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अरी थाना क्षेत्र में भीषण सड़क दुर्घटना में तीन युवकों की दर्दनाक मौत, चालक फरार

सिवनी अरी थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक भीषण सड़क दुर्घटना में तीन युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा सिवनी-कटंगी (बालाघाट) मार्ग पर स्थित खमरिया गांव के पास हुआ, जहां तेज रफ्तार स्कूटी और सब्जी से भरे एक ऑटो वाहन की आमने-सामने से टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कूटी के परखच्चे उड़ गए। तीनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई।   सड़क पर बिखरे पड़े थे शव पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सब्जी से भरा ऑटो सिवनी से कटंगी की ओर जा रहा था। स्कूटी पर सवार तीन युवक अरी से सिवनी की दिशा में तेज रफ्तार से जा रहे थे। खमरिया गांव के पास दोनों वाहनों में आमने-सामने से टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि स्कूटी के परखच्चे उड़ गए। तीनों युवक सड़क पर जा गिरे। दुर्घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। युवकों की मौत से गांव में पसरा मातम हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान 35 वर्षीय अविनाश पुत्र सत्यनारायण भलावी निवासी नयेगांव, 26 वर्षीय अरविंद पुत्र सियानंद भालेकर और 23 वर्षीय रोहित पुत्र शिवचरण कुमरे दोनों निवासी रैयतवाड़ी गांव के रूप में हुई है। तीनों युवक मित्र थे। हादसे की खबर लगते ही गांवों में शोक की लहर दौड़ गई। ऑटो चालक वाहन छोड़कर फरार अरी थाना प्रभारी आशीष खोब्रागढ़े ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद ऑटो चालक वाहन को मौके पर छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त ऑटो और स्कूटी को जब्त कर लिया है। चालक की तलाश शुरू कर दी गई है। मृतकों के शवों का पंचनामा कर जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हादसे के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। प्राथमिक दृष्टि में तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाना दुर्घटना का मुख्य कारण माना जा रहा है।

एसीबी की कार्रवाई, 15 हजार रुपए रिश्वत लेते नायब तहसीलदार गिरफ्तार

कोंडागांव भ्रष्टाचार के खिलाफ ACB-EOW की कार्रवाई लगातार जारी है. कोंडागांव में एसीबी ने नायब तहसीलदार दिनेश सिंह ठाकुर को 15 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है. प्रार्थी राधाकृष्ण देवांगन से भूमि को बेजा कब्जा से मुक्त कराने के बदले नायब तहसीलदार ने पैसे की डिमांड की थी. जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता राधाकृष्ण देवांगन ने अपनी भूमि को कब्जा मुक्त कराने आवेदन दिया था. इस कार्य के बदले में नायब तहसीलदार ठाकुर ने उनसे 15,000 रुपए की मांग की थी. शिकायतकर्ता ने मामले की जानकारी एसीबी को दी. एसीबी की टीम ने ट्रैप कर नायब तहसीलदार को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा. एसीबी की टीम आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई कर रही है.

आने वाले कुछ दिन तापमान में वृद्धि होगी और बारिश की संभावना बहुत कम रहेगी: मौसम केंद्र

जयपुर  राजस्थान के अधिकांश भागों में अगले कुछ दिन मौसम शुष्क रहने व गर्मी बढ़ने की संभावना है। जयपुर स्थित मौसम केंद्र के अनुसार शुक्रवार से लेकर आने वाले कुछ दिन तापमान में वृद्धि होगी और बारिश की संभावना बहुत कम रहेगी। खासकर उत्तर-पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर संभाग में 8 से 10 जून के बीच अधिकतम तापमान 45-46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इस दौरान वहां तेज लू चलने की भी संभावना जताई गई है। धूल भरी हवाओं का भी होगा असर बीकानेर संभाग और आसपास के इलाकों में 8 से 10 जून के बीच 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी हवाएं चलने का अनुमान है, जिससे कई जगहों पर तापमान के साथ ही वातावरण भी गर्म और धूलभरा हो सकता है। ऐसे मौसम में स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना जरूरी होगा। हल्की बारिश और बादल छाने की संभावना सीमित राज्य के अन्य हिस्सों में मौसम शुष्क रहेगा, लेकिन शुक्रवार को कोटा और उदयपुर संभाग में कहीं-कहीं बादल गरजने के साथ हल्की बारिश हो सकती है। बीते 24 घंटे में टोंक के उनियारा, नागौर के लाडनूं और बीकानेर के छतरगढ़ में 10 मिलीमीटर तक बारिश दर्ज हुई है। जैसलमेर में सबसे अधिक तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग की सलाह     गर्मी से बचाव के लिए घर के बाहर लंबे समय तक न रहें।     अधिक पानी पीते रहें ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।     धूल भरे मौसम में सांस की समस्याओं से बचने के लिए मास्क या कपड़े से नाक-मुंह ढककर रखें।     जरूरत पड़ने पर ठंडी जगहों पर रहें और बच्चों तथा बुजुर्गों का खास ख्याल रखें।  

अब तीन दिन बाद प्रीति जिंटा ने कहा- हम जैसा चाहते थे, खेल का वैसा एंड नहीं हुआ, लेकिन ये जर्नी बहुत ही शानदार थी

नई दिल्ली आईपीएल 2025 का फाइनल मैच शायद ही फैंस भूल पाए। 3 जून को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और पंजाब किंग्स के बीच फाइनल मैच खेला गया, जहां विराट कोहली की टीम ने 6 रन से कप्तान श्रेयस अय्यर की टीम को शिकस्त थी।  17 साल बाद आरसीबी को आईपीएल में मिली इस खुशी का जश्न विराट कोहली के फैंस फायरक्रेकर के साथ अलग-अलग शहरों में मना रहे थे, तो वहीं पंजाब किंग्स के फैंस और प्लेयर इतने करीब पहुंचकर मिली हार से काफी निराश थे। प्रीति जिंटा के चेहरे पर भी उस दौरान सब उदासी देखने को मिली थी। हालांकि, अब तीन दिन बाद प्रीति जिंटा ने पंजाब किंग्स की हार पर जवाब देते हुए सोशल मीडिया पर एक लंबा चौड़ा पोस्ट किया है।  प्रीति जिंटा ने कहा जॉब खत्म करने के लिए लौटेंगे पंजाब किंग्स की मालकिन प्रीति जिंटा ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर पंजाब किंग्स की एक पोस्ट शेयर की है, जिसमें श्रेयस अय्यर से लेकर अर्शदीप सिंह, युजवेंद्र चहल सहित सभी प्लेयर्स नजर आ रहे हैं। इस पोस्ट को शेयर करते हुए प्रीति ने लिखा, “हम जैसा चाहते थे, खेल का वैसा एंड नहीं हुआ, लेकिन ये जर्नी बहुत ही शानदार थी”।  उन्होंने आगे लिखा, “ये सफर एक्साइटिंग, एंटरटेनिंग और प्रेरित करने वाला था। जिस तरह से पूरे टूर्नामेंट में हमारे शेरों ने फाइट की और धैर्य रखा वह मुझे बेहद ही पसंद आया। जिस तरह से हमारे कैप्टन, हमारे सरपंच ने लीड करके आगे बढ़कर सभी खिलाड़ियों के साथ मिलकर इस आईपीएल को डोमिनेट किया, वह मुझे बहुत पसंद आया”।  अभी काम पूरा नहीं हुआ है-प्रीति जिंटा प्रीति जिंटा ने आगे पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, “ये साल सबसे अलग था। नेशनल ड्यूटी करते हुए हमारे कई मुख्य प्लेयर्स घायल हो गए और हम हार गए, लेकिन फिर भी रिकॉर्ड कायम कर लिया। मुझे पंजाब किंग्स के हर प्लेयर पर गर्व है, क्योंकि उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में जान डाल दी। हमारे सपोर्टिंग स्टाफ से लेकर पंजाब किंग्स के हर व्यक्ति को इस शानदार सीजन के लिए दिल से शुक्रिया। हमारी शेर टीम-हमारे फैंस जिन्होंने हमें हमेशा सपोर्ट किया, उनका खास तौर पर धन्यवाद।  

ईश भक्ति है सबसे सबल सहारा

भक्ति को राजमार्ग कहा गया है। ज्ञान और कर्म का मार्ग भी उसी मंजिल तक पहुंचाता है, परंतु वह कष्टसाध्य है। गीताकार ने ज्ञान द्वारा निराकार अव्यक्त परमेश्वर को प्राप्त करना दुष्कर बताया है। भक्ति द्वारा चित्त और बुद्धि को भगवान में स्थिर करना सरल और सुगम है। अभ्यास और विधि-विाधन के पालन से एकाग्रता प्राप्त की जा सकती है। इस प्रकार कर्म, ज्ञान (ध्यान) और भक्ति के विकल्पों के बाद निष्कर्ष अंतिम अध्याय में है, जहां सब साधनों को छोड़कर शरणागति को जीवन की सर्वोच्च सिद्धि स्थापित किया गया है। बल्लभाचार्य और रामनुजाचार्य ने शरणागति को प्रपत्ति कहा है। यही भक्ति का सार है। भक्त दो प्रकार के होते हैं। प्रपन्न और शरणागत। दोनों शब्दों का अभिप्राय एक होने पर भी अंतर है। प्रपन्न भक्त में कर्त्ता की विशेषता रहती है। प्रपद चरण के ऊपर के भाग को कहते हैं। उसको पकड़ कर रखना प्रपत्ति है। श्री चंद्र दर्शन में इस स्थिति को एक उदाहरण से स्पष्ट किया गया है- कई जन्मों की उपासना के बाद भक्त को भगवान के दर्शन हुए। भगवान ने वर मांगने को कहा। भक्त बार-बार कहता रहा, कुछ नहीं चाहिए। अंत में आशीर्वाद देकर भगवान गरुड़ पर बैठकर जैसे ही जाने लगे, भक्त ने अचानक एक हाथ से उनका एक चरण पकड़ लिया, दूसरे हाथ से गरुड़ का एक पंजा थाम लिया। इस प्रकार वह वैकुंठ पहुंच गया और परमपद पा गया। कलिकाल में प्रपत्ति निभाना कठिन है। इसमें बंदरिया के बच्चे के समान जीवन की पकड़ अपनी होती है। बंदरिया एक वृक्ष से दूसरे पर, एक पहाड़ी से दूसरी पर छलांगें लगाती जाती है। उसके बच्चे को मां की कमर को कसकर पकड़ना होता है। जरा-सी असावधानी से गिरने का डर रहता है। शरणागति में कर्त्ता की नहीं शरण देने वाले की विशेषता और चेष्टा रहती है। बस एक बार भगवान स्वीकार कर लें तुम मेरे हो। शरणागत भक्त बिल्ली के बच्चे के समान अपने को भगवान के भरोसे छोड़ देता है। बिल्ली अपने नवजात को तीखे दांतों के बीच भी कोमलता से पकड़ कर सुरक्षित स्थानों पर ले जाती है। बच्चा मां पर अखंड आस्था के कारण निश्चिंत रहता है। द्रौपदी के चीरहरण की मर्मांतक कथा का निचोड़ यही है। जब तक जीव हाथ ऊपर करके अपनी सुरक्षा का भार भगवान पर नहीं छोड़ता उसे वह सुरक्षा-चक्र नहीं मिलता।  

मेट्रो स्टेशन पर विदेशी युवती मिली बेहोश, होश में आने पर खुला चौंकाने वाला सच

नई दिल्ली  नोएडा में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने नाइजीरिया से आई युवती गाजियाबाद के कौशांबी मेट्रो स्टेशन पर बेहोशी की हालत में मिली और बाद में उसने एक अज्ञात ई-रिक्शा चालक पर लूटपाट का आरोप लगाया। पुलिस ने यह जानकारी दी। नोएडा के थाना सेक्टर 58 के प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि युवती कौशल राष्ट्रीय उद्यमिता एवं लघु व्यवसाय विकास संस्थान द्वारा 21 मई से 3 जून तक आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने यहां आई थी। उन्होंने बताया कि गुरुवार रात संस्थान के एक अधिकारी ने शिकायत दर्ज कराई कि नाइजीरियाई युवती अतिलोलो 2 जून को संस्थान से बाहर गई थी लेकिन वह 3 जून को भी वापस नहीं आई। ई-रिक्शा चालक ने युवती से किया दुर्व्यवहार, मोबाइल छीनकर बेहोशी की हालत में छोड़ा सिंह ने शिकायत के आधार पर बताया कि अतिलोलो को बाद में कौशांबी मेट्रो स्टेशन पर बेहोशी की हालत में पाया गया। उन्होंने बताया कि युवती ने होश में आने के बाद बताया कि वह एक मॉल में खरीदारी करने कई थी और लौटते समय एक ई- रिक्शा पर बैठी थी। अतिलोलो के अनुसार, चालक उसे गलत दिशा में ले जाने लगा तो उसने उसका विरोध किया। शिकायत के अनुसार, ई-रिक्शा चालक ने युवती से दुर्व्यवहार किया और उसका मोबाइल फोन छीन लिया जिसके बाद वह डर कर ई-रिक्शा से कूद गई। सिंह ने बताया कि पुलिस घटना की रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।  

फिटनेस ट्रेनर बनने से पहले जरा इन बातों पर भी दें ध्यान

आप नौ-दस घंटे की सिटिंग जॉब करते हों या फास्ट फूड के शौकीन हो, व्यायाम को लेकर आलसी हो या हेल्दी डाइट के प्रति जागरूक न हो तो आप अपने स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं और शायद हर बार गलती आपकी नहीं होती। या तो आप बहुत व्यस्त होते हैं या फिर आपको उचित डाइट की जानकारी नहीं होती। अब क्या किया जाए? ऐसे में आपको आवश्यकता है एक अच्छे फिटनेस ट्रेनर की। एक अच्छा फिटनेस ट्रेनर आपको न सिर्फ आपकी सेहत की अनुसार व्यायाम की जानकारी देगा बल्कि अलग-अलग डाइट के बारे में आपकी जानकारी भी बढ़ाएगा। रोजमर्रा की भागदौड़ को भूलाने, मानसिक तनाव से जूझते और शरीर को सही आकार में रखने के लिए व्यायाम आवश्यक है। वह जमाना गया जब पर्सनल ट्रेनर सिर्फ खिलाड़ियों, एथलीट या बड़े सेलिब्रिटी के लिए ही होते थे। आज लोग फिट रहने और वहां काम करने के लिए एरोबिक्स इंस्ट्रक्टर, योगा इंस्ट्रक्टर तथा पर्सनल ट्रेनर की मांग करते हैं। कैरियर के अवसर आज फिटनेस ट्रेनर की मांग जिम, बड़े होटल, हेल्थ क्लब, फिटनेस सेंटर, स्पा, टूरिस्ट रिसॉर्ट जैसी तमाम जगहों पर है। कुछ समय का अच्छा अनुभव लेकर आप स्वयं का फिटनेस सेंटर भी शुरू कर सकते हैं। यहां तक कि बड़ी-बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियां भी अपने कर्मचारियों के लिए समय-समय पर वर्कपैलेस वेलनेस तथा फिटनेस प्रोग्राम का आयोजन करती हैं, जहां फिटनेस ट्रेनर की जबरदस्त मांग होती है। फिटनेस इंडस्ट्री आज अपनी चरम सीमा पर है। आज भारत में फिटनेस उद्योग 2, 000 करोड़ रुपए से भी अधिक पर हिस्सा रखता है। हाई टेक जिम और हेल्थ क्लब ने इसको युवाओं के बीच और अधिक प्रचलित बनाया है। कोर्स के बाद आप इसमें से किसी भी कैरियर का चुनाव कर सकते हैं: एथलीट ट्रेनर, डाइटिशियन, स्पोटर्स कोच, फिजिकल थेरेपिस्ट। कार्य का दायरा एक फिटनेस ट्रेनर के तौर पर आपको शारीरिक फिटनेस के साथ साथ एरोबिक्स, फैलेक्सीबिल्टी ट्रेनिंग, बीएमआई, पोषण तथा ट्रेनिंग से जुड़े समस्त उपकरणों आदि का ज्ञान होना अनिवार्य है। इससे लोगों को सही सलाह देने में आसानी होती है। यदि आपको ये समस्त जानकारी है, तो आप उनके शरीर के ढांचे और वजन को देखते हुए उनके लिए एक अच्छी डाइट निर्धारित कर सकते और फिट रहने के लिए उपकरणों के सही प्रयोग के बारे में ज्ञान दे सकते हैं। -एक फिटनेस ट्रेनर को फिटनेस, न्यूट्रिशन, वेट मैनेजमेंट, स्ट्रैस रिडियूशन, हेल्थ रिस्क मैनेजमेंट आदि जैसे विषयों पर ध्यान देना होता है। -एरोबिक्स इंस्ट्रक्टर के तौर पर आप वर्कआउट सत्र में एरोबिक्स, स्ट्रेचिंग तथा मसल्स एक्सरसाइस पर ध्यान देते हैं। -खेल जगत में एथलीट का स्टेमिना बढ़ाने के लिए आप जॉगिंग, वेट लिफ्टिंग, पुशअप जैसे विशेष व्यायामों पर जोर देते हैं। -यदि आप एक योग व नेचुरोपेथी एक्सपर्ट हैं तो आप प्रकाशित तौर पर व्यायाम से रोग-मुक्त रहने के गुर भी सीखते हैं। -इस कार्य में आपको अच्छी बातचीत और व्यावहारिक कला भी आनी चाहिए, क्योंकि आप कई प्रकार के लोगों के संपर्क में आते हैं। हालांकि कोर्स के तुरंत बाद मासिक आय थोड़ी कम होती है, पर अनुभव के साथ-साथ यदि आप हाइ-एंड फिटनेस सेंटर, स्पा और रिसॉर्ट से जुड़कर काफी अच्छा कमा सकते हैं। कहां से कोर्स करें? फिटनेस ट्रेनिंग के कोर्स की अगर बात की जाए तो आप नाइक एरोबिक्स कोर्स या रिबॉक इंस्ट्रक्टर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम जैसे प्रोफेशनल कोर्स भी कर सकते हैं, जो मुंबई के तलवालकर संस्थान जैसे कई स्थानीय स्तर पर कराए जाते हैं। ये बेसिक कोर्स करीब 80 घंटे की अवधि के होते हैं, जिसमें से 30 घंटे थ्योरी से सिद्धांत पढ़ाए जाते हैं और बाकी भाग प्रैक्टिकल सैशन का होता है। -रिबॉक इंडिया वर्ष में 2 बार रिबॉक इंस्ट्रक्टर एलीयांस प्रोग्राम आयोजित करता है। -यदि आप योग तथा नेचुरोपेथी में स्नातक होना चाहते हैं तो भारत में ये कोर्स करीब साढ़े पांच साल का होता है। -सेंट्रल काउंसिल फॉर रिसर्च इन योग एंड नेचुरोपैथी ने इसमें 1 वर्ष डिप्लोमा कोर्स भी शुरू किया है। भारत में इसके कुल 17 केंद्र हैं। फिजिकल एजुकेशन में स्नातक व स्नाकोत्तर के साथ कई अन्य कोर्स उपलब्ध कराने वाले कुछ प्रमुख संस्थान निम्नलिखित हैं: -इंदिरा गांधी इंस्टिट्यूट ऑफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोटर्स साइंस, दिल्ली। -लक्ष्मीबाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल एजुकेशन। -साई, एनएस साउथ सेंटर, यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु। -साई, एनएस ईस्टन र्सेंटर, साल्ट लेक सिटी, कोलकाता।  

अंपायर से लड़ बैठे यशस्वी, पायर के आउट देने के बाद भी नहीं लौटे पवेलियन, बीच मैदान पर काटा बवाल

नई दिल्ली टीम इंडिया इस समय इंग्लैंड दौरे पर है। इससे पहले इंडिया-ए वहां पर अभ्यास मैच खेल रही है। दूसरा अनाधिकारिक टेस्ट मैच आज से शुरू हुआ है और इस मैच के पहले ही दिन बवाल हो गया। इंडिया -ए और इंग्लैंड लायंस के बीच ये मैच नॉर्थैम्पटनशर में खेला जा रहा है। पहले दिन टीम के सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने अंपायर से बहस की और उनके आउट देने के बाद भी वह मैदान से नहीं गए यशस्वी टीम इंडिया की सीनियर टीम के अहम बल्लेबाज हैं। वह सीनियर टीम के लिए भी ओपनिंग करते हैं। इस मैच में यशस्वी, केएल राहुल के साथ ओपनिंग करने उतरे थे। लेकिन इस मैच में यशस्वी ने ऐसा कुछ कर दिया कि सभी हैरान रह गए।   अंपायर से लड़ बैठे यशस्वी यशस्वी अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे। तभी इंग्लैंड के तेज गेंदबाज क्रिस वोक्स की एक इनस्विंग गेंद ने यशस्वी को परेशान कर दिया। गेंद सीधा उनके पैड पर लगी। इंग्लैंय लायंस की टीम ने अपील की और अंपायर ने उंगली उठा दी। यशस्वी को इस बात पर यकीन नहीं हुआ और वह अपनी जगह पर खड़े होकर अंपायर को घूरते रहे। कुछ देर तक वह ऐसे ही खड़े रहे फिर गुस्से में पीछे मुड़कर पवेलियन चले गए। यशस्वी ने 26 गेंदों का सामना करते हुए दो चौके मारे और 17 रन बनाए। उन्होंने राहुल के साथ मिलकर 28 रन जोड़े। यशस्वी ने पहले अनाधिकारिक टेस्ट मैच में अच्छी बल्लेबाजी की थी। उन्होंने उस मैच में पहली पारी में 24 रन बनाए थे। वहीं दूसरी पारी में 64 रनों की पारी खेली थी। ये मैच ड्रॉ रहा था। टीम इंडिया पहुंची इंग्लैंड इस बीच नए कप्तान शुभमन गिल की अगुआई में टीम इंडिया इंग्लैंड पहुंच गई है। पांच मैचों की टेस्ट सीरीज की शुरुआत 20 जून से हो रही है। इस सीरीज में टीम इंडिया पर काफी दबाव है। टीम के दो अनुभवी खिलाड़ी विराट कोहली और रोहित शर्मा इस दौरे पर टीम के साथ नहीं हैं। दोनों ही टेस्ट को अलविदा कह चुके हैं। इंग्लैंड का दौरा वैसे भी काफी मुश्किल रहता है ऐसे में इस बार टीम में कई युवा खिलाड़ी हैं जिन पर टीम का दारोमदार है। ये टीम इंडिया के नए युग की शुरुआत है।

मुसलमानों को हम गाय नहीं काटने देंगे, अगर प्रतिबंधित पशु कटेंगे तो मुसलमान भी कटेंगे, दिया विवादित बयान

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में दर्जा प्राप्त मंत्री राजेश्वर सिंह ने बकरीद से पहले एक विवादित बयान दे दिया है। उन्होंने कहा कि ”मुसलमानों को हम गाय नहीं काटने देंगे, अगर प्रतिबंधित पशु कटेंगे तो मुसलमान भी कटेंगे और कुशीनगर में खून की धारा बह जाएगी।” उनके इस बयान के बाद यूपी की सियासत गरमा गई है। ‘कोई भी पशु जो प्रतिबंधित है, कटने नहीं देंगे’ बता दें कि 5 जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जन्मदिवस के मौके पर कुशीनगर जिले में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान बोलते हुए मंत्री राजेश्वर सिंह ने कहा कि ”बकरीद आ रही है। हमें महाराज जी के जन्मदिन पर संकल्प लेना है कि कोई भी पशु जो प्रतिबंधित है, उसे कटने नहीं देना है।  गाय माता… और गाय माता की हमें रक्षा करनी है। गाय, बछड़े, ऊंट आदि किसी भी बड़े पशु को हम नहीं कटने देंगे।” ‘खून की धारा बह जाएगी…’ मंत्री राजेश्वर सिंह ने कहा, ”बकरीद पर मुसलमानों को हम गाय नहीं काटने देंगे। अगर प्रतिबंधित पशु कटेंगे तो मुसलमान भी कटेंगे और कुशीनगर में खून की धारा बह जाएगी। किसी भी हालत में प्रतिबंधित पशु की कुर्बानी नहीं दी जाएगी।”  

अली फजल का फनी वीडियो, ‘जब बारिश नहीं, ऋचा नहीं, तो लड़का बस कॉफी पीकर खुश है’

मुंबई,  मशहूर अभिनेता अली फजल ने सोशल मीडिया पर अपनी पत्नी ऋचा चड्ढा के साथ एक मजेदार पल साझा किया। उन्होंने अपनी आने वाली फिल्म ‘मेट्रो इन दिनों’ के मूड को मजाकिया अंदाज में पेश किया। अली फजल ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक मजेदार वीडियो शेयर किया, जिसमें उनकी पत्नी ऋचा चड्ढा भी नजर आईं। यह वीडियो उन्होंने खुद शूट किया है। इस वीडियो में उन्होंने अपनी आने वाली रोमांटिक फिल्म ‘मेट्रो इन दिनों’ के पसंदीदा ट्रैक ‘जमाना लगे’ के मूड को अलग अंदाज में दिखाया है। वीडियो की शुरुआत में ऋचा की झलक दिखाई देती है। इसके बाद अली नजर आते हैं, जो हरियाली के बीच कॉफी पीते दिखाई देते हैं। वीडियो में आसमान बादलों से ढका हुआ नजर आ रहा है। अली फजल ने कैप्शन में लिखा, “जब एडिट करने के लिए कोई टीम न हो, मौसम में बारिश न हो… और तुम्हें (ऋचा) भूलने के लिए तुम ही न हो… तो लड़का पेड़-पौधों के साथ कॉफी में खुश है।” बता दें कि ‘मेट्रो इन दिनों’ के मेकर्स ने 4 जून को फिल्म का ट्रेलर रिलीज किया। इस फिल्म में आदित्य रॉय कपूर, सारा अली खान, फातिमा सना शेख, अली फजल, अनुपम खेर, पंकज त्रिपाठी, कोंकणा सेन शर्मा और नीना गुप्ता अहम किरदार में हैं। फिल्म की कहानी प्यार और उलझन भरे रिश्तों के सफर को दिखाती है। ट्रेलर में आदित्य रॉय कपूर और सारा अली खान दोनों एक-दूसरे को समझने और प्यार और कमिटमेंट के गहरे मतलब को जानने की कोशिश करते दिखते हैं। वहीं फातिमा सना शेख और अली फजल एक शादीशुदा जोड़े का किरदार निभा रहे हैं, जिन्हें शादी के कुछ महीनों बाद पता चलता है कि वे माता-पिता बनने वाले हैं। इस दौरान उन्हें कई भावनात्मक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इनके अलावा, कोंकणा सेन शर्मा और पंकज त्रिपाठी शादी के सालों बाद फिर से प्यार और रोमांस को वापस लाने की कोशिश करते हैं। नीना गुप्ता और अनुपम खेर बुजुर्ग कपल का किरदार निभा रहे हैं, जो दोबारा प्यार महसूस करना चाहते हैं, लेकिन उम्र और बीते वक्त की वजह से थोड़ा संकोच कर रहे हैं। ट्रेलर में हर कहानी में प्यार के अलग-अलग रूप और उसकी जिंदगी में अहमियत को दिखाया गया है। ‘मेट्रो इन दिनों’ फिल्म को भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, अनुराग बसु और तानी बसु ने मिलकर प्रोड्यूस किया है। यह फिल्म 4 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।  

दूरस्थ इलाकों में पहुंचेगी शिक्षा की रौशनी

 युक्तियुक्तकरण से बच्चों को मिला बेहतर शिक्षा का भरोसा रायपुर, छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लागू की गई युक्तियुक्तकरण नीति ने दूरस्थ क्षेत्रों के स्कूलों में अध्ययन-अध्यापन की बेहतर व्यवस्था की नई उम्मीद जगी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती की प्रक्रिया को तेज़ी से और पूरी पारदर्शिता के साथ पूरा किया जा रहा है। कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर के मार्गदर्शन में जिले में युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया बेहद सुचारू और निष्पक्ष तरीके से पूरी कर ली गई है। अब तक जिन स्कूलों में या तो शिक्षक नहीं थे या केवल एक शिक्षक की तैनाती थी, अब वहां विषय-विशेषज्ञ शिक्षक उपलब्ध हो गए हैं। इससे गणित, विज्ञान और अन्य विषयों अध्ययन-अध्यापन अच्छे से हो सकेगा। शिक्षकों ने जताया भरोसा और आभार इस प्रक्रिया से शिक्षक भी बेहद संतुष्ट नज़र आ रहे हैं। शिक्षिका श्रीमती सिंधु श्रीवास्तव ने बताया कि काउंसलिंग के दौरान स्क्रीन पर रिक्त पदों की जानकारी दी गई, जिससे स्कूल चयन में कोई दिक्कत नहीं हुई। उन्होंने सरकार और प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। वरिष्ठ शिक्षक श्री मनोज कुमार जैन, जो पहले माध्यमिक शाला देवडोंगर में पदस्थ थे, ने कहा कि सेवानिवृत्ति के करीब होने के बावजूद उनकी इच्छानुसार और पारदर्शी तरीके से स्कूल चयन करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की इस पहल से अब ग्रामीण स्कूलों में गणित, रसायन और जीवविज्ञान जैसे विषयों के विशेषज्ञ शिक्षक मिल सकेंगे, जिससे बच्चों की पढ़ाई में सुधार होगा। शिक्षक आत्माराम मंडावी ने बताया कि उन्हें उनके ही ब्लॉक के विद्यालय में युक्तियुक्तकरण के माध्यम से पदस्थ किया गया है, उन्हें यह उम्मीद नहीं थी। उन्होंने कहा कि जब कलेक्टर, सीईओ और जिला शिक्षा अधिकारी स्वयं काउंसलिंग प्रक्रिया में उपस्थित रहे, तो प्रक्रिया की विश्वसनीयता स्वतः सिद्ध हो गई। समावेशी शिक्षा की दिशा में बड़ा कदम शिक्षक वर्ग का मानना है कि इस पारदर्शी तरीके से युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पूरी हुई है। इससे जरूरत वाली शालाओं में शिक्षकों की पदस्थापना होने से शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ेगी। इससे विद्यार्थियों और अभिभावकों का सरकारी स्कूलों पर विश्वास भी मजबूत होगा। यह पहल समावेशी शिक्षा व्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम है। राज्य शासन की युक्तियुक्तकरण नीति ने छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की नींव भी मजबूत की है। शिक्षक समुदाय ने इसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार और जिला प्रशासन कांकेर को धन्यवाद दिया है।

जम्मू-कश्मीर में स्वास्थ्य विभाग के फूले हाथ-पाव, दिन-ब-दिन बढ़ते ही जा रहे Covid-19 के केस

जम्मू  जम्मू-कश्मीर में वीरवार को कोरोना के 2 नए मामलों की पुष्टि हुई है। प्रदेश में अब तक 13 कोरोना के नए मामले सामने हैं। इन 13 मामलों में से 7 मामले अभी एक्टिव हैं जिनमें से 5 मामले कश्मीर व 2 मामले जम्मू में एक्टिव हैं। वीरवार को कश्मीर के बड़गाम जिले से 2 नए मामलों की पुष्टि हुई है। बढ़ते मामलों को देखते हुए जम्मू-कश्मीर सरकार भी जोखिम नहीं उठाना चाहती है। अस्पतालों में लोगों को पहले से जारी कोरोना के दिशा निर्देशों का पालन करने के लिए कहा जा रहा है। कोरोना को लेकर चिकित्सा शिक्षा व स्वास्थ्य विभाग सतर्क हैं। कोरोना के लक्षण आम फ्लू की भांति ही है लेकिन ज्यादा दिन तक बुखार रहने पर तुरंत डाक्टर को दिखाएं और कोरोना का टैस्ट करवाएं। 

सीआरपीएफ नक्सल इलाकों के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से भी जोड़ने का प्रयास

रायपुर केंद्र और राज्य सरकार की समन्वित रणनीति तथा जवानों के पराक्रम से बस्तर में नक्सलवाद का धुंध अब छटने लगा है. बस्तर संभाग के 7 जिलों में दो – तीन जिलों को छोड़कर बाकी सभी जिलों में नक्सलियों का सफाया हो चुका है. इसके साथ अब वहां शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास की बात होने लगी है. बस्तर शिक्षा के क्षेत्र में एक अलग तरह का पहला मॉडल बनकर उभर रहा है. यहां सीआरपीएफ नक्सल इलाकों के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से भी जोड़ने का प्रयास कर रही है. पहली बार नक्सली संगठन के सीसी मेंबर नक्सली हिड़मा के गांव पूवर्ती में सीआरपीएफ ने गुरुकुल की स्थापना की. इन गांवों तक पहुंचने साल 2005 में सड़क ही नहीं थी, ऐसे में ये गांव मुख्यधारा से कटे हुए थे. अब करीब 19 साल बाद 2024 में अफसर इन गांवों तक पहुंच पाए. सिलगेर, पूवर्ती, टेकलगुड़ेम में शिक्षा का माहौल कभी नक्सलियों का गढ माने जाने वाले पूवर्ती, टेकलगुडेम शिक्षा का अलग माहौल है. सीआरपीएफ ने यहां गुरुकुल की स्थापना की. इससे पूवर्ती, टेकलगुड़ेम में करीब 80 से ज्यादा बच्चे गुरुकुल से जुड़ चुके हैं, जिन्हें शिक्षादूत एक साल से शिक्षा दे रहे हैं. पूवर्ती में सीआरपीएफ ने शुरू किया गुरुकुल 10 से ज्यादा बच्चे 100 किमी दूर कुआकोंडा के पोटा केबिन में रहकर पढ़ रहे हैं. ये वो बच्चे हैं, जिनके पालक क्षेत्र के खराब हो चुके माहौल को देखते हुए बच्चों को आश्रम-छात्रावासों में शिफ्ट कर दिया. डीआईजी आनंद सिंह राजपुरोहित ने बताया कि तीन गुरुकुल चल रहे हैं. इसमें बच्चों के लिए कॉपी-किताब की व्यवस्था सीआरपीएफ कर रही है. पढ़ाने के साथ खेल-कूद के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं. सुकमा जिला शिक्षा अधिकारी जीआर मंडावी ने बताया कि बच्चों का सर्वे किया जा रहा है. पूवर्ती में स्कूल का निर्माण किया जा रहा है. पढ़ाई छोड़ चुके 35 बच्चों को स्कूलों से जोड़ने पालकों से बात की जा रही है.

‘सरदार 2’ की शूटिंग के लिए बैंकॉक पहुंचीं मालविका मोहनन, दिखाई झलक

चेन्नई,  मलयालम और हिंदी सिनेमा की मशहूर अभिनेत्री मालविका मोहनन अपनी अपकमिंग तमिल फिल्म ‘सरदार 2’ की शूटिंग के लिए बैंकॉक पहुंच चुकी हैं। जासूसी-थ्रिलर फिल्म में वह अभिनेता कार्थी और राजिशा विजयन के साथ मुख्य भूमिका में नजर आएंगी। मालविका ने इंस्टाग्राम के स्टोरीज सेक्शन पर बैंकॉक के सेट से एक तस्वीर शेयर की, जिसमें वह शूटिंग की तैयारी करती दिखीं। सूत्रों के अनुसार, फिल्म की टीम इस आखिरी शेड्यूल में कुछ रोमांचक एक्शन सीन्स और एक खास गाने को शूट कर रही है। ‘सरदार 2’ साल 2022 की हिट फिल्म ‘सरदार’ का सीक्वल है, जिसे निर्देशक पी.एस. मित्रन बना रहे हैं। मालविका ने प्रशंसकों के साथ एक सोशल मीडिया सीजन के दौरान बताया था कि वह जून में इस फिल्म की शूटिंग पूरी कर लेंगी। इस फिल्म की शूटिंग 100 दिनों से अधिक समय से चल रही है और अप्रैल में टीम ने 100 दिन पूरे किए थे। निर्देशक मित्रन ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि फिल्म का केवल 5-10 प्रतिशत हिस्सा शूट होना बाकी है और डबिंग का काम भी साथ-साथ चल रहा है। इवेंट में पता चला कि अभिनेता एसजे सूर्या फिल्म में खलनायक की भूमिका में नजर आएंगे। उनके किरदार का नाम ‘ब्लैक डैगर’ है। ‘सरदार 2’ में कार्थी, एसजे सूर्या और राजिशा विजयन, मालविका मोहनन, आशिका रंगनाथ और सजल अहमद भी अहम भूमिकाओं में हैं। ‘सरदार 2’ में जॉर्ज विलियम्स ने सिनेमैटोग्राफी और सैम सीएस ने संगीत दिया है। फिल्म के स्टंट को कोरियोग्राफ दिलीप सुब्बारायन ने किया है और सीक्वल की कहानी एमआर पोन, रोजू बिपिन रागु और गीवी ने लिखी है। फिल्म की कहानी में कार्थी के किरदार को कंबोडिया और फिर चीन में जासूस के रूप में मिशन पर भेजा जाता है। निर्माताओं ने हाल ही में एक प्रोमो जारी किया था, जिसमें अभिनेता एस.जे. सूर्या को खलनायक ‘ब्लैक डैगर’ के रूप में दिखाया गया। फिल्म में कार्थी दोहरी भूमिका में हैं, जबकि मालविका का किरदार अभी गोपनीय रखा गया है। वर्कफ्रंट की बात करें तो ‘सरदार 2’ के अलावा, मालविका के पास प्रभास स्टारर ‘द राजा साब’ और ‘हृदयपूर्णम’ भी है।  

शिक्षकों की पदस्थापना की खबर पाकर खुश हैं गांव के बच्चे

बच्चों के चेहरे पर दिखने लगी पढ़ाई की ललक रायपुर, कभी शिक्षक की कमी से जूझ रहा बालोद ज़िले का छोटा-सा गांव तरौद में शिक्षा की एक नई उम्मीद जगी है। जहां पहले सिर्फ एक ही शिक्षक के भरोसे पूरा स्कूल चल रहा था, अब यहां चार विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की नियुक्ति की खबर से गांव में उत्साह का माहौल है। छत्तीसगढ़ सरकार की इस पहल ने बच्चों, अभिभावकों और पूरे गांव में शिक्षा को लेकर एक नई ऊर्जा भर दी है। लगभग 60 विद्यार्थियों वाला यह शासकीय हाईस्कूल बीते दो वर्षों से शिक्षकों की कमी से जूझ रहा था। पढ़ाई बाधित होती थी, एक शिक्षक से सभी विषयों की जिम्मेदारी निभा पाना नामुमकिन था। बच्चों के भविष्य को लेकर अभिभावकों की चिंता बढ़ती जा रही थी। लेकिन मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में युक्तियुक्तकरण की पहल ने इस अंधेरे को आशा की किरण दिखाई है। युक्ति युक्तकरण वास्तव में शिक्षकों और संसाधनों के असमान वितरण को दूर करने की एक सुव्यवस्थित प्रक्रिया है, जिसमें जरूरतमंद स्कूलों में योग्य शिक्षकों की तैनाती की जाती है। इसी योजना के तहत अब तरौद के हाईस्कूल में चार नए शिक्षक पदस्थ किए गए हैं, जो अलग-अलग विषयों के हैं। इससे अब हर विषय की पढ़ाई नियमित और गुणवत्ता पूर्ण हो सकेगी। गांव के सरपंच श्री धर्मेंद्र कुमार रामटेके की बातों से ग्रामीणों की भावनाएं झलकती हैं। पहले स्कूल में पढ़ाई की स्थिति अच्छी नहीं थी। जनभागीदारी समिति कई बार गांव के युवाओं को बुलाकर बच्चों के अध्ययन अध्यापन की व्यवस्था करती थी। शासन ने अब हमारे गांव के स्कूल को चार नए शिक्षक देकर बच्चों के अध्ययन-अध्यापन की बेहतर व्यवस्था कर दी है। इसके लिए हम मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के आभारी हैं। श्रीमती महेश्वरी ठाकुर, स्कूल की जनभागीदारी समिति की अध्यक्ष कहती हैं कि शिक्षा बच्चों का अधिकार है, और शासन ने यह अधिकार लौटाया है। अब हमें चिंता नहीं करनी पड़ेगी कि हमारे बच्चों को कौन पढ़ाएगा। स्कूल में शिक्षकों की पदस्थापना की खबर पाकर गांव के बच्चे भी बेहद खुश हैं। पढ़ाई को लेकर उनमें ललक और उत्साह दिखाई देने लगा है। बच्चों को हर विषय में अलग-अलग शिक्षक मिलना किसी सौगात से कम नहीं है। अब वह अच्छी पढ़ाई लिखाई करके डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक या अधिकारी बनने के सपने देखने लगे हैं। तरौद अब केवल एक गांव नहीं रहा, बल्कि छत्तीसगढ़ के शिक्षा सुधारों का उदाहरण बन गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में युक्तियुक्तकरण की यह पहल पूरे जिले के स्कूलों में चल रही है। शासन का स्पष्ट लक्ष्य है कि हर स्कूल में शिक्षक हों, और हर बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। शिक्षा की रोशनी जब दूर-दराज के गांवों तक पहुंचती है, तो उसका असर सिर्फ किताबों तक नहीं रहता। वह पूरे समाज को एक नई दिशा देती है। ग्राम तरौद का यह बदलाव इसी सकारात्मक सोच और योजनाबद्ध प्रयास का नतीजा है। छत्तीसगढ़ में शिक्षा की यह नई सुबह, निश्चित ही पूरे प्रदेश को प्रगति की ओर ले जाएगी।

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