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चिनाब ब्रिज के बाद इस इलाके में बनने जा रहा सबसे लंबा पुल, 40 से ज्यादा गांवों को होगा फायदा

जम्मू  चिनाब ब्रिज के बाद अब एक और सबसे लंबा पुल बनने जा रहा है, जिससे लोगों को काफी फायदा होगा। जानकारी के मुताबिक इस पुल के बनने से 40 से ज्यादा गांवों को बहुत फायदा होगा। गौरतलब है कि, जम्मू के अखनूर सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास चिनाब नदी पर बनाया जा रहा इंदरी-पत्तन पुल इस साल के अंत तक बनकर तैयार हो जाएगा।  इस पुल से 40 से अधिक सीमावर्ती गांवों में विकास और खुशहाली आएगी और अखनूर और प्लांवाला सेक्टर में भारतीय सेना की स्थिति और पहुंच को भी और मजबूती मिलेगी। उत्तर भारत में किसी नदी पर बनने वाला यह सबसे लंबा पुल होगा, जिसकी लंबाई करीब पौने 2 किलोमीटर है। सीमावर्ती परगवाल क्षेत्र को जम्मू-अखनूर हाईवे से जोड़ने वाली एकमात्र सड़क सुआ नंबर-एक लोगों के लिए जीवन रेखा का काम करती है। हालांकि, पाकिस्तान की भारी गोलाबारी की स्थिति में यह मार्ग बंद हो जाता है, जिससे 25-30 हजार की आबादी का संपर्क प्रदेश के अन्य हिस्सों से कट जाता है। चिनाब नदी पर सजवाल के निकट बने इस डबल लेन पुल का स्पैन 1640 मीटर है। पुल के निर्माण से सजवाल और इंदरी-पत्तन के बीच की दूरी 47 किलोमीटर से घटकर मात्र 5 किलोमीटर रह जाएगी। इसके अलावा, यह पुल परगवाल को ज्यौड़ियां क्षेत्र से भी जोड़ेगा, जिससे स्थानीय लोगों के लिए आवागमन और सुरक्षा दोनों बेहतर होंगे। पुल के बन जाने से न केवल क्षेत्र के विकास में तेजी आएगी, बल्कि भारतीय सेना की सीमा सुरक्षा भी और मजबूत होगी। बता दें कि, केंद्र सरकार ने वर्ष 2016 में 206 करोड़ रुपये की लागत से इस पुल को मंजूरी दे दी। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2019 में जम्मू में इसका वर्चुअल शिलान्यास किया था। 

प्रदेश के बाहर से आयातित तुअर पर मंडी फीस से पूर्णतः छूट दिए जाने का निर्णय

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना अंतर्गत प्रदेश के सुदूर बसाहटों मजरा/टोला/धोनी/पुरा इत्यादि को बारहमासी सम्पर्कता प्रदान करने 21 हजार 630 करोड़ रूपये की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई। स्वीकृति अनुसार योजना का क्रियान्वयन 2 चरणों में किया जायेगा। वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2029-30 तक पहले चरण एवं वित्तीय वर्ष 2030-31 से 2034-35 तक दूसरे चरण में कुल अनुमानित 30 हजार 900 कि.मी. मार्ग का निर्माण होगा। योजना का क्रियान्वयन राज्य मद से किया जायेगा। योजना के संबंध में मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की साधिकार समिति को निर्णय लिये जाने के लिए अधिकृत किया गया है। स्वीकृति अनुसार न्यूनतम 20 आवास और 100 से अधिक जनसंख्या वाले 6 हजार वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले ऐसे क्षेत्र, जिसके 50 मीटर की दूरी में पूर्व से बारहमासी सड़क न हो, को बसाहट के अंतर्गत लिया जायेगा। इसके लिए बसाहट की जनसंख्या के घटते क्रम में विधानसभा क्षेत्रवार प्राथमिकता सूची तैयार की जायेगी। सांसद, क्षेत्रीय विधायक और जिला पंचायत सदस्यों के परामर्श पर ग्रामीणजनों की स्थानीय आवश्यकता जैसे – सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि के आधार पर बसाहटों की प्राथमिकता में कलेक्टर द्वारा लिपिबद्ध कारणों से सूची में परिवर्तन किया जा सकेगा। अंतिम प्राथमिकता सूची का राज्य स्तर पर प्रकाशन किया जायेगा। योजना अंतर्गत 20 हजार 600 बसाहटों को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए लगभग 30 हजार 900 किलोमीटर मार्ग का निर्माण किया जायेगा। प्रदेश के बाहर से आयातित तुअर पर मंडी फीस से पूर्णतः छूट दिए जाने का निर्णय मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में तुअर दाल उद्योगों की आवश्यकता के दृष्टिगत प्रदेश में बाहर से आयातित तुअर पर मंडी शुल्क से पूर्णतः छूट दिए जाने का निर्णय लिया गया। छूट दिए जाने से प्रदेश में तुअर दाल की पर्याप्त उपलब्धता होगी। साथ ही परिवहन बढेगा और रोजगार में वृद्धि होगी। झाबुआ, सिंगरौली, देवास, नर्मदापुरम में वर्किंग वूमन हॉस्टल निर्माण का सैद्धांतिक अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा झाबुआ, सिंगरौली, देवास और नर्मदापुरम में कामकाजी महिलाओं के जीवन को आसान बनाने के उद्देश्य से SASCI (स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इनवेस्टमेंट) 2024-25 योजना अंतर्गत स्वीकृत 350 सीट्स की क्षमता वाले 4 वर्किंग वूमन हॉस्टल के निर्माण का सैद्धांतिक अनुमोदन दिया गया है। योजना पी.पी.पी मोड में संचालित की जायेगी। योजना पर 40 करोड़ 59 लाख रूपये खर्च होंगे। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में ”जिला विकास सलाहकार समिति” के गठन की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा जिले के विकास योजना के लिए रोडमेप तैयार करने और जिले की दीर्घकालीन विकास योजनाएं बनाने के लिए सभी जिलों में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में “जिला विकास सलाहकार समिति” का गठन किये जाने का अनुमोदन दिया गया। उल्लेखनीय है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट भाषण में मध्यप्रदेश के समस्त जिलों में जिला विकास सलाहकार समिति का गठन किये जाने संबंधी निर्देश दिये गये थे। जिला विकास सलाहकार समिति में जिले के प्रभारी मंत्री उपाध्यक्ष होंगे। सांसद, जिले के समस्त विधायक, जिला मुख्यालय के महापौर या नगरपालिका अध्यक्ष, जिला पंचायत अध्यक्ष, जिले के सभी जनपद अध्यक्ष के साथ उद्योग, व्यापार, प्रगतिशील किसान, समाज सेवी, चिकित्सा, विधि आदि क्षेत्रों के 20 प्रतिनिधियों को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। कलेक्टर समिति के सदस्य सचिव होंगे। समिति के उद्देश्यों में जिले की जनता, जनप्रतिनिधियों व अन्य हितधारकों की जरूरतों और सुझावों के अनुसार जिले के दीर्घकालीन विकास की योजनाएँ बनाना है। साथ ही समिति जिले के परंपरागत कौशल को चिन्हित कर प्रधानमंत्री के वोकल फॉर लोकल” के सिद्धांत के दृष्टिगत उन्हें राष्ट्रीय और अन्तराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देते हुए जिले की समृ‌द्धि का रोडमैप तैयार करेगी। जिले की स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए शासकीय योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने के सुझावों पर समिति विचार करेगी। जिले में स्थानीय प्रयासों से प्रचलित नवाचारों को एक योजना के रूप में मूर्त रूप देना। जिले में रोजगार सृजन एवं विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्यों के संबंध में सुझाव, उद्योग, व्यापार, जल संरचनाओं के संरक्षण, निर्यात, कृषि, खनिज आदि क्षेत्रों में जिले की कार्ययोजना के लिए सुझाव देना शामिल है। 

मोदी सरकार के कल्याणकारी योजनाओं ने करोड़ों लोगों का जीवन बदलने का कार्य किया: विष्णुदत्त शर्मा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार के 11 वर्ष पूर्ण होने पर पत्रकार-वार्ता को संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 2014 में पद संभालने के बाद से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी देश के लिए हर कीमत चुकाने को तैयार रहे हैं। उन्होंने कई कड़े फैसले लिये और तुष्टिकरण की राजनीति को समाप्त कर दिया। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में ऐतिहासिक फैसले लिए जो पहले कभी नहीं हुए। जो काम अर्थव्यवस्था के डॉक्टर नहीं कर सके वे काम मोदी जी ने कर दिखाया। आज आर्थिक, सामरिक, कूटनीतिक सहित हर क्षेत्र में भारत का डंका बज रहा है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत की लोकतांत्रिक यात्रा पिछले 11 वर्षों में एक स्वर्णिम युग के रूप में दर्ज हो चुकी है। यह वह कालखंड है, जब देश ने युगपुरुष मोदी जी के कुशल, दूरदर्शी और जन-समर्पित नेतृत्व में विकास, समावेशन और आत्मनिर्भरता की नई गाथा लिखी है। सरकार की नीतियां आज 140 करोड़ भारतीयों के जीवन को न सिर्फ आसान बना रही हैं, बल्कि उन्हें नए अवसर, नई उम्मीदें और नया आत्मविश्वास भी दे रही हैं। भारत एक नए आत्मविश्वास के साथ वैश्विक मंच पर अग्रणी भूमिका निभा रहा है। यह देश अब चुनौतियों से पीछे नहीं हटता, बल्कि उन्हें अवसर में बदलता है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में हमारी सरकार ‘‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’’ के मंत्र को लेकर आगे बढ़ी है। यह सफलतम 11 साल सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के लिए समर्पित रहे हैं। इसका परिणाम है कि भारत ने जनकल्याण और विकास की दृष्टि से कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, पीएम उज्जवला योजना जन-धन योजना, आयुष्मान भारत योजना, किसान सम्मान निधि, ड्रोन दीदी, स्व-सहायता समूह जैसे कई कल्याणकारी कदम करोड़ों हितग्राहियों के जीवन बदलने में महत्वपूर्ण साबित हुए हैं। प्रधानमंत्री मोदी जी ने देशवासियों के लिए अपने समर्पण से हर क्षेत्र में भारत को आगे बढ़ाया है और जन-जन में आत्मविश्वास का संचार किया है। बीते 11 वर्षों में सरकार के कामों को समर्थन देने के साथ ही संपूर्ण देश मोदी जी के साथ विकसित भारत निर्माण के पथ पर चल पड़ा है। मोदी जी के साहसिक निर्णयों से आई अनुकूलता-डॉ. मोहन यादव  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने अपने 11 वर्षों के कार्यकाल में अनेक साहसिक निर्णय लिए। 2014 के पहले की सरकारें भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी थी और देश की जनता में नकारात्मकता, निराशा और अविश्वास का माहौल था। प्रधानमंत्री मोदी जी के आने के बाद राजनीतिक व्यवस्था में सकारात्मकता, पारदर्शिता और परिणाम का समावेश हुआ। देश आशावाद से भर गया, लोगों में भरोसा जगा कि “मोदी है, तो मुमकिन है। ”यह केवल नारा नहीं, बल्कि जनमानस की धारणा बन गई है। राज्यसभा में बहुमत न होते हुए भी पूरे देश में जीएसटी लागू किया। शाहबानो केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद कांग्रेस की राजीव गांधी सरकार ने कदम पीछे खींच लिए थे, लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने तीन तलाक विरोधी कानून बनाकर मुस्लिम बहनों को परेशानियों से मुक्ति दिलाई। न्यायालय की महत्ता को स्थापित करते हुए उन्होंने सदियों पुराने राम मंदिर विवाद का पटाक्षेप किया और अयोध्या में राम मंदिर के भूमिपूजन से लेकर उसका लोकार्पण भी किया। जबकि सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार के भूमिपूजन कार्यक्रम में जाने से तत्कालीन प्रधानमंत्री पं. नेहरू ने इनकार कर दिया था। डॉ. यादव ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में धारा 370 देश के माथे पर विभाजन की लकीर की तरह थी। विरोधी दल ये धमकी दे रहे थे कि अगर धारा 370 हटाई गई, तो देश में आग लग जाएगी, खून की नदियां बह जाएंगी। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ और मोदी जी ने बड़ी सहजता से धारा 370 समाप्त कर दी। ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से प्रधानमंत्री जी ने आतंकवादियों पर जो प्रहार किए, उसके बाद पाकिस्तान की भाषा बोलने वाले लोग देश हित की बात करने लगे हैं। जब नायक शक्ति संपन्न हो, सरकार सक्षम हो तो ऐसी ही अनुकूलता आती है। मोदी जी ने अपने साहस से वातावरण बदल दिया। विदेशों में बज रहा भारत का डंका  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस के जमाने में देश कहने भर को गुटनिरपेक्ष रहा, लेकिन वास्तविक गुटनिरपेक्षता मोदी जी के कार्यकाल में आई है। पड़ोसी देशों और दुनिया में भारत की छवि बदली है। हम अमेरिका से अपनी जरूरत का सामान लेते हैं और हर तरह के विरोध को नकारते हुए रूस से भी सस्ता तेल खरीदते हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच हम अपने छात्रों को वहां से निकालते हैं और भारत माता की जय बोलते हुए कई पाकिस्तानी छात्र भी वहां से निकलने में कामयाब हो जाते हैं। हम ईरान से उसके बंदरगाह का उपयोग करने का समझौता करते हैं, तो श्रीलंका को मदद देकर कर्ज से उबारते हैं और भूटान की रक्षा के लिए चीन के सामने अंगद के पैर की तरह जम जाते हैं। नेपाल में जब भूकंप आया, तो मानवीय सहायता पहुंचाने वाला भारत ही पहला देश था। पाकिस्तान से संबंध सुधारने के लिए भी प्रधानमंत्री श्री मोदी जी ने कई बार प्रयास किए, लेकिन यह बात उसे समझ नहीं आई। यह भारत की नीतियों का ही परिणाम है कि पाकिस्तान के साथ हालिया विवाद के दौरान अफगानिस्तान हमारे साथ खड़ा रहा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के कार्यकाल में मुस्लिम देशों में भी भारत के प्रति अनुकूलता आई है।  प्रधानमंत्री जी ने देश की अर्थव्यवस्था को ऐतिहासिक गति दी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 1947 में आजादी के समय भारत दुनिया की 15 वें नंबर की अर्थव्यवस्था वाला देश था। श्रद्धेय अटलजी की गठबंधन वाली सरकार ने अपने स्तर पर अर्थव्यवस्था में सुधार के प्रयास किए। इसके बाद डॉक्टर मनमोहन सिंह की सरकार आई, जो पहले वित्त मंत्री भी थे, लेकिन भारत की अर्थव्यवस्था 11 … Read more

एमपीसीडीएफ तथा सहकारी दुग्ध संघों की गतिविधियों के एण्ड टू एण्ड डिजिटाइलेशन की ओर पहला कदम

भोपाल एमपी स्टेट कोआपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड (एमपीसीडीएफ) भोपाल में राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) द्वारा प्रबंधन संभालने के बाद एमपीसीडीएफ द्वारा डिजिटाइलेशन की ओर कदम बढा दिए गए है। जिससे इसकी प्रमुख गतिविधियों को ऑनलाइन संपादित किया जा सकेगा। राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) की मदद से मध्य प्रदेश स्टेट कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (एमपीसीडीएफ) ने अपनी मुख्य गतिविधियों को डिजिटल बनाने के लिए ईआरपी सिस्टम लागू कर दिया है।  इसके अलावा, एनडीडीबी ने एक मोबाइल ऐप आधारित दूध संग्रहण प्रणाली विकसित की है, जिससे किसानों को दूध के सही मूल्य और समय पर भुगतान मिल सकेगा। यह ऐप ईआरपी सिस्टम से जुड़ा होगा, जिससे भुगतान प्रक्रिया तेज और पारदर्शी हो जाएगी। यह एप स्वचालित दूध संग्रहण प्रणाली की स्थापना लागत को भी कम करेगा। इससे डेयरी संघों को आर्थिक फायदा होगा। इस मोबाइल ऐप को इंदौर दूध संघ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा लॉन्च किया गया, जो डेयरी क्षेत्र में टेक्नोलॉजी आधारित परिवर्तन की शुरुआत का संकेत है। एमपीसीडीएफ के प्रबंध संचालक डॉ. संजय गोवाणी ने ने इस डिजिटल पहल को पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम बताया और कहा कि इसे अन्य दूध संघों में भी जल्द लागू किया जाएगा। यह पहल भारत के डेयरी क्षेत्र में नया मील का पत्थर साबित होगी, जिससे किसानों को सही मूल्य और समय पर भुगतान मिलेगा, और दूध संग्रहण प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित और प्रभावी बनेगी। यह डिजिटल बदलाव मध्यप्रदेश में सहकारी डेयरी क्षेत्र में विभिन्न गतिविधियों के क्रियान्वयन को सुव्यवस्थित करने, दक्षता बढ़ाने और अधिक जवाबदेही लाने में सक्षम रहेगा।

2025 आम महोत्सव 8.0 का मीडिया संवाद

भोपाल  प्रश्न : नाबार्ड क्या है और इसकी स्थापना का क्या उद्देश्य था? उत्तर : राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड), जिसकी स्थापना 1982 में देश में कृषि और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के लिए हुई थी।   आज नाबार्ड ने देश के कृषि व ग्रामीण विकास में अपने अनूठे कार्यक्रमों के माध्यम से अलग पहचान बनाई है। इसमें एपीओ, एमईडीपी, एलईडीपी, वाटरशेड, वित्तीय साक्षरता, आदिवासी समुदाय के विकास हेतु टीडीएफ कार्यक्रम शामिल हैं।   प्रश्न : टीडीएफ़ क्या है ? इसके उद्देश्य कौन सी परियोजनाएं चलाई जाती है ? उत्तर: नाबार्ड ने 2003-04 में अपने लाभ में से 50 करोड़ रुपये की राशि से जनजातीय विकास निधि (टीडीएफ) बनाई जिसका मुख्य उद्देश्य आदिवासी समुदाय की सतत आजीविका के साधनों का सृजन करना था। टीडीएफ के तहत वाडी तथा नॉन वाडी परियोजनाएं चलाई गई। अभी वाडी परियोजनाओं को ट्राइब्स के नाम से जाना जाऐगा। इन परियोजना का उद्देश्य क्षेत्र की क्षमता और जनजातीय जरूरतों के आधार पर स्थायी आय प्रदान  करने वाली गतिविधियों को अपनाकर, सामुदायिक भागीदारी के आधार पर जनजातीय परिवारों के एकीकृत विकास के अनुकरणीय मॉडल तैयार करना है। साथ ही जनजातीय संस्थाओं का निर्माण और उन्हें मजबूत करना, जिससे समुदाय नीति निर्माण, कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में भागीदार बन सकें और सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार कर सकें। सामुदायिक संस्थाओं को बढ़ावा देना, इनपुट आपूर्ति, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, एकत्रीकरण, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन को सुविधाजनक बनाना है । इसके अलावा जनजातीय किसानों को मूल्य श्रृंखला में एकीकृत करना है, जिससे उन्हें उपभोक्ता मूल्य का अधिक हिस्सा प्राप्त हो सके।  प्रश्न : नाबार्ड द्वारा वर्तमान में मध्यप्रदेश में कितनी परियोजनायें कार्यान्वित हैं? उत्तर: मध्य प्रदेश में अभी तक 31 जिलों में 102 परियोजाएं मंजूर की जा चुकी है तथा इन परियोजनाओं से अभी तक 78126 आदिवासी परिवारों को लाभ मिला है। वर्तमान में राज्य के 19 जिलों में 23 परियोजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है ।  प्रश्न : इन वाड़ी परियोजनाओं के मुख्य उत्पाद क्या है?  उत्तर: इन वाड़ी परियोजना में, आदिवासी परिवार रसायन मुक्त और उच्च गुणवत्ता वाले फलों का उत्पादन करते हैं, जिसमें प्रमुख उपज विभिन्न किस्मों के आम, अमरूद, नींबू, आंवला तथा सीताफल आदि हैं ।  साथ ही कटनी जिले में नॉन वाडी के तहत मेडिसन हर्ब वाली परियोजना भी चल रही है।  प्रश्न: आम महोत्सव का उद्देश्य  क्या है ?  उत्तर: वाड़ी परियोजना के अंतर्गत आदिवासी परिवारों द्वारा उत्पादित फलों का अधिकतम मूल्य प्राप्त हो सके, इसके लिए नाबार्ड हमेशा प्रयसरत रहा है, जिसमें आम महोत्सव एक मुख्य आयोजन है।  इस महोत्सव का मुख्य उद्देश हमारे आदिवासी किसानों द्वारा उत्पादित आमों के लिए प्रदेश के मुख्य शहरो में बाजार उपलब्ध करवाना, मूल्य संवर्धन तथा विपणन के विभिन्न पहलुओं से अवगत करना है । इस महोत्सव आम को वाडी से सीधा भोपालवासियों की प्लेट तक पहुँचाने का कार्य करता है। इस कार्यक्रम को क्रेता और विक्रेता द्वारा अत्यधिक सराहा जाता रहा है।  प्रश्न : इस वर्ष आम महोत्सव का आयोजन कब किया जा रहा है ? उत्तर: इस वर्ष नाबार्ड द्वारा “ राज्य स्तरीय आम महोत्सव” के आठवें संस्कारण का आयोजन दिनांक 10 से 14 जून 2025 तक किया जा रहा है। साथ ही रीवा तथा छिंदवाडा में जिला स्तरीय आम महोत्सव का भी आयोजन किया जा रहा है। प्रश्न: आम महोत्सव कहाँ आयोजित किया जा रहा है ? उत्तर:  राज्य स्तरीय आम महोत्सव का आयोजन नाबार्ड, मध्य प्रदेश क्षेत्रीय कार्यालय, ई- 5, अरेरा कालोनी, बिट्टन मार्केट, भोपाल में किया जा रहा है।  प्रश्न: आम महोत्सव में आम कहाँ-कहाँ से आ रहे हैं ?  उत्तर:  राज्य के लगभग हर कोने जैसे छिंदवाड़ा, झाबुआ, अलीराजपुर, रीवा, सतना, मंडला, शहडोल आदि जिलों के नाबार्ड समर्थित वाड़ी परियोजना के स्वादिष्ट और रसायन मुक्त आम, इस महोत्सव में बिक्री हेतु उपलब्ध होंगे। महोत्सव में लगभग 20 टन आम बिक्री हेतु उपलब्ध होंगे। प्रश्न: कौन से आम की किस्म की इस बार मुख्य आकर्षण होगी ? उत्तर : जी आई टैग सुंदरजा तथा नूरजहाँ आम के साथ ही साथ केसर, तोतापरी, आम्रपाली, दशहरी, लंगड़ा, चौसा, नारंगी, सिंदूरी, राजपुरी आदि विविध आम की किस्में इस बारे आम महोत्सव में उपलब्ध होंगे ।  प्रश्न: सुंदरजा और नूरजहां आम की क्या खासियत है ? उत्तर: सुंदरजा आम एक अनूठी किस्म है इस आम को शुगर के रोगी भी खा सकते हैं। अपनी इसी विशेषता के लिए यह विश्व प्रसिद्ध हो चुका है। यह आम बहुतायात में विदेशों में जाता है। यह किस्म मध्य प्रदेश के रीवा जिले के गोविंदगढ़ कस्बे में बहुत होती है। इसे जीआई टैग प्राप्त है।  दूसरा आकर्षण का केंद्र नूरजहां आम है। इस विशाल आकर वाले आम को देखने व खरीददारों के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं।  इसका वजन लगभग 1.5 से 3 किलों से बीच में होता है। यह आम अधिक रसीला होता है, इसका छिलका पतला होते है और गूठली (बीज) भी छोटा होता है।  प्रश्न : पिछली बार की तुलना में इस बार कितनी विशेषता वाले आम आ रहे हैं ? उत्तर :  पिछली बार की तुलना में इस बार और आधिक किस्म के आम बिक्री हेतु उपलब्ध होंगे, साथ ही साथ पिछली बार नूरजहान आम केवल अवलोकन के लिए उपलब्ध था इस बार बिक्री हेतु भी उपलब्ध रहेगा ।

बिरसा मुंडा अस्मिता, स्वायत्तता और सांस्कृतिक पहचान के प्रतीक: मसकोले

हरदा क्रांति सूर्य धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा को उनके 125 वें शहादत दिवस पर सोमवार को अजाक्स जिला कार्यालय हरदा में भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण किया जाकर दीप प्रज्ज्वलित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए । अजाक्स के पूर्व जिलाध्यक्ष रमेश मसकोले ने कहा कि कहा कि बिरसा मुंडा का जीवन और शहादत भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी समाज के साहस और उनके जल-जंगल-जमीन के लिए किए गए बलिदान का प्रतीक है। आदिवासी समाज के लोग आज भी उन्हें भगवान की तरह पूजा करते हैं। अजाक्स की जिलाध्यक्ष श्रीमती सीमा निराला ने कहा कि उनके नेतृत्व ने आदिवासियों को अन्याय के खिलाफ लड़ने के लिए प्रेरित किया और उन्हें अपनी पारंपरिक भूमि और संस्कृति के महत्व का एहसास कराया। इस अवसर पर अजाक्स के जिला संरक्षक राजकुमार मसकोले, कोषाध्यक्ष बालाराम आहके, जी. डी. दुधे, हरदा ब्लाक अध्यक्ष रामचंद्र अहिरवार, जिला सचिव पंचम ऊईके, शासकीय अधिवक्ता सुखराम बामने, रामस्वरूप झरानिया आदि अन्य लोग उपस्थित रहें।  

सेवा में मिला सम्मान से ग्वार बंजारा समाज परेशान: रमेश सिंह

भोपाल सामाजिक बन्धुओं स अमरजीत सिंह एवं स रमेश सिंह को हर जगहों पर सेवा के लिए सम्मान मिलता है तो ग्वार बंजारा समाज भोपाल और इटारसी के कुछ लोगों को अपमान और माफी मंगवाने का अधिकार किसने दिया। समाज में एक दूसरे को झूठी कहानी से भड़कना और समाज में लड़ाई झगडे को बढ़ावा देने की कोशिश करना फिर सम्भावना जताना की यह बात कह कर बात कों टालना,अगर बैठक या पंचायत हुई तो लड़ाई होना निश्चित है  अब तो कुछ लोगो ने यह बात कहना शुरू कर दिया है? कि स रमेश सिंह भोपाल ग्वार बंजारा समाज से लड़ रहा है जिला संचालक, आयुक्त जाहागीरा बाद भोपाल शासन में शिकायत दर्ज करा कर नोटिस करवाई करा रहा है और उक्त संस्था के लिए नोटिस भेजकर अपना और समाज का समय खराब कर रहा है ऐसे नोटिसों श्री अनिल नायक ऊर्फ अरविंद के साथ जो इस समाज में है स रमेश सिंह क्या बिगाड़ लेगा? मैं समाज को स्पष्ट बात बता देना चाहूंगा कि यह लड़ाई में द्वारा शुरू नहीं कि है इस लड़ाई के मुख्य सूत्रधार श्री शिवनारायण नायक,श्री सोनू भाई ठाकुर ने बाबा लख्खी शाह बंजारा समाज के साथ लड़ी है उन्होंने पहला शिकायती पत्र उनके द्वारा अध्यक्ष श्री अनिल नायक ऊर्फ अरविंद और सचिव श्री खूब सिंह के लिए एक पत्र  लिखा था और बह पत्र उनके पतों पर कोरियर द्वारा भेजा गया था अध्यक्ष श्री अनिल नायक ऊर्फ अरविंद ने और सचिव श्री खूब सिंह ने अपने पतों पर आयी चिठ्ठी शिकायत पत्र नहीं लिया गया जिसकी सूचना के तौर पर श्री तारा सिंह जों उक्त संस्था में उपाध्यक्ष है चान्दबड में रहते हैं हमारे द्वारा उनको भी अवगत कराया गया था और साथ ही उनको बताया भी था ? श्री तारा सिंह का कहना था कि समाज में मेरी कोई बात सुनता नहीं है उक्त संस्था का अध्यक्ष श्री अनिल नायक ऊर्फ अरविंद ने समाज में भ्रम फैला दिया है कि ऐसी शिकायतों से कुछ होने वाला नहीं है तो जिला संचालक, आयुक्त ने आप लोगों को क्यों  नोटिस दै रहा है  शासन ने बार बार चेतावनी के बाद समाज में समझौता कर पालन नहीं किया गया एक प्रश्न पूछें उक्त संस्था श्री अनिल नायक ऊर्फ अरविंद ने  किस तरह चालाकी से समाज और सदस्यों को झूठी कहानी समाज में इसके द्वारा बताई गई इस तरह समाज चलाएंगे श्री गुरदीप सिंह के जुर्माने की राशि का क्या हुआ उनके घर निमंत्रण क्यौ रोकें जा रहै है जों लोग परजात में शादी कर लेते हैं उन्हें कब समाज में वन्द एवं खोल देते हैं समाज में सभी सामाजिक बन्धुओं को जानकारी अध्यक्ष के द्वारा  देना आवश्यक है ऐसा नहीं चलेगा कि समाज में मांगलिक मोत म्यैत कार्यक्रम के समय ही ये मुद्दा क्यों उठाया जाता है क्यों तभी ये लोग चुहा बिल्ली का खेल खेलते हैं ग्वार बंजारा समाज भोपाल और इटारसी में कुछ जज बैठे हैं जो समाज में समन्वय और शान्ति स्थापित नहीं होने देना चाहते हैं इटारसी में लख्खी बंजारा भोपाल या अन्य जगहों से आयें निमंत्रण रोकना इनका उद्देश्य है भोपाल में श्री रमेश तलवार, श्रीमती माया गोर इन्होंने निमंत्रण के ठेकेदार बने जों अपना घर नहीं बचा पाए वो समाज क्या ख़ाक चलाएंगे ये लोग अपनी पुरानी रंजिशें को लेकर मुझसे स रमेश सिंह से प्रयोजित ऐजेंडे को लेकर लड़ और मेरा अपमान भी कर रहे हैं इन्हें समाज में क्या हो रहा है इससे इन्हें कोई मतलब नहीं है सिर्फ स रमेश सिंह स रमेश सिंह ही नजर आ रहा है अगर कोई इनसे पूछे तो एक वाक्य को सभी ने रट लगा रखी है हमने उन्हें कोई वन्द चालू नहीं किया है ये व्यक्ति गत है तो घरों में फोन करके और इनके छोटे छोटे बच्चों को भी शामिल किया हुआ है ऐसे कृत्य में संलिप्त हैं ऐसे में मांगलिक कार्यों में बहु वेटी को रोका जाता है क्या कसूर है उन बच्चों को जिन्हें समाज में गुटबाजी का शिकार होना पड़ता है अगर जरा सी भी शर्म बची है श्री अनिल नायक ऊर्फ अरविंद मैं तो समाज में जागरूकता पैदा करें ना कि निमंत्रण के लिए समाज में ढोंग नहीं रचें कोई पूछे श्री रमेश तलवार से फिर वो श्री तारा सिंह से माया गोर पूछे फिर वो कहैगा की श्री अनिल नायक, श्री मनोज कुमार, श्री राजा पवार,ऐसे में निमंत्रण दैने वाला बैचारा क्या करें ? जरा चिन्तन मनन करने कि जरूरत है हम लोग भी 63 साल के हों गये है हम  सत्तर सालों से यहीं कुछ देखते चले आ रहे हैं कुछ भी नहीं वदलाव नहीं आया है  अब तक हम बही पर अटकै है  मैं रमेश सिंह बड़े ही विनम्र भाव से समाज को एक बात बताना चाहता हूं कि मैं समाज से नहीं लड़ रहा हूं वल्कि श्री अनिल नायक ऊर्फ अरविंद ने कुछ समाजिक बन्धुओं को मेरे घर पर आयें थे और मुझे ग्वार बंजारा समाज में आजीवन सदस्य बनाने का आवेदन और रूपए 4500 और मेंरे छोटे भाई प्रीतम सिंह से भी 4500 की राशि चेक द्वारा श्री शिवनारायण नायक ने नकदी प्राप्त की थी 2021 में इस समाज में चाहे मेरी सदस्यता की बात हो या अध्यक्ष चुनाव की बात हो,ग्वार बंजारा समाज भोपाल संस्था ने मुझे धोखा ही दिया है साथ ही इनके तार इटारसी के साथ मिलें हुए हैं इस कारण मेरे अध्यक्ष पद पर इटारसी समाज ने एक व्यक्ति के आवेदन आया है इस बार की पुष्टि 2021 में चुनाव अधिकारी श्री करण सिंह ने मुझे अपने मोबाइल फोन पर कहां गया था कि आपका अध्यक्ष पद का आवेदन निरस्त किया गया है क्योंकि हमै इटारसी से हमें चिठ्ठी भेजीं गई है मैं द्वारा इसका जिम्मेदार हूं इस सामाजिक कृत्य का सिर्फ श्री अनिल नायक ऊर्फ अरविंद ही जिम्मेदार है इस व्यक्ति ने समाज में एक वर्ग को झूठी कहानी सुनाकर समाज में गुटबाजी को बढ़ावा दे कर अपनी मनमानी चला रहा है इसके सहयोगी है श्री रमेश तलवार, श्री तारा सिंह, श्रीमती माया गोर, श्री मनोज सिंह, श्री हरनाम सिंह, श्री राजा पवार हैं  ये समाज में अंतर्जातीय विवाह पर जुर्माना, और इनके खिलाफ शिकयत और जबाब तलव करने वाले व्यक्ति चाहे स रमेश … Read more

पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, तीनों स्टार पीसीबी के T20I प्लान में ही नहीं

कराची पाकिस्तानी क्रिकेट के तीन मौजूदा सुपर स्टार के टी-20 इंटरनेशनल करियर पर ग्रहण सा लगता दिख रहा है। बाबर आजम, मोहम्मद रिजवान और शाहीन शाह अफरीदी अब पीसीबी के T20I प्लान में ही नहीं हैं। एक पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से ये दावा किया गया है। अगर उनकी जगह लेने वाले नए खिलाड़ी खुद को स्थापित करने में कामयाब हुए तो पाकिस्तान के इन तीनों सुपर स्टार का टी-20I करियर खत्म भी हो सकता है। जंग अखबार ग्रुप के स्पोर्ट्स टीवी चैनल ‘जियो सुपर टीवी’ ने अपनी ऑनलाइन पब्लिश रिपोर्ट में बताया है कि आगामी श्रृंखलाओं के लिए इन तीनों खिलाड़ियों के नाम पर विचार नहीं किया जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के राष्ट्रीय चयनकर्ताओं ने हालिया टी-20 स्क्वॉड के लिए जिन नामों पर चर्चा की उनमें मोहम्मद रिजवान, बाबर आजम और शाहीन अफरीदी के नाम नदारद थे। बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान तो पहले ही टी-20 इंटरनेशनल के लिए नजरअंदाज किए जा चुके हैं। दोनों ने अपना आखिरी T20I पिछले साल दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में खेला था। शाहीन शाह अफरीदी ने पाकिस्तान सुपर लीग में जबरदस्त प्रदर्शन किया था। इसलिए उन्हें पाकिस्तान के टी-20 इंटरनेशनल के सेटअप से बाहर रखना हैरान करता है। हालांकि, जियो सुपर टीवी ने पीसीबी सूत्रों के हवाले से बताया है कि समस्या अफरीदी के एटिट्यूड से है। उनके रवैये और व्यवहार की वजह से चयनकर्ता सख्त रुख के लिए मजबूर हुए हैं। जियो सुपर ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि चयनकर्ता पाकिस्तान के आगामी विदेश दौरों के लिए संभावित खिलाड़ियों को शॉर्टलिस्ट कर रहे हैं। जुलाई में पाकिस्तान बांग्लादेश के खिलाफ 3 टी-20 मैच की सीरीज खेल सकता है। इस बीच मोहम्मद रिजवान, शाहीन अफरीदी, हारिस रऊफ और शादाब खान ने बिग बैश लीग के लिए अपना रजिस्ट्रेशन कराया है।

एमसीबी : जिला पंचायत एमसीबी की स्थायी समितियों का निर्वाचन हुई संपन्न

एमसीबी : जिला पंचायत एमसीबी की स्थायी समितियों का निर्वाचन हुई संपन्न स्थाई समितियों के पदेन सभापति और सदस्यों की हुई घोषणा एमसीबी जिला पंचायत मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में स्थायी समितियों के गठन की प्रक्रिया पूर्ण हो गई है। छत्तीसगढ़ जनपद तथा जिला पंचायत स्थायी समितियों (सदस्यों का निर्वाचन, शक्तियां, कर्तव्य, कार्यकाल एवं संचालन प्रक्रिया) नियम 1994 के अंतर्गत जिला पंचायत की स्थायी समितियों के निर्वाचन कार्यक्रम को आज विधिवत रूप से सम्पन्न किया गया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर एवं पीठासीन अधिकारी अनिल कुमार सिदार ने निर्वाचन प्रक्रिया का संचालन करते हुए कार्यक्रम की औपचारिक घोषणा की। निर्वाचन की शुरुआत पूर्वान्ह 11 बजे कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में हुई, जहां जिला पंचायत के सदस्यों की उपस्थिति दर्ज की गई। तत्पश्चात सामान्य प्रशासन, कृषि, शिक्षा, संचार एवं संकर्म, सहकारिता एवं उद्योग, महिला एवं बाल विकास, वन तथा स्वच्छता एवं स्वास्थ्य समितियों के लिए नाम निर्देशन पत्रों की स्वीकृति, परीक्षण एवं वैध-अवैध नामों की घोषणा की गई। निर्वाचन परिणाम के अनुसार सामान्य प्रशासन समिति की पदेन सभापति जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती यशवंती सिंह बनीं। वहीं शिक्षा समिति का सभापति जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री राजेश साहू को मनोनीत किया गया, जिसमें श्रीमती प्रिया और श्रीमती अनीता चौधरी को सदस्य बनाया गया। इसके साथ ही कृषि समिति का सभापति पद श्रीमती सुखमंती सिंह को सौंपा गया, जबकि श्रीमती ममता सिंह और श्री रामजीत लकड़ा सदस्य बनाए गए। इसके साथ ही संचार एवं संकर्म समिति की बागडोर श्री रामजीत लकड़ा को दी गई, साथ ही श्रीमती अनीता सिंह और श्रीमती ममता सिंह को समिति का सदस्य नियुक्त किया गया। वहीं सहकारिता एवं उद्योग समिति के सभापति श्री उजीत नारायण सिंह बन, जबकि श्रीमती सुखमंती सिंह और श्रीमती प्रिया सदस्य नियुक्त हुईं। वहीं महिला एवं बाल विकास समिति की सभापति श्रीमती अनीता सिंह को सौंपी गई, जिसमें श्रीमती प्रिया और श्रीमती बेलाकुंवर सदस्य बनाई गईं। वन समिति का नेतृत्व श्रीमती अनीता चौधरी को मिला और उनके साथ श्रीमती अनीता सिंह तथा श्रीमती बेलाकुंवर आयाम को सदस्य नियुक्त किया गया। अंततः स्वच्छता एवं स्वास्थ्य समिति की जिम्मेदारी श्रीमती बेलाकुंवर आयाम को दी गई, वहीं श्री उजीत नारायण सिंह और श्री रामजीत लकड़ा को इस समिति का स्थायी सदस्य बनाया गया। जिला पंचायत की स्थायी समितियों के गठन से पंचायत व्यवस्था को नया आयाम मिलेगा और शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में अधिक पारदर्शिता और कार्यकुशलता आएगी। पीठासीन अधिकारी अनिल कुमार सिदार ने निर्वाचन प्रक्रिया को शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और समयबद्ध रूप से संपन्न कराने के लिए सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया और नवगठित समितियों को शुभकामनाएं दीं।

जगदलपुर : प्राकृतिक आपदा पीड़ित 02 परिवारों को 08 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत

जगदलपुर कलेक्टर श्री हरिस एस. द्वारा राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत् प्राकृतिक आपदा पीड़ित 02 परिवारों को 04 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने की स्वीकृति दी गई है। जिसके तहत् तहसील करपावण्ड ग्राम संधकरमरी निवासी सुखदास की मृत्यु पानी में डूबने से पत्नि श्रीमती मंगतीन कश्यप को और तहसील लोहण्डीगुड़ा ग्राम कांटाबास करेकोट निवासी बिटाल की मृत्यु पानी में डूबने से पति जारा को चार-चार लाख रूपए की सहायता राशि प्रदान करने की स्वीकृति दी गई है। उक्त स्वीकृत सहायता राशि संबंधित हितग्राहियों के बैंक खाते में सीधे अंतरित किए जाने के निर्देश संबंधित तहसीलदारों को दिए गए हैं।

विदेशों में चल रहा अरबों का खेल!, भ्रष्टाचार का खुला खेल, ट्रम्प की निजी कमाई , राष्ट्रपति पद बना ट्रम्प का प्रॉफिट प्लान

वाशिंगटन  अमेरिका के दोबारा राष्ट्रपति चुने गए डोनाल्ड ट्रम्प के कार्यकाल में अब तक कई ऐसे फैसले सामने आए हैं जो संकेत देते हैं कि  सरकारी नीतियां उन लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए बदली जा रही हैं, जो या तो ट्रम्प के बिजनेस से जुड़े हैं या फिर उन्हें वित्तीय रूप से सहयोग करते हैं। ट्रम्प के खिलाफ सीधी रिश्वत लेने के सबूत नहीं हैं लेकिन उनके द्वारा लिया गया हर बड़ा फैसला यह दर्शाता है कि सत्ता में रहते हुए भी वह अपने और अपने करीबी सहयोगियों के आर्थिक हितों को प्राथमिकता दे रहे हैं । क्रिप्टोकरंसी घोटाले से राष्ट्रपति भोज तक  हाल ही में ट्रम्प ने एक भव्य डिनर का आयोजन किया जिसमें उन्हीं लोगों को बुलाया गया जिन्होंने सबसे अधिक मात्रा में ‘ट्रम्प कॉइन’ (Trump Coin)  नाम की क्रिप्टोकरंसी खरीदी थी। इसमें सबसे बड़ा नाम  जस्टिन सन  का है, जिन्होंने पहले ही ट्रम्प की एक और क्रिप्टो फर्म में ₹640 करोड़ लगाए थे और अब ₹340 करोड़ के ट्रम्प कॉइन खरीदकर डिनर में पहुंचे।ट्रम्प की इस नीति का नतीजा ये हुआ कि SEC (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन) ने जस्टिन सन के खिलाफ चल रहे  क्रिप्टो धोखाधड़ी  के मामले को बंद कर दिया। मेलानिया ट्रम्प और अमेज़न डील  अमेज़न  ने ट्रम्प की पत्नी मेलानिया ट्रम्प पर बनने वाली एक डॉक्यूमेंट्री के लिए ₹340 करोड़ की डील  की है। इससे साफ है कि कैसे ट्रम्प परिवार राष्ट्रपति की कुर्सी का व्यक्तिगत लाभ के लिए उपयोग कर रहा है। कतर, सऊदी अरब, ओमान और यूएई  में ट्रम्प ऑर्गेनाइजेशन रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स शुरू करने जा रहा है। वियतनाम सरकार  ने हनोई के पास ₹12,847 करोड़ के गोल्फ कॉम्प्लेक्स और हो ची मिन्ह सिटी में ट्रम्प की गगनचुंबी इमारत की अनुमति दी है। ट्रम्प के शपथ समारोह में ही करीब ₹2,000 करोड़ जुटाए गए थे।   भ्रष्टाचार का खुला खेल: ट्रम्प की निजी कमाई  फोर्ब्स के अनुमान के अनुसार ट्रम्प ने पिछले 9 महीनों में क्रिप्टोकरंसी के जरिए ₹8,569 करोड़ की कमाई की है। इस दौरान सरकार ने कई क्रिप्टो फ्रॉड मामलों में माफियाँ दीं, कई जांच बंद की गईं , वो भी तब, जब कंपनियों ने अपने गुनाह स्वीकार कर लिए थे। इतिहासकार मैथ्यू डैलेक कहते हैं  “डोनाल्ड ट्रम्प आधुनिक युग के सबसे भ्रष्ट राष्ट्रपति हैं। वे अपने लालच को सफलता का प्रतीक मानते हैं और इस पर गर्व करते हैं।”  ट्रम्प के कार्यकाल में एक ऐसी संस्कृति पनप रही है जिसमें राजनीति और निजी कारोबार  को घोल दिया गया है। वह सत्ता का उपयोग व्यक्तिगत लाभ और सहयोगियों की रक्षा  के लिए कर रहे हैं, जिससे अमेरिका की लोकतांत्रिक संस्थाओं और वैश्विक प्रतिष्ठा  पर गहरा आंच आ रही है।

रायपुर : युक्तियुक्तकरण में लापरवाही: विकास खण्ड शिक्षाधिकारी निलंबित

रायपुर, राज्य शासन के निर्देशानुसार शालाओं और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के दौरान गंभीर अनियमितताओं और गलत जानकारी देने के आरोप में विकास खण्ड शिक्षाधिकारी, रामानुजनगर (जिला सूरजपुर) श्री पंडित भारद्वाज को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। सरगुजा संभागायुक्त श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा द्वारा जारी आदेश के अनुसार, श्री भारद्वाज ने युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया में भ्रामक और तथ्यहीन जानकारी प्रस्तुत की, जिससे कई स्तरों पर गंभीर त्रुटियां उत्पन्न हुईं। जांच में सामने आया कि शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भुवनेश्वरपुर में अंग्रेजी विषय के दो रिक्त पद गलत तरीके से दिखाए गए, जबकि वहां पहले से चार व्याख्याता कार्यरत थे। इसके चलते दो अतिरिक्त व्याख्याताओं की अनुचित पदस्थापना की गई। इसी प्रकार, प्राथमिक शाला सरईपारा (जगतपुर) और देवनगर में छात्र संख्या के अनुपात से अधिक शिक्षक पद दर्शाए गए, जिससे वहां भी अनावश्यक रूप से शिक्षकों की नियुक्ति हुई। हाई स्कूल सुमेरपुर में कला संकाय के व्याख्याता श्री राजेश कुमार जायसवाल को विज्ञान विषय का बताकर एक अतिरिक्त विज्ञान शिक्षक की पदस्थापना कराई गई। निलंबन अवधि में श्री भारद्वाज को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त होगा तथा उनका मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, बलरामपुर-रामानुजगंज निर्धारित किया गया है।

उत्तर प्रदेश का एक कपल हनीमून मनाने गया तो हो गया लापता, पति-पत्नी पिछले 12 दिनों से लापता

प्रतापगढ़ राजा रघुवंशी और सोनम रघुवंशी की तरह ही उत्तर प्रदेश का एक कपल भी हनीमून मनाने गया लापता हो गया है। दोनों पति-पत्नी पिछले 12 दिनों से लापता है। पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है, लेकिन अभी तक उनका कुछ पता नहीं चल पाया। बताया जा रहा है कि जिस टूरिस्ट वाहन में ये जोड़ा सवार था, उसके साथ हादसा हो गया और वो खाई में गिर गया। अब पुलिस तलाश में जुटी हुई है।  प्रतापगढ़ में शादी, सिक्किम में हनीमून उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ के नवविवाहित कौशलेंद्र प्रताप सिंह (29) और अंकिता (26) की शादी 5 मई को हुई थी। 9 मई को अंकिता की विदाई हुई और 24 मई को वह कौशलेंद्र संग हनीमून मनाने सिक्किम गई। लेकिन, वहां पर दोनों लापता हो गए। बता दें कि कौशलेंद्र अपने माता-पिता का इकलौता बेटा है। वह प्रतापगढ़ जिले के राहा टीकर गांव सांगीपुर का रहने वाला है। उसके पिता का नाम शेर बहादुर सिंह है. वहीं, अंकिता पट्टी कोतवाली क्षेत्र के धनगढ़ सराय छिवलहा गांव निवासी विजय सिंह की बेटी है। दोनों की शादी से परिवार वाले बहुत खुश थे। दोनों पति-पत्नी हुए हादसे का शिकार! बताया जा रहा है कि कौशलेंद्र और अंकिता दोनों हनीमून मनाने के लिए सिक्किम गए थे। जिस वाहन में ये दोनों सवार हुए थे। वो वाहन हादसे का शिकार हो गया।    वाहन करीब 1000 फीट की गहराई में तीस्ता नदी में जा गिरा। हादसे में एक की मौत हो गई, दो घायल हो गए। जबकि आठ लोग लापता हो गए। इन आठ लोगों में ही दो कौशलेंद्र और अंकिता है। जानकारी मिलते ही पुलिस पहुंची और एनडीआरएफ की टीम लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी है। लेकिन, अभी तक लापता की तलाश नहीं हो पाई।  

राजस्थान में 11 युवक पिकनिक मनाने पहुंचे थे और बनास नदी में डूबने से 8 युवकों की मौत

जयपुर राजस्थान के टोंक जिले में आठ युवकों की मंगलवार को बनास नदी में डूबने से मौत हो गई। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी शवों को रेस्क्यू कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने यह जानकारी दी। 11 युवक पिकनिक मनाने पहुंचे थे और टोंक के जिला पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने बताया कि जयपुर से 11 युवक पिकनिक मनाने टोंक की बनास नदी के पास पहुंचे थे। इसी दौरान यह हादसा हो गया और आठ युवक डूब गए। इन सभी युवकों की उम्र 25 से 30 साल के बीच थी। उन्होंने बताया कि अभी यह पता लगाया जा रहा है कि हादसा कैसे हुआ। उन्होंने बताया कि तीन युवकों का इलाज चल रहा है और उनकी हालत स्थिर है।   

प्रदेश के बाहर से आयातित तुअर पर मंडी फीस से पूर्णतः छूट दिए जाने का निर्णय

प्रदेश की 20 हजार 600 सुदूर बसाहटों को मुख्य मार्ग से जोड़ने 21 हजार 630 करोड़ रूपये की सैद्धांतिक स्वीकृति मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना अंतर्गत 30 हजार 900 किलोमीटर सड़क का होगा निर्माण प्रदेश के बाहर से आयातित तुअर पर मंडी फीस से पूर्णतः छूट दिए जाने का निर्णय झाबुआ, सिंगरौली, देवास, नर्मदापुरम में वर्किंग वूमन हॉस्टल निर्माण का अनुमोदन मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में जिला विकास सलाहकार समिति” के गठन की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद का निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना अंतर्गत प्रदेश के सुदूर बसाहटों मजरा/टोला/धोनी/पुरा इत्यादि को बारहमासी सम्पर्कता प्रदान करने 21 हजार 630 करोड़ रूपये की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई। स्वीकृति अनुसार योजना का क्रियान्वयन 2 चरणों में किया जायेगा। वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2029-30 तक पहले चरण एवं वित्तीय वर्ष 2030-31 से 2034-35 तक दूसरे चरण में कुल अनुमानित 30 हजार 900 कि.मी. मार्ग का निर्माण होगा। योजना का क्रियान्वयन राज्य मद से किया जायेगा। योजना के संबंध में मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की साधिकार समिति को निर्णय लिये जाने के लिए अधिकृत किया गया है। स्वीकृति अनुसार न्यूनतम 20 आवास और 100 से अधिक जनसंख्या वाले 6 हजार वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले ऐसे क्षेत्र, जिसके 50 मीटर की दूरी में पूर्व से बारहमासी सड़क न हो, को बसाहट के अंतर्गत लिया जायेगा। इसके लिए बसाहट की जनसंख्या के घटते क्रम में विधानसभा क्षेत्रवार प्राथमिकता सूची तैयार की जायेगी। सांसद, क्षेत्रीय विधायक और जिला पंचायत सदस्यों के परामर्श पर ग्रामीणजनों की स्थानीय आवश्यकता जैसे – सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि के आधार पर बसाहटों की प्राथमिकता में कलेक्टर द्वारा लिपिबद्ध कारणों से सूची में परिवर्तन किया जा सकेगा। अंतिम प्राथमिकता सूची का राज्य स्तर पर प्रकाशन किया जायेगा। योजना अंतर्गत 20 हजार 600 बसाहटों को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए लगभग 30 हजार 900 किलोमीटर मार्ग का निर्माण किया जायेगा। प्रदेश के बाहर से आयातित तुअर पर मंडी फीस से पूर्णतः छूट दिए जाने का निर्णय मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में तुअर दाल उद्योगों की आवश्यकता के दृष्टिगत प्रदेश में बाहर से आयातित तुअर पर मंडी शुल्क से पूर्णतः छूट दिए जाने का निर्णय लिया गया। छूट दिए जाने से प्रदेश में तुअर दाल की पर्याप्त उपलब्धता होगी। साथ ही परिवहन बढेगा और रोजगार में वृद्धि होगी। झाबुआ, सिंगरौली, देवास, नर्मदापुरम में वर्किंग वूमन हॉस्टल निर्माण का सैद्धांतिक अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा झाबुआ, सिंगरौली, देवास और नर्मदापुरम में कामकाजी महिलाओं के जीवन को आसान बनाने के उद्देश्य से SASCI (स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इनवेस्टमेंट) 2024-25 योजना अंतर्गत स्वीकृत 350 सीट्स की क्षमता वाले 4 वर्किंग वूमन हॉस्टल के निर्माण का सैद्धांतिक अनुमोदन दिया गया है। योजना पी.पी.पी मोड में संचालित की जायेगी। योजना पर 40 करोड़ 59 लाख रूपये खर्च होंगे। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में ”जिला विकास सलाहकार समिति” के गठन की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा जिले के विकास योजना के लिए रोडमेप तैयार करने और जिले की दीर्घकालीन विकास योजनाएं बनाने के लिए सभी जिलों में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में “जिला विकास सलाहकार समिति” का गठन किये जाने का अनुमोदन दिया गया। उल्लेखनीय है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट भाषण में मध्यप्रदेश के समस्त जिलों में जिला विकास सलाहकार समिति का गठन किये जाने संबंधी निर्देश दिये गये थे। जिला विकास सलाहकार समिति में जिले के प्रभारी मंत्री उपाध्यक्ष होंगे। सांसद, जिले के समस्त विधायक, जिला मुख्यालय के महापौर या नगरपालिका अध्यक्ष, जिला पंचायत अध्यक्ष, जिले के सभी जनपद अध्यक्ष के साथ उद्योग, व्यापार, प्रगतिशील किसान, समाज सेवी, चिकित्सा, विधि आदि क्षेत्रों के 20 प्रतिनिधियों को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। कलेक्टर समिति के सदस्य सचिव होंगे। समिति के उद्देश्यों में जिले की जनता, जनप्रतिनिधियों व अन्य हितधारकों की जरूरतों और सुझावों के अनुसार जिले के दीर्घकालीन विकास की योजनाएँ बनाना है। साथ ही समिति जिले के परंपरागत कौशल को चिन्हित कर प्रधानमंत्री के वोकल फॉर लोकल” के सिद्धांत के दृष्टिगत उन्हें राष्ट्रीय और अन्तराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देते हुए जिले की समृ‌द्धि का रोडमैप तैयार करेगी। जिले की स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए शासकीय योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने के सुझावों पर समिति विचार करेगी। जिले में स्थानीय प्रयासों से प्रचलित नवाचारों को एक योजना के रूप में मूर्त रूप देना। जिले में रोजगार सृजन एवं विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्यों के संबंध में सुझाव, उद्योग, व्यापार, जल संरचनाओं के संरक्षण, निर्यात, कृषि, खनिज आदि क्षेत्रों में जिले की कार्ययोजना के लिए सुझाव देना शामिल है।  

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