब तक का सबसे बड़ा रक्षा सौदा माना जा रहा है. सरकार के इस अनुबंध में 22 सिंगल-सीटर और चार ट्विन-सीटर जेट शामिल हैं. साथ ही बेड़े के रखरखाव, रसद सहायता, कार्मिक प्रशिक्षण और स्वदेशी घटक विनिर्माण के लिए एक व्यापक पैकेज भी शामिल है. भारत में वर्तमान में 36 राफेल हैं. इसे 2016 एक सौदे के तहत खरीदे गए थे. ये विमान अंबाला और हासीमारा में तैनात हैं. नए सौदे से भारत में राफेल विमानों की कुल संख्या 62 हो जाएगी, जिससे देश के 4.5 पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के बेड़े में उल्लेखनीय वृद्धि होगी. लंबाई मे छोटा, इसलिए मैन्यूवरिंग आसान J-10: 55.5 फीट J-15: 73.1 फीट Su-30: 72 फीट Rafale-M… सिर्फ 50.1 फीट. यानी आकार में सबसे छोटा. किस तरह की होगी डील? Rafale-M एक मल्टीरोल फाइटर जेट है. दक्षिण एशिया की बात करें तो भारत और चीन के अलावा किसी अन्य देश के पास एयरक्राफ्ट कैरियर नहीं है. इसके आने से चीन और पाकिस्तान समेत इंडो-पैसिफिक में जो स्थितियां हैं, उनसे निपटना आसान हो जाएगा. साथ ही इस डील में ऑफसेट प्रोविजन है. इससे भारत के मेक इन इंडिया मुहिम को भी बढ़ावा मिलेगा. डील में पैकेज है. इसमें मेंटेनेंस और लॉजिस्टिक सपोर्ट भी शामिल है. नौसैनिकों की ट्रेनिंग, ऑपरेशन और मेंटेनेंस की ट्रेनिंग भी शामिल है. क्रू/पायलट… सिंगल पायलट के हाथ में कमान J-10: एक पायलट J-15: 1/2 पायलट Su-30: 2 पायलट Rafale-M…1 या 2 पायलट उड़ाते हैं. वजन में हल्का यानी हैंडलिंग आसान J-10: 14 हजार kg J-15: 27 हजार kg Su-30: 24, 900 kg Rafale-M… 15 हजार kg, यानी जे-10 से थोड़ा भारी, लेकिन बाकियों से हल्का है. कैसा है Rafale-M फाइटर जेट? इसका AESA राडार टारगेट डिटेक्शन और ट्रैकिंग के लिए बेहतरीन है. इसमें स्पेक्ट्रा इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम है जो इसे स्टेल्थ बनाता है. इसमें बीच हवा में ही रीफ्यूलिंग हो सकती है. यानी इसकी रेंज बढ़ जाएगी. राफेल-एम फाइटर आने से भारतीय समुद्री क्षेत्र में निगरानी, जासूसी, अटैक जैसे कई मिशन किए जा सकेंगे. यह फाइटर जेट एंटी-शिप वॉरफेयर के लिए बेस्ट है. इसमें प्रेसिशन गाइडेड बम और मिसाइलें लगा सकते हैं. जैसे- मेटियोर, स्कैल्प, या एक्सोसैट. इस फाइटर जेट के आने से हवा, पानी और जमीन तीनों जगहों से सुरक्षा मिलेगी. नौसेना एक देश के चारों तरफ अदृश्य कवच बना सकेगी. फ्यूल (इंटरनल कैपेसिटी) में सबसे बेहतर J-10: 8950 लीटर J-15: … Read more

एक घंटे तक दशहतगर्द वहां दहशतगर्दी करते रहे और 8 लाख फौज में से कोई नहीं आया: पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी

नई दिल्ली पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी ने पहलगाम में हुए घातक आतंकवादी हमले के लिए भारतीय सेना पर उंगली उठाई है। उनका कहना है कि 1 घंटे तक जब दशहतगर्द वहां दहशतगर्दी करते रहे तो कोई नहीं आया और जब आए तो कुछ ही मिनटों में इसका इल्जाम पाकिस्तान पर लगा दिया। बता दें, मंगलवार 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था जिसमें 26 लोगों की जान गई थी। इस हमले ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। पहलगाम अटैक पर शाहिद अफरीदी का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह कहते नजर आ रहे हैं, “एक घंटे तक दशहतगर्द वहां दहशतगर्दी करते रहे और 8 लाख फौज में से कोई नहीं आया, और जब आए तो 10 मिनट के अंदर पाकिस्तान पर इल्जाम लगा दिया। खुद ही ब्लंडर संभालते रहते हैं, खुद ही लोगों को मरवा देते हैं, फिर उनकी वीडियोज दिखाते हैं कि वो जिंदा है। इस तरह से न करें।” उन्होंने आगे कहा, “देखिए कोई भी मुल्क दशहतगर्दी को सपोर्ट नहीं करता. पाकिस्तान हमेशा अमन की बात करता है. हमारा दीन अमन का पैगाम देता है. हम भारत से हमेशा अच्छे संबंध बनाने की कोशिश करते रहे हैं. हमें वहां से धमकियां मिलती रही हैं. हमें तो पता भी नहीं होता था कि हम जाएंगे भी या नहीं। 2016 का वर्ल्ड कप याद हो तो हम लाहौर में ही थे, मैं कप्तान था टीम को लीड कर रहा था, हमें पता ही नहीं था कि हमारी फ्लाइट होनी है या नहीं। मुझे लगता है कि स्पोर्ट्स डिप्लोमेसी हमेशा अच्छी रहती है। आपकी कबड्डी टीम आ जाती है यहां, क्रिकेट नहीं खेलते आपस में। बंद करना है तो पूरी तरीके से बंद करो या अगर चलना है तो पूरी तरीके से चलो।” बता दें, पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कड़े कदम उठाए हैं, जिसमें सिंधु जल संधि को रोकने समेत कई अन्य फैसले शामिल हैं। इस पर पाकिस्तान ने कहा कि नदी के पानी को रोकने को युद्ध की कार्रवाई के रूप में देखा जाएगा और उसने भारतीय विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को बंद करने और सभी व्यापार को निलंबित करने जैसे जवाबी उपायों का ऐलान किया है। पाकिस्तानी विदेश मंत्री डार ने चीन के निरंतर और अटूट समर्थन के लिए प्रशंसा भी व्यक्त की और सभी मौसमों में रणनीतिक सहकारी साझेदारी के साझा दृष्टिकोण के लिए पाकिस्तान की मजबूत प्रतिबद्धता की पुष्टि की। वहीं, चीनी और पाकिस्तानी विदेश मंत्रियों की टिप्पणियों पर भारत की ओर से फिलहाल कोई भी प्रतिक्रिया नहीं आई है।

कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कार्यभार ग्रहण किया

बिलासपुर  जिले के नए कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने सवेरे कार्यभार ग्रहण कर लिया। निवर्तमान कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने उन्हें कार्यभार सौंपी। श्री अग्रवाल वर्ष 2012  बैच के आईएएस अधिकारी हैं। इसके पहले वे राजनांदगांव में कलेक्टर थे। जिला कार्यालय पहुंचने पर नए कलेक्टर का अधिकारी कर्मचारियों ने गुलदस्ता भेंटकर स्वागत किया। औपचारिक स्वागत के बाद कलेक्टर सीधे मंथन सभाकक्ष पहुंचे और टीएल बैठक लेकर सुशासन तिहार सहित महत्वपूर्ण लंबित मामलों की समीक्षा की। उन्होंने जनदर्शन में आम जनता से भेंटकर उनकी समस्याएं भी सुनी।

जंगल मे लगी आग पर ग्रामीणों के सहयोग से पाया गया तात्कालिक राहत

जंगल मे लगी आग पर ग्रामीणों के सहयोग से पाया गया तात्कालिक राहत वन परिक्षेत्र अधिकारी चितरंगी रवि शेखर सिंह परिहार आगजनी में सहयोग के लिए किया अपील सिंगरौली वन परिक्षेत्र चितरंगी के जंगलों में आगजनी की घटना सामने आई है। वन कर्मियों और ग्रामीणों के सहयोग से तत्परता के साथ  आग को बुझाने में कामयाबी मिली । वन संपदा को सुरक्षित किया गया। भारतीय वन अधिनयम 79 1927 के अधीन राजस्व जनपद एवं समस्त शासकीय सेवक औऱ आम जन मानस की नैतिक जिम्मेदारी सहयोग करने की बनती है। वन जंगलो के आधार पर जीवन चलायमान है।

139 उत्कृष्ट विद्यालयों का संचालन

भोपाल स्कूल शिक्षा विभाग शासकीय स्कूलों में माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक स्तर की गुणवत्ता युक्त शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश के जिला मुख्यालय एवं विकासखंड पर उत्कृष्ट विद्यालयों का संचालन कर रहा है। वर्तमान में 43 जिला मुख्यालयों पर और 96 विकासखंड स्तर पर उत्कृष्ट विद्यालय संचालित हो रहे हैं। जिला स्तरीय उत्कृष्ट विद्यालयों में लगभग 49 हजार 500 और विकासखंड स्तरीय विद्यालयों में 66 हजार 250 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। यह योजना प्रदेश में वर्ष 2017-18 में शुरू की गई थी। प्रदेश में 41 जिला उत्कृष्ट विद्यालयों में 100 सीटर बालक और 100 सीटर बालिका छात्रावास भी स्वीकृत किये गये हैं। वर्तमान में इन छात्रावासों में लगभग 5 हजार 800 विद्यार्थियों को छात्रावास की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उत्कृष्ट विद्यालय की स्थापना से विद्यार्थियों की शिक्षा के स्तर में काफी अच्छे परिणाम सामने आये हैं।  

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अधिवक्ताओं के साथ सुनी ‘मन की बात’

उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने अधिवक्ताओं के साथ सुनी ‘मन की बात’ ‘मन की बात’ के प्रेरक संदेशों से जागरूक होते हैं देशवासी, रचनात्मक विकास और सहभागिता के लिए होते हैं प्रेरित – श्री अरुण साव बिलासपुर  उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने  रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में प्रदेशभर से आए शासकीय अधिवक्ताओं के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 121वीं कड़ी का प्रसारण सुना। उन्होंने ‘मन की बात’ सुनने के बाद कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में स्थित साइंस सेंटर की सराहना की है। यह प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण क्षण है। प्रधानमंत्री ने इसे उम्मीदों की नई किरण बताया है। श्री साव ने कहा कि हमारी सरकार बस्तर की शांति और विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। हमारी सरकार बनने के बाद वहां शांति स्थापित हो रही है और बस्तर विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक हो या बस्तर पंडुम, या फिर दंतेवाड़ा का साइंस सेंटर, छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा बस्तर के लिए उठाए गए कदमों की चर्चा राष्ट्रीय स्तर पर हो रही है। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित नक्सल उन्मूलन अभियान का स्पष्ट असर बस्तर में देखने को मिल रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘मन की बात’ की यह कड़ी भी हमेशा की तरह प्रेरणादायी और ज्ञानवर्धक है। यह कार्यक्रम रचनात्मक परिवर्तन और देश के विकास में नागरिकों की सक्रिय सहभागिता को प्रोत्साहित करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने कार्यक्रम के माध्यम से आने वाले 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ लगाने को जो आह्वान किया है, वह लोगों को जरूर प्रेरित करेगा। ‘मन की बात’ के माध्यम से देश के विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे नवाचारों, सामाजिक पहलों और सकारात्मक परिवर्तनों की जानकारी देशवासियों तक पहुंचती है। इससे देशभर के लोग जागरूक होते हैं और उनमें ऊर्जा का संचार होता है।

माओवादियों के खिलाफ सुरक्षा बलों की कार्रवाई, जंगल से बरामद हुए बम, सुरक्षा बल अलर्ट

धमतरी  माओवादी अतिसंवेदनशील क्षेत्र के जंगल में सर्चिंग के दौरान डीआरजी व सीएएफ जवानों की संयुक्त टीम को माओवादियों द्वारा डंप किया कुकर, पाइप और टिफिन बम बरामद हुआ है। कई माओवादी सामग्री भी जवानों ने जब्त की है। अंदेशा है कि इस क्षेत्र में अभी भी माओवादियों की आवाजाही है। पुलिस के अनुसार बस्तर में फोर्स का दबाव बढ़ने के कारण माओवादी धमतरी के जंगलों में शरण लेते हैं। धमतरी पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 26 अप्रैल को एएसपी शैलेंद्र पांडेय के मार्गदर्शन में नगरी डीआरजी और सीएएफ खल्लारी के जवानों की संयुक्त टीम सर्चिंग आपरेशन पर थाना खल्लारी के चमेन्दा,साल्हेभाट क्षेत्र में रवाना हुई थी। तीन कुकर बम मिले हैं इस दौरान जवानों को सुबह आठ बजे चमेंदा व साल्हेभाट के बीच जंगल में माओवादियों द्वारा डंप की गई सामाग्री मिली है। इसमें तीन नग कुकर बम, तीन नग दूध के डिब्बे (बम), दो नग पाइप बम व एक नग टिफिन बम, एक नग वाकी टाकी शामिल है। साथ ही घटना स्थल पर माओवादियों की दवाइयां व दैनिक उपयोगी बर्तन, राशन व अन्य सामग्रियों को पुलिस जवानों ने जब्त किया है। जवानों ने बताया कि माओवादियों ने अलग-अलग थैले को एक तिरपाल, पालीथिन व नीले कलर की प्लास्टिक ड्रम में डाल कर दो अलग-अलग जगह डंप किया था। बीडीएस टीम ने डंप किए बमों को किया डिफ्यूज जवानों द्वारा जंगल से जब्त किए तीन नग कुकर बम, दो नग पाइप बम, एक नग टिफिन बम को डिफ्यूज किया है। बीडीएस टीम ने डंप किए बम को डिफ्यूज कर माओवादियों के मंसूबे को नाकाम किया है। एसपी सूरज सिंह परिहार ने धमतरी पुलिस, नगरी डीआरजी सहित सीएएफ की टीम को सूचना तंत्र मजबूत कर लगातार सर्चिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।

सुरक्षा बल ने माओवादियों के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई को सातवें दिन भी जारी रखा, कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर सुरक्षा बल की टीम

जगदलपुर सुरक्षा बल ने माओवादियों के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई को सातवें दिन भी जारी रखा है। बीजापुर जिले में तेलंगाना सीमा पर चल रहे इस अभियान में सुरक्षा बल के जवान कर्रेगुट्टा पहाड़ की 12 किमी की खड़ी चढ़ाई चढ़कर माओवादियों के सबसे सुरक्षित ठिकाने तक जा पहुंचे हैं। रविवार को पहाड़ी के ऊपर अभियान जारी रहा। पहाड़ी से माओवादियों के डंप सामान, बंकर और आइईडी मिलने की बात सामने आ रही है। पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. ने अभियान के दूसरे दिन तीन माओवादियों को ढेर करने की बात कही थी। इसके बाद से पुलिस की ओर से कोई भी अधिकृत जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस का कहना है कि अभियान पूरा होने के बाद ही विस्तृत जानकारी दी जाएगी। कर्रेगुट्टा नहीं नड़पल्ली की पहाड़ी पर मिली गुफा सुरक्षा बल को जो गुफा मिली है वह कर्रेगुट्टा की पहाड़ी पर नहीं बल्कि उसके पास ही स्थित दूसरी पहाड़ी नड़पल्ली पर मिली है। कुछ समाचार पत्रों की ओर से दावा किया जा रहा था कि जवानों को कर्रेगुट्टा की पहाड़ी पर गुफा मिली है। अब कहा जा रहा है कि जिस नड़पल्ली की पहाड़ी पर गुफा मिली है वहां ग्रामीण पूजा-पाठ करने जाते हैं। पहाड़ी पर मिली प्राकृतिक गुफा में स्थित है शिवलिंग। हिड़मा ने ग्रामीणों को दी थी चेतावनी- मैं पहाड़ी पर बैठा हूं, सबको ठिकाने लगा दूंगा पहाड़ी की तलहटी पर बसे ग्रामीणों ने बताया कि कुछ माह पहले हिड़मा ने ग्रामीणों से धमकाते हुए कहा था कि मैं पहाड़ी पर बैठा हूं, चाहे कितने भी जवान आ जाए सबको ठिकाने लगा दूंगा। दूसरी ओर पिछले माह माओवादियों के तेलुगू भाषा में लिखे पत्र में भी कर्रेगुट्टा की पहाड़ी पर बड़ी संख्या में आईईडी (इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) लगाए जाने की बात कहते हुए ग्रामीणों को चेताया गया था कि पहाड़ी पर ना आएं। इसी सूचना के आधार पर ही फोर्स को शंका हुई कि कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर माओवादियों का संभावित ठिकाना हो सकता है। एनटीआरओ (राष्ट्रीय तकनीकी अनुसंधान संगठन) के उपग्रहों व मानवरहित ड्रोन से की गई निगरानी में भी माओवादी दिखे थे।

पहलगाम हमले के बाद देश में आक्रोश, कांग्रेस नेता का भारत विरोधी पोस्ट, लिखा – पाकिस्तान से हार निश्चित है

रायपुर पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान को करारा जवाब देने की मांग उठ रही है। इसी बीच कांग्रेस के एक सीनियर नेता ने ऐसा पोस्ट किया है जिसके बाद सियासी हलचलें तेज हो गई हैं। कुनकरी विधानसभा सीट से पूर्व विधायक रहे यूडी मिंज ने अपने सोशल मीडिया में भारत और सेना के खिलाफ विवादित पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा है कि अगर पाकिस्तान से भारत युद्ध करता है तो उसकी हार निश्चित है। विधायक की सोशल मीडिया पोस्ट पर तेजी से वायरल हो रही है। क्या लिखा है कांग्रेस विधायक ने कांग्रेस विधायक यूडी मिंज ने अपने फेसबुक में लिखा है- ” जो आज पाकिस्तान के विरुद्ध निर्णायक युद्ध की बात कर रहे हैं वे जान लें कि इस बार पाकिस्तान के साथ-साथ भारत को चीन से भी लड़ना होगा और ऐसी स्थिति में भारत की हार सुनिश्चित है। पीओके के महत्वपूर्ण हिस्से में चीन ने अंधाधुंध निवेश किया है। पुराने सिल्क रोड को खोल दिया गया है। यही हाल बलूचिस्तान का भी है। ग्वादर पोर्ट को चीन ने डेवलप किया है और उसकी सेना सुरक्षाकर्मियों के नाम पर वहां पर तैनात है। बलूच विद्रोहियों की औकात नहीं है कि वे चीनी सैनिकों का मुकाबला कर सके। यही दोनों जगह हैं जहां से पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी ऑपरेट करते हैं। एटबबाबाद भी इन्ही जगहों में है, जहां से लश्कर-ए-तैयबा का नेटवर्क काम करता है। अब अगर भारत इन स्थानों पर सीधे हमला करे तो चीन स्वत: इस युद्ध में पाकिस्तान के साथ खड़ा हो जाएगा। नतीजा सोच लीजिए। इसलिए पुलवामा पार्ट-2 के बाद बालाकोट कौवा मार स्ट्राइक पार्ट-2 के लिए तैयार रहिए।” इकोनॉमी को लेकर की की टिप्पणी पूर्व विधायक यूडी मिंज ने आगे लिखा- “जहां तक बात इकोनॉमी की है तो भारत अगर पूरी तरह से युद्ध में जाता है तो देश की अस्सी करोड़ आबादी को राशन देने के पैसे छह महीने में ही खत्म हो जाएंगे। मुद्रस्फीति दर वैसे ही डबल डिजिट में है, कहां तक जाएगी ये पता नहीं है। डॉलर के अलावे भी अन्य वैश्विक मुद्राओ के मुकाबले रुपया2.5 फीसदी कमजोर हुआ है। अमरीकी टैरिफ के चलके निर्यात न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया है। देश में बेरोजगारी पिछले 45 साल में सबसे ज्यादा है। महंगाई बेलगाम हो गई है। ऐसी स्थिति में कोई भी युद्ध आत्मघाती होगा और दोनों देशों की मेहनतकश जनता पर असहनीय बोझ पड़ेगा। यह समय भारत, पाकिस्तान और चीन के लीडरशिप को साथ बैठकर आतंकवाद की समस्या का निदान ढूंढने का है किसी भी प्रकार का राजनीति में जाने का नहीं। वैसे जो भारतीय युद्ध का समर्थन करते हैं उन सबको अग्निवीर बनाकर बॉर्डर पर भेज देना चाहिए।” विवादित पोस्ट के बाद दी सफाई यूडी मिंज की पोस्ट सोल मीडिया में वायरल हुई तो पूर्व विधायक ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि मेरा अकाउंट हैक कर लिया गया है। उन्होंने एक अन्य पोस्ट करते हुए लिखा- “मैं आप सभी को सूचित करना चाहता हूं कि मेरा फेसबुक अकाउंट हाल ही में हैक हो गया है। इस दौरान मेरे अकाउंट से कुछ ऐसी गतिविधियां हुई हैं, जो मेरे नियंत्रण में नहीं थीं, और इससे कुछ गलतफहमियां पैदा हो सकती हैं। मैं इस असुविधा के लिए दिल से माफी मांगता हूं। मैंने इस समस्या को ठीक करने के लिए फेसबुक सपोर्ट से संपर्क किया है और अपने अकाउंट को सुरक्षित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठा रहा हूं। कृपया मेरे अकाउंट से आए किसी भी संदिग्ध मैसेज, लिंक या पोस्ट पर ध्यान न दें और न ही उसका जवाब दें।”

पहलगाम पर कांग्रेस नेता के बिगड़े बोल, कहा-आतंकियों के पास धर्म पूछने का समय नहीं होता

नागपुर महाराष्ट्र में कांग्रेस के विधायक विजय वडेट्टीवार ने पहलगाम आतंकी हमले पर विवादित बयान दिया है। यूपी, कर्नाटक, बिहार, हरियाणा समेत कई राज्यों के मासूम पर्यटकों को उनका धर्म पूछकर मारने के मामले में विजय वडेट्टीवार का कहना है कि ऐसी बातें गलत हैं। वडेट्टीवार ने कहा कि आखिर आतंकियों के पास इतना समय ही कहां होता है कि वे किसी के कान में जाकर पूछें कि तुम्हारा धर्म क्या है। कुछ लोगों का कहना है कि ऐसा नहीं हुआ है। आतंकियों की कोई जाति या धर्म नहीं होता। इस मामले में जिम्मेदार लोगों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। यही देशवासियों की भावना है। इसकी बजाय घटना को कोई और रंग या मोड़ देना गलत होगा। विजय वडेट्टीवार ने कहा, ‘पहलगाम की जिम्मेदारी तो सरकार को लेनी चाहिए। वहां सुरक्षा क्यों नहीं थी। आखिर 200 किलोमीटर तक आतंकी कैसे आ जाते हैं। क्या यह आपका इटेंलिजेंस फेल नहीं है।’ वडेट्टीवार ने कहा कि इस गलती को मानने की बजाय आपका फोकस इस बात पर है कि धर्म पूछकर मारा गया। क्या आतंकियों के पास इतना समय होता है कि वह लोगों के पास जाएं और कान में पूछें कि तुम्हारा धर्म क्या है। उन्होंने कहा कि आतंकियों के खिलाफ ऐक्शन होना चाहिए। आखिर इतनी सुरक्षा चूक कैसे हो गई। इस पर विचार करना चाहिए, लेकिन इस मामले में दूसरी तरफ ध्यान ले जाना गलत है। रॉबर्ट वाड्रा की बयान पर आई सफाई, बोले- गलत समझा गया बता दें कि इस मामले में सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा भी विवादित बोल चुके हैं। उन्होंने कहा था कि यह हमला इसलिए हुआ है क्योंकि मुसलमानों में यह भावना है कि उन्हें कमजोर किया जा रहा है। वह ऐसा महसूस करते हैं और इसी के चलते हमला हुआ है। रॉबर्ट वाड्रा की इस बात को लेकर खूब विवाद हुआ तो अंत में वह पलट गए। अब रॉबर्ट वाड्रा का कहना है कि उनके बयान को गलत ढंग से समझा गया था। मेरा कहना है कि पाकिस्तान के खिलाफ ऐक्शन लेना चाहिए और वहां यदि सुरक्षा पुख्ता होती तो इस तरह का अटैक हिंदू समाज पर नहीं होता।

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