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डेयरी विकास योजना के क्रियान्वयन के लिए राज्य स्तरीय समिति गठित

भोपाल राज्य शासन द्वारा एमपी स्टेट कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के बीच में सहकार्यता अनुबंध के उद्देश्यों की पूर्ति और डेयरी विकास योजना के क्रियान्वयन के लिए राज्य स्तरीय स्टीयरिंग कमेटी का गठन किया गया है। समिति के अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगे। समिति के उपाध्यक्ष मंत्री पशुपालन एवं डेयरी विकास और सहकारिता मंत्री होंगे। समिति में सदस्य के रूप में मध्यप्रदेश शासन के मुख्य सचिव, कृषि उत्पादन आयुक्त, अपर मुख्य सचिव सहकारिता, अध्यक्ष एनडीडीबी, प्रमुख सचिव वित्त विभाग, प्रमुख सचिव पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग, प्रबंध संचालक एवं कार्यकारी निदेशकगण एनडीडीबी तथा संचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग को शामिल किया गया है। समिति के सदस्य सचिव प्रबंध संचालक मध्य प्रदेश राज्य को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन होंगे। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश के दुग्ध उत्पादकों के हित में एवं सहकारी प्रणाली और सांची ब्रांड का उन्नयन करने के उद्देश्य से पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग द्वारा राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के साथ एमपी स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड एवं सम्बद्ध दुग्ध संघ के संचालन एवं प्रबंधन के लिए सहकारिता अनुबंध पर सहमति दिए जाकर अनुबंध निष्पादन किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई। इस संबंध में अप्रैल माह में सहकार्यता अनुबंध निष्पादित किया गया था। राज्य स्तरीय समिति का मुख्य कार्य डेयरी विकास योजना की प्रगति की समीक्षा एवं अनुश्रवण तथा योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए नीति निर्धारण, आवश्यक सहायता व दिशा निर्देश प्रदान करना है।  

ट्रेलर और हाइवा में भिड़ंत, लगी आग, एक चालक की मौत दूसरा गंभीर

रायगढ़ छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है। यहां दो भारी वाहनों के बीच आमने-सामने जोरदार टक्कर हुई। टक्कर के बाद दोनों वाहनों में भीषण आग लग गई, जिसमें एक चालक की मौके पर ही जलकर दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दूसरा चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई है। जानकारी के अनुसार, यह हादसा आज दोपहर हुआ, जब छाल थाना क्षेत्र अंतर्गत हाटी के पास तेज रफ्तार ट्रेलर और हाइवा वाहन आमने-सामने भिड़ गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि कुछ ही पलों में दोनों वाहनों में आग लग गई। आग की चपेट में आकर एक वाहन चालक बाहर नहीं निकल पाया और उसकी मौके पर ही जिंदा जलकर मौत हो गई। वहीं दूसरे वाहन का चालक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया है। घटना की सूचना मिलते ही छाल थाना प्रभारी मोहन भारद्वाज अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और तत्काल फायर ब्रिगेड को बुलवाया। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम आग पर काबू पाने के बाद जांच में जुट गई है। फिलहाल, मृतक चालक की पहचान और दुर्घटना के कारणों की पुष्टि के लिए पुलिस कार्रवाई में लगी हुई है।

पी.जी. डिप्लोमा इन टीचिंग इंग्लिश पाठ्यक्रम के लिए आवेदन आमंत्रित

भोपाल  स्‍कूल शिक्षा विभाग के राज्य शिक्षा केन्द्र अंतर्गत आंग्ल भाषा शिक्षण संस्थान द्वारा संचालित एक वर्षीय सेवाकालीन प्रशिक्षण पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन टीचिंग इंग्लिश, पाठ्यक्रम का नवीन सत्र एक जुलाई, 2025 से भोपाल में प्रारंभ हो रहा है। वांछित योग्‍यता रखने वाले शिक्षक अपने आवेदन ऑनलाइन rsk.mponline.gov.in के माध्यम से 25 जून तक प्रेषित कर सकते हैं। इस प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को अंग्रेजी भाषा शिक्षण की नवीन पद्धतियों, नवाचारों व भाषा के विभिन्न कौशलों से अवगत कराया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद इन शिक्षकों को अपने विद्यालयों में बेहतर अंग्रेजी भाषा शिक्षण एवं विभिन्न स्तरों पर आवश्यकतानुसार शिक्षक प्रशिक्षण, पाठ्यपुस्तक लेखन एवं सामग्री निर्माण के कार्यों में भी नियोजित किया जाता है। प्रदेश के शासकीय माध्यमिक, उच्च माध्यमिक, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पदस्थ ऐसे योग्य व्याख्याता, उच्च श्रेणी शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक, जो न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों से अंग्रेजी विषय में स्नातकोत्तर उपाधि रखते हों तथा जिनकी आयु एक जुलाई, 2025 को 50 वर्ष से अधिक न हो एवं जिनके पास कम से कम एक वर्ष का अंग्रेजी अध्यापन का अनुभव हो वह निर्धारित समयावधि में आवेदन कर सकते है। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय से सम्बद्ध यह पाठ्यक्रम इस वर्ष एक जुलाई, 2025 से 30 अप्रैल, 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इनमें से प्रत्येक जिले से दो आवेदकों को स्‍क्रूटिनी के बाद प्रवेश दिया जायेगा। संचालक राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र श्री हरजिंदर सिंह ने समस्त जिला शिक्षा अधिकारी और सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग को इस संबंध में निर्देश दिये हैं।

स्वस्थ यकृत मिशन को किया जाएगा और सशक्त, अब तक 10 लाख से अधिक जांचें की गई: उपमुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल विकसित भारत के साथ-साथ स्वस्थ भारत का निर्माण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। यकृत स्वस्थ रहेगा, तो जीवन भी स्वस्थ रहेगा और जब जीवन स्वस्थ होगा, तब परिवार, समाज और पूरा प्रदेश भी स्वस्थ और सशक्त बनेगा। उक्त विचार उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने ‘ग्लोबल फैटी लीवर दिवस’ पर सागर से वीडियो कॉन्फ्रेंस से प्रदेश के सभी जिलों के स्वास्थ्य अधिकारियों एवं आशा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। पद्म भूषण डॉ. शिव कुमार सरीन, निदेशक, इंस्टीटयूट ऑफ लीवर एंड बिलियरी साइंसेज, नई दिल्ली भी वी.सी. में जुड़े। उप मुख्यमंत्री एवं सागर जिले के प्रभारी मंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि ‘ग्लोबल फैटी लीवर डे’ केवल एक दिवस नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य के प्रति हमारी प्रतिबद्धता, जागरूकता और स्वस्थ भविष्य की दिशा में सामूहिक संकल्प का संदेश है। उन्होंने कहा कि यकृत (लीवर) हमारे शरीर का सबसे मौन किंतु अत्यंत कार्यशील अंग है। यह अंग ऊर्जा उत्पादन, विषहरण, प्रतिरक्षा और पाचन जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं की आधारशिला है। जब यकृत प्रभावित होता है, तो उसके लक्षण बहुत देर से प्रकट होते हैं और तब तक शरीर को गंभीर हानि पहुँच चुकी होती है ऐसे में आवश्यक है कि हम समय रहते यकृत की देखभाल को अपनी प्राथमिकता बनाएं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि मोटापा, मधुमेह, असंतुलित आहार, शारीरिक निष्क्रियता और मानसिक तनाव एनएएफएलडी के प्रमुख कारण हैं ये सभी कारक जीवनशैली से जुड़े हुए हैं। उन्होंने आह्वान किया कि नागरिक अपने और परिवार की जाँच अवश्य कराएं। संतुलित आहार अपनाएं, जंक फूड से बचें, और रोजाना कम से कम 30 मिनट तक शारीरिक गतिविधि को अपने जीवन का अनिवार्य हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि ‘स्वस्थ यकृत मिशन’ को और भी सशक्त बनाया जाएगा। स्क्रीनिंग से लेकर उपचार तक हर स्तर पर सरकार आपके साथ है। स्वास्थ्य संस्थाओं में आवश्यक उपकरण, प्रशिक्षित मानव संसाधन और बेहतर उपचार सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि 21 मई 2025 को राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने “स्वस्थ यकृत मिशन” का शुभारंभ किया। यह एक समर्पित जनस्वास्थ्य पहल है, जो केवल उपचार तक सीमित नहीं, बल्कि रोकथाम, जनजागरूकता, स्क्रीनिंग, रेफरल तथा फॉलोअप के प्रत्येक चरण को एकीकृत रूप में सम्मिलित करती है। उन्होंने बताया कि 2 जून 2025 से लेकर आज तक हम लगभग 10 लाख नागरिकों की एनएएफएलडी स्क्रीनिंग की जा चुकी है। इनमें से 1.27 लाख लोगों का बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) 23 से अधिक पाया गया। 1 लाख 24 हज़ार 131 (24 प्रतिशत) महिलाओं की कमर की माप 80 सेंटीमीटर से अधिक और 93 हज़ार 738 (19 प्रतिशत) पुरुषों की कमर की माप 90 सेंटीमीटर से अधिक पाई गई। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि ये आंकड़े मात्र संख्याएँ नहीं हैं ये एक गंभीर चेतावनी हैं। यह संकेत है कि हम सचेत हो जाएँ और भविष्य की चुनौती के प्रति सजग रहें। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि पूरे प्रदेश में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, जिला अस्पतालों तथा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में एनएएफएलडी स्क्रीनिंग शिविर आयोजित किए गए हैं। इन शिविरों में 30 से 65 वर्ष आयु वर्ग के नागरिकों की जाँच की जा रही है। संदिग्ध मामलों को जिला अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है और उनका नियमित फॉलोअप भी सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभियान में आशा कार्यकर्ता, एएनएम, सीएचओ, मेडिकल ऑफिसर, स्वास्थ्य प्रबंधक और पंचायत प्रतिनिधि हमारी सशक्त रीढ़ के रूप में कार्य कर रहे हैं। ये सभी जमीनी स्तर पर सक्रिय होकर घर-घर जाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं, उन्हें प्रेरित कर रहे हैं तथा समय रहते स्क्रीनिंग के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।  

ऐतिहासिक मंदिरों के आस-पास नदी, तालाब, बावड़ी संरक्षित करना हमारा कर्तव्य: उपमुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल  उप मुख्यमंत्री एवं सागर ज़िले के प्रभारी मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि ऐतिहासिक मंदिरों के आस-पास नदी, तालाब, बावड़ी, कुआँ, आदि स्थापित जलस्रोत को संरक्षित करना हमारा कर्तव्य है। आज इनमें से कई जल स्रोत लगभग विलुप्त होने की कगार पर हैं और अत्यधिक प्रदूषित भी हैं। जल जीवन का अभिन्न घटक है और इसकी प्रत्येक बूंद को बचाना हमारी आवश्यकता और जिम्मेदारी है। हर तरह के जल स्रोत का संरक्षण हम सबको करना चाहिए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने जल गंगा संवर्धन अभियान में सागर के भूतेश्वर मंदिर प्रांगण में जनप्रतिनिधियों के साथ प्राचीन जलस्रोत की साफ-सफाई कार्य में सहभागिता की। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने भूतेश्वर मंदिर में बने प्राचीन बावड़ी कुआँ से कचरा निकाल कर सफाई एवं जीर्णोद्धार अभियान प्रारम्भ किया। उन्होंने प्रांगण के विकास कार्यों की जानकारी ली और कहा कि प्राचीन सिद्ध स्थलों व मंदिरों का संरक्षण महत्वपूर्ण है। बताय ा गया कि भूतेश्वर महादेव मंदिर सोमनाथ मंदिर की तर्ज पर पत्थरों से निर्मित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत नगर पालिक निगम सागर द्वारा लगभग 100 कुओं की साफ-सफाई कर इन्हें पुनः उपयोगी बनाया जा रहा है इनके जल को पीने योग्य बनाने के लिये किये जा रहे सफाई व जीर्णोद्धार कार्य और ऐतिहासिक जलस्रोतों के संरक्षण का यह कार्य सराहनीय है। विधायक श्री शैलेन्द्र जैन, महापौर श्रीमती संगीता सुशील तिवारी, निगमाध्यक्ष श्री वृंदावन अहिरवार सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि विभागीय अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे। 

रेलवे सुरक्षा बल ने अवैध रूप से तत्काल टिकट बेचने वाले दो दलालों को किया गिरफ्तार

नागपुर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने मंगलवार को नागपुर मंडल के विभिन्न आरक्षण केंद्रों पर छापेमारी कर अवैध रूप से तत्काल टिकट बेचने वाले दो दलालों को गिरफ्तार किया. यह कार्रवाई दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर ज़ोन के महा निरीक्षक एवं मंडल सुरक्षा आयुक्त के निर्देशन में की गई. RPF के मोतीबाग स्थित व्यवस्थापन पोस्ट द्वारा यह अभियान चलाया गया, जिसमें तीन टीमें बनाई गईं. ये टीमें मोतीबाग रेलवे आरक्षण केंद्र, एयरपोर्ट नागपुर तथा अयोध्या नगर पोस्ट ऑफिस स्थित आरक्षण केंद्र पर तैनात की गई थीं. कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई. अभियान के दौरान एयरपोर्ट नागपुर आरक्षण केंद्र से आनंद मेश्राम (36), निवासी बुद्ध विहार, नवनीत नगर, नागपुर को हिरासत में लिया गया. उसके पास से ₹3360 मूल्य की एक तत्काल टिकट जब्त की गई. पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि टिकट ग्राहक के ऑर्डर पर बनाई गई थी. दूसरी ओर, अयोध्या नगर आरक्षण केंद्र से श्रीकांत गायकवाड़ (35), निवासी न्यू सुबेदार लेआउट, नागपुर को पकड़ा गया. उसके पास से 2070 रुपए की तत्काल टिकट जब्त हुई, जो उसने भी ग्राहक के लिए बनवाई थी. दोनों मामलों में रेल अधिनियम की धारा 143 के तहत अलग-अलग केस दर्ज किए गए हैं:     मामला संख्या: 135/2025 और 136/2025     दिनांक: 10 जून 2025     धारा: 143 रेलवे अधिनियम (अवैध टिकट कारोबार) रेलवे अधिनियम की धारा 143 के अंतर्गत अवैध रूप से टिकट बनाना, बेचना या दलाली करना दंडनीय अपराध है. रेलवे सुरक्षा बल ने जनता से अपील की है कि वे अवैध टिकट दलालों से सावधान रहें और केवल अधिकृत माध्यमों से ही टिकट बुक कराएं.

अहमदाबाद प्लेन क्रैश: विमान हादसे में पुलिश कमिश्नर मलिक ने 204 लोगों की मौत की पुष्टि की

अहमदाबाद  लंदन के लिए उड़ा एयर इंडिया का एक विमान अहमदाबाद में एयरपोर्ट के पास ही क्रैश हो गया। हादसे में 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। अहमदाबाद के पुलिस कमिश्नर जीएस मलिक ने इसकी पुष्टि की। इसके अलावा 50 लोगों को इलाज के लिए अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उड़ान भरने के कुछ मिनट बाद ही विमान मेघनीनगर के मेडिकल कॉलेज परिसर में जा गिरा। इंटर्न डॉक्टरों के हॉस्टल से विमान का एक हिस्सा टकराने की वजह से कुछ मेडिकल स्टूडेंट के मारे जाने और घायल होने की सूचना है। पुलिश कमिश्नर मलिक ने कहा कि 204 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। उन्होंने कहा कि 204 शव पोस्टमार्टम के लिए लाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि अभी यह साफ नहीं है कि ये सभी लोग विमान में ही सवार थे। उन्होंने कहा कि जो हॉस्टल जद में आया है वहां भी कुछ लोग हताहत हो सकते हैं। जिन लोगों की अभी तक मौत हुई उनमें से कितने विमान में सवार लोग थे और कितने हॉस्टल और आसपास मौजूद रहे लोग, यह अभी साफ होना बाकी है। अहमदाबाद के स्वास्थ्य विभाग के अडिशनल चीफ सेक्रेट्री धनंजय द्विवेदी ने कहा कि एयर इंडिया 171 विमान में 230 पैसेंजर की बुकिंग थी। इसके अलावा क्रू मेंबर भी थे। दोपहर 1.40 बजे के बाद प्लेन टेक ऑफ होने के साथ दुर्घटनाग्रस्त हुई। जहां प्लेन गिरा है वहां अहमदाबाद सिविल अस्पताल में हॉस्टल, स्टाफ क्वार्टर और आवासीय विस्तार है। वहां के लोग भी जद में आए हैं। 50 घायलों को सिविल अस्पताल में लाया गया है। पहचान के लिए परिजनों से डीएनए सैंपल की मांग द्विवेदी ने कहा कि फ्लाइट के जो पैसेंजर हैं उनसे अपील है कि हमने डीएनए जांच की व्यवस्था अस्पताल में की है। परिजनों से अपील है कि वो अपने डीएनए सैंपल दें ताकि मृतकों की पहचान हो सके। पीड़ितों के परिजनों को यदि कोई पूछताछ करनी है तो हेल्पलाइन 6357373831 और 6357373841 पर संपर्क कर सकते हैं। गुजरात के पूर्व सीएम समेत कुल 242 लोग थे सवार बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान (एआई171) उड़ान भरने के तुरंत बाद तेजी से नीचे आ गिरा। विमान में दो पायलट और चालक दल के 10 सदस्य सहित 242 लोग सवार थे, जिनमें गुजरात के पूर्व सीएम विजय रुपाणी भी शामिल हैं। विमान ने सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के काफी निकट गिरा और इसमें जोरदार धमाका हुआ। डीजीसीए के एक बयान के अनुसार, ‘विमान ने अहमदाबाद से अपराह्न 1:39 बजे रनवे 23 से उड़ान भरी। इसने एटीसी (हवाई यातायात नियंत्रण) को ‘मेडे’ (आपातकालीन संदेश देने के लिए) कॉल किया, लेकिन उसके बाद एटीसी द्वारा की गई कॉल का विमान से कोई जवाब नहीं मिला।’ दुर्घटनास्थल के वीडियो में झुलसे हुए शवों को बाहर निकाले जाते और घायलों को, जिनमें से कई झुलसे हुए थे, नजदीक स्थित शहर के सिविल अस्पताल में ले जाते देखा जा सकता है।  

अफगानों को बेहद कम समय में अपना घर छोड़ने के लिए मजबूर किया, कुछ को सिर्फ 45 मिनट तो कुछ को 6 घंटे का वक्त

इस्लामाबाद  पाकिस्तान सरकार की अवैध विदेशियों पर चल रही कार्रवाई के तहत अब अफगानों को बेहद कम समय में अपना घर छोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है। कुछ को सिर्फ 45 मिनट  तो कुछ को  6 घंटे का वक्त दिया गया  और उसके बाद “हमेशा के लिए पाकिस्तान छोड़ दो”  का सख्त आदेश। 42 वर्षीय अफगान शेर खान, जो पीओके में ईंट भट्ठे में काम करता था, जब काम से लौटा तो पुलिसकर्मी दरवाजे पर खड़ा था। शेर खान और उसकी पत्नी ने नौ बच्चों के लिए कुछ कपड़े और बर्तन समेटे और बाकी सब कुछ पीछे छोड़ दिया। उसने कहा  “हमने बरसों से जो सम्मान और चीजें जोड़ी थीं, वह सब वहीं रह गईं।” शेर खान जैसे लाखों अफगान शरणार्थी, जो पाकिस्तान में पैदा हुए या दशकों से रह रहे थे, अब बेघर हो चुके हैं। अनुमान है कि अक्टूबर 2023 से अब तक 10 लाख से ज्यादा अफगान नागरिक पाकिस्तान छोड़ चुके हैं  और लाखों अभी भी कार्रवाई के डर में जी रहे हैं। अफगान सीमा पर स्थित  तोरखम शिविर में शरणार्थियों की पहली ठहरने की व्यवस्था है। यहां हर परिवार को एक सिम कार्ड और 10,000 अफगानी मुद्रा (करीब ₹12,000) की मदद दी जाती है। शिविर निदेशक मोलवी हाशिम मईवंदवाल के मुताबिक, पहले रोजाना 1,200 परिवार आ रहे थे, अब संख्या घटकर 150 रह गई है लेकिन ईद के बाद फिर भीड़ बढ़ने की आशंका है। स्थानीय संस्था  ‘असील’  स्वच्छता किट, भोजन और अंतिम गंतव्य तक फूड पैकेज मुहैया करवा रही है। लेकिन उनके प्रतिनिधि नजीबुल्ला घियासी ने कहा: “संख्या इतनी ज्यादा है कि हम सबकी मदद नहीं कर पा रहे हैं।”  50 वर्षीय यार मोहम्मद, जो 45 साल से पीओके में रह रहे थे और फर्श चमकाने का व्यवसाय चलाते थे, उन्हें  6 घंटे का वक्त देकर निकाला गया।  “पुलिस आई और कहा- पाकिस्तान छोड़ो। इतने सालों में जो कमाया, वो टेंट में भरकर लाना पड़ा। मशीनें धूप-बारिश में खराब हो रही हैं।” अब मोहम्मद काबुल में किराए पर रह रहे हैं और फिर से काम शुरू करने की कोशिश कर रहे हैं। UNHCR की सख्त चेतावनी  संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) के अनुसार,  पाकिस्तान और ईरान ने मिलकर सिर्फ अप्रैल और मई 2025 में करीब 5 लाख अफगानों को निष्कासित किया। ह्यूमन राइट्स वॉच  ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान पुलिस ने घरों में छापे मारे, लोगों को पीटा, दस्तावेज जब्त किए और रिश्वत लेकर रहने की अनुमति दी। पाकिस्तान ने आरोप लगाया है कि अफगानों के जरिए सीमा पार से आतंकी हमले कराए जा रहे हैं, हालांकि तालिबान ने इन आरोपों को नकार दिया है। पाकिस्तान का दावा है कि निष्कासन सम्मानजनक ढंग से हो रहा है, लेकिन जमीनी हालात इसकी तस्दीक नहीं करते। शरणार्थी अपने जीवन की फिर से शुरुआत करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन आर्थिक तंगी, संसाधनों की कमी और अनिश्चित भविष्य उन्हें परेशान कर रहा है।  “जो खो गया, उसे अल्लाह यहां भी दे देगा”शेर खान की उम्मीदों की झलक, लेकिन हकीकत उससे कहीं ज्यादा कड़वी है।  

भारत में चीन के राजदूत शू फेइहॉन्ग ने विमान हादसे पर गहरा दुख जताया, अंतर्राष्ट्रीय नेताओं ने जताई संवेदना

रूस अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया के विमान हादसे पर दुनिया भर से संवेदनाएं आ रही हैं। चीन, जर्मनी, रूस और फ्रांस ने इस दुखद घटना पर भारत के साथ एकजुटता जताई है। भारत में चीन के राजदूत  शू फेइहॉन्ग  ने विमान हादसे पर गहरा दुख जताया और कहा कि इस दर्दनाक समय में वह सभी प्रभावित लोगों के साथ हैं।   जर्मनी के विदेश मंत्री  जोहान वेडफुल ने सोशल मीडिया पर लिखा, “हम अहमदाबाद से उड़ान भरने के बाद एयर इंडिया के विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की चौंकाने वाली तस्वीरें देख रहे हैं। इस समय मेरी प्रार्थनाएं भारत के लोगों और उन सभी के साथ हैं जो अपने प्रियजनों के लिए चिंतित हैं।” यह हादसा गुरुवार को एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171  के साथ हुआ। यह विमान  हमदाबाद से लंदन के गैटविक एयरपोर्ट  जा रहा था। टेकऑफ के तुरंत बाद  मेघाणीनगर इलाके  में विमान  दुर्घटनाग्रस्त हो गया । विमान में  कुल 242 यात्री  सवार थे।  मौके पर राहत और बचाव कार्य जारी है। अग्निशमन दल द्वारा आग बुझाने का काम किया जा रहा है और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से मदद में जुटा है। 

मृतक राजा रघुवंशी के परिवार ने हत्याकांड में काले जादू या नरबलि की आशंका भी जताई थी: कामाख्या मंदिर प्रशासन

इंदौर  इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड ने देश भर के लोगों को हिला कर रख दिया है। इस मामले में रोज कुछ न कुछ नया सामने आ रहा है। नर बलि के आरोपों पर अब कामाख्या देवी माता मंदिर प्रशासन का बयान सामने आया है। उन्होंने इस तरह के आरोपों पर कड़ी आपत्ति जताई है। दरअसल, हाल ही में मृतक राजा रघुवंशी के परिवार ने हत्याकांड में काले जादू या नरबलि की आशंका भी जताई थी। मृतक के परिजनों ने कहा था कि हो सकता है कि सोनम ने किसी और के साथ रहने के लिए असम में कामाख्या देवी मंदिर के दर्शन किए और फिर पति कि बलि चढ़ा दी। नरबलि के आरोपों पर जवाब देते हुए मंदिर प्रशासन ने कहा कि राजा रघुवंशी का शव मेघालय में मिला था। मंदिर में ऐसा कोई भी काम नहीं किया जाता है। मंदिर के पुजारी सरू डोलोई हिमाद्रि ने कहा, “हम इस तरह के बयानों की निंदा करते हैं। कामाख्या मंदिर में मानव बलि की कोई रस्म नहीं है। सदियों से कामाख्या मंदिर अपने वैदिक अनुष्ठानों के लिए जाना जाता है। यहां मानव बलि जैसा कोई भी काम नहीं किया जाता है। इस मामले के अलावा भी, जब भी कामाख्या मंदिर के आसपास कोई हत्या का मामला होता है तो मंदिर में मानव बलि का मुद्दा उठाया जाता है।” हिमाद्रि ने कहा, “राज्य और केंद्र सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी इस तरह के बेबुनियाद आरोपों से ऐतिहासिक कामाख्या मंदिर की छवि को खराब न करे। इस तरह के आरोपों से यहाँ के लोगों की भावनाएं भी आहत हुई हैं। , हर साल देश और विदेश के विभिन्न हिस्सों से लाखों श्रद्धालु कामाख्या मंदिर आते हैं। इस तरह के आरोपों से मंदिर की छवि खराब होगी, जिसकी उम्मीद नहीं है। मेरी आसम सरकार के विनती है कि इसको लेकर सख्त नियम बनाए जाएं ताकि देश के प्रतिष्ठित शक्ति पीठों में से एक कामाख्या माता मंदिर पर ऐसे आरोप न लगाए जा सकें।” गौरतलब है कि रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम की शादी 11 मई को हुयी थी और वे हनीमून ट्रिप पर गुवाहाटी और मेघालय गये थे। वे 20 मई को मेघालय पहुंचे और 23 मई को मेघालय के सोहरा के नोंग्रियाट गांव में एक होमस्टे से दोनों लापता हो गये, जिसके बाद पुलिस ने दो जून को चेरापूंजी में एक झरने के पास एक घाटी से रघुवंशी का शव बरामद किया, जबकि सोनम लापता रही। बाद में, नौ जून को इंदौर और उत्तर प्रदेश की पुलिस ने सोनम को गाजीपुर में एक ढाबे से हिरासत में लिया। इसके अलावा, चार अन्य को भी गिरफ्तार कर लिया। मेघालय पुलिस ने सोनम सहित सभी पांच संदिग्धों को हिरासत में ले लिया है। उनका कहना है कि यह एक सुनियोजित हत्या है और सोनम ने ही इस हत्या को अंजाम देने के लिए राजा रघुवंशी को पूर्वोत्तर में बहला-फुसलाकर बुलाया था।  

विमान हादसे के बाद रायपुर से अहमदाबाद की फ्लाइट रद्द

रायपुर अहमदाबाद से लंदन के लिए उड़ान भर रही एयर इंडिया की फ्लाइट नंबर AI171 आज एक भीषण दुर्घटना का शिकार हो गई। विमान ने दोपहर 1:17 बजे अहमदाबाद एयरपोर्ट के रनवे 23 से उड़ान भरी थी, लेकिन टेकऑफ के कुछ ही मिनटों बाद यह पास के मेघाणी नगर क्षेत्र स्थित BJ मेडिकल कॉलेज कैंपस के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दुर्घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस दुर्घटना के बाद रायपुर एयरपोर्ट से अहमदाबाद के लिए उड़ान भरने वाली इंडिगो फ्लाइट को भी आगामी आदेश तक रद्द कर दिया गया है। रायपुर एयरपोर्ट डायरेक्टर ने बताया कि रायपुर से अहमदाबाद जाने वाली फ्लाइट को रद्द कर दिया गया है। रायपुर से इंडिगो का विमान अहमदाबाद के लिए उड़ान भरता था। जिसे आगामी आदेश तक रद्द किया गया है। विमान टेकऑफ के तुरंत बाद हुआ हादसा प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उड़ान भरते ही विमान का पिछला हिस्सा एक पेड़ से टकरा गया, जिससे उसका संतुलन बिगड़ गया और वह रिहायशी इलाके में जा गिरा। दुर्घटना स्थल से भारी काले धुएं का गुबार उठता देखा गया, जिससे पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई। विमान में 242 लोग थे सवार विमान में कुल 242 लोग सवार थे, जिनमें 2 पायलट, 10 केबिन क्रू मेंबर्स और 230 यात्री शामिल थे। सूत्रों के अनुसार, विमान की कमान कैप्टन सुमीत सभरवाल के पास थी, जिनके पास 8200 घंटे का उड़ान अनुभव था। को-पायलट क्लाइव कुंदर 1100 घंटे का अनुभव रखते थे। इस फ्लाइट में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी सवार थे। राहत-बचाव कार्य जारी घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और मेडिकल टीमें घटनास्थल पर पहुंच गईं। कई घायलों को नजदीकी सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि, अब तक मृतकों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। मेघाणी नगर और आसपास के इलाकों को सुरक्षा कारणों से सील कर दिया गया है। अहमदाबाद एयरपोर्ट से सभी उड़ानें रद्द अहमदाबाद के सरदार वल्लभ भाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रवक्ता ने बताया कि यहां से ऑपरेट होने वाली सभी फ्लाइट्स को अगली सूचना तक के लिए निलंबित कर दी गई है।

देखिए एअर इंडिया विमान हादसे की भयावह तस्वीरें, हादसे के बाद विचलित कर रहा मंजर

अहमदाबाद अहमदाबाद में हुए एअर इंडिया विमान हादसे के बाद घटनास्थल से विचलित करने वाला मंजर सामने आया है। हादसे के बाद राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमों को राहत और बचाव कार्य के लिए तैनात किया गया है। अहमदाबाद विमान हादसे के बाद विचलित करने वाला मंजर सामने आया है। एअर इंडिया विमान संख्या- AI171 12 जून दुर्घटनाग्रस्त हुई। अहमदाबाद से लंदन गैटविक जा रहे विमान हादसे पर एअर इंडिया प्रवक्ता ने कहा कि विवरण का पता लगाया जा रहा है। विमान हादसे की शुरुआती तस्वीरों में देखा जा सकता है कि धुएं और आग का गुबार उठ रहा है। एअर इंडिया फ्लाइट अहमदाबाद के मेघाणीनगर में क्रैश हुई है। एअर इंडिया के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने भी विमान हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि अहमदाबाद से लंदन गैटविक जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट 171 आज एक दुखद हादसे का शिकार हो गई। इस घटना से प्रभावित सभी लोगों और उनके परिवारों के लिए हमारी गहरी संवेदनाएं हैं। अहमदाबाद से लंदन जा रहा एअर इंडिया का विमान गुरुवार दोपहर 1338 बजे टेकऑफ हुआ। एअर इंडिया के मुताबिक बोइंग 787-8 मॉडल के इस विमान में 242 यात्री और चालक दल के सदस्य सवार थे। इनमें से 169 भारतीय नागरिक हैं। हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री से बात की है। खबरों के मुताबिक दिल्ली से अहमदाबाद की तरफ जाने वाले विमानों को रद्द किया गया है। घटनास्थल पर राहत औऱ बचावकार्य जारी है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) समेत स्थानीय राहत और बचाव कार्य एजेंसियों को मौके पर तैनात रखा गया है। दुर्घटनाग्रस्त हुई एअर इंडिया की फ्लाइट डॉक्टरों के हॉस्टल पर गिरी है। खबरों के मुताबिक इस विमान में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी भी सवार थे। विमान के टेक ऑफ के समय ईंधन पूरा भरा होता है, इसीलिए हादसा अधिक घातक हुआ। विमान में ईंधन अधिक होने के कारण आग ज्यादा भड़की। 

अब कर्मचारियों की ‘कुंडली’ मोबाइल एप पर, मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में ई-गवर्नेंस की ओर बड़ा कदम

प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को होगा लाभ: सेवानिवृत्ति, पदोन्नति और वेतन विसंगति में नहीं होगी कोई परेशानी: जीपीएफ का होगा त्वरित भुगतान रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन ई-गवर्नेंस के माध्यम से सुशासन को सशक्त और सहज बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। “डिजिटल प्रशासन – पारदर्शी समाधान” की नीति को आगे बढ़ाते हुए, प्रदेश सरकार ने अब कर्मचारियों की सेवा जानकारी को मोबाइल एप के माध्यम से अद्यतन करने की अभिनव पहल की है। यह प्रयास मुख्यमंत्री साय की उस सोच को दर्शाता है जिसमें प्रत्येक कर्मचारी की सुविधा, सम्मान और अधिकार सुरक्षित हों — तेज़, सरल और भरोसेमंद प्रणाली के माध्यम से। इसी कड़ी में प्रदेश के लगभग 4 लाख सरकारी कर्मचारियों की सीआर के लिए अब फाइलें पलटने का झंझट समाप्त हो गया है।कर्मचारियों की प्रोफाइल अब एम्प्लाई कॉर्नर मोबाइल एप पर अद्यतन (अपडेट) की जाएगी। इससे सेवानिवृत्ति, पदोन्नति, वेतन विसंगति आदि के समय किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। नई व्यवस्था के अनुसार अब कर्मचारियों की प्रोफाइल को कार्मिक संपदा पोर्टल पर लोड और अपडेट करना अनिवार्य होगा। इसके लिए एम्प्लाई कॉर्नर मोबाइल एप और वेब पोर्टल विकसित किए गए हैं।संचालनालय कोष एवं लेखा की इस नई व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। कर्मचारियों की सेवा संबंधी “कुंडली” को अद्यतन रखने में यह व्यवस्था अत्यंत सहायक सिद्ध होगी। हालाँकि 2019 से कार्मिक संपदा मॉड्यूल का उपयोग किया जा रहा है, किंतु यह नवीन डिजिटल प्लेटफॉर्म कर्मचारियों को उनकी व्यक्तिगत एवं सेवा संबंधी जानकारी त्वरित व सुविधाजनक रूप से उपलब्ध कराएगा। संचालक कोष एवं लेखा श्री रितेश अग्रवाल ने कहा कि यह पाया गया है कि कार्मिक संपदा पोर्टल पर अधिकांश कर्मचारी अपनी जानकारी अपडेट नहीं करते हैं, जिसके कारण सेवानिवृत्ति के समय उन्हें अनेक प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कार्मिक संपदा मॉड्यूल में व्यक्तिगत जानकारी अपडेट करने की जिम्मेदारी कार्यालय प्रमुख की होती है, लेकिन इसमें समय लगने के कारण असुविधाएँ उत्पन्न होती हैं। इन समस्याओं के समाधान हेतु एम्प्लाई कॉर्नर मोबाइल एप विकसित किया गया है, जो कर्मचारियों को स्वयं लॉगिन कर अपनी जानकारी अपडेट करने की सुविधा देता है। अब सेवा संबंधी जानकारी, नामिनी परिवर्तन, बैंक खाता परिवर्तन आदि के लिए कार्यालय प्रमुख पर निर्भरता नहीं रहेगी, जिससे अनावश्यक विलंब की स्थिति में भी कमी आएगी। स्थानांतरण, वेतन निर्धारण, पदोन्नति और अन्य प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और प्रगति सुनिश्चित होगी। साथ ही सेवा के दौरान और सेवानिवृत्ति उपरांत मिलने वाले लाभ जैसे पेंशन, जीपीएफ, उपादान, अवकाश नगदीकरण आदि प्रकरणों का शीघ्र निराकरण संभव होगा, क्योंकि संबंधित डेटा अद्यतन रहेगा। कार्मिक संपदा एप से मिलेंगे ये प्रमुख लाभ कर्मचारियों से प्राप्त सेवा संबंधी आवेदनों का निपटारा सक्षम अधिकारी समयबद्ध तरीके से कर सकेंगे। मॉड्यूल के अद्यतन होने से वेतन विसंगति से जुड़ी समस्याएँ कम होंगी। कर्मचारी  एम्प्लाई कॉर्नर मोबाइल एप या वेब एप्लिकेशन पर लॉगइन कर जानकारी स्वयं अपडेट कर सकते हैं। प्रोफाइल अद्यतन की प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने के उद्देश्य से यह एप और पोर्टल तैयार किया गया है। इसके उपयोग के लिए एसओपी (Standard Operating Procedure) की जानकारी https://ekoshonline.cg.gov.in/Advertisement/sop_karmik_website_merged.pdf में दी गई है। साथ ही, शासकीय कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति उपरांत महालेखाकार कार्यालय में अंतिम जीपीएफ दावा को पूर्णतः ऑनलाइन माध्यम से प्रस्तुत करने की व्यवस्था भी तैयार की गई है। इससे दावे के निराकरण में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा। इसके अतिरिक्त, ऑनलाइन जीपीएफ क्रेडिट मिसिंग मॉड्यूल भी विकसित किया गया है, जिससे कार्यालय प्रमुख और कर्मचारी सेवा काल के दौरान मिसिंग जीपीएफ एंट्री का ऑनलाइन सुधार कर सकेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का यह स्पष्ट दृष्टिकोण है कि राज्य शासन का प्रत्येक निर्णय आम जन और कर्मचारियों के हित में हो। यह डिजिटल पहल कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा, प्रक्रिया में पारदर्शिता और त्वरित निपटान की दिशा में एक सशक्त कदम है, जो छत्तीसगढ़ को ई-गवर्नेंस की अग्रणी श्रेणी में स्थापित करता है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने गुजरात में हुई विमान दुर्घटना पर जताया गहरा शोक

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गुजरात के अहमदाबाद में हुई विमान दुर्घटना को अत्यंत हृदयविदारक और दुखद घटना बताया है। उन्होंने इस भीषण दुर्घटना में मृत यात्रियों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री श्री साय ने दिवंगत आत्माओं की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना करते हुए उनके परिजनों को इस दुख की घड़ी में संबल और शक्ति प्रदान करने की कामना की है।

अहमदाबाद विमान हादसे में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी भी सवार थे, जिनका इस हादसे में मौत निधन

इंदौर अहमदाबाद में एअर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर प्लेन क्रैश का बड़ा हादसा हुआ है। इसमें गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी भी सवार थे, जिनका इस हादसे में मौत निधन हो गया है। विमान के गिरते ही पूरा इलाका धुएं के गुबार ढक गया था। इसमें गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी सहित 242 पैसेंजर सवार थे, जिसमें 56 ब्रिटिश और 6 पुर्तगाल नागरिक भी थे। विजय रूपाणी लंदन अपनी बेटी व पत्नी से मिलने के लिए जा रहे थे। विजय रूपाणी का नाम गुजरात भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेताओं में आता है। वह भाजपा के उन खांटी नेताओं में गिने जाते हैं, जो शुरू से पार्टी से जुड़े रहे। इसका इनाम भी उनको मिला। उन्होंने 2014 में पहली बार विधानसभा का चुनाव जीता था। 2016 में आनंदीबेन पटेल को हटाकर उनको राज्य का मुख्यमंत्री बनाया गया।   म्यांमार हुआ था जन्म 2 अगस्त 1956 को विजय रूपाणी का जन्म म्यांमार की राजधानी रंगून में हुआ था। उनके पिता वहां बिजनेस किया करते थे, लेकिन उनके जन्म के ठीक 4 साल बाद वह राजकोट लौट आए थे। उन्होंने राजकोट में ही शिक्षा प्राप्त की थी। युवा दौर में ही राष्ट्रवादी विचारों से थे प्रेरित विजय रूपाणी का छात्र जीवन से राष्ट्रवादी विचारों की तरफ झुकाव था। ऐसे में उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़कर छात्र राजनीति की शुरुआत की। 1971 में जनसंघ से जुड़कर राजनीतिक मैदान में उतरे। भारतीय जनता पार्टी की स्थापना होने पर उसकी सदस्यता ले ली। ऐसे में वह पार्टी से उसके स्थापना काल से जुड़े थे। इमरजेंसी में इंदिरा गांधी को ललकारा विजय रूपाणी इमरजेंसी के दौर में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के खिलाफ मुखर रहे। उनको 1976 में पुलिस ने पकड़ लिया था। 11 महीने उन्होंने भावनगर और भुज की जेल में बिताए। 1987 में उन्होंने चुनावी राजनीति में प्रवेश किया। राजकोट नगर निगम का चुनाव लड़ा। 1996 से 1997 तक वह राजकोट के मेयर पद पर रहे। उसके बाद उनको संगठन में तरजीह दी गई। वह 1998 में भाजपा गुजरात इकाई के महासचिव रहे। 2006 में उनको गुजरात पर्यटन का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। 2006 में उनको पार्टी ने राज्यसभा भेजा।   2014 में लड़ा पहला विधानसभा चुनाव, 2016 में बन गए सीएम वाजुभाई वाला को केंद्रीय नेतृत्व ने राज्यपाल बना दिया था। उनको अपनी सीट से इस्तीफा देना पड़ा। उस सीट पर चुनाव लड़ने का विजय रूपाणी को मौका मिला। वह पहली बार विधानसभा पहुंचे। नवंबर 2014 में आनंदीबेन पटेल की सरकार ने पहला मंत्रीमंडल विस्तार किया, तो उनको परिवहन, जल आपूर्ति, श्रम और रोजगार मंत्रालय का जिम्मा सौंपा गया। पार्टी ने उनको संगठन की भी जिम्मेदारी सौंपी। वह फरवरी 2016 से लेकर अगस्त 2016 तक बीजेपी के स्टेट प्रेसिडेंट बने। उसके बाद 5 अगस्त 2016 को आनंदीबेन पटेल की जगह उनको गुजरात का मुख्यमंत्री बनाया गया।

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