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दिग्गज नेताओं को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी, पंचायत चुनाव में जीत का BJP ने बनाया फॉर्मूला

जयपुर. राजस्थान में ‘गांव की सरकार’ चुनने का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। प्रदेश की 14 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों में होने वाले चुनावों के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपनी बिसात बिछा दी है। बता दें कि सत्ता और संगठन ने मिलकर एक ऐसी ‘सीक्रेट रणनीति’ तैयार की है, जिसका मकसद न केवल जीत हासिल करना है, बल्कि विपक्ष के किलों को भी ढहाना है। अब बस इंतजार है तो राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा चुनावी तारीखों के औपचारिक एलान का। राठौड़, चतुर्वेदी और तिवाड़ी संभालेंगे मोर्चा बीजेपी ने इस बार पंचायत चुनावों की जिम्मेदारी अपने सबसे अनुभवी और रणनीतिकार नेताओं को सौंपी है। पार्टी ने जिला परिषद और पंचायत चुनाव समितियों के नाम फाइनल कर लिए हैं। सूत्रों के मुताबिक, इन प्रमुख नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। इन नेताओं ने ही परिसीमन और पुनर्गठन को लेकर पार्टी की सिफारिशें तैयार की हैं। ताकि चुनावों में बीजेपी को अधिकतम भौगोलिक और राजनीतिक लाभ मिल सके। राजेंद्र राठौड़ (पूर्व नेता प्रतिपक्ष): जमीनी राजनीति के माहिर खिलाड़ी। अरुण चतुर्वेदी (अध्यक्ष, राज्य वित्त आयोग): संगठन और सत्ता के बीच समन्वय के विशेषज्ञ। घनश्याम तिवाड़ी (राज्यसभा सांसद): नीतिगत और कानूनी बारीकियों के जानकार। CM भजनलाल शर्मा का ‘संभाग प्लान’ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा खुद इन चुनावों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने सभी संभागों के प्रमुख नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। इन बैठकों का एकमात्र एजेंडा पंचायत चुनाव 2026 था। मुख्यमंत्री का जोर इस बात पर है कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधा मतदान केंद्र तक पहुंचे। विस्तारकों ने टटोली जनता की नब्ज रणनीति बनाने से पहले बीजेपी ने हर विधानसभा स्तर पर ‘विस्तारक’ तैनात किए थे। इन विस्तारकों का काम केवल पार्टी के कार्यक्रम चलाना नहीं था, बल्कि जमीन पर जनता की नाराजगी और उम्मीदों को समझना था। विस्तारकों की ग्राउंड रिपोर्ट के आधार पर ही प्रत्याशियों के चयन और प्रचार के मुद्दों का खाका खींचा गया है। अगले महीने बज सकता है चुनावी बिगुल राज्य निर्वाचन आयोग ने फाइनल वोटर लिस्ट जारी कर दी है। इस बार 4.02 करोड़ से ज्यादा मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। प्रदेश की 41 जिला परिषदों, 457 पंचायत समितियों और 14,403 ग्राम पंचायतों में अगले महीने चुनाव होने की पूरी संभावना है। कार्यकाल का गणित: कब-कहां होंगे चुनाव? वर्तमान में 12 जिला परिषदों और 130 पंचायत समितियों का कार्यकाल अभी बाकी है, जो अलग-अलग चरणों में पूरा होगा। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि जैसे ही चुनाव आयोग कार्यक्रम जारी करेगा, वैसे ही प्रभारी और उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी जाएगी। 5 सितंबर तक: 6 जिला परिषद और 78 पंचायत समितियों का समय पूरा होगा। 29 अक्टूबर तक: 2 जिला परिषद और 22 पंचायत समितियों का कार्यकाल खत्म होगा। 22 दिसंबर तक: 4 जिला परिषद और 30 पंचायत समितियों का कार्यकाल पूरा होगा।

यूपीएससी सिविल सेवा फाइनल रिजल्ट आने को तैयार, कौन बनेगा इस साल का टॉपर?

नई दिल्ली संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) बहुत जल्द सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट जारी करने वाला है। नतीजे आने के बाद अभ्यर्थी अपना परिणाम यूपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर चेक कर सकेंगे। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 के इंटरव्यू 27 फरवरी 2026 को समाप्त हो गए थे। बीते वर्षों को ट्रेंड को देखा जाए तो आमतौर पर यूपीएससी इंटरव्यू खत्म होने के एक सप्ताह के भीतर फाइनल रिजल्ट जारी कर देता है। इस लिहाज से इस सप्ताह कभी भी नतीजे जारी हो सकते हैं। मेन्स एग्जाम में प्रदर्शन के आधार पर 2,736 उम्मीदवारों को इंटरव्यू राउंड के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया था। यूपीएससी सीएसई 2025 इंटरव्यू 5 जनवरी से शुरू हुए थे। अभ्यर्थियों का चयन उनके मुख्य परीक्षा के मार्क्स व इंटरव्यू के प्राप्तांकों के आधार पर बनी मेरिट लिस्ट से किया जाएगा। रिजल्ट जारी होने के 15 दिनों के अंदर मार्क्स वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिए जाएंगे। इस बार यूपीएससी सीएसई के जरिए आईएएस, आईपीएस, आईएफएस, आईआरएस समेत 979 पदों पर भर्ती की जाएगी। आपको बता दें कि हर वर्ष आईएएस, आईपीएस, आईएफएस ऑफिसर बनने का ख्वाब संजोने वाले लाखों उम्मीदवार यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा देते हैं। इस परीक्षा को देश की सबसे चुनौतिपूर्ण प्रतियोगी परीक्षा माना जाता है। यूपीएससी सिविल सेवा के जरिए इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विसेज (आईएएस), भारतीय पुलिस सर्विसेज (आईपीएस) और भारतीय फॉरेन सर्विसेज (आईएफएस), रेलवे ग्रुप ए (इंडियन रेलवे अकाउंट्स सर्विस), इंडियन पोस्टल सर्विसेज, भारतीय डाक सेवा, इंडियन ट्रेड सर्विसेज सहित अन्य सेवाओं के लिए चयन किया जाता है। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा तीन चरणों — प्रारंभिक, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार– में आयोजित की जाती है। मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार में प्रदर्शन के आधार पर फाइनल मेरिट लिस्ट जारी होती है। इन सर्विसेज में नियुक्ति के लिए की जाएगी सिफारिश (i) इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस; (ii) इंडियन फॉरेन सर्विस; (iii) इंडियन पुलिस सर्विस; और (iv) सेंट्रल सर्विसेज, ग्रुप A और ग्रुप B। UPSC CSE रिजल्ट 2025 लाइव अपडेट्स: फाइनल रिजल्ट कैसे चेक करें स्टेप 1: ऑफिशियल वेबसाइट upsc.gov.in पर जाएं स्टेप 2: होमपेज पर रिजल्ट पर क्लिक करें। स्टेप 3: UPSC CSE 2025 Final Result लिंक चेक करें स्टेप 4: पीडीएफ फाइल खुलने पर अपना नाम तलाशें। पिछले साल शक्ति दुबे ने किया था टॉप यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2024 में प्रयागराज की शक्ति दुबे ने टॉप ( UPSC CSE 2024 Topper ) किया था। देखना होगा इस बार कौन अव्वल आता है। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2024 के टॉपर रैंक, रोल नंबर और नाम 1 0240782 शक्ति दुबे 2 0101571 हर्षिता गोयल 3 0867282 डोंगरे अर्चित पराग 4 0108110 शाह मार्गी चिराग 5 0833621 आकाश गर्ग 6 0818290 कोमल पुनिया 7 6902167 आयुषी बंसल 8 6613295 राज कृष्ण झा 9 0849449 आदित्य विक्रम अग्रवाल 10 5400180 मयंक त्रिपाठी 11 8200949 एट्टाबॉयिना साई शिवानी 12 5809367 आशी शर्मा 13 5912548 हेमन्त 14 0818331 अभिषेक वशिष्ठ 15 1010403 बन्ना वेंकटेश 16 6907627 माधव अग्रवाल 17 0810414 संस्कृति त्रिवेदी 18 2604936 सौम्या मिश्रा 19 0833456 विभोर भारद्वाज 20 2200688 त्रिलोक सिंह 21 0859649 दिव्यांक गुप्ता 22 0865358 रिया सैनी 23 1214507 बी शिवचंद्रन 24 0334811 आर रंगमंजू 25 1202909 जी जीई ए एस 26 6618486 शिवांश सुभाष जगाड़े 27 0410502 रोमिल द्विवेदी 28 7809511 ऋषभ चौधरी 29 1203512 सुभाषकार्तिक एस 30 0109558 पंचाल स्मित हसमुखभाई 31 0510887 श्रेया त्यागी 32 1126194 उत्कर्ष यादव 33 0816777 अल्फ्रेड थॉमस 34 0413837 अभि जैन 35 0840850 श्रेयक गर्ग 36 2613856 मुस्कान श्रीवास्तव 37 0801201 शोभिका पाठक 38 6319367 अभिषेक शर्मा 39 1204543 मोनिका आर 40 3405835 इरम चौधरी 41 0815285 सचिन बसवराज गुट्टूर 42 1221566 पवित्रा पी 43 6616032 अवधिजा गुप्ता 44 0869198 मुदिता बंसल 45 1907228 मालविका जी नायर 46 8203187 रावुला जयसिम्हा रेड्डी 47 1902150 नंदना जी पी 48 0705455 रितिका रथ 49 4108641 सौरव सिन्हा 50 0823200 अंकुर त्रिपाठी  

भारत में खामेनेई की मौत के बाद हाईअलर्ट, कानून-व्यवस्था पर सख्त नजर, उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी

नई दिल्ली  मध्य पूर्व के हालात को देखते हुए भारत में हाईअलर्ट जारी किया गया है। गृह मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियों ने सभी राज्यों को संदिग्ध लोगों पर नजर रखने और प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस फोर्स तैनात करने का निर्देश दिया है, जिससे देश में शांति व्यवस्था बनी रहे। अमेरिका-इजरायल के हमले में मारे गए ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के समर्थन में देश के विभिन्न राज्यों में प्रदर्शन हो रहे हैं। कुछ लोग सोशल मीडिया के माध्यम से देश में भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, राज्यों में पुलिस-प्रशासन ने सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर भी सख्त चेतावनी दी है।  नागरिकों से कहा गया है कि वे किसी भी तरह का आपत्तिजनक, भड़काऊ या अनचाहा कंटेंट पोस्ट, शेयर या फॉरवर्ड करने से बचें। अफवाहें और भ्रामक संदेश माहौल को बिगाड़ सकते हैं और कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन सकते हैं। पुलिस-प्रशासन ने कहा कि शांतिपूर्ण और कानूनी तरीके से अपनी बात रखने के अधिकार का सम्मान किया जाता है लेकिन हिंसा, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और सुरक्षा बलों के साथ टकराव किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। ऐसी घटनाओं से जान-माल का नुकसान होता है और पूरे समाज को परेशानी होती है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि किसी भी तरह के उल्लंघन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल तत्वों, भड़काने वालों और असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसी क्रम में कर्नाटक के बांदीपुरा जिले में मौजूदा हालात को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने आम नागरिकों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की है। पुलिस-प्रशासन ने कहा है कि क्षेत्र में शांति व सुरक्षा बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है, इसलिए लोग किसी भी ऐसी गतिविधि से दूर रहें जिससे सार्वजनिक शांति भंग होने की आशंका हो। पुलिस की ओर से जारी अपील में कहा गया है कि लोग तोड़फोड़, दंगा-फसाद, पत्थरबाजी या किसी भी प्रकार की गड़बड़ी में शामिल न हों। ऐसा करना न केवल कानून के खिलाफ है, बल्कि इससे आम जनता, व्यापारियों, विद्यार्थियों और दिहाड़ी मजदूरों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। हिंसा और अशांति की वजह से शैक्षणिक संस्थानों के बंद होने, आवाजाही में रुकावट और आर्थिक गतिविधियों पर असर पड़ने की संभावना रहती है।

होली से पहले एमपी का पारा 35 डिग्री तक, मार्च में 40 डिग्री तक बढ़ने की संभावना

भोपाल मध्यप्रदेश में गर्मी ने मार्च की शुरुआत के साथ ही अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। मौसम आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के कई शहरों में अधिकतम तापमान 34 से 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। मौसम फिलहाल पूरी तरह शुष्क बना हुआ है और कहीं भी वर्षा दर्ज नहीं की गई है। पूर्वी मध्यप्रदेश के नौगांव में 35.2 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश में सबसे अधिक तापमान रिकॉर्ड किया गया। पश्चिमी क्षेत्र के खरगोन में 35.0 डिग्री, धार में 34.9 डिग्री और खंडवा में 34.5 डिग्री तापमान रहा। राजधानी भोपाल में अधिकतम तापमान 32.8 डिग्री और न्यूनतम 15.0 डिग्री दर्ज किया गया। इंदौर में पारा 33.6 डिग्री, ग्वालियर में 33.8 डिग्री और जबलपुर में 33.3 डिग्री सेल्सियस रहा।  रात में अभी हल्की ठंडक  रात के समय अभी हल्की ठंडक बनी हुई है। पचमढ़ी प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 12.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इंदौर में न्यूनतम 13.4 डिग्री और उमरिया में 13.9 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। सुबह के समय कई शहरों में आर्द्रता 70 से 90 प्रतिशत तक रही, जो शाम तक घटकर 20 से 40 प्रतिशत के बीच पहुंच गई। होली पर रहेगा साफ मौसम सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्र ने बताया कि आने वाले सात दिनों तक प्रदेश में मौसम पूरी तरह साफ रहेगा। होली के दौरान बारिश या बादल की कोई संभावना नहीं है। हालांकि तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक और बढ़ोतरी हो सकती है। उन्होंने कहा कि मार्च के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच सकता है। अप्रैल-मई में लू के आसार डॉ. सुरेंद्र के मुताबिक अप्रैल और मई में लू चलने की पूरी संभावना है। विशेष रूप से पूर्वी मध्यप्रदेश में इस बार ज्यादा तेज और लंबे समय तक लू चलने के संकेत हैं। उन्होंने लोगों को दोपहर के समय धूप से बचने, पर्याप्त पानी पीने और बुजुर्गों व बच्चों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है।कुल मिलाकर प्रदेश में अब सर्दी की विदाई और गर्मी की दस्तक साफ तौर पर महसूस की जा रही है, और आने वाले दिनों में तापमान में और तेजी आने के संकेत हैं। 

सोने और चांदी के दाम में उतार-चढ़ाव, भोपाल, दिल्ली और जयपुर में जानें ताजे रेट

इंदौर  मार्च के महीने में सोने और चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। मंगलवार सुबह चांदी के भाव ₹2,95, 000 प्रति किलो और सोने के दाम ₹1,70,170 प्रति 10 ग्राम दर्ज किए गए हैं। इससे पहले सोमवार शाम (2 मार्च 2026) को 24 कैरेट का भाव ₹1,70,660 और चांदी का दाम ₹3,15,000 (प्रति किग्रा) पर बंद हुआ था। आइए जानते हैं भारतीय सराफा बाजार (व्यापारियों द्वारा प्राप्त आंकड़ों के अनुसार) द्वारा जारी 3 मार्च 2026 का अलग-अलग शहरों का 18, 22 और 24 कैरेट का लेटेस्ट रेट… प्रमुख शहरों का चांदी (Silver Rate Today) का भाव     10 ग्राम: ₹2,950     100 ग्राम: ₹29,500     ₹2,95,000 (प्रति किग्रा): दिल्ली, मुंबई, पुणे, नागपुर, जयपुर, लखनऊ, अहमदाबाद, कोलकाता, भोपाल और इंदौर ।     ₹3,15,000 (प्रति किग्रा): चेन्नई, मदुरै, हैदराबाद, विजयवाड़ा, विशाखापत्तनम और केरल। (दक्षिण भारत के राज्यों के भाव में मेकिंग चार्ज, डीलर प्रीमियम/स्थानीय शुल्क, परिवहन लागत और मांग के चलते कीमतों में बढ़त बनी है।) 24 कैरेट (24K) सोने का भाव (प्रति 10 ग्राम में)     मेरठ, जयपुर, दिल्ली, लखनऊ, चंडीगढ़: ₹1,70,170     ​इंदौर, भोपाल, अहमदाबाद: ₹1,70,070     ​मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु: ₹1,70,020     ​चेन्नई, कोयंबटूर: ₹1,70,730 (दक्षिण भारत के कुछ शहरों में स्थानीय प्रीमियम/मेकिंग/डीलर मार्जिन के कारण अंतर) 22 कैरेट (22K) सोने का भाव (प्रति 10 ग्राम में)     ​मेरठ, जयपुर, दिल्ली, लखनऊ, चंडीगढ़: ₹1,56,000     ​इंदौर, भोपाल, अहमदाबाद, राजकोट, वडोदरा: ₹1,55,900     ​मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु: ₹1,55,850     चेन्नई, कोयंबटूर, मदुरै: ₹1,56,500 18 कैरेट (18K) सोने का भाव (प्रति 10 ग्राम में)     मेरठ, जयपुर, दिल्ली, लखनऊ, चंडीगढ़: ₹1,27,670     ​इंदौर, भोपाल, अहमदाबाद: ₹1,27,570     ​मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु: ₹1,27,520     चेन्नई, कोयंबटूर: ₹1,34,000 18K, 20K, 22K से 24K की शुद्धता कैसे जांचे?     ​24 कैरेट (99.9% शुद्ध) पर 999 लिखा होता है। यह सबसे शुद्ध है, लेकिन इससे गहने नहीं बनते क्योंकि यह बहुत मुलायम होता है। ​     22 कैरेट (91.6% शुद्ध) पर 916 लिखा होता है। गहने बनाने के लिए यह सबसे लोकप्रिय है। इसमें 8.4% तांबा या चांदी या अन्य धातु मिलाई जाती है, ताकि गहने मजबूत रहें।     20 कैरेट सोने पर 833 (83.3% शुद्धता) लिखा होता है। इसमें 16.7% अन्य धातुएँ (जैसे तांबा, चांदी, जस्ता) मिलाई जाती है।     18 कैरेट (75.0% शुद्ध) पर 750 लिखा होता है। अक्सर हीरे या कीमती पत्थरों वाले गहनों में इसका उपयोग होता है।     ​ज्यादातर दुकानदार 18, 20 और 22 कैरेट का ही सोना बेचते हैं। खरीदारी करते समय यह सुनिश्चित करें कि आप जितने कैरेट का पैसा दे रहे हैं, गहने पर वही अंक (जैसे 916 या 750) दर्ज हो। सोना खरीदते हैं तो इन बातों का रखें ज्ञान भारत में सोने-चांदी के मानक भाव इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी किए जाते हैं। शनिवार, रविवार और केंद्र सरकार द्वारा घोषित छुट्टियों के दिन नए रेट जारी नहीं होते हैं। IBJA के रेट में GST और मेकिंग चार्ज शामिल नहीं होते, इसलिए अलग-अलग शहरों और ज्वेलरी शोरूम्स में अंतिम दाम अलग हो सकते हैं। सोना खरीदते समय BIS हॉलमार्क व HUID (Hallmark Unique Identification) कोड जरूर जांचें। हॉलमार्क के निशान में ​BIS लोगो (भारतीय मानक ब्यूरो का आधिकारिक प्रतीक), ​कैरेट/शुद्धता, HUID नंबर (एक यूनिक अल्फा-न्यूमेरिक कोड) और सेंटर मार्क ( लैब टेस्टिंग निशान) होता है। सोना-चांदी के भाव में उतार-चढ़ाव क्यों?     भू-राजनीतिक तनाव, अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर में उतार-चढ़ाव, वैश्विक मांग।     केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और ब्याज दरें, शेयर बाजार का प्रदर्शन।     भारतीय बाजार, स्थानीय कारक, भारत जैसे देशों में आयात शुल्क और अन्य कर, घरेलू दामों पर USD-INR, आयात शुल्क     जीएसटी/टीसीएस, लोकल मेकिंग चार्ज, देश की महंगाई दर और त्योहार और शादियों का सीजन कीमतों पर बड़ा असर डालते हैं।  

मध्य प्रदेश में ‘शतक’ को टैक्स फ्री किया गया, सीएम ने कहा- फिल्म राष्ट्रसेवा का संदेश फैलाती है

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘शतक’ फिल्म को राज्य में टैक्स फ्री कर दिया है। सीएम ने कहा कि ‘शतक’ फिल्म आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की बात करती है। इस फिल्म में संगठित विचार, चरित्र और सेवा भाव का संदेश छिपा हुआ है। उन्होंने कहा कि शतक फिल्म राष्ट्रसेवा और संस्कार की परंपरा की बात करती है। इस परंपरा को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने वर्षों से जीवित रखा है।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ‘हिंदी फिल्म ‘शतक’ को सम्पूर्ण मध्य प्रदेश में टैक्स फ्री किया गया है। यह फिल्म राष्ट्रसेवा और संस्कारों की उस परंपरा को सशक्त रूप में प्रस्तुत करती है, जिसे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने दशकों से जीवित रखा है। फिल्म ‘शतक’ संदेश देती है कि संगठित विचार, चरित्र और सेवा भाव से ही एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण संभव है।’ सीएम डॉ. यादव के इस निर्णय की आम जनता ने जमकर तारीफ की है।   आरएसएस की कहानी कहती है फिल्म बता दें, ‘शतक: संघ के 100 साल’ फिल्म का निर्माण वीर कपूर ने किया है। इसके निर्देशक आशीष मल्ल हैं। यह फिल्म इस साल 20 फरवरी को रिलीज़ हुई थी। यह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्षों के इतिहास और विचारधारा पर आधारित है। इस फिल्म में वर्ष 1925 में संघ की स्थापना के साथ-साथ इसके संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार और एमएस गोलवलकर के योगदान को दर्शाया गया है। 

लखनऊ: पुलिस अधिकारियों का मानवीय चेहरा, गरीब बच्चों के साथ खेली होली और दिए उपहार

लखनऊ  इंस्पेक्टर हजरतगंज विक्रम सिंह ने एक बार फिर एक बड़ी मिसाल कायम कर गरीब बेसहारा बच्चों के साथ मिलकर होली खेली और और मासूमों के हाथों से माथे पर तिलक लगाकर उनका हौसला अफजाई किया। बच्चों को मिठाई सहित उपहार भी दिए।   सरकारी अस्पतालों में आज हाफ डे ओपीडी, कल बंद रहेंगे  राजधानी के सरकारी अस्पतालों में मंगलवार को ओपीडी दोपहर 12 बजे (हाफ डे) तक , जबकि बुधवार को पूरी तरह से बंद रहेगी। सिर्फ इमरजेंसी में मरीजों को इलाज मिलेगा। वहीं, केजीएमयू में सामान्य दिनों की तरह ओपीडी चलेगी। लोहिया व पीजीआई में नए पंजीकरण नहीं होंगे। पहले से जिन मरीजों के ऑपरेशन व जांच की तारीख मिली है, उन्हें इलाज मुहैया कराया जाएगा। केजीएमयू प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि मरीजों के हितों को ध्यान में रखते हुए मंगलवार को ओपीडी का संचालन सामान्य दिनों की तरह होगा। ऑपरेशन के साथ पैथोलॉजी व रेडियोलॉजी की जांच भी होगी। मेडिकल की कक्षाएं बंद रहेंगी। बुधवार को अवकाश रहेगा। लोहिया संस्थान व पीजीआई में मंगलवार को पुराने मरीजों को ओपीडी में देखा जाएगा। पहले से तय ऑपरेशन व जांच भी होंगे। नए मरीज का पंजीकरण नहीं होगा। लोहिया के प्रवक्ता डॉ. भुवन चंद्र तिवारी ने बताया कि इमरजेंसी सेवाएं 24 घंटे संचालित होंगी। इसमें किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। बलरामपुर, सिविल, लोकबंधु, राम सागर मिश्र, लोकबंधु, डफरिन, झलकारी बाई समेत दूसरे सरकारी अस्पतालों में मंगलवार को हाफ डे ओपीडी होगी। अस्पतालों में बुधवार को अवकाश रहेगा, लेकिन इमरजेंसी सेवाओं का संचालन होगा।  

‘इलाज की चिंता छोड़िए, पैसा हमारी सरकार देगी’: जनता दर्शन में सीएम योगी का संदेश

गोरखपुर होली के उल्लास के बीच मंगलवार सुबह गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर परिसर में एक अलग ही दृश्य देखने को मिला. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में पहुंचे लोगों की समस्याएं सुनीं और खासकर गंभीर बीमारियों से जूझ रहे परिवारों को भरोसा दिलाया कि इलाज में पैसों की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी. मुख्यमंत्री ने करीब 150 लोगों से मुलाकात की. किसी के हाथ में मेडिकल रिपोर्ट थी, तो किसी के पास जमीन विवाद से जुड़ी कागजात. मुख्यमंत्री ने एक-एक व्यक्ति की शिकायत को ध्यान से सुना और संबंधित अधिकारियों को वहीं निर्देशित किया |  पैसा सरकार देगी जनता दर्शन में कई लोग गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग लेकर पहुंचे थे. एक व्यक्ति ने किडनी की गंभीर बीमारी का हवाला देते हुए कहा कि पैसे के कारण उपचार रुक गया है. मुख्यमंत्री ने सबसे पहले पूछा कि आयुष्मान कार्ड है?  जब जवाब मिला कि नहीं है, तो उन्होंने अधिकारियों की ओर देखते हुए कहा, इनकी मदद सुनिश्चित की जाए. इलाज रुकना नहीं चाहिए. उन्होंने स्पष्ट कहा कि जरूरतमंदों को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से सहायता दी जाएगी. साथ ही निर्देश दिया कि मेडिकल इस्टीमेट की प्रक्रिया तेजी से पूरी कर शासन को भेजी जाए, ताकि फाइलें लंबित न रहें. मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों से कहा, बेफिक्र होकर अच्छे से अस्पताल में इलाज कराइए. सरकार आपके साथ खड़ी है |  संवेदनशीलता और त्वरित निस्तारण पर जोर जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री का जोर सिर्फ आश्वासन तक सीमित नहीं रहा. उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि हर शिकायत का त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निस्तारण हो. उन्होंने कहा कोई भी पीड़ित दोबारा भटकने को मजबूर न हो. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जमीन कब्जा या दबंगई की शिकायतों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए. अगर कहीं किसी ने अवैध कब्जा किया है तो कानून अपना काम करेगा. अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रार्थना पत्रों पर सिर्फ औपचारिक कार्रवाई न हो, बल्कि वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए |  बच्चों को चॉकलेट, पढ़ाई की सीख जनता दर्शन में कुछ परिवार अपने बच्चों के साथ भी पहुंचे थे. मुख्यमंत्री ने बच्चों से बातचीत की, उनका हालचाल पूछा और चॉकलेट देकर पढ़ाई पर ध्यान देने की सलाह दी. एक महिला ने बताया कि वह अपने बेटे के इलाज के लिए आई थीं. मुख्यमंत्री ने ध्यान से सुना और तुरंत अधिकारियों को निर्देश दिए. अब उम्मीद है कि इलाज शुरू हो सकेगा |  विवेकाधीन कोष से मदद अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष का उद्देश्य जरूरतमंदों को त्वरित आर्थिक सहायता देना है. खासकर गंभीर बीमारियों के मामलों में यह कोष कई परिवारों के लिए सहारा बनता है. जनता दर्शन में आए लोगों को बताया गया कि मेडिकल इस्टीमेट तैयार होते ही सहायता की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. अधिकारियों को यह भी कहा गया कि पात्र लाभार्थियों को आयुष्मान योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाए, ताकि भविष्य में उपचार के दौरान दिक्कत न हो | 

CM मोहन ने सरकारी कर्मचारियों के एरियर्स भुगतान की घोषणा की, मिलेंगे इतने सालों के बकाए

भोपाल मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का ऐलान करते हुए सरकारी कर्मचारियों के एरियर्स के भुगतान पर भी बड़ा फैसला लिया है।  सीएम मोहन यादव ने बताया है कि, जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक के एरियर्स के भुगतान की शुरुआत मई महीने से शुरू हो जाएगी और कर्मचारियों को किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। मोहन यादव ने कहा है कि  कर्मचारियों के एरियर्स का भुगतान छह किस्तों में किया जाएगा। वहीं इससे पहले आज ही सीएम मोहन यादव ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते को बढ़ाने का भी ऐलान किया है। सीएम मोहन ने कहा है कि आज होली के शुभ अवसर पर राज्य के शासकीय सेवकों के महंगाई भत्ते में 3% की वृद्धि कर 58% करने का निर्णय किया है। सभी शासकीय सेवकों को भारत सरकार के समान अप्रैल (पेड इन मई) 2026 के वेतन में 58% महंगाई भत्ता मिलेगा। जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक के एरियर की राशि मई 2026 से प्रारंभ होकर 6 समान किस्तों में दी जाएगी। पेंशनर्स को भी जनवरी से फरवरी 2026 की पेंशन में 58% का महंगाई भत्ता दिया जाएगा। हमारी सरकार सभी वर्गों के कल्याण के लिए काम कर रही है।  मध्य प्रदेश के 12 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों की होली मोहन यादव सरकार ने दोगुनी रंगीन कर दी है। कर्मचारियों को वो  बड़ी सौगात मिली है जिससे उनके चेहरे खिलने तय है। दरअसल  सीएम मोहन यादव ने राज्य के कर्मचारियों का 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाने की घोषणा कर दी है। ये प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए किसी राहत से कम नहीं है। होली के शुभ अवसर पर राज्य के शासकीय सेवकों के महंगाई भत्ते में 3% की वृद्धि कर 58% करने का निर्णय किया है। सभी शासकीय सेवकों को भारत सरकार के समान अप्रैल (पेड इन मई) 2026 के वेतन में 58% महंगाई भत्ता मिलेगा। जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक के एरियर की राशि मई 2026 से प्रारंभ होकर 6 समान किस्तों में दी जाएगी। पेंशनर्स को भी जनवरी से फरवरी 2026 की पेंशन में 58% का महंगाई भत्ता दिया जाएगा। हमारी सरकार सभी वर्गों के कल्याण के लिए काम कर रही है। आज दिन में किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत बड़वानी में कैबिनेट की, कई महत्वपूर्ण निर्णय किए। शाम को सभी कर्मचारी बंधुओं और पेंशनर्स के कल्याण के लिए निर्णय लिया है। पेंशनर्स को जनवरी से फरवरी की पेंशन का डीए मिलेगा सीएम ने बताया कि पेंशनर्स को भी जनवरी से फरवरी 2026 की पेंशन में 58% का महंगाई भत्ता दिया जाएगा। अभी मिल रहा 55 प्रतिशत डीए मध्य  प्रदेश के 12 लाख से अधिक कर्मचारियों को अभी 55 प्रतिशत डीए मिल रहा था। वहीं, केंद्र सरकार के द्वारा 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जा रहा है। कर्मचारी लगातार केंद्र समान महंगाई भत्ता देने की मांग कर रहे थे लेकिन  आज मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद कर्मचारियों में खुशी की लहर है। जाहिर है कर्मचारियों की होली डबल रंगीन हो गई है। आज दिन में किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत बड़वानी में कैबिनेट की, कई महत्वपूर्ण निर्णय किए। शाम को सभी कर्मचारी बंधुओं और पेंशनर्स के कल्याण के लिए निर्णय लिया है। सभी को होली की बधाई। 3% फीसदी महंगाई भत्ता बढ़ने के साथ  ही मध्य प्रदेश के 12 लाख से अधिक कर्मचारियों का भत्ता अब केंद्र के बराबर 58 फीसदी हो गया है।  लिहाजा एरियर्स को लेकर सीएम मोहन यादव ने साफ कर दिया है कि कर्मचारियों के एरियर्स का भुगतान छह किस्तों में किया जाएगा। जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक के एरियर की राशि मई 2026 से प्रारंभ होकर 6 समान किस्तों में दी जाएगी।”

20 मार्च तक मांगे गए आवेदन, राष्ट्रीय छात्रवृत्ति योजना की दो मई को होगी परीक्षा

रायपुर. केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत संचालित स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा राष्ट्रीय साधन सह प्रावीण्य छात्रवृत्ति योजना (एनएमएमएसई) 2025-26 की परीक्षा 02 मई 2026 को आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा के माध्यम से कक्षा 8 वीं में अध्ययनरत आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा, जिन्हें कक्षा 9वीं से 12वीं तक अध्ययन के लिए केंद्र सरकार की ओर से प्रतिमाह एक हजार रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। सचिव, माध्यमिक शिक्षा मण्डल रायपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय साधन सह प्रावीण्य छात्रवृत्ति योजना (एनएमएमएसई) परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। विद्यार्थी ऑफलाइन आवेदन पत्र भर सकते हैं। आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 20 मार्च निर्धारित की गई है। इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा मण्डल रायपुर द्वारा विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। पात्रता के अनुसार राज्य शासन द्वारा संचालित शासकीय, शासकीय अनुदान प्राप्त एवं स्थानीय निकाय के विद्यालयों में कक्षा 8वीं में अध्ययनरत वे विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं, जिन्होंने कक्षा 7 वीं में न्यूनतम 55 प्रतिशत अंक (एससी/एसटी वर्ग के लिए 5 प्रतिशत की छूट) के साथ उत्तीर्ण किया हो तथा जिनके माता-पिता अथवा पालक की वार्षिक आय सभी स्रोतों से 3.50 लाख रुपये से अधिक न हो। केंद्रीय, नवोदय, निजी एवं आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थी इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे। राष्ट्रीय साधन सह प्रावीण्य छात्रवृत्ति योजना (एनएमएमएसई) 2025-26 परीक्षा के लिए आवेदन पत्र का प्रारूप एवं परीक्षा केंद्रों की सूची सभी जिला शिक्षा अधिकारियों एवं 145 परीक्षा केंद्राध्यक्षों को प्रेषित की जा चुकी है। विस्तृत जानकारी मंडल की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है। सचिव, माध्यमिक शिक्षा मण्डल रायपुर पुष्पा साहू ने आशा व्यक्त की है कि अधिक से अधिक विद्यार्थी परीक्षा में सम्मिलित होकर केंद्र सरकार की इस योजना का लाभ उठाएंगे।

कलेक्टर ने प्रशासनिक ढांचे में कसावट लाने किया बदलाव, 16 राजस्व निरीक्षकों का तबादला

अंबिकापुर. जिले के प्रशासनिक ढांचे में फेरबदल किया गया है. कलेक्टर अजित बसंत ने विभिन्न तहसीलों में पदस्थ राजस्व निरीक्षकां का तबादला किया है. इस संबंध में आदेश भी जारी किया गया है. सूची में 16 राजस्व निरीक्षकों का नाम शामिल है. जारी आदेश में विश्वनाथ तिवारी का रा.नि.मं. अम्बिकापुर-3 से रा.नि.मं. लखनपुर, रामकुमार राम का रा.नि.मं. अम्बिकापुर-4 से रा.नि.मं. रघुनाथपुर (धौरपुर) ट्रांसफर कर दिया गया है. जारी आदेश में संजय सिंह का रा.नि.मं. अम्बिकापुर-5 से रा.नि.मं. उदयपुर, धर्मेन्द्र कुमार सिंह का रा.नि.मं. अम्बिकापुर-6 से रा.नि.मं. बतौली, सबल साय एक्का का रा.नि.मं. धौरपुर से रा.नि.मं. अम्बिकापुर-3, विकास कुमार सोनपाकर का रा.नि.मं. उदयपुर से रा.नि.मं. अम्बिकापुर-4, राज बहादुर सिंह का रा.नि.मं. खम्हरिया (उदयपुर) से राजस्व निरीक्षक नजूल, संजय कुमार सिंह का रा.नि.मं. लखनपुर से रा.नि.मं. अम्बिकापुर-5 ट्रांसफर कर दिया गया है. इस तरह धर्मेन्द्र कुमार सिंह का रा.नि.मं. सलका (लखनपुर) से रा.नि.मं. अम्बिकापुर-6, छय कुमार पैंकरा का रा.नि.मं. पेटला सीतापुर से राजस्व निरीक्षक नजूल, शिवपूजन तिवारी का रा.नि.मं. बतौली से राजस्व निरीक्षक नजूल, रामदेव यादव का राजस्व निरीक्षक नजूल से रा.नि.मं. लुण्ड्रा, सरयू राम पैंकरा का राजस्व निरीक्षक नजूल से रा.नि.मंखम्हरिया (उदयपुर), आशीष गुहा का राजस्व निरीक्षक नजूल से रा.नि.मं. धौरपुर, विजय कुमार श्रीवास्तव राजस्व निरीक्षक नजूल से रा.नि.मं. सलका (लखनपुर), सत्येन्द्र कुमार मिश्रा से राजस्व निरीक्षक डायवर्सन का रा.नि.मं. पेटला सीतापुर तबादला किया गया है. 

टीईटी 2018 के अभ्यर्थियों को हाईकोर्ट से बड़ा झटका, नियुक्ति की याचिका 7 साल बाद खारिज

जबलपुर  मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) 2018 उत्तीर्ण दो महिला अभ्यर्थियों की याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि याचिकाकर्ताओं ने सात वर्षों से अधिक समय तक कोई सक्रिय प्रयास नहीं किया।  कटनी निवासी सरस्वती पाटीदार और नरसिंहपुर की रेणुका यादव ने याचिका दायर कर बताया था कि उन्होंने वर्ष 2018 में टीईटी उत्तीर्ण की थी। उनका कहना था कि प्रदेश में मिडिल स्कूल शिक्षकों के पद रिक्त हैं और वर्ष 2024 में नई नियुक्तियों के लिए विज्ञापन जारी किया गया है। ऐसे में उन्हें वर्ष 2018 के नियमों के तहत नियुक्ति देने के निर्देश राज्य सरकार को दिए जाएं। सरकारी अधिवक्ता ने रखा सरकार का पक्ष मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने की। शासन की ओर से अधिवक्ता अनुभव जैन ने तर्क दिया कि वर्ष 2022 में जारी आम सूचना में सभी इच्छुक अभ्यर्थियों को प्रचलित नियमों के अनुसार आवेदन करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन याचिकाकर्ताओं ने आवेदन नहीं किया। अब नई चयन प्रक्रिया लागू हो चुकी है और नियमों में संशोधन हो चुका है, इसलिए पुराने नियमों के आधार पर नियुक्ति की मांग विधिसम्मत नहीं है। कोर्ट बोला-अधिकार का दावा स्वीकार नहीं कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ताओं ने 7 वर्षों तक नौकरी के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। 29 सितंबर 2022 की सार्वजनिक सूचना के समय भी उन्होंने आवेदन नहीं किया। नियमों में संशोधन के बाद नई चयन प्रक्रिया प्रभावी हो चुकी है। ऐसे में विलंब के बाद अधिकार का दावा स्वीकार नहीं किया जा सकता। डिवीजन बेंच ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं में समय सीमा और सक्रियता अत्यंत महत्वपूर्ण है। लंबी चुप्पी के बाद नियुक्ति का दावा न्यायोचित नहीं माना जा सकता। इसी आधार पर दोनों याचिकाएं खारिज कर दी गईं।  

पं. प्रदीप मिश्रा ने कुबेरेश्वर धाम में किया होलिका दहन, शहर में जलीं 100 से ज्यादा होलिकाएं

सीहोर  उत्साह, उमंग और आस्था के रंगों से सराबोर सीहोर में होलिका दहन का पर्व भक्ति और परंपरा के संग मनाया गया। कुबेरेश्वर धाम में पंडित प्रदीप मिश्रा ने मंत्रोच्चार के बीच होलिका दहन कर समस्त श्रद्धालुओं के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।  सीहोर में होली की पूर्व संध्या पर आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। नगर के चौक-चौराहों से लेकर मोहल्लों तक सौ से अधिक स्थानों पर रंगबिरंगी रोशनी और सजावट के बीच होलिकाएं सजाई गईं। देर शाम से लेकर रात्रि तक विधि-विधान से होलिका दहन का क्रम चलता रहा। हर तरफ “हर-हर महादेव” और “होली है” के जयघोष गूंजते रहे। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर चेहरे पर उत्साह साफ झलक रहा था। असत्य पर सत्य की विजय का यह पर्व मानो पूरे शहर को एक सूत्र में बांधता नजर आया। कुबेरेश्वर धाम में भक्ति की अलौकिक छटा सीहोर में होली की पूर्व संध्या पर आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। नगर के चौक-चौराहों से लेकर मोहल्लों तक सौ से अधिक स्थानों पर रंगीन रोशनी और सजावट के बीच होलिकाएं सजाई गईं। देर शाम से रात्रि तक विधि-विधान से होलिका दहन का क्रम चलता रहा। हर-हर महादेव और होली है के जयघोष से पूरा शहर गूंज उठा। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर चेहरे पर उत्साह झलक रहा था। असत्य पर सत्य की विजय का यह पर्व पूरे शहर को एक सूत्र में बांधता नजर आया। शहर के प्रसिद्ध कुबेरेश्वर धाम में होलिका दहन का दृश्य विशेष रूप से आकर्षक रहा। कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के साथ होलिका दहन संपन्न कराया। लकड़ियों और कंडों से सजे मंच पर भक्त प्रहलाद की प्रतिमा स्थापित कर अग्नि प्रज्ज्वलित की गई। अग्नि की लपटें उठते ही श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। पंडित मिश्रा ने महादेव से प्रार्थना की कि यह पर्व सभी के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आनंद लेकर आए। होलिका दहन के अवसर पर कुबेरेश्वर धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में, बच्चे रंग-बिरंगी पिचकारियों के साथ और बुजुर्ग श्रद्धा से भरे चेहरों के साथ उपस्थित रहे। पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं ने आशीर्वाद लिया और एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दीं। देर रात तक धाम परिसर में भक्ति और उल्लास का वातावरण बना रहा। शहर के साथ-साथ पूरे जिले में एक हजार से अधिक स्थानों पर होलिका दहन हुआ। गांव-गांव में परंपरागत रूप से लकड़ियां एकत्र कर शुभ मुहूर्त में अग्नि प्रज्ज्वलित की गई। लोगों ने बुराई के अंत और अच्छाई की विजय का संदेश दिया। ग्रामीण क्षेत्रों में भी यह पर्व सामाजिक सौहार्द और भाईचारे के प्रतीक के रूप में मनाया गया। होलिका दहन से पहले शहर के प्रमुख बाजारों में जबरदस्त रौनक देखने को मिली। रंग-गुलाल, पिचकारियां, मावा-मिठाइयों और अन्य सामग्री की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ उमड़ी। शाम तक मुख्य बाजार क्षेत्र में जाम जैसे हालात बन गए। मिठाई दुकानों पर गुजिया, मावा और नमकीन की बिक्री में तेजी रही। 

OpenAI की मुश्किलें बढ़ी, पेंटागन डील के बाद ChatGPT अकाउंट्स की हो रही बर्खास्तगी, Claude AI को मिल रही सफलता

नई दिल्ली दुनिया के सबसे लोकप्रिय एआई चैटबॉट ChatGPT के लिए मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. हाल ही में OpenAI द्वारा अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन के साथ हाथ मिलाने की खबर ने आम यूजर्स को नाराज कर दिया है. लोग इस कदर गुस्से में हैं कि सोशल मीडिया पर डिलीट चैटजीपीटी (#DeleteChatGPT) ट्रेंड करने लगा है. आलम यह है कि लोग न सिर्फ अपने अकाउंट डिलीट कर रहे हैं, बल्कि ऐप स्टोर पर इसे वन-स्टार की रेटिंग भी दे रहे हैं |  क्या है पूरा विवाद? यह विवाद तब शुरू हुआ, जब OpenAI कंपनी ने अपने नियमों में बदलाव करते हुए अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन के साथ हाथ मिला लिया. इससे पहले ChatGPT सैन्य और युद्ध संबंधी कार्यों के लिए इस्तेमाल न होने की बात कह रहा था. अब पेंटागन के साथ समझौते का मतलब है कि OpenAI की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल अमेरिकी सेना अपनी रणनीतियों और साइबर सिक्योरिटी के लिए करेगी. यूजर्स का मानना है कि जो एआई ‘मानवता की भलाई’ के लिए बनाया गया था, अब उसका इस्तेमाल युद्ध और सैन्य उद्देश्यों के लिए होना इस सिद्धांत के खिलाफ है. इसी डर और नाराजगी के कारण पिछले कुछ दिनों में ChatGPT को डिलीट करने वालों की संख्या में जबरदस्त उछाल आया है |  क्या है पूरा मामला? Sam Altman ने अपनी पोस्ट में बताया कि OpenAI ने Department of Defense के साथ अपने एग्रीमेंट में कुछ अहम बदलाव किए हैं|   उन्होंने बताया की ऐसा इसलिए क्योंकि यह साफ हो सके कि कंपनी के AI सिस्टम का इस्तेमाल अमेरिकी नागरिकों की निगरानी के लिए नहीं किया जाएगा|  उन्होंने साफ लिखा कि कानून के दायरे में रहते हुए AI का इस्तेमाल किया जाएगा और इसे जानबूझकर डोमेस्टिक सर्विलांस के लिए उपयोग नहीं किया जाएगा|  Altman ने यह भी कहा कि सरकार की तरफ़ से अगर कोई असंवैधानिक आदेश आता है तो वे उसका पालन नहीं करेंगे|  उनका कहना है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया सबसे ऊपर है और सरकार को फैसले लेने चाहिए, न कि कोई निजी कंपनी दुनिया का भविष्य तय करे. लेकिन विवाद यहीं से शुरू हुआ|  गुस्सा क्यों बढ़ा? TechCrunch की रिपोर्ट बताती है कि जैसे ही यह खबर फैली कि OpenAI अमेरिकी रक्षा विभाग के साथ काम कर रही है, बड़ी संख्या में लोगों ने ChatGPT ऐप हटाना शुरू कर दिया|   सिर्फ एक दिन में अनइंस्टॉल में 295 प्रतिशत की उछाल दर्ज किया गया . सोशल मीडिया पर लोगों ने सवाल उठाया कि क्या AI अब युद्ध मशीन का हिस्सा बनने जा रहा है|  कुछ यूजर्स का कहना है कि AI कंपनियों को सेना से दूरी बनाकर रखनी चाहिए. वहीं कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि अगर AI इतना शक्तिशाली है तो उसे सरकार के साथ जिम्मेदारी से काम करना चाहिए, ताकि गलत हाथों में न जाए|  Anthropic का नाम क्यों आया बीच में? इस पूरे विवाद में एक और AI कंपनी Anthropic का जिक्र हो रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक Anthropic ने रक्षा विभाग के साथ कुछ शर्तों पर असहमति जताई थी और साफ रुख अपनाया था कि उनकी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल मास सर्विलांस या ऑटोनोमस हथियारों में नहीं होना चाहिए|  इसके बाद OpenAI ने अपनी डील आगे बढ़ाई. इससे यह बहस और तेज हो गई कि आखिर AI कंपनियां किस दिशा में जा रही हैं. क्या वे सरकार के साथ मिलकर सुरक्षा मजबूत कर रही हैं या एक खतरनाक रास्ते की ओर बढ़ रही हैं? Altman ने क्या माना? Sam Altman ने अपनी पोस्ट में यह भी स्वीकार किया कि डील को लेकर कम्युनिकेशन बेहतर हो सकता था. उन्होंने कहा कि यह एक जटिल मुद्दा है और इसे जल्दी में सार्वजनिक करना शायद सही तरीका नहीं था|  उनका कहना है कि टेक्नोलॉजी अभी कई मामलों में पूरी तरह तैयार नहीं है और सुरक्षा को लेकर बहुत सावधानी जरूरी है|  उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में OpenAI सरकार के साथ मिलकर तकनीकी सुरक्षा उपायों और सेफगार्ड पर काम करेगा ताकि AI का गलत इस्तेमाल न हो|  यह सब अभी क्यों अहम है? दुनिया इस वक्त युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव के दौर से गुजर रही है. साइबर हमले, ड्रोन टेक्नोलॉजी, डेटा एनालिसिस और इंटेलिजेंस में AI का रोल तेजी से बढ़ रहा है|  ऐसे समय में अगर कोई बड़ी AI कंपनी सीधे रक्षा विभाग के साथ काम करती है तो यह सिर्फ टेक्नोलॉजी की खबर नहीं रहती, यह राष्ट्रीय सुरक्षा और नागरिक स्वतंत्रता का मुद्दा बन जाती है|  एक तरफ सरकारें कहती हैं कि AI से देश की सुरक्षा मजबूत होगी. दूसरी तरफ नागरिक अधिकार समूह चेतावनी दे रहे हैं कि निगरानी और डेटा कंट्रोल का दायरा खतरनाक रूप ले सकता है|  असली सवाल क्या है? इस पूरे विवाद का केंद्र एक ही है. AI पर कंट्रोल किसका होगा? सरकार का, निजी कंपनी का या जनता की लोकतांत्रिक निगरानी का? Sam Altman का कहना है कि लोकतंत्र को नियंत्रण में रहना चाहिए और AI को लोगों को ताकत देनी चाहिए, उनसे छीननी नहीं चाहिए. लेकिन जनता का एक हिस्सा आश्वस्त नहीं है. अनइनस्टॉल के आंकड़े यही दिखा रहे हैं|  आने वाले समय में यह मुद्दा और बड़ा हो सकता है, क्योंकि AI अब सिर्फ चैटबॉट नहीं रहा. यह सुरक्षा, युद्ध, साइबर ऑपरेशन और रणनीतिक फैसलों का हिस्सा बन रहा है. ऐसे में हर डील, हर बयान और हर फैसला वैश्विक बहस का विषय बनेगा. और यही वजह है कि Pentagon और OpenAI की यह डील सिर्फ एक कॉन्ट्रैक्ट नहीं, बल्कि AI के भविष्य की दिशा तय करने वाली कहानी बन चुकी है|  Sam Altman ने अपने ट्वीट में क्या-क्या साफ किया? Sam Altman ने अपने लंबे पोस्ट में सबसे पहले यह कहा कि OpenAI और अमेरिकी रक्षा विभाग के बीच जो एग्रीमेंट हुआ है, उसमें खास भाषा जोड़ी गई है ताकि कंपनी के सिद्धांत बिल्कुल साफ रहें|  उन्होंने लिखा कि AI सिस्टम का इस्तेमाल जानबूझकर अमेरिकी नागरिकों की निगरानी के लिए नहीं किया जाएगा. उन्होंने अमेरिकी संविधान, फोर्थ अमेंडमेंट और FISA जैसे कानूनों का जिक्र करते हुए कहा कि सब कुछ कानूनी दायरे में ही होगा|  प्राइवेसी एडवोकेट्स इसे दिखावा मान रहे हैं  Altman ने यह भी साफ किया कि Department of Defense ने यह समझा है कि यह लिमिटेशन … Read more

मुख्य सचिव और खाद्य मंत्रालय के अतिरिक्त मुख्य सचिव को जबलपुर हाईकोर्ट ने किया तलब, मामला समझें

जबलपुर  हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा व न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ ने सोमवार को राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में चार और जिला उपभोक्ता आयोगों में 35 रिक्त सदस्यों के पदों को भरने से संबंधित अपील पर सुनवाई की। अगली सुनवाई 24 मार्च को होगी, कोर्ट ने इस दौरान मुख्य सचिव और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्रालय के अतिरिक्त मुख्य सचिव को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। दरअसल, एकलपीठ के आदेश के विरुद्ध राज्य सरकार ने अपील दायर की है। राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के पांच सदस्यों के पदों में से चार पद और जिला आयोगों के 102 सदस्यों के पदों में से 35 पद रिक्त हैं। उप महाधिवक्ता स्वप्निल गांगुली ने नियुक्ति में देरी को लेकर बताया कि केंद्र सरकार को आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की योग्यता अधिसूचित करनी है। प्रतिवादी की ओर से बताया गया कि 51 जिला मंचों में से केवल 19 ही कार्यरत हैं। राज्य सरकार ने 16 जनवरी के एकल पीठ के आदेश के विरुद्ध अपील दायर की, जिसमें निर्देश दिया गया था कि सदस्यों और अध्यक्षों को सेवानिवृत्ति या कार्यकाल पूरा होने के बाद भी नए नियम अधिसूचित होने और तदनुसार नियुक्तियां होने तक अपने पदों पर बने रहने की अनुमति दी जाएगी।

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