LATEST NEWS

स्मृति ईरानी ने कहा- सेना के पराक्रम को हम वंदनीय बनाते हैं, विपक्ष को इससे दुर्भाव है तो यह खेदजनक

रांची  रांची पहुंची पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के 11 वर्ष के कार्यकाल के पूरे होने पर कई उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने मंगलवार को न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि मोदी सरकार की कई ऐसी उपलब्धियां हैं, जिन्होंने इतिहास रचा है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने हर क्षेत्र और हर वर्ग के लिए सेवाभाव से काम किया है। उन्होंने विपक्ष के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर राजनीति करने वाले बयान पर भी जवाब दिया। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि मेरा मानना है कि भारत के हर नागरिक का यह अधिकार है कि वह न सिर्फ अपनी सेना पर गर्व करे, बल्कि उनके शौर्य और पराक्रम को नमन करे। अगर भारतीय सेना के पराक्रम को हम वंदनीय बनाते हैं और विपक्ष को उससे कोई दुर्भाव है, तो यह खेदजनक है। मेरा मानना है कि हिंदुस्तान का नागरिक या राजनीतिक दल हो, जिसे हमारी भारतीय सेना पर नाज हो। विपक्ष के पीओके गंवाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि कुछ विषयों का जवाब सरकार संसद में देगी। पीएम मोदी न सिर्फ एक प्रभावी प्रशासक हैं, बल्कि प्रभावी वक्ता भी हैं। विपक्ष के जितने भी सवाल हैं, सरकार निश्चित रूप से पूर्ण क्षमता के साथ जवाब देगी। भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने मोदी सरकार के 11 साल के कार्यकाल की प्रशंसा करते हुए कहा कि केंद्र की कई उपलब्धियां ऐसी हैं, जिन्होंने इतिहास रचा है। 50 करोड़ लोगों को जनधन योजना के माध्यम से देश की तिजोरी तक जोड़ना, यह मोदी सरकार की एक अभूतपूर्व उपलब्धि है। इसके साथ ही लगभग 45 लाख करोड़ रुपए डीबीटी के माध्यम से देश की तिजोरी से लोगों के सीधे बैंक के खाते में गए हैं। हमारे देश में शायद ही कभी किसी ने सोचा हो कि 11 करोड़ किसानों को सीधे देश की तिजोरी से जोड़कर किसान सम्मान निधि की कोई योजना संभव हो पाएगी। लेकिन, पीएम मोदी ने इसे न सिर्फ संभव किया, बल्कि सफल करके भी दिखाया। उन्होंने आगे कहा कि आयुष्मान योजना के चलते 10 करोड़ परिवार और 40 करोड़ लोगों तक मुफ्त स्वास्थ्य सेवा पहुंचाना हो, महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का बिल पारित करना हो, महिलाओं को आर्थिक सहायता देने की बात हो या फिर महिलाओं को परमानेंट कमीशन मुहैया करना हो, बेटियों को सैनिक स्कूलों में भर्ती करवाने की व्यवस्था हो, देश के आदिवासी समाज को समर्पित करने की बात, अनुच्छेद-370 समाप्त करने की बात हो, मोदी सरकार ने हर क्षेत्र और हर वर्ग के लिए सेवाभाव से काम किया है। मैं इन उपलब्धियों के लिए केंद्र सरकार के मंत्रिमंडल और भाजपा के सभी कार्यकर्ताओं को बधाई देती हूं।

सिब्बल ने जज यशवंत वर्मा के खिलाफ लाए जा रहे महाभियोग प्रस्ताव का विरोध करने का ऐलान किया

नई दिल्ली पूर्व केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने मंगलवार को उपराष्ट्रपति और उच्च सदन के सभापति जगदीप धनखड़ पर गंभीर सवाल उठाए हैं. सिब्बल ने सवाल पूछा कि जगदीप धनखड़ ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज शेखर कुमार यादव के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने के नोटिस पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जज को बचाने की कोशिश कर रही है, क्योंकि उन्होंने पिछले साल सांप्रदायिक बयान दिया था. न्यायपालिका को कंट्रोल करने की कोशिश इसके साथ ही सिब्बल ने दिल्ली हाई कोर्ट के जज यशवंत वर्मा के खिलाफ लाए जा रहे महाभियोग प्रस्ताव का विरोध करने का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि जिस तरह से राज्यसभा सभापति ने शेखर यादव के खिलाफ इन-हाउस जांच को सुप्रीम कोर्ट में चिट्ठी लिखकर रुकवा दिया, उस तरह की चिट्ठी यशवंत वर्मा के मामले में क्यों नहीं लिखी गई. सिब्बल ने कहा कि इन-हाउस रिपोर्ट के आधार पर मंत्री किरेन रिजिजू जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग लाकर उन्हें पद से हटाना चाहते हैं और इसके लिए वह वकीलों से सलाह भी ले रहे हैं. कपिल सिब्बल ने कहा कि अगर सरकार जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लेकर आती है तो हम इसका विरोध करेंगे क्योंकि यह पूरी तरह से असंवैधानिक है. उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होता है तो इससे न्यायपालिका की आजादी को बहुत बड़ा खतरा है. सिर्फ इन-हाउस रिपोर्ट के आधार पर किसी जज को पद से नहीं हटाया जा सकता. सरकार न्यायाधीश जांच अधिनियम की अनदेखी करना चाहती है और यह न्यायपालिका को कंट्रोल करने की कोशिश कर रही है. जस्टिस वर्मा के लिए क्यों नहीं लिखी चिट्ठी सिब्बल ने जस्टिस शेखर यादव के मामले को लेकर कहा कि पूरी घटना में भेदभाव की बू आती है, क्योंकि एक ओर तो राज्यसभा के महासचिव ने भारत के चीफ जस्टिस को चिट्ठी लिखकर कहा कि वे शेखर यादव के खिलाफ इन-हाउस जांच न करें, क्योंकि उनके खिलाफ राज्यसभा में एक याचिका लंबित है, जबकि जस्टिस यशवंत वर्मा के मामले में ऐसा नहीं किया गया. कपिल सिब्बल ने जगदीप धनखड़ पर निशाना साधते हुए कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है और जब संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति, छह महीने में संवैधानिक दायित्वों को पूरा नहीं करता है तो सवाल उठना स्वाभाविक है. सिब्बल ने कहा कि 13 दिसंबर 2024 को हमने शेखर यादव के खिलाफ राज्यसभा के सभापति को महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस दिया था, इस पर 55 सांसदों के साइन थे, छह महीने बीत गए हैं, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया है. साइन वैरिफाई करने में 6 महीने लगते हैं? उन्होंने ने कहा, ‘मैं उन लोगों से पूछना चाहता हूं जो संवैधानिक पदों पर बैठे हैं, उनकी जिम्मेदारी सिर्फ यह वैरिफाई करना है कि साइन हैं या नहीं, क्या इसमें छह महीने लगने चाहिए? एक और सवाल यह उठता है कि क्या यह सरकार शेखर यादव को बचाने की कोशिश कर रही है.’ उन्होंने कहा कि VHP के निर्देश पर शेखर यादव ने हाई कोर्ट परिसर में भड़काऊ भाषण दिया था और फिर मामला सुप्रीम कोर्ट में आया जिसने कार्रवाई की. सिब्बल ने कहा, ‘शेखर यादव से दिल्ली में पूछताछ की गई. इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से भी रिपोर्ट मांगी गई. मैंने सुना कि इलाहाबाद हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस ने नेगेटिव रिपोर्ट दी है और इस बीच 13 फरवरी 2025 को राज्यसभा सभापति ने कहा कि इस मामले को संवैधानिक तरीके से देखा जाना चाहिए और संसद इसे आगे बढ़ा सकती है.’ क्या धनखड़ को लेटर लिखना चाहिए? कपिल सिब्बल ने कहा कि राज्यसभा सचिवालय ने चीफ जस्टिस को लेटर भेजकर कोई कार्रवाई न करने को कहा है क्योंकि महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस है और सुप्रीम कोर्ट को शेखर यादव के खिलाफ अपनी आंतरिक प्रक्रिया रोकनी चाहिए. सिब्बल ने कहा, ‘मुझे समझ में नहीं आ रहा कि ऐसा किस आधार पर हुआ? क्या चेयरमैन को सीजेआई को ऐसा पत्र लिखना चाहिए? इन-हाउस प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट की अपनी है, इसका महाभियोग प्रस्ताव से कोई संबंध नहीं है. अभी तक महाभियोग प्रस्ताव को स्वीकार भी नहीं किया गया है, छह महीने हो गए हैं और सिर्फ साइन वैरिफाई किए जा रहे हैं.’ सिब्बल ने कहा, ‘जस्टिस यादव ने जो कहा, वह सबके सामने है, इसमें कोई शक नहीं है. उन्होंने इस पर कोई विवाद नहीं किया है. सुप्रीम कोर्ट को यह तय करना था कि क्या उन्हें ऐसा कहना चाहिए था, क्योंकि हमारे मुताबिक यह पूरी तरह सांप्रदायिक बयान है और यह भी तय करना था कि क्या उन्हें यह बयान देने के बाद जज की कुर्सी पर बैठना चाहिए.’ शेखर यादव को बचा रही है सरकार उन्होंने कहा, ‘आपने जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ इन-हाउस जांच पर लेटर क्यों नहीं लिखा? तो क्या यह सरकार शेखर यादव को बचाना चाहती है, हमें लगता है कि वे उसे बचाना चाहते हैं. सिब्बल ने कहा कि या तो शेखर यादव पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी या फिर वे महाभियोग नोटिस में कुछ हस्ताक्षरों को खारिज कर देंगे और प्रस्ताव को खारिज कर देंगे ताकि हम सुप्रीम कोर्ट जाएं और इसमें समय लगे जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि शेखर यादव 2026 में रिटायर हो जाएं.’ 13 दिसंबर को कई विपक्षी दलों के सदस्यों ने विश्व हिंदू परिषद के एक कार्यक्रम में इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज शेखर यादव के विवादित बयान को लेकर उनके खिलाफ महाभियोग चलाने के लिए राज्यसभा में नोटिस पेश किया था. महाभियोग प्रस्ताव लाने के नोटिस पर सिब्बल, जयराम रमेश, विवेक तन्खा, दिग्विजय सिंह, जॉन ब्रिटास, मनोज कुमार झा और साकेत गोखले सहित 55 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए. नोटिस में कहा गया है कि VHP की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जस्टिस यादव ने भारत के संविधान का उल्लंघन करते हुए नफरत फैलाना वाला भाषण दिया, जो पूरी तरह से भड़काऊ था. नोटिस में यह भी जिक्र किया गया है कि जज ने अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया और उनके लिए पक्षपात और पूर्वाग्रह का नजरिया दिखाया.  

नगरीय क्षेत्र में जर्जर भवन मालिकों के विरूद्ध करें कार्रवाई, आयुक्त नगरीय प्रशासन ने दिये निर्देश

भोपाल  नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त श्री संकेत भोंडवे ने प्रदेश के समस्त नगरीय निकायों के अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि वे अपने क्षेत्रों में जर्जर भवनों की सूची तैयार करें और मानसून आने के पहले जिला प्रशासन के सहयोग से जर्जर भवनों को गिराने की कार्रवाई करें। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित नागरिकों के उचित विस्थापन किये जाने के भी निर्देश दिये हैं। आयुक्त ने यह कार्यवाही नगर निगम अधिनियम और नगर पालिका अधिनियम के अंतर्गत सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने नगरीय निकायों के अधिकारियों को आगाह किया है कि सतर्कता के साथ की गई कार्यवाही से जनधन हानि से बचा जा सकता है। आयुक्त ने जर्जर भवनों की सूची तत्काल संबंधित जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को उपलब्ध कराने के लिये कहा है। नाले-नालियों की सफाई पर ध्यान देने के निर्देश आयुक्त नगरीय प्रशासन ने नगरीय निकायों के अधिकारियों को अपने शहरी क्षेत्र के नाले-नालियों की साफ-सफाई प्राथमिकता से करवाने के लिये कहा है। उन्होंने कहा कि नाले-नालियों की उचित साफ-सफाई न होने की वजह से जल भराव की स्थिति निर्मित होती है। इस वजह से नागरिकों को तकलीफ का सामना करना पड़ता है। आयुक्त श्री भोंडवे ने नगरीय निकायों को सफाई कार्य की अपने स्तर पर सतत समीक्षा करने के लिये भी कहा है।

प्रदेश में 145 मॉडल स्कूलों का सफलता-पूर्वक संचालन

भोपाल स्कूल शिक्षा विभाग वर्तमान में 145 शासकीय मॉडल स्कूल का संचालन कर रहा है। इनमें से 143 मॉडल स्कूल के स्वयं के भवन निर्मित हो चुके हैं। इन मॉडल स्कूल में करीब 50 हजार बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाई जा रही है। मॉडल स्कूल शैक्षणिक रूप से प्रदेश के पिछड़े विकासखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित हो रहे हैं। इन स्कूलों में शिक्षा से जुड़ी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। जिला मुख्यालय पर शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय स्कूल शिक्षा विभाग माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक स्तर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश के 43 जिला मुख्यालय एवं 96 विकासखंड मुख्यालय पर उत्कृष्ट विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इन विद्यालयों में बच्चों के कॅरियर काउंसलिंग की भी व्यवस्था की गई है। इस व्यवस्था से बच्चों को भविष्य में किस क्षेत्र में अध्ययन करना है, उसकी समझाइश विशेषज्ञों के माध्यम से मिलती है।

मध्यप्रदेश के 20 उत्पादों के जीआई टैगिंग प्रक्रिया के लिये एमओयू हुआ

भोपाल सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग के अंतर्गत राज्य नोडल एजेंसी, मध्य प्रदेश लघु उद्योग निगम द्वारा विश्व बैंक समर्थित आरएएमपी योजना के अंतर्गत जीआई टैगिंग के लिए राज्य स्तरीय परामर्श बैठक मंगलवार को लघु उद्योग निगम के कान्फ्रेंस हॉल में सम्पन्न हुई। कार्यशाला में मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम और ह्यूमन वेलफेयर एसोसिएशन वाराणसी के बीच जीआई टैगिंग प्रक्रिया संबंधी एमओयू किया गया। कार्यशाला में राज्य के पारंपरिक, भौगोलिक और सांस्कृतिक रूप से विशिष्ट उत्पादों की पहचान कर उन्हें जीआई टैग दिलवाने हेतु आवश्यक विभागीय समन्वय स्थापित करने पर चर्चा हुई। इन उत्पादों को कानूनी संरक्षण, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों तक पहुंच और ब्रांडिंग के ज़रिये व्यापक पहचान दिलवाने पर भी विमर्श हुआ। आयुक्त एमएसएमई श्री दिलीप कुमार ने विभागों से योजना के तहत बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया तथा देश को होने वाले फायदों पर प्रकाश डाला। कार्यशाला में कृषि, हस्तशिल्प, वनोपज, वस्त्र एवं खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में पारंपरिक उत्पादों की जीआई टैगिंग के लिए पहचान करना, जीआई पंजीकरण प्रक्रिया संबंधी आवश्यक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दस्तावेजों का संकलन और विभागीय समन्वय के माध्यम से एक साझा कार्य योजना बनाने के साथ आगामी वर्ष में 20 उत्पादों की जीआई फाइलिंग करने पर चर्चा हुई। जीआई उत्पादों को एक जिला-एक उत्पाद नीति से जोड़ते हुए बाज़ार और ब्रांडिंग के अवसरों को बढ़ावा देने पर गंभीर विचार-विमर्श हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत में जीआई टैगिंग विशेषज्ञ एवं ह्यूमन वेलफेयर एसोसिएशन, वाराणसी के कार्यकारी निदेशक डॉ. रजनीकांत ने जीआई टैगिंग की प्रक्रिया, कानूनी ढांचा, और देशभर में हुए सफल जीआई पंजीकरणों की जानकारी साझा की। बनारसी साड़ी, चंदेरी वस्त्र और मधुबनी पेंटिंग जैसे उदाहरणों के माध्यम से उन्होंने बताया कि जीआई टैगिंग से कैसे न केवल उत्पादों को सुरक्षा मिलती है बल्कि कारीगरों और किसानों की आजीविका भी सशक्त होती है। कार्यशाला में राज्य के विभिन्न विभागों और संस्थानों से वरिष्ठ अधिकारियों एवं विशेषज्ञों ने भाग लिया, जिनमें वन विभाग, सिडबी, मत्स्य विभाग, किसान कल्याण एवं कृषि विभाग, हस्तशिल्प एवं हथकरघा संचालनालय, जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर, अनुसूचित जाति विकास, मध्यप्रदेश लघु वनोपज संघ, पशुपालन, रेशम संचालनालय आदि ने सहभागिता की। अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों के विशिष्ट उत्पादों की सूची साझा की, जो जीआई पंजीकरण के योग्य है। एमओयू राज्य के लगभग 20 पारंपरिक उत्पादों के जीआई टैगिंग के लिये तकनीकी सहयोग, दस्तावेज़ीकरण, आवेदन प्रक्रिया, प्रशिक्षण एवं प्रचार-प्रसार में सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से किया गया है। रैंप नोडल अधिकारी श्री अनिल थागले ने सभी विभागों से अनुरोध किया कि वे ऐसे विशिष्ट उत्पादों के नाम बताये जिन्हें जीआई टैगिंग प्रक्रिया में आगे बढाया जा सकता हो।  

बावड़ियों में पूर्वजों की जल के साथ जल संरक्षण के प्रति विवेकपूर्ण सोच, प्रति वर्ष ‘बावड़ी-उत्सव’ मनाने का जन संकल्प

भोपाल  बावड़ियां प्राचीन काल के श्रेष्ठ जल संरक्षण और प्रबंधन का सजीव उदाहरण हैं। पूर्वजों की इस अमूल्य धरोहर को आने वाली पीड़ी को सौंपना हम सभी की जिम्मेदारी है। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद ने जल गंगा संवर्धन अभियान में बावड़ी महोत्सव मनाकर पूर्वजों की बुद्धिमत्ता और उनके प्रकृति से घनिष्ट संबंधों की स्मृतियों को जीवंत कर दिया। जल गंगा अभियान का संचालन 30 मार्च से 30 जून तक किया जा रहा है। अभियान में श्रमदान से जल स्रोतों की सफाई, गहरीकरण, नई संरचनाओं का निर्माण और प्राचीन जल स्रोतों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। इसी श्रृंखला में बावड़ी उत्सव का आयोजन एक अभिनव प्रयास सराहनीय हैI प्रति वर्ष ‘बावड़ी-उत्सव’ मनाने का जन संकल्प जल गंगा संवर्धन अभियान जन अभियान परिषद की झाबुआ इकाई ने जल स्त्रोतों को सहेजने के प्रयासों को उत्सव का रूप देते हुए थांदला के अष्ट भंजन हनुमान मंदिर में 300 वर्ष प्राचीन बावड़ी में ‘बावड़ी-उत्सव’ का आयोजन किया गया। “एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान के अंतर्गत बावड़ी के समीप पौधरोपण भी किया गया। ‘बावड़ी-उत्सव’ में भजन कीर्तन और संगोष्टी और आरती का आयोजन किया गया। ‘बावड़ी-उत्सव’ में सहभागिता कर रहे स्थानीय नागरिकों ने गंगा दशहरा पर्व पर प्रति वर्ष ‘बावड़ी-उत्सव’ मनाने का संकल्प लिया। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद की जबलपुर इकाई ने बावड़ी, तालाब और कुओं जैसे जल स्त्रोतों के सरंक्षण में शासन-प्रशासन के साथ जन प्रतिनिधियों एवं नागरिकों का भी सहयोग लिया गया। जन-सहभागिता से बावड़ी महोत्सव मना कर जल संरक्षण का संकल्प लिया गया। प्राचीन बावड़ी को सहेजने एकजुट हुए मंडला के महाराजपुर संगम घाट स्थित बावड़ी में “बावड़ी उत्सव” का आयोजन किया गया। इस अवसर पर काशी विश्वनाथ वैदिक गुरुकुल के आचार्य संत श्री भीमदेव और मां नर्मदा गौशाला जिलहरी घाट, गाजीपुर से प्रवास कर रहीं साध्वी मनीषा दीदी और स्थानीय श्रद्धालु शामिल हुए। उत्सव में मां नर्मदा के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया गया। बावड़ी को रंग-रोगन, रंगोली, दीपों एवं लाइट से सजाया गय। बावड़ी पूजन के बाद मां नर्मदा की आरती कर प्रसाद वितरण किया गया। बावडी का निर्माण वर्ष 1890 में हुआ था। इस बावड़ी की संरचना इस तरह से की गई है कि इसमें नर्मदा जलधारा हमेशा बनी रहती है। प्लास्टिक कचरे से होने वाले प्रदूषण के प्रति जागरुकता मध्यप्रदेश जन-अभियान परिषद की छिंदवाड़ा इकाई ने तामिया विकासखंड में प्लास्टिक पॉल्यूशन होने वाले हानिकारक परिणामों को बताकर जागरूक किया। पर्यावरण को प्रभावित करने वाले कारक जैसे जल प्रदूषण, वायु प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिये समुदाय की भागीदारी के बारे में बताया गया। जल संरक्षण, स्वच्छता, पौधारोपण करने के लिये ग्रामीणों को प्रेरित किया गया। तामिया के शनि मंदिर प्रांगण में पौधारोपण किया गया और प्लास्टिक, बॉटल व कचरे की सफाई की गई। 

ऑस्ट्रिया के बड़े स्कूल में फायरिंग में छात्र-शिक्षक समेत 10 की मौत

 ग्राज ऑस्ट्रिया के ग्राज शहर में एक छात्र ने बंदूक से 11  छात्रों को भून दिया. गोलीबारी की घटना को उसने स्कूल के क्लासरूम में अंजाम दिया है. छात्रों को मारने के बाद उसने खुद को गोली मार ली. घटना के बाद पूरे इलाके को पुलिस ने घेर लिया. जांच एजेंसी इस बात की तस्दीक कर रही है कि आखिर युवक ने गोली क्यों चलाई? समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक गोलीबार की घटना ग्राज शहर के उत्तर-पश्चिम में ड्रेयर्सचुट्जेगैस पर स्थित एक संघीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में हुई है, जो शहर के मुख्य रेलवे स्टेशन से कुछ दूरी पर स्थित है. ऑस्ट्रिया इटली के पड़ोस में स्थित है. यह यूरोप का एक देश है. गोली चलाई फिर खुद को मार ली गोली स्थानीय मीडिया के मुताबिक हमलावर युवक है और 18 साल से कम उम्र का है. पहले हमलावर बंदूक लेकर स्कूल में गया और फिर उसने अंधाधुंध फायरिंग की. जब फायरिंग खत्म होने लगी तो उसने आखिरी गोली खुद को मार ली. हमलावर की मौत भी मौके पर हो गई है. ग्राज शहर के मेयर के मुताबिक इस हमले में 11  बच्चों की जान चली गई है. घायलों को इलाज के लिए पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है. ग्राज ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना के बाद दूसरा सबसे प्रमुख शहर है. ग्राज के अधिकारियों का कहना है कि इलाके को सील कर लिया गया है और जांच के बाद ही यह खुलासा हो पाएगा कि आखिर हमले के पीछे कौन था? ऑस्ट्रिया की वजह से हुआ था प्रथम विश्व युद्ध ऑस्ट्रिया मध्य यूरोप का एक देश है, जिस पर कभी रोमन सम्राज्य का कब्जा था. 1914 में ऑस्ट्रिया और सर्बिया की लड़ाई की वजह से प्रथम विश्व युद्ध शुरू हुआ था. इस जंग में ऑस्ट्रिया जर्मनी के साथ था. हालांकि, उसे हार का सामना करना पड़ा. ऑस्ट्रिया जर्मनी, इटली और स्विटजरलैंड का पड़ोसी देश है.  

मोदी का तीसरा कार्यकाल शुरू हो चुका है, लेकिन, पहले साल में कुछ खास नहीं हुआ

मुंबई  शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के पहले साल को नाकाम बताया और विदेश नीति, सुरक्षा, और बुनियादी सुविधाओं को लेकर गंभीर सवाल उठाए। राउत ने कहा कि मोदी का तीसरा कार्यकाल शुरू हो चुका है। लेकिन, पहले साल में कुछ खास नहीं हुआ। उन्होंने दावा किया कि मोदी की ‘नंबर्स की राजनीति’ 240 सीटों पर अटक गई और उनकी दूसरी योजनाएं भी अधूरी रह गईं। राउत ने पूछा, “यह साल बेमिसाल नहीं है, आखिर क्या हुआ?” उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 10 साल में देश की दिशा और दशा खराब हो गई। इस साल 26 महिलाओं का सिंदूर उजड़ा, लेकिन मोदी चुप हैं। राउत ने कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध की घोषणाएं की गईं, मगर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने मोदी सरकार पर देश को कमजोर करने का आरोप लगाया। राउत ने कहा, “70 साल में देश ने ऐसी लाचारी नहीं देखी, जो मोदी के कार्यकाल में देखने को मिली। देश छोटे-छोटे देशों और कनाडा के सामने घुटने टेक रहा है।” उन्होंने विदेश नीति को पूरी तरह बर्बाद बताया और दावा किया कि पाकिस्तान को चीन, रूस, तुर्की, अजरबैजान, अमेरिका, आईएमएफ, और एशियाई विकास बैंक ने समर्थन दिया, जबकि भारत जवाब देने में नाकाम रहा। राउत ने संसद के विशेष सत्र की मांग का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) ने पाकिस्तान को चार टुकड़ों में बांटने और उसकी हरकतों का जवाब देने की मांग की थी। लेकिन, सरकार ने कुछ नहीं किया। उन्होंने विदेश भेजे गए प्रतिनिधिमंडलों को राजनीतिक आयोजन करार दिया और कहा कि वह जल्द ही केंद्रीय मंत्रियों और प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों से मुलाकात कर उनका फीडबैक लेंगे। संजय राउत ने बुलेट ट्रेन परियोजना पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुंबई से अहमदाबाद तक बुलेट ट्रेन पर पूरा ध्यान और बजट दिया जा रहा है। लेकिन, लोकल ट्रेनों की हालत पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। गरीब लोग लोकल ट्रेनों से सफर करते हैं। लेकिन, सरकार की प्राथमिकता बुलेट ट्रेन है। यह सुरक्षा और जरूरतों की हत्या जैसा है। उन्होंने मोदी सरकार पर देश को कमजोर और लाचार बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि विदेश नीति से लेकर बुनियादी सुविधाओं तक, हर मोर्चे पर सरकार नाकाम रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुरेश तांतेड़ के निधन पर दुख व्यक्त किया

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कला और संस्कृति क्षेत्र में दीर्घ अवधि से सक्रिय श्री सुरेश तांतेड़ के निधन पर दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्री तांतेड़ ने अपने जीवन में विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से हजारों कला धर्मियों को प्रोत्साहित और सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से स्व. तांतेड़ की आत्मा की शांति और उनके परिजन को यह दुख सहन करने की सामर्थ्य देने की प्रार्थना की है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया संदर्भ पुस्तक का विमोचन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में “विश्व गुरु की ओर बढ़ते कदम.. मोदीज भारत @2047” संदर्भ पुस्तक का विमोचन किया। विमोचन के अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसी सिलावट सहित पुस्तक के संकलन कर्ता श्री ऊनमीत सिंह नारंग उपस्थित थे।  

प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल के 11 गौरवशाली वर्ष भारत के पुनर्जागरण की गौरव गाथा : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 11 गौरवशाली वर्ष पूर्ण होने की यह अवधि केवल शासन के वर्षों की गणना नहीं, बल्कि भारत के पुनर्जागरण, नव निर्माण और वैश्विक प्रतिष्ठा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भारत में नेतृत्व का संकट, नीतिगत जड़ता और व्यापक निराशा का वातावरण था। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने देश को उस अंधकार से बाहर निकालकर एक उज्ज्वल, आत्मविश्वासी और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में अग्रसर किया है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने ‘गरीब, युवा, नारी और अन्नदाता’ को विकास की मुख्य धारा में शामिल करते हुए, जन-कल्याण की योजनाओं को तीव्रता से धरातल पर उतारा है। प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, जनधन योजना, हर घर बिजली योजना, उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन जैसे क्रांतिकारी प्रयासों ने सामाजिक संरचना को सशक्त और समावेशी बनाया है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि देश में अब तक 58 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं। देश में 70 वर्ष से अधिक आयु के लगभग 7 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को मुफ्त इलाज की सुविधा सुनिश्चित की गई है। करोड़ों परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे उनका जीवन गरिमा और सुरक्षा से भर गया है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि यह प्रधानमंत्री श्री मोदी का ही साहसिक नेतृत्व था, जिसने वर्षों से लंबित ऐतिहासिक और संवेदनशील मुद्दों को निर्णायक रूप से सुलझाया—चाहे धारा 370 का हो, अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण, तीन तलाक जैसी कुप्रथाओं का अंत हो या संसद में महिला आरक्षण विधेयक का पारित होना। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने “विकसित भारत – 2047” का जो विज़न प्रस्तुत किया है, वह भारत को आने वाले वर्षों में जर्मनी, जापान को पीछे छोड़ते हुए तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आज भारत चौथे स्थान पर है, और आगे बढ़ने का आत्मविश्वास उसके नेतृत्व में स्पष्ट दिखाई देता है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना को चरितार्थ करते हुए प्रधानमंत्री श्री मोदी ने भारत को वैश्विक मंचों पर सशक्त आवाज दी है। जी-20 की अध्यक्षता से लेकर वैश्विक दक्षिण (ग्लोबल साउथ) की चिंता तक, उन्होंने भारत को केवल एक राष्ट्र नहीं, बल्कि विश्व कल्याण का मार्गदर्शक बनाया है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि यह 11 वर्ष केवल “शासन के वर्ष” नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की गौरवगाथा है, जिसमें हर भारतीय को गर्व है कि उसे श्री नरेन्द्र मोदी जैसा मजबूत, संवेदनशील और दूरदर्शी नेतृत्व मिला।   

होम्योपैथी स्वास्थ्य कल्याण केंद्र में अब भर्ती होने की सुविधा रहेगी

भोपाल  शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, आयुष परिसर मैनिट हिल्स भोपाल में स्थित “होम्योपैथी स्वास्थ्य कल्याण केंद्र” में महिलाओं में होने वाले मोटापे रोग का विशेष उपचार उपलब्ध है। होम्योपैथी वैलनेस सेंटर के लाभार्थियों को अब भर्ती होने की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। साथ ही जोड़ों में दर्द, मोटापा एवं पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम के उपचार के लिए विशेषज्ञ उपलब्ध रहेंगे। स्वास्थ्य कल्याण केंद्र इकाई केंद्रीय आयुष मंत्रालय के सहयोग एवं योग प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान परिषद के साथ मिलकर स्थापित की गई है। होम्योपैथी स्वास्थ्य कल्याण केंद्र की नोडल अधिकारी डॉ. जूही गुप्ता ने बताया कि वर्तमान परिदृश्य में महिलाओं में हार्मोन्स के बदलाव के कारण जीवन के विभिन्न पड़ावों में मोटापे की समस्या, व्यापक एवं उग्र रूप धारण कर रही है। विशेषत: कामकाजी महिलाओं में यह समस्या नित नए रूप लेती जा रही है और साथ में जोड़ों में दर्द, कार्य करने की अनिच्छा, घबराहट जैसे कई अन्य लक्षण भी उत्पन्न कर रही है। भविष्य में यह समस्या शरीर में गंभीर असंतुलन और बड़ी बीमारियों को जन्म देने का कारक बनती है। केंद्रीय मंत्रालय के निर्देशानुसार होम्योपैथी विधा एवं प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से मोटापे की समस्या के संपूर्ण निदान के लिए उक्त स्वास्थ्य केंद्र में उपचार की विशेषज्ञ सुविधा उपलब्ध है। दवाओं के अतिरिक्त दिनचर्या, आहार, प्रत्याहार मालिश, हाइड्रोथेरेपी, वाष्प स्नान के माध्यम से उक्त विशेष उपचार कार्यक्रम को स्वरूप दिया गया है। उपचार की अवधि व्यक्ति विशेष की आवश्यकताओं एवं शारीरिक स्थिति के अनुसार निर्धारित की जाती है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक व्यक्ति की दवा एवं थेरेपी विशेष रूप से स्क्रिप्ट की जाएगी एवं योग के माध्यम से इन परिणामों को और प्रभावी बनाया जाएगा। वर्तमान में होम्योपैथी स्वास्थ्य कल्याण केंद्र में प्रातः 8 बजे से रात्रि 8 बजे तक समस्त सुविधाएं एवं सेवाएं उपलब्ध हैं। मोटापे के विशेष उपचार के लिए प्रातः 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक विशेषज्ञ डॉ. प्रिया कुलदीप एवं दोपहर 2 बजे से रात्रि 8 बजे तक विशेषज्ञ डॉ. ज्योति जाट की सेवाएं उपलब्ध रहेगी। विशेष उपचार कार्यक्रम का लाभ उठाने के लिए मोबाइल क्रमांक 9202663862 पर संपर्क किया जा सकता है। “प्रथम आओ-प्रथम पाओ” के आधार पर उपचार के लिए प्रतिदिन अधिकतम 12 अपॉइंटमेंट दिए जाते हैं। होम्योपैथी वैलनेस सेंटर में भर्ती होने के लिए 9202663862 एवं 0755-2992972 नंबर उपलब्ध रहेंगे, इन नंबरों पर शासकीय कार्य दिवसों में ही संपर्क किया जा सकता है। नोडल अधिकारी डॉ. जूही गुप्ता ने बताया कि महिलाओं को विशेषज्ञ की देखरेख में विशिष्ट स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने का यह अभिनव प्रयास है। महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. एस.के. मिश्रा ने बताया कि इस सेवा के माध्यम से विशेष रूप से महिलाओं को लाभान्वित किया जाएगा।  

सिलाई कला मंडल को गुड गवर्नेंस मॉडल के रूप में करें विकसित

भोपाल मध्यप्रदेश राज्य सिलाई कला मंडल के संचालक मंडल की बैठक मंगलवार को भोपाल के शिवाजी नगर स्थित पालिका भवन में आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री संकेत भोंडवे की अध्यक्षता में हुई। बैठक में सिलाई कला मंडल के अध्यक्ष श्री मनोहर लाल महेश्वरी, सदस्य श्री सुरेश माहेश्वरी, श्री मांगीलाल सोलंकी सहित नगरीय निकायों से आए हुए सिलाई व्यवसाय से जुड़े हितग्राही मौजूद थे। बैठक में आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री भोंडवे ने निर्देश दिए कि सिलाई कला मंडल को “गुड गवर्नेंस मॉडल” के रूप में विकसित करने के लिये एक पंचवर्षीय कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों को मंडल से शत-प्रतिशत जोड़ने एवं इससे जुड़ी समस्त जानकारी को पोर्टल पर प्रदर्शित किया जाये। उन्होंने कहा कि नगरीय निकाय स्तर पर शिक्षित युवाओं की कौशल वृद्धि के लिए सिलाई एवं अन्य व्यवसायों से संबंधित तकनीकी प्रशिक्षण, डिप्लोमा एवं सर्टिफिकेट कोर्स प्रारंभ किये जायें। उन्होंने कहा कि सिलाई व्यवसाय से जुड़ी जानकारी देने के लिये संभाग स्तर पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जाये। बैठक में सचिव सचिव श्री बी.डी. भुमरकर ने सिलाई कला मंडल की गतिविधियों की जानकारी दी। सिलाई कला मंडल के अध्यक्ष श्री माहेश्वरी ने आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास को स्मृति चिन्ह भेंट किया।  

बेंगलुरु भगदड़ मामले में कर्नाटक हाई कोर्ट ने अगली सुनवाई 12 जून को होगी, हादसे का स्वतः संज्ञान लिया

कर्नाटक  कर्नाटक उच्च न्यायालय ने मंगलवार (10 जून) को राज्य को बेंगलुरु भगदड़ मामले में सीलबंद लिफाफे में अपना जवाब पेश करने की अनुमति दे दी। इस मामले में अगली सुनवाई 12 जून को होगी। कोर्ट ने इस हादसे का स्वतः संज्ञान लिया था। बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में चार जून को रॉयल चैलेंजर बेंगलुरु (आरसीबी) की जीत का जश्न मनाने आए फैंस के बीच भगदड़ मची थी, जिसमें 11 लोगों की मौत हुई। इस मामले पर अगले दिन हाई कोर्ट स्वत: संज्ञान लिया था। अदालत इस हादसे के पीछे की वजह का पता लगाना चाहती है। अदालत जानना चाहती है कि क्या इस हादसे को रोका जा सकता था और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए क्या उपाय किए जाने चाहिए। मंगलवार को सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता शशि किरण शेट्टी ने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश और न्यायमूर्ति सीएम जोशी की खंडपीठ के समक्ष बताया कि उन्होंने जवाब दाखिल नहीं किया है। शशि किरण शेट्टी ने कहा, “न्यायिक आयोग का गठन किया गया है और रिपोर्ट देने के लिए एक महीने का समय दिया गया है। पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। लंबित जमानत याचिकाओं में, जो कुछ भी यहां कहा जाता है, उसका इस्तेमाल वहां आरोपी कर रहे हैं।” हाई कोर्ट ने पूछा, “क्या आप यह कह रहे हैं कि आप हमारे निर्देशों का जवाब नहीं देंगे?” इस पर महाधिवक्ता ने कहा, “कृपया इसे कल रखें, हम जवाब दाखिल करेंगे। कुछ चीजें हैं”। हाई कोर्ट ने जवाब दाखिल करने में कठिनाई की वजह पूछी, जिस पर महाधिवक्ता ने कहा, “मैं खुली अदालत में नहीं रखना चाहता, हम पूर्वाग्रह से ग्रसित हो जाएंगे। स्वतंत्र जांच की रिपोर्ट आने दें और ऐसा नहीं होना चाहिए कि हम पक्षपाती हैं। यह केवल एक महीने का मामला है।” हाई कोर्ट ने एडवोकेट जनरल को आदेश दिया कि वह अपना जवाब सीलबंद लिफाफे में दाखिल करें। एडवोकेट जनरल शशि किरण शेट्टी ने कोर्ट से स्वतंत्र जांच की रिपोर्ट आने तक इंतजार करने की अपील की है। कोर्ट ने आदेश में कहा, “हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल (आरजी) ने 5 जून के हमारे पिछले आदेश के अनुसार रिट याचिका (डब्ल्यूपी) दाखिल किया है। शशि किरण शेट्टी ने बताया कि एडवोकेट जनरल ने कहा है कि वह सीलबंद लिफाफे में जवाब दाखिल करना चाहते हैं, उन्हें गुरुवार तक या उससे पहले ऐसा करने की अनुमति है। आरजी यह सुनिश्चित करेंगे कि जवाब सुरक्षित रखा जाए।” इस मामले में अगली सुनवाई 12 जून को होगी।

अपर मुख्य सचिव राजन ने दो दिवसीय इन्क्यूबेटर कार्यशाला का किया शुभारम्भ

भोपाल  उच्च शिक्षा विभाग एवं एम.पी. स्टार्टअप सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में, भोपाल स्थित आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में दो दिवसीय इन्क्यूबेटर कार्यशाला का अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन ने दीप प्रज्वलन कर शुभारम्भ किया। अपर मुख्य सचिव श्री राजन ने स्टार्ट अप के बारे में व्यापक रूप से जागरूकता लाने के लिए एवं प्राध्यापको द्वारा और अधिक रूचि लेने के लिए कहा। श्री राजन ने प्रदेश में अटल इन्क्यूबेशन सेंटर के माध्यम से स्टार्टअप के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित करने का सन्देश भी दिया। आयुक्त उच्च शिक्षा श्री निशांत बरबड़े ने इन्क्यूबेशन सेंटर्स की भूमिका एवं उनके महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। एम.पी. स्टार्टअप सेंटर की कार्यकारी निदेशक डॉ. आभा ऋषि ने प्रतिभागियों को इन्क्यूबेशन की प्रक्रिया, उसकी उपयोगिता एवं शैक्षणिक संस्थानों में इसके समावेश के बारे में जानकारी दी। कार्यशाला में विषय विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न सत्रों का संचालन किया गया, इसमें आरएनटीयू, भोपाल के सीईओ श्री रोनाल्ड फर्नांडिज, डॉ. मोनी थॉमस, डायरेक्टर जेएनकेवीवी, जबलपुर एवं सीए अनिरुद्ध प्रताप सिंह कंसलटेंट, एलएनसीटी भोपाल ने भी विचार साझा किये। कार्यशाला में प्रदेश के12 निजी विश्वविद्यालयों, 16 शासकीय विश्वविद्यालयों, 18 स्वायत्त महाविद्यालयों एवं 1 संबद्ध महाविद्यालय में स्थापित इन्क्यूबेशन सेंटर के नोडल अधिकारी एवं कार्यकारी समिति के एक सदस्य ने सहभागिता की। इसके बादआरएनटीयू, भोपाल के अटल इनक्यूबेशन सेंटर (एआईसी) में फील्ड विजिट किया गया, इसमें आरएनटीयू, भोपाल के एआईसी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं ने प्रेरक अनुभव साझा किये।  

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet