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आर्थिक सर्वे में खुलासा- कर्ज के पहाड़ तले दबा PAK, अब तक के सर्वोच्च स्तर पर ऋण, जाने कुल कितना कर्ज

इस्लामाबाद भारत से पंगा लेने वाला पड़ोसी देश पाकिस्तान कर्ज के बोझ तले दबकर कराह रहा है। सोमवार को जारी पाकिस्तान के आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट से पता चला है कि उसका कर्ज अब तक के सबसे ऊंचे रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। इससे पहले से ही खस्ताहाल पाकिस्तान की माली हालत और बद से बदतर हो गई है। आर्थिक सर्वे की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान का कुल सार्वजनिक कर्ज (मार्च 2025 तक) 76,007 अरब पाकिस्तानी रुपये (76 ट्रिलियन) तक पहुंच गया है, जो देश के इतिहास में अब तक का रिकॉर्ड सर्वोच्च ऋण है। इसका मतलब है कि भारतीय रुपये में यह कर्ज 23 लाख करोड़ रुपये है। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि पाकिस्तान का यह सार्वजनिक ऋण पिछले चार सालों में बढ़कर लगभग दोगुना हो गया है, क्योंकि यह 2020-21 में कर्ज का यह आंकड़ा 39,860 अरब रुपये का था। दस साल पहले, पाकिस्तान का सार्वजनिक ऋण 17,380 अरब रुपये था। इस तरह से देखें तो पिछले एक दशक में पाकिस्तान के सार्वजनिक ऋण में लगभग पांच गुना का इजाफा हुआ है। 10 जून को पाकिस्तान का आम बजट बता दें कि पाकिस्तान मंगलवार (10 जून) को अपना वार्षिक बजट पेश करने की तैयारी कर रहा है। उससे पहले शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली सरकार ने अपने वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब के माध्यम से सोमवार को देश का आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट 2024-25 जारी किया है। इसमें कहा गया है कि 76,007 अरब रुपए के कर्ज वाले इस आंकड़े में 51,518 अरब रुपए का घरेलू कर्ज है, जबकि 24,489 अरब रुपए का बाहरी कर्ज शामिल है। आर्थिक सर्वे में बड़ी चेतावनी पाकिस्तान के आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि अत्यधिक या खराब तरीके से प्रबंधित कर्ज गंभीर कमजोरियाँ पैदा कर सकता है। सर्वे रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगर ब्याज का बोझ इसी तरह बढ़ता रहा और अगर इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो यह दीर्घकालिक राजकोषीय स्थिरता और आर्थिक सुरक्षा को खोखला कर सकता है।आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है, “वित्त वर्ष 2025 के पहले नौ महीनों के दौरान सार्वजनिक ऋण में वृद्धि 6.7 प्रतिशत थी।” बता दें कि हाल ही में पाकिस्तान को आईएमएफ की विस्तारित निधि सुविधा के तहत 1.03 बिलियन अमेरिकी डॉलर की सहायता मिली है। युवा बेरोजगारी लगातार बढ़ रही आर्थिक सर्वे की रिपोर्ट से स्पष्ट है कि मंगलवार को पेश होने जा रहे बजट का उद्देश्य पाकिस्तानी लोगों की भलाई और बेहतरी नहीं बल्कि IMF को खुश करना है क्योंकि पाकिस्तान की आर्थिक दिशा सार्वजनिक हित से नहीं बल्कि कर्जादाता की शर्तों से तय हो रही है। IMF की छाप पाकिस्तान के राजकोषीय ढांचे पर साफ झलक रही है, चाहे वह जबरन खर्च कटौती का हो या निजीकरण की दिशा में उठाए गए कदम हों। पाकिस्तान में आज भी लोगों को ईंधन, भोजन जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, जबकि युवा बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है।  

रेत माफियाओं के हौसलें इतने बुलंद हो गए है कि अब पत्रकारों पर हमला करने से भी गुरेज नहीं

  गरियाबंद जिले के पितईबंद घाट (पैरी नदी) में रेत माफियाओं के हौसलें इतने बुलंद हो गए है कि अब वह पत्रकारों पर हमला करने से भी गुरेज नहीं कर रहे है। सोमवार को यहां अवैध खदान की कवरेज करने पहुंचे पत्रकारों पर खदान संचालक के गुर्गों ने जानलेवा हमला कर दिया। गुर्गों ने न सिर्फ पत्रकारों के कैमरे और पहचान पत्र छीन लिए, बल्कि उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। जान बचाने के लिए पत्रकारों को खेतों और खलिहानों में जाकर छिपना पड़ा। बता दें कि रायपुर के एक व्यक्ति द्वारा पितईबंद घाट पर अवैध रेत खनन की जानकारी मिलने के बाद पत्रकार इमरान मेमन, थानेश्वर साहू, जितेंद्र सिन्हा और अन्य मीडियाकर्मी मौके पर कवरेज के लिए पहुंचे थे। मौके पर रेत का अवैध परिवहन करते वाहन मिले, जिसकी सूचना पत्रकारों ने तत्काल जिला खनिज अधिकारी को दी। खनिज विभाग की टीम तो नहीं पहुंची, लेकिन कुछ देर बाद खदान संचालक के 7–8 गुर्गे वहां आ धमके। पहले उन्होंने पत्रकारों से बहस की, फिर कैमरा और ID छीन लिए और मारपीट शुरू कर दी। जब पत्रकारों ने भागकर जान बचाई, तो गुर्गे बाइक और स्कूटी से उनका पीछा करते रहे। घटना के तुरंत बाद पत्रकार इमरान मेमन ने मीडिया और प्रशासनिक अधिकारियों के ग्रुप में एक वीडियो संदेश भेजा था। इस घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर भगवान सिंह ने एसडीएम को मौके के लिए रवाना किया और एडिशनल एसपी जितेंद्र चंद्राकर ने राजिम पुलिस को तत्काल भेजने के निर्देश दिए। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर मौजुद है और मामले की जांच में जुट गई है।

कांकेर में मदर मेरी अस्पताल में प्रसव के बाद महिला की मौत, 2019 से हो चुका लाइसेंस निरस्त

कांकेर कांकेर जिला मुख्यालय स्थित विवादित मदर मेरी अस्पताल से एक बार फिर बड़ा मामला सामने आया है. यहां बच्चे को जन्म देने के बाद एक प्रसूता की मौत हो गई है. प्रसूता के मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. चौंकाने वाली बात यह है कि अस्पताल का लाइसेंस वर्ष 2019 के बाद से नवीनीकृत ही नहीं हुआ है, बावजूद इसके यहां लगातार ऑपरेशन और इलाज किए जा रहे थे. मृतिका के पति चंद्रकांत टांडिया ने बताया कि 31 मई को पत्नी को प्रसव पीड़ा के चलते अलबेलापारा के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वहां से हालत गंभीर बताकर बाहर रेफर कर दिया गया. समय की कमी के चलते परिजनों ने मदर मेरी अस्पताल में भर्ती कराया. जहां धमतरी से आई एक महिला चिकित्सक ने ऑपरेशन से डिलीवरी कराई. बच्चा तो सुरक्षित रहा, लेकिन महिला की हालत बिगड़ती चली गई. परिजनों का आरोप है कि महिला की हालत बिगड़ने पर उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से बार-बार आग्रह किया, लेकिन इसके बावजूद महिला को रेफर नहीं किया गया. प्रबंधन ने आश्वस्त किया था कि प्रसूता यहीं ठीक हो जाएगी. अंततः 6 जून की रात 3:30 बजे महिला की मौत हो गई. मृतिका के पति चंद्रकांत टांडिया ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की जांच की मांग की है. विवादों में रहा है मदर मेरी अस्पताल यह पहला मौका नहीं है जब मदर मेरी अस्पताल विवादों में आया हो. वर्ष 2019 में नर्सिंग होम एक्ट के तहत आवश्यक दस्तावेज नहीं देने के कारण अस्पताल का लाइसेंस रिन्यू नहीं हुआ था. इसके बावजूद यहां अवैध रूप से ऑपरेशन किए जा रहे थे. बीते वर्षों में अस्पताल को दो बार सील भी किया जा चुका है. एक बार माहूरबंद पारा के एक युवक के निधन के बाद पैसा न चुकाने पर शव नहीं सौंपा गया था. दूसरी बार विश्रामपुरी के एक नवजात की मौत के मामले में लापरवाही बरती गई थी. फिर भी विभागीय मिलीभगत के चलते अस्पताल पुनः शुरू हो गया और अब फिर एक महिला की मौत ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं. सीएमएचओ ने दिए जांच के निर्देश मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ महेश साडिया ने बताया कि मदर मेरी अस्पताल का लाइसेंस 2019 से नवीनीकृत नहीं हुआ है. तो यह अस्पताल कैसे संचालित हो रहा था, इसकी जांच करवाई जाएगी. कल स्वास्थ्य मंत्री का कांकेर दौरा इधर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ श्याम बिहारी जायसवाल कल कांकेर दौरे पर रहेंगे. मंत्री जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा करेंगे. ऐसे में विभाग साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं में जुटा है, लेकिन जिला मुख्यालय में अवैध रूप से संचालित अस्पताल की ओर अब तक किसी का ध्यान नहीं गया है.

चैक-लिस्ट बनाकर करें बाढ़-राहत और बचाव संबंधी निर्देशों का पालन : मुख्य सचिव जैन

भोपाल  मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने बाढ़ राहत एवं बचाव संबंधी राज्य स्तरीय समिति की बैठक में निर्देश दिये हैं कि बाढ़ राहत और बचाव संबंधी निर्देशों के दृष्टिगत एक चेक लिस्ट बनाई जाये और उक्त अनुसार सभी विभाग अगले 15 दिनों के अंदर सौंपे गये दायित्वों को पूरा करें। उन्होंने कहा कि उड़ीसा में आपदा प्रबंधन पर हुए अच्छे कार्यों को मॉडल बनाकर राज्य में उसी तरह का सिस्टम विकसित किया जाये, जिससे जनहानि से बचा जा सके। उन्होंने राजस्व, गृह, कृषि, जल संसाधन, और मौसम विभाग को मिलकर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिये। बैठक मेंगृह विभाग को बाढ़ राहत संबंधी कार्यों का नोडल विभाग बनाये जाने का निर्णय लिया गया। मुख्य सचिव श्री जैन ने विभिन्न विभागों को बाढ़ से बचाव और राहत संबंधी अनेक दायित्व सौंपे हैं। मानसून पूर्व बाढ़ एवं अतिवृष्टि से निपटने के लिए हुई राज्य स्तरीय समिति की बैठक में गृह विभाग को सेना से समन्वय, बाढ़ बचाव उपकरणों की तैयारी, प्रशिक्षित तैराकों की सूची और नियंत्रण कक्ष से समन्वय की जिम्मेदारी दी गई। राजस्व विभाग को सभी कलेक्टर को चैक-लिस्ट अनुसार तैयारी, आपदा की स्थिति में क्षति आकलन और समय पर राहत वितरण सुनिश्चित करने का कार्य सौंपा गया है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को अस्थायी शिविरों के लिए भवन चयन, जर्जर भवनों के चिंहांकन की कार्रवाई, निचले क्षेत्रों से आबादी का स्थानांतरण और खुले बोरवेल/कुओं की सुरक्षा के निर्देश दिए गए हैं। लोक निर्माण विभागको पुलों पर बैरियर, जर्जर भवनों की मरम्मत और चेतावनी बोर्ड लगाने का कार्य सौंपा गया है। परिवहन विभागको बसों की फिटनेस जांच, ओवरलोडिंग पर नियंत्रण और बाढ़ में सुरक्षित यातायात की व्यवस्था सुनिश्चित करने का दायित्व मिला है। नगरीय विकास विभाग को नालों की सफाई, निचली बस्तियों को खाली कराने और जर्जर भवनों की मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जल संसाधन विभाग को बांधों की मजबूती, जल निकासी, पूर्वानुमान और बाढ़ संभावित गांवों का चिन्हांकन करने का उत्तरदायित्व सौंपा गया है। स्वास्थ्य विभाग को बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में चिकित्सा, दवाएं, टीकाकरण और महामारी रोकथाम के लिए आवश्यक सामग्री की व्यवस्था के साथ सर्पदंश के उपचार में प्रयुक्त एंटीवेनम की पर्याप्त व्यवस्था करनी होगी। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को स्वच्छ पेयजल, शुद्धिकरण, क्लोरीन टैबलेट वितरण और निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। कृषि विभाग को खाद-बीज का भंडारण, समय पर वितरण और कीट-व्याधि पर निगरानी का दायित्व दिया गया है। पशुपालन विभाग को पशुचिकित्सा दल, दवाएं, चारे का भंडारण और मृत पशुओं के सुरक्षित निपटान की जिम्मेदारी सौंपी गई है। खाद्य विभाग को खाद्यान्न और आवश्यक राहत सामग्री का भंडारण, मूल्य निर्धारण और वितरण की व्यवस्था करना होगी। नर्मदा घाटी विकास विभागको बड़े बांधों से पानी छोड़ने का समन्वय, कंट्रोल रूम संचालन और बाढ़ की चेतावनी संबंधी प्रचार की जिम्मेदारी दी गई है। ऊर्जा विभाग को राहत स्थलों पर विद्युत आपूर्ति, वैकल्पिक व्यवस्था, फील्ड टीम गठन और पब्लिक सूचना की जिम्मेदारी दी गई है। महिला एवं बाल विकास विभाग को महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, परामर्शदाताओं की मदद से सुरक्षित निष्क्रमण की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम विभाग को मानसून के दौरान वर्षा की दैनिक जानकारी और मौसम का पूर्वानुमान प्रतिदिन गृह, जल संसाधन विभाग और नर्मदा घाटी विकास प्राधिकारण को नियमित रूप से देनी होगी। दूरदर्शन तथा आकाशवाणी को भारी वर्षा तथा बाढ़ की स्थिति में जिला प्रशासन या राज्य शासन के निर्देश पर पूर्व चेतावनी और स्थानीय लोगों को सही जानकारी देते हुए सचेत करने में सहयोग करना है। उच्च स्तरीय समिति की बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री जे.एन. कंसोटिया, डॉ. राजेश राजौरा, श्री संजय शुक्ला, प्रमुख सचिव श्री विवेक पोरवाल, श्री संदीप यादव, श्री एम. सेल्वेन्द्रन, आयुक्त श्रीमती अनुभा श्रीवास्तव के अतिरिक्त मौसम विभाग, आर्मी के अधिकारी उपस्थित थे। अन्य विभागों के अधिकारी-वर्चुअल उपस्थित रहे।  

सहायक शिक्षक विज्ञान के पद पर समायोजन के लिए ओपन काउंसिलिंग 17 से 26 जून तक

रायपुर प्रदेश में सीधी भर्ती 2023 में नियुक्ति उपरांत सेवा समाप्त किये गये 2621 बी.एड. अर्हताधारी सहायक शिक्षकों को सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के पद पर समायोजन के लिए ओपन काउंसिलिंग की प्रक्रिया होगी। इसके लिए राज्य स्तरीय काउंसिलिंग की कार्यवाही एससीईआरटी परिसर शंकर नगर रायपुर में 17 जून से 26 जून तक की जाएगी। काउंसिलिंग के पश्चात अभ्यर्थी द्वारा चुने गए विद्यालय के लिए नियुक्ति पत्र जारी करना तथा दस्तावेजों का सत्यापन का काम जिला शिक्षा अधिकारियों द्वारा 25 जून से 4 जुलाई तक किया जाएगा। बीएड अभ्यर्थियों को आदेश जारी होने के 7 दिवस के भीतर संबंधित शालाओं में कार्यभार ग्रहण करना होगा। स्कूल शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार काउंसिलिंग के लिए 29 जिलों के 103 विकासखण्डों की 1520 शालाओं से 2621 रिक्त पद लिए गए हैं। इनमें दुर्ग-रायपुर-बिलासपुर एवं जांचा-जांजगीर जिले को शामिल नहीं किया गया है। अधिसूचित क्षेत्रों में बड़ी संख्या में सेजेस शामिल होने के कारण सेजेस विद्यालयों को भी शामिल किय गया है। गौरतलब है कि बीएड अथ्यर्भियों के प्रकरण पर विचार के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति की अनुशंसा अनुसार बस्तर संभाग, सरगुजा संभाग, अधिसूचित विकासखण्डों तथा इससे संलग्न निकट के विकासखण्ड एवं राज्य के सीमावर्ती विकासखण्डों में स्थित शालाओं की रिक्तियों को शामिल किया गया है। संलग्न विकासखण्डों को शामिल करते समय यह ध्यान रखा गया है कि वे मुख्यालय से दूर हो एवं वहाँ शिक्षकों की उपलब्धता कम हो। यह भी उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में 30 अप्रैल को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में सीधी भर्ती 2023 में नियुक्ति उपरांत सेवा समाप्त किये गये 2621 बी.एड. अर्हताधारी सहायक शिक्षकों के हित में महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए उन्हें सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के पद पर समायोजन करने का निर्णय लिया गया था। हटाये गए बी.एड अर्हताधारी सहायक शिक्षकों को सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के राज्य में रिक्त 4,422 पदों में समायोजित करने तथा समायोजन गैर विज्ञापित पदों पर करने इसी प्रकार कला/विज्ञान संकाय से 12वीं उत्तीर्ण सहायक शिक्षकों को निर्धारित अर्हता (12वीं गणित/विज्ञान) पूर्ण करने हेतु 3 वर्ष की अनुमति देने का निर्णय लिया गया था। साथ ही इन अभ्यर्थियों को प्रयोगशाला कार्य के संबंध में एस.सी.ई.आर.टी. के माध्यम से दो माह का विशेष प्रशिक्षण देने और अन्य पिछड़ा वर्ग के शेष 355 अभ्यर्थियों के लिए सांख्येत्तर पदों का सृजन करने का निर्णय लिया गया था।  काउंसिलिंग के लिए समय-सारिणी  काउंसिलिंग प्रविधि की सूचना का प्रकाशन 13 जून को होगा। तिथिवार काउंसिलिंग में शामिल अभ्यर्थियों की सूची का प्रकाशन एवं पदांकन हेतु शालाओं की सूची का प्रकाशन 16 जून, ओपन काउंसिलिंग की अवधि 17 जून से 26 जून, जिला शिक्षा अधिकारियों द्वारा नियुक्ति आदेश जारी करने की तिथि 25 जून से 04 जुलाई, अभ्यर्थियों को आदेश जारी होने के 7 दिवस के भीतर शालाओं में कार्यभार ग्रहण करना होगा।

दो माह पूर्व जन्मे चारों प्रीमेच्योर शिशु पूरी तरह स्वस्थ, मां और शिशु डिस्चार्ज

भोपाल कैलाशनाथ काटजू चिकित्सालय, भोपाल में विशेषज्ञों की देखरेख ने दो माह पूर्व जन्मे चार प्रीमेच्योर शिशुओं को नया जीवन मिला है। शिशु पूरी तरह स्वस्थ हैं और बच्चों सहित मां को डिस्चार्ज कर दिया गया है। नोडल अधिकारी डॉ. रचना दुबे ने बताया कि श्रीमती ज्योति ने एक साथ चार बच्चों को जन्म दिया। यह डिलीवरी 9 अप्रैल को हुई। विवाह के पाँच वर्षों बाद ज्योति को यह खुशी मिली थी। प्रसव प्री-टर्म (समयपूर्व) था और चारों नवजात शिशुओं का वजन अत्यंत कम था। इनमें से एक शिशु का वजन 1 किलोग्राम से भी कम था, जबकि अन्य तीन का वजन लगभग 1 किलोग्राम के आसपास था। कठिन परिस्थितियों के बावजूद चिकित्सालय की विशेषज्ञ टीम द्वारा सभी शिशुओं को सी-पैप पर रखा गया और सर्फेक्टेंट थेरेपी दी गई, जो सामान्यतः निजी अस्पतालों में अत्यंत महंगी होती है। कैलाशनाथ काटजू चिकित्सालय में यह संपूर्ण चिकित्सा सुविधा निशुल्क उपलब्ध कराई गई। चारों नवजातों को लगभग 60 दिनों तक चिकित्सालय में रखकर समुचित देखभाल प्रदान की गई। चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ की सतत निगरानी और प्रयासों के फलस्वरूप चारों नवजात शिशु पूर्णतः स्वस्थ हैं और 9 जून को माँ ज्योति को अस्पताल से विधिवत डिस्चार्ज कर दिया गया। नोडल अधिकारी डॉ. रचना दुबे के मार्गदर्शन में यह चिकित्सकीय प्रक्रिया की गई। चारों नवजात की देखभाल में प्रमुख रूप से डॉ. सुजाता जनवदे, डॉ. स्मिता सक्सेना, डॉ. ममता वर्मा, डॉ. प्रतिभा रैकवार सहित डॉ. अमित, डॉ. लोकनाथ, डॉ. निर्मला, डॉ. गरिमा, डॉ. राकेश और अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ ने अत्यंत समर्पण और मानवीय संवेदना के साथ योगदान दिया। 

संभल में पीडब्ल्यूडी की सड़क पर बनी अवैध मस्जिद और दरगाह पर चला योगी का बुलडोजर, एक्शन जारी

संभल  उत्तर प्रदेश में अवैध मस्जिद, मदरसों, मंदिरों और दरगाहों पर लगातार बुलडोजर एक्शन जारी है। इसी क्रम में संभल में पीडब्ल्यूडी की सड़क पर बनी अवैध मस्जिद और दरगाह को बुलडोजर से तोड़ा जा रहा है। मुस्लिम समुदाय के लोग खुद अपने हाथों से अवैध निर्माण को तोड़ रहे हैं।   10 दिन पहले जारी किया गया नोटिस बता दें कि यह मामला बहजोई रोड अजीजपुर असदपुर का है। यह कार्रवाई सड़क चौड़ीकरण में बाधा बन रही अवैध मस्जिद और दरगाह को हटाने के लिए की जा रही है। संभल प्रशासन ने एक महीने पहले अवैध निर्माण को तोड़ने के आदेश दिए थे, जिसके बाद पीडब्ल्यूडी की ओर से 10 दिन पहले नोटिस जारी किया गया था।   मस्जिद को खुद तोड़ रहे मुस्लिम समाज के लोग ईद उल जुहा पर्व के बाद आज मुस्लिम समाज के लोग खुद मस्जिद और दरगाह के हिस्से को तोड़ रहे हैं। साथ ही बुलडोजर भी अपनी कार्यवाही कर रहा है। दरगाह के सामने मंदिर के हिस्से को भी हिंदू समाज के लोग खुद तोड़ रहे हैं। इस दौरान एसडीएम डॉ वंदना मिश्रा, सिटी मजिस्ट्रेट और तहसीलदार सहित प्रशासनिक अमला मौके पर मौजूद है।  

जल जीवन मिशन में ग्वालियर, भिंड, नर्मदापुरम और शहडोल जिले एफएचटीसी उपलब्ध कराने में अग्रणी

भोपाल  प्रदेश में जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को नल के माध्यम से शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पीएचई विभाग द्वारा सतत एवं मिशन मोड में कार्य किया जा रहा है। इस कड़ी में 8 जून 2025 को प्रदेश के पाँच जिलों—मुरैना, ग्वालियर, भिंड, नर्मदापुरम और शहडोल—ने फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन प्रदान करने की दिशा में राज्य स्तरीय प्रदर्शन में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है। इन जिलों ने जल जीवन मिशन के निर्धारित मापदंडों के अनुरूप हर-घर जल कनेक्शन उपलब्ध कराने में उल्लेखनीय कार्य करते हुए प्रदेश स्तर पर मिशन के उद्देश्यों को गति प्रदान की है। इंडेक्स आधारित मानिटरिंग के अनुसार, इन जिलों द्वारा 8 जून को सबसे अधिक एफएचटीसी दर्ज किए गए, जो ग्रामीण पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सशक्त और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेतक है। प्रदेश में मिशन की सफलता का आधार जमीनी स्तर पर की जा रही सुव्यवस्थित योजना, क्रियान्वयन की सघनता, तथा विभागीय कर्मचारियों और जिला प्रशासन के समन्वयपूर्ण प्रयास हैं। मुरैना, ग्वालियर, भिंड, नर्मदापुरम और शहडोल जिलों की पीएचई टीमों ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति के लिये अभियानात्मक गति से कार्य करते हुए यह उपलब्धि हासिल की है। इन जिलों की प्रगति यह भी दर्शाती है कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों और सामुदायिक सहभागिता के साथ समन्वय से जल जीवन मिशन की प्रभावशीलता बढ़ी है। तकनीकी अमले द्वारा गुणवत्तापूर्ण नल कनेक्शन प्रदान करने, जल स्रोतों की नियमित निगरानी करने तथा जल गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित करने जैसे आयामों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पीएचई विभाग द्वारा मिशन से जुड़ी समस्त गतिविधियों की नियमित समीक्षा और फील्ड स्तर पर पर्यवेक्षण सुनिश्चित किया गया है, जिससे कार्यों की पारदर्शिता और गति बनी रहे। विभाग द्वारा मिशन की सफलता को “सभी के लिए जल, सबकी भागीदारी” के सिद्धांत पर आधारित सामूहिक प्रयास का परिणाम बताया गया है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत मध्यप्रदेश निरंतर प्रगति कर रहा है और इन पाँच जिलों का यह प्रदर्शन यह स्पष्ट करता है कि प्रदेश हर घर में नल से जल पहुंचाने के संकल्प की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा रहा है।  

बावड़ियों का संरक्षण जल संवर्धन के लिए जरूरी, उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने किया बूंद सहेंजे बावड़ी पुस्तक का विमोचन

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने सोमवार को निवास कार्यालय में जल गंगा सवंर्धन अभियान के अंतर्गत जन अभियान परिषद द्वारा प्रकाशित पुस्तक ‘ बूंद सहेजे बावड़ी’ का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण की दिशा यह में एक सतत प्रयास है जिसमें प्रदेश की बावड़ियों की जानकारी प्राप्त कर उसे स्वच्छ एवं निर्मल जल में परिवर्तित किया जाना है। श्री देवड़ा ने कहा कि मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद् की यह अनूठी पहल है। श्री देवड़ा ने कहा कि बावड़ियाँ हमारी प्राचीन जलस्त्रोत धरोहर हैं और यही जल संरक्षण का आधार रही हैं। हमारा दायित्व है कि प्रदेश में बावड़ियों की खोज कर उन्हें संरक्षित कर पीने योग्य बनाया जाए। उन्होंने कहा कि नगरिकों को यह पुस्तक धार्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और ऐतिहासिक महत्व को समझने और समझाने का अवसर होगा। श्री देवड़ा ने कहा कि जल का संरक्षण आवश्यक है क्योंकि जल ही जीवन है इसके बगैर मनुष्य की कल्पना करना बेकार है । जन अभियान परिष्द जल स्त्रोतों के संरक्षण और संवर्धन के लिये जनभागीदारी में कर रही है। जन जागरूकता से बावड़ियों को सहेजने का कार्य हो रहा है । इस अवसर पर म.प्र. जनअभियान परिषद् के उपाध्यक्ष श्री मोहन नागर एवं निर्देशक डॉ. बकुल लाड़ उपस्थित रहे।  

प्राचीन बावडि़यों को चिन्हित कर किये जा रहे हैं जल संरक्षण के कार्य

भोपाल प्रदेश स्तर पर 30 मार्च से शुरू हुआ जल गंगा संवर्धन अभियान लगातार जारी है। अभियान में 30 जून तक निरंतर गतिविधियाँ हों, इसके लिये जिला प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। अभियान में चिन्हित की गयीं बावड़ियों की सफाई कर अंतिम रूप दिया जा रहा है। जन-सामान्य को इनके ऐतिहासिक महत्व के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक में भी अब तक किये गये कार्यों की समीक्षा की गयी है। दीपों से जगमगायी प्राचीन बावड़ी मंडला जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान में जन-भागीदारी से नदी-तालाबों के आस-पास सफाई कार्य किये जा रहे हैं। महाराजपुर संगम घाट स्थित बावड़ी में “बावड़ी उत्सव” का आयोजन कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा के निर्देर्शन में हुआ। परम पूज्य संत श्री भीमदेव जी आचार्य काशी विश्वनाथ वैदिक गुरुकुल और माँ नर्मदा गौशाला जिलहरी घाट, गाजीपुर और अन्य संतों के साथ बावड़ी उत्सव मनाया गया। कार्यक्रम की शुरूआत में माँ नर्मदा के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया गया। कार्यक्रम में बताया गया कि प्राचीन काल में बावड़ियाँ वर्षा के पानी को एकत्रित करने और भूजल स्तर को बनाए रखने के लिए बनाई जाती थीं। शुष्क क्षेत्रों में, वे जल उपलब्धता में मौसमी उतार-चढ़ाव से निपटने में मदद करती थीं। बावड़ियाँ सामाजिक मेलजोल के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान हुआ करती थीं। कार्यक्रम में बताया गया कि बाबडी का निर्माण कार्य वर्ष 1890 में किया गया था। इस बावड़ी की संरचना ऐसी हैं कि इसमें नर्मदा जलधारा हमेशा बनी रहती हैं। जल गंगा संवर्धन अभियान के सभी निर्माण कार्य जल्द हों पूरे नीमच जिले मेंजल गंगा संवर्धन अभियान में सभी कार्य तेजी से पूरे किये जा रहे हैं। कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने जनपद सीईओ एवं सभी सहायक यंत्रियो को निर्देश दिये कि वे उन कामों का दौरा कर निरीक्षण करें, जहाँ जल स्रोतों की सफाई का कार्य अभी भी चल रहा है। बैठक में सेक्टरवार नवीन खेत-तालाब निर्माण, डगवेल रिचार्ज और प्राचीन जल-स्रोत संबंधी कार्यों का प्रस्तुतिकरण किया गया। जिले में 22 अमृत सरोवरों, 731 खेत-तालाब और 1900 कुआँ रिचार्ज के कार्य जारी हैं। बावड़ी उत्सव मनाया गया उज्जैन जिले में मध्यप्रदेश जन-अभियान परिषद द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान में बावड़ी उत्सव मनाया गया। यह उत्सव ग्राम रुई स्थित प्राचीन श्री भैरव बाबा की बावड़ी पर किया गया। महिलाओं द्वारा शिव मंदिर पर पूजन-अर्चन कर बावड़ी तक ढोल के साथ कलश यात्रा निकाली गई। ग्रामीणों को जल संरक्षण का महत्व बताते हुए प्राचीन जल संरचनाओं की उपयोगिता एवं आवयश्कता बताई गई। ग्रामीणों को जल संरचनाओं में कूड़ा-कचरा और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को न डालने की शपथ दिलाई गई। जिला पंचायत सदस्य श्री अमर सिंह ने वाटर हॉर्वेस्टिंग, नए तालाबों का निर्माण एवं वर्षा के जल को सहजने की बात कही। महिदपुर में गंगा दशहरा में बावड़ी उत्सव का आयोजन ग्राम सुहागपुरा स्थित पटेलों की बावड़ी पर किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से पौध-रोपण, दीपोत्सव, सुंदरकांड का आयोजन किया गया। जल स्रोतों का निरीक्षण टीकमगढ़ जिले में कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय ने जल गंगा सबर्धन अभियान अंतर्गत कुओं की सफाई व वर्षा पूर्व कराई जा रही नालों की सफाई का निरीक्षण किया। उन्होंने कन्या महाविद्यालय के पास स्थित नाला, पशु चिकित्सालय के पास की बावड़ी, बंडा नहर की चल रही सफाई कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि जल स्रोतों की सफाई और मरम्मत का कार्य आवश्यक रूप से आने वाले 7 दिन में पूर्ण कर लिया जाये। उन्होंने वर्षाकाल के दौरान जिले में व्यापक स्तर पर किये जाने वाले पौध-रोपण के लिये तैयार की गई कार्य-योजना की जानकारी ली। जल स्रोतों को पुनर्जीवित करें सागर में कमिश्नर डॉ. वीरेंद्र सिंह रावत ने कलेक्टर कार्यालय में आयोजित राजस्व अधिकारियों की बैठक में जल गंगा संवर्धन अभियान में किये जा रहे कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान 30 जून तक जारी रहेगा। इसके अंतर्गत सभी पुराने जल स्रोतों को पुनर्जीवित किया जाए और उनका संरक्षण किया जाए। कमिश्नर श्री रावत ने कहा कि सभी राजस्व अधिकारी जन-प्रतिनिधियों से समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि अभियान के अंतर्गत कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। सागर कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. ने बताया कि जिले में पानी रोकने के लिए कार्य किया जा रहा है। उन्होंने इस अभियान के माध्यम से छोटे नदी, नालों, बावड़ियों को पुनर्जीवित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी ग्राम पंचायत भवनों में रेन वाटर हॉर्वेस्टर सिस्टम तैयार करने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत किए जाने वाले निर्माण कार्यों की एसडीएम मौके पर जाकर स्थल निरीक्षण करें। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जल स्रोतों के पास चेक डैम बनाया जाए, जिससे पानी रोका जा सके साथ ही रिचार्ज पिट भी बनाएं, जिससे जल संवर्धन का कार्य भी किया जा सके। उन्होंने कहा कि हम सभी को जागरूक रहते हुए इस दिशा में लगातार प्रयास करना होगा। जल संरक्षण के लिए समाज के सभी वर्गों की भूमिका है। उन्होंने जन सामान्य से भी अपील की है कि वे अपने घरों में रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के साथ-साथ रिचार्ज पिट/सम्पवेल भी अवश्य बनवाएं।

शहर के पॉश इलाके सिटी सेंटर में रेड माउंटेन मसाज पार्लर पर देह व्यापार का भंडाफोड़ हुआ, पुलिस ने मारा छापा

ग्वालियर शहर के पॉश इलाके सिटी सेंटर में रेड माउंटेन मसाज पार्लर पर देह व्यापार का भंडाफोड़ हुआ है। यहां युवक और युवतियां आपत्तिजनक हालत में मिले। यहां से पांच सेक्स वर्कर को भी पकड़ा गया। पुलिस ने जब मसाज पार्लर की तलाशी ली तो यहां से कई संदिग्ध वस्तुएं भी बरामद हुई हैं। पुलिस ने मैनेजर, पार्लर संचालक और ग्राहकों पर एफआइआर दर्ज की है।   काफी समय से मिल रही थी पुलिस को सूचना सिटी सेंटर इलाके में मसाज पार्लर की आड़ में देह व्यापार का अड्डा चलने की सूचना पुलिस को लंबे समय से मिल रही थी। एएसपी कृष्ण लालचंदानी ने सीएसपी हिना खान के नेतृत्व में महिला थाना प्रभारी, अजाक थाना प्रभारी सहित महिला पुलिसकर्मियों की टीम बनाई। एक सिपाही को यहां ग्राहक बनाकर भेजा गया। जैसे ही यहां उससे डील कर ली तो उसने पुलिस अधिकारियों को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस फोर्स ने दबिश दी। यहां दो कमरों में अनैतिक स्थिति में दो युवक सेक्स वर्कर के साथ पकड़े गए। यहां पांच सेक्स वर्कर मिलीं। इनसे पूछताछ हुई तो देह व्यापार की पुष्टि हुई। जब तलाशी ली तो संदिग्ध वस्तुएं भी बरामद हुई। हर दिन आते थे 5 से 6 ग्राहक महिला पुलिस अधिकारियों ने जब सेक्स वर्कर से पूछताछ की तो इन्होंने बताया कि एक ग्राहक को सर्विस देने के एवज में इन्हें एक हजार रुपये मिलते थे। मैनेजर ग्राहक से दो हजार रुपये लेता था। इसमें से एक हजार संचालक को जाते थे। एक हजार रुपये इन्हें मिलते थे। हर दिन पांच से छह ग्राहक आते थे। आपत्तिजनक हालत में मिले दो ग्राहक देह व्यापार का भंडाफोड़ करने के बाद एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि रेड माउंटेन मसाल पार्लर की आड़ में देह व्यापार हो रहा था। यहां दो ग्राहक आपत्तिजनक स्थिति में पकड़े गए हैं। जिन पर FIR दर्ज की उनमें मालिक दीपक तोमर उर्फ विवेक तोमर व भानु भदौरिया, मैनेजर विक्रम शर्मा और ग्राहक अमित भदौरिया, सूरज छावड़िया शामिल हैं।

उत्तर प्रदेश में पूरब से लेकर पश्चिम तक भीषण गर्मी का प्रकोप जारी, आसमान से बरस रही आग, पारा 45 डिग्री पार

लखनऊ  यूपी में पूरब से पश्चिम तक भीषण गर्मी का माहौल है। हर तरफ जैसे आग बरस रही है। लगभग 22 जिलों का तापमान 40 डिग्री से अधिक और दो जिलों का तापमान 45 डिग्री से अधिक हो गया है। उत्तर प्रदेश में पूरब से लेकर पश्चिम तक भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। सोमवार को बुंदेलखंड, आगरा मंडल और दिल्ली एनसीआर के जिले प्रचंड गर्मी के साथ लू की चपेट में रहे। झांसी और आगरा में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया। मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए यूपी के आगरा, झांसी, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, फिरोजाबाद, इटावा, जालौन, हमीरपुर, महोबा, ललितपुर में भीषण गर्मी के साथ लू चलने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं दक्षिणी व पश्चिमी यूपी के लगभग 14 जिलों में रातें सामान्य से ज्यादा गर्म रहेंगी और वार्म नाईट का प्रकोप रहेगा। साथ ही पश्चिमी यूपी और एनसीआर के लगभग 25 जिलों के लिए लू चलने का येलो अलर्ट जारी किया है।   सोमवार को उत्तर प्रदेश के लगभग 22 जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया। मौसम विभाग का कहना है कि मंगलवार से अगले एक दो दिन बुंदेलखंड और आगरा क्षेत्र के कई जिलों में दिन में लू चलने के साथ-साथ रातें भी सामान्य से ज्यादा गर्म रहेंगी और वार्म नाइट का प्रकोप रहेगा। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि 11 जून के बाद बंगाल की खाड़ी से उठे नमी के असर से प्रदेश के पूर्वांचल व अन्य हिस्सों में बूंदाबांदी का दौर दोबारा देखने को मिलेगा। 

केन्द्रीय सचिव हरिरंजन राव और डॉ. पल्लवी जैन गोविल ने खेल और युवा कल्याण की गतिविधियों और योजनाओं का किया अवलोकन

भोपाल  सचिव खेल मंत्रालय एवं महानिदेशक भारतीय खेल प्राधिकरण श्री हरिरंजन राव और सचिव युवा कल्याण डॉ. पल्लवी जैन गोविल ने सोमवार को भोपाल में मध्यप्रदेश की खेल और युवा कल्याण की गतिविधियों का अवलोकन किया और योजनाओं की विस्तृत जानकारी ली। सचिव श्री हरिरंजन राव ने सुबह उद्धवदास मेहता भाईजी सेन्ट्रल रीजनल सेन्टर, भारतीय खेल प्राधिकरण गौरा-गांव, बिशनखेड़ी की सुविधाओं का अवलोकन किया। उन्होंने खेल और युवा कल्याण विभाग की शूटिंग, घुड़सवारी अकादमी, स्पोर्ट्स सांइस सेन्टर का भी अवलोकन किया। अतिरिक्त मुख्य सचिव खेल और युवा कल्याण श्री मनु श्रीवास्तव के साथ तात्याटोपे स्टेडियम स्थित ध्यानचंद कॉन्फ्रेन्स हॉल में बैठक हुई। बैठक में सचिव खेल मंत्रालय श्री हरिरंजन राव, संचालक खेल और युवा कल्याण श्री राकेश गुप्ता, संचालक रीजनल सेन्ट्रल सेन्टर श्री अभिषेक सिंह, सचिव साई श्री विष्णुकांत तिवारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में खेल संचालक श्री राकेश गुप्ता द्वारा विभाग की खेल और युवा कल्याण गतिविधियों एवं योजनाओं का प्रेजेन्टेशन दिया गया। खेल अकादमियों पर आधारित लघु फिल्म और खेलो बढ़ो अभियान की फिल्म को भी प्रदर्शित किया गया। सचिव श्री हरिरंजन राव ने मध्यप्रदेश के खेल और युवा कल्याण की गतिविधियों की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए भारत सरकार से हर संभव मदद का अश्वासन दिया। माय भारत पोर्टल से जुड़ें विभिन्न विभाग सचिव, युवा कार्यक्रम मंत्रालय डॉ. पल्लवी जैन गोविल ने यूथ हॉस्टल भोपाल का अवलोकन किया और तात्याटोपे स्टेडियम में एन.वॉय.के. और माय भारत के अधिकारियों से भेंट कर गतिविधयों की जानकारी ली। डॉ. गोविल ने टी.टी. नगर खेल स्टेडियम पहुँचकर माय भारत योजना की राज्य स्तरीय समीक्षा की। उन्होंने युवाओं की भागीदारी को सशक्त करने के लिए सुझाव दिए। ‘माय भारत’ पोर्टल एवं एप के उपयोग को सशक्त करने के लिये तकनीकी सुधार के बारे में भी चर्चा की। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न विभागों को ‘माय भारत’ प्लेटफॉर्म से जोड़ने पर बल दिया। बैठक में राज्य निदेशक श्री अतुल निकम ने ‘माय भारत (मेरा युवा भारत)’ योजना की गतिविधियों और उद्देश्यों पर प्रस्तुति दी। बैठक के समापन पर जिला युवा अधिकारी भोपाल श्रीमती निक्की राठौर ने आभार माना। बैठक में उपनिदेशक श्री रोहित यादव, श्री विनोद चतुर्वेदी, श्री हर्षल तलस्कर, श्री पंकज गोस्वामी, श्री राजेंद्र शर्मा, श्री सागर वाधवानी एवं खेल विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शहीद एएसपी श्री आकाश राव गिरपुंजे के निवास पहुंचकर दी श्रद्धांजलि

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज सुकमा जिले के कोंटा में नक्सलियों द्वारा किए गए आईईडी विस्फोट में शहीद एएसपी श्री आकाश राव गिरपुंजे के राजधानी रायपुर स्थित निवास पहुंचकर उनके पार्थिव देह पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने शहीद एएसपी श्री आकाश राव गिरपुंजे के शोकसंतप्त परिवारजनों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की और उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि शहीद एएसपी श्री आकाश राव गिरपुंजे ने अपने कर्तव्य के प्रति अदम्य साहस, निष्ठा और समर्पण दिखाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है। हमें उन पर गर्व है। सरकार इस दुख की घड़ी में उनके परिवार के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री के साथ पहुंचे वन मंत्री श्री केदार कश्यप और गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ, पुलिस महानिदेशक श्री अरूण देव गौतम,अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक नक्सल ऑपेरशन श्री विवेकानंद सिन्हा ने भी शहीद श्री गिरपुंजे को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज सुकमा के कोंटा में हुई नक्सल घटना के मद्देनजर अपना राजनांदगांव का प्रस्तावित दौरा स्थगित करते हुए मंत्रालय महानदी भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की हाई लेवल बैठक में इस घटना की जानकारी ली। मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों से सुकमा जिले के कोंटा में नक्सलियों द्वारा किए गए आईईडी विस्फोट के विषय में अधिकारियों से जानकारी ली और नक्सल ऑपरेशन्स की समीक्षा की। उन्होंने घायल जवानों को त्वरित रूप से समुचित इलाज उपलब्ध कराने सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।  बैठक में गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ, पुलिस महानिदेशक श्री अरूण देव गौतम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक नक्सल ऑपेरशन श्री विवेकानंद सिन्हा, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में सुकमा जिले के कोंटा में नक्सलियों द्वारा किए गए आईईडी विस्फोट में घायल जवानों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने घायल जवानों से उनका हाल-चाल जाना और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। उन्होंने घायल जवानों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने चिकित्सकों को निर्देशित किया।

कार्यकाल के अंतिम दिन सी एम एच ओ भोपाल डॉ तिवारी ने अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ की बैठक

भोपाल  सी एम एच ओ भोपाल डॉ प्रभाकर तिवारी द्वारा कार्यकाल के अंतिम दिन  स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की बैठक ली गई। जिसमें स्वास्थ्य विभाग की सेवाओं को निरंतर रूप से समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए। इस दौरान विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने डॉ तिवारी को नए दायित्व के लिए शुभकामनाएं दी।   अब राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में संभालेंगे दायित्व  डॉ तिवारी आज राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्यप्रदेश कार्यालय में नवीन पदभार ग्रहण करेंगे। शासन द्वारा इनका प्रमोशन करते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यालय में वरिष्ठ संयुक्त संचालक बनाया गया है। उनके स्थान पर डॉ मनीष शर्मा को भोपाल सीएमएचओ बनाया गया है। डॉ प्रभाकर तिवारी को 5 साल पूर्व कोविड की विषम परिस्थितियों के बीच में भोपाल सीएमएचओ का प्रभार दिया गया था, इस दौरान उन्होंने राज्यस्तरीय अधिकारियों और जिला प्रशासन के सहयोग से महामारी नियंत्रण में उल्लेखनीय कार्य किया था।   कम्युनिटी बेस्ड एप्रोच की निरंतरता को बनाए रखना जरूरी  विभागीय बैठक में डॉ तिवारी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग भोपाल द्वारा अंत्योदय की अवधारणा के अनुरूप श्रमिक पीठों, रैन बसेरों, तंग बस्तियों, घरों में काम करने वाले दीदियों, स्वच्छता कर्मियों, बस ड्राइवर, कंडक्टर्स, वृद्धाश्रमों, जेल बंदियों, न्यूज पेपर हॉकर्स तक पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाएं दी गईं हैं। इन हितग्रहियों का निरंतर फॉलोअप आवश्यक है। पिछले 5 सालों में संजीवनी क्लीनिक की संख्या दो गुना से भी अधिक हुई हैं। बड़े अस्पतालों के ओ पी डी लोड को कम करने के लिए स्थानीय लोगों को सामान्य बीमारियों के उपचार के लिए इन स्वास्थ्य संस्थाओं में आने के लिए प्रेरित किया जाए।    प्रशिक्षणों से प्राप्त जानकारी का उपयोग सेवाओं की बेहतरी के लिए  डॉ तिवारी ने कहा कि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, गांधी मेडिकल कॉलेज, निजी मेडिकल कॉलेजों के विशेषज्ञों से प्राप्त जानकारी का उपयोग स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिए किया जाए। विभाग द्वारा सुसाइड प्रीवेंशन के लिए गेटकीपर्स ट्रेनिंग, नगर निगम के साथ डॉग हैंडलर्स ट्रेनिंग, एम्स के साथ पेलेटिव केयर, पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य जैसे कई महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम भी किए गए हैं।   सामाजिक सरोकारों से भी जुड़ा सी एम एच ओ कार्यालय  पिछले कुछ सालों में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय भोपाल ने सामाजिक सरोकारों से जुड़कर भी सेवाओं का विस्तार किया है। इसके तहत अंगदान को बढ़ावा देने के लिए अंगदान करने वालों के परिजनों को सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत उपचार से स्वस्थ हुए बच्चों को मुख्य धारा से जोड़ने और उनके मनोबल को बढ़ाने के लिए सांस्कृतिक प्रस्तुतियां , क्रिकेट मैच सहित विभिन्न कार्यक्रम करवाए गए। गैर शासकीय संगठनों का सहयोग लेकर मोबाइल वेन से आई स्क्रीनिंग, चश्मा वितरण, वृद्धजनों के लिए फिजियोथेरेपी, डेंगू मलेरिया जागरूकता, घर बैठे ऑनलाइन ओ पी डी अपाइंटमेंट सिस्टम शुरू किया गया। सी एम एच ओ कार्यालय की विशाल तिरंगा यात्रा, रहवासी समितियों में आयुष्मान शिविर, धार्मिक-सामाजिक आयोजनों में स्वास्थ्य शिविर की सेवाएं दी गई हैं।        ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट सहित अनेक राष्ट्रीय स्तर के आयोजनों में स्वास्थ्य विभाग ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पी एम श्री एयर एम्बुलेंस की सेवाओं आमजन तक पहुंचाने , प्राइवेट स्कूलों में आर बी एस के टीम द्वारा स्क्रीनिंग शुरू की गई है।  जिले की 35 स्वास्थ्य संस्थाओं का नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड के तहत प्रमाणीकरण हुआ है । इनमें से कोलुआ कला को देश भर में सर्वाधिक अंकों के साथ यह सर्टिफिकेट मिला है।

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